Incest Porn Kahani - EK MAA - Page 6 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

Incest Porn Kahani - EK MAA

अपडेट-34




सब अपने कमरे में चले गए, रूचि दीपा के पास आई,

रूचि- दीपू ये माँ टुशु को आप कब से बोलने लगी

दीपा तो जानती थी अंजलि तुषार को आप क्यों बोल रही ह, वो क्या जवाब देती

दीपा- मुझे कैसे पता होगा

रूचि- साली ऐसा हो hi नहीं सकता तुझे कुछ न पता हो तेरी आँखों में अलग hi चमक थी उस टाइम

दीपा- अरे यार तू तो पीछे पद जाती ह मुझे नहीं पता

रूचि- अब घर में मुझसे सब कुछ छिपाया जायेगा

दीपा- ऐसी बात नहीं ह मेरी चुकी

रूचि- ेयी कामिनी मेरा नाम मत बिगड़

दीपा- क्यों न बिगाड़ू तेरा नाम रूचि चुकी

रूचि- तू बता रही ह या नहीं, तुझे मेरी कसम ह

दीपा- यार ये गलत बात ह कसम बिच में कहा से आ गई

रूचि- तुम लोग मुझसे साडी बात छुपाते हो और मैं कसम भी न दू

दीपा- अच्छा ठीक ह लेकिन ये बात गलती से भी बहार न आ जाये

रूचि- वडा

दीपा- माँ ने टुशु से शादी क्र ली ह

दीपा की बात सुनते hi रूचि का मुँह खुला रह गया आँखे फटी रेग गई उसके मुँह में शब्द अंदर hi फास गए वो बस हैरत से दीपा को देखे जा रही थी,

रूचि- ये ये ये क्या बोल रही ह तू पागल हो गई ह क्या भेनचोद सबको अपने जैसा समझ रही ह

दीपा- ये सच ह बाबू, देख हमारी माँ ने क्या क्या नहीं झेला, उनके पिता ने उन्हें प्रेग्नेंट किया, अजय ने धोका दिया रपे किया मुझे कपिल सचिन को पला, उन्हें तो कभी प्यार hi नहीं मिला, एक माँ बन गई और औरत बन गई लेकिन न प्यार मिला न hi कभी पत्नी बन पाई, अब उन्हें ये सुख मिल रहा ह तो इसमें क्या बुराई ह

रूचि- लेकिन तुषार उनका बीटा ह वो माँ ह उसकी एक माँ अपने बेटे से शादी कैसे क्र सकती ह, क्या दोनों ने वो भी क्र लिया

दीपा- है क्र लिया और क्यों नहीं क्र सकती शादी, जब एक बाप अपनी बेटी को छोड़ सकता ह अजय तेरे उप्पेर गन्दी नजर रख सकता ह, मैं सीमा अपने भाई टुशु से चुद सकती ह तो माँ के साथ hi नाइंसाफी क्यों, और तुषार ऐसा मर्द ह जिसके पीछे कोई भी औरत खुद को सोप दे,

रूचि क आँखों में आंसू थे

दीपा- क्या हुआ रूचि तू रो क्यों रही ह, तू नाराज मत हो माँ से, उनके बारे में सोच उनकी खुशियों के बारे में सोच

रूचि- मैं उनकी ख़ुशी के लिए कुछ भी क्र सकती हु मैं खुश हु उनके लिए लेकिन मैं

दीपा- लेकिन क्या तू चुप हो पहले बता मुझे अगर माँ से प्रोब्ले नहीं ह तो क्या बात ह

रूचि- कुछ नहीं छोड़ मैं जा रही हु

दीपा- यही बैठ और मुझसे छुपा क्र जाएगी, मुझसे झूट नहीं बोल सकती तू

रूचि- झूट तो तुम सब बोलते हो मैंने कब झूट बोलै

दीपा- अच्छा हमे बोलै झूट तू सच बता दे, बता बहन क्यों दुखी ह तू क्या परेशानी ह

रूचि- तू मेरी एक बात का जवाब देगी

दीपा- है पूछ

रूचि- क्या सीमा दी ने टुशु से प्यार किया था पहले

दीपा- नहीं वो बस हवस की वजह से उसके पास गई थी

रूचि- तूने टुशु से प्यार किया था पहले

दीपा- भाई की तरह hi किया था प्रेमी की तरह तो सीमा की वजह से किया

रूचि- क्या माँ ने टुशु से ऐसा प्यार किया था

दीपा- मुझे नहीं लगता उन्होंने भी अभी किया होगा

तू कहना क्या चाहती ह

रूचि- न सीमा न तूने टुशु से पयार किया तुम दोनों चुद गई उससे, माँ ने भी प्यार नहीं किया वो तो पत्नी बन गई लेकिन जिसने हमेशा से प्यार किया उसका क्या उसे तो कुछ नहीं मिला, न प्यार मिला न पत्नी बानी न hi चुदाई मिली, उस साक्षी से भी आशिकी हो गई लेकिन…

दीपा- ये क्या बोल रही ह किसकी बात क्र रही ह किसको नहीं मिला प्यार

रूचि- रहने दे बस

दीपा- रूचि क्या तू वही बोल रही ह जो मैं सोच रही हु

रूचि- मुझे क्या पता तू क्या सोच रही ह

दीपा- कब से कब से करती ह

रूचि- क्या क्या करती हु

दीपा- अब ड्रामा मत क्र जल्दी बता कब से करती ह

रूचि- छोड़ न यार

दीपा- तुझे मेरी कसम ह जल्दी बता कब से ह तेरे दिल में

रूचि- जब से प्यार का मतलब समझ आया ह जब से कॉलेज के लड़के मुझे परपोज़ करते थे, जब से लड़का लड़की के बिच का अंतर जाना ह, जिस दिन टुशु ने मेरी जान उन गुण्डो से बचाई थी उस दिन मैं अपना सब कुछ टुशु पैर हर गई थी, बस एक hi चीज मुझे रोके रखती थी हम भाई बहन ह, लेकिन सीमा और तेरे छोड़ने के बाद मुझे लगा हमारा रिश्ता भी बन सकता ह, और जब पता चला हम सब सेज भाई बहन नहीं ह तो वो प्यार और बढ़ गया लेकिन फिर पता चला मैं और टुशु सेज भाई बहन ह तो दिल टूट गया,

और आज पता चला टुशु ने शादी भी क्र ली ह

दीपा- ोये मेरी जान तूने दिल खुश क्र दिया, एक और सौतन आ गई लिस्ट में कामिनी तुझे तो तुषार से मैं hi छुडवाउंगी अपने हटो से तेरी ये कामिनी छूट अपने सामने hi फड़वाउंगी मैं

रूचि शर्मा गई- क्या बक रही ह

दीपा- तेरी शादी होगी टुशु से ये मेरा वडा ह

रूचि- वो तो मुझे देखता भी नहीं ह

दीपा- वो तो सीमा मुझे और माँ किसी को भी नहीं देखता था लेकिन सब चुद गई न, ऐसे hi टब hi छुड़ेगी

रूचि- मैं पहले शादी करना चाहती हु उससे उसके बाद कुछ और

दीपा- जरूर ऐसा hi होगा लेकिन पहले माँ की शादी होगी

रूचि- माँ ने तो कर ली न शादी

दीपा- एक बंद कमरे में सिंदूर भरवा क्र शादी नहीं होती, हम माँ की शादी सरे रीती रिवाज से करवाएंगे

रूचि- सच ऐसा हो सकता ह

दीपा- हम करवाएंगे तू बस मेरे साथ रहना फिर मैं तेरी भी शादी करवाउंगी

रूचि- ठंकु यार

दीपा ने रूचि का मुँह पकड़ा और उसके हॉट पैर अपने हॉट रख दिए, ूउम्मम्मह्ह्हह्ह्ह्ह

रूचि ने खुद को उससे छुड़वाया- क्या कर रही ह साली

दीपा- देख रही हु कितने रसीले हॉट ह तेरे जिनका स्वाद टुशु लेगा उससे पहले मैं hi चख लू

रूचि- तू लेस्बियन ह क्या कामिनी

दीपा- हु तो नहीं लेकिन बन जाउंगी यार हम सब एक hi मर्द से चुद रही हैं अब छुपा क्या ह किस चीज की शर्म करे सीमा तो खेती ह दोनों एक साथ छोड़ेंगी लेकिन तब मैं शर्मा गई थी लेकिन अब नहीं अब तो मैं खुल क्र मजे लुंगी

रूचि- ले लेना मजे पैर मुझे गन्दा मत क्र मैं टुशु की अमानत हु

दोनों हसने लगे,

अगले दिन एक लड़का 4 मोबाइल लेकर अंजलि के घर आ गया,

तुषार- माँ ये कहा से आ गए

अंजलि- मैंने रात सुमित को कॉल क्र दी थी उन्होंने ये 4 फ़ोन और ये 6 सिम भिजवाए हैं, ये फेक ईद पैर ह no. कोई भी इन no. से हमारी डिटेल्स नहीं निकल पायेगा, और सीमा तू कभी इस no. को किसी को नहीं देगी इस no. से बस फॅमिली से बात होगी,

अंजलि ने सबको अच्छे से समझा दिया, और ये ह कुछ डाक्यूमेंट्स जिसमे तुषार B.A का स्टूडेंट ह, और ये ईद ह जिसमे साडी जानकारी फेक ह, कोई भी इन्हे पकड़ नहीं पायेगा जब तक किसी गवर्नमेंट ऑफिस में चेकिंग न हो इसलिए इनका इस्तेमाल बस सोनिया और अलका की कंपनी तक करना इसके अलावा कुछ नहीं

तुषार- समझ गया माँ

तुषार निकल गया इंटरव्यू के लिए वो सीधे अलका के ऑफिस पंहुचा, क्योकि अलका ने कहा था कभी भी जरुरत हो तो कॉल करना, तुषार खुद hi पहुंच गया था,

सीमा ने वह बिलकुल ऐसे रियेक्ट किया जैसे जानती hi न हो,

तुषार रेसेपशन पैर- मुझे मिस अलका से मिलना ह

रेप- सर आपके पास अपॉइनमेंट ह क्या

तुषार- नहीं वो तो नहीं ह लेकिन आप मेरा नाम बता देंगी तो वो जरूर मिलेंगी

रेप- सर मैं ऐसा नहीं क्र सकती

तुषार- क्या ऐसा होता ह कम्पनियो में जिसक एपस अपॉइनमेंट न हो वो मिल hi नहीं सकता चाहे उसमे कंपनी का hi फायदा हो

रेप- सर ऐसा नहीं ह बस मैं तो रूल फॉलो क्र रही हु

तुषार- आप एक बस मेरा मस्सगे दे दो की तुषार मिलने आया ह

रेप- ok सर मैं आपका मैसेज देती हु

रेप ने कॉल किया और बताया की कोई तुषार आये हैं, कुछ देर बाद

रेप- सर आप मिल सकते हो

तुषार मुस्कुराता हुआ अंदर चला गया, वो सीधे अलका के ऑफिस में पंहुचा,

अलका तुषार को देखते hi कड़ी हो गई, आइये आइये प्लस

तुषार भी उसे देख क्र उसमे खो सा गया वो लग hi इतनी सूंदर रही थी,


IMG-20240213-165725.jpg




तुषार- मिस वो मैं बिना अपॉइनमेंट की आ गया

अलका- अरे कैसी बात क्र रहे हैं आप मुझे कॉल क्र देते आपको अपॉइनमेंट की क्या जरुरत थी

तुषार- काम मेरा था तो मुझे hi आना था, वो मैं ेआज के न्यूज़ पप्पेर में नौकरी की ऐड देखि

अलका- है वो तो 3 दिन बाद होने ह इंटरव्यू,

तुषार- है मैंने सोचा 3 दिन बाद तो बहुत से लोग होंगे, मैं पहले की कोशिश क्र के देख लू

अलका- आप इंटरव्यू के लिए आये हैं

तुषार- सोच क्र तो यही आया था

अलका- आपको इंटरव्यू की क्या जरुरत आप ये बताइये कब से ज्वाइन करेंगे

तुषार- जी सच

अलका- आप जैसे लोग अगर कंपनी में होंगे तो कंपनी को hi फायदा ह

तुषार- लेकिन मैं अभी B.A क्र रहा हु

अलका- कोई बात नहीं यही सब सिख जायेंगे, लेकिन जॉब आपको मेरी माँ के ऑफिस में करनी होगी, मैं तो चाहती हु की आप इसी ऑफिस में काम करे लेकिन वह ज्यादा जरुरत ह

तुषार- मुझे तो काम चाहिए जहा मिल जाये

तुषार खुद सोनिआ के करीब रहना चाहता था

तभी बहार से सोनिया चोपड़ा आ गई,

सोनिया- अलका मुझे ऑफिस के लिए कुछ सामान लेना ह, तू चलेगी क्या मेरे साथ कल दिल्ली से टीम आएगी यहाँ के लोकल बिज़नेस मन लोगो से बात करने हमारा स्तूप उनसे जोड़ने के लिए

सोनिया की नजर तुषार पैर गई एक hi पल में तुषार सोनिया की नजरो में छठा चला गया, तुषार की पर्सनालिटी से सोनिया पहेली नजर में hi प्रभावित हो गई,

तुषार भी सोनिया को देख रहा था उसेदेख क्र कोई कह hi नहीं सकता तह ए औरत 4 बच्चो की माँ हो सकती ह


83185643-114099520137378-332701704485076992-o.jpg


सोनिया- श्री तुम्हारी कोई मीटिंग चल रही थी क्या बहार किसी ने बताया नहीं

अलका- नहीं माँ ऐसी कोई मीटिंग नहीं ह, ये हैं मर. तुषार ये जॉब के लिए आये हैं मैंने hi इन्हे कहा था मिलने के लिए, अगर आप चाहो तो मैं आपके ऑफिस में भेज सकती हु वर्ण मुझे ज्यादा ख़ुशी होगी अपने पास रखने में,

सोनिया- अच्छा ऐसी क्या खूबी ह इनमे जो तुझे ख़ुशी होगी

अलका- माँ आज के टाइम में ऐसा सच्चे दिल वाला बहदुर ईमानदार इंसाने मिलना बहुत मुश्किल ह

तुषार- ऐसा कुछ नहीं ह मिस उस दिन जो हुआ वो हर इंसान का फराज ह करना

अलका- ये तो खासियत ह आपकी वह इतने लोग थे लेकिन कोई बिच में नहीं बोल प् रहा था

सोनिया- ऐसा क्या हुआ था

अलका- वो बाद में बताउंगी आप बताओ इन्हे आपके ऑफिस के लिए अप्पोइंट करू,

सोनिया- जब तुझे इतने पसंद ह तो मैंने कैसे मन कर सकती हु, क्या काम कर लेंगे ये

अलका- अभी फ्रेशर हैं लेकिन जुई के साथ रख लेते हैं फिर आपके सेक्रटरी बन जायेंगे

सोनिया को तो ये hi चाहिए था ो यहाँ अंजलि को ढूंढ़ने आई थी लेकिन अपनी अयाशी कैसे छोड़ सकती थी, और अंजलि जानती थी सोनिया कैसी औरत ह इसी लिए उसने तुषार को वह भेजा था,

सोनिया- ठीक ह तो आज ये हमारे साथ hi चैलेंज देखते हैं इनमे कितना हुनर ह

अलका- आपके पास टाइम ह न

सोनिया- अलका नौकरी इसे करनी ह तो टाइम तो देना पड़ेगा

अलका- माँ ये

सोनिया- बीटा जब तक ये गेस्ट था तो अलग तरह से बात क्र रही थी लेकिन अब ये मेरा एम्प्लोयी ह तो उसी तरह से बात करनी पड़ेगी न,

तुषार- मम मैं जॉब करने निकला हु तो जॉब के रूल्स भी समझता हु अगर मेरी जॉब दोने ह तो अभी से मैं आपका हो गया हु आप जब बोलेंगी जहा बोलेंगी जैसे बोलेंगी मैं वही खड़ा मिलूंगा एक hi आवाज पैर

तुषार की बात पैर अलका को बहुत ख़ुशी हुई की कितना डेडिकेट लड़का ह वही सोनिया के अंदर एक कुटिल मुस्कान आ गई, उसे तो लड़को को ऐसे फ़साना आता था, और उसे ऐसे hi लड़के चाहिए जो उसके लिए कुछ भी करे वो जैसे चाहे उनका इस्तेमाल करे,

फिर तीनो बहार निकल गए, सीमा ने उन्हें जाते देखा तुषार ने एक बार भी सीमा की तरफ नहीं देखा,

मार्किट में तुषार ने दौड़ दौड़ क्र सब काम किया उसकी चॉइस अलका और सोनिया दोनों को बहुत पसंद आई, बस तुषा रकि जॉब पक्की हो चुकी थी, वो बड़ी आसानी से सोनिया के ऑफिस में घुस चुक्का था,

इधर रिंकी इंडिया आ चुकी थी, अनीता ने गाओं छोड़ दिया था वो थोड़ा सा सामान लेकर सिटी में शिफ्ट हो चुकी थी, रिंकी चंद्रो देवी से बहुत प्यार करती थी, वर्ण वो अपनी माँ के लिए तो कभी यहाँ नहीं आती,

अनीता खुश थी लेकिन उसे घबराहट भी हो रही थी, रिंकी अम्मा से मिली और फिर अपने फ़ोन पैर बिजी हो गई जैसे उसे कोई मतलब hi नहीं ह,

रात को रिंकी अपने बर्फ से बात क्र रही थी,

यहाँ रिंकी इंग्लिश में बात करेगी लेकिन मैं हिंदी में hi लिख रही हु

रिंकी- यार मैं अम्मा से मिलने आई हु जल्दी वापस आ जाउंगी

दूसरी तरफ से कुछ कहा गया

रिंकी- मैं भी नहीं रह सकती तुम्हारे कॉक को लिए बिना

बहार अनीता सब सुन रही थी क्योकि घर छोटा था तो आवाज बहार ताका ा रही थी, अम्मा सो चुकी थी, अनीता को बड़ी शर्म आ रही थी की उसकी बेटी किसी लड़के से क्या क्या बात क्र रही ह, लेकिन कुछ क्र नहीं सकती थी, उसने तुषार का बताया रास्ता अपनाना hi सही समझा,

अगले दिन रिंकी उठ क्र आई तो अनीता किचन मेखड़ी किसी से फ़ोन पैर बात क्र रही थी,


87454003-114659033457428-4055689930590912512-o.jpg


अनीता- यार क्या बताऊ वो कैसा ह उसने तो पागल क्र दिया ह मुझे उससे दूर जाने का मन hi नहीं होता

दूसरी तरफ से कुछ कहा गया

अनीता- नहीं यार अभी नहीं लिया दर लगता ह उसका बहुत बड़ा ह मुझे दर ह मैं झेल भी नहीं पाऊँगी

दुरी तरफ ………

अनीता- मैंने पहेली बार अपने लिए सोचा ह मैं वापस नहीं जाउंगी, अब तो उसके साथ hi रहना ह

दूसरी तरफ…..

अनीता- क्या फरक पड़ता ह दुनिया ऐसे hi जीती ह मैं क्यों न जियु और शादी करके hi तो मरा जीवन बर्बाद हुआ ह

तभी रिंकी आ गई

अनीता हड़बड़ाते हुए मैं बाद में बात करती हु

अनीता- कुछ चाहिए था क्या बीटा

Rinky-nhi कुछ नहीं चाहिए किस्से बात क्र रही थी

अनीता- वो अमेरिका में एक फ्रेंड ह उससे

रिंकी- ok और यहाँ कोई पसंद आ गया क्या आपको

अनीता- तू पागल ह क्या क्या बोल रही ह

रिंकी- नहीं बताना तो मत बताओ पैर झूट मत बोली,

रिंकी वह से चली गई, अनीता का दिल जोर जोर से धड़क रहा था उसे बड़ी घबराहट हो रही थी,

अलका फ़ोन पैर.. दीदी वो मेरे ऑफिस में जॉब के लिए आया था मैंने उसे माँ के ऑफिस में लगा दिया ह

वर्षा- वह क्यों अपने पास क्यों नहीं

अलका- वो माँ को जरुरत थी न

वर्षा- वो तो ठीक ह लेकिन खेर छोड़ ये बता तू उसे देख क्र खुश हो गई न

अलका- है दीदी बहुत, एक मिनट क्या बोल रही हो आप मैं क्यों खुश होउंगी

वर्षा- हहहहहए अभी तो बोली थी बहुत खुश हुई

अलका- वो तो ऐसे hi निकल गया

वर्षा- बीटा ज्यादा नजदीक मत जाना वर्ण हमारा हरामखोर बाप उस बेचारे के पीछे पद जायेगा

अलका- दीदी उस इंसान की बात मत किया करो

वर्षा- ठीक ह तू ख्याल रख मैं आउंगी तुझसे मिलने फिर इस हीरो से भी मिलूंगी

अलका- बी दी,

अगले 3 दिन सब नार्मल रहा तुषार सोनिया के साथ बहुत महेनत से काम में लग गया वो जूही से बड़ी तेजी से काम सिख रहा था जिससे सोनिया बहुत इम्प्रेस हुई थी, अलका किसी न किसी बहाने से तुषार से मिलने आ hi जाती, वही अनीता चुप चुप क्र किसी से बात करती रिंकी के अंदर बेचैनी बढ़ने लगी, ऐसा कोण हो सकता ह जिसने उसकी इतनी सीधी सधी औरत को इतना बदल दिया, जिसने इतने साल जवानी के दुखी होकर काट दिए पैर किसी की तरफ नहीं देखा फिर अब ऐसा कोण मिल गया जिससे उसकी माँ इतनी बदल गई ह,

वही सोनिया ने सीमा के पीछे आदमी लगा दिए थे, उसकी डिटेल्स निकलने के लिए, जो रिपोर्ट तैयार थी, जिसे सोनिया सुरेश को बता रही थी,

सोनिया- आपसे झूट बोलै गया ह

सुरेश- कैसा झूट

सोनिया- वो *** कसबे के पास रहती ह और दोनों माँ बेटी अकेली रहती हैं, और कोई नहीं ह परिवार में

सुरेश- लेकिन सीमा ने तो बतया था वो 6 बहन भाई हैं

सोनिया- हो सकता ह उसकी माँ ने उसे बोलै हो बहार वालो को झूट बोलने के लिए, लेकिन सीमा के घर का पता किया ह वह बस दोनों माँ बेटी रहती हैं, इन 3 दिनों में और किसी को नहीं देखा गया ह, उसकी माँ एक स्कूल में पद्धति ह और सीमा यहाँ जॉब करती ह,

सुरेश- ये तो बहुत hi बढ़िया ह फिर तो अच्छा मौका ह उसे मरने का

सोनिया- कैसी बात क्र रहे हो फिर आपको प्रॉपर्टी कभी नहीं मिलेगी और सबसे बड़ी बात अभी ये कन्फर्म नहीं हुआ ह की वो अंजलि hi ह, हमारे आदमी लगे हुए हैं और हमारे पास उसकी ऐसी कोई फोटो नहीं, उसकी माँ के मरने के बाद उसका कोई फोटो तक नहीं खींचा तुमने,

सुरेश- तुम तो पहचान hi सकती हो

सोनिया- है लेकिन मैं उसके सामने नहीं जा सकती और अभी तक उसकी माँ को डायरेक्ट देखने का मौका नहीं मिला ह आदमी लगे हैं, पैर मुझे उम्मीद ह ये वही ह,

सुरेश- अगर ये वही ह तो हमे क्या करना चाहिए फिर

सोनिया- हम इस सीमा को अपनी तरफ करेंगे इसे अपने जाल में फसाएँगे जब ये हमारे जाल में फास जाएगी तब उस अंजलि को रस्ते से हटा देंगे और साडी प्रॉपर्टी इसके नाम आ जाएगी इससे हम अपने कब्जे में करवा लेंगे

सुरेश- हम्म्म्म आईडिया तो बुरा नहीं ह

सोनिया- उसके लिए आपको शांत रहना होगा यहाँ मुझे सम्हालने दीजिये थोड़ा टाइम लगेगा इस सब में लेकिन हम बड़े प्यार से सीमा को अपनी तरफ करना होगा, मैं उसे फसाऊँगी

सुरेश- ठीक ह जैसे तुझे ठीक लगे क्र बस जल्दी करना

सोनिया- भरोसा रखो

सुरेश- सीमा के पीछे आदमी लगा क्र रखना कही वो कुटिया हमे धोका न दे दे

सोनिया- रिश्ते में मैं उसकी माँ लगती हु मुझे धोका नहीं दे पायेगी,

अब ये सोनिया के लिए अच्छा था या बुरा सोनिया बेचारी जानती hi नहीं थी क्योकि उसने जिसे अंजलि के पीछे लगाया था वो और कोई नहीं सुमित था, सुमित ने hi उसे ये सब जानकारी लेकर दी थी, औरत जिससे चुदती ह उसे अपना सच्चा हितेषी मानती ह वही सोनिया के साथ हो रहा था,

एक दिन तुषार अनीता के घर गया, अम्मा के पेअर छुए, और अनीता ने इतने प्यार से तुषार का स्वागत किया,

अम्मा- कैसा ह बीटा

तुषार- अम्मा आपकी कृपा ह बस

अम्मा- सब ठीक ह तेरी माँ ठीक ह

तुषार- है अम्मा जी सब बढ़िया ह,

अम्मा- मैं अकेली कैसी रहूंगी तू आ जाया क्र और रूचि दीपा को भी ले आया क्र तुम लोगो को देख क्र मन को शांति सी मिलती ह

तुषार- जी अम्मा जरूर ले आऊंगा

तभी रिंकी बहार आई जिसने यहाँ भी अमेरिका के जैसे hi कपडे पहने थे, वैसे भी घर में 3 hi औरते थी तो किसी को प्रॉब्लम नहीं थी लेकिन सामने तुषार था आज,


FB-IMG-1513331188797.jpg


रिंकी ने आते hi तुषार पैर नजर डाली तुषार ने भी एक बार रिंकी को देखा फिर अम्मा की तरफ धयान क्र लिया,

ये बात अम्मा ने भी नोटिस की और उन्हें बड़ी ख़ुशी हुई की कितने अच्छे संस्कार ह तुषार में, वही अनीता को भी सकूं सात है, तुषार ने रिंकी को ऐसे कपड़ो में भी हवस भरी नजरो से नहीं देखा, वही रिंकी को अपनी इंसल्ट फील हुई की, क्योकि तुसाहर उसकी नजर में वही गाओं का गरीब लड़का था, और एक इतना छोटा आदमी रिंकी को इग्नोर करे ये रिंकी को पसंद नहीं आया, रिंकी अपने आप में थी भी बहुत खूबसूरत और उप्पेर से उसके ये कपडे जो किसी भी नामर्द का लुंड भी खड़ा क्र दे, फिर भी इस लड़के ने रिंकी पैर धयान नहीं दिया, रिंकी को गुस्सा आ गया था,

अम्मा- तुम लोग बात करो मैं आराम करने जार hi हु कमर में दर्द ह थोड़ा, रिंकी मुझे कमरे में लिटा दे,

रिंकी अम्मा को लेकर अंदर चली गई, अम्मा के जाते hi अनीता एक दम तुषार के करीब आकर बैठ गई,


408701489-383378557530191-8933841809829347959-n.jpg


अनीता- कैसे हो इतने दिन से मिलने भी नहीं आये

तुषार- क्या करू टाइम hi नहीं मिला लेकिन अब आता रहूंगा,

अनीता- सच तुम मिलते रहा करो मेरा दिल नहीं लगता

तुषार- इतना दिल को बचें मत करो वर्ण आगे तकलीफ होगी

अनीता- अब तकलीफो से डारन hi लगता सर जी

तुषार- दर तो लगजाएगा जब तकलीफ कही और होगी

तुषार की बात से अनीता एक दम चौक गई,

अनीता- क्या क्या कहा

तुषार- हाहाहा कुछ नहीं, आपके घर आया हु कुछ पिलाओगी नहीं

अनीता- ऊह्ह्ह्ह श्री श्री अभी ले क्या पियोगे

अनीता- आपका गेस्ट हु जो चाहो पीला दो

अनीता हस्ती हुई जल्दी से किचन में गई, वही रिंकी दरवाजे पैर कड़ी ये सब देख रही थी,

अनीता जल्दी से तुषार के लिए कॉफ़ी लेकर आ गई,

तुषार ने कॉफ़ी ली तो दोनों के हाथ टकरा गए तुषार ने अनीता के हाथ पकड़ लिया, अनीता ने घबराते हुए तुषा रको देखा उसके फेस पैर एक शर्म भी थी, लेकिन उसने हाथ छुड़ाने की कोशिश नहीं की,

तभी पीछे से आहात हुई तो दोनों ने एक दम हाथ छोड़ दिया, रिंकी रूम के अंदर आ गाइट hi, अनीता सामने सोफे पैर बैठ गाइट hi,

तुषार- आप नहीं पियेंगी कॉफ़ी?

