MERA JUNOON MERI LIFE - Page 8 - SexBaba
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MERA JUNOON MERI LIFE

अपडेट-62


बस ऐसे HI उसे याद करते करते दिन बिट रहे थे अब 4 दिन बाद सोल्लगे सुरु HI गया तो जयादा टाइम सोल्लगे मई HI जाटों लोगो का और जब सोल्लगे मई मनीष कारन सब लोग साथ मई बेथ के भी राज को बहुत याद करते THE...OR गर एके भी निशा उसके बारे मई सोच सोच कर सो जाती थी वही संजू भी उसके कहायलो मई खोयी रहती THI..BAS ऐसे HI दिन काट रहे थे और आज 5 दिन हो गए थे उसे गर से गए हुए लेकिन सब उसे अंदर HI नफर बहुत मिस कर रहे थे चाहे फ्रेंड HI फॅमिली हो या उसकी गफ हो और उतना HI नहीं कमला भी मनीष की माँ कारन की बहन और माँ काजल अंकिता सब के सब उसे याद करए थे ..

वह शिल्पा भी उसे काफी याद करती थी की कब राज आएंगे बहार से और कब वो वह दिल्ही जाए ऐसे HI याद करते सब उसको..

@स्टार्ट@

वह गए हुए मुझे 5 दिन हो गए थे मई काफी कुछ सिख रहा था और लोगो के साथ ाची से गुल मिल गया था और उतना hi नहीं मेरा इतना जल्दी सिखने की वजह से गुरु जी बहुत खुश भी थे और बाकि लोग भी बहुत खुश थे मेरे जैसा दोस्त पाके और मई भी लेकिन कभी कभी रात को याद आ जाती गर की मई अपना पर्श निकलता उसमे हमारी फॅमिली फोटो मई ने एते वकुट राखी थी वो मई ने वो निकल के डेल्ह कर सो जाता बस ीासे hi दिन बिट रहे थे और मुझे यहाँ बहुत कुछ सिखने को मिल रहा था जीवन जीने क असली मायने तो यहाँ गुरुकुल मई रह कर hi पता चलता है इतना भी आसान नहीं होता यहाँ शिक्षा ग्रहण करना .

कभी कभी गुरुमा के साथ बेथ क बाते भी करता उनको भी अच्छा लगता था वो मुझे अपने बेटे की तरह hi रखते थे मुझे कभी यहाँ माँ की कमी महसूस नहीं होने दी उन्होंने और तो और वो बहुत कुछ जानती थी हमारे बारे मई मई उनसे रोज कुछ न कुछ अलग सुनता था उन्होंने मुझे बतया और सिखाया भी की प्रेम का असली महत्त्व क्या होता है ..और किसी से भी परेम हो सकता है..

मुझे उनकी बाते सुन कर अच्छा लगता था तो एक दिन हम दोनों अकेले बैठे बात कर रहे थे तो मई वह बैठे बैठे प्रेम की बात सुनते हुए कही खो गया था तो उन्होंने मेरा चेहरा देखा फिर बोली..

सकुंतला- क्या बात है राज बीटा कहा खो गया कुछ परशानी है तो बता मुझे सायद तेरा कुछ हल मिल जाय ..

राज- kkk..kkuch नहीं गुरुमा कुछ नहीं..

शकुतंला- तुम बे जीजाक मुझे अपना दोस्त समाज कर बातो सिर्फ इ बात हमरे बीच hi रहे ंगी बोलो क्या बात है सच बातो..

राज- मुझे न एक बात बहुत सताती है

सकुंतला- क्या बोलो..

राज- देखो गुरुमा आप मुझे गलत मत समाज न क्यों की ऐ जो कुछ होता है उसमे मेरा भी दोष होता है..

सकुंतला- बोलो तो सही मई तुम्हारी कोई बात को गलत नहीं समझती सायद इस बात बाटने से तुम्हे उसका उपाय मिल जाय..

राज- क्या हमें एक से जयादा लोगो से प्यार हो सकता है..

सकुंतला- हम्म तो ऐसी बात है ऐ प्यार का मामला है तब तो तुम मुझे पूरी बात बातो तो hi मई समाज सकती hu..or समजा भी सकती हु..

राज- फिर मैंने अपने जीवन मई हुए सेक्स और उसे जुडी बाते और निशा तक लेके सबकुछ बता दिया जिसे सुन के गुरु माँ के चहरे पे स्माइल आ gayi..to मई पूरी बात बता के शर्मा रहा था..

शकुतंला- ओह्ह लगता है तुम्हारी जनम कुंडली की अनुसार तुम्हारा जीवन सुरु हो गया है ..

राज- क्या ऐ सब भी उसमे लिखा है..

सकुंतला- हां जब तुम्हारे माँ और डैड तुम्हे पहली बार यहाँ लेके आये थे तब गुरु राग्वेंद्र ने तुम्हारी पूरी कुंडली को ध्यान से बनाया और पढ़ा भी था उसमे लिखा है की तुम्हारा जनम प्यार बाटने के लिए हुवा है तुम जहा भी जाते हो वह खुशिया hi लाएंगे और उतना hi नहीं तुम राजो के वंशज हो तो स्वाभाविक है की राजा ो की कई पत्निया होती है वैसे hi तुम्हारे जीवन मई भी होंगे तुम 1 से अधिक विवाह करेंगे और इतना hi नहीं तुम जी भी औरत से शारीरिक सम्बन्ध बनोगे वो औरत तुम्हारे लिए कुछ भी कर सकती है और वो खुद माँ भी बन सकती है तुम्हारे अनादर जो फार्मूला डाला गया है उसे तुम्हारे हॉर्मोन्स की ताकत बहुत ज्यादा हो गयी है इसे तुम जैसे माँ बनाना चाओ वो माँ का सुख भी तुमसे प्राप्त करेंगी ऐसा भी लिखा हुवा hai..or...bhi है..

राज- और क्या गुरुमा मुझे बातो ना आप ऐ सब तो मई समाज गया लेकिन मेरी खुद की बेहेन स्व प्यार होना सहावाभिक है क्या..

सकुंतला- देखो मनुष्य कोई भी हो और उसके सामने किसी भी स्त्री हो उसे प्यार हो सकता है क्यों नहीं होंगे जब बरसो पहल पृथ्वी का निर्माण हुवा तब 2 hi लोग बजे थे और उन दो से कई लोग पीड़ा हुए और सम्ब्नध बंधे थे तो क्या वो एक दुआरे के भाई और बेहेन नहीं थे और तुम्हारी कुंडली के अनुसार तो तुम्हारे जीवन मई जयादा से जयादा तुम्हारे परिवार की कन्या ो का प्यार लिखा है और तुम से सबसे जयादा प्यार भी ध्वंगी और तुम्हारी ताकत भी बनेगी वो सब इस लिए तुम इस बारे मई जयादा सोचो मत जैसा भगवान छठा है वो होकर hi रहता hai..tumhara जनम प्यार बाटने के लिए हुवा है तुम्हे सिर्फ अपना प्यार बाटना hai.samja गए और इस प्यार से तुम्हे अपने सरे परिवार को बांध के रखना hai..samaj गए..

राज- क्या और भी कई मेरी परिवार की लड़कियों से प्यार होंगे मुझे .

सकुंतला- हां ऐसा hi समाज लो.. और इतना hi नहीं तुम्ह अपने इस पायर से पूरा परिवार एक कर सकेंगे और तुम्हे सब को एक करने क लिए कई ोर्टो के साथ शारीरिक सम्ब्नध भी बनाना पड़ेंगे तो इसके लिए तुम्हे तैयार रहना होंगे समाज गए..

राज- सब समाज गया आपने मेरे दिल का और मन का बोज हल्का कर दिया गुरुमा ऐ सब बताके..

गुरुमा- हम तो एक माधयम है बीटा सब तो नियति का खेल खेला है..

राज- क्या आप के अल्वा कोण कोण मेरी कुंडली के बारे मई जनता है..

सकुंतला- मेरे अल्वा गुरु राग्वेंद्र उनके अल्वा मंगल हु. तीन hi लोग सब कुछ जानते है..

राज- तो मेरे माता और पिता को ऐ सब मालूम नहीं है..

सकुंतला- उन्हें भी समय आने पे बताना पड़ेंगे फ़िलहाल उसका समय नहीं हुवा है जब उसका समय आएंगे तब अपने आप तुम समाज जाएंगे की उन्हें कब बताना है..

राज- समाज गया मई आपका धन्यवाद गुरु माँ..

फिर हम कुछ देर बाते की और मई जेक सो गया और ऐसे hi दिन बाईट ते गए और 15 दिन हो गए थे मुझे बहुत कुछ ट्रेनिंग मई सफलता मिली थी अभी आधी ट्रेनिंग तो पूरी कर ली थी आज वो दिन था 15 व दिन मंगल भाई मुझे मिलने आने का वादा किया था इस लिए मई सुबह से उनकी पार्टीखा कर रहा था...

राघवेंद्र- क्या हुवा बीटा तुम बार बार गेट की तरफ क्या देख रहा है मई सुबह से देख रहा हु तुम्हारा ध्यान कही और जगह hi है..

राज- गुरु जी आज 15 दिन हो गए मुझे यहाँ ए हुए और मंगल भाई मुझे वडा करके गए थे यहाँ 15 दिन बाद मिलने आने का और साथ मई पिताजी को लेके आने वाले थे अभी तक आये क्यों नहीं वो यही देख रहा हु.

राग्वेंद्र- ओह्ह ऐसी बात है तुम चिंता मत करो वो किसी काम मई फास गए होंगे उसने बोलै है तो वो जरूर आएंगे मंगल अपनी जुबान का पका है वो कभी वाडे तोड़ता नहीं तुम तब तक तलवार की प्रेक्टिस करो..

राज- जी गुरु जी...

फिर मई एक तलवार उठायी और उसे मई तलवार के अलग अलग डाव पेच कर रहा था मेरी स्पीड देख कर सब लोग हैरानी से देख रहे थे और जब मई प्रेक्टिस करता तो अपनी hi धुन मई रहता मुझे ाएस पास क्या होता है उसका भी धायण नहीं रहता क्यों की मई पूरी एकाग्रता से मन लगाकर प्रेक्टिस करता मेरे सब मुझे ऐसे देख रहे थे की जैसे मई कोई अजूबा hu..mai लगता प्रेक्टिस कर रहा था सामने रखे मिटटी के पुतलो पे वार कर रहा था सब पुतलो पे इतना तेजी से वार करता की किसी की गर्दन तो किसी के हाथ तो किसी पुतले का सरीर से बीच मई भाग कर रहा था और जब मई नाट्यम परहर किया पुतले पे तो उसके हर एक अंग को मैंने इतना तेजी से काटा की थोड़ी देर तो वो पुतला ऐसा hi रहा और जैसे मई रुका और उसे देखने लगा तो वो पूरी तरह से एक एक अंग अलग अलग होक गिरने लगे..

सब ऐ दुख कर तालिया बजने लगे तब मुझे पता चला की सब मुझे hi देख रहे है तब मेरी नजर सामने खड़े गुरु राग्वेंद्र और उनके साथ मंगल भाई और पापा भी मुझे दुख कर हंस के तालिया बजा रहे the..to जैसे hi मई उन्हें देखा अपनी तलवार रख कर मई भाग के पापा के पास गया और उनके पेअर छू क ैसरवाद लिए.

राज- बहगते huye.....papa .....अप्प्प यहाँ आ gaye......jake उनके पेअर छुए..

पापा- उठ बीटा अजा अपने बाप क गले नहीं लगेगा..

उन्हीने मुझे अपने गले लगा लिया और हमदोनो की आंख से आंसू निकल गए ऐ प्यार था अपने परिवार से इतना दिन दूर रहने की वजह से आंख से बहार निकल गया..

पापा - मुझे अलग किया फिर बोले ार रो मत मेरे बेटे आज तुम्हे देख कर मुझे गर्व हो रहा है..

राज- मुझे कितनो दिनों बाद आप मिले हो तो मेरे अंदर का प्यार बहार आ गया..

यहाँ िमस्टोनल दारमा चल रहा था तो माहौल को हल्का करने के लिए मंगल भाई बोले..

मंगल- हम भी ए है यहाँ हमसे तो कोई मिलता भी नहीं..

राज- हआ हां

और मेरे हसने से सब हसने lage...sab के चहरे पर मुस्कान आ गयी...

मई जेक मंगल भाई के भी पीर छू रहा था तो मंगल ने मुझे रोक दिया और गले लगा लिया..

मंगल- भाई के पीर नहीं छूटे छोटे उसे तो गले लगया जाता है..

फिर हम सब को गुरु राग्वेंद्र अंदर ले गए जहा हमें गुरुमा ने चाय और नास्ता दिया और फिर बाते सुरु हुयी..

राज- पापा आप लोग कब आये..

परताप- जब तुमने तलवार हाथ मई पकड़ के अपनी प्रेक्टिस सुरु की तब से हम खड़े वह तुम्हे hi देख रहे थे क्या कमल की तलवार बजी करता है तू हां बहुत होसियार हो गया है यहाँ aake..tumhe पता hi नहीं चला तुम्हारे आस पास क्या हो रहा है तुम तो अपनी धुन मई बस एक क बाद एक वार कर रहे थे..

राज- नहीं पापा जब भी मई प्रेक्टिस करता हु तो अपना पूरा ध्यान एक hi चीज पे केंद्रित करता हु और उसमे hi खो जाता हु पूरा मई और ऐ सब कमल मई गुरु राग्वेंद्र जी के सिखाये गए योग और धायण की मदद से कर रहा हु..

राग्वेंद्र- नहीं राज मेरा कर्त्वय तुम्हे सीखने का है लेकिन उसे कैसे ठीक तरह से उसे करना है वो काम तो तुम्हे खुद करना होता है आज तो मई भी तुम्हारी एकाग्र सकती और प्रहार डेल्ह कर दांग रह गया तुम्हारे अंदर असीम ऊर्जा भरी पड़ी है ाक उसका कुछ हिस्सा hi तुमने उपयोग किया है लेकिन जब तुम ये सब लगतार प्रेक्टिस करते रहेंगे तो उसे भी जयादा जातक हो जाएंगे tum...mai आज बहुत खुश हु की मुझे तुम्हारे जैसा शिष्य मिला...

राज- गुरु जी ऐ तो आपका बड़ापन है जो आप ऐसा कह रहे हो लेकिन मेरी इन सब खूबी तो सिर्फ अपने बहार निकली है इसी लिए असली हक़दार तो आप हो..

राग्वेंद्र- बस बीटा इसी बात पे तो तुम मेरे प्रिय शिष्य हो तुम कभी अपने आप के अंदर अभिमान नहीं आने देते छाए कोई भी बात हो उसे दुअरो को hi उसका हकदार समज ते हो ये गन तुम्हारे तुमको सब से अलग करते है बीटा ..

परतप- गुरुदेव ऐ सब तो आपकी hi सिक्सः के कारन hi हो सका है आज मई उस राज से मिला जिसे मई देखना चाहता था इसमें काफी बदलाव आ गया है अब ऐ जिमे दरी सँभालने के काबिल बन कर hi निकलेंगे यहाँ से..

राग्वेंद्र- तुम परताप कह तो सही रहे हो जब ऐ आया तब वो अलग राज था लेकिन अब जब यहाँ से निकलेगा तो वो राज कुछ अलग hi बांके निकलेंगे और ऐ जो बाते करने मई माहिर हो गया है न इसका कमल तो हमारी बहगायवान को जाता है ऐ मा बेटे की बीच की बात है बीटा..

परताप- क्या सही मई गुरुमा के साथ बेथ के बाते करता है .

सकुंतला- क्यों मई अपने बेटे क साथ बेथ के बाते नहीं कर सकती क्या..

परतप- नहीं नहीं गुरुमा ऐ आपका hi बीटा है और आप जितनी चाहो बाते कर सकती हो इसकी बड़ी बड़ी बाते करना सब आपका hi कमला hai..guru जी सही कह रहे है आपका पास से तो और भी गायनी हो जाएंगे मेरा बीटा..

राज- पापा गुरुमा के पास जैसा ज्ञान है वो सायद इस आश्रम मई किसी के पास नहीं होंगे किताबी गायन मई उनका मुकाबला कोई नहीं कर सकता hi न गुरूजी मई सही कह रहा हु..

राग्वेंद्र- हां बिलकुल सही पहचाना तूने ऐ और्वेद से लेले पुराणों ग्रंथो और उपनिषदों का गायन इसे एक एक सब्द आते hai..iske आगे तो मई फीका पद जाओ..

हम सब ऐसे hi बाते करते रहे फिर मई पिता जी दोनों मेरे कमरे मई गए वह बेथ के बाटे करने लगे..

राज- पापा गर पे सब कैसे hai..mom निशा और संजू ..

पापा- तेरी माँ और निशा और संजू तो मुझे रोज पूछ पूछ के हिरन करती है और बात बात पे तुम्हे याद कोफ्ते है वो बहुत याद करते है सब तुम्हे राज कब आएंगे वो आएंगे तो ऐ करेंगे वो karenge..yaar बस सब तुजे hi याद करते है ऐसा क्या जादू किया है उनपे..

राज- अरे मैंने कहा जादू किया है लेकिन अप्प याद माहि करते मुझे..

पापा- मई जब भी ऑफिस जाता हु न तब तुम्हे बहुत मिस करता हु ऐसी कोई मोमेंट नहीं होंगी जिसमे मैमे तुजे याद न किया हो बीटा ..सायद मेरे जितना तुम्हे और कोई याद नहीं करता होंगे फिर सोचता हु की वो ाही जाएंगे न 1 महीना तो है फिर वापिस आएंगे न मेरा बीटा ऐसे सोच क मन को मन लेता हु..

राज- सच पापा आप लोग मुझे इतना मिस करते है ..ी लव यो पा और गले लग जाता हु उनके..

परताप- तुम्हे याद नहीं आती बीटा हमरी..

राज- पापा मुझे आप लोगो की बहुत याद आती है दिन मई तो कैसे भी टाइम निकल जाता है लेकिन जब रात होती है न तो मई जब अकेला पड़ता हु तो आप लोगो को यद् करके हर रोज मई रोटा हु लेकिन यहाँ गुरुमा और राग्वेंगारा गुरु मुझे कभी आप लोगो की कमी महसूस नहीं होने dete.papa.

परतप- हां बीटा उमके जैसा गुरु सबको दुन्ढ़मे से नहीं milte..beta..

राज- हां अपने बिलकुल सही kaha..abb बातो माँ ने मेरे लिए क्या बेजा है..

पापा- तुम्हे किसे पता की उसने तुम्हारे लिए कुछ बेजा है..

राज- मुझे पता है माँ मेरी पसनद का हलवा तो जरूर बेजा honga..kyu सही कहा मैंने .

परताप- हां बिलकुल वह मन्ना पड़ेगा माँ बेटे का प्रेम तो कमल का है बिना बताये माँ ने कह दिया की उनका बीटा जरूर कुछ मांगे ga..or बीटा ने भी बिना बातये जान लिया की उसकी मने उसके लिए क्या बेजा honga..wah भाई वह..

राज- दीजिये न पापा माँ बनाया हलवा तो मई कब से मिस कर रहा हु..

प्रताप- अरे देता हु बीटा अभी देता हु रुक..

फिर पापा ने मुझे हलवा दिया मई कहने लगा और फिर आधा दबा रख दिया कुटिया मई और फिर हम दोनों बाते करने lage..phir वो बात बाटइ पापा ने पूरी विस्तार से की कैसे डॉ ने मेरा जीवन और उनकी वजह से हमरा इतना बड़ा बिसनेस हुवा कैसे कैसे पापा ने सब म्हणत कर के सब बनवाया hai..wo सब बाटने क बाद मई बोलै..

राज- पापा बस अब कुछ दिन और फिर मई आपका सपना पूरा करूँगा और उतना hi नहीं डॉ अंकल का बदला भी मई longa..wo जो भी लोग थे उन्हें ढूंढ कर ख़तम कर दूंगा mai..ek एक को चुन चुन के मरूंगा..

परताप- हां बीटा ऐसा hi करना है उन लोगो का लेकिन ऐसे नहीं सही प्लानिंग के साथ करना है ऐ सब पहले तुम पूरी तरह से तैयार हो जाओ बाद मई सब देख lenge..samaj गए..

राज- हां पापा समाज गया मई...

फिर इतने मई मंगल आया हमरे पास हम तीनो मिलके बाते की फिर पापा गुरु जी के पास चले गए और मंगल और मई बाटे करने लगे..

मंगल- तो भाई केसा चल रहा है यहाँ..

राज- बस बढ़िया चल रहा है तुम बताओ क्या हल है वह दिल्ही मई..

मंगल- बस सब जैसा था वैसा है यार लेकिन तेरे बिना वह मजा नहीं आता ..

राज- अरे मेरे लेटर दिया था माँ को की नहीं..

मंगल- अरे हां मई तो भूल hi गया था की भाभी ने लेटर दिया था ले ऐ लेटर तुम्हारी माँ ने दिया है..

राज- मैंने वो लेतीर लिया और खोल के पड़ने लगा उसमे माँ निशा और संजू कैसे उसे रोज याद करते है गर मई क्या हो रहा है मेरे बिना और कल्लोगे का रिजल्ट के बारे मई लिखा था जिसमे मैमे टॉप किया था मेरी क्लास मई और संजू 2ंद no पे आयी मेरे क्लास मई मनीष 3रद और 4 no पे वो कारन आया thaa..sab कुछ लिखा था उसमे और सोल्लगेबमे भी सब मुझे याद करते है कारन .मनीष और अंकिता काजल सब के बारे मि सब पढ़ के मई खुश हुवा की सब मुझे बहुत याद करए hai..or बहुत कुछ लिखा था सब पढ़ के ..

मैंने एक पेन पेपर लिया और फिर ेल और लीटर लिखा उसमे मैंने सब को याद करता हु और सब को कोंग्रटुलतिओन्स बोलने का कहा था और सबकी बहुत मिस करता हु मुझे यहाँ गुरुमा का प्यार मिलता है गुरुजीका भी सब बतया और सब कुसल मंगल है सब लिख के लास्ट मई कहा मई अब बस 15 दिनों मई आने वाला हु वापिस ऐ सब लिख के लिखा निचे ...आपका प्रिय लाडला राज ...

राज- ले भाई ऐ लेटर माँ को दे देना और हां उनको बोल न मई उन्हें बहुत याद करता हु साथ मई निशा और संजू को भी..

मंगल- भाई समाज gaya..baki बता केसा चल रहा है..

राज- बस भाई सब अच्छा चल रहा है..

मंगल- अच्छा चलो हम गुरु जी के पास जाते है..

फिर मई और मंगल गुरूजी के पास गए जो पिताजी के साथ बेथ के बाटे कर रहे the...hum गए और फिर शाम का टाइम हुवा था तो फिर से खाना खाया और फेर पापा और मंगल हमें बोलके सब से विदा लेके निक गए..

उनके जाने के बाद हम लोग ने बेथ के बाटे की फिर हम सो gaye..or सुबह से उठ के फिर से सुरु हो गया रोज का रूटीन work..or ऐसे hi दिन बीतने lage...or देखते hi देखते 15 दिन और बिट गए आज मेरा लास्ट डे था यहाँ पे मैंने बहुत कुछ सीखा था इस आसाराम मई और गुरु जी गुरुमा से सबसे अच्छा लगाव हो गया था सब के साथ मुझे बहुत ाचा लगमे लगा था ेल परिवार की तरह हम सब साथ रहे इतने दिन मेरे वो दोस्तों ने भी मुझे बहुत कुछ सिखाया था और उनके साथ भी मुझे मजा आगया था इतने दिन बस अब अल्हरी दिन था मेरे जाने के लेकिन यहाँ से जाने से पहले मेरे सरिरस ऐसा हो गया था की कोई देख ले तो देखता hi रह जाय बिना सीरत के जब मई निकलू तो मेरे बॉडी का हर एक अंग कैसा हुवा और निखार गया था उभर ke..sab विधाय ो मई मैंने महारथ हासिल कर ली थी...

 
अपडेट-63

कहानी मई कुछ नई लोग अंदर एंटर हुए है उनका थोड़ा इंट्रो पहले दे दू mai..baad मई सॉर्ट करता हु खाने. और कुछ आगे पहले आ गए है कहनी मई उनका इंट्रो सब पहले दे दू तो मुझे भी इनके नाम मई परेशानी न हो और आपको भी इनको बारे मई जान सकते हो इस part मई सिर्फ इंट्रो hi दे रहा हु ऐ उपडेट पूरा इंट्रो का रहेंगे.

निशा की सहेलिया.

1.अंकिता कौर- उम्र निशा दीदी जितनी खूब पैसे वाली पार्टी है. उसके पापा बिज़नेस मन hai..or फिगर क्या बटु उसका 32 साइज के बूब्स 30 की कमर और 36 का पिछवाड़ा क्या गजब पंजाबी माल लग रही थी. दीदी के साथ सोल्लगे मई पढ़ई करती है..

2. मग्न कौर- (अंकिता की mom)umar है इनकी मेरी माँ जितनी और पंजाबी फॅमिली से है तो जाहिर सी बात है दिखने मई एकदम पटका माल hi है क्यों की उम्र के हीअसब से उनकी उम्र लगती नहीं है बल्कि लगती है 32 साल जितनी hi और क्या बटु 34-32-38 का फिगर है गर पे रहती है कुछ काम नहीं करती है लेकिन पति कमाता है बिसनेस मन है तो उनको कुछ कमाने की जरुरत नहीं है और काफी ओपन मंद लेडी है बिलकुल गोर रंग की कद काठी काफी ऊँची भी है और एकदम लाजवब पंजाबी तड़का है इनके काळा लम्बे बाल इनकी सुंदरता को और बढ़ता है..

3.हरविंदर kaur-(ankita के dad)umar इनकी 48 साल की और वो एक ाची बिज़्नेस में है उनको जायदा तर आउट ऑफ़ कटेरी अपने बिज़्नेस के लिए जाना पड़ता है इसी लिए अंकिता के अल्वा कोई बचा यानि की बीटा नहीं हुवा है उनको बहुत इच्छा है बेटे की लेकिन काफी डॉक्टर को दिखने के बाद भी कुछ रिजल्ट नहीं मिला है..

*काजल का परिवार*

1.काजल पवार- उसका बाप मला hai..or दिखने ेकुड़ुम रापचिक माल लग रही hai..uski उम्र भी शामे है. फिगर उसकी 34-28- 36 है.. और जींस मई उसकी गांड गजब था रही थी और ऊपर गोरा चेहरा आँखों मई काजल लम्बे खुले बाल अह्ह्ह क्या गजब दिखती है..

2.मीणा pawar-(kajal की माँ) उम्र इनकी है 42 साल की है और दिखने मई गोरा रंग है और कोई उनको देख ले तो कह नहीं सकता की इनकी उम्र 42 की होंगी बल्कि यही कहेंगे की इनकी उम्र 35 साल की होंगी उन्होंने अपना फिगर मैंटेन किया हुवा है और ज्यादा तर साड़ी hi पहनती है इन्होने अपने लम्बे बालो को स्टेप कट मई रखा है और खुले बालो मई एकदम हेरोहिन लगती है इनका फिगर भी गजब का है..34- 32-36 का फिगर है और गांड इनकी भी बहुत मस्त है लुंड खड़ा करने के लिए काफी है ये भी गर hi रहती कुछ काम नहीं करती है क्यों की पति मला है.

3.सूरज पवार - (काजल के पापा) इनकी उम्र लगभग 55 साल की होंगी मला है अपने ऐरा के काफी पोहचे हुए है और पीसो की कोई कमी नहीं है इनको पॉलिटिक्स मई से टाइम hi नहीं मिलता छाए गर पर हो या भर सब जगह इनको बस अपना पोलिटिकल पार्टी के बारे मई hi सोचते है इनको कम बनना है दिल्ही का इसलिए वो गर पर जयादा टाइम नहीं बिताते और लेकिन है दिल का अच्छा आदमी है और ईमानदार भी है दूसरे नेताओ छे तो अच्छा है इस लिए इतना अच्छा होने की वजह से उनको अभी तक कम की ख़ुर्शी नहीं मिली .

@ मंगल की फॅमिली इंट्रो @


1.हरी काका- 50 साल के ुम्हर के आअदमी hai..or इस ढाबे को चलते hai..unko 1 बीटा और उनकी पत्नी है..

2. तारा काकी.- हरिकका की वाइफ है जो उम्र मई 45 साल की है काफी कामुक लगती है उनकी गनद देख के लुंड भी खड़ा हो जाये ऐसी लगती hai..jo गर संभालती hai..(dosto मैंने आगे कहानी मई इनका नाम कमला बतया था लेकिन बीच मई एक और कमला आ गयी इस लिए इनका नाम चेंज किया है.)

3. मंगल- हरिकका का बीटा जो पापा का बिज़नेस का सिक्योरिटी इंचार्ज है उम्र उसकी 30 साल का hai..lekin काफी हटा काटा आदमी है . उसकी बॉडी एकदम परफेक्ट बॉडीगार्ड की तरह hai...or मंद भी उसका काफी तेज और सतरि इंसान है .अभी तक सदी नहीं हुयी है..

☆सोल्लगे के कैरेक्टर इंट्रो☆

1. वर्षा medam(principal)- वर्षा मेडम और उम्र करीब 45 साल लेकिन फिगर उनकी गोरा रैंड फेस पे चस्मा काळा लम्बे बाल और 36- 32- 38 की साइज और जान लेवा दिख रही thi..unke हस्बंड का डेथ हो गया है और उनकी 1 बेटी है लेकिन उसकी सदी हो गयी तो वो विदेश मई रहती है अपने पति क साथ

2. मिस वर्षो- ये है हमरी क्लास टीचर उम्र इनकी 32 है . दिखने मई हॉट और चलता फिरता बम है क्लास मई साड़ी पहनती hai..sadi हुयी है लेकिन पति आउट ऑफ़ कटेरी जॉब करता है और ये यहाँ इंडिया मई फिगर इनका कामदेवी जैसा है रंग गोरा और 32-30-34 का फिगर है न लम्बे न शार्ट बाल है उनके कमर तक एते है हमेशा खुले बाल hi रहक्ति है और हॉट भी गजब की है..

3.sanjna(sanju)- इस कहानी की मैं हेरोहिन है ये मेरा पहला प्यार इसकी मुलाकात पहले सोल्लगे मई हुयी थी इस लिए सोल्लगे कैरेक्टर मई रखा hai..aab अप्प सब लोगो ने कहानी पढ़ी है इस लिए इसके बारे मई कुछ लिख नहीं रहा इसकी सुंदरता कोई पारी से काम नहीं है बस उतना hi कहूंगा और एक अनाथ है फिर हमरे गर पर उसको बेटी की तरह पापा और माँ रखा है .

4.मोन्तेय- ऐ सोल्लगे मई सीनियर है हमारा और गुंडा जैसा है डर्ग्स और बाकि िंलिगिल वर्क करता रहता था सोल्लगे मई काफी बदनाम इंसान hai.iska भाई बहुत बड़ा गुंडा था इस लिए वो भी बिगड़ गया था..

5.राजू- मोटे का दोस्त है ये भी उसके सब काम मई साथी है ये भी गुंडे जैसा hi है..

6.billu(kalu) - ऐ भी मोन्तेय का दोस्त है इसे कालू कह के बुलाते है सोल्लगे मई मोटे और उसका ग्रुप .

7.Rocky-ae भी कमीना है साला उनका दोस्त hi है सब सोल्लगे के लफंगे बन्दे है.

8.राखी

9. सोनू ऐ दोनों भी इनके ग्रुप मई थी और ऐ भी सीनियर थे हमरी सोल्लगे के बहुत चालू किस्म की लड़किया है ye..motney की रखेल मनो तो भी चलेंगे..

10. जग्गू दादा- ऐ मोन्तेय का बड़ा भाई और दिल्ही के नमी गुंडों मई इनका नाम था और सब काळा धंधे थे इसके बहुत कमीना इंसान है ऐ.

11.कालू- ऐ जग्गू का ख़ास आदमी है उसका राइट हैंड कहो तो भी और चमचा भी ऐ भी गुंडा है.

☆हमारी ऑफिस के थोड़ा स्टाफ का इंट्रो ☆

1 .मंगलभाई- इन्हे तो आप जानते hi हो आपलोग


इसकी उम्र 30 साल की hai..ae है पापा के भाई जैसा बल्कि पापा को अपना बड़ा भाई hi मंटा hai..or हरिकका बीटा hai..or हमारा बिज़नेस क सभी काम हैंडल करता है प्लस हर तरह से एक्सपर्ट है फ्लाइट स्किल ा कमांडो जैसी hai..papa ने पूरी तरह से उसे बचपन से स्पेशल तरीने किया है मई भी उनको भइया कहता हु और गुरु bhi.or हमारा बिज़नेस का पूरा अकॉउंट इनका hi जवाबदारी है.

2.सोनाली- ऐ है मेरे पापा की सेक्रेटरी और हमरी कम्पनी का सारा काम यही देखती है पापा की परसनल सेक्रेटरॉय के अलावा ये इस कम्पनी मई अस मनगर की पोस्ट भी है बहुत hi एक्सपर्ट है जितनी एक्सपर्ट उतनी hi सुन्दर और सेक्सी भी है ये..उम्र इसकी 26 की है अभी तक सदी नहीं की है फिगर इसका लाजवाब है क्युकी दिखने साउथ ास्ट्रीस जैसी लगती है 32-30-36 की साइज इसकी गांड देख के हर एक का लुंड खड़ा होजाय .और हमरी ऑफिस मई पापा की सेक्रेटरी है और ऑफिस का पूरा वर्क और एम्प्लॉय को हैंडल करना इसका काम है.. वाह क्या काळा बाल इसके हमेअह पोनीटेल हीर स्टील रखती थी और बहुत hi ाची और भरोसे मंद है और ईमानदारी िसकमे कूट कूट के भरी है.

