Kasam - Love is not Everything (Completed) - Page 6 - SexBaba
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Kasam - Love is not Everything (Completed)

अपडेट 46

नेक्स्ट डे

अगले दिन फिर सब चल पड़े इस टूर के नेक्स्ट डेस्टिनेशन के liye…Iss बार ज़ू जाने की डीडे किया सभी ने.

अजय:- (तो अतुल) तू तो बहुत एक्ससिटेड लग रहा है ज़ू जाने के लिए ?

अजय ने अतुल की चेहरे को देखते हुए कहा.

अतुल:- है बहुत एक्ससिटेड.

अजय:- कोई ख़ास वजह?

अतुल:- सुना है एक hi शक्ल के दुनिया में 7 प्राणी (लिविंग बैंग्स) होते है.

अजय:- वो तो मैंने भी सुना hai…Lekin तू कहना क्या चाहता है?

अतुल:- कुछ ख़ास nahi…Insaano में तेरा हमशकल देखा नहीं hai…Socha ज़ू में hi कोई मिल jaaye…Kisi चिंपांज़ी से तेरा चेहरा मैचिंग करना है.

अतुल की इस बात पर सभी हसने lage…Nisha bhi…Usne सोच लिया था अतुल को कैसे सही रास्ते में लाना hai…Filhaal वो भी टूर को एन्जॉय करने की सोच रही थी.

अजय:- अच्छा जोके tha…Hasu क्या?

अजय ने मुंह बिगाड़ते हुए कहा.

अतुल:- वो तो पता चल hi रहा है अच्छा जोके hai…Nahi तो सब एक साथ ऐसे नहीं हँसते.

फिर ऐसे hi हंसी मजाक करते हुए सभी ज़ू पहुँच जाते hai…Atul सभी दोस्तों के साथ हंसी मजाक में बिजी था और निशा भी कोई मौका नहीं छोड़ रही थी अतुल से बातें करने की.

सभी एक साथ अलग अलग केज के आस पास घूमते रहे और अलग अलग एनिमल्स और बर्ड्स को देखते rahe…Rahul सर भी सभी स्पीशीज के बारे में कुछ कुछ जरुरी इंफॉर्मेशंस देते रहे.

सभी डेस्टिनेशंस की तरह hi ज़ू विजिट भी सब बहुत एन्जॉय कर रहे the…Yaha सभी को ऐसे ऐसे स्पीशीज देखने को मिल रहा था जो किसी ने अपने लाइफ में कभी नहीं देखा tha(except राहुल sir)...Aur राहुल सर का इंफॉर्मेशंस उस स्पीशीज को और अच्छे से जाने में मदद (हेल्प) कर रहा था.

यहाँ भी सभी दोस्तों का हसी मजाक चलता raha…Naye नए स्पीशीज देखने ka…Unke बारे में जाने का और कोई भी मस्ती का मौका नहीं छोड़ रहे थे.

करीब 3 घंटा तक सभी अलग अलग जगह घूमते रहे और लग अलग स्पीशीज देखते रहे.

अजय:- सर भूख लग रहा है?

डॉ. राहुल:- इतनी जल्दी?

अजय:- 6 घंटा हो गया है कुछ नहीं khaaya…Abhi ज़ू में भी चल hi रहे hai…Jyada रेस्ट भी नहीं kiya…Thoda थकान भी है.

राहुल सर कुछ सोच hi रहे थे तभी,

अंजलि:- सर मुझे भी भूख लग रहा है.

अंजलि की इस बात पर राहुल सर ने कुछ सोच कर कहा.

डॉ. राहुल:- और किसी को?

काजल:- मुझे भी.

फिर राहुल सर अतुल और निशा की तरफ देखते है.

डॉ. राहुल:- तुम दोनों को?

अतुल:- नहीं sir…Mai ज़ू विजिट से निकलने से 1 घंटा पहले hi खा कर आया tha…Lagh भाग 4 घंटे pehle…Aur अब्ब 1-2 घंटे में पूरी ज़ू देख भी लेंगे फिर होटल में जा कर खाऊंगा.

डॉ. राहुल:- निशा तुम?

निशा:- मुझे भी भूख नहीं है.

निशा की बात पर अंजलि उससे अलग hi नजरो से घूरती hai…Nisha भी मुस्कुरा कर उससे बता देती है की उसने सही सोचा.

अजय:- कोई बात nahi…Tu मत khaa…Lekin हमारे साथ बैठ.

अतुल:- कोई जरुरी nahi…Pata नहीं ऐसे मौका कब mile…Mai तो एक नजर फिर सभी स्पीशीज पर lagaunga…Pata नहीं फिर कब देख पाउ इन्हे.

अजय:- आज तेरे लिए दोस्त से ज्यादा टूर इम्पोर्टेन्ट हो गया?

अजय ने इमोशनल होने की एक्टिंग करते हुए कहा.

अतुल:- Haa…Kehte है न घर की मुर्गी दाल barabar…Tu तो हमेशा अपने पास hi रहेगा.

अतुल की इस बात पर सभी अजय पर हसने लगे.

अतुल:- बाद में तो तेरे साथ hi टाइम पास करना है yaar…Jaa तू खा कर aa…Mai तब तक इधर उधर hi देखता रहूँगा.

इस बार अतुल ने अच्छे से समझाते हुए कहा.

काजल:- लेकिन इस ज़ू में कोई होटल और रेस्टोरेंट मिलेगा?

डॉ. राहुल:- ये तो नहीं pata…Mil भी सकता है और नहीं bhi…Agar नहीं मिला तो पॉप कॉर्न, इसक्रीम्स से काम चला लेंगे.

फिर सभी चले गए खाने के liye…Baaki रह गए अतुल और निशा.

दोनों साथ में वही केज की तरफ चले गए जो दोनों ने पहले hi देख लिया था.

निशा ने महसूस किया अतुल बातें तो अच्छे से कर रहा है लेकिन वो कुछ सोच में भी गुम्म है.

निशा:- क्या सोच रहे हो?

अतुल:- बस यही की इस ज़ू विजिट को एन्जॉय करू या नहीं.

अतुल की बात से hi पता चल रहा था की वो कितनी गहराई में ये बात सोच रहा था.

निशा:- अब्ब तुम्हे क्या हो gaya…Kitna मजा आ रहा है.

अतुल:- मजा तो आ रहा hai…Naya एक्सपीरियंस भी है और कुछ नॉलेज भी मिल रहा hai…Lekin ये बात भी परेशान कर रहा है की क्या सच मई हमें ज़ू को इतना एन्जॉय करना चाहिए?

हम जिस जानवर और छिड़ियों को देख रहे hai…Unhe कैद किया गया hai…Agar दूसरी सेंटेंस में कहु तो उनके फ्रीडम को चीन गया hai…Jo बिलकुल भी सही नहीं hai…Aur हम इसी चीज़ को एन्जॉय करने यहाँ आये hai…Kya हम इंसान अपने ख़ुशी और मजे के लिए दूसरे जानवरो के साथ ऐसे बर्ताव कर सकते है?

अतुल की बात सुन कर निशा थोड़ा हसने lagi…Atul को ये बहुत अजीब लगा.

निशा:- बहुत सोचते हो.

अतुल कुछ नहीं bola…Bas निशा को देखता रहा.

निशा:- अच्छा एक बात bataao…Tum वेग हो या नॉन - वेग?

अतुल:- नॉन - वेग.

अतुल ने जैसे hi ये kaha…Wo खुद hi और सीरियस हो गया.

निशा:- किसी को मारना कैद करने जितना बुरा भी नहीं है.

निशा की इस बात ने अतुल को अंदर तक झटका diya…Wo अब्ब बहुत बड़ी सोच में पद गया.

निशा:- तुम तो और भी सीरियस हो gaye…Non - वेग होना कोई गलत नहीं hai…Kuch नुट्रिशन हमें मिलते है जो बहुत जरुरी है और सिर्फ मीट में hi मिलता है.

एक और example…Bahut साड़ी जंगली जानवर कर्नीवोरोस (नॉन - वेग) hi होते hai…Abb उन्हें भी तो गलत नहीं कह sakte…Kyu की नेचर ने सभी को बनाया hi ऐसे hai…Aur डार्विन का theory…Struggle फॉर existence…Jo दुनिया से लड़ सकता है और जीने की काबिल है वो hi सर्वाइव करता hai…Aur वो जानवर जो दुसरो का शिकार बनते है उनके पास भी ऐसे कई खासियत होता है जो शिकारी जानवर के पास नहीं.

नेचर ने सभी को बराबर बनाया hai…Kisi में कुछ अच्छाई तो कुछ बुराई.

और रही बात ज़ू में कैद करने ki…Ha ये गलत हो सकता है लेकिन बहुत फायदा भी है.

टूरिज्म और लोकल सिटीजन की इस ज़ू विजिट से गवर्नमेंट बहुत कमा भी सकता hai…Aur यही फण्ड अच्छे काम और डेवलपमेंट में भी लगाया जा सकता hai…Jisse शायद बहुत इंसान का भला हो सकता है.

और कैद jaanwar…Ha उनकी आजादी जरूर चीन जाती है लेकिन उन्हें फुल टाइम खाने के लिए मिलता भी है और प्रोटेक्शन भी मिलता hai…Ye नहीं कहूँगी की उनके लिए अच्छा है ये सब लेकिन कुछ हद्द तक जरूर है.

किसी की लाइफ में सब कुछ अच्छा हमेशा तो नहीं हो सकता hai…Kuch मज़बूरी और कोम्प्रोमाईज़ करना hi पड़ता है.

यहाँ तक की पूरी दुनिया hi ऐसी hai…Bahu साड़ी अच्छाई और बुराई bhi…Aur ऐसी छोटी छोटी बातो पर रिग्रेट नहीं karte…Samjhe बुद्धू.

निशा की एक्सप्लनेशन और उसकी बातो से अतुल भी थोड़ा मुस्कुराने लगा.

अतुल:- इतना नॉलेज?

अतुल की आवाज से पता चल रहा था वो निशा की बातो से बहुत इम्प्रेस हो गया है.

निशा:- कोई शक? ज्यादा बोलती नहीं हु तो तुमने मुझे मुर्ख समझ लिया ?

अतुल:- तो फिर बोलै करो yaar…Mujh गवार को भी कुछ नॉलेज दे do…Pata नहीं कब काम आ जाए.

निशा:- Jarur…Kabhi कभी किताबों से बाहर निकल कर हमसे बातें कर लिया karo…Har एक सेंटेंस में ज्ञान मिलेगा.

अतुल:- जो हुकुम Madam...Koshish करूँगा.

फिर दोनों साथ में चलते रहे ऐसे hi हसी मजाक करते hue…Dono बहुत पहले hi एक दूसरे से खुल गए the…Aisi हसी मजाक दोनों के बिच अब्ब आम बात हो चूका था.

