Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen) - Page 14 - SexBaba
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Meri Aashiqui Tumse hi (Bhai aur Behen)

मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 126

प्रिंस रूही के सर पे अपना हाथ रख के उसके सर में वाइट रेज़ चोर देता है ताकि रूही का दर्द और सूझन जल्द ख़तम हो जाए.... और वो उसे सुबह अपने साथ सुल्तानगढ ले जा सके....

प्रिंस : जान कल सुहब तक तुम पूरी तरह से ठीक हो जाओगी....

प्रिंस की बात पे रूही हाँ में अपनी गर्दन हिला देती है....

फिर दोनों एक दूसरे को किश कर के लिपट के सो जाते हैं....

इधर अचानक से गुलिस्तां का मौसम बदलने लगता है जिसे देख सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं.... किसी को कुछ समझ नहीं आ रहा है की अचानक से ये क्या और क्यों हो रहा है....??????

अब आगे.....

इधर जैसे hi सूरज की पहली किरण खिड़की से टकरा के प्रिंस के जिस्म पे पड़ती है उसके जिस्म में कुछ बदलाव आने लगते हैं.... उसका जिस्म पहले से कई ज़्यादा मज़बूत और आकर्षक होने लगता है.... साथ hi उसकी आकर्षण शक्ति भी काफी बढ़ जाती है.... पूरे जिस्म में एक अलग hi तेज फैल जाता है.... उसके बाल थोड़े लम्बे हो जाते है.... कुछ अलग स्टाइल में.... फिर कुछ पल में वो होता है जो समझ के परे है..... अचानक से प्रिंस के सीने से नीली रौशनी निकल के रूही के जिस्म में जाने लगती है.... देखते hi देखते रूही का पूरा जिस्म नीली रौशनी से भर जाता है.... उसके जिस्म में कुछ झटके लगने लगते हैं.... फिर कुछ देर बाद रूही का जिस्म नीले से गुलाबी हो जाता है और फिर उसके जिस्म से गुलाबी रौशनी निकल के प्रिंस के जिस्म में सामने लगती है..... प्रिंस का जिस्म उस गुलाबी रौशनी की वजह से गुलाबी हो जाता है..... फिर कुछ देर बाद दोनों के जिस्म नार्मल हो जाते हैं.... कुछ ख़ास बदलाव के साथ.... अब ये बदलाव क्या और क्यों हुए ये आगे पता चल जाएगा....

जब तक चलिए चल के देखते हैं की अचानक से गुलिस्तां का मौसम क्यों बदलने लगा और ऐसा क्या हुआ जिसे देख सब बुरी तरह से चौंक गए.....?

वो हुआ ये था की जैसा की आप जानते हैं की रूही और अवनि पारी का hi हिस्सा हैं.... जो चीज़ एक को महसूस होता है उसे बाकी दोनों भी महसूस कर लेते हैं.... चाहे वो ख़ुशी हो गम हो गुस्सा हो या फिर सेक्स से भरा मज़ा.....

ठीक वही पारी ने महसूस किया.... जो जो प्रिंस ने रूही के साथ किया उसे रूही के साथ साथ अवनि और पारी ने भी महसूस किया.... दोनों के बीच हुए सेक्स को उस वक़्त बिताये हर एक पल को हर एक एहसास को हर एक मज़े को.... होंठों के चूसने को बूब्स के दबाने से छूट में उभरी मस्ती की तेज़ लेहेर को.... छूट से निकलते कामर्स की बूंदों को.... प्रिंस के हाथों से बूब्स और चूतड़ के दबने को.... छूट के दाने के रगड़ने को.... छूट में घुस के प्रिंस के लुंड से सील के टूटने और उस से उठने वाले तेज़ दर्द को.... फिर मस्ती भरे लम्हों को जो प्रिंस के उसके होंठों को चूसने और चूची के दबाने से महसूस हुए थे.... फिर मस्ती भरे चुदाई के एहसास को.... झड़ते वक़्त छूट से निकले काम रास के एहसास को.... फिर चौड़ाई के ज़बरदस्त धक्कों को जो उसकी छूट में घुस के उसकी बच्चेदानी तक पहुँच के उसे जन्नत का मज़ा दे रहे थे.... रूही के साथ साथ अवनि और पारी को भी जन्नत की सैर करवा रहे थे..... फिर आखरी में प्रिंस के लुंड से निकले वार्य के मदहोश और तृप्त कर देने वाले एह्साह को.... महसूस करके दोनों जन्नत की सैर कर रही थी.... पारी के महसूस किये हर एक एहसास पे गुलिस्तां का मौसम बदल रहा था.... जब उसे तकलीफ होती तो गुलिस्तां का मौसम बिगड़ने लगता.... आसमान में काले बादल चने लगते.... बिजलियाँ कदने लगती.... गुलिस्तां की ज़मीन हिलने लगती.... और जब उसे मस्ती का एहसास होता तो.... गुलिस्तां का मौसम बेहद खुशनुमा हो जाता... चारो तरफ हरियाली छाने लगती.... पेड़ों पे बैठे पंछी मधुर संगीत बजने लगते... हलकी हलकी बार गिरने लगती चारो तरफ फूल खिलने लगते.... गुलिस्तां को देख ऐसा लगता जैसे वहां जन्नत नज़र आ रहा हो..... फिर अचानक से मौसम खुशनुमा से बदल के खौफनाक हो जाता.... फिर अचानक से बदल के जन्नत से भी हसीं हो जाता.... रात भर गुलिस्तां का मौसम हर गुज़रते पल के साथ बदलता रहा.... जिसे देख सब के दिल में खौफ सामने लगा... किसी की कुछ समझ नहीं आ रहा है की आखिर ये सब कैसे और क्यों हो रहा है... सिवाए बाबा के.... गुलिस्तां का हाल देख के उन्हें ये समझते देर नहीं लगती की ये सब कैसे और क्यों हो रहा है... इस सब को देख जहाँ वो बेहद खुश हो जाते हैं वहीँ उनके चेहरे पे परेशानी के भाव भी उभर आते हैं..... और सुबह जो होता है उसे देख सब के साथ साथ बाबा का दिल भी एक पल के लिए देहल जाता है.... जिसे देख बेगम साहिबा न चाहते हुए भी बाबा से इस सब की वजह पूछने पे मजबूर हो जाती है....

बेगम साहिबा : बाबा आखिर ये सब क्या है....? ये अचानक से गुलिस्तां के मौसम को क्या हुआ....? ये हर गुज़रते पल के साथ क्यों बलदल रहा है....? और आपके चेहरे पे मुस्कराहट के साथ साथ आपकी आँखों में खौफ और परेशानी के भाव क्यों नज़र आ रहे हैं....? बताइये बाबा आखिर बात क्या है....?

बाबा : ये वो hi हो रहा है जो होना लिखा है..... होनी को कोई नहीं बदल सकता.... मगर इस तरह होगा ये सोचा न था.... जहाँ खुशियां भी हैं साथ hi बेइन्तेहाँ गम भी.... जहाँ ख़ुशी के साथ साथ तकलीफ भी है.... एक के हिस्से में सिर्फ ख़ुशी आयी है तो दूसरे के हिस्से में जितनी ख़ुशी नहीं आयी उस से कई ज़्यादा गम....

बेगम साहिबा : बाबा आप क्या कह रहे हैं कुछ समझ नहीं आ रहा है... आप किस ख़ुशी और गम की बात कर रहे हैं....? और वो कौन हैं....?

बाबा : वो और कोई नहीं बल्कि प्रिंस और पारी हैं.... कल रात रूही और प्रिंस का प्रेम मिलान हो गया.... जिसके साथ hi काल चक्र की शुरुवात भी हो चुकी है.... जो पारी के लिए खुशियां और प्रिंस के लिए जितनी खुशियां नहीं उस से कई ज़्यादा गम ले के आयी है.... उस मिलान के साथ hi प्रिंस की कुछ पावर्स के साथ साथ पारी की पावर्स भी एक्टिवटे हो गयी है.... जल्द hi एक बार फिर से वक़्त खुद को पहले की तरह दोहराने वाला है.... बस देखना ये है की इस बार वक़्त अपने साथ कुछ बदलाव लाता है या फिर पिछले बार जैसा हुआ इस बार भी वैसा hi होगा.... क्या इस बार भी न चाहते हुए भी प्रिंस को अपनी पाक और सच्ची मोहोब्बत को साबित करने के साथ साथ अपनी जान को बचने लिए अपनी जान की क़ुर्बानी देनी पड़ेगी....? क्या इस बार भी प्रिंस अपनी ये ज़िन्दगी भी हार जाएगा.... क्या इस बार भी प्रिंस उसी बेइन्तेहाँ तकलीफ को सहेगा....? क्या इस बार भी उसकी जान पारी और मलिका सुनहरी उसकी जान लेगी....? क्या इस बार भी शैतान अघोरा प्रिंस को दर्दनाक मौत तक पहुँचने में कामियाब हो पायेगा....? क्या इस बार वो प्रिंस की पावर्स को उस से चीन पायेगा...? या फिर हर बार की तरह इस बार भी प्रिंस के हाथों पूरी तरह न मर के वो 1000 साल तक दर्द में तड़पते हुए आधा जिस्म लिए मौत की फ़रियाद करते हुए के गुज़रेगा.... क्या इस बार भी प्रिंस उसे पूरी मौत नहीं दे पायेगा....? क्या हर बार की तरह वो श्राप प्रिंस को इस बार भी अपनी जान से दूर कर देगा....? क्या होगा आगे ये सोच के मैं घबरा रहा हूँ....

बाबा की बात सुन के बेगम साहिबा के साथ साथ वहां मौजूद सभी बुरी तरह से घबरा जाते हैं.... सब के दिल में तेज़ दर्द सा उठता है.... पिछली बातें याद करके उनकी रूह तक कांप जाती है... साथ hi आँखों से आंसुओं की नदी सी बहने लगती है....

बेगम साहिबा : बाबा क्या इस बार भी हम कुछ नहीं कर सकते.....? क्या इस बार भी हम प्रिंस को अपनी जान क़ुबान करते हुए देखते रह जाएंगे....? क्यों बाबा क्यों....? आखिर कब तक प्रिंस अपने सच्चे प्यार का सबूत देता रहेगा....? क्यों वो दोनों उसके सच्चे प्यार को नहीं समझती....? क्यों बस एक को चोर बाकी सब उसे अपना दुश्मन मानती हैं....? एक वो hi है जो हर बार प्रिंस के लिए अपने दिल में सच्चा प्यार लिए उसकी खातिर अपनी जान हस्ते हस्ते क़ुर्बान करती आयी है..... क्या इस बार भी उसका प्यार अधूरा रह जाएगा....? क्या इस बार भी वो अपनी जान प्रिंस के लिए अपनी जान क़ुर्बान कर देगी....? या फिर उसका सच्चा प्यार देख के उसे अपना लेगा.....? क्यों वो दोनों आज भी प्रिंस को अपना दुश्मन मानती हैं....? क्यों....? क्या किसी को टूट के चाहने का ये hi सिला मिलता है....? क्या सच्चे प्यार का यही अंजाम होता है....? अगर हाँ तो फिर अब बस अब और नहीं..... अब चाहे गुलिस्तां तबाह हो जाए या फिर मुझे उन दोनों कामिनियों को जान से hi क्यों न मारना पड़े.... इस बार मैं पहले जैसा नहीं होने दूंगी.... इस से पहले की उन दोनों कामिनियों की वजह से इस बार भी प्रिंस वो बेइन्तेहाँ दर्द सही.... मैं उनकी जान ले के इस को हमेशा हमेशा के लिए ख़तम कर दूंगी.... इस बार न hi प्रिंस अपनी जान उन कामिनियों के लिए क़ुर्बान करेगा और न hi वो प्रिंस की खातिर उसके प्यार की खातिर अपनी जान देगी.... प्रिंस के साथ साथ उस मासूम को भी उसका प्यार जाने कब हासिल होगा....

बाबा : ये मुमकिन नहीं.... जब तक प्रिंस ज़िंदा है तुम तो क्या इस पूरे ब्रह्माण्ड में ऐसा कोई नहीं जो उन दोनों को छू भी सके... उन्हें नुक्सान पहुँचाना तो बहुत दूर की बात है... न hi प्रिंस के ज़िंदा रहते न hi उसके मरने के बार.... प्रिंस मर के भी उन्हें कुछ नहीं होने देगा.... अगर उन्हें मार सकता तो मैं खुद कब का उन्हें मार देता.... मगर सिर्फ और सिर्फ प्रिंस की वजह से वो मर के भी आज भी ज़िंदा हैं.... चाहे जो हो जाए प्रिंस को कितने hi जनम क्यों न लेने पड़े जब तक प्रिंस उनका प्यार पा नहीं लेगा वो न तो खुद उन्हें कोई नुक्सान पहुंचाएगा और न hi किसी और को उन्हें नुक्सान पहुँचाने देगा.... ये मुमकिन नहीं.... काश वो हुआ hi न होता....? काश वो मनहूस रात आयी hi न होती.....? काश वो श्राप दिया hi न गया होता...? काश वो ".............." हुआ hi न होता....

क्या वाकई में ऐसा होगा जो बाबा ने कहा या फिर इस बार प्रिंस के साथ साथ उस मासूम को भी उसका सच्चा प्यार हासिल होगा.... ये आगे पता चलेगा.... फिलहाल चलिए चलके देखते हैं की प्रिंस और रूही का क्या हाल है.....?

सुबह जब रूही की आँख खुलती है तब बीएड पे अपने सीने से किसी को लिपटे महसूस कर वो बुरी तरह से चौंक जाती है.... मगर जैसे hi उसकी नज़र प्रिंस पे पड़ती है.... उसके दिल ख़ुशी से झूम उठता है.... उसके चेहरे पे प्यारी सी स्माइल आ जाती है.... वो आगे बढ़ के प्रिंस के होंठों को चुम लेती है.... उसके ऐसा करते hi प्रिंस नींद में उसके अपनी बाहों में कास लेता है.... रूही का नंगा जिस्म प्रिंस के जिस्म से कास के लिपट जाता है.... उसके ठोस बूब्स प्रिंस के सीने में डाब जाते हैं.... साथ hi प्रिंस का खड़ा लुंड उसकी छूट पे ठोकर मारने लगता है.... प्रिंस के नंगे जिस्म ख़ास करके उसके सीने और नीचे खड़े लुंड को महसूस कर के रूही का जिस्म मस्ती में सिहर उठता है.... उसे अपने और प्रिंस के नंगे होने का एहसास होता है... साथ hi उसे रात की दुमदार चुदाई याद आ जाती है.... जिसे सोच वो शर्म से पानी पानी हो जाती है.... वो शर्मा के अपना चेहरा प्रिंस के सीने में छुपाने की कोशिश करती है मगर कर नहीं पाती.... वो ऐसा करती उस से पहले hi प्रिंस नींद में आगे बढ़ के उसके होंठों को अपने मुँह में ले के उसे चूसने लगता है.... रूही भी किश में उसका साथ देने लगती है.... प्रिंस प्यार से उसके होंठों को चूसने लगता है... कुछ देर रूही कुछ ज़्यादा hi जोश में आ जाती है और वाइल्ड तरीके से उसके होंठों को चूसने लगती है.... उसकी छूट से तेज़ी से कामर्स बह के प्रिंस के खड़े लुंड को भिगोने लगता है.... रूही की इस वाइल्ड किश से प्रिंस की आँख खुल जाती है.... पहले तो वो बुरी तरह से चौंक जाता है फिर जब उसकी नज़र रूही पे पड़ती है तब वो ख़ुशी से उछाल पड़ता है और किश में उसका साथ देने लगता है.....

कुछ hi देर में रूही का जिस्म अकड़ जाता है और मस्ती में वो झड़ने लगती है.... उसे इतना मज़ा आता है की मस्ती में वो कब प्रिंस के होंठों को अपने दाँतों से कास के काट लेती है उसे समझ नहीं आता.... प्रिंस के होंठों से खून निकल के रूही के मुँह में जाने लगता है.... झड़ने के बाद जब रूही कुछ शांत होती है तब उसे अपने मुँह में कुछ अलग सा टास्ते महसूस होता है.... वो थोड़ा पीछे हैट के जब प्रिंस के चेहरे की तरफ देखती है तब प्रिंस के होंठों से निकल रहे खून को देख उसे ते समझते देर नहीं लगती की ये उसी की वजह से हुआ है.... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं... वो फ़ौरन आगे बढ़ के प्रिंस के होंठों से बहते खून को चूसने लगती है साथ hi रोने भी लग जाती है.... प्रिंस प्यार से उसके सर पे हाथ फेर के उसे चुप करता है और उसे अपने सीने से लगा लेता है....

रूही रट हुए प्रिंस से माफ़ी मांगने लगती है....

रूही : सॉरी प्रिंस.... मुझे माफ़ कर दो... मैंने ये जान के नहीं किया.... जाने कब ये हो गया....

प्रिंस : कोई नहीं मेरी जान हो जाता है मस्ती में कभी कभी.... वैसे काफी वाइल्ड किश करती है मेरी रूह....

प्रिंस के मुँह से वाइल्ड किश सुन के रूही शर्मा जाती है... मगर फिर जब रूह सुनती है तब ख़ुशी से उसका दिल झूमने लगता है.... वो कास के प्रिंस को अपने सीने से लगा लेती है....

प्रिंस : आज के बाद इन आँखों में कभी आंसू नहीं आने देना.... मैं सब कुछ बर्दाश्त कर सकता हूँ मगर अपनी रूह की आँखों में आंसू नहीं देख सकता.... वादा करो मुझसे चाहे कुछ भी क्यों न हो जाए तुम्हारी आँखों में ाँसे नहीं आएंगे....

रूही : मैं वादा करती हूँ जान... मगर तुमसे भी एक वादा चाहती हूँ की चाहे कुछ भी क्यों नान हो जाए तुम मुझे इसी तरह चाहते रहोगे... कभी चोर के नहीं जाओगे....

प्रिंस : मैं चहुँ तब भी तुम्हे चोर नहीं सकता.... मैं जिस्म हूँ और तुम मेरी रूह.... रूह के बिना जिस्म ज़िंदा नहीं रह सकता.... और एक बात हमेशा याद रखना.... तुम एक शेर की शेरनी हो.... शेरनी न hi किसी से डर्टी है और न hi कभी रोटी है.... वो तो बस डरना जानती है.... या फिर शिकार करना.... मुझे वो hi शेरदिल रूही चाहिए जो किसी से नहीं डर्टी थी... सब को डरा के रखती थी... वो दबंग शेरनी रूही जिसे पहली नज़र में देखते hi मुझे उस से प्यार हो गया था....

रूही : वो तो मैंने तुम्हारी वजह से खुद को रोके रखा था.... वर्ण डर्टी तो मैं अपने बाप से भी नहीं.... बस एक तुम hi हो जिसे देखते hi इस शेरनी का गुस्सा हवा हो जाता है और उसकी जगह प्यार ले लेता है.... तुम्हे और तुम्हारे सेक्सी जिस्म को देखते hi तुमपे प्यार आने लगता है....

प्रिंस : हाँ देखा था तुम्हारा प्यार अभी कुछ देर पहले.... कैसे मेरे होंठों को काट के मेरा खून चूस रही थी....

रूही : है जान जी तो चाहता है की तुम्हे कच्चा hi खा जाऊं.... है कितने हॉट सेक्सी और डैशिंग हो तुम.... और आज सुबह से कुछ ज़्यादा hi सेक्सी लग रहे हो....

प्रिंस : अब तो तुम से बच के रहना होगा... वैसे भी शेरनी के मुँह को खून लग गया है... जाने कब खा जाए.... और वैसे भी मैं भरी जवानी में नहीं मरना चाहता....

रूही : मुझसे से बच के कहीं नहीं जा पाओगे.... जहाँ जाओगे मुझे अपने पास hi पाओगे.... भूल गए रूह को भला कोई जिस्म से अलग कर पाया है क्या....

प्रिंस : मैं भी अपनी रूह से अलग नहीं रह सकता.... मगर रूह तुम्हारे आलावा मेरी किस्मत में और भी कई लफ्कियों का प्यार लिखा है....

रूही : मुझे पता है.... मैं बस इतना चाहती हूँ की मुझे मेरे हिस्से का प्यार मिलता रहे... बस और कुछ नहीं चाहिए... जब तक मुझे मेरे हिस्से का प्यार मिलता रहेगा ये शेरनी शांत रहेगी... जिस दिन मेरे हिस्से का प्यार तुमने किसी और को दिया उस दिन उसके साथ साथ तुम्हे भी जान से मार दूंगी और साथ खुद की जान भी ले लुंगी.... वैसे आज तक ऐसी कोई पैदा नहीं हुई जो मेरे शेरनी से उसके शेर को चीन सके.....

प्रिंस : ये कही न तुमने मेरे दिल जीतने वाली बात.... मुझे मेरी शेरनी ऐसी hi चाहिए एक दम दबंग स्टाइल वाली... यार आज तू ने मेरा दिल जीत लिया.... इस बात पे हो जाए एक और बार वो क्या है की रात में जल्दबाज़ी में ठीक से मज़ा नहीं आया आज दिन के उजाले में जैम के सुहागरात.... ी मैं सुहागदिन मानते हैं....

प्रिंस की बात सुन के रूही शर्मा जाती है....

रूही : धत तुम भी न जान... कुछ भी कहते हो.... रात भर मेरी बजा के तुम्हे चैन नहीं आया.... के दिन में भी मेरी हालत खराब करना चाहते हो... जानते हो अभी तक मुझे दर्द हो रहा है.... ( फिर अपनी सूझी छूट दिखा के कहती है... देखि क्या हाल कर दिया है तुमने और तुम्हारे एनाकोंडा ने मेरा और मेरी छूट का....

प्रिंस : वाओ यार कसम से क्या सेक्सी जिस्म है मेरी रूह का और सब से ख़ास तो उसकी छूट है और उस से भी ख़ास है उसकी छूट के पे वो काला टिल... है उसे देख के तो मुर्दे का लुंड भी खड़ा हो जाए.... मेरा तो पहले से hi खड़ा है....

प्रिंस की बात सुन के रूही को अपने नंगेपन का एहसास होता है साथ hi ये भी की जोश जोश में वो क्या बोल गयी.... शर्म के मारे वो धत कह के फ़ौरन बाथरूम में भाज जाती है.... उसे यूँ शरमाते देख प्रिंस हसने लगता है...

फिर कुछ देर बाद वो फ्रेश हो के बहार निकलती और प्रिंस को फ्रेश होने बाथरूम में भेज देती है....

फ्रेश हो के दोनों साथ में नीचे आते हैं.... प्रिंस को वहां देख सब को हैरत सी होती है साथ hi ख़ुशी भी...

रूही की माँ : अरे बीटा तुम कब आये....?

प्रिंस : माँ रात को आया था... आप सब सो रहे थे तो आपको डिस्टर्ब नहीं किया... आप सब की बड़ी याद आ रही थी ख़ास कर के मेरी रूही की तो उसे लेने चला आया.... अब से वो मेरे साथ रहेगी...

प्रिंस की बात सुन के रूही का दिल ख़ुशी से झूमने लगता है....

र माँ : मगर बीटा वो....

