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सलीम ने डीडे को किया था की 4-5 गोलियां मिलेगा ड्रिंक में लेकिन वह नहीं चाहता था की रौशनी पूरी नाशी में धुत सब कर बैठे .. उसे पसंद था जब हु खुद किसी लेडीज को सडके कर सके , और गोलियां तोह बस उसके काम को आसान करने के लिए hi थे … इसलिए सलीम बस एक hi गोली मिक्स करता हैं ताकि बस रौशनी ज़रा झूम उठे .. और फिर बाकी का सेडक्टिव दोनों के बीच हो जाये …
सलीम फिर रौशनी की आँखों में देख कहता हैं .... रौशनी जी चलिए एक गेम खेलते हैं.... समय गुज़रने के लिए.... वह आप लोग क्या कहते hain.....jisme सच या कोई शर्त करनी होती है....
रौशनी कुछ सोचकर उफ़ सलीम जी उसे न मममम ट्रुथ और डरे गेम कहलाते हैं…..... स
“हाँ रौशनी जी हाँ वही बिलकुल सही ...... में एक बोतल गुमाऊँगा और जिसपे रुकेगी....”
“वह ट्रुथ और डरे चूसे करेगा .. हाँ सही हैं सलीम जी ठीक हैं .”
रौशनी ...जी.... लेकिन अगर आपकी बारी हैं तोह क्या आप डरे पूरा कर पाएंगी.... मममम मुझे तोह नहीं लगता आप में इतना डैम या डेरिंग है....”
सलीम जी … अरे आप ऐसे कैसे मुझे कमज़ोर समझ सकते हैं.... आपको दिखती हूँ रुकिए.. गेम शुरू करिये”
सलीम मन में मुस्कुराता हैं .. एक प्लास्टिक बोतल निकल कर उसे टेबल पररह घूमता हैं …
पहली बार के राउंड में सलीम पर आता हैं बोतल का एआईएम.
“ः आप की hi बारी सलीम जी … चलिए सच या शर्त .. चूसे करिये”
“रौशनी जी नहीं इस गेम में थोड़ा सा ट्विस्ट … जिसपर निशाना आएगा हु नहीं चूसे करेगा … सामने वाले को चूसे करना पड़ेगा सच या शर्त …”
“ओह ममम अच्छा ठीक हैं .. सलीम जी आपको डरे करना होगा … “
“अच्छा ठीक हैं रौशनी जी बताइये कौनसी डरे ..”
सलीम जी आपको एक रोमांटिक गण सींग करना पड़ेगा “
“उफ़ नौई रौशनी जी … मुझे नहीं पता …”
“अरे ऐसे कैसे न पता .. आप मुझ पर डाउट कर रहे थे .. और आप खुद डरे करने से घबरा रहे हो … की क्या फायदा आपकी मर्दानगी का अगर आप इतना छोटा सा डरे नन्ही करोगे ..”
“अच्छा ऐसे हैं …. दखिये रौशनी जी हम मर्दों को न उकसाना … अच्छा रुकिए
सलीम फिर गण गाने लगता हैं ...style='font-size:11.5pt;font-family:Roboto;color:#424242'>
" ऐसे न मुझे तुम देखो , सीने से लगा लूँगा …
तुम को मैं चुरा लूँगा तुमसे , दिल में छुपा लूँगा
ऐसे न मुझे तुम देखो सीने से लगा लूँगा,
तुम को मैं चुरा लूँगा तुमसे , दिल में छुपा लूँगा …..”
“गण तोह पता हैं लेकिन न फीलिंग न एक्सप्रेशंस .. उफ्फ्फ्फ़ यह कैसे गए रहे हो आप सलीम जी …”
सलीम फिर से गाने लगता हैं और इस बार सीधे रौशनी के आँखन में देख कर ….
रौशनी थोड़ी इम्प्रेस होती हैं और ऐसे गाने को सुन शर्मा जाती हैं .. काफी रोमांटिक गण चूसे किया था सलीम जी ने .. उसे थोड़ा नशा चढ़ा था और उस गाने की गर्मी लग रही थी …
सलीम फिर पूरा गण सींग करता हैं .. रौशनी की आँखों में आँखें डाले हुए .. इससे रौशनी की अंदर एक गर्मी सी बढ़ती रहती हैं … वह तोह शर्मा कर चेहरा मोड़ लेती हैं .. लेकिन सलीम फिर से उसके चेहरे को अपने सामने कर गाना कम्पलीट करता हैं..
“कैसे लगा गण रौशनी जी … अच्छा लगा …”
“सलीम जी साहस आप बहुत अच्छे गाना गाये हो .. उफ्फ्फ लेकिन आप ऐसी रोमांटिक गाने को चूसे .. उफ्फफ्फ्फ़ …”
सलीम स्माइल देता हैं … “चलो अब फिर से स्पिन करूँगा बोतल. “
इस बार फिर से एआईएम सलीम पर hi आता हैं .. इस बार रौशनी ट्रुथ चूसे करती हैं.
रौशनी की गर्मी बढ़ रही थी .. वह अपने ऊपर के कण्ट्रोल को थोड़ा खोर यही थी .. वह पूछती हैं
“अच्छा तोह सलीम जी सच बताओ .. आपको में पहले दिन से hi पसंद थी .. क्या ख्याल थे आपके मुझ पर जब आपपहली बार मुझे देखे थे..”
“रौशनी जी आप पहले दिन से hi मेरे दिल में बस चुकी थी .. आपकी आदयें , बातों का तरीका .. सब मुझे बेहत पसदं आया था .. और आपकी फिगर .. लुक्स उफ्फ्फ्फ़. आपका तोह पहले दिन से दीवाना हूँ … कहते हैं न पहली झलक में प्रेम … उफ्फ्फ वैसे hi बिलकुल ..”
रौशनी यह सुन शर्माती हैं .. उफ्फ्फ्फ़ सलीम जी अआप … प्यार करते हो उफ्फ्फ कुछ ज्यादा hi नहीं हैं ..मममम”
“अब जो सच हैं हु बता दिया रौशनी जी .. आपको अपना बनाए का सपना रोज़ देखता हूँ … मुझे आपसे प्यार हैं रौशनी जी .. आप को मेरी बनाना हैं मुझे … “
रौशनी बहुत hi शर्माने लगती हैं , उसके गाल लाल होते हाँ.. एक तोह माहौल था गरम .. और नाशी से और गर्मी उसमें बढ़ रही थी … सब इमोशंस बहार आ रहे थे …
“और पूछिए रौशनी जी …”
“उफ़ नहीं बस .. मममम और नहीं पूछना उफ्फ्फ.”
