Teri tadap jaldi khatam nahi hogi - Page 12 - SexBaba
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Teri tadap jaldi khatam nahi hogi

अपडेट ..... 98

राखी देवी बाथरूम के अंदर आती है आवर अपनी साड़ी निकल देती है राखी देवी जैसे hi ब्रा पेंटी मैं होती है तभी राखी देवी की नज़र सामने सीसे मैं खुद को जिस्म पर नज़र जाती है आवर राखी देवी अपनी जिस्म को देख कर मन hi मन मुस्कुराने लगती है आवर अपनी लम्बी चौड़ी छाती को थोड़ा ऊपर उठा देती है जिससे राखी देवी की पहाड़ जैसी चुकी उठ जाती है

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अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह क्या जिस्म होती है राखी देवी की

दूध की तरह गोरी लम्बी चौड़ी छाती आवर पतली कमर उसके निचे फैली हुई चौड़ी अनमोल गांड जिसको देख कर हर मर्द राखी देवी का दीवाना हो जाता था

राखी देवी 40 से 41 की होने के बाद भी 29 से 30 सल्ल की लग रही होती है

राखी देवी खूबसूरती का कोई मोल नहीं होती है

राखी देवी की पेंटी मैं फूली हुई छूट की छाप दिख रही होती है जिससे पता चल रही होती है राखी देवी की छूट पूवे की तरह फूली हुई है जिसको मर्द सिर्फ राखी देवी की छूट को कितने मस्ती मैं चाट चाट कर मस्त हो जायेगा


राखी देवी अपनी जिस्म को देखती हुई ब्रा को ऊपर कर देती है जिससे राखी देवी की बड़ी टाइट चुकी ब्रा की क़ैद से आजाद हो जाती है

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Ahhhhhhhhhh .... राखी देवी की चुकी भी एक जवान लड़की की तरह बिलकुल टाइट कड़ी होती है राखी देवी की निप्पल भी ऐसी होती है जिसको मर्द चूस कर राखी देवी की चुकी से दूध निकल दे कुल मिला कर राखी देवी को भगवन ने बड़ी hi सिद्दत से बनाये हुआ होते है जैसे राखी देवी को बना कर साबित किये हो राखी देवी सच मैं एक सवर्ग की अप्सरा है जिसको मई धरती पर उतर रहा हुईं

राखी देवी अपनी जिस्म को देख देख कर खुद hi शर्मा रही होती है

अह्हह्ह्ह्ह भगवन जी कैसी किस्मत बंसी है आप ने इतनी खूबसूरत जिस्म देकर आप ने मुझे इस दुनिया मैं अकेला क्यू छोड़ दिया क्या करूँ मैं इस जिस्म की अह्हह्ह्ह्ह Ahhhhhhhhhh राखी देवी की हाथ खुद hi पेंटी के अंदर छूट मैं चली जाती है


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राखी देवी की छूट पहले से पानी छोड़ रही होती है लेकिन राखी देवी की छूट अभी भी गर्म होती है आवर हाथ लगते hi राखी देवी की छूट मैं चल मच जाती है जिससे राखी देवी एक बार पानी छोड़ने के बाद भी छूट मैं ऊँगली करने लगती है

उम्मा अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ओह्ह्ह्हह्हह स्स्स्सस्स्स्स Hhhhhhhhhh

राखी देवी छूट मैं ऊँगली आवर ज़ोर ज़ोर से करने लगती है

Ahhhhhhhhhh क्या करूँ मैं भगवन जी किसका लैंड अपनी छूट मैं डालूं कौन है जिसको मैं अपनी छूट दूँ Ahhhhhhhhhhh किसको दूँ मैं अपनी छूट अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह मेरी छूट मैं इतनी आग क्यू भर दिया आप ने अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह मैं आउट खुद को नहीं संभल सकती हुईं. भगवन जी Ahhhhhhhhhhhhhhh मेरी छूट

भगवन जी आप ने मेरे साथ अच्छा नहीं किया Ahhhhhhhhhh मैं भी बहुत सह लिए अब मुझे मर्द चाहिए वर्ण मैं मार जाउंगी

मुझे ऐसा मर्द चाहिए जो मेरी जिस्म की गर्मी संत कर सके Aahhhhhhhhhh ओह्ह्ह्हह्हह आप ने कोई मर्द मेरे लिए नहीं भेजा तो मैं अपने अर्जुन का लैंड

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी अर्जुन का नाम लेता है अपनी छूट से पानी छोड़ देती है आवर कनपटी हुई निचे बैठ जाती है

हे भगवन ये मैं क्या सोच रही थी छी मेरी मन मैं ये ख्याल आया भी कैसे अर्जुन मेरा बीटा है ....

राखी देवी छूट की आग मैं जलती हुई अर्जुन के बारे मैं सोच तो लेती है मगर जैसे hi राखी देवी की छूट से पानी निकलती है राखी देवी खुद मैं सर्मिन्दा महसूस करने लगती है

राखी देवी कुछ देर बैठी हुई होती है आवर फिर नहाने लगती है

राखी देवी नहाने के बाद रूम मैं आती है आवर कपडे पहनने लगती है जब राखी देवी कपडे पहन लेती है तो वह खुद को मिरर मैं देखने लगती है आवर फिर मिरर मैं देखती हुई राखी देवी को पता नहीं क्या होता है वह सिंदूर उठती है आवर ऊँगली मैं लेकर टिका की तरह सिंदूर को मांग मैं लगा देती है आवर अपनी मांग मैं सिंदूर को देख कर राखी देवी की चेहरा पर सरमाती हुई एक मुस्कान आ जाती है


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राखी देवी की गोल चेहरा छोटी छोटी आँखें कड़ी हुई नाक आवर राश से भरी लाल होंठ राखी देवी इस वक़्त खिलता हुआ गुलाब की तरह लग रही होती है जैसे अभी hi गुलाब खिल रहा हो

राखी देवी बहुत hi खूबसूरत लग रही होती है

राखी देवी खुद को मिरर मैं देख कर शर्मा रही होती है फिर राखी देवी रूम से निकल कर अपनी माँ की रूम मैं जाती है तो देखती आँचल की माँ उनके साथ बैठी हुई होती है

किसी की नज़र न लगे राखी बेटी तुम तो बहुत खूबसूरत लग रही हो जैसे तुम्हारी अभी शादी hi नहीं हुई है आवर तुम गीता की बड़ी बहन हो ..... आँचल की माँ बोल पड़ती है

वही राखी देवी आवर भी जयादा शर्मा जाती है

सही कह रही हो बहन मेरी राखी बेटी तो अभी भी जवान लगती है भगवन ने पता नहीं मेरी किस पाप की सजा मेरी भूल जैसी बेटी को दे दिए ..... राखी देवी की माँ थोड़ी दुखी सवार मैं बोलती है

मायआ ...... अपनी माँ की बात सुन कर राखी देवी भी थोड़ी दुखी होकर अपनी माँ से लिपट जाती है

रूम मैं कुछ देर तक सन्ति छ जाती है

राखी बेटी मैं दोकान पर जाती हुईं तुम खाना गर्म कार्डो अर्जुन को भूख लगी होगी ..... आँचल की माँ बोलती है आवर रूम से चली जाती है

राखी देवी भी अपनी माँ से अलग होकर किचेन मैं चली जाती है आवर खाना गर्म करने लगती है

अर्जुन आता है आवर हॉल मैं बैठ जाता है जो थोड़ी hi देर मैं राखी देवी खाना दिंनिंग टेबल पर रखने लगती है जो अर्जुन भी आकर बैठ जाता है

माँ आप बहुत सुन्दर लग रही है .... खाना कहते हुआ अर्जुन बोलता है जो अर्जुन की नज़र जब से अपनी माँ पर पड़ी होती है तब से देख कर बोलना छ रहा होता है

अर्जुन के मुंह से खुद की तारीफ सुन कर तो राखी देवी पहले तो सरमाती है मगर फिर राखी देवी की आँखें भर आती है मगर चेहरे पर एक प्यारी सी मुस्कान भी होती है

राखी देवी मन मैं अभी बहुत खुश होती है की अर्जुन ने कितने सल्ल के बाद आज उनकी खूबसूरती की तारीफ किया है

थैंक यू अर्जुन ..... राखी देवी मुस्कुराती हुई बोलती है

अर्जुन अपनी माँ को एक नज़र देखता है आवर खाना खाने लगता है वही राखी देवी अर्जुन को मुस्कुराती हुई देख कर खाना खा रही होती है

अर्जुन खाना खाने के बाद के चला जाता है वही राखी देवी भी खाना खा कर पलेट किचेन मैं रखने लगती है

अर्जुन तूने कही कोई गलती तो नहीं कर दिया अपनी माँ को इतने बुरा भला बोल कर उनकी आँखों मैं देख कर तुझे कभी भी लगा है वह तुझसे प्यार नहीं करती है

नहीं अर्जुन माँ तुझसे बहुत प्यार करती है उनकी आँखों मैं देख कर पता चलता है .... अर्जुन कोई तो मज़बूरी होगी जो माँ ने वह कदम उठाई होगी सायद इसमें तेरे मां की गलती हो .... या फिर कोई आवर भी वजह हो सकती है

अर्जुन तूने जो कुछ भी देखा है सायद वह येते आँखों का भरम हो अर्जुन अब वह वक़्त आ गया है

अर्जुन तेरे दिल मैं जो कुछ भी अपनी माँ को लेकर गलत फहमी या सक है वह बातें तू अपनी माँ से जान ले ....

अर्जुन मुझे यकीन है माँ वैसी hi है जैसा तू बचपन मैं माँ को जनता था

अर्जुन इस वक़्त मार्किट मैं बैठा सिगरेट पि रहा होता है आवर अर्जुन की दिमाग मैं ये साडी बातें चल रही होती है

अर्जुन को खाना कहते हुआ अपनी माँ की आँखों मैं आंसू को देख कर बिलकुल भी अच्छा नहीं लगा हुआ होता है

अर्जुन सिगरेट पिने के बाद वह से बाइक लेकर दूसरी तरफ निकल जाता है ....

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अह्हह्ह्ह्ह आज क्या हो रही है मेरे साथ मेरी जिस्म इतनी गर्म क्यू हो रही है अह्हह्ह्ह्ह जब से अर्जुन का लैंड देखा है मेरी छूट मैं आग लगी हुई है अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह

मेरी दिमाग से अर्जुन का लैंड निकल क्यू नहीं रहा है

ज्योति सायद तुझे अर्जुन का लैंड पसंद आ गया है तेरा पति तो कई सैलून से छोड़ भी नहीं रहा है तू कब से खुद पर काबू करती आ रही है मगर इतना बड़ा लैंड अचानक देख कर तेरी जिस्म की आग भड़क चुकी है

तू जब तक अर्जुन से मिलेगी नहीं तेरी ये आग भड़कती hi रहेगी


ज्योति इस वक़्त अपनी रूम मैं सोइ हुई होती है आवर ज्योति की साइन से पल्लू भी दूसरी तरफ गिरी हुई होती है आवर ज्योति की एक हाथ चुकी पर तो एक हाथ साड़ी के ऊपर से छूट पर होती है आवर ज्योति अर्जुन के लैंड को याद कर के अपनी चुकी आवर छूट को मसल रही होती है

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कैसे अर्जुन से मिलूं मैं अर्जुन मेरे बेटे जैसा है कैसे उससे बोलूं की अर्जुन बीटा तेरी आंटी तुझसे छोड़ना चाहती है छोड़ दे मुझे ..... क्या मैं राखी से बात करूँ .... वह मानेगी

कही राखी मुझसे गुस्सा तो नहीं हो जाएगी कैसे रस कर चली गयी थी

ज्योति ये सही रहेगा अगर राखी मान गयी तो अर्जुन तेरी जिस्म की आग बुझा सकती है

राखी तेरी बहुत अच्छी दोस्त है वह तुझे कभी मन नहीं करेगी तू बात कर के तो देख मुझे यकीन है तेरी मज़बूरी जान कर वह मान जाएगी ..... ज्योति मन मैं सोचती है

रूम मैं एक चलने के बाद भी ज्योति की पूरी जिस्म पसीने से भींगी हुई होती है ज्योति उठ कर बाथरूम मैं चली जाती है

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अर्जुन रात होने पर घर आता है तो देखता है दोकान बंद हो गयी है तो अर्जुन बाइक लगा कर घर मैं आ जाता है आवर अपने रूम मैं जाकर कपडे चेंज करता है आवर फिर हॉल मैं आता है तो देखता उसकी माँ आवर नानी दिंनिंग टेबल पर खाना लगा रही है तो अर्जुन भी जाकर बैठ जाता है आवर खाना खाने लगता है

आंटी मुझे नींद आ रही है क्या आप माँ की मालिश कर देंगी .... खाना कहते हुआ राखी देवी बोलती है तो आँचल की माँ हां बोलती है

अर्जुन बीटा आज से हम दोनों आँचल के रूम मैं सोते है तुझे कोई प्रॉब्लम न हो तो .... वह दरअसल तेरी ये नानी बहुत खरंटे लेती है जो मैं कल रात सो नहीं पायी बीटा


अर्जुन को चैंकते हुए देख कर राखी देवी पूरी बात बता देती है

मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है माँ हम माँ की रूम मैं सो सकते है ... अर्जुन बोलता है जो राखी देवी मुस्कुरा कर अर्जुन को देखती है

राखी देवी खाने के बाद पलट किचेन मैं रखने लगती है

राखी देवी किचेन का काम कर के रूम मैं आती है तो देखती है अर्जुन रूम मैं नहीं है तो राखी देवी बीएड पर सो जाती है

अर्जुन ये अच्छा मक्का है तू माँ से बातें कर सकता है मुझे यकीन है माँ तुझसे वह साडी बातें ज़रूर बता देंगी ....

