Incest The Tiger - Page 12 - SexBaba
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Incest The Tiger

अपडेट 77

तभी बाथरूम का दूर खुला और सुमन टॉवल को लपेट क्र अपने साइन के पास हाथो से पकडे हुए निकल रही थी और कुछ गुनगुना रही थी पे जैसे hi उसकी नजर मुझ पर पड़ी वो सब कुछ भूल गयी और भाई बोल क्र मेरे गले से लग गयी पर इस चक्कर में वो ये भूल गयी की जस्ट टॉवल की अपने हाथो से पकड़ा था वो निचे जमीं पर गिर गया है और उसने अंदर कुछ भी नहीं पहना है वो ऐसे hi मेरे गले लगी हुई थी और ये बात तब मुझे पता चला जब मैंने उसके नंगे पीठ को छुआ, तब मैंने धीरे से सुमन के कण में खा

मई - दीदी भाई से मिलने की इतनी क्या खुसी थी की आपने अपना टॉवल hi छोड़ दिया.

सुमन - टॉवल .

तब जा के उसे यद् आया की वो नंगी hi अपने भाई के गले लगी हुई है और उसका टॉवल कहि गिर गया है तो वो ये नहीं सोच प् रही थी की इस सिचुएशन में वो क्या करे

तब मैंने hi जाकर टॉवल उठाया और उसके बदन पर लपेट दिया, इस बिच एक तक वो मुझे hi देख रही थी.

फिर मैंने उनसे खा की आप अपने कपडे पहन लव मई बाथरूम से फ्रेश हो क्र आता हु, फिर मई बाथरूम में घुस गया और गेट लॉक क्र दिया

मई सोचने लगा की मेरी बहन भी किसी से काम नहीं कितनी सुन्दर लग रही थी बिना कपड़ो के यही सब सोचते सोचते मई फ्रेश हुआ और बाथरूम से बहार निकला तब तक सुमन अपने कपडे पहन चुकी थी

सुमन : सॉरी भाई वो गलती से हुआ.

मई : कोई बात नहीं दीदी होता है , चलो साथ में नास्ता करते है.

फिर हम दोनों निचे आये और नास्ता के लिए दिंनिंग टेबल पर बैठ वह सब कुछ मेरे पसंद का बनाया गया था.

मई - वह माँ ये तो सब कुछ मेरे पसंद का बना हुआ है .

माँ - है बीटा मैंने और तुम्हारी चाचियों ने मिल क्र बनाया है खास तुम्हारे लिए.

सुमन : वह बीटा क्या आ गया तो बेटियों को भूल hi गयी भूलो मत हम बेतिया hi रहेंगी तुम्हारे पास ये तो कुछ दिनों का मेहमान.

मई - मेहमान से यद् आया माँ मैंने सुना है बेतिया पराया धन होती है और एक दिन उसे अपने माँ बाप का घर छोड़ क्र अपने ससुराल जाना पड़ता है.

माँ - है बीटा ये सही है बेतिया को तो एक दिन सधी क्र के अपने ससुराल जाना hi पड़ता है .

मई : अब बताओ कोण हुआ मेहमान अकप या मई , मेरा क्या है मुझे तो एक न एक दिन वापस यही hi आकर रहना है आप सोचो .

सुमन : मैंने भी सोच लिया है मई शादी hi नहीं करुँगी तब तो मई रह सकती हु न.

उसकी ये बात सुन क्र हम सब है पड़े तभी अर्चना चची ने खा

अर्चना - बीटा वह सब कैसे है सीता कैसी है उसका तो आखरी माह चल रहा होगा न.

मई : वह भी सभी ठीक है चची और बुआ भी ठीक है और ये उनका लास्ट माह भी चल रहा है देखना लड़का hi होगा.

मेरी इस बात से चची कही खो सी गयी कास सीता की तरह मई भी एक बेटे को जन्म देती और टाइगर की तरह मेरा भी बीटा होता मगर अब तो ये संभव hi नहीं है अब तो टाइगर के चाचा कुछ करते hi नहीं है .

फिर हम सब यही बात चित करते हुए नास्ता क्र रहे थे ,नास्ता करते समय मैंने एक बात नोट की की आराधना चची मुझे hi देख रही थी, मई भी उनकी तरफ देख क्र स्माइल क्र देता था पता नहीं उनके मन में क्या चल रहा है ओह no मई तो भूल hi गया था की ये सभी मेरी आखो को देख क्र सम्मोहित हो रही है, मुझे इनकी तरफ नजर झुका क्र बात करनी होगी.

माँ - क्या हुआ बीटा नास्ता अच्छा नहीं बना है क्या?

मई : नहीं माँ नास्ता तो बहुत hi टेस्टी बना है .

माँ - तो तू खा क्यों नहीं रहा है.

मई - खा तो रहा हु माँ.

माँ - बीटा क्या मई तुम्हे अपने हाथो से खिलौ वो क्या है न की 5 साल का था तू जब अपने बुआ के घर गया था तू तब से अपने बेटे को प्यार करने के लिए तरस गयी हु.

ये बोलते हुए माँ के आखो में आशु भी गए .

मई - है माँ क्यों नहीं लेकिन मेरी भी एक शर्त है की मई भी आपको अपने हाथो से खिलाऊंगा.

सुमन - तो भाई और माँ मैंने क्या बिगाड़ा है मई भी अपने भाई को खिलाऊंगी.

अर्चना और आराधना : तो हम लोगो ने क्या बिगाड़ा है हम भी अपने बेटे को खिलाएंगी.

फिर क्या था लग गए सभी लोग मुझे खिलने में और मई भी बिच बिच में उन्हें भी खिलता था मगर मई अकेला और वो सब, मेरा तो पूरा पेट hi भर गया था.

मई - बीएस बीएस मेरा हो गया और खिलाएंगी तो मेरा पेट hi फुट जाना है.

अर्चना चची : खा ले खा ले वह तेरी बुआ तुझे ऐसे नहीं खिलाती होगी.

मई अपने मन में सोचने लगा की अब आप लोगो को क्या बताऊ की मई वह रहता hi नहीं पता नहीं बुआ को उन लोगो ने क्या खा होगा.

इधर बुआ के घर में-----

जिस दिन मई गया था मई स दिन तो काव्य ने कह दिया की मई बहार अपने दोस्तों के साथ गया हु, पर जब दो दिन बाद भी नहीं लौटा और मेरे रूम में भी मेरा सामान बुआ को नहीं मिला तब बुआ ने समिति से पूछा.

बुआ - समिति क्या तुम्हे पता है ये टाइगर खा गया है.

समिति - ये सवाल आप अपनी बेटियों से पूछे तो बेहतर होगा भाभी.

ये बोल क्र समिति अपने रूम में चली गयी.

बुआ - ये क्या बोल रही थी समिति क्या मैंने उसे अपनी बेटियों से काम प्यार दिया है जो आज वो ऐसे बात क्र रही है, अभी जाकर पूछती हु.

फिर बुआ समिति के रूम में चली गयी

इधर समिति रूम में जाकर बीएड पर लेटकर मेरे hi तस्वीर की देख रही थी और जब बुआ रूम में आयी तो समिति ने मेरे तस्वीर को छुपा दिया जिसे बुआ ने देख लिया .

बुआ - अब मुझसे भी सब छुपाने लगी है तू .

समिति - आपने भी तो बहुत सी बाटे मुझसे छुपाई है .

बुआ - मैंने क्या छुपाया है तुझसे.

समिति- जाने दो भाभी , बोलिये कुछ काम था क्या.

बुआ - कुछ काम होगा तभी मई तुम्हारे पास आउंगी क्या, क्या मई ऐसे hi नहीं आ सकती , खैर छोड़ो ये बताओ ये किसी लड़के की तस्वीर है जिससे तुम प्यार करती हो सही खा न मैंने .

समिति ने है में सर हिला दिया.

बुआ - तो दिखो मुझे मई भी तो देखु कोण है वो लड़का जिसने मेरी समिति का दिल चुरा लिया है.

समिति - भाभी मई आपको सब बताउंगी लेकिन पहले आपको मेरे सवालो के जवाब देने होंगे वो भी सही सही क्यों की सच मुझे मालूम है बीएस मुझे आपके मुँह से सच सुन्ना है.

बुआ - पूछो क्या पूछना है.

समिति - आपके पेट में पल रहे बच्चे का बाप कोण है.......
 
अपडेट 78

सीता - ठीक है तुम्हे सच hi सुन्ना है न तो सुनो ये मेरे पेट में जो बच्चा है वो मेरे और टाइगर की प्यार की निसानी है और कुछ सुन्ना है तुम्हे.

समिति - नहीं भाभी बीएस मुझे यही सुन्ना था, आप देखना चाहती थी न ये तस्वीर किसकी है तो देखिये.

सीता : ये क्या मतलब तुम भी

समिति : है भाभी मई भी टाइगर से प्यार करती हु और देखा जाये तो उसका और मेरा दोनों का ये पहला hi प्यार था और टाइगर hi मुझे हेर एक चीज मुझे बताता है.

सीता - तो बीएस मुझे ये बता दे की टाइगर खा है .