“रौशनी जी गर्मी बहुत बढ़ रही हैं उफ्फ्फ्फ़ कुछ चेंज कर लूँ कपडे .. “
“उफ़ सलीम जी यहाँ.. उफ़ मेरे सामने कैसे उफ़ नहीं प्ल्ज़ …”
“सलीम कुछ सनटैन नहीं अपनी शर्ट उतर लेता हैं … अब बस वेस्ट में hi बैठा रहता हैं …
रौशनी सलीम को ऐसे देख उसे टॉपलेस इमेजिन करती हैं
पंत भी निकलने लगता हैं …
“सलीम जी यह क्या कर रहे हो उफ्फ्फ पलज़्ज़ज़…”
“राशि जी अरे ऐसे शर्मा रही हो जैसे पहले कभी मुझे मेरी अंडरवियर नहीं देखि हो ः… कुछ नहीं होगा …”
और सलीम अपनी पंत उतर लेता हैं और पजामा पहनता हैं…
रौशनी पर तोह उस गोली का असर हो रहा था .. साली के बालों वाले चौड़े साइन को देख वह गर्मी होती हैं .. (उफ्फ्फ सलीम जी इतने तगड़े मर्द हैं इस उम्र में भी उफ्फ्फ्फ़ …)
“चलो अब अगली बारी … “और सलीम बोतल घूमता हैं फिर से …
इस बार बोतल का एआईएम रौशनी पर होता हैं ….
“रौशनी जी अब आप की बारी .. में डरे चूसे करता हूँ …”
“उफ़ नहीं सलीम जी प्लीज ममम ..”
“रौशनी जी चिंता न करिये कुछ ाहलील नहीं बोलूंगा .. हाहाहा”
रौशनी कुछ नहीं कहती बस चुप बैठी रहती हैं..
“रौशनी जी आपको डांस करना होगा … मेरे गाने के चॉइस पर .. बस इतना hi..”
“अच्छा ठीक हैं”…( इतना भी बुरा डरे नहीं है वह मन में सोचती हैं)
“रौशनी जी उस गाने में जैसे डांस करते हैं वैसे hi नाचना होगा आपको … “
“उफ़ ठीक हैं सलीम जी जल्दी बताइये ..”
“अच्छा ठीक हैं पहले गाना सुनिए .. फिर नाचना होगा उसपर …”
रौशनी बस सर हाँ में हिलती हैं.
“गाना हैं दिलबर दिलबर …”
रौशनी गाने का नाम सुन शर्माती हैं .., (उफ्फ्फ हु गण सुष्मिता सेन का हैं .. और उसमें तोह वह काफी सेक्सी नाचती हैं .. उफ्फ्फ यह कहाँ में फस गयी उफ्फ्फ ) रौशनी सोचने लगती हैं.
उस गोली के नाशी से वह काफी एक्साइट भी हो रही थी.
“सलीम जी ठीक हैं .. जैसे आप केहते हो .. आखिर कार गेम खेलने में राज़ी हुयी थी..”
रौशनी केबिन दूर पे जाती है और कर्टेन लगा देती hai...door तो सलीम ने पहले से hi लॉक किया होता है
सांग की शुरवात होती हैं और रौशनी उठा कर अपनी कमर हिलाते हुए नाचने लगती हैं ..
चढ़ा जो मुझपे सुरूर है
असर तेरा ये ज़रूर है
तेरी नज़र का क़सूर है
दिलबर दिलबर
रौशनी नाचती रहती हैं की सलीम गाने को स्टॉप करता हैं..
“उफ़ सलीम जी गाना क्यों रोक दिया …”
“कोई इमोशन एक्सप्रेशन है hi नहीं रौशनी जी … आपने ंगो इवेंट में बोहोत अछि परफॉरमेंस दी.... और असलम के साथ प्रैक्टिस में बोहोत दम लगाया होगा लेकिन मेरे साथ तो आप न इंसाफ़ी कर रही हैं.... वह भी एक डरे पे, जो की आप ने खुद कहा आप पूरी तरह कोशिश करेंगी”
रौशनी कहती “मममम सलीम जी मैं बेहतर करूंगी..... इस बार..... आप प्ले कीजिये....
रौशनी अब अपने पुरे बदन को गाने पर हिलने लगी … झूम उठने लगी …
“हलकी सी सीटी बजता हैं जिससे रौशनी और शर्माती हैं.
रौशनी फिर उठ गर गाने पर नाचने लगी .. हलके से अपने कमर को हिलाते हुए … दिल बार दिलबर कहते हुए वह नाचने लगी ..
आ पास आ तू क्यों दूर है
यह इश्क़ का जो फितूर है
नशे में दिल तेरे चूर है
दिलबर दिलबर..
इस बार रौशनी और लटके झटके मारती है..... लेकिन रौशनी को कुछ उलझन सी होरही होती है अपने पल्लू se.....salim यह नोट करता है यह सलीम तो मस्ती के मूड में होता है वह गण फिर स्टॉप करता हैं ..
“उफ़ सलीम जी अब क्या हुआ ….”
“रौशनी जी.... बेहतर है लेकिन आपके एक्सप्रेशन और ऐडा नहीं मिल रही गाने के बोल से
एक दिलबर अपने दिलबर को पुकार रही है.... आमंत्रित कर रही है उसके क़रीब आये.... और आप है के मुझसे इतना दूर अकेले में डांस कर रही hain....aapko मुझे भी लाना है इस डांस में. आपको तो मुझसे बेहतर आता है गाने के लिरिक्स के अनुसार डांस करना...”
रौशनी की अंदर गर्मी बढ़ती हैं .. सलीम को ऐसे बात करते सुन ..”
रौशनी जी और शायद आपको कुछ मुसीबत से होरही है , मैं कुछ सुझाव दूँ इससे आपको भी एक अनोखी फील आएगी डांस करते हुए....”
रौशनी कंफ्यूज होकय बोलती hain...”Haan सलीम जी शेयर कीजिये....
सलीम उसके पास जाता हैं और.... रौशनी का पल्लू उसके कंधे पे था....
फिर सलीम कहता हैं “ आप आंखे बंद कीजिये.....
रौशनी जो अब गलियों के असर के और पकड़ में आयी हुयी थी वह आँख बंद करती है..... इधर सलीम उसका पल्लू सरका देता है और रौशनी से ेहता हैं ...
“ रौशनी जी अब गहरी सांस lijiye.....aur पेट अंदर khechiye....roshni इतने में आँख खोलती हैं .....पहले की हु कुछ बोल सकती उतने में सलीम पल्लू को उसके कन्धों से हटा कर उसके नाभि के 3 इंच नीचे.... खास देता है..... इसमें उसकी उँगलियों रौशनी की पंतय को छु जाती है उसकी पंतय के ऊपर से.... जिससे रौशनी के एक लम्बी सिसक निकलती है और आँख फिर से बंद होती है.....
