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मेरी आशिकी तुमसे hi.....
अपडेट 8
फ़िरोज़ : तुम दोनों को मैं देख लूंगा.... एक दिन ऐसा मज़ा चखाउंगा की तुम दोनों की साड़ी हेकड़ी और होशियारी निकल जायेगी.... देख लेना....
रूही : अबे जा जा ये गीदर भापकी किसी और को देना.... इस से पहले की मुझे गुस्सा आ जाए और गुस्से में मैं तेरी बंद बजा दूँ निकल ले यहाँ से.....
फ़िरोज़ गुस्से में हाथ मलते हुए वहां से निकल जाता है....
सिमी : रूही तो आज कहाँ चलना पार्टी करने.....?
रूही : तू बता कहाँ चलें....?
सिमी : वो जो नया क्लब खुला है वहां चलते हैं.....
रूही : वाओ तो फिर चलो देर किस बात की....
दोनों अपने Friend's के साथ पार्टी करने नए क्लब में चल देते हैं.... वहां सब मस्ती में बियर पीते हैं और नाचते गाते हैं.... करीब रात के 11 बजे रूही का मोबाइल बजने लगता है.... स्क्रीन पे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख के रूही बुरी तरह से घबरा जाती है..... दर के मारे उसके पसीने छूटने लगते हैं....?????
अब आगे.....
एक तरफ बियर का नशा तो दूसरी तरफ क्लब की चकाचोंध.... और साथ में दोस्ती के साथ डांस मस्ती.... रूही और सिमी धमाल मचा रही हैं..... नशे और मस्ती में झूम रही हैं..... जीत की ख़ुशी का जश्न मन रही हैं....
की तभी फ़िरोज़ उनके पास आ के खड़ा हो जाता है....
रूही : फ़िरोज़ तू....!!!! तू यहाँ क्या कर रहा है.....?
फ़िरोज़ : क्यों ये तेरे अब्बा का डिस्को है क्या जो मैं यहाँ नहीं आ सकता....? अभी फ़िरोज़ ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है....
Chataaaaaaaaaak.....
थप्पड़ इतना ज़ोरदार था की फ़िरोज़ पूरी तरह से हिल जाता है और पीछे गिरता है....
रूही : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे अब्बा का नाम लेने की.....? आज मैं तेरी वो हालत करुँगी की तू दोबारा ऐसा कहने से पहले 100 बार सोचेगा....
ये कह के रूही उसे मारने लगती है.... बड़ी मुश्किल से फ़िरोज़ खुद को रूही से बचता है.... और वहां से दूर चला जाता है.... गुस्से से उसका दिमाग पहात रहा है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की वो क्या करे....? अपनी बेइज़्ज़ती का बदला लेने के लिए वो तड़प रहा है.... तभी अचानक से उसे एक आईडिया आता है.... वो फ़ौरन अपना फ़ोन निकालता है और रूही की माँ को कॉल करके रूही के कारनामो के बारे में बताता है.....
फिर सीधे जा के रूही के सामने वाली चेयर पे बैठ जाता है..... और मुस्कुराने लगता है....
रूही : फ़िरोज़ तुझे शर्म नहीं आती क्या....? अभी मेरे हाथों से इतनी मार खा के भी तू नहीं सुधरा.... बेशर्मो की तरह मेरे सामने आ के बैठ गया और ऊपर से मुस्कुरा भी रहा है.... लगता है तेरी खातिरदारी में कोई कमी रह गयी है.... रुक अभी पूरी कर देती हूँ.....
फ़िरोज़ : खातिरदारी तो तुम दोनों की होने वाली है वो भी बहुत जल्द.... मैंने तुम दोनों की खातिरदारी का पूरा इंतज़ाम कर दिया है.... कुछ hi देर में तुम हे मेरी बात पे यकीन आ जाएगा....
फ़िरोज़ की बात सुन के दोनों को गुस्सा आ जाता है वो उसे कुछ कहने hi वाली होती हैं की तभी रूही का मोबाइल बजने लगता है.... मोबाइल पे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख दोनों बुरी तरह से घबरा जाती हैं...... वहीँ फ़िरोज़ के चेहरे पे मुस्कराहट फैल जाती है....
ये कॉल रूही की माँ रहना का है.... दर के मारे दोनों में से किसी की हिम्मत नहीं हो रही है कॉल रइवे करने की.... ये देख फ़िरोज़ के चेहरे पे शैतानी हंसी आ जाती है.....