अर्जुन छत पर सिगरेट पिटे हुए सोचता है

अर्जुन सिगरेट पिने के बाद रूम मैं आता है तो देखता है उसकी माँ सो चुकी होती है

अर्जुन माँ को सोते हुए देख कर दूसरी तरफ आ जाता है


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अर्जुन दूसरी तरफ जैसे hi आता है अर्जुन की नज़र माँ की चिकनी कमर पर चली जाती है आवर अर्जुन नज़र माँ की चिकनी कमर पर टिक जाती है

अर्जुन माँ की चिकनी जिस्म को कुछ देर देखता है फिर चद्दर उठा कर माँ के ऊपर दाल देता है आवर बीएड पर वह भी लेट जाता है


अगली सुबह

अर्जुन जब उठता है तो देखता है माँ बीएड पर नहीं है तो अर्जुन उठ कर बाथरूम मैं चला जाता है आवर फ्रेश होकर हॉल मैं आता है तो देखता माँ कॉफ़ी पि रही है

गुड मॉर्निंग माँ .... अर्जुन सोफे पर बैठते हुआ बोलता है

गुड मॉर्निंग अर्जुन .... मैं कॉफ़ी लेकर आती हुईं ..... राखी देवी बोलती है आवर उठ कर कॉफ़ी लेन चली जाती है

माँ के कहा है मैं दोकान खोल देता हुईं ..... अर्जुन कॉफ़ी लेते हुए बोलता है

अर्जुन बीटा नीलू ने दोकान खोल दिया है .... राखी देवी बोलती है तो अर्जुन कॉफ़ी पिने लगता है

अर्जुन कॉफ़ी पीकर दोकान पर चला जाता है तो देखता है नीलू आंटी कपडे देखा रही होती है कुछ आंटी लोग को

गुड मॉर्निंग आंटी .... अर्जुन बोलता है

गुड मॉर्निंग अर्जुन ..... नीलू बोल कर आंटी लोग से बात करने लगती है वही अर्जुन जाकर कुर्सी पर बैठ जाता है

अर्जुन बीटा ज़रा 34 डी वाला पेंटी देना तो नीलू बोलती है


नीलू आंटी की बात सुन कर अर्जुन पेंटी लेन चला जाता है वही बहार कड़ी आंटी थोड़ी शर्मा कर नीलू को देखने लगती है जो नीलू बस मुस्कुरा पड़ती है

तो अब बता कितनी गफ बनाया कॉलेज मैं ..... आंटी लोग के जाने के बाद नीलू आंटी मुस्कुराती हुई अर्जुन से पूछती है

कहा आंटी कोई मुझे पसंद hi नहीं आती है ..... अर्जुन भी मुस्कुराता हुआ बोलता है

ओह्ह अच्छा मतलब अब भोले अर्जुन को गफ बनाने का अरमान दिल मैं जाग गया है ..... नीलू आंटी फिर से मुस्कुराती हुई बोलती है

हां आंटी मैं हर वक़्त भोला बन कर तो नहीं रह सकता हुईं न हर लड़के की गफ होती है तो सोचा मैं भी एक रख लूँ .... अर्जुन भी फिर से मुस्कुराता हुआ बोलता है

चलो अच्छी बात है .... बुद्धू को ये अकाल तो आई ..... बता कैसी लड़की चाहिए तुझे .... नीलू आंटी फिर मुस्कुराती हुई पूछती

नीलू आंटी को अभी अर्जुन से बात करते हुआ मज़ा आ रहा होता है क्यू के पहले नीलू आंटी अर्जुन से लड़की के बारे मैं बात करती तो अर्जुन कोई जवाब नहीं देता था आवर अर्जुन दोकान से चला जाता था मगर आज अर्जुन हर बार बोल रहा होता है

आंटी मुझे वैसी लड़की चाहिए जिसकी जिस्म भरा हुआ हो .... आवर हर चीज उसकी परफेक्ट हो .... आंटी आप की जैसी लड़की मिलेगी तो भी चलेगा ..... अर्जुन नीलू आंटी की जिस्म को घूरता हुआ बोलता है

वही अर्जुन को खुद की जिस्म को घूरती हुई देख कर नीलू आंटी शर्मा जाती है आवर अपनी पल्लू को साइन पर रख देती है

ये देखों इसको लड़की की चाहत भी हुई तो इसको मेरी जैसी जिस्म वाली लड़की चाहिए मतलब इसको लड़की नहीं मेरी जैसी आंटी चाहिए .... आखिर अर्जुन को भी आंटी hi पसंद आई ये आज कल के लड़के भी न आंटी के पीछे hi क्यू पद जाते है .... नीलू आंटी मन मैं सोचती है

अच्छा तो तू मुझपे hi लाइन मरने लगा .... तुम मैं आँचल से बोल देती हुईं किसी आंटी से तेरी शादी करा दे .... नीलू आंटी बोलती है


ौनतययययययय

क्या बता रही है नीलू आँचल ..... अर्जुन आगे बोलता के माँ की आवाज़ सुन कर चुप हो जाता है

माँ मैं थोड़ा आरती दीदी से मिल कर आता हुईं .....

अर्जुन कुर्सी से उठता हुआ बोलता है वही नीलू आंटी अर्जुन को भागते देख कर मुस्कुरा पड़ती है .....

अर्जुन आरती को मेरा प्यार देना बोलना मैं भी उसको मिस करती हुईं .... आवर मैं भी उससे मिलने कभी आउंगी .... राखी देवी बोलती है

वही अर्जुन जाते हुए ठीक है बोलता है

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अर्जुन बाइक चलते हुए एक महल जैसा घर के सामने बाइक रोकता है तो देखता है सामने 2 पुलिस वाला गेट के पास खड़े है तो अर्जुन बाइक खड़ा कर के गेट के पास आ जाता है

कौन हो तुम किस्से मिलना है ..... एक पुलिस वाला आगे आता हुआ बोलता है

जी मेरा नाम अर्जुन है मुझे आरती दीदी से मिलना है .... अर्जुन बोलता है


तुम आरती मेडम के भाई हो मगर तुम पहले कभी यह नहीं आये आवर मैंने सुना है उनका कोई भाई नहीं है ... तुम झूट बोल रहे हो ...... सच बताओ क्या करने यह आये हो ..... पुलिस वाला गंभीर आवाज़ मैं बोलता है

जी मैं उनका अपना भाई

क्या तुम अर्जुन हो .... अर्जुन आगे बोलता तभी पीछे से एक लड़की बोल पड़ती है जो बाइक पर होती है अर्जुन पीछे देखता है तो एक बहुत hi खूबसूरत लड़की बाइक पर बैठी हुई होती है तो अर्जुन हां मैं सर हिला देता है

ठीक है बाइक पर बैठ जाओ .... रंजीत इनका बाइक अंदर लगा दो ..... लड़की बोलती है तो अर्जुन बाइक पर बैठ जाता है


तुम्हारे बारे मैं भाभी हर वक़्त बात करती रहती है ........ भाभी आरती भाभी लड़की अर्जुन से बोलती हुई आरती दीदी को पुकारने लगती है क्या हुआ

नाआ ........ अर्जुनननननननन

आरती दीदी अर्जुन को देख कर पहले तो हैरान होती है मगर खुश भी हो जाती है

इतने दिन के बाद तुझे मेरी याद आई .... आरती दीदी अर्जुन को गले लगते हुआ बोलती है

दीदी आप को पता है मैं गाओं मैं रहता हुईं ..... कुछ दिन यह रहना है तो आप से मिलने आ गया .... अर्जुन बोलता है

हां मुझे पता है .... फिर भी मुझसे एक बार तो मिलने आ जाता कभी कभी .... आ तो गया दीदी .... अर्जुन बोल पड़ता है

हां ठीक है बड़ा अहसान किया ..... आरती थोड़ी मुंह बनती हुई बोलती है

भाभी इतनी भाव क्यू खा रही हो पहले तो आप सिर्फ इनको याद कर के खुश हो जाती थी ..... लड़की बोल पड़ती है


भाभी मैं कुछ खाने को लती हुईं तब तक आप अपने भाई से दिल खोल कर मिल लीजिये ..... लड़की बोलती हुई मुस्कुरा देती है आवर वह से भाग जाती है आरती

अर्जुन को अपने रूम मैं लेकर चली जाती है

अर्जुन मैं अभी आई .... आरती भी बोल कर रूम से चली जाती है कुछ देर के बाद

आरती आवर वह लड़की खाने का बहुत सारा सामान लेकर अर्जुन के आगे रख देती है

दीदी ये सब ..... क्यू आप कहते नहीं है क्या ... आरती के पहले hi वह लड़की बोल पड़ती है

क्याआ ..... चौंक क्यू रहा है .... वह बोल रही है खाने को चल खा .... भाभी

वह सॉरी सॉरी ..... अर्जुन ये मेरी नटखट नन्द रानी है नैना है आवर तुमेह तो पता है ये अर्जुन है

आरती दीदी नैना आवर अर्जुन की परिचय करवाती है

अर्जुन भी नैना से ही करता है तभी नैना को फ़ोन आता है तो वह चली जाती है तो अर्जुन आवर आरती साथ मैं नास्ता करने लगते है

अर्जुन माँ कैसे है आवर दोनों बहाने कैसी है .... आरती पूछती है

ओह सॉरी दी भूल गया ..... माँ ने आप मिस किया बोल रही थी आवर वह भी आप से मिलने के लिए बोल रही थी .... दीदी दोनों दीदी भी अच्छी है ....

मुझे भी माँ से मिलना का दिल कर रहा है ..... बोल देना माँ से मैं उनसे मिलने आउंगी जब तेरे गाओं रस्ते मैं पड़ता है ..... आरती दीदी बोलती है


ठीक है दीदी अर्जुन बोलता है

मगर अर्जुन कुछ सोच कर ये नहीं बताता है माँ भी सहर मैं है

ही गुड़िया कैसी है ..... आरती फ़ोन उठती हुई बोलती है

अच्छी हुईं डीई .... क्या कर रही हो आप ..... कोमल उधर से बोलती है

अच्छा वक़्त पर फ़ोन किया है गुड़िया .... देख एहि है ा


अर्जुननननननननन

आरती अभी अर्जुन का नाम लेती उसके पहले hi कोमल बोल पड़ती है

कोमल की मुंह से अर्जुन का नाम सुन कर आरती चौंक जाती है वही अर्जुन भी हैरानी से फ़ोन मैं कोमल को देखने लगता है


दी ये अर्जुन हम्हरा अपना भाई आप को बताया था न जिस हवेली को हम अपना कहते थे वह हवेली दादा के भाई का है अर्जुन उन्ही का पोता है

क्याआ

कोमल की बात सुन कर आरती इतनी खुश हो जाता है की चौंक hi जाती है

मुझे पता था तेरा मेरा कोई तो रिस्ता है जो पहली नज़र तुझे देख कर मुझे ऐसा लगा जैसे तुझे भाई बना लूँ आवर देख आज तू सच मेरा भाई निकला .... बोलती हुई आरती की आँखों मैं आंसू आ जाती है

वही आरती दीदी को रट हुआ देख कर अर्जुन की भी आँखें नाम हो जाती है

दोनों भाई बहन एक दूसरे को देखने लग जाते है आरती दीदी खुद को आवर रोक नहीं पति है आवर अर्जुन को गले लगा लेती है .....


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राखी देवी अपनी रूम मैं सोइ हुई फ़ोन चला रही होती है

कल अच्छा नहीं किया ज्योति के साथ वह मेरी कॉलेज मैं सबसे अच्छी दोस्त थी जो देखि वही बोली मैं भी अर्जुन के बारे मैं सोच hi लिया था ..... मुझे ज्योति से बात करनी चाहिए

राखी देवी मन मैं सोचती है आवर ज्योति की नंबर लगा देती है तो कल hi ज्योति ने नंबर दी हुई होती है

राखी देवी के फ़ोन करते hi ज्योति फ़ोन उठा लेती है

सॉरी राखी मुझे वह सब अर्जुन के बारे मैं नहीं बोलना चाहिए था प्लीज मुझे मांफ करदे यार .... ज्योति बहुत hi प्यार से बोलती है

वही राखी देवी को थोड़ा अजीब फील होता है के कल उसके उस तरह सड़क पर छोड़ कर जाने से सायद ज्योति को बुरा लगा हो इस लिए वह आज थोड़ी दुखी होकर बात कर रही है

क्यू की राखी देवी ये बात अच्छे से जानती थी ज्योति हर किसी से है कर बात करने वाली औरत है आवर राखी के साथ तो आवर भी है कर बात करती थी मगर आज ज्योति की आवाज़ मैं वह बात नहीं होती है जो राखी देवी को बुरा फील होता है

ज्योति सॉरी यार मुझे तू मांफ करदे मुझे कल ऐसा नहीं करना चाहिए था .... राखी देवी भी थोड़ी दुखी मन से बोलती है ....

राखी सच मैं तू मुझसे नाराज़ तो नहीं है न .... ज्योति अभी भी दुखी सवार मैं बोलती है

नहीं यार ज्योति मैं तुझसे नाराज़ क्यू होने लगी प्लीज तू मुझे मांफ करदे .... कल मेरे घर आ सकती है क्या ...... राखी देवी पूछती है

सॉरी व व वहहहह मुझे ..हां वह तेरे जीजू आने वाला है कल ..... इतना बोल कर ज्योति फ़ोन रख देती है

ये क्या था ..... मैंने उसे बस घर आने को कहा जो वह इतना सोच कर बोल रही थी

सायद वह मेरी हरकत की वजह से बुरा फील कर रही हैं ... ज्योति बोलना कुछ आवर छह रही थी मगर बोली कुछ आवर .... मुझे ज्योति से मिल कर सॉरी बोलना चाहिए ..... राखी देवी मन मैं सोचती है

अब राखी देवी को कौन बताये की ज्योति आखिर किस वजह से राखी देवी से मिलने से मन कर दिया .....

लेकिन राखी देवी तो सोच ली होती है वह ज्योति से कल मिलेंगी ....

राखी देवी उठ कर फिर किचेन की तरफ चली जाती है

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अपडेट ..... 99

अर्जुन बाइक चला रहा होता है आवर मन hi मन खुश हो रहा होता है की आरती दीदी उसकी सच मैं बहन निकल गयी




अर्जुन घर आता है तो देखता है उसकी नानी आँचल की माँ हॉल मैं बैठी हुई है तो अर्जुन भी वही बैठ जाता है

नानी माँ कहा है ..... अर्जुन आँचल की माँ से पूछता है

अर्जुन वह तेरी माँ नीलू के घर गयी है मैंने पूछा मगर तेरी माँ ने कुछ बताया नहीं बीटा राखी के गए हुआ भी काफी देर हो गयी है ..... आँचल की माँ कहती है

ठीक है नानी मैं देखता हुईं ..... अर्जुन बोलता है आवर घर से निकल जाता है

चाचा वह नीलू आंटी का घर कौन सा है उनकी एक बेटी है

अर्जुन एक मुड़े पर रोक कर एक आदमी से पूछता है

वह एक बस्ती होती है जो हर घर एक जैसा hi होता है देखने से पता चल रहा होता है यह रहने वाले लोग बहुत hi गरीब आवर लचर होंगे अर्जुन को पता तो था नीलू आंटी का घर इसी बस्ती मैं है मगर घर कौन से है अर्जुन को नहीं नहीं था

बाबू वही घर है नीलू का जहा अभी वह सभी लोग खड़े है .... वह आदमी सामने एक घर की तरफ इसरा करते हुआ बोलता है जो इस वक़्त नीलू आंटी के घर के बहार बस्ती के कई साडी औरत कड़ी होती है

अर्जुन उस घर के सामने बाइक लगा कर घर के अंदर चला जाता है तो देखता उसकी माँ वह बैठी हुई होती है आवर उसकी माँ से एक लड़की लिपट कर रो रही है वही नीलू आंटी भी एक कोन मैं बैठी रो रही है

माँ क्या हुआ ..... अर्जुन घर की हालत को देख कर पूछता है जो इस वक़्त घर के सामान भी बिखरे हुआ होते है जिसे देख कर अर्जुन को गुस्सा भी आता है

अर्जुन कुछ नहीं हुआ तू घर जा मैं थोड़ी देर मैं आती हुई

नहीं आंटी प्लीज मुझे छोड़ कर मत जाइये ....

राखी देवी अर्जुन को घर जाने को बोलती है तभी वह लड़की डर्टी हुई बोल कर राखी देवी को पकड़ लेती है

माँ क्या हुआ है बताइये तो ये इतनी दरी हुई क्यू है .... अर्जुन थोड़ा गुस्से मैं पूछता है

अर्जुन को इस वक़्त अपनी माँ पर भी थोड़ा गुस्सा आ रहा होता है के वह कुछ बता क्यू नहीं रही है

नीलू आंटी क्या हुआ आप मुझे बता सकती है ..... आप उधर क्या देख रही है मैं आप से पूछ रहा हुईं

आप भले hi मुझे अपना नहीं मानती है मगर मैं आप को अपना मंटा हुईं .... ठीक है नहीं बताना तो मत बताइये

अर्जुन एक नज़र अपनी माँ को देखता है आवर फिर घर से जाने लगता है ....

अर्जुन .... अर्जुन को गुस्से मैं जाते हुआ देख कर राखी देवी बोलती है तो अर्जुन रुक जाता है

अर्जुन बीटा तू पहले संत होजा मैं तुझे बताती हुईं ....

