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- Dec 5, 2013
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अपडेट 10
पिछली बार अपने देखाकि कुछ लड़के निशा और बाकि सब को देख कर गंदे कमेंट मरते है और साक्षी उन्हें जो बताती तो वो बाग़ कर निशा के पैरो में गिर जाते है और निशा शॉक हो जाती है
सुनील :हमे माफ़ करदिजिये आंटी हमसे गलती हो गई
निशा : ठीक है चलो माफ़ किया पर अगली बार किसी को भी गन्दी नज़र से मत देख न
संजय : है आंटी हम किसी को नहीं देखेंगे ऐसी नज़र से
और ये कह कर वो वह से निकल जाते हैऔर निशा और बाकि सब निशा की फ्रेंड मेघा के घर जाते है
शाम होंगे थी सूरज दुब गया था निशा और बाकि सब भी घर पहुंचे hi थे वो देखते हैं ाक्ष और उसके तीन दोस्त बैठे हुए थे
डी1 :यार आकाश जब से तुषार गया है तबसे तो हम सब को भूल hi गया है
आकाश :अरे ऐसा कुछ नहीं है
डी2 :अरे भाई ये सब तो भाभियो का कमाल है वो hi ऐसे आने नाहीदेति होगी सायद
निशा :क्यों भाईसाहब आपकी घर अली लगाम नहीं कस्ती क्या
डी3 :अरे भाभी जी हमारे भैया को तो हु मरी भाभी कभी कभी चाबुक भी कास देती है
और ये सुनके सब हसने लगते है तभी अंकित अपनी दादी के रूम में से बहार आता है और हॉल में रखे टेबल के ड्रॉवर में कुछ धुंध ने लगता है
डी2 :अरे अंकित कैसे हो और कितनी लड़की पाते है
अंकित :में इन सब मामलो में नहीं पड़ता लड़की को आना है तो आये नहीं तो अपनी माँ छुड़ाए
अंकित बात सुन के सब एक बार को शोक हो जाते है
डी1 : लड़की आयी नहीं या कोई भाव नहीं देती
और इस बात पे सब है दे हाइपर अंकित का गुस्सा बढ़ ने लगता है वो गुस्से से गुर्राया
अंकित :यहाँ आपको हसी आ रही है एक औरत मरने पड़ी है और हसी आ रही है
सब अंकित की बात पर चुप हो गए
अंकित :शीतल चची दादी की दवाई ख़तम हो गई है दूसरी दवाई कहा है
शीतल: वो डी1 भाईसाहब बैठे है न वो सोफे के ड्रॉवर में है
अंकित डी1 के पास जा कर
Ankit:jara उठिये मुझे उसमे से दवाई निकालनी है
डी2 और डी3 तो अंकित की बात से संत हो गए थे पर डी1 को अभी भी मस्ती सूज रही थी
डी1 :पहले मुझे तेरा डांस दिखा मेने सुना है बड़ा अच्छा डांस करलेता है
अंकित तो गुस्से में ताहि
अंकित :में आखरी बार कह रहा हु उठ जाईये
डी1 :में भी तो वही कह रहा हुएक बार डांस कर फिर में उठ जाऊंगा
अंकित मनोज से कहता है
अंकित :चाचा इनसे कह दो अगर 2मं में ये नहीं उठा तो तीसरे मिनट में में इनका डाट तोड़ दूंगा
सब 2 मं पुरे होने का वेट करते है फिर अंकित ने बोलै
अंकित: बहुत हो गया खेल ये कह कर वो डी1 का गाला पकड़ कर एक झटके में खड़ा करता है और दिवार से सत्ता देता hi और एक जोरदार मुक्का उसके मुँह पे मरता है जिससे सच में डी1 के 3 डाट टूट चुके थे
सब अंकित का ये एक्शन देख कर शॉक हो गए थे डी1 दर्द से चीख उठा
