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- Dec 5, 2013
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अपडेट-34
सब अपने कमरे में चले गए, रूचि दीपा के पास आई,
रूचि- दीपू ये माँ टुशु को आप कब से बोलने लगी
दीपा तो जानती थी अंजलि तुषार को आप क्यों बोल रही ह, वो क्या जवाब देती
दीपा- मुझे कैसे पता होगा
रूचि- साली ऐसा हो hi नहीं सकता तुझे कुछ न पता हो तेरी आँखों में अलग hi चमक थी उस टाइम
दीपा- अरे यार तू तो पीछे पद जाती ह मुझे नहीं पता
रूचि- अब घर में मुझसे सब कुछ छिपाया जायेगा
दीपा- ऐसी बात नहीं ह मेरी चुकी
रूचि- ेयी कामिनी मेरा नाम मत बिगड़
दीपा- क्यों न बिगाड़ू तेरा नाम रूचि चुकी
रूचि- तू बता रही ह या नहीं, तुझे मेरी कसम ह
दीपा- यार ये गलत बात ह कसम बिच में कहा से आ गई
रूचि- तुम लोग मुझसे साडी बात छुपाते हो और मैं कसम भी न दू
दीपा- अच्छा ठीक ह लेकिन ये बात गलती से भी बहार न आ जाये
रूचि- वडा
दीपा- माँ ने टुशु से शादी क्र ली ह
दीपा की बात सुनते hi रूचि का मुँह खुला रह गया आँखे फटी रेग गई उसके मुँह में शब्द अंदर hi फास गए वो बस हैरत से दीपा को देखे जा रही थी,
रूचि- ये ये ये क्या बोल रही ह तू पागल हो गई ह क्या भेनचोद सबको अपने जैसा समझ रही ह
दीपा- ये सच ह बाबू, देख हमारी माँ ने क्या क्या नहीं झेला, उनके पिता ने उन्हें प्रेग्नेंट किया, अजय ने धोका दिया रपे किया मुझे कपिल सचिन को पला, उन्हें तो कभी प्यार hi नहीं मिला, एक माँ बन गई और औरत बन गई लेकिन न प्यार मिला न hi कभी पत्नी बन पाई, अब उन्हें ये सुख मिल रहा ह तो इसमें क्या बुराई ह
रूचि- लेकिन तुषार उनका बीटा ह वो माँ ह उसकी एक माँ अपने बेटे से शादी कैसे क्र सकती ह, क्या दोनों ने वो भी क्र लिया
दीपा- है क्र लिया और क्यों नहीं क्र सकती शादी, जब एक बाप अपनी बेटी को छोड़ सकता ह अजय तेरे उप्पेर गन्दी नजर रख सकता ह, मैं सीमा अपने भाई टुशु से चुद सकती ह तो माँ के साथ hi नाइंसाफी क्यों, और तुषार ऐसा मर्द ह जिसके पीछे कोई भी औरत खुद को सोप दे,
रूचि क आँखों में आंसू थे
दीपा- क्या हुआ रूचि तू रो क्यों रही ह, तू नाराज मत हो माँ से, उनके बारे में सोच उनकी खुशियों के बारे में सोच
रूचि- मैं उनकी ख़ुशी के लिए कुछ भी क्र सकती हु मैं खुश हु उनके लिए लेकिन मैं
दीपा- लेकिन क्या तू चुप हो पहले बता मुझे अगर माँ से प्रोब्ले नहीं ह तो क्या बात ह
रूचि- कुछ नहीं छोड़ मैं जा रही हु
दीपा- यही बैठ और मुझसे छुपा क्र जाएगी, मुझसे झूट नहीं बोल सकती तू
रूचि- झूट तो तुम सब बोलते हो मैंने कब झूट बोलै
दीपा- अच्छा हमे बोलै झूट तू सच बता दे, बता बहन क्यों दुखी ह तू क्या परेशानी ह
रूचि- तू मेरी एक बात का जवाब देगी
दीपा- है पूछ
रूचि- क्या सीमा दी ने टुशु से प्यार किया था पहले
दीपा- नहीं वो बस हवस की वजह से उसके पास गई थी
रूचि- तूने टुशु से प्यार किया था पहले
दीपा- भाई की तरह hi किया था प्रेमी की तरह तो सीमा की वजह से किया
रूचि- क्या माँ ने टुशु से ऐसा प्यार किया था
दीपा- मुझे नहीं लगता उन्होंने भी अभी किया होगा
तू कहना क्या चाहती ह
रूचि- न सीमा न तूने टुशु से पयार किया तुम दोनों चुद गई उससे, माँ ने भी प्यार नहीं किया वो तो पत्नी बन गई लेकिन जिसने हमेशा से प्यार किया उसका क्या उसे तो कुछ नहीं मिला, न प्यार मिला न पत्नी बानी न hi चुदाई मिली, उस साक्षी से भी आशिकी हो गई लेकिन…
दीपा- ये क्या बोल रही ह किसकी बात क्र रही ह किसको नहीं मिला प्यार
रूचि- रहने दे बस
दीपा- रूचि क्या तू वही बोल रही ह जो मैं सोच रही हु
रूचि- मुझे क्या पता तू क्या सोच रही ह
दीपा- कब से कब से करती ह
रूचि- क्या क्या करती हु
दीपा- अब ड्रामा मत क्र जल्दी बता कब से करती ह
रूचि- छोड़ न यार
दीपा- तुझे मेरी कसम ह जल्दी बता कब से ह तेरे दिल में
रूचि- जब से प्यार का मतलब समझ आया ह जब से कॉलेज के लड़के मुझे परपोज़ करते थे, जब से लड़का लड़की के बिच का अंतर जाना ह, जिस दिन टुशु ने मेरी जान उन गुण्डो से बचाई थी उस दिन मैं अपना सब कुछ टुशु पैर हर गई थी, बस एक hi चीज मुझे रोके रखती थी हम भाई बहन ह, लेकिन सीमा और तेरे छोड़ने के बाद मुझे लगा हमारा रिश्ता भी बन सकता ह, और जब पता चला हम सब सेज भाई बहन नहीं ह तो वो प्यार और बढ़ गया लेकिन फिर पता चला मैं और टुशु सेज भाई बहन ह तो दिल टूट गया,
और आज पता चला टुशु ने शादी भी क्र ली ह
दीपा- ोये मेरी जान तूने दिल खुश क्र दिया, एक और सौतन आ गई लिस्ट में कामिनी तुझे तो तुषार से मैं hi छुडवाउंगी अपने हटो से तेरी ये कामिनी छूट अपने सामने hi फड़वाउंगी मैं
रूचि शर्मा गई- क्या बक रही ह
दीपा- तेरी शादी होगी टुशु से ये मेरा वडा ह
रूचि- वो तो मुझे देखता भी नहीं ह
दीपा- वो तो सीमा मुझे और माँ किसी को भी नहीं देखता था लेकिन सब चुद गई न, ऐसे hi टब hi छुड़ेगी
रूचि- मैं पहले शादी करना चाहती हु उससे उसके बाद कुछ और
दीपा- जरूर ऐसा hi होगा लेकिन पहले माँ की शादी होगी
रूचि- माँ ने तो कर ली न शादी
दीपा- एक बंद कमरे में सिंदूर भरवा क्र शादी नहीं होती, हम माँ की शादी सरे रीती रिवाज से करवाएंगे
रूचि- सच ऐसा हो सकता ह
दीपा- हम करवाएंगे तू बस मेरे साथ रहना फिर मैं तेरी भी शादी करवाउंगी
रूचि- ठंकु यार
दीपा ने रूचि का मुँह पकड़ा और उसके हॉट पैर अपने हॉट रख दिए, ूउम्मम्मह्ह्हह्ह्ह्ह
रूचि ने खुद को उससे छुड़वाया- क्या कर रही ह साली
दीपा- देख रही हु कितने रसीले हॉट ह तेरे जिनका स्वाद टुशु लेगा उससे पहले मैं hi चख लू
रूचि- तू लेस्बियन ह क्या कामिनी
दीपा- हु तो नहीं लेकिन बन जाउंगी यार हम सब एक hi मर्द से चुद रही हैं अब छुपा क्या ह किस चीज की शर्म करे सीमा तो खेती ह दोनों एक साथ छोड़ेंगी लेकिन तब मैं शर्मा गई थी लेकिन अब नहीं अब तो मैं खुल क्र मजे लुंगी
रूचि- ले लेना मजे पैर मुझे गन्दा मत क्र मैं टुशु की अमानत हु
दोनों हसने लगे,
अगले दिन एक लड़का 4 मोबाइल लेकर अंजलि के घर आ गया,
तुषार- माँ ये कहा से आ गए
अंजलि- मैंने रात सुमित को कॉल क्र दी थी उन्होंने ये 4 फ़ोन और ये 6 सिम भिजवाए हैं, ये फेक ईद पैर ह no. कोई भी इन no. से हमारी डिटेल्स नहीं निकल पायेगा, और सीमा तू कभी इस no. को किसी को नहीं देगी इस no. से बस फॅमिली से बात होगी,
अंजलि ने सबको अच्छे से समझा दिया, और ये ह कुछ डाक्यूमेंट्स जिसमे तुषार B.A का स्टूडेंट ह, और ये ईद ह जिसमे साडी जानकारी फेक ह, कोई भी इन्हे पकड़ नहीं पायेगा जब तक किसी गवर्नमेंट ऑफिस में चेकिंग न हो इसलिए इनका इस्तेमाल बस सोनिया और अलका की कंपनी तक करना इसके अलावा कुछ नहीं