अनीता- नहीं मैंने कुछ देर पहले hi पि थी

तुषार ने रिंकी को इस बार भी इग्नोर किया था

रिंकी सामने बैठी दोनों को देख रही थी, अनीता नजर छुपा छुपा क्र देख रही थी,

कुछ देर बाद ..

तुषार- अच्छा अनीता जी चलता हु फिर आऊंगा कही बहार चलेंगी घूमने

अनीता- अभी नहीं फिर कभी

दोनों ने एक दूसरे को ऐसे अलविदा कहा जैसे कितने पुराने ासिक हैं, रिंकी अंदर तक जल गई थी, क्योकि तुषार ने जाते हुए भी रिंकी को इग्नोर क्र दिया था,

रिंकी अपने रूम में आकर खुद से hi समझता क्या ह अपने आप को ऐसा क्या ह उसमे जो मुझे इग्नोर मर रहा ह, और एक बुढ़िया के पीछे पड़ा ह सामने इतनी खूबसूरत लड़की कड़ी थी फिर भी धयान नहीं दिया, अरे मेरे पास भी बर्फ ह, लेकिन मुझे क्या फरक पड़ता ह न देखे तो न देखे,

लेकिन ये मेरी इंसल्ट ह उसने मुझे देखा क्यों नहीं, और माँ उसके पीछे पागल सी हो रही हैं इनका तो पता करना पड़ेगा कही माँ उसके साथ कुछ गलत न क्र बैठे, इस उम्र में इतना स्मार्ट लड़का उनके पीछे पड़ा ह तो कही वो बहक न जाये,

इधर सोनिया भी बैचैन थी…

यार इतने दिन हो गए यहाँ आये हुए इस अंजलि ने सर में दर्द क्र रखा ह, और इतने दिन से मैं प्यासी भी हु, क्या करू अब तक कोई मिला नहीं किसको गुलाम बनाऊ अपना, ये तुषार मुझे दम दर लग रहा ह लेकिन वो अलका उसमे कुछ ज्यादा hi इंट्रेस्ट दिखा रही ह कही वो अलका को कुछ बता न दे,

लेकिन तरय तो करना hi पड़ेगा अगर ठीक थक निकला तो बड़े काम आ सकता ह,

इधर...

रूचि और दीपा गाओं आ चुके थे राजेश के पास, अंजलि ने ये पहले hi क्र दिया था उसे समझ आ गया था सोनिया सबसे पहले सीमा का पीछा करेगी, उसने सब कुछ प्लान तैयार किया हुआ था, वो घर से हमेशा फेस कवर करके hi निकलती थी, उसे उम्मीद थी लोग उसके पीछे लगे होंगे,

इधर सोनिया को कोई ऐसा चाहिए था जो सीमा को उसके कब्जे में ला सके, लेकिन क्या करे समझ में नहीं आ रहा था,

ऐसे hi एक दिन सोनिया मीटिंग के लिए गई हुई थी अलका भी उसके साथ थी, वही जूही और तुषार भी साथ थे, जूही तुषार को सब सीखा रही थी, मीटिंग ख़तम होने के बाद ालक और सोनिया होटल के बहार कड़ी कार का वेट क्र रही थी, तुषार को सोनिया ने सबके लिए कॉफ़ी पैक करवाकर लेन को कहा जो वो कार में hi पिने वाले थे,

तभी अलका और सोनिया के सामने एक स्कार्पियो कार आकर रुकी जिसमे से 7-8 लड़के उतरे, उन्हें देख क्र अलका दर गई क्योकि ये वही लड़के थे जिनसे उस दिन रोड पैर झगड़ा हुआ था, सोनिया भी ऐसे कार रुकने और लड़के उतरने से घबरा गई,

लड़का1- ैय्ये छमिया बहुत दिन बाद दिखी ह और तेरा वो आशिक़ कहा ह भेनचोद आज मजा चखता हु

सोनिया- ये क्या बतमीजी ह कोण हो तुम लोग

लड़का2- भाई माल तो ये भी कड़क ह इसकी बड़ी बहन ह क्या

अलका- जबान सम्हाल क्र

लड़का1 ने अलका का हाथ पकड़ लिया और मैडम ये हमारा सिटी ह यहाँ तुझे सम्हाल क्र रहना ह हम कुछ नहीं सम्हालते,

सोनिया- छोड़ो उसे वर्ण मैं पुलिस को बुलाऊंगी

लड़का2- अरे रानी ऐसी भी क्या जल्दी ह पिछली बार इसने बुलाई थीं ा पुलिस 10 मिनट में बहार आ गए थे एक बार फिर बुला ले, पैर थोड़ा मजा तो लेने दे

लड़के ने जैसे hi अलका की कमर में हाथ डालने को आगे बाध्य तभी एक हाथ आगे आया और उस लड़के का हाथ पकड़ा और घुमा क्र अपने कंधे पैर किया और झटका मर दिया, एक hi पल में उस लड़के का कन्धा उतर चुक्का था, वो जोर जोर चिल्लाने लगा,


4f7af60cbede0c4c18280919cd16bb19.gif


भेनचोद अह्ह्ह्हह अह्ह्ह्ह मर गया,

उसके सामने तुषार खड़ा था,

लड़का- अहहह मारो सालो आअह्ह्ह्हह भेनचोद आह्ह्ह्हह

सरे लड़के तुषार की तरफ भागे, तुषार ने सीधी लात एक की टैंगो के बिच मरी वो तो वही ढेर हो गया, दूसरे को तुषार ने लगातार 5-6 घुसे जड़ दिए और उसके मुँह पैर एक जोर दर घुसा पड़ा उसके 2 डाट टूट गए,


the-raid-fight-scene-gif.gif


घुसा पड़ते hi बाकि सब वही रुक गए, लेकिन फिर आगे बढे तो एक को अपने कंधे पैर उठा लिया और इतनी जोर से निचे पटका की उसका हाथ टूट गया, पाचवे को गार्डन पकड़ क्र बगल में दबा लिया, बचे 2 लड़के,

तुषार- ोोोू बरोथेर इनकी हालत ठीक नहीं ह अब तुम इनकी तरह यहाँ गिरोगे या इन्हे लेकर डॉ. के पास जाओगे,

दोनों लड़के- श्री भाई श्री हम इन्हे ले जायेंगे हम तो गलती से इनके साथ आ गए,

तुषार ने उस लड़के को घुमा क्र एक लात उसकी गांड पैर मरी वो सड़क पर जाकर गिरा,

तुषार को ऐसे लड़ता देख अलका के फेस पैर प्यारी सी मुस्कान थी वही सोनिया पूरी तरह सरप्राइज और इम्प्रेस थी, और सामने कड़ी जूही जो कार लेकर आई थी वो तुषार को देखे hi जार hi थी, तभी होटल का स्टाफ दौड़ते हुए आया, क्या हुआ क्या हुआ

सोनिया- अब आ रहे हो तुम लोग ऐसे मॅनॅग्मेंट ह यहाँ, कोई भी दिन दहाड़े बतमीजी क्र जाता ह और तुम लोग बहार तक नहीं निकलते, मैं तुम्हारे मालिक से कम्प्लेन करुँगी

स्टाफ- श्री मम वो हमे पता नहीं चला

सोनिया- यहाँ इतना हंगामा हो गया और तुम्हे पता नहीं चला

अलका- छोड़िये माँ चलिए यहाँ से

सोनिया- पुलिस कम्प्लेन नहीं करनी

स्टाफ- मम वो मला का बीटा ह पुलिस उसका कुछ नहीं करती

सोनिया- ओह्ह्ह इसलिए तुम लोग भी बहार नहीं निकले

सबने सर झुका लिए



फिर वो चारो वह से निकल गए,
 
अपडेट-35


कार में…..

अलका- तुषार आपको क्या जरुरत थी उनसे उलझने की

तुषार- मम एक तो वो लेडीज के साथ बतमीजी क्र रहे थे और दूसरा मैं आपका एम्प्लोयी हु तो मेरी ड्यूटी भी ह और तीसरा ये किसी के साथ भी होता तब भी मैं ऐसा hi करता

अलका- मैंने कितनी बार कहा ह आपसे मुझे मम मत कहा करो या तो अलका कहो या मिस कहते थे वो hi ठीक ह

तुषार- लेकिन आप मेरी बॉस हैं

अलका- बॉस ये ह आपकी मैं नहीं

सोनिया उनकी बाते सुन रही थी

सोनिया- तुषार तुम बहुत बहादुर हो मैं खुश हुई मुझे तुम्हारे जैसा hi कोई चाहिए था

तुषार- मम मैं तो आपके साथ hi हु हमेशा

सोनिया के अंदर एक कामिनी मुस्कराहट उमड़ रही थी, वही जूही कार चलते हुए बस तुषार को देखे जा रही थी, उसने आज तक किसी को ऐसे लड़ते नहीं देखा था,

तुषार ने सिटी में आते hi सबसे पहले गयम ज्वाइन किया फिर एक फाइटिंग स्कूल में एडमिशन लिया, वो दिन में ऑफिस में रहता वह से सीधा फाइटिंग स्कूल जाता और वह से गयम जाता, उसने अपने आप को मजबूत बनाने में झुक दिया था, उसने सिटी में hi एक रूम ले लिया था, अंजलि ने उसे सब पहले hi समझा दिया था क्या करना ह, वो पूरी डिटेल अंजलि को देता रहता था,

रात में अलका के दिमाग से तुषार उतर hi नहीं रहा था, वो बस तुषार के बारे में hi सोचे जा रही थी, वो तुषार की फाइट सोचती और मुस्कुरा पड़ती,

वही सोनिया के दिमाग में तुषार को लेकर एक अलग hi योजना चल रही थी, लड़का स्म्रत ह ताकतवर ह बहादुर ह अगर ये मेरे साथ मिल जाये तो बहुत काम आ सकता ह लेकिन ये मेरे लिए क्या क्या क्र सकता ह ये टेस्ट करना पड़ेगा,

ऐसे hi रात में एक लड़की करवट बदल रही थी शाक्षी जिससे तुषार ने पिछले 15 दिन से बात नहीं की थी उसके अंदर बड़ी बेचैनी हो रही थी, वो गुस्सा थी लेकिन बात नहीं हो प् रही थी, तुषार उसके कॉल hi नहीं उठा रहा था,

वही दूसरे रूम में रजनी भी करवट बदल रही थी, उसके दिमाग में दो hi नाम चल रहे थे, पहले दीपा और दूसरा तुषार

दीपा इसलिए क्योकि आज इतने दिन बाद दीपा से उसका आमना सामना हुआ था और दीपा ने उस पैर कोई गुस्सा या नफरत भरी नजरो से नहीं देखा था, रजनी को बड़ा सकूं सा मिला था, उसे उम्मीद सी जगी थी की दीपा फिर से उसके पास आ सकती ह, वही तुषार उसके दिमाग में तब से अटक गया था जब कविता ने उसके लुंड का बखान किया था,

रजनी जवानी से hi हवस की मरी थी, इसी चक्क्र में वो अपने पति के होते हुए यश से चुद गई थी और इसी वजह से उसने दूसरी शादी की, लेकिन यहाँ भी कुछ hi सालो में चुदाई बंद हो गई थी, वो प्यासी रहने लगी, कविता उसकी पड़ोसन थी जो रिश्ते में उसकी देवरानी लगती थी, कविता भी अपनी जवानी में बहुत चुड़क्कड़ थी, उसके कॉलेज में उसे टेक्सी कहते थे, उसके बहुत लड़को से अफेयर रहे थे, और चूड़ाकड औरत दूसरी चूड़ाकड को जल्दी hi पहचान लेती ह, और दोस्ती भी हो जाती ह वही इन दोनों का हुआ, दोनों की दोस्ती हो गई और अपनी प्यास को एक दूसरे से शेयर करने लगे, लेकिन कोई ऐसा नहीं मिला जिससे ये अपनी हवस शांत क्र सके, कविता नै नै थी गाओं में लड़के फिर भी उस पैर लाइन मरते लेकिन रजनी को तो बुड्ढे hi ताड़ते रहते, वैसे रजनी भी काम नहीं थी, कविता एक दो लड़को से सेटिंग हुई पैर पति को पता चल गया और वो पिट गई तो दर की वजह से कुछ क्र नहीं पाई,

लेकिन जब से उसने तुषार का लुंड देखा वो पागल hi हो गई उसने सबसे पहले रजनी को बताया, रजनी ने उसकी बात को मजाक में उदा दिया लेकिन जब बस में उसने कविता को वो सब करते देखा तो उसके अंदर सोइ हुई चुड़क्कड़ रजनी जग गई, वो बैचैन हो उठी, लेकिन समझ नहीं आ रहा था क्या करे कैसे जाये उसके पास, क्योकि तुषार उसके बारे में सब जनता था, लेकिन आप तो जानते hi ह जब औरत छोड़ने पैर आती ह तो सबसे पहले अपना आतम सम्मान उतर क्र रख देती ह,

अगले 7 दिन ऐसे hi चला सोनिया का ऑफिस पूरी तरह सेट हो चुक्का था, तुषार भी पूरा काम समझ चुक्का था, अलका तुषार के नजदीक रहने की कोशिश करती थी, वही जूही जो तुषार को काम सीखा रही थी उसके दिल में तुषार के लिए सपने जागने लगे थे, सोनिया तुषार को अपने करीब रखती वो तुषार को हर मापदंड पैर परख रही थी, जिसमे तुषार पास होता आया था, बस दो टेस्ट बाकि थे तुषार के जो सोनिया को लेने थे,

वही रिंकी अनीता पैर नजर रख रही थी, अनीता तुषार से बात करती संस पैर बात करती, बड़ी है है क्र बात करती, और वही किसी से फ़ोन पैर तुषार के बारे में बताती, रिंकी परेशां थी उसे तुषार के बारे में जानने की बैचनी हो रही थी,

तुषार और अनीता कॉल पैर…

तुषार- क्या वो आपके सरे संस पढ़ती ह

अनीता- है पढ़ तो रही ह उसके फेस से दिख रहा ह की वो उलझन में लगती ह, लेकिन खेती कुछ नहीं ह, मुझे लगता ह उसने तुम्हारा no. भी निकला ह मेरे फ़ोन से

तुषार- ठीक ह ये अच्छा ह अब जो मैं संस भेजने जा रहा हु शायद आप उनकंफर्टबले हो जाये लेकिन वो करना पड़ेगा अगर वो सही दिशा में गया तो बस एक कड़ा फैसला करना पड़ेगा आपको फिर आपकी बेटी आपके पास होगी हमेशा के लिए,

अनीता- मैं तैयार हु चाहे कुछ भी हो जाये

तुषार- मैं आपको बता चुक्का हु आपकी बेटी को क्या करना पद सकता ह

अनीता- वो पहले भी बहुत कुछ क्र चुकी ह अगर एक बार करने से वो आगे सही रस्ते पैर आ गई तो इससे अच्छा कुछ नहीं ह लेकिन मुझे समझ नहीं आ रहा ये कैसे होगा, ये तरीका मेरी समझ से परे ह तुम करोगे कैसे

तुषार- अब जो मैं भेजूंगा उससे आप समझ जाओगी

अनीता- ok

तुषार ने अनीता को संस में क्या बात करनी ह समझा दिया

तुषार ने संस भेजने शुरू किये

तुषार संस- अनीता कब दे रही हो

अनीता- मैं तो कब से तैयार हु तुम hi नहीं आ रहे

तुषार- सोच लो बाद में दर मत जाना

अनीता- मैं बच्ची नहीं हु जो दर जाउंगी बच्चे तुम हो

तुषार- अच्छा बच्चा तो जरा ये देख क्र फैसला को की मैं बच्चा हु और कोण दर जायेगा

तुषार ने अपने लुंड की एक फोटो अनीता को भेज दी,


370282486-1338918773428576-4234662375244829966-n.jpg




फोटो देख क्र अनीता का गाला सुख गया उसकी पलके झपकनी बंद हो गई वो एक तक उसे देखे जा रही थी, अनीता की छूट लुंड देख क्र hi गीली हो गई थी, वैसे hi अनीता तुषार से बात करके गीली हो जाती थी, लेकिन उसने कभी उस तरफ सोचने की कोशिश नहीं की लेकिन उसका दिल जनता था की वो तुषार की तरफ ये नाटक करते करते अट्रेक्ट होती जा रही ह, लेकिन आज जो उसने देख लिया उसके बाद तो उसका दिल छूट सब पागल हो गए थे,

काफी देर बाद जब संस नहीं आया तो तुषार समझ गया की अनीता की क्या हालत हुई ह,

तुषार- क्यों दर गई न

अब भी कोई रीप्ले नहीं, तो तुषार ने कॉल किया, अनीता की हिम्मत नहीं हुई कॉल उठाने की, तुषार ने फिर कॉल किया, अनीता ने घबराते शरमाते हुए कॉल उठाया

तुषार- श्री आपको बुरा लगा होगा लेकिन ये hi तरीका मुझे समझ आया

अनीता चुप रही

तुषार- अनीता जी अगर आप पीछे हन्ता चाहती ह तो मुझे कोई ऐतराज नहीं ह बस दोस्त को भूल मत जाना

अनीता- नहीं नहीं ऐसी बात नहीं ह लेकिन ये , संस में बात करते हैं,

अनीता ने फ़ोन काट क्र दिया

अनीता संस में- ये रियल ह

तुषार- एक दम रियल कहो तो अभी आकर दिखा दू

अनीता- किसी का इतना बड़ा कैसे हो सकता ह

तुसाहर- मेरा तो ह

अनीता- ये तो जान निकल देगा

तुषार- मैंने कहा था न दर जाओगी

अनीता- मैं डरने वाली नहीं हु सब नोचोद लुंगी

अब अनीता कोई प्लान के हिसाब न बोल क्र दिल से बोल रही थी, अब उसके जो दिल में आ रहा था वही निकल रहा था,

तुषार- पूरा निचोड़ लेना

तभी रिंकी आ गई

रिंकी- माँ क्या क्र रही हो अम्मा को दूध दे दो

अनीता ने संस किया- रिंकी आ गई बाद में बात करती हु,

तुषार- ok जान

अनीता अपना फ़ोन वही रख क्र चली गई, रिंकी ने तुरंत फ़ोन चेक किया और संस पढ़े और जैसे hi उसकी नजर लुंड की पिछ पैर गई उसकी तो साँस hi अटक गई, उसने आज तक पोर्न मूवीज में भी ऐसा नहीं देखा था, उसे पता था पोर्न मूवीज में कैमरा की मदद से मोटाई ज्यादा दिखते हैं लेकिन ये तो रियल था इतना बड़ा,

रिंकी की आँखे लाल हो चुकी थी उसकी छूट में हलचल हो गई थी, उसने जल्दी से वो पिछ अपने फ़ोन पैर भेजी और संस डिलीट क्र दिया,

रात में दोनों माँ बेटी उस लुंड की पिक को देखती रही और मजे की बात ये थी दोनों hi अपनी छूट को रगड़ रही थी,


33997772.gif


979-1000.gif


कमल का पल था एक hi टाइम पैर दो माँ बेतिया एक hi लुंड की फोटो देख क्र अपनी छूट रगड़ रही थी, सबसे मजे की बात थी यश की बीवी और बेटी, उसके दुश्मन के बेटे के लुंड को देख क्र छूट को रगड़ रही थी,

अगले दिन..

ऑफिस में आज सोनिया ने तुषार को टेस्ट लेने का फैसला किया, सोनिया ने तुषार को बुलाया

सोनिया- तुषार तुम्हे मेरे साथ चलना हैं

तुषार- ok मम

सोनिया- पूछोगे नहीं कहा जाना ह

तुषार- मम आपने आर्डर किया इससे ज्यादा मेरे लिए जानने की जरुरत hi नहीं ह

सोनिया खुश हो गई

सोनिया- अगर मैं तुम्हे कही गलत जगह ले गई तो

तुषार- मम मैं आपका एम्प्लोयी हु और मैं केवल यहाँ काम करने की सेल्लरी नहीं लेता, एम्प्लोयी का पहला काम होता ह की अपने बॉस के लिए अपने जान पैर भी खेल जाये

सोनिया- हेहेहे ऐसा hi समझ लो आज तुम्हे ऐसा hi कुछ करना ह अगर तुम कर गए तो मैं तुम्हे वो दुनिया दिखाउंगी जिसके तुमने ख्वाब भी नहीं देखे होंगे

तुषार- मम मैं आपके आर्डर पैर कुछ भी क्र सकता हु आप बोल क्र देखो

सोनिया- तो चलो

फिर दोनों बहार आ गए, और सोनिया ने कार ली तुषार को बैठाया और चल दी, तुषार को अभी कार अच्छे से नहीं आती थी, वो सिख रहा था,

सोनिया तुषार को लेकर एक कसबे में गई और कार कसबे के बहार रोक क्र बोली ये एक एड्रेस ह इस पैर तुम्हे जाना ह और ये 1 करोड़ रुपये इस घर में देकर आने हैं

तुषार- ok मम उन्हें कुछ बताना ह

सोनिया- बस इतना की उनके बेटे ने भिजवाए हैं

तुषार- ok मम

तुषार पैसे लेकर चल दिया, कुछ देर में वो उस एड्रेस पैर पहुंच गया, उसने दूर खटखटाया काफी देर किसी ने दूर नहीं खोला, थोड़ी देर बाद एक अपाहिज औरत ने दरवाजा खोला उसके हाथ पेअर ठीक नहीं थे, वो अपना पेअर घिसता क्र चल रही थी,

औरत- का चाइये

तुषार- माँ जी और कोई नहीं ह क्या घर में

औरत- न कोई न ह तू कोण ह

तुषार- माँ जी ये कुछ पैसे हैं आपके लिए

औरत- पैसा मैं का करुँगी पैसे का बहार फ़ेंक दे,

तुषार हैरत से उसे देखने लगा,

तभी एक आदमी वह से निकला,

आदमी- है भाई क्या काम ह तै से

तुषार- जी वो मैं इनसे मिलने आया था इनकी हालत ये कैसे

आदमी- अरे भाई तै तो बहुत साल से ऐसी hi हैं, इनका बीटा इन्हे छोड़ क्र चला गया था, उसके बाद इन्हे लखवा मार गया, दिमाग पैर भी असर हो गया, बेचारी घर में पड़ी रहती ह, आस पास के लोग इन्हे खाना दे जाते हैं कभी खा लेती ह कभी रखा रहता ह,

तुषार- इन्हे पैसे की जरुरत नहीं पड़ती

आदमी- पैसे क्या करेंगी अगर कोई पैसे दे भी जाता ह तो उसे बहार फेंक देती हैं

तुषार- क्यों?

