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सूर्य .....जूलिया अपने पेअर साइड में करना जरा
जूलिया सूर्य की बात सुन अपने पेअर वह से हटती है तो वह एक हॉल बना हुआ था
सूर्य........ स्वीटी इस चाबी को यहाँ पे इस हॉल में लगाओ मुझे यही इस पड़ाव का द्वार लगता है
किरण सूर्य के कहे अनुसार वैसा हे करती है
जैसे हे किरण उस हॉल में वो लकड़ीनुमा चाबी लगाती है
ठीक तभी वह को जमीं ( बर्फ ) गायब हो जाती है आवर सूर्य किरण मानसी जूलिया चारो उस चक्र में स्थान पे बने अँधेरे अननत गहरे कुए में गिरने लगते है जहा इतना घाना अंदर था की आँखों के सामने किये हाथ की ऊँगली तक नहीं दिखाई दे रही थे
वह उस अँधेरे में कुछ हो रहा था तो वो थी जूलिया किरण मानसी की दर के मरे चलती हुए चीखने की आवाजे ..............
अब आगे ...........
सूर्य मानसी किरण जूलिया चारो बहुत तेजी के साथ उस अंदर कुए में गिरने लगते है
मनो इसका कोई अंत हे न हो
सूर्य के अलावा तीनो लड़किया दर के मरे चीला रही थी
काफी देर ऐसे निचे उस कुए में गिरने के बाद अचानक के उनका सरीर निचे गिरते हुए बहुत हल्का हल्का लगने लगता है
जैसे इनका इनका सरीर अचानक से भर हीं हो गया हो
सूर्य .......चिलाना बंद करो हम लोगो को कुछ नहीं होगा निचे देखो हम लोग पहुंच चुके है
सूर्य अपने अग्नि तत्वा का प्रयोग करते हुए अपने हाथ पे अग्नि उत्पन करता है

सूर्य .......तुम सब ठीक तो हो न किसी को कोई चौथ तो नहीं आई
सूर्य द्वारा की गई रौशनी से उस जगह पर्याप्त रौशनी हो गई जिस से चारो एक दूसरे को देख प् रहे थे
तीनो लड़कियों के चेहरे से हे पता चल रहा था की वो कितनी दरी हुई है
किरण आगे भाड़ सूर्य के गले लग जाती है
किरण .......आपको पता है मैं कितना दर गई थे
सूर्य ......क्या स्वीटी इतने से बात स दर गई आवर तुम दोनों वह क्यों कड़ी हो ीदार आओ
सूर्य की बाद सुन जुलता आवर मानसी भी आ कर के सूर्य से गले मिलती है
सूर्य ....संभल कर कही तुम तीनो मेरी हडियो का चुरा न बना देना हाहाहाहा
किरण सूर्य की बात सुन कर हस्ते हुए प्यार से सूर्य के सीने पे मुक्के मरने लगती है
किरण .....आप बहुत बुरे हो
सूर्य ......है पता है मैं बहुत बुरा हूँ अब चलो यहाँ से बहार निकलने का रास्ता ढूंढ़ते है
किरण ......कुछ देर रुको न ऐसे हे
किरण की बात सुन सूर्य वही खड़ा रहता है
तीनो लड़किया जोंक के जैसे सूर्य के सरीर से चिपकी हुई थी
कुछ देर गुजारने के बाद सूर्य ने तीनो को अलग किया
किरण मानसी के होंटो पे हल्का सा किश कर आगे भद्दा तो
किरण ......जूलिया तुम कहा खो गई तुम्हे भी किश करना है क्या
जूलिया .....नहीं नहीं मुझे ये सब नहीं करना है
किरण ......फिर इतना शर्मा क्यों रही थे हमें देख कर
सूर्य .....स्वीटी अभ मज़ाक बहुत हो गया चलो चलते है यहाँ से
किरण सूर्य मानसी जूलिया चारो एक दूसरे का हाथ पकड़ उस अंदर में सूर्य द्वारा की रौशनी के शेयर वह से निकलने का राष्ट्र ढूंढ़ने लगते है
कुछ देर की म्हणत के बाद उन्हें दूर हलकी से रौशनी दिखाई देती है
जूलिया .....वो देखो सूर्य उस तरफ हलकी रौशनी दिखाई दे रही है अंदर में भी
सूर्य .....है मैंने देख लिया है हम उस तरफ हे भाड़ रहे है
जैसे जैसे वो लोग आगे भाड़ रहे थे वैसे वैसे वो रौशनी आदिक होती जा रही थी आवर उसका आकर भी भाड़ रहा था
किरण .......सूर्य ये तो बहार निकलने का रास्ता है
सूर्य .....है स्वीटी लगता है यही से हमारा अगला पड़ाव सुरु होने वाला है है
सूर्य किरण मानसी जूलिया चारो उस रौशनी के पास पहुंचे तो वो कोई रौशनी नहीं थी बल्कि वो बहार जाने का रास्ता था जिस से बहार की रौशनी अंदर आ रही थी
सूर्य जैसे हे बहार निकलता है उसके सरीर पे भरी भरी सर्दी वाले कपडे आ जाते है
बाकि तीनो के साथ भी यही होता है
किरण .....भाई ये तो कोई सिटी लगता है

