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मई उसे दिखने के लिए एक तरफ चला गया फिर जब वो वह से हटा तब मई दूसरे टेंटो को देखने क्र लिए जा hi रहा था की मुझे कुछ आवाज सुनाई दी तो मई उस आवाज का पीछा करते हुए एक टेंट के पास गया ,पास से ये आवाज किसकी है ये मुझे पहचानते हुए जरा सी भी देर नहीं लगी क्यों की ये आवाज मेरी पायरी छोटी बहन सोनम की थी मई टेंट के अंदर झक क्र देखा तो एक आतंकवादी जो सायद इन लोगो का लीडर लग रहा था वो सोनम से बात क्र रहा था .
लीडर : देखो तुम मान जाओ तुम एक अच्छी फाइटर को अगर तुम हमारे साथ मिल जाओ तो हम तुम्हारी फॅमिली को छोड़ देंगे.
सोनम : नहीं कभी नहीं मई तुम्हारा साथ देकर अपने देश से गद्दारी कभी नहीं करुँगी चाहे मई मर क्यों न जाऊ .
लीडर : देखो मई आखरी बार बोल रहा हु मन जाओ नहीं तो बहुत hi बुरा हो सकता है तुम लोगो के साथ वैसे भी कल 15 अगस्त है और कल hi हम हुम्ला करेंगे.
तभी मई टेंट के अंदर चला गया
मई : जनाब जब वो आपका साथ नहीं देना चाहती तो क्यों दबाव दाल रहे है आप.
लीडर : कोण हो तुम और तुम्हे अंदर आने को किसने खा .
अभी वो कुछ क्र पता मैंने अपनी तलवार निकली और उसका सर धड़ से अलग क्र दिया.
ये देख क्र सोनम भी डॉ गयी जब मई उसके पास जाने लगा तो दर रही थी.
मई : ड्रॉ मत मेरी जान मई हु आपका टाइगर.
ये बोल क्र मैंने अपने चेहरे से नकाब हटाया , मुझे देखते hi सोनम की खुसी का ठिकाना hi नहीं था.
सोनम : भाई तुम आ गए मई जानती थी की तुम हमे बचने जरूर आओगे.
वो आकर मेरे गले से लग गयी फिर मैंने उसे बाकि सब के बारे में पूछा तो उसने बताया की उनलोगो को किसी दूसरे टेंट में रहा है .
मैंने उस आतंकवादी को व्ही छिपा दिया और सोनम व्ही रुकने को खा ोरमे निकल गया बहार दूसरे टेंटो में ढूंढने वो सभी भी मुझे एक टेंट में मिल गए .
अब इन सब को ऐसे hi बहार तो नहीं निकल सकता था इस लिए मैंने अँधेरा होने का इंतजार किया वो आतंकवादी भी अपने लीडर को ढूंढ रहे थे फिर जब अँधेरा हुआ तो मैंने सोनम को छोड़ क्र बाकि सब होटल पंहुचा दिया क्योकि सोनम दूसरे टेंट में थी, उनलोगो को होटल में छोड़ क्र मई रम्भा को अपने साथ ले लिया और वापस आतंकवादियों के टेंटो में ,और सीधा गया सोनम के पास रम्भा को देख क्र सोनम में उसके बारे में पूछा तो मई कह दिया की इसे भी अपनी छोटी बहन hi समझो.
लेकिन एक आतंकवादी ने हमे देख लिया और बहार चिल्लाने लगा मई तुरंत टेंट के पीछे हिस्से को फाड् क्र सब को बहार निकल दिया और कुछ दुरी पर जाकर रम्भा को सोनम के पास रुकने को खा .
इधर जैसे hi हम टेंट से बहार निकले सामने से कुछ आतंकवादी अँधा धुन गोलिया चलते हुए टेंट के अंदर दाखिल हुए और इधर उधर चेक करने लगे तब उन्हें अपने लीडर की लास मिल गयी वो लोग और भी आग बबूला हो गए पुरे काफिले में हलचल मच गयी सभी लोग अपने हाथो में बन्दुक लेकर इधर उधर दौड़ थे थे .
सोनम और रम्भा को सुरक्छित जगह पर छोड़ क्र मई वापस आतंकवादियों के काफिले के पास वापस आया , मई सीधा उड़ते हुए जाकर उनके बिच में hi खड़ा हो गया.
सरे आतंकवादी मुझे घेर क्र खड़े हो गए .
एक आतंकवादी : यही है वो जिसने हमारे कमांडर को मारा है मारो इसे भुञ्ज डालो गोलियों से .
