Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed) - Page 7 - SexBaba
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Jaisa bhi hai mera bhai hai (Completed)

अपडेट _ 56

काजल की नींद सुबह hi खुल गयी काजल जब उठी तो नैना को देख कर काजल के चेहरे पर मुस्कान आ गयी क्यू की नैना अभी बिलकुल नंगी थी आवर नैना चित होकर सो रही थी नैना की चुकी बिलकुल टाइट थे आवर नैना की छूट पर अभी भी रास लगा हुवा था जो नैना के छूट के छोटे छोटे बल पर लगे थे काजल उठ कर नैना के ऊपर बेसित दाल कर बाथरूम मैं चली गयी फिर काजल फ्रेश होकर बाथरूम से निकल कर रूम मैं आ गयी काजल रूम मैं आकर ट्राउजर पहन लिया ट्राउजर भी ऐसा था के वह काजल के पेअर से लेकर काजल के गांड तक चिपक गया जो उसमे काजल का गांड पीछे से पूरा पता चल रहा था फिर काजल टीशर्ट पहन लिया अभी काजल अंदर से कुछ भी नहीं पहनी थी नहीं hi पेंटी पहनी थी न hi ब्रा अभी ठीक से सुबह भी नहीं हुवा था तो काजल रूम से निकल घर के छत पर चल दी काजल छत पर जाकर एक्सरसाइज करने लगी अभी सुबह ठीक से नहीं हुवा था तो काजल को समझ मैं नहीं आया के जहा काजल एक्सरसाइज कर रही है वही थोड़ी दूर पर कोई सो रहा है काजल 20 मिनट तक एक्सरसाइज करती रही काजल जब एक्सरसाइज करते हुवे घड़ी बानी तो काजल को एक लड़के पर नज़र पड़ी जो वह लड़का काजल की गांड को एक तक देख रहा था काजल भी लड़के को उसी तरह दोनों पेअर के बिच से उसे अपनी गांड को देखते देख कर सरम से काजल दिल धक् धक् करने लगा फिर काजल जल्दी से कड़ी होकर कर उस लड़के के पास चली गयी जब लड़का काजल को अपनी तरफ आते देखा तो उसने अपनी आँखे बंद कर लिया

काजल : कारन तुम कब आये यह आवर तू ऊपर क्यू सो रहा है फिर काजल एक जगह देख कर शर्मा गयी बाप रे ये क्या है काजल मन मैं hi सोची काजल उस जगह देख कर काजल के छूट मैं एक हलचल सी हुयी

मगर कारन कुछ बोल नहीं रहा था कारन ने अपनी आँखे थोड़ी से खोल कर देखा तो पाया उसकी काजल दीदी उसके लैंड को एक तक देख रही है जो कारन ने अपने दोनों पेअर मोड लिया तो काजल होस मैं आई आवर अपनी नज़र कारन के लैंड से हटा लिया

काजल : कारन बोल क्यू नहीं रहा है देख मैं जानती हुईं तू सोया जाहि है जब कारन कुछ नहीं बोलै तो काजल ने कारन को पकड़ कर उठा दिया जो कारन ने अपना आँखे कॉल दिया आवर अपने हाँथ से आँख को मलने लगा जैसे अभी जगा हो

कारन : गुड मॉर्निंग दीदी

कारन इतना बोल कर निचे देखने लगा तभी कारन का नज़र काजल के छूट पर पड़ी जो काजल के बैठने से उसकी ट्राउजर पर काजल के छूट का चाप नज़र आ रहा था मगर कारन ने जल्दी hi अपनी नज़र काजल के छूट से हटा ली ये मुझे आज क्या हो रहा है ये मेरी दीदी है मैं कैसे िनेह ऐसे देख सकता हुईं कारन ने मन मैं hi सोचा

काजल : काजल गुड मॉर्निंग तू कब आया आवर तुझे अकेले छत पर सोने को किसने कहा

कारन : दीदी मैं अकेले छत पर नहीं सोया था बड़ी माँ बुवा आवर फूफा भी थे हम यह देर रात को आये तो बड़ी माँ ने बिस्टेर ऊपर hi लगा दी थी

कारन की नज़र इस बार काजल के सीने पर पड़ी जो काजल के कसरत काने से काजल के सीने पर पसीने होने से काजल की टीशर्ट भींग गया था जो काजल की चुकी साफ नज़र आ रहा था कारन अभी देख hi रहा था के उसपे काजल की नज़र गयी जब काजल कारन के नज़र की पीछा किया तो अपने सीने को देख कर सहम गयी आवर कड़ी होकर जाने लगी लेकिन फिर रुक कर कारन के साथ उसके बिस्तर मैं बैठ गयी मैं भी न कितनी पागल हुईं जो आज ब्रा पेंटी नहीं पहनी जो कारन बार बार मेरे जिस्म को देख रहा है कारन क्या सोच रहा होगा मेरे बारे मैं काजल ने मन मैं सोची काजल को अच्छा तो लग रहा था के कारन उसके जिस्म को देख रहा है मगर काजल अभी शर्मा रही थी

काजल : ठीक है भाई तू निचे जाकर फ्रेश हो मैं ये बिस्टेर लेकर आ रही हुईं अब कारन बिस्टेर मैं से निकलने मैं दर रहा था क्यू के कारन के नागराज फुफकार मर रहे था काजल के बड़ी बड़ी दो चुकी देख कर जो अभी भी कारन का नज़र बार बार जा रहा था जा न क्या सोच रहा है जब कारन नहीं उठा तो काजल ने कहा अब कारन को तो बिस्टेर से निकला hi पड़ा कारन धीरे से बिस्टेर से निकल कर चल दिया कारन के जाते hi काजल ने अपना हाँथ अपने दिल पर रख लिया बाप रे कितना बड़ा है कारन का वह मैं तो मर जाउंगी इस मैं तो मेरी ये ऊँगली भी नहीं जा पता है फिर वह कैसे जायेगा काजल अपना हाँथ अपनी छूट पर रख कर धीरे से बुदबुदाई काजल सोच सोच के आवर गर्म हो गई थी जो काजल के छूट ने कारन के लैंड के बारे मैं सोच कर hi रोने लगी थी जो काजल का सरीर गंगना गया था आवर काजल की छूट ने काजल की ट्राउजर को पूरी तरह भिनगा दिया था काजल बिस्टेर उठा कर तेज़ी मैं छत से निचे उतर गयी काजल बिस्टेर को अपने छूट के आगे लेकर चल रही थी टेक उसके ट्राउजर पे किसी की नज़र न पड़े काजल बिस्टेर रख कर अपने रूम मैं चली गयी आआह बच गयी जो किसी ने नहीं देखा काजल रूम मन जाने के बाद एक ाः लेते हुआ सोचा

******************************************* इधर रागनी 9 ऍम के करीब कारन के घर की बेल बजे जो शांति ने गेट खोला अरे तुम इतनी सुबह यह कैसे जब शांति ने गेट पर रागनी को देखा तो आश्चर्य से कहा

रागनी : दीदी मुझे बाबा ने भेजा है क्या मैं अंदर आ सकती हुईं रागनी के कहने पर शांति ने गेट से हैट गयी

शांति : है मुझे मांफ कर दो तुमेह इतनी सुबह देख कर थोड़ी हैरानी हुयी तुम अंदर आ जाओ शांति रागनी को लेकर घर के अंदर आ गयी फिर शांति ने रागनी के लिए कॉफ़ी दी पिने को

दीदी नैना बेटी कहा है रागनी कॉफ़ी पिटे हुवे आवर रूम मैं चारो तरफ देखते हुवे कहा

शांति : नैना तो तो दीदी के साथ उनके माँ के घर गयी है " है बाबा जी ने तुमेह यह किस लिए भेजा है सब ठीक तो है न तुम नैना को क्यू पूछ रही हो शांति को हैरानी हुयी के ये नैना को hi क्यू पूछ रही है

रागनी : है है सब ठीक है मुझे बाबा ने एक तावीज दिया है जो नैना को hi देने को कहा है मैं इस लिए पूछा बाकि सब ठीक है बाबा ने आवर कुछ बताया नहीं बस देने को कहा है

गुड़िया तो क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स इस गाओ गयी है बड़ी माँ के साथ पायल ने कहा जो दिंनिंग टेबल पर नास्ता का पैलेट लगा रही थी

शांति : गुड़िया तो अभी यह नहीं है तुम वह तावीज मुझे दे दो मैं उसके आने के बाद मैं बांध दूंगी " आवर चलो नास्ता करते है पायल बेटी ने नास्ता लगा दिया है

रागनी ने भी अपने पल्लू से तावीज निकल कर शांति को दे दिया अभी यह रागनी को नैना नहीं मिली मगर रागनी को पता चल गया के नैना इस गाँव मैं है तो रागनी वह जाने का मन बना लिया

रागनी : दीदी अब मैं चलती हुईं मुझे अभी कही आवर जाना है रागनी ने नास्ता करने के बाद कहा लेकिन रागनी की आँखे पायल को hi देख रही थी

शांति : अरे अभी तो आई हो आज एहि पे रुक जाओ कल चली जाना

है आंटी माँ सही कह रही है आज आप रुक जाइये कल चली जाना पायल अपनी माँ के है मैं है मिलते हुवे कहा पायल के कहने पर रागनी का दिल किया के रुक जाइये मगर रागनी नहीं रुकी रागनी को पायल गेट तक छोड़ने आई गेट के बहार निकलने के पहले रागनी ने पायल को अपने सीने से लगा लिया जो रागनी के आँख नाम हो गयी ख़ुशी के मरे मगर रागनी ने तुरंत अपनी ांसो पूछ भी लिया टेक पायल देख न सके फिर रागनी वह से निकल गयी कितना सकूँ मिला मुझे आंटी के गले लगने पर बिलकुल माँ की तरह मुझे अहसास हुवे जैसे मैं अपनी माँ {शांति} की गले लगी हुईं पायल ने सोचा आवर पायल का चेहरा पर मुस्कान आ गयी