सूर्य ......है स्वीटी ये तो आइस सिटी लगती है देखो चारो तरफ आइस हे आइस है जैसे ये सिटी आइस से बानी हो
जूलिया .....कितनी खूबसूरत सिटी है ये तो जैसे हम किसी खूबसूरत लोक में आ गए हो तिलिस्म इतना खूबसूरत भी हो सकता है क्या कभी सोचा नहीं था
सूर्य .....ज्यादा खुश होने की जरुरत नहीं है जूलिया अगर ये सिटी है तो यहाँ पे लोग भी जरूर होंगे आवर उनसे खतरा भी हो सकता है अब तक के 2 पड़ाव में हमारा सामना केवल अग्नेश से हुआ है बाकि किसी नहीं पैर ये पूरा सहर है यहाँ पता नहीं कोण कोण है
किरण ......मतलब यहाँ पहले के मुकाबले ज्यादा खतरा होगा
सूर्य ......कुछ कह नहीं सकते स्वीटी पैर सावधानी रखने पे हमारे सुरक्षित रहने के चांस ज्यादा है
हमें आगे भड़ना चाइये यहाँ खड़े रहने से कुछ नहीं होगा
सूर्य चारो को अपने साथ ले आगे भढने लगता है
वही किरण को यहाँ इस पड़ाव पे कुछ जनि पहचानी ऊर्जा का अहसास होने लगता है पैर वह उसे यहाँ भरम समाज कर ताल देती है
कुछ देर चलने पे भी इन चारो की भेट किसी से नहीं होती है न कोई इंसान न कोई जिव जंतु
सूर्य .....बड़ी अजीब बात है इतनी बड़ी सिटी है फिर भी यहाँ एक इंसाने तो छोड़ो एक मचार तक नजर नहीं आ रहा
जूलिया .......ये जगह जितनी खूबसूरत है उतनी वीरान आवर डरावनी भी
किरण ........तुम्हे अभी भी ये जगह खूबसूरत लग रही है
सूर्य .....िस्स्सस्स्स्स लगता है कोई ीदार आ रहा है हमें चुप जाना चाइये
सूर्य की बात सुन तीनो चुप हो जाती है सूर्य उन्हें ले कर के एक दिवार के पीछे चुप जाता है
कुछ देर बाद एक कुछ इंसान आवर लड़किया उनकी तरफ हे आते हुए नजर आते है जिनके वस्त्र सफ़ेद आवर उनके बॉल भी

वो सभी 15 ,20 लोग सूर्य मानसी जूलिया किरण को क्रॉस करते हुए कुछ बड़बड़ाते हुए आगे भध जाते है
उनके कुछ आगे निकल जाने के बाद
सूर्य .....हमें चिपटे हुए इनका पीछा करना होगा की ये लोग कोण है आवर कहा जा रहे है
इनके पीछे करने पैर हे हमें यहाँ के बारी में पता चल सकता है
मानसी .......ये दिखने में इतने अजीब क्यों है
सूर्य ......पता नहीं अभी तो ये भी पता नहीं की ये सब कुछ सच भी है या फिर ये भी एक भरम जाल है इस तिलिस्म का
चारो चिपटे हुए उनसे दुरी बनाते हुए उन सबका पीछा करना सुरु कर देते है
कुछ देर बाद सब एक आइस महल के भीतर चले जाते है
जो दिखने में किसी रॉयल पैलेस लग रहा था जो पूरी तरह आइस से बना हुआ था
जूलिया ......ये लोग तो महल के अंदर चले गए अब हमें क्या कर्जा चाइये
सूर्य ......हम भी इनके पीछे इस महल में चलते है सबसे छुपते हुए
कुछ भी हो जाये हम सबको एक साथ हे रहना है ताकि किसी भी प्रॉब्लम से हम निपट सके
किरण .....भाई मैंने आपसे एक बात चौपाई है पहले मुझे लगा ये मेरे मन का वहां होगा पैर अब मुझे लग रहा है ये कोई वहां नहीं है
सूर्य .......ऐसा क्या है स्वीटी
किरण ......जब हम यहाँ इस पड़ाव पे पहुंचे थे उस गुफा से बहार तभी मुझे यहाँ कुछ जनि पहचानी ऊर्जा मह्सुश हुई जैसे वो ऊर्जा मुझे अपने पास खींच रही हो अपने पास बुला रही हो पैर मुझे लगा ये मेरे मन का भरम होगा
पैर अभी यहाँ इस महल से मुझे वही ऊर्जा मह्सुश हो रही है
सूर्य .......फिर तो हमारा अंदर जाना आवर भी जरुरी है क्या पता वही इस तिलिस्म का छुपा हुआ राज़ हो
सूर्य के आगे भड़ते हे किरण मानसी जूलिया भी सूर्य के पीछे पीछे सतर्कता से आगे भढने लगती है

महल के भीतर जाने के बाद
जूलिया ......ये क्या वो सब लोग कहा चले गए अभी अभी तो अंदर आये थे
इतनी जल्दी गायब भी हो गए
सूर्य .....इस्स्स्सस्स तुम कुछ पल चुप रहोगी तो पता चल जायेगा
सूर्य अपनी आँखे बंद कर अपने कानो पे गौर करता है तो उसे बहुत दिमि आवाज महल के एक तरफ से आती हुई सुनाई दे रही थे
किरण ......क्या हुआ सूर्य
सूर्य .....वो लोग यही है चलो मेरे साथ
अभी लोग आगे भाड़े हे थे की अचानक से कुछ लोग पता नहीं कहा से निकल कर इन सब को घेर लेते है
उनमे से एक आदमी आगे आ कर सूर्य के सीने पे अपनी सोर्ड की नॉक रख देता है

आदमी 1 .......कोण हो तुम लोग आवर यहाँ ड्रैगन प्लेस में गुस्पेट करने की हिमत कैसे हुई तुम्हारी
सूर्य के सीने पे राखी सोर्ड को देख किरण आगे भेदने की कोशिश करती है पैर सूर्य अपनी गर्दन हिला कर उसे ऐसा करने रोक देता है
( सूर्य ......स्वीटी कुछ भी करने की जरुरत नहीं है जब ताज हमें यहाँ किसी तरह का खतरा न हो जैसा ये कहेंगे हम वही करेंगे
किरण ......पैर भाई इसने आपके ऊपर तलवार राखी हुई है
सूर्य .......तुम जानती हो इस सोर्ड से मुझे कोई हानि नहीं पहुंच सकती है
किरण .....ठीक है भाई )
सूर्य ......देखिये हम नहीं जानते थे को ये ड्रैगन प्लेस है हम मुसाफिर है गलती से यहाँ पहुंच गए हमें तो ये भी पता नहीं की स्थान कोनसा है कोनसी जगह हम आ पहुंचे है
आदमी .....तुम असत्य कह रहे हो मानव
सूर्य ......जी मैं असत्य नहीं कह रहा हूँ अगर आपको लगता है की हम असत्य कह रहे है तो आप अपनी तरफ से पता कर लीजिये
आदमी 1......इन सब को किंग के सामने पेश किया जाये अब वही इनको गुस्पेट करने के लिया दंड देंगे
आदमी 1 के आदेश पे चारो को सोर्ड के इसरा पे दिशा की आवर ले कर चल देते है
जूलिया ......ये हम कहा फर्श गए अब तो मरना पका है
सूर्य ...........अगर ऐसे हे डर्टी रहोगी तो इनके मरने से पहले हे तुम मरी जाओगी अपने हे दर से
ड्रैगन राइडर्स से ड्रैगन मास्टर बन चुकी हो फिर भी अपने दर को काबू में नहीं कर पायी हो तुम
जूलिया ......दर से ड्रैगन मास्टर होने का क्या तलूक है
आदमी 1......चुप चाप चलो वर्ण तुम चारो को यही मर दिया जायेगा
आदमी 1 की बात सुन जूलिया सूर्य के बाजु पकड़ कर उस से चिपक कर चलने लगती है
सूर्य का बाजु जूलिया की ठोस ुनात चुकी से बार बार रगड़ खा रहा था जिसका असर भी सूर्य का सरीर मह्सुश कर प् रहा था
वही जूलिया के साथ भी ऐसा हे कुछ पहले बार हुआ था अब उसे दर की जगह सूर्य से इस तरह चिपकना अच्छा लग रहा था
पैर जूलिया का मज़ा जल्द हे किरकिरा होगा गया जब आदमी 1 उन सब को सभा में ले कर गया जहा काफी संख्या में लोग मौजूद थे
आदमी 1 ......चारो अपने गुथनो पे आ जाओ आवर किंग आवर क्वीन को सलाम करो

