RUDRADIP- The God And Devil - Page 2 - SexBaba
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RUDRADIP- The God And Devil

अपडेट 10

वैसे ऋतू का सवाल तो सबके hi मन में था पर कोई कुछ बोलै नहीं...

मतलब की कोई कुछ बोलता नहीं और ये छिपकली कभी शांत बैठती नहीं.......................

आगे............................



उसके बाद मई दिव्या के साथ बहार चला गया. और उस दिन हम दोनों बहुत घूमे..

हम दोनों ने बहुत मजा की और फिर रात होते होते हम लौट ए.....( छोटा सा फ्लैशबैक एन्ड...)

मई ये सब सोच hi रहा था तभी मेरा दूर जोर जोर से नॉक होता है मई जाकर ओपन करता हु तो दी थी..

Di-kitne देर से मई तेरा दूर बजा रही थी कहा था तू..

Mai-yahi था दी वो मई लैपटॉप पर गेम खेल रहा था इसलिए सुनाई नहीं Diya..waise आप यहाँ कैसे..

Di-(naraj होते हुए) क्यों मई यहाँ आ नहीं सकती क्या..

Mai-Aisa क्यों बोल रही हो दी.. ये रूम तो आपका hi है ये रूम क्या मई भी आपका hi हु आप जब चाहे तब आ सकती है...

Di-Acha आज बड़ा हक़ ज़माने को कह रहा है कही आगे जाकर तेरा मन नहीं बदल जाये...

Mai-koi चांस hi नहीं दी.. है बाकियो को बारे में नहीं कह सकता पर आपके बारे में No चांस...

दी- Ok ok ठीक है अब मस्का मरना बंद कर और चल जल्दी से निचे आ सब तेरा वेट कर रहे है...

मई- क्या दी वही रोज रोज क्या घर का खाना कभी बहार भी तो चला करो खाने के लिए...

दी- मतलब अब तुझे हमारे हाथ का खाना पसनद नहीं आ रहा.. ऐसा है तो सीधा सीधा बोल न ऐसे घुमा फिरकर क्यों कह रहा है... रुक अभी माँ को बताती हु..

Mai-(Hath पकड़ते हुए) ऐसी बात नहीं है दी मई तो बस ऐसे hi कह रहा था.. चंगेस के लिए..

तभी निचे से माँ की अबाज अति है जो हम दोनों को निचे बुला रही थी...

दी- चल अब निचे चल बाद में बताती हु तुझे खाने के बारे में..

फिर मई और दी निचे आ गए.. हमे देखकर माँ कहने कागि...

Mom-Kyu रे मोनू तू दीपू को बुलाने गयी थी क्या वही से खाना खाकर चली आयी..

Di-(Apne चेयर पर बैठते हुए) वो क्या है न माँ आपके लाड साहब कह रहे थे..

की उनको aaj-kal घर का खाना पसंद नहीं आ रहा है तो कुछ बहार जाने की बात कर रहे थे डिनर के लिए...

अब मई तो पूरा हैंग हो गया साला क्या सोचा था और क्या हो रहा है...

mom-kyu रे दीपू तूने सच में ऐसा कहा..

मई- नहीं माँ दी झूठ बोल रही है.. मई तो बस ऐसे hi कह रहा था सबके लिए...

Mom-Iska मतलब तूने सच में कहा था.. तो अब तुझे ये खाना नहीं मिलेगा चल बहार hi जाकर खाकर आओ...

ये सुनते hi कोई और तो नहीं पर एक शक्श थी जो बहुत खुश हो गयी थी और वो कोण है....

रितिका- (खुश होते हुए) एस्सस.......! माँ आपने ये बहुत ाचा किया एक दिन ये भुक्कड़ भूका रह जायेगा तो कुछ नहीं होगा...

मई- अगर मई भूका रहा न तो तुझे भी नहीं खाने दूंगा...

ऋतू- तू मुझे धमकी दे रहा है मोठे...

मई- है है तुझे hi बोल रहा हु नकचढ़ी....

पापा- रूद्र चल तू मेरे पास आ.. हम दोनों साथ कहते है...

और मई क्या ऋतू को चिढ़ाते हुए पापा के पास जाकर बैठ गया..

दी- तू वही बैठ वह से हिलना मत है कुछ भी हो जाये... अब जा भाई और भाबी की लेकर आ खाने के लिए...

ये सुनते hi मई चल पड़ा न्यूयोर्क वो दोनों मस्त जैसे कपल बैठते है वैसे बैठ हुए थे..

तो मैंने दोनों को उठाया और ले आया सीधा घर उन्हें चेयर पर बिठाया और अपनी जगह आकर बैठ गया...

लेकिन भाई और भाबी को क्या हुवा कुछ समाज hi नहीं आया...

जैसे hi उन्होंने खुद को देखा की वो घर में है और डाइनिंग टेबल पर बैठ हुए है तो वो दोनों भी मेरी तरफ देखने लगे गुस्से सी...

भाबी- ऐसे कोई लता है क्या दीपू एक बार हमे बता तो देते.. ये ऐसा लग रहा है जैसे हमे अगवाह करके यहाँ ले ए हो...

भाबी की इस बात पर सब जोर जोर से हसने लगे.. मतलब मुझे भी हसी आ रही थी.. क्यों की सच में ऐसा hi लग रहा था...

माँ- चलो जो भी कहना है बाद में.. अभी खाना खाओ...

Bhai-Ha भाई फिर मेरी मीटिंग है...

Sonam-Itne रात को कैसी मीटिंग जीजू...

भाई- सोनम यहाँ तो रात है पर वह तो सुबह है न...

Sonam-Aise कैसे... मतलब यहाँ रत और वह सुबह...

Di-Wo मई तुम्हे बाद में बताउंगी.. वैसे दीपू मुझे एक बात बता..

Mai-(Khana कहते हुए) है दी....

दी- दोपहर को कॉलेज में क्या हुवा था..

मई- (मन में) साला ये मटर तो सुबह hi क्लोज हो गया था न तो अब कैसे खुल गया...

अच्छा तो इसलिए दी ने कहा तहत वह बैठा है अब हिलना मत...

साला मंद कही का एक इशारा भी नहीं समाज सकता...

माँ- दीपू मोनू कुछ पूछ रही है तुम्हे...

Mai-ha... वोऊ.... वो आपको ऋतू कहेगी क्या हुवा था...

Ritu-(hadbadte हुए) Mmaaiii....Mai.. क्या कहु... तुमने hi किया है तुम hi बोलो...

भैया- रुक जाओ तुम दोनों, मई बताता हु क्या हुवा है...

मई- भैया आप कैसे...?

Bhaiya-Bhul मत मई कोण हु... और मुझे यहाँ न होकर भी यहाँ का सब पता होता है..

Di-Wo तो आप बताइये भैया क्या हुवा था दोपहर में..

Bhaiya-jyada कुछ नहीं बस ऋतू ने एक पुलिस के लड़के को बहुत मारा..

लेकिन इसमें इसकी कोई भी गलती नहीं है वो खुद hi इस फ़्लर्ट कर रहा था...

वहहह रे भाई हमारी पोल्ल भी खोली तो ऐसे खोली जैसे लाठी तो टूटे पर कोई अबाज न हो...

Papa-Kon वो दसप का लड़का.. उसको तुम दोनों ने मारा....

Mai-Maine नहीं पापा सिर्फ इसने इस अकेली ने 6-7 लड़को को ऐसे धोया की अब वो हॉस्पिटल में है..

Ritu-wah रे झूठे... सच बोल तूने hi मारा है दसप के लड़के को...

माँ- जिस किसने भी किया हो लेकिन ऐसा झगड़ा करना अछि बात नहीं है..

मई- Ok माँ... लेकिन ये बात आप इसे कहो मुझे नहीं...

ऋतू- ाचा तो तुम बहुत दूध के धुले हो..

भैया- ाचा ाचा चलो अब शांति से खाना खाओ और रूद्र खाना ख़तम होने के बाद मुझे आकर मिलो कुछ जरुरी बात करनी है...

अब भाई ने कह दिया तो कह दिया हम सब ने बहुत hi शांति से खाना ख़तम किया और फिर मई भाई के रूम में चला गया और भाबी थी माँ के साथ...

Mai-(door नॉक करते हुए) भैया क्या बात करनी है आपको...

Bhai-Ha आ यहाँ आकर बैठ..

मई उनके सामने जाकर बैठा तो वो आगे कहने लगे.......................

 
अपडेट 11

Mai-(door नॉक करते हुए) भैया क्या बात करनी है आपको...

Bhai-Ha आ यहाँ आकर बैठ..

मई उनके सामने जाकर बैठा तो वो आगे कहने लगे.......................

आगे............................



भाई- रूद्र अब तुम ठीक हो गए हो तो अब जरा काम की बाटे करते है...

Mai-Ha भाई मई समाज गया आप किस बारे में बात कर रहे है...

भाई- फिर ठीक है लेकिन अब Karan(Jo भैया की बनायीं हुयी टेक लैब को संभल रहा था) भी नहीं है वह पर अब उस जगह पर कोई भी नहीं है..

Mai-Matlab उसे क्या हुवा..

Bhai-Ha उससे कुछ नहीं हुवा.. उसकी भी खुद की लाइफ है तो इसलिए उसको मैंने आज़ाद कर दिया है और अब वह कोई भी नहीं है...

ये सुनते hi मई कुछ देर सोचता रहा तो भाई कहने लगे..

Bhai-tum क्या सोच रहा हु रूद्र..

Mai-Kuch नहीं भाई मई ये सोच रहा था की मई तो उस लैब को फुल टाइम नहीं दे सकता तो मई सोच रहा था की ऐसा क्या किया जाये की हमारे काम भी हो जाये...

भाई- देख न मई भी इंडिया आकर भी वह नहीं हु और तेरी भी तो लाइफ है..

और अब इतने आगे बढ़ चुके है की पीछे देखना इम्पॉसिबल है...

मई- नहीं भाई आप उसकी चिंता मत करो मई वो देख लूंगा.. बस मुझे 3-4 दिन का वक़्त दे दो..

मई कुछ न कुछ सलूशन ढूंढ लूंगा.. आप बेफिक्र होकर अपना काम कीजिये...

Bhai-Mujhe तुमसे यही उम्मीद थी रूद्र..

मई- वैसे मैंने एक आदमी को बुलाया है उस टेक लैब को मॉडिफाई करने के लिए वो जल्द hi यहाँ आ जायेगा..

भाई- तुम्हे जो करना है वो करो मैंने तुम्हे फुल अथॉरिटी दे दी है..

तभी अंदर एते हुए भाबी कहती है...

भाबी- कैसे अथॉरिटी युवी... और किस बारे में बात हो रही है...

भाई- ये हम दोनों भाइयो की बात है तुम नहीं संजोगी और वैसे भी हम तुम्हे क्यों बताये...

Bhabi-Aap और आपकी बाटे और वैसे भी मुझे कोई इंटरेस्ट नहीं है आपकी बात जानने में...

Mai-Chalo भाई अब मई चलता हु...

भाई- कहा जा रहा है चल मुझे छोड़कर आ मेरी मीटिंग भी तो है भूल गया क्या...

मई- है है ठीक है... वैसे भाबी क्या आप भी जाना चाहेंगी भाई के साथ...

Bhabi-(Kuch सोचते हुए) ममआइईईई.... है जरूर जाउंगी इनके ऑफिस.. और वह से फिर बहार घूमने...

मई- ठीक है फिर चलो..

उसके बाद मई उन दोनों को न्यूयोर्क छोड़ कर आ गया और चल पड़ा अपने रूम की तरफ.. तभी मुझे माँ बुलाती है...

माँ- दीपू... कहा जा रहा है तू.. चल इधर आ सोने के लिए...

Mai-aya माँ...

फिर मई माँ की रूम में जाकर उनके साथ सो गया...

कुछ देर सोने के बाद मुझे ऐसा लग रहा था की कोई मुझे नींद में hi अबाज लगा रहा है और वो अबाज किसी मर्द की थी...

अबाज- रुद्रदीप मुझे लगता है की अब तुम कुछ खुल के रहा करो... अब तुम्हारे ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी आ गयी है ..

तो मई चाहता हु तुम उस जिम्मेदारी को समाज जाओ और अपना काम ठीक तरह सी करो.

Mai-Mai कुछ समजा नहीं आप जस्ट कह रहे हो..

आबाज- उसके लिए पहले तुम्हे अपने आप को समजन होगा और वैसे भी अब तुम खुद की रक्षा कर सकते हो..

तुम्हारे दिमाग का बहुत सा भाग खुल चूका है पर अभी भी बहुत कुछ खुलना बाकि है...

मेरा मतलब तुम अपने दिमागी ताकतों को badhao..ab से तुम्हारी असल लड़ाई शुरू होने वाली है..

तो अपने आप को उसके लिए तैयार करो ताकि आगे जाकर तुम्हारा ज्यादा कुछ न बिगड़े...

और है जो भी तुम्हारे पास है उसका इस्तेमाल करना शुरू karo..Mai नहीं कह रहा हु की तुम्हारी असली आइडेंटिटी लोगो को दिखाओ पर जैसा तुम हो वैसे तो रहो..

Mai-mai समाज गया आप क्या कहना चाहते हो लेकिन मुझे एक बात बताओ आप आखिर है कोण...

आबाज- जब तुम खुद देखोगे न तो खुद जान जाओगे...

Mai-Lekin हम मिलेंगे कब..

आबाज- बहुत जल्द बीटा... मई उस पल का बहुत बेसब्री से इंतज़ार कर रहा हु..

