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- Dec 5, 2013
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अपडेट 28
मोबाइल है न तेरे पास उसमे पोर्न मूवी सर्च करना और सब देख और सिख लेना नेक्स्ट टाइम काम आएगा.
चल अब जा बहुत टाइम हो गया है.
लास्ट और फाइनल काम तेरे पिकनिक से आने के बाद करेंग.
फिर मई अपने कपडे पहन क्र अपने रूम में आ गया और थकन के कारन सो गया.
नेक्स्ट डे
रत में लेट से सोने के कारन सुबह मुझे बुआ उतने आयी.
मई अंडरवियर में hi सोया था मेरा अंडरवियर में टेंट बना हुआ था .
पहले तो बुआ ने दूर से hi आवाज दी लेकिन मई नहीं उठा फिर वो मेरे रूम में आयी अचानक वो मुझे आवाज देते हुए रुक गयी और मेरे अंडरवियर में बने टेंट को देख क्र कुछ सोचने लगी
बुआ मन में - है इसका तम्बू में hi इतना बड़ा है तो रियल में कितना होगा .
कुछ पल तक वो मेरे अंडरवियर में बने टेंट की निहारती रही, उसके बाद अपने ख्यालो से बहार आते हुए.
बुआ हे भगवन ये मई क्या सोच रही थी ये मेरे बेटे जैसा है और मई भी क्या क्या सोच रही हु.
ये सब इसके फूफा जी के कारन hi हुआ है एक तो साल में दो बार hi आते है और ऊपर से एक दो बार hi मेरे साथ सेक्स करते है बाकि टाइम तो ड्रिंक करके सो जाते है मई हमेसा hi प्यासी रह जाती हु इसी कारन मेरे मन में ये उटपटांग ख्याल आते रहते है .
बुआ अनपे सोच से बहार आते हुए मुझे हिला क्र उठाया.
बुआ - उठ जा बीटा कितना सोयेगा सुबह के 9बज गए है इतनी देर तक तो पहले कभी नहीं सोया .
मई झूट बोलते हुए- है बुआ रत में बहुत देर तक पढाई की, वो क्या है न की हम कल से पिकनिक में जा रहे है तो दो दिन की पढाई मिस हो जाएगी इस लिए पढाई क्र रहा था.
बुआ चलो ठीक है तुम फ्रेश हो क्र ब्रेकफास्ट के लिए आ जाओ मई चलती हु..
मई फ्रेश हो क्र डाइनिंग टेबल पर पंहुचा आज तो तीनो देविया मुझे देख क्र मुस्कुरा रही थी.
मई सोचा समिति और कविता का तो पता है की वो मुझे hi देख क्र मुस्कुरा रही है लेकिन ये काव्य को क्या हुआ ये क्यों इतना मुस्कुरा रही है.
काव्य अपने मन में - है कितना हैंडसम होता जा रहा है दिनों दिन कल पिकनिक में जाने के बाद अपने प्यार का ईशर जरूर करूंगी, बाद में जो होगा देखा जायेगा.
फिर हम लोगो ने ब्रेकफास्ट किया और मई अपने रूम में आकर बैग पैक करने लगा, थोड़ी देर बाद कविता मेरे रूम में आयी.
कविता - मई कुछ मदद कृ तुम्हारी पैकिंग करने में .
मई - नहीं मेरी जान मई क्र लूंगा .
कविता - ऐसे कपडे रखोगे तो तुम्हारा बैग hi भर jayega,hato मई करती हु ,
ये क्या है ऐसे कोई पैकिंग करता है गाजर मूली की तरह भर दिया है
मई - वह क्या बात है मेरी जान अभी से बीबीओ वाला रॉब झाड़ रही हो ,अभी उस के लिए समय है बचा क्र रखो बाद में काम आएगा .
कविता शर्मा गयी .
कविता- तुम न बहुत गंदे हो एक तो मई तुम्हारा काम कर रही हु और तू मुझे hi छेद रहे हो जाओ मई तुम से बात नहीं करती.
मई (मजाक में) वह क्या मौका दिया है तुम ने कल मई पिकनिक में जा रहा हु वह कोई नयी गर्लफ्रेंड बना लूंगा.
