Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen) - Page 5 - SexBaba
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Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen)

मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 36

जिसे देख रुखसाना रहना के साथ साथ सिमी और ख़ास कर के रूही का दिल तड़प जाता है.....

रुखसाना आगे बढ़ के प्रिंस को अपने सीने से लगा लेती है फिर उसके आंसू पॉच के कहती है.....

रुखसाना : किसने कहा की तू अनाथ है..... हम सब तेरे अपने हैं.... और क्या मैं तेरी माँ जैसी नहीं हूँ..... और रहना तेरी सास.... सास भी तो माँ जैसी hi होती है....

प्रिंस : हाँ वो तो है....

प्रिंस की बात सुन के रहना आगे बढ़ के उसे अपने सीने से लगा के कहती है.....

रहना : आज से बल्कि अभी से तेरी एक नहीं बल्कि दो दो माँ है.... और तू हमारा बीटा है.....

फिर प्रिंस जो कहता है उसे सुन के जहाँ सब हसने लगते हैं वहीँ रूही चीड़ जाती है.....?????

अब आगे.....

प्रिंस : आप सच कह रही हैं....

रहना : हाँ....

प्रिंस : अगर मैं आप का बीटा हुआ तो फिर ये (रूही की तरफ इशारा करतके) जंगली बंदरिया आप की बहु हुई.....

रहना भी प्रिंस की बात पे बिना ठीक से सुने hi हाँ कह देती है.... जिसे सुन के सब हसने लगते हैं.... वहीँ रूही चीड़ जाती है....

रूही गुस्से में : क्या कहा मुझे बंदरिया....?

प्रिंस : जी नहीं.... बंदरिया नहीं बल्कि जंगली बंदरिया....

ये कह के प्रिंस हसने लगता है....

हहहहहहहहह....

रूही : देख रही हो माँ... ये आप के सामने आपकी बेटी को जंगली बंदरिया कह रहा है.....

रहना : हाँ तो क्या गलत कहा.... तेरी हरकतें भी तो बंदरिया जैसी hi हैं....

प्रिंस : जी नहीं सिर्फ बंदरिया नहीं बल्कि जंगली बंदरिया जैसी....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी रूही गुस्से में उसे मारने जाती है.... मगर प्रिंस उसके हाथ नहीं आता.... रूही उसके पीछे भागते भागते थक के गुस्से में मुँह पहला के एक जगह बैठ जाती है....

उसे इस तरह देख प्रिंस को अच्छा नहीं लगता वो रूही के पास जा के उसे मानाने की कोशिश करता है... मगर रूही है की मान ने को तैयार hi नहीं.... वो अपना मुँह पहला के बैठी हुई है....

तभी खाना लग जाता है और सिमी सब को खाना खाने चलने को कहती है... सब जाने लगते हैं मगर रूही है की गुस्से में मुँह पहला के वहीँ बैठी हुई है... वहां से उठने का नाम नहीं ले रही....

प्रिंस : यार नाराज़गी मुझसे है.... खाने पे क्यों अपना गुस्सा निकाल रही हो....? चलो खाना खा लो....

रूही : जी नहीं न hi मुझे खाना खाना है और न hi किसी से कोई बात करनी है....

प्रिंस : देखो सीधे सीधे मान जाओ.... वर्ण....

रूही : वर्ण क्या....? हाँ... वर्ण क्या....?

प्रिंस : वर्ण मैं तुम्हे ज़बरदस्ती उठा के ले जाऊँगा....

प्रिंस की बात सुन के रूही कुछ कहने hi वाली होती है की तभी सिमी बीच में बोल पड़ती है....

सिमी : प्रिंस तुम बेकार कोशिश कर रहे हो.... ये मान ने वाली नहीं है.... रूही जब गुस्से में आती है तो किसी की नहीं सुनती.... इसको मानाने के चक्कर में तुम भी भूके रह जाओगे.... इस से अच्छा तुम चल के खाना खा लो.... इसे जब भूक लगेगी तो ये खुद खा लेगी... वैसे भी ये ज़्यादा देर भूकी नहीं रह सकती.... इसे चोरो हम चल के खाना कहते हैं.....

सिमी की बात सुन के रूही का गुस्सा और भी तेज़ हो जाता है वो कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस बीच में बोलता है...

प्रिंस : ये मेरी प्रिंसेस है... अपनी प्रिंसेस को प्रिंस ऐसे hi भूका रहने दे और खुद खाना खा ले ये मुमकिन नहीं....

सिमी : वो तो ठीक है मगर तुम्हारी प्रिंसेस खाना खाने चले तब न....

प्रिंस : अगर मेरी प्रिंस खुद वहां जाने को तैयार नहीं तो मैं हूँ न इसे वहां ले जाने के लिए....

सिमी : मतलब....

सिमी की बात सुन के प्रिंस मुस्कुराते हुए आगे बढ़ता है और रूही को अपनी गॉड में उठा के डाइनिंग टेबल की तरफ बढ़ जाता है....

गुस्से में रूही प्रिंस की गॉड से उतरना चाहती है मगर प्रिंस उसे अपनी बाहों में कास लेता है उसे उतरने नहीं देता....

सिमी : है काश कोई मुझे भी इसी तरह अपनी गॉड में उठा प्यार से ले जाता.... प्रिंस ये नहीं जाना चाहती तो इसे चोर मुझे गॉड में उठा के ले चलो....

सिमी की बात सुन के रूही गुस्से से उसकी तरफ देखती है....

रूही : क्यों तेरे पैरों में कांटे चुभे हैं क्या....?

सिमी : नहीं रे चुभे तो नहीं हैं मगर काश चुभे होते तो....

रूही : तुझे तो मैं बाद में देखती हूँ.... और तुझे ऐसे कांटे चुभाऊँगी की तू उसे कभी भूल नहीं पाएगी....

अभी रूही ने इतना hi कहा था की तभी प्रिंस उसे डाइनिंग टेबल पे अपने पास वाली चेयर पे बैठा देता है.....

गुस्से में रूही वहां से उठान चाहती है मगर प्रिंस उसे उठने नहीं देता....

सब खाना खाने लगते हैं मगर रूही गुस्से में खाने को हाथ लगाना तो दूर उसे देखती भी नहीं.... असल में प्रिंस का उसे यूँ केयर करना उसे अच्छा लग रहा है..... वो दिल से छह रही है प्रिंस उसे खाना खिलाये मगर कह नहीं पा रही है....

तभी रुखसाना की बात सुन के सिमी रूही के दिल की बात कह देती है....

रुखसाना : बीटा ये नाराज़गी चोर और खाना खा ले....

सिमी :नहीं माँ ये ऐसे नहीं खायेगी...

रुखसाना : तो फिर कैसे खायेगी.....?

सिमी : ये चाहती है की प्रिंस इसे अपने हाथों से खाना खिलाये... तब ये खायेगी....

इस से पहले की कोई कुछ कहता प्रिंस निवाला बना के रूही के होंठों की तरफ बढ़ा देता है.... जिसे रूही बिना इंकार किये खाने लगती है....

तभी सिमी उसे चरते हुए कहती है....

सिमी : देखा मैंने कहा था न.... इसे प्रिंस के हाथों से खाना खाना है.... इसी लिए ये सब ड्रामा कर रही थी....

रूही : जी नहीं ऐसी कोई बात नहीं है....

सिमी : अच्छा अगर ऐसी कोई बात नहीं है तो फिर ठीक है.... प्रिंस इसे चोरो और मुझे खाना खिलाओ....

सिमी की बात सुन के रूही गुस्से में सिमी को आँख दिखते हुए कहती है....

रूही : ऐसा सोचना भी मत.... प्रिंस सिर्फ और सिर्फ मुझे अपने हाथों से खाना खिलायेगा.... मैं उसकी प्रिंसेस जो हूँ....

सिमी : वो मुझे भी खाना खिला सकता है.... मैं भी तो अपनी हूँ.... मतलब उसकी साली हूँ.... और वैसे भी साली आधी घरवाली होती है.... क्यों प्रिंस मैंने ठीक कहा न.....?

ये कह के सिमी प्रिंस को आँख मार देती है.....

इसी तरह लड़ते झगड़ते मज़ाक मस्ती करते हुए वो लोग खाना कहते हैं.... फिर अपने रूम की तरफ चल देते हैं.... अचानक प्रिंस को कुछ अजीब सा महसूस होने लगता है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे की कुछ और भी लोग मौजूद हैं मगर कोई नज़र नहीं आ रहा... इस बात से प्रिंस परेशान हो जाता है....

प्रिंस को परेशान देख रूही कुछ कहने hi वाली होती है की तभी अचानक से वहां धूंवा आने लगता है.... देखते hi देखते पूरा कमरा धुँवे से भर जाता है....

और फिर शुरू होता है असली धमाल.....

अचानक से प्रिंस को अपने कंधे पे किसी का हाथ महसूस होता है....

वो : ी लव यू जान.....

ये कह के वो दोनों हाथों से प्रिंस के चेहरे को पकड़ कर अपने गर्म नरम मुलायम रसीले होंठ प्रिंस के होंठ से मिला देती है और मज़े से उसे चूसने लग जाती है..... प्रिंस भी किश में उसका साथ देने लगता है.....

दोनों के होंठ ऐसे जुड़ जाते हैं जैसे कभी अलग hi न हो पाए..... प्रिंस उसके होंठों को खूब दिल लगा कर चूस ने लगता है और वो प्रिंस के मुँह में अपनी ज़ुबान दाल कर चूसने लगती है.... किश करते करते दोनों एक दूसरे में खो से जाते हैं.....

करीब 10 मिनट बाद जब दोनों की सांस उकेरती है तब कहीं जा कर दोनों अलग होते हैं.....

हॉट किसिंग की वजह से प्रिंस का लुंड पूरी से खड़ा हो जाता है और "......." की छूट से कॉमर्स बहने लगता है..... प्रिंस के 9 इंच के खड़े को लुंड देख कर वो शर्मा जाती है..... प्रिंस अपने लुंड की तरफ इशारा करके उससे कहता है.... जान

इसका भी तो ख्याल करो.... मेरे साथ साथ मेरे इस लुंड को भी तुम्हारे प्यार की सख्त ज़रूरत है.....

प्रिंस का लुंड मस्ती में एक लोहे की रोड की तरह सख्त हो कर ऐसी झटके मार रहा है जैसे बहुत गुस्से में हो.....

वो झुक के प्रिंस के लुंड से निकले प्रेकम की मुस्की स्मेल को सूंघती है तो उसकी छूट में करंट सा दौड़ जाता है.....

वो अपनी ज़ुबान से उस प्रेकम को चाट लेती है और टास्ते चकने के बाद आंख मार के प्रिंस से कहती है...

"......." : बहुत टेस्टी है एक दम शहद जैसा.....

प्रिंस का लुंड काफी लम्बा होने के साथ साथ बहुत मोटा भी है और इस वक़्त वो मस्ती में बुरी तरह से झटके खा रहा है.....

ऐसा दुमदार लुंड "......." ने आज से पहले कभी नहीं देखा था..... वो झुक के प्रिंस के लुंड पे किश करती है फिर अपनी ज़ुबान बहार निकाल के प्रिंस के लुंड को ऊपर से निचे तक चाट टी है... और अपना मुँह उसके पहले हुए लुंड के बिलकुल सामने लती है... और लाल सुपडे को चूमती है और फिर उसे अपने होंठों को खोल के मुँह में भर लेती है....

उस की इस हरकत पे प्रिंस का लुंड मस्ती में उसके मुँह में झटके मारने लगता है.... जिसे महसूस करके वो लड़की ख़ुशी में प्रिंस के लुंड को चूसने लगती है.....

उसके द्वारा अपना लुंड चूसे जाने पर प्रिंस मस्ती में कराहने लगता है.....

आआआआहहहहह..... ममममममम.... ऊऊऊओह्ह्ह्हह्ह.....

प्रिंस ने कभी सोचा भी नहीं था की जन्नत की पारी जैसी हसीं उसका लुंड अपने मुँह में लेके मस्ती में चूसेगी..... मस्ती में प्रिंस का जिस्म गंगना जाता है और उसका लुंड उस लड़की के मुँह में झटके मरने लगता है..... प्रिंस अपने हाथ आगे बढ़ा के उसके बूब्स को पकड़ के दबाने लगता है.... साथ hi उसके निप्पलों को अपनी उँगलियों के बीच में ले के मसलने लगता है..... "......." के मुँह से मस्ती में सिसकियाँ फूटने लगती हैं.....

अअअअअअअगगगगगठ्ठ.... ममममम..... oooooooooo.....

उसके निप्पलों से कामुकता की तरंगे निकल कर उसकी छूट तक फैल जाती हैं और वो अपनी टंगे कास कर बंद करते हुए आपस में रगड़ने लगती है....

प्रिंस : आअह्हह्ह्ह्ह... उफ्फ्फ... बहुत मज़ा आ रहा है.... मममममम.... हाँ... ऐसे hi चूसो मेरा लुंड..... और ज़ोर से चूसो.....

वो अपने हाथ पीछे ले जाकर प्रिंस के शूटरों को कास के पकड़ती है और फिर उसे आगे अपनी और खींचती है और अपना मुँह तेज़ी से उसके लुंड पे चलती है....

प्रिंस के लुंड का सवाद उस को इतना टेस्टी लगता है की वो लगभग तीन चौथाई लुंड मुँह में लेकर चूसने लगती है.... वो शायद पूरा लुंड मुँह में ले लेती अगर ये मुमकिन होता तो.... मगर इतना लम्बा मोटा लुंड पूरा मुँह में लेकर चूसना

उसके बस के बहार की बात थी....

आज पहली बार वो किसी का लुंड चूस रही है.... उसे बेहद मज़ा आ रहा है.... मज़ा तो प्रिंस को भी आ रहा है उस हसीं पारी की चूची दबाते हुए उस से अपना लुंड चुसवा के..... दोनों hi मस्ती के आसमान में उड़द रहे हैं....

प्रिंस उसके बाल पाकर कर अपना लुंड धीरे धीरे उसके मुँह में आगे पीछे करते हुए उसके मुँह को छोड़ने लगता है...

मस्ती में वो अपना हाथ निचे ले जाकर अपनी छूट को रगड़ने लगती है... जिससे उसकी कामुकता और उत्तेजना और भी बढ़ जाती है.... वो एक ऊँगली छूट के होंठो पर फेरती है और फिर अंदर दाल कर डेन को मसलती है.... प्रिंस उस को अपनी छूट में ऊँगली करते देख खुश होता है और उसके मुँह को और भी ज़ोरों से छोड़ने लगता है..... जल्द hi प्रिंस को अपने तटों में अपना वार्य उबलता हुआ महसूस होता

है..... वो उस के सर को पकडे हुए तेज़ तेज़ धक्के लगाने लगता है..... प्रिंस का लुंड उस के मुँह में झटके मारते हुए

ऐंठने लगता है.... वो भी मस्ती में प्रिंस के लुंड पर तेज़ी से जुबां चलते हुए ज़ोरों से सुपर सुपर कर चूसने लगती है.... जल्द hi प्रिंस का जिस्म अकड़ जाता है फिर वो मस्ती में सिसकारी लेते हुए उस के मुँह में अपने लुंड से वार्य की पिचकारी चोर्ने लगता है.....

एक के बाद एक वार्य की पिचकारी उस के मुँह में गिरने लगती है.... फिर कुछ देर बाद जब उसे ये यकीन हो जाता है की प्रिंस के लुंड से पूरा रास निकल चूका है.... तब वो धीरे से अपना मुँह उसके लुंड से हटा लेती है.... प्रिंस बड़े गौर से उस की हटकटों को देख रहा है.... वो अपना मुँह खोल के अपने मुँह में भरा वार्य प्रिंस को दिखती है फिर उसे आँख मार के पी जाती है फिर चटखारे ले के कहती है....

"......." : मममममममम..... जान मज़ा आ गया.... Waaaaaaaaah....Bahut hi टेस्टी था..... इतना टेस्टी मीठा रूस मैंने

आज तक नहीं चखा.... आज पहली बार लुंड चूसते चूसते मैं खुद दो बार झरि

हूँ.... तुम्हे और तुम्हारे लुंड को पा के आज मैं बेहद खुश हूँ.... जब तुम्हारा लुंड चूस के मेरा ये हाल है तो सोचो जब तुम मुझे छोड़ोगे तब मेरा क्या हाल होगा....?

प्रिंस : ोोोूह जान.... तुम्हारे लुंड चूसे ने का अंदाज़ तो बड़ा hi निराला है... क्या लुंड चुस्ती हो तुम... मुझे कितना मज़ा आया के मैं शब्दों में बयां नहीं कर सकता....

"......." : तो क्या जानू अब तुम तैयार हो....?

प्रिंस : किस चीज़ के लिए जान....?

"......." : जानू मेरी छूट चाटने के लिए.....

ये कह के वो शर्मा जाती है... मस्ती में प्रिंस का लुंड फिर से खड़ा हो जाता है.....

वो सीढ़ी हो कर पीठ के बल बीएड पे लेट जाती है.... इस वक़्त वो बाला की खूबसूरत लग रही है.... उसके हुस्न को देख प्रिंस के दिल के साथ साथ उसका लुंड भी मस्ती में उछाल कूद मचा रहा है....

प्रिंस आगे बढ़ के उसे किश करने लगता है फिर धीरे धीरे उसके जिस्म को चाटने लगता है.... फिर एक हाथ से उसके बूब्स को कास कास के दबाते हुए उसके निप्पल को मुँह में ले चूसने लगता है....

मस्ती में वो सिसकारी ले ते हुए चीखने लगती है.....

"......." : Aaaaaaaaaaahhhhh.... Oooooooooohhhh.... Uuuuuuuuuufffff.... प्रिंस धीरे दबाओ.... ऊऊओह्ह्ह्ह... ज़ोर से मत काटो.... बस चूसते जाओ.... आआह्ह्ह्हह्ह.... ममममममम.... बड़ा मज़ा आ रहा है....

उसके पिंक निप्पल सख्त होने लगे.... उसके बूब को दबा कर प्रिंस ने लाल कर दिया.... फिर वो उसकी टांगों को किश करने लगा....

उसकी गोरी गुलाबी मखमली जांघ को खूब जमकर चाटने लगा.... मस्ती में वो ज़ोर ज़ोर से ाँहें भरने लगी....

"......." : आआआआहहहहहहह..... ममममममम....

कुछ देर तक उसकी जाँघों को चूम इ और चाटने के बार प्रिंस उसकी कमसिन गोरी गुलाबी चिकनी रास चोरटी रसीली छूट तक पहुँच जाता है और अपना नाक उसकी छूट के पास ले जा के उसे सूंघता है.... फिर अपनी उँगलियों से उसे फैला के अंडर का नज़ारा देख के ख़ुशी से उछाल पड़ता है....

वाओ.... उसकी कमसिन गोरी गुलाबी छूट की पंखुड़ियों के बीच में उसकी गुलाबी रंग की छोटी सी सुरंग नज़र आ रही है साथ hi ऊपर की और उस का पिशाब करने का छोटा सा कामुक छेद भी दिख रहा है....

प्रिंस : वाओ..... गोरी गुलाबी छूट.... दोनों होंठ गुलाबी.... छूट का दाना हल्का सा बहार निकला हुआ है.... रास से भीगी छूट और कॉमर्स की बूँदें टपक रही हैं.... ऐसा हसीं नज़ारा मैंने आज तक नहीं देखा....

प्रिंस को अपनी छूट की तरफ देखे देख और उसकी बातें सुन के वो शर्माने लगती है....

"......." : जान ऐसे क्या देख रहे हो....?

प्रिंस : जान क्या गुलाबी छूट है तुम्हारी..... जी करता है इसे चाट चाट के खा जाऊं....

"......." शर्माते हुए : तो खा लो न मैंने कब रोका है.... मैं भी तुम्हारी हूँ और मेरी छूट भी तुम्हारी hi है....

उस की बात सुन के प्रिंस उसकी छूट को चाटने के लिए उसकी जांघों को फैलता है... और जैसे hi उसकी छूट को किश करता है मस्ती में वो उछाल पड़ती है.... उसके मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल जाती है.....

िष्ठ्हह….

प्रिंस उसकी छूट की फांकों को फैला के अपनी जुबां से उसकी छूट चाटने लगता है.... फिर उसकी छूट के छेद में अपनी जुबां दाल के उसे अपनी जुबां से छोड़ने लगता है....

मस्ती में उस के मुँह से.. ऊऊऊओ.... उफ़..... मममम... की आवाज़ निकलने लगती है....

प्रिंस : कैसा लग रहा है जान....?

"......." : मममममम.... बड़ा मज़ा आ रहा है..... छतो खूब ज़ोर से छतो.... खा जाओ मेरी चूऊऊऊत..... को...

ये कह के वो बहुत hi ज़ोर ज़ोर से आहे भरने लगी...

"......." : Aaaaaaaaahhhhhhhhhh.... ऊऊऊह्ह्ह्ह.... ममममममम..... उउउउउउउउफ्फ्फ्फ्फ़.... है जान मुझे आज पता चला के छूट चटवा के भी मज़ा लिया जाता है.... है ऐसा मज़ा तो मुझे आज पहली बार मिला है.... और तुम पहले मर्द हो जिसने मुझे नंगा देखा है और मेरी छूट को छाता है.... चूसो और ज़ोर से चूसो.... आआआआहहह.... उफ्फफ्फ्फ़.... हीईई....

मस्ती में प्रिंस अपनी जुबां उसकी छूट के अंडर दाल के उसे गोल गोल घूमना शुरू कर दिया.... जिस से मस्ती में उस की चीखें बहार तक सुनाई देने लगी....

सिमी उसके बगल वाले रूम में लेती हुई थी.... उसे साफ़ साफ़ मस्ती भरी ाँहों की आवाज़ सुनाई दे रही थी.... जो उसे उत्तेजित करने के लिए काफी थी.... सिमी मस्ती में एक हाथ से अपने बूब्स दबाते हुए दूसरे हाथ को अपनी पंतय में दाल के अपनी छूट को रगड़ने लगती है.... साथ hi ाँहें भी भरने लगती है....

"......." : हाँ और ज़ोर से.... हैं… जान मैं झरने वाली होऊणणन्न....

ये सुन ते hi प्रिंस अपना मुँह उसकी छूट के छेद पे सेट कर के ज़ोर ज़ोर से चूसने लगता है.... जल्द hi उस के सब्र का बाँध टूट जाता है... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है...

"......." : aaa..aaa..aaaaaahhhhhhh.... जान..... मैं gayiiiiiiiiii..… उफ्फ्फ..... है... ये क्या कर दियाआआ.....

उसकी छूट से काम रास बह के प्रिंस के मुँह में जाने लगता है जिसे प्रिंस मज़े ले ले के पी जाता है फिर उसकी छूट को चाट ते हुए साफ़ करता है.... प्रिंस की जुबां जब उसकी छूट के दाने से टकराती तो वो.... ऊऊओह्ह..... ishhh….Basssssss..... कहने लगी.....

ठीक उसी वक़्त सिमी का जिस्म भी अकड़ने लगा और वो मस्ती भरी सिसकारी के साथ झड़ने लगी.... उसकी छूट से कॉमर्स की नदी सी बह के उसकी पंतय को भिगोने लगी....

कुछ देर उसकी छूट को इसी तरह चूसने के बाद प्रिंस उसके ऊपर आ जाता है और फिर उसके होंठों को चूमने लगता है.... प्रिंस को होंठों पे जो "......." की छूट का जूस लगा हुआ था.... उसे वो मस्ती में प्रिंस के होंठों को चूसते हुए चाटने लगती है.....

प्रिंस का लुंड मस्ती में खड़े हो के उसकी जाँघों के बीच से छूट को छू रहा है.... जिसे महसूस करके "......." ने अपनी जांघें थोड़ी फैला दी.... जिससे प्रिंस के लुंड का सूपड़ा उसकी छूट के दाने को रगड़ने लगा....

प्रिंस : कैसा लगा जान....?

"......." : है जान.... मज़ा आ गया.... ऐसा लग रहा है के मैं जन्नत में हूँ....

ये कह के वो उठने लगी पर प्रिंस ने उसे उठने नहीं दिया....

प्रिंस : जान कहाँ जा रही हो.....?

"......." शरमाते हुए : पेशाब करने....

ये कह के वो बाथरूम में भाग जाती है.... कुछ देर बाद जब वो मूट के वापिस आती है तब....

प्रिंस : आ गयी अपनी छूट की सीटी बजा के.... कसम से जान तुम्हारी छूट की सीटी में ज़बरदस्त आवाज़ है.... जिसे सुन के मेरा लुंड बेकाबू हो रहा है.... दिल और लुंड चाह रहा की जैम के तुम्हारी चुदाई करूँ.... ऐसी चुदाई जो न पहले कभी किसी ने की हो और न hi कोई करेगा...