आदमी- इनका बीटा पैसे कमाने hi गया था लेकिन वापस नहीं आया, पैसे के नाम से लड़ने लगती ह, बेचारी अपना अंतिम टाइम काट रही ह पता नहीं कितने दुःख लिखे हैं इसके जीवन में,

तुषार- धन्यवाद भाई जी

वो आदमी चला गया

तुषार बहुत देर तक वही खड़ा रहा उसे समझ नहीं आ रहा था क्या करे, इन पैसो का क्या करे कैसे इन्हे उस औरत को दे, फिर कुछ सोच क्र तुषार उस औरत के पास गया,

तुषार- माँ जी मैं आपका पोता हु आपके बेटे का बीटा आपके बेटे ने मुझे आपके पास मिलने भेजा ह

औरत- मेरा पोता मेरा पोता कमल ने भेजा मेरे बिटवा ने भेजा ह, मेरा बच्चा

वो बेचारी रोने लगी मेरा बीटा मेरा बीटा तू आ गया मेरा बीटा

तुषार की आँखों से भी आंसू आने लगे थे,

तुषार ने उसे उठाया और बोलै दादी आओ मेरे साथ आपको अच्छी जगह रहेंगे,

तभी पड़ोस से एक औरत आई अरे भाई कहा ले जार हे हो तै को,

तुषार- आंटी मैं इनका पोता हु कमल जी का बीटा

औरत- हे भगवान् अब याद आई ह उसे अपनी माँ की कैसा बीटा ह

तुषार- आंटी जी उनकी हालत ठीक नहीं ह वो बहुत सालो से कॉमा में ह इसलिए आ नहीं सके, किसी तरह मुझे दादी की जानकारी मिली ह तो मैं मिलने आया हु

औरत- तेरा भला हो बीटा जो तै के बारे में सोच क्र यहाँ आ गया, इन्हे अपने साथ ले जा इनके बेटे के पास

तुषार- है जी आंटी अब ये अपने बेटे के पास रहेंगी

तुषार तै को लेकर चल दिया, औरत भी उसके साथ चल दी, तुषार ने घर से उसका जरुरी सामान लिया औरत की ईद वगेरा ली जिसमे औरत का नाम कमला था, अपने hi नाम पैर उसने अपने बेटे का नाम कमल रखा था,

तुषार कमला तै को लेकर सीधे पास के सिटी पंहुचा और एक बड़े हॉस्पिटल में पंहुचा और डॉ. को कमला की हालत batai,dr. ने पूरा चेकउप किया और बताया इलाज न मिलने की वजह से इनकी ये हालत हुई ह, अगर कुछ सालो तक ठीक इलाज चला तो ये ठीक हो सकती ह, लेकिन अब शरीर पूरी तरह ठीक नहीं हो पायेगा लेकिन हम कोशिश करेंगे

तुषार- आप जो हो सकता ह कीजिये

डॉ- लेकिन इसमें बहुत खर्चा आएगा

तुषार- आप खर्चे की फ़िक्र न करे

डॉ.- ठीक ह इन्हे यही एडमिट करवा दो, 3 दिन बाद इन्हे **** सिटी में हॉस्पिटल में भेज दिया जायेगा वह ऐसे बहुत मरीज हैं और उनके हिसाब से घर जैसा माहौल बनाया गया ह

तुषार- ठीक ह डॉ. मैं इन्हे एडमिट करवा रहा हु लेकिन मैं हमेशा नहीं आ पाउँगा तो पैसे के लिए कोई इंतजाम बताओ

डॉ.- इनका कार्ड बनवा दो और अकाउंट खुलवा दो उस अकाउंट में जितने पैसे डलवा सकते हो डलवा दो, उस कार्ड के जरिये इनके इलाज के लिए पैसे निकलते रहेंगे जब तक पैसे रहेंगे वही से उसे होते रहेंगे ख़तम होने पैर आपको कॉंन्टेक्ट किया जायेगा,

तुषार ने कमला तै को एडमिट करवाया और वो 1 करोड़ रुपये तै के अकाउंट में डलवा दिए, और अपना no. कनेक्ट क्र दिया ताकि पैसे निकलने पैर उसे अपडेट आता रहे,

इस सुब में तुषार को रात हो गई थी, उसे ख्याल hi नहीं रहा वो यहाँ सोनिया के साथ आया था, कमला तै को एडमिट करवा क्र उसे धयान आया वो यहाँ सुबह आया था सोनिया कहा ह उसकी एक कॉल तक नहीं आई थी,

लेकिन सोनिया लगातार उस पैर नजर रखे हुए थे, वो लगातार उसे ऑब्ज़र्व क्र रही थी की तुषार क्या करता ह, सोनिया उस औरत के बारे में सब जानती थी, उसने तुषार का टेस्ट लेने के लिए ऐसा किया था, उसने सोचा तुषार अगर ईमानदार होगा तो पैसे वापस लेकर देगा और नहीं तो झूट बोलेगा की वो पैसे दे आया, तै ने बहार फेंक दिए होंगे लेकिन उसने तो एक नया रास्ता अपनाया, जिससे सोनिया बहुत खुश हुई क्योकि उसने आज तक ऐसा नहीं सोचा था, सोनिया के एक्सप्रेशन से लग रहा था सोनिआ का कमला से कोई न कोई रिश्ता जरूर था,

तुषार ने सोनिया को कॉल किया

मम आप कहा हैं

सोनिया- मैं **** होटल में हु वही आ जाओ

तुषार सीधा होटल पंहुचा सोनिया रूम में 505 में रुकी थी, उसने तुषार को वही बुलाया,

तुषार ने दूर बेल्ल बजे

सोनिया- खुला ह आ जाओ और अंदर आकर लॉक क्र दो

तुषार जैसे hi अंदर गया उसने दूर लॉक किया और अंदर घुसा तो उसकी आँखे फटी रह गई, सामने का नजारा hi इतना खूबसूरत था, सामने सोनिया बीएड के पास एक ट्रांसपेरेंट निघ्त्य पहने कड़ी थी जिसमे से उसके नंगे बूब्स दिख रहे थे और एक छोटी सी पंतय जो साफ़ दिख रही थी, तुषार का गाला सूखने लगा, उसने तुरंत अपनी नजर निचे क्र ली


100478289-166842271528522-2816246954051239936-o.jpg


तुषार- श्री मम वो मैं

सोनिया- अरे शर्मा क्यों रहे हो क्या इससे पहले कभी औरत नहीं देखि

तुषार- मैं वो आपने वो कपड़े

सोनिया- तुम्हे पता ह मैं सोनिया चोपड़ा हु और मैं कोई देहाती गवर नहीं हु मॉडर्न समाज की औरत हु मेरे लिए ये पहनना नार्मल ह, क्या मैं सूंदर नहीं लग रही

तुषार- मम आप तो वैसे hi बहुत सूंदर ह और अब तो आप

सोनिया- अब तो क्या

तुषार- अब तो आप कोई अप्सरा लग रही हैं लेकिन वो सब दिख रहा ह

सोनिया- तो क्या हुआ मेरे पास ह दिखने को इस लिए दिख रहा ह छुपाती वो औरते है जिनके पास कुछ अच्छा होता नहीं ह, तुम hi बताओ मेरे पास ह न अच्छा

तुषार- मम आपके पास सबसे अच्छा ह सब कुछ अच्छा ह,

सोनिया- मुस्कुराते हुए तो क्या मुझे छुपाने की जरुरत ह

तुषार- ये आपका शरीर ह मम आप जैसे चाहे उसे इस्तेमाल करे कोई और ये फैसला करने वाला कोण होता ह

सोनिआ- गुड

अच्छा पैसे दे आये

तुसाहर- जी वो औरत तो पैसे लेने की हालत में थी hi नहीं

सोनिया- फिर वापस ले आये क्या

तुषार- नहीं मम मैं वो

तुषार ने सोनिया को सब कुछ बताया

श्री मम मैंने आपसे पूछे बिना वो सब क्र दिया

सोनिया- कोई नहीं तुमने अच्छा किया मैंने ये पहले क्यों नहीं सोचा था

कैर छोड़ो आओ कुछ पियोगे

तुषार- मम मैं ड्रिंक नहीं करता कोल्ड्रिंक जरूर लूंगा

सोनिया- ठीक ह मेरे लिए बनाओ

तुषार ने सोनिया के लिए ड्रिंक बनाई

तुषार- मम आज हम यही रुकने वाले ह क्या

सोनिया- है तुम्हे कोई प्रॉब्लम तो नहीं

तुषार- नहीं मम, बस ये hi जानना था की मैं कोनसे रूम में रुकूंगा

सोनिया- तुम यही मेरे साथ इसी रूम में रहोगे

तुषार- जी मैं आपके साथ

सोनिया- तुम्हे दर लग रहा ह

तुषार- जी दर नहीं बस

सोनिया- शर्मा रहे हो

तुषार- मम बॉस के सामने शर्माना नहीं चाहिए मैंने ये सीखा ह अगर बॉस के समाने शर्मा गए तो तरक्की नहीं क्र पाओगे

सोनिया- वैरी गुड, मैं तुमसे बहुत खुश हु तुम हमेशा बेस्ट करते हो आज तुम्हे उसका इनाम मिलेगा

तुषार- ठंकु मम

सोनिया- तो आओ मुझे अपना हुनर दिखाओ, तुमने मुझे एक बॉस के रूप में पूरी तरह खुश किया ह लेकिन क्या एक औरत को खुश क्र सकते हो मुझे तुम्हारा ये हुनर भी देखना ह

तुषार- मम मैं आपके है आर्डर को मानूंगा ये hi मेरा कमिटमेंट ह आप जैसा कहेंगी वैसा करूँगा लेकिन आपको तकलीफ न हो जाये

सोनिया- मुझे तकलीफ हहहह अभी ऐसा कोई नहीं हुआ जो मुझे तकलीफ दे सके, आओ दिखाओ क्या कर सकते हो तुम

तुषार सोनिया के सामने बैत गया और उसकी जांघो को सहलाने लगा और अपने हॉट उसकी जांघो पैर रख दिए,


kissing-on-the-thighs.webp




सोनिया- तुमने मेरे हॉट क्यों नहीं चूमे

तुषार- मम मैं आपका एम्प्लोयी हु मुझे अपनी जगह पता ह वो जगह आप खुद मुझे दे दे तो आपकी मर्जी होगी लेकिन मैं अपनी मर्जी से नहीं ले सकता,

सोनिया बहुत खुश हुई और उसने तुषार को पकड़ा और अपनी तरफ खींच क्र उसके होतो पैर अपने हॉट रख दिए,


150561242-low-angle-view-of-handsome-man-touching-leg-and-kissing-seductive-girlfriend-in-shirt.jpg


कुछ देर हॉट चूमने के बाद सोनिया तुषार का सर निचे की तरफ ले जाने लगी, पहले उसने अपनी चूचिया तुषार के मुँह पैर अच्छे से रागादि,

m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-HIXRFn-FWey5w-zw-4468311b.gif




फिर निचे ले जाने लगी, तुषार इशारा समझते हुए निचे जाने लगा और पंतय के उप्पेर से छूट पैर अपने हॉट रख दिए,

tumblr-inline-mxv03wizf21rr6ht5540.gif




सोनिया ने अपनी आँखे बंद क्र ली, तुषार ने पंतय निचे की

undressing-001-6.gif




और अपने हॉट सोनिया की छूट पैर रख दिए, और चूसने लगा, तुषार अपनी पूरी कला का प्रदर्शन क्र रहा था, वो जीभ को अंदर तक दाल क्र चूस रहा था,

A0B9B1A.gif


काफी देर तक तुषार उसकी छूट को चुस्त रहा, सोनिया एक बार तो उसके मुँह पैर hi झाड़ गई,

सोनिया- अब अपने हतियार का भी प्रदर्शन करो

तुषार समझ गया सोनिया उसका लुंड देखना भी नहीं चाहती आखिर उसके नौकर का लुंड था ऐसे कैसे देखती लेकिन सोनिया को नहीं पता था उसके अंदर अब क्या जाने वाला ह,

सोनिया आँखे बंद किये लेती थी, तुषार ने जल्दी से कपडे निकले और सोनिया के पैरो के बिच आ गया,

तुषार- मम आप तैयार हैं

सोनिया- मैं कोई कुँअरि लड़की नहीं हु जिसे तैयार होना पड़े तुम शुरू करो बस कोशिश करना जल्दी मत झड़ना और अंदर मत झना

तुषार मुस्कुराया जी मम आपको शिकायत नहीं होगी जब शिकायत हो तो मुझे रोक देना

सोनिया को समझ नहीं आया,

तुषार ने जैसे hi अपना टोपा सोनिया की छूट पैर रखा, सोनिया एक दम सिहर उठी क्योकि आज से पहले इतना मोटा उसने कभी फील नहीं किया था,


IMG-20240217-132035.jpg


उसकी छूट का पूरा मुँह धक् गया था, सोनिया कुछ देख पति उससे पहले तुषार ने लुंड को आगे धकेल दिया,

लुंड छूट को चीरता हुआ आधा अंदर घुस गया, सोनिया की तो आँख hi बहार आ गई थी, उसकी साँस hi अटक गाइट hi, उसे उम्मीद नहीं थी लुंड इतना मोटा होगा वो उसके लिए तैयार नहीं थी, ahhhhhhhhhhhhhhhh माँ uuuujjhhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhhh क्या घुसेड़ दिया अह्हह्ह्ह्ह


pussy-penetration-001.gif


तुषार- मम क्या हुआ मुझे लगा आप झेल लेंगी निकल लू क्या,

सोनिया- नहीं नहीं नहीं बिलकुल नहीं ahhhhhhhhhh बस ऐसे hi रुक जाओ ahhhhhhhhhhhhh हिलना मत

तुषार एक दम रुक गया

सोनिया- बहुत मोटा ह इंसान का hi ह न जा निकल दी मेरी

तुषार- मम आपने शायद मुझे बाकि जैसा समझ लिया अगर मैं बाकि सब में अच्छा हु तो इसमें ख़राब कैसे हो सकता हु

सोनिया- वो तो अभी पता चल जायेगा धक्के लगाने शुरू करो

तुषार- पूरा दाल दू या इतने में hi लागू

सोनिया- पूरा अभी पूरा नहीं गया क्या

तुषार- मम अभी तो आधा hi गया ह

सोनिया का मुँह खुला रह गया

सोनिया- धीरे धीरे डालना

तुषार ने हलके हलके धक्के लगाने शुरू किये और लुंड की आगे धकेलता रहा, सोनिया की छूट के साथ साथ गांड भी फटी जार hi थी, उसने बहुत लुंड लिए थे लेकिन ऐसा लुंड आज तक देखा भी नहीं था, सोनिया को लगा उसके हाथ तो अलादीन का चिराग लग गया ह वो बहुत खुश थी,


IMG-20240204-232515.gif


अब छूट थोड़ी गीली होने लगी थी क्योकि सोनिया झाड़ चुकी थी, अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह तुषार लगाओ धक्के आह्ह्ह्हह्ह तुषार ने भी धक्के लगाने शुरू क्र दिए, छूट अभी भी लुंड पैर कासी हुई थी धक्के ज्यादा तेज नहीं थे लेकन फिर भी सोनिया की हालत ख़राब थी,

तुषार उसी पोजीशन में 30 मिनट्स तक लगातार धक्के लगता रहा, सोनिया तीसरी बार झड़ने की कगार पैर थी लेकिन तुषार को जैसे कोई फरक hi नहीं था, सोनिया बड़ी हैरत में थी कोई इतनी देर टेक क hi पोजीशन में लगातार धक्के कैसे मर सकता ह, क्या ये सच में इंसाने hi ह या कुछ और,

सोनिया- तुषार में फिर से आ रही हु तुम पोजीशन बदलना चाहोगे

तुषार- मम आपको जिस पोजीशन में मजा अत ह वही करूँगा

सोनिया तुरंत उठ क्र घोड़ी बन गई

तुषार ने तुरंत लुंड उसकी छूट में भर दिया और पूरी ताकत से धक्के मरने लगा, सोनिया फिर झड़ने लगी अहहहहहहह तुषार अह्ह्ह्हह्ह फाड् दे मेरी छूट अह्ह्ह्हह्ह आज पहेली बार मेरी प्यास बुझी ह आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह अह्ह्ह्हह्हह बना दे भोसड़ा इस छूट का बहुतपिसि ह तू पहले क्यों नहीं मिला मुझे अहहहहहहह छोड़ दे अपनी बॉस की छूट अह्ह्ह्हह


tumblr-mmtsbai-VN51s7u3gao1-500.gif


तुषार- लो मम लो चुद लो ये लोढ़ा आपकी छूट के लिए hi ह जब दिल आये चुद लेना

सोनिया 3 बार झाड़ चुकी थी लेकिन तुषा ररुक नहीं रहा था, सोनिया की हालत ख़राब होने लगी थी, उसकी छूट में जलन होने लगी थी, लेकिन तुषार उसे असली चुदाई दिखाना चाहता था, अगले 15 मिनट्स तुषार ऐसे hi छोड़ता रहा सोनिया न जाने क्या क्या बक्ति रही, जब तुषार झड़ने को हुआ तो सोनिया एक बार फिर झाड़ गई,

तुषार- अह्ह्ह्ह मम मैं आ रहा हु

सोनिया- अंदर hi झाड़ जा अंदर hi झाड़ जा मैं इसे फील करना चाहती हु अहहहहह

तुषार ने 15-20 धक्के तेज तेज लगाए और पूरा रास सोनिया की छूट में भर दिया,


Teen-babe-squeezed-and-fucked.gif


Aahhhhhhhhhhhhhhh अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह मर गई आह्ह्ह्हह जानत दिखा दी आज्ज तो



झड़ते hi तुषार हटने लगा तो सोनिया ने पीछे हाथ लेजाकर उसे अपने उप्पेर hi खींच लिया और सोनिया पास्ट होकर लेट गई तुषार उसके उप्पेर hi लेट गया, सोनिया को बड़ा सकूं मिल रहा था, वही सकूं तुषार को भी था सोनिया के फेस पैर संतुस्ती के भाव थे और तुषार के फेस पैर विजय के भाव,
 
अपडेट-36






काफी देर दोनों ऐसे hi लेते रहे, फिर दोनों उठे तो सोनिया लड़खड़ा गई तो तुषार ने सोनिया को सम्हाला और गोद में उठा लिया, सोनिया किसी प्रेमिका की तरह तुषार की बहो में लिपट गई, तुषार उसे बाथरूम में ले गया और शीट पैर बैठा दिया, तुषार बहार जाने लगा तब सोनिया की नजर तुषार के उस मोठे झूले हुए लुंड पैर गई,


big-cock-big-balls.gif


जो नार्मल पोसिओं में भी अब तक के चूड़े सबसे बड़े लुंड से भी बड़ा लग रहा था, सोनिया को अपनी आँखों पैर विश्वास hi नहीं हो रहा था किसी का इतना बड़ा भी हो सकता ह,

तुषार बहार आ गया, उसके फेस पैर अलग hi मुस्कराहट थी उसने अपना मोबाइल उठाया और जो वीडियो रिकॉर्ड उसने की थी उसे कंप्रेस करके अंजलि को भेज दिया,

तुषार संस- माँ आपकी पहेली दुश्मन कुटिया बनने के लिए त्यार ह अभी उसे स्वाद चखाया ह अब उसे कुटिया बनाऊंगा

अंजलि- ये बस शरुआत ह उसे बहुत कुछ दिखाना ह

तुषार- जरूर माँ

तभी बाथरूम का दूर खुला सोनिया लड़खड़ाती हुई बहार आई, तुषार ने सहारा दिया और बीएड पैर लिटा दिया, फिर बाथरूम में खुद को साफ़ करके आया,

सोनिया तुषार को देख क्र शर्मा रही थी,

आप सब तो जानते hi ह जो मर्द औरत की हवस को ठंडा करने की ताकत रखता ह औरत उसके सामने अपनी आवाज भी ुचि नहीं करती, और आज सोनिया को पहेली बार कोई ऐसा मिला था जिसने एक बार में hi उसकी अब तक की साडी प्यास बुझा दी थी,

तुषार- मम आप ठीक ह न

सोनिया- मुझे नहीं पता था तुम्हारे पास इतना तगड़ा हतियार ह कसम से जान निकल दी मेरी

तुषार- आपको अच्छा नहीं लगा

सोनिया- अच्छा मैं तो दीवानी हो गई हु इसकी पता नहीं इसके बिना रह भी पाऊँगी या नहीं

तुषार- ये हमेशा आपके लिए खड़ा मिलेगा देखो कैसे खड़ा हो गया ह फिर से

तुषार का लुंड फिर खड़ा था


357703565-298902242588459-6362190730601933715-n.jpg




सोनिया बड़ी हैरत से देख रही थी इतनी तगड़ी चुदाई के बाद इतनी जल्दी कैसे खड़ा हो गया और खड़ा होने के बाद जो साइज था उसे देख सच में सोनिया की गांड फैट गई इतना बड़ा और मोटा उसके अंदर गया कैसे होगा,

सोनिया की नजरो को देख क्र

तुषार- मम और सेवा करू

सोनिया- मेरी हालत बहुत बुरी ह मन तो बहुत क्र रहा ह लेकिन हिम्मत नहीं ह,

तुषार ने उदास सा मुँह बना क्र ok मम

सोनिया को उसका उदास होना अच्छा नहीं लगा, तुम क्यों उदास होते हो लाओ इसे मैं शांत क्र देती हु

सोनिया ने तुषार के लुंड को मुट्ठी में भर लिया, और बड़े प्यार से देखने लगी, फिर उस पैर अपने हॉट रख दिए, अपनी जीभ निकल क्र लुंड का टोपा चाटने लगी,


porn-gif-magazine-canadianlust58.gif


और अपना हॉट खोले और लुंड को मुँह में भरने लगी, ये वही सोनिया थी जिसने आज तक सुरेश चोपड़ा के लुंड के अलावा किसी के लुंड को मुँह नहीं लगाया था, कुछ देर पहले उसने तुषार के साथ भी वही किया था लेकिन एक hi चुदाई के बाद वो खुद तुषार के लुंड को मुँह में लेकर बैठी थी,

Animated-GIFs-Only-Big-Cocks-Porno-03-4293694-13.gif


तुषार मजे से खड़ा था और सोनिया निचे बैठ क्र उसका लुंड चूस रही थी, सोनिया को 15 मिनट हो चुके थे लुंड चूसते हुए लेकिन तुषार पैर कोई फरक नहीं था, सोनिया के मुँह से थूक भी रहा था उसकी हालत ख़राब थी, सोनिया ने बड़ी आस भरी नजरो से तुषार को देख

365869621-6193082630801901-4168021849250551017-n.gif


सोनिया- ये झाड़ता क्यों नहीं ह

तुषार- ये बच्चो का खिलौना नहीं ह मम लुंड ह इतनी आसानी से नहीं ठंडा होता

सोनिया- मेरा मुँह दर्द करने लगा ह

तुषार- कोई बात नहीं रहने दीजिये

सोनिया- ऐसे कैसे रहने दू नहीं इसे तो ठंडा करुँगी hi, आ जाओ चढ़ जाओ मेरी छूट पैर और कर लो ठंडा

तुषार- एक बार झाड़ चुक्का हु तो इस बार थोड़ी ज्यादा महेनत लगेगी

सोनिया- क्र लो जो करना ह लगा लो अपनी पूरी महेनत

तुषार- आपको तकलीफ होगी आप बुरा मान जाएँगी

सोनिया- नहीं मानूंगी अपनी पूरी ताकत से रोड डालो मुझे आज मेरे अंदर के रोम रोम को छोड़ दो

तुषार ने तुरंत सोनिया को उठा क्र अपने से चिपका लिया और अपने हॉट उसके होतो पैर रख दिए, और चूसने लगा, और एक हाथ निचे लेजाकर सोनिया की छूट को रगड़ने लगा, कुछ देर बाद उसने सोनिया को बीएड पैर झुकाया और लुंड उसकी छूट पैर लहया और जोर दर धक्का लगा दिया, सोनिया की छूट कुछ देर पहले hi चूड़ी थी तो उसे बहुत दर्द हुआ लेकिन वो शी गई, तुषार ने धीरे धीरे धक्के लगाने शुरू किये, सोनिया की छूट जल्दी hi पानी छोड़ने लगी, तुषा रने अपनी रफ़्तार बधाई, फिर तुषार ने सोनिया के बाल पकडे और उसे घोड़ी की तरह सवारी करने लगा,


puxando-cabelo-sexo-11.gif


सोनिया बस चीखे जार hi थी अह्ह्ह्हह्ह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्ह फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क फ़क में फ़क में, तुषार ने सोनिया के दोनों हाथ पीछे पकडे और धक्के लगाने लगा सोनिया की चूचिया हर धक्के पैर उछाल रही थी,

271494460-1056226284921058-1306756240621644872-n.gif


अब तक सोनिया झाड़ चुकी थी, लेकिन तुषा रही रुका, कुछ देर बाद तुषार ने लुंड बहार खींच लिया तो सोनिया को रहत सी हुई लेकिन अगले hi पल तुषार ने सोनिया को गोद में उठाया और अपना लुंड निचे से उसकी छूट में दाल दिया और धक्के लगाने लगा, ये सोनिया के लिए अलग hi अनुभव था ऐसा करने वाला दुनिया में को इन्ही था जो उसे ऐस ेखिलौने की तरह उछाल सके,