प्रिंस : माँ जो बीत गया उसे प्लीज आप सब एक बुरा सपना समझ के भूल जाइये.... और अब से कोई न hi उस सब को याद करेगा और न hi उसके बारे में कोई बात करेगा.... मैं अपनी जान रूही के साथ एक नयी शुरुवात करना चाहता हूँ जिसकी शुरुवात कल रात हो चुकी है.... अब हम को कोई अलग नहीं कर सकता... कोई नहीं मतलब कोई नहीं....

र माँ : ठीक है बीटा जैसा तुम कहो.... अपने बच्चों की ख़ुशी में hi मेरी ख़ुशी है....

फिर सब मिल के रूही और प्रिंस को इस नयी शुरुवात की मुबारकबाद देते हैं....

सिमी तो रात की बात सुन के रूही के पीछे पद जाती है.... बड़ी मुश्किल से रूही उसे बाद में बताने का कहके उस से पीछा छुड़ा लेती है....

सब के साथ नाश्ता करने के बाद....

प्रिंस : रूही तुम आराम करो मैं ज़रा ऑफिस जा के आता हूँ.... वहां का काम भी देख लूंगा साथ hi अपने दोस्तों से भी मिल लूंगा....

रूही : जान मैं भी तुम्हारे साथ ऑफिस चलती हूँ....

तभी सिमी जो कहती है उसे सुन के रूही गुस्से से मुँह बना के उसे देखती है.... जैसे उसे खा hi जायेगी....

सिमी : ........?????

(वर्ड्स : 3309)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 127

सिमी तो रात की बात सुन के रूही के पीछे पद जाती है.... बड़ी मुश्किल से रूही उसे बाद में बताने का कहके उस से पीछा छुड़ा लेती है....

सब के साथ नाश्ता करने के बाद....

प्रिंस : रूही तुम आराम करो मैं ज़रा ऑफिस जा के आता हूँ.... वहां का काम भी देख लूंगा साथ hi अपने दोस्तों से भी मिल लूंगा....

रूही : जान मैं भी तुम्हारे साथ ऑफिस चलती हूँ....

तभी सिमी जो कहती है उसे सुन के रूही गुस्से से मुँह बना के उसे देखती है.... जैसे उसे खा hi जायेगी....

सिमी : ........?????

अब आगे.....

सिमी : ोये प्रिंस अकेले अकेले कहाँ चल दिए अपनी साली यानी आधी घरवाली को भी साथ ले चलो.....

ये कह के सिमी प्रिंस को आँख मार देती है.... वहीँ उसकी बात सुन के रूही गुस्से से उसकी तरफ ऐसे देखती है जैसे की उसे खा hi जायेगी.... साथ hi आगे बढ़ के सिमी का गिरेबान पकड़ के गुस्से में कहती है....

रूही : ज़्यादा उड़ मत नहीं तो तेरे पूरे दांत तोड़ दूंगी....

रूही को गुस्से में देख और उसकी बात सुन के सिमी हैरत से कभी रूही को देखती है तो कभी प्रिंस को....

प्रिंस : क्या हुआ तुम इतना चौंक क्यों रही हो....?

सिमी : प्रिंस एक hi रात में तुमने इस पे ऐसा क्या जादू कर दिया जो भीगी बिल्ली से बदल के वापिस अपने पुराने शेरनी के अवतार में लौट आयी....

प्रिंस : अब शेर की शेरनी है तो काम भी वैसे hi करेगी.... कुछ वक़्त के लिए ये खुद को भूल गयी थी.... वापिस अपने साथ साथ मेरे रंग में भी रंग गयी है.... अब देखना मेरी शेरनी का असली रंग....

प्रिंस की बात सुन के रूही आगे बढ़ के उसके होंठों को चूम के कहती है....

रूही : सही कहा तुमने.... तुम शेर हो और मैं तुम्हारी शेरनी....

फिर पलट के सिमी को देख के आँख मार के कहती है....

रूही : थे डेविल इस बैक नाउ....

सिमी : तो अब मैं साथ आऊं की नहीं....

रूही : चल ज़्यादा नाटक मत कर और जल्दी चल हम आलरेडी लेट हैं....

फिर वो गेराज की तरफ चल देते हैं.... वहां पहुँच के जहाँ सिमी कार की तरफ बढ़ जाती है वहीँ रूही भी अपनी कार की तरफ बढ़ जाती है... मगर प्रिंस उसे रोक देता है....

प्रिंस : नहीं जान इस से नहीं....

रूही हैरत से उसकी तरफ देखने लगती है जैसे पूछ रही हो.... इस से नहीं तो फिर.... प्रिंस उसे पीछे की तरफ इशारा कर के कहता है उस से....

रूही जैसे hi पीछे पलट के देखती है.... सामने अपनी फव बाइक निम्न मार्कस देख के ख़ुशी से उछाल पड़ती है....

प्रिंस : जान कैसा लगा सरप्राइज....?

रूही : वाओ जान मैं बता नहीं सकती इस बाइक को देख मैं कितनी खुश हूँ....

ये कह के वो प्रिंस को कास के अपने सीने से लगा के किश करने लगती है.... प्रिंस भी किश में उसका साथ देने लगता है.... दोनों एक दूसरे के होंठों को मज़े से चूसने लगते हैं....

सिमी : ये दोनों भी न मौका मिला नहीं की शुरू हो गए लव बर्ड्स की तरह चोंच मिला के किश करने लगे.... अपना नहीं तो काम से काम मेरा hi लिहाज़ कर लो.... तुम दोनों को देख मुझे भी किश करने का मन कर रहा है....

करीब 10 मिनट्स तक अपनी जान प्रिंस के होंठों को चूसने के बाद रूही उस से अलग हो के कहती है....

रूही : कमीनी मेरे प्रिंस को नज़र लगाना चोर दे....

सिमी : है मेरी जान क्या करूँ तेरा प्रिंस है इतना स्मार्ट डैशिंग सेक्सी और हैंडसम की इसे देखते hi दिल इसका दीवाना हुआ जाता है और जिस्म के हर छेद से मस्ती का रास बहने लगता है.... वैसे ये आज पहले के कई ज़्यादा हैंडसम और सेक्सी लग रहा है.... (रूही के करीब जा के धीरे से कहती है) इसे देख के मेरा दिल hi नहीं मेरी छूट भी मस्ती में फड़क रही है.... पंतय तो पूरी छूट रास से भीग चुकी है....

रूही : बात तो तू ने सही कही है यार.... सुबह से ले के अब तक मेरा भी हाल कुछ ऐसा hi है.... अब तो बस दिल चाहता है की हर पल बस अपनी जान को कास के अपने सीने से लगा के प्यार करूँ....

सिमी : तो कर न रोका किसने है... तेरे पास तो इसे जी भर के प्यार करने का लाइसेंस भी है.... वैसे क्या अंडर से भी ये इतना hi सेक्सी है जितना बहार से नज़र आ रहा है....

रूही : कमीनी अंडर की तो पूछ hi मत... वहां से तो ये सब से ज़्यादा सेक्सी है.... ऐसा तो मैंने आज तक नहीं देखा.... इस का तो इतना बड़ा है जितना किसी पोर्न स्टार का भी न हो.... बिलकुल सांड जैसा....

रूही की बात पे सिमी कुछ कहने hi वाली होती है की तभी....

प्रिंस : जान हम लेट हो रहे हैं.... अब चलो भी बातें बाद में कर लेना.....

प्रिंस की बात सुन के रूही हाँ में इशारा करके अपनी फव बाइक निम्न मार्कस पे बैठ के प्रिंस को चलने का इशारा करती है.... प्रिंस भी अपनी बाइक पे बैठ जाता है और सिमी अपनी कार में फिर तीनो निकल पड़ते हैं अपनी कंपनी की तरफ....

कंपनी में प्रिंस को देख सब बेहद खुश हो जाते हैं..... लडकियां तो उसे देख के उसमे खो सी जाती है.... लगभग साड़ी की छूट रास बहते हुए उनकी पंतय को भिगोने लगती हैं.... न चाहते हुए भी प्रिंस को देखते hi लडकियां अपनी छूट अपने हाथ से रगड़ने पे मजबूर हो जाती है.... कुछ तो वहीँ झाड़ के मदहोशी में अपनी सीट पे बैठ के ाँहें भरने लगती हैं....

सिमी : देख रूही तेरी जान को देख के लडकियां कैसे मस्ती में ाँहें भर रागी हैं..... उनके मुँह से hi नहीं बल्कि छूट से भी कामर्स बह रहा है....

लडकियां हैं की प्रिंस को चोर hi नहीं रही ये देख और साथ hi सिमी की बात सुन के रूही को उन लड़कियों पे बेहद गुस्सा आने लगता है.... बड़ी मुश्किल से उसने अपने गुस्से को दबाया हुआ है.... वो ये अच्छे से जानती है की इस सब में उन लड़कियों की कोई गलती नहीं है.... प्रिंस है hi इतना स्मार्ट सेक्सी और हैंडसम की लडकियां छह के भी उस से दूर नहीं जा पा रही हैं....

प्रिंस मन में : यार इस से पहले की ये सब यहीं मुझे नंगा कर के मेरी इज़्ज़त लूट ले मुझे यहाँ से निकल लेना चाहिए.... और वैसे भी इनको मुझसे लिपट ते देख मेरी जान को इनपे गुस्सा आ रहा है... इस से पहले की वो गुस्से में कुछ उल्टा सीधा करे प्रिंस बीटा निकल ले यहाँ से....

प्रिंस बड़ी मुश्किल से उन लड़कियों से खुद को अलग कर के वहां से निकल लेता है.... अपने दोस्तों के पास पहुंच के वो उन्हें सरप्राइज करता है....

प्रिंस को देख सब बेहद खुश हो जाते हैं.... ख़ास कर के सैर.... प्रिंस अपने सब दोस्तों से मिलने के बाद जैसे hi सैर की तरफ पलट के देखता है.... तो सैर को खुद को यूँ सेक्सी ऐडा से घूरते देख प्रिंस को ये समझते देर नहीं लगती की सैर भी उसकी दीवानी बन गयी है.... पहले इतना कुछ ख़ास नहीं था.... सैर को तो पहली नज़र में hi प्रिंस से प्यार हो गया था जब प्रिंस ने गुंडों से उसकी इज़्ज़त और जान बचायी थी.... उस वक़्त वी उसे ी लव यू कहना चाहती थी... मगर सैम की वजह से न कह सकीय.... ऐसा नहीं था की उसे अपने बॉयफ्रेंड सैम से प्यार नहीं था..... बिलकुल था मगर प्रिंस की तो बात hi अलग है.... उसके सामने में तो सैम उसकी पैरों के धुल के बराबर नहीं.... प्रिंस की बात hi अलग है उस जैसा स्मार्ट सेक्सी और हैंडसम लड़का इस पूरे ब्रह्माण्ड में और कोई नहीं....

सैर को देख प्रिंस अपनी बाहें फैला के उसे अपनी बाहों में आने का इशारा करता है.... प्रिंस का इशारा पाते hi सैर आगे बढ़ के के कास के उसके सीने से लिपट जाती है.... प्रिंस भी उसे अपनी बाहों में कास लेता है.... सैर की आँखों से आंसू चालक जाते हैं.... जिन्हे प्रिंस फ़ौरन महसूस कर लेता है.... वो थोड़ा पीछे हो के सिएरा की तरफ देखता है.... उसके आँखों की नमी देख वो बेहद परेशान हो जाता है.....

प्रिंस : क्या हुआ सिएरा....? तेरी आँखों में अचानक से आंसू क्यों आ गए....? बता मुझे क्या बात है....?

सिएरा : वो तुझ से इतने दिन बाद मिली हूँ न इस लिए..... दिल भर आया और आँखें चालक गयी....

प्रिंस : अरे तो इसमें रोने की क्या बात है.... तू भी न यार.... तुझे क्या लगता है हम अगल हैं नहीं.... मैं दूर रह के हमेशा तेरे साथ hi हूँ.... कोई हम को अलग नहीं कर सकता.... कोई नहीं.... चल अब जल्दी ये रोना बंद कर के एक प्यारी सी स्माइल दे.... तू जानती है न की रट हुए तू बंदरिया लगती है.... और मेरी सैर तो पारी है न....

प्रिंस के मुँह से बंदरिया सुन के सैर गुस्सा दिखते हुए प्रिंस के सीने में प्यार से मारने लगती है उसके बाल खींचने लगती है....

प्रिंस : अबे ये क्या कर रही है... जंगली बंदैर्य....

सैर : अब जब तू ने बंदरिया कह hi दिया है तो बंदैर्य वाली हरकत कर रही हूँ....

सैर की बात सुन के प्रिंस हस्ते हुए कहता है....

प्रिंस : मतलब तू मानती है की तू बंदरिया है....

ये कह के प्रिंस हस्ते हुए वहां से अपने केबिन की तरफ भागता है.... और सैर भी गुस्से में उसके पीछे दौर लगा देती है....

सैर : प्रिंस आज तू नहीं बचेगा मेरे हाथों से.... आज मैं तुझे नहीं छोड़ूंगी...

केबिन में पहुँच के सैर प्रिंस के ऊपर चढ़ के बंदरिया वाली हरकत शुरू कर देती है.... उसके बाल नोचना उसे गुदगुदी करना.... प्रिंस हँसते हँसते लोटपोट हो जाता है....

प्रिंस : हाहाहाःहाहा... यार अब बस भी कर दे... अब और नहीं सहा जाता मेरी प्यारी पारी....

प्रिंस का इतना कहना था की सैर के हाथ रिक जाते हैं और वो एक तक प्रिंस की आँखों में देखने लगती है फिर अचानक से वो कर जाती है जिसे महसूस कर के प्रिंस को एक झटका सा लगता है....

सैर प्रिंस का चेहरा पाने हाथों में ले के उसके होंठों को चूसने लगती है.... उसकी इस हरकत पे प्रिंस चौंक जाता है.... उस उम्मीद नहीं थी की सैर ऐसा कुछ करेगी.... वो खुद को सैर से दूर करने की कोशिश करता है... मगर सैर है की उसे चोर्ने को तैयार hi नहीं... करीब 2 मिनट तक प्रिंस के होंठों को चूसने के बाद सैर उस से अलग होती है....

प्रिंस हैरत से उसे देखने लगता है.... जैसे पूछ रहा हो की ये क्या था....? उसने ऐसा क्यों किया....?

सैर : तू यही जान न चाहता है न की मैंने ऐसा क्यों किया....?

प्रिंस हाँ में अपनी गर्दन हिला देता है....

सैर : मैंने ऐसा क्यों किया ये मुझे खुद नहीं पता.... मैं सिर्फ इतना जानती हूँ की जब तू मेरे पास नहीं होता तो दिल बेचैन हो जाता है... तुझसे मिलने को तड़पने लगता है.... ये क्यों होता है मैं नहीं जानती....

प्रिंस : सैर तू तो सैम से प्यार करती है न फिर....

सैर : हाँ वो hi तो मुझे भी समझ नहीं आ रहा है की मैं सैम को चाहती हूँ मगर फिर भी मेरा ये दिल सिर्फ तेरे लिए धड़कता है... तुझे मिलने को तड़पता है... तेरे साथ ये खुश रहता है तेरे बिना ये उदास हो जाता है.... तुझ से इतने दिन तक कभी जुड़ा नहीं हुआ आज जब इतने दिन बाद तुझे वापिस अपने पास पा के अपनी ख़ुशी का इज़हार कर दिया और वो हो गया.... अब ये सही है या गलत ये मुझे नहीं पता मगर हाँ इतना ज़रूर पता है की तू मेरा सच्चा और प्यारा दोस्त है कोई मुझे समझे न समझे मगर तू ज़रूर समझेगा....

ये कह के सैर प्रिंस के सीने से लिपट जाती है और एक बार फिर से उसके होंठों को चूस के अलग हो जाती है....

इस से पहले की प्रिंस कुछ कहता सब वहां आ जाते हैं.... प्रिंस उस बात वो वहीँ चोर देता है.... और सब से बातें करने लगता है.... सैर प्यार भरी मुस्कान लिए प्रिंस को देखने लगती है....

प्रिंस : यार ये कोमल (प्रिंस की सेक्रेटरी) कहाँ है....?

सैम : वो 2 दिन से नहीं आयी है....

प्रिंस : 2 दिन से मगर क्यों....? उसकी तबीयत तो ठीक है न.....?

सैम : पता नहीं....

प्रिंस : पता नहीं मतलब....

विजय : हम ने उसे कॉल किया था... मगर वो न hi कॉल उठा रही है और न hi ऑफिस आ रही है.... आज तीसरा दिन है...

विजय की बात प्रिंस को अजीब लगती है वो फ़ौरन कोमल को कॉल करता है मगर कोमल कॉल नहीं उठा रही... वो एक बार फिर तरय करता है मगर इस बार भी वो कॉल नहीं रइवे करती.... प्रिंस एक बार फिर तरय करता है इस बार कॉल पिक हो जाता है.... प्रिंस अभी कुछ कहने hi वाला होता है की तभी उसे कोमल की चीख सुनाई देती है....

कोमल : Aaaaaaaaaaaggggghhhhh....

कोमल की चीख सुन के प्रिंस परेशान हो जाता है.... इस से पहले की वो कुछ कहता कॉल कट हो जाता है.... वो फिर से कॉल तरय करता है मगर कॉल नहीं लग रहा है.... फ़ोन नॉट रिचार्जेबल आ रहा है....

प्रिंस कोमल के डैड को कॉल करता है मगर उनका कॉल भी नहीं लग रहा है.... इस से प्रिंस काफी परेशान हो जाता है.... उसे कोमल की फ़िक्र होने लगती है.... वो फ़ौरन अपनी आँखें बंद करके कोमल को याद करता है.... कोमल उसे नज़र आने लगती है.... कोमल की हालात देख प्रिंस गुस्से से पागल हो जाता है और कोमल का नाम ले के चीखते हुए बहार की तरफ भागता है.... सब प्रिंस के पीछे पीछे भागते हैं....

सब कार में बैठ जाते हैं प्रिंस कार फुल स्पीड से ले के चल देता है....

कुछ hi देर में वो वहां पहुँच जाते हैं.... प्रिंस दो स्पिन मार के कार को रोकता है और बेहद गुस्से में दहाड़ते हुए कार के बहार निकल के आगे बढ़ता है और गुस्से में खींच के पंच उस कमीने को मारता है जिसने कोमल के बाल को कास के पकड़ा हुआ उसे थप्पड़ मार रहा था.....

प्रिंस का पंच खा के वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है... उसके मुँह से खून निकलने लगता है.... कोमल की हालत बहुत खराब है उसके कपडे काफी जगह से फटे हुए हैं उसके मुँह से खून निकल रहा है हाथ पेअर में भी चोट के काफी निशाँ हैं.... उस से खड़ा भी हुआ नहीं जा रहा है.... दर में मारे उसकी हालत खराब बानी हुई है.... दर्द की वजह से उसकी आँखों से आंसू बह रहे हैं... चेहरा काफी सूझ गया है.... प्रिंस फ़ौरन उसे अपनी बाहों में समेत लेता है..... कोमल की हालत देख के प्रिंस गुस्से से पागल हो जाता है... उसका दर्द देख प्रिंस की आँखें गुस्से से लाल हो जाती हैं....

जिब्रान : अबे कमीने तेरी हिम्मत कैसे हुई यहाँ आने की.... आज देख मैं क्या करता हूँ.... पहले इस कमीनी को सब के सामने नंगा करूँगा फिर इस को जैम को छोडूंगा और उसके बाद इसे कोठे पे बिठा के रोज़ इस छूट फड़वाउंगा.... वो भी तेरे सामने... और तू कुछ नहीं कर पायेगा.... हाथ माल्टा रह जाएगा.... साली कमीनी ने तेरे साथ मिल के मुझे धोका दिया.... सब के सामने ज़लील किया देख आज मैं तुम दोनों का क्या हाल करता हूँ.... आज के बाद सब एक बार फिर से मेरे आगे अपना सर झुकायेंगे..... मेरे तलवे चाहटेंगे....

जिब्रान की बात सुन के प्रिंस गुस्से में उसकी तरफ देखता है फिर पलट कोमल को देखता... प्यार से उसके चेहरे पे हाथ फेर के नाराज़गी दिखते हुए कहता है....

प्रिंस : इतना सब कुछ हो गया और तू ने मुझे एक फ़ोन करना भी ठीक नहीं समझा.... क्या इतना भी भरोसा नहीं है मुझपे....?

कोमल खामोश आँखों से आंसू बहती प्रिंस को देख रही है.... दर्द उसके चेहरे पे साफ़ नज़र आ रहा है.... फिर भी वो ख़ामोशी से प्रिंस को देख रही है.... साथ hi रोये भी जा रही है....

कोमल की हालत देख रूही सैर और बाकी सब की भी आँखें नाम हो जाती हैं....

प्रिंस कोमल को रूही और सैर के पास बैठा के पीछे पलट के गुस्से में जिब्रान से कहता है....

प्रिंस : कोमल को हाथ लगा के तूने आज अपनी मौत बुला ली है.... आज मुझसे तुझे कोई नहीं बचा सकता....

जिब्रान हस्ते हुए : हाहाहाःहाहा... अबे साले तू मुझे धमकी दे रहा है.... ज़रा नज़र घुमा के चारो तरफ देख 300 से भी ज़्यादा गुंडों की फ़ौज यहाँ कड़ी है साथ में पुलिस के साथ साथ वकील भी है यहाँ ताकि तुझे मारने के बाद यहाँ की साड़ी ज़मीन के साथ साथ तेरी जायदाद अपने नाम कर लूंगा.... अच्छा हुआ की तू इन दोनों लड़कियों को भी साथ ले आया अब मैं इस कमीनी कोमल के साथ इन दोनों को भी अपनी रंडिअआआअआआह्ह्हह्ह्ह्ह....

अभी जिब्रान इतना hi कह पाया था की तभी प्रिंस आगे बढ़ के एक ज़बरदस्त पंच उसके मुँह पे मारता है.... जिब्रान के मुँह से खून निकलने लगता है... उसके सामने के सारे दांत टूट के उसके पेट में चले जाते हैं....

जिब्रान अपने गुंडों से : अबे देख क्या रहे हो.... मारो इस कमीने को और ले आओ उन रंडियों को यहाँ मेरे पास....

जिब्रान की बात सुन के गुंडे प्रिंस को मारने के लिए उसकी तरफ बढ़ते हैं....

प्रिंस की सिक्योरिटी आगे बढ़ने लगती है मगर प्रिंस इशारे से उन्हें रोक देता है और गुस्से से एक ज़ोरदार किक जिब्रान के सीने में मारता है जिस से वो उड़ता हुआ अपने गुंडों के ऊपर जा गिरता है....