प्रिंस की बात सुन के उस का चेहरा शर्म से लाल बन गया.... शर्म के मारे वो प्रिंस से नज़रें चुराते हुए मुस्कुराने लगी....

प्रिंस ने धीरे से अपनी तरफ खींच कर पीठ के बल लेता दिया... उस की गोरी गुलाबी चिकनी छूट देख के प्रिंस का लुंड मस्ती में उछलने लगा..... प्रिंस झुक के उसकी छूट को चूम लेता है... फिर चाटने लगता है....

मस्ती में वो सिसकारी लेने लगती है... उसकी छूट एक दम गीली हो गयी थी.... उसकी पिशाब की महक प्रिंस को पागल कर रही

थी.... प्रिंस अपना मुँह उसकी छूट पैर रख कर चाटने लगा साथ hi उसकी छूट में ऊँगली दाल कर अंदर बहार करने लगा......

वो मस्ती में सिसकारी लेने लगी..... उसकी छूट मस्ती में खुल बंद होने लगी.... प्रिंस ने अपनी जुबां उसकी छूट में दाल दी उसे चाटने लगा.... कुछ hi देर में उसका जिस्म अकड़ने लगा और उसकी छूट ने पानी चोर दिया.....

प्रिंस मज़े ले के उसकी छूट से निकले पानी को पी जाता है फिर उसकी छूट के छेद पे अपने लुंड के सुपडे को टिका के एक करारा शॉट मारा.... प्रिंस के लुंड का मोटा सूपड़ा जैसे hi उसकी छूट में घुसा.... उस की चीक निकल गयी....

वो : Aaaaaaaaaaaggggghhhhh.... Princeeeeeeeeeee.... आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.... मैं मर gayiiiiiiiiiii.... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़..... निकालो इसे..... आआआआगगजघ्हहहहह.... प्लीज निकालो....

प्रिंस वहीँ रुक जाता है और झुक के उसके होंठों को चूसते हुए उसके बूब्स को दबाने लगता है..... कुछ देर इसी तरह उसके होंठों को चूसने और बूब्स दबाने से "......." का दर्द कुछ काम होता है और उसे मज़ा आने लगता है उसकी छूट से मस्ती में कॉमर्स बहने लगता है.... जब प्रिंस को इस बात का एहसास होता है तब वो एक करारा शॉट उसकी छूट में मारता है.... जिस से प्रिंस का आधे से ज़्यादा लुंड उसकी छूट को सील को तोड़ता हुआ अंदर तक चला जाता है....

दर्द के मारे "......." की चीख निकाल जाती है.... प्रिंस का मुँह उसके मुँह से जुड़े होने की वजह से उसकी चीख प्रिंस के मुँह में डाब के रह जाती है.... मगर बगल के रूम में सिमी के कानो तक उसकी चीख सुनाई दे hi जाती है.... जिसे सुन के सिमी की छूट एक बार फिर से पानी चोर देती है.... उस चीख को सुन के सिमी को ये समझते देर नहीं लगती की छूट की सील टूट चुकी है.... इस बात से सिमी का पूरा जिस्म गंगना जाता है और वो मस्ती में तेज़ी से अपने हाथ से अपनी छूट को रगड़ने लगती है.....

इधर प्रिंस "......." के होंठों को चूसते हुए उसकी छूट में अपने लुंड धीरे धीरे अंडर बाहर करने लगता है.... कुछ देर बाद "......." को मस्ती चढ़ने लगती है और मस्ती में वो नीचे से अपनी गांड उठा के चुदाई में प्रिंस का साथ देने लगती है...

जिसे महसूस करते hi प्रिंस उसकी छूट में अपने लुंड की रफ़्तार तेज़ कर देता है....

"......." : Aahhhhhhhhhhhhhhhh प्रिंस और तेज़ आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ़.... plzzzzzzzzzzzzzz और अंडर तक दाल के छोड़ो मुझे.... आआआआह्ह्ह्ह.... ऊऊओह्ह्ह्ह.... मममममम..... बड़ा मज़ा आ रहा है....

"......." की बात सुन के प्रिंस जैम के उसकी चुदाई करने लगता है.... पूरे रूम में फुछ फुछ.... थप थप.... की आवाज़ गूंजने लगती है.... वो अपनी गांड उठा उठा कर.... छोड़ने लगती है....

"......." : अह्ह्ह्हह्हह.... उफ्फ्फफ्फ्फ़.... आआआआह्ह्ह्ह.... उफ्फ्फ.... और तेज़... और तेज़.... मममममम ... बड़ा मज़ा आ रहा है.... ऐसे hi जैम के छोड़ो मुझे.... आह्ह्हह्ह्ह्ह.... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़.... आआआह्ह्ह्ह.... आह्ह्ह्हह्ह niiiiiiiiiiiiii uffffffffff..... Aaahhhhhhhhhhh... उसे दर्द भी हो रहा था... और मज़ा भी आ रहा था.....

प्रिंस अपना मूसल जैसा लुंड उसकी छूट में फैलता रहा..... और वो आआआहहहहहहह.... ाः.... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़....

aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh..... कर के मस्ती में चिल्लाती रही....

इधर सिमी भी मस्ती में दोनों की चुदाई की आवाज़ सुनते हुए तेज़ी से अपनी छूट रगड़ रही है और मज़ा ले रही है....

जल्द hi इन दोनों के साथ साथ सिमी भी मस्ती की चरम सीमा पे पहुँच जाती है और उसकी छूट से तेज़ी से कॉमर्स बहाने लगता है और वो झड़ने लगती है....

इधर "......." भी झाड़ जाती है उसके साथ hi प्रिंस भी अपने लुंड से वार्य की पिचकारी उसकी बच्चेदानी में मारते हुए झड़ने लगता है.... तीनो एक hi वक़्त पे एक साथ झाड़ जाते हैं.... और कुछ hi देर में थक के नंगे hi नींद की आगोश में चले जाते हैं..... फर्क सिर्फ इतना है की सिमी अपने रूम में अकेली सो जाती है और यहाँ प्रिंस "......." की बाहों में लिपट के सो जाता है....

अब ये "......." कौन है.....? रूही या फिर कोई और ये तो अगली सुबह पता चलेगा.....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....



अपडेट 37

इधर सिमी भी मस्ती में दोनों की चुदाई की आवाज़ सुनते हुए तेज़ी से अपनी छूट रगड़ रही है और मज़ा ले रही है....

जल्द hi इन दोनों के साथ साथ सिमी भी मस्ती की चरम सीमा पे पहुँच जाती है और उसकी छूट से तेज़ी से कॉमर्स बहाने लगता है और वो झड़ने लगती है....

इधर "......." भी झाड़ जाती है उसके साथ hi प्रिंस भी अपने लुंड से वार्य की पिचकारी उसकी बच्चेदानी में मारते हुए झड़ने लगता है.... तीनो एक hi वक़्त पे एक साथ झाड़ जाते हैं.... और कुछ hi देर में थक के नंगे hi नींद की आगोश में चले जाते हैं..... फर्क सिर्फ इतना है की सिमी अपने रूम में अकेली सो जाती है और यहाँ प्रिंस "......." की बाहों में लिपट के सो जाता है....

अब ये "......." कौन है.....? रूही या फिर कोई और ये तो अगली सुबह पता चलेगा.....?????

अब आगे.....

अगली सुबह जब प्रिंस की आँख खुलती है तब वो रात की बात को याद करके परेशान हो जाता है....

प्रिंस को समझ में नहीं आ रहा था की आखिर ये क्या माजरा है....? उसका दिल रात की बात को ले कर काफी बेचैन बना हुआ है.... रात जो चुदाई हुई थी वो किसके साथ हुई थी....? क्या वो रूही थी....? या फिर कोई और..... ये बात वो कैसे पता करे उसे समझ नहीं आ रहा.... उसे उस का चेहरा याद क्यों नहीं आ रहा है....? वो रात के बारे में रूही से बात करे या फिर नहीं... वो इसी सोच में डूबा हुआ था की अचानक उसके कानो में रुखसाना की आवाज़ आती है.... वो प्रिंस को नास्ते के लिए बुलाने आयी है....

रुखसाना की आवाज़ सुन कर प्रिंस की तंत्र टूट टी है....

प्रिंस : जी आप....?

रुखसाना : हाँ मैं... तुम्हे नाश्ते के लिए बुलाने आयी थी.... चलो जैसे से नाश्ता कर लो....

प्रिंस : हाँ आप चलिए मैं फ्रेश होक अभी आता हूँ.... वैसे रूही कहाँ है...? नज़र नहीं आ रही....?

रुखसाना : वो तो कब का फ्रेश होक डाइनिंग टेबल पे तुम्हारा इंतज़ार कर रही है.....

प्रिंस : वो डाइनिंग टेबल पे नाश्ते करने गयी है.... मतलब उसकी तबीयत ठीक है.... उसे दर्द नहीं हो रहा....

रुखसाना को प्रिंस की बात समझ नहीं आती....

रुखसाना : क्या मतलब.....?

प्रिंस : जी वो... वो... मेरा मतलब है रूही इतनी जल्दी उठ भी गयी और तैयार हो के डाइनिंग टेबल पे भी पहुँच गयी.... हैरत है....

रुखसाना : हैरत तो मुझे भी हो रही है.... मगर जो भी हो अच्छा hi है.... काम से काम वो पहली बार जल्दी उठी.... इस बात से मैं आज बेहद खुश हूँ..... चलो अब तुम भी जल्दी से फ्रेश हो के नाश्ता करने आ जाओ.... सब तुम्हारा इंतज़ार कर रहे हैं....

प्रिंस : ठीक है आप चलिए मैं बस कुछ hi देर में आता हूँ.....

करीब 20 मिनट में प्रिंस नाहा के बाथरूम से निकलता है और तैयार होक नाश्ता करने चला जाता है.....

रूही पहले से hi डाइनिंग टेबल पे नास्ता कर रही है.... प्रिंस भी जा कर कुर्सी पैर बैठ गया और नाश्ता करने लगता है.....

प्रिंस को परेशान देख कर रूही उस से पूछती है....

रूही : क्या बात है प्रिंस....?

प्रिंस के मुँह से अचानक hi निकल गया...

प्रिंस : कल रात क्या हुआ था....?

रूही : मतलब.....?

प्रिंस : मेरा मतलब कल क्या कुछ अजीब या अलग हुआ था क्या....?

रूही : प्रिंस तुम क्या कह रहे हो मुझे समझ नहीं आ रहा.... जो भी कहना है साफ़ साफ़ कहो न.....

प्रिंस को समझ में नहीं आता है के वो कल रात की बात आखिर रूही से कैसे पूछे....? इस लिए वो बात को ताल देता है....

प्रिंस : कुछ नहीं.....

नास्ता कर के वो रूही और सिमी के साथ ऑफीस निकल जाता है.....

ऑफिस पहुँच के प्रिंस मैक्स के पास जा के उसे रात हुई पूरी बात बताता है....

प्रिंस : यार ये समझ नहीं आ रहा है की आखिर रात क्या और कैसे हुआ.....?

मैक्स : क्या हुआ.... चुदाई हुई.... तू ने मज़े किये और क्या....?

प्रिंस : मैक्स मैं इस वक़्त मैं मज़ाक के मूड में नहीं हूँ.....

मैक्स : मैं भी मज़ाक नहीं कर रहा.... वो hi कह रहा हूँ जो हुआ था.... मेरा मतलब तू ने किया था....

प्रिंस : हाँ मगर... क्यों....? कैसे....? और किसके साथ......?

मैक्स : चुदाई की तू ने और पूछ मुझसे रहा है.... अबे ये तो तुझे पता होना चाहिए न की रात को तू ने किसके साथ सेक्स किया....

प्रिंस : सेक्स हुआ मुझे वो याद है मगर किस के साथ हुआ वो याद नहीं.... उसका चेहरा मुझे याद नहीं....

मैक्स : हो सकता है वो रूही हो.... अब यार तेरी बीवी है..... तो....

प्रिंस : नहीं वो रूही नहीं थी.... बल्कि कोई और hi थी....

मैक्स : ये तू इतने यकीन के साथ कैसे कह सकता है की वो रूही नहीं कोई और थी.....?

प्रिंस : वो ऐसे की मेरे साथ सेक्स के बाद कोई लड़की अगले दिन इतनी फ्रेश नहीं नज़र आ सकती.... वो तो बीएड से उठ के ठीक से चल भी नहीं सकती.... क्यों की मारा लुंड उसकी छूट की इतनी हालत खराब कर देगा की दो दिन तक उस से ठीक से चला भी नहीं जाएगा..... और रूही बिलकुल ठीक ठाक है....

मैक्स : अगर वो रूही नहीं तो फिर कौन थी वो....?

प्रिंस : ये बात तो मेरी भी समझ नहीं आ रही की आखिर वो कौन थी....? कहाँ से आयी थी....? और अचानक से कहाँ चली गयी.....? किसी ने उसे देखा कैसे नहीं.....? यहाँ तक की बहार मौजूद मेरे हिघटिच सिक्योरिटी गार्ड्स ने भी उसे नहीं देख और सब से बड़ी बात तो ये की रूही के घर में जो सिक्योरिटी कैमरा मैंने लगवाए थे वो उसमे भी नज़र नहीं आयी.....

मैक्स : यार एक काम करते हैं रात हुई सिक्योरिटी कैमरा की रिकॉर्डिंग को देखते हैं शायद कुछ पता चल जाए....

प्रिंस : मैं उसे देख चूका हूँ उस में कुछ भी ऐसा नहीं है जिस से कुछ पता चल सके.....

मैक्स : वो तू ने देखा था.... अब मुझे देखने दे.... हो सकता है जो तुझे नज़र न आया वो मुझे नज़र आ जाए.... आफ्टर आल मैं एक डिटेक्टिव हूँ.... एक डिटेक्टिव की नज़र से कुछ चुप नहीं सकता....

प्रिंस : चल फिर जल्दी से देख के बता मुझे की आखिर ये क्या चक्कर है....?

मैक्स रात के हर एक वीडियो को प्ले करता है और गौर से उसे देखने लगता है..... पहले तो उसे कुछ ख़ास नज़र नहीं आता.... लेकिन फिर उसे बार बार देखने के बाद उसे कुछ ऐसा नज़र आता है जिसे देख उसके पसीने छूट जाते हैं.... वो बुरी तरह से दर जाता है.... वो फ़ौरन उस पुराणी वीडियो को चेक करता है जो डिटेक्टिव रॉय ने बनायीं थी... दोनों में एक hi चीज़ नज़र आ रही है.... जिसे देख दर के मारे मैक्स की हालत खराब हो जाती है.... और वो बुरी तरह से कांपने लगता है.....

प्रिंस : अबे तुझे क्या हुआ....? ये अचानक से तू इतना दर क्यों गया....? बता मुझे.... आखिर बात क्या है.....?

मैक्स : W....Wo..... वो..... ढ.... Dhun....wa.... वो.... वो....

ये कह के दर के मारे मैक्स बेहोश हो जाता है.... प्रिंस उसे होश में लाने की बहुत कोशिश करता है मगर मैक्स को होश hi नहीं आ रहा....

प्रिंस फ़ौरन डॉ को कॉल करके बुलाता है....

प्रिंस : क्या हुआ डॉ इसे....? ये अचानक से इस तरह बेहोश कैसे हो गया....?

डॉ : दर की वजह से....

प्रिंस : दर.....?

डॉ : हाँ किसी बात से ये बेहद दर गया जिस वजह से ये बेहोश हो गया.... वैसे घबराने की कोई बात नहीं है.... मैंने इंजेक्शन दे दिया है जल्द hi इसे होश आ जाएगा....

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इधर गुलिस्तां में प्रिंस के निकाह की बात को ले के बेगम साहिबा और शलाका काफी परेशान बानी हुई हैं.... उन्हें समझ नहीं आ रहा है की आखिर प्रिंस का निकाह हुआ तो हुआ किस से और इस निकाह से पारी इतनी खुश क्यों है.....? इस बात को पता करने बेगम साहिबा अपनी बहिन और प्रिंस की नानी रानी साहिबा के पास जाती है....

रानी साहिबा : बेगम तू यहाँ क्या कर रही है.....? मैंने तुझे मन किया था न यहाँ आने से.... मगर तू है की सुनती hi नहीं.....

बेगम साहिबा : बात hi कुछ ऐसी थी की न चाहते हुए भी मजबूरन मुझे यहाँ आना पड़ा.....

रानी साहिबा : तुझे पता है न की उन कमीने "........" की नज़र हम पे है.... वो जब चाहे हम पे वार कर सकते हैं....

बेगम साहिबा : हाँ पता है.... और ये भी पता है की जब तक प्रिंस हमारे साथ है "......." यहाँ आने की सोच भी नहीं सकते.... प्रिंस के नाम से hi दर के मारे उनकी हालत खराब हो जाती है....

रानी साहिबा : वो तो है मगर इस वक़्त "......." यहाँ आ सकते हैं और हम पे हुम्ला भी कर सकते हैं... और प्रिंस छह के भी हम को उनसे नहीं बचा सकता.... क्यों की इस वक़्त उसके पास उसकी Power's नहीं है....

बेगम साहिबा : हाँ पता है प्रिंस की साड़ी Power's इस वक़्त पारी के जिस्म में है.... और "......." को ये Power's चाहिए और जब तक वो Power's प्रिंस के पास नहीं आ जाती वो इस को हासिल नहीं कर सकते.... प्रिंस को मार के hi वो इन Power's को हासिल कर सकते हैं और वो भी तब जब प्रिंस के पास उसकी Power's हो.... "......." ने पिछली बार कोशिश की थी मगर प्रिंस ने उन्हें अपनी Power's को हासिल नहीं होने दिया..... मर के भी उसने गुलिस्तां को और साथ hi अपनी Power's को "......." के हाथ लगने नहीं दिया.... मगर एक बात मेरी समझ में नहीं आयी की प्रिंस जिसे हराना किसी के लिए भी मुमकिन नहीं वो कैसे हार गया.... यहाँ तक की उसने अपनी जान भी दे दी....?

रानी साहिबा : प्यार के लिए प्रिंस ने हार क़ुबूल की.... उसने अपने प्यार पारी के लिए और साथ hi गुलिस्तां के लिए खुद को मिटा दिया.... मगर "......." के हाथ अपनी Power's को लगने नहीं दिया....

बेगम साहिबा : मतलब उसका प्यार hi उसका दुश्मन बन बैठा.... जिसे उसने दिल ो जान से चाहा उसी पे अपनी जान क़ुर्बान कर दी.... मगर फिर भी उसे बचा न सका.... "......." ने पारी की जान ले ली....

रानी साहिबा : नहीं ये सच नहीं है.... बल्कि सच कुछ और hi है.... पारी की जान "......." ने नहीं ली बल्कि पारी को तो उन्होंने मारा... उनके गुस्से ने मारा.... वो प्रिंस को अपने बेटे से भी बढ़ के चाहते थे.... और जब उन्होंने देखा की पारी की वजह से प्रिंस की जान गयी तो गुस्से में आ के उन्होंने वो किया जो उन्हें नहीं करना चाहिए था.... जिसकी वजह से प्रिंस का ये जनम मुश्किलों में पद सकता है.... उसकी लाइफ में (................) खैर हम उस बात को ले के क्यों परेशान हो रहे हैं जो हुई hi नहीं है बल्कि इस वक़्त सब से ज़रूरी बात ये है की तेरे यहाँ आने की वजह क्या है....?

बेगम साहिबा : अगर बात इतनी ज़रूरी न होती तो मैं यहाँ न आती....

रानी साहिबा : अब बताएगी भी की ऐसा क्या मसला हो गया जो मेरे मन करने पे भी तू फिर यहाँ आ गयी.....?

बेगम साहिबा रानी साहिबा को पूरी बात बताती है जिसे सुन के रानी साहिबा को हैरत भी होती है और ख़ुशी भी....

रानी साहिबा : अगर जो तू कह रही है वो सच है तो इस से ज़्यादा ख़ुशी की बात मेरे लिए हो hi नहीं सकती....

बेगम साहिबा : ये आप क्या कह रही हैं....? यहाँ टेंशन के मारे मेरी हालत खराब बानी हुई है और आ कह रही हैं की ये ख़ुशी की बात है....

रानी साहिबा : मेरे नाती का निकाह हो गया ये ख़ुशी की बात नहीं है क्या....? आज तो मैं इतनी खुश हूँ की मैं तुझे बता नहीं सकती...

बेगम साहिबा : मगर ये कैसे मुमकिन है....?

रानी साहिबा : क्या मुमकिन नहीं....? क्या प्रिंस निकाह नहीं कर सकता....?

बेगम साहिबा : हाँ कर सकता है मगर उसका निकाह पारी के अलावा किसी और के साथ हो hi नहीं सकता.... ये उसकी किस्मत में लिखा है.... जिसे बदलना नामुमकिन है.... जब की ऐसा हुआ है... उसका निकाह पारी के बदले किसी और के साथ हुआ है.... और जब ये बात पारी को पता चलेगी तब क्या होगा.... गुस्से में पारी सब कुछ तबाह बर्बाद कर देगी.... उसके गुस्से से गुलिस्तां के साथ साथ पृथ्वी भी तबाह हो जायेगी....

रानी साहिबा : नहीं पारी ऐसा नहीं करेगी.... प्रिंस उसे ऐसा करने नहीं देगा.... वो उसे रोक लेगा....

बेगम साहिबा : काश आप जैसा कह रही हैं वैसा hi हो.... वर्ण....

रानी साहिबा : आज इतनी ख़ुशी का दिन है.... मेरे प्रिंस का निकाह हो गया.... आज मैं बेहद खुश हूँ... और उतनी hi प्रिंस से नाराज़ भी.... उसने मुझे बताया भी नहीं और चुपके से निकाह कर लिया....

बेगम साहिबा : हाँ मगर पहले ये तो पता कीजिये की प्रिंस ने किसके साथ निकाह किया है.... आखिर वो है कौन....?

रानी साहिबा ज़रा को कॉल करती हैं और उस से प्रिंस के निकाह के बारे में पूछती हैं..... पहले तो ज़रा प्रिंस के निकाह की बात से साफ़ इंकार कर देती है... मगर रानी साहिबा को शुरू से ले अब तक की साड़ी बात सच सच बता देती है.... जिसे सुन के रानी साहिबा गुस्से में आ जाती हैं....

रानी साहिबा बेहद गुस्से में : इतना सब हो गया मेरे प्रिंस के साथ और तूने मुझे बताना भी ज़रूरी नहीं समझा....

ज़रा डरते हुए : इसमें मेरी कोई गलती नहीं है.... प्रिंस ने hi मुझे आपको कुछ भी बताने से मन किया था... उसने मुझे अपनी कसम दे के मुझे चुप करा दिया था.... अब आप hi बताइये मैं क्या करती.... मैं मजबूर थी....

रानी साहिबा : जल्दी से मुझे उस लड़की की फोटो भेज....

ज़रा : किस लड़की की....?

रानी साहिबा : उसी की जिस से प्रिंस ने निकाह किया है....

ज़रा रानी साहिबा को रूही की फोटो भेज देती है....

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इधर कुछ देर बाद मैक्स को होश आता है.... होश में आने के बाद भी मैक्स बेहद डरा हुआ है..... प्रिंस जैसे hi उसके करीब आ के उसके कंधे पे हाथ रखता है दर के मारे मैक्स चीख उठता है....

प्रिंस : मैक्स मैं प्रिंस हूँ.... प्रिंस..... तेरा दोस्त..... प्रिंस.....

मैक्स : अबे डरा क्यों रहा है......?



प्रिंस : मैं डरा रहा हूँ..... मैं क्या कोई भूत हूँ जो तुझे डराउँगा..... चल अब ये सब चोर और मुझे बता की ये अचानक से तुझे क्या हुआ की तू बेहोश हो गया....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 38

ज़रा रानी साहिबा को रूही की फोटो भेज देती है....

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इधर कुछ देर बाद मैक्स को होश आता है.... होश में आने के बाद भी मैक्स बेहद डरा हुआ है..... प्रिंस जैसे hi उसके करीब आ के उसके कंधे पे हाथ रखता है दर के मारे मैक्स चीख उठता है....

प्रिंस : मैक्स मैं प्रिंस हूँ.... प्रिंस..... तेरा दोस्त..... प्रिंस.....

मैक्स : अबे डरा क्यों रहा है......?

प्रिंस : मैं डरा रहा हूँ..... मैं क्या कोई भूत हूँ जो तुझे डराउँगा..... चल अब ये सब चोर और मुझे बता की ये अचानक से तुझे क्या हुआ की तू बेहोश हो गया....??????

