RUDRADIP- The God And Devil - Page 3 - SexBaba
  • From this section you can read all the hindi sex stories in hindi font. These are collected from the various sources which make your cock rock hard in the night. All are having the collections of like maa beta, devar bhabhi, indian aunty, college girl. All these are the amazing chudai stories for you guys in these forum.

    If You are unable to access the site then try to access the site via VPN Try these are vpn App Click Here

RUDRADIP- The God And Devil

भाई स्टोरी को मैंने अभी तो रीस्टार्ट किया है उसके कुछ 19 अपडेट hi हुए होंगे...

और इसी 19 अपडेट में दूसरे part को पहले part से मिलाना भी तो पड़ता hai...aur अब कोई भूल जाये तो आप hi बोलते हो ये कोण आ गया बिच में... इसलिए आपको ऐसा लग रहा है लेकिन मई पूरी कोसजिसक करूँगा..

और रही सोनम की बात तो सोनम अब धरती पर आ गयी है... तो सीधी सी बात है की उसने उसकी तरफ से पति भी मान लिया हो पर यहाँ की परंपरा भी अब वो जानती है...

और वो भी एक लड़की hi है na..Aur लड़कियों जा तो शर्मा इनका गहना होता है... कोनसी भी नयी दुल्हन हो या कोई भी फर्स्ट टाइम तो वो न नुकुर तो करेगी hi न...

फिर आगे जाकर वो फ्री हो जाती है...

है मई ये बात मंटा हु की दी के बारे में क्यों की पहले मई भी खुद कन्फ्यूज्ड था लेकिन अभी सूरे हु क्या करना है तो वो भी जल्द hi आ जाएँगी...

और रद की असलियत भी जब वो अपने माँ से मिलेगा तब जितना हो सके उतना बताने की कोशिश करूँगा.. और उसी में रितिका का भी पास्ट आ जायेगा...

और रही लड़कियों की बात तो उनके लिए मई खुद कुछ कंफ्यूज हु... लेकिन जल्द वो भी सोल्वे कर दूंगा...

लेकिन आप सब से अभी से एक बात कहना चाहता हु फ्यूचर के बारे में की कोई तो एक है जो हेरोइन मारेगी..

लेकिन वो कोण है और कब.. उसके लिए अभी बहुत टाइम है तब तक आप सब एन्जॉय करे...

और अगर आप सबको ये स्टोरी बहुत hi स्लो दिख रही है तो आप बताओ मई इस भगा देता हु...

अब आप hi बताइये मुझे सब...........
 
अपडेट 20

तभी पीछे से ऋतू और रसिका भी साथ आते हुए दिखाई देते है मुझे तो मई कुछ कहते हुए वही रुक जाता हु..............................

आगे............................

Ritu-Kyu बे मोठे आज बड़ा जल्दी उठ गया...

मई- है मैंने सोचा की बहुत दिन हुए किसी का सदा हुवा मुँह नहीं देख तो सोचा आज देख hi लू...

Ritu-(Gusse से) किसको बोल रहा है तू..

मई- नहीं मेरी छिपकली मई तुझे कभी कहूंगा क्या इतने जल्दी मरना नहीं है मुझे..

मई तो आज कॉलेज जाने वाला था न तो उसी के बारे में hi बता रहा था...

Ritu-Phir ठीक है पर अगर तूने मेरे बारे में सोचा भी न तो ाचा नहीं होगा याद रखना..

हम दोनों की नोकझोक ऐसे पुरे खाना कहते हुए चल रही थी.. और सब हमारे ऐसे बाटे सुनते हुए मजा ले रहे थे..

उसके बाद मई कॉलेज चला गया... ऐसे hi 5-6 दिन गुजरे..

अब बाबा को नए घर में शिफ्ट किया था तो मई रोज वह जाकर आ Jata...Ab तो रानी से भी मेरी पहले की तरह बाटे हो रही थी..

लेकिन अभी तक रानी में कोई में बदलाव नहीं आया था.. वो पहले जैसे थी वैसी अभी भी है..

और बाबा का एक जो बीटा था उसका नाम सुनील था.. वो अभी तक मुझे दिखा नहीं तो मैंने बाबा से उसके बारे में पूछा...

तो उन्होंने कहा की सुनील कही किसी काम से बहार गया है... वो कुछ दिन में आ जायेगा तब उससे मिल लेना..

और वह से सीधा मई गीता की तरफ जाता उससे मिलने...

अब तो सब सही चल रहा था.. अब तो मेरे एग्जाम भी नजदीक ए हुए थे.. उसके बाद 2 मंथ छुट्टी..

तो उस 2 मंथ में क्या होगा क्या नहीं वो तो बाद में पता चलेगा..

अब एते है दी पर.. तो मेरे लाइफ में इतना कुछ हो रहा था की इसकी बजह से दी से मेरी ज्यादा बाटे hi नहीं हो रही थी..

और मुझे भी ये महसूस हो रहा था.. तो अब मैंने ज्यादा तर समय दी के साथ गुजरने का सोच रहा था..

पर उससे पहले मेरे पल्ले जो काम पड़े है उनको निपटने की सोच रहा था.. और अब वक़्त आ चूका था मेरे काम की शुरुवात करने का...

वैसे भी इन लड़कियों को जितना भी टाइम दू काम hi पड़ता है..

और जब इन लड़कियों को एक दूसरे के बारे में पता लगेगा तब क्या हाल होगा Mera..Sab से ज्यादा तो मुझे ऋतू से दर था..

न जाने वो क्या कर बैठे जब उसको इन सब के बारे में पता लगेगा..

और रही सोनम की बात यहाँ सोनम ने भी अपनी तैयारी कर ली thi..Matlab उसने भैया और पापा के मंद पढ़ लिए थे..

और उसे सब पता चल गया था हमारे बिज़नेस के बारे में और उनके आइडियाज...

लेकिन उनको दिखने के लिए सोनम कभी कभी पापा से तो कभी भैया सी छोटे हो या बढे कुछ भी सवाल पूछती थी..

और वो दोनों भी खुलकर उस सवाल का जवाब दे देते थे.. हालाँकि सोनम को उस सवाल का जवाब पहले से पता था..

और रही रसिका की बात तो उसे कुछ करने का था hi nahi..Wo तो है hi एक जिन..

इसलिए वो चुटकियो में सब प् सकती है.. वैसे भी इन दिनों में मेरा और रसिका का ज्यादा संपर्क नहीं हुवा है..

आज मुझे जाना था चिका को लेन के लिए.. वैसे आपको चिका तो याद होगा न..

अगर नहीं है तो कुछ याद दिला दू चिका वही है जो धरती से बहुत दूर रहता है और वो वह का बहुत बड़ा साइंटिस्ट भी है..

जब मेरी याददास्त चली गयी थी तब मई उनसे मिला tha..Aur फिर याददास्त लौट आने के बाद उनके गृह को बचाया भी था...

वैसे कल hi मैंने चिका को मैसेज कर दिया था की मई आ रहा हु रेडी हो.. तो चलो अब वक़्त आ चूका है...

मई सुबह रेडी हुवा और फिर खाना खाकर बहार निकलने hi वाला था तभी मुझे दी दिखाई दी तो मैंने उन्हें रोका..

दी- क्या हुवा दीपू.. क्या बात है आज इतने जल्दी कहा जा रहा है...

मई- कुछ नहीं दी वो कुछ काम से जा रहा हु आने में देर हो जाएगी.. तो अगर कोई पूछे तो आप संभल लेना..

दी- है है ठीक है संभल लुंगी.. (तना मरते हुए) और वैसे भी आज कल तू घर से ज्यादा बहार hi ध्यान दे रहा है...

ये बोलते हुए दी ने अजीब सा मुँह किया था.. जैसे मुझसे बहुत गुस्सा हो..

इस बारे में मई दी से बात तो करना चाहता था पर सोचा ये काम कर के औ फिर दी से आराम से बात करता हु...

फिर मई वह से बहार आ गया और पल भर में hi वह से गायब हो गया...

अब मुझे कही जाने के लिए अंश की मदद तो नहीं लेनी पड़ती थी...

और बहुत दिनों से मुझे अंश भी नहीं दिखाई Diya..usse भी बाद में बात करेंगे अभी चलते है चिका के घर की तरफ...

कुछ 5 सेकंड बाद hi मई वह पंहुचा गया.. जहा पर चिका रहता था.. और मई ऊपर से hi उस पूरी दुनिया को देखने लगा..

हमने जैसी छोड़ी थी वैसी की वैसी hi थी.. सब लोग अपने काम में बिजी हो गए थे...

और सब टेक्नोलॉजी से चल रहे थे.. यहाँ पर सब शांति से चल रहा था..

तो मई वह से चिका घर की तरफ निकल पड़ा.. जब मई वह पंहुचा तो सब का ध्यान कही और hi था..

मतलब वह पर सब लोग मिलकर खाना खा रहे थे.. तभी पइका और मीका जो चिका के बचे थे..

उनका ध्यान मेरी और गया तो वो दोनों खाना छोड़कर मेरी और भागकर आने लगे...

उनको ऐसा चिल्लाते हुए आने से चिका और विता जो चिका की वाइफ है उसका ध्यान भी मेरी और गया..

तो वो दोनों भी मेरी और देखते हुए अपना खाना छोड़कर खड़े हो गए...

मीका और पइका ने तो एते hi मुझे गले लगा लिया...

पइका- भैया आप आ गए... पता है मैंने आपको कितना मिस किया.. जितना किसी ने नहीं किया हो...

मीका- ये पइका तुझसे ज्यादा मैंने मिडस किया है...

पइका- नहीं मैंने किया है...

Mai-tum दोनों लड़ना बंद करो क्यों की तुम दोनों से ज्यादा मैंने तुम सबको मिस किया है समजे...

ये बात सुनकर वह के सबके चहरे पर स्माइल थी.. तो पइका कहता है ..

Pika-To भैया आप सिर्फ चिका को hi क्यों साथ ले जा रहे हो.. हमे क्यों नहीं हमे भी तो आना है आपके घर...

मई- जरूर मई तुम सब लोगो को अपने घर ले जाऊंगा . पर उससे पहले मुझे कुछ काम है वह..

तो चिका के साथ वह का काम होते hi मई तुम सब को यहाँ से अपने घर ले जाऊंगा...

मीका- सच्ची भैया... आप सच कह रहे हो ..

मई- मैंने कभी झूठ बोलै है तुम लोगो से नहीं न फिर...

चिका- चलो बचो भैया इतने दूर से ए है उन्हें खाना तो खाने दो...

Mai-(Chika की तरफ जाते हुए). नहीं चिका मई अभी घर से खाकर हो...

ये सुनते hi सब शॉक हो गए और मेरी तरफ अजीब सज नजर से देखने लगे तो चिका कहता है..

चिका- (शॉक होते हुए) अभी मतलब कब निकले आप आपके घर से...

मई- अभी कुछ 5 मिनट्स हो गए होंगे...

ये सुनकर तो सब और भी शॉक हो गए तो फिर से एक बार लेकिन इस बार चिका हस्ते हुए कहता है...

चिका- हम तो भूल hi गए थे की हम किस्से बात कर रहे hai..Jo गॉड ऑफ़ स्पीड है उनसे...

मई- इतना भी कुछ बड़ा नहीं हु मई.. मई तो एक नार्मल सा इंसान हु...

विता- नहीं रद तुम अपने आप को इंसान समझने की भूल मत करो तुम उनसे भी परे हो..

जब तुम्हे इस बात का अहसास होगा न तब तुम्हे हमारी बात सच लगेगी..

मई- (पइका से) वैसे आज तुम दोनों स्कूल नहीं गए...

Wita-Kaise जाते आज उन दोनों के डैड पहली बार यहाँ से इतना दूर जो जा रहे है...

ये कहते हुए उनकी आँखों से कुछ आंसू निकलने लगे तो चिका ने जाकर विता को गले लगाया और उसके आंसू पूछे तो मई कहने लगा..

Mai-Nahi जी हम सब आपसे दूर होकर भी पास है.. जब भी आप हमे बुलाओगी..

उसके दूसरे hi क्षण में हम यहाँ पंहुचा जायेंगे.. इसलिए आप ये मत समजिये हम आपसे दूर है...

ऐसे hi कुछ देर उनकी फॅमिली बाटे चलती रही फिर मैंने चिका को चलने को कहा तो वो भी रेडी हो गया..

पर उसकी बैग मुझे नहीं दिख रही थी.. तो मैंने चिका से पूछा..

Mai-Waise चिका तुम्हारी बैग्स नहीं दिख रहे है मुझे. तुमने कुछ सामान नहीं लिया अपने साथ..

Chika-liya है न बहुत लिया है देखना चाहिए तो ये देखो...

ये कहते हुए चिका ने अपने जेब में हाथ डाला और वह से बहुत hi चौथे छोटे बैग्स निकले..

इतने छोटे की अपनी ऊँगली इतने और उनमे एक प्रेस का के भी थी.. तो चिका ने एक बैग को प्रेस किया..

तो वो बैग भी बहुत बड़ा हुवा.. ये देखकर तो मई शॉक hi रह गया..

और मेरे चहरे पर एक अजीब सी मुस्कराहट भी आ गयी ये देखते हुए...

फिर मैंने चिका को लिया और वह से धरती की तरफ निकल पड़ा हम दोनों कुछ hi देर में धरती पर आ गए............................
 