रौशनी कुछ होश में hi नहीं थी की उसके साथ अभी क्या hua...lekin उसकी सानाएं तेज़ होती हैं ….... सलीम के ऐसे स्पर्श से उसकी गर्मी में एक नयी चिंगारी लगी. थी ..
फिर सलीम कहता हैं “चलिए फिर शुरू करते हैं..”
रौशनी शर्माती hain....apni खुली कमर और पेट के दर्शन सलीम के और देखते hi वह बोलती हैं..... “सलीम जी मज्झे अजीब सा लग रहा है...”
...”अरे रौशनी जी आप कर सकती hai....aur मुझे अपनी तरफ रुझाइये...... वर्ण फिर डरे किश बात की... डांस तो आप कर hi लेती है... इस बार आप महसूस कीजिये के रौशनी अपने दिलबर सलीम को क़रीब लाना चाहती है.”
रौशनी को अब खुमारी चार चुकी थी.....
गाना स्टार्ट होता hai.....roshnj एक बार आंख बंद करके इमेजिन करती है के सलीम hi उसका दिलबर है.... और अब बोहोत सेडक्टिव अंदाज़ में नाचने लगती है
सलीम तोह इस सब के मज़े ले रहा था .. गोली का असर पूरा हो hi रहा था …
ट्रैन हिल रही थी अपनी राफ्तेर पर और रौशनी भी अपनी hi धुन में नाच रही थी , कमर मटकते हुए … उसका गोरा गदराया बदन सलीम के आँखों के सामने गाने पर नाचते हुए .. सलीम का लोढ़ा टाइट होने लगा था … उसे रौशनी की मटकती चूतड़ों को देख गर्मी हो रही थी .. वह बस रौशनी को नाचते देख रहा था ..
रौशनी सलीम के सुझाव अनुसार.... उसको अपनी और अत्त्रक्ट करने लगती है इशार्रों से आमंत्रित करती है....
मदहोशी के माहौल में रौशनी इधर उधर सर हियति है गाने के बोल के anusaar....jisse उसकी ज़ुल्फ़ें बिलकुल बिखरती है
गाने का लाइन हैं अब
<होश न खबर है
यह कैसा असर है
तुमसे मिलने के बाद दिलबर>
सलीम थोड़ा ऐसा एक्टिंग करता है जैसे उससे कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ता..... रौशनी इस िग्नोरिंग ऐडा से सच में हैरान होती है के सलीम के चेहरे पे कोई रिएक्शन नहीं... और अब वह फैसला करती है के वह सलीम के बोहोत क़रीब जाएगी... और अपनी और खींचती है हाथों से.... सलीम थोड़ा साथ देता hai....iss समय रौशनी सलीम के राइट एआरएम को पकड़ती है... और फिर इतने क़रीब से उसके बाइसेप्स को देखती है.... और कुछ दांग होजाती है उसके साइज par....uske शोल्डर बाइसेप्स पे अपने hàath फेरते है.... पीछह लाइन्स चल रही होती है
<दिलबर दिलबर हाँ दिलबर दिलबर>
इत्नाह में वह खुद को सलीम के सामने ले आती है.... फिर वह नशे में और मदहोशी होने लगती जब उसे सलीम के चौराय सीने का एहसास होता है.... और सलीम इतने में वह उसे हुग करलेता है.... जिससे रोशनज चौंकती है अजीब फील करती है.... उसे हिचकिचाहट होती है और तब उसे एक नकली चीज़ नीचे एहसास होती hai...apni पेट पे... (सलीम का टाइट लोढ़ा वहां उसे नाभि पर प्रेस कर रहा था उसके पाजामे के अंदर से.
इतने में लाइन्स आजाती है....
दर्द है चुभन है
क्या दीवानापन है
तुमसे मिलने के बाद दिलबर
हाँ तुमसे मिलने के बाद दिलबर
इस्पे रौशनी और गर्मी फील करके दो स्टेप पीछे होकर कमर लटका झटका कर नाचती है
सलीम बोहोत खुश होता है ऐसी सेडक्टिव परफॉरमेंस से.... अब वसाय एहसा होजाता परफेक्ट समय है.... लोहा गरम hai....ab वार करना है
इधर रौशनी अब बिलकुल मगन होगयी थी गाने में परफॉरमेंस में .... रौशनी अब सलीम के पीछे आकर उसके ुंडेरर्मः से हाथ डालकर सलीम को हुग करलेती है....
उसके मर्दानगी भरे जिस्म से वह आकर्षित होचुकी थी.... उसमे गर्मी और उत्तेजना का नया अनुभव खुल गया था.
अगली लाइन्स ककतु है .... रोशनज अब नाच नहीं रही होती.... पर एक किस्म से खुला आमंत्रण देती है सलीम को.... एक हाथ देते हुए.... केबिन दूर और बर्थ के बीच दीवार के तरफ एक कदम पीछे लेते huay....lipsync करती है
तू मेरा ख्वाब है
तू मेरे दिल का क़रार
देख ले जानेमन
देख ले बस एक बार
चूम ले जिस्म को
हम नशीन पास आ आ
सलीम अपनी जगह से हल्के क़दम ृष्णि की और बढ़ाते हुए रौशनी पलट जाती है दीवार की तरफ....
सलीम ने रौशनी का अगला स्टेप एक्सपेक्ट नहीं किया था...
रौशनी अपनी ज़ुल्फ़ें अपनी लेफ्ट साइड पे गिरा देती है
जिससे उसकी चिकनी पीठ पूरी एक्सपोज़ होजाती है सिर्फ ब्लाउज की लत्ती के सिवाए
सलीम को समझ agaya...drug, डांस मिलकर रौशनी पे हावज होगये हैं.... और सलीम
रोशनज की पीठ पे चुम्बन जणेंलागता है....
रौशनी को करेंट भी लगता है लेकिन वह एहसास बल्कि मीठा सा उठा है जिससे उसे बोहोत आनंद आता है......
रौशनी बस ड्रंक ऐसे नाचती रही .. सलीम के हाथों के स्पर्श से और झूम उठी ..
सलीम को अब रहा नहीं जार अहा था और वह आगे झुक कर रौशनी की एक्सपोज़ नाभि को चुने लगा .. उसका लोढ़ा झटका मार रहा था …रौशनी बस अपनी hi धुन में नाचती रही काफी ेरॉटिक्ली.. फिर सलीम ने मौके का फायदा उठाते रौशनी को कमर पर चुम लिया ..
“उफ़ सलीम जी मम क्या कर रहे हो .. उफ्फ्फ उफ्फफ्फ्फ़”
सलीम अब पूरी तरह से अपने होठों से रौशनी की नाभि पर hi चुम लिया .. पुरे होठों को उसकी नाज़ुक सी गोरी नाभि पर दबाने लगा .. इस एहसास से रौशनी और झूम उठी और मस्ती में नाचती रही …
सलीम अब खड़े हॉग ए और रौशनी के बाँहों को हलके से पकड़ लय .. वहां चूमने लगे ..