अब आगे.....

प्रिंस के केबिन में बैठी रूही प्रिंस का इंतज़ार कर रही थी..... काफी देर तक जब वो न आया तब वो बेचैन हो जाती है और उसे ढूढ़ने जा hi रही होती है की तभी उसे सिमी मिल जाती है....

सिमी : कहाँ चली मेरी जान..... अभी तो ऑफिस आयी है और अभी जा रही है....

रूही : नहीं यार वो मैं प्रिंस को ढूंढ रही हूँ जाने कहाँ चला गया.....

सिमी : इतनी बेताबी भी अच्छी नहीं होती रूही..... रात की बात और है.... अभी दिन है.... और तो और ये ऑफिस है.... यहाँ तो सब्र से काम ले.... जो भी करना घर जा के रात में सुकून से जी भर के करना.... वहां तुझे कोई मन नहीं करेगा.... मगर यहाँ नहीं.... यहाँ किसी ने देख लिया तो क्या होगा.... सोच ज़रा....

रूही : अबे तू क्या बकवास किये जा रही है....?

सिमी : अच्छा जी मैं बकवास कर रही हूँ..... और तू ने जो कल रात किया था वो क्या था.... हाँ.... बता बोल न अब बोलती क्यों नहीं.....?

रूही : ऐसा क्या किया था मैंने रात में जो तुझे पता है मगर मुझे नहीं....?

सिमी : अच्छा जी अब ये भी मुझे hi बताना पड़ेगा.....?

रूही : तू नहीं बताएगी तो और कौन बताएगा.....? तू hi कह रही है की रात मैंने कुछ किया था..... क्या किया था मुझे तो पता नहीं तू hi बता दे....

सिमी : किया तू ने और पूछ मुझसे रही है.....

रूही : यार देख बेकार परेशान मत कर.... तुझे बताना है तो बता वर्ण मैं चली.... मुझे प्रिंस को भी ढूंढना है जाने इतने देर से कहाँ रह गया....

सिमी : कहाँ जाएगा.... देखना जल्द hi तेरे पास लौट आएगा.... तू इतनी खूबसूरत और सेक्सी जो है.... और कल रात के बाद से तो वो तुझे एक पल के लिए भी तुझसे दूर नहीं रह पायेगा....

रूही : वो तो है.... मगर ये तू ने क्या रात रात की रत लगा राखी है.... बताती क्यों नहीं क्या हुआ था रात को....?

सिमी : अबे वही तो मैं तुझसे पूछ रही हूँ.... क्या मस्त धमाल किया तू ने रात को.....

रूही : देख सिमी तू क्या कह रही है मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा है.... और तू किस धमाल की बात कर रही है....?

सिमी : वो hi जो शादी के बाद मिया बीवी में होता है.... सुहागरात....

रूही : यार क्यों दिल जलने वाली बात कर रही है....

सिमी : मतलब....?

रूही : मतलब ये की सुहागरात तो बहुत दूर की बात है.... प्रिंस ने आज तक मुझे छुआ भी नहीं.... मैं तो कब से तड़प रही हूँ उसका प्यार पाने के लिए.... यहाँ तो एक किश भी अभी तक मिली नहीं और तू सुहागरात की बात कर रही है....

सिमी : ये क्या कह रही है तू....?

रूही : वो hi जो सच है....

सिमी : क्या ख़ाक सच है....? और वो क्या था जो रात मैंने सुना था....?

रूही : अब तू ने क्या सुन लिया....?

सिमी : कल रात तुम दोनों की जैम के चुदाई हुई थी.... उसकी आवाज़ मैंने खुद अपने कानो से सुनी थी....

रूही : तू ने कोई सपना देखा होगा.... रात ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था....

सिमी : जी नहीं मैंने कोई सपना नहीं देखा tha....balki सच में कल रात तू ने प्रिंस के साथ सेक्स किया था....

रूही : अबे जो चीज़ हुई नहीं उसे तू कैसे कह रही है की हुई थी....

सिमी : अच्छा तो फिर ये आवाज़ किसकी है....?

ये कह के सिमी रूही को अपने मोबाइल में रात हुई चुदाई की रिकॉर्ड की हुई आवाज़ सुनती है.... जिसे सुन के रूही चौंक जाती है....

सिमी : कह दे की ये आवाज़ तेरे और प्रिंस की नहीं है...?

रूही : अबे कमीनी तू हम दोनों की आवाज़ रिकॉर्ड कर रही थी.... तुझे शर्म नहीं आयी ये सब करते हुए....?

सिमी : वो... तो मैंने बस ऐसे hi रिकॉर्ड कर लिए था.... मैं क्या करती उस वक़्त माहौल hi इतना सेक्सी और नशीला हो गया था और तू दोनों की आवाज़ में इतनी कामुकता थी की मैं खुद को रोक नहीं पायी... और जानती है... तुम दोनों के सेक्स की सिर्फ आवाज़ सुन के कल रात मैं 3 बार झड़ी थी.... और आखरी बार तो मैं इतना झड़ी की मेरे रूम में जैसे बाद hi आ गयी....

रूही : तू भी न सिमी आज कल कुछ ज़्यादा hi बेशर्म हो टी जा रही है....

सिमी : अच्छा जी तू कर सकती है और मैं सुन भी नहीं सकती....

रूही : मगर मैंने कुछ किया hi नहीं....

सिमी : अब तू बात को छुपा मत... मेरे पास सबूत है की रात तू ने जैम के चुदाई की थी....

रूही : नहीं यार सच में चाहती मैं बहुत थी मगर ऐसा कुछ हुआ नहीं.....

सिमी : अच्छा जी तो फिर ये आवाज़ किसकी है....? कह दे की ये आवाज़ें तेरी और प्रिंस की नहीं है....

रूही : आवाजआज तो हम दोनों की hi हैं.... मगर वो जो तू ने कहा मतलब सुहागरात... वो नहीं हुआ था... कसम से....

सिमी : अच्छा जी अगर रात तुम्हारे भी सेक्स नहीं हुआ तो फिर क्या हुआ.....? और ये आवाज़ क्या झगडे की हैं... या फिर कह दे की ये भी मैंने hi बनायीं है....

रूही : नहीं यार आवाज़ तो हम दोनों की hi है मगर न hi रात सुहागरात हुई और न hi सेक्स हुआ....

सिमी : तो फिर तेरे रूम से ये आवाज़ें आयी कैसे.....?

रूही : मुझे नहीं पता....

सिमी : कहीं ऐसा तो नहीं की रात तुम दोनों कोई ब्लू फिल्म देख रहे थे....

रूही : नहीं यार.... ऐसा भी कुछ नहीं हुआ था....

सिमी : यार मैं तेरे बेहेन होने के साथ साथ तेरी बेस्ट फ्रेंड भी हूँ और तू है की इतनी बड़ी बात मुझसे छुपा रही है.... तुझे नहीं बताना है तो मत बता की रात क्या हुआ था.... मगर काम से काम मुझसे झूट तो मत बोल....

रूही : मैंने कहा न कुछ नहीं हुआ था....

अभी रूही ने इतना hi कहा था की तभी वहां प्रिंस आ जाता है... जिसे देख दोनों खामोश हो जाते हैं....

प्रिंस : क्या नहीं हुआ था.....?

रूही : कुछ नहीं वो बस ऐसे hi....

प्रिंस : क्या कुछ नहीं.... तुम इतनी ज़ोर से भड़क के सिमी को कह रही थी की कुछ नहीं हुआ था और मेरे आते hi कह रही हो कोई बात नहीं है.... क्या बात है बताओ न... शायद मैं उसमे कुछ मदत कर सकूँ....

रूही : कहा न कुछ नहीं.... और तू (सिमी) जा यहाँ से और अपना काम कर.... ये ऑफिस है कोई घर नहीं जो तू यहाँ बैठी बातें बना रही है.... और तुम (प्रिंस) कहाँ चले गए थे मुझे अकेली चोर के....?

प्रिंस : वो मैं.... वो कुछ काम से गया था.... और तुम अकेली कहाँ हो.... ऑफिस में हो अपने केबिन में..... यहाँ सभी तो मौजूद हैं....

रूही : हाँ मगर तुम तो पास नहीं थे न....

प्रिंस : हाँ तो तुम क्या चाहती हो.... मैं तुम्हारे पास बैठा रहूं.....

रूही : हाँ और मैं तुम्हे देखती रहूं....

प्रिंस : अच्छा और काम कौन करेगा.....?

रूही : काम करने से मैंने कब मन किया है.....? मैं बस इतना चाहती हूँ की हर पल हर लम्हा तुम मेरे पास hi रहो.....

प्रिंस : मैं भी यही चाहता हूँ.....

प्रिंस की बात सुन के रूही ख़ुशी से उछाल पड़ती है....

रूही : सच्ची.....

मगर उसकी ये ख़ुशी ज़्यादा देर के लिए नहीं रहती.....

अचानक से प्रिंस का मोबाइल बजने लगता है और उसपे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख रूही को गुस्सा आने लगता है.....

रूही गुस्से में : लो आ गया कमीनी का फ़ोन..... जब भी प्रिंस के पास होती हूँ.... और उस से प्यार भरी बातें करने hi वाली होती हूँ की तभी.... जाने इस कमीनी को कैसे पता चल जाता है और ये ऐन वक़्त पे फ़ोन कर के कबाब में हड्डी बन जाती है.... जिस दिन ये मेरे सामने आ गयी उस दिन मैं इसकी वो हालत करुँगी की ये फ़ोन करना तो दूर उसे देख के भी डरेगी....

प्रिंस बड़े प्यार से अवनि से बातें करने लगता है जिसे सुन के रूही को जलन सी होने लगती है और साथ hi गुस्सा भी आने लगता है.... जब उसके बर्दाश्त की हद पार हो जाती है तब वो वहां से उठ के जाने लगती है.... मगर वो दो कदम से ज़्यादा आगे जा नहीं पाती..... प्रिंस उसका हाथ पकड़ के उसे रोक लेता है.... गुस्से में रूही प्रिंस का हाथ चुरा के की कोशिश करती है.... मगर प्रिंस उसका हाथ नहीं चोरता.... वो उसे वहां से जाने नहीं देता.....

रूही : प्रिंस मेरा हाथ चोरो....

प्रिंस : नहीं... कभी नहीं.... ये हाथ मैं कभी नहीं छोड़ूंगा.....

रूही गुस्से में : प्रिंस मैंने कहा मेरा हाथ चोरो....

प्रिंस : ये मुमकिन नहीं....

रूही : क्यों मुमकिन नहीं....?

प्रिंस : क्यों की तुम मेरी बीवी हो....

रूही : अच्छा तुम्हे याद है.... मुझे लगा की तुम भूल गए.....

प्रिंस : मैं तुम्हे.... अपनी बीवी को भूल जाऊं ये मुमकिन नहीं.... तुम मेरी ज़िन्दगी का वो हिस्सा हो जिसे मुझसे कोई जुड़ा नहीं कर सकता..... न तुम... न मैं और न hi कोई और.....

रूही : और वो कमीनी अवनि....? वो कौन है....?

प्रिंस : वो मेरा प्यार है....

रूही : मैं तो सिर्फ नाम के लिए तुम्हारी बीवी हूँ.... तुम्हारी असल बीवी तो वो अवनि है.... जिसे तुम चाहते हो.... कह दो की ये झूट है....

प्रिंस : हाँ मैं अवनि को चाहता हूँ.... ये उतना hi सच है जितना सच ये है तुम मेरी बीवी हो....

रूही : हाँ हूँ मैं तुम्हारी बीवी मगर सिर्फ नाम की.... ज़बरदस्ती की.... तुम कभी नहीं चाहते थे की हमारा निकाह हो.... मुझे तुम ने मजबूरी की वजह से निकाह किया.... कह दो की ये सच नहीं है....

प्रिंस : हाँ ये सच नहीं है.... मैं प्रिंस हूँ.... प्रिंस कोई भी काम मजबूरी में आ के नहीं करता.... बल्कि जो भी करता है अपनी मर्ज़ी से करता है..... अगर प्रिंस की मर्ज़ी न हो तो कोई उस से कुछ नहीं करा सकता.... यहाँ तक की ऊपर वाला भी नहीं.... और ये निकाह मैंने अपनी मर्ज़ी से किया है.... न की किसी मजबूरी या फिर किसी के कहने पे किया है.... और न hi तुमपे तरस खा के किया है.... तुम कोई तरस खाने वाली चीज़ नहीं.... तुम क्या हो ये तो तुम खुद भी नहीं जानती.... जिस दिन जान जाओगी ये बात नहीं कहोगी.... तुम ऊपर वाले का बनाया हुआ वो बेशकीमती नगीना हो.... जिसे पाने के लिए कोई किसी का क़त्ल करने से भी न चुके.... तुम्हारा ये संगेमरमर जैसे हसीं हुस्न देख के कोई भी तुम्हारा दीवाना हुए बिना नहीं रह सकता.... और तुम्हे अपना बनाने के लिए कुछ भी कर गुजरने से नहीं चूकेगा....

रूही : मगर फिर भी प्यार तो तुम अवनि से hi करते हो....

प्रिंस : प्यार किया नहीं जाता... ये तो बस हो जाता है....

रूही धीरे से कहती है : एक दिन तुम्हे मुझसे भी उतना hi प्यार हो जाएगा जितना उस कमीनी अवनि से है.... नहीं बल्कि उस से भी कई ज़्यादा.... जल्द hi तुम्हे अपना दीवाना न बना दिया तो मेरा नाम भी रूही नहीं....

प्रिंस : तुमने कुछ कहा क्या....?

रूही : तुमने कुछ सुना क्या....

प्रिंस : जाने क्यों मुझे ऐसा लगा जैसे की तुमने कुछ कहा.... सच में तुमने कुछ नहीं कहा अवनि...

प्रिंस के मुँह से अपने नाम की जगह अवनि सुन के रूही चीड़ के कहती है....

रूही : मेरा नाम रूही है....

प्रिंस : हाँ मुझे पता है.... इसे बार बार कहने की क्या ज़रुरत है....?

रूही : ताकि तुम्हे याद रही और मुझसे बात करते वक़्त तुम मेरा नाम लो न की उस कमीनी का....

प्रिंस : मैंने भी तो तुम्हारा hi नाम लिया... अवनि...

प्रिंस के मुँह से एक बार फिर से अवनि सुन के गुस्से में रूही अपना सर पीट लेती है....

प्रिंस : अब क्या हो गया....?

रूही : कुछ नहीं.... जाओ अपना काम करो और मुझे भी अपना काम करने दो....

***************************************

इधर रूही की फोटो देख के रानी साहिबा के साथ साथ बेगम साहिबा भी बुरी तरह से चौंक जाती हैं.... दोनों के मुँह से एक hi बात निकलती है...

ये तो पारी की फोटो है....
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 39

रूही : मेरा नाम रूही है....

प्रिंस : हाँ मुझे पता है.... इसे बार बार कहने की क्या ज़रुरत है....?

रूही : ताकि तुम्हे याद रही और मुझसे बात करते वक़्त तुम मेरा नाम लो न की उस कमीनी का....

प्रिंस : मैंने भी तो तुम्हारा hi नाम लिया... अवनि...

प्रिंस के मुँह से एक बार फिर से अवनि सुन के गुस्से में रूही अपना सर पीट लेती है....

प्रिंस : अब क्या हो गया....?

रूही : कुछ नहीं.... जाओ अपना काम करो और मुझे भी अपना काम करने दो....

***************************************

इधर रूही की फोटो देख के रानी साहिबा के साथ साथ बेगम साहिबा भी बुरी तरह से चौंक जाती हैं.... दोनों के मुँह से एक hi बात निकलती है...

ये तो पारी की फोटो है....

अब आगे....

रानी साहिबा बेहद गुस्से में कॉल कर के ज़रा पे नाराज़ होती है....

रानी साहिबा : तुझे मैंने प्रिंस की बीवी की फोटो भेजने को कहा और तू ने किसकी फोटो भेजी है....?

ज़रा : मैंने उसी की तो फोटो भेजी है... यही तो है रूही.... प्रिंस की वाइफ.....

रानी साहिबा : क्या वाकई में ये hi रूही है... प्रिंस की वाइफ.... तू सच कह रही है न....

ज़रा : हाँ ये सच है..... मगर....

रानी साहिबा : मगर क्या.....?

ज़रा : मगर ये की प्रिंस रूही से नहीं बल्कि किसी और से प्यार करता है....

रानी साहिबा : क्याआआआ....?

ज़रा : हाँ रानी साहिबा.... ये सच है की प्रिंस रूही से नहीं बल्कि किसी और से प्यार करता है....?

रानी साहिबा : ये कैसे मुमकिन है....? प्यार किसी से और निकाह किसी और से....? मैं नहीं मानती.... मेरा प्रिंस ऐसा नहीं है.... वो ऐसा कभी नहीं कर सकता.....

ज़रा : ऐसा hi है.... और प्रिंस ने ये सब जान के नहीं किया बल्कि हो गया....

रानी साहिबा : वो लड़की कौन है जिस से प्रिंस प्यार करता है....?

ज़रा : उसका नाम अवनि है.... वो मुंबई में रहती है....

रानी साहिबा : अच्छा.... तेरे पास अवनि की कोई फोटो है तो भेज.... मैं भी तो देखूं की वो कौन है जिसे प्रिंस चाहता है....?

ज़रा अवनि की फोटो रानी साहिबा को भेज देती है....

ज़रा की भेजी हुई फोटो देख रानी साहिबा गुस्से में ज़रा से कहती है....

रानी साहिबा : ज़रा मैंने तुझे अवनि की फोटो भेजने को कहा था... न की रूही की.... मुझे अवनि की फोटो भेज.....

ज़रा : मैंने उसी की... मतलब अवनि की hi फोटो भेजी है....

रानी साहिबा : क्याआआआआ....? मगर ये तो हूबहू पारी.... मेरा मतलब है रूही जैसी है....

ज़रा : हाँ ये बिलकुल रूही जैसी hi है.... दोनों को देख के कोई ये नहीं कह सकता की इन में ज़रा भी फर्क है.... दोनों हूबहू एक जैसी hi लगती है.... दोनों में ज़र्रा बराबर भी फर्क नहीं है.... पहली बार जब मैंने इन्हे देखा था तब मैं भी धोका खा गयी थी....

रानी साहिबा : अच्छा तू फ़ोन रख मैं तुझसे बाद में बात करती हूँ.....

बेगम साहिबा : क्या बात है... रानी साहिबा....? ऐसा क्या कहा ज़रा ने.... जिसे सुन के आप इतनी परेशान हो गयी....?

रानी साहिबा : बात hi कुछ ऐसी है.... तुझे पता चलेगा तो तू भी मेरी hi तरह हैरान और परेशान हो जायेगी.... ये देख....

ये कह के रानी साहिबा बेगम साहिबा को पूरी बात बताती है और साथ hi रूही और अवनि की फोटो भी दिखती है.... जिसे देख बेगम साहिबा की हालत खराब हो जाती है.....

रानी साहिबा : ये कैसे मुमकिन है....? 1 नहीं... 2 नहीं.... बल्कि 3 - 3... वो भी बिलकुल एक जैसी.... ये कैसे मुमकिन है....?

बेगम साहिबा : पता नहीं.... मेरी तो खुद कुछ समझ नहीं आ रहा है की आखिर ये क्या है....? प्रिंस एक और उसकी प्रिंसेस 3....

रानी साहिबा : एक पारी क्या काम थी जो ये दोनों भी आ गयी.....

बेगम साहिबा : सही कहा आपने.... यहाँ पारी को hi संभालना मुश्किल हो रहा है.... ऊपर से ये दोनों भी आ गयी..... अब क्या होगा हमारा....?

रानी साहिबा : हमारा तो बाद में होगा.... सोच प्रिंस का क्या होगा जब ये तीनो प्रिंस के सामने आएँगी....? कैसे संभालेगा वो इन तीनो को.....?

बेगम साहिबा : इस सब का जवाब अब बस बंगारू बाबा hi दे सकते हैं.... की ये सब कैसे और क्यों हो रहा है....?

*************************************

चलिए जानते हैं की आखिर मैक्स ने ऐसा क्या देख लिए जिसे देख उसकी हालत इतनी ज़्यादा खराब हो गयी.... यहाँ तक की दर के मारे वो बेहोश भी हो गया.....?

प्रिंस : मैक्स तू ठीक तो है न....

मैक्स : हाँ अब कुछ ठीक लग रहा है....

प्रिंस : ये अचानक से तुझे क्या होगा....? तू इतना क्यों दर गया....? तू तो वीडियो देख रहा था न.... फिर अचानक से बेहोश कैसे हो गया.....?

मैक्स : W....Wo.... वो..... वीडियो....

प्रिंस : कुछ भी तो नहीं है उस वीडियो में....

मैक्स : नहीं यार तू समझ नहीं रहा hai....wo कुछ अजीब सा है.... बेहद खौफनाक और डरावना....

प्रिंस : क्या बकवास कर रहा है.....? मैंने भी तो देखा है उस वीडियो को.... मुझे तो उसमे ऐसा कुछ नज़र नहीं आया....

मैक्स : व..... वो.... वो.... धुंवा....

प्रिंस : क्या है उस धुंवे me....jise देख तू इतना दर गया....?

मैक्स : तू खुद देख ले.... तुझे मेरे डरने की वजह पता चल जायेगी...

मैक्स की बात सुन के प्रिंस एक बार फिर से उस वीडियो को देखता है मगर उसे उसमे कुछ ख़ास नज़र नहीं आता....

प्रिंस : क्या है इसमें....? कुछ भी तो नहीं... तू भी न यार बेकार में बिना बात के दर गया....

मैक्स : इसका मतलब तू ने वीडियो को गौर से नहीं देखा वर्ण तू ऐसा न कहता....

प्रिंस : अबे 20 बार तो देख चूका हूँ.... और मुझे इसमें कोई फर्क नज़र नहीं aaya....aur न hi कुछ ऐसा दिखा जिसे देख के दर लगे....

मैक्स : एक बार फिर से वीडियो शुरू से प्ले कर और जहाँ मैं कहूं वहां पॉज कर देना....

प्रिंस : चल ठीक है तू कहता है तो देख लेता हूँ....

प्रिंस वीडियो प्ले करता है और जहाँ मैक्स उसे रुकने को कहता है प्रिंस वहां उस वीडियो को पॉज कर देता है....

मैक्स : अब ज़रा गौर से स्क्रीन को देख तुझे मेरे दर की वजह समझ आ जायेगी....

प्रिंस : हाँ देख रहा हूँ... मगर यहाँ स्क्रीन पे कुछ भी ऐसा नहीं है जिस से दर लगे....

मैक्स : धुंवे को गौर से देख तुझे अपने आप समझ आ जाएगा की मैं क्या कहना छह रहा हूँ....

मैक्स के कहने पे प्रिंस गौर से उस धुंवे को देखता है जिसे देख प्रिंस चौंक जाता है....

मैक्स : अब वीडियो को स्लो मोशन में प्ले कर....

प्रिंस ठीक वैसा hi करता है.... वीडियो के स्लो मोशन पे प्ले होते hi प्रिंस को वो नज़र आने लगता है जिसे देख मैक्स दर के मारे बेहोश हो गया था....

प्रिंस : ये सब क्या है.....?

मैक्स : ये तो मुझे भी समझ नहीं आ रहा है की आखिर ये सब है क्या.....? मगर जो भी है वो बहुत खौफनाक है.....

प्रिंस : मगर वो धुंवे में आखिर है क्या.....?

मैक्स : जो वीडियो डिटेक्टिव रॉय ने ली थी.... उसमे उस धुंवे में तीन खौफनाक साया है..... जिसमे दो आदमी जैसे हैं और एक लड़की जैसी है.... और जो वीडियो रूही के घर में रिकॉर्ड हुई उसमे सिर्फ एक साया है.... जो की लड़की का है.... दोनों hi जगह पे एक बात एक सी है की दोनों hi जगह लड़की का साया उसी रूम में जा रहा है जिस रूम में तू है....

प्रिंस : वो तो मुझे भी दिख रहा है मगर ये समझ नहीं आ रहा है की आखिर ये साया है किसका....?

मैक्स : ये इंसान तो बिलकुल नहीं हो सकते... क्यों की कोई भी इंसान बिना दरवाज़ा खोले अंडर नहीं जा सकता जबकि ये दरवाज़े के बंद होने के बाद भी अंडर जा रहे हैं और बंद दरवाज़े से hi बहार भी आ रहे हैं..... और फिर अचानक से गायब भी हो रहे हैं.....

प्रिंस : तू ये तो नहीं कहना छह रहा की ये.....

