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मेरी आशिकी तुमसे hi.....
अपडेट 154....
बंगारू बाबा : शहनूर ने गुस्से में प्रिंस के पूरे खानदान को श्राप तो दे दिया मगर खुद ये भूल गयी की वो और उसकी बेटियां.... यहाँ तक की प्रिंस के अपने माँ और डैड भी इस खानदान के सदस्य होने की वजह से न चाहते हुए भी इस श्राप के शिकार हो गए..... उस श्राप की वजह से जैसा प्रिंस खानदान की बाकी लड़कियों और औरतों के साथ करेगा ठीक वैसा hi उसे इनके साथ भी करना पड़ेगा.... फर्क सिर्फ इतना होगा की उनके साथ सेक्स प्रिंस गुस्से में अपना बदला लेने के लिए करेगा.... मगर इनके साथ श्राप की वजह से.... बल्कि उस श्राप की वजह से अलीना आइना के साथ साथ शहनूर खुद भी प्रिंस की तरफ अत्त्रक्ट होने लगेगी.... न चाहते हुए भी वो प्रिंस को चाहने लगेंगी....
नानी : Kyaaaaaaaaaaaa....?
बाबा : हाँ ऐसा होगा ज़रूर होगा..... ये hi सब की किस्मत में लिखा है और किस्मत के लिखे को कोई नहीं बदल सकता... न चाहते हुए भी प्रिंस की माँ शिफा भी इस श्राप का शिकार है.... एक और भी है जो इस श्राप का शिकार है और वो है *******
जल्द hi उसके बारे में भी पता चलेगा की वो कौन है.....??????
अब आगे.....
सुलतान की बात सुन के शहनूर ख़ामोशी से बस एक तक उसे देखने लग जाती है....
सुलतान : क्या हुआ माँ आप अचानक से खामोश क्यों हो गयी....?
शहनूर : क्या वाकई में तू मज़ाक कर रहा था....?
अभी सुलतान कुछ कहने hi वाला होता है की तभी डॉ वहां आ जाता है और शहनूर को नींद का इंजेक्शन लगा के आराम करने को कह के चला जाता है....
सुलतान भी मुस्कुरा के शहनूर की तरफ बढ़ता है और उसके माथे को चूम के आराम करने को कहता है.... फिर जाने उसे क्या सूझता है.... वो शहनूर के गाल को चूमने के लिए आगे बढ़ता है.... वो अभी शहनूर के गाल चूमने hi वाला होता है की तभी शहनूर सुलतान से अपना सवाल पूछने के लिए अपना चेहरा उस तरफ घूमती है.... तभी सुलतान के होंठ शहनूर के गाल को न चूम के उसके होंठों को छू जाते हैं.... सालों बाद आज पहली बार दोनों के होंठों ने एक दूसरे के होंठों को छुआ था.... इस एहसास को महसूस करते hi दोनों के जिस्म में एक करंट सा दौर जाता है.... जो उन्हें एक अलग hi एहसास से वाकिफ करवाता है.... दोनों इस एहसास में इतना खो जाते हैं की उन्हें ये पता hi नहीं चलता की कब वो एक दूसरे के होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगे.... शहनूर को जब तक इस बात का एहसास होता है की वो सुलतान को किश कर रही है वो नींद की आगोश में चली जाती है.... वहीँ जब सुलतान को इस बात का एहसास होता है तब वो फ़ौरन शहनूर की आँखों की तरफ देखता है.... उन्हें बंद देख के वो इस बात का पता नहीं कर पा रहा है की शहनूर की आँखें इस किश को महसूस करने की वजह से बंद है या फिर शर्म की वजह से या फिर मस्ती की वजह से या फिर नींद के इंजेक्शन की वजह से.... कुछ पल तक सुलतान बिना कोई हरकत किये बस शहनूर के होंठों को चूसता रहता है मगर जब शहनूर की तरफ से उसे किश में कोई रिस्पांस नहीं मिलता तब वो उनसे अलग होता है... और कुछ कहने hi वाला होता है की तभी वहां नर्स आ जाती है....
नर्स : डॉ ने पेशेंट को नींद का इंजेक्शन लगा दिया है आप उन्हें आराम करने दीजिये और खुद भी जा के आराम कीजिये.... इन की देखभाल के लिए मैं हूँ यहाँ....
नर्स की बात सुन के सुलतान को ये समझते देर नहीं लगती की किश करते वक़्त माँ की आँखें नींद के इंजेक्शन के असर की वजह से बंद हो गयी थी.... यानी किश करते वक़्त वो सो चुकी थी.... मगर अब सुलतान को ये बात सताने लगती है की किश करने के पहले माँ सो चुकी थी या फिर किश के बाद.... खैर जो भी हो अब इस बात का पता तो माँ के उठने के बाद hi चलेगा.... चलो तब तक सैर से मिल लेता हूँ....
ये सोच के Sultan/Prince सैर के वार्ड की तरफ चल देता है.... इधर कुसुम के वार्ड में नर्स आ के कहती है....
नर्स : जी आप के पति को डॉ साहब बुला रहे हैं उन्हें आपके बारे में उनसे कुछ बात करनी है....
नुसरे के मुँह से पति सुन के तीनो कुसुम रिया (कुसुम और रिया जिब्रान के भाई ऑस्ट्रेलियाई डॉन दिनेश ठाकुर की बेटी और म्यूजिकल डॉन शांती की बेहेन है) और सुहानी (जिब्रान की बेटी) चौंक जाती हैं....
कुसुम : जब हॉस्पिटल में एडमिट हुई थी तब तो मैं कुंवारी थी ये अचानक से मेरा पति कहाँ से आ गया....?
नर्स : ये आप क्या कह रही हैं...? माना की पति पत्नी में लड़ाई झगडे होते रहते हैं इस का ये मतलब थोड़े hi है की आप अपने पति को भूल जाए.... बुलाइये उन्हें और कहिये की जा के डॉ साहब से मिल ले....
कुसुम : अबे जब पति है hi नहीं तो फिर बुलाऊँ किसे....? मैं अभी तक कुंवारी हूँ मेरी शादी नहीं हुई है....