अरे आज मेरी छोटी बहन बहुत खुस लग रही है क्या बात है मुझे भी बताओ मैं भी तुम्हारी खुसी मैं शामिल हो जाउंगी जब पायल गीता के रूम मैं गयी तो उसके चेहरे पर अभी भी मुस्कान थी तो गीता ने पायल की मुस्कान देख कर कहा

पायल : दीदी आप को याद है न जो आंटी बाबा के साथ आई थी आप को हॉस्पिटल मैं देखने के लिए

गीता : है छोटी मगर मैं उस आंटी की चेहरा देख नहीं पाई थी " है तो क्या किया उस आंटी ने जो मेरी छोटी बहन इतना मुस्कुरा रही है

पायल : दीदी आप को यकीन नहीं होगा आज वह आंटी घर आई थी उनेह बाबा जी ने भेजा था जब वह आंटी जाने लगी तो उन्होंने ने मुझे गले लगाया आप को पता है आंटी के गले लगने से मुझे लगा मैं अपनी माँ {शांति} की गले लगी हुईं दीदी मुझे अभी भी अंदर से बहुत खुसी महसूस हो रही है

गीता : छोटी तू कही मजाक तो नहीं कर रही है के आंटी के गले लगने पर तुझे इतनी खुसी हो रही है

पायल : नहीं दीदी मैं सच कह रही हुईं मैं आप से भला ऐसी मजाक कर सकती हुईं क्या

ठीक है छोटी मेरे लिए एक कॉफ़ी लेकर आओ जो पायल रूम मैं से चली गयी गीता अपने फ़ोन से अपने घर की कक टीवी चेक कर के उस आंटी की फोटो निकल लिया आवर वह शीतल को भेज दी जो थोड़ी hi देर मैं शीतल ने गीता को फ़ोन किया

गीता : शीतल मैंने जो फोटो तुमेह भेजा है उस आंटी के बारे मैं मुझे फुल इनफार्मेशन चाहिए शीतल प्लीज ज़रा जल्दी पता लगाना

ठीक है गीता तुम टेंशन मत ले मैं जल्द hi पता लगा कर तुझे बता देती हुईं
 
:थैंक्स: सभी भाई

है भाई काजल ने सुबह सुबह hi करें को अपनी जवानी दिखा दी मगर काजल को पता नहीं था के कारन छत पे सोया है

रागनी के गले लगने से पायल को अपनी माँ के जैसा अहसास हुवा तो पायल कुश थी आवर अपनी कृषि गीता को बता दी मगर को जानना है के ये रागनी कौन है जो पायल उसके गले लगने से इतनी खुस थी यही गीता को पता करना है

अब आगे देखते है भाई रागनी नैना से कैसे मिलती है
 
अपडेट _ 57

कारन जब बाथरूम से फ्रेश होकर निकला तो सामने देख कर कारन वही बाथरूम के गेट पर hi खड़ा हो गया आवर एक तक सामने वाली औरत को एक तक देखने लगा कारन का पूरा सरीर हिल गया था अभी औरत का चेहरा दूसरी तरफ था आवर औरत की गांड ठीक कारन के नज़रो के सामने था औरत की बड़ी सी गांड वह भी पेंटी मैं आवर औरत पेटीकोट हाँथ मैं लेकर पहन रही थी शीशे के सामने तभी औरत की नज़र कारन पे पड़ी आवर ोुरत के कारन को देख कर चौक गयी आवर उसके मुंह से निकला कारन बीटा तुम आवर जल्दी से बीएड से बेडसीट उठा कर अपने गदराया हुवा मखमली जिसम पर दाल कर धक् लिया कारन भी ोुरत की आवाज़ सून कर फिर से बाथरूम मैं चला गया कारन बीटा अब तुम आ सकते हो ोुरत ने कपडे पहने के बाद आवाज़ दी आवर ोुरत कमरे से निकल गयी कारन को जब गेट कूलने आवर बंद होने की आवाज़ आई तो कारन बाथरूम से निकल कर रूम मैं आया कारन अभी भी सौक मैं था आवर कारन का लैंड भी बार बार खड़ा हो रहा था ोुरत की जिसम को सोच सोच कर आवर वह ोुरत की बड़ी बहार निकली गांड कारन सामने आ रहा था कारन कपडे पहन कर घर से बहार निकल तो सामने से एक ोुरत कारन के तरफ आती दिखी जो कारन ने एक नज़र उस ोुरत को देखा फिर निचे देखने लगा तब तक वह ोुरत कारन के पास आ गयी कारन कहा जा रहा है चल मैं तेरे लिए नास्ता ले हुईं पहले नास्ता कर ले ोुरत ने कहा

आवर फिर ोुरत रूम मैं चली गयी पीछे से कारन भी चला गया अभी ोुरत एक गोल्ड रंग के साड़ी मैं थी जो खूबसूरत के साथ एक कामुक ोुरत लग रही थी मगर अभी कारन अपना सर निचे hi किया हुवे जाकर बीएड पर बैठ गया

कारन : बड़ी माँ सॉरी मुझे नहीं पता था आप रूम मैं है मुझे मनाफ़ कर दीजिये कारन को अभी सर्मिंदगी महसूस हो रहा था क्यू के जिस ोुरत को कारन ने उस हालत मैं देखा था वह आवर कोई नहीं माया थी

माया : कोई बात नहीं कारन वह अनजाने मैं हुवा आवर मुझे भी नहीं पता था तू बाथरूम मैं है वर्ण मैं बाथरूम का भी गेट बंद कर देती चल तुझे शर्मिदा होने की कोई ज़रूरत नहीं है मैं तुझसे नाराज़ नहीं हुईं चल नास्ता कर

मगर कारन अभी भी निचे hi देख रहा था जब कारन ने अपना सर नहीं उठाया तो माया ने कारन के दोनों गाल पे हाँथ रख कर कारन का सर उठाया तो माया का दिल तडप उठा आवर माया ने कारन का मुंह अपनी बड़ी बड़ी चूंकि के बिच मैं दबा कर कारन के सर पर हाँथ फेरने लगी क्यू के अभी कारन के आँखे नम थी

माया : क्या हुवा मेरा राजा बीटा को मैं बोल रही हुईं न मैं नाराज़ नहीं हुईं तुझे पता है जब तू छोटा था तो मैं तुझे अपने साथ नहाने लेकर जाती थी आवर बाथरूम मैं तेरे साथ मैं भी नानाजी होकर नहाती थी उस वकत तो तू छोटा था मगर अब भी तू मेरे लिए वही छोटा मेरा कारन बीटा है आवर अभी तो तूने मुझे कपडे मैं देखा था अगर तू मुझे नंगी भी देख लेता तो मैं तुझसे नाराज़ नहीं होती एक तू hi तो है हम सब का सहारा जिसे मैं शांति माँ जी आवर तेरी सभी दीदी आवर गुड़िया देख कर जी रही है माया की भी आँखों मैं पानी आ गया था माया का दिल तडप गया था कारन के आँखे नम देख कर जब कारन के गर्दन पर माया के ांसो गिरा तो कारन झटके मैं माया से अलग होकर माया को देखा मगर माया के चेहरे पर फीकी मुस्कान थी कारन के देखने से पहले hi माया ने अपने ांसो पल्लू से पॉच लिया था

कारन : बड़ी माँ मैं आप का अच्छा बीटा नहीं हुईं न जो आप को रोला दिया आवर कारन माया को देखने लगा

मगर माया के चेहरे पर अभी जो फीकी मुस्कान थी वह अब हसी मैं बदल गयी कौन कह रहा है तू मेरा अच्छा बीटा नहीं तू तो मेरा बहुत अच्छा बीटा है आवर कारन के माथे को माया ने चुम लिया

तो हम आप की अच्छी बेटी नहीं है क्या काजल कोमल आवर नैना एक साथ कहा जो सामने कड़ी थी अपने हाथ मैं नास्ते के साथ फिर सभी वही बीएड पर बैठ कर नास्ता करने लगे मगर कारन को दो चार आँखे बार बार देख रही थी दो आँखे तो शर्मा शर्मा कर देख रही थी आवर मुस्कुरा भी रही थी मगर दो आँखे नाराज़गी से देख रही थी जब कारन की नज़र पड़ा तो कारन माया को इसरा किया इसे क्या हुवा है

माया : मुझे नहीं पता तू खुद hi पूछ ले माया ने रूठने वाली आवाज़ मैं कहा आवर नैना को देखने लगी आवर नैना को इसरा किया के मैं अपनी गुड़िया के साथ हुईं जो नैना कुश हो गयी

कारन : कोमल दीदी देखिये न गुड़िया कैसी कैसी चेहरे से मुझे डरा रही है लगता है गुड़िया कुश नहीं है मेरे यह आने पर मैं नास्ता कर के hi निकल जाऊंगा

इतना सुन्ना था के नैना अपनी जगह से उठ कर कारन के बेग से सरे कपडे निकल कर फेकने लगी अब आप जाकर देखिये सरे कपडे फेकने के बाद नैना ने अपनी ऊँगली नाक पर रख कर कहा आवर माया के पास आ कर बैठ गयी नैना की ऐसी हरकत देख कर सभी मुस्कुरा रहे था कारन भी निचे देख कर है रहा था

कारन : गुड़िया ये क्या किया तुमने सरे कपड़ ऐसे क्यू फेक दिया अब सरे कपड़ गंदे हो जायेगा तो तुझे hi धोना पड़ेगा " आवर तुम मुझसे गुस्सा क्यू हो

आवर कारन के मुंह से अअअअअ निकल गयी जो नैना पहले उठ कर कारन के पास भागी

नैना : कारन भैया क्या हुवा देखे मुझे आवर कारन के ऊँगली को नैना अपनी मुंह मैं लेकर चूसने लगी जैसे नैना अभी लैंड चूस रही हो मगर अभी नैना कारन के ऊँगली का खून चूस रही थी आवर नैना के आँख मैं ांसो अस गए थे कुछ देर मैं कारन का खून रुक गया नैना के चूसने पर तो कारन ने नैना के मुंह से ऊँगली निकल लिया