तभी एक गुंडा प्रिंस के ऊपर तलवार से वार करता है... प्रिंस उसकी तलवार उसके हाथों से चीन लेता है और गुस्से में ज़ख़्मी शेर की तरह दहाड़ते हुए तलवार ले के आगे बढ़ता है और फिर शुरू होता है मौत का तांडव..... उसके सामने जो आता है प्रिंस उसे काट ते हुए आगे बढ़ने लगता है.... गुंडों की चीखों से पूरा इलाका गूंजने लगता है.... हर तरफ बस खून और कटी हुई लाशें नज़र आने लगती हैं.... ज़मीन इंसानी खून से लाल होने लगता है.... प्रिंस गुस्से में दहाड़ते हुए नरसंघार कर रहा है.... दर के मारे सब की हालत खराब बानी हुई है.... किसी की हिम्मत नहीं हो रही है की आगे बढ़के प्रिंस को रोक सके.... 10 मिनट्स में पूरे गुंडों को काटने के बाद प्रिंस बेहद गुस्से में दहाड़ते हुए पीछे मुड़ता है... और गुस्से में जिब्रान की तरफ देखता है.... प्रिंस का पूरा जिस्म गुंडों के खून से नहाया हुआ है.... उसे देख के जिब्रान को अपनी मौत सामने नज़र आने लगती है.... जिब्रान इंस्पेक्टर को प्रिंस को रोकने को कहता है....

इंस्पेक्टर दर से कांपते हुए प्रिंस को रुकने को कहता है.... उसकी आवाज़ सुन के प्रिंस गुस्से से घूर के इंस्पेक्टर की तरफ देखता है.... प्रिंस को देखते hi इंस्पेक्टर की पंत गीली हो जाती है वो दर के मारने वहां से भाग जाता है..... जिब्रान की हालत भी बुरी बानी हुई है... मगर फिर भी वो प्रिंस को मारने की नीयत से सामने पड़ा चाकू उठा के प्रिंस की तरफ फेक के मारता है.... प्रिंस एक तरफ हैट के उस चाकू से बच के जिब्रान की तरफ बढ़ता है... और उसका सीधा हाथ पकड़ के तलवार से काट देता है.....

जिब्रान दर्द से चीख उठता है....

Aaaaaaaaaaaaaaagggggghhhhhh...

प्रिंस : चीख और ज़ोर से चीख.... तेरी चीख सुन के दिल को सुकून मिल रहा है.... आज जितना तू दर और दर्द से चीखेगा उतना यहाँ के लोगों के दिल से तेरा और गुंडों का दर निकलेगा.... तेरा आज मैं वो हाल करूँगा की आज के बाद कोई किसी मासूम को हाथ लगाना तो दूर उसपे गन्दी नज़र डालने से भी डरेगा....

फिर प्रिंस आगे बढ़ के जिबरान का दूसरा हाथ भी काट देता है फिर एक पेअर और फिर दूसरा.... जिब्रान की चीख से पूरा इलाका गूंजने लगता है....

वो दर्द से तड़पते हुए बेहोश हो जाता है....

प्रिंस गुस्से में चीखते हुए : होश में लाओ इस कमीने को...

प्रिंस की सिक्योरिटी से एक शख्स आगे बढ़ के जिब्रान के चेहरे पे पानी मारता है.... जिब्रान चीखते हुए होश में आता है.... प्रिंस उसके मुँह में हाथ दाल के उसकी जुबां को जड़ से खींच के उखाड़ देता है.... फिर एक कास के लात उसके मैं पॉइंट पे मात के उसके जूते फोड़ देता है.... फिर अपने सिक्योरिटी गार्ड से कहता है....

प्रिंस : ले जा के इस कमीने को हॉस्पिटल में भर्ती करवा दो और याद रहे ये मरना नहीं चाहिए.... ज़िंदा रखो इस कमीने को ताकि इसका हश्र देख के कोई इस जैसी गलती करने का सोच के भी दर से कांप जाए....

फिर पलट के कोमल की तरफ जाता है... कोमल के साथ साथ रूही सैर और बाकी सब भी प्रिंस को देख दर से कांपने लगते हैं....

(वॉर्डकॉउंट 3365)
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 128

प्रिंस आगे बढ़ के जिबरान का दूसरा हाथ भी काट देता है फिर एक पेअर और फिर दूसरा.... जिब्रान की चीख से पूरा इलाका गूंजने लगता है....

वो दर्द से तड़पते हुए बेहोश हो जाता है....

प्रिंस गुस्से में चीखते हुए : होश में लाओ इस कमीने को...

प्रिंस की सिक्योरिटी से एक शख्स आगे बढ़ के जिब्रान के चेहरे पे पानी मारता है.... जिब्रान चीखते हुए होश में आता है.... प्रिंस उसके मुँह में हाथ दाल के उसकी जुबां को जड़ से खींच के उखाड़ देता है.... फिर एक कास के लात उसके मैं पॉइंट पे मार के उसके जूते फोड़ देता है.... फिर अपने सिक्योरिटी गार्ड से कहता है....

प्रिंस : ले जा के इस कमीने को हॉस्पिटल में भर्ती करवा दो और याद रहे ये मरना नहीं चाहिए.... ज़िंदा रखो इस कमीने को ताकि इसका हश्र देख के कोई इस जैसी गलती करने का सोच के भी दर से कांप जाए....

अब आगे.....

प्रिंस गुस्से में दहाड़ते हुए अपनी सिक्योरिटी टीम से कहता है....

प्रिंस : 30 मिनट है तुम्हारे पास... बस 30 मिनट्स.... 30 मिनट्स में मुझे ये पूरी जगह साफ़ चाहिए.... एक भी निशाँ नहीं बचना चाहिए यहाँ.... और कान खोल के सुन लो सब ये शहर मेरा है.... यहाँ का हर एक शख्स मेरा अपना है.... और मेरे अपनों के जिस्म पे अगर एक खरोच भी आयी तो एक बार फिर से ठीक ऐसा hi नरसंघार होगा..... और वो किसी क़यामत से काम न होगा.... सु न सब ने....

प्रिंस की दहाड़ सुन के सब दर से बुरी तरह से कांपने लगते हैं.... प्रिंस का गुस्सा है की शांत hi नहीं हो रहा है.... वो अपनी आँखें बंद करके खुद को शांत करने लगता है.... कुछ देर में उसका गुस्सा पूरी तरह से काम हो जाता है और फिर वो पलट के कोमल की तरफ जाता है... कोमल के साथ साथ रूही सैर और बाकी सब भी प्रिंस को देख दर से कांपने लगते हैं.... प्रिंस की हालत hi इस वक़्त कुछ ऐसी है..... उसका पूरा जिस्म खून से नहाया हुआ है..... इस वक़्त वो किसी भयानक जल्लाद से काम नहीं लग रहा है....

प्रिंस जैसे जैसे आगे बढ़ रहा है वैसे वैसे कोमल और बाकी सब दर से पीछे हैट रहे हैं.... प्रिंस हैरत से उन्हें देखने लगता है.... उसे समझ नहीं आ रहा है वो लोग उसके पास आने के बजाये पीछे क्यों हैट रहे हैं.... प्रिंस कोमल की तरफ अपना हाथ बढ़ता है.... मगर दर के मारे कोमल चीख उठती है और अपना चेहरा पीछे घुमा लेती है.... प्रिंस हैरत से उसे कुछ पूछने hi वाला होता है की तभी उसकी नज़र अपने खून से साणे हाथ पे पड़ती है... वो फ़ौरन अपने जिस्म की तरफ देखता है... उसका पूरा जिस्म खून से सना हुआ है.... जिसे देख उसे ये समझते देर नहीं लगती की ये सब दर के क्यों पीछे हैट रहे हैं....

प्रिंस सामने पड़े पानी के ड्रम को उठा के अपने जिस्म पे पानी डालने लगता है.... धीरे धीरे उसके जिस्म और कपड़ों पे लगा पूरा खून धूल जाता है मगर अब भी उसकी शर्ट पे खून के धब्बे बाकी हैं जिसे हटाने का एक hi रास्ता है.... प्रिंस अपनी शर्ट पहाड़ के निकाल देता है... शर्ट के निकलते hi उसका फौलादी जिस्म सब के सामने उजागर हो जाता है.... प्रिंस की 8 पैक्स बॉडी और डोले शोले देख के सब दर भूल के उसमे खो से जाते हैं ख़ास कर लडकियां और औरतें....

जैसे hi प्रिंस आगे बढ़ के उनके पास जाता है रूही कोमल और सैर उसके जिस्म से लिपट के रोने लगते हैं....

प्रिंस प्यार से तीनो के सर पे हाथ फेरते हुए उन्हें चुप करता है.... फिर कोमल की आँखों में देखता है... एक दर्द एक तड़प उसकी आँखों में साफ़ नज़र आ रही है... प्रिंस उस से पूछना तो बहुत कुछ चाहता है.... काफी सवाल है इस वक़्त उसके दिल में जिनके जवाब वो कोमल से चाहता है.... मगर इस वक़्त उसके मुँह से बस एक hi लफ्ज़ निकलता है....

प्रिंस : क्यों....?

उस लफ्ज़ में इतना दर्द था इतनी तड़प थी जिसे महसूस करके वहां मौजूद सभी की आँखें नाम हो जाती है....

इस से पहले की कोमल कुछ कहती.... प्रिंस मुद के कोमल के बाबा से कहता है....

प्रिंस : बाबा मैं चाहता हूँ की कोमल मेरे साथ सुल्तानगढ जाए और वहां रूही के साथ मिल के वहां की कंपनी का काम संभाले... इस बात के लिए मैं आप की इजाज़त चाहता हूँ....

प्रिंस की बात सुन के बाबा हाँ में अपनी गर्दन हिला देते हैं....

फिर प्रिंस मैक्स को कॉल करके कुछ समझाता है.... वो अभी मैक्स से बात कर hi रहा होता है की तभी वहां पुलिस की 4 - 5 गाड़ियां आती हैं.....

उनमे से इंस्पेक्टर और सप निकल के सब से पूछ ताछ करने लगते हैं.... उनको खबर लग चुकी थी.... ये कोई मामूली खबर तो थी नहीं.... जो इंस्पेक्टर दर से यहाँ से भगा था उसने सब को यहाँ क्या हुआ था वो बता दिया था... जिसकी वजह से सप अपनी पूरी फ़ौज ले के प्रिंस और कोमल को अरेस्ट करने यहाँ आया था....

सप : अरेस्ट कर लो इन (कोमल और प्रिंस) दोनों को....

सप के आर्डर ले इंस्पेक्टर दोनों को अरेस्ट करने जैसे hi आगे बढ़ता है प्रिंस के सिक्योरिटी गार्ड उन सब को घेर लेते हैं और उनपे गन तान देते हैं....

सप प्रिंस से : सीधे से मेरी बात मान ले... और अपने इन लोगों को हटा ले नहीं तो....

प्रिंस : सप चुप चाप यहाँ से चला जा इसी में तेरी भलाई है.... अगर मेरा दिमाग घूम गण न तो यहाँ तेरे साथ साथ तेरी पूरी फाॅर्स का काम तमाम हो जाएगा....

सप : साले तू मुझे धमकी दे रहा है.... शैतान सिंह को.... देख मैं क्या करता हूँ तेरे साथ.... मैंने सोचा था इसे (कोमल को) अपने फार्महाउस पे ले जा के इसे मज़े से छोडूंगा... और तुझे तड़पा तड़पा के मारूंगा मगर अब नहीं.... अब यहीं सब के सामने पहले मैं इसकी छूट पहाडुंगा और फिर तेरा एनकाउंटर करूँगा.... फिर इसे अपनी Randiaaaaaaaaaahhhhh.....

अभी सप इतना hi बोल पाया था की तभी एक ज़ोरदार किक उसके मुँह पे पड़ता है और वो उछलता हुआ दूर जा गिरता है.... उसके सामने के दो दांत शहीद हो चुके हैं और मुँह से खून बह रहा है....

सप की हालत देख के सब को इतनी हैरत नहीं हो रही जितनी हैरत उसे मारने वाले को देख के हो रही है.... सब के साथ साथ प्रिंस भी हैरत से उसे देख रहा है....

मार खा के सप गुस्से में उठता है और चिल्लाते हुए कहता है....

सप : साली तेरी इतनी हिम्मत की तू ने मुझपे हाथ उठाया....? पकड़ लो इस कमीनी को....

सप ने कह तो दिया मगर उसकी टीम छह के भी कुछ कर नहीं पा रही है.... प्रिंस की सिक्योरिटी टीम ने उन सब के सर पे गन जो तान राखी है.... वो एक कदम हिले नहीं की गोली भेजे में घुसी....

अपनी टीम को कुछ न करते देख सप खुद आगे बढ़ता है उस को मारने के लिए मगर इस से पहले की वो कुछ कर पाटा... उसके मुँह और पेट पे पंचेस और किक की बरसात होने लगती है....

रूही बेहद गुस्से में : साले कमीने तू एनकाउंटर करेगा मेरे प्रिंस का.... मेरी जान को गोली मारेगा तू.... आज तू ज़िंदा नहीं बचेगा.... आज मैं तेरी जान ले लुंगी....

ये कह के रूही बेहद गुस्से में घायल शेरनी की तरह सप को मारने लगती है.... सब रूही को देख रहे हैं... किसी की हिम्मत नहीं हो रही है की वो आगे बढ़ के रूही को रोके....

इधर प्रिंस है की रूही को देख मुस्कुरा रहा है.... उसे यूँ मुस्कुराते देख सैर उसके पास जा के कहती है....

सैर : प्रिंस रोक उसे इस से पहले की वो उस सप की जान ले ले....

सैर की बात सुन के प्रिंस मुस्कुरा के उसे देखता है....

सैर : अबे यूँ मुस्कुराता hi रहेगा या फिर उसे रोकेगा भी....

तभी पीछे से विजय की आवाज़ आती है....

विजय : यार ये अचानक से इसे क्या हो गया....? ये अचानक से इतनी खतरनाक कैसे हो गयी....?

प्रिंस : शेर की शेरनी है तो खतरनाक तो होगी hi न.... है मेरी जान क्या ज़बरदस्त स्टाइल में पीट रही है कमीने को..... वाओ.... मज़ा आ रहा है....

सैर : क्या मज़ा आ रहा है.... तू पागल हो गया है क्या....? तुझे दिखाई नहीं दे रहा है की वो किसे मार रही है.... वो कोई गुंडा नहीं बल्कि सप है....

प्रिंस : हाँ जानता हूँ कितना कमीना है ये... ठाकुर के हर गुनाह में बराबर का हिस्सेदार है.... ऐसा कोई गलत काम नहीं है जो इसने नहीं किया हो.... इसकी पूरी जन्मकुंडली है मेरे पास... अगर आज मेरी जान इस कमीने को जान से भी मार दे तब भी कोई उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकता.... जब तक मैं ज़िंदा हूँ मेरी जान को कोई छू भी नहीं सकता... उसे चुना तो दूर मेरे रहते कोई उसपे आँख उठा के नहीं देख सकता....

सैर : मगर....

प्रिंस : यार अगर मगर चोर और मेरी जान की फाइट का मज़ा ले.... देख कैसे उस कमीने की बंद बजा रही है....

कुछ hi देर में सप की हालत खराब हो जाती है.... उसके जिस्म के काफी हिस्से से खून निकल रहा है.... दोनों हाथ और एक पेअर टूट चुके हैं..... आधे से ज़्यादा दांत अब तक उसके पेट में पहुँच चुके हैं....

ठीक तभी वहां साईरन बजाते हुए पुलिस की गाड़ियां आने लगती हैं.... जिसे देख प्रिंस के चेहरे पे स्माइल आ जाती है वो आगे बढ़ के रूही का हाथ पकड़ के उसे अपने पास खींच लेता है.... फिर पलट के उन पुलिस वालों की तरफ देख के कहता है....

प्रिंस : खबरदार जो किसी की जुबां पे मेरी जान का नाम आया तो....?

प्रिंस की बात सुन के वहां मौजूद सीनियर इंस्पेक्टर कहता है....

स इंस्प : फ़िक्र मत कीजिये सर हम में से कोई कुछ नहीं कहेगा.... इस कमीने को मार के मैडम ने नेक काम किया है... मैं तो कहता हूँ की इसे जान से मार दीजिये ताकि न रहे बांस और न बजे बांसुरी.... इस कमीने के मरते hi सब ठीक हो जाएगा... इसने यहाँ अंधेर मचा रखा था... पुलिस की वर्दी में गुंडा है ये.... साले से ये पूरा शहर hi परेशान है.... ये कमीना जिसे चाहे जब चाहे उठा ले ता था... ठाकुर का कुत्ता है ये कमीना.... न जाने कितनी hi मासूम लड़कियों का इस कमीने ने ठाकुर के साथ मिल के रपे किया है और फिर उन्हें कोठे पे बिठा दिया.... जाने कितनी लड़कियों को विदेश में बेच चूका है ये कमीना....

प्रिंस : फ़िक्र मत करो आज के बाद ऐसा कुछ नहीं होगा.... आज से ये शहर मेरा है और इसे कैसे चलना है मैं अच्छे से जानता हूँ.... आज के बाद किसी की हिम्मत न होगी यहाँ गुंडा गर्दी या फिर कोई गलत काम करने की.... जिसने भी कुछ गलत करने का सोच भी तो वो कुछ सोचने के लिए ज़िंदा नहीं बचेगा....

अभी प्रिंस ने इतना hi कहा था की तभी पुलिस की गाड़ियां आ के रूकती हैं....

दिग प्रिंस के पास आ के....

दिग : अरे प्रिंस आप ठीक तो हैं न... कुछ प्रॉब्लम तो नहीं हुई न....

प्रिंस : नहीं सर मैं ठीक हूँ.... ( फिर सप की तरफ इशारा करके) वो कुछ देर पहले प्रॉब्लम हुई थी मगर अब सब ठीक है... ( फिर दिग को एक फाइल दे के कहता है) बाकी आप देख लीजिये.... और हाँ आज से ये शहर मेरा है.... यहाँ कैसे और क्या करना है ये मैं देख लूंगा.... बस इतना कीजिये की आगे से कोई प्रॉब्लम न आये.... आज तो मैंने खुद को रोक लिया आगे न रोक पाऊंगा....

ये बात प्रिंस ने इतने गुस्से में कही थी की दिग की भी पहात के हाथ में आ गयी.....

दिग : S....S....Sir आप फ़िक्र मत कीजिये... जैसा आप कहेंगे वैसा hi होगा....

प्रिंस : ध्यान रहे मुझे दोबारा कहने की आदत नहीं है.... और कुछ देर पहले जो हुआ वो....

दिग : सर आप उसकी टेंशन मत लीजिये वो सब मैं देख लूंगा..... और आगे से यहाँ आपकी मर्ज़ी के खिलाफ कुछ नहीं होगा....

प्रिंस ok कह के जाने लगता है की तभी....

दिग : सर अगर आपकी इजाज़त हो तो मैं अपने लोगों (पुलिस वालों को ) यहाँ से ले जाऊं....

प्रिंस : ठीक है...

ये कह प्रिंस आगे बढ़ जाता है....

दिग के पीछे खड़ा इंस्पेक्टर...

इंस्पेक्टर : सर ये आप क्या कर रहे हैं.... इसे चोर रहे हैं.... इसने न सर ठाकुर का हाफ मर्डर किया है बल्कि 300 लोगों की भी बरी बेरहमी से हत्या की है.... यहाँ तक की सप सर को भी उस लड़की ने बहुत बुरी तरह से मारा है.... आप इन दोनों को गिरफ्तार करने के बजाये ऐसे hi चोर रहे हैं... साथ hi इनसे दर भी रहे हैं.... मुझे बस 2 मिनट का वक़्त दीजिये मैं अभी इन दोनों को पकड़ के हथकड़ी लगता हूँ....

इंस्पेक्टर की बात सुन के जहाँ दिग उसे गुस्से से देखता है वहीँ प्रिंस पीछे मुद के गुस्से से दहाड़ता हुए कहता है....

प्रिंस : 2 मिनट में सब निकल लो यहाँ से वर्ण....

फिर मुद के अपनी जान रूही के साथ साथ बाकी सब को साथ ले के अपने घर की तरफ चल देता है....

इधर प्रिंस की दहाड़ सुन के दिग के साथ साथ बाकी सब की भी पंत गीली हो जाती है....

इंस्पेक्टर : S.....S...Sir ये क्या था....? K...kkkkkk....kaun है ये....? क्या है ये....?

दिग : प्रिंस एक शेर है... जो शांत है तो हर तरफ अमन है.... लेकिन अगर ये भड़क गया तो इस से बड़ा जानवर और कोई नहीं.... इसके एक इशारे पे पूरी सरकार चुटकी में पलट सकती है... इसके पास इतना पैसा है की अगर ये चाहे तो इस पूरे देश को खरीद सकता है.... ये बहार से जितना मासूम दीखता है अंडर से उतना hi खतरनाक है.... ये न hi कभी गलत करता है न hi कभी किसी और के साथ कुछ गलत होते देख सकता है.... आज इसने जिन लोगों को मारा है वो सारे क्रिमिनल्स थे... ऐसा कोई जुर्म नहीं है जो वो नहीं करते थे... ठाकुर जितना बड़ा गुंडा है उस से कई बड़ा गुंडा ये सप है.... इन सब के काले कारनामो का पूरा सबूत इस फाइल में है.... ले चलो इस कमीने को....

इधर प्रिंस सब को ले के अपनी हवेली पहुँचता है.... फिर रूही को फ्रेश होना का कह के अपने रूम में चला जाता है.... कोमल ख़ामोशी से बस उसे जाते हुए देखती रह जाती है.... उसकी आँखों से बस आंसू बहते रहते हैं...

रूही प्रिंस के पीछे पीछे उसके रूम में चली जाती है है इधर सैर कोमल को चुप करने लगती है... मगर कोमल है की चुप होने का नाम hi नहीं ले रही है... बस रोये जा रही है.... कुछ देर बाद प्रिंस फ्रेश हो के बहार आता है.... कोमल की आँखों में आंसू देख के उसे अच्छा नहीं लगता.... वो उसके करीब जा के बैठ जाता है.... और चुप चाप बस उसकी आँखों में देखते हुए बस इतना कहता है.....

प्रिंस : क्यों....? इतना सब होने के बाद भी तुमने मुझे कुछ नहीं बताया.... क्युन्न्न्नण....? क्या तुम्हे मुझपे एक पल के लिए भी भरोसा नहीं था....? क्या एक पल के लिए भी तुमने मुझे अपना नहीं समझा की अपनी तकलीफ बता सको....? क्यों....? आखिर क्युन्न्न्नण....????? क्या वाकई में मैं इतना बुरा हूँ जितना तुम मुह्हे समझती हो....?? बताओ मुझे जवाब दो....?

ये कहते कहते प्रिंस की आँखें नाम हो जाती हैं....

वो नाम आँखों से कोमल को देखते हुए उसके जवाब का इंतज़ार करने लगता है....

कोमल प्रिंस के सवालों का क्या जवाब देती है ये बाद में देखेंगे पहले चल के देखते हैं की.... यहाँ ठाकुर और कुसुम का क्या हाल है....?
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 129

कोमल की आँखों में आंसू देख के उसे अच्छा नहीं लगता.... वो उसके करीब जा के बैठ जाता है.... और चुप चाप उसकी आँखों में देखते हुए बस इतना कहता है.....

प्रिंस : क्यों....? इतना सब होने के बाद भी तुमने मुझे कुछ नहीं बताया.... क्युन्न्न्नण....? क्या तुम्हे मुझपे एक पल के लिए भी भरोसा नहीं था....? क्या एक पल के लिए भी तुमने मुझे अपना नहीं समझा की अपनी तकलीफ बता सको....? क्यों....? आखिर क्युन्न्न्नण....????? क्या वाकई में मैं इतना बुरा हूँ जितना तुम मुझे समझती हो....?? बताओ मुझे जवाब दो....?

