Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen) - Page 6 - SexBaba
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Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen)

मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 46

अवनि फ़ौरन प्रिंस की ऊँगली को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है....

उसकी इस मासूम सी हरकत और घबराहट को देख प्रिंस हंस देता है.... जिस से वो चीड़ जाती है.....

अवनि : अभी तो तुम्हे दर्द हो रहा था और अब तुम हंस रहे हो.....?

प्रिंस : वो तो मैं ऐसे hi दर्द होने का नाटक कर रहा था..... तुम्हारी किसी भी हरकत से मुझे तकलीफ हो सकती है भला....

अवनि : जानती हूँ तभी तो तुमपे पूरा हक़ जताती हूँ.....

प्रिंस : चलो अब तुम भी मुझे अपने हाथों से खाना खिलाओ....

अवनि निवाला बना के प्रिंस के मुँह की तरफ बढ़ती है... प्रिंस निवाले के साथ साथ उसकी ऊँगली को भी चूस लेता है.... उसकी इस हरकत पे अवनि का पूरा जिस्म गंगना जाता है..... वो आगे बढ़ के प्रिंस के होंठों को चूसने hi वाली होती है की तभी.....?????

अब आगे.....

तभी वहां शाइना (रूही की खला की बेटी) आ जाती है..... और आते के साथ hi अवनि के गले लग के उसे बर्थडे विश करने जाती है..... मगर अचानक से उसका पेअर फिसल जाता है और वो प्रिंस के ऊपर गिर जाती..... प्रिंस उसे फ़ौरन अपनी बाहों में थम लेता है.... इस बीच वो होता है जो दोनों में से किसी ने सोचा न था.....

शाइना के होंठ प्रिंस के होंठों से लग जाते हैं..... और एक छोटी सी किश हो जाती है.... जिस से दोनों हड़बड़ा जाते हैं... जिस से चेयर पे एक तरफ बैलेंस बढ़ जाता है और चेयर के साथ दोनों ज़मीन पे गिर जाते हैं.... खुद को बचने में दोनों एक बार फिर से एक दूसरे को कास के पकड़ते हैं तभी एक बार फिर से उनके होंठ एक दूसरे से जुड़ जाते हैं..... इस बार कुछ ज़्यादा देर के लिए.....

प्रिंस फ़ौरन शाइना से अलग होने लगता है मगर शाइना है की उसे चोर्ने को तैयार hi नहीं..... वो मौके का पूरा फायदा उठा रही है.... झट से प्रिंस के होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है.... इस बात से प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है.... प्रिंस उसे खुद से दूर करने की कोशिश करता है मगर शाइना है की न hi उस से अलग हो रही है और न hi उसके होंठों को चोर रही है...... वो तो मज़े से उसके होंठों को चूस रही है....

शाइना को प्रिंस को किश करते तो अवनि नहीं देख पा रही है मगर उसे प्रिंस के जिस्म से लिपटे देख अवनि को उस से जलन भी हो रही है साथ hi उसपे गुस्सा भी आ रहा है.....

अवनि : कमीनी अब उठ भी जा मेरे प्रिंस के ऊपर से.... एक तो मेरे प्रिंस को नीचे गिरा दिया और अब उस पे से उठ भी नहीं रही.... हैट जा कमीनी.....

अवनि की आवाज़ सुन के प्रिंस हड़बड़ा जाता है..... इस से पहले की अवनि उन्हें किश करते हुए देखे वो फ़ौरन शाइना को खुद से अलग करके वहां से हैट जाता है....

शाइना अपने होंठों को पॉच के उठती है और.....

शाइना : मममममम..... मज़ा आ गया....

अवनि : अबे पागल तो नहीं हो गयी...... ये क्या कह रही है.... गिरने से भी किसी को मज़ा आया है भला....

शाइना : ओह सॉरी.... तुझे तो मैं भूल hi गयी.... हैप्पी बर्थडे अवनि....

अवनि : बर्थडे गया भार में पहले तू मुझे ये बता की ये क्या हरकत थी....?

अवनि की बात सुन के शाइना के साथ साथ प्रिंस भी हड़बड़ा जाता है.....

शाइना : ह..... Ha....rkat.... कैसी हरकत.... मैंने तो कुछ भी नहीं किया.....

अवनि : देखो कमीनी को कितना झूट बोल रही है.... तेरी बचपन की आदत अभी तक गयी नहीं न..... सब कुछ कर के भी कहती है मैंने कुछ नहीं किया.... मेरे प्रिंस को.....

शाइना : Pr...ince को क्या.....?

अवनि : प्रिंस को गिरा दिया और कह रही है कुछ नहीं किया..... (फिर प्रिंस के पास जा के प्यार से पूछती है) तुम्हे कहीं चोट तो नहीं आयी.....

अवनि की बात सुन के शाइना और प्रिंस रहत की सांस लेते हैं....

प्रिंस : नहीं कुछ नहीं.... मैं ठीक हूँ....

अवनि : शुक्र है तुम्हे कुछ नहीं हुआ..... वर्ण आज तो मैं इसकी जान ले लेती.....

शाइना : ोये मैडम..... ज़रा सोच समझ के हाँ..... मैं एक पुलिस वाली हूँ और एक पुलिस वाले को धमकी.....

अवनि : अबे एक तो इतना लेट आयी और आते के साथ hi मेरे प्रिंस को गिरा दिया..... और ऊपर से मुझे पुलिस के नाम पे डरा भी रही है..... रुक अभी बताती हूँ तुझे.... तेरी साड़ी पुलिसगिरी न निकाल दी तो मेरा नाम बदल देना....

शाइना : चल ठीक है.... मगर पहले ये तो बता दे की बदल के तेरा नाम क्या रखना है.....?

अवनि कुछ कहने hi वाली होती है की तभी अंजू की बात सुन के दोनों चौंक जाते हैं.....

अंजू : प्रिंस.... कोई तुमसे मिलने आया है....

प्रिंस बहार जा के उस से मिलता है.... फिर जब वापिस आता है तो देखता है की अवनि और शाइना अभी भी लार रहे हैं.....

प्रिंस : तुम दोनों भी न यार..... बिना बात के लाडे जा रही हो.... ये सब चोरो और मेरे साथ चलो....

अवनि : चलो.... कहाँ चलो....?

प्रिंस : अब वक़्त है अगले सरप्राइज का....

अवनि : सरप्राइज.....!!!! कहाँ है....

प्रिंस : बहार....

अवनि : बहार..... मैं कुछ समझी नहीं....

प्रिंस : बहार चलो सब समझ जाओगी.....

ये कह के प्रिंस अवनि की आँखों पे अपना हाथ रख के उसे बहार की तरफ ले जाता है.... और उसकी आँखों से अपना हाथ हटा के उसे सामने देखने को कहता है..... सामने एक बेहद hi स्टाइलिश और महंगी स्पोर्ट्स कार को देख के अवनि खहसही से उछाल पड़ती है....

अवनि : वाओ प्रिंस ये तो बेहद hi खूबसूरत और लेटेस्ट स्पोर्ट्स कार है.... किसकी है ये कार तुम्हारी है क्या....?

प्रिंस : जी नहीं ये मेरी नहीं है.....

प्रिंस के मुँह से नहीं सुन के अवनि का चेहरा उतर जाता है.....

प्रिंस : जानती हो ये कार किसकी है.....?

अवनि उदास मन से : क्या करुँगी जान के.....

प्रिंस : तुम्हे पता है ये कार मेरी जान की है.....

अवनि : तुम्हारी जान की मतलब....

प्रिंस : मेरी जान तुम हो.... तो.....

प्रिंस की बात सुन के अवनि ख़ुशी से उछाल पड़ती है.....

अवनि : मतलब ये कार मेरी है.....

प्रिंस : हाँ.... ये छोटा सा गिफ्ट मेरी जान के लिए.... ये लो चाबी....

प्रिंस से चाबी ले के अवनि ख़ुशी से नाचती हुई.... आगे बढ़ती है और कार में बैठ जाती है और उसे अंडर से अच्छे से देखने लगती है.... अपनी जान को इतना खुश देख प्रिंस भी बेहद खुश हो जाता है....

उस कार को देख अंजू और शाइना भी बेहद खुश हैं....

अवनि :

अंजू : प्रिंस.... एक बात कहूं अगर तुम्हे बुरा न लगे तो....

प्रिंस : अरे कहिये न.... मुझे भला आपकी किसी बात का बुरा लग सकता है क्या.....

अंजू : क्या ज़रुरत थी इतनी महंगी कार देने की.....

प्रिंस : ये आप क्या कह रही हैं.... अवनि कोई गैर नहीं बल्कि मेरी जान है.... उसके लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ.... वैसे भी ये तो एक छोटा सा गिफ्ट है.....

अंजू : इस तुम छोटा कह रहे हो.... ये बेहद hi महंगी और आलिशान कार है.... जानते हो बचपन अवनि के एक नहीं बल्कि कई सपने थे जिनमे एक सपना ये भी था..... की वो चाहती थी की उसके पास भी बेहद स्टाइलिश और महंगी कार हो..... मगर हमारी हैसियत नहीं थी की हम इतनी महंगी कार खरीद सकें..... आज तुमने इसे उसे गिफ्ट करके उसका वो सपना पूरा कर दिया...

प्रिंस : ये तो बस शुरुवात है.... आप देखती जाइये एक एक करके मैं उसके सारे सपने पूरे कर दूंगा.... उसे बेहद प्यार और ख़ुशी दूंगा... दुनिया की हर ख़ुशी उसके क़दमों पे ला के दाल दूंगा....

अंजू : इतना चाहते हो तुम अवनि को....

प्रिंस : इतना की इस दुनिया में शायद hi किसी ने किसी को चाहा हो..... वो मेरी जान है और मेरी जान पे मेरी जान भी क़ुर्बान.....

इधर शिमला में प्रिंस के जाने के बाद रूही बेहद उदास है.... अपनी जान से जुड़ा हो के उसका दिल रो रहा है.... साथ hi उसे अवनि पे गुस्सा भी आ रहा है उस से कई ज़्यादा गुस्सा उसे खुद पे आ रहा है.... ये उसने क्या कर दिया.... अपनी लगायी हुई आग में वो खुद जल रही है..... कहाँ चली थी प्रिंस को जलने उल्टा अपने कहे पे पचता रही है..... वो जल्द से जल्द प्रिंस से मिल के सब सच सच बताना छह रही है मगर वो छह के भी ऐसा नहीं कर पा रही है.... प्रिंस उस से दूर जो चला गया है.... मगर वो उसे कॉल कर के तो बता hi सकती है.... हाँ मगर वो ये भी नहीं कर सकती..... आखिर वो कॉल करके प्रिंस से कहेगी क्या.... ये की वो सलमान को नहीं प्रिंस को चाहती है.... पहले जो उसने कहा था वो झूट था वो सारे सबूत झूठे थे और अब वो जो कह रही है वो सच है.... क्या उसकी इस बात पे प्रिंस यकीन करेगा.....? नहीं कभी नहीं.... प्रिंस अब उसकी किसी भी बात पे यकीन नहीं करेगा..... उसने खुद अपने हाथों से अपनी जान प्रिंस को खुद से दूर कर दिया है..... अब वो छह के भी उसके करीब नहीं जा पा रही है....

मगर वो प्रिंस के बिना जी भी तो नहीं सकती.... यूजर अपना प्यार वापिस पाने के लिए कुछ न कुछ तो करना hi होगा..... मगर क्या..... ये उसकी समझ में नहीं आ रहा है..... वो उदास बैठी अपनी किस्मत को कोसते हुए आंसू बहा रही hai.....use समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो करे तो क्या करे.....?

इधर मुंबई में शाम को प्रिंस अवनि के बर्थडे पे एक बेहद hi आलिशान पार्टी देता है.... फिर दो दिन उसके साथ प्यार के हसीं लम्हे जी के वो उसे जल्द मिलने का कह के वापिस शिमला की तरफ चल देता है.....

वो प्लेन में बैठा hi था की तभी अपनी बगल में किसी को देख के बुरी तरह से चौंक जाता है.....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 47

इधर शिमला में प्रिंस के जाने के बाद रूही बेहद उदास है.... अपनी जान से जुड़ा हो के उसका दिल रो रहा है.... साथ hi उसे अवनि पे गुस्सा भी आ रहा है उस से कई ज़्यादा गुस्सा उसे खुद पे आ रहा है.... ये उसने क्या कर दिया.... अपनी लगायी हुई आग में वो खुद जल रही है..... कहाँ चली थी प्रिंस को जलने उल्टा अपने कहे पे पचता रही है..... मगर वो प्रिंस के बिना जी भी तो नहीं सकती.... उसे अपना प्यार वापिस पाने के लिए कुछ न कुछ तो करना hi होगा..... मगर क्या..... ये उसकी समझ में नहीं आ रहा है..... वो उदास बैठी अपनी किस्मत को कोसते हुए आंसू बहा रही hai.....use समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो करे तो क्या करे.....?

इधर मुंबई में शाम को प्रिंस अवनि के बर्थडे पे एक बेहद hi आलिशान पार्टी देता है.... फिर दो दिन उसके साथ प्यार के हसीं लम्हे जी के वो उसे जल्द मिलने का कह के वापिस शिमला की तरफ चल देता है.....

वो प्लेन में बैठा hi था की तभी अपनी बगल में किसी को देख के बुरी तरह से चौंक जाता है.....?????

अब आगे....

ये और कोई नहीं बल्कि ज़रा है.....

ज़रा : है प्रिंस.....

प्रिंस : ज़रा तुम.....!!!!! तुम यहाँ क्या कर रही हो.....?

ज़रा : डांस कर रही हूँ....

प्रिंस : नहीं मेरा मतलब है.... तुम यहाँ कैसे.....?

ज़रा : तुम मेरी जान हो और मैं अपनी जान की सिक्योरिटी गार्ड..... तो अब तुम hi बताओ की मैं तुम्हारे साथ नहीं रहूंगी तो और कौन रहेगा..... जहाँ तुम वहां मैं.....

प्रिंस : यार तुम भी न.... तुम्हारा मैं क्या करूँ....?

ज़रा : मुझे प्यार करो और क्या....? वैसे मैं बिलकुल भी बुरा नहीं मानूगी.... उल्टा मैं खुद ये चाहती हूँ की तुम जी भर के मुझे प्यार करो.....

तभी किसी की आवाज़ सुन के प्रिंस चौंक जाता है और ज़रा गुस्से में आ जाती है....

शाइना : मैं क्या मर गयी हूँ जो मुझे चोर प्रिंस तुम्हे प्यार करेगा....

ज़रा : तुम पुलिस वालों को कोई और काम नहीं है क्या....? जहाँ देखो वहां घुसे चले आते हैं.....

शाइना : क्या करें हम पुलिस वाले जो ठहरे.....? ये हमारा काम है..... और वैसे भी अगर अपने माल की हिफाज़त न की जाए तो तुम जैसे चोर पल में उसे ले उड़े.....

ज़रा : तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझे चोर कहने की.....?

शाइना : मेरे प्रिंस पे हाथ दाल रही है तो तुझे और क्या कहूं.....?

प्रिंस : अरे तुम दोनों पागल तो नहीं हो गयी..... क्यों बिना बात के लड़ रही हो....? चुप हो जाओ.... ये पब्लिक प्लेस है न की तुम्हारा घर या फिर तुम्हारा पुलिस थाना.... प्लीज ये बेकार की बेहेस चोरो और चुप हो जाओ....

ज़रा : नहीं प्रिंस.... मैं चुप नहीं हो सकती.... मुझे इसकी बात का जवाब देना hi होगा.... इस ने क्या सोच के तुम्हे अपना कहा.... तुम मेरे हो और मेरे hi सामने ये तुम्हे अपना कह रही है.... इसकी हिम्मत तो देखो.....

शाइना : बड़ी आयी मेरे प्रिंस को अपना कहने वाली.....

ज़रा : प्रिंस मेरा है.... इसे प्यार करना तो दूर अगर तू ने इसे चुने की कोशिश भी की तो देख लेना....

शाइना : क्या कर लेगी तू....?

ज़रा : तू छू के तो दिखा....

ज़रा की बात सुन के शाइना आगे बढ़ के प्रिंस का चेहरा अपने हाथों में ले के उसे किश कर के कहती है....

शाइना : तू चुने की बात कर रही है.... ले मैंने अपनी जान को किश kiya....ab बता तू क्या करेगी....

ज़रा गुस्से में : तेरी इतनी हिम्मत... तू ने मेरे प्रिंस को किश किया....

शाइना : तू चुने की बात कर रही थी.... ले मैंने अपनी जान को किश कर लिया.... अब बता तू क्या करेगी.....?

शाइना की बात सुन के और उसे प्रिंस को किश करते देख ज़रा को गुस्सा आ जाता है.... जब शाइना प्रिंस को किश कर सकती है तो ज़रा कहाँ चुप रहने वाली है.... वो भी ठीक उसी तरह बल्कि उस से भी ज़्यादा ज़ोर से प्रिंस को किश करती है....

प्रिंस : अबे तुम दोनों पागल तो नहीं हो गयी.... ये क्या कर रही हो.....?

ज़रा : प्रिंस तुम बीच में मत आओ.... इसे तो मैं खुद देख लुंगी....

शाइना : तू क्या देखेगी तुझे तो मैं देखूंगी.....

बस फिर क्या था दोनों लड़ने लग जाती हैं..... प्लेन में सब बस उन्हें hi देख रहे हैं और मज़े ले रहे हैं..... दोनों के बीच प्रिंस बुरी तरह से फसा हुआ है.....

दोनों एक दूसरे से खुद को बढ़कर दिखने में बार बार प्रिंस को किश कर रहे हैं.... जल्द hi प्रिंस का पूरा चेहरा लिपस्टिक से भर जाता है.....

तभी वहां एयरहोस्टेस आ के कहती है.....

एयरहोस्टेस : सर प्लेन टेकऑफ करने वाला है.... प्लीज आप अपनी दोनों लवर्स से कहिये की ये घगड़ा बंद करके सीट बेल्ट बाँध के बैठ जाए....

प्रिंस : ये दोनों मेरी गर्लफ्रेंड नहीं हैं....

एयरहोस्टेस : अच्छा तो ये दोनों आपकी बीवी हैं.... देखिये इन दोनों की हरकत से सभी को काफी परेशानी हो रही है....

तभी पीछे से किसी की आवाज़ आती है जिसे सुन के प्रिंस का गुस्सा तेज़ हो जाता है....

अरे नहीं नहीं हम तो बेहद मज़ा आ रहा है.... इनसे कहिये की लगे रहें.... वैसे भी आज पहली बार प्लेन में ऐसा एंटरटेनमेंट देखने को मिल रहा है.... हहहहहहहहहह.....

प्रिंस गुस्से में : अब अगर तुम दोनों खामोश न हुई तो मैं अभी इस प्लेन से उतर जाऊँगा.....

शाइना : मगर गलती मेरी नहीं इसकी है....

ज़रा : जी नहीं साड़ी गलती इसी की है... और इलज़ाम मुझपे लगा रही है....

प्रिंस गुस्से में : Aaaaaaaaaah.... बस अब एक और लफ्ज़ नहीं.... बिलकुल खामोश हो के बैठ जाओ तुम दोनों....

