Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen) - SexBaba
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Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen)

hotaks

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Dec 5, 2013
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भाई बेहेन के सच्चे प्यार की अनकही दास्ताँ.....
 
इंट्रोडक्शन...

चरक्टेर्स....

प्रिंस की फॅमिली....

प्रिंस : हीरो.

रानी साहिबा : प्रिंस की नानी.

बेगम साहिबा : प्रिंस की दूसरी नानी.

पारी : प्रिंस की पहली बेहेन जो गुलिस्तां में रहती है.

रूही : प्रिंस की दूसरी बेहेन जो शिमला में रहती है.

रहना : रूही की माँ.

सिमी : रूही की चचेरी बेहेन.

फ़िरोज़ : सिमी का भाई.

रुखसाना : फ़िरोज़ की माँ.

अब्बास : फ़िरोज़ के डैड.

अवनि : प्रिंस की तीसरी बेहेन जो मुंबई में रहती है

प्रिंस के दोस्त....

समीर उर्फ़ सैम : प्लानिंग एक्सपर्ट.

सैर : सैम की गर्लफ्रेंड.

मैक्स : एक प्राइवेट डिटेक्टिव.

विजय : एक दिलफेंक आशिक.

शीना : प्रिंस की स्कूल फ्रेंड.

गुलिस्तां....

बंगारू बाबा.

भीमसेन : नानी का मैनेजर.

ज़ेबा : नानी की ख़ास सेक्रेटरी.

ज़रा : प्रिंस की सिक्योरिटी गार्ड और हार्डकोर फाइटर.
 
इंट्रोडक्शन

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मेरी आशिकी तुमसे hi.....

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एक बेहद hi आलिशान हवेली के सब से आलिशान रूम के बेसकीमती बीएड पे नींद में मुस्कुराता हुआ बेहद स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम प्रिंस किसी हसीं ख्वाब में खोया हुआ है..... अचानक से किसी की आवाज़ से उसकी नींद टूट टी है.... और वो अपनी ख़्वाबों की दुनिया से बहार आ जाता है.... आँख खुलते hi सामने का नज़ारा देख उसके चेहरे की मुस्कराहट हवा हो जाती है.... और उसकी जगह ले लेता है गुस्सा....

प्रिंस : अबे तू फिर से.... तुझे और कोई काम नहीं है क्या....? जो सुबह सुबह अपनी फ़ौज ले के यहाँ आ जाता है.... चले जा यहाँ से इस से पहले की मार मार के मैं तेरी हालत बिगाड़ दूँ....

प्रिंस गुस्से में जाने उसे क्या क्या सुनाये जा रहा है.... मगर भीमसेन (रानी साहिबा का ख़ास मैनेजर जिसे उन्होंने प्रिंस का ख़याल रखने के लिए अप्पोइंट किया था..... सालों से वो रानी साहिबा का हुकुम बजता आ रहा है) है की उसे प्रिंस की बात से कोई फर्क hi नहीं पद रहा है.... वो पास खड़े मुस्कुरा रहा है....

भीमसेन को यूँ हस्ते देख प्रिंस का गुस्सा और भी ज़्यादा तेज़ हो जाता है.... वो पास पड़े जग को उठता है और खींच के उसे भीमसेन को मारता है....

भीमसेन की चीख से पूरा कमरा गूँज उठता है....

Aaaaaaaaaaaaaaaggggghhhhh.....

ठीक तभी रानी साहिबा की गरजदार आवाज़ सुन के प्रिंस के साथ साथ बाकी सब की भी हालत खराब हो जाती है.....

रानी : प्रिंसीईई....

प्रिंस : आया नानी.....

भीमसेन : अब आया न लाइन पे.... पहले तो बहुत गुस्सा दिखा रहा था.... अब क्यों हवा निकल गयी.....

भीमसेन की बात सुन के प्रिंस उसे गुस्से में घूर के देखता है....

प्रिंस : लगता है तेरी खातिरदारी में कोई कमी रह गयी है.... तभी आज तेरी आवाज़ कुछ ज़्यादा hi निकल रही है....

भीमसेन : आआआआह्ह्ह्ह.... क्या कहा.... कमी रह गयी.... अबे सर फोड़ दिया और क्या बाकी रह गया है फोड़ने के लिए....

प्रिंस : अभी तो बहुत कुछ बाकी है.... बोल तो अभी तेरा काम तमाम कर देता हूँ....

भीमसेन : मेरी छोड़ और अपनी फ़िक्र कर.... वक़्त देखा है क्या हुआ है....? सुबह के 5.30 बज रहे हैं.... और अभी तक तू बीएड पे है.... अगर मैडम ने तुझे इस हाल में देख लिया तो पता है न क्या होगा....

प्रिंस : क्या कहा 5.30....?

ये कह प्रिंस फ़ौरन बाथरूम में जाता है और फ्रेश हो के ट्रैक पेहेन के जॉगिंग के लिए निकल जाता है....

करीब 2 घंटे के बाद वो जॉगिंग और एक्सरसाइज करके वापिस अपने रूम में आता है.... और नहाने के लिए अपने बाथरूम में जाने hi वाला होता है की तभी.... भीमसेन उसे रोक देता है....

भीमसेन : अबे रुक कहाँ जा रहा है....?

प्रिंस : बाथरूम में फ्रेश होने.....

भीमसेन : उसके लिए hi तो हम यहाँ आये हैं..... यार एक hi बात रोज़ रोज़ तुझे बता के मैं तो थक गया हूँ.... मगर तू है की खैर..... गर्ल्स शुरू हो जाओ... और प्रिंस को जल्दी से नेहला धुला के तैयार करो....

प्रिंस : अबे मैं कोई बच्चा हूँ क्या जो ये लडकियां मुझे तैयार करेंगी.... मैं खुद नाहा के तैयार हो जाऊँगा....

भीमसेन : जी नहीं.... मैडम का आर्डर है ये सब तुझे तैयार करेंगी....

नानी का नाम सुन के प्रिंस खामोश हो जाता है....

प्रिंस : आज फिर से मेरी इज़्ज़त नीलाम होने वाली है.... हे ऊपर वाले तेरा ये ज़ुल्म कब तक मुझपे चलता रहेगा.... कब वो दिन आएगा जब मैं इज़्ज़त से आज़ादी की सांस लूंगा....

भीमसेन : अबे तुझे तो खुश होना चाहिए.... दुनिया की सबसे हसीं लडकियां तेरी सेवा कर रही हैं.... तुझे नेहला रही हैं.... तैयार कर रही हैं और तू है की मज़े करने के बजाये ऊपर वाले को कोस रहा है.....

प्रिंस : साले जब तुझे कोई लड़की नंगा करेगी न तब पता चलेगा की शर्म क्या होती है और इज़्ज़त क्या होती है.....

भीमसेन : है मेरी ऐसी किस्मत कहाँ....

भीमसेन की बात सुन के प्रिंस गुस्से से उसकी तरफ देखता है और ना चाहते हुए भी लड़कियों के साथ बाथरूम की तरफ चल देता है.....

बाथरूम में लडकियां एक एक करके प्रिंस के कपडे उतारती हैं... प्रिंस की 8 पैक्स मस्कुलर बॉडी और अंडरवियर में 9 इंच के लुंड के उभार को देख के एक साथ सब के मुँह से आहें निकल जाती है....

प्रिंस वहां एक बेहद कीमती और स्टाइलिश अंडरवियर में खड़ा अपनी किस्मत को कोस रहा है.... इधर लडकियां हैं की बस एक तक उसे और उसके 9 इंच के खड़े लुंड को घूरे जा रही हैं.... वो सब उसे ऐसे घूर रही हैं जैसे की अभी खा hi जाएंगी.....

प्रिंस : यार हद है.... तुम लोगों को शर्म नहीं है क्या....? ऐसा भी कोई करता है क्या....? किसी शरीफ लड़के को यूँ नंगा करना कहाँ की शराफत है....?

सब एक साथ कहती हैं....

हम क्या करें मैडम का हुकुम जो है.... अब आप hi बताइये हम मैडम को न कैसे कह सकते हैं.....

प्रिंस : अबे न नहीं कह सकती तो ये जॉब क्यों नहीं चोर देती.... ये भी कोई इज़्ज़त का काम है.... मेरी मानो तो किसी अच्छी जगह वो काम करो जो इज़्ज़त का हो....

हम वो hi तो कर रहे हैं..... पिछले 2 साल से हम सब लडकियां जो की इस शहर की सब से हसीं खूबसूरत और सेक्सी लड़कियों में से हैं.... आपको रोज़ नंगा करके आप के जिस्म के एक एक हिस्से को अपने नाज़ुक और हसीं हाथों से बड़े प्यार से आपको नहलाती है....

प्रिंस : वो hi तो मैं कह रहा हूँ क्यों करती हो तुम सब ये गन्दा काम.... चोर के चली क्यों नहीं जाती....

हम आप को नहीं चोर सकती.... हम में से कोई भी आपसे जुड़ा होना नहीं चाहता.... आप हो hi इतने स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम की आपको चोर के जाने का दिल hi नहीं होता.... और आप को पता है की आप में सब से ख़ास क्या है.... ( प्रिंस के 9 इंच के लुंड की तरफ देख के) ये तो है hi मगर इस के साथ साथ आ में जो सब से ख़ास है वो है आपका प्यार भरा पाक दिल.... जिसमे सब के लिए बेशुमार प्यार और इज़्ज़त है..... वर्ण आप hi सोचिये आप की जगह अगर और कोई होता तो क्या हमारी इज़्ज़ार अब तक बरकरार रहती.... नहीं कभी नहीं.... वो तो हम को कब का नोच के खा चूका होता.... हमारी इज़्ज़त के साथ खेल चूका होता.....

प्रिंस : हाँ हाँ पता है.... जैसे तुम सब रोज़ मेरी इज़्ज़त लुटे बिना मुझे चोर देती हो..... सब मिल के रोज़ाना मुझे नंगा कर के मेरी इज़्ज़त के साथ....

है उसका भी अपना hi एक अलग मज़ा है.... और वैसे भी आप हो hi इतने सेक्सी की आप को चोर्ने को दिल hi नहीं करता....

ये कह के सब एक साथ हसने लगती हैं....

हहहहहहहह.....

प्रिंस : अब ये हसना बंद करो और जल्दी से अपना काम ख़तम करो.... इस से पहले की देर हो जाए और नानी मुझपे नाराज़ हो जाए....

ये कह प्रिंस अपनी आँखें बंद करके खड़ा हो जाता है....

प्रिंस की बात सुन के सब आगे बढ़ती हैं और एक साथ प्रिंस के जिस्म से उसका अंडरवियर भी निकाल देती है.... अंडरवियर के उतारते hi प्रिंस का 9 इंच का लुंड सबकी आँखों के सामने खड़ा हो के उछलने लगता है.... जिसे देख एक साथ सब के मुँह से मादक सिसकारी निकल जाती है साथ hi उनकी छूट भी कॉमर्स की कुछ बूँदें टपका देती हैं.....

मस्ती में सब प्रिंस के जिस्म के साथ साथ उसके लुंड को भी मॉल मॉल के उसे नहलाने लगती हैं..... नाज़ुक और सेक्सी लड़कियों के नाज़ुक हाथ को अपने जिस्म के साथ साथ अपने लुंड पे महसूस करके प्रिंस को भी जोश चढ़ने लगता है... मस्ती में उसका लुंड भी उछलने लगता है.... सेक्स की मस्ती प्रिंस के साथ साथ उन लड़कियों को भी मदहोश करने लगती है..... सब फ़ौरन अपने कपडे उतार के अपने बेहद सेक्सी और नंगे जिस्म को प्रिंस के जिस्म से रगड़ने लगती हैं....

पूरा बाथरूम उसकी मादक सिसकारी से गूंजने लगता है.... सब मस्ती में आसमान में उड़ने लगती है.... प्रिंस के जिस्म का कोई हिस्सा उन लड़कियों के जिस्म से अछूता नहीं रहता..... सब अपनी चूची गांड और छूट को प्रिंस के मज़बूत जिस्म और ख़ास कर के उसके मज़बूत मूसल जैसे 9 इंच के लुंड पे रगड़ रही हैं.... शैम्पू के साथ साथ प्रिंस का लुंड उन लड़कियों की कमसिन छूट के रास से भी सराबोर हो जाता है.....

धीरे धीरे सब मस्ती की चरम सीमा पे पहुँच जाती हैं.... सब का जिस्म अकड़ने लगता है.... और वो झड़ने लगती हैं.... प्रिंस की भी बर्दाश्त की हद पार हो जाती और उसके लुंड से वार्य की पिचकारी निकल के उन लड़कियों के जिस्म पे गिरने लगती है.... जिसे वो सब मस्ती और ख़ुशी में अपने जिस्म पे मलने लगती हैं....

झड़ने के कुछ देर बाद वो सब खुद भी नहाती हैं और प्रिंस को भी नेहला के बहार आती हैं.... वहां वो सब अपने हाथों से उसे तैयार करती हैं....

प्रिंस इतना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम लग रहा है की उसे देखते hi सब एक साथ कहे बिना रह नहीं पाती.... सब के दिल से और होंठों से एक भी बात निकलती है....

ी लव यू प्रिंस.....

सब की बात सुन के प्रिंस हंस देता है और रूम से बहार चल देता है....

इधर जैसे hi प्रिंस डाइनिंग टेबल पे पहुँचता है.....

नानी : टाइम देखा है.... पूरे 3 मिनट्स लेट हो तुम....

प्रिंस : सॉरी नानी....

ये कह के प्रिंस आगे बढ़ के नानी को गालों को चूम लेता है.... प्रिंस का प्यार पा के नानी का गुस्सा हवा हो जाता है...

प्रिंस : बस 3 hi मिनट्स तो लेट हुआ हूँ... और वैसे भी आप तो मेरी प्यारी नानी हो न.... है न नानी....

नानी : चल चल अब ज़्यादा प्यार मत दिखा... और जल्दी से नाश्ता कर... ठंडा हो रहा है....

प्रिंस मन में ( शुक्र है बच गया.... वर्ण आज तो पक्का बंद बज जाती)

फिर प्रिंस नाश्ता करने लग जाता है....

अभी प्रिंस ने सुकून की सांस ली hi थी की तभी..... भीमसेन की बात सुन के उसे गुस्सा आ जाता है....

भीमसेन : प्रिंस बाबा तुम्हारी पढ़ाई पूरी हो गयी है.... अब क्या करने का इरादा है....?

प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 2

नानी : टाइम देखा है.... पूरे 3 मिनट्स लेट हो तुम....

प्रिंस : सॉरी नानी....

ये कह के प्रिंस आगे बढ़ के नानी के गालों को चूम लेता है.... प्रिंस का प्यार पा के नानी का गुस्सा हवा हो जाता है...

प्रिंस : बस 3 मिनट्स hi तो लेट हुआ हूँ... और वैसे भी आप तो मेरी प्यारी नानी हो न.... है न नानी....

