Incest The Tiger - Page 3 - SexBaba
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Incest The Tiger

सॉरी यार गलती से पोस्ट हो गया

पता hi नहीं चला.
 
अपडेट 15 कंटिन्यू..

सीता - टाइगर मेरे बेटे तू वह क्यों खड़ा है आ मेरे पास आ.

टाइगर धीमे कदमो के साथ सीता पे पास आकर पेअर छूने की कोसिस करता है लेकिन सीता ने उसे गले से लगा लिया.

सीता - ओह्ह्ह मेरे बच्चे तू इतना उदास क्यों है ,क्या माँ की यद् आ रही है .

टाइगर - है बुआ.

सीता - देखो टाइगर मई तुम्हारी माँ की तरह की तुझे प्यार दूंगी और तुम्हारी पूरी देख भल अब मेरे hi जिम्मे है.

तो अब से तुम्हे जो भी जरुरत हो मुझ से कहना .मई तुम्हारी माँ तो मई नहीं बन सकती लेकिन पूरी कोसिस करुँगी तुम्हारी माँ बनने की .

चलो टाइगर बीटा अपने रूम में जाकर फ्रेश हो जाओ वो रहा तुम्हारा कमरा मई तुहारा सामान तुम्हारे कमरे में पंहुचा दूंगी.

कुछ hi देर में समिति , कविता और काव्य के साथ आ गई.

तीनो राजेश्वर से मिले फिर टाइगर के बारे में पूछा तो बताया की सफर से थकन के कारन सो गया है कुछ देर बाद राजेश्वर टाइगर को सोता हुआ छोड़ क्र चले गए .

जब टाइगर सो क्र उठा तो पता चला की उसके पापा उसे छोड़ क्र चले गए
 
अपडेट 15 कंटिन्यू..

जब टाइगर सो क्र उठा तो पता चला की उसके पापा उसे छोड़ क्र चले गए.

वो थोड़ा उदास हो गया की पापा मुझसे मिले बिना hi चले .

टाइगर हॉल के सोफे में बैठा था की वह सीता आ गयी .

सीता - क्या हुआ मेरा बीटा उदास लग रहा है.

टाइगर - बुआ पापा मुझसे मिले बिना hi चले गए आप लोगो ने मुझे जगाया क्यों नहीं.

सीता - बीटा तेरे पापा ने खा की तू अगर रहता तो उन्हें जाने में परेशानी होती वो तुम्हे उदास नहीं देख सकते थे इस लिए hi तुम से बिना मिले hi चले गए.

तुम यही बैठो मई तुम्हारे लिए कुछ खाने के लिए लती हु .

कुछ देर बाद वह पर कविता और काव्य आगयी और टाइगर को hi देखे जा रही थी यू खो की उसकी नीली आखो में खो गयी थी.

जब सीता वह पर आयी तो दोनों को टाइगर को गुरते हुए पाया तो उसे इन दोनों को हिलाया तब जेक उनका धयान टुटा .

सीता - ये तुम दोनों को क्या हुआ है तुम मेरे बेटे को क्यों घर रही हो , तुम्हारे इस तरह घूरने से मेरा बीटा दर जायेगा तो .

काव्य - (ये लड़की बहुत hi सरारती है और जो बोलो उसका फाटक से जवाब देती है)

मेरा बीटा तुम तो कहती थी की हम दोनों hi तुम्हारे बीटा और बेटी है और अब ये महासय आ गए तो इसको बीटा बना लिया.

कविता - ा रे पागल कुछ भी बोलती है वो भाई है हमारा .

काव्य - भाई होगा आपका दीदी में नहीं मानती इसे भाई और उठ क्र चली जाती है .

सीता - बीटा उसकी बात का बुरा मत मन्ना वो ऐसी hi है कुछ भी बोल देती है पर दिल की बरी साफ है मेरी बेटी .

इन से मिलो ये है कविता ये तुमसे 1 साल बड़ी है और काव्य तुम से दो महीने छोटी है.

उसी वक्त समिति आ जाती है .

सीता - और ये है मेरी ननद काम बहन ज्यादा और समिति ये है मेरा बीटा ा मेरा मतलब है मेरे भाई का बीटा टाइगर.

समिति - टाइगर ये कैसा नाम है.

टाइगर - वैसे मेरा नाम शेर सिंह है लेकिन ओल्ड फैशन होने के कारण मेरी बहनो ने मेरा नाम टाइगर रखा .

सीता - समिति जाओ इसे थोड़ा बहार घुमा लाओ इसका भी दिल बहाल जायेगा,

मई डिनर रेडी क्र लुंगी तब तक और काव्य और कविता को भी ले जाओ.

फिर ये चारो घूमने निकल गए घर के पास hi छोटा सा मार्किट जैसा था .

ये लोग सड़क के किनारे चल रहे थे सामने समिति और काव्य थी और पीछे कविता और टाइगर थे .

सामने तेज रफ़्तार से एक कार आ रही थी समिति और काव्य किनारे हट गए लेकिन कविता का धयान तो सिर्फ टाइगर पर hi था. टाइगर भी उसे चोरी चोरी देख रहा था.

कविता ने टाइगर का हाथ पकड़ा था टाइगर ने जब कार को देखा जो उसकी तरफ hi आ रहा है तो उसने कविता को अपनी तरफ खींचा जो उसका हाथ पकडे थी दोनों एक दूसरे से चिपक गए .

कविता पहले तो घबरा गयी फिर टाइगर के आखो में देखते hi फिर खो गए .

जब समिति ने कार के निकलने के बाद पीछे मुद क्र देखा तो दोने एक दूसरे में खो गए थे .

समिति - तुम्हारा धयान कहा था कविता सड़क पर देख क्र चला करो .

ये सुन क्र दोनों अलग हुए.

काव्य - अभी से रोमांटिक सन लेकिन अभी तू बहुत छोटा है बाद में काम आएगी hi hi hi...

समिति - काव्य तू चुप क्र कुछ भी बोलती है चलो अब .

ये लोग एक पानी पूरी के ठेले में रुके

कविता को मीठा पसंद था टाइगर और समिति ने खट्टा मीठा चुना काव्य ने हल्का तीखा चुना , फिर सभी पानी पूरी खाने लगे कविता बार बार टाइगर को hi देखे जा रही थी ये बात काव्य ने देख लिखे उसे सररत सूझी उसने एक गोल गप्पे में थोड़ी ज्यादा मिर्च डलवाई और उसे चुपके से टाइगर के प्लेट में रख दिया .

टाइगर ने जैसे hi वो गोल गप्पा खाया तुरंत hi अह्हह्ह्ह्ह मिर्ची ,पानी दो बोल क्र चिल्लाया .

