Incest JANNAT TERI BAHON (TANGO) MEIN - Page 5 - SexBaba
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Incest JANNAT TERI BAHON (TANGO) MEIN

Part - 71

परम सुख के तीव्र अनुभव के बाद, आनंद और कैंडी हांफते हुए बिस्तर पर थे. आनंद का भरी शरीर अभी भी कैंडी के ऊपर लेता हुआ था.

1. सुकून और पहला स्पर्श:

कैंडी, अपनी पहली चौड़ाई के बाद, अब पूरी तरह शांत थी. उसके होंठों पर एक मीठी मुस्कान थी. उसने धीरे से अपना हाथ बढ़ाया और आनंद की पीठ पर फेरना शुरू कर दिया. यह स्पर्श अब दर या झिझक का नहीं, बल्कि नए रिश्ते के सुकून का था.

कैंडी: (धीरे से फुसफुसाते हुए) शुक्रिया, अंकल! यह... यह बहुत अच्छा था.

आनंद: (संतुष्टि से) मेरी प्यारी बच्ची! यह तो अभी शुरुआत है.

2. छोटू का प्रस्ताव:

छोटू और अमीर, जो अब तक उत्सुकता से किनारे पर कड़ी थी, कमरे में आयी.

छोटू: (हँसते हुए) अंकल! अब आप पूरे ताकतवर हो गए होंगे! लेकिन हम दोनों को बहुत ज़ोर से भूख लगी है!

छोटू: (हाथ ऊपर उठाकर) हम सब पहले खाना खा लेते हैं! बाद में बाकी की ‘पढाई’ शुरू करेंगे!

आनंद को यह विचार बहुत पसंद आया. यह पूरा माहौल hi अब उनके लिए एक नया ‘नार्मल’ बन चूका था.

3. नग्नता में डिनर (थे नेकेड डिनर):

बिना कपडे पहने hi, तीनों लडकियां और आनंद वैसे hi डाइनिंग रूम में चले जाते हैं. यह दृश्य किसी एडल्ट फिल्म के सन जैसा था, जहाँ वर्जित क्रियाएं अब दैनिक जीवन का हिस्सा बन चुकी थी.

डाइनिंग टेबल पर खाना लगा हुआ था, जो शायद कैंडी की मम्मी ने जाने से पहले बनाया था.

सभी मिलकर खाना खाते हैं.

- बातचीत: खाने के दौरान भी chhed-chhad जारी थी. अमीर, जो भूखी थी, तेज़ी से खा रही थी. छोटू, आनंद के साथ हंसकर मज़ाक कर रही थी.

- नग्नता की सहजता: अब नग्नता को लेकर कोई शर्म नहीं थी. मेज़ के नीचे आनंद कभी छोटू के पेअर को छूटा, तो कभी अमीर की जांघ को सहलाता.

- कैंडी का भाव: कैंडी, जो अभी कुछ देर पहले hi अपनी विर्जिनिटी खो चुकी थी, शांत और संतुष्ट बैठी थी. उसे अब भूख महसूस हो रही थी, और वह इस वर्जित डिनर का एक हिस्सा बनकर अजीब सा रोमांच महसूस कर रही थी.

खाना खाते हुए hi, आनंद ने अपनी अगली योजना बनायीं. अब उसका ध्यान अमीर और फिर छोटू पर था. यह रात अभी बहुत लम्बी थी.

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खाना ख़तम होने के बाद, तीनों लड़कियों और आनंद का ध्यान अब ‘डिजर्ट’ पर गया.

तभी छोटू के दिमाग में एक योजना आयी की मीठा किस तरह से खाया जाए जो इस रात के माहौल के अनुरूप हो.

छोटू: (शरारती हंसी के साथ) अंकल! अब इस पेट पूजा के बाद, हम थोड़ी आँख पूजा करेंगे! लेकिन पहले, डिजर्ट तो ज़रूरी है!

आनंद: (उत्सुकता से) क्या है डिजर्ट में?

छोटू किचन में गयी. फ्रिज में एक पेस्ट्री पड़ी थी. छोटू वह पेस्ट्री ले आयी.