समिति : भाभी उस से पहले आप जो कुछ और भी जानना जरुरी है.

सीता : क्या .

समिति - वो .. भाभी बात ये है की इस घर में हम दोनों आलावा और भी है जो टाइगर से प्यार करती है .

सीता: इस घर में हम दोनों के आलावा तो काव्य और कविता hi है तो कहि इन दोनों में से कोई एक तो नहीं ,कोण है वो बताओ मुझे ?

समिति : बयभी कविता और काव्य दोनों hi हमारे टाइगर से प्यार करती है .

सीता : क्या दोनों hi हे भगवन ये क्या हो रहा है.

समिति : है भाभी और अभी कुछ दिन पहले hi मई और टाइगर बिस्तर पर थे तब काव्य और कविता ने हमे देख लिया और टाइगर को भला बुरा बोल क्र अपने घर जाने को बोल दिया.

सीता : क्या मतलब टाइगर घर चला गया.

और टाइगर ने कविता और काव्य को पहले बताया था की नहीं वो और भी दूसरे लड़कियों से प्यार करता है.

समिति : बताया था भी फिर भी उन्दोनो ने टाइगर से प्यार किया और बाद में ये सब क्र रही है.

सीता : ठीक है फिर आने दो इन दोनों से मई hi बात करुँगी और मुझे अपना सच बताना भी पड़े न तो वो भी बता दूंगी. फिर चाहे जो होगा देखते है.

इधर मेरे घर में .....

हम सब ने है मजाक करते हुए खाना खाया फिर मई और सुमन दिनों मेरे रूम में आ गए और इधर माँ और चचिया अपने काम में लग गयी.

सुमन : भाई ये बताओ तुम ने वह कितनी गर्लफ्रेंड बनाई है.

मई : दीदी सच बातो तो मेरी तो बहोत साडी गर्लफ्रेंड है और आप अपना भी बताओ की आपने कितने बॉयफ्रेंड बनाये.

सुमन : अब मई क्या बताऊ भाई मई तो सुरु से hi लड़को सी दूर रही हु और बाद में मैंने अपनी फ्रेंड लोगो से सुना की लड़के लड़कियों का सिर्फ इस्तेमाल hi करते है और फिर काम हो जाये उसके बाद छोड़ देते है कोई प्यार वायर नहीं करता सब दिखावा hi करते है.

मई : दीदी जब आप को किसी से सच्चा प्यार होगा न तब आप की पता चलेगा की कैसा लगता है.

दीदी मेरे आँखों में देखती हुई

सुमन : तो तुम hi बता दो न की कैसा लगता है जब सच्चा प्यार होता है तब.

दीदी मेरी आँखों में खो hi गयी पहले तो मैंने धयान नहीं दिया पर जब मुझे पता चला की मेरी आँखों में देखने से या होता है तब मैंने अपनी नजर दूसरी तरफ क्र ली.

मेरा और जायदा देर तक यह रहना मुझे ठीक नहीं लगा तो मई बहाना बना क्र वह से निकलना hi बेहतर समझा.

मई : दीदी मई थोड़ा बहार घूम क्र आता हु.

ये बोल क्र घर से बहार निकल गया.

इधर मेरे जाने के बाद दीदी अपने मन ने सोचने लगी की ये मुझे क्या हो गया था मई भाई की आँखों में देख क्र hi ऐसा लग रहा था जैसे यही मेरा पहला प्यार है , ओह्ह गुड मई भी क्या क्या सोच रही हु.

इधर मई घर से निकल तो गया लेकिन सोचने लगा की कहा जाऊ तभी मैंने सोचा की क्यों न अपनी बहनो के कॉलेज जाकर देखु की वो लोग कैसे रहते है, फिर मैंने सोचा की पहले किसके पास जाऊ तो डीडे किया की मई पहले छोटी दीदी के पास पहले जाउगा.

तो मई निकल गया उड़ते हु कॉलेज की तरफ मई सुनसान जगह देख क्र उतरा ये कॉलेज का hi एरिया है लेकिन इधर कोई भी नहीं था फिर मई आगे बढ़ hi रहा था की मुझे कुछ आवाजे सुनाई दी तो मई उसी दिशा की और बढ़ गया.

वह पहुंच क्र मैंने देखा की कोई लड़की पेड़ के नीच बुक लेकर बैठी पढ़ रही थी सायद तो उसे 3-4लड़के उसे छेड़ रहे थे.

लड़की : प्लीज मुझे अकेले छोड़ दो मुझे पढाई करने दो आप लोग जाओ यह से.

लड़का 1: चले जायेगा जानेमन एक बार हमे खुस क्र दो, ये पढाई लिखी में क्या रखा है तुम भी मजे लो और हमें भी करने दो .

लड़की : सायद तुम लोग मेरी बहन के हाथ का मार भूल गए हो, नहीं तो यह मुझे परेशान नहीं करते.

लड़का 2: अब तुम ने अपनी बहन की यद् दिला hi दी है तो हम बदला लेंगे वो भी तुम्हारे साथ मजे लेकर.

ये बोल उन लड़को ने उस लड़की का मुँह बंद क्र के उसे ले जाने लगे.

ये सब मई पेड़ की आड़ लेकर छुप क्र देख रहा था

वो लोग मेरी hi तरफ आ थे थे तो मई पेड़ के पीछे से बहार आया, ये लोग मुझे न पहचान ले इस लिए मैंने अपने चेहरे को रुमाल से धक् लिया.

लड़का 3: कोण है बे तू और इधर क्या क्र रहा है अगर तुझे भी मजे लेने है तो हम लोगो के बाद तू भी मजे ले लेना.

मई : मई कभी भी किसी के साथ जबरदस्ती नहीं करता और न hi किसी को करने देता हु.

लड़का 1: पहले इस लड़के को ठिकाने लगाओ फिर इस लड़की को देखते है.

फिर दो लड़के मेरी तरफ बढ़ने लगे ये लोग स्टूडेंट थे इसलिए मई इन्हे जयादा नुकसान नहीं पहुंचना चाहता था इस लिए जब वो दोनों मेरे पास आये तो मैंने दोनों को एक एक थप्पड़ लगाए वो दोनों व्ही घूमते हुए व्ही बेहोस हो क्र गिर गए, फिर एक और लड़का मेरे पास आया तो मई तोउसके नक् में एक पंच मारा वो बेचारा भी व्ही ढेर हो गया.

उन लड़को को ऐसे गिरा देख क्र जो लड़का उस लड़की को पकड़ा हुआ था वो उसे छोड़ क्र भाग गया.

फिर वो लड़की मेरे पास आयी और मुझे थैंक्स कहा.

लड़की : थैंक्स जो आप ने मुझे उन लड़को से बचाया नहीं तो उनलोने ने आज मुझे भी गन्दा क्र दिया होता तो मई मर मर hi जाती.

मई : आप मरने की बात क्यों क्र रही है आप को कुछ नहीं होता मई नहीं तो कोई और आ जाता.

लड़की - आप ने अपना चेहरा क्यों धक् रखा है.

मई : वो क्या है न की अगर ये लोग मुझे देख लेते तो बाद में फिर से प्रॉब्लम कड़ी क्र देते इस लिए .

ये बोल क्र मैंने अपना चेहरे से रुमाल निकल दिया.

लड़की : सायद मैंने आपको कही देखा है .

मई : मुझे भी ऐसा hi लग रहा है की मई आपको जनता हु , चलो ठीक है अब मई चलता हु.

मेरे जाने के बाद लड़की अपने मन में सोचती है

लड़की : कितना स्मार्ट है ये और ताकतवर भी लगता है 2 hi मिनट में 3 लड़को को ढेर क्र दिया, ओह हो मैंने तो उसका नाम भी नहीं पूछा अब पता नहीं खा मिलेगा .

इधर मई कॉलेज के कैंटीन में आकर बैठ गया और मेरे पीछे के टेबल पर कुछ लड़के बात क्र रहे थे.

लड़का 1 : यार ये लड़की अपने आप को क्या समझती है .

लड़का 2: लेडी डॉन.

लड़का 1: छुप क्र हमेसा मजाक अच्छा नहीं होता.

लड़का3 : लेकिन यार क्या कोई भी ऐसा मर्द नहीं है जो इस लड़की को हरा दे , कोई भी लड़का उसे प्रोपोज़ करने जाये तो बोलती है मुझे हरा दो मई तुम्हारी गुलाम बन जाउंगी और इसी चक्कर में न जाने कितने hi लड़के अपनी हाथ पेअर तुड़वा चुके है.

लड़का2 : क्या ऐसा कोई लड़का पैदा नहीं हुआ है जो उसे हरा दे .

मई : मई ,मई हराऊंगा उस लड़की को .

लड़का: तू कोण है इस कॉलेज का तो नहीं लगता.

लड़का2 : क्यों अपनी हाथ पेअर तुड़वाना चाहता है भाई

मई - मई कोई भी रहु उस से क्या फर्क पड़ता है तुम लोग बोल थे की कोई लड़का पैदा नहीं हुआ जो उस लड़की को हरा सके तो मेल आ गया .