“उफ़ सलीम जी मम क्या कर रहे हो उफ्फ्फ ममम बस भी उफ्फ्फ..”
सलीम बस रौशनी के बाँहों को बेतहाशा चूमने लगा .. अपने हाथों से उसकी कमर को पकड़ने लगा … अपने काळा मज़बूत हाथों को रौशनी की कोमल बदन पर गाड़ने लगे … वहां पर लाल निशाँ चोर्ने लगे …
रौशनी अब पूरी मस्ती में नाच रही थी … सलीम ने गण फिर से लगाया और रौशनी और झूम उठी ..
सलीम अब रौशनी के पीछे जाकर उसके पीठ को चूमने लगा … वहां दबोचने लगा ..
“ममम सलीम जी उफ्फ्फ मममम न करिये उफ्फ्फ मममम सलीम जी ..मममम”
अब पीछे से सलीम ने रौशनी को जकड hi लिया .. अपने खड़े लोडे को रौशनी की साड़ी में घुसा दिए …और उसके साथ नाचने लगे … रौशनी ने उनके लोडे को अपनी चूतड़ों के बीच जाते hi महसूस कर अहह की आवाज़ निकली .. “उफ्फ्फ सलीम जी क्या कर रहे हो ममम आपका तोह हु चुभ रहा हैं उफ़ हटिये न ..ममम”
सलीम तोह नहीं सुनने वाला था ... वह बस रौशनी को चूमते रहा .. पुरे बदन पर गीली चुम्मों के निशाँ चोर्ने लगा ...
“अरे जानेमन नाचती रह न .. उफ़ क्या मेढक नाच हैं तुम्हारी उफ़ मममम मज़्ज़ा आरहा हैं ममम”
“उफ़ सलीम जी छोड़िये न ममम प्ल्ज़ उफ्फ्फ बहुत चुंबन हैं उफ्फ्फ ममम”
सलीम ने फिर रौशनी को पकड़ अपनी तरफ घुमाया … उसके काळा होठं अब रोशन की गुलाबी होठों के बिल्कु करीब थे … उसने रौशनी को कमर से जकड लिया था …
आगे बढ़ते हुए वह रौशनी को चूमने के करीब आये तब रौशनी ने अपना चेहरा मोड़ लिया और सलीम के होठं उसके गालों से टकराये ..
आएगी से अब उसका टाइट लोढ़ा रौशनी की छूट के वहां जा टकराया …
“आउच उफ्फ्फ सलीम जी … आपका अब आगे से चूब .. उफ्फ्फ ममम चिरयते न ममम सलीम जीई ममम प्ल्ज़्ज़ मममम”
सलीम तोह सुनने के मूड में नहीं था .. उसने अपने होठों को रौशनी के होठों से चिपका दिए … दोनों अब एक दूसरे को चूमने लगे … सलीम ने अपने लोडे को और कसकर रौशनी की छूट पर टिकने लगा …
गण चल रहा था बैकग्राउंड में और दोनों एक गहरी चुम्बन में लगे हुए थे …
रौशनी की चूचियां अब सलीम के चौड़े साइन से डाब गए थे … वह भी मूड में आ चुकी थी और अपने आहतों को सलीम के कन्धों पर दाल उसे और गहराई से चूमने लगी …उसकी जीभ अब सलीम के जीब ह से खेलने लगी .. दोनों एक दूसरे क ेरस को पिने लगे … सलीम भी निचे से एक झटका मारते हुए रौशनी की छूट पर एक जोर का झटका दिया .. इसी रौशनी के मुँह से अह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़ की आवाज़ निकली … एकदम से रौशनी जुड़ा हुयी सलीम से … “उफ़ सलीम जी मममम आप उफ्फ्फ मममम प्ल्ज़ निचे उफ्फ्फ्फ़….
सलीम ने अब रौशनी को ट्रैन की स्लीपर सीट पर लिटा दिया और ऊपर चढ़ कर फिरसे उसे चूमने लगा … ऊपर से जहटके मारते रहा मनो चुदाई कर रहे हो … निचे रौशनी छटपटाती रही … सलीम के कमर पर अपने हाथों से उसे पकड़ कर उसके वजन को अपने ऊपर लेते हुए उसे चूमती रही … सलीम मनो रौशनी को ऊपर से ड्राई हंप कर रहा हो .. ऐसे चला रहा था दोनों के बच्च …
"सलीम जी छोड़िये उफ़ ममम पलज़्ज़ज़ नहीं प्ल्ज़ दुःख रहा हैं .. आपका वजन बहुत हैं प्लीज नाहीईई"
सलीम पुरे हवस में चला गया था .. लेकिन रौशनी की आवाज़ मधुर नहीं बल्कि थोड़ी दरी हुयी सुनाई दी उसे .. वह था पागल भूका मर्द .. लेकिन जानवर नहीं था .. वह रौशनी पर खुद को फाॅर्स नहीं करना चाहता था ... सलीम ने अपनी गृप चोरी और बस रौशनी को पलटा कर उसकी नग्न गोरी सी मुलायम पीठ को चूमने लगा ...
रौशनी फिर से हलके से सिसकारियां मारनी लगी ... रौशनी साली के होठों का और जीभ के एहसास को अपने पीठ कर महसूस कर सिसक मारती रही...
सलीम ने फिरसे रौशनी को अपने तरह कर उसकी नाभि को चूमने लगा .... उसकी नाभि की गोलाई में अपनी जीभ दाल वहां चाटने लगा .. पूरी गीली कर दी रौशनी की नाभि ...
फिर से सलीम ऊपर हलके से क्लीवेज को चूमते हुए .. एक आखरी लम्बी चुम्बन में लग गया .. उसके काळा होतं रौशनी के गुलाबी होठों में समाये हुए .. उसे गहराई से चूमते हुए ... .
गण तोह बैक्ग्रौउंद में चल hi रहा था क्यूंकि सलीम ने उसे लूप पर रखा था ... उसके फ़ोन की बैटरी चली गयी और गाना रुक गया ...
जैसे hi गण रुक गया .. रौशनी की आँखें खुली और खुद को ऐसे सलीम के होठों से चुम्बन में लगे हुए देख .. उसे आगे थोड़ा पुश क्या और उठ कड़ी हुयी ...
रौशनी अपने पल्लू को एडजस्ट करते हुए .. , केबिन का दरवाज़ा अनलॉक कर बहार चली गयी ...
सलीम भी रौशनी को बहा बाथरूम के तरफ जाते हुए देख मुस्कुराया .. और अपनी चड्डी में देखा की एक बड़ा सा गीला स्पॉट हुआ था .. इस सब के गर्मी से उसके मोठे काळा लोडे से काफी सारा प्रेकम निकल चूका था ... और वह मन में मुस्कुरा कर केबिन में रौशनी के वापस आने का इंतेज़्ज़र करने लगा ...