कविता रोनी सूरत बनाकर - है तुम्हे तो बहाना चाहिए मुझ से पीछा छुड़ाने का मई तुम्हे पसंद नहीं तो बोल दो मई कुछ नहीं बोलूंगी.
मई - ा रे मेरी जान मई तो मजाक क्र रहा था यार तुम तो सीरियस हो गयी,
तुम तो मेरा पहला और बचपन का प्यार हो तुम्हे छोड़ क्र मई खा जाउगा, ी लव यू मेरी जान, ी लव यू सो मच.
ये बोल क्र मई उसे गले लगा लिया
कविता- ल लव यू तो ,वह जाने के बाद मुझे फ़ोन करना और अपना ख्याल रखना समझे.
मेरी पैकिंग हो गयी , उस के बाद कुछ खास नहीं हुआ आज रत में भी मई समिति के पास नहीं गया क्यों की मुझे जल्दी उठाना था.
अगले दिन सुबह मई अलार्म की आवाज से 5 बजे उठा और निकल गया मॉर्निंग वाक पे गार्डन में पहुंच क्र थोड़े देर रनिंग किया और थोड़ी एससीसे की फिर घर आ गया नाहा धो क्र डाइनिंग टेबल पर बैठ गया ब्रेकफास्ट के लिए फिर रूम में जाकर रेडी हुआ अपना बैग लेकर बहार आया, काव्य भी रेडी हो गयी थी.
फिर हम हम दोनों निकल गए स्कूल जाने के लिए, पीछे से बुआ कहती रह गयी दोनों अपना ख्याल रखना और अच्छे से रहना हम सभी को बुय बोल क्र निकला गए.
स्कूल पहुंच क्र अपना अपना बैग स्कूल की जो बस जा रही थी उस में रखे और सीथ पर बैठ गए बॉयज के लिए एक जीन्स टीचर और गर्ल्स के लिए एक लेडी टीचर जा रही थी.
कुछ समय बाद बस चल पड़ी अपने पिकनिक स्पॉट की तरफ सभी बॉयज एंड गर्ल्स अन्तकच्छारी खेलते हुए गण वन गेट हुए जा रहे थे रस्ते में हम ने हल्का फुल्का नास्ता किया और दोपहर में हम लोग पहुंच गए अपनी जगह पर .
यह एक झरना था, हम ऊपर की तरफ थे नदी का पानी झरने से निचे गिरता tha,Jo बड़ा hi मनमोहक दृश्य लगता था नदी के किनारे hi मैदान था व्ही पर hi हमारा टेंट लगाया गया,
बस के ड्राइवर और कंडक्टर के साथ एक और आदमी था वो तीनो को hi टेंट लगाने और खाना बनाने का काम दिया गया था.
शाम तक हम घूमते rhe,yaha बहुत ठण्ड थी और कोई खतरा भी नहीं था.
सभी ने जल्दी से डिनर किया और बैठ गए जहा पर लकड़ियों को जला क्र अलाव बनाया गया था सभी अपना अपना ग्रुप बना क्र अलाव के किनारे जैकेट शॉल कम्बल ओढ़ क्र बैठे थे,
मई सब के पीछे अकेला एक पत्थर पर बैठ था जिसे काव्य ने देखा और उठ क्र मेरे पास आयी और मेरा हाथ पकड़ क्र मुझे अपने फ्रेंड के पास ले आयी .
ये मेरे लिए एक शॉकिंग से काम नहीं था.
मई बिना कुछ बोले hi उसके साथ आ गया और बैठ गया उनकी फ्रेंड्स के पास क्यों की मई रेखा को तो जनता hi था.
काव्य - रेखा इसे तो तू जानती है लेकिन ये नहीं जानती की ये मेरे मां का बीटा है , तुझे बताया था न की मेरा भी मां का एक बीटा है.
(दोस्तों आप लोगो ने पीछे के अपडेट में पढ़ा Hi होगा ये मां के बेटे वाला क्या चक्कर है.