आदमी 1 का इसरा सामने खड़े पुरुष वह महिला से था
जो दिखने में किंग आवर क्वीन लग रहे थे
सूर्य .......जिनका अस्तित्व हे नहीं उन्हें मैं क्यों परनाम कृ
तुम सब तो कब के मर चुके हो पैर तुम्हारे करम हे ऐसे है की मरने के बाद भी तुम सब आत्मा बन कर भटक रहे हो
सूर्य की बात सुन वह मौजूद सभी चौंक जाते है जुलता वह मानसी भी
आदमी 1 गुस्से में आग बबूला हो सूर्य पे अपनी सोर्ड से वॉर करता है
जिसको किरण बिच में आ कर अपने सरीर पे ले लेती है
आदमी 1 की सोर्ड किरण के कपड़ो को टच होते हे किसी सीसे जैसे चकना चूर हो जाती है
तभी वह उस सभा में एक लड़का आता है
जो दिखने में थोड़ा विचरता था
विचित्र इस लिया की उसकी एक आँख किसी तरह के दतु से छुपी हुई थी

लड़के को देखते हे सब उनसे जुख कर सलाम पेश करते है सिवाय इन चारो को छोड़ कर
लड़का ....आप चारो का ड्रैगन प्लेस में स्वागत है
आखिर आप चारो यहाँ पहुंच हे गए
सूर्य .......आप कोण है हम नहीं जानते है यहाँ गलती से आ गए है
लड़का .......आप सब गलती से नहीं आये है हजारो सालो से हम सब आपका हे इन्तजार कर रहे थे
सूर्य....... आप हमारा हजारो सालो से इंतजार कर रहे है हाहाहाहा
अच्छा मजाक कर लेते है आप आप जानते हे क्या है हमारे बारे में
लड़का ......सब कुछ तो नहीं पैर जितना जरुरी है उतना मैं जनता हूँ आपके बारे में
सूर्य ........तो फिर ये भी पता होगा की हम यहाँ क्यों है हमारे यहाँ आने की वजह भी जानते हे होंगे
लड़का ......पहले मैं आप सब से माफी मांगता हु आप सब को यहाँ जिस तरह से लाया गया उसके लिया मैं हूँ ..नियों ..
आवर ये है यहाँ की किंग आवर ये क्वीन है
सूर्य .......मैं हूँ सूर्य ठाकुर आवर ये दोनी मेरी मंगेतर है आवर ये मेरी दोस्त जूलिया
नियों ..........सेनापति वेंग इन सभी से माफी अपने किये गलत वर्ताव के लिया क्षमा मांगिये
आदमी 1( वेंग ) .......पैर देवसूफ़ी
नियों .........ये हमारा आदेश है वेंग आप चारो से माफी मांगे
सूर्य ......माफ कीजिये इसकी कोई आव्सय्कता नहीं है
ये केवल अपना कार्य कर रहे थे किसी भी सेनापति का कार्य होता है अपने राज्य की अपने लोगो की सुरक्षा का ध्यान रखना वही इन्होने किया
नियों .........अब आपसे निवेदन है की आप अपना वास्तविक प्राच्या सभी को दे कर उनके हजारो सालो की पार्टीका का अंत कीजिये
सूर्य ......जी मैं कुछ समजा नहीं
नियों ......आप ये तो जान गए की हम सब के सरीर नस्ट हो चुके है
यहाँ आप चारो के अलावा सभी केवल आत्मा है जो की एक श्राप के कारन सरीर नस्ट होने के पश्चात भी हम सब इस जीवन चक्र से मुक्त नहीं हो पाए
सूर्य ......ऐसे हे किसी को श्रापित जीवन नहीं मिलता कुछ तो करम ऐसे किये होंगे आपने की आपको श्रापित जीवन जीना पढ़ रहा है
नियों चलते हे आइस से बने सिंघासन पे बेथ जाता है