अतुल:- तुम भी कोई सोच में खोयी ho…Kya बात है?

निशा:- ये वाइल्डलाइफ के बारे में सोच रही hu…Sirf जंगल hi उनकी दुनिया hai…Aur इतनी छोटी दुनिया में भी कितनी ख़ुशी और प्यार से जीते है.

मई भी यही सोच रही thi…Kaash मेरे लाइफ भी ऐसा hi ho…Jyada पैसा और ज्यादा शान नहीं चाहिए लाइफ me…Bas ख़ुशी और प्यार से अपने जिंदगी जी पाउ इतना hi बहुत hai…Simple एंड स्वीट फॅमिली हो.

अतुल:- तो तुम किसी जंगल में रहने वाले आदि वाशी से शादी करने की सोच रही हो?

जब अतुल ने ये बात कहा तब निशा बोतल से पानी पी रही thi…Atul की अचानक इस बात से निशा चौंक गयी और मुंह में भरा हुआ पानी अचानक hi अतुल के मुंह में उढ़ेल दिया.

निशा:- सॉरी sorry…Anjaane में हो गया.

अतुल ने उससे चुप होने का का इशारा करते हुए kaha…Fir पॉकेट से अपना चाणक्य निकाल कर चेहरा साफ़ करने लगा.

अतुल:- बहुत डेंजरस हो tum…Abb तो संभल कर मजाक करना padega…Warna पता नहीं आगे क्या हाल होगा. :सकारेद:

निशा:- सॉरी.

अतुल:- कोई बात nahi…Jaan बुझ कर तुमने ऐसा नहीं किया.

फिर दोनों के बिच कुछ पल की खामोशी चा गया.

अतुल:- तुमने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया.

अतुल फिर मजाक के मूड में आ गया.

निशा:- बुद्धू hi रहोगे tum…Baat को गलत तरीके से कैसे समझना है कोई तुम से sikhe…Maine तो कहा था की मेरी लाइफ सिंपल एंड स्वीट ho…Wildlife तो बस एक्साम्प्ले था.

निशा:- और तुम्हारा क्या प्लानिंग है फ्यूचर का.

अतुल:- अभी ज्यादा आगे का सोचा नहीं hai…MBBS के बाद मद के लिए किसी फॉरेन कंट्री में jaaunga…USA या फिर कोई यूरोपियन.

निशा:- (इन हेर मंद) तुम्हारे लिए वह भी चली jaaungi…Bas इतना याद rakhna…Tab तक तुम मेरे बन जाओगे और बनना hi पड़ेगा.

निशा:- क्यों? हमारे देश में कॉलेज काम है क्या या फिर पढ़ाई का क्वालिटी अच्छा नहीं है?

अतुल:- Nahi…Wo बात नहीं hai…Ek बार बाहर घूमने जाने का सोचा hai…To फिर सोचा वही पढ़ भी लूंगा और नयी नयी जगह भी देख paaunga…Baad में तो यहाँ आ कर काम करना hi है.

निशा:- फिर यहाँ वापसी क्यों? अगर वही सेटल्ड हो गए तो ओप्पोर्तुनिटी और एअर्निंग भी अच्छा होगा.

अतुल:- बात तो सही hai…Doctors के लिए बाहर स्कोप बहुत अच्छा hai…Lekin मुझे बिलकुल भी इंटरेस्ट नहीं hai…Apna देश अपना hi होता hai…Aur पैसा hi सब कुछ नहीं है मेरे liye…Ek अच्छा और ईमानदार डॉक्टर बनना चाहता hu…Bas यही काफी है.

मब्ब्स पढ़ने से पहले hi सोच लिया था maine…Ek ऐसे गांव में काम करूँगा जो बहुत hi ुंडेवेलोपेड हो और जहा हेल्थ कंडीशन बहुत बुरा हो.

अगर फॉरेन कंट्री जाऊँगा तो हमेशा मन में यही दर्द रहेगा की मेरे देश में लोग मर रहे है छोटी छोटी बीमारी की वजह se…Aur मई यहाँ पैसे कमा रहा हु और खुदगर्ज़ बन गया हु.

क्या फायदा ऐसे पैसे का और इज़्ज़त का जो खुद की नजरो में hi गिरा दे.

वैसे भी फुल स्कालरशिप में पढ़ रहा hu…Aur ये गवर्नमेंट कॉलेज hai…Desh ने इतना कुछ किया है मेरे liye…Free में पढ़ा रहा hai…Doctor का डिग्री दे रहा है.

मेरा भी तो फ़र्ज़ बनता है देश का क़र्ज़ उतारने का और सेवा करने ka…Issi लिए सोच लिया है निस्वार्थ भाव से सेवा करूँगा किसी गांव में जहा मेडिकल और हेल्थ फैसिलिटी का पहुँच ना हो.

ये कहते वक्त अतुल की आँखों में आंसू के कुछ बून्द आ गया.

निशा उससे प्यार भरी निगाह से देखती रही और फिर खुद hi उसने अतुल की आंसू पांच दिए.
 
अपडेट 47

ये कहते वक्त अतुल की आँखों में आंसू के कुछ बून्द आ गया.

निशा उससे प्यार भरी निगाह से देखती रही और फिर खुद hi उसने अतुल की आंसू पांच दिया.

कुछ देर चुप रहने के बाद अतुल ने कहा.

अतुल:- पता नहीं कभी कभी क्या हो जाता है बहुत इमोशनल हो जाता hu…Bahut दूर का सोचने लग जाता hu…Present को भूल कर फ्यूचर में जीने लगता हु.

निशा:- तो इस में गलत क्या hai…Insaan को पास्ट, प्रेजेंट और फ्यूचर तीनो वक्त में जीना chaahiye…Past से कुछ सीखना चाहिए, फ्यूचर को अच्छा बनाने के लिए अभी से प्लानिंग और हार्ड वर्क करना चाहिए और प्रेजेंट में कुछ पल के लिए ये बात भुला कर एन्जॉय करना चाहिए.

निशा की बात पर अतुल थोड़ा मुस्कुरा कर उससे देखता है और कहता है.

अतुल:- बहुत समझदार हो.

निशा:- वो तो बच्चपन से hi हु.

निशा की इस बात पर फिर दोनों हसने लगते है.

अचानक अतुल कुछ कहे बिना आगे चलता hai…Nisha कुछ नहीं कहती बस उससे हैरानी से देखती रहती है.

अतुल आगे चल कर पॉप कॉर्न की 2 पैकेट्स ले कर आता है.

अतुल:- चलो खाते हुए देखते है बाकी की जानवरो को.

निशा भी 1 पैकेट लेती है और अतुल के साथ आगे बढ़ती है.

निशा:- कितना अच्छा लग रहा है न ये टूर.

अतुल:- Ha…Itne में hi बहुत एडवेंचर्स कर लिया hai…Aage का भी सोच लिया hai…Sir से रिक्वेस्ट करूँगा बुंजी जंपिंग का.

निशा:- बुंजी जंपिंग?

निशा ने चौंक कर कहा.

अतुल:- है बुंजी jumping…Lekin इस में इतना चौंकने की क्या बात है?

निशा:- तुम्हे दर नहीं लगता?

अतुल:- अगर लगता तो सर से रिक्वेस्ट करने की बात सोचता भी नहीं.

निशा:- कभी तरय किया है?

अतुल:- Nahi…Mauka hi नहीं mila…First टाइम करने का सोच रहा hu…Rafting तो कर नहीं paaya…Lekin बुंजी जंपिंग के लिए जरूर मनाऊंगा सर को.

निशा:- सच में दर नहीं लग रहा है तुम्हे?

निशा की बातो में कुछ घबराहट और कुछ फ़िक्र था.

अतुल:- अभी तक तो nahi…Agar वह पर लगा तो माउंटेन देव् पि कर जम्प karunga…Wo कहते है न दर के आगे जीत है.

अतुल का इस बकवास जोक्स पर निशा को बिलकुल भी हसी नहीं aaya…Wo बस अतुल को फ़िक्र के साथ hi देखती रही.

अतुल:- सच कहु तो थोड़ा थोड़ा दर लग रहा hai…Lekin ये भी जानता हु की कुछ नहीं hoga…Itna कॉन्फिडेंस है खुद par…Aur एक नया एक्सपीरियंस में जो मजा मिलने वाला है इसी बात को सोच कर दर को साइड में रख कर एन्जॉय करने की सोच रहा हु.

अतुल की इस बात पर कुछ देर सोचने के बाद निशा ने सोचा अगर अतुल कॉन्फिडेंस और इतना hi उत्शुक है तो उससे कुछ नहीं होगा.

फिर दोनों ऐसे hi बातें करके आगे बढ़ते rahe…Dheere धीरे दोनों के बिच फिर हसी मजाक सुरु हो गया.

अब्ब दोनों कागद एनिमल से बाहर निकल कर फील्ड की तरफ जाने लगे.

फील्ड में सबसे पहला दोनों ने देखा डियर को.

डियर भी जाली के पास hi था.

निशा ने अपने हाथ में कुछ पॉप कॉर्न ले कर हाथ को आगे बढ़ाया.

अचानक अतुल थोड़ा घबरा कर निशा का हाथ पीछे खिंच लेता है.

निशा:- क्या हुआ?

अतुल:- पागल हो kya…Ye रूल के खिलाफ hai…Agar सिक्योरिटी ने देख लिया तो अच्छी खासी पनिशमेंट मिल जाएगा.

निशा फिर आस पास देखती है और अतुल से कहती है.

निशा:- कोई नहीं है.

अतुल:- लेकिन ये तो रूल के खिलाफ है न.

निशा:- कुछ गलत नहीं कर रही hu…Aur गलत इंटेंशन भी नहीं hai…Mai तो बेचारे को पॉप कॉर्न खिला रही hu…Tum भी तरय karo…Dekhna कितना मजा आएगा.

फिर निशा हाथ आगे बढ़ा देती hai…Iss बार अतुल भी कुछ नहीं kehta...Kuch hi देर में वो डियर निशा के पास आ कर पॉप कॉर्न खाने लगता है.

अतुल भी दोनों को देख रहा tha…Nisha की फेस में ख़ुशी देख कर अतुल भी मुस्कुराने लगता है.

और फिर वो भी अपने पॉप कॉर्न हाथ में ले कर हाथ आगे बढ़ा देता है.

निशा:- क्यों मर. अब्ब आप रूल विओलाटे नहीं कर रहे है क्या?

निशा ने मुस्कुरा कर पूछा.

अतुल:- वो तो कर रहा hu…Lekin इस डियर के फायदा के लिए और इससे कोई हरम भी नहीं hoga…Medical एथिक्स में इससे बेनेफिकेन्स कहते है.

निशा:- सीधा सीधा कहो तुम ये अपने लिए कर रहे हो.

अतुल:- वो भी hai…Dekhna चाहता हु कैसा फील होता है डियर को पॉप कॉर्न खिलाने से.