मैक्स : यकीन तो मुझे भी नहीं हो रहा मगर जो सामने नज़र आ रहा है उसे अनदेखा भी तो नहीं किया जा सकता...

प्रिंस : हाँ वो तो ठीक है.... लेकिन अगर ये इंसान नहीं तो और क्या है....?

मैक्स : ये कुछ भी हो सकते हैं..... जिन.... जिन्नात... शैतान.... या फिर कुछ और....

प्रिंस : तो इसका मतलब दोनों बार मैंने किसी लड़की की जगह जिन... जिन्नात.... या फिर शैतान के साथ सेक्स किया....

मैक्स : हो सकता है.... बल्कि यही सच है.... इसकी 2 वजह है पहली ये की रूही के घर के वीडियो में रूही के रूम में उस रात तू रूही के साथ अकेला था.... और जहाँ तक मुझे पता है तू ने रूही के साथ सेक्स नहीं किया.... अगर तू उसके साथ सेक्स करता तो अगली सुबह पता चल जाता.... क्यों की तेरे 9 इंच के लुंड से छुड़वाने के बाद कोई लड़की अगली सुबह बीएड से उठ भी नहीं पाती.... जबकि रूही अगली hi सुबह तेरे साथ बिलकुल ठीक हालत में ऑफिस आयी....

प्रिंस : हाँ मगर मुंबई में तो मेरे साथ रूम में रूही के साथ साथ सिमी और ज़रा भी थे.... Hi सकता है की मैंने उन में से किसी के साथ सेक्स किया हो....

मैक्स : जी नहीं वहां भी ऐसा नहीं हुआ.... तू ने रूही ज़रा या फिर सिमी में से किसी के साथ सेक्स नहीं किया... अगर किया होता तो अगली सुबह उनकी हालत देख के पता चल जाता... जबकि अगली सुबह तीनो की हालत ठीक थी....

प्रिंस : इसका मतलब वहां भी मैंने किसी जिन.... जिन्नात या फिर किसी शैतान के साथ सेक्स किया....

मैक्स : हाँ....

प्रिंस : मगर क्यों....? भला कोई जिन.... या जिन्नात.... या फिर शैतान मेरे साथ सेक्स क्यों करेगी....?

मैक्स : ये बात तो मुझे भी समझ नहीं आ रही... है.... मगर एक और बात है जो बेहद अजीब है.... वो ये की दोनों hi जगह... तू ने एक के साथ नहीं बल्कि 2 अलग अलग जिन या फिर जिन्नात या फिर शैतान के साथ सेक्स किया है.... क्यों दोनों hi जगह सील टूटी है....

प्रिंस : हाँ ये बात तो है....

मैक्स : मेरी एक बात समझ नहीं आ रही की दोनों hi जगह तू उन्हें जान जान क्यों कह रहा था....? क्या तू उन्हें पहले से जानता था....?

प्रिंस : नहीं यार.... मैंने तो उन्हें देखा भी नहीं.... यहाँ तक की मुझे दोनों में से किसी का चेहरा तक याद नहीं....

मैक्स : क्यों न इस बारे में रूही सिमी या फिर ज़रा से बात की जाए.... शायद उनसे कुछ पता चल सके.....

प्रिंस : कोई फायदा नहीं.... इस बारे में उन्हें कुछ नहीं पता..... अगर पता होता तो वो मुझे कब का बता चुकी होती.... उस दिन मुंबई में मेरे साथ साथ वो तीनो भी बेहद हैरान परेशान थी.... ालहिर उस रात जो भी हुआ वो हुआ क्यों और किसने किया....? किसने हम चारो को नंगा किया....? और क्यों....? और सेक्स सिर्फ मेरे hi साथ क्यों हुआ....? आखिर क्यों....?

मैक्स : ये तो मेरी भी समझ में नहीं आ रहा है.... की आखिर ये सब उन्होंने क्यों किया....? और तेरे hi साथ क्यों किया....?

अभी प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी बहार किसी की आहात सुन के वो खामोश हो जाता है.... फिर बाद में मिलने का कह के अपने केबिन की तरफ चल देता है....

अपने केबिन में उसे रूही मिल जाती है.... दोनों के बीच क्या बात हुई ये आप सब ने पिछले अपडेट में पढ़ लिया है.... तो चलिए देखते हैं अब ये दोनों (प्रिंस और रूही) आगे क्या करते हैं....????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....



अपडेट 40

मैक्स : क्यों न इस बारे में रूही सिमी या फिर ज़रा से बात की जाए.... शायद उनसे कुछ पता चल सके.....

प्रिंस : कोई फायदा नहीं.... इस बारे में उन्हें कुछ नहीं पता..... अगर पता होता तो वो मुझे कब का बता चुकी होती.... उस दिन मुंबई में मेरे साथ साथ वो तीनो भी बेहद हैरान परेशान थी.... आखिर उस रात जो भी हुआ वो हुआ क्यों और किसने किया....? किसने हम चारो को नंगा किया....? और क्यों....? और सेक्स सिर्फ मेरे hi साथ क्यों हुआ....? आखिर क्यों....?

मैक्स : ये तो मेरी भी समझ में नहीं आ रहा है.... की आखिर ये सब उन्होंने क्यों किया....? और तेरे hi साथ क्यों किया....?

अभी प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी बहार किसी की आहात सुन के वो खामोश हो जाता है.... फिर बाद में मिलने का कह के अपने केबिन की तरफ चल देता है....

अपने केबिन में उसे रूही मिल जाती है.... दोनों के बीच क्या बात हुई ये आप सब ने पिछले अपडेट में पढ़ लिया है.... तो चलिए देखते हैं अब ये दोनों (प्रिंस और रूही) आगे क्या करते हैं....????

अब आगे....

प्रिंस के मुँह से एक बार फिर से अवनि सुन के गुस्से में रूही अपना सर पीट लेती है....

प्रिंस : अब क्या हो गया....?

रूही : कुछ नहीं.... जाओ अपना काम करो और मुझे भी अपना काम करने दो....

प्रिंस : मैं भी यही कहने वाला था.... वैसे भी आज बहुत काम है.... और देखो आधा दिन पहले hi तुमसे बात करने में गुज़र चूका है....

रूही : मुझसे बात करने में या फिर उस कमीनी से बात करने में.....?

प्रिंस : एक hi बात है..... तुमसे बात करूँ या उस से एक hi बात है.....

रूही : जी नहीं... एक बात नहीं है.... वो वो है और मैं मैं हूँ....

प्रिंस : मगर मेरे लिए तो तुम दोनों एक hi हो.... सब कुछ तो तुम दोनों का एक सा hi है.... सूरत.... शकल.... अकाल.... हरकतें... बातें.... यहाँ तक की जिस्म भी एक जैसा hi है..... सब एक जैसा hi है.... अगर दोनों साथ में हो तो मैं तो क्या कोई भी तुम दोनों में फर्क नहीं कर पायेगा.... और न hi ये बता पायेगा की अवनि कौन है और रूही कौन.....? जब भी मैं तुम्हे देखता हूँ मुझे उसकी याद आती है.... दिल चाहता है की बस तुम्हे देखता hi रहूं.... कभी कभी तो मेरा दिल करता है की सीने से लगा के जी भर के प्यार करूँ.....

रूही : मुझे.....???

प्रिंस : नहीं मेरी अवनि को.....

ये सुन के रूही का चेहरा गुस्से से लाल होने लगता है.....

रूही : तो जाओ न उस कमीनी के पास यहाँ क्यों बैठे हो.....?

प्रिंस : जाना तो चाहता हूँ.... मगर तुम्हे चोर के जाने का दिल नहीं करता.... आफ्टर आल तुम मेरी स्वीट सी क्यूट सी बीवी जो हो.....

रूही : ऐसा क्यों....?

प्रिंस : इस क्यों का जवाब नहीं है मेरे पास....

ये कह के प्रिंस प्यार से रूही के चेहरे को देखने लग जाता है.... दोनों एक दूसरे की आँखों में खो जाते हैं.....

*****************************************

अगली सुबह दरवाज़े पे दस्तक की आवाज़ सुन के प्रिंस की आँख खुल जाती है....

प्रिंस : ये इतनी सुबह सुबह कौन आ गया यार.....

वो उठ के दरवाज़ा खोलता है.... दरवाज़े के खुलते hi वो बुरी तरह से चौंक जाता है..... बात hi कुछ ऐसी है....

("...............................")

आज रूही का मूड बेहद खराब बना हुआ है.... आज उसका बर्थडे है... सब ने उसे विश किया सिवाए प्रिंस के.... उसे विश करना तो दूर प्रिंस ने उस से ठीक से बात भी नहीं की है और न hi उसकी तरफ देखा है.... सुबह से दोपहर हुई और दोपहर से शाम.... रूही के घर से बार बार कॉल आ रही है वो उसका बर्थडे मानाने के लिए घर पे उसका इंतज़ार कर रहे हैं.... और उसे जल्द से जल्द आने को कह रहे हैं.... मगर रूही है की जाने को तैयार hi नहीं.... वो तो गुस्से में अपना मुँह पहला के बैठी हुई है.... वो छह रही थी इस बात उसका बर्थडे प्रिंस मनाये.... उसे सब से पहले विश करे.... मगर ऐसा हुआ नहीं.... उसका बर्थडे मानना तो बहुत दूर की बात है अभी तक प्रिंस ने उसे बर्थडे विश भी नहीं किया.... इस बात को ले के रूही बेहद नाराज़ है....

तभी वहां सिमी आ जाती है.....

सिमी : रूही शाम हो गयी है... घर चल सब वहां बड़ी बेसब्री से तेरा इंतज़ार कर रहे हैं.... तेरे बर्थडे की पूरी तैयारी हो चुकी है.....

रूही : मुझे नहीं जाना कहीं भी और न hi अपना बर्थडे मानना है..... तू जा....

सिमी : क्या बात है यार....? ये तू कह रही है.... तू जो हर साल बड़ी बेसब्री से अपने बर्थडे के आने का इंतज़ार करती है और अपने बर्थडे के दिल खूब धमाल करती है..... चल चल अब ज़्यादा नाटक मत कर और जल्दी से घर चल....

रूही : मैंने कहा न की मुझे नहीं जाना और न hi अपना बर्थडे मानना है.... तू जा यहाँ से.... मेरा दिमाग पहले hi बहुत खराब बना हुआ है इसे और खराब मत कर....

सिमी : हे क्या हुआ तुझे....? तू इतनी नाराज़ क्यों है.....?

रूही : नाराज़ न होऊं तो और क्या करूँ....? सब ने मुझे बर्थडे विश किया..... यहाँ तक की ऑफिस वालों ने भी मगर जिसे सबसे पहले विश करना चाहिए था उसी ने नहीं किया.....

सिमी : कहीं तू प्रिंस की बात तो नहीं कर रही.....

रूही : हाँ उसी की बात कर रही हूँ....

सिमी : यार इस में नाराज़ होने वाली क्या बात है..... ये भी तो हो सकता है उसे पता hi न हो की आज तेरा बर्थडे है.....

रूही : हाँ हाँ क्यों नहीं उसे सब पता है सिर्फ ये नहीं पता की आज मेरा बर्थडे है.... तुझे पता है.... आज सुबह ऑफिस आते hi उसने क्या कहा....? उसने वो कहा जिसे सुन के गुस्से से मेरा दिमाग पहात रहा है.....

सिमी : अब ऐसा क्या कह दिया उस ने.....?

रूही : उसने कहा आज उसके किसी ख़ास दोस्त का बर्थडे है और आज शाम मुझे उसके साथ उस पार्टी में जाना है....

सिमी : तो तू ने उसे बताया क्यों नहीं की आज तेरा बर्थडे है और अपने बर्थडे के दिन अपनी पार्टी को चोर के तू किसी और की पार्टी में कैसे जा सकती है....

रूही : मैं क्यों बताऊँ.... उसे ये बात खुद पता होनी चाहिए... की मेरा बर्थडे आज है.... आफ्टर आल मैं उसकी बीवी हूँ....

अभी सिमी कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस वहां आ जाता है.....

प्रिंस : यार तुम यहाँ हो और मैं तुम्हे न जाने कहाँ कहाँ ढूंढ रहा था..... हम आलरेडी लेट हैं इस से पहले की पार्टी शुरू हो जाए हम को जल्द से जल्द वहां पहुंचना है....

ये कह के वो रूही का हाथ पकड़ के उसे अपने साथ ले जाने लगता है....

रूही : मैं अकेली नहीं जाउंगी.... सिमी भी मेरे साथ जायेगी....

प्रिंस : सिमी भी....

रूही : हाँ सिमी भी.... अगर वो साथ नहीं जायेगी तो मैं भी नहीं जाउंगी....

प्रिंस : ममममममम.... ठीक है चलो.....

सिमी : मगर इन कपड़ों में कैसे.....?

प्रिंस : इसका इलाज है मेरे पास....

प्रिंस उन्हें वहां के सब से बड़े मॉल में ले आता है.... वहां अपनी पसंद के कपडे दिला के उन्हें ब्यूटी पार्लर ले जाता है वहां तैयार हो के दोनों जैसे hi बहार आते हैं.... प्रिंस उन्हें देखता hi रह जाता है ख़ास कर के रूही को.... वो इतनी खूबसूरत और हसीं जो लग रही है.....

रूही को इंतज़ार है की शायद अब तो प्रिंस कुछ कहे मगर प्रिंस यहाँ भी कुछ नहीं कहता.... इस बात से रूही का गुस्सा और भी तेज़ हो जाता है.... गुस्से से उसका दिमाग फटने लगता है.....

प्रिंस : यार जल्दी चलो हम आलरेडी लेट हैं.....

प्रिंस की बात सुन के दोनों कार में बैठ जाती हैं....

रूही को इतने गुस्से में देख सिमी....

सिमी : रूही अपने गुस्से को शांत कर वर्ण तेरा मेक उप खराब हो जाएगा.....

रूही : खराब होता है तो होने दे.... जिसे देखना चाहिए जब वो hi मुझे इग्नोर कर रहा है तो फिर इस मेकअप का क्या फायदा.... तू ने देखा नहीं वहां ब्यूटी पार्लर में सब ने मेरी तारीफ की मगर प्रिंस ने एक लफ्ज़ भी नहीं कहा..... इतना भी तो वो कह hi सकता था की मैं अच्छी लग रही हूँ.... मगर नहीं उसे तो बस पार्टी में जाने की जल्दी है... अब बस देखती जा मैं क्या करती हूँ.... कैसे उस सो कॉल्ड पार्टी की बंद बजती हूँ....

रूही को इतने गुस्से में देख सिमी ऊपर वाले से दुआ करने लगती है.... सिमी को पता है की रूही जब गुस्से में आती है तो किसी की नहीं सुनती और वो करती है जो किसी ने कभी सोचा भी नहीं होता है....

सिमी : यार तेरे गुस्से को देख और तेरी बातें सुन के मुझे दर लग रहा है.... अब तू क्या करने वाली है प्लीज ऐसा कुछ मत करने जिस से बाद में तुझे पछतावा हो.....

रूही : तू बस देखती जा मैं क्या करती हूँ.... इस सो कॉल्ड पार्टी को यादगार न बना दिया तो मेरा नाम रूही नहीं....

कुछ hi देर में वो लोग एक बेहद hi आलिशान बंगलो की गेट में एंटर होते हैं.... बंगलो को दुल्हन की तरह सजाया गया है.... वहां की खूबसूरती देखते hi बन रही है....

सिमी : वाओ यार क्या आलिशान बंगलो है....

रूही : हाँ यार सच में.... ये बेहद hi आलिशान और खूबसूरत है.... ये बिलकुल वैसा hi है जैसा की मैं सपने में देखा करती थी.... ये बिलकुल मेरे ड्रीम हाउस जैसा है....

प्रिंस : अरे यहाँ बातें hi करती रहोगी या फिर अंडर भी चलोगी....

रूही : हाँ हाँ चलो न मैंने कब मन किया है.... मैं तो खुद कितनी बेताब हूँ अंडर जाने के लिए.... और साथ hi धमाल करने के लिए....

रूही की बात सुन के सिमी अपना सर पीट लेती है....

प्रिंस : अब तुम्हे क्या हुआ....?

रूही : कुछ नहीं ये सिमी तो ऐसी hi है.... इसे चोरो और अंडर चलो.... हम आलरेडी लेट हैं.....

प्रिंस : हाँ हाँ चलो न....

जैसे hi तीनो बंगलो में एंटर होते हैं उनपे गुलाब के फूलों की बारिश होने लगती है....

सिमी : वाओ यार ऐसा शाही वेलकम मैंने आज तक नहीं देखा....

रूही : हाँ यार सही कहा तू ने.... जिसे शाही वेलकम इन लोगों ने हमारा किया है वैसा कुछ हम को भी करना चाहिए....

सिमी : यार तेरी बातों से मुझे दर लग रहा है.... तू क्या करने वाली है प्लीज मुझे बता दे....

रूही : तू बस देखती जा.... मैं क्या करती हूँ.... इस ग्रैंड पार्टी को और भी ज़्यादा ग्रैंड न बना दिया तो मेरा नाम नहीं....

ये कह के रूही शैतानी हंसी हसने लगती है....

प्रिंस : अरे तुम दोनों वहां कहाँ रुक गयी.... अंडर चलो और पार्टी का मज़ा लो.... मैं बस अभी आया....

ये कह के प्रिंस वहां से चला जाता है....

रूही गुस्से में इधर उधर देखती है.... फिर कुछ सोच के आगे बढ़त जाती है....

सिमी : तू वहां कहाँ जा रही है.... उस तरफ तो बार है....

रूही : ठीक कहा तू ने.... असली मज़ा तो वहीँ है....

सिमी : नहीं यार प्लीज अब ये मत कहना की तू शराब पीने वाली है....

रूही : तू ने तो मेरे दिल की बात कह दी....

सिमी : नहीं यार प्लीज ऐसा मत कर.... शराब पी के तू आउट hi जाती है और फिर वो करती है जिसे देख अच्छे अच्छों की हालत खराब हो जाती है....

रूही : वो hi तो मैं चाहती हूँ.... बस तू देखती जा मैं क्या करती हूँ.... इस पार्टी को ग्रैंड पार्टी न बना दिया तो मेरा नाम भी रूही नहीं....

सिमी : अबे ज़रा सोच जो तू करने वाली है उसके बाद क्या होगा....? क्या इज़्ज़त रह जायेगी प्रिंस की सब के सामने.... मेरी बात मान तो प्लीज ऐसा कुछ मत कर....

मगर रूही उसकी बात कहाँ सुनती है.... गुस्से में वो जा के वहां बैठ जाती है... और वेटर से शराब मांग के पीने लगती है....

वहां हर किसी की नज़र रूही पे hi तिकी हुई है वो इतनी खूबसूरत जो लग रही है.... हर कोई उसकी तारीफ कर रहा है सिवाए प्रिंस को चोर के.... वो गुस्से में प्रिंस को इधर उधर ढूंढ रही है मगर प्रिंस उसे कहीं नज़र नहीं आ रहा है.... जिस से उसका गुस्सा और भी ज़्यादा ते हो रहा है....

सिमी उसे रोकने की बहुत कोशिश करती है मगर रूही है की उसकी बात सुन ने को तैयार hi नहीं....

तभी वहां गाना बजने लगता है और फिर शुरू होता है रूही का असली धमाल.... वो शराब की बोतल हाथ में ले के डांस करने लगती है साथ hi गाना भी गाने लगती है....

अभी तो पार्टी शुरू हुई है....

दरवाजे को कुण्डी मारो

कोई न बच जाने पाए

दज को समझा दो म्यूजिक

गलती से भी रुक न जाए

देगा देगा सा जो फील करे

वो जाके दो रेड बैल जातक ले

और जिसको डांस नहीं करना

वो जाके अपनी भैंस चराये

बस आज को रात है

कल से वही सियापे हैं

जी भर के नाच लो

न घर वाले न माँ पे हैं

सब पे अपना राज़ है

डरने की क्या बात है

यह तोह बस शुरुआत है

यह तोह बस शुरुआत है

अरे अभी तोह पार्टी शुरू हुई है..

अरे अभी तोह पार्टी शुरू हुई है…

यह तोह बस शुरुआत है

बाद में न कहना कुछ भी

पहले Hi दे दूँ वार्निंग

पार्टी चलेगी टिल सिक्स इन थे मॉर्निंग

जी भर के नाच ले बेबी

नाच नाच के तोड़ दे संदल

आंटी पुलिस बुला लेगी

तोह यारा तेरा कल लेगा हैंडल

सूचना जनहित में जारी

जिसको अपनी जान प्यारी

चुपचाप वो फ्लोर पे आये

फ्लोर पे आके नाचे गए

नखरे वाखरे न दिखाए

शर्म को कर दे Bye Bye

माइकल जैक्सन वाले दो तीन

एक्शन करके दिखाए

पार्टी करनी है

हम पार्टी करेंगे

किसी के Pa-Pa से नई डरेंगे

हम है बेटे हम पाकि पानी काम

हमे रोकक के दिखाए

जिसकी बूम में है दम

मस्ती है माहौल में,

छायी इक खुमारी है

सारे थक के बैठ गए

पर अपनी पार्टी जारी है

मस्ती है माहौल में,

छायी इक खुमारी है

सारे थक के बैठ गए

पर अपनी पार्टी जारी है

अरे पन्गा तो कोई सुरु करे

अपनी भी गरारी है

जिमी छु की नोक पैर राखी दुनिया साड़ी है

अरे अभी तोह पार्टी शुरू हुई है

अरे अभी तोह पार्टी शुरू हुई है

जिसको डांस नहीं करना वो

जाके अपनी भैंस चराये.....

गाना ख़तम होते hi सब तालियां बजने लगते हैं.... ठीक तभी वहां प्रिंस आ जाता है और मिछ में गाना गाते हुए रूही की तरफ बढ़ने लगता है....

सिमी : वाओ यार देख प्रिंस कितना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम लग रहा है....

रूही : हाँ यार.... इसे देख के दिल छह रहा है की इसे सीने से लगा के जी भर के प्यार करूँ.... मगर नहीं.... आज इसने मुझे बर्थडे विश न करके बहुत गलत किया है..... इसे अपने दोस्त का बर्थडे तो याद है मगर अपनी बीवी का नहीं.... देखो कैसे गाने गए गए के उसे बर्थडे विश कर रहा है.... एक बार वो मेरे सामने आ जाए जिसे प्रिंस विश कर रहा तब देख मैं क्या हाल करती हूँ उसका.... आज के बाद उसे बर्थडे के नाम से दर न लगने लगे तो मेरा नाम बदल देना....

प्रिंस : हैप्पी बर्थडे तो यू....

हैप्पी बर्थडे तो यू....

हैप्पी बर्थडे...

हैप्पी बर्थडे...

हैप्पी बर्थडे डे तो यू....

ये कहते हुए प्रिंस रूही के पास आता है और उसे अपने सीने से लगा के बर्थडे विश करता है....

प्रिंस : मान्य मान्य हैप्पी Return's ऑफ़ थे डे माय लवली वाइफ....

रूही हैरत से प्रिंस को देख रही है..... वो कुछ कहने hi वाली होती है की तभी उसके घर वाले उसके कॉलेज के फ्रेंड्स और ऑफिस के सभी लोग वहां आ जाते हैं और उसे विश करने लगते हैं.....

ये देख ख़ुशी के मारे रूही की आँखें नाम हो जाती हैं....

रूही : तुम्हे पता था की आज मेरा बर्थडे है....

प्रिंस : तुम्हारे बारे में जितना मैं जानता हूँ उतना तो तुम भी नहीं जानती.....

रूही : तो फिर तुमने मुझे सबसे पहले विश क्यों नहीं किया....?

प्रिंस : मैंने तो तुम्हे कल रात hi विश किया था.... ये देखो....

ये कह के प्रिंस अपने मोबाइल में एक वीडियो प्ले करके उसे दिखता है.... जिसमे रूही बीएड पे गहरी नींद में सोई हुई है और प्रिंस ठीक 12 बजे उस को बर्थडे विश कर रहा है.... ये देख रूही बेहद खुश हो जाती है....

रूही : तुमने मुझे उठाया क्यों नहीं....

प्रिंस : उठा देता तो फिर ये सरप्राइज कैसे देता.... कैसा लगा मेरा सरप्राइज....?

रूही : ये मेरी लाइफ का बेस्ट सरप्राइज है.... और साथ hi बेस्ट बर्थडे भी.... आज मैं इतनी खुश हूँ इतनी खुश की मैं बता नहीं सकती....

प्रिंस : तुम्हारी ख़ुशी के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ....

रूही : कुछ भी....

प्रिंस : हाँ कुछ भी....