कॉलेज के कुछ लड़के इसके पीछा करते हुआ घर तक आ गए थे आवर फिर घर मैं किसी को न देख कर वह घर मैं आ गए आवर इसके साथ बतमीज़ी करने लगे किसी तरह ये उनसे लड़ती हुई घर से बहार आई तो बस्ती वाले ने इसे बचाया लेकिन वह कॉलेज के लड़के भाग गए ....

क्या तुम उनेह जानती हो .... उनका घर कहा है तुमेह पता है .... कौन है बस कॉलेज मैं जिसमे इतनी हिम्मत आ गयी ... अर्जुन गुस्से मैं बोलता है

इस लिए नहीं बता रही थी .... मुझे पता है तू इतने दिन यह क्या करता था मुझे ये भी पता है कॉलेज मैं तेरे नाम से भी लड़के डरते थे

अर्जुन बीटा मैं नहीं चाहती तू किसी से लड़ाई झगड़ा करे प्लीज अर्जुन संत हो जा

राखी देवी अर्जुन को गुस्से मैं देख कर अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है

अर्जुन अपनी माँ की चेहरे को देख कर थोड़ा संत हो जाता है

ठीक है मैं कोई लड़ाई नहीं करूँगा मगर मैं इसके साथ कॉलेज ज़रूर जाऊंगा नहीं तो वह लड़के इसके साथ आवर भी कुछ बुरा करेंगे ये सोच कर के इसका कोई नहीं है .... अर्जुन बोलता है

राखी देवी इस बार कुछ नहीं बोलता है क्यू की अर्जुन की बात राखी देवी को ठीक लगती है

अर्जुन कुछ देर नीलू आंटी के घर रहता है आवर अपनी माँ को लेकर घर आ जाता है

अर्जुन का मन अभी भी संत नहीं होता है अर्जुन थोड़ा गुस्सा मैं होता है अर्जुन की ये एक आदत थी वह अपनों को दुखी नहीं देख सकता था आवर अर्जुन नीलू आंटी भी अपने परिवार का हिस्सा hi समझता था जिससे अर्जुन को बहुत बुरा फील हो रहा था नीलू आंटी के लिए

अर्जुन मैं खाना लगाती हुईं तू कपडे चेंज कर के आ जा ....... राखी देवी बोलती है जो अर्जुन रूम मैं चला जाता है

कितना अच्छा है मेरा अर्जुन जो सभी से एक जैसा प्यार करता है कई लोग होते है जो अपने नौकरानी को एक नौकरानी के आगे कुछ नहीं समझते मगर मेरा अर्जुन वैसा नहीं है बिलकुल अपने पापा पर गया है जो किसी बेसहारा को सहारा देने के लिए आगे रहता है .... राखी देवी खाना दिंनिंग टेबल पर रख रही होती है आवर मन मैं सोच रही होती है

अर्जुन आता है आवर खाना खाने लगता है साथ मैं राखी देवी आवर आँचल की माँ भी बैठ कर खाने लगती है अर्जुन सन्ति से खाना खता है आवर उठ कर छत पर चला जाता है

राखी देवी भी खाना खाने के बाद अपनी माँ की रूम मैं जाती है आवर माँ की मालिश करने लगती है

राखी देवी अपनी माँ की मालिश करने के बाद रूम मैं जाती है तो देखती है अर्जुन रूम मैं नहीं होता है तो राखी देवी भी छत पर चली जाती है तो देखती है अर्जुन छत पर बैठा सड़क की तरफ देख रहा होता है तो राखी देवी भी अर्जुन के साथ बैठ जाती है

कितना प्यारा है न सहर .... रात मैं आवर भी जयादा खूबसूरत लगता है .... राखी देवी बोलती है

माँ आप ने मुझे खुद से अलग क्यू किया .... अर्जुन बिना राखी देवी की तरफ देखे बोलता है

वही अर्जुन के सवाल से राखी देवी एक नज़र अर्जुन को देखती है फिर सड़क की तरफ देखने लगती है लेकिन राखी देवी की आँखों मैं एक उदासी सी ज़रूर आ गयी होती है

मैंने तुमेह खुद से दूर किया मगर इस दिल से कभी दूर नहीं किया .... तुमेह दूर कर के मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी जान चली गयी है मैं कैसे खुद को संभाला मैं hi जानती हुईं ..... राखी देवी कुछ देर के बाद बोलती है

वही तो आप ने मुझे दूर क्यू किया .... इस लिए के मैंने आप को अपने hi भाई के साथ मुंह क *** करते देख लिया ..... अर्जुन कुछ सोच कर पूरी बात नहीं बोल पता है लेकिन अर्जुन की आँखें बोलते हुआ नाम ज़रूर हो जाता है

वही अर्जुन की सवाल से राखी देवी की आँखों से आंसू निकल hi जाती है आवर राखी देवी अर्जुन को भींगी आँखों से देखने लगती है

वही अर्जुन भी अपनी माँ की आँखों मैं देखने लगता है !

मैंने कभी छोटे के साथ सम्बन्ध नहीं बनाया .... राखी देवी अर्जुन के आँखों मैं देखती हुई बोलती है

राखी देवी की आँखों से आंसू बाह कर निचे गिर रही होती है !

माँ मैंने खुद देखा था ...... आप फिर भी झूट कैसे बोल सकती है .... अर्जुन की भी आँखों मैं आंसू आ गयी होती है अपनी माँ को रोटी हुई देख कर

अर्जुन तेरे मां कभी बाप नहीं बन सकते ..... राखी देवी बोलती है आवर अर्जुन के कंधे पर सर रख कर रोने लगती है

अपनी माँ को बेबस अपने कंधे पर रट देख कर अर्जुन की भी आंसू निकल hi जाते है अर्जुन का हाथ खुद hi अपनी माँ की पीठ पर चली जाती है

माँ प्लीज आप मत रोइये .... आप को रट हुआ देख कर अब मुझे बहुत तकलीफ होती है ..... अर्जुन भी रट हुआ बोलता है

अर्जुन बीटा मैं उस दिन दर गयी थी .... मुझे कुछ समझ नहीं आया मैं क्या कर रही हुईं .... अर्जुन मैं तुझसे कितना प्यार करती हुईं मैं खुद नहीं जानती तू एक पल मेरी नज़रों से दूर जाता था तो मेरा दिल मचल जाता था

अर्जुन बीटा अगर मैं तुझे उस दिन खुद से दूर नहीं करती तो तू हर वक़्त हमेह देखने की कोशिश करता आवर फिर तेरे छोटे से दिमाग पर क्या असर करता ये सोच कर मैं दर गयी थी

उस दिन जब तूने देखा तो मुझे इतना दर लगा की मुझे लगा तू मुझे छोटे के साथ देख कर वह साडी बातें किसी दिन किसी आवर को न बता दे फिर जो गाओं मैं हमारी इज़्ज़त थी वह चली जाती गाओं वाले मुझे किस नज़र से देखते .... इस लिए मैंने अपने साइन पर पथल रख कर तुझसे खुद से दूर किया ताकि तेरे छोटे से दिमाग से ये साडी बातें निकल जाये

लेकिन अर्जुन सब उल्टा हो गए ....तू भूलने के बजाये तू उस बात को दिमाग मैं बैठा लिया आवर मुझसे नफरत करने लगा

अर्जुन बीटा मुझे उस दिन इतना दर आवर तकलीफ नहीं हुई थी जिस दिन तूने मुझे भाई के साथ देखा था उससे कही जयादा मुझे दर आवर तकलीफ उस दिन लगा जब पहली बार तुझसे मिलने हॉस्टल आई थी

तूने मुझसे मिलने से मन कर दिया उस दिन मुझे ऐसा लगा जैसे मेरी जिस्म से जान निकल गयी है अर्जुन बीटा तुझे नहीं पता मगर उस दिन मैं हॉस्टल के बहार बेहोश गयी थी

हॉस्पिटल मैं जब मुझे होस आया तो मैं तुझसे मिलना चाहती थी मगर तू मेरे पास नहीं था .... नहीं था अर्जुन तू मेरे पास नहीं था .... उस दिन मेरी दिल जल रहा था

राखी देवी अर्जुन से लिपटी हुई बोलती hi जा रही होती है आवर उतना hi सिसक भी रही होती है

अर्जुन के मन मैं अभी भी सवाल तो था मगर अपनी माँ की हालत देख कर अर्जुन आवर कुछ पूछ नहीं पता है आवर अपनी माँ को गले से लगाया हुआ होता है अर्जुन की आँखों से भी आंसू नहीं रुक रहे होते है ये सोच कर की उसने अपनी माँ को बहुत दर्द दे दिया है जो इतने सल्ल तक उसकी माँ कैसे जीती हुई आई है इसका अंदाज़ा आज अर्जुन लगा रहा होता है

अर्जुन अपनी माँ को पकड़ कर उठता आवर फिर बाँहों मैं भरे हुए hi निचे लेकर जाने लगता है

राखी देवी से लिपटी हुई रोटी hi जा रही होती है लेकिन राखी देवी को आज कुछ अच्छा महसूस हो रही होती है के उन्होंने ने अर्जुन को अपनी दिल की बात बता दी

अर्जुन अपनी माँ लेकर रूम मैं जाता है आवर बीएड पर लेता देता है आवर जाने को होता है के राखी देवी अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है तो अर्जुन भी माँ के साथ बीएड पर लेट जाता है वही अर्जुन के साथ सोते hi राखी देवी अर्जुन को पकड़ लेती है

राखी देवी अर्जुन को इस तरह पकड़ ली होती है की राखी देवी की चुकी अर्जुन को अपनी जिस्म मैं फील होने लगती है .... या कह सकते है राखी देवी की निप्पल अर्जुन के जिस्म मैं थोड़ा चुभन जैसा महसूस होता है

वही अर्जुन का हाथ अपनी माँ की चिकनी पीठ पर चला गया होता है अर्जुन माँ की पीठ को सहला कर माँ को संत करा रहा होता है लेकिन माँ की जिस्म की गर्मी की अहसास से अर्जुन का लैंड खड़ा होने लगता है

राखी देवी की जिस्म इतनी गर्म होती है की अर्जुन को खुद की जिस्म मैं गर्मी महसूस होने लगती है ऊपर से राखी देवी अर्जुन से आवर भी चिपकती चली जा रही होती है

ये अच्छा होता है के अर्जुन का पेअर अपनी माँ से कुछ अलग होता है जिससे राखी देवी को अभी तक अर्जुन का लैंड का अहसास नहीं हुआ होता के उनकी वजह से अर्जुन का लैंड फुल टाइट हो चूका है

Ahhhhhhhhhh

अर्जुन भी अपनी माँ से थोड़ा पीछे हो जाता है लेकिन तभी अर्जुन को अपनी माँ की गले पर मुंह चला जाता है आवर राखी देवी की बालों को खुसबू अर्जुन की नाक मैं चली जाती है जिससे अर्जुन सूंघते हुआ अपनी आँखें बंद कर लेता है !

अर्जुन कुछ देर तक अपनी माँ की पीठ को सहलाता रहता है तभी अर्जुन को अपनी माँ की सांसे सुनाई देती है अर्जुन माँ को देखता है तो वह उसके बाँहों मैं सो चुकी होती है

अर्जुन माँ की माशूम चेहरे को देखने लगता है

कितनी प्यारी लग रही हो आप बिलकुल एक माशूम बच्ची की तरह मैंने इस तरह बचपन मैं आप को सोते हुआ देखा था

अर्जुन अपनी माँ को सोते हुआ देख कर मन मैं सोचता है

अर्जुन अपनी माँ की खूबसूरती को देख रहा होता है तभी अर्जुन की नज़र राखी देवी की होंठ पर आकर रुक जाती है

अर्जुन अपनी माँ की लाल होंठों को बड़ी hi धयान से देख रहा होता है

अर्जुन माँ की होंठों को देखते हुआ अपन एक हाथ उठा कर राखी देवी की होंठों के करीब लेकर रोक देता है

अर्जुन का हाथ माँ की होंठों के पास तो रुक गयी होती है मगर अर्जुन की वह एक ऊँगली कैंप भी रही होती है आवर अर्जुन की गाला के साथ होठ भी सूखने लगता है जो अर्जुन अपने होंठ पर जीभ एक बार फेर देता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन का हाथ जैसे hi माँ की होंठों पर जाती है अर्जुन की जिस्म मैं एक करेंट सी दौड़े जाती है आवर अर्जुन की अह्ह्ह्ह भरते हुआ पीछे की तरफ हो जाता है

अर्जुन को अपनी माँ की होंठ को छूना थोड़ा बुरा लगता है इस लिए अर्जुन दूसरी तरफ मुंह कर के आँखें बंद कर लेता है

राखी देवी की अचानक प्यास की वजह से नींद खुल जाती है

राखी देवी की आँखें जब खुलती है तो राखी देवी की नज़र सीधे अर्जुन के चेहरे ऊपर नज़र जाती है जो अर्जुन नींद मैं सो रहा होता है आवर अर्जुन का एक हाथ राखी देवी की कमर पर होती है आवर अर्जुन का पेअर राखी देवी की जांघ पर होती है

वही राखी देवी की भी एक पेअर अर्जुन के पेअर पर होती है जो दोनों माँ बेटे का पेअर एक दूसरे मैं फसा हुआ होता है लेकिन दोनों की कमर थोड़ी दुरी पर होती है

राखी देवी अपनी पेअर अर्जुन के पेअर से निकलती है आवर उठ कर लाइट ओपन कर के पानी पिने के लिए किचेन मैं चली जाती है

राखी देवी पानी पीकर रूम मैं आती है तभी राखी देवी गेट के पास hi रुक जाती है आवर राखी देवी की आँखें बड़ी हो जाती है आवर राखी देवी गेट के पास hi जाम जाती है

दरअसल राखी देवी जैसे hi रूम मैं आती है राखी देवी की नज़र बीएड पर सोया हुआ अर्जुन के लैंड पर hi नज़र चली जाती है जो अर्जुन इस वक़्त तो सोया हुआ होता है लेकिन अर्जुन का लैंड अभी जाग रहा होता है आवर ट्राउजर मैं बिलकुल टाइट खड़ा हुआ होता है जिसको राखी देवी इस वक़्त गौर से देख रही होती है

अर्जुन के खड़े लैंड को देख कर राखी देवी की माथे पर पसीने आने लगती है

ऐसा नहीं था के राखी देवी अर्जुन का लैंड आज पहली बार देख रही होती है

सायद राखी देवी को ये बात अच्छे से पता थी अर्जुन का लैंड बड़ा है मगर इतना बड़ा है देख कर राखी देवी को यकीन नहीं हो रही थी राखी देवी कुछ देर गेट पर कड़ी रहती है आवर फिर धीरे धीरे बीएड की तरफ बढ़ने लगती है आवर राखी देवी बीएड पर आकर बैठ जाती है लेकिन राखी देवी की नज़र अभी भी अर्जुन के लैंड पर hi होती है

राखी क्या देख रही है तू पहले भी अर्जुन का लैंड सायद पकड़ चुकी है आवर अपनी छूट पर महसूस भी कर चुकी है याद तो है न उस रात अर्जुन का लैंड तेरी छूट मैं जाने hi वाली थी

Ahhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी कुछ सोच कर सिसक पड़ती है आवर अचानक बीएड पर गिर पड़ती है

राखी ज्योति सही बोल रही थी तेरे बेटे का लैंड ऐसा hi की एक प्यासी औरत एक बार अगर अर्जुन का ये बड़ा लैंड देख लेगी उसकी जिस्म मैं गर्मी आवर भी बढ़ जाएगी जैसे अभी तेरी छूट मैं कुछ हो रही है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

राखी देवी सोचती हुई अपनी छूट मसल देती है आवर बीएड पर मचल जाती है

huinnnnnnnnnnnn

अर्जुन के करवट बदलते देख कर राखी देवी अपनी आँखें बंद कर लेती है अर्जुन दूसरी तरफ लेट कर सो जाता है

वही राखी देवी की हालत ख़राब हो चुकी होती है राखी देवी को पता नहीं क्या सूझता है राखी देवी अर्जुन को एक बार फिर से पकड़ कर अपनी आँखें बंद कर लेती है जो राखी देवी की बड़ी चुकी अर्जुन के पीठ मैं डाब चुकी होती है लेकिन अर्जुन अभी गहरी नींद मैं सोया हुआ होता है तो अर्जुन को कुछ पता नहीं चलता है

अर्जुन जब सुबह उठता है तो वह बीएड पर खुद को अकेला पता है अर्जुन उठ कर बाथरूम मैं चला जाता है

अर्जुन जब फ्रेश होकर हॉल मैं आता है तो देखता उसकी माँ किचेन मैं है तो अर्जुन किचेन मैं चला जाता है

गुड मॉर्निंग माँ ... अर्जुन किचेन मैं जाकर बोलता है

गुड मॉर्निंग बीटा .... राखी देवी एक नज़र अर्जुन को देख कर बोलती है आवर फिर अपना काम करने लगती है

राखी देवी अर्जुन से शर्मा भी रही होती है ..... जो अर्जुन अपनी माँ की शर्मीली नज़र देख लेता है

अर्जुन अचानक अपनी माँ की हाथ पकड़ लेता है जो राखी देवी अर्जुन को देखने लगती है

माँ मुझे इस बात से जायदा दुःख हुआ की आप ने मुझे खुद से दूर कर दिया .....