ये कहते कहते प्रिंस की आँखें नाम हो जाती हैं....

वो नाम आँखों से कोमल को देखते हुए उसके जवाब का इंतज़ार करने लगता है....

कोमल प्रिंस के सवालों का क्या जवाब देती है ये बाद में देखेंगे पहले चल के देखते हैं की.... यहाँ ठाकुर और कुसुम का क्या हाल है....???

अब आगे......

जिब्रान के साथ क्या हुआ ये बात हर तरफ आग की तरह फैल जाती है.... मगर यहाँ के लोगों के अलावा किसी को ये नहीं पता चलता की जिब्रान के साथ साथ सप और जिब्रान की 300 गुंडों की फ़ौज की ये हालत किसने की.....? जब ये बात जिब्रान के भाई दिनेश ठाकुर को पता चलती है तब वो गुस्से से पागल हो जाता है.... और फ़ौरन अपने भाई से मिलने के लिए चल देता है.... कुसुम को भी अपने चाचा के बारे जान के बेहद तकलीफ भी होती है साथ hi बेहद गुस्सा भी आता है.... वो अपने चाचा के पास जाना चाहती है मगर जा नहीं पाती.... वो शख्स (प्रिंस) जिसने उसकी जान बचायी थी उसकी तलाश अभी बाकी थी.....

कुसुम : डॉ मुझे कब तक डिस्चार्ज मिल जाएगा....?

डॉ : आप के ज़ख्म अभी ठीक से भरे नहीं हैं.... इन्हे ठीक होने में काम से काम एक हफ्ता तो लगेगा hi....

कुसुम शॉकेड : एक हफ्ता.....

डॉ : जी हाँ एक हफ्ता....

कुसुम : एक हफ्ता मैं कैसे रहूंगी अपनी जान के बगैर....?

डॉ : जी क्या कहा आप ने....?

कुसुम : मैं जल्द से जल्द ठीक हो के अपनी जान से मिलना चाहती हूँ.... प्लीज डॉ मुझे जल्द से जल्द ठीक कर दीजिये....

डॉ : हम आपको दवा दे सकते हैं कोई जादू तो कर नहीं सकते की चुटकी बजायी और आप ठीक हो गयी.... रही आप के ठीक होक यहाँ से जाने की बात तो आप चाहे न चाहे आप को एक हफ्ते तक यहीं रुकना पड़ेगा.... और जिसकी आप बात कर रही है उसे यहीं क्यों नहीं बुलवा लेती.....

कुसुम : नहीं बुला सकती मेरी मजबूरी है.....

डॉ : अच्छा समझ गया.... वो साला धोकेबाज़ है....

डॉ के मुँह से प्रिंस के लिए धोकेबाज़ सुन के कुसुम गुस्से से पागल हो जाती है.... और घुमा के एक ज़ोरदार किक डॉ के मुँह पे मारती है.... डॉ उड़ता हुआ दूर जा गिरता है उसके मुँह से खून निकलने लगता है....

कुसुम गुस्से में : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी जान को धोकेबाज़ कहने की.....? साले तू जानता क्या है उसके बारे में....?

कुसुम को इतने गुस्से में देख और उसकी किक खा के डॉ की बुरी तरह से पहात जाती है.... वो दर के मारे कांपने लगता है..... इस से पहले की कुसुम अपने गुंडों को बुलवा के उसकी बिना साबुन के धुलाई करवाती.... डॉ अपनी जान बचने के लिए वो कह जाता है जिसे सुन के कुसुम का गुस्सा कुछ हद तक शांत हो जाता है....

कुसुम : तू सच कह रहा है....? या फिर अपनी जान बचने के लिए झूटी कहानी सुना रहा है....

डॉ : नहीं वाकई में मैं सच कह रहा हूँ.... आप जिसे ढूंढ रही हैं.... उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग है मेरे पास.... उसमे देख के आप को ये पता चल जाएगा की वो कौन है जिसने आपकी जान बचायी थी.... और उस वीडियो के ज़रिये आप आसानी से उसे ढूंढ सकती हैं....

कुसुम : मगर तू ने तो कहा था की हॉस्पिटल के रजिस्टर में जिस पेज पे उसका नाम लिखा था वो पेज गायब है और उस दिन की कक्तव फुटेज में भी वो नहीं है... तो फिर अचानक से तेरे पास उसकी वीडियो कहाँ से आ गयी.... सच सच बता की आखिर सच क्या है... एक लफ्ज़ भी तू ने झूट कहा न तो मैं अभी तेरी जान ले लुंगी.... बता की सच क्या है....

डॉ डरते डरते : W....W....Wo कुछ दिन पहले वो एक 18 19 साल की लड़की को यहाँ ले के आया था उसका चेक उप करवाने.... तब कक्तव में उसकी और उस लड़की की रिकॉडिंग हो गयी थी....

कुसुम : लड़की कौन सी लड़की....? कौन थी वो....?

डॉ : वो मुझे नहीं पता....

कुसुम : 2 मिनट्स के अंडर मुझे वो कक्तव रिकॉर्डिंग देखनी है.... सिर्फ 2 मिनट्स हैं तेरे पास... जा जल्दी...

डॉ फ़ौरन भाग के जाता है और वो रिकॉर्डिंग ला के कुसुम को दे देता है.... रिकॉर्डिंग में प्रिंस को देख कुसुम उसमे खो सी जाती है....

कुसुम : वाओ... कितना स्मार्ट डैशिंग और हैंडसम है मेरा प्रिंस.... देखने में ये सच मच कहीं का प्रिंस लगता है....

डॉ : और आप इसकी प्रिंसेस...

कुसुम : हाँ वो तो है.... (फिर अचानक से डॉ को गुस्से में देख के कहती है) साले कमीने तू अभी तक यहीं खड़ा है.... भाग जा यहाँ से इस से पहले की मैं.....

अभी कुसुम ने इतना hi कहा था की तभी डॉ दर के मारे वहां से 9-2-11 हो जाता है...

कुसुम : पता लगाना पड़ेगा की ये लड़की कौन है.... क्या रिश्ता है इस कमीनी का मेरे प्रिंस के साथ... अगर ये उसकी गर्लफ्रेंड हुई तो....? नहीं नहीं कहाँ ये और कहाँ मेरा प्रिंस.... और कहीं ऐसा हुआ तो....? तो मैं उसकी जान ले लुंगी.... प्रिंस सिर्फ मेरा है.... सिर्फ मेरा.... अगर कोई लड़की हम दोनों के बीच आयी तो मैं उसकी जान ले लुंगी.....

इधर प्रिंस कोमल के करीब जा के बैठ जाता है.... और चुप चाप बस उसकी आँखों में देखते हुए बस इतना कहता है.....

प्रिंस : क्यों....? इतना सब होने के बाद भी तुमने मुझे कुछ नहीं बताया.... क्युन्न्न्नण....? क्या तुम्हे मुझपे एक पल के लिए भी भरोसा नहीं था....? क्या एक पल के लिए भी तुमने मुझे अपना नहीं समझा की अपनी तकलीफ बता सको....? क्यों....? आखिर क्युन्न्न्नण....????? क्या वाकई में मैं इतना बुरा हूँ जितना तुम मुझे समझती हो....?? बताओ मुझे जवाब दो....?

ये कहते कहते प्रिंस की आँखें नाम हो जाती हैं....

वो नाम आँखों से कोमल को देखते हुए उसके जवाब का इंतज़ार करने लगता है....

कोमल कुछ देर खामोश रहती है फिर धीरे से कहती है....

कोमल : मैं दर गयी थी....

प्रिंस : क्या....?

कोमल : मैं दर गयी थी.... जिब्रान से मैं दर गयी थी.....

प्रिंस : तुम्हे उस से तो क्या किसी से भी डरने की ज़रुरत नहीं है....

कोमल : मैं किसी से नहीं डर्टी.... मगर उस वक़्त मैं दर गयी थी.... अपने लिए नहीं बल्कि तुम्हारे लिए....

प्रिंस : मेरे लिए....?

कोमल : हाँ तुम्हारे लिए.... उस कमीने जिब्रान ने मुझे धमकी दी थी की अगर मैंने तुम्हे कुछ बताया तो वो तुम्हे जान से मार.... मैं कैसे तुम्हे कुछ भी होने देती.... इस लिए मैं चुप रही और उसके ज़ुल्म सेहती रही.... मैं सब कुछ सेह सकती हूँ मगर तुम्हे कुछ हो मुझे कतई मंज़ूर नहीं....

ये कह के वो रोने लगती है.... कोमल की बात और अपने लिए इतनी फ़िक्र देख के प्रिंस को उसपे बड़ा प्यार आने लगता है.... वो आगे बढ़ के कोमल को अपने सीने से लगा लेता है और उसे चुप करा के कहता है....

प्रिंस : इतनी फ़िक्र करती हो मेरी....

कोमल : अपनी जान से भी ज़्यादा....

प्रिंस : अच्छा जी....

कोमल : हाँ जी....

प्रिंस : तुम्हे किसी से डरने की ज़रुरत नहीं है.... कोई तुम्हारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता.... और रही मेरी बात तो मुझे चुना भी किसी के लिए मुमकिन नहीं नुक्सान पहुँचाना तो बहुत दूर की बात है.....

कोमल प्रिंस से थोड़ा अलग हैट के धीरे से कहती है...

कोमल : उनसे ज़्यादा तो मुझे तुम से दर लग रहा है....

कोमल की बात सुन के प्रिंस हंस के कहता है....

प्रिंस : मेरे दोस्त मुझसे डरते नहीं बल्कि मुझे दिल से अपना मान के मुझे प्यार करते हैं.... और मैं उन्हें.... रही बात तुम्हारी तो तुम तो मेरी सब से प्यारी दोस्त हो.... जो मेरे दिल के बेहद करीब है.... मगर शायद तुम मुझे अपना दोस्त नहीं मानती....

ये कह के प्रिंस पलट के वहां से जाने लगता है.... कोमल फ़ौरन उसका हाथ पकड़ के उसे रोक के कहती है.... तुम क्या जानो तुम मेरे लिए क्या हो.... आज कह दिया दोबारा ऐसा कभी मत कहना.... वर्ण....

कोमल की बात सुन के प्रिंस हैरत से मुस्कुरा देता है....

प्रिंस : क्या बात है अभी तो दर रही थी और अब अचानक से तुम्हारा रूप hi बदल गया....

कोमल : हाँ तो क्या....? तुम्हे नहीं पता मैं एक शेरनी हूँ और शेरनी कभी किसी से नहीं डर्टी....

कोमल की बात सुन के प्रिंस मुस्कुरा के कहता है....

प्रिंस : अब कही तू ने असली बात.... इस बात पे मुँह मीठा हो जाए....

ये कह के प्रिंस कोमल को किश करने के लिए आगे बढ़ता है.... कोमल फ़ौरन उसे खुद से दूर हटा के कहती है....

कोमल : कमीने क्या कर रहा है...

प्रिंस : अपनी दोस्त को प्यार कर रहा हूँ...

कोमल : ज़्यादा उड़ने की ज़रुरत नहीं है... समझे.... अभी हम इतने भी करीब नहीं आये की तुम वो सब करो.... चल अब दूर हैट... बड़ा आया मुझे कोमल रानी को किश करने वाला....

ये कह के वो प्रिंस को दूर धकेल देती है....

प्रिंस अभी कुछ कहने hi वाला होता है की तभी हंसी की आवाज़ आने लगती है....

सब पीछे पलट के देखते हैं....

विजय : हहहहहहहह.... आज पहली बार देख की कोई है जो प्रिंस के हाथ नहीं आयी... साले अब तेरा जादू ख़तम समझ... अब मेरी बारी है... देख मैं कैसे इसे पता के किश करता हूँ....

अभी विजय ने इतना hi कहा था की तभी उसपे थप्पड़ों की बरसात होने लगती है....

कोमल के साथ साथ रूही और सैर भी विजय पे थप्पड़ों की बरसात करने लगते हैं....

कुछ hi देर में विजय की हालत खराब हो जाती है....

विजय : प्रिंस बचा मुझे.... यार प्लीज बचा ले.... वर्ण ये तीनो मेरी जान ले लेंगी....

प्रिंस फ़ौरन आगे बढ़ के उन्हें रोक देता है....

प्रिंस : साले 1000 बार तुझे समझाया है... कुछ भी कहने से पहले सोच लिया कर मगर तू है की सुनता hi नहीं....

विजय : अबे मुझे क्या पता था की मेरे कुछ कहने से ये इतना भड़क जाएंगी... वैसे ये वाकई में किसी शेरनी से काम नहीं है... आज तो मुझे लगा की मेरी बीवी बेवा और बच्चे अनाथ हो जाएंगे....

प्रिंस : अबे तेरी शादी कब हुई....? जो बीवी बच्चों की बात कर रहा है....

विजय : हुई नहीं तो हो जायेगी... और शादी के बाद बच्चे भी आ जाएंगे.... बस तब तक के लिए मुझे ज़िंदा रहना.... बस तुझसे और तेरी इन शेरनियों से दर लगता है... जाने कब बिना मसाला लगाए hi मुझे कच्चा खा जाए.... सब से खतरनाक तो वो ज़रा है.... वो जितनी खतरनाक है उतनी hi खूबसूरत और Sexyaaaaaaaaaaahhhhh....

अभी विजय ने इतना कहा hi था की तभी एक ज़ोरदार थप्पड़ उसके मुँह पे पड़ता है और वो उड़ता हुआ दूर जा के गिरता....

ज़रा : साले तेरी हिम्मत कैसे हुई मुझे सेक्सी कहने की....

प्रिंस : अबे इसने तेरी तारीफ hi तो की थी....

ज़रा : मेरी तारीफ करने का हक़ सिर्फ और सिर्फ मेरी जान का यानी तेरा है.... और ये साला है की जब देखो तब....

प्रिंस : चोर न यार दोस्त है वो....

ज़रा : दोस्त है तो दोस्ती की हद में रहे... अगर दोबारा इसने ऐसा वैसा कुछ कहने के बारे में सोचा भी न तो फिर देख लेना....

प्रिंस : अच्छा चल मैं उसे समझा दूंगा... तू अपना मूड खराब मत कर....

ज़रा : मूड तो खबर हो गया है... अब चल जल्दी से इसे ठीक कर....

प्रिंस : वो कैसे....

ज़रा : तुझे न सब कुछ सीखना पड़ता है....

ये कह के ज़रा आगे बढ़ के प्रिंस का चेहरा अपने हाथों में ले के उसके होंठों को चूसने लगती है... प्रिंस उसे अलग करने की कोशिश करता है मगर ज़रा कहाँ उसे चोर्ने वाली है... वो जी भर के उसके होंठों को चूसने लगती है.... धीरे धीरे प्रिंस भी किश में उसका साथ देने लगता है.... करीब 10 मिनट्स तक दोनों एक दूसरे के होंठों के चूसते रहते हैं.... फिर अलग हो के अपनी साँसों को काबू करते हैं....

ज़रा अपने होंठों पे जुबां फिरा के कहती है....

ज़रा : अब जा के मूड ठीक हुआ....

रूही जो काफी देर से गुस्से और जलन में दोनों को देख रही थी ज़रा के हैट ते hi प्रिंस के ऊपर कूद पड़ती है और वाइल्ड तरीके से उसके होंठों को चूसने लगती है.... इस से पहले की प्रिंस कुछ समझ पाटा रूही उसके होंठों के साथ साथ उसकी जुबां को चूसने लगती है... साथ hi काटने भी लगती है.... मस्ती जोश और जलन में वो प्रिंस के होंठों को वाइल्ड तरीके से चूसते हुए काटने लगती है... प्रिंस के होंठों से खून निकल के रूही के मुँह में जाने लगता है.... रूही को अपने मुँह में कुछ अजीब सा टास्ते आता है तब वो प्रिंस से थोड़ा अलग होक देखती है.... प्रिंस के होंठों से निकल रहे खून को देख रूही की आँखें नाम हो जाती है... उसे अपनी गलती का एहसास होने लगता है वो कुछ कहने hi वाली होती है की तभी प्रिंस अपने होठों उसके होंठों से जोड़ देता है.... जो इस बात का इशारा है की तू ने जो खून निकला है उसे तू hi चूस के ठीक करेगी.... प्रिंस का इशारा पा ते hi रूही प्यार से प्रिंस के होंठों को चूसने लगती है.... करीब 10 मिनट्स के बाद दोनों अलग होते हैं.....

फिर प्रिंस कोमल की तरफ देख के उस से पूछता है....

प्रिंस : तुम्हे भी किश करना है क्या....?

प्रिंस की बात सुन के कोमल उसे गुस्से से देखती है.... जिसे देख प्रिंस हंस देता है....

फिर सब खाना खा के आराम करने अपने रूम की तरफ चल देते हैं....

प्रिंस रूही के करीब जा के कहता है....

प्रिंस : रात को रेडी रहना तुम्हारे लिए एक ख़ास सरप्राइज है....

रूही ख़ुशी से : अच्छा.... वाओ... क्या है वो सरप्राइज....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 130

प्रिंस कोमल की तरफ देख के उस से पूछता है....

प्रिंस : तुम्हे भी किश करना है क्या....?

प्रिंस की बात सुन के कोमल उसे गुस्से से देखती है.... जिसे देख प्रिंस हंस देता है....

फिर सब खाना खा के आराम करने अपने रूम की तरफ चल देते हैं....

प्रिंस रूही के करीब जा के कहता है....

प्रिंस : रात को रेडी रहना तुम्हारे लिए एक ख़ास सरप्राइज है....

रूही ख़ुशी से : अच्छा.... वाओ... क्या है वो सरप्राइज....?????

अब आगे.....

प्रिंस : रात को पता चलेगा मेरी जान....

रूही से रात का इंतज़ार नहीं हो रहा है.... आखिर रात आ hi जाती है.... खाने के बाद प्रिंस रूही के पास आ के प्यार से कहता है....

प्रिंस : तो जान तैयार हो अपने सरप्राइज के लिए....

रूही : मैं तो कब से बेचैन हूँ ये जान ने के लिए मेरा जानू मुझे क्या सरप्राइज देने वाला है.... अब मुझसे और सब्र नहीं हो रहा है..... प्लीज जल्दी से बताओ न की सरप्राइज क्या है....?

प्रिंस : मुझ पे यकीन है....?

रूही : खुद से ज़्यादा....

प्रिंस : मुझसे प्यार....?

रूही : तुम से ज़्यादा....

प्रिंस : तो फिर अपनी आँखें बंद कर लो और जब तक मैं न कहूं अपनी आँखें मत खोल न....

रूही अपनी आँखें बंद कर लेती है.... कुछ देर बाद प्रिंस उसे आँखें खोलने को कहता है.... सामने का नज़ारा देख रूही ख़ुशी से उछाल पड़ती है....

रूही : वाओ... क्या नज़ारा है...? इतना हसीं नज़ारा मैंने आज तक नहीं देखा....

प्रिंस : ये तो कुछ भी नहीं है ज़रा पीछे मुद के तो देखो....

रूही : जैसे hi पीछे मुद के देखती है... वो बुरी तरह से चौंक जाती है.... वो बस हैरत से उसे देखती रह जाती है....

प्रिंस : कहाँ खो गयी जान....

रूही : वाओ जानू बेहद hi आलिशान और खूबसूरत घर है.... ये घर किसी महल से काम नहीं....

प्रिंस : हाँ जान... जानती हो ये इस दुनिया सब से आलिशान खूबसूरत और कीमती घर है....

रूही : ो वाओ.... वैसे किसका घर है ये....?

प्रिंस : मेरा....

रूही शॉकेड : Kyaaaaaaaaaa.....?

प्रिंस : हाँ जान....

रूही : क्या सच में ये घर तुम्हारा है....?

प्रिंस : हाँ जान ये घर मेरा है.... कल तक ये घर मेरा था.... मगर आज से ये हमारा है....

रूही : क्या कह रहे हो.... सच में....

प्रिंस : हाँ जान....

प्रिंस के मुँह से हाँ सुन के रूही ख़ुशी में उसके सीने से लिपट जाती है.....

रूही : जानू ये मेरी लाइफ का बेस्ट सरप्राइज है.... थैंक्स फॉर थिस ी रियली लव आईटी....

ये कह के रूही प्रिंस के होंठों को कास के चूम लेती है....

प्रिंस : ये तुमसे किसने कहा की ये सरप्राइज है.....?

रूही : क्यों ये वो सरप्राइज नहीं है क्या.....?

प्रिंस : नहीं मेरी जान असली सरप्राइज तो अंडर है.... चलो आओ मेरे साथ तुम्हे दिखता हूँ....

ये कह के प्रिंस रूही का हाथ थाम के उसे घर के अंडर ले जाने लगता है... रूही प्रिंस का हाथ थामे उसके साथ चलते हुए हैरत से कभी उस घर की खूबसूरती को देखती है तो कभी प्रिंस को...

प्रिंस की आवाज़ सुन के रूही की तंत्र टूट टी....

प्रिंस : नानी....

प्रिंस की आवाज़ सुन के उसकी नानी "रानी साहिबा" मुद के उस तरफ देखती है... प्रिंस को देख उनकी ख़ुशी का ठिकाना नहीं रहता... उनकी आँखों से ख़ुशी के आंसू बहने लगते हैं.... वो अपनी बाहें फैला देती है... प्रिंस भाग के उनके करीब जा के उनके सीने से लिपट जाता है... दोनों की आँखों से ख़ुशी के आंसू बहने लगते हैं..... काफी देर तक दोनों एक दूसरे के सीने से लिपट के रट रहते हैं... फिर कुछ देर बाद नानी प्रिंस को खुद से थोड़ा दूर करके एक थप्पड़ उसे रसीद करती है....

Chataaaaaaaaaaaaaak....

प्रिंस : आआआउउउउच.... ये क्या नानी.... ऐसे भी कोई स्वागत करता है अपने लाडले नाती का....? मुझे लगा की आप मुझे अपने सीने से लगा के प्यार करेंगी... अपने पास बिठा के अपने हाथों से खाना खिलाएंगी... मगर आप तो मुझे मार रही हैं....

नानी कुछ कहने hi वाली होती है की तभी भीमसेन (नानी का मैनेजर) बीच में बोल पड़ता है....

भीमसेन : अभी मारा कहाँ है.... अभी तो आपको मार पड़नी बाकी है.... नानी की तरफ एक छड़ी बढ़ा के कहता है.... ये लीजिये मालकिन इस से मारिये इसे.... तब जा के इसकी अकाल ठिकाने आएगी....

भीमसेन की बात सुन के प्रिंस गुस्से से

उसे घूर के देखता है.... वो उसे कुछ कहने hi वाला होता है की तभी नानी उसे छड़ी से पीटने लगती है....

प्रिंस : आआआउउउउच... नानी क्या कर रही हो.... लग रही है.... ाआउउउच... नहीं नानी आआह्ह्ह्ह....

नानी गुस्से से उसे मारती रहती है और प्रिंस दर्द होने की एक्टिंग करते हुए आवाज़ निकालता रहता है.... रूही दूर कड़ी हैरत से सब देख रही है....