कविता ने अपना मीठा वाला गोल गप्पे उसे खिलाया तब तक सामीणता ने पानी लेकर दिया .

इधर काव्य है रही थी

कविता - काव्य , पागल लड़की इस बेचारे को क्यों तीखा वाला गोल गप्पा खिला दिया.

काव्य - मजा लेने के लिए दीदी और फिर है दी.

समिति - पागल तुझे मजे की पड़ी है देखो टाइगर के आखो में ासु आ गए मिर्च के कारण .

काव्य - ओह्ह्ह सॉरी ज्यादा मिर्ची लग गयी क्या .

टाइगर - नहीं अब ठीक है मन में (तुझे तो बाद में मजा क्या होता है बताता हु.

फिर सभी घूमते हुए घर आये और डिनर और के सोने चले गए.
 
सैम तक एक और अपडेट देने की कोसिस करूंगा
 
अपडेट 16

फिर सभी घूमते हुए घर आये और डिनर और के सोने चले गए.

मई - जब अपने बीएड पर लेता था लेकिन नींद नहीं आ रही थी एक नयी जगह ऊपर से मुझे अपने घर की बहुत यद् आरही थी और सब से ज्यादा स्नेहा दीदी की जो मुझे हमेसा अपने से चिपका क्र मेरे बालो को सहलाती थी.

तभी रूम में सीता बुआ आई

सीता बुआ - बीटा नींद नहीं आ रही है क्या.

ये बोल क्र वो मेरे बीएड के किनारे लेट गयी.

टाइगर - नहीं बुआ बीएस घर की यद् आ रही है.

सीता - बीएस थोड़े दिनों की बात है फिर धीरे धीरे आदत हो जाएगी .

कल हम तुम्हारा एडमिशन कविता और काव्य के स्कूल में करने जायेंगे.

चलो अब आखें बंद करो और सो जाओ .

ये बोल क्र वो प्यार से मेरे बालो को सहलाने लगी और कब मई सोया पता hi नहीं चला.

सुबह जब मई उठा तो बुआ मेरे पास नहीं थी मई फ्रेश हुआ और खुद से पहली बार नहाया नहीं तो माँ hi नहलाती थी .

जैसे तैसे माय तैयार हो क्र निचे आया तो डाइनिंग टेबल पर सिर्फ बुआ hi थी सायद सभी स्कूल जा चुके थे.

बुआ - आ बीटा बैठ मई तेरे लिए ब्रेक फ़ास्ट लगती हु फिर मई रेडी होकर अति हु फिर हम तुम्हारा एडमिशन के लिए चलेंगे तब तक तुम ब्रेकफास्ट करो ठीक है

मई - जी बुआ.

मई ब्रेकफास्ट करके टीवी देखने लगा थोड़ी देर में बुआ आ गई बहुत hi सुन्दर लग रही थी ब्लू साडी में मई तो देखता hi रह गया.

बुआ - क्या हुआ बीटा ऐसे क्या देख रहे क्या मई अचछी नहीं दिख रही हु.

मई - नहीं बुआ आप तो बहुत hi सूंदर लग रही हो नीली साडी में और वैसे भी नीला मेरा फेवरेट कलर है.

बुआ - चलो फिर चलते है.

फिर हम दोनों स्कूल पहुंचे वह पर मेरा टेस्ट लिया .वो तो अचछा हुआ की मेरे बहनो ने खेल खेल में hi मुझे नार्मल पढ़ा दिया था .जो मेरे काम आया .

मई हर चीज बड़ी जल्दी शिख जाता था.

मई हर टेस्ट इजी दे दिया तो प्रिंसिपल मम ने मुझे काव्य के क्लास में दाल दिया और खा कल से टाइम में आजाना .

फिर मई और बुआ घर वापस aagye.thodi देर बैठ क्र टीवी देखे फिर बुआ किचन में चली गयी थोड़ी देर बाद वापस आयी.

बुआ - बीटा खाना लागू क्या.

मई - नहीं बुआ उन लोगो को भी आजाने दीजिये साथ में hi खा लेंगे .

कुछ समय बाद वो तीनो भी आ गयी फिर साथ में बैठ क्र खाना खाया.

कविता मुझे देख क्र मुस्कुरा देती और शर्मा क्र शिर झुका लेती मुझे कुछ समझ नहीं आता था .

इसके बाद कुछ खास नहीं हुआ .

अगली सुबह बुआ ने आकर जगाया .

बुआ - चलो बीटा उठो स्कूल जाना है न.

मई - गुड मॉर्निंग बुआ

बुआ - गुड मॉर्निंग चलो बीटा जाकर तैयार हो जाओ मई ब्रेकफास्ट बनती हु.

फिर बुआ चली गयी.

मई जब रेडी हो क्र डाइनिंग टेबल पर बैठ क्र ब्रेकफास्ट किया और निकल गए बस से स्कूल की तरफ .

स्कूल पहुंच क्र समिति और कविता अपने अपने क्लास की तरफ चली गयी मई काव्य के पीछे पीछे जा रहा था . अचानक काव्य रुकी और मुझसे बोली .

काव्य - देखो क्लास में किसी को भी पता नहीं चलना चाचिये की मई तेरे बुआ की बेटी हु समझा.

ये बोल क्र वो चली गयी .

मई - समझती क्या है अपने आप को ये बोल क्र मई भी क्लास में चला गया.

कुछ देर में टीचर आयी और मेरा इंट्रो लिया.

मम - क्या नाम है बीटा तुम्हारा.

मई - जी मेरा नाम टाइगर है.

मम - वाओ बहुत hi अलग नाम है तुम्हारा किसने रखा.

जी मेरी बहनो ने रहा है ,लगता है तुम्हारी बहाने बहुत प्यार करती है तुम्हे.

मई - जी मम.

मम - ok सहित डाउन.

फिर कुछ खास नहीं हुआ ,लंच टाइम में मई अकेला hi बैठा चारो तरफ देखने लगा सभी अपने ग्रुप में लंच क्र रहे थे. मैंने भी टिफ़िन निकल क्र खाने hi वाला था की कविता मेरे पास आयी उसके हाथो में भी टिफ़िन था.

कविता - अकेले hi बैठे हो कोई दोस्त नहीं बनाया.

मई - आज पहला hi दिन है न सायद इसी लिए कोई दोस्त नहीं बना.

कविता - कोई बात नहीं मई हु न , आज से हम दोनों साथ में टिफ़िन किया करेंगे थी .