माँ से दूर होकर बच्चे की क्या हालत होगी मुझसे अच्छा कोई नहीं जनता होगा .... क्यू की मैं भी आप से बहुत प्यार करता था ....

आप से दूर जाने का सोच कर मैं भी बहुत दर गया था आप से कितनी बार बोलै मुझे हॉस्टल मत भेजिए लेकिन आप मेरी नहीं सुनी .....

माँ अब मुझे खुद से दूर मत करियेगा .... अर्जुन माँ की आँखों मैं देखता हुआ बोलता है

वही राखी देवी अर्जुन को तड़प कर गले लगा लेती है

कभी नहीं मेरे बच्चे ... मैं अब कभी तुमेह दूर नहीं करुँगी .... राखी देवी की एक बार फिर से आँखों से आंसू निकल रही होती है लेकिन राखी देवी की चेहरे पर मुस्कान होती है

माँ क्या आप मेरे साथ डांस करेंगी जैसा पहले आप मेरे साथ डांस करती थी ..... अर्जुन पूछता है

वही राखी देवी सरमाती हुई मुस्कुरा पड़ती है

बीटा अब मैं डांस ..... राखी देवी सरमाती हुई बोलती है

Hello बोल मोहित .... अर्जुन फ़ोन उठा कर बोलता है

अर्जुन मैंने पता लगा लिया है वह कोई सप का बीटा है ...

मोहित तू कॉलेज वाले पान के दोकान पर आ जा मैं भी आ रहा हुईं

अर्जुन इतना बोल कर फ़ोन रख देता है

माँ हम डांस करे प्लीज ..... अर्जुन थोड़ा माशूम बनते हुआ बोलता है जो राखी देवी हां मैं सर हिला देती है

वही अर्जुन घर से बहार आ जाता है ....

बस सप का बीटा है तो ये सहर उसके बाप का हो गया क्या ..... अर्जुन मन मैं सोचता है आवर बाइक स्टार्ट कर के चल देता है

ओह no कही अर्जुन कॉलेज मैं उस लड़के को मरने तो नहीं गया .... मुझे ये बात धयान मैं क्यू नहीं आई

अर्जुन अर्जुन

राखी देवी को जैसे hi नीलू की बेटी की बात याद आती है राखी देवी अर्जुन को पुकारती हुई हवेली से बहार आती है लेकिन तब तक अर्जुन निकल चूका होता है

राखी देवी भाग कर रूम मैं जाती है आवर फ़ोन लेकर अर्जुन को फ़ोन करने लगती है मगर अर्जुन फ़ोन भी नहीं उठता है ....

हे भगवन अर्जुन फ़ोन भी नहीं उठा रहा .... अर्जुन बीटा लड़ाई नहीं करना प्लीज ..... तुझे कुछ हो गया तो

Hello ा अर्जुन कहा गया बीटा ....

माँ मैं कोई लड़ाई वादे नहीं करने वाला बस उस लड़के को समझा कर घर hi आ रहा हुईं ..... अपनी माँ की दरी हुई आवाज़ सुन कर अर्जुन बोलता है

ठीक है अर्जुन प्लीज बीटा लड़ाई नहीं करना .... राखी देवी बोलती है

हां माँ लड़ाई नहीं करूँगा .... बोल कर अर्जुन फ़ोन रख देता है

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अरे यार कितनी बार बोल चूका है अगर कमैंट्स नहीं करना तो मत करो लेकिन अपडेट के लिए भी कमेंट मत करो

कितने चूज़े होते जो साइलेंट रीडर्स बन कर रहते है लेकिन कुछ दिन अपडेट नहीं आया तो चल मच जाती है आवर लौड़ा लहसुन कमैंट्स करने लगते है चूज़े :बुटकिक:.....

मैंने सिर्फ इसको नहीं उन सभी को बोलै है मेरे स्टोरी पर अपडेट आये न न आये तुम लोग साइलेंट रीडर्स हो साइलेंट hi रोहो :बुटकिक:

बाकि जो रीडर्स जुड़े हुए है मैं खुद उनका जवाब दे देता हुईं अपडेट कब देना है :डेड:
 
अपडेट ...... 💯

ज्योति क्या बात है इतने दिन के बाद तो हम मिले फिर तू मुझसे मिलने से मन क्यू कर दी थी ....

इस वक़्त राखी देवी ज्योति के रूम मैं होती है आवर ज्योति भी सर निचे की हुई पास मैं बैठी हुई

ज्योति अभी थोड़ा परेशां भी होती है के राखी देवी उसके घर आ गयी है वह अब क्या जवाब दे राखी को आवर कही ये बात भी राखी को पता न चल जायेगा मुझे अभी कही नहीं जाना है ... ज्योति मन मैं सोचती है ...

राखी मैं बोली थी न आज मुझे जाना है ..... वह मुझे अभी एयरपोर्ट निकलना है


ज्योति बोलती है आवर कड़ी हो जाती है

ठीक है मैं भी तेरे साथ चलती हुईं ... मुझे भी जीजू से मिलना है


राखी देवी बोलती है

वही राखी देवी की बात सुन कर ज्योति परेशां हो जाती है लेकिन राखी देवी को मन भी नहीं कर पति है दोनों घर से निकलती है आवर ज्योति घर लॉक करती है आवर दोनों गाड़ी मैं बैठ कर एयरपोर्ट की तरफ निकल पड़ती है


ज्योति गाड़ी चलते हुआ कभी राखी देवी को देख रही होती है तो कभी आगे देख रही होती है

ज्योति गाड़ी रोक दे प्लीज ..... राखी देवी बोलती है तो ज्योति गाड़ी रोक देती है वही पास मैं एक पार्क दिखाई देती है राखी देवी को

ज्योति बात क्या है प्लीज बता न .... अगर तुझे कल की वजह से मेरी हरकत बुरी लगी हसि तो उसके लिए सॉरी प्लीज मुझे मांफ कर दे .... आवर अगर कोई आउट बात है तो मुझे बता ... तुझे मेरी कसम है

राखी देवी ज्योति से बोलती है आवर ज्योति की हाथ पकड़ लेती है

राखी देवी इस वक़्त ज्योति के साथ पार्क मैं बैठी हुई होती है जो ज्योति इस वक़्त थोड़ी मायुश लग रही होती है जो राखी देवी की ज्योति की आँखों मैं देख चुकी होती है

राखी प्लीज तू मुझे मांफ कर देना .... मैं ये बात सायद तुझे नहीं बताती या बताती मुझे पता नहीं लेकिन तूने कसम दे दिया तो बता रही हुईं राखी मैं जो तुझसे बोलने वाली हुईं वह मुझे बोलते हुए भी सरम महसूस हो रही है .....

राखी मुझे पता मेरी बातें सुन कर तुझे बुरा भी लग सकता है .... राखी मैं एक बार अर्जुन के साथ


ज्योति इतना बोल कर चुप हो जाती है

वही राखी देवी ज्योति को घूरने लगती है लेकिन ज्योति की आँखों मैं मायूसी देख कर चेहरे पर मुस्कान ला देती है जैसे राखी देवी को आगे पता चल गया हो ज्योति क्या कहना चाहती है

मुझे बुरा नहीं लगेगा अगर अर्जुन तेरे साथ करना चाहे तो ..... राखी देवी बोल पड़ती है

वही ज्योति तो राखी देवी की बात सुन कर हैरान हो जाती है मगर उससे कही जयादा खुश भी हो जाती है आवर राखी देवी को गले लगा लेती है

थैंक यू राखी तू मेरी हमेशा अच्छी दोस्त रहेगी .... ज्योति खुश होकर बोलती है

ज्योति मुझे एक बात समझ नहीं आई पहली बार hi अर्जुन के देखने के बाद तुझे ये फिलिंग क्यू जाग गयी ...... तेरी उम्र है अब वह सब करने की ..... आवर तेरा मन भी करता है तो जीजू तो है न .... राखी देवी पूछती है

राखी तेरे जीजू कई सल्ल से मेरे साथ सेक्स नहीं करते है .... आवर रही उम्र की बात तो तुझे अच्छे से पता है इस उम्र मैं हम्हारी जिस्म मैं कितनी हलचल होती रहती है मैं खुद को कई सल्ल से संभल रही हुईं मगर कल अर्जुन का देख कर मेरी छूट मैं इतनी हलचल होने लगी की मैं बता नहीं सकती

क्या तेरा मन नहीं करता सेक्स करने को .... तू तो कई सल्ल से सेक्स नहीं किया है .... ज्योति राखी देवी से बोलती है

वही राखी देवी ज्योति की बात सुन कर कुछ वक़्त के लिए चुप हो जाती है आवर दूसरी तरफ देखने लगती है

ज्योति मुझे घर जाना होगा दोकान पर भी कोई नहीं है ..... राखी देवी बोलती है

ठीक है मैं घर तक छोड़ देती हुईं ..... ज्योति भी राखी देवी को थोड़ा उदास देख कर कुछ आवर नहीं बोलती है आवर फिर दोनों गाड़ी मैं बैठ जाती है

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कॉलेज मैं

अर्जुन केंटीन मैं बैठा हुआ होता है आवर अर्जुन के पास hi कॉलेज के प्रिंसिपल भी बैठे हुए होते है

अर्जुन तुम जाओ यह से आगे से इस लड़की के साथ कुछ नहीं होगा . इसकी मैं ज़िम्मेदारी लेता हुईं

वैसे भी तुमने उसे इतना मार दिया है के वह अब इसकी तरफ तो क्या किसी भी लड़के के साथ कुछ गलत नहीं करेगा ......

वह बोल रहा था उसका बाप आ रहा है आने दीजिये सर मैं भी तो मिलूं उसके बाप से ..... अर्जुन कॉफ़ी पिटे हुआ बोलता है

अर्जुन प्लीज तुम जाओ मैं उसके पापा से बात कर लूंगा ...... अर्जुन तुम कॉलेज के सबसे अच्छे स्टूडेंट्स रह चुके हो हम सभी जानते है तुम बिना वजह कभी किसी से लड़ाई नहीं करते .... इस लिए प्लीज तुम जाओ अभी मैं उसके पापा से बात कर लूंगा .... प्रिंसिपल की बात सुन कर अर्जुन बेंच से उठ जाता है

ठीक है सर आप बोल रहे है तो जा रहा हुईं लेकिन आगे से इस लड़की के साथ कुछ हुआ तो .... अर्जुन इतना बोल कर चला जाता है

सर ये राखी का लड़का है न .... पास कड़ी एक टीचर प्रिंसिपल से पूछती है

हां ये राखी देवी का बीटा है बिलकुल अपने पिता पर गया है .... प्रिंसिपल बोलता है

अर्जुन जब घर आता है तो देखता है माँ घर पर नहीं है तो अर्जुन अपनी नानी की रूम मैं चला जाता है

नानी कैसी तबियत है आप की .... अर्जुन अपनी नानी के पास बैठ कर पूछता है

अच्छी है बीटा ..... कहा गया था सुबह से

अर्जुन की नानी पूछती है

कॉलेज गया था नानी .... माँ कहा है

वह गयी है ज्योति से मिलने के लिए

नानी जो आंटी कल आई थी वही न

हां अर्जुन उससे hi ....

अर्जुन की नानी बोलती है

अर्जुन कुछ देर तक अपनी नानी के पास रहता है फिर अपने रूम मैं आ जाता है

ज्योति ये अर्जुन का नंबर है .... तू उससे बात कर सकती है .....

राखी देवी गाड़ी से उतरती हुई अर्जुन का नंबर ज्योति को देती है


वही ज्योति नंबर ले लेती है

मैंने कुछ गलत तो नहीं किया ज्योति को अर्जुन का नंबर देकर

नहीं राखी तूने कुछ गलत नहीं किया है जिस्म की गर्मी कैसी होती है राखी तुझसे अच्छा कौन जान सकता है


ज्योति बस अर्जुन का थोड़ा प्यार hi तो पाना चाहती है ..... वह भी अर्जुन जब चाहेगा तभी hi करेगी

अर्जुन भी अब बड़ा हो गया है वह किसी लड़की से बात भी नहीं करता है मैंने देखा है वह लड़कियों से दूर hi रहता है उसको भी थोड़ी बहुत सेक्स के बारे मैं जानकारी मिल जाएगी ..... उसके उम्र के लड़के तो सेक्स के बारे मैं कितना कुछ जान लेते है

राखी देवी घर के अनादर जा रही होती है आवर राखी देवी की दिमाग मैं ये साडी बातें चल रही होती है ..... अब राखी देवी को क्या पता उसका अर्जुन भी सेक्स का मज़ा ले चूका है वह भी उसकी बड़ी बेटी आवर भाभी को छोड़ कर


राखी देवी सोचती हुई घर के अंदर आकर हॉल मैं सोफे पर बैठ जाती है

माँ क्या हुआ ... आप क्या सोच रही है .... अर्जुन हॉल मैं आकर अपनी माँ को सोच मैं डूबा हुआ देखता है तो पूछता है

हां कुछ नहीं ... कुछ नहीं सोच रही बीटा तू कब आया .... अर्जुन की अचानक आवाज़ सुन कर राखी देवी पहले तो हड़बड़ जाती है मगर जल्द hi खुद को संभल कर पूछती है

मैं कुछ समय पहले आया .... माँ सच मैं कुछ छिपा तो नहीं रही मुझसे

आप उदास लग रही है ..... अर्जुन पूछता हुआ राखी देवी के पास hi बैठ जाता है

ओह मेरा बच्चा ..... सच मैं कुछ नहीं छिपा रही

खाना खा लिया तुमने ..... अर्जुन को खुद के लिए परेशां होते देख कर राखी देवी खुद मुस्कुराती हुई बोलती है

Ok ..... खाना लाइए मुझे भूख भी लगी है ... अर्जुन बोलता है

वही राखी देवी मुस्कुराती हुई उठ कर किचेन मैं चली जाती है

माँ शाम मैं आप मेरे साथ घूमने चलोगी .... खाना कहते हुआ अर्जुन पूछता है

हां कहा जाना है ..... राखी देवी हां बोलती हुई पूछती है

एहि पास के पार्क मैं ..... अर्जुन बोलता है जो राखी देवी ठीक है बोल देती है

खाना खा कर अर्जुन रूम मैं चला जाता है

Hello माँ कैसी हो आप .... अर्जुन आँचल रूम मैं आने के बाद आँचल को फ़ोन लगा कर पूछता है

अच्छी हुईं बीटा माँ जी कैसी है ..... आँचल उधर से बोलती है

माँ नानी भी पहले से अच्छी है ..... दीदी कहा है दोनों .... अर्जुन पूछता है

दोनों कॉलेज गयी है .... खाना खा लिए तुमने .... आँचल पूछती है

हां मैं अभी खाया ..... माँ वह अभी भी वह .... अर्जुन इतना hi बोल कर चुप हो जाता है

अर्जुन बीटा अब दर्द नहीं है .... गीता बेटी ने गर्म पानी से सके किया था तो जल्दी hi आराम मिल गया ..... आँचल बोलती है

माँ कहा सके किया दीदी ने ..... अर्जुन इस बार थोड़ा मस्ती के मुंड मैं होते हुए मुस्कुरा कर पूछता है

जहा मेरे बेटे ने मुझे दर्द दिया था वही पर ..... आँचल भी उधर से थोड़ा मुस्कुरा कर बोलती है जो अर्जुन माँ की हसी की आवाज़ सुनाई देती है

माँ उसका नाम भी है न ..... वह बताइये न ..... अर्जुन हस्ते हुए hi पूछता है

अर्जुन बीटा


प्लीज माँ

आँचल थोड़ी सरमाती हुई अर्जुन को पुकारती है के अर्जुन फिर से बोल पड़ता है

च च छूट पर .... थोड़ी देर चुप रहने के बाद आँचल लड़खड़ती हुई आवाज़ मैं बोलती है

माँ आप की छूट इतनी टाइट कैसे थी ........ मां ने कभी .... अर्जुन इतना बोल कर चुप हो जाता है

चुप बदमाश अब कोई सवाल नहीं .....

