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अपडेट 38: शादी और सुहागात की तैयारी
राजू रत्न को आँखों से इशारा करता है की क्या हुआ?
रत्न राजू के पास aakar…beta तूने हमें बताया नहीं रानी के बारे में?
राजू: नहीं maa…maine तो सब बातें बताया था जब हम रानी के घर गए the..uske बारे में पूरा तो बताया था..
रत्न: बताया tha..lekin अधूरा hi….
राजू: मतलब?
रत्न: राजू के कान में धीरे se…yehi की तू बाप बनने वाला है और मैं दादी..
राजू जब यह बात सनटैन है तो उसे समझ नहीं आता और रत्न की तरफ देखता है..
रत्न रानी की तरफ देख कर उसे पास में बुलाती hai..jab रानी शर्माते हुए रत्न के पास आती है तो रानी तो राजू के बगल में बिठा के…
रत्न राजू से: अब समझ आया?
राजू रानी की तरफ देखता है तो वह शर्मा के हाँ में अपना सर हिलती है..
इतने में संध्या भी वहां आती है और राजू को अपने बाहों में लेकर ख़ुशी का इज़हार करती है और उसे बधाई देती है..
राजू भी थोड़ी मस्ती में आकर संध्या के कान में धीरे से कहता hai…aap भी कुछ महीनो बाद ऐसे hi खुश खबर dogi…to संध्या भी शर्मा जाती है..
वहां पर सुधा और ारु भी आ जाते है और घर में ख़ुशी का माहौल हो जाता है…
फिर राजू कहता है..
Chalo..bahut तैयारियां करनी hai..zyaada टाइम नहीं hai..aur फिर सब अपने काम में लग जाते है..
घर को सब लोग थोड़ा सजा देते hai…yeh सब काम में सब थक जाते है तो रात को जल्दी खाना ख़तम कर लेते है.
राजू फिर सब से कहता hai..aaj जल्दी सो jaao…thak भी गए ho…aur तीनो की तरफ देख kar..kal रात को सोने का टाइम नहीं मिलेगा और उनको आँख मार देता है..
तीनो शर्मा जाते है और सब साफ़ कर के अपने कमरे में चले जाते है…
तो डीडे यह होता है की रानी संध्या के साथ उसके कमरे में hi सोयेगी..
राजू भी अपने कमरे में चले जाता है और फिर रानी को आवाज़ देकर उसे कुछ काम hai..keh कर बुलाता है..
रानी जैसे hi कमरे में आती है तो राजू झट से उसे अपनी बाहों में लेकरडारवाज़ा बंद कर देता है..
राजू: अब जा कर थोड़ा टाइम मिला है अकेले में बात करने kaa…aur ऐसा कहते हुए रानी के होंठों को अपने होंठों से जोड़ देता है और स्मूच करता hai..Rani भी उसका पूरा साथ देती hai..kiss करते वक़्त राजू उसके ब्लाउज के ऊपर से hi उसकी चुकी को दबाता है ज़ोर से…
रानी aaah..ki धीमी आवाज़ करती है तो राजू उसी वक़्त उसकी जुबां को अपने मुँह में लेकर जुबां भी चूसने लगता है..
5 मं के गहरे किश के बाद राजू रानी को अलग करता है और कहता hai..pehle आपने बताया क्यों नहीं?
रानी राजू se:ab मुझे तुम बुलाया karo…mere बच्चे के बाप बनने वाले ho..so, फिर तो एक तरह से आप मेरे पति hi हुए ना..
राजू: वह सब chhodo…Raju को वह सुबह वाली चुदाई याद आती है और कहता hai..kahin यह उसी दिन का नतीजा तो नहीं है?
रानी शर्मा के हाँ में सर हिलती है और कहती है..
रानी: मैंने कहा था naa…apna रास मेरे अंदर छोड़ना तो शायद मैं प्रेग्नेंट हो jaaongi..to देखो हो gayi..aur है देती है..
Raju:yeh तो बहुत ख़ुशी की बात है Rani…to फिर अपना वादा भी याद है ना?
रानी को पता tha..phir भी थोड़ा नाटक करते हुए ..कौनसा वादा?
राजू: अच्छा अब मुझसे hi jhoot..aur ऐसा कहते हुए अपना हाथ पीछे ले जाकर उसकी गांड को दबाते हुए अपनी ऊँगली उसकी साडी के ऊपर से hi चेक पे kured-te hue..agli बार इसकी बारी aayegi…yaad है ना वादा..
रानी: मैं तो मज़ाक कर रही thi..kaise भूल सकती हूँ waada…tumne भी तो मुझे वह ख़ुशी दी है जिसके लिए मैं इतनी सालों से तरस रही thi..aur ऐसा कहते हुए फिर से रानी राजू के होंठों को चूम लेती है..
राजू: तुमसे बहुत साड़ी बातें करनी है लेकिन अभी टाइम नहीं hai..jaa कर सो jaao..kal बहुत काम है…
रानी भी थोड़ा राजू की टांग खींचते hue..haan…time तो नहीं rahega..biwiyaan जो मिल jaayegi..aur आँख मार देती है..
राजू: accha…dekh lo..unke साथ तुम्हे भी शामिल ना कर लून..
रानी दुखी मन se..kaash ऐसा होता…
राजू: तो क्या hua…shaadi नहीं तो सुहागरात hi सही और है देता है..