मेरे लिए एक और शॉकिंग जो लड़की मुझे पहले दिन hi कह दिया था की स्कूल में किसी को हमारे रिश्ते के बारे में मत बताना वो आज खुद hi बता रही है
मुझे काव्य पहले से बदली हुई लग रही थी.
रेखा- ओह्ह है तो क्या टाइगर तेरे मां का बीटा है लेकिन तूने कभी बताया नहीं, तू तो कहती थी की दूर का पहचान वाला है.
काव्य- पहले नहीं बताई तो अब बता दिया अब खुस .
रेखा- है यार तेरी तो चंडी हो गयी.
मुझे तो कुछ समझ hi नहीं आ रहा था की इनका क्या चक्कर है मई बीएस चुप चाप बैठा था झरने की आवाज आ रही थी क्यों की हमारा टेंट पास में hi लगाया गया था .
रत बहुत हो गयी थी ऊपर से ठण्ड भी बहुत बढ़ गयी थी इस लिए धीरे धीरे क्र के सभी अपने अपने टेंटो में जा रहे थे काव्य की फ्रेंड्स भी चली गयी थी, कुछ देर बाद मई भी जाने के लिए खड़ा हुआ तो काव्य भी कड़ी हुए और कहा-
काव्य - सुनो मुझे तुम से कुछ बात करनी है
मई - है बोलो
काव्य- यह नहीं आओ झरने के पास चलते है.
ये बोल क्र वो झरने की तरफ चल पड़ी मई भी उस के पीछे चल पड़ा
झरने के पास पहुंच
मई - है अब बोलो क्या बात करनी है.
काव्य - वो मई ,मई वो.
मई - क्या बकरी की तरह में में क्र रही हो जल्दी से बोलो क्या बोलना है देखो सब सो गए है .
काव्य एक hi साँस में - ी लव यू.
मई पहले जोर से हँसा फिर हस्ते हुए क्या हो गया तुम्हारा मजाक या फिर मुझे बकरा बनाने की तयारी क्र रही य देखो मई तुम्हारी चलो में नहीं फसने वाला बता रहा हु अब चलो
काव्य - ये तुम्हे मजाक लग रहा है
मई सीरियस हु टाइगर ,देखो मई बचपन से hi तुम से प्यार करती हु लेकिन कभी बोल नहीं पायी ,मई दिलो जान से तुम्हे चाहती हु ी लव यू टाइगर ी लव यू.
मई - ये क्या पागलपन है काव्य क्या बोल रही हो कुछ पता है और वैसे भी मई किसी दूसरे से प्यार करता हु..
काव्य- तुम झूट बोल रहे हो कोण है वो नाम तो बताओ.
मई- वो मई तुम्हे नहीं बता सकता .
काव्य- ठीक है लेकिन मुझे भी अपने दिल में थोड़ी सी जगह hi दे दो मई उसी में खुस रहूंगी.
मई- ये नहीं हो सकता काव्य और मई तुम से प्यार नहीं करता चलो अब .
काव्य- तुम ने अगर मुझे ी लव यू नहीं कहा तो मई यह से कूद जाउंगी .
मई - अजीब जबरदस्ती है तुम्हारी मई नहीं बोलूंगा मई जा रहा हु तुम्हे आना है तो आओ.
मई थोड़ा आगे बढ़ गया और पीछे पलट क्र देखा तो वो सच में किनारे की तरफ जा रही थी .
मई गुस्से में आते हुए- ये लड़की ने भी नक् में दम क्र रहा है
ये बोलकर मई काव्य के पास गया और उसका एक हाथ पकड़ा वो झरने के बहुत hi किनारे पर आ गयी थी .
मई -पागल हो गयी हो क्या .
काव्य- है मई तुम्हारे प्यार में पागल हो गयी हु तुम नहीं मिले तो ये जीवन भी क्या काम का.
और मुझे एक हाथ से धक्का दे क्र मुझे से छूटने की कोसिस क्र रही थी
इस धक्का मुक्की के चक्कर में मेरा hi बैलेंस बिगड़ गया और मई काव्य का हाथ पकड़ा हुआ था इस वजह से दोनों झरने में जा गिरे.....