छोटू: (पेस्ट्री दिखते हुए) यह है हमारा डिजर्ट! लेकिन इसे खाने का मज़ा सिर्फ चमच से नहीं आएगा!

छोटू ने पेस्ट्री का एक बड़ा टुकड़ा लिया और उसे आनंद के खड़े लुंड के ird-gird — उसके सिरे पर और शाफ़्ट के चारों और — अच्छी तरह से लगा दिया. आनंद ज़ोर से हंस रहा था और उत्साहित था.

छोटू: (अमीर और कैंडी की तरफ देखते हुए) चलो! जिसने पहले डिजर्ट खा लिया, वह विनर!

डिजर्ट का उपभोग (थे फोर्बिडन डिजर्ट):

तीनों लडकियां — छोटू, अमीर और कैंडी — एक साथ आनंद के लुंड पर टूट पड़ी!

- वह zor-zor से और jaldi-jaldi पेस्ट्री को चाटने लगी, ताकि क्रीम और केक का टुकड़ा लुंड से अलग हो जाए.

- यह उनका डिजर्ट था. वह ek-dusre को देखती, हंसती, और आनंद के लुंड से पेस्ट्री खाती.

आनंद के लिए यह एक अद्भुत अनुभव था. उसके शरीर पर पेस्ट्री की मिठास और तीनों लड़कियों की गर्म जीभ का स्पर्श था.

आनंद: (सिसकते हुए) आह! मेरी प्यारी बच्चियों! यह दुनिया का सबसे बेहतरीन डिजर्ट है!

पेस्ट्री ख़तम होते hi, तीनों लड़कियों के मुँह पर क्रीम लगी थी. उन्होंने अब ek-dusre को चूमकर क्रीम साफ़ की, और फिर आनंद की तरफ मुदिन, जो अब इस वर्जित डिजर्ट के कारण पूरी तरह से तीव्र उत्तेजना में आ चूका था.

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तीनों लड़कियों ने आनंद को जिस तरह का वर्जित डिजर्ट दिया था, उसके बाद आनंद पूरी तरह से उत्तेजित और थका हुआ था. अब अमीर ने ज़िम्मेदारी ली.

अमीर: (उत्सुकता और आत्मविश्वास से) अंकल! अब आप पूरी तरह से थक गए होंगे! अब मैं आपको आराम दूंगी! आप लेट जाओ! मैं आपकी ऐसी मालिश करुँगी की आपको जन्नत की सैर करने को मिलेगी!

आनंद, अमीर के आत्मविश्वास से प्रभावित हुआ. वह तुरंत बिस्तर पर पीठ के बल लेट गया. छोटू और कैंडी कमरे के किनारे पर बैठकर यह नया खेल देखने लगी.

अमीर ने तुरंत खुशबूदार तेल लिया और आनंद की नग्न छाती और पेट पर दाल दिया. उसने अपनी उँगलियों का इस्तेमाल करते हुए मालिश शुरू की.

- छाती और हाथ: अमीर ने पहले आनंद की छाती की मांसपेशियों को प्यार से सहलाया. उसकी युवा, गर्म हथेलियां आनंद की त्वचा पर फिसल रही थी. वह उसके कन्धों से लेकर बाज़ुओं तक मालिश करती हुई, हर तनाव को दूर कर रही थी.

- पेट और नाभि: अमीर ने dheere-dheere नीचे की तरफ मालिश की, आनंद के पेट और नाभि के चारों और प्यार से सहलाया.

अमीर बहुत चालाक थी. उसने मालिश को आनंद के लुंड के पास केंद्रित किया, लेकिन सीधे उसे नहीं छुआ.

- उसने आनंद की जाँघों के ऊपरी हिस्से और पेट के निचले हिस्से पर तेल माला, जिससे आनंद के लुंड के सिरे पर baar-baar उसकी उँगलियों का स्पर्श होता रहा.

- आनंद की आँखें बंद थी, और वह सुखदा आहें भर रहा था. वह यह सोचकर और भी ज़्यादा उत्तेजित हो रहा था की एक और जवान लड़की उसे इस तरह से छू रही है.

आनंद: (दबी हुई आवाज़ में) आह... अमीर... बहुत अच्छा लग रहा है... तुम तो जादू जानती हो!

