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पुनम समज गइ.. ओर उसने वही पडी रजाइको अपने मुहमे ठुस दीया.. ताकी उनकी चीख बहार ना नीकले.. लखनने धरेसे लंडको पुस कीया ओर पुनमकी गांडमे घुसाने लगा.. थोडा लंड जातेही लखनने अेक जटका मारा.. तो पुनमकी चीख उनके मुहमे ही दब गइ.. ओर आंखसे आंसु नीकलने लगे..

वो रुकनेका इसारा करते छटपटाने लगी.. लेकीन येतो लखन था.. वो जानता थाकी लडकीयोको कैसे ट्रीट कीया जाता हे.. क्युकी वो जागृतीकी कइ बार गांड मार चुका था.. ओर लखनने देर ना करते पुनमकी कमरको मजबुतीसे पकडकर अेक ओर जटका मारा..

अपना आधेसे ज्यादा लंड गांडमे घुसा दीया.. पुनम अपने दोनो हाथ बेडपे पटकने लगी.. ओर लखनको लंड बहार नीकालनेका इसारा करती रही.. लेकीन लखनने मजबुतीसे कमरको पकडे रखा. ओर रुक गया.. वो जुकते अेक हाथसे पुनमके बुब्सको मसलने लगा..
लखन : (धीरेसे) बस.. बस.. दीदी हो गया.. थोडी देर अैसे ही रहीये.. अभी दर्द कम हो जायेगा.. मे इसीलीये आपको मना कर रहा था..
पुनम : (मुहसे कपडा हटाते ही) आइ नो भाइ.. मुजे सब पता हे.. आप दर्दकी परवाह मत करो.. थोडी देर अैसेही रहो.. आखीर मेने सब करदीया.. लखन.. आइ अेम हेपी..
कुछ देरके बाद पुनमका दर्द कम होगया.. तो उसने लखनको धीरे धीरे सुरु करनेको कहा.. लखन धीरे धीरे कमर हीलाते पुनमकी गांडको पेलने लगा.. अब पुनमकी दर्द भरी सीसकारीया कामुक भरी सीसकारीयोमे तबदील होने लगी.. वो भी अपनी गांड आगे पीछे करते लखनका साथ देने लगी..

काफी देर गांड ठुकाइके बाद लखनने अपना सारा माल पुनमकी गांडमे ही उडेल दीया.. ओर लखनने लंड नीकाल दीया.. तो पुनमकी गांडका छेद खुला ही रहा.. उनमे थोडासा खुन भी नीकल गया था.. फीर लखनने पुनमको अेक पेइन कीलर पीलादी..
फीर सुबह तक लखनने पुनमको दो बार ओर चोद लीया.. दोनोने सुबह चार बजे तक सेक्स कीया पुनम पीछेसे करवानेसे चलने लायक नही रही.. लखन उसे गोदमे उठाकर बाथरुममे ले गया.. फीर नहाकर नंगे ही अेक दुसरेसे चीपकके सो गये..
लताके लीये कोइ नइ बात नही थी.. सादीकी सुहागरात तो सीर्फ अेक औपचारीकता थी.. वो ओर देवायत दोनो पहेली बार मीले तबसे सादी होने तक दोनो कइ बार मील चुके थे.. लेकीन पुनम आज दुसरीबार लखनको मील चुकी थी.. ओर उनकी जींदगीमे खुसीओकी बहार आगइ थी..
सुबह लता जल्दीसे उठकर नहाने चली गइ.. उसने देवायतको सोने दीया.. फीर कंपलीट होकर देवायतके बेडके पास चली गइ.. ओर उसने हल्केसे देवायतके होठोको चुमलीया.. देवायत आंख खोलकर उनको पकडता इनसे पहेले ही वो जोरोसे हसते देवायतको ठेंगा दीखाकर नीचे भाग गइ..
नीचेकी ओर सबलोग कंपलीट होकर बैठे थे.. मंजुने मुस्कुराते सृतीको उपरकी ओर इसारा कीया.. तो सृती हसने लगी.. ओर उपर चली गइ.. उसने लखनके रुमका दरवाजा खटखटाया.. तो लखन जाग गया.. पुनम अभी भी घोडे बेचके सो रही थी.. ओर लखनने दरवाजा खोला..
तो सामने सृती मुस्कुरा रही थी.. लखनने उसे हाथ पकडकर अंदर खीचलीया.. ओर दरवाजा वापस बंध करदीया.. सृती लखनके इरादेको समज गइ.. ओर वो इधर उधर भागनेकी कोसीस करती उनसे पहेले ही लखनने उसे अपनी बाहोमे जकड लीया.. ओर बेडपे लेगया..
सृती : (जोरोसे हसते धीरेसे) लखन.. नही.. नही.. मे तो तुम दोनोको जगाने आइ थी..
लखन : (हसते) अेक बीवीका तो होगया.. अब तु कैसे बच सकती हे.. आजा.. सीर्फ अेक बार..
सृती : (हसते) छोडो.. नीचे सब तुम दोनोका वेइट कर रहे हे..
लखन : (पीछेसे सारी कमर तक करते) सीर्फ अेकबार.. अभी हो जायेगा..
सृती : (बेडपे जुकते धीरेसे) बदमास.. आप मानोगे नही.. लेकीन सीर्फ अेक बार..
कहेते सृती बेठपे हाथ टीकाते जुक गइ.. ओर लखनने कमर पकडते पीछेसे सृतीकी सारीको कमर तक उची करदी.. ओर पीछेसे चुतमे लंड घुसा दीया.. फीर जोरोसे कमर हीलाते सृतीको चोदने लगा.. सृती मुह बीगाडते कामुक सीसकारीया करने लगी.. ओर हसती रही..