नानी : चल चल अब ज़्यादा प्यार मत दिखा... और जल्दी से नाश्ता कर... ठंडा हो रहा है....

प्रिंस मन में ( शुक्र है बच गया.... वर्ण आज तो पक्का बंद बज जाती)

फिर प्रिंस नाश्ता करने लग जाता है....

अभी प्रिंस ने सुकून की सांस ली hi थी की तभी..... भीमसेन की बात सुन के उसे गुस्सा आ जाता है....

भीमसेन : प्रिंस बाबा तुम्हारी पढ़ाई पूरी हो गयी है.... अब क्या करने का इरादा है....?

प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी....??????

अब आगे.....

नानी : हमारा बिज़नेस ज्वाइन करेगा और क्या.....? इसके सिवाए और है hi कौन जो ये अरबो का बिज़नेस एम्पायर संभाले.... साड़ी जायदाद का एक लौटा वारिस जो है ये.....

प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी....??????

भीमसेन : ठीक कहा मैडम जी आपने.... अब प्रिंस को बिज़नेस संभालना चाहिए.... वैसे भी आपकी उम्र हो चुकी है... आप कब तक काम करेंगी....

ये कह के भीमसेन प्रिंस को देख के मुस्कुराने लगता है.... जिसे देख प्रिंस को गुस्सा आ जाता है....

प्रिंस मन में : सब कुछ जान ने के बाद भी साले मुझे फसा रहा है.... रुक अभी बताता हूँ मैं तुझे....

प्रिंस : ये तुम क्या कह रहे हो....? कहीं तुम ये तो नहीं कहना छह रहे की मेरी स्वीट नानी.... अब बुद्धि हो गयी है.... ( प्रिंस ये अच्छे से जानता है की नानी को कोई बूढी कहे तो उन्हें बेहद गुस्सा आ जाता है और फिर तो क़यामत आ जाती है.... मतलब सामने वाले की शामत....) देख रहीं हैं नानी ये सीधे सीधे आपको बूढी कह रहा है.....

प्रिंस की बात सुन के भीमसेन की हवा टाइट हो जाती है......

भीमसेन : N....N.... नहीं नहीं.... मैडम.... मैंने ऐसा नहीं कहा.... व.... व.... वो.... तो मैं ये कह रहा था की...

प्रिंस भीमसेन को आगे कुछ कहने hi नहीं देता.... बीच में hi बोल देता है....

प्रिंस : झूठ मत बोल अभी तो तुमने ऐसा कहा.... और अब देखो कैसे अपनी बात से मुकर रहा है....

बस फिर क्या था.... भीमसेन की शामत आ जाती है.....

नानी बेहद गुस्से में अपने गार्ड्स को आवाज़ देती है..... गार्ड्स के आते hi भीमसेन की बिना साबुन के धुलाई शुरू हो जाती है..... इस बात पे प्रिंस मज़े लेने लगता है..... मगर जब बात हद से आगे बढ़ने लगती है तब तब प्रिंस आगे बढ़ के भीमसेन को बचा लेता है.... प्रिंस के एक इशारे पे गार्ड्स फ़ौरन पीछे हैट जाते हैं.... गार्ड्स एक बार नानी को मन कर सकते हैं मगर प्रिंस को न कहने की किसी की हिम्मत नहीं.... वो सब प्रिंस की जितनी इज़्ज़त करते हैं उस से कई ज़्यादा वो उस से डरते भी हैं....

प्रिंस जितना प्यारा है उतना hi खतरनाक भी..... वो अगर किसी पे अपना प्यार लुटाने पे आ जाए तो सारा जहाँ काम पद जाए... और अगर किसी की बंद बजने पे आ जाए तो पूरी दुनिया मिल के भी उसे प्रिंस से नहीं बचा सकती....

प्रिंस का दिल जितना बड़ा है.... उसका गुस्सा उतना hi खतरनाक..... गुस्से में वो घायल शेर से भी ज़्यादा खतरनाक हो जाता है.... पूरी दुनिया में ऐसा कोई नहीं जो उसका मुक़ाबला कर सके.... प्रिंस जितना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम है.... उसका दिमाग उतना hi तेज़.....

प्रिंस : साले देख लिया मुझसे पन्गा लेने का नतीजा.....

भीमसेन : मैं तो तेरे भले के लिए कह रहा था...

प्रिंस : तुम्हे कितनी बार कहा है की मुझे इस में कोई इंटरेस्ट नहीं है.... मैं अपनी पहचान खुद बनाना चाहता हूँ.... जिसपे मैंने काम भी शुरू कर दिया है..... मगर तू है की सुनता hi नहीं.... जब देखो तब मुझे फसाने के चक्कर में लगा रहता है....

भीमसेन : मुझे तो चुप करा लोगे मगर मैडम से क्या कहोगे.....? वो कभी तुम्हे अपना बिज़नेस चोर के कुछ और काम करने नहीं देंगी.....

प्रिंस : वो सब मैं देख लूंगा.... तू उसकी चिंता मत कर.... मुझे पता है की मुझे कैसे और क्या करना है.... फिलहाल तू अपने बारे में सोच..... जितनी मार आज तुझे पड़ी है.... काम से काम एक हफ्ते तक तो तू हॉस्पिटल के बीएड से उठने से रहा.....

सर्वेन्ट्स भीमसेन को हॉस्पिटल ले जाते हैं और प्रिंस नानी के साथ बहार आता है.... बाहर एक से बढ़ के एक महंगी और स्टाइलिश कार्स की लाइन लगी हुई है.... प्रिंस नानी के साथ अपनी फव कार में बैठ जाता है..... और ऑफिस की तरफ चल देता है..... उनकी कार्स के आगे और पीछे 5 - 5 कार्स में High-tech सिक्योरिटी गार्ड्स हैं.... जो बेहद hi पावरफुल और खतरनाक हैं.... उनके रहते कोई भी नानी या प्रिंस को नुक्सान पहुँचाना तो दूर उन तक पहुँच भी नहीं सकता.....

एक बेहद hi आलिशान बिल्डिंग के पास प्रिंस कार को रोकता है..... नानी की सेक्रेटरी फ़ौरन आगे बढ़ के कार का गेट ओपन करती है.... नानी बेहद hi स्टाइल से कार से उतरती है.... और मुद के प्रिंस की तरफ देखती है.....

नानी : कार पार्क कर के सीधे मेरे केबिन में आओ.....

ये कह के बेहद स्टाइल में नानी आगे बढ़ जाती है.....

प्रिंस कार पार्क करके बिल्डिंग के अंडर चल देता है..... आज वो काफी दिन बाद ऑफिस आया है.... उसे देखते hi वहां की साड़ी लडकियां उसे घेर लेती हैं.... और उसे किश करने लगती हैं.... प्रिंस है hi इतना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम की जो भी उसे देखती है उसकी दीवानी बन जाती है.....

इधर काफी देर बाद भी जब प्रिंस नानी के केबिन में नहीं आता तो नानी को बरी हैरानी होती है.....

नानी : ये प्रिंस कहाँ रह गया अभी तक तो उसे यहाँ आ जाना चाहिए था..... ज़रा देखूं तो की ये है कहाँ....?

ये सोच के नानी सामने लगे स्क्रीन पे कक्तव कैमरा के हर एक डिस्प्ले को देखने लगती है.... उसे प्रिंस कहीं नज़र नहीं आता..... बस नज़र आता है तो एक स्क्रीन पे लड़कियों का झुण्ड....

नानी : ये वहां क्या हो रहा है.....? आखिर वो सब लडकियां वहां कर क्या रही हैं.....?

तभी पीछे से नानी की ख़ास सेक्रेटरी "ज़ेबा".... जिसे नानी बहुत मानती है.... आगे आ के कहती है....

ज़ेबा : ये प्रिंस की दीवानगी का नशा है.... जो उन्हें अपनी तरफ खींच रहा है....

नानी : तुम कहना क्या चाहती हो... खुल के कहो न.....

ज़ेबा : सब कुछ जान के भी अनजान बनना कोई आप से सीखे..... सब जान ने के बाद भी आप मुझसे पूछ रही हैं.... तो ठीक है सुनिए.... वहां वो सब प्रिंस को घेरे हुई हैं.... और उसे किश कर रही हैं.....

ज़ेबा की बात सुनके नानी मुस्कुरा देती है.....

ठीक तभी वहां अधिवक्ता मर. हेनरी आ जाते हैं....

हेनरी : मैडम ये वो डाक्यूमेंट्स हैं जो आप ने मंगवाए थे....

नानी : ज़ेबा फ़ौरन प्रिंस को यहाँ आने को कहो.....

बड़ी मुश्किल से प्रिंस उन लड़कियों को खुद को हटा के नानी के पास पहुँचता है....

नानी : हेनरी उन पेपर्स पे प्रिंस के सिग्न ले लो.....

प्रिंस : Paper's....!!! कैसे पेपर....?

हेनरी : प्रॉपर्टी के paper's..... इनपे सिग्न करने के बाद तुम मैडम की अरबो की प्रॉपर्टी के मालिक हो जाओगे....

प्रिंस : क्याआआआ....? सच में....

हेनरी : हाँ..... लो इनपे सिग्न कर दो.....

प्रिंस : नहीं....

नानी : नहीं....!!! क्यों नहीं....? क्या तुम मेरे नाती नहीं हो.....?

प्रिंस : हाँ हूँ....

नानी : क्या तुम मेरी जायदाद के एकलौते वारिस नहीं हो.....???

प्रिंस : हाँ हूँ....

नानी : क्या ये सब तुम्हारा नहीं है....?

प्रिंस : हाँ है....

नानी : तो फिर इसे लेने में प्रॉब्लम क्या है....?

प्रिंस : मैं नहीं चाहता की लोग मुझे आप के नाम से जाने या फिर इस जायदाद की वजह से पहचाने..... बल्कि मैं चाहता हूँ की लोग मुझे मेरी क़ाबिलियत और कामियाबी की वजह से जाने..... मैं अपने नाम से जाना जाऊं.... न की आपका नाती या फिर इस अरबो की जायदाद के वारिस के नाम पे.....

नानी : तू कहना क्या चाहता hai....main समझी नहीं.....

प्रिंस : मैं अपने दम पे कुछ करके नाम पैसे और शोहरत कामना चाहता हूँ....

नानी : वो तो तू अपनी कम्पनीज में भी तो कर सकता है न....

प्रिंस : जी नहीं..... ये कम्पनीज और ये अरबी की दौलत आपकी और नाना जी की म्हणत का नतीजा है.... ठीक इसी तरह मैं चाहता हूँ की मैं भी अपनी एक कंपनी शुरू करूँ और उसे अपने दम पे आसमान की बुंलदियों पे ले जाओ.... जहाँ लोग मुझे मेरे नाम से जाने न की आपके नाती होने की वजह से....

नानी : उस सब की ज़रुरत क्या है.....? हमारे पास इतनी दौलत है की अगर हमारी सात पुष्ट अपने दोनों हाथों से भी अगर ये दौलत लूटना चाहे तो ये ख़त्म न हो.... फिर तुझे कुछ और करने की ज़रुरत क्या है.....?

प्रिंस : ज़रुरत है.... मैं अपनी कंपनी शुरू करके उसे अपने दम पे चलाऊंगा.... जो मैं यहाँ नहीं कर सकता.... यहाँ मुझे सब आप के नाम से जानते हैं.... मैं जो भी करूँगा वो किसी दूसरे देश में करूँगा.... जहाँ मुझे कोई नहीं जानता....

नानी : तू जो सोच रहा है वो मुमकिन नहीं.... मैं तुझे कहीं नहीं जाने दूंगी.... ये सब बेकार की बातें अपने दिमाग से निकाल दे.... और जल्दी से इन पेपर्स पे सिग्न कर....

प्रिंस : नहीं... जब तक आप मेरी बात नहीं मान लेती मैं इन पेपर्स पे सिग्न नहीं करूँगा.....

ये कह प्रिंस वहां से उठ के बहार चल देता है.....

नानी : ये लड़का भी न बहुत ज़िद्दी है....

ज़ेबा : आप का नाती है.... बिलकुल आप पे गया है.... आप भी ज़िद में कुछ काम हैं क्या....?

नानी : तू ने ठीक कहा.... मगर तू hi बता जो ये कह रहा है वो मैं कैसे इसे करने दूँ....? कैसे मैं अपने जिगर के टुकड़े को खुद से दूर जाने दूँ.... वो भी ऐसी जगह जहाँ इसे कोई न जानता हो....

ज़ेबा : मैडम आप जो कह रही हैं वो ठीक है.... मगर होनी को कोई कैसे ताल सकता है.... आप तो सब जानती हैं फिर भी ऐसा कर रही हैं....

नानी : हाँ मैं सब जानती हूँ.... मगर वो नहीं जानता की वो क्या करने जा रहा है.... और आगे उसके साथ क्या क्या होने वाला है.... तभी तो उसे रोक रही हूँ.....

ज़ेबा : मैडम जी होनी को आप तो क्या कोई भी नहीं रोक सकता..... और वैसे भी आप फ़िक्र क्यों करती हैं.... हम सब उसके साथ हैं.... और वैसे भी इस पूरी दुनिया में ऐसा कोई नहीं है जो उसका कुछ भी बिगाड़ सके.... प्रिंस के जिस्म में असीम Power's हैं जो उसे उसकी माँ से विरासत में मिले हैं..... उसका दिमाग इतना तेज़ है की वो हर बड़ी से बड़ी मुश्किल का सामना बड़ी आसानी से कर सकता है.....

नानी : हाँ वो तो है.... मगर....

ज़ेबा : मैडम जी... अब वक़्त आ गया है.... पारी को यहाँ बुलाने का.....

पारी का नाम सुन के नानी का दिल तेज़ी से धड़क जाता है.....

नानी : म.... म... Mat..lab.... .......... की शुरुवात हो चुकी है.....

ज़ेबा : जी नहीं... अभी नहीं..... अभी ........... की शुरुवात होने में 24 घंटे बाकी हैं.... जैसे hi पारी प्रिंस को देखेगी.... ......... की शुरुवात हो जायेगी.....

इधर नानी की न सुनके प्रिंस बेहद गुस्से में बहार चला जाता है..... वो वहां से सीधे अपने दोस्तों के पास चल देता है.....

प्रिंस के दोस्त....

1. समीर उर्फ़ सैम..... प्लानिंग एक्सपर्ट.... वो सब कुछ बहुत hi अच्छे तरीके से प्लान करता है....

2. सैर..... सैम की गर्लफ्रेंड और कंप्यूटर हैकिंग में एक्सपर्ट....

3. मैक्स.... एक प्राइवेट डिटेक्टिव....