प्रिंस को गुस्से में देख दोनों खामोश हो के बैठ जाती हैं....

तभी एयरहोस्टेस जो कहती है उसे सुन के प्रिंस अपना सर पीट लेता है...

एयरहोस्टेस : वैसे गलती इन दोनों की नहीं है.... आप हो hi इतने स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम की आपको देख के दिल आपका दीवाना हुआ जाता है....

प्रिंस : यार ये दोनों क्या काम थी जो तुम भी....

एयरहोस्टेस : मैंने तो वही कहा जो सच है....

इधर गुलिस्तां में....

पारी अपनी जान से मिलने के लिए तड़प रही hai.....Magar छह के भी उस से मिल नहीं पा रही है.... उसे पता hi नहीं की इस वक़्त प्रिंस कहाँ है.... वो अपनी पूरी जादुई ताक़त लगा के भी प्रिंस का पता नहीं लगा पा रही है.... इस बात से उसे बेहद हैरानी हो रही है....

पारी : शलाका एक बात मेरी समझ में नहीं आ रही की आखिर क्यों मैं अपनी जादुई ताक़त से प्रिंस का पता नहीं लगा पा रही हूँ.....? मुझे क्यों ये पता नहीं चल पा रहा है की इस वक़्त प्रिंस कहाँ है....? कहीं ऐसा तो नहीं की जादुई ताक़त कमज़ोर हो गयी है....?

शलाका : नहीं ऐसी बात नहीं है.... तुम्हारी जादुई ताक़त कमज़ोर नहीं हुई है.... बल्कि तुम्हारे पास जो जादुई ताक़तें हैं वो पूरे गुलिस्तां में किसी के पास नहीं....

पारी : तो फिर क्या वजह है की मुझे अपनी जान के बारे में कुछ नहीं पता चल पा रहा है.....?

शलाका : बंगारू बाबा....

पारी : बंगारू बाबा....!!!! मैं कुछ समझी नहीं....

शलाका : ये सब बंगारू बाबा की वजह से हो रहा है.... वो प्रिंस को अपने बेटे से भी बढ़ के मानते थे.... क्यों न माने प्रिंस था hi ऐसा.... बेहद नेक और प्यारा.... उसके दिल में सब के प्यार hi प्यार भरा था.... सब से ज़्यादा प्यार वो गुलिस्तां से और तुमसे करता था.... गुलिस्तां उसका दिल था तो तुम उसकी रूह.... प्रिंस का तुम्हे चाहना बंगारू बाबा को पसंद नहीं था....

पारी : मगर क्यों.....?

शलाका : उसकी दो वजह थी.... एक तुम्हारी ज़िद और दूसरी तुम्हारी तक़दीर.... तुम ज़िद में आ के कुछ भी कर गुज़रती थी.... फिर ये नहीं देखती की अच्छा क्या है और बुरा क्या....

पारी : और मेरी तक़दीर.....?

शलाका : तुम्हारी तक़दीर hi प्रिंस की सबसे बड़ी दुश्मन थी.... तुम्हारी तक़दीर में दो बातें लिखी थी... एक तो प्रिंस का बेपनाह प्यार और दूसरी तुम्हारे प्यार की प्रिंस की मौत जिसके बाद होती गुलिस्तां की तबाही....

पारी : गुलिस्तां की तबाही....? वो कैसे....? मैं भला गुलिस्तां को क्यों तबाह करुँगी....?

शलाका : गुलिस्तां को तुम नहीं बल्कि शैतान अपने साथियों के साथ मिल के तबाह करेंगे.... जो की प्रिंस के जीते जी कभी मुमकिन नहीं हो सकता.... और प्रिंस को मारना तब भी नामुमकिन था और अब भी नामुमकिन है.... उस वक़्त वो सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी वजह से मारा.... तुम्हे और गुलिस्तां को बचने के लिए उसने अपनी जान क़ुर्बान कर दी... मगर गुलिस्तां पे और तुमपे आंच तक आने न दिया.... उस वक़्त बंगारू बाबा प्रिंस को न बचा सके.... उन्हें गुलिस्तां के साथ साथ यहाँ रहने वाले हर एक शख्स से नफरत सी हो गयी..... ख़ास कर के तुमसे.... तुम उनके बाटे से भी बढ़के प्रिंस की मौत की वजह जो थी..... तब उन्होंने अपनी Power's के इस्तेमाल से सब को बाँध दिया... उन Power's की वजह कोई भी अपने जादू का इस्तेमाल कर किये पता नहीं लगा सकता की प्रिंस कहाँ है.... यहाँ तक की प्रिंस की अपनी नानी बेगम साहिबा भी नहीं.... और सब से बड़ी बात ये की अगर किसी तरह तुमने प्रिंस का पता लगा भी लिया तब भी तुम उस से दूर hi रहोगी....

पारी : तुम कहना क्या छह रही हो मैं कुछ समझी नहीं....

शलाका : तुम ने प्रिंस का पता लगा भी लिया तब भी तुम प्रिंस को नहीं पा सकोगी..... तुम उसे देख पाओगी... छू पाओगी.... मगर वो नहीं.... वो तुम्हे सुन तो पायेगा मगर न hi छू पायेगा और न hi देख पायेगा..... जिस से तुम दोनों का न तो प्यार पूरा हो पायेगा और न hi मिलान.... जिस से दोनों hi सुरक्षित रहेंगे गुलिस्तां भी और प्रिंस भी....

पारी : kyaaaaaaaaaa.....? मगर क्यों....? क्यों किया बंगारू बाबा ने ऐसा....? क्यूँउउउउउउउनंनंन....?????

शलाका : इस क्यों का जवाब मैं तुम्हे दे चुकी हूँ....

पारी : जब प्रिंस को मैं न छू पाउंगी और न hi उसका प्यार पा सकुंगी तो फिर ऐसी ज़िन्दगी जी के मैं क्या करुँगी.... इस से तो अच्छा हो की मैं मर जाऊं....

शलाका : ये मुमकिन nahi....Tumhare अंडर जो प्रिंस की बेपनाह Power's हैं वो न तुमको खुद को मारने देगी और न hi किसी और को तुम्हे मारने देगी....

शलाका की बातें सुन के पारी का दिल पहात पड़ता है.... उसकी आँखों से hi नहीं बल्कि उसकी दिल से भी खून के आंसू बहने लगते हैं....

पारी : क्या मैं कभी भी अपनी जान प्रिंस का प्यार नहीं पा सकुंगी....?

शलाका : एक रास्ता है और वो क्या है वो सिर्फ और सिर्फ बंगारू बाबा को hi पता है.... जो की वो कभी नहीं बताएँगे.... वो ये नहीं चाहेंगे की एक बार फिर से प्रिंस की मौत हो....

पारी : नहीं इस बार नहीं.... इस बार मुझे और प्रिंस को मिलने से कोई नहीं रोक सकता.... बंगारू बाबा भी नहीं.... चाहे मुझे कुछ भी क्यों न करना पड़े मैं बंगारू बाबा से वो बात जान के hi रहूंगी....

शलाका : इसके लिए तुम्हे और 7 दिन इंतज़ार करना होगा.... 7 दिन बाद बंगारू बाबा की तपस्या पूरी हो जायेगी और वो उस गुफा से बहार आ जाएंगे.....

पारी : 7 दिन....

शलाका : हाँ 7 दिन....

इधर प्लेन लैंड करता है और प्रिंस दोनों के साथ एयरपोर्ट से बहार आता है.... वहां भी दोनों प्रिंस को ले के लड़ने से बाज़ नहीं आ रही हैं....

जैसे तैसे प्रिंस उन्हें समझा के उनकी सुलह करवाता है और वहां से सीधे घर की तरफ जा hi रहा होता है की तभी उसका मोबाइल बजने लगता है....

सैर : H....H.... Hello प्रिंस.... W....Wo...kya है की.... वो....

प्रिंस : क्या बात है सैर तुम इतनी परेशान क्यों हो.....?????

सैर प्रिंस को पूरी बात बताती है... जिसे सुन के प्रिंस को गुस्सा भी आता है और साथ hi बेहद हैरत भी होती है....

प्रिंस : मगर उसने ऐसा किया क्यों.....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 48

इधर प्लेन लैंड करता है और प्रिंस दोनों के साथ एयरपोर्ट से बहार आता है.... वहां भी दोनों प्रिंस को ले के लड़ने से बाज़ नहीं आ रही हैं....

जैसे तैसे प्रिंस उन्हें समझा के उनकी सुलह करवाता है और वहां से सीधे घर की तरफ जा hi रहा होता है की तभी उसका मोबाइल बजने लगता है....

सैर : H....H.... Hello प्रिंस.... W....Wo...kya है की.... वो....

प्रिंस : क्या बात है सैर तुम इतनी परेशान क्यों हो.....?????

सैर प्रिंस को पूरी बात बताती है... जिसे सुन के प्रिंस को गुस्सा भी आता है और साथ hi बेहद हैरत भी होती है....

प्रिंस : मगर उसने ऐसा किया क्यों.....?????

अब आगे....

सैर : ये तो मेरी भी समझ में नहीं आ रहा है..... तुम्हे जल्द hi कुछ करना होगा कहीं ऐसा न हो की उसकी एक गलती और सब बर्बाद हो जाए....

प्रिंस : घबराओ मत मेरे रहते कुछ गलत नहीं हो सकता.... तुम बस मुझे ये बताओ की इस वक़्त तुम सब हो कहाँ.....

सैर : साइट पे....

प्रिंस : ठीक है..... मैं अभी वहां आ रहा हूँ.....

प्रिंस जल्द hi वहां पहुँच जाता है....

प्रिंस : ये कमीना जग्गू मेरी ज़मीन पे क्या कर रहा है.....?

सलमान : इसे मैंने काम पे रखा था....

प्रिंस : मगर क्यों....?

सलमान : ये यहाँ सब को अच्छे से जानता है और यहाँ के लोग इसकी काफी इज़्ज़त भी करते हैं..... सब बिना कुछ कहे इसकी बात भी मानते हैं.... तो मुझे लगा की इसे यहाँ काम पे रखने से हम को फायदा होगा.... तो मैंने इसे यहाँ के मज़दूरों हेड बना दिया....

प्रिंस : अबे काम से काम पूछ तो लिया होता.... यहाँ किसे काम पे रखना है और किसे नहीं ये मैं तय करता हूँ.... देख तू ने क्या कर दिया.... तेरी एक गलती की वजह से यहाँ सब मेरे खिलाफ हो गए.... अब बता मैं क्या करूँ.... किसने कहा था अपना दिमाग चलने को.... तुझे मैंने यहाँ इस लिए रखा है ताकि काम आसान हो न की तू अपनी मर्ज़ी चला के आसान काम को मुश्किल बना दे....

सलमान : ये तुम मुझसे कैसे बात कर रहे हो....? मैं यहाँ का मैनेजर हूँ कोई राह चलता उठाईगिरा नहीं....

प्रिंस : तू क्या है वो मैं तुझे बाद में बताऊंगा.... पहले इस कमीने जग्गू को तो देख लून....

प्रिंस : जग्गू चुप चाप चला जा यहाँ से इस से पहले की मेरा दिमाग घूम जाए और मैं मार मार के तेरी हालत खराब कर दूँ....

जग्गू : तू और मुझे मारेगा.....

प्रिंस : हाँ ठीक वैसे hi जैसे मैंने तुझे उस दिन मारा था.... याद है या भूल गया....?

जग्गू : मुझे सब याद है.... उसे मैं कैसे भूल सकता हूँ.... तू बस देखता जा उस मार का मैं तुझसे कैसा बदला लेता हूँ..... जो बेइज़्ज़ती उस दिन तू ने मेरी की थी आज उस से कई ज़्यादा बेइज़्ज़ती मैं तेरी करूँगा.... उस वक़्त मैं तेरे ऑफिस में था.... मजबूर था.... मगर ये मेरा इलाका है....

जग्गू की बात सुन के प्रिंस के साथ साथ सैर और उसके दोस्तों को भी जग्गू पे बेहद गुस्सा आ जाता है.....

सैर गुस्से में : अबे इलाका कुत्तों का होता है.... शेर का नहीं.... और प्रिंस शेर है.... वो अकेला hi 100 के बराबर है....

जग्गू : चल आज देख लेते हैं की कुत्ता कौन है और शेर कौन....? अगर तेरे इस सो कॉल्ड शेर में इतना hi दम है तो इसे बोल की अकेले hi मेरे आदमियों से लाडे.... अगर ये जीत गया जो की नामुमकिन है.... मैं यहाँ से चला जाऊँगा.... और अगर ये हार गया तो इसे सब के सामने मेरे पैरों पे गिर के मुझसे माफ़ी मांगनी होगी और फिर सब के सामने मैं इस कमीनी रूही की इज़्ज़त....

अभी जग्गू ने इतना hi कहा था की तभी एक ज़ोरदार पंच उसके मुँह पे पड़ता है और वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है.... उसके जबड़ा पहात चूका है और उसके मुँह से बेतहाशा खून बह रहा है....

असल में जग्गू की बात सुन के गुस्से में प्रिंस का दिमाग फटने लगता है.... जग्गू ने उसकी बीवी के बारे में इतनी गलत बात जो की थी..... ये प्रिंस कैसे बर्दाश्त कर सकता था..... भले hi रूही प्रिंस के बजाये सलमान को चाहती है मगर फिलहाल वो प्रिंस की बीवी है.... जब प्रिंस किसी अनजान लड़की के बारे में कोई गलत बात बर्दाश्त नहीं कर सकता तो रूही तो उसकी बीवी है.... उसका गुस्सा होना लाज़मी है....

जग्गू की हालत देख उसके साथी गुस्से में प्रिंस को मारने के लिए आगे आते हैं.... प्रिंस पे हुम्ला होते देख उसके दोस्त और उसके सिक्योरिटी Guard's फ़ौरन आगे आने लगते हैं मगर प्रिंस उन्हें वहीँ रोक देता है....

एक साथ इतने लोगों को प्रिंस की तरफ की बढ़ते देख रूही घबरा जाती है.....

रूही : तुम सब यहाँ खड़े देख क्या रहे हो.... जा के प्रिंस की मदत करो....

सैम : उसकी ज़रुरत नहीं....

रूही : क्या ज़रुरत नहीं.... तुम्हे दिखाई नहीं देता.... वो 20 से 25 हैं और प्रिंस अकेला....

सैम : 20 हो या 50.... प्रिंस का कुछ नहीं बिगाड़ सकते.....

इस से पहले की रूही कुछ कहती सैर बीच में बोल पड़ती है....

सैर : ये 100 भी क्यों न हो.... प्रिंस का कुछ नहीं बिगाड़ सकते.... प्रिंस एक शेर है.... शेर..... और शेर हमेशा कुत्तों पे भरी होता है.... और इस वक़्त तो वो गुस्से में एक ज़ख़्मी शेर से भी ज़्यादा खतरनाक बन गया है.... अब इन सब को ऊपर वाला भी नहीं बचा सकता.... प्रिंस इनकी वो हालत करेगा की इन्हे डॉ भी ठीक नहीं कर पाएंगे.....

अभी रूही कुछ कहने hi वाली होती है की तभी सब प्रिंस पे हमला बोल देते है.... प्रिंस गुस्से में सब की जैम के धुलाई करने लगता है.... प्रिंस के हर एक पंच और किक पे सब की हड्डियां टूटने लगती हैं.... उनकी चीखों से पूरा एरिया गूंजने लगता है.... मार खा खा के सब की हालत खराब होने लगती है.... जल्द hi सब ज़मीन पे खून से लटपट बेहोश नज़र आने लगते हैं.....

रूही के साथ साथ वहां मौजूद सभी हैरत से कभी प्रिंस को देख रहे हैं तो कभी उन गुंडों को.....

सब को मारने के बाद भी प्रिंस का गुस्सा शांत नहीं हो रहा है.... गुस्से में वो सलमान के पास जाके उसका गिरबान पकड़ के एक पंच उसके पेट में मारता है.... सलमान उस वार से संभल नहीं पाटा वो उड़ के पीछे रूही के पास गिरता है.... प्रिंस आगे बढ़ के उसे एक और पंच मारने hi वाला होता है की तभी उसकी नज़र रूही पे पड़ती है... न चाहते हुए भी वो अपने गुस्से को दबा के सलमान को चोर देता है.... और बेहद गुस्से में अपने सिक्योरिटी Guard's से कहता है....

प्रिंस : मुझे 10 सेकंड में ये जगह पूरी साफ़ चाहिए.....

प्रिंस की बात सुन के उसके सिक्योरिटी Guard's उस जगह को ऐसे ठीक कर देते हैं है जैसे की वहां अभी कुछ हुआ hi नहीं.....

प्रिंस मुद के वहां मौजूद worker's की तरफ देखता है....

प्रिंस : मैं ये जान न चाहता हूँ की आप सब क्या चाहते हैं.... इन गुंडों का साथ देके स्ट्राइक करना या फिर यहाँ का काम शुरू करना....

सब के सब बुरी तरह से डरे हुए हैं किसी की हिम्मत नहीं हो रही की कुछ कहे.... किसी को कुछ न कहते देख प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी.... उन worker's के बीच में एक बुद्धा आदमी अहमद आगे आ के डरते हुए कहता है.....

अहमद : स्ट्राइक तो हम भी नहीं चाहते..... मगर दर की वजह से हम को वो करना पड़ा..... जितने पैसे हम कमाते हैं उनमे दो वक़्त की रोटी भी बड़ी मुश्किल से आ पाती है.... स्ट्राइक करके हम भूके नहीं मरना चाहते....

प्रिंस : जब तक मैं आप लोगों के साथ हूँ आप को किसी से डरने की ज़रुरत नहीं.... मुझे आप गैर नहीं बल्कि अपना समझिये.... अपने परिवार का हिस्सा..... आप के हर सुख दुःख में मैं आप के साथ हूँ.... आज के बाद से आप में से किसी को कोई तकलीफ नहीं होगी.... ये मेरा वादा है आप सब से... बस दिल लगा के काम करते जाइये....

तभी पीछे से एक लड़की "कोमल" आगे आके कहती है.....

कोमल : कहने और करने में बहुत फर्क होता है.... आप जैसे पैसे वाले लोग सिर्फ बातें बना के अपना काम निकालना hi जानते हैं.... किसी की मदत करना नहीं.... अपना कहने से कोई अपना नहीं हो जाता.... बल्कि उसे दिल से अपना बनाना होता है.... सुख में तो सभी साथ देते है... जो दुःख में साथ दे वो hi अपना होता है....

अहमद : कोमल ये तू क्या कह रही है....? तू होश में तो है.... ये हमारे मालिक हैं....

कोमल : जी नहीं ये सिर्फ उस कंपनी के मालिक हैं जिसमे आप काम करते हैं.... हमारा मालिक तो ऊपर वाला है..... जो सब को एक नज़र से देखता है..... अमीर हो चाहे गरीब.... वो किसी में कोई फर्क नहीं समझता.... वो इनकी तरह मतलब परास्त नहीं जो अपने फायदे के लिए यहाँ आया है न की हमारी मदत करने....

कोमल की बात सुन के वहां मौजूद सभी को उसपे बेहद गुस्सा आ जाता है ख़ास कर के सैर और रूही को....