उनकी सीसकारीयोकी आवाजसे पुनमकी आंख खुल गइ.. ओर सृतीकी कुटाइ होते देखकर जोरोसे हसने लगी.. सृतीको अेक बार जडाके दुसरी बारमे दोनो साथमे जड गये.. ओर लखनने जटसे लंडको खीच लीया.. तो सृतीने अेक टांग उची करते अपनी चुतपे रुमाल रख दीया ओर चुतको पोछते लखनको मुका मारने लगी..

वो रुकनेका इसारा करते छटपटाने लगी.. लेकीन येतो लखन था.. वो जानता थाकी लडकीयोको कैसे ट्रीट कीया जाता हे.. क्युकी वो जागृतीकी कइ बार गांड मार चुका था.. ओर लखनने देर ना करते पुनमकी कमरको मजबुतीसे पकडकर अेक ओर जटका मारा..

अपना आधेसे ज्यादा लंड गांडमे घुसा दीया.. पुनम अपने दोनो हाथ बेडपे पटकने लगी.. ओर लखनको लंड बहार नीकालनेका इसारा करती रही.. लेकीन लखनने मजबुतीसे कमरको पकडे रखा. ओर रुक गया.. वो जुकते अेक हाथसे पुनमके बुब्सको मसलने लगा..
लखन : (धीरेसे) बस.. बस.. दीदी हो गया.. थोडी देर अैसे ही रहीये.. अभी दर्द कम हो जायेगा.. मे इसीलीये आपको मना कर रहा था..
पुनम : (मुहसे कपडा हटाते ही) आइ नो भाइ.. मुजे सब पता हे.. आप दर्दकी परवाह मत करो.. थोडी देर अैसेही रहो.. आखीर मेने सब करदीया.. लखन.. आइ अेम हेपी..
कुछ देरके बाद पुनमका दर्द कम होगया.. तो उसने लखनको धीरे धीरे सुरु करनेको कहा.. लखन धीरे धीरे कमर हीलाते पुनमकी गांडको पेलने लगा.. अब पुनमकी दर्द भरी सीसकारीया कामुक भरी सीसकारीयोमे तबदील होने लगी.. वो भी अपनी गांड आगे पीछे करते लखनका साथ देने लगी..