4. विजय.... एक दिलफेंक आशिक... लड़की देखि नहीं की उसे पटाने में लग जाता है... ये बात अलग है की वो आज तक कोई लड़की नहीं पता पाया है.... हाँ मगर इस सब के चक्कर में उसे कई बार मार भी पड़ी है और उसे हवालात की हवा भी खानी पड़ी है.....

प्रिंस अपने दोस्तों के साथ बैठा बियर पी के अपना गुस्सा काम करने की कोशिश कर रहा था की तभी किसी की आवाज़ सुन के उसका मूड और भी ज़्यादा खराब हो जाता है......?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 3

पारी का नाम सुन के नानी का दिल तेज़ी से धड़क जाता है.....

नानी : म.... म... Mat..lab.... .......... की शुरुवात हो चुकी है.....

ज़ेबा : जी नहीं... अभी नहीं..... अभी ........... की शुरुवात होने में 24 घंटे बाकी हैं.... जैसे hi पारी प्रिंस को देखेगी.... ......... की शुरुवात हो जायेगी.....

इधर नानी की न सुनके प्रिंस बेहद गुस्से में बहार चला जाता है..... वो वहां से सीधे अपने दोस्तों के पास चल देता है.....

प्रिंस के दोस्त....

1. समीर उर्फ़ सैम..... प्लानिंग एक्सपर्ट.... वो सब कुछ बहुत hi अच्छे तरीके से प्लान करता है....

2. सैर..... सैम की गर्लफ्रेंड और कंप्यूटर हैकिंग में एक्सपर्ट....

3. मैक्स.... एक प्राइवेट डिटेक्टिव....

4. विजय.... एक दिलफेंक आशिक... लड़की देखि नहीं की उसे पटाने में लग जाता है... ये बात अलग है की वो आज तक कोई लड़की नहीं पता पाया है.... हाँ मगर इस सब के चक्कर में उसे कई बार मार भी पड़ी है और उसे हवालात की हवा भी खानी पड़ी है.....

प्रिंस अपने दोस्तों के साथ बैठा बियर पी के अपना गुस्सा काम करने की कोशिश कर रहा था की तभी किसी की आवाज़ सुन के उसका मूड और भी ज़्यादा खराब हो जाता है......?????

अब आगे.....

ये शीना है..... बेहद हसीं खूबसूरत और सेक्स बम..... प्रिंस और शीना दोनों स्कूल से एक दूसरे को जानते हैं..... दोनों एक दूसरे के दोस्त भी हैं और दुश्मन भी..... बचपन से hi शीना शर्त लगाने में माहिर..... वो आज तक किसी से नहीं हारी..... बस प्रिंस hi एक ऐसा है जिस से वो कभी नहीं जीत पायी.....

हमेशा hi वो इस कोशिश में रही है की वो किसी भी तरह प्रिंस को हरा सके.... मगर बेचारी खुद hi हार जाती है और फिर होती है धमाकेदार चुदाई.....

शर्त जीतने के बाद प्रिंस जैम के उसकी चुदाई करता है.....

शीना प्रिंस को किसी भी तरह हराना चाहती है.... मगर कभी हरा नहीं पायी..... बल्कि जीतने के चक्कर में न जाने कितनी बार हार के प्रिंस से अपनी छूट फड़वा चुकी है.....

शीना : ऊऊऊओ.... तो जनाब प्रिंस यहाँ मौजूद हैं... वो भी अपने बेकार के दोस्तों के साथ.....

शीना की बात सुन के सब के साथ साथ प्रिंस को भी बेहद गुस्सा आ जाता है.....

प्रिंस बेहद गुस्से में : शीना.... अपनी बकवास बंद करो और जाओ यहाँ से....

वो प्रिंस के बगल में बैठ जाती है....

शीना : क्यों न एक शर्त हो जाए.....?

मैक्स : तुम ने सुना नहीं प्रिंस ने क्या कहा.....? उसका मूड नहीं है.... तुम जाओ यहाँ से....

शीना : तुम चुप करो मैं तुम से नहीं बल्कि प्रिंस से बात कर रही हूँ... हाँ तो प्रिंस चलो एक शर्त हो जाए....

इस से पहले की प्रिंस कुछ कहता विजय बीच में बोल पड़ता है....

विजय : प्रिंस को चोरो... मुझसे शर्त लगाओ....

शीना : चूहे से शर्त लगाने का मुझे कोई शौक नहीं है....

विजय : क्या कहा चूहा....? अगर मैं चूहा हूँ तो प्रिंस क्या है....?

शीना : वो एक शेर है.... और शेर को हारने का एक अलग hi मज़ा है.... आज तो उसे मैं हरा के hi रहूंगी.....

शीना की बात सुन के सैर को हंसी आ जाती है....

शीना : मैंने कोई जोके मारा है जो तू इस तरह हंस रही है....

सैर : जोके hi तो है.... इस पूरी दुनिया में ऐसा कोई पैदा नहीं हुआ जो प्रिंस को हरा सके.... प्रिंस को हराना नामुमकिन है....

शीना : नामुमकिन आज मुमकिन हो जाएगा..... तो बोलो प्रिंस लगते हो शर्त.....

प्रिंस : नहीं.... अब जा यहाँ से.....

शीना : क्यों दर गए क्या....? शेर दर गया.....

शीना की बात सुन के प्रिंस बेहद गुस्से में उसकी तरफ देखता है... फिर अचानक से उसके सर के पीछे के बगलों को कास के पकड़ता है और उसके चेहरे को अपने करीब ला के उसे एक ज़ोरदार किश करके कहता है.....

प्रिंस : दर और हार नाम का लफ्ज़ प्रिंस की डिक्शनरी में नहीं है..... आइंदा ये कहने से पहले 100 बार सोच लेना.....

शीना ऐडा से अपने होंठ पे अपनी जुबां फेर के बेहद गुस्से में कहती है.....

शीना : अगर ऐसे hi हॉट किश मिले तो एक नहीं बल्कि 100 बार कहूँगी....

प्रिंस : फ़ालतू बात चोर और काम की बात कर.... मेरा दिमाग पहले hi बहुत खराब है इसे और खराब न कर....

शीना वोडका के कुछ शॉट्स मांगती है और प्रिंस को पीने को कहती है..... फिर उसे शर्त की बात बताती है....

शीना : तो सुन शर्त ये है की तुझे मेरे 4 लोगों को हराना है.... एक को हारने के लिए तेरे पास सिर्फ 5 बार मारने की इजाज़त है.... और हाँ इस लड़ाई में तुझे एक बार भी ज़मीन पे गिरने की इजाज़त नहीं है.... अगर तू गिरा तो मतलब की तू हार गया.... और अगर तू ने किसी को भी 5 से ज़्यादा बार मारा तब भी तू हारा..... बोल शर्त मंज़ूर है.....

शीना की बात सुन के सब चौंक जाते हैं.... सब को उसकी चालाकी और कमीनापन समझ आ जाता है.....

सैर : ये तो धोका है..... पहले तू ने प्रिंस को शराब पिलाई और अब उसके सामने जान के ये नामुमकिन शर्त रख रही है..... नशे में कोई कैसे किसी स्व लड़ सकता है....

शीना शैतानी हंसी हस्ते हुए.....

शीना : सीधे सीधे बोल न की प्रिंस हार गया.....

शीना की बात सुन के प्रिंस गुस्से में उसे देखता है..... और एक बार फिर से उसके सर के पीछे के बगलों को कास के पकड़ता है और उसके चेहरे को अपने करीब ला के उसे एक ज़ोरदार किश करके कहता है.....

प्रिंस : तुझे हरा हरा के मैं तो थक गया हूँ... मगर तू नहीं थकी.... चल एक बार और सही....

ये कह के प्रिंस उठता है और नशे की हालत में लड़खड़ाते हुए आगे बढ़ता है.....

प्रिंस की हालत देख के जहाँ सब को उसकी फ़िक्र होने लगती है.... वहीँ शीना को अपनी जीत नज़र आने लगती है.....

शीना : आज तो मैं पक्का जीत जाउंगी....

मैक्स : धोके से जीतने का कोई मतलब नहीं....

शीना : मोहोब्बत और जुंग में सब जायज़ हो ता है....

ये कह के शीना प्यार भरी नज़र से प्रिंस को देखने लगती है.....

प्रिंस अपनी आँखें बंद करता है और खुद को नार्मल करता है.... फिर आगे बढ़ के लड़ने के लिए तैयार हो जाता है....

देखते hi देखती 4 बेहद hi खतरनाक फिघ्टर्स उसके सामने आ के खड़े हो जाते हैं..... उनको देख के जहाँ सब के होश उड़द जाते हैं वहीँ प्रिंस मुस्कुरा देता है..... और पलट के शीना की तरफ देख के कहता है.....

प्रिंस : हार का मज़ा लेने के लिए तैयार हो जाओ.....

शीना : आज नहीं प्रिंस.... आज मेरा दिन है.... आज तो मैं hi जीतूंगी..... और तुम्हे अपने कदमो में झुकाऊँगी..... आज मेरी बरसो की तमन्ना पूरी होगी.....

प्रिंस : आज भी तुम्हारी तमन्ना अधूरी hi रह जायेगी.....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी एक ज़ोरदार पंच उसके मुँह पे पड़ता है.... पंच खा के प्रिंस लड़खड़ा जाता है.....

प्रिंस पे हुम्ला होते देख उसके सिक्योरिटी गार्ड्स उसे बचने आगे आते हैं.... मगर प्रिंस इशारे से उन्हें रोक देता है....

शीना : उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़.... जान ज़्यादा ज़ोर से तो नहीं लगी.... कहो तो उन्हें कह दूँ..... मेरी जान पे ज़रा हलके से वार करें....

शीना की बात सुन के प्रिंस मुस्कुरा के कहता है....

प्रिंस : इसे तुम वार कहती हो.... इस से ज़्यादा ज़ोर से तो बच्चे मारते हैं.... इन्हे तो वार करना भी नहीं आता.... क्या शीना इन से तो अच्छा तुम किसी बड़े तगड़े पहलवान को ले आती.... या फिर किसी शेर को.... काम से काम उसका सामना करने में मज़ा तो आता....

प्रिंस की बात सुन के शीना चीड़ जाती है और बेहद गुस्से में अपने Fighter's पे चीखते हुए कहती है.....

शीना : देख क्या रहे हो... मारो साले को.... मार मार के इसकी हालत खराब कर दो....

शीना की बात सुन के सब एक साथ प्रिंस पे टूट पड़ते हैं... और प्रिंस को पीटने लगते हैं.... प्रिंस के जिस्म पे लगे हर एक वार को देख शीना को ख़ुशी होने लगती है.... प्रिंस को भी इस सब में मज़ा आ रहा है.... धीरे धीरे प्रिंस का गुस्सा तेज़ हो रहा है... वो जान बूच के मार खा रहा है.....

ये देख वहां खड़े सब को बड़ी हैरानी सी हो रही है....

सैम : ये प्रिंस को क्या हुआ है.....? वो क्यों इन कमीनो की मार खा रहा है....? वो क्यों उनपे हाथ नहीं उठा रहा है....?

विजय : अबे वो उनके वार का मज़ा ले रहा है....

सैर : मज़ा.....!!!!

विजय : अरे वो चार्ज हो रहा है.... मतलब वार्मअप.... एक बार पूरा चार्ज हो गया तब आएगा असली मज़ा....

उनके हर एक वार पे प्रिंस लड़खड़ा जाता है और गिरने लगता है.... मगर फिर खुद को संभाल के खड़ा हो जाता है....

धीरे धीरे प्रिंस का गुस्सा अपने उफान पे पहुँच जाता है... फिर शुरू होता असली गेम....

प्रिंस अपने पूरे जलाल में आ जाता है और घायल शेर की तरह दहाड़ता है.... जिसे सुन के दर के मारे वहां मौजूद सभी की हालत खराब हो जाती है.....

प्रिंस अपनी मुठी बंद करके एक ज़ोरदार पंच सामने वाले फाइटर के मुँह पे मारता है.... जिस से वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है..... उसका जबड़ा पहात चूका है... 5 दांत टूट चुके हैं और मुँह से बेटाहधा खून बह रहा है....

ये देख दूसरा फाइटर गुस्से में उड़द के फ्लाइंग किक प्रिंस को मारता है.... मगर प्रिंस स्पीड से उसे हवा में hi रोक लेता है.... एक हाथ से उसके पेअर पे पंच मारता है और एक ज़ोरदार किक उसके सीने पे... जिस से उसके पेअर के साथ साथ उसकी पसलियों की हड्डियां भी टूट जाती हैं.... वो दर्द से चीखते हुए दूर जा गिरता है और बेहोश हो जाता है..... अब बारी आती है तीसरे फाइटर की प्रिंस एक रिवर्स किक उसकी गर्दन पे मारता है जिस से वो वहीँ ढेर हो जाता है....

ये देख चौथा फाइटर दर से कांपने लगता है और आगे बढ़ के प्रिंस के पैरों में गिर के रेहम की भीक मांगने लगता है....

प्रिंस : इस से पहले की इन की तरह मैं तेरी भी हालत खराब कर दूँ चला जा यहाँ से....

प्रिंस की बात सुन के वो फ़ौरन वहां से भाग जाता है.....

ये देख जहाँ सब बेहद खुश हो जाते हैं.... वहीँ शीना गुस्से से जलबला जाती है.... एक बार फिर से वो प्रिंस से हार गयी है.....

शीना : हैरत है..... ये चारो इस दुनिया के सबसे खतरनाक और ज़ालिम फिघ्टर्स थे.... न जाने इन्होने कितने बड़े से बड़े फिघ्टर्स को कुटकी में मौत के घात उतारा है.... इन्हे हराना तो नामुमकिन था.... मगर प्रिंस ने इन्हे हरा दिया.... वो भी शराब के नशे में धुत होक.... ये मुमकिन नहीं है....

सैर : मुमकिन है.... प्रिंस के लिए कुछ भी न मुमकिन नहीं.... फिर चाहे वो शराब के नशे में धुत hi क्यों न हो.... वो एक शेर है और शेर नशे में भी शेर hi होता है.... और रही बात प्रिंस को हारने की तो इस पूरी दुनिया में कोई ऐसा पैदा नहीं हुआ जो प्रिंस को हरा सके.... न hi इंसान.... न जानवर.... न शैतान और न hi कोई हथियार..... चलो अब हार की सजा भुगतने को तैयार हो जाओ....

विजय : है काश वो सजा इसे मैं दे पाटा....

अभी विजय ने इतना hi कहा था की तभी एक नहीं बल्कि दो झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गालों पे पड़ता है....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

एक थप्पड़ उसे शीना ने मारा है और दूसरा प्रिंस ने.... दोनों hi बेहद गुस्से में उसे देख रहे हैं.....

दोनों को यूँ देख विजय अपने गाल सहलाते हुए प्रिंस से पूछता है....

विजय : यार इसने मारा वो समझ में आता है..... मगर तू तो मेरा दोस्त है.... तू ने मुझे थप्पड़ क्यों मारा.....?