तुषार- समझ गया माँ
तुषार निकल गया इंटरव्यू के लिए वो सीधे अलका के ऑफिस पंहुचा, क्योकि अलका ने कहा था कभी भी जरुरत हो तो कॉल करना, तुषार खुद hi पहुंच गया था,
सीमा ने वह बिलकुल ऐसे रियेक्ट किया जैसे जानती hi न हो,
तुषार रेसेपशन पैर- मुझे मिस अलका से मिलना ह
रेप- सर आपके पास अपॉइनमेंट ह क्या
तुषार- नहीं वो तो नहीं ह लेकिन आप मेरा नाम बता देंगी तो वो जरूर मिलेंगी
रेप- सर मैं ऐसा नहीं क्र सकती
तुषार- क्या ऐसा होता ह कम्पनियो में जिसक एपस अपॉइनमेंट न हो वो मिल hi नहीं सकता चाहे उसमे कंपनी का hi फायदा हो
रेप- सर ऐसा नहीं ह बस मैं तो रूल फॉलो क्र रही हु
तुषार- आप एक बस मेरा मस्सगे दे दो की तुषार मिलने आया ह
रेप- ok सर मैं आपका मैसेज देती हु
रेप ने कॉल किया और बताया की कोई तुषार आये हैं, कुछ देर बाद
रेप- सर आप मिल सकते हो
तुषार मुस्कुराता हुआ अंदर चला गया, वो सीधे अलका के ऑफिस में पंहुचा,
अलका तुषार को देखते hi कड़ी हो गई, आइये आइये प्लस
तुषार भी उसे देख क्र उसमे खो सा गया वो लग hi इतनी सूंदर रही थी,
तुषार- मिस वो मैं बिना अपॉइनमेंट की आ गया
अलका- अरे कैसी बात क्र रहे हैं आप मुझे कॉल क्र देते आपको अपॉइनमेंट की क्या जरुरत थी
तुषार- काम मेरा था तो मुझे hi आना था, वो मैं ेआज के न्यूज़ पप्पेर में नौकरी की ऐड देखि
अलका- है वो तो 3 दिन बाद होने ह इंटरव्यू,
तुषार- है मैंने सोचा 3 दिन बाद तो बहुत से लोग होंगे, मैं पहले की कोशिश क्र के देख लू
अलका- आप इंटरव्यू के लिए आये हैं
तुषार- सोच क्र तो यही आया था
अलका- आपको इंटरव्यू की क्या जरुरत आप ये बताइये कब से ज्वाइन करेंगे
तुषार- जी सच
अलका- आप जैसे लोग अगर कंपनी में होंगे तो कंपनी को hi फायदा ह
तुषार- लेकिन मैं अभी B.A क्र रहा हु
अलका- कोई बात नहीं यही सब सिख जायेंगे, लेकिन जॉब आपको मेरी माँ के ऑफिस में करनी होगी, मैं तो चाहती हु की आप इसी ऑफिस में काम करे लेकिन वह ज्यादा जरुरत ह
तुषार- मुझे तो काम चाहिए जहा मिल जाये
तुषार खुद सोनिआ के करीब रहना चाहता था
तभी बहार से सोनिया चोपड़ा आ गई,
सोनिया- अलका मुझे ऑफिस के लिए कुछ सामान लेना ह, तू चलेगी क्या मेरे साथ कल दिल्ली से टीम आएगी यहाँ के लोकल बिज़नेस मन लोगो से बात करने हमारा स्तूप उनसे जोड़ने के लिए
सोनिया की नजर तुषार पैर गई एक hi पल में तुषार सोनिया की नजरो में छठा चला गया, तुषार की पर्सनालिटी से सोनिया पहेली नजर में hi प्रभावित हो गई,
तुषार भी सोनिया को देख रहा था उसेदेख क्र कोई कह hi नहीं सकता तह ए औरत 4 बच्चो की माँ हो सकती ह
सोनिया- श्री तुम्हारी कोई मीटिंग चल रही थी क्या बहार किसी ने बताया नहीं
अलका- नहीं माँ ऐसी कोई मीटिंग नहीं ह, ये हैं मर. तुषार ये जॉब के लिए आये हैं मैंने hi इन्हे कहा था मिलने के लिए, अगर आप चाहो तो मैं आपके ऑफिस में भेज सकती हु वर्ण मुझे ज्यादा ख़ुशी होगी अपने पास रखने में,
सोनिया- अच्छा ऐसी क्या खूबी ह इनमे जो तुझे ख़ुशी होगी
अलका- माँ आज के टाइम में ऐसा सच्चे दिल वाला बहदुर ईमानदार इंसाने मिलना बहुत मुश्किल ह
तुषार- ऐसा कुछ नहीं ह मिस उस दिन जो हुआ वो हर इंसान का फराज ह करना
अलका- ये तो खासियत ह आपकी वह इतने लोग थे लेकिन कोई बिच में नहीं बोल प् रहा था
सोनिया- ऐसा क्या हुआ था
अलका- वो बाद में बताउंगी आप बताओ इन्हे आपके ऑफिस के लिए अप्पोइंट करू,
सोनिया- जब तुझे इतने पसंद ह तो मैंने कैसे मन कर सकती हु, क्या काम कर लेंगे ये
अलका- अभी फ्रेशर हैं लेकिन जुई के साथ रख लेते हैं फिर आपके सेक्रटरी बन जायेंगे
सोनिया को तो ये hi चाहिए था ो यहाँ अंजलि को ढूंढ़ने आई थी लेकिन अपनी अयाशी कैसे छोड़ सकती थी, और अंजलि जानती थी सोनिया कैसी औरत ह इसी लिए उसने तुषार को वह भेजा था,
सोनिया- ठीक ह तो आज ये हमारे साथ hi चैलेंज देखते हैं इनमे कितना हुनर ह
अलका- आपके पास टाइम ह न
सोनिया- अलका नौकरी इसे करनी ह तो टाइम तो देना पड़ेगा
अलका- माँ ये
सोनिया- बीटा जब तक ये गेस्ट था तो अलग तरह से बात क्र रही थी लेकिन अब ये मेरा एम्प्लोयी ह तो उसी तरह से बात करनी पड़ेगी न,
तुषार- मम मैं जॉब करने निकला हु तो जॉब के रूल्स भी समझता हु अगर मेरी जॉब दोने ह तो अभी से मैं आपका हो गया हु आप जब बोलेंगी जहा बोलेंगी जैसे बोलेंगी मैं वही खड़ा मिलूंगा एक hi आवाज पैर
तुषार की बात पैर अलका को बहुत ख़ुशी हुई की कितना डेडिकेट लड़का ह वही सोनिया के अंदर एक कुटिल मुस्कान आ गई, उसे तो लड़को को ऐसे फ़साना आता था, और उसे ऐसे hi लड़के चाहिए जो उसके लिए कुछ भी करे वो जैसे चाहे उनका इस्तेमाल करे,
फिर तीनो बहार निकल गए, सीमा ने उन्हें जाते देखा तुषार ने एक बार भी सीमा की तरफ नहीं देखा,
मार्किट में तुषार ने दौड़ दौड़ क्र सब काम किया उसकी चॉइस अलका और सोनिया दोनों को बहुत पसंद आई, बस तुषा रकि जॉब पक्की हो चुकी थी, वो बड़ी आसानी से सोनिया के ऑफिस में घुस चुक्का था,
इधर रिंकी इंडिया आ चुकी थी, अनीता ने गाओं छोड़ दिया था वो थोड़ा सा सामान लेकर सिटी में शिफ्ट हो चुकी थी, रिंकी चंद्रो देवी से बहुत प्यार करती थी, वर्ण वो अपनी माँ के लिए तो कभी यहाँ नहीं आती,
अनीता खुश थी लेकिन उसे घबराहट भी हो रही थी, रिंकी अम्मा से मिली और फिर अपने फ़ोन पैर बिजी हो गई जैसे उसे कोई मतलब hi नहीं ह,
रात को रिंकी अपने बर्फ से बात क्र रही थी,
यहाँ रिंकी इंग्लिश में बात करेगी लेकिन मैं हिंदी में hi लिख रही हु
रिंकी- यार मैं अम्मा से मिलने आई हु जल्दी वापस आ जाउंगी
दूसरी तरफ से कुछ कहा गया
रिंकी- मैं भी नहीं रह सकती तुम्हारे कॉक को लिए बिना
बहार अनीता सब सुन रही थी क्योकि घर छोटा था तो आवाज बहार ताका ा रही थी, अम्मा सो चुकी थी, अनीता को बड़ी शर्म आ रही थी की उसकी बेटी किसी लड़के से क्या क्या बात क्र रही ह, लेकिन कुछ क्र नहीं सकती थी, उसने तुषार का बताया रास्ता अपनाना hi सही समझा,
अगले दिन रिंकी उठ क्र आई तो अनीता किचन मेखड़ी किसी से फ़ोन पैर बात क्र रही थी,
अनीता- यार क्या बताऊ वो कैसा ह उसने तो पागल क्र दिया ह मुझे उससे दूर जाने का मन hi नहीं होता
दूसरी तरफ से कुछ कहा गया
अनीता- नहीं यार अभी नहीं लिया दर लगता ह उसका बहुत बड़ा ह मुझे दर ह मैं झेल भी नहीं पाऊँगी
दुरी तरफ ………
अनीता- मैंने पहेली बार अपने लिए सोचा ह मैं वापस नहीं जाउंगी, अब तो उसके साथ hi रहना ह
दूसरी तरफ…..