भीमसेन : मारो मालकिन और ज़ोर से मारो.... आज पूरी कसार निकाल लो....

भीमसेन की बात सुन के प्रिंस गुस्से में उसे देख के कहता है....

प्रिंस : साले तुझे तो मैं बाद में देखता हूँ...

नानी : क्या कहा तू ने....?

प्रिंस : नहीं मैंने तो कुछ नहीं कहा....

भीमसेन : मालकिन इसने मुझे साला कहा.... देखा आपने यहाँ से जा के ये गाली देना भी सीख गया है... कितनी गलत बात है न.... इसके लिए इसे और मार पड़नी चाहिए.... मारिये और ज़ोर से मारिये....

नानी भी गुस्से में प्रिंस को मारती रहती है.... मारते मारते छड़ी टूट जाती है.... जिसे देख भीमसेन दूसरी छड़ी दे के कहता है.... ये लीजिये मालकिन इस से मारिये....

नानी वो छड़ी ले के प्रिंस को मारने के लिए आगे बढ़ती है की तभी प्रिंस घुटनो के बल उनके पास बैठ के कहता है....

प्रिंस : मारए नानी जब तक आपका गुस्सा शांत नहीं हो जाता मारिये मुझे... मैंने काम hi ऐसा किया है.... इतने दिन हो गए मैंने एक बार भी अपनी जान से प्यारी नानी को एक फ़ोन तक नहीं किया.... एक बार भी ये जान ने की कोशिश नहीं की की वो कैसी है.... मैं अपनी दुनिया में इतना खो गया की मुझे अपनी जान से प्यारी नानी का ज़रा भी ख़याल न रहा.... मैंने एक पल के लिए भी ये नहीं सोचा की मेरे बगैर मेरी प्यारी नानी का क्या हाल होगा.... कैसे रह रही होगी वो मेरे बिना.... मेरे बगैर वो कितनी दुखी होगी....

नानी छड़ी दूर फेक के आगे बढ़ के प्रिंस के चेहरे पे पप्पी की झड़ी लगा देती है.... फिर उस को कास के अपने सीने से लगा लेती है.... दोनों की आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... काफी देर तक दोनों एक दूसरे के सीने से लगे रहते हैं.... कुछ देर बाद दोनों अलग होते हैं.... नानी अब भी रट हुए प्यार से प्रिंस के चेहरे को देखती रहती है....

प्रिंस नानी के आंसू पॉच के कहता है....

प्रिंस : नानी अब बस भी करो.... चुप हो जाओ.... आप जानती हो न की मैं आप को यूँ रट हुए नहीं देख सकता.... फिर भी आप...

नानी : ये तो ख़ुशी के आंसू हैं....

प्रिंस : ख़ुशी के हों या गम के.... नहीं मतलब नहीं.... अब एक भी आंसू नहीं...

नानी : ाचा जी अगर इतनी hi फ़िक्र है अपनी नानी की तो फिर क्यों मुझे यहाँ अकेली चोर के गया था....

प्रिंस : मैं भी कहाँ अपनी प्यारी नानी को चोर के जाना चाहता था... मगर क्या करूँ मुझे अपनी पहचान भी तो बनानी थी.... और वैसे भी सिर्फ 2 साल की hi तो बात है जिसमे से 2 महीने गुज़र चुके हैं... अब बस कुछ महीने और.... एक बार मैं खुद की पहचान बना लून फिर हमेशा के लिए यहाँ आपके पास आ के रहूँगा.... आपको चोर के कहीं नहीं जाऊँगा....

अभी दोनों बात कर hi रहे थे की तभी भीमसेन की आवाज़ सुन के दोनों पलट के पीछे देखते हैं....

भीमसेन : ये लड़की कौन है....?

रूही को देख नानी को झटका लगता है.... वहीँ प्रिंस जो कहता है उसे सुनके नानी बुरी तरह से घबरा जाती है...

प्रिंस : ये पारी है....

नानी : Kyaaaaaaaaaa....? P....P....Pa...ri...????

प्रिंस : व... व... वो.... ये... वो....

प्रिंस को यूँ हकलाते देख भीमसेन को दाल में कुछ काला लगता है....

भीमसेन धीरे से : लगता है ये प्रिंस की गर्लफ्रेंड है जिसे ये साथ लाया है मालकिन से मिलवाने.... देख अभी मैं कैसे तेरी बंद बजता हूँ... साले हर बार तू मेरी बजता आया है न.... देख अब मैं कैसे गईं गईं के तुझसे बदले लेता हूँ.... अब आया बीटा ूँथ पहाड़ के नीचे.... अब देख ये पहाड़ केसव तुझे अपने नीचे दबाता है.... अब तो तू गया 12 के भाव से बीटा....

भीमसेन : मुझे लगता है की ये प्रिंस की दोस्त है.... है न प्रिंस....

प्रिंस : ह.... ह..... हाँ... य... ये... दोस्त hai....Haan नानी ये मेरी दोस्त hi है.... वैसे है न परियों से भी कई ज़्यादा हसीं और खूबसूरत....

इस से पहले की नानी कुछ कहती....

भीमसेन : न मुझे नहीं लगता की ये प्रिंस की दोस्त है.... मुझे तो ये प्रिंस की बीवी लगती है.... क्यों प्रिंस मैंने ठीक कहा न....

प्रिंस : हाँ.... वो... नहीं... हाँ....

भीमसेन : देखा मालकिन..... ये इसकी बीवी है... इसने चुपके से शादी भी कर्ली.... आप को अपने निकाह में शामिल करना तो दूर बताना भी ज़रूरी नहीं समझा....

ये कहते hi भीमसेन के चेहरे पे शैतानी स्माइल आ जाती है....

भीमसेन : साले अब फसा कमीना.... देख अभी मैं तेरी क्या हालत करता हूँ.... अभी तो बस शुरुवात है बीटा आगे आगे देखता जा.... मैं तेरी कैसे बंद बजता हूँ.... एक का काम तो हो गया अब दूसरे का आना बाकी है.... उसके आने के बाद तेरा बंद नहीं बल्कि पूरा ऑर्केस्ट्रा बजेगा....

भीमसेन की बात सुन के प्रिंस बेहद गुस्से से उसकी तरफ देखता है....

भीमसेन : ये गुस्से से देखने से कुछ नहीं होगा... सच सच बता की ये कौन है...? तेरी बीवी hi है न.... बोल न बोलता क्यों नहीं... मालकिन ये जान न चाहती हैं की ये तेरी बीवी है की नहीं बता जल्दी.... क्यों मालकिन मैंने सही कहा न... आप ये जान न चाहती है न की ये इसकी बीवी है की नहीं....

भीमसेन की बात सुन के प्रिंस को गुस्सा तो बहुत आता है.... मगर वो फिलहाल के लिए अपने गुस्से को शांत करके धीरे से कहता है....

प्रिंस : ये मेरी बीवी है....

अभी प्रिंस ने ये कहा hi था की तभी किसी की आवाज़ सुन के उसे एक झटका सा लगता है... वो बुरी तरह से चौंक जाता है... उसे समझ में नहीं आता की वो करे तो क्या करे....

"......." : kyaaaaaaaaaaaa... कहा तुम ने...?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 131

भीमसेन : ये गुस्से से देखने से कुछ नहीं होगा... सच सच बता की ये कौन है...? तेरी बीवी hi है न.... बोल न बोलता क्यों नहीं... मालकिन ये जान न चाहती हैं की ये तेरी बीवी है की नहीं बता जल्दी.... क्यों मालकिन मैंने सही कहा न... आप ये जान न चाहती है न की ये इसकी बीवी है की नहीं....

भीमसेन की बात सुन के प्रिंस को गुस्सा तो बहुत आता है.... मगर वो फिलहाल के लिए अपने गुस्से को शांत करके धीरे से कहता है....

प्रिंस : ये मेरी बीवी है....

अभी प्रिंस ने ये कहा hi था की तभी किसी की आवाज़ सुन के उसे एक झटका सा लगता है... वो बुरी तरह से चौंक जाता है... उसे समझ में नहीं आता की वो करे तो क्या करे....

"......." : kyaaaaaaaaaaaa... कहा तुम ने...?????

अब आगे.....

प्रिंस : हाँ ये मेरी बीवी है....

"......" : क्या कहा तुमने....????? ये तुम्हारी बीवी है तो फिर मैं कौन हूँ....???? बताओ मुझे जवाब दो.... कौन हूँ मैं....?

सब पलट के पीछे की तरफ देखते हैं.... वहां मौजूद शख्स को देख हैरत और शॉक से सब की आँखें बड़ी हो जाती हैं.... किसी को कुछ समझ नहीं आ ता....

वो हैरत से कभी रूही को देखते हैं तो कभी उस लड़की को.....

उस को देख प्रिंस की तो जैसे साँसें hi अटक गयी हैं..... उसे समझ नहीं आ रहा है की ये अचानक से क्या और क्यों हो गया....?

बोलो न प्रिंस बोलते क्यों नहीं.....? जवाब दो मेरे सवाल का.... अगर ये तुम्हारी बीवी है तो फिर मैं कौन हूँ....? बताओ कौन हूँ मैं....?

प्रिंस : A....v...ni....

प्रिंस के मुँह से बस इतना hi निकलता है....

जी हाँ ये और कोई नहीं बल्कि अवनि hai....ye अचानक से यहाँ कैसे और क्यों आ गयी ये जल्द hi पता चल जाएगा....

अवनि : शुक्र है तुम्हे मेरा नाम तो याद है.... वर्ण लोग धोका देने के बाद अक्सर नाम भूल जाय करते हैं.... इतना बड़ा धोका दिया तुमने मुझे.... मैंने तुम्हे क्या समझा था... और तुम क्या निकले.... आखिर तुम भी औरों की तरह धोकेबाज़ निकले.... जो काम निकल जाने के बाद अक्सर धोके दे दिया करते हैं.... तुमने भी मेरे साथ वैसा hi किया.... जब तक दिल चाहा मेरे साथ खेला... मेरे जिस्म का इस्तेमाल किया और जब दिल भर गया तो मुझे धोका दे के इस से शादी कर ली....

ये कहते कहते अवनि बेहद गुस्से में धीरे धीरे प्रिंस की तरफ बढ़ने लगती है.... और उसके बेहद करीब जा के उसकी आँखों में आँखें दाल के रट हुए उस से पूछती है....

अवनि : बताओ क्या कमी रह गयी थी मेरे प्यार में जो तुमने मुझे धोका दे के इस से शादी कर्ली.... बताओ मुझे.....

प्रिंस : अवनि तुम मुझे गलत समझ रही हो.... मैंने तुम्हे धोका नहीं दिया.... बल्कि दिल से अपनी रूह की गहराइयों से चाहा है...

Aaaaaaaaaaaaagggggghhhhh.....

प्रिंस अभी इतना hi कह पाया था की उसके मुँह से एक दर्दनाक चीख निकल जाती है....

अवनि एक तेज़ धारदार खंजर प्रिंस के सीने में मार के कहती है....

अवनि : धोका दिया है तुमने मुझे..... धोका....

अवनि ये कहती जा रही है और साथ hi प्रिंस के सीने में खंजर मारती जा रही है.... अब तक वो 3 बार प्रिंस के सीने में खंजर से वार कर चुकी है.... उसके हर वार पे प्रिंस के मुँह से दर्दनाक चीख निकल रही है.... जिसे सुन के वहां मौजूद सभी का दिल देहल जाता है....

इस से पहले की अवनि प्रिंस पे और वार करती रूही दौर के उसके करीब जाती है और उसे खींच के प्रिंस से अलग करती है..... और एक ज़ोरदार पंच अवनि के सीने में मारती है... जिस से अवनि उड़ती हुई दूर जा गिरती है....

प्रिंस के सीने से बेतहाशा खून बहने लगता है.... वो खुद को संभाल नहीं पाटा और पीछे की तरफ गिरता है.... प्रिंस का हाल देख सब के मुँह से चीख निकल जाती है...

प्रिंसीईईई.....

सब दौर के उसके पास जाते हैं.... रूही गुस्से में अवनि को मारे जा रही है... मगर अवनि पे उसका कोई असर नहीं हो रहा है.... अवनि गुस्से में प्रिंस को घूर रही है... वो उठ के प्रिंस को मारने के लिए उसकी तरफ जाने लगती है... की तभी रूही बेहद गुस्से में उसे एक फ्लाइंग किक मारती है....

रूही : साली तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी जान पे वार करने की... आज मैं तेरी जान ले लुंगी...

ये कह के रूही अवनि के मुँह पे एक ज़बरदस्त पंच मारती है.... अवनि के होंठ पहात जाते हैं और उसमे से खून बहने लगता है....

अवनि गुस्से में रूही को एक पंच मार के कहती है....

अवनि : साली हैट जा मेरे रास्ते से.... कहीं ऐसा न हो की उस धोकेबाज़ को मारने से पहले मैं तेरी जान ले लून....

अवनि की बात सुन के रूही बेहद गुस्से में आ जाती है....

रूही : नहीं है वो धोकेबाज़... सुना तू ने.... बंद कर मेरी जान को धोकेबाज़ कहना.....

अवनि : धोकेबाज़ को धोकेबाज़ न कहूं तो और क्या कहूं....? उसने मुझे hi नहीं तुझे भी धोका दिया है.... प्यार करने का नाटक मेरे साथ और निकाह तेरे साथ... ये धोका नहीं तो और क्या है... हैट जा मेरे रास्ते से.... कहीं ऐसा न हो की आज मेरे हाथ से उस धोकेबाज़ के साथ साथ तेरा भी खून हो जाए....

मगर रूही है की हटने का नाम hi नहीं ले रही.... वो प्रिंस के सामने ढाल बन के कड़ी है....

रूही : जब तक मैं ज़िंदा हूँ तू मेरी जान को नहीं मार सकती....

रूही की बात सुन के अवनि हसने लगती है....

हहहहहहहहह.....

अवनि : जान माय फुट... ये धोकेबाज़ किसी का जान नहीं हो सकता.... और रही मारने की बात तो वो तो मैं कब का उसे मार चुकी हूँ.... देखना बस कुछ हो देर में कैसे ये तड़प तड़प के मरता है....

हहहहहहहहह....

ये कह के अवनि हसने लगती है.... साथ hi रोने भी लगती है.... उसकी आँखों से आंसू बह रहे हैं.... अचानक से वो चाकू प्रिंस की तरफ फ़ेंक के मारती है... जिसे बीच में hi बंगारू बाबा पकड़ लेते हैं....

रूही दौर के प्रिंस की तरफ जाती है.... वहीँ अवनि की माँ उसके करीब जा के खींच के उसे एक थप्पड़ मार के कहती है...

अंजू : ये क्या किया तू ने....? उस नेक फ़रिश्ते को मारते हुए तेरे हाथ नहीं काम्पे....

अवनि : फरिश्ता नहीं धोकेबाज़ है वो... धोकेबाज़....

अभी अवनि ने इतना hi कहा था की तभी बाबा गुस्से में चीखते हुए कहते हैं....

बाबा : खामोश गुस्ताख़.... एक और गलत लफ्ज़ अगर तू ने प्रिंस के लिए अपनी जुबां से निकाला तो मैं इसी वक़्त तेरी जान ले लूंगा.... मैं ये भूल जाऊँगा की तू प्रिंस की जान है....

बाबा की गुस्से भरी दहाड़ सुन के सब दर जाते हैं.... नानी और रूही प्रिंस के पास बैठ के रोये जा रही हैं....

रूही : नानी.... ये वक़्त रो ने का नहीं है बल्कि प्रिंस की जान बचने का है.... इसे हम को जल्द से जल्द हॉस्पिटल ले जाना होगा ताकि हम इसकी जान बचा सकें....

बाबा : नहीं इसकी जान दुनिया का कोई डॉ नहीं बचा सकता....

रूही रट हुए : नहीं ऐसा नहीं हो सकता... मेरे प्रिंस को कुछ नहीं हो सकता.... ये मेरी जान है... जब तक मैं ज़िंदा हूँ मेरी जान को कुछ नहीं होने दूंगी.... आप लोग साथ दो या न दो.... मैं खुद इसे हॉस्पिटल ले जाउंगी....

बाबा बेहद गुस्से में : एक बार तुम्हे कहा तो बात तुम्हारी समझ में नहीं आती क्या....? इसे दुनिया का कोई डॉ नहीं बचा सकता.... इस्पे शैतान के राजा अघुरा के जादुई खंजर से वार हुआ है.... जिस खंजर पे शैतान की बेटी रेहबा और इस (अवनि) का खून मिला के प्रिंस पे वार किया है.... अब प्रिंस को दुनिया का कोई डॉ नहीं बचा सकता....

बाबा की बात सुन के वहां मौजूद सभी के होश उड़द जाते हैं....

नानी : नहीं बाबा ऐसा मत कहिये... ऐसा नहीं हो सकता.... मेरे प्रिंस को कुछ नहीं हो सकता..... मैं इसे कुछ नहीं होने दूंगी.... मैं अपनी पूरी जादुई ताक़त लगा दूंगी अपने प्रिंस को बचने में....

बाबा : गलती से भी ऐसा मत करना.... तुम्हारा जादू प्रिंस की जान बचने के बजाये इसे मौत के और करीब ले जाएगा....

नानी : मेरा नहीं तो आप का जादू.... बाबा आप अपनी पावर्स से प्रिंस को बचा सकते हैं.... बाबा कुछ कीजिये.... बाबा... मेरे प्रिंस की जान बचा लीजिये....

बाबा : मेरे लिए भी ये करना मुश्किल है.... फिर भी कोशिश कर के देखता हूँ....

बाबा आँखें बंद करके कुछ पढ़ते हैं फिर अपना हाथ प्रिंस के सीने की तरफ बढ़ देते हैं... उनके हाथ से नीली रौशनी निकल के प्रिंस के सीने में जाने लगती है.... धीरे धीरे प्रिंस के सीने से निकल रहा खून रुक जाता है... मगर इसके घाव नहीं भर रहे....

नानी : बाबा प्रिंस का खून बहना तो बंद हो गया है मगर उसके घाव क्यों नहीं भर रहे... उसे तो अब तक भर जाना चाहिए था....

बाबा : वो इस लिए क्यों की प्रिंस पे जो वार हुआ है उसका तोड़ मेरे किसी जादू में नहीं है.... अब प्रिंस के पास सिर्फ 24 घंटे का वक़्त है.... धीरे धीरे वो मौत की तरफ बढ़ रहा है.... जैसे hi 24 घंटे पूरे होंगे प्रिंस मौत की ऐसी गहरी नींद सो जाएगा की फिर कभी वो छह के भी वापिस नहीं लौट पायेगा.... 24 घंटे पूरे होने के बाद प्रिंस की जान के साथ साथ उसकी रूह भी हमेशा हमेशा के लिए मिट जायेगी... उसका वजूद इस दुनिया से ख़तम हो जाएगा.... वो फिर कभी इस दुनिया में जनम नहीं ले पायेगा.... वो कभी लौट के नहीं आएगा....

बाबा ने अभी ये कहा hi था की पूरे हवेली में दर्द भरी चीख गूँज उठती है....

Princeeeeeeeeeeeeeee.....

रूही और नानी प्रिंस का नाम ले के रोने लगती हैं....

इधर शैतान लोक में जब रेहबा को इस बात का पता चलता है वो हैरत और गुस्से से शैतान के राजा अघुरा से पूछती है....

रेहबा : ये क्या किया आपने....? क्यों किया ऐसा....? आप जानते हैं इसके बाद क्या होगा....? प्रिंस के मरते hi उसकी रूह के नष्ट होते hi उसकी पूरी पावर्स भी उसके साथ hi नष्ट हो जायेगी.... क्यों किया आपने ऐसा... बताइये...

शैतान : तमीज से बात करो.... जानती भी हो किस के सामने कड़ी हो और क्या कह रही हो.....? तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई हमसे... शैतान के राजा अघुरा से बात कर रही हो.... हम से गुस्ताखी का नतीजा मौत है....

शैतान को यूँ गुस्से में देख रेहबा सेहम जाती है.... और सर झुका के कहती है....

रेहबा : माफ़ी मेरे हुज़ूर.... माफ़ी.... मगर मैंने जो कहा वो भी उतना hi सच है....

अघुरा : हम भी जानते हैं की ये सच है की प्रिंस के साथ साथ उसकी रूह के ख़तम होते hi उसकी पूरी पावर्स भी ख़तम हो जायेगी....

रेहबा : तो फिर आप ने ऐसा क्यों किया....?

शैतान : हम ने ऐसा कुछ नहीं किया.... हम ने तो बस उस लड़की को हमारा वो जादुई खंजर दिया था जिसे हम ने 1000 साल की तपस्या से हासिल किया था.... जिसमे हमारी आधी से ज़्यादा काली शक्तियां थी.... उसमे हमने तुम्हारा खून लगा दिया था ताकि उसके वार से प्रिंस के अंडर जो भी पावर्स हैं और जो आने वाली हैं उन्हें उन काली शक्तिओं के ज़रिये बाँध के रखा जा सके.... और जब प्रिंस की पूरी पावर्स वापिस उसके जिस्म में आ जाए तब उनपे हमारी काली शक्तिओं का कब्ज़ा हो न की प्रिंस का.... उस वक़्त वो बेहद कमज़ोर होगा और उस से उसकी पावर्स को हासिल करना हमारे लिए आसान होगा.... मगर उस लड़की ने सब बर्बाद कर दिया.... प्रिंस पे 3 वार करने के बाद जब उसने चौथा वार करने के लिए उस खंजर को प्रिंस की तरफ फेका ठीक उसी वक़्त उस खंजर से उसका हाथ भी ज़ख़्मी हो गया और उसपे उसका पवित्र खून लग गया.... उसके पवित्र खून के उस खंजर पे लगते hi मेरी काली शक्तिओं का असर बदल गया मेरी काली शक्तियां अब प्रिंस के जिस्म में जा के उसकी पावर्स को बांधने के बजाये उसे बढ़ा रही है... धीरे धीरे वो बढ़ती hi जा रही हैं.... वो काली शक्तियां अब प्रिंस की पावर्स के साथ मिल रही हैं.... और उसे एक अलग hi पावर्स में बदल रही है.... अगले 24 घंटे में वो पूरी तरह से बदल के प्रिंस के पूरे जिस्म में फैल फटेंगी.... प्रिंस का जिस्म और उसका दिमाग अभी इतना मज़बूत नहीं हुआ है की उन पावर्स को संभाल सके.... 24 घंटे के बाद वो पावर्स प्रिंस के जिस्म के साथ साथ उसकी रूह को भी नष्ट कर देंगी.... प्रिंस और उसकी तमाम पावर्स के साथ साथ मेरी काली पावर्स भी हमेशा हमेशा के लिए नष्ट हो जाएंगी....

रेहबा : तो इसका मतलब की प्रिंस मर जाएगा.....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 132

रेहबा : तो इसका मतलब की प्रिंस मर जाएगा.....??????

अब आगे.....

अघुरा : हाँ और उसके मरते hi मेरी पावर्स के साथ साथ उसकी पावर्स भी नष्ट हो जाएंगी....

जो बात अघुरा रेहबा को बता रहा है.... वो hi बात बाबा यहाँ सब को बता रहे हैं.... जिसे सुन के नानी कहती है....

नानी : कोई तो रास्ता होगा जिस से प्रिंस को बचाया जा सके....?

नानी की बात सुन के बाबा अपनी आँखें बंद कर के अपना ध्यान लगाने लगते हैं.... कुछ देर ध्यान लगाने के बाद जाने उनको ऐसा क्या पता चलता है जिस की वजह से उसके होंठों पे मुस्कराहट आ जाती है मगर साथ hi उनकी आँखों से आंसू भी बहने लगते हैं.....

नानी : क्या बात है बाबा....? कोई रास्ता पता चला क्या....?

बाबा : हाँ एक रास्ता है....

नानी : अच्छा तो फिर जल्दी से प्रिंस की जान बचाइए.....?

बाबा के मुँह से हाँ सुन के वहां मजूद सभी रहत की सांस लेते हैं.... लेकिन तभी अवनि जो कहती है उसे सुन के सब फिर से परेशान हो जाते हैं.... दर उनके चेहरे पे साफ़ नज़र आने लगता है....

बाबा : प्रिंस की जान मैं नहीं बल्कि उसकी जान hi बचा सकती है....

नानी : प्रिंस की जान मतलब....?

बाबा : प्रिंस की जान मतलब उसका प्यार पारी रूही और अवनि....

नानी : मगर पारी तो यहाँ नहीं है तो फिर....?

बाबा : मैं ये कहना तो नहीं चाहता मगर जो सच है उस से मैं इंकार भी तो नहीं कर सकता.... और सच ये है की प्रिंस की जान खतरे में हो और उसे बचने पारी न आये ये मुमकिन नहीं.... वो उसका प्यार है उसकी रूह है.... पारी है तो प्रिंस है... प्रिंस है तो पारी है.... दो no दो जिस्म एक जान हैं.... एक दिल है तो दूसरी उसकी धड़कन... एक जिस्म है तो दूसरी उसकी रूह... जिस्म से रूह कभी जुड़ा नहीं हो सकती.... ये मुमकिन hi नहीं....

बाबा की बात सुन के अवनि गुस्से से पागल हो रही थी.... पहले रूही क्या काम थी जो अब बाबा पारी का नाम ले रहे हैं....

अवनि : लो जी इस धोकेबाज़ की एक और माशूका निकल आयी.... साले कमीने ने जाने और कितनी लड़कियों को अपने झूठे प्यार के जाल में फसा रखा है.... मैंने कभी सोच भी नहीं था की इस मासूम सी सूरत के पीछे ये कमीना शैतान का रूप लिए घूम रहा है.... जो लड़कियों को अपने झूठे प्यार के जाल में फसा के धोका देता आया है.... आज मैं इस धोकेबाज़ को ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी...

ये कह के अवनि बेहद गुस्से में प्रिंस को जान से मारने के लिए उसके करीब जाती और उसे मारने hi वाली होती है की तभी उसे ज़ोर का झटका लगता है और वो उड़ते हुए दूर जा गिरती है उसके मुँह से खून निकलने लगता है....

अवनि की बात सुन के जहाँ सब को बेहद गुस्सा आ जाता है वहीँ उसपे हुए इस अचानक हमले से सब हैरान हो जाते हैं....

सब मुद के अवनि को मारने वाले की तरफ देखते हैं..... उसे देख के सब हैरान हो जाते हैं....

नानी : Pa....ri....

जी हाँ ये पारी है....

अवनि की माँ : य.... य... ये तो हु बा हु अवनि जैसी है....

रूही : ये भी मेरे जैसी है.... मगर... ये कैसे.... ये दोनों हु बा हु मेरे जैसे कैसे है....?

अभी ये सोच hi रहे थे की पारी बेहद गुस्से में अवनि को मारने के लिए उसकी तरफ बढ़ती है.... मगर बाबा उसे बीच में hi रोक लेते हैं.....

पारी : बाबा चोर दीजिये मुझे मैं इसे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी... इसकी हिम्मत कैसे हुई मेरे प्रिंस को धोकेबाज़ कहने की.... उसपे जान लेवा हुम्ला करनी की..... मैं इसे ज़िंदा नहीं छोड़ूंगी इसे जान से मार दूंगी....

ये कह के पारी गुस्से में अपने जादू से अवनि पे वार करने hi वाली होती है की तभी....

बाबा : रुक जाओ पारी.... इसके मरते hi तुम और रूही भी मर जाओगी.... तुम तीन की जान एक दूसरे से जुडी हुई है....

बाबा की बात सुन के पारी गुस्से में कहती है....

पारी : मुझे अपनी जान की परवाह नहीं है....

बाबा : अपनी न सही प्रिंस की तो है की उसकी जान की तुम्हारी नज़र में कोई एहमियत नहीं....

पारी : क्या मतलब....? आप कहना क्या चाहते हैं....? ये की मैं इसे चोर दूँ इसे जिसने मेरी जान प्रिंस पे जान लेवा हमला किया है....

बाबा : हाँ.... चोर दो इसे.... क्यों की तुह्महारी तरह ये भी प्रिंस की जान है... उसका सच्चा प्यार.... सिर्फ तुम तीनो hi नहीं बल्कि प्रिंस की जान और भी बहोत है....

पारी : Kyaaaaaaaaaa.....????? ये आप क्या कह रहे हैं बाबा.... कह दीजिये की ये झूट है.... प्रिंस सिर्फ मेरा है... वो और किसी का हो hi नहीं सकता....

बाबा : मैंने जो भी कहा वो सच है उतना सच जितना ये सच है प्रिंस अभी ज़िन्दगी और मौत के बीच झूल रहा है.... ये भी सच है की इस दुनिया में यहाँ तक की इस पूरे ब्रह्माण्ड में प्रिंस को चाहने वाली बहुत हैं मगर प्रिंस सिर्फ और सिर्फ तुम्हे अपनी जान से भी ज़्यादा चाहता है....

पारी : बाबा मुझे आप की बात समझ नहीं आ रही है.... एक तरफ आप कह रहे हैं की प्रिंस सिर्फ और सिर्फ मुझे चाहता है और दूसरी तरफ आप ये कह रहे हैं की मेरे अलावा प्रिंस और भी बहुत सी जान है....

बाबा : मैंने ऐसा नहीं कहा की तुम्हारे अलावा प्रिंस की बहुत सी जान है बल्कि मैंने तो ये कहा की तुम्हारे साथ साथ प्रिंस की और भी बहुत सी जान है....

पारी : मैं अभी भी आपकी बात नहीं समझी.... आप क्या कहना चाहते हैं साफ़ साफ़ क्यों नहीं कहते....

बाबा : वो सब बाद में इस वक़्त सब से ज़्यादा ज़रूरी प्रिंस की जान बचाना है.... इस के लिए तुम्हे प्रिंस पे जान लेवा हुम्ला करना होगा....

बाबा की बात सुन के वहां मौजूत सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं....

पारी : बाबा ये आप क्या कह रहे हैं... प्रिंस मेरा प्यार है मेरी जान है... मेरी रूह है... मेरे जीने की वजह है.... मैं कैसे अपनी जान पे जान लेवा हमला कर सकती हूँ....

बाबा : जानलेवा हमला तो तू कर चुकी है.... अवनि के रूप में.... अवनि अलग नहीं बल्कि तेरा hi एक रूप है... तेरा hi एक हिस्सा है और उस हिस्से ने बड़ी बेदर्दी से साथ तेरी सो कॉल्ड प्यार प्रिंस की जान ले ली है... अब अगर तू प्रिंस को बचाना चाहती है तो तुझे प्रिंस पे जान लेवा हुम्ला करना hi होगा.... वर्ण कुछ घंटों के बाद प्रिंस मौत की ऐसी गहरी नींद सो जाएगा जिस से उसे जगाना नामुमकिन होगा..... उसके मरते hi उसकी रूह भी नष्ट हो जायेगी... और फिर वो दोबारा कभी दूसरा जनम नहीं ले पायेगा.... अब तू सोच ले की तू क्या चाहती है.... प्रिंस की जान बचा के अपने प्यार को ज़िंदा रखना या फिर उसे मरने देना....

बाबा की बात सुन के पारी की आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... वो रट रट घुटनो पे बैठ जाती है....

पारी : बाबा मैं कैसे अपनी जान पे जान लेवा हुम्ला करूँ....? कैसे बाबा....? अगर उसे कुछ हो गया तो....? नहीं बाबा ये मुझसे नहीं होगा....

बाबा : तूने अगर प्रिंस पे जान लेवा हमला न किया तो उसे ज़रूर बहुत कुछ हो जाएगा.... वक़्त बातबाद मत कर.... प्रिंस हर गुज़रते पल के साथ मौत के मुँह में जा रहा है.... कहीं ऐसा न हो की बचा वक़्त हाथ से निकल जाए.... जल्दी फैसला कर तू प्रिंस को ज़िंदा देखना चाहती है या नहीं....

पारी : मगर बाबा....

बाबा : अब अगर मगर की कोई गुंजाइश नहीं है... तेरी बातों से ये साबित हो गया की तेरा प्यार झूठा है.... तू बस प्रिंस को प्यार करने का दिखावा करती आयी है.... तुझे कभी उस से प्यार था hi नहीं.... अगर प्यार होता तो इतना न सोचती अपनी जान की जान बचने के लिए वो सब करती.... मगर तू.... जा चली जा यहाँ से और साथ में ला जा अपने इस दोनों रूप को भी.... तू आज भी वैसी hi है जैसे उस वक़्त थी.... न तू बदली न मलिका सुनहरी....

बाबा की बात सुन के पारी गुस्से से चीखती है.... चीखे भी क्यों न बाबा ने उसके सच्चे प्यार को झूठा दिखावे का जो कहा.... ये पारी कैसे बर्दाश्त करती....

पारी गुस्से में : Babaaaaaaaaaa.... मेरा प्यार झूठा नहीं है.... नहीं है झूठा.... समझे आप.... मैं दिल की गहराइयों से प्रिंस को चाहती हूँ.... प्रिंस मेरी रूह में बसा हुआ है....

बाबा : अच्छा अगर ऐसी बात तो साबित कर अपना सच्चा प्यार.... ठीक कर के दिखा प्रिंस को.... कर उसपे जान लेवा हमला.....

बाबा की बात सुन के पारी कुछ कहने hi वाली होती है की तभी....

नानी : बाबा ये आप क्या कह रहे हैं....? अगर पारी प्रिंस पे जान लेवा हुम्ला कारगी तो वो उसका हुम्ला झेल नहीं पायेगा... उसी वक़्त मर जाएगा....

बाबा : नहीं ऐसा नहीं होगा.... पारी के हुम्ला करते hi.... प्रिंस की पावर्स जो पारी के अंडर है वो प्रिंस की जान को बचने के लिए उसके जिस्म में समां जायेगी.... और उसे ठीक कर देगी....

नानी : अगर ऐसा है तो पारी तो वैसे भी प्रिंस की पावर्स को प्रिंस के अंडर दाल सकती है....

बाबा : नहीं पारी छह के भी ऐसा नहीं कर सकती है.... प्रिंस की पावर्स 2 hi तरीके से उसके जिस्म में जा सकती है... प्रिंस जब खुद चाहे या फिर उसकी जान बचने के लिए प्रिंस की पावर्स उसके जिस्म को महसूस करके उसमे समां सके.... अब इस से पहले की देर हो जाए पारी वार करो प्रिंस पे....

तभी अचानक से वहां मौसम बदालने लालगता है.... ते हवा चलने लगती है.... कमरे में 7 रंग का धूंवा छाने लगता है.... जिसे देख सब हैरान होइ जाते हैं....

बाबा के चेहरे पे पसीना आने लगता है....

बाबा : पारी वार करो प्रिंस पे....

पारी को बाबा की बात सुनाई नहीं दे रही है... वो भी हैरत से चारो तरफ देख रही है.....

बाबा बार बार एक hi बात कह रहे हैं.... पारी वार करो प्रिंस पे.... मगर पारी सुन hi नहीं रही.... वक़्त बीत ता जा रहा है और वो सतरंगी धूंवा अपना रूप बदलने लगता है... एक इंसानी रूप में आने लगता है... ठीक तभी बाबा ज़ोर से चीख के पारी से कहते हैं....

बाबा : Pariiiiiiiiiiiii.... आआआआआ... कारु... प्रिंस peeeeeeeeee....

बाबा की चीख सुन के पारी की तंत्र टूट टी है और वो प्रिंस पे अपनी पूरी पावर्स से वार करती है.... वो आपने दोनों हाथ से ज़ोरदार जादुई पंच प्रिंस के सीने में मारती है... प्रिंस का सीना बुरी तरह से ज़ख़्मी हो जाता है उसमे से खून निकलने लगता है....

ठीक तभी वो धूंवा इंसानी रूप ले लेता है और एक दर्द भरी चीख पूरे महल में गूंज उठती है साथ hi ज़ोरदार हंसी भी....

Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii.....

हहहहहहहहह....

किसकी थी ये दर्द भरी चीख....????? और किसकी थी ये हंसी....?????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 133

बाबा : Pariiiiiiiiiiiii.... आआआआआ... कारु... प्रिंस peeeeeeeeee....

बाबा की चीख सुन के पारी की तंत्र टूट टी है और वो प्रिंस पे अपनी पूरी पावर्स से वार करती है.... वो आपने दोनों हाथ से ज़ोरदार जादुई पंच प्रिंस के सीने में मारती... प्रिंस का सीना बुरी तरह से ज़ख़्मी हो जाता है उसमे से खून निकलने लगता है....

ठीक तभी वो धूंवा इंसानी रूप ले लेता है और एक दर्द भरी चीख पूरे महल में गूंज उठती है साथ hi ज़ोरदार हंसी भी....

Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii.....

हहहहहहहहह....

किसकी थी ये दर्द भरी चीख....????? और किसकी थी ये हंसी....?????

अब आगे.....

अचानक पारी को ज़ोर का झटका लगता है उसका जिस्म कांपने लगता है और उसके जिस्म से एक एक करके 7 अलग अलग कलर की रौशनी निकल के प्रिंस के जिस्म में सामने लगती है.... ये रौशनी प्रिंस की पावर्स हैं..... इस पूरे ब्रह्माण्ड की सब से बड़ी और असीम पावर्स.... ये वो पावर्स है जिसे पिछले जनम में मरने से पहले प्रिंस ने पारी के जिस्म में दाल दिया था.... कुछ देर में प्रिंस की पूरी पावर्स पारी के जिस्म से निकल के प्रिंस के जिस्म में समां जाती है....

बाबा : हहहहहहहहहहह...

जी हाँ ये हंसी बाबा की है.... जैसे hi पारी ने प्रिंस पे वार किया बाबा ख़ुशी के मारे ज़ोर ज़ोर से हसने lage....wahin दूसरी तरफ किसी की दर्द भरी चीख सुनाई दे रही है....

Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii.... Sultaaaaaaaaaaaan....

एक तरफ जहाँ बाबा को यूँ अचानक हस्ते देख सब हैरान है वहीँ उस दर्द भरी चीख को सुन के न चाहते हुए भी सब की आँखें नाम हैं.....

बाबा : आखिर सालों बाद मैं कामियाब हो hi गया.... आज जा के दिल को सुकून मिला है....

नानी हैरत से बाबा को देख के कहती है.....

नानी : बाबा यहाँ प्रिंस के जिस्म से खून निकल रहा है.... वो ज़िन्दगी और मौत से लड़ रहा है और आप हंस रहे हैं.....

बाबा : हाँ मैं हंस रहा हूँ.... जानती हो क्यों....? क्यों की आज मैं बेहद खुश हूँ.... सालों से मुझे जिसका इंतज़ार था वो इंतज़ार आज ख़तम हो गया.... आज मेरा बचा मासूम प्रिंस आज़ाद हो गया.... इस कमेनियों की झूटी मोहोब्बत से आज़ाद हो गया....

तभी दर्द और गुस्से भरी चीख सुन के सब की रूह कांप जाती है....

खबरदार जो दोबारा अपनी जुबां से हमारी पाक और सच्ची मोहोब्बत को झूठा कहा तो....

आवाज़ सुन के सब पलट के उसकी तरफ देखते हैं..... पीछे खड़े शख्स को देख नानी बुरी तरह से दर जाती है.... उनके मुँह से बस इतना निकलता है....

नानी : M....alikaaaaa... Su...neh...ri.....

बाबा : ये मैं क्या देख रहा हूँ.... मलिका सुनहरी अपने दुश्मन से मिलने आयी है..... आओ मलिका सुनहरी... आओ... मुझे तुम्हारा hi इंतज़ार था.... तुम्हारे लिए hi तो मैंने ये चक्रव्यूह रचा था..... जो इतने सालों में न हो सका वो किस्मत से सालों बाद आखिर आज हो hi गया..... प्रिंस.... ओह गलती हो गयी... प्रिंस नहीं सुलतान..... यही नाम था न तुम्हारे आशिक़ का.... देखो आज सुलतान तुम्हारे झूठे प्यार के जाल से आज़ाद हो गया.... देखो उसे गौर से देखो... ये वही सुलतान है जिसे तुम हमेशा से तड़पते हुए देखना चाहती थी... अपना गुलाम बना के रखना चाहती थी.... काफी हद तक तुम कामियाब भी हुई.... मगर आज मेरा बीटा मेरा अज़ीज़ मेरा शागिर्द सुलतान उर्फ़ प्रिंस तुम्हारे प्यार की क़ैद से आज़ाद हो गया... उसे उस असीम तकलीफ असीम दर्द से आखिर आज़ादी मिल hi गयी.... वो दर्द वो तकलीफ जो तुमने अपने झूठे घमंड और ज़बरदस्ती के प्यार और शक की खातिर उसे दिया.... क्या कुछ नहीं किया उसने तुम्हारे लिए.... हर जनम सिर्फ और सिर्फ तुम्हारा प्यार पाने के लिए लिया.... तुम्हारी और तुम्हारे हर एक हिस्से की हिफाज़त की.... वो रोटा रहा तड़पता रहा अपने सच्चे प्यार का सबूत देता रहा मगर तुमने न कभी उसकी कोई बात मानी ना hi कभी उसके सच्चे प्यार पे यकीन किया..... हर जनम में उसने तुम्हारे लिए अपनी जान कुर्बान की मगर हर जनम में उसे क्या मिला दर्द बेइन्तेहाँ दर्द... जो तुमने उसके सच्चे प्यार के बदले उस मासूम को दिया.... तुम्हारे एक शक ने उसकी दुनिया पलट के रख दी.... उसे दर्द में तड़पने के लिए चोर दिया.... यहाँ तक की उसके दिल को उसके सीने से निकाल के क़ैद कर लिया.... मगर देखो आज सुलतान उर्फ़ प्रिंस तुम्हारी क़ैद से उस बेइन्तेहाँ तकलीफ से आज़ाद हो गया.... जानती हो उसे किसने आज़ाद किया.... तुम्हारे hi अपने दूसरे हिस्से ने यानी अवनि और पारी ने....

नोट : जब सही वक़्त आएगा तब फ्लैशबैक आप सब के सामने आएगा फिलहाल के लिए इतना HI....

बाबा की बात सुन के मलिका सुनहरी गुस्से से घूर के पारी और अवनि को देखती है.... फिर जब उसकी नज़र Sultaan/Prince पे पड़ती है तब उसके होंठों पे मुस्कान और आँखों से आंसू आ जाते हैं.... उसके चेहरे पे प्यार के साथ साथ दर्द और तड़प साफ़ नज़र आने लगती है....

बाबा : हहहहहहहहहह.... हैरत है मलिका साहिबा को अपने सब से बड़े दुश्मन सुल्तान की हालत देख के तकलीफ हो रही है....?

मलिका सुनहरी बेहद गुस्से में : खबरदार जो मेरी जान सुलतान को मेरा दुश्मन कहा तो.... जान है वो मेरी सुना तुमने.... वो मेरी जान है...

बाबा : हहहहहहहहह.... जान.... हहहहहहहह.... क्या कहा जान....? मज़ाक कर ने की तुम्हारी आदत अभी तक गयी नहीं मलिका सुनहरी....

मलिका सुनहरी : ये मज़ाक नहीं बल्कि सच है.... वो सच जिसे कोई नहीं बदल सकता.... मैं अपने सुलतान को दिलो जान से चाहती हूँ और मेरा सुलतान भी मुझे अपनी सुनहरी को दिलो जान से चाहता.... सच्चा प्यार करता है वो मुझसे....

बाबा : गलत मलिका सुनहरी गलत.... Sultaan/Prince तुम से प्यार करता है नहीं बल्कि करता था.... अवनि और पारी के जान लेवा हमले ने उस प्यार को प्रिंस के दिल और दिमाग की अँधेरी गहरी यादों में दफ़न कर दिया है... अब उसका बहार आना नामुमकिन है....

मलिका सुनहरी : ये सच नहीं है.... आप झूट बोल रहे हैं....

बाबा : यही सच है.... और सब से बड़ा सच क्या है जानती हो.... वो ये की अब Sultaan/Prince का प्यार पाना तुम्हारे लिए नामुमकिन है.... उसके दिल और दिमाग की उस गहराई में जहाँ तुम्हारा प्यार दफ़न है वहां तुम्हारा पहुंचना नामुमकिन है.... इस बार जब उसे होश आएगा तब वो तुम्हे पहचानेगा.... तुम्हारे हर रूप को पहचानेगा.... मगर न वो तुम्हारे प्यार को महसूस कर पायेगा न hi तुम्हारे किसी और रूप के प्यार को.... तुम अब छह के भी उसका प्यार नहीं पा सकोगी.... कभी नहीं.... आज से बल्कि अभी से प्रिंस का खुशियों भरा जीवन शुरू होगा... जिसमे तुम्हारे या तुम्हारे किसी रूप के प्यार की कोई जगह नहीं होगी.... प्रिंस प्यार तो करेगा... मगर तुम में से किसी के साथ नहीं बल्कि दूसरों के साथ.... जिस प्यार को पाने के लिए प्रिंस जन्मों से तड़पता आया है अब से वो तड़प वो तकलीफ तुम सब मिल के सहोगी.... तुम्हारे हर रूप को प्रिंस अपनाएगा... मगर कभी प्यार नहीं करेगा.... कभी नहीं....

मलिका सुनहरी : आप झूट कह रहे हैं... ऐसा नहीं हो सकता... मेरा सुलतान अपनी मलिका सुनहरी का प्यार भूल जाए ये मुमकिन नहीं....

बाबा : सब मुमकिन है.... अब बस देखती जाओ आगे क्या क्या होता है... अब वक़्त आ गया है उन भविष्यवाणी और श्राप के पूरा होने का.... (सही वक़्त आने पे आप सब को उन श्राप और उन भविष्यवाणियों का पता चलता जाएगा...) प्रिंस के हर रिश्ते से तुम्हे तकलीफ होगी... वो तुम्हे और तुम्हारे हर रूप को चोर के बाकी सब में इतना प्यार बांटेगा जिसकी कोई इन्तेहाँ नहीं होगी.... जल्द hi प्रिंस के जिस्म में नील ज़हर काली शक्तियों के साथ मिल के अपना असर दिखाना शुरू कर देगा.... अब प्रिंस की लाइफ में प्यार से ज़्यादा सेक्स होगा.... प्रिंस वो हर काम करेगा जिस से तुम्हे तकलीफ होगी.... वो अनजाने में तुम्हे हर वो तकलीफ पहुंचाएगा जो तकलीफ उसे पहुंची थी.... तुमने उसे सेक्स करने से रोका था न.... देखती जाओ अब वो इतना सेक्स करेगा जिसकी कोई इन्तेहाँ नहीं होगी.... उसके हर अपने के दिल में उसके जिस्म पे सिर्फ और सिर्फ एक hi नाम होगा और वो होगा प्रिंस का....

