Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen) - Page 3 - SexBaba
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Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen)

मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 18

प्रिंस : यार ये तेरा अच्छा है... बर्थडे भूले तू... झगड़ा करे तू और उसे मनौ मैं.... भला ऐसा भी कहीं सुना है क्या.... की किसी और की गर्लफ्रेंड को कोई और मन रहा है....?

सैम : यार मेरी गर्लफ्रेंड है तो क्या तेरी कुछ भी नहीं.... तेरी भी तो दोस्त है..... वो भी सबसे ख़ास.... आज तेरी बेस्ट फ्रेंड का बर्थडे है और अपने बर्थडे के दिन वो नाराज़ बैठी रहे क्या तुझे ये अच्छा लगेगा.... नहीं न.... इसीलिए तो कह रहा हूँ की प्लीज उसे मन ले... एक तू hi है जो उसे मन सकता है.... प्लीज उसे मन.... प्लीज....

प्रिंस : अच्छा बस बस अब ज़्यादा नाटक मत कर.... साले गलती तू करे और मनौ मैं.... आज ये आखिरी बार.... इसके बाद अगर तू ने ऐसा किया तो फिर मेरे पास मत आना.... आइंदा मैं तेरी कोई मदत नहीं करूँगा....

प्रिंस सैर को मन लेता है.... फिर वहां धमाकेदार पार्टी कर के वो लोग घर लौट आते हैं....

अगली सुबह सब के साथ प्रिंस कंपनी स्टार्ट करने चल देता है.....

अब आगे....

सुबह सुबह फ्रेश हो के नाश्ता करने सिमी जैसे hi डाइनिंग टेबल पे पहुँचती है.... वहां किसी को देख के बुरी तरह से चौंक जाती है.....

रूही : तुझे क्या हुआ.....? तू इतनी दरी हुई क्यों लग रही है.....?

सिमी : इसे डरना नहीं चौंकना कहते हैं.... और मेरे चौंकने की वजह तू है.... तू ने काम hi ऐसा किया है.... तेरे बर्थडे के बाद आज पहली बार तुझे देखा है इतनी सुबह सुबह तैयार होक नाश्ते की टेबल पे बैठे हुए....

रूही : आज का दिन जो इतना ख़ास है....

सिमी : ऐसी क्या ख़ास बात है आज के दिन में.... आज तो तेरा बर्थडे भी नहीं है... तो फिर....?

रूही : गेस कर....

सिमी : कहीं तू डेट पे तो नहीं जा रही....?

रूही : है काआअश मैं जा सकती.... मगर क्या करूँ मजबूरी है.... ऐसा आज तक कोई मिला नहीं जिस के साथ मैं डेट पे जा सकूँ....

सिमी : कहाँ से मिलेगा.... तेरी ख्वाहिशें जो इतनी ऊंची है.... और तो और कोई तुझे पसंद भी तो नहीं आता.... हर किसी में तू कोई न कोई नुक्स निकाल hi देती है..... कोई ऐसा है तो कोई वैसा है....

रूही : जैसा दिलदार मुझे चाहिए वैसा मिलता नहीं तो मेरी क्या गलती है....?

सिमी : तेरे लिए तो कोई स्पेशल स्वर्ग से hi उतर के आएगा.... यहाँ धरती पे तो वैसा कोई नहीं जो तेरी टक्कर का हो.... वैसे उम्मीद बहुत काम है.....

रूही : सही कहा तू ने यार आज तक कोई ऐसा मिला hi नहीं जिसे देख के दिल दीवाना हो जाए.... लेकिन जाने क्यों ऐसा लगता है जैसे की मेरा मर. परफेक्ट जल्द hi मुझे मिलने वाला है.....

सिमी : वो तो मुश्किल है.... मगर फिर भी मैं दिल से चाहती हूँ की तुझे तेरा मर. परफेक्ट जल्द से जल्द तुझे मिल जाए..... चल अब जल्दी से ये बता की इतनी सुबह सुबह कहाँ जाने के लिए तू तैयार बैठी है....?

रूही : ये आज़ादी की तैयारी है....

सिमी : हमारा देश तो पहले से hi आज़ाद है न....

रूही : अरे ये वो आज़ादी नहीं.... बल्कि इस घर से आज़ादी....

सिमी : तू क्या कह रही है मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा है.... खुल के बता न.....

रूही : तू तो जानती है.... जब से कॉलेज ख़तम हुआ है.... तब से अब तक हम घर में कैद हो के रह गए हैं.... कहैं बहार जाना भी मुश्किल हो गया है.... एक तरह से हम एक क़ैदी की ज़िन्दगी गुज़ारते आ रहे हैं.... मैं इस घर से आज़ादी की बात कर रही हूँ....

सिमी : मैं अब भी नहीं समझी....

रूही : अरे यार सिंपल सी बात है.... पहले जब हम कॉलेज में पढ़ते तब हम को बहार जाने की पूरी आज़ादी थी.... मगर पास आउट होने के बाद माँ ने हम को यहाँ क़ैद कर दिया है.... कहीं भी आने जाने पे 100 सवाल खड़े हो जाते हैं.... घर से बाहर गए नहीं की हर 10 मिनट पे सब के फ़ोन आने लग जाते हैं.... यहाँ जीना मुश्किल सा हो गया है.... कभी कभी तो मेरा दिल करता है की मैं इस घर को चोर के कहीं भाग जाऊं.... मगर माँ की बदनामी की वजह से छह के भी मैं ऐसा नहीं कर पा रही हूँ.... तो इसका मैंने एक अचूक हल निकला है.... जिस से हमको इस क़ैद से आज़ाद भी हो जाएंगे और बदनामी भी नहीं होगी.....

सिमी : और क्या है वो हल....?

रूही : वो बात ऐसी है की कुछ दिन पहले यहाँ एक नई कंपनी ओपन हुई है.... जिसमे कुछ वचनस्य निकली थी... मैंने हम दोनों के नाम से अप्लाई कर दिया था.... और ख़ुशी की बात ये है की हम दोनों को सेलेक्ट कर लिया गया है.... और आज इंटरव्यू के लिए बुलाया है....

सिमी : क्याआआआ.....? तू सच कह रही है.....?

रूही : हाँ सच.... तेरी कसम.... चल जल्दी से तैयार हो जा इस से पहले की हम लेट हो जाए....

रूही की बात सुन के सिमी ख़ुशी से उछाल पड़ती है... और फ़ौरन तैयार होने चल देती है....

इधर फ़िरोज़ चुप के दोनों की बात सुन भी रहा है और साथ hi उसे रिकॉर्ड भी कर रहा है.... पूरी बात रिकॉर्ड करने के बाद फ़िरोज़ के चेहरे पे शैतानी स्माइल आ जाती है....

फ़िरोज़ : अब देखना रूही.... कैसे मैं इस रिकॉर्डिंग को तुम्हारे खिलाफ इस्तेमाल करता हूँ.... बड़ा शौक है न तुम्हे आज़ादी का.... तुम्हे उम्र भर के लिए किड न करवा दिया तो फ़िरोज़ मेरा नाम नहीं.... बस देखती जाओ की मैं तुम्हारे साथ क्या करता हूँ.... अपनी बेइज़्ज़ती का ऐसा बदला लूंगा की तुम उसे ज़िन्दगी भर नहीं भूल पाओगी.... अगले एक महीने में तुम्हारी आज़ादी उम्र भर की सजा में बदल जायेगी.... उम्र भर तुम रो रो के जीने को मजबूर हो जाओगी.... तब जा के मेरे कलेजे को ठंडक पहुंचेगी....

ये कह के फ़िरोज़ शैतानी हंसी हस्ते हुए अपने प्लान को अंजाम देने चल देता है.....

इधर सिमी के आते hi दोनों ख़ुशी में चल देती हैं.... प्रिंस की कंपनी में इंटरव्यू देने....

प्रिंस : हाँ तो बाताओ कितने इंटरव्यूज हो गए और कितने बाकी हैं....? और किन किन लोगों को सेलेक्ट किया.....?

सैर प्रिंस को लिस्ट दे के कहती है....

सैर : इन सब के इंटरव्यूज हो गए हैं और इन सब को सेलेक्ट किया गया है.... अब बस 5 पोस्ट के इंटरव्यूज बाकी है.... जिनमे से चार के इंटरव्यूज हम ले लेंगे.....

प्रिंस : और पांचवा.....?

सैम : वो इंटरव्यू तो तुम खुद लोगे न.... अब अपनी पर्सनल सेक्रेटरी तो तुम खुद hi चुन न चाहोगे.... इस लिए हम ने उसे तुम्हारे लिए चोर रखा है....

प्रिंस : जी नहीं मैं नहीं बल्कि सैर.... सैर लेगी मेरी पर्सनल सेक्रेटरी के लिए इंटरव्यूज.... और उसे जो ठीक लगेगी वो उसे अप्पोइंट करेगी.... मुझे सैर पे पूरा यकीन है... वो जिसे भी मेरे लिए चुनेगी वो कोई ख़ास hi होगी....

सैर : हाँ हाँ क्यों नहीं.... ज़रूर....

प्रिंस : अच्छा एक और बात मैं चाहता हूँ की तुम जिसे भी सेलेक्ट करो उसे ये ज़रूर बता देना की इस कंपनी को ज्वाइन करने से पहले उसे कुछ शर्तें मान नई होंगी.... जो की एक एग्रीमेंट होगा उसके और हमारी कंपनी के बीच.... अगर उसे वो मंज़ूर होगा तब hi वो कंपनी ज्वाइन कर सकती है.... और सब से ज़रूरी बात.... अगले 15 दिन के लिए वो तुम्हारी ट्रेनिंग में रहेगी.... उसके बाद hi वो मुझसे मिलेगी..... उस से पहले नहीं..... इन 15 दिनों में उसे ये नहीं पता चलना चाहिए की उसका असली बॉस मैं हूँ....

फिर इस से पहले की कोई कुछ कहता प्रिंस वहां से अपने केबिन में चल देता है....

सैम : ये प्रिंस की बात मुझे ज़रा भी समझ नहीं आयी.....

सैर : तुम तो ऐसे कह रहे हो जैसे तुम्हे पता hi नहीं..... वो प्रिंस है.... वो कब कहाँ कैसे और क्या करता है किसी को समझ नहीं आता..... चलो अब ये सब चोरो और जल्दी से इंटरव्यूज स्टार्ट करवाओ....

प्रिंस के जाने के बाद इंटरव्यूज शुरू हो जाते हैं.....

इधर एक टैक्सी आ के कंपनी के गेट के बाहत रूकती है और उसमे से रूही और सिमी बहार निकलते हैं और तेज़ी में कंपनी के अंडर जा के रिसेप्शन से इंटरव्यू के बारे में पता कर के लिफ्ट से ऊपर की तरफ चल देते हैं.... लिफ्ट के रुकते hi दोनों बहार आते हैं और तेज़ी से आगे चल देते हैं....

ठीक तभी प्रिंस कुछ काम से अपने केबिन से बहार निकलता है और तेज़ी से लिफ्ट की तरफ जाता है.... वहां उसकी टक्कर रूही से हो जाती है.... दोनों dharaaaaaaaaaam से ज़मीन पे गिर जाते हैं.... और फिर....??????

रूही बेहद गुस्से में : अबे दिखाई नहीं देता क्या....? एक तो पहले से hi मैं बहुत लेट हो गयी हूँ और ये है की.... रुक अभी बताती हूँ मैं तुझे.....

प्रिंस : सॉरी यार वो मैं जल्दी में देखा नहीं.... और वैसे भी गलती सिर्फ अकेले मेरी नहीं है.... तुम्हे भी तो देखना चाहिए था न.... वैसे भी ये कोई गार्डन नहीं है जहाँ तुम जॉगिंग कर रही हो.....

प्रिंस की बात सुन के रूही बेहद गुस्से में प्रिंस की तरफ देखती है....

जैसे hi प्रिंस की नज़र रूही के चेहरे पे पड़ती है वो ख़ुशी और हैरत से उछाल जाता है....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 19

इधर रूही और सिमी लिफ्ट से बहार निकलते हैं और तेज़ी से आगे चल देते हैं....

ठीक तभी प्रिंस कुछ काम से अपने केबिन से बहार निकलता है और तेज़ी से लिफ्ट की तरफ जाता है.... वहां उसकी टक्कर रूही से हो जाती है.... दोनों dharaaaaaaaaaam से ज़मीन पे गिर जाते हैं.... और फिर....??????

रूही बेहद गुस्से में : अबे दिखाई नहीं देता क्या....? एक तो पहले से hi मैं बहुत लेट हो गयी हूँ और ये है की.... रुक अभी बताती हूँ मैं तुझे.....

प्रिंस : सॉरी यार वो मैं जल्दी में देखा नहीं.... और वैसे भी गलती सिर्फ अकेले मेरी नहीं है.... तुम्हे भी तो देखना चाहिए था न.... वैसे भी ये कोई गार्डन नहीं है जहाँ तुम जॉगिंग कर रही हो.....

प्रिंस की बात सुन के रूही बेहद गुस्से में प्रिंस की तरफ देखती है....

जैसे hi प्रिंस की नज़र रूही के चेहरे पे पड़ती है वो ख़ुशी और हैरत से उछाल जाता है....?????

अब आगे.....

प्रिंस : अवनि तुम यहाँ क्या कर रही हो....? तुम तो मुंबई चली गयी थी न....? मैं तुम्हे बता नहीं सकता..... तुम्हे यहाँ देख के मुझे कितनी ख़ुशी हो रही है.... तुम्हे पता है मैंने तुम्हे कितना मिस किया.....

ये कह के ख़ुशी में प्रिंस उसे अपने सीने से लगा लेता है..... प्रिंस की इस हरकत से रूही गुस्से में आ के उसे धकेल देती है....

रूही : ये क्या बदतमीज़ी है.....? दूर रहो मुझसे.... मैं रूही हूँ रूही.... तुम्हारी सो कॉल्ड अवनि नहीं.....

प्रिंस : क्यों मज़ाक कर रही हो....? तुम अवनि हो अवनि..... क्या मैं तुम्हे जानता नहीं....

रूही : अरे यार ये क्या मुसीबत है.... इसे कोई समझाओ मैं रूही हूँ अवनि नहीं....

प्रिंस : तुम मुझसे नाराज़ हो न तभी ऐसी बातें कर रही हो..... यही बात है न....

रूही : अबे जब मैं तुझे जानती नहीं तो नाराज़ होने का तो सवाल hi नहीं उठता....

प्रिंस : अच्छा ये सब चोरो और ये बताओ की तुम यहाँ क्या कर रही हो....?

रूही : मैं यहाँ इंटरव्यू देने आयी हूँ.... जिसके लिए मैं आलरेडी लेट हूँ.... इस से पहले की इंटरव्यूज ख़तम हो जाए.... हटो यहाँ से और मुझे जाने दो....

प्रिंस हैरत से सिमी से पूछता है : क्या ये वाकई में अवनि नहीं है....?

सिमी : जी नहीं..... ये रूही है मेरी बेहेन....

प्रिंस : मगर इसकी शक्ल तो हु बहु अवनि से मिलती है.... सिर्फ शक्ल hi क्यों.... ये तो पूरी की पूरी अवनि hi है....

प्रिंस की बात सुन के रूही को उसपे गुस्सा तो बहुत आता है मगर जाने क्यों वो छह के भी उसपे नाराज़ नहीं हो पाती... बड़ी मुश्किल से वो अपने गुस्से को दबा के कहती है....

रूही : यार देखो.... बात को समझो मैं रूही हूँ.... और यहाँ इंटरव्यू देने आयी हूँ..... जिसके लिए मैं आलरेडी बहुत लेट हो चुकी हूँ.... प्लीज अभी मुझे जाने दो इंटरव्यू के बाद हम जी भर के बातें करेंगे.... लेकिन प्लीज अभी मुझे जाने दो....

प्रिंस : तुम यहाँ इंटरव्यू देने आयी हो.... किस पोस्ट के लिए....

रूही : यहाँ के बॉस की सेक्रेटरी के लिए.... क्या अब मैं जा सकती हूँ.....

प्रिंस : अच्छा.... That's ग्रेट.... जाने क्यों मुझे ऐसा लगता है की तुम्हे ये जॉब ज़रूर मिल जायेगी.... शायद.... मगर 50% तुमपे है की तुम क्या करती हो....? बी थे वे बेस्ट ऑफ़ लक....

रूही : थैंक्स.... क्या अब मैं जाऊं....?

प्रिंस : हाँ जाओ न... इस से पहले की लेट हो जाओ..... जल्दी से जाओ.... और हाँ इंटरव्यू पूरा कर के मुझे कैफेटेरिया में आ के मिलो....

रूही गुस्से में प्रिंस को देखती है और फिर अपनी फाइल उठा के चल देती है इंटरव्यू देने....

प्रिंस भी अपनी फाइल उठा के सामने वाले केबिन की तरफ चल देता है.... वहां जा के वो मैक्स को फाइल देके कहता है....