लड़का 3 : अरे भाई जब ये खुद hi मौत के मुँह में जाना चाहता है तो जाने दो न, ठीक है भाई तुम लड़ो उस से हमे क्या.

मई : ठीक है फिर चलो दिखाओ मुझे कोण है वो .

फिर उन लड़को ने दूर से हाउ एक लड़की की तरफ इसरा किया तो जब मैंने उस लड़की का चेहरा देखा तो ........
 
अपडेट 79

फिर उन लड़को ने दूर से hi मुझे एक लड़की की तरफ और जब मैंने उस लड़की का चेहरा देखा तो मई सोक हो गया क्यों की ये तो मेरी बहन सोनम थी.

फिर मैंने सोचा की मेरी बहन इतनी पावर फुल है की सब लड़के उस से डरते है फिर भी उन्हें दिखाना तो था की उसका छोटा भाई भी किसी से काम नहीं है तो मैंने कुछ सोच क्र अपने चेहरे पर रुमाल बंधा और चल दिया.

मई कुछ सोच क्र सोनम दीदी के पास गया जो अपनी फ्रेंड के साथ थी कितनी खुस लग रही थी और हस्ते हुए और भी खूबसूरत लग रही थी.

मई उसके पास गया और उसका हाथ पकड़ा क्र खा

मई : है मेरी जान क्या लग रही हो आज तो कमल की खूबसूरत लग रही हो.

मेरे इतना बोलते hi वह पर खड़े बाकि लोग कभी मुझे तो कभी सोनम को देखती.

सोनम: अपना हाथ छुड़ाते हुए एक्सक्यूज़ में कोण हो तुम और ये क्या बट्टिमीजी है .

मई : हम तो आपकी खूबसूरती के दीवाने है .

सोनम : ो मर दीवाने अपने हद में रो समझे नहीं तो मैंने तुम्हारे जैसे कितनो hi दीवानो को उसकी ोकत दिखा दी है और ये बात पूरा कॉलेज जनता है.

मई : यही तो हम भी देखना चाहते है की आप कैसे मेरे जैसे दीवानो के साथ क्या करती है.

सोनम : तो चलो फिर कॉलेज के पीछे वाले ग्राउंड पे .

मई : क्या वह जाकर किश डौगी क्या .

सोनम : ये वह जाने पर hi पता चलेगा.

फिर मई सोनम और आधे से जयादा कॉलेज के स्टूडेंट कॉलेज ग्राउंड में जमा हो गए वो लोग एक और लड़के को मर कहते हुए देखे आये थे.

सोनम : तो सुनो मर दीवाने अगर तुम ने मुझे हरा दिया तो तुम जो कहोगे वो मुझे मंजूर होगा और अगर तुम हर गए तो तुम्हे पुरे कॉलेज के सामने मेरे पेअर पकड़ क्र माफ़ी मांगनी पड़ेगी बोलो मंजूर है.

मई : है मुझे मंजूर है लेकिन मई तुम पर हाथ नहीं उठाऊंगा क्यों की मई लड़कियों पर हाथ नहीं उठता.

सोनम : ये तुम्हारी प्रॉब्लम है मेरी नहीं,

ये बोल क्र वो मुझे पर टूट पड़ी लेकिन मई भी तैयार था उसके हर एक पंच और लत घुसो को मई ब्लॉक करता गए पर पता नहीं मुझे खा पर चूक हो गयी और सोनम दीदी ने एक लत मेरे पेट पर मर दी जी कारन मई गिर गया.

सोनम : मर दीवाने अभी भी वक्त है मेरे पैरो में गिर क्र माफ़ी मांग ले.

मई : वो तो वक्त hi बताएगा दी... मेरी सोनू.

तेरी तो मई ये बोल क्र वो फिर से मुझ पर टूट पड़ी लेकिन इस बार मई कुछ भी मिस नहीं उसके हर एक वॉर को मई रोकते hi जा रहा फिर एक समय आया और वो उस समय पूरी तरह थक गयी थी और मैंने इस पल का फायदा उठाते हुए उनके दोनों हाथ और पैरो को लॉक क्र दिए अपने हाथो और पैरो से.

मई : अब भी कुछ करना है की मेरी सोनू.

सोनम : बीएस छोड़ दो मई हर गयी अब जो तुम कहोगे वो मई करने को तैयार हु.

सोनम अपने मन में - बाबा जी ने खा था की जो भी लड़का तुम्हे हराएगा व्ही तुम्हारा जीवन साथी hoga,agar बाबा जी की बात सही है तो यही मेरा जीवन साथी बनेगा.

फिर मैंने सोनम दीदी को छोड़ दिया वो थक गयी थी थोड़े देर बाद जब वो नार्मल हुई तब वो बोली.

सोनम मेरे पैरो में झुक क्र - मई आप से हर गयी अब से आप जो भी बोलेंगे में व्ही करुँगी.

मई पीछे हटते हुए- नहीं ये आप क्या क्र रही है दीदी...

सोनम : क्या! क्या खा अभी आप ने .

तब मैंने अपने चेहरे से रुमाल निकला तब सोनम दीदी थोड़े देर तक मुझे देखती रही फिर अचानक भाई बोल क्र वो मेरे गले लग गयी और मेरे पुरे चेहरे को चूमने लगी.

मई : बीएस भी करो दीदी मैंने तो ऐसे hi कह दिया था की की मुझे एक किश चाहिए लेकिन आप ने तो मेरा पूरा चेहरा hi गिला क्र दिया किस क्र के.

सोनम : तू चुप क्र ऐसे भी कोई मिलता है अपनी बहन से लड़ाई क्र के और तुम एंटी अच्छी फाइट सीखी खा से.

मई : अब जिसकी बहन लेडी डॉन हो सकती है तो भाई में भी कुछ तो गुण होंगे hi न, लेकिन आप बताइये की अपने फाइट क्यों और खा से सीखी?

सोनम : भाई बात ये है की वो जो बाबा जी है न जिसने आपका नामकरण किया था उसी ने मुझे खा की मई फाइट शीखु इसकी जरुरत भविष्य में पड़ेगी और जो तुम्हे हराएगा वो.... खैर छोड़ो इस बात को चलो घर चलते है.

मई : नहीं मई अभी घर से hi घूमने hi निकला हु आप कॉलेज अटेंड क्र के घर आ जाना मई अभी थोड़ा और घूम क्र आऊंगा.

उसके बाद मई कॉलेज से निकल मेरे जाने के बाद वो लड़की जिसको मैंने लड़को से छुड़ाया थे वो आयी सोनम के पास और उस से खा.

लड़की : क्यों दीदी उस लड़के ने तो एक किश hi माँगा था आपने तो उसका पूरा चेहरा hi किस्सेस से भर दिया.

सोनम उस लड़की के मजे लेते हुए

सोनम : क्यों तुम्हे भी किश करनी थी क्या .

लड़की : है दीदी उसने काम hi कुछ ऐसा किया है की किश तो दे hi सकती हु.

सोनम: क्या तू उस से पहले भी मिल चुकी है और कोण सा काम क्र दिया उसने.

फिर उस लड़की ने सब कुछ सोनम की बता दिया की उस के साथ क्या हुआ था.

सोनम: वह बहुत बढ़िया काम किया है उसने तो ,चल कोई बात नहीं तेरे बदले भी मैंने hi किश दे दिया समझो.

लड़की : कास वो मुझे दोबारा मिल जाये तो...

सोनम : मई मिलवा सकती हु तुझे.

लड़की : क्या ! आप उस से दुबारा मिला सकती है प्लीज दीदी मिलवा दो .

सोनम : ठीक है कॉलेज से घर जायेंगे तो मिल लेना मैंने उसे घर पर बुलाया है.

अब ये लड़की कोण है इसका पता तो घर में hi चलेगा.

इधर मई बड़ी दीदी के कॉलेज गया वह जाकर मैंने उसे बहुत ढूंढा पर वो नहीं मिली बहुत लोगो से पूछा तो एक hi जवाब मिला की आज तो उसे कॉलेज में hi नहीं देखा.

मई सोचने लगा की दीदी तो कॉलेज के लिए hi घर से निकली है फिर खा चली गयी.

मई वह से उड़ते हुए निकला और सहर घूमने लगा तभी मेरी नजर बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर बने जिम पर गयी वह का नजारा देख क्र मेरा खून hi खोल गया,....
 
अपडेट 80

मई वह से उड़ते हुए निकला और सहर घूमने लगा तभी मेरी नजर बिल्डिंग के टॉप फ्लोर पर बने जिम पर गयी वह का नजारा देख क्र मेरा खून hi खोल गया,....

मैंने देखा की मेरी बहन एक लड़के के सामने हाथ जोड़ रही थी तभी उस लड़के ने कुछ खा तब मेरी बहन ने धीरे धीरे अपना टॉप उतरना सुरु क्र दिया था.

मई तेजी से खिड़की के गिलास को तोड़ते हुए अंदर घुसा और उस लड़के को दूर फक दिया तब मैंने अपने बहन की तरफ देखा तो उसके चेहरे पर बेबसी के आंसू थे.