बाबा की बात सुन के मलिका सुनहरी के साथ साथ पारी रूही और अवनि भी दर्द से तड़प जाती है.... सब की आँखों से आंसू बहने लगते हैं.... प्रिंस की जुदाई का दर उसके प्यार को न पाने का दर सब को सताने लगता है.... उनके दिल में दर्द की तेज़ लेहेर सी दौर जाती है.... उनकी आँखों से बेतहाशा आंसू बहने लगते हैं...

रूही रट हुए बाबा के करीब जा के हाथ जोड़ के कहती है....

रूही : ऐसा ज़ुल्म मत कीजिये बाबा.... प्रिंस के बिना मैं मर जाउंगी.... नहीं जी पाउंगी मैं उसके प्यार के बिना....

बाबा : इसमें मैं तुम्हारी कोई मदत नहीं कर सकता.... ये सब तुम्हारे कर्मो का फल है.... जो तुम सब ने मिल के उस मासूम के साथ किया है अब वो तुम सब के साथ होगा.... जितना दर्द उसने सहा है वो अब तुम सब को सहना होगा.... तुम सब उसे किसी के साथ बाटने को तैयार नहीं थी न.... अब देखना वो अपने प्यार को इतना बांटेगा की जिसकी कोई हद नहीं होगी.... एक एक कर के उसकी इतनी देवानी हो जायेगी जिसकी कोई इन्तेहाँ नहीं होगी....

रूही : बाबा मुझे अपने प्रिंस का प्यार चाहिए.... इसके लिए मैं सब करुँगी.... मुझे सब कुछ मंज़ूर है मगर ये मंज़ूर नहीं की मेरा प्रिंस मुझे प्यार न करे.... उसके प्यार के बिना मैं ज़िंदा नहीं रह सकती....

बाबा : उसका प्यार तुम्हे खुद पाना होगा.... (मलिका सुनहरी की तरफ देख के) बिना किसी शक के... उसे अपने सच्चे प्यार का यकीन दिलाना होगा.... ये तुम कैसे करती हो ये तुम जानो.... इस बार फैसला प्रिंस का होगा.... अगर उसे तुम्हारे सच्चे प्यार का यकीन हो गया तब वो तुम्हे ज़रूर अपना लेगा.... मगर प्यार में सच्चाई होनी चाहिए.... उसमे शक की ज़रा सी भी जुंजाईश नहीं होनी चाहिए.... तुम्हे उसके हर रिश्ते को उसकी हर प्रेमिका को अपनाना होगा.... तब hi तुम्हारा प्यार प्रिंस को महसूस होगा....

बाबा की बात सुन के मलिका सुनहरी गुस्से में आ जाती है...

मलिका सुनहरी : ये सब बकवास है.... इस पूरी दुनिया में ऐसा कोई नहीं जो मुझे मेरे प्रिंस से अलग कर सके... मैं अभी अपने सुलतान को उठती हूँ.... देखना मुझे देखते hi मेरा सुलतान ख़ुशी से मुझे सीने से लगा के प्यार करेगा....

ये कह के वो आगे बढ़ के प्रिंस को उठाने के लिए अपना हाथ बढाती है.... मगर वो छह के भी प्रिंस को छू नहीं पाती....

मलिका सुनहरी : ये कैसे मुमकिन है....? मैं क्यों सुलतान को छू नहीं पा रही हूँ....?

बाबा : लगता है मेरी बातों का मलिका सुनहरी पे कुछ ज़्यादा hi असर हो गया है जो वो हकीकत और भ्रम के बीच का फर्क नहीं पहचान पा रही है....

मलिका सुनहरी गुस्से में : क्या मतलब है आप का....?

बाबा : तुम इस वक़्त यहाँ मौजूद नहीं हो... ये बस तुम्हारा अक्स है.... हकीकत में तुम इस वक़्त सुल्तानगढ की हवेली में मौजूद हो.... याद है वो हवेली जो सुलतान ने प्यार से तुम्हारे लिए बनाया था.... जिसे तुम ने उसके दर्द भरी इमारत में तब्दील कर दिया.... Sultan/Prince का हर दर्द उस महल के ज़र्रे ज़र्रे में समाया हुआ है....

बाबा की बात सुन के मलिका सुनहरी के चेहरे के भाव बदलने लगते हैं.... अब देखना ये है की ये सब प्रिंस का प्यार पाने के लिए क्या करते हैं....??????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 134

मलिका सुनहरी : ये कैसे मुमकिन है....? मैं क्यों सुलतान को छू नहीं पा रही हूँ....?

बाबा : तुम इस वक़्त यहाँ मौजूद नहीं हो... ये बस तुम्हारा अक्स है.... हकीकत में तुम इस वक़्त सुल्तानगढ की हवेली में मौजूद हो.... याद है वो हवेली जो सुलतान ने प्यार से तुम्हारे लिए बनाया था.... जिसे तुम ने उसके दर्द भरी इमारत में तब्दील कर दिया.... Sultan/Prince का हर दर्द उस महल के ज़र्रे ज़र्रे में समाया हुआ है....

बाबा की बात सुन के मलिका सुनहरी के चेहरे के भाव बदलने लगते हैं.... अब देखना ये है की ये सब प्रिंस का प्यार पाने के लिए क्या करते हैं....??????

अब आगे....

बाबा : याद है वो सुबह जब प्रिंस ने सुल्तानगढ में अपना कदम रखा था.... उस वक़्त तुम ने कैसे उसका स्वागत किया था.....? याद है या भूल गयी....

मलिका सुनहरी : ..........

बाबा : शायद तुम्हे याद न हो.... चलो मैं याद दिला देता हूँ.... जिसे तुम अपनी जान अपना सच्चा प्यार कह रही हो उसका स्वागत फूलों के बजाये काले बादलों से तूफानी हवाओं से कड़कती बिजलियों से किया था...... जब इस से भी तुम्हारा दिल नहीं भरा तब तुमने प्रिंस की जान लेने के लिए उसी के शेर को उसपे चोर दिया.... (ज़ोर से चीख के) याद है.... तुम Sultaan/Prince को भूल सकती हो मगर शेरा अपने जिगरी यार को न भूला.... प्रिंस को देखते hi वो फ़ौरन उसे पहचान गया.... और अपने यार से मिलने के लिए तड़प उठा इस से पहले की वो प्रिंस से मिल पाटा तुमने उसे एक बार फिर से प्रिंस से दूर कर दिया.... वो हर चीज़ चाहे इंसान हो जानवर हो परिंदा हो या और कोई.... तुमने उसे सुलतान से दूर कर दिया.... सुलतान को जिस चीज़ से भी प्यार था या लगाव था तुम ने हर वो चीज़ उस से चीन ली.... सिर्फ और सिर्फ अपने घमंड भरे प्यार की खातिर.... क्या हो तुम....? कुछ नहीं.... सुलतान के बगैर तुम कुछ नहीं हो.... सिर्फ और सिर्फ सुलतान की वजह से आज तक तुम्हारा वजूद है वर्ण शैतान कब का तुम्हे नोच के खा चुके होते.. तुम्हारी इज़्ज़त लूट चुके होते.... वो सब चोरो सुलतान का शेरा hi तुम्हे चीयर पहाड़ चूका होता.... मगर सुलतान ने हर हाल में तुम्हारा साथ दिया... तुम्हे अपनी सुरक्षा शैलद में सुरक्षित रखा.... तुम्हारी नफरत सही तुम्हारे झूठे इलज़ाम सही..... सिर्फ तुम्हारा प्यार पाने के लिए..... तुम सुलतान के सामने हो क्या चीज़.... कुछ नहीं.... न सूरत में न पावर्स में और न hi साफ़ दिल में.... तुम हर चीज़ में सुलतान से पीछे हो.... सुलतान वो है जो इस पूरे ब्रह्माण्ड में जिस लड़की पारी या अप्सरा को बस एक बार मुस्कुरा के देख ले वो उसकी दीवानी हो जाए.... मगर सुलतान का दिल तुमपे आया और तुमने क्या किया उसके साथ उसका सीना चीयर के उसका दिल निकाल के उसे क़ैद कर लिया..... तुम्हे उसपे ज़रा सा भी रेहम न आया....? क्या यही था तुम्हारा प्यार....? क्या इसी प्यार का तुम दावा करती thi....Sach तो ये है की तुम ने कभी Sultaan/Prince से प्यार किया hi नहीं.... अगर प्यार करती तो उसपे यकीन करती.... यूँ बे मतलब शक न करती.... अरे प्यार तो सुलतान ने किया था.... और आज भी करता है.... बस आज उसका वो प्यार उसके सीने में उसके दिमाग में दफ़न हो के रह गया है.... जिसे तुम अब छह के भी नहीं पा सकोगी.... क्यों की चाहत उसी की पूरी होती है जिस के दिल में सच्ची चाहत हो.... मगर तुम्हारे दिल में चाहत नहीं बल्कि शक है बेबुनियाद शक और नफरत....

(फिर बाबा उसे वो सच बताते हैं जिस से वो अनजान थी.... जो शक उसे था वो बस एक ग़लतफहमी थी.... ये वो मायाजाल था जो शैतान अघोरा ने सुलतान के लिए रचा था... ताकि उसमे फस के सुलतान मलिका सुनहरी के सामने गुनेहगार बन जाए... उसका सच्चा प्यार दिखावा बन के रह जाए.... क्या है वो मायाजाल....? क्या था वो श्राप....? किस किस को दिया गया था वो श्राप....? और क्या थी वो भविष्यवाणियां...? ये जल्द hi पता चलेगा....)

बाबा की बात सुन के मलिका सुनहरी का दिल तड़प जाता है उसकी आँखों से hi नहीं बल्कि दिल से भी खून के आंसू बहने लगते हैं.... उसे पछतावा होने लगता है.... वो बाबा के सामने अपने घुटनो पे बैठ के रट हुए अपने प्यार की भीख मांगने लगती है....

मलिका सुनहरी : बाबा मैं अपने किये पे बेहद शर्मिंदा हूँ.... मुझे माफ़ कर दीजिये.... जो चाहे सजा दीजिये मगर मुझे अपनी जान सुलतान से दूर मत कीजिये.... उसके बिना मैं मर जाउंगी.... प्लीज मुझे मेरा सुलतान लौटा दीजिये....

मलिका सुनहरी पागलों की तरह रट हुए बाबा से अपने प्यार की दुहाई करने लगती है.... उसका दर्द उसकी तड़प देख के आसमान का कलेजा भी पहात पड़ता है.... बाबा का दिल तो पहले से hi नरम है वो पिघल जाते हैं.... मगर सुलतान का दर्द उसकी तड़प वो छह के भी नहीं भुला पा रहे हैं....

बाबा : जो तू ने Sultaan/Prince के साथ किया उसकी सजा तो तुझे मिलेगी.... तुझे जुदाई का वो दर्द सहना होगा जो प्रिंस ने सहा है.... इसमें मैं तेरी कोई मदत नहीं कर सकता.... हाँ बस इतना कर सकता हूँ की अब मैं कभी तेरे और Sultaan/Prince के बीच नहीं आऊंगा.... जा तुझे एक आखरी मौका दिया अपने प्यार को पाने का.... अगर तू अपने सच्चे प्यार का एहसास सुलतान को करा सकीय तो वो हमेशा हमेशा के लिए तेरा हो जाएगा.... और अगर कहीं तू ऐसा न कर सकीय तो तू हमेशा के लिए उसे खो देगी....

बाबा की बात सुन के मलिका सुनहरी को अपने प्यार को वापिस पाने की एक उम्मीद नज़र आती है.... वो बाबा का दिल से शुक्रिया ऐडा करती है....

मलिका सुनहरी ख़ुशी से : शुक्रिया बाबा... आपका ये एहसान रहेगा मुझपे... चाहे अब जो करना पड़े.... मुझे हर तकलीफ मंजूर है... मैं हर दर्द सहने को तैयार हूँ... मुझे बस अपने सुलतान का प्यार चाहिए.... उसका साथ चाहिए.... मैं अपनी जान सुलतान का प्यार पा के रहूंगी....

बाबा : इतनी भी क्या जल्दी है... मल्लिका.... पहले मेरी पूरी बात तो सुन ले....

मलिका सुनहरी : पूरी बात मतलब....?

बाबा : प्रिंस आज से बल्कि अभी से अनजाने में hi सही मगर हर वो काम करेगा जिस से तुम्हे तकलीफ होगी.... तुम्हारे सामने वो दूसरी लड़कियों के साथ इश्क़ करेगा.... और तुम सिर्फ देखती रहेगी.... यहाँ तक की वो उनके साथ सेक्स भी करेगा और तुम कुछ नहीं कर पाओगी... तुम्हे सब सहना होगा.... उसे पाने के लिए तुम्हे उसके साथ साथ उसकी प्रेमिकाओं को भी अपनाना होगा.... पहले वो सिर्फ तुम्हारा था... मगर अपने शक और घमंड की वजह से तुम ने खुद अपने हाथों से उसे दूसरों का बना दिया.... अब उसे पाने के लिए तुम्हे वो सब करना होगा तो तुम्हे दर्द देगा बेइन्तेहाँ दर्द.... उस दर्द को सहते सहते तेरे अंडर का शक और घमंड धीरे धीरे कर के दूर हो जाएगा.... और जिस दिन तुम्हारा दिल पूरी तरह से साफ़ हो जाएगा.... उस दिन तुम अपने सुलतान को पा लेगी.... मगर तुम्हे उसके हर रिश्ते हर प्यार के साथ क़ुबूल करना होगा.... उस हर लड़की को क़ुबूल करना होगा जिसे प्रिंस चाहेगा....

अब तक तो सिर्फ Sultaan/Prince hi कहता आया है.... मुझे इंतज़ार है उस दिन का जिस दिन वो बात Sultaan/Prince के लिए तुम्हारे दिल से निकलेगी.... तुम खुद उस से कहोगी... "मेरी आशिकी तुमसे HI"

इधर प्रिंस के घाव भरने लगते हैं.... देखते hi देखते वो पूरी तरह से ठीक हो जाता है.... उसे होश आने लगता है.... जैसे जैसे उसे होश आता जाता है वहां मौजूद सभी के चेहरे में मुस्कान फैल जाती है.... मगर साथ hi एक अजीब बात भी होती है... मलिका सुनहरी का अक्स धीरे धीरे वहां से गायब होने लगता है.... प्रिंस के पूरी तरह से होश में आते hi मलिका सुनहरी पूरी तरह से वहां से गायब हो जाती है....

अब देखना ये है की प्रिंस के होश में आने के बाद क्या होता है....????
 
मेरी आशिकी तुमसे hi.....

अपडेट 135

अब तक तो सिर्फ Sultaan/Prince hi कहता आया है.... मुझे इंतज़ार है उस दिन का जिस दिन वो बात Sultaan/Prince के लिए तुम्हारे दिल से निकलेगी.... तुम खुद उस से कहोगी... "मेरी आशिकी तुमसे HI"

इधर प्रिंस के घाव भरने लगते हैं.... देखते hi देखते वो पूरी तरह से ठीक हो जाता है.... उसे होश आने लगता है.... जैसे जैसे उसे होश आता जाता है वहां मौजूद सभी के चेहरे में मुस्कान फैल जाती है.... मगर साथ hi एक अजीब बात भी होती है... मलिका सुनहरी का अक्स धीरे धीरे वहां से गायब होने लगता है.... प्रिंस के पूरी तरह से होश में आते hi मलिका सुनहरी पूरी तरह से वहां से गायब हो जाती है....

अब देखना ये है की प्रिंस के होश में आने के बाद क्या होता है....????

अब आगे....

होशमे आने के बाद बाबा को देख प्रिंस के चेहरे पे ख़ुशी आ जाती है.... मगर जैसे hi उसकी नज़र अवनि पे पड़ती है.... उसके चेहरे के भाव बदलने लगते हैं.... ख़ुशी की जगह गुस्सा ले लेता है.....

प्रिंस : बाबा मुझे तो लगा था की ये मेरा क़त्ल करने के बाद ये चली गयी होगी.... मगर ये तो यहीं मौजूद है....

अंजू अवनि की माँ : ये तुम क्या कह रहे हो प्रिंस....? तुम्हारा क़त्ल कब किया इसने....? तुम तो ज़िंदा हो....

प्रिंस : देखा नहीं आपने अभी कुछ देर पहले तो आपकी लाड़ली बेटी ने मेरा क़त्ल किया था....

अंजू : मेरी लाड़ली.... क्या ये तुम्हारी कुछ नहीं....

प्रिंस : मेरे ज़िंदा रहते ये मेरी सब कुछ थी मगर अब नहीं.... इसने मेरे सीने में शक से भरा खंजर नहीं मारा बल्कि मेरे दिल में भरे इसके लिए बेइन्तेहाँ प्यार का इसने बड़ी बेदर्दी से खून कर दिया....

अवनि गुस्से में : जो धोकेबाज़ के साथ किया जाता है मैंने वो hi किया.... मैंने प्यार किया था तुमसे सच्चा प्यार और तू ने क्या किया...? धोका दिया मुझे धोका....?

अवनि की बात सुन के प्रिंस गुस्से से उसका नाम ले के चीखता है.....

प्रिंस : Avniiiiiiiiiiiiiiii....

अवनि : चिल्लाओ मत चिल्लाने से सच बदल नहीं जाएगा.... न hi तुम्हारे लिए मेरा प्यार और नहीं वो धोका जो तू ने मुझे दिया....

प्रिंस : जी नहीं वो प्यार नहीं था... अगर प्यार करती तो भरोसा करती यूँ बिना सच जाने अपने प्यार को धोकेबाज़ कहके उसके सीने में खंजर नहीं मारती....

अवनि : धोका hi तो दिया है तू ने मुझे.... प्यार का नाटक मेरे साथ और शादी इसके (रूही की तरफ इशारा कर के) साथ.... ये धोका नहीं तो और क्या है.... बता..... जवाब दे....

प्रिंस : मुझे तुझे कोई जवाब देने की ज़रुरत नहीं.... जब तुझे मेरे सच्चे प्यार पे ऐतबार न हुआ तो तू मेरे सच पे कैसे ऐतबार करेगी.... जा मुझे न तुझे कोई जवाब देना है और न hi कुछ साबित कर्नल है.... वो प्रिंस जो तुझे चाहता था वो मर चूका है उसे तू ने अपने hi हाथों से मार दिया....

अवनि : जवाब न दे के तू ने ये साबित कर दिया की तेरा प्यार झूठा था तू एक धोकेबाज़ है..... सु न तू ने... तू एक धोकेबाज़ है.....

इस से पहले की प्रिंस कुछ कहता रूही के साथ साथ बाबा ज़ोर से चीखते हैं....

खामोशःह्ह्हह्ह्ह्ह....

रूही : खामोश.... एक लफ्ज़ और प्रिंस के बारे में अपने मुँह से निकाला तो मुझसे बुरा कोई न होगा....

बाबा : गुस्ताख़ लड़की.... तेरी हिम्मत कैसे हुई प्रिंस को धोकेबाज़ कहने की....? तुझे जवाब चाहिए न तो ले देख आज तुझे वो दिखता हूँ जो हुआ था....

प्रिंस : नहीं बाबा इसकी कोई ज़रुरत नहीं है....

बाबा : ज़रुरत है प्रिंस.... इसे वो सब जान न होगा जो तू ने इसके लिए सहा.... अरे तू ने इस के लिए वो किया है जो कोई 7 जनम में भी न करे....

बाबा हवा में हाथ घूमते हैं और सामने स्क्रीन जैसा नज़र आ ने लगता है... ऐसे जैसे कोई फिल्म चल रही हो.....

फ्लैशबैक इन शार्ट.....

ये वो दिन है जब प्रिंस अपने दोस्तों के साथ अपने डैम पे कुछ करने अपनी पहचान बनाने इंडिया आया था.... प्रिंस सब के साथ जा रहा होता है की रास्ते में उसकी कार का एक बस से एक्सीडेंट हो जाता है... प्रिंस और उसके दोस्तों को बहुत चोट आती है वो सब वहां से जाने hi वाले होते हैं की तभी किसी लड़की की दर्द भरी आवाज़ सुन के प्रिंस अपने दोस्तों को हॉस्पिटल जाने को बोल के बस के अंडर उस लड़की को बचने जाता है....

बाबा : देख गौर से देख प्रिंस जिसे बचा रहा है वो और कोई नहीं बल्कि तू है.... देख तुझे बचने के चक्कर में प्रिंस का हाथ कितनी बुरी तरह से ज़ख़्मी हो गया.... वो देख खून कह दे की प्रिंस के ज़ख़्मी हाथ से जो खून निकल रहा है वो भी झूठा है... धोका है.... ठीक तभी एक धमाका होता है और बस के कांच के टुकड़े प्रिंस की पीठ में झुस जाते हैं.... और उसकी पीठ बुरी तरह से ज़ख़्मी हो जाती है.... प्रिंस को बेतहाशा दर्द होने लगता है उसके मुँह से दर्द भरी चीख निकल जाती है.... फिर भी वो अपने दर्द की परवाह किये बगैर तुझे बचने के लिए हॉस्पिटल की तरफ जा रहा है.... हॉस्पिटल में डॉ इलाज करने से मन कर देते हैं.... अवनि की हालत बार गुज़रते पल के साथ साथ खराब होने लगती है....

डॉ : ये मुमकिन nahi....Bina कंप्लेंट के हम इसका इलाज नहीं करेंगी ज़्यादा से ज़्यादा क्या होगा... ये मर जायेगी...

डॉ के मुँह से उस अवनि के मरने की बात सुन के प्रिंस गुस्से से पागल हो जाता है... वो एक ज़ोरदार लत उस डॉ के सीने पे मारता और एक घायल शेर की तरह दहाड़ते हुए कहता है.....

प्रिंस : खबरदार डॉ.... दुबारा तू ने अपनी जुबां से ये लफ्ज़ गलती से भी निकाला तो मैं तेरे हलक़ में हाथ दाल के तेरी जान निकाल दूंगा.... जल्दी से इसका इलाज कर... अगर इसे कुछ भी हुआ तो न तू रहेगा और न hi तेरा ये हॉस्पिटल.... इस से पहले की मैं तेरे साथ तेरे इस हॉस्पिटल को जला के राख कर दूँ... इस का इलाज कर....

प्रिंस को इतने गुस्से में देख और उसकी दहाड़ सुन के वहां मौजूद सभी बुरी तरह से दर जाते है और फ़ौरन उसे साथ लेके ऑपरेशन थिएटर में जाते हैं....

प्रिंस उस अवनि को ऑपरेशन थिएटर के बीएड पे लेता के बहार जाने लगता है मगर जा नहीं पाटा.... अवनि ने कास के प्रिंस के हाथ को अपने हाथ से पकड़ा हुआ है.... प्रिंस की मौजूदगी में hi डॉ अवनि का इलाज शुरू कर देते हैं.....

