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- Dec 5, 2013
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अपडेट 17
काजल के अकाउंट चेक करने के बाद निशा ने देखा की अतुल ने उसके कुछ hi फोटोज लिखे किया है और कुछ जगह पर comment…Fir निशा अंजलि का अकाउंट चेक करती hai…Waha भी अतुल ने कुछ जगह पर hi लाइक्स एंड कमैंट्स किया था.
ये देखने के बाद निशा सोचती है.
निशा:- (इन हेर मंद) कुछ hi फोटोज लिखे किया है और वो भी बहुत दिनों के baad…Shaayad बहुत hi काम फेसबुक चलता है.
फिर निशा अतुल को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज देती है और फिर सोचने लगती है.
निशा:- (इन हेर मंद) पता नहीं मई क्यों इतना सोच रही हु अतुल के बारे me…Kabhi कभी तो खुद पर hi गुस्सा आता है कुछ भी सोचने लगती हु और वजह से खुद hi अनजान रहती हु.
फिर निशा पढ़ने लग जाती hai…Raat के करीब 10:00 पं में निशा के मोबाइल में एक नोटिफिकेशन आता hai…Atul ने उसका फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लिया है.
बुक को साइड में रख कर वो बीएड पर चली जाती है और अतुल से चैटिंग करने लगती है.
निशा:- Hi.
कुछ देर बाद अतुल का रिप्लाई आता है.
अतुल:- Hello…But सॉरी फॉर now…Kal बात karenge…Abhi सोने जा रहा hu…Abhi फेसबुक खोला तो देखा तुम्हारा फ्रेंड रिक्वेस्ट आया था और मैंने एक्सेप्ट कर लिया.
अतुल की मैसेज से निशा का मूड थोड़ा ऑफ हो गया और साथ में हैरानी भी.
निशा:- इतनी जल्दी सोते हो? तो फिर बाकी की पढ़ाई कब करते हो?
अतुल ने उसको बताया था की वो 5 घंटा पढता hai…Shaam के 7:00 पं तक तो वो अतुल के साथ hi थी छत par…Aur अभी तो 3 hi घंटा हुआ था.
अतुल:- इस वक्त हमेशा सोता hu…Subah 4 या 5 बजे उठ कर बाकी का पढता हु.
निशा:- सच में पढ़ाकू हो.
अतुल:- Shaayad…Accha goodnight…Abb नींद भी लग रहा है.
निशा ने अतुल का मैसेज देखा hi था की अतुल का ऑफलाइन होने का सिंबल आ गया.
निशा:- गुड नाईट.
फिर निशा भी अपना मोबाइल ऑफ कर देती है और सोचती है.
निशा:- यकीं नहीं hota…Koi इतना कैसे पढ़ सकता hai…Sach में अतुल का पढ़ाई में ज्यादा hi इंटरेस्ट है.
इतना सोचने के बाद निशा फिर पढ़ने लगती है…11:00 पं के करीब वो भी सू जाती है.
नेक्स्ट डे ात कॉलेज
अतुल आज भी कॉलेज बाकी स्टूडेंट्स से जल्दी पहुँच गया tha…Jab वो आया था तब दो या तीन hi स्टूडेंट क्लास में मौजूद the…Thodi देर उनसे बात करने के बाद अतुल फ्रंट रौ के सीट में आ कर बैठता है.
धीरे धीरे सभी स्टूडेंट्स आने लगते hai…Nisha और अंजलि आज भी साथ hi आये the…Aaj अतुल को अकेला देख वो अतुल के पास आ कर बैठ जाती hai…Anjali को थोड़ा हैरानी होता है की निशा आज कल कुछ ज्यादा hi करीब हो गयी है और उससे बताये बिना hi अतुल के साथ जा कर बैठ gayi…Fir अतुल से hi hello करने के बाद वो कुछ रौ पीछे जा कर बैठ जाती है.
कुछ देर बाद काजल भी आ जाती hai…Atul और निशा से कुछ देर बात करने के बाद वो भी पीछे अंजलि के साथ जा कर बैठ जाती है.
निशा:- इतना चुप क्यों हो आज?
जब से निशा आयी थी उसने महसूस किया की अतुल का आज मूड ऑफ है और वो बात भी नहीं कर रहा tha…Usne अंजलि और काजल से ठीक से बात भी नहीं kiya...Bas उनकी बातों का जवाब दे रहा था वो भी कुछ hi शब्द में.
अतुल:- आज मूड ठीक नहीं है.
अतुल गुस्से में भी लग रहा था.
निशा:- क्या हुआ?
निशा ने भी सीरियस हो कर hi pucha…Atul ने निशा की तरफ देखा और फिर दूसरी तरफ देखने लगा.
निशा:- अगर नहीं बताना चाहते हो तो ठीक hai…Mat बताओ.
निशा ने बहुत धीरे से kaha…Uski आवाज में अतुल ने अपने लिए थोड़ा फ़िक्र महसूस किया.
एक बार फिर उसने निशा को dekha…Nisha को देख कर ऐसा लग रहा था की वो अतुल की मूड ऑफ होने की वजह का अंदाजा लगा रही thi…Atul ने कुछ पल सोचा और फिर उसने बताने का फैसला किया.
अतुल:- आज सुबह सुबह hi गौरव से फिर लड़ाई हो गया?
अतुल ने बहुत गुस्से में गौरव kaha…Usko भैया कहना तो वो कब का भूल चूका था.
निशा:- कौन गौरव?
अतुल:- मेरा भैया.
भैया कहते वक्त भी अतुल सोच रहा था की भैया कहु या नहीं.
निशा को हैरानी हो रहा था की अतुल का किसी से लड़ाई भी हो सकता hai…Wo तो सिर्फ अपने काम से मतलब रखता है.
निशा:- क्यों? क्या हुआ?
हैरानी में निशा ने पूछा.
अतुल:- कुछ ख़ास nahi…Hamesha ऐसा होता hai…Ladne का कोई मौका नहीं छोड़ता hai…Pata नहीं उसका क्या दुश्मनी है mujhse…Bachpan से ऐसा hi कर रहा है वो.
अतुल धीरे से लेकिन बहुत गुस्से में कह रहा था साड़ी baatein…Baaki कोई न सुन सके इसी लिए वो धीरे से बोल रहा था.
निशा पेहे भी यही सोच में थी की अतुल और गौरव इतना अलग क्यों hai…Gaurav एक तरफ गुंडा टाइप का जो हर वक्त दुसरो से लड़ते hi रहता है और वही अतुल एक डैम शांत और अपने काम से hi मतलब रखने वाला.
आज अतुल से बात करने के बाद उससे पता चल गया की गौरव अतुल के साथ भी वैसा hi है जैसे बाकी लोग के saath…Ye अच्छी बात था की अतुल उसके जैसा नहीं बना.
निशा को अतुल आज "खिच्चड़ का कमल" लग रहा tha…Wo उसके पापा और भैया को तो पहले भी जानती thi…Atul को समझने के बाद उसने महसूस किया की अतुल दोनों से बहुत अलग है.
निशा:- तो फिर तुम उनसे बात करके सब कुछ ठीक कर lo…Bhai भाई में दुश्मनी होना कोई अच्छी बात तो नहीं है.
अतुल:- वो कुछ माने के लिए तैयार हो तब na…Hamesha मुझे दुश्मन hi माना है उसने और वैसा hi बेहवे किया hai…Pehle तो छोटा था और कुछ कर भी नहीं सकता tha…Lekin अब्ब मई पहले जैसा कमजोर नहीं hu…Jawaab दे सकता हु.
शायद hi ये दुश्मनी कभी ख़तम ho…Naa hi वो कभी बदलेगा और ना hi कभी हमारा दुश्मनी कभी ख़त्म hoga…Mai तो उससे दुश्मन भी नहीं मंटा औअर नाही कोई रिश्ता रखना चाहता हु लेकिन वो hi है जो बार बार लड़ने चला आता hai…Kuch न कुछ करना hi पड़ेगा.
अतुल ने बहुत गुस्से में कहा ये baat…Nisha ने भी अतुल का गौरव के साथ रिलेशन और अतुल का गुस्सा देख लिया.
निशा:- अच्छा तो फिर अभी ये गुस्सा थूक दो.
निशा जो अभी तक सीरियसली बात कर रही थी अचानक मुस्कुरा कर नोर्मल्ली बात करने लगी.
अतुल को भी निशा का अचानक ऐसा बिहेवियर समझ में नहीं aaya…Wo निशा की तरफ देखता है और समझने की कोशिश करता है.
निशा:- अगर तुम्हारा चेहरा टमाटर की तरह लाल रहा तो यकीं के साथ कह सकती हु आज तुम क्लास को अच्छे से अटेंड नहीं कर पाओगे और पूरा दिन वास्ते हो जाएगा.
निशा ने फिर मुस्कुरा कर kaha…Wo किसी तरह अतुल का मूड ठीक करना चाहती थी.
निशा:- अगर तुम ऐसे hi गुस्सा में रहोगे तो तुम्हारा hi लोस्स hoga…Naa की तुम्हारा भैया ka…Jiski वजह से तुम गुस्से में हो.
सो तैयार हो जाओ पढ़ाई के liye…Kuch hi देर में क्लास भी सुरु होने वाला hai…Agar फिर भी तुमने पढ़ाई में ध्यान नहीं दिया तो मई अपना नोट भी नहीं दूंगी.
निशा ने लास्ट के लाइन कुछ इस तरह से कहा जिससे अतुल के चेहरे में थोड़ा सा स्माइल आ gaya…Usne सोचा निशा सच hi कह रही hai…Agar वो गुस्सा रहा तो ठीक से पढ़ भी नहीं पायेगा.
अपने गुस्सा को काम करने की कोशिश करते हुए उसने थोड़ा स्माइल के साथ कहा.
अतुल:- थैंक्स.
निशा ने जवाब में सिर्फ स्माइल hi दिया.
अतुल को निशा का इस तरह समझाना बहुत अच्छा laga…Gusse में वो ये भूल गया था की ये गुस्सा उससे hi नुकशान पहुंचाने वाला hai…Kahi का गुस्सा कही और उतारना अच्छा नहीं hai…Wo मुस्कुरा कर एक नजर निशा को देखता है और फिर बैग से बुक निकालने लगता है.
दूसरी तरफ निशा भी अतुल के बारे में और भी ज्यादा जान रही thi…Kuch hi वक्त में उसने अतुल को बहुत अच्छे से जान लिया tha…Lekin एक सरप्राइज अभी बाकी tha…Jo कुछ देर बाद उससे मिलने वाला hai…Atul के बारे में ऐसा बात उससे पता चलने वाला था जिसके बारे में वो सोच भी नहीं कर सकती thi…Vishwaas करना तो दूर की बात है.
इन् सब के अलावा पीछे से दो आँखें ऐसा भी था जो कुछ दिनों से दोनों को घर रहा tha…Dono की करीबी उससे अच्छा नहीं लग रहा tha…Wo भी अपना सही वक्त का इंतजार मई था.
काजल के अकाउंट चेक करने के बाद निशा ने देखा की अतुल ने उसके कुछ hi फोटोज लिखे किया है और कुछ जगह पर comment…Fir निशा अंजलि का अकाउंट चेक करती hai…Waha भी अतुल ने कुछ जगह पर hi लाइक्स एंड कमैंट्स किया था.
ये देखने के बाद निशा सोचती है.
निशा:- (इन हेर मंद) कुछ hi फोटोज लिखे किया है और वो भी बहुत दिनों के baad…Shaayad बहुत hi काम फेसबुक चलता है.
फिर निशा अतुल को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज देती है और फिर सोचने लगती है.
निशा:- (इन हेर मंद) पता नहीं मई क्यों इतना सोच रही हु अतुल के बारे me…Kabhi कभी तो खुद पर hi गुस्सा आता है कुछ भी सोचने लगती हु और वजह से खुद hi अनजान रहती हु.
फिर निशा पढ़ने लग जाती hai…Raat के करीब 10:00 पं में निशा के मोबाइल में एक नोटिफिकेशन आता hai…Atul ने उसका फ्रेंड रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लिया है.
बुक को साइड में रख कर वो बीएड पर चली जाती है और अतुल से चैटिंग करने लगती है.
निशा:- Hi.
कुछ देर बाद अतुल का रिप्लाई आता है.
अतुल:- Hello…But सॉरी फॉर now…Kal बात karenge…Abhi सोने जा रहा hu…Abhi फेसबुक खोला तो देखा तुम्हारा फ्रेंड रिक्वेस्ट आया था और मैंने एक्सेप्ट कर लिया.
अतुल की मैसेज से निशा का मूड थोड़ा ऑफ हो गया और साथ में हैरानी भी.
निशा:- इतनी जल्दी सोते हो? तो फिर बाकी की पढ़ाई कब करते हो?
अतुल ने उसको बताया था की वो 5 घंटा पढता hai…Shaam के 7:00 पं तक तो वो अतुल के साथ hi थी छत par…Aur अभी तो 3 hi घंटा हुआ था.
अतुल:- इस वक्त हमेशा सोता hu…Subah 4 या 5 बजे उठ कर बाकी का पढता हु.
निशा:- सच में पढ़ाकू हो.
अतुल:- Shaayad…Accha goodnight…Abb नींद भी लग रहा है.
निशा ने अतुल का मैसेज देखा hi था की अतुल का ऑफलाइन होने का सिंबल आ गया.
निशा:- गुड नाईट.
फिर निशा भी अपना मोबाइल ऑफ कर देती है और सोचती है.
निशा:- यकीं नहीं hota…Koi इतना कैसे पढ़ सकता hai…Sach में अतुल का पढ़ाई में ज्यादा hi इंटरेस्ट है.
इतना सोचने के बाद निशा फिर पढ़ने लगती है…11:00 पं के करीब वो भी सू जाती है.
नेक्स्ट डे ात कॉलेज
अतुल आज भी कॉलेज बाकी स्टूडेंट्स से जल्दी पहुँच गया tha…Jab वो आया था तब दो या तीन hi स्टूडेंट क्लास में मौजूद the…Thodi देर उनसे बात करने के बाद अतुल फ्रंट रौ के सीट में आ कर बैठता है.
धीरे धीरे सभी स्टूडेंट्स आने लगते hai…Nisha और अंजलि आज भी साथ hi आये the…Aaj अतुल को अकेला देख वो अतुल के पास आ कर बैठ जाती hai…Anjali को थोड़ा हैरानी होता है की निशा आज कल कुछ ज्यादा hi करीब हो गयी है और उससे बताये बिना hi अतुल के साथ जा कर बैठ gayi…Fir अतुल से hi hello करने के बाद वो कुछ रौ पीछे जा कर बैठ जाती है.
कुछ देर बाद काजल भी आ जाती hai…Atul और निशा से कुछ देर बात करने के बाद वो भी पीछे अंजलि के साथ जा कर बैठ जाती है.
निशा:- इतना चुप क्यों हो आज?
जब से निशा आयी थी उसने महसूस किया की अतुल का आज मूड ऑफ है और वो बात भी नहीं कर रहा tha…Usne अंजलि और काजल से ठीक से बात भी नहीं kiya...Bas उनकी बातों का जवाब दे रहा था वो भी कुछ hi शब्द में.
अतुल:- आज मूड ठीक नहीं है.
अतुल गुस्से में भी लग रहा था.
निशा:- क्या हुआ?
निशा ने भी सीरियस हो कर hi pucha…Atul ने निशा की तरफ देखा और फिर दूसरी तरफ देखने लगा.
निशा:- अगर नहीं बताना चाहते हो तो ठीक hai…Mat बताओ.
निशा ने बहुत धीरे से kaha…Uski आवाज में अतुल ने अपने लिए थोड़ा फ़िक्र महसूस किया.
एक बार फिर उसने निशा को dekha…Nisha को देख कर ऐसा लग रहा था की वो अतुल की मूड ऑफ होने की वजह का अंदाजा लगा रही thi…Atul ने कुछ पल सोचा और फिर उसने बताने का फैसला किया.
अतुल:- आज सुबह सुबह hi गौरव से फिर लड़ाई हो गया?
अतुल ने बहुत गुस्से में गौरव kaha…Usko भैया कहना तो वो कब का भूल चूका था.
निशा:- कौन गौरव?
अतुल:- मेरा भैया.
भैया कहते वक्त भी अतुल सोच रहा था की भैया कहु या नहीं.
निशा को हैरानी हो रहा था की अतुल का किसी से लड़ाई भी हो सकता hai…Wo तो सिर्फ अपने काम से मतलब रखता है.
निशा:- क्यों? क्या हुआ?
हैरानी में निशा ने पूछा.
अतुल:- कुछ ख़ास nahi…Hamesha ऐसा होता hai…Ladne का कोई मौका नहीं छोड़ता hai…Pata नहीं उसका क्या दुश्मनी है mujhse…Bachpan से ऐसा hi कर रहा है वो.
अतुल धीरे से लेकिन बहुत गुस्से में कह रहा था साड़ी baatein…Baaki कोई न सुन सके इसी लिए वो धीरे से बोल रहा था.
निशा पेहे भी यही सोच में थी की अतुल और गौरव इतना अलग क्यों hai…Gaurav एक तरफ गुंडा टाइप का जो हर वक्त दुसरो से लड़ते hi रहता है और वही अतुल एक डैम शांत और अपने काम से hi मतलब रखने वाला.