271196071-1291167888126840-8783085686948867120-n.gif




सोनिया फिर झाड़ गई थी, लेकिन तुषार तो जैसे पागल hi हो गया था ो सोनिया को छोड़ता रहा फिर उसे निचे उतरा और खड़े खड़ेही पीछे से लुंड दाल दिया और छोड़ता हुआ बाथरूम में ले गया,

365670980-1360518927894214-2113912318523293564-n.gif


वह लेजाकर उसने सोनिया को दिवार से लगा दिया और पीछे से लुंड उसकी छूट में दाल दिया और छोड़ने लगा, सोनिया की हालत ख़राब हो चुकी थी, उससे खड़ा भी नहीं हुआ जार है था, तुषार अब उसे छोड़ नहीं रहा था अपना गुस्सा निकल रहा था,

tumblr-p6cunz-IBSx1tduf00o5-r1-500.gif




फिर उसने सोनिया को सीधा किया और एक पेअर हाव् ामे उठाया और धक्के लगाने लगा, अब सोनिया का फेस तुषा रके सामने था, सोनिया तुषार को देखे जार hi थी, वो तो तुषा रकि दीवानी हो गाइट hi,

271311001-451335909789608-5770760914419753171-n.gif


अह्ह्ह्हह्ह तुषार तुम पहले क्यों नहीं मिले मुझे मैं तो तुम्हारे लिए hi बानी थी कब से तड़प रही थी तुम्हारे लिए मेरा जनम hi इस लुंड के लिए हुआ ह तुषार आज मुझे पता चल गया ये लुंड hi मेरी मजिल थी, इतने लुंड से चूड़ी हु लेकिन आज तसली हुई ह, आज से तुम मेरे बॉस हो मैं गुलाम बन गई हु तुम्हारी,

तुषार- औरत गुलाम नहीं होती वो तो

सोनिया- रखैल बन गई हु तुम्हे कुटिया बन गई अहहहहहहह अह्हह्ह्ह्ह अह्हह्ह्ह्हह बस बस बस ahhhhhhhhhhh

तुषार- आज से तुम मेरी क्या हो

सोनिए- आज से मैं तुम्हारी कुटिया हु अहहहहह जब दिल आये छोड़ लेना

तुषार- ले मेरी कुटिया तेरे मालिक का लोढ़ा अपनी छूट में ले

सोनिया- आह्ह्हह्ह्ह्ह मालिक आह्ह्ह्हह्ह बना दो भोसड़ा मेरी छूट का अह्हह्हह्ह्ह्ह


unnamed.gif




सोनिया फि रझाड़ने की कगार पैर थी लेकिन वो इतनी बार झाड़ चुकी थी की उसका रास निकल hi नहीं रहा था ो झड़ना चाहती थी लेकिन बहुत प्रेशर बन रह अतः और लुंड रुक नहीं रहा था, उस प्रेशर में ये हुआ की सोनिया ने मूतना शुरू क्र दिया, वो चुड़ते हुए hi मूतने लगी, इस बार झड़ने की जगह उसका मूत hi निकल गया था

sophie-dee-squirting-hoe-2.gif


तुषार फिर भी नहीं रुका वो छोड़ता रहा और सोनिया की छूट से मूत का फवारा निकल रहा था, तुषार भी पूरी तरह गरम हो गया और झड़ने लगा उसने फिर से अपना रास सोनिया की छूट में भर दिया,

लुंड खली करके जब तुषार हटा तो सोनिया वही फर्श पैर गिर गई, उसके अंदर जरा सी भी ताकत नहीं बची थी, तुषार ने उसे उठाया और गरम पानी का शावर चला दिया, शरीर पैर गरम पानी पड़ते hi सोनिया को बड़ी शांति सी मिली, सोनिया से खुद खड़ा नहीं हुआ जार है था तो वो तुषार से लिपट गई और दोनों ऐसे hi काफी देर तक गरम पानी में नहाते रहे जब तक पानी गरम पानी ाँ बंद नहीं हो गया,


419674406-7042824782499742-4610548450451159793-n.jpg


फिर तुषार ने टॉवल से सोनिया को पोछा और खुद को पोछा फिर गॉड में उठा क्र बहार ले आया और बीएड पैर लिटा दिया, सोनिया ने उसका हाथ पकड़ा और उसे भी साथ लिटा लिया, दोनों नंगे hi कम्बल ओढ़ क्र लेट गए, सोनिया 2 मिनट में hi सो गई उसकी हालत बहुत ख़राब हो चुकी थी, तुषार के चेहरे पैर मुस्कराहट थी, सोनिया खुद उसकी कुटिया बन चुकी थी,

रात के 3 बज रहे थे पीछे 4 घंटे से ये लोग चुदाई क्र रहे थे, तुषर ने तो खाना भी नहीं खाया था, सोनिया ने खाना माँगा तो रखा था, उसने सोचा था 15 -20 मिनट्स की चुदाई होगी उसके बाद खाना खा लेंगे लेकिन ये 4 घंटे चली वो तो बिना खाये hi सो गई, लेकिन तुषार ने थोड़ा खाना खाया फिर अंजलि को संस करके साडी डिटेल्स दे दी,

उसने अपना फ़ोन देखा तो उसमे बहुत से संस आये हुए थे जिसमे अनीता के काफी संस थे, वो बस पूछ रही थी तुम आये नहीं कब आओगे, क्योकि उसे आज अनीता के घर जाना था लेकिन सोनिया के काम की वजह से वो भूल गया,

एक अननोन no. से संस आये हुए थे,

Hi,

Hello

कोई रीप्ले नहीं करते

ी वांट टॉक तो यू

Hello

कहा हो मर.

मैं रिंकी हु, क्या माँ से hi बात करना पसंद ह मुझसे नहीं कर सकते

इतना ऐटिटूड किस बात का

ये सब रिंकी ने संस किये थे, रिंकी के संस देख क्र तुषार के फेस पैर मुस्कान आ गई, तुषार का प्लान कामयाब हो रहा था,

फिर वो बिना रिप्लाई दिए सो गया,

जब तुषार सोनिया को छोड़ रहा था उस टाइम अंजलि अपने बीएड पैर लेती बस चाट को निहारे जा रही थी, तुषार सोनिया को छोड़ने की वजह से जग रहा था और अंजलि जाने क्यों जग रही थी, वो पूरी रात नहीं सोइ थी,

अगले दिन 11 बजे सोनिया की आँख खुली तो उसके बराबर में तुषार एक दम नंगा सोया हुआ था उसका लुंड अभी भी खड़ा था, सोनिया बड़े प्यार से तुषार को निहारे जार hi थी, लुंड को देख क्र उसका मन फिर मचल उठा, लेकिन उसे रात की अपनी हालत याद आ गई थी, उसे जब याद आया की तुषार ने छोड़ते छोड़ते उसका मूत hi निकल दिया था तो उसे खुद पैर बड़ी शर्म आई, लेकिन तुषार की तरफ देख क्र बड़ी ख़ुशी सिब hi हुई की उसे ऐसा दुमदार मर्द मिला ह, काश ये जवानी में मिला होता तो दिन रात बस इससे चुदती रहती,

सोनिया ने हल्का सा किश किया तुषार के लुंड पैर और उठने लगी लेकिन उठते hi फिर बैठ गई क्योकि ये भयंकर दर्द हुआ उसकी छूट में और छूट के उप्पेर के हिस्से में, तुषार ने एक hi रात में उसकी छूट सुजा दी थी, और छूट के उप्पेर की हड्डी को उठा दिया था, सोनिया ने अपनी छूट पैर हाथ घुमाया और हिम्मत करके उठी और बाथरूम गई, फिर अपने कपडे पहने,

थोड़ी देर बाद तुषार की आँख खुली

सोनिया- उठ गए

तुषार- श्री मम वो

सोनिया- अरे कोई नहीं आराम से उठो तुम फ्रेश हो जाओ मैंने नाश्ता मंगवाया ह

तुषार नंगा hi उठा और बाथरूम में चल दिया सोनिया उसे देख क्र शर्मा गई

फिर वो फ्रेश होकर आया कपडे पहने और नाश्ता करने बैठ गया,

सोनिया शर्माए जार hi थी, तुषार इस बात को अच्छे से समझ रहा था

तुषार- मम वो कल रात मैंने आपको कुछ गंदे वर्ड्स बोल दिए वो रखैल कुटिया श्री उसके लिए

तुषार जान बुझ क्र उन शब्दों का इस्तेमाल क्र रहा था सोनिया को याद दिलाने के लिए की अब वो उसकी कुटिया ह

सोनिया- कोई बात नहीं श्री तो मुझे बोलना चाहिए वो मेरा वो निकल गया था

तुषार- अरे मम इसमें श्री कैसा वो तो सबसे ज्यादा मजा देता ह मूत के लनिकलने का मतलब होता ह आपने बहुत मजा लिया और अगर आपक मूत नहीं निकलता तो मुझे ये hi लगता आपको मजा नहीं आया

सोनिया- मुझे बहुत मजा आया ऐसा मजा मैंने लाइफ में कभी नहीं किया लेकिन अब शरीर में जान सी hi ख़तम हो गई ह उठा hi नहीं जार है

तुसाहर- कुछ दिन में ठीक हो जाओगी, लेकिन आपने मुझे माफ़ क्र दिया न मैंने आपो अपनी कुटिया कहा

सोनिया- जैसे इतना छोड़ने के बाद मूत निकलने में मजा आता ह वैसे hi ऐसा छोड़ने वाले की कुटिया बनने में भी मजा आता ह और मुझे बिलकुल बुरा नहीं लगा, तुम्हारे मुँह से कुटिया सुन क्र मेरे अंदर एक आग सी लग गई थी,

तुषार- ठंकु लेकिन मैं अब नहीं कहूंगा

सोनिया- क्यों नहीं कहोगे मैंने रात कहा था न अब से तुम मेरे बॉस हो ऑफिस चलने के लिए मैं तुम्हारी बॉस हु सबके सामने लेकिन प्राइवेट में तुम hi मेरे बॉस हो मेरी जान, सोनिया उठी लड़खड़ाती सी तुषार की गॉड में जाकर बैठ गई

सोनिया- क्या बनाओगे मुझे अपनी एम्प्लोयी

तुषार ने सोनिया की कमर में हाथ डाला और अपने लुंड पैर बैठा लिया जरूर मेरी जान ऑफिस में मैं तुम्हे मलक्किन कहूंगा अकेले में तुम मुझे मालिक, ठीक ह मेरी जान

सोनिया ने तुषार के होतो पैर अपने हॉट रख दिए, ठीक ह मालिक, फिर दोनों ने थोड़ी से मस्ती की और वह से निकल अपने सिटी आ गए,

तुषार ने दो दिन की छुट्टी ले ली सोनिया ने भी तुरंत है कर दी क्योकि दो दिन तो उससे भी उठना मुश्किल था,

तुषार सबसे पहले अंजलि से मिला कसबे के बहार के जंगल में अंजलि को दर था कही कोई अभी भी पीछे न लगे हो, अंजलि ने तुषार को गले से लगा लिया और होतो से हॉट मिल गए,


Kiss-hug-romantic-charming-couple-in-forest-tree.jpg


तुसाहर- माँ आज उसे अपनी कुटिया बना लिया ह अब उसे ऐसे नचाउगा की वो भूल जाएगी वो क्या चीज ह

अंजलि- मैं खुश हु बहुत खुश हु आज

तुषार- लेकिन माँ आपके फेस पैर उदासी क्यों

अंजलि- ये तकलीफ ह आज मुझे बदला लेने के लिए उस कुटिया के साथ तुझे बाटना पड़ा,

तुसाहर- माँ ये ज्यादा दिन नहीं होगा जल्दी hi उसे उसकी औकात दिखेंगे हम

अंजलि- जरूर, अच्छा सीमा का ख्याल रख रहा ह न

तुषार- है माँ

अंजलि- उसकी जरुरत भी पूरी करते रहना उसके अंदर बहुत गर्मी ह वो उस गर्मी को कण्ट्रोल नहीं क्र सकती

तुषार- माँ मेरा मन नहीं करता उनके पास जाने का

अंजलि- बीटा तुझे खुद पैर काबू करना होगा अगर तू hi उसे नाराज हो जायेगा तो वो तो और बिखर जाएगी, वो बहुत दरी हुई ह तेरा प्यार hi उसे मजबूती दे सकता ह

तुषार- लेकिन माँ

अंजलि- बस और कुछ नहीं अपनी बहनो का ख्याल रखना ह और अपनी पत्नी का भी

तुषार- जी पत्नी जी आपका होकुम सर आँखों पैर

फिर दोनों ने एक दूसरे को किश किया और वापस आ गए, तुषार सबसे पहले दीपा और रूचि से मिला फिर वो अनीता के घर चला गे,

अनीता- कहा थे कल पूरा दिन मैं कब से संस क्र रही थी रिप्लाई तक नहीं दिया


7907-shweta-tiwari-speaks-on-how-she-was-attacked-by-an-unruly-mob.jpg


अनीता किसी प्रेमिका की तरह झगड़ रही थी,

तुषार- अरे अरे रुको तो बात तो सुनो मेरी

अनीता- क्या सुनु तुम्हे जरा भी फ़िक्र नहीं ह मेरी

तुषार- श्री यार कल मैं जरुरी काम से बहार गया था तो मौका नहीं मिला इस लिए सीधे यही आ गया मिलने

अनीता- बड़े आये मिलने मैं कितना परेशां हो गई थी मालूम भी ह

तुषार- क्यों हो गई थी परेशां

अनीता इस सवाल पैर झेप गई क्योकि अब तो रिंकी भी यहाँ नहीं थी जिसके सामने वो नाटक कर रही होती, ये सब अनीता के दिल से hi निकल रहा था, अनीता एक दम शर्मा गई, लेकिन तभी रिंकी भी आ गई, अनीता जो वह से भागना चाहती थी उसे रुकना पड़ा और नाटक करना पड़ा जो की सच तह नाटक नहीं

अनीता- ऐसा मत किया करो एक संस करके बता तो दिया करो की बिजी हो या बहार हो

तुषार- ok ok डिअर आगे से गलती नहीं करूँगा इस बार माफ़ क्र दो,

अनीता- जाओ माफ़ किया

तुषार- तो क्या फैसला ह देख क्र दर तो नहीं गई थी

अब अनीता का मुँह पीला पद गया शर्म से उसकी गार्डन जमीन में गाड़ी जार hi थी, उसे तुषार का लुंड याद आ गया उसके मुँह से एक शब्द भी नहीं निकला,

तुषार- सच में दर गई क्या

अनीता- नहीं वो वो मैं चाय लेकर आती हु

अनीता किचन में भाग गई

तभी रिंकी तुषार के सामने आकर बैठ गई,

रिंकी- hello मर तुषार

तुषार- hello मिस

रिंकी- मैंने कल तुम्हे इतने संस किये तुमने रीप्ले नहीं दिया

तुषार- श्री मैं बहार गया था संस देर से द्केहे

रिंकी- ok कोई नहीं

तुषार- कुछ काम था क्या

रिंकी- मैं किसी काम के लिए hi संस करुँगी क्या

तुषार- नहीं इससे पहले कभी नहीं किये न इसलिए पूछा

रिंकी- यहाँ मैं किसी को जानती नहीं हु और एक तुम हो जॉय अहा आते हो तो सोचा तुमसे hi दोस्ती क्र लू कोई तो होगा जिससे मैं बात कर पाऊँगी, क्या तुम मुझसे दोस्ती करोगे, या तुम्हे मिलफ hi पसंद हैं यंग नहीं

तुषार- जी क्या

रिंकी- मेरा मतलब बड़ी आगे की औरतो से hi दोस्ती करते हो यंग लोगो से नहीं

तुषार- ऐसी कोई बात नहीं ह मुझे लगा तुम्हे यहाँ के लोग पसंद न आये इसलिए दोस्ती का हाथ नहीं बढ़या

रिंकी- ऐसा किसने कहा

तुषार- कहा तो किसी ने नहीं

रिंकी- तो दोस्ती करोगे मुझसे

तुषार- हम्म्म्म जरूर लेकिन दोस्ती दिल से होती ह एक दम फ्रैंक

रिंकी- मैं कुछ ज्यादा hi फ्रेंक हु मेरे साथ तुम खुद खाओगे बस इससे ज्यादा नहीं

तुषार- दोस्त वही होता ह जो कभी ये न कहे यार बस और नहीं

रिंकी- तो देखते ह कहा तक ले जाते हो दोस्ती को,

तुषार- चाहे कुछ हो जाये दोस्ती नहीं टूटेगी लेकिन दोस्ती का एक hi रूल होता ह no रूल

रिंकी की आँखों में चमक सी आ गई,

रिंकी तुषार से हाथ मिलाने को आगे झुकी तो रिंकी की का टॉप जिसक अगला बहुत बड़ा था जिसके अंदर से रिंकी की चूचिया बिना ब्रा के बिलकुल साफ़ दिख रही थी, तुषार की नजर सीधे वही गई, रिंकी के फेस पैर मुस्कान आ गई, अच्छी लगी न रिंकी ने पूछा


FB-IMG-1508758280254.jpg


तुषार- जी जी क्या

रिंकी- अरे मेरी दोस्ती अच्छी तो लगी न

तुषार- बहुत अच्छी लगी मैं तुम्हारी दोस्ती को बड़े प्यार से सम्हालूँगा

रिंकी- यहाँ तुम hi मेरे अकेले दोस्त हो तो तुम्हे hi सम्हालनी पड़ेगी

तुषार- तुम मेरी दोस्ती सम्हाल पाओगी न

रिंकी आजमा क्र देख लेना

तभी अनीता आ गई रिंकी सीधी बैठ गई,

अनीता अभी भी शर्मा रही थी, तुषार ने इससे ज्यादा कुछ कहना ठीक नहीं समझा क्योकि जो वो करना चाहता था वो हो चुक्का था, तुषार ने चाय पि और वह से निकल गया, और अपने रूम पैर जाकर रेस्ट किया,

अगले दिन तुषार के पास कोई काम नहीं था वो सोच रहा था क्या करे तभी सोनिया की कॉल आई की उसका बीटा यहाँ आ रहा ह उसे एयरपोर्ट पैर अलका अकेले लेने जार hi ह, तो तुम भी वह चले जाओ कही अलका को वही गुंडे दुबारा न मिल जाये, अलका जा चुकी थी तो तुषार ने जल्दी से कपडे पहने और टेक्सी लेकर एयरपोर्ट पहुंच गया, जैसे hi वो वह पंहुचा तो सामने से अलका और उसके साथ एक निहायती खूबसूरत लड़की आती दिखाई दी वो शादी शुदा थी उसने जीन्स और टॉप पहना हुआ था मांग में सिंदूर था,


FB-IMG-1515406979754.jpg




तुषार उनकी तरफ जा hi रहा था की तभी पीछे से एक लड़का आता दिखा जिसे देख क्र तुषार के खून खोल गया क्योकि वो था सोहन चोपड़ा,

उसे देखते hi तुषार का दिमाग घूम गया उसने बहुत जल्दी से अपनी जैकेट उतेरी और, अपनी सॉक्स उतर के अपने hi फेस पैर कवर क्र ली, और पास में बैठे भिकारी से उसकी चादर उठा ली, और पीछे से पहुंच गया सोहन के पास और जाते hi दे घुसे दे घुसे बजने शुरू क्र दिए, जब तक कोई उसके पास पहुँचता तुषर ने उसकी 15-20घुसे जड़ दिए थे, जिससे सोहन के मुँह नक् से खून भें ेलगा, तुषार बस बार बार ये बोले जार है था हीरो बनेगा सेल हीरो बनेगा

सोहन को अच्छे से ठोकने के बाद तुषार वह से भाग गया और जल्दी से कपडे ठीक किये और घूम क्र दूसरी तरफ से आ गया, अलका और उनकी भाभी जिसका नाम नंदनी था दोनों सोहन को सम्हाल रही थी,

जिस दिन सोहन ने रुचे को उठाया था उसके बाद वो आज hi आया था सिटी में और एते hi उसका वही स्वागत हुआ जो उस दिन हुआ था, आस पास के लोग भी आ गए थे, तुषार भी दौड़ क्र आया, क्या हुआ क्या हुआ

अलका- तुषार देखो क्या हुआ

तुषार- अरे ये किसने किया

अलका- लगता ह वही लड़के थे तुम्हे समझ क्र भैया को पिट गए

सोहन- इसे समझ क्र

अलका- है भैया यह एके लोकल गुण्डे हैं जिनका मुझस ेझगड़ा हो गया था तुषार उन्हें दो ार पिट चुके हैं आज उन्हें मौका मिल गया बस तुषार की जगह आप थे अगर तुषार होते तो वो आज भी पिट क्र hi जाते

अलका की बात सुनकर तुषार की हसी आ गई और ऐसे hi मुस्कराहट ननदने के फेस पैर भी थी,

सोहन को कार में बैठाया, अलका कार चलने लगी तुषार आगे बैठ गया, सोहन ने अपना मुँह साफ़ किया,

सोहन- यार तुम बेवकूफ आदमी तुम्हारी वजह से मैं पिट गया

अलका- भैया ये क्या बतमीजी ह इसमेंकि क्या गलती ह इन्होने दो बार मेरी जा बचाई ह उन गुण्डो से, आप के अन्देर्खुद में दम ह नहीं वो अकेला hi तो था आप से लड़ा भी नहीं गया इन्होने अकेले 7-8 को पिता ह

सोहन- वो तो एक दम हमला हु अमिअँ सम्हाल नहीं पाया था

ननदनी- है है वर्ण ये तो उसे उठा क्र फेंक देते

अलका और नंदनी हैं ेलगे तुषार की भी हसी छूट गई

सोहन- तू क्यों है रहा ह और तू यहाँ आया कैसे

अलका- है तुषार तुम यहाँ

तुषार- वो सोनिया मम का फ़ोन आया था की आप अकेले यहाँ गई हो तो मुझे भेजा लेकिन थोड़ी देर हो गई

सोहन- क्या हम पहले कही मिले हैं

अब तुषार की गांड फैट गई उसे याद आया उस रात उसी ने सोहन की पिटाई किट hi वो ये तो भूल hi गया की वो उसे पहचान सकता ह,

लेकिन इसे किस्मत hi कहो क्योकि उस रात अँधेरा बहुत था और सोहन की ऐसी पिटाई हो रही थी की वो तुषार को पहचान hi नहीं पाया था,

तुसाहर- मुझे तो नहीं लगता

ननदनी- पहले इनकी ड्रेसिंग करवा देते हैं और पुलिस रिपोर्ट भी क्र देते हैं,

अलका ने कार पुलिस स्टेशन की टाफ मोड़ दी और पुलिस f.i.r करवा दी,

फिर वो घर पहुंच गए, तुषार भी साथ hi था, सोनिया ने सोहन की हालत देखि वो दौड़ क्र आई क्या हुआ क्या हुआ

अलका- माँ वही लड़के थे उन्होंने भाई को हमारे साथ देखा तो तुषार समझ क्र हमला क्र दिया

सोनिया- तुम ठीक हो तुषार

तुषार- यस मम मैं ठीक हु

सोहन- माँ चोट मुझे लगी ह और आप इसे पूछ रही हो

सोनिया- नहीं बीटा तुझे hi पूछ रही हु

तुषार- श्री मम वो मैं पहुंचने में लेट हो गया ऑटो से गया थान ा

अलका- ऑफ इनके पास बाइक नहीं थी वर्ण जल्दी पहुंच जाते और सबकी अच्छी धुनाई करते

नंदनी अलका की एक्सिटमेंट देख रही थी

सोनिया- कोई नहीं कल ऑफिस की तरफ से तुम्हे बाइक मिलेगी और कंपनी hi उसमे पेट्रोल दलवायेगी,

तुसाहर- मम इसकी क्या जरुरत ह

सोनिया- जरुरत ह कभी कभी सही जगह पहुंचना बहुत जरुरी होता ह अगर देर हो जाती ह तो सब गड़बड़ हो जाता ह,

तुषार- ok मम, अब मैं चलता हु

अलका- खाना खा क्र जाना

तुषार- नहीं मिस मुझे कही जाना ह

सोनिया- हमारे साथ खा लोगे तो कुछ बिगड़ जायेगा क्या

तुसाहर- नहीं मम ऐसी बात नहीं ह

सोनिया- तो खाना खा क्र जाना

तुषार- ok मम

इधर नंदनी और सोहन दोनों hi सरप्राइज थे क्योकि आज से पहले कभी सोनिया ने अपने किसी एम्प्लोयी को इतना सम्मान नहीं दिया था सम्मान तो छोड़ो वो तो बातो में hi इंसल्ट करती थी, और आज तो खुद एक अनजान लड़के को खान ेके लिए रिक्वेस्ट क्र रही ह,

तुषार उनके साथ बैठ गया और खाना खान ेलगा,

कभी अलका तुषार को खाना परोसती तो कभी सोनिया, सोहन तुषार को देख क्र जल भून रहा था, वही नंदनी ये सब शॉकेड हुए देकेः जार hi थी, अलका के फेस की चमक कुछ अलग hi दास्ताँ बया क्र रही थी,

खाना खा क्र तुषार वह से निकल गया, रूम पैर आकर उसने देखा अनीता और रिंकी दोनों के संस आये हुए थे, अनीता उसे खाने पैर बुला रही थी वही रिंकी उसके साथ बहार जाना चाहती थी, खाना तो तुषार खा चुक्का था इसलिए रिंकी के साथ जाना सही समझा वैसे भी उसे रिंकी को hi पातिना था,



उसने अनीता को फिर कभी का वडा किया और रिंकी को मिलने का संस भेज दिया, 1 हरष बाद रिंकी सिटी के मॉल के बहार कड़ी थी एक कड़क माल बन क्र, रिंकी को अमेरिका के जैसी hi कपडे पहनने की आदत थी, लेकिन यहाँ के लोगो के लिए तो किसी माल से काम नहीं थी, हर आने जाने वाला उसे घर क्र देख रहा था, पता नहीं कितने लोगो ने रिंकी को आँखों से hi छोड़ दिया था,
 