ये कह के प्रिंस उसके मासूम चेहरे को प्यार से देखने लगता है....

तभी....

सिमी : यार तुम दोनों न कहूं भी शुरू हो जाते हो.... अपना ये रोमांस बाद में कर लेना फिलहाल केक काटो सब इंतज़ार कर रहे हैं....

सिमी की बात सुन के रूही चीड़ के कहती है....

रूही : तुझे बड़ी जल्दी है... तू hi काट ले केक....

सिमी : अरे यार नाराज़ क्यों हो रही है.... मैं तो ऐसे hi कह रही थी....

फिर वहां केक आता है रूही केक काट के सबसे पहले प्रिंस को खिलाती है और फिर बाकी सबको.... एक एक कर के सब रूही को बर्थडे विश करते हैं और गिफ्ट्स भी देते हैं... सिर्फ प्रिंस को चोर के....

सिमी : ये क्या प्रिंस सब ने रूही को गिफ्ट दिया.... मगर तुमने कुछ नहीं दिया....

रूही : दिया न... और वो भी सब से ख़ास गिफ्ट.... इतनी आलिशान सरप्राइज बर्थडे पार्टी जो दी.... और वैसे भी प्रिंस खुद मेरे लिए सब से बड़ा गिफ्ट है.... जिसे पा के मैं बेहद खुश हूँ....

सिमी : ये तो कोई गिफ्ट नहीं....

प्रिंस : ये रहा रूही का गिफ्ट....



प्रिंस रूही को जो गिफ्ट देता है उसे देख रूही के साथ साथ वहां मौजूद सभी चौंक जाते हैं.....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....



अपडेट 41

रूही : तुझे बड़ी जल्दी है... तू hi काट ले केक....

सिमी : अरे यार नाराज़ क्यों हो रही है.... मैं तो ऐसे hi कह रही थी....

फिर वहां केक आता है रूही केक काट के सबसे पहले प्रिंस को खिलाती है और फिर बाकी सबको.... एक एक कर के सब रूही को बर्थडे विश करते हैं और गिफ्ट्स भी देते हैं... सिर्फ प्रिंस को चोर के....

सिमी : ये क्या प्रिंस सब ने रूही को गिफ्ट दिया.... मगर तुमने कुछ नहीं दिया....

रूही : दिया न... और वो भी सब से ख़ास गिफ्ट.... इतनी आलिशान सरप्राइज बर्थडे पार्टी जो दी.... और वैसे भी प्रिंस खुद मेरे लिए सब से बड़ा गिफ्ट है.... जिसे पा के मैं बेहद खुश हूँ....

सिमी : ये तो कोई गिफ्ट नहीं....

प्रिंस : ये रहा रूही का गिफ्ट....

प्रिंस रूही को जो गिफ्ट देता है उसे देख रूही के साथ साथ वहां मौजूद सभी चौंक जाते हैं.....?????

अब आगे....

बहार गार्डन में केक काटने के बाद सब मस्ती में नाचने लगते है.... हर तरफ मस्ती और धमाल का माहौल है.... सभी मस्ती में झूम रहे हैं.... फिर जैसे जैसे रात गहरी होती जाती है एक एक करके सब जाने लगते हैं.... सिर्फ घर वाले hi बच जाते हैं.....

सिमी : ये क्या प्रिंस सब ने रूही को गिफ्ट दिया.... मगर तुमने कुछ नहीं दिया....

रूही : दिया न... और वो भी सब से ख़ास गिफ्ट.... इतनी आलिशान सरप्राइज बर्थडे पार्टी जो दी.... और वैसे भी प्रिंस खुद मेरे लिए सब से बड़ा गिफ्ट है.... जिसे पा के मैं बेहद खुश हूँ....

प्रिंस : ये रहा रूही का गिफ्ट....

कम्मो रूही की बुआ : ये क्या..... ये तो एक मामूली सा गुलाब का फूल है और वो भी कांच का और साथ में ये क्या है.... देखो तो.... छोटा सा दिल भी है..... क्या भाभी.... आप को और कोई नहीं मिला.... जो आप ने अपनी लाड़ली बेटी रूही का निकाह इस गरीब फक्कड़ के साथ कर दिया.... काम से काम अपने स्टेटस का तो ख़याल किया होता.... कहाँ हम इतने पैसे वाले और कहाँ ये गरीब फक्कड़.... मैंने तो कितना कहा था आप से की और किसी से नहीं तो मेरे बेटे से hi करवादो रूही का निकाह.... मगर आप न मानी.... आपको तो पता hi है... हमारी जायदाद पूरे 30 करोड़ है.... 30 करोड़.... मेरा बीटा इसे काम से काम असली सोने का 10 टोले का हार तो गिफ्ट में दे hi देता.... इसकी तरह नहीं.... जिसके पास अपनी बीवी को देने के लिए पैसे भी नहीं हैं.... देखो तो 100 रस का कांच का गुलाब लाया है....

कम्मो की बात सुन के प्रिंस के साथ साथ रूही को भी बहुत गुस्सा आता है..... प्रिंस किसी तरह अपने गुस्से को शांत कर लेता है मगर रूही कहाँ चुप रहने वाली थी.... बुआ ने उसके प्यार को जो बुरा भला कहा था....

रूही बेहद गुस्से में : खबरदार बुआ जो आपने मेरे प्रिंस के बारे में एक भी गलत लफ्ज़ अपने मुँह से निकाला तो....

बुआ : प्रिंस.... बड़ी आयी प्रिंस कहने वाली.... कहाँ का प्रिंस है ये.... हाँ.... ये देख इस कांच के मामूली से गुलाब को इसकी औकाद 100 रस की है.... ये कोई प्रिंस नहीं है....

रूही : बस हो गया बुआ.... एक और लफ्ज़ नहीं.... मैंने कहा न बस....

बुआ : लो जी भलाई का तो ज़माना hi नहीं है.... लोगों को आइना दिखाओ तो उनको बुरा लगता है.... मुझे क्या ज़रुरत है कुछ भी कहने की.... और वैसे भी मेरे चुप रहने से सच बदल नहीं जाएगा.... ये गरीब फक्कड़ हमारी तरह अमीर नहीं बन जाएगा.... ये ले रख ले अपने इस गरीब फक्कड़ को और उसके इस मामूली से गिफ्ट को....

ये कह के बुआ प्रिंस का दिया हुआ गुलाब जान के उछाल देती है जो रूही के करीब जा के गिरता है और गिरते hi टूट जाता है....

गुलाब के टूट ते hi रूही का दिल तड़प उठता है.... प्रिंस का उसे दिया हुआ पहला गिफ्ट टूट के बिखर चूका है.... जिसे देख रूही की आँखों में आंसू से साथ साथ गुस्से की लाली भी च जाती है.... वो गुस्से में कुछ कहने hi वाली होती है की तभी.....

सिमी : अरे ये क्या इसमें तो चाबियां हैं....

बुआ : लो जी और सुनो.... ये चाबियां लाया है गिफ्ट देने के लिया....

रूही गुस्से में : Buaaaaaaaaaaa....

बुआ : क्या बुआ.... बुआ कर रही है.... देख गौर से देख अपने सो कॉल्ड प्रिंस के दिए हुए गिफ्ट को.... ये मामूली सी चाबियां लाया है.... चाबी तो मेरे पास भी है वो भी एक आलिशान घर की.... बेहद मेंगी कार की.... ये देख.... अब पूछ अपने प्रिंस से की इसने जो ये चाबियां दी हैं वो किस घर की हैं.... कहीं किसी झोपड़े की तो नहीं....

बुआ की बातें सुन के प्रिंस के सब्र का बाँध टूट जाता है.... और वो कहने पे मजबूर हो जाता है....

प्रिंस : ये चाबियां जिस घर की हैं वो झोपड़ा है या फिर कुछ और ये तो आप hi बता सकती है....

बुआ : लो जी और सुनो.... चाबी ये खुद लाया है और पूछ मुझसे रहा है.... चल ठीक है अगर तू यही चाहता है तो यही सही.... तू वो घर दिखा जिसकी ये चाबियां हैं उसे देख के मैं तो क्या यहाँ का कोई भी शख्स ये आराम से कह देगा की ये चाबियां किसी झोपड़े की hi हैं....

प्रिंस रूही का हाथ पकड़ के उसे अपने साथ ले जाता है और बंगलो के गेट के पास खड़ा कर देता है फिर उसके हाथ में चाबी दे के उसे लॉक खोलने को कहता है....

रूही हैरत से उसकी तरफ देखती है.... प्रिंस उसे फिर से उस आलिशान बंगलो के ताले को खोलने को कहता है....

रूही चाबी को ताले में ढाल के उसे खोल देती है.... जिसे देख वहां खड़े हर शख्स को बड़ी हैरानी होती है.....

प्रिंस : ये कोई आम महल नहीं बल्कि तुम्हारे सपनो का वो महल है.... जिसका सपना तुम बचपन से देखती आ रही हो.... 50 कमरों का एक आलिशान महल.... जिसकी कीमत 650 करोड़ है.... आज से ये महल तुम्हारा है....

प्रिंस की बात सुन के सब चौंक जाते हैं....

रूही : तुम मज़ाक कर रहे हो न....

सिमी : और नहीं तो क्या....? ये मज़ाक hi तो है....

प्रिंस : जी नहीं ये मज़ाक नहीं है बल्कि तुम्हारा वो हसीं ख्वाब है जिसे तुम हकीकत में जीना चाहती थी.... आज मैंने तुम्हारी उस चाहत को पूरा करने की कोशिश की है.... इस कोशिश में मैं कितना कामियाब हुआ ये मुझे पता नहीं....

रूही : ये सच है.... ऐसे hi आलिशान महल में रहने की मेरी बचपन से खवाहिश थी.... मेरा ख्वाब था की मैं प्रिंसेस की तरह 50 कमरों के आलिशान महल में रहूं.... और मेरा वो ख्वाब तुम ने आज पूरा कर दिया.... आज मैं इतनी खुश हूँ की बता नहीं सकती....

प्रिंस : ये बंगलो क्या चीज़ है.... तुम दुनिया के किसी भी बंगलो की तरफ बस इशारा कर दो.... पल भर में उसे तुम्हारे नाम कर दूंगा.....

रूही : सच्ची....

तभी बुआ बीच में बोल पड़ती है....

बुआ : और नहीं तो क्या.....? भला दूसरे के घर को अपना बोलने में वक़्त hi कितना लगता है.... बड़ा आया ये कहने वाला.... तुम दुनिया के किसी भी बंगलो की तरफ बस इशारा कर दो.... पल भर में उसे तुम्हारे नाम कर दूंगा..... अबे तेरी औकाद भी है इस बंगलो की फोटो तक खरीदने की....

अभी बुआ ने इतना hi कहा था की तभी एक साथ 2 झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ते हैं....

Chataaaaaaaaaaaaaak..... Chataaaaaaaaaaaaaak......

एक थप्पड़ बुआ को रुखसाना ने मारा और दूसरा ज़रा ने.... दोनों से प्रिंस की बेइज़्ज़ती बर्दाश्त न हुई और दोनों ने मिल के बुआ के गाल को लाल कर दिया.... रूही भी कहाँ चुप रहने वाली थी..... बुआ ने उसके प्यार उसके शौहर प्रिंस को बुरा भला कहा था.... ये वो कैसे बर्दाश्त करती उसने भी आगे बढ़ के बुआ की जैम के धुनाई कर दी..... कुछ hi देर में बुआ की हालत बाद से बत्तर हो गयी.... प्रिंस रूही को रोकने की लाख कोशिश कर रहा है मगर रूही है की रुकने को तैयार hi नहीं....

प्रिंस : ये क्या कर रही हो रूही.... ये तुम्हारी बुआ है....

रूही : बुआ है तो क्या हाँ..... इन्हे किसने हक़ दिया की ये मेरे प्रिंस के बारे में कुछ भी कहे.... इनकी हिम्मत कैसे हुई तुम्हारे बारे में इतनी घटिया बात कहने की.... आखिर ये जानती hi क्या है तुम्हारे बारे में..... इनकी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्रिंस का लाया हुआ बेशकीमती तोहफा तोड़ने की..... वो गुलाब और उस से जुड़ा वो दिल मेरे लिए मेरी ज़िन्दगी का सबसे कीमती तोहफा था जिसे इन्होने तोड़ दिया.... और न जाने तुम्हे क्या कुछ नहीं कहा.... आज मैं इन्हे छोड़ूंगी.... इनकी वो हालत करुँगी की ये फिर कभी तुम से कुछ कहने की हिम्मत नहीं करेंगी....

ये कह के रूही एक बार फिर से बेहद गुस्से में बुआ पे टूट पड़ती है....

बड़ी मुश्किल से प्रिंस रूही को बुआ से अलग करके कास के अपने सीने से लगा लेता है.... प्रिंस के सीने से लिपट ते hi धीरे धीरे रूही का गुस्सा शांत हो जाता है....

इधर रूही का गुस्सा तो शांत हो गया मगर ज़रा अभी भी बेहद गुस्से में है... गुस्से से उसका दिमाग पहात रहा है.... वो आगे बढ़ के बुआ को पीटने hi वाली होती है की तभी प्रिंस उसे रोक देता है....

ज़रा : नहीं प्रिंस चोर दो मुझे..... आज मैं इसे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी....

प्रिंस : ज़रा ये कोई गैर नहीं.... बल्कि रूही की बुआ है....

ज़रा : बुआ है तो क्या ये कुछ भी कहेगी और हम सुन लेंगे.... नहीं प्रिंस कभी नहीं.... तुम सुन सकते हो मगर मैं नहीं.... मेरा सामने कोई तुम्हारे बारे में कुछ भी कह दे और मैं कड़ी सुनती रहूं ये मुमकिन नहीं.... और वैसे भी ये जानती क्या है तुम्हारे बारे में.... इसकी हिम्मत कैसे हुई तुम्हे प्रिंस को गरीब फक्कड़ कहने की.... इसकी औकाद क्या है.... तुम्हारे सामने इनकी औकाद समुद्र की एक बूँद के बराबर भी नहीं.... कहाँ तुम दुनिया के सब से अमीर तरीन इंसान और कहाँ ये लोग....

ज़रा की बात सुन के वहां मौजूद हर एक शख्स चौंक जाता है....

सब के मुँह से एक hi लफ्ज़ निकलता है...

Kyaaaaaaaaaaa.....?????

ज़रा : जी हाँ.... ये सच है.... प्रिंस इस दुनिया के 5 सबसे राईस इंसानो में से एक है.... इसके पास इतनी दौलत है जितनी कोई सोच भी नहीं सकता.... ये चाहे तो इस देश को खरीद सकता है... फिर भी इसकी दौलत में कोई कमी नहीं आएगी.... इस जैसे हज़ारो बंगलो है इस दुनिया में जिनका मालिक प्रिंस है.... और इसने प्रिंस के बारे में ऐसा कहा.... आज मैं इसकी वो हालत करुँगी की ये....

प्रिंस : ज़रा तुम ऐसा कुछ नहीं करोगी....

ज़रा : प्रिंस तुम मुझे रोक हो.... मगर क्यों....?

प्रिंस : हाँ मैं तुम्हे रोक रहा हूँ क्यों की मैं नहीं चाहता की तुम अपने से बड़ी औरत पे हाथ उठाओ.... और ये कोई गैर नहीं बल्कि रूही की बुआ है....

रूही : बुआ है तो इसका मतलब ये नहीं की ये कुछ भी कहे....

प्रिंस : इन्होने जो भी कहा वो इस लिए कहा क्यों की इन्हे तुम्हारी फ़िक्र है....

रूही : फ़िक्र माय फुट.... इन्हे किसी की फर्क नहीं ये तो एक नंबर की मतलबी और स्वार्थी औरत है.... लोगों को बिना बात के ज़लील करना इनकी आदत है.... और आज भी इन्होने वो hi किया... इन्होने तुम्हारे.... मेरे प्रिंस के बारे में गलत कहा... जो मैं कभी बर्दाश्त नहीं कर सकती....

प्रिंस : माना की इन्होने जो कहा वो सही नहीं था.... फिर भी ये बरी हैं और सब से बड़ी बात ये की ये तुम्हारी बुआ हैं.... इन्हे पूरा हक़ है कुछ भी कहने का.... वैसे भी इन्हे मेरे बारे में पता नहीं था.... जब ये पहली बार मुझसे मिली... तब इन्होने जो समझा वो कह दिया....

रूही : वो hi तो मैं कह रही हूँ की जब ये तुम्हे जानती hi नहीं तो फिर उन्होंने तुम्हारे बारे में वो सब कहा hi क्यों....?

प्रिंस : जो इन्होने कहा उसे बदला तो नहीं जा सकता मगर हाँ भुलाया तो जा hi सकता है न.... और वैसे भी आज तुम्हारा बर्थडे है.... और मैं नहीं चाहता की मेरी वजह ये खराब हो.... तो जो बीत गया उसे भूल जाओ.....

रूही : ये तुम क्या कह रहे हो प्रिंस....?

प्रिंस : वो hi जो मुझे कहना चाहिए.... प्लीज अभी जो हुआ उसे भूल जाओ.... आज मेरी प्रिंसेस का बर्थडे है और मैं नहीं चाहता की किसी भी वजह से वो खराब हो.... चलो अब सब अपना गुस्सा थूक दो और खाना खाने चलो.... बुआ रूही और ज़रा की तरफ से मैं आपसे माफ़ी मांगता हूँ.... प्लीज इनको माफ़ कर दीजिये....

प्रिंस की बात सुन के बुआ की आँखें नाम हो जाती हैं....

बुआ : ये तुम क्या कह रहे हो प्रिंस.... माफ़ी तो मुझे मांगनी चाहिए... मैंने तुम्हे क्या कुछ नहीं कहा.... प्लीज मेरी इस गलती के लिए मुझे माफ़ कर दो....

प्रिंस : नहीं बुआ माफ़ी मांग के मुझे शर्मिंदा मत कीजिये.... आप बड़ी हैं और बड़े माफ़ी नहीं माँगा करते... बल्कि दुआ दिया करते हैं.... आप हम दोनों को दुआ दीजिये... और खाना खाने चलिए....

बुआ आगे बढ़ के प्रिंस को अपने सीने से लगा लेती है.... और उसे दुआ देने लगती है....

प्रिंस : चलिए सब मिल के खाना कहते हैं....

प्रिंस रूही का हाथ पकड़ के उसे अपने साथ ले जाता है डाइनिंग टेबल पे अपने पास बैठता है.... डाइनिंग टेबल इतना बड़ा है की पूरी फॅमिली के बैठने के बाद भी वहां बहुत से लोगों के बैठने की जगह है.... और सब से बड़ी बात ये की डाइनिंग टेबल पे एक से बढ़ के डिशेस राखी हुई हैं और वो सब की सब रूही की फवौरीते है.... जिसे देख सब बेहद खुश हो जाते हैं.... प्रिंस अपने हाथ से निवाला बना के प्यार से रूही को खिलता है.... फिर दूसरा निवाला बनता है और उसे रूही के मुँह की तरफ बढ़ता है....



तभी सिमी जो कहती है उसे सुन के रूही चीड़ जाती है....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 42

बुआ आगे बढ़ के प्रिंस को अपने सीने से लगा लेती है.... और उसे दुआ देने लगती है....

प्रिंस : चलिए सब मिल के खाना कहते हैं....

प्रिंस रूही का हाथ पकड़ के उसे अपने साथ ले जाता है डाइनिंग टेबल पे अपने पास बैठता है.... डाइनिंग टेबल इतना बड़ा है की पूरी फैमी के बैठने के बाद भी वहां बहुत से लोगों के बैठने की जगह है.... और सब से बड़ी बात ये की डाइनिंग टेबल पे एक बढ़ के डिशेस राखी हुई हैं और वो सब की सब रूही की फवौरीते है.... जिसे देख सब बेहद खुश हो जाते हैं.... प्रिंस अपने हाथ से निवाला बना के प्यार से रूही को खिलता है.... फिर दूसरा निवाला बनता है और उसे रूही के मुँह की तरफ बढ़ता है....

तभी सिमी जो कहती है उसे सुन के रूही चीड़ जाती है....?????

अब आगे......

सिमी : है प्रिंस मुझे भी इतने प्यार से खाना खिलाओ..... आफ्टर आल मैं तुम्हारी साली हूँ.....

रूही : चुप चाप खाना खा.... ज्यादा बातें न बना....

रूही की बात सुन के और उसे गुस्से में देख सिमी आगे कुछ नहीं कहती चुप चाप खाना खाने लगती है.....

खाने के बाद सब वहां से जाने लगते हैं मगर प्रिंस उन्हें रोक लेता है....

प्रिंस : रात काटी हो गयी है आज आप सब यहीं रुक जाइये....

रुखसाना : नहीं प्रिंस ये क्या कह रहे हो.... ये हमारी बेटी का घर है और बेटी के घर पे मइके वाले नहीं रुका करते....

प्रिंस : आप भी न माँ.... मैं आपको माँ कह सकता हूँ न.....

रुखसाना : हाँ हाँ क्यों नहीं.... मैंने तो उसी दिन कहा था की तुम मेरे बेटे हो.....

प्रिंस : तो जब आप मुझे अपना बीटा कह रही हैं तो फिर बेटे की बात भी मान लीजिये....

रुखसाना : वो तो ठीक है मगर बेटी के घर कैसे.....

प्रिंस : बेटी के घर नहीं मगर बेटे के घर पे उसकी माँ और साथ में उसका परिवार रुक सकता है न.... इस से न तो रीति रिवाज को कोई प्रॉब्लम होगी और न hi दुनिया वालों को.... और वैसे भी दुनिया वालों से ज़्यादा मैं अपनों की परवाह करता हूँ.... अगर आप मुझे अपना बीटा मानती हैं तो यहीं रुकेंगी.... अब ये आप के ऊपर है की आप क्या चाहती हैं.... मैं आपको किसी भी बात के लिए मजबूर नहीं करूँगा.... मगर हाँ आपके यहाँ से जाते hi मुझे इस बात की तकलीफ ज़रूर होगी की मैं कितना बदनसीब हूँ जो माँ को पा के भी उन्हें न पा सका.... उसके प्यार से उसकी ममता से महरूम रह गया.... मेरी किस्मत में शायद माँ का प्यार लिखा hi नहीं है.... तभी तो आप मुझे यूँ चोर के जा रही हैं.... आप को जाना है तो जाइये.... मैं आपको मजबूर नहीं करूँगा.... ये आपकी मर्ज़ी है.... जब आप अपनी ममता मुझे देना hi नहीं चाहती तो मैं कर भी क्या सकता हूँ.... आप का प्यार छह के भी नहीं पा सकता....

ये कहते कहते प्रिंस की आँखें नाम हो जाती है..... जिसे देख वहां मौजूद सभी का दिल तड़प जाता है.... रुखसाना आगे बढ़ के प्रिंस को अपने सीने से लगा लेती है.....

रुखसाना : तू यही चाहता है न की मेरे साथ साथ बाकी सब भी यहीं तेरे साथ रहें...

प्रिंस : हाँ....

रुखसाना : तो ठीक है मान ली तेरी बात.... मगर फिर दोबारा कभी ऐसा मत कहना की तेरी माँ नहीं है.... वर्ण बहुत मारूंगी....

प्रिंस : जब तक आप मेरे साथ रहेंगी मैं कभी नहीं कहूंगा की मेरी माँ नहीं है लेकिन आप को भी एक वादा करना होगा की आप हमेशा मेरे साथ hi रहेंगी.... कभी मुझे चोर के नहीं जाएंगी....

रुखसाना प्रिंस की बातों में आ के हाँ कह देती है.....

रुखसाना : मैं वादा करती हूँ... मैं कभी तुझे चोर के नहीं जाउंगी... हमेशा hi तेरे साथ रहूंगी..... हम सब तेरे साथ रहेंगे....

तभी....

रहना : भाभी ये आपने क्या किया.....? बस आज रात की बात थी और आपने प्रिंस से हमेशा का वादा कर लिया....

रुखसाना को अपनी गलती का एहसास होता है वो कुछ कहने hi वाली होती है की तभी....

प्रिंस : माँ आपने वादा किया है... अब आप न hi अपना वादा नहीं तोड़ सकती हैं और न hi मुझे चोर के जा सकती हैं.... अगर आप ने अपना वादा तोड़ के जाना का सोचा तो आप अपने बेटे का मारा मुँह देखेंगी....

प्रिंस के मुँह से मरने की बात सुनते hi सब का दिल धड़क जाता है ख़ास कर के रूही है....

रुखसाना : खबरदार जो तू ने दोबारा ऐसा कहा तो.... मरे तेरे दुश्मन.... तुझे मेरी भी उम्र लग जाए....

प्रिंस : मैंने कहाँ कुछ कहा वो तो मुझे लगा की....

रुखसाना : क्या लगा हाँ.... यही की मैं तुझे चोर के चली जाउंगी.... नहीं कभी नहीं.... अब तू जाने को कहेगा तब भी मैं तुझे चोर के कहीं नहीं जाउंगी.... यहीं रहूंगी... तेरे साथ हमेशा हमेशा के लिए.... अब खुश....

प्रिंस : एक दम खुश.... मैं बता नहीं सकता आज मैं कितना खुश हूँ.... आज भले hi बर्थडे मेरी प्रिंसेस का है... मगर सबसे कीमती तोहफा मुझे मिला है.... मुझे माँ मिल गयी हमेशा हमेशा के लिया.... चलिए मैं आप सब को आप का रूम दिखता हूँ....

सब अपना रूम देख बेहद खुश हो जाते हैं.... और सब से ज़्यादा खुश तो इस वक़्त रूही है.... उसका रूम इस महल का सब से बड़ा और ख़ास रूम है.... जिसे बेहद hi कीमती और आलिशान चीज़ों से सजाया गया है... दुनिया की हर बेशकीमती चीज़ इस रूम में मौजूद है.... ख़ुशी में रूही कास के प्रिंस के सीने से लिपट जाती है..... प्रिंस भी उसे प्यार से अपनी बाहों में समेत लेता है.... फिर कुछ देर बाद जब दोनों को इस बात का एहसास होता है की वो एक दूसरे की बाहों में लिपटे हुए हैं.... तब वो शर्मा के फ़ौरन एक दूसरे से अलग हो जाते हैं... और बिना कुछ कहे शरमाते हुए बीएड पे एक दूसरे की तरफ पीठ कर के सो जाते हैं....

अगली सुबह....

डाइनिंग टेबल पे नाश्ता ठीक उसी तरह सजा हुआ है जिस तरह रात को खाना सजा हुआ था.... और तो और सुबह का नाश्ता भी रूही की पसंद का hi है.... नाश्ते के बाद सब तैयार हो के अपने अपने काम पे जाने के लिए बहार निकलने लगते हैं की तभी प्रिंस उन्हें रोक के अपने साथ महल के साइड में एक तरफ ले जाता है.... फिर सामने दिवार पे लगे बटन को दबाता है.... बटन के दबाते hi सामने की दिवार अपने आप एक तरफ हटने लगती है....

प्रिंस सब को अंडर चलने को कहता है.... जैसे hi सब अंडर जाते हैं सामने का नज़ारा देख सब के होश उड़द जाते हैं.... सब के मुँह से एक साथ वाओ.... निकलता है..... सामने एक से बढ़ के एक मेंगी से मांगी कार और बाइक है.... सब बस उसे देखते hi रह जाते हैं.....

रूही : वाओ.... प्रिंस.... ये तो सब एक से बढ़ के एक हैं.... वैसे ये हैं किसकी....?

प्रिंस : कल तक ये सब मेरी थी मगर अब से ये सब तुम्हारी है.....

रूही : क्याआआआ.... ये सब मेरी है.... साड़ी....

प्रिंस : हाँ.... साड़ी की साड़ी... तुम्हारी है.... बाइक भी और कार भी.....

तभी पीछे से सिमी कहती है....

सिमी : काश मेरी दुआ क़ुबूल हो जाए और इन में से एक कार मुझे भी मिल जाए....

प्रिंस मुस्कुराते हुए : समझो की उपरवाले ने तुम्हारी दुआ सुन ली.... तुम्हे जो कार पसंद हो तुम उसे मेरी तरफ से अपना गिफ्ट समझो.... और हाँ वो दो कार मेरी दोनों माँ के लिए है.... (रुखसाना और रहना)

तभी रुखसाना और रहना एक साथ बोल पड़ती हैं...

इसकी क्या ज़रुरत है....

प्रिंस : ज़रुरत है.... क्यों की मैं चाहता हूँ की आज से मेरी दोनों माँ अपनी अपनी कार को इस्तेमाल करे.... और ये मेरी तरफ से मेरी प्यार माँ को एक तोहफा है....

मगर ये तो कितनी कीमती हैं... हम इतना कीमती तोहफा नहीं ले सकते.....

प्रिंस : ये तोहफा तो आपको लेना hi पड़ेगा.... आफ्टर आल मैं आप दोनों का बीटा जो हूँ.... और आप दोनों अपने बेटे को मन नहीं कर सकती... नहीं तो मैं नाराज़ हो जाऊँगा.....

अच्छा बाबा तू नाराज़ मत हो.... हम तेरा दिया हुआ तोहफा ले लेते हैं....

प्रिंस : ये हुई न बात....

फिर सब अपनी अपनी पसंद की कार ले के अपने काम पे निकल जाते हैं.... रूही भी अपनी पसंद की कार में जा के बैठ जाती है और उसे ड्राइव करके प्रिंस के पास ला के रोकती है और उसे अंडर बैठने का इशारा करती है... प्रिंस के बैठते hi दोनों चल पड़ते हैं... ऑफिस की तरफ....

इसी तरह कुछ दिन बीत जाते हैं.... और वो दिन करीब आने लगता है जब प्रिंस अपने प्यार अपनी जान अवनि से मिलने मुंबई जाने वाला है.... इसमें अब बस 3 दिन बच गए हैं.... इस बात को ले के रूही काफी बेचैन बानी हुई है.... उसे समझ नहीं आ रहा है की आखिर करे तो क्या करे....? अभी तक प्रिंस ने उसे प्रोपोज़ भी नहीं किया है.... और रूही ये चाहती है की अवनि के पास जाने से पहले प्रिंस उसे प्रोपोज़ कर के उसे दिल से अपना बना ले.... पति पत्नी के रिश्ते में तो दोनों पहले hi बांध चुके हैं... अब बस उनके दिलों का मिलना बाकी है....

रोज़ की तरह आज भी प्रिंस रूही को साथ लेके दोपहर का खाना खाने होटल में जाता है.... वहां स्पेशल टेबल पे रूही को बैठने को कह के वो वाशरूम की तरफ चल देता है...

प्रिंस जब उस स्पेशल टेबल पे वापिस आता है तो देखता है की रूही किसी लड़के को सीने से लगा के ी लव यू कह रही है.... और वो लड़का भी उसे ी लव यू तू स्वीटहार्ट कह रहा है.... रूही को किसी और की बाहों में देख और उसके मुँह से किसी गैर लड़के के लिए ी लव यू सुन के प्रिंस के होश उड़द जाते हैं.... उसे एक झटका सा लगता है... साथ hi गुस्सा भी आने लगता है.....

प्रिंस गुस्से में : रूही.....

प्रिंस की आवाज़ सुन के रूही फ़ौरन उस लड़के से अलग हो जाती है....

रूही : ओह प्रिंस तुम.... तुम यहाँ कब आये....?

प्रिंस : उसी वक़्त जिस वक़्त तुम इस लड़के को सीने से लगा के ी लव यू कह रही थी.....

रूही : ओह... तो इसका मतलब तुम ने सब देख लिया....

प्रिंस : हाँ देख भी लिया और सुन भी लिया....

रूही : वो मैं तुम्हे बताने hi वाली थी मगर.... खैर चलो अच्छा hi हुआ की मेरे बताने से पहले hi तुमने सब देख लिया.... और तुम्हे सब पता चल गया.... अब जब तुम्हे पता चल hi गया है तो चलो मैं तुम्हे अपने प्यार से मिलवा दूँ.... ये है सलमान.... मेरा बॉयफ्रेंड.... जिसे मैं दिल ो जान से चाहती हूँ....

प्रिंस : एक शादीशुदा औरत हो के अपने शौहर के सामने किसी और के सीने से लिपट के उस से अपने प्यार का इज़हार करके और उसे अपना बॉयफ्रेंड बताते तुम्हे ज़रा भी शर्म नहीं आ रही.....

रूही : इसमें गलत क्या है....? प्यार करने में क्या बुराई है....?

प्रिंस : न hi प्यार में कोई बुराई है और न hi प्यार करने में.... बल्कि एक शादीशुदा औरत होक अपने शौहर के सामने किसी और से प्यार का इज़हार करने में बुराई है....

रूही : अच्छा जी.... तुम करो तो सही और मैं करूँ तो गलत.... ये कहाँ का इन्साफ है.... जिस तरह शादीशुदा होने के बावजूद अपनी बीवी को चोर तुम दूसरी लड़की अवनि से प्यार करते हो.... ठीक उसी तरह मुझे भी सलमान से प्यार है... बेहद प्यार....

प्रिंस : मगर तुम तो मुझे चाहती हो न....

रूही : ग़लतफहमी है तुम्हारी.... मैं तुम्हे नहीं बल्कि सलमान को चाहती हूँ.... आज से नहीं बल्कि पिछले 3 साल से.... हमारा अफेयर चल रहा है... जब हम कॉलेज में साथ पढ़ा करते थे.... बहुत जल्द हम निकाह भी करने वाले थे मगर मेरी फूटी किस्मत.... सलमान के बजाये मेरा निकाह तुमसे हो गया....

प्रिंस : ये तुम क्या कह रही हो.....?

रूही : वो hi जो सच है.....

प्रिंस : ये नहीं हो सकता.... ये सही नहीं है.... मैं ऐसा होने नहीं दूंगा.... तुम मेरे आलावा किसी और को नहीं छह सकती.... तुम मेरी बीवी हो....

रूही : अच्छा जी.... बड़े आये बीवी कहने वाले.... क्या तब मैं तुम्हारी बीवी नहीं थी जब उस कमीनी अवनि से मिलने गए थे.... और रोज़ जो 10 बार उस कमीनी को कॉल करके बड़े प्यार से मेरा शोना मेरा बाबू... मेरी जान कहते हो तो क्या वो गलत नहीं है.... जब वो गलत नहीं तो ये भी गलत नहीं.... जब तुम किसी और को छह सकते हो तो मैं भी किसी और को छह सकती हूँ.... और मैं भी देखती हूँ की मुझे अपनी जान सलमान को चाहने से कौन रोकता है....

प्रिंस : मैं रोकूंगा.....

रूही : अच्छा रोक के तो दिखाओ.... फिर देखो मैं क्या करती हूँ तुम्हारे साथ....

प्रिंस : तुम ऐसा क्यों कर रही हो....?

रूही : मैंने कहाँ कुछ किया है ये जो भी कुछ हुआ है अपने आप hi हुआ है.... हमारा मिलना... मेरा तुम्हारी कंपनी में काम करना फिर ग़लतफहमी की वजह से हमारी बदनामी होना... फिर बदनामी से बचने के लिए ज़बरदस्ती.... हाँ ज़बरदस्ती हमारा निकाह होना.... ये सब अपने आप hi हुआ है.... बस दो चीज़ों को चोर के... पहली ये की तुम्हारा अवनि से प्यार करना और दूसरा मेरा सलमान को चाहना.... ये न तो इत्तेफ़ाक़ है और न hi ये ज़बरदस्ती से हुआ है.... बल्कि हम दोनों को एक दूसरे के बजाये किसी और से प्यार है.... और इस बात से न तुम इंकार कर सकते हो और न hi मैं.... हमारे लिए ये hi बेहतर होगा की हम इस बात को मान लें.... अगर मैं ये मान भी लून की हो सकता है तुम्हारी अच्छाई देख मुझे तुमसे प्यार हो जाए.... मगर तुम्हारा मुझे चाहना मुमकिन नहीं.... और न hi मुझे पाना मुमकिन hai....To जो चीज़ मुमकिन नहीं उसे भूल जाओ.... खुद भी ख़ुशी से जियो और मुझे भी जीने दो.... अब मुझे जाना चाहिए... वो क्या है की मुझे अपने प्यार सलमान के साथ कुछ वक़्त अकेले में गुज़ारना है.... सो Bye....

ये कह के रूही शैतानी हंसी हस्ते हुए सलमान का हाथ पकड़ के वहां से बहार की तरफ चल देती है.... प्रिंस हैरत और गुस्से से उसे देखता hi रह जाता है.... उसे ये समझ नहीं आ रहा है की ये कोई सपना है या हकीकत.... ये सपना hi हो सकता है.... क्यों की हकीकत में तो रूही प्रिंस को चाहती है.... और वो प्रिंस को चोर किसी और से प्यार का इज़हार करे और उसके साथ चली जाए ये मुमकिन नहीं....

प्रिंस अपना सर पकड़ के वहीँ बैठ जाता है... उसे बेहद गुस्सा आ रहा है रूही पे भी और ख़ास कर के उस सो कॉल्ड सलमान पे.... उसका दिल कर रहा है की वो सलमान को मार मार के उसकी हालत खराब करदे..... उसे इतना मारे की वो फिर कभी रूही के पास जाने की न सोचे....

मगर उस सलमान को मार के क्या होगा.... जब उसकी अपनी बीवी रूही उसे नहीं बल्कि सलमान को चाहती है..... प्रिंस को समझ नहीं आ रहा है की वो करे तो क्या करे.....? अब किसी को ज़बरदस्ती तो प्यार नहीं करवाया जा सकता.... क्यों की प्यार तो दिल से होता है.... उसमे किसी की ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं चलती.....

अब आगे प्रिंस क्या करेगा ये देखना है....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 43

प्रिंस अपना सर पकड़ के वहीँ बैठ जाता है... उसे बेहद गुस्सा आ रहा है रूही पे भी और ख़ास कर के उस सो कॉल्ड सलमान पे.... उसका दिल कर रहा है की वो सलमान को मार मार के उसकी हालत खराब करदे..... उसे इतना मारे की वो फिर कभी रूही के पास जाने की न सोचे....

मगर उस सलमान को मार के क्या होगा.... जब उसकी अपनी बीवी रूही उसे नहीं बल्कि सलमान को चाहती है..... प्रिंस को समझ नहीं आ रहा है की वो करे तो क्या करे.....? अब किसी को ज़बरदस्ती तो प्यार नहीं करवाया जा सकता.... क्यों की प्यार तो दिल से होता है.... उसमे किसी की ज़ोर ज़बरदस्ती नहीं चलती.....

अब आगे प्रिंस क्या करेगा ये देखना है....?????

अब आगे...

रूही के जाने के बाद प्रिंस गहरी सोच में डूब जाता है... उसे समझ hi नहीं आ रहा है की आखिर अचानक से ये सब क्या और कैसे हुआ.....? इसका कुछ न कुछ तो करना hi पड़ेगा.... काफी सोचने के बाद उसके चेहरे पे स्माइल आ जाती है.... और वो मुस्कुराते हुआ वहां से अपने ऑफिस आ जाता है.....

वहां रूही को ना पा के वो उसे कॉल करता है मगर रूही कॉल रइवे नहीं कर रही इस बात से प्रिंस परेशान हो जाता है.... वो बार बार रूही को कॉल करता है मगर रूही है की हर बार उसका कॉल काट रही है..... इस बात से प्रिंस का गुस्सा और रूही के लिए फ़िक्र बढ़ने लगती है.... रूही के बारे पता लगाने के लिए वो ज़रा को कॉल करने hi वाला होता है की तभी रूही सामने से उसे आती हुई नज़र आती है....

प्रिंस : कहाँ थी इतनी देर से....?

रूही : क्या बात है बड़ी फ़िक्र हो रही थी मेरी.....?

प्रिंस : मेरी बीवी अकेली बहार जाए तो मुझे उसकी फ़िक्र कैसे नहीं होगी.....

रूही : मैं अकेली कहाँ थी.... मेरे साथ वो था न.... लव ऑफ़ माय लाइफ.... माय सलमान...

रूही की बात सुन के प्रिंस चीड़ के कहता है....

प्रिंस : जानता हूँ तभी तो फ़िक्र हो रही थी..... मेरा बस चले तो उसकी लाइफ hi ख़तम कर दूँ.....

रूही : क्या कहा....

प्रिंस : मैंने कहाँ कुछ कहा....

रूही : अच्छा.... मगर मुझे लगा की शायद तुमने कुछ कहा....

प्रिंस : जी नहीं मैंने कुछ नहीं कहा....

ये कह के प्रिंस वहां से जाने लगता है.... तभी रूही उसे रोक के कहती है....

रूही : पूछोगे नहीं की हम साथ साथ कहाँ गए....? हम ने क्या क्या किया....?

प्रिंस चीड़ के : जी नहीं..... मुझे कोई शौक नहीं है.... तुम्हारे उस सो कॉल्ड लवर के बारे में जान ने का.... और न hi तुम्हारी लव स्टोरी में दिचस्पी है....

रूही : है जान मैं बता नहीं सकती तुम्हे इस तरह जलते देख मुझे कितना मज़ा आ रहा है..... जितना तुम सलमान से जलोगे... उतना hi तुम मेरे करीब आते जाओगे.... और एक दिन मुझसे इज़हारे मोहोब्बत करने पे मजबूर हो जाओगे..... वो दिन मेरी लाइफ का सब से हसीं दिन होगा.... जब तुम मुझे ी लव यू कहोगे.....

प्रिंस : ये तुम क्या अपने आप में बड़बड़ाये जा रही हो....?

रूही : मैं बड़बड़ा नहीं रही बल्कि ये कह रही हूँ की तुम नहीं पूछोगे तो क्या मेरा फ़र्ज़ है की मैं अपने शौहर से कोई बात न छुपाऊं उसे सब सच सच बता दूँ... ताकि आगे चल के तुम ये न कह सको की मैंने तुमसे बात छुपाई है.... तुम्हे धोका दिया है.... तो सुनो की बात क्या है.... मममममम.... है.... उसके साथ इतना मज़ा आया की मैं क्या बताऊँ..... वो इतना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम है की दिल उसका दीवाना हुआ जाता है..... जब भी वो पास होता है उसे देख दिल चाहता है मैं उसके सीने से लिपट जाऊं और एक....

ये कह के रूही खामोश हो जाती है....

प्रिंस : और एक क्या....?

रूही : तुम तो कुछ नहीं जान न चाहते थे न... फिर क्यों पूछ रहे हो....

प्रिंस : बात को बदलो मत और मुझे बताओ की एक क्या.....???

रूही : मैं कहाँ बात बदल रही हूँ.... मैं तो खुद तुम्हे सब बताना छह रही हूँ.... आफ्टर आल तुम मेरे हस्बैंड हो..... है न....

प्रिंस : तुम फिर शुरू हो गयी.... मैंने कहा न ये सब चोर के वो बताओ जो हुआ.....

प्रिंस रूही की बात सुन के बुरी तरह से जल उठता है..... उसे यूँ जलते देख रूही को बेहद मज़ा आ रहा है.....

रूही : है... उसकी प्यारी प्यारी बातें जो सीधे दिल तक पहुँचती हैं.....

फिर रूही बताती जाती है और प्रिंस को जलती जाती है..... धीरे धीरे प्रिंस का चेहरा गुस्से और जलन से लाल हो जाता है वो कुछ कहने hi वाला होता है की तभी उसका मोबाइल बजने लगता है.....

स्क्रीन पे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख जहाँ प्रिंस का गुस्सा मुस्कराहट में बदल जाता है और रूही के के चेहरे के भाव बदल जाते हैं.... उसके चेहरे की हंसी गायब हो जाती है और उसकी जगह गुस्सा और जलन ले लेता है.....

प्रिंस : Hello जान.... कैसी हो....

प्रिंस के मुँह से अवनि के लिए जान सुन के रूही को बेहद जलन सी होने लगती है साथ hi उसे अवनि पे बेहद गुस्सा भी आने लगता है....

रूही : साली कमीनी..... इसे भी अभी वक़्त मिला था कॉल करने का..... अभी तो मैं ठीक से अपनी जान प्रिंस को जला भी न पायी थी की इस ने पूरे किये कराये पे पानी फेर दिया.... ये बस एक बार मेरे सामने आ जाए फिर देखना मैं इसका क्या हाल करती हूँ....

अब बारी थी रूही के जलने की.... जिसमे प्रिंस ने कोई कसार नहीं चोरी.... अवनि से प्यार भरी बातें कर के प्रिंस जी भर के रूही को जलने लगा.... रूही गुस्से में वहां से जाने लगी मगर प्रिंस ने उसका हाथ पकड़ के उसे रोक लिए... वहां से जाने न दिया..... रूही को जलने में उसे बड़ा मज़ा जो आ रहा है.....

कुछ देर प्यार भरी बातें करने के बाद प्रिंस अवनि को प्यार भरी एक लम्बी kissssssssssssss दे के कॉल कट कर देता है....

जिस से रूही का गुस्सा और जलन सातवे आसमान पे पहुँच जाती है.... वो प्रिंस का हाथ छुड़ा के वहां से जाने लगती है....

प्रिंस : जाने क्यों मुझे तुम्हारी बात पे यकीन नहीं आता.... मुझे ऐसा लगता है की तुम्हारे और उस सलमान के बीच कुछ नहीं है... ये बस तुम मुझे जलने के लिए कह रही थी....

प्रिंस की बात सुन के रूही मुद के उसकी तरफ गुस्से में देखती है...

रूही : जब उस कमीनी अवनि के लिए तुम्हारा प्यार सच है तो मेरा और सलमान का प्यार भी सच है....

प्रिंस : मैं कैसे मान लून की तुम सलमान को चाहती हो.... आज से नहीं बल्कि पिछले 3 साल तुम्हारा लव अफेयर चल रहा है..... इस बात का कोई सबूत है तुम्हारे पास....

रूही : Sa....boot....

प्रिंस : हाँ सबूत.... तुम दोनों पिछले 3 साल से एक दूसरे के लवर हो.... कोई तो चीज़ होगी जिस से ये साबित हो सके की ये सच है..... जैसे तुम दोनों की साथ में कोई फोटो..... कोई वीडियो.... कोई लव लेटर... कुछ तो होगा ऐसा जिसे देख के ते लगे की तुम जो कह रही हो वो सच है.....

प्रिंस की बात सुन के रूही के होश उड़द जाते हैं.... उसका झूट पकड़ा जाने लगता है... अब वो प्रिंस को उस चीज़ का सबूत दे भी तो कैसे जो चीज़ है hi नहीं..... उसे समझ नहीं आता की क्या करे.... वो बस खामोश सी प्रिंस को देखने लगती है....

प्रिंस मुस्कुराते हुए : तुम्हारी ये ख़ामोशी और तुम्हारे चेहरे का उदा हुआ रंग देख ये साफ़ पता चल रहा है की तुम्हारे और सलमान के बीच कुछ नहीं है.... दोस्ती भी नहीं प्यार तो बहुत दूर की बात है.....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी सलमान वहां आ जाता है.....

सलमान : जी नहीं जो भी रूही ने कहा है उसका एक एक लफ्ज़ सच है....

प्रिंस : अच्छा अगर ये सब सच है तो उसका कोई तो सबूत हो गए तुम्हारे पास जिसे देख के ये लगे की तुम दोनों का लव है....

सलमान : तुम्हे सबूत चाहिए.... अगर मैं इसे तुम्हारे सामने किश करूँ तो क्या तुम ये मान लोगे की....

अभी सलमान ने इतना hi कहा था की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ उसके गाल पे पड़ता है और उसे दिन में तारे नज़र आ जाते हैं....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

प्रिंस : साले कमीने किश तो बहुत दूर की बात है.... तू ने मेरी प्रिंसेस को चुने का सोच भी तो मैं तेरी जान ले लूंगा....

सलमान : ये तुम्हारी प्रिंसेस नहीं है बल्कि मेरी जान है... मेरा प्यार....

और ये रहे इस बात के सबूत की हम दोनों पिछले तीन साल से लवर्स हैं.....

ये कह के सलमान कुछ photo's और Video's प्रिंस को दिखता है... जिसे देख प्रिंस के साथ साथ रूही भी बुरी तरह से चौंक जाती है.... उन फोटोज और Video's को देख के कोई भी ये कह सकता है की वो दोनों लवर्स हैं.... रूही कुछ कहने hi वाली होती है मगर सलमान उसे कुछ भी कहने का मौका नहीं देता....

उन फोटोज और Video's को देख प्रिंस का दिल टूट जाता है.... उसे यकीन hi नहीं होता की ये सब सच है..... उसकी बीवी रूही जिस से वो प्यार करने लगा था.... वो उस से नहीं बल्कि किसी और से प्यार करती है..... आज से नहीं बल्कि पिछले तीन साल से.... इस बात से प्रिंस को बड़ी तकलीफ होती है.... उसकी आँखें नाम हो जाती हैं.... बड़ी मुश्किल से वो खुद को संभालता है.... और खुद को शांत करता है....

फिर मुद के रूही की तरफ प्यार भरी नज़रों से देखता है.... जैसे की कहना छह रहा हो.....