माँ ...

आँचल सरमाती हुई अर्जुन को बोलती है वही अर्जुन फिर से मुंह बनाया हुआ माँ पुकार देता है मगर अर्जुन के चेहरे पर मुस्कान होती है .....

समझ ले तेरी माँ एक कुंवारी लड़की थी ..... जिसको उसके hi बेटे ने औरत बना दिया .... अब फ़ोन रख मुझे काम करना है ....

आँचल इतना बोल कर फ़ोन काट देती है

वही अर्जुन मन hi मन मुस्कुरा रहा होता है


अर्जुन भी माँ से बात करने के बाद फ़ोन रखता है आवर आँखें बंद कर लेता है

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अर्जुन के घर गाओं मैं थोड़ा आँचल की हॉल देख लेते है

यह आँचल बीएड पर लेती हुई होती है आवर आँचल की चेहरे पर फैन ों होने पर भी पसीने बाह रही होती

आँचल की चेहरे पर एक सरम सी छै हुई होती है मगर आँचल की एक हाथ इस वक़्त साड़ी के ऊपर से hi छूट पर होती है आवर साइन से पल्लू भी दूसरी तरफ गिरी हुई होती है जो आँचल की बड़ी बड़ी चुकी ऊपर की तरफ उठी हुई होती है

Ahhhhhhhhhhh अर्जुन बीटा कब आएगा तू देख तेरी माँ की छूट कितनी परेशां कर रही है Sssssssssssssss आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्ह hhhhhhhhhh ohhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhh ssssssssssssss ह्ह्हह्हह्ह्ह्ह

आँचल अपनी छूट को साड़ी के ऊपर से hi मसलती हुई सिसकियाँ ले रही होती है आवर अर्जुन को याद कर रही होती है

आँचल की पेअर बार बार इधर से उधर हो रही होती है जो आँचल कभी अपनी पेअर सत्ता कर छूट मैं दबा रही होती है तो कभी अपनी छूट को छोड़ रही होती है

आँचल बीएड पर सिसकियाँ लेती हुई मचल रही होती है आवर अपनी छूट को मसलती hi जा रही होती है


Ahhhhhhhhhhh हहहहह आआआ हहहहहह ohhhhhhhhhh

आँचल अपनी हाथ साड़ी के अंदर दाल कर छूट को पकड़ लेती है आवर अपनी गांड उठती हुई सिसक पड़ती है


आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह Sssssssssss hhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhhh

आँचल आँचल आँचल ........

हे भगवन इनको भी अभी hi आना था ...... आई जीईई

आँचल के कानो मैं जैसे hi अपनी पति की आवाज़ आती है आँचल उठ कर बैठ जाती है आँचल को अपने पति पर एक वक़्त के लिए गुस्सा भी आता है मगर आँचल उठ कर अपने कपडे ठीक करने लगती है

आँचल की छूट की गर्मी भी संत नहीं हो पति है आँचल साड़ी ठीक करती हुई रूम से निकल जाती है

___________________________________

अर्जुन जब सो कर उठता है आवर टाइम देखता है तो शाम के 5 बजने वाला होता है तो अर्जुन उठ कर बाथरूम मैं चला जाता है

अर्जुन कपडे पहन कर जब हॉल मैं आता है तो देखता है उसकी माँ अभी किचेन मैं होती है तो अर्जुन उठ कर किचेन मैं चला जाता है

अर्जुन किचेन मैं जाने को होता है के तभी अर्जुन की नज़र अपनी माँ की पसीने से भींगी हुई चुकी पर चली जाती है जो अर्जुन किचन के गेट पर hi रुक जाता है

वही राखी देवी किचेन मैं इस वक़्त थोड़ी सफाई कर रही होती है जो इस वक़्त झुकी हुई होती है जिससे राखी देवी की आधे से जयादा चुकी दिखाई दे रही होती है

राखी देवी सफाई मैं इतनी खोई हुई होती है की वह पल्लू भी साइन पर नहीं राखी हुई होती है

अपनी माँ की चिकनी दूध की तरह गोरी चुकी को देख कर अर्जुन के गाला सूखने लगता है आवर अर्जुन के लैंड मैं भी हलचल होने लगता है

अर्जुन की नज़र अपनी माँ की चुकी से हैट नहीं रही होती है अर्जुन अपनी माँ की गोरी चुकी देख भूल जाता है की वह उसकी माँ है


अर्जुन क्या हुआ .... राखी देवी की नज़र अर्जुन पर पड़ते hi बोलती है

वही माँ की आवाज़ सुन कर अर्जुन होश मैं आता है आवर हड़बड़ा भी जाता है

म माँ माँ घूमने चले .... अर्जुन तुख घोटते हुआ बोलता है जो अर्जुन का गाला सुख चूका होता है

ओह्ह सॉरी बीटा मैं तो भूल hi गयी थी .....

बीटा बस कुछ देर रुक मैं फ्रेश हो जाती हुईं गर्मी भी बहुत है ..... राखी देवी बोलती है आवर रूम मैं जाकर अपने कपडे लेती है आवर बाथरूम मैं चली जाती है

वही अर्जुन का लैंड हार्ड खड़ा हो चूका होता है जिससे अर्जुन अपना लैंड जेन्स मैं अर्जेस्ट करने लगता है

अर्जुन जाकर हॉल मैं फिर से बैठ जाता है मगर अर्जुन के आँखों के सामने अभी भी माँ की चिकनी छाती घूम रही होती है

अर्जुन हॉल मैं बैठा हुआ बाथरूम की तरफ hi देख रहा होता है

माँ की चुकी की कितनी बड़ी है आँचल माँ से भी बड़ी है नंगी होने के बाद कैसी दिखेगी माँ की चुकी ...... माँ इस वक़्त कैसे अपनी चुकी को मसल रही होंगी कैसे ऊपर साबुन लगा रही होंगी

Aahhhhhhhhhh हहह

अर्जुन सोचते हुए अपना लैंड खुद hi मसल देता है आवर खुद hi तड़प जाता है

अर्जुन बाथरूम की तरफ देखते हुआ उठ जाता है आवर बाथरूम की तरफ बढ़ने लगता है

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अपडेट ...... 101

अर्जुन जैसे जैसे बाथरूम के करीब जा रहा होता है अर्जुन को थोड़ा दर भी लग रहा होता है

अर्जुन बाथरूम के पास जाकर खड़ा हो जाता है आवर फिर अर्जुन की नज़र आँचल की माँ की रूम की तरफ जाती है वह रूम से निकल तो नहीं रही

अर्जुन उधर देखने के बाद बाथरूम के गेट के पास खड़ा हो जाता है आवर एक बार फिर से आँचल की माँ की रूम की तरफ देखता है जब अर्जुन को यकीन हो जाता है वह बहार नहीं आ रही है तो पास मैं राखी छोटी टेबल को गए के पास रखता है आवर उस पर छड़ जाता है जो गेट के ऊपर एक रोशनदान होती है उसमे से देखते हुआ अर्जुन की नज़र सीधे अपनी माँ पर चली जाती है

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अर्जुन खड़ा होकर अंदर देखता है आवर अर्जुन के जिस्म मैं करेंट सा लगता है आवर अर्जुन के टेबल पर लड़खड़ता जाता है लेकिन अर्जुन झट से दिवार को पकड़ लेता है

अर्जुन अंदर जैसे hi देखता है अर्जुन की नज़र सीधे अपनी माँ की सिर्फ ब्रा क़ैद टाइट चुकी पर चली जाती है अपनी माँ की टाइट उभरी हुई चुकी को देख कर अर्जुन की हालत ख़राब हो जाती है

अर्जुन की आँखें बड़ी हो गयी होती है अर्जुन का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगते है आवर तो आवर अर्जुन का लैंड Jen's मैं फुल हार्ड खड़ा हो चूका होता है अर्जुन के माथे पर पसीने भी आने लगते है

क्यू के अंदर उसकी माँ अब अपनी टाइट चुकी को क़ैद से आजाद कर रही होती है

अर्जुन का दिल ज़ोर ज़ोर से मचल रही होती है अर्जुन बस एक तक अपनी माँ की चुकी पर नज़र टिकाये हुआ होता है तभी अर्जुन के कानो मैं अपनी नानी की आवाज़ सुनाई देती है आवर अर्जुन झट से टेबल से उतर कर हॉल मैं आ जाता है

अर्जुन हॉल मैं आकर सोफे पर बैठ hi रहा होता है तभी अर्जुन की नज़र रूम से निकलती हुई आँचल की माँ पर जाती है जो उसकी नानी की रूम मैं जा रही होती है

अर्जुन सोफे पर बैठ कर खुद को संत करने लगता है जो पकडे जाने के दर से उसकी हालत आवर ख़राब हो चुकी होती है अर्जुन सोफे पर बैठा आँखें बंद कर लेता है आवर अर्जुन के दिमाग मैं अपनी माँ की पिछ घूमने लगती है

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अह्हह्ह्ह्ह माँ कितनी खूबसूरत है उनकी जिस्म कितनी गोरी है दूध की तरह उनकी चुकी कितनी टाइट थी ब्रा मैं

माँ की चुकी कितनी दूध की तरह सफ़ेद होगी अह्ह्ह्ह ये नानी की वजह से देख भी नहीं पाया .....

Ahhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन आँखें बंद किये हुए सोच रहा होता है तभी अर्जुन को अपने लैंड मैं दर्द सा महसूस होता है जो अर्जुन आह्हः भरते हुआ आँखें खोल कर खड़ा हो जाता है आवर अपने लैंड को Jen's मैं अर्जेस्ट करने लगता है

अर्जुन का लैंड इस वक़्त फुल हार्ड खड़ा हो चूका होता है आवर थोड़ा दर्द भी कर रहा होता है जो अर्जुन को अपना लैंड आज कुछ जयादा hi जोश मैं लग रहा होता है अर्जुन जल्दी से अपने रूम मैं चला जाता है

अर्जुन रूम मैं आने के बाद अपने Jen's का चैन खोल कर अपना मोटा लम्बा लैंड बहार निकल कर थोड़ा सहलाने लगता है ताकि वह संत हो जाये मगर अर्जुन के आँखों के सामने बार बार अपनी माँ की बाथरूम का सन आ रहा होता है जिसे अर्जुन का लैंड आवर भी जयादा फैन फैला रहा होता है

संत होजा बीटा ..... बस आज इतना तंग क्यू कर रहा है

Ahhhhhhhhhhh

कितनी खूबसूरत है मेरी माँ

Ahhhhhhhhhhhhhh

उनकी जिस्म तो बेमिसाल है ... . उनकी चुकी

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhh

माँ की चुकी इतनी गोरी है तो उनकी छूट

Aaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaaa

अर्जुन के दिमाग मैं अपनी माँ की खूबसूरती के बारे मैं सोचते हुआ अपना लैंड ज़ोर ज़ोर से हिलने लगता है आवर अर्जुन के दिमाग मैं जैसे hi अपनी माँ की छूट का ख्याल आता है अर्जुन का लैंड का पानी निकल जाता है जो अर्जुन के लैंड का पानी इतने जोश मैं निकलता है की वह सारा पानी दिवार पर जाकर लग जाता है

अर्जुन इस वक़्त गेट के पास hi खड़ा होकर बहार भी देख रहा होता है ताकि उसकी माँ बाथरूम से निकल कर आये तो वह देख सके जिसकी वजह से अर्जुन का पानी दिवार पर गिर जाता है

अर्जुन कुछ देर तक वही खड़ा हफ्ते रह जाता है

Ahhhhhhhhhh hhhhhhhhhhhhhhh

कितना शांति मिल रहा है ..... इतना सकूँ तो माँ आवर दीदी के साथ भी नहीं मिला था जितना माँ की छूट को सोच कर मिला है

Ahhhhhhhhhhhhhhhh

ओह्ह्ह मा

अर्जुन मन मैं सोच रहा होता है आवर जैसे hi अर्जुन अपनी माँ की छूट का नाम लेता है उसका लैंड एक बार फिर से फैन फ़ना जाता है तभी अर्जुन को माँ बाथरूम से निकलती हुई दिखाई देती है आवर अर्जुन झट से लैंड को अंदर डालता है आवर चैन बंद कर के रूम से निकल जाता है

अर्जुन जल्दबाज़ी मैं अपना पानी भी दिवार से पोछ नहीं पता है जो इस वक़्त अर्जुन का पानी दिवार से निचे की तरफ बाह रही होती है

अर्जुन बीटा बस 10 मिनट्स मैं आती हुईं अर्जुन को रूम से निकलते देख कर राखी देवी मुस्कुराती हुई बोलती है

वही अर्जुन भी अपनी माँ को देख कर मुस्कुरा देता है आवर जल्दी मैं हॉल मैं चला जाता है

अर्जुन हॉल मैं जाकर सोफे पर बैठ कर फ़ोन चलने लगता है वही राखी

अर्जुन बीटा चले .... अर्जुन फ़ोन मैं खोया हुआ होता है तभी उसके कानो मैं माँ की आवाज़ आती है जो अर्जुन थोड़ा हड़बड़ा भी जाता है आवर जल्दी से फ़ोन बंद कर देता है जैसे फ़ोन मैं उसकी माँ न देख ले आवर अर्जुन सर उठा कर अपनी माँ को देखता है आवर देखता hi रह जाता है

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वाओ माँ आप तो स्वर्ग की पारी हो लग रही है

अर्जुन अपनी माँ की खूबसूरती को घूरते हुआ बोलता है बहुत hi धीरे से बोलता है जो राखी देवी सुन लेती है आवर राखी देवी की चेहरे पर मुस्कान आ जाती है

थैंक्स बीटा ..... लेकिन मैं स्वर्ग की पारी नहीं तुम्हारी माँ हुईं

राखी देवी मुस्कुराती हुई बोलती है वही अर्जुन शर्मा जाता है आवर निचे देखने लगता है

ओह माँ माँ माँ ..... माँ आप बहुत अच्छी लग रही हो इस साड़ी मैं

अर्जुन थोड़ा शर्मा तो जयादा है अपनी माँ से लेकिन फिर लड़खड़ते हुआ बोल पड़ता है

वही राखी देवी बस मुस्कुरा देती है

थैंक्स बीटा .... तो चले घूमने ..... राखी देवी मुस्कुराती हुई बोलती है

राखी देवी अर्जुन को देख देख कर बार बार मुस्कुरा रही होती है जो अर्जुन को थोड़ा अजीब लगता है आवर इस लिए अर्जुन थोड़ा शर्मा रहा भी होता है

दोनों मास बेटे घर से निकल पड़ते है राखी देवी अर्जुन के साथ hi चल रही होती है आवर फिर चलते हुआ राखी देवी अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है

राखी देवी जैसे hi अर्जुन का हाथ पकड़ती है अर्जुन के जिस्म कैंप सी जाती है क्यू की राखी देवी की हाथ मैं अर्जुन को एक गर्मी सी महसूस होती है

अर्जुन अपनी माँ को देखता है तो उसकी माँ बस मुस्कुरा रही होती है तो अर्जुन कुछ बोलता नहीं है आवर फिर दोनों साथ मैं चलने लगते है

दीदी आप बहुत खूबसूरत हो आवर लकी भी जो इतना हैंडसम बॉयफ्रेंड मिला है आप को ..