अपडेट-37




तुषार और रिंकी मॉल के साफé में बैठे थे, वह बैठे सबकी नजर रिंकी पैर hi थी,


407620938-2531316723708703-6980581825512131902-n.jpg


तुषार- तो मिस क्या लेंगी

रिंकी- मेरा नाम रिंकी ह तो प्लस रिंकी hi बोलो हम फ्रेंड्स हैं

तुषार- ok रिंकी क्या लोगी

रिंकी- हॉट चॉकलेट

तुषार ने खुद के लिए कॉफ़ी और रिंकी के लिए हॉट चॉक्लेट आर्डर क्र दी

रिंकी- यहाँ के लोग कितने चीप हैं

तुषार- क्यों क्या हुआ

रिंकी- ऐसे घर क्र देखते जैसे अभी खा जायेंगे

तुषार- तुम लड़कियों का बड़ा अजीब ह अगर कोई न देखे तब तुम गुस्सा हो जाते अगर देखे तब तुम गुस्सा हो जाते हो

रिंकी- ऐसा नहीं लड़किया सजती hi इसलिए ह की कोई उन्हें देखे लेकिन उनकी सुंदरता को देखते उहे नोचने के लिए नहीं

तुषार- तो जो दिखाना चाहती हो वही दिखाओ दूसरी चीज क्यों दिखानी

रिंकी- मतलब

तुषार- तुम सूंदर हो इसमें कोई शक hi नहीं ह, तो दुनिया को अपनी सुंदरता hi दिखाओ, बाकि का शरीर की नुमाइश क्यों करनी इसे उसी को दिखाओ जिसे दिखाना चाहती हो

रिंकी- लेकिन मुझे पसंद ये सब पहनना

तुषार- तो लोगो की नजर को इग्नोर करो, फिर शर्म किस बात की ह

रिंकी- तुम्हारी नजर कैसी ह मेरे लिए

तुषार- चोकते हुए क्या मेरी नजर मतलब

रिंकी- अरे यार तुम्हारे सामने इतनी हॉट सेक्सी ऑउटफिट में लड़की बैठी ह तो तुम्हारी नजरे क्या खेती ह,

देखो मैं हमेशा से अमेरिका में रही हु वह ये इंडियन कल्चर नहीं ह , वह जिसको जो कहना ह कह देते हैं अगर अच्छा लगे तो दोस्ती नहीं तो अपने रस्ते चलो,

तुषार- लेकिन ये तो इंडिया ह यहाँ सब कुछ सोच समझ क्र किया जाता ह

रिंकी- दोस्ती करने में क्या सोचना

तुषार- दोस्त को सबसे ज्यादा सोच क्र चुनना चाहिए, क्योकि एक दोस्त hi होता ह जो तुम्हे सही गलत बता सकता ह

रिंकी- तुम माँ के दोस्त क्यों बने हो

तुसाहर- दोस्त बनने के लिए रीज़न नहीं चाहिए

रिंकी- अमेरिका में दोस्ती में बहुत कुछ हो जाता ह

तुषार- यहाँ दोस्ती में कुछ नहीं होता अगर कुछ होता ह तो वो दोस्ती नहीं होती

रिंकी- मैंने आज तक अपनी तरफ से किसी से दोस्ती नहीं की

तुसाहर- मुझसे क्यों की

रिंकी- पता नहीं बस तुम लगे जिससे मुझे खुद से दोस्ती करने की इच्छा हुई

तुषार- ये तो मेरी खुशकिस्मती ह

रिंकी- तुम्हारे और माँ के बिच क्या ह

तुषार- दोस्तों के राज नहीं बताये जाते

रिंकी- दूसरे दोस्त को भी नहीं

तुषार- दोस्त विश्वास से बनता ह अगर विश्वास hi न हो तो दोस्ती कैसी

रिंकी- कुछ सोचते हुए, तुम दोस्ती में कहा तक जा सकते हो

तुषार- जहा तक मेरा दोस्त चाहता ह

फिर दोनों मॉल में साथ घूमे रिंकी खुश होती हुई चली गई, वो सोचके कुछ आई थी लेकिन तुषार की बातो से उसका मन बदल सा गया था,

शाम को तुषार गयम में एक्सरसाइज क्र रहा था तभी अलका की कॉल आई,

तुषार- hello मिस

अलका- hello तुषार जी आप मॉल आ सकते हैं क्या

तुषार- जी जरूर, अभी आना ह

अलका- है मैं 20 मिनट्स में पहुंच रही हु

तुषार ने ok कहा और जल्दी से अपने कपडे ठीक किये और ऑटो लेकर मॉल पहुंच गया,

अलका साफé में बैठी हुई थी, बड़ा अजीब इत्तेफाक था जहा कुछ घंटे पहले रिंकी तुषार के साथ बैठी थी उसी टेबल पैर अलका बैठी हुई थी, और बहुत hi खूबसूरत लग रही थी, तुषार वह पंहुचा एक लोअर और जैकेट में,


FB-IMG-1508649784614.jpg


अलका- आप कही बिजी थे क्या

तुषार- जी वो एक्सरसाइज क्र रहा था,

अलका- ओह्ह श्री मैंने आपको ऐसे hi बुला लिया

तुषार- कोई बात नहीं कुछ अर्जेंट था क्या

अलका- बैठिये क्या लेंगे

तुषार- जो भी आप लो

अलका- 2 कैपेचीनो आर्डर क्र दिए

तुषार- जी बताइये

अलका- कुछ खास नहीं बस ऐसे hi मिलने बुला लिया मैं इधर आ रही थी तो सोचा मिल लू

तुषार- बस ऐसे hi

अलका- क्यों मिल नहीं सकती क्या

तुषार- मिल सकती हैं लेकिन रोज तो ऑफिस में मिल hi जाते हैं न

अलका- वो ैतुल्य मुझे कुछ बात करनी थी

तुषार- है जी बोलिये

अलका- क्या मैं तुमसे दोस्ती क्र सकती हु

तुषार- जी दोस्ती लेकिन आप मेरी बॉस हैं

अलका- मैंने कितनी बार कहा मुझे बॉस मत बोलै कीजिये, मैं बस दोस्ती करना चाहती हु अगर आपको मैं इस काबिल लगती हु तो

तुषार- ये कैसी बात कर रही हो आप अगर आप की क़ाबलियत पैर किसी को शक हो गया तो फिर दुनिया में कोई काबिल नहीं ह

अलका- ठंकु तो क्या आप मुझसे दोस्ती करेंगे

तुषार- जरूर मिस लेकिन हमारी दोस्ती कही दुनिया के लिए गलत साबित न हो जाये

अलका- आप है कीजिये दुनिया को मैं देख लुंगी,

तुषार- लेकिन आपकी फॅमिली वो नाराज नहीं हो जायेंगे, मैं आपकी कंपनी में एक एम्प्लोयी हु

अलका- मेरी फॅमिली बस मेरी दीदी हैं, उनके अलावा मुझे फरक नहीं पड़ता कोई क्या कहेगा

Tushar-soniya मम और चोपड़ा सर उनका क्या

अलका- मैंने कहा न मुझे मेरी दीदी से hi मतलब ह बस अगर उन्हें ऐतराज नहीं तो कोई क्या बोलता ह कोई फरक नहीं पड़ता और मुझे नहीं लगता उन्हें ऐतराज होगा, लेकिन क्या आपको ाइटर्ज ह

तुषार- मिस आपकी दोस्ती से भला किसे ऐतराज हो सकता ह और मेरी इतनी अच्छी किस्मत ह की आप खुद मुझसे दोस्ती करना कहती हैं

अलका- कुछ तो खूबी होगी आप में

तुषार- पहले तो आप मुझे आप न बोले दोस्ती में आप नहीं होता

अलका- ठीक ह ये बात दोनों पैर लागु होती ह

तुषार- जी समझ गया मिस, बस मुझे मिस कहने से मन मत करना प्लस

अलका- हस्ते हुए ok नहीं करुँगी,

अहहहहह कितना हल्का सा लग रहा ह

तुषार- क्यों ऐसा क्या मिल गया

अलका- आज लाइफ में पहेली बार मैंने किसी को दोस्त बनाया ह

तुसाहर- ऐसा क्यों

अलका- पता नहीं कभी कोई ऐसा लगा hi नहीं जिससे दोस्ती क्र सकू कभी किसी पैर ट्रस्ट नहीं हुआ

अलका की बात सुनकर तुषार घेरि सोच में दुब गया था,

अलका- क्या हुआ

तुषार- कुछ नहीं बस आपको समझने की कोशिश क्र रहा था

अलका- इतनी कॉम्प्लिकेटेड भी नहीं हु मैं

तुषार- लाइफ में जब कोई नाजुक चीज आपके पास आती ह तो उसका ख्याल कुछ ज्यादा hi रखना पड़ता ह

अलका- इतनी नाजुक नहीं हु मैं

तुसाहर- जिसका दिल इतना नाजुक हो वो नाजुक hi तो खेले जाएगी

तभी अनीता की कॉल आ गई,

अलका- कोई खास ह क्या

तुषार- नहीं रिलेटिव हैं, बाद में बात क्र लूंगा

फिर दोनों ने अपनी कॉफ़ी पि और काफी देर तक मॉल में घूमे फिर विदा लेकर घर आ गए,

घर पहुंचते hi तुषार ने अंजलि को कॉल लगाया और अलका ने वर्षा को,

अलका ने वर्षा को आज अपने और तुषार के बारे में बताया की उसने तुषार से दोस्ती की ह,

वर्षा- बीटा तू कुछ जल्दबाजी तो नहीं क्र रही

अलका- दीदी वो बहुत अच्छा ह

वर्षा- मैं मानती हु वो अच्छा होगा लेकिन अभी तुझे मिले हुए कितना टाइम हुआ ह उससे थोड़ा सबर क्र लेती

अलका- दीदी यहाँ पुरे ऑफिस की लड़किया उसके पीछे हैं अगर किसी ने उसे परपोज़ क्र दिया तो

वर्षा- अगर वो तुझे पसंद करता होगा तो किसी और को देखेगा भी नहीं

अलका- दीदी वो तो मुझे भी नहीं देखता मैं कुछ भी फेनु नजर hi नहीं उठता

वर्षा- फिर तो तू जबरदस्ती उसके पीछे जा रही ह

अलका- दीदी वो मेरी रेस्पेक्ट के लिए नहीं देखता होगा लेकिन अगर मैं उसके पास नहीं गई तो कोई और चली जाएगी

वर्षा- ठीक ह अभी बस दोस्ती तक hi रहना कोई गड़बड़ मत क्र देना मैं आ रही हु तुझसे मिलने

अलका- जी दीदी जल्दी आओ मैं यहाँ अकेली सी हो गई हु वो सोहन भी यहाँ आ गया ह

वर्षा- वो क्यों आया ह

अलका- पता नहीं पूरा परिवार इधर hi भगा आ रहा ह, मैं तो जान छुड़ा क्र यहाँ आई थी ये सब यही आ गए

वर्षा- तू चिंता मत क्र मैं करती हु सबको ठीक

दूसरी तरफ तुषार अंजलि से बात क्र रहा था

अंजलि- कैसे हो

तुषार- बस आप सब के बिना रहना मुश्किल हो रहा ह

अंजलि- मंजिल पाने के लिए कुछ त्याग तो करने पड़ते ह

तुषार- मंजिल पाकर hi रुकूंगा

अंजलि- कैसा चल रहा ह

तुषार- आज वो सोहन चोपड़ा आया ह यहाँ मैंने आते hi एयरपोर्ट पैर थोक दिया भेनचोद को

अंजलि- उसको मत छोड़ना उसने रूचि को छुआ था उसको ऐसी सजा देना की वो किसी को भी न छू पाए,

तुषार- नहीं छू पायेगा

लेकिन आज अलका ने मुझे दोस्ती के लिए पूछा

अंजलि- ये तो अच्छा ह

तुषार- लेकिन वो बहुत hi भोली लड़की ह माँ उसका दिल बहुत नाजुक ह उसके साथ कुछ गलत न हो जाये, कही हम किसी से बदला लेते लेते किसी अच्छे इंसान की दुनिया उजाड़ दे

अंजलि- बस ये hi गलती न हो जाये बदला हो या न हो लेकिन कोई दूसरी अंजलि नहीं बननी चाहिए

तुषार- कोशिश करुगा माँ, लेकिन वो अपने परिवार में बस अपनी बहन से रिश्ता रखती ह, बात तो सबसे करती ह लेकिन उसे अपने परिवार की कोई चिंता नहीं ह

अंजलि- थोड़ा घेरे में जानकारी निकालो, दुश्मन से लड़ने के लिए उसकी हर कमजोरी हर डिटेल हमारे पास होनी चाहिए, आप अपने तरीके से पता करो मैं यहाँ से पता करती हु,

तुषार- सीमा दी को यहाँ से निकलना पड़ेगा सोनिया बहुत नजदीक रहने की कोशिश क्र रही ह उनसे, वो तो मेरी तरफ ज्यादा धयान ह उसका इसलिए टाइम नहीं मिला अब तक वर्ण उसकी नजर सीमा दी पैर रहती ह,

अंजलि- आप जल्दी से वह कण्ट्रोल बनाओ मैं फिर कुछ करती हु

तुषार- आपकी याद आती ह मेरी पत्नी जी

अंजलि- मुझे भी बहुत याद आती ह मेरे पति देव

तुषार- इस दुरी का हिसाब भी लूंगा इन सब से

अंजलि- है आप तो वह अपनी प्यास उस रंडी की छूट से बुझा रहे हैं मैं यहाँ तड़प रही हु

तुषार- उस कुटिया से मेरी प्यास कहा बुझ सकती ह आप hi ह जो मेरी प्यास बुझा सकती ह

अंजलि- जल्दी hi वह आउंगी आपकी प्यास बुझाने, दीपा और रुचे से बात क्र लेना वो बहुत अकेली सी हो गई ह बेचारी,

तुषार- ठीक ह, सचिन और कपिल कब आ रहे हैं,

अंजलि- वो आना चाहते हैं मैंने hi रोका ह यहाँ के हालत ठीक नहीं ह, क्योकि उनके आने से बहुत सी चीजे उलट पलट होंगी,

तुषार- कैसे वह भी कुछ लोचा ह क्या

अंजलि- जहा अंजलि होगी वही लोचा होगा हहहहहए आप वह की चिंता न करे वो बहुत छोटा सा काम ह, और काफी हद तक हो भी चूका ह, लेकिन ये बड़ा ह जो आप क्र रहे हैं

तुषार- लव ु माँ एंड वाइफ

अंजलि- लव ु तू बीटा एंड हस्बैंड

फिर तुषार ने दीपा और रुचे से बात की, दीपा ने रूचि की ज्यादा बात करवाई, क्योकि रूचि ज्यादा उतावली हो रही थी, लेकिन बेचारी अपने दिल का हाल नहीं बया क्र पाई,

फिर तुषार ने अनीता से बात की और रिंकी के बारे में बताया, अनीता थोड़ी सी जेलस फील क्र रही थी अपनी hi बेटी से,

तुषार भी ये महसूस क्र रहा था,

रात में लेता हुआ तुषार सोच रहा था ये क्या हो रहा ह यार लाइफ में, पहले अपनी hi बहन के साथ पहला सेक्स किया फिर दूसरी बहन से फिर अपनी hi माँ से शादी,

फिर ये शाक्षी और उसकी माँ रजनी, वो दोनों माँ बेटी, फिर ये अलका और सोनिया ये भी माँ बेटी अब ये अनीता और रिंकी ये भी माँ बेटी, क्या लाइफ में माँ बेटियों को छोड़ना hi लिखा ह, अजीब hi किस्मत ह लेकिन ये रिंकी का मेटर जल्दी सोल्वे करना होगा कही इस चोपड़ा के चक्क्र में कुछ बड़ा न करना पद जाये, और सब गड़बड़ हो जाये,

लेकिन रिंकी को सुधर क्र अनीता का तो फायदा हो जायेगा लेकिन इस अजय और यश को कैसे इलाज करूँगा ये समझ से बहार हो रहा ह, और ये सोहन चोपड़ा इसे सेल को तो जहा मिलेगा वही मरूंगा भोसड़ी वाला, इसकी माँ छोडूंगा भेनचोद की,

माँ तो छोड़ दी मैं हहहह सेल की बहन छोडूंगा, नहीं नहीं यार अलका बहुत भोली ह उसके साथ कैसे, कोई नई सेल की बीवी तो ह उसे hi ठोकूंगा

ये hi सब सोचता हुआ तुषार सो गया,

अगले दिन ऑफिस में तुषार पंहुचा तो सोनिया के फेस पैर अलग hi निखार था वो तुषार को देखते hi शर्मा गई, तुषार को बड़ा मजा आया सोनिया को देख क्र,

सोनिया ने सबसे पहले तुषार को बाइक की के दी- ये मेरी तरफ से ह अब तुम इसी से ऑफिस आओगे,

तुषार- ok मम

सोनिया- किसी और चीज की जरुरत हो तो मुझे बताना

तुसाहर- मम आपके होते मुझे क्या जरुरत हो सकती ह

सोनिया शर्मा गई

तभी सोहन आ गया

सोहन- माँ हम कब से अपने एम्प्लोयी को बाइक देने लगे

सोनिया- अच्छे एम्प्लोयी की कदर करनी चाहिए बीटा तभी वो हमारे लिए अच्छा काम करते हैं

सोहन- ये क्या काम करता होगा

सोनिया- सोहन तमीज से बात क्र ये मेरे परसनाओल सेक्रेटरी हैं समझे

सोहन- सुर्प्रीस्ली सोनिया को देख रहा था क्योकि आज तक सोनिया ने किसी एम्प्लोयी की तरफदारी नहीं किट hi, सोहन को वह चुप रहना hi सही लगा, लेकिन वो गुस्से से तुसह रको देख रहा था

तुषार मन में- भोसड़ी वाले अगर तेरी माँ मैंने तेरे सामने न छोड़ी तो मेरा नाम भी तुषार नहीं,

सोनिया- तुझे डैड ने यहाँ क्यों भेजा ह

सोहन- उन्होंने कुछ काम दिया ह वो अलका की सेक्रेटरी ह न सीमा

सोनिया ने तुरंत सोहन को आँख दिखा दी,

सोनिया- तुषार सबके लिए कॉफ़ी ले आओगे क्या

तुषार- जी मम

तुषार चला गया लेकिन उसके कान वही थे उसने पेओन को कॉफ़ी लेन को बोलै और केबिन के बहार सुनने लगा,

सोनिया- तुझे जरा भी अकाल नहीं ह क्या किसी के सामने भी कुछ भी कहने लगता ह

सोहन- आपने hi तो कहा था आपका पर्सनल सेक्रेटरी ह मैंने सोचा इसे सब पता होगा

सोनिया- तुझे कभी अकाल नहीं आने वाली, हमारे लिए कोई इतना खास नहीं ह की तुम्हारे डैड की बात उसके सामने की जा सके

सोहन- श्री

सोनिया- है अब बता

सोहन- डैड ने कहा ह की मैं सीमा को पतौ और उसे उसकी माँ के खिलाफ तैयार करू

सोनिया- तुझे अपनी बीवी तो सम्हाली नहीं जाती तू सीमा को फसायेगा, और वो इतनी बेवकूफ ह क्या जो तेरे फसाये में आ जाएगी, क्या उन्हें मुझ पैर विश्वास नहीं रहा क्या

सोहन- आपकी वजह से मैं इस नंदनी के साथ फसा हुआ हु वर्ण मैं किसी ऐसी लड़की से शादी करता जो मेरी सुनती

सोनिया- जो तूने अपनी हालत की हुई ह, ऐसो की कोई लड़की नहीं सुनती, ननदनी फिर भी तुझे तलाक देकर नहीं गई मेरी वजह से

सोहन- उसकी छोड़ो ये बताओ मुझे क्या करना ह

सोनिया- तू कुछ दिन यही रह लेकिन सीमा से दूर रहना बस, तेरे डैड से मैं बात क्र लुंगी,

सोहन उठ क्र जाने लगा तो तुषार ने दूर खटखटाया

सोनिया- आ जाओ

तुषार 2 कप कॉफ़ी लेकर आ गया,

सोनिया- सोहन कॉफ़ी पि क्र जाना

सोहन- मुझे नहीं पिणि मुझे कुछ काम ह, वो चला गया

सोनिया- आओ हम दोनों पिटे हैं कॉफ़ी

तुषार ने कॉफ़ी राखी और सोनिया के पीछे चला गया और उसकी गार्डन पैर मालिश करने लगा,

उउउउउफफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह कितनी रहत मिल रही ह

तुषार- आओ मस्सगे क्र दू

सोनिया- यहाँ पैर

तुषार- ये आपका ऑफिस ह जो मन चाहे करो

सोनिया- अलका आ सकती ह यहाँ नहीं फ्री होकर चलते हैं

तुषार- ok

और हुआ भी ऐसा hi कुछ hi देर में अलका आ गई

अलका- माँ सोहन भाई को समझा दो मेरे ऑफिस की तरफ आँख भी न उठाये वर्ण मुझसे बुरा कोई नहीं होगा,

सोनिया- क्या हुआ

अलका- मेरे ऑफिस में आकर सबको इतनी गन्दी नजर से देख रहे थे और सीमा को तो टच भी किया

सीमा का नाम सुनते hi तुषार का दिमाग घूम गया,

सोनिया- ये लड़का सच में पागल ह मैं इसे वापस भिजवाती हु कल hi,

सोनिया बहार निकल गई अलका तुषार से

अलका- कैसे हो

तुषार- अच्छा हु आप बताइये

अलका- फिर आप बोलै

तुषार- श्री तुम कैसी हो

अलका- अच्छी हु बीएस नींद नहीं आती आज कल

तुषार- है काम का स्ट्रेस बहुत रहता ह न इसलिए हेड मस्सगे ले लिया करो

अलका- ओफ्फफ्फ्फ़ इतना भी स्ट्रेस नहीं रहता और मासागे करने वाला भी तो कोई नहीं ह

तुषार- अरे सोनिया मम ह आपकी भाभी हैं

अलका- यार तुम न

तुषार- क्या हुआ

अलका- कुछ नहीं माँ को टाइम नहीं और भाभी उन्हें क्लब पब पार्टी से फुर्सत मिले तो कुछ करेंगी,

तुषार- अब तो बस आपका दोस्त hi बचा कहो तो मैं क्र दू

अलका- चलो मेरे ऑफिस में वही क्र देना

तुषार- हे ये hi सुनने के लिए बैठी थी क्या मैं तो मजाक क्र रहा था

अलका- लेकिन मैं नहीं क्र रही थी

तुषार- ये ऑफिस टाइम ह इस टाइम बस ऑफिस का हु मैं दोस्ती शाम को

अलका- शाम को चलोगे मेरे साथ

तुषार- कहा

अलका- जहनुम में

तुषार- ok

अलका- तुम जहनुम में भी चल डोज

तुषार- दोस्त जहा ले चले वही चल देंगे

अलका हस्ती हुई बहार चली गई, लेकिन तुषार के फेस पैर गुस्सा था, सोहन ने सीमा को टच किया था उसका दिमाग घूम रहा था,

उसने पुआ दिन गुस्से में निकला, शाम को ऑफिस से निकल क्र रूम पैर आया तो अंजलि को कॉल लगाई और सोहन की हरकत बताई

अंजलि- टुशु अभी कुछ बड़ा होने वाला ह

तुषार- कैसा बड़ा क्या हुआ ह

अंजलि- सुमित ने जानकारी दी ह की सुरेश चोपड़ा की मूवमेंट बढ़ रही ह हमारे शहर में उसने सोहन को किसी मकसद से भेजा ह और कुछ और लोग भी इधर आये हैं,

तुषार- दी को यहाँ से निकलना होगा

अंजलि- मैं उससे बात करती हु वो कुछ दिन की छुट्टी लेकर निकलेगी वह से

तुषार- ठीक ह आप लोग यहाँ से कही दूर निकलो मैं यहाँ की रिपोर्ट देता रहूंगा

अंजलि- आप कब आएंगे बहुत मन क्र रहा आपको देखने का

तुषार- आप यहाँ से कही अलग पहुँचो वही आता हु मिलने

तुषार लेता हुआ सोच रहा था, तभी

अनीता संस- कैसे हो

तुषार- अच्छा हु आप बताओ

अनीता- रिंकी ने आज पूरा दिन फ़ोन नहीं किया अपने बर्फ को

तुषार- ये तो अच्छी बात ह

अनीता- है अब मुझे लग रहा ह वो बदल जाएगी

तुषार- आप अमेरिका नहीं जा रही

अनीता- अब मैं वह कभी नहीं जाउंगी

तुषार- लेकिन पति के बिना रहना आसान नहीं होता

अनीता- पिछले 10 साल से पति के बिना hi रह रही हु मैं 10 सालो में मैंने पति का सुख नहीं देखा तो अब किस लिए जाऊ उसके पास, मैंने अपनी जवानी तड़प क्र काट दी उस इंसान की वजह से और वो अपनी जिंदगी के मजे लेता रहा,