फ़िरोज़ : लगता है तुम दोनों कॉल उठाने से दर रही हो..... चलो मैं कॉल रइवे कर के तुम्हारा ये दर दूर कर देता हूँ.....
फ़िरोज़ जैसे hi फ़ोन उठाने जाता है.... रूही मोबाइल उठा लेती है....
रूही : Hello.... माँ कैसी हो....? मैं कब से आपके कॉल का वेट कर रही थी....?
रहना : मैं ठीक हूँ... मेरी चोर और पहले तू मुझे ये बता की तू कहाँ है....
रूही : मैं....
रहना : हाँ तू.... बता तू कहाँ है.....?
रूही : वो माँ... वो क्या है न.... की हम लोग न.... वो.... न.....
रूही को यूँ बड़बड़ाते देख फ़िरोज़ को बड़ा मज़ा आ रहा है.... रूही की हालत पे वो मज़े से हंस रहा है.....
रूही मन में : साले बड़ा मज़ा आ रहा है न तुझे..... रुक अभी मैं तेरे इस मज़े को सजा में बदल देती हूँ..... जो तीर तू ने हमपे वार करने के लिए चलाया है उसे मैं तेरी तरफ hi मोड़ देती हूँ.... फिर देखती हूँ की तू कैसे हँसता है.....
रहना : ये वो माँ.... वो माँ.... क्या कर रही है.....? ठीक से बोल और बता मुझे की इस वक़्त तू है कहाँ.....?
रूही : वो माँ.... हम क्या है की हम लोग न घर जा रहे थे.... मगर फ़िरोज़ के कहने पे हम को यहाँ आना पड़ा.... उसी ने हम को यहाँ बुलाया है.... और 3 घंटे से हम को यहाँ खड़ा रखा है.... आप चाहो तो सिमी से पूछ लो.....
रूही की बात सुन के फ़िरोज़ के साथ साथ सिमी को भी उसकी चालाकी पता चल जाती है.....
इस से पहले की फ़िरोज़ कुछ कहता.... रूही मोबाइल सिमी को थमा के फ़िरोज़ का मुँह बंद कर देती है..... ताकि वो कुछ बोल न सके....
सिमी भी सारा इलज़ाम फ़िरोज़ पे लगा देती है.... फिर मोबाइल फ़िरोज़ को थमा देती है....
गुस्से में रहना फ़िरोज़ को कुछ कहने का मौका hi नहीं देती.... उसे ज़बरदस्त दांत पीला के दोनों को साथ लेके घर जाने को कहती है....
दांत सुनके फ़िरोज़ का चेहरा उतर जाता है.... अपने फेंके हुए जाल में वो खुद फस जाता है.... उसके चेहरे की हंसी गायब हो चुकी है.... और उसकी जगह दर ने ले लिया है.... सारा इलज़ाम उसके सर जो आ गया है..... दर के मारे उसकी हालत खराब हो गयी है....
उसकी हालत देख के रूही और सिमी की हंसी रुक hi नहीं रही.....
रूही : अभी तू मेरे सामने बच्चा है.... तू तो क्या इस पूरी दुनिया में ऐसा कोई नहीं जो मुझे हरा सके.... मैं हमेशा hi जीत टी आयी हूँ और हमेशा जीतूंगी.... मुझे हारने वाला आज तक पैदा नहीं हुआ....
फ़िरोज़ : इस से पहले की और देर हो जाए और मुझे और दांत पड़े जल्दी से घर चलो....
रूही : जी नहीं....
फ़िरोज़ : नहीं मतलब....
रूही : ऐसे नहीं.... प्लीज कहो.... प्लीज रूही साहिबा घर चलिए....
रूही की बात सुन के फ़िरोज़ को गुस्सा तो बहित आता है मगर वो हालात की वजह से मजबूर है.... उसे रूही की हर बात मान नई पड़ती है.... वो झुक के बड़े अदब से....
फ़िरोज़ : प्लीज रूही मैडम.... मेरी गुज़ारिश है आप से.... प्लीज घर चलिए....
रूही : चल तू भी क्या याद करेगा.... चलते हैं घर वैसे भी मेरा आज का कोटा पूरा हो चूका है....
फिर वो तीनो घर आ जाते हैं....