अर्जुन आवर राखी देवी पार्क मैं बैठे हुए होते है तभी वह एक लड़की आकर बोलती है जो गॉड मैं एक बच्ची को ली हुई होती है

क्या बोल रही हो ये मेरी

वही राखी देवी लड़की की बातें सुन कर पहले तो शर्मा जाती है लेकिन जैसे hi अर्जुन कुछ बोलने को होता है के राखी देवी अर्जुन का हाथ दबा देती है तो अर्जुन चुप हो जाता है लेकिन अर्जुन थोड़ी हैरानी से अपनी माँ को ज़रूर देखता है

वही राखी देवी अब थोड़ी मुस्कुराती हुई लड़की को देखने लगती है ....

थैंक्स ...... बहुत हैंडसम है न मेरे बॉयफ्रेंड

लेकिन तुमेह कैसे पता चला ये मेरा बॉयफ्रेंड hi है

राखी देवी हस्ती हुई बोलती है

वह दीदी आप की आगे थोड़ी बड़ी है न इस लिए मुझे ..... लड़की बोलती है

वही लड़की की बात सुन कर राखी देवी बस मुस्कुरा रही होती है

वैसे दीदी मेरे ख्याल से आप की आगे 32 ` 33 सल्ल तो होगी hi

राखी की आगे 45 हो रही है पिंकी ....

ओह शीट्ट्ट्ट इसे भी अभी आना था

औरत की आवाज़ सुन कर राखी देवी मन मैं सोचती है

वही औरत की मुंह से राखी नाम सुन कर तो पिंकी राखी देवी को हैरानी से घूरने hi लगती है

आप वही राखी आंटी हो

पिंकी की चेहरे को देख कर राखी देवी खुद को आवर रोक नहीं पति है आवर वही पार्क मैं ज़ोर ज़ोर से हसने लगती है

पार्क मैं बैठे लोग राखी देवी की हसी सुन कर देखने लगते है वही अर्जुन आवर पिंकी बस राखी देवी को घर रहे होते है

पिंकी तो पहले हैरान हो गयी होती है फिर समझ जाती है राखी उससे मस्ती कर रही थी मगर अर्जुन तो बस अपनी माँ को देख रहा होता है

अर्जुन अपनी माँ इस तरह हस्ते हुआ आज पहली बार देख रहा होता है जो खुल जगह पार्क मैं पेट पकड़ कर हस्ती चली जा रही होती है

माँ हस्ती हुई कितनी प्यारी लग रही है .. ये माँ की मुस्कान कितनी प्यारी है

अर्जुन अपनी माँ को हस्ते हुए देख कर मन मैं सोचता है

अब बस भी कर राखी हसने लगती है तो चुप hi नहीं होती है ..... वही औरत बोलती है जो खुद भी है रही होती है राखी देवी के साथ

ओह रेनू तू बाद मैं नहीं आ सकती थी यार .... राखी देवी अभी भी मुस्कुराती हुई बोलती है

वह औरत कोई आवर नहीं राखी देवी की दोस्त रेनू hi थी

वैसे पिंकी ने कौन सा बूम दिया था बताएगी ....... रेनू आंटी मुस्कुराती हुई बोलती है जैसे ृणु आंटी को पता हो कोई तो अजीब बात बोली होगी जो राखी इतनी है रही है

रेनू अर्जुन को मेरा बॉयफ्रेंड बोल रही थी ये

हां हां हां हआ हां हआ

राखी देवी बोल कर हसने लगती है वही इस बार रेनू भी हसने लगती है दोनों दोस्त है रही होती है आवर पिंकी बस दोनों को देख रही होती है आवर फिर अपना सर निचे कर लेती है जैसे पिंकी को अब बुरा लग रहा है जो राखी देवी देख लेती है आवर रेनू का हाथ पकड़ लेती है जो रेनू भी चुप हो जाती है

वही अर्जुन बस अपनी माँ को देख रहा होता है आवर मन hi मन मुस्कुरा रहा होता है जैसे अर्जुन को अपनी माँ को हस्ते हुए देख कर ख़ुशी मिल रही है

सॉरी आंटी मेरी बात आप को बुरी लगी तो मुझे नहीं पता था वह आप का बीटा है ..... पिंकी थोड़ी दुखी मन से बोलती है

ओह सॉरी सॉरी मुझे मांफ कार्डो ... मैं तुमपे नहीं तुम्हारी बात पर है रही थी आवर मुझे बिलकुल भी बुरा नहीं लगा .... रेनू वैसे ये है कौन तेरी बेटी है क्या

पिंकी की मायुश आवाज़ सुन कर राखी देवी बोलती है

समझ ले मेरी बेटी hi है .... मेरी जेठानी की बड़ी बहु है .... रेनू बोलती है

बहुत प्यारी ...... राखी देवी पिंकी की चेहरे को छूती हुई बोलती है

ोये हीरो तुझे क्या हुआ .....तुझे अपनी माँ की बॉयफ्रेंड तो नहीं बनना है न रेनू हस्ती हुई बोलती है


जीई आंटी .... ओह सॉरी मतलब नहीं से था अर्जुन हड़बड़ाता हुआ बोलता है जिससे रेनू हसने लगती है

अर्जुन बीटा मुझे समझ नहीं आता .... तू अपनी माँ को गर्लफ्रेंड बनाना चाहता है क्या बना ले तेरी माँ जैसी तुझे दूसरी कही नहीं मिलेगी ..... रेनू फिर से हस्ती हुई बोलती है


आंटी कस माँ मेरी गर्लफ्रेंड होती

आह्ह्ह्हह्ह कितनी चिकनी है माँ की नेवल

वही अर्जुन इस बार थोड़ा
सरमने लगता है ..... या कह सकते है सरमने का नाटक करने लगता है .....

क्यू की अर्जुन को रेनू आंटी की बातें अच्छी लग रही होती है मगर अर्जुन निचे देख रहा होता है ताकि उनेह लगा वह शर्मा रहा है

अर्जुन निचे देख रहा होता है तभी अर्जुन की नज़र अपनी माँ की चिकनी नेवल पर चली जाती है आवर अर्जुन अपनी माँ की चिकनी नेवल को देखने लगता है

ोये रेनू मेरे बेटे को छेड़ मत ..... आवर रही गर्लफ्रेंड की बात तो मैं अपने बेटे को गर्लफ्रेंड hi हुईं ... समझी

राखी देवी रेनू को ऊँगली दिखती हुई बोलती है आवर अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है वही अर्जुन अब भी थोड़ा शर्मा जाता है अपनी माँ की बात सुन कर

ठीक है बाबा अब मैं कुछ नहीं कहती ... रेनू आंटी बोलती है

आंटी सासु माँ बुला रही है .... पिंकी दूसरी तरफ देखती हुई बोलती है

हां बेटी चलते है ..... Ok राखी फिर मिलते है .... रेनू आंटी बोलती है आवर पिंकी के साथ चली जाती है

क्या हुआ इतना शर्मा क्यू रहा है .... राखी देवी अर्जुन को अभी भी सरमते हुए देख कर पूछती है


अब राखी देवी को क्या पता अर्जुन निचे देखते हुआ उनकी जिस्म को देख रहा है

माँ वह

अर्जुन बीटा गर्लफ्रेंड वाली बात तो नहीं सोच रहा ..... बीटा गर्लफ्रेंड .... मतलब

गर्लफ्रेंड = गर्ल का मतलब लड़की = फ्रेंड मतलब दोस्त

मैं मन की औरत हुईं लेकिन हुईं तो लड़की hi न आवर मैं अपने बेटे की दोस्त भी नहीं बन सकती .....

नहीं आप पहले मेरी माँ फिर दोस्त ..... अर्जुन बोलता है जो राखी देवी मुस्कुरा पड़ती है

हां पहले माँ तुम्हारी माँ फिर दोस्त

राखी देवी बोलती हुई अर्जुन को गले लगा लेती है

huinnnnnnnnnnnnnn ववववव क्या खुसबू है माँ की जिस्म की


अर्जुन जैसे hi माँ से गले लगता है अर्जुन को अपनी माँ की जिस्म से बहुत hi मदहोशी भरी खुसबू आती है जो अर्जुन अपनी नाक को लम्बी साँस लेकर सूंघता है लेकिन राखी देवी जल्द hi अर्जुन से अलग हो जाती है

अर्जुन पानी पूरी कहते है .... राखी देवी पानी पूरी देख कर बोलती है तो अर्जुन हां मैं सर हिलता है आवर दोनों माँ बेटे पानी पूरी वाले के पास जाने लगते है

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शाम के 6 :पं

इस वक़्त आदि अपनी माँ की रूम के गेट पर खड़ा हुआ आवर गेट के हॉल से अंदर देख रहा होता है आवर अपने लैंड को पकड़ कर मसल रहा होता है मगर उसका लैंड अपना सर उठा hi नहीं रहा होता है जिससे आदि को अपने लैंड पर गुस्सा आ रहा होता है आवर आदि अपने लैंड को आवर भी ज़ोर से मसल रहा होता है

ये साली रंडी मेरी माँ के साथ क्या रही है बस साली रांड मैं तुझे जान से मार दूंगा साली रंडी

आदि रूम से निकल कर किचेन मैं जा रहा होता है तभी उसको अपनी माँ की रूम से आवाज़े सुनाई देती है तो आदि अपनी माँ की रूम के पास आ जाता है आवर पहले तो अपनी माँ को नंगी देख कर हैरान हो जाता है फिर चांदनी को देख कर गुस्सा भी हो जाता है

लेकिन आदि की नज़र जैसे hi अपनी माँ की जिस्म पर पूरी तरह पड़ती है आदि सब कुछ भूल कर अपनी माँ की भरी हुई जवानी को देखने लगता है आवर अपना लैंड पकड़ लेता है

बस मक खड़ा हो जा ... अब खड़ा नहीं होगा तो कब होगा बस .... आदि गुस्से मैं खुद के लैंड मसलते हुए खुद की माँ बहन को छोड़ रहा होता है लेकिन फिर भी उसके लैंड मैं कोई हलचल नहीं हो रही होती है

वही रूम के अंदर चांदनी बीएड पर लेती हुई होती है आवर आदि की माँ बीएड पर लेती हुई चांदनी की छूट को चाट रही होती है

आदि की माँ की बड़ी गांड बीएड पर घोड़ी जैसी बनने की वजह से आदि के आँखों के सामने खुद की माँ की गांड दिखाई दे रही होती है


जिस माँ को आदि न जाने कब से मर्दों से दूर रखता हुआ आया था ये सोच कर की वह एक दिन अपनी माँ की गर्दै जिस्म को खुद रगड़ रगड़ कर छोड़ेगा लेकिन आदि की वह सपना टूटता हुआ नज़र आ रहा होता है

क्यू की आदि के सामने उसकी माँ की जिस्म बिलकुल नंगी आवर खास कर उसकी माँ की गर्दै हुई मसल वाली गांड की छोटी बिल आदि को दिख रही होती है लेकिन आदि का लैंड साला खड़ा होने का नाम hi नहीं ले रहा होता है जो आदि गुस्से के साथ दुखी भी हो रहा होता है

अह्हह्ह्ह्ह ौनतयययययययय अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह ओह्ह्ह्हह्हह एसससससस आंटी ohhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhh

वही अंदर आदि की माँ चांदनी की छूट को चाटती hi जा रही होती है जिससे चांदनी गांड उठा उठा कर सिसक रही होती है आवर उतनी hi जोश मैं बोल भी रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

चांदनी एक लम्बी आह्ह्ह्हह भरते हुआ संत पद जाती है

वही आदि की माँ अभी भी चांदनी की छूट मैं hi मुंह लगायी हुई होती है

कैसा लगा आंटी टेस्ट ..... आदि की माँ जब चांदनी की छूट से सर हटा कर कड़ी होती है तो चांदनी मुस्कुराती हुई पूछती है

वही आदि की माँ कुछ बोले बिना वह से बाथरूम मैं चली जाती है .....

khattttttttttttttttt

कविता आंटी आप हो अभी खोलती हुईं ....

गेट पर आवाज़ सुन कर चांदनी बोलती है आवर बीएड से उठ कर नाईट ड्रेस पहनती है आवर गेट खोल देती है आवर बहार किसी को न देख कर मुस्कुरा देती है .....


सेल भड़वे नामर्द हरामी कुत्ते ..... देख कैसे तेरी ज़िन्दगी मैं नर्क बना देती हुईं ......चांदनी मन मैं सोचती है आवर रूम से निकल कर किचेन मैं चली जाती है

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अर्जुन आवर राखी देवी दोनों साथ मैं घर की तरफ आ रहे होते है राखी देवी अभी भी अर्जुन का हाथ पकड़ कर चल रही होती है जो अर्जुन बार बार अपनी माँ को देख रहा होता है

माँ आप कॉलेज लाइफ मैं बहुत मस्ती की है न .... अर्जुन साथ चलते हुए पूछता है

हां अर्जुन बहुत मस्ती की है ... राखी देवी मुस्कुराती हुई बोलती है

माँ आप हस्ती हुई छोटी बच्ची की तरह लगती है जिसको बस हस्ते हुआ देखने का मन करता है .... अर्जुन बोलता

वही अर्जुन की बात सुन कर राखी देवी वही रुक जाती है आवर अर्जुन को देखने लगती है

क्या हुआ आप इस तरह क्यू देख रही है .....

अपनी माँ को खुद को देखते हुआ देख कर अर्जुन पूछता है .....

क क कुछ नहीं बीटा .... थैंक्यू बीटा ....