नर्स : अच्छा अगर शादी नहीं हुई तो फिर तुम्हारी मांग में जो ये सिन्दूर है वो क्या तुमने फैशन की वजह से लगाया हुआ है....?
नर्स की बात सुन के रिया और सुहानी कुसुम की मांग की तरफ देखते हैं वहां उन्हें लाल रंग नज़र आता है जिसे देख....
रिया : ये क्या सिसो आप ने शादी कर ली और हम को बताया तक नहीं....
सुहानी : और नहीं तो क्या...? सिसो आपको शादी करनी hi थी तो काम से काम हम को तो बता देती.... हम भी आपकी शादी में शरीक हो जाते ये चुपके चुपके शादी करने की ज़रुरत क्या थी....?
कुसुम : अबे किसकी शादी....? कौन सा पति...? तुम दोनों क्या बक रही हो....? पहले ये कमीनी नर्स जो मुँह में आये बक रही थी और अब तुम दोनों भी....
सुहानी : अच्छा अगर हम बक रही हैं तो फिर आप hi ये बता दीजिये की आपकी मांग में जो सिन्दूर है वो क्या जादू से आ गया... क्या ये सिन्दूर आपकी मांग में उस प्रिंस ने नहीं लगाया....? बताइये... जवाब दीजिये....
सुहानी की बात सुन के कोमल अपना चेहरा आईने में देखती है.... अपनी मांग में लाल रंग देख के वो खुद भी हैरान हो जाती है.... फिर जब उसे उस रात की बात याद आती है..... तब उसके होश उड़द जाते हैं.... उस रात हुआ ये था की प्रिंस की टक्कर कुसुम से हो जाती है.... कुसुम प्रिंस से टकरा के पीछे कांच पे गिरने लगती है... प्रिंस उसे गिरने से बचने के लिए उसे अपनी तरफ खींचता है मगर बैलेंस संभल नहीं पाटा... वो उसके साथ साइड पे कांच के टेबल पे गिरता है.... कांच टूटने की वजह से प्रिंस का हाथ बुरी तरह ज़ख़्मी हो जाता है उसमे से खून निकलने लगता है.... और बह के कुसुम के चेहरे और सर पे गिरके उसे खून से भर देता है....
ये याद आते hi कुसुम के होश उड़द जाते हैं.... उस के मुँह से बस इतना निकलता है....
कुसुम : ये सिन्दूर नहीं बल्कि प्रिंस का खून है.... उसके ज़ख़्मी हाथ से बहा हुआ खून....
रिया : मतलब उसका हाथ ज़ख़्मी है....
कुसुम : हाँ मुझे बचने के चक्कर में उसका हाथ ज़ख़्मी हुआ था और ये उसी का खून.....
ये कहते कहते कुसुम तड़प के प्रिंस से मिलने के लिए वार्ड से बहार की तरफ दौड़ती है.... ठीक तभी प्रिंस वहां से गुज़रते हुए सैर से मिलने उसके वार्ड की तरफ जा रहा होता है.... अचानक से कुसुम एक बार फिर से प्रिंस से टकरा जाती है.... इस बार वो टकरा के तीसरी मंज़िल के रेलिंग से नीचे की तरफ गिरने लगती है.... किसी को यूँ गिरते देख प्रिंस फ़ौरन आगे बढ़ के उसका हाथ थाम लेता है.... कुसुम प्रिंस का हाथ पकड़ के तीसरी मंज़िल से नीचे लटक जाती है.... कुसुम को यूँ गिरते देख दर के मारे सुहानी और रिया की चीख निकल जाती है....
दोनों : Sisoooooooooo... Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiii....
प्रिंस : अरे तुम दोनों यहाँ... और ये तुम दोनों चीख क्यों रही हो....?
सुहानी कुसुम की तरफ इशारा करके : व.... व.... वो सिसो....
सुहानी का इशारा पा के प्रिंस पलट के नीचे की तरफ देखता है... वहां उसके हाथ को पकडे कुसुम को तीसरी मंज़िल से नीचे लटके देख प्रिंस अपना सर पीट लेता है....
प्रिंस : बड़ी अजीब लड़की हो यार तुम.... हर बार तुम ये कहाँ भागती रहती हो...? और तो और तुम मुझसे hi क्यों टकरा जाती हो....? ये चक्कर क्या है हाँ....? कहीं तुम्हे मुझसे प्यार तो नहीं हो गया....? या फिर कहीं तुम पागल दीवानी तो नहीं हो....?
कुसुम ख़ामोशी से प्रिंस का हाथ मज़बूती से पकडे बस एक तक उसे देखती रहती है....
सुहानी गुस्से में : तुम्हे पता भी है की तुम किस से और क्या बात कर रहे हो....?
प्रिंस : इस पागल दीवानी लड़की से... जो बार बार बिना बात के मुझसे टकरा जाती है.... और हर बार मुझे इसे बचाना पड़ता है...
रिया गुस्से में : ये पागल दीवानी नहीं बल्कि कुसुम है.... कुसुम....
रिया की बात सुन के प्रिंस कुसुम को गौर से देख के कहता है....
प्रिंस : सही कहा तुमने ये दीवानी नहीं है... बल्कि जन्नत की खूबसूरत पारी से भी ज़्यादा खूबसूरत है.....
फिर कुसुम के गाल को अपनी उँगलियों में दबा के कहता है....
प्रिंस : देखो इस के गाल कितने मुलायम और गोर गोर हैं... ये इसकी आँखें देखो कैसे झील सी गहरी हैं.... की इनमे डूब जाने का दिल करे.... और इसकी गुलाब की पंखुड़ी जैसे मदभरे होंठों को देखो.... कितना मीठा रास भरा है इसमें जी चाहता है इन्हे चूस के इन का पूरा रास पी जाऊं.... और इसकी ये कातिल जवानी देख के मैं तो क्या कोई भी इसे प्यार किये बिना न रह पाए.... हाय कोई सम्भालो मुझे कहीं मैं इसका दीवाना न हो जाऊं....
प्रिंस के मुँह से अपनी तारीफ सुन के कुसुम का चेहरा शर्म से लाल हो जाता है.... साथ hi उसका दिल ख़ुशी से झूम उठता है....