ये कहते hi वो अबाज अणि बंद हो गयी और मेरी नींद टूट गयी.. मैंने साइड में देखा तो माँ कही पे नहीं थी...

लगता है सुबह हो गयी है इसलिए मई अपने रूम में गया और फ्रेश होकर रेडी हो गया लेकिन इस बार अब मैंने अपना लुक चेंज कर दिया था...

मतलब मैंने अपनी आँखों के लेन्सेस थी वो निकलकर फेक दी थी...

क्यों की अब मुझे उसकी ज्यादा जरुरत नहीं the.Jo होना था देख लेंगे...

मई निचे आया तो सोनम और रसिका डाइनिंग चेयर्स पर बैठी हुयी थी सुबह के नाश्ते के लिए..

मैंने उन दोनों को एक पल के लिए देखा और मेरे मन में कुछ ख्याल आया तो मई वह जाने लगा...

मुझे अपनी तरफ एते हुए देखकर वो मेरी और hi देखने लगे..

लेकिन जब उन्होंने और सब ने मेरी तरफ देखा तो सब मुझे देखते hi रह गए..

कोई भी कुछ नहीं बोल रहा था.. लगता है मेरे आँखों का जादू अभी भी काम कर रहा है...

Mai-(Chutki बजाते हुए) क्या हुवा आप सब लोग मुझे ऐसा क्यों देख रहे हो...

माँ- रूद्र ये आंखे....

मई- है माँ मैंने वो लेन्सेस निकल दी है.. कब तक मई अपनी आंखे छुपाओ..

तो मैंने सोच लिया जो भी होगा देखा जायेगा लेकिन आगे से लेन्सेस नहीं पहनूंगा...

Di-Jaise तुम्हारी मर्ज़ी लेकिन अब तो चलो ब्रेकफास्ट खाओ...

मई- है है क्यों नहीं...

फिर हम सबने ब्रेकफास्ट कर लिया तो जाते जाते मैंने सोनम और रसिका को अपने पास बुलाया और उनसे कहा...

मई- मई तुम दोनों से कुछ बात करना चाहता हु लेकिन अभी नहीं बाद में मुझे दोपहर को अपने पास वॉर गार्डन में आकर मिलो...

सोनम- ठीक है रद....

उसके बाद मई अपनी बाइक लेकर कॉलेज चला गया...

वैसे आप सब सोच रहे होंगे ऋतू कहा चली गयी तो वो सुबह hi मुझसे पहले दिव्या के घर गयी thi.aur वो वही से कॉलेज आने वाली थी...

मई अपनी बाइक चला रहा था लेकिन तभी मुझे एक चीख सुनाई दी वो चिक सुनते hi मैंने अपनी गाड़ी रोक दी..

और चारो और देखने लगा लेकिन कुछ नहीं दिखा.

तो मैंने बाइक दूसरे रस्ते से लेने की सोची और जैसे hi मैंने रोड चेंज किया मेरे आगे का नजारा देखकर मई शॉक hi रह गया............................

 
अपडेट 12

तो मैंने बाइक दूसरे रस्ते से लेने की सोची और जैसे hi मैंने रोड चेंज किया मेरे आगे का नजारा देखकर मई शॉक hi रह गया............................

आगे............................

क्यों की एक बस स्टॉप पर कुछ 4 लड़के एक लड़की को छेद रहे थे.. और गंदे गंदे गालिया भी दे रहे थे...

लेकिन जिस लड़की को वो छेद रहे थे उसे देखकर तो मई शॉक hi रह गया..

क्यों वो और कोई और नहीं रानी hi थी.. है आप सब लोग सही सोच रहे हो ये वही रानी है जो रद की याददास्त जाने पर जिस घर में ठैरा हुवा था वही रानी...

मुझे वो सब देखकर बहुत गुस्सा आ रहा था. साला कोई अकेली लड़की देखि नहीं की चले एते है मुँह उठाकर..

कितना भी समजा दो इन लोगो को ... कल सब भूल hi जाते है...

मई ये सब दूर से hi देख रहा था रानी के आँखों में आंसू ए हुए थे.. और मई वह पर जाने hi वाला था..

तभी मेरे दिमाग में आया की मई ऐसे hi उसके सामने नहीं जा सकता...

तभी मैंने एक जगह अपनी गाड़ी रोक दी.. और मैंने अपने चारो और देखा की कोई मुझे देख तो नहीं रहा है न..

और मैंने अपनी आंखे बंद की और 1 सेकंड के अंदर hi ओपन की..

पर इस बार मई मेरे सूट में आ गया था मतलब डेविल प्रिंस (डप).. और मई जाकर उनके बिच में खड़ा हो गया...

मुझे देखते hi उन लड़को की पंत गीली हो गयी... लेकिन उनमे से एक लड़के ने अभी भी मुझे नहीं देखा था इसलिए वो रानी से कहता है...

लड़का- चल न मेरी छमकछल्लो... तुझे पुरे दुनिया की ख़ुशी दे दूंगा...

Mai-Kaho तो इसमें मई कुछ मदद करू...

लड़का- न कोई जरुरत नहहहहह.....

इसके आगे वो कुछ बोल hi नहीं पाया.. क्यों की ये कहते हुए वो मेरी और देखता है..

और जैसे hi मुझे अपने सामने खड़े हुए देखता hi तो उसकी बोलती hi बंद हो जाती है...

पर ऐसे लड़को में न ईगो प्रॉब्लम बहुत होता है... वो कभी भी अपने ईगो को हर्ट होता हुए नहीं देख सकते फिर उसकी पूरी maa-bahan एक न हो जाये...

वैसे रानी ने भी मुझे देख लिया था पर वो बोली कुछ नहीं क्यों की अभी भी उसके आँखों में आंसू ए हुए थे और नहीं वो मुझे जानती थी अस सूट..

लेकिन अभी मैंने उस पर ज्यादा ध्यान न देते हुए उन लड़को को देखने लगा...

लड़का- क्यों बे कोण है बे तू . और ये कोनसे शॉप में से उठा कर लाया है ये भाड़े का सूट...

चल जा बहुत देखि है ऐसी हीरोइक मूवीज.. चल अब अपना रास्ता नाप ले...

तभी उसका फ्रेंड जो उसकी फटी हुयी पड़ी थी.. वो कहता है..

लड़का2- अबे तू इसको नहीं जनता है क्या ये बहुत खतरनाक है और ये सच में सुपरहेरो है चल यहाँ से...

लड़का- चल बे इसके जैसे बहुत देखे है मैंने फिर ये कोनसे खेत की मूली है...

लड़का2- तुझे बहुत बड़ा शौक है न अपनी मौत को दावत देने का तो दे दे हम नहीं देने वाले...

(मेरी तरफ देखते हुए) डप सर मुझे माफ़ कर दो.. हम आगे से ऐसा कभी नहीं करेंगे..

ये तो बस हम इस लड़के के कहने पर कर रहे थे. हमे माफ़ कर दो हम चलते है...

वो जाने hi वाले थे तभी मई बोलै...

मई- रुक जाओ.. तुम लोग कही नहीं जा सकते... ये लड़का जितना जिम्मेदार है न उतने तुम भी जिम्मेदारी हो...

तभी वो लड़का अपने हाथ में गन लिए हुए मेरी तरफ बढ़ने लगा और उसने गन चला दी...

और वो गन की गोली सीधा मेरे माथे पर लगाकर वो गोली हवा में गायब हो गयी...

ये देखकर तो उस लड़के के भी फुल जल गयी... उसने तो अपनी पंत में hi सब कर दिया जो फटने पर करते है....

इन सबकी ऐसे फटी हुयी देखकर मुझे इन्हे मरने का तो नहीं पर इन्हे मेरी सजा याद रखा जाये...

और ये सब फिर से ऐसा न करे इसलिए मैंने इन सबकी कुछ और hi सजा देने की सोची...

क्यों की ये अभी कितने भी मासूम क्यों न हो कल ये सब फिर से वही स्टार्ट करेंगे...

तो मैंने सिर्फ उनके मैं part को hi बंद करने की सोची मतलब कभी उठे hi न...

तो मैंने उन सबके लुंड पर बस अपने लेथ से एक एक वार कर दिया और वो उसको भी सहन न कर सके और वो सब वही बेहोश हो गए...

अब मई पलटा और रानी की तरफ देखा तो उसकी आँखों में अभी भी आंसू थे और वो बहुत उनकंफर्टबले महसूस कर रही थी.. और वो शायद मुझसे भी दर भी रही थी...

मुझे भी ये देखा नहीं गया इसलिए मैंने उसे झट से उसके घर छोड़ दिया..

और फिर वापस आकर आपने बाइक से कॉलेज जाने लगा...

लेकिन कॉलेज जाते समय मई रानी के बारे में hi सोचने लगा...

तो कॉलेज जाते जाते मैंने उसके बारे में कुछ और hi प्लान रेडी कर दिया...

मई क्लास में गया तो सब दोस्त पूछने लगे की इतने देर कहा था पर मैंने कुछ बहाना बनाकर उन्हें ताल Diya.Aur ऐसे hi हमारा लंच टाइम हो गया...

तभी मुझे सोनम का कॉल आया की वो दोनों गार्डन में पहुंच गए है तुम भी आ जाओ...

मई अपने दोस्त से कुछ बहाना बनाकर वह से निकल पड़ा गार्डन की तरफ...

Sonam-Kitni देर कर दी तुमने आने में...

Mai-Ha वो ट्रैफिक में फस गया था...

Sonam-(Haste हुए) तुम और ट्रैफिक में क्यों बहाना बना रहे हो...

मई- है वो अब यहाँ आ hi गया हु तो सोचा बी रोड से hi औ पर सोचा नहीं था इतना लेट होगा मुझे...

Sonam-Chalo छोड़ो अब बताओ हमे क्यों बुलाया है यहाँ...

मई- ऐसे hi पर चलो मुझे भूक लगी है उसके बाद कुछ बाटे करते है...

फिर हम तीनो वही पर एक रेस्टोरेंट में चले गए.. वह पर कहते हुए मई और सोनम बाटे कर रहे थे..

पर रसिका बहुत hi शांत थी.. पर कहते हुए मैंने उसे कुछ नहीं पूछा...

खाने के बाद मैंने आइस क्रीम ली और उन दोनों को एक ऐसी जगह ले गया जहा पर हम तीनो की बाटे कोई सुने न..

Sonam-Chalo अब बताओ क्या बात है...

मई- बताता हु पर उसे पहले मुझे ये बताओ रसिका की आखिर हुवा क्या है तुम्हारे साथ...

मतलब यहाँ पर आने के बाद तुम बहुत शांत रहती हो क्या तुम्हे ये माहौल पसनद नहीं है क्या..

अगर ऐसा है तो तुम जा सकती हो.. तुम्हे कोई फाॅर्स नहीं कर रहा यहाँ पर....

रसिका- ऐसी बात नहीं है रद.. बल्कि मुझे तो ऐसा hi माहौल चाहिए था..

एक हस्ता खेलता परिवार जहा पर सब मिल जुलकर रहते हो..

लेकिन पहली बार मई आप जैसे महँ व्यक्ति के साथ रह रही हु..

और उनके साथ बाटे कर रही हु जिनकी बारे में मई अपने बचपन से सुनते आ रही हु तो कुछ अजीब तो लगेगा hi न..

इसलिए थोड़ा उनकंफर्टबले महसूस कर रही हु...

मई- रसिका मैंने तुमसे पहले hi कहा था.. तुम अब सिर्फ मेरी फ्रेंड हो .. जैसे सोनम और बाकि लोग है...

मई पहले क्या था वो तो मुझे भी नहीं पता पर है अब मई इतना जनता हु की तुम मेरे फ्रेंड हो..

और एक फ्रेंड की तरह hi Raho.Ab हम सब एक परिवार है सामजी...

रसिका- जी रद जैसा तुम कहो मई पूरी कोशिश करुँगी...

Sonam-Chalo अब बताओ रद हम यहाँ पर किस लिए बुलाया है..

मई- लगता है तुम्हे बहुत hi जल्दी है जानने की मई क्या कहना चाहता हु..

Sonam-RD ऐसी बात नहीं है वो हम माँ को सिर्फ 2 ऑवर hi बोलकर ए है इसलिए..

मई- Ok.. ok बताता हु.. तो सुनो तुम दोनों दिन भर घर पर hi रहता हो और तुम्हे दिन भर कुछ काम भी नहीं होता..

और इसलिए तुम दोनों बहुत बोर भी होती होंगे घर पर बैठे हुए...

सोनम- है वो तो है बोर तो हम दोनों भी होते है...

मई- तो मई चाहता हु की तुम हमारे कामो में मदद करो..

जिससे तुम्हारा मन भी काम में बिजी रहे और तुम दोनों को बोर भी न हो...

रसिका- जैसे की....

मई- जैसे रसिका तुम एक जिन हो तो तुम्हारे अंदर पावर्स का भंडार है..

तो तुम मेरे साथ मेरे टेक्निकल लैब में काम कर सकती हो उस लैब में हम दुनिया के हर एक बुरे लोगो को पकड़ते है..

और बुरी चीजे होने से रोकते hai..aur भी बहुत से चीजे हम वह करने वाले है..

तो मुझे लगता है वह पर तुम्हारी जरुरत पड़ेगी...

सोनम- और मई...

Mai-Maine देखा है तुम्हारा दिमाग बहुत चलता है और तुम्हारी बात मानाने की स्किल भी अट्रैक्टिव है...

तो तुम पापा के साथ उनके बिज़नेस में हेल्प करो...