मई बिच में था मुझे घेर क्र ये लोग गोलिया बरसाने लगे मई ऊपर हवा में उड़ गया जिस से इन की गोलिया सामने खड़े आतंकवादी को लगने लगी ऐसे hi ये अपने hi आदमियों को मर दिए पूरी वादियों में गोलियों की आवाजे गूंज रही थी .
मई वापस निचे आया और अपनी अपनी तलवार को हवा में hi घुमाया तो उसमे से उसमे से लेज़र बीम निकली जिससे सामने खड़े आतंकवादी दो हिस्से में कटने लगे यह तक की गन भी बिच में आयी वो भी दो टुकड़ो में काट गए.
बचे हुए आतंकवादी मुझ पर बम से हुम्ला करने लगे तो मैंने तुरंत hi एक शील्ड बना ली जो मेरी सुरक्छा क्र सके अब उनके बम्ब का भी मुझ पर कोई असर नहीं हो रहा था गोलिये भी मेरे शील्ड से टकराकर निचे गिर रही थी.
अब मई उनलोगो की तरफ भगा और जो भी मेरे पास आता गया मई उनलोगो को गाजर मूली की तरह काटने लगा.
रात होने के कारन गोलियों, बम और आतंकवादी की चीखने की आवाज दूर दूर तक जा रही थी चारो तरफ धुआँ और चीख पुकार मची हुई थी.
गोलियों और बम की आवाज ब्सफ़ वालो तक भी पहुंच गयी थी वो भी अपनी एक सेना की टुकड़ी लेकर इसी तरफ hi आ रहे थे मई सभी आतंकवादियों को ढूंढ ढूंढ क्र मर रहा था न जाने कितने आतंकी अब तक मर चुके थे जब की जो बचे हुए थे वो अपांग हो चुके थे किसी के हाथ कटे हुए थे तो किसी के पेअर और भी अंग काट हुए थे कई तो ऐसे भीषण नरसंहार देख क्र भागने भी लगे थे कुछ देर में ब्सफ़ वाले भी पहुंच गए तब तक मेरे काम हो चूका था वो मुझे देख रहे थे टोर्च की रोशनी में लेकिन जैसे hi उधर धुआँ उठा उसी के साथ hi मई वह से निकल गया और पहुंच गया रम्भा और सोनम के पास फिर उन दोनों को लेकर उड़ गया अपने होटल की तरफ जहा पर हम रुके हुए थे.
मई उसे दिखने के लिए एक तरफ चला गया फिर जब वो वह से हटा तब मई दूसरे टेंटो को देखने क्र लिए जा hi रहा था की मुझे कुछ आवाज सुनाई दी तो मई उस आवाज का पीछा करते हुए एक टेंट के पास गया ,पास से ये आवाज किसकी है ये मुझे पहचानते हुए जरा सी भी देर नहीं लगी क्यों की ये आवाज मेरी पायरी छोटी बहन सोनम की थी मई टेंट के अंदर झक क्र देखा तो एक आतंकवादी जो सायद इन लोगो का लीडर लग रहा था वो सोनम से बात क्र रहा था .
लीडर : देखो तुम मान जाओ तुम एक अच्छी फाइटर को अगर तुम हमारे साथ मिल जाओ तो हम तुम्हारी फॅमिली को छोड़ देंगे.
सोनम : नहीं कभी नहीं मई तुम्हारा साथ देकर अपने देश से गद्दारी कभी नहीं करुँगी चाहे मई मर क्यों न जाऊ .
लीडर : देखो मई आखरी बार बोल रहा हु मन जाओ नहीं तो बहुत hi बुरा हो सकता है तुम लोगो के साथ वैसे भी कल 15 अगस्त है और कल hi हम हुम्ला करेंगे.
तभी मई टेंट के अंदर चला गया
मई : जनाब जब वो आपका साथ नहीं देना चाहती तो क्यों दबाव दाल रहे है आप.
लीडर : कोण हो तुम और तुम्हे अंदर आने को किसने खा .
अभी वो कुछ क्र पता मैंने अपनी तलवार निकली और उसका सर धड़ से अलग क्र दिया.
ये देख क्र सोनम भी डॉ गयी जब मई उसके पास जाने लगा तो दर रही थी.
मई : ड्रॉ मत मेरी जान मई हु आपका टाइगर.
ये बोल क्र मैंने अपने चेहरे से नकाब हटाया , मुझे देखते hi सोनम की खुसी का ठिकाना hi नहीं था.
सोनम : भाई तुम आ गए मई जानती थी की तुम हमे बचने जरूर आओगे.
वो आकर मेरे गले से लग गयी फिर मैंने उसे बाकि सब के बारे में पूछा तो उसने बताया की उनलोगो को किसी दूसरे टेंट में रहा है .
