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उन दोनों की बाते सुन कर आरती का गुस्सा आ रहा tha..wo सोचने लगे.. क्या मई देखु उनको ये सब करते हुई.. या नहीं.. या ये रिस्की होगा..
फिर वो खुद को कहते है..
एक काम करती हु.. अरविन्द को दिखने के लिए की ये लड़का कितना गन्दा है और हमारे बारे में कितनी गन्दी गन्दी बाते कर रहा है.. मोब में इसकी वीडियो बना लेती हु और मंस बना कर अरविन्द को सेंड कर देती हु.. तब पता चलेगा इसको.. लेकिन उस से पहले ये तो देख लून की ये दोनों दिखाई किस जगह से दे रहे है..
यही सोच कर आरती इधर उधर जगह देखने लगी ताकि अंदर का जो कुछ चल रहा है दिख जाये.. इधर उधर देखते हुए वो एक डैम खिड़की के पास आ गयी.. जो किस्मत से खुली हुई थी.. उसने खिड़की का दरवाजा हल्का सा खोल कर अंदर झाँक कर देखा तो उसकी आँखे फटी की फटी रह गयी..
अन्दर नीता एक डैम नंगी बिस्तर पर लेती हुई थी.. और नवाज़ उसके ऊपर चढ़ कर उसके एक उरोज को अपने मुंह में ले कर चूस रहा था और दूसरे को अपने एक हाथ से दबा रहा tha..uska एक हाथ नीचे की तरफ नीता की योनि के ऊपर था.
नीता की उम्र करीब 27-28 साल के aas-paas होगी.. उसकी हिघ्त करीब 5’6”.. रंग हल्का सांवला था..
बिस्तर पर लेती नीता को नंगा देख कर कुछ पल के लिए तो आरती के निगाहें नीता के नंगे जिस्म पर जैम gayi..pehli बार आरती ने किसी औरत को एक डैम नंगा देखा था.. उसके दोनों उरोज बिलकुल आरती जैसे hi बड़े बड़े थे.. जिनके साथ इस वक़्त नवाज़ खेल रहा था.. नवाज़ के खेलने से उसके दोनों उरोज एक डैम तन कर हिमालय पर्वत की तरह खड़े हो गए थे.. उसके निप्पल जो ब्राउन कलर के जिनका साइज लगभग 1कम के बराबर होगा.. पेंसिल की नोक के जैसे एक डैम शख्त हो गए थे..
पता नहीं पर मेमसाब अपनी गांड में शायद hi साहब का लैंड लेती हो..
नीता ने नवाज़ की बात का जवाब देते हुए कहा..
ये लड़का एक डैम पागल हो गया है.. अनल सेक्स भी कोई करने की चीज है..
आरती ने मन hi मन में सोचा..
आअह्ह्ह……. नवाज़ … मार डालोगे क्या.. आराम से करो.. मेमसाब कही इधर न आ जाये…
अरे वो किचन मई काम कर रही होंगे .. उसके चक्कर में तू अपने मजे क्यों ख़राब कर रही है.. .
अब नवाज़ उसके उरोज को छोड़ कर थोड़ा सा नीचे को खिसक गया और उसकी दोनों टांगो के बीच में आ कर बैठ गया.. वो उसके जिस्म पर खिसकता हुआ नीचे की तरफ गया था जिस कारन आरती को उसका लुंड नहीं दिखाई दिया.. उसका मुंह खिड़की की तरफ hi था.. आरती इस बात का पूरा ध्यान रख रही थी की कही वो उसे देख न ले.. पर अब आरती को उसका लुंड देखने का बड़ा मन कर रहा था.. क्युकी नीता ने जैसा आवाज करते हुए कहा था की नवाज़ तुम्हारा तो बोहोत बड़ा है, इस लिए वो देखना चाहती थी की उसका लैंड कितना बड़ा है.. लैंड शब्द उसके दिमाग मई नीता की बात सुन सुन कर आया था.. पर उन दोनों के मुंह से land-choot sun-sun कर आरती को मजा आने लगा था.. क्यों की उसके हस्बैंड के साथ सेक्स करते हुई ऐसे वर्ड वो लोग कभी उसे नहीं करते थे..