मैंने सिर्फ मुंडी हिला दिया और टिफ़िन करके कविता चली गयी इस बिच काव्य हमे hi देख रही थी लेकिन हमारे पास नहीं आयी .

फिर कुछ क्लासेज के बाद हमरी छुट्टी हो gyi.or हम घर आगये बुआ ने पीछा कैसे रहा पहला दिन मैंने भी क्र दिया ठीक था बुआ .

डिनर के बाद सोने चला गया.

देखते hi देखते 10 साल बिट गए.

मई 15 साल का हुआ तब........
 
अपडेट 17

देखते hi देखते 10 साल बिट गए.

आज मेरा 15 बर्थडे है पर न मेरे घर से कोई फ़ोन आया और न hi हर साल की तरह कविता रत के 12 बजे के बाद मुझे बर्थडे विश करने आई.

मई सुबह बीएड पर बैठा यही सब सोच hi रहा था की बुआ ने आकर दूर पे दस्तक दी

बुआ - बीटा उठो सुबह हो गई स्कूल नहीं जाना क्या .

मई - जी बुआ अभी आया तैयार होक.

बुआ- जल्दी आना बीटा मई ब्रेकफास्ट लगाती हु.

मई - क्या बुआ को भी मेरा बर्थडे यद् नहीं रहा ये इतने सालो में पहली बार है.

खैर मई रेडी होक जब निचे आया तो डाइनिंग टेबल पर भी सब संत hi बैठे थे.

बुआ - मई तुम सब को ये बताना तो भूल hi गयी की...

मई एक पल के लिए सोचा की मेरे hi बर्थडे के बारे में बोलेगी लेकिन ये क्या जो उन्हों बोलै जिसे सुन क्र मई खुस भी हुआ और थोड़ा दुखी भी हुआ.

बुआ - (एक डैम स्लो होकर) आज टाइगर के (फिर जल्दी से) फूफा जी आने वाले है .

ये सुन क्र कविता और दोनों बहुत खुस हुई और समिति भी खुस थी की उसके भैया आ रहे है .

फूफा जी साल में दो बार hi आते थे एक दिवाली के समय और दुरसरा अप्रैल- मई में.

लेकिन फूफा जी इस बार जल्दी hi आ रहे थे कुछ समझ नहीं आया अभी तो जनुअरी का महीना चल रहा था.

हर बार की तरह कविता मुझे देख क्र मुस्कुरा रही थी लेकिन आज कुछ जयदा hi मुस्कुरा रही थी मई सोचा इसके पापा के आने के कारन खुस होगी .

खैर हम ब्रेकफास्ट करके बस स्टॉप की और चल दिए .

स्कूल में भी मेरे नाम के hi दोस्तों ने भी कुछ नहीं खा.

फिर छुट्टी के बाद हम घर पहुंचे तो मई डिनर करने के बाद बस को ये बोल क्र निकला की मई खेलने जा रहा हु.

लेकिन यह कोई मुझे अपने साथ खेलता नहीं था कारन ये है की क्रिकेट खेलते समय जब मई बॉलिंग करता था तो बॉल किसी को दिखाई hi नहीं देता था , स्टाम्प पर बॉल लगते hi स्टाम्प टूट जाता था और जब मई बैटिंग करता था तब बॉल hi घूम जाता था और बहुतो की तो खिड़की के काँछ भी टूटे है .

फुटबॉल खेलने जाऊ तो मेरे किक किये हुए फुटबॉल को कोई रोक hi नहीं पते थे इसलिए सब बोलते है भाई तू यह मत खेल कहि और जा.

सभी जगहों पर बीएस मुझे यही बात सुनने को मिलती थी.

कुछ दिनों तक तो मई ग्राउंड पर करार बीएस उन्हें खेलते हुए देखता था .

लेकिन अब मई पहाड़ी एरिया की तरफ निकल जला हु यहाँ के पेड़ो पर बैठ मई गान्तो बीतता यह चिड़िया भी मेरे पास बैठती है जैसे कुछ कहना चाहती हो और मई भी उनसे अपना हल बताता.

पहाड़ो पर भी मई बिना किसी परेशानी के आराम से चढ़ जाता था.

आज मई घूमते हुए कुछ ज्यादा hi दूर आज्ञा मई एक नाले के किनारे बैठा सोच रहा था की आज कैसे किसी को मेरा बर्थडे यद् नहीं है. मई उदास हो क्र बैठ था .

शाम भी होने लगी थी मेरा घर जाने का भी बिलकुल भी मन नहीं क्र रहा था फिर भी मई बुझे मन से घर की और दौड़ लगा दी .

घर पहुंचते तक अँधेरा हो चूका था और घर के पास गया तो देखा तो यह भी अँधेरा था मई ने सोचा घर में पावर नहीं है .जब मई दूर खोलने के लिए हाथ आगे किया तो दूर अपने आप खुल गया मगर ये क्या यह भी अँधेरा तो मई बुआ को पुकारते हुए अंदर चला गया तभी एक स्पॉटलाइट मेरे ऊपर पड़ी मई थोड़ा चौक गया की क्या हो रहा है .कुछ दूर आगे चलने पर मुझमे फूलो की वर्सा होने लगी फिर बहुत सरे लोगो के बोलने की आवाज आयी हैप्पी बर्थडे तो यू हैप्पी बर्थडे तो यू हैप्पी बर्थडे तो यू डिअर टाइगर हैप्पी बर्थडे तो यू.....

सामने लेद लाइटिंग बोर्ड में हैप्पी बर्थडे तो यू टाइगर लिखा हुआ था .

फिर धीरे धीरे घर की सभी लाइट ों हो गयी .

मई देख के हैरान हो गया क्यों की यह पर मेरे मम्मी Papa,dada दादी ,चाचा चची ,सभी bahane,sath में गीता बुआ की पूरी फॅमिली और कुछ मेरे दोस्त जो नाम के लिए hi थे .

मई इतना खुस हुआ की मेरे आखो में ासु आ गए जिसे देख माँ ने आकर साफ किया.

माँ (आरती) - गले लगा क्र बीटा ऐसे खुसी के मोके पर तू रो क्यों रहा है.

मई - नहीं माँ ये तो खुसी के ासु है आस्क आप सभिय लोगो को एक साथ देख क्र आखें बर आयी.

माँ - चल ठीक है अब ासु पोछ और अपने रूम में जाकर फ्रेश हो क्र आजा बाकि से बाद में मिल lena,or है तेरे बीएड पे एक ड्रेस है उसे पहन लेने.