फिर वो डियर अतुल के पास चला जाता है और अतुल के हाथ से पॉप कॉर्न खाने लगता hai…Suru में तो अतुल को मजा आ रहा था लेकिन अचानक hi डियर का दांत अतुल के 2 ऊँगली के बीच में आ जाता है और थोड़ा सा दर्द के साथ अतुल हाथ बाहर निकाल लेता है.

अतुल:- आउच.

निशा भी जल्दी अतुल के पास जाती है और उसका हाथ पकड़ लेती है.

निशा:- कही खून तो नहीं निकल रहा है.

इतना कह कर निशा अतुल की ऊँगली चूसने hi वाली थी की अतुल अपना हाथ जल्दी से खिंच लेता है.

अतुल:- ये क्या कर रही ho…Bas थोड़ा दर्द हुआ था और ज्यादा खून भी नहीं निकल रहा hai…Dawa लगा लूंगा लेकिन तुम इस ऊँगली को चूसने जा रही थी :युक:.

अतुल की बात सुनने के बाद निशा को एहसास हुआ सच में वो बेवकूफी hi करने जा रही thi…Deer का थूक. :युक:

उसने अपने मन में सोचा.

निशा:- (इन हेर मंद) ये प्यार भी na…Pata नहीं आगे क्या क्या करवाएगा.

निशा:- ज्यादा दर्द तो नहीं है न.

अतुल:- Nahi…Bas कुछ देर के लिए हुआ था tabhi…Abb ठीक है.

अतुल:- मई तो किसी का भी जूथ नहीं khaata…Lekin तुम डियर ka…Soch कर hi अजीब लगता है.

निशा:- अगर तुम्हारे मेडिकल लैंग्वेज में कहु तो ये रिफ्लेक्स एक्शन था samjhe…Tumhe दोस्त मानती हु और तुम्हारा थोड़ा फ़िक्र क्या kiya…Tum तो…

फिर निशा चुप हो जाती है मुंह फुला लेती है.

अतुल:- Sorry…Mera इंटेंशन नहीं था तुम्हे हर्ट करने ka…Maine भी तो तुम्हारा फ़िक्र करते हुए कहा hai…Agar ऊँगली तुम्हारा मुंह में चला जाता तो ब्लड के साथ इन्फेक्शन bhi…Agar डियर में कोई डिजीज होता तो उसका सलीवा से तुम में भी ट्रांसमिट हो सकता था.

अतुल की इस बात पर भी निशा कुछ नहीं boli…Lekin कुछ देर बाद उसके दिमाग में एक बात आया.

निशा:- क्या कहा तुमने? आज तक किसी का जूथ नहीं खाया है?

अतुल:- बचपन में खाता tha…Lekin जब से समझदार हुआ हु तब से nahi…Bahut ावक्वार्ड लगता है.

निशा:- मतलब आज तक किसी को किश भी नहीं किया है?

निशा की इस बात पर दोनों hi चौंक gaye…Nisha को भी कुछ समझ में नहीं आ रहा था उसने क्या कह दिया.

निशा:- पागल हो गयी hu…Pata नहीं क्या पूछ diya…Sorry.

[Note:- Friends Xossip ka Update 47 and 48 abhi nahi likhunga. Unn updates me story ko kaafi aage badha kar romantic update likha tha. Wo updates baad me aayega with continuous flow.]
 
अपडेट 48

आफ्टर ज़ू विजिट

ज़ू विजिट से घूमने के बाद शाम में सभी वापस अपने होटल में आ गए.

जब अतुल को बोर लग रहा था तब उसने परमिशन ले कर बाहर घूमने चला गया.

कुछ देर तो वो ऐसे hi रोड में घूमता raha…Fir उससे एक पार्क दिखा.

ऐसे hi वो पार्क देखने अंदर चला गया.

पार्क में जाने के बाद उससे फिर थोड़ा हैरानी हुआ.

सामने एक बेंच में निशा बैठी thi…Atul भी उसके पास चला गया.

अतुल को देखने के बाद निशा ने शामे वही रिएक्शन दिया जो अतुल के फेस पर पहले आया था.

अतुल:- तुम यहाँ?

अतुल की आवाज में थोड़ा हैरानी अभी भी था.

निशा:- कुछ देर पहले hi आयी thi…Lekin तुम? कही मेरा पीछा तो नहीं कर रहे हो?

अतुल का कन्फ्यूज्ड फेस देख कर निशा समझ गयी की उसका भी कुछ देर बाद आना एक co-incidence है.

अतुल:- नहीं nahi…Mai ततो ऐसे hi आया था पपरक में.

निशा की अचानक की इस सवाल में अतुल बस यही जवाब दे पाया.

निशा:- इतना क्यों हकला रहे हो?

निशा ने घूरते हुए पूछा.

इस बार अतुल भी समझ गया की निशा उसके साथ मजाक कर रही hai…Iss बार वो भी रिलैक्स्ड हो कर बोलै.

अतुल:- क्यों की अचानक से तुम्हारे इस सवाल का जवाब नहीं दे पा रहा tha…Sawaal भी नार्मल नहीं tha…Mujh जैसे शरीफ लड़का पर तुम किसी लड़की के पीछे आवारा की तरह घूमने का इलज़ाम लगा रही थी?

निशा:- क्या कहा तुमने तुम शरीफ हो?

निशा ने थोड़ा हँसते हुए puchha…Jaise अतुल का खुद को शरीफ कहने का मजाक उड़ा रही है.

अतुल:- क्या मई शरीफ नहीं लगता तुम्हे?

निशा:- क्या तुम्हे सच में लगता है तुम शरीफ हो?

निशा अतुल की टांग खींचने की मूड में थी.

अब्ब अतुल भी थोड़ा सीरियस हो कर सोच में पड़ गया.

निशा:- Buddhu…Serious हो gaye…Majaak भी नहीं समझते हो.

इतना कह कर निशा ने थोड़ा हँसते हुए अतुल के सर में धीरे से मारा. :सिली:

फिर अतुल भी थोड़ा हसने laga…Aur वो भी आ गया मजाक के मूड में.

अतुल:- तुम्हे नहीं लगता आज कल हमारे बिच कुछ ज्यादा hi co-incidence हो रहा hai…Anjaane में hi हम दोनों पहले से ज्यादा टाइम स्पेंड कर रहे है.

निशा:- बात तो सही है tumhaara…Tumhe क्या लगता है क्या वजह हो सकती है?

अतुल:- मई बे मिसुन्दरस्टण्डींग क्लियर हुआ इस वजह se…Jo भी हो अच्छा hi hai…Dushmani, नाराजगी और ग़लतफहमी से तो दोस्ती hi अच्छा है.

निशा:- सही kaha…Lekin मई कुछ और सोच रही हु.

ये कहने के बाद निशा के फेस में एक अलग hi मुस्कान आया.

अतुल:- क्या?

निशा:- वो सरक का एक डायलाग था na…Pyar, सिद्दत और Saajish…Thik से याद नहीं आ रहा hai…Kahi ऊपरवाला हमें मिलाने की साजिश तो नहीं कर रहा है? इसी वजह से शायद हमारा नजदीकी बढ़ा है.

निशा ने ये कह तो diya…Lekin कहने के बाद उसने अपना हंसी को बहुत मुश्किल से roka…Aur अतुल का चेहरा देखने लगी साथ में उसका जवाब का इंतजार भी.

अतुल ने जैसे hi ये सुना उसके चेहरे का सभी भाव एक साथ गायब हो gaye…Usse जैसे निशा की बात पर यकीं hi नहीं आया.

निशा:- Buddhu…Baat बात पर सीरियस हो जाते हो.

फिर से निशा ने हंस कर कहा तो अतुल कुछ नार्मल हुआ.

अतुल:- ये क्या बार बार तुम ऐसी मजाक करके मुझे परेशान कर रही हो.

अतुल ने थोड़ा नाराजगी की एक्टिंग करते हुए कहा.

निशा:- इस मजाक नहीं कहते है janaab…Isse फ्लिर्टिंग कहते है.

निशा का फिर एक मजाक और अतुल फिर serious…Fir निशा का उसी तरह हंस कर अतुल को वापस हक़ीक़त में लाना.

अतुल:- फ्लिर्टिंग?

अतुल ने चौंक कर कहा.

निशा:- क्यों? नहीं कर सकती हु क्या?

अतुल:- नहीं.

निशा:- क्यों?

अतुल:- क्यों की हम फ्लिर्टिंग उसी से करते है जिससे हमें प्यार होता hai…Aur हमारे बिच तो ऐसा है hi नहीं और ना hi सोच सकते है.

निशा:- हम दोस्त तो है न.

अतुल:- दोस्तों के बिच मजाक होता है फ्लिर्टिंग नहीं जब तक प्यार नहीं है.

ये कहने के बाद अतुल अचानक hi सीरियस हो gaya…Fir बोलै.

अतुल:- कही तुम्हे मुझ से प्यार वयर तो नहीं हो गया?

अतुल की इस सवाल से निशा एक पल के लिए सोच में पड़ gayi…Lekin अगले पल hi बहुत आसान सा जवाब आ गया उसकी दिमाग में.

निशा:- क्या? ऐसा कैसे कह सकते हो तुम? भूल गए मई किसी से प्यार करती hu…Uss दिन बताया भी था.

अतुल:- ओह्ह sorry…Bhul गया था.

फिर निशा अतुल की कंधे में धीरे से मारने लगती है.

निशा:- कुछ भी सोचते हो.

अतुल:- सॉरी.

अतुल ने मासूमियत से इस बात को टालने के लिए कहा.

निशा:- सो लेटस क्लियर confusion…Wo फ्लिर्टिंग नहीं मजाक tha…Abb मुझे मेरे दोस्त के साथ मजाक करने का हक़ तो है न?

अतुल:- है बिलकुल है.

फिर इसी तरह दोनों के मजाक के मूड में होने के बाद सुरु हो गया ऐसे hi हंसी मजाक के daur…Fir ये कब तक चलता रहा इस बात का पता दोनों को hi नहीं chala…Abb दोनों साथ में बहुत खुलने लगे the…Dono का हंसी मजाक और निशा की इंदिरेक्ट फ्लिर्टिंग अब्ब कॉमन बात हो गया था दोनों के बिच.

इस बिच निशा को अतुल का सेंस ऑफ़ ह्यूमर और प्यार में भोलापन बहुत अच्छा लग रहा था और साथ में हंसी भी आ रहा tha…Nisha को अतुल के साथ बातें करना और अतुल को निशा की दोस्ती बहुत अच्छा लग रहा था.

दोनों का ध्यान तब टुटा जब आस पास hi किसी के रोने की आवाज आ रहा था वर्ण दोनों सारा दुनिया से बे खबर एक दूसरे में hi व्यस्त थे.

इस रोने की आवाज ने दोनों का ध्यान उनके तरफ खिंचा.