मैंने अपना शर्ट निकल क्र दीदी को दिया ,दीदी टाइगर मेरे भाई बोल क्र मेरे गले लग गयी .

इधर जो लड़का गिरा था उसका नाम विनय था उसके गिरने की आवाज सुन क्र दूसरे रूम से 8-9 लड़के और आ गए सब के सब बॉडीबिल्डर लग रहे थे मेरी बॉडी उनके सामने कुछ भी नहीं था.

वो लोग आये और अपने साथी को उठाया

लड़का 1: क्या हुआ भाई आप यह कैसे गिर गए .

विनय : इस सेल ने मुझे धक्का दिया .

लड़का : भाई ये लड़का है है है है, ये पिद्दी सा .

विनय : अबे सेल ये दिखा भले hi पिद्दी है मगर धक्का बड़ी जोर से दिया सेल ने .

उन लोगो को देख क्र दीदी दर गयी और मेरे हाथ को पकड़ क्र पीछे क्र रही थी.

दीदी : भाई ये लोग बहुत खतरनाक है तुम क्यों आ गए यह और तुम इतनी उचाई पे खिड़की से कैसे आये .

मई : दीदी अभी आपने अपने भाई को जाना hi खा है अब देखो मई क्या करता हु आप पीछे रो .

ये बोल क्र मई आगे आया और इधर विनय और उसके साथी भी तैयार था .

लड़का : भाई आप रुको मई देखता हु इसे .

ये बोल क्र वो मेरे पास आया मैंने एक मुक्का उसके पेट में मारा वो हवा में उड़ता हुआ दिवार से जा टकराया और संत हो गया .

ये देख क्र बाकि लोग दांग रह गए उसके बाद चार लड़के फिर आगे बढे मई उड़ते हुए गया और दो लड़को को पकड़ा और वह रखे हुए जिम के सामान में पटक दिया फिर वह रखे हुए डम्ब्बेल्स को उठा क्र दोनों लड़को के सर पर दे मारा मई यही नहीं रुका मई उड़ते हुए एक- एक को उठा उठा क्र पटक रहा था जिम में चारो तरफ खून hi खून फ़ैल चूका था अब ाखि बचा विनय, पहले तो मैंने विनय के थोबड़े पर पंचेस की बरसात क्र के अधमरा क्र दिया फिर दीदी के कदमो से ला क्र पटक दिया.

मई : अब बताओ दीदी इसका क्या किया जाये.

दीदी: भाई इस ने मुझे बहुत hi परेशान किया है कई रातो तक तो मई सोइ भी नहीं इसके कारन इसे मर hi दो तो hi अच्छा होगा.

विनय: नहीं स्नेहा मुझे मत मारो मई तुम्हारे आगे हाथ जोड़ता हु छोड़ दो मुझे.

दीदी : ऐसे hi मैंने भी तुम्हारे आगे हाथ जोड़े थे और खा भी था की मई किसी और से प्यार करती हु पर तुम ने मेरी बात नहीं मणि अब बरी मेरी है भाई मर दो इसे

फिर क्या था मई उसको उठाया और फेक दिया खिड़की से बहार वो 15 मंजिले बिल्डिंग से निचे गिर गया और उसकी मौत हो गयी दीदी मेरे गले लग गयी और मेरे पुरे फेस पर अपने लिपस्टिक से पॉट दिया तब मैंने hi उन्हें खा की पहले यह से निकलते है.

फिर मई दीदी की कमर को पकड़ क्र उड़ते हुए बिल्डिंग से बहार निकल गया और एक सुनसान जगह देख क्र निचे जमीं पर उतर ए.

मई : अब बताओ दीदी ये हुआ कैसे.

दीदी : भाई बात बहुत पुराणी है ये स्कूल के टाइम से मेरे पीछे hi पड़ा हुआ था एक बार स्कूल से टूर गए हुए थे व्ही इस ने मेरे बाथरूम से पिछ निकल ली थी और फिर ब्लैकमेल क्र के इस ने मुझे खा की तुम मेरे गर्लफ्रेंड बन क्र रहोगी सब के सामने दिखने के लिए .

मई भी तैयार हो हो गयी क्यों की ये बस सब को दिखने बैक के लिए खा था बिच बिच में ये मेरे नजदीक आने की कोसिस करता रहता था लेकिन मैंने इस पहले hi कह दिया था की मई किसी और की अमानत हु ,कई साल तो ऐसे hi निकल गए इस बिच मई इसकी गर्लफ्रेंड बन क्र इसके साथ हर जगह जाती रहती थी और सोचती भी थी की मई मेरे लवर को चीते तो नहीं क्र रही ,

अभी कुछ हप्ते पहले की hi बात है मई इसके साथ एक दोस्त की सधी में गयी थी वह पर होटल के कमरे में हम रुके हुए थे वह पर इस ने मेरी नहाते हुए वीडियो बना लिखे और ब्लैकमेल करने लगा की मुझे चाहिए वो मुझे दे दो नहीं तो मई ये वीडियो नेट पर दाल दूंगा.

फिर बहुत सोचने के बाद आज मैंने सोचा था की इस सब के बाद मई अपनी जान दे दूंगी.

मई : दीदी आपके साथ इतना कुछ हो गया और आप ने मुझे या फिर घर में किसी को नहीं बताया क्यों दी .

दीदी : भाई वो धमकी देता था की अगर मैंने किसी को बताया तो वो मुझे मर देगा और मेरी वीडियो और पिछ को नेट पे दाल देगा मई दर गयी थी इस लिए इसकी बात मानती रही.

मई : चलो छोड़ो जो हुआ उसे अब भूल जाओ और ये नई लवर खा से आ गया.

दीदी : ये न्य नहीं है मई तो सुरु से hi उसी से प्यार करती थी और हु और करती रहूंगी.

मई : और वो खुसनसीब पुरुष कोण है.

दीदी : है कोई बहुत hi प्यारा और क्यूट सा लेकिन जब वक्त आएगा तब मई सबसे पहले तुम्हे hi बताउंगी अब तुम ये बताओ तुम उड़ कैसे रहे थे .

मई : दीदी मेरे पास कुछ सकती है जिससे मई उस भी सकता हु अब आप अपने कपडे चेंज क्र लो और मेरे कपडे मुझे दे दो फिर घर चलते है.

फिर दीदी ने मेरे hi सामने अपने कपडे चेंज किया ऐसा लग रहा था की उन्हें मेरे रहने से कोई फर्क hi नहीं पद रहा था उल्टा वो मेरे से पूछ रही थी की कुछ प्रॉब्लम है क्या .

फिर हम दोनों वह से उड़ते हुए घर की तरफ चल दिए

मैंने उन्हें कह दिया था की इस बारे में वो किसी से न कहे
 
अपडेट 81

जब हम घर पहुंचे तो हॉल में माँ ,चचिया और सुमन बैठे हुए थे हम दोनों को साथ में देख क्र माँ ने पूछा.

माँ : तुम दोनों एक साथ आ रहे हो

खा मिल गए साथ में.

मई : माँ वो मई घूमने गया था न तो उधर hi दीदी भी मिल गयी तो साथ में घर आरहे है.

माँ : चलो ठीक है जाओ दोनों फ्रेश हो लो तब तक वो लोग भी आ जायेंगे तब साथ में hi डिनर करेंगे.

फिर दीदी और मई अपने अपने रूम में चले गए ये छोटी चची फिर मुझे अजीब नजरो से देख रही थी,

जब मई अपने रूम में था तब निचे सोनम और वो लड़की भी साथ में आयी.

चची : जाओ बच्चो फ्रेश हो क्र आ जाओ मई खाना लगाती हु और है तुम लोगो के लिए एक सरप्राइज है जो दिंनिंग टेबल पर hi पता चलेगा.

सोनम : चची मुझे मालूम है सरप्राइज तो इसके लिए है.

चची : अच्छा तो तुझे पता है ठीक है अब जाओ.

फिर मुझे छोड़ क्र सब लोग डिनर के लिए आ गए तो दीदी मुझे बुलाने आयी मई फ्रेश हो क्र बीएड पर आँखे बंद क्र लेता हुआ था दीदी आयी और मेरे गलो पर किश क्र के उठ जा मेरे सोना बोल क्र उठाया .

मैंने आंके खोली और दीदी से कहा

दीदी आप बचपन में भी मुझे ऐसे hi उठती थी न .

दीदी : तुझे अभी भी यद् है मई सोच रही थी की तू वह जाकर सब भूल गया होगा.

मई : नहीं दीदी सब यद् है आपका प्यार लड़ दुलार सब कुछ नहीं भुला मई .

दीदी : ो मेरा सोना चल उठ निचे सब तेरा hi वेट क्र रहे है डिनर के लिए.

फिर मई और दीदी निचे आये तो वो लड़की मुझे यह देख क्र आश्चर्य में पद गयी मुझे पूछा आप यह?

मई कुछ बोलता उस से पहले चची hi बोल पड़ी ये पागल लड़की कैसे सवाल पूछ रही है तू जानती है ये कोण है .

दोस्त ये लड़की है मेरी चची की छोटी बेटी पूर्वी जिसको मैंने कॉलेज में लड़को से बचाया था.