फिर मई अपने रूम में चला गया फ्रेश होने , फ्रेश हो क्र मई बीएड पे रखी ड्रेस को देखा तो मेर्री पिंक कलर का शर्ट और नेवी ब्लू कलर का जीन्स तहत और साथ में एक ब्रीजेर था एक बॉक्स में जूता था ब्लैक कलर का .

मई रेडी होकर जैसे hi रूम से निकला सभी लोग मुझे hi देखने लगे .फिर मई सभी बड़ो के पेअर छुए और उनका आशीर्वाद लिया फिर मई अपनी बहनो से मिला .

10सालो बाद देखा रहा था अपनी बहनो को मम्मी पापा तो कभी कभी आ hi जाते थे लेकिन मेरी बहनो को नहीं आने देते थे.

स्नेहा - मेरा भाई तो कितना बड़ा हो गया और कितना स्मार्ट भी हो गया है .

मई - दीदी आप भी तो बड़ी हो गई हो और बहुत सूंदर भी लग रही हो.

सुमन - भाई तुम तो हम लोगो से भी ऊँचे हो गए हो और दीदी ने सही खा स्मार्ट भी हो गए हो .

सोनम - क्यों मेरे भाई को नजर लगा रही हो ये बोल क्र अपनी आखो से काजल निकल क्र मेरे कण के पीछे लगा दिया .

क्या तुम्हे हमारी यद् नहीं आती भाई.

मई - आती है बहुत यद् आती है लेकिन क्या कृ मुझे वह पर 18 साल के होने के बाद hi जाना है ऐसा माँ ने खा है, लेकिन आप लोग क्यों नहीं आयी मुझे मिलने.

स्नेहा - वो क्या है की कई बार तो हमारा स्कूल बिच में आजाता था और कई बार माँ ने ये कह के मन क्र दिया की तुम लोग जाओगी तो वापस आने के टाइम नाटक करोगी.

हम लोग बात hi क्र रहे थे की बुआ की आवाज आयी टाइगर बीटा यह आओ केक काटने का टाइम हो गया है .

फिर मई केक कटा तो सभी एक साथ हैप्पी बर्थडे तो यू टाइगर बोलने लगे फिर मैंने बरी बरी से सभी को केक खिलाया मैंने जान बुझ क्र काव्य को केक नहीं खिलाया तो वो थोड़ा गुस्सा हो क्र सभी से पिच्छी हो क्र कड़ी हो गए.

थोड़े समय बाद मई एक केक का टुकड़ा उठा क्र उसे ढूढ़ा तो वो पीछे दूसरी तरफ मुँह करके कड़ी थी .

मई उसके पास गया उसके कंधे पर हाथ रख क्र घुमाया तो देखा की उसके आखो में ासु थे.

मुझे अच्छा नहीं लगा मेरे कारन इसके जो लड़की हमेशा hi हस्ती मुस्कुराती थी आज उसके आखो में मेरे कारन ासु ए .

मुझे देख क्र उसने अपने ासु पोछे और खा की वह सभी को खिलाया और मुझे नहीं खिलाया.

मई - वो मई तुम्हारा मजा लेना चाहता था ,क्यों की तुम भी हमेशा मेरे मजे लेती थी न आज मई ले लिया.

फिर मैंने उसे केक खिलाया और बचा हुआ केक उसने अपने हाथ में लिया .

मई सोच रहा था की ये मुझे खिलाएगी लेकिन नहीं उसने पूरा केक मेरे फेस पर मॉल दिया.

मई उसके पीछे भगा केक का एक टुकड़ा लेके लेकिन वो आपने बैडरूम में घुस गयी .

फिर आयी गिफ्ट देने की बरी दादा जी ने कागज क्र सिग्न. करवाए उसके हिस्से की आधी प्रॉपर्टी तुम्हारी .

पापा ने मुझे एक क्रेडिट कार्ड दिया और खा जो भी चाहिए इस सी ले लेना माँ ने तो जो पहनी है वो ड्रेस गया था , चाचा चची ने भी ड्रेस hi दिया .

मेरी बहनो ने एक बड़ा सा फोटो फ्रेम दिया जिसमे बचपन की कुछ यदि जुडी थी .सीता बुआ ने मुझे एक स्पोर्ट गिफ्ट किया जो बहुत लेटेस्ट थान फिर गीता बुआ ने भी गिफ्ट दिया , कविता ने एक गिफ्ट बॉक्स दिया और बोलै अकेले में hi खोलना उसी प्रकार काव्य ने भी एक छोटा सा बॉक्स दिया और खा मेरी साडी सेविंग इस में hi खर्च हो देख लेना तुम्हे पसंद आयी की नहीं.

फिर सभी ने डिनर किया और सोने चले गए.

आज मई माँ के साथ सो रहा था और माँ की ममता के कारन मई तुरंत hi सो गया...

तो बे कॉन्टिनोएड.......
 
अपडेट 18

आज मई माँ के साथ सो रहा था और माँ की ममता के कारन मई तुरंत hi सो गया...

अगली सुबह संडे का दिन था सभी रत में देर से सोने के कारन आराम से उठे .

फ्रेश होकर सभी डाइनिंग टेबल पर मिले ब्रेकफास्ट करने के बाद गीता बुआ की फॅमिली निकल गयी फिर दादाजी दादी, चाचा फॅमिली को लेकर अपने किसी दोस्त से मिलने के लिए चले गए.

मई अपनी बहनो के साथ कुछ पल बिताये उनसे बाटे की उन्होंने अपने बारे में भी बताया की इतने सालो में क्या क्या किया.

फिर माँ ने आकर खा की अब हमारे भी जाने का समय हो गया है.

माँ - चलो बच्चियों अब हमे निकलना है जेक तैयार हो जाओ .

स्नेहा ,सुमं ,और सोनम - माँ हम कुछ दिन और भाई के पास रुकना चाहते है.

माँ - और तुहारा पढाई का क्या होगा , स्नेहा तुम्हारा इस बार 12तह का एग्जाम है न फिर भी , तुम लोगो का कोई बहाना नहीं चलेगा, और तुम लोग यही नाटक करोगी मुझे मालूम था इसी कारन मई तुम लोगो को यह नहीं आने देती थी, अब जाओ तैयार हो जाओ मई कुछ नहीं सुनुँगी.

वो सभी उदास हो गयी और रोना सा मुँह बना क्र तैयार होने चली गयी.

मई भी उदास हो गए उनका जाने का सुन क्र.

जाते समय मेरी बहनो के आखो में ासु थे .स्नेहा दीदी के आखो में ासु देख क्र मुझे भी उनके जाने से तकलीफ हो रही थी मेरे आखो में भी ासु आ गए.

पता नहीं क्यों पर मेरा दिल तड़प रहा था.