अपडेट 21

फिर मैंने चिका को लिया और वह से धरती की तरफ निकल पड़ा हम दोनों कुछ hi देर में धरती पर आ गए............................

आगे............................



वैसे मैंने तो धरती पर चिका को लाया तो था पर उसका रहने का कोई अभी तक इंतज़ाम नहीं किया था..

और सबसे बड़ी बात चिका एक नीली चमड़ी वाला एलियन hai..To उसे ऐसे यहाँ पर घूमने तो नहीं दे सकते..

और अभी हम लोगो को कही जाना भी तो है तो इसलिए मई चिका को वह से अपने सीक्रेट जगह ले गया...

ये वही सीक्रेट जगह थी जहा पर भाई मुझे पहली बार ले गए थे..

जहा पर मुझे उन्होंने थे रॉक के बारे में सब कुछ बता दिया था..

ये जगह चिका के लिए बहुत hi नयी थी.. और उनकी जगह से टेक्नोलॉजी के मामले में बहुत hi पीछे..

तो सीधी सी बात है वो ऐसे देखेगा hi न सब aur.Tabhi एक अबाज अति है.. जो सिमरन की थी..

अब आप लोगो को याद hi होगी सिमरन.. जो वह पर होने वाले थे रॉक के हर एक काम में हेल्प करती है..

लेकिन वो कोई औरत नहीं है वो तो बस एक प्रोग्रामिंग रोबो है बस फिजिकली नहीं है..

सिमरन - गुड इवनिंग रद.. बहुत दिनों बाद ए हो आप यहाँ...

मई- है कुछ काम में बिजी हो गया था कुछ ज्यादा hi लेकिन अब डेली यहाँ आऊंगा...

सिमरन- है मुझे पता है आपकी याददास्त चली गयी थी.. और मैंने रिपोर्ट्स भी चेक किये थे..

पर उस बारे में मई कोई हेल्प नहीं कर पायी थी लेकिन ये हुवा कैसे.. मतलब आप ठीक...

मई- बस यही समाज लो तुम्हारे प्यार की बजह से मई ठीक हो गया.

सिमरन- क्यों मजाक कर रहे हो रद... ये सब तो आप hi की दें है..

जो मई आपसे इतना फ्री बोल प् रही हु.. वार्ना पहले तो सिर्फ काम की hi बाते होती रहती थी...

मई- ये तो सिर्फ शुरुवात है सिमरन.. अब देखो मई तुम्हे कैसे अपडेट करता हु.. लेकिन उसमे ये हमारी हेल्प करेंगे...

सिमरन- लेकिन ये तो दिखने से मुझे कोई एलियन दीखते है...

( अब आप सब सोच रहे होंगे की ये फिजिकली नहीं है तो सबको देख कैसे रही है तो वह पर जो कैमरा फिट किये हुए है उनकी मदद से..)

मई- है सही कहा तुमने.. ये वही है पर हमारे फ्रेंड है और अब से ये हमारी हेल्प भी करेंगे...

चिका तो बस उस अबाज को सुने जा रहा था.. क्यों की उसे न तो हमारी बाटे समाज में आ रही थी..

और न hi वो समाज प् रहे थे की अबाज कहा से आ रही है..

पर वो इतना तो समाज गए थे की ये किसी रोबोट की अबाज है जो यहाँ ये सब हैंडल कर रही है..

ये ऐसा सिस्टम उनके यहाँ तो आम बात है.. क्यों की उनके यहाँ ऐसी चीजे बचो का ख्याल रखती है.. या अगर कोई Chota-bada काम हो तो उसमे इसका उसे होता है...

तो अब मई चिका से कहता हु....

मई- चिका तुम्हे यहाँ आकर कुछ ज्यादा प्रॉब्लम तो नहीं हो रही है न मतलब यहाँ के एनवायरनमेंट की...

Chika-No रद.. मतलब कुछ है पर ज्यादा नहीं.. क्यों की मई उसी तैयारी से hi यहाँ आया था..

उसने अपने एक बैग को बड़ा किया और उनमे से कुछ तो निकला जो वो मुझे दिखते हुए बोलै..

Chika-Ye देखो रद.. इसे खाने से हम कही भी किसी भी एनवायरनमेंट में 6मंथ तक जिन्दा रह सकते है..

क्यों की ये हमारे बॉडी को उस जगह के नेचुरल एनवायरनमेंट से मैच करने में हेल्प करती है...

और साथ hi वह पर जैसे एलियंस मतलब लोग रहते है उनके बॉडी स्ट्रक्चर मतलब कलर से लेकर लैंग्वेज तक सब चेंज कर देती है...

मई तो चिका के इस बात से कुछ देर के लिए शॉक hi रह गया.. हालाँकि मुझे इन सब चीजों की जरुरत नहीं थी...

पर ऐसी भी चीजे है ये सुनकर मई कुछ सुरप्रीसेड हुवा...

लेकिन उस वक़्त मेरे दिमाग में एक सवाल आया तो मैंने चिका से पूछा...

मई- तो चिका मुझे एक बात बताओ.. तुम वो चीज खाने से तुम्हारी बॉडी यहाँ के एनवायरनमेंट को मैच करेगी..

मतलब टोलेराते करेगी. तुम्हारे बॉडी का कलर हमारे जैसा हो जायेगा.. पर लैंग्वेज का कुछ समाज नहीं आया..

हालाँकि मई अभी भी तुम्हारे लैंग्वेज में बात कर रहा हु पर तुम हमारे.. मतलब कैसे....

चिका- मुझे पता था रद आप ये सवाल जरूर पूछोगे.. मुझे भी पता है आपको ऐसे चीजों की जरुरत नहीं है

पर हम आप जैसे तो नहीं है तो सुनिए इसका जवाब.. तो इसका सीधा सा जवाब है..

ये जो चीज है उसके खाने से हमारे दिमाग पर भी असर होने लगता है..

और हम जिस भी जगह हम चले जाये तो जब हम किसी एलियंस को देख लेते है..

तो वो चीज खाने के बाद हमारी बॉडी का स्ट्रक्चर उसी की तरह हो जाता है...

और उसके पास जितना भी नॉलेज है उस जगह के बारे में वो हमे ज्ञात हो जाता है.. प्लस हमारा खुद का नॉलेज....

मई- वह.. चिका भाई अपने क्या समज्या है mujhe..Mai तो फुल समाज गया जैसे..

वैसे आप वह कोई प्रोफेसर हो क्या.. किस तरह समझाया है अपने...

अगर ऐसी टेक्नोलॉजी सच में आपके यहाँ है तो हम सच में बहुत पीछे है आपसे...

चिका- आप नहीं यहाँ के लोग... बल्कि ये तो सब आप hi की दें है हमे... और जहा से आप है वह पर तो ऐसे चीजों का कोई मोल hi नहीं है...

मई- उसके बारे में तुमसे बाद में बात करूँगा मई.. पहले बताओ अब तुम किसका रूप लेना चाहते हो...

चिका- कोई ऐसा do..Jisko यहाँ के बारे में सबकुछ मालूम है..

हर एक लैंग्वेज अति हो और यहाँ के टेक्नोलॉजी के बारे में भी जनता है..

मई सोचने लगा की ऐसा कोण है जो इस कैटगरी में फिट होता है...

Mai-Chika कोई फोटो भी चलेगी क्या उनकी या बॉडी hi चाहिए...

चिका- है रद फोटो hi चलेगी लेकिन फुल होनी चाहिए...

तो अब मई सोचने लगा की इसे ऐसे कोण दे दिया जाये तभी मेरे दिमाग में गीता की बात याद अति है..

जो मुझे वो उसके पापा के बारे में बता रही थी.. उसके पापा को सब लैंग्वेज अति थी..

और साथ hi उनको नए नए टेक्नोलॉजी के बारे में जानने में बहुत दिलचस्पी थी..

तो मैंने सोचा क्यों न चिका को गीता के फादर में चेंज कर दिया जाये ...

तो मई झट से गीता के घर गया और वह से गीता के फादर एक पिछ लेकर चिका के पास वह आ गया..

मई- चिका ये लो ये पिक्चर है.. तुम इनके बॉडी का स्ट्रक्चर ले सकते हो...

चिका ने वो पिक्चर मेरे हाथो से ली और एक बार उसे देखा तो चिका मुझसे कहता है...

Chika-Thik है रद मई इसका बॉडी स्ट्रक्चर बना लेता हु... पर उसके लिए मुझे 18 हॉर्स लगेंगे..

क्यों की इनके बॉडी का स्ट्रक्चर प्लस इनके दिमागी नॉलेज के बारे में जान सकू...

और इन 18 हॉर्स में मई बेहोश रहूँगा.. और इसके लिए मुझे एक शांत जगह भी चाहिए...

Mai-Tumhe जितना वक़्त लेना है ले लो... मई कल इसी टाइम पर यहाँ आता हु.. तब तक आप रेडी हो जायेंगे ी थिंक...

Chika-Ha जरूर रद.. तुम फ़िक़र मत करो. उसी के साथ यहाँ पर मुझे दिख hi रहा है की...

यहाँ पर बहुत से ऐसे इक्विपमेंट है जिनकी मुझे जरुरत पड़ेगी तो क्या मई ये उसे कर सकता हु...

Mai-Kyu नहीं Chika(Simran को अबाज देते हुए) सिमरन चिका को उनके काम में फुल हेल्प करना..

मई इन्हे फुल अथॉरिटी देता हु यहाँ की अब से तुम इनकी साडी बाटे मानोगी...

सिमरन- जी रद...

मई- और है स्टार्टिंग में तुम्हे उनकी लैंग्वेज समाज में नहीं आएगी..

तो तुम्हारे अंदर मई इनके लैंग्वेज की जानकारी दाल देता हु..

जिससे तुम्हे इनकी लैंग्वेज समझने में आसानी हो और तुम इनकी फुल हेल्प पर सको...

फिर मई एक पक के सामने गया और उसमे कुछ करने लगा और वही पर हाथ रखने के लिए एक जगह थी...

वह पर अपना हाथ रखकर चिका के लैंग्वेज के बारे में ज्ञान सिमरन को देने लगा...

दो मिनट्स बाद सिमरन को फुल ज्ञान देने के बाद मैंने अपना हाथ पीछे खींच लिया तो अब सिमरन फुल रेडी थी..

तो मैंने चिका की तरफ देखा और उनसे कहने लगा...

Mai-Ab आप यहाँ पर अपनी तरह से काम कर सकते हु और वो भी अपने hi लैंग्वेज में..

मैंने आपकी लैंग्वेज इस सिस्टम में दाल दी है.. अब आप जो भी कहेगी ये सिस्टम सुनेगी..

और उसमे आप का फुल सपोर्ट करेगी और अगर कुछ प्रॉब्लम होगी तो बताएगी भी...

चिका- जी रद.. अब आप यहाँ से चले जाईयेगा अब हम कल सुबह hi माइलेज नए रूप के साथ...

मई चिका के इस बात पर स्माइल देकर वह से निकल पड़ा अपने घर..............................

 
अपडेट 22

मई चिका के इस बात पर स्माइल देकर वह से निकल पड़ा अपने घर..............................

आगे............................



घर में कोई नहीं था शायद बहार गए हुए या अपने काम में होंगे... और अब चिका को hi मुझे कल hi मिलने जाना था..

और उसी सन्दर्भ में मुझे पहले रसिका से बात करनी होगी...

इसलिए मई पहले रसिका के रूम में गया तो वो अपने जादू से हवा में लटकी हुयी आराम कर रही थी..

और वैसे hi उसके सामने एक लटकी हुयी बुक थी.. उसे देखने से लग रहा था वो कुछ पढ़ रही थी पर ऐसे...

Mai-Rasika... ये क्या कर रही हो..

रसिका मेरी अबाज से होश में आ गयी और अपने आप को सँभालते हुए ढंग से बीएड पर बैठ जाती है तो मई आगे कहता हु...

मई- रसिका ये क्या कर रही थी तुम.. अगर तुम्हे ऐसे कोई देख लेता तो हंगामा हो जाता..

वैसे ये तो अछि बात थी की मई hi यहाँ आया लेकिन तुम्हे सबधाणी बरतनी चाहिए...

रसिका- माफ़ कीजिये रद लेकिन आगे से ऐसा नहीं करुँगी...

मई- है है ठीक है अब आगे से ये बात ध्यान रखना.. और जिस काम के लिए आया था अब वो बात करे...

फिर रसिका बीएड के एक जगह तो मई दूसरी जगह जाकर बैठ गया अब मई आगे कहता हु...

मई- देखो अब तुम्हे मई तुम्हारा काम समजता हु तुम्हे क्या करना है और क्या नहीं ठीक है आगे मुझे पता है तुम इसे ठीक hi करोगी...

रसिका- जो हुकुम रद... (लेकिन जैसे hi रसिका को उसके गलती का अहसास हुवा तो वो कहने लगी) सॉरी... sorry...RD... जैसा तुम ठीक संजो..

मई- (इग्नोर करते हुए)) तो सुनो मई यहाँ इस धरती पर होने वाले हर बुरे काम को रोकने के लिए एक सिक्योरिटी सिस्टम रेडी कर रहा हु..

जो और भी बहुत से काम karegi..Wo हमारी हर काम में मदद करेगी..

और है इस काम के लिए तुम्हे चिका की मदद करनी है तुम्हे चिका तो याद होगा न...