मोबाइल है न तेरे पास उसमे पोर्न मूवी सर्च करना और सब देख और सिख लेना नेक्स्ट टाइम काम आएगा.
चल अब जा बहुत टाइम हो गया है.
लास्ट और फाइनल काम तेरे पिकनिक से आने के बाद करेंग.
फिर मई अपने कपडे पहन क्र अपने रूम में आ गया और थकन के कारन सो गया.
नेक्स्ट डे
रत में लेट से सोने के कारन सुबह मुझे बुआ उतने आयी.
मई अंडरवियर में hi सोया था मेरा अंडरवियर में टेंट बना हुआ था .
पहले तो बुआ ने दूर से hi आवाज दी लेकिन मई नहीं उठा फिर वो मेरे रूम में आयी अचानक वो मुझे आवाज देते हुए रुक गयी और मेरे अंडरवियर में बने टेंट को देख क्र कुछ सोचने लगी
बुआ मन में - है इसका तम्बू में hi इतना बड़ा है तो रियल में कितना होगा .
कुछ पल तक वो मेरे अंडरवियर में बने टेंट की निहारती रही, उसके बाद अपने ख्यालो से बहार आते हुए.
बुआ हे भगवन ये मई क्या सोच रही थी ये मेरे बेटे जैसा है और मई भी क्या क्या सोच रही हु.
ये सब इसके फूफा जी के कारन hi हुआ है एक तो साल में दो बार hi आते है और ऊपर से एक दो बार hi मेरे साथ सेक्स करते है बाकि टाइम तो ड्रिंक करके सो जाते है मई हमेसा hi प्यासी रह जाती हु इसी कारन मेरे मन में ये उटपटांग ख्याल आते रहते है .
बुआ अनपे सोच से बहार आते हुए मुझे हिला क्र उठाया.
बुआ - उठ जा बीटा कितना सोयेगा सुबह के 9बज गए है इतनी देर तक तो पहले कभी नहीं सोया .
मई झूट बोलते हुए- है बुआ रत में बहुत देर तक पढाई की, वो क्या है न की हम कल से पिकनिक में जा रहे है तो दो दिन की पढाई मिस हो जाएगी इस लिए पढाई क्र रहा था.
बुआ चलो ठीक है तुम फ्रेश हो क्र ब्रेकफास्ट के लिए आ जाओ मई चलती हु..
मई फ्रेश हो क्र डाइनिंग टेबल पर पंहुचा आज तो तीनो देविया मुझे देख क्र मुस्कुरा रही थी.
मई सोचा समिति और कविता का तो पता है की वो मुझे hi देख क्र मुस्कुरा रही है लेकिन ये काव्य को क्या हुआ ये क्यों इतना मुस्कुरा रही है.
काव्य अपने मन में - है कितना हैंडसम होता जा रहा है दिनों दिन कल पिकनिक में जाने के बाद अपने प्यार का ईशर जरूर करूंगी, बाद में जो होगा देखा जायेगा.
फिर हम लोगो ने ब्रेकफास्ट किया और मई अपने रूम में आकर बैग पैक करने लगा, थोड़ी देर बाद कविता मेरे रूम में आयी.
कविता - मई कुछ मदद कृ तुम्हारी पैकिंग करने में .
मई - नहीं मेरी जान मई क्र लूंगा .
कविता - ऐसे कपडे रखोगे तो तुम्हारा बैग hi भर jayega,hato मई करती हु ,
ये क्या है ऐसे कोई पैकिंग करता है गाजर मूली की तरह भर दिया है
मई - वह क्या बात है मेरी जान अभी से बीबीओ वाला रॉब झाड़ रही हो ,अभी उस के लिए समय है बचा क्र रखो बाद में काम आएगा .
कविता शर्मा गयी .
कविता- तुम न बहुत गंदे हो एक तो मई तुम्हारा काम कर रही हु और तू मुझे hi छेद रहे हो जाओ मई तुम से बात नहीं करती.
मई (मजाक में) वह क्या मौका दिया है तुम ने कल मई पिकनिक में जा रहा हु वह कोई नयी गर्लफ्रेंड बना लूंगा.