नियों अपने हाथ के से कुछ इसरा करता है तो वह आइस के चार सिंघासन बन जाते है
नियों ........आप चारो आराम से आसान ग्रहण कीजिये हम आपको श्राप के विषय में सब कुछ बताते है
सूर्य मानसी किरण जूलिया चारो आइस सिंगसन पे बेथ जाते है
नियों ........बात आज से हजारो साल पहले की है जब हम नए नए देवसूफ़ी बने थे
किरण .....देवसूफ़ी मतलब
नियों .......देवसूफ़ी मतलब आपकी भाषा में गुरु .गुरुदेव
सूर्य ....मतलब आप यहाँ के गुरु है आपको देख कर लगता तो नहीं है
नियों .......ये सत्य है की हम यहाँ के अंतिम गुरु है क्युकी उस श्राप के कारन हम सभी के सरीर नस्ट हो गए जिस से हमारे समुदाय जनम आवर मृत्यु से मुक्त हो गया
अब अगर आप इजाजत दे तो मैं आपको इस श्राप से जुड़े सत्य आपको बताऊ
सूर्य .......जी जरूर
नियों ......बात उस समय की है जब हमने ये देवसफ्फी पढ़ गठन किया था उस समय हम सब ड्रैगन लोक में जुम्बा समुदाय के नाम से विख्यात थे पुरे ड्रैगन लोक में हमारे समुदाय से उत्तम कोई समुदाय नहीं था जो ड्रैगन को ट्रैंनिंग दे सके डेरी डेरी यही ख्याति हमारे जुम्बा समुदाय के पतन का कारन बानी समय के साथ हम में अहंकार आने लगा इस बात को ले कर हम आपस में हे लड़ने झगड़ने लगे की कोण सर्वश्रेठ ड्रैगन ट्रेनर है
देखते हे देखते हमारा जुम्बा समुदाय 2 भागो में बात गया पैर जो एक एक समुदाय सन्ति पिरया था वही दूसरा समुदाय विनाश परवर्ती का जैसे देव आवर दानव
यहाँ तक भी सब ठीक था दोनों समुदाय अलग अलग रहने लगे उनके बिच कभी कबर झगड़ा भी होता था आवर दोनों तरफ से इंसान मरे भी जाते
ऐसे हे काफी समय बोथ गया इस बिच हम ड्रैगन लोक से बहार चले गए
हमारे जाने के बाद ड्रैगन लोक में एक विचित्र घटना घाटी वो थी किसी ड्रैगन को गोल्डन ड्रैगन की सकती मिलना
गोल्डन ड्रैगन की सकती जिस ड्रैगन बचे को मिली वो हमारे समुदाय के उस माबिले के पास था जो सन्ति में यकीं रखता था
पैर जब इस बात का दूसरे कहिले को पता चला तो वो गोल्डन ड्रैगन पे अपने अदिकार जताने लगे पैर गोल्डन ड्रैगन एक दिव्या पवित्र सकती थी
जिसका जनम सच्चाई के लिया अच्छे के लिया हुआ था वो कैसे बुराई का समर्थन करती
बुरे जुम्बा समुदाय ने उसे अपने अदिकार में काटने के लिया बहुत से प्रयाश किये पैर हर प्रयाश में वो विफल रहे
तब उस समुदाय के मुखिया ने सन्ति पिरया जुम्बा समुदाय से एक संहिता किया आवर उसके तहत दोनों समुदाय फिर से एक हो कर साथ रहने लगे जहा किंग बुराई के जुम्बा समुदाय से है वही क्वीन सन्ति पिरया जुम्बा समुदाय से है
इस बात से बिलकुल अनजान की बुरे जुम्बा समुदाय के मुखिया के मन में पाप अपना घर कर चूका
हर पूर्णमासी की रात गोल्डन ड्रैगन अपने मैजिकल गोल्डन पोंड में गुजरता था जिस से वह जल पवित्र जल में बदल जाता उस से अगली सुबह हर जुम्बा वाशी उस जल में सनान करते जिस उन्हें सकती आवर ताकत के साथ उनको हमेशा जवान आवर खूबसूरत बनाये रखता था
पैर एक रात जब गोल्डन ड्रैगन अपनी सभी शक्तिया गोल्डन पोंड में प्रवाहित कर गाह्रो नींद में था तभी उस मुखिया ने गोल्डन ड्रैगन पे जादुई खंजर से वॉर कर दिया आवर उसका खून पीना चाहा पैर तब तक गोल्डन ड्रैगन जाग चूका था आवर उसने अपने क्रोध में उस मुखिया को जिन्दा हे जला दिया
तब भी गोल्डन ड्रैगन का गुस्सा संत नहीं हुआ तो उन्होंने सम्पूर्ण जुम्बा समुदाय को हे श्रापित कर दिया
जुम्बा समुदाय के बहुत विनती करने के बाद उन्होंने इस श्राप का तोड़ हमें बताया जो की हमारे लिया भी बहुत मुश्किल था हजारो सालो से हम उस मसीहा का इंतजार करते रहे जो हमें इस श्रापित जीवन से मुक्त कर सकते आज वो इंतजार ख़तम हुआ क्युकी वो मसीहा कोई आवर नहीं आप है वाइट ब्लैक गोल्डन ड्रैगन प्रिंस सूर्य शिव ठाकुर
सूर्य .......तो आप पूर्ण सत्य से परिचित है देवसूफ़ी
नियों .......है पैर पूर्ण सत्य से नहीं
किरण ......आपने इस श्राप का तोड़ नहीं बताया
नियों .......दो प्रजाति के मिलान से हे हम इस श्राप से मुक्त हो सकते है
किरण .......क्या मतलब आपके खेतान को सायद हे हम समाज पाए है
नियों ........आपको ये अजीब लगे पैर जूलिया की आपसे भेट होना पूर्व निर्धारित था क्युकी इस श्राप से हमें मुक्ति दिलाने वाली दूसरी प्रजाति की इंसान कोई आवर नहीं जूलिया है जिसका मिलान पूर्णमासी की मध्य रात्रि सूर्य से होना है
सूर्य ......क्या कहा आपने
किरण .....उन्होंने वही कहा जो आपने सुना नाटक करने की जरुरत नहीं है
सूर्य .....मैं कोई नाटक नहीं कर रहा हूँ स्वीटी
नियों ......यही सत्य है ड्रैगन प्रिंस सूर्य क्युकी आपमें तीनो ड्रैगन का अंश समाहित है आप आवर प्रिंसेस जूलिया के मिलान से उत्पन ऊर्जा हे हे उस मैजिकल पोंड को फिर से उसकी सकती लौटाएगी जिस में सनान करने से हमें मुक्ति मिलेगी
सूर्य ......मैं ऐसा नहीं कर सकता हूँ
नियों ......आप अपनी नियति से भाग नहीं सकते है यही कहते है न आपके देवसूफ़ी
क्युकी हमारी मुक्ति के लिया आपको चुना है नहीं तो हजारो सालो से ड्रैगन लोक में हम सब इस तिलिस्म में श्रापित जीवन जी रहे है जहा हजारो सालो से कोई भी परवश नहीं कर पाया वह आप चारो इतनी आसानी से कैसे पहुंच सकते है
किरण .......ये आप सबको मुक्त करेंगे पैर इसमें जूलिया की भी मर्जी होनी आवशयक है
जूलिया .......मैं इसके लिया त्यार हूँ
surya........kyaaaaaa .................
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..............
ी ऍम एक्सट्रेमेली सॉरी फॉर लेट अपडेट फ्रेंड्स ............
सूर्य .....जूलिया अपने पेअर साइड में करना जरा
जूलिया सूर्य की बात सुन अपने पेअर वह से हटती है तो वह एक हॉल बना हुआ था
सूर्य........ स्वीटी इस चाबी को यहाँ पे इस हॉल में लगाओ मुझे यही इस पड़ाव का द्वार लगता है
किरण सूर्य के कहे अनुसार वैसा हे करती है
जैसे हे किरण उस हॉल में वो लकड़ीनुमा चाबी लगाती है
ठीक तभी वह को जमीं ( बर्फ ) गायब हो जाती है आवर सूर्य किरण मानसी जूलिया चारो उस चक्र में स्थान पे बने अँधेरे अननत गहरे कुए में गिरने लगते है जहा इतना घाना अंदर था की आँखों के सामने किये हाथ की ऊँगली तक नहीं दिखाई दे रही थे
वह उस अँधेरे में कुछ हो रहा था तो वो थी जूलिया किरण मानसी की दर के मरे चलती हुए चीखने की आवाजे ..............
अब आगे ...........
सूर्य मानसी किरण जूलिया चारो बहुत तेजी के साथ उस अंदर कुए में गिरने लगते है
मनो इसका कोई अंत हे न हो
सूर्य के अलावा तीनो लड़किया दर के मरे चीला रही थी
काफी देर ऐसे निचे उस कुए में गिरने के बाद अचानक के उनका सरीर निचे गिरते हुए बहुत हल्का हल्का लगने लगता है
जैसे इनका इनका सरीर अचानक से भर हीं हो गया हो
सूर्य .......चिलाना बंद करो हम लोगो को कुछ नहीं होगा निचे देखो हम लोग पहुंच चुके है
सूर्य अपने अग्नि तत्वा का प्रयोग करते हुए अपने हाथ पे अग्नि उत्पन करता है

