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मेरी आशिकी तुमसे hi.....
अपडेट 163..... महा मेगा अपडेट....
"शानू की चुदाई"
मिया : क्या हुआ तुम सब अचानक से चौंक क्यों गए....?
दिया : तेरी हरकत देख के और तेरी बातें सुन के हम को झटका लगा है.... दोनों hi चीज़ें एक दूसरे को मैच नहीं कर रही hain....Ek तरफ तू सुलतान की तारीफ कर रही है उस से निकाह करने की बात कर रही है और वहीँ दूसरी तरफ तू ने उसे गोली मारी....
मिया : वो वो मैं वो....
जिया : ये वक़्त इन बातों का नहीं है बल्कि खान सर को ढूंढने का है... जाने इस वक़्त वो कहाँ और कैसे हैं....? सब से पहले सर को ढूंढने के बारे में सोचो..... बाकी सब बाद में....
मिया : तो फिर चलो चल के खान सर का पता लगते हैं....
सब बहार की तरफ चल देते हैं.... अभी वो दरवाज़ा खोल के बहार आये hi थे की तभी अचानक से वहां कुछ अनजान लोग उन्हें घेर के उनपे गन तान देते हैं....
मिया : कौन हो तुम लोग....? और इस तरह हम पे हुम्ला करने का क्या मतलब है....?????
ये लोग कौन हैं जिन्होंने सब को घेर लिया और उनपे गन तान दी.... वहीँ दूसरी तरफ वो 3 लोग कौन हैं जिनसे सुलतान मिलने गया है साथ hi अगली सुबह सुलतान क्या क्या धमाल करने वाला है ये देखना बेहद दिलचस्प होगा....?
मिया के साथ साथ बाकी सब बहार की तरफ चल देते हैं.... अभी वो दरवाज़ा खोल के बहार आये hi थे की तभी अचानक से वहां कुछ अनजान लोग उन्हें घेर के उनपे गन तान देते हैं....
मिया : तुम लोग कौन हो...?
शख्स 1 : पहले सब जल्दी से अंडर चलो....
जेम्स : नहीं पहले बताओ की तुम लोग हो कौन....?
शख्स 2 : हमारे बारे में बाद में पता कर लेना पहले अंडर चलो.... इस से पहले की तुम सब को शूट कर दिया जाए....
अभी कोई कुछ कहने hi वाला होता है की तभी...
दिया : मेरे ख़याल से हम को इनकी बात मान के अंडर जाना चाहिए..... एक गलती हम अभी कुछ देर पहले hi कर चुके हैं.... अब एक और गलती हम को नहीं करनी चाहिए....
सब दिया की बात मान के अंडर चले जाते हैं...
चार्ल्स : हम अंडर तो आ गए मगर खान सर का क्या....?
मिया : उन के बारे में बाद में पहले ये तो पता चल जाए की ये लोग कौन हैं....? और हम पे गन तान के क्यों खड़े हैं....?
जेम्स : हाँ तो अब बताओ की तुम लोग कौन हो....?
शख्स 1 : सवाल जवाब बाद में पहले जल्दी से ये सेफ्टी सूट पेहेन लो और चलो हमारे साथ..... अगर अपनी जान बेकार में नहीं गवाना चाहते तो....
मिया : मतलब क्या है तुम्हारा....?
शख्स : ये जगह अगले 3 मिनट्स में बम से उड़ने वाली है.....
उस शख्स के मुँह से बम सुनके सब बुरी तरह से शॉकेड हो जाते हैं....
सब शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....? मगर कैसे....? और क्यों....?
शख्स : मैंने कहा न ये सवाल जवाब सब बाद में पहले जल्दी से सेफ्टी सूट पेहेन के चलो यहाँ से.....
सब फ़ौरन सेफ्टी सूट पेहेन के उनके साथ बहार की तरफ भागते हैं और जल्दी से जा के वहां कड़ी कार में बैठ जाते हैं.... अभी कार कुछ दूर hi गयी थी की तभी एक तेज़ धमाके के साथ उनका सिक्योरिटी बेस उड़द जाता है....
Bhoooooooooommmmm.....
हर तरफ आग hi आग नज़र आने लगती है.... अचानक से उनकी कार के पीछे 10 कार फुल स्पीड से आने लगती है.... साथ hi वो सब उनकी कार पे अंधाधुन गोलियां चलने लगते हैं.... तभी एक कार के ऊपर का हिस्सा खुलता है और उसमे से एक गुंडा बहार आ के खान की टीम जिस कार में है उस पे राकेट लांच कर देता है.... राकेट को अपनी तरफ आते देख खान की टीम को अपनी मौत साफ़ नज़र आने लगती है.... राकेट स्पीड से आ के उनकी कार से टकरा जाता है.... एक तेज़ धमाका होता है.... जिसके साथ सब की चीख निकल जाती है....
सब : Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiii....
Bhoooooooooommmmm....
कार के चीथड़े उड़द जाते हैं.... साथ hi तेज़ आग के साथ साथ धुँवे का गुबार वहां फैल जाता है.... कार को उड़ते देख पीछा कर रही गाड़ियां रुक जाती हैं.... उनमे से लोग उतर के कार के जलते हुए टुकड़ों को देखने लगते हैं.... तभी उनमे से एक किसी को कॉल करके सब बताता है.... जिसे सुन के दूसरी तरफ से ख़ुशी में ज़ोर ज़ोर से हसने की आवाज़ आने लगती है....
हहहहहहहह....
मुझपे वार करने वाला कभी ज़िंदा नहीं रहता.... आखिर वो सब कमीने ख़तम हो hi गए....
इधर सुलतान रूम में एंटर होता है....
सुलतान : सॉरी यार मैं थोड़ा लेट हो गया.... वो एक इम्पोर्टेन्ट काम में फस गया था.... वो बात ऐसी थी की....
अभी सुलतान ने इतना hi कहा था की अचानक से सामने कड़ी लड़की दौर के उसके पास आती है और उसके सीने से लिपट के उसके होंठों को चूसने लगती है.... सुलतान उसे खुद से दूर करने की कोशिश करता है मगर वो उसे खुद से दूर नहीं होने देती... करीब 10 मिनट्स तक सुलतान के होंठों को चूसने के बाद उस से अलग होती है.... अभी वो हटी hi थी की दूसरी लड़की सुलतान पे झपट पड़ती है और उसके होंठों को वाइल्ड तरीके से चूसने लगती है.... कुछ देर बाद वो सुलतान से अलग होती है.....
इस से पहले की सुलतान कुछ कहता किसी की बात सुन के सुलतान पलट के उस तरफ देखता है.....
मैक्स : यार इतनी रात को तू ने अचानक से हम को यहाँ क्यों बुलाया....?
सुलतान : अबे ये दोनों मुझे चोरे तब न मैं कुछ कहूं....
दोनों : क्या अपनी जान को प्यार करना गलत है....?
सुलतान : गलत नहीं है मगर अभी मुझे तुम तीनो से बेहद ज़रूरी बात करनी है...
दोनों : क्या वो बात हम दोनों से भी ज़्यादा ज़रूरी है....?
सुलतान : अपनी जान से ज़्यादा मेरे लिए और कुछ ज़रूरी नहीं है.... मगर मैं ये भी अच्छे से जानता हूँ की मेरी जान ये कभी नहीं चाहेगी की लाखो बेक़सूर लोगों की जान जाए....
सुलतान की बात सुन के दोनों के साथ साथ मैक्स भी चौंक जाता है....
तीनो : Kyaaaaaaaaaaaa....?
सुलतान : हाँ ये सच है....
फिर सुलतान उन्हें वो बातें बताता है जो उसे जस्मिने ने बताई थी.... जिसे सुन के तीनो बुरी तरह से चौंक जाते हैं साथ hi उन्हें उन गुंडों के साथ साथ सुलतान पे भी बेहद गुस्सा आने लगता है....
अचानक से 2 झन्नाटेदार थप्पड़ सुलतान के गाल पे रसीद होते हैं....
Chataaaaaaaaaaaak....
ये 2 थप्पड़ उसे ज़रा और सैर ने मारा था....
ज़रा बेहद गुस्से में रट हुए : तेरी हिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की....? तू समझता क्या है अपने आप को हाँ....? बता मुझे जवाब दे... क्या ज़रुरत थी तुझे वहां अकेले जाने की...? अगर तुझे कुछ हो जाता तो....? मैं क्या करती...? मैं तो जीते जी मर hi जाती....
सैर रट हुए : अगली बार गलती से भी तू ने ऐसी गलती की न तो सोच लेना.... मैं तेरी दोनों टांगें तोड़ दूंगी.... ताकि तू कहीं नहीं जा सके....
मैक्स : सही कह रही हो तुम दोनों आज कल ये बहुत मनमानी करने लगा है.... बिना बताये कुछ भी करता है....
सुलतान : तुम सब को सब कुछ बताने के लिए hi तो यहाँ बुलाया है.... मगर तुम लोग कुछ सुन hi नहीं रहे.... बस रोये जा रहे हो....
ज़रा गुस्से में : सब कुछ हो जाने के बाद... कह रहा है की तुम सब को बताने बुलाया है... पहले नहीं बता सकता था क्या....?
सुलतान : मैं बताना तो चाहता था... मगर ये सब इतना अचानक हुआ की मुझे मौका hi नहीं मिला.... और वैसे भी अभी तो बस मैंने बुराई के खिलाफ जुंग की शुरुवात की है... जिसमे मुझे तुम तीनो के साथ की बेहद ज़रुरत है... मैं इस दुनिया में सब से ज़्यादा तुम तीनो पे भरोसा करता हूँ..... इस लिए सिर्फ तुम तीनो को hi यहाँ बुलाया है....
ज़रा : वो सब बाद में पहले ये वादा कर की आगे तू जो भी करेगा वो हम को बताये बिना नहीं करेगा.... वादा कर...
सुलतान : पहले तुम दोनों रोना बंद करो...
सैर : नहीं पहले वादा कर...
सुलतान : पहले कहा न की रोना बंद करो... तुम दोनों ये क्यों भूल जाते हो की तुम दोनों को यूँ रट हुए नहीं मैं नहीं देख सकता... आंसू तुम्हारी आँखों से बहते हैं और दर्द मेरे दिल में होता है.... अभी तुम दोनों की आँखों से बहते आंसू देख के मुझे कितनी तकलीफ हो रही है मैं बता नहीं सकता.... अब ये तुम दोनों पे है की तुम क्या चाहती हो यूँ रो के मुझे तकलीफ पहुँचाना या फिर मेरे गले लग के मेरे तड़पते दिल को सुकून पहुँचाना....
ये कह के सुलतान अपनी बाहें फैला देता है.... दोनों फ़ौरन आगे बढ़ के सुलतान के सीने से लिपट जाती हैं... दोनों के गले लग के सुलतान के दिल को बेहद सुकून मिलता है.... वो उनके आंसू पॉच के उन्हें किश करता है.... फिर कुछ देर बाद वो उनसे अलग होता है....
सुलतान को कुछ न कहते देख....
मैक्स : अब क्या तुझे इनविटेशन कार्ड छपवा के दूँ ताकि तू सब कुछ बता सके....
सुलतान : उसकी ज़रुरत नहीं है... मैं वैसे hi सब बताता हूँ....
सुलतान : जैसा की मैंने बताया शैतान अघुरा ने अपनी ताक़त बढ़ानी शुरू कर दी है.... वो हर तरफ बुराई फैला रहा है.... दुनिया में जितनी बुराई बढ़ेगी.... अघुरा की ताक़त भी उतनी hi बढ़ेगी.... तो इस बुराई को रोकने में मुझे तुम तीनो की ज़रुरत है....
मैक्स : हम इस में तेरी कैसे मदत कर सकते हैं.... वो भी बता दे....
सुलतान : तुम तीनो की अपनी hi एक खासियत है.... ज़रा वर्ल्ड की टॉप क्लास हार्डकोर फाइटर है.... इसे इस पूरी दुनिया में कोई नहीं हरा सकता....
ज़रा : सिवाए तेरे....
सुलतान : हाँ ठीक वैसे hi मेरे बाद मैक्स और सैर का भी कोई मुकाबला नहीं.... जहाँ मैक्स जासूसी में नंबर ओने है वहीँ सैर हैकिंग में एक्सपर्ट है....
सैर : वो सब तो ठीक है.... मगर इस सब में पैसे के साथ और भी बहुत सी चीज़ों की ज़रुरत होगी....
सुलतान : पैसों की तो सुलतान के पास कोई कमी नहीं है.... और न hi बाकी सब चीज़ों की.... मैंने पहले hi सब इंतज़ाम कर दिया है.... आओ चलो तुम सब को दिखता हूँ....
ये कह के सुलतान उनको घर के बेसमेंट में ले जाता है वहां एक दिवार पे अपना हाथ घूमता है.... सामने की दिवार के बीच से एक लाज़र लाइट सी बहार निकलती है और एक ट्रांसपेरेंट स्क्रीन में बदल जाती है.... फिर उस स्क्रीन से आवाज़ आती है...
स्क्रीन : ऑय स्कैन कम्पलीट.... हार्ट स्कैन कम्पलीट.... वेलकम तो थे "दें" सुलतान....
सुलतान : थैंक्स माया....
ज़रा : ये माया कौन है....?
सुलतान : सॉरी मैं तुम्हे तो मिलवाना भूल hi गया.... माया ये मेरे दोस्त हैं... मैक्स ज़रा और सैर और ये है.... माया.... माया मेरी जान है...
ज़रा : एक और जान....!!!!
माया : तो आखिर सुलतान को ये कहना hi पड़ा की माया मेरी जान है.... आज मैं बेहद खुश हूँ... आज सुलतान ने माया को अपनी जान जो कह दिया....
माया की आवाज़ के साथ साथ उसकी बातें सुन के सब हैरान हो जाते हैं....
सुलतान : माया मेरा बनाया हुआ एक नायाब और बेशकीमती मास्टर पीेछे है.... माय सुपर कंप्यूटर जिसके पास अपना खुद का एक बेहद hi लाजवाब दिमाग है....
माया : सुलतान तुम हमेशा ये क्यों भूल जाते हो की तुमने मुझे एक तेज़ दिमाग के साथ साथ एक प्यार भरा दिल भी दिया है....
सुलतान : सॉरी यार वो क्या है न जब भी मैं तुम्हारी प्यारी सी आवाज़ सुनता हूँ मैं उस में खो सा जाता हूँ....
माया : चलो कोई बात नहीं आज तुम्हे माफ़ किया.... आज तुमने मुझे जान कह के जो बुलाया है....
सुलतान : Ok माया नाउ ओपन थे दें....
फिर माया मैक्स सैर और ज़रा की आँखों और दिल का स्कैन करने के बाद दें का दरवाज़ा खोल देती है.... सुलतान के साथ साथ तीनो अंडर जाते हैं.... ये एक लिफ्ट है जो उन्हें पहले 50 मीटर नीचे ले जाती है फिर स्पीड से 1 कम आगे..... फिर उसका दरवाज़ा खुलता है.... सामने का नज़ारा देख के सब के होश उड़द जाते हैं.... सामने का नज़ारा देख के उन्हें ऐसा लगता है जैसे की वो इस वक़्त किसी साइंस फिक्शन मूवी में हैं.... यहाँ ज़मीन के नीचे एक पूरा का पूरा शहर बसा हुआ है.... जिसे देख के यकीन करना मुश्किल हो रहा है की एक 15 बैडरूम के बंगलो के नीचे किसी ने एक पूरा का पूरा शहर बसा दिया है....
अंडर का नज़ारा देख के तीनो के होश उड़द जाते हैं.... उनसे कुछ कहते नहीं बन रहा है... वो बस हैरत से सब देखे जा रहे हैं.... किसी कुछ न कहते देख....
सुलतान : क्या हुआ तुम लोग कुछ कहते क्यों नहीं.....?
मैक्स : शॉक पे शॉक दे ने के बाद पूछ रहा है की हम कुछ कहते क्यों नहीं....? ये सब देख के हमारी बोलती बंद हो गयी है.... आखिर ये सब है क्या....?
सुलतान : अभी तो बताया ये दें है... सुलतान का दें.... ये मेरा शहर है... सुलतान का बनाया हुआ शहर इसे मैं खुद अपने हाथों से बनाया है....
सुलतान की बात सुन के मैक्स के साथ साथ ज़रा और सैर भी हसने लगते हैं....
हहहहहहहहह....
सुलतान : अबे तुम लोग हंस क्यों रहे हो....?
ज़रा : तेरे जोके पे हांसे नहीं तो और क्या करें....?
सुलतान : ये कोई जोके नहीं है बल्कि हकीकत है....
मैक्स : अच्छा चल एक पल के लिए ये मान लिया जाए की जो तू कह रहा है वो सच है जो की नामुमकिन सी बात है... तो फिर ये बता की इतना बड़ा शहर तू ने कब और कैसे बनाया.....?
सुलतान : 3 महीने पहले....
अभी सुलतान ने इतना कहा hi था की एक बार फिर से सब हसने लगते हैं....
हहहहहहहहह....
सब को यूँ हस्ते देख सुलतान को उनपे गुस्सा आ जाता है....
सुलतान : ये जानते हुए भी की मैं कभी झूट नहीं बोलता तुम सब मेरी बात यकीन करने के बजाये मेरी बात को झूठ मान के मुझपे हंस रहे हो...
सुलतान को यूँ गुस्सा होते देख सैर बात को संभालते हुए कहती है....
सैर : सुलतान हम ये अच्छे से जानते हैं की तू कभी झूठ नहीं बोलता... हम को तुझपे पूरा यकीन है... मगर जो तू कह रहा है उसपे यकीन कर न भी तो मुश्किल है..... तू खुद सोच क्या ये मुमकिन है की कोई आम इंसान 3 महीने में इतना बड़ा शेहरे बिना किसी की मदत लिए खुद अपने हाथों से बना ले....
इस से पहले की सुलतान कुछ कहता अचानक से वहां नेमत आ जाती है.... नेमत को अचानक से वहां आये देख सब बेहद हैरान हो जाते हैं....
ज़रा शॉकेड : नेमत तू यहाँ कैसे आयी....?
नेमत : वो अभी ज़रूरी नहीं है जो ज़रूरी है वो सुनो.... और सब से ज़रूरी बात ये है की सुलतान जिसे तुम लोग मामूली इंसान समझ रहे हो वो मामूली इंसान न हो के "प्रिंस ऑफ़ यूनिवर्स" है....
सैर : "प्रिंस ऑफ़ यूनिवर्स" अब ये क्या है....?
ज़रा : कुछ नया लगता है....?
मैक्स : हाँ यार सही में मुझे लगा था की यहाँ आ के रात खराब होने वाली है मगर क्या पता था की यहाँ इतना मज़ा आ ने वाला है.... हंस हंस के मेरा तो पेट दुखने लगा है....
नेमत : सुलतान वक़्त आ गया है इन को हकीकत से सामना करवाने का.... इन को वो करके दिखाओ जो तुम ने तीन महीने पहले यहाँ आ के किया था....
