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- Dec 5, 2013
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अपडेट-8
दीपा फ़ोन पैर,
दीपा- मुझे लगता ह आपने आने का समय हो गया ह, अब उसे दुनिया का ज्ञान देने का वक़्त आ चुक्का ह
उधर से कुछ कहा गया,
दीपा- वो पूरी तरह तैयार ह लेकिन उसका इम्तेहान तो आपको hi लेना होगा,
उधर से कुछ कहा गया,
दीपा- वो हर तरह से अपने बाप पैर गया ह, लेकिन औरतो के साथ वो कैसा ह ये अब पता चलेगा मैंने आज hi उसे इसकी आजादी दी ह, जैसा आपने कहा था अब तक उसको रोका हुआ था, इस सब से दूर रखा हुआ था,
उधर से कुछ कहा गया
दीपा- मैंने उसे पूरा नंगा देखा ह वो अपने बाप से आगे hi हो सकता ह पीछे तो किसी भी तरह से नहीं ह,
उधर से कुछ कहा गया
दीपा- ये मेरा फर्ज था, वो तुषार का बीटा ह उसे ऐसा hi बनना था, आप आ जाइये उसकी मुलाकात वह हुई ह और उसके सवाल शुरू हो चुके हैं,
उधर से कुछ कहा गया और दीपा ने फ़ोन काट दिया,
वही चंडीगढ़ में आफत उतर चुकी थी दृष्टि के रूप में, क्या क़यामत रूप था उसका, सिंपल से फिटिंग की जेनस टॉप में वो जहा जहा से गुजर रही थी लोगो की नजर बस उसी पैर टिक जाती थी, वो चंडीगढ़ के मशहूर कॉलेज में एंट्री क्र रही थी, ये शनाया और दिया वाला hi कॉलेज था,
कॉलेज के हर लड़के ने उसे पलट क्र जरूर देखा, लेकिन वो बिना किसी को देखे सीधे प्रिंसिपल के रूम में गई और अपने पेपर्स जमा करवाए,
प्रिंसिपल- तुम इतनी दूर से यहाँ ट्रांसफर लेकर आई हो कोई खास वजह
दृष्टि - मेरा लक्ष्य बड़ा ह तो उसके लिए मुझे बड़े कॉलेज से hi पढ़ना था, और ये hi कॉलेज मेरे लक्ष्य को पूरा करवा सकता ह,
प्रिंसिपल- वैरी गुड, तुम अपने पप्पेर अकाउंट ऑफिस में दे दो वो तुम्हे तुम्हरी ईद वगेरा दे देंगे,
दृष्टि वह से निकल क्र अपने डाक्यूमेंट्स क्लियर करा क्र निकल गई अपने लिए रूम का इंतजाम करने, वो हॉस्टल में नहीं रुक रही थी,
आज का दिन सबके लिए बड़ा hi व्यस्त रहा, किसी को नया लक्ष्य मिला तो कोई अपने लक्ष्य की तरफ अगसर हो गया,
अगले दिन कॉलेज खुले,
हिमाचल में ह्रदय के कॉलेज में उसका सम्मान किया जा रहा था, वो कॉलेज का नाम रोशन करके जो आया था, पूरा कॉलेज तालियों से उसका स्वागत कर रहा था, मंदिर और कल्पना बेसबरी से ह्रदय से अकेले में मिलने का मौका ढूंढ रही थी, तभी प्रिंसिपल ने आर्डर निकला की, कॉलेज में कुछ और गेम्स भी ऐड किये जा रहे हैं जिसमे से कुश्ती भी एक गेम होगा, और कुश्ती की इंचार्ज मिस तम्मना जी होंगी, तम्मना जी कुश्ती में डिस्ट्रिक्ट लेवल की खिलाडी हैं, उम्मीद करता हु हमारे कॉलेज की लड़किया इसमें भाग लेंगी,
अगर हमने ाचा प्रदर्शन किया तो बॉयज के लिए भी कुस्ती के टीचर बुलवाये जायेंगे, लेकिन तब तक तम्मना जी hi लड़को को भी सिखाएंगी,
लड़के तो ख़ुशी से उछाल पड़े, वही ह्रदय के दिमाग में आया की चलो कुश्ती भी सीखते हैं, कभी इसकी भी जरुरत पद hi सकती ह,
वही तम्मना के फेस पैर एक कातिल मुस्कान थी,
प्रिंसिपल- जो भी इसमें भाग लेना चाहते हैं अपने अपने नाम लिखवा दे,
काफी लड़को ने तो तम्मना जी के नजदीक रहने के लिए अपने नाम लिखवा दिए, ह्रदय ने भी अपना नाम लिखवा दिया, अब मंदिर ने आगे बढ़ क्र अपना नाम लिखवाया ताकि किसी गेम में तो ह्रदय के साथ रह सके, तभी कल्पना ने भी अपना नाम लिखवा दिया,
तम्मना को लगा भीड़ इकठी हो रही ह तो उसने एक विचार किया
तम्मना- मैं एक बार सबका टेस्ट लुंगी और जो उस टेस्ट में पास होंगे उन्हें hi इस गेम में आगे सिखाया जायेगा, बाकि सबको उसे देख क्र सीखना होगा, अगली बार उन्हें जोड़ा जायेगा,
सभी ने हामी भर दी,
वही चंडीगढ़ में शनाया दिया रैना आशना कॉलेज पहुंची तो सामने हनी खड़ा था,
शनाया- तुम ठीक हो न,
हनी- तुम कैसी दोस्त हो मैं तुम्हारे लिए गुंडों से पिता गया और तुम मुझे देखने तक नहीं आये,
दिया सर निचे कर मुस्कुरा दी,
शनाया- श्री यार वो घर में पार्टी थी की कुछ याद hi नहीं रहा, तुम ठीक तो हो न अब
हनी- है अब ठीक हु, वैसे उन गुंडों का पता चला वो कोण थे,
दिया- पुलिस ढूंढ रही ह जिस दिन हाथ आ गए न उनकी खेर नहीं,
हनी थोड़ा सा सकपका गया, तभी पीछे से एक लड़का दौड़ता हुआ आया,
लड़का- अरे हनी तू आ गया, यार सही टाइम पैर आया ह वो देख कॉलेज में नै आइटम आई ह, कसम से सुपर हॉट माल ह यार, पूरा कॉलेज उसके पीछे पागल हो गया ह सुबह से जिधर से गुजर जाती ह, वही लड़को की भीड़ लग जाती ह,
सबने उधर देखा तो सामने से दृष्टि चली आ रही थी, एक अलग hi ऐटिटूड, चल में अलग hi नशा कपड़ो में कोई दिखावा नहीं लेकिन फिटिंग ऐसी की एक एक अंग अलग hi निखार कर आ रहा था,
शनाया उसे देख क्र फुल ऐटिटूड में आ चुकी थी, हनी की जीभ मुँह से बहार आ चुकी थी, दृष्टि उन सब के पास से बड़े स्टाइल से गुजर गई,
आशना- ये क्या आफत ह, इसने हमे देखा तक नहीं
दिया- क्यों हम सब अप्सराये हैं क्या
हनी- शनाया किसी अप्सरा से काम भी नहीं ह
शनाया- ठंकु हनी
दिया- बस बस ज्यादा माखन मत लगा, ये ह कोण ऐटिटूड तगड़ा ह लड़की में
हनी का दोस्त- पता नहीं आज hi कॉलेज में आई ह, कही से ट्रांसफर करवा क्र
शनाया- चलो देखते हैं,
सब क्लास की तरफ चल दिए, दृष्टि भी इन्ही की क्लास में थी,
टीचर ने सबको दृष्टि का इंट्रो दिया, कुछ लड़किया जो शनाया से चिढ़ती थी उन्होंने दृष्टि को शनाया के विरुद्ध खड़ा करने का फैसला कर लिया और दृष्टि से दोस्ती करने आगे बढ़ गई,
कॉलेज ख़तम होते होते hi दृष्टि का एक ग्रुप बन गया और वो उस ग्रुप की लीडर भी बन गई,
हनी के दिल में बहुत आया की दृष्टि से दोस्ती करे लेकिन शनाया के दर से हिम्मत नहीं हुई,
उधर सचिन ने विनय तम्मना के भाई के घर एक लेटर भिजवाया की ठीक होते hi अंजलि ग्रुप में आकर ज्वाइन करने का ऑफर था,
विनय के घर में खुशियों की लहार दौड़ गई,