वैसे भी भाई अब न्यूयोर्क में है तो मई चाहता हु की तुम पापा के साथ इंडिया का बिज़नेस सम्भालो...

Sonam-RD मई कैसे .. मुझे तो बिज़नेस के बारे में कुछ भी नहीं पता...

Mai-wo तुम्हे हम बताएँगे.. सिर्फ तुम पापा के साथ रहो इससे पापा को सिक्योरिटी भी मिल जाएगी..

और बिज़नेस में अगर कोई कुछ बुरा चल रहा है तो उसको सजा भी...

तुम दोनों के अंदर अलग अलग खुबिया है मई बस उसी का उसे कर के तुम दोनों को काम दे रहा हु. अगर तुम दोनों नहीं चाहती तो कोई बात नहीं...

Dono-(Sath में) नहीं... हम दोनों ये काम पूरी लगन से करेंगे...

मई- फिर ठीक है मई तुम दोनों की उस काम के बारे में बता दूंगा..

रसिका तुम्हे अभी वक़्त है लेकिन सोनम तुम कल से hi ज्वाइन कर सकती हो मई डैड से बात कर लूंगा..

और उसके लिए कोई भी हेल्प चाहिए हो तो पहले मुझसे बात करो फिर उनसे...

रसिए- और तुम क्या करोगे...

मई- मुझे बहुत से काम है अभी.. वैसे मई कभी इधर तो कभी उधर आ जाया करूँगा...

और है सोनम मई आज hi तुम्हे अपने बिज़नेस के बारे में सब बता दूंगा..

और रसिका तुम कुछ दिन ये धरती एन्जॉय करो उसके बाद मई खुद तुम्हे वह ले जाऊंगा...

Dono-Ok रद...

फिर वो दोनों घर चलज गयी और मई कॉलेज और कॉलेज छूटने के बाद सिधार घर...................................
 
अपडेट 13

फिर वो दोनों घर चलज गयी और मई कॉलेज और कॉलेज छूटने के बाद सिधार घर...................................

आगे............................

आज सुबह से मेरा मूड काफी ख़राब था और ये शायद किसी ने नहीं पर दी ने नोटिस किया.. तो वो सीधा मेरे रूम में आ गयी...

दी- क्या हुवा दीपू तुझे...

Mai-Kya हुवा है मतलब....

दी- तेरा ये मुँह क्यों उतरा हुवा है..

मई- कुछ नहीं दी वो तो बस ऐसे hi...

दी- तू कबसे मुझसे बात छुपाने लगा है... तुझे पता है न तू मुझसे झूठ कभी भी नहीं बोल सकता...

Mai-di एक्चुअली सुबह मई जब कॉलेज जा रहा था न तब मैंने रानी को देखा...

Di-Kon Rani...(Kuch सोचते हुए) कही वो तो नहीं जिनके घर तू ठैरा हुवा था तेरी याददास्त जाने पर...

Mai-Ha दी वही रानी...

Di-To उसका क्या.. मतलब ..

Mai-Di उन्होंने मेरी इतनी हेल्प की और देखो न मैंने अभी तक उनके लिए कुछ भी नहीं किया..

दी- (स्माइल करते हुए) बस इतनी सी बात...

Mai-Matlab...

Di-Are बुद्धू मई कह रही हु की अगर तू उन्हें खुश देखना चाहता है तो तू क्यों नहीं उन्हें यही ले आता.. मतलब वो वैसे भी हमारे साथ hi रहेंगे...

Mai-(Khush होते हुए) अरे है मैंने ये बात तो सोची hi नहीं... पर दी क्या वो मानेंगे हमारे साथ रहने के लिए...

Di-Kyu नहीं आखिर वो तुम्हे अपना बीटा जो मानते है...

Mai-Wo सब तो ठीक है पर mom-dad को कोण मनाएगा...

दी- वो काम तू मुझ पर छोड़ दे मई बात करती हु उनसे. .

Mai-Thank यू सो मच दी... अगर आप नहीं होती तो मेरा क्या होता.. ी लव यू दी...

ये कहते हुए मैंने उन्हें आपने गले लगाया तो वो भी मुझसे वैसे hi कहने कागि..

दी- ी लाइव यू दीपू....

फिर हम कुछ देर ऐसे hi बाटे करते रहे और दी चली गयी...

रात में खाना खाने के बाद सब ऐसे hi बाटे करते हुए बैठे हुए थे..

ये हमारा हर दिन का सचेडूले था की खाने के बाद सब परिवार मिलकर एक साथ बैठते थे...

अगर कोई खबर कोई एडवाइस या कोई भी कुछ पूछना हो तो यही पूछ लो.. संजो ये एक तरह से असेंबली से काम नहीं है...

दी- Mom-Dad मई.. मतलब दीपू आप सब से कुछ कहना चाहता है...

Mai-mmaii.....maaii...Kya कहना चाहता हु दी...

दी- अरे wo...Acha जाने दे मई hi बताती हु...

माँ- क्या बताना है मोनू...

दी- माँ आपको पता है दीपू की याददास्त जाने पर दीपू कहा था..

माँ- नहीं... मतलब है...

दी- दीपू न आज उनकी लड़की को देखा और उनकी बहुत बुरी हालत है...

उन लोगो ने हमारे दीपू के लिए क्या क्या नहीं किया तो हमारा भी हक़ बनता है न उनके लिए भी कुछ करे...

डैड- है बनता तो है.. पर तू क्या कहना चाहती है साफ़ साफ़ कहे...

दी- डैड मई चाहती हु की वो लोग भी हमारे साथ रह यहाँ पर.. क्यों अब वो भी अब हमारे परिवार का hi एक हिस्सा है..

Mom-Ye तो बहुत hi अछि बात है.. मई भी उन लोगो से मिलाना चाहती हु जिन्होंने मेरे दीपू का इतना ख्याल रखा और उसे अपने बचे की तरह पला...

दी- तो ठीक है हम कल सुबह hi उनसे मिलने जायेंगे... और अगर उनकी मर्जी हो तो हम उन्हें यहाँ ले भी आएंगे...

Mom-Jaisa तुम सब लोग चाहो...

Mai-(Mom को गले लगते हुए) थैंक यू माँ...

माँ- अरे इसमें थैंक यू कैसे ये तो मेरा फ़र्ज़ था... उन्होंने मेरे बेटे के लिए इतना कुछ किया तो मेरा भी कुछ हक़ बनता है न उनके लिए कुछ करने का...

Mai-Ha वैसे डैड मई भी आपसे कुछ बात करने वाला हु...

डैड- है बीटा बोल न क्या बात है....

Mai-Ha एक्चुअली वो क्या है न रसिका और सोनम दिन भर घर पर बैठे हुए बोर हो जाती है...

तो मैंने सोचा की क्यों न उन दोनों को किस काम में बिजी रखा जाये..

तो मई चाहता हु की आप कल से सोनम को अपने साथ ले जाईयेगा ऑफिस...

ये सुनते hi सब मेरी और hi देख रहे थे... मतलब मुझे खुद hi समाज नहीं आ रहा था का ये मेरी बातो से सहमत है है या नहीं...

Dad-Aur रसिका उसका क्या ...

मई- वो मेरी टेक्निकल लैब में हेल्प करेगी.. क्यों की रसिका बहुत कुछ जानती है मॉडर्न साइंस के बारे में..

Dad-Lekin बीटा तुम्हे क्यों लगता है सोनम को ऑफिस hi ले जाना बेहतर होगा...

मई- क्यों की पापा मुझे लगता है की सोनम की ग्रोस्सिंग पावर बहुत अछि है.. वो क्विक लर्नर भी है..

मतलब आप उसे अगर अपने बिज़नेस के बारे में बताओ तो वो आपकी कुछ हेल्प भी तो कर सकती है.

और वैसे भी अब भाई न्यूयोर्क का बिज़नेस संभल रहे है.. और मई अभी बिज़नेस के लिए रेडी नहीं हु..

और दी का अभी भी हायर लेवल का स्टडी शुरू है तो मई चाहता हु की सोनम को आप ले जय अपने साथ...

उसका कुछ टाइम पास भी हो जायेगा. और आपसे उसे कुछ नया सिखने के लिए भी मिल जायेगा...

मई ऐसे कह रहा था.. और सब मेरी बात एक ध्यान से सुन रहे थे..

जैसे मई उन्हें कुछ प्रवचन दे रहा hu.Meri बात ख़तम होते hi डैड कहने लगे..

डैड- बहुत hi दूर की सोच है तुम्हारी रूद्र.. और मई तुम्हारी सोच दे बहुत इम्प्रेस भी हु..

और मई सोनम को अपने साथ ले जाऊंगा पर उसे पहले मेरी एक शर्त है...

डैड की शर्त की बात सुनकर मई जरा शॉक hi रह गया.. क्यों की ये मैंने एक्सपेक्ट नहीं किया था..

मई- क्या डैड आप भी.. यहाँ पर भी शर्त...

Dad-Ha भाई आखिर ये बिज़नेस का मामला है और अगर इसमें उतरना है तो इसके खेल को समझना भी तो होगा...

Sonam-Ok पापा मुझे आपकी शर्त मंजूर है...

भाई- शर्त सुनने से पहले hi वाओ... इस बोलते है कॉन्फिडेंस...

डैड- लेकिन कभी कभी यही कॉन्फिडेंस जब ओवर कॉन्फिडेंस में बदल जाता है न तो फिर हमारा कुछ नहीं हो सकता...

Mai-Papa आप शर्त बताओ न...

पापा- तुम्हे 7 दिन देता हु बिज़नेस स्किल्स के बारे में जानने के लिए तुम जितना चाहो बुक पढ़ सकती हो कुछ भी कर सकती हो...

किसी की भी हेल्प ले सकती हो.. लेकिन 7 दिन बाद तुम्हारा इंटरव्यू और बाकि टेस्ट होंगे..

अगर तुम उन टेस्ट में पास हो गयी तो तुम्हारा ऑफिस में ऑलवेज वेलकम...

पापा की ये शर्त सुनकर हम सब शॉक hi रह गए.. मतलब ऐसी कोई शर्त रखता है क्या अपने घर वालो के साथ..

मई- ये क्या बात हुयी पापा... कोई अपने बेटी का भी इंटरव्यू लेता है क्या...

भाई- रूद्र इन्होने मुझे भी नहीं छोड़ा था.. उन्होंने मेरा भी इंटरव्यू लिया हुवा है...

ये बात सुनकर तो हमे और भी बड़ा शॉक लगा क्यों की पापा ने अगर भाई की भी नहीं छोड़ा तो किसी को भी क्यों छोड़ेंगे...

मई- मतलब आगे जाकर मई चाहूंगा की आपका ऑफिस ज्वाइन करना हो तो क्या मुझे भी इंटरव्यू देना पड़ेगा...

डैड- है बिलकुल तुम्हे भी देना होगा... आखिर मई जिस पर्सों को ले रहा हु अपने ऑफिस में मुझे भी तो पता होना चाहिए की वो उसके काबिल है भी या नहीं...

उसकी स्किल हमारे बिज़नेस में काम आएगी भी या नहीं...

Mai-(Bhai से) फिर तो भाई क्या आप भी इंटरव्यू लेंगे रसिका का.?

ये सुनते hi कुछ देर भाई ने मेरी और देखा जैसे वो समाज रहे हो मई किस बारे में बात कर रहा हु.. और जैसे hi वो समाज गए वो कहने लगे..

भाई- है भाई क्यों नहीं मई भी लूंगा इंटरव्यू...

Mai-(Kuch सोचते हुए) ऐसा है तो फिर आपने मेरा क्यों नहीं लिया इंटरव्यू..

Bhai-wo मई तुम्हे बाद में बताऊंगा...

फिर कुछ देर हमारी ऐसे hi बाटे चलती रही और मई अपनी रूम में जाने लगा..

तभी मुझे भाई दिखे उन्हें जाना था न्यूयोर्क.. तो जाने से पहले मैंने उन्हें वही सवाल किया...

भाई- इस सवाल का जवाब तो तुम खुद hi हो... तुम वह सिर्फ एक hi दिन ए और उस एक hi दिन में तुमने उस पुरे सिस्टम को अपग्रेड कर दिया था....

जिसको अपग्रेड करने में हमे शायद 6 मंथ ही लग सकते थे..

ये तो रही एक बात और अब तुम मेरी जगह ले चुके हो मतलब India's मोस्ट वांटेड थे रॉक की..

तो क्या अभी भी तुम्हे जानने की जरुरत है की मैंने तुम्हारा इंटरव्यू क्यों नहीं लिया....

भाई के इस जवाब से मई खुद पर hi हसने लगा.. क्यों की उनके इस जवाब ने मुझे ब्लेंक कर दिया था...

जाने दो फिर मई भाई को न्यूयोर्क छोड़कर अपने रूम ने वापस आकर सो गया......................................
 
अपडेट 14

भाई के इस जवाब से मई खुद पर hi हसने लगा.. क्यों की उनके इस जवाब ने मुझे ब्लेंक कर दिया था...

जाने दो फिर मई भाई को न्यूयोर्क छोड़कर अपने रूम ने वापस आकर सो गया......................................

आगे............................



सुबह मई जल्दी उठा और सुबह की कसरत कर के रेडी हुवा... क्यों की आज मई रानी के घर जाने वाले था..

माँ निचे टेबल पर ब्रेकफास्ट लगा रही थी तो मैंने जाकर उन्हें पीछे से हुग किया..

माँ- गुड मॉर्निंग दीपू...

Mai-(Mom की छोड़ते हुए) माँ आप मुझे हर समय कैसे पहचान लेती हो...