डी1 : आअह्ह्ह सच मच मर दिया रे
अंकित :अले ले ले ले तो तुम क्या मजाक समजे थे साला सराफत की भासा समाज में hi नहीं आती और ये कह कर अंकित दवाई ले कर वहासे अपनी दादी के रूम में जाता है
ेथर तीनो दोस्त जा छू के थे
आकाश : निशा ये हु मारा hi गुस्साते जो उसने डी1 पर उतरा
निशा :छोड़िये न आकाश आपको तो पता है वो कितना गुस्से वाला है
तभी आकाश रूम से अंकित को आता हुवा देख ता है
आकाश :अंकित यहाँ आओ मुझे तुमसे बात करनी है
अंकित आकाश की बात को अनसुना करके अपने रूम की और बढ़ जाता है पर तभी आकाश अंकित को पकड़ लेता है जिससे अंकित का पारा टूट जाता है
अंकित :छोड़िये मुझे
आकाश :नहीं छोड़ूंगा बाप हु में तेरा मुझे तुमसे बात करनी है
अंकित :मेने कहा न मुझे अप्पम से किसी से भी बात नहीं करनी छोड़िये मुझे
ाक्ष :देखो अंकित मुझे तुमसे बात करनी है तुम प्यार से मान जाओ नहीं तो मुझे अपना हाथ उठाना पड़ेगा
अंकित :छोड़िये मुझे
अंकित चिल्ला के पलट ता और जब वो पलट ताहै तो उसका चेहरा देख कर सभी के रोंगटे खड़े हो जाते हाइक्यू की अंकित इतना गुस्से और दर्द में था की उसकी आखो से ासु की जगह खून निकल रहा था वो कहावत सच है न उसी की तरह अंकित सच में खून के आशु रो रहता
अंकित छिलके बोलता है
ांकित :तो मारिये न मारिये आज मार hi दीजिये कमसेकम आप से रिस्ता टूटेगा तंग आगे हु ऐसी ज़िंदगी जीते हुए
तभी निशा आकर उसको एक खींच के थप्पड़ लगा देती है
निशा :ख़बरदार अगर ऐसी बात बोली तो बीटा है तू मेरा
ांकित को बहुत गुस्सा आता है तो वो निशा को मरने के लिए अपना हाथ उठता है पर मनोज उसे रोक लेता है
आकाश :देख बीटा हम मानते है की हमसे गलती हुई है पर हम तुजसे बहुत प्यार करते है तुझे पाताहै रोज़ तुझे मनीषा और निशा याद करती है मनीषा भले hi तेरी सौतेली माँ है पर तुझे अपना सागा बीटा मानती है और निशा तो तेरी माँ है वो तो तरस गई थी तुझे देख ने के लिए
ांकित :क्या ये सच मेरी माँ है जरा ये सवाल अपने आप से पूछिए
ीक बार को तो सब टेंशन में आगये क्योकि अवंतिका की सच्चाई घर के किसी भी बच्चे को नहीं पता थी
आकाश : हां निशा hi तेरी माँ है क्या तुम्हे पता नहीं
ांकित :मुझे पता है आप जिस को मेरी माँ बता रहे है वो मेरी माँ नहीं है मृ माँ अवंतिका शिंग रावल थी
आवंतिका का नाम सुनते hi नेहा मोनिका और साक्षी शॉक होजाते है
और वह खड़े सब लोग भी
आकाश: बीटा हमसे गलती हुयी है हम मानते है बीटा पर सब भूल जाओ बीटा हमे माफ़ कार्डो
अंकित :, क्या भूल जाऊ है क्या भूल जाऊ
भूल जाऊ वो 18 साल जो मेने माँ
बाप के प्यार के बिना गुजरे है भूल जाऊ की आपसे एक बार मिल ने के लिए 18 साल तड़पा हु है अरे जाईये ये अपना झूठा प्यार और झूठी ममता किसी और को दिखाइए अरे इनके जैसी माँ होने से तो ाचा ये होता की में बिन मायके