सामने एक लड़का और लड़की एक दूसरे से गले लगे हुए थे और रू रहे थे.

अतुल और निशा दोनों को ये सब क्या हो रहा है कुछ समझ में नहीं आ रहा tha…Dono ने एक दूसरे को देखा फिर सामने रू रहे लड़का और लड़की की तरफ.
 
अपडेट 49

कुछ देर बाद दोनों लड़का और लड़की अलग हो gaye…Aankho में आंसू अब्ब भी था लेकिन ख़ुशी का.

फिर लड़का ने लड़की की आँखों से आंसू पोछ दिया.

लड़का:- मत रू yaar…Tumhaari आँखों में आंसू अच्छा नहीं लगता.

लड़का ने बहुत प्यार से कहा.

लड़की:- तुम भी अपनी आँखें देखो.

लड़की ने मुस्कुरा कर जवाब दिया.

लड़का फिर अपना हाथ अपनी आँखों तक ले जाता है और फिर उससे पता चलता है की उसका आँखों में भी आंसू है.

फिर लड़का भी लड़की की तरफ देख कर मुस्कुराता है.

और फिर चलता है दोनों के बीच आँखों का pyar…Dono एक दूसरे को देखने लगते है और आँखों से hi एक दूसरे को प्यार जताने लगते है.

कुछ देर बाद दोनों साथ hi एक बेंच पर बैठते है.

लड़का सीधा बैठा था और लड़की उसकी सर को लड़का की कंधे पर रख कर बैठी थी.

लड़का:- क्या सोच रही हो?

बहुत देर की खामोशी को तोड़ कर कहा लड़का ने.

लड़की:- सोच रही हु की कैसे अचानक से मेरी किस्मत मुझ पर मेहरबान हो गया.

लड़की ने लड़का की आँखों में देख कर kaha…Ye कहने के बाद फिर उसकी आँखों में आंसू आ गया.

लड़का ने फिर लड़की की आँखों से आंसू पोछ कर कहा.

लड़का:- प्यार में किस्मत होना भी बहुत जरुरी hai…Mera भी किस्मत मुझ पर मेहरबान है जो तुम मुझे mili…Warna हम दोनों एक दूसरे की फीलिंग्स जाने बिना hi अलग हो जाते.

लड़की:- अलग तो हो jaate…Par मई तुम्हारे बिना नहीं जी paati…Itne वक्त से हम दोनों एक दूसरे के साथ hai…Pyar कब हो गया और कब इतना गहरा हो गया पता hi नहीं chala…Sure नहीं थी की तुम मुझसे प्यार करते हो या नहीं और मई भी दर रही थी प्रोपोज़ करने से.

कैसा हालत हो गया था mera…Naa hi तुमसे दूर रहना चाहती थी और ना hi प्रोपोज़ करने की हिम्मत था.

लड़का:- कितना अजीब बात है na…Pyar तो हम बहुत करते है लेकिन इज़हार करने से डरते hai…Wo भी इस लिए की कही हम जिंदगी भर के लिए जुड़ा न हो जाए अपने प्यार से.

लड़की:- यही बातें सोच रही थी मई bhi…Agar तुमने प्रोपोज़ यही किया होता तो पता नहीं क्या होता हमारा.

लड़का:- अब्ब ये बातें chhodo…Jo भी हुआ, जैसा भी हुआ बहुत अच्छा hua…Abba आगे की sochenge…Abb हमारे बिच मई, तुम और हमारा रोमांस.

लड़का ने लास्ट की लाइन कुछ ऐसी शरारत भरी आवाज से कहा था की लड़की की होंठो में मुस्कान और चेहरे में शर्म की भाव आ गया.

फिर कुछ देर ऐसे hi प्यार भरी बातें और वादा करने के बाद दोनों पार्क से चले गए और साथ में छोड़ गए कुछ सवाल अतुल के दिमाग में.

निशा:- Hello Mr…Kaha खो गए?

निशा की इस आवाज से अतुल होश में aaya…Fir वो निशा को देखने लगा.

निशा:- उन्हें गए 5 मिनट हो चुक्का hai…Aur तुम अभी भी उस जगह को hi घर रहे हो.

अतुल कुछ नहीं kehta…Wo कुछ सोचने लगता है और फिर कहता है.

अतुल:- ये सच था या कोई फिल्म की शूटिंग चल रहा था?

अतुल अभी भी अपने सोच में hi खोया था और थोड़ा कन्फ्यूज्ड भी लग रहा था.

निशा:- फिल्म का शूटिंग? मतलब? कहना क्या चाहते हो?

अतुल:- दोनों की बातें बहुत फिल्मी लग रहा था.

निशा:- फिल्मी? रियल लाइफ का प्यार ऐसा hi होता hai…Filmy लव तो ब्यूटीफुल लोकेशन में जाना, मेहेंगा कस्टम्स में डांस करना और बकवास डायलाग से एक दूसरे को पटना.

अतुल:- कुछ बातें बिलकुल भी समझ में नहीं aaya…Wo लड़की कह रही थी की लड़का के बिना जी नाह paayegi…Aisa थोड़े hi होता hai…Ek जाता है तो दूसरा आ jaayega…For एक्साम्प्ले अगर किसी के पेरेंट्स का डेथ हो गया तो इसका मतलब ये नहीं की वो भी मर jaayega…Aur सब अपने माँ और पापा से hi ज्यादा प्यार करते hai…Unke साथ के बिना भी मूव ों कर सकते है तो ये प्यार क्या चीज है.

एक दो दिन बहुत दर्द होगा, रोना आएगा फिर कुछ दिनों में जिंदगी के साथ आगे बढ़ जाएंगे.

अतुल की बात सुन कर निशा सिर्फ मुस्कुराई.

अतुल:- अब्ब ये मुस्कुराने का क्या मतलब?

निशा:- बात तो तुम्हारा सच hai…Lekin सिर्फ आधा सच hai…Sikke का दूसरी तरफ का सच से अनजान हो.

अतुल:- और वो सच क्या है?

निशा:- तुम नहीं samjhoge…Ye बात सिर्फ प्यार करने वाला hi समझ सकते है.

अतुल:- फिर भी bataao…Bhale hi नहीं समझ पाऊंगा लेकिन जानूंगा तो सही.

निशा:- ये प्यार की बात hai…Jab होगा खुद समझ jaaoge…Kaisa होता है ये प्यार और कितना तोड़ कर रख देती है ये जुदाई और लोग क्यों प्यार में इस तरह पागल हो जाते है की प्यार के अलावा उन्हें कुछ नहीं dikhta…Ye बात तो प्यार करने वाला hi महसूस कर सकता है और बता सकता है.

कुछ समझ में आया.

अतुल ने सर को ना में हिलाया.

निशा:- तुमने सिर्फ उनकी बातें suna…Lekin अगर उनकी आँखों में देखते तो पता चलता कितना प्यार था दोनों की निगाहो में.

तुमने अपना वो hi कन्फूसिओं बताया जो तुम्हे समझ में नहीं aaya…Matlab दिमाग का faisla…Lekin प्यार दिमाग से नहीं दिल से किया जाता है.

अगर दिमाग से प्यार करोगे तो प्यार में भी फायदा hi ढूंढते रह जाओगे और सिर्फ उसी तरह की लड़की ढूंढते रह जाओगे जो खूबसूरत हो और साथ में पैसा वाली.

लेकिन दिल से किया हुआ प्यार का तो कोई जवाब hi nahi…Khud पता चल जाएगा प्यार क्या होता hai…Aisi प्यार जो रूप, रंग, हैसियत, जाती, धर्म कुछ नहीं dekhta…Waha होता है तो सिर्फ pyar…Unconditional एंड नेवर एंडिंग.

निशा इतना कह कर चुप हो गयी लेकिन अतुल अभी भी उससे hi देख रहा tha…Chehra ऐसा था की वो निशा की बातें समझने की कोशिश कर रहा है.

निशा:- नहीं समझे na…Koi बात nahi…Chhodo इस बात को.

निशा ने मुस्कुरा कर kaha…Uski मुस्कान की वजह ये था की वो जानती थी इस इंसिडेंट ने अतुल के दिमाग में कितना असर डाला hai…Jis इंसान को प्यार से मतलब नहीं नहीं था आज वो इतनी गहराई से सोच रहा है.

अतुल:- मुझे लगता है मुझे भी किसी से प्यार करना chaahiye…Samajh जाऊँगा प्यार का मतलब.

अतुल ने मूड फ्रेश करने के लिए kaha…Lekin अंदर hi अंदर वो अभी भी अपने सोच में hi खोया था.

निशा:- प्यार करने से नहीं होता है मर. AK…Ye अपने आप हो जाता है.

अतुल जवाब में सिर्फ muskuraaya…Usse कोई जवाब नहीं मिल रहा था कहने के लिए.

अतुल:- प्लीज बुरा मत maana…Lekin तुमने जो एक्सप्लनेशन दिया था दिल और दिमाग का pyar…Wo किस सवाल के liye…Tumhaari आधा बातें तो मेरे सर के ऊपर से चला गया.

निशा:- तुमने पूछा था न अपना confusion…Wo लड़की क्यों लड़का के बिना नहीं जी पाने की बात कर रही thi…Ussi सवाल का जवाब था.

जब किसी से दिल से सच्चा प्यार करो तो इतना आसान नहीं होता भुलाना और ना hi जुदाई में जी पाना.

खैर छोडो ये baatein…Warna कन्फ्यूज्ड hi रह जाओगे और ये बातें तुम्हारे मतलब का भी नहीं.

फिर अतुल ने भी दिखाने की कोशिश किया की वो नार्मल है लेकिन निशा उसकी हालत से अच्छी तरह वाकिफ thi…Atul के दिमाग में अभी भी बहुत साड़ी सवाल घूम रहा था प्यार के बारे me…Aur सबसे ज्यादा ये सवाल.

अतुल:- (इन हिज मंद) क्या ऐसा भी होता है प्यार? ुंबलीवबले!!!

निशा भी जानती थी अतुल को अब्ब कैसे लाइन में लाना hai…Pyar नाम की वायरस अतुल की दिमाग में एंट्री कर चुक्का है अब्ब उससे एहसास कैसे दिलाना है यही सोच रही थी निशा.
 
अपडेट 50

फिर दोनों ऐसे hi बात करते hai…Ya यूँ कहे की बात करने की कोशिश.

अतुल अभी भी बहुत कन्फ्यूज्ड था फिर भी खुद को नार्मल दिखाने की कोशिश करता है.

निशा:- शायद अब्ब हमें चलना चाहिए.

जब निशा को लगा की अतुल कुछ ज्यादा hi उनकंफर्टबले फील कर रहा है अभी तब उसने कहा.

अतुल:- है…1 घंटा से भी ज्यादा हो गया पार्क me…Chalna चाहिए अब्ब.

