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मेरी आशिकी तुमसे hi.....
अपडेट 36
जिसे देख रुखसाना रहना के साथ साथ सिमी और ख़ास कर के रूही का दिल तड़प जाता है.....
रुखसाना आगे बढ़ के प्रिंस को अपने सीने से लगा लेती है फिर उसके आंसू पॉच के कहती है.....
रुखसाना : किसने कहा की तू अनाथ है..... हम सब तेरे अपने हैं.... और क्या मैं तेरी माँ जैसी नहीं हूँ..... और रहना तेरी सास.... सास भी तो माँ जैसी hi होती है....
प्रिंस : हाँ वो तो है....
प्रिंस की बात सुन के रहना आगे बढ़ के उसे अपने सीने से लगा के कहती है.....
रहना : आज से बल्कि अभी से तेरी एक नहीं बल्कि दो दो माँ है.... और तू हमारा बीटा है.....
फिर प्रिंस जो कहता है उसे सुन के जहाँ सब हसने लगते हैं वहीँ रूही चीड़ जाती है.....?????
अब आगे.....
प्रिंस : आप सच कह रही हैं....
रहना : हाँ....
प्रिंस : अगर मैं आप का बीटा हुआ तो फिर ये (रूही की तरफ इशारा करतके) जंगली बंदरिया आप की बहु हुई.....
रहना भी प्रिंस की बात पे बिना ठीक से सुने hi हाँ कह देती है.... जिसे सुन के सब हसने लगते हैं.... वहीँ रूही चीड़ जाती है....
रूही गुस्से में : क्या कहा मुझे बंदरिया....?
प्रिंस : जी नहीं.... बंदरिया नहीं बल्कि जंगली बंदरिया....
ये कह के प्रिंस हसने लगता है....
हहहहहहहहह....
रूही : देख रही हो माँ... ये आप के सामने आपकी बेटी को जंगली बंदरिया कह रहा है.....
रहना : हाँ तो क्या गलत कहा.... तेरी हरकतें भी तो बंदरिया जैसी hi हैं....
प्रिंस : जी नहीं सिर्फ बंदरिया नहीं बल्कि जंगली बंदरिया जैसी....
अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी रूही गुस्से में उसे मारने जाती है.... मगर प्रिंस उसके हाथ नहीं आता.... रूही उसके पीछे भागते भागते थक के गुस्से में मुँह पहला के एक जगह बैठ जाती है....
उसे इस तरह देख प्रिंस को अच्छा नहीं लगता वो रूही के पास जा के उसे मानाने की कोशिश करता है... मगर रूही है की मान ने को तैयार hi नहीं.... वो अपना मुँह पहला के बैठी हुई है....
तभी खाना लग जाता है और सिमी सब को खाना खाने चलने को कहती है... सब जाने लगते हैं मगर रूही है की गुस्से में मुँह पहला के वहीँ बैठी हुई है... वहां से उठने का नाम नहीं ले रही....
प्रिंस : यार नाराज़गी मुझसे है.... खाने पे क्यों अपना गुस्सा निकाल रही हो....? चलो खाना खा लो....
रूही : जी नहीं न hi मुझे खाना खाना है और न hi किसी से कोई बात करनी है....
प्रिंस : देखो सीधे सीधे मान जाओ.... वर्ण....
रूही : वर्ण क्या....? हाँ... वर्ण क्या....?
प्रिंस : वर्ण मैं तुम्हे ज़बरदस्ती उठा के ले जाऊँगा....
प्रिंस की बात सुन के रूही कुछ कहने hi वाली होती है की तभी सिमी बीच में बोल पड़ती है....
सिमी : प्रिंस तुम बेकार कोशिश कर रहे हो.... ये मान ने वाली नहीं है.... रूही जब गुस्से में आती है तो किसी की नहीं सुनती.... इसको मानाने के चक्कर में तुम भी भूके रह जाओगे.... इस से अच्छा तुम चल के खाना खा लो.... इसे जब भूक लगेगी तो ये खुद खा लेगी... वैसे भी ये ज़्यादा देर भूकी नहीं रह सकती.... इसे चोरो हम चल के खाना कहते हैं.....
सिमी की बात सुन के रूही का गुस्सा और भी तेज़ हो जाता है वो कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस बीच में बोलता है...
प्रिंस : ये मेरी प्रिंसेस है... अपनी प्रिंसेस को प्रिंस ऐसे hi भूका रहने दे और खुद खाना खा ले ये मुमकिन नहीं....
सिमी : वो तो ठीक है मगर तुम्हारी प्रिंसेस खाना खाने चले तब न....
प्रिंस : अगर मेरी प्रिंस खुद वहां जाने को तैयार नहीं तो मैं हूँ न इसे वहां ले जाने के लिए....
सिमी : मतलब....
सिमी की बात सुन के प्रिंस मुस्कुराते हुए आगे बढ़ता है और रूही को अपनी गॉड में उठा के डाइनिंग टेबल की तरफ बढ़ जाता है....
गुस्से में रूही प्रिंस की गॉड से उतरना चाहती है मगर प्रिंस उसे अपनी बाहों में कास लेता है उसे उतरने नहीं देता....
सिमी : है काश कोई मुझे भी इसी तरह अपनी गॉड में उठा प्यार से ले जाता.... प्रिंस ये नहीं जाना चाहती तो इसे चोर मुझे गॉड में उठा के ले चलो....
सिमी की बात सुन के रूही गुस्से से उसकी तरफ देखती है....
रूही : क्यों तेरे पैरों में कांटे चुभे हैं क्या....?
सिमी : नहीं रे चुभे तो नहीं हैं मगर काश चुभे होते तो....
रूही : तुझे तो मैं बाद में देखती हूँ.... और तुझे ऐसे कांटे चुभाऊँगी की तू उसे कभी भूल नहीं पाएगी....
अभी रूही ने इतना hi कहा था की तभी प्रिंस उसे डाइनिंग टेबल पे अपने पास वाली चेयर पे बैठा देता है.....
गुस्से में रूही वहां से उठान चाहती है मगर प्रिंस उसे उठने नहीं देता....
सब खाना खाने लगते हैं मगर रूही गुस्से में खाने को हाथ लगाना तो दूर उसे देखती भी नहीं.... असल में प्रिंस का उसे यूँ केयर करना उसे अच्छा लग रहा है..... वो दिल से छह रही है प्रिंस उसे खाना खिलाये मगर कह नहीं पा रही है....
तभी रुखसाना की बात सुन के सिमी रूही के दिल की बात कह देती है....
रुखसाना : बीटा ये नाराज़गी चोर और खाना खा ले....
सिमी :नहीं माँ ये ऐसे नहीं खायेगी...
रुखसाना : तो फिर कैसे खायेगी.....?
सिमी : ये चाहती है की प्रिंस इसे अपने हाथों से खाना खिलाये... तब ये खायेगी....
इस से पहले की कोई कुछ कहता प्रिंस निवाला बना के रूही के होंठों की तरफ बढ़ा देता है.... जिसे रूही बिना इंकार किये खाने लगती है....
तभी सिमी उसे चरते हुए कहती है....
सिमी : देखा मैंने कहा था न.... इसे प्रिंस के हाथों से खाना खाना है.... इसी लिए ये सब ड्रामा कर रही थी....
रूही : जी नहीं ऐसी कोई बात नहीं है....
सिमी : अच्छा अगर ऐसी कोई बात नहीं है तो फिर ठीक है.... प्रिंस इसे चोरो और मुझे खाना खिलाओ....
सिमी की बात सुन के रूही गुस्से में सिमी को आँख दिखते हुए कहती है....
रूही : ऐसा सोचना भी मत.... प्रिंस सिर्फ और सिर्फ मुझे अपने हाथों से खाना खिलायेगा.... मैं उसकी प्रिंसेस जो हूँ....