मई उनको जाते हुए नहीं देख सका और मई अपने रूम में भाग क्र आ गया और रोने लगा.

जाने क्यों मेरे किस्मत में अपनों से जुदाई hi लिखी है.

कुछ टाइम तक मई अपने रूम में तो hi रहा था की मेरे पास कविता आयी.

कविता - (प्यार से) बीएस करो टाइगर और कितना रोवोगे वो लोग चले गए तो क्या हुआ मई हु न मई तुम्हारे हमेसा साथ रहूंगी .

मई भी कविता को गले लगा क्र रोटा रहा .

कुछ देर उसके समझने के बाद मई संत हुआ ,और कविता ने मुझे सुला दिया.

मई रत के डिनर के समय बुआ के उठाने पर उठा और डिनर क्र के अपने रूम में आ गया फिर जो मुझे बर्थडे गिफ्ट मिला था उसे देखने लगा पहले मई अपनी बहनो का दिया हुआ गिफ्ट खोला उसमे मेरे बचपन के 5,.सालो की फोटोज थी जो मई मेरी बहनो के साथ कीचै थी ..

फोटो को देख क्र मई पुराणी यादो में खो साइड गया.

फिर बरी कविता के गिफ्ट की उसमे एक हार्ट सेप लॉकेट था जो एक काळा रेसम के धागे के साथ था.

फिर बरी आयी काव्य के गिफ्ट की उसमे एक गोल्ड चैन था .

मई मन ने सोचा सच hi खा था पागल लड़की ने अब तक की गयी साडी सेविंग इसी में खर्च क्र दी थी.

मई समझ hi नहीं पाया इस लड़की को..

इस प्रका मैंने सभी के गिफ्ट देख क्र सो गया..

गुड नाईट फ्रेंड्स
 
अपडेट 19

मई मन ने सोचा सच hi खा था पागल लड़की ने अब तक की गयी साडी सेविंग इसी में खर्च क्र दी थी.

मई समझ hi नहीं पाया इस लड़की को..

इस प्रकार मैंने सभी के गिफ्ट देख क्र सो गया.

सुबह फिर से व्ही रूटीन सुरु नहाओ स्कूल के लिए रेडी हो जाओ .

मई ब्रेकफास्ट के लिए डाइनिंग टेबल पर पंहुचा .

मई काव्य के गोल्ड चैन में कविता का दिया हुआ लॉकेट को दाल क्र पहना था.

बुआ - ये चैन और लॉकेट तुम पर बहुत hi जांच रही है.

मई - थैंक्स बुआ, ये गिफ्ट देने वालो ने कुछ सोच क्र hi दिया होगा.

इसे मई अपने से कभी अलग नहीं करूंगा.

बुआ - क्या किसी स्पेशल नीड्स दिया है.

मई - है बुआ है कोई स्पेशल .

ये बोल क्र मई दोनों की तरफ देखा तो दोनों मुस्कुरा रही थी.

फूफा जी - और बरखुरदार पढाई कैसी चल रही है .

मई - ठीक चल रही है फूफा जी.

फूफा जी - इस बार भी पुरे स्कूल में तुम hi टॉप करना.

मई - जी फूफा जी पूरी कोसिस करूंगा.

बुआ - मेरे बेटो टक्कर दे सके अभी तक कोई नहीं है पुरे देहरादून में.

आप अपने इस बेटी को बोलो जो मेरे बेटे के आस पास भी नहीं पहुंच पति.

काव्य - माँ आपका बीटा को मई hi बताती हु उसका प्रॉब्लम मई hi सोल्वे करती हु तभी वो टॉप करता है और इस चक्कर में मई hi पढ़ना भूल जाती हु , ये सुन क्र सब हसने लगे.

ब्रेकफास्ट करने के बाद हम स्कूल के लिए निकल गए.

इस तरह दिन निकलने लगे , स्कूल से घर, घर से घाटी की taraf,ghati अब मई अपने साइकिल से जाता था. घाटी में जाकर पहाड़ो पर चढ़ना पेड़ो पर झूलना और रनिंग जो बहुत hi फ़ास्ट हो गयी थी .

फिर मई नाले के किनारे बैठ क्र सभी बातो को सोचने लगा की कैसे मुझे कोई अपने साथ खेलता नहीं है और मई कैसे मई बिना किसी सहारे के पहाड़ो पर चढ़ जाता हु मेरी रनिंग भी काफी फ़ास्ट हो गयी थी की जब मई रनिंग करता हु तो कोई देख भी नहीं पता.

लगता है मेरे अंदर कुछ तो पावर है मई और क्या क्या क्र सकता हु.

यही सब सोच क्र मई खड़ा हुआ और एक एक पेड़ को एक लत मरी वो झा पर लत मरी थी वह से टूट गए अब मुझे पूरा विस्वाश हो गया था की कुछ तो पावर है मेरे अंदर .

लेकिन इसे दुनिया वालो से छुपा क्र रखना होगा नहीं तो लोग मुझे अलग समझेंगे और मई अकेला हो जाउगा.

नहीं मुझे ये बात सब वे छुपा क्र नार्मल लोगो की तरह hi रहना होगा और जरुरत पड़ने पर hi उसे करूंगा.

यही सब सोच क्र मई घर की तरफ निकल गया .

घर पहुंच क्र थोड़े देर पढाई की फिर डिनर करके अपने रूम में आज्ञा और सोचा की कल से मई मॉर्निंग में जल्दी उठ क्र रनिंग और एक्सरसाइज करूंगा यही सोच क्र मई सो गया.

इस तरह कुछ साल और निकल गए अब मई 12तह में आज्ञा था कविता अब समिति बुआ के साथ कॉलेज जाती थी.

मई अपने साइकिल में hi स्कूल जाता था और काव्य बस में hi जाती थी .

काव्य ने खभी किसी को ये नहीं बताया था की मई उसमे मां का बीटा हु और उसी के घर में रहता हु, कविता को मेरे पास देख क्र उसकी सहेलियों ने पूछा जरूर था की तेरी बहन उसे कैसे जानती है तो उसने कह दिया की दूर का पहचान वाला है दीदी hi जानती है.

स्कूल में भी कभी मुझसे बात नहीं करती थी.

एक दिन की बात है स्कूल में रेसस्स के टाइम मई अकेला hi टिफिन क्र रहा था क्यों की कविता के कॉलेज जाने से मई अकेला hi हो गया था, मेरे साइड की लाइन के 2 बेंच पीछे hi काव्य अपने ग्रुप की लड़कियों के साथ लंच के रही थी उसमे से एक लड़की जिस का नाम रेखा था वो बोलती है यार इस साल हम लोगो का 12तह है फिर नेक्स्ट ईयर सी हम लोग कॉलेज में जायेंगे तो मैंने सोचा है की क्यों न यही से बॉयफ्रेंड बना लू .