रानी: मैं भी उस पल का इंतज़ार karoongi..aur ऐसा कह कर राजू के होंठ चूम कर कमरे से निकल जाती है…
राजू भी बहुत थका हुआ tha..woh भी जल्दी hi सो जाता है..
शादी:
अगली सुबह राजू भी जल्दी उठ जाता है और बाकियों को भी भी उठा देता है ..
घर में भाग दौड़ होती है तैयारियां की…
सुबह 8.00 बजे राजू पंडितजी को फ़ोन करता है और निकल जाता है उसे अपने घर लाने..
जाने से पहले राजू सब से कहता है की वह तीनो तैयार रहे..
जाते वक़्त वह ध्यान देता है की कोई उसका पीछा ना kare…aur यह भी जान लेता है की ठाकुर के आदमी अभी तक नहीं आये थे..
राजू जल्दी से मंदिर पहुँच जाता है जहाँ पुजारी पहले से hi उसका इंतज़ार कर रहा था.
राजू उनको लेकर घर आ जाता है..
पंडितजी घर में प्रवेश करते है और घर को सजा हुआ देख कर उनके चेहरे पे मुस्कान आ जाती है..
इतने में राजू भी तैयार होने चला जाता है..
फिर रत्न आ कर पंडितजी को नमन करते हुए पूछती है की और क्या ज़रुरत है?
पंडितजी उसको हवन का सामान लाने को कहते है और अपने काम में लग जाते है..
रत्न सब सामान लाकर पंडितजी को देती है जो उन्होंने पुछा था…
जब सब सेट हो जाता है तो पंडितजी कहते है की समय नज़दीक आ रहा है और सब को आने को कहते है..
Teeno…Sudha, संध्या और ारु सज धज के बाहर आती hai..teeno बहुत खूबसूरत लग रही thi..shaadi के लाल जोड़े में..
ारु को देख कर पंडितजी कहते है ..तुम वही हो ना beti..jinki शादी मैंने पहले किया था..
ारु हाँ में सर हिला देती है और पण्डितजीको भी सब समझ आ जाता है..
इतने में राजू भी तैयार हो कर आ जाता है और वह भी बहुत स्मार्ट और डैशिंग लग रहा tha….sherwaani पहने हुए और सर पे सेहरा भी लगाए हुए था..
पंडितजी सब को बैठने को कहते है और वह शादी की रस्में शुरू करता है..
फिर वह वक़्त भी आ जाता है और देखते hi देखती शादी भी सम्पन हो जाती hai..(deliberately स्किप्पिंग थे फाइनर डिटेल्स ) और तीनो राजू की पत्नियां बन जाती है..
शादी के बाद राजू और तीनो पंडितजी का आशीर्वाद लेते है और साथ में रत्न से भी आशीर्वाद लेते है..
रत्न की आँखों में ख़ुशी के आंसूं बह जाते है और चारो को ढेर सारा आशीर्वाद देती है..
इन सब में काफी टाइम लग जाता है और लगभग दोपहर हो जाता है..
राजू और रटने के ज़िद पर पंडितजी भी चाय नास्ता कर के निकलने के लिए रेडी होते है..
राजू को कुछ सूझता है और फिर हु अपने कपडे फिर से चेंज करने के लिए कमरे में चला जाता है..
संध्या, ारु और सुधा भी शर्माते हुए कमरे में चले जाते है..
रत्न पंडितजी को बुला कर अपने कमरे में ले जाती है और पंडितजी से बात करती है..
रत्न: पंडितजी, आपसे विनती है की आप यह बात किसी को ना बताये की आपने यह शादी करवाई hai..main नहीं चाहती की कोई मसला हो..
पंडितजी: धैर्य रखिये behanji…Aapke bête से मेरी बात हो गयी hai..kisi को कुछ नहीं बताऊंगा और भले hi यह शादी समाज के नज़रिये से जायज़ ना ho..lekin कोई गलत भी नहीं hai..aap निश्चिंत रहिये..
रत्न के मन में एक दुविधा होती है जो पंडितजी जान जाते है और कहते है..
पंडितजी: बहनजी, आपके मन में क्या दुविधा है? मुझसे आप पूछ सकती हो..
रत्न: मैं एहि सोच रही थी सुहागरात कब मन सकते है यह लोग…
पंडितजी: आज का दिन बहुत शुभ hai..aur उनकी कुंडलियों के हिसाब से आज राजू और सुधा (पंडिजित को नाम नहीं मालूम tha..to उनके शादी में बैठने के हिसाब से कहता है) सुहागरात मन सकते है और 2 दिन बाद बाकी दोनों बिटिया भी मन सकते है..
रत्न को थोड़ा राहत मिलता है और हाँ में सर हिला कर पंडितजी को दक्षिणा देकर उनके पाँव छु कर आशीर्वाद लेती है..
पंडितजी: अब सब क्लियर हो गया है तो मुझे भी निकलना hai..aaj का दिन बहुत शुभ है तो मुझे और भी शादियां करवानी है और बहार निकल आता है..
इतने में राजू भी अपने कपडे चेंज कर के नार्मल कपड़ों में आ जाता है और पंडितजी को लेकर घर से निकल जाता है..