सिमी : वो मुझे भी खाना खिला सकता है.... मैं भी तो अपनी हूँ.... मतलब उसकी साली हूँ.... और वैसे भी साली आधी घरवाली होती है.... क्यों प्रिंस मैंने ठीक कहा न.....?
ये कह के सिमी प्रिंस को आँख मार देती है.....
इसी तरह लड़ते झगड़ते मज़ाक मस्ती करते हुए वो लोग खाना कहते हैं.... फिर अपने रूम की तरफ चल देते हैं.... अचानक प्रिंस को कुछ अजीब सा महसूस होने लगता है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे की कुछ और भी लोग मौजूद हैं मगर कोई नज़र नहीं आ रहा... इस बात से प्रिंस परेशान हो जाता है....
प्रिंस को परेशान देख रूही कुछ कहने hi वाली होती है की तभी अचानक से वहां धूंवा आने लगता है.... देखते hi देखते पूरा कमरा धुँवे से भर जाता है....
और फिर शुरू होता है असली धमाल.....
अचानक से प्रिंस को अपने कंधे पे किसी का हाथ महसूस होता है....
वो : ी लव यू जान.....
ये कह के वो दोनों हाथों से प्रिंस के चेहरे को पकड़ कर अपने गर्म नरम मुलायम रसीले होंठ प्रिंस के होंठ से मिला देती है और मज़े से उसे चूसने लग जाती है..... प्रिंस भी किश में उसका साथ देने लगता है.....
दोनों के होंठ ऐसे जुड़ जाते हैं जैसे कभी अलग hi न हो पाए..... प्रिंस उसके होंठों को खूब दिल लगा कर चूस ने लगता है और वो प्रिंस के मुँह में अपनी ज़ुबान दाल कर चूसने लगती है.... किश करते करते दोनों एक दूसरे में खो से जाते हैं.....
करीब 10 मिनट बाद जब दोनों की सांस उकेरती है तब कहीं जा कर दोनों अलग होते हैं.....
हॉट किसिंग की वजह से प्रिंस का लुंड पूरी से खड़ा हो जाता है और "......." की छूट से कॉमर्स बहने लगता है..... प्रिंस के 9 इंच के खड़े को लुंड देख कर वो शर्मा जाती है..... प्रिंस अपने लुंड की तरफ इशारा करके उससे कहता है.... जान
इसका भी तो ख्याल करो.... मेरे साथ साथ मेरे इस लुंड को भी तुम्हारे प्यार की सख्त ज़रूरत है.....
प्रिंस का लुंड मस्ती में एक लोहे की रोड की तरह सख्त हो कर ऐसी झटके मार रहा है जैसे बहुत गुस्से में हो.....
वो झुक के प्रिंस के लुंड से निकले प्रेकम की मुस्की स्मेल को सूंघती है तो उसकी छूट में करंट सा दौड़ जाता है.....
वो अपनी ज़ुबान से उस प्रेकम को चाट लेती है और टास्ते चकने के बाद आंख मार के प्रिंस से कहती है...
"......." : बहुत टेस्टी है एक दम शहद जैसा.....
प्रिंस का लुंड काफी लम्बा होने के साथ साथ बहुत मोटा भी है और इस वक़्त वो मस्ती में बुरी तरह से झटके खा रहा है.....
ऐसा दुमदार लुंड "......." ने आज से पहले कभी नहीं देखा था..... वो झुक के प्रिंस के लुंड पे किश करती है फिर अपनी ज़ुबान बहार निकाल के प्रिंस के लुंड को ऊपर से निचे तक चाट टी है... और अपना मुँह उसके पहले हुए लुंड के बिलकुल सामने लती है... और लाल सुपडे को चूमती है और फिर उसे अपने होंठों को खोल के मुँह में भर लेती है....
उस की इस हरकत पे प्रिंस का लुंड मस्ती में उसके मुँह में झटके मारने लगता है.... जिसे महसूस करके वो लड़की ख़ुशी में प्रिंस के लुंड को चूसने लगती है.....
उसके द्वारा अपना लुंड चूसे जाने पर प्रिंस मस्ती में कराहने लगता है.....
आआआआहहहहह..... ममममममम.... ऊऊऊओह्ह्ह्हह्ह.....
प्रिंस ने कभी सोचा भी नहीं था की जन्नत की पारी जैसी हसीं उसका लुंड अपने मुँह में लेके मस्ती में चूसेगी..... मस्ती में प्रिंस का जिस्म गंगना जाता है और उसका लुंड उस लड़की के मुँह में झटके मरने लगता है..... प्रिंस अपने हाथ आगे बढ़ा के उसके बूब्स को पकड़ के दबाने लगता है.... साथ hi उसके निप्पलों को अपनी उँगलियों के बीच में ले के मसलने लगता है..... "......." के मुँह से मस्ती में सिसकियाँ फूटने लगती हैं.....
अअअअअअअगगगगगठ्ठ.... ममममम..... oooooooooo.....
उसके निप्पलों से कामुकता की तरंगे निकल कर उसकी छूट तक फैल जाती हैं और वो अपनी टंगे कास कर बंद करते हुए आपस में रगड़ने लगती है....
प्रिंस : आअह्हह्ह्ह्ह... उफ्फ्फ... बहुत मज़ा आ रहा है.... मममममम.... हाँ... ऐसे hi चूसो मेरा लुंड..... और ज़ोर से चूसो.....
वो अपने हाथ पीछे ले जाकर प्रिंस के शूटरों को कास के पकड़ती है और फिर उसे आगे अपनी और खींचती है और अपना मुँह तेज़ी से उसके लुंड पे चलती है....
प्रिंस के लुंड का सवाद उस को इतना टेस्टी लगता है की वो लगभग तीन चौथाई लुंड मुँह में लेकर चूसने लगती है.... वो शायद पूरा लुंड मुँह में ले लेती अगर ये मुमकिन होता तो.... मगर इतना लम्बा मोटा लुंड पूरा मुँह में लेकर चूसना
उसके बस के बहार की बात थी....
आज पहली बार वो किसी का लुंड चूस रही है.... उसे बेहद मज़ा आ रहा है.... मज़ा तो प्रिंस को भी आ रहा है उस हसीं पारी की चूची दबाते हुए उस से अपना लुंड चुसवा के..... दोनों hi मस्ती के आसमान में उड़द रहे हैं....
प्रिंस उसके बाल पाकर कर अपना लुंड धीरे धीरे उसके मुँह में आगे पीछे करते हुए उसके मुँह को छोड़ने लगता है...
मस्ती में वो अपना हाथ निचे ले जाकर अपनी छूट को रगड़ने लगती है... जिससे उसकी कामुकता और उत्तेजना और भी बढ़ जाती है.... वो एक ऊँगली छूट के होंठो पर फेरती है और फिर अंदर दाल कर डेन को मसलती है.... प्रिंस उस को अपनी छूट में ऊँगली करते देख खुश होता है और उसके मुँह को और भी ज़ोरों से छोड़ने लगता है..... जल्द hi प्रिंस को अपने तटों में अपना वार्य उबलता हुआ महसूस होता
है..... वो उस के सर को पकडे हुए तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगता है..... प्रिंस का लुंड उस के मुँह में झटके मारते हुए
ऐंठने लगता है.... वो भी मस्ती में प्रिंस के लुंड पर तेज़ी से जुबां चलते हुए ज़ोरों से सुपर सुपर कर चूसने लगती है.... जल्द hi प्रिंस का जिस्म अकड़ जाता है फिर वो मस्ती में सिसकारी लेते हुए उस के मुँह में अपने लुंड से वार्य की पिचकारी चोर्ने लगता है.....