अनीता- क्या फरक पड़ता ह दुनिया ऐसे hi जीती ह मैं क्यों न जियु और शादी करके hi तो मरा जीवन बर्बाद हुआ ह
तभी रिंकी आ गई
अनीता हड़बड़ाते हुए मैं बाद में बात करती हु
अनीता- कुछ चाहिए था क्या बीटा
Rinky-nhi कुछ नहीं चाहिए किस्से बात क्र रही थी
अनीता- वो अमेरिका में एक फ्रेंड ह उससे
रिंकी- ok और यहाँ कोई पसंद आ गया क्या आपको
अनीता- तू पागल ह क्या क्या बोल रही ह
रिंकी- नहीं बताना तो मत बताओ पैर झूट मत बोली,
रिंकी वह से चली गई, अनीता का दिल जोर जोर से धड़क रहा था उसे बड़ी घबराहट हो रही थी,
अलका फ़ोन पैर.. दीदी वो मेरे ऑफिस में जॉब के लिए आया था मैंने उसे माँ के ऑफिस में लगा दिया ह
वर्षा- वह क्यों अपने पास क्यों नहीं
अलका- वो माँ को जरुरत थी न
वर्षा- वो तो ठीक ह लेकिन खेर छोड़ ये बता तू उसे देख क्र खुश हो गई न
अलका- है दीदी बहुत, एक मिनट क्या बोल रही हो आप मैं क्यों खुश होउंगी
वर्षा- हहहहहए अभी तो बोली थी बहुत खुश हुई
अलका- वो तो ऐसे hi निकल गया
वर्षा- बीटा ज्यादा नजदीक मत जाना वर्ण हमारा हरामखोर बाप उस बेचारे के पीछे पद जायेगा
अलका- दीदी उस इंसान की बात मत किया करो
वर्षा- ठीक ह तू ख्याल रख मैं आउंगी तुझसे मिलने फिर इस हीरो से भी मिलूंगी
अलका- बी दी,
अगले 3 दिन सब नार्मल रहा तुषार सोनिया के साथ बहुत महेनत से काम में लग गया वो जूही से बड़ी तेजी से काम सिख रहा था जिससे सोनिया बहुत इम्प्रेस हुई थी, अलका किसी न किसी बहाने से तुषार से मिलने आ hi जाती, वही अनीता चुप चुप क्र किसी से बात करती रिंकी के अंदर बेचैनी बढ़ने लगी, ऐसा कोण हो सकता ह जिसने उसकी इतनी सीधी सधी औरत को इतना बदल दिया, जिसने इतने साल जवानी के दुखी होकर काट दिए पैर किसी की तरफ नहीं देखा फिर अब ऐसा कोण मिल गया जिससे उसकी माँ इतनी बदल गई ह,
वही सोनिया ने सीमा के पीछे आदमी लगा दिए थे, उसकी डिटेल्स निकलने के लिए, जो रिपोर्ट तैयार थी, जिसे सोनिया सुरेश को बता रही थी,
सोनिया- आपसे झूट बोलै गया ह
सुरेश- कैसा झूट
सोनिया- वो *** कसबे के पास रहती ह और दोनों माँ बेटी अकेली रहती हैं, और कोई नहीं ह परिवार में
सुरेश- लेकिन सीमा ने तो बतया था वो 6 बहन भाई हैं
सोनिया- हो सकता ह उसकी माँ ने उसे बोलै हो बहार वालो को झूट बोलने के लिए, लेकिन सीमा के घर का पता किया ह वह बस दोनों माँ बेटी रहती हैं, इन 3 दिनों में और किसी को नहीं देखा गया ह, उसकी माँ एक स्कूल में पद्धति ह और सीमा यहाँ जॉब करती ह,
सुरेश- ये तो बहुत hi बढ़िया ह फिर तो अच्छा मौका ह उसे मरने का
सोनिया- कैसी बात क्र रहे हो फिर आपको प्रॉपर्टी कभी नहीं मिलेगी और सबसे बड़ी बात अभी ये कन्फर्म नहीं हुआ ह की वो अंजलि hi ह, हमारे आदमी लगे हुए हैं और हमारे पास उसकी ऐसी कोई फोटो नहीं, उसकी माँ के मरने के बाद उसका कोई फोटो तक नहीं खींचा तुमने,
सुरेश- तुम तो पहचान hi सकती हो
सोनिया- है लेकिन मैं उसके सामने नहीं जा सकती और अभी तक उसकी माँ को डायरेक्ट देखने का मौका नहीं मिला ह आदमी लगे हैं, पैर मुझे उम्मीद ह ये वही ह,
सुरेश- अगर ये वही ह तो हमे क्या करना चाहिए फिर
सोनिया- हम इस सीमा को अपनी तरफ करेंगे इसे अपने जाल में फसाएँगे जब ये हमारे जाल में फास जाएगी तब उस अंजलि को रस्ते से हटा देंगे और साडी प्रॉपर्टी इसके नाम आ जाएगी इससे हम अपने कब्जे में करवा लेंगे
सुरेश- हम्म्म्म आईडिया तो बुरा नहीं ह
सोनिया- उसके लिए आपको शांत रहना होगा यहाँ मुझे सम्हालने दीजिये थोड़ा टाइम लगेगा इस सब में लेकिन हम बड़े प्यार से सीमा को अपनी तरफ करना होगा, मैं उसे फसाऊँगी
सुरेश- ठीक ह जैसे तुझे ठीक लगे क्र बस जल्दी करना
सोनिया- भरोसा रखो
सुरेश- सीमा के पीछे आदमी लगा क्र रखना कही वो कुटिया हमे धोका न दे दे
सोनिया- रिश्ते में मैं उसकी माँ लगती हु मुझे धोका नहीं दे पायेगी,
अब ये सोनिया के लिए अच्छा था या बुरा सोनिया बेचारी जानती hi नहीं थी क्योकि उसने जिसे अंजलि के पीछे लगाया था वो और कोई नहीं सुमित था, सुमित ने hi उसे ये सब जानकारी लेकर दी थी, औरत जिससे चुदती ह उसे अपना सच्चा हितेषी मानती ह वही सोनिया के साथ हो रहा था,
एक दिन तुषार अनीता के घर गया, अम्मा के पेअर छुए, और अनीता ने इतने प्यार से तुषार का स्वागत किया,
अम्मा- कैसा ह बीटा
तुषार- अम्मा आपकी कृपा ह बस
अम्मा- सब ठीक ह तेरी माँ ठीक ह
तुषार- है अम्मा जी सब बढ़िया ह,
अम्मा- मैं अकेली कैसी रहूंगी तू आ जाया क्र और रूचि दीपा को भी ले आया क्र तुम लोगो को देख क्र मन को शांति सी मिलती ह
तुषार- जी अम्मा जरूर ले आऊंगा
तभी रिंकी बहार आई जिसने यहाँ भी अमेरिका के जैसे hi कपडे पहने थे, वैसे भी घर में 3 hi औरते थी तो किसी को प्रॉब्लम नहीं थी लेकिन सामने तुषार था आज,
रिंकी ने आते hi तुषार पैर नजर डाली तुषार ने भी एक बार रिंकी को देखा फिर अम्मा की तरफ धयान क्र लिया,
ये बात अम्मा ने भी नोटिस की और उन्हें बड़ी ख़ुशी हुई की कितने अच्छे संस्कार ह तुषार में, वही अनीता को भी सकूं सात है, तुषार ने रिंकी को ऐसे कपड़ो में भी हवस भरी नजरो से नहीं देखा, वही रिंकी को अपनी इंसल्ट फील हुई की, क्योकि तुसाहर उसकी नजर में वही गाओं का गरीब लड़का था, और एक इतना छोटा आदमी रिंकी को इग्नोर करे ये रिंकी को पसंद नहीं आया, रिंकी अपने आप में थी भी बहुत खूबसूरत और उप्पेर से उसके ये कपडे जो किसी भी नामर्द का लुंड भी खड़ा क्र दे, फिर भी इस लड़के ने रिंकी पैर धयान नहीं दिया, रिंकी को गुस्सा आ गया था,
अम्मा- तुम लोग बात करो मैं आराम करने जार hi हु कमर में दर्द ह थोड़ा, रिंकी मुझे कमरे में लिटा दे,
रिंकी अम्मा को लेकर अंदर चली गई, अम्मा के जाते hi अनीता एक दम तुषार के करीब आकर बैठ गई,
अनीता- कैसे हो इतने दिन से मिलने भी नहीं आये
तुषार- क्या करू टाइम hi नहीं मिला लेकिन अब आता रहूंगा,
अनीता- सच तुम मिलते रहा करो मेरा दिल नहीं लगता
तुषार- इतना दिल को बचें मत करो वर्ण आगे तकलीफ होगी
अनीता- अब तकलीफो से डारन hi लगता सर जी
तुषार- दर तो लगजाएगा जब तकलीफ कही और होगी
तुषार की बात से अनीता एक दम चौक गई,
अनीता- क्या क्या कहा
तुषार- हाहाहा कुछ नहीं, आपके घर आया हु कुछ पिलाओगी नहीं
अनीता- ऊह्ह्ह्ह श्री श्री अभी ले क्या पियोगे
अनीता- आपका गेस्ट हु जो चाहो पीला दो
अनीता हस्ती हुई जल्दी से किचन में गई, वही रिंकी दरवाजे पैर कड़ी ये सब देख रही थी,
अनीता जल्दी से तुषार के लिए कॉफ़ी लेकर आ गई,
तुषार ने कॉफ़ी ली तो दोनों के हाथ टकरा गए तुषार ने अनीता के हाथ पकड़ लिया, अनीता ने घबराते हुए तुषा रको देखा उसके फेस पैर एक शर्म भी थी, लेकिन उसने हाथ छुड़ाने की कोशिश नहीं की,
तभी पीछे से आहात हुई तो दोनों ने एक दम हाथ छोड़ दिया, रिंकी रूम के अंदर आ गाइट hi, अनीता सामने सोफे पैर बैठ गाइट hi,
तुषार- आप नहीं पियेंगी कॉफ़ी?