मैंने उस आतंकवादी को व्ही छिपा दिया और सोनम व्ही रुकने को खा ोरमे निकल गया बहार दूसरे टेंटो में ढूंढने वो सभी भी मुझे एक टेंट में मिल गए .
अब इन सब को ऐसे hi बहार तो नहीं निकल सकता था इस लिए मैंने अँधेरा होने का इंतजार किया वो आतंकवादी भी अपने लीडर को ढूंढ रहे थे फिर जब अँधेरा हुआ तो मैंने सोनम को छोड़ क्र बाकि सब होटल पंहुचा दिया क्योकि सोनम दूसरे टेंट में थी, उनलोगो को होटल में छोड़ क्र मई रम्भा को अपने साथ ले लिया और वापस आतंकवादियों के टेंटो में ,और सीधा गया सोनम के पास रम्भा को देख क्र सोनम में उसके बारे में पूछा तो मई कह दिया की इसे भी अपनी छोटी बहन hi समझो.
लेकिन एक आतंकवादी ने हमे देख लिया और बहार चिल्लाने लगा मई तुरंत टेंट के पीछे हिस्से को फाड् क्र सब को बहार निकल दिया और कुछ दुरी पर जाकर रम्भा को सोनम के पास रुकने को खा .
इधर जैसे hi हम टेंट से बहार निकले सामने से कुछ आतंकवादी अँधा धुन गोलिया चलते हुए टेंट के अंदर दाखिल हुए और इधर उधर चेक करने लगे तब उन्हें अपने लीडर की लास मिल गयी वो लोग और भी आग बबूला हो गए पुरे काफिले में हलचल मच गयी सभी लोग अपने हाथो में बन्दुक लेकर इधर उधर दौड़ थे थे .
सोनम और रम्भा को सुरक्छित जगह पर छोड़ क्र मई वापस आतंकवादियों के काफिले के पास वापस आया , मई सीधा उड़ते हुए जाकर उनके बिच में hi खड़ा हो गया.
सरे आतंकवादी मुझे घेर क्र खड़े हो गए .
एक आतंकवादी : यही है वो जिसने हमारे कमांडर को मारा है मारो इसे भुञ्ज डालो गोलियों से .
मई बिच में था मुझे घेर क्र ये लोग गोलिया बरसाने लगे मई ऊपर हवा में उड़ गया जिस से इन की गोलिया सामने खड़े आतंकवादी को लगने लगी ऐसे hi ये अपने hi आदमियों को मर दिए पूरी वादियों में गोलियों की आवाजे गूंज रही थी .
मई वापस निचे आया और अपनी अपनी तलवार को हवा में hi घुमाया तो उसमे से उसमे से लेज़र बीम निकली जिससे सामने खड़े आतंकवादी दो हिस्से में कटने लगे यह तक की गन भी बिच में आयी वो भी दो टुकड़ो में काट गए.
बचे हुए आतंकवादी मुझ पर बम से हुम्ला करने लगे तो मैंने तुरंत hi एक शील्ड बना ली जो मेरी सुरक्छा क्र सके अब उनके बम्ब का भी मुझ पर कोई असर नहीं हो रहा था गोलिये भी मेरे शील्ड से टकराकर निचे गिर रही थी.
अब मई उनलोगो की तरफ भगा और जो भी मेरे पास आता गया मई उनलोगो को गाजर मूली की तरह काटने लगा.
रात होने के कारन गोलियों, बम और आतंकवादी की चीखने की आवाज दूर दूर तक जा रही थी चारो तरफ धुआँ और चीख पुकार मची हुई थी.
गोलियों और बम की आवाज ब्सफ़ वालो तक भी पहुंच गयी थी वो भी अपनी एक सेना की टुकड़ी लेकर इसी तरफ hi आ रहे थे मई सभी आतंकवादियों को ढूंढ ढूंढ क्र मर रहा था न जाने कितने आतंकी अब तक मर चुके थे जब की जो बचे हुए थे वो अपांग हो चुके थे किसी के हाथ कटे हुए थे तो किसी के पेअर और भी अंग काट हुए थे कई तो ऐसे भीषण नरसंहार देख क्र भागने भी लगे थे कुछ देर में ब्सफ़ वाले भी पहुंच गए तब तक मेरे काम हो चूका था वो मुझे देख रहे थे टोर्च की रोशनी में लेकिन जैसे hi उधर धुआँ उठा उसी के साथ hi मई वह से निकल गया और पहुंच गया रम्भा और सोनम के पास फिर उन दोनों को लेकर उड़ गया अपने होटल की तरफ जहा पर हम रुके हुए थे.