फ़िरोज़ की हिम्मत नहीं हो रही है घर में दाखिल होने की..... बड़ी मुश्किल से हिम्मत कर के वो घर में दाखिल होता है.... अंडर आते hi उसकी माँ रुकसाना उसपे टूट पड़ती है और न जाने क्या क्या उसे सुनाने लग जाती है.....
दोनों फ़िरोज़ की हालत पे मज़े ले रहे हैं..... फ़िरोज़ छह के भी कुछ नहीं कह पाटा.... ख़ामोशी से अपनी माँ की दांत सुनता रहता है....
फ़िरोज़ मन में : रूही की बच्ची.... आज की बेइज़्ज़ती का मैं तुझसे ऐसा बदला लूंगा की याद करेगी.... देखना एक दिन तुझे ऐसा फसाऊँगा की तू उस से निकल नहीं पाएगी.... उम्र भर तू तड़पती रहेगी....
*******************************************
नई चरक्टेर्स....
सिमी : रूही की चचेरी बेहेन.
फ़िरोज़ : सिमी का भाई.
रहना : फ़िरोज़ की माँ.
अब्बास : फ़िरोज़ के डैड.
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इधर प्लेन में प्रिंस अपने दोस्तों को पूरी बात बता देता है....
विजय : तो इसका मतलब की आज से तू अरबो की जायदाद का मालिक हो गया है.....
प्रिंस : न चाहते हुए भी हाँ..... मुझे इस में कोई इंटरेस्ट नहीं है बल्कि अपनी खुद का बिज़नेस स्टार्ट करने की चाहत है....
विजय : अबे इस वक़्त तू इतना अमीर है की एक बिज़नेस तो क्या तू जिस देश को चाहे उसे खरीद सकता है....
सैम : तू ने सब कुछ तो बता दिया मगर ये नहीं बताया की हम जा कहाँ रहे हैं....?
मैक्स : इंडिया.... हम इंडिया जा रहे हैं....
विजय : तुझे कैसे पता....
सैम : अबे तू भूल गया ये एक डिटेक्टिव है.... इसे सब पता रहता है....
विजय : वो तो ठीक है.... मगर इसे पता कैसे चला की हम इंडिया जा रहे हैं....
मैक्स : प्रिंस ने hi तो बताया था भूल गया.....
विजय : जी नहीं प्रिंस की कही हुई हर बात मुझे अच्छे से याद है.... उसने सिर्फ इतना hi कहा था की हम यहाँ से कहीं दूर ऐसी जगह जा रहे हैं जहाँ उसे कोई नहीं जानता.....
मैक्स : हाँ और इंडिया hi एक ऐसी जगह है जहाँ प्रिंस को कोई नहीं जानता....
कुछ देर में उनका प्लेन इंडिया में लैंड करता है.....
वो लोग प्लेन से बहार निकलने hi वाले होते हैं की तभी एक बेहद hi खूबसूरत और सेक्सी लड़की उनके पास आती है....
इस से पहले की कोई कुछ कहता.... विजय बोल पड़ता है....
विजय : वाओ.... यार ये है कौन....? कितनी खूबसूरत और सेक्सी है....
अभी विजय ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है और वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है....
थप्पड़ खा के दर के मारे विजय की हालत खराब हो जाती है....
विजय अपने गाल सहलाते हुए : ये S...Se...Sexy.... है कौन....?
प्रिंस : ये ज़रा है....
ज़रा : अबे साले थप्पड़ खा के भी तू नहीं सुधरा.... लगता है तुझे और मरम्मत की ज़रुरत है....
ये कह के ज़रा गुस्से में आगे बढ़ती है.... मगर प्रिंस उसे रोक देता है....
प्रिंस : ज़रा तुम भी न.... इसने कौन सी ऐसी गलत बात कह दी जो तुम नाराज़ हो रही हो.....?
ज़रा : इस की हिम्मत कैसे हुई मुझे खूबसूरत और सेक्सी कहने की.....
प्रिंस : तू इसमें गलत क्या है....? क्या तुम खूबसूरत और सेक्सी नहीं हो.....?
ज़रा : हाँ हूँ....
प्रिंस : वो hi तो इसने कहा.... इसने तुम्हारी तारीफ की और तुम हो की इसे मार रही हो.....
ज़रा : इसे तो क्या इस दुनिया में किसी को भी हक़ नहीं की मुझे सेक्सी कहे या फिर मेरी तारीफ करे.... सिवाए तुम्हारे.....