राखी देवी बोलती है आवर फिर चलने लगती है

वही अर्जुन तो थोड़ा अजीब लगता है अपनी माँ की हरकत को लेकिन अर्जुन कुछ आवर बोलता नहीं है क्यू के अर्जुन के सवाल से राखी देवी की हसी चली गयी होती है

क्या हुआ माँ को ... कही मेरी बात माँ को बुरा तो नहीं लग गया .... लेकिन मैंने तो बस इतना hi कहा आप हस्ती हुई छोटी बच्ची की तरह लगती हो .....

अर्जुन चलते हुआ मन मैं सोचता है

वही राखी देवी बस चल रही होती है कुछ बोलती नहीं है .....

राखी देवी की चेहरे का रंग उतर ज़रूर गया होता है लेकिन राखी देवी अर्जुन का हाथ अभी भी छोड़ी नहीं होती है बल्कि आवर भी ज़ोर से पकड़ ली होती है

अर्जुन को कुछ समझ नहीं आ रहा होता है उसकी माँ उसके बातों से गुस्सा है या दुखी हो गयी है अर्जुन बस अपनी माँ के साथ चल रहा होता है

थोड़ी hi देर मैं अर्जुन आवर राखी देवी घर पहुँच जाते है तो राखी देवी रूम मैं चली जाती है आवर अर्जुन हॉल मैं hi बैठ जाता है

माँ को मेरी बात से सायद कुछ तो हुआ है माँ है रही थी मगर मेरी बात सुनते hi माँ की मुस्कान चली गयी थी .... आखिर इस बात मैं क्या hi था .... आवर माँ ने तो थैंक्यू भी कहा फिर ....

मतलब माँ मेरी बात बुरी नहीं लगी है .... माँ मेरी बात से दुखी हो गयी है .... लेकिन क्यू .... मुझे माँ hi बता सकती है

अर्जुन हॉल मैं बैठा मन मैं सोच रहा होता है आवर अर्जुन थोड़ा परेशां भी होता है .....

जैसे अपनी माँ की दुखी चेहरे को देख कर अर्जुन को बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा हो ......

अपनी माँ को रूम से निकलते देख कर अर्जुन भी उठ कर रूम मैं चला जाता है

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थैंक्स बीआरओ

पीछे एक अपडेट मैं चांदनी का स्कैन आया था बीआरओ जो वह हवेली से भागी थी

बीआरओ आदि की माँ इतनी भी बेसरम नहीं थी के कुछ hi दिन मैं चांदनी के साथ लेस्बियन हो जाए जब के वह चांदनी को बेटी जैसी मानती थी .... कुछ तो हुआ है आदि के घर

आने वाले अपडेट मैं पता चल जायेगा बीआरओ राखी देवी दुखी क्यू हो गयी थी अर्जुन की बात सुन का
 
अपडेट ...... 102

रात के 10 : पं




अर्जुन बीटा आँचल से बात किया क्या ...... वह बोल रही थी तेरा फ़ोन नहीं लग रहा है

राखी देवी रूम मैं आकर पूछती है जो अर्जुन इस वक़्त फ़ोन चला रहा होता है

हां माँ ......... माँ से अभी बात किया ... अर्जुन बोलता है

अर्जुन बिना अपनी माँ की तरफ देख hi बोलता है आवर फिर से फ़ोन चलने लगता है

अर्जुन कैसी लग रही हुईं मैं .... राखी देवी बहुत hi सरमाती हुई आवाज़ मैं बोलती है


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वाओ वववववववव 😳😳😳😳😳

एंजेल ऑफ़ ब्यूटी 😍😍😍😍

अर्जुन अपनी माँ की खूबसूरती को देखते हुआ बोल पड़ता है लेकिन अर्जुन की नज़र अब भी अपनी माँ की जिस्म पर hi होती है

माँ की खूबसूरती का कोई मिसाल नहीं है

कितनी बड़ी लग रही है माँ चुकी इस ड्रेस मैं लग रहा है माँ की चुकी ड्रेस फाड् कर बहार आ जाएगी

Ahhhhhhhhhhhhhhhh

कितनी फैली हुई लग रही है माँ की कमर के निचे माँ की गांड सच मैं बहुत बड़ी है

माँ ऊपर से निचे तक रास से भरी हुई है मन तो कर रहा है माँ की जिस्म को जाकर मसल दूँ Aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन अपनी माँ को नाईट ड्रेस मैं देख कर बहुत गर्म हो चूका होता है आवर अर्जुन के मन अपनी माँ की जिस्म को लेकर साडी बातें चलने लगी होती है यह तक अर्जुन अपनी फ़ोन लैंड के ऊपर रख देता है जो इस वक़्त वह भी सर उठाने लगा होता है मगर अर्जुन की नज़र अभी भी माँ के ऊपर hi होती है

वही अर्जुन की मुंह से एंजेल ऑफ़ ब्यूटी की नाम सुन कर राखी देवी शर्मा जाती है मगर राखी देवी की चेहरे पे मुस्कान भी आग गयी होती है जैसे राखी देवी भी कुछ ऐसा hi अर्जुन के मुंह से सुन्ना चाहती थी

राखी क्या लग रहा है तुझे के इस वक़्त अर्जुन तुझे किस नज़र से देख रहा है ... अर्जुन की आँखों मैं देख क्या दिख रहा है तुझे ..... मुझे तो अर्जुन के आँखों मैं एक मर्द दिख रहा है जो तेरी जैसी रह भरी जवानी वाली आंटी को हवस की नज़र से देख रहा

नहीं नहीं मेरा अर्जुन ऐसा नहीं है वह मुझे माँ की नज़र से देख रहा है उसने कभी मुझे ऐसे कपड़ों मैं नहीं देखा है न इस लिए सायद थोड़ा हैरान हो ......

तो फिर तुझे अर्जुन ने एंजेल ऑफ़ ब्यूटी क्यू बोलै ....... मन की तू खूबसूरत है आवर तेरी जवानी भी बेमिसाल है मगर अर्जुन तेरा बीटा है वह कुछ आवर भी बोल सकता था तेरी तारीफ मैं सोच ज़रा

नहीं मेरा अर्जुन ऐसा नहीं है उसके मुंह से निकल गया होगा तू चुप रह मुझे आवर कुछ नहीं सुन्ना ....

राखी देवी खुद के दिमाग से बहस कर रही होती है

वही अर्जुन तो बस अपनी माँ की कभी सरमाती हुई चेहरे को तभी कभी माँ की गुलाबी होंठ तो कभी चुकी की ऊपर थोड़ी दिख रही गोरी गले तो कभी माँ की मदमस्त जवानी को ऊपर से निचे तक घर रहा होता है आवर अर्जुन के जिस्म मैं भी गर्मी सा महसूस हो रहा होता है जो अर्जुन अपना फ़ोन लैंड के ऊपर रगड़ रहा होता है

अर्जुन को इस वक़्त अपनी माँ सच मैं किसी हुस्न की देवी कामदेवी से काम नहीं लग रही होती है अपनी माँ की जिस्म को देख कर अर्जुन के माथे पर पसीने आने लगते है लेकिन अर्जुन माँ की जिस्म से नज़र नहीं हटाता है

राखी देवी नाईट ड्रेस भी ऐसी पहनी हुई होती है की राखी देवी की जिस्म की बनावट उभर कर दिख रही होती है जिस अर्जुन देख कर बेचैन हो रहा होता है

अर्जुन के एक तक घूरते हुआ देख कर अब राखी देवी को सरम महसूस होने लगती है आवर राखी देवी की दिल धड़कन भी तेज़्ज़ होने लगती है जो राखी देवी चलती हुई बीएड पर आ जाती है

राखी देवी जैसे hi बीएड पर अर्जुन के बगल मैं बैठती है राखी देवी की नज़र अर्जुन के हाथ पर चली जाती है आवर राखी देवी की पहले से धड़क रहा दिल आवर ज़ोर से धड़कने लगती है क्यू के जब अर्जुन का हाथ थोड़ा आगे या पीछे आ रहा होता है तो राखी देवी को अर्जुन का लैंड की उभर दिख रही होती है

हे भगवन अर्जुन का वह खड़ा है क्या अर्जुन सच मैं मेरे बारे मैं कुछ गन्दा सोच रहा है

क्या अर्जुन सच मैं मेरे साथ कुछ करना चाहता है ... राखी देवी मन मैं सोचती है जो राखी देवी की गाला सूखने लगती है मगर राखी देवी की छूट मैं चित्तियाँ रंगने लगती है जो राखी देवी अपनी हाथ साड़ी के ऊपर से छूट पर रख देती है आवर थोड़ी छूट पर दबाओ बना देती है

अर्जुन बीटा कहा खोया है

हां माँ मा क क्याआ क का .... अपनी माँ की आवाज़ आवर माँ को बगल मैं देख कर अर्जुन बोलते हुआ हकलाने लगता है

अर्जुन हैरान भी हो जाता है उसकी माँ बीएड पर कब आई

क्या हुआ अर्जुन तुम ठीक है न ... क्या बोल रहा है ..... राखी देवी बोलती है आवर अर्जुन को घूरने लगती है वही अर्जुन अब अपनी सर निचे कर लेता है

अर्जुन की घबराहट को देख कर राखी देवी को यकीन होने लगती है अर्जुन कुछ तो उसके बारे मैं सोच रहा था तभी तो अर्जुन को पता भी नहीं चला मैं बीएड पर कब आई

सॉरी माँ वह मैं आप को देख रहा था माँ आप सच मैं बहुत खूबसूरत लग रही इस ड्रेस मैं ... अर्जुन अपना सर निचे किये हुआ बोलता है

वही राखी देवी तो अर्जुन की बात सुन कर मुस्कुरा देती है लेकिन चेहरे पर नज़र नहीं आने देती है

ओह्ह तुम अपनी माँ की खूबसूरती को देख रहे थे .... तो इसमें सरमने वाली कौन सी बात है ........ बीटा अपनी माँ की खूबसूरती नहीं देखेगा तो कौन देखेगा

मैं तो इस लिए तुमेह hi देखने को आई थी ये नाईट ड्रेस मुझपे कैसी लग रही है ..... राखी देवी बोलती हुई अर्जुन का सर उठ देती है आवर मुस्कुरा देती है जो अर्जुन को अच्छा लगता है आवर अर्जुन भी मुस्कुरा देता है

हां लेकिन मुझे एक बात मुझे अच्छी नहीं लगी .... कोई बीटा अपनी माँ की तारीफ वैसे भी करता है क्या ..... राखी देवी बोलती हुई फिर से घूरने लगती है

ओह शीट मैं भी क्या बोल दिया था .... अपनी माँ की बात सुन कर अर्जुन को याद आता है वह तारीफ करते वक़्त अपनी माँ को हुस्न की पारी बोल दिया था

सॉरी माँ वह गलती से निकल गया था ..... अर्जुन फिर से निचे सर करता हुआ बोलता है

वही राखी देवी फिर से मन मैं मुस्कुरा पड़ती है

मैं भी क्या क्या सोच रही थी ..... मेरा अर्जुन कितना माशूम है वह मेरे बारे मैं कभी गन्दा सोच भी नहीं सकता है

चलो आज अपने अर्जुन से थोड़ा मस्ती करती हुईं ..... राखी देवी मन मैं सोचती है

अर्जुन बीटा मैं इतनी भी जवान नहीं हुईं अब तो मैं बुद्धि होती जा रही हुईं अब तो मैं कुछ दिन मैं लाठी पकड़ लुंगी ....

Kyaaaaaaaaaaaaa

राखी देवी की आखिर बात लाठी पकड़ने की सुनते hi अर्जुन चौंक पड़ता है

माँ आप क्या बोल रही है .... आप तो अभी भी जवान लगती है .... देखा नहीं पार्क मैं वह भाभी आप को मेरी

अर्जुन इतना बोल कर चुप हो जाता है .....

वही राखी देवी अर्जुन की बात सुन कर सरमाती हुई फिर से मन मुस्कुरा देती है

बीटा वह तो . ... राखी देवी भी आगे कुछ बोल नहीं पति है क्यू के आगे क्या बोले राखी देवी को भी समझ नहीं आती है

माँ आप अब भी जवान लगती है ..... अगर आप दीदी के साथ भी वह पार्क मैं होती तो वह आप को दीदी की बड़ी बहन hi समझती ..... अर्जुन बोलता है वही राखी देवी अब आवर भी जयादा सरमने लगती है

चल पगले सजा कुछ भी बोलता है ..... राखी देवी सरमाती हुई अर्जुन के सात पे प्यार से मरती है आवर बीएड पर लेट जाती है

अपनी माँ को सोते देख कर अर्जुन भी बीएड पर लेट जाता है दोनों माँ बीटा का सर एक दूसरे के सामने hi होता है जो अर्जुन अपनी माँ की बंद आँखें हुई चेहरे को देख रहा होता है

वही राखी देवी अपनी आँखें बंद की होती है लेकिन जब राखी देवी को लगता है अर्जुन उनके तरफ hi देख रहा होता है तो राखी देवी अपनी आँखें खोल देती है

अर्जुन सजा अब कितना देखेगा मुझे ....... राखी देवी को अब सच मैं सरम आ रही होती है अर्जुन को खुद को देखते हुए देख कर

माँ एक बात पुछु ...... अर्जुन माँ को देखते हुआ पूछता है

हां पूछों लेकिन सिर्फ एक मुझे नींद आ रही है ..... राखी देवी बोलती है आवर अर्जुन को देखने लगती है

माँ आप उस वक़्त दुखी क्यू हो गयी थी मेरी बात से .... जब मैंने कहा आप हस्ती हुई छोटी बच्ची की तरह लगती है

अर्जुन भी अपनी माँ की आँखों मैं देखते हुआ बोलता है

वही राखी देवी अर्जुन की सवाल से पहले तो थोड़ी मुस्कुरा देती है लेकिन फिर वह करवट बदलते हुए ऊपर की तरफ देखने लगती है जैसे राखी देवी कुछ सोचने लगी है

माँ आप फिर से दुखी हो गयी ..... इसमें दुखी होने वाली कौन सी बात है ..... अर्जुन बोलते हुआ बीएड पर उठ कर बैठ जाता है आवर माँ को देखने लगता है

अर्जुन बीटा जब तेरे पापा मुझसे पहली बार मिले थे वह मेरी तारीफ मैं पहला सब्द वह मुझसे एहि बोले था ....... राखी देवी ऊपर छत की तरफ देखती हुई hi बोलती है

वही अर्जुन को समझ आ जाता है उसकी माँ क्यू दुखी हो गयी थी

सॉरी माँ मेरी वजह से

Arjunnnnnnnnnnnnn

अर्जुन अभी कुछ आवर बोलता उसके पहले hi राखी देवी उठ कर अर्जुन के गले लग जाती है गले भी ऐसी लगती है की राखी देवी की चुकी अर्जुन के साइन पर पूरी तरह डाब गयी होती है आवर राखी देवी की निप्पल अर्जुन के साइन पर महसूस होने लगती है लेकिन अर्जुन का धयान अभी अपनी माँ के रोने पर होती है जो अर्जुन से लिपट कर राखी देवी सिसक रही होती है

अर्जुन अपनी माँ को साइन से लगाए हुए माँ की पीठ पर हाथ सहला रहा होता है

वही राखी देवी दुखी होकर अर्जुन से आवर चिपकी चली जाती है जो अर्जुन को अब माँ की चुकी अपनी साइन पर महसूस होने लगती है आवर अर्जुन के लैंड मैं एक बार फिर से हलचल होने लगती है अर्जुन अब अपनी माँ की पीठ को थोड़ा दबा कर सहलाने लगता है आवर अपना सर भी माँ की गले पर हल्का टाच कर देता है जो माँ की जिस्म की खुसबू लेते हुए अर्जुन की आँखें बंद हो जाती है लेकिन अर्जुन अपनी माँ की जिस्म की खुसबू जयादा देर तक नहीं के पता है