कारन को अचानक hi बीएड पर कुछ गड़े गया था कारन ने फिर देखा तो वह पिन था

नैना : पता नहीं किस पागल ने ये पिन यह पर फेक दिया है जो मेरे भैया को चुभ गया अगर ये पिन किसका है मुझे पता चला तो मैं भी उसे चुभा दूंगी

नैना की बात सुन कर कारन माया की तरफ देखने लगा जो माया कारन से इसरा कर रही थी के वह नैना को न बताये नहीं तो ये मुझे सच मैं चुभा देगी " क्यू की वह पर पिन माया ने hi रखा था जल्दी बाज़ी मैं लगाना भूल गयी थी

नैना : भाई आप को दर्द तो नहीं हो रहा है न लाइए फिर से चूस देती हुईं

कोमल : गुड़िया तू तो अभी कारन से गुस्सा थी न अभी

नैना : है मगर अब नहीं हुईं देखा नहीं आप ने भाई के उंगली से खून बाह रहा था आवर कैसे कारन भाई को दर्द हुवा था मैं भैया को दर्द मैं नहीं देख सकती हुईं

माया : ठीक है चलो अब जल्दी से नास्ता ख़तम करो फिर बाटे करते रहना माया के कहने पर नास्ता करने लगी

**************************************** hello आप कहा हो अभी घर आइये रम्य ने कहा परेम से जो परेशान थी

परेम : hello रम्य हुवा क्या है आवर तुम इतनी क्यू परेशान हो बताओ जल्दी मुझे मैं अभी हॉस्पिटल मैं hi हुईं

रम्य : मुस्कान रोज़ तो ड्राइवर के साथ जाकर गाड़ी शिख कर साथ hi आती थी मगर आज ड्राइवर अकेले घर आया है बोल रहा है मुस्कान ने ड्राइवर को धक्का देकर गाड़ी लेकर भाग गयी पता नहीं कहा गयी होगी अकेले उसे अभी ठीक से गाड़ी भी चलने नहीं आती है आवर मैं कब से उसे फ़ोन लगा रही हुईं जो मुस्कान उठा नहीं रही है कही कुछ हो गया तो मुस्कान को मेरा दिल बहुत घबरा रहा है आप जल्दी से घर आ जाइये

परेम : ठीक है तुम परेशान मत हो मैं अभी कुछ करता हुईं तुम मुस्कान को फ़ोन करती रहो सायद फ़ोन उठा ले

मुस्कान गाड़ी लेकर वह सहर से बहार निकल रही थी के आगे एक ोुरत को देख कर गाड़ी रुक दी मुस्कान अभी कारन के पास जा रही थी मुस्कान पायल से बात कर रही थी तो पता चला कारन गीता दीदी के नानी के घर गया है तो मुस्कान ने पायल से पूरी जानकारी ले ली आवर फिर ड्राइवर को कुछ पैसे देकर जाने को कहा आवर फिर मुस्कान ने ड्राइवर को बोल दिया अगर कोई पूछे तो बोल देना मैं तुझसे गाड़ी लेकर भाग गयी

आंटी कहा जाना है आप को मुस्कान ने गाड़ी के शीशे निचे कर के उस ोुरत से पूछा जो मुस्कान के गाड़ी के सामने आ गयी थी " मगर वह ोुरत मुस्कान को देख कर खो गयी थी वह ोुरत बस एक तक मुस्कान को hi देखे जा रही थी फिर ोुरत ने अपने हाँथ से अपने आप को चुटी कटा जो ोुरत को दर्द हुवा ये भरम नहीं है ये तो वही है ोुरत के मुंह से निकला

मुस्कान : क्या कहा आंटी आप ने कौन हुईं मैं मुस्कान को थोड़ा अजीब लगा के ये आंटी मुझे कैसे जानती है

ोुरत : नहीं बेटी मैं कुछ सोच रही थी बस मुंह से निकल गया क्या बेटी तुम मुझे लिफ्ट दे सकती हो मेरे पास पैसे भी नहीं है जाने के लिए

मुस्कान : ठीक है आंटी आप मेरे साथ बैठ जाइये वैसे आंटी जाना कहा है आप को तिलक पुअर ोुरत ने कहा कायययय ोुरत की बात सून कर मुस्कान चौक पड़ी
 
:थैंक्स: सभी भाई

सही कहा भाई कारन का सुबह से hi गदराया हुवा जिसम को देख रहा था पहले काजल का फिर माया का

आएसा लगता है कारन के बिना मुस्कान का दिल कही लग hi नहीं रहा है जो कारन से मिलने इतनी दूर तक जा रही है

है भाई सायद आप सही हो ये ोुरत रागनी हो सकती है जो मुस्कान को देख कर चौक गयी थी देखते है भाई कौन है आवर आगे क्या होता है

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अपडेट 58

ोुरत गाड़ी के आगे hi बैठ गयी मुस्कान के बगल मैं आवर ोुरत बस मुस्कान को hi देख रही थी बिलकुल ये राजकुमारी की तरह लग रही है लगता है माता रानी एहि चाहती थी के इस जनम मैं हनी सब मिले ोुरत ने मुस्कान को देखते हुवे सोचा

मुस्कान : आंटी आप तिलक पुअर किध लिए जा रही हो कही आप का वह घर तो नहीं है

ोुरत : नहीं बेटी मैं वह किसी से मिलने जा रही हुईं "बेटी तुम मेरी बात को बुरा मत मन्ना बेटी तुम बहुत खूबसूरत हो तुम्हारा नाम क्या है

मुस्कान : थैंक्स आंटी इसमें बुरा मन्नेर की क्या बात है आप ने कुछ गलत नहीं कहा है " बस उस बुद्धू कारन को छोड़े कर मैं सभी को खूबसूरत दिखती हुईं मुस्कान बुदबुदाई जो ोुरत ने सुन लिया

ोुरत : क्या कहा बेटी मैंने ठीक से सुना नहीं

मुस्कान : कुछ नहीं आंटी मेरा न मुस्कान है आंटी आप भी बहुत खूबसूरत हो वैसे आंटी आप वह अकेली क्यू जा रही है किसी को साथ ले लेती अपने बीटा या ौंकल को

मुस्कान की बात सुन कर ोुरत के आँख भर आई मगर ोुरत ने मुस्कान को देखने से अपने ांसो पॉच लिए

ोुरत : मुस्कान बेटी मेरी बीटा बेटी है तो सही मगर अभी वह सब मेरे साथ नहीं रहते मैं अभी अकेली hi रहती हुईं मेरा पति एक गुंडा था जिसे मैंने छोड़े दिया

मुस्कान : आंटी मैं कुछ समझी नहीं आप के बीटा बेटी साथ नहीं रहते तो क्या आप ने अपने बच्चो को उस गुंडे के पास छोड़े दिया आवर आंटी आप के बच्चे तो अभी छोटे होंगे तो आप उनेह अपने पास क्यू नहीं रख लिया

मुस्कान के बात सुन कर ोुरत को अहसास होवा के उसने गलती करदी बता कर के उसके बच्चे है जो साथ नहीं रहते

ोुरत : बेटी वह मेरे बच्चे मेरी माँ के पास रहते है ोुरत ने मुस्कान से झूट बोल दिया क्यू के उस ोुरत के कोई बच्चे थे hi नहीं

मुस्कान : है फिर ठीक है आंटी वैसे आंटी आप का नाम क्या है

ोुरत : बेटी मेरा नाम रागनी है

****************************************** इधर सहर से कुछ दूर एक गाओ मैं एक गाड़ी मैं से कोई 4 से 5 लोग उतरे जो सभी काळा काळा छोत पेंट मैं थे आवर तै भी लगाए हुवे थे देखने से किसी ओल्ड माफिया के गुंडे लग रहे थे सभी उतर कर सीधे गाँव मैं जाकर हर किसी से एक फोटो दिखा कर पूछ रहे थे मगर कोई गाँव वाला नहीं बता रहे थे तो वह गुंडे उनको को धक्का दे कर गिरा देते थे पूरा गाँव घूमने के बाद वह लोग गाड़ी मैं बैठ कर सहर की तरफ निकल गए

यार रोनी हम कितने महीने से भटक रहे है वह अभी तक हमेह नहीं मिली आखिर मेडम गई कहा अगर हम बीने उनके हवेली गए तो मालिक हम सब को जान से मार देंगे गाड़ी मैं बैठा एक गुंडे ने अपनी साथी से कहा सही कहा रॉकी भाई साला न ठीक से खा पते है न ठीक से सो पते है साला 2 से 3 महीने से भटक रहे है कुत्ते की तरह दूसरे गुंडे ने कहा

ये लोग कई महीनो से एक फोटो लेकर घूम रहे है जो एक ोुरत की फोटो है ये अब तक कितने गाँव सहर मैं ोुरत को धुंध चुके है मगर वह ोुरत िनेह कही नहीं मिली अब तक

*********************************************** अब मेरी गीता बेटी कैसी है आवर मेरी बेटी क्या देख रही है मुझे भी देखना है शांति जब रूम मैं आई तो देखा गीता मोबाईल मैं कुछ देख रही थी तो पूछा गीता ने जल्दी से फ़ोन लॉक कर के बीएड पर उठा कर बैठ गयी

गीता : कुछ नहीं छोटी माँ मैं बस यूही बस फ़ोन मैं ऐसे hi देख रही थी छोटी माँ कविता बुवा ठीक तो है न मुझे उनके लिए बहुत दुःख हो रहा है

शांति : है गीता बेटी दुःख तो मुझे भी है कविता के लिए मगर विक्रम की हालत किसने की कही तुमने तो नहीं करवाई गीता बेटी

गीता : नहीं छोटी माँ तो इस रूम से तो बहार जा hi नहीं सकती तो फिर मैं कैसे कर सकती हुईं होगा कोई उसका दुसमन जो सिर्फ उसके दोनों पेअर काट दिया मैं उसके दोनों हाँथ भी काट देती मगर जो भी हो छोटी माँ जिसने विक्रम का पेअर कटा है मैं उसके लिए बहुत खुस हुईं के उसने विक्रम को जान से नहीं मारा अब विक्रम उसी तरह अपने पापो की सजा भुगते गए

शांति : ठीक कहा गीता बेटी चल ठीक है तू अब आराम कर मैं भी देख लेती हुईं तेरी दादी अभी कैसी है

शांति उठ कर जाने लगी तो गीता ने शांति को रोक लिया

गीता : छोटी माँ ऐसी बाते पूछना तो नहीं चाहिए क्यू की आप मेरी माँ हो मगर मुझे जानना है अगर आप बताना चाहो तो नहीं तो आप बिना बताये भी जा सकती है " गीता बोल तो रही थी शांति से मगर अपनी सर निचे की हुयी थी

शांति : क्या पूछना है पूछो अब तुम भी बड़ी हो गयी हो आवर जब बेटी बड़ी हो जाती है तो वह अपनी माँ की दोस्त भी बन जाती है क्या जानना है तुमेह

गीता : छोटी माँ क्या आप अभी ठीक हो या वह कुछ होता है गीता ने नाम तो नहीं लिया मगर अपनी ऊँगली शांति के छूट के ऊपर रख कर पूछा आवर ऊँगली तुरंत हटा भी ली गीता के ऊँगली अपनी छूट के ऊपर रखते वकत शांति सिहर गयी आवर शांति भी पीछे हैट गयी जो शांति के पीछे हट्टे देख गीता शांति को सॉरी सॉरी कहने लगी गीता शर्मिदा भी हो गयी थी गीता बस शांति से शर्मा रही थी अभी यह कोई दूसरी लड़की होती तो गीता उसकी छूट से पानी निकल देती

शांति : कोई बात नहीं गीता बेटी मैं बस ऐसे hi पीछे हैट गयी थी है जब से तुमने वह दवा दी है तब से मुझे अच्छा फील हो रहा है मगर शांति चुप हो गयी

गीता : मगर क्या छोटी माँ बोलिये न कोई प्रॉब्लम तो नहीं है न आप मुझे खुल कर बताइये गीता इस बार शांति को देखते हुवे कहा

शांति : गीता बेटी वह कभी कभी मुझे इतना मन करने लगता है के जहा पर भी रहती हुईं वही इसमें ऊँगली करने को बेचैन हो जाती हुईं मगर ये कभी कभी hi होता है इस बार शांति शर्मा रही थी गीता को बताते हुवे

गीता : ठीक है छोटी माँ फिर कभी हो तो आप मुझे बता दीजियेगा ठीक है आप दादी के पास जाइये मैं अपने दोस्त से बात कर के पता करती हुईं इस आवर कोई इलाज है की नहीं

शांति भी शर्मा रही थी तो वह जल्दी hi गीता की रूम से निकल गयी

है शीतल बड़ी जल्दी फ़ोन कर दी पता चल गया क्या वह आंटी कौन है गीता ने फ़ोन उठा कर कहा

शीतल : गीता तुझे एक बात बताने के लिए फ़ोन किया है अभी एक मेरे साथी ने फ़ोन किया था आवर उसने जो बताया मुझे हैरानी हुयी

गीता : शीतल जयादा पहेली मत भुझे साफ साफ बोल क्या हुवा है क्या बोलै तेरे साथी ने

शीतल : गीता तुमने जिस आंटी की फोटो भेजा मुझे मैं उस फोटो की कॉपी कर के अपने सभी साथी को भेज दिया आंटी के बारे मैं पता करने को " फिर जानती है गीता मेरे साथी ने क्या कहा उस आंटी को कोई आवर भी धुंध रहा है

गीता : शीतल कौन धुंध रहा है बता शीतल कौन धुंध रहा है आंटी को गीता को अंदर से बेचैनी होने लगी के कौन है वह लोग आवर वह उस आंटी को क्यू धुंध रहे है

शीतल : गीता वह जो आंटी को धुंध रहे है वह ब्लैक कोबरा गेंग के आदमी है

गीता : क्या बक रही है शीतल के वह ब्लैक कोबरा गेंग के लोग है शीतल अभी के अभी उन लोग को उठा लो वह लोग hi हमेह आंटी के बारे मैं बता देंगे

शीतल : ठीक है गीता मैं उनेह पकड़ के कॉल करती हुईं मगर एक बात जान ले जब ये बात पता चली के तूने ब्लैक कोबरा गेंग के आदमी को उठाया है तो फिर खून खराबा होगा

गीता : शीतल वह सब मैं संभल लुंगी बस तू उनको अपने कब्जे मैं ले पहले आवर गीता ने फ़ोन रख दिया आखिर ये आंटी है कौन आवर मैं क्यू उनके लिए परेशान हो रही हुईं मगर ब्लैक कोबरा गेंग के लोग आंटी को क्यू धुंध रहे है क्या आंटी कोई मुसीबत मैं है मगर वह तो बाबा के साथ रहती है मुझे बाबा से मिलना होगा गीता अभी परेशान थी आवर अपने आप hi बात काट रही थी
 
अपडेट 59

मालिक मैं कल राजनपुर गया था आप को पता है वह मुझे क्या पता चला है हरिया ने राजेंद्र से कहा जो अभी दोनों खेत पर घूम रहे थे जरिया के बात सुन कर राजेंद्र एक नज़र हरिया को देखा फिर आगे चलने लगे फिर कुछ देर चलने के बाद राजेंद्र ने मुड़े कर देखा तो हरिया वही खड़ा था तो राजेंद्र ने हरिया को अपने पास आने का इशारा किया जो फिर हरिया भाग कर आ गया

राजेंदर : तू वह गया क्यू था तुझे कितनी बार मन किया है तू राजनपुर मत जाया कर वह बहुत खतरा है कही मरी वजा से शमशेर के गुंडे तुझे जान से न मार दे " चल बता वह तुझे क्या पता चला है

हरिया : मालिक आप फिकर न करे मैं राजनपुर मैं रात को गया था मालिक पता है शमशेर शिंघ को पुलिस पाकर कर ले गयी है हरिया की बात सुन कर राजेंद्र हरिया को हैरानी से देखने लगा

राजेंद्र : हरिया क्या तूने सही से देखा है न जिसे पुलिस ने पकड़ा है वह शमशेर hi था आवर शमशेर को पुलिस ने पकड़ा है तो क्यू पकड़ा है तुझे पता चला कुछ वह

हरिया : है मालिक मैंने सुबह अपने दोस्त से पूछा तो उसने बताया के वह बड़े अधिकारी थे जो सहर से आकर अचानक शमशेर के अड्डे पर छपा मार दिए मालिक जानते है उन अधिकारीयों को वह क्या मिला बहुत सारा हतियार आवर कुछ पैक किया हुवा सामान मिला जो मेरा दोस्त बता रहा था वह आता की तरह लग रहा था

राजेंदर : हरिया वह आता नहीं डर्क्स होगा वह बहुत hi ख़राब आवर जान लेने वाला चीज है मगर शमशेर ने डर्क्स यह इस गाँव मैं क्यू लाया था वह सहर मैं भी रख सकता था खैर जो भी हो अच्छा hi हुवा के शमशेर पकड़ा गया ठीक है हरिया मैं घर जा रहा हुईं तू एहि खेत पर hi रहना आवर जिसको भी किसी चीज की ज़रूरत हो दे देना

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आंटी क्या आप को गाड़ी चलने आती है मुस्कान ने रागनी से पूछा " मुस्कान बहुत वकत से गाड़ी चला रही थी जो अब मुस्कान थक गयी थी

रागनी : बेटी मैं चलती तो हुईं मगर कभी वकत से नहीं चलाया गाड़ी को मगर तुम थक गयी हो मुझे लगता है

मुस्कान : है आंटी बस थोड़ी सी थक गयी हुईं आंटी आप ने पहले चलाया है तो आप चला सकती है कोसिस कीजिये

रागनी ने गाड़ी चालू कर के चलने लगी जो सही चला रही थी

मुस्कान : आंटी आप ठीक गाड़ी चला रही है वैसे आंटी आप को पता है न तिलकपुर का रास्ता नहीं तो आप आगे देख सकती है मेरी फ़ोन मैं मैंने जीपीएस लगा रखा है

रागनी : बेटी पता है फिर भी फ़ोन देख कर hi चलती हुईं अब जयादा दूर नहीं है तिलकपुर " रास्ता तो रागनी को मालूम था hi नहीं मगर मुस्कान ने फ़ोन का कहा तो रागनी फ़ोन मैं जीपीएस देख कर गाड़ी चलने लगी

मुस्कान : है आंटी अब हम करीब hi है तिलकपुर के ाऔन्टी आगे देखिये मुस्कान चीख पड़ी जो रागनी ने ब्रेक लगा दी फिर भी गाड़ी से एक लड़की टकरा गयी मगर लड़की को चोट नहीं लगी क्यू के रागनी गाड़ी धीरे hi चला रही थी आवर ब्रेक भी लगा दी तो गाड़ी तुरंत रुक गयी लड़की गाड़ी से टकरा कर वही गाड़ी के आगे गिर गयी मगर लड़की उठ कर गाड़ी के शीशे पीटने लगी आवर लड़की चिल्ला चिल्ला कर बोल भी रही थी जो मुस्कान आवर रागनी को सुनाई नहीं दे रहा था आवर रात होने से लड़की का चेहरा भी ठीक से नहीं दिख रहा था

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बड़ी माँ आप ने कहा था बस थोड़ी दूर hi आप की आंटी का घर है मैं 20 मिनट से गाड़ी चला रहा हुईं मगर मगर अब तक आप की आंटी का घर नहीं आया कारन ने माया से कहा आवर गाड़ी रोक दिया " माया कारन को अपनी आंटी के घर चलने को कहा तो कारन ने जाने से मन कर दिया फिर माया ने कारन चलने को मन ली कह के की मेरी आंटी का घर यह से बस थोड़ी दूर है मगर कारन 20 मिनट से गाड़ी चला रहा था

माया : तू तो मेरा राजा बीटा है न अब मैं सच कह रही हुईं बस थोड़ी दूर है देख जल्दी चल रात भी हो गयी है हमेह वह से आना भी है आवर मुझे नैना की भी फिकर हो रही है

कारन : क्या आप वह नहीं रुकेंगी तब तो मैं अभी आप की आंटी घर पहुंचा दूंगा आवर कारन गाड़ी चालू कर दिया जो घर पास hi मैं था माया गाड़ी से उतर कर घर के बेल बजने लगी कुछ देर के बाद एक लड़की ने औरत ने गेट खोला

अरे माया तुम ोुरत ने माया को देखा तो कहा आवर माया को अंदर लेकर गेट लॉक करने लगी

माया : अनीता अभी गेट लॉक मत कर मेरा बीटा भी आ रहा है गाड़ी लॉक कर के

क्या कारन भी आया है मुझे पहले क्यू नहीं बताया ठीक है तू चल मैं कारन को लेकर आती हुईं ोुरत ने कहा तो माया घर के अंदर चली गयी आवर वह ोुरत गेट पर hi कड़ी हो गयी कारन के लिए जो कारन गाड़ी लॉक कर के गेट पर आया तो उसे एक ोुरत दिखी जो कारन को hi देखे जा रही थी

आंटी क्या देख रही है कारन भी ोुरत के आँखों मैं देखते हुवे कहा कारन के आवाज़ सुन ोुरत को होस आया कुछ नहीं बीटा मैं तुम्ह hi देख रही थी चलो अंदर जो कारन अंदर चला गया कितना हैंडसम है कारन उसे देख कर मेरा जिस्म मैं कुछ हो रहा है ोुरत ने सोचा फिर कारन के पीछे वह भी आ गयी जो कारन अपनी बड़ी माँ के बहाल मैं बैठा था

माया : अनीता तू अकेली है क्या घर पर आंटी आवर तेरी बेटी नहीं दिख रही है घर पर नहीं है क्या

अनीता : माया दीदी माँ जी अपनी माँ के घर गयी है आवर पिंकी अभी हॉस्टल मैं है आवर आप के भाई साहब अभी थोड़ी देर पहले hi खेत पर गए है अनीता बात तो माया से कर रही थी मगर उसकी नज़र कारन पर थी आवर अनीता बात करते हुवे अपने हाँथ बार बार अपने चुकी पर रख रही थी पल्लू हटा कर

माया : ये आंटी ने अच्छा नहीं किया मैं उनेह hi लेने आई थी अनीता चल तुहि अपने कपडे पैक कर ले चलते है

अनीता : दीदी मैं कैसे जा सकती हुईं अभी घर पर भी कोई नहीं है आवर तुम्हारे भैया नहीं है माया दीदी पहले चलिए खाना कहते है सुबह उनके आने के बाद आप उनसे पूछ लेना

माया : अनीता तू बात तो ठीक कह रही है मुकेश भाई अब सुबह hi आएंगे आवर तू बिना उनके कहे जाएगी नहीं आवर माया कारन को मायूसी से देखने लगी के बीटा प्लीज रुक जाते है

कारन : ठीक है आंटी हम रुक जाते है " कारन अपनी बड़ी माँ को देखते हुवे कहा जो माया भी कुश हो गयी फिर 3 ने खाना खाया अनीता ने कारन को एक रूम मैं सोने को कहा आवर माया को अपने कमरे मैं सोने ले कर चली गयी

अनीता माया की आंटी की बहु है अनीता अभी 42 सल्ल की है मगर दिखती 30 की है अनीता का जिसम गदराया हुवा है अभी अनीता चौड़ाई के लिए तड़प रही है क्यू के अनीता 10 सल्ल से चुदाई नहीं है क्यू के इसके पति का एक एक्सीडेंट मैं उसके लैंड पर भी चोट लग गया था तब से अनीता के पति का लैंड खड़ा hi नहीं होता है अनीता अपनी छूट की गर्मी अपनी ऊँगली से hi ठंडा करती है जो ठीक से गर्मी संत नहीं होती है अनीता बहार भी जाकर नहीं छुड़वा सकती है क्यू के उसमे इज़्ज़त जाने का खातर है इस लिए अनीता तड़पती रहती है मगर आज कारन को देख कर अनीता की छूट पानी छोड़ने लगी है

{ माया आवर अनीता दोनों मैं खूब मस्ती चलती है ये दोनों ने कई बार एक दूसरे की छूट चाट कर पानी भी निकला है ये सब अनीता के पति का जब एक्सीडेंट हुवा तब से सुरु हुवा क्यू के अनीता कभी कभी रोटी रहती थी फिर एक दिन माया ने अनीता को देख लिया रट हुवे फिर रोने की वजह पूछा तो अनीता ने बताया के तुम्हारा भाई मुझे अब छोड़ नहीं पता है आवर मेरी ये छूट मुझे बहुत परेशान करती है तो माया ने उस दिन अनीता की छूट की गर्मी साथ की अपनी ऊँगली से फिर जब भी माया यह आती है अनीता की छूट की पूरा पानी निकल देती है}

अनीता तू कैसी हरकत कर रही है अब तू जवान नहीं बुद्धि हो गयी है तुझे सरम नहीं आती है क्या रूम लॉक कर के माया ने कहा क्यू के माया भी कब से देख रही थी के अनीता अपनी जिसम कैसे कारन को दिखा रही है

अनीता : माया दीदी मुझे मानव कार्डो आप तो सब जानती हो मैं कारन के मजबूत जिसम देख कर बहक गयी थी प्लीज दीदी मुझे मानव कार्डो अनीता के ांसो निकलने लगा जो माया ने उसे चुप कार्य

माया : अनीता मुझे भी मानव करदे जो मैंने तुझे किसी से सेक्स करने से मन किया मैं जानती हुईं जितने hi हमारी जवानी ढल रही है है उतनी hi हमारी ये छूट परेशान कर रही है मगर हम कुछ कर नहीं सकती अनीता अगर किसी में देख लिया आवर हमारे बच्चो को पता चला तो हम उनका सामना नहीं कर सकती है

अनीता : सही कहा दीदी कभी कभी मन करता है मैं किसी को बोलकर अपनी छूट की साडी गर्मी निकल लू मगर फिर घर की इज़्ज़त के सोच कर नहीं करती अनीता बाटे करते हुवे hi अपनी साड़ी पेटीकोट निकल कर नंगी हो गयी अनीता की दोनों चुकी टाइट खड़े थे आवर अनीता के निपल ह्ह्हह्ह्ह्ह के लग रहे थे अनीता के छूट पर अभी थोड़े घुसे बल थे जो अनीता की छूट आवर मस्त पूरा की तरह पहली हुयी लग रही थी

माया : अनीता सच मैं तू पहले से ोुए भी जवान लग रही है तू इस हालत मैं किसी बुड्ढे के पास अभी जाएगी तो वह बुद्धा तेरी ये छूट को अपना लैंड किसी तरह खड़ा कर के डालने के लिए बेचैन हो जायेगा आआआआआ अनीता ह्ह्हह्ह्ह्ह माया अभी बोल hi रही थी के माया की एक चुकी अनीता अपना मुंह मैं ले लिया आवर अनीता अपनी एक ऊँगली माया की छूट के ऊपर से डालने लगी ह्ह्हह्ह्ह्ह क्या कर रही है अभी नहीं अनीता अभी मेरा बीटा कारन जाग रहा होगा अगर उसने आवाज़ सुन लिया तो क्या सोचेगा आह्ह्ह्ह

अनीता : दीदी कारन हमारी आवाज़ नहीं सुन सकता है दीदी आप मेरी एक इच्छा पूरी कर सकती है मैं आप की पेअर पड़ती हुईं प्लीज मन मत कीजिये गए आवर अनीता माया के पेअर पकड़ लिया माया पीछे हैट कर फिर अनीता को उठाया आवर अनीता को देखा तो अनीता रो रही थी

माया : अनीता रो नहीं बोल क्या कहने चाहती है अगर मैं किसी काम तेरी आ सकती हुईं तो मैं करुँगी ोुए तूने ये क्यू कहा के कर अभी नहीं उठेगा

अनीता : दीदी मुझे मानव कर दीजिये मैंने कारन को नींद की गोली दी है जो कारन अब सुबह hi उठेगा " दीदी मैं कारन से इतना बोल कर अनीता निचे देखने लगी

माया : अनीता तू क्या कारन से कही तू कारन से अनीता बोल से मैं जो सोच रही हुईं वह गलत है कारन मेरा बीटा है आवर मैं ये कैसे करने को बोल सकती हुईं

*********************************************** वही अँधेरी रात एक पहाड़ी के एक गुफा मैं एक आदमी उल्टा खड़ा होकर तप कर रहा था उसके सर के बल भी बहुत बाद गए थे अभी कोई इस गुफा मैं आकर उसे देख ले तो उसकी वही जान निकल जाए ये आदमी आज 12 बरस से इस गुफा मैं तप कर रहा था आज इसका तप का आखरी दिन है

वही कुछ लोग गुफा के तरफ बढ़ रहे थे जो गुफा से धोड़ी hi दूर थे वह लोग कुछ hi देर मैं गुफा के पास पहुँच गए उनके पहुँचते hi आदमी गुफा से निकला

बाबा बधाई हो जो अपने अपनी तप पूरी कर लिया

बाबा : क्या कारन वापस आ गया है

है बाबा कारन वापस आ गया है कोई बात तो नहीं उनमे से एक ने बोलै जो सब का किसी boss's था

बाबा : कारन अभी कहा पर मिलेगा मुझे उसे आज hi उसकी साडी सक्रिय हासिल करना है अगर कारन ने किसी से भी सम्भोग कर लिया तो वह मुझसे भी जयादा सकती साली हो जायेगा
 
:थैंक्स: सभी भाई

भाई ये तो आगे पता चलेगा ये बाबा कौन है ......

भाई बेचारी अनीता तड़प रही है अपनी छूट मैं लैंड लेने के लिया सायद माया मान जाये आवर अनीता कारन का लैंड अपनी छूट मैं ले ले देखते है भाई माया क्या करती है

ये लड़की कौन है अगले अपडेट मैं पता चल hi जायेगा भाई आवर लड़की आखिर रात के समय सड़क पर भाग क्यू रही है
 
अपडेट _ 60

है माया दीदी आप सही समझ रही है मैं कारन से अपने जिसम की गर्मी को संत करना चाहती हुईं मगर आप नहीं चाहती तो मैं कुछ नहीं करुँगी क्यू के आप कारन को बड़ी माँ हो इतना कह कर अनीता माया से अलग हो गयी अनीता फिर से दुखी हो गयी

माया : अनीता मैं तेरी दर्द महसूस कर सकती हुईं मगर कोई माँ अपने बेटे के साथ ऐसी काम तो हरगिज़ नहीं करने देगी किसी को भी आवर कारन तो तेरे भी बेटे जैसा hi है तू कैसे अपने बेटे के उम्र के लड़के के साथ ये सब कर सकती है आवर कारन अभी बचा है अनीता ठीक है अगर तू फिर भी छाती है कारन के साथ सेक्स करना तो मैं तुझे रोकूंगी नहीं जा अपनी गर्मी संत कर ले मगर ज़रा पेयर से करना वह अभी बचा है आवर तू एक बरसो की पयासी ोुरत " माया से अनीता का ु शर्मिंदा आवर फिर रोना देखा नहीं गया तो माया ने अनीता को सेक्स करने को कह दिया

माया दीदी क्या आप सच कह रही हो क्या सच मैं कारन के साथ सेक्स कर सकती हुईं या आप ये गुस्से मैं कहा है अनीता को अभी भी बिस्वास नहीं हुवा के माया ने कारन के साथ सेक्स करने को कहा है इस लिए अनीता ने माया से फिर से पूछा

माया : है मैं सच कह रही हुईं आवर ये मैंने सिर्फ तेरे लिए कहा है क्यू के मेरी बात मान कर अभी भी किसी के साथ सम्बन्ध नहीं बनाया जो मुझे ये है कहने पर मजबूर कर दिया आखिर तू भी एक ोुरत है अगर आज मैंने तुझे मन कर दिया तो तू यक़ीनन किसी न किसी से अब सम्बन्ध बना hi लेगी क्यू के तेरा ये जिसम की बढ़ती गर्मी तू अब आवर नहीं संभल सकती है जा भुजा ले अपनी पयास

अनीता : माया दीदी वह तकिये के निचे मैंने आप के लिए कुछ रखा है सायद आप को उसकी ज़रूरत पड़ेगी

आवर अनीता कारन के रूम की तरफ चली गयी माया सोच पद गयी के अनीता ने तकिये के निचे मेरे लिए क्या रख दिया मैं तो अभी कुछ घंटे पहले hi यह आई हुईं तो उसे कैसे मालूम वह सामान की मुझे ज़रूरत पड़ेगी माया सोचते हुवे बीएड पर जाकर तकिया उठाया आवर सामान देख कर फिर तकिया उसपे रख दिया माया का दिल धक् धक् करने लगा तकिये के निचे रखा सामान देख कर " हे भगवन ये क्या रखा है अनीता ने ये तो लैंड जैसा लग रहा है क्या अनीता इससे hi अपनी गर्मी संत करती है मगर ये अनीता के पास कहा से आ गयी अनीता तो कितनी सम्मिलित है आवर वह सहर भी अकेली कभी नहीं जाती तो फिर ये अनीता के पास कहा से आ गयी { वह एक प्लास्टिक का लैंड था जो सायद अनीता उससे अपनी छूट की आग ठंडा करती होगी } "

माया फिर वही तकिये पर सर रख कर लेट गयी माया का मन कर रहा था के वह लैंड तकिये से निकल कर उसे देख ले की कैसा है क्यू के माया सहर मैं रह कर भी माया ने ऐसा लैंड ख़रीदा न माया दिल नहीं मन रहा था के वह तकिये के निचे से लैंड निकल कर देख ले माया गर्म भी हो गयी थी " अभी अनीता कारन के साथ क्या कर रही होगी माया ने सोचा आवर माया बीएड से उठ कर बैठ गयी माया का एक हाँथ अभी उसके पेटीकोट के ऊपर था जो माया अपनी छूट को सहला रही थी क्या जाकर देखु अनीता क्या कर रही है कारन के साथ " नहीं कारन मेरा बीटा है मैं उसे नंगा कैसे देख सकती हुईं " मगर कारन तो अभी होस मैं भी नहीं है आवर मैं अंदर जाकर थोड़ी देखूंगी मैं बहार से hi देख लुंगी माया का दिल कुछ कह रहा था तो माया दिमाग कुछ आवर कह रहा था मगर माया का जो हाँथ अभी पेटीकोट के ऊपर था अब वह हाँथ माया अपनी पेंटी के अंदर छूट तक पहुँच गया था आवर माया अपनी फुल्ली हुयी छूट को सहला रही थी जो माया का जिसम सिहर जा रहा था फिर माया बीएड से उतर कर कारन के रूम की तरफ चल पड़ी माया जब वह गयी तो रूम का गेट खुला था आवर माया को अनीता की बड़ी गदराया हुआ गांड दिख अनीता गोरी थी तो अनीता की गांड माया को बड़ी गांड के साथ चिकना भी लग रहा था माया ने हल्का सा गेट खोल कर देखा तो अनीता का सर ऊपर निचे हो रहा था तो माया को समझते देर नहीं लगा के अनीता कारन का लैंड अपने मुंह मैं लेकर चूस रही है माया गेट के बहार से hi देख रही थी

अंदर अनीता बहुत खुस थी आवर अनीता दर भी रही थी कितना बड़ा है कारन का ये ह्ह्हह्ह्ह्ह माआ ये मेरी छूट मैं जायेगा तो मैं तो मर hi जाउंगी ये पिंकी के पापा के लैंड से भी दुगना लग रहा है आवर अभी इसे छूट मैं ले लिया तो मैं कल ठीक से चल भी नहीं पाऊँगी अनीता कारन का लैंड भी चूस रही थी आवर सोच भी रही थी अचानक कुछ सोच कर अनीता ने कारन का लैंड छोड़ दिया आवर कारन का लैंड को देखते हुवे hi अनीता अपनी छूट मैं ऊँगली करने लगी आआह्ह्हह्ह्ह्ह ोुह्ह्ह मेरी छूट बहुत जल रही है क्या करूँ मैं दालु की नहीं कारन का लैंड अपनी छूट मैं आअह्ह्हूँऊह्ह्ह मेरी छूट मैं जब ये मुसल जायेगा तो मेरी छूट को फाड़े कर भोसड़ा बना देगा अनीता बस कारन का लैंड देख कर अपनी छूट मैं ऊँगली कर रही आवर खुद hi अपने आप से बात भी कर रही थी

वही गेट के बहार माया मुंह बा कर कड़ी थी बाप रे कितना बड़ा है कारन का लैंड " मैं ऐसा hi लैंड अपनी इस छूट मैं लेना चाहती थी मगर कारन के बड़े पापा का आएसा लैंड hi नहीं था कारन का लैंड जिसकी भी छूट मैं जायेगा ह्ह्हह्ह्ह्ह कितना मज़ा मिलेगा कही ये मेरी hi छूट मैं चला गया तो मैं तो चिल्ला चिल्ला कर hi मर जाउंगी अगर बच गयी तो फिर ये लैंड को मैं हमेसा अपने छूट मैं hi डेल फिरंगी ची ची ये मैं क्या सोच रही हुईं कारन मेरा बीटा है मैं माँ बेटे के बारे मैं ये सोच भी कैसे सकती हुईं

ये अनीता क्या कर रही है कारन का लैंड सामने खड़ा है आवर वह अपनी छूट मैं ऊँगली कर रही है माया बुदबुदाई आवर माया फिर देखने लगी के अनीता कारन का लैंड कब अपनी छूट मैं लेती है मगर अनीता ने अभी भी कारन का लैंड अपनी छूट मैं नहीं लिया माया को देखते हुवे 1 ह हो गया मगर फिर भी अनीता ने कारन का लैंड अपनी छूट मैं नहीं लिया माया भी अंदर चली गयी

माया : अनीता तू ये क्या कर रही है क्या तुझे अपनी छूट मैं लगी आग ठंडा हो गयी क्या जो सिर्फ देख रही है अनीता कही तू मेरे बेटे का वह देख कर दर तो नहीं गयी माया ने अकड़े कर कहा

अनीता : दीदी मैं दर नहीं रही हुईं मैं कारन का लैंड अपनी छूट मैं इस लिए नहीं ले रही हुईं के कारन का ये लैंड अगर मैंने अपनी छूट मैं डाला तो फिर इसे अपनी छूट मैं पूरा लैंड अपनी छूट मैं डालने की कोसिस करुँगी आवर दीदी देखिये कितना बड़ा है जब मेरी छूट मैं ये जायेगा तो मेरी हालत क्या हो जाएगी फिर सुबह मैं जब आप के भाई आएंगे तो मेरी हालत देख कर क्या कहेंगे इस लिए नहीं ले रही कारन का लैंड थोड़ा छोटा होता तो इस मैं कब से ले लेती अपनी छूट मैं

माया : अनीता तू इसे अपनी छूट मैं ले भाई के बारे मैं मत सोच मैं जानती हुईं उनेह क्या बोलना है माया के कहने पर अनीता उठ कर कारन के ऊपर आ गयी आवर कारन के लैंड पर बैठने लगी जो अनीता की एक आआह्ह्हह्ह्ह्ह निकल गयी अनीता उठने लगी कारन के ऊपर से के माया ने अनीता के गर्दन पकड़ काट निचे बैठा दिया आवर अनीता को एक सारणी चीख निकल गयी वही अभी कारन अपने माँ के रूम के के बहार खड़ा होकर हिल से अपनी माँ को देख रहा था जो अंदर शांति अपनी छूट मैं ऊँगली कर रही थी आवर बहार कारन का लैंड रह रह कर फुफकार मर रहा था अपनी माँ की छूट देख कर कारन से आवर रहा नहीं गया आवर कारन ने गेट को पकड़ा तो गेट खुल गया कारन अपनी माँ के पास जाकर एक चुकी पाकर लिया जब अपनी चुकी किसी को सकते देखा तो शांति कारन से दूर हैट कर अपने चुकी आवर छूट को कवर करने की नाकाम कोसिस करने लगी शांति अपनी छूट तो कवर करने मैं कामयाब हो रही थी मगर शांति के पहाड़ जैसा सीना एक हाँथ से कवर नहीं हो रहा था