तभी....
सुहानी : अबे मजनू के बच्चे पहले इसकी जान तो बचा फिर कर लेना जी भर के प्यार....
प्रिंस : सॉरी यार वो मैं भूल hi गया था.... वो क्या है न इसकी खूबसूरती ने मुझे इस कदर मदहोश कर दिया था की मुझे कुछ होश hi नहीं रहा....
रिया : अब बचा भी ले यार मेरी बेहेन को इस से पहले की वो नीचे गिर जाए....
प्रिंस फ़ौरन कुसुम को ऊपर की तरफ खींच लेता है.... फिर उसकी आँखों में देख के कहता है....
प्रिंस : अगली बार फिर से गिरने का दिल करे तो मुझे बता देना वक़्त से पहले मैं वहां पहुँच जाऊँगा....
ये कह के प्रिंस वहां से जाने लगता है... मगर तभी जाने क्यों वो पलट के कुसुम के करीब जाता है.... और प्यार से उसके गाल को चूमने के बाद उसे आँख मार के कहता है....
प्रिंस : यू अरे रियली वैरी ब्यूटीफुल हॉट न सेक्सी.... सी या....
ये कह के वो मुस्कुराते हुए वहां से चला जाता है....
कुसुम प्रिंस में खो सी जाती है.... वो एक तक बस उसे जाते हुए देखती रह जाती है.... उसकी तंत्र सुहानी और रिया के हिलने से टूट टी है....
दोनों : सिसो.... आप ठीक तो हो न....
होश में आते hi वो इधर उधर प्रिंस को ढूंढने लगती है.....
वहीँ प्रिंस अब तक सैर के वार्ड में आ चूका है....
इस से पहले की प्रिंस सैर से उसकी तबीयत के बारे में पूछता.... सैर राशन पानी ले के उसके ऊपर चढ़ जाती है और शुरू हो जाती है उसके सवालों की बौछार....
सैर : तो जनाब को आखिर फुर्सत मिल hi गयी.... कल के गए अब आ रहे हो....? कहाँ थे इतनी देर तक....? क्या कर रहे थे...? तुम्हे मेरी ज़रा भी परवाह नहीं है न.... अगर परवाह होती तो अपनी दोस्त को यूँ अकेला चोर के नहीं जाते.... बात मत करो मुझसे.... मेरे करीब भी मत आना और हाँ मुझे सीने से तो बिलकुल भी नहीं लगाना.....
सैर ये कहती जा रही है साथ hi प्रिंस की तरफ बढ़ती भी जा रही है... फिर उसके बेहद करीब जा के कहती है....
सैर : अब बस देखते hi रहोगे या मुझे अपने सीने से भी लगाओगे.... तुम न बहुत खराब हो.... जानते हो तुम्हारे बिना पिछली रात कैसे काटी है मैंने....? कैसे बीता है मेरा आज का ये दिन.... एक एक पल एक एक सदी के बराबर लग रहा था.... और एक तुम हो की.... तुम्हे मेरी ज़रा भी फ़िक्र नहीं..... मैं जियूं या मर....
अभी सैर अपनी बात पूरी भी नहीं कर पायी थी की प्रिंस वो करता है जिसे देख सैर के साथ साथ वहां मौजूद सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं....
प्रिंस ने ऐसा क्या किया जिस से सब इस तरह से चौंक गए....??????
ये आगे चल के पता चलेगा.... फिलहाल चलते हैं हॉस्पिटल के उस हिस्से में जहाँ आबिद को एडमिट किया गया है.... आबिद की खबर मिलते hi उसकी बीवी नसरीन अपनी दोनों बेटी मेहरीन और समरीन को ले के फ़ौरन वहां आ जाती है....
नसरीन : डॉ इन्हे हुआ क्या है....?
डॉ : शॉक या फिर किसी दर की वजह से इनके दिमाग को एक झटका लगा जिसकी वजह से इनके जिस्म का राइट साइड का पूरा हिस्सा बेजान सा हो गया है.... अब शायद hi ये कभी ठीक हो सके....
नसरीन : ऐसा मत कहिये डॉ.... प्लीज इन्हे ठीक कर दीजिये.... मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ.... प्लीज...
डॉ : हम छह के भी कुछ नहीं कर सकते... इनके दिमाग की कुछ नस डैमेज हो गयी है जिसकी वजह से इनको पैरालिसिस का अटैक हुआ है.... इनका ठीक हो पाना लगभग नामुमकिन है....
ये कह के डॉ वहां से चले जाते हैं.... आबिद की हालत को देख के नसरीन और उसकी दोनों बेटियों का रो रो के बुरा हाल बना हुआ है.... बड़ी मुश्किल से अरबाज़ और जमीला उन्हें संभालते हैं....
अरबाज़ : चुप हो जा मेरी बेहेन.... ये रो ने का वक़्त नहीं है.... बल्कि आबिद के साथ साथ अपनी दोनों बेटियों को संभालने का है... इस वक़्त इन्हे सब से ज़्यादा तेरी ज़रुरत है.... अगर तू टूट जायेगी तो इनका क्या होगा....? संभाल खुद को... अब इन को तुझे hi संभालना है....
काफी देर तक वो सब रट रहते हैं... फिर कुछ देर बाद....
नसरीन : मगर ये सब हुआ कैसे....?
अरबाज़ जो कहते हैं उसे सुन के नसरीन के साथ साथ उसकी दोनों बेटी मेहरीन और समरीन बुरी तरह से शॉकेड हो जाती हैं.....
तीनो : Kyaaaaaaaaaaaa....?
अरबाज़ : हाँ नसरीन ये सब उसी वजह से हुआ है....
नसरीन : ये कैसे मुमकिन है....? सुलतान तो सालो पहले मर चूका है... वो ज़िंदा कैसे हो सकता है....? सोना ने खुद उसे अपने हाथों से मारा था.....
नसरीन की बात सुन के जमीला भड़क जाती है....
जमीला : सोना ने नहीं मारा था सुलतान को बल्कि वो एक एक्सीडेंट था.... गलती से सोना का धक्का उसे लगा.... वो खुद को संभाल नहीं पाया और छत से नीचे गिर गया....