अतुल इसी पल का इंतजार कर रहा tha…Jab से उसके दिमाग में ये सब कन्फूसिओं आया था कुछ पल के लिए वो अकेला रहना चाहता tha…Aur डायरेक्टली निशा से कह भी नहीं पा रहा था.

फिर दोनों वह से जाने लगते है.

जब दोनों पार्क में पहुँचते है तब दोनों का मुलाक़ात रवि और अभिशेख से हो जाता hai…(Abhisekh रवि का क्लोज फ्रेंड है और सभी साथ hi पढ़ते है.)

जब सभी का आमना सामना होता है तब.

रवि निशा को देख कर एक स्माइल पास कर देता hai…Nisha को ये देख कर गुस्सा तो बहुत आता है लेकिन वो कुछ नहीं kehti…Bas उससे नजर हटा लेती है.

फिर रवि अतुल को देखता hai…Lekin अगले hi पल वो अतुल से नजर हटा लेता hai…Atul की आँखों में पता नहीं ये कैसा गुस्सा था की वो एक पल के लिए भी अतुल की आँख से आँख मिला नहीं पाया.

अभिशेख भी कभी रवि को देखता तो कभी सामने अतुल और निशा को.

अब्ब अतुल से और रहा नहीं gaya…Wo कुछ कहने hi वाला था की निशा उसका हाथ पकड़ कर आगे ले चलती है.

रवि और अभिशेख भी आगे चले जाते है.

कुछ दूर आगे चलने के बाद अतुल कहता है.

अतुल:- मुझे आगे क्यों ले आयी तुम? आज तो उसका खैर नहीं था.

अतुल की बातो से hi पता चल रहा था वो कितना गुस्सा में है.

निशा:- उनके मुंह लगने से कुछ नहीं hoga…Kicchad में पत्थर फेंकने से खिच्चड़ खुद पर hi ucchlega…Unko इग्नोर करना hi बेहतर है.

अतुल:- ये खिच्चड़ कुछ ज्यादा hi बढ़ रहा hai…Abb तो इस खिच्चड़ का बदबू भी आने लगा hai…Ye और बढ़ जाए इससे पहले hi साफ़ करना पड़ेगा.

निशा:- तुम तो बहुत गुस्सा हो गए? ऐसी बेकार बातो से अपना मूड ऑफ मत करो.

अतुल:- बर्दास्त करने का भी एक लिमिट होता hai…Abb वो क्रॉस हो रहा hai…Bahut बार इग्नोर कर चुक्का हु usse…Abb नहीं hota…Ek बार तो उससे बात करना hi पड़ेगा वो भी अच्छे से.

निशा:- ठीक hai…Agli बार देख लेंगे उससे इस बार जाने do…Tour में आये है टूर को एन्जॉय करते है.

अतुल इस बार कुछ नहीं कहता लेकिन गुस्सा अभी भी उसके चेहरे में साफ़ दिख रहा था.

निशा:- अब्ब गुस्सा थूक भी दो और एक अच्छा सा स्माइल दो.

अतुल ने निशा की तरफ देखा और निशा ने फिर अपना बात को दोहराया तो वो निशा का बात मान कर मुस्कुराने की कोशिश करने लगा.

गुस्से में भी muskaan…Atul का फेस देख निशा खुद को हसने से रोक नहीं पायी.

ात पार्क

रवि और अभिशेख आगे तो बढ़ गए पर रवि के चेहरे में अभी भी वो hi स्माइल था जो निशा को देखने के बाद आया था.

अभिशेख:- ये सब क्या hai…Abhi भी मुस्कुरा रहा hai…Shaayad तूने ज्यादा hi पी लिया है.

रवि:- ये नशा वोडका का नहीं है यार ये नशा है निशा की खूबसूरती की, उसकी अदाओ की.

रवि अभी भी कही खोया हुआ था.

रवि की बात सुन कर अभिशेख ने भी मुस्कुरा कर कहा.

अभिशेख:- पसंद आ गया क्या? Nisha…Wo है भी…

अभिशेख इससे आगे कुछ बोलता रवि का एक थप्पड़ उसके गाल पर लगा.

रवि:- जानता हु तू आगे क्या बोलने वाला hai…Nisha के बारे में कुछ मत बोल.

रवि का ये बात देख कर अभिशेख बुरी तरह से हैरान हो gaya…Aaj पहली बार ऐसा हुआ की किसी लड़की के बारे में बात करते वक्त उसने रवि की हाथ से थप्पड़ खाया था.

अभिशेख अभी भी उससे हैरानी से hi देख रहा tha…Kuch बदला हुआ सा महसूस कर रहा था वो रवि में.

रवि:- सही सोच रहा hai…Mujhe प्यार हो गया hai…I ऍम इन लव.

अभिशेख:- वो तो हर बार होता है tujhe…Jab ज्यादा पीटा है.

अभिशेख की बात सुन कर इस बार रवि सीरियस हो गया.

रवि:- इस बार सच कह रहा hu…I ऍम इन love…True लव.

रवि की आज हर बातें अभिशेख को हैरानी में दाल रहा था.

अभिशेख:- तुझे कोई और लड़की नहीं मिली क्या?

रवि:- क्यों? निशा में क्या कमी है?

इस बार रवि ने थोड़ा गुस्से में कहा.

अभिशेख:- वो अतुल से प्यार करती hai…Wo और अतुल रिलेशनशिप में है.

रवि:- तू कुछ ज्यादा hi सोच रहा hai…Wo दोनों सिर्फ दोस्त है.

अभिशेख:- लेकिन दोनों को एक दूसरे के साथ देख कर ऐसा लगता नहीं की दोनों सिर्फ दोस्त hi है.

रवि:- तो क्या लगता है?

अभिशेख:- नशा को उतरने de…Khud hi पता चल जाएगा तुझे.

रवि:- यहाँ dekh…Meri आँखों me…Aaj पिया जरूर है मैंने लेकिन नशा में ये बात नहीं कह रहा हु.

अभिशेख:- तो ये bata…Tujhe अचानक से ये प्यार कैसे हो गया.

रवि:- पता nahi…Shaayad लव ात फर्स्ट सिघ्त tha…Lekin अट्रैक्शन सोच कर इग्नोर कर दिया tha…Lekin अब्ब nahi…Abb एहसास हो गया है मुझे ये प्यार है.

अभिशेख:- लेकिन निशा तो तेरे तरफ देखती भी nahi…Nafrat करती है वो तुझसे.

रवि:- उसका इसी अदा पर तो मुझे और भी ज्यादा प्यार हो गया usse…Koi बात nahi…Nafrat को प्यार में कैसे बदलना है जानता हु मई.

अभिशेख:- इतना आसान भी नहीं hai…Yaad है एक बार तूने क्लास में निशा को बेइज्जत करने की कोशिश किया tha…Mujhe यकीं है वो अभी तक ये बात भूली नहीं होगी.

रवि:- वो एक भूल हो गया था यार mujhse…Attraction समझ कर उससे और दूर होना चाहता tha…Aur अतुल का भी मजाक उड़ाना चाहता tha…Lekin अब्ब समझ में आ रहा है उस दिन भूल हो गया था mujhse…Khair, किसी तरह मन लूंगा.

अभिशेख:- बहुत कॉंफिडेंट है.

रवि:- होना पड़ता है प्यार में.

अभिशेख:- सही hai…Lekin भूल मत तुम दोनों के बिच अतुल भी है.

रवि:- क्यों उसका नाम ले रहा है बार baar…Dono सिर्फ दोस्त hai…Aur अगर प्यार भी है तो कोई बात nahi…Aaj नहीं तो कल दोनों को अलग कर दूंगा.

उसका hi लॉजिक उसे karunga…Wo डिस्प्लेसमेंट रिएक्शन.

अभिशेख:- अभी भी कहता हु yaar…Nisha को भूल jaa…Kisi और लड़की को dekh…Mujhe नहीं लगता वो कभी तुझसे प्यार करेगी.

अभिशेख की इस बात पर रवि उससे घर कर कहता है.

रवि:- मुझ में क्या कमी है.

अभिशेख:- कमी तो कुछ नहीं hai…Fir भी मुझे दर है की आगे कोई तमाशा न हो jaaye…Waise भी तेरा और अतुल का दुश्मनी पहले से है.

रवि:- प्यार किया तो डरना kya…Waise भी मुझे मतलब नहीं इन् बातो ka…Mujhe सिर्फ इतना पता है मई निशा से प्यार करता हु और यकीं है वो भी मुझसे प्यार करेगी.

हमेशा की तरह रवि इस बार भी कॉंफिडेंट था.
 
अपडेट 51

अपने रूम में जाने के बाद कुछ देर तो अतुल को रवि पर बहुत गुस्सा आ रहा tha…Fir वो ये सोच कर खुद hi शांत हो गया की उससे अगली बार देख लेगा.

उसके बाद दोपहर का इन्सिडेन्स और निशा ने प्यार के बारे में जो बातें कहा सिर्फ उसी बारे में सोचता रह gaya…Pyar नाम की बीमारी अगर किसी को लग जाए तो इसका इलाज इतना आसान nahi…Yaa तो वो इंसान को उसके मंजिल तक पहुंचा देता है या फिर उसको बर्बाद कर के रख देता है लेकिन फिर भी दिल से प्यार शब्द कभी निकलता नहीं.

यहाँ अतुल के साथ भी ऐसा hi हो रहा tha…Pehle तो जब प्यार शब्द उसके दिमाग में आता था तब वो इग्नोर कर के अपने काम में लग जाता था लेकिन इस बार वो खुद इग्नोर नहीं करना चाहता tha…Aaj वो खुद प्यार के बारे में सोच रहा था.

क्या है ये प्यार? कैसा होता है? लोग क्यों प्यार करते है आखिर इतना ख़ास क्यों है ये? कुछ ऐसा hi सवाल अतुल के दिमाग में चल रहा tha…Aur आज उससे ये सब सोचने में अच्छा लग रहा था.

वो अब्ब खुद भूलने लगा था की कभी उसने ये भी कहा था की वो किसी से प्यार नहीं करेगा और ना hi प्यार जैसी फीलिंग्स कभी उसमे आएगा.

उम्र भी कुछ ऐसा था की कोई भी प्यार की तरफ खिंच hi जाता जब इस बात का एहसास होता.

बहुत देर हो गया था रूम में आये अतुल ko…Lekin अभी भी वो अपने सोच में hi अटका हुआ tha…Pyar का soch…Jo उसने महसूस किया तो नहीं था पर शायद अब्ब करना चाहता था.

पार्क में लड़का और लड़की की बातें, निशा का प्यार के बारे में कुछ baatein…Atul अंदर से पूरी तरह डिस्टर्बेद हो चूका tha…Dimaag में यही सवाल घूम रहा tha…"Kya सच मई कोई किसी से सच्चा प्यार कर सकता hai?"…Dimaag ना में जवाब दे रहा tha…Par जो उसने आज आँखों से देखा और कानो से सुना उसको झुठला भी नहीं पा रहा था.