ये सुनते hi रसिका ने है में सर हिलाया तो मई आगे कहने लगा...

मई- तो बस तुम्हे हर एक काम में उसकी हेल्प करनी है वो जैसा कहता है वैसा करती जाओ..

और इस कार्य में अगर तुम्हे कोई आईडिया ए तो सिर्फ मुझे hi बताना चिका को नहीं मई खुद उनसे बाते करूँगा.

रसिका- ठीक है रद...

Mai-Waise रसिका तुम्हारा ये काम कब तक पूरा होगा. ी मैं...

रसिका- (कसुआलय) आज hi कर देते है...

मई- (स्माइल करते हुए) नहीं रसिका हर काम हमे जादू से नहीं..

तो अपनी मेहनत से भी करना है.. और है मई भी वह रहूँगा तुम दोनों के साथ..

Rasika-Thik है लेकिन अभी कोई काम है मुझे..

मई- है एक है जो बहुत hi इम्पोर्टेन्ट है.. तुम एक काम करो यहाँ से बहुत दूर मतलब एक ऐसी जगह...

जहा ज्यादा तर कोई जाता नहीं हो और आगे जाकर भी कोई पहुंच hi नहीं पायेगा...

वह जाकर हमारी धरती से कुल 500 फ़ीट अंदर जाकर करीब 2000 सक. फ़ीट का एक रूम तैयार करना होगा..

और वह पर क्या क्या लाना है और क्या क्या करना है वो मई तुम्हे कल बताऊंगा.. आज के लिए तुम बस इतना कर दो...

रसिका- ठीक है रद मई अभी जाती हु और उस काम के लिए लग जाती हु...

ये कहकर रसिका वह से चली गयी और मई भी उसके रूम से बहार आ गया..

और अब मई अपने रूम में जा hi रहा था तभी मई दी के रूम के सामने से गुजरता हु तो अंदर से दी की अबाज मुझे अति है..

लेकिन अंदर से दूर लॉक था तो मैंने अपने आँखों से दूर के अंदर देखा तो दी बीएड पर बैठी हुयी फ़ोन पर किसी से हस्ते हुए बाटे कर रही थी..

मुझे ये देखकर तो कुछ सुरप्रीसेड हुवा की दी किसे बात कर रही है और वो भी हसकर...

हालाँकि ये देखकर मुझे बहुत जलन भी हुयी और अंदर hi अंदर एक गुस्सा भी आया..

दी ये किस्से से बात कर रही है.. पर तभी मुझे एक बात याद आयी की..

किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले उस बात को जान लेना चाहिए तो मैंने दी का दूर नॉक किया...

तो कुछ hi देर बाद दी ने दूर खुला और बहार मुझे खड़ा देखकर दी कहने लगी...

दी- क्या हुवा दीपू... आज मेरे रूम की याद कैसे आगयी.... ये भूलकर तो नहीं आ गए...

वैसे दी ने ये सब मुझे तना मरते हुए कह रही थी..

पर अभी कुछ देर पहले देखे हुए मेरे सीन ने ये मुझे महसूस नहीं होने दिया और मई दी से कहने लगा...

मई- है अब कुछ लोग हमे भूल hi गए है तो सोचा की उन्हें अपनी याद दिला दू...

दी- ये सच कहा दीपू तुमने पर अब क्या करे वो जो है वो हमे याद hi नहीं करना चाहता तो...

वो अपने hi लाइफ में मस्त है.. उसे क्या परवाह किसी और की...

मुझे इस बार समाज नहीं आया की यार यहाँ पे तो मई गुस्सा हु..

तो दी क्यों ऐसा कह रही hai..Halanki ये सब तो मुझे कहना चाहिए था..

मई- चलो मई असल बात पर अत हु.. आप अभी किस्से बात कर रही थी...

दी- क्यों मई तुम्हे क्यों बताऊ.. और वैसे भी तुम कब से मेरे बारे में पूछने लगे...

मई- दी सच बताओ न आप किस्से बात कर रही थी...

इस बात पर दी बहुत सीरियस हो गयी थी.. क्यों की अब तक तो वो मुझे तना मरते हुए हस्ते हुए बात कर रही थी पर अब...

दी- देखो रद... तुम किसी से बात करते हो क्या मैंने तुम्हे कभी पूछा... और ये मत भूलो की मई तुम्हारी बड़ी बहन हु..

इसलिए तुम मुझसे सवाल नहीं पूछ सकते समजे.... और अब तक तुम कहा थे जो अब ए हो मुझे ये सवाल पूछने के लिए...

तुम्हे कब से अपने दी की याद आने लगी.. मुझे तो लगा तुम..... जाने दो....

ये कहते हुए दी की आँखों में आंसू आ गए थे.. और उन्होंने झट से अपना दूर बंद कर दिया... और यहाँ पर मेरा भी कुछ ऐसा hi हाल था..

मतलब इससे पहले दी ने न मुझसे ऐसे कभी बाते की थी.. और नहीं मुझे कभी अपने से दूर..

दी की ऐसी बातो से मेरा भी दिल बहुत दुःख रहा था... मेरे तो आँखों से आंसू hi नहीं रुक रहे थे..

मई अपने आप को जैसे तैसे अपने रूम तक ले गया और रूम में आकर मई रोने लगा...

और मई हर एक वो पल याद करने लगा जो मैंने दी के साथ गुजरे थे बचपन से...

उस वक़्त दी में और मुझ में जितना प्यार था हम दोनों कभी एक दूजे से अलग नहीं रहते थे..

बल्कि मेरे कहने से पहले hi दी मेरे दिल की बात जान लिया करती थी.. और अगर मुझे कोई बोले भी तो दी उनसे लड़ जाया करती थी...

और आज देखो दी वही की वही है पर मई कितना बदल गया मई तो उनको भूल hi गया था इन सबकी और ध्यान देते हुए...

आज वो पल याद करते हुए कभी मेरे आँखों से आंसू एते थे तो कभी ख़ुशी के...

लेकिन दी ने जो आज मुझसे कहा वो सब सही भी था.. क्या करू मई ऐसे कामो में बहुत hi बिजी हो गया...

लेकिन अब नहीं मई अपने दी का भी पहले की तरह hi ख्याल रखूँगा.. ये सब मेरी hi गलती थी तो इसे अब मई hi ठीक करूँगा...

तो मई अपनी जगह से उठा और दी के कमरे में चला गया...

हालाँकि दी ने मुझे ये सब गुस्से में बोलै होगा पर ये सब बोलने के बात वो भी बहुत रो रही थी..

और वो अभी भी रो रही है.. मई उनके पास गया और दी के कंधे पर हाथ लगाया तो एक पल वो दर hi गयी..

क्यों की अंदर से दूर लॉक था तो अंदर कोण आया और कैसे.. लेकिन जैसे hi उन्होंने मुझे देखा तो वो कुछ शांत हो गयी पर अभी भी दी रो रही थी..

दी- (रट हुए) अब क्यों आया है तू yaha..Kon है तेरा यहाँ...

मई- ऐसा मत कहो दीदी.. मुझे मेरे गलती का अहसास हो चूका है...

मई hi अपने कामो में इतना बिजी हो गया था की मई आपको hi भूल गया था..

लेकिन जैसे hi अपने मुझे आज बताया मुझे सब समाज आ गया दीदी...

वैसे मई तो ये सब भूल गया था पर आप... आप तो मुझे याद करा देती...

Di-Kya याद कराती मई दीपू... मुझे लगा तुम समाज जाओगे अपनी भूल को.. और अपने दी को याद करोगे...

पर तुम अपने आप में इतना खोये हुए थे की तुम्हे मेरा ख्याल hi नहीं रहा...

Mai-Mujhe माफ़ करना दी आगे से ऐसा नहीं hoga...Maj पहले जैसा था वैसे रहने की कोशिश करूँगा..

लेकिन एक बार कहो आपने मुझे माफ़ कर दिया...

वैसे इस बार मेरे भी आँखों में आंसू आ गए थे.. और दी ने भी शायद मुझे माफ़ कर दिया था...

पर इस बार मुझे परेशां करने के लिए वो नौटंकी करने लगी गुस्से की...

दी- जा नहीं करती माफ़ मई तुझे एक तो पहले गलती करता है और ऊपर से माफ़ी.. No वे...

ये कहते हुए दी ने अपने मुँह फेर लिए.. दी ने ये कुछ स्माइल करते हुए कहा था..

जिससे मुझे पता लग गया था की दी मान गयी है पर जाता नहीं रही है..

तो दी को मैंने टिकल करते हुए कहने लगा...

मई- क्या सच में आप मुझे माफ़ नहीं karogi...To ये लो...

दी ने पहले तो अपने आप पर कण्ट्रोल करने लगी पर कब तक आखिर में वो बहुत है रही थी. आखिर बार उन्होंने कह दिया की..

दी- है दीपू मैंने तुम्हे माफ़ कर दिया अब तो छोड़ दे मुझे...

फिर मैंने दी को छोड़ दिया तो दी मेरा काम पकड़ते हुए बोली...

दी- अगर आगे से ऐसा तूने कभी किया तो मेरी बात ध्यान रखना... मई तुम्हे कभी भी नहीं बात करुँगी...

Mai-Ha di...ooouuuccchhhh.... दी मेरा कान बहुत दुःख रहा है अब तो छोड़ दो आगे से ऐसा नहीं करूँगा ी प्रॉमिस...

फिर दी ने मेरा कान छोड़ा और मुझे गले लगाया..

आज इतने दिनों बाद वही पहले वाली फीलिंग के साथ दी को गले लगा रहा था तो बहुत ाचा लग रहा है..

और फिर मैंने दी के गोदी में अपना सर रखकर दी से कुछ बाटे करने लगा...

तो वैसे hi बाते करते हुए hi मेरी आंखे लग गयी और मई सो गया......................

 
अपडेट 23

तो वैसे hi बाते करते हुए hi मेरी आंखे लग गयी और मई सो गया......................

आगे............................



कुछ देर सोने के बाद मुझे ऐसा महसूस हुवा की कोई मेरे सर पर हाथ फेर रहा है...

ये महसूस होते hi मई नींद से जग गया तो देखा मई अभी भी दी के गोदी में सोया हुवा था..

और जब से मई सोया हुवा था तब से दी वैसे की वैसी बैठी हुयी थी...

Di-(Smile करते हुए) उठ गया तू दीपू...

Mai-Di क्या आप कब से वैसे hi बैठी हुयी थी..

दी- है दीपू.. अब तू इतने दिनों बाद मेरे पास सोया हुवा था तो तुझे ज्यादा डिस्टर्ब करना ठीक नहीं समजा...

Mai-Par दी आप....

Di-(Mujhe रोकते हुए) दीपू ये बैठना तो सिंपल सी बात थी.. और भी कोई बड़ी बात होती न तो मई वो hi बिना बोले कर जाती...

ये बात सुनकर मुझे दी पर और भी प्यार आ गया और मैंने उन्हें गले लगाया और उनके गाल पर किश कर दिया तो दी कहने लगी...

दी- है अब बहुत हुवा प्यार जा जाकर फ्रेश होकर आ... फिर हमे खाना भी खाना है.. माँ बुलाकार गयी है...

मई- दी क्या आज हम आपके hi रूम में खाना नहीं खा सकते क्या? सिर्फ हम दोनों...

Di-(Kuch सोचते हुए) ठीक है तू जा जाकर फ्रेश होकर आ मई खाना लेकर आती हु..

मई- मुझे क्या दी.. फ्रेश होने के लिए सिर्फ 1 सेकंड भी बहुत हुवा.. तो चलो मई चला..

मई फ्रेश होने चला गया और दी खाना लेकर आ गयी वैसे निचे तो सबने पूछा hi होगा...

पर सबको पता भी है मई दी से और दी मुझसे कितना प्यार करती है.. और ये सब तो बचपन से चला आ रहा है...

दी ने एक निवाला उठाया और मुझे खिलाया तो मैंने भी शामे वैसे hi किया..

तभी मेरे दिमाग में कुछ देर पहले हुवा सीन याद आया. तो मैंने दी से पूछा..

Mai-Di मुझे एक बात बताओ आप कुछ देर पहले किसको बात कर रही थी..

Di-(Smile करते हुए) क्यों मई क्यों बताऊ. और तुम ये अब क्यों पूछ रहे हो...

Mai-Waise दी ये मई पता कर सकता हु पर मुझे आपके hi मुँह से सुन्ना है...

दी- ाचा इतना बड़ा हो गया तू... मन की तू सबके दिलो की बात बिना कहे hi जान जाता है... पर एक बात याद रख तू मेरे दिल की बात कभी नहीं पड़ेगा...

मई- Ok दी... नहीं पडूंगा पर अब तो बता दो...

दी- मुझे गांव से फ़ोन आया था तो ममी से बात कर रही थी. और सब से.. सब पूछ रहे थे कब आ रहे हो आप सब...

मई- है दी मुझे भी बहुत याद आ रही है गांव वालो की.. हम कब जा रहे है अपने गाओं...

Di-Hum सबको वेकेशन की छुट्टी लगते hi.. और वैसे भी 2 मंथ बाद हमारे गाओं में एक बहुत बड़ा मेला लगता है...

और वो करीब हर 7 साल बाद लगता है.. वो बहुत बड़ा मेला होता hai.Usme बहुत दूर दूर सी लोग एते है...

Mai-To उसमे हमे जाना hi चाहिए दी...