शांति : कारन बीटा ये क्या कर रहा है तुझे सरम नहीं आती

कारन : माँ मई आप से बहुत पेयर करता हुईं मैं इस तरह आप को तड़पते हुईं नहीं देख सकता हुईं कारन बोलते हुवे hi शांति के करीब जाकर शांति के पीठ को चूमने लगा जो शांति की यह समझ निकल गयी आठ बूझ आए कारन बीटा मत करो आआ ह्ह्ह्हह्हींम ोोोू बीटा मत कर बीटा मैं तेरी माँ हुईं तुझे पाप लगेगा आआआआआ शांति कारन को रुकने को कह रही थी मगर कारन शांति के जिसम के हर जगह को चूमते जा रहा था कारन चूमते हुवे शांति के आगे से आकर पेअर से चूमते हुवे ऊपर जाने लगा शांति ने दोनों हाँथ से अपनी छूट छुपा लिया कारन के चूमने से अब शांति भी मदहोस होने लगी थी शांति अब कारन को रोक नहीं रही थी शांति अब सिसकियाँ ले रही थी कारन चूमते हुवे शांति के छूट के पास आकर रुक गया आवर शांति को देखा माँ प्लीज अपना हाँथ हटाइये न मुझे आप की जिसम की अनमोल खज़ाना देखना है कारन ने कहा आवर ऊपर आकर शांति की चुकी को देख कर कारन ने उसे मुंह मैं ले लिया फिर कारन चुकी को छोड़ कर कारन शांति के होंठ पे अपना होंठ रख कर शांति की गुलाबी होंठ का रास पिने लगा कारन शांति के होंठो का रास पिटे हुवे hi कारन शांति को लेकर बीएड पर गिर गया अब कारन से आवर नहीं रहा जा रहा था क्यू के कारन का लैंड अब दर्द करने लगा था माँ क्या मैं इसमें अपना ये दाल सकता हुईं कारन ने शांति के हाँथ मैं अपना लैंड को पकड़ा कर फिर अपने हाँथ शांति के छूट पर रख कर पूछा

मगर शांति ने कुछ कहा नहीं वह बस कारन के आँखों मैं देख रही थी कारन अपनी माँ के आँखों मैं देखते हुवे कारन अपनी माँ के होंठ पर होंठ रख कर कारन अपनी माँ की होंठ चूसने लगा शांति ने भी कारन के सर को पकड़ लिया कारन अपनी माँ शांति को लेकर बीएड पर गिर गया कारन का लैंड गिरते हुवे शांति के छूट से टकरा गया जो दोनों माँ बेटे का आह्ह्ह्ह निकल गया अब कारन से रहा नहीं गया तो कारन शांति के आँख मैं देखते हुवे अपना लैंड पकड़ कर शांति के छूट मैं डालने लगा

शांति आआअह्हह्ह्ह्हह कर के चादर पकड़ लिया कारन धीरे धीरे अपना लैंड शांति के छूट मैं धक्का देने लगा आअह्ह्ह कारन आवर शांति कारन को पकडे लिया कारन अपनी माँ की आवाज़ सुन कर रुक गया कारन शांति के छूट मैं लैंड डेल hi अपनी माँ को देखने लगा मगर शांति ने अपनी आँखे बंद कर ली जब कारन कुछ देर तक कुछ नहीं किया तो शांति ने निचे से अपनी गांड हिलने लगी जो कारन का लैंड शांति के छूट मैं जाने लगा अपनी माँ को हिलते देख कारन ने भी धक्का मरने लगा कारन धीरे धीरे अपना स्पीड बढ़ा दी जो शांति की एक आए के साथ चीख निकल गयी अअअअअ कारन बीटा ह्ह्हह्ह्ह्ह ोोोू ममअअअअअअ कारन ने जोश मैं शांति के छूट मैं पूरा लैंड दाल दिया जो शांति की चीख निकल गयी दोनों माँ बेटे एक साथ hi झाड़ गए शांति के आँख से ांसो बहने लगी जो कारन ने दर के अपना लैंड अपनी माँ के छूट से निकल कर रूम से चला गया आवर कारन उसी हालत मैं सो गया

सुबह जब कारन का नींद टुटा तो वह अपने आप को फुल कपडे पहने हुवे पाया मैं तो नंगा सोया था फिर ये कपडे मगर मैं तो यह बड़ी माँ के साथ आया था तो मैं घर कैसे पहुंचा कही मैं सपना तो नहीं देख रहा कारन ने सोचा तभी कारन के रूम मैं माया कॉफ़ी लेकर आई

माया : कारन बीटा उठ गया ले कॉफ़ी पिले आवर जल्दी से फ्रेश हो ले हमेह जाना भी है माया कारन को देख कर शर्मा भी रही थी कारन अपनी बड़ी माँ से कॉफ़ी लेकर पिने लगा माया कॉफ़ी देकर चली गयी

कारन : बड़ी माँ क्या आंटी नहीं जा रही है आवर आंटी को क्या हुवा जो अभी तक लेती है कारन अनीता के रूम मैं जाकर देखा तो अनीता अभी तक सो रही थी आवर माया उसके पास बैठी

माया : कारन बीटा वह अनीता सुबह मैं बाथरूम मैं गिर गयी थी जो चोट लग गयी है इस लिए ये कुछ दिन के बाद आ जाएगी चलो हमेह निकलना है आवर कारन आवर माया वह से निकल गया

अरे रागनी तुम यह कैसे आई माया ने घर मैं गयी तो देखा रागनी बैठी थी आवर रागनी के साथ hi काजल भी थी आवर नैना रागनी को पकड़ कर बैठी थी जैसे रागनी नैना को छोड़े कर भाग न जाये
 
अपडेट _ 61

माया आवर कारन जब घर आये तो रागनी को यह देख कर माया को थोड़ी हैरानी हुयी आवर नैना रागनी से आयी लिपटी थी जैसे रागनी hi उसकी माँ हो तो माया ने पूछा आवर फिर जाकर नैना के पास बैठ गयी

रागनी : दीदी वह मैं बाबा के काम से यह आई थी आवर मुझे एक मुस्कान नाम की लड़की ने अपने गाड़ी मैं लिफ्ट दी थी जब हम इस गाँव के बहार थे तो हमारी गाड़ी से एक लड़की टकरा गयी हम दोनों तो थोड़ी देर के लिए दर गए थे फिर लड़की हमारी गाड़ी के शिक्षा पीटने लगी तो हमने शिक्षा निचे किया तो मैं नैना बेटी को देखा जो बहुत दरी हुयी थी तो हमने उसे अपनी गाड़ी मैं बैठा कर यह ले आये

इधर रागनी माया को बता रही थी वही गेट के बहार मुस्कान कड़ी होकर सुन रही थी जब रागनी ने माया को बता दिया तो मुस्कान को बड़ी हैरानी हुयी के आंटी ने झूट क्यू बोलै के हमने मुस्कान को लेकर सीधे घर आ गए आंटी ने माया माँ को पूरी बात क्यू नहीं बताया के कैसे आंटी उन लड़को की धुनाई की ाःह उस वकत कैसे आंटी की आँखों मैं गुस्सा था आवर आंटी कैसे फाइट कर रही थी कुछ वकत के लिए तो मैं खुद दर गयी थी आंटी को देख कर मुस्कान गेट के बहार hi सोच रही थी

अरे मुस्कान तुम यह कैसे आई कारन गाड़ी परक कर के रूम मैं आ रहा था तो गेट के बहार मुस्कान को देखा जो कही खोई थी मगर कारन की आवाज़ से मुस्कान को होश आया आवर मुस्कान कारन के गले लग गयी कारन भी अभी कुछ आवर नहीं बोलै आवर कारन भी उसे गले लगाए रखा जो दूर कड़ी काजल हाँथ मैं कॉफ़ी लिए मुस्कान आवर कारन को गले लगे देख कर काजल है रही थी " कारन मुस्कान से बहुत काम hi गले लगता था क्यू के जब भी कारन मुस्कान के गले लगता उसके दिल को एक अजीब सा सकूँ मिलता तुमने बताया नहीं तुम यह कैसे आई कारन मुस्कान को दूर करते हुवे कहा

मुस्कान : कारन मैं इतनी दूर से तुमसे मिलने यह आई आवर तुमेह ज़रा भी कृषि नहीं हुयी उल्टा वजह पूछ रहे हो तुम को अच्छा नहीं लगा तो मैं अभी चली जाती हुईं

कारन : मम .मैं खुश हुईं तुम यह आई हो मैं बस इस लिए पूछ रहा था के क्या ये बात ौंकल आंटी है के तुम यह पर आई हो मैं बस इस लिए पूछा अगर मुझे पता होता तुम यह आना चाहती हो तो मैं खुद तुमेह अपने साथ लता

कारन अब जाने भी दे आ hi गयी है तो मैंने आंटी को फ़ोन कर के बता दिया है के मुस्कान यह आई है काजल पास आकर कहा आवर रूम मैं चली गयी कारन भी काजल के पीछे रूम मैं चला गया जब कारन अंदर गया तो कारन रागनी को देख कर कारन रागनी को hi देखने लगा

आंटी क्या मैं आप को जनता हुईं कारन से रहा नहीं गया तो रागनी से पूछ hi लिया मगर कारन अभी भी रागनी को hi देख रहा था जैसे कारन रागनी को पहचानने की कोसिस कर रहा हो के आंटी को कहा देखा है

रागनी अभी माया से बात कर रही थी आवर अचानक कारन की बात सुन कर रागनी कारन को देखने लगी मगर फिर रागनी ने अपनी नज़र कारन पर से हटा लिया

माया : कारन बीटा सायद तू रागनी को हॉस्पिटल मैं देखा होगा ये वह बाबा के साथ आई थी गीता को देखने रागनी के जगह माया ने कारन को जवाब दिया " कारन ने आगे कुछ बोलै नहीं मगर अभी भी कारन रागनी को hi देख रहा था

कारन : बड़ी माँ गुड़िया को क्या हुवा है माया के आने के बाद नैना माया अब माया से लिपट कर बैठी थी