क्यू की राखी देवी अर्जुन से अलग हो जाती है आवर उठ कर रूम से बहार चली जाती है

अर्जुन भी अपनी माँ की बात सुन कर थोड़ा दुखी हो गया होता है के अनजाने मैं hi मगर उसने माँ की पुराणी यादें ताज़ा कर दिया है

अर्जुन बीएड पर लेट जाता आवर अपनी आँखें बंद कर लेता है

वही राखी देवी जब रूम मैं आती है तो देखती है अर्जुन सो गया है तो राखी देवी भी बीएड पर लेट जाती है आवर अपना एक हाथ अर्जुन के ऊपर रख कर अपनी आँखें बंद कर लेती है

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रात के 11:पं

आदि रूम मैं सोया हुआ होता है तभी उसे अपनी माँ की बहार से हसने की आवाज़ सुनाई देती है तो आदि उठ जाता है आवर रूम से बहार निकल जाता है आवर आवाज़ फिर से सुनने की कोशिश करता है किस तरफ से आ रही है तो आवाज़ उसको हॉल की तरफ से आती हुई सुनाई देती है तो आदि हॉल की तरफ चल पड़ता है

आदि हॉल मैं जाता है तो देखता है हॉल की लाइट बंद हुई है आवर हॉल मैं टीवी चल रही है आदि की नज़र जैसे hi टीवी पर जाती है आदि की हालत ख़राब हो जाती है आवर आदि की चेहरे पर गुस्सा आने लगता है क्यू के टीवी पर इस वक़्त पोर्न चल रही होती है वह भी लाइव

आदि तो गुस्से से लाल हो जाता है आवर उससे कही जयादा हैरान भी होता है उसकी माँ इतनी बेसरम कैसे बन गयी के हॉल मैं बैठी पोर्न देख रही है जो औरत कभी अपनी जिस्म को कोई आंग नहीं दिखने देती थी आवर कभी अपनी साइन से पल्लू निचे नहीं गिरने देती थी वह इतनी गन्दी पोर्न कैसे देख रही है वह भी ख़ुशी से आवर तो आवर उसके साथ उसकी बेटी की उम्र की लड़की भी साथ मैं है

आदि हॉल के दिवार के पीछे छिप कर देखते हुआ सोचता है तभी आदि को अपनी माँ की आवाज़ सुनाई देती है जिसको सुन कर आदि हैरान परेशां हो जाता है आवर उतना hi गुस्सा आवर दुखी भी हो जाता है

बेटी देखती जाओ इस कमीने को ऐसी सबक सिखाऊंगी के ये किसी औरत को देखेगा भी नहीं ...... मैंने कौन सा पाप किया था जो ऐसा हरामी इंसान मेरे जीवन मैं आया

आदि की माँ एहि बोली हुई होती है जो आदि को समझ भी नहीं आई होती है उसकी माँ किसको बोल रही है आवर आगे क्या करने वाली है .... वह सबक किसको सीखने वाली है

आदि के मन मैं ये साडी बातें चलने लगती है ..... लेकिन आदि वह बैठी चांदनी को देख कर गुस्से से लाल आवर हो गया होता है

साली रांड ये मेरे घर आई कैसे ..... बस वह मक फ़ोन भी नहीं उठा रहा है

आदि गुस्से मैं जलता हुआ मन मैं सोचता

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

आदि अभी मन मैं गुस्से से जल hi रहा होता है तभी आदि को अपनी माँ की बहुत hi मदहोशी भरी अह्ह्ह्हह सुनाई देती है जो आदि एक वक़्त के लिए सब कुछ भूल जाता है आवर दिवार से छिप कर हॉल मैं देखने लगता है आवर हॉल मैं देख कर आदि का हाथ खुद अपने लैंड पर चला जाता है

वही हॉल मैं लाइट ों हो चुकी होती है आवर टीवी पर माँ बेटी की पोर्न लेस्बियन सेक्स चल रही होती है लेकिन आदि की नज़र तो इस वक़्त अपनी माँ पर तिकी हुई होती है जो सोफे पर लेती हुई होती है आवर चांदनी उसकी माँ की बड़ी बड़ी चुकी को एक हाथ से मसल रही होती है आवर एक चुकी की निप्पल को मुंह मैं लेकर चूस रही होती है

आदि अपनी माँ की बड़ी थान वाली चुकी देख कर तो सब कुछ भूल hi चूका होता है आवर अपनी माँ की बड़ी टाइट चुकी को देख कर लैंड को मसल रहा होता है

अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह चांदनी बेटी धीरे Ssssssssss बहुत अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह सल्ल्ल्ल्ल से किसी ने Ahhhhhhhhhhhhhhhh नहीं मसाला है Ahhhhhhhhhhhh ohhhhhhhhhhhhhhh

आदि की माँ मस्ती आवर दर्द मैं सिसकती हुई बोलती है वही चांदनी तो बस आदि की माँ की चुकी को मसलती hi जा रही होती है


चांदनी आदि की माँ की दोनों चुकी से खेलती हुई ऊपर की तरफ आती है आवर आदि की माँ के चेहरे को देख कर मुस्कुरा देती है

आंटी सच मैं आप की जिस्म तो कमल की है इतनी उम्र होने के बाद भी आप की जिस्म जवान लड़की की तरह है

लगता है बहुत काम जोताई हुई है आप की हरी भरी खेत मैं ..... चांदनी बोलती हुई फिर से मुस्कुरा देती है

वही आदि की माँ शर्मा जाती है .....

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

बोलिये न आंटी मैं सही बोल रही हुईं न .....

आदि की माँ को सरमाती हुई देख कर चांदनी अपना एक हाथ निचे करते हुए आदि की माँ की छूट hi पकड़ लेती है जो आदि की माँ सिसकियाँ लेती हुई सोफे पर तड़प पार्टी है अपनी बड़ी गांड उठती हुई

वही चांदनी बस आदि की माँ को मुस्कुराती हुई देख रही होती है ......


Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh बेटी दर्द हो रही है Ahhhhhhhhhhhhhhhhh आह्ह्ह्हह्ह्ह्ह Ahhhhhhhhhhhhh

आदि को एक आवर झटका लगता है ये देख कर के उसकी माँ छूट की दर्द मैं तड़प रही है मगर चांदनी की हाथ हटाने को नहीं बोल रही है ......

ये साली मेरी माँ के साथ करना क्या चाहती है आवर माँ उस रंडी को मन क्यू नहीं कर रही है क्या मेरी माँ को मज़ा आ रहा है .... मगर उनकी आँखों मैं तो आंसू है ......

सेल भड़वे तू भूल गए क्या .... औरत सेक्स मैं कितनी दर्द का मज़ा लेती है ......... आज वही मज़ा तेरी माँ ले रही है

आदि के मन मैं ये ख्याल आता है Ahhhhhhhhhhhhhhh

सही कह रही है बेटी मेरी खेत हरयाली तो है मगर कोई इसपर हल चलता hi नहीं है कास इस हरी भरी खेत पर अर्जुन अपना हल चला देता


Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन का नाम लेते hi आदि की माँ सोफे पर तड़पती हुई कंपनी लगती है आवर 2 से 3 बार अपनी गांड उठती हुई छूट से पानी बहाने लगती है जो आदि की माँ की छूट से बहुत सारा पानी निकलती है आवर चांदनी के हाथ पूरी तरह भींग जाती है जो छूट से पानी निकलते देख कर चांदनी हैरानी से आदि की माँ को घूरने लगती है जो आदि की माँ शर्मा कर दूसरी तरफ देखने लगती है

वही आदि की माँ को
शरमाते हुए दूसरी तरफ देख कर चांदनी की चेहरे पर मुस्कान आ जाती है

ओह तो आप अपनी खेत पर अर्जुन का हल
चलवाना चाहती है ..... चांदनी एक कामिनी मुस्कान से बोलती है वही आदि की माँ आवर भी शर्मा जाती है

वही अपनी माँ की बात सुन कर तो आदि की आँखें गुस्से से लाल हो चुकी होती है आदि गुस्से मैं अपने रूम मैं चला जाता है

देखा लिए हरामी नामर्द भड़वे ..... चांदनी दिवार की तरफ देखती हुई मन मैं सोचती है आवर मुस्कुरा देती है

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अर्जुन सुबह जब उठता है तो वह बीएड पर खुद को अकेला पता है

अर्जुन जब टाइम देखता है तो 9 बजने वाले होते है तो अर्जुन रूम से निकलता है आवर बाथरूम मैं चला जाता है

अर्जुन फ्रेश होता है आवर बाथरूम से निकल कर रूम मैं आ जाता है आवर फिर कपडे चेंज कर के किचेन के तरफ चल देता है मगर किचेन मैं जाने से पहले hi गेट पर रुक जाता है आवर सामने का नज़ारा देख कर अर्जुन को लैंड सोते हुए भी फुफकार मार देता है

वही अर्जुन की आँखें बड़ी हो जाती है आवर अर्जुन का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़कने लगता है अर्जुन कुछ देर के लिए वही जाम जाता है क्यू के सामने का नज़ारा कुछ ऐसा होता है

राखी देवी किचेन मैं कड़ी बगल मैं कुछ देख रही होती है

राखी देवी साड़ी भी बिलकुल टाइट पहनी हुई होती है जिससे राखी देवी की साड़ी उनकी जिस्म मैं चिपकी हुई होती है जिसमे राखी देवी की गांड उभर कर दोनों पहाड़ जैसी मसल दो तरफ उठी हुई होती है आवर बिच मैं राखी देवी की बड़ी मसलदार गांड की दरार की छाप दिखाई दे रही होती है जिसको देख कर अर्जुन की हालत ख़राब हो चुकी होती है


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वही अर्जुन राखी देवी के ठीक पीछे गेट पर खड़ा होता है जो राखी देवी गेट की तरफ नहीं देख रही होती है लेकिन अर्जुन तो अपनी माँ मतवाली गांड देख कर सब कुछ भूल चूका होता है अर्जुन की नज़र माँ की गांड से हर नहीं रही होती है वही अर्जुन का लैंड अब बिलकुल खड़ा होकर Jan's फाड् कर बहार निकलने को फनफना रहा होता है

वही अर्जुन धीरे धीरे माँ के करीब जाने लगता है लेकिन अर्जुन की नज़र माँ की बड़ी गांड की दरार से हैट नहीं रही होती है

अर्जुन की आँखों मैं एक अजीब सा नासा दिखाई दे रहा होता है जैसे अर्जुन माँ की गांड को देख कर भूल चूका है वह जिस औरत की गांड देख रहा है वह उसकी माँ है

अर्जुन की आँखों मैं देख कर ऐसा लग रहा होता है जैसे अर्जुन इस वक़्त माँ के पीछे जाकर माँ की गांड को पकड़ कर मसल देगा ..... या फिर साड़ी उठा कर माँ की गांड मैं अपना लैंड hi दाल देगा

अर्जुन की आँखों मैं इतनी हवस दिख रही होती है माँ की गांड को देख कर


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अर्जुन माँ की पीछे आ चूका होता है आवर अर्जुन की नज़र अभी भी गांड पर होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

आवर तभी किचेन मैं अह्ह्ह्हह्हह गूंज पड़ती है ___________________________________________
 
अपडेट ...... 103

र्जुन माँ की पीछे आ चूका होता है आवर अर्जुन की नज़र अभी भी गांड पर होती है



Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

आवर तभी किचेन मैं अह्ह्ह्हह्हह गूंज पड़ती है ___________________________________________


दरअसल अर्जुन माँ के पीछे जाता है आवर बस ज़रा सा अर्जुन का लैंड माँ की गांड मैं टाच होता है के राखी देवी चौंकती हुई पलट जाती है आवर तभी अर्जुन माँ पूरी तरह बाँहों मैं भर लेता है जिससे राखी देवी के साथ अर्जुन की भी अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह निकल जाती है

अर्जुन अपनी माँ को बाँहों मैं बहुत मज़बूती से पकड़ लिया होता है जिससे उसकी माँ की पूरी जिस्म की गर्मी अपने जिस्म मैं महसूस कर रहा होता है वही अर्जुन का लैंड तो फुल हार्ड होकर माँ की छूट मैं जाने को बेकरार होता है मगर वह अर्जुन के Jen's मैं क़ैद होने से अंदर hi फुफकार मार रहा होता है लेकिन अर्जुन को बहुत से आनंद मिल रहा होता है माँ को बाँहों मैं भरने से आवर अर्जुन माँ की नरम चिकनी कमर को पकड़ कर सहला रहा होता है

वही अर्जुन के बाँहों मैं अचानक जाने से राखी देवी कुछ सोच नहीं पा रही होती है लेकिन राखी देवी को भी अर्जुन के बाँहों मैं सकूँ महसूस हो रही होती है जो राखी देवी भी अर्जुन से अलग होने के बजाये अर्जुन से लिपटी हुई होती है

Ssssssssssssssssssss

राखी देवी अचानक सिसक पड़ती है आवर अर्जुन को वह भी मज़बूती से पकड़ लेती है आवर सिसक पड़ती है


क्यू की अर्जुन माँ की पकड़ को सहलाते हुए अब मसलने लगा होता है जो राखी देवी अर्जुन से अलग होने के बजाये अर्जुन को आवर भी मज़बूती से पकड़ती हुई अर्जुन के बाँहों मैं चली जा रही होती है

दोनों माँ सब कुछ भूल कर किचेन मैं एक दूसरे से लिपटे हुए होते है जैसे वह दोनों माँ बेटे नहीं पति पत्नी है लेकिन उनेह ये भी दर नहीं लग रहा होता है घर मैं उसकी नानी माँ भी है जो किचेन मैं कभी भी आ सकती है

राखी कितना सकूँ है न अर्जुन के बाँहों मैं ...... राखी अर्जुन अब बड़ा हो गया है देख कैसे तू अर्जुन के बाँहों मैं किसी लड़की की तरह लग रही है

Ahhhhhhhhhhhh

राखी अर्जुन का लैंड महसूस हो रही है तुझे अपनी छूट पर मुझे तो लग रहा है अर्जुन का लैंड तेरी छूट मैं जाने के लिए तड़प रहा है

Ahhhhhhhhhhhh

देख कैसे फुफकार मार रहा है

Ahhhhhhhhhhhhhhh

देख राखी तेरी छूट बुला रही है अर्जुन के लैंड को देख तेरी छूट गीली हो रही है

चुप रहो मुझे कुछ नहीं सुन्ना मुझे बस अर्जुन के बाँहों मैं रहने दो मुझे बहुत सकूँ मिल रहा अर्जुन के बाँहों मैं

राखी देवी अर्जुन के बाँहों मैं सिमटी हुई होती है आवर राखी देवी की दिल कुछ कह रहा होता है तो दिमाग कुछ आवर कह रहा होता है लेकिन राखी देवी को अर्जुन के बाँहों सकूँ मिल रहा होता है जो राखी देवी अर्जुन से अलग भी नहीं हो रही होती है

वही राखी देवी की पेंटी पूरी तरह गीली हो चुकी होती है जैसे राखी देवी की छूट ने बहुत सारा पानी बहा चुकी है जो राखी देवी को अपनी छूट मैं थोड़ी ठण्ड भी महसूस होती है मगर राखी देवी अभी कुछ सोचना नहीं छह रही होती है बस वह अर्जुन के बाँहों मैं अभी रहना छह रही होती है

राखी देवी के कुछ न बोलने पर अर्जुन की थोड़ी हिम्मत बढ़ जाती है आवर वह राखी देवी माँ की कमर को मसलते हुआ अपना हाथ ