किरण अपनी फटी हुई और घर्षण से जलती हुई चूत पर हाथ फेरते हुए थककर सो गई। उसकी उँगलियाँ अभी भी अपनी सूजी हुई, लाल चूत पर घूम रही थीं। किरण के मगज में अभी भी मुनीम का मोटा, नसों वाला लंड सवार था। उस लंड पर वह आफरीन थी। मुनीमजी के लंड के लिए वह अब कुछ भी करने को तैयार थी। उसे पता था की अगर मुनीम के लंड से वह चुदी तो दुसरे लंड से चुदवाने में मजा नहीं आएगा पर फिर भी वह मुनीमजी के लंड को बार-बार अपनी चूत में समा के खुद को बड़ा भोसड़ा बनवाने पे तुली थी। उसे वह लंड के धक्के याद कर-कर के अपनी चूत से पानी छोड़े जा रही थी। रचयिता फनलवर है।
“क्या चुदाई थी वह... उफ्फ... मस्त मेरी चूत को फाड़ दिया था... सुपारा अंदर घुसते ही लग रहा था जैसे कोई आग का गोला हो...”
वह मुस्कुराते हुए सो गई, लेकिन उसके सपनों में अभी भी मुनीम का लंड उसकी चूत में घुस रहा था।
किरण को संतुष्ट करने के बाद परम ने कुछ देर आराम किया। उसका लंड अभी भी अर्ध-खड़ा था। वह अपनी प्रियतमा रेखा से मिलना चाहता था। पिछले 5 रातों से वह रेखा से नहीं मिल पाया था क्योंकि रेखा मासिक धर्म में थी। रेखा का वह बदन, गोरा, नाजुक, भरी-भरी चूचियाँ और पतली कमर, परम के दिमाग में घूम रहा था।
उसका लंड रेखा को याद करके फिर से तन गया।
परम ने यह सुनिश्चित कर लिया कि किरण गहरी नींद में है, फिर उठ गया। जैसा बड़ी बहू ने कहा था, उसने बड़ी बहू की साड़ी लपेट ली, माथे पर पल्लू डाल लिया और इधर-उधर देखते हुए सीढ़ियों से ऊपर रेखा के कमरे की तरफ चला गया।
दरवाजा धक्का दिया तो खुला मिला। अंदर का दृश्य देखकर परम बहुत प्रसन्न हुआ।
बड़ी बहू के कमरे में रेखा की मौसी की दो नवविवाहित बेटियाँ, गुड्डी और उसकी छोटी बहन, समेत कई औरतें थीं। दोनों भाई (मोटे भाई और छोटे भाई) अपनी मौसी और उन जवान लड़कियों से शादी के बाद पहली बार मिल रहे थे। दोनों सुंदर, 18-19 साल की लड़कियों को देखकर उनके मन में कामुक विचार घुमड़ रहे थे। वे दोनों लड़कियों को चोदना चाहते थे, लेकिन अभी तक कोई मौका नहीं मिला था।
वे बस उनसे बातें कर रहे थे और आँखों ही आँखों में उन्हें नंगा करने की कल्पना कर रहे थे।
आधी रात हो चुकी थी। इस कमरे में मौजूद लोग दूसरे कमरों में हो रही गतिविधियों से अनजान थे, जैसे परम किरण की चुदाई कर रहा था, बड़ी बहू अपनी ननद रेखा की चूत चूस रही थी, और सुंदरी दूसरे मेहमानों का मनोरंजन कर रही थी।
तभी एक बुजुर्ग महिला ने सलाह दी, “बहुत देर हो गई है, अब सबको सो जाना चाहिए।” फनलवर का निर्माण।
लेकिन दोनों लड़कियाँ और दोनों भाई अभी और बातें करना चाहते थे। गुड्डी ने कहा,
“क्या माँ, रोज तो सोते हैं... फिर कब भैया से बात करने का मौका मिलेगा?”
“भाई हमें तो नींद आ रही है, मैं तो सोती हूँ,” एक बुजुर्ग महिला ने कहा।
“हाँ, बहुत देर हो गई है, लाइट बंद कर दो,” दूसरी ने अनुरोध किया।
बड़े भाई ने तुरंत मौका पकड़ते हुए कहा,
“चलो गुड्डी, हम दूसरे कमरे में चलते हैं... वहाँ आराम से बातें करेंगे।”
“हाँ, चलो दीदी तुम भी,” छोटे भाई ने दूसरी बहन को सुझाव दिया।
चारों, दो बहनें और दोनों भाई, लाइट बंद करके और दरवाजा बंद करके बाहर आ गए।
पीछे से आवाज आई, “बेटी जल्दी सो जाना...”
चारों छोटी बहू के कमरे में पहुँचे। दोनों भाई यह देखकर बहुत खुश हुए कि कमरे में कोई बहू नहीं थी।
“दोनों भाभी कहाँ हैं?” गुड्डी ने पूछा।
“लगता है कहीं और सो रही हैं, या फिर रेखा के साथ गप्पे मार रही होंगी,” छोटा भाई ने जवाब दिया।
“हम भी वही जाते हैं,” गुड्डी ने कहा।
लेकिन बड़े भाई ने तुरंत उसकी बाँह पकड़ ली और उसे अपने पास खींच लिया।
“अरे गुडिया... उनसे कल बात कर लेना... थोड़ी देर हमारे साथ भी बैठो ना...”
जैसे ही बड़े भाई ने उसकी बाँह खींची, गुड्डी उसके सीने से टकरा गई। उसकी एक भरी हुई चुची बड़े भाई की छाती से जोर से रगड़ गई। गुड्डी शर्मा गई और खिलखिला पड़ी। फनलवर रचित कहानी।
बड़े भाई को उस 18-19 साल की जवान लड़की की चुची की जकड़न और नरमी साफ महसूस हुई। उसका लंड अंडरवियर में फड़क उठा।
उसने गुड्डी का हाथ खींचकर उसे अपने पास खाट पर बैठा लिया। दूसरे छोर पर छोटा भाई ने दूसरी लड़की को पकड़कर बिठा लिया।
दोनों भाईयों ने लड़कियों को बातों में लगा लिया। सबसे पहले उन्होंने ससुराल, ससुराल वालों और वहाँ के व्यवहार के बारे में पूछताछ की। लड़कियों ने बताया कि उनके दो देवर हैं। दोनों खिलखिलाकर हँस पड़ीं और शरमा भी गईं।
छोटा भाई समझ गया कि ये लड़कियाँ देवरों का नाम लेकर क्यों शरमा रही हैं। उसे याद आ गया कि कैसे शादी से पहले दो सालों तक उसने बड़ी बहू को परेशान किया था, पीछे से पकड़ना, गले लगाना, चूमना, और होली पर उसकी बड़ी चूचियों को बेरहमी से दबाना और निचोड़ना।
ये सब याद करते हुए छोटा भाई ने मुस्कुराते हुए उन लड़कियों से पूछा,
“लगता है, तुम्हारे देवर खूब मस्ती करते हैं तुम दोनों के साथ...!”
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यही तक दोस्तों।
बाकी आपके कोमेंट्स आने के बाद..................
Funlover की तरफ से जय भारत।।
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