सैर : तेरी हिम्मत कैसे हुई प्रिंस के बारे में कुछ भी कहने की.... तू जानती hi क्या है प्रिंस के बारे में.... रुक अभी बताती हूँ मैं तुझे.....

ये कह के सैर कोमल को मारने के लिए आगे बढ़ती है मगर प्रिंस उसे रोक देता है....

प्रिंस : आप सब अपने काम पे जाइये.... सैर और बाकी सब चलो यहाँ से....

कोमल : देखा बाबा मैंने कहा था न ये बस अपने मतलब के लिए यहाँ आया था.... अपना मतलब निकलते hi यहाँ से जा रहा है.... ये तो क्या कोई भी अमीर कभी किसी का अपना नहीं हो सकता.... चलिए बाबा ये अमीर लोग बस बातें बनाना जानते हैं....

अहमद : जो भी हो.... मगर तुझे ये सब नहीं कहना चाहिए था.... मुझे दर है की अगर वो तेरी बात का बुरा मान गए तो....

कोमल : तो क्या....? ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा यही न की वो आपको काम से निकाल देंगे.... एहि तो ये अमीर लोग हमेशा से करते आये हैं.... ज़बरदस्ती अपनी बात मनवा के हम गरीबों को अपनी उँगलियों पे नाचना.... और जो इनकी बात न माने उन्हें ये निकाल देते हैं....

कोमल की बात सुन के जहाँ सब को उस पे बेहद गुस्सा आ रहा है वहीँ प्रिंस के होंठों पे स्माइल आ जाती है.... जाते जाते वो पलट के कोमल गौर से के देखता है.... फिर मुस्कुराते हुए वहां से चल देता है....

प्रिंस को यूँ मुस्कुराते देख सैम से रहा नहीं जाता....

सैम : उस 2 कौड़ी की लड़की की इतनी हिम्मत की वो तेरे बारे में ऐसा कहे.... और तू है की उसकी बात का मुँह तोड़ जवाब देने के बजाये मुस्कुरा रहा है....

प्रिंस : उसने जो कहा वो ठीक hi कहा उसमे गलत क्या है.... अक्सर ऐसा hi तो होता आया है.... अमीर लोग हमेशा सिर्फ अपने मतलब के लिए hi गरीबों के पास जाते हैं और जब उनका मतलब निकल जाता है तब वो उन्हें पूछते तक नहीं.... मैंने भी तो वैसा hi किया.... मैंने कभी ये जान ने की कोशिश नहीं की की मेरी कंपनी में जो काम कर रहे हैं वो खुश हैं या नहीं.... उन्हें कोई तकलीफ तो नहीं..... आज जब कंपनी का काम रुका तब मैं यहाँ आया.... यहाँ भी मैंने सिर्फ अपने hi फायदे के बारे में सोचा न की उन लोगों के.... उस लड़की ने कुछ गलत नहीं कहा... बल्कि मुझे सच का आइना दिखाया.... मुझे तो उसका शुक्रगुज़ार होना चाहिए.... और तू कह रहा है की मैं उसे मुँह तोड़ जवाब दूँ.... जवाब तो मैं उसे दूंगा ऐसा की उसकी बोलती बंद हो जायेगी.... कल उसे उसका जवाब मिल जाएगा....

फिर मैक्स से उसकी जन्मकुंडली निकालने का कह के घर की तरफ निकल जाता है....

रूही बस उसे देखती रह जाती है... वो उस से बात करना छह रही थी मगर प्रिंस ने उसकी तरफ देखा तक नहीं.... उसे ऐसे इग्नोर कर दिया जैसे वो वहां मौजूद hi नहीं....

रात खाने के बाद के वक़्त भी प्रिंस ने न तो रूही की तरफ देखा और न hi उस से बात की.... इस बात से रूही को काफी तकलीफ हुई.... वो उदास मन से अपने रूम की तरफ चल देती है.... रूम में जाते hi बीएड को देख उसे बड़ी हैरत सी होती है.... बीएड के बीच में ऊपर से नीचे तक तकिये लगे हुए हैं जो बीएड को दो हिस्सों में बानी रहे हैं.... एक हिस्से पे प्रिंस लेता हुआ है और दूसरी जगह रूही के लिए खली है..... रूही प्रिंस से कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस का मोबाइल बजने लगता है....

मोबाइल पे डिस्प्ले हो रहे नंबर को देख जहाँ प्रिंस के होंठों पे स्माइल आ जाती है वहीँ रूही का चेहरा गुस्से से लाल हो जाता है....

रूही : इस कमीनी को भी चैन नहीं है.... जाने किस जनम का बदला ले रही है.... जब भी मैं अपनी जान के करीब होती हूँ इस का कॉल आ जाता है.... जिस दिन ये मेरे सामने आयी वो दिन उसकी ज़िन्दगी का आखरी दिन होगा.... धीरे धीरे प्रिंस मुझे दूर होता जा रहा है... इस में जितनी गलती उस कमीनी है उस से ज़्यादा मेरी है.... मैंने खुद अपने हाथों से अपनी जान को खुद से दूर कर दिया.... अब छह के भी मैं उसके करीब नहीं जा पा रही हूँ.... और आज जो हुआ उस के बाद से प्रिंस मुझ से नाराज़ है.... मेरी hi वजह से उसने सलमान को जॉब पे रखा और उसी की वजह से सब हुआ.... गलती मेरी hi है... न मैं प्रिंस को जलने के लिए सलमान से प्यार होने की बात कहती और न hi ये सब हुआ होता.... प्रिंस मुझसे अपने प्यार का इज़हार कर चूका होता और मैं उसकी बाहों में समां के उस प्यार कर रही होती.... मगर मेरी फूटी किस्मत.... प्रिंस मेरे पास है.... मैं उसके साथ एक hi बीएड पे हूँ मगर न तो मैं उसकी बाहों में हूँ और न hi वो मुझपे अपना प्यार लुटा रहा है.... बल्कि एक बीएड पे होने के बावजूद भी हम दोनों एक दूसरे से अलग हैं.... और वो मुझे प्यार करने के बजाये उस कमीनी अवनि से बात कर रहा है.... मुझसे अच्छी किस्मत तो उस कमीनी की है.... जो उसके पास न होक भी उसके पास hi है... और मैं अपनी जान से दूर.....

प्रिंस अवनि से बात करते करते बालकनी की तरफ चल देता है और रूही अपनी किस्मत को कोसते हुए रोटी रोटी कब सो जाती है उसे पता hi नहीं चलता....

अगली सुबह....

दरवाज़ा पे दस्तक होने की वजह से कोमल की आँख खुल जाती है.... वो घडी में टाइम देखती है.... सुबह के 7 बज रहे हैं....

कोमल : ये कौन आ गया सुबह सुबह नींद खराब करने....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 49

रूही : इस कमीनी को भी चैन नहीं है.... जाने किस जनम का बदला ले रही है.... जब भी मैं अपनी जान के करीब होती हूँ इस का कॉल आ जाता है.... जिस दिन ये मेरे सामने आयी वो दिन उसकी ज़िन्दगी का आखरी दिन होगा....

प्रिंस अवनि से बात करते करते बालकनी की तरफ चल देता है और रूही अपनी किस्मत को कोसते हुए रोटी रोटी कब सो जाती है उसे पता hi नहीं चलता....

अगली सुबह....

दरवाज़ा पे दस्तक होने की वजह से कोमल की आँख खुल जाती है.... वो घडी में टाइम देखती है.... सुबह के 7 बज रहे हैं....

कोमल : ये कौन आ गया सुबह सुबह नींद खराब करने....??????

अब आगे....

कोमल आँखें मलते हुए दरवाज़ा खोलती है.... सामने खड़े शख्स को देख के कोमल चौंक जाती है....

अहमद : कौन है कोमल.....?

कोमल : .......

कोमल को कुछ न कहते देख अहमद दोबारा पूछते हुए दरवाज़े के पास आता है....

अहमद : कौन आया है....?

कोमल : जी वो... वो....

अहमद : ये वो वो क्या कर रही है बताती क्यों नहीं कौन आया है.... ये कहते कहते अहमद दरवाज़े का पैट खोल के बहार देखता है.... बहार खड़े शख्स को देख वो भी चौंक जाता है....

अहमद : अरे मालिक आप....!!!! इतनी सुबह सुबह आप यहाँ....? कोई काम था तो मुझे बुला लेते.... मैं आ जाता....

जी हाँ ये और कोई नहीं बल्कि प्रिंस है....

प्रिंस : बिना काम के मैं यहाँ नहीं आ सकता क्या...?

अहमद : नहीं मालिक मेरे कहने का वो मतलब नहीं था.... वो क्या है की ये जगह आप के लायक नहीं है न.... ये हम गरीबों की बस्ती है आप का यहाँ आना ठीक नहीं....

प्रिंस : मैं तो इसे अपना घर समझ के आया था.... मुझे नहीं पता था की आप को मेरा यहाँ आना इतना बुरा लगेगा.... तो मैं नहीं आता....

प्रिंस के मुँह से अपना घर सुन के कोमल चौंक जाती है....

अहमद : नहीं मालिक आप गलत समझ रहे हैं.... मेरे कहने का वो मतलब नहीं था....

प्रिंस : नहीं मुझे पता है... आपका यही मतलब था... अगर ऐसा नहीं है तो फिर आपने मुझे अभी तक अंडर आने को क्यों नहीं कहा....? बताइये....

अहमद : वो मैं वो.... कहने hi वाला था.... आइये न....

प्रिंस घर के अंडर आ जाता है.... कोमल बस हैरत से उसे hi देख रही है.... उसे यकीन hi नहीं हो रहा की प्रिंस उसके घर आया है....

अहमद : आइये बैठिये.... और बताइये यहाँ कैसे आना हुआ....?

प्रिंस : जी वो मैं आपके साथ चाय नाश्ता करने आया हूँ.... नाश्ता नहीं कराएँगे क्या....?

अहमद : हाँ हाँ क्यों नहीं....? कोमल.... कोमल....

कोमल है की उसे होश hi नहीं..... अहमद की आवाज़ सुन के उसकी तंत्र टूट टी है....

कोमल : ह.... Ha....an... बाबा....

अहमद : कोमल वहां दरवाज़े के पास क्या कर रही है.... देख हमारे घर मालिक आये हैं... जा जल्दी से चाय नाश्ते का इंतज़ाम कर....

कोमल हाँ कह के किचन की तरफ चली जाती है..... फिर कुछ देर में अहमद को आवाज़ देती है....

कोमल : बाबा ज़रा इधर आना तो....

अहमद : क्या हुआ....?

कोमल : बाबा घर में न दूध है और न hi नाश्ते के लिए कुछ.... आप दूकान से दूध और कुछ नाश्ते का सामान ला दीजिये जब तक मैं बाकी का काम करती हूँ....

अहमद : ठीक है....

ये कह के अहमद बहार जाने hi वाला होता है की तभी कोमल उसे रोक के कहती है....

कोमल : बाबा आपके पास पैसे हैं नहीं और दुकानदार उधारी देगा नहीं.... उसका 3 महीने का बिल बाकी है....

अहमद : हाँ वो तो है.... तो अब क्या करें....? मालिक पहली बार घर आये हैं और नाश्ता करना चाहते हैं... उन्हें ना भी तो नहीं कह सकता... कुछ न कुछ तो करना hi होगा.... मगर समझ नहीं आ रहा है की क्या करूँ....?

कोमल अपने कान की बाली उतार के अहमद को दे के कहती है.... इसे गिरवी रख के नाश्ते का सामान ले आइये....

अहमद : नहीं बीटा.... ये तू क्या कह रही है.... ये तेरी माँ की निशानी है.... ये तो तुझे अपनी जान से भी प्यारी है.... और तू इसे बेचने की बात कर रही है....

कोमल : घर आये मेहमान को ऐसे वापिस भेजना भी तो ठीक नहीं.... रही बात बाली की तो मैंने उसे गिरवी रखने की बात की ना की बेचने की.... जब आपकी सैलरी मिलेगी तब हम उसे चुरा लेंगे.... अब आप जल्दी से जा के नाश्ते का सामान ले आइये....

अहमद : वो तो ठीक है मगर अभी सुबह के 7 बजे हैं.... और सुनार की दूकान 10 बजे से पहले नहीं खुलेगी..... अब क्या करें.....?

कोमल : हे उपरवाले हमारी मदत कर..... कुछ भी कर के हम को घर आये मेहमान के आगे बेइज़्ज़त होने से बचा ले....

बहार बैठा प्रिंस उनकी बातें सुन रहा था..... दोनों बाप बेटी की बेबसी प्रिंस से सही नहीं जाती वो फ़ौरन अहमद को आवाज़ दे के बहार बुलाता है.....

प्रिंस : बाबा....

अहमद : हाँ मालिक....

प्रिंस : बाबा... मैं आपको बाबा कह सकता हूँ न....

अहमद : हाँ हाँ क्यों नहीं... मगर आप मेरे मालिक हैं....

प्रिंस : मैं आपका नहीं बल्कि उस कंपनी का मालिक हूँ.... जहाँ आप काम करते हैं.... वहां मैं आपका बॉस हूँ... यहाँ घर पे आप मेरे बाबा हैं.... बोलिये हैं की नहीं....

अहमद : हाँ.... ठीक है... आप को ठीक लगे तो आप कह सकते हैं....

प्रिंस : हाँ तो बाबा मैं आपसे असल बात कहना तो भूल hi गया जिसके लिए मैं ख़ास यहाँ आया हूँ....

अहमद : ऐसी क्या बात है....? कहीं आप कोमल की बात तो नहीं करने आये....

प्रिंस : हाँ बात उसी की है....

अहमद : वो नादान है.... उसने जो कहा वो जान के नहीं कहा.... उसकी बात आपको बुरी लगी हो तो मैं आपसे माफ़ी मांगता हूँ....

ये कह के अहमद प्रिंस से माफ़ी मांगने लगता है....

प्रिंस : ये आप क्या कर रहे हैं बाबा.... आप मुझ से बड़े हैं और बड़े माफ़ी नहीं माँगा करते..... रही बात कोमल की तो उसने कुछ गलत नहीं कहा.... जो सच है वो hi कहा.... उसने मुझे इस बात का एहसास दिलाया की मैंने जो किया वो सही नहीं था... मुझे अपने साथ काम करने वालों को यूँ अनदेखा नहीं करना चाहिए... एक बॉस होने के नाते मेरा ये फ़र्ज़ है की मैं आप सब के सुख दुःख का ख़याल रखूं.... आप सब की हर तकलीफ को दूर करूँ जो मैंने नहीं किया.... मेरी कंपनी में काम करके भी अगर कोई भूका रहता है तो मेरे लिए इस से बड़ी शर्म की बात और क्या हो सकती है... इसी शर्मिंदगी को दूर करने के लिए मैं यहाँ आया हूँ....

अहमद : मैं आपका मतलब नहीं समझा....

प्रिंस : मेरे कहने का मतलब ये है की जो भी शख्स मेरी कंपनी में काम करता है उसे उसके काम की पूरी कीमत मिलनी chahiye....na की आधी... ये उसका हक़ है.... जो की नहीं हो रहा है.... इसीलिए मैं यहाँ आया हूँ.... आप सब को आपका हक़ देने.... आज से आपकी सैलरी 15000/- नहीं बल्कि 35000/- है.... आप के साथ साथ मैंने बाकी सब की सैलरी भी बढ़ा दी है.....

प्रिंस की बात सुन के अहमद के साथ साथ कोमल भी चौंक जाती है....

अहमद : ये आप क्या कह रहे हैं.... 35000/- ये तो बहुत ज़्यादा है....

प्रिंस : ज़्यादा नहीं बल्कि काम है....

फिर अपनी जेब से एक लिफाफा निकाल के अहमद को दे के कहता है....

प्रिंस : ये लीजिये 2 महीने की सैलरी एडवांस....

प्रिंस की बात सुन के अहमद की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता.... वो ख़ुशी से उछाल पड़ता है और कोमल को आवाज़ दे के उसे ख़ुशी का इज़हार करता है....

कोमल : वो सब तो ठीक है मगर मुझे एक बात समझ नहीं आ रही.... ये अचानक से हम पे इतनी मेहेरबानी करने की वजह क्या है....? सैलरी बढ़ाना... 2 महीने की सैलरी एडवांस देना.... ज़रूर कोई तो बात है.... मुझे यकीन नहीं होता.... इतना अच्छा कोई कैसे हो सकता है....?

अहमद : कोमल ये तू कैसी बात कर रही है....?

कोमल : वो जो मैं इस वक़्त महसूस कर रही हूँ.....

प्रिंस : यार तुम्हारा मुझे समझ नहीं आता.... तुम्हारी प्रॉब्लम क्या है.... सैलरी काम थी तो तुम्हे तकलीफ थी अब जब बढ़ गयी है तब भी तुम्हे तकलीफ हो रही है....

कोमल : मुझे तकलीफ नहीं हो रही.... बल्कि ये बात समझ नहीं आ रही की रातो रात ऐसा क्या हुआ जो आप ने बाबा की सैलरी ज़रुरत से ज़्यादा बढ़ा दी.... इतना hi नहीं उसे खुद देने यहाँ हमारी गरीब बस्ती में आये..... और तो और 2 महीने की सैलरी एडवांस भी दी.... इस मेहेरबानी की कोई तो वजह ज़रूर होगी.... वर्ण आज के मतलबी ज़माने में बिना मतलब के कोई किसी पे इतना मेहरबान नहीं होता....

प्रिंस : सही कहा तुमने ये सब करने के पीछे मेरा मतलब है.... और मैं मतलबी भी हूँ.....

कोमल : देखा बाबा मैंने कहा था न ये किसी मतलब से यहाँ आये हैं.....

प्रिंस : हाँ और वो मतलब ये है की मैं जिसे अपना कहता हूँ उसे दिल से अपना मानता हूँ और मेरे रहते मेरे अपने तकलीफ में रहे ये मैं कैसे बर्दाश्त कर सकता हूँ.... इसी लिए मैं यहाँ चला आया ताकि मैं मेरे अपनों की तकलीफ दूर कर सकूँ.... अब से यहाँ किसी को कोई तकलीफ नहीं होगी.... सब ख़ुशी ख़ुशी रहेंगे एक परिवार की तरह....

कोमल : आप से किसने कहा की हम तकलीफ में हैं....?

प्रिंस : अच्छा अगर तकलीफ में नहीं हो तो फिर क्यों मेरे लिए चाय नाश्ता का इंतज़ाम करने के लिए तुम अपनी माँ की निशानी जो तुम्हे जान से भी प्यारी है उसे गिरवी रखने तैयार हो गयी....

कोमल : आप हमारी बातें सुन रहे थे.... आपको शर्म नहीं आयी चुप के हमारी बातें सुनते हुए....

प्रिंस : जी नहीं मैं तुम्हारी बातें नहीं सुन रहा था....

कोमल : तो फिर आपको ये सब कैसे पता चला....?

प्रिंस : वो ऐसे की अपनों की बातें अपनों को बिना बताये भी पता चल जाती हैं....

कोमल : अच्छा मगर.....

प्रिंस : अब बस भी कर यार अब क्या जान लेगी.... मान भी जा की ये सब मैं किसी गलत मतलब से नहीं कर रहा.... लेकिन अगर तुम्हे अब भी मुझपे यकीन नहीं तो मैं अभी यहाँ से चला जाता हूँ....