पूर्वी : है माँ वो इसने.....

अभी पूर्वी में इतना hi खा था की तभी सोनम जोर से है पड़ी

हस्ते हुए सोनम : मई बताती हु ये हमारा भाई टाइगर.

पूर्वी : क्या और आपने मुझे बताया नहीं उस समय जब मई , ये आपने ठीक नहीं किया दीदी.

सोनम धीरे से पूर्वी के कण में: अब जा न ले ले किश तू तो किश करने वाली थी न अब ले ले किश.

पूर्वी : है तो देख मई कैसे किश करती हु.

पूर्वी उठ क्र मेरे पास आयी और ओह मेरे प्यारा भाई बोल क्र मेरे दोनों गलो पर किश क्र दिया.

सोनम भी पूर्वी की चतुराई देख क्र हैरान थी.

माँ : चलो अब खाना खाओ उसके बाद बाकि बाटे करते रहना आज मई सारा खाना अपने बेटे की पसंद का बनाये है.

सुमन : माँ आज अपने नास्ता भी उसके पसंद का बनाया और खाना भी .

माँ : तो क्या आज इतने सालो बाद मेरा बीटा घर आया है और वैसे भी तुम लोगो के पसंद का तो बनते hi रहता है.

उसके बाद हम सब ने खाना खाया फिर पूरी बच्चा पार्टी एक रूम में जमा हो गए उनके सवाल और मेरे जवाब सुरु हो गए ऐसे hi सैम हो गयी और घर के सभी बुजुर्ग लोग भी आ गए , मैंने सभी लोगो के पेअर छू क्र आशीर्वाद लिए सबसे पहले दादा जी के पेअर छुए

दादा जी : ओह मेरा शेर आ गया वापस अपने घर.

फिर पापा और दोनों चाचाओं का भी.

पापा : हमेशा खुस रहो मेरे बेटे.

ये बोल क्र उसने मुझे गले से लगा लिया.

चाचा: सदा खुस रो बीटा .

मुझे देख क्र सभी बहुत खुस हुए फिर पापा ने खा की परसो टाइगर के घर आने की खुसी में पार्टी होगी.

फिर वो लोग फ्रेश होने चले गए और आने के बाद व्ही हॉल में बैठ क्र चाय की चुस्कियों के साथ बाटे करने लगे इधर उधर की बाटे करने के बाद डिनर का टाइम हो गया.

फिर सब ने साथ मिल क्र खाना खाया फिर कुछ देर और पार्टी के बारे में बात करने के बाद सभी लोग अपने अपने रूम में जाने लगे तो सुमन मेरे साथ मेरे hi रूम में आ गयी.

मई : आप भी यही सो रही है क्या .

सुमन : क्यों मेरे यह सोने से तुम्हे कोई प्रॉब्लम है.

मई : प्रॉब्लम मुझे नहीं आपको हो सकती है क्यों की नींद में मई इधर उधर होते रहता हु.

सुमन: फिर तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं क्यों नहीं यही हल मेरा भी है .

हम अभी बात hi क्र रहे थे की अचानक दरवाजे खुला और माँ आ गयी.

माँ : सुमन बीटा क्या तू थोड़े देर के लिए कहि और जा सकती है क्यों की मुझे भी अपने बेटे के साथ थोड़ी बहुत बात करनी है ,जब से आया है तब से ठीक से बात नहीं हुई .

सुमन : ठीक है माँ आप जब जाओगी तब बता देना.

फिर माँ बिस्तर पर बैठ गयी और मेरे सर को पकड़ क्र अपने गॉड में रख क्र मेरे बालो को सहलाने लगी.

माँ : बीटा पढाई कैसी चल रही है तुम्हारी.

मई : ठीक चल रही है माँ और मई तो हमेशा hi 1सत आता हु.

माँ : और वह तुम्हे रहने में कोई प्रॉब्लम तो नहीं होती है न .

मई: नहीं माँ कोई भी प्रॉब्लम नहीं है ,

माँ ये सब छोड़िये आप छोटी चची के बारे में बताने वाली थी न.

माँ : है है बताती हु वो तुम्हारे अर्चना चची की छोटी बहन अंकिता है, उनके माँ और बाप बचपन में hi चल बेस थे तो उनका पालन पोसन उसके चाचा चची में किया था क्यों की दोनों बहनो के नाम करोडो की प्रॉपर्टी थी, फिर जब तुम्हारी चची की सदी तुम्हारे चाचा के साथ हुई तब अकेली बच गयी अंकिता , तो उसके चाचा चची ने प्रॉपर्टी हथियाने के लिए एक ऐसे इंसान से उसकी सदी करनी चाही जो एक डैम निकम्मा और नाकारा था फिर जब ये बात अंकिता को पता चली तो उसने सदी से इंकार क्र दिया तब उसके चची ने जबरदस्ती सदी करने के लिए उस पर जुल्म करने लगे ,तब उसने किसी तरह ये बात अर्चना को बताई तब अर्चना में हमे भी बताया, तभी तेरे रवि चाचा ने ये बात कहि.

रवि : देखिये भाभी आप लोग तो जानते hi है की मई कैसा हु इस लिए आप लोग उसकी सदी मेरे साथ करवा दो ये सिर्फ नाम के लिए hi रहेगा, उसकी जब मर्जी तब वो किसी और से सदी क्र सकती है, तब तक वो यह सेफ रहेंगी.

अर्चना को भी ये ठीक लगा और हमें भी तब तेरी अर्चना चची ने अंकिता की सदी रवि के साथ क्र दी .

समझ लो के अंकिता अब तक कुवारी hi है बेचारी वो तो नाम मात्रा के लिए hi यह की बहु है.

दोस्तों यह मई बता दू की रवि चाचा को क्या प्रॉब्लम है बचपन से hi उनकी तबियत हमेशा ख़राब hi रहती थी इस कारन उनके लुंड का विलास नहीं हो पाया इसलिए वो सिर्फ अब मूतने के काम hi आती है.

मई : माँ मुझे भी आपको कुछ बताना है.

माँ : क्या बीटा .

मई : माँ बात ये है की माँ और उनका परिवार देहरादून में hi रहते है.

माँ : क्या ये सच है क्या उनलोगो से यू मिल चूका है ? क्या वो तुम्हे पहचानते है?

मई : बीएस करो माँ और कितने सवाल करोगी न न hi मई उनसे मिला हु और न hi वो लोग मुझे पहचानते है, सिर्फ दीपिका और नीलम को छोड़ क्र .

माँ : क्या वो लोग तुम्हे जानते है और उनलोगे बे अपने घर में बता दिया होगा तो .

मई : है वो मुझे जानते है मई कोण हु लेकिन अपने घर में नहीं बताया है और माँ मई hi दोनों परिवारों को एक करूँगा ये मेरा वचन है आप से

माँ : ठीक है बीटा जो भी करना सम्हाल क्र karna,chal अब सो जा .
 
अपडेट 82

माँ के जाने के कुछ देर बाद सुमन आयी और अपना नाईट ड्रेस लेकर बाथरूम में घुस गयी.

फिर जब वो आयी तो मई मुँह खोले देखता hi रह गया क्योकि उसकी ड्रेस पतली होने के साथ जगहों तक थी और बिना ब्रा के उसके उभर साफ दिखाई दे रहे थे

सुमन : ो छोटे मुँह बंद करले नहीं तो मच्छर घुस जायेंगे और कभी लड़कियों को नहीं देखा है क्या तूने जो ऐसे घर रहा है.

मई : दीदी एक जवान लड़का भी है इस रूम में और आप ऐसे कपडे पहन क्र आयी हो.

सुमन : अब मेरे तो ऐसे hi कपडे है और मई तो ऐसे hi सोती हु जा तू भी चेंज क्र ले .

फिर मई भी बाथरूम में गया और चेंज क्र के आ गया और बीएड पर लेट गया तब तक दीदी बीएड पर लेट गयी थी.

मई दीदी के चेहरे को देख रहा था और वो तो मेरी आँखों में खो सी गयी थी मई उनके होतो को देख रहा था ऐसा लग रहा था की वो मुझे अपनी तरफ खींच रहा है जिस कारण मई खुद को रोक नहीं प् रहा था और धीरे धीरे कब मेरे होठ दीदी के होठो से मिल गए पता hi नहीं चला मेरा तो मई समझ सकता हु की मई अपने होस में नहीं था लेकिन दीदी भी मेरा भरपूर साथ दे रही थी हम दोनों किसिंग में पूरी तरह दुब गए थे किसी को कोई जल्दी नहीं थी फिर धीरे से मेरा हाथ दीदी के कमर से होते हुए उसने बूब्स तक पहुंच गए और मई धीरे धीरे दबाते हुए सहलाने लगा था इसका असर ये हुआ की दीदी को भी अब जोस चढ़ने लगा था और इसका पता मुझे उनके निप्पल्स से लगा

दीदी ने मुझे कास क्र गले से लगा लिया और तेजी से मेरे होठो को चूसने लगी उन्होंने इसी जोस में आकर मेरे होठो को काट लिया.