नेमत की बात सुन के सुलतान अपना हाथ हवा में घूमता है और देखते hi देखते सामने खड़ा शहर एक छोटे से इलेक्ट्रॉनिक मॉडल में बदल जाता है... जिसे देख के सब हैरान हो जाते हैं....
सुलतान : मैक्स ज़रा गौर से इस मॉडल को देख के बता की इसे तू ने कहाँ देखा था....?
सुलतान की बात सुन के मैक्स उस मॉडल को गौर से देखने लगता है... फिर कुछ सोच के कहता है....
मैक्स : हाँ याद आया ये... ये... ये तो....
सुलतान : ये वो hi मॉडल है जो मैंने कॉलेज के साइंस एक्सहिबिशन के लिए बनाया था... और इसके लिए मुझे 1सत प्राइज भी मिला था....
सुलतान की बात सुन के सैर भी उसे गौर से देख के कहती है....
सैर : हाँ यार ये तो वो hi मॉडल है....
सुलतान : हाँ और इसी को मैंने अपनी पावर्स से एक बड़े साइंटिफिक शहर में बदल दिया.... ऐसे....
ये कह के सुलतान अपना हाथ उस मॉडल पे घूमता है और देखते hi देखते वो मॉडल एक बड़े साइंटिफिक शहर में बदल जाता है.....
जिसे देख सब चौंक जाते हैं....
सब : तेरे पास पावर्स भी हैं....
सुलतान : हाँ... बहुत सी पावर्स हैं... ये कोई नहीं जाता... और न hi किसी को इस बारे में पता चलना चाहिए....
सैर : वो सब तो ठीक है मगर....
सुलतान : अगर मगर बाद में पहले आगे चल के देख लो की यहाँ और क्या क्या है जो मैं तुम सब की दिखाना चाहता हूँ....
फिर सुलतान उन्हें एक स्पेशल रूम में ले जाता है जहाँ....
सुलतान : ये है सुपर कंप्यूटर जिसे माया ने एक ऐसे सर्वर में बदल दिया है जिस का मुक़ाबला पूरी दुनिया के कंप्यूटर मिल के भी नहीं कर सकते.... इसको हैक करना या ट्रेस करना नामुमकिन है.... और न hi इसमें किसी भी तरह का कोई वायरस इनस्टॉल किया जा सकता है..... ये हर वक़्त मेरे साथ कनेक्टेड रहता है... मैं कहीं से भी इसे एक्सेस कर सकता हूँ.....
मैक्स : वाओ यार ये तो कमाल की चीज़ है मैंने ऐसा सर्वर आज तक नहीं देखा.... यकीनन इसका कोई मुकाबला नहीं....
सुलतान : आगे चलो तुम्हे और भी कुछ दिखाना है....
फिर सुलतान उन्हें एक रूम में ले जाता है....
सुलतान : ये है सब से हाई टेक सिक्योरिटी और ट्रेसिंग देवीकेस साथ hi हाई टीच हथियार.... इन का भी कोई मुक़ाबला नहीं....
सब एक साथ : वाओ क्या बात है.... अमेजिंग....
सुलतान : अब आते हैं असल बात पे जिसके लिए मैंने तुम सब को यहाँ बुलाया है.... शैतान अघुरा के हमले और साथ hi मासूमो पे हो रहे लोकल गुंडों और माफिया के हमले और इस दुनिया को बुराई से बचने में मुझे तुम्हारे साथ की ज़रुरत है....
सब : हम तेरे साथ हैं.... बस बता की हम को करना क्या है.....?
सुलतान : तुम सब जिस फील्ड में स्पेशलिस्ट हो तुम को वो hi करना है.... जैसे सैर तू हैकिंग और ट्रेसिंग एक्सपर्ट है.... तो तुझे हर एक कंप्यूटर सर्वर पे नज़र रखनी है वैसे ये काम माया करेगी.... जहाँ भी उसे कोई गड़बड़ का पता चलेगा वो तुझे उस बारे में बता देगी और तुझे उसकी पूरी डिटेल स्टडी कर के मुझे बताना होगा ताकि आगे क्या करना है ये हम डीडे कर सके....
मैक्स तू एक जासूस है तो तुझे ये पता लगाना है की कौनसा गैंग कौनसी बड़ी वारदात प्लान कर रहा है और उसे कैसे रोका जाए...
ज़रा तू फाइटिंग में एक्सपर्ट है इस दुनिया की ऐसी कोई फाइट नहीं जो तुझे नहीं आती है साथ hi सब से बड़ी बात की तुझे इस दुनिया में कोई नहीं हरा सकता सिवाए मेरे... तुझे हमारी टीम के लिए बेस्ट फाइटर सेलेक्ट कर के उन्हें ट्रैन करना है.... अब बताओ क्या तुम सब इस के लिए तैयार हो...
सब : हाँ हम सब बुराई की खिलाफ लड़ने में तेरा साथ ज़रूर देंगे....
सुलतान : मगर ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए... वर्ण परेशानी बढ़ सकती है.... क्या पता कौन कब कहाँ हम को धोका दे दे....
सब हाँ में अपनी गर्दन हिला देते हैं...
सैर : सुलतान तू बेफिक्र रह एक (सैम) के गलत हो जाने से सब गलत नहीं हो जाते.... हम हर पल हर लम्हा तेरे साथ हैं और इस बात की खबर किसी को नहीं होगी... ये अपने दोस्त से वादा है हमारा....
सुलतान : ठीक है फिर तुम सब कल से अपने काम पे लग जाओ....
फिर वो लोग घर की तरफ चल देते हैं और सुलतान उस घर की तरफ जहाँ ज़ोया और उसकी बहने हैं....
अगली सुबह....
सुलतान : गुड मॉर्निंग.... चलो जल्दी स्व उठ के फ्रेश हो जाओ फिर हम बहार चल के नाश्ता करते हैं और तुम सब के लिए कपडे और बाकी घर की ज़रुरत का सामान ले लेते हैं.....
सुलतान की बात सुन के तीनो बहने खुश हो जाती हैं और जल्दी से फ्रेश हो के उसके साथ चल देती हैं.... सुलतान उन्हें वहां के सब से बड़े मॉल में ले जाता है वहां के फ़ूड कोर्ट में नाश्ता करने के बाद वो उन्हें शॉपिंग करवाता है फिर साथ ले के अपने कॉलेज चल देता है....
सोया : हम अभी कहाँ जा रहे हैं....?
सुलतान : कॉलेज.... तुम दोनों का एडमिशन करवाने....
सुलतान की बात सुन के दोनों खुश हो जाते हैं....
दोनों ख़ुशी में : क्या सच में....?
सुलतान : हाँ मैंने प्रिंसिपल से बात कर ली है आज तुम दोनों का एडमिशन हो जाएगा.... लो बातों बातों में कॉलेज भी आ गया....
वो उन्हें साथ ले के प्रिंसिपल के ऑफिस में चला जाता है.... फिर वहां से सोहा और नोहा का एडमिशन करवा के उन्हें उनकी क्लास में भेज के ज़ोया के साथ कार की तरफ जा रहा होता है की तभी उसकी नज़र किसी पे पड़ती है... वहां एक लड़का किसी लड़की के साथ बदतमीज़ी कर रहा है..... जिसे देख सुलतान का चेहरा गुस्से से लाल हो जाता है....
सुलतान गुस्से में आगे बढ़ता है उसके पास जा के खड़ा हो जाता है.... सामने खड़े लड़के का हाथ पकड़ के उसे मरोड़ देता है फिर एक ज़ोरदार पंच उसके पेट में मरता है....
एक ज़ोरदार चीख के साथ वो लड़का उड़ता हुआ दूर जा गिरता है उसके मुँह से खून निकलने लगता है....
अअअअअअअअगगगगगगठ्हहहह....
अपने साथी की ऐसी हालत देख के 8 से 10 गुंडे टाइप लड़के वहां आ जाते हैं और गुस्से में सुलतान को मारने के लिए आगे बढ़ते हैं.... सुलतान गुस्से में जैम के सब की धुलाई करने लगता है.... तभी उनमे से एक धोके से सुलतान पे चाकू से वार करता है.... सुलतान के हाथ पे चाक़ू लगने से खून निकलने लगता है... जिसे देख उस लड़की का दिल तड़प जाता है.... उसके मुँह से आह निकल जाती है जिसे सुन के सुलतान हैरत से उसकी तरफ देखता है फिर ज़हरीली मुस्कान के साथ पलट के एक ज़ोरदार किक उस लड़के को मारता है वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है और बेहोश हो जाता है....
फिर सुलतान आगे बढ़ के उस लड़की का हाथ अपने हाथ में ले के अपने हाथ से बहते खून को उसकी पूरी हथेली पे अच्छे से मॉल के कहता है....
सुलतान : लो आज एक बार फिर से मुझे ज़ख्म देने में तुम कामियाब हो गयी.... तुम्हे मेरे जिस्म से निकलते खून को देख बेहद ख़ुशी होती है न लो एक बार फिर से उस खून को महसूस कर लो जो आज फिर से तुम्हारी वजह से बहा है....
सुलतान की बात सुन के और उसके हाथों से बहे खून को देख जहाँ उस लड़की की आँखों में आंसू आ जाते हैं वहीँ उसके होंठों पे मुस्कराहट भी फैल जाती है....
सोना : तो आखिर मेरा प्यार तुम्हे मेरे पास ले hi आया....
जी हाँ ये कोई और नहीं बल्कि सोना hi है...
सुलतान : जी नहीं वो प्यार तो कब का मर चूका है ये तो वो नफरत है जो अब मैं तुझसे करता हूँ....
सोना : अच्छा अगर सुलतान को अपनी सोना से इतनी hi नफरत है तो फिर वो उसे गुंडों से बचने आया hi क्यों....?
सुलतान : वो इस लिए क्यों की तुम्हे तकलीफ पहुँचाने का हक़ सिर्फ मुझे है और किसी को नहीं.... मेरे सिवाए न hi कोई तुम्हारे करीब आ सकता है और न hi कोई तुम्हे चोट पहुंचा सकता है.... जो भी तुम्हारे करीब आएगा या तुम्हे तकलीफ पहुँचाने की गलती से भी कोशिश करेगा मैं उसकी जान ले लूंगा.... और देखो आज मैंने उसकी शुरुवात कर दी....
सोना : मगर मुझे तो ऐसा नहीं लगता.... ये नफरत काम मोहोब्बत ज़्यादा लगती है....
सुलतान : ग़लतफहमी है तुम्हारी.... जल्द hi तुझे मेरी नफरत का अंदाजा हो जाएगा....
सोना : ग़लतफहमी मुझे नहीं बल्कि तुम्हे है.... और जानते हो वो ग़लतफहमी क्या है.... सुलतान अपनी सोना को दिल ो जान से चाहता है बस इस वक़्त वो अपनी सोना से थोड़ा नाराज़ है और उस नाराज़गी को वो नफरत समझ रहा है.... सुलतान सोना से नफरत करे ये मुमकिन नहीं....
सुलतान : ग़लतफहमी में जी रही हो तुम.... जिस दिन हकीकत से तुम्हारा सामना होगा उस दिन....
अभी सुलतान ने इतना hi कहा था की तभी....
सोना : चलो ठीक है एक पल के लिए मैं ये मान लेती हूँ की तुम्हे मुझसे नफरत है.... साबित करो....
सुलतान : क्या.....?
सोना : साबित करो की तुम मुझसे नफरत करते हो.... मारो मुझे ठीक वैसे hi जैसे तुमने अभी उस लड़के को मारा था.... ज़्यादा नहीं बस एक थप्पड़ मुझे मार के दिखाओ... मैं मान लुंगी की तुम्हे मुझसे प्यार नहीं बल्कि नफरत है....
सोना की बात सुन के सुलतान चुप चाप बस उसे देखता रहता है.... उसे कुछ न करते देख....
सोना : मारो मुझे बस एक थप्पड़.... और साबित करो अपनी नफरत.... क्या हुआ हाथ उठाओ और मारो मुझे....? मारते क्यों नहीं....
सुलतान गुस्से में अपना हाथ उठता है मगर थप्पड़ मार नहीं पाटा.... वो गुस्से में पलट के वहां से जाने लगता है... तभी सोना पीछे से उसे आवाज़ दे के कहती है....
सोना : जानते हो सुलतान आज तुमने मुझे थप्पड़ न मार के ये साबित कर दिया की तुम मुझसे बेइन्तेहाँ प्यार करते हो नफरत नहीं.... और इस बात का सबूत है मेरे हाथों में तुम्हारा ये खून.... तुमने मेरे हाथों में मेहँदी की जगह अपना खून लगा के मुझे अपनी आधी बीवी बना लिया है अब जल्द hi मैं अपने सुलतान की पूरी बीवी बन जाउंगी.... और अपने सुलतान के उस प्यार को पा लुंगी जो हमेशा से hi मेरा था है और रहेगा....
सुलतान : ये वो सपना है जो कभी पूरा नहीं होगा.... सुलतान को तुझसे सिर्फ और सिर्फ नफरत है और कुछ नहीं....
ये कह के सुलतान ज़ोया के साथ वहां से चल देता है....
कार में ज़ोया सुलतान के हाथ में कास के अपना रुमाल बाँध देती है फिर उसे हॉस्पिटल चलने को कहती है.... सुलतान उसे मामूली सी चोट बता के कार को आगे बढ़ा देता है....
बस फिर क्या था ज़ोया के सवालों की बौछार शुरू हो जाती है....
सुलतान : अब बस भी कर मेरी माँ कितने सवाल पूछेगी.... इतने सवाल तो पुलिस वाले मुजरिम से भी नहीं पूछते.... अब और कोई सवाल नहीं....
ज़ोया : बस एक आखरी सवाल पूछ सकती हूँ प्लीज....
सुलतान : पूछ ले...
ज़ोया : ये तुम मुझे बार बार मेरी माँ कह के क्यों बुलाते हो.... न तो मैं तुम्हारी माँ हूँ और न hi मेरी उम्र तुम्हारी माँ जितनी है....
ज़ोया की बात सुन के सुलतान की हंसी छूट जाती है....
सुलतान : हहहहहहहहह.... अरे मेरी माँ... ओह ी मैं ज़ोया... तुम बस मेरे एक सवाल का जवाब दे दो... ये तुम इतने सवाल लाती कहाँ से हो... तुम्हारे दिमाग में सवाल का कोई गोडाउन है क्या....? मुँह खुला नहीं की सवाल गिरने शुरू हो जाते हैं....
सुलतान की बात सुन के ज़ोया चीड़ के कहती है....
ज़ोया : वैरी फनी.....
सुलतान : अच्छा वो सब चोरो और ये बताओ की तुम कहाँ तक पढ़ी हो और तुम्हे क्या क्या नॉलेज है.... ताकि तुम्हारे काम का कुछ किया जा सके....
ज़ोया : तो मतलब तुम मेरा इंटरव्यू ले रहे हो....
सुलतान : ऐसा hi कुछ समझ लो.... अब बताओ....
ज़ोया सुलतान को अपनी पढ़ाई और बाकी सब के बारे में बताने लगती है.... अभी उसकी बात पूरी भी नहीं हुई थी की तभी सुलतान कार रोकता है..... सामने का नज़ारा देख के ज़ोया चौंक जाती है....
ज़ोया : ये तो खान ग्रुप ऑफ़ कंपनी की बिल्डिंग है.... तुम मुझे यहाँ क्यों लाये हो...?
सुलतान : अब जिस कंपनी में तुम काम करती हो तुम्हे वहां नहीं लाऊंगा तो कहाँ ले जाऊँगा....
ज़ोया : मैं कल यहाँ जॉब इंटरव्यू के लिए आयी थी मगर जॉब मिलने से पहले की मेरा और मेरी बहनो का किडनैप हो गया था....
सुलतान : तुम्हे यहाँ जॉब कल hi मिल गयी थी....
ज़ोया : ये कैसे हो सकता है....? मैंने तो कोई इंटरव्यू दिया hi नहीं....
सुलतान : अभी कुछ देर पहले तो तुम्हारा इंटरव्यू हुआ.... मैंने खुद लिया....
ज़ोया : तुम्हारे इंटरव्यू लेने से मेरी जॉब का क्या लेना देना....?
सुलतान : अंडर चलो तुम्हे सब पता चल जाएगा....
ये कह के सुलतान ज़ोया को साथ ले के कंपनी के अंडर चल देता है.... वहां रूही किसी से बात कर रही होती है जैसे hi उसकी नज़र सुलतान पे पड़ती है वो दौर के उसके करीब जाती है और कास के उसके सीने से लिपट जाती है.... सुलतान उसे खुद से दूर करके कहता....
सुलतान : मेरी जान ये ऑफिस है... सब देख रहे हैं.... काम से काम यहाँ तो खुद पे काबू रखो.... जो करना हो रात में कर लेना अभी नहीं....
सुलतान की बात सुन के रूही ख़ुशी से उछाल पड़ती और एक बार फिर से उसे कास के अपने सीने से लगा लेती है....
सुलतान उसे खुद से अलग कर के कहता है...
सुलतान : रूही इस से मिलो ये है ज़ोया.... और ज़ोया ये है रूही.... इस कंपनी की मद...
सुलतान : रूही ज़ोया आज से तुम्हारी सेक्रेटरी है... इसे पूरा काम समझने की ज़िम्मेदारी तुम्हारी.... ये दिमाग की बहुत तेज़ है जल्द hi सब सीख जायेगी.... बस इसकी एक hi प्रॉब्लम है.... और वो ये की ये सवाल बहुत करती है.....
ज़ोया : मगर अचानक से जॉब कैसे....? मेरा मतलब है न कोई इंटरव्यू हुआ और न hi मेरे पास मेरे कोई डाक्यूमेंट्स हैं....? तो फिर मेरी जॉब कैसे और वो भी मद की सेक्रेटरी....?
सुलतान : देखा मैंने कहा न ये सवाल बहुत करती है.... अब तू इसके सारे सवालों के जवाब दे मैं तो चला....
ये कह के सुलतान वहां से निकल लेता है....
ज़ोया हैरत से बस उसे देखती रह जाती है.... फिर पलट के रूही की तरफ देखती है जैसे की पूछना छह रही हो क्या अभी सुलतान ने कहा वो सच है....
रूही : हाना सुलतान ने अभी जो भी कुछ कहा वो सच है.... आज से बल्कि अभी से तुम मेरी सेक्रेटरी बन के इस कंपनी में काम कर रही हो.... इस के लिए न तुम्हे किसी को इंटरव्यू देने की ज़रुरत है और न hi किसी सर्टिफिकेट्स की.... क्यों की तुम्हारा इंटरव्यू लेने वाला और तुम्हे जॉब पे रखने वाला कोई और नहीं बल्कि इस कंपनी का मालिक है....
ज़ोया : मगर मैं तो उस से मिली hi नहीं....