Mom-(haste हुए) क्यों की मई माँ हु तुम्हारी.. अपने बचो को नहीं तो किसको पहचानूँगी...

चल अब जा सबको बुला हम आज सब जाने वाले उन बाबा के घर....

Mai-(Chonkte हुए) हम सब मतलब.. पापा और आप दी सब भी आएंगे...

माँ- है भाई हम सब उनसे मिलने चाहते है...

Mai-(Chick पर किश करते हुए) लव यू माँ...

उसके बाद हम सबने मिलकर खाना खाया और मई तो सिर्फ एक hi कार लेने को कह रहा था पर डैड कभी सुनते है क्या..

उन्होंने अपने साथ 10-12 गाड़िया साथ ले ली. अगर मई कुछ पुछु तो कहते है...

डैड- ी क्नोव तुम हम सबको बचा सकते हो.. लेकिन अब इस समय तुम एक नार्मल इंसान बनकर चल रहे हो...

अगर कुछ हुवा तो ये हैंडल करेंगे.. (स्माइल करते हुए) हर समय डप को बहार लेन की जरुरत नहीं है...

उनकी इस बात सी मई भी हसने लगा.. फिर क्या हम चले बाबा के घर की तरफ...

बहुत दिनों बाद इतने सरे गाड़िया एते हुए देखकर वह पर सब लोग जान hi गए थे की कोण आ गया है और ये सब किसके घर जा रहे है...

बाबा भी अपने घर के बहार बैठे हुए वह के लोगो से hi बाटे कर रहे थे...

उन्होंने भी जान लिया था की आखिर कोण आया होगा है यहाँ पर...

तो एक तरफ से उनका चेहरा खिल सा गया था.. साडी गाड़िया जाकर उनके घर के सामने रुक गयी...

रानी भी ये देखने के लिए दूर पर आ गयी. और वह से hi वो बहार देखने लगी की क्या हो रहा है...

हम सब कार में से उतर गए और मई चला गया बाबा के पास उन्होंने जैसे hi मुझे पहचान लिया उन्होंने मेरे आगे हाथ जोड़ने की कोशिश की...

पर मैंने उन्हें हाथ जोड़ने नहज दिया और उनको गले लगा लिया..

अंदर से ये सब रानी देख रही थी.. उसके भी आँखों में ये देखकर आंसू आ गए थे...

जैसे hi मेरा ध्यान उधर गया वो अंदर चुप गयी..

मेरे भी आँखों में शायद आंसू आ गए थे.. पर मैंने अपने आप को कण्ट्रोल कर दिया...

बाबा- बीटा हमे तो विश्वास hi नहीं हो रहा है तुम यहाँ लौट ए हो हमे लगा तुम हमे भूल hi गए हो..

मई- ऐसे कैसे बाबा हम आपको भूल सकते हो.. आखिर आप hi जो है जिनकी बजह से आज मेरी याददास्त लौट आयी है...

ये सुनकर ऋतू मन में hi बड़बड़ाने लगी..

ऋतू- देखो तो कैसे कह रहा है आपकी hi बजह से और हमने तो जैसे कुछ किया hi नहीं ho..hhhhhaaahh...

वे तो मैंने सुन लिया था पर मैंने कोई रिस्पांस नहीं दिया...

बाबा मेरे पीछे खड़े हुए सरे परिवार को देखकर उन्हें प्रणाम करते है तो सभी लोग भी उन्हें प्रणाम करते है...

फिर बाबा हमे घर के अंदर ले जाते है.. उनका घर इतना बड़ा तो नहीं था..

पर इतनी जगह तो थी हम ढंग से बैठ जाये लेकिन निचे जमीं पर...

बाबा- रानी पानी ले आओ इनके लिए...

थैंक्स

तभी अंदर से रानी हम सब के लिए पानी ले आयी. मैंने उसको कल देखा था और आज देख रहा हु..

पर दोनों वक़्त में काफी फरक है.. क्यों की आज उसके चहरे पर एक अलग सी ख़ुशी दिख रही थी एक अलग सी चमक. जो कल गायब थी..

माँ- बाबा आपने हमारे बेटे के लिए इतना कुछ किया उसके लिए हम सब के बहुत आभारी है...

अगर मेरा बीटा मुझसे न मिलता तो मई आज आप सब के बिच नहीं होती... इसके लिए आप का तहे दिल से शुक्रिया...

Baba-Bahanji ये आप क्या कह रहे हो ये तो मेरा फ़र्ज़ था.. अगर मेरे जगह कोई और होता तो वो भी वही करता...

पापा- जी नहीं मुझे नहीं लगता जैसा आपने किया वैसे कोई और कर सकता है...

Mai-Baba मई चाहता हु की आप हमारे साथ हमारे घर चले और वह पर हमारे साथ रह...

ये बात सुनकर बाबा चौंक Gaye..aur उन्होंने रानी की तरफ देखा और रानी ने मेरी तरफ..

और मई तो बाबा के तरफ hi देख रहा था उनका क्या जवाब होता है...

Baba-(Muskurate हुए) नहीं बीटा हम वह नहीं आ सकते... शुक्रिया तुम्हारे बुलाने का पर हम वह नहीं आ सकते...

Papa-Kyu नहीं आ सकते मतलब आपने हमारे बेटे के लिए इतना कुछ किया..

तो हमारा भी कुछ फ़र्ज़ बनता है आपके लिए कुछ करने का..

बाबा- जी jarur...Lekin मई राजा को अपने बेटे की तरह मंटा हु और एक बेटे के लिए ये सब किया तो कुछ बड़ा काम नहीं किया...

Mai-Ha तो मई आप के लिए कुछ कर रहा हु ये भी कोई बड़ी बात नहीं है...

आखिर मई आपको आप के एक घर से दूसरे घर hi तो बुला रहा हु...

बाबा- नहीं बीटा मेरा मन नहीं मान रहा है तुम्हे भी पता है.

मई तुम्हे किसी भी बात के लिए न नहीं कहता लेकिन इस बात के लिए नहीं...

Mai-(Kuch सोचते हुए) ठीक है अगर आप हमारे साथ नहीं आना चाहते तो कोई बात नहीं..

पर अगर मई आपको कुछ देना चहु तो आप न भी नहीं करेंगे अब इस बात से आप मुकर नहीं सकते...

Baba-thik है बीटा बताओ कोनसी बात...

मई पापा की तरफ देखने लगा तो उन्होंने बहार से किसी आदमी को बुलाया.

तो कोई पेपर्स और के लेकर आया था तो उस आदमी ने वो मेरे पास दे दी...

मैंने वो फाइल और के सीधा बाबा के हाथ में रखकर बोलै...

मई- बाबा अगर आप हमारे साथ नहीं ए तो कोई बात नहीं पर एक बेटे का उसके बाबा के लिए एक तौफा समाज कर ये ले लीजिये..

Baba-ye क्या है बीटा.

मई- ये आज से आपके नई हाउस की चाबी है.. जहा पर आपको कोई भी काम करने की जरुरत नहीं है..

वह पर आप तीनो ख़ुशी से रह सकते हो और वो हमारे घर से ज्यादा दूर भी नहीं है..

और डेली मई भी आपसे मिलने वह आ सकता हु.. अब आप इसे न नहीं कह सकते...

बाबा ने एक बार रानी को देखा और रानी ने उन्हें आँखों hi आँखों में कुछ इशारा किया तो वो भी मान गए...

फिर क्या वह पर कुछ देर हमारी बाटे होती रही और उसके बाद हम सब बाबा और रानी को साथ लेकर उनके नए घर आ गए...

आप सब सोच रहे होंगे की उनका एक बीटा था वो कही दिखाई नहीं दे रहा..

तो वो मुझे भी नहीं पता लेकिन कोई बात नहीं हम बाबा से बाद में पूछ लेंगे...

tamilnadu-style-home-thumb.jpg


सच में वो घर बहुत hi बड़ा था उनके छोटे घर से.. वह पर वो तीनो बहुत hi आराम से रह सकते थे..

बल्कि वह पर हर काम के लिए नौकर थे और सब एक से बढ़कर एक रूम..

उनके पहले घर के रूम के इतना बाथरूम.. ये सब देखकर तो बाबा के साथ साथ रानी भी शॉक रह गयी थी..

वो भी पुरे घर को बहुत hi अजीब सज नजर से देख रही thi..niche भी पार्किंग में 2 Car's thi..Aur बहार बहुत hi बड़ा गार्डन था..

बाबा- बीटा इतना बड़ा घर क्या महल देने की क्या जरुरत थी...

Mai-Jarurat क्यों नहीं बाबा आखिर एक बीटा आपने बाबा के लिए इतना भी नहीं कर सकता...

वैसे इन सबके दौरान मेरी और रानी की कोई भी बात नहीं हुयी इन सब में वो सिर्फ मुझे देखे जा रही थी...

वह पर hi नौकरो ने हमारे लिए खाना बनाया...

तो हम सब वही खाना खाने बैठ गए... बाबा और रानी के लिए ये खाना भी किसी महल से काम नहीं लग रहा था और था भी कुछ वैसा hi...

माँ बाबा को मेरे बारे में पूछने लगी की मई वह कैसे रहा क्या करता था...

तो बाबा भी मेरे बारे में सबकुछ सबको बताने लगे...

और ऐसी बाते सुनकर सब मेरी तरफ देखकर हसने भी लगे थे..

फिर हम सब बाबा को वह छोड़कर और बाबा से रोज आने का वडा करके हम सब अपने घर वापस आ गए...

अभी भी रात होने में अभी वक़्त था...

और मई अपने रूम में बैठे हुए बाईट हुए दिनों के बारे सोच रहा था की इन दिनों मुझसे कुछ छूटा तो नहीं...

ये सब सोचते सोचते मुझे अचानक से कुछ याद आ गया और मई अपने बीएड से उठ कर बैठ गया............................

 
अपडेट 15

ये सब सोचते सोचते मुझे अचानक से कुछ याद आ गया और मई अपने बीएड से उठ कर बैठ गया............................

आगे............................



Mai-Are यार मई उसके बारे में कैसे भूल गया साला बहुत दिन हुए उसे मिले हुए..

अब तो शायद वो मुझे भूल भी चुकी hogi.Lekin चलो देख के एते है...

फिर क्या मई रेडी हुवा और निचे आया तो सब अपने रूम में थे शायद आराम कर रहे होंगे..

तो मई आराम से बहार जाने लगा की तभी मुझे पीछे से किसी ने अबाज दी जो सोनम थी...

Sonam-RD कहा जा रहे हो...

Mai-(Piche पलटते हुए) कुछ नहीं सोनम वो अपने पुराने फ्रेंड्स को मिलने जा रहा हु बहुत दिन हुए उसे मिले हुए...

सोनम- Ok जल्दी आना .

फिर मई वह से अपनी बाइक लेकर निकल गया.. वैसे तो मई वही से गायब भी होकर जा सकता था..

लेकिन अगर मई जहा जा रहा हु वह से कोई पूछ ले कैसे ए हो तो क्या जवाब दू...

वैसे आप सब लोग सोच रहे होंगे की मई कहा जा रहा हु तो मई आपको बता दू की..

जो पहला दानव धरती पर आया था वो किसी इंसान को मरकर उसकी जगह लेकर रह रहा था..

तो बाद में उस दानव ने उसकी वाइफ को भी मार दिया प्रेग्नेंट कर के..

और फिर मैंने डप का रूप लेकर उस दानव को मार डाला tha.to उस इंसान की एक लड़की और एक लड़का है .

वो लड़की तो मेरे hi आगे की है और वो लड़का उसे कुछ 3-4 साल छोटा...

वैसे उस लड़की का नाम गीता और उस लड़के का नाम सोनू है. तो इतने दिनों बाद मई उनसे hi मिलने जा रहा हु....

वो सिटी यहाँ से कुछ 2 हॉर्स के दुरी पर thi..To मैंने एक काम किया उस बाइक को पल भर में hi उसके घर के सामने जाकर खड़ा कर दिया..

लेकिन मई जब वह गया तो उसके घर के बहार पहले से hi गाड़ियों की भीड़ लगी हुयी थी...

उस घर में से एक आदमी बहार आ रहा था तो मैंने उसे पूछ लिया...

Mai-Uncle ये अंदर इतनी भीड़ क्यों लगी है...

अंकल- अरे बीटा अंदर जो रहते है न वो एक बिजनेसमैन थे... और अब उनके गुजरने के बाद उनका बिज़नेस सँभालने के लिए कोई नहीं था..

और उनका एक बीटा और बेटी होकर भी कुछ नहीं कर पाए.. अब उनका बिज़नेस पूरी तरह दुब Gaya.To अंदर उसी की नीलामी चल रही है...

Mai-Nilami लेकिन क्यों... मतलब...

Uncle-are बीटा उनके सर पर बहुत बड़ा लोन था जो वो चूका नहीं पयेतो अब उसकी भरपाई के तौर पर उनके सरे प्रॉपर्टी की नीलामी हो रही है...

ये सुनकर तो मुझे बहुत बुरा लगा.. क्यों की इनके साथ सच में बहुत बुरा हो रहा है और वो भी मेरी hi बजह से ..

लेकिन अब नहीं मई आ गया हु न अब मई सब ठीक कर दूंगा..

मैंने अंकल को थैंक्स कहकर अंदर चला गया.. तो अंदर का माहौल hi कुछ और था..

अंदर गीता के प्रॉपर्टी की नीलामी चल रही थी.. मतलब कोई आदमी था जो इनकी चीजे को नीलम कर रहा था..

मई वह पर गीता को ढूंढ़ने लगा तो वो वही पर साइड पर बैठी हुयी थी..

और वही उसके साइड उसका छोटा भाई सोनू बैठा हुवा था....

सोनू ये सब देखकर शायद रो रहा था अपने बहन की बहो में और गीता के चहरे पर कोई इमोशंस hi नहीं थे..

पर उसके आँखों से hi लग रहा था की वो बहुत रोई हुयी है...

मुझे ये सब देखा नहीं जा रहा था और मुझे अंदर hi अंदर लग रहा था की कही न कही ये सब मेरी बजह से hi हो रहा है...

और अगर मई पहले hi यहाँ आ जाता तो ये सब होने से रोक भी तो सकता था पर कोई बात नहीं अब आया हु न सब ठीक कर के hi जाऊंगा...

वो जो सबके सामने आदमी अन्नोउंस कर रहा था वो कहने लगा...

आदमी- अब ये लास्ट है ये घर... तो इसकी शुरुवात होती है 25 क्रोर्स से... चलो अब आगे बोलो...

तभी हर एक आदमी अपनी किम्मत बताने लगा उस घर को खरीदने के लिए.. लेकिन अब मुझे वो सब देखा नहीं गया तो मई बोलै....

मई- 200 क्रोर्स.....

ये सुनते hi सब मेरी तरफ देखने लगे...

और वो सब शॉक hi रह गए की ये इतना सा बचा और वो भी यहाँ इस घर की बोली में आ गया है.. आ तो गया पर डायरेक्ट 200 क्रोर्स....

ये अबाज सुनकर गीता ने भी मेरी और देखा.. क्यों की उसे ये अबाज कुछ जनि पहचानी सी लगी..

तो उसने सर उठाकर मेरी तरफ देखा.. और जैसे hi उसकी नजर मेरी तरफ गयी तो उसके आँखों में मुझे एक अलग सी चमक दिखाई दी...

उसके एक्सप्रेशन शब्दों में बताना मुश्किल है क्यों की उसके चहरे पर मुझे देखते हुए गुस्सा नजर आ रहा था..

और अगर आँखों में देखु तो मेरे आने की ख़ुशी भी थी. जो उसकी आंखे छुपा नहीं प् रही थी...

Admi-Kon हो बीटा तुम.. और यहाँ कैसे ए.. तुमने यहाँ किसने आने दिया..

और यहाँ आस्किंग ऑक्शन चल रहा है कोई मजाक नहीं समजे इसलिए यहाँ से चले जाओ...

Mai-Mai भी यहाँ वही करने आया हु जो आप सब लोग कर रहे हो... लेकिन फरक सिर्फ इतना है की ये साडी प्रॉपर्टी मुझे चाहिए...

ये बात सुनकर वह पर बैठा हुवा हर एक शक्श मेरी तरफ देखकर हसने लगा... कोई तो मुझे पागल भी कह रहे थे...

आदमी- तुम्हे एक बार कहा हुआ समाज नहीं अत क्या.. ये कोई खेल नहीं है बचे..

तुम सीधी तरह से यहाँ से चले जाओ वार्ना मुझे मजबूरन सिक्योरिटी को बुलाना पड़ेगा....

मई- मुझे सिर्फ इस पुरे प्रॉपर्टी की कीमत बताओ और आपका अकाउंट नंबर.. बस और अगले 5 मिनट्स में आपके अकाउंट में जितना अमाउंट है आ जायेगा...

निचे बैठा हुवा कोई आदमी कहता है जो दिखने से शायद कोई बिजनेसमैन लग रहा था..

आदमी2- बीटा तुम्हारी तबियत तो ठीक है न अचे घर के तो दीखते हो.. ये कोई बचो का खेल नहीं है...

वैसे मई भी इन सब को उनके सवालो का जवाब दे सकता था पर मैंने सोचा बताने से ाचा दिखा hi देते है..

Mai-Maine आप सब से जितना कहा है उतना करो...

आदमी- ाचा ठीक है वैसे मैंने ये साडी प्रॉपर्टी बेच तो दी है सिर्फ ये घर बचा था..

और अगर तुम्हे इस पुरे शर्मा प्रॉपर्टी के बारे में जानना hi है तो मई बता दू की ये साडी प्रॉपर्टी टोटल मिलकर 350 क्रोर्स की है...

Mai-(Smile करते हुए) बस... इतना hi मुझे लगा...

चलो जाने दो सिर्फ 5 मिनट्स.... उसके बाद ये जगह आप सबको खली करनी होगी...

आदमी2- बीटा वो 350 क्रोर्स कह रहे है कोई 35 रस नहीं.. जो तुम ऐसे स्माइल कर रहे हो...

आदमी- मंजूर... अगर तुमने ये 350 क्रोर्स 5 मिनट्स में दे दिए तो हम सब यहाँ से चले जायेंगे...

आदमी3- (स्मिल करते हुए) ये बचा क्या लाएगा पैसा... सर आप हमारा टाइम वास्ते कर रहे हो.

कहा आप इस बचे की सुनने लगे हो चलो करो शुरू अब नीलामी...

आदमी4- अब इतने देर रुके है तो कुछ देर और सही.. देखे तो सही ये लड़का आखिर क्या करता है ..

मैंने अपना सेलफोन निकला और एक कॉल किया...

मई- Hello... भैया

भाई- है रूद्र बोल क्या बात है....

Mai-Kuch नहीं भाई मुझे सिर्फ 350 क्रोर्स चाहिए... मई आपको एक अकाउंट नंबर टेक्स्ट करता हु उसमे भेज दीजिये...

Bhai-Thik है रूद्र...

ठीक उसके 2 मिनट्स बाद hi उस आदमी का फ़ोन बजा जो नीलामी कर रहा था..

और जैसे hi उसने फ़ोन चेक किया वो खुद शॉक हो गया...

मई- लो मैंने तो 5 मिनट्स बोले थे पर ये तो 2 मिनट्स में hi आ गए...

ये बात सुनकर सब लोग शॉक रह गए और उस आदमी से कन्फर्म करने लगे तो उस आदमी ने भी है में सर हिलाया...

ये देखते hi सब लोग मुझे बहुत hi अजीब सी नजर देखने लगे थे...

तभी वो आदमी मुझसे बोलै कुछ नहीं पर पेपर्स रेडी करने लगा.. और जब उसने मुझसे कहा किस नाम से पेपर्स रेडी करू...

मई- मेरे नाम के नहीं लेकिन इस लड़की के hi नाम से मतलब गीता शर्मा के नाम से पेपर्स रेडी करो...

ये बात सुनकर तो वो लोग और भी शॉक रह गए... क्यों की ये सब मैंने ख़रीदा..

और ये सब मई उस लड़की को दे रहा हु जिसकी ये सब प्रॉपर्टी है.. मतलब ये लड़का उसका कुछ तो लगता है...

लेकिन इस बार किसी की भी कुछ भी बोलने की हिमत hi नहीं हो रही थी.. और बोलेंगे भी कैसे आखिर मई कोण हु ये उनको अभी तक मालूम hi नहीं था...

और अगर मालूम हो भी जाता फिर तो यहाँ मेरे सामने कोई खड़ा रहता hi नहीं..

फिर मई सबसे आगे गया और उस आदमी ने मेरे हाथ में वो प्रॉपर्टी के पेपर्स रख दिए..

लेकिन पेपर्स देते हुए वो आदमी मुझसे बोलै...

आदमी- सर आपने सिर्फ 2 मिनट्स में hi 350 क्रोर्स मुझे दे दिए लेकिन आपने अपना नाम नहीं बताया..

प्लीज आपका नाम बताइये न हम सब आपका नाम जानना चाहते है...

Mai-(Smile करते हुए) रुद्रदीप पुरोहित.......

ये सुनते hi सब लोग मुझे बहुत hi हैरानी नजर से देख रहे थे... क्यों की वह पर बैठा हर एक शक्श ने ये एक्सेप्ट hi नहीं किया होगा मेरा नाम वो हो सकता है....

जिसने मेरा नाम पूछा था उसको तो मेरा नाम सुनकर hi पसीना छूटने लगा...

वो सब शॉक में रह गए थे और अपनों अपने में hi बाटे करने लगे थे...

और जैसे hi मैंने पेपर लिए मैंने उस आदमी से कहा...

मई- अब आप सब का काम हो चूका है तो अब आप इन सबको लेकर यहाँ से जा सकते है...

आदमी- जी सर....

फिर क्या अगले 5 मिनट्स में hi वह का पूरा माहौल शांत हो गया था..

मतलब सब लोग चले गए थे और अब सिर्फ वह पर मई गीता और उसका छोटा भाई सोनू hi था..............................

 
अपडेट 16

फिर क्या अगले 5 मिनट्स में hi वह का पूरा माहौल शांत हो गया था..

मतलब सब लोग चले गए थे और अब सिर्फ वह पर मई गीता और उसका छोटा भाई सोनू hi था..............................

आगे............................

गीता- सोनू इसे कहो हमे मदद करने के लिए शुक्रिया.. और अब अगर इसका काम हो चूका हो तो इसे कहो अब जा सकते हो...

सोनू को अब क्या बोले और क्या करे ऐसा हो रहा था.. एक तरफ से वो खुश भी था और अब उसके गीता दी के कहने पर कन्फ्यूज्ड भी...

तो मैंने उसे इशारा किया वो अपने रूम में चला जाये मई गीता को देखता हु..

तो वो मेरा इशारा समाज गया और वह से कुछ न कहते हुए अपने रूम में चला गया..

मई गीता के पास गया और उसके पास बैठ गया पर मेरे बैठते hi उसने अपना मुँह दूसरी और कर दिया..

और मुझे मालूम hi था उसका कुछ ऐसा hi रिएक्शन होगा...

मई- मुझसे नाराज हो... (कण पकड़ते हुए) ी ऍम रियली सॉरी....

पर उसने मेरी बात का कोई जवाब hi नहीं दिया और वह से उठकर उसके खुद के रूम में चली गयी...

अब तो कैसे hi कर के इसे मानना तो था hi.. इसलिए मई भी उसके पीछे चला गया..

ये तो ाचा हुवा की उसने दूर अंदर से नहीं क्लोज किया था वार्ना फिर से प्रॉब्लम हो जाती..

वो जाकर उसके बीएड पर बैठ गयी थी अपना मुँह खुद की गोदी में छुपाते हुए...

शायद वो रो रही थी पर वो किस बजह से रो रहो थी वो तो अब उसे hi पूछना होगा...

Mai-Kya हुवा गीता.. तुम रो क्यों राहु हो.. अगर तुम इस बजह से रो रही हो की...

मई इतने दिनों से कहा था तो मई तुम्हे बताता हु पर तुम मेरी बात सुनो तो सही...

Gita-Hmm.....

मई- ाचा बाबा ी ऍम रियली सॉरी... पर क्या करू मेरी मज़बूरी थी..

वार्ना तुम्हे तो पता है न मैंने तुमसे वडा किया था तुमसे रोज मिलने का...

लेकिन इस बार गीता कुछ बोली नहीं पर सीधा आकर मेरा गले लग गयी और रोने लगी...

यार इन लड़कियों को समजना और उनको समझना बहुत मुश्किल है....

Gita-(Rote हुए) ी ऍम सॉरी रद...

Mai-are अब तुम क्यों सॉरी कह रही हो... गलती तो मेरी hi है.. मई hi तुम्हे इतने दिन यहाँ मिलने नहीं आया...

गीता- (अपने आंसू पोछते हुए) नहीं.. बल्कि मई ये जानना चाहती हु की तुम इतने दिन कहा थे..

मई तो गीता की बात से कन्फ्यूज्ड hi हो गया मतलब मैंने जो बोल रहा हु..

और वो जो सवाल कर रही है उन दोनों का मीनिंग तो एक hi है न शायद...

मई- (कन्फ्यूज्ड होते हुए) क्या मतलब....

गीता- देखो रद मुझे पता है तुम इतने दिन घर तो नहीं थे.. और शायद तुम्हारे घर वालो ने भी तुम्हे ढूंढ ने की पूरी कोशिश की होगी...

Mai-(Surprised होते हुए) है पर तुम्हे कैसे पता...

Gita-Tum तो कोई किसी गली के लड़के तो नहीं हो पुरोहित खंडन के सुपुत्र हो तो सिंपल सी बात है की...

तुम्हारी गुमशुदा होने की खबर न्यूज़ में आयी hi होगी तो मैंने भी वही से पड़ा..

और तब मैंने तुमसे बहुत कांटेक्ट करने की कोशिश की पर तुम्हारा कॉल hi नहीं लग रहा था..

और उसके बाद न्यूज़ अणि भी बंद हो गए और उसके इतने दिनों बाद तुम यहाँ आये हो. तो मई क्या समजू मुझे बताओ तुम इतने दिन कहा थे...

Mai-(man में) ाचा... तो इस बजह से इसको पता चल गया मेरा.. वही तो मई पुछु इस मेरे बारे में इतना सब कुछ कैसे पता चला...

Gita-Ab तुम बताते हो की नहीं..

मई- है वो... दरअसर वो क्या है न मेरा एक्सीडेंट हो गया था.. तो उस एक्सीडेंट में मेरी याददास्त चली गयी थी..

तो इस बजह से मई कोई दूसरी जगह hi रह रहा था.. तो ऐसे hi ढूंढ़ते ढूंढ़ते मई उन्हें मिल गया...

तो अब इलाज करने के बाद मेरी जैसे hi याददास्त चली आयी मई यहाँ दौड़ा आया.. और यहाँ आया तो यहाँ कुछ और hi चल रहा था...