राजू को नार्मल कपड़ों में देख कर सब आश्चर्य हो जाते है और रत्न और रानी पूछती है की कपडे क्यों चेंज किये..
राजू कहता है की वह वापस आ कर सब बताएगा..
राजू का तेज़ दिमाग और सोच:
जैसा hi राजू ने सोचा tha..tab तक ठाकुर के आदमी भी निगरानी के लिए आ जाते है जो राजू देख लेता है..
राजू पंडितजी को मंदिर के तरफ ले जाता hai..raaste में
राजू: पंडितजी, हो सकता है की कुछ आदमी आपको रोके या बाद में मिले और पूछे की मेरे घर में क्या करने आये हो..
पंडितजी: मैं कह दूंगा की तुम्हारे किसी दूर के रिश्तेदार की शादी के बारे में बात करने आया था..
राजू: haan..yeh ठीक rahega..aise hi कह देना आप..
राजू फिर पंडितजी को मंदिर में छोड़ कर थोड़ी दूर छुप कर किसी का इंतज़ार कर रहा होता है..
राजू का शक एकदम सही निकलता है और कुछ देर बाद ठाकुर के 2 आदमी मंदिर में दर्शन के बहाने से आते है…
दर्शन कर के पंडितजी से 5 मं के लिए “कुछ बात करते है” और निकल जाते है..
जब वह निकल जाते है तो राजू फिर से मंदिर जाकर पंडितजी से मिलता है..
पंडितजी: अरे बीटा, अब तक गए नहीं तुम?
राजू: मैंने कहा था ना aapse…kuch लोग आपसे मिलने आएंगे और मेरे बारे में पूछेंगे..
पंडितजी: सही कहा beta…woh लोग तुम्हारे बारे में hi पूछ रहे the..unki बातों से मैं भी थोड़ा दर गया tha…dikhne और बात करने में अच्छे नहीं लग रहे थे..
एहि पूछ रहे थे की मैं तुम्हारे घर क्यों गया tha…aur मैंने भी वही जवाब दिया जैसा हमने बात किया था…
राजू: उनको कोई शक तो नहीं हुआ?
पंडितजी: मुझे तो नहीं लगता beta..but इतना ज़रूर कहूंगा की उन लोगों से थोड़ा संभल के rehna..kahin तुम्हे कोई नुक्सान ना करे..
राजू: धन्यवाद Panditji..main संभल कर रहूंगा…
राजू फिर से उनका आशीर्वाद लेता है और घर की तरफ चला जाता है..
वापस आते वक़्त राजू काम्य को फ़ोन करता है..
राजू: मालकिन, कैसी हो?
काम्य: राजू, अकेले में तो मालकिन मत kaho…waise भी मैं यहाँ इस घर में एक नौकरानी की तरह रहती hoon..waise भी जब से माला गयी है, तुम तो आना hi बंद कर दिए हो..
राजू: ऐसा नहीं है Malkin….Kaamya..thoda काम में बिजी था तो टाइम नहीं मिल paaya..zaroor आके मिलता हूँ.
काम्य: बोलो, कैसे याद किया..
राजू: काम्य, मेरे लिए एक छोटा काम karo…yeh पता लगाओ की ठाकुर रोज़ सुबह कितने बजे घर से निकलता है और शाम को घर कब तक आता है?
काम्य: क्यों, कुछ गड़बड़ हुआ है क्या?
राजू: अभी के लिए तो कुछ nahi..lekin मैं कुछ सोच रहा hoon..woh मैं बाद में बताऊंगा..
काम्य: ठीक hai..pata करती हूँ.
राजू: ठीक hai..main कल सुबह फिर फ़ोन करता hoon…aur फिर फ़ोन कट कर देता है.
राजू के घर:
राजू घर आ जाता hai..ghar में सब शांत रहता hai..Raju आवाज़ देता है तो रानी बहार आती है..
रानी: क्या hua..chilla क्यों रहे हो?
राजू: सब कहाँ गए? कोई नज़र नहीं आ रहा है..
इतने में रत्न भी बहार आती है और राजू से पूछती है की वह कपडे बदल कर क्यों गया था??
राजू: अभी दोपहर हो गया hai..mujhe पता था की अब तक ठाकुर के आदमी यहाँ आ गए honge..mujhe शेरवानी में देख लेते तो उनको शक हो jaata..isiliye कपडे बदल लिए..
राजू रत्न को अपने बाहों में लेकर जो कुछ देर पहले हुआ tha..sab बता देता hai…Ratna चिंता करती है तो राजू अपना ऊँगली उसके मुँह पे रख kar..chinta मत करो maa..main हूँ naa…mujhe पता tha..Thakur कुछ ऐसा hi करेगा कर ke..isiliye कपडे बदल लिया tha…lekin आप फ़िक्र मत करो…
इतने में बाकी तीनो भी शर्माते हुए बहार आ जाते है और अपनी नज़रें झुका लेते है..
राजू: उनकी टांग खींचते hue…kya खूबसूरत लग रही है मेरी biwiyaan..aur शर्मा तो ऐसे रही है जैसे हम आज पहली बार मिल रहे है..
रत्न: चुप कर Raju..unko परेशान क्यों कर रहा hai..shaadi हुई है तो थोड़ा तो शर्माएगी naa…naa की खुल कर तेरे सामने आएँगी..