जब आनंद पूरी तरह से आराम और उत्तेजना के मिश्रण में था, तो अमीर ने मालिश का अंतिम चरण शुरू किया.

अमीर: (कान में फुसफुसाते हुए) जन्नत अभी थोड़ी दूर है, अंकल! लेकिन मैं आपको वहां ले जाउंगी!

अमीर ने आखिरकार आनंद के लुंड को अपने हाथ में पकड़ा. उसने तेल का उपयोग करते हुए, उसे सहलाना शुरू कर दिया.

अमीर की मालिश ने आनंद के शरीर के हर तनाव को मिटा दिया था, और अब वह पूरी तरह से अमीर की वासना के आगे समर्पण करने को तैयार था. छोटू और कैंडी अब अमीर का इंतज़ार कर रही थी की वह कब मालिश ख़तम करेगी और अगला खेल शुरू होगा.



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Part - 72

मालिश के बाद, अमीर ने अब खेल को अगले स्टार पर ले जाने का फैसला किया. आनंद, तेल लगे और पूरी तरह से तने हुए लुंड के साथ तैयार था.

अमीर ने तुरंत उस लुंड पर बैठना शुरू कर दिया. उसका लक्ष्य था की वह इस आकार का अनुभव करे, जिसका उसने सिर्फ सपना देखा था.

विशालता का प्रवेश और सदमा:

जैसे hi लुंड ने उसकी छूट में प्रवेश किया, अमीर की आँखें दर, सदमे और अचानक मिले दबाव से चौड़ी हो गयी. वह समझ गयी की 8 इंच का यह आकार, और वह भी पूरी मोटाई में, उसकी अपेक्षा से कहीं ज़्यादा बड़ा था.

अमीर की चीख निकल गयी!

अमीर: (तेज़ आवाज़ में, दर्द और सदमे के मिश्रण से) आआह! यह... यह क्या है!

अमीर ने तुरंत रुकने की कोशिश की, उसका मुँह खुला रह गया.

अमीर: (दर्द से कांपते हुए) यह तो बहुत बड़ा और मोटा है! मेरी तो जान hi निकल गयी! मैं नहीं कर सकती!

तुलना और क्रोध:

दर्द के क्षण में, अमीर ने तुरंत अपनी तुलना शुरू कर दी.

अमीर: (गुस्से और लाचारी से) अंकल! आप बहुत गंदे हैं! मुझे पता था! मेरे बॉयफ्रेंड का तो छोटा सा है, वह इतना दर्द नहीं देता! आप राक्षस हो!

अमीर की चीख सुनकर छोटू और कैंडी तुरंत उसके पास आयी. वह जानती थी की अमीर को दर्द हुआ है, लेकिन वह यह भी जानती थी की वह अनुभव लेना चाहती थी.

छोटू: (अमीर को सँभालते हुए) अमीर! धीर रख! सांस लो! वह थोड़ा बड़ा है, पर अब तुम बीच में मत रुको!

आनंद ने, दर्द के बावजूद, अमीर को पकड़कर रखा. वह जानता था की एक बार जब वह सदमे से बहार आ जाएगी, तो उसे वही आनंद मिलेगा जो कैंडी को मिला था.

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अमीर की चीख और अचानक सदमे से माहौल थोड़ा असहज हो गया था. आनंद जानता था की अगर वह तुरंत रुका, तो अमीर हमेशा के लिए दर जाएगी.

आनंद: (आवाज़ में सख्ती और प्यार का मिश्रण) मेरी जान! मुझे देखो! दर्द सिर्फ कुछ सेकण्ड्स का है! अब तुम नीचे नहीं उतरेगी!

आनंद ने अमीर को कसकर पकड़ा और अंदर hi स्थिर रखा ताकि वह सदमे से बहार आ सके.

छोटू और कैंडी तुरंत समझ गयी की अमीर को इस सदमे से बहार निकालने के लिए उसे कहीं और व्यस्त करना होगा.

छोटू: (तुरंत आदेश देते हुए) कैंडी! जल्दी करो! इसे दुसरे तरीके से मज़ा दो!

छोटू और कैंडी दोनों अमीर के नग्न शरीर पर झुक गयी.

- छोटू ने तुरंत अमीर के एक स्तन को अपने मुँह में लिया और उसे zor-zor से चूसना शुरू कर दिया.

- कैंडी ने दुसरे स्तन को पकड़कर सहलाना और चूसना शुरू कर दिया.

अमीर का दर्द काम होना:

अचानक दो लड़कियों के मुँह से अपने स्तनों पर मिले स्पर्श ने अमीर के दिमाग को दर्द से हटाकर तीव्र उत्तेजना पर केंद्रित कर दिया.

अमीर: (तेज़ सांसें लेते हुए) आह! हहह... हाँ! छोटू! कैंडी!

उसके दर्द का एहसास कुछ काम होने लगा. जब उसका ध्यान हैट गया, तो आनंद ने dheere-dheere, बहुत धीमी गति से सहवास शुरू किया.

अमीर: (दर्द और आनंद के मिश्रण में) अब... अब ठीक है! ज़ोर से नहीं!

अमीर अब भी ऊपर थी, लेकिन छोटू और कैंडी उसके स्तन चूस रही थी. यह सामाहिक सहयोग अमीर को उस विशाल आकार को स्वीकार करने में मदद कर रहा था, जिसने उसे इतना डरा दिया था.

थोड़ी hi देर में, अमीर ने दर्द को भुला दिया और आनंद की गहराई का आनंद लेना शुरू कर दिया. उसकी सिसकियाँ अब आनंद की थी.

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अमीर को उसके सदमे से बहार निकालकर, आनंद ने उसे पूरी तरह से संतुष्ट किया. अब अमीर भी उस 8 इंच के लुंड की प्रशंसक बन चुकी थी. अब आखिर में छोटू की बारी आयी.

छोटू को किसी परिचय या तैयारी की ज़रूरत नहीं थी. वह आनंद के साथ इस तरह के अनुभव की सबसे पुराणी साथी थी और आनंद के आकार की आदि हो चुकी थी.

1. छोटू का आत्मविश्वास:

अमीर और कैंडी अभी भी हांफ रही थी. आनंद ने छोटू को अपनी तरफ खींचा.

आनंद: (प्यार से) अब मेरी रानी की बारी!

छोटू आत्मविश्वास से आनंद के ऊपर आयी. वह जानती थी की उसे क्या चाहिए और आनंद को कैसे खुश करना है.

2. सामाहिक अनुभव का माहौल:

जब छोटू और आनंद फिर से एक हुए, तो कमरे में एक अलग तरह का माहौल बन गया.

- कैंडी और अमीर, जो अब तक दर्शक थी, अब इस अनुभव में पूरी तरह से शामिल हो गयी.

- जब आनंद और छोटू ek-dusre में लीं थे, तो आनंद ने अपने दोनों हाथों को बढ़ाया.

- एक हाथ से उसने कैंडी के स्तन को पकड़ा और प्यार से दबाया.

- दुसरे हाथ से उसने अमीर के स्तन को पकड़ा और सहलाया.

यह उनके लिए सामाहिक जुड़ाव का क्षण था. आनंद का स्पर्श अब सिर्फ एक को नहीं, बल्कि तीनों लड़कियों को संतुष्टि दे रहा था. छोटू, आनंद के साथ अपने जुड़ाव को महसूस करते हुए, और अपनी सहेलियों को इस खेल में शामिल देखकर गहरी संतुष्टि महसूस कर रही थी.

यह रात तीनों लड़कियों के लिए एक वर्जित गठबंधन और आनंद के लिए अभूतपूर्व पुरुषत्व की रात साबित हो रही थी.

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पूरी रात तीनों लड़कियों के साथ बिताने और हर किसी को उसके हिस्से का सुख देने के बाद, आनंद अब चरम संतुष्टि के अंतिम चरण में था. यह रात आनंद के लिए एक असाध्यारन उपलब्धि थी, जहाँ उसके 8 इंच के लुंड ने तीन alag-alag इच्छाओं को पूरा किया था.

रात के अंतिम पहर में, तीनों लडकियां — कैंडी, अमीर और छोटू — बिस्तर पर ek-dusre के बगल में लेती हुई थी.

अपने तीन अनुभवों के बाद, यह आनंद का चौथा और अंतिम अनुभव था. इस बार, वह baari-baari से तीनों के साथ जुड़ा, उन्हें सिर्फ शारीरिक hi नहीं, बल्कि भावनात्मक संतुष्टि भी दे रहा था. वह थका हुआ था, लेकिन उसकी इच्छा शक्ति प्रबल थी.

क्यूंकि यह उसकी चौथी बार की क्रिया थी, उसे काफी ज़्यादा समय लग गया.

आनंद ने यह सुनिश्चित किया की हर लड़की — कैंडी, अमीर और छोटू — पूरी तरह से संतुष्ट हो जाए. वह अब थक चुकी थी, लेकिन उनके चेहरे पर गहरी नींद और संतुष्टि का भाव था.

अंतिम सुख के बाद, आनंद भी थक कर उन सबके साथ बिस्तर पर लेट गया. कमरे में अब कोई शोर नहीं था, सिर्फ गहरी साँसों और शान्ति का माहौल था.

- वह चारों अब ek-dusre के सहारे लेते थे, उनके बीच का रिश्ता अब एक खुला और स्थायी गुप्त गठबंधन बन चूका था.

- छोटू, अमीर और कैंडी ने आनंद को कसकर पकड़ा हुआ था, जैसे उन्हें अपने ‘बड़े लुंड वाले अंकल’ में एक अजीब तरह की सुरक्षा महसूस हो रही हो.

आनंद को एहसास हुआ की इस रात ने उसके और इन लड़कियों के बीच के रिश्ते को एक ऐसी सीमा पर पहुंचा दिया है, जहाँ से अब वापसी नहीं थी. यह राज़, यह सुख और यह बंधन अब हमेशा के लिए उनके साथ रहने वाला था.

चौथे अनुभव के बाद, आनंद और तीनों लडकियां — छोटू, अमीर और कैंडी — शांत और संतुष्ट मुद्रा में बिस्तर पर लेते थे. अब उनके बीच एक गहरी अंतरंगता और विश्वास का माहौल था. थकान के बावजूद, वह अपने अनुभवों को साझा करना चाहती थी.

आनंद ने प्यार से तीनों लड़कियों को अपनी तरफ खींचा और उनसे उनके मैं की बात पूछी.

आनंद: (प्यार से, थकी हुई आवाज़ में) मेरी रानियों! अब बताओ! तुम सबको कैसा लगा? मेरी म्हणत सफल हुई या नहीं?



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फ्रेंड्स, ी लव ठोस रीडर्स हु व्रिठे कमैंट्स ों माय writings...But तेरे अरे सम पीपल हु ओनली डिमांड बूत नेवर और सोमेतिमेस व्रिठे comment...those पीपल इवन don't हैवे ा फ्यू सेकण्ड्स फॉर माय वरिटिंग्स. थिस थिंग रियली डिसअप्पोइंट में.
 
Part - 73 कैंडी ने सबसे पहले बात की. उसका स्वर अभी भी थोड़ा शांत और भावुक था, क्यूंकि यह उसके लिए बहुत बड़ा बदलाव था.

कैंडी: (धीरे से, आनंद की पीठ सहलाते हुए) अंकल! पहली बार तोह बहुत दर्द हुआ... मैं डर गयी थी. पर जब दर्द काम हुआ, तोह मुझे एहसास हुआ की आपने मुझे कितनी गहराई तक संतुष्ट किया. मैंने कभी नहीं सोचा था की किसी की भी 'छूट' इतनी भर सकती है! मुझे सच में लगा की मैं किसी अलग hi दुनिया में हूँ. अब मुझे पता है की सच्चा मज़ा क्या होता है.

अमीर, जो शुरू में आकार से डर गयी थी, अब पूरी तरह से उसकी प्रशंसक बन चुकी थी.

अमीर: (हैशटे हुए) अंकल! मेरे बॉयफ्रेंड का जो 'छोटा सा' था, वह तोह इसके आगे कुछ भी नहीं था! आपके लुंड का आकार... वह अविश्वसनीय है! मुझे लगा जैसे मेरी जान निकल गयी, लेकिन फिर छोटू और कैंडी ने जब मेरे 'बूब्स' को संभाला, तोह मुझे बहुत अच्छा लगा. यह अनुभव जन्नत की सैर से काम नहीं था! मुझे सच में विश्वास नहीं हो रहा की मैंने आखिरकार इतना बड़ा लुंड अपनी 'छूट' में लिया!