वही आज ह्रदय अलग hi रूप में कॉलेज में खड़ा था, उसकी आँखों में लड़कियों को देखने का तरीका बदला हुआ था, कोई गन्दगी नहीं थी लेकिन आज वो हर लड़की की स्माइल का जवाब स्माइल से hi दे रहा था, हर एक इस बात से थोड़ा सरप्राइज था, सबको लगा ह्रदय में चंदगड जाकर बदलाव हुआ ह, वही तम्मना मैडम के दिमाग में आ रहा था की जो हरकते उसने ह्रदय के साथ की हैं उससे ह्रदय के विचार बदल रहे हैं,
तम्मना ने सबका टेस्ट लेने के लिए एक जगह बुला लिया, लड़को के जोड़े बनाये और एक दूसरे से कुश्ती करवाई, कुश्ती किसी से आती hi नहीं थी, लेकिन यहाँ देव से ज्यादा ताकत का प्रदर्शन होना था, और ताकत में ह्रदय को कोई भी गिरा नहीं सकता था, तो ह्रदय को बिना टेस्ट के hi चुन लिया गया, उधर लड़कियों का भी ऐसे hi टेस्ट लिया गया, कल्पना और मंदिर ने पूरी हिम्मत से टेस्ट दिया और टेस्ट में चुन भी ली गई,
तम्मना ने 12 लड़के और 10 लड़किया चुन ली कुश्ती के लिए, बाकि का बाद में देखने का बोल दिया, तम्मना ने अगले दिन सबको कुश्ती के लिए ड्रेस लेन का आर्डर दे दिया,
वही एक खूबसूरत औरत सेक्सी बदन की मालकिन गयम में पसीना बहा रही थी, गयम के टाइट कपड़ो में एक एक अंग उभर का आ रहा था, पसीने की वजह से कपडे और उसके बदन से चिपके हुए थे, शरीर का ेके क उभर नुमाया हो रहा था, वो थी निधि जो पूरा पसीना भने में लगी हुई थी,
तभी गयम में अशोक आ गया,
अशोक अपनी hi बहु को बहुत hi गन्दी नजरो देख क्र लार टपका रहा था, फिर वो आगे बढ़ा और निधि की कमर पैर हाथ रखा, निधि एक दम चौंक गई, पीछे मुद क्र देखा की अशोक ह तो रेलसे हो गई,
अशोक- बहुत महेनत करती ह तू बेटी
निधि- महेनत नहीं करुँगी तो मोती हो जाउंगी
अशोक- इतना खूबसूरत बदन ह तेरा और महेनत करेगी तो न जाने क्या हो जायेगा
निधि- आप भी न पापा कैसी कैसी बात करते हो,
कुछ काम था क्या ऑफिस नहीं गए अब तक
अशोक- है काम ह जरुरी काम ह,
निधि- बताइये क्या हुआ
अशोक- हनी उसके अंदर का दर अब तक ख़तम नहीं हुआ ह, मैं सब कुछ क्र चुक्का हु, वो ायश बन गया लेकिन बहादुर नहीं बना, जो मुझे चाहिए था वो नहीं बना,
निधि- मैंने तो पहले hi कहा था मुझे उसमे वो बात नजर नहीं आती,
अशोक- उसे मैंने क्या सोच क्र तैयार किया था लेकिन वो उसके जैसा नहीं बन पाया, उन्हें बर्बाद करने के लिए मैंने क्या नहीं किया पैसा ताकत सब इकठा की लेकिन फिर भी वह तक नहीं पहुंच पाया, अगर ये लड़का अंजलि ग्रुप की बेटी शान्या को फसा ले तो कुछ काम बन सकता ह,
निधि- आप अब भी अँधेरे में तीर चला रहे हैं,
अशोक- क्या करू फिर, मैं उन्हें बर्बाद कर दूंगा,
निधि- करेंगे करेनेगे लेकिन उनके टक्कर का कोई ढूंढ़ना पड़ेगा,
अशोक- वही बात करने आया था मैं, मेरे पास फ़ोन आया था एक लड़का ह बहुत जबरदस्त हुनर ह उसमे, हनी के कॉलेज के सभी गेम्स जीत लिए उसने गजब की ताकत ह उसमे, फुर्ती ताकत और सुंदरता का नायब नगीना ह वो, अगर वो हमे मिल जाये तो हम उसे और निखार देंगे फिर शायद वो हमारा काम कर दे,
निधि- कोण ह वो
अशोक- कोई ह्रदय ह हिमाचल से आया था,
निधि- तो आप क्या चाहते हैं
अशोक- मैं चाहता हु तुम उसे यहाँ ले आओ, तुम खुद उसे परखो उसकी ताकत को परखो और अगर वो इस लायक लगे तो अपने साथ मिला लो,
निधि- जैसा आपको ठीक लगे, रवि को यहाँ बुला लीजिये तब तक वो ऑफिस देख लेगा,
अशोक- नहीं उसे वही रहने दो, मुझे पूरी रिपोर्ट चाहिए, और मुंबई से कुछ रिपोर्ट आई हम कहा तक पहुंचे
निधि- काफी नजदीक हैं, एक लड़की बहुत महेनत से इसी पैर काम कर रही ह, जल्दी hi हमे कामयाबी मिलेगी,
अशोक ने निधि की कमर पैर थपथपाया- बहुत बढ़िया
फिर वो बहार चला गया, निधि मिरर में खुद को देखने लगी, और फिर से एक्सरसाइज में लग गई,
सब अपने अपने काम में बिजी थे, नैना और काम्य अंजलि ग्रुप की डिटेल्स निकलने में लगी हुई थी, इंटरनेट से जो मिल सकता था ढूंढा जहा से उन्हें जानकारी मिली शनाया दिया आशना और रैना की जिनकी जान इन दोनों ने उस रात बचाई थी,
नैना- काम्य देख ये वही लड़किया ह जिनकी जान हमने बचाई थी उस रात ये अंजलि ग्रुप के ओनर्स की बेतिया हैं,
काम्य- वह ये तो ऊपर वाला भी चाहता ह हमे इसके बारे में पता करे, इसलिए उसने हमे पहले hi इनसे मिलवा दिया, हमारा अहसान भी ह इन पैर तो इनके साथ दोस्ती करके बहुत कुछ पता चल सकता ह,
नैना- सही कहा लेकिन हम इन्हे ढूढ़े कहा,
काम्य- अरे ये देख इनका कॉलेज इसी में चलते ह न, ये बहुत बड़े लोग हैं इनके बारे में सब कुछ अखबारों में न्यूज़ में आता ह, तो सब जानकरी यही मिल जाएगी,
दोनों ने कॉलेज जाने का फैसला क्र लिया,
यहाँ ये सब अपनी अपनी जिंदगी की उधेड़ बन में लगे हुए थे उधर अमेरिका में कांड हो गया,
अमेरिका के एक पब में रिंकी रम्य और अन्य नशे में धुत नाच रही थी, ड्रग्स का जोर चल रहा था की तभी वह पुलिस की राइड पद गई, और उस वक़्त रिंकी डग्स के नशे में थी, और उससे भी खतरनाक उसकी पॉकेट में ड्रग्स भी था,
पुलिस की राइड में जो ड्रग्स डीलर पकड़ा गया उसने वह पब में जो जो उससे ड्रग्स खरीदता था उन सबके नाम ले लिए थे, जिसमे रिंकी का नाम टॉप लिस्ट में था,
रम्य और अन्य ने थोड़ी सी होश्यारी दिखते हुए रिंकी को वह से लेकर भाग गई, पुलिस उनके पीछे लग गई थी,
रम्य ने अनीता को फ़ोन किया,
रम्य- दादी हमारे पीछे पुलिस लगी ह, माँ पैर ड्रग्स केस हो गया ह,
अनीता जानती थी अमेरिका में ड्रग्स केस में कोई समझौता नहीं ह काम से काम 5 साल तो अंदर जाएगी hi, अनीता के हाथ पाओ फूल गए वो बुरी तरह घबरा गई,
अनीता- ये ये कैसे हुआ मैं कितना समझती थी सम्हाल जाओ लेकिन मेरी किसी ने सुनी hi नहीं,
रम्य- दादी ये सब बाद में कर लेना अब ये बताओ करना क्या ह
अनीता ने घेरि साँस बाहरी,