अनीता- नहीं मैंने कुछ देर पहले hi पि थी
तुषार ने रिंकी को इस बार भी इग्नोर किया था
रिंकी सामने बैठी दोनों को देख रही थी, अनीता नजर छुपा छुपा क्र देख रही थी,
कुछ देर बाद ..
तुषार- अच्छा अनीता जी चलता हु फिर आऊंगा कही बहार चलेंगी घूमने
अनीता- अभी नहीं फिर कभी
दोनों ने एक दूसरे को ऐसे अलविदा कहा जैसे कितने पुराने ासिक हैं, रिंकी अंदर तक जल गई थी, क्योकि तुषार ने जाते हुए भी रिंकी को इग्नोर क्र दिया था,
रिंकी अपने रूम में आकर खुद से hi समझता क्या ह अपने आप को ऐसा क्या ह उसमे जो मुझे इग्नोर मर रहा ह, और एक बुढ़िया के पीछे पड़ा ह सामने इतनी खूबसूरत लड़की कड़ी थी फिर भी धयान नहीं दिया, अरे मेरे पास भी बर्फ ह, लेकिन मुझे क्या फरक पड़ता ह न देखे तो न देखे,
लेकिन ये मेरी इंसल्ट ह उसने मुझे देखा क्यों नहीं, और माँ उसके पीछे पागल सी हो रही हैं इनका तो पता करना पड़ेगा कही माँ उसके साथ कुछ गलत न क्र बैठे, इस उम्र में इतना स्मार्ट लड़का उनके पीछे पड़ा ह तो कही वो बहक न जाये,
इधर सोनिया भी बैचैन थी…
यार इतने दिन हो गए यहाँ आये हुए इस अंजलि ने सर में दर्द क्र रखा ह, और इतने दिन से मैं प्यासी भी हु, क्या करू अब तक कोई मिला नहीं किसको गुलाम बनाऊ अपना, ये तुषार मुझे दम दर लग रहा ह लेकिन वो अलका उसमे कुछ ज्यादा hi इंट्रेस्ट दिखा रही ह कही वो अलका को कुछ बता न दे,
लेकिन तरय तो करना hi पड़ेगा अगर ठीक थक निकला तो बड़े काम आ सकता ह,
इधर...
रूचि और दीपा गाओं आ चुके थे राजेश के पास, अंजलि ने ये पहले hi क्र दिया था उसे समझ आ गया था सोनिया सबसे पहले सीमा का पीछा करेगी, उसने सब कुछ प्लान तैयार किया हुआ था, वो घर से हमेशा फेस कवर करके hi निकलती थी, उसे उम्मीद थी लोग उसके पीछे लगे होंगे,
इधर सोनिया को कोई ऐसा चाहिए था जो सीमा को उसके कब्जे में ला सके, लेकिन क्या करे समझ में नहीं आ रहा था,
ऐसे hi एक दिन सोनिया मीटिंग के लिए गई हुई थी अलका भी उसके साथ थी, वही जूही और तुषार भी साथ थे, जूही तुषार को सब सीखा रही थी, मीटिंग ख़तम होने के बाद ालक और सोनिया होटल के बहार कड़ी कार का वेट क्र रही थी, तुषार को सोनिया ने सबके लिए कॉफ़ी पैक करवाकर लेन को कहा जो वो कार में hi पिने वाले थे,
तभी अलका और सोनिया के सामने एक स्कार्पियो कार आकर रुकी जिसमे से 7-8 लड़के उतरे, उन्हें देख क्र अलका दर गई क्योकि ये वही लड़के थे जिनसे उस दिन रोड पैर झगड़ा हुआ था, सोनिया भी ऐसे कार रुकने और लड़के उतरने से घबरा गई,
लड़का1- ैय्ये छमिया बहुत दिन बाद दिखी ह और तेरा वो आशिक़ कहा ह भेनचोद आज मजा चखता हु
सोनिया- ये क्या बतमीजी ह कोण हो तुम लोग
लड़का2- भाई माल तो ये भी कड़क ह इसकी बड़ी बहन ह क्या
अलका- जबान सम्हाल क्र
लड़का1 ने अलका का हाथ पकड़ लिया और मैडम ये हमारा सिटी ह यहाँ तुझे सम्हाल क्र रहना ह हम कुछ नहीं सम्हालते,
सोनिया- छोड़ो उसे वर्ण मैं पुलिस को बुलाऊंगी
लड़का2- अरे रानी ऐसी भी क्या जल्दी ह पिछली बार इसने बुलाई थीं ा पुलिस 10 मिनट में बहार आ गए थे एक बार फिर बुला ले, पैर थोड़ा मजा तो लेने दे
लड़के ने जैसे hi अलका की कमर में हाथ डालने को आगे बाध्य तभी एक हाथ आगे आया और उस लड़के का हाथ पकड़ा और घुमा क्र अपने कंधे पैर किया और झटका मर दिया, एक hi पल में उस लड़के का कन्धा उतर चुक्का था, वो जोर जोर चिल्लाने लगा,
भेनचोद अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह मर गया,
उसके सामने तुषार खड़ा था,
लड़का- अहहह मारो सालो आअह्ह्ह्हह भेनचोद आह्ह्ह्हह
सरे लड़के तुषार की तरफ भागे, तुषार ने सीधी लात एक की टैंगो के बिच मरी वो तो वही ढेर हो गया, दूसरे को तुषार ने लगातार 5-6 घुसे जड़ दिए और उसके मुँह पैर एक जोर दर घुसा पड़ा उसके 2 डाट टूट गए,
घुसा पड़ते hi बाकि सब वही रुक गए, लेकिन फिर आगे बढे तो एक को अपने कंधे पैर उठा लिया और इतनी जोर से निचे पटका की उसका हाथ टूट गया, पाचवे को गार्डन पकड़ क्र बगल में दबा लिया, बचे 2 लड़के,
तुषार- ोोोू बरोथेर इनकी हालत ठीक नहीं ह अब तुम इनकी तरह यहाँ गिरोगे या इन्हे लेकर डॉ. के पास जाओगे,
दोनों लड़के- श्री भाई श्री हम इन्हे ले जायेंगे हम तो गलती से इनके साथ आ गए,
तुषार ने उस लड़के को घुमा क्र एक लात उसकी गांड पैर मरी वो सड़क पर जाकर गिरा,
तुषार को ऐसे लड़ता देख अलका के फेस पैर प्यारी सी मुस्कान थी वही सोनिया पूरी तरह सरप्राइज और इम्प्रेस थी, और सामने कड़ी जूही जो कार लेकर आई थी वो तुषार को देखे hi जार hi थी, तभी होटल का स्टाफ दौड़ते हुए आया, क्या हुआ क्या हुआ
सोनिया- अब आ रहे हो तुम लोग ऐसे मॅनॅग्मेंट ह यहाँ, कोई भी दिन दहाड़े बतमीजी क्र जाता ह और तुम लोग बहार तक नहीं निकलते, मैं तुम्हारे मालिक से कम्प्लेन करुँगी
स्टाफ- श्री मम वो हमे पता नहीं चला
सोनिया- यहाँ इतना हंगामा हो गया और तुम्हे पता नहीं चला
अलका- छोड़िये माँ चलिए यहाँ से
सोनिया- पुलिस कम्प्लेन नहीं करनी
स्टाफ- मम वो मला का बीटा ह पुलिस उसका कुछ नहीं करती
सोनिया- ओह्ह्ह इसलिए तुम लोग भी बहार नहीं निकले
सबने सर झुका लिए
फिर वो चारो वह से निकल गए,
सब अपने कमरे में चले गए, रूचि दीपा के पास आई,
रूचि- दीपू ये माँ टुशु को आप कब से बोलने लगी
दीपा तो जानती थी अंजलि तुषार को आप क्यों बोल रही ह, वो क्या जवाब देती
दीपा- मुझे कैसे पता होगा
रूचि- साली ऐसा हो hi नहीं सकता तुझे कुछ न पता हो तेरी आँखों में अलग hi चमक थी उस टाइम
दीपा- अरे यार तू तो पीछे पद जाती ह मुझे नहीं पता
रूचि- अब घर में मुझसे सब कुछ छिपाया जायेगा
दीपा- ऐसी बात नहीं ह मेरी चुकी
रूचि- ेयी कामिनी मेरा नाम मत बिगड़
दीपा- क्यों न बिगाड़ू तेरा नाम रूचि चुकी
रूचि- तू बता रही ह या नहीं, तुझे मेरी कसम ह
दीपा- यार ये गलत बात ह कसम बिच में कहा से आ गई
रूचि- तुम लोग मुझसे साडी बात छुपाते हो और मैं कसम भी न दू
दीपा- अच्छा ठीक ह लेकिन ये बात गलती से भी बहार न आ जाये
रूचि- वडा
दीपा- माँ ने टुशु से शादी क्र ली ह