एक के बाद एक वार्य की पिचकारी उस के मुँह में गिरने लगती है.... फिर कुछ देर बाद जब उसे ये यकीन हो जाता है की प्रिंस के लुंड से पूरा रास निकल चूका है.... तब वो धीरे से अपना मुँह उसके लुंड से हटा लेती है.... प्रिंस बड़े गौर से उस की हटकटों को देख रहा है.... वो अपना मुँह खोल के अपने मुँह में भरा वार्य प्रिंस को दिखती है फिर उसे आँख मार के पी जाती है फिर चटखारे ले के कहती है....
"......." : मममममममम..... जान मज़ा आ गया.... Waaaaaaaaah....Bahut hi टेस्टी था..... इतना टेस्टी मीठा रूस मैंने
आज तक नहीं चखा.... आज पहली बार लुंड चूसते चूसते मैं खुद दो बार झरि
हूँ.... तुम्हे और तुम्हारे लुंड को पा के आज मैं बेहद खुश हूँ.... जब तुम्हारा लुंड चूस के मेरा ये हाल है तो सोचो जब तुम मुझे छोड़ोगे तब मेरा क्या हाल होगा....?
प्रिंस : ोोोूह जान.... तुम्हारे लुंड चूसे ने का अंदाज़ तो बड़ा hi निराला है... क्या लुंड चुस्ती हो तुम... मुझे कितना मज़ा आया के मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता....
"......." : तो क्या जानू अब तुम तैयार हो....?
प्रिंस : किस चीज़ के लिए जान....?
"......." : जानू मेरी छूट चाटने के लिए.....
ये कह के वो शर्मा जाती है... मस्ती में प्रिंस का लुंड फिर से खड़ा हो जाता है.....
वो सीढ़ी हो कर पीठ के बल बीएड पे लेट जाती है.... इस वक़्त वो बाला की खूबसूरत लग रही है.... उसके हुस्न को देख प्रिंस के दिल के साथ साथ उसका लुंड भी मस्ती में उछाल कूद मचा रहा है....
प्रिंस आगे बढ़ के उसे किश करने लगता है फिर धीरे धीरे उसके जिस्म को चाटने लगता है.... फिर एक हाथ से उसके बूब्स को कास कास के दबाते हुए उसके निप्पल को मुँह में ले चूसने लगता है....
मस्ती में वो सिसकारी ले ते हुए चीखने लगती है.....
"......." : Aaaaaaaaaaahhhhh.... Oooooooooohhhh.... Uuuuuuuuuufffff.... प्रिंस धीरे दबाओ.... ऊऊओह्ह्ह्ह... ज़ोर से मत काटो.... बस चूसते जाओ.... आआह्ह्ह्हह्ह.... ममममममम.... बड़ा मज़ा आ रहा है....
उसके पिंक निप्पल सख्त होने लगे.... उसके बूब को दबा कर प्रिंस ने लाल कर दिया.... फिर वो उसकी टांगों को किश करने लगा....
उसकी गोरी गुलाबी मखमली जांघ को खूब जमकर चाटने लगा.... मस्ती में वो ज़ोर ज़ोर से ाँहें भरने लगी....
"......." : आआआआहहहहहहह..... ममममममम....
कुछ देर तक उसकी जाँघों को चूम इ और चाटने के बार प्रिंस उसकी कमसिन गोरी गुलाबी चिकनी रास चोरटी रसीली छूट तक पहुँच जाता है और अपना नाक उसकी छूट के पास ले जा के उसे सूंघता है.... फिर अपनी उँगलियों से उसे फैला के अंडर का नज़ारा देख के ख़ुशी से उछाल पड़ता है....
वाओ.... उसकी कमसिन गोरी गुलाबी छूट की पंखुड़ियों के बीच में उसकी गुलाबी रंग की छोटी सी सुरंग नज़र आ रही है साथ hi ऊपर की और उस का पिशाब करने का छोटा सा कामुक छेद भी दिख रहा है....
प्रिंस : वाओ..... गोरी गुलाबी छूट.... दोनों होंठ गुलाबी.... छूट का दाना हल्का सा बहार निकला हुआ है.... रास से भीगी छूट और कॉमर्स की बूँदें टपक रही हैं.... ऐसा हसीं नज़ारा मैंने आज तक नहीं देखा....
प्रिंस को अपनी छूट की तरफ देखे देख और उसकी बातें सुन के वो शर्माने लगती है....
"......." : जान ऐसे क्या देख रहे हो....?
प्रिंस : जान क्या गुलाबी छूट है तुम्हारी..... जी करता है इसे चाट चाट के खा जाऊं....
"......." शर्माते हुए : तो खा लो न मैंने कब रोका है.... मैं भी तुम्हारी हूँ और मेरी छूट भी तुम्हारी hi है....
उस की बात सुन के प्रिंस उसकी छूट को चाटने के लिए उसकी जांघों को फैलता है... और जैसे hi उसकी छूट को किश करता है मस्ती में वो उछाल पड़ती है.... उसके मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल जाती है.....
िष्ठ्हह….
प्रिंस उसकी छूट की फांकों को फैला के अपनी जुबां से उसकी छूट चाटने लगता है.... फिर उसकी छूट के छेद में अपनी जुबां दाल के उसे अपनी जुबां से छोड़ने लगता है....
मस्ती में उस के मुँह से.. ऊऊऊओ.... उफ़..... मममम... की आवाज़ निकलने लगती है....
प्रिंस : कैसा लग रहा है जान....?
"......." : मममममम.... बड़ा मज़ा आ रहा है..... छतो खूब ज़ोर से छतो.... खा जाओ मेरी चूऊऊऊत..... को...
ये कह के वो बहुत hi ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगी...
"......." : Aaaaaaaaahhhhhhhhhh.... ऊऊऊह्ह्ह्ह.... ममममममम..... उउउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ़.... है जान मुझे आज पता चला के छूट चटवा के भी मज़ा लिया जाता है.... है ऐसा मज़ा तो मुझे आज पहली बार मिला है.... और तुम पहले मर्द हो जिसने मुझे नंगा देखा है और मेरी छूट को छाता है.... चूसो और ज़ोर से चूसो.... आआआआहहह.... उफ्फफ्फ्फ़.... हीईई....
मस्ती में प्रिंस अपनी जुबां उसकी छूट के अंडर दाल के उसे गोल गोल घूमना शुरू कर दिया.... जिस से मस्ती में उस की चीखें बहार तक सुनाई देने लगी....
सिमी उसके बगल वाले रूम में लेती हुई थी.... उसे साफ़ साफ़ मस्ती भरी ाँहों की आवाज़ सुनाई दे रही थी.... जो उसे उत्तेजित करने के लिए काफी थी.... सिमी मस्ती में एक हाथ से अपने बूब्स दबाते हुए दूसरे हाथ को अपनी पंतय में दाल के अपनी छूट को रगड़ने लगती है.... साथ hi ाँहें भी भरने लगती है....
"......." : हाँ और ज़ोर से.... हैं… जान मैं झरने वाली होऊणणन्न....
ये सुन ते hi प्रिंस अपना मुँह उसकी छूट के छेद पे सेट कर के ज़ोर ज़ोर से चूसने लगता है.... जल्द hi उस के सब्र का बाँध टूट जाता है... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है...
"......." : aaa..aaa..aaaaaahhhhhhh.... जान..... मैं gayiiiiiiiiii..… उफ्फ्फ..... है... ये क्या कर दियाआआ.....
उसकी छूट से काम रास बह के प्रिंस के मुँह में जाने लगता है जिसे प्रिंस मज़े ले ले के पी जाता है फिर उसकी छूट को चाट ते हुए साफ़ करता है.... प्रिंस की जुबां जब उसकी छूट के दाने से टकराती तो वो.... ऊऊओह्ह..... ishhh….Basssssss..... कहने लगी.....
ठीक उसी वक़्त सिमी का जिस्म भी अकड़ने लगा और वो मस्ती भरी सिसकारी के साथ झड़ने लगी.... उसकी छूट से कॉमर्स की नदी सी बह के उसकी पंतय को भिगोने लगी....