वो उसकी टांगो के बीच में आकर उसकी दोनों टांगो को उसके घुटनो से मोड़ कर उसके मुंह की तरफ कर दिया.. और उसकी छूट को देखने लग गया.. थोड़ी देर देखने के बाद उसने अपने एक हाथ को उसकी छूट के ऊपर ले कर फिरना शुरू कर दिया.. नीता अपनी छूट पर नवाज़ का हाथ महसूस करते hi बुरी तरह से मचल उठी.. और जोर जोर से सिसकारियां मुंह से निकलने लगी..
Ssssssshhhhhh…….uuuummmm………..aaaaahhhhhh……………
उसकी निकलने वाली तेज तेज साँसों की आवाज आरती को साफ़ सुनाई दे रही थी.. अंदर का उन दोनों का सन देख कर और उनकी बाते सुन कर उसकी खुद की हालत बिगड़ते जा रही थी.. उसका पूरा गाला सूखा जा रहा था.. और दोनों पेअर बुरी तरह से kanp-kapa रहे थे.. उसे अपने दोनों पैरो के बीच बोहोत कमजोरी महसूस होने लगी थी.. इतनी उत्तेजना तो उसने आज तक अरविन्द के साथ सेक्स करते हुए नहीं हुई थी जितनी अंदर का सन देख कर हो गयी थी..
इसी उत्तेजना के कारन उसके छूट ने कब रिसना शुरू कर दिया उसे पता hi नहीं चला.. पानी छोड़ते हुए उसने अपनी दोनों आँखे बंद कर ली थी और खिड़की के दूर को कास कर पकड़ लिया था..
उसके छूट से बेहटा हुआ पानी धीरे धीरे करके बेहटा हुआ उसकी झांघो तक आ gaya..Uske छूट से निकले पानी के कारन जो उसकी जांघो पर लगा हुआ था, उसे बड़ा अजीब सा फील हो रहा था.. वो पानी छूट जाने से थोड़ा लड़खड़ा गयी जिस कारन खिड़की का दरवाजा बंद हो गया..
खिड़की का दरवाजा बंद होने की आवाज से आरती ने अपने आप को संभाला और फुर्ती के साथ खिड़की से दूर हो गयी.. खिड़की से हैट कर कुछ देर बाद जब उसने दोबारा खिड़की के अंदर झाँक कर देखा तो नवाज़ ने उसकी दोनों टाँगे हवा में उठा राखी थी और उसकी छूट पर अपना मुंह लगा रखा था…
Naawwaaazzz…sshhhhh…. Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh…….. और जोर सीईईई… और जोर सीईईई छतो खा जूऊऊ िसेसीईई … ये तुम्हारी है…. चबा दू…. रुकना मत्तत्ततत्तत…
नवाज़ बिलकुल डोगग्य स्टाइल में चाट रहा था जैसे डोगग्य चाटता hai…(aarti ने घर के बहार ek-do बार kutte-kutiya को देखा था .. ये देखकर उसे इसकी याद आ गए..)
ठीक वैसे hi नीता की छूट को चाट रहा था.. और नीता भी पूरी मस्ती के साथ अपने दोनों हाथो से उसके सर को पकड़ कर अपनी छूट पर दबाये चले जा रही थी.. नवाज़ को इस तरह देख कर आरती को जरा भी नहीं लगा की उसने उसे देख लिया होगा.. खिड़की आवाज se..kyuki जिस तरह से नीता के साथ लगा हुआ था उसे देख कर तो लग रहा था की उसने दरवाजे की तरफ ध्यान hi नहीं दिया..
फिर उसने नंगी नीता को खड़ा किया.. और आपने से सत्ता लिया और उसके नैक को किश करने लगा और उसकी गांड दबाने लगा..
आरती बड़े तलीन होकर उन दोनों को देख रही थी..
फिर वो खुद को कहते है..
एक काम करती हु.. अरविन्द को दिखने के लिए की ये लड़का कितना गन्दा है और हमारे बारे में कितनी गन्दी गन्दी बाते कर रहा है.. मोब में इसकी वीडियो बना लेती हु और मंस बना कर अरविन्द को सेंड कर देती हु.. तब पता चलेगा इसको.. लेकिन उस से पहले ये तो देख लून की ये दोनों दिखाई किस जगह से दे रहे है..
यही सोच कर आरती इधर उधर जगह देखने लगी ताकि अंदर का जो कुछ चल रहा है दिख जाये.. इधर उधर देखते हुए वो एक डैम खिड़की के पास आ गयी.. जो किस्मत से खुली हुई थी.. उसने खिड़की का दरवाजा हल्का सा खोल कर अंदर झाँक कर देखा तो उसकी आँखे फटी की फटी रह गयी..
अन्दर नीता एक डैम नंगी बिस्तर पर लेती हुई थी.. और नवाज़ उसके ऊपर चढ़ कर उसके एक उरोज को अपने मुंह में ले कर चूस रहा था और दूसरे को अपने एक हाथ से दबा रहा tha..uska एक हाथ नीचे की तरफ नीता की योनि के ऊपर था.
नीता की उम्र करीब 27-28 साल के aas-paas होगी.. उसकी हिघ्त करीब 5’6”.. रंग हल्का सांवला था..
बिस्तर पर लेती नीता को नंगा देख कर कुछ पल के लिए तो आरती के निगाहें नीता के नंगे जिस्म पर जैम gayi..pehli बार आरती ने किसी औरत को एक डैम नंगा देखा था.. उसके दोनों उरोज बिलकुल आरती जैसे hi बड़े बड़े थे.. जिनके साथ इस वक़्त नवाज़ खेल रहा था.. नवाज़ के खेलने से उसके दोनों उरोज एक डैम तन कर हिमालय पर्वत की तरह खड़े हो गए थे.. उसके निप्पल जो ब्राउन कलर के जिनका साइज लगभग 1कम के बराबर होगा.. पेंसिल की नोक के जैसे एक डैम शख्त हो गए थे..
पता नहीं पर मेमसाब अपनी गांड में शायद hi साहब का लैंड लेती हो..
नीता ने नवाज़ की बात का जवाब देते हुए कहा..
ये लड़का एक डैम पागल हो गया है.. अनल सेक्स भी कोई करने की चीज है..
आरती ने मन hi मन में सोचा..
आअह्ह्ह……. नवाज़ … मार डालोगे क्या.. आराम से करो.. मेमसाब कही इधर न आ जाये…
अरे वो किचन मई काम कर रही होंगे .. उसके चक्कर में तू अपने मजे क्यों ख़राब कर रही है.. .
अब नवाज़ उसके उरोज को छोड़ कर थोड़ा सा नीचे को खिसक गया और उसकी दोनों टांगो के बीच में आ कर बैठ गया.. वो उसके जिस्म पर खिसकता हुआ नीचे की तरफ गया था जिस कारन आरती को उसका लुंड नहीं दिखाई दिया.. उसका मुंह खिड़की की तरफ hi था.. आरती इस बात का पूरा ध्यान रख रही थी की कही वो उसे देख न ले.. पर अब आरती को उसका लुंड देखने का बड़ा मन कर रहा था.. क्युकी नीता ने जैसा आवाज करते हुए कहा था की नवाज़ तुम्हारा तो बोहोत बड़ा है, इस लिए वो देखना चाहती थी की उसका लैंड कितना बड़ा है.. लैंड शब्द उसके दिमाग मई नीता की बात सुन सुन कर आया था.. पर उन दोनों के मुंह से land-choot sun-sun कर आरती को मजा आने लगा था.. क्यों की उसके हस्बैंड के साथ सेक्स करते हुई ऐसे वर्ड वो लोग कभी उसे नहीं करते थे..
वो उसकी टांगो के बीच में आकर उसकी दोनों टांगो को उसके घुटनो से मोड़ कर उसके मुंह की तरफ कर दिया.. और उसकी छूट को देखने लग गया.. थोड़ी देर देखने के बाद उसने अपने एक हाथ को उसकी छूट के ऊपर ले कर फिरना शुरू कर दिया.. नीता अपनी छूट पर नवाज़ का हाथ महसूस करते hi बुरी तरह से मचल उठी.. और जोर जोर से सिसकारियां मुंह से निकलने लगी..
Ssssssshhhhhh…….uuuummmm………..aaaaahhhhhh……………
उसकी निकलने वाली तेज तेज साँसों की आवाज आरती को साफ़ सुनाई दे रही थी.. अंदर का उन दोनों का सन देख कर और उनकी बाते सुन कर उसकी खुद की हालत बिगड़ते जा रही थी.. उसका पूरा गाला सूखा जा रहा था.. और दोनों पेअर बुरी तरह से kanp-kapa रहे थे.. उसे अपने दोनों पैरो के बीच बोहोत कमजोरी महसूस होने लगी थी.. इतनी उत्तेजना तो उसने आज तक अरविन्द के साथ सेक्स करते हुए नहीं हुई थी जितनी अंदर का सन देख कर हो गयी थी..
इसी उत्तेजना के कारन उसके छूट ने कब रिसना शुरू कर दिया उसे पता hi नहीं चला.. पानी छोड़ते हुए उसने अपनी दोनों आँखे बंद कर ली थी और खिड़की के दूर को कास कर पकड़ लिया था..
उसके छूट से बेहटा हुआ पानी धीरे धीरे करके बेहटा हुआ उसकी झांघो तक आ gaya..Uske छूट से निकले पानी के कारन जो उसकी जांघो पर लगा हुआ था, उसे बड़ा अजीब सा फील हो रहा था.. वो पानी छूट जाने से थोड़ा लड़खड़ा गयी जिस कारन खिड़की का दरवाजा बंद हो गया..
खिड़की का दरवाजा बंद होने की आवाज से आरती ने अपने आप को संभाला और फुर्ती के साथ खिड़की से दूर हो गयी.. खिड़की से हैट कर कुछ देर बाद जब उसने दोबारा खिड़की के अंदर झाँक कर देखा तो नवाज़ ने उसकी दोनों टाँगे हवा में उठा राखी थी और उसकी छूट पर अपना मुंह लगा रखा था…
Naawwaaazzz…sshhhhh…. Aaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhh…….. और जोर सीईईई… और जोर सीईईई छतो खा जूऊऊ िसेसीईई … ये तुम्हारी है…. चबा दू…. रुकना मत्तत्ततत्तत…
नवाज़ बिलकुल डोगग्य स्टाइल में चाट रहा था जैसे डोगग्य चाटता hai…(aarti ने घर के बहार ek-do बार kutte-kutiya को देखा था .. ये देखकर उसे इसकी याद आ गए..)
ठीक वैसे hi नीता की छूट को चाट रहा था.. और नीता भी पूरी मस्ती के साथ अपने दोनों हाथो से उसके सर को पकड़ कर अपनी छूट पर दबाये चले जा रही थी.. नवाज़ को इस तरह देख कर आरती को जरा भी नहीं लगा की उसने उसे देख लिया होगा.. खिड़की आवाज se..kyuki जिस तरह से नीता के साथ लगा हुआ था उसे देख कर तो लग रहा था की उसने दरवाजे की तरफ ध्यान hi नहीं दिया..
फिर उसने नंगी नीता को खड़ा किया.. और आपने से सत्ता लिया और उसके नैक को किश करने लगा और उसकी गांड दबाने लगा..
आरती बड़े तलीन होकर उन दोनों को देख रही थी..