ज़रा की बात सुन के सैर बीच में बोल पड़ती है....
सैर : ऐसा क्यों भला....?
ज़रा : प्रिंस मेरी तारीफ करे इस से बड़ी बात मेरे लिए और क्या हो सकती है.... मेरा दिल करता है की मैं प्रिंस के पास बैठी रहूं और ये उम्र भर मेरी तारीफ करता रहे.... करता रहे.... करता रहे.... करता रहे.....
ज़रा की बात सुन के प्रिंस अपना सर पीट लेता है.....
प्रिंस : लो ये फिर शुरू हो गयी.... ज़रा ख़्वाबों की दुनिया से बहार आओ... और बहार चलो....
ज़रा : है दिल तो नहीं है मगर तुम कहते हो तो चलो.....
सैर : प्रिंस तुमने बताया नहीं ये प्यारी सी लड़की है कौन.....?
प्रिंस : इस का नाम ज़रा है.... और ज़रा ये मेरे दोस्त हैं.... सैम... सैर... मैक्स... और वो है विजय..... ज़रा एक हार्डकोर फाइटर है....
हार्डकोर फाइटर सुन के सब हैरान हो जाते हैं....
सारा : ज़रा क्या तुम सच में एक हार्डकोर फाइटर हो.....?
ज़रा : हाँ और अपनी जान की सब से ख़ास सिक्योरिटी गार्ड भी.... अपनी जान की हिफाज़त करना मेरा फ़र्ज़ है....
सारा : तुम्हारी जान....?
प्रिंस की तरफ इशारा कर के....
ज़रा : ये है न मेरी जान....
प्रिंस : क्या यार ज़रा.... तुम भी कहीं भी कभी भी शुरू हो जाती हो... अब चलो....
फिर वो लोग बहार आ जाते हैं और कार में बैठ के चल देते हैं शिमला की वादियों की तरफ..... वो लोग मस्ती करते हुए जा hi रहे थे की अगले मोड़ पे तेज़ी से आती हुई एक बस इनकी कार को ज़ोरदार टक्कर मारती है.... एक ज़ोरदड़ार धमाका होता है और.....
Dharaaaaaaaaaam.... और फिर......?????
अपडेट 8
फ़िरोज़ : तुम दोनों को मैं देख लूंगा.... एक दिन ऐसा मज़ा चखाउंगा की तुम दोनों की साड़ी हेकड़ी और होशियारी निकल जायेगी.... देख लेना....
रूही : अबे जा जा ये गीदर भापकी किसी और को देना.... इस से पहले की मुझे गुस्सा आ जाए और गुस्से में मैं तेरी बंद बजा दूँ निकल ले यहाँ से.....
फ़िरोज़ गुस्से में हाथ मलते हुए वहां से निकल जाता है....
सिमी : रूही तो आज कहाँ चलना पार्टी करने.....?
रूही : तू बता कहाँ चलें....?
सिमी : वो जो नया क्लब खुला है वहां चलते हैं.....
रूही : वाओ तो फिर चलो देर किस बात की....
दोनों अपने Friend's के साथ पार्टी करने नए क्लब में चल देते हैं.... वहां सब मस्ती में बियर पीते हैं और नाचते गाते हैं.... करीब रात के 11 बजे रूही का मोबाइल बजने लगता है.... स्क्रीन पे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख के रूही बुरी तरह से घबरा जाती है..... दर के मारे उसके पसीने छूटने लगते हैं....?????
अब आगे.....
एक तरफ बियर का नशा तो दूसरी तरफ क्लब की चकाचोंध.... और साथ में दोस्ती के साथ डांस मस्ती.... रूही और सिमी धमाल मचा रही हैं..... नशे और मस्ती में झूम रही हैं..... जीत की ख़ुशी का जश्न मन रही हैं....
की तभी फ़िरोज़ उनके पास आ के खड़ा हो जाता है....
रूही : फ़िरोज़ तू....!!!! तू यहाँ क्या कर रहा है.....?
फ़िरोज़ : क्यों ये तेरे अब्बा का डिस्को है क्या जो मैं यहाँ नहीं आ सकता....? अभी फ़िरोज़ ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है....
Chataaaaaaaaaak.....
थप्पड़ इतना ज़ोरदार था की फ़िरोज़ पूरी तरह से हिल जाता है और पीछे गिरता है....
रूही : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे अब्बा का नाम लेने की.....? आज मैं तेरी वो हालत करुँगी की तू दोबारा ऐसा कहने से पहले 100 बार सोचेगा....
ये कह के रूही उसे मारने लगती है.... बड़ी मुश्किल से फ़िरोज़ खुद को रूही से बचता है.... और वहां से दूर चला जाता है.... गुस्से से उसका दिमाग पहात रहा है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की वो क्या करे....? अपनी बेइज़्ज़ती का बदला लेने के लिए वो तड़प रहा है.... तभी अचानक से उसे एक आईडिया आता है.... वो फ़ौरन अपना फ़ोन निकालता है और रूही की माँ को कॉल करके रूही के कारनामो के बारे में बताता है.....
फिर सीधे जा के रूही के सामने वाली चेयर पे बैठ जाता है..... और मुस्कुराने लगता है....
रूही : फ़िरोज़ तुझे शर्म नहीं आती क्या....? अभी मेरे हाथों से इतनी मार खा के भी तू नहीं सुधरा.... बेशर्मो की तरह मेरे सामने आ के बैठ गया और ऊपर से मुस्कुरा भी रहा है.... लगता है तेरी खातिरदारी में कोई कमी रह गयी है.... रुक अभी पूरी कर देती हूँ.....
फ़िरोज़ : खातिरदारी तो तुम दोनों की होने वाली है वो भी बहुत जल्द.... मैंने तुम दोनों की खातिरदारी का पूरा इंतज़ाम कर दिया है.... कुछ hi देर में तुम हे मेरी बात पे यकीन आ जाएगा....
फ़िरोज़ की बात सुन के दोनों को गुस्सा आ जाता है वो उसे कुछ कहने hi वाली होती हैं की तभी रूही का मोबाइल बजने लगता है.... मोबाइल पे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख दोनों बुरी तरह से घबरा जाती हैं...... वहीँ फ़िरोज़ के चेहरे पे मुस्कराहट फैल जाती है....
ये कॉल रूही की माँ रहना का है.... दर के मारे दोनों में से किसी की हिम्मत नहीं हो रही है कॉल रइवे करने की.... ये देख फ़िरोज़ के चेहरे पे शैतानी हंसी आ जाती है.....
फ़िरोज़ : लगता है तुम दोनों कॉल उठाने से दर रही हो..... चलो मैं कॉल रइवे कर के तुम्हारा ये दर दूर कर देता हूँ.....
फ़िरोज़ जैसे hi फ़ोन उठाने जाता है.... रूही मोबाइल उठा लेती है....
रूही : Hello.... माँ कैसी हो....? मैं कब से आपके कॉल का वेट कर रही थी....?
रहना : मैं ठीक हूँ... मेरी चोर और पहले तू मुझे ये बता की तू कहाँ है....
रूही : मैं....
रहना : हाँ तू.... बता तू कहाँ है.....?
रूही : वो माँ... वो क्या है न.... की हम लोग न.... वो.... न.....
रूही को यूँ बड़बड़ाते देख फ़िरोज़ को बड़ा मज़ा आ रहा है.... रूही की हालत पे वो मज़े से हंस रहा है.....
रूही मन में : साले बड़ा मज़ा आ रहा है न तुझे..... रुक अभी मैं तेरे इस मज़े को सजा में बदल देती हूँ..... जो तीर तू ने हमपे वार करने के लिए चलाया है उसे मैं तेरी तरफ hi मोड़ देती हूँ.... फिर देखती हूँ की तू कैसे हँसता है.....
रहना : ये वो माँ.... वो माँ.... क्या कर रही है.....? ठीक से बोल और बता मुझे की इस वक़्त तू है कहाँ.....?
रूही : वो माँ.... हम क्या है की हम लोग न घर जा रहे थे.... मगर फ़िरोज़ के कहने पे हम को यहाँ आना पड़ा.... उसी ने हम को यहाँ बुलाया है.... और 3 घंटे से हम को यहाँ खड़ा रखा है.... आप चाहो तो सिमी से पूछ लो.....
रूही की बात सुन के फ़िरोज़ के साथ साथ सिमी को भी उसकी चालाकी पता चल जाती है.....
इस से पहले की फ़िरोज़ कुछ कहता.... रूही मोबाइल सिमी को थमा के फ़िरोज़ का मुँह बंद कर देती है..... ताकि वो कुछ बोल न सके....
सिमी भी सारा इलज़ाम फ़िरोज़ पे लगा देती है.... फिर मोबाइल फ़िरोज़ को थमा देती है....
गुस्से में रहना फ़िरोज़ को कुछ कहने का मौका hi नहीं देती.... उसे ज़बरदस्त दांत पीला के दोनों को साथ लेके घर जाने को कहती है....
दांत सुनके फ़िरोज़ का चेहरा उतर जाता है.... अपने फेंके हुए जाल में वो खुद फस जाता है.... उसके चेहरे की हंसी गायब हो चुकी है.... और उसकी जगह दर ने ले लिया है.... सारा इलज़ाम उसके सर जो आ गया है..... दर के मारे उसकी हालत खराब हो गयी है....
उसकी हालत देख के रूही और सिमी की हंसी रुक hi नहीं रही.....
रूही : अभी तू मेरे सामने बच्चा है.... तू तो क्या इस पूरी दुनिया में ऐसा कोई नहीं जो मुझे हरा सके.... मैं हमेशा hi जीत टी आयी हूँ और हमेशा जीतूंगी.... मुझे हारने वाला आज तक पैदा नहीं हुआ....
फ़िरोज़ : इस से पहले की और देर हो जाए और मुझे और दांत पड़े जल्दी से घर चलो....
रूही : जी नहीं....
फ़िरोज़ : नहीं मतलब....
रूही : ऐसे नहीं.... प्लीज कहो.... प्लीज रूही साहिबा घर चलिए....
रूही की बात सुन के फ़िरोज़ को गुस्सा तो बहित आता है मगर वो हालात की वजह से मजबूर है.... उसे रूही की हर बात मान नई पड़ती है.... वो झुक के बड़े अदब से....
फ़िरोज़ : प्लीज रूही मैडम.... मेरी गुज़ारिश है आप से.... प्लीज घर चलिए....
रूही : चल तू भी क्या याद करेगा.... चलते हैं घर वैसे भी मेरा आज का कोटा पूरा हो चूका है....
फिर वो तीनो घर आ जाते हैं....
फ़िरोज़ की हिम्मत नहीं हो रही है घर में दाखिल होने की..... बड़ी मुश्किल से हिम्मत कर के वो घर में दाखिल होता है.... अंडर आते hi उसकी माँ रुकसाना उसपे टूट पड़ती है और न जाने क्या क्या उसे सुनाने लग जाती है.....
दोनों फ़िरोज़ की हालत पे मज़े ले रहे हैं..... फ़िरोज़ छह के भी कुछ नहीं कह पाटा.... ख़ामोशी से अपनी माँ की दांत सुनता रहता है....
फ़िरोज़ मन में : रूही की बच्ची.... आज की बेइज़्ज़ती का मैं तुझसे ऐसा बदला लूंगा की याद करेगी.... देखना एक दिन तुझे ऐसा फसाऊँगा की तू उस से निकल नहीं पाएगी.... उम्र भर तू तड़पती रहेगी....
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नई चरक्टेर्स....
सिमी : रूही की चचेरी बेहेन.
फ़िरोज़ : सिमी का भाई.
रहना : फ़िरोज़ की माँ.
अब्बास : फ़िरोज़ के डैड.
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इधर प्लेन में प्रिंस अपने दोस्तों को पूरी बात बता देता है....
विजय : तो इसका मतलब की आज से तू अरबो की जायदाद का मालिक हो गया है.....
प्रिंस : न चाहते हुए भी हाँ..... मुझे इस में कोई इंटरेस्ट नहीं है बल्कि अपनी खुद का बिज़नेस स्टार्ट करने की चाहत है....
विजय : अबे इस वक़्त तू इतना अमीर है की एक बिज़नेस तो क्या तू जिस देश को चाहे उसे खरीद सकता है....
सैम : तू ने सब कुछ तो बता दिया मगर ये नहीं बताया की हम जा कहाँ रहे हैं....?
मैक्स : इंडिया.... हम इंडिया जा रहे हैं....
विजय : तुझे कैसे पता....
सैम : अबे तू भूल गया ये एक डिटेक्टिव है.... इसे सब पता रहता है....
विजय : वो तो ठीक है.... मगर इसे पता कैसे चला की हम इंडिया जा रहे हैं....
मैक्स : प्रिंस ने hi तो बताया था भूल गया.....
विजय : जी नहीं प्रिंस की कही हुई हर बात मुझे अच्छे से याद है.... उसने सिर्फ इतना hi कहा था की हम यहाँ से कहीं दूर ऐसी जगह जा रहे हैं जहाँ उसे कोई नहीं जानता.....
मैक्स : हाँ और इंडिया hi एक ऐसी जगह है जहाँ प्रिंस को कोई नहीं जानता....
कुछ देर में उनका प्लेन इंडिया में लैंड करता है.....
वो लोग प्लेन से बहार निकलने hi वाले होते हैं की तभी एक बेहद hi खूबसूरत और सेक्सी लड़की उनके पास आती है....
इस से पहले की कोई कुछ कहता.... विजय बोल पड़ता है....
विजय : वाओ.... यार ये है कौन....? कितनी खूबसूरत और सेक्सी है....
अभी विजय ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है और वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है....
थप्पड़ खा के दर के मारे विजय की हालत खराब हो जाती है....
विजय अपने गाल सहलाते हुए : ये S...Se...Sexy.... है कौन....?
प्रिंस : ये ज़रा है....
ज़रा : अबे साले थप्पड़ खा के भी तू नहीं सुधरा.... लगता है तुझे और मरम्मत की ज़रुरत है....
ये कह के ज़रा गुस्से में आगे बढ़ती है.... मगर प्रिंस उसे रोक देता है....
प्रिंस : ज़रा तुम भी न.... इसने कौन सी ऐसी गलत बात कह दी जो तुम नाराज़ हो रही हो.....?
ज़रा : इस की हिम्मत कैसे हुई मुझे खूबसूरत और सेक्सी कहने की.....
प्रिंस : तू इसमें गलत क्या है....? क्या तुम खूबसूरत और सेक्सी नहीं हो.....?
ज़रा : हाँ हूँ....
प्रिंस : वो hi तो इसने कहा.... इसने तुम्हारी तारीफ की और तुम हो की इसे मार रही हो.....
ज़रा : इसे तो क्या इस दुनिया में किसी को भी हक़ नहीं की मुझे सेक्सी कहे या फिर मेरी तारीफ करे.... सिवाए तुम्हारे.....
ज़रा की बात सुन के सैर बीच में बोल पड़ती है....
सैर : ऐसा क्यों भला....?
ज़रा : प्रिंस मेरी तारीफ करे इस से बड़ी बात मेरे लिए और क्या हो सकती है.... मेरा दिल करता है की मैं प्रिंस के पास बैठी रहूं और ये उम्र भर मेरी तारीफ करता रहे.... करता रहे.... करता रहे.... करता रहे.....
ज़रा की बात सुन के प्रिंस अपना सर पीट लेता है.....
प्रिंस : लो ये फिर शुरू हो गयी.... ज़रा ख़्वाबों की दुनिया से बहार आओ... और बहार चलो....
ज़रा : है दिल तो नहीं है मगर तुम कहते हो तो चलो.....
सैर : प्रिंस तुमने बताया नहीं ये प्यारी सी लड़की है कौन.....?
प्रिंस : इस का नाम ज़रा है.... और ज़रा ये मेरे दोस्त हैं.... सैम... सैर... मैक्स... और वो है विजय..... ज़रा एक हार्डकोर फाइटर है....
हार्डकोर फाइटर सुन के सब हैरान हो जाते हैं....
सारा : ज़रा क्या तुम सच में एक हार्डकोर फाइटर हो.....?
ज़रा : हाँ और अपनी जान की सब से ख़ास सिक्योरिटी गार्ड भी.... अपनी जान की हिफाज़त करना मेरा फ़र्ज़ है....
सारा : तुम्हारी जान....?
प्रिंस की तरफ इशारा कर के....
ज़रा : ये है न मेरी जान....
प्रिंस : क्या यार ज़रा.... तुम भी कहीं भी कभी भी शुरू हो जाती हो... अब चलो....
फिर वो लोग बहार आ जाते हैं और कार में बैठ के चल देते हैं शिमला की वादियों की तरफ..... वो लोग मस्ती करते हुए जा hi रहे थे की अगले मोड़ पे तेज़ी से आती हुई एक बस इनकी कार को ज़ोरदार टक्कर मारती है.... एक ज़ोरदड़ार धमाका होता है और.....
Dharaaaaaaaaaam.... और फिर......?????