Di-Ha है क्यों नहीं पर उसमे अभी 2 मंथ है...

ऐसे hi हम दोनों बाते करते हुए खाना खाने लगे और उसके बाद दी प्लेट रख ayi..Aur फिर हम दोनों बीएड पर लेट गए..

लेकिन एक बात मुझे समाज नहीं आयी मई कितनी देर से इस रूम में हु तो यहाँ पर कोई क्यों नहीं आया..

मई- दी हम दोनों आपके रूम में है तो यहाँ पर कोई क्यों नहीं आया कितनी देर से..

Di-Wo इसलिए क्यों की मैंने सबको आज यहाँ आने से मन किया है.. और खासकर ऋतू को क्यों की वो तो जरूर आएगी hi..

हम क्या कर रहे है क्या नहीं ये तो वो बचपन से करती है.. तो उसे भी अपने तरह से मन लिया..

चलो अब बहुत हुयी बाते अब चलो सो जाते है...

Mai-Ha दी क्यों की कल मुझे बहुत से काम है...

फिर क्या दी ने मुझे अपनी बहो में ले लिया और सो गयी...

आज बहुत दिनों बाद दी के बहो में सोते हुए बहुत ाचा लग रहा था..

एक अपनापन था उनकी बहो में जिसकी बजह से मुझे जल्द hi नींद आ गयी...

उसी रात एक जगह जो किसी को भी नहीं पता थी कहा थी.. यहाँ तक वह पर काम कर रहे ज्यादा तर साइंटिस्ट को भी नहीं..

वह पर आज बहुत चहल पहल हो रही थी.. न जाने क्यों पर सब अपना काम में बिजी हो गए थे..

और लगता है कुछ बहुत hi इम्पोर्टेन्ट काम कर रहे है तो चलो देखते है...

स1- सब तैयारी हो गयी है न स2. आज हमे किसी भी हालत में प्रोजेक्ट ग्रीन को पूरा करना hi होगा...

स2- है सर वो सब तैयारी हो चुकी है.. और आपने जो बोलै था वो भी रेडी है...

और उस प्रोजेक्ट के लिए आपको जो कुछ भी चाहिए था वो सब भी रेडी है...

स1- तो ठीक है उसे हमारे सामने लाया जाये और बाकि का काम भी शुरू किया जाये...

तभी स2 कुछ इशारा करता है तो वह पर खड़े कुछ साइंटिस्ट कुछ 3 चीजे लेकर एते है..

जिसपर ये प्रोजेक्ट ग्रीन अप्लाई करने वाले थे और वो 3 चीजे क्या थी वो तो आपको बाद में hi पता लगेगा...

और फिर जहा पर वो काम हो रहा था वह पर उनको ले जाते है..

और जहा पर उस प्रोजेक्ट ग्रीन का इफ़ेक्ट होने वाला है वह पर उन चीजों को फिट करने के बाद वो प्रोजेक्ट शुरू किया जाता है..

जब ये प्रोजेक्ट वर्क हो रहा था तो जिन चीजों पर ये प्रोजेक्ट अप्लाई हो रहा था..

उन चीजों का शार्ट बहुत हो रहा था.. इतना की वह पर खड़े हर एक शक्श ने अपने कण हाथो से धक् दिए थे...

और कुछ hi देर बाद वो प्रोजेक्ट स्टॉप होता है...

स3- सर हमारा ये प्रोजेक्ट तो सक्सेस्स्फुल्ली वर्क हो गया है.. अब बस ये कैसे होता है यही देखना बाकि हज...

स2- मतलब ... क्या कहना चाहते हो.. साफ़ साफ़ कहो..

स3- मतलब ये प्रोजेक्ट हमने जिन चीजों पर अप्लाई किया है.. उनका असर होंद के लिए कुछ 15 दिन लगेंगे...

तो 15 दिन तक इन्हे स्पेशल ट्रीटमेंट देनी होगी... और सब तरह से इनका ख्याल रखना होगा..

स1- तो देर किस बात की है जाओ और ले जाओ इन्हे यहाँ से अब हम 15 दिन बाद hi देखंगे इस प्रोजेक्ट की हालत.. और हमारे दूसरे प्रोजेक्ट का क्या हुवा...

स3- सर वो भी हो गया है वो भी हम कुछ 3-4 दिन बाद hi उसे भी शुरू करेंगे....

स1- नहीं उसको अभी के लिए रहने दो पहले हम इस प्रोजेक्ट के बारे में सोचेंगे..

और इसका क्या परिणाम होता है ये देखंगे.. उसके बाद आगे का क्या करना है वो देखते है...

S2-Sir अगर ये प्रोजेक्ट हमारा सक्सेसफुल रहा तो....

S1-(Smile देते हुए) जब हो जायेगा तब की तब देखेंगे अभी से उसके बारे में मत सोचो...

ये कहते hi स1 वह से पीछे की और पलटकर जाने लगता है..

लेकिन ये क्या जाते वक़्त उसकी आंखे एक नार्मल इंसान जैसी बिलकुल भी नहीं थी...

उसकी आंखे एक भड़कते हुए अंगारो जैसी थी जैसे एक ज्वालामुखी जल रहा हो उन आँखों में...

अगर उस वक़्त स1 की आँखों में किसी ने देखा होता तो वो भी जलकर खाक हो जाता...

यहाँ पर पृथ्वी से बहुत दूर एक ऐसी जगह जहा पर थे लार्ड रहते थे...

वही पर थे लार्ड कुछ चिंतित भी दिख रहे the...Aur पल भर में उनकी आँखों में गुस्सा भी उतर रहा था...

जैसे उनके मन में किसी बात को लेकर परेशानी भी है और गुस्सा भी उसी बात का है...

पर वो क्या बात है अब तो वो बात खुद थे लार्ड को पता होगी...

तभी उनकी बेटी वह आ जाती है...

बेटी- क्या सोच रहे हो आप पिताश्री....

थे Lord-(Apne खयालो से बहार एते हुए) कुछ नहीं बस रूद्र के बारे में सोच रहा हु..

मुझे लगता है की अब उसे अपने बारे में सब कुछ बता देना चाहिए....

Beti-Lekin पिताश्री अगर ऐसा हुवा तो आपको भी पता है इसका क्या असर पड़ेगा उस पर भी और साडी दुनिया पर भी...

थे लार्ड- लेकिन कब तक हम उसे छुपा रहेंगे हमे कभी न कभी उसे बताना तो होगा न...

बेटी- मुझे लगता है की उसे अभी जितना जानना जरुरी है उतना hi बताते है..

अगर पूरी बात बताई तो न जाने वो क्या अनर्थ कर बैठे... अभी उसमे उतनी समाज नहीं आयी है...

थे लार्ड- ठीक है बेटी पर अभी जो हो रहा है उसका क्या करे...

Beti-Wo उसे hi देखने दो हम उसे कुछ नहीं कर sakte..ye खुद उसके अकेले की लड़ाई है..

और ऐसे इम्तिहान देने के बाद hi वो सब समझने के काबिल हो पायेगा लेकिन...

थे लार्ड जैसे उसके बेटी के मन की बात जान चुके थे की विल क्या कहना छाती है तो वो बिच मेकहते है ..

थे लार्ड- बस कुछ दिन और... ये काम मैंने शुरू कर दिया है...

फिर ऐसे hi कुछ देर उनकी बाटे होती रही.. तो चलो अब वापस धरती पर एते है...

सुबह मेरी नींद खुली तो देखा दी अभी भी सोई हुयी है.. दी सोते हुए बहुत हु खूबसूरत दिख रही थी..

तो मैंने उन्हें डिस्टर्ब न करने की सोचा और दी के माथे पर एक किश कर के बहार आ गया...

और फिर वह से कुछ कसरत करि. और रेडी hi गया.... क्यों की आज भी मुझे वैसे hi कुछ काम करने है..

निचे माँ जग चुकी थी.. तो जल्दी से नाश्ता कर के मई जहा चिका को छोड़ आया था वह चला गया..........................

 
अपडेट 24

और फिर वह से कुछ कसरत करि. और रेडी hi गया.... क्यों की आज भी मुझे वैसे hi कुछ काम करने है..

निचे माँ जग चुकी थी.. तो जल्दी से नाश्ता कर के मई जहा चिका को छोड़ आया था वह चला गया..........................

आगे............................



वह पर गया तो चिका मुझे कही भी दिखाई नहीं दिए.. बल्कि वो जहा सोये हुए थे...

वह पर तो कोई अजीब सा पत्थर जैसा कुछ रखा हुवा था.. मई वो देख रहा था तभी सिमरन की मुझे आबाज आती है ..

Simran-Good मॉर्निंग रद...

Mai-Good मॉर्निंग सिमरन क्या हाल है तुम्हारा.. और हमारे गेस्ट चिका कहा चले गए...

सिमरन- वो जहा पर कल सोये हुए थे वही है...

Mai-(Chonkte हुए) लेकिन वह पर तो कोई भी नहीं है.. उस पत्थर के अल्वा.

सिमरन- रद वो पत्थर नहीं है बल्कि उनके बॉडी पर कोई कवर आ गया है..

और मैंने अभी उनका मेडिकल चेकउप किया तो वो ठीक है.. पर कुछ कोमा जैसी हालत है उनकी...

Mai-To उनको उठने में अभी कितना वक़्त है...

Simran-Kuch 15 मिनट्स बाद वो उठ जायेंगे...

Mai-To ठीक है तब तक मई अपना कुछ काम कर लेता हु..

तभी मुझे रसिका की याद आयी..

Mai-(Man में) अरे यार मई तो रसिका को बुलाना hi भूल गया. पर कोई बात नहीं उसे अब बुलाता हु..

और फिर मैंने रसिका को याद किया और उसे 2 मिनट्स में मेरे सामने होने के लिए कहा.

पर वो तो उसी समय मेरे सामने आ गयी और आकर मेरे सामने कड़ी हो गयी..

मई उसे ऐसा देखकर सुरप्रीसेड हुवा क्यों की वो नाईट ड्रेस में hi मेरे पास आयी थी...

1-1-bfsrtnt04a-being-fab-s-original-imae8y35hqun5kpv.jpeg


वैसे मन्ना पड़ेगा रसिका भी नाईट ड्रेस में बहुत hi हॉट एंड सेक्सी दिख रही थी..

मई तो उसे देखता hi रह गया.. पर रसिका के आबाज से मई होश में आ गया...

वैसे रसिका ने ये नोटिस कर लिया था की मई उसे घर रहा हु तो वो कुछ श्रम रही थी..

मई- ये क्या रसिका तुम तो जैसे की तैसे hi यहाँ आयी हो और घर पर कोण बताएगा.. अगर तुम्हे वह न देखकर कोई हंगामा कर दे तो...

रसिका- सॉरी रद.. आगे से ध्यान रखूंगी... मई अभी ड्रेस चेंज करती हु..

ये कहते hi मेरे कुछ कहने से पहले hi अपना ड्रेस बस चुटकी बजाते hi चेंज कर दिया..

Actress-Rakul-Preet-Singh-Latest-Cute-Hot-Exclusive-Spicy-Photoshoot-Gallery-At-Rough-Movie-Success-Meet16.jpg


और अब वो कुछ इस तरह दिख रही थी. वैसे रसिका तो उसमे भी क्या माल दिख रही थी..

पर इस बार रसिका को ज्यादा न देखते हुए मई कहने लगा...

Mai-Chalo जाने दो मैंने तुम्हे जो काम दिया था वो हुवा क्या..?

रसिका- है रद वो काम हो चूका hai..agar आप उसे एक बार देख ले तो...

मई- देखना क्या है तुमने किया है तो ाचा hi होगा... तो अब एक काम करो फिर से घर जाओ...

और अचे से रेडी होकर माँ से पूछकर यहाँ आ Jana..kahna की रद ने बुलाया है कोई काम है..

अगर कोई पूछ ले तो कहना मुझे नहीं पता किस लिए बुलाया है सीधा मुझसे पूछ लेना ठीक है...

रसिका- ठीक है रद...

ये कहते hi रसिका वह से गायब होकर घर चली गयी.. हमारी बातो में 10 मिनट्स गुजर गए थे..

तभी मुझे उस पत्थर में कुछ हलचल दिखाई दी जैसे चिका होश में आ रहे हो शायद...

Simran-RD चिका के बॉडी में सुधर आ रहा है. उनके दिल की धड़कन बढ़ रही है.. लगता है वो होश में आ रहे है...

मई- Ok सिमरन मई देखता हु उन्हें...

मई उसके तरफ hi देख रहा था तभी उस पत्थर में बिच में से टूट गया और दो हिस्सों में बात गया..

और उसके अंदर से चिका सोकर उठे... पर इस बार वो चिका नहीं बल्कि शामे गीता के फादर की तरह hi दिख रहे थे...

और उनकी पूरी बॉडी किसी चिकि लिक्विड से भरी हुयी थी.. शायद उन्हें देखकर लग रहा था की उनका कोई नया जनम हुवा है...

वहहह यार क्या टेक्नोलॉजी थी उनकी.. उन्होंने दो बार मेरी तरफ देखा..

और हलके से मुस्कुराये पर बोले कुछ नहीं. लेकिन फिर उनकी आंखे भरी हुयी और वो फिर से वही सो गए..

शायद उन्हें कुछ कमजोरी लग रही होंगी या और कुछ होगा..

तो मैंने सिमरन को वो जगह साफ करने को कहकर चिका को वह से दूसरे बीएड पर लिटाने का कहा..

तो सिमरन अपने काम में लग गयी.. मतलब वह के जो मचिनेस थे वो अपना काम करने लगे..

Mai-Aur है सिमरन उन्होंने 24 हॉर्स से कुछ खाया नहीं होगा तो चिका के होश आने के बाद उन्हें पहले कुछ खिला दो...

सिमरन- जैसा आप कहो रद...

अब शायद चिका को 1 ऑवर लग्न था होश आने में तो मई वह से बहार आया..

और जाते जाते सिमरन को बोल दिया की मुझे चिका जागते hi कॉल करे फिर मई यहाँ रसिका के साथ आ जाऊंगा...

इतना कहकर मई बाबा के घर की तरफ निकल पड़ा. वह पर सब मुझे पहचानते hi थे..

क्यों की एक तरह से वो हमारा hi बांग्ला था तो मुझे वह पर रोकने वाला कोई नहीं था..

और यहाँ पर एते वक़्त मई बाइक पर आया था.. अंदर गया तो सुबह बाबा नाश्ता करने बैठे थे..

और रानी अपने कॉलेज जाने की तैयारी कर रही थी..

वैसे एक बात थी रानी इतने बड़े बंगलो में रहती थी.. पर उसने अपना पहनावा नहीं बदला था..

Samantha-Salwar-Suit-Looks-Photos-www.myvantagepoint-8.jpg


मतलब वही सलवार सूट में थी.. पर सलवार सूट में भी रानी बहुत hi क्यूट दिख रही थी...

तो चलो बात पर एते hai..Waise वो कार में hi कॉलेज आ जाया करती थी..

उसने इस बारे में मुझे मन भी किया था पर मैंने उसकी बात नहीं मणि..

तो इस बार अपना ब्रेकफास्ट ख़तम करके जाने hi वाली थी की मुझे देखकर रुक गयी और एक रहस्यमयी स्माइल दी..

लेकिन मई उस स्माइल के पीछे की बजह समझना नहीं चाहता था अभी..

रानी- बाबा देखो तो कोण आया है इतने सुबह...

बाबा- (मेरी तरफ देखते हुए कहते है) अरे राजा बीटा तुम आओ न नाश्ता कर लो...

मई- है बाबा क्यों नहीं आप इतने प्यार से बुलाएंगे तो आऊंगा hi न..

ये कहते हुए मई बाबा के साइड में बैठ गया.. तो रानी भी हमारे सामने आकर बैठ गयी ये देखकर बाबा बोले...

Baba-Are रानी तू तो कॉलेज जा रही थी न.. और तुझे देरी भी हो रही थी..

बाबा के इस बात से रानी कुछ हड़बड़ा गयी.. मतलब उसे क्या कहे क्या नहीं..

कुछ समाज नहीं आया तो कहने लगी.. और मई उसे ऐसे हड़बड़ाते हुए मजा लेने लगा...

रानी- ममाई.. जा hi रही थी की सोचा मैंने नाश्ता नहीं किया तो रुक गयी...

बाबा- लेकिन तूने तो अभी जल्दी जल्दी में नाश्ता किया था न...

अब क्या रानी की तो चोरी पकड़ी गयी thi..Par वो अपने आप को सँभालते हुए बोली...

रानी- (धीरे से) मैंने नाश्ता किया कब... यार इतनी क्यों जल्दी थी तुझे रानी की बची...

अपने आप पर hi गुस्सा करते हुए रानी कहने लगी.. ये बात तो मैंने सुन थी पर बाबा को सुनाई नहीं दी तो वो कहने लगे...

बाबा- क्या बड़बड़ा जा रही है तू..

Rani-(Apne आप को सँभालते हुए) ववु.... बाबा... मुझसे न जल्दी जल्दी में कुछ ज्यादा खाया नहीं गया तो सोचा अब आराम से खाना खो...

Baba-Aise कैसे.. तू अभी तो कह रही थी तुझे देर हो रही है और अब तू hi खुद देर कर रही है..

फिर बाद में मुझ पर hi चिल्लायेगी.. मुझे देरी हो गयी और इसलिए मास्टरजी ने अंदर नहीं आने दिया..

ये सुनते hi रानी फिर से कुछ सोचते हुए कहने लगी..

Rani-(Kuch याद करते हुए) अरे है वो मई सुबह भूल hi गयी थी की आज हमारा फर्स्ट लेक्चर नहीं है अब तो बैठ सकती हु न....

बाबा- है तो तुझे रोका किसने है..

ये सुनकर रानी अब आराम से बैठ गयी... लेकिन इन दोनों की नोकझोक में मुझे बहुत हसी आ रही थी..

पर मैंने अपनी हंसी रोकी हुयी थी. वार्ना फिर बाबा मुझे पूछते क्यों है रहा है तो क्या जवाब देता...

अब हम तीनो बाटे करते हुए नाश्ता कर रहे थे.. लेकिन रानी बिच बिच में मुझे चोर नजरो से देख रही थी..

ये मैंने नोटिस तो कर लिया था पर उसे कुछ कहा नहीं..

मैंने टाइम देखा तो अब वक़्त हो गया था इसलिए मैंने जाने का सोचा..

मई- तो बाबा अब मई चलता हु मुझे कुछ काम है

बाबा- ठीक है बीटा कोई बात नहीं लेकिन एते जाना...

Rani-Baba मई भी चलती हु मुझे भी अब देरी हो रही है..

ये सुनते hi मैंने रानी की तरफ देखते हुए एक छोटी सी स्माइल दी..

और बहार की और निकल पड़ा तो मेरे पीछे पीछे रानी भी आ गयी...

रानी- सुनो रद..

ये सुनते hi मैंने रानी की तरफ देखा तो वो कहने लगी...

रानी- क्या मुझे तुम आज कॉलेज छोड़ डोज प्लीज....

रानी इतने प्यार से बोली थी की मई उसे न नहीं कह सका तो मैंने उसे बाइक पर पीछे बैठने को कहा...

तो मैंने वह से निकलते हुए रानी के कार ड्राइवर से कॉलेज छूटने के बाद उसे पिक करने को कहा और हम दोनों वह से चल पड़े...

मेरी बाइक हायाबुसा थी तो रानी कुछ मुझे छिपकर बैठी हुयी थी..

लेकिन वो मुझसे दूर हो जाने का तरय कर रही थी.. लेकिन आप लोगो को इंडिया के रस्ते तो मालूम hi है न..

कोई कितना भी दूर बैठा हो वो पास आ hi जाता है फिर वो कोनसी भी बाइक हो...

रानी के नरम नरम बूब्स मुझे मेरे पीठ पर फील हो रहे the..Par उस वक़्त मेरे मन में रानी के लिए कोई भाव नहीं था..

तो मैंने वो ज्यादा सीरियसली नहीं लिया और मई अपने hi धुन में निकल पड़ा...

बाइक पर बैठने के बाद रानी मुझे अपने कॉलेज के बारे में बताने लगी...

पुरे रस्ते में वो मुझसे बाटे कर रही थी. न जाने क्या क्या कह रही थी..

ये लड़किया भी न उन्हें सिर्फ सब्जेक्ट चाहिए बोलने के लिए फिर उनसे कोई नहीं जित सकता बोलने या डिबेट करने में...

ऐसे hi बाटे करते हुए रानी का कॉलेज आ गया.. तो मैंने रानी को गेट पर hi छोड़ दिया..

और फिर रानी को Bye कहकर वह से निकल Gaya.mere जाने के बाद रानी अंदर की तरफ निकल पड़ी..

वैसे रानी के फ्रेंड्स ने तो रानी को किसी और के साथ बाइक पर एते हुए देख लिया था.....................................

 
अपडेट 25

और फिर रानी को Bye कहकर वह से निकल Gaya.mere जाने के बाद रानी अंदर की तरफ निकल पड़ी..

वैसे रानी के फ्रेंड्स ने तो रानी को किसी और के साथ बाइक पर एते हुए देख लिया था.....................................

आगे............................



रानी फ्रेंड 1- रानी कोण था वो.. इतना डैशिंग और हैंडसम..

रफ2- और कितना कूल था न.. क्या पर्सनालिटी थी उसकी. एक हीरो की तरह...

Rani-(Man में) हीरो hi है वो पर मेरा...

रफ3- (रानी को हिलाते हुए) कहा खो गयी तू कुछ पूछ रहे है हम तुझसे..

रानी- अरे वो मेरा फ्रेंड है आज मुझे कॉलेज छोड़ने आया था...

रफ1- (कामिनी मुस्कान के साथ) सिर्फ फ्रेंड hi है और कुछ...

Rani-(Sharmate हुए) है सिर्फ फ्रेंड hi है.. तुम लोगो को क्या करना है चलो क्लास में अब देर हो रही है...

फिर रानी अपने फ्रेंड के साथ क्लास में जाने लगी और उसके फ्रेंड्स उसे चिढ़ाते हुए जा रहे थे..

और यहाँ मई जहा पर चिका था वह पर चला गया.. साथ में रसिका को भी बुला लिया वह पर...

जब मई वह पंहुचा तो जहा पर चिका को सुलाया था वह वो नहीं था.. बल्कि वो गायब था..

अभी मई सिमरन से पूछने hi वाला था की तभी वह के बाथरूम से मुझे अबाज आयी..

तो मुझे लगा वो उठ गए है और लगता है अंदर फ्रेश होने के लिए चले गए है...

मई वह जाकर एक चेयर पर बैठा तो कुछ hi देर में चिका बाथरूम से बहार आ गए. और मुझे वह पर बैठे हुए देखा तो स्माइल कर दी...

Chika-(Hamari लैंग्वेज में) हे.. रद कैसे हो..

मई चिका के मुँह से अपनी लैंग्वेज में बात करते हुए सुना तो मई और भी खुश हो गया.. लगता है सब सही से हुवा है..

मई- कुछ नहीं बस मई आपके hi बारे में सोच रहा था.. लेकिन अब तो आप यहाँ के पर्सन का शेप लेकर यहाँ के बारे में सब कुछ जान hi चुके होंगे...

Chika-Ha अब तक तो सब जान hi चूका हु तो सोचा पहले तुम्हारे सवाल के जवाब तो दे दू..

मई- मेरा कोई भी सवाल नहीं है मई जनता हु मेरे सवाल के जवाब...

चिका- है सही है आपसे कभी कोई बात छुपी हुयी है क्या जो यह छुपेगी...

हमारी ये बाटे चल hi रही थी की तभी वह पर रसिका आ जाती है.. और रसिका मुझे और एक बार चिका को देखकर सारा मामला समाज जाती है..

मई- चिका तुमने कुछ खाया क्या..?

चिका- है दूसरी बार होश एते hi खा लिया.. उसी की बजह से मुझे कुछ कमजोरी हो गयी थी..

अब इस बॉडी को तो यहाँ का hi खाना पसंद है तो यही का hi खा लिया..

लेकिन मन्ना पड़ेगा यहाँ का भी खाना बहुत hi टेस्टी है हमसे भी ज्यादा...

मई- वो तो है क्यों की यहाँ पर किसी मेडिसिन से खाना नहीं मिलता न...

ये कहकर मई हसने लगा और मेरे साथ चिका और रसिका भी.. तो मई अब असली बात पर आता हु ..

मई- वैसे चिका अब डायरेक्ट काम करना है क्या कुछ दिन आराम यहाँ का एन्जॉय...

चिका- No एन्जॉय बाद में भी कर लेंगे... पहले काम शुरू करते है...

मई- तो फिर ठीक है लेकिन यहाँ नहीं किसी और जगह... लेकिन अभी एक काम करो ये जो सिमरन का सिस्टम है..

उसे निकल कर अपने साथ ले चलो बाकि का यही रख दो..

हम नए इक्विपमेंट के साथ काम करेंगे.. बस सिमरन के सिस्टम को आपने साथ रखेंगे..

चिका- अस यू विश रद...

फिर मैंने सिमरन से hi पूछकर उसका सिस्टम निकल लिया और अब हम रेडी थे...

उस जगह जाने के लिए जहा पर कल रसिका ने वो रूम बनाया था...

मई- चलो रसिका हमे उस जगह ले चलो..

फिर रसिका ने एक चुटकी बजायी तो हम उस जगह पहुंच गए..

हम जहा पर पहुंचे वो जगह देखकर तो मई शॉक hi हो गया..

सच में यार क्या रूम था वो 1sq.Mile मतलब करीब करीब 2.5 सक. कम इतना लम्बा.

जहा देखो बस नजर hi नजर जा रही थे.. जमीं के 1000 फ़ीट अंदर इतना बड़ा लम्बा...

और वो भी ये जगह सबसे दूर थी. जहा पर कोई पहुंच hi न पाए...

या ऐसे जगह कोई हो सकता है ये सोच hi न पाए.. वैसे मई ऊपर भी छुपकर ये जगह बना सकता था..

लेकिन नहीं ऊपर एक तरह से ये इन्सेक्युरे भी हो सकता था इसलिए यहाँ ऐसा किया...

मई तो इतना बड़ा रूम देखकर बहुत hi शॉक हो गया और उस रूम की हिघ्त भी करीब 500 फ़ीट होगी...

मई तो रसिका के इस काम से फुल इम्प्रेस हो गया..

Mai-(Khush होते हुए) वह.. यार रसिका क्या रूम बनाया है तुमने इतना बड़ा मतलब ये इतना बड़ा होगा मैंने सोचा hi नहीं था..

यहाँ तो आम आदमी को घूमने के लिए एक व्हीकल की जरुरत पड़ेगी..

ये सुनकर मई हसने लगा और मेरे साथ चिका और रसिका भी.. तो चिका कहता है...

चिका- है रद सच में ये रूम बहुत hi बड़ा है.. इतना बड़ा तो हमारे यहाँ भी उसे नहीं होता...

मई- तो चलो फिर काम पे लग जाते है लेकिन क्या करना है यहाँ ये मुझे नहीं पता..

लेकिन है चिका तुम्हे इनमे से जितनी जगह लेना है ले लो लेकिन सुनो इस जगह में मुझे कुछ स्पेस चाहिए...

कुछ रूम्स के लिए तो मई तुम्हे उनकी लिस्ट अभी देता हु वो जगह भी बहुत hi शानदार होनी चाहिए...

चिका- ठीक है रद.. तुम मुझे अपनी लिस्ट दे दो.. वैसे मई भी कुछ प्लान करके आया हु इस बारे में...

यहाँ क्या करना है ये सिस्टम कैसे वर्क होनी चाहिए क्या क्या काम करना चाहिए.. सब कुछ प्लान किया है हमने...

Mai-Ye तो अछि बात है तो फिर तुम रसिका की इसमें हेल्प ले लो और है अगर इस काम के लिए तुम्हे सॅटॅलाइट की जरुरत पड़ेगी तो वो भी है...

चिका- सॅटॅलाइट no..no... उसकी कोई जरुरत नहीं है.. बल्कि उससे भी पावरफुल सिस्टम है हमारे पास...

ये सुनकर मई कुछ देर के लिए शॉक hi रह गया..

मई- मतलब मई कुछ समजा नहीं.. सॅटॅलाइट से पावरफुल और क्या हो सकता है... और क्या आपके यहाँ सॅटॅलाइट उसे नहीं होती...

चिका- नहीं बिलकुल नहीं बल्कि हमारे यहाँ तो सॅटॅलाइट को चोदे सालो बिट गए.. और अब जो है वो सबसे अलग है..

और वो क्या है मई आपको बताऊंगा नहीं सीधा दिखा दूंगा लेकिन आज नहीं जब सब सिस्टम रेडी हो जाएंगेतब...

Mai-Thik है जैसे तुम्हारी मर्जी Ok अब बताओ मई क्या करू...

चिका- आप अब यहाँ से अपने घर चले जाईये यहाँ अब आप तभी आना जब सब रेडी हो जाये..

रसिका- ये ठीक है हम आपको सरप्राइज देते है ये सब रेडी कर के फिर आप चेक कर ले न...

मई- अब आप दोनों यही सोच रहे हो तो ऐसा hi होगा मई चलता हु और रसिका तुम रात को घर आउंगी न..

Rasika-Wo मई आपको बाद में बताउंगी.. पहले यहाँ का काम तो कर लू...

फिर मई उन्हें अलविदा कहकर वह से बहार चला गया और वो दोनों अपना काम करने लगे..

अब मुझे तो वह फिर से नहीं जाना था जब तक वो बोले नहीं तब तक तो मैंने सोचा चलो फिर गीता को hi मिलकर आता हु...

लेकिन अभी गीता कॉलेज में होगी तो मई निकल पड़ा उसके कॉलेज की तरफ..

उसके कॉलेज में हर एक स्टूडेंट्स मुझे जनता था.. क्यों की वह पर मैंने पन्गा hi कुछ ऐसा किया था..

आपको याद hi होगा न अगर याद नहीं है तो पिछले कुछ उपदटेस देख सकते है वह पर आपको पता लगा जायेगा...

मई वह पर गया तो उनकी रेसस्स हो गयी थी और वो कैंटीन में बैठी हुयी थी..

मुझे गीता के फ्रेंड ने देख लिया था क्यों की मई जहा से ा रहा था उस तरफ गीता की पीठ थी..

गफ1- देखा तेरा बॉयफ्रेंड आ गया है..

Gita-(Piche मुड़ते हुए और मुझे देखकर स्माइल देते हुए) ओह्ह रद...

मई- हे... Girl's... क्या हाल है सबका..

गीता फ्रेंड्स- फाइन रद...

गीता- तो आज कैसे आना हुवा हमारे इस गरीबो के कॉलेज में...

Mai-Aise hi मन किया... सोचा यहाँ गरीबो के कॉलेज में कुछ हरियाली देखने को मिलेगी पर लगता है यहाँ पर सूखा घास hi है...

ये कहकर मई हसने लगा और मेरे बात पर वह की साडी लड़किया मुझे गुस्से से घूरकर देख रही थी .

और जब गीता को समाज आया मई क्या कह रहा हु तो वो बैठे हुए साइड से मुझे मरने लगी और मई उसे बचने की कोशिश करने लगा..

Mai-Ohkk..I ऍम सॉरी मई मजाक कर रहा था... यू आल अरे हरियाली फाइन...

उसके बाद हमने ऐसे hi हसी मजाक करते हुए कैंटीन में खाया..

लेकिन हमारे खाने के बाद बहार से कुछ शोर सुनाई देने लगा.. बहार स्टूडेंट्स बहुत चिल्ला रहे थे...

तभी बहार से एक लड़का अंदर भागता हुवा नजर आया तो मैंने उसे रोककर पूछा...

Mai-Are भाई ये बहार ऐसा शोर क्यों कर रहे है...

तो उसने जो कहा उसके बाद तो हम सब दौड़ते हुए बहार भाग गए और देखने लगे की आखिर ये हो कहा रहा है..................................

 
अपडेट 26

Mai-Are भाई ये बहार ऐसा शोर क्यों कर रहे है...

तो उसने जो कहा उसके बाद तो हम सब दौड़ते हुए बहार भाग गए और देखने लगे की आखिर ये हो कहा रहा है..................................

आगे............................



बहार जाकर देखा तो गीता के कॉलेज के 3रद फ्लोर पर आग लगी हुयी थी...

और वो आग भड़कते hi जा रही थी.. ये देखकर तो वह पर सब बहुत दर गए थे..

वो देखते हुए किसी ने एम्बुलेंस को किसी ने पुलिस को तो किसी ने फायर ब्रिगेड को कॉल किया था...

मई ये सब गीता के साथ खड़े हुए देख hi रहा था तभी वह पर किसी लड़के ने कहा..

Ladka-Are ये आग तो स्टाफ रूम में लगी है.. और अब रेसस्स टाइम है तो हमारे सरे टीचर्स वही होंगे..

ये सुनकर hi वह के बहुत से स्टूडेंट्स आग बजाने का पूरा प्रयास कर रहे थे..

मतलब ऊपर जाकर जहा पर आग लगी थी वह पर पानी डालने की कोशिश करते...

पर वो कितना भी तरय करे वो आग बुझ hi नहीं रही थी बल्कि वो आग और भड़कते hi जा रही थी...

और अंदर से सब टीचर्स की चिकने की भी अबाज रही थी...

ये देखते हुए गीता रो रही थी.. और उसने साइड से मुझे दर की बजह से चिपक गयी थी..

अब मैंने सोचा की और देर की तो कोई मर न जाये अंदर अब मुझे वह जाना hi होगा...

मई- (गीता को दूर करते हुए) गीता मई अभी आता हु...

गीता मुझे छोड़ hi नहीं रही थी तो वो वैसे hi बोली..

गीता- (रट हुए) कहा जा रहे हो तुम रद.. प्लीज अभी तो मत जाओ...

Mai-mai कही नहीं जा रहा हु बस एक फ़ोन करके आता हु ये आग बजाने के लिए..

ये कहते हुए मैंने अपने आप को गीता से छुड़वाया और वह से वाशरूम की और भाग गया..

अब ये सब हो रहा था तो वह पर कोई भी नहीं था.. तो मैंने अपनी आंखे बंद की और मेरे असली मतलब डप के सूट में आ गया..

और देर न करते हुए उस स्टाफ रूम में चला गया...

स्टाफ रूम के अंदर करीब करीब 20 टीचर्स होंगे उनमे मेल और फीमेल भी थी..

और उनमे से बहुत से आग की बजह से बेहोश भी हो गए थे...

गीता के कॉलेज में अलग डिपार्टमेंट का अलग टीचर स्टाफ रूम था..

तो उनमे से सिर्फ एक hi स्टाफ रूम में आग लगी हुयी थी...

वह पर आधे टीचर्स तो बेहोश हो गए थे तो आधे वह से निकलने का तरय कर रहे थे पर हो hi नहीं प् रहा था..

अब तो आग और ज्यादा भड़क गयी थी. लेकिन तभी मैंने देखा...

एक कप्बोर्ड आग में लपटे हुए जहा पर कुछ टीचर्स खड़े थे उनकी तरफ गिर रहा था..

तो मई झट से उसके बिच में आ गया.. और वो कप्बोर्ड मेरे पीठ पर गिर गया..

पर मेरे ऊपर गिरते hi उसकी रख हो गयी.. कुछ देर के लिए मेरे सूट को वो आग लगी हुयी थी.. पर मेरे सूट ने वो साडी आग अपने अंदर खींच ली..

बल्कि जब कप्बोर्ड गिर रहा था और जब उसकी टकराने की अबाज आयी तो सब टीचर्स ने मेरी और देखा..

और एक बार के लिए तो वो सब दर के मरे चीला रहे the.Lekin जैसे hi उन्होंने देखा ये आग मेरे कुछ नहीं कर प् रही है..

बल्कि मेरे पीछे की आग की लपटें मुझे छूकर जा रही थी पर उसका असर मेरे ऊपर कोई भी नहीं हो रहा था..

बल्कि ऐसा लग रहा था जैसे वो आग की लपटें मेरे सूट का Hi Part हो...

ये देखकर तो वह के सब टीचर्स चौंक गए थे जो होश में थे...

तो मैंने सोचा पहले सब टीचर्स को बहार छोड़ कर आता हु फिर ये आग बुझा देता हु..

उसके बाद मैंने सब टीचर्स को अपने साथ ले लिया और उस आग से बहार आकर..

जहा पर सब स्टूडेंट्स और बाकि के टीचर्स खड़े थे वह पर जाकर उन्हें छोड़ दिया..

जो टीचर्स बेहोश हो गए थे उनके ऊपर पानी गिराया तो वो सब होश में आ गए..

होश में एते hi वो सब डरे हुए थे.. पर जैसे hi उनको लगा वो लोग सेफ है..

और वो वह से बहार आ गए है तो वो लोग और भी खुश हो गए...

अब मैंने उस स्टाफ रूम की तरफ देखा अभी भी वो रूम आग में झुलस रहा था..

तो मई धीरे से हवा में उड़ते हुए उस रूम के आगे जाकर हवा में खड़ा हो गया..

और वह से खड़े होकर मैंने जोर से फूंक मरते हुए उस स्टाफ रूम के आग को बुझा दिया..

वह के सब स्टूडेंट्स और टीचर्स सब मुझे ऐसे हवा में तैरते हुए...

और 5 सेकंड के अंदर hi पूरी आग बुझाते हुए देखकर और भी शॉक हो गए...

आग बुझाने के बाद मई उन सबकी और देखने लगा तो उनमे से वही लड़का बोलै जो पहले बोलै था..

Ladka-Aa....aaappp... D....P.... डप हो na...Matlab डेविल प्रिंस....

मैंने उस लड़के के इस सवाल का जवाब बस हसकर दिया और फिर मुझे वह सबने थैंक्स कहा और मई वह हवा में उड़ते हुए गायब हो गया...

इधर इतना सब कुछ हुवा और गीता मुझे ढूंढ रही थी उन्ही स्टूडेंट्स में...

और जब उसने देखा मई उसकी तरफ hi आ रहा हु तो गीता कुछ खुश हुयी और मेरे पास आ गयी...

मई- क्या हुवा तुम इतनी खुश क्यों हो और ये आग बुझी की नहीं अभी तक...

Gita-Aag तो कब की बुझ गयी और पता है किस ने बुझाई...

Mai-(Chonkne की एक्टिंग करते हुए) आग बुझ भी गयी पर किसने बुझाई मेरे आने से पहले...

Gita-(Excite होते हुए) डप मतलब डेविल प्रिंस ने...

मई- कोण है वो डेविल कोई आदमी है Kya..ya कोई और.. कहा है वो जरा दिखाओ मुझे...

गीता- तुम्हे डप नहीं पता.. कहा रहते हो तुम.. मेरे ख्याल से उसने..

तुम्हारी कॉलेज को एक बार बचाया था किसी आदमखोर से... तभी से उसे लोग पहचानते है...

Mai-(Man में) मर गया... साला इतनी ओवर एक्टिंग करने की क्या जरुरत थी ये तो सब जानती है मेरे बारे में.. अब क्या करू...

Gita-(Mujhe हिलाते हुए) रद क्या सोच रहे हो..

मई- कुछ नहीं.. है वो याद ा गया वो सुपरहेरो.. डप लेकिन उसने कैसे बचाया...

फिर गीता मुझे वो सब बताने लगी.. तभी वह पर कुछ गाड़िया आयी.. मतलब पुलिस एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड वाली..

तो उन्हें देखकर मैंने वह से जाने का सोचा...

और उनके आने के बाद प्रिंसिपल ने भी सब स्टूडेंट्स को अपने घर जाने को कहा तो मई और गीता भी चले गए बहार..

गीता कार लेकर आयी थी तो मैंने उसे घर जाने का कहा और मई भी वह से अपने घर चला गया...

गीता तो कल मिलने को कह रही थी पर मैंने काम का बहन बनाकर ताल दिया.. और मई अपने घर की और निकल पड़ा..

लेकिन अगर रसिका को लिए बिना जाऊ तो माँ चिल्लायेगी की उसे कहा छोड़ आया..

तो मई वह से एक शांत जगह जाकर बैठ गया.. वो जगह बहुत hi शांत थी..

तो मई आज दिन भर के कामो के बरो में सोचने लगा..

तभी मुझे अंश की याद आयी की बहुत दिन हुए मई उसे मिला भी नहीं हु और उसने भी मुझसे कुछ नहीं कहा अगले पावर के बारे में..

तो मैंने उसे याद किया और वो झट से मेरे सामने आकर खड़ा हो गया...

अंश- बोलो भाई आज कैसे याद किया..

Mai-kyu तुझे याद करने के लिए कुछ बहाना चाहिए क्या.. और वैसे भी तू तो मेरा hi अंश है न..

फिर मई क्या सोच रहा हु क्या करने वाला हु सब तो तुझे पता hi होगा न फिर क्यों पूछता है...

अंश- ऐसे hi आपके मुँह से सुन्ना चाहता हु की बात क्या है...

मई- तो ठीक है अब मई रेडी हु अगले पावर्स की तरफ जाने के लिए.. पर उससे पहले तुमने मुझसे कुछ कहा था याद है न..

अंश- है भाई कुछ दिन और आप जल्द hi अगले पावर्स की तरफ जाने वाले है..

और आपकी अगली पावर्स बहुत hi खास है.. इसके बाद की हर एक पावर्स आपकी खास है.

मई- क्यों अभी जो पावर्स आने वाले है उनमे क्या खास है...

Ansh-Unme खासियत यह है की वो पावर्स किसी को भी नहीं मिलती और जिस किसी के भी पास होती है..

वो पूरी दुनिया हिला सकता है और आप में वो ताकत है..

Mai-(Kuch सोचते हुए) ऐसा है तो फिर मुझे अपने पिछले जनम के बारे में कुछ बताओ..

बहुत बार बहुत लोगो से सुना है मैंने. मई ऐसा हु वैसा हु..

पर मुझे कुछ भी याद क्यों नहीं है.. अगर मई इतना ाचा होता तो मई यहाँ पर क्यों हु...

अंश मेरे इस सवाल से शांत बैठा वो सिर्फ मेरी और hi देखा रहा था पर बोल कुछ नहीं प् रहा था तो मैंने उसे बोलै.

मई- अब बता न अब क्यों चुप है.. हर बात मुझे कब तक छुपाओगे कभी न कभी तो बतानी hi होगी न तो अब बता दो...

Ansh-Thik है भाई अब आपको आपके बारे में जान भी जायेंगे और आपको किसी से मिलना है तो आप उनसे मिल भी लेंगे..

लेकिन ये सब मई आपको नहीं बताऊंगा.. ये सब आपको रितिका hi बताएगी..

उनको सब मालूम है आपके बारे में और आपको इस बार सब बताएगी...

मई- क्यों उसे कैसे मेरे बारे में सब.. अगर वो मेरे पिछले जनम में मेरे साथ थी तो अब तक उसने मुझे कुछ क्यों नहीं बताया...

अंश- आपके सरे सवालो के जवाब रितिका hi देगी.. आप उनसे कभी भी पूछ सकते हो..

मई- ठीक है कोई बात नहीं मई उसकी पूछ लूंगा.. अब मई तुझे बताऊंगा की अगली पावर्स हासिल करने के लिए कब जाना है..

Ansh-Jaisa आप कहो भाई...

ये कहते hi अंश वह से गायब हो जाता है और मई अपने मन में कुछ फैसला करते हुए घर की और निकल पड़ता हु..................................

 
अपडेट 27

ये कहते hi अंश वह से गायब हो जाता है और मई अपने मन में कुछ फैसला करते हुए घर की और निकल पड़ता हु..................................

आगे............................



मेरे आते hi माँ मुझसे पूछती है रसिका के बारे में..

माँ- बीटा रसिका कहा है उसने तो कहा था तुमने उसे बुलाया है और वो तुम्हारे साथ है लेकिन तुम अकेले hi ए हो वो कहा है ..

Mai-Mom वो रसिका को मैंने एक काम दिया है वो उसी में है उसका काम हो जायेगा तो आ जाएगी...

Mom-Lekin बीटा ऐसा क्या काम दिया है जो अब तक कर रही है. उसने सुबह से कुछ खाया hi नहीं है..

Mai-mom आप उसकी फ़िक्र मत करो.. वो आ जाएगी.. वैसे सोनम कहा है दिख नहीं रही है...

Di-Tujhe पता नहीं क्या तूने hi तो उसको काम दिया था न तो उसी के लिए गयी है..

मई- मैंने कोनसा काम दिया उसे मतलब आप hi बताओ..

दी- अरे बुद्धू तूने hi तो उसको पापा के साथ ऑफिस देखने को कहा था न..

तो आज उसका पापा इंटरव्यू लेने वाले थे और उसके बाद hi वो सेलेक्ट होगी...

मई- अरे ha....mujhe तो कुछ याद hi नहीं रहा. अब तक तो शुरू भी हुवा होगा..

अब उनके आने के बाद hi पता चलेगा क्या बात है...

Mom-Thik है अब तू जा और जाकर फ्रेश होकर आ...

मैंने जाने hi लगा था की मुझे एक बात याद आयी तो मई मुड़ते हुए दी से कहने लगा.

मई- दी ये छिपकली कहा है दिखाई नहीं दे रही..

Di-Wo तो अपने रूम में है.. क्यों कोई बात है क्या..

Mai-(Apne रूम में जाते हुए) कुछ नहीं वो तो बस ऐसे hi पूछ रहा था..

फिर मई अपने रूम में गया और फ्रेश होकर ऋतू के रूम में चला गया तो वो अपने मोबाइल में कुछ कर रही थी..

तो जब मई उसके पास गया और उसने मुझे जैसे देखा वैसे उसने अपना मोबाइल साइड में रख दिया और मुझे कहने लगी...

Ritu-Kyu बे मोठे आज तुझे यहाँ की याद कैसे अस गयी कही रास्ता तो नहीं भूल गया न...

Mai-Nahi मई रास्ता तो नहीं भुला हु बस किसी को कुछ याद दिलाने आया हु की उसने मुझसे कुछ कहा था...

Ritu-Kisko मुझे.. ऐसी कोनसी बात है जो मई भूल गयी हु जो मुझे याद नहीं ा रही..

सच तो ये है की भूल तो तुम गए हो और कह मुझे रहे हो...

Mai-Ha तो मई उसी के लिए यहाँ आया हु.. तुझे याद है तूने मुझसे कहा था तेरे आने के बाद तुझे तेरे बारे में सबकुछ बताउंगी..

ऋतू ये बात सुनकर कुछ सीरियस हो गयी थी तो वो मुझे कहती है...

ऋतू- है मैंने तो कहा था पर क्या ये वक़्त सही होगा तुम्हे बताने के लिए...

मई- है है सही वक़्त है अब मुझे बताओ की कोण हु मई कहा से आया हु मई..

मई मेरे पिछले जनम में कोण था और इस जनम में मुझे कुछ याद क्यों नहीं है..

और मेरे बारे में तुम्हे सबकुछ कैसे पता है.. ये सबकुछ जानना है..

Ritu-Thik है पर यहाँ नहीं रात में खाना खाने के बाद मई तुम्हे सबकुछ बताउंगी.. खाने के बाद मेरे रूम में आ जाना...

मई- ठीक है पर फिर भाग मत जाना मुझसे सामजी न...

ऋतू- Ok अब जाओ मुझे मेरा काम करने दो..

Mai-(Naughty स्माइल के साथ) नहीं अभी नहीं अब मुझे कुछ काम याद आया है वो किये बिना नहीं जाऊंगा...

ऋतू- ाचा तो फिर कोनसा काम याद आ गया ये भी बता दो..

मई- ज्यादा कुछ नहीं बस मुझे एक किश चाहिए और वो भी अभी...

Ritu-No वे... कोई चांस hi नहीं मई तुम्हे अपनी किश क्यों दूंगी...

Mai-Tum नहीं डौगी बल्कि मई लूंगा...

इतना कहकर मई उसके पीछे भागने लगा और वो मेरे आगे मुझसे बचने के लिए दौड़ रही थी...

भागते भगाते वो बीएड पर गिर गयी तो मई उसके ऊपर आ गया और मेरा चेहरा ठीक उसके चहरे के ऊपर था और हम दोनों एक दूसरे के आँखों में देख रहे थे...

बिना किश किया hi उसकी सांसे मेरे अंदर और मेरी सांसे उसके अंदर हो रही थी...

मुझे इतने नजदीक पाकर उसने अपनी आंखे बंद कर दी.. और आपने होंठ ओपन कर दिए.. यानि की वो तैयार थी किश करने के लिए..

पर मैंने उसे किश नहीं किया बल्कि मई सिर्फ उसके चहरे की तरफ देखने लगा था..

मुझे किश न करते देख उसने अपनी आंखे खोल दी और मेरी तरफ देखने लगी जैसे पूछ रही हो किश क्यों नहीं किया...

और वो कुछ कहने hi वाली थी तभी मैंने उसके लिप्स को पकड़ लिया अपने लिप्स से...

और हम दोनों किश करने लगे... वह... जब भी मई ऋतू को किश करता हु एक अलग hi अहसास होता है मुझे..

जैसे बरसो से मई इसी होठ का प्यासा हु और इसके होठो का रास पिए बिना मेरी प्यास hi नहीं बुझती...

ऋतू भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.. हम दोनों एक दूसरे के जुबान को चूसने लगे थे.. जैसे हम दोनों में दो जुंग चीड़ गयी हो की कोण ाचा किश करते है...

न जाने कितनी देर हम दोनों एक दूसरे को किश करते रहे.. बाद में ऋतू hi मुझसे अलग हुयी और जोर जोर से सांसे लेने लगी..

पर मुझसे अलग होने का कोई प्रयास नहीं किया...

अब इस बार मई उसके पुरे मुँह को चूमने लगा.. उसके गाल नोज गाला कही भी नहीं छोड़ा..

मई तो किश काम चाटने ज्यादा लगा था... मेरे ऐसे किश करने से ऋतू बहुत तड़प रही थी... वो तो मेरे निचे कसमसा रही थी..

पर मई उसे छोड़ने के लिए तैयार hi नहीं था.. लेकिन इस बार उसने मुझे निचे कर दिया...

और वो मेरे ऊपर ा गयी और एते hi मुझे किश करने लगी.. और जिस तरह मई उसे चाट रहा था अब वो मुझको चाट रही थी...

जैसे अपनी तड़प का बदला ले रही हो और मुझसे कह रही हो देखो कैसा फील होता है..

और मुझे तो इसमें अब मजा आ रहा था... ऋतू का ऐसा रूप मैंने कभी नहीं देखा था वो हर वक़्त मेरा साथ दे रही थी...

किश करते वक़्त मेरा हाथ उसके बूब्स की तरफ बढ़ने लगा ये उसे महसूस होते hi वो रुक गयी और जोर जोर से सांसे लेने लगी..

और जैसे hi मैंने उसके बूब्स को टच किया वो और ज्यादा तड़प गयी...

वह... क्या मुलायम थे बिलकुल रुई की तरह मुझे महसूस हो रही थे.. और स्पूनच के जैसे..

मई तो उसे प्यार सी सहलाने लगा था.. लेकिन तभी ऋतू मेरे बॉडी से उठ कर कड़ी हो गयी...

ऋतू का खड़ा होते hi मई उसकी तरफ देखने लगा क्यों की मेरा कलपद जो हो गया था..

और इस हालत में मई उसे छोड़ने नहीं वाला था मेरा ये हाल देखकर वो मुझे देखकर हसने कागि थी...

हालाँकि उसकी भी ऐसे hi कुछ हालत थी पर वो दिखा नहीं रही थी...

ऋतू- आज के लिए बस हुवा बच्चू... चलो अब निकलो बहार...

Mai-Aise कैसे और एक बार किश लेने दो न प्लीज....

Ritu-No.. एक बार कहके देखो मेरा क्या हाल किया है अब नहीं चलो बहार...

Mai-(Mayus होते हुए) ठीक है जाता हु मई...

ये कहकर मई निकला hi था और दूर के पास जाते hi उसने मुझे पलटा और फिर से मुझे किश करने लगी...

दूर ओपन था अगर ऐसे हालत में हमे कोई देख लेट तो हंगामा हो जाता.. पर इस बात की हम दोनों कक कोई फ़िक्र hi नहीं था...

कुछ 2 मिनट्स किश करने के बाद ऋतू ने मुझे धक्का दिया और दूर लगा लिया और हसने लगी..

मुझे तो कुछ समाज hi नहीं आया लेकिन जब उसने दूर लगाया तब मई समाज गया और मई दूर नॉक करने लगा...

मई- ऋतू तूने ये ाचा नहीं किया चल दूर ओपन कर...

Ritu-(haste हुए) बिलकुल नहीं चलो अब जाओ तुमने कहा था किश का तो वो किया...