कुछ देर उसकी छूट को इसी तरह चूसने के बाद प्रिंस उसके ऊपर आ जाता है और फिर उसके होंठों को चूमने लगता है.... प्रिंस को होंठों पे जो "......." की छूट का जूस लगा हुआ था.... उसे वो मस्ती में प्रिंस के होंठों को चूसते हुए चाटने लगती है.....
प्रिंस का लुंड मस्ती में खड़े हो के उसकी जाँघों के बीच से छूट को छू रहा है.... जिसे महसूस करके "......." ने अपनी जांघें थोड़ी फैला दी.... जिससे प्रिंस के लुंड का सूपड़ा उसकी छूट के दाने को रगड़ने लगा....
प्रिंस : कैसा लगा जान....?
"......." : है जान.... मज़ा आ गया.... ऐसा लग रहा है के मैं जन्नत में हूँ....
ये कह के वो उठने लगी पर प्रिंस ने उसे उठने नहीं दिया....
प्रिंस : जान कहाँ जा रही हो.....?
"......." शरमाते हुए : पेशाब करने....
ये कह के वो बाथरूम में भाग जाती है.... कुछ देर बाद जब वो मूट के वापिस आती है तब....
प्रिंस : आ गयी अपनी छूट की सीटी बजा के.... कसम से जान तुम्हारी छूट की सीटी में ज़बरदस्त आवाज़ है.... जिसे सुन के मेरा लुंड बेकाबू हो रहा है.... दिल और लुंड चाह रहा की जैम के तुम्हारी चुदाई करूँ.... ऐसी चुदाई जो न पहले कभी किसी ने की हो और न hi कोई करेगा...
प्रिंस की बात सुन के उस का चेहरा शर्म से लाल बन गया.... शर्म के मारे वो प्रिंस से नज़रें चुराते हुए मुस्कुराने लगी....
प्रिंस ने धीरे से अपनी तरफ खींच कर पीठ के बल लेता दिया... उस की गोरी गुलाबी चिकनी छूट देख के प्रिंस का लुंड मस्ती में उछलने लगा..... प्रिंस झुक के उसकी छूट को चूम लेता है... फिर चाटने लगता है....
मस्ती में वो सिसकारी लेने लगती है... उसकी छूट एक दम गीली हो गयी थी.... उसकी पिशाब की महक प्रिंस को पागल कर रही
थी.... प्रिंस अपना मुँह उसकी छूट पैर रख कर चाटने लगा साथ hi उसकी छूट में ऊँगली दाल कर अंदर बहार करने लगा......
वो मस्ती में सिसकारी लेने लगी..... उसकी छूट मस्ती में खुल बंद होने लगी.... प्रिंस ने अपनी जुबां उसकी छूट में दाल दी उसे चाटने लगा.... कुछ hi देर में उसका जिस्म अकड़ने लगा और उसकी छूट ने पानी चोर दिया.....
प्रिंस मज़े ले के उसकी छूट से निकले पानी को पी जाता है फिर उसकी छूट के छेद पे अपने लुंड के सुपडे को टिका के एक करारा शॉट मारा.... प्रिंस के लुंड का मोटा सूपड़ा जैसे hi उसकी छूट में घुसा.... उस की चीक निकल गयी....
वो : Aaaaaaaaaaaggggghhhhh.... Princeeeeeeeeeee.... आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.... मैं मर gayiiiiiiiiiii.... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़..... निकालो इसे..... आआआआगगजघ्हहहहह.... प्लीज निकालो....
प्रिंस वहीँ रुक जाता है और झुक के उसके होंठों को चूसते हुए उसके बूब्स को दबाने लगता है..... कुछ देर इसी तरह उसके होंठों को चूसने और बूब्स दबाने से "......." का दर्द कुछ काम होता है और उसे मज़ा आने लगता है उसकी छूट से मस्ती में कॉमर्स बहने लगता है.... जब प्रिंस को इस बात का एहसास होता है तब वो एक करारा शॉट उसकी छूट में मारता है.... जिस से प्रिंस का आधे से ज़्यादा लुंड उसकी छूट को सील को तोड़ता हुआ अंदर तक चला जाता है....
दर्द के मारे "......." की चीख निकाल जाती है.... प्रिंस का मुँह उसके मुँह से जुड़े होने की वजह से उसकी चीख प्रिंस के मुँह में डाब के रह जाती है.... मगर बगल के रूम में सिमी के कानो तक उसकी चीख सुनाई दे hi जाती है.... जिसे सुन के सिमी की छूट एक बार फिर से पानी चोर देती है.... उस चीख को सुन के सिमी को ये समझते देर नहीं लगती की छूट की सील टूट चुकी है.... इस बात से सिमी का पूरा जिस्म गंगना जाता है और वो मस्ती में तेज़ी से अपने हाथ से अपनी छूट को रगड़ने लगती है.....
इधर प्रिंस "......." के होंठों को चूसते हुए उसकी छूट में अपने लुंड धीरे धीरे अंडर बाहर करने लगता है.... कुछ देर बाद "......." को मस्ती चढ़ने लगती है और मस्ती में वो नीचे से अपनी गांड उठा के चुदाई में प्रिंस का साथ देने लगती है...
जिसे महसूस करते hi प्रिंस उसकी छूट में अपने लुंड की रफ़्तार तेज़ कर देता है....
"......." : Aahhhhhhhhhhhhhhhh प्रिंस और तेज़ आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़.... plzzzzzzzzzzzzzz और अंडर तक दाल के छोड़ो मुझे.... आआआआह्ह्ह्ह.... ऊऊओह्ह्ह्ह.... मममममम..... बड़ा मज़ा आ रहा है....
"......." की बात सुन के प्रिंस जैम के उसकी चुदाई करने लगता है.... पूरे रूम में फुछ फुछ.... थप थप.... की आवाज़ गूंजने लगती है.... वो अपनी गांड उठा उठा कर.... छोड़ने लगती है....
"......." : अह्ह्ह्हह्हह.... उफ्फ्फफ्फ्फ़.... आआआआह्ह्ह्ह.... उफ्फ्फ.... और तेज़... और तेज़.... मममममम ... बड़ा मज़ा आ रहा है.... ऐसे hi जैम के छोड़ो मुझे.... आह्ह्हह्ह्ह्ह.... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़.... आआआह्ह्ह्ह.... आह्ह्ह्हह्ह niiiiiiiiiiiiii uffffffffff..... Aaahhhhhhhhhhh... उसे दर्द भी हो रहा था... और मज़ा भी आ रहा था.....
प्रिंस अपना मूसल जैसा लुंड उसकी छूट में फैलता रहा..... और वो आआआहहहहहहह.... ाः.... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़....
aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh..... कर के मस्ती में चिल्लाती रही....
इधर सिमी भी मस्ती में दोनों की चुदाई की आवाज़ सुनते हुए तेज़ी से अपनी छूट रगड़ रही है और मज़ा ले रही है....
जल्द hi इन दोनों के साथ साथ सिमी भी मस्ती की चरम सीमा पे पहुँच जाती है और उसकी छूट से तेज़ी से कॉमर्स बहाने लगता है और वो झड़ने लगती है....
इधर "......." भी झाड़ जाती है उसके साथ hi प्रिंस भी अपने लुंड से वार्य की पिचकारी उसकी बच्चेदानी में मारते हुए झड़ने लगता है.... तीनो एक hi वक़्त पे एक साथ झाड़ जाते हैं.... और कुछ hi देर में थक के नंगे hi नींद की आगोश में चले जाते हैं..... फर्क सिर्फ इतना है की सिमी अपने रूम में अकेली सो जाती है और यहाँ प्रिंस "......." की बाहों में लिपट के सो जाता है....
अब ये "......." कौन है.....? रूही या फिर कोई और ये तो अगली सुबह पता चलेगा.....?????