तुषार- आपको देख क्र कोण कह सकता ह आप जवान नहीं ह रिंकी की बहन लगती हैं

अनीता- फ़्लर्ट क्र रहे हो मेरे साथ

तुषार- दोस्त के साथ hi तो फ़्लर्ट कर सकता हु इतना हक़ तो ह मेरा

अनीता- तुम्हारा तो पूरा हक़ ह जो चाहे क्र सकते हो

तुषार- सच में जो चाहे क्र लू

अनीता- है जो चाहो क्र लो

तभी रिंकी का संस आ गया

रिंकी- क्या क्र रहे हो डिअर

तुषार भेनचोद दोनों माँ बेटी एक साथ, यश तू तो गया भोसड़ी के

तुषार- सपने देख रहा हु ब्यूटीफुल

तुषार तो अनीता- सोच लो फिर बस बस मत करने लग्न

अनीता- हे बेसरम मैं क्यों बस बस करुँगी

रिंकी- किसके सपने देख रहे हो

तुषार तो रिंकी- वही जो तुमने उस दिन घर पैर दिखा दिया था,


FB-IMG-1508758280254.jpg


रिंकी- पसंद आ गए क्या

तुषार तो अनीता- लगता ह किसी को वो बहुत पसंद आ गया ह

तुसाहर तो रिंकी- अगर कोई उन्हें भी नापसंद क्र दे तो वो मर्द नहीं हो सकता

अनीता- अच्छा मुझे नींद आ रही ह मैं सो रही हु

तुषार तो अनीता- शर्मा गई क्या हे तेरा शर्माना उफ्फ्फफ्फ्फ़

अच्छा सो जाओ गुट नाईट

रिंकी- चीज तो तुम्हारी भी जबरदस्त ह

तुषार तो रिंकी- मेरी चीज क्या

रिंकी- कुछ नहीं तुमने कुछ दिखाया hi नहीं

अनीता- अम्मा बुला रही हैं मिल क्र बात करुँगी फिर बताउंगी कोण बस बस करता ह

तुषार- तो रिंकी- कल hi तो दोस्ती हुई ह क्या क्या देखोगी

तुषार- तो अनीता- मैं तैयार हु

रिंकी- दोस्ती हो गई न अब क्या छिपाना मैं तो दोस्ती दिल खोल क्र करती हु और दोस्ती में कुछ नहीं छुपाना चाहिए जो दिखा सको दिखा दो

तुषार तो रिंकी- तुमने तो दोस्ती से पहले hi दिखा दिया था

रिंकी- अभी कहा कुछ दिखाया किसी दिन फ्रुस्ता में मिलो

तुषार- दोस्ती में इतनी जल्दी फुर्सत में मिलना ह

रिंकी- दोस्ती में दोस्त एक दूसरे की हेल्प करते ह चाहे किसी भी कीमत पैर हो और अगर तुम्हे कुछ चाहिए तो तुम्हारी ये दोस्त जरूर देगी मुझे जो चाहिए तुम दे देना

तुषार- मैं दोस्ती जरूर निभाउंगा

तभी अलका की कॉल आ गई

अलका- रेडी हो गए

तुषार- श्री अभी होता हु

तुषार तो रिंकी- बाद में बात करता हु कुछ काम ह

रिंकी- ok बी

तुषार जल्दी से रेडी हुआ कुछ देर बाद अलका की कॉल आई, मैं निचे कड़ी हु जल्दी आओ

तुषार दौड़ क्र पंहुचा तो अलका कार लिए कड़ी थी, क्या लग रही थी, उसे देख क्र तुषार के दिल जोर से धड़कने लगा था, कोई गलत फीलिंग्स नहीं थी, बस वो मासूम सा चेहरा जिसे देख क्र कोई भी उससे प्यार क्र बैठे, और वो सेक्सी बॉडी जो किसी का भी इमां डोला दे,


FB-IMG-1519961609807.jpg


अलका- चले या ऐसे hi देखते रहोगे

तुषार- श्री श्री तुषार झेप सा गया था

फिर दोनों कार में बैठ गए,

अलका- अगर टैरिफ करनी ह तो क्र सकते हो

तुषार- जी वो मैं

अलका- रहने दो

तुषार- तुम बाउट खूबसूरत हो और बहुत hi मासूम भी

अलका- ठंकु तुम भी बहुत स्मार्ट हो

तुषार- अब बताओ हम कहा जार हे हैं

अलका- पहले हम खाना खाएंगे फिर पता नहीं कहा जायेंगे

तुषार- मतलब

अलका- हम लॉन्ग ड्राइव पैर जार हे ह मेरा मन ह बस यहाँ से दूर कही तुम्हारे साथ चलती जाऊ

तुषार- मेरे साथ hi क्यों

अलका- क्योकि दीदी के बाद एक तुम hi हो जिसके साथ मैं रहना चाहती हु अपना टाइम बिताना चाहती हु

तुषार थोड़ा परेशां हो गया था, अलका बहुत मासूम थी उसके साथ गलत करते हुए तुषार का दिल बहुत दुःख रहा था लेकिन अपनी माँ के लिए वो कुछ भी करने को तैयार था,

फिर दोनों एक होटल पहुंचे, खाना आर्डर किया, तुषार इससे पहले कभी ऐसे होटल में नहीं आया था, दोनों खाना खा रहे थे तभी वह ननदनी आ गई,

नादानी- अरे अलका यहाँ क्या क्र रही हो

नंदनी को देख क्र अलका दर गई

अलका- भाभी आप यहाँ मैं तो बस खाना खाने आई थी

नंदनी- अरे अरे घबरा क्यों रही हो और ये तो वही ह न तुषार ऑफिस वाला

तुषार- यस मम

ननदनी को देख क्र तुषार भी शोकेड था ज्यादा शोकेड तो वो उसके कपडे देख क्र था, इतने सेक्सी कपडे कोई कैसे पहन सकता ह


408027973-343349881773210-1299529460419103110-n.jpg


अलका- आप यहाँ क्या क्र रही हो

नंदनी- क्लब आई थी एक फ्रेंड आ रही ह उसका वेट क्र रही थी तुम्हे इधर आते देखा तो आ गई

अलका- माँ से मत बताना मैं और तुषार यहाँ आये थे

नंदनी- नहीं बताउंगी जान एन्जॉय करो मैं तो कब से खेती आई हु मजे लिया करो तुम hi घर में घुसी रहती थी, है अपने भाई से मत बताना मैं यहाँ आई थी, वर्ण खामो खा शोर मचाएगा

अलका- ठीक ह भाभी नहीं बताउंगी

ननदनी तुषार को देख क्र मुस्कुराती हुई अपनी गांड को हिलती हुई चली गई,

अलका- ोुह्ह्हह्ह ये क्या हो गया

तुषार- क्या हुआ इतना क्यों घबरा रही हो

अलका- अब तक सबके सामने मेरी इमेज ऐसी थी की मुझे आज से पहले किसी लड़के से बात करते भी नहीं देखा था लेकिन आज तो इतनी रात में तुम्हारे साथ होटल में खाना कहते देख लिया

तुषार- इससे तुम्हारी इमेज पैर कोई दाग नहीं लगेगा और होटल में खाना खाना कोई जुड़ुम तो नहीं

अलका- ये लोग सब अपनी अयाशिया करते रहते हैं मैं खुद को इनसे बचती रहती हु इसलिए नहीं चाहती ये मुझ पैर उंगली उठाये

तुसाहर- अगर दुनिया की उंगलियों से दर गई तो दुनिया से लड़ कैसे पाओगी, तुम खेती हो न तुम्हे बस अपनी दीदी से फरक पड़ता ह फिर क्यों चिंता करनी,

अलका- हहममम अच्छा चले अब यहाँ से कही फि रना आ जाये

फिर दोनों ने जल्दी से खाना खाया, और निकल गए,

रस्ते में काफी दूर तक दोनों चुप छलते रहे, फिर अलका ने ख़ामोशी तोड़ी

अलका- तुम सोचते होंगे मैं बस अपनी दीदी की बात hi करती हु बाकि फॅमिली की क्यों नहीं

तुषार- हम अभी दोस्त बने ह तो मैंने ज्यादा पूछना नहीं चाहा लेकिन तुम्हारे पास सब ह पापा मम्मी 2 भाई 2 भाभी फिर भी तुम अपनी बहन को hi सब कुछ मानती हो,

अलका- उदास होते हुए, कैसे पापा कैसे भाई सब जल्लाद ह सब घिनोने हैं, माँ भी हमेसा उनकी तरफदारी करती रहती हैं, इसलिए मैं माँ से भी दुरी hi रखती हु, और भाभी जब भाई ढंके नहीं ह तो भाभी कैसे अच्छी होती,

तुषार- मुझे तो लगा जैसे तुम्हारे भाई भाभी की आपसे में बनती hi नहीं

अलका- बनेगी कैसे भाई की हरकते hi ऐसी हैं और भाभी भी काम नहीं ह, मंत्री की बेटी ह माँ ने पता नहीं कैसे शादी करवा दी लेकिन ये रॉब चलती ह, न माँ रोकती न भाई, पूरी पूरी रात बहार घूमती ह पता नहीं किस किस के साथ घूमती ह, सोहन रोक hi नहीं पता बस लड़ता रहता ह, माँ पता नहीं कैसे एडजस्ट करती ह की इनका तलाक नहीं हुआ अभी तक,

तुषार- और छोटा भाई

अलका- कमल वो तो जोरू का गुलाम ह बचपन से hi अजीब था वो, उसके कॉलेज की hi लड़की थी कोमल कमिश्नर की बेटी, पता नहीं उसे क्या पान्ड आया उसमे की शादी क्र ली, माँ ने पता नहीं क्या किया की कमिश्नर भी मान गए, वो बस अपनी बीवी का गुलाम ह, उसे कुछ और दीखता hi नहीं, अजीब से शोक ह उसके,

तुषार- और सुरेश सर

अलका- उनका नाम मत लो बस वो इंसान नहीं वो वो

मेरी दीदी बेस्ट ह उनकी वजह से hi मैं खुश रहती हु, वो मुंबई में हैं मॉडलिंग क्र रही ह अपने शोक के लिए घर से दूर रहने के लिए, वो तुमसे मिलने आएँगी

तुषार- मुझसे मिलने क्यों

अलका- मैंने लाइफ में पहेली बार कोई दोस्त बनाया ह तो वो भी देखन चाहती ह ऐस ाक़ों ह जो मुझे पसंद आ गया ह.

तुषार- फिर तो बड़ी तैयारी करनी पड़ेगी,

अलका- है बहुत तेज दिमाग ह उनका

तुषार- फिर तो बचना पड़ेगा

तुषार ने अलका से बहुत कुछ निकलवा लिया था लेकिन अभी सब अधूरा सा था,



फिर दोनों चलते रहे और बाते करते रहे, तुषार ने भी अपनी फॅमिली की एक कहानी बना क्र अलका को सुना दी, रात को दोनों वापस आये,
 
अपडेट दे दिया ह जी इसमें रोमांस काम ह लेकिन कहानी के लिए जरुरी ह उम्मीद ह आपको पसंद आएगा

m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-e-L-G-1qm-XNDo7-HR-43127651b.gif
 
200 पेजेज पूरा करवाने के लिए आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद् जी, मेरी तरफ से आप सभी को बहुत बहुत शुक्रिया, मेरे तन और मन से

images.jpg


hot-gangbang-001.gif
 
बहुत बहुत धन्यवाद् जी आप सभी के प्यार और सपोर्ट के लिए

gangbang-001-1.gif


गुड नाईट आपके सबके प्यार के साथ
 
गुड मॉर्निंग सभी को और बहुत सारा धन्यवाद् बहुत सारा प्यार

36559c373fb080273f348d535b3f5fcf.png
 
अपडेट-38






अगले दिन सीमा ऑफिस नहीं आई थी, तो अलका जूही को अपने साथ लेकर किसी मेटिंग में गई थी, सोनिया के ऑफिस में ज्यादा स्टाफ अभी था नहीं क्योकि ये ऑफिस काम के लिए नहीं जासूसी के लिए खोला था, हल्का फुल्का काम भी हो जाता था, आज तुषार ने सोनिया को जलील करने का सोच लिया था, ऑफिस में आते hi तुषार ने बहो में भर लिया

तुषार- कैसी हो जान

सोनिया- ओहो ऑफिस में hi मालिक बन रहे हो

तुषार- मैं तो प्यार क्र रहा हु, अगर पसंद नहीं आया तो श्री

सोनिया- अरे अरे नाराज क्यों हो रहे हो

तुषार- नाराज नहीं हो रहा मम

सोनिया ने तुषार को अपनी बहो में भर लिया और उसके हॉट चूमने लगी,

सोनिया- अगर मेरे मालिक ऐसे नाराज हो जायेंगे तो ये कुटिया कैसे जी पायेगी


20457651.gif


तुषार- तो अपने मालिक की बात मनो और अपने असली मालिक को प्यार करो

सोनिया- कोई आ गया तो

तुसाहर- कोई नहीं आएगा अलका और जूही मेटिंग के लिए गए हैं

सोनिया ने तुषार की पेण्ट खोलनी शुरू की और लुंड को बहार निकळिया, सोनिया अपने hi ऑफिस में तुषार के सामने घुटनो पैर बैठी थी और तुसाहर के लुंड को शेला रही थी,

फिर उसने तुषा रके लुंड को एपीआई जीभ से छठा और चूसने लगी, काफी देर चूसने के बाद


m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-Uqs-DTe-M5-Rqvkuy-N2-20457731b.gif


तुषार- जान मेरा ऐसे नहीं निकलेगा तुझे कुटिया बनन्ना पड़ेगा

सोनिया- यही पैर अगर कोई आ गया तो

तुषार- रखैल के लिए दुनिया की फ़िक्र ह या मालिक की

सोनिआ मालिक की

तुषार- तो फिर इतने सवाल क्यों

सोनिआ तुरंत कड़ी हुई और अपनी श्रित खोल क्र टेबल पैर दाल दी और अपनी स्कर्ट उतर के टेबल पैर झुक गई

तुषार ने एक थप्पड़ उसकी गांड पैर लगाया,


m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-YE4l2-DLg-Mt3-XTSq-K-20440021b.gif


तुषार मुस्कुराता हुआ उसके पीछे आया और पंतय साइड करके, सोनिया की छूट को सहलाने लगा, फिर अपना लुंड उसकी छूट पैर रगड़ा और एक जोर दर धक्का उसकी छूट में पेल दिया, सोनिया के मुँह से दर्द भरी आह निकल गई, तुषार भी स्पीड से छोड़ने लगा, कुछ दे रेज hi छोड़ने के बाद तुषार ने सोनिया को टेबल पैर बैठाया और छोड़ने लगा, तुषार सोनिया को पुरे ऑफिस में अलग अलग पोजीशन में अलग अलग जगह छोड़ रहा था, सोनिया 2 बार झाड़ चुकी थी, अब तुषार भी झड़ने की कगार पैर था, वो बिना ुरके धक्के लगाए जार है था,

m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-KQ4-MIFQ4-Fk6-GFq-Z-20457541b.gif


तभी ऑफिस का दूर खुला और तुसाहर और सोनिया दोनों की नजर उधर गई तो सोहन वह खड़ा था, वो भोचक्का सा खड़ा था, सोहन को देख क्र सोनिया ने हन्ता चाहा लेकिन तुषार ने उसे हटने नहीं दिया, उसने लगातार धक्के लगाए और अपना रास सोनिया की छूट में भर दिया, aahhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhh

सोनिया भी तभी झाड़ गाइट hi आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ऊऊफफफयफुफुफुफ्फफ्फ अह्ह्ह्ह

सोहन- गुस्से में ये क्या हो रहा ह


3408946-boy-watching-girlfriend-fuck-with-other-man-photo.webp


सोनिया ने जल्दी से खुद को सम्हाला और कपडे उठाये और खुद को कवर किया

सोनिया- तुझे इतनी भी अकाल नहीं ह ऑफिस में कनौक करके जाना चाहिए कितनी बार समझाया ह मेरे ऑफिस में कभी ऐसे मत घुसना

सोहन- आप इस दो कोड़ी के लड़के के साथ ये सब क्र रही हैं

सोनिया- सोहन तमीज से बात कर समझा निकल जा यहाँ से वर्ण मुझसे बुरा कोई नहीं होगा

सोहन- ये आप ठीक नहीं क्र रही ह मैं डैड को बताऊंगा

सोनिया- फिर मैं जो बताउंगी उसके बाद तुझे मुँह छुपाने की भी जगह नहीं मिलेगी समझे, चुप चाप चला जा यहाँ से और फिर कभी मेरी लाइफ में दखल मत देना, मैं तुझसे पहले भी नहीं रुकी थी तो आज क्या रुकूंगी

सोहन- नरम पड़ता हुआ, माँ मैंने आपको कभी रोका ह क्या लेकिन ये लड़का

सोनिया- भाग मादरचोद अगर कुछ बोलै न तो गांड मर लुंगी जा यहाँ से

सोनिया का ये रूप तुषार के लिए भी अजीब था, एक बार तो वो भी गबरा गया

सोहन चुप वह से तुषार को घूरता हुआ निकल गया,

तुषार- श्री जान मैं खुद को रोक नहीं पाया मेरा होने वाला था और तुम जानती हो मेरा कितनी देर में होता ह और जब होता ह तो रुका नहीं जाता

सोनिया- कोई नहीं लेकिन आगे धयान रखना जान ये तो शुक्र ह सोहन था अगर अलका होती तो सब बर्बाद हो जाता

तुषार- पहले तुम कपडे पहन लो

सोनिया ने कपडे पहन लिए

तुषार- सोहन सर को बुरा लगा होगा आपको इस हालत में देख क्र उनकी माँ किसी के साथ ऐसे

सोनिया- उसने मुझे बहुत बार ऐसी हालातो में देखा हुआ ह, अब तो उसके लिए ये नार्मल ह, वो जनता ह मुझे सटिस्फी करना आसान नहीं ह और सुरेश जी के पास टाइम नहीं ह जो मुझे खुश क्र सके,

तुषार- उन्होंने कभी बताया नहीं क्या सुरेश सर को

सोनिया- बताएगा भी नहीं उसके बहुत से राज छुपे ह मेरे पास वो कुछ नहीं बताएगा

तुषार ने एक घेरि साँस ली,

सोनिया- अब तुम जाओ अलका या जूही आ सकती ह,

तुषार वह से निकल गया,

तुषार खुद से- सोनिया तो जलील नहीं हुई साली बहुत बड़ी वाली रंडी ह ये तो अपने बेटे के सामने छोड़ने में भी उसे ऐतराज नहीं ह, लेकिन एक काम ठीक हुआ सोहन के सामने उसकी माँ छोड़ दी साला नजर निचे करके बात करेगा अब

लेकिन इस परिवार के राज कहा से पता करू, किसके पास मिलेंगे ये राज, इस शहर में तो कुछ मिलने वाला ह नहीं,

वही ऑफिस में…

सोनिया फ़ोन पैर - वो आज ऑफिस नहीं आई ह, कही उसे शक तो नहीं हो गया, या इस सोहन ने उसे कल छेद दिया था कही दर गई हो,

सुरेश चोपड़ा- अब वक़्त आ गया ह अब और इंतजार नहीं क्र सकते,

सोनिया- आप क्या करने वाले हैं, अब सोच समझ क्र करना वक़्त बदल चुक्का ह वो अब बड़ी हो चुकी ह उसे सब जानकरी ह, वो इतनी आसानी से हाथ नहीं आएगी,

सुरेश- मैंने सब सोच लिया ह आज से 16 दिन बाद सब होगा और सब हमारे नाम पैर हो जायेगा

सोनिया- वो कैसे

सुरेश ने सोनिया को कुछ जानकरी दी, जिसे सुनकर सोनिया के फेस पैर एक स्माइल आ गई, क्या सच में ऐसा हो सकता ह

सुरेश- जरूर हो सकता ह बस तू तैयारी क्र ले अब सब ठीक हो जायेगा

सोनिया- मैं खुद करुँगी अपने हाथो से करुँगी

सुरेश- है है साली तेरे hi हाथो से होगा,

तुषार ऑफिस से निकल क्र बहार खड़ा था तभी दीपा की कॉल आई,

तुषार- hi मेरी सेक्सी बहन, biwi,Sali, बेटी

दीपा- कैसा ह मेरा भाई पति जीजा बाप

तुषार- बस तुम्हारी याद में तड़प रहा हु

दीपा- अच्छा तब आया तू मेरे पास याद आती तो मिलने नहीं आता

तुषार- आया तो था

दीपा- वो तो फॉर्मल मुलाकत के लिए आया था घेरि मुलाकात कब करेगा

तुषार- जल्दी hi करूँगा

दीपा- अच्छा सुन एक काम की बात आज मैं रजनी के साथ शहर आ रही हु, तू भी मुझे वह मिल और उस के साथ कुछ बात बढ़ा

तुषार- तुम्हारी रजनी से इतनी अच्छी बात हो गई क्या

दीपा- उसे सबक सीखने के लिए मैं कुछ भी करुँगी

तुषार- ठीक ह तो वह पहुंच क्र लोकेशन भेज देना

दीपा- ठीक ह,

तुषार खड़ा सोचता रहा, उसे क्या करना चाहिए क्योकि उसके एक साथ बहुत सरे मिशन थे और इन सब में रजनी एक ऐसी थी जिसे छोड़ क्र कुछ हासिल नहीं होने वाला था, उल्टा रजनी को मजा hi आता, उसकी बेटियों के साथ कुछ करने का तरीका सही नहीं किसी अच्छे इंसान के साथ कुछ गलत न हो जाये, फिर क्या करू उसके साथ,

तुषार खड़ा सोच hi रहा था तभी दीपा का लोकशा आ गई,

तुषार सोनिया के पास गया

तुषार- जान मुझे थोड़ा काम ह मार्किट जाऊ क्या

सोनिया- मेरी जान को अब ये भी पूछना पड़ेगा क्या

तुषार- जान यहाँ तुम hi बॉस हो

सोनिया- बॉस बॉस बोल क्र गांड मर लो मेरी, रखैल तो बना hi रखा ह अपना फिर क्यों बॉस बॉस कतरे हो

तुसाहर- क्योकि मेरी जान मुझे मालिक नहीं बोलती न इसलिए मैं hi बॉस बोल्ड एटा हु,

सोनिया- श्री मालिक अब से शिकायत नहीं होगी

तुषार- अरे तुम तो मेरी जान हो तुमसे कैसी शिकायत

तुषार ने सोनिया के हॉट चूमे और निकल गया, दीपा एक मार्किट में थी, उसके साथ रजनी कविता और रजनी की बड़ी बेटी नेहा भी थी, नेहा और दीपा एक hi कॉलेज में थी तो दीपा ने सबसे पहले उसी से दोस्ती की ये रजनी के लिए भी आसान हो गया, उसे किसी को बताना hi नहीं पड़ा की वो दीपा के पीछे क्यों घूमती रहती ह, अब वो उसकी बेटी की दोस्त थी तो बात करना आसान था,

तुषार की नजर सबसे पहले रजनी पैर गई जो उसे बड़े घेरि नजर से देख रही थी, तुषार ने उसे नमस्ते किया, वही कविता बड़ी कामुक नजरो से तुषार को देख रही थी, उसे देख क्र तुषार को बस वाला सीन याद आ गया था, वो तुषार को बड़ी कामुक नजरो से देख रही थी,

तुषार मन में- भेनचोद ये भी साथ आई ह ये तो बड़ी चालू औरत ह,

तीसरी रजनी की बेटी पैर नजर गई, बड़ी सूंदर थी,

तुषार मन में- ये रजनी की दोनों बेतिया बड़ी खूबसूरत ह

दीपा तुषार का हाथ पकड़ क्र चल दी

तुषार- धीरे से तुम तो पूरी बारात लेकर आ गई

दीपा- नेहा की वजह से hi तो आ पाए हैं और ये पता नहीं क्यों पीछे लग गई,

तुषार- कोई नहीं तुम नेहा को उलझा क्र रखो मैं इन्हे देखता हु, ये बहुत चालू औरत ह बहुत चुड़क्कड़ ह

दीपा- तुझे कैसे पता

तुषार- बस पता ह अगर ये ऐसी ह तो रजनी भी काम नहीं होगी, ऐसी औरत से कोई चुड़क्कड़ औरत hi दोस्ती क्र सकती ह

दीपा- ये अगर चुड़क्कड़ न होती तो इतनी कामिनी न होती इसकी साडी हवस उतर देना

तुषार- तुम्हारे लिए कुछ भी करूँगा

दीपा नेहा को साथ लेकर आगे बढ़ गई, पीछे तुषार चल रहा था रजनी उसके पास आ गई कविता दो कदम पीछे चल रही थी,

रजनी- कैसे हो बीटा

तुषार- ाचा हु आंटी आप कैसी ह

रजनी- बीटा दीपा ने मुझे माफ़ क्र दिया ह क्या तुम्हारे दिल तो मेरे लिए कोई नाराजगी नहीं ह

तुषार- मैं आपसे क्यों नाराज रहूँगा आप दीदी की माँ हैं उनका गुस्सा होने का अधिकार ह, मैं समझता हु आपकी मज़बूरी रही होगी

रजनी- है बीटा तुम बहुत समझदार हो, तुम समझते हो औरत की कितनी मज़बूरी रहती ह

तुषार- मैं समझता हु आंटी और मुझे लगता ह आज भी आपकी मज़बूरी दूर नहीं हुई ह

रजनी- क्या कैसी मज़बूरी

तुषार- ये hi आज भी आप खुल क्र अपनी बेटी को बेटी नहीं कह पति

रजनी- है है सही कहा

कविता उनके पास आ गई,

कविता- दीदी हमरी भी मुलाकात करवा दो इस गबरू जवान से

तुषार ने मुस्कुरा क्र कविता को देखा

रजनी- ये दीपा का भाई ह

कविता- अच्छा

रजनी- तुम बात करो मैं जरा नेहा को सामान दिलवा दू,

रजनी आगे चली गई

कविता- hello मेरा नाम कविता ह

तुषार- hello कविता जी मेरा नाम तुषार ह

कविता- तुम्हे याद ह हम बस में मिले थे

तुषार- याद ह अच्छे से याद ह और आपने मेरा खड़ा क्र दिया था ये भी याद ह

कविता शमन का नाटक करने लगी,

तुषार- शमा क्यों रही ह, आपको कुछ चाहिए जो मेरे पास ह मुझे कुछ चाहिए जो आपके पास ह तो शर्माना क्यों,