ये कह के प्रिंस उठ के वहां से जाने लगता है.... कोमल फ़ौरन उसे रोक के कहती है.....

कोमल : रुकिए.... कहाँ जा रहे हैं....? अपने घर से भी कोई बिना नाश्ता किये जाता है क्या.....?

कोमल की बात सुन प्रिंस वहीँ रुक जाता है और मुद के उसकी तरफ देख के उस से पूछता है....

प्रिंस : क्या वाकई में....? क्या ये सब तुम दिल से कह रही हो....?

कोमल : हाँ.... मैं दिल से चाहती हूँ की आप नाश्ता कर के जाएँ.... और सब से ज़रूरी बात ये की मैंने जो भी कुछ आप से कहा उसके लिए मैं दिल से आपसे माफ़ी मांगती हूँ.... वो क्या है की गरीबों का कोई अपना नहीं होता है... और दुनिया वालों से इतने ज़ख्म खाये हैं की अब किसी पे जल्दी भरोसा नहीं आता.... आप इतने अमीर जब हम गरीब के घर आये तो यकीन नहीं हुआ की आप बिना मलतब के यहाँ आये हैं... इतना hi नहीं आप यहाँ हमारी मदत करने आये हैं....

प्रिंस : यार एक पल में तुम ने मुझे बेगाना बना दिया.... मैं यहाँ तुम्हारी मदत करने नहीं बल्कि तुम्हे तुम्हारा हक़ देने आया हूँ....

कोमल : मेरा हक़... मैं कुछ समझी नहीं....

प्रिंस : वो भी समझा दूंगा पहले जल्दी से मुझे नाश्ता कराओ... वो क्या है की बड़ी ज़ोर की भूक लगी है....

कोमल : बाबा आप जल्दी से नाश्ते का सामान ले आइये....

प्रिंस : बाबा मिठाई ज़रूर लेते आइयेगा....

कोमल : मिठाई वो किस लिए....?

प्रिंस : खुशखबरी बिना मिठाई के नहीं सुनाई जाती....

कोमल : खुशखबरी....!!! कैसी खुशखबरी....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 50

कोमल : मेरा हक़... मैं कुछ समझी नहीं....

प्रिंस : वो भी समझा दूंगा पहले जल्दी से मुझे नाश्ता कराओ... वो क्या है की बड़ी ज़ोर की भूक लगी है....

कोमल : बाबा आप जल्दी से नाश्ते का सामान ले आइये....

प्रिंस : बाबा मिठाई ज़रूर लेते आइयेगा....

कोमल : मिठाई वो किस लिए....?

प्रिंस : खुशखबरी बिना मिठाई के नहीं सुनाई जाती....

कोमल : खुशखबरी....!!! कैसी खुशखबरी....?????

अब आगे.....

प्रिंस : वो तो मिठाई खाने के बाद hi बताऊंगा....

कोमल : ऐसी क्या ख़ास बात है....?

प्रिंस : जल्द hi पता चल जाएगा.... ये सब चोरो और मुझे अपना घर दिखाओ....

कोमल : मेरा घर....

प्रिंस : हाँ....

कोमल : यहाँ देखने जैसा कुछ है hi नहीं.... एक रूम है उस से लगा हुआ किचन और पीछे टॉयलेट बाथरूम....

प्रिंस : चलो वो hi दिखा दो....

कोमल : जो है यही है देख लो....

प्रिंस इधर उधर घूम के हर तरफ देखता है..... वो हर एक चीज़ को बड़े गौर से देखने लगता है.... छोटे से घर में ज़्यादा कुछ तो नहीं है मगर जो भी है उसे बारे सलीके से सजाया हुआ है.....

प्रिंस : वाओ यार तुम्हारा घर तो बेहद शानदार है.... ऐसा घर मैंने आज तक नहीं देखा....

प्रिंस की बात सुन के कोमल को थोड़ा अजीब लगता है.... साथ hi उसे गुस्सा भी आने लगता है....

कोमल : आपका यूँ मेरे इस मामूली से घर को शानदार कहना क्या अच्छा है....

प्रिंस : किसने कहा ये घर मामूली है.... ये बेहद शानदार है... बस नज़र का फेर है... तुम्हारी नज़र में जो मामूली है मेरी नज़र वो शानदार है.... इस घर में ज़रुरत की वो हर एक चीज़ है जो किसी इंसान को जीने के लिए काफी है.... यहाँ औरों के घर की तरह न बेजान सा सजावट का को सामान है और न hi कोई दिखावा करने लायक चीज़.... यहाँ जीते जागते इंसान रहते हैं.... जिनका दिल साफ़ और पाक है.... जो किसी हीरे से काम नहीं.... जिनकी चमक से ये घर रोशन है.... ऐसे घर को शानदार नहीं कहेंगे तो और क्या कहेंगे....

ये कह के प्रिंस कोमल की तरफ देखता है....

प्रिंस : अब खुद को hi देख लो.... तुम बिलकुल अपने नाम की तरह hi हो.... कोमल सी.... प्यारी सी.... तुम्हारे दिल में जितना प्यार है उतना hi गुस्सा भी.... तुम्हारा जिस्म सोने का है और दिल हीरे का.... इन सादे कपड़ों में भी तुम किसी पारी से काम नहीं लग रही....

फिर जैसे hi प्रिंस की नज़र कोमल के पेवंद लगे हुए फटे हुए कपड़ों पे जाती है... उसकी आँखों से आंसू चालक जाते हैं.... जिसे वो कोमल से छुपा के पॉच लेता है....

मगर उसे ये नहीं पता की कोमल ने उसे अपने फटे हुए कपड़ों को देखते देख लिया और ये भी की उसे देख के प्रिंस की आँखों में आंसू आ गए.... कोमल को न तो प्रिंस की बात समझ आती है और न hi ये की उसके फटे कपड़ों को देख आखिर प्रिंस की आँखों से आंसू क्यों चालक पड़े.... वो हैरत से प्रिंस को देखने लगती है.... और उसे समझने की कोशिश करने लगती है....

प्रिंस : ऐसे क्या देख रही हो.....?

कोमल बिना कुछ कहे बस उसे देखती रहती है.... उसे कुछ न कहते देख प्रिंस एक बार फिर से उस से पूछता है....

प्रिंस : मैंने पुछा ऐसे क्या देख रही हो.....

कोमल : देख नहीं रही बल्कि तुम्हे समझने की कोशिश कर रही हूँ....

प्रिंस : मैं कुछ समझा नहीं....

कोमल : मैं भी तुम्हे नहीं समझ पा रही हूँ.... जितना तुम्हे समझने की कोशिश कर रही हूँ..... उतनी hi उलझती जा रही हूँ....

कोमल की बात सुन के प्रिंस खामोश खड़े बस उसे देखता रहता है.... कोमल भी बिना कुछ कहे बस उसे देखने लगती है....

कुछ देर बाद अहमद के आने से दोनों की तंत्र टूट टी है.... कोमल बिना कुछ कहे नाश्ते का सामान ले के किचन की तरफ चली जाती है.... और कुछ देर में नाश्ता रेडी हो जाता है....

प्रिंस को नाश्ता इतना टेस्टी लगता है की वो मज़े ले के सब साफ़ कर देता है... और अपनी उंगलियां चाट ते हुए उसकी बहुत तारीफ करता है.... प्रिंस के मुँह से अपनी तारीफ सुन के कोमल बेहद खुश हो जाती है....

प्रिंस एक तरफ जा के किसी को कॉल करता है और फिर वापिस आ के चेयर पे बैठ जाता है.....

अहमद : मालिक आप किसी खुशखबरी की बात कर रहे थे....?

प्रिंस : हाँ.... खुशखबरी तो है.... अगर सुन नई है तो पहले मिठाई खिलाइये....

कोमल : पहले पता तो चले की वाकई में कोई खुशखबरी है या फिर आप बस यूँ hi मिठाई खाने के लिए ऐसा कह रहे हैं....

प्रिंस : यार सच में.... तुम भी न.... हर बात पे शक करती हो.... तुम्हे मेरी किसी बात पे भरोसा नहीं है... है न....

कोमल : नहीं ऐसी बात नहीं है.... वो क्या है की कभी कोई ऐसा मिला hi नहीं जिस पे भरोसा किया जा सके.... अब तक जो भी मिले वो मतलब के यार mile....jinhe सिर्फ और सिर्फ धोका देना hi आता है....

प्रिंस : फ़िक्र न करो.... मैं औरो जैसा नहीं.... प्रिंस को न झूट बोलना आता है और न hi धोका देना.... मैं जो भी कहता हूँ सच कहता हूँ.... और जो करता हूँ वो दिल से करता हूँ.... अगर मेरी मर्ज़ी न हो तो ऊपर वाला भी मुझसे कुछ नहीं करवा सकता.... और रही बात खुशखबरी की तो वो जल्द hi आती होगी....

कोमल : आती होगी मतलब....!!!! तुम्हारी ये खुशखबरी कोई लड़की है क्या जो आएगी....?

प्रिंस : थोड़ा सब्र रखो.... उसके आते hi सब पता चल जाएगा....

यहाँ प्रिंस के घर में जब रूही की आँख खुलती है तब प्रिंस को बीएड पे न पा के वो चौंक जाती है.... वो बाथरूम में चेक करती है.... प्रिंस वहां भी नहीं है.... वो पूरे घर में चेक करती है... मगर प्रिंस उसे कहीं नहीं मिलता..... ये इतनी सुबह सुबह प्रिंस कहाँ चला गया.... वो फ़ौरन प्रिंस को कॉल करती है.... मगर प्रिंस उसका कॉल रइवे नहीं करता..... कहीं उसे कुछ हो तो नहीं गया..... ये सोच के वो काफी परेशान हो जाती है.... वो बार बार प्रिंस को कॉल कर रही है... मगर वो है की उसका कॉल रइवे hi नहीं कर रहा.... रूही को समझ नहीं आ रहा की वो करे तो क्या करे....? कैसे पता लगाए की इस वक़्त प्रिंस है कहाँ....? वो ठीक तो है न.....

कोमल : आप का फ़ोन बज रहा है....

प्रिंस : हाँ पता है.... ऐसे hi है... कोई ख़ास नहीं....

कोमल : बार बार बज रहा है.... आप उठा क्यों नहीं लेते.... हो सकता है कोई बहुत ज़रूरी बात हो तब hi तो बार बार कॉल आ रही है....

अहमद : हाँ मालिक कोमल ठीक कह रही है.... आप कॉल उठा लीजिये.... हो सकता है कोई ज़रूरी बात हो....

न चाहते हुए भी प्रिंस उनसे थोड़ा दूर हैट के कॉल रइवे करता है.... उसके कॉल उठाते hi रूही सवालों की झड़ी लगा देती है....

रूही : कहाँ हो....? बिना बताये कहाँ चले गए थे....? तुम ठीक तो हो न....? तुम्हे कुछ हुआ तो नहीं न....? ऐसा भी कोई करता है क्या....? और न जाने क्या क्या....?

प्रिंस ख़ामोशी से उसके सवालों को सुनता रहता है..... उसे कुछ न कहते देख रूही एक और सवाल करती है....

रूही : तुम चुप क्यों हो कुछ बोलते क्यों नहीं....?

प्रिंस : तुम कुछ बोलने दो तब न बोलूंगा.... कॉल रइवे करते hi तुम्हारे सवाल शुरू हो गए....

रूही : वो मैं वो... हाँ वो सुबह सुबह तुम्हे घर में न पा के मैं परेशान हो गयी थी.... वैसे तुम हो कहाँ....?

प्रिंस : एक बेहद ज़रूरी काम है उस hi पूरा करने आया हूँ....

रूही : बता के भी तो जा सकते थे न....

प्रिंस : बताया उसे जाता है जो अपना हो....

रूही : हाँ तो मैं कौनसी गैर हूँ.... मैं तो तुम्हारी बीवी हूँ.... अगर तुम्हे याद हो तो....

प्रिंस : मुझे तो याद है मगर तुम शायद ये भूल गयी हो की तुम्हारा एक बॉयफ्रेंड है जिसे तुम पिछले 3 साल से प्यार करती आ रही हो.... तुम्हे मेरी नहीं बल्कि उसकी फ़िक्र करनी चाहिए....

प्रिंस के मुँह से बॉयफ्रेंड और प्यार वाली बात सुन के रूही खामोश हो जाती है.... वो कुछ बोल hi नहीं पाती....

प्रिंस : क्या हुआ अब खामोश क्यों हो गयी....? कहीं तुम्हारा बॉयफ्रेंड तो नहीं आ गया....?

रूही : नहीं वो.... हाँ... वो.... नहीं....

प्रिंस : अच्छा अच्छा समझ गया.... वो वहीँ है तुम्हारे पास.... हाँ यार ये भी ठीक है.... वो तुम्हारा 3 साल पुराण प्यार है और मैं ठहरा ज़बरदस्ती का पति.... उस प्यार के सामने हमारा ये रिश्ता बेमाना सा है.... जिसे तुम ज़बरदस्ती निभा रही हो..... जानता हूँ तुम्हे कितनी तकलीफ होती होगी ये सब करने में.... ठीक वैसी hi जैसे मुझे ये जान के हुई की जिस लड़की से मेरा निकाह हुआ वो किसी और को चाहती है.... उसकी ज़िन्दगी कोई और है मैं नहीं... मगर अब किया भी क्या जा सकता है.... जो हक़ीक़त है उसे हम बदल भी तो नहीं सकते.... भले hi तुम्हारा निकाह मुझसे हो गया है मगर प्यार तो तुम उसी से करती हो.... वो क्या नाम है उसका... ममममम... हाँ सलमान.... तुम उस से बात करो मैं अपना काम ख़तम कर के तुम्हे सीधे ऑफिस में आ के मिलता हूँ....

प्रिंस की बात सुन के रूही खामोश सी हो जाती है.... वो कुछ कह hi नहीं पाती.... प्रिंस की बातों से उसे बड़ी तकलीफ सी होती है... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं....

तभी रूही के दिल से आवाज़ आती है.... यही सही वक़्त है रूही.... बता दे उसे की तू सलमान को नहीं बल्कि उसे चाहती है.... दिल की गहराईयों से चाहती है... वो तेरी जान है.... अगर अभी नहीं कहा तो फिर कभी नहीं कह पाएगी.... उस कमीनी अवनि की वजह से प्रिंस पहले hi तुझ से दूर है कहीं ऐसा न हो की इस कमीने सलमान की वजह से प्रिंस पूरी तरह से तुझसे दूर हो जाए..... तुझे कहना hi होगा.... आग बल्कि अभी तुझे उसे अपने दिल की बात बतानी hi होगी.... सब सच सच बता दे उसे की उसे जलने के लिए तू ने सलमान से प्यार वाली झूट बात उसे बताई थी.... बता दे रूही बता दे.... कह दे अपने दिल की बात.... इस से पहले की बहुत देर हो जाए.....

ये सोच के वो कुछ कहने hi वाली होती है की तभी वहां सलमान आ जाता है और वो जो कहता है उसे सुन के रूही बेहद घबरा जाती है.....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 51

प्रिंस की बात सुन के रूही खामोश सी हो जाती है.... वो कुछ कह hi नहीं पाती.... प्रिंस की बातों से उसे बड़ी तकलीफ सी होती है... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं....

तभी रूही के दिल से आवाज़ आती है.... यही सही वक़्त है रूही.... बता दे उसे की तू सलमान को नहीं बल्कि उसे चाहती है.... दिल की गहराईयों से चाहती है... वो तेरी जान है.... अगर अभी नहीं कहा तो फिर कभी नहीं कह पाएगी.... उस कमीनी अवनि की वजह से प्रिंस पहले hi तुझ से दूर है कहीं ऐसा न हो की इस कमीने सलमान की वजह से प्रिंस पूरी तरह से तुझसे दूर हो जाए..... तुझे कहना hi होगा.... आग बल्कि अभी तुझे उसे अपने दिल की बात बतानी hi होगी.... सब सच सच बता दे उसे की उसे जलने के लिए तू ने सलमान से प्यार वाली झूट बात उसे बताई थी.... बता दे रूही बता दे.... कह दे अपने दिल की बात.... इस से पहले की बहुत देर हो जाए.....

ये सोच के वो कुछ कहने hi वाली होती है की तभी वहां सलमान आ जाता है और वो जो कहता है उसे सुन के रूही बेहद घबरा जाती है.....??????

अब आगे.....

कुछ देर बाद कोमल के घर के दरवाज़े पे दस्तक होती है....

प्रिंस : लो आ गयी खुशखबरी.....

कोमल : मैं भी तो देखूं आखिर वो कौन है जिसकी आप इतनी देर से बात कर रहे हैं....

ये कह के दोनों दरवाज़े की तरफ चल देते हैं.... दरवाज़ा खोलते hi बहार खड़े शख्स को देख कोमल की हंसी छूट जाती है.....

कोमल : ये आपकी खुशखबरी है.... ये काला मोटा आदमी.... हहहहहहहहह.....

आदमी : काला हूँ तो क्या मैं भी इंसान हूँ... काम से काम इस तरह मेरा मज़ाक तो न बनाओ.... सर ये लीजिये पैकेट जो आपने मंगवाया था.....

प्रिंस को पैकेट दे के वो चला जाता है....

उसके जाने के बाद प्रिंस नाराज़गी भरी नज़रों से कोमल को देख के कहता है....

प्रिंस : इतना भी बुरा नहीं है वो.... जितना तुम उसे कह रही थी....

कोमल : सच में.... मगर मैंने तो वो hi कहा जो देखा.... वैसे आपकी खुशखबरी थी बड़ी लाजवाब.....

ये कह के कोमल एक बार फिर से हसने लगती है....

हहहहहहहह....

प्रिंस : अच्छा अच्छा अब बस भी करो... ऐसा भी कोई करता है क्या.... माना की वो वैसा hi है जैसा तुमने कहा मगर वो सब उसके मुँह पे कहने की क्या ज़रुरत थी.... उसे कितना बुरा लगा होगा....

कोमल : सॉरी यार वो मैं क्या करती.... आपके मुँह से खुशखबरी खुशखबरी कह के उसे देखे बिना मुझसे रहा नहीं गया और जब देखा तो हांसे बिना रहा नहीं गया.... सॉरी.... गलती हो गयी....

प्रिंस : माफ़ी मुझसे नहीं उस से माँगना....

कोमल : दोबारा जब वो मुझे मिलेगा तब मांग लुंगी.... अब चलिए चल के आपको मिठाई खिलाती हूँ.... वाकई में आपकी खुशखबरी बेहद लाजवाब थी.... हहहहहहहह....

अमजद : क्या बात है कोमल तू इतना क्यों हंस रही है....?

कोमल : वो क्या है बाबा की वो बहार वो खुशखबरी.... हहहहहहह....

प्रिंस : अब बस भी कर यार अब क्या जान लेगी....

बड़ी मुश्किल से कोमल अपनी हंसी रोकती है और प्रिंस को मिठाई खिला के कहती है....

कोमल : खुशखबरी वालयी में बेहद लाजवाब थी....

प्रिंस : जी नहीं खुशखबरी वो नहीं थी जो तुमने बहार देखा बल्कि ये है....

ये कह के प्रिंस वो लिफाफा कोमल को देता है....