नसरीन : हाँ और फिर महक ने उसके सर पे गमला फेक के मारा ताकि सुलतान मर जाए....
जमीला : जी नहीं ये झूठ है.... मेरी बेटियों ने कुछ नहीं किया था.... बल्कि ये सब आबिद और तेरी शाजिश थी.... जिसे हम न समझ सके और मासूम सुलतान को गलत समझने का गुनाह कर बैठे....
नसरीन : जी नहीं इस सब में हमारा कोई हाथ नहीं था.... और वैसे भी क्या सबूत है तुम्हारे पास की ये सब आबिद और मैंने किया था....?
जमीला : आबिद खुद इस बात का सबूत है.... उसने कल खुद सब के सामने अपने सारे गुनाह क़ुबूल किये.... ये बात हम को hi नहीं बल्कि पूरे घर वालों को पता है की ये साड़ी शाजिश तुम दोनों पति पत्नी की थी और इस सब में कहीं न कहीं तेरी बेटी भी शामिल है.... तू ने पैसे की लालच में आ के अपने कमीने पति का साथ दिया और तेरे कमीने पति ने हवस में अंधे हो के इतनी नीच और गिरी हुई हरकत की..... उस मासूम सुलतान के साथ हैवानो से भी बत्तर सलूक किया.... उसकी हस्ती खेलती ज़िन्दगी को अज़ाब बना के रख दिया.....
फिर जमीला वो सब बताती है जो सच है.... वो सच जो प्रिंस ने सब को दिखाया था....
जमीला : तेरे कमीने पति और तेरी घिनौनी हरकतों की वजह से पूरा खानदान उस श्राप की चपेट में आ गया.... न चाहते हुए भी पिछले 10 साल से हम उस श्राप को भुगत रहे हैं.... उस श्राप की वजह इस खानदान का हर एक मर्द पिछले 10 साल से नामर्द बना हुआ है.... और उसी श्राप की वजह से इस पूरे खानदान की न तो कोई लड़की माँ बन सकती है और न hi कोई औरत.... सब कुछ तुम पति पत्नी और तेरी बेटियों की वजह से हो रहा है.... जिसका खामियाज़ा हम सब को भुगतना पद रहा है....
नसरीन : जी नहीं ये सब झूट है... उस कमीने प्रिंस ने झूठा इलज़ाम लगाया है हम पे....
नसरीन की बात सुन के ख़ास कर के प्रिंस के लिए उसके मुँह से कमीना सुन के जमीला को उसपे बेहद गुस्सा आ जाता है...
जमीला गुस्से में : कमीना वो नहीं बल्कि तुम लोग हो.... और रही बात उस श्राप की तो श्राप सच्चा है.... आबिद के साथ साथ इस पूरे खानदान का हर एक मर्द 10 सालों से नामर्द बन के रह गया है....
नसरीन : मैंने कहा न की ये झूट है...
जमीला : अच्छा अगर ये झूट है तो फिर बता क्यों तेरी बेटी की शादी के 2 साल बाद भी उसको अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ....? बता जवाब दे....
नसरीन : व... व... वो इस लिए क्यों की वो अभी बच्ची है... इतनी जल्दी बच्चे की ज़रुरत hi क्या है....?
जमीला : एक और झूट... अरे कितना झूट बोलेगी.... अब बस भी कर....
नसरीन : मैंने कोई झूट नहीं कहा जो कहा सब सच hi कहा है....
जमीला : जी नहीं तेरी हर एक बात झूट है.... जिसका सबूत है ये फाइल... जानती है इस फाइल में क्या है....? इसमें इस पूरे खानदान के लोगों की जन्मकुंडली है... इस फाइल में हमारे खानदान के हर एक शख्स के बारे में हर एक चीज़ लिखी हुई है.... इस फाइल के हिसाब से इस खानदान का हर एक मर्द अब नामर्द है.... और इस खानदान की जिस भी लड़की की शादी हुई है उसका पति भी शादी करते hi नामर्द बन चूका है.... ये रहे सभी मर्दों के मर्दानगी के टेस्ट रिपोर्ट.... इसमें आबिद इमरान और अरबाज़ से लेके हमारे खानदान के बाकी आदमियों और सभी दामाद तक के मर्दानी के रिपोर्ट्स हैं जिनसे ये साबित होता है की सब के सब नामर्द बन चुके हैं.... जिस बात का सबूत मैं खुद हूँ.... मुझे खुद को सेक्स किये हुए 10 साल हो चुके हैं... पहले तो मुझे लगा की शायद किसी वजह से अरबाज़ के साथ ऐसा हुआ है... मगर कल जब मैंने साड़ी सच्चाई आबिद के मुँह से सुनी और इन रिपोर्ट्स को देखा तब जा के मुझे इस बात पे यकीन आया की शहनूर ने हमारे खानदान को जो श्राप दिया है वो सच्चा साबित हुआ....
नसरीन : अगर उसका वो श्राप सच्चा है तो इसका शिकार तो खुद वो और उसकी बेटियां भी हुई.... क्यों की वो भी इसी खानदान का हिस्सा हैं... और तो और सुलतान के माँ बाप भी इस श्राप से बचे नहीं होंगे.... आखिर वो भी तो इसी खानदान का हिस्सा हैं.... अब जो हमारे साथ हो रहा है या आगे होगा वो सब शहनूर उसकी बेटियों और साथ hi सुलतान के माँ बाबा को भी भुगतना पड़ेगा.... इस श्राप से बचने के लिए जो तरीका हमारे लिए है वो hi तरीका उन सब के लिए भी है.... अब देखना ये है की सुलतान क्या करेगा....? क्या वो अपने माँ बाप के साथ साथ शहनूर और उसकी बेटियों को मजबूरन श्रापित ज़िन्दगी गुज़ारने देगा या फिर वो करेगा जो एक बीटा कभी अपने माँ और भाई अपनी बहनो के साथ नहीं कर सकता.... जानती है क्या....? सेक्स....????
(वर्ड काउंट 3250)
अपडेट 154....
बंगारू बाबा : शहनूर ने गुस्से में प्रिंस के पूरे खानदान को श्राप तो दे दिया मगर खुद ये भूल गयी की वो और उसकी बेटियां.... यहाँ तक की प्रिंस के अपने माँ और डैड भी इस खानदान के सदस्य होने की वजह से न चाहते हुए भी इस श्राप के शिकार हो गए..... उस श्राप की वजह से जैसा प्रिंस खानदान की बाकी लड़कियों और औरतों के साथ करेगा ठीक वैसा hi उसे इनके साथ भी करना पड़ेगा.... फर्क सिर्फ इतना होगा की उनके साथ सेक्स प्रिंस गुस्से में अपना बदला लेने के लिए करेगा.... मगर इनके साथ श्राप की वजह से.... बल्कि उस श्राप की वजह से अलीना आइना के साथ साथ शहनूर खुद भी प्रिंस की तरफ अत्त्रक्ट होने लगेगी.... न चाहते हुए भी वो प्रिंस को चाहने लगेंगी....
नानी : Kyaaaaaaaaaaaa....?
बाबा : हाँ ऐसा होगा ज़रूर होगा..... ये hi सब की किस्मत में लिखा है और किस्मत के लिखे को कोई नहीं बदल सकता... न चाहते हुए भी प्रिंस की माँ शिफा भी इस श्राप का शिकार है.... एक और भी है जो इस श्राप का शिकार है और वो है *******
जल्द hi उसके बारे में भी पता चलेगा की वो कौन है.....??????
अब आगे.....
सुलतान की बात सुन के शहनूर ख़ामोशी से बस एक तक उसे देखने लग जाती है....
सुलतान : क्या हुआ माँ आप अचानक से खामोश क्यों हो गयी....?
शहनूर : क्या वाकई में तू मज़ाक कर रहा था....?
अभी सुलतान कुछ कहने hi वाला होता है की तभी डॉ वहां आ जाता है और शहनूर को नींद का इंजेक्शन लगा के आराम करने को कह के चला जाता है....
सुलतान भी मुस्कुरा के शहनूर की तरफ बढ़ता है और उसके माथे को चूम के आराम करने को कहता है.... फिर जाने उसे क्या सूझता है.... वो शहनूर के गाल को चूमने के लिए आगे बढ़ता है.... वो अभी शहनूर के गाल चूमने hi वाला होता है की तभी शहनूर सुलतान से अपना सवाल पूछने के लिए अपना चेहरा उस तरफ घूमती है.... तभी सुलतान के होंठ शहनूर के गाल को न चूम के उसके होंठों को छू जाते हैं.... सालों बाद आज पहली बार दोनों के होंठों ने एक दूसरे के होंठों को छुआ था.... इस एहसास को महसूस करते hi दोनों के जिस्म में एक करंट सा दौर जाता है.... जो उन्हें एक अलग hi एहसास से वाकिफ करवाता है.... दोनों इस एहसास में इतना खो जाते हैं की उन्हें ये पता hi नहीं चलता की कब वो एक दूसरे के होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगे.... शहनूर को जब तक इस बात का एहसास होता है की वो सुलतान को किश कर रही है वो नींद की आगोश में चली जाती है.... वहीँ जब सुलतान को इस बात का एहसास होता है तब वो फ़ौरन शहनूर की आँखों की तरफ देखता है.... उन्हें बंद देख के वो इस बात का पता नहीं कर पा रहा है की शहनूर की आँखें इस किश को महसूस करने की वजह से बंद है या फिर शर्म की वजह से या फिर मस्ती की वजह से या फिर नींद के इंजेक्शन की वजह से.... कुछ पल तक सुलतान बिना कोई हरकत किये बस शहनूर के होंठों को चूसता रहता है मगर जब शहनूर की तरफ से उसे किश में कोई रिस्पांस नहीं मिलता तब वो उनसे अलग होता है... और कुछ कहने hi वाला होता है की तभी वहां नर्स आ जाती है....
नर्स : डॉ ने पेशेंट को नींद का इंजेक्शन लगा दिया है आप उन्हें आराम करने दीजिये और खुद भी जा के आराम कीजिये.... इन की देखभाल के लिए मैं हूँ यहाँ....
नर्स की बात सुन के सुलतान को ये समझते देर नहीं लगती की किश करते वक़्त माँ की आँखें नींद के इंजेक्शन के असर की वजह से बंद हो गयी थी.... यानी किश करते वक़्त वो सो चुकी थी.... मगर अब सुलतान को ये बात सताने लगती है की किश करने के पहले माँ सो चुकी थी या फिर किश के बाद.... खैर जो भी हो अब इस बात का पता तो माँ के उठने के बाद hi चलेगा.... चलो तब तक सैर से मिल लेता हूँ....
ये सोच के Sultan/Prince सैर के वार्ड की तरफ चल देता है.... इधर कुसुम के वार्ड में नर्स आ के कहती है....
नर्स : जी आप के पति को डॉ साहब बुला रहे हैं उन्हें आपके बारे में उनसे कुछ बात करनी है....
नुसरे के मुँह से पति सुन के तीनो कुसुम रिया (कुसुम और रिया जिब्रान के भाई ऑस्ट्रेलियाई डॉन दिनेश ठाकुर की बेटी और म्यूजिकल डॉन शांती की बेहेन है) और सुहानी (जिब्रान की बेटी) चौंक जाती हैं....
कुसुम : जब हॉस्पिटल में एडमिट हुई थी तब तो मैं कुंवारी थी ये अचानक से मेरा पति कहाँ से आ गया....?
नर्स : ये आप क्या कह रही हैं...? माना की पति पत्नी में लड़ाई झगडे होते रहते हैं इस का ये मतलब थोड़े hi है की आप अपने पति को भूल जाए.... बुलाइये उन्हें और कहिये की जा के डॉ साहब से मिल ले....
कुसुम : अबे जब पति है hi नहीं तो फिर बुलाऊँ किसे....? मैं अभी तक कुंवारी हूँ मेरी शादी नहीं हुई है....