कक्कछहहाआटटटाअक्कककक
ये थप्पड़ अंकित को मारा था निशा ने अंकित ने जो बाते बोली थी उससे निशा की ममता को ठेश पहुंची थी
निशा रट हुए बोली
निशा :क्या बोलै बिन माँ के मरजाता है अरे बीटा कैसे मरने देती बीटा है तू मेरा भले hi तू मेरी कोख से नहीं जन्मा. और क्या बोलै तूने मेरी ममता झूठी है है बीटा तुझे क्या पता है जा जेक पूछ अपनी दादी से
तुझे इसी सीने से दूध पिलाया है
और बीटा तुझे क्या पता तुझे मेने अपने सेज बेटे से बढ़ कर मन है
अंकित भी गुस्से से बोलै
अंकित :और दूध पीला के गौ में hi 18 साल के लिए चोर दिया था ाप्त है न मेरे बारे में सोच न छोड़ hi दीजिये और मुझसे कोई उम्मीद भी मत रख न
और ये कह कर अंकित घर के बहार चला जाता है
यहाँ घर में निशा तो जोर से रो रही थी आकाश ने उसको सीने से लगा लिया
तभी नेहा उसके पास आकर बोली
नेहा :चोर न माँ वैसे भी कहा मेरा सागा भाई है उसके होने न होने से क्या फर्क पड़ेगा
निशा को ये सुन के बहुत गुस्सा अत है वो नेहा को एक थप्पड़ मर देती है
निशा :खबर दार जो उसे सौतेला बोलै तो सागा भाई है वो तेरा और मेरा सागा बीटा
नेहा रट हुए बोली
नेहा : एक बात बोलू माँ पापा उसने एक सब्द भी गलत नहीं बोलै वो हमसे नफरत करता है और ये कहा कर निशा भी चली गई रूम में
आज के एक्सीडेंट से सब दुखी थे आकाश भी रो रहा था क्यों की गलती तो उसकी hi थी
अपडेट पोस्टेड गाइस
ी होप यू लिकेड
सी यू सून
ब्बये
पिछली बार अपने देखाकि कुछ लड़के निशा और बाकि सब को देख कर गंदे कमेंट मरते है और साक्षी उन्हें जो बताती तो वो बाग़ कर निशा के पैरो में गिर जाते है और निशा शॉक हो जाती है
सुनील :हमे माफ़ करदिजिये आंटी हमसे गलती हो गई
निशा : ठीक है चलो माफ़ किया पर अगली बार किसी को भी गन्दी नज़र से मत देख न
संजय : है आंटी हम किसी को नहीं देखेंगे ऐसी नज़र से
और ये कह कर वो वह से निकल जाते हैऔर निशा और बाकि सब निशा की फ्रेंड मेघा के घर जाते है
शाम होंगे थी सूरज दुब गया था निशा और बाकि सब भी घर पहुंचे hi थे वो देखते हैं ाक्ष और उसके तीन दोस्त बैठे हुए थे
डी1 :यार आकाश जब से तुषार गया है तबसे तो हम सब को भूल hi गया है
आकाश :अरे ऐसा कुछ नहीं है
डी2 :अरे भाई ये सब तो भाभियो का कमाल है वो hi ऐसे आने नाहीदेति होगी सायद
निशा :क्यों भाईसाहब आपकी घर अली लगाम नहीं कस्ती क्या
डी3 :अरे भाभी जी हमारे भैया को तो हु मरी भाभी कभी कभी चाबुक भी कास देती है
और ये सुनके सब हसने लगते है तभी अंकित अपनी दादी के रूम में से बहार आता है और हॉल में रखे टेबल के ड्रॉवर में कुछ धुंध ने लगता है
डी2 :अरे अंकित कैसे हो और कितनी लड़की पाते है
अंकित :में इन सब मामलो में नहीं पड़ता लड़की को आना है तो आये नहीं तो अपनी माँ छुड़ाए
अंकित बात सुन के सब एक बार को शोक हो जाते है
डी1 : लड़की आयी नहीं या कोई भाव नहीं देती
और इस बात पे सब है दे हाइपर अंकित का गुस्सा बढ़ ने लगता है वो गुस्से से गुर्राया
अंकित :यहाँ आपको हसी आ रही है एक औरत मरने पड़ी है और हसी आ रही है
सब अंकित की बात पर चुप हो गए
अंकित :शीतल चची दादी की दवाई ख़तम हो गई है दूसरी दवाई कहा है
शीतल: वो डी1 भाईसाहब बैठे है न वो सोफे के ड्रॉवर में है
अंकित डी1 के पास जा कर
Ankit:jara उठिये मुझे उसमे से दवाई निकालनी है
डी2 और डी3 तो अंकित की बात से संत हो गए थे पर डी1 को अभी भी मस्ती सूज रही थी
डी1 :पहले मुझे तेरा डांस दिखा मेने सुना है बड़ा अच्छा डांस करलेता है
अंकित तो गुस्से में ताहि
अंकित :में आखरी बार कह रहा हु उठ जाईये
डी1 :में भी तो वही कह रहा हुएक बार डांस कर फिर में उठ जाऊंगा
अंकित मनोज से कहता है
अंकित :चाचा इनसे कह दो अगर 2मं में ये नहीं उठा तो तीसरे मिनट में में इनका डाट तोड़ दूंगा
सब 2 मं पुरे होने का वेट करते है फिर अंकित ने बोलै
अंकित: बहुत हो गया खेल ये कह कर वो डी1 का गाला पकड़ कर एक झटके में खड़ा करता है और दिवार से सत्ता देता hi और एक जोरदार मुक्का उसके मुँह पे मरता है जिससे सच में डी1 के 3 डाट टूट चुके थे
सब अंकित का ये एक्शन देख कर शॉक हो गए थे डी1 दर्द से चीख उठा
डी1 : आअह्ह्ह सच मच मर दिया रे
अंकित :अले ले ले ले तो तुम क्या मजाक समजे थे साला सराफत की भासा समाज में hi नहीं आती और ये कह कर अंकित दवाई ले कर वहासे अपनी दादी के रूम में जाता है
ेथर तीनो दोस्त जा छू के थे
आकाश : निशा ये हु मारा hi गुस्साते जो उसने डी1 पर उतरा
निशा :छोड़िये न आकाश आपको तो पता है वो कितना गुस्से वाला है
तभी आकाश रूम से अंकित को आता हुवा देख ता है
आकाश :अंकित यहाँ आओ मुझे तुमसे बात करनी है
अंकित आकाश की बात को अनसुना करके अपने रूम की और बढ़ जाता है पर तभी आकाश अंकित को पकड़ लेता है जिससे अंकित का पारा टूट जाता है
अंकित :छोड़िये मुझे
आकाश :नहीं छोड़ूंगा बाप हु में तेरा मुझे तुमसे बात करनी है
अंकित :मेने कहा न मुझे अप्पम से किसी से भी बात नहीं करनी छोड़िये मुझे
ाक्ष :देखो अंकित मुझे तुमसे बात करनी है तुम प्यार से मान जाओ नहीं तो मुझे अपना हाथ उठाना पड़ेगा
अंकित :छोड़िये मुझे
अंकित चिल्ला के पलट ता और जब वो पलट ताहै तो उसका चेहरा देख कर सभी के रोंगटे खड़े हो जाते हाइक्यू की अंकित इतना गुस्से और दर्द में था की उसकी आखो से ासु की जगह खून निकल रहा था वो कहावत सच है न उसी की तरह अंकित सच में खून के आशु रो रहता
अंकित छिलके बोलता है
ांकित :तो मारिये न मारिये आज मार hi दीजिये कमसेकम आप से रिस्ता टूटेगा तंग आगे हु ऐसी ज़िंदगी जीते हुए
तभी निशा आकर उसको एक खींच के थप्पड़ लगा देती है
निशा :ख़बरदार अगर ऐसी बात बोली तो बीटा है तू मेरा
ांकित को बहुत गुस्सा आता है तो वो निशा को मरने के लिए अपना हाथ उठता है पर मनोज उसे रोक लेता है
आकाश :देख बीटा हम मानते है की हमसे गलती हुई है पर हम तुजसे बहुत प्यार करते है तुझे पाताहै रोज़ तुझे मनीषा और निशा याद करती है मनीषा भले hi तेरी सौतेली माँ है पर तुझे अपना सागा बीटा मानती है और निशा तो तेरी माँ है वो तो तरस गई थी तुझे देख ने के लिए
ांकित :क्या ये सच मेरी माँ है जरा ये सवाल अपने आप से पूछिए
ीक बार को तो सब टेंशन में आगये क्योकि अवंतिका की सच्चाई घर के किसी भी बच्चे को नहीं पता थी
आकाश : हां निशा hi तेरी माँ है क्या तुम्हे पता नहीं
ांकित :मुझे पता है आप जिस को मेरी माँ बता रहे है वो मेरी माँ नहीं है मृ माँ अवंतिका शिंग रावल थी
आवंतिका का नाम सुनते hi नेहा मोनिका और साक्षी शॉक होजाते है
और वह खड़े सब लोग भी
आकाश: बीटा हमसे गलती हुयी है हम मानते है बीटा पर सब भूल जाओ बीटा हमे माफ़ कार्डो
अंकित :, क्या भूल जाऊ है क्या भूल जाऊ
भूल जाऊ वो 18 साल जो मेने माँ
बाप के प्यार के बिना गुजरे है भूल जाऊ की आपसे एक बार मिल ने के लिए 18 साल तड़पा हु है अरे जाईये ये अपना झूठा प्यार और झूठी ममता किसी और को दिखाइए अरे इनके जैसी माँ होने से तो ाचा ये होता की में बिन मायके
कक्कछहहाआटटटाअक्कककक
ये थप्पड़ अंकित को मारा था निशा ने अंकित ने जो बाते बोली थी उससे निशा की ममता को ठेश पहुंची थी
निशा रट हुए बोली
निशा :क्या बोलै बिन माँ के मरजाता है अरे बीटा कैसे मरने देती बीटा है तू मेरा भले hi तू मेरी कोख से नहीं जन्मा. और क्या बोलै तूने मेरी ममता झूठी है है बीटा तुझे क्या पता है जा जेक पूछ अपनी दादी से
तुझे इसी सीने से दूध पिलाया है
और बीटा तुझे क्या पता तुझे मेने अपने सेज बेटे से बढ़ कर मन है
अंकित भी गुस्से से बोलै
अंकित :और दूध पीला के गौ में hi 18 साल के लिए चोर दिया था ाप्त है न मेरे बारे में सोच न छोड़ hi दीजिये और मुझसे कोई उम्मीद भी मत रख न
और ये कह कर अंकित घर के बहार चला जाता है
यहाँ घर में निशा तो जोर से रो रही थी आकाश ने उसको सीने से लगा लिया
तभी नेहा उसके पास आकर बोली
नेहा :चोर न माँ वैसे भी कहा मेरा सागा भाई है उसके होने न होने से क्या फर्क पड़ेगा
निशा को ये सुन के बहुत गुस्सा अत है वो नेहा को एक थप्पड़ मर देती है
निशा :खबर दार जो उसे सौतेला बोलै तो सागा भाई है वो तेरा और मेरा सागा बीटा
नेहा रट हुए बोली
नेहा : एक बात बोलू माँ पापा उसने एक सब्द भी गलत नहीं बोलै वो हमसे नफरत करता है और ये कहा कर निशा भी चली गई रूम में
आज के एक्सीडेंट से सब दुखी थे आकाश भी रो रहा था क्यों की गलती तो उसकी hi थी
अपडेट पोस्टेड गाइस
ी होप यू लिकेड
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