डॉ सपना : मैं इसका इलाज तो कर रही हूँ मगर इस का बच पाना बहुत hi मुश्किल है....

प्रिंस : इसे कुछ नहीं होगा... सुना तुमने.... कुछ नहीं होगा इसे... जब तक मैं इसके साथ हूँ इसे कुछ भी होने नहीं दूंगा....

करीब 4 घंटे तक उसका इलाज चलता रहता है.... प्रिंस अपने दर्द को भूल उसका हाथ थामे एक तक बस उस के मासूम और खूबसूरत चेहरे को देखता रहता है....

डॉ सपना : शुक्र है ऊपर वाले का इस का ऑपरेशन सक्सेसफुल रहा.... साथ hi हैरत भी है.... इतनी गहरी चोट लगने पे भी ये लड़की ज़िंदा कैसे है.....? ऐसी हालत में तो लोगों की जगह पे hi मौत हो जाती है....

डॉ की बात सुन के प्रिंस मुस्कुराते हुए कहता है....

प्रिंस : मैंने कहा था न जब तक मैं इस के साथ हूँ इसे कुछ नहीं हो सकता....

सपना : सही कहा आप ने ये आपका प्यार और विश्वास hi है जो इस लड़की को मौत के मुँह से खींच लाया.... वैसे पूछना तो नहीं चाहिए मगर फिर भी मैं पूछ लेती हूँ.... ये क्या लगती है आपकी....?

प्रिंस : कुछ नहीं....

सपना : मतलब....!!!!

प्रिंस : मतलब मैं इसे नहीं जानता.... आज पहली बार इस से मिला हूँ.... मिला क्या बस देखा है.... हाँ आज पहली बार मैंने इसे देखा है.....

प्रिंस की बात सुन के सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं....

डॉ : जब तुम इसे नहीं जानते तो तुमने इतना हंगामा किया.... अगर जानते तो क्या करते....?

प्रिंस : मैं इसे जानता भी हूँ और नहीं भी....

डॉ : मतलब....

प्रिंस : मेरा दिमाग कहता है की मैं इसे नहीं जानता मगर दिल कहता है की मैं इसे बरसो से जानता हूँ.... ये मेरी ख़ास बहुत ख़ास लगती है... इस से मेरा बेहद करीबी रिश्ता है.... मगर क्या ये मैं नहीं जानता..... ये कौन है....? कहाँ से आयी है मैं नहीं जानता.... मैं इसके बारे में कुछ नहीं जाता.....

प्रिंस अभी अपनी बात कर hi रहा था की तभी अचानक से दरवाज़ा खुलता है और प्रिंस को ढूंढते ढूंढते ज़रा अंडर आती है....

प्रिंस को देख जहाँ उसे बेहद ख़ुशी होती है वहीँ उसके जिस्म पे ख़ास करके पीठ और हाथ पे लगे ज़ख्मों को और उस से निकल रहे खून को देख ज़रा बेचैन हो जाती है.... साथ hi उसे वहां मौजूद डॉ पे गुस्सा भी आने लगता है....

ज़रा बेहद गुस्से में : डॉ तुम्हे दिखाई नहीं दे रहा.... प्रिंस कितना ज़ख़्मी है.... उसका इलाज करने के बजाये.... तुम लोग यहाँ खड़े बातें बना रहे हो.... जल्दी से उसका इलाज करो इस से पहले की मैं....

ज़रा की बात सुन के डॉ दर के मारे फ़ौरन प्रिंस का इलाज करने लग जाता है....

अगली सुबह डॉ प्रिंस और उसके दोस्तों का चेक उप करते हैं..... वो प्रिंस को चोर के बाकी सब को डिस्चार्ज कर देते हैं....

कुछ देर बाद अचानक से एक नर्स दौरति हुई प्रिंस के पास आती है और जो कहती है उसे सुन के प्रिंस को बड़ी हैरानी सी होती है....

नर्स : Wo....wo....wo.... आप को डॉ.... Sa....pna बुला रही है..... जल्दी चलिए.... प्लीज.... जिस लड़की को आप यहाँ लाये थे वो..... वो.... आप जल्दी चलिए इस से पहले की.....

प्रिंस : क्या बात है डॉ सपना.....? आप ने मुझे यहाँ क्यों बुलाया है....? और उस लड़की को क्या हुआ है.....?

सपना : खुद देख लो.....

अंडर का हाल देख प्रिंस चौंक जाता है....

प्रिंस : क्या हुआ है इसे.....? ये ऐसे क्यों कर रही है....?

सपना : कल से ले के अब तक ये इसी तरह hi कर रही है..... शायद सर में चोट लगने की वजह से इसकी ऐसी हालत हो गयी है.... आज से पहले मैंने कभी किसी को इतने गुस्से में नहीं देखा..... समझ नहीं आ रहा है की इसे इतना गुस्सा क्यों और कैसे आ रहा है....? इस का इलाज करना भी मुश्किल हो गया है.... हर गुज़रते पल के साथ इसकी हालत खराब होती जा रही है.... ये किसी को भी खुद को चुना तो दूर पास तक नहीं आने दे रही.... अब तुम hi बताओ की हम इसका इलाज करे भी तो कैसे.... इसे बार बार नींद का इंजेक्शन भी तो नहीं दिया जा सकता.... इस से इसकी जान को भी खतरा हो सकता है....

प्रिंस : आप इसके घर वालों को क्यों नहीं बुला लेते.... उन्हें देख के शायद इसका गुस्सा कुछ काम हो जाए....

सपना : इस के बारे में कुछ पता हो तब न.... ये कौन है....? कहाँ से आयी है....? हम कुछ भी तो नहीं जानते.... और इसके पास भी ऐसा कुछ नहीं है जिस से ये पता चल सके की ये कौन है और कहाँ रहती है....? यहाँ तक की इसका नाम भी पता नहीं चल पाया है..... सर में चोर लगने की वजह से इसकी याददाश्त चली गयी है....

प्रिंस : ओह....

सपना : अब तुम hi हमारी मदत कर सकते हो.....

प्रिंस : मैं.... वो कैसे....? इसमें मैं आपकी क्या मदत कर सकता हूँ.....?

सपना : तुम एक बार अंडर जा के देखो.... शायद तुम्हे देख इसका गुस्सा शांत हो जाए....

प्रिंस : मगर ये कैसे हो सकता है.... न hi ये मुझे जानती है और न मैं इसे जानता हूँ.... किसी अजनबी को देख के कैसे किसी का गुस्सा शांत हो सकता है....? ये मुमकिन नहीं.... चलो फिर भी आपकी बात मान के मैं अंडर चला भी जाता हूँ तो इस बात की क्या गारंटी है की मुझे देख के ये गुस्से में नहीं आ जायेगी.... और मुझपे हमला नहीं करेगी....

सपना : जाने क्यों मुझे ऐसा नहीं लगता की ये तुम पे हुम्ला नहीं करेगी....

प्रिंस : ये आप कैसे कह सकती हैं....?

सपना : वो ऐसे की जब से तुम इसे यहाँ लाये हो.... तुम्हारे पास होने पे hi इसे सुकून आया है..... तुम्हारे दूर जाते hi ये बेचैन हो जाती है.... बेहोशी में भी इसे तुम्हारे पास होने का एहसास हो जाता है.... इसका जिस्म hi नहीं इसका दिल इसकी रूह भी तुम्हे पहचान लेती है.... मुझे यकीन है की सिर्फ और सिर्फ तुम hi इसे संभाल सकते हो.... इस से पहले की इसकी हालत और खराब हो जाए और इसे बचाना मुश्किल हो जाए.... जल्दी से जा के सम्भालो इसे....

सपना की बात सुन के और मौके की नज़ाकत को समझ के प्रिंस अंडर जाता है और दरवाज़ा बंद कर देता है.... इस बात से सपना को बड़ी हैरानी सी होती है....

फिर प्रिंस आगे बढ़ता है.... रूम में किसी को महसूस करते hi उस लड़की का गुस्सा और भी तेज़ हो जाता है और वो बिना देखे hi उसपे हमला कर देती है.... टेबल पे पड़े जग को उठा के ज़ोर से फेक के प्रिंस को मारती है.... साथ hi बेहद गुस्से में उसे बाहर जाने को कहती है.... जग प्रिंस के सर पे आ के लगता है और उसके सर से खून निकलने लग जाता है.... वो फिर भी नहीं रुकता आगे बढ़ता hi रहता है.... प्रिंस को आगे बढ़ते देख वो लड़की गुस्से में चीज़ें उठा के प्रिंस पे फेकने लगती है.... उन चीज़ों से बचते हुए प्रिंस आगे बढ़ता रहता है.... बड़ी मुश्किल से वो उसके करीब पहुँचता है और उसे शांत करने की कोशिश करता है.... मगर वो लड़की है की शांत होने को तैयार hi नहीं..... प्रिंस उसे अपने सीने से कास के लगा लेता है.... वो लड़की उसे खुद से दूर करने लगती है.... गुस्से में वो पागलों की तरह प्रिंस की पीठ नोचने लगती है.... प्रिंस की कमीज पहात जाती है... और उसके पीठ पे लगे ज़ख्मों से खून निकलने लगता है.... वो लड़की पागलों की तरह प्रिंस की पीठ नोचे जा रही है.... उसके नाखुनो से प्रिंस की पीठ ज़ख़्मी हो रही है.... उसमे से खून निकल रहा है..... ये देख बहार कड़ी डॉ सपना और नर्स घबरा जाती हैं..... प्रिंस को बचने के लिए वो दरवाज़े को खोलने की कोशिश करने लगती हैं.... मगर दरवाज़ा अंडर से बंद है वो खुल hi नहीं रहा..... प्रिंस बड़ी मुश्किल से दर्द को दबा रहा है.... प्रिंस के दिल की धरकन उस लड़की का दिल पहचान जाता है और उसका गुस्सा धीरे धीरे शांत होने लगता है.... कुछ देर में वो खामोश हो जाती है.... प्रिंस उसे बीएड पे लेता देता है और प्यार से उसके चेहरे पे हाथ फेरने लगता है.... फिर बड़े प्यार से उसे अपने हाथों से नाश्ता करने के बाद दवाई खिलता है.... और उसे सुला देता है..... प्रिंस का हाथ अपने हाथों में कास के पकड़ के वो सुकून से सो जाती है.....

उसके सो ने के बाद प्रिंस धीरे से वहां से उठता है और दरवाज़ा खोलता है.....

सपना : कहीं तुम पागल तो नहीं हो....? ये क्या हरकत थी.....? ऐसा भी कोई करता है क्या.....? अगर तुम्हे कुछ हो जाता तो....?

प्रिंस : जाने क्यों उसका दर्द देखा नहीं गया.... उसे दर्द में देख के दिल तड़प उठा.....

सपना : और उस दर्द का क्या जो उस ने तुम्हे दिया..... देखो क्या हाल कर दिया है उसने तुम्हारा..... मैंने अपनी पूरी लाइफ में ऐसे लोगों को नहीं देखा.... एक वो जिसने तुम्हे इतना दर्द दिया और एक तुम हो जिसने एक अनजान के लिए इतना दर्द सहा.... तुमने उसके लिए वो किया है जो कोई अपना भी न करे..... तुम इंसान नहीं बल्कि एक फरिश्ता हो.....

प्रिंस : इतना भी कुछ ख़ास नहीं किया है मैंने डॉ जो आप मुझे फरिश्ता कह रही हैं.... वो तकलीफ में थी और मैंने उसकी थोड़ी तकलीफ काम कर दी और क्या.....?

सपना : और जो दर्द उसने तुम्हे दिया वो कुछ भी नहीं.....

प्रिंस : उस मासूम की जान बचने के लिए मैं ऐसे और न जाने कितने hi दर्द बर्दाश्त कर सकता हूँ....

सपना : मगर क्यों.....? वो भी किसी अनजान के लिए.....

प्रिंस : इस क्यों का जवाब तो मेरे पास भी नहीं है.... बस मैं इतना जानता हूँ की उसे दर्द में देख के दिल तड़प जाता है.... अब से जब तक वो ठीक नहीं हो जाती मैं उसके साथ hi रहूँगा....

प्रिंस की ज़ख़्मी पीठ देख के सपना का दिल देहल जाता है..... उसकी आँखों से आंसू बहने लगते हैं....

यहाँ भी बाकी सब की आँखें नाम हो जाती हैं.... रूही तो गुस्से से पागल सी हो जाती है और आगे बढ़ के खींच के एक थप्पड़ अवनि के गाल पे रसीद कर के बेहद गुस्से में कहती है....

रूही : साली कमीनी तेरी हिम्मत कैसे हुई मेरी प्रिंस के साथ ऐसा करने की.... कमीनी आज मैं तेरा खून पी जाउंगी....

बड़ी मुश्किल से बाबा रूही को रोकते हैं....

अब आगे दोपहर के वक़्त नर्स प्रिंस के पास आती है....

नर्स : जी आप से एक बात केहनी थी.... आप की खराब तबीयत देख के दिल तो नहीं कर रहा है की ये बात मैं आप से कहूं मगर मजबूरी है.... वो बात ऐसी है की उस लड़की को खाना खिलाना है मगर वो हम में से किसी को भी रूम में जाने नहीं देगी.... एक आप hi हैं जो उसे खाना खिला सकते हैं.....

प्रिंस : हाँ हाँ क्यों नहीं लाओ दो मुझे..... वैसे उस लड़की का नाम क्या है....?

नर्स : पता नहीं.... उसके बारे में हम को अभी तक कुछ नहीं पता चला है.... न हम में से किसी में इतनी हिम्मत है की उस से पूछ सके.... और न hi वो कुछ कहती है.... बस खामोश सी अपने बीएड पे लेते लेते दरवाज़े की तरफ देखती रहती है.... जैसे की उसे किसी के आने का इंतज़ार हो.... मगर जब भी कोई उसके रूम में जाने की कोशिश करता है.... तब वो गुस्से से पागल सी हो जाती है और चीज़ें फेक के उसे मारने लगती है..... बस एक आप hi हो जो उसे संभाल सकते हो.....

फिर प्रिंस खाना ले के उस लड़की के रूम में जाता है..... प्रिंस को देख के उसके होंठों पे मुस्कान आ जाती है.... प्यारी सी स्माइल के साथ वो प्रिंस का स्वागत करती है.....

प्रिंस उसके करीब जा के बैठ जाता है और प्यार से उसके चेहरे पे हाथ फेर के उस से पूछता है....

प्रिंस : अब कैसी तबीयत है तुम्हारी....?

वो लड़की मासूम सी शकल बना के कहती है....

लड़की : सर में बहुत दर्द है.... बर्दाश्त नहीं हो रहा है....

प्रिंस उसके सर पे प्यार से हाथ फेर के कहता है....

प्रिंस : ठीक हो जाएगा.... जल्द hi तुम पूरी तरह से ठीक हो जाओगी.... वैसे तुमने अभी तक अपना नाम नहीं बताया.... क्या मैं जान सकता हूँ की इस प्यारी सी पारी का नाम क्या है.....?????

लड़की : नाम.....!!!!

प्रिंस : हाँ तुम्हारा नाम....? जैसे मेरा नाम प्रिंस है.... तुम्हारा नाम क्या है....? तुम कौन हो....? कहाँ से आयी हो....?

प्रिंस की बात सुन के लड़की अपना नाम बताना चाहती है मगर बता नहीं पाती उसे अपना नाम याद नहीं आ रहा है.... न hi कुछ और याद आ रहा है.... इस बात से वो परेशान हो जाती है.... उसको यूँ परेशान होते देख प्रिंस को अच्छा नहीं लगता....

प्रिंस : रहने दो कोई बात नहीं.... बाद में याद कर लेना.... पहले खाना खा लो....

प्रिंस की बात मान के वो लड़की फ़ौरन उठ के बैठ जाती है.... और प्यार से उसके चेहरे को देखने लगती है....

प्रिंस उसकी तरफ खाने का प्लेट बढ़ता है मगर वो उसे हाथ भी नहीं लगाती.... प्रिंस उसे खाने को कहता है मगर वो है की खाना खाने को तैयार hi नहीं.... प्रिंस की समझ में नहीं आता की वो करे तो क्या करे..... तब वो अपने हाथ से निवाला तोड़ता है और उसके मुँह की तरफ बढ़ा के कहता है....

प्रिंस : तुम्हे अपने हाथ से नहीं खाना कोई बात नहीं.... मेरे हाथ से तो खाओगी न....

प्रिंस की बात सुनते hi वो फ़ौरन अपना मुँह खोल देती है और प्रिंस निवाला उसके मुँह में दाल देता है.... धीरे धीरे प्रिंस उसे खाना खिला देता है और फिर दवाई खिला के उसे लेता के सोने को कहता है.... मगर वो फ़ौरन उठ के बैठ जाती है....

प्रिंस : क्या हुआ तुम अचानक से उठ के क्यों बैठ गयी....?

लड़की : मुझे नहीं सोना.... मेरे सोते hi तुम मुझे चोर के चले जाओगे.... इस लिए मैं नहीं सोऊंगी....

उसकी मासूम बात सुन के प्रिंस हंस देता है....

प्रिंस : मैं कहीं नहीं जाऊँगा.... तुम सो जाओ....

लड़की : अगर तुम चले गए तो....

प्रिंस : जी नहीं मैं तुम्हे चोर के कहीं नहीं जाऊँगा.... जब तक तुम पूरी तरह से ठीक नहीं हो जाती मैं यहीं तुम्हारे पास hi रहूँगा....

लड़की अपना हाथ आते बढ़ा के कहती है....

लड़की : वादा करते हो.....

प्रिंस : हाँ वादा.... पक्का वादा..... अब तो मेरी बात मान लो और सो जाओ....

प्रिंस की बात मान के वो लड़की सो जाती है.... और प्रिंस उसके पास बैठे बैठे प्यार से उसका मासूम और खूबसूरत चेहरे को देखता रहता है.... जाने कब उसे नींद आ जाती है उसे पता hi नहीं चलता....

अगली सुबह डॉ सपना रूम में उस लड़की का चेक उप करने आती है.... दोनों को देख के उसके चेहरे पे मुस्कराहट फैल जाती है....

वो लड़की प्रिंस का हाथ थामे सुकून से सो रही है और प्रिंस उसकी बगल में बैठा बैठा सो रहा है.... दोनों को देख के ऐसा लग रहा है जैसे की ऊपर वाले ने दोनों को एक दूसरे के लिए hi बनाया हो....

सपना के आने की आहात से प्रिंस की नींद टूट जाती है....

सपना : तुम इस तरह यहाँ क्यों बैठे हुए हो....?

प्रिंस सपना को रात हुई पूरी बात बताता है....

सपना : तुम इस के लिए रात भर यहाँ बैठे रहे.... तुम्हे भी तो आराम की ज़रुरत है.... तुम भी तो बुरी तरह से ज़ख़्मी हो....

प्रिंस : हाँ हूँ मगर इसके दर्द के आगे मुझे मेरा दर्द महसूस hi नहीं होता... इसे तकलीफ में देख के मेरा दिल तड़प जाता है.... इसे इस हाल में चोर के जाने का दिल hi नहीं करता.... बस इस लिए....

सपना : ज़रूर इस लड़की ने बहुत hi नेक काम किये होंगे तभी तो इसे तुम मिले... जो अपनी परवाह किये बगैर सिर्फ और सिर्फ इसकी फ़िक्र कर रहा है.... जो काम इसके अपनों को करना चाहिए वो एक अनजान कर रहा है... अब तुम hi बताओ की ऐसे इंसान को फरिश्ता न कहूं तो और क्या कहूं....?

प्रिंस : आप को तो बस मौका मिलना चाहिए... मौका मिला नहीं की आप मेरी तारीफ के पल बाँधने लग जाती हैं.... मेरी तारीफ करना छोड़िये और इसका चेक उप कीजिये....

जैसे hi सपना आगे बढ़ के उस लड़की का चेक उप करने जाती है.... उस लड़की की नींद टूट जाती है... और वो सपना को अपने करीब आते देख गुस्से से पागल हो जाती है.... बस फिर क्या था जो चीज़ उसके हाथ में आती है वो उसे उठा के सपना के ऊपर फेकने लगती है साथ hi चीख भी रही है....

प्रिंस उसे ऐसा करने से रोकने की बहुत कोशिश करता है मगर वो है की कुछ भी सुन ने को तैयार hi नहीं.... न चाहते हुए भी प्रिंस को वो करना पड़ता है जो वो नहीं करना चाहता..... एक बार फिर से उसे उसी दर्द से गुज़ारना पड़ता है.... जिस दर्द से वो कल रात गुज़रा है.... एक बार फिर से उसकी पीठ खून से सं जाती है.... इस लड़की के नाखून उसके ज़ख्मों को जो अभी भरे भी नहीं थे उन्हें एक बार फिर से हरा कर देते हैं.... एक बार फिर से प्रिंस उस असीम दर्द को बर्दाश्त करता है.... कुछ देर में उस लड़की का गुस्सा शांत हो जाता है और वो प्रिंस की बाहों में बेहोश हो जाती है.....

प्रिंस उसे बीएड पे लेता देता है.... और सपना को उसका चेक उप करने को कहता है....

प्रिंस : इस से पहले की ये होश में आ जाए और ये फिर से भड़क जाए जल्दी से इसका चेक उप कीजिये....

डॉ सपना : बस हो गया प्रिंस अब और नहीं.... अब मुझसे और बर्दाश्त नहीं होता.... ये दर्द और ये हालत मुझसे अब और देखि नहीं जाती.....

प्रिंस : हाँ सपना मुझसे भी इसका दर्द देखा नहीं जाता....

सपना : मैं इसकी नहीं बल्कि तुम्हारी बात कर रही हूँ.... इसके लिए तुमने जाने कितना दर्द सहा अब बस और मैं तुम्हे ज़रा सा भी दर्द सहने नहीं दूंगी.....

प्रिंस : क्या सपना इस मामूली से दर्द के लिए तुम कुछ भी कह रही हो....

सपना : जिसे तुम मामूली कह रहे हो.... तुम्हे पता भी है की तुम्हारे ज़ख्मो का क्या हाल है....? वो ज़ख्म अब नासूर बन गए हैं.... तुम्हारी पीट की चमड़ी कई जगह से पूरी उदार चुकी है और तुम्हारी पीठ का गोश्त तक नज़र आ रहा है.... नहीं प्रिंस अब बस अब और नहीं.... अब अगर मैंने तुम्हे नहीं रोका तो जाने आगे क्या हो जाए.... अब मैं और तुम्हे इस दर्द को सहने नहीं दूंगी.... हद होती है यार किसी भी चीज़ की और वो हद पार हो चुकी है.... अब बस अब तुम कुछ भी नहीं करोगे इसके लिए.....

प्रिंस : जी नहीं मैं इसके लिए ऐसे लाखों ज़ख्म अपने जिस्म पे झेल सकता हूँ.... मैं इसके लिए कुछ भी कर सकता हूँ.... कुछ भी....

फिर सपना जो कहती है उसे सुन के प्रिंस बुरी तरह से चौंक जाता है....

सपना : अच्छा कुछ भी कर सकते हो इसके लिए....?

प्रिंस : हाँ....

सपना : तो फिर ठीक है इसके कपडे उतारो और इसे बीएड बाथ दो....
 
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