दीपा की बात सुनते hi रूचि का मुँह खुला रह गया आँखे फटी रेग गई उसके मुँह में शब्द अंदर hi फास गए वो बस हैरत से दीपा को देखे जा रही थी,
रूचि- ये ये ये क्या बोल रही ह तू पागल हो गई ह क्या भेनचोद सबको अपने जैसा समझ रही ह
दीपा- ये सच ह बाबू, देख हमारी माँ ने क्या क्या नहीं झेला, उनके पिता ने उन्हें प्रेग्नेंट किया, अजय ने धोका दिया रपे किया मुझे कपिल सचिन को पला, उन्हें तो कभी प्यार hi नहीं मिला, एक माँ बन गई और औरत बन गई लेकिन न प्यार मिला न hi कभी पत्नी बन पाई, अब उन्हें ये सुख मिल रहा ह तो इसमें क्या बुराई ह
रूचि- लेकिन तुषार उनका बीटा ह वो माँ ह उसकी एक माँ अपने बेटे से शादी कैसे क्र सकती ह, क्या दोनों ने वो भी क्र लिया
दीपा- है क्र लिया और क्यों नहीं क्र सकती शादी, जब एक बाप अपनी बेटी को छोड़ सकता ह अजय तेरे उप्पेर गन्दी नजर रख सकता ह, मैं सीमा अपने भाई टुशु से चुद सकती ह तो माँ के साथ hi नाइंसाफी क्यों, और तुषार ऐसा मर्द ह जिसके पीछे कोई भी औरत खुद को सोप दे,
रूचि क आँखों में आंसू थे
दीपा- क्या हुआ रूचि तू रो क्यों रही ह, तू नाराज मत हो माँ से, उनके बारे में सोच उनकी खुशियों के बारे में सोच
रूचि- मैं उनकी ख़ुशी के लिए कुछ भी क्र सकती हु मैं खुश हु उनके लिए लेकिन मैं
दीपा- लेकिन क्या तू चुप हो पहले बता मुझे अगर माँ से प्रोब्ले नहीं ह तो क्या बात ह
रूचि- कुछ नहीं छोड़ मैं जा रही हु
दीपा- यही बैठ और मुझसे छुपा क्र जाएगी, मुझसे झूट नहीं बोल सकती तू
रूचि- झूट तो तुम सब बोलते हो मैंने कब झूट बोलै
दीपा- अच्छा हमे बोलै झूट तू सच बता दे, बता बहन क्यों दुखी ह तू क्या परेशानी ह
रूचि- तू मेरी एक बात का जवाब देगी
दीपा- है पूछ
रूचि- क्या सीमा दी ने टुशु से प्यार किया था पहले
दीपा- नहीं वो बस हवस की वजह से उसके पास गई थी
रूचि- तूने टुशु से प्यार किया था पहले
दीपा- भाई की तरह hi किया था प्रेमी की तरह तो सीमा की वजह से किया
रूचि- क्या माँ ने टुशु से ऐसा प्यार किया था
दीपा- मुझे नहीं लगता उन्होंने भी अभी किया होगा
तू कहना क्या चाहती ह
रूचि- न सीमा न तूने टुशु से पयार किया तुम दोनों चुद गई उससे, माँ ने भी प्यार नहीं किया वो तो पत्नी बन गई लेकिन जिसने हमेशा से प्यार किया उसका क्या उसे तो कुछ नहीं मिला, न प्यार मिला न पत्नी बानी न hi चुदाई मिली, उस साक्षी से भी आशिकी हो गई लेकिन…
दीपा- ये क्या बोल रही ह किसकी बात क्र रही ह किसको नहीं मिला प्यार
रूचि- रहने दे बस
दीपा- रूचि क्या तू वही बोल रही ह जो मैं सोच रही हु
रूचि- मुझे क्या पता तू क्या सोच रही ह
दीपा- कब से कब से करती ह
रूचि- क्या क्या करती हु
दीपा- अब ड्रामा मत क्र जल्दी बता कब से करती ह
रूचि- छोड़ न यार
दीपा- तुझे मेरी कसम ह जल्दी बता कब से ह तेरे दिल में
रूचि- जब से प्यार का मतलब समझ आया ह जब से कॉलेज के लड़के मुझे परपोज़ करते थे, जब से लड़का लड़की के बिच का अंतर जाना ह, जिस दिन टुशु ने मेरी जान उन गुण्डो से बचाई थी उस दिन मैं अपना सब कुछ टुशु पैर हर गई थी, बस एक hi चीज मुझे रोके रखती थी हम भाई बहन ह, लेकिन सीमा और तेरे छोड़ने के बाद मुझे लगा हमारा रिश्ता भी बन सकता ह, और जब पता चला हम सब सेज भाई बहन नहीं ह तो वो प्यार और बढ़ गया लेकिन फिर पता चला मैं और टुशु सेज भाई बहन ह तो दिल टूट गया,
और आज पता चला टुशु ने शादी भी क्र ली ह
दीपा- ोये मेरी जान तूने दिल खुश क्र दिया, एक और सौतन आ गई लिस्ट में कामिनी तुझे तो तुषार से मैं hi छुडवाउंगी अपने हटो से तेरी ये कामिनी छूट अपने सामने hi फड़वाउंगी मैं
रूचि शर्मा गई- क्या बक रही ह
दीपा- तेरी शादी होगी टुशु से ये मेरा वडा ह
रूचि- वो तो मुझे देखता भी नहीं ह
दीपा- वो तो सीमा मुझे और माँ किसी को भी नहीं देखता था लेकिन सब चुद गई न, ऐसे hi टब hi छुड़ेगी
रूचि- मैं पहले शादी करना चाहती हु उससे उसके बाद कुछ और
दीपा- जरूर ऐसा hi होगा लेकिन पहले माँ की शादी होगी
रूचि- माँ ने तो कर ली न शादी
दीपा- एक बंद कमरे में सिंदूर भरवा क्र शादी नहीं होती, हम माँ की शादी सरे रीती रिवाज से करवाएंगे
रूचि- सच ऐसा हो सकता ह
दीपा- हम करवाएंगे तू बस मेरे साथ रहना फिर मैं तेरी भी शादी करवाउंगी
रूचि- ठंकु यार
दीपा ने रूचि का मुँह पकड़ा और उसके हॉट पैर अपने हॉट रख दिए, ूउम्मम्मह्ह्हह्ह्ह्ह
रूचि ने खुद को उससे छुड़वाया- क्या कर रही ह साली
दीपा- देख रही हु कितने रसीले हॉट ह तेरे जिनका स्वाद टुशु लेगा उससे पहले मैं hi चख लू
रूचि- तू लेस्बियन ह क्या कामिनी
दीपा- हु तो नहीं लेकिन बन जाउंगी यार हम सब एक hi मर्द से चुद रही हैं अब छुपा क्या ह किस चीज की शर्म करे सीमा तो खेती ह दोनों एक साथ छोड़ेंगी लेकिन तब मैं शर्मा गई थी लेकिन अब नहीं अब तो मैं खुल क्र मजे लुंगी
रूचि- ले लेना मजे पैर मुझे गन्दा मत क्र मैं टुशु की अमानत हु
दोनों हसने लगे,
अगले दिन एक लड़का 4 मोबाइल लेकर अंजलि के घर आ गया,
तुषार- माँ ये कहा से आ गए
अंजलि- मैंने रात सुमित को कॉल क्र दी थी उन्होंने ये 4 फ़ोन और ये 6 सिम भिजवाए हैं, ये फेक ईद पैर ह no. कोई भी इन no. से हमारी डिटेल्स नहीं निकल पायेगा, और सीमा तू कभी इस no. को किसी को नहीं देगी इस no. से बस फॅमिली से बात होगी,
अंजलि ने सबको अच्छे से समझा दिया, और ये ह कुछ डाक्यूमेंट्स जिसमे तुषार B.A का स्टूडेंट ह, और ये ईद ह जिसमे साडी जानकारी फेक ह, कोई भी इन्हे पकड़ नहीं पायेगा जब तक किसी गवर्नमेंट ऑफिस में चेकिंग न हो इसलिए इनका इस्तेमाल बस सोनिया और अलका की कंपनी तक करना इसके अलावा कुछ नहीं
तुषार- समझ गया माँ
तुषार निकल गया इंटरव्यू के लिए वो सीधे अलका के ऑफिस पंहुचा, क्योकि अलका ने कहा था कभी भी जरुरत हो तो कॉल करना, तुषार खुद hi पहुंच गया था,
सीमा ने वह बिलकुल ऐसे रियेक्ट किया जैसे जानती hi न हो,
तुषार रेसेपशन पैर- मुझे मिस अलका से मिलना ह
रेप- सर आपके पास अपॉइनमेंट ह क्या