सूर्य .......तुम सब ठीक तो हो न किसी को कोई चौथ तो नहीं आई
सूर्य द्वारा की गई रौशनी से उस जगह पर्याप्त रौशनी हो गई जिस से चारो एक दूसरे को देख प् रहे थे
तीनो लड़कियों के चेहरे से हे पता चल रहा था की वो कितनी दरी हुई है
किरण आगे भाड़ सूर्य के गले लग जाती है
किरण .......आपको पता है मैं कितना दर गई थे
सूर्य ......क्या स्वीटी इतने से बात स दर गई आवर तुम दोनों वह क्यों कड़ी हो ीदार आओ
सूर्य की बाद सुन जुलता आवर मानसी भी आ कर के सूर्य से गले मिलती है
सूर्य ....संभल कर कही तुम तीनो मेरी हडियो का चुरा न बना देना हाहाहाहा
किरण सूर्य की बात सुन कर हस्ते हुए प्यार से सूर्य के सीने पे मुक्के मरने लगती है
किरण .....आप बहुत बुरे हो
सूर्य ......है पता है मैं बहुत बुरा हूँ अब चलो यहाँ से बहार निकलने का रास्ता ढूंढ़ते है
किरण ......कुछ देर रुको न ऐसे हे
किरण की बात सुन सूर्य वही खड़ा रहता है
तीनो लड़किया जोंक के जैसे सूर्य के सरीर से चिपकी हुई थी
कुछ देर गुजारने के बाद सूर्य ने तीनो को अलग किया
किरण मानसी के होंटो पे हल्का सा किश कर आगे भद्दा तो
किरण ......जूलिया तुम कहा खो गई तुम्हे भी किश करना है क्या
जूलिया .....नहीं नहीं मुझे ये सब नहीं करना है
किरण ......फिर इतना शर्मा क्यों रही थे हमें देख कर
सूर्य .....स्वीटी अभ मज़ाक बहुत हो गया चलो चलते है यहाँ से
किरण सूर्य मानसी जूलिया चारो एक दूसरे का हाथ पकड़ उस अंदर में सूर्य द्वारा की रौशनी के शेयर वह से निकलने का राष्ट्र ढूंढ़ने लगते है
कुछ देर की म्हणत के बाद उन्हें दूर हलकी से रौशनी दिखाई देती है
जूलिया .....वो देखो सूर्य उस तरफ हलकी रौशनी दिखाई दे रही है अंदर में भी
सूर्य .....है मैंने देख लिया है हम उस तरफ हे भाड़ रहे है
जैसे जैसे वो लोग आगे भाड़ रहे थे वैसे वैसे वो रौशनी आदिक होती जा रही थी आवर उसका आकर भी भाड़ रहा था
किरण .......सूर्य ये तो बहार निकलने का रास्ता है
सूर्य .....है स्वीटी लगता है यही से हमारा अगला पड़ाव सुरु होने वाला है है
सूर्य किरण मानसी जूलिया चारो उस रौशनी के पास पहुंचे तो वो कोई रौशनी नहीं थी बल्कि वो बहार जाने का रास्ता था जिस से बहार की रौशनी अंदर आ रही थी
सूर्य जैसे हे बहार निकलता है उसके सरीर पे भरी भरी सर्दी वाले कपडे आ जाते है
बाकि तीनो के साथ भी यही होता है
किरण .....भाई ये तो कोई सिटी लगता है