काफी देर गांड ठुकाइके बाद लखनने अपना सारा माल पुनमकी गांडमे ही उडेल दीया.. ओर लखनने लंड नीकाल दीया.. तो पुनमकी गांडका छेद खुला ही रहा.. उनमे थोडासा खुन भी नीकल गया था.. फीर लखनने पुनमको अेक पेइन कीलर पीलादी..
फीर सुबह तक लखनने पुनमको दो बार ओर चोद लीया.. दोनोने सुबह चार बजे तक सेक्स कीया पुनम पीछेसे करवानेसे चलने लायक नही रही.. लखन उसे गोदमे उठाकर बाथरुममे ले गया.. फीर नहाकर नंगे ही अेक दुसरेसे चीपकके सो गये..
लताके लीये कोइ नइ बात नही थी.. सादीकी सुहागरात तो सीर्फ अेक औपचारीकता थी.. वो ओर देवायत दोनो पहेली बार मीले तबसे सादी होने तक दोनो कइ बार मील चुके थे.. लेकीन पुनम आज दुसरीबार लखनको मील चुकी थी.. ओर उनकी जींदगीमे खुसीओकी बहार आगइ थी..
सुबह लता जल्दीसे उठकर नहाने चली गइ.. उसने देवायतको सोने दीया.. फीर कंपलीट होकर देवायतके बेडके पास चली गइ.. ओर उसने हल्केसे देवायतके होठोको चुमलीया.. देवायत आंख खोलकर उनको पकडता इनसे पहेले ही वो जोरोसे हसते देवायतको ठेंगा दीखाकर नीचे भाग गइ..
नीचेकी ओर सबलोग कंपलीट होकर बैठे थे.. मंजुने मुस्कुराते सृतीको उपरकी ओर इसारा कीया.. तो सृती हसने लगी.. ओर उपर चली गइ.. उसने लखनके रुमका दरवाजा खटखटाया.. तो लखन जाग गया.. पुनम अभी भी घोडे बेचके सो रही थी.. ओर लखनने दरवाजा खोला..
तो सामने सृती मुस्कुरा रही थी.. लखनने उसे हाथ पकडकर अंदर खीचलीया.. ओर दरवाजा वापस बंध करदीया.. सृती लखनके इरादेको समज गइ.. ओर वो इधर उधर भागनेकी कोसीस करती उनसे पहेले ही लखनने उसे अपनी बाहोमे जकड लीया.. ओर बेडपे लेगया..
सृती : (जोरोसे हसते धीरेसे) लखन.. नही.. नही.. मे तो तुम दोनोको जगाने आइ थी..
लखन : (हसते) अेक बीवीका तो होगया.. अब तु कैसे बच सकती हे.. आजा.. सीर्फ अेक बार..
सृती : (हसते) छोडो.. नीचे सब तुम दोनोका वेइट कर रहे हे..
लखन : (पीछेसे सारी कमर तक करते) सीर्फ अेकबार.. अभी हो जायेगा..
सृती : (बेडपे जुकते धीरेसे) बदमास.. आप मानोगे नही.. लेकीन सीर्फ अेक बार..
कहेते सृती बेठपे हाथ टीकाते जुक गइ.. ओर लखनने कमर पकडते पीछेसे सृतीकी सारीको कमर तक उची करदी.. ओर पीछेसे चुतमे लंड घुसा दीया.. फीर जोरोसे कमर हीलाते सृतीको चोदने लगा.. सृती मुह बीगाडते कामुक सीसकारीया करने लगी.. ओर हसती रही..

उनकी सीसकारीयोकी आवाजसे पुनमकी आंख खुल गइ.. ओर सृतीकी कुटाइ होते देखकर जोरोसे हसने लगी.. सृतीको अेक बार जडाके दुसरी बारमे दोनो साथमे जड गये.. ओर लखनने जटसे लंडको खीच लीया.. तो सृतीने अेक टांग उची करते अपनी चुतपे रुमाल रख दीया ओर चुतको पोछते लखनको मुका मारने लगी..