गीता- (मुझे देखते हुए) अब कैसी है तबियत तुम्हारी... और तुम्हारी याददास्त चली गयी है मुझे बता तो देते...

ये सुनते hi मैंने अपने सर को hi हाथ लगाया.. लेकिन जैसे hi उसे अपने गलती इस अहसास हुवा...

तो वो सॉरी कहते हुए हसने लगी... उसे हस्ता हुवा देखकर मई भी हसने लगा...

मई- ाचा मुझे एक बात बताओ ये अभी कुछ देर पहले हो रहा था वो सब क्या था...

Gita-(serious मूड में ) वो क्या है न पापा और माँ के जाने के बाद बिज़नेस को कोई भी नहीं देख रहा था..

इसलिए हमारी कंपनी दुब गयी... और मुझे भी वो बिज़नेस संभाला नहीं गया..

मतलब कॉलेज करते करते बिज़नेस को संभल hi नहीं पायी और लोन को वक़्त रहते चूका नहीं पाए तो इसलिए...

वैसे तुम चिंता मत करो हम कुछ दिन में तुम्हारे पैसे लौटा देंगे...

Mai-(Smile करते हुए) ाचा और वो कैसे... तुम्हे तो कॉलेज और ऑफिस दोनों एक साथ होता नहीं..

तो तुम मेरा लोन कैसे चुकता करोगी.. कोई जरुरत नहीं लोन चुकता करने की और अगर फिर भी तुम्हे करना hi है तो मेरा एक काम करो...

Gita-(Meri तरफ अजीब सी नजर से देखते हुए) क्या...?

Mai-jyada कुछ नहीं बस तुम अब तुम्हारे ऑफिस पर ज्यादा ध्यान दो और रही तुम्हारी कॉलेज की बात...

तो मई बात कर लूंगा उनसे फिर तुम वह सिर्फ एग्जाम टाइम में hi जाना..

और है अबसे तुम्हारा बिज़नेस हमारे पार्टनरशिप में काम करेगा...

और फिर जो कुछ भी प्रॉफिट होगा वो आधा आधा बाँट लेंगे. और कुछ प्रॉब्लम है तुम्हे...

Gita-Sab प्रॉब्लम तो तुमने सोल्वे कर दी अब क्या करना बाकि है. पता नहीं तुम्हारे आने से पहले...

मई यही सब सोच रही थी की अब हम bhai-bahan कहा रहेंगे क्या खाएंगे कैसे ये सब मैनेज करेंगे..

लेकिन देखो तुम ए और तुमने चुटकियो में सब प्रॉब्लम सोल्वे कर दिया...

और वो भी ऐसे जिसको मई सोल्वे कर hi नहीं सकती थी... थैंक यू सो मच रद...

मई- सिर्फ थैंक्स.. मुझे पार्टी चाहिए अब तुम्हे तुम्हारी प्रॉपर्टी वापस मिल गयी है तुम्हारा बिज़नेस फिर से शुरू हो गया..

और है आगे से ध्यान रखना हम दोनों अब फ्रेंड्स है तो अब से थैंक यू कहकर मुझे पराया मत कर देना सामजी...

मैंने ये बोलकर मुँह निचे कर दिया जिससे उसे लगे की मई उसे नाराज हो गया हु..

और हुवा भी कुछ वैसा hi वो मेरे मुँह को ऊपर करते हुए कहने लगी...

Gita-Are तुम तो नाराज हो गए... इतने बड़े होकर तुम रूठते भी ho.Chalo कोई बात नहीं Sorry.Age से ऐसा नहीं करुँगी..

ये कहते हुए उसने मुझे गले लगाया... उसके गले लगते hi फिर से मुझे उसके खूबसूरती का अहसास होने लगा...

मतलब उसके वो दो बड़े बड़े बूब्स मुझे मेरे छाती पर महसूस हो रहे थे... और मई तो उसके hi मस्ती में दुब गया...

Gita-(Gale लगते हुए) रद.... रद... सो गए क्या...

उसने ये कहते हुए मुझे दूर किया तो मई और भी मुँह छोटा करते हुए गीता से कहता हु...

Mai-Kitna ाचा लग रहा था मुझे... क्यों अलग किया रहने दो न...

Gita-(Sharmate हुए) बदमाश.... तुम्हे मजा आ रहा है...

उसके इसी शर्माने पर तो मई फ़िदा हु.. मई उसकी आँखों में देखने लगा और वो भी मेरे आँखों में देख रही थी.

और मैंने लेन्सेस पहनी तो नहीं थी.. इसलिए अब मेरे आँखों की शक्ति कुछ ज्यादा hi काम कर रही थी..

और उसी से गीता मेरी तरफ अत्त्रक्ट हो गयी... और हम दोनों एक दूसरे की तरफ बढ़ने लगे लिप किश करने के लिए...

अब हम दोनों के लब्ज कुछ hi दुरी पर थे मतलब हम किश करने hi वाले थे की...

तभी गीता के रूम दूर नॉक हुवा और उसकी अबाज होने से हम दोनों होश में आ गए...

दोनों एक साथ- Sorry....wwoo......

सोनू- गीता दीदी......

फिर गीता ने जाकर दूर ओपन किया तो सोनू कहने लगा...

Sonu-Di मुझे बहुत भूक लगी है तो क्या आप...

गीता- है चल मई तुझे खाना परोसती hi तू जा जाकर फ्रेश होकर आजा...

Sonu-(Meri और देखते हुए) भैया क्या आप भी हमारे साथ खाएंगे...

Mai-Nahi सोनू फिर कभी अभी मई घर जा रहा हु कल आऊंगा न तो तुम्हारे साथ खाना जरूर खाऊंगा...

वैसे गीता मुझे कह सकती थी की खाकर जाओ.. पर वो अभी कुछ देर पहले हुए इन्सिडेन्स से वो शर्म से पानी पानी हो रही थी...

इसलिए वो कुछ बोली नहीं. और मैंने भी वह से निकलना hi बेहतर समजा...

Mai-Acha चलो अब मई चलता हु बहुत देर हो रही है मुझे...

Sonu-Bye...

फिर मई वह से सीधा घर आ गया तो भाई रेडी हो गए थे खाना खाकर न्यूयोर्क जाने के लिए..

और भाई को आज के बारे में मुझसे कुछ पूछना भी था शायद इसलिए भाई ने भाबी को इधर hi रुकने को कहा और फिर हम दोनों निकल गए न्यूयोर्क...............................
 
अपडेट 17

और भाई को आज के बारे में मुझसे कुछ पूछना भी था शायद इसलिए भाई ने भाबी को इधर hi रुकने को कहा और फिर हम दोनों निकल गए न्यूयोर्क...............................

आगे............................

भाई- तो बता रूद्र अब...

फिर मैंने भाई को जो कुछ भी हुवा वो सब बताया तो भाई बहुत खुश हुए और एक बार तो उन्होंने मुझे गले भी लगा लिया...

भाई- वेल दोने रूद्र मुझे पता hi था ऐसा कुछ होगा वार्ना तू मुझसे कभी भी हेल्प नहीं मांगता...

मतलब तूने उसकी एक तरफ से हेल्प भी की और अपना कुछ लोस्स भी नहीं होने दिया...

Mai-Ha भाई पर मई चाहता हु की आप हमारे मैनेजर को उसके ऑफिस भेजकर डाक्यूमेंट्स चेक कर लो..

और आगे का जो कुछ भी प्रोसीजर है वो आप देख लो...

Bhai-Thik है रूद्र और अब कब से तू अपने वह का काम शुरू करने वाला है...

Mai-Waise तो मई कुछ दिन बाद करने वाला था पर अब सोच रहा हु जल्द hi कर दू.

तो कुछ 2-3 दिन बाद वो आदमी आ जायेगा जो वह पर काम करेगा..

Bhai-Lekin है कोण वो...

Mai-wo तो अब आपको ये बात उनसे मिलने के बाद hi पता चलेगी... अब जितने जल्दी हो सके उतने ये सब काम मुझे निपटने है...

Bhai-Thik है अब तू जा मई भी मीटिंग के लिए चलता हु देर हो रही है..

भैया बहार जाने लगते है तभी उनको एक बात याद अति है तो रूककर मेरी तरफ देखते हुए वो कहने लगते है...

भाई- वैसे रूद्र मई क्या कहता हु....

Mai-Mai समाज गया भाई आप क्या कहना चाहते हो.. आप बेफिक्र रहे आपका ये काम भी हो जायेगा उसके बाद आप फ्री....

भाई- वह... रे मेरे शेर.. तू तो बिना बोले hi समाज गया...

इस बात पर मैंने उनसे कुछ नहीं कहा पर एक स्माइल करके वह से निकल गया अपने घर की तरफ...

यहाँ आकर मैंने सबके साथ खाना खाया और फिर अपने रूम में जाकर बैठा hi था..

की तभी मेरा दूर नॉक हुवा तो मैंने जाकर ओपन किया तो सामने सोनम कड़ी थी...

सोनम- Hi रद....

मई- सोनम तुम इस वक़्त... यहाँ...

Sonam-ha क्यों मई यहाँ नहीं आ सकती क्या?

मई- नहीं ऐसी कोई बात नहीं है मई तो बस ऐसे hi पूछ रहा था..

सोनम- तो अब क्या यही मुझे खड़े करोगे की अंदर भी बुलाओगे...

मई- (उसको अंदर आने की जगह देते हुए) सॉरी .. सॉरी....

फिर वो अंदर आयी तो मैंने दूर क्लोज कर दिया और वो अंदर आकर मेरे बीएड पर बैठ gayi..to मई भी उसके सामने जाकर बैठ गया...

वह बैठने के बाद मई उसे देखने लगा तो आज वो कुछ ज्यादा hi हॉट दिख रही थी..



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क्यों की उसने अपने घुटनो तक hi नाईट गाउन पहना हुवा था.. उसमे भी उसकी क्लीवेज दिख रही थी..

और वैसे भी वो है एक सुनहरी ड्रैगन... तो सीधी सी बात है उसका अंग किसी सोने से काम नहीं होगा.. मई तो उसके इस सेक्सी रूप का कायल hi हो गया...

सोनम ने ये नोटिस किया की मई उसे hi घर रहा हु तो वो शरमाते हुए मुझे हिलने लगी...

सोनम- रद... कहा ध्यान है तुम्हारा...

Mai-wwooo..... mmaiii...Kuch नहीं.. वैसे आज बहुत हॉट दिख रही हो इस ड्रेस में...

ये सुनते hi वो फिर से शर्माने लगी और कहने लगी...

सोनम- ाचा क्यों इतना झूठ बोल रहे हो...

Mai-(Man में) ये लो लड़की की एक बार तारीफ क्या कर दी उसे लगता है की उसकी और तारीफ कर दो...

तो इसलिए ये कहना तो बस इनका बहाना है और उसके बाद तो हमारा एक hi काम होता है...

Mai-(Uske करीब जाते हुए) अरे सच में... देखो अब तुम मेरे नजरिये से देखो न तो तुम आज बहुत सेक्सी दिख रही हो...

मई धीरे से उसके करीब जाने लगा वो भी मुझे ऐसे करीब एते देखकर एक तरह से घबरा और शर्मा भी रही थी..

क्यों की अगर कोई लड़का फर्स्ट टाइम किसी लड़की को किश करना चाहता हो तो हर वक़्त उस लड़की का कुछ ऐसा hi हाल होता है...

मई उसके और करीब होता चला गया और अब सिर्फ हमारे लब्ज hi एक दूसरे को चूमना बाकि रह गए थे..

की तभी सोनम ने हम दोनों के लिप्स के बिच में अपना हाथ रख दिया...

सोनम- (बात चेंज करते हुए) लो आपकी बातो में मई यहाँ क्यों आयी हु ये तो भूल hi गयी थी...

वो मुझे बचने के लिए ऐसा कहने लगी तो मुझे भी मेरे गलती का अहसास हुवा..

क्यों की सच में यार आज वो माल hi कुछ ऐसी दिख रही थी की किसी की भी नजर बदल जाये...

मई- चलो बताओ अब कैसे आना हुवा..

सोनम- रद तुमने मुझे पापा के साथ बिज़नेस में तो भेज दिया.. लेकिन मुझे उसके बारे में कुछ भी नहीं पता.. मतलब उसके बारे में मुझे कुछ भी नहीं आता.. तो मई कैसे...

मई- मुझे लगता है तुम यहाँ आकर सच में भूल गयी हो की तुम एक गोल्डन ड्रैगन क्वीन हो... और उसी के साथ तुम्हारे अंदर कुछ पावर्स भी...

Sonam-(Khud पर hi हस्ते हुए) अरे है.. मई तो सच में भूल गयी थी ये सब...

मई- तो अब तुम्हे क्या करना है वो सब पता hi चल गया होगा की कुछ आईडिया दू....

Sonam-(Muh छोटा करते हुए) है अगर तुमने कुछ आईडिया दी तो कुछ आसान हो जाये मुझे समझने में...

Mai-Hamare घर में इतने अचे और टॉप बिज़नेस मंद के इतने अचे लोग है...

उन्ही के hi दिमाग से हम यहाँ तक पहुंचे है...

बिज़नेस में उनका कोई हाथ नहीं पकड़ने वाला और उसमे अगर तुम्हारी भी एंट्री हो गयी तो.....

सोनम- Ok अब मई समाज गयी मुझे क्या करना है... तो मई अबसे hi काम में लग जाती हु और शायद कल hi पापा को बोल दूंगी...

मैंने तो ये सुनकर अपने सर को hi हाथ लगा दिया...

सोनम- अब क्या हुवा...