बाकि ऑफिस के इंट्रो जब आएंगे कहानी मई वैसे वैसे देता रहूँगा जब जरुरत पड़ेंगी तब दूंगा ..ऐ सो कैरेक्टर बहुत hi ख़ास है इस लिए अभी इनका इंट्रो दिया है..

☆डॉक्टर अनु दिल्ही hospital☆(family डॉक्)


1.डॉ. अनु - ऐ हमारी फॅमिली डॉक् है और सिटी हॉस्पिटल मई हेड डॉक्टर भी hai..dikhne मई एकदम रापचिक माल लगती hai.umar मई 30 की है..

साडी नहीं की है अभी bhi..figar इनका भी बढ़िया है 32-28-34 का hai..inke काळा बाल कमर तक थे लेकिन डॉ होने की वजह से हीर स्टील अपनी वो क्लिप या हेयर पिन वाली रखती थी लेकिन उसमे भी एकदम रापचिक माल लग टी थी..

☆डॉ सक्ससेना इंट्रोडक्शन ☆( कहानी मई इनका रॉयल बहुत hi ख़ास है.)

1.डॉ सक्ससेना-ऐ बहुत बड़े सिंटिस्ट थे उन्होंने hi मेरी जिंदगी अपनी फार्मूला से बचई थी और उतना hi नहीं बहुत hi ाची आदमी थे और काफी पिसा और बिस्सनेस था उनका और मेरे माँ डैड पर उनका सहारा काफी रहा है जीवन मई और पापा के दोस्त जैसे भी the..aaj पापा जो कुछ भी है सब इनके आशीर्वाद के बदौलत है..

2.मालिनी सक्ससेना- ऐ डॉ सक्ससेना न की वाइफ थी और माँ की सहेली भी थी ाची और इनका सवभाव भी अच्छा था और दिखने मई भी ाची थी.

☆विदेश का माफिया डॉ क दुसमन☆

1.डॉ अलबर्ट- यह है अमेरिका के सिंटिस्ट और उन्होंने डॉ सक्ससेना न का फार्मूला को पाने के लिए उनकी मदद किया और उन्हें देखा दिया क्यों की ऐ अमेरिका के माफिया के लिए काम कर रहा है ऐ पीसो के लिए कुछ भी कर सकता था.

2.एलेग्जेंडर-मैं लीडर इन अमरीका माफिया आंतकवादियो मई सब से खौफ नाक बाँदा इसका कहर और नेटवर्क हर देश मई फैला हुवा hai..ye है असली माफिया किंग अमेरिका का वर्ल्ड का no 1 माफिया है यही है जिन्होंने डॉ सक्ससेना का खून करवाया था ऐ स्त्रीर भी है और रूप बदलने मई माहिर भी hai..expart भी उतना hi है चालक lomdi..hai..kaafi खतरनाक फाइटर भी hai.unka यूनियन का नाम है थे बाद मन इन वर्ल्ड.

3.जाने- ऐ है एलेग्जेंडर का भाई इसकी मोट हो गयी थी डॉ का फार्मूला से .इसका इस स्टोरी मई कोई रेल नहीं है..

4.रॉक- ऐ है एलेग्जेंडर का खतरनाक आदमी ये माहिर है शूटर है माफिया का कॉनट्रैक किल्लर भी कहते है लोग उसी..

5.जैक्स- ये है माफिया का फाइटर वर्ल्ड का टॉप तेन फाइटर मई आता है ऐ उस अलेक्सांद्र का सबसे ख़ास आदमी hai..khatrnak भी

6.मारे- ये है उन आंतकवादियो का हतियार कंप्यूटर हाकेर और एक्सपर्ट भी है इन लोगो की सबसे खतरनाक डिजिटल हथियार है इ ..लड़ाई मई भी एक्सपर्ट है ye..lekin साली लगती है 1 no की माल एक दम वाइट गोरा रंग पतली कमर बड़े बड़े बोस और बड़ी गांड एक दम रापचिक माल है.

ऐ है उन आतकवादियो के मैं कैरेक्टर और आगे जो भी ऐड होंगे वो मई स्टोरी मई इंट्रो दूंगा और इनका सपना है की दुनिया मई तबाही मचा न लेकिन इनको इस काम मई इंडिया ऐसा देश है की सफल नहीं होने देता इस लिए ऐ इंडियन ख़ुफ़िया एजेंसी रॉ के पीछे पड़े hai..ab इनका पहला टारगेट है इंडिया..

☆ इंडियन रॉ का इंट्रोडक्शन ☆

1. मर सहगल- (होड़) इंडियन रॉ का हेड और सबसे बेहतर अफसर है पूरी इंडिया के रॉ को चलता है और परताप का सबसे अच्छा दोस्त भी hai.umar इनकी राज के पापा जितनी है.

2.गीता सहगल- ऐ है मर सहगल की बीबी उम्र इनकी राज के माँ की जितनी और दिखने मई हॉट है बड़ी गांड और बड़े बूब्स की मालकिन है ये लेकिन अभी तक कोई बचा नहीं हुवा hai..gar पे रहती है..

3.सोनाक्षी सहगल- ये है रॉ की बेस्ट एजेंट और कंप्यूटर मास्टर से लेके हर तरह की फाइटिंग स्किल की मास्टर है गन चलने मई भी मास्टर है जैसे उसके हुनर है वैसे दिखने मई भी एक दम जककसस है उम्र इसकी 28 साल की है फिगर इनका 34 -32-36 है गोरा रंगा बिलकुल बिना चर्बी का सरीर था उसका हर एक अंग मई कसाव था पूरा और इतना hi नहीं ये थी मर सहगल की भाई की बेटी माँ बाप का डेथ होने के बाद इनके साथ बॉम्बे रहती है.

4.अभिबजीत - ये रॉ का hi बाँदा है उम्र इसकी 27 साल का है लेकिन ये शूटिंग मई बेस्ट फिल्ड एजेंट hai..ye भी सोनाक्षी की hi टीम मई hai..achi बॉडी भी है इसकी.

5.विजय- ऐ भी रॉ का hi अच्छा एजेंट है इसकी उम्र 30 साल की होंगी और ऐ भी बढ़िया फाइटर है और हर तरह क एक्सप्लोसिव बनाने मई माहिर और उसको डिस्पोसे करने मई भी .ये भी इनकी hi टीम का बाँदा है.

6.सबा- ये भी रॉ की बेस्ट हैकर है और सारा कंप्यूटर का वर्क एहि देखती है और हर मिशन पे कंप्यूटर से हेल्प करती है दिखने मई भी माल है गोल गोल चश्मे उम्र इनकी 28 साल गोरा रंग रूप बाल भी मस्त काळा और लम्बे हमेसा बांध के hi रखती है और फिगर भी क़यामत है 34-30-34 चलता फिरता बम है .

अभी ऐ इतने hi लोग का इंट्रो दे रहा हु रॉ मई क्यों की यही टीम मैं है और बेस्ट भी ज्यादा रोल आएंगे इन लोगो का इस लिए इनकी देतीअल बता दिया है..

☆ राजू काका हमारा फार्म होसे के देखभाल करने वाले इनका इंट्रो ☆

1.राजू काका- इनकी उम्र 50 साल की है और ये हमरे फार्महासे के फार्म और होसे दोनों को सँभालते है यही रहते है हमेशा अब इनका लुंड काम नहीं करता hai..koi बीटा या बेटी नहीं है इनकी एक बहन है..

2.कमला काकी- इनकी उम्र है 40 साल की क्यों की इनकी सदी छोटी उम्र मई हो गयी थी पीसो की कमी के कारन रघुकाका जैसा भुडी से करनी पड़ी लेकिन हां देखने मई एकदम पताका है अभी तक इनका सील टुटा नहीं hai..chudayi के लिए पयासी भी है और बची क लिए भी सदी क बाद सीधा यहाँ लेके आ गया था राजू use..is लिए कभी चुदाई करवाने का मौका नहीं मिला लेकिन उसका पति उसे बहुत प्यार करता है

फिगर उसका 36- 34-38 उसकी गांड बहुत बड़ी थी और लम्बे काळा बाल थे उसके.

3.माधवी- ये है राजू काका की बहन और उम्र है इसकी 34 साल अभी तक सदी नहीं की गांव की लड़की है जयादा पढ़ाई लिखाई नहीं की लेकिन एक दम देसी बम है ये बड़ी गांड और बड़े बूब्स उसके क़यामत लग रहे hai..chudayi करने मई भी मजा आ जाए ऐसा माल है एक दम तीखी मिर्ची..

☆होटल स्टार शिल्पा बुआ की होटल☆(उप की सिटी का होटल जो राज क गांव से नजदीक का सिटी है)

1.निशिता सहरमा- इनकी उम्र है 29 साल की अभी तक सदी नहीं हुयी है होटल रेसप्शन पे बैठती है और पूरा होटल की जिमेदारी इनकी है और अस मैनेजर भी hai..dikne मई खूबसूरत है .इसका फिगर 34-30-34 है..

2.रेनू - ये है होटल की बार काउंटर श्माभलटी है ये भी रापचिक माल है इसकी उम्र भी 27 साल की hongi..figar इसका 32-28-32 का hai..hot है .

इस होटल के मैं दो hi कैरेक्टर है जो स्टोरी मई कभी aayenge..is लिए परिचय दिया है..

☆शिमला के बिज़नेस मई मंगल के आदमी ☆

1.शेरा- ऐ है मंगल भाई का कस आदमी और शिमला मई सेक्रेटी का इंचार्ज है सब वह का वो हैंडल करता है विप लोगो की सेक्रेटरी से लेके हमरे होटल का काम भी और हमारी अगेन्सी का वर्क भी काफी बहरोसे मंद आदमी है और हटा काटा देसी पहलवान की तरह है..

बाकि उसकी पूरी टीम थी उनका इंट्रो जरुरी नहीं है इसलिए नहीं देरहा हु..

☆शिमला हिमालय गुरुकुल आसरम का इंट्रो☆

1.राग्वेंद्र- इस गुरुकुल के गुरु और सभी पुराणी युद्ध कालो मई पारंगत वैसे है हमरे परिवार के गुरु भी और ौयर्वेद मई भी माहिर हमारे परिवार के कुल गुरु hai..kaafi हटी कटे इंसान है और बहुत hi निर्मल सहवभाव है उनका कुंडली बनाने से लेके कुंडली के कहस जानकर पुरे इंडिया मई इनके जितना गायनी पुरुष हाल मई कोई नहीं होंगे इस फिल्ड मई.

2.सखूंटला- ऐ है राग्वेंद्र की बीबी और ऐ भी बहुत ज्ञानी है सरे वेद पुर्नो उपनिषदों ग्रंथो सब की जानकर बातो मई किसी को आगे नहीं आने दे वैसे ऐ गुरुकुल मई आयुर्वेद की अच्छी कहसि जानकर भी है दिखने मई एक दम गोरी है और बहुत ाची भी hai..wo वह रहने वालो का खाना और बाकि सुविधा देखती है..

4.पृथ्वी- ऐ मेरे गुरुकुल का दोस्त है..

4.तेजस- ऐ भी गुरुकुल का दोस्त है.

☆गांव के हमरे फॅमिली के दुसमन का इंट्रो ☆

1.महेंद्र रावत- ये है विल्लन हमरे गांव का मेरे दादा की उम्र का है और बहुत ठरकी भी है साला गरीबो का खून चुस्त है और इसे मेरे दादा और नाना की दोस्ती पसंद नहीं है इस लिए उसे मेरे दादा की तरक्की से जलन होती तो ये उन्हें बर्बाद करले खुद राज करना छठा है हमरे गांव पर और कमीना इंसान के साथ hi इसके पास पइसे भी बहुत है क्यों की काळा धंधो मई इसका बड़ा हाथ है उतना hi नहीं ऐ आतंकवाद से लेकर कई गैरकानूनी धंधो मई इन्वॉल्व है है इनका 2 बेटे है और 1 बेटी..

2.गरिमा rawat(patni) - ये है इनकी बीबी बड़ी सीधी है बेचारी लेकिन इसकी कोई सुनता नहीं है गर मई ऐ इनको अपने पति और बेटे के कारनामो से नफरत है लेकिन क्या करे बिचारि का कोई सुनता नहीं hai..lekin है 1 no की माल 45 साल की लगती है उम्र असली मई इनकी है 58 साल लेकिन काफी भरा हुवा बदन और फिगर 34-32-38 की गांड इनकी काफी बड़ी है सदी मई एक दम रापचिक माल लगती है..

3.परमवीर रावत(बड़ा बीटा)- ये है बड़ा बीटा उम्र इनकी 40 साल जितनी है अपने बाप के काळा धंधे मई साथ देता है और सब गिर क़ानूनी काम करता रहता है साला एक no का गुंडा है लेकिन दिखने से कोई राज नेता हो वैसा hai..ae भी बड़ा hi कमीना हाइबपने बाप पे गया hai..jayada गर के बहार के कामो मई hi रहता है इस लिए अपनी बीबी पे ध्यान नहीं देता ..अभी तक कोई बचा माहि हुवा है..

2.संगीता रावत-(परमवीर की पत्नी) इनकी उम्र माँ की जितनी है ऐ भी कमल की लगती है रंग गोरा दिखने मई एक दम कड़क माल और उतना hi नहीं ऐ भी अपने पति के काळा कामो से तंग है लेकिन कुछ कह नाहिबसाक्ति अपनी सासु से ाची बनती है इनकी दोनों सहेलिया की तरह रहती है गर मई hi काम करती hai..figar इनका 32- 30-36 का है और इनके लम्बे बाल क्या बटु यार ब्राइड हेयर स्टील मई सीधा गांड को छोटी टकराती hai..pati धायण नहीं देता छोड़ने मई इस लिए बहुत प्यासी है लेकिन कुछ कर नहीं सकीय अभी तक..

4.विहान रावत(छोटा बीटा)- ऐ साला नसेड़ी है साला गांजा दारू सब ियाशी करता रहता है अपने बाप के काळा पिस्सो को उड़ाना इसका सोख hai..apne दोस्तों को लेके बस पार्टी और चुदाई करना इसका पिसा है गांव की लड़कियों को उठा के साला उनका रपे करता है लेकिन कोई इसके खिलाफ कम्प्लेन नहीं कर रहा है क्यों ऐ साला हठी जैसा कदावर जानवर है इंसान के रूप मई फाइट मई भी मास्टर है अपनी गांव मई कुस्ती मई ाची ाची पहलवानो को धूल छठा देता hai..apni भाभी और माँ पे भी गन्दी नजर रखता है साला मौका नहीं मिलता नहीं तो उन्हें भी पेल दे साला इतना ठरकी hai..iski सदी नहीं हुयी है.

5.रिहाना रावत(महेंद्र की बेटी)- उम्र इसकी निशा दीदी जितनी है लेकिन लगती है माल सोल्लगे करती है घमंड बहुत है इसमें सोल्लगे मई पढ़ाई करती है फिगर जान लेवा है 34- 32-36 का फिगर गांड मटका मटका के नखरे जयादा करती है पीसू के कारण थोड़ी जीडी और बिगड़ गयी है दोनों भाई की लाड़ली hai..inki आगे इतनी छोटी इसलिए है की ऐ गलती से पीड़ा हो गयी है चुदाई के सोख के कारण अपने बाप ka.is लिए इसकी मने अबेरसोतिओं नहीं करवाया था

5.नेहाल सींग - ऐ महेंद्र का वफादार कुत्ता है उसका ख़ास आदमी है और एक no का गुंडा हमेशा उसका बॉडी गार्ड बांके घूमता है इसने hi विहान को कुस्ती सिखाया है ऐ साला उसमे माहिर खिलाडी hai..ek बलिष्ठ योद्धा है अचे ाचो को पल मई hi धूल छठा दे इसके दम पर जयादा जोर करता है wo..uske पास इसके पालतू कुत्तो की फौज है मतलब काळा धंदे करने के लिए आदमी यो की फौज .

☆ नाना की फॅमिली का इंट्रो ☆

1.रघुवीर सींग राठोड (नाना)- उम्र इनकी मेरे दादा जितनी दोनों बचपन के दोस्त है दोनों का रुतबा है गांव मई ऐ पड़ोस के गांव मई इनका राज है ऐ हमरे गांव के बाजु क गनव मई रहते है लेकिन पंचायत 1 hi होती है गांव मई नाना जी बहुत ाची इंसान है लोगो की मदद करना और सेवा करना इनका काम है उनके गांव का हर आदमी इनकी इजात करता है पहले मेरे नाना भी पहलवान हुवा करते थे ऐ आब्से माहिर खिलाडी थे पहलवानी मई और लाठी चलने मई इनका मुकाबला कोई नहीं कर सकता thaa..inko 1 बीटा और 2 बेतिया थी..

2.गायत्री सींग (नानी)- इनकी उम्र दादी से 1 साल छोटी है क्यों की मेरी दादी की चाचा की बेटी मतलब बेहेन hi है और दोनों बचपन से सहेलिया थी इस लिए मेरी दादी ने मेरे दादा से सदी की तो मेरे नाना दादा के दोस्त थे तो दादी ने नानी की सदी रघुवीर से करा di..ae दिखने मई कमल की लगती है जब ये गर के बहार सदी पहन के निकलती है तो बच्चू से लकीर बूढ़े भी अपना लुंड मसल देते है ऐसी इनकी गांड और अभी भी टाइट hai..figar इनका 34-32-38 की बहरपुर भरा हुवा माल है इनके लम्बे बालो को हमेशा बन हेयर स्टील मई रख टी है अभी भी सेक्स मई बहुत इंट्रेस है इस लिए चुप के चपके कभी अपनी छूट मई ऊँगली दाल के पयास बजा टी है क्यों की नाना जी का तो अब्ब खड़ा hi नहीं hota..lekin है एक दम सीधी सटी सावित्री ..सिर्फ रात को hi कभी कभी ऐसा करती है..

3.सरताज सींग(मां)- यह मेरे मां और नाना जी का बड़ा बीटा उम्र पापा जितनी और पापा और ऐ सोल्लगे मई दोस्त थे बहुत ाची दोस्त थे दोनों और इतना hi नहीं अपनी बहन की सदी पापा से इन्होने hi करवाई थी लेकिन नाना जी के गुसी के आगे इनकी भी नहीं chalti..isliye ऐ इनका बचाव नहीं कर sake..ae मेरे नाना का बिज़्नेस श्माभलते hai..or जमीं भी सब इनके हलवाले है लेकिन ऐ भी किसी से काम नहीं है लड़ई मई हर युद्ध कौशल जानते है उतना hi नहीं हमरे गांव मई पहले तलवार बजी मई इनका मुकाबला कोई नहीं कर सकता था ऐ hi हमेसाहा जीतते थे..

4.
करिश्मा सींग (mami)-inki उम्र मेरी माँ से थोड़ी काम 2 साल जितनी लेकिन ये दिखने मई हॉट है और बहुत hi सेक्सी है इनका फिगर 34-30-36 है इनका बाल बहुत ाची है काळा लम्बे सीधा निचे पाँव तक लम्बे है.. बहुत चुदाई हुयी नहीं है क्यों की मां काम की वजह से जयादा ध्यान नहीं दे पाते लेकिन है बहुत संस्कारी इन्हे एक बेटे की चाह है 1 बेटी है इनको .पढ़ी लिखी है लेकिन गर का hi काम करती है..

5.
नेन्सी(मां की बेटी)- बहुत hi प्यारी और क्यूट लड़की है उम्र इसकी मेरी जितनी है और पढ़ाई सोल्लगे मई करती है लेकिन दिखने मई कमल की लगती है कोई अप्सरा की जैसी लगती है बिलकुल चाँद सा मुखड़ा और फिगर इनका 32-28-32 का है और इनके काळा बाल इनकी कमर तक है मस्त दिखती है..

6.
रेश्मासिंग ( मेरी maa)-inko तो आप ाची से जानते हो फिर भी बता देता हु मेरे मां और ऐ जुड़वाँ hai..umar 40 दिखने एकदम प्यारी है कोई देख ले तो लुंड खड़ा का खड़ा रह जाय 40 की होने क बावजूद 30 की उम्र जितना फिगर है 36-28-38 रेशमा गर को संभालती है और उनको 1 बीटा और 1 बेटी है अपने बीटा और बेटी को खूब प्रेम करती है

7.
रोहिणी सींग(मेरी मस्सी माँ की छोटी बेहेन)- इनकी सदी हो गयी है पति विदेश मई है जॉब करते है ाची कम्पनी मई कभी कभी आते है गर पर तब मसि जाती है इनके गर लेकिन जयदतर पति भर होते है इस लिए नाना जी के साथ hi रहती है ऐ माँ की बिलकुल ज़ेरोक्स कॉपी है एक दम रापचिक माल उम्र इनकी 35 साल होंगी लेकिन बहुत hi सेक्सी hai..abhi तक कोई बचा नहीं हुवा पति जिस कम्पनी मई है वह केमिकल की वजह से नपुंषक हो गए है अभी खड़ा भी नहीं होता इनका इनके बाल बहुत hi ाची है बूते पलोर की बहुत hi सोखिन है इस लिए सज ने सवार ने मई हमेशा टाइम लगती hai..lekin मेरी माँ को बहुत चाहती है..

8.
मोहित वर्मा(मौसा)- ये मेरी मौसी के हस्बंड है लेकिन जयदतर विदेश मई रहते है वह hi जॉब करते है और जहा ये जॉब करते है उसमे मनगर है और इनकी कम्पनी के कारन समिकल सरीर के अंदर के हिसी की नसे ब्लॉक करदी है इस लिए अब्ब इनका खड़ा नहीं होता है लेकिन किसी को अभी तक कहा नहीं सिवाय अपनी पत्नी को दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते है मेरे मौसा है सह भाव के ाची और ओपन मंद इंसान है..

●अब एते है मेरी फैमली का इंट्रो मैंने करवाया था फिर भी दे देता हु आगे से कॉपी करके दाल देता हु.. इस लिए सब को आसानी रहे पढ़ने mai..or मुझे भी..●

☆ मेरी फॅमिली का इंट्रो पूरा ☆


स्टोरी के हीरो का गांव - सरतनपुर

1. सरताजसिंग(दादा)- ऐ अपने हीरो के दादा है इन्ही के नाम पर से गांव का नाम सरतनपुर रखा गया है क्युकी गांव के लोगो क लिए बागवान की तरह है सब कुछ इन का hi चलता है उम्र मई 65 साल के है लकिन लगते है पहलवान की तरह इनको देख के कोई कह नहीं सकता की ऐ इंटने साल के है इनके 3 बेटे और 2 बेटी है.

सरताजसिंग के पास बेसुमार दौलत है उनकी गांव मई सबसे ज्यादा जमीं है 200 एकर और काफी सारा बिज़नेस भी है

2.उर्मिलासिंग - सरतनसिंग की वाइफ है उम्र 60 साल लकिन दिखने 52 सालकी लगती है क्या फिगर है इनका हॉट लगती है 36-30-40 अपनी फॅमिली से बहुत प्रेम करती है

3.pratapsing(papa) - उम्र 45 है ऐ है सरताजसिंग के बड़े बेटे उनका खुदका अपना बिज़नेस है बहुत बड़ी खुद की कंपनी है

अपनी फॅमिली को बहुत प्रेम करते है दिखने गबरू पहलवान की तरह लगते है



4.reshmasing(maa)- umar40dikhne एकदम प्यारी है कोई देख ले तो लुंड खड़ा का खड़ा रह जाय 40 की होने क बावजूद 30 की उम्र जितना फिगर है 36-28-38 रेशमा गर को संभालती है और उनको 1 बीटा और 1 बेटी है अपने बीटा और बेटी को खूब प्रेम करती है

5.nisha(beti)-reshma और प्रतापसिंग की बड़ी बेटी है उम्र मई 23 साल की है दिखने मई एकदम बोम की तरह है बुद्धो का भी लुंड खड़ा करदेती है उसकी फिगर 34-28-36 क्या गांड है इसकी सोल्लगे मई कितनो को घायल करदेती है स्टडी मई हाल hi मई इसने इंजीनियरिंग स्टार्ट की है अपने भाई को बहुत चाहती है

6.raj(beta)story का हीरो- रेशमा और प्रतापसिंग का बीटा है और निशा छोटा है उम्र 19 साल का है लेकिन इसके पापा ने इसको एकदम फिट रखने के लिए छोटा था तबसे गर्मी जिम मई बहुत वर्कआउट करते थे इसकी बदौलत इसका बॉडी एकदम फाइटर की तरह बन गयी है 6 पैक बॉडी है डोले शोले काफी बढ़िया बांये है अपने माँ और पापा को और उसकी दीदी को बहुत लव करता है स्टडी मई 12तह साइंस मई पढ़ रहा है.

☆बड़े अंकल और अन्तेय की फॅमिली☆



7.राकेशसिंग- राज के बड़े चाचा है और ऐ उम्र मई 43 साल के है और गांव मई अपने पिता के पास रहते है और पिता का सारा बिसनेस ऐ सँभालते है और दिकने मई गबरू पहलवान है



8.कनिका सींग- राज की बड़ी चची है उम्र 38 साल की है लेकिन एकदम गोरा रंग रूप है फिगर इनका 36-30-38 है क्या गांड और बूब्स है इनके कोई भी देहकले तो खड़े कहे लुंड हिलने लगे b.a तक पढ़ाई की है और अभी गर को संभालती है उनको 2 बेटी है और बीटा एपीआई तक हुवा नहीं



9.नेहा- राकेश और कनिका की बड़ी बेटी उम्र 24 है और माँ की तरह दिखने मई एकदम हॉट है फिगर 34-28-34 का है सोल्लगे मई अभी डॉक्टर की पढ़ाई करती है



10.राधा - राकेश और कनिका की छोटी बेटी उम्र मई 22 की है ऐ दिकने मई अपनी बहिन की तरह लगती है ऐ भी पढ़ाई करती है सोल्लगे मई इंजीनियरिंग करती है बहुत तेज है स्टडी मई

☆छोटे अंकल और अन्तेय की फॅमिली☆



11.जीतेन्द्र सींग- राज के छोटे चाचा है और उम्र मई 40 साल के है और ऐ गांव मई अपनी खेती और जमीं सँभालते है पूरी जिम्मेदारी इनकी है पहलवान की तरह लगते है



12.प्रियंकसिंग- राज की छोटी चची है उम्र इनकी 36 साल की है दिमाग एकदम तेज और दिखने मई पटका लगती है कोई देख ले तो 30 साल की लगती है ऐसा hi कहेगा पढ़ी लिखी है लेकिन ऐ भी गर मई अपनी भाभी का हाथ बताती है और इनको भी एक बेटी है उम्र मई राज की जीतनी है



13.कोमल- जीतेन्द्र और प्रियंका की एक लोटी बेटी है उम्र राज की जितनी बड़ी है 19 साल की है और अभी 12 तह मई पढ़ती है खूब सुन्दर है स्टडी मई बहुत तेज है.

☆बड़ी बुआ की फॅमिली का इंट्रो☆



14.शिल्पा सींग- राज की बड़ी बुआ है और उम्र मई 42 साल की है और जितेन्द्रसिंग से बड़ी है उनकी सदी हो चुकी है और ऐ सहर मई अपने पति के साथ रेहटी है दिखने मई एकदम गोरी चिट्टी लगती है और फिगर इनका 36-32-38 है और गाड़ इसकी बहुत बड़ी और सेक्सी है सोल्लगे तक पढ़ी है लेकिन गर का काम संभालती है उनकी 1 बेटी है



15.धर्मेश- शिल्पसिंग के हस्बंड है और धर्मेश का बहुतबड़ा बिसनेस है और 2 तीन फैक्ट्री है तो जयादातर आउट ऑफ़ सिटी रहते है उनको बेटे की साह बहुत है



16.vidhi(beti)- शिल्पा और दाहरमेश की बेटी उम्र मई 24 साल की है और अभी स्टडी करती है सोल्लगे मई और हॉस्टल मई रहती है दिखने एकदम अपनी माँ पे गयी हे हॉट..

☆छोटी बुआ की फॅमिली का इंट्रो☆



17.रश्मिका sing-raj की सबसे छोटी बुआ सभी भाई बहनो मई सबसे छोटी है और इनकी उम्र 38 साल की है और इनकी सदी भी हो गयी है दिखने में अपनी माँ पे गयी है एक बार रोड पे निकले तो देखने वाले लुंड हिलाते रह जाय फिगर देख के कोई कह नहीं सकता के उम्र में 38 की होगी बल्कि ऐ कहेगा की 30 साल की लगती है फिगर साइज 34-28-36 है इनको अभी तक कोई बीटा या बेटी नहीं है स्टडी मई एकदम शातिर है होसियार है और गर को संभालती है



18.अरविन्द - रश्मिका का पति है और कुड़का बिसनेस है टेक्सटाइल्स का वो खुद सँभालते है और दिखने में अचे खासे है और अपने काम मई हमेशा बुजी रहते है इसके कारन hi अपनी पत्नी को सेक्स मई जायदा ध्यान नहीं देते आउट ऑफ़ सिटी या टाउन बहुत जाना पड़ता है इसलिए अभी तक बचा नहीं हुवा है सप्रेम प्रॉब्लम की वजह से लेकिन इनको नहीं मालूम ऐसी प्रॉब्लम है.

☆अपने हीरो के स्कूल फ्रेंड का इंट्रो और उनकी फॅमिली के बारे मई जान लेते है☆



1 कारन - फॅमिली



2.परवीन शर्मा (पापा)-उम्र 50 साल के है बिज़नेस है कुड़का रिच भी बहुत है राज के जैसा है आमिर है...



3.रीता शर्मा ( माँ)-उम्र 42 की है दिखने मई एकदम पताका लगती फिगर इनकी 36-30-38 है क्या फिगर बनाया है रूपया बहुत होने के कारन बहुत मेंइतन किया हुवा है सबसे बढ़िया इनकी गांड है जो दिखने मई एकदम जबरदस्त hai..house वाइफ है...



4.इशिता Sharma(sister)- उम्र 25 साल की है जो दिकने मई माँ की तरह गोरी और नाजुक बदन वाली एकदम हॉट फिगर 32-28-34 का है सोल्लगे करती b.come 2ंद ईयर



2 ■मनीष का फॅमिली इंट्रो -■



1.हशमुख सिंघानिया (पापा)- मनीष के पापा एक परिवेट कम्पनी मई आउट ऑफ़ कंट्री मई रहते है और जॉब करते है कभी कबर 1 साल मई 2 से 3 बार आते है गर



2.करुणा kaur(mom)- मनीष की माँ पंजाबी है तो दिखने मई एकदम पंजाबी वीमेन की तरह बड़े बड़े बूब्स और गांड वाली सेक्सी फिगर इनका 36-30-38 है और हमेशा पंजाबी ड्रेस या साड़ी पहनती है और मिडीमम फॅमिली से है हाउसवाइफ है.

तो दोस्तों ऐ था पूरा स्टोरी का इंट्रो सब को पढ़ने मई मजा आये और सरल रहे इस लिए एक पेज मई कर दिया काफी म्हणत की है मैंने इसे बनाने मई क्यों 2 दिन लग गए पुरे पूरी स्टोरी को पढ़ लिया मैंने khud..bas आपको पढ़ने मई आसानी हो इस लिए इस उपडेट मई सिर्फ पूरा इंट्रो hi दिया hai..agle उपडेट अभी लिख रहा हु सायद आज या कल पूरा करके पोस्ट कर dungaa..abb कहानी चुदाई और एक्शन से भरपूर होने वाली है धीरे धीरे तो मजा भी आएंगे..
 
अपडेट-64

फ्लैशबैक

फिर मई और मंगल गुरूजी के पास गए जो पिताजी के साथ बेथ के बाटे कर रहे the...hum गए और फिर शाम का टाइम हुवा था तो फिर से खाना खाया और फेर पापा और मंगल हमें बोलके सब से विदा लेके निक गए..

उनके जाने के बाद हम लोग ने बेथ के बाटे की फिर हम सो gaye..or सुबह से उठ के फिर से सुरु हो गया रोज का रूटीन work..or ऐसे hi दिन बीतने lage...or देखते hi देखते 15 दिन और बिट गए आज मेरा लास्ट डे था यहाँ पे मैंने बहुत कुछ सीखा था इस आसाराम मई और गुरु जी गुरुमा से सबसे अच्छा लगाव हो गया था सब के साथ मुझे बहुत ाचा लगमे लगा था ेल परिवार की तरह हम सब साथ रहे इतने दिन मेरे वो दोस्तों ने भी मुझे बहुत कुछ सिखाया था और उनके साथ भी मुझे मजा आगया था इतने दिन बस अब अल्हरी दिन था मेरे जाने के लेकिन यहाँ से जाने से पहले मेरे सरिरस ऐसा हो गया था की कोई देख ले तो देखता hi रह जाय बिना सीरत के जब मई निकलू तो मेरे बॉडी का हर एक अंग कैसा हुवा और निखार गया था उभर ke..sab विधाय ो मई मैंने महारथ हासिल कर ली थी...