रूही : क्या बात कर रही हो....? तुम खुद तो उसके साथ आयी.... और कह रही हो उस से मिली नहीं.....
ज़ोया : मतलब की वो सुलतान है...
रूही : जी हाँ वो और कोई नहीं बल्कि सुलतान है.... अब अगर तुम्हारे सवाल ख़तम हो गए हो काम शुरू करें.... बाकी के सवाल सुलतान से खुद पूछ लेना....
रूही की बात सुन के ज़ोया हाँ में अपनी गर्दन हिला देती है....
इधर सुलतान वहां से सीधे अपने घर जाता है और अपनी साड़ी जान से मिलके उन्हें प्यार करने के बाद बगल वाले घर की तरफ बढ़ जाता है.... वहां पहुँच के वो सीधे ऐना और मीणा के रूम में जाता है.... सुलतान को अपने रूम में देख के दोनों को जितनी ख़ुशी होती है उतनी hi हैरानी भी....
ऐना : सुलतान तुम यहाँ अचानक....?
सुलतान : क्यों मैं यहाँ नहीं आ सकता क्या....?
ऐना : नहीं ऐसी बात नहीं है.... वो अचानक से तुम्हे यहाँ देखा तो खैर.... बताओ कोई काम था क्या...?
सुलतान : क्यों मैं बिना किसी काम के तुम दोनों से मिलने नहीं आ सकता क्या...?
ऐना : आ सकते हो न क्यों नहीं आ सकते.... आओ बैठो.....
सुलतान : हाँ अब तुम दोनों मुझे ये बताओ की इस वक़्त तुम दोनों को कॉलेज में होना चाहिए था तुम दोनों घर पे क्या कर रही हो....?
दोनों : वो.... वो.... वो....
सुलतान : लगता है बाकी सब की तरह तुम दोनों भी मुझे अपना नहीं समझती तभी कुछ बताना नहीं चाहती.... और मैं बेवक़ूफ़ ये सोच के यहाँ आया की... खैर मैं चलता हूँ...
ये कह के सुलतान वहां से उठ के जाने hi वाला होता है की तभी ऐना उसका हाथ पकड़ के उसे रोक के कहती है....
ऐना : नहीं सुल्तान जैसा तुम समझ रहे हो वैसी बात नहीं है.... वो बस हम तुम्हे परेशान नहीं कर चाहते थे इस लिए नहीं बताया....
सुलतान : तुम दोनों पागल तो नहीं हो गयी.... परेशानी की बात कर रही हो.... जानती भी हो तुम दोनों ने क्या किया.... अगर कल वक़्त पे तुम दोनों को नहीं बचाया जाता तो क्या होता.... तुम दोनों की न ोज़्ज़ात बचती और न hi जान....
सुलतान की बात सुन के दोनों शॉकेड हो जाती हैं....
दोनों : T...T.... Tum...he कैसे पता चला....?
सुलतान : ये ज़रूरी नहीं है की मुझे कैसे पता चला ज़रूरी ये है की तुम दोनों को ऐसी क्या ज़रुरत पद गयी की तुम दोनों पढ़ाई चोर के जॉब ढूंढने के लिए वहां गयी... तुम को तो पता भी नहीं की तुम किस मुसीबत में फस गयी थी.... तुम को किडनैप कर के बाकी लड़कियों के साथ विदेश में बेचा जाने वाला था....
दोनों शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....?
सुलतान : जी हाँ.... अब इस से पहले की मैं सच में तुम दोनों से नाराज़ हो जाऊं मुझे ये बताओ की तुम दोनों वहां क्यों गयी थी....? और आज कॉलेज जाने के बजाये तुम दोनों घर पे क्या कर रही हो....?
ऐना : व... व... वो... बात ऐसी है की हम दोनों की कॉलेज की 2 महीने की फीस बाकी है.... और अब तो घर में भी खाने की कमी हो गयी है.... पैसे तो नाम के भी नहीं रह गए हैं.... बिज़नेस पूरी तरह से बंद हो चूका है.... जो भी पैसे बचे थे वो कर्ज़े वाले ले गए अब भी हम पे 15 करोड़ का मार्किट का कर्ज़ा है... अब तुम hi बताओ की ऐसे में हम करे भी तो क्या करें....?
सुलतान : ये बात मुझे नहीं बता सकती थी क्या....? बाकी सब की तरह तुम दोनों ने भी मुझे इतना पराया कर दिया की मुझे इस क़ाबिल भी नहीं समझा की अपना दुःख बाँट सको....
सुलतान की बात सुन के दोनों की आँखों में आंसू आ जाते हैं....
मीणा : नहीं सुलतान वैसी बात नहीं है... एक तो तुम पहले hi हमारे घर वालो की वजह से परेशान बने हुए हो और ऊपर से हम तुम्हे अपनी बात बता के और परेशान नहीं करना चाहते थे बस इसीलिए नहीं बताया.... इस के आलावा हमारा और कोई इरादा नहीं था....
सुलतान : बस एक बात बता दो की तुम दोनों मुझे अपना समझती हो या फिर बाकियों की तरह.....
दोनों : तुम नहीं जानते की तुम हमारे लिए क्या हो....? और आगे से कभी खुद को गैर मत कहना....
सुलतान : तो फिर ये बेकार की बात चोरो और तुम दोनों कल से रोज़ाना कॉलेज जाओगी समझी....
दोनों :. मगर घर की हालत...?
सुलतान : वो सब तुम मुझ पे चोर दो मैं देख लूंगा.... और हाँ चाचू से कहना की एक घंटे के बाद इस (एक कार्ड उसे दे के) बन्दे से मिल ले उनकी साड़ी प्रोब्लेम्स दूर हो जायेगी.... और आगे से कोई भी परेशानी हो बिना देर किये तुम दोनों फ़ौरन आ के मुझे बताओगी.... वादा करो मुझसे...
दोनों : हम वादा करती हैं... अब से कोई भी परेशानी होगी हम फ़ौरन तुझे बताएँगे....
सुलतान : ठीक है चलो अब मैं चलता हूँ कल कॉलेज में तुम दोनों से मुलाक़ात होगी....
ये कह के सुलतान वहां से जाने लगता है.....
ऐना : सुलतान...
ऐना ने अभी इतना hi कहा था की तभी सुलतान....
सुलतान : फ़िक्र मर करो तुम दोनों की पूरे साल की फीस जमा हो गयी है.... और साथ hi जो चीज़ तुम्हे चाहिए वो खरीद लेना उसके लिए तुम दोनों के अकाउंट में मैंने पैसे दाल दिए हैं.....
तभी दोनों के मोबाइल पे मश्ग आ जाता है.... मश्ग पढ़ के दोनों शॉकेड हो जाती हैं....
दोनों : 2 लाख रस.... ये कुछ ज़्यादा नहीं है....? नहीं सुलतान ये हम नहीं ले सकते..... पहले hi तुम ने हमारे लिए बहुत कुछ किया है.... और ये तो....
सुलतान : बस कर दिया न पराया.... अगर मुझे ज़रुरत होती तो क्या तुम दोनों मेरी मदत नहीं करती....?
दोनों : हाँ में गर्दन हिला देती हैं....
सुलतान : तो फिर जब मैं तुम्हे कुछ देना छह रहा हूँ तो इंकार क्यों कर रही हो...?
तभी पीछे से किसी की आवाज़ सुन के तीनो चौंक जाते हैं....
दोनों : माँ (हुस्ना) आप....
हुस्ना : हाँ मैं.... मैं कब से बहार कड़ी तुम तीनो की बात सुन रही थी.... और सुलतान की बात मुझे सही लगी.... ये कोई गैर नहीं बल्कि हमारा अपना है और अपनों की मदत लेने से कैसा इंकार.... रख लो... प्यार से दी हुई चीज़ यूँ लौटाई नहीं जाती.... मगर हाँ तुम दोनों को इतने पैसे मिल गए हैं तो इस का मतलब ये नहीं की इसे खर्च करना शुरू कर दो.... जब तक बहुत ज़रूरी न हो इन पैसों को हाथ नहीं लगाओगी.... वादा करो मुझसे...
दोनों उदास मन से : हम वादा करते हैं...
दोनों का उतरा हुआ चेहरा देख के सुलतान...
सुलतान : क्या चची जान आ भी न.... ऐसा भी कोई करता है क्या...? देखो कैसे आपने मेरी मासूम परियों को उदास कर दिया.... तुम दोनों चची की कोई बात नहीं सुन न... खुल के इन पैसों को खर्च करना और अगर काम पद जाए तो मुझसे और मांग लेना....
स चची : सुलतान इस तरह तो ये बिगड़ जाएंगी....
सुलतान : नहीं चची जान... ये दोनों मेरी प्यारी परियां हैं.... मुझे इन पे पूरा भरोसा है ये कभी ऐसा कोई काम नहीं करेंगी जिसकी वजह से आपके सामने मेरा सर शर्म से झुके.... क्यों ऐना मीणा मैंने ठीक कहा न....
दोनों : हाँ में अपनी गर्दन हिला देती हैं...
सुलतान की बात सुन के साथ hi अपने लिए उसका इतना अपनापन देख के C.Chachi और ऐना मीणा की आँखों में ख़ुशी के आंसू आ जाते हैं.... साथ hi बेइन्तेहाँ गुस्सा भी....
सुलतान : क्या हुआ अचानक से आप सब की आँखें नाम क्यों हो गयी.... और चेहरे पे इतना गुस्सा क्यों....? मैंने कुछ गलत कह दिया क्या....?
C.Chachi : हमारे लिए तेरा अपनापन और प्यार देख आँखें ख़ुशी से नाम हो गयी और गुस्सा उन कमीनो पे आ रहा है जिसने तेरे जैसे मासूम और प्यारे पे बेइन्तेहाँ ज़ुल्म किये... जी तो छह रहा hi की अभी जा के उनकी जान ले लून... मगर वो तेरे गुनेहगार हैं उन्हें सजा देने का हक़ भी तेरा hi हैं....
सुलतान : चची जान आप कहाँ उनकी बात ले के बैठ गयी.... छोड़िये उनको... जिनको हमारी फ़िक्र नहीं हम उनकी फ़िक्र क्यों करें.... अब आप लोगों के साथ कुछ बुरा नहीं होगा न hi कोई तकलीफ आएगी.... अब बस आप सब मज़े करिये....
C.Chachi : सही कहा तू ने तेरे रहते हम को फ़िक्र करने की ज़रुरत hi नहीं है.... तू बैठ के इन दोनों के साथ बातें कर जब तक मैंने तेरे लिए कुछ खाने पीने को लाती हूँ....
सुलतान : नहीं चची जान अभी नहीं... अभी मुझे एक ज़रूरी काम करना है उसके लिए मैं पहले hi लेट हो चूका हूँ.... वो करने के बाद मैं आ के आपसे मिलता हूँ....
ये कह के सुलतान वहां से निकल के शानू की धमाकेदार चुदाई करने के लिए उनके घर की तरफ चल देता है....
घर पहुँच के सुलतान सीधे शानू के रूम में जाता है जहाँ वो बड़ी बेसब्री से उसका इंतज़ार कर रही है...
सुलतान : Hi मेरी जान कैसी हो...
शानू : अब वक़्त मिला तुझे.... बड़ी जल्दी याद आ गयी तुझे मेरी.... तुझे पता भी है मैं कल से तेरा इंतज़ार कर यही हूँ मगर तू है की तुझे मेरी कोई फ़िक्र hi नहीं...
सुलतान : आप तो मेरी जान हो.... आप की फ़िक्र नहीं करूँगा तो किसकी करूँगा....
शानू : जा जा ज़्यादा नाटक मत कर अगर तुझे मेरी इतनी फ़िक्र होती तो क्या तू मुझे इतना इंतज़ार करवाता और अब भी देख यहाँ आने के बाद भी मुझे प्यार करने के बजाये दूर खड़ा बातें बना रहा है....
सुलतान आगे बढ़ के शानू को कास के अपने सीने लगा के कहता है....
सुलतान : हाय मेरी जा आज आप को ऐसे जैम के प्यार करूँगा की देखना आप की साड़ी शिकायतें दूर हो जाएंगी और आप मेरी दीवानी बन जाएंगी.... आज मैं अपनी जान को जन्नत की सैर करवाने वाला हूँ... बस एक बार आप ने मेरे मूसल जैसे लुंड की सवारी कर ली न तो फिर कभी मेरे लुंड को अपनी छूट से निकलने नहीं डौगी....
सुलतान की बात सुन के शानू का चेहरा और उनकी रसीली छूट शर्म से पानी पानी हो जाती है....
शानू : तू न बहुत बेशर्म हो गया है... ऐसे खुलेआम भी कोई कहता है क्या..?
सुलतान : हाय मेरी जान मेरा बस चले तो बातें hi क्या मैं तो खुलेआम अपनी जान को नंगी कर के उसकी रसीली छूट और मदमस्त मखमली गांड का बाजा बजा दूँ.... हाय क्या मस्त सेक्सी गांड है आपकी.... उसे देख के दिल उसका दीवाना हुआ जाता है...
शानू शर्माते हुए : तू न बड़ा शैतान हो गया है..... ऐसा भी कोई कहता है क्या.....? एक बात तो बता.... मेरी छूट का तो समझ में आता है मगर आखिर मेरी ग.... गए.... गांड में ऐसा क्या है.... जिसका तू दीवाना बना हुआ है.....
सुलतान : आप की मदमस्त गांड में वो कशिश है जिसे देख किसी का लुंड भी खड़ा हो जाए.....
शानू : तुझे गांड की पड़ी है और यहाँ मेरी छूट कब से तेरे लुंड की याद में रास बहा रही है.....
सुलतान : मैं भी तो कब से आपकी छूट का रास पीने के लिए तरस रहा था.... आज हम दोनों की प्यास बुझेगी.... आज मैं जी भर के आप के तीनो छेद में अपना लुंड डालूंगा.....
शानू शरमाते हुए : जी नहीं अभी तीसरा छेद तेरे लुंड के लिए तैयार नहीं है.... पहले उसे थोड़ा फैल जाने दे फिर जी भर के मेरी गांड भी मार लेना....
ये कह के शानू उठ के जाने लगती है....
सुलतान : अरे कहाँ चली....? अभी तो चुदाई के लिए तड़प रही थी... चूड़े बिना कहाँ जा रही हो.....?
सुलतान की बात सुन के शानू अपनी कानि ऊँगली उसे दिखा के शरमाते हुए बाथरूम में भाग जाती है.... और अपनी साड़ी उठा के सीटी बजाते हुए मूतने लगती है.... सुलतान भी कहाँ मान ने वाला था.... शानू की छूट से निकल रही सीटी की मधुर आवाज़ सुन के वो भी उनके पीछे पीछे बाथरूम में चला जाता है....
शानू गांड उठा के मूट रही है.... शानू की मदमस्त गांड देख के सुलतान का लुंड खड़ा हो के पूरे जोश में आ जाता है....
सुलतान को अपने पीछे खड़े देख शानू शर्मा जाती है.....
शानू : बहार जा.... देख नहीं रहा मैं मूट रही हूँ.....
सुलतान : वो hi तो देख रहा हूँ... हाय क्या मस्त नज़ारा है....
शानू शरमाते हुआ : अरे बेशर्म कुछ तो चोर दे....
स्तन : हाय शानू कैसे चोर दूँ.... आप की सेक्सी गांड और छूट ने मुझे आपका दीवाना जो बना रखा है.... जी चाहता है.... अपना लुंड इसमें डाले उम्र भर आप को छोड़ता रहूं....
शानू शर्माते हुए : छोड़ लेना... मैंने कौनसा तुझे रोका है... मगर अभी तो बहार जा.... पहले मुझे मूट तो लेने दे....
सुलतान : आप मूतो न मैंने कहाँ आप को रोका है.... आप अपना काम करो और मुझे अपना काम करने दो....
ये कह के सुलतान अपनी जेब से की जेली की तुबे निकालता है और अपनी ऊँगली में थोड़ी जेली ले के शानू की गांड के छेद पे लगाने लगता है.... सुलतान का हाथ अपनी गांड के छेद पे महसूस होते hi शानू उछाल पड़ती है..... लाइफ में आज पहली बार उसने अपनी गांड के छेद पे किसी और की ऊँगली को महसूस किया है....
शानू : ये क्या कर रहा है.....?
सुलतान : आप की गांड मारने की तैयारी कर रहा हूँ.....
ये कह के वो धीरे से अपनी एक ऊँगली शानू की गांड के छेद में घुसा देता है.... ऊँगली में की जेली लगे होने की वजह से ऊँगली शानू की गांड के टाइट में घुस जाती है.... जिस से शानू एक सिसकारी लेते हुए उछाल पड़ती है.....
Aaaaaaaaaagggghhhhhh......
शानू : सुलतान क्या कर रहा है... निकाल ऊँगली.....
सुलतान शानौ की बात को उन सुना कर के एक हाथ से उनकी पिशाब करती छूट को रगड़ते हुए ऊँगली को उनके गांड के छेद में अंडर बहार करने लगता है.....
सुलतान की इस हरकत पे शानू को मज़ा भी आ रहा है और गांड में मीठा मीठा दर्द भी हो रहा है.... वो सुलतान को रोकने की बहुत कोशिश करती है..... मगर सुलतान कहाँ मान ने वाला था.... शानू को अपनी बाहों में जकड के उनकी छूट को रगड़ते हुए अपनी ऊँगली उनकी कमसिन वर्जिन गांड में अंडर बहार कर रहा है....
मस्ती में शानू के मुँह से मादक सिसकारी निकल रही है....
Sssssssssss...... Aaaaaaaaaahhhhh.... ममममममममम... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह.....
मज़े और दर्द के मीठे मीठे एहसास को महसूस करके शानू की छूट कॉमर्स की नदी बहा रही है..... धीरे धीरे वो झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है.... मस्ती में वो सुलतान के होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है..... अचानक से उनका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है...
ठीक तभी सुलतान अपनी जेब से ास्सप्लुग (गांड में घुसाने वाला डिलडो) निकाल के शानू की गांड में धीरे से घुसा देता है..... ठीक तभी शानू मस्ती में झाड़ जाती है उसे पता hi नहीं चलता की कब सुलतान ने अपनी ऊँगली उनकी कमसिन ुंचुड़ी गांड के छेद से निकाल के उसमे ास्सप्लुग घुसा दिया.... वो कास के सुलतान के जिस्म से लिपट जाती है.... और सुलतान के होंठों को चूसते हुए झड़ने का मज़ा लेने लगती है....
कुछ देर बाद जब शानू की मस्ती थोड़ी शांत होती है तब वो शरमाते हुए सुलतान से कहती है....
शानू : पूरा दिन यहीं ऐसे hi गुज़ारना है क्या.....?
सुलतान : जी नहीं..... मेरी तो कुछ और hi चाहत है..... फिलहाल आप बताओ की आप क्या चाहती हो.....?
मस्ती में शानू सुलतान के होंठों को चूम के कहती है....