नर्स : अच्छा अगर शादी नहीं हुई तो फिर तुम्हारी मांग में जो ये सिन्दूर है वो क्या तुमने फैशन की वजह से लगाया हुआ है....?
नर्स की बात सुन के रिया और सुहानी कुसुम की मांग की तरफ देखते हैं वहां उन्हें लाल रंग नज़र आता है जिसे देख....
रिया : ये क्या सिसो आप ने शादी कर ली और हम को बताया तक नहीं....
सुहानी : और नहीं तो क्या...? सिसो आपको शादी करनी hi थी तो काम से काम हम को तो बता देती.... हम भी आपकी शादी में शरीक हो जाते ये चुपके चुपके शादी करने की ज़रुरत क्या थी....?
कुसुम : अबे किसकी शादी....? कौन सा पति...? तुम दोनों क्या बक रही हो....? पहले ये कमीनी नर्स जो मुँह में आये बक रही थी और अब तुम दोनों भी....
सुहानी : अच्छा अगर हम बक रही हैं तो फिर आप hi ये बता दीजिये की आपकी मांग में जो सिन्दूर है वो क्या जादू से आ गया... क्या ये सिन्दूर आपकी मांग में उस प्रिंस ने नहीं लगाया....? बताइये... जवाब दीजिये....
सुहानी की बात सुन के कोमल अपना चेहरा आईने में देखती है.... अपनी मांग में लाल रंग देख के वो खुद भी हैरान हो जाती है.... फिर जब उसे उस रात की बात याद आती है..... तब उसके होश उड़द जाते हैं.... उस रात हुआ ये था की प्रिंस की टक्कर कुसुम से हो जाती है.... कुसुम प्रिंस से टकरा के पीछे कांच पे गिरने लगती है... प्रिंस उसे गिरने से बचने के लिए उसे अपनी तरफ खींचता है मगर बैलेंस संभल नहीं पाटा... वो उसके साथ साइड पे कांच के टेबल पे गिरता है.... कांच टूटने की वजह से प्रिंस का हाथ बुरी तरह ज़ख़्मी हो जाता है उसमे से खून निकलने लगता है.... और बह के कुसुम के चेहरे और सर पे गिरके उसे खून से भर देता है....
ये याद आते hi कुसुम के होश उड़द जाते हैं.... उस के मुँह से बस इतना निकलता है....
कुसुम : ये सिन्दूर नहीं बल्कि प्रिंस का खून है.... उसके ज़ख़्मी हाथ से बहा हुआ खून....
रिया : मतलब उसका हाथ ज़ख़्मी है....
कुसुम : हाँ मुझे बचने के चक्कर में उसका हाथ ज़ख़्मी हुआ था और ये उसी का खून.....
ये कहते कहते कुसुम तड़प के प्रिंस से मिलने के लिए वार्ड से बहार की तरफ दौड़ती है.... ठीक तभी प्रिंस वहां से गुज़रते हुए सैर से मिलने उसके वार्ड की तरफ जा रहा होता है.... अचानक से कुसुम एक बार फिर से प्रिंस से टकरा जाती है.... इस बार वो टकरा के तीसरी मंज़िल के रेलिंग से नीचे की तरफ गिरने लगती है.... किसी को यूँ गिरते देख प्रिंस फ़ौरन आगे बढ़ के उसका हाथ थाम लेता है.... कुसुम प्रिंस का हाथ पकड़ के तीसरी मंज़िल से नीचे लटक जाती है.... कुसुम को यूँ गिरते देख दर के मारे सुहानी और रिया की चीख निकल जाती है....
दोनों : Sisoooooooooo... Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiii....
प्रिंस : अरे तुम दोनों यहाँ... और ये तुम दोनों चीख क्यों रही हो....?
सुहानी कुसुम की तरफ इशारा करके : व.... व.... वो सिसो....
सुहानी का इशारा पा के प्रिंस पलट के नीचे की तरफ देखता है... वहां उसके हाथ को पकडे कुसुम को तीसरी मंज़िल से नीचे लटके देख प्रिंस अपना सर पीट लेता है....
प्रिंस : बड़ी अजीब लड़की हो यार तुम.... हर बार तुम ये कहाँ भागती रहती हो...? और तो और तुम मुझसे hi क्यों टकरा जाती हो....? ये चक्कर क्या है हाँ....? कहीं तुम्हे मुझसे प्यार तो नहीं हो गया....? या फिर कहीं तुम पागल दीवानी तो नहीं हो....?
कुसुम ख़ामोशी से प्रिंस का हाथ मज़बूती से पकडे बस एक तक उसे देखती रहती है....
सुहानी गुस्से में : तुम्हे पता भी है की तुम किस से और क्या बात कर रहे हो....?
प्रिंस : इस पागल दीवानी लड़की से... जो बार बार बिना बात के मुझसे टकरा जाती है.... और हर बार मुझे इसे बचाना पड़ता है...
रिया गुस्से में : ये पागल दीवानी नहीं बल्कि कुसुम है.... कुसुम....
रिया की बात सुन के प्रिंस कुसुम को गौर से देख के कहता है....
प्रिंस : सही कहा तुमने ये दीवानी नहीं है... बल्कि जन्नत की खूबसूरत पारी से भी ज़्यादा खूबसूरत है.....
फिर कुसुम के गाल को अपनी उँगलियों में दबा के कहता है....
प्रिंस : देखो इस के गाल कितने मुलायम और गोर गोर हैं... ये इसकी आँखें देखो कैसे झील सी गहरी हैं.... की इनमे डूब जाने का दिल करे.... और इसकी गुलाब की पंखुड़ी जैसे मदभरे होंठों को देखो.... कितना मीठा रास भरा है इसमें जी चाहता है इन्हे चूस के इन का पूरा रास पी जाऊं.... और इसकी ये कातिल जवानी देख के मैं तो क्या कोई भी इसे प्यार किये बिना न रह पाए.... हाय कोई सम्भालो मुझे कहीं मैं इसका दीवाना न हो जाऊं....
प्रिंस के मुँह से अपनी तारीफ सुन के कुसुम का चेहरा शर्म से लाल हो जाता है.... साथ hi उसका दिल ख़ुशी से झूम उठता है....
तभी....
सुहानी : अबे मजनू के बच्चे पहले इसकी जान तो बचा फिर कर लेना जी भर के प्यार....
प्रिंस : सॉरी यार वो मैं भूल hi गया था.... वो क्या है न इसकी खूबसूरती ने मुझे इस कदर मदहोश कर दिया था की मुझे कुछ होश hi नहीं रहा....
रिया : अब बचा भी ले यार मेरी बेहेन को इस से पहले की वो नीचे गिर जाए....
प्रिंस फ़ौरन कुसुम को ऊपर की तरफ खींच लेता है.... फिर उसकी आँखों में देख के कहता है....
प्रिंस : अगली बार फिर से गिरने का दिल करे तो मुझे बता देना वक़्त से पहले मैं वहां पहुँच जाऊँगा....
ये कह के प्रिंस वहां से जाने लगता है... मगर तभी जाने क्यों वो पलट के कुसुम के करीब जाता है.... और प्यार से उसके गाल को चूमने के बाद उसे आँख मार के कहता है....
प्रिंस : यू अरे रियली वैरी ब्यूटीफुल हॉट न सेक्सी.... सी या....
ये कह के वो मुस्कुराते हुए वहां से चला जाता है....
कुसुम प्रिंस में खो सी जाती है.... वो एक तक बस उसे जाते हुए देखती रह जाती है.... उसकी तंत्र सुहानी और रिया के हिलने से टूट टी है....
दोनों : सिसो.... आप ठीक तो हो न....
होश में आते hi वो इधर उधर प्रिंस को ढूंढने लगती है.....
वहीँ प्रिंस अब तक सैर के वार्ड में आ चूका है....
इस से पहले की प्रिंस सैर से उसकी तबीयत के बारे में पूछता.... सैर राशन पानी ले के उसके ऊपर चढ़ जाती है और शुरू हो जाती है उसके सवालों की बौछार....
सैर : तो जनाब को आखिर फुर्सत मिल hi गयी.... कल के गए अब आ रहे हो....? कहाँ थे इतनी देर तक....? क्या कर रहे थे...? तुम्हे मेरी ज़रा भी परवाह नहीं है न.... अगर परवाह होती तो अपनी दोस्त को यूँ अकेला चोर के नहीं जाते.... बात मत करो मुझसे.... मेरे करीब भी मत आना और हाँ मुझे सीने से तो बिलकुल भी नहीं लगाना.....
सैर ये कहती जा रही है साथ hi प्रिंस की तरफ बढ़ती भी जा रही है... फिर उसके बेहद करीब जा के कहती है....
सैर : अब बस देखते hi रहोगे या मुझे अपने सीने से भी लगाओगे.... तुम न बहुत खराब हो.... जानते हो तुम्हारे बिना पिछली रात कैसे काटी है मैंने....? कैसे बीता है मेरा आज का ये दिन.... एक एक पल एक एक सदी के बराबर लग रहा था.... और एक तुम हो की.... तुम्हे मेरी ज़रा भी फ़िक्र नहीं..... मैं जियूं या मर....
अभी सैर अपनी बात पूरी भी नहीं कर पायी थी की प्रिंस वो करता है जिसे देख सैर के साथ साथ वहां मौजूद सब बुरी तरह से चौंक जाते हैं....
प्रिंस ने ऐसा क्या किया जिस से सब इस तरह से चौंक गए....??????
ये आगे चल के पता चलेगा.... फिलहाल चलते हैं हॉस्पिटल के उस हिस्से में जहाँ आबिद को एडमिट किया गया है.... आबिद की खबर मिलते hi उसकी बीवी नसरीन अपनी दोनों बेटी मेहरीन और समरीन को ले के फ़ौरन वहां आ जाती है....
नसरीन : डॉ इन्हे हुआ क्या है....?
डॉ : शॉक या फिर किसी दर की वजह से इनके दिमाग को एक झटका लगा जिसकी वजह से इनके जिस्म का राइट साइड का पूरा हिस्सा बेजान सा हो गया है.... अब शायद hi ये कभी ठीक हो सके....
नसरीन : ऐसा मत कहिये डॉ.... प्लीज इन्हे ठीक कर दीजिये.... मैं आपके हाथ जोड़ती हूँ.... प्लीज...
डॉ : हम छह के भी कुछ नहीं कर सकते... इनके दिमाग की कुछ नस डैमेज हो गयी है जिसकी वजह से इनको पैरालिसिस का अटैक हुआ है.... इनका ठीक हो पाना लगभग नामुमकिन है....
ये कह के डॉ वहां से चले जाते हैं.... आबिद की हालत को देख के नसरीन और उसकी दोनों बेटियों का रो रो के बुरा हाल बना हुआ है.... बड़ी मुश्किल से अरबाज़ और जमीला उन्हें संभालते हैं....
अरबाज़ : चुप हो जा मेरी बेहेन.... ये रो ने का वक़्त नहीं है.... बल्कि आबिद के साथ साथ अपनी दोनों बेटियों को संभालने का है... इस वक़्त इन्हे सब से ज़्यादा तेरी ज़रुरत है.... अगर तू टूट जायेगी तो इनका क्या होगा....? संभाल खुद को... अब इन को तुझे hi संभालना है....
काफी देर तक वो सब रट रहते हैं... फिर कुछ देर बाद....
नसरीन : मगर ये सब हुआ कैसे....?
अरबाज़ जो कहते हैं उसे सुन के नसरीन के साथ साथ उसकी दोनों बेटी मेहरीन और समरीन बुरी तरह से शॉकेड हो जाती हैं.....
तीनो : Kyaaaaaaaaaaaa....?
अरबाज़ : हाँ नसरीन ये सब उसी वजह से हुआ है....
नसरीन : ये कैसे मुमकिन है....? सुलतान तो सालो पहले मर चूका है... वो ज़िंदा कैसे हो सकता है....? सोना ने खुद उसे अपने हाथों से मारा था.....
नसरीन की बात सुन के जमीला भड़क जाती है....