प्रिंस : मैक्स इस की मुझे जल्द से जल्द पूरी रिपोर्ट चाहिए....

फाइल देख के मैक्स हैरत से प्रिंस से पूछता है....

मैक्स : ये क्या प्रिंस.... इसकी पूरी जन्मकुंडली खुद दे के मुझसे पूछ रहे हो की इसकी रिपोर्ट चाहिए.... इस में सब कुछ तो लिखा है....

प्रिंस : तू क्या कह रहा है मेरी समझ में नहीं आ रहा hai.....jo भी कहना चाहता है साफ़ साफ़ बोल....

मैक्स : ठीक है तो सुन....

फिर मैक्स उस फाइल में जो लिखा है उसे पढ़ने लगता है.... जिसे सुन के प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है..... और फ़ौरन उस से फाइल ले के देखता है....

प्रिंस : अरे यार ये तो उस लड़की अवनि.... नहीं रूही.... हाँ रूही का बायोडाटा है....

मैक्स : ये रूही कौन है....?

प्रिंस : वो सब मैं तुझे बाद में बताता हूँ.... अभी मुझे जाना है.... इस से पहले की देर हो जाए.....

ये कह के प्रिंस मैक्स के हाथ से फाइल ले के तेज़ी से बहार की तरफ चल देता है..... और जल्द से जल्द उस रूम तक जाता है जहाँ इंटरव्यू चल रहा है.... वहां पहुँच के उसे पता चलता है की रूही अभी अभी अंडर गयी है....

प्रिंस फ़ौरन सैर को कॉल करता है....

प्रिंस : सैर जो भी मैं पूछूं तू उसका जवाब सिर्फ हाँ या न में देना....

सैर : क्यों....?

प्रिंस : वो मैं तुम्हे बाद में बताऊंगा फिलहाल जो मैं पूछूं उसका जवाब सिर्फ हाँ या न में देना....

सैर : Ok.....

प्रिंस : अभी रूम में कोई लड़की आयी है....?

सैर : हाँ....

प्रिंस : उस से उसकी फाइल ले के अपने पास रख ले.... ये उसे वापिस नहीं करना....

सैर : मगर क्यों....?

प्रिंस : क्यों की वो फाइल मेरी है.... न की उसके बायोडाटा की.... अब बिना कोई सवाल किये जो भी मैं तुम्हे कहता हूँ... वो तुम उस से पूछती जाओ....

सैर : Ok....

फिर प्रिंस के कहे अनुसार सैर उस से सवाल पूछने लगती है जिसका रूही बड़े hi इत्मीनान से जवाब देती है.... बस एक सवाल पे वो अटक जाती है मगर फिर कुछ सोच के वो जो कहती है उसे सुन के सैर के साथ साथ प्रिंस भी उसकी बात मानने को तैयार हो जाता है.....

रूही : जी आपने ठीक कहा इस जॉब के लिए मेरे पास कोई एक्सपीरियंस नहीं है.... और वो इस लिए क्यों की अभी पिछले महीने hi मैंने अपनी एजुकेशन पूरी की है... और रही बात एक्सपीरियंस की तो जब तक मैं कहीं जॉब नहीं करुँगी एक्सपीरियंस आएगा नहीं.... और अगर आप जैसे सब अगर यही कहेंगे की एक्सपीरियंस के बिना जॉब नहीं मिलेगा... तो फिर आप hi बताइये की मुझे एक्सपीरियंस होगा कैसे....? रही बात काम की तो मैं आपको पूरा यकीन दिलाती हूँ की आपको मुझसे कोई शिकायत नहीं होगी.... मैं दिल लगा के काम करुँगी.... जिस दिन आपको ये लगेगा की मैंने काम में कोई कोताही की है तो आप मुझे उसी वक़्त निकाल सकती हैं... मगर मुझे यकीन है की वो दिन कभी नहीं आएगा.....

रूही का कॉन्फिडेंस देख के सैर के साथ साथ प्रिंस भी हैरान हो जाता है....

प्रिंस : Ok... अब उसे वो एग्रीमेंट दो और उसे पढ़ के 30 मिनट्स में जवाब देने को कहो....

सैर : चलो ठीक है.... तुम जो कह रही हो वो हम मान लेते हैं..... ये फाइल लो इस में हमारी कंपनी का एग्रीमेंट है.... इसे ठीक से पढ़ के जवाब दो.... चाहो को अपने घर वालों से डिसकस कर सकती हो.... इसके लिए तुम्हारे पास 30 मिनट्स हैं....

रूही फाइल ले के बहार आ जाती है.... जहाँ सिमी बड़ी बेसब्री से उसका इंतज़ार कर रही थी.... और उसके आते hi ख़ुशी से उसे अपने सीने से लगा लेती है....

सिमी : रूही तुझे पता है मैं सेलेक्ट हो गयी.... मुझे जॉब मिल गयी.... है न ख़ुशी की बात.... और जानती है सैलरी कितनी है.... 45000/- महीना.... वाओ आज तो मैं बेहद खुश हूँ.... ये सब सिर्फ और सिर्फ तेरी वजह से हुआ है..... तेरा क्या हुआ बता न....

रूही : चल कैफेटेरिया में चल के बात करते हैं....

वहां पहुँच के....

सिमी : हाँ अब बता क्या हुआ....?

रूही वहां हुई पूरी बात उसे बताती है जिसे सुन के और फाइल देख के सिमी हैरान हो जाती है....

सिमी : यार मुझसे तो इन लोगों ने कोई एग्रीमेंट सिग्न नहीं करवाया फिर तुमसे क्यों करवा रहे हैं....?

रूही : शायद इस जॉब को लेके वो बेहद कंसर्न हैं.... वो नहीं चाहते की कोई भी गलती या फिर धोका हो.... और आगे चल के उन्हें या फिर मुझे कोई भी परेशानी हो इस लिए वो पहले hi सब क्लियर करना चाहते हैं.... अगर मुझे ये जॉब और इसे साथ जुडी हुई फैसिलिटीज चाहिए तो मुझे इस एग्रीमेंट पे सिग्न करना होगा.....

सिमी : हाँ वो तो ठीक है लेकिन इसे सिग्न करने के बाद तू हमेशा हमेशा के लिए इस कंपनी में फस के रह जायेगी.... तू छह के भी इसे चोर नहीं पाएगी....

रूही : अरे पागल लड़की तू चोर्ने की बात कर रही है.... कोई पागल hi होगा जो इतनी अच्छी जॉब और ये फैसिलिटीज को छोड़ेगा..... और मैं पागल नहीं हूँ..... तुझे पता भी है की मेरी स्टार्टिंग सैलरी कितनी है....? पूरे 1.50000/- महीना.... साथ में रहने के लिए कंपनी की तरफ से घर आने जाने के लिए कार और न जाने क्या क्या..... इस जॉब के साथ साथ इतना सब कुछ मिल रहा है की मैं तुझे बता नहीं सकती.... और सब से बड़ी बात तो ये है की इसे पा के मैं आज़ाद हो जाउंगी....

सिमी : ठीक कहा तू ने एक जेल से तो तू आज़ाद हो जायेगी मगर दूसरी जेल में क़ैद हो जायेगी.... इस कंपनी रुपी जेल में तू क़ैद हो के रह जायेगी.....

रूही : इतना शानदार और आलिशान कंपनी को तू क़ैद खाना कैसे कह सकती है....? और तू खुद भी तो यहाँ काम करने वाली है.... अपनी बात भूल गयी.....

सिमी : मेरी बात अगल है.... इस जॉब को ज्वाइन करते वक़्त मैंने किसी एग्रीमेंट को सींग नहीं किया है.... इस जॉब को मैं जब चाहे चोर सकती हूँ.... बस एक महीने का नोटिस और मैं बहार.... मगर इस एग्रीमेंट को सिग्न करके तू यहाँ क़ैद हो के रह जायेगी... मेरी मान तो इसे मत सिग्न कर....

अभी सिमी कह hi रही थी की तभी रूही एग्रीमेंट पे सिग्न कर देती है..... जिसे देख सिमी चौंक जाती है.....

सिमी : ये तू ने क्या किया....?

रूही : वो hi जो मुझे करना चाहिए.... आज से मैं आज़ाद हूँ..... आज से मैं एक वर्किंग वीमेन बन गयी हूँ.... वो भी कोई ऐसी वैसे नहीं बल्कि इस शहर की सब से बड़ी कंपनी की.... हैं न ख़ुशी की बात.....

सिमी : अगर तेरी यही मर्ज़ी है तो यही सही.... जिसमे मेरी बेहेन खुश उसमे मैं भी khush....chal अब जल्दी से जा के इसे उन्हें दे के कह दे की तुझे ये जॉब मंज़ूर है....

रूही फ़ौरन सैर के पास जाती है और उसे एग्रीमेंट दे के कहती है.....

रूही : मुझे मंज़ूर है....

सैर : ये लो अपना अपॉइंटमेंट लेटर... ये कार कीस और एक महीने की सैलरी एडवांस.... कल से अगले 15 दिन तक तुम्हारी ट्रेनिंग चलेगी....

रूही : मैं आपको शिकायत का कोई मौका नहीं दूंगी....

सैर : That's गुड अब तुम जा सकती हो.....

रूही ख़ुशी में बहार आती है और सिमी के सीने से लिपट जाती है.... फिर उसे अंडर हुई साड़ी बात बताती है.....

सिमी : यार चल पार्टी करते हैं.... धूम मचाते हैं....

रूही : ठीक कहा तू ने.... पार्टी तो होनी hi चाहिए.... आज का दिन इतना ख़ास जो है.... आज का दिन हमारी लाइफ का बेस्ट दिन जो है....

दोनों चल देती हैं पार्टी करने.... जैसे hi दोनों गेट तक पहुँचती हैं....

सिमी : क्या बात है रूही....? तू बार बार इधर उधर क्या देख रही है....? किसी को ढूंढ रही है क्या....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 20

रूही : मुझे मंज़ूर है....

सैर : ये लो अपना अपॉइंटमेंट लेटर... ये कार कीस और एक महीने की सैलरी एडवांस.... कल से अगले 15 दिन तक तुम्हारी ट्रेनिंग चलेगी....

रूही : मैं आपको शिकायत का कोई मौका नहीं दूंगी....

सैर : That's गुड अब तुम जा सकती हो.....

रूही ख़ुशी में बहार आती है और सिमी के सीने से लिपट जाती है.... फिर उसे अंडर हुई साड़ी बात बताती है.....

सिमी : यार चल पार्टी करते हैं.... धूम मचाते हैं....

रूही : ठीक कहा तू ने.... पार्टी तो होनी hi चाहिए.... आज का दिन इतना ख़ास जो है.... आज का दिन हमारी लाइफ का बेस्ट दिन जो है....

दोनों चल देती हैं पार्टी करने.... जैसे hi दोनों गेट तक पहुँचती हैं....

सिमी : क्या बात है रूही....? तू बार बार इधर उधर क्या देख रही है....? किसी को ढूंढ रही है क्या....??????

अब आगे....

रूही : हाँ.... नहीं.... मममम... हाँ.... नहीं कुछ नहीं....

सिमी : हाँ... नहीं... हाँ..... तू ठीक तो है न....

रूही : हाँ मैं ठीक हूँ मगर यार वो कहीं नज़र नहीं आ रहा है....

सिमी : कौन वो....? तू किसकी बात कर रही है....?

रूही : अरे वो मिला था न..... वी नीली नीली आँखों वाला.... जिसे तू स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम कह रही थी....

सिमी : अच्छा वो.... मगर मैंने तो ऐसा कुछ भी नहीं कहा था....

रूही : खैर जो भी हो मगर वो है कहाँ.....?

सिमी : मुझे क्या पता मैं उसकी सेक्रेटरी थोड़ी hi हूँ जो मुझे पता होगा.... अब चलें पार्टी करने या फिर उसे ढूंढ के साथ ले जाने का इरादा है....

रूही : जी नहीं मेरा ऐसा कोई इरादा नहीं है.... वो तो बस मैंने ऐसे hi पूछ लिया.... अब चल....

ये कह के रूही सिमी को साथ लेके चल देती है पार्टी करने....

उनके बहार जाते hi जाने क्यों प्रिंस अपने सिक्योरिटी गार्ड्स को उनकी हिफाज़त के लिए उनके पीछे भेज देता है....

प्रिंस मन में : ये मुझे क्या होता जा रहा है.... पहले अवनि और अब ये.... मुझे क्यों इन दोनों की फ़िक्र हो रही है.... न मैं अवनि को जानता था और न hi इसे जानता हूँ.... और तो और ये अवनि जैसे hi दिखती है.... इसे देख के कोई ये नहीं कह सकता की ये अवनि नहीं बल्कि रूही है.... यार मुझे कुछ न कुछ करना होगा.... मगर मैं कर भी क्या सकता हूँ..... अवनि को मैंने खुद अपने आप से जोड़ लिया और रूही को अपनी कंपनी में.... कहीं ऐसा न हो की जल्द hi वो भी मेरे साथ जुड़ जाए.... और तो और ये ज़रा भी हर लम्हा जान जान बोल के मेरे साथ चिपकी रहती है.....

अभी वो खुद से बातें कर hi रहा था की तभी वहां ज़रा आ जाती है....

ज़रा : और जान क्या सोच रहे हो....? मेरे बारे में न....

प्रिंस : यार वो दोनों क्या काम थी जो अब ये भी आ गयी....

प्रिंस की बात सुन के ज़रा नाराज़ हो जाती है....

ज़रा : Achha...kya मैं इतनी बुरी हूँ जो तुम ऐसे कह रहे हो.... जाओ बात मत करो मुझसे....

प्रिंस : अरे यार मैं तो मज़ाक कर रह था..... मैं तुम्हारे hi बारे में सोच रहा था और देखो तुम आ गयी....

ज़रा : जाओ जाओ बातें न बनाओ....

प्रिंस : नहीं यार सच में मैं तुम्हारे बारे में hi सोच रहा था....

ज़रा : सच कह रहे हो....

प्रिंस : मैं तुमसे झूट बोल सकता हूँ क्या....? और वैसे भी तुम इतनी स्मार्ट हो की किसी का भी झूट आसानी से पकड़ लेती हो.... है की नहीं.... अब तुम बताओ की मैं तुम्हारे बारे में सोच रहा था की नहीं.... देखो सच सच बताना हाँ... वो क्या है की तुम तो जानती हो मुझे झूट न hi बोलना पसंद है और न hi सुन न....

ज़रा : मममममम.... शायद तुम ठीक कह रहे हो....

प्रिंस : शायद मतलब.... तुम्हे अब भी शक है....

ज़रा : नहीं यार मैं तो ऐसे hi कह रही थी.... चलो ये सब चोरो और मेरे साथ चलो....

प्रिंस : चलो.... कहाँ चलो....?

ज़रा : अरे लंच टाइम है.... चल के कहीं खाना कहते हैं... अब ये मत कहना की तुम्हे भूक नहीं है....

प्रिंस : जी नहीं मुझे तो बहुत भूक लगी है.... अब इस से पहले की पेट में चूहे कबड्डी खेलने लग जाए चल के कहीं खाना कहते हैं....

प्रिंस कॉल करके चारो को साथ चलने को कहता है....

सब मिल के निकल पड़ते हैं खाना खाने.... नज़दीक के hi किसी अच्छे होटल में.... इत्तेफ़ाक़ से उसी होटल में रूही और सिमी भी खाना खा रहे हैं....

प्रिंस : तुम लोग बैठो... मैं ज़रा वाशरूम जा के आता हूँ....

ज़रा : रुको मैं भी साथ चलती हूँ.....

प्रिंस : यार मैं वाशरूम जा रहा हूँ कहीं घूमने नहीं.... जहाँ तुम भी साथ आओ.... वहां न मुझे तुम्हारी ज़रुरत है और न hi तुम्हारी सिक्योरिटी की.... तो यहीं बैठो मैं बस यूँ गया और यूँ आया....

ये कह के प्रिंस वाशरूम की तरफ चल देता है.... और वो सब ठीक रूही के सामने वाली टेबल पे जाके बैठ जाते हैं....

उन्हें देखते hi सिमी फ़ौरन पहचान लेती है....

सिमी : अरे यार वो देख ये लोग वही हैं न जिन्होंने हमारा इंटरव्यू लिया था.... ये यहाँ क्या करने आये हैं....?

रूही : तू भी न कितनी स्टुपिड है.... होटल में लोग क्यों आते हैं.... खाना खाने और क्या....

तभी सिमी की नज़र प्रिंस पे पड़ती है....

सिमी : अरे ये भी यहीं है....

रूही : अब तू किसकी बात कर रही है....?

सिमी : उसी स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम की जिसे तू कंपनी में ढूंढ रही थी....

रूही : क्या कह रही है....? कहाँ.... कहाँ है....?

ये कह के रूही इधर उधर प्रिंस को ढूंढने लगती है....

सिमी : अरे इधर उधर क्या ढूंढ रही है वो सामने देख वो रहा.....

रूही : मगर वो वहां उनके साथ क्या कर रहा है.....?

सिमी : मुझे क्या पता....? तुझे इतनी hi फ़िक्र हो रही है तो तू खुद क्यों नहीं जा के पूछ लेती.....

रूही : अरे यार तू न बाद को बढ़ा रही है मैं तो ऐसे hi पूछ रही थी.... वो किसी के भी साथ आया हो इस से मुझे क्या....?

प्रिंस सैर के पास बैठने hi वाला होता है की तभी उस की नज़र रूही पे पद जाती है और वो बैठते बैठते रुक जाता है....

सैर : तुम्हे क्या हुआ बैठो न....

प्रिंस सैर को रूही की तरफ इशारा कर के थोड़ी ऊंची आवाज़ में कहता है....

प्रिंस : जी वो क्या है की यहाँ सारे टेबल फुल हैं एक ये hi जगह खली है.... और मुझे बड़ी ज़ोर की भूक लगी है.... अगर आप को बुरा न लगे तो क्या मैं यहाँ बैठ सकता हूँ....?

प्रिंस की बात सुन के सैर को चोर बाकी सब को बड़ी हैरानी होती है.... सैम अभी कुछ कहने hi वाला होता है की तभी सैर बीच में बोल पड़ती है...

सैर : हाँ हाँ क्यों नहीं बैठ जाओ....

सैम को बर्दाश्त नहीं होता तो वो पूछ hi लेता है....

सैम : अबे तू तो ऐसे पूछ रहा है जैसे की हमारा दोस्त न हो के तू कोई गैर हो....? और ये तू इतनी ऊंची आवाज़ में क्यों बात कर रहा है...? हम बेहरे थोड़े hi हैं....

सैम की बात सुन के प्रिंस चीड़ के धीरे से कहता है....

प्रिंस : अबे साले ऊपरवाला जब अकाल बाँट रहा था तब क्या तू टहलने निकला था....? न वक़्त देखता और न hi मौका कहीं भी कुछ भी बोल देता है...

सैम : मतलब....

सैर : मतलब ये की सामने टेबल पे रूही बैठी हुई है.... और प्रिंस नहीं चाहता की इस वक़्त वो ये जाने की हम पांचो दोस्त हैं और मैं नहीं बल्कि प्रिंस हमारे साथ साथ उसका भी बॉस है.... अब समझे या और समझों....

सैम : ोहक.... अब समझा.... सॉरी यार वो क्या है की मैंने उसे देखा hi नहीं इसी लिए बोल गया....

प्रिंस : जानता हूँ इस में तेरी गलती नहीं है.... तेरी नज़र सैर से हेट तब न तू कुछ कहे.... अब ये है hi इतनी हसीं और खूबसूरत की इसे देखने वाला इसका दीवाना हुए बिना रह hi नहीं सकता....

प्रिंस के मुँह से अपनी तारीफ सुन के जहाँ सैर बेहद खुश हो जाती है वहीँ ज़रा चीड़ के कहती है....

ज़रा : तो क्या मैं हसीं और खूबसूरत नहीं हूँ....

प्रिंस : हाँ हो न.... तुम तो सब से ज़्यादा हसीं और खूबसूरत हो.... बिलकुल एक पारी की तरह....

विजय : हाँ वो भी कोई ऐसी वैसी पारी नहीं बल्कि एक हार्डकोर फाइटर पारी....

विजय की बात सुन के ज़रा बेहद गुस्से में आ जाती है और उसे मारने के लिए जैसे hi उतने लगती है.... प्रिंस उसे इशारे से शांत रहने को कहता है....

प्रिंस : साले तुझे भी अभी ये सब बोलना था.... थोड़ी देर चुप नहीं रह सकता क्या....? अब इस से पहले की मैं तेरे सारे दांत तोड़ दूँ चुप चाप खाना खा.... अब अगर तेरी ज़रा सा भी आवाज़ निकली तो ज़रा तो तुझे बाद में मारेगी... मैं पहले hi तेरी अच्छे से धुलाई कर दूंगा....

प्रिंस को गुस्से में देख विजय की पहात के हाथ में आ जाती है.....

विजय : नहीं यार... प्लीज ऐसा न करना... पिछली मार के ज़ख्म अभी तक नहीं भरे हैं.... अब अगर तू ने मुझे मारा तो मैं फिर से हॉस्पिटल की बीएड पे पहुँच जाऊँगा.... जो की मैं नहीं चाहता....

प्रिंस : तू फिर चुप चाप खाना खा....

फिर सब अपनी अपनी पसंद का खाना आर्डर करते हैं.... अभी सब खा hi रहे होते हैं की तभी नानी का कॉल आ जाता है....

प्रिंस उनसे बात करने लग जाता है... नानी से बात करके उसने कॉल रखा hi था की तभी अवनि का कॉल आ जाता है... प्रिंस अवनि से बात करने ने लग जाता है.... इस बीच सब खाना खा लेते हैं.... जब की प्रिंस ने तो अभी तक खाने को छुआ भी नहीं.... उसे मौका hi नहीं मिला....

इधर रूही भी प्रिंस को देखते देखते इतनी खो जाती है की खाना खाना hi भूल जाती है.... उसे इस तरह प्रिंस को घूरते देख सिमी कहती है.....

सिमी : ोये खाना भी खायेगी या बस उसे देखती hi रहेगी....

रूही : अरे हाँ वो मैं वो हाँ.... तू ने कुछ कहा क्या....?

सिमी : मैंने कहा खाना भी खायेगी या बस उसे देखती hi रहेगी....

रूही : अरे यार वो है hi इतना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम की उस से नज़र नहीं हैट रही....

सिमी : यार कहीं तुझे उस से प्यार तो नहीं हो गया....

रूही : जी नहीं ऐसी कोई बात नहीं है.... वो तो बस ासे hi एक अट्रैक्शन जैसा है.... जो किसी भी ाची मेरा मतलब है किसी ख़ास को देख के हो जाता है.... और तू है की कुछ भी सोच लेती है.... चल ये सब चोर और खाना खा....

सिमी : मैं तो कब का खा चुकी हूँ... तू hi है जिसने अभी तक खाने को छुआ भी नहीं....

सिमी की बात सुन के रूही खाना खाने लग जाती है.... खाने के बाद जब वो सामने देखती है... तो उसे वहां कोई नहीं नज़र आता.... वो हैरत से उसे इधर उधर ढूंढने लगती है.... फिर सिमी जो कहती है उसे सुन के रूही चीड़ जाती है....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 21

सिमी : मैंने कहा खाना भी खायेगी या बस उसे देखती hi रहेगी....

रूही : अरे यार वो है hi इतना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम की उस से नज़र नहीं हैट रही....

सिमी : यार कहीं तुझे उस से प्यार तो नहीं हो गया....

रूही : जी नहीं ऐसी कोई बात नहीं है.... वो तो बस ासे hi एक अट्रैक्शन जैसा है.... जो किसी भी ाची मेरा मतलब है किसी ख़ास को देख के हो जाता है.... और तू है की कुछ भी सोच लेती है.... चल ये सब चोर और खाना खा....

सिमी : मैं तो कब का खा चुकी हूँ... तू hi है जिसने अभी तक खाने को छुआ भी नहीं....

सिमी की बात सुन के रूही खाना खाने लग जाती है.... खाने के बाद जब वो सामने देखती है... तो उसे वहां कोई नहीं नज़र आता.... वो हैरत से उसे इधर उधर ढूंढने लगती है.... फिर सिमी जो कहती है उसे सुन के रूही चीड़ जाती है....?????

अब आगे.....

सिमी : जिसे तू ढून्ढ रही है वो जा चूका है.... अब ये मत कहना की तू उसे नहीं ढून्ढ रही है.... यार तू मान क्यों नहीं लेती की तुझे उस से प्यार हो गया है.....?

रूही : अरे जो बात है hi नहीं उसे मान कैसे लून..... मान न मान मैं तेरा मेहमान....

सिमी : तो तू ये कह रही है की तुझे उस से प्यार नहीं हुआ है....

रूही : हाँ ऐसा कुछ भी नहीं है....

सिमी : पक्का न....

रूही : हाँ..... अब क्या लिख के दूँ....

सिमी : हाँ लिख के दे तेरा कोई भरोसा नहीं कभी कुछ कहती है तो कभी कुछ और.... जबसे तू ने उसे देखा है.... तुझे कुछ हो गया है.... तू बदल सी गयी है....

रूही : ये बार बार तू ने क्या लगा रखा है....? तुझे कहा न की ऐसा कुछ भी नहीं है... ये बेकार की बात चोर और घर चल.... इस से पहले की मेरा दिमाग खराब हो जाए....

ये कह के रूही सिमी के साथ घर की तरफ चल देती है.... इधर फ़िरोज़ सब को उनके खिलाफ भड़काने के लिए बात को बढ़ा चढ़ा के दोनों के बारे में बताता है की कैसे दोनों बिना किसी को कुछ पूछे घर से बहार गयी और इतना बड़ा फैसला ले लिया....

दोनों जैसे hi घर में घुसती हैं.... सब साथ मिल के दोनों पे सवालों की बौछार कर देते हैं.... सब के हज़ार सवाल शुरू हो जाते हैं..... और फिर सारे सवालों के जवाब मिलने के बाद सब ख़ुशी से दोनों को गले से लगा लेते हैं.....

फ़िरोज़ : ये क्या माँ इनको डांटने के बजाये आप इनको गले से लगा रही हैं.....

रुखसाना : डाटना इन को नहीं बल्कि तुझे चाहिए.... देख इन दोनों को कॉलेज से निकलते hi अपने लिए इतनी अच्छी जॉब भी ढूंढ ली..... और एक तू है की तुझे आवारा गर्दी करने से फुर्सत hi नहीं....

फ़िरोज़ : जॉब तो मुझे भी मिल गयी है.... और वो भी उसी कंपनी में..... और सैलरी भी काफी अच्छी है.... इन दोनों से तो ज़्यादा hi है....

रुखसाना : अच्छा.... तो बता सैलरी कितनी है....?

फ़िरोज़ : जो भी है ठीक hi है....

रूही : ठीक का क्या मतलब.... कितनी है वो बता.... ज़रा मैं भी तो सुनु....

फ़िरोज़ धीरे से कहता है : वो... वो... 25000/-

रूही : क्या कहा 25लाख....????

सिमी : नहीं यार मैंने 25000/- सुना.....

रूही : 25000/- अरे कोई समझाओ इस बेवक़ूफ़ को की 25000/- 45000/- और 1.5 लाख से काम होता है ज़्यादा नहीं.... और ये कह रहा है अच्छी खासी सैलरी है.... अब ये भी बता की जॉब क्या है....? कहीं वो भी अच्छी खासी तो नहीं....

सिमी : हाँ यार हो भी सकता है...

ये कह के दोनों हसने लगती हैं....

हहहहहहहहह.....

दोनों की बात सुन के फ़िरोज़ को उनपे बेहद गुस्सा आने लगता है.... मगर वो छह के भी दोनों का कुछ नहीं बिगाड़ सकता.... बस हाथ मॉल के रह जाता है....

फ़िरोज़ मन में : हंस लो जितना चाहे हंस लो.... एक दिन ऐसा रुलाऊंगा की दोनों उम्र भर के लिए हसना भूल जाएंगी.... ख़ास कर के तो इस कमीनी रूही को.... देख अब मैं क्या करता हूँ तेरे साथ.... एक महीने के अंडर तेरी ज़िन्दगी में तेहेलका न मचा दिया तो मेरा नाम बदल देना.... जो तू नहीं चाहती वो hi मैं तुझसे करवाऊंगा.... और वो भी एक महीने के अंडर.....

फ़िरोज़ का मज़ाक बना के दोनों अपने रूम में चली जाती हैं... और वहां जॉब को ख़ास कर के प्रिंस को ले के डिसकस करने लगती हैं....

अगली सुबह जब सिमी की आँख खुलती है तो वो सामने का नज़ारा देख के बुरी तरह से चौंक जाती है....

कमरे का हाल बेहाल बना हुआ है.... हर तरफ चीज़ें बिखरी पड़ी है.... एक तरफ कपडे तो दूसरी तरफ दूसरे सामान.... वहां का हाल देख के ऐसा लग रहा है जैसे की भूचाल आया है....

सिमी इधर उधर रूही को ढूंढने लगती है.... मगर वो उसे कहीं नज़र नहीं आती.... तो वो उसे आवाज़ लगा के बुलाने लगती है.....

सिमी : रूही.... रूही....

तभी कपड़ों के ढेर के नीचे से रूही बहार निकलती है....

रूही : अबे चिल्ला क्यों रही है....? मैं यहीं हूँ कहीं बहार नहीं गयी.....

सिमी : तू वहां कपड़ों के बीच में क्या कर रही है....? और ये रूम की हालत ऐसे कैसे हो गयी....? यहाँ कोई भूचाल आया था क्या....? या फिर कोई चोर.....?

रूही : जी नहीं.... न hi यहाँ भूचाल आया था और न hi कोई चोर....

सिमी : तो फिर ये सब किया किसने....?

रूही : यार तू ये सब चोर और मुझे ये बता की आज ऑफिस में मैं क्या पेहेन के जाऊं....?

सिमी : कहीं ये सब तेरा किया धरा तो नहीं.... बोल ये तू ने नहीं किया.... बोल दे....

रूही : मैं क्या करती.... मुझे कुछ समझ hi नहीं आ रहा था की मैं क्या पह्नु.... उसी चक्कर में ये हो गया....

सिमी : यार तू ऑफिस जा रही है.... शादी या फैशन कम्पटीशन में नहीं.... जो चाहे पेहेन ले... इसने इतना सोचने वाली क्या बात है.....?

रूही : ये सही है की मैं ऑफिस जा रही हूँ मगर वो भी तो वहां होगा न.... अब उसके सामने कुछ भी पेहेन के मैं कैसे जा सकती हूँ....

सिमी : अबे यार ये तू किसकी बात कर रही है.....? ऐसा कौन है जिसे रिझाने के लिए तू तैयार हो के जाना चाहती है...? कहीं वो कल वाला तो नहीं....

रूही शर्मा के : हाँ वो hi है.... जिसके लिए मैं तैयार होना चाहती हूँ....

सिमी : यार कहीं तू पागल तो नहीं हो गयी....? ये क्या दीवाना पैन कर रही है....? न तू उसे जानती है... न उसका नाम.... और न hi ये की वो वहां मिलेगा भी की नहीं....

रूही : हाँ ये बात सच है की मैं उसके बारे में कुछ नहीं जानती... मगर उस से मिल के सब जान जाउंगी....

सिमी : अरे मेरी दीवानी बेहेन तू उसे ढूंढेगी कहाँ....?

रूही : उसे ढूंढने की क्या ज़रुरत है.... कंपनी में जाते hi वो मुझे मिल जाएगा....

सिमी : चलो मान लिया की वो तुझे वहां मिल गया तो उस से तू कहेगी क्या.....? ी लव यू.....? और वो तुझसे कहेगा.... ी लव यू तो माय स्वीटहार्ट.... काहलो निकाह कर लेते हैं....

सिमी की बात सुन के रूही शर्मा जाती है...

रूही : अभी तो हम मिले भी नहीं और तू है की सीधे निकाह तक पहुँच गयी.... पहले प्यार तो हो जाने दे....

सिमी : कल रात तो न... नहीं... ऐसा कुछ भी नहीं है.... कह रही थी और अब देखो कैसे शर्मा रही है.... इतना hi नहीं वो अभी क्या कहा तू ने.... हाँ पहले प्यार तो हो जाने दे....

रूही : हाँ तो क्या गलत कहा.... ये वही तो है जिसका जाने कब से मुझे इंतज़ार था.... आज जा के वो इंतज़ार ख़तम हुआ है....

सिमी : है मेरी लाडो.... तू तो शर्माने भी लगी.... हाआआई.... देखो देखो कैसे इसके गाल शर्म से लाल हो गए....

रूही : अब बस भी कर यार.... और चल जल्दी से बता की आज मैं क्या पेहेन के ऑफिस चलूँ....?

सिमी : बस ऑफिस जाना है न तू कुछ भी पेहेन ले.... इसमें क्या फर्क पड़ता है....

रूही : क्यों सत्ता रही है....? बता न.... देख जल्दी से बता वर्ण सोच ले मैं नाराज़ हो गयी तो....?

सिमी : नहीं यार तू नाराज़ न होना.... तेरी नाराज़गी बहुत भारी पड़ती है....

फिर सिमी रूही को खुद तैयार करती है.... और खुद भी तैयार हो जाती है.... दोनों नीचे आते हैं और सीधे बहार जाने लगते हैं... की तभी... रुखसाना उन्हें रोक के नाश्ता करने को कहती है....

रूही : नहीं बुआ नाश्ता करने व वक़्त नहीं है.... वैसे hi काफी देर हो चुकी है.... और जॉब के पहले दिन हम लेट नहीं होना चाहते.... रही बात नाश्ते की तो वो हम कंपनी के कैफेटेरिया में कर लेंगे....

ये कह के दोनों चल देते है कंपनी....

रुखसाना : सीख अपनी बहनो से कुछ.... एक वो दोनों है की कहीं पहले दिन लेट न हो जाए इस लिए बिना नाश्ता किये hi चली गयी और एक तू है जो यहाँ बैठे बैठे जाने कब से ठूसे जा रहा.... अब जाएगा भी या यहीं बैठा खता रहेगा..... अब जा भी....

फ़िरोज़ : यार इन दोनों की वजह से मैं चैन से खा भी नहीं सकता.... इनको तो मैं छोड़ूंगा नहीं.....

रुखसाना : क्या कहा तू ने.....?

फ़िरोज़ : मैंने.... नहीं तो.... मैंने तो कुछ नहीं कहा....

रुखसाना : अब यहाँ खड़े बातें hi बनता रहेगा या फिर जाएगा भी....

फ़िरोज़ : हाँ जा रहा हूँ....

इधर कंपनी में पहुँचते hi रूही की निगाहें प्रिंस को ढूढ़ने लगती है.... मगर वो उसे कहीं नज़र नहीं आता.... प्रिंस को वहां न पा के रूही का चेहरा उतर जाता है....

सिमी : यार उदास क्यों होती है....

रूही : उदास न होऊं तो क्या करूँ....? जिसके लिए तैयार हो के आयी थी.... वो hi यहाँ नहीं है.... मैं चाहती थी की कंपनी में एंटर करते hi सब से पहले वो मुझे देखे.... बाद में कोई और.... मगर यहाँ सब उल्टा हो गया.... सब ने देख लिया बस वो hi बाकी है.....

सिमी : यार ये भी तो हो सकता है की वो अभी तक आया न हो.... या फिर वो यहाँ किसी केबिन में हो..... उदास होने से तो अच्छा है की उसे ढूँढा जाए.... बोल क्या इरादा है....?

रूही : उसे ढूंढने का और क्या....? चल जल्दी से उसे ढूंढते हैं.....

प्रिंस को ढूंढते ढूंढते रूही एक केबिन का दरवाज़ा खोलती है.... अंडर का नज़ारा देख उसका दिमाग गुस्से से फटने लगता है.... और वो.....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 22

इधर कंपनी में पहुँचते hi रूही की निगाहें प्रिंस को ढूढ़ने लगती है.... मगर वो उसे कहीं नज़र नहीं आता.... प्रिंस को वहां न पा के रूही का चेहरा उतर जाता है....

सिमी : यार उदास क्यों होती है....

रूही : उदास न होऊं तो क्या करूँ....? जिसके लिए तैयार हो के आयी थी.... वो hi यहाँ नहीं है.... मैं चाहती थी की कंपनी में एंटर करते hi सब से पहले वो मुझे देखे.... बाद में कोई और.... मगर यहाँ सब उल्टा हो गया.... सब ने देख लिया बस वो hi बाकी है.....

सिमी : यार ये भी तो हो सकता है की वो अभी तक आया न हो.... या फिर वो यहाँ किसी केबिन में हो..... उदास होने से तो अच्छा है की उसे ढूँढा जाए.... बोल क्या इरादा है....?

रूही : उसे ढूंढने का और क्या....? चल जल्दी से उसे ढूंढते हैं.....

प्रिंस को ढूंढते ढूंढते रूही एक केबिन का दरवाज़ा खोलती है.... अंडर का नज़ारा देख उसका दिमाग गुस्से से फटने लगता है.... और वो.....?????

अब आगे.....

अंडर रूम में एक लड़का किसी लड़की के साथ बदतमीज़ी कर रहा था की तभी रूही जो की प्रिंस को ढूंढ रही थी दरवाज़ा खोल देती है.... अंडर का नज़ारा देख के उसका दिमाग गुस्से से फटने लगता है....

वो लड़का "जग्गू" और कोई नहीं बल्कि फ़िरोज़ का दोस्त है.... जिसे रूही और सिमी अच्छे से जानती हैं.... वो उनके घर के करीब hi रहता है..... निहायत hi बिगड़ा हुआ है.... जिसे चाहे जब चाहे छेद देता है.... उसके दोस्त भी कहते हुए बदमाश हैं....

वो लड़की उसे मन कर रही है मगर वो मान hi नहीं रहा.... ज़बरदस्ती उसके जिस्म को छू रहा है.... इतना hi नहीं उसे किश करने की भी कोशिश कर रहा है.... ये देख रूही को उसपे गुस्सा आ जाता है और वो आगे बढ़ के उस लड़की को जग्गू से दूर हटा के खींच के जग्गू को थप्पड़ मारती है....

Chataaaaaaaaaaaaaak....

थप्पड़ खा के जग्गू गुस्से में आ जाता है....

जग्गू बेहद गुस्से में : साली.... कमीनी... तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझे थप्पड़ मारने की....?

रूही : जो काम तू ने किया है... उस के लिए एक थप्पड़ तो क्या तेरी जितनी पिटाई की जाए उतनी काम है.... इस से पहले की मार मार के मैं तेरी हालत खराब कर दूँ चला जा यहाँ से....

जग्गू : चला जाऊँगा पहले अपना हिसाब तो पूरा कर लून.... जो किश तेरी वजह से अधूरा रह गया था उसे अब तू पूरा करेगी... अब इसकी जगह मैं तुझे किश करूँगा....

अभी जग्गू ने इतना hi कहा था की तभी एक और ज़ोरदार थप्पड़ उस के गाल पे पड़ता है....

Chataaaaaaaaaaaaaak....

रूही बेहद गुस्से में : साले तेरी इतनी हिम्मत की तू मुझसे बदतमीज़ी करे.... देख आज मैं तेरी क्या हालत करती हूँ....

ये कह के रूही जग्गू पे टूट पड़ती है और उसे मारने लगती है.....

जग्गू अपने बचाव में चाक़ू निकाल लेता है और रूही पे वार करता है.... की तभी प्रिंस वहां आ जाता है वो एक हाथ से चाकू का वार रोकता है और दूसरे हाथ से रूही का हाथ पकड़ के उसे अपनी तरफ खींचता है.....

प्रिंस : तुम ठीक तो हो न अवनि.... तुम्हे कुछ हुआ तो नहीं.....

ये कह के वो ऊपर से नीचे तक रूही को देखने लगता है.... की उसे कहीं चोट तो नहीं आयी.... जब उसे ये यकीन हो जाता है तब वो मुद के बेहद गुस्से में जग्गू की तरफ देखता है....

जग्गू : अबे साले तू है कौन...? और यहाँ क्या कर रहा है....? साले चला जा यहाँ से इस से पहले की मार मार के मैं तेरी हालत खराब कर दूँ....

ये कह के जग्गू चाक़ू को प्रिंस के हाथ से निकालने की कोशिश करने लगता है जिसके धारदार हिस्से को प्रिंस ने पकड़ा हुआ है.... उसमे से खून निकल रहा है....

जग्गू की बात सुन के प्रिंस का गुस्सा तेज़ हो जाता है और वो खींच के एक लात जग्गू के मुँह पे माता है.... जिस से उसका जबड़ा पहात जाता है और कुछ दांत टूट के गिर जाते हैं और मुँह से खून निकलने लगता.... जग्गू चाकू चोर के पीछे की तरफ गिरता है....

प्रिंस : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई अवनि को हाथ लगाने की.... उसे छू के तू ने अपनी मौत को दावत दी है... अब देख मैं तेरी क्या हालत करता हूँ....

ये कह के प्रिंस चाकू को एक तरफ फ़ेंक के बेहद गुस्से में जग्गू की तरफ बढ़ता है और जैम के उसकी धुलाई करने लगता है....

प्रिंस गुस्से में एक ज़ख़्मी शेर की तरह दहाड़ रहा है और जग्गू को पीट रहा है.... हड्डियों के टूटने और जग्गू के चीखों की आवाज़ से पूरा कमरा गूंजने लगता है....

कुछ hi देर में जग्गू के जिस्म की लगभग साड़ी हारियान टूट जाती है.... और वो अधमरा सा हो जाता है.... अब तक वहां सब पहुँच चुके है.... (सैम.... ज़रा.... सैर..... मैक्स और विजय....) मगर किसी में इतनी हिम्मत नहीं की आगे बढ़ के प्रिंस को रोक सके..... वो ये अच्छे से जानते हैं की गुस्से में प्रिंस को रोकना नामुमकिन है.... जो भी इस वक़्त उसके पास उसे रोकने जाएगा मार मार के प्रिंस उसकी भी हालत वैसी hi कर देगा....

सिमी : अरे कोई रोको उसे.... कहीं ऐसा न हो की वो उसकी जान hi ले ले....

मगर किसी की हिम्मत नहीं हो रही प्रिंस को रोकने की....

सिमी : रूही... जा के रोक उसे इस से पहले की वो उसकी जान ले ले.... जा जल्दी....

डरते डरते रूही आगे बढ़ती है और प्रिंस के कंधे पे हाथ रखती है....

प्रिंस गुस्से में मुड़ता है और उसपे हाथ उठाने hi वाला होता है की तभी उसे रूही का चेहरा नज़र आ जाता है और वो अवनि कह के उसे अपने सीने से लगा लेता है....

प्रिंस : शुक्र है अवनि तुम्हे कुछ हुआ नहीं.... वर्ण आज मैं किसी को ज़िंदा नहीं चोरता.....

ये कह के प्रिंस बेहद गुस्से में जग्गू की तरफ देखता है और फिर ज़रा से कहता है......

प्रिंस : उठा के फीक दो इसे इस कंपनी के बहार और याद रहे दोबारा ये यहाँ नज़र न आये..... दोबारा अगर ये यहाँ दिखा या इसने अवनि को दूर से भी देखने की कोशिश की तो मैं इस के साथ साथ यहाँ किसी को भी नहीं छोड़ूंगा... सब की जान ले लूंगा.....

प्रिंस को इतने गुस्से में देख ज़रा के साथ साथ वहां बाकी सब भी बुरी तरह से दर जाते हैं.... यहाँ तक की रूही भी.... वो प्रिंस के सीने से चिपकी हुई है.... दर के मारे वो प्रिंस से अलग भी होना छह रही है और प्यार की वजह से उस से जुड़ा भी नहीं होना छह रही.... प्रिंस की बाहों में उसे बड़ा सुकून मिल रहा है.... वो प्यार भरी नज़रों से प्रिंस को देखे जा रही है.....

ज़रा को खामोश खड़े कुछ न करते देख गुस्से में प्रिंस एक बार फिर से कहता है....

प्रिंस : तुम ने सुना नहीं मैंने क्या कहा.....? उठा के फेक आओ इस कमीने को कंपनी के बहार.....

ज़रा : ह.... Ha...an.... हाँ वो मैं अभी....

ये कह के ज़रा डरते हुए फ़ौरन आगे बढ़ती है और जग्गू को घसीट ते हुए बहार ले जाती है....

दर के मारे सब वहां से निकल लेते हैं....

वहीँ बहार गेट के पास खड़ा फ़िरोज़ बड़े गौर से सब देख भी रहा है और प्रिंस बातें ऑन भी रहा है.... रूही को प्रिंस की बाहों में देख उसके खुराफाती दिमाग में एक आईडिया आता है और वो फ़ौरन उनकी एक फोटो खींच लेता है....

इधर सिमी बहार की तरफ जा hi रही होती है की तभी वो मुद के रूही को आवाज़ देती है....

सिमी : रूही चल जल्दी....

सिमी की आवाज़ सुन के प्रिंस मुद के उसकी तरफ देख के कहता है....

प्रिंस : क्या हुआ....?

सिमी : ज..... ज.... जी वो रूही.... है... अवनि नहीं.....

सिमी की बात सुन के प्रिंस चौंक के रूही की तरफ देखता है.... उसे ये समझते देर नहीं लगती की इस वक़्त उसकी बाहों में अवनि नहीं बल्कि रूही है.... वो फ़ौरन रूही से अलग हो जाता है....

प्रिंस : सॉरी मुझे माफ़ कर देना.... मुझे लगा की तुम अवनि हो... मैं ये भूल गया था की तुम वो नहीं हो... जो मैंने समझा.... बल्कि तुम वो हो.... जो मैं नहीं समझा....

प्रिंस की बात सुन के रूही अपना सर खुजाते हुए पूछती है...

रूही : तुम क्या समझे...? और क्या नहीं समझे....? तुम जो भी समझे.... मगर मैं कुछ नहीं समझी....

प्रिंस : मुझे लगा की तुम अवनि हो जो की नहीं हो..... क्यों की तुम रूही हो.... अवनि नहीं.... तो जब तुम रूही हो तो अवनि हो hi नहीं सकती....

दोनों की बात सुन के इस बार सिमी अपना सर खुजा के पूछती है.....

सिमी : मैं मैं हूँ.... या मैं भी कोई और hi हूँ....

प्रिंस : तुम्हारा तो पता नहीं.... मगर हाँ मैं प्रिंस हूँ.... प्रिंस अली खान....

ये कह के प्रिंस रूही की तरफ अपना हाथ बढ़ता.... उसके हाथ से बह रहे खून को देख रूही घबरा जाती है और फ़ौरन अपना रुमाल कास के उसके हाथ पे बाँध देती है....

रूही : तुम्हारे हाथ से तो खून निकल रहा है.... तुम्हे जल्द से जल्द डॉ के पास चलना चाहिए....

प्रिंस : हाँ वो मैं चला जाऊँगा.... मगर तुम.... तुम्हे कुछ हुआ तो नहीं न....

रूही : जी नहीं मुझे कुछ नहीं हुआ.... बल्कि तुम्हे हुआ है... तुम्हारा हाथ बहुत बुरी तरह से ज़ख़्मी है.... तुम्हे इलाज की सख्त ज़रुरत है... जल्दी से डॉ के पास चलो....

प्रिंस : वो मैं चला जाऊँगा....

रूही : चला जाऊँगा नहीं बल्कि अभी चलो....

ये कह के रूही प्रिंस का हाथ पकड़ के उसे अपने साथ तेज़ी से बहार ले जाती है... जल्द hi वो लोग हॉस्पिटल पहुँच जाते हैं और वहां डॉ उसके हाथ में टाँके लगाने लगते हैं....

इधर टाँके प्रिंस को लग रहे हैं मगर दर्द रूही को हो रहा है.... उसके हर एक टाँके पे रूही के मुँह से आह निकल रही है....

प्रिंस हैरत और बड़े गौर से रूही की तरफ देख रहा है....

प्रिंस : टाँके तुम्हे नहीं बल्कि मुझे लग रहे हैं....

प्रिंस की बात का रूही जो जवाब देती है उसे सुन के प्रिंस को बड़ी हैरानी होती है....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 23

रूही : जल्दी से डॉ के पास चलो....

प्रिंस : वो मैं चला जाऊँगा....

रूही : चला जाऊँगा नहीं बल्कि अभी चलो....

ये कह के रूही प्रिंस का हाथ पकड़ के पूरे हक़ से उसे अपने साथ तेज़ी से बहार ले जाती है... जल्द hi वो लोग हॉस्पिटल पहुँच जाते हैं और वहां डॉ उसके हाथ में टाँके लगाने लगते हैं....

इधर टाँके प्रिंस को लग रहे हैं मगर दर्द रूही को हो रहा है.... उसके हर एक टाँके पे रूही के मुँह से आह निकल रही है....

प्रिंस हैरत और बड़े गौर से रूही की तरफ देख रहा है....

प्रिंस : टाँके तुम्हे नहीं बल्कि मुझे लग रहे हैं....

प्रिंस की बात का रूही जो जवाब देती है उसे सुन के प्रिंस को बड़ी हैरानी होती है....?????

अब आगे.....

प्रिंस : टाँके तुम्हे नहीं बल्कि मुझे लग रहे हैं....

रूही : Aaaaaaaaaaahhhhh..... Ha.....an मगर जाने क्यों मुझे अपने हाथ में बेतहाशा दर्द महसूस हो रहा है.....

रूही की बात सुन के प्रिंस को बरी हैरानी सी होती है.... वो जैसे hi रूही का हाथ अपने हाथ में ले के देखता है..... बुरी तरह से चौंक जाता है.....

रूही का पूरा हाथ लाल बना हुआ है इतना hi नहीं..... उसके हाथ में ठीक उसी जगह पे उसी तरह टाँके और घाव के निसान हैं जैसे की प्रिंस के हाथ में हैं..... इस बात से उसे hi नहीं वहां मौजूद डॉ को भी बड़ी हैरानी होती है.....

डॉ : क्या तुम्हे भी चोट लगी थी....

रूही : नहीं....

डॉ : तो फिर तुम्हारे हाथ में ये निशाँ कैसे.....?

रूही : पता नहीं डॉ अभी कुछ देर पहले तक तो मेरे हाथ पे ऐसा कोई निशाँ नहीं था.... जाने ये कहाँ से आ गया.....? इसमें दर्द भी काफी हो रहा है....

डॉ : अपनी पूरी लाइफ में मैंने न कभी ऐसा देखा और न hi कभी सुना....

फिर डॉ प्रिंस के हाथ पे पट्टी बाँधने लगता है.... जैसे जैसे प्रिंस के घाव पत्तियों के पीछे छुपने लगते हैं.... रूही के हाथ के निशाँ भी ठीक उसी तरह गायब होने लगते हैं साथ hi दर्द भी.... धीरे धीरे कर के वो पूरी तरह से गायब हो जाते हैं.... साथ hi दर्द भी....

वो दोनों बहार आ के कार में बैठ के वहां से चल देते हैं....

रूही : ये अवनि कौन है....?

प्रिंस : ये अचानक से तुम अवनि के बारे में क्यों पूछने लगी.....?

रूही : कुछ ख़ास नहीं बस मैं जान न चाहती हूँ की आखिर वो है कौन जिसका नाम ले के हर बार तुम मुझे आवाज़ देते हो....?

प्रिंस अपने और अवनि के बीच जो भी कुछ हुआ रूही को बताने लगता है.... जिसे सुन के रूही को हैरत के साथ साथ अवनि पे बेहद गुस्सा भी आता है.... साथ hi प्रिंस ने अवनि के लिए जो किया उसे जान के उसके लिए उसका प्यार और भी ज़्यादा गहरा हो जाता है.... वो ये सोचने लगती है की जब प्रिंस किसी अनजान के लिए इतना प्यार दिखा सकता है तो उसपे कितना प्यार लुटायेगा जिसे वो अपना समझेगा.....

रूही : उसमे और मुझमे कुछ तो फर्क होगा....?

प्रिंस : वैसे मैं तुम्हे ज़्यादा तो नहीं जानता हूँ.... मगर जितना भी जानता हूँ उस के हिसाब से नहीं.... उसमे और तुम में ज़रा भी फर्क नहीं है..... बल्कि तुम दोनों में कुछ भी अलग नहीं है.... अब तुम हे hi देख लो.... तुम्हे देख के ऐसा लगता है.... इस जहाँ में ऐसी कोई नहीं जो तुम्हारे जितनी खूबसूरत और हसीं हो.... ये गोरा गुलाबी चेहरा.... नीली नीली झील सी गहरी आँखें.... गुलाब की पंखुड़ियों जैसे नाज़ुक रास भरे होंठ.. ये सुराहीदार गर्दन.... संगेमरमर जैसा शफ़्फ़ाफ़ बदन.... है... खुदा ने खुद अपने हाथों से तुम्हे तराशा है....

प्रिंस के मुँह से अपनी तरफ सुन के रूही बेहद खुश हो जाती है....

फिर प्रिंस गाना गाने लगता है....

गोरिये तू किन्नी गोरी है

तू ज़मीन पे चाँद की जोड़ी है

बुरी ऐ बड़ी बुरी ऐ

दुनिया की नियत छोड़िये

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये साणु

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये साणु

हो सिल्की कुर्ती यह

जो तू पहन के आज निकली ऐ

हलकी सी तू मुड़ती ऐ

घूम जाए मार्किट छोड़िये

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये शानू

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये शानू

हो माथे पे गोर काला

टीका बना ले मुझको

तुझको बालाओं से बचा लून

है धुप यह ज़माना

ोास की बूँद है तू

पलकों की छाओं

में छुपा लून

गोरिये ये मेरी थ्योरी ऐ

की ये तेरी मेरी

लीड में स्टोरी है

सॉरी ये खुद सॉरी ऐ

है जो बीच अपने दूरिये

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये तड़पाये शानू

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये तड़पाये शानू

गोरिये तू किन्नी गोरी ऐ

तू ज़मीन पे चाँद की जोड़ी ऐ

बुरी ऐ बड़ी बुरी ऐ

दुनिया की नियत छोड़िये

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये शानू

नज़र न लग जाए जानू

थॉट ये घबराये शानू....

गाना ख़तम होते hi रूही ख़ुशी में कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस का मोबाइल बजने लगता है.... स्क्रीन पे डिस्प्ले हो रहे फोटो को देख के जहाँ प्रिंस खुश हो जाता है वहीँ रूही का चेहरा उतर जाता है...

रूही मन में : इसे भी यही वक़्त मिला था कॉल करने के लिए.....

प्रिंस : मैं अभी तुम्हे hi याद कर रहा था और देखो तुम्हारा फ़ोन आ गया....

अवनि : वो सब चोरो और पहले मुझे ये बताओ की तुम्हे चोट लगी कैसे....?

प्रिंस : किसने कहा की मुझे चोट लगी है....

अवनि : अब तुम मुझसे झूट भी बोलने लगे....

प्रिंस : नहीं यार बात ऐसी नहीं है....

अवनि : अच्छा तो खाओ मेरी कसम और कहो की तुम्हे चोट नहीं लगी....

प्रिंस : तुम्हारी झूटी कसम मैं कैसे खा सकता हूँ.... ये सच है की मुझे चोट लगी है... मगर वो मामूली सी चोट है....

अवनि : अच्छा तुम्हारे हाथ में 10 टाँके आये हैं और तुम उसे मामूली चोट कह रहे हो.....

प्रिंस : तुमसे किसने कहा की मुझे 10 टाँके आये हैं....?

अवनि : किसी के कहने की ज़रुरत नहीं है.... मुझे पता है.... मैंने खुद महसूस किया है....

प्रिंस : महसूस किया मतलब.... मैं कुछ समझा नहीं....

अवनि : तुम्हे ज़रा सी भी चोट लगती है तो उसे मेरा दिल महसूस कर लेता है... जब तुम्हारे हाथ में चोट लगी तब भी और जब तुम्हे टाँके लगे तब भी.... तुम ये बताओ की तुम इस वक़्त कहाँ हो....? मैं अभी तुमसे मिलने आ रही हूँ....

प्रिंस : मुझसे मिलने मगर क्यों....?

अवनि : तुम्हे चोट लगी है.... इस वक़्त तुम्हे मेरी ज़रुरत है.... मुझे तुम्हारे पास होना चाहिए.... इस लिए मैं वहां आ रही हूँ.....

प्रिंस : अरे यार चोट पे अब पट्टी लग चुकी है.... और रही बात तुम्हारे मेरे पास होने की तो वो तो किसने कहा की तुम मुझसे दूर हो.... तुम हर पल हर लम्हा में पास न हो के भी मेरे पास hi होती हो.... तुम hi बताओ क्या तुम मुझसे जुड़ा हो.....?

अवनि : नहीं... कभी नहीं.... तुम चाहो तब भी नहीं....

प्रिंस : मैं तो हमेशा hi ये चाहता हूँ की तुम मेरे पास hi रहो....

अवनि : इसी लिए तो आ रही हूँ.... मगर तुम हो की मुझे रोक रहे हो....

प्रिंस : वो इस लिए क्यों की अभी तुम्हारे एक्साम्स चल रहे हैं.... जो मैं नहीं चाहता की मेरी वजह से खराब हो.... और रही बात मिलने की तो 15 दिन में मैं खुद वहां तुमसे मिलने आ रहा हूँ....

प्रिंस की बात सुन के अवनि ख़ुशी से उछाल पड़ती है.....

अवनि : क्या सच में तुम यहाँ आ रहे हो....

प्रिंस : हाँ अगले 15 दिन में मैं वहां आ रहा हूँ... अब ये मत पूछना की किस दिन.... वो एक सरप्राइज है....

अवनि : यार तुम्हारा ये सरप्राइज कहीं मेरी जान न ले ले....

प्रिंस : तुम फिर शुरू हो गयी.... तुम्हे मैंने मन किया था न ऐसी बात कहने से मगर तुम हो की मेरी बात सुनती hi नहीं.... जाओ बात मत करो मुझसे....

अवनि : सॉरी यार गलती हो गयी.... माफ़ कर दो... आइंदा से मैं ऐसा कभी नहीं कहूँगी... ये आखरी बार था... प्लीज इस बार मुझे माफ़ कर दो.... प्लीज प्लीज प्लीज..... ी ऍम सॉरी न....

प्रिंस : ये आखरी बार था....

अवनि : हाँ लास्ट.... आइंदा से मैं ऐसा कभी नहीं कहूँगी....

प्रिंस : अच्छा ठीक है.... अब ये बताओ की मेरी स्वीटहार्ट और स्वीट गर्ल कैसी है....?

अवनि : तुम्हारी स्वीटहार्ट भी अच्छी है और स्वीट गर्ल भी.... मगर तुम्हारे पास न हो ने की वजह से दोनों का मन उदास है....

प्रिंस : इस लिए तो मैं वहां आ रहा हूँ की जल्द से जल्द दोनों से मिल के उनकी उदासी को ख़ुशी में बदल सकूँ.... अब जल्दी से मुस्कुरा दो....

अवनि : है कैसे गुज़रेंगे जुदाई के ये 15 दिन....

प्रिंस : यूँ पालक झपकते hi बीत जाएंगे.... और हम साथ होंगे.... अब तो मुस्कुरा दो....

अवनि : मुश्किल है..... मगर तुम्हारे लिए ये भी सही.... ये कह के अवनि मुस्कुरा के प्रिंस को bye कहती है.....

प्रिंस : सॉरी यार वो फ़ोन आ गया था....

रूही : हाँ जानती हूँ उस कमीनी.... मतलब अवनि का फ़ोन था.... अच्छा ये बताओ ये स्वीटहार्ट और स्वीट्जिरल कौन है....?

रूही को चिढ़ते देख प्रिंस को मज़ा आने लगता है उसे चिढ़ाने के लिए.....

प्रिंस : मुझे क्यों ऐसा लग रहा है की कहीं से कुछ जलने की महक सी आ रही है....

रूही : मैं क्यों किसी से जलने लगी.... वो तो मैं ऐसे hi पूछ रही थी.....

प्रिंस : अच्छा ठीक है तो सुनो.... स्वीटहार्ट मैं प्यार से अवनि को कहता हूँ और स्वीट्जिरल अंजू को....

रूही : अब ये अंजू कौन है.....?

प्रिंस : अवनि की माँ....

रूही : अच्छा अगर वो स्वीटहार्ट है और उसकी माँ स्वीट गर्ल तो मैं कौन हूँ.....?

प्रिंस : तुम....

रूही : हाँ मैं.....

प्रिंस : तुम हो....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की था की तभी उनकी कार कंपनी के गेट पे पहुँच जाती है.... वहां सब प्रिंस को घेर लेते है और उसके हाथ पे लगी चोट के बारे में पूछने लगते हैं.... उनसे बात करते करते प्रिंस अंडर की तरफ चल देता है..... तभी पीछे से रूही उसे आवाज़ दे के पूछती है....

रूही : हे सुनो..... तुमने बताया नहीं मैं....

रूही की आवाज़ सुन के प्रिंस मुद के उसकी तरफ देखता है.....

प्रिंस : प्रिंसेस....

ये कह के प्रिंस अंडर चला जाता है...

रूही : प्रिंसेस..... ममममम सही कहा.... जब तुम्हारा नाम प्रिंस है तो मेरा नाम प्रिंसेस के अलावा और कुछ हो hi नहीं सकता..... प्रिंस की प्रिंसेस....

ये कह के रूही मुस्कुरा देती है.....

सिमी : क्या बात है बड़ी खुश नज़र आ रही है.....

रूही : बात hi ख़ुशी की है....

सिमी : इसका मतलब तू ने प्रिंस को प्रोपोज़ कर दिया.....

रूही : नहीं यार.... अभी कहाँ कहा है.... कहना तो मैं चाहती हूँ... मगर जाने कहाँ से हमेशा वो कमीनी बीच में आ जाती है.... और मेरी बात अधूरी रह जाती है....

सिमी : कमीनी....?

रूही : हाँ वो है मेरी डुप्लीकेट अवनि....

सिमी : क्या कहा वो यहाँ आ गयी....?

रूही : नहीं वो नहीं आयी बल्कि उसका फ़ोन आया था.... मेरा बस चले तो मैं उसे हमेशा हमेशा के लिए गायब कर दूँ ताकि वो प्रिंस और प्रिंसेस के बीच में न आ सके....

सिमी : अब ये प्रिंसेस कौन है....?

रूही शर्माते हुए : मैं....

सिमी : तू.... मगर तू तो रूही है न....

फिर रूही उसे कार में हुई पूरी बात बताती है....

सिमी : यार रूही.... ये तो बड़ी फ़िक्र की बात है.... वो इतनी दूर रह के भी हर पल हर लम्हा प्रिंस के ख्यालों में रहती है.... और एक तू है जो उसके इतने पास होने पे भी उस से दूर है.... तुझे कुछ करना होगा... वो भी जल्द से जल्द.... कहीं ऐसा न हो वो प्रिंस को ले उड़े और तू देखती रह जाए....

रूही : हाँ यार तू ठीक कह रही है....

सिमी : अब तेरे पास सिर्फ 15 दिन है.... प्रिंस से अपने प्यार का इज़हार करने के लिए.... इस से पहले की वो अपनी स्वीटहार्ट के पास चला जाए... प्रिंसेस को किसी भी तरह प्रिंस को अपना बनाना hi होगा....

रूही : हाँ मगर कैसे....? प्रिंस तो उस कमीनी अवनि को चाहता है.... तो फिर वो मुझसे प्यार कैसे करेगा...?

सिमी : क्या ये बात उसने कही तुझसे की वो अवनि से प्यार करता है....

रूही : नहीं कही तो नहीं...

सिमी : ये भी तो हो सकता है की वो सिर्फ उसकी अच्छी दोस्त हो....

रूही : हाँ हो सकता है... मगर....

सिमी : यार ये अगर मगर चोर और ये सोच की उस से इज़हारे मोहोब्बत तू कैसे करेगी...?

फ़िरोज़ चुप के दोनों की बातें सुन रहा था.... और साथ hi मुस्कुराये भी जा रहा है....

फ़िरोज़ : लव ट्रायंगल.... ममममम.... तो इस कमीनी रूही को उस कमीने प्रिंस से प्यार हो गया है... और वो कमीना किसी और कमीनी को चाहता है....

फिर कुछ सोच के फ़िरोज़ के चेहरे पे शैतानी स्माइल आ जाती है....

फ़िरोज़ : वाओ यार फ़िरोज़ क्या शैतानी दिमाग पाया है तू ने.... क्या मस्त आईडिया आया है... इस से तेरा बदला भी पूरा हो जाएगा... और उम्र भर के लिए इस कमीनी रूही को सजा भी मिल जायेगी.... साड़ी ज़िन्दगी ये रो रो के जीने को मजबूर हो जायेगी....

अब फ़िरोज़ क्या करने वाला है....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 24

सिमी : यार ये अगर मगर चोर और ये सोच की उस से इज़हारे मोहोब्बत तू कैसे करेगी...?

फ़िरोज़ चुप के दोनों की बातें सुन रहा था.... और साथ hi मुस्कुराये भी जा रहा है....

फ़िरोज़ : लव ट्रायंगल.... ममममम.... तो इस कमीनी रूही को उस कमीने प्रिंस से प्यार हो गया है... और वो कमीना किसी और कमीनी को चाहता है....

फिर कुछ सोच के फ़िरोज़ के चेहरे पे शैतानी स्माइल आ जाती है....

फ़िरोज़ : वाओ यार फ़िरोज़ क्या शैतानी दिमाग पाया है तू ने.... क्या मस्त आईडिया आया है... इस से तेरा बदला भी पूरा हो जाएगा... और उम्र भर के लिए इस कमीनी रूही को सजा भी मिल जायेगी.... साड़ी ज़िन्दगी ये रो रो के जीने को मजबूर हो जायेगी....

अब फ़िरोज़ क्या करने वाला है....??????

अब आगे.....

इधर गुलिस्तां में पारी प्रिंस की याद में तड़प रही है.... वो छह के भी उसके पास नहीं जा पा रही है.... उसे पता hi नहीं है की प्रिंस है कहाँ..... वो अपनी पूरी ताक़त लगा देता है प्रिंस को ढूंढने में मगर प्रिंस उसे कहीं नहीं मिल रहा....

उसकी नानी बेगम साहिबा भी उसे कुछ भी बताने को तैयार hi नहीं.... अपनी जान से मिलने के लिए पारी का दिल तड़प रहा है.... वो रह रह के प्रिंस का नाम ले ले के चीख उठती है..... पारी की ऐसी हालत शलाका से देखि नहीं जाती.... वो उसे सब कुछ सच सच बताने पे मजबूर हो जाती है ये जानते हुए भी की अगर उसने पारी को सच बताया तो क़यामत आ जायेगी.... सच जान ने के बाद पारी प्रिंस को मिलने के लिए और भी शिद्दत से लग जायेगी... और जल्द से जल्द उसके पास पहुँच जायेगी.... और फिर शुरू होगी गुलिस्तां की बर्बादी....

शलाका : (............................)

शलक जैसे जैसे पारी को प्रिंस के बारे बताती जाती है.... पारी के चेहरे पे मुस्कराहट फैलती जाती है... फिर कुछ देर बाद वो मुस्कराहट शर्म की लाली में बदलने लगती है.... और फिर गुस्से में.... शलाका की बात पूरी होते होते पारी की आँखों से आंसुओं का सैलाब सा बहने लगता है.... और गुस्से से उसका पूरा जिस्म कांपने लगता है....

पारी रट हुए : इतना सब सहा मेरी जान ने.... क्या कसूर था उसका सिर्फ इतना hi न की वो जितनी शिद्दत से मुझे चाहता था उतनी hi चाहत उसके दिल में गुलिस्तां के लिए भी थी....? क्या सच्चे प्यार का यही सिला मिलता है....? जो उस मासूम को मिला....? बोलो जवाब दो.... क्यों हुआ उसके साथ ऐसा kyuuuuuuuuuuuun.....?

ये कह के पारी प्रिंस का नाम ले के पागलों की तरह चीख उठती है... उसका दिल अपनी जान प्रिंस की सच्चाई जान के तड़प जाता है.... उसकी आँखों से hi नहीं बल्कि दिल से भी खून के आंसू बहने लगते हैं....

पारी : Princeeeeeeeeeeeeeeeee..... मुझे मेरा प्रिंस चाहिए.... मुझे अभी अपनी जान से मिलना है.... मुझे उसे वो प्यार देना है जिसे पाने के लिए उसने क्या कुछ नहीं सहा.... यहाँ तक की उसने अपना जिस्म अपनी जान तक क़ुर्बान कर दी.... मगर क्या सिला मिला उसे ये की सब ने मिल के उसका नामोनिशान तक गुलिस्तां से मिटा दिया.... आज यहाँ सब ज़िंदा हैं तो सिर्फ और सिर्फ उसी की वजह से.... और उसे hi भूल गयी.... Kyuuuuuuuuuuuun.....? Kyuuuuuuuuuuuun किया ये ज़ुल्म तुम सब ने उस मासूम पे.... बताओ मुझे जवाब दो.....

धीरे धीरे पारी का गुस्सा तेज़ होने लगता है.... उसके जिस्म से सफ़ेद रंग का धूंवा निकल के तेज़ी से उसके अगल बगल घूमने लगता है.... धीरे धीरे उसकी तेज़ी बढ़ने लगती है साथ hi बदलने लगता है उसका रंग.... वो सफ़ेद से गुलाबी होता है और फिर सुर्ख लाल हो जाता है.... आसमान में भी काले बादल छाने लगते हैं....

पारी को इतने गुस्से में देख के शलाका के होश उड़द जाते हैं.... दर के मारे उसका जिस्म कांपने लगता है.... वो पारी को संभालने की बहुत कोशिश करती है मगर पारी का गुस्सा काम hi नहीं हो रहा है बल्कि हर गुज़रते पल के साथ बढ़ता hi जा रहा है..... शलाका की समझ में नहीं आ रहा है की वो पारी को रोके तो कैसे.... अगर जल्द hi पारी के गुस्से को शांत न किया गया तो सब तबाह हो जाएगा.... पारी अपने जिस्म की power's को रोक नहीं पाएगी... और देखते hi देखते उन्ही Power's की वजह से गुलिस्तां तबाह हो जाएगा....

ये Power's प्रिंस की हैं.... जिसे उसने पारी की हिफाज़त के लिए उसके जिस्म में डाली थी.... पारी के मरने के बाद वो गुलिस्तां के सब से मज़बूत मीनार में समां गयी थी.... और फिर उसके पुनर जनम के बाद वो फिर से उसके जिस्म में आ गयी है.... इन Power's को प्रिंस के अलावा और कोई भी काबू नहीं कर सकता और वो भी तब जब उसे अपनी पिछली ज़िन्दगी के बारे में सब याद हो..... मगर इस वक़्त यहाँ न तो प्रिंस है और न hi उसे कुछ याद है.....

वक़्त बीत ता जा रहा है और साथ hi बढ़ ता जा रहा है गुलिस्तां के ऊपर तबाही का खतरा....

पारी के जिस्म से निकलती Power's धीरे धीरे अपना उग्र रूप ले रही है.... किसी भी वक़्त वो उसके जिस्म से निकल के गुलिस्तां को तबाह कर सकती है.....

ये बात जब बेगम साहिबा को पता चलती है तब उनके पैरों टेल से ज़मीन निकल जाती है.... दर के मारे उनकी रूह तक कामनप जाती है..... बिना वक़्त गवाए वो पारी के पास पहुँचती है और उसे रोकने की कोशिश करती है..... मगर पारी है की कुछ सुन hi नहीं रही..... उसका गुस्सा काम होने के बजाये बढ़ता hi जा रहा है....

बेगम साहिबा : शलाका मैंने तुझे मन किया था... पारी को कुछ भी बताने से मगर तू ने मेरी बात न मान के उसे सब बता के अच्छा नहीं किया..... अब तू hi बता की मैं क्या करूँ....? कैसे रोकूं उसे....? कैसे पारी के गुस्से से गुलिस्तां को तबाह होने से बच्चों.....? बोल... जवाब दे....

शलाका : बंगारू बाबा.... वो पारी को शांत कर सकते हैं.... और प्रिंस की Power's को भी काबू कर सकते हैं....

बेगम साहिबा : हाँ मगर वो जहाँ हैं वहां से उन्हें अभी लाना मुमकिन नहीं... और न hi उन तक पहुँच पाना मुमकिन है..... जब तक उनकी साधना पूरी नहीं हो जाती वो यहाँ नहीं आएंगे....

शलाका : तो फिर अब क्या करें.....? कैसे बचाएं गुलिस्तां को....? क्या गुलिस्तां तबाह हो जाएगा.....? अगर ऐसा हुआ तो 2 उन्होनी हो जायेगी.... पहली ये की प्रिंस की क़ुर्बानी बेकार हो जायेगी और दूसरी ये की जब प्रिंस को इस बात का पता चलेगा की गुलिस्तां की तबाही किसी और ने नहीं बल्कि उसके अपने सच्चे प्यार ने पारी ने की है तो वो इसे सेह नहीं पायेगा.... जो जीते जी मर जाएगा..... गुलिस्तां प्रिंस के लिए उसकी जान से बढ़ के है.....

बेगम साहिबा : तो अब एक hi रास्ता है हमारे पास..... उस से या तो सब ठीक हो जाएगा या फिर सब ख़तम.... जो मैं नहीं चाहती वो मजबूरन मुझे करना hi होगा.....

देखते हैं गुलिस्तां को बचने के लिए बेगम साहिबा क्या करती है....??????

******************************************

इधर धरती पे फ़िरोज़ रूही और प्रिंस के पीछे लग जाता है उसे जहाँ मौका मिलता है वो उन दोनों की फोटो खींचने लगता है और साथ hi वीडियो भी बनाने लगता है....

जब भी मौका मिलता है रूही प्रिंस के आस पास hi रहती है.... मगर वो उस से अपने प्यार का इज़हार नहीं कर पाती.... कभी किसी की वजह से तो कभी सैर की वजह से तो कभी शर्म की वजह से....

इसी तरह दिन बीतने लगते है.... और बढ़ने लगता है रूही के दिल में प्रिंस के लिए प्यार.... साथ hi उसकी बेचैनी भी बढ़ती जा रही है.... प्रिंस के मुंबई जाने से पहले उसे किसी भी तरह प्रिंस से अपने प्यार का इज़हार करना hi है.... उसे ये दर है की उस से पहले कहीं अवनि अपने प्यार का इज़हार न कर दे.... अगर कहीं ऐसा हुआ तो क्या होगा.... उसका प्यार शुरू होने से पहले hi ख़तम हो जाएगा.....

आज पूरे 10 दिन बीत चुके हैं.... रूही दिल लगा के कंपनी का काम कर रही है साथ hi मौका मिलते hi अपने प्यार के पास पहुँच जाती है और उस से इज़हारे मोहोब्बत की कोशिश में लग जाती है.... मगर जाने क्यों वो छह के भी ऐसा नहीं कर पा रही है.... जब भी वो प्रिंस से अपने दिल की बात करने वाली होती है... उस पे एक अलग hi नशा छाने लगता है.... उसके दिमाग में प्रिंस के लिए नफरत पैदा होने लगती है.... और वो एक अनजाने गुस्से की वजह से वहां से वापिस आ जाती है.... अचानक से उसके साथ ऐसा क्यों हो रहा है उसे समझ नहीं आता.....? आखिर इस सब की वजह क्या है....?

ये बात वो सिमी को भी बताती है.... जिसे सुन के सिमी को भी हैरानी सी होती है....

रूही : यार समझ नहीं आ रहा है ये अचानक से मेरे साथ क्या हो रहा है....? जब मैं उस से दूर रहती हूँ तो उसके पास जाने के लिए तड़पती रहती हूँ.... और जब उसके पास होती हूँ तो जाने क्यों उसपे बेहद गुस्सा आने लगता है और उस से दूर जाने को दिल करता है....

सिमी : ये तू क्या कह रही है.....? ये कैसे मुमकिन है.....? क्यों की जहाँ प्यार होता है वहां नफरत नहीं हो सकती..... तो या तो तुझे उस से प्यार है या फिर नफरत है..... ये तुझे तय करना है वो भी जल्द से जल्द क्यों की तेरे पास अब सिर्फ 4 से 5 दिन hi बचे हैं..... क्यों की 4 से 5 दिन में प्रिंस अवनि के पास चला जाएगा.... और हो सकता है अवनि उस से अपने प्यार का इज़हार कर दे.... उसके बाद तू छह के भी कुछ नहीं कर पाएगी....

रूही : मैं जानती हूँ मगर क्या करूँ मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा है.... ये मेरे बस में नहीं है....

अभी दोनों बातें कर hi रहे थे की तभी कंपनी में एक अनाउंसमेंट होती है जिसे सुनके सब ख़ुशी से नाचने लगते हैं....

सैर अपने केबिन से बहार आ के खुद सब के वो खुशखबरी सुनती है.....

सैर : कंपनी को आज एक बहुत बड़ा कॉन्ट्रैक्ट मिला है जिसकी ख़ुशी में आज शाम ......... होटल में पार्टी राखी गयी है..... आप सब को उस पार्टी में आना है.....

सिमी : रूही ऊपर वाले ने तुझे एक मौका दिया है इसे अपने हाथ से मत जाने दे.... आज शाम पार्टी में मौका देख के अपने प्यार का इज़हार कर दे.... इस से पहले की देर हो जाए.....

रूही : हाँ यार मैं भी यही सोच रही हूँ....

इधर प्रिंस भी आज बेहद खुश है उसकी कंपनी को इतना बड़ा प्रोजेक्ट जो मिला है....

उसके केबिन में उसके साथ साथ उसके चारो दोस्त भी ख़ुशी में नाचने लगते हैं.....

शाम को सब एक से एक कपडे पेहेन के पार्टी में आते हैं.... होटल को दुल्हन की तरह सजाया गया है.... वहां की खूबसूरती देखते hi बन रही है.... पार्टी शुरू हो जाती है और सब पार्टी का मज़ा लेने लगते हैं..... सिमी और रूही भी बेहद खूबसूरत और महंगे कपडे पेहेन के पार्टी में आये हुए हैं.... सब बस रूही को hi देख रहे हैं.... वो इतनी खूबसूरत जो लग रही है.... उसे देख जन्नत की पारी भी शर्मा जाए...

सब की निगाहें उसपे तिकी हुई हैं और रूही की निगाहें अपने प्रिंस को ढूंढ रही हैं....

फ़िरोज़ आज कुछ ज़्यादा hi खुश नज़र आ रहा है.... क्यों पता नहीं.... मगर जो भी हो कुछ बात तो ज़रूर है उसकी ख़ुशी की....? वो क्या बात क्या है जल्द hi पता चल जाएगा.....?????

सिमी : यार यहाँ सब हैं मगर प्रिंस कहीं नज़र नहीं आ रहा है....

रूही : पता नहीं यार मैं भी कब से उसे hi ढूंढ रही हूँ....

सिमी : कहीं ऐसा तो नहीं की वो अवनि से मिलने मुंबई निकल गया हो....

रूही : नहीं यार ऐसा नहीं हो सकता... अगर ऐसा हुआ तो मेरा प्यार अधूरा रह जाएगा.... मुझे कुछ भी कर के उसे मुंबई जाने से रोकता होगा...

सिमी : वो तो ठीक है... मगर पहले ये तो पता चले की इस वक़्त वो है कहाँ.....?

अभी दोनों बातें कर hi रहे थे की तभी....

तभी सैर स्टेज पे आती है और मिछ में अनाउंसमेंट करने लगती है...

सैर : लेडीज एंड जेंटलमेन... मई ी हैवे योर काइंड अटेंशन प्लीज.... जैसा की आप सब जानते हैं की हमारी कंपनी को एक नया प्रोजेक्ट मिला है जिसकी ख़ुशी में आज ये पार्टी दी गयी है.... ये 1200 करोड़ का प्रोजेक्ट है और जिसकी वजह से ये हम को मिला है उस शख्स का नाम है.... प्रिंस अली खान.... जी हाँ ये प्रोजेक्ट हम को उन्ही के तेज़ दिमाग और म्हणत की वजह से मिल सका है.... सो प्लीज वेलकम विथ ा हूजे राउंड ऑफ़ अप्प्लायसे.... प्रिंस अली खान....

ये कह के सैर गेट की तरफ इशारा करती है जहाँ से प्रिंस ब्लैक कलर का अरमानी का सूट पहने हाथ में बेहद कीमती और स्टाइलिश घडी पैरों में बूट और सर पे ब्लैक कलर का हैट पहने स्टेज की तरफ आ रहा होता है.... उसे देख के साड़ी लडकियां उसकी तरफ दौर जाती हैं.... वो इतना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम जो लग रहा है.... आज तो वो क़यामत hi ध रहा है.... उसे देख के रूही तो जैसे सांस लेना hi भूल गयी है... बिना पालक झपकाए बस उसे hi देख रही है....

सिमी : वाओ यार ये कितना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम लग रहा है.... यार जल्दी से इसे प्रोपोज़ कर ले कहीं ऐसा न हो की मैं hi इस से प्यार कर बैठूं.... है.... मैंने आज तक इस जैसा हैंडसम नहीं देखा...

रूही : वो कमीनी अवनि क्या काम थी जो तू भी आ गयी.....

सिमी : क्या करूँ यार ये इतना हैंडसम जो है.... इसे देख के दिल इसका दीवाना हुआ जाता है....

रूही : यहाँ तो घर में hi दुश्मन भरे हुए हैं.... बहार वालों को क्या दोष दे....

सिमी : यार ये बातें बनाना चोर और जा के उस से अपने प्यार का इज़हार कर इस से पहले की देर हो जाए.....

प्रिंस स्टेज पे आ के अपनी ख़ुशी का इज़हार करता है और फिर वो जो कहता है उसे सुन के रूही के साथ साथ सिमी भी बुरी तरह से चौंक जाती है.... रूही को तो जैसे सांप hi संघ गया.... वो एक बूत की तरह वहां जैम सी जाती है....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 25

रूही तो जैसे सांस लेना hi भूल गयी है... बिना पालक झपकाए बस उसे hi देख रही है....

सिमी : वाओ यार ये कितना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम लग रहा है.... यार जल्दी से इसे प्रोपोज़ कर ले कहीं ऐसा न हो की मैं hi इस से प्यार कर बैठूं.... है.... मैंने आज तक इस जैसा हैंडसम नहीं देखा...

रूही : वो कमीनी अवनि क्या काम थी जो तू भी आ गयी.....

सिमी : क्या करूँ यार ये इतना हैंडसम जो है.... इसे देख के दिल इसका दीवाना हुआ जाता है....

रूही : यहाँ तो घर में hi दुश्मन भरे हुए हैं.... बहार वालों को क्या दोष दे....

सिमी : यार ये बातें बनाना चोर और जा के उस से अपने प्यार का इज़हार कर इस से पहले की देर हो जाए.....

प्रिंस स्टेज पे आ के अपनी ख़ुशी का इज़हार करता है और फिर वो जो कहता है उसे सुन के रूही के साथ साथ सिमी भी बुरी तरह से चौंक जाती है.... रूही को तो जैसे सांप hi संघ गया.... वो एक बूत की तरह वहां जैम सी जाती है....??????

अब आगे.....

प्रिंस : इस नए प्रोजेक्ट को स्टार्ट करने के लिए मुझे आज रात hi 2 दिन के लिए अपनी टीम के साथ मुंबई जाना है और फिर तीसरे दिन से ये प्रोजेक्ट शुरू हो जाएगा.... जिसमे मुझे आप सब के साथ की बेहद ज़रुरत पड़ेगी.... तो बोलो क्या आप सब मेरे साथ हैं.....?

हर तरफ से हाँ का शोर सुनाई देने लगता है....

प्रिंस : ग्रेट.... नाउ एन्जॉय थे पार्टी....

फिर सब पार्टी का मज़ा लेने लगते हैं... कुछ गाने पे डांस कर रहे हैं तो कुछ शराब का लुत्फ़ उठा रहे हैं.... तो कुछ लड़कियों के हसीं जिस्म को देख के अपनी आँखों को सेक रहे हैं....

मगर रूही है की उसे कुछ होश hi नहीं.... उसे गहरा सदमा जो लगा है.... जिस पल को वो दूर समझ रही थी वो पल अब उसके बेहद करीब आ गया है..... क्यों की प्रिंस अगले 4 से 5 दिन में नहीं बल्कि आज रात hi मुंबई जा रहा है.... वो भी अपनी टीम के साथ....

सिमी : यार ये आखरी मौका है.... अभी अगर तू ने उस से अपने प्यार का इज़हार न किया तो कहीं ऐसा न हो की तू अपने प्यार को खो बैठे.....

रूही : नहीं यार.... ऐसे मत बोल....

सिमी : मेरे बोलने से कुछ नहीं होगा.... बल्कि जो भी कहना है तुझे hi कहना है.... वो भी अभी.... जा....

रूही : लेकिन अगर उसने इंकार कर दिया तो.....?

सिमी : वो इंकार कर hi नहीं सकता.... तू इतनी हसीं और खूबसूरत जो है.... और आज तो तू क़यामत hi धा रही है....

रूही : लेकिन अगर...

सिमी : यार ये अगर मगर चोर और जल्दी से जा के अपने प्यार का इज़हार कर दे.... जा जल्दी इस से पहले की देर हो जाए.....

रूही धड़कते दिल के साथ प्रिंस से अपने प्यार का इज़हार करने चल देती है.... प्रिंस अपने दोस्तों से बातें कर रहा है.... रूही जैसे hi उसके करीब पहुँचती है.... दज पे प्रिंस का फव गाना बजने लगता है और वो अपने दोस्तों के साथ मस्ती में डांस करने लग जाता है.....

रूही छह के भी उसे कुछ कह नहीं पाती.... बस एक तक उसे मस्ती में झूमते हुए देखती रह जाती है....

सैर : अरे रूही तुम यहाँ चुप चाप क्यों खरी दो.... आओ हमारे साथ डांस करो.....

रूही : नहीं....

सैर : क्यों नहीं.... अरे शर्माओ मत.... आ जाओ.... यहाँ सब अपने hi हैं.....

रूही : बात शर्माने की नहीं है.... वो क्या है की मुझे डांस करना नहीं आता....

तभी प्रिंस की नज़र रूही पे पड़ती है.... वो आगे बढ़ के उसकी तरफ हाथ बढ़ता है और उसे अपने साथ डांस करने के लिए इन्विते करता है....

रूही फ़ौरन उसका हाथ थाम लेती है.... बस फिर क्या था.... दोनों दिल खोल के एक दूसरे के साथ डांस करने लग जाते हैं.... जिसे देख सैर के साथ सब को हैरानी होती है....

सब की नज़रें बस दोनों पे hi तिकी हुई हैं.... दोनों इतना कमाल का जो डांस कर रहे हैं..... धीरे धीरे गाना रोमांटिक हो जाता है और दोनों एक दूसरे के सीने से लिपट के कपल डांस करने लगते हैं..... दोनों में से कोई भी एक दूसरे से जुड़ा नहीं होना चाहता.... दोनों के दिल ने एक दूसरे को पहचान जो लिया है.... अब बस इनके दिमाग इस बात को मान न है की दोनों एक दूसरे के लिए hi पैदा हुए हैं.... जो प्यार ये पिछले जनम में न पा सके उसे पाने के लिए दोनों ने पुनर जनम लिया है.....

अचानक से तालियों की गरगराहट से दोनों की तंत्र टूट टी है......

सैर : तुम तो कह रही थी तुम्हे डांस करना नहीं आता..... और प्रिंस के एक इशारे पे उसके साथ कमाल का डांस करने लगी....

रूही : मैंने सच hi कहा था.... मुझे डांस करना नहीं आता.... वो तो प्रिंस ने मुझे डांस के लिए पुछा तो मैं उसे मन नहीं कर पायी.... और फिर आगे ये क्या और कैसे हुआ मुझे कुछ पता नहीं....

सैर : हैरत है.... तुम जो कह रही हो उसे मान न मुमकिन नहीं....

अभी सैर आगे कुछ कहने hi वाली होती है की तभी वहां मैक्स आ जाता है....

मैक्स : प्रिंस जाने का वक़्त हो गया है....

मैक्स की बात सुन के जहाँ प्रिंस ख़ुशी से उछाल पड़ता है वहीँ रूही का दिल बैठ जाता है.... उसके चेहरे पे उदासी चा जाती है... और आँखों से आंसू की बूँद टपक जाती है.... जिसे वो सब से छुपा के फ़ौरन पॉच लेती है.... और उदास मन से सिमी के पास चली जाती है....

सिमी : कहा की नहीं....?

रूही : नहीं यार मौका hi मिला और वो जा रहा है अभी.....

सिमी : क्याआआआ....?

रूही : हाँ....

सिमी : तो फिर तू यहाँ क्यों आ गयी....? इस से पहले की वो चला जाए.... जा के कह दे उसे....

रूही : यार वहां सब हैं..... सब के सामने मैं कैसे....?

सिमी : सब की परवाह करती रहेगी तो अपनी बात कैसे कहेगी..... अभी भी वक़्त है.... जा कह दे उस से अपने दिल की बात इस से पहले की देर हो जाए.....

प्रिंस : सैर हम को निकलना चाहिए.... वर्ण देर हो जायेगी....

सैर : मगर पैकिंग....?

प्रिंस : उसकी ज़रुरत नहीं मैं हूँ न.... मैं सब देख लूंगा.... अभी चलो.... अरे वो अवनि.... नहीं अवनि नहीं क्या नाम बताया था उसने अपना... हाँ रूही... वो कहाँ है... उसे भी तो साथ चलना है....

सैर : अभी बुलाती हूँ मैं उसे....

सैर : रूही तुम्हे हमारे साथ 2 दिन के मुंबई चलना है....

रूही : मैं भी....

सैर : हाँ तुम भी....

सैर के मुँह से हाँ सुन के रूही ख़ुशी से उछाल पड़ती है....

रूही : मैं तैयार हूँ.... घर जा के पैकिंग कर के मैं अभी आती हूँ....

सैर : उतना वक़्त नहीं.... हम आलरेडी लेट हैं.... हम को अभी निकलना होगा....

रूही : मगर इन कपड़ों में कैसे.....?

प्रिंस : ये लो कपडे और रूम की चाबी जल्दी से जा के चेंज कर आओ.... ज़रा तुम्हे वहां रूम तक ले जायेगी.....

कुछ देर में रूही चेंज कर के आ जाती है....

प्रिंस : चलें.....

रूही : एक मिनट.... बस मैं सिमी को बता दूँ की मैं मुंबई जा रही हूँ....

ये कह के रूही इधर उधर सिमी को ढूंढने लगती है.... मगर सिमी उसे कहीं नज़र नहीं आ रही....

सैर : रूही जल्दी करो हम लेट हो रहे हैं.....

रूही : हाँ बस दो मिनट....

ये कह के रूही सिमी को कॉल करती है मगर उसका फ़ोन बंद आ रहा है.... रूही घर पे कॉल लगाती है मगर वहां भी कोई फ़ोन नहीं उठा रहा.... रूही अपनी माँ का नंबर डायल करती है.... मगर वो भी नॉट रचाबळे आ रहा है..... इस बात से रूही परेशां हो जाती है....

सैर : रूही क्या कर रही हो....? जल्दी करो हम लेट हो रहे हैं.....

रूही : बस दो मिनट्स....

सैर : पिछले 15 मिनट्स से मैं यही सुन रही हूँ.... 2 मिनट.... 2 मिनट.... अब बस बहोत हो गया.... तुम्हे चलना है तो चलो वर्ण हम जा रहे हैं.... चलो प्रिंस....

रूही : नहीं मैं चल रही हूँ....

ये कह के रूही दोनों के साथ चल देती है....

रूही को जाते देख फ़िरोज़ शैतानी हंसी हसने लगता है....

फ़िरोज़ मन में : अब जल्द hi मेरा बदला पूरा होने वाला है.... तू जा रूही.... तू जा मैं यहाँ सब संभाल लूंगा.... और वो भी ऐसा की तू उसे कभी भूल नहीं पाएगी....

रूही प्रिंस और सैर के साथ मुंबई चली जाती है..... और फ़िरोज़ अपने एक डिटेक्टिव दोस्त को दोनों की फोटो दे के उनके पीछे लगा देता है....

मुंबई पहुँच के वो लोग एक होटल में रुकते हैं..... हर वक़्त या तो सैर प्रिंस के पास होती है या तो ज़रा.... रूही को उसे प्रोपोज़ करने का मौका hi नहीं मिलता.... वक़्त निकाल के प्रिंस अवनि से मिलने जाता है और उसे सरप्राइज देता है....

प्रिंस जैसे hi अवनि के घर में जाता है.... अंजू उसे देख के बेहद खुश हो जाती है.....

अंजू : प्रिंस तुम यहाँ.... व्हाट ा प्लीजेंट सरप्राइज.... मैं बता नहीं सकती.... तुम्हे यहाँ देख के मैं कितनी खुश हूँ..... अवनि तुम्हे यहाँ देखेगी तो ख़ुशी से पागल hi हो जायेगी....

प्रिंस : इसी लिए तो आया हूँ.... उसे सारे जहाँ की ख़ुशी देने.....

अंजू : क्या मतलब.....? मैं कुछ समझी नहीं.....

प्रिंस : जी वो बात कुछ ऐसी है की वो मैं..... वो न.... बात कुछ नहीं है.... मगर बेहद ज़रूरी है.... वो क्या है की.... डरता हूँ कहीं आप नाराज़ न हो जाए.... मगर कहना भी ज़रूरी है.... अगर नहीं कहा तो जी नहीं पाऊंगा और अगर कह दिया तो आप के नाराज़ होने का दर है.... कहीं आप मुझे गलत न समजह बैठो....

प्रिंस की बात सुन के अंजू की आँखें नाम हो जाती हैं.... और उसके होंठों पे मुस्कराहट फैल जाती है....

अंजू : मैं जानती हूँ की तू क्या कहने आया है..... और तुझसे किसने कहा की मैं तुझसे नाराज़ हो जाउंगी..... मैं तुझसे नाराज़ हो जाऊं ये मुमकिन नहीं.... तू यही कहना चाहता है न की तुझे अवनि से प्यार है....

अंजू की बात सुन के प्रिंस चौंक जाता है....

प्रिंस : हाँ.... मगर आप को कैसे पता चला....? किसी ने कुछ कहा क्या आप से....?

अंजू : किसी के कहने की क्या ज़रुरत है.... मुझे तो उसी दिन पता चल गया था की तू उस से बेइन्तेहाँ प्यार करता है जिस दिन तू ने उसका सारा दर्द अपनी ज़ख़्मी पीठ पे लिया था.... मुझे इस बात की ख़ुशी है की उसे तुझ जैसा सच्चा प्यार करने वाला मिला.... तेरा सच्चा प्यार पा के मेरी बेटी धन्य हो जायेगी.... ज़रूर उसने पिछले जनम में बहुत पुण्य किये होंगे तभी तो उसे तुझ जैसा सच्चा चाहने वाला मिला.... जा कह दे उस से अपने दिल की बात वो ऊपर अपने रूम में है....

अंजू की बात सुन के प्रिंस ख़ुशी से उछाल पड़ता है और फ़ौरन दौरता हुआ अवनि के रूम की तरफ जाता है....

वो जैसे hi दरवाज़ा खोल के अंडर देखता है बुरी तरह से चौंक जाता है... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... और वो बेहद गुस्से में आगे बढ़ता है और....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 26

प्रिंस : हाँ.... मगर आप को कैसे पता चला....? किसी ने कुछ कहा क्या आप से....?

अंजू : किसी के कहने की क्या ज़रुरत है.... मुझे तो उसी दिन पता चल गया था की तू उस से बेइन्तेहाँ प्यार करता है जिस दिन तू ने उसका सारा दर्द अपनी ज़ख़्मी पीठ पे लिया था.... मुझे इस बात की ख़ुशी है की उसे तुझ जैसा सच्चा प्यार करने वाला मिला.... तेरा सच्चा प्यार पा के मेरी बेटी धन्य हो जायेगी.... ज़रूर उसने पिछले जनम में बहुत पुण्य किये होंगे तभी तो उसे तुझ जैसा सच्चा चाहने वाला मिला.... जा कह दे उस से अपने दिल की बात वो ऊपर अपने रूम में है....

अंजू की बात सुन के प्रिंस ख़ुशी से उछाल पड़ता है और फ़ौरन दौरता हुआ अवनि के रूम की तरफ जाता है....

वो जैसे hi दरवाज़ा खोल के अंडर देखता है बुरी तरह से चौंक जाता है... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... और वो बेहद गुस्से में आगे बढ़ता है और....??????

अब आगे....

इधर गुलिस्तां में....

पारी गुस्से से पागल बानी हुई है.... वो अपनी जान प्रिंस से मिलने के लिए तड़प रही है.... धीरे धीरे उसका गुस्सा बढ़ता जा रहा है.... उसके जिस्म से प्रिंस की Power's निकल के अपना केहर दिखाना शुरू कर चुकी है.... गुलिस्तां की धरती कांपने लगी है.... वहां का माहौल धीरे धीरे बेहद खौफनाक होता जा रहा है....

बेगम साहिबा : अब एक hi रास्ता है हमारे पास..... उस से या तो सब ठीक हो जाएगा या फिर सब ख़तम.... जो मैं नहीं चाहती वो मजबूरन मुझे करना hi होगा..... मुझे जल्द से जल्द प्रिंस को यहाँ लाना hi होगा..... एक वो hi है जो पारी को शांत कर सकता है....

शलाका : मगर ये कैसे मुमकिन है....? प्रिंस को तो पिछले जनम के बारे में कुछ भी याद नहीं.... न hi पारी के बारे में... न गुलिस्तां के बारे और न hi ये वो पारी से बेइन्तेहाँ प्यार करता है..... और न hi अपनी असीम Power's के बारे में....

बेगम साहिबा : मुझे पता है.... मगर इस के सिवाए हमारे पास और कोई दूसरा रास्ता नहीं है..... हम को प्रिंस को किसी भी तरह यहाँ लाना hi हो गए.... जैसे hi वो पारी से मिलेगा उसे सब याद आ जाएगा.....

शलाका : चलो माना की हम प्रिंस को यहाँ ले आते हैं.... और उस सब याद भी आ जाता है तब भी तो गुलिस्तां की तबाही होगी....

बेगम साहिबा : तो अब तू hi बता की क्या किया जाए....? कैसे पारी के गुस्से को शांत किया जाए....?

शलाका : मुझे नहीं पता....

बेगम साहिबा : हमारे पास एक hi रास्ता बचा है और वो है प्रिंस.....

शलाका : मगर आप ये क्यों नहीं समझ रही हैं की उसके यहाँ आने से गुलिस्तां की तबाही तये है....

बेगम साहिबा : हो सकता है और नहीं भी....

शलाका : मतलब....

बेगम साहिबा : मतलब ये की.... हो सकता है जैसा हम सोच रहे हो... वैसा न हो.... प्रिंस के आने से गुलिस्तां तबाह न हो..... प्रिंस आये या न आये अगर गुलिस्तां की तबाही लिखी है तो ये तबाह हो के hi रहेगा.... और अगर नहीं तो इसे कोई तबाह नहीं कर सकता.... जो भी हो हमको ये रिस्क लेना hi होगा.... हम मो प्रिंस को यहाँ लाना hi होगा.....

******************************************

इधर धरती पे प्रिंस अवनि के रूम अंडर का नज़ारा देख के बुरी तरह से चौंक जाता है.... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं और वो बेहद गुस्से में अवनि कह के आवाज़ देता है.....

प्रिंस : अवनि....

प्रिंस की आवाज़ सुन के अवनि मुद के देखती है.... प्रिंस पे नज़र पड़ते hi वो ख़ुशी से उछाल पड़ती है और दौरते हुए आ के प्रिंस के सीने से लिपट जाती है.....

अवनि : ो प्रिंस.... तुम नहीं जानते.... तुम्हारे आने से मैं कितनी खुश हूँ....

प्रिंस है की उसे अवनि की बात सुनाई hi नहीं दे रही है..... इस वक़्त वो बेहद गुस्से में जो है..... अवनि ने काम hi ऐसा किया है.... रूम में हर तरफ प्रिंस की फोटो लगी हुई है.... और हर फोटो के नीचे अवनि ने खून से ी लव यू जान लिखा है.... जिसे देख प्रिंस को उसपे गुस्सा आ रहा है.... जब वो रूम में आया तब भी अवनि अपने खून से उसकी फोटो पे ी लव यू जान लिख रही थी..... ये देख प्रिंस को उसपे गुस्सा आ रहा है.....

प्रिंस : ये सब क्या है....?

अवनि : क्या जान.....?

प्रिंस : वो फोटो पे....?

अवनि : अच्छा वो.... वो तो मेरा प्यार है....

प्रिंस : ये कौनसा तरीका है प्यार दिखने का.....?

अवनि : मैं क्या करती मुझे तुम्हारी याद जो आ रही थी.....

प्रिंस : याद आने पे कोई ऐसा करता है क्या.....?

अवनि : औरों का तो पता नहीं मगर मुझे जो दिल किया वो मैंने किया..... और मैं करती भी क्या.... मुझे तुम्हारी बहुत याद आ रही.....

प्रिंस : याद आने पे ऐसा भी कोई करता है क्या.....? ये करने से पहले तुमने एक बार भी ये नहीं सोचा की ये देख के मुझे कितनी तकलीफ होगी.....

अवनि : सॉरी जान.... अब गलती तो मुझसे हो गयी.... आइंदा से मैं ऐसा कभी नहीं करुँगी बस इस बार के लिए मुझे माफ़ कर दो....

प्रिंस : जी नहीं तुम्हे माफ़ी नहीं मिलेगी.... बल्कि सजा मिलेगी....

अवनि : अच्छा.... और कौन देगा मुझे सजा....?

प्रिंस : मैं.....

प्रिंस की बात सुन के अवनि हसने लगती है....

अवनि : हहहहहहहहह.....

प्रिंस : मैंने क्या कोई मज़ाक किया है जो तुम यूँ हंस रही हो.....?

अवनि : तुमने बात hi ऐसी की है.... मुझे ज़रा सी भी तकलीफ में देख के जो तड़प उठता है वो भला मुझे सजा दे सकता है क्या....? तुम hi बताओ क्या ये मुमकिन है.....?

प्रिंस : जी हाँ आज तुम्हे सजा मिलेगी.... और वो मैं तुम्हे दूंगा....

अवनि : तुम जो कह रहे हो वो मुमकिन नहीं है.... लेकिन अगर तुम यही चाहते हो तो मुझे हर सजा मंज़ूर है..... बताओ क्या सजा है मेरी....?

प्रिंस : तुम्हारी सजा ये है की साड़ी ज़िन्दगी अब तुम्हे मेरे साथ रहना है.... मेरी जान बन के.... बोलो मंज़ूर है....

प्रिंस की बात सुनके अवनि ख़ुशी से उछाल पड़ती है....

अवनि : तुम सच कह रहे हो....?

प्रिंस अपने घुटनो पे बैठ के अपनी जेब से अंगूठी निकाल के अवनि की तरफ बढ़ा के कहता है....

प्रिंस : ी लव यू जान....

अवनि ख़ुशी में.... ी लव यू तूऊऊऊ.... कहके अपना हाथ आगे बढ़ती है....

प्रिंस उसकी ऊँगली में अंगूठी पहना देता है.... ख़ुशी में अवनि प्रिंस के सीने से लिपट जाती है.... ख़ुशी के मारे उसकी आँखें नाम हो जाती हैं.....

प्रिंस : ये क्या जान तुम रो रही हो....?

अवनि : मैं कहाँ रो रही हूँ... ये तो ख़ुशी के आंसू हैं.... जो मेरी आँखों से बह रहे हैं....

प्रिंस अवनि के आंसुओं को पॉच के कहता है....

प्रिंस : ख़ुशी के हो या गम के.... अब इन आँखों में आंसू नहीं आने चाहिए.... इनमे बस मैं ख़ुशी देखना चाहता हूँ....

अवनि : अपनी जान का प्यार पा के आज मैं बेहद खुश हूँ....

फिर प्रिंस प्यार से उसका चेहरा अपने हाथ में ले के उसके होंठों को अपने मुँह में ले के उसे चूसने लगता है.... अवनि भी किश में उसका साथ देने लगती है.... दोनों बड़ी शिद्दत से एक दूसरे के होंठों को चूसने लगते हैं....

इस प्यार और किश का एहसास सिर्फ इन दोनों को hi नहीं बल्कि और भी दो लोगों को हो रहा है.... वो दोनों और कोई नहीं बल्कि रूही और पारी हैं....

रूही और पारी भी इस किश को महसूस कर रही है..... ये कैसे और क्यों हो रहा है.....? ये आगे पता चलेगा..... फिलहाल किश के एहसास को महसूस करके अवनि के साथ साथ रूही और पारी भी मदहोश होने लगती हैं....

पारी का गुस्सा धीरे धीरे शांत होने लगता है..... साथ hi काम होने लगता है वो लाल रंग के धुँवे का घेरा.... जैसे जैसे प्रिंस और अवनि की किश गहरी होती जाती है.... वैसे वैसे पारी का गुस्सा काम होने लगता है.... धीरे धीरे वो एक डैम शांत हो जाती है.... साथ hi उस किश के एहसास में खो जाती है.... करीब 10 मिनट्स तक प्रिंस और अवनि एक दूसरे के होंठों को चूसते रहते हैं.... फिर जब उनकी सांस उखाड़ने लगती है तब जा के मजबूरन दोनों एक दूसरे से अलग होते हैं.....

शर्म और ख़ुशी के मारे अवनि के गोर गुलाबी गाल लाल हो जाते हैं.... ठीक ऐसा hi रूही और पारी के साथ भी हो रहा है..... दोनों इस प्यार भरे एहसास को महसूस कर पा रहे हैं..... इस पल से प्रिंस के लिए उनके दिल में जो प्यार है वो और भी गहरा हो गया है.... ये कैसे और क्यों हो रहा है... वो समझ नहीं पा रहे हैं मगर जो भी हो रहा है.... उन्हें बेइन्तेहाँ ख़ुशी दे रहा है....

पारी को शांत देख बेगम साहिबा और शलाका के साथ साथ गुलिस्तां भी रहत की सांस लेता है.... देखते hi देखते हर तरफ ख़ुशी का माहौल फैल गया है.....

रूही का हाल भी कुछ ऐसा hi है.... वो भी बेहद खुश है.... मगर जब उसे इस बात का पता चलेगा की प्रिंस ने अवनि को प्रोपोज़ कर दिया है तब क्या होगा.....?

खैर तब की तब देखेंगे फिलहाल देखते हैं अवनि और प्रिंस के बीच में क्या चल रहा है.....?

अवनि शर्म और ख़ुशी के मारे प्रिंस के सीने से लिपटी हुई है..... वो अभी कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस एक बार फिर से उसके होंठों को अपने मुँह में ले के उसे प्यार से चूसने लगता है.... अवनि छह के भी प्रिंस को खुद से दूर नहीं कर पाती... वो भी किश में उसका साथ देने लगती है.... दोनों इस बात से अनजान हैं कोई वहां मौजूद है जो हर पल हर लम्हा उनपे नज़र रखे हुए है.... और साथ hi उनकी तस्वीर भी खींच रहा है....

करीब 10 मिनट्स तक अवनि के होंठों को चूसने के बाद न चाहते हुए भी प्रिंस को अपनी सांस को नार्मल करने के लिए उस से अलग होना पड़ता है.... फिर जैसे hi उसकी सांस नार्मल होती है.... इस बार मस्ती में अवनि उसके होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है.... इस प्यार भरे एहसास से अवनि के जिस्म में मस्ती की लेहेर सी दौरने लगती है..... मस्ती और सेक्स से भरी एक तेज़ लेहेर उसके छूट को पूरी तरह से झनझना देती है.... उसकी छूट से कॉमर्स की बूँदें टपक के बहने लगती हैं.... यही हाल रूही और पारी का भी है.... दोनों अवनि की तरह मस्ती के आसमान में उड़द रही हैं.... तीनो का हाल बेहाल बना हुआ है.... तीनो मस्ती में झड़ने के करीब पहुंच गयी है.... तीनो का जिस्म अकड़ जाता है और एक तेज़ सिसकारी के साथ तीनो झाड़ जाती हैं....

झड़ने के बाद अवनि निढाल हो प्रिंस की बाहों में झूल जाती है..... इस बात से प्रिंस अनजान है.... अवनि की ऐसी हालत देख के वो बेहद परेशान हो जाता है....

प्रिंस : अवनि.... ये क्या हो गया तुम्हे.... अवनि बोलो न तुम कुछ बोलती क्यों नहीं.... कुछ तो कहो....

ये कह के प्रिंस अवनि के होश में लाने की कोशिश करने लगता है..... कुछ देर बाद जब अवनि की मदहोशी कुछ काम होती है तब वो अपनी आँखें खोल के देखती है.... प्रिंस को सामने खुद को यूँ घूरते देख वो बुरी तरह से शर्मा जाती है....

प्रिंस : अवनि तुम ठीक तो हो.....?

अवनि शर्माते हुए : हाँ मैं ठीक हूँ....

प्रिंस : मगर तुम्हे ये अचानक से क्या हुआ....?

अवनि : कुछ नहीं वो बस ऐसे hi....

प्रिंस : क्या ऐसे hi.....? अचानक से तुम्हारी तबीयत खराब हो गयी और तुम कह रही हो कुछ नहीं बस ऐसे hi.... इस से पहले की बात और बिगड़ जाए.... चलो डॉ के पास चलते हैं....

अवनि : जी नहीं उसकी ज़रुरत नहीं....

प्रिंस : ज़रुरत है.... चलो....

अवनि शर्माते हुए : नहीं... उसकी ज़रुरत नहीं....

प्रिंस : तुम ऐसे नहीं मानोगी.... तुम्हे उठा के ले जाना पड़ेगा....

ये कह के प्रिंस अवनि को अपनी गॉड में उठा के बहार की तरफ जाने लगता है....

अवनि : प्रिंस ये तुम क्या कर रहे हो....?

प्रिंस : तुम हे डॉ के पास ले जा रहा हूँ ताकि जल्द से जल्द तुम्हारा इलाज हो सके.....

अवनि : अरे मेरे भोले सनम न hi मैं बीमार हूँ और न hi मुझे कुछ हुआ है.... वो तो मैं मस्ती में झाड़ गयी थी....

ये कह के अवनि शर्माते हुए प्रिंस के सीने में अपना चेहरा छुपा लेती है....

प्रिंस : हाँ वो hi तो मैं कह रहा हूँ.... की तुम झाड़ गयी थी... (फिर जब प्रिंस को अवनि की बात समझ आती है तब) क्याआआआआ.... तुम झाड़ गयी थी..... मगर कैसे.....?

अवनि : तुम तो ऐसे पूछ रहे हो जैसे की तुम्हे कुछ पता hi नहीं.... सब तुम्हारा hi किया धरा है....

प्रिंस : मैंने क्या किया....?

अवनि : अच्छा जी सब कुछ कर के पूछ रहे हो की मैंने क्या किया..... तुम hi तो बार बार मुझे किश कर रहे थे....

प्रिंस : अच्छा जी और जैसे तुमने कुछ किया hi नहीं..... तुमने भी तो मुझे किश किया था....

अवनि : हाँ किया था.... बस एक बार.... तुम्हारी तरह नहीं की एक ख़तम नहीं हुआ की दूसरा शुरू.... तुम तो ऐसे मुझे किश कर रहे थे जैसे की मैं आज के बाद तुम्हे मिलने वाली नहीं.... कहीं भाग जाउंगी....

प्रिंस : नहीं यार बात वो नहीं है....

अवनि : तो फिर....

प्रिंस : जिस पल से तुम्हे देखा hai...usi पल से ये दिल तुम्हारा दीवाना बन गया था.... मैं तो जाने कब से तुम्हे किश करना छह रहा था... मगर कर नहीं पा रहा था.... आज जब तुम्हे मेरी फोटो पे ी लव यू लिखते देखा तो रहा नहीं गया.... मैं तुम्हे किश करने से खुद को रोक न सका.... प्यार जो तुमसे इतना करता हूँ.... तुम मेरी जान मेरी रूह में बसी हो.... अब तुम hi बताओ अपनी जान को किश करना क्या गलत बात है.....

अवनि शर्माते हुए : नहीं....

प्रिंस : मैं तो और भी बहुत कुछ करना चाहता हूँ.... अगर तुम हाँ कहो तो....

अवनि : जी नहीं वो सब शादी के बाद....

प्रिंस : यार इतना ज़ुल्म तो न कर अपने दीवाने पे.....

अवनि : चलो तुम इतना कह रहे हो तो तुम किश कर सकते हो.... उस से ज़्यादा कुछ नहीं....

अभी प्रिंस आगे कुछ कहने hi वाला होता है की वहां अंजू आ जाती है....

अंजू : क्या बात है.... मेरा प्रिंस इतना उदास क्यों है....?

प्रिंस : बात hi कुछ ऐसी है स्वीट्जिरल....

अंजू : क्या हुआ....? अवनि ने इंकार कर दिया क्या.....?

प्रिंस : नहीं उसने हाँ कह दिया.....

अंजू : ये टी ख़ुशी की बात है.... फिर तू इतना उदास क्यों है......?

प्रिंस : जी वो... वो.... वो बात ऐसी है की.... वो न... वो..... कुछ नहीं....

वो कहना भी छह रहा है मगर शर्म की वजह से कह भी नहीं पा रहा है....

अंजू : ये वो वो क्या कर रहा है बता न बात क्या है....?

प्रिंस : जी हाँ वो.... वो.....

प्रिंस की हालत देख के अवनि को बड़ा मज़ा आ रहा है.... उसे चीरने के लिए अवनि कहती है...

अवनि : हाँ हाँ प्रिंस बताओ न क्या बात है....? शर्माओ मत बोल दो.... यहाँ सब अपने hi हैं.... बता दो क्या बात है....?

प्रिंस चीड़ के गुस्से में अवनि को देख के कहता है....

प्रिंस : मुझे पता है.... यहाँ सब अपने hi हैं.... और कोई बात नहीं है.... (फिर अंजू की तरफ देख के कहता है....) मुझे भूक लगी है....

अंजू : खाना तैयार है.... चलो साथ मिल के कहते हैं.....

ये कह के अंजू बहार चली जाती है.... प्रिंस भी उदास मन से उसके पीछे पीछे जाने लगता है.... अवनि उसका हाथ पकड़ के उसे रोक लेती है....

अवनि : माँ आप चलो हम अभी आते हैं....

अंजू : ठीक है जल्दी आना....

अवनि : जान क्या हुआ नाराज़ हो गए क्या.....?

प्रिंस : ........

अवनि : जान जो चाहे कर लो मगर नाराज़ न हो न.... वर्ण मैं जी नहीं पाउंगी.... तुम्हारी यही मर्ज़ी है तो मैं नहीं रोकूंगी.... मेरा दिल मेरी रूह.... यहाँ तक की मेरा ये जिस्म भी तुम्हारा hi है.... तुम्हे पूरी इजाज़त है.... मेरे साथ कुछ भी करने की.... मैं बस इतना चाहती थी की हम जो भी करें वो शादी के बाद करें... और वो हमारी ज़िन्दगी की स्पेशल रात हो.... लेकिन अगर तुम वो सब अभी करना चाहते हो तो कर लो... मैं तैयार हूँ....

प्रिंस : यार मैं तो बस मज़ाक कर रहा था.... मैं भी यही चाहता हूँ की जब भी हमारा मिलान हो तो वो सबसे स्पेशल हो..... इस तरह से नहीं....

अवनि : तुम सच कह रहे हो....

प्रिंस : हाँ बाबा....

अवनि : तो फिर मुझे किश करो....

प्रिंस : किश.....

अवनि : हाँ किश....

प्रिंस : सोच लो कहीं फिर से कुछ गड़बड़ न हो जाए.... मेरा मतलब है की....

प्रिंस की बात सुन के अवनि शर्मा जाती है और उसके सीने में अपने मुँह छुपा के प्यार से उसके सीने में मुक्का मार के कहती....

अवनि : धत....

तभी अंजू की आवाज़ सुन के दोनों खाना खाने बहार चल देते हैं....

रात को जब प्रिंस वापिस आता है तो रूही को देख के बुरी तरह से चौंक जाता है....??????
 
थैंक्स फॉर योर लवली कमेंट डिअर....

और हाँ एक बात बता दूँ भले hi इस स्टोरी में कुछ बातें मेरी दूसरी स्टोरी से मिलती है मगर ये स्टोरी उस से काफी अलग है.... पूरा पढ़ने पे आप को सब पता चल जाएगा....

फिलहाल अगले अपडेट का इंतज़ार कीजिये.....

उसमे थोड़ा part कॉपी पेस्ट है एडजस्ट कर लेना..... काम टाइम की वजह से और बिजी होने की वजह से मुझे ये करना पड़ा.....
 
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