कविता रोनी सूरत बनाकर - है तुम्हे तो बहाना चाहिए मुझ से पीछा छुड़ाने का मई तुम्हे पसंद नहीं तो बोल दो मई कुछ नहीं बोलूंगी.
मई - ा रे मेरी जान मई तो मजाक क्र रहा था यार तुम तो सीरियस हो गयी,
तुम तो मेरा पहला और बचपन का प्यार हो तुम्हे छोड़ क्र मई खा जाउगा, ी लव यू मेरी जान, ी लव यू सो मच.
ये बोल क्र मई उसे गले लगा लिया
कविता- ल लव यू तो ,वह जाने के बाद मुझे फ़ोन करना और अपना ख्याल रखना समझे.
मेरी पैकिंग हो गयी , उस के बाद कुछ खास नहीं हुआ आज रत में भी मई समिति के पास नहीं गया क्यों की मुझे जल्दी उठाना था.
अगले दिन सुबह मई अलार्म की आवाज से 5 बजे उठा और निकल गया मॉर्निंग वाक पे गार्डन में पहुंच क्र थोड़े देर रनिंग किया और थोड़ी एससीसे की फिर घर आ गया नाहा धो क्र डाइनिंग टेबल पर बैठ गया ब्रेकफास्ट के लिए फिर रूम में जाकर रेडी हुआ अपना बैग लेकर बहार आया, काव्य भी रेडी हो गयी थी.
फिर हम हम दोनों निकल गए स्कूल जाने के लिए, पीछे से बुआ कहती रह गयी दोनों अपना ख्याल रखना और अच्छे से रहना हम सभी को बुय बोल क्र निकला गए.
स्कूल पहुंच क्र अपना अपना बैग स्कूल की जो बस जा रही थी उस में रखे और सीथ पर बैठ गए बॉयज के लिए एक जीन्स टीचर और गर्ल्स के लिए एक लेडी टीचर जा रही थी.
कुछ समय बाद बस चल पड़ी अपने पिकनिक स्पॉट की तरफ सभी बॉयज एंड गर्ल्स अन्तकच्छारी खेलते हुए गण वन गेट हुए जा रहे थे रस्ते में हम ने हल्का फुल्का नास्ता किया और दोपहर में हम लोग पहुंच गए अपनी जगह पर .
यह एक झरना था, हम ऊपर की तरफ थे नदी का पानी झरने से निचे गिरता tha,Jo बड़ा hi मनमोहक दृश्य लगता था नदी के किनारे hi मैदान था व्ही पर hi हमारा टेंट लगाया गया,
बस के ड्राइवर और कंडक्टर के साथ एक और आदमी था वो तीनो को hi टेंट लगाने और खाना बनाने का काम दिया गया था.
शाम तक हम घूमते rhe,yaha बहुत ठण्ड थी और कोई खतरा भी नहीं था.
सभी ने जल्दी से डिनर किया और बैठ गए जहा पर लकड़ियों को जला क्र अलाव बनाया गया था सभी अपना अपना ग्रुप बना क्र अलाव के किनारे जैकेट शॉल कम्बल ओढ़ क्र बैठे थे,
मई सब के पीछे अकेला एक पत्थर पर बैठ था जिसे काव्य ने देखा और उठ क्र मेरे पास आयी और मेरा हाथ पकड़ क्र मुझे अपने फ्रेंड के पास ले आयी .
ये मेरे लिए एक शॉकिंग से काम नहीं था.
मई बिना कुछ बोले hi उसके साथ आ गया और बैठ गया उनकी फ्रेंड्स के पास क्यों की मई रेखा को तो जनता hi था.
काव्य - रेखा इसे तो तू जानती है लेकिन ये नहीं जानती की ये मेरे मां का बीटा है , तुझे बताया था न की मेरा भी मां का एक बीटा है.
(दोस्तों आप लोगो ने पीछे के अपडेट में पढ़ा Hi होगा ये मां के बेटे वाला क्या चक्कर है.