इसी हां और ना में बहुत मुश्किल से उससे रात में नींद आया.

नेक्स्ट डे

अगले दिन सुबह सभी रेडी हो कर एक साथ जमा हो गए थे टूर के अगले डेस्टिनेशन के लिए.

आज ट्रैकिंग का प्लान था.

आज लड़किया तो बहुत एक्ससिटेड थी लेकिन अतुल और अजय ज्यादा nahi…Dono hi अपने सोच में खोये हुए थे.

काजल:- क्या हुआ? तुम दोनों इतने चुप क्यों हो?

दोनों चुप hi rahe…Koi बोलने का मूड में भी नहीं tha…Ajay को भी चुप देख अतुल को hi बोलना पड़ा.

अतुल:- आज थोड़ा मूड ऑफ है.

अंजलि:- और अजय तुम्हे?

अजय:- मेरा भी मूड ऑफ है.

अंजलि:- सब कुछ ठीक तो है na…Ek साथ तुम दोनों का hi मूड ठीक नहीं है.

किसी ने जवाब नहीं diya…Ajay को फिर से चुप देख अतुल को hi बोलना पड़ा.

अतुल:- कुछ नहीं हुआ hai…Bas ऐसे hi.

अंजलि:- नहीं कुछ तो हुआ है?

अतुल:- सच me…Bas ऐसे hi.

अतुल की आवाज में इस बार थोड़ा इर्रिटेशन tha…Wo पहले से hi अपना कन्फूसिओं की वजह से डिस्टर्बेद tha…Abb ऐसे में इस तरह का सवाल उससे और भी इर्रिटेट कर रहा था.

कुछ सोच कर काजल हसने लगती hai…Kajal का इस तरह से हसने से सभी उसको हैरानी से देखने लगते है.

काजल:- मुझे पता चल गया तुम दोनों का लटका हुआ चेहरा की vajah…Ham सब ट्रैकिंग में जा रहे hai…Tum दोनों को जल्दी थक जाने का दर hai…Issi वजह से सोच रहे हो की कैसे ट्रैकिंग पर जाओगे.

इतना कह कर काजल और हसने लगी.

अतुल तो पहले से hi इर्रिटेट हो गया tha…Aur ज्यादा बोलना भी नहीं चाहता tha…Bas छोटा सा जवाब दिया.

अतुल:- घटिया जोक्स था.

इतना कह कर वो दूसरी तरफ घूम गया और उसके चेहरे में इर्रिटेशन अभी भी दिख रहा था.

दूसरी तरफ अजय को ये बात से कोई मतलब भी नहीं tha…Wo अभी भी अपने सोच में hi खोया हुआ था.

डॉ. राहुल:- अतुल और अजय सब ठीक तो है न?

अतुल:- सब ठीक है sir…Bas कुछ सोच में पड़ गया tha…Abb सब ठीक है.

आगे की सवाल से बचने के लिए अतुल स्माइल करने की एक्टिंग करने laga…Atul को देख अजय ने भी वैसा hi किया.

डॉ. राहुल:- अगर कोई प्रॉब्लम है तो बता सकते हो?

अतुल:- नहीं sir…Sab ठीक है.

डॉ. राहुल:- सो शुड वे स्टार्ट वाकिंग टुवर्ड्स आवर डेस्टिनेशन?

अतुल सभी को देख कर.

अतुल:- ी थिंक वे शुड.

डॉ. राहुल:- अगर कोई प्रॉब्लम है और जाने का मूड नहीं है तो स्किप भी कर सकते hai…Agar इंटरेस्ट नहीं है तो जाने का कुछ मतलब भी नहीं.

राहुल सर अतुल का चेहरा hi देख रहे the…Unhe अतुल की बात पर शक हो रहा था की सब कुछ ठीक है.

अतुल:- सर ी ऍम fine…Bas कुछ देर पहले कुछ सोच रहा tha…Simple बात tha…Abb सब कुछ ठीक है.

अतुल आज जाना तो नहीं चाहता था पर दोस्तों के लिए जाने का तय किया.

डॉ. राहुल:- सो let's जो.

राहुल सर को अभी भी ज्यादा यकीं नहीं था अतुल पर लेकिन उन्हें आज का प्लान कैंसिल करने का कोई वजह भी नहीं था.

निशा भी अतुल को नोटिस कर रही thi…Wo भी जानती थी अतुल कुछ सोच रहा hai…Lekin क्या? ये बात वो अतुल से अकेले में पूछना चाहती थी.

फिर सभी चल पड़े अपने डेस्टिनेशन की taraf…Ajay अभी भी चुप tha…Lekin अतुल शक से बचने के लिए कभी कभी कुछ बातें कर लेता.

जानते तो सभी थे की दाल में कुछ काला तो जरूर है अतुल और अजय की बिहेवियर देख kar…Lekin किसी ने कुछ नहीं कहा.

आज इस टूर में किसी को मजा नहीं आ रहा tha…Wo सिर्फ चले hi जा रहे थे और इस चलने का मतलब भी शायद सब भूल गए थे.

अजय की आँखें तो सामने की तरफ था लेकिन नजर कही aur…Issi वजह से वो कई जगह ठोकर खा चूका tha…Lekin खुद को संभल कर वो चल रहा tha…Chehre में कभी दर के भाव था तो कभी परेशानी ka…Lekin जब भी कोई उसकी तरफ देखता वो अपना एक्टिंग स्किल से किसी को ज्यादा शक होने नहीं देता.

लेकिन ऐसे hi चलते चलते एक पत्थर पर जोर से ठोकर लग गया उससे और वो वही निचे गिर गया.

उसके गिरते hi सभी पीछे मुद कर देखने lage…Ajay भी उठ कर खड़ा हो gaya…Chot ज्यादा नहीं था.

अंजलि:- अजय तुम ठीक हो?

इस बार अंजलि ने फ़िक्र के साथ puccha…Usse भी पता चल गया था अजय के साथ सब कुछ ठीक तो नहीं है.

अजय:- No…I ऍम नॉट फाइन.

अजय ने अंजलि की आँखों में देख कर कहा.
 
अपडेट 52

अजय की इस बात पर सभी उसकी तरफ देखने lage…Sab को फ़िक्र होने लगा tha…Ajay की चेहरे से hi पता चल रहा था की वो कितना परेशां है.

अंजलि:- क्या हुआ? क्या परेशानी है?

अंजलि ने भी बहुत फ़िक्र के साथ पूछा.

अजय ने एक बार अंजलि को देखा और फिर आस पास सभी ko…Sabhi को देख कर उसका हिम्मत एक बार फिर गायब हो गया.

वो कुछ नहीं बोलै.

अतुल:- अब्ब चुप क्यों हो गया? क्या हुआ bol…Sab कुछ ठीक कर दूंगा.

अतुल को अजय का पहले चुप रहना बिलकुल पसंद नहीं आया tha…Lekin अब्ब जब उससे महसूस हुआ की अजय परेशान है तो उससे भी फ़िक्र होने laga…Pehle कभी अजय को इस हालत में नहीं देखा था usne…Iss हालत में एक hi बात वो सोच रहा tha…Kisi भी तरह अजय की परेशानी ख़त्म करना.

अजय:- कुछ नहीं.

अजय कह नहीं पाया.

अंजलि:- अब्ब ये क्या कह रहे ho…Pehle तो कह रहे थे की तुम ठीक नहीं हो.

डॉ. राहुल:- अगर कोई प्रॉब्लम है तो bataao…Koi न कोई सलूशन तो मिल hi jaayega…Aise चुप रहने से कुछ नहीं होगा.

फिर सभी ने पूरी कोशिश किया अजय की प्रॉब्लम पता लगाने ki…Lekin अजय का प्रॉब्लम ऐसा था की वो यहाँ किसी को बता भी नहीं सकता था.

फिर भी अभी सब से बचने के लिए उसने बात को ताल दिया.

अजय:- अभी मई मेंटली डिस्टर्बेद हु थोड़ा sa…Kuch टेंशन वाली फीलिंग्स आ रहा है.

अंजलि:- कैसा टेंशन?

अतुल:- तू कब से टेंशन लेने laga…Aur तुझे किस बात की tension…Tu जैसा है वैसा hi ठीक hai…Hansta रह और सब को हंसाता रह.

अतुल ने अजय के पास आ कर कहा.

अजय:- कोशिश तो कर रहा hu…Lekin पता नहीं क्यों आज अंदर hi अंदर अकेला और कमजोर सा महसूस कर रहा hu…Apne सोच में hi डाब कर रह गया हु आज.

अतुल:- किसने कह दिया तू अकेला hai…Ham सब तेरे साथ hai…Abb जो भी सोच रहा है उससे भूल जा और टूर को एन्जॉय कर.

टूर एन्जॉय करने hi आये hai…Aur इसी में ध्यान de…Baatein कर, मस्ती, मजाक kar…Dekhna सब कुछ ठीक हो जाएगा.

अतुल ने अजय के कंधे में हाथ रख कर kaha…Wo अजय को कॉन्फिडेंस देना चाहता था.

अजय ने भी मुस्कुराने की कोशिश किया ये बताने के लिए की वो कोशिश करेगा.

डॉ. राहुल:- अतुल सही कह रहा hai…Jitna टेंशन में रहोगे उतना hi परेशानी बढ़ता jaayega…Relax हो जाओ और सभी के साथ घुल मिल jaao…Bahut जल्द बेहतर महसूस karoge…Aur टेंशन ज्यादा है तो हम सब से शेयर karo…Sab ठीक हो जाएगा.

राहुल सर की बात सुन कर अजय ने चेहरे को हां में हिलाया.

लेकिन अंदर वो खुद से hi बात कर रहा था.

अजय:- (इन हिज मंद) के ों Ajay…Be brave…You कैन दो आईटी.

अजय खुद hi अपना मनोबल बढ़ा रहा था.

फिर सब आगे की सफर की तरफ चल पड़े.

अंजलि को अभी भी लग रहा था की अजय अभी भी ठीक नहीं है जैसा वो दिखाने की कोशिश कर रहा tha…Anjali hi नहीं, सभी को ऐसा लग रहा tha…Lekin सभी अजय को टाइम दे रहे थे की वो नार्मल हो जाए.

अजय भी अब्ब सब के साथ बात करके अपना ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा था.

अब्ब अतुल भी सभी से बात करने लगा tha…Wo भी अपना इस सोच और कन्फूसिओं से कुछ देर के लिए निकल कर सभी के साथ टूर एन्जॉय करने की कोशिश कर रहा था.

अजय और अतुल पूरी तरह ना सही लेकिन माहौल को हंसी मजाक में बदल रहे the…Iss बार ग्रुप में खामोशी नहीं था पहले की तरह.

करीब 1 हर चलने के बाद.

काजल:- सर अब्ब और कितना चलना padega…Mai तो थक गयी हु.