कविता- हे दिया बड़े तेज हो तुम तो

तुषार- कविता जी मेरे पास औरत की गर्मी पहचाने का हुनर ह और उसे टांडा करने का हुनर और हतियार दोनों ह, और आपकी आशिकी करने की तो उम्र ह नहीं जो मैं इश्क़ लड़ूंगा, आपको मजा चाहिए और मुझे भी तो देर क्यों करनी

कविता- मुझे तुम अच्छे लगे और तुम्हारी रफ़्तार और भी अच्छी लगी

तुषार- अब ये और बता दो आप की hi गर्मी शांत होनी ह या रजनी जी की भी, क्योकि उनकी आँखों में बहुत प्यास देखि ह मैंने

कविता- बड़ी घेरि नजर रखते हो, लेकिन दोनों को सम्हाल पाओगे

तुषार- बस में आईडिया नहीं हुआ था क्या,

कविता- हो गया था

तुसाहर- फिर बताओ कब औ और कहा औ

कविता- अपना no. दो मुझे मैं कॉल करके बताउंगी कहा आना ह और कब

तुषार- जल्दी करना मुझसे रुका नहीं जा रहा

कविता- मैं तो तुमसे भी ज्यादा तड़प रही हु उसे लेने के लिए

तुषार- पूरी तड़प मिटा दूंगा

तभी दीपा ने आवाज लगाई टुशु कहा रह गया, दीपा को लगा तुषार रजनी को छोड़ क्र कविता के पीछे लग गया ह

कविता तेज चलती हुई रजनी के पास पहुंची, और उसे साडी बात बता दी, रजनी ने एक दम तुषा रको देखा तो तुषार ने भी उसे मुस्कुरा क्र देखा, पहले तो रजनी शर्मा गई, लेकिन फिर मुस्कुरा क्र पलके झपकाई,

तुषार ने ये सब बाते क्र तो ली लेकिन वो बहुत घबरा रहा था, सीधे किसी औरत से छोड़ने को बोल देना और दूसरी औरत के लिए भी चुदाई को बोलना बहुत hi बड़ा कदम था, लेकिन कविता को देख क्र उसकी हरकतों से उसे विश्वास था की वो तो बस छोड़ना hi चाहती ह लेकिन रजनी के लिए उसने बड़ा रिस्क लिया था लेकिन तीर सही दिशा में लगा था,

फिर तुषार ने दीपा को इशारा किया की काम हो गया ह वो जार है ह, दीपा बड़ी सरप्राइज थी इतनी जल्दी क्या क्र दिया उसने लेकिन कुछ कह नहीं पाई, तुषा वह से निकल क्र वापस ऑफिस चला गया, वह अलका दो बार ऑफिस में चक्क्र काट चुकी थी उसे ढूंढ़ने के लिए, ऑफिस में घुसते hi अलका मिल गयी

अलका- कहा थे कब से ढूंढ रही हु

तुषार- क्या हुआ कुछ अर्जेंट ह क्या

अलका- नहीं बस ऐसे hi सूबा से मिले hi नहीं हो

तुषार- ऐसी भी क्या बात हुई जो इतनी बैचेन हो

अलका- बस मैं हु बैचैन कही जाओ तो बता क्र जाया करो

तुषार- सोनिया मम को बताया था

अलका- अच्छा छोड़ो कॉफ़ी पियोगे

तुसाहर- अभी

अलका- है यहाँ कुछ काम नहीं ह पता नहीं माँ ने ऑफिस क्यों खोला ह काम तो कुछ करती ह नहीं बस फ़ोन पैर लगी रहती ह

तुषार- है मैं भी यही सोचता हुए क दो क्लाइंट से मुलाकात होती ह कभी कभी वर्ण काम को आगे बढ़ने का कोई इंट्रेस्ट hi नहीं लगता

अलका- मेरा परिवार रहश्यो से भरा पड़ा ह सब एक से बड़े एक नौटंकी हैं

तुषार- फिर भी परिवार तो ह न

अलका- ऐसे परिवार से न हो तो अच्छा ह,

काहिर मेरी छोड़ो ये बताओ तुम मुझे अपनी फॅमिली से कब मिला रहे हो

तुषार- वो अभी दूर रहते हैं जब मैं अच्छे पैसे कमाने लगूंगा तब उन्हें यही बुला लाऊंगा तब मिल लेना

अलका- ठीक ह चलो कॉफ़ी पीकर आते हैं

दोनों निकल गए,

शाम को दीपा से तुषार की बात हुई, तू इतनी जल्दी क्यों चला गया था, क्या हुआ था, तुषार ने दीपा को कविता की साडी बात बता दी बस वाली भी,

दीपा- बहुत बड़ी रंडी ह ये औरत, मुझे नफरत होती ह मैं इसकी छूट से कैसे निकली

तुषार- दी आप कैसी कैसी लैंग्वेज बोलने लगी हो, रूचि पास में होगी सुन लेगी उसे बुरा लग जायेगा

रूचि स्पीकर पैर सब सुन रही थी,

दीपा- तुझे बड़ी फ़िक्र हो रही ह रूचि की,

तुषार- हमारे घर में वही ह एक दम भोली भली वर्ण तुम दोनों बहन तो पक्की चालू हो गई हो, मेरे लुंड को निचोड़ने में लगी रहती हो

दीपा- तेरा दिल आ गया ह क्या रूचि पैर

तुषार- क्या बकवास क्र रही हो दी वो बहन ह मेरी

दीपा- अच्छा हम बहन नहीं थी तेरी, अच्छा वो तेरी सगी बहन ह और हम किसी और की औलाद ह इसलिए ऐसा बोल रहा ह

तुषार- श्री दीदी श्री मेरा वो मतलब नहीं था, माफ़ क्र दो दीदी मैं ये नहीं कहना छटा था

दीपा- और क्या कहना चाहता था कह तो दिया तूने

तुषार- दीदी ऐसा मत बोलो मेरा वो मतलब नहीं था मैं तो बस ये कहना हचता था की रूचि को मैंने उस नजर से कभी नहीं देखा

दीपा- तो मुझे और सीमा को उस नजर से देखता था

तुषार- नहीं नहीं वो तो आप दोनों hi मेरे पास आये थे मैंने कभी नहीं सोचा था वैसा

दीपा- अगर रूचि भी तेरे पास आये तो क्या करेगा

तुषार- ये क्या बोल रही ह वो ऐसा नहीं करेगी वो बहुत अच्छी ह और उसके दिमाग में ये सब नहीं आता

दीपा- तुझे कैसे पता उसके दिमाग में क्या आता ह, वो भी जवान हो रही ह उसकी भी जरुरत ह

तुषार- मत करो दीदी ऐसी बाते प्लस

दीपा- अच्छा बच्चू दो बहेनो को छोड़ता ह और तीसरी के लिए धर्मात्मा बन रहा ह

तुषार- दीदी ऐसी कोई बात नहीं ह बस रूचि के लिए दिमाग में कभी हवस नहीं आई

दीपा- तो हम सब तेरे लिए हवस मिटने का साधन ह

तुषार- दीदी आप मुझे मेरी बातो में फसा रही हो आपको पता ह आप सब मेरे लिए क्या हो, आप सब मेरा प्यार हो मेरी जान हो

दीपा- है वो तो तूने बता दिया की हम क्या ह अब रूचि hi तेरी सगी ह हम सब तेरी रखैल हैं

तुषार- दीदी ख़बरदार जो फिर कभी ऐसा कहा आप सबसे पहले मेरी बहन हो और फिर मेरी पत्नी हो, आप कभी दुबारा ऐसा शब्द मत बोलना

दीपा- अच्छा नहीं बोलूंगी लेकिन रूचि के लिए सोचना जरूर

तुषार- ये सब छोड़ो और मेरी बात धयान से सुनो,

तुषार ने दीपा को कुछ समझाया

दीपा- इसमें तुझे भी रिस्क हो सकता ह वह और भी लोग हो सकते हैं,

तुषार- इसीलिए मैंने सबको बुलाने को कहा ह

दीपा- ठीक ह

फिर तुषार खाना खाने चला गया, वो जब भी खाना खाने बैठत है तो उसे अंजलि और परिवार की याद आ जाती, उसका मन बड़ा दुखी हो जाता था, ऐसे hi वो दुखी सा बैठा खाना खा रहा था, तभी अनीता की कॉल आ गई,

तुषार- hello

अनीता- hello स्वीट हार्ट कैसे हो

तुषार- ठीक हु

अनीता- क्या हुआ कुछ परेशां हो

तुषार- नहीं तो

अनीता- मुझसे छुपा रहे हो मैं दोस्त हु तुम्हारी मुझसे झूट बोलोगे

तुषार- नहीं ऐसी बात नहीं ह वो बस

अनीता- कहा हो ये बताओ

तुषार- खाना खाने आया था

अनीता- जगह बताओ अभी मैं आ रही हु

तुषार- नहीं मैं ठीक हु

अनीता- जितना बोलै उतना करो बस मैं आ रही हु

तुषार ने एड्रेस बता दिया,

अनीता कुछ hi देर में कार लेकर वह पहुंच गई, और तुषार को कार में बैठाया,

अनीता- क्या हुआ दुखी क्यों हो

तुषार- पता नहीं बस ऐसे hi लेकिन आपको कैसे पता चला

अनीता- आज मैंने पहेली बार तुम्हे स्वीट हार्ट कहा लेकिन तुम्हारा रिएक्शन ऐसा था जैसे सुना hi न हो,

तुषार- ओह्ह श्री

अनीता- अब बताओ क्या बात ह,

तभी तुषार के फ़ोन पैर संस आया तुषार ने संस खोला तो उसका मुँह खुला रह गया ये संस रिंकी का था जिसमे उसने अपनी एक पिछ भेजी हुई थी और लिखा था, कैसी लग रही हु मैं स्मार्त्य,


FB-IMG-1513407780210.jpg


तुषार ने अनीता की तरफ देखा उसने भी वो पिछ देखि तो उसकी आँखे फटी रह गई,

अनीता- ये लकड़ी तुम्हे ऐसी पिछ भेज रही ह ये पागल ह क्या

तुषार- आप जानती hi ह उसे, लेकिन मुझे भी उम्मीद नहीं थी वो इतनी जल्दी करेगी

अनीता- ये कितना अजीब ह न एक माँ अपनी hi बेटी को ऐसा करने के लिए फसा रही ह और तुम्हारा साथ दे रही ह

तुषार- ह तो थोड़ा अत पता hi

अनीता- लेकिन मुझे तुम पैर पूरा विश्वास ह की तुम उसका गलत फायदा नहीं उठाओगे

तुषार- अनीता जी मैं उसके साथ वो सब करने वाला हु इससे ज्यादा गलत क्या होगा

अनीता- लेकिन तुम उसे बदनाम तो नहीं करोगे न, ये तो भरोसा ह और उसके बाद वो जगह जगह मुँह मरना तो बंद क्र देगी

तुषार- मुझे पूरी उम्मीद ह वो फिर कही नहीं जाएगी लेकिन वो मुझसे दूर नहीं जा पायेगी

अनीता- तब की तब सोचेंगे लेकिन मुझे वो यश और उस अलीशा से दूर करनी ह

तुसाहर- अलीशा से क्यों

अनीता- उसी की वजह से वो इतनी बिगड़ी ह वो एक no की ायश औरत ह, अजय उससे बहुत डरता ह वो अजय का बेवकूफ बनती रहती ह अमेरिका की आजादी के नाम पैर

तुषार- फिर तो करना hi पड़ेगा

अनीता- तुम कब करोगे रिंकी के साथ

ये पूछते हुए अनीता शर्म से गाड़ी जा रही थी, उसकी हिम्मत नहीं हो रही थी तुषार को देखने की भी,

तुषार- आप क्या चाहती हो

अनीता- मैं तुम्हे अपना सच्चा दोस्त मानती हु और दिल से प्यार करती हु

तुसाहर- कुछ सोचते हुए अनीता जी हम जो करने जा रहे हैं वो एक बड़ा फैसला होगा. आपके पति आपके देवर से हमारी बनती नहीं ह आपकी जमीन हमे खरीद ली ह और बी रिंकी के साथ ये सब मैं करने जार है हु,

अनीता- तुमने यश के साथ ऐसा क्यों किया मुझे नहीं पता लेकिन उनके साथ ये hi होना चाहिए था,

तुसाहर- मैं तुमसे कुछ बताना चाहता हु क्योकि अब जो मैं करने वाला हु उससे पहले आपको पता होना चाहिए, क्योकि आपने मुझे दिल से अपना दोस्त मन ह और मैं दोस्त को धोका नहीं दे सकता

अनीता ने सवालिया नजरो से तुषार को देखा

अनीता- मैं समझी नहीं

तुषार- जैसे आप मेरे पास अपने मकसद के लिए आई थी वैसे hi आपसे दोस्ती काने में मेरा भी एक मकसद था लेकिन ये सब करना उस मकसद में शामिल नहीं था,

अनीता- कैसा मकसद

तुसाहर- यश और अजय को बर्बाद करना

अनीता- वो तो मैं भी चाहती थी

तुषार- लेकिन मेरे पास अलग कारन थे, और उसी कारन में मेरे मकसद आपको पटना और सेक्स करना शामिल tha,lekin आपने रिंकी को मेरे हवाले क्र दिया, आपकी दोस्ती मुझे वो करने नहीं दे रही अब

अनीता- चोक्ति हुई ये सब मैं कुछ समझी नहीं

तुसाहर- उसके लिए आपको वो रीज़न जानना होगा जिसके लिए मैं उन्हें बर्बाद करना चाहता था

तुसाहर ने बोलना शुरू किया और अंजलि के यहाँ आने से लेकर अजय के रपे तक की पूरी कहानी सुना दी, कैसे यश ने राजेश के साथ वो सब किया कैसे अंजलि को परेसाहन किया कैसे अजय ने अंजलि को फसाया कैसे उसका रपे किया,

अनीता ख़ामोशी से सब सुन रही थी, और कार रोड के साइड में लगा क्र बस तुषार को देखे जा रही थी,

तुषार- ये कारन ह की मैं उन्हें बर्बाद करना चाहता था, मैं चाहता था यश और अजय की घर की औरतो के साथ उनके सामने hi वो सब करूँगा, इसी लिए आपसे दोस्ती की, लेकिन आपकी दोस्ती ने मुझे कमजोर क्र दिया मैं चाहकर भी आगे नहीं बढ़ पाया, अब जब आपने खुद रिंकी को मेरे पास भेज दिया, ये भी मेरेपलान का hi हिस्सा था लेकिन अब मेरी हिम्मत नहीं हो रही, मैं ऐसा इंसाने नहीं हु अनीता जी मेरी माँ ने मुझे किसी के साथ गलत करना नहीं सिखाया, अगर आप अच्छी इंसान नहीं होती तो मुझे कुछ भी करने का दुःख नहीं होता, लेकिन अब मैं ये नहीं क्र प् रहा मैं अपने बदले के लिए आपके और रिंकी के साथ ये सब नहीं क्र सकता,

तुषार की आँखों में आंसू थे, उसे अपना बदला छोड़ने का दर्द हो रहा था लेकिन वो अनीता के साथ भी गलत नहीं करना चाहता था,

जब तुषार चुप हो गया तो अनीता कुछ देर उसे देखती रही, तुषार की हिम्मत नहीं हो रही थी अनीता की तरफ देखने की, लेकिन अगले hi पल जो हुआ उससे तुषार चौक गया उसे समझ hi नहीं आया की ये काया हुआ, एक दम से वक़्त बदल गया हालत बदल गए, क्योकि अनीता ने तुषार के गाल पकडे और अपने हॉट उसके होतो से जोड़ दिए, तुषार भोचक्का सा देखता रह गया,


d88dac783ba72ea375d1b0fb737b3469.gif


1मिनट तक अनीता अपने हॉट तुषार के होतो पैर ऐसे hi रखे रही दोनों में से किसी ने भी कुछ नहीं किया, फिर अनीता अलग हुई उसकी आखे नाम थी,

तुषार- अनीता जी ये

अनीता- मुझे तुम पैर पूरा यकीन था और तुमने मेरा यकीन बरकरार रखा, तुम्हारी माँ के साथ तुम्हारे पिता के साथ इतना गलत हुआ, उन्होंने इतना दर्द तकलीफ झेली सिर्फ उन दोनों की वजह से तुम्हारी जगह मैं होती तो किसी दोस्ती एक इसी इंसाने की फ़िक्र नहीं करती बस बदला लेती, लेकिन तुम फिर भी मेरे बारे में मेरी दोस्ती के बारे में सोच क्र पीछे हैट रहे थे, लेकिन ये दोस्त तुम्हे ऐसा नहीं करने देगी, जो तुमने सोचा ह वही होगा चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी कारण ापद जाये,

तुषार- लेकिन आप

अनीता- इसमें मेरा hi फायदा ह मेरी बेटी मेरे पास आ सकती ह उन दोनों को सबक सीखा सकती हु मैं और मैं तुम्हे वो दे सकती हु जो देना चाहती हु

तुषार- मुझे क्या

अनीता- प्यार, मैं तुम्हे प्यार देना चाहती हु तुम सिर्फ मेरे दोस्त नहीं हो, दुनिया मुझे पता नहीं क्या बोलेगी की इस उम्र में ये सब बेटे की उम्र से प्यार लेकिन ये सच ह मैं तुम्हे प्यार करने लगी हु, अगर जीवन में मुझे कभी प्यार हुआ ह तो अब हुआ ह तुमसे हुआ ह, मुझे नहीं पता मैं सही हु गलत हु मुझे ये करना चाहिए या नहीं लेकिन मैं खुद को रोक नहीं प् रही हु,

तुम मुझे प्यार करो या न करो बस दोस्ती बनाये रखना मेरे लिए वही काफी ह,



और अनीता अपनी सीट से उतर के तुषार की गॉड में आ गई और अपने हॉट उसके होतो पैर रख दिए,

tumblr-l7l1jw22o-M1qb03bc540.gif
 
अपडेट-39






तुषार स्तबध सा उसे देखता रहा, लेकिन अनीता उसके हॉट चूमे जा रही थी, जब तुषार ने कोई रिस्पांस नहीं दिया तो अनीता रुक गई, और तुसाहर को देखने लगी,

अनीता- अगर तुम मुझे इस काबिल नहीं समझते तो

अनीता अपने शब्द पुरे भी नहीं बोल पाई थी की तुषार ने उसके होतो पैर अपने हॉट रख दिया और चूमने लगा, अनीता एक दम जोश में आ गई और तुषार के हॉट चूमने लगी, दोनों काफी देर टेक क दूसरे को चूमते रहे, वो भूल गए की ये सड़क ह कोई भी उन्हें देख सकता ह, तभी सामने से आती कार की रौशनी पड़ी तो उन्हें अहसास हुआ की वॉक अहा ह,


74805ef43356d45684449fa8ad6a87a4.gif


अनीता तुरंत उतर क्र अपनी सीट पैर आ गई, उसके फेस पैर शर्म और मुस्कान एक साथ थी, तुषार थोड़ा सुरपैसे सात है ये सब क्या हुआ, उसे उम्मीद थी कुछ और होगा लेकिन ये तो कुछ और hi हो गया था, अनीता ने कार आगे बढ़ा दी, तुषार को लगा अनीता उसे घर छोड़ेगी लेकिन अनीता ने कार एक सुमसान रस्ते पैर डोडा दी, तुषार पूछना छटा था लेकिन चुप रहा, अनीता कार दौड़ाये जा रही थी, सिटी से बहार एक गाओं के रस्ते पैर लेकर अनीता ने कार को रोक दिया,

तुषार ने अनीता की तरफ देखा, तो अनीता की धड़कन बढ़ी हुई थी, वो कार के स्टेरिंग को बड़ी मजबूती से पकडे हुए थी, फिर उसने तुसाहर की तरफ देखा, दोनों की नजरे मिली और तुषार की नजरो में सवाल था तो अनीता की नजरो में जवाब और उस जवाब में अनीता ने तुषार को अपनी तरफ खींचा और उसके होतो पैर अपने हॉट रख दिए, तुषार समझ गया अनीता क्या चाहती ह,

अगर औरत खुद अपने प्यार का इजहार करके आगे बढ़ रही हो तो उसे कभी रोकना नहीं चाहिए क्योकि वो उसे अपना अपमान समझती ह, प्यार में सब कुछ झेल लेती ह औरत लेकिन जो अनादर पति से मिला हो वही किस और से भी मिल जाये तो फिर वो कभी अपनी नजरो में hi नहीं उठ पति,


giphy.gif


तुषार ने अनीता का साथ देना शुरू क्र दिया, दोनों एक दूसरे के होतो को खाये जार हे थे, काफी देर हॉट चूसने के बाद अनीता ने दरवाजा खोला और कार के बहार जाकर कड़ी हो गई, तुषार भी उतरा और उसके पास पंहुचा, अनीता कार की बोनट पैर शरीर लगा क्र कड़ी थी, तुसाहर भी उसके पास खड़ा हो गया,

अनीता जमीन में देखे जार hi थी, तुषार ने अनीता के हाथ पैर अपना हाथ रख दिया, अनीता ने तुषार की तरफ देखा, अनीता की आँखों में एक नशा सात है, जो उस अँधेरी सड़क पैर कार की जल्दी लाइट जो उनके पैरो से टकरा क्र रिफ्लेक्ट हो रही थी, उसमे अनीता का फेस की चमक दिखाई दे रही थी, अनीता अपनी गांड को मटकती हु कुछ कदम आगे चली और कार की पूरी रौशनी में आ गई, तुसाहर भी उसके पास चलता हुआ आया, और उसकी कमर में हाथ दाल दिया, अनीता बिना किसी विरोध के उससे चिपक गई, दोनों के हॉट फिर मिल गए,


200w.gif


दोनों बड़ी तलीनता से एक दूसरे के होतो को चुम रहे थे, तुषार ने अनीता की कमर पकड़ी हुई थी, अनीता ने अपने हाथ तुषार के हाथ पैर रखा और उसके हाथ को अपनी गांड पैर ले गई, तुषार समझ गया अनीता क्या चाहती ह, तुषार ने अनीता की गांड को पकड़ा और अपने से और तिघ्टलय चिपका लिया, काफी देर दोनों किश करते रहे, फिर अनीता ने तुषार की टीशर्ट उतर दी और उसकी नंगी कार पैर हाथ घुमन ेलगी,

तुषार ने भी अनीता का टॉप में हाथ डाला और निकल क्र अलग क्र दिया, अनीता अब ब्रा और एक टाइट जीन्स में तुषार के सामने कड़ी थी,


411234429-122113548782131851-4380259797172640616-n.jpg




तुषार ने अनीता की आधी बहार दिखती चूचियों पैर अपन ामुह लगा दिया, अनीता ने भी उसके सर को अपनी चूचियों पैर दबा दिया, अनीता के मुँह से ahhhhhhhhhhhhhhh निकल गई,

तुषार कोई जल्दबाजी नहीं क्र रहा था, बड़े प्यार से अनीता की चूचिया शाला रहा था और चुम रहा था, फिर वो चूमता हुआ निचे बैठने लगा, और जीन्स को निचे खिसकने लगा, जेनस उतारते hi अनीता की पंतय दिखने लगी और उसमे से उभरी हुई छूट अलग hi दिख रही थी, तुसाहर ने पंतय के उप्पेर से hi फुले हुए छूट के हिस्से को चुम लिया,

aahhhhhhhhhhhhhhh करते हुए अनीता ने उसका सर वही दबा दिया, फिर तुषार खड़ा हुआ और अनीता को कार के पास ले जाने लगा, कार के बोनट से लगा क्र उसने अनीता की ब्रा उतर दी, अनीता की दोनों वेल शेप्ड चूचिया तुसाहर के सामने थी, बहुत hi खूबसूरत थी, तुषार ने बड़े प्यार से अनीता की चूचिया अपने हाथो में भर ली और चूमने लगा, अनीता ने निचे हाथ लेजाकर उसकी जीन्स खोल दी, जिसे तुषार ने खुद hi निकल दिया, अब दोनों अंडरवियर और पंतय में एक दूसरे से चिपके खड़े थे,


77583437-man-kissing-the-woman-in-underwear-only.jpg




तुषार- कही और चले क्या

अनीता- नहीं ये जगह सबसे बेस्ट ह

तुषार- लेकिन ये जंगल ह यहाँ जगह आराम दायक नहीं ह

अनीता- आराम चाहिए भी नहीं

तुषार- लेकिन आपको तकलीफ होगी

अनीता- तुम्हे पता ह सुहागरात को बीएड वो रूम सब क्यों सजाते हैं

तुषार- ताकि दूल्हा दुल्हन के लिए रोमांटिक माहौल मिल सके

अनीता- है ये एक अच्छा रीज़न ह लेकिन उससे भी बड़ा रेसों ह उस पल को याद गर बनाने के लिए, क्योकि हस्बैंड वाइफ के बिच उसी बीएड पैर पूरी जिंदगी हजारो बार वो सब होगा लेकिन जो फर्स्ट नाईट होगा वो दुबारा नहीं होता, इसलिए उस पल को याद गर बनाया जाता ह सबसे बेस्ट हो, और मेर लिए भी ये पल सबसे बेस्ट ह, तो मैं इसे याद गर बनाना चाहती हु, किसी होटल के बीएड तो जाने कितनी लड़किया रेट गुजर चुकी ह लेकिन ऐसे खुली सड़क पैर रात में बहुत hi काम लोग ह जिन्होंने अपनी लाइफ का फर्स्ट टाइम बिताया होगा, वैसे मेरा फर्स्ट टाइम नहीं ह लेकिन मैं इसे hi अपना फर्स्ट टाइम मानती हु, और यादगार बनाना चाहती हु,