अपडेट 36
जिसे देख रुखसाना रहना के साथ साथ सिमी और ख़ास कर के रूही का दिल तड़प जाता है.....
रुखसाना आगे बढ़ के प्रिंस को अपने सीने से लगा लेती है फिर उसके आंसू पॉच के कहती है.....
रुखसाना : किसने कहा की तू अनाथ है..... हम सब तेरे अपने हैं.... और क्या मैं तेरी माँ जैसी नहीं हूँ..... और रहना तेरी सास.... सास भी तो माँ जैसी hi होती है....
प्रिंस : हाँ वो तो है....
प्रिंस की बात सुन के रहना आगे बढ़ के उसे अपने सीने से लगा के कहती है.....
रहना : आज से बल्कि अभी से तेरी एक नहीं बल्कि दो दो माँ है.... और तू हमारा बीटा है.....
फिर प्रिंस जो कहता है उसे सुन के जहाँ सब हसने लगते हैं वहीँ रूही चीड़ जाती है.....?????
अब आगे.....
प्रिंस : आप सच कह रही हैं....
रहना : हाँ....
प्रिंस : अगर मैं आप का बीटा हुआ तो फिर ये (रूही की तरफ इशारा करतके) जंगली बंदरिया आप की बहु हुई.....
रहना भी प्रिंस की बात पे बिना ठीक से सुने hi हाँ कह देती है.... जिसे सुन के सब हसने लगते हैं.... वहीँ रूही चीड़ जाती है....
रूही गुस्से में : क्या कहा मुझे बंदरिया....?
प्रिंस : जी नहीं.... बंदरिया नहीं बल्कि जंगली बंदरिया....
ये कह के प्रिंस हसने लगता है....
हहहहहहहहह....
रूही : देख रही हो माँ... ये आप के सामने आपकी बेटी को जंगली बंदरिया कह रहा है.....
रहना : हाँ तो क्या गलत कहा.... तेरी हरकतें भी तो बंदरिया जैसी hi हैं....
प्रिंस : जी नहीं सिर्फ बंदरिया नहीं बल्कि जंगली बंदरिया जैसी....
अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी रूही गुस्से में उसे मारने जाती है.... मगर प्रिंस उसके हाथ नहीं आता.... रूही उसके पीछे भागते भागते थक के गुस्से में मुँह पहला के एक जगह बैठ जाती है....
उसे इस तरह देख प्रिंस को अच्छा नहीं लगता वो रूही के पास जा के उसे मानाने की कोशिश करता है... मगर रूही है की मान ने को तैयार hi नहीं.... वो अपना मुँह पहला के बैठी हुई है....
तभी खाना लग जाता है और सिमी सब को खाना खाने चलने को कहती है... सब जाने लगते हैं मगर रूही है की गुस्से में मुँह पहला के वहीँ बैठी हुई है... वहां से उठने का नाम नहीं ले रही....
प्रिंस : यार नाराज़गी मुझसे है.... खाने पे क्यों अपना गुस्सा निकाल रही हो....? चलो खाना खा लो....
रूही : जी नहीं न hi मुझे खाना खाना है और न hi किसी से कोई बात करनी है....
प्रिंस : देखो सीधे सीधे मान जाओ.... वर्ण....
रूही : वर्ण क्या....? हाँ... वर्ण क्या....?
प्रिंस : वर्ण मैं तुम्हे ज़बरदस्ती उठा के ले जाऊँगा....
प्रिंस की बात सुन के रूही कुछ कहने hi वाली होती है की तभी सिमी बीच में बोल पड़ती है....
सिमी : प्रिंस तुम बेकार कोशिश कर रहे हो.... ये मान ने वाली नहीं है.... रूही जब गुस्से में आती है तो किसी की नहीं सुनती.... इसको मानाने के चक्कर में तुम भी भूके रह जाओगे.... इस से अच्छा तुम चल के खाना खा लो.... इसे जब भूक लगेगी तो ये खुद खा लेगी... वैसे भी ये ज़्यादा देर भूकी नहीं रह सकती.... इसे चोरो हम चल के खाना कहते हैं.....
सिमी की बात सुन के रूही का गुस्सा और भी तेज़ हो जाता है वो कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस बीच में बोलता है...
प्रिंस : ये मेरी प्रिंसेस है... अपनी प्रिंसेस को प्रिंस ऐसे hi भूका रहने दे और खुद खाना खा ले ये मुमकिन नहीं....
सिमी : वो तो ठीक है मगर तुम्हारी प्रिंसेस खाना खाने चले तब न....
प्रिंस : अगर मेरी प्रिंस खुद वहां जाने को तैयार नहीं तो मैं हूँ न इसे वहां ले जाने के लिए....
सिमी : मतलब....
सिमी की बात सुन के प्रिंस मुस्कुराते हुए आगे बढ़ता है और रूही को अपनी गॉड में उठा के डाइनिंग टेबल की तरफ बढ़ जाता है....
गुस्से में रूही प्रिंस की गॉड से उतरना चाहती है मगर प्रिंस उसे अपनी बाहों में कास लेता है उसे उतरने नहीं देता....
सिमी : है काश कोई मुझे भी इसी तरह अपनी गॉड में उठा प्यार से ले जाता.... प्रिंस ये नहीं जाना चाहती तो इसे चोर मुझे गॉड में उठा के ले चलो....
सिमी की बात सुन के रूही गुस्से से उसकी तरफ देखती है....
रूही : क्यों तेरे पैरों में कांटे चुभे हैं क्या....?
सिमी : नहीं रे चुभे तो नहीं हैं मगर काश चुभे होते तो....
रूही : तुझे तो मैं बाद में देखती हूँ.... और तुझे ऐसे कांटे चुभाऊँगी की तू उसे कभी भूल नहीं पाएगी....
अभी रूही ने इतना hi कहा था की तभी प्रिंस उसे डाइनिंग टेबल पे अपने पास वाली चेयर पे बैठा देता है.....
गुस्से में रूही वहां से उठान चाहती है मगर प्रिंस उसे उठने नहीं देता....
सब खाना खाने लगते हैं मगर रूही गुस्से में खाने को हाथ लगाना तो दूर उसे देखती भी नहीं.... असल में प्रिंस का उसे यूँ केयर करना उसे अच्छा लग रहा है..... वो दिल से छह रही है प्रिंस उसे खाना खिलाये मगर कह नहीं पा रही है....
तभी रुखसाना की बात सुन के सिमी रूही के दिल की बात कह देती है....
रुखसाना : बीटा ये नाराज़गी चोर और खाना खा ले....
सिमी :नहीं माँ ये ऐसे नहीं खायेगी...
रुखसाना : तो फिर कैसे खायेगी.....?
सिमी : ये चाहती है की प्रिंस इसे अपने हाथों से खाना खिलाये... तब ये खायेगी....
इस से पहले की कोई कुछ कहता प्रिंस निवाला बना के रूही के होंठों की तरफ बढ़ा देता है.... जिसे रूही बिना इंकार किये खाने लगती है....
तभी सिमी उसे चरते हुए कहती है....
सिमी : देखा मैंने कहा था न.... इसे प्रिंस के हाथों से खाना खाना है.... इसी लिए ये सब ड्रामा कर रही थी....
रूही : जी नहीं ऐसी कोई बात नहीं है....
सिमी : अच्छा अगर ऐसी कोई बात नहीं है तो फिर ठीक है.... प्रिंस इसे चोरो और मुझे खाना खिलाओ....
सिमी की बात सुन के रूही गुस्से में सिमी को आँख दिखते हुए कहती है....
रूही : ऐसा सोचना भी मत.... प्रिंस सिर्फ और सिर्फ मुझे अपने हाथों से खाना खिलायेगा.... मैं उसकी प्रिंसेस जो हूँ....