अभी तोह सफर और काफी बाकी थी ...
सलीम फिर रौशनी की आँखों में देख कहता हैं .... रौशनी जी चलिए एक गेम खेलते हैं.... समय गुज़रने के लिए.... वह आप लोग क्या कहते hain.....jisme सच या कोई शर्त करनी होती है....
रौशनी कुछ सोचकर उफ़ सलीम जी उसे न मममम ट्रुथ और डरे गेम कहलाते हैं…..... स
“हाँ रौशनी जी हाँ वही बिलकुल सही ...... में एक बोतल गुमाऊँगा और जिसपे रुकेगी....”
“वह ट्रुथ और डरे चूसे करेगा .. हाँ सही हैं सलीम जी ठीक हैं .”
रौशनी ...जी.... लेकिन अगर आपकी बारी हैं तोह क्या आप डरे पूरा कर पाएंगी.... मममम मुझे तोह नहीं लगता आप में इतना डैम या डेरिंग है....”
सलीम जी … अरे आप ऐसे कैसे मुझे कमज़ोर समझ सकते हैं.... आपको दिखती हूँ रुकिए.. गेम शुरू करिये”
सलीम मन में मुस्कुराता हैं .. एक प्लास्टिक बोतल निकल कर उसे टेबल पररह घूमता हैं …
पहली बार के राउंड में सलीम पर आता हैं बोतल का एआईएम.
“ः आप की hi बारी सलीम जी … चलिए सच या शर्त .. चूसे करिये”
“रौशनी जी नहीं इस गेम में थोड़ा सा ट्विस्ट … जिसपर निशाना आएगा हु नहीं चूसे करेगा … सामने वाले को चूसे करना पड़ेगा सच या शर्त …”
“ओह ममम अच्छा ठीक हैं .. सलीम जी आपको डरे करना होगा … “
“अच्छा ठीक हैं रौशनी जी बताइये कौनसी डरे ..”
सलीम जी आपको एक रोमांटिक गण सींग करना पड़ेगा “
“उफ़ नौई रौशनी जी … मुझे नहीं पता …”
“अरे ऐसे कैसे न पता .. आप मुझ पर डाउट कर रहे थे .. और आप खुद डरे करने से घबरा रहे हो … की क्या फायदा आपकी मर्दानगी का अगर आप इतना छोटा सा डरे नन्ही करोगे ..”
“अच्छा ऐसे हैं …. दखिये रौशनी जी हम मर्दों को न उकसाना … अच्छा रुकिए
सलीम फिर गण गाने लगता हैं ...style='font-size:11.5pt;font-family:Roboto;color:#424242'>
" ऐसे न मुझे तुम देखो , सीने से लगा लूँगा …
तुम को मैं चुरा लूँगा तुमसे , दिल में छुपा लूँगा
ऐसे न मुझे तुम देखो सीने से लगा लूँगा,
तुम को मैं चुरा लूँगा तुमसे , दिल में छुपा लूँगा …..”
“गण तोह पता हैं लेकिन न फीलिंग न एक्सप्रेशंस .. उफ्फ्फ्फ़ यह कैसे गए रहे हो आप सलीम जी …”
सलीम फिर से गाने लगता हैं और इस बार सीधे रौशनी के आँखन में देख कर ….
रौशनी थोड़ी इम्प्रेस होती हैं और ऐसे गाने को सुन शर्मा जाती हैं .. काफी रोमांटिक गण चूसे किया था सलीम जी ने .. उसे थोड़ा नशा चढ़ा था और उस गाने की गर्मी लग रही थी …
सलीम फिर पूरा गण सींग करता हैं .. रौशनी की आँखों में आँखें डाले हुए .. इससे रौशनी की अंदर एक गर्मी सी बढ़ती रहती हैं … वह तोह शर्मा कर चेहरा मोड़ लेती हैं .. लेकिन सलीम फिर से उसके चेहरे को अपने सामने कर गाना कम्पलीट करता हैं..
“कैसे लगा गण रौशनी जी … अच्छा लगा …”
“सलीम जी साहस आप बहुत अच्छे गाना गाये हो .. उफ्फ्फ लेकिन आप ऐसी रोमांटिक गाने को चूसे .. उफ्फफ्फ्फ़ …”
सलीम स्माइल देता हैं … “चलो अब फिर से स्पिन करूँगा बोतल. “
इस बार फिर से एआईएम सलीम पर hi आता हैं .. इस बार रौशनी ट्रुथ चूसे करती हैं.
रौशनी की गर्मी बढ़ रही थी .. वह अपने ऊपर के कण्ट्रोल को थोड़ा खोर यही थी .. वह पूछती हैं
“अच्छा तोह सलीम जी सच बताओ .. आपको में पहले दिन से hi पसंद थी .. क्या ख्याल थे आपके मुझ पर जब आपपहली बार मुझे देखे थे..”
“रौशनी जी आप पहले दिन से hi मेरे दिल में बस चुकी थी .. आपकी आदयें , बातों का तरीका .. सब मुझे बेहत पसदं आया था .. और आपकी फिगर .. लुक्स उफ्फ्फ्फ़. आपका तोह पहले दिन से दीवाना हूँ … कहते हैं न पहली झलक में प्रेम … उफ्फ्फ वैसे hi बिलकुल ..”
रौशनी यह सुन शर्माती हैं .. उफ्फ्फ्फ़ सलीम जी अआप … प्यार करते हो उफ्फ्फ कुछ ज्यादा hi नहीं हैं ..मममम”
“अब जो सच हैं हु बता दिया रौशनी जी .. आपको अपना बनाए का सपना रोज़ देखता हूँ … मुझे आपसे प्यार हैं रौशनी जी .. आप को मेरी बनाना हैं मुझे … “
रौशनी बहुत hi शर्माने लगती हैं , उसके गाल लाल होते हाँ.. एक तोह माहौल था गरम .. और नाशी से और गर्मी उसमें बढ़ रही थी … सब इमोशंस बहार आ रहे थे …
“और पूछिए रौशनी जी …”
“उफ़ नहीं बस .. मममम और नहीं पूछना उफ्फ्फ.”
“रौशनी जी गर्मी बहुत बढ़ रही हैं उफ्फ्फ्फ़ कुछ चेंज कर लूँ कपडे .. “
“उफ़ सलीम जी यहाँ.. उफ़ मेरे सामने कैसे उफ़ नहीं प्ल्ज़ …”
“सलीम कुछ सनटैन नहीं अपनी शर्ट उतर लेता हैं … अब बस वेस्ट में hi बैठा रहता हैं …
रौशनी सलीम को ऐसे देख उसे टॉपलेस इमेजिन करती हैं
पंत भी निकलने लगता हैं …
“सलीम जी यह क्या कर रहे हो उफ्फ्फ पलज़्ज़ज़…”
“राशि जी अरे ऐसे शर्मा रही हो जैसे पहले कभी मुझे मेरी अंडरवियर नहीं देखि हो ः… कुछ नहीं होगा …”
और सलीम अपनी पंत उतर लेता हैं और पजामा पहनता हैं…
रौशनी पर तोह उस गोली का असर हो रहा था .. साली के बालों वाले चौड़े साइन को देख वह गर्मी होती हैं .. (उफ्फ्फ सलीम जी इतने तगड़े मर्द हैं इस उम्र में भी उफ्फ्फ्फ़ …)
“चलो अब अगली बारी … “और सलीम बोतल घूमता हैं फिर से …
इस बार बोतल का एआईएम रौशनी पर होता हैं ….
“रौशनी जी अब आप की बारी .. में डरे चूसे करता हूँ …”
“उफ़ नहीं सलीम जी प्लीज ममम ..”
“रौशनी जी चिंता न करिये कुछ ाहलील नहीं बोलूंगा .. हाहाहा”
रौशनी कुछ नहीं कहती बस चुप बैठी रहती हैं..
“रौशनी जी आपको डांस करना होगा … मेरे गाने के चॉइस पर .. बस इतना hi..”
“अच्छा ठीक हैं”…( इतना भी बुरा डरे नहीं है वह मन में सोचती हैं)
“रौशनी जी उस गाने में जैसे डांस करते हैं वैसे hi नाचना होगा आपको … “
“उफ़ ठीक हैं सलीम जी जल्दी बताइये ..”
“अच्छा ठीक हैं पहले गाना सुनिए .. फिर नाचना होगा उसपर …”
रौशनी बस सर हाँ में हिलती हैं.
“गाना हैं दिलबर दिलबर …”
रौशनी गाने का नाम सुन शर्माती हैं .., (उफ्फ्फ हु गण सुष्मिता सेन का हैं .. और उसमें तोह वह काफी सेक्सी नाचती हैं .. उफ्फ्फ यह कहाँ में फस गयी उफ्फ्फ ) रौशनी सोचने लगती हैं.
उस गोली के नाशी से वह काफी एक्साइट भी हो रही थी.
“सलीम जी ठीक हैं .. जैसे आप केहते हो .. आखिर कार गेम खेलने में राज़ी हुयी थी..”
रौशनी केबिन दूर पे जाती है और कर्टेन लगा देती hai...door तो सलीम ने पहले से hi लॉक किया होता है
सांग की शुरवात होती हैं और रौशनी उठा कर अपनी कमर हिलाते हुए नाचने लगती हैं ..
चढ़ा जो मुझपे सुरूर है
असर तेरा ये ज़रूर है
तेरी नज़र का क़सूर है
दिलबर दिलबर
रौशनी नाचती रहती हैं की सलीम गाने को स्टॉप करता हैं..
“उफ़ सलीम जी गाना क्यों रोक दिया …”
“कोई इमोशन एक्सप्रेशन है hi नहीं रौशनी जी … आपने ंगो इवेंट में बोहोत अछि परफॉरमेंस दी.... और असलम के साथ प्रैक्टिस में बोहोत दम लगाया होगा लेकिन मेरे साथ तो आप न इंसाफ़ी कर रही हैं.... वह भी एक डरे पे, जो की आप ने खुद कहा आप पूरी तरह कोशिश करेंगी”
रौशनी कहती “मममम सलीम जी मैं बेहतर करूंगी..... इस बार..... आप प्ले कीजिये....
रौशनी अब अपने पुरे बदन को गाने पर हिलने लगी … झूम उठने लगी …
“हलकी सी सीटी बजता हैं जिससे रौशनी और शर्माती हैं.
रौशनी फिर उठ गर गाने पर नाचने लगी .. हलके से अपने कमर को हिलाते हुए … दिल बार दिलबर कहते हुए वह नाचने लगी ..
आ पास आ तू क्यों दूर है
यह इश्क़ का जो फितूर है
नशे में दिल तेरे चूर है
दिलबर दिलबर..
इस बार रौशनी और लटके झटके मारती है..... लेकिन रौशनी को कुछ उलझन सी होरही होती है अपने पल्लू se.....salim यह नोट करता है यह सलीम तो मस्ती के मूड में होता है वह गण फिर स्टॉप करता हैं ..
“उफ़ सलीम जी अब क्या हुआ ….”
“रौशनी जी.... बेहतर है लेकिन आपके एक्सप्रेशन और ऐडा नहीं मिल रही गाने के बोल से
एक दिलबर अपने दिलबर को पुकार रही है.... आमंत्रित कर रही है उसके क़रीब आये.... और आप है के मुझसे इतना दूर अकेले में डांस कर रही hain....aapko मुझे भी लाना है इस डांस में. आपको तो मुझसे बेहतर आता है गाने के लिरिक्स के अनुसार डांस करना...”
रौशनी की अंदर गर्मी बढ़ती हैं .. सलीम को ऐसे बात करते सुन ..”
रौशनी जी और शायद आपको कुछ मुसीबत से होरही है , मैं कुछ सुझाव दूँ इससे आपको भी एक अनोखी फील आएगी डांस करते हुए....”
रौशनी कंफ्यूज होकय बोलती hain...”Haan सलीम जी शेयर कीजिये....
सलीम उसके पास जाता हैं और.... रौशनी का पल्लू उसके कंधे पे था....
फिर सलीम कहता हैं “ आप आंखे बंद कीजिये.....
रौशनी जो अब गलियों के असर के और पकड़ में आयी हुयी थी वह आँख बंद करती है..... इधर सलीम उसका पल्लू सरका देता है और रौशनी से ेहता हैं ...
“ रौशनी जी अब गहरी सांस lijiye.....aur पेट अंदर khechiye....roshni इतने में आँख खोलती हैं .....पहले की हु कुछ बोल सकती उतने में सलीम पल्लू को उसके कन्धों से हटा कर उसके नाभि के 3 इंच नीचे.... खास देता है..... इसमें उसकी उँगलियों रौशनी की पंतय को छु जाती है उसकी पंतय के ऊपर से.... जिससे रौशनी के एक लम्बी सिसक निकलती है और आँख फिर से बंद होती है.....
रौशनी कुछ होश में hi नहीं थी की उसके साथ अभी क्या hua...lekin उसकी सानाएं तेज़ होती हैं ….... सलीम के ऐसे स्पर्श से उसकी गर्मी में एक नयी चिंगारी लगी. थी ..
फिर सलीम कहता हैं “चलिए फिर शुरू करते हैं..”