अनीता- सुनो अभी केस रजिस्टर नहीं हुआ होगा तुम लोग सीधे एयरपोर्ट पहुँचो रस्ते में गाड़ी कही छोड़ देना मैं तुरंत तुम्हारे टिकट बुक करती हु इंडिया के और पासपोर्ट लेकर पहुँचती हु, बस जब तक मैं नहीं आ जाती छुपे रहना, पुलिस का हाथ मत आ जाना,
रम्य अन्य और रिंकी ने रस्ते में गाड़ी छोड़ दी और टेक्सी बदल बदल क्र एयरपोर्ट पहुंच गए, वही अनीता ने घर में रखे पप्पेर लिए घर को लॉक किया और जरुरत का सारा सामान लेकर निकल गई, उसने ऑनलाइन hi अपने चारो के टिकट बुक क्र दिए थे, सीधे एयरपोर्ट पहुंच गई,
और वह से सीधी फ्लाइट इंडिया के लिए पकड़ी, और अगले दिन इंडिया में लैंड कर गई, इंडिया पहुंचने मुंहे रात हो चुकी थी,
और सीधे पहुंची अपने पुराने शहर में जहा वो पहले रहा करती थी, जहा तुषार ने अनीता और रिंकी को घर किराये पैर दिलवाया था, अपने गाओं के नजदीकी शहर में, और एक होटल में रूम लिया,
रम्य और अन्य बहुत दरी हुई थी, कोई भी लड़की तब तक hi बिगड़ी हुई रहती ह जब तक किसी मुसीबत में नहीं पड़ती, मुसीबत आते hi सबसे पहले दिमाग ठिकाने आता ह,
अनीता- देखो तुम लोगो की वजह से क्या हो गया, कितना समझाया तुम लोगो को ये सब बंद क्र दो लेकिन,
रिंकी- चिल माँ कुछ नहीं होगा, इस जिंदगी से तो जेल भी अच्छी थी, लेकिन तुम हमे यहाँ क्यों ले आई, माँ यहाँ नहीं लाना छाइये था,
अनीता- बस रिंकी खुद को सम्हाल, कब तक ऐसे खुद को तबाह लारती रहेगी,
रम्य- कुछ बात ह क्या माँ जो हमे नहीं पता, आप ऐसी बाते क्यों क्र रही हो,
रिंकी खुद को सम्हालते हुए- कुछ नहीं बच्ची बस जिंदगी का कोई लक्ष्य hi नहीं ह, और जब जिंदगी का कोई लक्ष्य नहीं होता तो जिंदगी ऐसी hi हो जाती ह,
अनीता- फिर तूने इन दोनों लड़कियों को कोई लक्ष्य क्यों नहीं दिया, इतना ज्ञान तेरे पास था फिर भी तूने इन्हे सही दिशा नहीं दिखाई,
आने- दादी अब थोड़ी शांति रखते हैं न, ये सोचिए वह हमारा पूरा बिज़नेस ह वो सब बर्बाद हो जायेगा,
अनीता- वो सब मैं देख लुंगी तुम तीनो खुद को देखो और सुधारो खुद को,
सुबह सूरज निकल आया था, हर कोई अपने अपने सफर पैर निकल चुके थे, शनाया दिया रैना और आशना कॉलेज गई, दृष्टि उनसे पहले hi कॉलेज पहुंच चुकी थी, जो अपने ग्रुप के साथ कड़ी थी, शनाया ने देखा हनी भी उसके साथ खड़ा ह,
शनाया का गुस्सा सातवे आसमान पैर चढ़ गया था, वो गुस्से में अपनी क्लास की तरफ चली गई,
दृष्टि के फेस पैर स्माइल थी,
वही काम्य और नैना शनाया और दिया के कॉलेज की तरफ निकल गई थी, आज उन्होंने उनसे दोस्ती करने का फैसला कर लिया था,
वही ह्रदय अपने कॉलेज पहुंच गया था, आज कुश्ती के लिए सेलेक्ट किये हुए बच्चे कुश्ती की ड्रेस लेकर आये थे,
कल्पना और मंडिया बहुत एक्सीटेंड थी, ह्रदय के साथ कुश्ती करने के लिए, वही तम्मना भी खुद के लिए कुश्ती के कपडे लेकर आई थी उसके दिमाग में भी बहुत कुछ चल रहा था,
वही निधि निकल चुकी थी हिमाचल के लिए, उसका टारगेट था ह्रदय के बारे में पता करना, निधि के लिए ह्रदय का एड्रेस निकलवाना कोई मुश्किल काम नहीं था,
अनीता रिंकी रम्य और अन्य को इंडिया का टाइम और अमेरिका के टाइम की वजह से उन्हें प्रॉब्लम हो रही थी तो वो बस रेस्ट क्र रहे थे,
सबसे पहले चलते हैं नैना और काम्य के पास
काम्य- नैना हम कॉलेज में आ तो गए हैं लेकिन क्या बोलेंगे क्यों आये हैं
नैना- बोल देंगे हम इस शहर में नए हैं तो एडमिशन के बारे में सोच रहे हैं,
काम्य- वैसे इस कॉलेज के रंग ढंग अमेरिका से काम नहीं हैं, मैंने तो सुना था इंडिया में बहुत अच्छा कल्चर ह लेकिन यहाँ तो लड़किया अमेरिका को टक्कर दे रही हैं,
नैना- दुनिया बदल रही ह तो ये भी बदल गए, हमे क्या करना ह हमे कोनसा यहाँ रहना ह, बस इस बहाने एक देश घूम लिया, चल उन्हें ढूंढ़ते हैं,
दोनों कॉलेज में घूमने लगी, लेकिन क्लास चल रही थी तो कोई मिला नहीं, वो जाकर कैंटीन में बैठ गई, कुछ घंटे इंतजार के बाद चारो बहन उन्हें आती हुई दिखी, उन्हें देख क्र काम्य और नैना एक दम अपने आप में बिजी हो गई जैसे उन्होंने धयान hi न दिया हो,
वो चारो बहन भी उनके साइड वाली टेबल पे रबइठ गई, वो अपने आप में hi बिजी थी, शनाया गुस्से में बड़बड़ा रही थी
शनाया- बहुत तेवर दिखा रही ह वो,
दिया- छोड़ न हमे क्या करना ह,
शनाया- ऐसे कैसे छोड़ दू, हमारा शहर और हमे hi आँख दिखा रही ह,
दिया- तू फिर शुरू हो गई, तूने कहा थान ा चेंज हो जाउंगी,
शनाया- दिया मैं चेंज हुई हु और हो रही हु, लेकिन उन्ही के लिए जो ये चेंज डेसेर्वे करते हैं, अगर कोई सामने से आकर ऐटिटूड दिखायेगा तो फिर मुझेबरदास्त नहीं होगा, मैं समझ रही हु अच्छा बनना अच्छी बात ह लेकिन इतना अच्छा न बनो की कोई भी आकर तुम्हारी मार क्र चला जाये,
रैना- सही बात ह यार ये हमारा कॉलेज ह और हम अपने कॉलेज में ऐसे hi कोई भी हमे ऐटिटूड कैसे दिखा सकता ह,
काम्य और नैना उन सब की बात सुन रही थी, काफी देर हो जाने के बाद जब चारो ने इन दोनों पैर धयान नहीं दिया तो काम्य कड़ी हुई और उनकी टेबल के समाने आकर बोली- नैना आ चल देर हो रही ह
नैना एक दम बोखला गई,
काम्य की आवाज सुनकर चारो लड़कियों ने उसे देखा और पहेली नजर में hi पहचान लिया,
दिया- अरे आप यहाँ
काम्य- जी आप कोण
दिया- आपने हमे नहीं पहचाना हम वही लड़किया हैं जिसकी जान आप दोनों ने बचाई थी उस रात,
काम्य- अच्छा अच्छा श्री श्री वो अँधेरा था न वह और इतना सब हुआ की दिमाग से निकल गया था,
शनाया- आइये हमारे साथ बैठिये न, उस रात आपको ठीक से ठंकु कहने का मौका भी नहीं मिला,
नैना- इसकी जरुरत नहीं ह ये तो इंसानियत केन एते हमारा फर्ज था,
दिया ने दोनों के हाथ पकड़ क्र अपने hi पास बैठा लिया,
रैना- आप दोनों हमारे कॉलेज में,
नैना- हम यहाँ अभी शिफ्ट हुए हैं तो एडमिशन लेने की सोच रहे थे कहा ले वही सोच रहे थे, इस कॉलेज का नाम काफी सुना था तो सोचा देख आये,
शनाया- बिलकुल सही किया आपने, ये कॉलेज बेस्ट ह
फिर इनमे इधर उधर की बाते होने लगी, और कुछ hi देर में दोस्ती हो गई,
वही हिमाचल में ह्रदय और बाकि सब स्टूडेंट्स एक बड़े से हॉल में खड़े थे, बिच में गद्दे बिछे हुए थे, और सभी अपनी कुश्ती की ड्रेस में थे,
और सामने कड़ी थी तम्मना कुश्ती की टाइट फिटिंग की ड्रेस में जिसमे उसके बड़े बूब्स अलग hi दिख रहे थे, और गांड का आकर तो इतना भेतरीन था की पूछो मत, बाकि लड़किया भी बहुत सेक्सी लग रही थी लेकिन हर लड़के की नजर बस तम्मना पैर थी, एक भरे हुए बदन की लड़की और कमसिन लड़कियों के शरीर में काफी अंतर होता ह, जो यहाँ साफ़ पता चल रहा था,
तम्मना कड़ी हुई सबको कुश्ती के देव सीखा रही थी, कुछ तो बड़े धयान से सुन रहे थे कुछ के दिमाग में अश्लीलता घूम रही थी,
तम्मना एक एक को बुला रही थी और उसे देव बता रही थी और कुछ देर में भेज देती थी, सभी लड़को को बिना हाथ लगाए hi देव सिखाये,
तम्मना सबको सीखा क्र उनकी क्लास में भेज देती, लास्ट में बस 4 स्टूडेंट रह गए, जिसमे कल्पना ह्रदय और दो लड़के और,
तम्मना ने कल्पना को रोक लिया था तम्मना कल्पना के साथ दवा लगा क्र सबकी सीखा रही थी, फिर उन दोनों लड़को को भी बेज दिया, अब वह तम्मना ह्रदय और कल्पना रह गए थे,
तम्मना- तुम दोनों के अंदर कुश्ती खेलने की हिम्मत और ताकत दिखाई देती ह मुझे बस तुम्हे देव सिखने होंगे, ह्रदय तुम आगे आओ, कल्पना अब तुम देखो मैं कैसे देव लगाती हु उसके बाद तुम्हे और ह्रदय को वही देव लगाने हैं,
कल्पना तो खुश हो गई,
ह्रदय- मम लड़के और लकड़ी की कुश्ती कैसे हो सकती ह,
तम्मना- तुम शर्मा रहे हो, लड़के लड़की की कुश्ती तो 30-40 साल पहले भी हुआ करती थी, और तुम्हे इस ज़माने में शर्म लग रही ह,
ह्रदय- मम मैं तो कल्पना की वजह से बोल रहा था
कल्पना- मैं कोई पुराने ज़माने की नहीं हु मुझे कोई ऐतराज नहीं ह,
तम्मना- देखा उसे कोई ऐतराज नहीं ह, अब आगे आओ,
ह्रदय आगे आ गया, तम्मना ने ह्रदय को देव बताने शुरू किये, वो ह्रदय से चिपक क्र सरे देव दिकः रही थी, वो अपनी चूचिया ह्रदय से रगड़ रही थी,
एक देव में तम्मना ह्रदय के पीछे आ गई और ह्रदय को उठा कर पीछे पलटना का देव दिखा रही थी, जिसमे उसने ह्रदय को पीछे आकर पकड़ लिया इससे तम्मना की चूचिया ह्रदय की कमर में डाब गई, तम्मना ने ह्रदय को उठाने के लिए ताकत लगाई जिससे तम्मना की छूट ह्रदय की बैक पैर रगड़ गई,
तम्मना ह्रदय को उठा तो नहीं पाई लेकिन वो दवा लगाना बता रही थी,
फिर वैसे hi उसने ह्रदय से कहा तो ह्रदय तम्मना के पीछे आ गया, और शामे तम्मना की तरह उसने तम्मना की कमर में हाथ दाल क्र बहो में कास क्र पकड़ लिया इससे तम्मना की चूचिया ह्रदय के हाथो में डाब गई, ह्रदय ने देव लगाया जिससे ह्रदय का लुंड तम्मना की गांड में ाचे से रगड़ गया, जिसे तम्मना ने अच्छे से फील किया, ह्रदय ने तम्मना को उठा लिया और पिच ेघुमा क्र पटक दिया, और उसके उप्पेर आ गया जिससे तम्मना ह्रदय के निचे डाब गई तम्मना की गांड ह्रदय के लुंड के सामने थी,
तम्मना को बड़ा मजा आ रहा था, वैसे तो ये देव यही ख़तम हो जाना था लेकिन तम्मना ने ह्रदय को रोका hi नहीं और निचे से जान बुझ क्र जोर लगाने लगी, जिससे ह्रदय का लुंड और जोर से उसकी गांड पैर दबाव बनाये, वो जोर लगाने के बहाने अपनी गांड को रगड़ रही थी,
फिर दोनों खड़े हुए तो, तम्मना ने कल्पना से वैसे hi देव लगाने को कहा, और कल्पना ने भी अच्छे से ह्रदय के शरीर से खुद को अचे से रगड़ा और वो तो खुद अपनी गांड को और पीछे क्र रही थी जिससे वो और अच्छे से फील क्र सके,
ह्रदय ये सब अच्छे से समझ रहा था लेकिन वो खुद को कण्ट्रोल कर रहा था, तम्मना ने एक देव बताया जिसमे दोनों पैरो के बिच हाथ दाल क्र सामने वाले को पलटना था, तम्मना ने ह्रदय के पैरो के बिच हाथ डाला तो ह्रदय के लुंड तम्मना के हाथ के निचे आ गया, और लुंड को हाथ लगते hi ह्रदय के अंदर तूफ़ान सा आ गया, उसका कण्ट्रोल छूटने लगा था, तम्मना ने भी देव के बहाने ह्रदय के लुंड को अच्छे से फील किया,
लेकिन ये देव ज्यादा देर नहीं चला क्योकि ह्रदय खुद hi पलट गया, लेकिन अब बरी थी तम्मना की ह्रदय ने भी वैसा hi देव लगाया तो तम्मना की छूट जो गीली हुई पड़ी थी ह्रदय के हाथ के निचे आते hi तम्मना मचल उठी, ह्रदय उसे पलटने लगा तो तम्मना जोर लगाने लगी जिससे ह्रदय को और जोर लगाना पड़ा जिससे तम्मना की छूट अच्छे से रगड़ गई,
फिर बरी थी कल्पना की अब कल्पना थोड़ी झिजक रही थी, लेकिन वो एक्सीटेंड भी बहुत थी, कल्पना ने भी देव लगाया और तम्मना की तरह ह्रदय के लुंड को रगड़ दिया, लेकिन जल्दी hi हैट गई, फिर ह्रदय ने लगाया और कपङा की छूट रगड़ते hi कल्पना झाड़ गई, उसका बदन अकड़ने लगा, उसने ह्रदय को कास कर पकड़ लिया,
तम्मना ने ये महसूस क्र लिया था, ह्रदय को समझ नहीं आया था क्योकि उसने कभी किसी लड़की को झड़ते न देखा था न hi उसे पता था इसके बारे में,
तम्मना- ठीक ह ह्रदय अब तुम जाओ अपनी क्लास में ये देव रोज करने हैं,
ह्रदय वह से निकल गया, कल्पना वही गद्दे पैर बैठी थी,
तम्मना- मजा आया न
कल्पना ने चौक क्र तम्मना को देखा तम्मना सामने कड़ी मुस्कुरा रही थी,
कप्लना झेप गई,
तम्मना- शर्माओ नहीं ऐसा होता ह और ह्रदय जैसा लड़का तुम्हारे बदन को ऐसे छुए तो ये होना लाजमी ह,
कप्लना- मम वो मैं
तम्मना- घबराओ नहीं मैं किसी से नहीं कहूँगी, तुम्हे मैंने इसी लिए चुना था, मैं जानती हु तुम ह्रदय को पसंद करती हो, लेकिन उससे अपने दिल की बात नहीं बोल प् रही हो, इसलिए मैंने तुम्हे ये मौका दिया ह, अब तुम्हारे पास मौका ह सब कुछ करने का,
कल्पना शॉकेड सी तम्मना को देख रही थी,
कल्पना- मम आप सच बोल रही हैं
तम्मना- है लेकिन ये बात हमारे बिच hi रही चाहिए, मैं भी एक लड़की हु तुम्हारी फीलिंग्स को समझती हु,