जब भी मैं रात में कार लेकर निकलूंगी तो मुझे अँधेरी सड़क पैर ये पल जरूर याद आएगा, इसलिए इस पल को इतना सुनहरा बना दो की ये मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा पल बन जाये

तुषार- ऐसा hi होगा आज की रात को आप जीवन भर भूल नहीं पाओगी

तुषार ने अनीता को अपनी गॉड में उठा लिया और चूमने लगा, अनीता ने अपने दोनों पेअर तुषार की कमर पैर लप्पेट लिया और उसका साथ देने लगी,


67968686.webp




कुछ देर बाद तुषार ने अनीता को कार की बोनट पैर झुकाया और उसकी पंतय निचे खींच दी, अनीता के पेअर कैंप रहे थे शर्म से क्योकि आज तक उसके साथ कभी ऐसा नहीं हुआ था,

IMG-20240111-222714.jpg


अनीता एक संस्कारी औरत थी उसने यश के अलावा किसी को खुद को चुने नहीं दिया था, लेकिन यश ने कभी उसकी कदर नहीं किट hi, हमेशा उसे निचे hi दिखाया, शादी के 1 साल तो उसके साथ अच्छे से रहा फिर तो उसके पास तभी आता जब बहार से मन भर जाता या कोई नहीं मिलती थी,

तुषार ने अनीता की गांड को शलया और चूमते हुए अपने हॉट अनीता की छूट पैर रख दिए, अनीता का तो बैलेंस hi बिगड़ गया था उसे इतना सुखद अहसास हुआ की वो कार के बोनट पैर लेट गई, तुषार ने अपने हाथो से अनीता की छूट को फैलाया और अपनी जीभ उसकी हकुट में घुस दी, अनीता तो मजे से पागल हुए जार hi थी, ahhhhhhhhhhhh अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह तुषार ahhhhhhhhhhhhh uuffffffffffffffffffffffff uuuummmmmmmmmmmmmmmmmmm

तुषार अपनी जीभ का कमल दिखता रहा, जिसे अनीता ज्यादा देर झेल नहीं पाई और झाड़ गई, क्योकि वो पीछे 10 साल से प्यासी थी, उसने 10साल से मर्द के हाथो का अहसास नहीं किया था, और छूट को तो शादी के 1 साल बाद से hi यश ने मुँह लगाना बंद क्र दिया था, वैसे भी उसने 4 या 5 बार hi अनीता की छूट को चूसा होगा, है अपना लुंड जरूर जबरदस्ती चुसवाते था, अनीता झड़ते हुए पूरी कैंप रही थी उसकी गांड तक थिरक रही थी, जैसे hi अनीता शांत हुई वो पलट गई और तुषा रको खड़ा करके उसके सामने बैठ गई, उसने बड़े प्यार से तुषार के अंडरवियर में से उभरे हुए लुंड पैर हाथ फिराया, और एक बार चुम लिया फिर अंडरवियर को निचे खिसकने लगी, जैसे hi अंडरवियर निचे हुआ तुषा रखा लुंड उछाल क्र सामने आ गया,


Gifs-for-Tumblr-1424.gif


उसे देख क्र अनीता की आँखे फटी रह गाइट hi, ये तो पिछ में देखे हुए से भी ज्यादा मोटा और लम्बा लग रहा था, अनीता एक तक उसे देखे जार hi थी,

तुषार- दर गई

अनीता ने बड़ी कामुक ऐडा से तुषार को देखा और मुस्कुराते हुए लुंड का सूपड़ा अपने मुँह में भर लिया, अनीता ने खुद से कभी लुंड नहीं चूसा था यश ने हमेषा जबरदस्ती hi चुसवाया था, तो उसे कुछ आईडिया नहीं था कैसे करे, वो बस लुंड को मुँह में लेकर अपनी जीभ उस पैर घुमा रही थी,


gooner-hful3-db91d7.gif


ये लुंड चूसने से भी ज्यादा कामुक पोजीशन थी, तुषार अनीता के सर पैर हाथ रख क्र खड़ा था, कुछ देर लुंड चूसने के बाद अनीता का मुँह दुखने लगा, तो उसने अपना मुँह हटा लिया,

तुषार मुस्कुराते hue-dard करने लगा

अनीता ने बस मासूम सा फेस बना क्र हम्म्म्म किया

तुषार ने प्यार से अनीता को उठाया और कार का दूर खोला और अनीता को पीछे की सीट पैर लिटा दिया,

अनीता- बहार hi करे

तुषार- अभी काफी टाइम बाद आप क्र रही हो तो उस पोजीशन में सम्हाल नहीं पाओगी, यहाँ थोड़ा सही रहेगा

अनीता ने बात मन ली और लेट गई, तुषार ने अनीता का एक पेअर सीट पैर फैलाया और दूसरे सीट के निचे लटका दिया, जिससे छूट और खुल क्र सामने आ गई,

तुषार- तो तैयार ह इस पल को याद गर बनाना के लिए

अनीता- पूरी तरह से

तुषार ने अनीता की छूट को कुछ देर के लिए रगड़ा जिससे उसकी छूट थोड़ी गीली हो जाये, फिर अपना लुंड छूट पैर लगाया और दबाव बनाने लगा, अनीता की छूट किसी जवान लड़की से भी ज्यादा टाइट थी, लेकिन उसकी छूट पानी बहुत छोड़ रही थी जिससे लुंड को थोड़ी आसानी हुई और तुषा रके लुंड का टोपा अनीता के छूट में घुस गया,


images.jpg


ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh ahhhhhhhhhhhhhhhh धीरे

तुषार रुक गया, फिर अनीता के होतो पैर अपने हॉट रखे और हलके से लुंड को धकेला, अनीता के मुँह से uuummmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm की चीख निकल गई क्योकि दोनों के हॉट जुड़े हुए थे, अनीता की आँखे फैट गाइट hi जिनसे आंसू आने लगे थे,

तुषार रुक गया और अनीता के हॉट चूमे लगा और उसकी चूचिया दबाने लगा, कुछ देर बाद जब अनीता थोड़ी नार्मल हुई तो, तुषार ने पूछा अब ठीक ह

अनीता ने है में गार्डन हिलाई- धीरे धीरे करना

तुषार मुस्कुराया और हलके से कमर हिलने लगा, लुंड को अंदर बहार नहीं क्र रहा था बस कमर को हिला रहा था, जैसे hi अनीता की छूट और गीली हुई तो लूँ डको जगा बनने लगी, और कुछ hi देर में लुंड हल्का सा बहार आता और अंदर घुस जाता, अभी लुंड आधे से कुछ ज्यादा hi अंदर गया था, तुषा रकोइ जल्दबाजी नहीं क्र रहा था, लेकिन अनीता बेचारी कहा झेल पति और वो झड़ने लगी,


3794c22d8172017126ab5b28798aa35a.gif


अह्ह्ह्हह्हह है अह्ह्ह्हह्ह करो तुषार करो अह्ह्ह्हह्ह करो न अहहहहहह

तुषार ने कमर थोड़ी तेज चलनी शुरू की और इस चक्क्र में एक धक्का तेज लग गया और पूरा लुंड अनीता की छूट में घुस गया, अनीता झाड़ रही थी तो छूट पूरी तरह गरम थी, तो दर्द उतना नहीं हुआ, लेकिन जब अनीता का झड़ना रुका तो उसे अहसास हुआ की लुंड उसकी छू तमे कहा तक जार है ह, तुषार बड़े प्यार से लुंड को अंदर बहार करने लगा था, वो आधा लुंड बहार खींचता और अंदर घुसा देता, अनीता को दर्द हो रहा था लेकिन उस दर्द में अब मजा भी बहुत आ रहा था,

अनीता ने तुषार को बहो में जकड़ा हुआ था तुषार बस अपनी कमर hi हिला प् रहा था, फिर तुसाहर ने कहा अब बहार की पोजीशन को झेल पाओगी आप,

फिर दोनों उठे और कार से बहार आ गए, अनीता कार के बोनट पैर झुक गई और अपनी गांड बहार निकल दी, तुसाहर पीछे आया और अपना लुंड छूट में सेट किया और बड़े प्यार से अंदर घुसा दिया, लुंड छूट को चीरता हुआ अंदर घुस गया, अनीता की दर्द हुआ लेकिन मजा बहुत आया, तुषा रने हलके हलके धक्के लगाने शुरू क्र दिए,


IMG-20240111-222711.gif


तुषार कोई जल्दबाजी नहीं क्र रहा था, और 15 मिनट में अनीता फिर झड़ने लगी, ahhhhhhhhhhhhhh तुषार करो तेज करो आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मैं आ रही हु आह्ह्ह्हह बहुत मजा आ रहा ह ahahhhhhhhhhhhh करो करो करो ऐसे hi करो आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

अनीता की सिसकिया इतनी जबरदस्त थी की तुषार भी खुद को नहीं रोक पाया और उसक अलुंड भी फूल गया था,


IMG-20240111-222710.gif


अह्ह्ह्ह मैं भी आ रहा हु अनीता जी, कहा निकलो

अनीता- अंदर hi इसे बहार मत निकलना अब वही दाल दो

तुषार ने धक्को की रफ़्तार तेज क्र दिए और एक हुंकार के साथ पूरा लुंड अनीता की छूट में खली करना शुरू क्र दिया, अनीता बोनट पैर hi पसर गई तुषार भी उसके पीछे hi लेता रहा, काफी देर बाद तुषार उठा तो लुंड पुक के साथ बहार आ गया,

ahhhhhhhhhhhhhh अनीता के मुँह से अहह निकल गई, अनीता ने पलट क्र देखा तो तुसह रखा लुंड छूट और लुंड क ेरस में भीगा हुआ चमक रहा था जो अभी तक पूरी तरह मुरझाया नहीं था, तुषार ने अनीता का हाथ पकड़ा और खड़ा किया, तो अनीता लड़खड़ा गई, आह्ह्ह्हह्ह

तुषार- दर्द हो रहा ह

अनीता- हम्म्म्म पैर ये hi दर्द मुझे चाहिए था,

तुषार- आप बाथरूम करके आओ उधर मैं इधर फ्रेश हो लेता हु

अनीता कार की साइड में चली गई हलकी होने तुसाहर दूसरी तरफ चला गया, जब तुषार आया तो अनीता उसे नहीं दिखी वो कर के पीछे गया तो वह भी नहीं दिखी, वो ढूंढ़ते हुए सामने आया तो नजारा बड़ा hi कामुक था, कार की सड़क पर पड़ती लाइट में अनीता दोनों पेअर फैलाये सड़क के बिच में बैठी थी,


IMG-20240111-222716.jpg




उस नज़ारे को देख क्र तुषार मुस्कुराया, अनीता ने उंगली के इशारे से तुषार को अपने पास बुलाया,

तुषार चलता हुआ उसके पास पंहुचा, ये क्या ह

अनीता- अपनी आजादी को फील क्र रही हु

तुषार- सड़क पैर नंगी बैठ क्र

अनीता- आज मैंने वो महसूस किया ह जिसके लिए हमेशा तरसी हु, लाइफ में पहेली बार मैंने सेक्स को फील किया ह उसका सुख लिया ह, प्यार को महसूस किया ह, अब बस मेरी आजादी बची थी जो मैंने खुद ने hi किसी के पास कैद क्र दी थी, आज वो आजद हो गई ह उसे फील क्र रही हु

तुषार भी उसके पास में बैठ गया, अनीता ने तुषार की गॉड में सर रख दिया, दोनों काफी देर तक ऐसे hi बैठे रहे,

तुषार ने ख़ामोशी को तोडा- क्या हमने ये सही किया

अनीता- तुम्हारी तरफ से पता नहीं लेकिन मैंने बिलकुल सही किया ह सोच समझ क्र किया ह और मैं ये करके बहुत खुश हु,

तुषार- मैं बस ये सोच रह ाहु आपको इससे कोई तकलीफ न हो

अनीता- तकलीफ से तो निकला ह तुमने मुझे

तुषार- हमारे रिश्ते का कोई भविष्य नहीं ह दुनिया किन अजर में इस रिश्ते का कोई महत्व नहीं ह

अनीता- 19 साल से जिस रिश्ते में बंधी थी उसमे मुझे क्या मिला बस तकलीफ और दर्द, इस रिश्ते में मुझे प्यार कृषि सकूं सब मिला ह, दुनिया क्या खेती ह मुझे फरक नहीं पड़ता, वैसे भी दुनिया के लिए तुम मेरे दोस्त हो और दोस्त hi रहोगे, इससे ज्यादा मैं कुछ नहीं मानुगूँजी,

तुषार- लेकिन अब मेरे लिए मुश्किल हो जाएगी आपने बदला पूरा करने में

अनीता- अब आसानी होगी क्योकि अब मैं तुम्हारे साथ हु और ऐसा बदला होगा की यश और जय की इज्जत की धजिया न उदा दी तो देखना

तुसाहर- कपडे तो पहन लो ठण्ड लग जाएगी

अनीता- तुम्हारे पास होते हुए नहीं लगेगी

तुषार- घर नहीं जाना

अनीता- मन तो नहीं क्र रहा लेकिन जाना तो पड़ेगा, मन करता ह तुम्हे लेकर कही बहग जाऊ यहाँ से

तुषार- वक़्त आने दो शायद मैं hi लेकर भाग जाऊ

अनीता- हहहह मुझे उस वक़्त का इंतजार रहेगा

फिर दोनों ने कपडे पहने और घर की तरफ चल दिए, अनीता को चलने में बड़ी तकलीफ हो रही थी, लेकिन उसके चेहरे की मुस्कान और चमक बढ़ गाइट hi,

अनीता ने तुषार को उसके रूम पैर उतरा और उसे एक किश किया और बोली- रिंकी के साथ आराम से करना वो अभी बच्ची ह

तुषार- श्री इस मामले में क्योकि आपको प्यार चाहिए था इसलिए प्यार दिया लेकिन रिंकी की हवस उतरनी पड़ेगी तो उसे वैसा hi दर्द भी देना होगा तभी वो बाकि दुनिया को भूल पायेगी

अनीता- जैसा तुम्हे ठीक लगे अब वो तुम्हारे हवाले ह

तुषार- ह तो बड़ा अजीब hi की एक माँ खुद कहे रही ह मेरी बेटी के साथ सेक्स करो

अनीता- ये सब उस यश की वजह से ह इसका भी हिसाब चुकाना होगा उसे

फिर अनीता चली गई, इस सब में रात के 2 बज गए थे, तुषार भी थक चुक्का था आते hi उसे नींद आ गई, इस सब में वो रिंकी की जवाब देना भूल hi गया था,

अगले दिन अनीता से उठा भी नहीं जार है था लेकिन वो फिर भी खुश थी, उसने अपनी माहवारी आने और पेट में दर्द होने का बहाना बना क्र लेती रही, वही रिंकी गुस्से में थी तुषार ने उसकी ऐसी पिछ देख क्र भी कोई रीप्ले नहीं दिया उसे टेस्टिव भी हो रही थी,

इधर अंजलि की कॉल आई तुषार के पास मिलने के लिए, तो तुसाहर ने रात को मिलने का प्रोग्राम बनाया, फिर दीपा की कॉल आई

दीपा- आया कुछ उस रंडी का रिप्लाई

तुषार- अभी तो नहीं आया

दीपा- कब आएगा यार

तुषार- इतनी क्यों बैचैन हो सबर करो सबर से hi सफलता मिलती ह

दीपा- मुझसे नहीं होता सबर

तुषार- माँ से सीखो उन्होंने कितने साल सबर किया ह तब जाकर उन्हें सफलता मिलने की उम्मीद जगी ह

दीपा- अरे है सुन याद आया मुझेआज से 15 दिन बाद तू ***** जगह मिलना और धयान रहे किसी को पता न चले

तुषार- वह क्या ह कुछ लोचा ह क्या

दीपा- वही आकर पता चल जायेगा लेकिन अच्छे से तैयार होकर आना बहुत hi बड़ा दिन ह और काम भी बड़ा hi होगा उस दिन

तुषार- ये पहेलियाँ मत बुझाया करो यार

दीपा- पहेली नहीं ह बस जितना कहा ह उतना करना सुबह 8 बजे वह पहुंच जाना समझा, और इस बारे में माँ से भी जीकर मत करना समझा

तुषार- ठीक ह समझ गया

दीपा- और उस कुटिया को जल्दी से छोड़ मुझसे बर्दास्त नहीं हो रही उसकी ख़ुशी

तुषार- ठीक ह ठीक ह अब कुछ काम क्र लू क्या

दीपा- है क्र ले मैंने कब रोका हुआ ह

फिर तुषार अपनी टेबल पैर बैठ गया तभी वह सोहन आ गया,

सोहन- ए मेरे लिए कॉफ़ी भिजवा ऑफिस में

तुषार ने बड़े गुस्से में देखा उसे

सोहन- ऐसे क्या देख रहा ह माँ के साथ वो सब करने से तेरी औकात नहीं बदलेगी समझा चल कॉफ़ी मंगवा मेरे लिए

सोहन सोनिया के ऑफिस में चला गया, आज सोनिया ऑफिस में नहीं थी वो किसी को कुछ बता क्र नहीं गाइट hi, ये बात तुषार के लिए भी थोड़ी शॉकिंग थी, इसका मतलब सोनिया अभी पूरी तरह उसके काबू में नहीं आई ह वो अपने राज इतनी आसानी से नहीं खोलेगी, और कोण ह जो खोल सकता ह राज, इस भोसड़ीवाले की ठुकाई क्र दू क्या ये सब बता देगा,

लेकिन ये साला रंडीबाज क्या बताएगा इस ेखुद कुछ नहीं पता होगा, लेकिन ये ननदनी मुझे कुछ तेज तरत लग रही ह लेकिन ये हाथ नहीं रखने देगी, इसके अंदर ऐटिटूड hi अलग लेवल का ह

क्या करू यार हर बार यहाँ आकर अटक जाता हु, जब तक इनके पुरे राज पता न चले तब तक कुछ नहीं क्र सकता, पता नहीं कोण कितने पानी में ह और जब तक कमजोरी पता न चले दुश्मन से भिड़ना ठीक नहीं, सबसे पहले इस नंदनी की जानकारी निकालनी पड़ेगी ये hi मुझे आगे की जानकारी दे सकती ह,

फिर तुषार वह से निकल क्र अलका के ऑफिस में चला गया तो देखा नंदनी भी वही बैठी थी,

अलका- आइये आइये आज जनाब को इधर की याद कैसे आगे

तुसाहर- आज हमारी बॉस ऑफिस में नहीं ह तो हम आजाद ह कही भी घूम सकते हैं

अलका- माँ कहा गई

तुसाहर- पता नहीं कुछ बता क्र नहीं गई मैंने सोचा तुम्हे पता होगा

अलका- मुझे नहीं पता भाभी आपको पता ह क्या

ननदनी- गई होगी किसी से मिलने

नंदनी के कहे गए शब्द और जिस तरह से कह ेगये थे उससे साफ़ था की ननदनी बहुत कुछ जानती ह सोनिया के बारे में

अलका- अरे कोई मीटिंग होती तो तुषार को लेकर जाती

तुषार- छोड़िये आ जाएँगी,

कॉफ़ी नहीं पिलवाएंगी आज

तुषार जान बुझ क्र आज थोड़ा फ्रेंडली हो रहा था नंदनी को दिखने और उसके रिएक्शन जानने के लिए,

अलका- अरे बैठिये बैठिये सर जी अभी मंगवाती हु

ननदनी- उधर के ऑफिस में कॉफ़ी नहीं बनती क्या

तुसाहर- बनती ह मम लेकिन अकेले पिने का मन नहीं होता

अलका ने कॉफ़ी मंगवा ली,

तीनो कॉफ़ी पि रहे थे, अलका तुषार को इतना फ्रैंक देख क्र थोड़ी खुश थी, तभी बहार से सोहन आ गया

सोहन- तू यहाँ बैठ क्र कॉफ़ी पि रहा हमजे मर रहा ह, मैंने तुझे कॉफ़ी लेन के लिए बोलै था वो क्यों नहीं पहुंची ऑफिस में, तुझे सैलरी यहाँ बैठ क्र गप्पे लड़ने की दी जार hi ह क्या,

अलका- ये क्या बतमीजी ह भाई

सोहन- तू चुप रह तुझे पता ह मैंने इसे मेरे लिए कॉफ़ी लेन को कहा था ये अंदर तक आया भी नहीं

तुषार- ी ऍम नॉट ऑफिस बॉय मर. सोहन चोपड़ा ी ऍम पर्सनल सेक्रेटरी ऑफ़ मरस. सोनिया चोपड़ा एंड शी नस्तूरक्ट में तहत ी ऍम ओनली अंसवेराब्ले फॉर मरस. सोनिया चोपड़ा नॉट अन्य ओने सर.

तुषार की बात सुनकर सोहन का पारा चढ़ गया वही नंदनी की हसी छूट गई

सोहन- तू क्यों है रही ह तुझे बड़ा मजा आ रहा ह ये तेरे पति की बजती कर रहा ह और तू मजे ले रही ह ताका भीड़ गया ह क्या इससे

ननदनी- सोहन जबान सम्हाल क्र बात करो

अलका- भाई चले जाओ यहाँ से वर्ण अच्छा नहीं होगा

सोहन- तुम दोनों और वो माँ तीनो इसके पीछे लगी हुई हो

अलका- भाई चले जाओ यहाँ से वर्ण

ननदनी- सोहन तुम जा रहे हो या नहीं वर्ण तुम जानते हो अगर मेरा पारा चढ़ा तो क्या होगा

सोहन ने गुस्से में नंदनी की तरफ देखा फिर तुसाहर की तरफ देखा और बहार निकल गया,

तुषार की आँखे गुस्से में लाल हो चुकी थी, लेकिन उसे तसली थी की अलका और ननदनी दोनों उसके लिए सोहन से लड़ रही थी,

अलका- श्री तुषार जी ी ऍम रैली श्री वो भाई ऐसे hi हैं बस

ननदने- श्री तुषार वो इंसाने पागल ह उसके दिमाग में हमेशा गन्दगी ह िरहेति ह वो कभी सही नहीं सोच सकता तुम दिल पैर मत लेना

तुषार- कोई बता नहीं मैं टेंशन क्यों लूंगा पहले तो वो मेरी बॉस के बेटे ह ये hi बहुत ह उनसे डाट खाने के लिए, दूसरा और सबसे इम्पोर्टेन्ट जब आप दोनों जैसी सुंदरता की देविया मेरी तरफ से सोहन जी से लड़ पड़ी हो तो मुझे भला किस बात की चिटा,

अपनी अपनी तारीफ सुनते hi दोनों हसीनाओ के गाल लाल हो गए थे, अलका तो शर्मा गाइट hi उसे तो ऐसा लग रहा था जैसे तुषार ने उसे परपोज़ क्र दिया हो, वही नंदनी ने मुस्कुरा क्र तुषार को देखा, तुषार वह से निकल गया लेकिन वो बहुत गुस्से में था, लेकिन गुस्सा सलूशन नहीं था

तुषार ऑफिस से निकल गया क्योकि वह कोई काम नहीं था सोनिया थी नहीं, और अलका पैर नजर रख क्र कोई फायदा थान hi ननदनी पैर नजर रखनी थी लेकिन अभी उसका भी टाइम नहीं था, तो तुषार पंहुचा अनीता से milne,door बेल्ल बजे तो दूर खुला और सामने कड़ी थी रिंकी,

तुषार को देखते hi रिंकी के फेस पैर जो गुस्सा आया उसे देख तुषार की हसी छूट गई,

रिंकी- है रहे हो मैं इतना गुस्सा हु तुम है रहे हो

तुषार- गुस्से ज्यादा खूबसूरत लग रही हो


410907183-772888798191131-8458237030728271694-n.jpg


रिंकी- बात मत करो मुझसे

तुषार- अरे ऐसे कैसे न करू बात इतनी खूबसूरत दोस्त ह मेरी

रिंकी- अच्छा अब मैं खूबसूरत हो गई, कल रात क्या हुआ था जो रिप्लाई तक नहीं किया

तुषार- अरे यार समझा करो

रिंकी- मुझे कुछ नहीं समझना

तुषार- अगर बता दिया तो शर्मा जाओगी

रिंकी- हाहाहा मैं और शर्मा जाऊ अभी तो ऐसा कभी हुआ नहीं

तुषार- जैसी तुम्हारी मर्जी, ऐसा ह रात में इतना हॉट पिछ देख क्र मेरा खड़ा हो गया था तो हिला रहा था

रिंकी सच में शर्मा गई- हैट बेशरम ऐसा कोण करता ह

तुषार- मैंने कहा था न शर्मा जाओगी

रिंकी- मैं नहीं शर्मा रही

तुषार- ये आँखे और गाल तो कुछ और hi बोल रहे हैं

रिंकी- बहुत बेशरम हो तुम

तुषार- वो तू हु दोस्त के सामने कैसी शर्म

रिंकी- अच्छा जी फिर रात को दोस्ती कहा गई थी अगर फोटो देख क्र इतने गरम हो गए थे तो आ जाते इस दोस्त के पास ठंडा क्र देती मैं

तुषार- आँखे बड़ी करते हुए क्या

तभी वह अम्मा आ गई



रिंकी हस्ते हुए अंदर चली गई, तुषार के फेस पैर एक मुस्कान थी,
 
Back
Top