थकान तो सभी को महसूस होने लगा tha…Lekin सवाल काजल ने किया.

डॉ. राहुल:- बस अब्ब कुछ देर aur…Maybe 5 तो 10 minutes…Trekking में मजा नहीं आ रहा है क्या?

काजल:- मजा तो आ रहा hai…Bilkul नया एक्सपीरियंस hai…Alag जगह, अलग एक्सपीरियंस, अलग hi majaa…Lekin अब्ब थक गयी hu…Thoda रेस्ट की जरुरत है.

डॉ. राहुल:- बस 5 minute…Fir आज जाएगा मंजिल जहा से वापसी करना है.

फिर कुछ देर बाद सभी का मंजिल भी आ gaya…Sabhi रेस्ट करने lage…Kuch देर बाद राहुल सर सभी को वही बैठे रहने का बोल कर कुछ खरीदने चले गए.

अतुल:- सॉरी काजल.

मौका देखते hi अतुल ने कहा.

काजल:- सॉरी किस लिए?

अतुल:- सुबह तुमसे बहुत रखा पैन से बात किया था उसके लिए?

काजल:- तुम भी na…Maine उस बात को सीरियसली लिया hi nahi…Jaanti थी तुम परेशान ho…Pareshaani में कोई भी इस तरीके से बात करेगा hi.

अतुल:- बहुत समझदार हो.

काजल:- वो तो हु hi…Abb ये bataao…Hamaare बिच सॉरी और थैंक यू कहा से आ gaya…Matlab दोस्ती में no थैंक यू एंड no सॉरी.

अतुल:- अब्ब फिर से वही रेपेटेड dialogue…Dosti में no थैंक यू no sorry…Kuch नया डायलाग बोलो यार.

अतुल भी अब्ब मजाक के मूड में आने लगा था.

काजल:- अब्ब नया डायलाग कहा से laaungi…Kabhi सोचा नहीं इस बारे में.

अतुल:- सोचो socho…Sochne से लोग नए नए शायरी और कविता लिख डालते hai…Ye तो बस डायलाग है.

काजल:- Waah…Ek नया dialogue…Tumne तो सोचे बिना hi एक नया डायलाग बोल दिया.

अतुल:- इसमें सोचने की क्या baat…Agar मई मूड में आ गया तो हर एक लाइन में एक नया डायलाग बोल दूंगा.

अतुल ने मुस्कुरा कर कहा.

काजल:- तो मूड में hi रहा करो.

फिर इसी तरह दोनों की बातें और मजाक चलता रहा जो देखने से नहीं लगता था की कभी ख़त्म भी hoga…Paas में hi निशा दोनों की बातें सुन रही thi…Usse ज्यादा अच्छा तो नहीं लग रहा था पर पहले की तरह बुरा भी nahi…Abb थोड़ा कण्ट्रोल करना सिख गयी थी वो.

वो भी इंतजार कर रही थी अतुल के साथ अकेले में बात कर के उस स्की परेशानी पूछने की.

और दूसरी तरफ अजय अभी भी गहरी सोच में tha…Achanak उसके दिमाग में एक आईडिया आया.

अजय:- अंजलि.

अंजलि:- है.

अजय:- तुम्हे गोल गप्पे बहुत पसंद है न.

अंजलि:- है बहुत पसंद hai…Lekin तुम ये क्यों पूछ रहे हो.

अजय:- मुझे भी खाने का बहुत मन कर रहा है aaj…Waha सामने hi hai…Chalo चलते है.

अतुल:- Abe…Ye क्या बोल रहा hai…Tujhe तो कल तक बिलकुल भी पसंद नहीं था.

अजय:- लेकिन आज खाने का मन कर रहा है.

इतना कह कर अजय ने अंजलि को आँखों से hi इशारा किया चलने के liye…Wo अतुल से बहस करके टाइम वास्ते नहीं करना चाहता था.

फिर दोनों सामने पास के hi ठेला में gaye…Fir दोनों साथ खाने लगे.

अजय जबरदस्ती थुश रहा था और साथ hi प्यार से अंजलि को देखे जा रहा tha…Aaj उससे अंजलि बाकी दिनों से ज्यादा प्यारी और खूबसूरत नजर आ रहा था.

अंजलि भी अजय को समझने की कोशिश कर रही थी.

अतुल भी ये देख कर मुस्कुरा रहा tha...Aur सोच रहा tha..."Pata नहीं ये प्यार इस बेचारे से आउट क्या कीक्या क्या करवाएगा."

जब दोनों खा कर वापस उसी जगह आने वाले थे तब अजय ने अंजलि की हाथ पकड़ कर कहा.

अजय:- वह 2 मिनट अकेले में chalo…Kuch बात करना है.

अंजलि:- कहो क्या बात है.

अजय:- पर्सनल hai…Akele में बात करना चाहता हु.

अंजलि को थोड़ा बहुत समझ में आ रहा था लेकिन वो फिर भी अजय के साथ चली गयी.

5 मिनट बाद दोनों एकांत में पहुँच गए.

अंजलि:- कहो क्या बात है.

अंजलि ने अजय को देख कर पूछा.

अजय ने भी आँख बंद कर लिया 2 सेकंड के liye…Fir आँख खोल कर अपने पॉकेट से एक गुलाब का फूल (फ्लावर) निकाल कर अंजलि की तरफ बढ़ा कर कहा.

अजय:- ी लव यू.

बहुत हिम्मत कर के अंजाम का परवाह किये बिना बोल दिया अजय ने.

अंजलि अजय के बात सुन कर चौंक padi…Usse बिलकुल भी पता नहीं था की अजय ऐसा कह देगा ये बात, इस तरह से वो भी इतना जल्दी.

उसने अजय की आँखों में dekha…Usse अजय की आँखों में अपने लिए प्यार दिख रहा tha…Pyar hi pyar…Aur आस लगाए एक intejaar…Uski जवाब का.

[Note:- Finally all updates are posted which were written in xossip. Abb mulaakat hogi nayi updates ke saath...Aap sab dost ka bahut bahut shukriya jinhone yaha tak pahunchne me saath diya. Thank you all. :thanks:]
 
अपडेट 53

अंजलि कुछ देर अजय को hi देखती rahi...Uske चेहरे में कुछ भाव नहीं tha...Kuch देर ऐसे hi अजय को देखते रहने के बाद वो अचानक से वह से चली जाती है.

अजय के लिए ये किसी झटका से काम नहीं tha...Wo अंजलि की जवाब का इंतजार कर रहा tha...Yaa तो हां या फिर naa...Ek दो बार उसने अंजलि को पीछे से बुलाया लेकिन कोई फायदा nahi...Anjali चली गयी एक बार भी पीछे देखे बिना.

करीब 5 मिनट का टार्चर सहने के बाद निशा को मौका मिल hi gaya...Abb जाके काजल अतुल से दूर हुई.

निशा:- किस सोच में खोये हुए हो मर. एक?

अतुल:- कही भी तो नहीं.

निशा:- लेकिन ऐसा लगता तो नहीं.

अतुल:- वो कुछ देर पहले कुछ सोच रहा था अब्ब nahi...Abb सब ठीक है.

निशा:- तो फिर थूक दो

अतुल:- क्या?

निशा:- उसी सोच ko...Aur चिल हो कर टूर एन्जॉय करो.

निशा की इस बात पर अतुल सिर्फ मुस्कुराता hi रहा.

निशा:- तुमने hi कहा था mujhse...Abb ये डायलाग कॉपी पेस्ट कर रही हु.

अतुल:- मतलब मेरी बिल्ली मुझको hi म्यू.

निशा:- बिल्ली मत bolo...Warna ये बिल्ली काटना भी जानती है.

अतुल:- तब तो इस बिल्ली से बच कर रहना पड़ेगा.

निशा:- क्या कहा तुमने मुझे? बिल्ली? हाउ डरे यू?

निशा ने भी झूठा गुस्सा दिखाते हुए कहा.

अतुल:- वो mai...Wo मई...

अतुल अब्ब फिर से सोच में पद गया.

निशा:- (विथ स्माइल) बहुत डरपोक हो तुम.

इतना कह कर निशा मुस्कुराती हुई वह से चली गयी.

अतुल भी वह मुस्कुराता हुआ रह gaya...Abb उससे निशा के साथ ये हंसी मजाक बहुत अच्छा लग रहा था.

कुछ hi देर में वह अजय भी आ गया.

अतुल:- क्या हुआ बी? ऐसे मुंह क्यों लटका है तेरा?

अजय कुछ नहीं kehta...Wo अभी भी ऐसे hi खड़ा था जैसे उसका पूरा दुनिया hi लूट गया है.

अतुल:- बोल न?

अतुल ने हँसते हुए पूछा लेकिन अजय ने कोई रिस्पांस नहीं दिया.

अतुल:- लेट में guess...Anjali ने तुझे वह से भगा दिया.

इतना कह कर अतुल जोर जोर से हसने laga...Iss बार अजय ने उससे बहुत गुस्से से dekha...Atul भी समझ गया की कुछ सीरियस बात है.

अतुल:- अगर बताना चाहे तो बता सकता है.

अतुल ने सिर्फ इतना hi कहा था की अजय वह से चला गया.

ट्रैकिंग से वापसी के वक्त भी किसी के बिच ज्यादा बातें नहीं hua...Ajay अपनी hi ग़म में tha...Kisi से उससे कोई मतलब नहीं tha...Anjali के प्यार से ज्यादा उसकी खामोशी उससे ज्यादा खाल रहा tha...Anjali का ऐसे इग्नोर करना उससे बहुत बुरा लग रहा था.

एक दो बार फिर उसने अंजलि से बात करने की कोशिश की लेकिन अंजलि ने कोई रिस्पांस नहीं diya...Abb अजय लगभग टूट hi गया tha...Saare सपने सारे ख्वाहिशें अब्ब उससे टूटता नजर आ रहा tha...Haalaath ऐसा था की ना तो हंस पा रहा था और ना hi रू सकता tha...Kisi तरह खःद को संभाले हुए था.

अतुल भी अजय की परेशानी देख ज्यादा बोल नहीं रहा tha...Bas कभी कभी निशा और काजल से बातें कर लेता.

ट्रैकिंग hi आज का लास्ट डेस्टिनेशन tha...Fir सब वापस होटल आ gaye...Atul और अजय एक hi रूम में थे.

अतुल:- अब्ब तो बता दे yaar...Kyu इस तरह घुट रहा hai...Bata de...Sab ठीक कर दूंगा.

अजय ने एक बार अतुल को देखा लेकिन बोलै कुछ नहीं.

अतुल:- अपने दोस्त को भी नहीं बताएगा.

इस बार अजय चुप नहीं रह सका.

अजय:- नहीं yaar...Abhi मत pucch...Abhi बताने की हालत में नहीं hu...Fir कभी bataaunga...Bharosha कर.

अतुल:- तू ठीक तो है न?