कोमल : क्या है इसमें....?

प्रिंस : खुद खोल के देख लो और फिर मुझे बताओ की ये खुशखबरी है या नहीं....

कोमल जैसे hi लिफाफा खोल के देखती है हैरत से उसकी आँखें बड़ी हो जाती हैं और मुँह खुला का खुला रह जाता है....

अहमद : कोमल... ऐसा क्या है इसमें जिसे देख के तुम इस तरह चौंक गयी....?

कोमल : जी वो.... वो.... वो.... इस में लिखा है की ..................

कोमल की बात सुन के अहमद भी बुरी तरह से चौंक जाता है....

इधर प्रिंस के घर पे......

सलमान रूही को जो बात बताता है उसे सुन के रूही बुरी तरह से चौंक जाती है....

सलमान : (.........................................)

रूही : Kyaaaaaaaaaaaaaa....?

सलमान : हाँ ये सच है.... चाहो तो फ़िरोज़ से पूछ लो.... ये उस वक़्त वहीँ मौजूद था....

रूही : फ़िरोज़ पे तो मुझे ज़रा भी यकीन नहीं.....

सलमान : तुम्हे यकीन करना होगा.... क्यों की यहाँ बात किसी और की नहीं बल्कि प्रिंस की है.... तुम्हारी एक गलती और फिर..... सोच लो बाद में मुझे मत कहना की मैंने बताया नहीं था.....

रूही : तुम आखिर चाहते क्या हो....?

सलमान : इन पेपर्स पे प्रिंस के सिग्न.....

रूही : मगर ये तो .............

सलमान : तुमने ठीक समझा ये वो hi Paper's हैं..... एक बार प्रिंस इनपे सिग्न कर दे फिर सब ठीक हो जाएगा.... फिर किसी को कोई तकलीफ नहीं होगी....

रूही : मगर ये कैसे मुमकिन है....?

सलमान : मैंने कहा न एक बार प्रिंस के सिग्न होते hi सब ठीक हो जाएगा.....

रूही : मैं उसकी बात नहीं कर रही बल्कि ये कह रही हूँ की इन Paper's पे प्रिंस कभी सिग्न नहीं करेगा......

सलमान : वो करेगा... ज़रूर करेगा.... ये सिर्फ तुम hi कर सकती हो.... तुम्हे इन Paper's पे उस से सिग्न करवाना hi होगा....

रूही : मैं चहुँ तब भी प्रिंस इनपे सिग्न नहीं करेगा.... ये मुमकिन नहीं की इन्हे बिना पढ़े प्रिंस इन पे सिग्न कर दे.....

सलमान : वो करेगा.... ज़रूर करेगा... जब तुम तुम्हारे और प्रिंस के तलाक़ के Paper's पे उसे सिग्न करने को कहोगी तब वो करेगा..... उन Paper's के बीच में तुम इन्हे भी दाल देना.....

रूही : क्या कहा तलाक़ के Paper's.... साले तेरी हिम्मत कैसे हुई इतनी घटिया बात अपनी जुबां से निकालने की.... वो मेरी जान है.... सुना तू ने जान है वो मेरी.... दिल ो जान से चाहती हूँ मैं उसे.... और तू कह रहा है की मैं उसे तलाक़ के Paper's पे सिग्न करने को कहूं..... आज तू ने ये बात कह दी.... दोबारा मत कहना वर्ण मैं तेरी जान ले लुंगी....

सलमान : ये बेकार का गुस्सा दिखने का कोई मतलब नहीं..... जान तो आखिर जायेगी.... मेरी नहीं बल्कि प्रिंस की.... अब ये तुम पे है की तुम क्या चाहती हो.... तलाक़ के और इन Paper's पे उसके सिग्न ले के उसकी जान बचाना या फिर उसे मौत के मुँह में जाने देना.....

न चाहते हुए भी रूही को सलमान की बात मान नई पड़ती है.... प्रिंस उसकी जान है और वो कैसे उसे मरने दे सकती है.... अपनी जान की जान बचने के लिए वो कुछ भी कर सकती है..... चाहे इसके लिए उसे अपनी जान से जुड़ा hi क्यों न होना पड़े.... वो इस जुदाई के गम को तो सेह सकती है मगर ये नहीं की उसकी जान की जान जाए.... अपनी जान को ज़िंदा रखने के लिए अपनी जान से जुदाई भी उसे मंज़ूर है.... भले उसे जुदाई में मर मर के क्यों न जीना पड़े.... वो सब सेह लेगी मगर अपनी जान को कुछ नहीं होने देगी....

रूही की आँखों से आंसू बहने लगते है.... जिसे देख सलमान के साथ साथ फ़िरोज़ को भी बेहद ख़ुशी होती है.... दोनों को अपनी जीत साफ़ नज़र आने लगती है.....

कुछ देर बाद कंपनी में..... सलमान अपने केबिन की तरफ जा hi रहा होता है की तभी उसकी टक्कर कोमल से हो जाती है.... कोमल को पुराने पेवंद लगे कपड़ों में देख सलमान को उसपे बेहद गुस्सा आ जाता है....

सलमान : हे तुम यहाँ क्या कर रही हो....? ये ऑफिस है कोई सड़क नहीं जो तुम भीक मांगने चली आयी....

सलमान की बात सुन के कोमल को उसपे बेहद गुस्सा आ जाता है.... गुस्से में वो उसे कुछ कहने hi वाली होती है की तभी सलमान उसे धक्का दे बहार जाने को कहता.... ठीक तभी प्रिंस वहां आ जाता है.....

सलमान की हरकत और प्रिंस को वहां देख कोमल को ऐसा लगता है जैसे की प्रिंस ने उसे यहाँ उसकी बेइज़्ज़ती करने के लिए बुलाया है.... इस बात पे उसे बेहद गुस्सा आ जाता है.... गुस्से में वो प्रिंस को कुछ कहने hi वाली होती है की तभी एक झन्नाटेदार थप्पड़ सलमान के गाल पे पड़ता है....

Chataaaaaaaaaaaaaak.....

प्रिंस बेहद गुस्से में सलमान पे चीखता है....

प्रिंस : तेरी हिम्मत कैसे हुई इसे हाथ लगाने की.... तुझे पता भी है तू ने किसे धक्का दिया है.... साले आइंदा अगर तू ने इसे छूने की कोशिश भी की तो मैं तेरी जान ले लूंगा.... इस से पहले की मैं कुछ गलत कर बैठूं चला जा यहाँ से.....

प्रिंस को इतने गुस्से में देख सलमान दर जाता है... वो छह के भी उसे कुछ नहीं कह पाटा.....

वहीँ इस बात से कोमल को बड़ी हैरानी होती है.... वो हैरत से बस प्रिंस को hi देखे जा रही है.... उसे प्रिंस की कोई बात समझ नहीं आ रही.... उसे समझ नहीं आ रहा है की सलमान ने जो हरकत उस के साथ की उस बात से प्रिंस को इतना गुस्सा क्यों आ गया.....?

इस से पहले की वो प्रिंस से कुछ पूछती प्रिंस उसका हाथ पकड़ के उसे अपने साथ बहार ले आता है और कार में बैठने को कहता है.... कोमल बिना कुछ कहे चुप चाप कार में बैठ जाती है.... कुछ देर बाद प्रिंस कार को एक आलिशान मॉल के पास रोकता है.... फिर कोमल को साथ ले के मॉल में जाता है.... कोमल बिना कोई सवाल किये चुप चाप उसके साथ जा रही है.... वो बस हैरत से उसे देख रही है.....

वहां के सब से बड़े शॉप में जा के प्रिंस सलेसगिरल से महंगी से महंगी और स्टाइलिश ड्रेस दिखने को कहता है.... फिर कोमल को उनमे से कुछ ड्रेस सेलेक्ट करने को कहता है.... मगर कोमल है की बस उसे हैरत से देख रही है.... न कुछ बोल रही है और न hi कुछ कर रही है.... प्रिंस खुद उनमे से कुछ ड्रेस सेलेक्ट करता है.... और एक ड्रेस कोमल को दे के उसे तरय करने को कहता है... कोमल बिना कुछ कहे चुप चाप वो ड्रेस पेहेन के आती है.... प्रिंस तब तक बाकी की ड्रेस पैक करवा चूका होता है.... उस ड्रेस में कोमल बेहद खूबसूरत लग रही है.... उसके बहार निकलते hi सब उसे बस देखते hi रह जाते हैं..... वहां मौजूद हर कोई उसकी खूबसूरती की तारीफ किया बिना नहीं रह पा रहा है.... मगर प्रिंस बिना कुछ कहे चुप चाप उसका हाथ पकड़ के उसे वहां के और भी दूसरे शॉप्स में ले जाता है और उसे और भी बहुत कुछ दिलाता है.... फिर उसका हाथ पकड़ के उसे बहार लाता है और कार में बैठा के वहां से चल देता है.... इस बीच कोमल ने प्रिंस से एक लफ्ज़ भी नहीं कहा.... बस उसे हैरत से देख रही है.... अभी वो लोग कुछ दूर गए hi थे की तभी....

कोमल : क्यों....?

इतना कह के वो खामोश हो जाती है....

प्रिंस कार को साइड में पार्क करता है और बैक सीट से वो ड्रेस निकालता है जिसे पेहेन के कोमल ऑफिस आयी थी.... उसे दिखा के कहता है....

प्रिंस : ये तुम्हारा गुज़रा हुआ वो कल है जिसमे तुम ने न जाने कितने hi दुःख और तकलीफें देखि है.... वो ज़िन्दगी जी है जो तुम्हे नहीं जीनी थी.... (फिर वो नई ड्रेस जो उसने पहनी है उस की तरफ इशारा कर के कहता है...) ये वो है जो तुम आज हो और हमेशा रहोगी.... आज से बल्कि अभी से तुम्हारी ज़िन्दगी की नयी शुरुवात होगी.... जिसमे दुःख और तकलीफ नाम की कोई चीज़ नहीं होगी.... ये मैं सिर्फ और सिर्फ तुम्हारे लिए कर रहा हूँ... न की औरों के लिए.... मेरे लिए दुनिया मायने नहीं रखती.... बल्कि मेरे अपने मायने रखते हैं.... और मेरे रहते मेरे अपनों को कोई तकलीफ या परेशानी छू भी नहीं सकती... आज से तुम वो ज़िन्दगी जियोगी जिसपे तुम्हारा हक़ है....

प्रिंस की कोई भी बात कोमल को समझ नहीं आ रही.... उसे ये समझ नहीं आ रहा है की वो प्रिंस के लिए अनजान है और प्रिंस एक अनजान के लिए इतना सब क्यों कर रहा है....? और वो किस हक़ की बात कर रहा है.... वो अभी ये सोच hi रही होती है की तभी प्रिंस उसकी आँखों में आँखें दाल के पूरे यकीन के साथ कहता है....

प्रिंस : मुझे पता है इस वक़्त तुम्हारे दिमाग में बहुत से सवाल घूम रहे हैं.... जल्द hi तुम्हे तुम्हारे सारे सवालों के जवाब मिल जाएंगे.... फिलहाल मुझपे यकीन करो और जो हो रहा है उसे होने दो....

प्रिंस की आँखों में इतना यकीन देख के कोमल उसे कुछ नहीं कहती.... बस ख़ामोशी से अपना सर हाँ में हिला के उसे देखती रहती है....

प्रिंस कार को ऑफिस की तरफ मोड़ देता है.... वहां पहुँच के वो सैर को कॉल करके सब को जल्द से जल्द कांफ्रेंस हॉल में आने को कहता है.... फिर कोमल को साथ ले के सीधे कांफ्रेंस हॉल में आ जाता है....

प्रिंस के साथ किसी लड़की को देख सब को बड़ी हैरानी सी होती है.... सैम विजय और मैक्स तो बस उसकी खूबसूरती में खो से जाते हैं... वहीँ प्रिंस से साथ किसी लड़की को देख रूही बुरी तरह से जल जाती है....

सैर : क्या बात है प्रिंस तुमने अचानक से हम सब को कांफ्रेंस हॉल में आने को क्यों कहा.... कोई ज़रूरी बात है क्या.....?

प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी विजय जो कहता है उसे सुन के प्रिंस बेहद गुस्से में आ जाता है.....

विजय : यार तेरे साथ ये खूबसूरत पटाखा कौन है....?

प्रिंस बेहद गुस्से में : आज कह दिया सो कह दिया.... दोबारा तू ने एक भी गलत लफ्ज़ इसके बारे में गलती से भी निकला तो मैं तेरी वो हालत करूँगा की फिर न तू कुछ करने लायक होगा और न hi कुछ कहने लायक....

विजय : सॉरी यार वो गलती से मुँह से निकल गया... आइंदा ऐसी गलती नहीं होगी....

प्रिंस : वो hi तेरे लिए बेहतर है....

प्रिंस को इतने गुस्से में देख वहां मौजूद सभी को बड़ी हैरानी होती है.... सब से ज़्यादा हैरान तो रूही है....

रूही को तो क्या वहां मौजूद किसी को समझ नहीं आ रहा है की आखिर वो लड़की है कौन....?

सैम : वैसे ये है कौन जिसे ले के तू इतना सीरियस हो गया है.....?

प्रिंस : इसका नाम कोमल है और आज से ये मेरी सेक्रेटरी है....

रूही : Kyaaaaaaaaaaa....?

प्रिंस : हाँ....

रूही : मगर तुम्हारी सेक्रेटरी तो मैं हूँ.....

प्रिंस : हाँ हो और आज से बल्कि अभी से कोमल भी है.....

रूही : लेकिन जब मैं हूँ तो फिर इसकी क्या ज़रुरत है....?

प्रिंस : ये तुम नहीं मैं तय करूँगा.... और मैंने ये तय किया है आज से ये मेरी सेक्रेटरी है.... और हाँ याद रहे इसे कोई तकलीफ नहीं होनी चाहिए.... अगर इसे ज़रा सी भी तकलीफ हुई तो मैं उसे छोड़ूंगा नहीं....

फिर सैर की तरफ देख के कहता है.....

प्रिंस : सैर मैं चाहता हूँ की तुम इसे पूरा काम समझा दो....

प्रिंस की बात सुन के सैर हाँ में अपना सर हिला देती है.....

प्रिंस : अब तुम सब जा सकते हो....

विजय : साला यहाँ हम को एक नहीं मिल रही और ये जनाब है की 2 - 2 सेक्रेटरी लिए फिर रहे हैं....

प्रिंस : तू फिर बोलै....

विजय : नहीं यार मैंने कहाँ कुछ कहा.... वो तो बस ऐसे hi....

प्रिंस : ऐसे वैसे कुछ नहीं.... अच्छे से कान खोल के समझ ले अगर गलती से भी तेरी वजह से कोमल को ज़रा सी भी तकलीफ हुई तो तू मुझे जानता है.... मैं तेरा पूरा जिस्म तकलीफों से भर दूंगा....

प्रिंस को गुस्से में देख विजय वहां से फ़ौरन निकल लेने में hi अपनी भलाई समझता है....

सब वहां से चले जाते हैं मगर रूही वागीण कड़ी रहती है....

प्रिंस : तुम्हे कुछ काम नहीं है क्या...? जाओ अपना काम करो....

रूही : .........?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 52

विजय : साला यहाँ हम को एक नहीं मिल रही और ये जनाब है की 2 - 2 सेक्रेटरी लिए फिर रहे हैं....

प्रिंस : तू फिर बोलै....

विजय : नहीं यार मैंने कहाँ कुछ कहा.... वो तो बस ऐसे hi....

प्रिंस : ऐसे वैसे कुछ नहीं.... अच्छे से कान खोल के समझ ले अगर गलती से भी तेरी वजह से कोमल को ज़रा सी भी तकलीफ हुई तो तू मुझे जानता है.... मैं तेरा पूरा जिस्म तकलीफों से भर दूंगा....

प्रिंस को गुस्से में देख विजय वहां से फ़ौरन निकल लेने में hi अपनी भलाई समझता है....

सब वहां से चले जाते हैं मगर रूही वागीण कड़ी रहती है....

प्रिंस : तुम्हे कुछ काम नहीं है क्या...? जाओ अपना काम करो....

रूही : .........?????

अब आगे....

प्रिंस की बात सुन के रूही उदास मन से वहां से बहार आ जाती है.... तभी उसकी नज़र दरवाज़े के पास खड़े सलमान पे पड़ती है.... सलमान उसे डाइवोर्स के Paper's के साथ साथ दूसरे Paper's दे के उनपे प्रिंस के सिग्न लेने को कहता है....

न चाहते हुए भी Paper's ले के रूही प्रिंस के पास जाती है.....

प्रिंस : क्या हुआ....? तुम फिर से यहाँ क्यों आ गयी.....? जा के अपना काम क्यों नहीं करती.....?

रूही : उसी लिए यहाँ आयी हूँ.... इन Paper's पे तुम्हारे सिग्न चाहिए....

Paper's को देख प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है.....

प्रिंस : डाइवोर्स....!!!!! मगर क्यूँउउउउउउणं.....????? मुझे तो लगा की तुम मुझे चाहने लगी हो....!!!

प्रिंस की बात सुन के रूही का दिल तड़प जाता है.... उसका दिल चाहता है की वो आगे बढ़ के प्रिंस को अपने सीने से लगा के उस से अपने प्यार का इज़हार करे.... मगर वो छह के भी ऐसा नहीं कर पा रही.... इस बात से उसकी आँखें नाम हो जाती हैं... जिन्हे प्रिंस से छुपाने के लिए वो एक तरफ घूम जाती है.... मगर प्रिंस यहाँ भी उसके साथ hi है.... सामने आईने में उसे प्रिंस नज़र आने लगता है.... वो प्यार भरी नज़रों से प्रिंस को देखते हुए कहती है....

रूही : हाँ चाहती हूँ.... दिल ो जान से चाहती हूँ....

रूही के मुँह से चाहने की बात सुन के प्रिंस बेहद खुश हो जाता है....

प्रिंस : क्या सच में....? तुम चाहती हो....

रूही : हाँ बोहत चाहती हूँ.... वो है hi ऐसा की उसे देखते hi उसपे प्यार आने लगता है.... उसकी बात hi अलग है.... वो बेहद स्मार्ट डैशिंग हैंडसम और प्यारा है.... उस जैसा इस पूरी कायनात में कोई नहीं....

प्रिंस : ये तुम किसकी बात कर रही हो....?

रूही प्रिंस का नाम लेने hi वाली होती है की तभी उसकी नज़र सलमान पे पड़ती है.... और उसे वो साड़ी बात याद आ जाती है जो उसे सलमान ने कही थी.... न चाहते हुए भी रूही प्रिंस की जगह सलमान का नाम लेती है....

रूही : सलमान की और किसकी....? वो hi तो है मेरी जान जिसे मैं दिल ो जान से चाहती हूँ.....

रूही की बात सुन के प्रिंस उसके करीब जा के उसकी आँखों में आँखें दाल के प्यार से पूछता है....

प्रिंस : क्या एक लम्हे के लिए भी तुम्हे मुझसे प्यार नहीं हुआ....?

प्रिंस की बात सुन के रूही का दिल चाहा की वो उसे हाँ कह दे.... मगर छह के भी वो उसे हाँ नहीं कह पा रही है.... न चाहते हुए भी वो ना में अपनी गर्दन हिला देती है....