कारन भाई वह गुड़िया अरे कुछ नहीं वह हम चले गए थे न इस लिए गुड़िया को अच्छा नहीं लगा था इस लिए ये मुझे देख कर लिपट गयी अभी कोमल कारन से बोलने hi वाली थी के माया बोल पड़ी आवर कोमल को चुप रहने का इशारा किया फिर कारन ने कुछ नहीं पूछा

रागनी सुबह के नसता कर के वह से निकल गयी मगर नैना अभी भी रागनी को hi देख रही थी उनको जाते मुझे बेचैनी क्यू हो रही है वह मेरी माँ थोड़ी है मगर मैं कल रात कितनी अच्छी से सोइ थी उनके साथ मेरे दिल hi नहीं कर रहा था उनसे अलग होने की अभी भी उनके जाते मुझे अच्छा नहीं लग रहा है नैना अभी घर के बहार थी आवर रागनी को जाते देख कर सोच रही थी रागनी के जाने के बाद नैना को दिन भर अच्छा नहीं लगा

नेक्स्ट मॉर्निंग

कारन जब फ्रेश होकर रूम से निकल कर आया तो उसे रूपा ममी दिखी जो बाथरूम मैं जा रही थी मगर कारन को देख कर वह भी रुक गयी

रूपा : कारन बीटा कहा जा रहा है

कारन : मैं कहा जाऊंगा ममी मैं यह किसी को जनता भी नहीं हुईं आवर कारन की नज़र रूपा के छाती पर गयी जो पूरी पसीने से भिनगा था आवर रूपा की बलाउज के अंदर की ब्रा दिख रही थी

रूपा : ठीक है तू अभी जाकर नास्ता कर ले मैं भी नाहा कर आती हुईं फिर हम एक जगह चलेंगे वह मुझे तेरी ज़रूरत पड़ेगी फिर कारन अपनी बड़ी माँ के रूम मैं गया तो देखा वह सिर्फ माया hi थी आवर कॉफ़ी पि रही थी कारन जाकर अपनी बड़ी माँ के गाल पर किश कर के गुड मॉर्निंग कहा जो माया खुसी के साथ शर्मा भी गयी

माया : अरे मेरा कारन बीटा उठ गया क्या ठीक है तू बैठ मैं तेरे लिए कॉफ़ी लेकर आती हुईं माया जाकर कारन के लिए कॉफ़ी लेकर आई आवर दोनों पिने लगे

कारन : ठीक है बड़ी माँ मैं अभी रूपा ममी के साथ जा रहा हुईं उन्होंने मुझे अपने साथ चलने को कहा माया से कह कर कारन वह से निकल गया जब कारन बहार आया तो वह अपनी रूपा ममी को देख कर कारन के होश hi उड़ गए आवर कारन रूपा के एक जगह देखने लगा

रूपा ममी अभी 40 सल्ल की है रूपा ममी जयादा गोरी तो नहीं है आवर नहीं काली है उनका चेहरा का रनग मूवी की माधुरी की तरह है मगर रूपा का जिसम आदमी की तरह शाक्त है रूपा ममी दौड़ने मैं माहिर है क्यू के जब रूपा ममी पढ़ती थी तो वह स्कूल मैं दौड़ने मैं भाग लेती आवर जित जाती थी ये बात मुझे बड़ी माँ ने बताई थी

अभी रूम ममी गुलाबी साड़ी मैं कड़ी थी आवर रूपा ममी अपनी साड़ी का पल्लू को अपनी कमर मैं खुश लिया था जो रूपा ममी की गहरा नाभि अभी कारन के सामने था जो एक छोटा कुंवा की तरह लग रहा था कारन वही खड़ा होकर रूपा की नाभि को hi देख रहा था

रूपा : कारन बीटा क्या देख रहा है चल जल्दी वर्ण हमेह देर हो जाएगी

रूपा की आवाज़ सुन कर कारन को होश आया आवर कारन ने अपनी नज़र नीच कर लिया कही ममी ने अपनी नाभि घूरते हुवे मुझे देख तो नहीं लिया ममी ने देख लिया होगा तो वह मेरे बारे मैं क्या सोच रही होगी कारन रूपा के साथ चल रहा था आवर मन मैं सोच भी रहा था मगर रूपा कारन के बारे मैं कुछ भी नहीं सोच रही थी वैसे रूपा ने भी देख लिया था के कारन की नज़र कहा थी मगर रूपा कारन को अभी बच्चा hi समझे रही थी

कारन : ममी हम कहा जा रहे है

रूपा : कारन बीटा हम अपने दूसरी घर पर जा रहे है देख अभी शादी मैं बहुत मेहमान आने वाले है ोुरत तो वह घर पर रह सकती है मगर मर्दों को रात मैं सोने के लिए जगह तो चाहिए न मैंने कई बार तेरे मां से कहा के वह इस घर को साफ़ करवा दे मगर तेरे मां मेरी बात hi नहीं सुनते है इस लिए हम दूसरी घर साफ सफाई करने जा रहे है तुम बस मेरा साथ रहना मैं सब कर लुंगी

कारन : ये क्या ममी आप आयी क्यू कह रही है आप सिर्फ मुझे बताते रहना मैं सब कर दूंगा दोनों बाटे करते हुवे दूसरी घर पहुँच गए जब कारन रूम मैं गया तो देखा रूम जयादा गन्दा तो नहीं था मगर हर तरफ मकरी के जल थे चारो तरफ

कारन : ममी घर तो साफ hi है बस ये मकरी के जल बहुत है

रूपा : है बीटा ये कोई जल्दी आता नहीं है न मेरे शिवा मैं कभी कभी आकर घर साफ कर देती हुईं मगर यह पर मकरी कुछ जयादा hi है ठीक है कारन बीटा तू अपने कपडे बदल ले देख उस रूम मैं तेरे मां के लुंगी होगी नहीं तो तेरे कपडे गंदे हो जायेंगे "

आवर खुद रूपा अपनी साड़ी के पल्लू को अपने दोनों सख्त चुकी के ऊपर से बांधने लगी अभी कारन वही था आवर कारन के सामने hi रूपा ये कर रही थी जो कारन अपनी ममी के जिसम को देख कर कारन का लैंड मैं हलचल होने लगा कारन रूपा ममी को hi देखे जा रहा था कारन के आँखों मैं अभी साफ हवस दिख रहा था कटनी सख्त लग रहा है ममी का जिसम आवर ममी पेट कितना चिकना आवर हार्ड लग रहा है कारन अपने आप को नहीं रोक पाया आवर कारन जाकर रूपा के पेट के सहारे नाभि मैं ऊँगली दाल दिया कारन के आयी करने से रूपा थोड़ी पीछे हैट गयी रूपा का जिसम एक वकत के लिए सुन पड़े गया रूपा फिर कारन को देखने लगी मगर कारन वह नहीं था " ये मैंने क्या कर दिया वह मेरी ममी है जो मेरे माँ की तरह है आवर मैंने कैसे उनके जिसम को गन्दी नज़र से देख सकता हुईं आवर फिर मैंने उनको जिसम को भी छू दिया ममी क्या सोच रही होंगी मेरे बारे मैं अगर ममी ने ये बात बड़ी माँ को बता दिया तो मैं कैसे बहक सकता हुईं उनके जिसम को देख कर कैसे उस वकत मुझे कुछ होस hi नहीं था मुझे क्या हो गया था कारन घर के बहार आकर अपने आप से बात कर रहा था अभी कारन को बहुत शर्मिंदगी महसूस हो रही था आवर कारन के आँख भी नम थी

**************************************** Hello है बोलल शीतल क्या हुवा कुछ बताया उन लोगो ने वह क्यू आंटी को धुंध रहे है गीता ने फोन उठा कर कहा

शीतल : गीता एक बुरी खबर है इनमे से एक की जान चली गयी है मगर फिर उसके मरते hi उनमे से एक ने दर के मरे हमेह आंटी के बारे मैं सब कुछ बता दिया है गीता जानती है आंटी के बारे मैं जो कुछ भी बताया है मुझे जान कर बड़ी हैरानी हुयी है

गीता : क्या मैं कुछ समझी नहीं तुझे हैरानी हुयी क्या बताया है उसने

शीतल : गीता मैं अभी फ़ोन पर नहीं बता सकती मैं तेरे पास hi आ जाउंगी मेरे साथियों को वह से आने के बाद

गीता : क्या बोल रही है शीतल तू मुझे फ़ोन पर नहीं बता सकती कौन सी ाएसि बात है आवर तूने अपनी आदमियों को कहा भेजा है

शीतल : गीता मैंने अपनी आदमियों को धरमपुर भेजा है वह आंटी वही की रहने वाली है बाकि मैं सब मिल के तुझे बताउंगी अब रखती हुईं " इधर गीता धरमपुर के नाम सुन के उसके आँखों के सामने कुछ दिखने लगा गीता के माथे पर पसीने आने लगे गीता का सर चकराने लगा ोुए गीता चीख कर बेहोश हो गयी
 
:थैंक्स: सभी भाई

है सही कहा भाई कारन अभी अपनी सक्तियो से अनजान है जो लड़की मुस्कान के गाड़ी से टकराई थी वह नैना hi थी आवर नैना को रागनी ने hi बचाया उन लड़को को मर कर जो रागनी की फाइट देख कर बिस्वास नहीं हुवा के आंटी फाइट भी कर सकती है

रागनी ने माया पूरी बात इस लिए नहीं बताई के फिर बहुत से सवाल करने लगती माया रागनी से रागनी के जाते नैना को अच्छा नहीं लगा के रागनी उसे छोड़े के जा रही है क्यू के नैना को रागनी के साथ अच्छा महसूस हो रहा था

आगे देखते है भाई शीतल को रागनी के बारे मैं क्या पता चला है जो वह गीता से मिल के बताना चाहती है आवर शीतल के बन्दों को क्या पता चलता है धरमपुर मैं रागनी के बारे मैं आवर गीता धरमपुर के नाम सुन कर उसे क्या याद आ रहा था

बहुत सुक्रिया सभी भाई 🙏🙏🙏
 
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