Saurya - ek youdha (Completed) - Page 6 - SexBaba
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Saurya - ek youdha (Completed)

अपडेट - 38

अब तक

मोहिनी और सौर्य प्रदीप क पास उसके ऑफिस म जाते है. सौर्य पूरी तरह स शॉकेड था ये सब देख. मोहिनी न प्रदीप स कुछ कहा और प्रदीप बी उससे एक शीशी दे दी. उस शीशी म रानीपारी क आशु थे जो सौर्य को पीना पड़ता है जिसे पिटे hi वो बेहोश हो जाता hai.Kuch देर म सौर्य को होश आने लगता है.

आगे.

(सौर्य क रेस्पेक्ट म)

मैंने जैसे hi वो शीशी ख़तम की मेरे सर म न जाने क्या क्या चलने लगा कभी बाबा कभी माँ कभी शिल्पा कभी माँ सब कुछ याद आता रहा मुझे फिर एक झटके म मेरे आखो क सामने एक ब्लैक एनर्जी बॉल और एक वाइट एनर्जी बॉल आ गए दोनों hi टकराते है और और मैं होश म आ जाता हु.

सामने मेरे प्रदीप खड़ा था जो क थोड़ा बहुधा सा दिख रहा था और उसके पास कड़ी थी मोहिनी.

मैं उनकी बातें सुनने लगा.

मोहिनी पूछ रही थी प्रदीप स सभी क बारे म क हमारे ऐसे जाने क बाद क्या कुछ हुआ.

तभी उन्हें मैं दीखता हु जो उन्हें hi देख रहा था.

प्रदीप- तो होश आ गया आपको.

मैं बस उठ क्र शिदा बैठ गया.

मैं- कैसे हो प्रदीप.

प्रदीप- बस काट रही है कुछ काम मिले थे मुझे हमारे लिए उन्हें hi पूरा क्र रहा था.

Mani-Kaise काम और एक बात बताओ जब तुम्हे सब याद आ गया था तो फिर...

प्रदीप- बाबा का आदेश था. उन्हें पहले स hi अंदेशा था क ये सब होगा तुम लोगो की मौत और फिर स जनम लेना ये सब तो उन्होंने मुझे तुम सभी स दूर रखा.

मैं- क्या उन्हें पता था इसके बारे म और वो फिर भी और तुम भी.

प्रदीप- "जो पाया है उससे खोना होगा वो पाने को जो खोया था" याद है ये.

मैं- है याद है बाबा न कहा था पर इसका मतलब क्या है.

मोहिनी- इसका मतलब ये है क आपने जो कुछ भी हासिल किया था उस जनम म उसको छोड़ना होगा ताके आप वो हासिल कर सको जो आपने पहले जनम म छोड़ा था.

मैं- अब ये क्या था मेरी कुछ सम्ह्ज म नहीं आ रहा.

प्रदीप- अरे मैं हु न बताने को पर तू मेरे कुछ सवालो का जवाब दे.
मेरी मौत कैसे हुई थी?

मैं- किसी न मुझ प हमला किया था उस अचूक अस्त्र स और तूने उससे खुद प ले लिया.

प्रदीप- है सही bola.Ab ये बता क हम कहा थे जब ये सब हुआ था?

मैं- हम निल पत्थर की तलाश म थे जब किसी न पीछे स वार किया था.

प्रदीप- वाह भाई बिलकुल सही अब चलो ये बताओ उस निल पत्थर ko.hum क्यू ढूंढ रहे थे.

मैं- निल पाथेर उन् 7 पथरो म स थे जो ेलिका मदर ऑफ़ लॉर्ड्स क तलवार की थे.

प्रदीप- हां सही बोलै अब मैं जो भी बोलू उससे ध्यान स सुन्ना सम्ह्जे

मैंने बस हां म मुंडी हिल्ला दी.

प्रदीप- है तो समरथ सौर्य क्या आपने मिस्ट्री ऑफ़ यूनिवर्स नाम की किताब क बारे म सुन्ना है कभी.

मैंने ना म सर हिला दिया.

Pradeep(muskurate हुए)- कोई नहीं अब सुन लो. Elika,Mother ऑफ़ लॉर्ड्स ने इस किताब को लिखा था. जैसा की नाम है उस किताब का उसमे सारे मिर्त्य लिखे हुए है यूनिवर्स क सब कुछ. उस किताब म सब कुछ खुद hi आ जाता है जैसे हमारा मिलना ये भी.

मैं- इंटरेस्टिंग ाचा वो किताब है कहा .

प्रदीप- वो खो गयी है.

मैं- पर कैसे ऐसी चीजों का तो ठीक स देख रेख होनी चाहिए फिर गम कैसे हो गयी.

Pradeep-Baat उस वक़्त की थी जब मदर ेलिका न अपनी जान दी तो उनके साड़ी चीजे जैसे म वो तलवार वो किताब उनकी छड़ी और भी बहुत कुछ कही गम हो गए.

मोहिनी- भाई क्या क्र रहे हो ठीक स बताओ इसको.

प्रदीप- ठीक है बताता हु रुको सौर्य एक काम करो तुम जोर स डीप चिल्लाओ समझे.

मैं- पर क्यों.

मोहिनी- जो बोलै वो करो सब समझ म आ जायेगा.

मैं- डीइएप्पप

तभी मेरे हातो म एक तलवार आ गयी जिसके ऊपर 7 होल्स बने हुए थे.

मैं- ये ये क्या है.

मोहिनी- रुको अभी बताती हु.

इतना बोल मोहिनी न एक ब्लेड निकला और अपना थोड़ा सा खून निकल उस तलवार क एक होल म गिरा दिया.

उसके वैसा करते hi उसी होल म एक स्टोन आ गया जो रेड कलर का था.

Main(chokte hue)-ye ये तो ये तो लाल पत्थर है मदर ेलिका क तलवार का.

प्रदीप- है ये वही है और ये तलवार भी मदर ेलिका की hi है.

मैं- पर ये मेरे पास कहा स आयी.

प्रदीप- जब तुम सभी की मौत हुई थी और तुम सारे एनर्जी लाइट क फॉर्म म एक हुए थे तब आयी ये तुम्हारे पास.

मैं- हैं पर कैसे.

मोहिनी- मैं बताती हु न देखो मदर ेलिका की मौत क बाद उनकी सभी चीजे बात गयी थी समझे अब सुनने उनकी तलवार और उसके सारे पत्थर जो थे वो भी अलग अलग हो गए. तलवार और गुलाबी पत्थर की एनर्जी यहाँ पृत्वी क आस पास घूमते रहते वो उस पल का इंतजार क्र रहे थे जब बाकी क सारे पत्थर और तुम यहाँ पहुँचो पर ना तो तुम यहाँ आये और ना hi बाकी क कोई पत्थर. एक दिन एक तपस्वी बैठा हुआ तपस्या क्र रहा था जंगल म उससे किसी तरह उस गुलाबी पत्थर क एनर्जी का आभास होता है वो उसका आवाहन करता है. वो गुलाबी पत्थर भी वह चली जाती है.

फ़्लैश बैक

(तपस्वी & मंजुलिका)

तपस्वी- कोण हो तुम बड़ा तेज है तुममे इतना तेज मैंने कभी नहीं देखा पहले.

G.pathar- हे तपस्वी मैं कोण हु ये तो मैं भी नहीं जानती पर यहाँ किसी का इंतज़ार है जो आये और मुझे ले जाए अपने साथ मेरी अपनी जगह पे पर वो आ hi नहीं रहा और मैं हज़ारो सालो स यही भटक रही हु.

कृपया मेरी मदद करे.

तपस्वी एक शक्तिशाली व्यक्ति था उसने अपनी आखें बंद की और देखने लगा क ये कोण है और किसका इंतज़ार क्र रही है.

तपस्वी को जब पता चला क ये मदर ेलिका क तलवार की माननी है और यहाँ बैठी उस तलवार और बाकी पथरो और तलवार क उत्तरादिकारी की प्रतीक्षा क्र रही है तो वो चौक गया.

तभी उसके कानो म एक आवाज गुंजी.

"इससे अपने संग ले जाओ पुत्र बाकी पत्थर अब जीवित हो चले है और अपने ुत्रादिकारी की लरतीक्षा म है इससे भी जीवित क्र इसका दयँ रखो और इससे प्रतीक्षा करने बोलो."

तपस्वी न पहले तो आवाज को प्रणाम किया.

तपस्वी- जो ीचा हो अलेक्स

फिर तपस्वी न उस गुलाबी पत्थर स अपनी पत्नी क गर्भ म प्रवेश करने को कहा.

गुलाबी पत्थर न भी वही किया.

फिर जन्म हुआ एक सूंदर सी लड़की का बड़ी hi प्यारी थी वो पर तपस्वी की पत्नी उसकी ऊर्जा को सह नहीं सकीय थी और वो उससे जनम देते hi मर गयी.

तपस्वी को दुःख तो बहुत हुआ पर वो क्र भी कुछ नहीं सकता था उससे अलेक्स द्वारा दिए गए दाइत्वा को पूरा जो करना था.

वो लड़की वक़्त स पहले hi बड़ी होती जा रही थी और उसकी सुंदरता की बात hi मत karo.Uska नाम मंजुलिका था.

तपस्वी उससे बड़े hi प्रेम स बड़ा क्र रहा था. अब जब मंजुलिका बड़ी होने लगी तो तपस्वी को उसकी शादी की चिंता होने लगी वो भूल चूका था क ये कोण है और यहाँ क्या क्र रही है. तपस्वी न फिर एक दिन अलेक्स स इस बारे म बात की तब अलेक्स न उससे बताया क बाकी क पत्थर और तलवार का उत्तरदिखारी यहाँ क लिए निकल चुके है. उसने ये भी बोलै क तलवार पहले स hi पृत्वी पर है यही कारन ह क सभी पत्थरों को यहाँ आना hi होगा और साथ म उत्तराधिकारी को भी.

तपस्वी- तो वो सारे कब आ रहे है यहाँ और वो तलवार वो कहा है.

अलेक्स- उनके यहाँ आने म कुछ कठिनाईयां आ रही है और अब तो सिर्फ एक hi मार्ग दिख रहा है.

Tapaswi-kon सा मार्ग.

अलेक्स- पुत्र तुमने मुझसे पूछा न क मंजुलिका क योग्य कोई वार हो तो.

तपस्वी- हां अलेक्स मैं अपने सारे पिता क जिम्मेदारियां पूरी करना चाहता हु बस इसी लिए.

अलेक्स- तो वक़्त आ गया है पुत्र तुम्हे अब उस तलवार का आवाहन करना होगा पर सावधान वो बड़ा hi शक्तिशाली है ऐसे hi किसी की नहीं सुनता समझे तुम अपनी पुत्री क साथ एक हवन करो और उस तलवार का आवाहन करो तुम्हारी पुत्री को देख वो सांत हो जाएगा. जब वो तुम्हारे सामने आये तो उससे बोलो क वो तुम्हारी पुत्री इस मंजुलिका क वार क रूप म आये और उससे शादी करे.

तपस्वी - जो आज्ञा.

अलेक्स- तुमने देखा hi होगा क तुम्हारी पुत्री क पास शक्तियां है है न

तपस्वी- है प्रभु.

अलेक्स- हवन की तयारी करो बाकी बाते मैं उस तलवार स hi क्र लूंगा.

फिर वही हुआ तपस्वी और मंजुलिका न तलवार का आवाहन किया और फिर तलवार और मंजुलिका की शादी हो गयी.

साडी क बाद पहली रात को जब दोनों hi अपने कमरे म थे तो अलेक्स प्रकट हुआ वह.

तलवार अलेक्स क बारे म जानता था.

अलेक्स- तुम दोनों को अपनी सकती स एक बचा पैदा करना है ये वही होगा उत्तराधिकारी इस दुनिया म कैद हुए उस दोस्त को मारने वाला जब वो आएगा तब धीरे धीरे बाकी सरे पत्थर भी आएंगे यहाँ फिर वो तुम सभी को एक क्र वापस स मदर ेलिका का तलवार को अपना लेगा.

तलवार और मंजुलिका ये सुन्न बड़े खुश हुए क वो एक जरिया बनने जा रहे गई उत्तराधिकारी क यहाँ आने का.