तुषार- नहीं वो तो नहीं ह लेकिन आप मेरा नाम बता देंगी तो वो जरूर मिलेंगी
रेप- सर मैं ऐसा नहीं क्र सकती
तुषार- क्या ऐसा होता ह कम्पनियो में जिसक एपस अपॉइनमेंट न हो वो मिल hi नहीं सकता चाहे उसमे कंपनी का hi फायदा हो
रेप- सर ऐसा नहीं ह बस मैं तो रूल फॉलो क्र रही हु
तुषार- आप एक बस मेरा मस्सगे दे दो की तुषार मिलने आया ह
रेप- ok सर मैं आपका मैसेज देती हु
रेप ने कॉल किया और बताया की कोई तुषार आये हैं, कुछ देर बाद
रेप- सर आप मिल सकते हो
तुषार मुस्कुराता हुआ अंदर चला गया, वो सीधे अलका के ऑफिस में पंहुचा,
अलका तुषार को देखते hi कड़ी हो गई, आइये आइये प्लस
तुषार भी उसे देख क्र उसमे खो सा गया वो लग hi इतनी सूंदर रही थी,
तुषार- मिस वो मैं बिना अपॉइनमेंट की आ गया
अलका- अरे कैसी बात क्र रहे हैं आप मुझे कॉल क्र देते आपको अपॉइनमेंट की क्या जरुरत थी
तुषार- काम मेरा था तो मुझे hi आना था, वो मैं ेआज के न्यूज़ पप्पेर में नौकरी की ऐड देखि
अलका- है वो तो 3 दिन बाद होने ह इंटरव्यू,
तुषार- है मैंने सोचा 3 दिन बाद तो बहुत से लोग होंगे, मैं पहले की कोशिश क्र के देख लू
अलका- आप इंटरव्यू के लिए आये हैं
तुषार- सोच क्र तो यही आया था
अलका- आपको इंटरव्यू की क्या जरुरत आप ये बताइये कब से ज्वाइन करेंगे
तुषार- जी सच
अलका- आप जैसे लोग अगर कंपनी में होंगे तो कंपनी को hi फायदा ह
तुषार- लेकिन मैं अभी B.A क्र रहा हु
अलका- कोई बात नहीं यही सब सिख जायेंगे, लेकिन जॉब आपको मेरी माँ के ऑफिस में करनी होगी, मैं तो चाहती हु की आप इसी ऑफिस में काम करे लेकिन वह ज्यादा जरुरत ह
तुषार- मुझे तो काम चाहिए जहा मिल जाये
तुषार खुद सोनिआ के करीब रहना चाहता था
तभी बहार से सोनिया चोपड़ा आ गई,
सोनिया- अलका मुझे ऑफिस के लिए कुछ सामान लेना ह, तू चलेगी क्या मेरे साथ कल दिल्ली से टीम आएगी यहाँ के लोकल बिज़नेस मन लोगो से बात करने हमारा स्तूप उनसे जोड़ने के लिए
सोनिया की नजर तुषार पैर गई एक hi पल में तुषार सोनिया की नजरो में छठा चला गया, तुषार की पर्सनालिटी से सोनिया पहेली नजर में hi प्रभावित हो गई,
तुषार भी सोनिया को देख रहा था उसेदेख क्र कोई कह hi नहीं सकता तह ए औरत 4 बच्चो की माँ हो सकती ह
सोनिया- श्री तुम्हारी कोई मीटिंग चल रही थी क्या बहार किसी ने बताया नहीं
अलका- नहीं माँ ऐसी कोई मीटिंग नहीं ह, ये हैं मर. तुषार ये जॉब के लिए आये हैं मैंने hi इन्हे कहा था मिलने के लिए, अगर आप चाहो तो मैं आपके ऑफिस में भेज सकती हु वर्ण मुझे ज्यादा ख़ुशी होगी अपने पास रखने में,
सोनिया- अच्छा ऐसी क्या खूबी ह इनमे जो तुझे ख़ुशी होगी
अलका- माँ आज के टाइम में ऐसा सच्चे दिल वाला बहदुर ईमानदार इंसाने मिलना बहुत मुश्किल ह
तुषार- ऐसा कुछ नहीं ह मिस उस दिन जो हुआ वो हर इंसान का फराज ह करना
अलका- ये तो खासियत ह आपकी वह इतने लोग थे लेकिन कोई बिच में नहीं बोल प् रहा था
सोनिया- ऐसा क्या हुआ था
अलका- वो बाद में बताउंगी आप बताओ इन्हे आपके ऑफिस के लिए अप्पोइंट करू,
सोनिया- जब तुझे इतने पसंद ह तो मैंने कैसे मन कर सकती हु, क्या काम कर लेंगे ये
अलका- अभी फ्रेशर हैं लेकिन जुई के साथ रख लेते हैं फिर आपके सेक्रटरी बन जायेंगे
सोनिया को तो ये hi चाहिए था ो यहाँ अंजलि को ढूंढ़ने आई थी लेकिन अपनी अयाशी कैसे छोड़ सकती थी, और अंजलि जानती थी सोनिया कैसी औरत ह इसी लिए उसने तुषार को वह भेजा था,
सोनिया- ठीक ह तो आज ये हमारे साथ hi चैलेंज देखते हैं इनमे कितना हुनर ह
अलका- आपके पास टाइम ह न
सोनिया- अलका नौकरी इसे करनी ह तो टाइम तो देना पड़ेगा
अलका- माँ ये
सोनिया- बीटा जब तक ये गेस्ट था तो अलग तरह से बात क्र रही थी लेकिन अब ये मेरा एम्प्लोयी ह तो उसी तरह से बात करनी पड़ेगी न,
तुषार- मम मैं जॉब करने निकला हु तो जॉब के रूल्स भी समझता हु अगर मेरी जॉब दोने ह तो अभी से मैं आपका हो गया हु आप जब बोलेंगी जहा बोलेंगी जैसे बोलेंगी मैं वही खड़ा मिलूंगा एक hi आवाज पैर
तुषार की बात पैर अलका को बहुत ख़ुशी हुई की कितना डेडिकेट लड़का ह वही सोनिया के अंदर एक कुटिल मुस्कान आ गई, उसे तो लड़को को ऐसे फ़साना आता था, और उसे ऐसे hi लड़के चाहिए जो उसके लिए कुछ भी करे वो जैसे चाहे उनका इस्तेमाल करे,
फिर तीनो बहार निकल गए, सीमा ने उन्हें जाते देखा तुषार ने एक बार भी सीमा की तरफ नहीं देखा,
मार्किट में तुषार ने दौड़ दौड़ क्र सब काम किया उसकी चॉइस अलका और सोनिया दोनों को बहुत पसंद आई, बस तुषा रकि जॉब पक्की हो चुकी थी, वो बड़ी आसानी से सोनिया के ऑफिस में घुस चुक्का था,
इधर रिंकी इंडिया आ चुकी थी, अनीता ने गाओं छोड़ दिया था वो थोड़ा सा सामान लेकर सिटी में शिफ्ट हो चुकी थी, रिंकी चंद्रो देवी से बहुत प्यार करती थी, वर्ण वो अपनी माँ के लिए तो कभी यहाँ नहीं आती,
अनीता खुश थी लेकिन उसे घबराहट भी हो रही थी, रिंकी अम्मा से मिली और फिर अपने फ़ोन पैर बिजी हो गई जैसे उसे कोई मतलब hi नहीं ह,
रात को रिंकी अपने बर्फ से बात क्र रही थी,
यहाँ रिंकी इंग्लिश में बात करेगी लेकिन मैं हिंदी में hi लिख रही हु
रिंकी- यार मैं अम्मा से मिलने आई हु जल्दी वापस आ जाउंगी
दूसरी तरफ से कुछ कहा गया
रिंकी- मैं भी नहीं रह सकती तुम्हारे कॉक को लिए बिना
बहार अनीता सब सुन रही थी क्योकि घर छोटा था तो आवाज बहार ताका ा रही थी, अम्मा सो चुकी थी, अनीता को बड़ी शर्म आ रही थी की उसकी बेटी किसी लड़के से क्या क्या बात क्र रही ह, लेकिन कुछ क्र नहीं सकती थी, उसने तुषार का बताया रास्ता अपनाना hi सही समझा,
अगले दिन रिंकी उठ क्र आई तो अनीता किचन मेखड़ी किसी से फ़ोन पैर बात क्र रही थी,
अनीता- यार क्या बताऊ वो कैसा ह उसने तो पागल क्र दिया ह मुझे उससे दूर जाने का मन hi नहीं होता
दूसरी तरफ से कुछ कहा गया
अनीता- नहीं यार अभी नहीं लिया दर लगता ह उसका बहुत बड़ा ह मुझे दर ह मैं झेल भी नहीं पाऊँगी
दुरी तरफ ………
अनीता- मैंने पहेली बार अपने लिए सोचा ह मैं वापस नहीं जाउंगी, अब तो उसके साथ hi रहना ह
दूसरी तरफ…..
अनीता- क्या फरक पड़ता ह दुनिया ऐसे hi जीती ह मैं क्यों न जियु और शादी करके hi तो मरा जीवन बर्बाद हुआ ह
तभी रिंकी आ गई
अनीता हड़बड़ाते हुए मैं बाद में बात करती हु
अनीता- कुछ चाहिए था क्या बीटा
Rinky-nhi कुछ नहीं चाहिए किस्से बात क्र रही थी
अनीता- वो अमेरिका में एक फ्रेंड ह उससे
रिंकी- ok और यहाँ कोई पसंद आ गया क्या आपको
अनीता- तू पागल ह क्या क्या बोल रही ह
रिंकी- नहीं बताना तो मत बताओ पैर झूट मत बोली,
रिंकी वह से चली गई, अनीता का दिल जोर जोर से धड़क रहा था उसे बड़ी घबराहट हो रही थी,
अलका फ़ोन पैर.. दीदी वो मेरे ऑफिस में जॉब के लिए आया था मैंने उसे माँ के ऑफिस में लगा दिया ह
वर्षा- वह क्यों अपने पास क्यों नहीं
अलका- वो माँ को जरुरत थी न
वर्षा- वो तो ठीक ह लेकिन खेर छोड़ ये बता तू उसे देख क्र खुश हो गई न
अलका- है दीदी बहुत, एक मिनट क्या बोल रही हो आप मैं क्यों खुश होउंगी
वर्षा- हहहहहए अभी तो बोली थी बहुत खुश हुई
अलका- वो तो ऐसे hi निकल गया
वर्षा- बीटा ज्यादा नजदीक मत जाना वर्ण हमारा हरामखोर बाप उस बेचारे के पीछे पद जायेगा
अलका- दीदी उस इंसान की बात मत किया करो
वर्षा- ठीक ह तू ख्याल रख मैं आउंगी तुझसे मिलने फिर इस हीरो से भी मिलूंगी
अलका- बी दी,
अगले 3 दिन सब नार्मल रहा तुषार सोनिया के साथ बहुत महेनत से काम में लग गया वो जूही से बड़ी तेजी से काम सिख रहा था जिससे सोनिया बहुत इम्प्रेस हुई थी, अलका किसी न किसी बहाने से तुषार से मिलने आ hi जाती, वही अनीता चुप चुप क्र किसी से बात करती रिंकी के अंदर बेचैनी बढ़ने लगी, ऐसा कोण हो सकता ह जिसने उसकी इतनी सीधी सधी औरत को इतना बदल दिया, जिसने इतने साल जवानी के दुखी होकर काट दिए पैर किसी की तरफ नहीं देखा फिर अब ऐसा कोण मिल गया जिससे उसकी माँ इतनी बदल गई ह,
वही सोनिया ने सीमा के पीछे आदमी लगा दिए थे, उसकी डिटेल्स निकलने के लिए, जो रिपोर्ट तैयार थी, जिसे सोनिया सुरेश को बता रही थी,
सोनिया- आपसे झूट बोलै गया ह
सुरेश- कैसा झूट
सोनिया- वो *** कसबे के पास रहती ह और दोनों माँ बेटी अकेली रहती हैं, और कोई नहीं ह परिवार में
सुरेश- लेकिन सीमा ने तो बतया था वो 6 बहन भाई हैं
सोनिया- हो सकता ह उसकी माँ ने उसे बोलै हो बहार वालो को झूट बोलने के लिए, लेकिन सीमा के घर का पता किया ह वह बस दोनों माँ बेटी रहती हैं, इन 3 दिनों में और किसी को नहीं देखा गया ह, उसकी माँ एक स्कूल में पद्धति ह और सीमा यहाँ जॉब करती ह,
सुरेश- ये तो बहुत hi बढ़िया ह फिर तो अच्छा मौका ह उसे मरने का
सोनिया- कैसी बात क्र रहे हो फिर आपको प्रॉपर्टी कभी नहीं मिलेगी और सबसे बड़ी बात अभी ये कन्फर्म नहीं हुआ ह की वो अंजलि hi ह, हमारे आदमी लगे हुए हैं और हमारे पास उसकी ऐसी कोई फोटो नहीं, उसकी माँ के मरने के बाद उसका कोई फोटो तक नहीं खींचा तुमने,
सुरेश- तुम तो पहचान hi सकती हो
सोनिया- है लेकिन मैं उसके सामने नहीं जा सकती और अभी तक उसकी माँ को डायरेक्ट देखने का मौका नहीं मिला ह आदमी लगे हैं, पैर मुझे उम्मीद ह ये वही ह,
सुरेश- अगर ये वही ह तो हमे क्या करना चाहिए फिर
सोनिया- हम इस सीमा को अपनी तरफ करेंगे इसे अपने जाल में फसाएँगे जब ये हमारे जाल में फास जाएगी तब उस अंजलि को रस्ते से हटा देंगे और साडी प्रॉपर्टी इसके नाम आ जाएगी इससे हम अपने कब्जे में करवा लेंगे
सुरेश- हम्म्म्म आईडिया तो बुरा नहीं ह
सोनिया- उसके लिए आपको शांत रहना होगा यहाँ मुझे सम्हालने दीजिये थोड़ा टाइम लगेगा इस सब में लेकिन हम बड़े प्यार से सीमा को अपनी तरफ करना होगा, मैं उसे फसाऊँगी
सुरेश- ठीक ह जैसे तुझे ठीक लगे क्र बस जल्दी करना
सोनिया- भरोसा रखो
सुरेश- सीमा के पीछे आदमी लगा क्र रखना कही वो कुटिया हमे धोका न दे दे
सोनिया- रिश्ते में मैं उसकी माँ लगती हु मुझे धोका नहीं दे पायेगी,
अब ये सोनिया के लिए अच्छा था या बुरा सोनिया बेचारी जानती hi नहीं थी क्योकि उसने जिसे अंजलि के पीछे लगाया था वो और कोई नहीं सुमित था, सुमित ने hi उसे ये सब जानकारी लेकर दी थी, औरत जिससे चुदती ह उसे अपना सच्चा हितेषी मानती ह वही सोनिया के साथ हो रहा था,
एक दिन तुषार अनीता के घर गया, अम्मा के पेअर छुए, और अनीता ने इतने प्यार से तुषार का स्वागत किया,
अम्मा- कैसा ह बीटा
तुषार- अम्मा आपकी कृपा ह बस
अम्मा- सब ठीक ह तेरी माँ ठीक ह
तुषार- है अम्मा जी सब बढ़िया ह,
अम्मा- मैं अकेली कैसी रहूंगी तू आ जाया क्र और रूचि दीपा को भी ले आया क्र तुम लोगो को देख क्र मन को शांति सी मिलती ह
तुषार- जी अम्मा जरूर ले आऊंगा
तभी रिंकी बहार आई जिसने यहाँ भी अमेरिका के जैसे hi कपडे पहने थे, वैसे भी घर में 3 hi औरते थी तो किसी को प्रॉब्लम नहीं थी लेकिन सामने तुषार था आज,
रिंकी ने आते hi तुषार पैर नजर डाली तुषार ने भी एक बार रिंकी को देखा फिर अम्मा की तरफ धयान क्र लिया,
ये बात अम्मा ने भी नोटिस की और उन्हें बड़ी ख़ुशी हुई की कितने अच्छे संस्कार ह तुषार में, वही अनीता को भी सकूं सात है, तुषार ने रिंकी को ऐसे कपड़ो में भी हवस भरी नजरो से नहीं देखा, वही रिंकी को अपनी इंसल्ट फील हुई की, क्योकि तुसाहर उसकी नजर में वही गाओं का गरीब लड़का था, और एक इतना छोटा आदमी रिंकी को इग्नोर करे ये रिंकी को पसंद नहीं आया, रिंकी अपने आप में थी भी बहुत खूबसूरत और उप्पेर से उसके ये कपडे जो किसी भी नामर्द का लुंड भी खड़ा क्र दे, फिर भी इस लड़के ने रिंकी पैर धयान नहीं दिया, रिंकी को गुस्सा आ गया था,
अम्मा- तुम लोग बात करो मैं आराम करने जार hi हु कमर में दर्द ह थोड़ा, रिंकी मुझे कमरे में लिटा दे,
रिंकी अम्मा को लेकर अंदर चली गई, अम्मा के जाते hi अनीता एक दम तुषार के करीब आकर बैठ गई,
अनीता- कैसे हो इतने दिन से मिलने भी नहीं आये
तुषार- क्या करू टाइम hi नहीं मिला लेकिन अब आता रहूंगा,
अनीता- सच तुम मिलते रहा करो मेरा दिल नहीं लगता
तुषार- इतना दिल को बचें मत करो वर्ण आगे तकलीफ होगी
अनीता- अब तकलीफो से डारन hi लगता सर जी
तुषार- दर तो लगजाएगा जब तकलीफ कही और होगी
तुषार की बात से अनीता एक दम चौक गई,
अनीता- क्या क्या कहा
तुषार- हाहाहा कुछ नहीं, आपके घर आया हु कुछ पिलाओगी नहीं
अनीता- ऊह्ह्ह्ह श्री श्री अभी ले क्या पियोगे
अनीता- आपका गेस्ट हु जो चाहो पीला दो
अनीता हस्ती हुई जल्दी से किचन में गई, वही रिंकी दरवाजे पैर कड़ी ये सब देख रही थी,
अनीता जल्दी से तुषार के लिए कॉफ़ी लेकर आ गई,
तुषार ने कॉफ़ी ली तो दोनों के हाथ टकरा गए तुषार ने अनीता के हाथ पकड़ लिया, अनीता ने घबराते हुए तुषा रको देखा उसके फेस पैर एक शर्म भी थी, लेकिन उसने हाथ छुड़ाने की कोशिश नहीं की,
तभी पीछे से आहात हुई तो दोनों ने एक दम हाथ छोड़ दिया, रिंकी रूम के अंदर आ गाइट hi, अनीता सामने सोफे पैर बैठ गाइट hi,
तुषार- आप नहीं पियेंगी कॉफ़ी?