रौशनी शर्माती hain....apni खुली कमर और पेट के दर्शन सलीम के और देखते hi वह बोलती हैं..... “सलीम जी मज्झे अजीब सा लग रहा है...”
...”अरे रौशनी जी आप कर सकती hai....aur मुझे अपनी तरफ रुझाइये...... वर्ण फिर डरे किश बात की... डांस तो आप कर hi लेती है... इस बार आप महसूस कीजिये के रौशनी अपने दिलबर सलीम को क़रीब लाना चाहती है.”
रौशनी को अब खुमारी चार चुकी थी.....
गाना स्टार्ट होता hai.....roshnj एक बार आंख बंद करके इमेजिन करती है के सलीम hi उसका दिलबर है.... और अब बोहोत सेडक्टिव अंदाज़ में नाचने लगती है
सलीम तोह इस सब के मज़े ले रहा था .. गोली का असर पूरा हो hi रहा था …
ट्रैन हिल रही थी अपनी राफ्तेर पर और रौशनी भी अपनी hi धुन में नाच रही थी , कमर मटकते हुए … उसका गोरा गदराया बदन सलीम के आँखों के सामने गाने पर नाचते हुए .. सलीम का लोढ़ा टाइट होने लगा था … उसे रौशनी की मटकती चूतड़ों को देख गर्मी हो रही थी .. वह बस रौशनी को नाचते देख रहा था ..
रौशनी सलीम के सुझाव अनुसार.... उसको अपनी और अत्त्रक्ट करने लगती है इशार्रों से आमंत्रित करती है....
मदहोशी के माहौल में रौशनी इधर उधर सर हियति है गाने के बोल के anusaar....jisse उसकी ज़ुल्फ़ें बिलकुल बिखरती है
गाने का लाइन हैं अब
<होश न खबर है
यह कैसा असर है
तुमसे मिलने के बाद दिलबर>
सलीम थोड़ा ऐसा एक्टिंग करता है जैसे उससे कुछ फ़र्क़ नहीं पड़ता..... रौशनी इस िग्नोरिंग ऐडा से सच में हैरान होती है के सलीम के चेहरे पे कोई रिएक्शन नहीं... और अब वह फैसला करती है के वह सलीम के बोहोत क़रीब जाएगी... और अपनी और खींचती है हाथों से.... सलीम थोड़ा साथ देता hai....iss समय रौशनी सलीम के राइट एआरएम को पकड़ती है... और फिर इतने क़रीब से उसके बाइसेप्स को देखती है.... और कुछ दांग होजाती है उसके साइज par....uske शोल्डर बाइसेप्स पे अपने hàath फेरते है.... पीछह लाइन्स चल रही होती है
<दिलबर दिलबर हाँ दिलबर दिलबर>
इत्नाह में वह खुद को सलीम के सामने ले आती है.... फिर वह नशे में और मदहोशी होने लगती जब उसे सलीम के चौराय सीने का एहसास होता है.... और सलीम इतने में वह उसे हुग करलेता है.... जिससे रोशनज चौंकती है अजीब फील करती है.... उसे हिचकिचाहट होती है और तब उसे एक नकली चीज़ नीचे एहसास होती hai...apni पेट पे... (सलीम का टाइट लोढ़ा वहां उसे नाभि पर प्रेस कर रहा था उसके पाजामे के अंदर से.
इतने में लाइन्स आजाती है....
दर्द है चुभन है
क्या दीवानापन है
तुमसे मिलने के बाद दिलबर
हाँ तुमसे मिलने के बाद दिलबर
इस्पे रौशनी और गर्मी फील करके दो स्टेप पीछे होकर कमर लटका झटका कर नाचती है
सलीम बोहोत खुश होता है ऐसी सेडक्टिव परफॉरमेंस से.... अब वसाय एहसा होजाता परफेक्ट समय है.... लोहा गरम hai....ab वार करना है
इधर रौशनी अब बिलकुल मगन होगयी थी गाने में परफॉरमेंस में .... रौशनी अब सलीम के पीछे आकर उसके ुंडेरर्मः से हाथ डालकर सलीम को हुग करलेती है....
उसके मर्दानगी भरे जिस्म से वह आकर्षित होचुकी थी.... उसमे गर्मी और उत्तेजना का नया अनुभव खुल गया था.
अगली लाइन्स ककतु है .... रोशनज अब नाच नहीं रही होती.... पर एक किस्म से खुला आमंत्रण देती है सलीम को.... एक हाथ देते हुए.... केबिन दूर और बर्थ के बीच दीवार के तरफ एक कदम पीछे लेते huay....lipsync करती है
तू मेरा ख्वाब है
तू मेरे दिल का क़रार
देख ले जानेमन
देख ले बस एक बार
चूम ले जिस्म को
हम नशीन पास आ आ
सलीम अपनी जगह से हल्के क़दम ृष्णि की और बढ़ाते हुए रौशनी पलट जाती है दीवार की तरफ....
सलीम ने रौशनी का अगला स्टेप एक्सपेक्ट नहीं किया था...
रौशनी अपनी ज़ुल्फ़ें अपनी लेफ्ट साइड पे गिरा देती है
जिससे उसकी चिकनी पीठ पूरी एक्सपोज़ होजाती है सिर्फ ब्लाउज की लत्ती के सिवाए
सलीम को समझ agaya...drug, डांस मिलकर रौशनी पे हावज होगये हैं.... और सलीम
रोशनज की पीठ पे चुम्बन जणेंलागता है....
रौशनी को करेंट भी लगता है लेकिन वह एहसास बल्कि मीठा सा उठा है जिससे उसे बोहोत आनंद आता है......
रौशनी बस ड्रंक ऐसे नाचती रही .. सलीम के हाथों के स्पर्श से और झूम उठी ..
सलीम को अब रहा नहीं जार अहा था और वह आगे झुक कर रौशनी की एक्सपोज़ नाभि को चुने लगा .. उसका लोढ़ा झटका मार रहा था …रौशनी बस अपनी hi धुन में नाचती रही काफी ेरॉटिक्ली.. फिर सलीम ने मौके का फायदा उठाते रौशनी को कमर पर चुम लिया ..
“उफ़ सलीम जी मम क्या कर रहे हो .. उफ्फ्फ उफ्फफ्फ्फ़”
सलीम अब पूरी तरह से अपने होठों से रौशनी की नाभि पर hi चुम लिया .. पुरे होठों को उसकी नाज़ुक सी गोरी नाभि पर दबाने लगा .. इस एहसास से रौशनी और झूम उठी और मस्ती में नाचती रही …
सलीम अब खड़े हॉग ए और रौशनी के बाँहों को हलके से पकड़ लय .. वहां चूमने लगे ..
“उफ़ सलीम जी मम क्या कर रहे हो उफ्फ्फ ममम बस भी उफ्फ्फ..”