मेरे लिए एक और शॉकिंग जो लड़की मुझे पहले दिन hi कह दिया था की स्कूल में किसी को हमारे रिश्ते के बारे में मत बताना वो आज खुद hi बता रही है
मुझे काव्य पहले से बदली हुई लग रही थी.
रेखा- ओह्ह है तो क्या टाइगर तेरे मां का बीटा है लेकिन तूने कभी बताया नहीं, तू तो कहती थी की दूर का पहचान वाला है.
काव्य- पहले नहीं बताई तो अब बता दिया अब खुस .
रेखा- है यार तेरी तो चंडी हो गयी.
मुझे तो कुछ समझ hi नहीं आ रहा था की इनका क्या चक्कर है मई बीएस चुप चाप बैठा था झरने की आवाज आ रही थी क्यों की हमारा टेंट पास में hi लगाया गया था .
रत बहुत हो गयी थी ऊपर से ठण्ड भी बहुत बढ़ गयी थी इस लिए धीरे धीरे क्र के सभी अपने अपने टेंटो में जा रहे थे काव्य की फ्रेंड्स भी चली गयी थी, कुछ देर बाद मई भी जाने के लिए खड़ा हुआ तो काव्य भी कड़ी हुए और कहा-
काव्य - सुनो मुझे तुम से कुछ बात करनी है
मई - है बोलो
काव्य- यह नहीं आओ झरने के पास चलते है.
ये बोल क्र वो झरने की तरफ चल पड़ी मई भी उस के पीछे चल पड़ा
झरने के पास पहुंच
मई - है अब बोलो क्या बात करनी है.
काव्य - वो मई ,मई वो.
मई - क्या बकरी की तरह में में क्र रही हो जल्दी से बोलो क्या बोलना है देखो सब सो गए है .
काव्य एक hi साँस में - ी लव यू.
मई पहले जोर से हँसा फिर हस्ते हुए क्या हो गया तुम्हारा मजाक या फिर मुझे बकरा बनाने की तयारी क्र रही य देखो मई तुम्हारी चलो में नहीं फसने वाला बता रहा हु अब चलो
काव्य - ये तुम्हे मजाक लग रहा है
मई सीरियस हु टाइगर ,देखो मई बचपन से hi तुम से प्यार करती हु लेकिन कभी बोल नहीं पायी ,मई दिलो जान से तुम्हे चाहती हु ी लव यू टाइगर ी लव यू.
मई - ये क्या पागलपन है काव्य क्या बोल रही हो कुछ पता है और वैसे भी मई किसी दूसरे से प्यार करता हु..
काव्य- तुम झूट बोल रहे हो कोण है वो नाम तो बताओ.
मई- वो मई तुम्हे नहीं बता सकता .
काव्य- ठीक है लेकिन मुझे भी अपने दिल में थोड़ी सी जगह hi दे दो मई उसी में खुस रहूंगी.
मई- ये नहीं हो सकता काव्य और मई तुम से प्यार नहीं करता चलो अब .
काव्य- तुम ने अगर मुझे ी लव यू नहीं कहा तो मई यह से कूद जाउंगी .
मई - अजीब जबरदस्ती है तुम्हारी मई नहीं बोलूंगा मई जा रहा हु तुम्हे आना है तो आओ.
मई थोड़ा आगे बढ़ गया और पीछे पलट क्र देखा तो वो सच में किनारे की तरफ जा रही थी .
मई गुस्से में आते हुए- ये लड़की ने भी नक् में दम क्र रहा है
ये बोलकर मई काव्य के पास गया और उसका एक हाथ पकड़ा वो झरने के बहुत hi किनारे पर आ गयी थी .
मई -पागल हो गयी हो क्या .
काव्य- है मई तुम्हारे प्यार में पागल हो गयी हु तुम नहीं मिले तो ये जीवन भी क्या काम का.
और मुझे एक हाथ से धक्का दे क्र मुझे से छूटने की कोसिस क्र रही थी
इस धक्का मुक्की के चक्कर में मेरा hi बैलेंस बिगड़ गया और मई काव्य का हाथ पकड़ा हुआ था इस वजह से दोनों झरने में जा गिरे.....