मेरे दर्द के कारन अपने होस में आया तब मुझे पता चला की मई क्या क्र रहा था और क्या हो रहा है.

मई तुरंत दीदी से अलग हुआ और उनसे सॉरी कहा.

दीदी मुझे ऐसे देख रही थी जैसे कोई बच्चे से उसका मन चाहा चॉकलेट छीन लिया हो .

दीदी : क्या हुआ भाई तुम रुक क्यों गए बहुत hi अच्छा लग रहा था ऐसे अनुभूति मुझे पहले कभी नहीं हुई प्लीज और करो न.

मई : दीदी ये आप क्या बोल रही हो अभी जो कुछ भी हमारे बिच हुआ वो अनजाने में हुआ है और ये पाप है हमे ऐसा नहीं करना चाहिए था.

दीदी : देखो टाइगर मैंने आज तक किसी भी लड़के की तरफ आँख उठाकर भी नहीं देखा है न hi किसी पर पुरुष को अपना ये सरीर छूने दिया है लेकिन मई तुम्हे ये दे रही हु इसकी कुछ तो वजह होगी न .

मई : लेकिन दीदी हमारा रिस्ता भाई बहन का है बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड का नहीं समझी.

दीदी : मई तुम से प्यार करने लगी हु मेरे भाई जब से तुम आये हो तो तुम्हे देख क्र मुझे तुम से प्यार हो गया है .

मई : मुझे देख क्र नहीं मेरी आँखों में देख क्र आपको ऐसा लग रहा है लेकिन ये पाप है दीदी लोग क्या कहेंगे.

दीदी : मई कुछ नहीं जानती अगर तुम ने मेरे प्यार को ठुकराया तो मई अपनी जान दे दूंगी.

अभी मई कुछ बोलता उस से पहले hi मेरे अंदर से आवाज आयी तुम किस भाई बहन के रिश्ते की बात क्र रहे हो टाइगर तुम्हे पता है की नहीं या भूल गए की तुम ने अपनी एक सगी बहन से सदी क्र hi चुके हो.

मई : मगर वो दूसरे प्लेनेट की है और ये इस प्लेनेट की वह ये सब होता है मगर ये एअर्थ है यह ये सब पाप है.

शेर सिंह : ये सब लोग अब तुम से जुड़ गए है इस लिए सब एक सामान है इसलिए तुम्हे सभी के साथ सामान प्यार करना होगा और ये भी तो देखो की तुम जितने भी विवाह करोगे उतना hi तुम्हारे लिए अच्छा होगा.

तभी मेरे कानो में दीदी की आवाज आयी.

सुमन : मैंने तुमसे कुछ पूछा था और तुम कहि और खोये हुए हो, बताओ तुम क्या चाहते हो.

मई : ठीक है दीदी मुझे आपका प्यार मंजूर है मगर आपको मुझ से सदी भी करनी पड़ेगी.

दीदी खुस होते हुए : मुझे मंजूर है तो चलो अधूरा काम को पूरा करते है.

मई : दीदी आपको इतनी भी क्या जल्दी है.

दीदी : जल्दी खा इतने सालो तक मैंने इंतजार किया है और जब से तुम को चाहा है तब से तुझमे समां जाने का मन करता है.

ये बोल क्र दीदी मेरे ऊपर टूट hi पड़ी तो मई खा पीछे रहने वाला था मई भी उनको बराबर सपोर्ट क्र रहा था मई उसके सरीर को सहला भी रहा था लेकिन भींच में उसके कपडे आ थे थे तब मैंने किश तोड़ क्र दीदी के नाईट शट को निचे से पकड़ क्र ऊपर उठा दिए और दीदी के सरीर से अलग क्र दिया तो दीदी ने भी मेरे सरे कपडे निकल दिए.

मई फिर करीब एक घंटे तक दीदी किसुन्दर भरा भरा नंगी बदन से खेलता रहा.

दीदी भी बहुत गरम हो गयी थी और अपने hi हाथो से अपनी छूट में उंगली करने लगे और मुझ से बोली, “भैया क्यों सताते हो, दाल दो न अपना मस्त लुंड मेरी इस रसीली छूट में और छोड़ छोड़ कर फर डालो.

मेरी छूट लुंड और उस के चुदाई के लिए तरस रही है. अब जल्दी करो और मुझे छोड़ो.” मई भी अब तक गरम हो गया था और मैंने अपना लौरा दीदी की छूट के छेद से भरते हुए दीदी से बोलै, “दीदी क्यों घबराती हो, अभी तो रत पूरी पारी है. मई आज तुम को ऐसा छोडूं गए की तुम्हारी छूट खुल जाये गई और कल तुम ठीक तरीके से चल नहीं पाओ गई.

लो अब सम्भालो अपनी छूट और अब मई अपना लौरा तुम्हारी छूट में पेलता हूँ.” दीदी मुझ से लिपटे हुए बोली, “ओह! भइआ मेरी छूट तो तुम्हारा लुंड लीलने के लिए खुली की खुली है. तुम अब डालो भी, क्यों देर कर रहे हो.” फिर मई दीदी की छूट में अपना लुंड धीरे धीरे घुसाने लगा दीदी ओह! ओह! अहह! मर डाला बोलने लगी.

मेरा लुंड अब और आगे नहीं जा रहा था अभी तो आधे से जयादा लुंड बहार था तब मैंने सोच और दीदी से खा दीदी अब आप चीखने वाली हो ये रूम पहले की तरह साउंडप्रूफ तो है .

दीदी: है भाई इस रूम से कोई आवाज बहार नहीं जाती.

मेरे पहली झटके के साथ hi दीदी की छूट की झिल्ली पहात गयी और दीदी छटपटाने लगी और बोलने लगी, दीदी :“ओह! अहह! भाई अब निकल लो. लगता है की मेरी छूट तूने फर दी है, बहोत दर्द हो रहा है मुझे नहीं करवाना

मुझे अपनी छूट देखने दे.” मई दीदी को चूमते हुए और हाथ से उनकी चूँची को दबाते हुए बोलै, “दीदी घबराओ नहीं, तुम्हारी छूट नहीं उसकी झिल्ली फटी है और अब तुम कुमारी नहीं बल्कि एक चूड़ी हुई औरत बन गयी हो मैंने दीदी को ये नहीं बताया की अभी की और भी कुछ हिस्सा मेरे लुंड का बचा हुआ है

मई : अब तुम दिल खोल कर मेरे लुंड के धक्के अपने छूट से खाओ और छूट का पानी निकालो.” मई ये कहते हुए दीदी की छूट में पाना लुंड दनादन पेलता रहा. थोड़ी देर के बाद दीदी को भी मज़ा आने लगा और अपने पेअर मेरे कमर पर रख कर मुझ से लिपटे हुए बोली

दीदी : भाई, बारे मज़ा आ रहा है. तुम मेरी छूट में लुंड से चोट लगा रहे हो और मेरा सारा बदन हल्का हो रहा है.

छोड़ो, छोड़ो भाई और तेजी से छोड़ो. मेरी छूट आज इतने दिनों के बाद अपनी पानी चोर्ने वाली. प्लीज इस समय मत रुकना. और जोर जोर से छोड़ो. मई अब झरने वाली हूँ.

ये कहते हुए दीदी झड़ने लगी उसी समय मैंने पूरा लुंड दीदी के छूट में पेल दिया

मई अपना छोड़ना रोक कर दीदी का चेहरा देख रहा था जो की इस समय छूट चुदाई की गर्मी से चमक रहा था मेरे ऐसा करने से दीदी को जायदा दर्द तो नहीं हुआ और वो अपने झड़ने का सुख भी नहीं ले पाई.

मई फिर से दीदी के नरम और मुलायम बूब्स को दबाते हुए किश करने लगा और लुंड को छूट में धीरे धीरे अंदर बहार करने लगा दीदी भी धीरे धीरे मस्ती में आने लगी भी मैंने स्पीड बढ़ा दिया कुछ समय में hi दीदी फुल मस्ती में आ गयी थी तभी मैंने पोजीशन चेंज करने की सोची इस लिए मई रुक गया मेरे ऐसा करने से दीदी भड़क गयी.

दीदी : सेल गांडू रुक क्यों गया, छोड़ न अपनी दीदी की छूट अपने लुंड से पूरा फाड् दे मेरी छूट.

मई दीदी की बातों को सुन कर उन को आंखे फर फर कर देखने लगा

वैसे दीदी की मुँह से गली बहुत अच्छी लगी.

मई : दीदी पोजीशन तो चेंज क्र ले .

फिर मई बीएड पर लेट गया और दीदी मेरे ऊपर आ गयी

दीदी ने अपनी कमर उछाल कर मेरा लुंड अपने छूट में फिर से ले लिया और मुझ से बोली, “मेरे अच्छी भाई, क्यों तारपा रहा. और 10-20 धक्के मर और मेरी छूट का पानी निकल दे. मई अब झरने वाली हूँ.

मई : दीदी यह आप hi अपना काम करो

मेरी बात सुन क्र दीदी मेरे लुंड पर बैठ क्र उछाल कूद करने लगी वो सच में बहुत गर्म हो गयी थी इस इस कारन वो जायदा देर तक टिक नहीं पाई और मेरे लुंड को अपने छूट जल से नहला दिया.