कल्पना उठी और तम्मना के हाथ पकड़ क्र ठंकु बोलने लगी,
तम्मना ने उसे गले से लगा लिया,
दीपा फ़ोन पैर,
दीपा- मुझे लगता ह आपने आने का समय हो गया ह, अब उसे दुनिया का ज्ञान देने का वक़्त आ चुक्का ह
उधर से कुछ कहा गया,
दीपा- वो पूरी तरह तैयार ह लेकिन उसका इम्तेहान तो आपको hi लेना होगा,
उधर से कुछ कहा गया,
दीपा- वो हर तरह से अपने बाप पैर गया ह, लेकिन औरतो के साथ वो कैसा ह ये अब पता चलेगा मैंने आज hi उसे इसकी आजादी दी ह, जैसा आपने कहा था अब तक उसको रोका हुआ था, इस सब से दूर रखा हुआ था,
उधर से कुछ कहा गया
दीपा- मैंने उसे पूरा नंगा देखा ह वो अपने बाप से आगे hi हो सकता ह पीछे तो किसी भी तरह से नहीं ह,
उधर से कुछ कहा गया
दीपा- ये मेरा फर्ज था, वो तुषार का बीटा ह उसे ऐसा hi बनना था, आप आ जाइये उसकी मुलाकात वह हुई ह और उसके सवाल शुरू हो चुके हैं,
उधर से कुछ कहा गया और दीपा ने फ़ोन काट दिया,
वही चंडीगढ़ में आफत उतर चुकी थी दृष्टि के रूप में, क्या क़यामत रूप था उसका, सिंपल से फिटिंग की जेनस टॉप में वो जहा जहा से गुजर रही थी लोगो की नजर बस उसी पैर टिक जाती थी, वो चंडीगढ़ के मशहूर कॉलेज में एंट्री क्र रही थी, ये शनाया और दिया वाला hi कॉलेज था,
कॉलेज के हर लड़के ने उसे पलट क्र जरूर देखा, लेकिन वो बिना किसी को देखे सीधे प्रिंसिपल के रूम में गई और अपने पेपर्स जमा करवाए,
प्रिंसिपल- तुम इतनी दूर से यहाँ ट्रांसफर लेकर आई हो कोई खास वजह
दृष्टि - मेरा लक्ष्य बड़ा ह तो उसके लिए मुझे बड़े कॉलेज से hi पढ़ना था, और ये hi कॉलेज मेरे लक्ष्य को पूरा करवा सकता ह,
प्रिंसिपल- वैरी गुड, तुम अपने पप्पेर अकाउंट ऑफिस में दे दो वो तुम्हे तुम्हरी ईद वगेरा दे देंगे,
दृष्टि वह से निकल क्र अपने डाक्यूमेंट्स क्लियर करा क्र निकल गई अपने लिए रूम का इंतजाम करने, वो हॉस्टल में नहीं रुक रही थी,
आज का दिन सबके लिए बड़ा hi व्यस्त रहा, किसी को नया लक्ष्य मिला तो कोई अपने लक्ष्य की तरफ अगसर हो गया,
अगले दिन कॉलेज खुले,
हिमाचल में ह्रदय के कॉलेज में उसका सम्मान किया जा रहा था, वो कॉलेज का नाम रोशन करके जो आया था, पूरा कॉलेज तालियों से उसका स्वागत कर रहा था, मंदिर और कल्पना बेसबरी से ह्रदय से अकेले में मिलने का मौका ढूंढ रही थी, तभी प्रिंसिपल ने आर्डर निकला की, कॉलेज में कुछ और गेम्स भी ऐड किये जा रहे हैं जिसमे से कुश्ती भी एक गेम होगा, और कुश्ती की इंचार्ज मिस तम्मना जी होंगी, तम्मना जी कुश्ती में डिस्ट्रिक्ट लेवल की खिलाडी हैं, उम्मीद करता हु हमारे कॉलेज की लड़किया इसमें भाग लेंगी,
अगर हमने ाचा प्रदर्शन किया तो बॉयज के लिए भी कुस्ती के टीचर बुलवाये जायेंगे, लेकिन तब तक तम्मना जी hi लड़को को भी सिखाएंगी,
लड़के तो ख़ुशी से उछाल पड़े, वही ह्रदय के दिमाग में आया की चलो कुश्ती भी सीखते हैं, कभी इसकी भी जरुरत पद hi सकती ह,
वही तम्मना के फेस पैर एक कातिल मुस्कान थी,
प्रिंसिपल- जो भी इसमें भाग लेना चाहते हैं अपने अपने नाम लिखवा दे,
काफी लड़को ने तो तम्मना जी के नजदीक रहने के लिए अपने नाम लिखवा दिए, ह्रदय ने भी अपना नाम लिखवा दिया, अब मंदिर ने आगे बढ़ क्र अपना नाम लिखवाया ताकि किसी गेम में तो ह्रदय के साथ रह सके, तभी कल्पना ने भी अपना नाम लिखवा दिया,
तम्मना को लगा भीड़ इकठी हो रही ह तो उसने एक विचार किया
तम्मना- मैं एक बार सबका टेस्ट लुंगी और जो उस टेस्ट में पास होंगे उन्हें hi इस गेम में आगे सिखाया जायेगा, बाकि सबको उसे देख क्र सीखना होगा, अगली बार उन्हें जोड़ा जायेगा,
सभी ने हामी भर दी,
वही चंडीगढ़ में शनाया दिया रैना आशना कॉलेज पहुंची तो सामने हनी खड़ा था,
शनाया- तुम ठीक हो न,
हनी- तुम कैसी दोस्त हो मैं तुम्हारे लिए गुंडों से पिता गया और तुम मुझे देखने तक नहीं आये,
दिया सर निचे कर मुस्कुरा दी,
शनाया- श्री यार वो घर में पार्टी थी की कुछ याद hi नहीं रहा, तुम ठीक तो हो न अब
हनी- है अब ठीक हु, वैसे उन गुंडों का पता चला वो कोण थे,
दिया- पुलिस ढूंढ रही ह जिस दिन हाथ आ गए न उनकी खेर नहीं,
हनी थोड़ा सा सकपका गया, तभी पीछे से एक लड़का दौड़ता हुआ आया,
लड़का- अरे हनी तू आ गया, यार सही टाइम पैर आया ह वो देख कॉलेज में नै आइटम आई ह, कसम से सुपर हॉट माल ह यार, पूरा कॉलेज उसके पीछे पागल हो गया ह सुबह से जिधर से गुजर जाती ह, वही लड़को की भीड़ लग जाती ह,
सबने उधर देखा तो सामने से दृष्टि चली आ रही थी, एक अलग hi ऐटिटूड, चल में अलग hi नशा कपड़ो में कोई दिखावा नहीं लेकिन फिटिंग ऐसी की एक एक अंग अलग hi निखार कर आ रहा था,
शनाया उसे देख क्र फुल ऐटिटूड में आ चुकी थी, हनी की जीभ मुँह से बहार आ चुकी थी, दृष्टि उन सब के पास से बड़े स्टाइल से गुजर गई,
आशना- ये क्या आफत ह, इसने हमे देखा तक नहीं
दिया- क्यों हम सब अप्सराये हैं क्या
हनी- शनाया किसी अप्सरा से काम भी नहीं ह
शनाया- ठंकु हनी
दिया- बस बस ज्यादा माखन मत लगा, ये ह कोण ऐटिटूड तगड़ा ह लड़की में
हनी का दोस्त- पता नहीं आज hi कॉलेज में आई ह, कही से ट्रांसफर करवा क्र
शनाया- चलो देखते हैं,
सब क्लास की तरफ चल दिए, दृष्टि भी इन्ही की क्लास में थी,
टीचर ने सबको दृष्टि का इंट्रो दिया, कुछ लड़किया जो शनाया से चिढ़ती थी उन्होंने दृष्टि को शनाया के विरुद्ध खड़ा करने का फैसला कर लिया और दृष्टि से दोस्ती करने आगे बढ़ गई,
कॉलेज ख़तम होते होते hi दृष्टि का एक ग्रुप बन गया और वो उस ग्रुप की लीडर भी बन गई,
हनी के दिल में बहुत आया की दृष्टि से दोस्ती करे लेकिन शनाया के दर से हिम्मत नहीं हुई,
उधर सचिन ने विनय तम्मना के भाई के घर एक लेटर भिजवाया की ठीक होते hi अंजलि ग्रुप में आकर ज्वाइन करने का ऑफर था,
विनय के घर में खुशियों की लहार दौड़ गई,
वही आज ह्रदय अलग hi रूप में कॉलेज में खड़ा था, उसकी आँखों में लड़कियों को देखने का तरीका बदला हुआ था, कोई गन्दगी नहीं थी लेकिन आज वो हर लड़की की स्माइल का जवाब स्माइल से hi दे रहा था, हर एक इस बात से थोड़ा सरप्राइज था, सबको लगा ह्रदय में चंदगड जाकर बदलाव हुआ ह, वही तम्मना मैडम के दिमाग में आ रहा था की जो हरकते उसने ह्रदय के साथ की हैं उससे ह्रदय के विचार बदल रहे हैं,
तम्मना ने सबका टेस्ट लेने के लिए एक जगह बुला लिया, लड़को के जोड़े बनाये और एक दूसरे से कुश्ती करवाई, कुश्ती किसी से आती hi नहीं थी, लेकिन यहाँ देव से ज्यादा ताकत का प्रदर्शन होना था, और ताकत में ह्रदय को कोई भी गिरा नहीं सकता था, तो ह्रदय को बिना टेस्ट के hi चुन लिया गया, उधर लड़कियों का भी ऐसे hi टेस्ट लिया गया, कल्पना और मंदिर ने पूरी हिम्मत से टेस्ट दिया और टेस्ट में चुन भी ली गई,
तम्मना ने 12 लड़के और 10 लड़किया चुन ली कुश्ती के लिए, बाकि का बाद में देखने का बोल दिया, तम्मना ने अगले दिन सबको कुश्ती के लिए ड्रेस लेन का आर्डर दे दिया,
वही एक खूबसूरत औरत सेक्सी बदन की मालकिन गयम में पसीना बहा रही थी, गयम के टाइट कपड़ो में एक एक अंग उभर का आ रहा था, पसीने की वजह से कपडे और उसके बदन से चिपके हुए थे, शरीर का ेके क उभर नुमाया हो रहा था, वो थी निधि जो पूरा पसीना भने में लगी हुई थी,
तभी गयम में अशोक आ गया,
अशोक अपनी hi बहु को बहुत hi गन्दी नजरो देख क्र लार टपका रहा था, फिर वो आगे बढ़ा और निधि की कमर पैर हाथ रखा, निधि एक दम चौंक गई, पीछे मुद क्र देखा की अशोक ह तो रेलसे हो गई,
अशोक- बहुत महेनत करती ह तू बेटी
निधि- महेनत नहीं करुँगी तो मोती हो जाउंगी
अशोक- इतना खूबसूरत बदन ह तेरा और महेनत करेगी तो न जाने क्या हो जायेगा
निधि- आप भी न पापा कैसी कैसी बात करते हो,
कुछ काम था क्या ऑफिस नहीं गए अब तक
अशोक- है काम ह जरुरी काम ह,
निधि- बताइये क्या हुआ
अशोक- हनी उसके अंदर का दर अब तक ख़तम नहीं हुआ ह, मैं सब कुछ क्र चुक्का हु, वो ायश बन गया लेकिन बहादुर नहीं बना, जो मुझे चाहिए था वो नहीं बना,
निधि- मैंने तो पहले hi कहा था मुझे उसमे वो बात नजर नहीं आती,
अशोक- उसे मैंने क्या सोच क्र तैयार किया था लेकिन वो उसके जैसा नहीं बन पाया, उन्हें बर्बाद करने के लिए मैंने क्या नहीं किया पैसा ताकत सब इकठा की लेकिन फिर भी वह तक नहीं पहुंच पाया, अगर ये लड़का अंजलि ग्रुप की बेटी शान्या को फसा ले तो कुछ काम बन सकता ह,
निधि- आप अब भी अँधेरे में तीर चला रहे हैं,
अशोक- क्या करू फिर, मैं उन्हें बर्बाद कर दूंगा,
निधि- करेंगे करेनेगे लेकिन उनके टक्कर का कोई ढूंढ़ना पड़ेगा,
अशोक- वही बात करने आया था मैं, मेरे पास फ़ोन आया था एक लड़का ह बहुत जबरदस्त हुनर ह उसमे, हनी के कॉलेज के सभी गेम्स जीत लिए उसने गजब की ताकत ह उसमे, फुर्ती ताकत और सुंदरता का नायब नगीना ह वो, अगर वो हमे मिल जाये तो हम उसे और निखार देंगे फिर शायद वो हमारा काम कर दे,
निधि- कोण ह वो
अशोक- कोई ह्रदय ह हिमाचल से आया था,
निधि- तो आप क्या चाहते हैं
अशोक- मैं चाहता हु तुम उसे यहाँ ले आओ, तुम खुद उसे परखो उसकी ताकत को परखो और अगर वो इस लायक लगे तो अपने साथ मिला लो,
निधि- जैसा आपको ठीक लगे, रवि को यहाँ बुला लीजिये तब तक वो ऑफिस देख लेगा,
अशोक- नहीं उसे वही रहने दो, मुझे पूरी रिपोर्ट चाहिए, और मुंबई से कुछ रिपोर्ट आई हम कहा तक पहुंचे
निधि- काफी नजदीक हैं, एक लड़की बहुत महेनत से इसी पैर काम कर रही ह, जल्दी hi हमे कामयाबी मिलेगी,
अशोक ने निधि की कमर पैर थपथपाया- बहुत बढ़िया
फिर वो बहार चला गया, निधि मिरर में खुद को देखने लगी, और फिर से एक्सरसाइज में लग गई,
सब अपने अपने काम में बिजी थे, नैना और काम्य अंजलि ग्रुप की डिटेल्स निकलने में लगी हुई थी, इंटरनेट से जो मिल सकता था ढूंढा जहा से उन्हें जानकारी मिली शनाया दिया आशना और रैना की जिनकी जान इन दोनों ने उस रात बचाई थी,
नैना- काम्य देख ये वही लड़किया ह जिनकी जान हमने बचाई थी उस रात ये अंजलि ग्रुप के ओनर्स की बेतिया हैं,
काम्य- वह ये तो ऊपर वाला भी चाहता ह हमे इसके बारे में पता करे, इसलिए उसने हमे पहले hi इनसे मिलवा दिया, हमारा अहसान भी ह इन पैर तो इनके साथ दोस्ती करके बहुत कुछ पता चल सकता ह,
नैना- सही कहा लेकिन हम इन्हे ढूढ़े कहा,
काम्य- अरे ये देख इनका कॉलेज इसी में चलते ह न, ये बहुत बड़े लोग हैं इनके बारे में सब कुछ अखबारों में न्यूज़ में आता ह, तो सब जानकरी यही मिल जाएगी,
दोनों ने कॉलेज जाने का फैसला क्र लिया,
यहाँ ये सब अपनी अपनी जिंदगी की उधेड़ बन में लगे हुए थे उधर अमेरिका में कांड हो गया,
अमेरिका के एक पब में रिंकी रम्य और अन्य नशे में धुत नाच रही थी, ड्रग्स का जोर चल रहा था की तभी वह पुलिस की राइड पद गई, और उस वक़्त रिंकी डग्स के नशे में थी, और उससे भी खतरनाक उसकी पॉकेट में ड्रग्स भी था,
पुलिस की राइड में जो ड्रग्स डीलर पकड़ा गया उसने वह पब में जो जो उससे ड्रग्स खरीदता था उन सबके नाम ले लिए थे, जिसमे रिंकी का नाम टॉप लिस्ट में था,
रम्य और अन्य ने थोड़ी सी होश्यारी दिखते हुए रिंकी को वह से लेकर भाग गई, पुलिस उनके पीछे लग गई थी,
रम्य ने अनीता को फ़ोन किया,
रम्य- दादी हमारे पीछे पुलिस लगी ह, माँ पैर ड्रग्स केस हो गया ह,
अनीता जानती थी अमेरिका में ड्रग्स केस में कोई समझौता नहीं ह काम से काम 5 साल तो अंदर जाएगी hi, अनीता के हाथ पाओ फूल गए वो बुरी तरह घबरा गई,
अनीता- ये ये कैसे हुआ मैं कितना समझती थी सम्हाल जाओ लेकिन मेरी किसी ने सुनी hi नहीं,
रम्य- दादी ये सब बाद में कर लेना अब ये बताओ करना क्या ह
अनीता ने घेरि साँस बाहरी,
अनीता- सुनो अभी केस रजिस्टर नहीं हुआ होगा तुम लोग सीधे एयरपोर्ट पहुँचो रस्ते में गाड़ी कही छोड़ देना मैं तुरंत तुम्हारे टिकट बुक करती हु इंडिया के और पासपोर्ट लेकर पहुँचती हु, बस जब तक मैं नहीं आ जाती छुपे रहना, पुलिस का हाथ मत आ जाना,