सूर्य ......है स्वीटी ये तो आइस सिटी लगती है देखो चारो तरफ आइस हे आइस है जैसे ये सिटी आइस से बानी हो
जूलिया .....कितनी खूबसूरत सिटी है ये तो जैसे हम किसी खूबसूरत लोक में आ गए हो तिलिस्म इतना खूबसूरत भी हो सकता है क्या कभी सोचा नहीं था
सूर्य .....ज्यादा खुश होने की जरुरत नहीं है जूलिया अगर ये सिटी है तो यहाँ पे लोग भी जरूर होंगे आवर उनसे खतरा भी हो सकता है अब तक के 2 पड़ाव में हमारा सामना केवल अग्नेश से हुआ है बाकि किसी नहीं पैर ये पूरा सहर है यहाँ पता नहीं कोण कोण है
किरण ......मतलब यहाँ पहले के मुकाबले ज्यादा खतरा होगा
सूर्य ......कुछ कह नहीं सकते स्वीटी पैर सावधानी रखने पे हमारे सुरक्षित रहने के चांस ज्यादा है
हमें आगे भड़ना चाइये यहाँ खड़े रहने से कुछ नहीं होगा
सूर्य चारो को अपने साथ ले आगे भढने लगता है
वही किरण को यहाँ इस पड़ाव पे कुछ जनि पहचानी ऊर्जा का अहसास होने लगता है पैर वह उसे यहाँ भरम समाज कर ताल देती है
कुछ देर चलने पे भी इन चारो की भेट किसी से नहीं होती है न कोई इंसान न कोई जिव जंतु
सूर्य .....बड़ी अजीब बात है इतनी बड़ी सिटी है फिर भी यहाँ एक इंसाने तो छोड़ो एक मचार तक नजर नहीं आ रहा
जूलिया .......ये जगह जितनी खूबसूरत है उतनी वीरान आवर डरावनी भी
किरण ........तुम्हे अभी भी ये जगह खूबसूरत लग रही है
सूर्य .....िस्स्सस्स्स्स लगता है कोई ीदार आ रहा है हमें चुप जाना चाइये
सूर्य की बात सुन तीनो चुप हो जाती है सूर्य उन्हें ले कर के एक दिवार के पीछे चुप जाता है
कुछ देर बाद एक कुछ इंसान आवर लड़किया उनकी तरफ हे आते हुए नजर आते है जिनके वस्त्र सफ़ेद आवर उनके बॉल भी

वो सभी 15 ,20 लोग सूर्य मानसी जूलिया किरण को क्रॉस करते हुए कुछ बड़बड़ाते हुए आगे भध जाते है
उनके कुछ आगे निकल जाने के बाद
सूर्य .....हमें चिपटे हुए इनका पीछा करना होगा की ये लोग कोण है आवर कहा जा रहे है
इनके पीछे करने पैर हे हमें यहाँ के बारी में पता चल सकता है
मानसी .......ये दिखने में इतने अजीब क्यों है
सूर्य ......पता नहीं अभी तो ये भी पता नहीं की ये सब कुछ सच भी है या फिर ये भी एक भरम जाल है इस तिलिस्म का
चारो चिपटे हुए उनसे दुरी बनाते हुए उन सबका पीछा करना सुरु कर देते है
कुछ देर बाद सब एक आइस महल के भीतर चले जाते है
जो दिखने में किसी रॉयल पैलेस लग रहा था जो पूरी तरह आइस से बना हुआ था
जूलिया ......ये लोग तो महल के अंदर चले गए अब हमें क्या कर्जा चाइये
सूर्य ......हम भी इनके पीछे इस महल में चलते है सबसे छुपते हुए
कुछ भी हो जाये हम सबको एक साथ हे रहना है ताकि किसी भी प्रॉब्लम से हम निपट सके
किरण .....भाई मैंने आपसे एक बात चौपाई है पहले मुझे लगा ये मेरे मन का वहां होगा पैर अब मुझे लग रहा है ये कोई वहां नहीं है
सूर्य .......ऐसा क्या है स्वीटी
किरण ......जब हम यहाँ इस पड़ाव पे पहुंचे थे उस गुफा से बहार तभी मुझे यहाँ कुछ जनि पहचानी ऊर्जा मह्सुश हुई जैसे वो ऊर्जा मुझे अपने पास खींच रही हो अपने पास बुला रही हो पैर मुझे लगा ये मेरे मन का भरम होगा
पैर अभी यहाँ इस महल से मुझे वही ऊर्जा मह्सुश हो रही है
सूर्य .......फिर तो हमारा अंदर जाना आवर भी जरुरी है क्या पता वही इस तिलिस्म का छुपा हुआ राज़ हो
सूर्य के आगे भड़ते हे किरण मानसी जूलिया भी सूर्य के पीछे पीछे सतर्कता से आगे भढने लगती है

महल के भीतर जाने के बाद
जूलिया ......ये क्या वो सब लोग कहा चले गए अभी अभी तो अंदर आये थे
इतनी जल्दी गायब भी हो गए
सूर्य .....इस्स्स्सस्स तुम कुछ पल चुप रहोगी तो पता चल जायेगा
सूर्य अपनी आँखे बंद कर अपने कानो पे गौर करता है तो उसे बहुत दिमि आवाज महल के एक तरफ से आती हुई सुनाई दे रही थे
किरण ......क्या हुआ सूर्य
सूर्य .....वो लोग यही है चलो मेरे साथ
अभी लोग आगे भाड़े हे थे की अचानक से कुछ लोग पता नहीं कहा से निकल कर इन सब को घेर लेते है
उनमे से एक आदमी आगे आ कर सूर्य के सीने पे अपनी सोर्ड की नॉक रख देता है

आदमी 1 .......कोण हो तुम लोग आवर यहाँ ड्रैगन प्लेस में गुस्पेट करने की हिमत कैसे हुई तुम्हारी
सूर्य के सीने पे राखी सोर्ड को देख किरण आगे भेदने की कोशिश करती है पैर सूर्य अपनी गर्दन हिला कर उसे ऐसा करने रोक देता है
( सूर्य ......स्वीटी कुछ भी करने की जरुरत नहीं है जब ताज हमें यहाँ किसी तरह का खतरा न हो जैसा ये कहेंगे हम वही करेंगे
किरण ......पैर भाई इसने आपके ऊपर तलवार राखी हुई है
सूर्य .......तुम जानती हो इस सोर्ड से मुझे कोई हानि नहीं पहुंच सकती है
किरण .....ठीक है भाई )
सूर्य ......देखिये हम नहीं जानते थे को ये ड्रैगन प्लेस है हम मुसाफिर है गलती से यहाँ पहुंच गए हमें तो ये भी पता नहीं की स्थान कोनसा है कोनसी जगह हम आ पहुंचे है
आदमी .....तुम असत्य कह रहे हो मानव
सूर्य ......जी मैं असत्य नहीं कह रहा हूँ अगर आपको लगता है की हम असत्य कह रहे है तो आप अपनी तरफ से पता कर लीजिये
आदमी 1......इन सब को किंग के सामने पेश किया जाये अब वही इनको गुस्पेट करने के लिया दंड देंगे
आदमी 1 के आदेश पे चारो को सोर्ड के इसरा पे दिशा की आवर ले कर चल देते है
जूलिया ......ये हम कहा फर्श गए अब तो मरना पका है
सूर्य ...........अगर ऐसे हे डर्टी रहोगी तो इनके मरने से पहले हे तुम मरी जाओगी अपने हे दर से
ड्रैगन राइडर्स से ड्रैगन मास्टर बन चुकी हो फिर भी अपने दर को काबू में नहीं कर पायी हो तुम
जूलिया ......दर से ड्रैगन मास्टर होने का क्या तलूक है
आदमी 1......चुप चाप चलो वर्ण तुम चारो को यही मर दिया जायेगा
आदमी 1 की बात सुन जूलिया सूर्य के बाजु पकड़ कर उस से चिपक कर चलने लगती है
सूर्य का बाजु जूलिया की ठोस ुनात चुकी से बार बार रगड़ खा रहा था जिसका असर भी सूर्य का सरीर मह्सुश कर प् रहा था
वही जूलिया के साथ भी ऐसा हे कुछ पहले बार हुआ था अब उसे दर की जगह सूर्य से इस तरह चिपकना अच्छा लग रहा था
पैर जूलिया का मज़ा जल्द हे किरकिरा होगा गया जब आदमी 1 उन सब को सभा में ले कर गया जहा काफी संख्या में लोग मौजूद थे
आदमी 1 ......चारो अपने गुथनो पे आ जाओ आवर किंग आवर क्वीन को सलाम करो