मई- ठीक है कोई बात नहीं लेकिन रात में याद रख मई इसका बदला जरूर लूंगा...

ऋतू- है है चल जा अब बहुत हुवा रात का रात को देखते है...

ये कहकर ऋतू हसने लगी और मई वह से रात की प्लानिंग करते हुए अपने रूम में चला गया फ्रेश होने के लिए...

फ्रेश होने के बाद मई अपने hi रूम में बैठा हुवा था..

तो मैंने सोचा रसिका को कॉल करके पूछ hi लू और कितना वक़्त है उसके पास जल्दी तो आ जाएगी न..

Mai-Hello रसिका.. तुम्हारा काम अब तक हुवा की नहीं..

रैस्का- है रद हो गया है बस 15 मिनट्स और.. उसके बाद मई घर आ जाउंगी..

मई- ठीक है फिर जल्दी आना..

ये कहकर मई निचे चला गया और सोफे पर बैठकड टीवी देखने लगा की तभी मुझे सोनम और डैड एते हुए दिखाई दिए..

उन्हें देखकर मैंने टीवी बंद की और उनके पास चला गया आज जो कुछ भी हुवा वो जानने के लिए..

मतलब सोनम इंटरव्यू में क्रैक हुयी की नहीं ऑफिस में इसलिए मई उनकी तरफ चला गया...

Mai-Kya हुवा डैड सोनम को सेलेक्ट किया की नहीं...

Papa-Abhi नहीं बीटा पहले मुझे फ्रेश होकर आने दे उसके बाद बताता हु सब..

मैंने सोनम की तरफ देखा तो उसका भी शामे रिएक्शन था..

तो मैंने उन दोनों को जाने दिय और फिर सोफे पर बैठकड टीवी देखने लगा...........................

 
अपडेट 28

मैंने सोनम की तरफ देखा तो उसका भी शामे रिएक्शन था..

तो मैंने उन दोनों को जाने दिय और फिर सोफे पर बैठकड टीवी देखने लगा...........................

आगे............................

तभी मुझे बहार से रसिका अति हुयी दिखाई दी उसे अंदर एते हुए देखकर मई उसे पूछने hi जा रहा था...

तभी मैंने सोचा उसे खाने के बाद रात को hi इस बारे में पूछता हु..

तो मैंने उसे इशारो से कह दिया की रात को बाते करते है और वो मेरा इशारा समझकर अपने रूम की तरफ चली गयी..

और मई फिर से टीवी देखने बैठ गया..

कुछ देर बाद माँ मुझे खाने के लिए बुलाने आयी..

तो मई चला गया डाइनिंग टेबल पर.. तो कुछ hi देर में सब लोग वह आ गए..

Mai-Ab तो बताओ डैड क्या हुवा आज सोनम सेलेक्ट हुयी की नहीं ऑफिस में...

डैड- तुम्हे क्या लगता है...

Mai-Mujhe क्या पता होगा अब ये तो आपके ऊपर देपेंद है क्या करना है..

मई है बोलूंगा तो आप न कहोगे इसलिए आप hi बोलो...

मेरे इस बात पर सब हसने लगे तो फिर पापा कहते है..

पापा- वैसे सोनम का इंटरव्यू लेना एक फॉर्मेलिटी थी पर मुझे नहीं लगा था..

सोनम को इतना नॉलेज होगा बिज़नेस के बारे में.. हम उससे क्वेश्चन करते चलर गए..

और वो हमारे क़ुएस्तिओन्स का हर एक जवाब बिलकुल सही से दे रही थी...

एक बार तो मुझे लगा की हमारा नॉलेज ख़तम हो गया पर इसका नहीं होने वाला..

वैसे आज सोनम को क्वेश्चन पूछते समय मजा बहुत अस रहा था..

दी- क्यों वह पर भी उसने कोई हरकत की है क्या..

Papa-Nahi वो बात नहीं बल्कि जब आपका एम्प्लोये ऐसा हो जिसे हमारे बिज़नेस के बारे में सबकुछ मालूम हो..

बल्कि हमसे भी ज्यादा और वो हर एक सवाल का जवाब सही से देता हु उसको सवाल पूछते समय मजा नहीं आएगा का क्या

और ऐसे एम्प्लोयी को कोण न करेगा....

Mai-(Khush होते हुए) मतलब आपने सोनम को जॉब दे दिया ..

पापा- ये भी कोई पूछने की बात है.. बल्कि ये मेरी पर्सनल असिस्टेंट है और कल से यही मेरा सब काम देखेगी...

और इसको मैंने अपने सरे अधिकार दिए हुए है.. जो मई कर सकता हु वो सब...

Ritu-(Khushi से) ये तो बहुत hi ख़ुशी की बात है.. फिर तो पार्टी बनती है..

Mai-Ha है क्यों नहीं कल जंगी पार्टी होंगी पर उसे सिर्फ हमारे फॅमिली मेंबर्स होंगे और कोई नहीं...

Di-Done.. तो चलो अब खाना शुरू कर दो...

माँ- है लेकिन उससे पहले मुझे एक बात बताओ ये रसिका आज दिन भर कहा थी..

मुझे पता था माँ ये सवाल जरूर पूछेगी तो मई पहले से hi इसका जवाब ढुंडके लाया था..

Mai-Mom इसे मैंने hi काम दिया था सुबह से अब सोनम तो डैड के साथ बिज़नेस ज्वाइन कर रही है..

तो मैंने सोचा रसिका को भी कुछ न कुछ दे दू.. तो बस उसी के लिए ले गया था.

माँ- ाचा फिर ठीक है अब तो सब बिजी हो गए..

फिर हमने ऐसे hi बाटे करते हुए खाना ख़तम किया और उसके बाद...

मई अपने रूम में न जाकर सीधा रसिका के पास चला गया आज के बारे पूछने के लिए...

मई- रसिका आज क्या क्या हुवा वह पर...

रसिका- जो सब आपने काम दिया था वो सब हो गया.. और कुछ मेरी तरफ से मैंने अपना दाल दिया..

मई- और चिका का क्या वो कहा है क्या उनका भी सब काम हो गया....

रसिका- मेरे रहते कोई काम अधूरा रह सकता है क्या.. सब काम हो गया बस हमने अभी तक उन मचिनेस को शुरू नहीं किया..

मई- क्यों एक बार देखना था न..

Rasika-Nahi हमने सोचा ये सुबह काम आपके hi हाथ से करेंगे..

मई- तो फिर कल चलेंगे लेकिन कल हमारे साथ भाई भी होंगे..

तो उनके hi हाथ से रिबन काट देते है.. भैया के नाम से याद आया..

रसिका- वो भी हो गया है रद.. आपने जो जो करने को कहा था वो सब हो गया ..

मई- तुम ऐसा कह रही हो की अब मुझे इंतज़ार नहीं हो रहा है.. लेकिन कोई बात नहीं कल देखेंगे..

तुमने ये काम बहुत अचे से किया है रसिका...

ये कहकर मैंने उसके और पास जाकर धीरे से उसके चिक पर एक छोटा सा किश कर दिया..

surprised-kiss-cheek-27893146.jpg


पर वो तो उससे hi शर्मा गयी और शर्म से उसने अपना सर निचे कर दिया..

.

फिर मई उसे गूडनिघत कहकर वह से अपने रूम में चला गया..

और अभी के बारे में सोचने लगा तभी मुझे शाम की बात याद अति है जो भी ऋतू ने मुझसे कहा था वो...

तो मई अब उठा और ऋतू के रूम की तरफ चला gaya.Ritu अपने रूम में बैठे हुए आराम कर रही थी..

और अपने मोबाइल में कुछ कर रहे थी. मुझे देखते hi उसने मोबाइल साइड में रखा और मेरी तरफ मुस्कुराते हुए देखने लगी...

तो मई भी उसके साइड में बैठ गया और उसको देखने लगा तो उसने मुझसे पूछा...

Ritu-Kyu साहब जेड आज यहाँ कैसे आना हुवा तुम्हारा कोई काम है क्या ..

मई- क्यों भूल गयी क्या तुमने मुझे शाम को क्या कहा था...

Ritu--(Yaad करने की एक्टिंग करते हुए) क्या कहा tha...kuch याद नहीं आ रहा है तुम hi बताओ...

Mai-(Thode गुस्से से) मतलब तुमने मुझसे शाम को कहा था न मेरे बारे में बाटूंगी तो अब...

ऋतू- क्या बताना है तुम्हारे बारे में.. क्यों तुम्हे खुद के बारे में पता नहीं है क्या...

ऋतू के ऐसे बात से मेरा गुस्सा बढ़ता hi जा रहा था और मई उसको मार भी तो नहीं सकता..

तो मई उसे बिना बोले वह से बहार जाने लगा.. तभी ऋतू ने मेरा हाथ पकड़ा और कहने लगी..

Ritu-Mere बाबू को बहुत गुस्सा आता है अपने नाक पर hi गुस्सा लेकर घूमते हो क्या..

इतना गुस्सा सेहत के लिए ाचा नहीं होता.. और वैसे भी मई तो मजाक कर रही थी...

Mai-(Uski तरफ पलटते हुए) पहली बात मई ज्यादा गुस्सा नहीं करता और दूसरी बात ये वक़्त मजाक करने का नहीं था सामजी..

ऋतू- (अपने कान पकड़ते हुए) ाचा बाबा सॉरी... माफ़ कार्डो मुझे प्लीज...

ऋतू ने सॉरी ऐसे अंदाज से कहा की उसपर मेरा प्यार और आने लगा.. और मेरा गुस्सा रफूचक्कर हो गया...



gurleen-chopra-8.jpg




उसको इस अंदाज को देखकर मेरे चहरे पर एक स्माइल आ गयी...

मैंने उसको अपने गले लगा लिया और वो भी प्यार से मेरे गले लग gayi..Uske गले लगते हुए मई कहने लगा..

मई- वैसे एक बात कहु.. तुम सॉरी बोलते हुए पूरी बंदरिया लगती हो...

ये कहते hi मई हसने लगा और उसने गुस्से से अपने आप छोड़कर मेरे छाती में गुस्से मरने लगी पर प्यार से...

ऋतू- ाचा मई बंदरिया लगती हो तो तुम भी किसी बन्दर से काम नहीं लगते अब जाओ नहीं बताती मई कुछ...

मैंने कुछ देर हसने के बाद फिर से उसे गले लगा लिया और इस बार कहने लगा...

मई- ाचा बाबा सॉरी.. दरअसर तुम न सॉरी बोलते हुए और भी अछि और क्यूट लगती हो.. और तुम्हे प्यार करने का मेरा मन हो जाता है..

ये सुनते hi वो शर्मा गयी और मेरी बहो में और ज्यादा शमा गयी तो वैसे hi कहने लगी...

ऋतू- तो करो न तुम्हे किसने रोका है...

मई-( ऋतू से अलग होते हुए) लेकिन अभी नहीं अभी मुझे मेरे बारे में बताओ न प्लीज...

इस बार ऋतू भी सीरियस हो गयी थी तो वो कहने लगी..

ऋतू- है मई तुम्हे सब बताउंगी पर क्या तुम सुन पाओगे..

मई- है जरूर क्यों नहीं अपने बारे में बात हो तो क्यों नहीं...

ऋतू- लेकिन यहाँ नहीं कही और जहा हमे कोई डिस्टर्ब न करे और हमारा किसी को डिस्टर्ब न हो...

ये बात मुझे ऋतू की कुछ ठीक नहीं लगी की हमारा किसी को.. इसका मतलब पर मैंने उसे पूछा नहीं और उसके साथ चल पड़ा...

वो मुझे एक बहुत hi शांत प्लेस पर ले गयी.. जहा पर दूर दूर तक कोई भी नहीं था..



ccimage-shutterstock_509416273-768x512.jpg




सिर्फ और सिर्फ हरे भरे खेत और पेड़.. और पास hi एक अपने hi धुन में बहती हुयी रिवर.. जिसकी अबाज हमारे कानो तक आ रही थी...

यहाँ तक वह पर कोई जानवर भी नहीं दिखाई दे रहे थे..

बल्कि रात को बहुत से kide-makode रात में शोर करते hai..Par यहाँ तो ऐसा कोई भी नहीं था..

ये जगह बहुत hi शांत थी और देखने वालो के लिए manmohak..Jo यहाँ आये वो यही के खूबसूरती में खो जाये..

तभी मुझे ऋतू ने हिलाया तो मई होश में आया तो वो कहने लगी..

ऋतू- कहा खो गए थे तुम..

Mai-Yaha के खूबसूरती में कितना प्यारा नजारा है न ye...aur शांत भी..

ऋतू- इसलिए तो मई तुम्हे यहाँ ले आयी हु क्यों की कोई भी हमारे बाटे सुने न और हमे डिस्टर्ब न करे...

मई- तो फिर ठीक है अब बताओ मुझे मई पिछले जनम में कोण था क्या करता था...

सब लोग मुझे कैसे जानते है.. सब कुछ...

ऋतू ये सुनकर कुछ बैचेन लग रही थी.. तो मेरे पूछने पर उसने कहा..

ऋतू- कहा से शुरू करू कुछ समाज नहीं आ रहा.. क्यों की तुम्हारे बारे में बताने की कहानी hi अलग है.. और जितना बताऊ उतना काम...

Mai-Kuch भी बताओ मुझे मेरे पिछले जनम के बारे में.................................
 
Back
Top