प्रिंस बेहद गुस्से में : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई शीना के बारे में ऐसी बात कहने की.... दोबारा तू ने उसके लिए ऐसा कहना तो दूर सोचा भी तो मैं तेरी जान ले लूंगा....

विजय : अबे तू कर सकता है और मैं कह भी नहीं सकता.... ये तो गलत है न.... मैं करूँ चाहे तू कर बात तो एक hi है न.... तू कौनसा देवता है तू भी तो एक हवस के पुजारी की तरह उसकी इज़्ज़त के साथ खेलने वाला है....

अभी विजय ने इतना hi कहा था की तभी शीना बेहद गुस्से में पागलों की तरह उसपे टूट पड़ती है..... और उसे मारने लगती है.... फिर वो जो कहती है उसे सुन के सब के साथ साथ प्रिंस के भी होश उड़द जाते हैं....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 4

सैर : मुमकिन है.... प्रिंस के लिए कुछ भी न मुमकिन नहीं.... फिर चाहे वो शराब के नशे में धुत hi क्यों न हो.... वो एक शेर है और शेर नशे में भी शेर hi होता है.... और रही बात प्रिंस को हारने की तो इस पूरी दुनिया में कोई ऐसा पैदा नहीं हुआ जो प्रिंस को हरा सके.... न hi इंसान.... न जानवर.... न शैतान और न hi कोई हथियार..... चलो अब हार की सजा भुगतने को तैयार हो जाओ....

विजय : है काश वो सजा इसे मैं दे पाटा....

अभी विजय ने इतना hi कहा था की तभी एक नहीं बल्कि दो झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गालों पे पड़ता है....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

एक थप्पड़ उसे शीना ने मारा है और दूसरा प्रिंस ने.... दोनों hi बेहद गुस्से में उसे देख रहे हैं.....

दोनों को यूँ देख देख विजय अपने गाल सहलाते हुए प्रिंस से पूछता है....

विजय : यार इसने मारा वो समझ में आता है..... मगर तू तो मेरा दोस्त है.... तू ने मुझे थप्पड़ क्यों मारा.....?

प्रिंस बेहद गुस्से में : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई शीना के बारे में ऐसी बात कहने की.... दोबारा तू ने उसके लिए ऐसा कहना तो दूर सोचा भी तो मैं तेरी जान ले लूंगा....

विजय : अबे तू कर सकता है और मैं कह भी नहीं सकता.... ये तो गलत है न.... मैं करूँ चाहे तू कर बात तो एक hi है न.... तू कौनसा देवता है तू भी तो एक हवस के पुजारी की तरह उसकी इज़्ज़त के साथ खेलने वाला है....

अभी विजय ने इतना hi कहा था की तभी शीना बेहद गुस्से में पागलों की तरह उसपे टूट पड़ती है..... और उसे मारने लगती है.... फिर वो जो कहती है उसे सुन के सब के साथ साथ प्रिंस के भी होश उड़द जाते हैं....??????

अब आगे.....

शीना : साले कमीने तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्रिंस के बारे में ऐसा कहने की.....? तू क्या जानता है हमारे बारे में....? एक नेक फ़रिश्ते को तू ने हवस का पुजारी कहा.... साले कमीने तेरी हिम्मत कैसे हुई ऐसा कहने की.... वो जान है मेरी.... सुना तू ने.... प्रिंस जान है मेरी.... वो जो चाहे मेरे साथ कर सकता है.... उसे पूरा हक़ है.... रही बात शर्त की तो.... वो तो बस एक बहाना है हार के अपनी जान का प्यार पाने का.... तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्यार को हवस का नाम देने की....? आज मैं तुझे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी..... मैं तेरी जान ले लुंगी....

शीना गुस्से में पागलों की तरह विजय को पीटने लगती है.... मार खा खा के विजय की हालत बाद से बत्तर हो जाती है....

सब आगे बढ़ के शीना को रोकने की कोशिश करते हैं मगर वो है की रुकने को तैयार hi नहीं.... उसका गुस्सा शांत hi नहीं हो रहा है.....

सैम : प्रिंस रोक उसे कहीं ऐसा न हो की वो विजय की जान ले ले.... प्लीज रोक ले उसे.... एक तू hi है जो उसे रोक सकता है....

सैम की बात सुन के और विजय की हालत देख के प्रिंस आगे बढ़ता है और शीना को रोकने की कोशिश करता है.... मगर शीना है की उसकी एक नहीं सुन रही है.... वो बस गुस्से में विजय को मारे जा रही है....

प्रिंस : शीना चोर दो उसे....

शीना : नहीं प्रिंस आज मैं इसे नहीं छोड़ूंगी.... इसने मेरे सच्चे प्यार को हवस का नाम दे के बहुत बड़ी गलती की है.. . मैं आज इसे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी.... इसकी जान ले लुंगी....

प्रिंस : नहीं शीना चोर दो इसे.... प्लीज.... देखो इसकी हालत खराब हो चुकी है.... अब अगर तुम ने इसे और मारा तो ये मर जाएगा.... प्लीज इसे चोर दो जाने दो....

शीना : मरता है तो मर जाए.... मगर आज मैं इसे नहीं चोर्ने वाली....

शीना को न मानते देख प्रिंस आगे बढ़ उसे अपनी बाहों में समेत लेता है.... मगर शीना है की रुकने का नाम hi नहीं ले रही है.... वो प्रिंस की बाहों से छूटने की कोईशिष करने लगती है.... मगर प्रिंस की मज़बूत बाहों से छूट नहीं पाती.... उसे शांत न होते देख प्रिंस परेशान हो जाता.... न चाहते हुए भी उसे वो करना पड़ता है जो वो नहीं करना चाहता....

वो शीना के चेहरे को अपने हाथों में लेके उसके नाज़ुक गुलाब की पंखुड़ियों जैसे होंठों को अपने मुँह में ले उसे चूसने लगता है..... गुस्से में शीना उसे खुद से दूर करने की बहुत कोशिश करती है मगर कर नहीं पाती.... धीरे धीरे प्रिंस का जादू उसपे असर करने लगता है और वो मदहोश होने लगती है..... उसके जिस्म में मस्ती की लेहेर सी दौरने लगती है.... उसकी छूट से कॉमर्स की कुछ बूँदें टपक के उसकी छोटी सी G-String पंतय को भिगोने लगती हैं.... वो अपनी बाहें प्रिंस के गले में दाल देती है और किश में उसका साथ देने लगती है.... दोनों मस्ती में एक दूसरे के होंठों के अमृत को चूसने लगते है.... उन्हें देख के ऐसा लग रहा है जैसे की ये दोनों दो जिस्म और एक जान हो.... शीना अपनी जुबां प्रिंस के मुँह में दाल के घूमने लगती है.... और प्रिंस मज़े से उसकी जुबां से निकल रहे अमृत को चूस चूस के पी रहा है.... वहां मौजूद सभी एक तक बस उन्हें hi देख रहे हैं..... दोनों की हॉट किश देख के लड़को के पंत में तम्बू बना हुआ है और लडकियां ख़ास करके सैर की छूट से कॉमर्स बह के उसकी पंतय को भिगो रहा है.... मस्ती की एक तेज़ लेहेर उसके पूरे जिस्म से होते हुए उसकी छूट तक जा रही है..... साथ hi उसे पागल भी बना रही है.... सैर न चाहते हुए भी खुद के शीना की जगह महसूस कर रही है...... उसकी छूट से तेज़ी से कॉमर्स बह रहा है.... वो मस्ती की चरम सीमा पे पहुँच गयी है..... इधर शीना का हाल तो उस से भी कई ज़्यादा बुरा बना हुआ है..... उसकी मस्ती के सातवे आसमान पे पहुँच गयी है.... अचानक से उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है.... सैर की छूट भी शीना की तरह मस्ती में कॉमर्स की नदी बहाने लगती है.... आज ऐसा पहली हुआ है की बिना छूट को हाथ लगाए..... बिना कुछ किये वो झाड़ रही है.... जाने प्रिंस में ये कैसा नशा है की जब वो मस्ती में आता है तो वहां मौजूद जो भी लड़की या फिर औरत हो.... उसी के रंग में रंग जाती है.... और असीम मस्ती का मज़ा लेती है..... यही हाल आज शीना और सैर के साथ भी हुआ है..... यहाँ तक की वहां मौजूद दो और लडकियां भी जो वहीँ पास कड़ी थी वो भी अपनी पंतय में झाड़ गयी.....

झड़ने के बाद शीना प्रिंस को साथ ले के वहां पहले से बुक किये रूम में ले जाती है.....

रूम में जाते hi वो गेट लॉक कर के प्रिंस को बीएड पे धकेल देती है....

फिर शुरू होता है असली खेल.....

शीना बड़े hi सेक्सी ऐडा से प्रिंस को देखती है फिर उसके पंत में बने लुंड के उभार पे अपने हाथ फेरने लगती है.... धीरे धीरे प्रिंस के जिस्म में मस्ती की खुमारी चढ़ने लगती.....

शीना सेक्सी ऐडा के साथ प्रिंस के पंत की ज़िप खोल के उसे अंडरवियर के साथ उतार देती है फिर उसका 9 इंच का खड़े के सुपडे को चूम लेती है फिर उसे अपने मुँह में भर के लॉलीपॉप की तरह चूसने लगती है.....

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प्रिंस के लुंड से प्रेकम की एक बूँद बहार आती जिसे शीना अपनी जुबां से चाट के उसका मज़ा लेती है....

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शीना : ममममममममम...... मज़ा आ गया.... वाओ क्या मस्त टास्ते है जान तुम्हारे लुंड से निकले वार्य का.... आज तो मैं इसे कच्चा खा जाउंगी..... ममममममममम......

ये कह के वो प्रिंस के लुंड को अपने मुँह में ले के मज़े से चूसने लगती है.....

शीना : (सेक्सी अंदाज़ me)…..kaisa लग रहा है जान.....????

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प्रिंस : जन्नत का मज़ा आ रहा है....

प्रिंस की बात सुन के शीना झुकी और प्रिंस के लुंड को अपने मुँह में दाल के और ज़ोर ज़ोर से चूसने lagi…..Masti में वो लुंड को अपने गले तक ले के चूस रही है.... डीप ब्लोजॉब....

इस वक़्त प्रिंस मस्ती के आसमान में उड़द रहा..... एक तो शराब का नशा और दूसरा सेक्स का..... वो शीना के सर को पकड़ के अपने लुंड पे दबाने लगता है....

शीना के मुँह से घूऊ….. घूऊ….. आअह्ह्ह्हह….. ऊऊऊह्ह्ह्हह्ह….. ममममममम…… की आवाज़ आ रही है..... प्रिंस भी मस्ती में सिसकारी ले रहा है..... शीना बिलकुल एक पोर्नस्टार की तरह प्रिंस का लुंड चूस रही है.... उस का चेहरा पूरा लाल बना हुआ है और होंठों पे थूक लगा हुआ है.... उसकी आँखों में सेक्स की चमक और आंसुओं की नमी है.... उसका पूरा जिस्म मस्ती और पसीने में नहाया हुआ है.....

शीना : Ja....aaaa...n.... (हफ्ते हुए.... एक हाथ से लुंड को मुठियाते हुए....) आज मुझ पे ज़रा भी रेहम मत करना.... जैम के मेरी छूट छोड़ना.... आज मैं तुम्हारे साथ वाइल्ड सेक्स करना चाहती हूँ.....

ये कह के शीना फिर से प्रिंस का लुंड अपने मुँह में दाल के चूसने लगती है.... कुछ देर ऐसे hi चूसने में बाद वो लुंड को अपने मुँह से निकालती है और आगे बढ़ के प्रिंस के होंठों को अपने मुँह में ले के मस्ती में उसे चूसने लगती है.... मस्ती में प्रिंस भी शीना के होंठों के चूसने लगता है.... फिर वो शीना को बीएड पे लेता देता है और उसके होंठों को चूसते चूसते उसकी ड्रेस निकाल देता है.... शीना के जिस्म पे इस वक़्त कपड़ों के नाम पे सिर्फ ब्लैक कलर की ग- स्ट्रिंग पंतय है..... जिस में वो जन्नत की पारी से काम नहीं लग रही है.... प्रिंस शीना के होंठों को चोर उसके गले को चूमते हुए आगे की तरफ बढ़ने लगता है....

शीना : ममममममम.... आआआहहहहह……. जान..... बड़ा मज़ा आ रहा है..... बससससससस... ऐसे hi चातुओ..... आआआअह्ह्ह……. जाआआआं..... ऊऊह्ह्हह्ह……. बहुत दिन से प्यासी हूँ..... ऐसे hi चाट ते चूमते रहो जान..... बहुत मज़ा आ रहा है..... मममममममम...... आआआह्ह्ह्हह्ह..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह.... आआआह्ह्ह्हह्ह्ह्ह…..

शीना के गले को चूमते हुए प्रिंस नीचे उसकी बेहद सेक्सी गोरी गुलाबी ठोस चूचियों पे आ गया…. और एक चुकी को एक हाथ से मसलने और दूसरी को अपने मुँह में लेके चूसने लगा…..

शीना : Aaaaahhhhhh……basss…..aise hi चूसो मेरी चूचियों को.... निचोड़ के इनका सारा रास पी जाओ..... आआह्ह्ह्ह…. ऊऊऊह्ह्ह्हह्ह..... जाआआआंत्र…..

प्रिंस कभी शीना की चूचियां चुस्त.... तो कभी उसके निप्पल को अपने मुँह में ले के काट लेता.... जिस पे शीना दर्द और मस्ती में सिसक उठती.... शीना मस्ती के आसमान में उड़द रही है.... उसकी उसकी से कॉमर्स की नदी बह के उसकी G-string पंतय को सराबोर कर रही है..... उस से और बर्दाश्त करना मुश्किल होता जा रहा है....

वो प्रिंस के सर को अपनी चूची पे दबाने लगती है.....

प्रिंस चूस चूस के उसकी चुहियों को लाल कर देता है.... फिर उसके पेट को चूमते हुए आगे बढ़ता है....

शीना की छूट से निकल रही मादक खुशबु उसे पागल बना रही है..... वो पंतय के ऊपर से उसकी छूट को चूम लेता है..... इस मस्ती भरे एहसास पे शीना ज़ोर से सिसकार उठती है..... फिर प्रिंस अपने दांतों से उसकी पंतय को पकड़ के निकाल देता है.... शीना की मक्खन जैसे नरम मुलायम छूट देख के प्रिंस का लुंड झटके मारने लगता है ... शीना ने छूट शेव की हुई है…… उसकी छूट एक दम चिकनी रसीली गुलाबी रंग की तरह चमक रही है....

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प्रिंस ने आगे बढ़ के शीना की छूट को अपने नाक से एक लम्बी सांस ले के सूंघा और फिर अपनी जुबां बाहर निकाल के उसकी छूट के aas-paas फिरने लगा.... प्रिंस की जुबां को अपनी छूट पे महसूस कर के शीना मस्ती के आसमान में उड़ने लगी.... मस्ती में उसकी छूट भट्टी की तरह जल रही है..... इस वक़्त शीना पूरी तरह से गरम हो चुकी है..... प्रिंस अपनी जुबां से शीना की चाट भी रहा है और अपने होंठों से उसे चूम भी रहा है..... फिर उसने अपनी जुबां शीन की छूट में दाल दी और उसे अंडर बहार कर के उसे अपनी जुबां से छोड़ने लगा.....

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मस्ती में शीना जाने क्या क्या बड़बड़ाये जा रही है.....

शीना : मममममममम..... आआआआह्ह्ह्ह..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह.... जाआआंत्र.... हाआआआं.... आईसीईई...... Hi चाहाटूवू.... कहाआआ जाहूऊओ.... मममममम बहुत माज़आआआआ.... अअअअअअअ राहाआआआ... है.....

मस्ती में शीना का जिस्म अकड़ने लगता है.... और वो झड़ने लगती है.....

शीना : आआआआअह्ह्ह्ह..... जाआआआंत्र..... मैं गयी.....

शीना की छूट से कॉमर्स बह के प्रिंस के मुँह में जाने लगता है.... प्रिंस उसकी छूट में मुँह लगा के उसका सारा रास चाट जाता है.....

अब उसकी हालत भी खराब हो चुकी है..… उसका लुंड पूरा रोड की तरह तन्न गया है…… वो अब शीना की नाज़ुक चिकनी छूट को छोड़ने को तड़प रहा है.....

शीना प्रिंस के होंठों को चूम के कहती है.....

शीना : जान अब और मत तड़पाओ..... अपनी शीना की छूट की जैम के चुदाई करो..... जाने कब से तुम्हारे मूसल जैसे लुंड से छुड़वाने को मैं और मेरी छूट दोनों hi तड़प रही हैं..... अब एक पल भी और बर्दाश्त नहीं हो रहा है.... जल्दी से मुझे छोड़ के मेरी छूट की प्यास बुझाओ....

शीना की बात सुन के प्रिंस उठा और अपना लुंड उसकी छूट के मुहाने पे सत्ता के रगड़ने लगा....

शीना : आआआआह.... जाआआं.... अब और मत तड़पाओ अपनी शीना को.... अब दाल भी दो अपना मूसल जैसा लुंड मेरी छूट में..... मममममममम.... आआआआअह्ह्ह..... ऊऊऊओह्ह्ह्ह...

प्रिंस : आज मैं तुझे छोड़ के तेरी साड़ी गर्मी निकाल दूंगा.....

शीना : जान मेरी और मेरी छूट की गर्मी इतनी जल्दी नहीं ख़तम होने वाली……. तुझे रोज इसे छोड़ना होगा….. तभी मेरी ये रसीली छूट खुश और ठंडी रहेगी.... आआह्ह्ह्हह्ह.... मममममम.....

प्रिंस : मममममम.... हाँ हाँ क्यों नहीं.... अब जब भी तू चाहे मैं तेरी छूट को छोड़ के इसे ठंडा कर दिया करूँगा..... ये वादा है मेरा तुझसे और तेरी इस रसीली छूट से.....

शीना : सोच लो जान.... तुमने वादा किया है.... अब तुम मुकर नहीं सकते.... चाहो तो एक बार फिर सोच लो.....

प्रिंस : प्रिंस ने एक बार वादा कर दिया तो वो उसे कभी नहीं तोड़ता.... आज से मेरा ये लुंड तेरा हुआ.... तू जब चाहे इस से छुड़वा के अपनी छूट की आग ठंडी करवा सकती है....

शीना : सच्ची....

प्रिंस : मुचि....

शीना की बात सुन के प्रिंस जो कहता है उसे सुनके शीना ख़ुशी से उछाल पड़ती है जिस से प्रिंस के लुंड का सूपड़ा एक hi झटके में उसकी छूट में घुस जाता है.... और वो ज़ोर से सिसकार उठती है.....

शीना : Aaaaaaaaaagggghhhh.... मज़ा आ गया.... ममममम.... प्रिंस अब और देर मत करो और जैम के मेरी चुदाई करो.... Mmm....mmmmm..... ऊऊऊओह्ह्ह....

ये सुनते hi प्रिंस एक ज़ोर का झटका मारता है.... इसका लुंड शीना की छूट में 4 इंच तक अंडर घुस जाता है.....

शीना : आअह्हह्ह्ह्ह……. ुउउइइइइइइइइ…….. जान!!!....... dheere…….araam se……aaahhhhhh……mmmmmm….

प्रिंस : आअह्हह्ह्ह्ह…… uuuuuhhhhhhh……teri छूट तो भट्टी की तरह गरम है…….

शीना : आह्ह्ह्हह्ह.... जान तुम्हारे लुंड का hi असर है.... अब छोड़ो मुझे और अंडर तक.... मगर थोड़ा धीरे.... आह्ह्ह्हह्ह....

प्रिंस धीरे धीरे शीना की छूट में अपना लुंड अंडर बाहर करते है उसे छोड़ने लगा....

शीना को भी अब मज़ा आने लगा है.... मस्ती में वो अपनी गांड ऊपर की तरफ उठा उठा के चुदाई में प्रिंस का साथ दे रही है..... धीरे धीरे प्रिंस ने धक्के की रफ़्तार तेज़ कर दी और फिर एक करारा शॉट शीना की छूट में मारा जिस से उसका पूरा लुंड शीना की छूट में जा घुसा और सीधे उसकी बच्चेदानी से जा टकराया.... मस्ती और दर्द के मारे शीना तड़प उठी.... उसके मुँह से ज़ोरदार चीख निकल गयी.....

शीना : Aaaaaaaaaagggghhhhh.... Princeeeeeeeeeee.....dheere …… aaahhhh…....aaahhhhhh

शीना की चीख सुन के प्रिंस झुक के उसकी चूची को अपने मुँह में ले के चूसते हुए उसकी छूट में धीरे धीरे धक्के लगाने लगा.....

प्रिंस : आअह्ह्ह्हह आए……. कितनी सेक्सी छूट है शीना teri……uuuuuuuuhhhhhh.... मुझे तो जन्नत का मज़ा आआ.... रहा है..... ममममममम....

शीना : aaaaaaaaahhhhhhhhhh..... ममममममममम… जान आआह्ह्ह्हह……. आज तुम्हारा लुंड कुछ अलग hi मज़ा दे रहा है.... इतना मज़ा मुझे पहले कभी नहीं आया..... मममममम.... हाआआआंत्र.... ऐसे hi छोड़ो मुझे.... मममममम..... ऊऊऊऊह्ह्ह.... और कास के छोड़ूऊऊऊ..... फआयआयड दो मेरी छूट को...... मममममम.... अचानक से शीना का जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है.... उसकी छूट से कॉमर्स बहने लगता है..... वो अपनी गांड उठा उठा के प्रिंस का साथ दे रही है.... और झड़ने का मज़ा ले रही है....

प्रिंस मस्ती में शीना की चुदाई करने लगता है.... करीब एक घंटे तक वो उसकी छूट में अपना मूसल जैसा लुंड अंडर बहार करते हुए उसे छोड़ने लगता है.... इस बीच बुआ 4 बार झाड़ जाती है....

प्रिंस पलट के नीचे आ जाता है शीना को अपने ऊपर बैठा लेता है...

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मस्ती में शीना भी उसके मूसल जैसे लुंड पे बाथ के उस से छुड़वाने लगती है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे प्रिंस उसे नहीं बल्कि वो प्रिंस को छोड़ रही है.... छूट में लुंड उसे जन्नत का मज़ा दे रहा है..... मस्ती में वो सिसकारी लेते हुए प्रिंस के लुंड पे उछलने लगती है.....

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प्रिंस को भी बेहद मज़ा आने लगता है.... कुछ hi देर में शीना एक बार फिर से झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है.... झड़ने के बाद वो प्रिंस के जिस्म पे गिर के निढाल हो जाती है....

प्रिंस फ़ौरन पलट के उसके ऊपर आ जाता है.... उसकी छूट में सत्ता सात अपना लुंड पेलने लगता है....

शीना से अब और बर्दाश्त नहीं होता.... उसकी छूट में जलन सी होने लगती है....

शीना : प्रिंस अब बस भी कर.... मेरी छूट में जलन सी हो रही है....

प्रिंस : बस स्वीटीपीए थोड़ी देर और... मेरा बस निकलने hi वाला है....

शीना : जितना मैं आज तेरे साथ एक चुदाई में झड़ी हूँ उतना मैं पहले कभी नहीं झड़ी.... आज तेरा ये मूसल जैसा लुंड मुझे एक अलग hi मज़ा दे रहा है..... वाकई में मैं बेहद लकी हूँ..... जो तुम मेरी जान हो.....

प्रिंस : मैं भी तो लकी हूँ जो एक खूबसूरत पारी को छोड़ रहा हूँ....

शीना : आआआआअह्ह्ह्ह.... mmmmmmmmmm..... मैं तो बहोत लकी हूँ.... तभी तो तेरे मूसल जैसे लुंड से छुड़वा के जन्नत का मज़ा ले रही हूँ.... अब बातें काम कर और छोड़ मुझे....

शीना की बात सुन के प्रिंस राजधानी की स्पीड से अपना मूसल जैसा लुंड उसकी छूट में अंडर बहार करने लगता है..... अब वो भी झड़ने के करीब पहुँच जाता है....

प्रिंस : Aaaaaaaaaaaaaahhhh..... स्वीटीपीए..... मैं झड़ने वाला हूँ.....

प्रिंस एक मादक सिसकारी के साथ एक करारा शॉट उस की छूट में मारता है और अपने लुंड के सुपडे से वार्य की पिचकारी मार्के हुए उस की बच्चेदानी दानी में झड़ने लगता है.... करीब दो मिनट तक वो वार्य की पिचकारी उस की छूट में चोरता रहता है..... शीना भी मस्ती में उसके साथ झड़ने लगती है.....

दोनों इस का मज़ा लेने लगते हैं और थक के निढाल हो जाते हैं.... और एक दूसरे की बाहों में लिपट के सो जाते हैं.....

अगली सुबह.....

रानी साहिबा (नानी) नींद से जागती है.... अचानक से किसी की आवाज़ सुन के वो बुरी तरह से दर जाती है.....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 5

प्रिंस : मैं भी तो लकी हूँ जो एक खूबसूरत पारी को छोड़ रहा हूँ....

शीना : आआआआअह्ह्ह्ह.... mmmmmmmmmm..... मैं तो बहोत लकी हूँ.... तभी तो तेरे मूसल जैसे लुंड से छुड़वा के जन्नत का मज़ा ले रही हूँ.... अब बातें काम कर और छोड़ मुझे....

शीना की बात सुन के प्रिंस राजधानी की स्पीड से अपना मूसल जैसा लुंड उसकी छूट में अंडर बहार करने लगता है..... अब वो भी झड़ने के करीब पहुँच जाता है....

प्रिंस : Aaaaaaaaaaaaaahhhh..... स्वीटीपीए..... मैं झड़ने वाला हूँ.....

प्रिंस एक मादक सिसकारी के साथ एक करारा शॉट उस की छूट में मारता है और अपने लुंड के सुपडे से वार्य की पिचकारी मार्के हुए उस की बच्चे दानी में झड़ने लगता है.... करीब दो मिनट तक वो वार्य की पिचकारी उस की छूट में चोरता रहता है..... शीना भी मस्ती में उसके साथ झड़ने लगती है.....

दोनों इस का मज़ा लेने लगते हैं और थक के निढाल हो जाते हैं.... और एक दूसरे की बाहों में लिपट के सो जाते हैं.....

अगली सुबह.....

रानी साहिबा (नानी) नींद से जागती है.... अचानक से किसी की आवाज़ सुन के वो बुरी तरह से दर जाती है.....?????

अब आगे......

एक लड़की दौरति हुई आती है और डरते डरते बेगम साहिबा से कहती है....

बेगम साहिबा : पारी की नानी रानी साहिबा की बेहेन.....

आप सब यही सोच रहे हैं न की रानी साहिबा तो प्रिंस की नानी है.... जी हाँ रानी साहिबा प्रिंस के साथ साथ पारी की भी नानी है.... ये बात बहुत काम लोगों को hi मालूम है.... रानी साहिबा को.... बेगम साहिबा को..... और कुछ ख़ास लोगों को..... मगर पारी और प्रिंस इस बात से अनजान हैं की वो दोनों सेज भाई बेहेन हैं..... अब सवाल ये पैदा होता है की जब ये दोनों भाई बेहेन हैं तो फिर एक दूसरे से अलग क्यों हैं.....? क्यों दोनों एक दूसरे के बारे में नहीं जानते.....? इस क्यों और न जाने और कितने hi क्यों का जवाब मिलना अभी बाकी है..... धीरे धीरे सभी क्यों का जवाब मिल जाएगा..... फिलहाल कहानी को आगे बढ़ाते हैं.....

लड़की : जी B....B....Begam साहिबा.... वो.... वो.... वो.... नहीं है.... पारी अपने कमरे में नहीं है.....

बेगम साहिबा : क्या कहा....? पारी अपने कमरे में नहीं है.....? कहाँ गयी वो.....? उसे हमने मन किया था.... मगर वो हमारी बात सुनती hi नहीं.... दिन बड़ी बहुत ज़िद्दी होती जा रही है.... वैसे इस वक़्त वो है कहाँ....?

लड़की : जी वो श... श... शलाका से मिलने गयी है.....

लड़की के मुँह से शलाका का नाम सुन के बेगम साहिबा बुरी तरह से घबरा जाती है.....

बेगम साहिबा : क..... क.... क्या कहा..... Sh.....Sh.....laaaaaakaaaaaa.... मगर क्यों.....?

लड़की : वो.... प्रिंस के बारे में जान ने के लिए.....

बेगम साहिबा : नहीं.... जाओ जल्दी से रोको उसे इस से पहले की देर हो जाए.....

मगर इस से पहले की बेगम साहिबा अपने जादू के दम पे वहां पहुँच पाती शलाका पारी को प्रिंस के बारे में बता देती है.....

बेगम साहिबा बेहद गुस्से में : शलाका.....? तेरी हिम्मत कैसे हुई उस राज़ को खोलने की....? क्या तू ये नहीं जानती की उस राज़ से पर्दा उठने का क्या मतलब है....? आज तू ने अपनी कसम तोड़ी है.... उस राज़ को पारी को बता के तू ने अपनी मौत को दावत दी है.... मैं तुझे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी.... जान से मार दूंगी तुझे....

बेगम साहिबा को इतने गुस्से में देख शलाका बुरी तरह से दर जाती है..... और अपनी जान बचने के लिए बेगम साहिबा के पैरों पे गिर के माफ़ी मांगने लगती है.....