फिर वही हुआ दोनों न hi अपनी साड़ी शक्ति को एकत्रित क्र लगा लिया मंजुलिका क गर्भ म

यही कोई 2 दिन हुए होंगे इन सब को तरह तरह की परेशानियां आने लगी तपस्वी पर और साथ hi इन् दोनों पर भी कभी कुछ तो कभी कुछ.

{ये सब वो सैतान कर रहा था उससे सौर्य क आने का पता जो चल चूका था}

परेशां हो तपस्वी न दोनों स बात करने का सोचा.

तपस्वी- देखो ये साड़ी ख़ातिनाईएन जो आ रही है वो कोई करवा रहा है मेरी मानो तो तुम दोनों hi अभी यहाँ स चले जाओ और चिप जाओ कही मैं उस शक्ति को रोकने का पर्यटन करता हु जब तक उत्तराधिकारी ना आ जाए.

दोनों को भी यही सही लगा क्यू की दोनों hi अपनी साड़ी शक्तियां गवा एक आम इंसान बन चुके थे.

दोनों hi चल पड़े और पहुंच गए एक गाओं म जिसका नाम था मादवपुर.

कुछ महीने बाईट दोनों ने एक छोटा सा सूंदर घर बना लिया गाओं म और रहने लगे. यहाँ सब कुछ सही था कोई भी परेशानी नहीं आ रही थी.

वही तपस्वी भी तपस्या म बैठा हुआ था और उन दोनों क लिए एक सुरक्षा कवच न निर्माण किये हुए था.

इस कवच को भेदना लगभग अशंभव hi था.

अब सैतान बैठा था और सोच रहा था क क्या किया जाए जिससे वो उत्तराधिकारी ना आ पाए यहाँ.

उसने एक योजना बनायीं कुछ लोगो को अपने वाश म कर उन्हें भेज दिया मंजुलिका क नए घर म माधवपुर म.

अब उन् सभी क मान म मंजुलिका क प्रति काम वासना जगा दी थी.

एक दिन मौका पा वो सारे चल दिए मंजुलिका क घर और वह पहले तो उसके पति को मारा फिर मंजुलिका को भी.

तपस्वी ये देख बौखला गया और पुरे गाओं को श्राप दे डाला.

फ़्लैश बैक एन्ड

मोहिनी - यही पर एक गलती हुई गुलाबी पत्थर की आत्मा मुक्त हुई पर शरीर वैसे hi रहा जिसका सिर्फ एक hi हल था और वो क उन् दोनों को एक किया jaaye.Aage तुम सैफअली और डीप की कहानी जानते hi हो. इस बार ये तय हुआ क सारे पत्थर कैसे भी क्र क पहले hi यहाँ लाये जाये फिर तुम यहाँ आवो समझे

मैं- एक मं मैं उत्तरदिखारी कैसे बना उस तलवार का और तुम लोग पत्थर कैसे.

प्रदीप- देख भाई तू माने या न माने तू मदर ेलिका का पर पर पर पर पर पोता था जब तू समरथ सौर्य था तब समझा और इसी लिए तू hi तो हुआ न उत्तराधिखारी उनकी साड़ी शक्तियों और चीजों का.

मोहिनी- और पाथेर हम जैसे इस लिए बने क्यू की हम उन् जगहों क राज घराने स है जिसका इज़त मदर ेलिका न किया था.

Main-To तुम सारे मेरी पत्नियां क्यू.

मोहिनी- क्यू तुम्हे कोई दिकत है हमारे होने स हां बोलो.

मैं- ारी नहीं मैं तो बस.

ाचा तो अब गुलाबी पत्थर कहा है मतलब क्या वो भी अब.

मोहिनी- हां वो भी अरे वो तो तब भी तुम्हारा उसी रूप म इंतज़ार क्र रही थी वो तो उस प्रॉब्लम की वजह स. वो अभी हमें उसका पता नहीं चला है उसका क्या किसी का भी पता नहीं है हमें पर चिंता नहीं कसम है खून क लाली की कुछ hi दिन म वो हमारे साथ होंगे.

मैं- (प्रदीप s)Bhai एक बात बता हम सभी का मरना ये कुछ..

प्रदीप- गधे ये जो तूने हाथ म पकड़ा हुआ है ये कहा स आता तेरे अंदर ये बता तुम दोनों को एक होना था और उसका बस यही एक तरीका था तो हमने वही किया.

मैं- ठीक है गुस्सा क्यू होता है. यार पर बाबा क साथ क्या हुआ था वो..

प्रदीप- बाबा न अपना काम पूरा किया वो भी पूरी निष्ठा स उन्होंने ना सिर्फ परीलोक जिनलोक को छिपा दिया बल्कि इस पृत्वी पर स उस सैतान को भी आजाद करा दिया जिसको यहाँ मारा नहीं जा सकता tha.Saath hi उन्होंने इससे हमारे जैसो क लिए सुरक्षित भी क्र दिया है.

मैं- हां बाबा न बोलै था मुझे.

मोहिनी- प्रदीप भाई आप इनको बेझो ट्रेनिंग क लिए और मैं बाकियों को ढूंढ़ती हु.

मैं- यार मैंने बाबा स ट्रेनिंग ली थी. मुझे नहीं लगता क मुझे कोई ट्रेनिंग चाहिए.

प्रदीप- सुन्न तूने फिजिकल ट्रेनिंग hi ली थी न अब्ब बारी है मैजिक सीखने की तुझे तो बस कुछ hi माजिक्स आते है. चल अब. हां वो कापा को आज़ाद क्र दे और उसको तेरी जगह प रहने बोल समझा.

मैंने ठीक वैसा hi किया.

कापा- सौर्य बड़ा ाचा लगा तुमसे मिल क्र वर्ण अंदर तो बस वो R.book और O.Book की chapd-chapd hi सुनता रहता था चलो अब सही है.

R.book- आए कपो ज्यादा उछाल मत समझा न अभी तेरी हदी तोड़ दूंगी.

O.book- जाने दे छोटी ऐसो क मुँह hi नहीं लगते.

कापा- देखो ज्यादा हो रहा है.

मोहिनी- कैसे हो दोस्तों.

मोहिनी की आवाज सुन और उसकी आखों को देख hi 3 no शहर स उठे.

3no- V..vetal लोक की राज कुमारी को हमारा प्रणाम.

मोहिनी- सौर्य कापा आज स मेरे साथ रहेगा उन् दोनों को तुम hi सम्भालो (कापा स) तुम सौर्य की तरह बन जाओ फिर हम दोनों hi मिल क्र.

Pradeep-Mohini हो तुम इससे ले जाओ और वो सोल्लगे क काण्ड को देख लेना कापा.

कापा- जी.

मोहिनी और कापा चले गए.

प्रदीप- तू क्या अब ये तलवार ऐसे hi पकडे रहेगा.

मैंने उसकी बात सुनते hi उससे अपने अंदर खींच लिया.

मैं- यार एक बात बता मुझे कितनी चीजे ढूढ़नी है पहले मेरी वो 15 चीजे जिनमे स बस 2 मिली है अभी और अब ये मदर ेलिका की चीजे.

प्रदीप- बेटे अभी और भी है लिस्ट बड़ी लम्बी है. उस सैतान को मारना है तो म्हणत और वक़्त तो लगेगा न.

मैं- अरे क्या सैतान सैतान लगा रखा है नाम बता मुझे.

प्रदीप- मारकुस.
 
अपडेट - 39

अब तक

प्रदीप न मुझे बताया क मैं मदर ेलिका का वंशज हु जो क उनके हर इक चीज का उत्तराधिकारी है. उसने मुझे उस सैतान का नाम भी बताया जो क पृत्वी पर था जिसके लिए ये सब हो रहा था


प्रदीप- मारकुस

आगे

पृत्वी स बहुत दूर कही एक डरावना सा प्लेनेट था जहा पर बस चीखे hi सुनाई दे रही थी. यहाँ एक महल नुमा कुछ बना हुआ था जिसके दरवाजे क पर एक लम्बी क़तर लगी हुई थी बहुत hi लम्बी लड़कियों की जहा तरह तरह की लड़कियां कड़ी थी रू रही थी वही अंदर एक आग स बना हुआ दानव बैठा था और वो बारी बारी स सभी अड्कियों को भोग रहा था क तभी साड़ी लड़कियां गायब हो जाती है वो अग्नि दानव ये देख बौखला उठता है.

अग्निदानव- कोण है जिसकी इतनी जुर्रत हो गयी क मेरे hi गृह पर आ मेरी hi बंदियों को उदा ले गया. सामने आओ.

"तक तक तक तू तक तक तक तू तक तक तक तू"

अग्निदानव- कोण है जो ये आवाजे निकल रहा है हिमत है तो सामने आओ.

"हम्म्म्म हिम्मात हिमायत तो बहुत है पर साथ म अकाल भी है मेरे पास"

अग्निदानव- कोण है कोण है सामने आओ.

"सामने जो आया मैं तो तू भूल जायेगा क कोण है तू झुक जायेगा मेरे सामने बोल ाऊ क्या बोल न"

Agnidanav-(haste hue)Lagta है तुझके बड़ी जल्दी है मौत स मिलने की जो मुझसे ऐसी बाते क्र रहा है.

"मौत मौत तो खुद डर्टी है मुझसे क कही अगर मेरे सामने आ जाये तो मैं उसकी ले न लू अब देखते है तेरा क्या होगा"

इसी आवाज क साथ वो साक्ष वह आ जाता है और उसे देखते hi अपने अग्निदानव भाई की पूरी फैट जाती है वो अपने घुटनो पर बैठ जाता है.

अग्निदानव- M..maa..maafi मालिक माफ़ी भूल हुई जो आपको न पहचान पाया.

शख्स- अरे देख तेरी भी फैट गयी है न है है है अब गलती कृ है तो.

अग्निदानव- नहीं मालिक ऐसा ना कहो मैं मैं इस गलती क प्रश्चाताप क लिए कुछ भी करने को तैयार हु.

जैसे hi अग्नि दानव न ये बोलै उस शख्स ने उसके सर प हाथ फेरा.

अग्निदानव- हीई मालीईक नहिई ऐईयसा नाआ

और वो बशोष हो गया चलिए इनको छोड़ते है और हम चलते है एअर्थ प सोल्लगे म जहा एक अलग hi हंगामा मचा हुआ है.

"हम अपने दर्शको को दिखाना चाहते है क कैसे यहाँ पर 3 होनहार स्टूडेंट्स की बड़ी hi भयावक तरीके स हत्या की गयी है.

इनके नाम है रवि sharma,Abbas खान, डेविड. ये तीनो hi इस बड़े hi िजातदार घरो स तालुकात रखते है."

अभी रिपोर्टर इतना बोल hi रहा था क एक आवाज आयी.

"लौड़ा होनहार बनछोड़ साले तीनो अपने बाप क काली कमाई प आये थे यहाँ. बड़वे अगर अभी जिन्दा होते न तो...."

रिपोर्टर ने पहले तो उसकी ओर देखा फिर कैमरा मन को इशारे स कैमरा बंद करने को बोलै फिर अपने माथे प आया हुआ पसीना पोछा और उसकी ओर चल दिया.

रिपोर्टर- काहे भाई काहे हमरी नौकरी की माँ बहन एक करे प लागल ho.Bahute मुश्किल स तो मिली है ी नौकरिया और अभी जो तुम किये हो न ससुरा तुम्हरे कारण हम फाई जायेगे तेलंडे म. ू लाइव टेलीकास्ट था अब देखो ीी तीनो क बाप का करता है तुमरे साथ और हमरे साथ भी

लड़का- अरे ोू भाई पहले तो गलत रिपोर्ट देते हो और फिर हमको hi समझा रहे हो.

रिपोर्टर- हां तो का करे हम तुम्ही बताओ साल ी चैनलवा जेकर माइक लिए बैठे है न हम ी ुई डेविड क चाचा क है अब ी तो नहीं दिखा सकते न क ी भादवा ड्रग्स सप्लाई रपे हाफ मुर्देवा ी सब क केस लिए बइठल है अपन सर पर. सुनने हम तो निकल रहे है अपन पटना क लिए तुम भी भाग लो अगर मिल गए ी सब क परिवार बालन क न तो मारवा दिए जाओगे.

लड़का- हाट मुझे मारेंगे वो सारे चूतिये है वो चूतिये हिम्मत नहीं उनमे क मेरा कुछ क्र सके समझा न....

"गहाई गहाई"

2 गोलियां चली और लड़का वही ढेर हो गया पूरा सनता च गया वह पर. रिपोर्टर की दर क मारे फटी जा रही थी.

"सुन बे रिपोर्टर एक नयी रिपोर्ट बना इस लौंडे न इस सोल्लगे को उड़ने का प्लान बनाया था जिसको रोकने क चाकर म मेरे भाई और उसके दोस्तों की मौत हो गयी इस लौंडे को पश्यको किलर साबित क्र समझा न "

रिपोर्टर- j...jj.....ji सर.

"चल शुरू हो जा".

रिपोर्टर- अभी अभी हमें सुचना मिली है क ***सोल्लगे को एक पश्यको किलर उड़ने वाला था और यही बात जब इस सोल्लगे क होनहार स्टूडेंट्स रवि, अब्बास और डेविड को पता चला तो उन्होंने उस पश्यको को रोकना चाहा पर सायद ईश्वर को कुछ और hi मंजूर था ये तीनो hi उस पश्यको क होते चढ़ गए और फिर उस्सने इन् 3 no को तड़पा तड़पा क्र मार डाला. अभी कुछ देर पहले hi ैप मुखर्जी न आ क्र उस पश्यको का एनकाउंटर क्र दिया.

हम सभी को गर्व होना चाहिए ऐसे लोगो पर जो अपनी जान की परवाह किये बिना hi लगे रहते है दुसरो को बचने म

मैं ***** Cameraman****k साथ *****चैनल स"

ैप- काहे बे रिपोर्टर ससुरा तुमको देखना चाहिए था न पाहिले की एकर जइसन कौनो बावली गांड तो नाही है यह हैं बताओ.

रिपोर्टर- सर हम हम तो बस ोहहि बोल रहे थे जो हमको कहा गया था हम पाहिले hi सबको समझा भी दिए थे पर पता नहीं कहा स ी बुड़बकह आ गया. हमको जाने दो सर हम जा रहे है पटना उठी रह लेंगे बस एक बार हमको जाने दो.

ैप- अरे घबराओ नहीं बस ू कट दे दो फिर चले जाना समझे हम वैसे भी सब संभल लेंगे चलिए आप जाईये. अरे दिवाकर जी स्ट्रेचरवा ले आइये जरा और उठाइये ी 1 बी 2 क. साला जॉन भी मारा है ी तीनो क बहुत बड़का तलवारबाज होवेगा देख रहे हो एक दम बिछे बिच स काटा है ओहु ेके वार म सोचो.

इतने म दिवाकर नाम का एक कांस्टेबल आता है और चारो बॉडी को उठा एम्बुलेंस म रख देता है.

वही इसी भीड़ म :-

कापा- राजकुमारी वो लड़का बेकार म मारा गया.

मोहिनी- अरे तुमको भी लोगो की चिंता होती है क्या मई तो समझती थी क तुम्हे कोई फर्क नहीं पड़ता होगा तुम भी तो उन्हें डूबा देते थे पानी म और फिर खा जाते थे.

कापा- तब की बात और थी मालकिन पर अब और नहीं अब मैं ऐसे hi ठीक हु.

मोहिनी- चलो सही है वैसे म सोच रही थी क जब भी ऐसे गुनहगारों को खून पि मौत दूंगी तो शरीर तुम्हे दे दूंगी पर कोई बात नहीं.

कापा- नहीं मालकिन आप वैसा hi करे मैंने भी बड़े वक़्त स इंसानी मांस नहीं खाया है बड़ा दिल करता है खाने को पर सौर्य का गुलाम हु उसके आदेश क बिना कैसे.

मोहिनी- कोई नहीं कापा अब मैं हु न मिल क्र शिकार करेंगे और है ये मालकिन मालकिन क्या लगा रखा है तुम सौर्य क भेष म हो समझे मुझे नाम स बुलाओ या फिर दीदी कहो.

कापा- जी दीदी जी.

मोहिनी- चलो अब यहाँ स घर भी जाना है.

दोनों वह स निकल पड़े घर जाने को.

घर पर जय और नीलम दोनों को hi सोल्लगे म हुए काण्ड का पता चल गया था दोनों hi घबराये हुए थे पर जैसे hi अपनी बेटी को ठीक थक देखा दोनों की चिंता थोड़ी काम हुई.

नीलम- मोहिनी बीटा तू ठीक तो है न मैंने सुन्ना क सोल्लगे म क्या हुआ था मैं तो दर hi गयी थी.

मोहिनी- आप भी ना कुछ भी नहीं हुआ मुझे यी है न मेरा बॉडीगार्ड इसके रहते क्या होना है मुझको. चलो अब खाना लगाओ बड़ी भूक लगी है.

फिर नीलम न मेरी यानी कापा स भी हाल चल पूछा और खाना लगाने चली गयी.

दोनों न खाना खाया फिर चल दिए अपने रूम्स म.

शाम का वक़्त था मोहिनी आ पहुंची कापा क पास.

मोहिनी- कापा ये तू क्या बाकियों को ढूंढ सकता है क्या.

कापा- नहीं न जब तक उनकी शक्तियां जागृत नहीं होती कैसे धुंडु उनको मैं.

मोहिनी- हम्म वही तो मेरी भी दिकत है कापा पर कुछ तो करना होगा ना.

कापा- एक तरीका है वैसे अगर आप बोलो तो मैं..

मोहिनी- बता क्या है वो तरीका.

कापा- जब मैं कैद था सौर्य क अंदर तब भी म बहार की दुनिया को देख सकता था. मैंने जहा तक देखा है बहुत सरे लोग हमें सोशल मीडिया पर यानी क फेसबुक ट्विटर इन् सब पे मिल जाते है तो सायद वो भी मिल जाए वैसे भी नाम तो सबका पहले वाला hi होना है न.

मोहिनी- कापा तेरा तो दिमाग चलता भी है बढ़िया है तो चल देखते hai.Pahle प्रिय को देखते है.

मोहिनी न प्रिय टाइप किया फेसबुक प.

सल्ला पहले तो 50 एंगल प्रिय hi आ गए. सबको देखा देखते देखते शाम स रात हो गयी पर इनको वो नहीं मिली.

थक हार क्र दोनों न ये आईडिया छोड़ दिया और फिर रात का खाना खाया और चले गए अपने रूम्स म.

थोड़ी देर बाद फिर स मोहिनी कापा क पास गयी.

मोहिनी- कापा यार खून की बहुत तालाब लगी हुई है कोई जुगाड़ है क्या.

कापा- क्या मैं क्या कृ किसका खून ले औ मैं.

मोहिनी- अरे पता क्र न आस पास तो होगा न कोई बुरे काम करने वाला बस उसी को ले आते है फिर करते है अपनी पार्टी.

कापा- अरे पर ये कैसे पता करू ल कोण बुरा है कोण ाचा है बताओ आप.

मोहिनी- बात तो तूने पते की करि है कापा लगता है आज ऐसे hi सोना होगा कोई नहीं कल कल सबसे पहले इसी बात क बारे म कुछ करना है समझा न बाकी बातें बाद म.

कापा- ठीक है.

मोहिनी अपने रूम म चली जाती है सूने को.

चलिए हीरो क पास भी चलते है देखते है ये महाराज कहा घूम रहे है.

मैं प्रदीप क साथ जा रहा था मुझे कुछ भी पता नहीं था क कहा बस वो जहा जा रहा था मैं भी चला जा रहा था.

प्रदीप फिर एक जगह खड़ा हो गया और चिल्लाया अलेक्स.

मैं- अरे ये अलेक्स क बारे म तो बताया hi नहीं तुमने bas....oohh एई तू ेक्क्क dd.dragon है.

अलेक्स उसी जगह आ चूका था एक बहुत hi बड़ा ड्रैगन उसकी पूछ म आग लगी हुई थी वो लाल रंग का था बड़ी बड़ी आखें नीली रंग की बिलकुल मेरी जैसी.

प्रदीप- इससे मिलो ये है अलेक्स तुम्हारा अपना छोटा सा ड्रैगन.

मैं- ये मेरा है एक मं तुमने जो कहानी सुनाई थी मंजुलिका वाली उसमे भी ये था न पर ये तो बोल रहा था उस कहानी म.

अलेक्स- मालिक मैं तो ऐसे भी बात करता हु.

मैं- ये ये तो बोलता है देखो ये बोलता है.

प्रदीप- है ये बोलता है. अब सुन अलेक्स ड्रैगन वर्ल्ड का राजकुमार है मतलब साही खून समझा न और शाही ड्रैगन्स का मालिक सिर्फ और सिर्फ मदर ेलिका क वंसज hi हो सकते है जो क तू है.

मैं- भाई एक बात बटप तुम मुझे उनका वंसज बोलते रहते हो क्या कोई और नहीं है उनका बस मैं hi हु क्या.

अलेक्स- मालिक अब तो बॉस एक आप hi बचे हो बाकी उनके सरे वंसज मारे जा चुके है उस मारकुस क साथ हुए युद्ध म उसने लगभग सभी को hi मार दिया था पर वो भी काम नहीं थे मरते मरते उस मारकुस क साड़ी शक्ति भी चीन ली थी.

मैं- क्या उसने सभी को....

प्रदीप- है दोस्त सभी को और अब बारी है बदले की तुम्हे hi मरना है उससे तुम hi मार सकते हो.
 
अपडेट - 40

अब तक

मोहिनी कापा क साथ मिल कर बाकी सबको ढूंढ़ने म लगी हुई थी और मैं प्रदीप क साथ अलेक्स अपने ड्रैगन जो की ड्रैगन वर्ल्ड का राजकुमार था उससे मिला और साथ hi दोनों न मुझे मारकुस क साथ हुई युद्ध क बारे म बताया.

आगे

अलेक्स- और बदला लेने क लिए पहले आपको अपनी मैजिकल ट्रेनिंग लेनी होगी साथ hi मैं फिजिकल ट्रेनिंग भी.

मैं- फिजिकल ट्रेनिंग तो मैंने ले ली थी बाबा स.

अलेक्स- प्रदीप तुम बुरा मत मानना पर सायद तुम दोनों को hi नहीं पता क बाबा को फाइटिंग का बस थोड़ा सा hi ज्ञान था और मालिक जिससे आप बदला लेने वाले हो वो वो फाइटिंग म निपूर्ण है उसके सामने कोई भी नहीं टिकता था और अब तो वो और भी बलवान हो लौटा होगा.

प्रदीप- अलेक्स तुम किसकी तरफ हो हमारे या उसकी.

अलेक्स- मैंने तो बस सच बोलै था और वैसे भी जहा हम जा रहे है वह तुम्हे पता चल hi जायेगा.

मैं- कहा जा रहे है हम.

अलेक्स - बनसओ प्लेनेट पर जहा यूनिवर्स की सबसे बड़ी जादू और वेपन आर्ट्स की यूनिवर्सिटी है. (मेरे स) मालिक पर उससे पहले आपको अपना ये हुलिया बदलना होगा.

प्रदीप- हां सौर्य रुको बस वो आता hi होगा.

मैं- कोण आ रहा है.

अलेक्स- मालिक धारिया रखना शिखो वह आपको इसकी बड़ी जरुरत पड़ेगी.

थोड़ी hi देर म एक मोटा सा आदमी आ जाता है हमारे पास जो कुछ अजीब था.

आदमी- बोलो किसको क्या करना है.

अलेक्स- मेरे मालिक को बनसओ प्लेनेट जाना है तुम समझ रहे हो न.

Aadmi(Kutil मुस्कान क साथ)- एक ओर मौका इस बार तो उनकी सुरक्षा प्रणयलि को धोखा दे क hi रहूँगा बड़ा घमंड है न unko.(Mere स)

तुम चलो मेरे साथ (अलेक्स स) दोस्त बहुत बहुत शुक्रिया फिर स मौका देने का.

अलेक्स- कोई बात नहीं अब जाओ और हां इन सब क बारे म किसी को भी पता न चले वर्ण मालिक खतरे म पद सकते है.

मैं- ये क्या हो रहा है कोई मुझे भी तो बताओ.

आदमी- तुम लड़के बनोगे या लड़की ये बताओ पहले.

मैं- अरे ये किसा सवाल है मैं लड़का हु तो लड़का hi रहूँगा न.

आदमी- अरे नहीं दोस्त वो क्या है न वह लड़कियों को ज्यादा अटेंशन मिलता है बस इसी लिए पूछ लिया. चलो कोई बात नहीं लड़का hi बना देंगे चलो मेरे साथ.

इतना बोल उसने मेरा हाथ पकड़ा और हम दोनों hi गायब हो गए और पहुंच गए एक अजीब स जगह पर.

आदमी- हां तो दोस्त वेलकम है तुम्हारा मेरे इस लैब मई.

मैं- ये लैब है पर यहाँ तो कुछ...

Aadmi-Tum सच म क्या मदर ेलिका क वंसज हो या किसी न बस उल्लू बना दिया तुम्हे batao.Tumhe मैजिक क म क बारे म भी कुछ नहीं पता.

मैं- यार मुझे भी आज hi पता चला है और जिसने बताया उसपे मुझे खुद स भी ज्यादा भरोषा है.

आदमी- कोई नहीं मैं हु न ाचा एक सवाल अगर तुम्हे मौका दिया जाए यूनिवर्स क किसी भी प्रजाति क लोगो जैसा बनने का तो तुम कोण सा चुनोगे इंसान का छोड़ क्र बोलना.

मैं- मुझे ना एल्फ बड़े ाचे लगते थे उनके वो लम्बे लम्बे कान उनकी वो ग्रीन स्किन aur....aaaahhh ये क्यों किया.

आदमी- अरे ये लो इससे पि लो.

मैं- ये क्या है और इसमें मेरा बाल क्यू मिलाया.

आदमी- तुम बहुत बोलते हो यार चुप चाप पिलो अब इससे मुझे घर भी जाना है.

मैंने वो गिलास ख़तम क्र लिया. क्या बताऊ कितना अजीब टेस्ट था उसका.

आदमी- यहाँ उलटी मत करना समझे वर्ण तुम्हे hi साफ़ करना होगा. ये लो इस गोली को निगल जाओ मुँह का स्वाद बदल जाएगा.

मैंने झट स उसके हाथ स वो गोली ली और उसको निगल लिया.

सल्ला गोली और कड़वी थी अब तो मुझसे कण्ट्रोल hi नहीं हो रहा था.

Aadmi-ab बॉस ये पानी है बंसो का इससे पि लो फिर कोई भी जादू तुम्हे अपने रूप म नहीं ला सकता.

मैंने पानी सुन्ना तो झट स उसके हाथ स गिलास लिया और उससे पि गया. पानी नहीं ये तो शरबत था भाई बिलकुल मीठा.

मैं- तो क्या मैं एल्फ बनुगा.

आदमी- हां थोड़ी hi देर म तुम एल्फ बन jaoge.Waise तुम सच म उससे हारा डोज न.


मैं- किसकी बात क्र रहे हो मारकुस की क्या.

आदमी - हां उसी की.

मैं- दोस्त मैं अपनी पूरी ताकत लगा दूंगा उसके लिए तुम्हे सायद पता नहीं की मैंने उसके वजह स क्या क्या खोया है.

Aadmi(thoda मुस्कुरा क्र)- हम्म सायद मुझे नहीं पता. एक बात बताओ जय और नीलम कैसे है.

मैं- अचे है उन्हें क्या होना है... एक मिनट तुम उन् दोनों को कैसे जानते हो.

आदमी- बस ऐसे hi हम दोस्त हुआ करते थे कभी.

अभी मैं कुछ बोलता क मुझे चाकर सा आने लगा और मैं बेहोश हो gaya.Jab आँख खुली तो सामने प्रदीप अलेक्स मोहिनी और कापा थे.

मोहिनी- ये तो बहुत क्यूट लग रहा है इससे तो मैं...

कापा- सौर्य है वो कोई एल्फ नहीं जिसका खून पिने को खुदी जा रही हो आप.

प्रदीप- मोहिनी तुम सायद अपना कण्ट्रोल खोटी जा रही हो तुम्हे खुद प काबू पाना होगा आज स hi ध्यान लगाना शुरू क्र दो.

Mohini(muh बनाते हुए)- ठीक है ठीक है. हां एक बात पूछनी थी आपसे वो कापा बोल तू.

कापा- वो प्रदीप भाई वो ये दीदी बोल रही थी क वो क्या वो मुजरिमों का खून पि सकती है.

मोहिनी- पूरी बात बताओ कापा.

कापा- वो दीदी बोल रही थी क हम दोनों मिल क्र मुजरिमों को उदा लेंगे मतलब दीदी जी उनका खून और मैं बाकी सब उससे जुर्म भी काम हो जाना है न

Main-Tum दोनों क दोनों hi पागल हो गए हो क्या कैसी बाते क्र रहे हो.

मोहिनी- तुम तो बोलो मत देखा था मैंने वो डायन वाला काण्ड जो तुमने किया था. और हम ये कोई आपने लिए नहीं करेंगे समझे हम तो बस पृत्वी स बुरे इंसानो को हटाना चाहते है.


प्रदीप- हां हां पता है मुझे कोण क्या करना चाहता है. मोहिनी हम्म्म दिन म बस एक मंजूर है.

मोहिनी- अच्छा तो दिन म एक फिर रात म एक हां काम है पर काम चला लेंगे हम दोनों.

प्रदीप- मैं पुरे दिन म एक की बात क्र रहा हु समझे तुम दोनों और वो भी मुझसे क्रॉस चेक करवा क्र.

मैं- क्या बोल रहे हो तुम.

प्रदीप- क्या अरे भाई इससे इन्हे शक्ति मिलती है और मैं तो कहता हु दोनों को न रॉ म दाल देते है वह पर मुझसे क्रॉस चेक भी नहीं करवाना होगा.

मोहिनी- हां ये सही होगा चलो कापा हम अभी चलते है प्रदीप भाई हमारा इंतेज़ाम क्र दो.

मैं- क्या तुम लोग पागल हो गए हो रॉ की बात क्र रहे हो तुम सब रॉ की वह कोई भी ऐसे hi मुँह उठाये नहीं चला जाता.

प्रदीप- तू चुप क्र समझा अरे मैं हु न मैं देख लूंगा कैसे इनको भेजना है.

मोहिनी- तुम तुम्हे मुझे कोई भी बोलै मुझे जानते हो न मैं कोण हु

अलेक्स- प्रदीप इनदोनो को ले जाओ यहाँ स मैं मालिक को बंसो पंहुचा देता हु.

प्रदीप- पर तुम...

अलेक्स- चिंता मत करो मैं जानता हु मुझे क्या करना है तुम जाओ और हां एअर्थ प जितने भी हमारे साथी है सबको आगाह क्र देना वक़्त आने वाल्ला है तैयारियां करे.

प्रदीप- ठीक है.

मैं- कोण सा वक़्त क्या बाके जा रहे हो तुम सारे मुझे भी तो बताओ.

अलेक्स- मालिक मेरे पीठ पर बैठ जाइये आप.

मैं- पहले ये मालिक मालिक कहना बंद करो समझे और बताओ कोण स वक़्त की बात क्र रहे हो तुम.

अलेक्स- यहाँ पर जो शील्ड लगी हुई है एअर्थ क चारो तरफ ये हर साल बलिदान मांगती है हर साल कोई ऐसा जो जादू जनता हो जो इस पृत्वी का ना हो.

मैं- क्या मतलब है तुम्हारा बलिदान स और क्या यहाँ पर हमारे जैसे और भी है पर बाबा न तो बोलै था क सारे..

अलेक्स- हां सारे बुरे लोग जा चुके है उनके हिसाब स ये प्लेनेट hi बेकार हो गया है.

इस बात का पता जब सबको लगा तो धीरे धीरे लोग यहाँ आने लगे बहार स यहाँ आने लगे पर सिर्फ वही लोग उस शील्ड को पार कर पाए जो पुरे सोल थे जिनमे राति भर भी बुराई नहीं thi.Wo सारे लोग हम सभी क कांटेक्ट म आये और हमने उन्हें यहाँ रहने की इज्जाजत दे दी पर एक कंडीशन भी लगायी क उनमे स किसी एक को हर साल खुद का बलिदान देना होगा ताकि शील्ड चलती रहे.

मैं- ये ये तो बहुत बुरा है

अलेक्स- बस यही एक रास्ता था हमारे पास.

मैं- एक बात बताओ वो जो आदमी आया था वो कोण था.

Alex-hmm वो मैं बाद म बताऊंगा तुम्हे अभी देर हो रही है चलो बैठ जाओ.

मैंने फिर पूछा पर वो कुछ भी नहीं बोलै.

हम दोनों hi फिर निकल चले बंसो क लिए.

चलिए चलते है हम ाग्नि दानव क पास उसके प्लेनेट पर.

यहाँ प अभी वो अग्निदानव बेहोश पड़ा था और उसके पास hi बैठा था कोई आदमी.

कुछ देर म अग्निदानव को होश आ जाता है. वो उठ क्र तुरंत hi उस आदमी क कदमो म जा गिरता है.

अग्निदानव- मालिक ये ये आपने क्या क्र दिया मालिक मैं मैं ऐसा कैसे बन गया मालिक मुझे फिर स ठीक क्र दे मालिक ठीक क्र दे मुझे मेरी शक्ति वापस क्र दे मालिक.

आदमी न उसको अपने पैरो स ढाका दे दिया.

आदमी- हु हु हु ये तो वरदान है तुम्हारे लिए वरदान मैं तुम्हे मुक्त करता हु मेरी गुलामी स जाओ.

ये सुन एक पल तो अग्निदानव क खुसी की कोई सीमा hi नहींरही पर जब उससे कुछ याद आया वो जैम सा गया दर क मारे और खुद hi अपनी तलवार निकल अपने गार्डन प चला दिया.

आदमी- चलो ाचा है मुझे अपने हाथ गंदे नहीं करने पड़े पर मज़्ज़ा नहीं आया मुझे.

इतने म एक आवाज आयी.

"मार दिया न उससे चलो अब वापस आ जाओ मेरे पास"

आदमी- जी अभी आया मास्टर
 
अपडेट- 41

अब तक

मैं बंसो जाने क लिए निकल गया था अलेक्स क साथ एक एल्फ बन क्र जो मुझे एक आदमी न बनाया था और वो जय और नीलम को जनता था.

वही एअर्थ क शील्ड को एक और बलिदान की जरुरत थी जिसके बारे म अलेक्स ने प्रदीप स पहले hi बोल दिया था.

आगे

पहले चलते है बंसो जहा अभी मैं जा रहा हु.

मैं- अलेक्स यार जगह क बारे म भी कुछ बताओ जहा हम जा रहे है.

अलेक्स- Malik....Saurya बंसो एक बहुत hi सूंदर और साथ म रहस्य स भरा हुआ प्लेनेट है. मैं प्लेनेट क बारे म कुछ नहीं कहूंगा वो तुम वह जा क्र खुद पता लगा hi लोगे पर यूनिवर्सिटी जहा तुम्हारी शिक्षा होगी उसके बारे म सुनने.

डिस्क्रिप्शन ऑफ़ यूनिवर्सिटी:-

ये एक मायावी जगह है जहा क बारे म जितना जानोगे उतना hi काम है. शुरुआत होती है फ्रंट गेट स इसका भी कोई राज़ hi है सायद और ये यहाँ क सिक्योरिटी म बहुत हेल्प करती है. जब भी कोई इस गेट स गुजरता है गेट का कलर चेंज हो जाता है और उसी कलर म जो क गेट म एंटर करने वाले क प्रजाति का मुख्या कलर होता है जैसे क मेरा येलो है तो वो येलो म बदल जाता है इसके कारन कोई भी किसी दूसरे प्रजाति का भेष बदल नहीं जा sakta.Ye क्यों होता है बस एक hi आदमी इसके बारे म जनता था और अब वो नहीं रहा.