राजू: अब क्या शर्माना maa…main भी चाहता हूँ की घर में सब नार्मल hi प्यार से एक दुसरे के साथ rahe…jaise पहले tha..ab भी वैसा hi rahe..aur हस्ते hue..haan..farak अब इतना hi रहेगा की हम सब रात में एक hi बिस्तर में soyenge..aisa कहते हुए रत्न और रानी को आँख मार देता है..
वह तीनो यह बात सुन कर शर्म से पानी पानी हुए जा रही थी..
<1 हर बैक>
जब राजू पंडितजी को मंदिर छोड़ने गया था तो रत्न कमरे में तीनो से मिलने जाती है..
रत्न को कमरे में देख कर तीनो रत्न के गले लग जाते है और सब की आँखों में ख़ुशी साफ़ दिख रही थी..
रत्न तीनो को प्यार से माथा चूम kar..jab तक मैं भी राजू से शादी नहीं कर leti…tab तक तो तुम तीनो मेरी बहु हुई naa..aur है देती hai..meri प्यारी gudiyaan…kitni खूबसूरत लग रही हो तुम sab…bhagwaan हम सब को अपनी नज़र में अच्छे से रखे..
तो तीनो एक साथ हाँ कह कर रत्न के पेअर छूटे है..
रत्न उनको उठा कर अपने गले लगा कर..
रत्न: आज मैं बहुत ख़ुशी hoo…ki मुझे इतनी अच्छी बहु मिली hai..tum सब राजू के लिए एक दम सही ho..main जानती hoon..woh हम सब को बहुत खुश रखेगा..
वहीँ कोने में कड़ी हो कर रानी भी यह सब बातें सुन रही thi..aur उनकी बातें सुनकर उसकी आँखों में भी आंसूं आ जाते है..
रत्न रानी को देख लेती है और इशारे से उसको भी अपने पास बुला कर उसको गले लगा कर..
तू भी तो एक तरीके से इस परिवार का हिस्सा ho..to तुम कैसे अलग हो सकती हो..
रानी भी खुश हो जाती है और रोने लग जाती है..
रत्न: nahi..aise ख़ुशी के मौके पे रोना नहीं hai…Sandhya भी रानी को अपनी बाहों में लेकर उसको दिलासा देती है और उसे संभालती है..
थोड़ा और ऐसे hi बातें करके रत्न कहती है..
रत्न: एक एहम baat…main पंडितजी से बात कर ली hai…aaj का दिन बहुत शुभ hai..to आज रात राजू और छोटी (सुधा) का सुहागरात होगा… और 2 दिन बाद ारु और संध्या भी…
यह सुनकर सुधा शर्मा जाती है और कहती है..
सुधा: आज ारु को करने दो naa….mera फिर भी हो जाएगा..
रत्न: नहीं रे chhoti…Panditji ने बताया है की आज की रात तुम दोनों के लिए अच्छा hai…to सुधा कुछ नहीं कह पाती.
रत्न - रानी और संध्या se…kamre को अच्छे से सजा dena..main और ारु सुधा को तैयार करते है..
<बैक तो प्रेजेंट>
घर में ख़ुशी का माहौल रहता hai…sab खाना खा कर राजू कमरे में सोने जाता तो रत्न उसे रोकती है और कहती है की अभी के लिए वह उसके (रत्न) के रूम में सो jaaye..aur राजू को भेज देती है..
घर की औरतें सब फिर से थोड़ी तैयारी में जुट जाती है..
ऐसे hi रात हो जाती है और रात को खाना खाने के बाद राजू सब की तरफ देखता है तो रत्न उसे अपने कमरे में ले जाती है..
रत्न: सुन Raju..aaj तेरी सुहागरात hai..to आज सुधा hi तेरे पास aayegi…Aaru और संध्या 2 दिन baad..aisa पंडितजी ने कहा है..
राजू हाँ कहता है और कमरे में जाने को होता है तो रत्न उसे रोकती है और धीरे से उसके कान में कहती है..
रत्न: beta…tumhe पता hoga..chhoti की भी उम्र हो रही hai..to मैं चाहती हूँ की वह मुझे जल्दी hi खुश खबर de…Raju को पहले यह बात समझ नहीं आती लेकिन कुछ सेकण्ड्स बाद जब उसको इस बात का मतलब समझ आता है तो है देता है और रत्न को भी अपने बाहों में lekar…uske होंठ चूमते hue..waise आपकी भी थोड़ी उम्र हो रही hai..jab मैं आपसे शादी करूंगा तो आप भी मुझे जल्दी hi खुश खबर देना…
रत्न: चल jhoote..bahut बदमाश हो गया hai..jaa और आराम से करना..
राजू भी रत्न की टांग खींचते hue…kaho तो आज सुधा की चीखें निकलवा दूँ क्या??
रत्न भी हल्का सा राजू को मुक्का मारती है और उसे उसके कमरे में भेज देती है..
कमरे में जाने से पहले राजू चुपके से किचन में जाता हैं और एक कटोरी में तेल लेकर कमरे की तरफ चला जाता है..
नोट: जैसे मैंने कहा tha...the एंटीरे अपडेट वास् गेटिंग वैरी long..so, हद तो स्प्लिट it...next अपडेट में suhaagraat...saath बने rahiye..will पोस्ट थे नेक्स्ट अपडेट सून.
राजू रत्न को आँखों से इशारा करता है की क्या हुआ?
रत्न राजू के पास aakar…beta तूने हमें बताया नहीं रानी के बारे में?
राजू: नहीं maa…maine तो सब बातें बताया था जब हम रानी के घर गए the..uske बारे में पूरा तो बताया था..
रत्न: बताया tha..lekin अधूरा hi….
राजू: मतलब?
रत्न: राजू के कान में धीरे se…yehi की तू बाप बनने वाला है और मैं दादी..
राजू जब यह बात सनटैन है तो उसे समझ नहीं आता और रत्न की तरफ देखता है..
रत्न रानी की तरफ देख कर उसे पास में बुलाती hai..jab रानी शर्माते हुए रत्न के पास आती है तो रानी तो राजू के बगल में बिठा के…
रत्न राजू से: अब समझ आया?
राजू रानी की तरफ देखता है तो वह शर्मा के हाँ में अपना सर हिलती है..
इतने में संध्या भी वहां आती है और राजू को अपने बाहों में लेकर ख़ुशी का इज़हार करती है और उसे बधाई देती है..
राजू भी थोड़ी मस्ती में आकर संध्या के कान में धीरे से कहता hai…aap भी कुछ महीनो बाद ऐसे hi खुश खबर dogi…to संध्या भी शर्मा जाती है..
वहां पर सुधा और ारु भी आ जाते है और घर में ख़ुशी का माहौल हो जाता है…
फिर राजू कहता है..
Chalo..bahut तैयारियां करनी hai..zyaada टाइम नहीं hai..aur फिर सब अपने काम में लग जाते है..
घर को सब लोग थोड़ा सजा देते hai…yeh सब काम में सब थक जाते है तो रात को जल्दी खाना ख़तम कर लेते है.
राजू फिर सब से कहता hai..aaj जल्दी सो jaao…thak भी गए ho…aur तीनो की तरफ देख kar..kal रात को सोने का टाइम नहीं मिलेगा और उनको आँख मार देता है..
तीनो शर्मा जाते है और सब साफ़ कर के अपने कमरे में चले जाते है…
तो डीडे यह होता है की रानी संध्या के साथ उसके कमरे में hi सोयेगी..
राजू भी अपने कमरे में चले जाता है और फिर रानी को आवाज़ देकर उसे कुछ काम hai..keh कर बुलाता है..
रानी जैसे hi कमरे में आती है तो राजू झट से उसे अपनी बाहों में लेकरडारवाज़ा बंद कर देता है..
राजू: अब जा कर थोड़ा टाइम मिला है अकेले में बात करने kaa…aur ऐसा कहते हुए रानी के होंठों को अपने होंठों से जोड़ देता है और स्मूच करता hai..Rani भी उसका पूरा साथ देती hai..kiss करते वक़्त राजू उसके ब्लाउज के ऊपर से hi उसकी चुकी को दबाता है ज़ोर से…
रानी aaah..ki धीमी आवाज़ करती है तो राजू उसी वक़्त उसकी जुबां को अपने मुँह में लेकर जुबां भी चूसने लगता है..
5 मं के गहरे किश के बाद राजू रानी को अलग करता है और कहता hai..pehle आपने बताया क्यों नहीं?
रानी राजू se:ab मुझे तुम बुलाया karo…mere बच्चे के बाप बनने वाले ho..so, फिर तो एक तरह से आप मेरे पति hi हुए ना..
राजू: वह सब chhodo…Raju को वह सुबह वाली चुदाई याद आती है और कहता hai..kahin यह उसी दिन का नतीजा तो नहीं है?
रानी शर्मा के हाँ में सर हिलती है और कहती है..
रानी: मैंने कहा था naa…apna रास मेरे अंदर छोड़ना तो शायद मैं प्रेग्नेंट हो jaaongi..to देखो हो gayi..aur है देती है..
Raju:yeh तो बहुत ख़ुशी की बात है Rani…to फिर अपना वादा भी याद है ना?
रानी को पता tha..phir भी थोड़ा नाटक करते हुए ..कौनसा वादा?
राजू: अच्छा अब मुझसे hi jhoot..aur ऐसा कहते हुए अपना हाथ पीछे ले जाकर उसकी गांड को दबाते हुए अपनी ऊँगली उसकी साडी के ऊपर से hi चेक पे kured-te hue..agli बार इसकी बारी aayegi…yaad है ना वादा..
रानी: मैं तो मज़ाक कर रही thi..kaise भूल सकती हूँ waada…tumne भी तो मुझे वह ख़ुशी दी है जिसके लिए मैं इतनी सालों से तरस रही thi..aur ऐसा कहते हुए फिर से रानी राजू के होंठों को चूम लेती है..
राजू: तुमसे बहुत साड़ी बातें करनी है लेकिन अभी टाइम नहीं hai..jaa कर सो jaao..kal बहुत काम है…
रानी भी थोड़ा राजू की टांग खींचते hue..haan…time तो नहीं rahega..biwiyaan जो मिल jaayegi..aur आँख मार देती है..
राजू: accha…dekh lo..unke साथ तुम्हे भी शामिल ना कर लून..
रानी दुखी मन se..kaash ऐसा होता…
राजू: तो क्या hua…shaadi नहीं तो सुहागरात hi सही और है देता है..
रानी: मैं भी उस पल का इंतज़ार karoongi..aur ऐसा कह कर राजू के होंठ चूम कर कमरे से निकल जाती है…
राजू भी बहुत थका हुआ tha..woh भी जल्दी hi सो जाता है..
शादी:
अगली सुबह राजू भी जल्दी उठ जाता है और बाकियों को भी भी उठा देता है ..
घर में भाग दौड़ होती है तैयारियां की…
सुबह 8.00 बजे राजू पंडितजी को फ़ोन करता है और निकल जाता है उसे अपने घर लाने..
जाने से पहले राजू सब से कहता है की वह तीनो तैयार रहे..
जाते वक़्त वह ध्यान देता है की कोई उसका पीछा ना kare…aur यह भी जान लेता है की ठाकुर के आदमी अभी तक नहीं आये थे..
राजू जल्दी से मंदिर पहुँच जाता है जहाँ पुजारी पहले से hi उसका इंतज़ार कर रहा था.
राजू उनको लेकर घर आ जाता है..
पंडितजी घर में प्रवेश करते है और घर को सजा हुआ देख कर उनके चेहरे पे मुस्कान आ जाती है..
इतने में राजू भी तैयार होने चला जाता है..
फिर रत्न आ कर पंडितजी को नमन करते हुए पूछती है की और क्या ज़रुरत है?
पंडितजी उसको हवन का सामान लाने को कहते है और अपने काम में लग जाते है..
रत्न सब सामान लाकर पंडितजी को देती है जो उन्होंने पुछा था…
जब सब सेट हो जाता है तो पंडितजी कहते है की समय नज़दीक आ रहा है और सब को आने को कहते है..
Teeno…Sudha, संध्या और ारु सज धज के बाहर आती hai..teeno बहुत खूबसूरत लग रही thi..shaadi के लाल जोड़े में..
ारु को देख कर पंडितजी कहते है ..तुम वही हो ना beti..jinki शादी मैंने पहले किया था..
ारु हाँ में सर हिला देती है और पण्डितजीको भी सब समझ आ जाता है..
इतने में राजू भी तैयार हो कर आ जाता है और वह भी बहुत स्मार्ट और डैशिंग लग रहा tha….sherwaani पहने हुए और सर पे सेहरा भी लगाए हुए था..
पंडितजी सब को बैठने को कहते है और वह शादी की रस्में शुरू करता है..
फिर वह वक़्त भी आ जाता है और देखते hi देखती शादी भी सम्पन हो जाती hai..(deliberately स्किप्पिंग थे फाइनर डिटेल्स ) और तीनो राजू की पत्नियां बन जाती है..
शादी के बाद राजू और तीनो पंडितजी का आशीर्वाद लेते है और साथ में रत्न से भी आशीर्वाद लेते है..
रत्न की आँखों में ख़ुशी के आंसूं बह जाते है और चारो को ढेर सारा आशीर्वाद देती है..
इन सब में काफी टाइम लग जाता है और लगभग दोपहर हो जाता है..
राजू और रटने के ज़िद पर पंडितजी भी चाय नास्ता कर के निकलने के लिए रेडी होते है..
राजू को कुछ सूझता है और फिर हु अपने कपडे फिर से चेंज करने के लिए कमरे में चला जाता है..
संध्या, ारु और सुधा भी शर्माते हुए कमरे में चले जाते है..
रत्न पंडितजी को बुला कर अपने कमरे में ले जाती है और पंडितजी से बात करती है..
रत्न: पंडितजी, आपसे विनती है की आप यह बात किसी को ना बताये की आपने यह शादी करवाई hai..main नहीं चाहती की कोई मसला हो..
पंडितजी: धैर्य रखिये behanji…Aapke bête से मेरी बात हो गयी hai..kisi को कुछ नहीं बताऊंगा और भले hi यह शादी समाज के नज़रिये से जायज़ ना ho..lekin कोई गलत भी नहीं hai..aap निश्चिंत रहिये..
रत्न के मन में एक दुविधा होती है जो पंडितजी जान जाते है और कहते है..
पंडितजी: बहनजी, आपके मन में क्या दुविधा है? मुझसे आप पूछ सकती हो..
रत्न: मैं एहि सोच रही थी सुहागरात कब मन सकते है यह लोग…
पंडितजी: आज का दिन बहुत शुभ hai..aur उनकी कुंडलियों के हिसाब से आज राजू और सुधा (पंडिजित को नाम नहीं मालूम tha..to उनके शादी में बैठने के हिसाब से कहता है) सुहागरात मन सकते है और 2 दिन बाद बाकी दोनों बिटिया भी मन सकते है..
रत्न को थोड़ा राहत मिलता है और हाँ में सर हिला कर पंडितजी को दक्षिणा देकर उनके पाँव छु कर आशीर्वाद लेती है..
पंडितजी: अब सब क्लियर हो गया है तो मुझे भी निकलना hai..aaj का दिन बहुत शुभ है तो मुझे और भी शादियां करवानी है और बहार निकल आता है..
इतने में राजू भी अपने कपडे चेंज कर के नार्मल कपड़ों में आ जाता है और पंडितजी को लेकर घर से निकल जाता है..