शानू : मैं चाहती हूँ की तू जल्दी से मुझे बीएड पे ले जा के जैम के मेरी चुदाई कर....
सुलतान : नेक काम में देर नहीं करनी चाहिए.... चलो जल्दी चलो.....
शानू शर्माते हुए : पहले अपनी ऊँगली तो मेरी गांड से निकाल.....
शानू की बात सुन के सुलतान अपने दोनों हाथ शानू को दिखा के कहता है..... वो तो मैं कब का निकाल चूका हूँ.....
सुलतान की बात पे शानू चौंक के कहती है.....
शानू : तो फिर इस वक़्त मेरी गांड में क्या घुसा हुआ है....?
सुलतान : आप की गांड में इस वक़्त वो डिलडो है जो मैं आप के लिए लाया हूँ....
शानू अपनी गांड पे हाथ लगा के महसूस करती है..... तो पाती है की वाकई में उनकी गांड के छेद में डिलडो घुसा हुआ है..... वो हैरत से सुलतान की तरफ देखती है..... जैसे पूछना छह रही हो... की ये तू ने कब और कैसे घुसाया.....?
सुलतान : जिस वक़्त आप झड़ने का मज़ा ले रही थी..... ठीक उसी वक़्त मैंने इसे आपकी गांड में घुसा दिया..... अब इसे अपनी गांड में hi रहने दीजिये..... जिस से जल्द hi आप की गांड मेरा लुंड लेने लायक बन जायेगी..... बस लैट्रिन करने के लिए hi आप इसे बहार निकालेंगी..... इसमें आप को बेहद मज़ा भी आएगा..... चलते वक़्त..... उठते बैठते वक़्त... बस मज़ा hi मज़ा.... साथ hi हर पल आपको मेरी याद दिलाता रहेगा.... और हर गुज़रते पल के साथ मेरे लिए आपकी दीवानगी और प्यार बढ़ता hi जाएगा...
सुलतान की बात सुन के शानू शर्माते हुए कहती है.....
शानू : तू न बड़ा कमीना हो गया है.... अपने मज़े के लिए मेरी गांड मारने पे लगा हुआ है..... अगर तू ने मेरी गांड मारी तो मेरी बंद बज जायेगी.....
शानू की बात सुन के सुलतान उन्हें आँख मार के कहता है.....
सुलतान : बंद नहीं मैं तो पूरा ऑर्केस्ट्रा बजने की सोच रहा हूँ.....
सुलतान की बात सुन के शानू उसके गाल पे प्यार से चपत लगा के कहती है..... पहले मेरी छूट तो बजा ले..... गांड का ऑर्केस्ट्रा बाद में कभी बजाते रहना....
सुलतान : दिल तो नहीं छह रहा आप के सेक्सी चूतड़ों को चोर्ने का..... मगर अभी इसमें वक़्त है..... जल्द hi मैं इसमें अपना लुंड दाल के इसे छोडूंगा.....
ये कह के सुलतान आगे बढ़ के शानू के चूतड़ को प्यार से चूमता है और अपनी हथेली उसकी रास चोरटी छूट पे रख देता है.....
सुलतान की इस हरकत पे सुलतान के साथ साथ शानू का जिस्म भी मस्ती में गंगना जाता है..... सुलतान की हथेली शानौ के छूट रास से सराबोर हो जाती है..... सुलतान इसे अपनी नाक के पास ला के सूंघता है फिर अपनी जुबां बहार निकाल के अपने हाथ पे लगे शानू के छूट रास को चाट ता है.... शानू की छूट की खुशबु और उसका टास्ते सुलतान के लुंड को उछलकूद मचने पे मजबूर कर देता है....
सुलतान शानू की छूट पे प्यार से हाथ फेरने लगता है साथ hi उसकी गांड को चूम भी रहा है.... सुलतान की इस हरकत पे शानू मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है उसके मुँह से मादक सिसकारी निकलने लगती है.....
Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa..... Mmmmmmmmmm.... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह....
जिसे सुनके सुलतान थोड़ा नीचे झुक के शानौ की छूट को चूम लेता है.... फिर अपनी जुबां निकल के उसे चाटने लग जाता है..... सुलतान की इस हरकत से शानू की छूट से तेज़ी से कॉमर्स बहने लगता है और वो ाँहें भरते हुए सुलतान को प्यार से अपनी छूट छत्ते हुए देखने लगती है..... सुलतान शानू की छूट को फैला के उसके दाने को अपनी मुँह में ले के मज़े से चूसने लगता है साथ hi अपनी एक ऊँगली उस की छूट में दाल के उसे अंडर बहार करने लगता है..... शानू के हाथ सुलतान के सर पे चले जाते हैं और वो उसे अपनी छूट पे दबाते हुए मस्ती में सिसकारी लेने लगती है...
शानू : Mmmmmmmmmm..... Aaaaaaaaaaahhhhh..... और ज़ोर से chaaaaaaaaaaaaattt.... ममममममममम.... बड़ा माज़आआआ... आ रहा है..... oooooooooohhh.... मममममममम...
शानू की बात सुनके सुलतान और तेज़ी से उसकी छूट में ऊँगली अंडर बहार करते हुए उसकी छूट चाटने लगता है.... पूरे कमरे में शानू की मस्ती भरी सिसकारी गूंजने लगती है....
शानू : Aaaaaaaaaaaaaaaaa..... मममममममम.... Ooooooooooohhhh.... हानन.... ऐसे hi..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह.... मममममममम... बड़ा मज़ा अअअअअअअ राहाआआआ है और कास के छाअअअअअअअत.... खा jaaaaaaaaaa.... मेरी छूट को.......
धीरे धीरे शानू का जिस्म अकड़ने लगता और झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... और एक मादक सिसकारी के साथ उसकी छूट से कॉमर्स की नदी बह के सुलतान के मुँह में जाने लगती है.... सुलतान शानू की छूट से निकले कामर्स को चाट चाट के पीने लगता है.... झड़ने के बाद शानू सुलतान को ऊपर की तरफ खींचती है और उसके होंठ अपने मुँह में ले के उसे चूसने लगती है....
करीब 10 मिनट्स तक उसके होंठों को चूसने के बाद शानू उसके जिस्म से लिपट जाती है....
शानू : ऐसा मज़ा मुझे आज तक नहीं आया.... जो मज़ा आज तू ने मुझे दिया hai....mmmmmmm.... मज़ा आए गया.....
शानू की बात सुन के सुलतान उसे अपनी बाहों में कास लेता है.... और प्यार से उसके होंठों को चुम के कहता है....
सुलतान : असली मज़ा तो अब शुरू होगा...
ये कह के सुलतान शानू को अपनी गॉड में उठता है और लेजा के बीएड पे लेता देता है और उसकी ठोस चूचियों को अपने हाथों में ले के मसलने लगता है.... शानू के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है....
ममममममम.... aaaaaaaaaaaaahhh.... ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह....
फिर सुलतान झुक के शानू के निप्पल को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... साथ hi दूसरी चूची को मस्ती में दबाने लगता है... सुलतान का लुंड और भी लम्बा और मोटा नज़र आ रहा है.... जिसे देख शानू का मुँह खुल जाता है और उसकी दिल की धरकन बढ़ जाती है.... साथ hi मस्ती में उसकी छूट और गांड का छेद फड़फड़ाने लगता है....
सुलतान शानू के हाथ में अपना खड़ा लुंड थमा देता है..... दर के मारे शानू उसे चोर देती है....
शानू : आज तो मेरी सच में फटने वाली है....
सुलतान : स्वीटी आप दर क्यों रही हैं...?
शानू : हाथ में एनाकोंडा थमा के पूछ रहा है मैं दर क्यों रही हूँ....?
सुलतान : ये आज आपको इतना मज़ा देगा की आपका सारा दर हवा हो जाएगा...
शानू आगे बढ़ के सुलतान के लुंड को अपने मुँह में ले के मज़े से चूसने लगती है.....
फिर कुछ देर बाद सुलतान झुक के शानू की छूट को चाटने लगता है.... और साथ hi अपनी दो ऊँगली उसकी छूट में दाल के अंडर बहार करने लगता है....
शानू मस्ती में सिसकारी लेते हुए मचलने लगती है.... उसकी छूट कॉमर्स से सराबोर हो जाती है....
और उस से एक पल भी और बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है.... छूट की गर्मी के आगे मजबूर होक वो अपनी साड़ी शर्मा हाय भुला के कहती है.....
शानू : सुलतान कुछ कर न.... प्लीज....
शानू को चरने की नीयत से सुलतान जान के भी अनजान बांके के उस की छूट में तेज़ी से ऊँगली अंडर बहार करते हुए उस से पूछता है....
सुलतान : क्या करूँ स्वीटीपीए....?
शानू : ममममम..... oooooooooooohhh.... है.... क्यों तडपाआआ रहा है...? कर नाआआ जल्दी...?
सुलतान : बताओगी नहीं तो कैसे पता चलेगा की क्या करना है....?
शानू : तू जान के मुझे तड़पा रहा है न..... तू यही चाहता है न की मैं अपने मुँह से कहूं... तो ले मैं कहती हूँ.... अपना मूसल जैसा लुंड मेरी छूट में दाल के छोड़ मुझे....
शानू के मुँह से चुदाई की बात सुन सुलतान का दिल ख़ुशी से झूम उठता है.... और वो अपना मूसल जैसा लुंड शानू की छूट पे सेट करता है.... सुलतान का लुंड अपनी छूट पे महसूस करके शानू के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल जाती है.....
Aaaaaaaaaaaaaaahhhhh....
सुलतान अपना लुंड शानू की छूट पे घूमने लगता है.... शानू की छूट मस्ती में कामर्स बहाने लगती है....
शानू : सुलतान क्यों तड़पा रहा है.... अब दाल भी दे.... मगर ज़रा प्यार से करना.... कहीं ऐसा न हो तेरा ये मूसल जैसा लुंड मेरी नन्ही सी छूट का भोसड़ा बना के रख दे.....
सुलतान : घबराओ मत स्वीटीपीए.... मैं और मेरा लुंड अपनी प्यारी पारी का भोसड़ा नहीं बनने देगा....
ये कह के सुलतान शानू के होंठों को अपने मुँह में ले के अपना लुंड शानू की रास चोरटी छूट पे सेट करके एक झटका मारता है.... जिस से उसके लुंड का सूपड़ा शानू की छूट में घुस के अटक जाता है....
दर्द के मारे शानू की चीख निकल जाती है... उसकी चीख सुलतान के मुँह में डाब के रह जाती है.....
सुलतान : स्वीटीपीए दर्द तो नहीं हो रहा है न....?
शानू : कमीने मेरी छूट पहाड़ दी और कहता है दर्द तो नहीं हो रहा.... साले अब तेरा मूसल जैसा लुंड मेरी नन्ही सी छूट में जाएगा तो दर्द तो होना hi है.... मगर मज़े लेना है तो दर्द तो सहना hi पड़ेगा..... तू मेरे दर्द की चोर और चुदाई पे ध्यान दे....
शानू की बात सुन के सुलतान आगे झुक के उसके होंठ अपने मुँह में ले के एक करारा शॉट मारता है.... 4 इंच लुंड शानू की छूट में घुस जाता है.... दर्द के मारे उस की चीख निकल जाती है.... मगर सुलतान के मुँह में उसके होंठ होने की वजह वो वहीँ डाब के रह जाती है....
सुलतान शानू की चूची को दबाये हुए उसके निप्पल को चूसने लगता है.... धीरे धीरे शानू का दर्द काम होने लगता है और उसके जिस्म में मस्ती चढ़ने लगती है.... वो इशारे से सुलतान को आगे बढ़ने को कहती है.... सुलतान इस बार भी शानू के होंठों को अपने मुँह में ले के एक करारा शॉट मारता है.... जिस से उसका 9" लम्बा और 3" मोटा लुंड शानू की छूट को चीरता हुआ उसकी बच्चेदानी से जा टकराता है.... मस्ती में शानू का पूरा जिस्म मदहोश हो जाता है..... मस्ती में उसका जिस्म ैठने लगता है.... वो नीचे से झटके देने लगती है....
शानू के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है.....
Aaaaaaaaaaagggghhhhh.... ममममममम.... oooooooooohhhhhhh....
अब सुलतान के हर झटके के साथ शानू को मज़ा आने लगता है... और वो धीरे धीरे झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसकी छूट से कॉमर्स का सैलाब सा बह निकलता है....
सुलतान मस्ती में शानू की चुदाई करने लगता है.... करीब एक घंटे तक वो उसकी छूट में अपना मूसल जैसा लुंड अंडर बहार करते हुए उसे छोड़ने लगता है.... इस बीच शानू 4 बार झाड़ जाती है....
सुलतान पलट के नीचे आ जाता है और शानू को अपने ऊपर बैठा लेता है...
मस्ती में शानू भी उसके मूसल जैसे लुंड पे बाथ के उस से छुड़वाने लगती है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे सुलतान उसे नहीं बल्कि वो सुलतान को छोड़ रही है.... छूट में लुंड और गांड में डिलडो उसे जन्नत का मज़ा दे रहा है..... मस्ती में वो सिसकारी लेते हुए सुलतान के लुंड पे उछलने लगती है.....
सुलतान को भी बेहद मज़ा आने लगता है.... कुछ hi देर में शानू एक बार फिर से झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है.... झड़ने के बाद वो सुलतान के जिस्म पे गिर के निढाल हो जाती है....
सुलतान फ़ौरन पलट के उसके ऊपर आ जाता है.... उसकी छूट में सत्ता सात अपना लुंड पेलने लगता है....
शानू से अब और बर्दाश्त नहीं होता.... उसकी छूट में जलन सी होने लगती है....
शानू : सुलतान अब बस भी कर.... मेरी छूट में जलन सी हो रही है....
सुलतान : बस स्वीटीपीए थोड़ी देर और... मेरा बस निकलने hi वाला है....
शानू : जितना मैं आज तेरे साथ एक चुदाई में झड़ी हूँ उतना तो मैं अपनी पूरी ज़िन्दगी में नहीं झड़ी.... बड़ा डैम है रे तुझमे और तेरे मूसल जैसे लुंड में..... जिस से तेरी शादी होगी वो वाक़ई में बेहद लकी होगी......
सुलतान : क्यों आप लकी नहीं हो....?
शानू एक मादक सिसकारी लेते हुए कहती है....
शानू : हाँ हूँ न.... आआआआअह्ह्ह्ह.... mmmmmmmmmm..... मैं तो बहोत लकी हूँ.... तभी तो तेरे मूसल जैसे लुंड से छुड़वा के जन्नत का मज़ा ले रही हूँ.... अब बातें काम कर और छोड़ मुझे....
शानू की बात सुन के सुलतान राजधानी की स्पीड से अपना मूसल जैसा लुंड उस की छूट में अंडर बहार करने लगता है..... अब वो भी झड़ने के करीब पहुँच जाता है....
सुलतान : Aaaaaaaaaaaaaahhhh..... स्वीटीपीए..... मैं झड़ने वाला हूँ.....
ये कह के वो एक मादक सिसकारी के साथ एक करारा शॉट शानू की छूट में मारता है और अपने लुंड के सुपडे से वार्य की पिचकारी मार्के हुए उस की बच्चेदानी दानी में झड़ने लगता है.... करीब दो मिनट तक वो वार्य की पिचकारी शानू की छूट में चोरता रहता है..... शानू भी मस्ती में उसके साथ झड़ने लगती है.....
दोनों इस का मज़ा लेने लगते हैं... करीब 15 मिनट्स के बाद सुलतान शानू की एक और बार जैम के चुदाई करता है.... दोनों थक के निढाल हो जाते हैं.... और एक दूसरे की बाहों में लिपट के सो जाते हैं.....
करीब 2 घंटे के बाद सुलतान उठ के शानू के साथ फ्रेश होता है और उसे एक डीप किश कर के बाद में मिलने का कह के वहां से चल देता है....
वहां से सुलतान सीधे खान के पास आ जाता है....
सुलतान : तो मर. खान अब कैसी तबीयत है आपकी....
खान : मैं तो ठीक हूँ.... मगर पहले तू मुझे ये बता की ये सब क्या है....? तू अचानक से यहाँ कैसे....? और ये सब क्या है....?
सुलतान : ये सब तो मुझे तुझसे पूछना चाहिए की तू इस गेटउप में यहाँ क्या कर रही है....?
खान : तो आखिर तू ने मुझे पहचान hi लिया....
सुलतान : जी हाँ मर. खान उर्फ़ ैप शाइना (अवनि की खला की बेटी)....
शाइना सुलतान को पूरी बात बताती है....
सुलतान : ओह तो ये बात है... मगर अब क्या सोचा है.... मर. खान बन के काम करेगी या फिर शाइना बन के मेरा साथ देगी.... मेरी मान तो तू मर. खान hi बानी रह.... इस से हम को दो फायदे होंगे.... जब भी हम कुछ करेंगे उसमे मेरा नाम कहीं नहीं आएगा.... जो भी होगा उसमे ये hi दिखाया जाएगा की ये सब स्पेशल अफसर और उसकी टीम ने hi किया है.... और मैं तेरा इस में खुल के साथ दे पाऊंगा.... बुराई को मिटने में चेहरा तेरा और तेरी टीम का होगा मगर काम मेरा होगा.... जैसे की कल रात जो भी कुछ हुआ उसमे मेरा नाम कहीं नहीं है बस तेरा और तेरी टीम का hi नाम न्यूज़ में दिखाया जा रहा है....
शाइना : क्या मतलब वो सब तू ने किया....?
सुलतान : हाँ.... वो सब मैंने hi किया था.... उन कमीनो की जान मैंने hi ली थी.... और आगे भी मैं उन सब गुंडों को चुन चुन के मारूंगा जो लोगों को नुक्सान पहुंचाएंगे.... मुझे इस में तेरा साथ चाहिए... बोल देगी मेरा साथ.....
शाइना : जो तू कर रहा है वो कानून के हिसाब से गलत है मगर इंसानियत की खातिर बेहद ज़रूरी है.... मैं इस सब में तेरा साथ ज़रूर दूंगी....
सुलतान : ये तो अच्छी बात है... मगर एक बुरी बात भी है और वो ये की कल रात से न्यूज़ में ये बताया जा रहा है की कल जिस टीम ने लड़कियों को गुंडों से बचाया था... किसी ने उनके ऑफिस के साथ साथ उन सब को भी बम से उदा दिया...
सुलतान की बात सुन के खान उर्फ़ शाइना बुरी तरह से शॉकेड हो जाती है....
शाइना : Kyaaaaaaaaaaaa....????
(वर्ड काउंट 10000)
अपडेट 163..... महा मेगा अपडेट....
"शानू की चुदाई"
मिया : क्या हुआ तुम सब अचानक से चौंक क्यों गए....?