अब्ब अतुल को भी दर लगने लगा अजय की हालत देख कर.

अजय:- है ठीक hu...Thodi सी परेशानी hai...Jald ठीक हो जाएगा.

अतुल:- पक्का.

अजय:- है yaar...Pakka

अतुल:- अपना ख्याल rakh...Jab ठीक लगे बता देना.

अजय ने सर को हां में हिलाया.

अतुल थोड़ा बहुत उसकी परेशानी समझ gaya...Paise या फिर किसी मजबूरी से उससे परेशान होने की कोई जरुरत नहीं tha...Kisi की धमकी से भी वो डरने वाला नहीं था.

Pyar...Yahi एक चीज है जो किसी को भी मजबूर कर सकता hai...Atul ने ये महसूस किया तो नहीं था लेकिन समझ जरूर सकता tha...Waise भी वो अपने दोस्त की हालत से कैसे अनजान रहता.

उसने सोच लिया जल्द hi अंजलि से बात करना पड़ेगा इस बारे में.

फिर वो भी अजय के साथ hi बैठ gaya...Khaali दिमाग सैतान का :डी. इस खाली दिमाग में नए नए सोच आने lage...Aur जब सोच प्यार में चला gaya...Uska सोच वही अटक गया.

फिर प्यार के बारे में सोचने laga...Kya है ये प्यार? कैसा है ये प्यार? लोग क्यों करते है प्यार? यही सब सवाल के बारे में सोचने lage...Park में देखा हुआ सब कुछ याद आ गया और साथ hi निशा की बातें.

अतुल:- अजय?

अजय:- क्या हुआ अब्ब?

अतुल:- कुछ मूवीज देखना है? अपना मोबाइल दे इधर?

अजय:- लेकिन तू मूवीज देखता hi नहीं.

अतुल:- आज देखने का मन कर रहा है.

फिर अतुल अजय की मोबाइल से अपने मोबाइल में कुछ मूवीज सेंड कर लेता है.

जब अजय ने मूवीज के नाम देखा तो ये उसके लिए किसी हैरानी से काम नहीं था.

अजय:- ये क्या? तू कब से रोमांटिक मूवीज देखने लगा?

अतुल:- आज se...Pata नहीं क्यों आज देखने का बहुत मन कर रहा है.

अजय:- सही है.

इतना कह कर अजय फिर चुप हो gaya...Agar अजय का मूड ठीक होता तो आज अतुल की खैर नहीं tha...Atul का इतना मजाक बनता रोमांटिक मूवीज देखने की चक्कर में की एक एक पल उस पर भारी padta...Lekin अजय कजुद hi बहुत बुरी हालत में था इस वक्त.

अतुल फिर मूवीज में बिजी हो गया और साथ hi खो गया प्यार की अलग hi दुनिया me...Ek ऐसी दुनिया जहा जाना तो बहुत आसान है लेकिन निकलना बहुत hi मुश्किल.

अजय ने एक नजर अतुल को dekha...Fir,

अजय:- ये प्यार, मोहब्बत और रोमांस सब कुछ बकवास hai...Logo को दुसरो की फीलिंग्स की कोई परवाह hi नहीं.

इतना कह कर अजय ने अपने मोबाइल से गुस्से में सभी रोमांटिक मूवीज डिलीट कर दिया और उसके चेहरे में गुस्से के भाव आने लगा.

जहा एक तरफ अतुल प्यार की तरफ खिंचा चला जा रहा था वही दूसरी तरफ अजय को प्यार से नफरत होने लगा tha...Pata नहीं ये टूर और क्या क्या दिखाने वाला था सभी की जिंदगी में.
 
वेलकम अगेन नैना जी ों थे story...Aapko एक बार फिर इस स्टोरी और फोरम में देख कर बहुत अच्छा laga...Bilkul सही वक्त पर आप यहाँ आयी hai...Xossip के बाद एक्स्ट्रा 1 अपडेट hi लिखा hai...Ishu और उनकी स्टोरी का तो मई भी बहुत बड़ा फैन हु आउट बहुत मिस भी कर रहा hu...Bas अब्ब उम्मीद hi कर सकते है.

साथ बने रहिये :दोस्त:
 
अपडेट 54

अजय:- अब्ब तो सू jaa...Raat के 10 बज गए है.

अतुल:- तो?

अजय:- तो क्या? सोना नहीं है तुझे आज? पहले hi 2 मूवीज देख चूका है.

अतुल:- अभी तो 1 और देखना बाकी है.

अजय अतुल को घूरने लगता है.

अजय:- हो क्या गया है तुझे आज कल? पागलो जैसा बेहवे क्यों कर रहा है.

अतुल:- अगर रोमांटिक होने को पागल कहते है तो पागल hi सही.

अतुल ने हँसते हुए kaha...Ajay इस बार बहुत हैरानी से अतुल को घूरने लगा.

अतुल:- क्या हुआ बी? घर क्यों रहा है?

अजय:- रोमांटिक और तू?

अतुल:- Ha...Kya बुराई है मुझ में?

अजय:- कुछ nahi...Lekin तू पहले hi सही tha...Ye प्यार वयर सब बकवास बातें hai...Viswas, कसम और वादा सब मजाक है. ऐसी चक्कर से दूर hi रह bhai...Issi में भलाई है.

अंजलि के लिए गुस्सा एक hi सांस में अजय ने कह diya...Abb उससे भी प्यार से छिड़ होने लगा था.

अतुल:- नहीं yaar...Pehle मई भी ऐसा hi सोचता tha...Pyar बकवास बातें है और कुछ nahi...Lekin जब से प्यार को देखने की नजरिया बदला है तब से एक अलग सी फीलिंग्स महसूस होने लगी hai...Kuch alag...Jo अभी बयां नहीं कर सकता.

इतना तो पता चल गया की प्यार होने के बाद दुनिया कितनी हसीं होती है.

छतो तरफ हरियाली, हर बुराई में भी अच्छाई दिखने लगता hai...Apne प्यार के बाहो में समाते हुए शाम ढलते वक्त की प्यार भरी बातें, हाथो में हाथ थामे रास्ते भर प्यार और मोहोब्बत की baatein...Kaisa फीलिंग्स होगा ये सब सोच कर अभी से एक्ससिटेमेंट होने लगा है.

ज्यादा कुछ तो नहीं jaanta...Lekin प्यार सबसे पवित्र एहसास hai...Ek ऐसा एहसास जो जिंदगी और हमारी अंदर की खूबसूरती से मुलाक़ात करवाती है.

इतना कह कर अतुल अपने सपनो की दुनिया से बाहर आया तो सामने देखा की अजय बुरा सा मुंह बना कर उससे hi घर रहा है.

अजय:- सुरु सुरु में तो ऐसा hi लगता hai...Lekin जब प्यार का रंग गहरा होने लगता है और हम प्यार की गहराई में डूब जाते है तब पता चलता है दुनिया की asliyat...Tab कितना दर्द होता है बता नहीं sakta...Majaak बन कर रह जाते hai...Naa इधर के ना उधर ke...Behtar यही है की खुदगर्ज़ हो कर अपने जिंदगी में आगे बढ़ता reh...Pyar में कुछ रखा नहीं है.

अजय ऍबे दिल की साड़ी भड़ास निकाल रहा था और अतुल उसकी बात सुन कर मुस्कुराता रहा.

अतुल:- कितना दर्द होता है?

अजय:- प्यार का पागलपन तुझे hai...Kuch दिनों में तू मुझे बताएगा कितना दर्द होता है.

अतुल:- दर्द तो अभी से होने लगा hai...Meetha दर्द.

अजय:- एक बात bata...Kal तक तो तू भी प्यार के खिलाफ था लेकिन आज अचानक से?

अतुल:- कभी सुना है, "ग्रपेस अरे सावर." पहले प्यार का मतलब पता नहीं tha...Abb कुछ कुछ समझ में आ रहा है.

अजय:- वैसे कौन है वो बदनसीब?

अतुल:- अभी तक तो कोई nahi...Abhi तो सिर्फ एहसास hi हुआ है प्यार ka...Dhire धीरे हो जाएगा प्यार.

अजय:- Wtf? लड़की का कोई आता पता नहीं और भाई साहब चले प्यार करने.

अतुल:- इतनी भी क्या जल्दबाज़ी hai...Koi न कोई आ hi जायेगी मुझे ढूंढ़ते हुए.

अजय:- क्या? कोई ाटेगी तुझे ढूंढ़ते हुए.

अतुल:- Ha...Mera भी पर्सनालिटी है, स्टाइल है, ऐटिटूड hai...Ladki की hi किस्मत होगी मुझ जैसा बर्फ मिलना.

अजय:- कैच ज्यादा hi कॉंफिडेंट नहीं हो रहा है तू?

अतुल:- Aree...Bhul hi गया tha...Ek अलग hi कॉंफिडेंट भी है.

अजय:- इससे वरकॉन्फिडेन्स कहते है.

अतुल:- वो तो वक्त आने पर पता चल जाएगा.

अजय:- अगर ऐसा hi ऐटिटूड रहा तो सिंगल hi मरेगा तू.

अतुल:- (बड़बड़ाते हुए) तेरी तरह.

अजय:- क्या?

अतुल:- कुछ nahi...Tera सोने का टाइम हो रहा है. 10:30 पं हो गया hai...Soo जा.

अजय भी सोने के लिए अपने बीएड पर चला जाता hai...Lekin नींद आज उसकी आँखों से कोसो दूर tha...Pehle तो अंजलि से गुस्सा होने की पूरी कोशिश करता raha...Lekin नाकाम रहा.

धीरे धीरे दर्द अब्ब उसकी आँखों से आंसू के रूप में बहने lage...Isse बेवफाई कहे या फिर कुछ और अजय को कुछ समझ में नहीं आ रहा tha...Usse तो अपबा गलती भी पता नहीं tha...Sirf एक जवाब hi माँगा था बेचारे ने लेकिन वो भी उससे नहीं मिला.

रात भर वो अंजलि को याद करता raha...Uske साथ बिठाये हुए पल, दोस्ती, मस्ती, मजाक और बहुत kuch....Naa hi वो अंजलि को भूल सकता था और ना hi आगे बढ़ सकता tha...Sirf एक उम्मीद tha...Anjali भी उससे प्यार कर le...Sacchai की दुनिया को भूल कर वो भी उम्मीद की दुनिया में जीने लगा tha...Aur किसी तरह अपने दिल की दर्द को काम करने की कोशिश कर रहा tha...Anjali के बिना उसने अपना जिंदगी को सोचा भी नहीं था.

दूसरी तरफ Atul...Pyar के बारे में उसका बिचार अब्ब बदल रहा tha...Pyar का एहसास ने उससे छू लिया tha...Abb एक अलग hi रास्ता पर खड़ा था wo...Raasta और मंजिल से बेखबर वो अपने एहसास में hi जी रहा था अपने ख़याली दुनिया में.
 
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