शलाका : रेहम बेगम साहिबा.... रेहम....

शलाका रेहम की भीक मांग रही है मगर बेगम साहिबा है की कुछ सुन ने को तैयार hi नहीं.... वो तो गुस्से में पागल हुई जा रही है.....

इधर पारी को कुछ समझ hi नहीं आ रहा है की आखिर बेगम साहिबा इतनी नाराज़ क्यों है.....? आखिर ऐसी क्या वजह है की वो ये नहीं चाहती की प्रिंस के बारे में पारी को पता चले....? आखिर प्रिंस है कौन....? वो ऐसा कौन सा राज़ है जिसके बारे में वो पारी को जान ने से रोक रही है.... और क्यों....?

अपनी जान बचने के लिए शलाका हर कोशिश कर लेती है.... मगर बेगम साहिबा है की उनका गुस्सा शांत hi नहीं हो रहा है.... वो शलाका को मारने hi वाली होती है की तभी शलाका पारी के पीछे चुप जाती है......

शलाका : पारी मुझे बचा लो.... एक तुम hi हो जो बेगम साहिबा के गुस्से को शांत कर सकती हो... और मुझे बचा सकती हो.... मैं तुम्हारे हाथ जोड़ती हूँ.... बचा लो मुझे....

इस से पहले की बेगम साहिबा शलाका पे हुम्ला करती पारी आगे बढ़ के उन्हें रोक देती है.....

पारी : रुक जाइये नानी.... शांत हो जाइये.... मेरी खातिर इसे माफ़ कर दीजिये....

पारी की बात सुनते hi बेगम साहिबा फ़ौरन वहीँ रुक जाती है.... और अपने गुस्से को शांत करने की कोशिश करने लगती है.... धीरे धीरे उनका गुस्सा शांत हो जाता है....

फिर इस से पहले की पारी कुछ पूछती बेगम साहिबा पारी को वापिस जाने को कहती है.... मौके की नज़ाकत को देख के पारी बात को आगे नहीं बढाती चुप चाप वापिस चली जाती है....

बेगम साहिबा : शलाका तू पागल तो नहीं हो गयी ये क्या किया तू ने.....? जिस राज़ को मैंने सालों से दबा के रखा था.... तू ने पारी को राज़ बता दिया.... बता तू ने ऐसा क्यों किया....? ये जान ने के बाद भी की जिस दिन पारी को उस राज़ का पता चलेगा ......... आ जायेगी.....

शलाका : नहीं बेगम साहिबा आप गलत समझ रही हैं..... पारी ने मुझसे पुछा ज़रूर था मगर मैंने उसे कुछ नहीं बताया..... मैंने अभी भी उस राज़ को राज़ hi रखा है.... मैं कैसे उसे सच बता के उस तबाही के तूफान को आने देती.... नहीं मैं ऐसा नहीं कर सकती.....

बेगम साहिबा : तू सच कह रही है.....

शलाका : हाँ.... बेगम साहिबा.... आप चाहें तो खुद देख लीजिये की हम दोनों के बीच क्या बात हुई....

शलाका की बात को कन्फर्म करने के लिए बेगम साहिबा हवा में अपने हाथ घूमती है.... धीरे धीरे सफ़ेद रंग का धूंवा सामने छाने लगता है और एक घेरे में बदल जाता है.... फिर ठीक उसके बीचो बीच लेद स्क्रीन की तरह सब कुछ साफ़ साफ़ नज़र आने लगता है.... पारी और शलाका के बीच क्या बात हुई वो बेगम साहिबा को साफ़ साफ़ दिखाई और सुनाई देने लगता है.... सब देखने और सुन ने के बाद.....

शलाका : अब आपको यकीन हुआ की मैंने पारी को कुछ नहीं बताया..... मैं सब कुछ बर्दाश्त कर सकती हूँ मगर यहाँ की तबाही नहीं..... मुझे ये अच्छे से पता है की जिस दिन पारी और प्रिंस का सच दोनों के सामने आया उस दिन यहाँ तबाही आ जायेगी.... और उस तबाही को कोई नहीं रोक पायेगा.... उस दिन सब बर्बाद हो जाएगा.... सब कुछ.....

बेगम साहिबा : हाँ मैं जानती हूँ...... मगर मुझे ये बात समझ नहीं आ रही है की आखिर पारी ने प्रिंस का नाम कैसे और क्यों लिया.....? उसे प्रिंस का नाम कैसे पता चला.... और वो प्रिंस के बारे में क्यों जान न चाहती है.....? क्यों....?

शलाका : आज पारी 18 साल की हो गयी है....

बेगम साहिबा : हाँ तो.....?

शलाका : उसके 18 साल के होते hi उसकी Power's जागने लगी है.... जिसमे सब से पहले उसकी सिक्स्थ सेंस ने अपना काम करना शुरू कर दिया है.... उसके दिल की गहराइयों में दबा प्रिंस का नाम बहार आने लगा है.... और साथ hi उसे बेचैन करने लगा है.... प्रिंस के लिए उसकी चाहत जागने लगी है.... बस इसी लिए वो प्रिंस के बारे में जान ने के लिए बेचैन होने लगी है..... वो कैसा है....? कौन है....? कहाँ है....? पारी सब जान न चाहती है..... प्रिंस उसकी जान है उसका सच्चा प्यार.... जिस दिन पारी इस बात को जान जायेगी.... उस दिन वो प्रिंस से अपने प्यार का इज़हार कर देगी और फिर होगी तबाही की शुरुवात जिसे कोई नहीं रोक पायेगा....

बेगम साहिबा : इस से पहले की पारी कुछ जाने मुझे उसे रोकना होगा....

शलाका : नहीं बेगम साहिबा आप उसे नहीं रोक सकती.... न hi सच जान ने से.... न प्रिंस से मिलने से..... न hi उसे प्रिंस के प्यार को पाने से.... और न hi तबाही को होने से..... होनी को कोई नहीं बदल सकता.... आप भी नहीं.... पारी और प्रिंस को मिलने से भी कोई नहीं रोक सकता.... वो अपना प्यार पा के hi रहेंगे.... वो एक हो के hi रहेंगे.... उनके कोई नहीं रोक सकता..... इस दुनिया की कोई ताक़त पारी और प्रिंस को एक होने से नहीं रोक सकती....

बहुम साहिबा : नहीं.... ऐसा नहीं हो सकता.... मुझे कुछ भी करके उन्हें रोकना होगा.... मैं अपने बच्चों को "गुलिस्तां" की तबाही की वजह नहीं बनने दूंगी.....

शलाका : आप तो क्या उन्हें कोई नहीं रोक सकता.... एक महीने के अंडर पारी प्रिंस तक पहुँच hi जायेगी..... उसका दिल उसे उस तक पहुंचा देगा..... वो अपने दिल के रास्ते पे चल के प्रिंस तक पहुँच hi जायेगी..... मगर उसका प्यार इतना आसान नहीं होगा.... वो प्रिंस को तो देख पाएगी मगर प्रिंस को वो नज़र नहीं आएगी..... वो प्रिंस की आवाज़ सुन पाएगी.... मगर प्रिंस उसकी आवाज़ नहीं सुन पायेगा.... उसे बस पारी के होने का एहसास होगा.... वो उस से मिलने के तड़पेगा मगर मिल नहीं पायेगा..... उन दोनों का मिलान तभी होगा जब ............................................???????

ये आगे पता चल jaayega......filhaal आगे बढ़ते हैं और चलते हैं प्रिंस के पास.....

सुबह जब प्रिंस की आँख खुलती है तब वो शीना के नंगे.... खूबसूरत.... मखमली.... हसीं.... और सेक्सी... जिस्म को अपने जिस्म से लिप्त पाटा है.... वो शीना के मासूम और प्यारे चेहरे में खो सा जाता है.... उसे शीना पे प्यार आने लगता है.... वो आगे बढ़ के शीने के होंठों को चूमने hi वाला होता है की तभी उसे किसी की दर्द भरी पुकार सुनाई देती है.... उसे ऐसा महसूस होता है की जैसे कोई उसका नाम पुकार रहा है..... इस पुकार में बेहद दर्द है.... जो उसके कानो से होते हुए उसके दिल तक जा रहा है.... उस दर्द को महसूस करते hi प्रिंस का दिल तड़प जाता है उसकी आँखें नाम हो जाती हैं.... और अचानक hi उसके लैब खुलते हैं और उसके मुँह से पारी निकलता है....

पारी........

प्रिंस अपना एक हाथ आगे बढ़ा के पारी को आवाज़ देता है..... उसकी आवाज़ सुन के शीना की नींद टूट जाती है..... प्रिंस को अपने इतने पास पा के वो बेहद खुश हो जाती है.... फिर जब उसे रात की चुदाई याद आती है तब शर्म से उसके गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं.... वो अपना चेहरा प्रिंस के सीने में छुपा लेती है.... प्रिंस एक बार फिर से अपने पिछले जनम के प्यार को आवाज़ देता है....

प्रिंस : पारी.......

प्रिंस के मुँह से किसी और लड़की का नाम (पारी) सुन के शीना उसकी तरफ देखती है.... प्रिंस की मौजूदा हालत देख शीना को बड़ी हैरानी होती है.... वो उसे हिलती है.... जिस से प्रिंस की तंत्र टूट जाती है....

शीना : ये पारी कौन है....?

प्रिंस : पारी.... कौन पारी....?

शीना : वो hi तो मैं तुमसे पूछ रही हूँ.... ये पारी कौन है....?

प्रिंस : मैं किसी पारी को नहीं जानता....

शीना : अच्छा.... तो फिर तुम उसका नाम ले के उसे आवाज़ क्यों दे रहे थे....?

प्रिंस : जी नहीं मैं ऐसा कुछ भी नहीं कर रहा था.... ये तुम्हारा वेहम है....

शीना : जी नहीं मैंने अभी तुम्हे पारी का नाम लेते हुए सुना है.... एक नहीं बल्कि 3 बार.... तुम दिल की गहराइयों से उसे आवाज़ दे रहे थे.... उसका नाम लेते hi तुम्हारी आँखें भी नाम हो गयी थी.... इनमे अभी भी आंसू हैं.... चाहो तो खुद देख लो....

प्रिंस : ये क्या तुम सुबह सुबह बेकार बातें कर रही हो... मैंने कहा न मैं किसी पारी को नहीं जानता....

शीना : मगर...

प्रिंस : अगर मगर चोरो और जल्दी से तैयार हो जाओ.... टाइम देखा है.... सुबह के 7 बज रहे हैं.... आज तो पक्का नानी मेरी बंद बजा देगी....

ये कह के प्रिंस फ़ौरन बाथरूम में जा के फ्रेश होता है... और तैयार होक वहां से अपने घर की तरफ चल देता है....

इधर रानी साहिबा (नानी) जब नींद से जागती है.... तब अचानक से किसी की आवाज़ सुन के वो बुरी तरह से दर जाती है....

नानी : बेगम.... तू यहाँ....?

बेगम साहिबा : हाँ मैं....

नानी : तू यहाँ कैसे और क्यों आयी है....? मैंने तुझे मन किया था न यहाँ आने से..... चली जा यहाँ से इस से पहले की प्रिंस तुझे देखे.... अगर प्रिंस ने तुझे देख लिया तो क़यामत आ जायेगी.... उसे सब याद आ जाएगा.... उसे पिछले जनम की साड़ी बात याद आ जायेगी.... और फिर शुरू होगी तबाही.... "गुलिस्तां" की तबाही.... जिस को तबाही से बचने के लिए मैंने क्या कुछ नहीं किया.... यहाँ तक की न चाहते हुए भी गुलिस्तां को चोर के मुझे यहाँ आ के रहना पड़ा.... मैंनही चाहती जो तबाही 100 साल पहले हुई थी वो एक बार फिर हो.... उस वक़्त तो प्रिंस और पारी ने अपनी जान दे के गुलिस्तां को बचा लिया था.... मगर इस बार शायद वो फिर न हो पाए.... इस बार शायद प्रिंस अपने प्यार की कुर्बानी न दे.... और गुलिस्तां को तबाह होने से न रोक पाए.... जा चली जा यहाँ से... इस से पहले की प्रिंस तुझे देख ले....

बेगम साहिबा : मेरी मजबूरी थी.... वर्ण मैं यहाँ हरगिज़ नहीं आती....

नानी : कैसी मजबूरी....? जो तुझे इतने सालों बाद यहाँ खींच लायी....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 6

इधर रानी साहिबा (नानी) जब नींद से जागती है.... तब अचानक से किसी की आवाज़ सुन के वो बुरी तरह से दर जाती है....

नानी : बेगम.... तू यहाँ....?

बेगम साहिबा : हाँ मैं....

नानी : तू यहाँ कैसे और क्यों आयी है....? मैंने तुझे मन किया था न यहाँ आने से..... चली जा यहाँ से इस से पहले की प्रिंस तुझे देखे.... अगर प्रिंस ने तुझे देख लिया तो क़यामत आ जायेगी.... उसे सब याद आ जाएगा.... उसे पिछले जनम की साड़ी बात याद आ जायेगी.... और फिर शुरू होगी तबाही.... "गुलिस्तां" की तबाही.... जिस को तबाही से बचने के लिए मैंने क्या कुछ नहीं किया.... यहाँ तक की न चाहते हुए भी गुलिस्तां को चोर के मुझे यहाँ आ के रहना पड़ा.... मैंनही चाहती जो तबाही 100 साल पहले हुई थी वो एक बार फिर हो.... उस वक़्त तो प्रिंस और पारी ने अपनी जान दे के गुलिस्तां को बचा लिया था.... मगर इस बार शायद वो फिर न हो पाए.... इस बार शायद प्रिंस अपने प्यार की कुर्बानी न दे.... और गुलिस्तां को तबाह होने से न रोक पाए.... जा चली जा यहाँ से... इस से पहले की प्रिंस तुझे देख ले....

बेगम साहिबा : मेरी मजबूरी थी.... वर्ण मैं यहाँ हरगिज़ नहीं आती....

नानी : कैसी मजबूरी....? जो तुझे इतने सालों बाद यहाँ खींच लायी....??????

अब आगे....

बेगम साहिबा नानी को पूरी बात बताती है जिसे सुन के नानी भी बेहद घबरा जाती है.....

बेगम साहिबा : अब आप hi बताइये की क्या किया जाए....?

नानी : मुझे भी कुछ समझ नहीं आ रहा है की क्या किया जाए....? न hi पारी और प्रिंस को मिलने से रोका जा सकता है और न hi गुलिस्तां को तबाह होने से....

बेगम : एक रास्ता है शायद....

नानी : क्या है वो..... बता जल्दी....

बेगम : बंगारू बाबा..... क्यों न उनसे बात की जाए....? उनके पास हर मसले का हल होता है.... इसका भी ज़रूर होगा.....