जमीला : सोना ने नहीं मारा था सुलतान को बल्कि वो एक एक्सीडेंट था.... गलती से सोना का धक्का उसे लगा.... वो खुद को संभाल नहीं पाया और छत से नीचे गिर गया....
नसरीन : हाँ और फिर महक ने उसके सर पे गमला फेक के मारा ताकि सुलतान मर जाए....
जमीला : जी नहीं ये झूठ है.... मेरी बेटियों ने कुछ नहीं किया था.... बल्कि ये सब आबिद और तेरी शाजिश थी.... जिसे हम न समझ सके और मासूम सुलतान को गलत समझने का गुनाह कर बैठे....
नसरीन : जी नहीं इस सब में हमारा कोई हाथ नहीं था.... और वैसे भी क्या सबूत है तुम्हारे पास की ये सब आबिद और मैंने किया था....?
जमीला : आबिद खुद इस बात का सबूत है.... उसने कल खुद सब के सामने अपने सारे गुनाह क़ुबूल किये.... ये बात हम को hi नहीं बल्कि पूरे घर वालों को पता है की ये साड़ी शाजिश तुम दोनों पति पत्नी की थी और इस सब में कहीं न कहीं तेरी बेटी भी शामिल है.... तू ने पैसे की लालच में आ के अपने कमीने पति का साथ दिया और तेरे कमीने पति ने हवस में अंधे हो के इतनी नीच और गिरी हुई हरकत की..... उस मासूम सुलतान के साथ हैवानो से भी बत्तर सलूक किया.... उसकी हस्ती खेलती ज़िन्दगी को अज़ाब बना के रख दिया.....
फिर जमीला वो सब बताती है जो सच है.... वो सच जो प्रिंस ने सब को दिखाया था....
जमीला : तेरे कमीने पति और तेरी घिनौनी हरकतों की वजह से पूरा खानदान उस श्राप की चपेट में आ गया.... न चाहते हुए भी पिछले 10 साल से हम उस श्राप को भुगत रहे हैं.... उस श्राप की वजह इस खानदान का हर एक मर्द पिछले 10 साल से नामर्द बना हुआ है.... और उसी श्राप की वजह से इस पूरे खानदान की न तो कोई लड़की माँ बन सकती है और न hi कोई औरत.... सब कुछ तुम पति पत्नी और तेरी बेटियों की वजह से हो रहा है.... जिसका खामियाज़ा हम सब को भुगतना पद रहा है....
नसरीन : जी नहीं ये सब झूट है... उस कमीने प्रिंस ने झूठा इलज़ाम लगाया है हम पे....
नसरीन की बात सुन के ख़ास कर के प्रिंस के लिए उसके मुँह से कमीना सुन के जमीला को उसपे बेहद गुस्सा आ जाता है...
जमीला गुस्से में : कमीना वो नहीं बल्कि तुम लोग हो.... और रही बात उस श्राप की तो श्राप सच्चा है.... आबिद के साथ साथ इस पूरे खानदान का हर एक मर्द 10 सालों से नामर्द बन के रह गया है....
नसरीन : मैंने कहा न की ये झूट है...
जमीला : अच्छा अगर ये झूट है तो फिर बता क्यों तेरी बेटी की शादी के 2 साल बाद भी उसको अभी तक कोई बच्चा नहीं हुआ....? बता जवाब दे....
नसरीन : व... व... वो इस लिए क्यों की वो अभी बच्ची है... इतनी जल्दी बच्चे की ज़रुरत hi क्या है....?
जमीला : एक और झूट... अरे कितना झूट बोलेगी.... अब बस भी कर....
नसरीन : मैंने कोई झूट नहीं कहा जो कहा सब सच hi कहा है....
जमीला : जी नहीं तेरी हर एक बात झूट है.... जिसका सबूत है ये फाइल... जानती है इस फाइल में क्या है....? इसमें इस पूरे खानदान के लोगों की जन्मकुंडली है... इस फाइल में हमारे खानदान के हर एक शख्स के बारे में हर एक चीज़ लिखी हुई है.... इस फाइल के हिसाब से इस खानदान का हर एक मर्द अब नामर्द है.... और इस खानदान की जिस भी लड़की की शादी हुई है उसका पति भी शादी करते hi नामर्द बन चूका है.... ये रहे सभी मर्दों के मर्दानगी के टेस्ट रिपोर्ट.... इसमें आबिद इमरान और अरबाज़ से लेके हमारे खानदान के बाकी आदमियों और सभी दामाद तक के मर्दानी के रिपोर्ट्स हैं जिनसे ये साबित होता है की सब के सब नामर्द बन चुके हैं.... जिस बात का सबूत मैं खुद हूँ.... मुझे खुद को सेक्स किये हुए 10 साल हो चुके हैं... पहले तो मुझे लगा की शायद किसी वजह से अरबाज़ के साथ ऐसा हुआ है... मगर कल जब मैंने साड़ी सच्चाई आबिद के मुँह से सुनी और इन रिपोर्ट्स को देखा तब जा के मुझे इस बात पे यकीन आया की शहनूर ने हमारे खानदान को जो श्राप दिया है वो सच्चा साबित हुआ....
नसरीन : अगर उसका वो श्राप सच्चा है तो इसका शिकार तो खुद वो और उसकी बेटियां भी हुई.... क्यों की वो भी इसी खानदान का हिस्सा हैं... और तो और सुलतान के माँ बाप भी इस श्राप से बचे नहीं होंगे.... आखिर वो भी तो इसी खानदान का हिस्सा हैं.... अब जो हमारे साथ हो रहा है या आगे होगा वो सब शहनूर उसकी बेटियों और साथ hi सुलतान के माँ बाबा को भी भुगतना पड़ेगा.... इस श्राप से बचने के लिए जो तरीका हमारे लिए है वो hi तरीका उन सब के लिए भी है.... अब देखना ये है की सुलतान क्या करेगा....? क्या वो अपने माँ बाप के साथ साथ शहनूर और उसकी बेटियों को मजबूरन श्रापित ज़िन्दगी गुज़ारने देगा या फिर वो करेगा जो एक बीटा कभी अपने माँ और भाई अपनी बहनो के साथ नहीं कर सकता.... जानती है क्या....? सेक्स....????
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