रम्य अन्य और रिंकी ने रस्ते में गाड़ी छोड़ दी और टेक्सी बदल बदल क्र एयरपोर्ट पहुंच गए, वही अनीता ने घर में रखे पप्पेर लिए घर को लॉक किया और जरुरत का सारा सामान लेकर निकल गई, उसने ऑनलाइन hi अपने चारो के टिकट बुक क्र दिए थे, सीधे एयरपोर्ट पहुंच गई,
और वह से सीधी फ्लाइट इंडिया के लिए पकड़ी, और अगले दिन इंडिया में लैंड कर गई, इंडिया पहुंचने मुंहे रात हो चुकी थी,
और सीधे पहुंची अपने पुराने शहर में जहा वो पहले रहा करती थी, जहा तुषार ने अनीता और रिंकी को घर किराये पैर दिलवाया था, अपने गाओं के नजदीकी शहर में, और एक होटल में रूम लिया,
रम्य और अन्य बहुत दरी हुई थी, कोई भी लड़की तब तक hi बिगड़ी हुई रहती ह जब तक किसी मुसीबत में नहीं पड़ती, मुसीबत आते hi सबसे पहले दिमाग ठिकाने आता ह,
अनीता- देखो तुम लोगो की वजह से क्या हो गया, कितना समझाया तुम लोगो को ये सब बंद क्र दो लेकिन,
रिंकी- चिल माँ कुछ नहीं होगा, इस जिंदगी से तो जेल भी अच्छी थी, लेकिन तुम हमे यहाँ क्यों ले आई, माँ यहाँ नहीं लाना छाइये था,
अनीता- बस रिंकी खुद को सम्हाल, कब तक ऐसे खुद को तबाह लारती रहेगी,
रम्य- कुछ बात ह क्या माँ जो हमे नहीं पता, आप ऐसी बाते क्यों क्र रही हो,
रिंकी खुद को सम्हालते हुए- कुछ नहीं बच्ची बस जिंदगी का कोई लक्ष्य hi नहीं ह, और जब जिंदगी का कोई लक्ष्य नहीं होता तो जिंदगी ऐसी hi हो जाती ह,
अनीता- फिर तूने इन दोनों लड़कियों को कोई लक्ष्य क्यों नहीं दिया, इतना ज्ञान तेरे पास था फिर भी तूने इन्हे सही दिशा नहीं दिखाई,
आने- दादी अब थोड़ी शांति रखते हैं न, ये सोचिए वह हमारा पूरा बिज़नेस ह वो सब बर्बाद हो जायेगा,
अनीता- वो सब मैं देख लुंगी तुम तीनो खुद को देखो और सुधारो खुद को,
सुबह सूरज निकल आया था, हर कोई अपने अपने सफर पैर निकल चुके थे, शनाया दिया रैना और आशना कॉलेज गई, दृष्टि उनसे पहले hi कॉलेज पहुंच चुकी थी, जो अपने ग्रुप के साथ कड़ी थी, शनाया ने देखा हनी भी उसके साथ खड़ा ह,
शनाया का गुस्सा सातवे आसमान पैर चढ़ गया था, वो गुस्से में अपनी क्लास की तरफ चली गई,
दृष्टि के फेस पैर स्माइल थी,
वही काम्य और नैना शनाया और दिया के कॉलेज की तरफ निकल गई थी, आज उन्होंने उनसे दोस्ती करने का फैसला कर लिया था,
वही ह्रदय अपने कॉलेज पहुंच गया था, आज कुश्ती के लिए सेलेक्ट किये हुए बच्चे कुश्ती की ड्रेस लेकर आये थे,
कल्पना और मंडिया बहुत एक्सीटेंड थी, ह्रदय के साथ कुश्ती करने के लिए, वही तम्मना भी खुद के लिए कुश्ती के कपडे लेकर आई थी उसके दिमाग में भी बहुत कुछ चल रहा था,
वही निधि निकल चुकी थी हिमाचल के लिए, उसका टारगेट था ह्रदय के बारे में पता करना, निधि के लिए ह्रदय का एड्रेस निकलवाना कोई मुश्किल काम नहीं था,
अनीता रिंकी रम्य और अन्य को इंडिया का टाइम और अमेरिका के टाइम की वजह से उन्हें प्रॉब्लम हो रही थी तो वो बस रेस्ट क्र रहे थे,
सबसे पहले चलते हैं नैना और काम्य के पास
काम्य- नैना हम कॉलेज में आ तो गए हैं लेकिन क्या बोलेंगे क्यों आये हैं
नैना- बोल देंगे हम इस शहर में नए हैं तो एडमिशन के बारे में सोच रहे हैं,
काम्य- वैसे इस कॉलेज के रंग ढंग अमेरिका से काम नहीं हैं, मैंने तो सुना था इंडिया में बहुत अच्छा कल्चर ह लेकिन यहाँ तो लड़किया अमेरिका को टक्कर दे रही हैं,
नैना- दुनिया बदल रही ह तो ये भी बदल गए, हमे क्या करना ह हमे कोनसा यहाँ रहना ह, बस इस बहाने एक देश घूम लिया, चल उन्हें ढूंढ़ते हैं,
दोनों कॉलेज में घूमने लगी, लेकिन क्लास चल रही थी तो कोई मिला नहीं, वो जाकर कैंटीन में बैठ गई, कुछ घंटे इंतजार के बाद चारो बहन उन्हें आती हुई दिखी, उन्हें देख क्र काम्य और नैना एक दम अपने आप में बिजी हो गई जैसे उन्होंने धयान hi न दिया हो,
वो चारो बहन भी उनके साइड वाली टेबल पे रबइठ गई, वो अपने आप में hi बिजी थी, शनाया गुस्से में बड़बड़ा रही थी
शनाया- बहुत तेवर दिखा रही ह वो,
दिया- छोड़ न हमे क्या करना ह,
शनाया- ऐसे कैसे छोड़ दू, हमारा शहर और हमे hi आँख दिखा रही ह,
दिया- तू फिर शुरू हो गई, तूने कहा थान ा चेंज हो जाउंगी,
शनाया- दिया मैं चेंज हुई हु और हो रही हु, लेकिन उन्ही के लिए जो ये चेंज डेसेर्वे करते हैं, अगर कोई सामने से आकर ऐटिटूड दिखायेगा तो फिर मुझेबरदास्त नहीं होगा, मैं समझ रही हु अच्छा बनना अच्छी बात ह लेकिन इतना अच्छा न बनो की कोई भी आकर तुम्हारी मार क्र चला जाये,
रैना- सही बात ह यार ये हमारा कॉलेज ह और हम अपने कॉलेज में ऐसे hi कोई भी हमे ऐटिटूड कैसे दिखा सकता ह,
काम्य और नैना उन सब की बात सुन रही थी, काफी देर हो जाने के बाद जब चारो ने इन दोनों पैर धयान नहीं दिया तो काम्य कड़ी हुई और उनकी टेबल के समाने आकर बोली- नैना आ चल देर हो रही ह
नैना एक दम बोखला गई,
काम्य की आवाज सुनकर चारो लड़कियों ने उसे देखा और पहेली नजर में hi पहचान लिया,
दिया- अरे आप यहाँ
काम्य- जी आप कोण
दिया- आपने हमे नहीं पहचाना हम वही लड़किया हैं जिसकी जान आप दोनों ने बचाई थी उस रात,
काम्य- अच्छा अच्छा श्री श्री वो अँधेरा था न वह और इतना सब हुआ की दिमाग से निकल गया था,
शनाया- आइये हमारे साथ बैठिये न, उस रात आपको ठीक से ठंकु कहने का मौका भी नहीं मिला,
नैना- इसकी जरुरत नहीं ह ये तो इंसानियत केन एते हमारा फर्ज था,
दिया ने दोनों के हाथ पकड़ क्र अपने hi पास बैठा लिया,
रैना- आप दोनों हमारे कॉलेज में,
नैना- हम यहाँ अभी शिफ्ट हुए हैं तो एडमिशन लेने की सोच रहे थे कहा ले वही सोच रहे थे, इस कॉलेज का नाम काफी सुना था तो सोचा देख आये,
शनाया- बिलकुल सही किया आपने, ये कॉलेज बेस्ट ह
फिर इनमे इधर उधर की बाते होने लगी, और कुछ hi देर में दोस्ती हो गई,