काव्य - वह रे बहुत आगे जाएगी तू क्या सोचती है तो किसे फसायेगी ये भी बता.

रेखा - फ़साना नहीं है यार सब कुछ ठीक रहा तो पूरी लाइफ के लिए hi सेट क्र लुंगी .

काव्य - मई कह रही थी न की तू बहुत hi आगे जाएगी, अब बता भी दे कोण है वो.

रेखा - वो देख वो बैठा है नीली आखो वाला मेरा टाइगर.

काव्य मन में - साली को मेरे hi मॉल पर डाका डालना था मैंने उसके साथ फ्यूचर प्लान सेट क्र लिया है और तू अपना फ्यूचर बनाने की सोचा रही है कामिनी

काव्य- अरे वो अकड़ू , देखा है कभी उसे किसी लड़की से बात करते हुए , देख रही है वो अकेला hi रहता है कोई उस से दोस्ती भी नहीं रखता तू उसे बॉयफ्रेंड बनाने की सोच रही है.

रेखा - पहले किसी ने सायद तरय नहीं किया हो गए और उसकी नीली आखो में तो मई खो सी जाती हु.

मेरी नजर तो उस पर बहुत पहले से है ,तू देखती जा मई क्या करती हु जस्ट वेट एंड वाच.

ये कह क्र वो मेरी तरफ आगयी .उधर काव्य और उसकी फ्रेंड रेखा को देखते hi रह गए.

इधर...

रेखा - hi... टाइगर मेरा नाम रेखा है तुम जानते होंगे मुझे.

मई - hi ! कैसे नहीं जाँऊगा इतने सालो से साथ में पढ़ है .

रेखा - क्या मई यह बैठ सकती हु .

मई - है है क्यों नहीं बैठिये न .

लंच हो गया तुम्हारा?

रेखा - है मैंने अपने फ्रेंड्स के साथ क्र लिया है ,आप क्या लाये है?

मई - सिंपल hi लंच करता हु रोटी एंड टमाटर की सब्जी है , तुम भी लव न

फिर रेखा ने रोटी कस एक टुकड़ा लेके सब्जी के साथ खाई .

रेखा - आप जानते है काव्य ने भी शामे लंच ले थी और सब्जी का टेस्ट भी शामे था .

मई मान में - जब दोनों का एक hi घर में टिफ़िन तैयार हुआ है तो शामे तो होगा hi .

मई - रेखा जी ये सिर्फ इत्तेफाक हो सकता है.

रेखा - वैसे मई आपसे दोस्ती करना चाहती हु . क्या आप मुझे दोस्ती करोगे.

मई - पर आप मुझसे दोस्ती करना क्यों चाहती हो.

रेखा - क्यों की आप पढाई में टॉप हो और क्या है इस साल 12तह भी है तो आप जैसा दोस्त होगा तो मुझे भी पढाई में थोड़ा हेल्प हो जाएगी.

मई - कुछ सोच क्र ठीक है रेखा जी मई आपका दोस्त बनने के लिए तैयार हु.

रेखा - तो इसी बात पर मिलाओ हाथ.

फिर हम दोनों ने हाथ मिलाया.

इधर काव्य ये देख क्र पूरी तरह जल भून गयी, लेकिन कुछ नहीं क्र पायी.

अपने मन में बोलने लगी लड़की मिली नहीं और चालू होगया तेरी तो मई घर चल के खबर लेती हु .

छुट्टी के बाद हम दोनों घर आये.

डिनर करने के लिए डाइनिंग टेबल पर आये.

आज काव्य मुझे घर रही थी जैसे कच्चा चबा जाएगी, मई उसे इग्नोर क्र के कविता की तरफ देखा तो वो कुछ परेशां लग रही थी, मैंने सोचा घाटी से आने के बाद पूछ लूंगा और डिनर करके मई निकल गया घाटी की और वह पहुंच क्र मई अपने पावर की नुमाइस की मतलब चेक किया और क्या क्या क्र सकता हु.

शाम को घर आया रूम में फ्रेश होक मई पंहुचा कविता के रूम में दूर खत खतया, अंदर से बुझी हुई आवाज में कोण है .

मई जवाब दिया मई हु टाइगर.

कविता - है आ जाओ.

अंदर देखा तो वो एक बुक लेके बैठी थी, मई भी बीएड पर जेक बाजु में बैठ गया.

थोड़ी देर तक सन्ति रही फिर मैंने पूछा.

मई - क्या हुआ कविता आज तुम कुछ परेशां दिख रही हो, कुछ बात है क्या मुझे बताओ ,किसी ने कुछ खा.

कविता - न hi मुझे कुछ परेशानी है और न hi किसी ने कुछ खा ,तुम ऐसा क्यों पूछ रहे हो.

मई - क्यों की आज तुहरे ये किते फेस पे मुस्कान गायब थी, क्या कॉलेज में कुछ...

मेरे इतना बोलना हुआ था की कविता ने टपक से बोलै.

कविता - नहीं कॉलेज में कुछ नहीं हुआ .

मेरा माथा ठनका उसने जैसे जवाब दिया.

मान में खा पक्का कॉलेज का hi लफड़ा है मुझे देखना होगा.

मैंने कुछ देर और इधर उधर की बात की फिर मई अपने रूम का दूर खोल के जैसे hi अंदर घुसा तो.....

तो बे कॉन्टिनोएड
 
अपडेट 20

मेरा माथा ठनका उसने जैसे जवाब दिया.

मान में खा पक्का कॉलेज का hi लफड़ा है मुझे देखना होगा.

मैंने कुछ देर और इधर उधर की बात की फिर मई अपने रूम का दूर खोल के जैसे hi अंदर घुसा तो...

अंदर रूम में काव्य मेरे बीएड पर बैठी थी.

मई तो आसचर्य चकित हो गया था.

ये लड़की आज मेरे रूम में कैसे आ गई.

मई यही सब सोच hi रहा था की उसके बोलने से मई अपनी सोच से बहार निकला

काव्य - ज्यादा सोचने की जरुरत नहीं hai.mujhe तुम से बात करनी है इसी लिए मई यह पर आयी हु.

मई - हा है बोलो क्या बात करनी है.

काव्य - तुन न उस रेखा से दूर hi रहना समझे.

मई- क्यों तुम्हे क्या प्रॉब्लम है.