राजू को नार्मल कपड़ों में देख कर सब आश्चर्य हो जाते है और रत्न और रानी पूछती है की कपडे क्यों चेंज किये..
राजू कहता है की वह वापस आ कर सब बताएगा..
राजू का तेज़ दिमाग और सोच:
जैसा hi राजू ने सोचा tha..tab तक ठाकुर के आदमी भी निगरानी के लिए आ जाते है जो राजू देख लेता है..
राजू पंडितजी को मंदिर के तरफ ले जाता hai..raaste में
राजू: पंडितजी, हो सकता है की कुछ आदमी आपको रोके या बाद में मिले और पूछे की मेरे घर में क्या करने आये हो..
पंडितजी: मैं कह दूंगा की तुम्हारे किसी दूर के रिश्तेदार की शादी के बारे में बात करने आया था..
राजू: haan..yeh ठीक rahega..aise hi कह देना आप..
राजू फिर पंडितजी को मंदिर में छोड़ कर थोड़ी दूर छुप कर किसी का इंतज़ार कर रहा होता है..
राजू का शक एकदम सही निकलता है और कुछ देर बाद ठाकुर के 2 आदमी मंदिर में दर्शन के बहाने से आते है…
दर्शन कर के पंडितजी से 5 मं के लिए “कुछ बात करते है” और निकल जाते है..
जब वह निकल जाते है तो राजू फिर से मंदिर जाकर पंडितजी से मिलता है..
पंडितजी: अरे बीटा, अब तक गए नहीं तुम?
राजू: मैंने कहा था ना aapse…kuch लोग आपसे मिलने आएंगे और मेरे बारे में पूछेंगे..
पंडितजी: सही कहा beta…woh लोग तुम्हारे बारे में hi पूछ रहे the..unki बातों से मैं भी थोड़ा दर गया tha…dikhne और बात करने में अच्छे नहीं लग रहे थे..
एहि पूछ रहे थे की मैं तुम्हारे घर क्यों गया tha…aur मैंने भी वही जवाब दिया जैसा हमने बात किया था…
राजू: उनको कोई शक तो नहीं हुआ?
पंडितजी: मुझे तो नहीं लगता beta..but इतना ज़रूर कहूंगा की उन लोगों से थोड़ा संभल के rehna..kahin तुम्हे कोई नुक्सान ना करे..
राजू: धन्यवाद Panditji..main संभल कर रहूंगा…
राजू फिर से उनका आशीर्वाद लेता है और घर की तरफ चला जाता है..
वापस आते वक़्त राजू काम्य को फ़ोन करता है..
राजू: मालकिन, कैसी हो?
काम्य: राजू, अकेले में तो मालकिन मत kaho…waise भी मैं यहाँ इस घर में एक नौकरानी की तरह रहती hoon..waise भी जब से माला गयी है, तुम तो आना hi बंद कर दिए हो..
राजू: ऐसा नहीं है Malkin….Kaamya..thoda काम में बिजी था तो टाइम नहीं मिल paaya..zaroor आके मिलता हूँ.
काम्य: बोलो, कैसे याद किया..
राजू: काम्य, मेरे लिए एक छोटा काम karo…yeh पता लगाओ की ठाकुर रोज़ सुबह कितने बजे घर से निकलता है और शाम को घर कब तक आता है?
काम्य: क्यों, कुछ गड़बड़ हुआ है क्या?
राजू: अभी के लिए तो कुछ nahi..lekin मैं कुछ सोच रहा hoon..woh मैं बाद में बताऊंगा..
काम्य: ठीक hai..pata करती हूँ.
राजू: ठीक hai..main कल सुबह फिर फ़ोन करता hoon…aur फिर फ़ोन कट कर देता है.
राजू के घर:
राजू घर आ जाता hai..ghar में सब शांत रहता hai..Raju आवाज़ देता है तो रानी बहार आती है..
रानी: क्या hua..chilla क्यों रहे हो?
राजू: सब कहाँ गए? कोई नज़र नहीं आ रहा है..
इतने में रत्न भी बहार आती है और राजू से पूछती है की वह कपडे बदल कर क्यों गया था??
राजू: अभी दोपहर हो गया hai..mujhe पता था की अब तक ठाकुर के आदमी यहाँ आ गए honge..mujhe शेरवानी में देख लेते तो उनको शक हो jaata..isiliye कपडे बदल लिए..
राजू रत्न को अपने बाहों में लेकर जो कुछ देर पहले हुआ tha..sab बता देता hai…Ratna चिंता करती है तो राजू अपना ऊँगली उसके मुँह पे रख kar..chinta मत करो maa..main हूँ naa…mujhe पता tha..Thakur कुछ ऐसा hi करेगा कर ke..isiliye कपडे बदल लिया tha…lekin आप फ़िक्र मत करो…
इतने में बाकी तीनो भी शर्माते हुए बहार आ जाते है और अपनी नज़रें झुका लेते है..
राजू: उनकी टांग खींचते hue…kya खूबसूरत लग रही है मेरी biwiyaan..aur शर्मा तो ऐसे रही है जैसे हम आज पहली बार मिल रहे है..
रत्न: चुप कर Raju..unko परेशान क्यों कर रहा hai..shaadi हुई है तो थोड़ा तो शर्माएगी naa…naa की खुल कर तेरे सामने आएँगी..
राजू: अब क्या शर्माना maa…main भी चाहता हूँ की घर में सब नार्मल hi प्यार से एक दुसरे के साथ rahe…jaise पहले tha..ab भी वैसा hi rahe..aur हस्ते hue..haan..farak अब इतना hi रहेगा की हम सब रात में एक hi बिस्तर में soyenge..aisa कहते हुए रत्न और रानी को आँख मार देता है..
वह तीनो यह बात सुन कर शर्म से पानी पानी हुए जा रही थी..
<1 हर बैक>
जब राजू पंडितजी को मंदिर छोड़ने गया था तो रत्न कमरे में तीनो से मिलने जाती है..
रत्न को कमरे में देख कर तीनो रत्न के गले लग जाते है और सब की आँखों में ख़ुशी साफ़ दिख रही थी..
रत्न तीनो को प्यार से माथा चूम kar..jab तक मैं भी राजू से शादी नहीं कर leti…tab तक तो तुम तीनो मेरी बहु हुई naa..aur है देती hai..meri प्यारी gudiyaan…kitni खूबसूरत लग रही हो तुम sab…bhagwaan हम सब को अपनी नज़र में अच्छे से रखे..
तो तीनो एक साथ हाँ कह कर रत्न के पेअर छूटे है..
रत्न उनको उठा कर अपने गले लगा कर..
रत्न: आज मैं बहुत ख़ुशी hoo…ki मुझे इतनी अच्छी बहु मिली hai..tum सब राजू के लिए एक दम सही ho..main जानती hoon..woh हम सब को बहुत खुश रखेगा..
वहीँ कोने में कड़ी हो कर रानी भी यह सब बातें सुन रही thi..aur उनकी बातें सुनकर उसकी आँखों में भी आंसूं आ जाते है..
रत्न रानी को देख लेती है और इशारे से उसको भी अपने पास बुला कर उसको गले लगा कर..
तू भी तो एक तरीके से इस परिवार का हिस्सा ho..to तुम कैसे अलग हो सकती हो..
रानी भी खुश हो जाती है और रोने लग जाती है..
रत्न: nahi..aise ख़ुशी के मौके पे रोना नहीं hai…Sandhya भी रानी को अपनी बाहों में लेकर उसको दिलासा देती है और उसे संभालती है..
थोड़ा और ऐसे hi बातें करके रत्न कहती है..
रत्न: एक एहम baat…main पंडितजी से बात कर ली hai…aaj का दिन बहुत शुभ hai..to आज रात राजू और छोटी (सुधा) का सुहागरात होगा… और 2 दिन बाद ारु और संध्या भी…
यह सुनकर सुधा शर्मा जाती है और कहती है..
सुधा: आज ारु को करने दो naa….mera फिर भी हो जाएगा..
रत्न: नहीं रे chhoti…Panditji ने बताया है की आज की रात तुम दोनों के लिए अच्छा hai…to सुधा कुछ नहीं कह पाती.
रत्न - रानी और संध्या se…kamre को अच्छे से सजा dena..main और ारु सुधा को तैयार करते है..
<बैक तो प्रेजेंट>
घर में ख़ुशी का माहौल रहता hai…sab खाना खा कर राजू कमरे में सोने जाता तो रत्न उसे रोकती है और कहती है की अभी के लिए वह उसके (रत्न) के रूम में सो jaaye..aur राजू को भेज देती है..
घर की औरतें सब फिर से थोड़ी तैयारी में जुट जाती है..
ऐसे hi रात हो जाती है और रात को खाना खाने के बाद राजू सब की तरफ देखता है तो रत्न उसे अपने कमरे में ले जाती है..
रत्न: सुन Raju..aaj तेरी सुहागरात hai..to आज सुधा hi तेरे पास aayegi…Aaru और संध्या 2 दिन baad..aisa पंडितजी ने कहा है..
राजू हाँ कहता है और कमरे में जाने को होता है तो रत्न उसे रोकती है और धीरे से उसके कान में कहती है..
रत्न: beta…tumhe पता hoga..chhoti की भी उम्र हो रही hai..to मैं चाहती हूँ की वह मुझे जल्दी hi खुश खबर de…Raju को पहले यह बात समझ नहीं आती लेकिन कुछ सेकण्ड्स बाद जब उसको इस बात का मतलब समझ आता है तो है देता है और रत्न को भी अपने बाहों में lekar…uske होंठ चूमते hue..waise आपकी भी थोड़ी उम्र हो रही hai..jab मैं आपसे शादी करूंगा तो आप भी मुझे जल्दी hi खुश खबर देना…
रत्न: चल jhoote..bahut बदमाश हो गया hai..jaa और आराम से करना..
राजू भी रत्न की टांग खींचते hue…kaho तो आज सुधा की चीखें निकलवा दूँ क्या??
रत्न भी हल्का सा राजू को मुक्का मारती है और उसे उसके कमरे में भेज देती है..
कमरे में जाने से पहले राजू चुपके से किचन में जाता हैं और एक कटोरी में तेल लेकर कमरे की तरफ चला जाता है..
नोट: जैसे मैंने कहा tha...the एंटीरे अपडेट वास् गेटिंग वैरी long..so, हद तो स्प्लिट it...next अपडेट में suhaagraat...saath बने rahiye..will पोस्ट थे नेक्स्ट अपडेट सून.