दीदी पास्ट हो क्र मेरे ऊपर लेट गयी कुछ देर तक दीदी को आराम करने दिया फिर उसके बाद जब सही हुई तब मैंने कमान अपने हाथ में लिया और दीदी के गांड को थोड़ा ऊपर उठाया और निचे से अपने कमर को उठा उठा क्र छोड़ने लगा दीदी फिर से मस्त हो गयी अब मेरा भी अंत समय आ गया था इस कारन मई फुल स्पीड में दीदी को छोड़ने लगा दीदी का भी ाखि समय आ गया था और दोनों एक साथ झाड़ गए .

कुछ देर तक दोनों अपनी सांसो को नार्मल करते रहे

दीदी की पहली चुदाई ख़तम होते hi दीदी मुझ को चूमने लगी और मुझ से बॉईल, “भाई बारे मज़ा आया अपनी छूट तुझ से छुड़वाने में. सही में तू बहुत hi अच्छा छोड़ता है. आज मेरी छूट तेरा लुंड खाके तर गयी.

अब मई दीदी के नंगी चूँची पर हाथ फेरते हुए कहा, “दीदी मेरा मन एक चुदाई से नहीं भरा. मई चाहता हूँ की मई एक बार और तुम्हारा छूट में अपना लुंड घुसृण और कास कास धक्का मरते हुए एक बार और छोडूं.”

दीदी : अभी नहीं बाबा बाद में क्र लेना अभी तो मई नहीं क्र सकती कुछ भी तीन बार पानी निकला है मेरा अब मुझ में जरा सी भी हिम्मत नहीं बची.

उसके बाद मई उठा और दीदी को अपने गॉड में उठा क्र बाथरूम में ले गया क्यों की मुझे पता था की दीदी अभी ठीक से चल नहीं पायेगी , बाथरूम में जा क्र मई में अपने सरीर और दीदी के सरीर को अच्छे से साफ किया फिर दीदी को वापस गॉड में उठा और बीएड पर सुलाया और खुद भी उसे बहो में भर क्र सो गया.
 
अपडेट 83

सुबह जब मेरी नींद खुली तो मैंने देखा की दीदी वैसे hi नंगी मेरे बहो में सोइ हुई है और उनका हसीं चेहरा चमक रहा है उनके होतो और प्यारी सी स्माइल थी.

मई उठा और उनको बहो से अलग क्र के उनके होठो पर एक छोटा सा किश किया और बाथरूम में घुस गया वह से नहा धो क्र वापस आया फिर दीदी को उठाने लगा तो दीदी ने मेरे हाथ को पकड़ कर्कः.

दीदी : सोने दो न भाई आओ तुम भी सो जाओ आज बहुत दिनों बाद बड़ी अच्छी नींद आयी .

ये बोल क्र दीदी ने मुझे भी बीएड पर अपने साथ सुला दिया तो मैंने धीरे से दीदी क्र कण में खा दीदी अगर आप नहीं उठी तो मई फिर से रात वाले काम में लग जाऊंगा.

मेरे इतना बोलते hi दीदी उठ क्र बैठ गई.

दीदी: नहीं भाई अभी एक दो दिन तो मई उसे तुम्हे छीने भी नहीं दूंगी , कल बहुत दर्द हुआ था मुझे जो अभी भी है .

मई : तो मैंने खा था क्या आपको की मुझे सेक्स करना है वो तो आप ने hi मुझे उकसाया था .

दीदी : है है ठीक है मैंने खा था लेकिन मेक तो तुम ने भी लिए है न .

मई : है कल रात में बहुत hi मजा आया तभी तो कह रहा हु और करना है .

दीदी नहीं नहीं अभी तो बिलकुल नहीं बोलते हुए बाथरूम में नंगी hi भाग गयी.

फिर मई रूम से निकल क्र नहींचे आया तो डाइनिंग टेबल पर मुझे छोटी चची मिल गयी क मुझे hi घर रही थी.

चची : क्या पियोगे टाइगर टिया या कॉफ़ी.

मई : कुछ भी चलेगा चची.

फिर चची ने कॉफ़ी ला क्र दी और खुद भी आ कर व्ही बैठ गई, मई कॉफ़ी पि रहा था और चची मुझे hi देख रही थी.

चची (अपने मन में) : है ये क्या हो रहा है मुहे मई क्यों टाइगर की तरफ खींची चली जा रही हु, क्या कसिए है इसकी आँखों में की हे कोई इसकी दीवानी हो जाये.

उतने में माँ आ गयी और मुझे पुकारा जिससे चची का धयान भांग हुआ.

माँ : टाइगर बीटा आज तुम अपनी बहनो के साथ शॉपिंग और चले जाना, कल पार्टी है न तो कल सबकी नजरे सिर्फ तुम पर hi होने चाहिए.

मई : ठीक है माँ पर जाना कण है .

माँ : वो तो तुम अपनी बहनो से hi पूछो.

तभी स्नेहा और सोनम दीदी आ गयी.

स्नेहा: भाई के लिए तो मई hi कपडे सेलेक्ट करुँगी क्यों भाई .

मई : ठीक है दीदी .

माँ : जाना कब है वो भी बता दो अपने भाई को.

दीदी : कुछ देर बाद रेड्डी हो क्र निकलते है.

तभी सुमन दीदी लंगड़ाते हुए आने लगी तो माँ में उसे लंगड़ाने का कारन पूछा.

सुमन : वो वो माँ मेरे पेअर बाथरूम में फिसल गया था तो थोड़ी सी मोच आ गयी थी अभी थोड़ी देर में ठीक हो जाएगी.

फिर हम लोग करीब 11 बजे शॉपिंग के लिए मई और मेरी सभी बहन निकले तभी छोटी चची ने भी साथ में जाने के लिए खा तो माँ में उन्हें भी साथ में ले जाने क्र लिए कह दिया.

फिर हम लोग जायदा हो गए थे इसलिए हम ने दो गाड़ियों में जाने को सोचा तो एक गाड़ी चची ड्राइव क्र रही थी और एक गाड़ी स्नेहा दीदी मई स्नेहा दीदी के साथ बैठा था और साथ में सोनम भी बैठी हुई थी.

फिर हम लोग एक बड़े से मॉल पहुंचे वह पहले सभी लोग अपने अपने ड्रेस लेने में लग गए तो सुमन ने मौका देख क्र मुझे भी चेंजिंग रूम में खींच लिया और अपने ब्रा एंड पैंतीस का सेट पहन क्र दिखने लगी तब मुझे भी कुछ करने का मन हुआ तो मई भी सुमन दीदी को व्ही दिवार से चिल्ला क्र किश करने लगा तभी सोनम दीदी बहार से दरवाजा पीटने लगी तब सुमन दीदी ने खा की वो कोई दूसरा रूम धुंध ले मुझे अभी टाइम लगेगा.

तब थोड़ी देर बाद मई भी मौका देख क्र बहार निकल आया तब मुझे चची मिल गयी उन्होंने भी बहुत hi सूंदर सो ड्रेस लिखे थी तो उन्होंने मुझ से पूछा की मई इस ड्रेस में कैसी लग रही हु तब मैंने भी मजाक में कह दिया की आप तो इस ड्रेस में बोम लग रही हो तो चची शर्मा गयी.

फिर ऐसी hi सब ने मुझ से पूछ पूछ क्र अपना ड्रेस लिया फिर मेरी बरी आयी तब सभी लग गए अपनी अपनी पसंद का कपडे खरीदने में सभी ने मेरे लिए अपने अपने पसद का कपडा ले लिया.

मई : अब मई पार्टी में क्या पहनूंगा आप लोगो ने इतने कपडे ले लिए की मई सेलेक्ट कैसे करूँगा फिर आप लोग मत कहना की मेरे दिए हुए कपडे को नहीं पहना .

तब दीदी ने खा की तुम मेरे लिए हुए hi कपडे पहनोगे क्यों की मैंने पहले hi खा था की तुम्हारे लिए कपडे मई hi सेलेक्ट करुँगी .

इस बात पर सभी राजी हो गए फिर हम ने बिल पे किया और कुछ खाने के लिए रेस्टोरेंट में गए और वह से खा पि कर घर की तरफ निकल गए.

घर पहुंच क्र मैंने आराम करने का फैसला किया और अपने रूम में जाकर सो गया सैम को उठा और कॉफ़ी पि क्र दीदी को साथ में लेकर निकल गया बहार घूमने हम लोग एक गार्डन में जाकर टहल थे थे तब मैंने दीदी से पूछा

मई : दीदी क्या आप को मालूम है क्या की जिन लोगो ने मुझ पर बचपन में मरने को कोसिस की थी क्या वो लोग अब भी जेल में है बहार आ गए है .

स्नेहा : नहीं भाई वो लोग अब जेल में नहीं है अभी कुछ साल पहले hi वो लोग छूटे है और ये तू क्यों पूछ रहा है.