आदमी 1 का इसरा सामने खड़े पुरुष वह महिला से था
जो दिखने में किंग आवर क्वीन लग रहे थे
सूर्य .......जिनका अस्तित्व हे नहीं उन्हें मैं क्यों परनाम कृ
तुम सब तो कब के मर चुके हो पैर तुम्हारे करम हे ऐसे है की मरने के बाद भी तुम सब आत्मा बन कर भटक रहे हो
सूर्य की बात सुन वह मौजूद सभी चौंक जाते है जुलता वह मानसी भी
आदमी 1 गुस्से में आग बबूला हो सूर्य पे अपनी सोर्ड से वॉर करता है
जिसको किरण बिच में आ कर अपने सरीर पे ले लेती है
आदमी 1 की सोर्ड किरण के कपड़ो को टच होते हे किसी सीसे जैसे चकना चूर हो जाती है
तभी वह उस सभा में एक लड़का आता है
जो दिखने में थोड़ा विचरता था
विचित्र इस लिया की उसकी एक आँख किसी तरह के दतु से छुपी हुई थी

लड़के को देखते हे सब उनसे जुख कर सलाम पेश करते है सिवाय इन चारो को छोड़ कर
लड़का ....आप चारो का ड्रैगन प्लेस में स्वागत है
आखिर आप चारो यहाँ पहुंच हे गए
सूर्य .......आप कोण है हम नहीं जानते है यहाँ गलती से आ गए है
लड़का .......आप सब गलती से नहीं आये है हजारो सालो से हम सब आपका हे इन्तजार कर रहे थे
सूर्य....... आप हमारा हजारो सालो से इंतजार कर रहे है हाहाहाहा
अच्छा मजाक कर लेते है आप आप जानते हे क्या है हमारे बारे में
लड़का ......सब कुछ तो नहीं पैर जितना जरुरी है उतना मैं जनता हूँ आपके बारे में
सूर्य ........तो फिर ये भी पता होगा की हम यहाँ क्यों है हमारे यहाँ आने की वजह भी जानते हे होंगे
लड़का ......पहले मैं आप सब से माफी मांगता हु आप सब को यहाँ जिस तरह से लाया गया उसके लिया मैं हूँ ..नियों ..
आवर ये है यहाँ की किंग आवर ये क्वीन है
सूर्य .......मैं हूँ सूर्य ठाकुर आवर ये दोनी मेरी मंगेतर है आवर ये मेरी दोस्त जूलिया
नियों ..........सेनापति वेंग इन सभी से माफी अपने किये गलत वर्ताव के लिया क्षमा मांगिये
आदमी 1( वेंग ) .......पैर देवसूफ़ी
नियों .........ये हमारा आदेश है वेंग आप चारो से माफी मांगे
सूर्य ......माफ कीजिये इसकी कोई आव्सय्कता नहीं है
ये केवल अपना कार्य कर रहे थे किसी भी सेनापति का कार्य होता है अपने राज्य की अपने लोगो की सुरक्षा का ध्यान रखना वही इन्होने किया
नियों .........अब आपसे निवेदन है की आप अपना वास्तविक प्राच्या सभी को दे कर उनके हजारो सालो की पार्टीका का अंत कीजिये
सूर्य ......जी मैं कुछ समजा नहीं
नियों ......आप ये तो जान गए की हम सब के सरीर नस्ट हो चुके है
यहाँ आप चारो के अलावा सभी केवल आत्मा है जो की एक श्राप के कारन सरीर नस्ट होने के पश्चात भी हम सब इस जीवन चक्र से मुक्त नहीं हो पाए
सूर्य ......ऐसे हे किसी को श्रापित जीवन नहीं मिलता कुछ तो करम ऐसे किये होंगे आपने की आपको श्रापित जीवन जीना पढ़ रहा है
नियों चलते हे आइस से बने सिंघासन पे बेथ जाता है