रूही की ना सुन के प्रिंस को बेहद तकलीफ होती है....

प्रिंस : क्या वाकई में तुम ये चाहती हो की मैं इन तलाक़ के Paper's पे सिग्न करूँ....?

न चाहते हुए भी मजबूरन रूही हाँ में अपनी गर्दन हिला देती है....

प्रिंस : अगर तुम्हारी ख़ुशी इसी में है तो ये hi सही.... तुम्हारी ख़ुशी के लिए मैं कुछ भी कर सकता हूँ.... किसी की जान ले भी सकता हूँ और अपनी जान दे भी सकता हूँ....

न चाहते हुए भी प्रिंस उन Paper's पे सिग्न कर के उन्हें रूही को दे देता है....

Paper's पे प्रिंस को सिग्न करते देख रूही का दिल तड़प जाता है.... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं..... वो छह के भी कुछ कर नहीं पा रही है.... अपने निकाह को टूटने से नहीं रोक पा रही है....

रूही की आँखों से बहते आंसू देख प्रिंस का दिल तड़प जाता है वो उसे कुछ कहना चाहता है मगर कह नहीं पाटा.... Paper's ले के रूही वहां से जा चुकी है....

बहार आ के रूही सलमान को Paper's देती है और रोटी हुई आगे बढ़ जाती है....

Paper's ले के सलमान ख़ुशी से उछाल पड़ता है और फ़ौरन किसी को कॉल करके Paper's पे सिग्न होने वाली बात बताता है.... फिर फ़िरोज़ के साथ बहार की तरफ चल देता है....

रूही को यूँ रट देख सिमी फ़ौरन उसके पास जाती है....

सिमी : क्या हुआ रूही....? तू इस तरह रो क्यों रही है.....?

रूही सिमी को पूरी बात बताती है फिर....

रूही : मेरा पहले प्यार अधूरा रह गया सिमी.... मेरा पहला प्यार अधूरा रह गया....

ये कह के रूही पागलों की तरह रोने लगती है....

सिमी उसे चुप करने की बहुत कोशिश करती है मगर रूही है की बस रोये जा रही है..... उसके दिल का दर्द उसकी आँखों से हो के बह रहा है....

इधर सलमान Paper's ले के फ़िरोज़ के साथ जिब्रान के ऑफिस पहुँचता है.....

सलमान : ये लीजिये Paper's और जल्दी से मुझे मेरा हिस्सा दे दीजिये.....

सलमान की बात सुन के जिब्रान ख़ुशी से उछाल पड़ता है....

जिब्रान : तो इसका मतलब प्रिंस ने इन Paper's पे सिग्न कर दिए....

सलमान : हाँ.....

जिब्रान : क्या बात कर रहे हो.....? मतलब आज से वो प्रोजेक्ट मेरा हो गया....

सलमान : हाँ और नहीं तो क्या....

जिब्रान : तुम ने तो कमाल कर दिया....

सलमान : ऐसा कभी हुआ है की आप का दिया हुआ कोई भी काम मैंने नहीं किया हो..... और इन Paper's पे उस कमीने प्रिंस का सिग्न लेना तो मेरे लिए बाए हाथ का काम था.....

जिब्रान : यकीन नहीं होता जिस प्रिंस ने अपने तेज़ दिमाग से मुझे हरा के वो प्रोजेक्ट हासिल कर लिया वो इतनी आसानी से तुम्हारे झांसे में आ गया.....

फ़िरोज़ : आप ने हम को समझा क्या है.... हम कोई ऐसे वैसे नहीं हैं.... और काहे का तेज़ दिमाग.... वो कमीना एक नंबर का इमोशनल फूल है.... उसे इमोशनल ब्लैकमेल कर के कुछ भी कराया जा सकता है.... अभी तो बस शुरुवात है.... देखना जल्द hi उसकी कंपनी भी हमारी होगी....

जिब्रान : इस बात पे तो पार्टी होनी चाहिए.... आज शाम एक आलिशान पार्टी होगी....

सलमान : हाँ और जिसमे हम प्रिंस को भी बुलाएँगे.... आखिर ये ख़ुशी हम को उसी की वजह से hi तो मिली है.... आज शाम उसकी बर्बादी और हमारी आबादी का जश्न हम बड़ी धूम धाम से मनाएंगे....

इधर सैर कोमल को वहां का पूरा काम समझा hi रही होती है.... की तभी कोमल को किसी का कॉल आता है.... कॉल पे बात करने के बाद बेहद घबरा जाती है..... वो फ़ौरन तेज़ी बहार की तरफ भागती है..... सैर उसे आवाज़ देती रह जाती है मगर कोमल उसकी एक नहीं सुनती....

तभी प्रिंस वहां आ जाता है....

प्रिंस : क्या हुआ सैर.... तुम उस तरह क्यों चिल्ला रही हो.....?

सैर प्रिंस को पूरी बात बताती है जिसे सुन के प्रिंस फ़ौरन कोमल के पीछे जाता है.... गेट पे कोमल उसे मिल जाती है....

प्रिंस : क्या बात है कोमल तुम इस तरह परेशां हाल कहाँ जा रही हो.....?

कोमल : वो..... वो.... मुझे अपने घर जाना है....

प्रिंस : घर.... मगर क्यों....?

कोमल : किसी ने मेरे घर पे कब्ज़ा कर लिया है.... मुझे जल्द hi वहां जाना होगा....

प्रिंस : रुको मैं भी तुम्हारे साथ चलता हूँ....

कार में कोमल बेहद परेशान बानी हुई है..... वो बार बार अपने बाबा को कॉल लगा रही है मगर कॉल लग नहीं रही.... इस बात से उसकी परेशानी और भी ज़्यादा बढ़ गयी है.... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... जिसे देख प्रिंस को अच्छा नहीं लगता वो उसे चुप करने की बहुत कोशिश करता है मगर वो है की चुप होने का नाम hi नहीं ले रही.....

जल्द hi वो लोग घर पे पहुँच जाते हैं.... ठीक तभी उसके बाबा भी वहां पहुँचते हैं....

कोमल : बाबा आप कहाँ थे.... मैं कब से आपको कॉल कर रही हूँ मगर आप का कॉल नॉट रचाबळे आ रहा था....

बाबा : हाँ वो मेरा फ़ोन टूट गया है....

कोमल : बाबा आपको पता है हमारे घर पे किसी ने कब्ज़ा कर लिया है....

तभी वहां घर का मालिक आ जाता है....

मालिक : कब्ज़ा नहीं किया बल्कि मैंने उन्हें मेरा ये घर रहने को दिया है.... तुम लोग तो भाड़ा देते नहीं... मुफ्त में रहने की आदत जो पद गयी है.... पिछले 6 महीने से एक रूपया भी भाड़ा नहीं दिया.... और इसे अपना कहने चले आये.... चले जाओ यहाँ से इस से पहले की मेरा दिमाग घूम जाए और मैं तुम्हारे साथ कुछ गलत कर बैठूं....

बाबा : ये आप क्या कह रहे हैं.... प्लीज हम को इस घर से मत निकालिये.... हम पूरा भाड़ा देने को तैयार है... ये लीजिये पिछले 6 महीने का और साथ में इस महीने का भाड़ा....

मालिक : इतने पैसे तुम भिकारिईन के पास आये कहाँ से... कहीं अपनी बेटी को धंधे पे....

अभी मालिक ने इतना hi कहा था की तभी एक ज़ोरदार पंच उसके मुँह पे पड़ता है और वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है.... उसका जबड़ा पहात गया है और मुँह से खून निकल रहा है.... इतने से प्रिंस को सब्र नहीं होता वो आगे बढ़ के मार मार के उसकी हालत खराब कर देता है....

प्रिंस : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई कोमल के बारे में इतनी घटिया बात कहने की.... आज मैं तेरी वो हालत करूँगा की तू कभी किसी के बारे में कहना तो दू सोचने से भी डरेगा.....

धीरे धीरे उसकी हालत बाद से बत्तर हो जाती है.... मार खा खा के वो बेहोश हो जाता है मगर प्रिंस है की उसे अब भी मार रहा है उसका गुस्सा शांत होने का नाम hi नहीं ले रहा.... बाबा प्रिंस को रोकने की कोशिश करते हैं मगर प्रिंस उनकी एक नहीं सुन रहा है वो बस मकान मालिक को पीते जा रहा है....

बाबा के कहने पे कोमल आगे बढ़ के प्रिंस को रोकती है....

कोमल : प्रिंस चोर दो उसे.... वो मर जाएगा....

प्रिंस : मरता है तो मर जाए.... आज मैं इसे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगा..... इस कमीने की हिम्मत कैसे हुई तुम्हारे बारे में इतनी नीच बात कहने की.....

कोमल : ये कोई पहली बार नहीं है.... अक्सर लोग हम गरीबों के बारे में जो चाहे कहते है.... और हम उन्हें कुछ कह भी नहीं पाते.... बस चुप चाप सुन लेते हैं.... अब तो आदत सी हो गयी है....

प्रिंस बेहद गुस्से में : मेरे रहते कोई तुम्हारे बारे में एक गलत अलफ़ाज़ कह के तो देखे.... मैं उसकी जान न निकाल लून....

अभी कोमल कुछ कहने hi वाली होती है की तभी वहां उसकी दोस्त नज़मा आ जाती है....

नज़मा : कोमल मैंने इन लोगों को रोकने की बहुत कोशिश की मगर इन लोगों ने मेरी एक न सुनी और तुम्हारा पूरा सामान बहार फेक दिया.... सारा सामान टूट गया.... बड़ी मुश्किल से तुम्हारी माँ की ये फोटो मैं बचा पायी....

कोमल अपनी माँ की फोटो को अपने सीने से लगा के रोने लगती है....

नज़मा : कोमल अब तुम लोग कहाँ रहोगे....?

प्रिंस : अच्छा hi हुआ जो उस कमीने ने ये घर किसी और को दे दिया वैसे भी ये घर तुम्हारे रहने लायक न था....

प्रिंस की बात सुन के नज़मा पलट के उसकी तरफ देखती है....

नज़मा : आप हैं कौन और क्या मतलब है ऐसी बात कहने का हाँ.... यहाँ मेरी बेहेन जैसी दोस्त को घर से निकाल दिया गया उसका सारा सामान तोड़ दिया गया एयर आप हैं की इसे अच्छा कह रहे हैं.... आपको दिमाग है की नहीं.... किसी के दुःख में अफ़सोस जताने के बजाये उसे अच्छा कहना क्या सही है....

प्रिंस : ठीक कहा आपने.... मैं उनमे से नहीं जो परेशानी में रो रो के उसे और बढ़ाये.... बल्कि मैं उनमे से हूँ जो परेशानी को दूर करने का दम रखता हूँ.... और ये कोई बड़ी बात नहीं जिसके लिए सर पीट के रोया जाए.... ऐसे मकान तो बहुत मिल जाएंगे.... मगर जहाँ कोमल रहे वो hi असल घर होगा....

नज़मा : आप तो ऐसे कह रहे हैं जैसे की यहाँ कोई भी घर आप को मिल जाएगा.... जी नहीं ऐसा नहीं है... यहाँ कोई भी घर खाली नहीं है और अगर है भी तो उसे किराये पे लेना आसान नहीं.... डिपाजिट और भाड़ा इतना ज़्यादा है की हम गरीब उसे कभी नहीं ले सकते.... अब आप hi बताइये की मेरी दोस्त क्या करे....? कहाँ जाए कहाँ रहे..... बातें बनाना बहुत आसान है मगर करना बहुत मुश्किल....

प्रिंस : कोई मुश्किल नहीं.... ये तो बहुत hi आसान है....

नज़मा : अच्छा अगर इतना hi आसान है तो आप क्यों नहीं इसे कोई घर दिलवा देते....

प्रिंस : चलो मेरे साथ....

ये कह के प्रिंस कोमल और बाबा को साथ ले चल देता है.... नज़मा भी उनके साथ चल देती है....

काफी दूर चले के बाद प्रिंस एक घर के सामने कार को रोकता है और बहार आता है....

घर को देख कोमल बेहद हैरान हो जाती है.... कभी वो उस घर को देखती है तो कभी प्रिंस को....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 53

नज़मा : अब आप hi बताइये की मेरी दोस्त क्या करे....? कहाँ जाए कहाँ रहे..... बातें बनाना बहुत आसान है मगर करना बहुत मुश्किल....

प्रिंस : कोई मुश्किल नहीं.... ये तो बहुत hi आसान है....

नज़मा : अच्छा अगर इतना hi आसान है तो आप क्यों नहीं इसे कोई घर दिलवा देते....

प्रिंस : चलो मेरे साथ....

ये कह के प्रिंस कोमल और बाबा को साथ ले चल देता है.... नज़मा भी उनके साथ चल देती है....

काफी दूर जाने के बाद प्रिंस एक घर के सामने कार को रोकता है और बहार आता है....

घर को देख कोमल बेहद हैरान हो जाती है.... कभी वो उस घर को देखती है तो कभी प्रिंस को....?????

अब आगे.....

प्रिंस मुस्कुराते हुए आगे बढ़ता है और दरवाज़ा खोल के कोमल को अंडर चलने का इशारा करता है....

प्रिंस की बात सुन के कोमल की आँखें नाम हो जाती हैं.... वो दौरति हुई घर में दाखिल होती है और हर एक चीज़ को बड़े गौर से देखने लगती है.... उन्हें बड़े प्यार से छू के महसूस करने लगती है....

घर को देख बाबा के साथ साथ कोमल की दोस्त नज़मा भी चौंक जाती है....

नज़मा : वाकई में बेहद ाएलिशन महंगा और खूबसूरत घर है ये.... वैसे ये घर है किसका....?

फिर प्रिंस जो कहता है उसे सुन के सब चौंक जाते हैं....

प्रिंस : ये घर कोमल का है....

प्रिंस की बात सुन के सबके मुँह से एक hi बात निकलती है....

Kyaaaaaaaaaaaaaa.....???

प्रिंस अभी कुछ कहने hi वाला होता है की तभी उस का मोबाइल बजने लगता है....

प्रिंस : Hello....

जिब्रान : जिब्रान बोल रहा हूँ....

प्रिंस : जी माफ़ कीजिये मैंने आपको पहचाना नहीं....

जिब्रान : यार तुम्हारी यादाश्त तो काफी कमज़ोर है.... इतनी जल्दी भूल गए.... चलो कोई नहीं मैं याद दिला देता हूँ... पिछले महीने ........ जगह मिले थे.... जहाँ तुमने मेरे नाक के नीचे से कॉन्ट्रैक्ट चुरा लिया था....

प्रिंस : ाचा तो आप हैं.... सॉरी वो क्या है की मैं फ़ालतू लोगों को याद नहीं रखता....

जिब्रान : फ़ालतू कौन है ये तुम्हे मैं जल्द hi बताऊंगा....

प्रिंस : यार अगर तुम ने बेकार की बकवास करने के लिए कॉल किया तो मैं बता दूँ की इस वक़्त मेरा मूड बहुत अच्छा है उसे खराब न करना.... अगर कहीं मेरे मूड खराब हो गया तो फिर मैं सामने वाले की वो हालत करता हूँ.... की वो फिर किसी लायक नहीं रहता....

जिबरान : मैंने भी तुम्हे बेकार बात के लिए नहीं बल्कि एक बेहद ज़रूरी बात कहने के लिए कॉल किया है....

प्रिंस : कहो क्या कहना चाहते हो....?

जिब्रान : मेरी एक आदत है..... मैं जब भी जीत ता हूँ तब जश्न मनाता हूँ.... मगर आज अपनी हार और तुम्हारी जीत के जश्न का इंतेज़्ज़म किया है.... आज शाम मेरे घर पे एक आलिशान पार्टी है.... और तुम्हे वहां आना है.....

प्रिंस : मैं न तो बेकार के लोगों से मिलता हूँ और न hi बेकार की पार्टी में जाता हूँ..... तुम्हारे लिए ये बेहतर होगा की ये बेकार की बात बंद करो और फ़ोन रखो....

प्रिंस की बातें सुन के जिब्रान को गुस्सा तो बहुत आता है मगर फिर भी वो अपने गुस्से को दबा के कहता है....

जिब्रान : और अगर मैं ये कहूं की तुम्हारी वाइफ क्या नाम है उसका.... ममममम...... हाँ रूही..... रूही भी इस पार्टी में आ रही है..... क्या तब भी तुम नहीं आओगे....

प्रिंस : क्या कहा रूही.... ये मुमकिन नहीं.... मैं उसे अच्छे से जानता हूँ.... वो कभी तुम जैसों की पार्टी में नहीं जायेगी.....

जिब्रान : अगर इतना hi भरोसा है अपनी रूही पे तो क्यों नहीं यहाँ आ के अपनी आँखों से देख लेते की कैसे तुम्हारी लवली वाइफ मेरी पार्टी का मज़ा ले रही है..... है बड़ा hi सेक्सी माल है....

जिब्रान की बात सुनते hi प्रिंस बेहद गुस्से में चीखता है....

प्रिंस : Jibraaaaaaaaaaan..... कमीने.... खबरदार जो तू ने एक भी गलत लफ्ज़ रूही के बारे में अपनी गन्दी जुबां से निकला तो मुझसे बुरा कोई न होगा....

जिब्रान : वहां से क्या धमकी देता है.... हिम्मत है तो यहाँ आ के बात कर.....

प्रिंस : रुक साले अभी आता हूँ वहां....

प्रिंस की बात सुन के साथ hi उसे बेहद गुस्से में देख सब चौंक जाते हैं.... इस से पहले की वो प्रिंस से कुछ पूछते.... गुस्से से में प्रिंस बाद में आने का कह के वहां से निकल जाता है....

प्रिंस बेहद गुस्से में जिब्रान के घर के लिए निकल जाता है.....

वहां पहुँच के जब पार्टी में रूही को देखता है तो उसे यकीन नहीं होता..... उसे जिब्रान से ज़्यादा गुस्सा रूही पे आने लगता है..... प्रिंस को देख जिब्रान की ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता....

जिब्रान : तो आखिर जनाब हमारी पार्टी में आ hi गए.... मुझे लगा की तुम्हे कुछ वक़्त लगेगा यहाँ पहुँचने में मगर नहीं तुम तो वक़्त से पहले hi आ गए....

फिर रूही की तरफ इशारा कर के कहता है....

जिब्रान : ये साला इश्क़ है hi ऐसी चीज़ की इसके आगे बड़े से बड़े अपनी हार मान लेते हैं..... जैसे तुमने अपनी हार मान ली..... मगर ये इश्क़ कभी किसी का न हुआ.... इस ने सब को सिर्फ बर्बाद hi किया है.... जैसे आज तुम बर्बाद हुए हो....

प्रिंस बेहद गुस्से में खामोश खड़ा जिब्रान की बातें सुन रहा है....

जिब्रान : मेरे हाथ में इस वक़्त जो Paper's हैं वो कोई मामूली Paper's नहीं बल्कि उस प्रोजेक्ट के Paper's हैं जिसे तुमने चालाकी से अपने नाम किया था.... और अब मैंने उतनी hi चालाकी से उसे तुम से चीन लिया.... जान न नहीं चाहोगे इस में मेरी मदत किसने की.....? वो कौन है जिसने तुमसे इन Paper's पे सिग्न करवाए....?