आज अतुल से बात करने के बाद उससे पता चल गया की गौरव अतुल के साथ भी वैसा hi है जैसे बाकी लोग के saath…Ye अच्छी बात था की अतुल उसके जैसा नहीं बना.
निशा को अतुल आज "खिच्चड़ का कमल" लग रहा tha…Wo उसके पापा और भैया को तो पहले भी जानती thi…Atul को समझने के बाद उसने महसूस किया की अतुल दोनों से बहुत अलग है.
निशा:- तो फिर तुम उनसे बात करके सब कुछ ठीक कर lo…Bhai भाई में दुश्मनी होना कोई अच्छी बात तो नहीं है.
अतुल:- वो कुछ माने के लिए तैयार हो तब na…Hamesha मुझे दुश्मन hi माना है उसने और वैसा hi बेहवे किया hai…Pehle तो छोटा था और कुछ कर भी नहीं सकता tha…Lekin अब्ब मई पहले जैसा कमजोर नहीं hu…Jawaab दे सकता हु.
शायद hi ये दुश्मनी कभी ख़तम ho…Naa hi वो कभी बदलेगा और ना hi कभी हमारा दुश्मनी कभी ख़त्म hoga…Mai तो उससे दुश्मन भी नहीं मंटा औअर नाही कोई रिश्ता रखना चाहता हु लेकिन वो hi है जो बार बार लड़ने चला आता hai…Kuch न कुछ करना hi पड़ेगा.
अतुल ने बहुत गुस्से में कहा ये baat…Nisha ने भी अतुल का गौरव के साथ रिलेशन और अतुल का गुस्सा देख लिया.
निशा:- अच्छा तो फिर अभी ये गुस्सा थूक दो.
निशा जो अभी तक सीरियसली बात कर रही थी अचानक मुस्कुरा कर नोर्मल्ली बात करने लगी.
अतुल को भी निशा का अचानक ऐसा बिहेवियर समझ में नहीं aaya…Wo निशा की तरफ देखता है और समझने की कोशिश करता है.
निशा:- अगर तुम्हारा चेहरा टमाटर की तरह लाल रहा तो यकीं के साथ कह सकती हु आज तुम क्लास को अच्छे से अटेंड नहीं कर पाओगे और पूरा दिन वास्ते हो जाएगा.
निशा ने फिर मुस्कुरा कर kaha…Wo किसी तरह अतुल का मूड ठीक करना चाहती थी.
निशा:- अगर तुम ऐसे hi गुस्सा में रहोगे तो तुम्हारा hi लोस्स hoga…Naa की तुम्हारा भैया ka…Jiski वजह से तुम गुस्से में हो.
सो तैयार हो जाओ पढ़ाई के liye…Kuch hi देर में क्लास भी सुरु होने वाला hai…Agar फिर भी तुमने पढ़ाई में ध्यान नहीं दिया तो मई अपना नोट भी नहीं दूंगी.
निशा ने लास्ट के लाइन कुछ इस तरह से कहा जिससे अतुल के चेहरे में थोड़ा सा स्माइल आ gaya…Usne सोचा निशा सच hi कह रही hai…Agar वो गुस्सा रहा तो ठीक से पढ़ भी नहीं पायेगा.
अपने गुस्सा को काम करने की कोशिश करते हुए उसने थोड़ा स्माइल के साथ कहा.
अतुल:- थैंक्स.
निशा ने जवाब में सिर्फ स्माइल hi दिया.
अतुल को निशा का इस तरह समझाना बहुत अच्छा laga…Gusse में वो ये भूल गया था की ये गुस्सा उससे hi नुकशान पहुंचाने वाला hai…Kahi का गुस्सा कही और उतारना अच्छा नहीं hai…Wo मुस्कुरा कर एक नजर निशा को देखता है और फिर बैग से बुक निकालने लगता है.
दूसरी तरफ निशा भी अतुल के बारे में और भी ज्यादा जान रही thi…Kuch hi वक्त में उसने अतुल को बहुत अच्छे से जान लिया tha…Lekin एक सरप्राइज अभी बाकी tha…Jo कुछ देर बाद उससे मिलने वाला hai…Atul के बारे में ऐसा बात उससे पता चलने वाला था जिसके बारे में वो सोच भी नहीं कर सकती thi…Vishwaas करना तो दूर की बात है.
इन् सब के अलावा पीछे से दो आँखें ऐसा भी था जो कुछ दिनों से दोनों को घर रहा tha…Dono की करीबी उससे अच्छा नहीं लग रहा tha…Wo भी अपना सही वक्त का इंतजार मई था.