नियों अपने हाथ के से कुछ इसरा करता है तो वह आइस के चार सिंघासन बन जाते है
नियों ........आप चारो आराम से आसान ग्रहण कीजिये हम आपको श्राप के विषय में सब कुछ बताते है
सूर्य मानसी किरण जूलिया चारो आइस सिंगसन पे बेथ जाते है
नियों ........बात आज से हजारो साल पहले की है जब हम नए नए देवसूफ़ी बने थे
किरण .....देवसूफ़ी मतलब
नियों .......देवसूफ़ी मतलब आपकी भाषा में गुरु .गुरुदेव
सूर्य ....मतलब आप यहाँ के गुरु है आपको देख कर लगता तो नहीं है
नियों .......ये सत्य है की हम यहाँ के अंतिम गुरु है क्युकी उस श्राप के कारन हम सभी के सरीर नस्ट हो गए जिस से हमारे समुदाय जनम आवर मृत्यु से मुक्त हो गया
अब अगर आप इजाजत दे तो मैं आपको इस श्राप से जुड़े सत्य आपको बताऊ
सूर्य .......जी जरूर
नियों ......बात उस समय की है जब हमने ये देवसफ्फी पढ़ गठन किया था उस समय हम सब ड्रैगन लोक में जुम्बा समुदाय के नाम से विख्यात थे पुरे ड्रैगन लोक में हमारे समुदाय से उत्तम कोई समुदाय नहीं था जो ड्रैगन को ट्रैंनिंग दे सके डेरी डेरी यही ख्याति हमारे जुम्बा समुदाय के पतन का कारन बानी समय के साथ हम में अहंकार आने लगा इस बात को ले कर हम आपस में हे लड़ने झगड़ने लगे की कोण सर्वश्रेठ ड्रैगन ट्रेनर है
देखते हे देखते हमारा जुम्बा समुदाय 2 भागो में बात गया पैर जो एक एक समुदाय सन्ति पिरया था वही दूसरा समुदाय विनाश परवर्ती का जैसे देव आवर दानव
यहाँ तक भी सब ठीक था दोनों समुदाय अलग अलग रहने लगे उनके बिच कभी कबर झगड़ा भी होता था आवर दोनों तरफ से इंसान मरे भी जाते
ऐसे हे काफी समय बोथ गया इस बिच हम ड्रैगन लोक से बहार चले गए
हमारे जाने के बाद ड्रैगन लोक में एक विचित्र घटना घाटी वो थी किसी ड्रैगन को गोल्डन ड्रैगन की सकती मिलना
गोल्डन ड्रैगन की सकती जिस ड्रैगन बचे को मिली वो हमारे समुदाय के उस माबिले के पास था जो सन्ति में यकीं रखता था
पैर जब इस बात का दूसरे कहिले को पता चला तो वो गोल्डन ड्रैगन पे अपने अदिकार जताने लगे पैर गोल्डन ड्रैगन एक दिव्या पवित्र सकती थी
जिसका जनम सच्चाई के लिया अच्छे के लिया हुआ था वो कैसे बुराई का समर्थन करती
बुरे जुम्बा समुदाय ने उसे अपने अदिकार में काटने के लिया बहुत से प्रयाश किये पैर हर प्रयाश में वो विफल रहे
तब उस समुदाय के मुखिया ने सन्ति पिरया जुम्बा समुदाय से एक संहिता किया आवर उसके तहत दोनों समुदाय फिर से एक हो कर साथ रहने लगे जहा किंग बुराई के जुम्बा समुदाय से है वही क्वीन सन्ति पिरया जुम्बा समुदाय से है
इस बात से बिलकुल अनजान की बुरे जुम्बा समुदाय के मुखिया के मन में पाप अपना घर कर चूका
हर पूर्णमासी की रात गोल्डन ड्रैगन अपने मैजिकल गोल्डन पोंड में गुजरता था जिस से वह जल पवित्र जल में बदल जाता उस से अगली सुबह हर जुम्बा वाशी उस जल में सनान करते जिस उन्हें सकती आवर ताकत के साथ उनको हमेशा जवान आवर खूबसूरत बनाये रखता था
पैर एक रात जब गोल्डन ड्रैगन अपनी सभी शक्तिया गोल्डन पोंड में प्रवाहित कर गाह्रो नींद में था तभी उस मुखिया ने गोल्डन ड्रैगन पे जादुई खंजर से वॉर कर दिया आवर उसका खून पीना चाहा पैर तब तक गोल्डन ड्रैगन जाग चूका था आवर उसने अपने क्रोध में उस मुखिया को जिन्दा हे जला दिया
तब भी गोल्डन ड्रैगन का गुस्सा संत नहीं हुआ तो उन्होंने सम्पूर्ण जुम्बा समुदाय को हे श्रापित कर दिया
जुम्बा समुदाय के बहुत विनती करने के बाद उन्होंने इस श्राप का तोड़ हमें बताया जो की हमारे लिया भी बहुत मुश्किल था हजारो सालो से हम उस मसीहा का इंतजार करते रहे जो हमें इस श्रापित जीवन से मुक्त कर सकते आज वो इंतजार ख़तम हुआ क्युकी वो मसीहा कोई आवर नहीं आप है वाइट ब्लैक गोल्डन ड्रैगन प्रिंस सूर्य शिव ठाकुर
सूर्य .......तो आप पूर्ण सत्य से परिचित है देवसूफ़ी
नियों .......है पैर पूर्ण सत्य से नहीं
किरण ......आपने इस श्राप का तोड़ नहीं बताया
नियों .......दो प्रजाति के मिलान से हे हम इस श्राप से मुक्त हो सकते है
किरण .......क्या मतलब आपके खेतान को सायद हे हम समाज पाए है
नियों ........आपको ये अजीब लगे पैर जूलिया की आपसे भेट होना पूर्व निर्धारित था क्युकी इस श्राप से हमें मुक्ति दिलाने वाली दूसरी प्रजाति की इंसान कोई आवर नहीं जूलिया है जिसका मिलान पूर्णमासी की मध्य रात्रि सूर्य से होना है
सूर्य ......क्या कहा आपने
किरण .....उन्होंने वही कहा जो आपने सुना नाटक करने की जरुरत नहीं है
सूर्य .....मैं कोई नाटक नहीं कर रहा हूँ स्वीटी
नियों ......यही सत्य है ड्रैगन प्रिंस सूर्य क्युकी आपमें तीनो ड्रैगन का अंश समाहित है आप आवर प्रिंसेस जूलिया के मिलान से उत्पन ऊर्जा हे हे उस मैजिकल पोंड को फिर से उसकी सकती लौटाएगी जिस में सनान करने से हमें मुक्ति मिलेगी
सूर्य ......मैं ऐसा नहीं कर सकता हूँ
नियों ......आप अपनी नियति से भाग नहीं सकते है यही कहते है न आपके देवसूफ़ी
क्युकी हमारी मुक्ति के लिया आपको चुना है नहीं तो हजारो सालो से ड्रैगन लोक में हम सब इस तिलिस्म में श्रापित जीवन जी रहे है जहा हजारो सालो से कोई भी परवश नहीं कर पाया वह आप चारो इतनी आसानी से कैसे पहुंच सकते है
किरण .......ये आप सबको मुक्त करेंगे पैर इसमें जूलिया की भी मर्जी होनी आवशयक है
जूलिया .......मैं इसके लिया त्यार हूँ
surya........kyaaaaaa .................
अपडेट पोस्टेड फ्रेंड्स ..........
रीड एंड एन्जॉय फ्रेंड्स ..............
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