छोटू, जो इन सब की सूत्रधार थी, अब अपने अधिकार और अद्वितीय आनंद की बात कर रही थी.

छोटू: (गर्व से आनंद के सीने पर हाथ रखते हुए) अंकल! आप मेरे हो! मुझे पता है की आप तीनो को संतुष्ट कर सकते हो, पर जो मज़ा आपको मेरे साथ आता है, वह किसी के साथ नहीं आता! और आज तोह आप एक मशीन बन गए थे! मुझे इस बात की सबसे ज़्यादा ख़ुशी है की मेरी सहेलियां भी अब आपके 8 इंच की दीवानी हो गयी हैं. हम तीनो अब एक टीम हैं, और आप हमारे हीरो हो!

आनंद तीनो लड़कियों की बातों से पूरी तरह से संतुष्ट और गौरवान्वित महसूस कर रहा था. उसने उन्हें कास कर गले लगा लिया. यह रात सिर्फ वासना की नहीं, बल्कि एक नए गुप्त, शक्तिशाली बंधन की शुरुआत थी.

अब वे अगली सुबह के लिए तैयार थे, जब वे apne-apne घरो को लौटते, और इस वर्जित रात को सिर्फ एक गुप्त याद बना कर रखते.

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घर पर चल रहे सारे नाटक, यौन तनाव, और राज़ के बीच, माणिक की ज़िन्दगी में एक बड़ा बदलाव आने वाला था.

1. ट्रेनिंग का प्रबंध और शहर से दूरी:

माणिक की डेढ़ साल की ट्रेनिंग का इंतज़ाम हो चूका था. यह ट्रेनिंग उसकी मासी की दूसरी लड़की, जसलीन (सिमरन यानि सिमी से बड़ी बहिन) ने अपने एक का दोस्त के पास लगवाई थी. जसलीन खुद पहले से hi चार्टर्ड अकाउंटेंट (का) थी और उसने माणिक के करियर के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया था.

2. नया शहर और आवागमन:

* ट्रेनिंग का शहर माणिक के अपने शहर से लगभग 60 किलोमीटर दूर था.

* माणिक को अब अपनी ट्रेनिंग के दौरान वही पर रहना होगा.

* ट्रेनिंग की शर्त के अनुसार, माणिक को सिर्फ शनिवार और रविवार को hi घर आने की अनुमति होगी.

माणिक के जाने की यह खबर घर के सभी सदस्यों पर एक अलग तरह का प्रभाव डालेगी:

* पारी: अब इसके लिए माणिक से मिलना सीमित हो जायेगा. उन्हें अपने सुख और राज़ को सिर्फ वीकेंड तक hi टालना होगा. इससे उनके बीच तनाव और लालसा बढ़ सकती है.

* अनु और दिव्या: माणिक के जाने से घर में चल रहा सीधा टकराव कुछ समय के लिए शांत हो जायेगा, लेकिन दिव्या का डर और अनु की बेचैनी बानी रहेगी की माणिक वापस आकर क्या करेगा.

माणिक अब एक नए शहर में, नयी आज़ादी के साथ होगा, जहां उसे शनिवार की रात की वापसी का इंतज़ार रहेगा.

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माणिक को अपनी डेढ़ साल की ट्रेनिंग के दौरान, मासी मोनिका के घर पर hi रहना था, जो उसके शहर से 60 किलोमीटर दूर स्थित था.

जैसे hi माणिक मासी के घर पहुंचा, घर में उत्सव जैसा माहौल बन गया.

मोनिका मासी ने खुद दरवाज़ा खोला और माणिक को देखते hi उनकी आँखें चमक उठी.

मोनिका मासी: (गर्मजोशी से गले लगते हुए) अरे, मेरा माणिक! आ गया तू! तेरा hi इंतज़ार कर रही थी मैं! अब से यह घर hi तेरा दूसरा घर है. अच्छे से पढाई करना और हमें अपने काम से खुश करना!