सलीम बस रौशनी के बाँहों को बेतहाशा चूमने लगा .. अपने हाथों से उसकी कमर को पकड़ने लगा … अपने काळा मज़बूत हाथों को रौशनी की कोमल बदन पर गाड़ने लगे … वहां पर लाल निशाँ चोर्ने लगे …
रौशनी अब पूरी मस्ती में नाच रही थी … सलीम ने गण फिर से लगाया और रौशनी और झूम उठी ..
सलीम अब रौशनी के पीछे जाकर उसके पीठ को चूमने लगा … वहां दबोचने लगा ..
“ममम सलीम जी उफ्फ्फ मममम न करिये उफ्फ्फ मममम सलीम जी ..मममम”
अब पीछे से सलीम ने रौशनी को जकड hi लिया .. अपने खड़े लोडे को रौशनी की साड़ी में घुसा दिए …और उसके साथ नाचने लगे … रौशनी ने उनके लोडे को अपनी चूतड़ों के बीच जाते hi महसूस कर अहह की आवाज़ निकली .. “उफ्फ्फ सलीम जी क्या कर रहे हो ममम आपका तोह हु चुभ रहा हैं उफ़ हटिये न ..ममम”
सलीम तोह नहीं सुनने वाला था ... वह बस रौशनी को चूमते रहा .. पुरे बदन पर गीली चुम्मों के निशाँ चोर्ने लगा ...
“अरे जानेमन नाचती रह न .. उफ़ क्या मेढक नाच हैं तुम्हारी उफ़ मममम मज़्ज़ा आरहा हैं ममम”
“उफ़ सलीम जी छोड़िये न ममम प्ल्ज़ उफ्फ्फ बहुत चुंबन हैं उफ्फ्फ ममम”
सलीम ने फिर रौशनी को पकड़ अपनी तरफ घुमाया … उसके काळा होठं अब रोशन की गुलाबी होठों के बिल्कु करीब थे … उसने रौशनी को कमर से जकड लिया था …
आगे बढ़ते हुए वह रौशनी को चूमने के करीब आये तब रौशनी ने अपना चेहरा मोड़ लिया और सलीम के होठं उसके गालों से टकराये ..
आएगी से अब उसका टाइट लोढ़ा रौशनी की छूट के वहां जा टकराया …
“आउच उफ्फ्फ सलीम जी … आपका अब आगे से चूब .. उफ्फ्फ ममम चिरयते न ममम सलीम जीई ममम प्ल्ज़्ज़ मममम”
सलीम तोह सुनने के मूड में नहीं था .. उसने अपने होठों को रौशनी के होठों से चिपका दिए … दोनों अब एक दूसरे को चूमने लगे … सलीम ने अपने लोडे को और कसकर रौशनी की छूट पर टिकने लगा …
गण चल रहा था बैकग्राउंड में और दोनों एक गहरी चुम्बन में लगे हुए थे …
रौशनी की चूचियां अब सलीम के चौड़े साइन से डाब गए थे … वह भी मूड में आ चुकी थी और अपने आहतों को सलीम के कन्धों पर दाल उसे और गहराई से चूमने लगी …उसकी जीभ अब सलीम के जीब ह से खेलने लगी .. दोनों एक दूसरे क ेरस को पिने लगे … सलीम भी निचे से एक झटका मारते हुए रौशनी की छूट पर एक जोर का झटका दिया .. इसी रौशनी के मुँह से अह्ह्ह उफ्फफ्फ्फ़ की आवाज़ निकली … एकदम से रौशनी जुड़ा हुयी सलीम से … “उफ़ सलीम जी मममम आप उफ्फ्फ मममम प्ल्ज़ निचे उफ्फ्फ्फ़….
सलीम ने अब रौशनी को ट्रैन की स्लीपर सीट पर लिटा दिया और ऊपर चढ़ कर फिरसे उसे चूमने लगा … ऊपर से जहटके मारते रहा मनो चुदाई कर रहे हो … निचे रौशनी छटपटाती रही … सलीम के कमर पर अपने हाथों से उसे पकड़ कर उसके वजन को अपने ऊपर लेते हुए उसे चूमती रही … सलीम मनो रौशनी को ऊपर से ड्राई हंप कर रहा हो .. ऐसे चला रहा था दोनों के बच्च …
"सलीम जी छोड़िये उफ़ ममम पलज़्ज़ज़ नहीं प्ल्ज़ दुःख रहा हैं .. आपका वजन बहुत हैं प्लीज नाहीईई"
सलीम पुरे हवस में चला गया था .. लेकिन रौशनी की आवाज़ मधुर नहीं बल्कि थोड़ी दरी हुयी सुनाई दी उसे .. वह था पागल भूका मर्द .. लेकिन जानवर नहीं था .. वह रौशनी पर खुद को फाॅर्स नहीं करना चाहता था ... सलीम ने अपनी गृप चोरी और बस रौशनी को पलटा कर उसकी नग्न गोरी सी मुलायम पीठ को चूमने लगा ...
रौशनी फिर से हलके से सिसकारियां मारनी लगी ... रौशनी साली के होठों का और जीभ के एहसास को अपने पीठ कर महसूस कर सिसक मारती रही...
सलीम ने फिरसे रौशनी को अपने तरह कर उसकी नाभि को चूमने लगा .... उसकी नाभि की गोलाई में अपनी जीभ दाल वहां चाटने लगा .. पूरी गीली कर दी रौशनी की नाभि ...
फिर से सलीम ऊपर हलके से क्लीवेज को चूमते हुए .. एक आखरी लम्बी चुम्बन में लग गया .. उसके काळा होतं रौशनी के गुलाबी होठों में समाये हुए .. उसे गहराई से चूमते हुए ... .
गण तोह बैक्ग्रौउंद में चल hi रहा था क्यूंकि सलीम ने उसे लूप पर रखा था ... उसके फ़ोन की बैटरी चली गयी और गाना रुक गया ...
जैसे hi गण रुक गया .. रौशनी की आँखें खुली और खुद को ऐसे सलीम के होठों से चुम्बन में लगे हुए देख .. उसे आगे थोड़ा पुश क्या और उठ कड़ी हुयी ...
रौशनी अपने पल्लू को एडजस्ट करते हुए .. , केबिन का दरवाज़ा अनलॉक कर बहार चली गयी ...
सलीम भी रौशनी को बहा बाथरूम के तरफ जाते हुए देख मुस्कुराया .. और अपनी चड्डी में देखा की एक बड़ा सा गीला स्पॉट हुआ था .. इस सब के गर्मी से उसके मोठे काळा लोडे से काफी सारा प्रेकम निकल चूका था ... और वह मन में मुस्कुरा कर केबिन में रौशनी के वापस आने का इंतेज़्ज़र करने लगा ...
अभी तोह सफर और काफी बाकी थी ...