अनीता- नहीं मैंने कुछ देर पहले hi पि थी
तुषार ने रिंकी को इस बार भी इग्नोर किया था
रिंकी सामने बैठी दोनों को देख रही थी, अनीता नजर छुपा छुपा क्र देख रही थी,
कुछ देर बाद ..
तुषार- अच्छा अनीता जी चलता हु फिर आऊंगा कही बहार चलेंगी घूमने
अनीता- अभी नहीं फिर कभी
दोनों ने एक दूसरे को ऐसे अलविदा कहा जैसे कितने पुराने ासिक हैं, रिंकी अंदर तक जल गई थी, क्योकि तुषार ने जाते हुए भी रिंकी को इग्नोर क्र दिया था,
रिंकी अपने रूम में आकर खुद से hi समझता क्या ह अपने आप को ऐसा क्या ह उसमे जो मुझे इग्नोर मर रहा ह, और एक बुढ़िया के पीछे पड़ा ह सामने इतनी खूबसूरत लड़की कड़ी थी फिर भी धयान नहीं दिया, अरे मेरे पास भी बर्फ ह, लेकिन मुझे क्या फरक पड़ता ह न देखे तो न देखे,
लेकिन ये मेरी इंसल्ट ह उसने मुझे देखा क्यों नहीं, और माँ उसके पीछे पागल सी हो रही हैं इनका तो पता करना पड़ेगा कही माँ उसके साथ कुछ गलत न क्र बैठे, इस उम्र में इतना स्मार्ट लड़का उनके पीछे पड़ा ह तो कही वो बहक न जाये,
इधर सोनिया भी बैचैन थी…
यार इतने दिन हो गए यहाँ आये हुए इस अंजलि ने सर में दर्द क्र रखा ह, और इतने दिन से मैं प्यासी भी हु, क्या करू अब तक कोई मिला नहीं किसको गुलाम बनाऊ अपना, ये तुषार मुझे दम दर लग रहा ह लेकिन वो अलका उसमे कुछ ज्यादा hi इंट्रेस्ट दिखा रही ह कही वो अलका को कुछ बता न दे,
लेकिन तरय तो करना hi पड़ेगा अगर ठीक थक निकला तो बड़े काम आ सकता ह,
इधर...
रूचि और दीपा गाओं आ चुके थे राजेश के पास, अंजलि ने ये पहले hi क्र दिया था उसे समझ आ गया था सोनिया सबसे पहले सीमा का पीछा करेगी, उसने सब कुछ प्लान तैयार किया हुआ था, वो घर से हमेशा फेस कवर करके hi निकलती थी, उसे उम्मीद थी लोग उसके पीछे लगे होंगे,
इधर सोनिया को कोई ऐसा चाहिए था जो सीमा को उसके कब्जे में ला सके, लेकिन क्या करे समझ में नहीं आ रहा था,
ऐसे hi एक दिन सोनिया मीटिंग के लिए गई हुई थी अलका भी उसके साथ थी, वही जूही और तुषार भी साथ थे, जूही तुषार को सब सीखा रही थी, मीटिंग ख़तम होने के बाद ालक और सोनिया होटल के बहार कड़ी कार का वेट क्र रही थी, तुषार को सोनिया ने सबके लिए कॉफ़ी पैक करवाकर लेन को कहा जो वो कार में hi पिने वाले थे,
तभी अलका और सोनिया के सामने एक स्कार्पियो कार आकर रुकी जिसमे से 7-8 लड़के उतरे, उन्हें देख क्र अलका दर गई क्योकि ये वही लड़के थे जिनसे उस दिन रोड पैर झगड़ा हुआ था, सोनिया भी ऐसे कार रुकने और लड़के उतरने से घबरा गई,
लड़का1- ैय्ये छमिया बहुत दिन बाद दिखी ह और तेरा वो आशिक़ कहा ह भेनचोद आज मजा चखता हु
सोनिया- ये क्या बतमीजी ह कोण हो तुम लोग
लड़का2- भाई माल तो ये भी कड़क ह इसकी बड़ी बहन ह क्या
अलका- जबान सम्हाल क्र
लड़का1 ने अलका का हाथ पकड़ लिया और मैडम ये हमारा सिटी ह यहाँ तुझे सम्हाल क्र रहना ह हम कुछ नहीं सम्हालते,
सोनिया- छोड़ो उसे वर्ण मैं पुलिस को बुलाऊंगी
लड़का2- अरे रानी ऐसी भी क्या जल्दी ह पिछली बार इसने बुलाई थीं ा पुलिस 10 मिनट में बहार आ गए थे एक बार फिर बुला ले, पैर थोड़ा मजा तो लेने दे
लड़के ने जैसे hi अलका की कमर में हाथ डालने को आगे बाध्य तभी एक हाथ आगे आया और उस लड़के का हाथ पकड़ा और घुमा क्र अपने कंधे पैर किया और झटका मर दिया, एक hi पल में उस लड़के का कन्धा उतर चुक्का था, वो जोर जोर चिल्लाने लगा,
भेनचोद अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह मर गया,
उसके सामने तुषार खड़ा था,
लड़का- अहहह मारो सालो आअह्ह्ह्हह भेनचोद आह्ह्ह्हह
सरे लड़के तुषार की तरफ भागे, तुषार ने सीधी लात एक की टैंगो के बिच मरी वो तो वही ढेर हो गया, दूसरे को तुषार ने लगातार 5-6 घुसे जड़ दिए और उसके मुँह पैर एक जोर दर घुसा पड़ा उसके 2 डाट टूट गए,
घुसा पड़ते hi बाकि सब वही रुक गए, लेकिन फिर आगे बढे तो एक को अपने कंधे पैर उठा लिया और इतनी जोर से निचे पटका की उसका हाथ टूट गया, पाचवे को गार्डन पकड़ क्र बगल में दबा लिया, बचे 2 लड़के,
तुषार- ोोोू बरोथेर इनकी हालत ठीक नहीं ह अब तुम इनकी तरह यहाँ गिरोगे या इन्हे लेकर डॉ. के पास जाओगे,
दोनों लड़के- श्री भाई श्री हम इन्हे ले जायेंगे हम तो गलती से इनके साथ आ गए,
तुषार ने उस लड़के को घुमा क्र एक लात उसकी गांड पैर मरी वो सड़क पर जाकर गिरा,
तुषार को ऐसे लड़ता देख अलका के फेस पैर प्यारी सी मुस्कान थी वही सोनिया पूरी तरह सरप्राइज और इम्प्रेस थी, और सामने कड़ी जूही जो कार लेकर आई थी वो तुषार को देखे hi जार hi थी, तभी होटल का स्टाफ दौड़ते हुए आया, क्या हुआ क्या हुआ
सोनिया- अब आ रहे हो तुम लोग ऐसे मॅनॅग्मेंट ह यहाँ, कोई भी दिन दहाड़े बतमीजी क्र जाता ह और तुम लोग बहार तक नहीं निकलते, मैं तुम्हारे मालिक से कम्प्लेन करुँगी
स्टाफ- श्री मम वो हमे पता नहीं चला
सोनिया- यहाँ इतना हंगामा हो गया और तुम्हे पता नहीं चला
अलका- छोड़िये माँ चलिए यहाँ से
सोनिया- पुलिस कम्प्लेन नहीं करनी
स्टाफ- मम वो मला का बीटा ह पुलिस उसका कुछ नहीं करती
सोनिया- ओह्ह्ह इसलिए तुम लोग भी बहार नहीं निकले
सबने सर झुका लिए
फिर वो चारो वह से निकल गए,