मोनिका मासी ने माणिक के लिए खूब अच्छे से स्वागत की तैयारी कर राखी थी. उन्होंने तुरंत उसे अंदर आरामदायक जगह पर बिठाया और ढेर सारे घर के बने पकवान और मिठाइयां सामने लाकर रख दी.

मोनिका मासी: तेरा कमरा मैंने साफ़ कर दिया है. जसलीन (बड़ी बेटी, का) आजकल काम में व्यस्त है, पर सिमी (सिमरन) घर पर है. अब तुझे यहां बोरियत नहीं होगी.

सिमी (सिमरन), जो माणिक के साथ अपने अंतरंग रिश्ते की गहराई जानती थी, माणिक के सामने आयी. उसके चेहरे पर मासी जैसा स्नेह तोह था, लेकिन आँखों में एक शरारती, छुपा हुआ रोमांच था.

सिमी: (नाटक करते हुए, मासी के पास) वेलकम, भाई! अब मैं इतनी जल्दी बोर नहीं हो जाउंगी! तुम्हे पता है न, इस घर में अब से सिर्फ मैं hi तुम्हारी कंपनी हूँ.

सिमी ने जानबूझकर माणिक को गले लगाया. यह गले मिलना थोड़ा ज़्यादा देर तक चला.

माणिक: (सिमी के कान में फुसफुसाते हुए) मुझे पता है की यह कंपनी कितनी 'ख़ास' होगी!

माणिक की इस बात पर सिमी की छिपी हुई हंसी छूट गयी.

सिमी: (वापस माणिक के कान में, दबी हुई आवाज़ में) अब तुम्हे हर रात याद दिलाऊंगी की तुम मेरे बहनचोद भाई हो!

मोनिका मासी ने माणिक को वहाँ रहने में पूरी मदद का आश्वासन दिया. माणिक अब मासी के घर में था, लेकिन उसका असली ध्यान सिमी की हर रात की 'कंपनी' पर था.

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मोनिका मासी, माणिक के स्वागत की तैयारियों में व्यस्त थी. वह रसोई में थी, शायद उसके लिए चाय या कुछ और नाश्ता बनाने में लगी थी. यही वह एकांत का क्षण था जिस का इंतज़ार सिमी कर रही थी.

सिमी तुरंत माणिक के पास आयी, जो लिविंग रूम में बैठा था.

सिमी: (दबी हुई आवाज़ में) मासी अभी रसोई में हैं. यहां आओ.

सिमी ने माणिक का हाथ पकड़ा और उसे कोने की तरफ खींच लिया, जहां से रसोई सीधे दिखाई नहीं दे रही थी.

चुम्बन का आरम्भ: माणिक ने बिना किसी देरी के, सिमी को अपनी बाहों में कास कर पकड़ा और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए. यह चुम्बन सिर्फ प्यार का नहीं, बल्कि वासना और बेसब्री का था.

* गहराई: वे ek-dusre को तीव्रता से चूमने लगे, मनो वे अपने पिछले रात के सारे वर्जित अनुभव एक hi पल में दोहराना चाहते हों.

* जीभ का प्रवेश: माणिक ने चुम्बन की गहराई बधाई और अपनी जीभ सिमी के मुँह में फेर दी. सिमी ने तुरंत इस आक्रमण का स्वागत किया.

सिमी की प्रतिक्रिया: माणिक की जीभ का स्पर्श मिलते hi, सिमी का पूरा शरीर अचानक झुनझुनी से काँप उठा. उसके शरीर में एक तीव्र विद्युत् प्रवाह सा दौड़ा.

सिमी: (चुम्बन के बीच में, दबी हुई आह के साथ) हहहहह...

माणिक जानता था की इस साधारण से स्पर्श ने भी सिमी के शरीर पर कितना असर किया है. सिमी की उत्तेजना इतनी तीव्र थी की वह नीचे तक हिल गयी.

जैसे hi उन्हें मासी के क़दमों की आहात सुनाई दी, वे तुरंत अलग हो गए. वे दोनों हांफ रहे थे और उनके चेहरे पर एक गहरा रोमांच था. अब यह तय हो चूका था की यह डेढ़ साल की ट्रेनिंग दोनों के लिए राज़ और वर्जित सुख से भरी होने वाली है.
 
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