मई : दीदी अभी मई जो भी बात आपको बताऊंगा उसे आप अपने तक hi सिमट रखेंगी आप मुझ से वादा कीजिये.

दीदी : मई वादा करती हु तुम जो भी बताओगे उसे मई अपने तक hi रखूंगी अब बताओ .

मई : यह नहीं कही एकांत जगह पर चलते है.

फिर हम वह से निकल क्र मैदानी एरिया में आ गए वह अच्छी सो जगह देख क्र बैठ गए .

मई : दीदी मां और उनका परिवार अब भी इंडिया में hi है और उन्होंने अपना नाम बदल लिया है और उन तक पहुंचने के लिए मैंने नीलम और दीपिका से प्यार का नाटक किया लेकिन सच में प्यार हो गया और हम ने शादी भी क्र ली.

दीदी कड़ी हो क्र : क्या तुम ने शादी भी क्र ली है .

ये बोल क्र दीदी थोड़ी आगे जाकर रोने लगी .

मई : क्या हुआ दीदी आप तो क्यों रही है.

दीदी : कुछ नहीं कुछ भी तो तो नहीं हुआ चल घर चलते है .

मई : दीदी कुछ तो बात है आप बताओ मुझे आपको मेरी कसम .

दीदी : बोलै- न कुछ कोई बात नहीं है तो क्यों फालतू में कसम वसं देता है .

मई : मतलब आपको मेरी कसम की भी कोई वैल्यू नहीं है.

दीदी : तुझे सुन्ना hi है न तो सुन........
 
अपडेट 84

दीदी : तुझे सुन्ना hi है न तो सुन मैंने बचपन से hi जिस लड़के से प्यार किया जिसके साथ मई खेल कूद क्र बड़ी हुई हु , हमेशा hi उसके सपने देखती हुई बड़ी हुई हु वो आकर थे की मई किसी और से प्यार करता हु और सदी भी क्र ली है तो क्या मई रौ नहीं तो हसु.

मई : आआ आप किसकी बात क्र रही है.

दीदी :तुम्हारी और किसकी है मई तुम से प्यार क्र बैठी अभी से नहीं बचपन से अभी तक मैंने सिर्फ तुम से प्यार किया है .

मई : क्या मुझ से ! तो इसमें रोने की क्या बात है .

दीदी : है रौ नहीं तो हसु न मेरा प्यार मेरा न हो क्र किसी और का हो गया अब तो मुझ में जीने की कोई छह hi बाकि नहीं है .

मई : आरी ो मेरी प्यारी और भोली दीदी मैंने आपसे लैब खा की मई आपके प्यार को एक्सेप्ट नहीं करूँगा.

दीदी : लेकिन तुम तो किसी और से प्यार...

मई : रुको आप को कुछ और बाटे बताता हु.

फिर मैंने अपनी शर्ट निकली तो मेरी पीठ पर जो शेर का टैटू था वो शेर बनकर बहार निकल आया जिसे देख क्र दीदी दर गयी ,

मई : डरो नहीं दीदी ये है शेर सिंह और ये hi मेरे बारे में आपको सब बताएगा, शेर सिंह जी आप दीदी को मेरे बारे में सब बता दो की मई कोण हु खा से आया हु और मेरे साथ क्या क्या होने वाला है.

फिर शेर सिंह ने दीदी को मेरे बारे में बताना सुरु किया मेरे जन्म से लेकर मेरे सदी के पीछे क्या कारन है वो भी उन्होंने बता दिया.

दीदी : तो इसका मतलब है की तुम दूसरे प्लेनेट से हो और वह ये सब कुछ जायज है .

मई : है दीदी और सुनो मेरी अब तक चार साधिया हो चुकी है और इसके अलावा मई चार लोगो से प्यार भी करता हु और कुछ के साथ शारीरिक सम्बन्ध भी है.

दीदी : कोण कोण है वो जरा डिटेल्स में बताओगे

मई : मैंने हिम लोगो से सदी की है वो है

  1. समिति
  2. सीतल
  3. नीलम
  4. दीपिका

और अभी लिस्ट में बाकि है उनका नाम है

  1. काव्य
  2. कविता
  3. दिव्या
  4. सुमन
  5. स्नेहा

दीदी : ये सब तो बहन लगती है न तुम्हारी और सभी से प्यार है तुम्हे.

मई : अभी आगे और भी है दीदी वो भी सुन लो मैंने जिनके साथ शारीरिक सम्बन्ध है वो है

  1. समिति
  2. सीतल
  3. बुआ और लास्ट अभी अभी
  4. सुमन दीदी
दीदी : क्या बुआ बुआ और सुमन से भी तुमने सेक्स क्र लिया ये लैब और कैसे हुआ?

मई : बुआ तो फूफा की के जाने के बाद अकेली हो गयी थी उनका जिम तड़प रहा था और ऊपर से उनको बेटे की चाहत थी जो फूफा की नहीं दे सकते थे तो वो कहि बहार जाती इस से पहले उन्होंने मुझे बोल दिया और रही बात सुमन दीदी की तो उनको कल रात मैंने उनको बहुत समझाया लेकिन वो नहीं मणि और मुझे अपने प्यार का वास्ता देकर मुझे मन hi लिया और हो गया.

तभी शेर सिंह ने खा

शेर सिंह: बेटी अब बरी तुम्हारी hi है क्यों अब जल्दी hi टाइगर को अपने अगली सकती को हासिल करने जाना होगा और वो तुम्हारे बिना नहीं जा पायेगा और टाइगर को सकती पाने से पहले विवाह करना होता है तो तुम तैयार रहना.

दीदी खुस होते हुए : क्या मेरी सदी टाइगर से होगी मई तो लैब से hi सपने देख रही हु की मेरी सदी टाइगर से हो रही है.

मई : ठीक है अब जायदा खुस होने की जरुरत नहीं है चलो घर चलते है देर हो रही है.

फिर शेर सिंह मेरे अंदर आ गए और हम दोनों घर की तरफ निकल गए, घर पर हम सब ने रात का डिनर किया और कुछ देर बैठ क्र बात चित की फिर सोने के लिए मई अपने रूम में आ गया जहा पहले से hi सुमन दीदी बीएड पर लेती हुई थी.

मई अभी सोता उस से पहले hi सोनम और पूर्वी दीदी आ गयी.

सुमन : तुम दोनों यह क्या क्र रही हो सोना नहीं है क्या.

सोनम : उसी लिए तो हम यह पर आये है .

सुमन : क्या मतलब?

पूर्वी : दीदी हम दोनों आज भाई के साथ सोने आये है और आप कहि और चली जाओ सोने.

सुमन : तुम लोग नहीं सो पाओगी इस के साथ क्यों की इसके हाथ पेअर इधर उधर चलते है.

मई : मेरे.

मई कुछ बोलता उस से पहले दीदी hi बोल पड़ी" है तेरा " और मुझे आँखे दिखने लगी.

सोनम : दीदी भाई जब से आये है तब से स्नेहा दीदी और आपके साथ hi समय बिताया है हमारे साथ नहीं हमारा भी मान करता है की हम भी भाई के साथ समय बिताये.

सुमन : ओले ओले मेरी बहनो को अपने भाई के साथ टाइम स्पेंट करना है चलो ठीक है आज की रात भाई तुम लोगो के साथ रहेगा ok

सोनम और पूर्वी : थैंक्स दीदी

फिर सुमन दीदी दूसरे रूम में चली गयी और ये दोनों आकर मेरे आजु बाजु आकर मुझ से चिपक गयी और उनके बूब्स मेरे कंधे में चुभने लगी.

मई : ये तुम दोनों छिएक क्यों रही हो अलग रह क्र भी तो सो सकती हो.

सोनम : भाई जब से आप आये हम लोगो से ठीक से बात तक नहीं की और अब कह रहे हो की अलग रो तो ठीक है हम जा रही है इस रूम से.

मई : अरे यार मैंने ऐसा तो नहीं खा ठीक है रो जैसे आप लोगो का मान करता है.

फिर दोनों मुझसे और चिपक गयी .

मई : अब सोना भी है या ऐसा hi रहोगी .

पूर्वी : हम तो ऐसे hi सोयेगे आप लाइट बंद क्र दो .

फिर मैंने लाइट्स ऑफ क्र दी और जैसे hi अँधेरा हुआ पूर्वी अपने बूब्स को मेरे बाजु से रगड़ने और बाबाने लगी उसके निप्पल भी तन क्र खड़े हो गए थे और इधर मेरा भी लुंड ने हरकत करनी सुरु क्र दी थी.

मई अपने मान में सोचने लगा की जब ये खुद सामने से मुझे इन्विते क्र रही है तो मई क्यों पीछे रहु इस लिए मैंने उसके एक बूब्स को हलके से दबा दिए, थोड़े देर तक तो कुछ रिएक्शन नहीं आया फिर पूर्वी एकाएक उठी और मेरे होठो पर टूट पड़ी मई भी फुल सपोर्ट क्र रहा था हमारी किसिंग तब तक चली जब तक के हमारी सांसे न भर गए.

फिर हम ने किश तोड़ी और लम्बी लम्बी साँस लेने लगे तभी एक आवाज आयी.......
 
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