काव्य - देखो वो अचछे लड़की नहीं है (झूट).

मई - वो सिर्फ मेरी दोस्त और इस से ज्यादा कुछ नहीं है समझी और वो पढाई में थोड़ी हेल्प हो जाये इस लिए मुझसे दोस्ती की है.

काव्य - वो मेरी भी फ्रेंड है मई उसे अचछे से जानती हु वो तुम्हे अपना बॉयफ्रेंड बनाना चाहती है.

मई - तो क्या हुआ मई भी तो अकेला hi हु मुझे भी गर्लफ्रेंड की जरुरत है.

काव्य - तो ठीक है बनाओ फिर गर्लफ्रेंड मई माँ और ममी को बताती हु की उसका बीटा स्कूल में पढाई करने नहीं बल्कि गर्लफ्रेंड बनाने जाता है.

मई - ( फुसलाते हुए ) देखो काव्य मई सिर्फ उसे अपना दोस्त hi मंटा हु इस से ज्यादा कुछ नहीं है समझी और तुम ये बात बुआ और माँ को इस बारे में कुछ नहीं बताओगी ठीक है.

और अब तुम जाओ मुझे नींद आ रही है.

काव्य - ओले ओले ओले मेरे बेटे को नींद आ रही है.

मई - है मेरी माँ अब जाओ मुझे सोना है.

फिर काव्य चली गयी उसके बाद मई कल के लिए प्लान बनाते हुए सो गया.

सुबह 5 बजे अलार्म के बजने से मेरी नींद खुली.

मई मॉर्निंग वाक के लिए रेडी होक निकल गया पार्क की तरफ वह पहुंच मई रनिंग की और एक्सरसाइज की .फिर घर की और निकल गया.

मई अपने रूम में गया और नहा धो क्र रेडी हुआ फिर प्लान के मुताबिक मैंने अपने स्कूल बैग में एक टी शर्त और एक स्कार्फ़ डाला और फिर ब्रेकफास्ट के लिए डाइनिंग टेबल पर बैठ गया.

ब्रेकफास्ट करने के बाद हम स्कूल के लिए निकल गए मई अपनी साइकिल से और काव्य बस से .

लेकिन मई स्कूल न जा क्र एक पार्क में गया और वह पर अपने स्कूल बैग से टी शर्त निकल क्र पहना और चेहरे को स्कार्फ़ से धक् लिया.

मई पार्क से निकल क्र एक टिया स्टाल पर जेक बैठ गया और वेट करने लगा .

कुछ देर बाद समिति बुआ और कविता घर से निकली .

उनका कॉलेज अलग अलग है लेकिन दोनों का रास्ता शामे है इस लिए दोनों साथ में hi जाती थी.

मई उन लोगो से कुछ दुरी बनाये हुए पीछे पीछे जा रहा था.

रस्ते में कुछ नहीं हुआ कविता अपने कॉलेज पहुंच गयी और समिति बुआ किसी लड़के के साथ बाइक पर बैठ क्र निकल गयी, जो मुझे थोड़ा अजीब लगा क्यों की उनका कॉलेज कुछ hi दुरी पर था लेकिन मुझे अभी कविता पर फोकस करना था, इस लिए मई कविता के पीछे पीछे कॉलेज के अंदर घुस गया.

मेरी हाइट और पर्सनालिटी देख क्र कोई नहीं कह सकता था की मई कॉलेज स्टूडेंट नहीं हु.

कविता अंदर जाकर अपने फ्रेंड से मिलती है.

कविता - hi दीपिका.

दीपिका - Hi कविता, वो कमीने क्लास रूम में है चलो हम कैंटीन में चलते है.

वो दोनों कैंटीन की और निकल गए, मई भी उनके पीछे हो लिया.

वो दोनों एक टेबल पर जाकर बैठ गए, मई भी अपोजिट साइड पर जाकर एक टेबल पर बैठ गया.

कुछ hi देर हुआ था की वह पर 4-5 लड़के सोर मचाते हुए कैंटीन में दाखिल हुए .मई भी उन लड़को की और देखा.

उन लोगो के पास एक लड़का आया और कविता की और इसरा किया फिर वो पांचो लड़के कविता और दीपिका की और बढ़ने लगे (उन लड़को को मई L1,L2,L3 लिखूंगा)

ल1 कविता से - अरे छमिया हम तुम्हे क्लास रूम में ढूंढ रहे थे और तुम लोग कैंटीन में बैठी हो.

ल2- दीपिका देखते हुए - ा रे यार मेरी वाली की तो देखो गुस्से में चेहरा गुलाबी हो गया है, चेहरा गुलाबी है तो निचे का क्या हल होगा .

ये सुन के कविता ने L1ko और दीपिका ने ल2 को थप्पड़ मर दिया.

L1or ल2 दोनों बोखला गए .

ल1- तुम लोगो ने हमे थप्पड़ मारा अब देखो तुम्हारे साथ क्या होता है ले चलो इन को अड्डे पे वह इन लोगो रंडियो की तरह छोड़ेंगे .

ल1 ने कविता का हाथ पकड़ा और ल2 ने दीपिका का लेकिन ये क्या ल1 और ल2 आगे hi नहीं बढ़ प् रहे है.

हुआ ये की जैसे hi ल1 और ल2 ने कविता और दीपिका का हाथ पकड़ा मई अपनी जगह से उठ क्र तजि से आकर ल1 और ल2 की कलाई को पकड़ लिया किसी को भी कुछ समझ नहीं आया की क्या हुआ.

जब ये जानने के लिए पालते तो मई दोनों की कलाई छोड़ क्र 1-1 पंच दोनों के मुँह पे मारा दोनों ने कविता और दीपिका का हाथ छोड़ दिया और अपना मुँह पे हाथ रहा लिया.

ल1 - कोण है बे तू और मुझे जनता है मेरा बाप यह का मला है .

अह्ह्ह सेल ने डट hi तोड़ दिए.

ल2- सेल मेरा बाप यह का पुलिस कमिश्नर है .

अह्ह्ह सेल ने मेरा भी डट तोड़ दिए.

ल1 अपने साथियो से - तुम लोग देख क्या रहे बे मारो सेल को .

तीन लड़के मेरी तरफ आने लगे .

मैंने एक चेयर उठाई और एक के सर पे दे मारा वो व्ही ढेर हो गया दूसरे को मई घूम क्र एक लत mara.vo उड़ता हुआ टेबल पर जा गिरा .तीसरे को मैंने उसके कालर और बेल्ट को पकड़ क्र उठाया और टेबलेट पर पटक दिया.