दिया : तेरी हरकत देख के और तेरी बातें सुन के हम को झटका लगा है.... दोनों hi चीज़ें एक दूसरे को मैच नहीं कर रही hain....Ek तरफ तू सुलतान की तारीफ कर रही है उस से निकाह करने की बात कर रही है और वहीँ दूसरी तरफ तू ने उसे गोली मारी....
मिया : वो वो मैं वो....
जिया : ये वक़्त इन बातों का नहीं है बल्कि खान सर को ढूंढने का है... जाने इस वक़्त वो कहाँ और कैसे हैं....? सब से पहले सर को ढूंढने के बारे में सोचो..... बाकी सब बाद में....
मिया : तो फिर चलो चल के खान सर का पता लगते हैं....
सब बहार की तरफ चल देते हैं.... अभी वो दरवाज़ा खोल के बहार आये hi थे की तभी अचानक से वहां कुछ अनजान लोग उन्हें घेर के उनपे गन तान देते हैं....
मिया : कौन हो तुम लोग....? और इस तरह हम पे हुम्ला करने का क्या मतलब है....?????
ये लोग कौन हैं जिन्होंने सब को घेर लिया और उनपे गन तान दी.... वहीँ दूसरी तरफ वो 3 लोग कौन हैं जिनसे सुलतान मिलने गया है साथ hi अगली सुबह सुलतान क्या क्या धमाल करने वाला है ये देखना बेहद दिलचस्प होगा....?
मिया के साथ साथ बाकी सब बहार की तरफ चल देते हैं.... अभी वो दरवाज़ा खोल के बहार आये hi थे की तभी अचानक से वहां कुछ अनजान लोग उन्हें घेर के उनपे गन तान देते हैं....
मिया : तुम लोग कौन हो...?
शख्स 1 : पहले सब जल्दी से अंडर चलो....
जेम्स : नहीं पहले बताओ की तुम लोग हो कौन....?
शख्स 2 : हमारे बारे में बाद में पता कर लेना पहले अंडर चलो.... इस से पहले की तुम सब को शूट कर दिया जाए....
अभी कोई कुछ कहने hi वाला होता है की तभी...
दिया : मेरे ख़याल से हम को इनकी बात मान के अंडर जाना चाहिए..... एक गलती हम अभी कुछ देर पहले hi कर चुके हैं.... अब एक और गलती हम को नहीं करनी चाहिए....
सब दिया की बात मान के अंडर चले जाते हैं...
चार्ल्स : हम अंडर तो आ गए मगर खान सर का क्या....?
मिया : उन के बारे में बाद में पहले ये तो पता चल जाए की ये लोग कौन हैं....? और हम पे गन तान के क्यों खड़े हैं....?
जेम्स : हाँ तो अब बताओ की तुम लोग कौन हो....?
शख्स 1 : सवाल जवाब बाद में पहले जल्दी से ये सेफ्टी सूट पेहेन लो और चलो हमारे साथ..... अगर अपनी जान बेकार में नहीं गवाना चाहते तो....
मिया : मतलब क्या है तुम्हारा....?
शख्स : ये जगह अगले 3 मिनट्स में बम से उड़ने वाली है.....
उस शख्स के मुँह से बम सुनके सब बुरी तरह से शॉकेड हो जाते हैं....
सब शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....? मगर कैसे....? और क्यों....?
शख्स : मैंने कहा न ये सवाल जवाब सब बाद में पहले जल्दी से सेफ्टी सूट पेहेन के चलो यहाँ से.....
सब फ़ौरन सेफ्टी सूट पेहेन के उनके साथ बहार की तरफ भागते हैं और जल्दी से जा के वहां कड़ी कार में बैठ जाते हैं.... अभी कार कुछ दूर hi गयी थी की तभी एक तेज़ धमाके के साथ उनका सिक्योरिटी बेस उड़द जाता है....
Bhoooooooooommmmm.....
हर तरफ आग hi आग नज़र आने लगती है.... अचानक से उनकी कार के पीछे 10 कार फुल स्पीड से आने लगती है.... साथ hi वो सब उनकी कार पे अंधाधुन गोलियां चलने लगते हैं.... तभी एक कार के ऊपर का हिस्सा खुलता है और उसमे से एक गुंडा बहार आ के खान की टीम जिस कार में है उस पे राकेट लांच कर देता है.... राकेट को अपनी तरफ आते देख खान की टीम को अपनी मौत साफ़ नज़र आने लगती है.... राकेट स्पीड से आ के उनकी कार से टकरा जाता है.... एक तेज़ धमाका होता है.... जिसके साथ सब की चीख निकल जाती है....
सब : Nahiiiiiiiiiiiiiiiiiii....
Bhoooooooooommmmm....
कार के चीथड़े उड़द जाते हैं.... साथ hi तेज़ आग के साथ साथ धुँवे का गुबार वहां फैल जाता है.... कार को उड़ते देख पीछा कर रही गाड़ियां रुक जाती हैं.... उनमे से लोग उतर के कार के जलते हुए टुकड़ों को देखने लगते हैं.... तभी उनमे से एक किसी को कॉल करके सब बताता है.... जिसे सुन के दूसरी तरफ से ख़ुशी में ज़ोर ज़ोर से हसने की आवाज़ आने लगती है....
हहहहहहहह....
मुझपे वार करने वाला कभी ज़िंदा नहीं रहता.... आखिर वो सब कमीने ख़तम हो hi गए....
इधर सुलतान रूम में एंटर होता है....
सुलतान : सॉरी यार मैं थोड़ा लेट हो गया.... वो एक इम्पोर्टेन्ट काम में फस गया था.... वो बात ऐसी थी की....
अभी सुलतान ने इतना hi कहा था की अचानक से सामने कड़ी लड़की दौर के उसके पास आती है और उसके सीने से लिपट के उसके होंठों को चूसने लगती है.... सुलतान उसे खुद से दूर करने की कोशिश करता है मगर वो उसे खुद से दूर नहीं होने देती... करीब 10 मिनट्स तक सुलतान के होंठों को चूसने के बाद उस से अलग होती है.... अभी वो हटी hi थी की दूसरी लड़की सुलतान पे झपट पड़ती है और उसके होंठों को वाइल्ड तरीके से चूसने लगती है.... कुछ देर बाद वो सुलतान से अलग होती है.....
इस से पहले की सुलतान कुछ कहता किसी की बात सुन के सुलतान पलट के उस तरफ देखता है.....
मैक्स : यार इतनी रात को तू ने अचानक से हम को यहाँ क्यों बुलाया....?
सुलतान : अबे ये दोनों मुझे चोरे तब न मैं कुछ कहूं....
दोनों : क्या अपनी जान को प्यार करना गलत है....?
सुलतान : गलत नहीं है मगर अभी मुझे तुम तीनो से बेहद ज़रूरी बात करनी है...
दोनों : क्या वो बात हम दोनों से भी ज़्यादा ज़रूरी है....?
सुलतान : अपनी जान से ज़्यादा मेरे लिए और कुछ ज़रूरी नहीं है.... मगर मैं ये भी अच्छे से जानता हूँ की मेरी जान ये कभी नहीं चाहेगी की लाखो बेक़सूर लोगों की जान जाए....
सुलतान की बात सुन के दोनों के साथ साथ मैक्स भी चौंक जाता है....
तीनो : Kyaaaaaaaaaaaa....?
सुलतान : हाँ ये सच है....
फिर सुलतान उन्हें वो बातें बताता है जो उसे जस्मिने ने बताई थी.... जिसे सुन के तीनो बुरी तरह से चौंक जाते हैं साथ hi उन्हें उन गुंडों के साथ साथ सुलतान पे भी बेहद गुस्सा आने लगता है....
अचानक से 2 झन्नाटेदार थप्पड़ सुलतान के गाल पे रसीद होते हैं....
Chataaaaaaaaaaaak....
ये 2 थप्पड़ उसे ज़रा और सैर ने मारा था....
ज़रा बेहद गुस्से में रट हुए : तेरी हिम्मत कैसे हुई ऐसा करने की....? तू समझता क्या है अपने आप को हाँ....? बता मुझे जवाब दे... क्या ज़रुरत थी तुझे वहां अकेले जाने की...? अगर तुझे कुछ हो जाता तो....? मैं क्या करती...? मैं तो जीते जी मर hi जाती....
सैर रट हुए : अगली बार गलती से भी तू ने ऐसी गलती की न तो सोच लेना.... मैं तेरी दोनों टांगें तोड़ दूंगी.... ताकि तू कहीं नहीं जा सके....
मैक्स : सही कह रही हो तुम दोनों आज कल ये बहुत मनमानी करने लगा है.... बिना बताये कुछ भी करता है....
सुलतान : तुम सब को सब कुछ बताने के लिए hi तो यहाँ बुलाया है.... मगर तुम लोग कुछ सुन hi नहीं रहे.... बस रोये जा रहे हो....
ज़रा गुस्से में : सब कुछ हो जाने के बाद... कह रहा है की तुम सब को बताने बुलाया है... पहले नहीं बता सकता था क्या....?
सुलतान : मैं बताना तो चाहता था... मगर ये सब इतना अचानक हुआ की मुझे मौका hi नहीं मिला.... और वैसे भी अभी तो बस मैंने बुराई के खिलाफ जुंग की शुरुवात की है... जिसमे मुझे तुम तीनो के साथ की बेहद ज़रुरत है... मैं इस दुनिया में सब से ज़्यादा तुम तीनो पे भरोसा करता हूँ..... इस लिए सिर्फ तुम तीनो को hi यहाँ बुलाया है....
ज़रा : वो सब बाद में पहले ये वादा कर की आगे तू जो भी करेगा वो हम को बताये बिना नहीं करेगा.... वादा कर...
सुलतान : पहले तुम दोनों रोना बंद करो...
सैर : नहीं पहले वादा कर...
सुलतान : पहले कहा न की रोना बंद करो... तुम दोनों ये क्यों भूल जाते हो की तुम दोनों को यूँ रट हुए नहीं मैं नहीं देख सकता... आंसू तुम्हारी आँखों से बहते हैं और दर्द मेरे दिल में होता है.... अभी तुम दोनों की आँखों से बहते आंसू देख के मुझे कितनी तकलीफ हो रही है मैं बता नहीं सकता.... अब ये तुम दोनों पे है की तुम क्या चाहती हो यूँ रो के मुझे तकलीफ पहुँचाना या फिर मेरे गले लग के मेरे तड़पते दिल को सुकून पहुँचाना....
ये कह के सुलतान अपनी बाहें फैला देता है.... दोनों फ़ौरन आगे बढ़ के सुलतान के सीने से लिपट जाती हैं... दोनों के गले लग के सुलतान के दिल को बेहद सुकून मिलता है.... वो उनके आंसू पॉच के उन्हें किश करता है.... फिर कुछ देर बाद वो उनसे अलग होता है....
सुलतान को कुछ न कहते देख....
मैक्स : अब क्या तुझे इनविटेशन कार्ड छपवा के दूँ ताकि तू सब कुछ बता सके....
सुलतान : उसकी ज़रुरत नहीं है... मैं वैसे hi सब बताता हूँ....
सुलतान : जैसा की मैंने बताया शैतान अघुरा ने अपनी ताक़त बढ़ानी शुरू कर दी है.... वो हर तरफ बुराई फैला रहा है.... दुनिया में जितनी बुराई बढ़ेगी.... अघुरा की ताक़त भी उतनी hi बढ़ेगी.... तो इस बुराई को रोकने में मुझे तुम तीनो की ज़रुरत है....
मैक्स : हम इस में तेरी कैसे मदत कर सकते हैं.... वो भी बता दे....
सुलतान : तुम तीनो की अपनी hi एक खासियत है.... ज़रा वर्ल्ड की टॉप क्लास हार्डकोर फाइटर है.... इसे इस पूरी दुनिया में कोई नहीं हरा सकता....
ज़रा : सिवाए तेरे....
सुलतान : हाँ ठीक वैसे hi मेरे बाद मैक्स और सैर का भी कोई मुकाबला नहीं.... जहाँ मैक्स जासूसी में नंबर ओने है वहीँ सैर हैकिंग में एक्सपर्ट है....
सैर : वो सब तो ठीक है.... मगर इस सब में पैसे के साथ और भी बहुत सी चीज़ों की ज़रुरत होगी....
सुलतान : पैसों की तो सुलतान के पास कोई कमी नहीं है.... और न hi बाकी सब चीज़ों की.... मैंने पहले hi सब इंतज़ाम कर दिया है.... आओ चलो तुम सब को दिखता हूँ....
ये कह के सुलतान उनको घर के बेसमेंट में ले जाता है वहां एक दिवार पे अपना हाथ घूमता है.... सामने की दिवार के बीच से एक लाज़र लाइट सी बहार निकलती है और एक ट्रांसपेरेंट स्क्रीन में बदल जाती है.... फिर उस स्क्रीन से आवाज़ आती है...
स्क्रीन : ऑय स्कैन कम्पलीट.... हार्ट स्कैन कम्पलीट.... वेलकम तो थे "दें" सुलतान....
सुलतान : थैंक्स माया....
ज़रा : ये माया कौन है....?
सुलतान : सॉरी मैं तुम्हे तो मिलवाना भूल hi गया.... माया ये मेरे दोस्त हैं... मैक्स ज़रा और सैर और ये है.... माया.... माया मेरी जान है...
ज़रा : एक और जान....!!!!
माया : तो आखिर सुलतान को ये कहना hi पड़ा की माया मेरी जान है.... आज मैं बेहद खुश हूँ... आज सुलतान ने माया को अपनी जान जो कह दिया....
माया की आवाज़ के साथ साथ उसकी बातें सुन के सब हैरान हो जाते हैं....
सुलतान : माया मेरा बनाया हुआ एक नायाब और बेशकीमती मास्टर पीेछे है.... माय सुपर कंप्यूटर जिसके पास अपना खुद का एक बेहद hi लाजवाब दिमाग है....
माया : सुलतान तुम हमेशा ये क्यों भूल जाते हो की तुमने मुझे एक तेज़ दिमाग के साथ साथ एक प्यार भरा दिल भी दिया है....
सुलतान : सॉरी यार वो क्या है न जब भी मैं तुम्हारी प्यारी सी आवाज़ सुनता हूँ मैं उस में खो सा जाता हूँ....
माया : चलो कोई बात नहीं आज तुम्हे माफ़ किया.... आज तुमने मुझे जान कह के जो बुलाया है....
सुलतान : Ok माया नाउ ओपन थे दें....
फिर माया मैक्स सैर और ज़रा की आँखों और दिल का स्कैन करने के बाद दें का दरवाज़ा खोल देती है.... सुलतान के साथ साथ तीनो अंडर जाते हैं.... ये एक लिफ्ट है जो उन्हें पहले 50 मीटर नीचे ले जाती है फिर स्पीड से 1 कम आगे..... फिर उसका दरवाज़ा खुलता है.... सामने का नज़ारा देख के सब के होश उड़द जाते हैं.... सामने का नज़ारा देख के उन्हें ऐसा लगता है जैसे की वो इस वक़्त किसी साइंस फिक्शन मूवी में हैं.... यहाँ ज़मीन के नीचे एक पूरा का पूरा शहर बसा हुआ है.... जिसे देख के यकीन करना मुश्किल हो रहा है की एक 15 बैडरूम के बंगलो के नीचे किसी ने एक पूरा का पूरा शहर बसा दिया है....
अंडर का नज़ारा देख के तीनो के होश उड़द जाते हैं.... उनसे कुछ कहते नहीं बन रहा है... वो बस हैरत से सब देखे जा रहे हैं.... किसी कुछ न कहते देख....
सुलतान : क्या हुआ तुम लोग कुछ कहते क्यों नहीं.....?
मैक्स : शॉक पे शॉक दे ने के बाद पूछ रहा है की हम कुछ कहते क्यों नहीं....? ये सब देख के हमारी बोलती बंद हो गयी है.... आखिर ये सब है क्या....?
सुलतान : अभी तो बताया ये दें है... सुलतान का दें.... ये मेरा शहर है... सुलतान का बनाया हुआ शहर इसे मैं खुद अपने हाथों से बनाया है....
सुलतान की बात सुन के मैक्स के साथ साथ ज़रा और सैर भी हसने लगते हैं....
हहहहहहहहह....
सुलतान : अबे तुम लोग हंस क्यों रहे हो....?
ज़रा : तेरे जोके पे हांसे नहीं तो और क्या करें....?
सुलतान : ये कोई जोके नहीं है बल्कि हकीकत है....
मैक्स : अच्छा चल एक पल के लिए ये मान लिया जाए की जो तू कह रहा है वो सच है जो की नामुमकिन सी बात है... तो फिर ये बता की इतना बड़ा शहर तू ने कब और कैसे बनाया.....?
सुलतान : 3 महीने पहले....
अभी सुलतान ने इतना कहा hi था की एक बार फिर से सब हसने लगते हैं....
हहहहहहहहह....
सब को यूँ हस्ते देख सुलतान को उनपे गुस्सा आ जाता है....
सुलतान : ये जानते हुए भी की मैं कभी झूट नहीं बोलता तुम सब मेरी बात यकीन करने के बजाये मेरी बात को झूठ मान के मुझपे हंस रहे हो...
सुलतान को यूँ गुस्सा होते देख सैर बात को संभालते हुए कहती है....
सैर : सुलतान हम ये अच्छे से जानते हैं की तू कभी झूठ नहीं बोलता... हम को तुझपे पूरा यकीन है... मगर जो तू कह रहा है उसपे यकीन कर न भी तो मुश्किल है..... तू खुद सोच क्या ये मुमकिन है की कोई आम इंसान 3 महीने में इतना बड़ा शेहरे बिना किसी की मदत लिए खुद अपने हाथों से बना ले....
इस से पहले की सुलतान कुछ कहता अचानक से वहां नेमत आ जाती है.... नेमत को अचानक से वहां आये देख सब बेहद हैरान हो जाते हैं....
ज़रा शॉकेड : नेमत तू यहाँ कैसे आयी....?
नेमत : वो अभी ज़रूरी नहीं है जो ज़रूरी है वो सुनो.... और सब से ज़रूरी बात ये है की सुलतान जिसे तुम लोग मामूली इंसान समझ रहे हो वो मामूली इंसान न हो के "प्रिंस ऑफ़ यूनिवर्स" है....
सैर : "प्रिंस ऑफ़ यूनिवर्स" अब ये क्या है....?
ज़रा : कुछ नया लगता है....?
मैक्स : हाँ यार सही में मुझे लगा था की यहाँ आ के रात खराब होने वाली है मगर क्या पता था की यहाँ इतना मज़ा आ ने वाला है.... हंस हंस के मेरा तो पेट दुखने लगा है....
नेमत : सुलतान वक़्त आ गया है इन को हकीकत से सामना करवाने का.... इन को वो करके दिखाओ जो तुम ने तीन महीने पहले यहाँ आ के किया था....
नेमत की बात सुन के सुलतान अपना हाथ हवा में घूमता है और देखते hi देखते सामने खड़ा शहर एक छोटे से इलेक्ट्रॉनिक मॉडल में बदल जाता है... जिसे देख के सब हैरान हो जाते हैं....