सिमी : वो मुझे भी खाना खिला सकता है.... मैं भी तो अपनी हूँ.... मतलब उसकी साली हूँ.... और वैसे भी साली आधी घरवाली होती है.... क्यों प्रिंस मैंने ठीक कहा न.....?
ये कह के सिमी प्रिंस को आँख मार देती है.....
इसी तरह लड़ते झगड़ते मज़ाक मस्ती करते हुए वो लोग खाना कहते हैं.... फिर अपने रूम की तरफ चल देते हैं.... अचानक प्रिंस को कुछ अजीब सा महसूस होने लगता है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे की कुछ और भी लोग मौजूद हैं मगर कोई नज़र नहीं आ रहा... इस बात से प्रिंस परेशान हो जाता है....
प्रिंस को परेशान देख रूही कुछ कहने hi वाली होती है की तभी अचानक से वहां धूंवा आने लगता है.... देखते hi देखते पूरा कमरा धुँवे से भर जाता है....
और फिर शुरू होता है असली धमाल.....
अचानक से प्रिंस को अपने कंधे पे किसी का हाथ महसूस होता है....
वो : ी लव यू जान.....
ये कह के वो दोनों हाथों से प्रिंस के चेहरे को पकड़ कर अपने गर्म नरम मुलायम रसीले होंठ प्रिंस के होंठ से मिला देती है और मज़े से उसे चूसने लग जाती है..... प्रिंस भी किश में उसका साथ देने लगता है.....
दोनों के होंठ ऐसे जुड़ जाते हैं जैसे कभी अलग hi न हो पाए..... प्रिंस उसके होंठों को खूब दिल लगा कर चूस ने लगता है और वो प्रिंस के मुँह में अपनी ज़ुबान दाल कर चूसने लगती है.... किश करते करते दोनों एक दूसरे में खो से जाते हैं.....
करीब 10 मिनट बाद जब दोनों की सांस उकेरती है तब कहीं जा कर दोनों अलग होते हैं.....
हॉट किसिंग की वजह से प्रिंस का लुंड पूरी से खड़ा हो जाता है और "......." की छूट से कॉमर्स बहने लगता है..... प्रिंस के 9 इंच के खड़े को लुंड देख कर वो शर्मा जाती है..... प्रिंस अपने लुंड की तरफ इशारा करके उससे कहता है.... जान
इसका भी तो ख्याल करो.... मेरे साथ साथ मेरे इस लुंड को भी तुम्हारे प्यार की सख्त ज़रूरत है.....
प्रिंस का लुंड मस्ती में एक लोहे की रोड की तरह सख्त हो कर ऐसी झटके मार रहा है जैसे बहुत गुस्से में हो.....
वो झुक के प्रिंस के लुंड से निकले प्रेकम की मुस्की स्मेल को सूंघती है तो उसकी छूट में करंट सा दौड़ जाता है.....
वो अपनी ज़ुबान से उस प्रेकम को चाट लेती है और टास्ते चकने के बाद आंख मार के प्रिंस से कहती है...
"......." : बहुत टेस्टी है एक दम शहद जैसा.....
प्रिंस का लुंड काफी लम्बा होने के साथ साथ बहुत मोटा भी है और इस वक़्त वो मस्ती में बुरी तरह से झटके खा रहा है.....
ऐसा दुमदार लुंड "......." ने आज से पहले कभी नहीं देखा था..... वो झुक के प्रिंस के लुंड पे किश करती है फिर अपनी ज़ुबान बहार निकाल के प्रिंस के लुंड को ऊपर से निचे तक चाट टी है... और अपना मुँह उसके पहले हुए लुंड के बिलकुल सामने लती है... और लाल सुपडे को चूमती है और फिर उसे अपने होंठों को खोल के मुँह में भर लेती है....
उस की इस हरकत पे प्रिंस का लुंड मस्ती में उसके मुँह में झटके मारने लगता है.... जिसे महसूस करके वो लड़की ख़ुशी में प्रिंस के लुंड को चूसने लगती है.....
उसके द्वारा अपना लुंड चूसे जाने पर प्रिंस मस्ती में कराहने लगता है.....
आआआआहहहहह..... ममममममम.... ऊऊऊओह्ह्ह्हह्ह.....
प्रिंस ने कभी सोचा भी नहीं था की जन्नत की पारी जैसी हसीं उसका लुंड अपने मुँह में लेके मस्ती में चूसेगी..... मस्ती में प्रिंस का जिस्म गंगना जाता है और उसका लुंड उस लड़की के मुँह में झटके मरने लगता है..... प्रिंस अपने हाथ आगे बढ़ा के उसके बूब्स को पकड़ के दबाने लगता है.... साथ hi उसके निप्पलों को अपनी उँगलियों के बीच में ले के मसलने लगता है..... "......." के मुँह से मस्ती में सिसकियाँ फूटने लगती हैं.....
अअअअअअअगगगगगठ्ठ.... ममममम..... oooooooooo.....
उसके निप्पलों से कामुकता की तरंगे निकल कर उसकी छूट तक फैल जाती हैं और वो अपनी टंगे कास कर बंद करते हुए आपस में रगड़ने लगती है....
प्रिंस : आअह्हह्ह्ह्ह... उफ्फ्फ... बहुत मज़ा आ रहा है.... मममममम.... हाँ... ऐसे hi चूसो मेरा लुंड..... और ज़ोर से चूसो.....
वो अपने हाथ पीछे ले जाकर प्रिंस के शूटरों को कास के पकड़ती है और फिर उसे आगे अपनी और खींचती है और अपना मुँह तेज़ी से उसके लुंड पे चलती है....
प्रिंस के लुंड का सवाद उस को इतना टेस्टी लगता है की वो लगभग तीन चौथाई लुंड मुँह में लेकर चूसने लगती है.... वो शायद पूरा लुंड मुँह में ले लेती अगर ये मुमकिन होता तो.... मगर इतना लम्बा मोटा लुंड पूरा मुँह में लेकर चूसना
उसके बस के बहार की बात थी....
आज पहली बार वो किसी का लुंड चूस रही है.... उसे बेहद मज़ा आ रहा है.... मज़ा तो प्रिंस को भी आ रहा है उस हसीं पारी की चूची दबाते हुए उस से अपना लुंड चुसवा के..... दोनों hi मस्ती के आसमान में उड़द रहे हैं....
प्रिंस उसके बाल पाकर कर अपना लुंड धीरे धीरे उसके मुँह में आगे पीछे करते हुए उसके मुँह को छोड़ने लगता है...
मस्ती में वो अपना हाथ निचे ले जाकर अपनी छूट को रगड़ने लगती है... जिससे उसकी कामुकता और उत्तेजना और भी बढ़ जाती है.... वो एक ऊँगली छूट के होंठो पर फेरती है और फिर अंदर दाल कर डेन को मसलती है.... प्रिंस उस को अपनी छूट में ऊँगली करते देख खुश होता है और उसके मुँह को और भी ज़ोरों से छोड़ने लगता है..... जल्द hi प्रिंस को अपने तटों में अपना वार्य उबलता हुआ महसूस होता
है..... वो उस के सर को पकडे हुए तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगता है..... प्रिंस का लुंड उस के मुँह में झटके मारते हुए
ऐंठने लगता है.... वो भी मस्ती में प्रिंस के लुंड पर तेज़ी से जुबां चलते हुए ज़ोरों से सुपर सुपर कर चूसने लगती है.... जल्द hi प्रिंस का जिस्म अकड़ जाता है फिर वो मस्ती में सिसकारी लेते हुए उस के मुँह में अपने लुंड से वार्य की पिचकारी चोर्ने लगता है.....
एक के बाद एक वार्य की पिचकारी उस के मुँह में गिरने लगती है.... फिर कुछ देर बाद जब उसे ये यकीन हो जाता है की प्रिंस के लुंड से पूरा रास निकल चूका है.... तब वो धीरे से अपना मुँह उसके लुंड से हटा लेती है.... प्रिंस बड़े गौर से उस की हटकटों को देख रहा है.... वो अपना मुँह खोल के अपने मुँह में भरा वार्य प्रिंस को दिखती है फिर उसे आँख मार के पी जाती है फिर चटखारे ले के कहती है....
"......." : मममममममम..... जान मज़ा आ गया.... Waaaaaaaaah....Bahut hi टेस्टी था..... इतना टेस्टी मीठा रूस मैंने
आज तक नहीं चखा.... आज पहली बार लुंड चूसते चूसते मैं खुद दो बार झरि
हूँ.... तुम्हे और तुम्हारे लुंड को पा के आज मैं बेहद खुश हूँ.... जब तुम्हारा लुंड चूस के मेरा ये हाल है तो सोचो जब तुम मुझे छोड़ोगे तब मेरा क्या हाल होगा....?
प्रिंस : ोोोूह जान.... तुम्हारे लुंड चूसे ने का अंदाज़ तो बड़ा hi निराला है... क्या लुंड चुस्ती हो तुम... मुझे कितना मज़ा आया के मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता....
"......." : तो क्या जानू अब तुम तैयार हो....?
प्रिंस : किस चीज़ के लिए जान....?
"......." : जानू मेरी छूट चाटने के लिए.....
ये कह के वो शर्मा जाती है... मस्ती में प्रिंस का लुंड फिर से खड़ा हो जाता है.....
वो सीढ़ी हो कर पीठ के बल बीएड पे लेट जाती है.... इस वक़्त वो बाला की खूबसूरत लग रही है.... उसके हुस्न को देख प्रिंस के दिल के साथ साथ उसका लुंड भी मस्ती में उछाल कूद मचा रहा है....
प्रिंस आगे बढ़ के उसे किश करने लगता है फिर धीरे धीरे उसके जिस्म को चाटने लगता है.... फिर एक हाथ से उसके बूब्स को कास कास के दबाते हुए उसके निप्पल को मुँह में ले चूसने लगता है....
मस्ती में वो सिसकारी ले ते हुए चीखने लगती है.....
"......." : Aaaaaaaaaaahhhhh.... Oooooooooohhhh.... Uuuuuuuuuufffff.... प्रिंस धीरे दबाओ.... ऊऊओह्ह्ह्ह... ज़ोर से मत काटो.... बस चूसते जाओ.... आआह्ह्ह्हह्ह.... ममममममम.... बड़ा मज़ा आ रहा है....
उसके पिंक निप्पल सख्त होने लगे.... उसके बूब को दबा कर प्रिंस ने लाल कर दिया.... फिर वो उसकी टांगों को किश करने लगा....
उसकी गोरी गुलाबी मखमली जांघ को खूब जमकर चाटने लगा.... मस्ती में वो ज़ोर ज़ोर से ाँहें भरने लगी....
"......." : आआआआहहहहहहह..... ममममममम....
कुछ देर तक उसकी जाँघों को चूम इ और चाटने के बार प्रिंस उसकी कमसिन गोरी गुलाबी चिकनी रास चोरटी रसीली छूट तक पहुँच जाता है और अपना नाक उसकी छूट के पास ले जा के उसे सूंघता है.... फिर अपनी उँगलियों से उसे फैला के अंडर का नज़ारा देख के ख़ुशी से उछाल पड़ता है....
वाओ.... उसकी कमसिन गोरी गुलाबी छूट की पंखुड़ियों के बीच में उसकी गुलाबी रंग की छोटी सी सुरंग नज़र आ रही है साथ hi ऊपर की और उस का पिशाब करने का छोटा सा कामुक छेद भी दिख रहा है....
प्रिंस : वाओ..... गोरी गुलाबी छूट.... दोनों होंठ गुलाबी.... छूट का दाना हल्का सा बहार निकला हुआ है.... रास से भीगी छूट और कॉमर्स की बूँदें टपक रही हैं.... ऐसा हसीं नज़ारा मैंने आज तक नहीं देखा....
प्रिंस को अपनी छूट की तरफ देखे देख और उसकी बातें सुन के वो शर्माने लगती है....
"......." : जान ऐसे क्या देख रहे हो....?
प्रिंस : जान क्या गुलाबी छूट है तुम्हारी..... जी करता है इसे चाट चाट के खा जाऊं....
"......." शर्माते हुए : तो खा लो न मैंने कब रोका है.... मैं भी तुम्हारी हूँ और मेरी छूट भी तुम्हारी hi है....
उस की बात सुन के प्रिंस उसकी छूट को चाटने के लिए उसकी जांघों को फैलता है... और जैसे hi उसकी छूट को किश करता है मस्ती में वो उछाल पड़ती है.... उसके मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल जाती है.....
िष्ठ्हह….
प्रिंस उसकी छूट की फांकों को फैला के अपनी जुबां से उसकी छूट चाटने लगता है.... फिर उसकी छूट के छेद में अपनी जुबां दाल के उसे अपनी जुबां से छोड़ने लगता है....
मस्ती में उस के मुँह से.. ऊऊऊओ.... उफ़..... मममम... की आवाज़ निकलने लगती है....
प्रिंस : कैसा लग रहा है जान....?
"......." : मममममम.... बड़ा मज़ा आ रहा है..... छतो खूब ज़ोर से छतो.... खा जाओ मेरी चूऊऊऊत..... को...
ये कह के वो बहुत hi ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगी...
"......." : Aaaaaaaaahhhhhhhhhh.... ऊऊऊह्ह्ह्ह.... ममममममम..... उउउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ़.... है जान मुझे आज पता चला के छूट चटवा के भी मज़ा लिया जाता है.... है ऐसा मज़ा तो मुझे आज पहली बार मिला है.... और तुम पहले मर्द हो जिसने मुझे नंगा देखा है और मेरी छूट को छाता है.... चूसो और ज़ोर से चूसो.... आआआआहहह.... उफ्फफ्फ्फ़.... हीईई....
मस्ती में प्रिंस अपनी जुबां उसकी छूट के अंडर दाल के उसे गोल गोल घूमना शुरू कर दिया.... जिस से मस्ती में उस की चीखें बहार तक सुनाई देने लगी....
सिमी उसके बगल वाले रूम में लेती हुई थी.... उसे साफ़ साफ़ मस्ती भरी ाँहों की आवाज़ सुनाई दे रही थी.... जो उसे उत्तेजित करने के लिए काफी थी.... सिमी मस्ती में एक हाथ से अपने बूब्स दबाते हुए दूसरे हाथ को अपनी पंतय में दाल के अपनी छूट को रगड़ने लगती है.... साथ hi ाँहें भी भरने लगती है....
"......." : हाँ और ज़ोर से.... हैं… जान मैं झरने वाली होऊणणन्न....
ये सुन ते hi प्रिंस अपना मुँह उसकी छूट के छेद पे सेट कर के ज़ोर ज़ोर से चूसने लगता है.... जल्द hi उस के सब्र का बाँध टूट जाता है... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है...
"......." : aaa..aaa..aaaaaahhhhhhh.... जान..... मैं gayiiiiiiiiii..… उफ्फ्फ..... है... ये क्या कर दियाआआ.....
उसकी छूट से काम रास बह के प्रिंस के मुँह में जाने लगता है जिसे प्रिंस मज़े ले ले के पी जाता है फिर उसकी छूट को चाट ते हुए साफ़ करता है.... प्रिंस की जुबां जब उसकी छूट के दाने से टकराती तो वो.... ऊऊओह्ह..... ishhh….Basssssss..... कहने लगी.....
ठीक उसी वक़्त सिमी का जिस्म भी अकड़ने लगा और वो मस्ती भरी सिसकारी के साथ झड़ने लगी.... उसकी छूट से कॉमर्स की नदी सी बह के उसकी पंतय को भिगोने लगी....