उसके बाद आता है फाउंटेन ऑफ़ वररियर्स ये गेट स कुछ hi दूर बना हुआ है अब इसकी तारीफ कैसे करू समझ म नहीं आ रहा यहाँ पर जो पानी फाउंटेन म आता है वो चमत्कारी है हम्म मान लो अगर कोई हमला हुआ इस यूनिवर्सिटी पर तो ये फाउंटेन का पानी वारियर्स म बदल जाते है और वो भी अनगिनत इतना ज्यादा क कोई सोच भी नहीं सकता और वो भी बहुत ताकतवर.

उसके आगे शुरू होती है गार्डन ऑफ़ एनिमल स्पिरिट्स ये बड़ी hi खुबशुरत जगह है पर साथ hi खतरनाक भी यहाँ बस आपको स्पिरिट्स hi दिखेंगे जो क फ्री होते है. हर स्टूडेंट को किसी एक को चुनने का मौका मिलता है पर उन् स्पिरिट्स को संभालना बड़ा मुश्किल होता है बड़े hi कमीने होते है वो.

उसके आगे शुरू होती है यूनिवर्सिटी बिल्डिंग जो क 4 ब्लॉक्स म बाटी हुई है. 1सत है एडमिनिस्ट्रेशन ब्लॉक यहाँ पर सारे स्टाफ मेंबर्स टीचर्स और साथ hi हेडमास्टर सभी क ऑफिसेस है. 2ंद ब्लॉक है वेअपनारी ब्लॉक नाम स hi पता चल रहा है यहाँ प स्टूडेंट्स को वेपोनारी क बारे म बताया जाता है और साथ hi उन्हें उसे करना भी. 3रद ब्लॉक ये बड़ा मजेदार है ये है मैजिक ब्लॉक मैजिक क लिए यहाँ वही शिखाया जाता है और 4तह ब्लॉक है होस्टल्स क लिए जहा स्टूडेंट्स और साथ hi टीचर्स क रहने का इंतजाम होता है जिनको उसकी जरुरत होती है वर्ण लोग बहार भी रहते है ईएसएस प्लेनेट क एकमात्र सहर बंसोविअ.

एन्ड

मैं- एक मं तुमने कहा क गेट सबको मेरी पहचन बता देगा फिर ये एल्फ बनने का क्या फायदा हुआ बोलो.

अलेक्स- तुम्हे पता नहीं अभी क किसने तुम्हे एल्फ बनाया है वो बाँदा पहले यहाँ का सेकुयर्टी हेड था पर कुछ गलतफहमी क वजह स उससे निकल दिया और हमने उससे एअर्थ प पनाह दी उसकी फॅमिली क साथ.

मैं- पर क्या ये काम करेगा मतलब क्या मैं बच जाऊंगा.

अलेक्स- है मुझे यकीं है uspe.Ab एक बात और सुनो हम सभी न मिल क्र बड़ी मुश्किल स तुम्हारे लिए यहाँ नकली पहचान पात्र बनवाया है तो ध्यान रहे कोई गड़बड़ नहीं समझे देखो अंदर तुम्हे पहले तो अपना ग्रुप दिया जाएगा फिर...

मैं- एक मं. ये ग्रुप का क्या चाकर है पहले तो नहीं बताया और जब तक तुम पूरी बात बताते नहीं तबतक उम्मीद भी कैसे क्र सकते हो मुझसे क कोई गड़बड़ न करू.

अलेक्स- अरे सुन तो लो बता hi तो रहा था यार तुम भी. हां ग्रुप न तो यहाँ 4 ग्रुप्स होते है रेड ब्लू ग्रीन येलो. उनके बारे म खुद पता क्र लेना क्यू की मैं भी ज्यादा नहीं जनता.

मैं- हां ये सही है पहले तो पूरी जानकारी मत दो फिर बोलो गड़बड़ न करे. आगे बोलो अब

अलेक्स- आगे है ग्रुप दिया जाने क baad...classes और क्या .

मैं कुछ बोलता उससे पहले hi हम एक जगह रुके. अलेक्स न मुझे उतरा और मेरे सामने आ जोर की दहाड़ मारी.

मैं- पागल है क्या चिल्ला क्यू रहा है मैं जाग hi रहा हु.

अलेक्स- तुम्हे नहीं तुम्हारे अंदर जो है उससे जगा रहा हु.

मैं- रेड बुक और ऑरेंज बुक को पर वो भी तो...

अलेक्स- अरे हां मैं बताना भूल गया वो सू रही है और जो डीप है तुम्हारे अंदर वो भी और हां वो अभी नहीं आने वाले समझे मैंने उन्हें सुला दिया है और हां... कुछ नहीं बाद म तुम्हे खुद पता चल जाएगा. देखो सामने देख रहे हो वह हां वो शिप है उसमे चले जाना और हां एक बात और यार नाम तो यही है तुम्हारा यूनिवर्सिटी म भी बस ये याद रखना क तुम एक एल्फ हो एक मामूली स गरीब स एल्फ जो एल्फ वर्ल्ड स है. इससे ज्यादा कोई पूछेगा hi नहीं.

मैं- ठीक है पर तुम क्यू नहीं आ रहे.

अलेक्स- सबकी नज़रों म तुम मर चुके हो और जब किसी ड्रैगन का मालिक मर जाता है तो या तो ड्रैगन दूसरा मालिक ढूंढ लेता है या वो भी मार जाता है और मैंने कोई भी दूसरा मालिक नहीं ढूंढा तो सभी को लगता है मैं मार चूका हु. इन सब क कारण मैं ड्रैगन वर्ल्ड भी नहीं जा सकता वर्ण सबको तुम्हारे होने का पता चल जाएगा जो अभी सही नहीं है.

मैं- ोूहः ाचा तुम कब स घर नहीं गए क्या याद नहीं आती वह की.

अलेक्स- अब तो अर्श बीत गया घर गए मैं न जाने कब स एअर्थ प hi था इंतज़ार म तुम्हारे पर पहले वो सब हो गया पर छोड़ो उनको और याद हां वो तो हमेशा आती है न घर की माँ की पापा की मेरी बहन की.

मैं- हां वो तो आती hi होगी.

अलेक्स- चलो अब जल्दी जाओ देखो शिप जाने को है.

इतना बोल वो चला गया और मैं उससे यहाँ वह देखने लगा पर वो जा चूका था.

मैं भी शिप म चला गया और मेरा सफर शुरू हो गया मुझे यही कोई 3 घंटे लगने थे वह क हिसाब स बंसो पहुंचने म.

चलिए तब तक हम चलते है एअर्थ पर जहा प्रदीप और मोहिनी बैठे हुए थे 2 चेयर्स पर और उनके सामने कुछ लोग बैठे थे तभी अलेक्स भी वह इंसानी रूप ले क्र पहुंच जाता है और प्रदीप क बगल म बैठ जाता है.

अलेक्स- दोस्तों फिर स वो वक़्त आ गयी है हममे स किसी को फिर बलिदान देना होगा उस शील्ड को बनाये रखने क लिए अपने फैमिलीज़ को बचाये रखने क लिए.

सभी एक दूसरे स बात करने लगे.

अलेक्स- क्या कोई है जो खुद ये करना चाहता हो या फिर हम वही पुराण तरीका अपनाये.

एक आदमी खड़ा होता है और बोलता है.

आदमी- मैं बलिदान देने को तैयार हु.

सारे लोग उससे देखने लग जाते है.

Jay(Mohini's नई फादर)- पृत्वी ये क्या बोल रहे हो दोस्त नहीं तुम नहीं जाओगे.

हां तो ये है अपने सौर्य क सो कॉल्ड नई फादर पृत्वी जी.

Pritvi(muskura क्र)- दोस्त इस बार नहीं हार बार तू रोक लेता है पर अब मेरा आखरी काम भी पूरा हो गया है और Amrita(Saurya सो कॉल्ड नई माँ) भी तो इंतज़ार म है न मेरे उससे कब तक छोड़ सकता हु अकेला.

जय- पर..

पृत्वी- देख दोस्त मेरा सब कुछ तो जा hi चूका है न तो अब क्या करूँगा यहाँ रह क्र और सोच कही ऐसा न हो की पुराने तरीके स कोई परिवार चुनना जाए और फिर वह की हालत मेरे जैसे हो जाए.

पृत्वी न इतना बोलै और फिर अपना हाथ आगे बढ़ाया एक खंजर उसके हाथ म आ गयी और उसने उससे अपने दिल प मार दिया और वो वो मार गया. मरते hi उसका सरीर हवा हो गया और वही शील्ड एक साल क लिए टूटने स बच गया.

जय को बहुत दुःख हुआ ये सब देख वो उठा और वह स निकल गया. बास्की सारे लोग भी धीरे धीरे निकल गए वह स.

जय अपने घर पंहुचा.

अभी भी उसके आखों म आशु थे. नीलम न जब ये देखा तो वो समझ गयी कुछ बुरा हुआ है पर क्या ये उससे नहीं पता था.

नीलम- क्या हुआ जय तुम ऐसे क्यू.

जय- वो भी चला गया वो भी हमें छोड़ चला गया खुद को मार लिया उसने.

नीलम- कोण चला गया जय बताओ बोलो भी जय बताओ मुझे.

जय- पृत्वी.

Nilam(roote हुए)- नहीं ये नहीं हो सकता अरे उनकी तो बारी भी नहीं थी फिर वो कैसे.

जय न उसको सब कुछ बताया जो पृत्वी न कहा था.

नीलम तो पुरानी यादों म खो गयी उसके दिमाग म बॉस वो दिन आ गया जब वो बाबा स मिले थे वो चारो.

फ़्लैश बैक:-

Pritvi,Amrita,Jay और नीलम चारो hi बड़े घनिस्ट मित्र थे. उनकी शादी भी अपने प्रेमी प्रेमिकाओं स hi हुई थी मत्लाद जय की नीलम स और पृत्वी की अमृता स.

बात तब की है जब चारो बड़े ख़ुशी स बंसो क बंसोविअ सहर म रहते थे.

जय और पृत्वी दोनों को hi वह पर यूनिवर्सिटी क सिक्योरिटी की जॉब मिली हुई थी दोनों hi बड़े खुसी स और ईमानदारी स अपना काम करते थे.

एक दिन कुछ हुआ जिसकी वजह स उन्हें निकल फेक्का गया ना सिर्फ यूनिवर्सिटी स बल्कि प्लेनेट स hi. चारों की हालत बहुत hi बुरी हो गयी जय और पृत्वी प चोरी का झूठा इलज़ाम लगा था. दोनों न काफी कोसिस की खुद को बेगुनाह साबित करने की पर ना क्र सके.

वह स निकले जाने क बाद बस ये सारे घूमते रहते यहाँ स वह पर कोई ठिकाना नहीं मिला फिर एक दिन बाबा इनसे मिले और इनको एअर्थ पर रहने क सलाह दी पर ये भी कहा क बाद म उनको इसके लिए कुछ करना भी होगा.

चारो न पहले कुछ राय विचार किया फिर राज़ी हो गए.

ये लोग पृत्वी पर hi रहने लगे इंकिउराम बहुत होती है बहुत ज्यादा. चारो hi फिर हसी खुसी रहने लगे.

फिर आया वो दिन जब बाबा आये इनके पास और इनसे बोलै क उन्हें क्या करना होगा.

बाबा- अमृता और नीलम दोनों को hi अपने गर्भ म सौर्य और मोहिनी को रखना होगा.

सब- क्या पर ये कैसे.

बाबा न उन्हें साड़ी बात बताई क कब हम sabhi(Saurya & पार्टी) एनर्जी म बदल जायेगे और फिर कैसे उनतक पहुंचेंगे.

अमृता/ नीलम- ठीक है

फिर क्या था बाबा की मौत हो गयी और सौर्य और मोहिनी का पुनर जनम भी.

सौर्य और मोहिनी जब बड़े हो रहे थे तब स hi ये चारो उन्हें ऐसे ट्रीट करते थे जैसे ये उनके गुलाम हो पेरेंट्स नहीं और सायद सच भी यही था वो पेरेंट्स थे भी नहीं क्यू की अमृता और नीलम न दोनों को hi अपने गर्भ म धारण करने क लिए कोई फिजिकल कांटेक्ट नहीं बनाया था. उनके लिए बस ये एक किम्मत थी.

सब ऐसे hi चलते रहा फिर आया वो मनहूस दिन इन् चारो क जिंदगी म.

शील्ड को बलिदान देने का दिन होता ऐसा था क हर परिवार का कोई एक बड़ा जाता था वह मीटिंग म अलेक्स और प्रदीप क पास और फिर नंबर क हिसाब स बलिदान देना होता था मतलब जिसकी भी बारी हो उससे. इस दिन पृत्वी क परिवार की बारी आयी अब जैसे hi ये बात चारो को पता चली चारो hi घबरा गए.

पृत्वी और अमृता दोनों म स किसी एक को ये करना hi था वर्ण एअर्थ प जितने भी मैजिकल क्रीचर्स थे सारे मारे जाते साथ hi उस आखरी उम्मीद को भी खतरा हो जाता जो मारकुस को मार सकता था.

अमृता को पता था क सौर्य को एक न एक दिन बंसो जाना hi होगा और वो भी भेष बदल क्र और इसमें सिर्फ और सिर्फ पृत्वी hi काम आ सकता था.

अमृता न एक बार अपने पुरे parivar(Maa बाप भाई बहन) इन् सब की मौत को याद किया जो मारकुस क वजह स हुई थी फिर पृत्वी को गले लगा उसके कान म बोली.

अमृता- ये मारकुस को मारेगा न तो इसके लिए यही सही मैं इंतज़ार करुँगी तुम्हारा वह अपने माँ पापा क साथ.

इतना बोल उसने एक खंजर अपने हाथ म लिया और गले प चला लिया.

पृत्वी कुछ समझ पताशे पहले hi ये सब हो गया वो वो पागल सा हो गया उससे उसकी सबसे प्यारी चीज़ खिन गयी थी वो रूट रहा बस रूट रहा तब तक रूट रहा जब तक अमृता क बॉडी हवा न हो गयी फिर वो उठा और गायब हो गया वह स.

फ़्लैश बैक एन्ड

नीलम - जय क्या हम यहाँ स दूर कही जा सकते है जहा कोई भी ना हो बस हम और उन्दोनो की यादें हम अपने होम प्लेनेट चले क्या जहा.

जय- नहीं नीलम तुम भी जानती हो वह क्या है क्यों छोड़ना पड़ा था हमें वो जगह.

नीलम- तो यहाँ हम कोण खुश है मेरे दोस्त नहीं रहे मेरे साथ कही कल तुम भी चले गए तो मैं क्या करुँगी.

इतने म वह Alex,Mohini और प्रदीप आ जाते है.

अलेक्स- हमें बहुत दुःख है आप दोनों क नुकशान का पर...

नीलम- हम हम हां जानती हु क्या जहोगे तुम हमें पहले भी सुन चुकी हु अब और नहीं सुन्ना बस एक बात बताओ क्या हम इस प्लेनेट को छोड़ क्र जा सकते है क्यू की मैं अब नहीं रह सकती यहाँ डैम घुटता है मेरा यहाँ और इन् दोनों (मोहिनी और सौर्य) की सकल देखि नहीं जाती मुझसे प्ल्ज़ हमें जाने की इज़्ज़ज़त दे दो या या हमें भी खुद की बलि देने दो.

ये सुन मोहिनी क आखों म आशु आ गया.

प्रदीप- जय तुम जानते हो ये मुमकिन नहीं है इससे समझाओ.

अभी कोई कुछ बोलता क वह एंट्री होती है ऋषि डिम्भे ki(Wo मादवपुर वाले).

डिम्भे- प्रदीप अगर ये यही चाहते है तो यही सही (नीलम स) नीलम तुम दोनों यहाँ स जा तो नहीं सकते पर तुम्हे अपना जीवन अंत करने की अनुमति अलेक्स दे सकता है.

अलेक्स न एक बार डिम्भे की ओर देखा फिर हां म सर हिल्ला दिया.

Dimbha-Jay और नीलम तुम दोनों अगर चाओ तो अपना जीवन आंत क्र सकते हो बहुत दुःख देखा है तुमने मैं जानता हु पहले अपने माता पिता और परिजन खोये अपना घर खोया अपना प्लेनेट खोया फिर सब भूल जब थोड़ी प्रतिष्ठा बनायीं वो भी चली गयी और अब अब तो वो दोस्त भी खो दिए है जो तुम्हारे सुख दुःख क साथी थे. इतना दुःख सायद hi कोई सह पता पर तुमने सहा है और अब तुम उससे मुक्त हो वापस अपने परिजनों क पास जा सकते हो आत्मायों की दुनिया म.

Nilam/Jay-(khushi स) धन्यवाद्

इतना बोल दोनों न अपने हाथ आगे किये और दोनों न hi खंजर खुद क गले म लगा लिया और मुस्कुराते हुए खंजर चला दिया.

मोहिनी क आशु निकलने लगे माना उन लोगो न इससे बस एक जिम्मेदारी समझी थी पर मोहिनी न तो उन्हें अपना माना था न.

Mohini-(roote हुए) बड़ी अजीब किस्मत है मेरी भी 3 जनम लिए पर ढंग क माँ बाप बस एक म hi नसीब हुए और उनको भी मैंने सब कुछ भुलवा दिया पापा जेल म है और माँ बस उन्हें याद करती रोटी रहती है प्रदीप भाई अलेक्स क्या मैं भी...

प्रदीप- नहीं मोहिनी नहीं ऐसी बाते ना किया करो और तुम हिम्मत मत हारो सब ठीक हो जाएगा.

मोहिनी- क्या मैं आपके साथ चल सकती हु वह माधवपुर वह माँ भी होगी वो माँ जो मुझपे जान छिड़कती थी.

प्रदीप- मोहिनी पर.

डिम्भे- प्रदीप ले जाओ इससे वह और अपने दोस्त या कुछ और बता क्र अपने साथ रखो उनके साथ रखो.

अलेक्स- मैं भी यही सोच रहा था वैसे सौर्य की भी हालत कुछ ऐसी hi है मैंने देखा है उसकी आखों म वो संजना क प्यार को भूल नहीं पाया है अभी तक सायद.

डिम्भे- वक़्त आएगा उसका भी वक़्त आएगा अब्ब चलो यहाँ स और वो कापा कहा है दिख नहीं रहा.

Pradeep(has क्र)- उसको उसको तो मैंने रॉ क ट्रेनिंग क लिए भिजवा दिया है साथ hi एक क्लोन मोहिनी का भी मुझे लगता है ये दोनों hi सारे रिकॉर्ड तोड़ेंगे.

चलिए चलते है उस आदमी क पास जिसने अग्निदानव को मारा था.

अभी वो आदमी उसी शिप प बैठा था जिस शिप स अपना हीरो सौर्य एल्फ बनकर बंसो जा रहा था और किस्मत स उसी क बगल वाले सीट पर भी.

आदमी- कैसे हो नन्हे दोस्त कहा जा रहे हो.

मैं- मैं मैं तो यूनिवर्सिटी जा रहा हु और आप.

आदमी- मैं भी वही जा रहा हु दोस्त पर तुम्हे पहले देखा नहीं कभी वह नए हो क्या.

मैं- हां मैं नया हु अभी एडमिशन ली है मैंने.

आदमी- बहुत अचे तो बताओ कुछ अपने बारे म ताकि सफर कट जाए वैसे ज्यादा समय तो नहीं है फिर भी नाम पता तक का तो हो hi जाएगा.

मैं- अरे मैं क्यू बताऊ आपको ऐसे hi मेरा नाम आप हो कोण.

आदमी- बचे अगर तुम अभी ये नहीं बोलते तो मैं समझ जाता क तुम एल्फ नहीं हो क्यू की एल्फ बड़े चीड़ चिड़े होते hai.Chalo कोई बायत नहीं ुनिवरिटी म तो बताना hi होगा ना.

Main-tum हो कोण और हम एल्फ चीड़ चिड़े नहीं होते समझे.

इतने म शिप रुक गयी और हम सभी पहुंच गए बंसो.

वो आदमी उतरा शिप स मैं भी उसके पीछे उतर गया.

सामने hi एक बहुत बड़ी बग्गी कड़ी थी जिसमे वो आदमी जा बैठा.

मैं तो बस उससे देखता hi रहा.

Aadmi(baggi s)-Nanhe दोस्त आना चाहोगे क्या मैं भी वही जा रहा हु साथ म चलते है.

मैं ना चाहते हुए भी हां म गर्दन हिल्ला दी और जा बैठा उसमे.
 
अपडेट-42

अब तक

मैं बंसो पहुंच गया और मेरे साथ था वो आदमी जिसने अग्निदानव को मारा था वो मुझसे मेरे बारे म पूछे जा रहा था हम दोनों hi उसके बागी प बैठ निकल गए यूनिवर्सिटी क ओर.

आगे

बग्गी म वो कुछ भी बोल नहीं रहा था बस मुझे घूरे जा रहा था जैसे पहचान ने की कोसिस क्र रहा हो.

मैं तो बस बहार क नज़रों को देखे जा रहा था बड़ा hi ाचा नज़ारा था यहाँ का हर तरफ रंग बिरंगे पेड़ पौधे लगे हुए थे और उनपे अजीब स पर बड़े प्यारे जिव बैठगे थे.

थोड़ी hi देर म हम पहुंच गए यूनिवर्सिटी क मैं गेट क पास अब मुझे थोड़ा सा दर लगने लगा क कही मैं पकड़ा गया तो इतने म वो आदमी बोलै.

Aadmi-Chalo नन्हे दोस्त देखते है कहा तक जाते हो तुम

सायद उससे सक हो गया था मुझपे और ये बात काफी थी मेरी फाड़ने की. मैंने उसकी ओर देखा तो वो बस मुस्कुराते हुए चला गया वह स अंदर.

सारे नई स्टूडेंट्स एक लाइन म लगे हुए थे मैं भी डरते हुए उसी लाइन म जा लगा. यहाँ स इनका सेकुरित्य चेक शुरू होता था इधर हमारे बैग्स को अच्छे स चेक किया जाता था और हमारा पहचान पात्र माँगा जाता था.

अभी मैं देख hi रहा था क इक स्टूडेंट क पहचान पात्र म कुछ गड़बड़ निकल आयी और फिर उसको पकड़ क्र ले गए मेरे आगे वाला लड़का पता नहीं किस प्रजाति का था वो बोलै.

लड़का- इसकी तो आज अचे स लगनी है मैंने सुन्ना ह यहाँ प पकडे जाने वालो को दानवो को दे दिया जाता है.

सभी लाइन म खड़े लोग उससे देखने लगे.

धीरे धीरे लाइन आगे बढ़ती रही फिर आया मेरा no. गेट क बगल म hi एक बोर्ड लगा हुआ था उसमे प्रजाति क टाइप और उनके कोर्स लिखे हुए थे गार्ड्स क मदद क लिए. मैंने देखा क एल्फ का कलर ग्रीन होता है. मैं धीरे धीरे आगे बढ़ने लगा और बस यही माना रहा था क मैं यहाँ स पार हो जॉन.

मैं गेट प पंहुचा और फिर क्या था गेट क कोर्स चेंज होने लगे पर वो रुक hi नहीं रहा था मतलब कभी रेड कभी ग्रीन कभी ब्लू बस ऐसे hi रंग बदलते चला जा रहा था. जिससे देख गार्ड्स करीब आने लगे मेरे उन्हें लगा होगा क ये गलत है. अब वो जैसे hi मेरे पास पहुंचे गेट का कलर ग्रीन हो गया. गार्ड्स न एक बार मेरी तरफ देखा.

गार्ड1- ऐसा तो पहले नहीं हुआ कभी गेट तो तुरंत hi बता देती है कलर तो फिर...

गार्ड2- हां सही कहा पर अब तो गेट सही कलर hi दिखा रही है न फिर क्या करे.

गार्ड1- क्या किसी प्रोफेसर स बात करे इसके बारे म सायद हो kuch....arey वो देखो प्रोफेसर हेनरी इधर hi खड़े है जाओ उनसे पूछ क्र आवो.

गार्ड2 चला गया प्रोफेसर हेनरी क पास और उनको साड़ी बाते बताई और मेरी ओर इशारा क्र मुझे दिखाया. वो मेरी ओर चल पड़े.

हेनरी- अरे नन्हे दोस्त क्या बात है तुम फिर मिल गए. (गार्ड्स स) जाने दो इसे ये सही है इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है.

गार्ड1- यस प्रोफेसर.

हेनरी- हां तो नन्हे दोस्त चलो आओ मेरे साथ कुछ बाते हो जाए और मैं तुम्हे उनिवेर्सित्य भी घुमा दूंगा.

मैं कुछ बोलता उससे पहले hi एक गार्ड बोल पड़ा

गार्ड2- सर ये चला जाएगा आप क्यू बेकार म.

Henry(gusse म)- तुम मेरी फ़िक्र न करो वही ाचा है अपने काम स काम rakho(mere स प्यार स) है तो नन्हे दोस्त चले क्या हम dono,samaan यही छोड़ दो ये पंहुचा देंगे उन्हें.

मैं ना बोलना तो चाहता था पर फिर लगा क ये मुझे इस यूनिवर्सिटी क बारे म सब बता देगा बस मुझे इससे अच्छे स बात करनी है वैसे भी प्रोफेसर है ये यहाँ का.

मैं- हां चलो पर मेरा नाम सौर्य है तो मुझे वही बलए ये नन्हा दोस्त अव्हा नहीं लगता.

Henry(hasta हुआ)- है है बिलकुल अब सौर्य hi बुलाऊंगा तो चले.

फिर हम दोनों hi जाने लगे.

वो थोड़ी थोड़ी देर पर मेरी ओर देखता रहता जब मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने पूछ लिया.

मैं- आप ऐसे मुझे क्यू देख रहे हो बार बार कोई प्रॉब्लम है क्या.

हेनरी- हम्म्म सायद पता नहीं क्यू पर तुम्हारी ये आखें किसी एल्फ की तरह नहीं लगती और ये जिसकी तरह लगती है वो अब रही नहीं.

मैं- क्या मतलब है आपका मैं कुछ समझा नहीं.

हेनरी- चलो तुम्हे कुछ दिखता हु सायद समझ जाओ.

फिर वो मुझे एडमिनिस्ट्रेटिव ब्लॉक म ले गया वही पर एक वाल पर बहुत सारे फोटोज पड़े थे कुछ स्टूडेंट्स की ग्रुप फोटोज थी तो कुछ टीचर्स की और वैसे hi बहुत साड़ी.

Henry(ek क तरफ इशारा क्र)- इसमें स किसी को जानते हो तुम.

मैंने पहले गौर स देखा फिर.

मैं- नहीं क्यू क्या है इनमे.

हेनरी- कुछ नहीं सायद कोई जेटली हुई है मुझसे.

मैं- क्या गलती.

हेनरी - बाद म बताऊंगा दोस्त अभी मुझे जाना है किसी क पास तुम जाओ अपने रूम म.

इतना बोल वो चला गया.

मैं- अरे पर मेरा रूम है kaha.(pr उसने सुन्ना hi नहीं.)

मैं भी ऐसे hi बड़बड़ाते हुए वह स चल पड़ा बहार की ओर.

चलिए देखते है ये हेनरी जी कहा जा रहे है.

Henry(khud स)- मैंने जब स उस एल्फ लड़के को देखा तभी स लग रहा था ये वही है पर वो तो गेट भी पार क्र आया मतलब वो एल्फ तो है और अगर वो एल्फ है तो वो नहीं हो सकता पर उसकी वो आखें वो तो एल्फ की नहीं लगती वो तो........ जैसी थी सायद मुझे मास्टर स बात करनी चाहिए उसके बारे म खाश ये वही हो.

वो ये सब सोचते हुए हेडमास्टर क ऑफिस क दरवाजे पर पहुंच गया.

दरवाजा खुद hi खुल गया.

हेडमास्टर- हां तो ख़तम क्र दिया उससे भी.

हेनरी- और क्या करता वो गद्दारी प उतर आया था वो मारकुस क सेन्ना म जाने वाला था तो मैंने पहले hi उससे मार दिया.

हेडमास्टर- चलो कोई नहीं पर एक और बुरी खबर आयी है.

हेनरी- क्या अब क्या हो गया पता नहीं ये कब ख़तम होगा.

हेडमास्टर- दैत्यलोक और साथ hi वेताल लोक दोनों hi उस मारकुस क साथ हो गए है.

हेनरी- मास्टर ये बुरी खबर मुझे क्या सभी को पता hi थी सब जानते थे क ये लोग फिर स उसके साथ हो hi जाएंगे अब हमें भी अपनी सीना तैयार रखनी होगी.

हेडमास्टर- हम्म सही कहा पर एक बात और है इस बार मारकुस न यहाँ यूनिवर्सिटी म अपने कुछ लोग भेजे है जासूसी क लिए शायद उन्हें पता चल गया है हमारा.

हेनरी- हम्म मैं भी आपसे कुछ बात करना चाहता था वो मैंने किसी को देखा है जिसकी आखें बिलकुल........ जैसी है पर वो एक एल्फ है और गेट न भी उससे जाने दिया.

हेडमास्टर- सायद कोई इत्तेफाक हो वैसे भी हम तो जानते hi है क गेट कभी गलत नहीं होता.

हेनरी- हां पर उसकी आखें वो तो...

हेडमास्टर- तुम थके हुए हो जाओ आराम करो आज शाम प्रोग्राम भी है नए स्टूडेंट्स क लिए उन्हें उनका ग्रुप जो देना है.

हेनरी- जी मास्टर मैं जाता हु.

इतना बोल निकल गया वो वह स और बहार आते hi फिर स सौर्य क बारे म सोचने लगा.

चलिए इनको यही छोड़ते है और हम एअर्थ प चलते है जहा हमारी खून की प्यासी मोहिनी है.

आज प्रदीप मोहिनी को मादवपुर ले जा रहा है उससे अपनी दोस्त की बेटी बना क्र (18 साल का आगे गैप).

मोहिनी- भाई मैं माँ स कैसे मिलूंगी वो तो मुझे पहचाने गई भी नहीं.

प्रदीप- देख मैं न तुझे वह अपने दोस्त की बेटी कह क्र इंट्रोडस करवाऊंगा समझी फिर तुझे hi वह अपनी एक पहचान बनानी होगी.

मोहिनी- ठीक है bhai...Arre हां एक बात तो बताओ आपने शादी क्र ली क्या यहाँ पर.

Pradeep-(sad सा फेस बनना) हां करनी hi पड़ी सभी न परेशां क्र दिया था क्या क्या नहीं किया इन् लोगो न मेरी शादी क चाकर म तो मुझे भी करनी hi पड़ी.

मोहिनी- उह तो कपङे किसी इन्शान स की या कोई और मतलब बहार स कोई.

प्रदीप- इंसान hi थी पर अब वो बदल गयी है.

मोहिनी- क्या मतलब बदल गयी है.

प्रदीप- देख तुझे पता है अगर कोई हम जैसा मैजिकल क्रेअटुरे किसी नॉन मैजिकल क्रेअटुरे लिखे इंसान क साथ सम्बन्ध म आता है तो धीरे धीरे वो नॉन मैजिकल क्रेअटुरे भी मैजिकल होने लग जाता है और उसके पास भी पावर्स आ जाकी है.

मोहिनी- नहीं मुझे तो पता नहीं इसके बारे म मैंने कभी ऐसा कुछ नहीं सुन्ना.

प्रदीप- हम्म्म चल तुझे म एअर्थ क भासा म समझाता हु देख अगर एक लोहे क टुकड़े को हम किसी चुम्बक क साथ रख देते है तो वो लोहे का टुकड़ा भी तो वक़्त क साथ चुम्बक जैसा हो जाता है ठीक वैसे hi.

मोहिनी- अच्छा ऐसा है परर एक बात बताओ फिर आपने भाभी को कण्ट्रोल करना कैसे शिखाया.

Pradeep(sad सा)- नहीं शिखा पा रहा ना. अब तुम लोग hi उससे शिखाओ वो तो पागल हो गयी है पता है तुम्हे उसको 12 साल पहले शक्तियां मिली मैंने और अलेक्स न मील क्र उनको दबा दिया पर पता नहीं उससे क्या सुझा वो योग साधना करने लगी और फिर उसकी साड़ी शक्तियां जाग गयी है पर कण्ट्रोल होता नहीं उससे.

मोहिनी- अच्छा उनको इन् सब क बारे म फिर क्या बताया आपने.

प्रदीप- मैंने उससे कुछ भी नहीं बताया वो खुद hi सब जान जाती है कोई भी कोई भी मैजिकल क्रेअटुरे यहाँ तक तुम भी उससे बच नहीं पाओगी वो सबके दिमाग को पढ़ सकती है हर किसी क बस उसी स उसको सब पता चल गया .

मोहिनी- अच्छा पर उन्होंने रियेक्ट कैसे किया था.

प्रदीप- अरे वो परेशां होने क जगह उल्टा खुश हो गयी थी वो हैरी पोर्टर क अदि फैन है और उसकी ीचा भी थी क वो एक मैजिशियन बन जाए और ये हो भी गया पर हां मैंने उससे इसके बारे म किसी को भी बताने स मन्ना किया है.

Mohini-Ek बात बताओ मैंने जब आपसे शादी क बारे म पूछा तो आप उदास क्यू हो गए.

प्रदीप- अरे वो उससे न तुम लोगो क बारे म भी पता चल गया था और वो तुमसे मिलना भी चाहती थी और मैंने मना क्र दिया मुझे कहा पता था क मुझे तुम्हे यहाँ लाना होगा बस फिर हो गयी लड़ाई.

मोहिनी- अच्छा किया भाभी न बहुत सही है वो अरे उनका नाम तो बताया hi नहीं ना अपने क्या नाम है उनका.

प्रदीप- Kiran(ye है अपनी रॉ वाली किरण जो अब वह अचे स पोस्ट पर है और इसी क कारण प्रदीप न तुरंत hi कापा की ट्रेनिंग शुरू करवा दी)

Mohini-Hmm ाचा नाम है चलो अब उनसे ही आप दोनों क बारे म बात करुँगी.

चलिए इनको छोड़ आज हम अपने मारकुस भैया क पास चलते है.

एक बड़ा सा महल था टुटा हुआ डरावना सा जाहा दिन क उजाले म भी रौशनी जाने स डर्टी थी हर वक़्त अँधेरा रहता था वह और उसी अँधेरे क साथ रहता था हमारा मारकुस जो बड़ी hi खुश था यहाँ हो भी क्यू ना उसको ादडी मिल गयी उसकी आधी स ज्यादा ताकतें वापस मिल गयी जो उसको मारने वाला था वो मार गया और क्या चाहिए था उससे हां वो लड़कियां भी हमेशा मिल जाती थी उसको उनको बोगने क लिए और बाद म खाने क भी काम आ जाती थी उसके.

अभी तक यूनिवर्स क लगभग सारे ब्लैक क्रीचर्स और कुछ वाइट क्रीचर्स को भी मिला चूका था वो खुद स और आगे कैसे किसको मारना है ये सोचता रहता था.

आज उसी अंधेर महल म एक मीटिंग चल रही थी जिसमे उसके सारे गुलाम लोको क राजा आये हुए थे वो सारे किसी बड़े युद्ध की रणनीति बना रहे थे क तभी कोई बोलता है है .

ा1- हे महाराजाओं क महाराज मारकुस आपके कहे अनुसार हमने बंसो म अपने जासूस भेज दिए है पर उनमे स दो पकडे गए और उन्हें वही क दानवो को दे दिया गया है

मारकुस- (मुस्कुरा क्र) चलो अब्ब एक hi बार म सारे लोको पर कब्ज़ा होगा.

ा3- पर कैसे महाराज वह स क्या होगा.

मारकुस- तुम सभी को पता तो होगा hi ना क वह पर सारे लोको क राज कुमार राजकुमारी जाते है साथ hi सभी लोको क बड़े बड़े लोगो क बचे भी तो अगर हम उन्हें ..haahaahaaha..samjhe na.Ab बताओ ा3 तुम्हारा क्या करू

सभी बस ा3 क ओर देख रहे थे और वो बस ये सोच रहा था क कैसे उसके मुँह स ये सवाल निकल गया.

ा3 न अपना हाथ आगे किया और अपनी तलवार स उसको काठ डाला फिर जो खून उसका निकलने लगा वो एक कटोरे म डाला और उसको मारकुस की ओर सरका दिया.

मारकुस- हम्म ये सही सोचा तुमने पर तुम भूल गए सायद क मारकुस को गर्दन स निकला खून पसंद है तो क्या बोलते हो मैं कुछ....

अभी मारकुस कुछ बोलता उससे पहले hi ा3 न अपनी गर्दन उदा दी और मार्क्स क कटोरे म खून चला गया थोड़ा sa.Fir मारकुस न बड़े चाओ स वो खून पी लियस.

मारकुस- किसी को और भी कुछ पूछना है क्या तो पूछ ले.

कोई कुछ भी नहीं बोलै सब चुप बैठे थे सबको पहले स hi पता होता है मारकुस स सवाल पूछने का मतलब हुआ मौत और कोई भी वो नहीं चाहता था.

मरकुस- कोई नहीं चलो अछि बात है, वेताल राज आपको एक काम देता हु कुछ लोग है अभी भी जो ये दिखने की कोसिस म है क ेलिका का वंसज जिन्दा है मुझे वो चाहिए जहा कही भी हो वो.

इतना बोल वो वह स गायब हो चला गया और धीरे धीरे सारे लोग भी चले गए.

चलिए हम भी चलते है वापस बंसो:-

हीरो क पास

मैं अभी घूम घूम क्र देख रहा था पूरी जगह को हर चीज़ को क्यू की सब कुछ नया नया सा था यहाँ आज तक मैंने बस परियों और जिन्नो को hi तो देखा था हां और भी थे कुछ वेताल दानव वो सारे पर कभी सभी को एक साथ एक जगह पर नहीं देखा था.

यहाँ सारे प्रजाति क लोग एक साथ थे किसी की नाक लाभ किसी क कान लम्बे किसी का पूछ तू किसी का कुछ और बहुत कुछ था देखने को यहाँ.

अभी मैं यही सब क्र रहा था क एक बिल्ली जैसा दिखने वाला लड़का आया मेरे पास.

लड़का- एल्फ तुझे राज कुमार बुल्ला रहे है.

मैं- कोण बुल्ला रहा है.

Ladka(ek ओर इशारा क्र)- राज कुमार बुल्ला रहे है.

मैंने जैसे hi उस राज कुमार को देखा वही जमीन पर गिर गया हस्ते हस्ते वो दिख hi ऐसा रहा था उसका सर फ्रॉग जैसा था और उसका सरीर किसी मोटे आदमी जैसा.

मुझे हस्ता देख सायद उससे गुस्सा आ गया और वो आ गया मेरी ओर और सीधे अपनी तलवार मेरे ओर क्र बोलै.

Ladka(frog वाला)- तू तू मुझे देख है रहा था मुझे देख ारी एल्फ क बच्चे टुन्ने गलती कर di.Tu जनता है मैं रोनित हु रोनित प्रिंस ऑफ़ दैत्य लोक

Main(khada होते)- सॉरी दोस्त पर वो तुम्हा हाहाहा हां हां सॉरी.

रोनित- आज तू नहीं बचेगा एल्फ आज तुझे कच्चा चबा जाऊंगा चल अपनी तलवार निकल और लड़ मुझसे मैं तुम्हे चुनौती देता हु.

मैं- दोस्त मैं यहाँ लड़ने नहीं आया हु.

इतने म बेनर्जी वह आ गया भीड़ को देख उसने भी चुनौती वाली बात सुन ली थी.

हेनरी- नन्हे दोस्त.. सौर्य तुम्हे इससे लड़ना hi होगा ये इस यूनिवर्सिटी का रूल है अगर कोई आपको चैलेंज करे तो आपको उससे एक्सेप्ट करना hi होगा अगर नहीं किया तो आप उसके गुलाम हो जाओगे. हारने पर आपके पॉइंट्स जो सारे स्टूडेंट्स क होते है उनको काट दिया जायेगा और अगर जीते तो आपको पॉइंट्स मिलेगा साथ hi उस चैलेंज करने वाले को आपकी कोई भी एक बात माननी होगी समझे.

मैंने हां म सर हिल्ला दिया.

अब मन्ना तो क्र नहीं सकता था क्यू की इस मेंढक जैसे लड़का का गुलाम बनना कभी नहीं.

मैं- ठीक है पर क्या यही प लड़ना है.

रोनित- हां एल्फ.

Main-(sochne लगा) डीप को तो अलेक्स ने सुल्ला दिया और तलवार मेरे पास है नहीं अब कैसे लाडू.

तभी अंदर स आवाज आयी.

आवाज- क्यू बे लौडू वो कापा की तलवार क्या अपनी गांड खुजाने को राखी है तूने.

मैं- ये ये कोण बोलै.

आवाज- कोण बोलै क्या मैं बोलै main...mera नाम अरे तूने तो मेरे को नाम दिया hi नहीं चल नाम दे मेरे को.

Main-Tu है कोण.

आवाज- अरे वो लौडू अलेक्स न जगाया मेरे को मैं तेरे अंदर का अँधेरा बोले तो बुराई हु पर तेरा दोस्त हु यार आपण बिंदु लोग समझा naa.Main तेरे को वो सब बताएगा जो तुझे पता होना चाहिए समझा.

मैं- हां और अब अचे स बात करो.

आवाज- अचे स तो किया मैंने और कैसे करू ाचा वो छोड़ पहले नाम बता मुझे मेरा.

मैं- हम्म्म ब्लैक सौर्य तू मेरे अंदर की बुराई है न.

आवाज - चल ठीक है काम चला लेगा मैं.

मैं- क्या कापा की तलवार यही है.

B.S- हां यही है वो लौडू तो इसके बारे म भूल गया था अब सुन्न बुल्ला उससे और इस मेंढक स सकल वाले को अचे स सबक शिखा समझा क्या.

रोनित- क्या हुआ एल्फ क्या सोच रहा है.

मैं- सोच रहा हु तुझसे क्या करौ तुझे हारने क बाद.

रोनित- तेरी too(itna बोल वो मेरी ओर दौड़ पड़ा).

Main(maan m)-Sword ऑफ़ कापा


मेरे हाथ म आ गयी वो तलवार और मैंने उससे बस एक धीरे स वॉर किया या कहु ब्लॉक किया उस रोनित को और उस बेचारे की तलवार hi टूट गयी.

सभी लोग पहले तो मेरे यु टॉवल लाने स हैरान थे फिर उस तलवार को देख हैरान hue(jo जानते थे उससे) और फिर रोनित क तलवार टूटने स और भी ज्यादा हैरान.

रोनित पहले तो दांग रह गया ऐसा होते देख लेकिन फिर मुझे मुस्कुराते देख गुस्सा हो गया.

रोनित- तुमने ये तलवार तो तोड़ दी पर अब बच नहीं पाओगे.

उसने पानी आखें बंद की और कुछ बुदबुदाया और उसके हाथ म एक काली तलवार आ गयी.

B.S- वाह बीटा पहले दिन hi ब्लैक सोर्ड अपनी हो जानी है सुन्न कापा क तलवार स लाइट छोड़ उस मेंढक स सकल वाले क आखों म उसका ध्यान टूट जायेगा फिर तू हमला क्र उसपे और हां हारने क बाद उससे यही ब्लैक सोर्ड माँगा समझा न.

मैं- हां.

फिर क्या था मैंने ठीक वैसे hi किया वो ब्लैक सोर्ड लिए दौड़ पड़ा मेरी ओर और मैंने पहले तो उसकी आखों म रौशनी डाली तलवार स जिससे उससे दिखना बंद हो गया कुछ देर क लिए और उसी वक़्त मैंने उसपे हमला कर दिया जिससे वो गिर पड़ा और मैंने अपनी तलवार उसके गले प लगा दी.

उसने भी जब ये महसूस किया तो वो भी हार मान लिया.

वह खड़े सारे लोग बस मुझे घूरे जा रहे थे किसी को समझ म नहीं आ रहा था कैसे रियेक्ट करे.

मैं- हां तो रोनित मैं जीत गया और अब तुम्हे मेरी एक बात माननी होगी नियम क अनुसार है na(muskurate हुए).

Ronit(gusse म)- हां बोलो क्या चाहिए तुम्हे.

Main-(Black सोर्ड की ओर इशारा क्र) वो तलवार.

मेरा इतना कहना था क उसके रंग hi उड़द गए पर फिर उसने जो किया अगर हेनरी बिच म नहीं आता तो मैं उससे वही पर मार देता.

वो सोर्ड को उठा कुछ बोलै और एक कुटिल मुस्कान क साथ मेरी ओर दौड़ लगा दी मैं भी उससे ऐसा करते देख चौकना हो गया. उसने उस सोर्ड स कोई रे छोड़ी जो मेरी ओर आ रही थी

मुझे बड़ा गुस्सा आया क जब ये सल्ला हार गया तो इससे तो चुप चाप दे देनी थी ना सोर्ड फिर ये ऐसा क्यू क्र रहा है.

B.S- ू तेरी भाई अपनी तलवार आगे कर और फायर बोल जल्दी.

मैंने वैसा hi किया और कापा की तलवार आग उगलने लगी और वो आग जा लगी रोनित क पैरों म और उस रे पर भी जो उसने छोड़ी थी.

वो जलने लगा आग की लपटों स वो चिल्ला रहा था पर मेरा गुस्सा कण्ट्रोल hi नहीं हुआ.

उसके कपडे आधे जल चुके थे कुछ hi देर म और ब्लैक सोर्ड भी उसके हाट स छूट क्र गिर गयी थी.

B.S- चल बुला उस सोर्ड को जोर स चिल्ला ब्लैक सोर्ड समझा.

Main(chilla क्र)- ब्लैक सोर्ड

वो तलवार वह स गायब हो मेरे पास आ गयी मेरे दोनों हातो म एक एक तलवार थी.

उस ब्लैक सोर्ड क आने स पता नहीं कैसे मेरा गुस्सा कई गुणा बढ़ गया और मैंने दोनों तलवार लिए रोनित जो क जल रहा था उसको मारने दौड़ पड़ा.

पर हेनरी बिच म आ गया और अपने मैजिक स मुझे बेहोश क्र दिया साथ hi उस मेंढक स सकल वाले को भी.

बेहोश होते hi मैं पहुंच गया कही और और मेरे सामने खड़ा था मैं खुद hi.

मैं- मैं कहा हु और वो रोनित कहा गया उससे तो मई...

B.s- ू भाई सांत होजा यार तू पहले बैठ यहाँ ध्यान म और कण्ट्रोल क्र उस ब्लैक सोर्ड को ढूंढ उससे अपने अंदर समझा और जब तक ये हूँ न जाता तू होश म नहीं आएगा.

मैं- नहीं पहले मुझे उसको मारना है फिर hi कुछ और करूँगा.

B.S- देख भाई बात मान जब तक तू उससे कण्ट्रोल नहीं करता तब तक तू रोनित का कुछ नहीं क्र सकता क्यू की तू तो बेहोश होगा तो चुप चाप बैठ जा इधर ध्यान म.

मैंने थोड़ी ना नुकुर और की तो B.S न मुझे समझा बुझा क्र बिठा दिया ध्यान म.

बड़ी मुश्किल हुई इस ब्लैक सोर्ड को काबू करने म पर आखिर म मैंने उससे क्र hi लिया मुझे 2 दिन लग गए थे इसमें और मैं 2 दिन स बेहोश पड़ा था वही यूनिवर्सिटी क हॉस्पिटल म इस बात स अनजान क मेरी वजह स वह क्या क्या रायता फ़ैल गया है.

वही 7 दिनों म मोहिनी जी बड़ी अछि दोस्त बन गयी थी किरण की और किरण को शिखा भी रही थी अपने पावर्स को अचे स कण्ट्रोल करना उसने वह क लोगो स घुलने मिलने की कोसिस भी की जैसे म तिया तान्या सैफअली और बाकियों स और कुछ हद तक उसमे कामियाब भी रही पर वो इन् दो दिनों म अलका स बात नहीं क्र पायी थी क्यू क वो किसी स ना तो ज्यादा बात करती थी और ना hi मिलना पसंद करती थी और ये सब देख मोहिनी को दुःख भी हुआ था.

नोट- हर जगह का अपना टाइम पीरियड है.

अगले अपडेट म देखते है क्या हुआ यूनिवर्सिटी म सौर्य क बेहोश होने क बाद इन् 2 दिनों म
 
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