☆स्टार्ट☆

अब मेरे जाने का आखरी दिन की सुबह को मई उठा पहले फ्रेश हुवा सूर्यनमस्कार किये उसके बाद मैंने योग किया और ऊके बाद कुस्ती के डाव पेच की प्रेक्टिस किया और उसके बाद तलवार बजी उसके बाद लाठी और उसके बाद गुरूजी ने मुझे अकेले को सिखाई हुयी विद्या जो चटकियो मई किसी भी इंसान को मर ने की शमता रखता थी वैसी कलाओ की प्रेक्टिस किया उसमे मन्युष्य के शरीर के उस अंगो को कैसे पकड़ना है और कहा प्रहार करना है और कितना फाॅर्स देना है वो सब था वो सब की मैंने अकेले प्रेक्टिस किया और फिर उतनामि दोपहर का वकत खाना खाय आज मेरा लास्ट डे था तो सब मेरी पसनद का खाना गुरुमा ने अपने हाथो से बनवाया था ..खाना खाने के बाद मई गुरुमा और गुरूजी सब बैठे एक जगह और बात चित सुरु हुयी..

राग्वेंद्र- बीटा राज आज तुम्हारा इस गुरुकुल मई आखरी दिन है अब तुम्हे अपने मकसद को अंजाम देना है धीरे धीरे और अपनी फॅमिली को एक करना है .

राज- हां गुरूजी मुझे पता है और मई तो उनको मिलने क लिए बहुत वयाकुल भी हु..

राग्वेंद्र- देखो बीटा तुम्हे इसमें जल्दबाजी नहीं करनी है सोच समाज कर पाँव रखना है अपना हर कदम पर खतरे होंगे तुम्हारे और उतना hi नहीं तुम्हे आगे चल के वो कार्य भी करना होंगे जो तुम नहीं करना कहते ho.phir भी ..

राज- ऐसा कोनसा कार्य है..

राग्वेंद्र- तुम्हे अपने फॅमिली को एक करने के लिए सायद शारीरिक सम्बन्ध भी बनाने पड़ेंगे अपने hi फॅमिली वालो क साथ और प्यार भी देना पद सालता hai..sayad ऐसी सिटकातिओं आएँगी तुम्हारे जीवन मई अब तुम्हे चूस करना है की तुम उन को प्यार देके एक करना कहते हो या नहीं..

राज- लेकिन ऐसा hi क्यों गुरूजी..

राग्वेंद्र- अब इसमें ऐसा करने का मई नहीं कह रहा हु लेकिन तुम्हारी कुंडली केमुताबिक ऐसा करने से इन लोगो का प्यार तुम्हे वो ताकत देंगी की उसका सायद कोई मुकाबला न कर सके तुम्हे पता है पुआर की ताक़त के आगे सब तलत फीकी पद जाती है...

राज- हां गुरूजी गुरुमा ने मुझे पहले भी ऐ संजय था और ऐसा हिमेरे जीवन मई सायद होने भी लगा है..

राग्वेंद्र- हां बिलकुल उसकी सुरुवात तो बहुत पहले hi हो चुकी है तुम्हरी कुंडली और ग्रह नखतरो के आधार पे मई बता सालता हु की 1 ऐसी औरत है जिसे तुमने अपने प्यार मई बांध दिया है लेकिन ऐ कोण है वो तो मुझे नहीं पता लेकिन इसकी सुरुवात तो हो चुकी है..

राज- लेकिन गुरूजी मैंने अभी तक अपने परिवार से मिला भीनही hu..ya किसी के साथ परिवार मई शारीरिक रिलेशन नहीं किया है तो ऐसा कोण हो सकता है..

राग्वेंद्र- देखो राज नियति को कोई ताल नहीं सकता लेकिन जाने या अनजाने मई तुमसे तुम्हारे hi परिवार के किसी एक क साथ शारीरिक सम्बन्ध बन चले hai..or इसका फायदा तुम्हे तो होंगे hi अपने मकसद को पाने मई लेकिन उसे भी होंगे इसका fayda..is लिए तुम परेशां मत हो जो हो रहा है उसे होने दे..

राज- जी गुरु जी मई समाज गया..

शकुतंला- और हां यहाँ से जाने क बाद अपनी गुरुमा को भूल मत जाना ..

राज- अरे माँ आपको तो मई कैसे भूल सकता hu..apne hi तो मुझे जीवन जीने की दिशा बताई hai..apne मेरे मन मई उठे हर प्रश्न का उतर और निराकरण दिया hai..aap की कमी हमेशा rahegi..muje तो मई कैसे भूल सकता हु आपको..

राग्वेंद्र- अब दूसरी बात अब तुम्हे अपनी विद्या का प्रयोग हमेशा लोगो की भलाई के लिए hi उपयोग करना hai..samaj गए किसी निर्दोष वयक्ति को हानि मत पोहचना इस से और वो जो ख़ास कला तुमने मुझसे सीखी है उसका प्रयोग तब करना जब तुम्हारे पास कोई और रास्ता न बचे समाज गए उसे भहुत संभल कर इस्तमाल करना होंगे तुम्हे..

राज- जी गुरूजी ऐसा hi होंगे..

राग्वेंद्र- तीसरी बात तुम्हे यहाँ से जाने क बाद थोड़े hi दिन मई अपना परिवार का कोई सदस्य से मुलाकात होंगी सायद अनजाने मई hi और उसके धरा hi तुम अपने गांव जाएंगे समाज गए पहले पहले तुम्हे कोई कदम नहीं उठाना hai..phir जब तुम वह जाएंगे तब तुम्हे अपने दादा को एक बार यहाँ लेके आना तब मई सब विस्तार से उन्हें समजा दूंगा समाज गए न.

राज- लेकिन गुरूजी मई पहचानुगा कैसे अपने परिवार के सदस्य hai..or मन भी जाओ वो हमको मिल भी गया लेकिन पापा कैसे मानेगे वापिस जाने क लिए..

राग्वेंद्र- पहचाने की चिंता तुम मत करो वो सब अपने आप होंगे लेकिन हां तुम्हारे पापा को मानाने के लिए तुम्हे अपने गर की साडी हालत बॉटनी होंगी और उतना hi नहीं वो दुसमन वाली बात भी तब जेक तुम्हारे पापा मानेंगे.

राज- समाज गया गुरूजी अब मुझे कोई दिखात नहीं है..

राग्वेंद्र- और 4 थी बात सुनो मुझे गुरु दक्क्षिणा नहीं donge..tum.

राज- हां गुरूजी क्यों नहीं आप मंजिये क्या चाइये आपको मुझसे मई अपनी जान भी दे सकता हु apko..boliye गुरुवार.

राग्वेंद्र- मुझे तुमसे कुछ नहीं चाहिए बीटा यदि तुम गुरु दक्षिणा देना hi कहते हो तो मुझे 1 वचन दो की तुम हमेशा लोगो की रक्षा करेंगे और कभी अन्याय के खिलाफ लड़ना पड़े तो पीछे नहीं हटेंगे और अपने परिवार को किसी भी हाल मई एक करके रहेंगे बस उतना hi चाइये मुझे तुमसे..

राज- मई आपको वचन देता हु गुरु जी आप ने जैसा कहा बिलकुल वैसा hi होंगे ..ऐ मेरा वचन आपकी गुरुदक्षिणा होंगी गुरूजी...

शकुतंला- और अपनी गुरुमा को नहीं देंगे कुछ ..

राज- अरे माँ को मांगने की क्या जरुरत आप का तो हक़ है बेटे के पास कुछ भी ले सकती हो आप..

शकुतंला- बस मुझे कुछ नहीं व्हिये मई तो मजाक कर रही हु बस इतना छाती हु की सदा खुश रहो और मेरी बातो का हमेशा धायण रखना और मेरा दिया हुवा और्वेद का गायन से लोगो की मदद करना हो सके तो..

राज- आपके लिए तो मई हमेसाहा कुछ भी कर सकता हु गुरुमा और हां रही बात ौयर्वेद की तो उसका विचार तो मुझे आ गया है की कैसे लोगो की मदद कर सकता हु मई..

सकुंतला- अच्छा ऐसा है अब तुम दोनों बाते करो इतने मई मई बहार जेक आती हु..

राज- गुरूजी अब क्या करना है मुझे ..

राग्वेंद्र- अब कुछ नहीं करना है अभी तुम गर जाओ और उस गाड़ी का इन्तजार करो तब तक कुछ भी अपने हिसाब से मत करना और हां एक और बात तुम्हे इस देश की सेवा करने का मौका जरूर मिलेंगे उसे हाथ से जाने मत देना और उतना hi नहीं उस के hi कारन तुम अपने दुश्मनो का सफाया कर सकेंगे..

राज- मई कुछ समजा नहीं गुरूजी देश की सेवा का मतलब..

राग्वेंद्र- समय आने पर पता चल जाएंगे तुम्हे अपने आप hi तब तक जा अपने मित्रो से मिल लो और हां कभी भी किसी भी बात के लिए मेरी मदद की जरुरत पड़े तो बेजिझक आजाना यहाँ..

राज- जी गुरूजी फिर मैंने उनके पेअर chuye..or फिर भर आ गया..

आज मई बहार आके सब जगह गया जहा जहा मैंने समय बिताया था सब जगह जाने के बाद मई अपने दोनों मित्रो से मिला उनके साथ बेथ के बाते की और फिर हम तीनो ने मिलकर मेरा सामान बंधा और इतने मई कोई शिष्य आया मुझे बुलाने की तुम्हे गुरूजी बुला रहे है..

फिर मई अपने दोस्तों से विदा लिया और उनको कहा की मई यहाँ आता रहूँगा उन्हें मिलने और फिर गुरु जी के पास गया तो वह मंगल खड़ा था मुझे देख कर भाग के आया ..

मंगल- राज आ गया तू और मेरे गले लग गया ..

राज- मई भी उसे गले लगा लिया .फिर हम अलग होक एक तरफ आसान पे बेथ गए फिर मई बोलै.

तू कब आया भाई..

मंगल- अभी hi थोड़ी देर पहले hi आया ..तुम रेड्डी हो आने के लिए की यही रहना है..

राज- जाने का तो यहाँ से मन नहीं कर रहा क्यों की इतने दिनों मई एक परिवार जैसा हो गया था इस लिए तकलीफ तो होंगी न जाने मई..

राग्वेंद्र- सही कहा राज तूने तुम न मेरे इस गुरुकुल के सबसे प्रिय शिष्य बन गए हो और तुम्हरे जाने क बाद हमें तुम्हारी कमी जरूर महसूस hongi..kyu sakuntla.sahi कहा न मैंने..

सकुंतला - हां क्यों नहीं इन 1 महीने मई राज हमरे बेटे की तरह रहा है तो क्यों एक माँ को अपने बेटे की कमी महसूस नहीं होंगी kya...tere जाने क बाद थोड़ा सुना सुना लगेगा तू जो यहाँ मस्तिया करता सबके साथ सबको हस्ता था वो सब तुजे याद करेंगे..

मंगल- भाई तूने तो कमल कर दिया यार ऐसा केसा जादू कर दिया हां जो गुरुमा और राग्वेंद्र गुरु भी तेरे जाने से ुआदस hai..or पूरा आसाराम मई ऐसा केस जादू किया है तूने हां मन्ना पड़ेगा हा haa...haa

राज- हआ क्यों नहीं भाई सब मेरे परिवार की तरह है इसमे जादू क्या करना बस सबको अपना प्रेम और प्यार देते रहो सब अपने आप हो जाएंगे..

मंगल- वह रे बीटा तू तो गजब का गायनी बन गया re...jay हो राज बाबा की जय हो..

ragvendra--haaa हाहा हआ.

सब हसने लगे मंगल भाई की बात se..mahol खुशनुमा कर दिया मंगल ने ये भी कमल का बाँदा है कब किसे डरा दे कब वो हंसा दे पता hi नहीं चलता..

मंगल- गुरूजी अब हम जाने की आगया लेते hai..kyu की हमें बहुत लेट हो जाएंगे जाने मई..

राग्वेंद्र- हां बीटा सही कहा और है मंगल मैंने राज को सब कुछ ाची से समजा दिया है समाज गए ना अब बस तुन्हे उसका साथ देना है..

मंगल- मई तो हमेशा उसके साथ hi हु गुरु ji..aap निचिंत रहिये..

फिर हमने गुरु जी के पेअर छुए तो गुरूजी नुजे आशीर्वाद दिया और उतना hi नहीं उन्होंने मुझे अपने गले लगा liya...or फिर मई गुरुमा के पीर छुए उनका ैसवाद लिया तो उन्होंने मुझे गले लगा लिया और कहा..

सकुंतला- अपनी माँ को बोलना की मई उसे याद करती थी समज गया न..

राज- हां जरूर गुरुमा मई उन्हें भी एक दिन जरूर लेके आऊंगा..

फिर हम बहार आये तो सब मुझे विदा करने के लिए ेखतीं हुए तो मई एक एक करके सबको मिला और सब की आंख मई आंसू थे मेरी भी आंख नाम हो गयी और मई लास्ट मई सबसे विदा लेकर निकल पड़ा अपनी नयी मंजिल की और .....

हम दोनों पेडल चल कर गए और अब तो मई इस एरिया का छपा छापा जान गया था इन 1 महीने मई और हम अपनी कार के पास पोहंचे और निकल पड़े हमरे शिमला वाली होटल पे जहा हमारा गर भी था एक पहाड़ पे जब मई पहले दिन आया था तब रुके थे वो जगह पोहंच गए और वह हमारा इंतजार कर रहा था कोई पहले से hi...

बस भाई लोग अभी इतना hi लिख सका हु थोड़ा काम है मुझे इस लिए आज तो लिख नहीं सकता लेकिन कल 2 उपडेट दूंगा जरूर कमैंट्स जरूर करना भाई..
 
भाई वो क्या भूल मेरी है उसमे और क्यों की मुझे धायण HI नहीं गया लिखते समय ीनता जायदा कैरेक्टर है की सायद जल्दी लिखने की वजह से भूल हुयी है मई ीडित कर के सुधर देता हु

1 मंगल की आगे 30 साल कन्फर्म रहेंगी..

2.राजू काका की आगे 50 है और मदवि की आगे 34 साल है .

3.गरिमा रावत की आगे 45 इसलिए बतया है की वो लगती है 45 साल जितनी लेकिन है वो 58साल की है और रही बात उअके बेटे की आगे तो उसे कम करदेता हु थोड़ी यार 40 कर देते है..

4.रिहाना रावत की आगे तो सही है भाई क्यों की वो म्हणेद्र रावत की बेटी है लेकिन उसका चुदाई सोख के वजह से गलती से उसकी माँ के कोख से निकल गयी इस लिए ऐसा hai..samj गए भाई..

रही बात बुरी लगने की तो मुझे बुरा कुछ लगता नहीं है क्यों की मुझे अच्छा लगा की आप मेरी स्टोरी को ाची से पढ़ रहे हो और मेरी गलती बता कर अपने अच्छा किया और आप को मैंने पहले hi कहा था की ये मेरी पहली स्टोरी है तो थोड़ी बहुत गलतिया होंगी वो अपने हिसाब से समाज जाना भाई और मुझे भी ऐसे बताते रहना इसी मुझे भी फायदा hi है की आगे ऐसी भूल न हो जाए.

थैंक्स फॉर रिव्यु एंड कमैंट्स
 
अपडेट-65

फिर हम बहार आये तो सब मुझे विदा करने के लिए ेखतीं हुए तो मई एक एक करके सबको मिला और सब की आंख मई आंसू थे मेरी भी आंख नाम हो गयी और मई लास्ट मई सबसे विदा लेकर निकल पड़ा अपनी नयी मंजिल की और .....



हम दोनों पेडल चल कर गए और अब तो मई इस एरिया का छपा छापा जान गया था इन 1 महीने मई और हम अपनी कार के पास पोहंचे और निकल पड़े हमरे शिमला वाली होटल पे जहा हमारा गर भी था एक पहाड़ पे जब मई पहले दिन आया था तब रुके थे वो जगह पोहंच गए और वह हमारा इंतजार कर रहा था कोई पहले से hi...




☆स्टार्ट☆



हम दोनों फच्चे वह जहा हमारा होटल का काम चल रहा था जब हम वह पोहचे तो कोई था जो हमारा इन्तजार कर रहा था वो हमें देल्हते hi हमरी तरफ भाग कर आया और जब हमरी कार हमरे गर क दूर तक पोह्ची वो भाग कर हमारी कार का दूर खोला और हमारा वेलकम kiya..to मई खुश होकर उसे कहा..



raj-wah शेरा तुजे किसे पता चला की मई आने वाला हु..



शेरा- मंगल भाई मुझे बता कर गए थे की आपको लेने जा रहे है तो मई तब से आपके आने का वेट कर रहा था.



राज- ओह्ह मन्ना पड़ेगा तुजे to..kya टाइमिंग है तुम्हारी जैसे hi कार गेट पे पोह्ची तू तो दादके चला आया मेरा वेलकम करने वह



शेरा- वो तो मई कब से बैठा आपकी प्रतीक्षा कर रहा था इस लिए आ गया भाई लेकिन आप इन 1 महीने मई पुरे बदल गए हो भाई एक दम जक्कास बॉडी बना दी है apne..aayiye अंदर चलते है..



राज- हां चलो अंदर पहले फिर बाटे करते hai..bhai अभी कितने बजे है..



मंगल- अभी तो शाम के 7 बजे है क्या कुछ काम था तुम्हे..



राज- हां पहले इस सोफे पे बैठिये फिर बताता हु और हां शेरा पहले तू जा और मेरी अमानत तुजे सौंपी थी उसे लेके आ जा जल्दी..



शेरा- हां भाई वो मैं कैसे भूल सकता हु अभी लाया बस..



शेरा गया उसके आदमी को बोल के की भाई को पानी और कफ देने के लिए और वो जेक मेरे लिए मेरा फ़ोन लेके आया..



शेरा- ऐ लीजिये भाई जैसा अपने दिया था वैसे hi वापस लोटा रहा हु apko..dekh लीजिये भाई..



राज- कोई बात नहीं मुझे तेरे पे भरोसा है और वैसे भी इसमें ऐसा कुछ था भी नहीं की कुछ हो तो भी मेरा कुछ बिगड़े..



शेरा- फिर भी भाई अपने बोलै था तो मुझे संभल के रखना तो पड़ता hi ..



मैंने शेरा से मेरा फ़ोन लेके चालू किया तो उसमे काफी मश्ग भी थे और कॉल भी थे जो अंकिता और इशिता के थे जयादातर उनको मई बोलके भी गया था फिर भी उन्होंने कॉल किया था सायद उनको ऐसा लगा होंगे की मेरा कॉल लग जाए तो बात हो jayengi..koi बात माहि सब को जेक सर्परीज़े दूंगा अभी किसी को कॉल नहीं कर सकता मई नहीं तो सर्परीज़े नहीं रहेंगी किसी के लिए..



मंगल- राज कल वापिस जाना है की नहीं या कुछ दिन तहरणा है यहाँ..



राज- नहीं भाई अभी तो गर जाना है कल तुम एक काम करो हमदोनो का कल का फ्लाइट का टिकिट बुक करवा दो..



मंगल- मुझे पता hi था तू ऐसा hi कहेंगे इस लिए मैंने ालरदीय कल रात 12 बजे की फ्लाइट का टिकिट बुक करवाया है..



राज- 12 बजे रात का क्यों yaar..jaldi नहीं थी उसे पहले की कोई..



मंगल- नहीं यार कल थोड़ा यहाँ बिज़्नेस मीटिंग है और अकॉउंट भी चेक करना है तो देर हो जाती इसी लिए रात का टिकिट बुक करवाया है हम सुबह पोहोंच जायेंगे न भाई..



राज- अच्छा ऐसा है तो कोई दिखात नहीं है तो क्यों न आज की रात को फुल तो पार्टी करते hai.hum सब milke..kyu शेरा हो जाएंगे न इंतजाम.



शेरा- आप बोले भाई क्या चाइये बाँदा आपकी सेवा मई हाजिर है..



मंगल- अबे तू कही पिने की तो बात नहीं कर रहा है न..



राज- हां बिलकुल सही सोचा भाई तूने आज तो हम पेग पे पेग मरेंगे साला बहुत दिन हुए hai..sala दारु नहीं पिया और आज की शाम शेरा के नाम होंगी क्यों शेरा पिता है की नहीं तू..



शेरा- भाई मई कभी कभी पि लेता हु bhai..aap बोलो कोनसी बरंड चाइये सब हमरे इस गर मई मिल जाएँगी..



मंगल- सेल वो सब प्रताप भाई की है ख़तम तो नहीं कर दिया ने तुम लोगो ने..



शेरा - नहीं भाई वो सब तो वैसा का वैसा hi पड़ा है हमरे लिए परताप भाई ने बहुत सी बोत्तले दिया hai..wo hi काफी है..



राज- क्या पापा की बोत्तल वह मुझे दिखा सब कहा राखी है आज तो उनमे से 2 से 3 बॉटल तो टूटेंगी ..



मंगल- सेल मरवाएगा kya..bhai को मालूम चला तो मार देंगे मुझे..



राज- अरे कुछ नहीं कहेंगे बोल देना राज ने शेरा और बाकि स्टाफ को पीला दी थी पार्टी करने मई..



शेरा- भाई मेरा नाम मत लेना नहीं तो मेरी बेंड बज जाएँगी..



राज- अबे कुछ नहीं होंगे सेल डरता क्यों है मेरा नाम ले लेना तू बोल देना मैंने जबरदस्ती पीला दी..



मंगल- अच्छा अब्ब तूने मेरा भो मूड पिने का करवा दिया यार अब तो जो होंगे डेल्हा जाएंगे शेरा जा बढ़िया इंतजाम करवा .



राज- एक मिनिट शेरा भाई एक काम करो तुम ना अपने आदमी को बोलो की हमरे चाट पर खुले मई मजा करना है तो वह पे इंतजाम करवा दो तुम और हां कहने मई आज सब नॉनवेज hi होना चाइये ..समाज गए न ..और म्यूजिक स्यिस्तम भी लगवा दो ऊपर आज तो फुल फ्रॉम मई पार्टी होंगी..



शेरा - भाई अभी 10 मिनिट मई सब इंतजाम करवा देता hu..bas आप bethiye.or इतने मई हल्का फुल्का नास्ता कीजिये..



शेरा गया अपने 2से3 बन्दों को ले कर और ऊपर चाट पर जाकर उसने एक दिया गोल टेबल लगवा दिया और वह पे तीन खुर्शिया भी रखवा दिया और म्यूजिक स्यात्तं भी रखवा दिया फिर अपने आदमी को बोलै की यहाँ गिलास ,ठंडा पानी बर्फ के टुकड़े और कुछ स्नैक्स जो बीटिंग के लिए रखवाने का बोलके निचे आया जहा हम नास्ता करते हुए बाते कर रहे थे..



मंगल- साला आज कोनसी खुसी मई पार्टी कर ने का सोचा है..



राज- भाई मुझे न ऐसा मौसम मई पीना का मजा आता है और दिन भी बहुत हुए है तो सोचा क्यों न इसी बहाने आज पार्टी कर ले और यहाँ शिमला की ठंडी ठंडी हवाएं चल रही है और यहाँ खुले मई बेथ कर पिने मई मजा भी आएंगे और इसी बहाने शेरा और उनको भी ख़ुशी मिलेंगी..



मंगल- हां सही कहा यार मई भी काम मई जयादा पि कर इंजॉय नहीं कर पता आज तेरे साथ पिने का मजा लेते है नहीं तो कभी कभी भाई के साथ पिता हु ..



राज- क्या पापा के साथ पिटे हो तुम



मंगल- हां भाई और मई कभी कभी टूर पे जाते है तो शाम के टाइम पार्टी जरूर करते hai..maja आता है उनके साथ भी पिने मई..



राज- अच्छा चल आज तुजे और मजा दिलवाऊंगा..



शेरा- भाई आप लोगो के लिए मैंने ऊपर सब इंतजाम करवा दिया है अब आप बोतल पसंद कर ले कोनसी ब्रांड चाइये..



राज- हम्म जोनिवोकेर लेके आजा तीन बॉटल जा जल्दी तब तक हम ऊपर जाते है तरीके पर.



मई और मंगल भाई ऊपर गए 3रद फ्लोर पर टेरेस था साला चारो तरह बस ठंडी ठंडी हवाएं आ रही थी और टेरेस बिलकुल खुला था साला बीचो बीच टेबल लगया था और चिर भी और नास्ता पानी ग्लास और बर्फ सब इंतजाम देख कर मई खुश हो गया सेल ने सब कुछ बढ़िया इंतजाम किया है और ख़ास बात पता है क्या थी यहाँ अंधरे मई भी हल्का चाँद की रौशनी मई मजा hi कुछ और था और हमरा टेरेस पे हलकी लाइट थी और कुछ बन्दे वह म्यूजिक सेट कर रहे थे तो मई बोलै..



राज- ऐ लड़के क्या नाम है तुम्हारा .



वो लड़का- हां भाई मेरा नाम छोटू है सब मुझे यही कहकर बुलाते है बोलिए न भाई क्या काम है..



राज- देख छोटू तू न बढ़िया ओल्ड सांग लगा वो भी एकदम कूल वाले समाज गया न..



छोटू - हां भाई समाज गया मई..



मई जेक चिर पर बैठा और मंगल फ़ोन पे बात करके मेरी तरफ hi आया और बाजु वाली चिर पे बेथ गया ..इतने मई शेरा 1 आदमी क साथ जोहने वोकर लेके आया..



शेरा - लीजिए भाई और कुछ chaiye..kya..



राज- नहीं बस तुम इधर इस चिर पे बेथ जाओ और बातो कितने आदमी है यहाँ पे सब को यहाँ बुला दो..



मंगल- सब का क्या काम है तुजे ..



राज- तू बस देखता jaa..mai क्या करता हु..



शेरा- अरे भाई मई कैसे बेटे आपके पास मई यहाँ ठीक हु भाई..



राज- अबे तुजे मैमे बोलै न यहाँ बेथ जा पहले दुख तूने मुझे भाई मन है तो बेथ जा नहीं तो पीना कैंसिल समाज ले..



शेरा- लेकिन भाई..



मंगल- अरे बेथ जाना शेरा क्यों भाव खा रहा है नहीं तो साला इसकी चाकी तो पीने को नहीं मिलेंगे..



शेरा - जैसा आप कहे भाई..



राज- हम्म तो बता कितने आदमी है सब को यहाँ बुला दे सिर्फ खाना बनाने वाले के शिवाय ..



शेरा- भाई कुल मिलके 10 लोग hai..abhi और बाकि सब दुती पे है..



राज- अच्छा छोटू इधर आ..



छोटू - जी भाई कहिये क्या हुकुम है..



राज- जा सब को यहाँ बुलाले और हां सब के लिए पानी और नास्ता लेके ऊपर ाजो..



छोटू - जिसे आप कहे भाई अभी गया और अभी आया.



राज- शेरा चल पैक बना हम तीनो के लिए बढ़िया पटियाला पैक बनाना है..



शेरा- भाई मई भी आपके साथ कैसे पि सकता हु..



राज- अभी सिर्फ हम दोस्त है समाज ले चल अब पैक बना .



शेरा ने तीन पैक बनाये और इतने मई छोटू सब को लेके आ गया सब अभी फॉर्मल कपड़ो मई the..mai उन सब पे एक नजर डाली फिर बोलै..



राज- शेरा इनको 1 बॉटल देदे..



शेरा- भाई ऐ महंगी वाली बोत्तल है.



राज- भाई देना यार हर वकुट सवाल मत किया कर ..



शेरा ने छोटू को बोत्तल दिया फिर मई बोलै .



राज- छोटू और बाकि सब लोग यहाँ निचे बेथ जाओ और अपना अपना पैक बनके पीना सुरु करि चलो जल्दी..



सब के सब एक दूसरे का मुँह दुख रहे थे कोई मंगल के सामने सायद पिने से हीच खींचा रहे थे तो मई मंगल को बोलै..



राज- मंगल भाई ऐ सब आपको क्यों देख रहे है..



शेरा- क्यों की ऐ सब मंगल भाई से डरते है उनके सामने पिने का नाम भी नहीं लेता कोई ..नहीं तो इनकी शांत आ जा टी है..



राज- ओह्ह भाई सब सुन लो आज मंगल भाई की तरफ से मई तुमको छुट्टी देता हु लेकिन सिर्फ आज के लिए समाज गए मंगल भाई बोलो इन सब को की बिना डरे पिए और पार्टी का मजा ले..



मंगल- सेल तू मेरे आदमियों को बिगड़ denga..ae छोटू सुनो सब को कह दो की आज के दिन सिर्फ छुट्टी है जितना मर्जी पियो और मजा करो ..



सब अपना अपना पैक बनाए लगे ख़ुशी कृषि और मैंने अपना पैक हाथ मई लिया फिर बोलै..



राज- चलो चियर्स..



हम सब ने मिलके पीना सुरु किया और साथ मई बाटे भी कर रहे थे हल्का हल्का म्यूजिक बज रहा था मजा आ रहा था साला के मौसम था ..



मैंने 1 ख़तम किया मंगल और शेरा का कबसे ख़तम हो गया था तो दूसरा बांया और दूसरा ख़तम मई अभी भी पि रहा था..



राज- अबे सालो एंटनी जल्दी क्या है पिने मई कोई भगा जा रहा है क्या शांति से पैक मारो यार ..



मंगल- अबे आज कितने दिनों बाद मिला है पिने को और तू शांति की बात कर रहा है 3 पैक जब तक नहीं जायेंगे तब तक शांति नहीं मिलेंगी फिर धीरे धीरे मजा लूंगा मई..



राज- अच्छा चल तीसरा पैक मार लो तुम दोनों ..



मंगल और शेरा ने तीसरा भी जातक गए अब तब तक मैंने भी पूरा कर लिया दूसरा अब साला मजा आ रहा hai..maine भी तुस्रा लगाया और अब्ब हल्का नशा था sabko..mai बोलै..



राज- भाई अब डांस हो jaay..kuch चलो छोटू अपनी गैंग को बोलो डांस सुरु करे ..



छोटू - जी भाई ..



छोटू- ऐ सुनो रे आज धमाल मचा के दिखादो राज भाई ko..chalo सब सुरु कार्डो डांस करना मई म्यूजिक बदल देता हु..



सब नशे मई थे सब काफी हुए और छोटू ने गण लगाया बरसात के मौसम मई तन्हायिनके आलम मई सुरु हुवा और यहाँ सब बेवड़े डांस करने लगे और मई पैक मरते हुए उन्हें देख कर मजा ले रहा था..



मंगल- सेल सब के सब बेवड़े कैसे नाच रहे है..



शेरा - भाई सब को आज इंजॉय करवाया है अपने सब कितने खुश लग रहे hai..manna पड़ेगा भाई आपको..



राज- अच्छा चल अब पैक ख़तम करो और चलो डांस करने मई जा रहा हुब्फाँस करने..



मई खड़ा हुवा और बोलै छोटू बाफिया गण लगा चल आज धमाल मचा ते है..



छोटू- कोनसा लागु भाई..



राज- कोई भी आइटम सांग लगा chal..jaldi कर ..



छोटू ने आइटम सांग लगाया और अब मैं नाचना सुरु किया मजा आ रहा था मुझे देखबकर सब नाचने लगे मई जेक मंगल को पकड़ के ले आया और शेरा भी आ गया ..



मंगल- अरे मुझे क्यों लाया be..muje डांस नहीं आता बे..



राज- अबे यहाँ सबको कहा आता है जैसा अत है वैसा कर चल आजा मजा कर.



मंगल- साला मानेगा नहीं tu...le नाचना hi पड़ेगा अब..



मई खड़ा हो गया साइड पे और मगल को देखने लगा वो हाथ उनके कर के बली बली कर रहा तहा और मई हंस रहा था और तालिया बजा रहा था ..



मंगल- मुझे देख के बोलै साला मुझे नचा के हंस रहा है चल आजा तू भी चल..



वो मुझे पकड़ के ले गया हंस सब नाच नाच के थक गए पबीर बैठे और बोत्तल खतम करके मैंने खाना यही मंगवाया और फिर खाना खाके मई नव्हे आ गया और अपने रूम जेक सो गया..



मेरे जाते hi मंगल बोलै शेरा को..



मंगल- ऐ शेरा सब को बोल देना ऐ बोत्तल ख़तम करके सब निचे जेक सो जाय कोई धमाल मत करना निचे राज सो रहा है उसे दीआतुरब नहीं होना चाइये आज उसे बहुत खुश देखा है मैंने.. अब्ब उसे नींद पूरी करने दो चलो सब को बोलो जल्दी जेक अपने अपने रूम मई सो जाओ ..



शेरा- जी मंगल भाई..



शेरा- सुनो रे सब अपना अपना पेवक ख़तम करके बिना आवाज किये अपने अपने रूम मई जेक सो जाओ और कोई लफड़ा मत करना जिसे राज भाई की नींद नहीं खरब होनी चाइये समाज गए..



सब- जी भाई ..



फिर सब अपने अपने रूम चले गए जेक सो gaye..or मंगल एक बार मेरे रूम मई आया मेरे शूश उतर के मुझे चादर ओढ़ा के अपने रूम जेक सो gaya..or मई सपनो मई चला गया .



सुबह मेरी नींद खुली तो देखा मोबाइल मई तो साला 10 बज गेट the..mai उठा और फ्रेश हुवा कपडे पहने और सर अभी भरी लग रहा था तो मई बहार आया और सोफे पे बैठा ..



राज- छोटू कहा है बे....



छोटू - बहार से दौड़ता हुवा आता है जी भाई क्या हुवा ..



राज- सब कहा है दिखाई नहीं दे रहे



छोटू- भाई मंगल भाई मीटिंग मई गए है और शेरा और बाकि सब उनके साथ गए है..



राज- अच्छा जा मेरे लिए एक स्टोरंग कफ लेके आ जल्दी..



छोटू - अभी लाया भाई बस 5 मिनिट मई..



छोटू गया और मेरे लिए एक ाची स्टोरंग कफ लेके आया और मुझे दिया और साथ मई नास्ता भी .माइन सब ख़तम किया और फिर मंगल को कॉल किया..



मेरा फ़ोन जाते hi मंगल ने फ़ोन पिक उप किया और बोलै..



मंगल- उठ गए महाशय ..



राज- हां बे कहा पे है तू..



मंगल- मई मीटिंग मई हु बोल क्या काम है..



राज- मीटिंग कितने बजे खतम होंगी बे..



मंगल- अभी सुरु हुयी है बस कमसे काम 3 से 4 जानते और उसके बाद अकॉउंट भी देखना hai..to शाम के 6 बज जायेंगे..



राज- उह तो तब तक मई यहाँ क्या karunga.sale..



मंगल- इसी लिए मैंने छोटू को यहाँ छोड़ा है तू उसे लेके गुमने चला जा वो तुजे ले जाएंगे अछि अछि जगह पे..



राज- अच्छा चल अब वो hi करना padrnga..by..



मंगल- बी...



राज- छोटू चल गाड़ी निकल और यहाँ जहा अच्छा टाइम पास हो जाये वह ले चल muje..shaam तक वापिस नहीं आना हमें..



छोटू- जी भाई आप बहार चलिए मई अभी आया..



मई बहार गया तो देखा हमारी होटल का लमोस्ट वर्क फिनिश होने को आया था और क्या शानदार 5 स्टार होटल बांयी थी पापा ने यहाँ हनीमून करने के लिए बेस्ट जगह थी.



इतने मई छोटू कार लेके आया और वो अपना कला शूट पेहेन कर आ गया..



छोटू- बेथ जाईये bhai..or बोलो कहा जाना है..



राज- मुझे कुछ पता नहीं यहाँ के बारे मई चल कही ऐसी जगह ले जा जहा टूरिस्ट लोग आते है देखने और बढ़िया माल दिखने को मिले .





छोटू- तो भाई हमें तो होन्नेयमून पॉइंट जाना padgaa..waha अचे अचे सोल्लगे के माल आते है..



राज- चल तो फिर आज मौज करते है..



हम दोनों जाने लगे हनीमून पॉइंट और बाटे करते करए वह पोहन्वः गए..
 
अपडेट-66

छोटू- बेथ जाईये bhai..or बोलो कहा जाना है..

राज- मुझे कुछ पता नहीं यहाँ के बारे मई चल कही ऐसी जगह ले जा जहा टूरिस्ट लोग आते है देखने और बढ़िया माल दिखने को मिले .

छोटू- तो भाई हमें तो होन्नेयमून पॉइंट जाना padgaa..waha अचे अचे सोल्लगे के माल आते है..

राज- चल तो फिर आज मौज करते है..

हम दोनों जाने लगे हनीमून पॉइंट और बाटे करते करए वह पोहन्वः गए


☆स्टार्ट☆

मई और छोटू थोड़ी देर मई हनीमून पॉइंट पोहचे क्यों की जहा हमारा होटल बन रहा था वही पे थोड़े hi दुरी पर था हनीमून पॉइंट तो हम थड़ी देर मई पोहचने क बाद मैंने वह देखा वह बुथुत सरे कोपले थे जो गुम रहे थे और अपनी अपनी मस्ती मई थे वह का नजारा काफी बढ़िया था क्यों की ये जगह पहाड़ी पे थे और हल्का हल्का बर्फ की चादर थी वह और उतना hi ठंडी ठंडी हवाएं आ रही थी सब कोपले वह के नजरे क मजे ले रहे थे वह मुझे कुछ ाची माल दिखे तो मई छोटू को बोलै ..

राज- छोटू चल उस तरफ जाते है वह कुछ हरियाली (अचे maal)dikh रही है..

छोटू- कहा भाई..

राज- उस तरफ इशारा करके मैंने वो जगह बताई जहा कुछ लड़किया कड़ी थी और फोटो खिचवा रही थी..

छोटू - हां चलो भाई क्यों नहीं..

राज- हम दोनों उनके थोड़ी दुरी पर थे और वो लोग मस्ती कर रहे थे तो मई उनको hi लाइन मार रहा था सोचा था की कोई मिल जाए तो आज उसकी बजादु कितने दिन हो गए साली छुड़ई hi नहीं की है .

छोटू- भाई ो देखिये मस्त माल लग रही है भाई..

राज- अबे कोनसा मुझे तो कही दिल्ह नहीं रहा कहा है..

छोटू- वो वह भाई वह देखिये वो ब्लैक टीशर्ट और ब्लू जींस वाली वो देखो भाई जिसके लम्बे लम्बे बाल है उसे बूब्स तो देखो भाई कितने बड़े है बिलकुल कैसे हुए भाई और हां भाई गांड देखो भाई कैसे मायका मटका के चल रही है..

राज- हां बे ये तो गजब का माल दिख रहा है अब्ब 8शपे फोकस करता हु साली है गजब की माल देखने से लग रहा है किसी रहिस बाप की लड़की लग रही है..

मई जहा देख रहा था वह पे वो लड़की अपनी कुछ 2 से 3 सहेलियों के साथ फोटो किहसवा रही थी उसके कपडे देख कर hi मई समाज गया था की ऐ किसी बड़े बाप की लड़की लगती है..

मई अब उसे देख hi रहा था तो छोटू मुझे बोलै .

छोटू - भाई आप देखो मई आपके लिए वो सामने वाले स्टोर से कुछ ठंडा लेके आता हु आप मजे कीजिये..

राज- हां जा बे ले आ मई उतने मई फील्डिंग सेट करता हु..

छोटू गया वह पास मई hi एक छोटी दूकान थी यहाँ टूरिस्ट बहुत जयादा आते है इस लिए यहाँ के लोकल लोगो का स्टाल लगा हुवा था वह जेक छोटू ले आया तब तक मई उसे देख रहा था साला उसे देख कर तो मेरा लुंड भी जयादा hi उछाल रहा था..

छोटू- भाई ऐ लीजिए कॉक ..

राज- हां ला बे साली ने आज मुझे बहुत दिनों बाद गरम कर दिया है..

मई कॉक पिटे हुए उसे देख रहा था की इतने मई आवारा लफंगे कुछ लड़के आये जो उनके पास जेक उन्हें सताने लगे..

वह क्या हो रहा है जरा देखे तो sahi..mai पास मई hi था उनके मुझे सुनाई दे रहा था उनकी बाते ..

वो 4 लड़के थे सब दिखने से मावली टाइप के लग रहे थे ..और उनको छेद रहे थे तो उनमे से एक बोलै..

लड़का 1- मई जिस लड़की को देख रहा था उसे बोलै ोू छमिया मेरे साथ भी फोटो खिचवाना ..

वो लड़की- अपनी सकल देखि है चल निकल यहाँ से ..

लड़का 2- अबे सेल ऐ तो बहुत अकड़ वाली है चल इसे आज सबक सिखाते है..

लड़का 3- ोयी होय क्या पोज़ दे रही है कसम से इसकी गांड तो देख मरने मई मजा आएंगे..

लड़का-4 अबे उसपे नजर मत लगाओ वो अपना माल है..

वो लड़की - गुसी से बोली सेल लफंगो निकलो यहाँ से बोलने की तमीज नहीं है सेल गर पे माँ बेहेन नहीं है जा जेक उनकी मार ले..

लड़का 4- गुसी से अबे सेल देख क्या रहे हो तुम्हारे भाई को गली दे रही है साली उठा लाओ उसे इधर मेरे पास आज इसका सबके सामने मरूंगा साली की साडी चर्बी निकल डिंगा जा लेके आ उसे..

लड़का 1,2,3 तीनो उसके पास गए और लड़का 1 बोलै

लड़का 1 - साली बहुत चर्बी छड़ी है तुजे न अब्ब देख हमलोग तेरा क्या हश्र करते है.

लड़की- सेल हाथ तो लगाके दिखा

लड़का2 - साली ऐसे नहीं मानेंगी अब देख

वो तीनो गए उसे पास और 1 ने उसका हाथ पकड़ा तो उस लड़की ने उसे थप्पड़ मार दिया..

राज- छोटू ऐ तो तीखी मिर्ची है बे

छोटू- भाई लगता है आज ऐ लोग छोड़ेंगे नहीं इसे .

राज- अभी सिर्फ तू देख क्या होता है फिर मई ेंटरी मरता हु देख.

छोटू- भाई अप्प क्यों हम क्यों फालतू मई उलझे उनसे..

राज- छोटू ऐ अपने उसूलो के खिलाफ मई अपने सामने अन्नय होते नहीं देख सकता .

इतने वह वो लड़के गुस्से मई आ गए तो दूसरे लड़के ने उसकी गर्दन पकड़ी और दूसरे ने उसका हाथ और उसे अपने उस लफंगे लेदर जो लड़का 4 था उसके पास ले जाने लगे.

लड़की- अबे छोड़ो मेरे हाथ अह्ह्ह छोड़ो नहीं तो अच्छ नहीं होंगे..

लड़का1 - अब्भी तूने मुझपे पे हाथ उठया था न अब देख मई क्या करता हु..

लड़की- तू बहुत पछतायेंगे मई कहती हु छोड़ दो मुझे नहीं तो तुम लोगो के लिए अच्छा नहीं होन्ग.

लड़का 2 - कोण बचाएंगे तुजे हां बता ऐ लोग सिर्फ तमाशा hi देखेंगे किसी मई हिमायत नहीं है जो यहाँ तुम्हे बचाये

व लड़की को अपने लेदर के पास लेजके खड़े हो गए..

लड़का 4- साली बहुत चर्बी है तुज मई आज तेरी साडी चर्बी को मई उतरूंगा

वो लड़का उसके नजदीक गया और उसके सरीर को टच करने लगा तो वो लड़की बोली.

लड़की- हाथ मत लगा मुझे प्ल्ज़ हाथ मत लगा..

लड़का4- चल हाथ नहीं लगता लेकिन सीधी तरह छुड़वा ले हमसे..

लड़की- तुम मई सरम नाम की चीज नहीं है क्या.

लड़का- साली इसे आज यही सबके सामने chodunga..pakdo इसे ठीक से री.

और वो लड़का उसकी टीशर्ट को पकड़ के फाड़ने hi वाला होता है की कोई उसका हाथ पकड़ लेता है ..जब उस लड़के ने देखा की किसीने उसका हाथ पकड़ा है तो वो बोलै.

लड़का4- अबे तू कहा से आगया बीच मई सेल हाथ छोड़ नहीं तो अच्छा नहीं होंगे.

राज- अबे नहीं छोडूंगा क्या कर लेंगे बोल..

लड़का4- सेल तुजे तो मई इतना hi बोल पता है.

मैंने उसके जड़बे पे एक मुका जोर से जड़ दिया तो उसके मुँह से खून निकल गया और उसके हाथ से उस लड़की की टीशर्ट छूट गयी अब उसका हाथ मेरे हाथ मई मजबूती से पकड़ा हुवा था और जब उस लड़के के मुँह पे एक जोरदार मुका पड़ा तो उसके दोनों साथी ने भी उस लड़की को छोड़ के .ेरी तरफ आये.

लड़का 2 - सेल तूने हमरे भाई पे हाथ उठया अब तू देख तेरा क्या करते है हम

राज- क्या कर लेंगे बे..

लड़का 4 - मारो सेल को बहुत हीरो बनता है साला ..

और उस लड़के की बात सुनके वो दोनों मुझे मरने के लिए आये तो मैंने लड़का 4 जिसका हाथ पकड़ा था उसे कास के एक लात मरी जेक सीधा निचे गिरा और उसके मुँह से खून निकल ने लगा..

इतने मई वो दोनों मेरी तरफ आये hi थे की उसमे से एक ने मुझे मुक्का मरने के लिए जैसे hi हाथ बढ़ाया मैंने उसका हाथ पकड़ के दूसरे वाले को एक जोरदार लात जड़ दी उसकी छाती मई तो वो जेक सीधा निचे गिरा और जब तक वो उठता मैंने जिसका हाथ पकड़ा था उसके फेस पे एक क बाद एक मुकी लगाने laga..to जो उनका लड़का 1 अभी देख रहा था अपने साथी को मार कहते तो वो गुसी मई एके मुझे पीछे से एक जोरदार लात मरी तो मुझे जायदा लगा तो नहीं लेकिन जिसको मई मुक्का मर रहा था उसका हाथ छूट गया जैसे hi हाथ छूटा उसका तो धम्म करके निचे पड़ा ..अब्ब मई पलटा पीछे ..

राज- सेल पीछे से वॉर करता है कायर ..

वो लड़की मुझे hi एक तक देख रही थी..

अब्ब मई उस लड़के की तरफ देखा तो इतने मई उस लड़के ने मुझे किक मरना चाहा तो मैंने उसका पेअर पकड़ लिया और उछाल के उसके जड़बे पे एक जोरदार मुका मारा सेल के मुँह से खून निकल गया ..

और माइन उसके प्यार को पकड़ के मोड़ दिया तो कड़क की आवाज के साथ उसका पेअर की हड्डी टूट gayi..wo चिल्लाया..

लड़का 1- ओह्ह्ह सेल मर gayaaa...oooo माआ..

राज- सेल अब्ब माँ याद आ gayi..sale लड़की को छेड़ता है मेरे सामने वो भी मदर छोड़..

मई उसको गली hi दे रहा था की उनका लेदर उठा और पीछे से एके मेरी गर्दन पकड़ा liya..or बोलै.

लड़का 4- सेल अब कहा जाएंगे मारो इसी सेल खड़े हो जाओ और पिट डालो use..aaj सेल को भहुत हीरो पैंटी छड़ी है आज इसकी माँ छोड़ दो..

अब्ब साला बहुत हो गया मुझे गुसा आ गया क्यों की उसने माँ को गली दी और वो मुझे पसंद नहीं था तो मैंने उस लड़के का हाथ पकड़ा जिसने मेरी गर्दन पकड़ी थी और मई निचे जुक के उसको पीछे से उठा के मेरे आगे लेक पटक दिया .और बोलै.

राज- सेल माँ पे गली दे के तूने अच्छा नहीं किया..

और मई उसको लेट मरने लगा साला बेहोस हो गया लात कहते कहते और इतने मई बाकि उसके साथी एके तीन मई से दो ने मेरे हाथ पकडे और एक ने मौजे मरने क लिए जैसे hi आया मैंने उछाल के उसके साइन पे जोरदार वॉर किया तो वो जेक उछाल के निचे गिर गया पीठ के बल और बेहोस हो गया क्यों की मैंने उसके दिल पे परः किया था सेल की थोड़ी देर तो दिल डहडकाना hi बून्द हो गया होंगे..

अब्ब मैंने उस लड़की की तरफ देखा तो और उसे एक सिमले दिया लेकिन उसने तो भाव hi नहीं दिया वो तो मुझे देख hi रही थी एक तक..

अब बरी थी उन दो कहो की जिसने मेरा हाथ पकड़ा था तो मैंने उसमे से एक क मुँह पे जोरदार मुका मारा साला एक hi मुकी मई देर हो गया ऐ देख क दूसरे वाले ने मेरा हाथ छोड़ दिया और मेरे पीर पकड़ लिया..

लड़का2- भाई माफ़ करदी पलज़्ज़ज़ मुझे मत मरना प्ल्ज़ माफ़ kardo...chod दो हमें आगे से ऐसी गलती नहीं करेंगे प्ल्ज़..

राज- सेल फातु कहा गयी तेरी हिमायत अभी तो बहुत फुदक रहा था हां..

लड़का2- भाई छोड़ दो प्ल्ज़ प्ल्ज़ अब्ब कभी भी ऐसा नहीं करेंगे..

राज- पहले खड़ा हो जा चल और मई उस लड़की की तरफ देखा और बोलै..

राज- ऐ सु लड़की इधर आए ..

वो लड़की दरी हुयी मेरे पास aayi..or बोली.

लड़की- kkk..kyaa है.

राज- मारो इसे इसने है तुम्हारी गर्दन पकड़ी थी न मरी ise...abhi..kas के थापड़ मारो उसके गाल पे..

लड़की.- जी ..मई कैसे ...

राज- देखो डरो नहीं मारो इसे नहीं तो ऐसे डर्टी रही तो ऐसे लोग फिरसे ऐसा लड़ने की हिमायत करेंगे मारो ise..suna नहीं मैंने क्या कहा..

अब्ब वो लड़की मई थोड़ी हिमायत आयी और जोर से कसके एक थपड मार दिया वो साला देखता raha..aab वो तो सुरु hi हो गयी एक क बाद एक थापड़ मर ने lagi...to वो बिना बोले मार खा रहा था .

raj-(man)- ऐ तो इसे मार hi देंगी थपड मर मर क मुझे रोकना होंगे इसे..

मई गया उसके पास और उसका हाथ पकड़ के बोलै..

राज- बस बस अब भहुत मर लिया चलो अब इसे छोड़ दो..

तब वो लड़की रुकी और मुझे देखने लगी ..मई उस लड़के को बोलै..

राज- ऐ सुन बे जा साले इन्हे लेजा हॉस्पिटल और निकल जा यहाँ से आगे से धायण रखना अब..

लड़का2- जी भाई अब ऐसा लाभ नहीं karenge...or वो उन लड़को को लेजाने क लिए इंतजाम करने laga..kyu की अम्बिलासे मैंने छोटू को कह के बुला ली थी ..

लड़की- ji...sukriya आप ने मेरी इजात bachayi..is लिए..

राज- जी कोई बात नहीं ऐ तो मेरा फ़र्ज़ था यदि मेरे सामने ऐसा अनन्य हो तो मई चुप बेथ नहीं सकता ..

और मई इतना कह कर जाने लगा तो वो लड़की बोली..

लड़की- ूय हीरो अपना नाम नहीं बताएंगे क्या...

राज- पीछे मूड के जी कुछ कहा आपने..

लड़की- जी मेरे पास आते हुए अपना हाथ आगे करके जी मेरा नाम रिहाना रावत है..

राज- मई उसका हाथ मिला के मेरा नाम राज सींग राठोड है..

रिहाना- क्या आपको ऐतराज ना हो तो कॉफी पिएंगे हमरे साथ अपने हमारी इजात बचायी है तो इतना तो बनता है..

raj-(man) सेल हां बोल दे देख सामने से आ रही है हां बोल de..be...soch क्या रहा है..

राज- (अपने मन से) सेल सिर्फ कफ का बोल रही छुड़ाने का नहीं ..

raj(man)- सेल पहले कूफ़े पिने जाएंगे तो hi तो बात आगे बढ़ेगी अब्ब ज्यादा सोच मत और बोल दे..

रिहाना- राज क्या सोच रहे ho..kuch प्रॉब्लम है हमरे साथ चलने मई.

राज- ahh.h कुछ नहीं चलो काहलो कहा जाना है..

रिहाना- चलो यहाँ पास मई अच्छ कैफ़े है वह जाते है..

राज- एक मिनिट मेरे साथ मेरा दोस्त भी है उसे बुला लू..

रिहाना- हां क्यों नहीं बुला लीजिए..

राज- अरे छोटू कहा मर गया बे चल ..

छोटू- जी भाई यहाँ हु आया मई..

वो हमारे पास आया जहा पे वो लड़की और उसकी कुछ सहेलिया थी तो वह छोटू आके बोलै ..

छोटू- जी भाई क्या हुवा..

राज- कुछ नहीं चल कफ पिने जाते है..

रिहाना- ऐ आपको भाई भाई क्यों कह रहा है और ऐ दिखने से छोटू जैसा तो लग नहीं रहे तो क्यों अप्प उसे छोटू बुलाते हो..

राज- जी वो मेरे पापा के सिक्योरिटी का काम करता है और वो उस सब स्टाफ मई सबसे छोटा है इसलिए इसे छोटू कहते है और मेरा दोस्त भी है इस लिए मुझे भाई भाई कह रहा है..

रिहाना- ओह्ह अच्छा ऐसा hai..chalo तो फिर हम चले..

हम सब लोग पास क बने कैफ़े मई गए वह जायदा कोई भीड़ नहीं थी तो हम लोग जेक बेथ गए वह बड़ा वाला टेबल था वह पे और पहले मई बैठा मेरे बाजु मई छोटू और हमरे सामने रिहाना और उसकी 3 फ्रेंड बैठे the..phir रिहाना बोली..

रिहाना- बी थे वे आप यहाँ रहते हो क्या..

राज- अरे आप नहीं तुम कहो यार मई तुमसे सायद छोटा हु और हां मई यहाँ नहीं रहता मई दिल्ही रहता हु..

रिहाना- ओह्ह्ह दिल्ही रहते हो तुम.

राज- और अप्प यहाँ रहती है क्या..

रिहाना- जी नहीं हम तो यहाँ गुमने के लिए ाजे थे कुछ दिनों क लिए हम उप क सरतनपुर गांव मई रहते है .

राज- ओह्ह ाचा तो अप्प सोल्लगे से गुमने क लिए आये हो..

रिहाना- जी सिर्फ हम 4 लोग hi आये है गुमने सोल्लगे se..wese आप यहाँ क्यों ए हो गुमने क लिए..

राज- जी नहीं वो हमारा होटल बन रहा है यहाँ इस लिए देखने क लिए आया था. आज वापिस भी जाना है..

रिहाना- नीस तो यहाँ आपका होटल बन रहा है..

राज- हां स्पेसल हनीमून क लिए बनवाया है और यहाँ कोपले ज्यादा आते है होनीमून क लिए इस लिए उसे बनवाया है..

रिहाना- वाओ अच्छा hai..are मई तो बातो hi बातो मई भूल गयी आप क्या लेंगे कफ या चाय..

राज- जी मई सिर्फ हॉट कफ hi लूंगा..

रिहाना- और अप्प छोटू भाई..

छोटू- जी मुझे तो कुछ भी चलेंगे..

फिर रिहाना कफ ोदर करती है सबके लिए और हम कफ पिने लग ते है और जैसे hi कफ ख़तम किया और मंगल का फ़ोन आया मेरे मोबाइल पे.. मैंने फ़ोन उठाया और मंगल बोलै..

मंगल- कहा है बे तू..

राज- क्या हुवा मई तो गुमने के लिए यहाँ आया था..

मंगल- चल आजा इधर कही जाना है हमें..

राज- अबे अभी इमर्जेंसी है क्या जाने की..

मंगल- हां बे तेरी सिंगन चाहिए चल आजा jaldi..hame एक मीटिंग क लिए जाना है..

राज- अबे यार मुझे कहा फसा दिया यार चल आता hu..phone रख.

साला मूड hi ख़राब हो गया यहाँ इसको पत्नी का सोचा था और कहा ऐ मंगल का फ़ोन आ गया बीच मई लगता है आज नसीब मई नहीं hai.ye..

छोटू- कोण था bhai..kya हुवा..

राज- वो मंगल भाई का फ़ोन था हमें बुला रहे hai..hame जाना पड़ेगा इमरजेंसी बुलाया है..

रिहाना- क्या आप जा रहे हो..

राज- हां मुझे कुछ काम है जाना padega..tnx फॉर कॉफ़ी ok byy..tc.



मई बिना सुने hi कहड़ा हुवा और छोटू को लेके निकल गया मेरे जाते hi..

रिहाना- बड़ा अजीब लड़का है इतनी भी क्या जल्दी है जाने की मेरी बात सुने बिना hi भाग गया..

लड़की- क्या हुवा रिहाना तुम क्यों उदास हो गयी उसके जाने से..

रिहाना- यार अभी तो जान पहचान हुयी भी नहीं थी ठीक से और चला गया..

लड़की 2- क्यों दिल लग गया था क्या उसपे..

रिहाना- जाना यार तू भी क्या क्या बोले जा रही है मई कोई ऐसे वैसे क अपना दिल नहीं दूंगी..

लड़की3- तो फिर जाने देना उसे तुजे क्या फर्क पड़ेगा चल हम भी जाते है होटल .

रिहाना- (मन) क्यूट तो इतना है की पूछो मत लेकिन इन लोगो को मई अभी नहीं बोल सकती की ये मुझे पसंद आ गया था है नहीं तो ऐ मेरी मजाक उडायेंगे खीर छोड़ो वैसे वो तो हाथ से निकल गया चलो जाने दो अभी..

इधर दूसरी तरफ मंगल हमारे शिमला वाले गर पर इंतजार कर रहा था मेरा.

मंगल- ऐ राज भी न कहा रह गया हमें जल्दी जाना पड़ेगा नहीं तो यहाँ का मला कही चला जाएंगे तो उसकी सिग्न करवाना रह जाएंगे..

शेरा- आ जायेंगे भाई राज भाई आप चिंता क्यों करते हो कुछ hi देर मई आते hi होंगे. वो.

मंगल- शेरा तुजे पता नहीं है की इस डॉक्यूमेंट मई अभी hi सिग्न करवाना पड़ेगा नहीं तो वो जमीं खरदने के लिए काफी लाइन लगी हुयी है..

वो बाटे कर रहे थे की इतने मई मेरी कार की आवाज सुनके शेरा भाग क आया बहार.

शेरा- लगता है राज भाई आ गए है..

मंगल- हां जा बहार तू उसे यहाँ ले आ.

मेरी कार जैसे hi रुकी सेरा ने दूर खोलके मुझे अंदर ले gaya..jaha मंगल सोफे पे बेथ क मेरा इंतजार कर रहा thaa.mai अंदर आते hi..

राज- क्या हुवा भाई तुम इतनी टीओन्सों मई क्यों हो..

मंगल- तू पहले इधर बेथ और ऐ पेपर सिंगन कर jaldi..or चल मेरे साथ फिर बताता हु .

राज- अच्छा बड़ी जल्दी मई है क्या..

मंगल- तू आना भाई जल्दी पहले..

मई भी सीरियस देख के मगल को मई जल्दी hi बेथ के पेपर पे सिग्न किये और फिर बोलै..

राज- अब बस हो गया ना अब्ब बता कहा जाना है..

मंगल- बता ता hi शेरा पहले गाड़ी निकल जल्दी

शेरा - जी bhai..apa बहार आ जाइये गाड़ी रेड्डी hi है..

मंगल - चल रस्ते मई बताता हु..

मई भी बिना बोले उसके साथ आया भर शेरा खुद द्रिविंग कर रहा था कार और छोटू आगे बेथ गया और मई और मंगल दोनों बेथ गए पीछे की शीट पे ाब्ब्मे बोलै..

राज- अब बता इतनी जल्दी क्या है तुजे..

मंगल- देख हमने यहाँ वक बढ़िया जमीं देखि है और यहाँ कुछ नया बिज़नस सुरु करना है तो वो जमीं अभी ट्रेंडिंग मई है .

राज- मतलब क्या है..

मंगल- मतलब की यहाँ बिज़्नेस सुरु करने क लिए काफी लोग ये जमीं खरीदना कहते है और हम ये मौका हाथ से जाने नहीं दे रहे है इस लिए ऐ सब उस फैक्टरी और जमीं के पाईपर है जो तेरे नाम होने वाले है इस लिए तेरा सिग्न करवाया और दूसरी बात हम उस मई मला के सिग्नेट्चर चाइये किसी भी कीमत पर क्यों की यहाँ कोई और पहले आके सिग्न करवा के उसे वो जमीं लेले उसे पहले मुझे ऐ खिड़ना है इसी लिए वो मला कही बहार जाये उसे पहले वह मिट्टिंगबकरके हमें वो जमीं लेनी है..

राज- ओह्ह्ह ऐसा है तो फिर शेरा जल्दी भगा तू कार को..

हम जल्दी hi मला क बंगलो पोहच गए मई तो बगनळो को देखता hi रह gaya..sala क्या जगह थी ये और सेक्रिटी इतनी थी की पूछो मत ऐ देख कर मई बोलै.

राज- वाओ क्या बंगलो है लगता है मला बहुत पइसस कमाता है..

मंगल- वो तो सही बोलै पिस्सो के लिए ऐ कुछ भी कर सकता है ..

हम गेट पे पोहचे तो कुछ सेकरते वालो ने हमें रोका तो मंगल ने उस मला को फ़ोन किया तो थोड़ी देर मई मला का फ़ोन सेक्रेटरी के वायरलेस फ़ोन पे बजा और हमें अंदर जाने diya..hum अंदर पोहचे तो वह उतर के मई मंगल दोनों अंदर चले गए और शेरा और छोटू बहार hi बेथ गए गर्दन मई..

मंगल- तुम्हे खुद मालिक बांके डील करना है समाज गए कितनी बहिबकिम्मत मांगे उसे दे देना लेकिन हाथ से जाने मत देना जमीं को किसी भी हाल mai..samj गया.

राज- हम्म समाज गया चल अंदर ..

हम अंदर आये तो हमें मला ने सोफे पे बैठाया और हमसे हाथ मिलवाया .और बोलै.

मला- क्या लोंगे ठंडा या गरम ..

मंगल- जी खुश भी चलेगा..

मला- अरे मंगल तुम तो यहाँ कभी कभी आते रहते हो लेकिन ये जनाब तो यहाँ पहली बार आये है इनको तो पूछो..

राज- जी कफ बोल दीजिये..

मला- एक नौकर को बोलै कफ लेन को..

मंगल- तो बदरीनाथ जी ये है मर राज परतप रहथोड ..

बद्रीनाथ मला- ओह्ह्ह तो प्रतल भाई का बीटा hai..ye..

राज- जी मई उन्ही का बीटा हु..

बद्रीनाथ - तो बोलो मंगल भाई क्या काम था मुझसे..

मनगल- जी वो जमीं और फैक्टरी के सिलसिले मई बात करनी थी..

बद्रीनाथ कुछ बोलता उसे पहले hi कोई औरत आयी अंदर से हाथ मई ट्रे लेकर उसमे हमरे लिए कफ थी..

बद्रीनाथ- मीनाक्षी इन्हे कूफ़े दो ये है मर राज पार्टप रहथोड परतो का बीटा..

मिन्ग्शी- जी परताप जी का बीटा hai..bahut बड़ा हो गया है बीटा उनका ..

वो हमें कफ देके वही सोफे पे बेथ गयी मई कॉफी पिटे पिटे उन्हें hi देख रहा था साली कितनी सुन्दर ोरात थी एकदम पताका लग रही थी साड़ी मई मेरा तो उसे देख कर hi खड़ा हो गया tha..wo भी मुझे हो देख कर मुस्कुरा रही थी ..

बद्रीनाथ- राज बीटा ये मेरी वाइफ है मीनाक्षी..

राज- जी नमस्ते स्माइल देकर

मीनाक्षी- जी नमस्ते बीटा उसने भी मुझे स्माइल दी..

raj(man)- ऐ जैसे स्माइल करके देख रही है उसे लग रहा है की साली अभी मुझे खा जाएँगी..

बद्रीनाथ - तू अब काम की बात हो जाये बीटा..

राज- jii..ji जरूर मला जी..

मला- देखो मई आपको बता दू की उस जमीं लेने के लिए काफी लोग मुझे बोलै है और काफी लोग मुझे जितना पिसा मांगू उतना ऑफर कर रहे है लेकिन अभी तक मैंने किसी को हां नहीं कहा है तो अप्प hi बतईये क्या किया जाय..

राज- जी आप hi बता दीजिये की आपको कितने पिस्से chaiye..or आप ऐ समाज लो की इसमें मेरे पापा का कुछ नहीं है सब मेरा hi अलग बिस्सनेस है तो बोलिये..

बद्रीनाथ- अब्ब बीटा तुमको मई क्या बतावु पीसू की कमी तो नहीं है लेकिन कुछ ऐसा दो की जो कोई दूसरा न दिया हो..

राज- हम्म बात आपकी बिलकुल राइट hai..ek मिनिट मई आपको सोच के बताता हु..

इधर मई सोच रहा था की सेल को क्या ऐसा दू ..तभी मुझे एक िद्या मिला जिसे मुझे आगे चल कर भी फायदा hi होंगे..

राज- तो अंकल आप को मई पीसी तो दूंगा जमीं के लेकिन उसके अल्वा भी एक ऑफर है मेरे पास जिसे आपको आगे चल कर बहुत फायदा भी होंगे..

मला बद्रीनाथ- तो ऐसा क्या दे रहे हो मुझे की मुझे आगे चल कर फायदा होंगे जरा हमें तो बातो बीटा..

राज- जी तो सुनिए इस जमीं के मई अभी जो रेट चल रहा है उस हिसाब से अप्प मुझे देंगे तो मई मेरे इस फैक्टरी यानि की बिस्सनेस मई आपको 30 % पार्टनशिप और आपको आगे चल कर कम की टिकिट के लिए जितनी भी मदद चाहिए वो उस कम्पनी से milengi..bolo मंजूर है..

यहाँ मंगल बद्रीनाथ और उसकी वाइफ मेरी बात सुनके hi दांग रह गए क्यों की मंगल के लिए ऐ मेरा ऐसा बेकहोफ डील करना उसे अचम्बे मई दाल diya..or उसकी वाइफ को तो पिस्से आते देख वो अचम्बे मई पद gayi..or मला उसके कम बनने की बात se..sab बिना बोले 1 मिंट तक एक दूसरे को देख रहे थे तो मैंने चुप्पी को तोडा..

राज- तो बोलिये अंकल मंजूर है aapko..naa हो तो भी कोई बात नहीं मुझे कोई जरुरत भी नहीं उस जमीं की मई कोई दूसरी ढूंढ लूंगा लेकिन इससे आपको सायद नुकसान होंगे सोच lo..uncle..

मंगल- मेरी बात सुनके अपने मन मई बोलै वह भाई मन्ना पड़ेगा तुजे पहली hi बोल मई सिक्स मार दी आज तूने सेल मला की बोलती बंधबकर दी..

बद्रीनाथ- जी ...नहीं नहीं बीटा मई तो सोच hi रहा था तुम्हारे डील के बारे मई..

राज- तो बताइये मंजूर है..

मॉल- मुझे मंजूर hai..lekin एक प्रॉब्लम है

राज- क्या प्रॉब्लम है बतिये वो भी सोल्वे कर दूंगा..

बद्रीनाथ- जी मई एक मॉल हु तो मेरे नाम पे ये बिस्सनेस पाटनर्शिप मई नहीं कर सकत यही मैं प्रॉब्लम है..

राज- ओह्ह इतनी सी बात इसका भी हल है मेरे पास..

badrinath-(khush होक)- क्या सलूशन बातो बातो जल्दी..

राज- देखो ये बिज़नेस मई खुद हैंडल करने वाला हु और मई यहाँ कभी कभी hi अत रहूँगा इस लिए आपकी तरफ से पाटनर्शिप होंगी तो वो बिज़्नेस शम्भल गए भी और वो होंगी आपकी बीबी मिनस्शि ji.....or इनके नाम से आपकी पटनेर शिप होंगी तो आपको कोई दिखात भी नहीं hongi..isee

मला- बात तुम्हारी बिलकुल सही है वाह कमल का िद्या दिया है तुमने मेरी बीबी के नाम से होंगे पाटनर्शिप मुझे मंजूर है..

मंगल- तो लीजिये और यहाँ दस्तखत कर दीजिये और भाभी जी का यहाँ करवा dijiye..sign..

बद्रीनाथ- जी लाईये..

मंगल ने फाइल दिया उसने सिग्न किया फिर अपनी बीबी का सिग्न करवाके मुझे फाइल दिया..

राज- तो मंगल भाई इनको पीसी देदो आप या चेक देदो.

मंगल- केस तो साथ मई लाया नहीं हु बैंक से उठाना पड़ेंगे आप बोलो तो चेक देदू..

बद्रीनाथ- अरे भाई चेक नहीं यार लोचा हो जाएंगे इतनी अमाउंट कहते मई डालने se..ek काम करो तुम मुझे बैंक से उठा के दे देना मई उस तरफ hi जा रहा hu..tab तक राज बीटा यहाँ बैठेंगे .

मीनाक्षी- जी अपने बिलकुल सही कहा अब तो राज हमारा बिज़्नेस पटनेर बन गया बिना खाना कहए कैसे जा सकता hai..kyu सही कहा ना..

बद्रीनाथ- जी ऐ बात तुमने बिलकुल सही कही कहले मंगल हम.

मंगल- तू गर पे कैसे आएंगे कार तो मई लेजा रहा हु..

बद्रीनाथ- अरे मंगल भाई आप चिंता क्यों करते हो यहाँ कार की कमी थोड़ी है मेरी बीबी खुद जेक राज को छोड़ देंगी ..

मिनस्शि- हां अप्प चिंता मत किजिते मई खोद उन्हें जहा ड्राप करना है कर दूंगी..

मंगल और बद्रीनाथ चले गए और रहे हम दोनों सोफे पे बेथ गए ..

मुझे पता चल गया था की इसके मन मई कुछ तो चल रहा है इसी लिए मुझे यहाँ कहने का बोल रही है..

मीनक्षी- तो राज बीटा किसा लगा गर..

राज- बिलकुल आपकी तरह ख़ूबसूरत.

मीनक्षी- सरमाके जी मई कहा से तुम्हे ख़ूबसूरत लग रही हु बीटा अब तो उम्र हो गयी..

राज- क्या मई आपको मई कुछ कह सकता हु बार तो नहीं लगेगा न..

मीनाक्षी- नहीं लगेगा लेकिन एक मिंट पहले मई खाना बनवाने का कह देती हु फिर जो बोलना है बोलो..

क्यूई अभी सहम के 6 बज रहे थे तो मीनाक्षी ने उसकी नौकर को बुला के स्पेसल गेस्ट आया है ऐसा कहकर अच्छा खाना बनाए को कह दिया फिर बोली..

मीनाक्षी- जी तुम मेरे साथ चलो वह बेथ क बात करते है...

मीनक्षी कड़ी हुयी और सामने की सीडी की तरफ जा रही थी अपनी बड़ी गांड मटका मटका के तो मई भी उनके पीछे पीछे उनकी बड़ी गांड देखने का मजा ले रहा था ...एक बार सायद उन्होंने पीछे देखा और मुझे उनकी गांड को घूरते हुए देख कर स्माइल की और आगे जाने लगी.

raj(man)- इसके ीारदे ठीक नहीं लग रहे है kuch..muje क्या साला बस आज मिल जाये तो इसको ऐसा छोडूंगा की मेरी गुलाम बन के रहे पूरी जिंदगी..

मीनाक्षी- (man)ae तो ऐसे मेरी गांड गुर रहा है की अभी मुझे पटक के छोड़ denga..lekin मन्ना पड़ेगा काफी चिकना और स्टोरंग है काश आज इसका लुंड मिल जाये तो आज मेरी बरसो की प्यास बुज जाये

बिलकुल ऐसी hi माल दिख रही थी पीछे se.minkshi मला की बीबी
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मई तो उसकी गांड hi देख रहा था और मुझे पता hi नहीं चला की हम कब उसके बैडरूम मई आ गए मेरा धियान तो तब टुटा जब उसने मुझे कुछ कहा..

मीनाक्षी- तो किसा लगा ये रूम आपको.

राज- jii...kuch कहा क्या अपने..

स्माइल करके बोली..

मीनाक्षी- जी ऐ रूम केसा लगा आपको..

राज- मई उनके गांड को देख कर जी बिलकुल hi सुन्दर है और बड़ा भी इसे उसे करने मई तो मजा आएंगे..

मीनाक्षी- मेरी नजर का पीछा किया तो उसे पता चला की मई रूम की नहीं उसकी गांड की बात कर रहा हु तो वो boli..ji लेकिन अभी तक किसने उसे नहीं किया ..

राज- मई समाज गया था की ऐ किस लिए ऐसा बोल रही है इस लिए मई बोलै क्या आप ऐसा रूम का उस नहीं किया भला मेरे पास होता ऐसा रूम तो मई हमेशा ाची से उसे करता..

मीनक्षी- स्माइल देके अच्छा लेकिन अभी तक ऐसा कोई है नहीं जो इस रूम को अचे से उसे कर सके..

राज- (मन) लगता है की मला इसकी चुदाई नहीं करता इस लिए hi ऐसा बोल रही hai..ti मई बोलै क्यों मला साहब उस नहीं करते क्या इसको..

मीनक्षी- जी नहीं उनको तो भरा के कामो और अपने पोलिटिकल काम से फुर्सत hi कहा है जो उसे करे वो ..

राज- अब मुने पाका यकीं हो गया है की अब मई कुछ भी करूँगा तो भी ये कुछ बोलेंगी नहीं लेकिन मई कोई जल्द बजी नहीं करना छठा था..

मुझे सोचता देख वो बोली..

मीनाक्षी- क्या सोच रहे हो क्या रूम पसंद नहीं आया तुम्हे क्या..

राज- अरे नहीं नहीं मई तो रूम hi देख रहा हु और सोच रहा हु की काश मेरे पास भी ऐसा बढ़िया रूम होता ..

मीनाक्षी- अच्छा मई तो बातो मई भूल hi गयी आइये न बैठिये यहाँ बीएड पे..

मई जेक वह बीएड पे बेथ गया और मीनक्षी भी वह बेथ gayi..phir बोली..

मीनाक्षी- अच्छा राज क्या करते हो तुम.

राज- जी मई अभी सोल्लगे मई हु आप बतिये कुछ..

मीनाक्षी- क्या सोल्लगे मई पढ़ते हो दिखने से तो लग नहीं रहा ..

राज- जी वो क्या है न दिलाय जिम करता हु इस लिए..

मीनाक्षी- ओह्ह्ह तभी इतनी ाची कशी बॉडी बनायीं hai..wah क्या बात है.

राज- जी सुक्रिया और आप क्या करती है..

मीनाक्षी- मई तो गर पे बैठे बैठे बोर हो जाती हु पूरा दिन लेकिन हां तुमने एक काम मेरे लिए ाचा किया..

राज- जी कोनसा काम

मीनक्षी- वो जो तुमने .ुजे पटनेर बनाने वाली और बिज़्नेस शम्भल ने क बारे mai..isse मेरे टाइम तो निकले गए इसी भने इसके लिए तो मई तुम्हारा धन्यवाद कहना छठा हु..

राज- अरे नहीं नहीं इसमें दिनवाद केसा

मीनक्षी- अच्छा ऐ बातो की तुम निचे क्या कह रहे थे मई खूबसूरत हु कहा से लगती हु तुम्हे मई खूबसूरत ..

राज- (मन) लगता है गाड़ी पटरी पे आगयी है अब्ब हतोड़ा गरमा करके मरना है बस..

मीनाक्षी- क्या हुवा बोलो कहा से लगती हु ख़ूबसूरत मई..

राज- आप क्या बात करती आपकी बात hi कुछ और है आप न बिलकुल साउथ फिल्मे की हेरोहिने जैसी लगती ho..apki ऐ आंखे इतने नशीले है की उसमे दुब जाने का मन करे ,और

मीनसखी- और क्या बोलो न समरमाके..

raj-(man) अब सही मौका hai..or बोलू गलता तो नहीं लगेगा न आपको..

मीनाक्षी- नहीं नहीं बोलो न इसमें गलत क्या लगाना

मई थोड़ा उनके नजदीक जेक थोड़ा चिपक के बेथ गया और अपना हाथ ले जेक उनके गाल पे रख diye..to वो भी मेरी आँखों मई दुख रही थी .

राज- और आपके ऐ गाल क्या बटु इतने सॉफ्ट है की उसे कहा jaau..or

मीनक्षी- और क्या

राज- और मैंने अपनी एक ऊँगली उनके होंठ पे ले जेक बोलै और आपके ऐ गुलाबी होंठ इसे देख कर चूसने का मन करता hai..or

मीनक्षी- और क्या..

अभी भी वो मेरी आँखों मई नशे से देख रही थी..

राज- मई अपना एक हॉट्ज उनके होंठ से ऊँगली घूमते हुए धीरे धीरे निचे लेजाते हुए..

और ऐ आपका नीच क्या बटु और धीरे से बूब्स पे हाथ घूमते हुए और आपका ऐ दोनों बूब्स क्या बटु उसे देख कर चूसने का और दबाने का मन कर रहा hai..uska कोई विरोध न देख कर मई समाज गया की ऐ अब्ब हथोड़ा गरम है इस लिए मैंने अपना मुँह उसके होंठ के नजदीक ले जाने लगा तो उसके होंठ थरथरा रहे थे ऐसे ऐसे फड़फड़ा रहे थे की बस अभी hi वो टूट पड़ेंगी मुज पे..

राज- और मई जैसे hi बोलने की लिए अपना मुँह खोला hi रहा था की उसने अपने होंठ मेरे होंठ से मिलके चूसने lagi..mai भी यही छठा था की वो सामने से पहल करे ..मई उसका साथ देने लगा..

मई अपना एक हाथ उसके बूब्स पे रख कर दबा रहा था और उसके किश मई साथ दे रहा था वो भी मेरे ऊपर का होंठ को चूस रही थी मैंने उसके निचे का होंठ चस्मे लगा

वो बहुत hi ेज़े हो गयी थी मेरी बातो से ऐसा लग रहा था उसकी किश से क्यों की वो बेतहासा चूसे जा रही तजि मुझे ऐसे किश कर रही थी जैसे मेरे होंठो को चबा जाएँगी मुझे भी आज बहुत दिनों बाद ऐसा मौका मिला था कैसे जाने देता और इतनी हॉट माल हो पास मई..

हमारा किश करीब 10 मिनिट चला उसके बाद उसने किश तोड़ी क्यों की साँस लेने मई दिखात हो रही थी वो किश तोड़के मुझसे लिपट गयी और लम्बी लम्बी सांसे लेने लगी..

मैंने भी उसका साड़ी का पल्लू हत्या और उसको सीधा करके उसकी गलो को चूमने लगा और और अपनी जिब्भ निकल के उसके कानो को चाटने लगा तो वो माधोसी मई उसके मुँह से सिसकी निकल गयी..

मीनाक्षी- श अह्ह्ह ोह्हब राज ओह्ह्ह

मई अब्ब उसके गर्दन पे आया और उसे चाटने लगा

मीनाक्षी- ोू अह्ह्ह्ह हा बस ऐसे hi चाट lo......ahhhb मजा आ रहा है.

राज- मैंने अब्ब उसकी गर्दन को कहते हुए उसके बल्लो मई से क्लिप निकल दिया उसके लम्बे मुदिम साइज के काळा बाल खुले हो गए अब मैंने उसे छोड़ के देखने लगा की वो खुले बालो मई किसी लग रही है..

मई उसे देख रहा था क्या कयामत लग रही थी सिकी बालो mai..maja आ गया उसे देख के वो बोली.

मीनाक्षी- ऐसा क्या देख रहे ho..tum

राज- कुछ नहीं खुले बालो मई तो तुम हसीं लग रही हो ..

मीनाक्षी- सरमाके सच मई तो आगे कुछ कयोगे क्या इस हसीना के साथ की नहीं.

राज- क्यों नहीं ऐसी हसीना को कैसे छोड़ दू बिना रास चूसे..

फिर मैंने अपने हॉट्ज से उसको खड़ा किया और उसकी साड़ी निकल फेका और मई अपने कपडे निकल ने लगा और वो अपना बाकि के कपडे निका रही थी ..उसने अपना ब्लौसे निकल दिया और पेटीकोट भी मई तो उसके बूब्स ब्रा मई थे वो hi दिख रहा था कई की इसकी उम्र के हिसाब से लग रहा था काफी तने हुए लग रहे थे और कैसे huye.bhi..

मई अपना तिश्री और पेण्ट भी निकल दिया और अब अंडरवेर मई खड़ा उसे देख रहा था तो वो मेरे पास आयी और बोली.

मीनाक्षी- क्यों पसंद आयी मई

राज- पसंद काया तुम हे कुदरत ने फुरसत से बनाया है मेरी जान पसंद कैसे नहीं आऊँगी..

मीनाक्षी- अच्छा अब्ब तुम्हारा हिटियर भी तुम्हारी बॉडी के जैसा है की नहीं मजबूत और दमदार.

राज- देख लो खुद फिर कहना जो कहना हो वो..

मेरे इतना hi कहते वो निचे बेथ गयी और मेरी अंडरवेर निकल दिया और जैसे hi उसकी नजर मेरे लुंड पर पड़ी उसके हाथ अपने मुँह पे आ गए और मई बोलै..

राज- तो केसा लगा

मीनाक्षी- अपने हाथ हटके मुँह से बोली इतना बड़ा लुंड गीदे का है आदमी का ाएतो मेरी फाड़ के रख देंगे .

राज- आदमी का hi है पहले नहीं देखा क्या इतना बड़ा

मीनाक्षी- देखा तो है लेकिन इतना बड़ा कभी नहीं देखा .

राज- अब पसंद आया हो तो इसको प्यार भी करलो..

मेरा इतना कहते hi वो अपनी जीभ निकल के मेरा लोढ़ा के टोपे पे गुमने और चाटने लगी बिलकुल ऐसे hi..


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उसके ऐसा करने से मुझे मजा आने लगा तो मई बोलै

राज- आह्हः क्या चाट रही hai..ohhh बस ऐसे hi कर मजा आ रहा है जनन अह्ह्ह ओह्ह्ह्हह ोोू अह्ह्ह्ब जान ऐसे hi......

उसने थोड़ी देर ऐसे अपनी जीभ का कमल दिखाया और अब्ब मैंने उसके रोका और बोलै

राज- अब इसे मुँह मई लेके चुसो मजा आएंगे..

उसने इतना सुनते hi पूरा लुंड मुँह मई ले लिया और मई उसके बालो को पकड़ के उसको लुंड चूसा रहा था बिलकुल ऐसे hi..


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राज- आह्हः जान तुम्हारा मुँह मई तो पता लुंड अंदर बहार हो रहा है अह्ह्ह मजा आ रहा है चुसो इसे..

मीनक्षी -जोर जोर से चूसने लगी मेरा लुंड अह्ह्ह क्या साली के मुँह मई पूरा लुंड जा रहा था ुका मुँह ै छोड़ रहा था और मजे मई सिकसिया निका रहा था अब्ब थोड़ी देर चुसयी करवाने के बाद मैंने उसे खड़ा किया और उसको पीछे गुमके उसकी गांड पे लुंड रगड़ने लगा और उसका ब्रा और पैंटी निकल दिया और उसकी पीठ चाटने लगा ..

मीनाक्षी- ओह्ह्ह अह्ह्ह ऐसे hi मज्जा आ रहा hai....abbb जल्दी से दाल दो अब मत तड़पाओ muje...ahhhohhh

राज - अभी जान इतनी जल्दी क्या है आज तुम्हे अभी और मजा करवाना है..

फिर मैंने उसके बीएड पे सुला दिया और उसके बूब्स को मोहः मई लेके चूसने और चाटने लगा और एक हाथ से उसका दूसरा बूब्स पकड़ के दबाने लगा क्या मजा आ रहा था मई बता नहीं सकता साली के बूब्स बिलकुल टाइट कैसे हुए थे ऐसा लग रहा था की मला इसे काफी सालो से चुवा भी नहीं है..

मीनाक्षी- ाहहब राज बस इसे चुसो अह्ह्ह कितने साल हो गए इसे किसी ने चूसा नहीं है अह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह मर गयी रे ऐसे hi......ahhh बहुत मजा आ रहा है...

मई अब्ब उसका निपल को अपने दांतोंके बिच लेके काट लिया तो वो सिसक गयी और हलकी चिक निकल के बोली..

मीनाक्षी- ओह्ह्ह अह्ह्ह्हह मा काटो मत दर्द होता hai...ahhhb

मई उसके टाइट निपाल को वहउस चूस के बरी बरी उस्ले दोनों बूब्स का रास छकः और अब्ब निकजे उसकी कमर पे एके उसकी नाभि मई जीभ डा के चूसने लगा ..तो वो तो बिल्कु मछली की तरह मचल गयी ..

मीनक्षी- आह्ह्ह्ह ोिठ्भ रज्ज क्या कर रहा हैब अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह मर जाउंगी मई ओह्ह्ह बहुत गुड़गिड़ी हो रही hai........ahhhh

अब्ब मई निचे उसकी टैंगो के बीच आया बिना बाल की चिकनी छूट देख कर मेरे मुँह मई पानी आ गया तो मैंने जाट से अपनी जीभ निकल के उसे चूसने लगा ..बिलकुल ऐसे hi..or वो मेरे बालो मई हाथ गुमा रही थी..


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मीनाक्षी- अह्ह्ह ओह्ह राज ाजकताक किसी ने मेरी छूट नहीं चूसी कब से इच्छा थी मेरी की कोई मेरी छूट चूसे आह्ह्ह्ह मजा आ रहा hai....pi लो आज्ज इसका पूरा रास अह्ह्ह ओह्ह शहहहहह ोू.

मई जोश मई एके उसकी छूट के दोनों को मुँह मई लेके चूसने लगा साली की छूट भी बहुत टाइट थी लग रहा था काफी सालो से सुखी पड़ी है....

मई ऐसे hi चुस्त रहा और वो बस जड़ने क करीब hi थी....

मीनक्षी- आह्ह्ह्ह राजज ओह्ह्ह एबीएस चुसू ाबबबमई तो गईइइइइइ अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह..

मैंने उसके जड़ते है अपना मुँह उसकी छूट पे लगा के छूट का सारा पानी पि गया और चलत के साफ़ किया फिर मई उसकी तंगोंके बीच गया और अपना लुंड सेट किया उसकी छूट पे और उसकी तरफ देखा तो वो बोली..

मीनाक्षी- अब दाल भी दो और मत तड़पाओ कितने सालो से तदपि हु मेरी प्यास बुजदो मई तुम्हारी गुलाम बांके रहूंगी अब्ब दाल दो..

राज- बस जान अब्ब ले मजा तू बभी ..तैयार हो जा अब्ब

मीनाक्षी- धीरे से राज कभी इतना बड़ा लिया नहीं है मुझे दर्द होंगे लेकिन तुम रुकना मत आज्ज मेरी पायस बजाए बिना

मैंने अपना लुंड उसकी छूट की मुँह पर था उसे दबाया तो लैंड का टोपा अंदर चला गया और एक करारा शॉट मारा तो कासी कासी हुयी छूट मई मेरा आधा लुंड अंदर घुस गया उसके साथ hi उसके मुँह से चीख निकल गयी..

मीनाक्षी- अह्ह्ह्हब ऊह्ह्ह्बब माआ मर गयी रे फाड़ दिया re.........dhire नहीं दाल सकते थे ..ऊह्ह्ह्हब मायआ..

राज- ले साली अब्ब्ब एक और मैंने पूरा जोर लगा के ढाका मारा तो फैका की आवाज के साथ लुंड जेक सीधा उसकी बचेदनी को टकराया ..

मीनाक्षी- ाहहभ कमीने मार डाला रे आउह्ह्ह अह्ह्ह्ह माआ बहुत दर्द hi रहा है ओह्ह्ह्हह्ह अह्ह्ह मर गयी रे...

मई समज गया तजा की अज्ज उसकी छूट मई पहले कभी यहाँ तकलुंद नहीं गया था इस लिए उसकी चीख निकल गयी थी मैंने उसके दर्स्को काम कर्म के लिए उसका बूब्स मुँह मई लेके चूसने लगा जब वो गरम होने लगी और दर्द काम हुवा तो निचे से ढकी मरने lagi..mai समाज गया इस लिए मैंने अब सीधा होक उसकी हूत मई लुंड अंदर भर काटने लगा धीरे धीरे पूरी स्पीड से करने laga..or वो सिकसिया निकल में लगी और मजे मई लुंड ले रही थी

मिंकाशी- ओह्ह्ह हा अब्ब दत्ड़ काम हुवा मजा आ रहा है आअह्ह्ह्हब शह्ह्ह्ह ओह्ह्ह ऐसे hi ाहहब मारो जोर जोर से अह्ह्ह मार मार के पूरी फाड़ दो आजजज अह्ह्ह..

मई अपनी रफ्ता तेज करके एक क बाद एक फे धना धन शॉट मार रहा था और वो ऐसे hi मजे मई बोल रही थी.


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मीनक्षी- अह्ह्ह लगता है अज्ज मेरी असली चुदाई हुयी है बसमारते रहो ऐसे hi अह्ह्ह मा और जोर से अहहहहहह हआ ऐसे hi ओह्ह्ह माय गॉड ओह्ह माय गॉड मजा आ रहा है maro...ahhh

राज- ले साली ले मजे कर अज्ज तुजे दिन मई टारे दिखता हु ले ऐसे hi 10 मिंट तक चुदाई की अब्ब उसे गोदी बनाया ोर्मिने पीछे से लुंड दल दिया और जोर जोर से चुदाई करने लगा बिलकुल ऐसे hi.


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मीनाक्षी- मजे मई एके ओह्ह्ह हां ओह्ह तुम तो कमल का छोड़ते ho..maja आ रहा है अह्ह्ह्हह मई तो गुलाम हो गयी तुम्हारी अह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्ह हां ऐसे hi सीधा मेरी बच्चेदानी से टकरा रहा है तिम्हर लुंड हहह ओह्ह्ह हां मारो जोर se.....ahhhhh मई गयी re.....aggghhhhh ओह्ह्ह्हआआ हास...

वो जड़ गयी यही लेकिन अभी मेरा बाकि था इसी लिए मई लग रहा और अब उसके बाल पकड़ के चुदाई करने लगा बिलकुल ऐसे hi..


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मीनाक्षी- ओह्ह्ह हआ अभी तक तुम्हारा निकल नहीं अहह तुम असली मर्द हो अह्ह्ह अज्ज मुझे मजा आ रहा है अह्ह्हह्ज ओह्ह बस मरते रहो...

राज- मई थोड़ी देर इसी पोष्टिओं मई बाजई पिहिर उसे खड़ा करके थोड़ा झुकाया मई उसके पीछे जेक उसके दोनों हाथ पकड़ के पीवी से मेरा लुंड उसकी छूट मई दल दिया एक hi जटके मई

मीनक्षी- अह्ह्ह्ह मर गयी रे dhire......ahhhj ओह्ह्ह मारो अब्ब इसकी bajo....ajjj तुम्हारा मन करे ऐसा अब

अब्ब मई खड़े खड़े hi उसकी chut.mai पीछे से जोर जोर से ढकी लगा रहा था ऐसेही..


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मीनक्षी - ाहब मरगयी रे अह्ह्ह मारो और जोर से अह्ह्ह बस ऐसे hi हआ मई पागल हो गयी अज्ज तो तुम्हरी छुड़ई से hi अह्ह्ह सच मई तुम कमल का मजा ते ho......ahhhhhh ओह्ह्ह्हह अह्हह्ह्ह्ह बस ाब्ब मेरा होने वाल hai......ahhhh मई gayi........ahhhhhhhhhohhh

राज- उह जान मजा आ गया अज्ज्ज्ज ओह्ह्ह्ह मजा आ रहा है अले अबमैंने राफ्यार बड़ा दी क्यों की मेरा भी होने वाला था अब्ब्ब मई अपने चार्म सिमा के नजदीक आ गया था तो बोलै

राज- कहा नीकौ जान बोलो जल्दी.

मीनाक्षी- अंदर मत डालना अभी मुझे तुम्हारा रास चकना है...

राज- अच्छा चल निचे बेथ जा और मुँह खोल jaldi..lee..

वो जाट से निचे बेथ गयी माइन जल्दी से अपना लुंड उसके मुँह मई डॉल दिया िर आगे पीछे ने लगा जोर जोर से और अब्ब्ब मेरा निकलने का समय आ गया था ..

राज- लिए जांणण मई गया पि ली पूरा रास चाट चाट के साफ़ karde...ahhhhhhh ले मई गयाआआ......

मई जैसे hi उसके मुँह मई ज्यादा उसने मेरा पूरा रस चात्नके साफ़ किया और पूरा का पूरा अपने अंदर जातक गयी..

मैमे उसे खड़ा किया बाथरू. लेजके उसे की छूट साफ की और मेरा लुंड साफ़ करवाने के बाद मई उसे उठा के बहार लाया और बीएड पे लेके उसे बहो मई बाहर के लेट गया..

मीनाक्षी- थैंक्स राज आज तुमने मुझे वो खुसी दी है जिसके लिए मई तरस रही थी अब से तुम मुझे जैसा कहेंगे मई वैसे hi karumgi...ummm. माँ

उसने मुझे गाल पे प्यार से एक किश की अभी उसके चहरे पे ाची स्माइल और खुसी थी जिसके देख रहा था.

राज- मजा तो मुझे भी बहुत आया मीनू darling...lekin एक बात बता तुम्हारी छूट इतनी कासी हुयी कई है..

मीनाक्षी- क्यों की मई जब सदी करके आयी थी तबसे 3 से 5 बार hi चूड़ी हिंगी उस नाले के लुंड से लुंड बोलना गलत होंगे सेल का लल्लू hai...tick hi नहीं पता ज्यादा कावसे मई पयासी की पैसि हीभु..

राज- ोोह्ज उस जैसे को तुम जैसी बीबी hi नहीं मिलनी चहिये कोई बात नहीं अब्ब से मई तुम्हे खुश रखूंगा...

मीनाक्षी- क्यका सच मई तुम मेरी चुदाई करेंगे ..

राज- हां क्यों नहीं मई जब भी यहाँ आऊंगा तुम्हरी पूरी बजाऊंगा .

मीनक्षी- पर जबमेरा मन करे तब क्या करना

राज- तब तुम मेरे पास आजा न किसी बहाने अब तो हम बिस्नेसस्स पटनेर भी है..

minakshi-haa ऐ बात तो सही है अब्ब ऐसा hi karingi..chalo अब्ब्ब कहना कहते है.

फिर हमदोनो मिले खाना कह्या और मई उसे अपना no दिया और उसने मुझे अपना no दिया अब्ब हमदोनो उसकी कार लेके निकले रस्ते मई कार रोक के चुदाई की कार मई और वो मुझे चीड़ कर चली गयी वापस अपने गर क्यों की टाइम रत के 8 बज गए थे.......
 
अपडेट-67

राज- तब तुम मेरे पास आजा न किसी बहाने अब तो हम बिस्नेसस्स पटनेर भी है..

minakshi-haa ऐ बात तो सही है अब्ब ऐसा hi karingi..chalo अब्ब्ब कहना कहते है.

फिर हमदोनो मिले खाना कह्या और मई उसे अपना no दिया और उसने मुझे अपना no दिया अब्ब हमदोनो उसकी कार लेके निकले रस्ते मई कार रोक के चुदाई की कार मई और वो मुझे चीड़ कर चली गयी वापस अपने गर क्यों की टाइम रत के 8 बज गए थे.......

☆स्टार्ट☆

मई शाम के 8 बजे अपने शिमला वाले हाउस पे पोहचा तो वह जेक मई सीधा अंदर गया तो वह पे मंगल और शेरा बेथ के बाटे कर रहे थे..

मुझे देख कर मंगल बोलै.

मंगल- आ गया तू बहुत देर करदी डिनर करने मई..

राज- दिनीर अच्छा बना था तो खाने मई देर हुयी इसी लिए लेट हुवा.

मंगल- हम्म डिनर ाचा था की दिनीर बनाने वाली ाची थी .

राज- मई स्माइल करके वह उनके पास बैठा और बोलै दोनों अच्छा था.

मंगल- सेल मला की बीबी की बजाके आगया तू मुझे मालुम है..

राज- तुजे कैसे मालूम चला बे..

मंगल- मई देख रहा था तू वह बार बार उसे देख कर स्माइल कर रहा था और वो भी स्माइल कर रही थी

राज- ओह्ह तो जनाब ने हमारी स्माइल देख ली थी मन्ना पड़ेगा तुम्हे

मंगल- वैसे मन्ना तो मुझे पड़ेगा आज तूने तो कमल hi कर दिया यार एक hi बॉल मई मॉल की सिक्सर मार दी तूने .

राज- वो तो ऐसे hi मैंने बोल दिया की यदि मंजूर नहीं डील तो मई और जमीं देख लूंगा ..

मंगल- वैसे तुमने उसको पटनेर बांया है तो कुछ सोच कर hi बनाया होंगे अब्ब बोलो उसे हमारा क्या फायदा है..

राज- हम्म अब आया न मुद्दे की बात पर अब देखो उसके फायदे बहुत है..

1.एक हमें शिमला मई कोई परशानी नहीं होंगी बिज़्नेस मई क्यों की उसकी पोलिटिकल सपोर्ट मिलेंगे हमें.

2.यहाँ मैंने आयुर्वेद की दवा बनमे के बारे मई सोचा है और वो होंगे किसे वो तू जनता है और दूसरी फैक्ट्री होंगी आधुनिक मशीन गन बनाना हमारा बिज़्नेस होगा उसमे भी उसका सपोर्ट रहेंगे ..

3.आयुर्वेद की दवा हम बाजार से सटी बेचेंगे जिससे गरीबो को मदद हो और उसका मुनाफा हम मासिओं गन मई डबल कमाएंगे और उस्मि से हम उसका 30 दे फिर भी हमें जायदा मुनाफा होंगे और यहाँ का बिज़्नेस भी मला की बीबी खुद देखेंगी तो कोई दिक्कत होंगी नहीं..

4. यदि इसमें हमें फायदा जयादा हुवा तो हम मला को कम बांयेंगे और उससे हमें बंपीर फायदे होंगे समाज रहा है ना तू की समजवू..

मंगल- मानना पड़ेगा भाई तू बहुत आगे की सोच रखता है ..और 5 व फैयदा मई बटु..

राज- मुझे पता है तू क्या बोलने वाला है लेकिन तू hi बोल तेरे मुँह से सुनते है ..

मंगल- वो फ़ायद ये है की जब तू चाहे तब मला की बीबी की जमकर चुदाई कर सकता है..

शेरा- हां भाई सही कहा अपने बिलकुल हाब हआ.

राज- सेल ऐसी पर्सनल बाटे मत बोलै कर

मंगल- अब्ब बोल क्या करना है रात को हमें निकलना भी है अपना सामान रेड्डी है न..

राज- मेरा तो सब पैक hi hai..lekin टाइम निकल ने क लिए कुछ तो करना पड़ेगा एक काम कर हमारा जो होटल बन रहा है उसका प्लान दिखा जरा कुछ चंगे करने जैसा लगे तो बताता हु मई..

मंगल- वैसे जब से आया है तू तब से मई मार्क कर रहा हु की तू अब्ब बिज़नस को शमबल ने लायक हो गया hai..achaa है ऐ देख लार मुझे खुसी हुयी..

राज- अच्छा अब्ब देख मई अपना बिज़्नेसा कहा से कहा ले जाता हु .क्यों की अपने दुश्मनो को बर्बाद करने के लिए ऐ काम आने वाला है आगे जेक..

शेरा प्लान लेके आ गया होटल का और मई उसे देख रहा था मंगल मुझे बता रहा था की कोसी जगह क्या बनाए का इरादा है और वो किसा रहेंगे वो सब मुझे पूछ रहा था मई थोड़ी देर ध्यान से देखा तो मुझे पता चला की कहा कहा कुछ गड़बड़ है मैंने मंगल को बोलै..

राज- 1.भाई इसमें अपने स्वीमिंगपूल अड़ कर दो इस जगह पे ऐ बढ़िया प्लेस रहेंगे ..