वही हिमाचल में ह्रदय और बाकि सब स्टूडेंट्स एक बड़े से हॉल में खड़े थे, बिच में गद्दे बिछे हुए थे, और सभी अपनी कुश्ती की ड्रेस में थे,
और सामने कड़ी थी तम्मना कुश्ती की टाइट फिटिंग की ड्रेस में जिसमे उसके बड़े बूब्स अलग hi दिख रहे थे, और गांड का आकर तो इतना भेतरीन था की पूछो मत, बाकि लड़किया भी बहुत सेक्सी लग रही थी लेकिन हर लड़के की नजर बस तम्मना पैर थी, एक भरे हुए बदन की लड़की और कमसिन लड़कियों के शरीर में काफी अंतर होता ह, जो यहाँ साफ़ पता चल रहा था,
तम्मना कड़ी हुई सबको कुश्ती के देव सीखा रही थी, कुछ तो बड़े धयान से सुन रहे थे कुछ के दिमाग में अश्लीलता घूम रही थी,
तम्मना एक एक को बुला रही थी और उसे देव बता रही थी और कुछ देर में भेज देती थी, सभी लड़को को बिना हाथ लगाए hi देव सिखाये,
तम्मना सबको सीखा क्र उनकी क्लास में भेज देती, लास्ट में बस 4 स्टूडेंट रह गए, जिसमे कल्पना ह्रदय और दो लड़के और,
तम्मना ने कल्पना को रोक लिया था तम्मना कल्पना के साथ दवा लगा क्र सबकी सीखा रही थी, फिर उन दोनों लड़को को भी बेज दिया, अब वह तम्मना ह्रदय और कल्पना रह गए थे,
तम्मना- तुम दोनों के अंदर कुश्ती खेलने की हिम्मत और ताकत दिखाई देती ह मुझे बस तुम्हे देव सिखने होंगे, ह्रदय तुम आगे आओ, कल्पना अब तुम देखो मैं कैसे देव लगाती हु उसके बाद तुम्हे और ह्रदय को वही देव लगाने हैं,
कल्पना तो खुश हो गई,
ह्रदय- मम लड़के और लकड़ी की कुश्ती कैसे हो सकती ह,
तम्मना- तुम शर्मा रहे हो, लड़के लड़की की कुश्ती तो 30-40 साल पहले भी हुआ करती थी, और तुम्हे इस ज़माने में शर्म लग रही ह,
ह्रदय- मम मैं तो कल्पना की वजह से बोल रहा था
कल्पना- मैं कोई पुराने ज़माने की नहीं हु मुझे कोई ऐतराज नहीं ह,
तम्मना- देखा उसे कोई ऐतराज नहीं ह, अब आगे आओ,
ह्रदय आगे आ गया, तम्मना ने ह्रदय को देव बताने शुरू किये, वो ह्रदय से चिपक क्र सरे देव दिकः रही थी, वो अपनी चूचिया ह्रदय से रगड़ रही थी,
एक देव में तम्मना ह्रदय के पीछे आ गई और ह्रदय को उठा कर पीछे पलटना का देव दिखा रही थी, जिसमे उसने ह्रदय को पीछे आकर पकड़ लिया इससे तम्मना की चूचिया ह्रदय की कमर में डाब गई, तम्मना ने ह्रदय को उठाने के लिए ताकत लगाई जिससे तम्मना की छूट ह्रदय की बैक पैर रगड़ गई,
तम्मना ह्रदय को उठा तो नहीं पाई लेकिन वो दवा लगाना बता रही थी,
फिर वैसे hi उसने ह्रदय से कहा तो ह्रदय तम्मना के पीछे आ गया, और शामे तम्मना की तरह उसने तम्मना की कमर में हाथ दाल क्र बहो में कास क्र पकड़ लिया इससे तम्मना की चूचिया ह्रदय के हाथो में डाब गई, ह्रदय ने देव लगाया जिससे ह्रदय का लुंड तम्मना की गांड में ाचे से रगड़ गया, जिसे तम्मना ने अच्छे से फील किया, ह्रदय ने तम्मना को उठा लिया और पिच ेघुमा क्र पटक दिया, और उसके उप्पेर आ गया जिससे तम्मना ह्रदय के निचे डाब गई तम्मना की गांड ह्रदय के लुंड के सामने थी,
तम्मना को बड़ा मजा आ रहा था, वैसे तो ये देव यही ख़तम हो जाना था लेकिन तम्मना ने ह्रदय को रोका hi नहीं और निचे से जान बुझ क्र जोर लगाने लगी, जिससे ह्रदय का लुंड और जोर से उसकी गांड पैर दबाव बनाये, वो जोर लगाने के बहाने अपनी गांड को रगड़ रही थी,
फिर दोनों खड़े हुए तो, तम्मना ने कल्पना से वैसे hi देव लगाने को कहा, और कल्पना ने भी अच्छे से ह्रदय के शरीर से खुद को अचे से रगड़ा और वो तो खुद अपनी गांड को और पीछे क्र रही थी जिससे वो और अच्छे से फील क्र सके,
ह्रदय ये सब अच्छे से समझ रहा था लेकिन वो खुद को कण्ट्रोल कर रहा था, तम्मना ने एक देव बताया जिसमे दोनों पैरो के बिच हाथ दाल क्र सामने वाले को पलटना था, तम्मना ने ह्रदय के पैरो के बिच हाथ डाला तो ह्रदय के लुंड तम्मना के हाथ के निचे आ गया, और लुंड को हाथ लगते hi ह्रदय के अंदर तूफ़ान सा आ गया, उसका कण्ट्रोल छूटने लगा था, तम्मना ने भी देव के बहाने ह्रदय के लुंड को अच्छे से फील किया,
लेकिन ये देव ज्यादा देर नहीं चला क्योकि ह्रदय खुद hi पलट गया, लेकिन अब बरी थी तम्मना की ह्रदय ने भी वैसा hi देव लगाया तो तम्मना की छूट जो गीली हुई पड़ी थी ह्रदय के हाथ के निचे आते hi तम्मना मचल उठी, ह्रदय उसे पलटने लगा तो तम्मना जोर लगाने लगी जिससे ह्रदय को और जोर लगाना पड़ा जिससे तम्मना की छूट अच्छे से रगड़ गई,
फिर बरी थी कल्पना की अब कल्पना थोड़ी झिजक रही थी, लेकिन वो एक्सीटेंड भी बहुत थी, कल्पना ने भी देव लगाया और तम्मना की तरह ह्रदय के लुंड को रगड़ दिया, लेकिन जल्दी hi हैट गई, फिर ह्रदय ने लगाया और कपङा की छूट रगड़ते hi कल्पना झाड़ गई, उसका बदन अकड़ने लगा, उसने ह्रदय को कास कर पकड़ लिया,
तम्मना ने ये महसूस क्र लिया था, ह्रदय को समझ नहीं आया था क्योकि उसने कभी किसी लड़की को झड़ते न देखा था न hi उसे पता था इसके बारे में,
तम्मना- ठीक ह ह्रदय अब तुम जाओ अपनी क्लास में ये देव रोज करने हैं,
ह्रदय वह से निकल गया, कल्पना वही गद्दे पैर बैठी थी,
तम्मना- मजा आया न
कल्पना ने चौक क्र तम्मना को देखा तम्मना सामने कड़ी मुस्कुरा रही थी,
कप्लना झेप गई,
तम्मना- शर्माओ नहीं ऐसा होता ह और ह्रदय जैसा लड़का तुम्हारे बदन को ऐसे छुए तो ये होना लाजमी ह,
कप्लना- मम वो मैं
तम्मना- घबराओ नहीं मैं किसी से नहीं कहूँगी, तुम्हे मैंने इसी लिए चुना था, मैं जानती हु तुम ह्रदय को पसंद करती हो, लेकिन उससे अपने दिल की बात नहीं बोल प् रही हो, इसलिए मैंने तुम्हे ये मौका दिया ह, अब तुम्हारे पास मौका ह सब कुछ करने का,
कल्पना शॉकेड सी तम्मना को देख रही थी,
कल्पना- मम आप सच बोल रही हैं
तम्मना- है लेकिन ये बात हमारे बिच hi रही चाहिए, मैं भी एक लड़की हु तुम्हारी फीलिंग्स को समझती हु,
कल्पना उठी और तम्मना के हाथ पकड़ क्र ठंकु बोलने लगी,
तम्मना ने उसे गले से लगा लिया,