रूही बस एक बार कह दो की ये सब झूट है.... मगर वो रूही से कह नहीं पाटा.... रूही भी खामोश कड़ी प्रिंस को बस देख रही है.... जाने क्या बात है की वो छह के कुछ कह नहीं पा रही है..... रूही की खामोश प्रिंस से बर्दाश्त नहीं होती.... न चाहते हुए भी वो इस बात पे यकीन करने पे मजबूर हो जाता है की रूही और सलमान के बीच पिछले 3 साल से प्यार का रिश्ता है....

प्रिंस : क्या तुम इस कंपनी में काम करोगे.....?

सलमान : क्या.....?

प्रिंस : मैंने पुछा क्या तुम इस कंपनी में काम करोगे....? इस से तुम्हे दो फायदे होंगे पहला ये की यहाँ तुम्हे अच्छी सैलरी मिलेगी और दूसरा की तुम हमेशा अपने प्यार के पास रह सकोगे....

सलमान : मुझे मंज़ूर है....

सलमान की हाँ सुन के प्रिंस अपना फ़ोन निकालता है और कॉल करके सिमी को आने को कहता है.....

प्रिंस : सिमी ये सलमान है.... ये आज से हमारे साथ काम करेगा.... ये हमारी नई कंस्ट्रक्शन साइट का मैनेजर है... इसे अपॉइंटमेंट लेटर दे दो....

सिमी : मैनेजर की पोस्ट और वो भी इसे.... इसे देख के ऐसा लगता तो नहीं की ये उस पोस्ट के लायक है.....

प्रिंस रूही की तरफ देख के कहता है...

प्रिंस : सही कहा तुमने आज कल किसी को भी देख के कुछ भी कहना मुश्किल है.... हम कुछ और सोचते रह जाते हैं और हो कुछ और hi जाता है.... खैर तुम्हे जो कहा है वो करो....

सिमी : वैसे ये है कौन....?

सलमान : जी मेरा नाम सलमान है और मैं रूही की बुआ (कम्मो) का बीटा हूँ.....

सलमान के मुँह से बुआ सुन के प्रिंस को रूही के बर्थडे वाली रात याद आ जाती है.... जब बुआ ने ये कहा था की वो अपने बेटे से रूही का निकाह करवाना चाहती थी..... अब ये बात साफ़ हो गयी की आखिर बुआ के वो बात कहने की वजह क्या थी....

सिमी : मगर.... क्या ये उस पोस्ट के लायक भी है.... सिर्फ रूही के बुआ का बीटा होने से इसे वो पोस्ट नहीं दिया जा सकता....

सिमी की बात सुन के प्रिंस गुस्से में आ जाता है.....

प्रिंस गुस्से में : किसी कौनसी पोस्ट पे रखना है और किसे नहीं क्या अब ये मुझे तुमसे पूछना पड़ेगा....

सिमी : नहीं प्रिंस वो तो मैं....

प्रिंस गुस्से में : क्या वो तो वो तो हाँ.... एक बार कह दिया इसे वो पोस्ट दे दो मतलब दे दो.... अब कोई बहस नहीं जल्दी से इसका अपॉइंटमेंट लेटर इसे देके सैम से कहो की इसे वहां का काम समझा दे.... और हाँ अगले 3 दिन तक तुम्हे hi सब संभालना है.....

सिमी : म.... म.... मुझे क्यों....? Tu...m कहीं जा रहे हो क्या....?

प्रिंस : हाँ मैं मुंबई जा रहा हूँ....

प्रिंस के मुँह से मुंबई जाने की बात सुन के सिमी के साथ साथ रूही भी चौंक जाती है..... रूही को ये बात समझते देर नहीं लगती की 3 दिन बाद की जगह प्रिंस के अभी मुंबई जाने की वजह क्या है.... वो छह के भी न तो प्रिंस से कुछ कह पाती है और न hi उसे रोक पाती है....

सिमी : मगर तुम तो 3 दिन बाद जाने वाले थे न....

एक तो प्रिंस पहले hi रूही और सलमान को ले के परेशां बना हुआ है और इधर सिमी है की उस से सवाल पे सवाल किये जा रही है....

प्रिंस : हाँ मैं 3 दिन बाद जाने वाला था..... मगर अब मैं 3 दिन बाद नहीं बल्कि अभी जा रहा हूँ.... अब क्या इसके लिए मुझे तुम्हारी परमिशन लेनी पड़ेगी....

सिमी : नहीं वो तो मैं बस....

प्रिंस : ये बेकार की बात चोरो और मैंने जो कहा है वो करो.....

ये कह के प्रिंस वहां से बहार की तरफ चल देता है.... रूही छह के भी प्रिंस को रोक नहीं पाती बस नाम आँखों से उसे जाते हुए देखती रह जाती है.....

अपॉइंटमेंट लेटर मिलने के बाद सलमान प्रिंस के बिज़नेस राइवल जिब्रान को कॉल करता है....

सलमान : प्रिंस को हम जितना होशियार समझते थे.... वो तो उस से भी कई ज़्यादा बेवक़ूफ़ निकला.... उसने खुद मुझे उस कंस्ट्रक्शन साइट का मैनेजर बना दिया.... अब देखना मैं क्या करता हूँ.... जल्द hi वो साइट हमारी होगी.... अब न hi प्रिंस हम को उस साइट को हासिल करने से रोक पायेगा और न hi रूही.... दोनों को मैंने ऐसा उलझा दिया है की दोनों में किसी को इस बात का पता नहीं चल पायेगा की मैं यहाँ क्यों आया हूँ.... और हाँ हम को ये बात नहीं भूलनी चाहिए की ये सब हम सिर्फ और सिर्फ .......... की वजह से hi कर पाए हैं....

जिब्रान : सही कहा तुमने.... अगर ...... का साथ न होता तो हम ये नहीं कर पाते.... और वैसे भी किसी ने ठीक hi कहा है.... घर का भेदी लंका ढाये....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 44

अपॉइंटमेंट लेटर मिलने के बाद सलमान प्रिंस के बिज़नेस राइवल जिब्रान को कॉल करता है....

सलमान : प्रिंस को हम जितना होशियार समझते थे.... वो तो उस से भी कई ज़्यादा बेवक़ूफ़ निकला.... उसने खुद मुझे उस कंस्ट्रक्शन साइट का मैनेजर बना दिया.... अब देखना मैं क्या करता हूँ.... जल्द hi वो साइट हमारी होगी.... अब न hi प्रिंस हम को उस साइट को हासिल करने से रोक पायेगा और न hi रूही.... दोनों को मैंने ऐसा उलझा दिया है की दोनों में किसी को इस बात का पता नहीं चल पायेगा की मैं यहाँ क्यों आया हूँ.... और हाँ हम को ये बात नहीं भूलनी चाहिए की ये सब हम सिर्फ और सिर्फ .......... की वजह से hi कर पाए हैं....

जिब्रान : सही कहा तुमने.... अगर ...... का साथ न होता तो हम ये नहीं कर पाते.... और वैसे भी किसी ने ठीक hi कहा है.... घर का भेदी लंका ढाये....??????

अब आगे.....

जिब्रान : साला प्रिंस बहुत उड़द रहा है.... बहार से आ के मेरे बिज़नेस पे कब्ज़ा कर रहा है..... अब देखना की मैं कैसे उसके हाथ से ये कॉन्ट्रैक्ट चिन्ता हूँ....

सलमान : वो सब तो ठीक है मगर उसके सिग्न के बगैर ये मुमकिन नहीं होगा....

जिब्रान : इसमें कौनसी बड़ी बात है.... उसकी बीवी छुम सेक्रेटरी और तुम्हारी सो कॉल्ड लवर रूही किस दिन काम आएगी..... प्रिंस का सिग्न किसी भी Paper's पे लेना उसके लिए मामूली सी बात है....

सलमान : ये मुमकिन नहीं.... रूही प्रिंस से बेहद प्यार करती है वो कभी उसका बुरा नहीं चाहेगी.....

जिब्रान : जैसा हम चाहेंगे वैसा वो ज़रूर करेगी.... अपने प्यार को वापिस पाने के लिए करेगी.... जो तुम्हारी वजह से उस से दूर हो गया है..... अब जैसा मैं तुमसे कहता हूँ बस वैसा करते जाओ..... फिर देखना वो प्रोजेक्ट जल्द hi हमारे पास होगा.....

इधर सिमी रूही को कॉल करती है..... मगर रूही उसका कॉल कट कर देती है.... सिमी एक बार फिर से कॉल करती है रूही फिर कॉल कट कर देती है.... सिमी फ़ौरन रूही के पास आती है.... और उसे अपने सीने से लगा लेती है.... साथ hi ख़ुशी में उछलते हुए कहती है....

सिमी : वाओ.... यार... पार्टी कब दे रही है....

रूही : किस बात की पार्टी....?

सिमी : तेरे और प्रिंस के एक होने की पार्टी.....

रूही : जैसा तू सोच रही है वैसा कुछ नहीं है.....

सिमी : अब बात को छुपा मत.... मुझे पता है प्रिंस ने तुझे प्रोपोज़ किया है.... इसलिए तो वो तुझे उस होटल ले गया था.....

रूही : मैंने कहा न ऐसा कुछ नहीं हुआ....

सिमी : नहीं हुआ मतलब.....

रूही : नहीं हुआ मतलब नहीं हुआ....

सिमी : मगर प्रिंस तो आज तुझे प्रोपोज़ करने वाला था.... उसने पूरी तैयारी की हुई थी..... आज वो तुझे एक नहीं बल्कि 3 - 3 सुरपरिसेस देने वाला था..... मैंने खुद उसे सैम और मैक्स से बात करते सुना था..... होटल में वो तुझे ी लव यू कहने वाला था..... और तू कह रही है कुछ नहीं हुआ....

रूही : ये तू क्या कह रही है....

सिमी : वो hi जो सच है....

सिमी की बात सुन के रूही अपना सर पीट के रोने लगती है....

रूही : ये मैंने क्या कर दिया....

सिमी : अब तू ने क्या कर दिया.... और तू इस तरह क्यों रो रही है....?

रूही सिमी को पूरी बात बताती है जिसे सुन के सिमी को रूही पे बेहद गुस्सा आता है....

सिमी : अबे पागल तो नहीं हो गयी.... ये क्या किया तू ने अपने hi हाथों से अपने प्यार को खुद से दूर कर दिया.... क्या ज़रुरत थी तुझे ये सब करने की.....

रूही : मुझे लगा की अगर मैं प्रिंस को जलाऊँगी तो वो मेरे करीब आ जाएगा.... मगर मुझे क्या पता था की अपनी hi लगायी हुई आग में मैं खुद जल जाउंगी.....

सिमी : तुझे ये सब करने की ज़रुरत क्या थी..... ये करने से पहले एक बार मुझसे तो पूछ लिया होता.... और तुझे एक वो कमीना सलमान hi मिला था.... और किसी का नाम नहीं ले सकती थी क्या.....? तुझे पता है न की वो कितना बड़ा कमीना और लालची है.... उसे तो बस मौका चाहिए और वो मौका तू ने उसे खुद दे दिया.... अब पता नहीं वो क्या करेगा.....

रूही : मुझे उस कमीने की नहीं बल्कि प्रिंस की फर्क है.... क्या करूँ कुछ समझ नहीं आ रहा है.....

सिमी : मेरी मान तो प्रिंस को सब सच सच बता दे इस से पहले की देर हो जाए और वो पूरी तरह से तुझसे दूर हो जाए....

रूही : नहीं बता सकती.... उस कमीने ने प्रिंस को ऐसे ऐसे video's और फोटोज दिखाए हैं की वो मेरी बात का यकीन नहीं करेगा.... समझ नहीं आ रहा की उसे कैसे समझाऊं की पहले जो मैंने कहा था वो झूट है और अब जो मैं कह रही हूँ वो सच है... और सच ये है की मैं सलमान से नहीं प्रिंस से प्यार करती हूँ.... दिल ो जान से चाहती हूँ मैं उसे.....

सिमी : रूही मेरी मान तो ज़्यादा सोच मत प्रिंस को सब सच सच बता दे.... मुझे यकीन है की वो तेरी बात समझ जाएगा.... जा जल्दी से उसे सब सच सच बता दे....

सिमी की बात सुन के रूही अपना मोबाइल निकाल के प्रिंस को कॉल करने लगती है....

रूही : तू ठीक कह रही है... मुह्हे प्रिंस को सब सच सच बता देना चाहिए.... मैं अभी उसे कॉल कर के सब बता देती हूँ....

सिमी : अबे कॉल करने की क्या ज़रुरत है.... वो अपने केबिन में होगा जाके उसे सब बता दे....

रूही : जी नहीं वो केबिन में नहीं बल्कि उस कमीनी अवनि के पास मुंबई चला गया है....

सिमी : इस से पहले की वो अवनि से मिले तू उसे कॉल करके सब सच सच बता दे....

रूही प्रिंस को कॉल कर रही है मगर उसका फ़ोन स्विच ऑफ आ रहा है... इस बात से रूही काफी परेशान हो जाती है... और हार के अपनी किस्मत पे रोने लगती है....

इधर प्रिंस का प्लेन मुंबई में लैंड करता है... वो अवनि के घर पहुँचता है....

प्रिंस को देख अंजू की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.... वो आगे बढ़ के उसे अपने सीने से लगा लेती है....

अंजू : व्हाट ा प्लीजेंट सरप्राइज.... मैं बता नहीं सकती की तुम्हे यहाँ देख के मैं कितनी खुश हूँ.... और मुझसे भी ज़्यादा ख़ुशी तो अवनि को होगी जब वो तुम्हे देखेगी.... रुको मैं अभी उसे बुलाती हूँ....

प्रिंस : नहीं.... वो क्या है की मैं उसे सरप्राइज देना चाहता हूँ.... मगर उस से पहले मुझे कुछ तैयारी करनी है....

अंजू : तैयारी.... किस चीज़ की तैयारी.....?

प्रिंस : आप भी न.... आज कल भुलक्कड़ होती जा रही हैं.... भूल गयी कल अवनि का बर्थडे है....

अंजू : अरे हाँ.... मैं तो भूल hi गयी थी.... कल मेरी बेटी का बर्थडे है....

प्रिंस : जी हाँ मुझे उसी के लिए तैयारी करनी है....

अंजू : मगर बर्थडे तो कल है न....

प्रिंस : हाँ जो की आज रात 12 बजे के बाद शुरू हो जाएगा.... और मैं उसे ठीक 12 बजे विश करना चाहता हूँ... मैं चाहता हूँ की मेरी जान का ये बर्थडे उसकी लाइफ का बेस्ट बर्थडे हो.... जो उसे ज़िन्दगी भर याद रहे.....

अंजू : मुझे अपनी बेटी की किस्मत पे नाज़ है.... वो वाकई में बेहद किस्मत वाली है जो उसे तुम्हारा साथ मिला.... जो उसे दिल ो जान से चाहता है....

तभी ऊपर रूम से अवनि की आवाज़ आती है....

अवनि : माँ कोई आया है क्या....?

अवनि की आवाज़ सुन के दोनों हड़बड़ा जाते हैं.....

अंजू : N....N.... नहीं तो.....

अवनि : अच्छा.... जाने क्यों मुझे ऐसा लगा की प्रिंस आया है.....

अंजू : बीटा वो अभी कैसे आ सकता है.... वो तो 3 दिन बाद आने वाला है....

3 दिन बाद सुन के अवनि उदास हो जाती है.....

अवनि : काश वो 3 दिन बाद की जगह आज hi आ जाता..... नहीं तो कल....

अंजू : कल क्यों.....?

अवनि : माँ.... आप भी न..... सब भूल जाती हैं.... कल मेरा बर्थडे है....

अंजू : अरे हाँ कल तो तेरा बर्थडे है न.... मैं तो भूल hi गयी थी....

अवनि : है ऋ मेरी किस्मत.... मेरा बर्थडे किसी को याद नहीं.... एक आप हो जिसे पता होने के बाद भी याद नहीं और एक प्रिंस है... जिसे इस बात की खबर hi नहीं की कल मेरा बर्थडे है....

अंजू : तू उसे बता क्यों नहीं देती....

अवनि : जी नहीं मैं क्यों बताऊँ.... उसे खुद पता होना चाहिए न.... की कब उसकी जान का बर्थडे है..... मगर नहीं उसे किसी बात की फ़िक्र नहीं है न मेरी और न hi इस बात की की कल मेरा बर्थडे है.... कितने सपने देखे थे... क्या क्या सोचा था मैंने की मेरे बर्थडे के दिन प्रिंस यहाँ आ के मुझे सरप्राइज देगा.... मुझे ठीक 12 बजे विश करेगा.... मगर नहीं.... न वो यहाँ आया और न hi उस ने मुझे विश किया.... यहाँ तक की मेरे कॉल करने पे भी उसने मेरा कॉल रइवे नहीं किया.... और तो और अब तो उसका फ़ोन भी स्विच ऑफ आ रहा है.....

अंजू : रुक मैं अभी उसे कॉल करके यहाँ बुला लेती हूँ....

अवनि : जी नहीं.... अब कोई फायदा नहीं....

अंजू : क्यों नहीं....?

अवनि : क्यों की 12 बजने में सिर्फ 1 घंटा बच गया है... और वो किसी भी हालत में 1 घंटे में यहाँ नहीं आ सकता.... और न hi मुझे सरप्राइज दे सकता है.... आज उसने मुझे बहुत तकलीफ पहुंचाई है.... मैं उस से बेहद नाराज़ हूँ.... अब मैं उस से कभी बात नहीं करुँगी.... कभी नहीं..... वो यहाँ आएगा तब भी नहीं....

ये कह के अवनि गुस्से में अपने रूम में चली जाती है..... और बीएड पे लेट के रोने लगती है.... रट रट उसे कब नींद आ जाती है उसे पता hi नहीं चलता....

अंजू : लो प्रिंस तुम्हारी स्वीटहार्ट तो तुमसे नाराज़ हो गयी.... अब क्या करोगे....? जाओ जल्दी से उसे मनाओ.... इस से पहले की उसके गुस्से की हद पार हो जाए....

प्रिंस : स्वीट गर्ल आप बेकार परेशान हो रही हैं..... मेरे रहते फ़िक्र की कोई बात नहीं..... मुझे पता है अपनी स्वीटहार्ट को कैसे मानना है.... फिलहाल मुझे तैयारी करनी चाहिए.... वक़्त काम है और काम ज़्यादा....

ये कह के प्रिंस चुपके से अवनि के रूम में जाता है.... बीएड पे लेती अवनि के मासूम खूबसूरत और प्यारे चेहरे पे जब उसकी नज़र पड़ती है तब वो उसे देखता hi रह जाता है... वो आगे बढ़ के उसके करीब जाता है और झुक के उसे किश करने hi वाला होता है की तभी अवनि नींद में अपना चेहरा दूसरी तरफ घुमा लेती है... जिस से प्रिंस की तंत्र टूट टी है.... वो बड़ी मुश्किल से खुद को अवनि को किश करने से रोकता है.... और तैयारी में लग जाता है... कुछ hi देर में पूरा घर दुल्हन की तरह सज जाता है.... अवनि के रूम की बात hi अलग है.... प्रिंस ने उसे इतनी खूबसूरती से सजाया है की उसकी खूबसूरती देखते hi बन रही है....

अब प्रिंस को इंतज़ार है तो 12 बजने का..... 12 बजे और प्रिंस अपनी जान को बर्थडे विश करे..... मगर 12 बजने में अभी 5 मिनट्स बाकी हैं.... ये 5 मिनट्स प्रिंस को सदियों की तरह लग रहे हैं.... वक़्त है की गुज़र hi नहीं रहा.... और प्रिंस है की उस से इंतज़ार नहीं हो रहा.... उसका दिल छह रहा है की जल्द से जल्द 12 बजे ताकि वो अपनी जान को बर्थडे विश कर के जी भर के उसे प्यार कर सके..... प्रिंस अपनी जान के पास बैठ के प्यार से उसके प्यारे खूबसूरत चेहरे को देखने लगता है....

12 बजने में जब 10 सेकण्ड्स बाकी होते हैं तब प्रिंस झुक के अवनि का चेहरा अपने हाथ में ले के उसके होंठों को प्यार से चूम लेता है.... प्रिंस की इस हरकत पे अवनि की नींद टूट जाती है.... किसी को अपने इतने करीब पा के वो बेहद गुस्से में आ जाती है.... और उसे खुद से दूर धकेल के बेहद गुस्से में उसपे बरस पड़ती है.... साथ hi उसे मारने के लिए अपना हाथ उठती है....

अवनि बेहद गुस्से में : कौन है तू.....? और तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे करीब आ के मुझे चुने की.... ये हक़ सिर्फ और सिर्फ मेरे प्रिंस का है..... आज मैं तुझे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी... जान से मार दूंगी तुझे.....

ये कह के अवनि आगे बढ़ के बिना देखे hi उसे मारने hi वाली होती है की तभी.....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 45

प्रिंस अपनी जान के पास बैठ के प्यार से उसके प्यारे खूबसूरत चेहरे को देखने लगता है....

12 बजने में जब 10 सेकण्ड्स बाकी होते हैं तब प्रिंस झुक के अवनि का चेहरा अपने हाथ में ले के उसके होंठों को प्यार से चूम लेता है.... प्रिंस की इस हरकत पे अवनि की नींद टूट जाती है.... किसी को अपने इतने करीब पा के वो बेहद गुस्से में आ जाती है.... और उसे खुद से दूर धकेल के बेहद गुस्से में उसपे बरस पड़ती है.... साथ hi उसे मारने के लिए अपना हाथ उठती है....

अवनि बेहद गुस्से में : कौन है तू.....? और तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे करीब आ के मुझे चुने की.... ये हक़ सिर्फ और सिर्फ मेरे प्रिंस का है..... आज मैं तुझे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी... जान से मार दूंगी तुझे.....

ये कह के अवनि आगे बढ़ के बिना देखे hi उसे मारने hi वाली होती है की तभी.....??????

अब आगे....

तभी प्रिंस की आवाज़ सुन के वो वहीँ रुक जाती है.....

प्रिंस : हैप्पी बर्थडे तो यू.....

हैप्पी बर्थडे तो यू.....

हैप्पी बर्थडे

हैप्पी बर्थडे

हैप्पी बर्थडे तो यू.....

ी लव यू माय स्वीटहार्ट..... ी लोवेईईईई ोूऊऊऊऊ.....

प्रिंस को सामने देख और उसकी बातें सुन के अवनि हैरत और ख़ुशी से उछाल पड़ती है.... उसकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.... वो आगे बढ़ के प्रिंस को कास के अपने सीने से लगा लेती है..... और उसके होंठों को अपने मुँह में ले के उसे चूसने लगती है.... साथ hi प्रिंस को प्यार से मार भी रही है..... वो अपने गुस्से और प्यार का इज़हार एक साथ कर रही है.....

प्रिंस को जितना मज़ा अवनि के किश से आ रहा है उतना hi मज़ा उसे उसकी प्यार भरी मार से भी आ रहा है..... वो भी किश में अवनि का साथ देने लगता है.... धीरे धीरे दोनों की किश गहराती जाती है.... दोनों एक दूसरे के होंठों के साथ साथ जुबां को भी चूसने लगते हैं..... उन्हें देख ऐसा लग रहा है जैसे की दोनों दो जिस्म एक जान हो..... और एक दूसरे में समां जाना छह रहे हो....

करीब 10 मिनट तक एक दूसरे के होंठों को चूसने के बाद जब उनकी साँसे उखाड़ने लगती हैं तब जा के मजबूरन दोनों एक दूसरे से अलग होते हैं....

प्रिंस : कैसा लगा मेरा सरप्राइज.....?

अवनि : मुझे लगा की तुम्हे पता hi नहीं की कल मेरा बर्थडे है..... मगर तुमने यहाँ आ के मुझे विश करके चौंका दिया..... ये मेरी लाइफ का बेस्ट सरप्राइज है.... ी लव यू.... ी लव यू.... ी लव यू....

ये कह के अवनि प्रिंस के सीने से कास के लिपट जाती है.....

प्रिंस : बस इतने से खुश हो गयी.....

अवनि : क्या मतलब....?

प्रिंस : मतलब ये की अभी तो बस शुरुवात है..... देखती जाओ आगे और क्या क्या सरप्राइज मैं तुम्हे देता हूँ....

अवनि ख़ुशी से उछलते हुए : तुम मिल गए अब मुझे और कुछ नहीं चाहिए.....

प्रिंस : तुम्हे नहीं चाहिए तो क्या.... मगर मैं तो अपनी जान को सरप्राइज ज़रूर दूंगा..... और वो भी ऐसा की उसका दिल खुश हो जाएगा..... कल सुबह तुम्हे एक और सरप्राइज मिलेगा....

तभी वहां अंजू आ जाती है और अवनि को बर्थडे विश करती है.....

अगली सुबह.....

अवनि गहरी नींद में सोई हुई बड़ी प्यारी लग रही है.... उसके चेहरे पे वो क्यूट सी स्माइल उसके खूबसूरत चेहरे को और भी ज़्यादा खूबसूरत बना रही है..... प्रिंस बस उसे देखता hi रह जाता है.... फिर आगे बढ़ के उसके होंठों को चूम लेता है..... प्रिंस के इस हरकत पे अवनि की नींद टूट जाती है.....

प्रिंस : गुड मॉर्निंग स्वीटहार्ट....

प्रिंस को अपने इतने पास पा के अवनि उसे अपनी बाहों में कास के एक डीप किश करके उसके गुड मॉर्निंग का जवाब देती है....

अवनि : है जान सुबह सुबह मुँह मीठा करने के लिए थैंक्स.... दिल चाहता है की ऐसी सुबह रोज़ हो.... रोज़ तुम इसी तरह मुझे किश करके जगाओ....

प्रिंस : अब वक़्त है अगले सरप्राइज का.....

अवनि : सरप्राइज.....?

प्रिंस : हाँ सरप्राइज....

अवनि : बताओ न क्या सरप्राइज है.....

प्रिंस : ऐसे नहीं.... पहले तुम नाहा के फ्रेश हो जाओ फिर तुम्हे तुम्हारा सरप्राइज मिलेगा..... चलो अब जल्दी से फ्रेश हो जाओ....

प्रिंस की बात सुन के अवनि उसके बेहद करीब जा के कहती है....

अवनि : जान.... वो क्या है न.... रोज़ रोज़ मैं खुद से नाहा नाहा के थक गयी हूँ.... क्यों न आज तुम मुझे अपने हाथों से नेहला के तैयार करो.... ठीक वैसे hi जैसे हॉस्पिटल में किया करते थे....

प्रिंस : जी नहीं.... तब की बात और थी.... तब तुम बीमार थी....

अवनि : तुम्हारे कहने मतलब ये है की तुम्हारे हाथों से नहाने के लिए मुझे बीमार होना होगा.....

प्रिंस : जी नहीं.... चुप चाप जा के खुद नहाओ....

अवनि : मैंने कहा न मुझे खुद नहीं नहाना तुम मुझे अपने हाथों से नेहलाओगे तब hi मैं नहाउंगी....

तभी वहां अंजू आ जाती है.... और जो कहती है उसे सुन के प्रिंस हैरान हो जाता है....

अंजू : क्या हुआ..... तुम दोनों किस बात पे बेहेस कर रहे हो.....

अवनि : माँ देखो न.... मैं जो कह रही हूँ वो प्रिंस सुन hi नहीं रहा....

अंजू : क्या प्रिंस तुम भी न.... जो ये कह रही है वो कर दो... इसमें गलत क्या है....?

प्रिंस : आप को पता भी है की ये क्या करने को कह रही है....?

अंजू : जो भी कह रही है वो कर दो.... तुम्हे तो पता hi है की ये कितनी ज़िद्दी है.... एक बार जो कह देती है उसे मनवा के hi रहती है.... ये तुम से बेहतर कौन जानता है.... तो बेहेस बेकार है.... जल्दी से वो कर के बहार आ जाओ.... तब तक मैं नाश्ता रेडी करती हूँ....

ये कह के अंजू वहां से चली जाती है....

अवनि : अब तो माँ ने भी इजाज़त दे दी..... अब किस बात का दर..... चलो अब जल्दी से मुझे अपने हाथों से नेहला के तैयार करो....

प्रिंस को अवनि की बात मान नई पड़ती है.... वो उसे साथ ले के बाथरूम में तो जाता है.... मगर कुछ करता नहीं..... बस खामोश खड़ा उसे देखता रहता है....

अवनि : मुझे देखते hi रहोगे या फिर मुझे नेहलाओगे भी.....

प्रिंस : तुम वाकई में चाहती हो की मैं तुम्हे नहलाऊं.....?

अवनि : हाँ.....

प्रिंस : यार थोड़ी तो शर्म करो.....

अवनि : मेरे दिल पे मेरे जिस्म पे यहाँ तक की मेरी जान पे भी सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा hi हक़ है.... तुम कोई गैर नहीं बल्कि मेरी जान हो... और अपनी जान से कैसी शर्म.... चलो अब जल्दी से मेरे कपडे उतरो....

प्रिंस : क्याआआआ.....? मगर क्यों....?

अवनि : तुम क्या कपडे पेहेन के नहाते हो....?

प्रिंस : जी नहीं मैं तो क्या इस दुनिया में कोई भी कपडे पेहेन के नहीं नाहटा....

अवनि : ठीक कहा तुमने.... तो मुझे भी नहलाने के लिए मेरे कपडे तो उतारने पड़ेंगे न.... और वो तुम उतरोगे.... शर्म तो मुझे आणि चाहिए.... उलटे तुम शर्मा रहे हो.... तुम तो ऐसे शर्मा रहे हो तुमने पहले कभी मुझे नहलाया न हो.....

प्रिंस : हाँ नहलाया है.... मगर उस वक़्त तुम बीमार थी....

अवनि : तो तुम ये कहना चाहती हो की तुम्हारे हाथों से नहलाने के लिए मुझे बीमार होना होगा....

प्रिंस : मैंने ऐसा कब कहा.... मैं तो ये कह रहा हूँ की तुम ठीक हो....

अवनि : यार वो सब चोरो और ये बताओ की आखिर तुम क्या चाहते हो... ये की आज मेरा बर्थडे है और आज मैं पूरा दिन यहां बाथरूम में गुज़ारन.....

प्रिंस : नहीं बल्कि मैं तो चाहता हूँ की तुम्हे अपने हाथों से तैयार करके तुम्हे एक से बढ़ के एक सरप्राइज दे के आज का दिन यादगार बना दूँ.....

अवनि : मैं भी यही चाहती हूँ.... चलो अब और देर न करो और जल्दी से मेरे कपडे उतार के मुझे अच्छे से अपने हाथों से नेहलाओ....

अवनि ने ये बात प्रिंस से कह तो दी थी मगर उसे ये सोच के भी बड़ी शर्म आ रही है की जल्द hi प्रिंस उसे अपने हाथों से नंगी करके नहलाने वाला है..... जितनी शर्म उस अवनि को आ रही है उस से ज़्यादा प्रिंस शर्मा रहा है.....

न चाहते हुए भी मजबूरन प्रिंस अवनि की तरफ बढ़ता है.... शर्म के मारे अवनि का गोरा गुलाबी चेहरा लाल हो जाता है.... वो अपनी आँखें झुका लेती है....

प्रिंस के हाथ कांपने लगते हैं.... बड़ी मुश्किल से वो अपने कांपते हाथों को आगे बढ़ता है और अवनि की शर्ट की तरफ ले जाता है.... मगर वो उसके बटन नहीं खोल पाटा वो फ़ौरन अपने हाथ पीछे खींच लेता है....

प्रिंस की ऐसा हालत देख के अवनि को उसपे हंसी आ जाती है.... बड़ी मुश्किल से वो अपनी हंसी रोक के प्रिंस को गुस्से से आगे बढ़ने का इशारा करती है....

प्रिंस एक बार फिर से अपने हाथ अवनि की शर्ट की तरफ बढ़ता है और बड़ी मुश्किल से उसके पहले बटन को खोलता है.... अपने जिस्म पे प्रिंस के हाथ को महसूस करके अवनि का जिस्म बुरी तरह से सिहर उठता है..... आज काफी दिनों के बाद अवनि ने प्रिंस के हाथ को अपने जिस्म पे महसूस किया है.... उसे हॉस्पिटल के बीएड बाथ की याद आ जाती है.... उस वक़्त वो सब मजबूरी में हुआ था..... मगर आज जो हो रहा है वो अवनि की चाहत की वजह से हो रहा है..... ये नया एहसास उसे काफी मज़ा दे रहा है.... शर्म के साथ उसे मज़ा भी आ रहा है.....

एक एक कर के प्रिंस उसकी शर्ट के सारे बटन्स को खोल देता है.... फिर उसकी शर्ट को उसके जिस्म से अलग करता है.... ब्लैक कलर की नेट वाली ब्रा में उसकी 36 की ठोस नरम मुलायम चूची गजब ध रही है..... प्रिंस एक तक बस उसकी खूबसूरती में खो सा जाता है.... तभी अवनि की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है....

अवनि : तुम्हे मैंने मुझे नहलाने को कहा है न की मुझे घूरने को... मुह्हे घूरना बंद करो और जल्दी से मेरा पजामा उतारो.....

प्रिंस : हाँ वो मैं... वो....

अवनि की बात सुन के प्रिंस हड़बड़ा जाता है..... जिसे देख अवनि को हंसी आ जाती है... बड़ी मुश्किल से वो अपनी हंसी रोक के प्रिंस से कहती है....

अवनि : चलो जल्दी करो....

बड़ी मुश्किल से प्रिंस अपना हाथ आगे बढ़ा के उसके पाजामे का नाडा खोलता है और धीरे धीरे कर के उसके पाजामे को उतारने लगता है..... पाजामे के नीचे का नज़ारा देख के प्रिंस के होश उड़द जाते हैं.... अवनि ने पाजामे के नीचे ब्लैक कलर की छोटी सी G-String पंतय पह्नु हुई है.... जिस पे नज़र पड़ते hi न चाहते हुए भी प्रिंस के पंत में हलचल पैदा हो जाती है..... जिसे देख अवनि के चेहरे पे शर्म की लाली चा जाती है साथ hi उसकी छूट से कॉमर्स की कुछ बूँदें टपक जाती हैं....

इस वक़्त अवनि एक छोटी सी ब्रा और G-STRING पंतय पहने हुई कड़ी है.... शर्म के मारे उसकी हालत खराब बानी हुई है.... उस से कई ज़्यादा खराब हालत इस वक़्त प्रिंस की बानी हुई है.... सामने का हसीं खूबसूरत और बेहद सेक्सी नज़ारा देख के उसके पंत में उसका लुंड मस्ती में उछाल कूद मचा रहा है....

प्रिंस की हालत को देख अवनि को हंसी भी आ रही है और मज़ा भी.... बड़ी मुश्किल से वो अपनी हंसी रोक के कहती है.....

अवनि : मैंने कहा न मुझे घूरना बंद करो और जल्दी से मुझे नेहलाओ.... चलो जल्दी से हैंड शावर से मेरे चेहरे को गीला करो....

फिर अवनि जैसा जैसा बताती जा रही है प्रिंस वैसा वैसा करता जा रहा है.....

अवनि : अब मेरे गले से ले के सीने के हिस्से को गीला करो.... अब मेरे हाथों को... फिर मेरे पेट के हिस्से को.... अब मेरे पैरों को....

फिर अवनि जो कहती है उसे सुन के प्रिंस के साथ साथ खुद उसके भी होश उड़द जाते हैं.... शर्म के मारे दोनों के गाल लाल हो जाते हैं....

अवनि : अब मेरी ब्रा उतारो....

अवनि की बात सुन के प्रिंस चौंक के उसकी तरफ देखता है....

प्रिंस : क्या ये ज़रूरी है....? क्या हम इसे चोर नहीं सकते....?

अवनि : जी नहीं.... सब से ज़रूरी तो यही है.... और इसके बाद का भी.... चलो जल्दी करो देर हो रही है.... हमारे पास पूरा दिन नहीं है और न hi आज अपने बर्थडे के दिन पूरा दिन मुझे बाथरूम में गुज़ारना है.... मुह्हे अपनी जान के साथ बहार घूमने भी जाना है....

न चाहते हुए भी प्रिंस अवनि को एक तरफ घूमता है और उसकी ब्रा का हुक खोल देता है.... फिर धीरे धीरे उसकी ब्रा को उसके जिस्म से अलग कर देता है.... फिर उसे अपनी तरफ घुमा देता है.... शर्म के मारे अवनि अपनी चूचियों को अपने हाथों से ढकना चाहती है.... मगर वो ऐसा कर नहीं पाती.... वो ये अच्छे से जानती है की अगर उसने ज़रा सा भी शर्म दिखाई या फिर अपने जिस्म को अपने हाथों से ढाका तो प्रिंस को यहाँ से जाने का मौका मिल जाएगा..... जो वो नहीं चाहती.... उसे शर्म तो बहुत आ रही है.... साथ hi मज़ा भी बेहद आ रहा है....

अवनि : चलो अब अच्छे से मेरी छु... मेरा मतलब है मेरे सीने को साफ़ करो.....

बड़ी मुश्किल से प्रिंस अपने कांपते हाथों से उसकी चूची को साफ़ करने लगता है..... मस्ती में अवनि का पूरा जिस्म गंगना जाता hai....sath hi उसके मुँह से मादक सिसकारी निकल जाती है..... स्स्स्सस्स्स्स..... उस की ठोस नरम मुलायम चूची और गोर गुलाबी निप्पल को देख प्रिंस का लुंड उसके पंत में खड़ा हो के उछाल कूद मचने लगता है....

जैसे जैसे प्रिंस उसकी चूची पे बॉडी वाश लगा के उसको मसल मसल के साफ़ कर रहा है वैसे वैसे अवनि के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल रही है.... मस्ती में उसकी हालत खराब होती जा रही है.... उसकी छूट से काम रास बह रहा है और उसकी पंतय को गीला कर रहा है.....

फिर प्रिंस हंदशावेर से पानी स्प्रे करके उसकी चूची को साफ़ करने लगता है.... जब उसकी दोनों चूची साफ़ हो जाती है तब उस की बात सुन के प्रिंस की हालत खराब हो जाती है....

अवनि : चलो अब मेरी प..... Pan...ty उतर के मेरी छू.... मेरा मतलब है मेरे नीचे और पीछे का हिस्सा साफ़ करो....

बड़ी मुश्किल से प्रिंस उसकी पंतय के पास अपने हाथ ले जाता है और धीरे धीरे उसे निकाल के अलग कर देता है....

अवनि की चिकनी रास चोरटी कमसिन कुंवारी पावरोटी जैसी पहली हुई प्यारी सी गोरी गुलाबी छूट प्रिंस के आँखों के आगे बेपर्दा हो जाती है....

सामने का बेहद हसीं और सेक्सी नज़ारा देख बड़ी मुश्किल से प्रिंस खुद को झड़ने से रोक पाटा है.... उसका लुंड अभी वार्य की पिचकारी मार hi देता....

प्रिंस बस उसकी खूबसूरती में खो सा जाता है.... उसे कुछ न करते देख अवनि....

अवनि : बस देखते hi रहोगे या आगे भी कुछ करोगे....

प्रिंस : हाँ वो मैं.... वो.... हाँ....

अवनि : चलो जल्दी से मेरी छू.... मेरा मतलब है नीचे और पीछे का हिस्सा साफ़ करो....

प्रिंस बड़ी मुश्किल से उसकी छूट से अपनी नज़रों को हटाता है और हैंड स्प्रे से उसकी छूट पे पानी स्प्रे करके बॉडी वाश लेके जैसे hi वो उसकी छूट को छूटा है.... शर्म और मस्ती में अवनि पलट जाती है.... जिस से उसके गोर गुलाबी गद्देदार चूतड़ प्रिंस की आँखों के सामने बेपर्दा हो जाते हैं.... जिसे देखते hi प्रिंस के सब्र का बाँध टूट जाता है और उसके लुंड से वार्य की कुछ बूँदें टपक जाती हैं.... बड़ी मुश्किल से प्रिंस खुद को काबू करता है और अच्छे से उसके चूतड़ों को साफ़ करने लगता है.... पहले राइट चूतड़ को फिर लेफ्ट वाले को फिर उसकी गांड के भूरे छेद को..... जैसे hi प्रिंस की ऊँगली उसकी गांड के छेद से टकराती है... मस्ती में अवनि का पूरा जिस्म गंगना जाता है और एक तेज़ मादक सिसकारी उसके मुँह से निकल जाती है....

अअअअअअअअअगगगगगठ्हहह.....

प्रिंस फ़ौरन अपना हाथ वहां से हटा लेता है और चौंक के पूछता है.....

प्रिंस : क्या हुआ.....? दर्द हुआ क्या....? मैंने कुछ गलत कर दिया क्या.....?

अवनि बात को फ़ौरन संभाल लेती है.....

अवनि : नहीं तुमने कुछ गलत नहीं किया.... वो क्या है न की.... जब तुम्हारा हाथ वहां मेरी गए....

इतना कह के अवनि रुक जाती है.... शर्म के मारे वो आगे कुछ कह hi नहीं पाती....

प्रिंस : बताओ न मैंने कुछ गलत किया क्या....?

अवनि : न.... नाहाही.... तुम ने मेरी वो... गए.... नहीं कुछ नहीं... तुम वो सब चोरो और अपना काम जल्दी से पूरा करो.... चलो अब पीछे का हो गया अब आगे का साफ़ करो.... और हाँ अब चाहे कुछ भी हो जाए तुम कुछ नहीं बोलोगे और न hi रुकोगे... अपना काम जल्द से जल्द पूरा करोगे.....

प्रिंस : ठीक है.....

ये कह के प्रिंस उस अवनि को सीधा करता है और फिर अपने हाथ में बॉडी वाश ले के उसकी कमसिन कुवारी छूट को साफ़ करने लगता है.... प्रिंस का हाथ अपनी छूट पे महसूस करके अवनि से बर्दाश्त नहीं होता.... उसके सब्र का बाँध टूट जाता है.... मस्ती में उसका जिस्म अकड़ने लगता है और एक तेज़ मादक सिसकारी के साथ वो झड़ने लगती है.....

प्रिंस के हाथ उसकी छूट से निकले कॉमर्स से भीग जाते हैं.... झड़ते वक़्त अवनि बड़ी मुश्किल से खुद को नीचे गिरने से बचाहति है.... झड़ने के बाद निढाल सी हो जाती है.... प्रिंस अच्छे से उसकी छूट से कॉमर्स को साफ़ करता है.... फिर उसके पूरे जिस्म को पानी से अच्छे से धोने के बाद उसे टॉवल से पॉच के उसे अपनी गॉड में उठा के बहार लाता है फिर अपने हाथों से नई ड्रेस पहनता है.... और फिर उसे तैयार करता.... उसे देख के प्रिंस उसकी खूबसूरती में खो सा जाता है.... वो इतनी खूबसूरत जो लग रही है उसे देख ऐसा लग रहा है जैसे की जन्नत की पारी ज़मीन पे उतर आयी हो....

प्रिंस को इस तरह खुद को घूरते देख अवनि शर्मा जाती है....

अवनि : T....T....Tum ऐसे क्या देख रहे हो.....? कुछ करना है क्या....?

प्रिंस : हाँ... वो..... वो.... मुझे व.... व.... वो.... करना है....

प्रिंस की बात अवनि फ़ौरन समझ जाती है की वो क्या करने की बात कर रहा है....

अवनि : अभी उसमे वक़्त है.... फिलहाल वाशरूम जा के अच्छे से हलके होने के बाद नाहा के फ्रेश हो के बहार आना....

ये कह के अवनि शर्माते हुए शरारती हंसी हस्ते हुए तेज़ी से बहार की तरफ चल देती है.....

उसकी बात जब प्रिंस की समझ में आती है तो वो भी शरमाते हुए हंस देता है और वाशरूम में जा के खुद को ठंडा कर के नाहा के बहार आता है..... जैसे hi वो डाइनिंग टेबल के पास जाता है..... अंजू के सवालों की बौछार शुरू हो जाती है....

अंजू : इतनी देर से क्या कर रहे थे....? नहाने में भी कोई इतना वक़्त लगता है क्या.....? हम कब से तुम्हारा यहाँ वेट कर रहे हैं और तुम hi की अब आ रहे हो... देखो नाश्ता भी ठंडा हो गया.... और न जाने क्या क्या....? प्रिंस खामोश खड़े बस अवनि की खूबसूरती को निहारता रहता है.... उसे कुछ होश hi नहीं की अंजू उस से कुछ कह रही है...

अंजू : मैं यहाँ तुम्हे बात कर रही हूँ और तुम हो की अवनि को घूरे जा रहे हो..... ऐसे क्या देख रहे हो.....?

प्रिंस : देख रहा हूँ इसका खूबसूरत और मासूम चेहरा और सोच रहा हूँ की आसमान का चाँद ज़्यादा खूबसूरत है या वो चाँद जो इस वक़्त मेरे सामने अपने हुस्न के जलवे बिखेर रहा है.....

प्रिंस के मुँह से अपनी तारीफ सुन के अवनि बेहद खुश हो जाती है.....

प्रिंस : पतली दुबली सी.... छुई मुई सी.... झील सी नीली आँखें... तीखे नैन नक्श.... गुलाब की पंखुड़ी जैसे रसीले मधभरे होंठ.... गोर गोर गाल.... सुराहीदार गर्दन... पतली कमर.... है.... बड़ी फुर्सत से बनाया है खुदा ने तुम्हे.... तुम्हे देख के जन्नत की पारी भी शर्मा जाए.... उफ्फ्फ... कितनी खूबसूरत हो तुम.... अवनि.... है काश....

ये कह के प्रिंस खामोश हो जाता है....

अवनि : क्या हुआ कहते कहते रुक क्यों गए.....? अपनी बात पूरी करो....

प्रिंस : अभी उसका वक़्त नहीं आया.... जब आएगा तब वो भी कह दूंगा....

अवनि : मुझे उस वक़्त के आने का बेसब्री से इंतज़ार रहेगा.....

अंजू : तुम दोनों भी न.... न वक़्त देखते हो और न hi जगह.... कहीं भी शुरू हो जाते हो..... माँ सामने बैठी काम से काम मेरा hi लिहाज़ कर लो.... मगर नहीं.... चलो अब जल्दी से नाश्ता कर लो.... ठंडा हो रहा है....

अंजू की बात सुन के दोनों शर्मा जाते हैं....

प्रिंस चुप चाप अवनि के बगल में बैठ जाता है और नाश्ता करने लगता है.... मगर अवनि है की नाश्ता करने के बजाये बस उसे hi देखे जा रही है.....

अंजू : तुझे क्या हुआ तू क्यों नहीं खा रही....

इस से पहले की अवनि कुछ कहती अंजू का मोबाइल बजने लगता है.... और वो फ़ोन पे बिजी हो जाती है....

प्रिंस उसे खाने को कहता है मगर वो खाने को हाथ तक नहीं लगाती बस ख़ामोशी से प्यार भरी नज़रों से प्रिंस को देखने लगती है....

प्रिंस : बस देखती hi रहोगी या फिर खाओगी भी....

अवनि : तुम खिलाओगे तब न खाउंगी....

प्रिंस : अच्छा तो ये बात है....

अवनि : हाँ जी यही बात है.... चलो अब जल्दी से मुझे खाना खिलाओ बड़ी ज़ोर की भूक लगी है....

प्रिंस : जो हुक्म मेरी मल्लिका....

फिर प्रिंस प्यार से निवाला बना के उसके मुँह में डालता है.... तभी अवनि को अचानक से शरारत सूझती है और वो प्रिंस की ऊँगली को काट लेती है.... प्रिंस फ़ौरन अपना हाथ पीछे कर लेता है....

फिर अगले निवाले पे अवनि एक बार फिर से मस्ती में प्रिंस की ऊँगली को काट लेती है.... इस बार भी प्रिंस कुछ नहीं कहता....

फिर तीसरी बार वो थोड़ा कास के प्रिंस की ऊँगली को काट टी है.... इस बार दर्द की वजह से प्रिंस के मुँह से आह निकल जाती है.... जिसे सुन के वो बेहद घबरा जाती है और फ़ौरन उसकी ऊँगली को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है....

उसकी इस मासूम सी हरकत और घबराहट को देख प्रिंस हंस देता है.... जिस से वो चीड़ जाती है.....

अवनि : अभी तो तुम्हे दर्द हो रहा था और अब तुम हंस रहे हो.....?

प्रिंस : वो तो मैं ऐसे hi दर्द हो का नाटक कर रहा था..... तुम्हारी किसी भी हरकत से मुझे तकलीफ हो सकती है भला....

अवनि : जानती हूँ तभी तो तुमपे पूरा हक़ जताती हूँ.....

प्रिंस : चलो अब तुम भी मुझे अपने हाथों से खाना खिलाओ....

अवनि निवाला बना के प्रिंस के मुँह की तरफ बढ़ती है... प्रिंस निवाले के साथ साथ उसकी ऊँगली को भी चूस लेता है.... उसकी इस हरकत पे अवनि का पूरा जिस्म गंगना जाता है..... वो आगे बढ़ के प्रिंस के होंठों को चूसने hi वाली होती है की तभी.....?????
 
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