मई- अगर तुम इतने जल्दी गयी तो उन्हें शक नहीं हो जायेगा... पहले से hi यहाँ उनको हमारे पावर्स के बारे में पता चल चूका है..

तो उसकी बजह से यू उन्हें तुम पर भी शक नहीं हो जायेगा.. क्यों की हमने पहले hi उन्हें बताया है..

की तुम्हारी दिमागी हालत कुछ कुछ बचो जैसी है.. पर तुम्हारी ग्रोस्सिंग पावर बहुत अछि है..

तो तुम्हे जल्दी hi समाज आ जाता है.. तो तुम जल्दी hi समाज जाओगी....

सोनम- है ठीक है अब मई समाज गयी तुम क्या कहना चाहते हो.. पर मई मेरा काम आज hi कर देती हु..

और उन्हें दिखने के लिए उनसे कुछ टिप्स और बुक्स भी पढ़ लुंगी...

मई- है अब कैसे तुमने फ़तेह की बात की है..

Sonam-RD चलो अब मई चलती हु बहुत रात हो गयी है गुड नाईट....

सोनम वह से उठकर जाने hi लगती है की मैंने उसका हाथ पकड़ लिया..

और उसने मेरी तरफ तिरछी नजर से देखा जैसे पूछ रही हो अब क्या रह गया............................
 
अपडेट 18

सोनम वह से उठकर जाने hi लगती है की मैंने उसका हाथ पकड़ लिया..

और उसने मेरी तरफ तिरछी नजर से देखा जैसे पूछ रही हो अब क्या रह गया............................

आगे............................

मई उसकी आँखों में देखने लगा और वो मेरी आँखों में.. और इस वक़्त शायद वो मेरे आँखों में खो सी गयी थी..

क्यों की नहीं वो मेरा हाथ छोड़ रही थी और नहीं अपनी जगह से हिलने की कोशिश कर रही थी...

आज न जाने मुझे भी क्या हो गया था सोनम आज मुझे बहुत अत्त्रक्ट कर रही थी.. या यु कहो वो भी मेरे तरफ अत्त्रक्ट हो रही थी...

मई बीएड पर बैठा हुवा था और वो मेरे सामने कड़ी थी..

तभी मैंने उसे अपनी तरफ खींच लिया और वो सीधा मेरे ऊपर आ गयी...

उसके मेरे ऊपर एते hi मई बीएड पर सो गया और वो मेरे ऊपर..

पर वो अभी भी मेरे आँखों में देखे जा रही थी.. जैसे वो मेरे आँखों में खो गयी हो..



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उसका नरम नरम शरीर मुझे एक रुई की भांति लग रहा था.. मेरा तो उसको देख के पहले hi खड़ा हो गया था अब तो फुल रोड की तरह हो गया था...

मेरे दोनों हाथ उसके आधे नंगे पीठ पर थे.. और उसकी आँखों में देखते हुए धीरे धीरे से उसकी पीठ को मई सहला रहा था..

उसकी पीठ पर हाथ फिरते हुए ऐसा महसूस हो रहा था जैसे उसने अंदर कुछ भी नहीं पहना हो सिर्फ और सिर्फ निघ्त्य पहनी हो..

धीरे धीरे हम दोनों नजदीक एते जा रहे थे.. और कब हमारे लब्ज मिल गए कुछ पता hi नहीं चला...

वह.. पहली बार मई सोनम को किश कर रहा था क्या टास्ते था.. बहुत hi लाजवाब...



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इतने मुलायम और टेस्टी लिप्स.. की सिर्फ चूसते hi जाओ ऐसा लग रहा था.. और वो भी मेरा फुल सपोर्ट कर रही थी..

ऐसा लग रहा था जैसे वो सब कुछ भूलकर मेरा साथ दे रही हो...

किश करते हुए कब मैंने उसके जबान को चूसने लगा और वो मेरे.. एक अलग hi नशा चढ़ गया था हम दोनों को..

जो उतरने का कोई नाम hi नहीं ले रहा था.. सिर्फ कोई बिच में न आ जाये...

किश करते करते मैंने उसकी निघ्त्य की क्नॉट खोल दी थी.. अब तो वो सिर्फ कहने के लिए hi बचा हुवा था..

और कुछ nahi...aur तभी मैंने किश करते हुए उसको मेरे निचे और मई उसके ऊपर ा गया...

किश करते हुए हम दोनों को 5 मिनट्स हो गए थे पर हम दोनों भी एक दूसरे को छोड़ने को तैयार नहीं थे...

किश करते हुए भी मेरे हाथ उसके शरीर पर घूम रहे थे....

घूमते हुए मेरे हाथ तो सीधा उसके बूब्स पर गए..

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और जैसे hi मेरे हाथ उसके बूब्स पर गए वो कुछ देर के लिए बस चिहुँक सी गयी... और उसने किश तोड़ दिया...

उसने किश छोड़ तो दिया था पर मुझसे दूर हटने की सोनम ने कोशिश भी नहीं की..

बल्कि वैसे hi मेरी और देखते देखते जोर जोर से सांसे ले रही थी...

उसके बाद मैंने उसके पुरे चहरे को किश करने लगा कोई भी ऐसी जगह नहीं छोड़ी जहा पर मैंने गिला न किया हो..

किश करते करते मई उसके गले तक आ Gaya..Mai इस तरह सी किश कर रहा था की..

वो अपने मुँह से आबाज को नहीं रोक प् रही थी... कभी कभी तो अपने दातो से hi अपने होठ चबा ले रही थी...

सोनम- Aaaaaahhhhhhhh.......hhhhhmmmmmmm......

ooohhhhhhhhh........Rrrrrrrrr......dddddd.....

इस बार मेरे हाथ सीधा उसके बूब्स पर चले गए.. वो थोड़ी सी हिली पर इस बार उसने किसी बात से न नहीं कहा...

और मई उसके चूचियों को महसूस करने लगा...

वहहह क्या बूब्स थे उसके रुई की तरह मुलायम और ऐसे कड़क की अगर दबाये तो अपने अंदर hi एक करंट की तरह लग रहा था...

उसके बूब्स ऊपर से दबाते हुए मई उसे किश करने लगा था इसलिए उसके मुँह से उतनी अबाज नहीं निकल रही थी..

जितनी निकालनी चाहिए थी... उसकी निघ्त्य निचे से उसके कमर तक ा गयी थी..

और निचे उसके गोर गोर हिरणी जैसे पेअर पुरे नंगे पड़े हुए थे...

उसके बॉडी पर सिर्फ एक नाईट गाउन था और वो अब न के बराबर hi था..

निचे भी शायद उसने कुछ पहना होगा लेकिन वह मैंने अभी तक देखा नहीं...

क्यों की ऊपर hi इतना टेस्टी मिल रहा हो तो निचे का क्या हाल होगा... तो बस पहले सोचा ऊपर का hi ख़तम कर दू...

जैसे जैसे मई निचे आ रहा था वैसे वैसे उसकी ड्रेस निचे निचे होते जा रही थी...

उसके वो बूब्स भी अब नंगे हो गए थे सिर्फ उसके निप्पल hi कुछ छुपे हुए थे..

बाकि सब तो मुझे दिख hi रहा था.. और वह चूमने से मई अपने आप को रोक नहीं सका... और उसके क्लीवेज को चूसने लगा...



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उसके बूब्स पर किश करते hi उसके जो दोनों हाथ साइड में थे वो सीधा मेरे सर के ऊपर ा गए..

और अब वो कभी मेरे सर को दूर धकेलने की कोशिश करती तो कभी बहुत जोरो से अपनी और खींचने की कोशिश करती...

और ऊपर से सोनम की सिसकारियां भी बढ़ती जा रहा थी...

Sonam-Aaaaaahhhhhhhh..... ोुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह....... रररर.... Ddddde....yyyeeee..kkyyaaaa....kaarrr ररहे हो....

बहुत अजीब लग रः hai....hhhmmm..... मत करो न ऐसा..... प्लललीआस्सीए......

ोुह्ह्हह्हह्ह्ह्ह... RD....chuso....aauurr.. जोर सी..... hhhhhaaahh...kuch हो रहा है रद्द....

अब तो उसके निप्पल भी नंगे हो गए थे... आह्ह्हह्हह्हआआ क्या लग रहे थे वो बहुत hi गोर...



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और पिंक कलर पूरा चाय हुवा था उसपे... सोनम के निप्पल को देखते hi मई खुद को रोक hi नहीं पाया और मई उसके देने निप्पल को हलके से किश किया..

तो मैंने जैसे hi किश किया उसने मुझे अपनी तरफ खींचते हुए कुछ कुछ बड़बड़ने लगी..

जिसे मई समाज hi नहीं पाया और नहीं अब मई समजना चाहता था...

क्यों की उसके बॉडी की तरह hi सोनम के निप्पल भी बहुत टेस्टी थे.. जिसे छोड़ने का दिल hi नहीं कर रहा था...

सोनम- रद ये तुम क्या कर रहे हो... मत करो न पलज़्ज़ज़्ज़ज़्ज़...... मुझे बहुत अजीब फील हो रहा है...

जैसे मेरी जान निकल रही ho...aahahhhhaa.... मेरे Raajaaa..mere सरताज.. कुछ देर रुको न प्लललीआस्सीए....

लेकिन मई उसकी बात सुन hi नहीं रहा था अब तो मैंने सीधा उसके निप्पल पर धावा बोल दिया... और जोर जोर से उसको चूमने और काटने लगा था...



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और सोनम मस्ती से तो कभी दर्द से तो कभी बहुत hi रोमांटिक नजाकत से चिल्ला रही थी...

जिससे मुझे महसूस हो रहा था की उसे बहुत मजा आ रहा है...

और तभी मैंने अपना एक हाथ निचे जाते हुए सीधा उसके पंतय के ऊपर से छूट पर रख दिया..

और जैसे hi वह पर हाथ रख दिया सोनम की पूरी बॉडी विबरते हो गयी...

और उसके मुँह से अजीब सी अबाज आयी जिसे समजना और बताना नामुनकिन है...

पहली बार उसके साथ ये सब हो रहा था.. तो ये सब उसे ऐसा लग रहा था जैसे उसकी जान निकल रही हो...

उसके अंदर से कुछ था जो बहार निकलने के लिए बहुत प्रयास कर रहा था...

जिसकी बजह से सोनम बहुत तड़प रही थी.. ऐसे जैसे बिना पानी की मछली तड़पती है... कुछ ऐसा hi हाल हो गया था सोनम का...

अब मैंने अपना हाथ उसके पंतय के अंदर हाथ दाल दिया और उसके पंखुड़ियों जैसी छोटी छूट पर घूमने लगा..



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वैसे मैंने तो बस छूकर hi महसूस किया लेकिन अभी तक देखा नहीं...

उसके दोनों भी बूब्स के निप्पल सहित जी भर कर चूसने के बाद थोड़ा निचे चला गया पेट की तरफ...

हम दोनों के इस गेम में कब सोनम के ड्रेस निकल गया कुछ पता hi नहीं चला..

अब तो सिर्फ उसके बॉडी पर उसकी पंतय hi थी और अब वो भी न के बराबर hi थी...

और मई तो पहले से hi ऊपर से नंगा था निचे सिर्फ शार्ट hi थी...

उसकी नाभि तो बहुत अट्रैक्टिव और कुछ डीप भी थी जो मुझे बहुत hi पसंद थी...

अब मैंने जैसे hi उसके पेट को चूमना स्टार्ट किया तो मेरा एक हाथ ऊपर चला गया यानि बूब्स की तरफ.. और एक निचे..

इतना तीनो तरफ से वार होते देखकर वो तो जैसे घायल hi हो गयी...

मतलब उसे क्या करे और क्या न करे कुछ भी नहीं सूझ रहा था....

वो तो सिर्फ अपने मस्ती में चिल्लाये जा रही थी और न जाने कुछ भी बडबडते जा रही थी..

और उसके पेट को चूमने के बाद मई और निचे आ गया और एते समय मैंने उसकी पंतय भी और निचे कर दी..

अब तो वो फुल नुदे थी... मई उसके बॉडी को बस कुछ देर के लिए देखते hi जा रहा था...



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क्या गजब की लग रही थी वो.. मतलब इस सोनम को जितना भी चाखू कुछ भी करू पर अपना मन तो नहीं भरने वाला भाई ऐसा फील हो रहा था उस वक़्त...

और उससे भी बढ़कर उसको खूबसूरत और पिंक पंखुड़ियों जैसी बहुत hi लाजवाब छूट.. जो बहुत hi अट्रैक्टिव लग रही थी...

और वैसे hi उसके छूट को छोटा दूर जो दिखा रहा था.. इसे आज तक किसीने चुवा क्या देखा भी नहीं है...



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मेरा बहुत मन कर रहा था उसको चूमने को तो मैंने उसके छूट को एक किश कर दिया..

और जैसे hi मेरा किश हुवा सोनम का तो बहुत hi बुरा हाल हुवा...

सोनम- आह्ह्हह्हह्हआआ...... ooohhhhhhhhh...Rrrr..Dd....

प्लललीआस्सीए.... मममममम.... हहहहहहह.... न्नन्नूऊऊओ........

ऐसा कहते हुए वो मेरे सर को पीछे करने लगी...

लेकिन मैंने ऐसा नहीं होने दिया और छूट को और एक बार किश कर दिया... तो इस बार भी उसका कुछ ऐसा hi हाल था...

और ऊपर से तो मेरा हाथ तो उसके बूब्स के साथ खेल hi रहा था...

तो वो तो और भी घायल हो गयी.. अब तो शायद उसका पानी निकलना भी नजदीक आ गया था..

इसलिए वो कुछ ज्यादा hi तड़प रही थी... इसलिए मैंने ज्यादा देर न करते हुए उसकी छूट को अंदर तक चूसने लगा... जिससे उसकी तड़प और भी बढ़ गयी...



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सोनम- (जोर से) आह्ह्हह्हह्हआआ........ ooooohhhhhhh.....Mmmmyyyyy....... ररररररररर...

..दददददफ.......

yyyeeee.....kkyyaaaa.......hooo... राहहहआ.... Kkuuchhh...anndaarr....se....Mmaaiii..... गायियीईई.............

सोनम के दोनों और से हमला होते देख वो अपने आप को सहन hi नहीं कर पायी और सोनम का पानी निकल गया..

लेकिन इस बार उसके अंदर से इतना पानी निकला की पूरा बीएड hi गिला हो गया था...

अब इतने सालो का पानी है तो इतना ज्यादा निकलेगा hi और ऊपर से सोनम एक ड्रैगन है... पूरा बीएड उसके पानी से भीग गया और वो भी फुल स्पीड में...

वैसे ये सब हो रह था तब मई वही था पर कुछ साइड में हो गया था..

क्यों की मुझे पता था कुछ ऐसा hi हाल होगा

सोनम जब पानी छोड़ रही थी तब तो बहुत जोर सी चिल्लाया थी...

वो तो बहुत ाचा हुवा की मेरी रूम साउंडप्रूफ है.. वार्ना घर के सब लोग मेरे रूम में आ जाते...

सोनम का पानी निकल जाने पर वो बीएड पर निढाल होकर सोई हुयी थी...

उसे देखकर ऐसा लग रहा था जैसे सोनम में कोई जान बाकि hi न हो और वो बेहोश होकर बीएड पर सोई हुवी थी..............................
 
अपडेट 19

उसे देखकर ऐसा लग रहा था जैसे सोनम में कोई जान बाकि hi न हो और वो बेहोश होकर बीएड पर सोई हुवी थी..............................

आगे............................



मैंने सोनम की तरफ देखा तो वो बेहोश होकर सोई हुवी थी.. शायद वो अपने ओर्गास्म को सहन नहीं कर पायी और बेहोश हो गयी...

उसे देखकर hi लग रहा था की वो बहुत थक गयी hai..Uska सोते हुए भी उसके मासूम सा चहरे पर कोई शिकन नहीं थी...

उसके चहरे से लग रहा था की आज वो बहुत खुश है... लेकिन वो इतना थक गयी थी की मुझे उसे उठाने की हिम्मत hi नहीं हुयी...

मुझे तो उसे ऐसा सोता हुवा देखकर और भी प्यार आ रहा था...

पर बीएड पूरा सोनम के पानी से भीग गया था.. और सोनम उठाये बगैर ये ठीक नहीं हो सकता तभी मेरे दिमाग में एक आईडिया आया..

मैंने सोनम की तरफ देखते हुए राइट हाथ ऊपर उठाया तो सोनम सोते हुए hi हवा में उड़ने लगी.. और कुछ ऊपर जाकर उसे वही रोक दिया..

अब मैंने अपना बीएड साफ़ किया और बाथरूम से फ्रेश होकर आ गया...

इन सब काम में मेरा कब बैठ गया कुछ पता hi नहीं चला... वैसे भी सोनम का इसी से hi बुरा हाल हो गया था तो जब मई आगे बढ़ता तो क्या हाल होता...

इसलिए मैंने इसके आगे बढ़ने की नहीं सोची.. अब मई भी बीएड पर आ गया..

और सोनम को भी निचे ले लिया लेकिन उससे पहले सोनम को उसके ड्रेस पहना दिया था..

सोनम तो अभी भी सो रही थी.. उसे तो कुछ होश hi नहीं था की यहाँ पर क्या हो रहा है..

मुझे इस बार सोनम पर बहुत hi प्यार आ रहा था.. इसलिए मैंने उसके माथे पर और एक उसके लबो पर किश किया..

और फिर उसको अपनी बहो में लेकर सो गया...

हम यहाँ चैन से सो रहे थे और हमसे कही दूर तो कुछ और hi माहौल था तो चलो देखते है आखिर कहा पर क्या हो रहा है...

यहाँ से बहुत दूर एक ऐसी जगह जहा पर सूरज hi क्या चाँद की भी रौशनी नहीं पहुंच पति थी..

वैसे कहा जाये तो वो जगह धरती पर hi है पर कहा ये कोई नहीं जनता...

दिखने से लग रहा था की वो एक लैब है.. और वह पर किश चीज पर काम चल रहा है...

वही पर कुछ साइंटिस्ट बैठे हुए बात कर रहे थे तो चलो देखते है आखिर क्या बात हो रही है वह पर...

वैसे मई उनको नाम से तो नहीं पर स1 स2 ऐसे नामो सी बुलाऊंगा...

स3- सर हमारा प्रोजेक्ट ग्रीन पर अब काम हो गया है.. बस उसमे कुछ टेस्ट कारण बाकि है..

और उसके बाद अगर ये प्रोजेक्ट कामयाब हो गया तो हम ये इंसानो पर तरय करेंगे... और उसके बाद ये प्रोजेक्ट साडी दुनिया के सामने आ जायेगा...

स1- बहुत खूब... लेकिन अभी वक़्त नहीं है इसे दुनिया के सामने लेन का..

मेरे पास एक ऐसी मशीन है पहले उस पर हम तरय कर सकते है...

स2- ये सही कहा सर आपने.. किस पर ज्यादा इफ़ेक्ट होता है ये भी देखना है...

स2- और है स4 मैंने तुम्हे इस प्रोजेक्ट ग्रीन के लिए जो काम दिया था वो हुवा की नहीं...

स4- वो हो गया है सर.. बस जब हमारा वो प्रोजेक्ट रेडी हो जाये उसके बाद खुद मई आपके सामने उसे पेश करूँगा...

स1- और हमारे दूसरे प्रोजेक्ट का क्या हुवा..?

स3- सर उसमे हमारे कुछ और साइंटिस्ट काम कर रहे है... वो काम भी जल्द hi पूरा हो जायेगा... बस उसके लिए एक सही जगह मिल जाये...

स4- और है सर हमारे दूसरे प्रोजेक्ट के लिए हमे कुछ जगह मिली है जहा पर उसके इफ़ेक्ट हो सकते है..

तो जब यहाँ प्रोजेक्ट का काम शुरू हो जायेगा हम हमारे आदमी वह भेज देंगे...

स1- क्यों वो जगह यहाँ से बहुत दूर है क्या..? और उसका इफ़ेक्ट बहार क्यों दिखेगा.. मतलब....

स3- है सर अभी तक जितना हमे पता चला है उससे तो 3 जगह इंडिया, 2 अमेरिका, 1 नई ज़ीलैण्ड, 1 पाकिस्तान और ऐसे बहुत से जगह है जहा पर उसके सिग्न पाए गए है...

ये सुनकर तो सं शॉक hi हो जाते है.. तो उनमे से एक साइंटिस्ट कहता है..

स2- पर क्या इतनी साडी जगह ये संभव हो पायेगा और वो सब तो हम सब से कितने दूर है फिर भी....

स3- सर आप हमारे साथ आईये हम आपको उसके बारे में बताते है...

फिर वो सब लोग कही चले गए और कुछ देर और उनमे बाटे चलती रही..

यहाँ पर सुबह मेरी नींद खुली तो मैंने अपने पास देखा तो कोई नहीं था. पता नहीं ये सोनम कब चली गयी रात को..

तो चलो मई उठा और चला गया अपने गयम रूम में कसरत करने के लिए...

कुछ 1 ऑवर कसरत और ध्यान लगाकर आने के बाद मई अपने रूम में आकर फ्रेश हो गया..

और निचे आ बैठा.. तो निचे भाबी किचन रूम से बहार आ रही थी...

भाबी- गुड मॉर्निंग दीपू...

मई- गुड मॉर्निंग भाबी...

भाबी- आज भैया को यहाँ पर मत ले आ उनको कुछ काम है तो तू एक काम क्र मुझे hi वह लेकर जा..

मई- ोहक भाबी....

फिर मई भाबी को नई यॉर्क छोड़ कर आ गया.. और जाकर डाइनिंग टेबल पर बैठ गया..

न जाने पर आज मुझे घर पर कोई नहीं दिख रहा था.. और किचन से आबाज आ रही थी शायद वह माँ hi होगी...

अब देखो न इतना बड़ा घर होकर और इतने नौकर होकर भी माँ ने उन्हें किचन में आने से मन किया हुवा था..

उनका कहना था अगर हम खाना भी नहीं बनाये तो बहुत hi लज़ी हो जायेंगे... और वैसे भी उन्हें दिन भर कुछ तो काम होता नहीं..

और मुझे तो बस माँ के hi हाथो का खाना ाचा लगता hai..Mai यही सब सोच रहा था तभी...

जैसे मुझे कुछ याद आता है... याद मतलब मेरे आंखे खुली होकर भी मेरे आँखों के सामने कुछ सीन नजर आ रहे थे...

वो क्या थे वो तो पता नहीं पर मुझे बहुत hi धुँधलासा दिख रहा था...

मुझे एक औरत और एक बचा दिखाई दे रहा था.. जहा पर एक बचा भाग रहा था और उसके पीछे वो औरत...

उन दोनों का चेहरा मुझे दिखाई तो नहीं दे रहा tha..Aur उनकी अबाज भी बहुत काम आ रही थी..

उस औरत के हाथ में खाने की थाली थी और वो लेकर उस बचे के पीछे भाग रही थी...

न जाने ये सीन देखकर मेरे आँखों में अचानक से आंसू hi आ गए... और तभी मुझे माँ ने हिलाया तो मई होश में आया...

और मई जहा पर ये सीन देख रहा था वह देखा तो अब वह कुछ भी नहीं था और दूसरी तरफ माँ कड़ी थी...

न जाने ये सब क्या था पर ये सीन देखकर मई क्यों इतना इमोशनल हो गया था..

पर मेरे आँखों से आंसू hi नहीं रुक रहे थे... माँ ने मेरी और देखते हुए और मुझे रोटा हुवा देख कुछ घबरा सी गयी थी..

तो उन्होंने मुझे गले लगाया और माँ कहने लगी..

माँ- क्या हुवा दीपू तुझे.. तू ऐसे रो क्यों रहा है... क्या हुवा बता न..

किसने कुछ कहा क्या तुझे.. ऐसा है तो बता मुझे. मई अभी उसकी खबर लेती हु..

तभी मुझे मेरे गलती का अहसास हो गया और मई अपने आंखे पोछते हुए बोलै...

Mai-Kuch नहीं माँ... वो तो बस ऐसे hi सुबह से मेरे आंखे जल रही है... शायद रात को अचे से नींद नहीं आयी इसलिए शायद...

माँ ने एक बार मेरी और देखा जैसे मुझे लगा की मेरी चोरी पकड़ी गयी हो.. पर अगले hi पल वो कहने लगी...

Mom-To दीपू बीटा अपना ख्याल रखा कर न क्यों इतनी देर जगता रहता है रात भर.. समय पर सोया कर है न सोनम....

सोनम का नाम सुनकर एक पल के लिए तो मई दर hi गया और मई माँ की तरफ देखने लगा..

मुझे लगा क्या सच मैंने कल रत को जो कुछ किया वो माँ ने पकड़ तो नहीं लिया न..

या सोनम को मेरी रूम में एते हुए या जाते हुए देख तो नहीं लिया.. ये माँ सोनम को बिच में क्यों ले आयी..

मेरे दिल की धड़कन बढ़ रही थी.. तो माँ जिस तरफ देख रही थी उस तरफ मैंने देखा तो वह पर सोनम कड़ी थी...

तो उसकी भी मेरी जैसे hi हालत थी.. लेकिन वो कुछ कुछ शर्मा भी रही थी...

माँ- क्या हुवा सोनम तू ऐसी क्यों कड़ी है यहाँ आ न..

सोनम- कुछ नहीं माँ आ रही हु..

तभी सोनम के पीछे से दी एते हुए कहती है...

दी- वैसे माँ सोनम का चेहरा आज कुछ ज्यादा hi निखार गया है.. क्या बात है...

माँ- है ये बात तो मैंने भी नोटिस की है...

Mai-(Man में) अरे यार इन लड़कियों का भी न... इन्हे कहा से पता चल जाता है क्या मालूम...

वैसे सच में सोनम का चेहरा हर दिन से ज्यादा hi चमक रहा है..

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और वो सलवार सूट में और भी खूबसूरत लग रही है... पर अब मटर चेंज करना होगा वार्ना इन सब में मई hi फस जाऊंगा...

मई- माँ मुझे बहुत जोरो की भूक लगी है आप इतनी देर क्यों लगा रही हो...

माँ- अरे है मई तो भूल hi गयी तुम सब बैठो मई अभी खाना लेकर आती हु..

माँ किचन की तरफ जाने लगती है तो दी भी माँ के साथ किचन में चली जाती है...

और वह पर रह जाती है सोनम तो सोनम मेरे साथ यहाँ शरमाते हुए आकर बैठ जाती है..

मेरी तो अब उसे कुछ कहने की हिम्मत hi नहीं हो रही थी.. न जाने मुझे कल रात क्या हो गया था..

पर बोलना तो था hi तो मई सोनम को कुछ कहने hi जा रहा था...

तभी पीछे से ऋतू और रसिका भी साथ आते हुए दिखाई देते है मुझे तो मई कुछ कहते हुए वही रुक जाता हु..............................

 
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