तब तक ल1 और ल2 सम्हाल चुके थे, ल1 ने कहि से रेड लेकर पीछे से मेरा सर पर मारा लेकिन ये क्या रेड hi मुद गया मई पीछे पलटा तो वो खभी रेड को तो खभी मुझे देख रहा tha.mai रेड को उसे छीन क्र उसके गले में hi फसा दिया और उसके फेस पे पंच की बरसात क्र दी जब मई रुका तो उसके गाल की धजिया ुध चुकी थी और नक् मुँह सी भी खून निकलने लगा थे फिर पीछे से 2 ने मेरी पीठपर चेयर से मारा था .

मई जब पलटा तो उसके हाथोसे चेयर छूट क्र निचे गिर गया.

मैंने हाथ पकड़ा और खींच क्र दिवार से चिपकाया और उसके कमर और पीठ में पंच मरता गया जब उसे उसे छोड़ा तो सूखे पत्ते की तरह गिर गया सायद उसके कमर और रीढ़ hi हड्डी टूट चुकी थी.

जो लड़का कविता कीओर इसरा करके बताया था वो चुप चाप निकल गया .

वह जितने भी लोग थे सब डरे हुए थे.

फिर मई चल क्र कविता और दीपिका की तरफ आया और बोलै अब सी ये लोग ुम्हे कभी प्रेसन नहीं करेंगे .

कविता तो मेरे आखो को देख रही थी सायद पहुंचने की कोसिस क्र रही हो या पहचान गयी हो दीपिका भी मेरे आखो में hi खो गयी थी.

मई अच्छा तो अब मई चलता हु .

ये बोल क्र मई चलने को हुआ तो दीपिका का धयान टुटा .

दीपिका - सुनो तुम्हारा नाम क्या है और तुम ने हमे बचाया उसके लिए थैंक्स.

मई - मेरा नज़्म को गम नाम hi रहने दो तो hi अच्छा है और थैंक्स की कोई जरुरत नहीं है ये तो मेरा फर्ज था .

ये बोल क्र मई निकल गया .

कविता - मेरा भी आज मान नहीं है लेक्चर अटेंड करने का मई भी घर चलती हु .

दीपिका - ा रे रुक न यार मैंने भी पापा को बुला लिया है मई भी साथ में चली जाउंगी तब तक तो रुक .

कविता - नहीं यार मुझे थोड़ा काम यद् आ गया है तू रु मई चलती हु .

कविता गेट तक निकली hi थी की पुलिस की दो गाड़ियों के साथ 5 गाड़ी भी कॉलेज में अंदर आयी .

पुलिस की एक गाड़ी में कमिश्नर और दूसरे गाड़ी में इंस्पेक्टर और 4-5 हवलदार थे .

बाकि 5 गाड़ियों में मला और उसके गुंडे थे .

सभी लोग कैंटीन की और गए वह का नजारा बहुत hi भयानक था चारो तरफ खून hi खून फैला था .

मला और कमिश्नर अपने अपने बेटे के पास गए उनकी हालत ख़राब थी एम्बुलेंस भी आज्ञा था सभी लड़को को एम्बुलेंस में डाला गया .

मला किसने मारा मेरे बेटो को .

कोई भी कुछ नहीं बोल रहा था .

तभी एक लड़का कमिश्नर के पास आया और खा मई मई डटता हु अंकल.

(ये व्ही लड़का है जो चुप चाप निकल गया था )

फिर उस लड़के ने जो भी हुआ वो सब कुछ बता दिया.

जिसे सुनने के बाद मला ने पूछा वो लड़किया खा है .

लड़के ने इधर उधर देखा फिर दीपिका की और ऊँगली क्र दिया , मला अभी आगे बढ़ा hi था की बिच में 4-5 कार आकर रुकी और उसमे से 12 लोग हटो में एक47 लिए बहार निकले और एक हत्ता कट्टा आदमी बहार आया जो वाइट कुरता पैजामा पहने हुए था, जिसे देखने से hi पता चल रहा था की कोई पावर फुल आदमी है.

मला और कमिश्नर दोनों एक साथ धनराज सेठ आप .

धनराज - वो क्या है की मेरी बेटी ने मुझे फ़ोन क्र बताया की कुछ लड़के मेरी बेटी और उसकी फ्रेंड को तंग क्र रहे है.

मला और कमिश्नर की फैट गयी की जब पता चलेगा की वो लड़के कोई और नहीं बल्कि हमारे बेटे है तो क्या होगा.

दीपिका - पापा वो लड़के इनके बेटे है.

धनराज - क्या( अपने बॉडीगार्ड की और देख क्र) ढूंढो सब को और यह लेकर आओ.

दीपिका - उसकी कोई जरुरत नहीं है पापा वो अभी एम्बुलेंस में पड़े है .

कमिश्नर - है धनराज सेठ और हम अपने बेटे की और से आपसे माफ़ी मांगते है.

मला - है धनराज सेठ माफ़ क्र दो उन्हें वो तो अभी बच्चे है .और हमारे पुराने रिलेशन भी है तो प्लीज माफ़ क्र दीजिये.

धनराज - ठीक है अभी माफ़ क्र रहा हु अगली बार के लिए मई कुछ नहीं सोचुगा .

कमिश्नर - दीपिका बेटी वो लड़का कोण tha,Kya तुम उसे जानती हो

धनराज- है बेटी कोण है वो लड़का.

दीपिका - मुझे नहीं पता अंकल न hi मेरी फ्रेंड उसे जानती है ,वो अचानक आया और फिर मर पिट के चला गया पता नहीं कोण था चेहरा भी ढाका हुआ था सिर्फ आखें hi दिखाई दे रही और उसकी भी आखें नीली थी पापा.

धनराज - हो सकता है ुम्हारा या तुम्हारे बेटो का कोई दुसमन हो तो तुम लोग ढूढो उसे .

अब मई चलता हु और है मेरी बातो को यद् रखना नहीं तो बहुत hi बुरा होगा

दीपिका से चलो बेटी फिर वो लोग निकल गए .

मला और कमिश्नर भी छान बिन क्र के निकल गए .

इधर मई कॉलेज से निकलने क्र बाद एक पार्क में गया और वाशरूम में जाकर स्कार्फ़ और t-shirt को निकल क्र फेका जो खून से साणे हुए थे .

मई फ्रेश हो क्र फिर से स्कूल वाली शर्ट पहन ली और एक बेंच प्रेस जाकर बैठ गया.

अभी कुछ hi देर मुझे बैठे हुए हुआ था की मेरे कंधे पर किसी ने हाथ रखा.

मई - तुम यह......

तो बे कॉन्टिनोएड
 
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