सुलतान : मैक्स ज़रा गौर से इस मॉडल को देख के बता की इसे तू ने कहाँ देखा था....?
सुलतान की बात सुन के मैक्स उस मॉडल को गौर से देखने लगता है... फिर कुछ सोच के कहता है....
मैक्स : हाँ याद आया ये... ये... ये तो....
सुलतान : ये वो hi मॉडल है जो मैंने कॉलेज के साइंस एक्सहिबिशन के लिए बनाया था... और इसके लिए मुझे 1सत प्राइज भी मिला था....
सुलतान की बात सुन के सैर भी उसे गौर से देख के कहती है....
सैर : हाँ यार ये तो वो hi मॉडल है....
सुलतान : हाँ और इसी को मैंने अपनी पावर्स से एक बड़े साइंटिफिक शहर में बदल दिया.... ऐसे....
ये कह के सुलतान अपना हाथ उस मॉडल पे घूमता है और देखते hi देखते वो मॉडल एक बड़े साइंटिफिक शहर में बदल जाता है.....
जिसे देख सब चौंक जाते हैं....
सब : तेरे पास पावर्स भी हैं....
सुलतान : हाँ... बहुत सी पावर्स हैं... ये कोई नहीं जाता... और न hi किसी को इस बारे में पता चलना चाहिए....
सैर : वो सब तो ठीक है मगर....
सुलतान : अगर मगर बाद में पहले आगे चल के देख लो की यहाँ और क्या क्या है जो मैं तुम सब की दिखाना चाहता हूँ....
फिर सुलतान उन्हें एक स्पेशल रूम में ले जाता है जहाँ....
सुलतान : ये है सुपर कंप्यूटर जिसे माया ने एक ऐसे सर्वर में बदल दिया है जिस का मुक़ाबला पूरी दुनिया के कंप्यूटर मिल के भी नहीं कर सकते.... इसको हैक करना या ट्रेस करना नामुमकिन है.... और न hi इसमें किसी भी तरह का कोई वायरस इनस्टॉल किया जा सकता है..... ये हर वक़्त मेरे साथ कनेक्टेड रहता है... मैं कहीं से भी इसे एक्सेस कर सकता हूँ.....
मैक्स : वाओ यार ये तो कमाल की चीज़ है मैंने ऐसा सर्वर आज तक नहीं देखा.... यकीनन इसका कोई मुकाबला नहीं....
सुलतान : आगे चलो तुम्हे और भी कुछ दिखाना है....
फिर सुलतान उन्हें एक रूम में ले जाता है....
सुलतान : ये है सब से हाई टेक सिक्योरिटी और ट्रेसिंग देवीकेस साथ hi हाई टीच हथियार.... इन का भी कोई मुक़ाबला नहीं....
सब एक साथ : वाओ क्या बात है.... अमेजिंग....
सुलतान : अब आते हैं असल बात पे जिसके लिए मैंने तुम सब को यहाँ बुलाया है.... शैतान अघुरा के हमले और साथ hi मासूमो पे हो रहे लोकल गुंडों और माफिया के हमले और इस दुनिया को बुराई से बचने में मुझे तुम्हारे साथ की ज़रुरत है....
सब : हम तेरे साथ हैं.... बस बता की हम को करना क्या है.....?
सुलतान : तुम सब जिस फील्ड में स्पेशलिस्ट हो तुम को वो hi करना है.... जैसे सैर तू हैकिंग और ट्रेसिंग एक्सपर्ट है.... तो तुझे हर एक कंप्यूटर सर्वर पे नज़र रखनी है वैसे ये काम माया करेगी.... जहाँ भी उसे कोई गड़बड़ का पता चलेगा वो तुझे उस बारे में बता देगी और तुझे उसकी पूरी डिटेल स्टडी कर के मुझे बताना होगा ताकि आगे क्या करना है ये हम डीडे कर सके....
मैक्स तू एक जासूस है तो तुझे ये पता लगाना है की कौनसा गैंग कौनसी बड़ी वारदात प्लान कर रहा है और उसे कैसे रोका जाए...
ज़रा तू फाइटिंग में एक्सपर्ट है इस दुनिया की ऐसी कोई फाइट नहीं जो तुझे नहीं आती है साथ hi सब से बड़ी बात की तुझे इस दुनिया में कोई नहीं हरा सकता सिवाए मेरे... तुझे हमारी टीम के लिए बेस्ट फाइटर सेलेक्ट कर के उन्हें ट्रैन करना है.... अब बताओ क्या तुम सब इस के लिए तैयार हो...
सब : हाँ हम सब बुराई की खिलाफ लड़ने में तेरा साथ ज़रूर देंगे....
सुलतान : मगर ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए... वर्ण परेशानी बढ़ सकती है.... क्या पता कौन कब कहाँ हम को धोका दे दे....
सब हाँ में अपनी गर्दन हिला देते हैं...
सैर : सुलतान तू बेफिक्र रह एक (सैम) के गलत हो जाने से सब गलत नहीं हो जाते.... हम हर पल हर लम्हा तेरे साथ हैं और इस बात की खबर किसी को नहीं होगी... ये अपने दोस्त से वादा है हमारा....
सुलतान : ठीक है फिर तुम सब कल से अपने काम पे लग जाओ....
फिर वो लोग घर की तरफ चल देते हैं और सुलतान उस घर की तरफ जहाँ ज़ोया और उसकी बहने हैं....
अगली सुबह....
सुलतान : गुड मॉर्निंग.... चलो जल्दी स्व उठ के फ्रेश हो जाओ फिर हम बहार चल के नाश्ता करते हैं और तुम सब के लिए कपडे और बाकी घर की ज़रुरत का सामान ले लेते हैं.....
सुलतान की बात सुन के तीनो बहने खुश हो जाती हैं और जल्दी से फ्रेश हो के उसके साथ चल देती हैं.... सुलतान उन्हें वहां के सब से बड़े मॉल में ले जाता है वहां के फ़ूड कोर्ट में नाश्ता करने के बाद वो उन्हें शॉपिंग करवाता है फिर साथ ले के अपने कॉलेज चल देता है....
सोया : हम अभी कहाँ जा रहे हैं....?
सुलतान : कॉलेज.... तुम दोनों का एडमिशन करवाने....
सुलतान की बात सुन के दोनों खुश हो जाते हैं....
दोनों ख़ुशी में : क्या सच में....?
सुलतान : हाँ मैंने प्रिंसिपल से बात कर ली है आज तुम दोनों का एडमिशन हो जाएगा.... लो बातों बातों में कॉलेज भी आ गया....
वो उन्हें साथ ले के प्रिंसिपल के ऑफिस में चला जाता है.... फिर वहां से सोहा और नोहा का एडमिशन करवा के उन्हें उनकी क्लास में भेज के ज़ोया के साथ कार की तरफ जा रहा होता है की तभी उसकी नज़र किसी पे पड़ती है... वहां एक लड़का किसी लड़की के साथ बदतमीज़ी कर रहा है..... जिसे देख सुलतान का चेहरा गुस्से से लाल हो जाता है....
सुलतान गुस्से में आगे बढ़ता है उसके पास जा के खड़ा हो जाता है.... सामने खड़े लड़के का हाथ पकड़ के उसे मरोड़ देता है फिर एक ज़ोरदार पंच उसके पेट में मरता है....
एक ज़ोरदार चीख के साथ वो लड़का उड़ता हुआ दूर जा गिरता है उसके मुँह से खून निकलने लगता है....
अअअअअअअअगगगगगगठ्हहहह....
अपने साथी की ऐसी हालत देख के 8 से 10 गुंडे टाइप लड़के वहां आ जाते हैं और गुस्से में सुलतान को मारने के लिए आगे बढ़ते हैं.... सुलतान गुस्से में जैम के सब की धुलाई करने लगता है.... तभी उनमे से एक धोके से सुलतान पे चाकू से वार करता है.... सुलतान के हाथ पे चाक़ू लगने से खून निकलने लगता है... जिसे देख उस लड़की का दिल तड़प जाता है.... उसके मुँह से आह निकल जाती है जिसे सुन के सुलतान हैरत से उसकी तरफ देखता है फिर ज़हरीली मुस्कान के साथ पलट के एक ज़ोरदार किक उस लड़के को मारता है वो उड़ता हुआ दूर जा गिरता है और बेहोश हो जाता है....
फिर सुलतान आगे बढ़ के उस लड़की का हाथ अपने हाथ में ले के अपने हाथ से बहते खून को उसकी पूरी हथेली पे अच्छे से मॉल के कहता है....
सुलतान : लो आज एक बार फिर से मुझे ज़ख्म देने में तुम कामियाब हो गयी.... तुम्हे मेरे जिस्म से निकलते खून को देख बेहद ख़ुशी होती है न लो एक बार फिर से उस खून को महसूस कर लो जो आज फिर से तुम्हारी वजह से बहा है....
सुलतान की बात सुन के और उसके हाथों से बहे खून को देख जहाँ उस लड़की की आँखों में आंसू आ जाते हैं वहीँ उसके होंठों पे मुस्कराहट भी फैल जाती है....
सोना : तो आखिर मेरा प्यार तुम्हे मेरे पास ले hi आया....
जी हाँ ये कोई और नहीं बल्कि सोना hi है...
सुलतान : जी नहीं वो प्यार तो कब का मर चूका है ये तो वो नफरत है जो अब मैं तुझसे करता हूँ....
सोना : अच्छा अगर सुलतान को अपनी सोना से इतनी hi नफरत है तो फिर वो उसे गुंडों से बचने आया hi क्यों....?
सुलतान : वो इस लिए क्यों की तुम्हे तकलीफ पहुँचाने का हक़ सिर्फ मुझे है और किसी को नहीं.... मेरे सिवाए न hi कोई तुम्हारे करीब आ सकता है और न hi कोई तुम्हे चोट पहुंचा सकता है.... जो भी तुम्हारे करीब आएगा या तुम्हे तकलीफ पहुँचाने की गलती से भी कोशिश करेगा मैं उसकी जान ले लूंगा.... और देखो आज मैंने उसकी शुरुवात कर दी....
सोना : मगर मुझे तो ऐसा नहीं लगता.... ये नफरत काम मोहोब्बत ज़्यादा लगती है....
सुलतान : ग़लतफहमी है तुम्हारी.... जल्द hi तुझे मेरी नफरत का अंदाजा हो जाएगा....
सोना : ग़लतफहमी मुझे नहीं बल्कि तुम्हे है.... और जानते हो वो ग़लतफहमी क्या है.... सुलतान अपनी सोना को दिल ो जान से चाहता है बस इस वक़्त वो अपनी सोना से थोड़ा नाराज़ है और उस नाराज़गी को वो नफरत समझ रहा है.... सुलतान सोना से नफरत करे ये मुमकिन नहीं....
सुलतान : ग़लतफहमी में जी रही हो तुम.... जिस दिन हकीकत से तुम्हारा सामना होगा उस दिन....
अभी सुलतान ने इतना hi कहा था की तभी....
सोना : चलो ठीक है एक पल के लिए मैं ये मान लेती हूँ की तुम्हे मुझसे नफरत है.... साबित करो....
सुलतान : क्या.....?
सोना : साबित करो की तुम मुझसे नफरत करते हो.... मारो मुझे ठीक वैसे hi जैसे तुमने अभी उस लड़के को मारा था.... ज़्यादा नहीं बस एक थप्पड़ मुझे मार के दिखाओ... मैं मान लुंगी की तुम्हे मुझसे प्यार नहीं बल्कि नफरत है....
सोना की बात सुन के सुलतान चुप चाप बस उसे देखता रहता है.... उसे कुछ न करते देख....
सोना : मारो मुझे बस एक थप्पड़.... और साबित करो अपनी नफरत.... क्या हुआ हाथ उठाओ और मारो मुझे....? मारते क्यों नहीं....
सुलतान गुस्से में अपना हाथ उठता है मगर थप्पड़ मार नहीं पाटा.... वो गुस्से में पलट के वहां से जाने लगता है... तभी सोना पीछे से उसे आवाज़ दे के कहती है....
सोना : जानते हो सुलतान आज तुमने मुझे थप्पड़ न मार के ये साबित कर दिया की तुम मुझसे बेइन्तेहाँ प्यार करते हो नफरत नहीं.... और इस बात का सबूत है मेरे हाथों में तुम्हारा ये खून.... तुमने मेरे हाथों में मेहँदी की जगह अपना खून लगा के मुझे अपनी आधी बीवी बना लिया है अब जल्द hi मैं अपने सुलतान की पूरी बीवी बन जाउंगी.... और अपने सुलतान के उस प्यार को पा लुंगी जो हमेशा से hi मेरा था है और रहेगा....
सुलतान : ये वो सपना है जो कभी पूरा नहीं होगा.... सुलतान को तुझसे सिर्फ और सिर्फ नफरत है और कुछ नहीं....
ये कह के सुलतान ज़ोया के साथ वहां से चल देता है....
कार में ज़ोया सुलतान के हाथ में कास के अपना रुमाल बाँध देती है फिर उसे हॉस्पिटल चलने को कहती है.... सुलतान उसे मामूली सी चोट बता के कार को आगे बढ़ा देता है....
बस फिर क्या था ज़ोया के सवालों की बौछार शुरू हो जाती है....
सुलतान : अब बस भी कर मेरी माँ कितने सवाल पूछेगी.... इतने सवाल तो पुलिस वाले मुजरिम से भी नहीं पूछते.... अब और कोई सवाल नहीं....
ज़ोया : बस एक आखरी सवाल पूछ सकती हूँ प्लीज....
सुलतान : पूछ ले...
ज़ोया : ये तुम मुझे बार बार मेरी माँ कह के क्यों बुलाते हो.... न तो मैं तुम्हारी माँ हूँ और न hi मेरी उम्र तुम्हारी माँ जितनी है....
ज़ोया की बात सुन के सुलतान की हंसी छूट जाती है....
सुलतान : हहहहहहहहह.... अरे मेरी माँ... ओह ी मैं ज़ोया... तुम बस मेरे एक सवाल का जवाब दे दो... ये तुम इतने सवाल लाती कहाँ से हो... तुम्हारे दिमाग में सवाल का कोई गोडाउन है क्या....? मुँह खुला नहीं की सवाल गिरने शुरू हो जाते हैं....
सुलतान की बात सुन के ज़ोया चीड़ के कहती है....
ज़ोया : वैरी फनी.....
सुलतान : अच्छा वो सब चोरो और ये बताओ की तुम कहाँ तक पढ़ी हो और तुम्हे क्या क्या नॉलेज है.... ताकि तुम्हारे काम का कुछ किया जा सके....
ज़ोया : तो मतलब तुम मेरा इंटरव्यू ले रहे हो....
सुलतान : ऐसा hi कुछ समझ लो.... अब बताओ....
ज़ोया सुलतान को अपनी पढ़ाई और बाकी सब के बारे में बताने लगती है.... अभी उसकी बात पूरी भी नहीं हुई थी की तभी सुलतान कार रोकता है..... सामने का नज़ारा देख के ज़ोया चौंक जाती है....
ज़ोया : ये तो खान ग्रुप ऑफ़ कंपनी की बिल्डिंग है.... तुम मुझे यहाँ क्यों लाये हो...?
सुलतान : अब जिस कंपनी में तुम काम करती हो तुम्हे वहां नहीं लाऊंगा तो कहाँ ले जाऊँगा....
ज़ोया : मैं कल यहाँ जॉब इंटरव्यू के लिए आयी थी मगर जॉब मिलने से पहले की मेरा और मेरी बहनो का किडनैप हो गया था....
सुलतान : तुम्हे यहाँ जॉब कल hi मिल गयी थी....
ज़ोया : ये कैसे हो सकता है....? मैंने तो कोई इंटरव्यू दिया hi नहीं....
सुलतान : अभी कुछ देर पहले तो तुम्हारा इंटरव्यू हुआ.... मैंने खुद लिया....
ज़ोया : तुम्हारे इंटरव्यू लेने से मेरी जॉब का क्या लेना देना....?
सुलतान : अंडर चलो तुम्हे सब पता चल जाएगा....
ये कह के सुलतान ज़ोया को साथ ले के कंपनी के अंडर चल देता है.... वहां रूही किसी से बात कर रही होती है जैसे hi उसकी नज़र सुलतान पे पड़ती है वो दौर के उसके करीब जाती है और कास के उसके सीने से लिपट जाती है.... सुलतान उसे खुद से दूर करके कहता....
सुलतान : मेरी जान ये ऑफिस है... सब देख रहे हैं.... काम से काम यहाँ तो खुद पे काबू रखो.... जो करना हो रात में कर लेना अभी नहीं....
सुलतान की बात सुन के रूही ख़ुशी से उछाल पड़ती और एक बार फिर से उसे कास के अपने सीने से लगा लेती है....
सुलतान उसे खुद से अलग कर के कहता है...
सुलतान : रूही इस से मिलो ये है ज़ोया.... और ज़ोया ये है रूही.... इस कंपनी की मद...
सुलतान : रूही ज़ोया आज से तुम्हारी सेक्रेटरी है... इसे पूरा काम समझने की ज़िम्मेदारी तुम्हारी.... ये दिमाग की बहुत तेज़ है जल्द hi सब सीख जायेगी.... बस इसकी एक hi प्रॉब्लम है.... और वो ये की ये सवाल बहुत करती है.....
ज़ोया : मगर अचानक से जॉब कैसे....? मेरा मतलब है न कोई इंटरव्यू हुआ और न hi मेरे पास मेरे कोई डाक्यूमेंट्स हैं....? तो फिर मेरी जॉब कैसे और वो भी मद की सेक्रेटरी....?
सुलतान : देखा मैंने कहा न ये सवाल बहुत करती है.... अब तू इसके सारे सवालों के जवाब दे मैं तो चला....
ये कह के सुलतान वहां से निकल लेता है....
ज़ोया हैरत से बस उसे देखती रह जाती है.... फिर पलट के रूही की तरफ देखती है जैसे की पूछना छह रही हो क्या अभी सुलतान ने कहा वो सच है....
रूही : हाना सुलतान ने अभी जो भी कुछ कहा वो सच है.... आज से बल्कि अभी से तुम मेरी सेक्रेटरी बन के इस कंपनी में काम कर रही हो.... इस के लिए न तुम्हे किसी को इंटरव्यू देने की ज़रुरत है और न hi किसी सर्टिफिकेट्स की.... क्यों की तुम्हारा इंटरव्यू लेने वाला और तुम्हे जॉब पे रखने वाला कोई और नहीं बल्कि इस कंपनी का मालिक है....
ज़ोया : मगर मैं तो उस से मिली hi नहीं....
रूही : क्या बात कर रही हो....? तुम खुद तो उसके साथ आयी.... और कह रही हो उस से मिली नहीं.....
ज़ोया : मतलब की वो सुलतान है...
रूही : जी हाँ वो और कोई नहीं बल्कि सुलतान है.... अब अगर तुम्हारे सवाल ख़तम हो गए हो काम शुरू करें.... बाकी के सवाल सुलतान से खुद पूछ लेना....
रूही की बात सुन के ज़ोया हाँ में अपनी गर्दन हिला देती है....
इधर सुलतान वहां से सीधे अपने घर जाता है और अपनी साड़ी जान से मिलके उन्हें प्यार करने के बाद बगल वाले घर की तरफ बढ़ जाता है.... वहां पहुँच के वो सीधे ऐना और मीणा के रूम में जाता है.... सुलतान को अपने रूम में देख के दोनों को जितनी ख़ुशी होती है उतनी hi हैरानी भी....
ऐना : सुलतान तुम यहाँ अचानक....?
सुलतान : क्यों मैं यहाँ नहीं आ सकता क्या....?
ऐना : नहीं ऐसी बात नहीं है.... वो अचानक से तुम्हे यहाँ देखा तो खैर.... बताओ कोई काम था क्या...?
सुलतान : क्यों मैं बिना किसी काम के तुम दोनों से मिलने नहीं आ सकता क्या...?
ऐना : आ सकते हो न क्यों नहीं आ सकते.... आओ बैठो.....
सुलतान : हाँ अब तुम दोनों मुझे ये बताओ की इस वक़्त तुम दोनों को कॉलेज में होना चाहिए था तुम दोनों घर पे क्या कर रही हो....?
दोनों : वो.... वो.... वो....
सुलतान : लगता है बाकी सब की तरह तुम दोनों भी मुझे अपना नहीं समझती तभी कुछ बताना नहीं चाहती.... और मैं बेवक़ूफ़ ये सोच के यहाँ आया की... खैर मैं चलता हूँ...
ये कह के सुलतान वहां से उठ के जाने hi वाला होता है की तभी ऐना उसका हाथ पकड़ के उसे रोक के कहती है....
ऐना : नहीं सुल्तान जैसा तुम समझ रहे हो वैसी बात नहीं है.... वो बस हम तुम्हे परेशान नहीं कर चाहते थे इस लिए नहीं बताया....
सुलतान : तुम दोनों पागल तो नहीं हो गयी.... परेशानी की बात कर रही हो.... जानती भी हो तुम दोनों ने क्या किया.... अगर कल वक़्त पे तुम दोनों को नहीं बचाया जाता तो क्या होता.... तुम दोनों की न ोज़्ज़ात बचती और न hi जान....
सुलतान की बात सुन के दोनों शॉकेड हो जाती हैं....
दोनों : T...T.... Tum...he कैसे पता चला....?
सुलतान : ये ज़रूरी नहीं है की मुझे कैसे पता चला ज़रूरी ये है की तुम दोनों को ऐसी क्या ज़रुरत पद गयी की तुम दोनों पढ़ाई चोर के जॉब ढूंढने के लिए वहां गयी... तुम को तो पता भी नहीं की तुम किस मुसीबत में फस गयी थी.... तुम को किडनैप कर के बाकी लड़कियों के साथ विदेश में बेचा जाने वाला था....
दोनों शॉकेड : Kyaaaaaaaaaaaa....?
सुलतान : जी हाँ.... अब इस से पहले की मैं सच में तुम दोनों से नाराज़ हो जाऊं मुझे ये बताओ की तुम दोनों वहां क्यों गयी थी....? और आज कॉलेज जाने के बजाये तुम दोनों घर पे क्या कर रही हो....?
ऐना : व... व... वो... बात ऐसी है की हम दोनों की कॉलेज की 2 महीने की फीस बाकी है.... और अब तो घर में भी खाने की कमी हो गयी है.... पैसे तो नाम के भी नहीं रह गए हैं.... बिज़नेस पूरी तरह से बंद हो चूका है.... जो भी पैसे बचे थे वो कर्ज़े वाले ले गए अब भी हम पे 15 करोड़ का मार्किट का कर्ज़ा है... अब तुम hi बताओ की ऐसे में हम करे भी तो क्या करें....?
सुलतान : ये बात मुझे नहीं बता सकती थी क्या....? बाकी सब की तरह तुम दोनों ने भी मुझे इतना पराया कर दिया की मुझे इस क़ाबिल भी नहीं समझा की अपना दुःख बाँट सको....
सुलतान की बात सुन के दोनों की आँखों में आंसू आ जाते हैं....
मीणा : नहीं सुलतान वैसी बात नहीं है... एक तो तुम पहले hi हमारे घर वालो की वजह से परेशान बने हुए हो और ऊपर से हम तुम्हे अपनी बात बता के और परेशान नहीं करना चाहते थे बस इसीलिए नहीं बताया.... इस के आलावा हमारा और कोई इरादा नहीं था....
सुलतान : बस एक बात बता दो की तुम दोनों मुझे अपना समझती हो या फिर बाकियों की तरह.....
दोनों : तुम नहीं जानते की तुम हमारे लिए क्या हो....? और आगे से कभी खुद को गैर मत कहना....
सुलतान : तो फिर ये बेकार की बात चोरो और तुम दोनों कल से रोज़ाना कॉलेज जाओगी समझी....
दोनों :. मगर घर की हालत...?
सुलतान : वो सब तुम मुझ पे चोर दो मैं देख लूंगा.... और हाँ चाचू से कहना की एक घंटे के बाद इस (एक कार्ड उसे दे के) बन्दे से मिल ले उनकी साड़ी प्रोब्लेम्स दूर हो जायेगी.... और आगे से कोई भी परेशानी हो बिना देर किये तुम दोनों फ़ौरन आ के मुझे बताओगी.... वादा करो मुझसे...
दोनों : हम वादा करती हैं... अब से कोई भी परेशानी होगी हम फ़ौरन तुझे बताएँगे....
सुलतान : ठीक है चलो अब मैं चलता हूँ कल कॉलेज में तुम दोनों से मुलाक़ात होगी....
ये कह के सुलतान वहां से जाने लगता है.....
ऐना : सुलतान...
ऐना ने अभी इतना hi कहा था की तभी सुलतान....
सुलतान : फ़िक्र मर करो तुम दोनों की पूरे साल की फीस जमा हो गयी है.... और साथ hi जो चीज़ तुम्हे चाहिए वो खरीद लेना उसके लिए तुम दोनों के अकाउंट में मैंने पैसे दाल दिए हैं.....
तभी दोनों के मोबाइल पे मश्ग आ जाता है.... मश्ग पढ़ के दोनों शॉकेड हो जाती हैं....
दोनों : 2 लाख रस.... ये कुछ ज़्यादा नहीं है....? नहीं सुलतान ये हम नहीं ले सकते..... पहले hi तुम ने हमारे लिए बहुत कुछ किया है.... और ये तो....
सुलतान : बस कर दिया न पराया.... अगर मुझे ज़रुरत होती तो क्या तुम दोनों मेरी मदत नहीं करती....?
दोनों : हाँ में गर्दन हिला देती हैं....
सुलतान : तो फिर जब मैं तुम्हे कुछ देना छह रहा हूँ तो इंकार क्यों कर रही हो...?
तभी पीछे से किसी की आवाज़ सुन के तीनो चौंक जाते हैं....
दोनों : माँ (हुस्ना) आप....
हुस्ना : हाँ मैं.... मैं कब से बहार कड़ी तुम तीनो की बात सुन रही थी.... और सुलतान की बात मुझे सही लगी.... ये कोई गैर नहीं बल्कि हमारा अपना है और अपनों की मदत लेने से कैसा इंकार.... रख लो... प्यार से दी हुई चीज़ यूँ लौटाई नहीं जाती.... मगर हाँ तुम दोनों को इतने पैसे मिल गए हैं तो इस का मतलब ये नहीं की इसे खर्च करना शुरू कर दो.... जब तक बहुत ज़रूरी न हो इन पैसों को हाथ नहीं लगाओगी.... वादा करो मुझसे...
दोनों उदास मन से : हम वादा करते हैं...
दोनों का उतरा हुआ चेहरा देख के सुलतान...
सुलतान : क्या चची जान आ भी न.... ऐसा भी कोई करता है क्या...? देखो कैसे आपने मेरी मासूम परियों को उदास कर दिया.... तुम दोनों चची की कोई बात नहीं सुन न... खुल के इन पैसों को खर्च करना और अगर काम पद जाए तो मुझसे और मांग लेना....
स चची : सुलतान इस तरह तो ये बिगड़ जाएंगी....
सुलतान : नहीं चची जान... ये दोनों मेरी प्यारी परियां हैं.... मुझे इन पे पूरा भरोसा है ये कभी ऐसा कोई काम नहीं करेंगी जिसकी वजह से आपके सामने मेरा सर शर्म से झुके.... क्यों ऐना मीणा मैंने ठीक कहा न....
दोनों : हाँ में अपनी गर्दन हिला देती हैं...
सुलतान की बात सुन के साथ hi अपने लिए उसका इतना अपनापन देख के C.Chachi और ऐना मीणा की आँखों में ख़ुशी के आंसू आ जाते हैं.... साथ hi बेइन्तेहाँ गुस्सा भी....
सुलतान : क्या हुआ अचानक से आप सब की आँखें नाम क्यों हो गयी.... और चेहरे पे इतना गुस्सा क्यों....? मैंने कुछ गलत कह दिया क्या....?
C.Chachi : हमारे लिए तेरा अपनापन और प्यार देख आँखें ख़ुशी से नाम हो गयी और गुस्सा उन कमीनो पे आ रहा है जिसने तेरे जैसे मासूम और प्यारे पे बेइन्तेहाँ ज़ुल्म किये... जी तो छह रहा hi की अभी जा के उनकी जान ले लून... मगर वो तेरे गुनेहगार हैं उन्हें सजा देने का हक़ भी तेरा hi हैं....
सुलतान : चची जान आप कहाँ उनकी बात ले के बैठ गयी.... छोड़िये उनको... जिनको हमारी फ़िक्र नहीं हम उनकी फ़िक्र क्यों करें.... अब आप लोगों के साथ कुछ बुरा नहीं होगा न hi कोई तकलीफ आएगी.... अब बस आप सब मज़े करिये....
C.Chachi : सही कहा तू ने तेरे रहते हम को फ़िक्र करने की ज़रुरत hi नहीं है.... तू बैठ के इन दोनों के साथ बातें कर जब तक मैंने तेरे लिए कुछ खाने पीने को लाती हूँ....
सुलतान : नहीं चची जान अभी नहीं... अभी मुझे एक ज़रूरी काम करना है उसके लिए मैं पहले hi लेट हो चूका हूँ.... वो करने के बाद मैं आ के आपसे मिलता हूँ....
ये कह के सुलतान वहां से निकल के शानू की धमाकेदार चुदाई करने के लिए उनके घर की तरफ चल देता है....
घर पहुँच के सुलतान सीधे शानू के रूम में जाता है जहाँ वो बड़ी बेसब्री से उसका इंतज़ार कर रही है...
सुलतान : Hi मेरी जान कैसी हो...
शानू : अब वक़्त मिला तुझे.... बड़ी जल्दी याद आ गयी तुझे मेरी.... तुझे पता भी है मैं कल से तेरा इंतज़ार कर यही हूँ मगर तू है की तुझे मेरी कोई फ़िक्र hi नहीं...
सुलतान : आप तो मेरी जान हो.... आप की फ़िक्र नहीं करूँगा तो किसकी करूँगा....
शानू : जा जा ज़्यादा नाटक मत कर अगर तुझे मेरी इतनी फ़िक्र होती तो क्या तू मुझे इतना इंतज़ार करवाता और अब भी देख यहाँ आने के बाद भी मुझे प्यार करने के बजाये दूर खड़ा बातें बना रहा है....
सुलतान आगे बढ़ के शानू को कास के अपने सीने लगा के कहता है....
सुलतान : हाय मेरी जा आज आप को ऐसे जैम के प्यार करूँगा की देखना आप की साड़ी शिकायतें दूर हो जाएंगी और आप मेरी दीवानी बन जाएंगी.... आज मैं अपनी जान को जन्नत की सैर करवाने वाला हूँ... बस एक बार आप ने मेरे मूसल जैसे लुंड की सवारी कर ली न तो फिर कभी मेरे लुंड को अपनी छूट से निकलने नहीं डौगी....
सुलतान की बात सुन के शानू का चेहरा और उनकी रसीली छूट शर्म से पानी पानी हो जाती है....
शानू : तू न बहुत बेशर्म हो गया है... ऐसे खुलेआम भी कोई कहता है क्या..?
सुलतान : हाय मेरी जान मेरा बस चले तो बातें hi क्या मैं तो खुलेआम अपनी जान को नंगी कर के उसकी रसीली छूट और मदमस्त मखमली गांड का बाजा बजा दूँ.... हाय क्या मस्त सेक्सी गांड है आपकी.... उसे देख के दिल उसका दीवाना हुआ जाता है...
शानू शर्माते हुए : तू न बड़ा शैतान हो गया है..... ऐसा भी कोई कहता है क्या.....? एक बात तो बता.... मेरी छूट का तो समझ में आता है मगर आखिर मेरी ग.... गए.... गांड में ऐसा क्या है.... जिसका तू दीवाना बना हुआ है.....
सुलतान : आप की मदमस्त गांड में वो कशिश है जिसे देख किसी का लुंड भी खड़ा हो जाए.....
शानू : तुझे गांड की पड़ी है और यहाँ मेरी छूट कब से तेरे लुंड की याद में रास बहा रही है.....
सुलतान : मैं भी तो कब से आपकी छूट का रास पीने के लिए तरस रहा था.... आज हम दोनों की प्यास बुझेगी.... आज मैं जी भर के आप के तीनो छेद में अपना लुंड डालूंगा.....
शानू शरमाते हुए : जी नहीं अभी तीसरा छेद तेरे लुंड के लिए तैयार नहीं है.... पहले उसे थोड़ा फैल जाने दे फिर जी भर के मेरी गांड भी मार लेना....
ये कह के शानू उठ के जाने लगती है....
सुलतान : अरे कहाँ चली....? अभी तो चुदाई के लिए तड़प रही थी... चूड़े बिना कहाँ जा रही हो.....?
सुलतान की बात सुन के शानू अपनी कानि ऊँगली उसे दिखा के शरमाते हुए बाथरूम में भाग जाती है.... और अपनी साड़ी उठा के सीटी बजाते हुए मूतने लगती है.... सुलतान भी कहाँ मान ने वाला था.... शानू की छूट से निकल रही सीटी की मधुर आवाज़ सुन के वो भी उनके पीछे पीछे बाथरूम में चला जाता है....
शानू गांड उठा के मूट रही है.... शानू की मदमस्त गांड देख के सुलतान का लुंड खड़ा हो के पूरे जोश में आ जाता है....
सुलतान को अपने पीछे खड़े देख शानू शर्मा जाती है.....
शानू : बहार जा.... देख नहीं रहा मैं मूट रही हूँ.....
सुलतान : वो hi तो देख रहा हूँ... हाय क्या मस्त नज़ारा है....
शानू शरमाते हुआ : अरे बेशर्म कुछ तो चोर दे....
स्तन : हाय शानू कैसे चोर दूँ.... आप की सेक्सी गांड और छूट ने मुझे आपका दीवाना जो बना रखा है.... जी चाहता है.... अपना लुंड इसमें डाले उम्र भर आप को छोड़ता रहूं....
शानू शर्माते हुए : छोड़ लेना... मैंने कौनसा तुझे रोका है... मगर अभी तो बहार जा.... पहले मुझे मूट तो लेने दे....
सुलतान : आप मूतो न मैंने कहाँ आप को रोका है.... आप अपना काम करो और मुझे अपना काम करने दो....
ये कह के सुलतान अपनी जेब से की जेली की तुबे निकालता है और अपनी ऊँगली में थोड़ी जेली ले के शानू की गांड के छेद पे लगाने लगता है.... सुलतान का हाथ अपनी गांड के छेद पे महसूस होते hi शानू उछाल पड़ती है..... लाइफ में आज पहली बार उसने अपनी गांड के छेद पे किसी और की ऊँगली को महसूस किया है....
शानू : ये क्या कर रहा है.....?
सुलतान : आप की गांड मारने की तैयारी कर रहा हूँ.....
ये कह के वो धीरे से अपनी एक ऊँगली शानू की गांड के छेद में घुसा देता है.... ऊँगली में की जेली लगे होने की वजह से ऊँगली शानू की गांड के टाइट में घुस जाती है.... जिस से शानू एक सिसकारी लेते हुए उछाल पड़ती है.....
Aaaaaaaaaagggghhhhhh......
शानू : सुलतान क्या कर रहा है... निकाल ऊँगली.....
सुलतान शानौ की बात को उन सुना कर के एक हाथ से उनकी पिशाब करती छूट को रगड़ते हुए ऊँगली को उनके गांड के छेद में अंडर बहार करने लगता है.....
सुलतान की इस हरकत पे शानू को मज़ा भी आ रहा है और गांड में मीठा मीठा दर्द भी हो रहा है.... वो सुलतान को रोकने की बहुत कोशिश करती है..... मगर सुलतान कहाँ मान ने वाला था.... शानू को अपनी बाहों में जकड के उनकी छूट को रगड़ते हुए अपनी ऊँगली उनकी कमसिन वर्जिन गांड में अंडर बहार कर रहा है....
मस्ती में शानू के मुँह से मादक सिसकारी निकल रही है....
Sssssssssss...... Aaaaaaaaaahhhhh.... ममममममममम... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह.....
मज़े और दर्द के मीठे मीठे एहसास को महसूस करके शानू की छूट कॉमर्स की नदी बहा रही है..... धीरे धीरे वो झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है.... मस्ती में वो सुलतान के होंठों को अपने मुँह में ले के चूसने लगती है..... अचानक से उनका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है...
ठीक तभी सुलतान अपनी जेब से ास्सप्लुग (गांड में घुसाने वाला डिलडो) निकाल के शानू की गांड में धीरे से घुसा देता है..... ठीक तभी शानू मस्ती में झाड़ जाती है उसे पता hi नहीं चलता की कब सुलतान ने अपनी ऊँगली उनकी कमसिन ुंचुड़ी गांड के छेद से निकाल के उसमे ास्सप्लुग घुसा दिया.... वो कास के सुलतान के जिस्म से लिपट जाती है.... और सुलतान के होंठों को चूसते हुए झड़ने का मज़ा लेने लगती है....
कुछ देर बाद जब शानू की मस्ती थोड़ी शांत होती है तब वो शरमाते हुए सुलतान से कहती है....
शानू : पूरा दिन यहीं ऐसे hi गुज़ारना है क्या.....?
सुलतान : जी नहीं..... मेरी तो कुछ और hi चाहत है..... फिलहाल आप बताओ की आप क्या चाहती हो.....?
मस्ती में शानू सुलतान के होंठों को चूम के कहती है....
शानू : मैं चाहती हूँ की तू जल्दी से मुझे बीएड पे ले जा के जैम के मेरी चुदाई कर....
सुलतान : नेक काम में देर नहीं करनी चाहिए.... चलो जल्दी चलो.....
शानू शर्माते हुए : पहले अपनी ऊँगली तो मेरी गांड से निकाल.....
शानू की बात सुन के सुलतान अपने दोनों हाथ शानू को दिखा के कहता है..... वो तो मैं कब का निकाल चूका हूँ.....
सुलतान की बात पे शानू चौंक के कहती है.....
शानू : तो फिर इस वक़्त मेरी गांड में क्या घुसा हुआ है....?
सुलतान : आप की गांड में इस वक़्त वो डिलडो है जो मैं आप के लिए लाया हूँ....
शानू अपनी गांड पे हाथ लगा के महसूस करती है..... तो पाती है की वाकई में उनकी गांड के छेद में डिलडो घुसा हुआ है..... वो हैरत से सुलतान की तरफ देखती है..... जैसे पूछना छह रही हो... की ये तू ने कब और कैसे घुसाया.....?
सुलतान : जिस वक़्त आप झड़ने का मज़ा ले रही थी..... ठीक उसी वक़्त मैंने इसे आपकी गांड में घुसा दिया..... अब इसे अपनी गांड में hi रहने दीजिये..... जिस से जल्द hi आप की गांड मेरा लुंड लेने लायक बन जायेगी..... बस लैट्रिन करने के लिए hi आप इसे बहार निकालेंगी..... इसमें आप को बेहद मज़ा भी आएगा..... चलते वक़्त..... उठते बैठते वक़्त... बस मज़ा hi मज़ा.... साथ hi हर पल आपको मेरी याद दिलाता रहेगा.... और हर गुज़रते पल के साथ मेरे लिए आपकी दीवानगी और प्यार बढ़ता hi जाएगा...
सुलतान की बात सुन के शानू शर्माते हुए कहती है.....
शानू : तू न बड़ा कमीना हो गया है.... अपने मज़े के लिए मेरी गांड मारने पे लगा हुआ है..... अगर तू ने मेरी गांड मारी तो मेरी बंद बज जायेगी.....
शानू की बात सुन के सुलतान उन्हें आँख मार के कहता है.....
सुलतान : बंद नहीं मैं तो पूरा ऑर्केस्ट्रा बजने की सोच रहा हूँ.....
सुलतान की बात सुन के शानू उसके गाल पे प्यार से चपत लगा के कहती है..... पहले मेरी छूट तो बजा ले..... गांड का ऑर्केस्ट्रा बाद में कभी बजाते रहना....
सुलतान : दिल तो नहीं छह रहा आप के सेक्सी चूतड़ों को चोर्ने का..... मगर अभी इसमें वक़्त है..... जल्द hi मैं इसमें अपना लुंड दाल के इसे छोडूंगा.....
ये कह के सुलतान आगे बढ़ के शानू के चूतड़ को प्यार से चूमता है और अपनी हथेली उसकी रास चोरटी छूट पे रख देता है.....
सुलतान की इस हरकत पे सुलतान के साथ साथ शानू का जिस्म भी मस्ती में गंगना जाता है..... सुलतान की हथेली शानौ के छूट रास से सराबोर हो जाती है..... सुलतान इसे अपनी नाक के पास ला के सूंघता है फिर अपनी जुबां बहार निकाल के अपने हाथ पे लगे शानू के छूट रास को चाट ता है.... शानू की छूट की खुशबु और उसका टास्ते सुलतान के लुंड को उछलकूद मचने पे मजबूर कर देता है....
सुलतान शानू की छूट पे प्यार से हाथ फेरने लगता है साथ hi उसकी गांड को चूम भी रहा है.... सुलतान की इस हरकत पे शानू मस्ती के आसमान में उड़ने लगती है उसके मुँह से मादक सिसकारी निकलने लगती है.....
Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa..... Mmmmmmmmmm.... ऊऊऊऊओह्ह्ह्हह....
जिसे सुनके सुलतान थोड़ा नीचे झुक के शानौ की छूट को चूम लेता है.... फिर अपनी जुबां निकल के उसे चाटने लग जाता है..... सुलतान की इस हरकत से शानू की छूट से तेज़ी से कॉमर्स बहने लगता है और वो ाँहें भरते हुए सुलतान को प्यार से अपनी छूट छत्ते हुए देखने लगती है..... सुलतान शानू की छूट को फैला के उसके दाने को अपनी मुँह में ले के मज़े से चूसने लगता है साथ hi अपनी एक ऊँगली उस की छूट में दाल के उसे अंडर बहार करने लगता है..... शानू के हाथ सुलतान के सर पे चले जाते हैं और वो उसे अपनी छूट पे दबाते हुए मस्ती में सिसकारी लेने लगती है...
शानू : Mmmmmmmmmm..... Aaaaaaaaaaahhhhh..... और ज़ोर से chaaaaaaaaaaaaattt.... ममममममममम.... बड़ा माज़आआआ... आ रहा है..... oooooooooohhh.... मममममममम...
शानू की बात सुनके सुलतान और तेज़ी से उसकी छूट में ऊँगली अंडर बहार करते हुए उसकी छूट चाटने लगता है.... पूरे कमरे में शानू की मस्ती भरी सिसकारी गूंजने लगती है....
शानू : Aaaaaaaaaaaaaaaaa..... मममममममम.... Ooooooooooohhhh.... हानन.... ऐसे hi..... ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह.... मममममममम... बड़ा मज़ा अअअअअअअ राहाआआआ है और कास के छाअअअअअअअत.... खा jaaaaaaaaaa.... मेरी छूट को.......
धीरे धीरे शानू का जिस्म अकड़ने लगता और झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... और एक मादक सिसकारी के साथ उसकी छूट से कॉमर्स की नदी बह के सुलतान के मुँह में जाने लगती है.... सुलतान शानू की छूट से निकले कामर्स को चाट चाट के पीने लगता है.... झड़ने के बाद शानू सुलतान को ऊपर की तरफ खींचती है और उसके होंठ अपने मुँह में ले के उसे चूसने लगती है....
करीब 10 मिनट्स तक उसके होंठों को चूसने के बाद शानू उसके जिस्म से लिपट जाती है....
शानू : ऐसा मज़ा मुझे आज तक नहीं आया.... जो मज़ा आज तू ने मुझे दिया hai....mmmmmmm.... मज़ा आए गया.....
शानू की बात सुन के सुलतान उसे अपनी बाहों में कास लेता है.... और प्यार से उसके होंठों को चुम के कहता है....
सुलतान : असली मज़ा तो अब शुरू होगा...
ये कह के सुलतान शानू को अपनी गॉड में उठता है और लेजा के बीएड पे लेता देता है और उसकी ठोस चूचियों को अपने हाथों में ले के मसलने लगता है.... शानू के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है....
ममममममम.... aaaaaaaaaaaaahhh.... ऊऊऊऊओह्ह्ह्ह....
फिर सुलतान झुक के शानू के निप्पल को अपने मुँह में ले के चूसने लगता है.... साथ hi दूसरी चूची को मस्ती में दबाने लगता है... सुलतान का लुंड और भी लम्बा और मोटा नज़र आ रहा है.... जिसे देख शानू का मुँह खुल जाता है और उसकी दिल की धरकन बढ़ जाती है.... साथ hi मस्ती में उसकी छूट और गांड का छेद फड़फड़ाने लगता है....
सुलतान शानू के हाथ में अपना खड़ा लुंड थमा देता है..... दर के मारे शानू उसे चोर देती है....
शानू : आज तो मेरी सच में फटने वाली है....
सुलतान : स्वीटी आप दर क्यों रही हैं...?
शानू : हाथ में एनाकोंडा थमा के पूछ रहा है मैं दर क्यों रही हूँ....?
सुलतान : ये आज आपको इतना मज़ा देगा की आपका सारा दर हवा हो जाएगा...
शानू आगे बढ़ के सुलतान के लुंड को अपने मुँह में ले के मज़े से चूसने लगती है.....
फिर कुछ देर बाद सुलतान झुक के शानू की छूट को चाटने लगता है.... और साथ hi अपनी दो ऊँगली उसकी छूट में दाल के अंडर बहार करने लगता है....
शानू मस्ती में सिसकारी लेते हुए मचलने लगती है.... उसकी छूट कॉमर्स से सराबोर हो जाती है....
और उस से एक पल भी और बर्दाश्त करना मुश्किल हो जाता है.... छूट की गर्मी के आगे मजबूर होक वो अपनी साड़ी शर्मा हाय भुला के कहती है.....
शानू : सुलतान कुछ कर न.... प्लीज....
शानू को चरने की नीयत से सुलतान जान के भी अनजान बांके के उस की छूट में तेज़ी से ऊँगली अंडर बहार करते हुए उस से पूछता है....
सुलतान : क्या करूँ स्वीटीपीए....?
शानू : ममममम..... oooooooooooohhh.... है.... क्यों तडपाआआ रहा है...? कर नाआआ जल्दी...?
सुलतान : बताओगी नहीं तो कैसे पता चलेगा की क्या करना है....?
शानू : तू जान के मुझे तड़पा रहा है न..... तू यही चाहता है न की मैं अपने मुँह से कहूं... तो ले मैं कहती हूँ.... अपना मूसल जैसा लुंड मेरी छूट में दाल के छोड़ मुझे....
शानू के मुँह से चुदाई की बात सुन सुलतान का दिल ख़ुशी से झूम उठता है.... और वो अपना मूसल जैसा लुंड शानू की छूट पे सेट करता है.... सुलतान का लुंड अपनी छूट पे महसूस करके शानू के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकल जाती है.....
Aaaaaaaaaaaaaaahhhhh....
सुलतान अपना लुंड शानू की छूट पे घूमने लगता है.... शानू की छूट मस्ती में कामर्स बहाने लगती है....
शानू : सुलतान क्यों तड़पा रहा है.... अब दाल भी दे.... मगर ज़रा प्यार से करना.... कहीं ऐसा न हो तेरा ये मूसल जैसा लुंड मेरी नन्ही सी छूट का भोसड़ा बना के रख दे.....
सुलतान : घबराओ मत स्वीटीपीए.... मैं और मेरा लुंड अपनी प्यारी पारी का भोसड़ा नहीं बनने देगा....
ये कह के सुलतान शानू के होंठों को अपने मुँह में ले के अपना लुंड शानू की रास चोरटी छूट पे सेट करके एक झटका मारता है.... जिस से उसके लुंड का सूपड़ा शानू की छूट में घुस के अटक जाता है....
दर्द के मारे शानू की चीख निकल जाती है... उसकी चीख सुलतान के मुँह में डाब के रह जाती है.....
सुलतान : स्वीटीपीए दर्द तो नहीं हो रहा है न....?
शानू : कमीने मेरी छूट पहाड़ दी और कहता है दर्द तो नहीं हो रहा.... साले अब तेरा मूसल जैसा लुंड मेरी नन्ही सी छूट में जाएगा तो दर्द तो होना hi है.... मगर मज़े लेना है तो दर्द तो सहना hi पड़ेगा..... तू मेरे दर्द की चोर और चुदाई पे ध्यान दे....
शानू की बात सुन के सुलतान आगे झुक के उसके होंठ अपने मुँह में ले के एक करारा शॉट मारता है.... 4 इंच लुंड शानू की छूट में घुस जाता है.... दर्द के मारे उस की चीख निकल जाती है.... मगर सुलतान के मुँह में उसके होंठ होने की वजह वो वहीँ डाब के रह जाती है....
सुलतान शानू की चूची को दबाये हुए उसके निप्पल को चूसने लगता है.... धीरे धीरे शानू का दर्द काम होने लगता है और उसके जिस्म में मस्ती चढ़ने लगती है.... वो इशारे से सुलतान को आगे बढ़ने को कहती है.... सुलतान इस बार भी शानू के होंठों को अपने मुँह में ले के एक करारा शॉट मारता है.... जिस से उसका 9" लम्बा और 3" मोटा लुंड शानू की छूट को चीरता हुआ उसकी बच्चेदानी से जा टकराता है.... मस्ती में शानू का पूरा जिस्म मदहोश हो जाता है..... मस्ती में उसका जिस्म ैठने लगता है.... वो नीचे से झटके देने लगती है....
शानू के मुँह से मस्ती भरी सिसकारी निकलने लगती है.....
Aaaaaaaaaaagggghhhhh.... ममममममम.... oooooooooohhhhhhh....
अब सुलतान के हर झटके के साथ शानू को मज़ा आने लगता है... और वो धीरे धीरे झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसकी छूट से कॉमर्स का सैलाब सा बह निकलता है....
सुलतान मस्ती में शानू की चुदाई करने लगता है.... करीब एक घंटे तक वो उसकी छूट में अपना मूसल जैसा लुंड अंडर बहार करते हुए उसे छोड़ने लगता है.... इस बीच शानू 4 बार झाड़ जाती है....
सुलतान पलट के नीचे आ जाता है और शानू को अपने ऊपर बैठा लेता है...
मस्ती में शानू भी उसके मूसल जैसे लुंड पे बाथ के उस से छुड़वाने लगती है.... उसे ऐसा लगने लगता है जैसे सुलतान उसे नहीं बल्कि वो सुलतान को छोड़ रही है.... छूट में लुंड और गांड में डिलडो उसे जन्नत का मज़ा दे रहा है..... मस्ती में वो सिसकारी लेते हुए सुलतान के लुंड पे उछलने लगती है.....
सुलतान को भी बेहद मज़ा आने लगता है.... कुछ hi देर में शानू एक बार फिर से झड़ने के करीब पहुँच जाती है.... उसका जिस्म अकड़ने लगता है और वो झड़ने लगती है.... झड़ने के बाद वो सुलतान के जिस्म पे गिर के निढाल हो जाती है....
सुलतान फ़ौरन पलट के उसके ऊपर आ जाता है.... उसकी छूट में सत्ता सात अपना लुंड पेलने लगता है....
शानू से अब और बर्दाश्त नहीं होता.... उसकी छूट में जलन सी होने लगती है....
शानू : सुलतान अब बस भी कर.... मेरी छूट में जलन सी हो रही है....
सुलतान : बस स्वीटीपीए थोड़ी देर और... मेरा बस निकलने hi वाला है....
शानू : जितना मैं आज तेरे साथ एक चुदाई में झड़ी हूँ उतना तो मैं अपनी पूरी ज़िन्दगी में नहीं झड़ी.... बड़ा डैम है रे तुझमे और तेरे मूसल जैसे लुंड में..... जिस से तेरी शादी होगी वो वाक़ई में बेहद लकी होगी......
सुलतान : क्यों आप लकी नहीं हो....?
शानू एक मादक सिसकारी लेते हुए कहती है....
शानू : हाँ हूँ न.... आआआआअह्ह्ह्ह.... mmmmmmmmmm..... मैं तो बहोत लकी हूँ.... तभी तो तेरे मूसल जैसे लुंड से छुड़वा के जन्नत का मज़ा ले रही हूँ.... अब बातें काम कर और छोड़ मुझे....
शानू की बात सुन के सुलतान राजधानी की स्पीड से अपना मूसल जैसा लुंड उस की छूट में अंडर बहार करने लगता है..... अब वो भी झड़ने के करीब पहुँच जाता है....
सुलतान : Aaaaaaaaaaaaaahhhh..... स्वीटीपीए..... मैं झड़ने वाला हूँ.....
ये कह के वो एक मादक सिसकारी के साथ एक करारा शॉट शानू की छूट में मारता है और अपने लुंड के सुपडे से वार्य की पिचकारी मार्के हुए उस की बच्चेदानी दानी में झड़ने लगता है.... करीब दो मिनट तक वो वार्य की पिचकारी शानू की छूट में चोरता रहता है..... शानू भी मस्ती में उसके साथ झड़ने लगती है.....
दोनों इस का मज़ा लेने लगते हैं... करीब 15 मिनट्स के बाद सुलतान शानू की एक और बार जैम के चुदाई करता है.... दोनों थक के निढाल हो जाते हैं.... और एक दूसरे की बाहों में लिपट के सो जाते हैं.....
करीब 2 घंटे के बाद सुलतान उठ के शानू के साथ फ्रेश होता है और उसे एक डीप किश कर के बाद में मिलने का कह के वहां से चल देता है....
वहां से सुलतान सीधे खान के पास आ जाता है....
सुलतान : तो मर. खान अब कैसी तबीयत है आपकी....
खान : मैं तो ठीक हूँ.... मगर पहले तू मुझे ये बता की ये सब क्या है....? तू अचानक से यहाँ कैसे....? और ये सब क्या है....?
सुलतान : ये सब तो मुझे तुझसे पूछना चाहिए की तू इस गेटउप में यहाँ क्या कर रही है....?
खान : तो आखिर तू ने मुझे पहचान hi लिया....
सुलतान : जी हाँ मर. खान उर्फ़ ैप शाइना (अवनि की खला की बेटी)....
शाइना सुलतान को पूरी बात बताती है....
सुलतान : ओह तो ये बात है... मगर अब क्या सोचा है.... मर. खान बन के काम करेगी या फिर शाइना बन के मेरा साथ देगी.... मेरी मान तो तू मर. खान hi बानी रह.... इस से हम को दो फायदे होंगे.... जब भी हम कुछ करेंगे उसमे मेरा नाम कहीं नहीं आएगा.... जो भी होगा उसमे ये hi दिखाया जाएगा की ये सब स्पेशल अफसर और उसकी टीम ने hi किया है.... और मैं तेरा इस में खुल के साथ दे पाऊंगा.... बुराई को मिटने में चेहरा तेरा और तेरी टीम का होगा मगर काम मेरा होगा.... जैसे की कल रात जो भी कुछ हुआ उसमे मेरा नाम कहीं नहीं है बस तेरा और तेरी टीम का hi नाम न्यूज़ में दिखाया जा रहा है....
शाइना : क्या मतलब वो सब तू ने किया....?
सुलतान : हाँ.... वो सब मैंने hi किया था.... उन कमीनो की जान मैंने hi ली थी.... और आगे भी मैं उन सब गुंडों को चुन चुन के मारूंगा जो लोगों को नुक्सान पहुंचाएंगे.... मुझे इस में तेरा साथ चाहिए... बोल देगी मेरा साथ.....
शाइना : जो तू कर रहा है वो कानून के हिसाब से गलत है मगर इंसानियत की खातिर बेहद ज़रूरी है.... मैं इस सब में तेरा साथ ज़रूर दूंगी....
सुलतान : ये तो अच्छी बात है... मगर एक बुरी बात भी है और वो ये की कल रात से न्यूज़ में ये बताया जा रहा है की कल जिस टीम ने लड़कियों को गुंडों से बचाया था... किसी ने उनके ऑफिस के साथ साथ उन सब को भी बम से उदा दिया...
सुलतान की बात सुन के खान उर्फ़ शाइना बुरी तरह से शॉकेड हो जाती है....
शाइना : Kyaaaaaaaaaaaa....????
(वर्ड काउंट 10000)