नानी : तू जो कह रही है वो ठीक है मगर बंगारू बाबा कुछ नहीं बताएँगे.... पारी और प्रिंस की मौत के बाद से वो बेहद सदमे में हैं..... उन्होंने खुद को किसी ख़ास जगह बंद कर लिया है.... जिसके बारे में किसी को नहीं पता....

बेगम : मुझे पता है... की वो कहाँ हैं और ये भी की वो हमारी मदत भले hi न करें बल्कि प्रिंस की मदत ज़रूर करेंगे.... वो प्रिंस को बेहद चाहते हैं.... अपने सेज बेटे से भी ज़्यादा अज़ीज़ है प्रिंस उन्हें.... जब उन्हें ये पता चलेगा की प्रिंस लौट आया है तब वो फ़ौरन उस से मिलना चाहेंगे.... ठीक तभी हम उनसे गुलिस्तां की तबाही को रोकने को कहेंगे....

नानी : वो इस बात के लिए कभी नहीं माने गए..... पिछली बार जो हुवा उसके बाद तो कभी नहीं.... वो एक बार फिर से प्रिंस को मौत के मुँह में जाने नहीं देंगे....

बेगम : हाँ वो तो है.... तो... अब क्या किया जाए....?

नानी : मममममम.... हाँ... एक तरीका है.... दोनों (प्रिंस और पारी) को मिलने से रोकने का.... न दोनों मिलेंगे और न तबाही होगी.... हम को बस बंगारू बाबा को ये बताना है की प्रिंस लौट आया है.... बस फिर बाकी का काम बाबा खुद करेंगे..... बस हमारी परेशानी दूर हो गयी.....

बेगम : वो तो ठीक है मगर अभी हमारी परेशानी दूर नहीं हुई है.... बाबा अभी जहाँ हैं वहां से वो बहार एक महीने बाद hi आएंगे.....

नानी : क्या कहा एक महीना..... मगर क्यों....?

बेगम : गुलिस्तां और प्रिंस की वजह से.... जिस गुलिस्तां को तबाही से बचने के लिए प्रिंस और पारी ने अपने प्यार और जान की क़ुर्बानी दी थी उसे तबाही से बचने के लिए..... मरते वक़्त प्रिंस ने बाबा से वादा लिया था की वो गुलिस्तां की हिफाज़त करेंगे.... उसे कोई नुक्सान नहीं पहुँचने देंगे.... बस इस लिए वो ....... जगह पे असीम पावर को पाने के लिए साधना कर रहे हैं ताकि उनका इस्तेमाल वो गुलिस्तां को बचने के लिए कर सकें..... उस साधना को पूरा होने में एक महीना बाकी है....

नानी : तो अब क्या करें....? एक महीना बहुत ज़्यादा होता है..... इस बीच अगर पारी और प्रिंस का मिलान हो गया तो.... नहीं नहीं हम को कुछ भी कर के दोनों को मिलने से रोकना होगा.... जब तक बाबा की साधना पूरी न हो जाए....

बेगम : मगर कैसे....? हर गुज़रते पल के साथ पारी के दिल में प्रिंस से मिलने की तड़प बढ़ती hi जा रही है.... जल्द hi वो प्रिंस को ढूंढते ढूंढते यहाँ आ जायेगी....

नानी : तो फिर....

बेगम : एक तरीका है..... क्यों न प्रिंस को यहाँ से कहीं दूर भेज दिया जाए..... इस से हम को वक़्त मिल जाएगा.... जब तक पारी प्रिंस को ढूंढते ढूंढते उसके पास पहुंचेगी तब तक (........) हो चूका होगा....

नानी : हाँ मगर वो भी तो गलत hi होगा..... वो भी तो पारी की hi तरह प्रिंस की बेहेन hi है....

बेगम : हाँ.... मगर हम कर भी क्या सकते हैं.... जो उनकी किस्मत में लिखा है वो हो के hi रहेगा....

फिर आगे क्या और कैसे करना है ये तये कर के बेगम वहां से गुलिस्तां चली जाती है.....

बेगम के जाने के बाद नानी काफी परेशान हो जाती है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की अपने जिगर के टुकड़े प्रिंस को.... जिसे उन्होंने एक माँ की तरह अपने सीने से लगा के पाला है उसे खुद से दूर करे तो कैसे....? जब से प्रिंस पैदा हुआ है तब से ले के आज तक वो कभी भी उनसे दूर नहीं हुआ.... एक दिन के लिए भी नहीं.... और न चाहते हुए भी आज ऐसे हालात आ गए हैं की उन्हें प्रिंस को खुद से दूर भेजना पद रहा है..... जो उनके लिए बेहद मुश्किल है.... मगर प्रिंस की भलाई और उसकी जान बचने के साथ साथ गुलिस्तां को तबाह होने से बचने के लिए उन्हें प्रिंस को अपने जिगर के टुकड़े को खुद से दूर करना hi होगा.... मगर कैसे ये उन्हें समझ नहीं आ रहा.... वो इस बात को ले के और भी ज़्यादा परेशां है की अगर प्रिंस ने जाने से मन कर दिया तो क्या होगा....? ये सोच सोच के उन्हें बेहद घबराहट सी हो रही है.... एक तरफ अपने जिगर के टुकड़े को खुद से दूर करने की बात सोच के hi उनका दिल तरप रहा है तो वहीँ दूसरी तरफ उसकी जान बचने की खातिर उनका दिमाग उनके दिल को मज़बूत बनने को कह रहा है.... इस दिल और दिमाग की जुंग में नानी फस के रह गयी है... उन्हें समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो करे तो क्या करे....?

ठीक तभी प्रिंस घर में दाखिल होता है..... और चेंज करके नाश्ता करने डाइनिंग टेबल पे आ जाता है....

वहां नानी को परेशान देख वो उनसे उनकी परेशानी की वजह पूछता है.... मगर नानी ऑफिस का टेंशन बोल के बात को घुमा देती है.....

प्रिंस : N....N....Na...Naani मुझे aap.....se कुछ कहना है....

नानी : क्या कहना है....? बोल न... ऐसी क्या बात है जिसे कहने से तू इतना घबरा रहा है.....

प्रिंस : नानी वो बात ऐसी है की.... वो न.... मैं न.... वो न.... क्या है की.... वो बात छोटी सी है.... मगर बेहद इम्पोर्टेन्ट है.... वो क्या है की.....

नानी : क्यों बात को घुमा रहा है.... जो भी कहना है खुल के कह...

प्रिंस : वो बात hi कुछ ऐसी है की डरता हूँ आप नाराज़ न हो जाए....

नानी : तो तू जो कहना चाहता है वो कह दे या फिर रहने दे....

प्रिंस : जी वो बात ये है की आप मेरी प्यारी नानी हो न.... मेरी सब से प्यारी नानी.... सब से सअअअअअअबसे प्यारी नानी.... इस पूरी दुनिया में कोई भी मेरी नानी जैसा नहीं.... आप बेस्ट हो.... World's बेस्ट नानी....

नानी : तुझे पैसे चाहिए....

प्रिंस : नहीं नानी.... मुझे पैसे नहीं चाहिए....

नानी : तो फिर इतना मस्का क्यों लगा रहा है.....

प्रिंस : जी वो क्या है की मैं न अपने दम पे कुछ करना चाहता हूँ....

नानी : हाँ तो कर न मैंने कब मन किया.... तुझे जो करना है कर.... इसमें गलत क्या है....

प्रिंस : नहीं नानी आप मेरी बात समझी नहीं.... अपने दम पे से मेरा मतलब है की मैं चाहता हूँ की इस दुनिया में लोग मुझे मेरे नाम से जाने.... न की आपके नाम से.... आज तक लोग मुझे आप के नाम से hi जानते हैं.... हर जगह लोग मुझे एक hi नाम से पुकारते हैं.... आप को पता है वो क्या कहते हैं....? जब भी मैं कहीं जाता हूँ तब लोग ये कहते हैं.... वो देखो रानी साहिबा का नाती जा रहा.... वो देखो वो है रानी साहिबा का नाती.... मेरे दोस्तों के सिवाए कोई भी मुझे मेरे नाम से नहीं पुकारता और न hi कोई पहचानता है..... हर जगह आप hi नज़र आती हो.... मैं तो जैसे कहीं हूँ hi नहीं.... बचपन से ले के आज तक मैंने एक hi आवाज़ सुनी है और वो है रानी साहिबा का नाती.... थक गया हूँ मैं ये सुनते सुनते..... अब मैं अपनी पहचान बनाना चाहता हूँ....

नानी : हाँ तो ठीक है न.... तो इस में प्रॉब्लम क्या है....?

प्रिंस : प्रॉब्लम ये है की मैं यहाँ से कहीं दूर.... बहुत दूर जाना चाहता हूँ..... किसी ऐसी जगह जहाँ मुझे कोई नहीं जानता हो..... दूर कहीं मैं अपनी पहचान बनाना चाहता हूँ.... एक कंपनी खोलना चाहता हूँ.... एक ऐसी कंपनी जो मेरी हो.... सिर्फ मेरी.... उस जगह के लोग मुझे और मेरी कंपनी को मेरे नाम से जाने न की रानी शैब्या के नाम से..... बस इसी बात की इजाज़त मैं आपसे चाहता हूँ....

प्रिंस की बात सुन के नानी कोई जवाब नहीं देती बस ख़ामोशी से उसे देखती रहती है..... जिस बात को लेके वो इतनी परेशान थी.... उस परेशानी को प्रिंस ने खुद दूर कर दिया था.....

नानी को कुछ न कहते देख प्रिंस एक बार फिर से उन्हें मानाने की कोशिश करता है.... वो अपने घुटनो के बल ज़मीन पे बाथ जाता है और अपनी हाथ जोड़ के नानी से प्यार से कहता है.....

प्रिंस : नानी मुझे अपनी पहचान बनाने के लिए बस दो साल चाहिए.... बस 2 साल.... इन 2 सालों में मैं वो मोकाम.... वो पहचान हासिल कर लूंगा जो मैं चाहता हूँ.... प्लीज मुझे दो साल दे दीजिये.... प्लीज नानी मुझे मेरी अपनी ज़िन्दगी के दो साल दे दीजिये.... प्लीज.... प्लीसीईईई.... नाआआआआई.... क्या आप मेरी इतनी सी बात नहीं मानेगी.... आप तो मेरी प्यारी नानी हो न.... प्लीज मुझे मेरी लाइफ के 2 साल दे दीजिये.... Pleaseeeeeeeeeee.... इस के बाद मैं आप से कुछ नहीं मांगूगा.... प्लीज नानी... प्लीसीईईई....

ये कह के प्रिंस नानी के जवाब का इंतज़ार करने लगता है....

प्रिंस की बात सुन के नानी काफी देर तक खामोश बस उसे देखती रहती है फिर जो वो कहती है उसे सुन के प्रिंस की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.....

नानी : ठीक है.... जो तू चाहता है वो कर ले..... दिए तुझे दो साल.... बना ले अपनी पहचान..... मगर मेरी कुछ शर्तें हैं जो तुझे मान नई होंगी.....

प्रिंस : शर्तें.....!!!!! कैसी शर्तें.....???????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 7

प्रिंस : नानी मुझे अपनी पहचान बनाने के लिए बस दो साल चाहिए.... बस 2 साल.... इन 2 सालों में मैं वो मोकाम.... वो पहचान हासिल कर लूंगा जो मैं चाहता हूँ.... प्लीज मुझे दो साल दे दीजिये.... प्लीज नानी मुझे मेरी अपनी ज़िन्दगी के दो साल दे दीजिये.... प्लीज.... प्लीसीईईई.... नाआआआआई.... क्या आप मेरी इतनी सी बात नहीं मानेगी.... आप तो मेरी प्यारी नानी हो न.... प्लीज मुझे मेरी लाइफ के 2 साल दे दीजिये.... Pleaseeeeeeeeeee.... इस के बाद मैं आप से कुछ नहीं मांगूगा.... प्लीज नानी... प्लीसीईईई....

ये कह के प्रिंस नानी के जवाब का इंतज़ार करने लगता है....

प्रिंस की बात सुन के नानी काफी देर तक खामोश बस उसे देखती रहती है फिर जो वो कहती है उसे सुन के प्रिंस की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.....

नानी : ठीक है.... जो तू चाहता है वो कर ले..... दिए तुझे दो साल.... बना ले अपनी पहचान..... मगर मेरी कुछ शर्तें हैं जो तुझे मान नई होंगी.....

प्रिंस : शर्तें.....!!!!! कैसी शर्तें.....???????

अब आगे.....

नानी : सबसे पहली शर्त ये है की तू जहाँ भी जाएगा अकेला नहीं जाएगा..... ज़रा तेरे साथ जायेगी.....

प्रिंस : ज़रा.... वो पागल चिपकू....

नानी : न hi वो पागल है और न hi वो चिपकू है.... वो तो बड़ी प्यारी है.... स्वीट सी.... क्यूट सी....

प्रिंस : वो पागल भी है और चिपकू भी..... उसे बस मौका मिलना चाहिए मुझसे चिपकने का..... और रही बात उसके पागलपन की तो किसी ने मुझे छुआ नहीं की ज़रा उसकी बंद बजा देती है.... वो उसे चीयर पहाड़ के रख देती है....

नानी : वो चाहे चिपकू हो चाहे पागल.... वो हर पल हर लम्हे तेरे साथ रहेगी....

प्रिंस : मगर क्यों....?

नानी : तेरी हिफाज़त के लिए....

नानी की बात सुन के प्रिंस हसने लगता है.....

प्रिंस : हहहहहहहह..... वो चिपकू चुहिया और मेरी हिफाज़त करेगी.... अच्छा मज़ाक कर लेती हैं आप नानी.....

नानी : ये मज़ाक नहीं है और न hi वो चुहिया है.... ज़रा वर्ल्ड की टॉप हार्डकोर Fighter's में से एक है.... वो बड़े से बड़े फिघ्टर्स को चुटकी में मार गिरती है.....

प्रिंस : मुझसे तो कभी जीत नहीं पायी.... और आप उसे बेस्ट फाइटर कह रही हैं.... वो भी वर्ल्ड की.... ये मज़ाक नहीं तो और क्या है.....?

नानी : तुझे हराना उसके लिए तो क्या इस दुनिया में किसी के लिए भी मुमकिन नहीं....

प्रिंस : अच्छा.... मगर क्यों....? मुझ में ऐसी क्या ख़ास बात है.... मैं भी तो औरों की तरह एक आम इंसान हूँ... न की वो आपका सो कॉल्ड हार्डकोर फाइटर...

नानी : जो भी हो.... एक बार मैंने कह दिया तो कह दिया.... ज़रा तुम्हारे साथ जायेगी.... तो जायेगी.... अब अगली शर्त सुनो....

प्रिंस : वो भी सुना दीजिये....

नानी : मेरी अगली शर्त ये है की तेरे बिज़नेस के लिए जितने भी पैसे लगेंगे वो तू अपने इस्तेमाल करेगा न की किसी बैंक से या फिर किसी और से लेगा....

प्रिंस : मगर मेरे पास पैसे हैं कहाँ.....?

इस से पहले की नानी कुछ कहती.....

भीमसेन वहां आ जाता है और नानी को कुछ Paper's देता है.... नानी वो Paper's प्रिंस को दे के उसे उनपे सिग्न करने को कहती है....

नानी : प्रिंस इन Paper's पे सिग्न कर दो....

Paper's देख के प्रिंस चौंक जाता है....

प्रिंस : ये तो प्रॉपर्टी के Paper's हैं....

नानी : हाँ.... इनपे सिग्न करने के बाद तुम हमारी अरबो की जायदाद के वारिस बन जाओगे.... चलो जल्दी से इनपे सिग्न कर दो....

प्रिंस : नहीं नानी.... मुझे ये अरबो की जायदाद नहीं चाहिए.... मैंने आपसे पहले hi कहा है की मैं अपने दम पे सब करना चाहता हूँ....

नानी : तो कर न मैं तुझे कहाँ रोक रही हूँ..... मैं तो बस ये चाहती हूँ की जो तेरा है वो तेरे पास हो.... और वो hi तुझे दे रही हूँ.....

प्रिंस : मैंने कहा न नानी की मुझे ये सब नहीं चाहिए...

नानी : तू चाहे न चाहे मगर तुझे ये सब लेना hi होगा.... इसे तू मेरी शर्त समझ या फिर ज़िद....

प्रिंस : मगर....

नानी : अगर मगर कुछ नहीं.... अगर तुझे यहाँ से दूर जा के अपनी पहचान बनानी है तो तुझे इन पे सिग्न करना hi होगा.... अब ये तेरे ऊपर है की तू क्या चाहता है.... इनपे सिग्न कर के अपनी पहचान बनाने जाना चाहता है... या फिर यहीं मेरे साथ रह के मेरे नाम से साड़ी ज़िन्दगी जीना चाहता है....

प्रिंस मरता क्या न करता.... नानी की बात मान ने के अलावा उसके पास और कोई चारा नहीं है.... न चाहते हुए भी उसे उन Paper's पे सिग्न करना hi पड़ता है....

नानी : तू नहीं जानता.... इन Paper's पे सिग्न करके तू ने आज मुझे कितनी बड़ी ख़ुशी दी है.... आज से तू हमारी अरबो की जायदाद का एकलौते वारिस बन गया है.... आज से बल्कि अभी से दुनिया के हर एक बैंक में जो हमारे एकाउंट्स हैं उनमे तेरा सिग्न चलेगा... तू जब चाहे जिस बैंक से चाहे जितने पैसे चाहे निकाल सकता है....

प्रिंस : क्या अब मैं अपनी पहचान बनाने जा सकता हूँ.....

नानी : दिल तो नहीं चाहता है तुझे कहीं भेजने का मगर... तेरे लिए मुझे ये भी मंज़ूर है.... बहुत मुश्किल है मगर फिर भी सिर्फ और सिर्फ तेरी खातिर मैं तुझसे दूर रह लुंगी....

नानी की बात सुन के प्रिंस ख़ुशी से उछाल पड़ता है.... और आगे बढ़ के उनके सीने से लिपट जाता है....

प्रिंस : ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह.... थैंक यू नानी.... थैंक यू वैरी मच.... अप्प बहुत स्वीट हो..... प्यारी हो.... वर्ल्ड की बेस्ट नानी हो.... ी लव यू.... ी लव यू.... ी लव यू.... Soooooooooooo.. मच....

फिर वो अपने Friend's को कॉल करता है और उन्हें जल्द से जल्द मिलने के लिए बुलाता है.....

सैम : क्या बात है प्रिंस तुमने हम सब को इतनी ुरगेंटली यहाँ क्यों आने को कहा....?

प्रिंस : वो बात hi कुछ ऐसी है..... आज मैं बेहद खुश हूँ..... बेहद....

विजय : कोई नयी पताका मिल गयी है क्या.....?

प्रिंस : साले तुझे लड़कियों के अलावा और कुछ सूझता नहीं है क्या.....? जब देखो तब लड़कियों की बात करता रहता है....

विजय : जिसके पास जो चीज़ नहीं होती उसे उसी की hi चाहत रहती है.... मैं तेरे जितना खुश नसीब नहीं हूँ.... जिसे 24 घंटे लडकियां घेरे रहती हैं..... साले तू शाही किस्मत ले के पैदा हुआ है..... तू चाहे न चाहे लडकियां तेरी दीवानी हैं.... जो एक बार तुझे देख ले तुझपे मर मिट टी है.... अपनी ऐसी किस्मत कहाँ.... यहाँ तो एक के भी वनडे हैं..... काश एक लड़की मिल जाए जिसे मैं अपना कह सकूँ.... मगर तेरे रहते वो भी मुमकिन नहीं..... जब भी मैं कोई लड़की पटटा हूँ.... तुझे देखते hi वो मुझे चोर के तेरे पास चली जाती है.... और तू कह रहा है लड़की..... लडकियां तो मेरे लिए ख्वाब बन के रह गयी हैं.....

सैर : वो तो तू ने ठीक कहा..... प्रिंस है hi इतना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम की इसे देखते hi इस पे प्यार आने लगता है.... है काश सैम के मिलने से पहले प्रिंस मुझे मिल गया होता....

सैम : सैर.... ये तुम क्या कह रही हो....?

सैर : वो hi जो सच है... मगर क्या करूँ मैं छह के भी इस सच को बदल नहीं सकती..... मेरी किस्मत में प्रिंस का नहीं तुम्हारा प्यार लिखा है... मेरे प्यारे सैम का....

सैर की बात सुन के सैम खुश हो जाता... और आगे बढ़ के उसे अपने सीने से लगा लेता है....

सैम : हाउ स्वीट....

मैक्स : लो देख लो लव bird's को मौका मिला नहीं की ये शुरू हो गए.... अगर तुम दोनों का मिलान पूरा हो गया हो तो क्या हम प्रिंस की बात सुन सकते हैं.... प्रिंस तू बोल क्या बोलना चाहता है...

प्रिंस : अबे ये वानर सेना मुझे कुछ बोलने का मौका दे तब न मैं कुछ बोलूं.....

मैक्स : तू बोल यार.... अब कोई बीच में नहीं बोलेगा....

प्रिंस : हाँ तो बात ऐसी है की मैं एक नया बिज़नेस स्टार्ट करने जा रहा हूँ... जिसमे मुझे तुम सब के साथ की ज़रूरत है.....

सैम : वाओ यार ये तो अच्छी बात है.... That's ग्रेट....

मैक्स : हाँ यार इस बात पे तो पार्टी होनी चाहिए.....

सैर : हाँ हाँ.... वे वांट पार्टी.... वो भी प्रिंस के ख़ास सतलए वाली....

प्रिंस : हाँ यार दे दूंगा पार्टी मगर अभी नहीं.... अभी वक़्त नहीं है.... जल्द से जल्द सब जा के सामान पैक कर के 2 घंटे में मुझे एयरपोर्ट पे आ के मिलो....

सैम : एयरपोर्ट पे मगर क्यों....? हम कहीं जा रहे हैं क्या.....?

प्रिंस : हाँ यहाँ से दूर.... बहुत दूर जहाँ मुझे कोई नहीं जानता हो.....

सैम : अच्छा मगर क्यों....?

प्रिंस : यार तू सवाल बहुत पूछता है....?

सैम : तू ने बात hi ऐसी की है.... एक तरफ तू कह रहा है की तुझे अपना नया बिज़नेस शुरू करना है और दूसरी तरफ तू ये कह रहा है की तू किसी ऐसी जगह जाना छह रहा है जहाँ तुझे कोई नहीं जानता हो.... ये बात कुछ समझ नहीं आ रही.... न hi ये की इस दुनिया में ऐसी कौनसी जगह है जहाँ रानी साहिबा के नाती को नहीं जानते.... यानी तुझे नहीं जानते....

प्रिंस : है एक ऐसी जगह.... जहाँ मुझे कोई नहीं जानता..... न hi रानी साहिबा के नाम से और न hi प्रिंस के नाम से.....

विजय : अच्छा... ज़रा मैं भी तो सुनु की वो ऐसी कौनसी जगह है जहाँ लोग तुझे.... प्रिंस थे ग्रेट को नहीं जानते....

प्रिंस : यार वो सब मैं बाद में बता दूंगा.... फिलहाल जल्दी से घर जा के पैकिंग करो और मुझे एयरपोर्ट पे आ के मिलो....

सैम : मगर इतनी जल्दी भी क्या है....?

विजय : कहीं तेरी गर्लफ्रेंड तो नहीं भाग गयी.....? क्यों सैम मैंने ठीक कहा न...

ये कह के विजय ज़ोर ज़ोर से हसने लगता है.....

हहहहहहह....

सैम : हाँ यार इसकी जल्दबाज़ी देख के तो ऐसा hi लग रहा है....

दोनों की बात सुन के प्रिंस गुस्से में आ जाता है....

प्रिंस : सालो एक तो बड़ी मुश्किल से मुझे यहाँ से जाने का मौका मिला है और तुम लोग हो की तुम्हे मज़ाक सूझ रहा है.... इस से पहले की नानी अपना फैसला बदल दे और मुझे कहीं भी जाने न दे.... मैं जल्द से जल्द वहां पहुँच जाना चाहता हूँ.....

सैम : तू क्या कह रहा है हमारी समझ में कुछ नहीं आ रहा है.....

प्रिंस : अभी वक़्त नहीं है.... प्लेन में मैं तुम लोगों को पूरी बात बता दूंगा.... फिलहाल जल्दी से जाओ और 1.30 घंटे में मुझे एयरपोर्ट पे आ के मिलो....

विजय : अबे अभी कुछ देर पहले तो तू ने 2 घंटा कहा था और अब 1.30 घंटा कह रहा है....

विजय की बात सुन के प्रिंस का गुस्सा तेज़ होने लगता है.... जिसे देख वहां मौजूद सभी दर जाते हैं.... वहां मौजूद सब अच्छे से जानते हैं की प्रिंस को गुस्सा दिलाने का मतलब है मौत को दावत देना.... गुस्से में प्रिंस एक घायल शेर से भी ज़्यादा खतरनाक बन जाता है.... इस से पहले की प्रिंस गुस्सा करता सब वहां से निकल लेते हैं....

दो घंटे में सब एयरपोर्ट पे मिलते हैं.... प्रिंस सब को साथ लेके अपने प्राइवेट प्लेन में बैठ के निकल लेता है....

****************************************

सब ज़ोर ज़ोर से चीयर कर रहे हैं..... और एक hi नाम ले रहे हैं.... वो नाम है....

रूही.....

जी हाँ रूही.... यहाँ बाइक रेस हो रही है.... और सब से आगे इस वक़्त दो hi खिलाडी हैं और वो हैं..... रूही और फ़िरोज़.... दोनों में 36 का आखड़ा है.... दो no hi हमेशा एक दूसरे को हारने में लगे रहते हैं.... फ़िरोज़ हमेशा hi रूही से हारता आया है.... साम दाम दंड भेद.... उसने सारे तरीकों से कोशिश की है.... मगर उसकी जीत कभी नहीं हुई.... वो चाहे बाइक रेस हो या फिर कोई शर्त.... रूही हमेशा hi उस से जीत टी आयी है.... पूरे शिमला में ऐसा कोई नहीं जो रूही को हरा सके.... रूही जितनी दिलेर है उतनी hi खूबसूरत भी.... उस जैसी खूबसूरत और सेक्सी शिमला में तो क्या पूरे इंडिया में कोई नहीं.... इस साल उसे मिस शिमला के खिताब से भी नवाज़ा गया है..... उसकी नीली नीली आँखें... गोरा गुलाबी चेहरा.... संगेमरमर जैसे हसीं खूबसूरत और सेक्सी जिस्म जिसे देख के हर कोई उसका दीवाना बन जाता है....

देखते hi देखते रूही रेस जीत जाती है.... और ख़ुशी से नाचने लगती है और साथ hi फ़िरोज़ को चिढ़ाने भी लगती है.....

हारने के बाद फ़िरोज़ को उसके पेअर को छू के उस से माफ़ी मांगनी पड़ती है.... जिस से फ़िरोज़ गुस्से से पागल हो जाता है.... मगर वो छह के भी रूही का कुछ नहीं बिगाड़ पाटा....

रूही : क्या हुआ फ़िरोज़....? गुस्सा आ रहा है क्या....? अले अले देखो छोटू को.... इसे गुच्छा आ लाहा है....

ये कह के रूही फ़िरोज़ का मज़ाक बनाने लगती है.....

फ़िरोज़ गुस्से में : तुझे अपने पैरों पे न झुकाया तो मेरा नाम बदल देना....

रूही : अच्छा.... चल तू कहता है तो मैं अगली बार ऐसा hi करुँगी....? अगली बार जब तू मुझसे हारेगा तब मैं तेरा नाम बदल दूंगी.... मगर ये तू बता की तेरे बदल के तेरा नाम क्या रखना है.....?

तभी पीछे से सिमी जो कहती है उसे सुन के रूही ज़ोर ज़ोर से हसने लगती है वहीँ फ़िरोज़ गुस्से से पागल हो जाता है....

सिमी : इस का नाम फत्तू रख देते हैं... फत्तू भाई..... हहहहहहहह....

फ़िरोज़ गुस्से में सिमी को मारने के लिए आगे आता है मगर रूही बीच में आ के उसे रोक देती है... वो उसे सिमी को कुछ करने नहीं देती....

फ़िरोज़ : तुम दोनों को मैं देख लूंगा.... एक दिन ऐसा मज़ा चखाउंगा की तुम दोनों की साड़ी हेकड़ी और होशियारी निकल जायेगी.... देख लेना....

रूही : अबे जा जा ये गीदर भापकी किसी और को देना.... इस से पहले की मुझे गुस्सा आ जाए और गुस्से में मैं तेरी बंद बजा दूँ निकल ले यहाँ से.....

फ़िरोज़ गुस्से में हाथ मलते हुए वहां से निकल जाता है....

सिमी : रूही तो आज कहाँ चलना पार्टी करने.....?

रूही : तू बता कहाँ चलें....?

सिमी : वो जो नया क्लब खुला है वहां चलते हैं.....

रूही : वाओ तो फिर चलो देर किस बात की....

दोनों अपने Friend's के साथ पार्टी करने नए क्लब में चल देते हैं.... वहां सब मस्ती में बियर पीते हैं और नाचते गाते हैं.... करीब रात के 11 बजे रूही का मोबाइल बजने लगता है.... स्क्रीन पे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख के रूही बुरी तरह से घबरा जाती है..... दर के मारे उसके पसीने छूटने लगते हैं....?????
 
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