2.होटल मई 2से 3 कमरे हमारे ऐसे होने चाइये की जब हम यहाँ ए तो हम उसका उपयोग पूरी तरह से कर सके उसमे हर सुविधा होनी किये ..

3.इसमें कही बार नहीं दिख रहा है kyu..use इस वाली जगह पे ऐड करो और हां उसमे डांस लेके हर तरह की सुविधा होनी चाइये समाज gaye.jise हमें फायदा होंगे डबलले इनकम..

मंगल- साला तेरा दिमाग तो तेज रफ़्तार से चल रहा है यहाँ के ेंगिंनर को भी समाज इतना नहीं अत होंगे ..और हां ऐ बार वाला िद्या अच्छा दिया hai..usme हमें जायदा बेनिफिट रहेंगे लेट नाईट पार्टी का भी..

राज- हां क्या बोलै लेट निंगहत पार्टी तो अब्ब 1 और चंगे है यहाँ इस होटल मई एक ऐसा हॉल बनाओ 3 सेरे फ्लोर पर की वह मैरिज , बर्थडे, इंगेजमेंट. और कही तरह की पार्टी मई हम रेंट पे दे सकते हो..

मंगल- वह रे ऐ कमल का िद्या दिया hai..abb और कुछ है..

राज- नहीं बाकि सब बढ़िया है..

मंगल- सेल तूने आधे जानते मई पुरे होटल की कायापलट दी ..अब्ब क्या करेंगे be..abhi तो 9.30 हो रहा है..

राज- हम्म एक काम कर हमारा सामान पैक कर और गाड़ी मई दाल एक काम तो मई भूल गया हु यदि वो नहीं किया तो मार पड़ेगी मुझे ..

मंगल- क्यों बे हमें तो लेट निकलना है अभी जेक ऐसा कोनसा काम करना है.

राज- अभी तू चल न गर पे सबके लिए कुछ तो ले जाना पड़ेंगे नहीं तो सेल मेरी वाट लग jayengi..usme hi हमें टाइम लग जाएंगे चल सामान रखाव दे यार गाड़ी मई..

मंगल- सेल अभी तक तूने निशा और बाकि सब के लिए कुछ लिया नहीं है क्या कर रहा था तू सुबह से.

राज- अरे मेरे दिमाग से hi निकल गया था चल जल्दी अब्बनाही तो मार्किट बांध हो जाएंगे..

शेरा - भाई मार्किट तो 12 बजे बांध होंगे आप फ़िक्र न करो .

मंगल- शेरा छोटू को बोल की सामन कार मई रखवा de..hum निकल रहे है तू अपने 4 से 5 आदमी लेले .

राज- अबे सेरा रुक छोटू कहा है उसे बुला जरा तू दूसरे आदमी को बोल सामान रख दे..

शेरा छोटू को बुला के लाया मेरे पास वो एके बोलै.

छोटू- भाई अपने बुलाया मुझे .

राज- हां एक बात बता तू मेरे साथ अण्णा छाएंगे दिल्ही..

छोटू - क्या सच मई आप मुझे अपने साथ ले जा रहे हो..

राज- क्या तुजे नहीं आना तो ठीक है .

छोटू - नहीं भाई मेरी ऐसी किस्मत कहा मई आपके साथ रह सकू ऐ तो मेरा सौभाग्य है की आप मुझे अपने साथ दिल्ही ले जा रहे हो..

राज- तू हमेअह मेरे साथ रहेंगे अब्ब से और हां एक और बात अबसे तुजे मई जहा जाओ वह मेरे साथ अण्णा है समाज गयाना..

छोटू- जी bhai..samaj गया

मंगल- समाज गया तो जा अब्ब अपना सामान बांध के आजा ..

शेरा- जा जल्दी बे आज से तुजे नयी जिंदगी मिल गयी है jaa..apna सामान लेके आ..

छोटू खुश होक निकल गया अपना सामान लेने और मई और मँगाम भी फ्रेश होक निचे आये तो वह कार मई सामान रख दिया था और छोटू वह खड़ा था उसके चहरे पे ख़ुशी थी क्यों की वो मेरे साथ चल रहा था wo..shera ने हमें गाड़ी मई बिठाने से पहले मई सब हमरे स्टाफ के आदमियों से मिला और कहा ..

राज- देखो सब यहाँ ठीक से संभालना तुम सब लोग तुम लोगो के साथ मुझे 2 दिन बहुत मजा आया मई यहाँ अब्ब अत रहूँगा तो हमारी मुलाकात ऐसे hi होती रहेंगी..

मंगल- मेरी बाते सुनके खुश हो गया वो कार मई बेथ गया ..

मई भी कार मई बेथ गया और अब्ब मई बोलै ..

राज- मंगल छोटू को साथ मई ले तो लिया लेकिन उसका टिकिट बुक तो करना पडेगा देख तो हमरी फ्लाइट मई टिकिट रूसवेर है तो बुक करले जल्दी..

मंगल- हां बे तूने सही कहा अभी देखता हु..

मंगल देखने लगा अपने फ़ोन से तो उसमे 4 सीट खली थी तो वो बोलै..

मंगल- 4 कहली है भाई..1 बुक कर देता hu..ho गया बुक.

राज- गुड नहीं मिलती तो कल आना पड़ता छोटू को ..ऐ अच्छा हुवा उसे मिल गयी टिकिट ..

शेरा- भाई अपने इसे साथ क्यों लिया ..

राज- अब्ब किया असली सवाल तो सुनो..

1 छोटू हमेशा मेरे साथ अपना दोस्त बांके रहेगा क्यों की मुझे उसके साथ अच्छा लगा साला टाइम कहा जाता है पता hi नहीं चलता .

2 इसको मई ऐसा तृणे करूँगा की देखना तुम भी इसका मुकाबला नहीं कर सकेंगे..

3 ऐ कार ाची चलता है जब भी मुझे कार लेके जाना हो तो इसे साथ लेके जाऊंगा..

और भी कायो बाते है आइल बारे मई इस लिए मैंने साथ मई रखा है इसे..

मंगल- मन्ना पड़ेगा तुजे सेल अब्ब तू बहुत आगे की सोच रखने लगा है हर बात मई तू अब्ब कुछ न कुछ ढूंढ निकल ता hai..mai जब से तू आया है तब से तुजे ओब्सर्वे कर रहा हु ऐसा क्या खा के आया है..

राज- अरे भाई ऐसी कोई बात नहीं है ाएतो दिमाग अब मेरा फुल तो मूड मई आ गया है इस लिए ऐसा हो रहा है..

मंगल बिलकुल सहो कह रहा था क्यों की राज जबसे आया था तब से कुछ बदल सा गया था और इसका कमल उसके अंदर जो फार्मूला है वो पूरी तरह से एक्टिव मोड़ मई आ गया था उसका मैं रिजों था योग और ध्यान लगाना उसे उसकी दिमाग मई फार्मूला का प्रभाव तेज हो गया था..

हम अब मार्किट आ गए मार्किट दुख कर मई बोलै ..

राज- साला रात का मार्किट तो गजब का है यहाँ का..

फिर हम सब लोग कार पार्क करके अंदर गए वह से सबके लिए कुछ न कुछ लिया और उसमे हमारा टाइम निकल गया 2 जानते यानि 11:30 हो गए थे तो अब्ब हम नास्ता किया हल्का फुल्का और फिर एयरपोर्ट निकल गए ..और वह गए तो 12:30 हो गया था फ्लाइट का टाइम होने hi वाला था एक बार सबको मिला छोटू भी उन सब को मिला फिर शेरा बोलै..

शेरा- भाई आपके साथ मजा आया हमें यहाँ आते रहना आप हमें आपका साथ ाचा लगा..

राज- अरे शेरा मई अब्ब यहाँ कभी कभी आता रहूँगा और अब जब भी आऊंगा अकेला नहीं आऊंगा सबको लेकर आऊंगा यहाँ गुमने फिर मजा करेंगे और हां यहाँ अब सब संभल ना तुम्हे है कुछ भी दिक्कत आये तो मुझे या मंगल भाई को कभी भी फ़ोन कर देना हम आ जायेंगे..

शेरा- जी भाई आप शंसओं न ले मई सब हैंडल कर लूंगा ..

फिर सब से बी बोल कर हम लोग निकल गए फ्लाइट मई और बेथ गए जेक हमारी सहित क बगल मई hi छोटू की शीट थी इस लिए कोई दिक्कत नहीं थी फिर फ्लाइट सुरु हुयी और हम निकल पड़े दिल्ही....

हम लोग 4से 5 जानते मई दिल्ही पोहंच गए तो वह एयरपोर्ट पर लैंड करते है हम निचे उतर के बहार आये तो वह मंगल के आदमी पहले से खड़े थे क्यों की मगल ने उन्हें वह से निकलते hi फ़ोन कर दिया था मैंने hi उसे गर पे बताने से मन किया thaa..or जब हम पोहचे तो वो लोग दौड़कर हमर सामान लिया और कार की डिक्की मई रखा और हम निकल पड़े गर की तरफ रवाना होने अभी टाइम हुवा था सुबह के 5 बजे थे ..और गर पोह हटे पोहचते हमें 6 बजने वाले थे यानी की सब कफ या नास्ता कर रहे होंगे ..

मई मन यही सोच रहा था की इतने दिनों बाद आया हु सब कैसे होंगे और हां सबसे कहस बात तो मुझे दी को जवाब देना है वो कितनी तदपि होंगी मेरे बिना इतने दिन कैसे कटे हिन्ज सबके दिन यही सब सोचते सोचते हम गर पोहंच गए कार गर की मैं दूर के पास रुकी....

दोस्तों अभी इतना hi उपडेट दे रहा हु आपको वडा किया था दो उपडेट देने का इसी लिए खुदा का टाइम निकल के दे रहा हु आप लोग इंजॉय कीजिए और हो सके तो रात को सायद लेट 12 बजे तक 1 और उपडेट देने की कोशिश करूँगा कमेंट जरूर करना केसा लगा uapdet......milte है थैंक्स फॉर रेड्डिंग माय स्टोरी आल रेडडैर्स
 
अपडेट-68

हम लोग 4से 5 जानते मई दिल्ही पोहंच गए तो वह एयरपोर्ट पर लैंड करते है हम निचे उतर के बहार आये तो वह मंगल के आदमी पहले से खड़े थे क्यों की मगल ने उन्हें वह से निकलते hi फ़ोन कर दिया था मैंने hi उसे गर पे बताने से मन किया thaa..or जब हम पोहचे तो वो लोग दौड़कर हमर सामान लिया और कार की डिक्की मई रखा और हम निकल पड़े गर की तरफ रवाना होने अभी टाइम हुवा था सुबह के 5 बजे थे ..और गर पोह हटे पोहचते हमें 6 बजने वाले थे यानी की सब कफ या नास्ता कर रहे होंगे ..

मई मन यही सोच रहा था की इतने दिनों बाद आया हु सब कैसे होंगे और हां सबसे कहस बात तो मुझे दी को जवाब देना है वो कितनी तदपि होंगी मेरे बिना इतने दिन कैसे कटे हिन्ज सबके दिन यही सब सोचते सोचते हम गर पोहंच गए कार गर की मैं दूर के पास रुकी....


☆स्टार्ट☆

हम सुबह के 6 बजे कार लेके गर के मैं दूर के पास कार रोकी तो मैमे देखा अभी गर का मैं दिर बांध था यानि कोई बहार नहीं था तो मई निचे उतरा मंगल भाई और छोटू भी निचे उतरे आज 1 महीने बाद गर लोटा था तो मुझे एहसास हो रहा था की इतने दिन गर से दूर रहना बहुत कठिन है अभी तक मई वही खड़ा था तो मंगल बोलै.

मंगल- क्या हुवा गर के अंदर नहीं जाना क्या..

राज- कुछ नहीं यार इतने दिनों बाद गर आया हु तो बस देख रहा था गर को..

मंगल- अच्छा चल अंदर जाते है..

राज- हां चलो छोटू तू भी चल अंदर.

छोटू - जी bhai..saman निकल के ले लू अंदर.

राज- नहीं अभी नहीं बाद मई ले लेंगे..

हम तीनो गर के दूर के पास गए और मैंने दूर बेल्ल bajayi..to थोड़ी देर बाद दूर खुला .

गर के अंदर क्या हो रहा है देख ले

निशा संजू और राज क पापा डाइनिंग टेबल पे बेथ क कफ पि रहे थे और राज की माँ सबको नास्ता दे रही थी की तभी दूर बेल्ल बजी..

निशा- इतनी सुबह सुबह कोण आ गया जो बेल्ल बजा रहा है..

पापा - पता नहीं कोण हो gaa..reshma जाओ तुम दूर खोल के देखो तो कोण आया है..

रेशमा- आप लोग नास्ता करो मई देखती हु..

रेशमा जैसे hi दूर खोला सामने खड़े अपने बेटो को देख कर खुसी क मरे उसको गले लगा लिया..

माँ - आ गया मेरा बीटा तू कितने दिनों बाद आया है tu...or बताया भी नहीं हमें तू आ रहा है..

राज- हां आप लोगो को सर्परीज़े जो देना था आप लोगो को तो बताता कैसे mai.itne दिनों बाद मिला था माँ को तो मई थोड़ा िमोस्टिओनल हो गया और मेरे आँख से आंसू आ गए..

केहेत है न की माँ का प्यार दुनिया का सबसे बड़ा प्यार होता है जैसे hi मेरे आँखों मई आंसू आये माँ को समाज आ गया की मई रो रहा हु उसने मुझे गले से अलग किया ..और मेरे आंसू पोहचते हुए ..बोली..

माँ- अरे मेरा बीटा रो क्यों रहा hai..chal अब गर के अंदर भी चल .

राज- हां माँ चलो और हां बाकि सब कहा है..

माँ- वो सब नास्ता कर रहे hai..nisha तुम्हे देख क खुसी से पागल हो जाएँगी चल अंदर पहले

राज- माँ ऐ है छोटू अब से ऐ मेरे साथ hi रहेंगे यहाँ ..

माँ- कोण है बीटा ऐ..

राज- छोटू शिमला मई हमरे जो गर है वह सेक्रेटरी का काम करता है मई उसे यहाँ ले आया क्यों ऐ बहुत hi अच्छा है ..

माँ- बड़ा hi प्यारा बचा है आजा तू भी अंदर आ बीटा..

राज- छोटू ऐ है मेरी माँ.

छोटू- पेअर छू क नमस्ते मालकिन ..

माँ- बीटा मालकिन नहीं मुझे तुम माँ कह कर या अन्तेय कह कर बुला सकते हो..

छोटू- अब से न मई आपको माँ कहूंगा क्यों की मेरा इस दुनिया मई कोई नहीं है बचपन से माँ के प्यार के लिए तरस रहा था मई और रू दिया वो..

माँ- उसे रोटा देख उसे गले लगा लिया और उसे बोली बीटा रो पैट ऐसा क्यों कहता है तेरा इस दुनिया मई कोई नहीं है देख मई हु तेरी माँ और राज तेरा बड़ा भाई है naa.chal अंदर अब..

राज- मुझे ऐ देख कर माँ पे बड़ा प्यार आ गया ..

हम जैसे hi अंदर गए तो माँ को इतनी देर हुयी थी आने मई तो सब उठ के हमरी तरफ hi बहार आ रहे थे देखने की माँ क्यों नहीं आयी सबसे पहले निशा ने मुझे डेल्ह लिया तो वो डोड़के छीलते हुए मेरी तरफ आयी और आके मुझे गले लगा लिया .

निशा- वाओ ओह्ह्ह भाई आ गया tu...or डोड़के वो मेरे गले लग गयी .

राज- मई भी उसे गले लगा लिया मुझे उसके गले लगने से ेल अजीब सा एहसास हो रहा था तो मई सोच मई पद गया की कितना सुकून है दी ऐसे मुझे हमेशा गले लगा के रखे कितना अच्छा लग रहा है मुझे मई सब्दो मई बता नहीं सकता..

माँ- अरे छोड़ो मेरे बेटे को अब्ब उसे बैठने तो दे देख बाकि लोग भी उसे मिलने क लिए तड़प रहे है चल छोड़ मेरे बेटे को..

निशा- नहीं आज तो उसे चिदंगी नहीं इसके बिना इतने दिन कैसे निकले है पता है न आपको ऐसा कोई दिन नहीं होंगे मैंने इसे याद नहीं किया होंगे कितना तड़पाया है hame...nahi छोडूंगी इसे..

पापा- अब्ब मुझे तो मिलने दे मेरे बेटे ko..chod भी दे अब्ब .

राज- दी सच कही तो मुझे भी आप सब की बहुत याद आयी इतने दिन मेरे भी अप्प सबकी वजह से ऐसे कटे है जैसे की सदियों से आपको मिला नहीं हु..

निशा- क्या सच मई हमको याद कर रहा था tu..chal अब अंदर चल..

राज- आप मुझे छोड़ेंगी तो मई नादर जाऊंगा ना..

फिर निशा ने मुझे छोड़ा तो मई जेक पापा के पेअर छुए और उन्होंने मुझे गले लगा liya..or बोले..

पापा- मेरा बीटा तो काफी स्टोरंग हो गया है..

फिर मई उनसे अलग हुवा और संजू की तरफ देखा तो वो मुझे hi देख रही थी उसकी आंखे भी नाम हो गयी थी जैसे तरफ रही हो मुझे गले लगा ने ko..to मैंने उसे देख कर मेरी बाहे फैला दी तो वो बिना पल गवाए मेरी बहो मई आगयी और रोने लगी .

उसकी रोटा देख सब के सब डेल्ह कर दांग रह गए शिवाय निशा के क्यों की उसे मालूम था की संजू भी मुझे प्यार करती है क्यों की उन दोनों मई इतनी दोस्ती हो गयी थी की दोनों एक दूसरे से कोई भी बात नहीं छुपाते थे .

राज- क्या हुवा संजू तुम रो क्यों रही ho.abb तो मई आ गया हु न सोचा था गर आऊंगा तो तेरी क्यूट सी सिमले दलहन को मिलेंगी लेकिन यहाँ तो उल्टा हो गया यार..

संजू- गले से अलग होते हुए boli..apko पता है इतने दिन आपके बिना मैंने और दी ने कैसे गुजरे है..

mom(man)- हस्ते हुए लगता है संजू को प्यार हो गया है मेरे बेटे से अच्छा है उसके जैसी hi मुझे बहु चाइये थी कितनी प्यारी भी है सब गन us.e है मेरे बेटे के लिए बिलकुल परफेक्ट है..

राज- अच्छा चल अब्ब रोना बांध कर और एक प्यारी सी स्माइल तो दिखा अपनी जो सब देख रहे है..

जैसे hi मैंने बोलै सब डेल्ह रहे है तो उसे समाज आ गया की यहाँ सब उसे देख लिया है क्यों की उसे तो मालूम hi नहीं चला राज को डेल्ह कर की सब यहाँ खड़े है क्यों वो तो इमोस्नश्नल हो गयी thi..to वो सरमाके स्माइल देके भाग गयी कीतव्हां मई..

सब उसे जाते हुए देख कर हंस पड़े और माँ बोली..

माँ- ये क्या किया तूने मेरी बेटी देख सरमाके भाग gayi..aab चल अंदर भी बेथ ..

जब पापा की नजर मंगल भाई और छोटू पे पड़ी तो पापा तो छोटू को जानते थे क्यों की वो वह जाया करते थे काम के सिलसले मई तो पापा बोले..

पापा- अरे छोटू तू भी आया है वह क्या बात है तू भी यहाँ क्या कोई काश बात है..

छोटू- जाके पापा के पीर छुए और बोलै..

छोटू- जी मालिक मुझे राज भाई अपने साथ लेके आये है..

राज- हां पापा मई इसे यहाँ हमरे साथ रहने के लिए लाया हु अब से वो हमेशा मेरे साथ रहेंगे वो..

पापा- ाचा किया तूने इसे यहाँ लेक मैंने ने कई बार बोलै इसे की चल मेरे साथ दिल्ही लेकिन ऐ बोलता था की नहीं मालिक मई वह अकेला पद जाऊंगा और न बोल देता था मुझे..

छोटू- तब मुझे पता नहीं था की राज भाई भी इतने बड़े हो गए honge..jab मुझे पता चला की राज भाई तो मेरे जितने hi बड़े है और उनके साथ मुझे अच्छा भी लगा और उन्होंने मुझे बोलै तो मैंने जाट से तैयार हो गया ामे क लिए..

papa-ae ाचा किया तूने चल आजा अब्ब बेथ सोफे पे..

हम सब लोग सोफे पे बैठे थे की मेरी नजर बार बार उदार उदार हो रही थी तो निशा दी ने देख लिया तो बोल पड़ी..

निशा- किसे ढूंढ रहा है..

निशा के बोलने से सब मुझे देखने लगे ..तो मई बोलै

राज- किसी को नहीं di..wo बस..

निशा- अच्छा ाचा कोई बात नहीं अभी बुलाती हु उसे sanju...oo sanju..dekh राज को कूफ़े नहीं पिलायेंगी क्या..

माँ और पापा और बाकि सब हंसने लगे निशा की बात se..andar से संजू बोली..

संजू- हां दी कफ hi बना रही हु mai..lati हु बस 2 मिनिट.

raj-(man) ऐ दी भी न सबके सामने मेरी टांग खींच रही hai..inhe हुवा क्या है जो ऐसे बोल रही hai..sabke सामने..

निशा- वह क्या बात है बिना बोले hi कफ बना दी राज क लिए मन्ना पड़ेगा हो संजू को..

माँ- हां तो बांयेंगी क्यों नहीं मेरे बेटे को कूफ़े नहीं पिलाना है क्या तेरे जैसा थोड़ी होते है सब आलसु..

राज- हआ हआ हां मई हसने लगा तो दी बोली..

निशा- मई अलसु हां मई कहा अलसु hu..muje हस्ता देख वो चीड़ गयी और मुझे boli..tu क्या हंस रहा hai..abhi तुजे बताती हु रुक ..

वो जैसे hi खड़ी होने को हुयी माँ बोली..

माँ- निशा बेथ जा अभी मस्ती नहीं पहले उसे कफ पिने दे बाद मई मस्ती करना..

निशा- बेथ गयी और बोली अभी तो बच गया बाद मई तुजे बताती हु बहुत हसने लगा है ना ..

संजू थोड़ी देर मई कफ लेके आयी और हम सबको कूफ़े देके निशा दे क बाजु मई बेथ gayi..or वो भी निचे देख कर कफ पिने lagi..or हम सब बाते करने लगे..

पापा- अच्छा मंगल बाकि सब केसा है वह ..तूने वो जमीं का कुछ किया की नहीं..

मंगल- भाई बाकि सब बढ़िया है और आपके लिए एक खुश खबरि है..

पापा- क्या बताओ जल्दी..

मंगल- भाई वो जमीं की डील पक्की हो गयी और पता है ऐ काम किसने किया .

पापा- किसने किया..

मंगल- हमरे राज ने...

पापा- क्या वाओ ऐ तो बहुत अच्छा है इसने कैसे किया ऐ ..

मंगल- फिर पापा को सब बात बट्टे गए की कैसे मैंने वो डील की कैसे मैंने उसको ऑफर देके मनवाया और उनकी पाटनर्शिप वाली बात और वह कोनसा बिज़्नेस सुरु करना है और इतना hi नहीं होटल मई जो जो चेंज करवाया वो भी ऐ सब सुनकर तो पापा खुस होक बोल पड़े..

पापा- वाह आखिर मेरे बेटे ने करके दिखा दिया की वो एक अच्छा बिज़्नेस में बन कर दिखा सकता hai..or आज मई बहुत खुश हु की तूने मेरे बिज़्नेस मई आखिर अपना कदम रख hi दिया ..बस अब मुझे कुछ नहीं चाहिए अब से शिमला वाला बिज़्नेस तेरे हत्तो मई और उतना hi नहीं वो वह की होटल का काम भी तुम hi देखो गए..

माँ- आखिर बीटा किसका है बाप के गन तो आएंगे hi..

मनगल- ऐ सही कहा आपने भाभी वो बात से तो मई भी सहमत हु लेकिन हमारा राज का दिमाग तो घोड़े के जैसे दौड़ता है बिसनेस मई.

पापा- वो तो मैंने डेल्ह लिया जो कोई डील नहीं कर सका था वो आज तूने करके दिखा दिया ..और दिमाग के मामले मई तेरे आगे नहीं hi सकता .

माँ- लेकिन मेरे बेटे पे जयादा बोज मत दाल देना समजे आप अभी उसका सोल्लगे ख़तम नहीं हुवा है समजे न..

पापा- अरे बाबा नहीं दाल रहा हु वो सिर्फ कभी कभी यहाँ की ऑफिस मई एके देखेंगे अपना काम वो सब यहाँ से हैंडल कर्जा बाकि सब मंगल देख लेंगे..

राज- हां माँ पापा सही कह रहे hai..app फ़िक्र क्यों करती हो अब मई छोटा बचा नहीं रहा maa..abbmai भी बड़ा हो गया हु..

माँ- बड़े के बचे पहले पढ़ाई मई धायण दे ..

निशा- हआ हआ हां सही कहा माँ अपने ीीी उउउ मुझे चिढ़ाने लगी..

मई भी उसे देख कर सिमले दे दिया तो वो भी खुश हो गयी.

राज- दी और संजू इसे मिलो ये है छोटू अब से वो यही रहेंगे हमरे साथ ये बहुत hi अच्छा है di..or कॉमेडी भी बहुत ाची करता है..

माँ- और हां अबसे ये तुम्हारा भाई है सबसे छोटा वाला ..

निशा- वाओ अच्छा अबसे मुझे एक और भाई मिल गया..

संजू- हां मुझे भी एक भाई मिल गया अब्ब..

छोटू- तो आज से मई आपको दी बुलाऊंगा चलेंगे न..

राज- चलेंगे नहीं दौड़ेंगे और सब हांसे लगे..

छोटू- भाई सामान ले औ कार से..

राज- हां चल मई भी तेरी हेल्प करता hu..mai उठ रहा था तो संजू बोली..

संजू- आप बैठिये मई जाती हु न छोटुबक साथ ..

निशा- वह बड़ी फ़िक्र हो रही है क्या बात है ..

सब फिरसे निशा की बात से हसने लगे और संजू जाट से सरमाके भाग गयी बहार गाड़ी मई से सामान लेने..

माँ- तू भी न निशा बार बर्र मेरी बेटी को न जाने क्या क्या बोलके सरमा रही है..

निशा- अरे माँ मई तो मजाक कर रही हु..

मंगल- अब मई चलता हु मुझे भी गर जाना honga...abb..

माँ- खाना खाके जाना इतनी जल्दी क्या है गर जाने की..

मंगल- नहीं भाभी माँ राह देख रही होंगी बहुत दिन हो गए गर का खाना खाये हुए..

माँ- अच्छा जा कोई बात नहीं..

इतने मई संजू और छोटू सब सामान लेके आ गए और इतना सामान देख कर माँ बोली..

माँ- इतना सामान कहा से आ गया यहाँ से गया तब तो एक hi बेग लेके गया था .

राज- अरे माँ ये तो छोटू का सां है 2 बैग और 2 बैग मेरे है..

निशा- और हमरे लिए कुछ नहीं लाय तू वह से..

राज- अरे मई तो भूल hi गया ू तेरी..

निशा- मुझे पता था अप्प भूल hi जाएंगे hame..or उदास हो गयी..

राज- मई एक बैग खोल के निशा का गिफ्ट बहार निकला और उसकी तरफ करके देखेंगी नहीं तेरा भाई तेरे लिए क्या लाया है..

निशा- नहीं देखना मुझे..

राज- अरे रूठ गयी मुझसे अच्छा कोई बात नहीं मई ऐ संजू को दे देता हु..

निशा- अरे नहीं नहीं ला ीदार ला मेरा गिफ्ट मई किसी को नहीं दूंगी..

सब उसकी बात से हंस pade...or उसने जाट से मेरे हाथ से अपना गिफ्ट ले लिया और खोल के दलहन लगी..

निशा- वाओ ऐ तो सुन्दर नेकलेस है भाई वाओ कितना अच्छा hai..thank यू भाई..

माँ- चल अब मेरी दूसरी बेटी क लिए क्या लाया है उसे नहीं देंगे..

राज- हां अभी देता हु..

मैंने संजू को एक गिफ्ट दिया तो उसने अपना गिफ्ट खोला और देख कर बोली..

संजू- अआप भी ना इतने पइसे क्यों बिगड़े मेरे लिए इतना महंगा कोई लता है क्या..

माँ- क्यों तू मेरी बेटी नहीं क्या जो तुजे निशा जितना तो देना hi पड़ेंगे न हमें..

निशा- हां सही कहा माँ ऐ न हमें अपना कुछ नहीं समझती इसी लिए ऐसा बोल रही है..

संजू- नहीं माँ ऐसी बात नहीं है लेकिन आप सब न मुझे हर वकुट कुछ न कुछ तो देता हो फिर इतना मंगा गिफ्ट कैसे ले सकती हु मई इसी लिए कहा..

राज- अच्छा तुम्हे पसनद नहीं आया क्या..

संजू- नहीं नहीं बहुत hi अच्छा है थैंक्स यू फॉर गिफ्ट..

फिर मैंने माँ के लिए बहुत बढ़िया गोल्ड का हार लाया था वो माँ को दिया तो वो खुश हो गयी..

माँ- वह बीटा तेरी चूसिए तो बढ़िया है बहुत hi अच्छा हार लाया है मेरे लिए तू थैंक्स बीटा.

पापा- अबे मेरे लिए कुछ नहीं लाया क्या सिर्फ इनके लिए hi लाय है तू..

राज- नहीं पापा आपको मई कैसे भूल सकता हु..

और मई इनके लिए एक बढ़िया सी गोल्ड की गाड़ी लाया था तो वो देख कर पापा बोले..

पापा- वाओ मानना पड़ेगा तेरी चॉइस तो ..बहुत hi अच्छी गाड़ी है

राज- गोल्ड की गाड़ी है पापा ..

पापा- क्या गोल्ड ki...are क्या बात करता है..

राज- हां स्पेसल एक hi सैंपल थी वह पे तो मैंने ले ली आपके लिए ..

पापा- अच्छा जा अब्ब फ्रेश हो जा तू और छोटू को उसका रूम दिखा दे jaa..mai ऑफिस जा रहा हु..

पापा ऑफिस निकल गए और मई मेरा सामान लेके ऊपर गया और रूम मई रख के निचे आया जहा निशा संजू और छोटू और माँ बैठे थे..

माँ- राज छोटू को कोनसा रूम दे रहा है..

राज- माँ उसे मई अपना तिरद फ्लोर पे जो रूम है वो दे रहा हु वो रूम अच्छा hai..chal छोटू मई तुम्हे रूम दिखता हु..

फिर मई छोटू को लेके तिरद फ्लोर पे जो रूम था वह सब था अंदर एक बीएड नाहने के लिए अटैच बाथरूम और बाकि सब सुबिधा थी इस्ला उपयोग हम गेस्ट रूम के लिए करते थे कभी कभी मई उसे करता था ..जब रात को टेरेस पर देर रात तक बैठता था तो इस रूम मई सोया करता था main.is लिए ऐ रूम भी साफ़ hi रहता था.

हम दिनों तिरद फ्लोर पर आये तो छोटू को मैंने रूम दिखाया तो छोटू देख कर बोल पड़ा..

छोटू- बही इतना बड़ा रूम की क्या जरुरत थी कोई छोटा कमरा होंगे तो भी chalenga..bhai..apne पहले से hi मेरे लिए बहुत कुछ किया है..

राज- अच्छा जा अब बोले बिना फ्रेश होजा और जेक थोड़ा आराम कर ले फिर जब निचे से आवाज दू तो खाना कहने आजा न..

छोटू- जी bhai..aap भी आराम करलो.

मई उसे रूम दिखा कर निचे मेरे रूम मई आया तो वह पर पहले से hi निशा बैठी थी बीएड पर और जैसे hi मैंने दूर बांध कर के पलटा वो दूध कर मेरे पास एके गले लग गयी तो जैसे hi वो मेरे गले लगी उसके उभरे हुए बूब्स मेरे साइन मई डाब गए मुझे ऐसा महसूस कर के मेरा लुंड hi खड़ा हो गया लेकिन मैंने उसपे जयादा धायण नहीं दिया और उसको बहो मैं कास के दबा लिया क्यों की मुझे भी अच्छा लग रहा था उसके ऐसे लिपट ने से मई ने जैसे hi उसे कास के दबाया वो बोली..

निशा- तुमने मुझे कितना तड़पाया है पता हिअ तुम्हे मई अकेली जब रूम मई सोती थी तो तुजे याद करके मई रो देती थी..

राज- अच्छा मेरी दी मुझे बहुत याद करती थी मई भी तुजे बहुत मिस करता था ..मेरा हाल भी ऐसा hi था दिन तो जैसे तैसे निकल जाता था लेकिन रात को तेरी बहुत याद आती थी मुझे भी..

निशा- गले से अब भी लगे हुयी बोली क्या सच मई तू मुझे याद करता था

राज- क्या आपको ऐसा लगता है की मई आपको याद नहीं करता था.

निशा- गले से अलग होते हुए मेरी आँखों मई देख कर बोली .

निशा- नहीं भाई ऐसा नहीं कह रही थी मई मई तो बस पूछ रही थी की आप सच मई मुझे याद करते थे की नहीं..

राज- मई भी उसकी आँखों मई देखते हुए बोलै तुजे क्या लग रहा है मेरी आँखों मई देख तुजे देखने के लिए तरस गयी थी मेरी ये आँखे तुजसे दूर जाने क बाद मुझे पता चला की तेरे बगैर मई कुछ नहीं हु मुझे तेरा प्यार तब पता चला जब मई तुजसे दूर गया तो मुझे एहसास हुवा की बिन निशा के प्यार को ऐ राज कुछ भी नहीं है..

निशा- खुश होक सच तू मुझे इतना प्यार करता है पागल तो मुझे जवाब क्यों नहीं दिया पागल पहले पता है तुजे मई रोज यही सोचती थी की राज मुझे क्या जवाब देंगे आने क बाद वो मुझे न तो नहीं बोल देंगे न..

राज- मई इस लिए पहले नहीं बोक पाया क्यों की मुझे दर था की सब लोग क्या कहेंगे मई सबको क्या बोलूंगा लेकिन अब मुझे किसिस का दर नहीं है और.

निशा- और क्या बता न betu..chup क्यों हो गया..

राज- लेकिन मई आपसे कुछ कहना छठा हु उसके बाद आपका जो फिसला होंगे इस बारे मई वो आप ले सकती हो..

निशा- (थोड़ी परशान होकर)- ऐसी कोनसी बात है बता मुझे

राज- आप फ़िक्र न करिये मई आप को आज रात आप मेरे रूम मई आना सबके सो जाने क बाद मई आपको बता दूंगा..

निशा- अच्छा चल तब बता न जा जेक फ्रेश होक थोड़ा आराम कर ले खाना खाने उठा दूंगी तुजे..

दी मुझे बोलके बहार गयी और मई जेक नहाने गया और फ्रेश होक काप्रि और टीशर्ट पहन कर सो गया मई .

जब मेरी नींद खुली तो देखा मेरे बीएड पर बेथ कर संजू मुझे hi देख रही थी मैंने उसकी आँखों मई डेल्ह कर बोलै.

राज- क्या हुवा sanju..tum यहाँ कब आयी..

संजू- जब आप गहरी नींद मई सो रहे थे तब से बैठी हु सोचा आपसे बात करलु लेकिन यहाँ आयी तो आप सो गए थे तो मई बस यही बेथ क तुम्हारे जागने का इंतजार कर रही थी..

राज- अच्छा तो मुझे उठा देना था न तुम्हे..

संजू- नहीं आप थक गए होंगे इस लिए नहीं उठाया ..

राज- अच्छा अब क्या हुवा बोलो तो kuch..aise क्या देख रही हो..

संजू- कुछ नहीं बस कितने दिनों बाद देखा है आज तुमको मैंने बस जी भर क डेल्ह लू बस..

राज- अच्छा ऐसा क्या है मुजमे..

संजू- अपमै है तो बहुत कुछ लेकिन मई बाटूंगी नहीं..

राज- अच्छा लेकिन एक चिआज की कमी है मुज मई..

संजू- कोनसी चीज की कमी है आपको आप के पास वो सब है जो एक ाची लड़के के पास होना चाहिए..

राज- अच्छा लेकिन एक चाइज है जो मुझे चाइये लेकिन हैंनही मेरे पास.

संजू- अच्छा तो बातो ऐसा क्या है जो तुम्हारे पास नहीं है..

राज- बता दू..

संजू- बताओ न..

राज- तुम्हारा दिल तुम्हारा प्यार मेरे पास नहीं है वो मुझे चाइये..

संजू- kyaa....sarmake..niche देख कर..

राज- मेरी आँखों मई देखो और कहो डोंगी वो कीमती चीज मुझे तुम बोलो न..

संजू- बोले बिना निचे देख कर शर्मा रही थी..

राज- मैंने उसका फेस हटो से पकड़ कर ऊपर किया और उसकी आँखों मई देख कर बोलै ..बोलो न देंगी तुम मुझको अपना दिल अपना प्यार बोलो ना..

संजू- मेरी आँखों मई देख कर रट हुए मेरे गले लग गयी और लिपट कर boli..haa मई कब से तरस रही थी ये बात सुनने के लिए हहआ मई दूंगी तुम्हे अपना दिल अपना प्यार ..ी लव यू raj.....i लव you.....so मच..

राज- मई ने उसे बहो मई कास कर दबाया और बोलै ी लव यू तू जान ी लव यू सो मच sanju....aaj मेरे दिल का बोज हल्का हो gaya..pata है मई कबसे बोलना छठा था ऐ बात लेकिन कभी मौका hi नहीं मिला..

संजू- मई भी आपसे बोलना चाहती थी लेकिन कभी बोल नहीं सकीय..

राज- क्यों बोल नहीं सकीय..

संजू- पता नहीं हिमायत hi नहीं होती थी आपको बोलने mai..lekin अब मुझे कुछ नहीं चाइये भगवान से बस मुझे तुम मिल गए मेरे लिए इतना hi काफी है..

मैंने उसको अलग किया और हमदोनो के होंठ एक दूसरे क नजदीक hi थे तो मैंने हल्का उसके होंठ के करीब जेक उसे किश करने hi वाला था की दूर पे खड़ी निशा दी बोली..

निशा- हमःहम्मह बस बस लैला मजनू बेशर्म चलो खाना कहने उसके बाद जो करना है क्र लेना चलो नहीं तो माँ आ जाएँगी..

हमदोनो दी की आवाज से गभरा कर दूर हो gaye..or मेरी तो दर के मरे हालत ख़राब हो गयी थी की दी क्या बोलेंगी muje..mai निचे देख रहा था और संजू भाग कर सरमाके अपने रूम चली gayi..or निशा दी मेरे पास आकर बोली..

निशा- अब्ब इतना गबरा क्यों रहा hai..tu..

राज- मई उन्हें देख कर बोलै nahi..nahi..di वो mai...ami...

निशा- पता है मुझे क्या maii.mai कर रहा है तुम दोनों ेल दूसरे से प्यार करते हो मुझे सब पता है संजू में तो मुझे कबसे बता दिया था लेकिन तेरी आँखों मई मैंने उसके लिए प्यार देखा है मुझे सब पता hai..chal अब्ब निचे आजा कहना kahne..or सिमले देके चली गयी दी...

raj(man)- साला ऐ क्या हो गया साला दी मई इतना बदलाव उनको पता है मई उसे प्यार करता हु फिर भी उन्होंने मुझे परपोज़ किया साला और संजू और दी दोनों को एक दुआरे के बारे मई मालूम hai..sala यहाँ तो मेरा पोपट हो गया..

चलो लेकिन जो हुवा वो मेरे लिउए अच्छा hi हुवा अब मुझे दोनों को जायदा मन्ना नहीं पड़ेंगे ..

फिर मई उठा और फ्रेश होने से पहले छोटू को कॉल करके नई हे आने को बोल दिया ...और मई फ्रेश होक जैसे hi भरा आया छोटू मेरे रूम मई बैठा thaa..muje देख कर बोलै..

छोटू- वह भाई अपने तो सॉलिड बॉडी बनायीं hai..bilkul हीरो लग रहे हो..

राज- अच्छा .

फिर मई फर्श हो गया कपडे पहने और मई और छोटू निचे जेक डाइनिंग टेबल पे बेथ गए वह पहले से hi निशा और संजू बेथ कर हंस हंस कर धीरे धीरे बाटे कर रहे थे ऐ देख कर मई मन बोलै..

raj(man)- साला मेरा पोपट कर के दोनों हंस रही hai..dekho तो कैसे हंस हंस के बाते कर रही है..

मई उनके पास गया तो मुझे देख कर दोनों बांध हो गयी और निचे देख कर हंस रही थी तो माँ ने रसोई गर से आते हुए देख लिया दोनों को हस्ते huye..to वो बोली..

माँ- दोनों क्यों ऐसा हंस रही हो क्या कोई जोक सुन लिया क्या दोनों ने..

निशा -मुझे देख कर. हां माँ वो आज किसीका पोपट हो गया तो हंसी आगयी.

राज- (man)uda लो जितना मजाक उड़ाना है उतना रात को बता ता हु..

माँ- किसका पोपट हो गया ऐ क्या बोले जा रही है पागल लड़की..

निशा- किसी का नहीं माँ मई तो मजाक कर रही थी..

माँ- अब बड़ी हो गयी है क्या तू भी बच्चू जैसा करती है चल खाना कहा ले शांति से..

फिर हम सब ने खाना खाया और बाटे की और छोटू आज कुछ जयादा hi खुस हो गया था क्यों की आज माँ ने उसे बहुत सा खाना खिलाया tha..kisika इतना प्यार देख कर कोई भी खुस हो जाये और ऐ तो बचपन से अनाथ है तो खुश क्यों नहीं होंगे..

हम सब खाना कहने के बाद मई बोलै चल छोटू हम कही बहार जेक आते है..

छोटू - जी भाई चलिए.

माँ- कहा चला tu..gar आया नहीं की बहार गया नहीं..

राज- वो माँ कारन और मनीष को मिलने जा रहा हु वो दोनों गुसा होंगे मुझसे..

माँ- अच्छा जा लेकिन खाना खाने के टाइम तक आजा न..

राज- ok माँ काहलो छोटू...
 
अपडेट-69

हम सब खाना कहने के बाद मई बोलै चल छोटू हम कही बहार जेक आते है..

छोटू - जी भाई चलिए.

माँ- कहा चला tu..gar आया नहीं की बहार गया नहीं..

राज- वो माँ कारन और मनीष को मिलने जा रहा हु वो दोनों गुसा होंगे मुझसे..

माँ- अच्छा जा लेकिन खाना खाने के टाइम तक आजा न..

राज- ok माँ काहलो छोटू...


☆स्टार्ट ☆

मई और छोटू खाना काने क बाद माँ को बोल के निकल गए गर क बहार आये और मई बोलै.

राज- छोटू कार लेके क जाये की बाइक लेके जाए तू बोल .

छोटू- आप को जो पसंद हो वो ले चलते है लेकिन यहाँ कोई कार या बाइक तो दिख नहीं रही..

राज- अब्ब चल मेरे पीछे पीछे तुजे दिखता हु की कार और बाइक कहा रखते है हम.

फिर मई छोटू को लेके अपने बाजु वाले गेराज मई ले गया जहा पे हमारी सब कार और बाइक राखी थी वह जेक मैंने शटर खोला तो सामने बहुत सी कार और बाइक देख कर छोटू बोलै..

छोटू- इतनी साडी कार और bike..bhai किसकी है ऐ सब.

राज- सब अपनी hi है क्यों अब पता चला की कार और बाइक बाहर क्यों नहीं दिखती..

छोटू- हां भाई यहाँ तो पूरा शोरूम है कार का और बाइक का

राज- अब चल बता किस कार मई जायेंगे हम.

छोटू- लेकिन भाई हमें जाना कहा hai..us हिसाब से लेते है यदि हमें नजदीक hi जाना है तो बाइक ले कहते है और दूर जाना है तो कार.

राज- अरे हां बे ये तूने सही कहा एक मिनिट रुक मई पहले फ़ोन कर लू तब तक तू जेक कार देख सब और सामने देख वह बोर्ड लगा है उस्मि सब कार और बाइक की के राखी है जा तू देख मई फ़ोन करता हु..

छोटू- जी भाई..

छोटू कार देखने लगा और मई अपना फ़ोन निकला तो देखा अभी 12 बजे थे तो मई ने कारन का no निकला और उसे फ़ोन kiya..pehli hi रिंग मई फ़ोन उठा लिया..

कारन- हैल्लो कोण बोल रहा है..

राज- अबे तेरा बाप बोल रहा हु नाटक मत कर सीधी तरह से जवब दे चल.

कारन- तो क्या बोलू बे कितने दिन से गायब है न फ़ोन न मश्ग दोस्तों को भूल गया था क्या कहा गया था सेल जो इतने दिनों बाद फ़ोन किया है..

राज- अबे रुक जा मेरे भाई बताता हु पहले बोल की अभी कहा पर है..

कारन- मई और मनीष दोनों ये सिटी मॉल है वह गए है शोपिंग करने अभी बस जस्ट आये है और कूफ़े पि रहे है..

राज- मई बस 15 मिनिट मई आता हु तब तक 2 मस्त कफ बोल चल .

कारन- तू गर पर आ गया है सेल और अभी बता रहा hai..tu आ जल्दी फिर तेरी खीर nahi..aa तू चल जल्दी..

राज- आता हु सेल फ़ोन रख..

फिर मैंने फ़ोन रखा और छोटू को बोलै की कोई अछि सी कार निकल जो तुजे पसंद hi वो और हां ड्राइविंग तुजे hi करनी hai..phir छोटू ने बंव कार निकली 4 शटर और मई बेथ गया छोटू कार बहार निकला गर क मैं दूर से और बोलै.

छोटू - भाई जाना कहा है हमें..

राज- सिटी मॉल ले ले chal..dekha तो है न..

छोटू- हां भाई देखा है मई पहले यही रहता था शेरा भाई क साथ तो मुझे सब रस्ते मालूम है ..

राज- तो फिर जाने दे आज तुजे मेरे दोस्तों से मिलता हु..

छोटू- भाई कार तो एक दम बढ़िया है..

राज- तुजे पसंद आयी न ..

छोटू- हां भाई ेल दम जक्कास है ड्राइव करने मई भी मजा आ रहा hai..abhi बस आपको 10 मिनिट के अंदर वह पोहचा दूंगा..

राज- अच्छा चल देखते है 15 मिनिट का रास्ता तू दस मिनिट मई कैसे पोहचता है लेकिन संभल कर हो अभिमरने का शोख नहीं है मुझे..

छोटू- भाई आप बस शीत बेल्ट बांध दो..

मैंने जैसे hi शीत बेल्ट बंधा उसने असलेटर पे पाँव दबाया कुछ hi सेकंड मई कार 100 की रफ़्तार से जाने lagi..to मई बोलै .

राज- अबे मरवाएगा क्या आगे तरफ़ीक़ होंगे बे ध्यान से चलना..

छोटू- भाई बस आप मजा लीजिये आज मेरी ड्राइविंग kaa..kuch नहीं होंगे.

फिर मई कुछ नहीं बोलै सिर्फ उसकी ड्राइविंग देखता रहा साला किसी रेस की तरह कार चला रहा था द्रिविंग देख कर hi पता चल रहा था की अच्छा ड्राइवर है ऐ to..sala इतना ट्रैफिक मई भी रापचिक बिंदास कार चला रहा था और वर्त्तक तो साला ऐसे कर रहा था की कोई कच्चा पोछा बाजु मई बेथ जाए तो हरी अतीक aajaye..usne

कार थोड़ी hi देर मई उसने सिटी मॉल पोहचा दी फिर कार रोक कर बोलै भाई देख लो टाइम कितना हुवा..

राज- मई मोबाइल की गाड़ी मई देखा तो सेल ने 9 मिनिट के अंदर कार सिटी मॉल पोहचा दी thi..wah रे तू तो बढ़िया ड्राइव कर लेता है कार..

छोटू- बही अपुन हर काम मई एक्सपर्ट है और कार चलने मई तो एक दम एक्सपर्ट बना दिया है शेरा भाई ने...

राज- अच्छा चल अब्ब हमरी कॉफी ठंडी हो जाएँगी..

छोटू- हां बही चलिए..

फिर हमदोनो भार गए और मॉल के अंदर गए जहा काफी था तो वह जेक मई देखा दोनों बेथ कर कफ पि रहे थे कार्नर mai..mai उनके पास गया और बोलै..

राज- छोड़ू लोग कैसे हो..

मेरी आवाज सुन कर दोनों खड़े हो गए और मेरे गले लग गए..

मनीष- अबे छोड़ू तो तू है सेल इतने दिनों बाद मिला है .

कारन - सेल यहाँ आ गया फिर भी हमें याद नहीं किया सेल ने..

राज- अबे छोड़ो बे यहाँ एके गर से पहले तुम दोनों को मिलने आया hu..ab छोड़ो भी दोनों..

वो दोनों अलग हुए और हम मई बेथ गया ख़ुर्शी पे और छोटू को खड़ा देख कर मई बोलै..

राज- छोटू क्या हुवा बेथ जा यहाँ..

छोटू- जी भाई...

छोटू मेरे बाजु मई बेथ गया और हम कफ पिने लगे क्यों किमैने पहले hi बोल रखा था तो कफ वह आ गयी thi..karan बोलै..

कारन- ये कोण है बे..

राज- हां बताता हु be..ye है छोटू मेरा दोस्त मेरा bhai...jo भी kaho..aab से मेरे गर पर hi रहेंगे ये और हमरे साथ hi रहेंगे hamesha..phir मैंने बताया की मई की ये क्या काम करता है और कहा से लाया मई ये sunke..manish बोलै..

मनीष- ये ाचा किया अब से हमारे ग्रुप मई ये भी शामिल हो गया क्यों छोटू बनोगे न हमरे भी फ्रेंड.

छोटू- जी भाई क्यों नहीं

कारन- और मेरे भी फ्रेंड्स बनोगे न..

छोटू- कारन को हाथ मिलके हां क्यों नहीं भाई आपका भी फ्रेंड मई..

राज- तो छोटू ये है कारन और ये है मनीष हम लोग बचपन से साथ मई पड़े है और साथ मई मस्ती भी बहुत किया है..

छोटू- क्या अब भी आप लोग साथ मई पड़ते हो..

राज- हां हम लोग साथ मई सोल्लगे करते है और एक hi क्लास मई पड़ते है..

फिर हम सबने बाते की थोड़ी देर की कहा गया था क्या किया मैंने उन्हें सिर्फ इतना बतया की ट्रैनिंग के लिए गया था फाइट ki..bas उसे जयादा कुछ nahi..or हमारा बिज़्नेस के सिलसिले मई गया था इतना hi बताया मैंने फिर मई बोलै..

राज- अबे सोल्लगे जाते हो की नहीं क्या चल रहा है सोल्लगे मई..

कारन- हां जाते है लेकिन तेरे बिना मजा कहा आता था क्लास मई .

मनीष- और हां अब से 3 दिन बाद स्पोर्ट्स इवेंट्स hai..collage मई सुना है बहुत बड़ी इवेंट्स है ये इसमें सरे इंडिया के टॉप सोल्लगे के स्टूडेंट्स पार्टिसिपेट करते है..

राज- अरे वह तब तो मजा आ जाएंगे साला इस बार तो मेरी साडी पसनद की इवेंट मई भाग लूंगा मई...

कारन- हां बे तुजे तो जब अनाउंस हुवा इवेंट का तब hi प्रिंसिपल में तुजे याद किया था और बोलै था जब तू आये तो प्रिंसिपल से मिलने को बोलै है तुम्हे ..

राज- हां बे मई मिल लूंगा उनसे और बाकि बता रिजल्ट केसा रहा तुम दोनों का

कारन- सेल तू हर बार की तरह 1 सत आया और संजू 2ंद वह लैला मजनू की जोड़ी यहाँ भी साथ मई मन्ना padega.or मनीष का 3रद और मेरा 4 तह no.wo भू तुम्हारी वजह से..

राज- ओह्ह तो क्लास तरेर वर्षो मेडम कुछ कहा था क्या उन्होंने..

मनीष- हां वो तो तेरे बारे मई रोज पूछती है की तू वापिस आया की नयी छुट्टी से.

राज- लेकिन उसे कैसे पता की मई कही बहार गया हुवा हु .

कारन- वो संजू ने बतया था जब वो जब रिजल्ट के दिन मेडम ने तुम्हारा नाम लिया तब वो पूछ रही थी तो संजू ने बताया उन्हें की तुम 1 महीने की छुट्टी पे हो..

राज- अच्छा अब्ब बोलो शॉपिंग किया की नहीं तुम लोगो ने..

कारन- नहीं यार अभी आये थे और तेरा फ़ोन आ गया था तो सोचा तेरे साथ मिलके शॉपिंग करेंगे..

राज- हां चलो शॉपिंग करते hai..or छोटू के लिए भी कपडे लेने है नए..

छोटू- भाई मेरे पास तो है कपडे..

राज- अब्ब से वो कपडे नहीं पहना है तुजे अब्ब मई जो तुम्हे कपडे दिलो वो hi पहनना है tumhe..samje..

छोटू- जी भाई जैसा आप बोले..

कारन- तो chale..phir.

फिर हम सब ने मिलके सबके लिए कपडे लिए छोटू के लिए मैंने 4 से 5 जोड़ी कपडे खिरदे जब जींस थिसॉट और नए ट्रेक शूट और बाकि उसके जरुरत का सामान लिया हम लोगो ने काफी टाइम बिगाड़ा शॉपिंग मई फिर हम सब को उसमे 2 बज गए थे दोपहर के तो हम सब अब गर जाने के लिए पार्किंग मई आये तो कारन बोलै..

कारन- अरे हां मुझे तुमसे कुछ बात करनी थी तुम जब फ्री हो तब मिलना मुझे समजे..

राज- हां बता अभी hi क्या बात करनी है..

कारन- अभी नहीं कल बता दूंगा और हां माँ और इशिता दी तुजे याद करते थे रोज मुझे पूछते है की तू गर आया की नहीं..

राज- उन्हें बताना मत कल उनसे मई मिल लूंगा सर्परीज़े दूंगा .

कारन- ok चल मिलते है फिर .

राज - ok चल है मनीष तू किसके साथ आया था ..

मनीष- मई कारन के साथ आया था

राज- अच्छा चल मई तुजे गर छोड़ देता hu..beth जा मेरी कार मई..

फिर मनीष मई और छोटू निकल गए कार छोटू hi चला रहा था हम थोड़ी देर मई मनीष क गर पोहे तो मनीष बोलै..

मनीष- चल छोटू को लेके अंदर नहीं आएंगे आज पहली बार आया है मेरे गर पर छोटू ..

राज- हां चल वैसे भी अन्तेय को भी काफी दिन से मिला नहीं हु चलो इसी बहाने मिल लूंगा तुम्हारी माँ को भी..

फिर हम अंदर गए तो अन्तेय मुझे मनीष के साथ देख कर boli..majak मई..

करुणा अन्तेय- उह राज तुम कब आये वापिस बहुत दिनों बाद कही से रास्ता भूल गया था क्या..

राज- अरे नहीं अन्तेय आज hi वापिस आया हु मई और सबसे पहले आपके गर आया हु..

करुणा- अच्छा चल बेथ मई कफ बनती हु और ऐ कोण है तुम्हारे साथ.

फिर मैंने छोटू के बारे मई बतया फिर वो खुश होक बोली..

करुणा- तुम सच मई बहुत अचे संस्कार है तुम मई तुम हमेशा लोगो की मदद करते रहते हो..

राज- ऐसा कुछ नहीं अन्तेय वो तो बस ऐसे hi .

फिर हम बेथ गए वह अभी मई अन्तेय की गांड hi देख रहा था वह सोफे पे बेथ कर तो मनीष और छोटू उअप्र उसके कमरा दिखने के लिए ले गया था तो मई खड़ा हुवा और किटचा मई गया क्यों की उनकी बड़ी गांड देख कर मेरा लुंड खड़ा हो गया था तो सोचा थोड़ा मसल लू उनको.

मई किचन गया अन्तेय की पीठ मेरी तरफ थी तो मई धीरे से उनके पीछे गया और उनकी गांड को सात कर बहो मई ले लिया अन्तेय ऐसे अचानक आने से थोड़ा दर गयी वो छिलने hi वाली थी की मैंने उनके मुँह पर हाथ रख दिया और कण मई बोलै धीरे से..

राज- अरे मई हु जान चिलाना मत .

करुणा- मेरे हाथ हटा ते hi boli..tum रहे राज मुझे तो तुमने डरा hi दिया तुम यहाँ क्या कर रहे हो मनीष देख लेंगे तो प्रॉब्लम हो जाएँगी..

राज- कुछ नहीं होंगे जान अभी वो और छोटू दोनों उसके कमरे मई गए है..

करुणा- लेकिन वो आ जाएंगे जल्दी से सोफे पे बेथ जाओ फिर बाद मई कर लेना जो कारण है वो..

राज- नहीं अभी कुछ नहीं करना बस एक किश hi कारण है अप्प रिकिये ना.

फिर मैंने उनको पहिचे से बहो मई भर कर उनकी गांड पे अपना लुंड रगड़कर मजा लेते हुए एक हाथ से उनके बड़े बोब्ब्स दबा कर उनको होतो पे किश करने लगा थोड़ी देर मजा लिया और जब मुझे कुछ आवाज सुनाई दी तो मई उनको छोड़ कर किचन से भर एके सोफे पे बेथ गया क्यों की मनीष और छोटू दोनों बाटे करते हुए स्तिर से निचे hi हां रहे थे उनका धायण मई आये बिना मई वापस आके अपनी जगह बेथ gaya..wo दोनों मेरे पास एके बेथ गया.

राज- छोटू केसा लगा मनीष का गर..

छोटू- अच्छा भइया ..

मनीष- उसकी माँ को आवाज लगा कर माँ जल्दी कफ लाओ..

करुणा- बस बीटा 2 मिंट मई अभी लायी..

फिर हम तीनो बाटे किया और इतने मई करुणा अन्तेय आयी और हमें कफ दिया और वह बेथ क वो भी कफ पिने लगी मई बोलै..

राज- अन्तेय अंकल कब आ रहे है वापिस..

करुणा- वो अगले महीने वापिस आ रहे है ..

राज- उह अच्छा hai...baki सब अच्छा हैं ना अन्तेय..

करुणा- है बाकि सब तो ाचा hi है तुम से एक काम था मुझे..

करुणा- हां बोलो न अन्तेय

करुणा- वो तुम्हारे पापा का बुसनेस्स तो बहुत बड़ा है क्या तुम मनीष के पापा की जॉब वह नहीं लगवा सकते..

राज- ओह्ह अच्छा ऐ अपने मुझे कह कर ाचा किया आप एक काम कीजिये जब अंकल आये वापिस तो उनको बोल देना मुझे बात करने के लिए मई पापा से बात कर lunga..haa वो काम क्या करते है .लेकिन वह पर..

करुणा- वो अकॉउंट सहबहलते है और वो कने के मंजर भी है वह ..

राज- अच्छा है तब तो उनकी जॉब पक्की लेकिन उनको शिमला मई मेरा नया बिज़नेस अगले महीने सुरु हो जाएंगे वह पे मई मुझे नया स्टाफ लेना है तो वह जॉब लगवा दू तो..

करुणा- तब तो और भी अच्छा है मई तुम्हारा एहसान कभी नहीं भूलूंगी.

राज- करदी न अन्तेय परए वाली बात अपने..

करुणा- अरे नहीं बीटा तू तो हमरा hi बीटा है कहा परया है..

राज- अच्छा तो अब ऐसा मत बोलना की एहसान कर रहे हो आप मुज पर आप एक काम कीजिये अंकल को फ़ोन लगा कर बता दीजिये की अगले महीने तक वापस आ जाये क्यों की मेरा खुद का बिज़्नेस अगले महीने सिमलमइ सॉर्ट होंगे तो मई उनको वह पे अछि सलीरी और एक गर भी दिलवा डिंगा कम्पनी की तरफ से और एक कार ऑफिस जाने के लिए..

मनीष- तेरा खोद का बिज़्नेस ये बात तो तूने बताई hi नहीं मुझे .

राज- अरे हां मई भूल हाय था बताना अब्ब से शिमला मई हम दो नए बिज़नस सॉर्ट कर रहे है वो सब मई संभल ने वाला हु ..

मनीष- वह भाई क्या बात है ..मई आज hi पापा से बात कर लूंगा..

हम ऐसे hi बाते की फिर मई और छोटू निकल गए गर की तरफ क्यों की शाम के 4 बज गए थे तो हम गर पोहचे मई दूर अपनी के से खोला जेक अंदर देखा तो अभी सब अपने होने कमरे मई आराम कर रहे थे तो मई बोलै..

राज- छोटू जा तुम आराम करो और अपना कपडे होने रूम मई रख दो..

छोटू- जी भाई..

फिर मई गया माँ के रूम मई देखने के लिए की माँ क्या कर रही hai..to माँ का रूम का दूर अंदर से बांध नहीं था जैसे hi मैंने पूछ किया धीरे से तो मैंने अंदर देखा तो देखता hi रह गया क्यों की अंदर का हाल hi कुछ ऐसा था की मेरी आंखे वही की वही जैम gayi..kyu अंदर माँ बीएड पर उलटी लेती हुयी थी और वो सिफत पेटीकोट और बालाओसे मई सो रही थी तो और उनके खुले लम्बे काळा बाल साइड मई कर के सोई हुयी थी और सबसे ख़ास बात की ूँगी बड़ी गांड का उभर देख कर मेरा लुंड पेण्ट मई खड़ा हो गया मौजे पता hi नहीं चला की मई कहा खो गया उन्हें देखते हुए ना कहते हुए भी उनका फिगर मुझे मोहित करने लगा था क्युकी उनकी कमर मुझे खुली दिख रही थी और कमर पे कला टिल आह मई बता नहीं सकता कितना जान लेवा दृश्य था ae...mai अपने आप उनके बीएड के तरफ चला जा रहा था और उनके ऐसे लबे बाल देख कर तो मेरा लुंड फुदक ने लगा था मई बीएड के पास जेक उनके लबे बल्लो को जो साइड मई पड़े थे उन्हें हाथो से छुए आह क्या बाल है एकदम सिल्की आठ मजा आ ाज्ये इसमें लुंड गुमने का मई उनके काळा लम्बे बालो को हाथ से पकड़ा और स्मेल करने लगा..

राज- (मन) आठ क्या बाल है माँ के क्या खुसबू आ रही मई अब तक मैंने जितने भी लोगो के बाल की खुसबू ली थी उसे भी बेहतर खुसबू मैंने कही नहीं देखि थी और ऐसे सिल्की लम्बे बालो को देख कर मुझे रहा नहीं गया तो मई आगे कुछ करता उसे पहले माँ ने नींद मई करवट बदली तो मई उनके हिलते hi होसे मई आ गया और धीरे से दूर बांध करके वापस चला गया होने रूम मई..

मई रूम मई एके दूर बांध करके बीएड पर बेथ गया और सोचने लगा ऐ क्या था मई क्या कर रहा था वो तो मेरी माँ है फिर भी मई उनके साथ ऐसा कैसे कर सकता हु लेकिन उनको देख कर मुझे क्या हो गया था मुझे ऐसा नहीं करना चाइये था यदि वो जाग जाती तो क्या सोचती मेरे बारे मई मई अपने आप को कोस रहा था की .

फ्लैशबैक aasram(raj की याद मई)

तभी मुझे गुरुमा की एक बात याद आ गयी उन्होंने मुझे कहा था की ऐसे कई दिन आएंगे तुम्हे अपने hi परिवाल वालो क साथ सेक्स और प्यार दोनों करना होंगे उसे तुम्हे ताकत भी मिलेंगी और सबका साथ भी milengaa.phir मैंने पूछा.

राज- की ताकत मतलब किसी ..

गुरुमा- ताकत मतलब प्यार की ताकत इसके आगे सरीर की ताकत का कोई मॉल नहीं है.

राज- ऐ बात तो समाज मई आ गयी लेकिन प्यार की ताकत पाने के लिए परिवार के साथ सेक्स करना जरुरी है.

गुरुमा- देखो पहली बात की तुम्हे जिस फार्मूला दिया हुवा है और यहाँ की आयुर्वेदिक कड़ा दिया है उसे तुम्हारे अंदर सेक्स की इच्छा बढ़ाता रहेंगे तुमको बस सेक्स मई जयादा इंट्रेस रहेगा और यदि तुम सेक्स नहीं करते टाइम टाइम पे तो तुम्हारा गुसा बढ़ा जाएंगे और उसे तुम अपना कंट्रोल खो देंगे ऐ चीजे तुम्हे बर्बाद कर सकती है इस लिए तुम को कोई एक औरत ठंडा नहीं कर सकती वो 1 या 2 औरत की बस की बात नहीं है इस लिए तुम्हे कई औरत का लाइफ मई होना जरुरी है उसे भी अछि एक बात क्या है पता है यदि तुम्हरे खून के रिश्ते की ोरात से तुम सेक्स करते हो तो उसे तुम्हे कई दिनों तक सेक्स ना भी करो तो तुम्हारा गुसा बढ़ेगा नहीं समाज गए तुम इस लिए मई परिवार वालो से सेक्स करने का ागह्रह कर रही हु..

2 दूसरी बात की इसे तुम्हे फायदा ऐ होंगे की तुम सेक्स संबंध से अपने परिवार वालो का प्यार और बढ़ जाएंगे वो तुम्हे समय रहते धीरे धीरे पता चल जाएंगे..

राज- ओह्ह इतनी बड़ी बात है और मुझे अब्ब तक ऐसा हुवा क्यों नहीं है मेरे इतने साल की उम्र मई मुझे अब तक एक भी बार गुसा नहीं आया..

गुरुमा- क्यों तुम को ऐ सब 18 साल के बाद सुरु हुवा है और तुम्हारे गुरु ने तुम्हे कहा था न की तुम्हारा कोई खून के रिश्ते वाले से तुम्हारा सेक्स हुवा है लेकिन तुम्हे पता नहीं तो ये वजह भी हो सकती है की तुम्हारी ुमार 18 साल से जयादा होने के बावजूद तुम्हे ऐसा हुवा नहीं hai..iska कारन भी यही होंगे ..

राज- हां ऐसा hi हुवा होऊँगा लेकिन अब्ब तक मैंने जितनी भी औरत या लड़की से सेक्स किया है उनसे तो मेरा कोई रिस्ता नहीं है दूर दूर तक..

गुरुमा- सायद होंगे लेकिन तुम्हे पता नहीं होंगे की वो तुम्हारा कोण है तुम उसकी चिंता मत करो तुम्हे धीरे धीरे सब समाज आ जाएंगे..

राज- और एक बात गुरुमा क्या मुझे अपने परिवार मई से किस किस के साथ सेक्स करना होंगे..

गुरुमा- तुम्हे चची मम्मी बहन माँ दादी सब के साथ सम्बन्ध बनाना पड़ेगा बुवा भी तुम्हारी इसे उन्हें भी फायदा होंगे hi क्यों की जिनको भी अभी तक अपना वारिस नहीं मिला वो भी मिल सकता है उन्हें..

राज- हां लेकिन माँ के साथ मई कैसे कर सकता हु..

गुरुमा- सबसे ज्यादा तो तुम्हे अपने माँ का प्यार किये और बहन का क्यों की तुम्हारा और उनका बलौद ग्रुप शामे hi hai.to उसे तुम्हे जायद फायदा भी होंगे और तुम्हारी बहन तो वैसे भी तुमको प्यार करती है तुमने मुझे बताया था न तो उसकी तो कोई दिक्कत नहीं और तुम्हारी माँ वो भी एक औरत है और कब तक वो सेक्स क बिना रह payengi..use भी तो शारीरिक सुख चाइये hi तो क्यों न गर की बात गर मई hi रहे ..तुम से अच्छा विकल्प hi क्या है उसके पास ..

राज- लेकिन वो क्यों सेक्स क बिना तड़पेगी क्या मेरे पापा से सेक्स नहीं करती होंगी वो..

गुरुमा- इसका जवाब भी है मेरे पास देखो मई तुम्हे एक बात बताती हु तुम्हारे जन्म के बाद तुम्हारे पापा ने कभी तुम्हारी माँ के साथ सेक्स नहीं किया .

राज- लेकिन ऐसा क्यों और आपको कैसे पता..

गुरुमा- तो देखो तुम्हारे पापा तो यहाँ एते रहते है कई बार एक दिन मैंने तुम्हारे पापा और गुरु राग्वेंद्र की बात सुनी थी वो कह रहे थे गुरु से की उनको अब सेक्स की इच्छा नहीं होती है और नहीं उनको वो सब करने मई मजा आता hi और वो उनका अब जयादा खड़ा भी नहीं होता तो वो गुरु जी से इसके लिए कोई दवा मांग रहे थे .

राज- तो क्या कहा गुरु जी ने उन्हें..

गुरुमा- तुम्हारे गुरु ने कहा की ऐसी दवा तो होती hi नहीं की मनुष्य की सेक्स इच्छा जागृत कर सके और अब इनकी उम्र के पहले hi इनके नडकोषो जागृत होना बांध हो गए थे तो इसका कोई उपाय नहीं था तो गुरूजी ने उन्हें इतना hi कहा की तुम्हे अब सेक्स की कोई जरुरत तो है नहीं फिर तुम कई उसकी दवा करवाना कहते ho..to तुम्हारे पिता ने कहा की मेरी इच्छा तो वैसे भी मर गयी है सेक्स क part जब से राज हुवा है मुझे इच्छा hi नहीं होती लेकिन मेरी पत्नी को बहुत इच्छा होती है अब मई उसको ऐसे खुश नहीं रख पाउँगा तो उसके लिए मुझे चाइये इसका इलाज..

राज- तो फिर क्या पापा का इलाज नहीं था तो इतने साल कैसे निकले माँ ने..

गुरुमा- क्यों की तुम्हारे पा अपने हाथो से तुम्हारी माँ को शांत करते है लेकिन फिर भी एक औरत पैसि रह hi जाती है बिना हतियार के समाज गए न मई क्या कहना छाती हु..

राज- तो क्या माँ की इच्छा नहीं होती होंगी की पापा से जगदा नहीं होता होंगे इस बात का..

गुरुमा- उन्दोनो का प्रेम hi इतना है की इस बात को तुम्हारी माँ कभी घुसे मई भी नहीं आती तुम्हारे पापा पर लेकिन अंदर hi अंदर वो गट गट के जी रही होंगी ..लेकिन बता नहीं पति तुम्हरे पापा को क्यों की उनको दुःख ना हो..

राज- तो क्या उनको इतनी जयादा तकलीफ है उसका कोई सलूशन नहीं है.

गुरुमा- है न तुम उनका परमेन्ट सलूशन लेकिन उसके लिए तुम्हे खुद पहल करनी होंगी बाकि सब अपने आप होंगे लेकिन कभी तुंहारी माँ खुद पहल नहीं करेंगी जो भी करना है तुम्हे hi करना है समाज गए अबाब .

राज- हां अब मई कोशिश करूँगा यदि मेरे प्यार से उनके जीवन को ख़ुशी मिलेंगी तो मई उनके लिए इतना तो जरूर करूँगा..

बैक तो प्रेसन्ट..

जैसे hi पेरसेंट मई आया मेरा सारा गुसा छू हो गया मेरी आत्मा गलयानी भी चली गयी की ऐसा हुवा क्यों की ऐ तो अच्छा हुवा की माँ को देख कर मुझे इच्छा हुयी अब मुझे माँ को खुश करने के लिए अब से म्हणत करनी स्टर्ट कर देनी चाइये जिसे मई जल्द से जल्द उनको अपना प्यार देके खुश कर सकू..

वैसे देखा जाय तो मेरी माँ सबसे सुन्दर ोरता है उनकी सुंदरता का मुकाबला कोई नहीं कर सकता मई तो नसीब वाला होंगे जो मुझे उनके जैसी सुनदर स्त्री को प्यार करने को मिले लेकिन ऐ रास्ता बहुत कठिन honga.koi बात नहीं देखा जाएंगे जो भी होंगे.

मई यही सब सोच hi रहा था की छोटू मेरे रूम मई आया उसने कहा

छोटू- भइया माँ आपको बुला रही है निचे..

राज- क्या मुझे लेकिन क्यों..

छोटू - पता है मई पानी पिने निचे गया था तो उन्होंने मुझे कहा की राज को बुला लाओ..

राज- अच्छा तुम भी चलो निचे मई आ रहा हु..

फिर मई निचे गया तो माँ मुझे देख कर boli..wo वह तैयार होक बैठी थी..

माँ- अरे बीटा तू कब आया .गर.

राज- जब आप सो रही थी तब आया था माँ मई तो आपको सोता देख जगाया नहीं था मैंने..

mom-(man) क्या राज मेरे रूम मई एके देखा था मुझे सोते हुए मई तो वह कैसे पटकते और ब्लाऊज़ मई सो गयी थी कही उसने देख लिया हींग तो क्या सोचता होंगे मेरे बारे मई मई भी न अपना दूर बांध किये बिना कैसे सो सकती हु..

राज- क्या हुवा माँ कुछ काम था क्या आपको..

माँ- हां काम था इसी लिए तो पूछा बीटा एते वकुट यदि मुझे कॉल किया होता तो गर का समन लाना था बाजार से..

राज- ओह्ह तो अप्प ने मुझे पहिने किया होता तो मई ले आता .

माँ- कोई बात नहीं मई भी काम मई भूल hi गयी थी लेकिन अब तू फ्री है तो चल मेरे साथ हम दोनों जेक आते hai..bajar ..

raj(man)- हां चला जाता हु माँ के साथ इसे उनके नजदीक रहने का मौका मिलेंगे और मई उनको और करब जा पाउँगा..

माँ- क्या हुवा तुम्हे कुछ काम hai..kya

राज- अपनी खालो से भर आके नहीं nahi...mom मई आ रहा हु न इसी बहाने आपकी हेल्प भी हो जाएँगी..

माँ- तो फिर चल फिर..

भाई लोग अब आएंगे कहनी मई मजा क्यों की अब्ब एक साथ कई तरह से राज की पूरी लाइफ धीरे धीरे चेंज होने वाली है...

 
अपडेट-70

माँ- कोई बात नहीं मई भी काम मई भूल hi गयी थी लेकिन अब तू फ्री है तो चल मेरे साथ हम दोनों जेक आते hai..bajar ..

raj(man)- हां चला जाता हु माँ के साथ इसे उनके नजदीक रहने का मौका मिलेंगे और मई उनको और करब जा पाउँगा..

माँ- क्या हुवा तुम्हे कुछ काम hai..kya

राज- अपनी खालो से भर आके नहीं nahi...mom मई आ रहा हु न इसी बहाने आपकी हेल्प भी हो जाएँगी..

माँ- तो फिर चल फिर.


☆स्टार्ट☆

माँ ने मुझे जैसे hi बोलै की चल मेरे साथ साथ मई छोटू खड़ा था मई उसको बोलै ..

राज- छोटू जा आराम कर मई जेक आता hu..bajar नहीं तो यहाँ बेथ कर टीवी देख जा ..

माँ- और हां निशा और संजू उठे तो बीटा उनको बता देना की मई बाजार गयी हु सब्जी और बाकि सामान लेने तो उनको बोल देना की आने मई थोड़ा लेट होंगे तो खाना बनादे वो दोनों मिल कर..

छोटू- हां माँ आप जाइये मई बता दूंगा उनको..

फिर मई और माँ गर की बहार ए तो मई बोलै..

राज- आप रुकिए इधर माँ मई बाइक लेके आता हु ..

माँ- बीटा बाइक क्यों कार ले ले ..

राज- नहीं माँ वह अभी शाम के 6 बजे है तरफ़ीक़ ज्यादा होंगे तो कार से जाने मई दिकत होंगी..

माँ- हां ऐ बात सही कहा तूने जा बाइक ले आ बीटा..

मई माँ को खड़ा करके बाइक लेने गया मैंने जान बुज कर ख़त्म बाइक लेने का बोलै क्यों की उनको इस बाइक पर मुझसे चिपक कर बैठना पड़ेंगे और अभी उन्होंने साड़ी पहनी हुयी thi..mai बाइक निकला और लेकर माँ क पास gaya..mom बाइक देख कर बोली..

माँ- अरे ऐ बाइक पे कैसे बेतहु mai..saree मई इसकी सहित भी कितनी ऊंची है..

राज- अरे माँ बेथ भी जाओ उसमे क्या है सां है बैठना आप बेठिते तो सही पहले..

माँ- अच्छा चल बेथ जाती हु..

माँ ने मेरा कन्धा पकड़ा और एक पेअर पे वजन देकर साइड हो कर बेथ gayi..or एक हाथ मेरे कंधे से पकड़ कर रखा था..

माँ- ये बाइक मई तो पकड़ना भी नहीं है तू भी न कोई दूसरा बाइक नहीं ले सकता था..

राज- अरे माँ आप मुझे पकड़ के बैठिये ना अमीने उनका हाथ पकड़ा और मेरे कंज पे रखा और बोलै यहाँ पकड़ो आप मुझे..

माँ- हंस कर अच्छा चल अब जाने दे..

मैंने बाइक स्टार्ट किया और जाने दिया और माँ का हाथ कितना सॉफ्ट था सही मई उनके सिर्फ हाथ के सपर्श से hi मेरा लुंड खड़ा होने लगा था सही मई सबसे अलग hi फिलिंग होती है माँ का टच मई अब तक सिर्फ इनसेट स्टोरी मई पढ़ा था लेकिन आज जब फील किया तब पता चला की कितना मजा है उसमे..

मई बाइक थोड़ा तेज किया तो माँ बोली..

माँ- अरे बीटा धीरे चला कही मई गिर न जावु मुझे दर लगता है..

राज- अरे कुछ नहीं होंगे माँ आप न बहुत दिनों बाद बाइक पे बैठी नहीं न इस लिए आपको ऐसा लग रहा hai..aap पापा के साथ बाइक पे क्यों नहीं जाती गुमने..

माँ- तुम्हारे पापा को अपने काम से फुर्सत मिले तब मुझे कही ले जायेंगे ना पता है तुम्हे एक बार सिर्फ हम गुमने गए थे फिर उसके बाद मुझे कही ले hi नहीं गए कही जब भी बोलती हु कहते है काम है बस हर वकुट काम काम करते रहते है..

राज- तो आप शॉपिंग करने किसके साथ जाती हो..

माँ- मुझे कोण ले जाएंगे वो जब भी जाना होता है तो कारन की माँ क साथ उनकी कार से जाती हु मुझे तो कार आती नहीं तो फिर किस्मे jaaun..mai..

राज- ाचा और सब्जी लेने किसके साथ जाती हो माँ..

माँ- वो कभी निशा ले आती है तो कभी तुम्हारे पापा ले आते है और कभी मई शॉपिंग पे जाओ तो ले आती हु ..

राज- अच्छा अब्ब से जब भी आपको शॉपिंग करने और सब्जी लेने जाना हो तो आप सिर्फ मुझे कहना मई आपको ले जाऊंगा ..

माँ- आज तुम्हे मुज पर जयादा hi प्यार आ रहा है क्या बात hai.haa हां

राज- कुछ नहीं माँ बस अब मैंने सोच लिया है की अबसे आपको कोई भी तकलीफ न रहे बस आपके जीवन मई हमेशा खुसिया hi रहे बस इस लिए और हां प्यार तो आपको मई पहले से hi करता हु तो उसमे ज्यादा काम थोड़ी होता है..

माँ- अच्छा मेरा बीटा जब से आया है कुछ बदला बदल सा लग रहा है ..

राज- हां माँ अब आपका राज बड़ा हो गया है उसे उसकी जिम्मेदारी उठाना चाइये ना क्यों सही कहा न मैंने..

माँ- हां सही कहा

राज- तो बातो आप मुझे बोलूंगी न जब भी आपको शॉपिंग करने या कही और जाना हो तब सिर्फ आप मुझे कहेंगी या मई गर पर न भी हु तो मुझे कॉल कर देना मई जहा भी हूँगा आपके लिए टाइम निकल के आ जाऊंगा..

माँ- अच्छा बाबा अब से तुम्हे hi ले jaungi..baap को तो टाइम है नहीं अब्ब बीटा बोल रहा है सामने से इतना प्यार से तो मन थोड़ी करुँगी.

ऐसे हम बाटे करते जा रहे थे तो मैंने स्पीड बब्रेकर देखा सामने था हमारे तो मुझे िद्या आया तो मैंने जान बुज कर शॉट ब्रेक मरी थोड़ी तो माँ पीछे से मेरी पीठ पर वजन आ गया और उनके बूब्स मेरी पीठ पर चूब रहे थे और मई इसका एहसास ले रहा था तो माँ बोली..

माँ- अरे क्या हुवा बीटा इतनी जोर से ब्रेक लगाया थोड़ा संभल कर..

राज- अरे कुछ नहीं माँ वो स्पीड ब्रेकर आ गया था इस लिए ब्रेक मरी थी ..

फिर माँ ऐसे hi चिपक कर बैठी रही और मई उनके बूब्स का पीठ पे एहसास पके मेरा लुंड पेण्ट मई hi खड़ा हो गया thaa..ab हम मार्किट पोहच गए तो वह एक साइड बाइक पार्क किया साला यहाँ तो बहुत भीड़ है और सब्जी लेने के लिए तो ज्यादा भीड़ थी यहाँ भीड़ को देख कर मई खुश हो गया क्यों की मेरा दिमाग चुदाई क नुस्खे ठुंडने मई तो माहिर hai..to मैंने सोच लिया की मई माँ के पीछे चिपक कर hi उनकी बड़ी गोल गांड का मजा ले सकता हु और उनको एहसास तो करवाना पड़ेगा मेरे लुंड का तभी तो उन्हें पता चलेंगे की मई अब्ब बड़ा हो गया हु और मैंने अब मन से उनको गरम करने की थान ली थी तो इसकी शरुवात क्यों न यहाँ से की जाय..

माँ- चल क्या सोच रहा है..

राज- हां चलो माँ लेकिन तुम इतनी भीड़ मई कैसे आती हो अकेली..

माँ- क्या करू बीटा मई तो कभी कभी hi आती हु लेकिन यहाँ सबसे ाची सब्जी मिलती है तो यहाँ से hi लेती हु सब्जी ईसिस लिए तो जायदा भीड़ है.

राज- अच्छा मेरी माँ लेकिन अब से आप मुझे लेके आना यहाँ मई आपके साथ hi आऊंगा अब से यहाँ आपको सामान उचकने मई भी हेल्प होंगी और कोई परेशानी भी नहीं होंगी इतनी भीड़ मई चलो आप मेरे आगे आगे चलिए मई आपके पीछे पीछे आता हु .

माँ- मेरे गाल पे हाथ रख कर अज्ज तुजे अपनी माँ पे खुश जयादा hi प्यार आ रहा है चल अब्ब..

मार्किट कुछ इस तरह था की दोनों साइड सब्जी की लारिया थी और बीच मई सिर्फ 2 से 3 लोग जा सके इतनी जगह थी काफी काम जगह होने के कारन वह भीड़ जयादा रहती थी और ऐ सब्जी की लारिया करीब 500 मटर तक लम्बी होंगी उतना लम्बा मार्किट था वह फिर भी हर शाम को इतनी भीड़ रहती hi थी तो मई अब माँ के पीछे पीछे चलने लगा और हम अब सब्जी की पहली लारी के पास पोहच गए थे.

माँ- यहाँ तो काफी भीड़ है चलो अंदर चल कर देख ते है .

राज - हां माँ बीच मई सायद कोई लारी पे भीड़ न हो तो वह से ले लेते है सब्जी .chalo..aap आगे आगे चलो मई आपके पीछे hi हु..

अब्ब उसकी माँ को तो यहाँ का अनुभव है क्यों की यहाँ मर्द कई बार इतनी भीड़ का फायदा उठा क किसी के गांड पे हाथ या अपना लुंड जिस देते थे एक से दो बार तो उनके साथ भी ऐसा हुवा है 2 से 3 लोगो ने इनकी बड़ी गांड पे हाथ टच करके महसूस किया था इस लिए वो काफी सतर्क रहती थी यहाँ लेकिन आज जब राज ने कहा उनसे की आप आगे रहो मई आपके पीछे चल ता हु तो उनको थोड़ा दर काम हुवा क्यों की राज उनके पीछे होंगे तो कोई उनका फायदा नहीं उठा sakenga..yahi सब सोच कर वो आगे चल कर राज उनके पीछे ले कर मार्किट के अंदर भीड़ मई जाने लगी तो जयादा भीड़ होने के कारन वो धीमा धीमा कदम रख रही थी जगह कर कर के.

राज- ( मन) हां अब सही मौका है भीड़ भी ज्यादा है अब मई उनकी थोड़ा सात कर चल सकता हु और रुके तब उनकी बड़ी गांड पे अपना लोढ़ा महसूस करवाऊंगा और मई भी मजा लूंगा देखु तो सही माँ का रिएक्शन क्या होता hai..aisa सोच रहा था की माँ एक डैम रुक गयी आगे चलने मेवों जगह ढूंढ रही थी तो मई पीछे आ रहा था मेरा ध्यान सोच मई था और उनकी गांड पे मटक मटक कर जा रही थी तो.

☆माँ की गांड बिलकुल ऐसी लग रही थी साड़ी मई और उन्होंने अपने हेयर को बन स्टील मई बंधा था और एकदम ऐसा hi फिगर था उनका पीछे से ☆


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मई अब्ब उनकी गांड देखकर hi जायदा एक्साइट हो गया था तो मैंने पहला कदम उठाया उनका रिएक्शन देखने तो मई जैसे hi उनकी गांड एकदम उनके रुकने से हिलना बंद हुयी मई जान बूज कर बिलकुल उनसे चिपका कर खड़ा हो गया तो मेरा लुंड उनकी गांड का एहसास से hi जटके मरने लगा मई सब्दो मई बता नहीं सकता कितनी सॉफ्ट गांड थी उनकी फिर मई बोलै .

राज- माँ आप रुक क्यों गयी..

माँ- बीटा वो आगे जाने क लिए जगह नहीं है थोड़ी देर रुक फिर चलते है.

राज- अच्छा कोई बात नहीं और मई जान बुज कर थोड़ा दबाव बढ़ाया उनकी गांड पे तो माँ एकदम थोड़ा पीछे मूड कर देखा लेकिन मुझे देख कर कुछ बोली नहीं और स्माइल करके आगे देखने लगी..

मई जब वो पीछे देखा तब जान बुज कर कही और देख रहा था और तिरछी नजर से देखा उनकी स्माइल देख कर मेरी हिमत बढ़ी .

mom(man)- ऐ यहाँ इतनी भीड़ क्यों है आज और राज भी मुझे एकदम चिपक के खड़ा है तो उसका हथीरा भी मेरी गांड पे दबाव बना रहा है कैसे कहु उसे मई की बीटा थोड़ा दूर खड़ा रह यहाँ भीड़ भी इतनी है की वो जायदा पीछे भी नहीं खड़ा हो sakta..lekin मुझे ऐसा लग रहा है जैसे कोई गरम लोहा चुभ रहा है मेरे पीछे क्या राज का इतना बड़ा हो गया है.. पीहर न जाने उनके मन मई क्या आया तो उन्होंने अपने आप को बोलै ऐ मई क्या सोच रही हु वो मेरा बीटा है मई भी naa..hay लेकिन क्या करू देखो तो उसका वो कैसे जटके मर रहा है..

करीब 2 मिनिट ऐसे खड़ी रही और उतने मई किसे ने पीछे से ढका मारा राज को तो वो एकदम से उसकी माँ की कमर पे हाथ रख कर अपने आप को गुरते हुए बचा लिया लेकिन उसकी माँ की गांड पे जोर से उसका लुंड टकरा गया तो उसकी माँ के मुँह से हल्का

माँ- आह्हः..

राज- मैंने माँ की हलकी अहह सुन ली तो मई बोलै क्या हुवा माँ.

माँ- कुछ नहीं बीटा वो तुम्हारा वजन मेरे पे आ गया न इस लिए तुजे क्या हुवा था जो मेरे पे वजन जायदा आ गया तू .

राज- वो माँ किसी ने ढका लगा दिया था .

अब्ब भी मेरा हाथ माँ की नागि कमर पे था ..मई बता नहीं सकता कितना मस्त एहसास था साला अब तक जितनी भी चूड़ी है उनमे सबसे बेस्ट कमर थी inki..kasam से कितनी परफेक्ट साइज..

mom(man)- ऐ आज मुझे ऐसा क्यों हो रहा है और राज ने तो मेरी कमर पे हाथ रखा है अहह कितना गरम हाथ है उसका और पीछे उसका वो कैसे जतका मर रहा है कितना बड़ा है उसका हैयय अज्ज मेरा पानी निकल जायेगा कितने सालो बाद उसका एहसास हो रहा है ..मई भी ये क्या सोच रही हु वो मेरा बीटा hai..ae मेरा मन क्यों बार बार उस तरफ जा रहा है क्या करू ..हां वह जगह है वह से जाती हु..

माँ- चल बीटा वह जगह है वह से चलते है..

राज- हां माँ chalo..ab मैंने अपना हाथ हटा लिया और हम वह से थोड़ी सी जगह से माँ निकल गयी और हम अब्ब थोड़ी का. भीड़ मई थे फिर भी मई उनको सात कर hi चल रहा था कभी कभी उनकी गांड पे हल्का हाथ गुमा लेता मई

mom(man)- ऐ राज भी कहा कहा हाथ रख देता है लगता है इसका भी मेरी देख कर hi खड़ा हो गया क्या वो मेरे बारे मई ऐसा सोचता होंगे..

mom(man)- नहीं नहीं वो मेरा अच्छा बीटा है वो कैसे ऐसे सोच सकता है वो तो ऐसे hi हो गया होंगे..

फिर माँ एक लारी पे रुकी वह तजि सब्जिया थी तो माँ बोली

माँ- बीटा वह तजि तजि सब्जिया लग रही है लेकिन भीड़ भी जयादा है..

राज- मई हु न माँ आप चलिए मई जगह बना देता हु

फिर मई माँ को लेकर वह गया तो मई माँ को बोलै .

राज- माँ एक मिनिट अप्प यहाँ रुकिए मई जैसे hi जगह बनाऊ आपा आजाना .

माँ- अच्छा जा तू मई आ जाउंगी

मई उस लारी पे जायदा भीड़ थी तो मैंने एक आदमी को थोड़ा ढका देकर वह गोउस कर जगह बना दी और उसने सब्जी ले ली थी तो वो जैसे hi जाने को हुवा मैंने माँ बाजु मई थी तो उनको बोलै.

राज- माँ जल्दी आजाओ अप्प .

माँ जल्दी से आयी और वह से मई हैट कर उनके पीछे कहड़ा हो गया लेकिन थोड़ा दूर और वो वह सब्जी देखने lagi..or मई उनकी गांड hi देख रहा था की कोई उनके बाजु मई एके उनके पीछे आके उनकी गांड को टच करके खड़ा हो गया ये देख कर मुझे गुसा आया लेकिन मई देखना छठा था की माँ का रेक्शन क्या होता है इस लिए मई बोलै है..

माँ को थोड़ी hi देर मई एहसास हुवा उस आदमी का दबाव अपने ऊपर तो उन्होंने पीछे मूड कर देखा तो कोई दूसरे आदमी को देख कर बोली..

माँ- ऐ भाई जरा दूर खड़े रहो...

और मुझे देख कर बोली..

माँ- ये राज इतना दूर क्यों खड़ा है यहाँ मेरे पीछे खड़ा रह न अभी तो बोल रहा था की मई आपकी हेल्प करूँगा तो क्या सब्जी खरीदने मई हेल्प नहीं करंगे यहाँ aa.mere पीछे खड़ा रह..

राज- मई समज गया था की माँ क्यों ऐसा बोल रही है क्यों की उस आदमी का एहसास उन्हें हो गया था मई ने उस आदमी को बोलते हुए सुन लिया था जब माँ ने उसे पीछे हटने को कहा था तब इस लिए मई उनके पीछे सात कर खड़ा हो गया ..एक बार माँ ने ोीचे मूड कर देखा और फिर बोली..

माँ- बीटा तुजे कोनसी सब्जी अछि लगती है बोल वो ले लती हु मई बता..

राज- मई उनको और पीछे सात कर उनके कंधे पे हाथ रखा कर बोलै माँ ये भिंडी ाची है आप वो ले lo..wo जायदा ाची लगती है..

माँ- हां ये ले लेती हु और वो थोड़ा जुक कर भिंडी लेने लगी तो

तो मैंने उनके कंधे से हाथ हटा लिया लेकिन मेरे लुंड पे उनके जुलने से उनकी गांड का उभर मेरे लुंड पे दबाव मेहसु करके मई पागल हो रहा था यहाँ मेरा लुंड जोर जोर से उनकी गांड पे जटके मर रहा thaa..unko भी इसका एहसास हो गया था क्यों की उन्होंने कन्फर्म करने के लिए एक बार जूक हुए hi पीछे मूड कर देखा लेकिन सिर्फ स्माइल करके वो अपना काम करने लगी..

raj(man) - लगता है मेरे लुंड का एहसास माँ को मालूम चल रहा है तभी उन्होंने पीछे मोम्मद कर देखा और सिमले क्यों किया लेकिन उन्होंने क्या उनको अच्छा लगा मेरे ऐसे चिपकने se..nahi नहीं ऐसा नहीं होंगे कही उन्हें ऐसा लगा होंगे की कोई दूसरा आदमी होंगे इस लिए पीछे मोड़ कर देखा होंगे लेकिन मुझे देख कर स्माइल करके अपना काम करने लगी. हां बिलकुल ऐसा hi हुवा होंगे...

mom(man)- भिंडी लेते हुए मन मई बोल रही थी ऐ आज मेरी छूट मई खुजि क्यों हो रही है और मुझे अच्छा क्यों लग रहा है ये राज का एहसास पके ये मुझे आज क्या हो रहा hai..lekin मई क्या करू उसे पीछे भी नहीं हटा सकती नहीं तो यहाँ टर्की यो की कमी नहीं है कोई भी एके अपना हाथ साफ़ कर लेंगे उसे ाचा तो मेरा बीटा खड़ा रहे यही अच्छा है लेकिन ये पानी क्यों बह रहा है मेरी छूट से उसके सिर्फ पीछे एहसास पके hi मेरी छूट का पानी निकल रहा hai..haay मई क्या karu...jaldi जल्दी सब्जी लेके निकलते है यहाँ se..nahi तो पूरी पैंटी गीली हो जाएँगी आज..

फिर माँ जल्दी जल्दी से सब्जी लेकर सीधी हुयी और यहाँ उनका विरोध न देख कर मेरा हौसला बढ़ रहा था तो मई थोड़ा और दबाव बनके खड़ा हो गया ..

mom(man)- ऐ मेरे पीछे बार बार दबाव क्यों महसूस होता है क्या सच मई राज मेरे बारे मई ऐसा सोचता है नहीं नहीं ऐसा नहीं होंगे वो सब्जी देख रहा होंगे..

राज- माँ ये वाली भी सब्जी ले लियो अप्प..

माँ- हां मेरे बेटे ले लेती हु..

फिर माँ खड़े खड़े hi सब्जी लेने लगी क्यों की वो सब्जी वह पास मई hi राखी हुयी थी तो वो कड़े खड़े एक एक करके बॉउल मई रख रही थी..

मेरी नजर साइड मई गयी उनके बड़े बूब्स देख कर मेरा लुंड ने एक जोरदार जतका खाया उनकी गांड पे और मई उनके बूब्स को टच करने के लिए बहाना बनाया और माँ को बोलै.

राज- माँ क्या मई भी मदद करू आपकी .

माँ- हां कर तभी लेकिन यहाँ जगह नहीं तू कैसे मेरी मदद करंगा .

राज- मुझे जगह की जरुरत नहीं मई उनके बूब्स के बाजु मई से थोड़ी जगह थी वह से हाथ निकल के एक हाथ माँ के कंधे पे रख कर ोीचे से और सात कर खड़ा होकर मई बोलै माँ यहाँ देखो मेरा हाथ यहाँ से मदद करता हु न आपकी..

माँ- कहा बीटा कहा से..

राज- आपके साइड मई देखो मेरा हाथ और मई आपके पीछे खड़े होकर सब्जी देख पा रहा हु क्यों की मेरी हिघ्त आपसे बड़ी hai..to..

माँ- मेरा हाथ देख कर ओह्ह अच्छा तो चल मेरी मदद कर लेकिन अचे अचे hi टमाटर लेना .

राज- जी माँ और मई उनके एक कंधे पे हाथ का दबाव रखते हुए उनके दूसरे कंधे पे अपना सर रख कर टमाटर देखते हुए लेने लगा और जैसे hi मई टमाटर उठा के थोड़ा हाथ ऊंचा करता तो मेरा हाथ जान बुज कर उनके बूब्स पर टच हो रहा था साला क्या एहसास था ..और ोीचे से तो मई बिलकुल सात कर खड़ा था और अपना लुंड ऊँचे निचे होते हुए उनकी गांड पर रगड़ रहा था .तो न कहते होते भी माँ की इतने सोर शारबे मई हलकी सिसकी निकल गयी..

माँ- शाह ahhh..(man) ये राज भी न इतना हिल क्यों रहा है पीछे से जैसे ऐसा लग रहा है उसका वो मेरे पीछे रगड़ रहा hai...ahh लग रहा है कितना बड़ा है उसका इतना बड़ा कैसे हो सकता है उसका अभी तो वो सिर्फ उम्र मई कितना छोटा है क्या सच मई उसका इतना बड़ा honga..are ये मई क्यों बार बार ऐसा सोचती हु..

राज- (मन) ऐ माँ का ध्यान कहा है वो क्या सोच रही है यहाँ तो टोकर भी बार गया फिर भी वो अंदर दल hi जा रही है टमाटर..

राज- मई बोलै माँ क्या हुवा टोकर तो भर गया है आप कहा खोयी हुयी हो...

माँ- एक दम मेरी आवाज सुनके अपने खेलो से बहार एके .हहह बीटा .वोऊ मई दूसरी सब्जी के बारे मई सोच रही थी..

राज- मई उनको इतना हकलते हुए देखा तो कन्फर्म हो गया की ये मेरे लुंड के बारे मई hi सोच रही थी लेकिन वो मुझे बोली कुछ नहीं थी आज तो मेरा प्लान कामयाब रहा आज का .अब्ब्बास बहुत हो गया आज का अब्ब नेक्स्ट टाइम कभी अब बहुत करूँगा तो उनको सक न हो जाए क मई जान बुज कर कर रहा हु..

माँ मेरी आवाज सुन कर फिर जल्दी से अपनी सब सब्जिया लेली फिर हमदोनो जल्दी से बहार निकल गए दूसरी चीजे leker.ir बाइक के पास आ गए हमें आज सब्जी लेने मई काफी टाइम लगा दिया था अंदर भी गण हो गया था क्यों की 7 बज गए थे .शाम के..

माँ- अंदर तो गण हो गया है बीटा कितना बजे है.

राज- माँ 7 बज गए है..

माँ- क्या 7 बज गए इतना टाइम निकल गया चल अब्ब गर चल बाकि का सामान कल ले लेंगे..

राज- अभी किया लेना है माँ..

माँ- लेना तो बहुत कुछ है बीटा लेकिन अब जायदा टाइम हो गया है कल मई ले आउंगी न बीटा.

राज- अच्छा कोई बात नहीं कल भी मई ाओको लेके जाऊंगा कल मई सोल्लगे से औ फिर हम जायँगे ok .

माँ- स्माइल करके ok बीटा चल तुजे लेकर hi जाउंगी वैसे सामान बहुत लेना है गर का .

राज- अच्छा ाईक एक बैग मुझे दो मई आगे रख देता हु और ऐ दो बैग आप पकड़ के बेथ जाइये ..

माँ- ले ऐ बैग बड़ी है तू आगे रख दे और ऐ मई पकड़ कर बेथ जाती हु..

फिर हम निकल पड़े और गर पोहचे तो आगे सब हॉल मई बैठे थे हम भी वह सोफे पे बेथ गए...
 
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