कुछ देर उसकी छूट को इसी तरह चूसने के बाद प्रिंस उसके ऊपर आ जाता है और फिर उसके होंठों को चूमने लगता है.... प्रिंस को होंठों पे जो "......." की छूट का जूस लगा हुआ था.... उसे वो मस्ती में प्रिंस के होंठों को चूसते हुए चाटने लगती है.....
प्रिंस का लुंड मस्ती में खड़े हो के उसकी जाँघों के बीच से छूट को छू रहा है.... जिसे महसूस करके "......." ने अपनी जांघें थोड़ी फैला दी.... जिससे प्रिंस के लुंड का सूपड़ा उसकी छूट के दाने को रगड़ने लगा....
प्रिंस : कैसा लगा जान....?
"......." : है जान.... मज़ा आ गया.... ऐसा लग रहा है के मैं जन्नत में हूँ....
ये कह के वो उठने लगी पर प्रिंस ने उसे उठने नहीं दिया....
प्रिंस : जान कहाँ जा रही हो.....?
"......." शरमाते हुए : पेशाब करने....
ये कह के वो बाथरूम में भाग जाती है.... कुछ देर बाद जब वो मूट के वापिस आती है तब....
प्रिंस : आ गयी अपनी छूट की सीटी बजा के.... कसम से जान तुम्हारी छूट की सीटी में ज़बरदस्त आवाज़ है.... जिसे सुन के मेरा लुंड बेकाबू हो रहा है.... दिल और लुंड चाह रहा की जैम के तुम्हारी चुदाई करूँ.... ऐसी चुदाई जो न पहले कभी किसी ने की हो और न hi कोई करेगा...
प्रिंस की बात सुन के उस का चेहरा शर्म से लाल बन गया.... शर्म के मारे वो प्रिंस से नज़रें चुराते हुए मुस्कुराने लगी....
प्रिंस ने धीरे से अपनी तरफ खींच कर पीठ के बल लेता दिया... उस की गोरी गुलाबी चिकनी छूट देख के प्रिंस का लुंड मस्ती में उछलने लगा..... प्रिंस झुक के उसकी छूट को चूम लेता है... फिर चाटने लगता है....
मस्ती में वो सिसकारी लेने लगती है... उसकी छूट एक दम गीली हो गयी थी.... उसकी पिशाब की महक प्रिंस को पागल कर रही
थी.... प्रिंस अपना मुँह उसकी छूट पैर रख कर चाटने लगा साथ hi उसकी छूट में ऊँगली दाल कर अंदर बहार करने लगा......
वो मस्ती में सिसकारी लेने लगी..... उसकी छूट मस्ती में खुल बंद होने लगी.... प्रिंस ने अपनी जुबां उसकी छूट में दाल दी उसे चाटने लगा.... कुछ hi देर में उसका जिस्म अकड़ने लगा और उसकी छूट ने पानी चोर दिया.....
प्रिंस मज़े ले के उसकी छूट से निकले पानी को पी जाता है फिर उसकी छूट के छेद पे अपने लुंड के सुपडे को टिका के एक करारा शॉट मारा.... प्रिंस के लुंड का मोटा सूपड़ा जैसे hi उसकी छूट में घुसा.... उस की चीक निकल गयी....
वो : Aaaaaaaaaaaggggghhhhh.... Princeeeeeeeeeee.... आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.... मैं मर gayiiiiiiiiiii.... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़..... निकालो इसे..... आआआआगगजघ्हहहहह.... प्लीज निकालो....
प्रिंस वहीँ रुक जाता है और झुक के उसके होंठों को चूसते हुए उसके बूब्स को दबाने लगता है..... कुछ देर इसी तरह उसके होंठों को चूसने और बूब्स दबाने से "......." का दर्द कुछ काम होता है और उसे मज़ा आने लगता है उसकी छूट से मस्ती में कॉमर्स बहने लगता है.... जब प्रिंस को इस बात का एहसास होता है तब वो एक करारा शॉट उसकी छूट में मारता है.... जिस से प्रिंस का आधे से ज़्यादा लुंड उसकी छूट को सील को तोड़ता हुआ अंदर तक चला जाता है....
दर्द के मारे "......." की चीख निकाल जाती है.... प्रिंस का मुँह उसके मुँह से जुड़े होने की वजह से उसकी चीख प्रिंस के मुँह में डाब के रह जाती है.... मगर बगल के रूम में सिमी के कानो तक उसकी चीख सुनाई दे hi जाती है.... जिसे सुन के सिमी की छूट एक बार फिर से पानी चोर देती है.... उस चीख को सुन के सिमी को ये समझते देर नहीं लगती की छूट की सील टूट चुकी है.... इस बात से सिमी का पूरा जिस्म गंगना जाता है और वो मस्ती में तेज़ी से अपने हाथ से अपनी छूट को रगड़ने लगती है.....
इधर प्रिंस "......." के होंठों को चूसते हुए उसकी छूट में अपने लुंड धीरे धीरे अंडर बाहर करने लगता है.... कुछ देर बाद "......." को मस्ती चढ़ने लगती है और मस्ती में वो नीचे से अपनी गांड उठा के चुदाई में प्रिंस का साथ देने लगती है...
जिसे महसूस करते hi प्रिंस उसकी छूट में अपने लुंड की रफ़्तार तेज़ कर देता है....
"......." : Aahhhhhhhhhhhhhhhh प्रिंस और तेज़ आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़.... plzzzzzzzzzzzzzz और अंडर तक दाल के छोड़ो मुझे.... आआआआह्ह्ह्ह.... ऊऊओह्ह्ह्ह.... मममममम..... बड़ा मज़ा आ रहा है....
"......." की बात सुन के प्रिंस जैम के उसकी चुदाई करने लगता है.... पूरे रूम में फुछ फुछ.... थप थप.... की आवाज़ गूंजने लगती है.... वो अपनी गांड उठा उठा कर.... छोड़ने लगती है....
"......." : अह्ह्ह्हह्हह.... उफ्फ्फफ्फ्फ़.... आआआआह्ह्ह्ह.... उफ्फ्फ.... और तेज़... और तेज़.... मममममम ... बड़ा मज़ा आ रहा है.... ऐसे hi जैम के छोड़ो मुझे.... आह्ह्हह्ह्ह्ह.... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़.... आआआह्ह्ह्ह.... आह्ह्ह्हह्ह niiiiiiiiiiiiii uffffffffff..... Aaahhhhhhhhhhh... उसे दर्द भी हो रहा था... और मज़ा भी आ रहा था.....
प्रिंस अपना मूसल जैसा लुंड उसकी छूट में फैलता रहा..... और वो आआआहहहहहहह.... ाः.... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़....
aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh..... कर के मस्ती में चिल्लाती रही....
इधर सिमी भी मस्ती में दोनों की चुदाई की आवाज़ सुनते हुए तेज़ी से अपनी छूट रगड़ रही है और मज़ा ले रही है....
जल्द hi इन दोनों के साथ साथ सिमी भी मस्ती की चरम सीमा पे पहुँच जाती है और उसकी छूट से तेज़ी से कॉमर्स बहाने लगता है और वो झड़ने लगती है....
इधर "......." भी झाड़ जाती है उसके साथ hi प्रिंस भी अपने लुंड से वार्य की पिचकारी उसकी बच्चेदानी में मारते हुए झड़ने लगता है.... तीनो एक hi वक़्त पे एक साथ झाड़ जाते हैं.... और कुछ hi देर में थक के नंगे hi नींद की आगोश में चले जाते हैं..... फर्क सिर्फ इतना है की सिमी अपने रूम में अकेली सो जाती है और यहाँ प्रिंस "......." की बाहों में लिपट के सो जाता है....
अब ये "......." कौन है.....? रूही या फिर कोई और ये तो अगली सुबह पता चलेगा.....?????