प्रिंस जिब्रान की बात का कोई जवाब नहीं दे रहा बस खामोश खड़ा उसे देख रहा है....

जिब्रान अभी कुछ कहने hi वाला होता है की तभी सलमान सामने आ के कहता है....

सलमान : ये काम किसी और ने नहीं बल्कि तेरी सो कॉल्ड वाइफ रूही ने किया है.... सॉरी अब वो तेरी वाइफ नहीं रही.... तेरा तो उस से तलाक़ हो चूका है....

सलमान को वहां देख प्रिंस को इतना झटका नहीं लगता है.... जितना ये जान के लगता है की रूही ने उसे धोका दिया है....

सलमान की बात सुन के और प्रिंस को वहां देख रूही चौंक जाती है साथ hi सच के सामने आते hi वो बेहद शर्मिंदा भी हो जाती है.... ये अलग बात है की ये सब उसने प्रिंस की जान बचने के लिए किया है... मगर फिर भी वजह चाहे जो भी हो प्रिंस को धोका तो उसने भी दिया है.... शर्म के मारे उसका सर झुक जाता है और आँखों से आंसू बहने लगते हैं.....

प्रिंस को सलमान की बात पे यकीन नहीं आता..... लेकिन जब वो रूही की शर्म से झुकी हुई गर्दन देखता है तब वो सलमान की बात पे यकीन करने पे मजबूर हो जाता है.....

प्रिंस अभी कुछ कहने hi वाला होता है की तभी.....

सलमान : आइये वकील साहब आप hi का इंतज़ार था....

वकील के आते hi सलमान उसे वो Paper's देता है जिनपे प्रिंस ने सिग्न किये थे.... वकील उन Paper's को पढ़ के उन्हें जिब्रान की तरफ बढ़ा के कहता है....

वकील : जिब्रान साहब.... लीजिये आप भी इनपे सिग्न कर दीजिये ताकि ये प्रोजेक्ट पूरी तरह से आपका हो जाए....

वकील की बात सुन के जिब्रान ख़ुशी ख़ुशी उन Paper's पे सिग्न करने hi वाला होता है की तभी प्रिंस उसे रोक के कहता है.....

प्रिंस : जिब्रान मेरी मान तो इन Paper's पे सिग्न मत कर.... तेरी जगह अगर मैं होता तो कभी इनपे सिग्न नहीं करता....

जिब्रान : मैं इनपे ज़रूर सिग्न करूँगा.... जानता है क्यों....? क्यूंकि ये तेरी बर्बादी और मेरी आबादी के Paper's हैं....

ये कह के जिब्रान फ़ौरन उन Paper's पे सिग्न कर देता है....

जिब्रान : ले कर दिए मैंने तेरी बर्बादी के इन Paper's पे सिग्न.... अब तू बर्बाद हो गया और मैं आबाद.....

ये कह के जिब्रान ज़ोर ज़ोर से हसने लगता है....

हहहहहहहहहहह....

फिर सलमान जिब्रान से Paper's ले के रूही के पास जाता है....

सलमान : मेरी जान.... मैं चाहता हूँ की तुम अपने शुभ हाटों से प्रिंस को उसकी बर्बादी का तोहफा दो....

सलमान की बात सुन के रूही गुस्से से उसकी तरफ देखती है.... सलमान कुछ कहने hi वाला होता है की तभी पीछे से फ़िरोज़ आ जाता है और....

फ़िरोज़ : ये नखरे उस (प्रिंस) को दिखाना हम को नहीं.... आज जा के मुझे सुकून मिला है..... तुम दोनों ने मिल के मुझे बड़ा ज़लील किया है..... आज मैंने अपनी हर एक बेइज़्ज़ती का बदला तुम दोनों से ले लिया.... तुम्हारा उस से निकाह तुड़वा के और उसे तुम्हारे हाथों बर्बाद करके.... इस से पहले की मुझे गुस्से आ जाए और मैं तेरे प्रिंस को जान से मारवा दूँ जल्दी से उसे उसकी बर्बादी के ये Paper's दे....

फ़िरोज़ का इशारा पाते hi उसके चमचे प्रिंस पे गन तान देते हैं.... जिसे देख न चाहते हुए भी रूही प्रिंस के करीब जाती है और वो Paper's उसे दे देती है.... और सर झुका के रोने लगती है....

प्रिंस कुछ कहने hi वाला होता है की तभी....

फ़िरोज़ : जानती हो तुमने आज क्या किया है.... तुमने अपने सच्चे चाहने वाले यानी प्रिंस को धोका दिया है.... उसे बर्बाद किया है....

फ़िरोज़ की बात सुन के रूही चौंक के सवालिया नज़रों से उसकी तरफ देखती है.....

फ़िरोज़ : हाँ ये सच है.... प्रिंस तुम्हे चाहने लगा है.... सॉरी गलती हो गयी.... चाहने लगा है नहीं बल्कि चाहता था.... इस धोके के बाद से अब वो तुमसे सिर्फ और सिर्फ नफरत करेगा.... तुम यही सोच रही हो न की जब तुम्हे चाहने वाली बात प्रिंस ने तुम्हे नहीं बताई तो मुझे कैसे पता चली.... ये उस दिन की बात है जब प्रिंस तुम्हे साथ ले के रोज़ की तरह होटल में खाना खाने गया था.... वहां ये बेवकूफ तुमसे अपने प्यार का इज़हार करने वाला था.... जिसकी उसने पूरी तैयारी की हुई थी.... मगर वो कहते हैं न की जब किस्मत हो गांडू तो क्या करे पाण्डु.... तुम्हारा भी कुछ ऐसा hi हाल था.... तुमने प्रिंस की बात सुन ने से पहले hi अपनी और सलमान की 3 साल पुराणी लव स्टोरी वाली बात उसे बता दी....

फ़िरोज़ की बात सुन के रूही फ़ौरन प्रिंस की तरफ देखती है.... जैसे की पूछना छह रही हो की क्या ये बात सच है....?

प्रिंस : सही कहा तुमने मैं बेवक़ूफ़ hi था जो एक धोकेबाज़ को चाहने लगा था.... अब मेरे दिल में इसके लिए नफरत के अलावा और कुछ नहीं है.... मैं सब कुछ बर्दाश्त कर सकता हूँ मगर धोका नहीं.... धोके से मुझे सख्त नफरत है....

फ़िरोज़ जोश में कुछ ज़्यादा hi बोल जाता है.... जिसे सुन के सलमान फ़ौरन आगे बढ़ के उसे चुप करा के बात को घुमा देता है....

फ़िरोज़ : अबे मेरी जान है hi इतनी खूबसूरत और सेक्सी की जो भी इसे एक बार देख ले इसका दीवाना बन hi जाता है.... जैसे ये (प्रिंस) बन गया....

तभी जिब्रान बीच में बोलता है...

जिब्रान : ये तुम लोग कहाँ फ़ालतू की बात में लग गए.... जल्दी से शैम्पेन लाओ... उसे खोल के असली पार्टी का मज़ा लेते हैं....

तभी एक वेटर शैम्पेन की बोतल लाता है.... जिब्रान उस शैम्पेन की बोतल को उठाने hi वाला होता है की तभी प्रिंस जो करता है उसे देख सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं.....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 54

फ़िरोज़ जोश में कुछ ज़्यादा hi बोल जाता है.... जिसे सुन के सलमान फ़ौरन आगे बढ़ के उसे चुप करा के बात को घुमा देता है....

फ़िरोज़ : अबे मेरी जान है hi इतनी खूबसूरत और सेक्सी की जो भी इसे एक बार देख ले इसका दीवाना बन hi जाता है.... जैसे ये (प्रिंस) बन गया....

तभी जिब्रान बीच में बोलता है...

जिब्रान : ये तुम लोग कहाँ फ़ालतू की बात में लग गए.... जल्दी से शैम्पेन लाओ... उसे खोल के असली पार्टी का मज़ा लेते हैं....

तभी एक वेटर शैम्पेन की बोतल लाता है.... जिब्रान उस शैम्पेन की बोतल को उठाने hi वाला होता है की तभी प्रिंस जो करता है उसे देख सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं.....??????

अब आगे....

जिब्रान शैम्पेन की बोतल को उठाने hi वाला होता है की तभी प्रिंस उसे उठा के खोलता है और पीने लगता है....

फ़िरोज़ : अबे हमारे लिए भी तो कुछ चोर दे.... पूरा अकेले hi पी जाएगा क्या....?

जिब्रान : पीने दे.... बेचारे को आज एक नहीं बल्कि 2 सदमे लगे हैं....

प्रिंस शैम्पेन की बोतल पूरा पीने के बाद....

प्रिंस : अबे कमीनो तुम लोगों ने मुझे समझ क्या रखा है.... जिसे देखो वो साला जो जी में आये बक रहा है..... अबे मैं प्रिंस हूँ जिसका दिमाग शैतान से भी ज़्यादा तेज़ चलता है..... तुम बेवक़ूफ़ लोग क्या मुझे बेवक़ूफ़ बनाओगे.... तुम तो खुद अपने hi जाल में फस गए हो.... जश्न मानाने से पहले देख तो लो की किस बात का जश्न मन रहे हो..... मेरी जीत का या फिर अपनी हार का.....

प्रिंस की बात सुन के जिब्रान हसने लगता है.....

जिब्रान : हहहहहहहह.... लगता है तू ने शराब पहली बार पी है..... तुझे नशा हो गया है.... तभी तो अपनी हार को जीत कह रहा है....

प्रिंस : ठीक कहा तू ने नशा तो मुझे हुआ है मगर शराब का नहीं बल्कि अपनी जीत का.... जिसे तुझ जैसा चुटिया अपनी जीत समझ रहा है.... मेरी बात का यकीन न हो तो अपने वकील से पूछ ले की जिस Paper's पे तू ने सिग्न किया है वो प्रोजेक्ट के Paper's है भी की नहीं..... कहीं ऐसा तो नहीं की मुझे बर्बाद करने के चक्कर में तू ने खुद को बर्बाद कर लिया....

जिब्रान : क्या बकवास कर रहा है....? ये मुमकिन नहीं.... प्रोजेक्ट के Paper's पे मैंने तेरे सिग्न खुद देखे थे.... और जिन Paper's पे मैंने सिग्न किये वो वही थे....

प्रिंस : मैक्स (जी हाँ ये वकील और कोई नहीं बल्कि प्रिंस का दोस्त मैक्स है जो भेस बदल के यहाँ आया है ) इस बेवक़ूफ़ को ज़रा वो Paper's तो दिखाना जिस पे इसने सिग्न किया है....

मैक्स जिब्रान को Paper's दे ता है.... Paper's को पढ़ के जिब्रान के होश उड़द जाते हैं....

जिब्रान : ये तो मेरी प्रॉपर्टी के Paper's हैं....

प्रिंस : कहे की तेरी प्रॉपर्टी कमीने.... ये ज़मीन और वो घर कोमल का है जिसे तू ने धोके और ज़बरदस्ती से उन्हें डरा धमका के हासिल किया था.... अब न तो वो ज़मीन तेरी रही और न hi वो घर बल्कि वापिस उस मासूम की हो गयी है.... जिसपे सिर्फ और सिर्फ उसी का हक़ है.... दोबारा तू ने उस ज़मीन की और कोमल की तरफ देखना तो दूर उसके बारे में सोचा भी तो मैं तेरी जान ले लूंगा....

जिब्रान : साले कमीने मुझे धोका देने की तेरी हिम्मत कैसे हुई....?

प्रिंस : इसे धोका नहीं बल्कि चालाकी कहते हैं.... चालाकी जो न तुझमे है और न hi तेरे इन चमचो (सलमान और फ़िरोज़ की तरफ इशारा करके) में है.... मैं तुम लोगों को जितना चुटिया समझता था तुम लोग तो उस से भी बड़े चूतिये निकले.... अबे प्लान बनाने से पहले काम से काम ये तो देख लिया होता की प्लान कहाँ बना रहे हो.... प्लान बनाया भी तो कहाँ....? मेरे hi घर में.... और हाइट तो तब हुई जब वो प्लान इन चूतियों ने कक्तव कैमरा के ठीक नीचे बनाया.... जिसमे इनका पूरा प्लान हद क्वालिटी में रिकॉर्ड हो गया....

प्रिंस की बात सुन के जहाँ जिब्रान गुस्से से सलमान और फ़िरोज़ की तरफ देखता है वहीँ रूही की आँखों से आंसू बहने लगते हैं की आज उसने अपने प्यार को पूरी तरह से खो दिया.... जो प्रिंस उसे चाहने लगा था उसे रूही ने नफरत करने पे मजबूर कर दिया.... ये सोच के उसकी आँखों से hi नहीं बल्कि दिल से भी खून के आंसू बहने लगते हैं.... वो खामोश कड़ी रोटी रहती है....

प्रिंस : जब मुझे तुम्हारे प्लान के बारे में पता चला तब मेरा दिल किया की मैं उसी वक़्त तुम लोगों को इस का जवाब दूँ... मगर तभी मुझे आईडिया आया की क्यों न मैं खामोश रह के तुम्हारे hi प्लान के ज़रिये तुम लोगों को ऐसा सबक सिखों की जिस से सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे.... और देखो मैं अपने प्लान में कामियाब भी हो गया.... इस से मुझे एक नहीं बल्कि कई फायदे हुए.... तुम लोगों के साथ साथ मेरी इस सो कॉल्ड एक्स वाइफ का धोका मेरे सामने आ गया और कोमल को उसका घर और ज़मीन भी वापिस मिल गयी....

जिब्रान : मान न पड़ेगा वाकई में तेरा दिमान काफी तेज़ है.... कहाँ मैं तुझे बर्बाद करने चला था और कहाँ खुद तेरे हाथों बर्बाद हो गया.... मगर तेरी जीत तब होगी जब तू यहाँ से ज़िंदा बहार जा पायेगा.... मैं यहीं तुझे मार के गाड़ दूंगा और किसी को पता भी नहीं चलेगा.....

जिब्रान की बात सुन के प्रिंस के साथ साथ मैक्स भी ज़ोर ज़ोर से हसने लगता है.....

हहहहहहहहह....

जिब्रान : अबे मैंने क्या कोई जोके मारा है जो तुम दोनों यूँ हंस रहे हो....

मैक्स : ये जोके नहीं तो और क्या है.... अबे तू किसे डरा रहा है.... प्रिंस को.... इसे मार सके ऐसा कोई आज तक पैदा नहीं हुआ.... और न hi कभी होगा.... बस देखते जाओ की ये कैसे तुम लोगों की बंद बजता है.... इस से पहले की ये गुस्से में आ के तुम लोगों की हालत बिगाड़ दे मेरी मानो तो अभी भी वक़्त है.... जल्दी से इसके पेअर पकड़ के रेहम की भीक मांग लो.... हो सकता है ये तुम्हे माफ़ कर दे.... ये सब कुछ बर्दाश्त कर सकता है मगर धोका नहीं..... धोके से इसे सख्त नफरत है....

ठीक तभी वहां जग्गू आ जाता है....

जग्गू : ये ज़िंदा रहेगा तब न हमारी बंद बजायेगा....

ये कह के वो प्रिंस पे गोली चला देता है.... प्रिंस बचने के लिए एक तरफ घूम जाता है मगर बच नहीं पाटा गोली उसके कंधे को घिसते हुए निकल जाती है....

प्रिंस पे गोली चलते देख मैक्स के साथ साथ रूही की भी चीख निकल जाती है..... उसकी तो जैसे जान hi निकल जाती है....

रूही : Princeeeeeeeeeeeeeee......

ठीक तभी प्रिंस के सिक्योरिटी Guard's फ़ौरन वहां आ जाते हैं.... और देखते hi देखते मार मार के सब की हालत खराब कर देते हैं....

रूही बेहद गुस्से में आगे बढ़ती है और जग्गू पे टूट पड़ती है.....

रूही : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्रिंस पे गोली चलने की.... आज तू मेरे हाथों से नहीं बचेगा.... मैं तेरी जान ले लुंगी....

ये कह के रूही बेहद गुस्से में जैम के जग्गू की धुलाई करती है.... जग्गू के हड्डियों के टूटने की आवाज़ आने लगती है.... जब तक वो बेहोश नहीं हो जाता रूही उसे पीट टी रहती है....

फ़िरोज़ और सलमान की धुलाई प्रिंस खुद करता है.... मार मार के वो उन्ही हालत खराब कर देता है....

ज़रा भी कहाँ पीछे रहने वाली थी वो जिब्रान को पीटने लगती है..... कुछ hi देर में वहां मौजूद गुंडे बेहोश हो जाते है और कुछ में हिलने तक की ताक़त नहीं रहती....

तभी वहां पुलिस आ जाती है प्रिंस के साथ धोका करने और उसपे जान लेवा हुम्ला करने के जुर्म में उन्हें पकड़ के ले जाती है....

ज़रा आगे बढ़ के प्रिंस के कंधे पे कास के अपने स्कार्फ़ को बाँध देती है ताकि खून रुक जाए....

Paper's ले के प्रिंस मैक्स ज़रा के साथ साथ रूही को ले के बहार आता है....

प्रिंस : ज़रा इसे (रूही को) पूरी हिफाज़त के साथ घर पहुंचा दो....

ज़रा : इस से ज़्यादा ज़रूरी तुम्हे हॉस्पिटल ले जाना है.... तुम्हे गोली लगी है.... देखो तुम्हारे कंधे से कितना खून निकल रहा है....

प्रिंस के कंधे से निकल रहे खून को देख रूही का दिल तड़प जाता है उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं....

प्रिंस : मैं मैक्स के साथ चला जाऊँगा तुम इसे ले के घर जाओ....

ज़रा : मैं तुम्हे इस हाल में चोर के चली जाऊं ये मुमकिन नहीं.... प्रिंस के लाख समझने पे भी ज़रा उसकी एक नहीं सुनती वो उसे इस हाल में चोर के जाने को तैयार hi नहीं.... रूही भी प्रिंस को चोर के नहीं जाना चाहती....

न चाहते हुए भी प्रिंस ज़रा रूही को साथ ले के कार में बैठ जाता है.....

मैक्स : यार एक बात समझ नहीं आयी आखिर तू ने रूही को क्यों पुलिस से बचा लिया....? क्यों तू ने पुलिस से ये कहा की इस सब में इसकी कोई गलती नहीं है....? जबकि इस सब में ये भी उतनी hi शामिल है जितना की वो लोग थे... सब के साथ मिल के इसने भी तुझे धोका दिया है..... आखिर इस की वजह क्या है....?

ये बात रूही की भी समझ में नहीं आ रही है की आखिर प्रिंस ने उसे क्यों बचाया.....? क्यों पुलिस को उसे अरेस्ट नहीं करने दिया....? कहीं ऐसा तो नहीं की प्रिंस अब भी उसे उतना hi चाहता hai....bas नफरत करने का झूठा दिखावा कर रहा है....? और प्रिंस अचानक से कहाँ चला गया....? वो ऐसा कौनसा ज़रूरी काम है.....???

प्रिंस : वो बाद में बताऊंगा.... फिलहाल हॉस्पिटल चल....

हॉस्पिटल पहुँचते hi वहां मौजूद लोगों को देख सब चौंक जाते हैं....????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 55

मैक्स : यार एक बात समझ नहीं आयी आखिर तू ने रूही को क्यों पुलिस से बचा लिया....? क्यों तू ने पुलिस से ये कहा की इस सब में इसकी कोई गलती नहीं है....? जबकि इस सब में ये भी उतनी hi शामिल है जितना की वो लोग थे... सब के साथ मिल के इसने भी तुझे धोका दिया है..... आखिर इस की वजह क्या है....?

ये बात रूही की भी समझ में नहीं आ रही है की आखिर प्रिंस ने उसे क्यों बचाया.....? क्यों पुलिस को उसे अरेस्ट नहीं करने दिया....? कहीं ऐसा तो नहीं की प्रिंस अब भी उसे उतना hi चाहता hai....bas नफरत करने का झूठा दिखावा कर रहा है....? और प्रिंस अचानक से कहाँ चला गया....? वो ऐसा कौनसा ज़रूरी काम है.....???

प्रिंस : वो बाद में बताऊंगा.... फिलहाल हॉस्पिटल चल....

हॉस्पिटल पहुँचते hi वहां मौजूद लोगों को देख सब चौंक जाते हैं....????

अब आगे.....

वहां रूही का पूरा परिवार मौजूद है... सब की आँखें नाम हैं.... अपने घर वालों को देख रूही फ़ौरन उनके पास जाती है और उन्हें सच बताने hi वाली होती है की तभी उसकी माँ उसे अपने सीने से लगा लेती है....

रूही : माँ वो.... वो.... प्रिंस.....

रूही इस से आगे कुछ कहती बुआ बीच में hi उसे रोक देती है..... साथ hi बड़े प्यार से उसे अपनी बोतल से पानी पिलाती है और और उसे अपने सीने से लगा लेती है....

बुआ : तुझे कुछ कहने की ज़रुरत नहीं है.... मेरी बच्ची.... हम को सब पता चल चूका है.... सलमान और फ़िरोज़ ने हम को सब बता दिया है.... कैसे इस (प्रिंस) ने अपने दुश्मन से बदला लेने के लिए हमारे बच्चों का इस्तेमाल किया और जब उसका काम पूरा हो गया तो उसने उन्हें मारा और झूठा इलज़ाम लगवा के पुलिस से गिरफ्तार करवा दिया.... इतने से भी जब इसका दिल न भरा तब इस ने तुम्हारा नाम बदनाम किया.... मुझे तो कहते हुए भी शर्म आती है.... इस ने ये कहा की तुम्हारे नाजायज़ सम्बन्ध है सलमान के साथ और इसी बात की वजह से ये तुम्हे तलाक़ दे रहा है.... जाने इस कमीने ने किस जनम का बदला लिया हम सब के साथ....

बुआ की बात सुन के प्रिंस ज़रा और मैक्स तीनो को बेहद गुस्सा आ जाता है.... रूही को भी बुआ पे बेहद गुस्सा आने लगता है मगर वो छह के भी कुछ कह नहीं पा रही है.... उसका सर घूम रहा है.... उसे नशा सा हो रहा है.... प्रिंस और ज़रा गुस्से में कुछ कहने hi वाले होते हैं की तभी मौके की नज़ाकत को देखते हुए मैक्स खुद के साथ साथ उनके गुस्से को भी ये कह के शांत करता है.....

मैक्स : नहीं ज़रा अभी नहीं....

ज़रा बेहद गुस्से में : नहीं मैक्स इस वक़्त मत रोको मुझे... इनकी हिम्मत कैसे हुई प्रिंस पे झूठा इलज़ाम लगाने की.... गलती इन लोगों ने की.... धोका इन लोगों ने प्रिंस को दिया.... और उलटे ये प्रिंस पे इलज़ाम लगा रहे हैं... आज मैं यहाँ किसी को नहीं छोड़ूंगी....

मैक्स : नहीं ज़रा अभी नहीं... अभी सब से ज़रूरी है प्रिंस के ज़ख्मो का इलाज करवाना.... देखो कितना खून निकल रहा है..... जल्द hi इसका इलाज करवाना होगा इस से पहले की कुछ गलत हो जाए.... और रही इन लोगों की बात तो एक बार प्रिंस ठीक हो जाए तो फिर इन लोगों को भी देख लेंगे....

प्रिंस की हालत देखते हुए ज़रा बड़ी मुश्किल से अपने गुस्से को शांत करती है और मैक्स के साथ प्रिंस को सहारा दे के डॉ के पास ले जाती है.....

रूही छह के भी कुछ कह नहीं पा रही है.... न hi वो अपनी जान को खुद से दूर जाते हुए देख पा रही है..... बस आँखों में आंसू लिए अपनी जान को देख रही है.... उसका दिल रो रहा है.... वो प्रिंस को रोकना चाहती है.... उसे सब सच सच बताना चाहती है.... मगर इस वक़्त वो मजबूर है.... धीरे धीरे नशा उस पे पूरी तरह से हावी हो जाता है और वो बेहोश हो जाती है.....

इस बात का इलज़ाम भी बुआ प्रिंस पे लगाती है.....

बुआ : देखो उस कमीने ने क्या हाल कर दिया है मेरी बच्ची का.... मेरी बची जो हर पल हर लम्हा हंसती मुस्कुराती रहती थी वो आज इस कमीने की वजह से गम में डूबी हुई है.... इस कमीने ने मेरी फूल सी बच्ची की ज़िन्दगी को अज़ाब बना के रख दिया.... आखिर किस बात का बदला ले रहा है ये कमीना इस मासूम से..... अगर इसे मेरी बच्ची इतनी hi न पसंद थी तो क्यों किया इस कमीने ने मेरी बच्ची से निकाह.... क्यों इस की हस्ती खेलती ज़िन्दगी को गम में तब्दील कर दिया.... इस से तो अच्छा ये hi होता की रूही का निकाह इस कमीने के बजाये मेरे बेटे सलमान से हुआ होता.... तो काम से काम हम को आज ये दिन तो न देखना पड़ता.... मैं तो कहती हूँ अच्छा hi हुआ जो इस कमीने ने अपना असली रंग दिखा दिया... और मेरी बेटी को तलाक़ दे दिया.... इस तरह इस कमीने से छुटकारा मिल गया.... अब इस से पहले की ये हमारे और हमारी बेटी रूही के साथ और कुछ गलत करे.... हम को जल्द से जल्द रूही का निकाह सलमान से करवा देना चाहिए....

बुआ की बात सुन के रुखसाना के साथ साथ रहना को भी यकीन नहीं आता की जो इलज़ाम फ़िरोज़ और सलमान की बात सुन के बुआ प्रिंस पे लगा रही है वो सच है.... दोनों एक साथ कहती है....

मुझे नहीं लगता की प्रिंस ऐसा कर सकता है.... ज़रूर कोई ग़लतफहमी हो रही है....

बुआ : कोई ग़लतफहमी नहीं है.... सब कुछ आप लोगों की आँखों के सामने hi हो रहा है.... देखिये गौर से देखिये क्या हाल किया है उस कमीने ने हमारे बच्चों का.... और ख़ास कर के रूही का..... क्या अब भी आप को इस बात पे यकीन नहीं आ रहा है... मैं जो कह रही हूँ उसे आप लोग जितनी जल्दी मान लेंगे उतना hi सब के लिए अच्छा होगा.... इस से पहले की वो कमीना प्रिंस हमारे साथ कुछ गलत करे.... हम को जल्द से जल्द रूही का निकाह सलमान से करवाना होगा... इस से हम को प्रिंस से छुटकारा भी मिल जाएगा और वो 50 कमरों का बंगलो जो उसने रूही के नाम किया था वो hi हमारा hi रहेगा....

बुआ की बात सुन के रुखसाना और रहना कुछ कहने hi वाली होती हैं की तभी बुआ उन्हें चुप करा देती है....

बुआ : मेरी मानो तो जल्द से जल्द रूही को ले के तुम दोनों घर चली जाओ....

बुआ की बात पे रहना और रुखसाना को यकीन नहीं आता मगर मौजूदा हालात को देखते हुए दोनों बुआ के साथ साथ फ़िरोज़ और सलमान की कही हुई बात को मान के रूही को साथ ले के घर चली जाती है....

इधर डॉ प्रिंस का इलाज करते हैं और उसे वार्ड में शिफ्ट कर देते हैं.....

अगली सुबह जब प्रिंस के बाकी दोस्तों (सैर सैम विजय) को उसके बारे में पता चलता है तो वो फ़ौरन वहां आ जाते हैं.... वहां पहुँच के जब उन्हें पूरी बात पता चलती है तब उन्हें hi बेहद गुस्सा आ जाता है.....

गुस्से में वो फ़ौरन फ़िरोज़ और सलमान को मारने निकल जाते हैं.... प्रिंस उन्हें रोकने की बहुत कोशिश करता है मगर वो नहीं मानते.... कुछ देर बाद वो वापिस आते हैं.....

उनके चेहरे पे हैरत और ख़ुशी एक साथ नज़र आ रही है....

सैर : यार मुझे हैरत भी और ख़ुशी भी.... ख़ुशी इस बात की उनकी हालत देखने लायक है..... कल रात किसी ने जैम के उन दोनों कमीनो की धुलाई की है.... और हैरत इस बात की उनके जिस्म की लगभग साड़ी हड्डियां टूटी हुई है.... समझ नहीं आ रहा है की उनकी इतनी बुरी हालत की तो की किसने.....? ऐसा वो hi कर सकता है जो बेहद ताक़तवर हो.....

ये कह के सैर ज़रा और प्रिंस को देखने लगती है.....

ज़रा : मैं तो कल रात hi दोनों कमीनो को जान से मारने वाली थी मगर प्रिंस की वजह से ऐसा कर न सकीय.....

मैक्स : अगर वो तुम नहीं तो फिर....

सैर : तब तो वो प्रिंस के अलावा और कोई हो hi नहीं सकता.... क्यों प्रिंस मैंने ठीक कहा न.....

प्रिंस : सालों ने काम hi ऐसा किया था.... उन्हें सजा तो मिलनी hi थी.... साले मार खा के भी नहीं सुधरे रात को चुप के मुझपे वार करने आये थे..... मैंने भी उनकी वो हालत की की मेरा नाम सुनते hi दर के मारे उनकी रूह कांप उठेगी....

प्रिंस की बात सुन के ज़रा के साथ साथ सैर भी बेहद गुस्से में कहती है.....

उन कमीनो की इतनी हिम्मत.... आज तो उन की मौत पक्की है.....

ये कह के दोनों बेहद गुस्से में बाहर जाने लगती हैं.... मगर प्रिंस उन्हें रोक देता है.....

प्रिंस : जी नहीं तुम दोनों ऐसा कुछ नहीं करोगी.... मैं चाहता हूँ की दोनों कमीने ज़िंदा रहे.... ताकि उनकी हालत देख के दोबारा कोई प्रिंस के साथ ऐसा करने के बारे में सपने में भी न सोचे.....

सैर : मगर.....

प्रिंस : यार अच्छी दोस्त हो तुम दोनों.... यहाँ मेरा हाल चाल पूछने के बजाये तुम दोनों को उन कमीनो की पड़ी है....

प्रिंस की बात सुन के दोनों फ़ौरन उस पास आ के कहती हैं.....

नहीं यार ऐसी बात नहीं है.... हम को खुद से भी ज़्यादा जिसकी फ़िक्र है वो तुम हो.... तुम हे इस हाल में देख के रहा नहीं गया और हमको उन कमीनो पे गुस्सा आ गया..... तुम से बढ़ के इस दुनिया में हमारे लिए और कोई नहीं..... हम खुद भी नहीं.....

दोनों की बात सुन के प्रिंस मुस्कुरा देता है..... वहीँ विजय के साथ साथ सैम को भी प्रिंस से जलन सी होने लगती है.....

विजय : यार क्या किस्मत है तेरी यहाँ एक भी मिलती नहीं और तू है की जिसकी दीवानी हर दूसरी लड़की है....

सैम : हाँ यार सही कहा तू ने देख न मेरी गर्लफ्रेंड को भी मुझसे ज़्यादा प्रिंस की फ़िक्र है....

सैम की बात सुन के जहाँ प्रिंस अपना सर पीट लेता है वहीँ सैर गुस्से में उसकी तरफ देख के कहती है....

सैर : तू नहीं सुधरेगा न.....

सैर को गुस्से में देख सैम की हालत पतली हो जाती है.....

सैम : यार वो मैंने ऐसे hi कह दिया था... मेरे कहने का मतलब वो नहीं था जो तू समझ रही है....

सैर : मैं तुझे बिलकुल ठीक समझ रही हूँ.... खैर इस वक़्त मैं तेरे साथ बेहेस के मूड में नहीं हूँ....

फिर वो लोग कुछ देर प्रिंस के पास रह के उसके कहने पे ऑफिस निकल जाते हैं.....

बाबा : आज मेरी बेटी बेहद खुश है.....

कोमल : हाँ बाबा.... आज अपने इस घर में फिर से आ के वाकई में मैं बेहद खुश हूँ.... ये वो घर है जहाँ मेरी बचपन की यादें हैं.... ये वो घर है जहाँ मैं पैदा हुई.... अपनी माँ की ऊँगली पकड़ के मैं पूरे घर में घूमती.... इस घर के हर एक चीज़ में मेरी बचपन की और मेरी प्यारी माँ की बेशकीमती यादें बसी हुई हैं..... जो मुझे वापिस मिल गयी हैं....

बाबा : ये खुशियां हमको सिर्फ और सिर्फ प्रिंस की वजह से मिली हैं.... उसने हमारे लिए जो किया है वो कोई अपना भी न करे.....

बाबा की बात सुन के कोमल कुछ सोच के कहती है....

कोमल : हाँ बाबा ये सच है की ये सब प्रिंस की वजह से हुआ hai....magar मुझे ये बात अब तक समझ नहीं आ रही है की न hi हम उसे जानते हैं और न hi वो हमे जानता है... और न hi हमारा उस से कोई रिश्ता है..... फिर भी उसने हमारे लिए इतना कुछ किया.... ऐसा क्यों....? कोई किसी गैर के लिए इतना कुछ क्यों करेगा....? क्यों.....????

बाबा : बीटा किसी के लिए कुछ अच्छा करने के लिए किसी वजह की ज़रुरत नहीं होती.... कुछ ऐसे भी लोग हैं इस दुनिया में जो बिना किसी फायदे के लिए बहुत कुछ करते हैं....

कोमल : हाँ बाबा आप की बात मैं मानती हूँ.... मगर फिर भी जाने क्यों मुझे ऐसा लग रहा है की प्रिंस के ये सब करने के पीछे कोई न कोई वजह ज़रूर है....

बाबा : ये क्या बीटा तू उस नेक फ़रिश्ते पे शक कर रही है.....?

कोमल : नहीं बाबा.... ऐसी बात नहीं है.... मैं उस पे शक नहीं कर रही बल्कि ये जान ने की कोशिश कर रही हूँ की आखिर उस फ़रिश्ते ने बिना किसी मतलब के हमारी इतनी मदत की क्यों....? वो क्या है की आज तक दुनिया वालों से इतने धोके और ज़ख्म खाये हैं की प्रिंस की अच्छाई देख के भी उसपे यकीन करना मुश्किल हो रहा है.... ऐसा लग रहा है की ये सब वो ज़रूर किसी न किसी वजह से कर रहा है.... और मुझे जान न है की आखिर वो वजह है क्या....? वर्ण आप hi सोचिये की इतना अमीर इंसान हम गरीबों की ख़ास कर के हमारी इतनी मदत क्यों कर रहा है.....?

बाबा : ये बात तो मुझे नहीं पता.... चल अब जल्दी से ऑफिस के लिए तैयार हो जा.... कहीं ऐसा न hi तेरे साथ साथ मुझे भी लेट हो जाते....

कोमल उदास मन से दिल में हज़ार सवाल लिए ऑफिस के लिए चल देती है.... ऑफिस में प्रिंस के बारे में पता चलते hi वो परेशान हो जाती है.... और फ़ौरन हॉस्पिटल की तरफ चल देती है....

हॉस्पिटल पहुंच के कोमल के सवालों की बौछार शुरू हो जाती है....

कोमल : कैसे हो प्रिंस....? तुम ठीक तो हो न....? ये सब कैसे हुआ.....? कब हुआ....? किसने किया....? ........ और न जाने क्या क्या.....?????

कोमल के सवाल हैं की ख़तम hi नहीं हो रहे.... प्रिंस ख़ामोशी से बस उन्हें सुन रहा है..... प्रिंस को कुछ न कहते देख कोमल और भी ज़्यादा परेशान हो जाती है.....

कोमल : क्या हुआ प्रिंस तुम कुछ बोलते क्यों नहीं.....?

प्रिंस : तुम मुझे कुछ बोलने का मौका दो तब न मैं कुछ कहूं.....

कोमल : बताओ मुझे ये सब हुआ कैसे....? तुम ठीक तो हो न....? ज़्यादा चोट तो नहीं लगी.....

ये कह के कोमल के सवालों की झड़ी एक बार फिर शुरू हो जाती है.... जिसे सुनते hi प्रिंस हसने लगता है.....

हहहहहहहहह.....

प्रिंस को यूँ हस्ते देख कोमल हैरत से उसे देखने लगती है.....

प्रिंस : कुछ नहीं हुआ मुझे मैं बिलकुल ठीक हूँ....

कोमल : जो ठीक होता है वो हॉस्पिटल में एडमिट नहीं होता.... सीधे सीधे क्यों नहीं कहते की तुम मुझे कुछ बताना नहीं चाहते....

प्रिंस : ऐसी बात नहीं है....

कोमल : ऐसी hi बात है.... मैं तुम्हारी अपनी नहीं हूँ न तभी मुझसे सब छुपा रहे हो.... अगर अपना समझते तो सब बता देता.....

प्रिंस : जी नहीं ऐसा कुछ नहीं है.... वो क्या है की तुम्हे बता के मैं तुम्हे परेशां नहीं करना चाहता....

कोमल : तुम्हे इस हाल में देख मुझे क्या ख़ुशी हो रही है.... तुम नहीं जानते तुम्हे ऐसे देख मुझे कितनी तकलीफ हो रही है..... जो भी बात है मुझे बताओ....

प्रिंस कोमल को पूरी बात बताता है जिसे सुन के उसे जितनी हैरत होती है उतना hi गुस्सा आता है..... साथ hi उसकी आँखें नाम हो जाती हैं... उनमे से आंसू बहने लगते हैं....

प्रिंस : ये क्या कोमल तुम रो रही हो.....?

कोमल : तुम्हारी बात सुन के और तुम्हारा ये हाल देख के जाने क्यों मेरा दिल तड़प उठा.... मुझे बेहद तकलीफ सी होने लगी.... और न चाहते हुए भी मेरी आँखों से आंसू बहने लगे....

प्रिंस : मगर क्यों.....????

कोमल जो कहती है उसे सुन के प्रिंस कुछ कह नहीं पाटा बस उसे देखता रह जाता है....

कोमल : जिस तरह मेरे सवालों के जवाब तुम्हारे पास नहीं हैं ठीक उसी तरह तुम्हारे इस क्यों का जवाब मुझे नहीं पता....

इधर घर में अचानक रूही की चीख सुन के सब बुरी तरह से घबरा जाते हैं....????
 
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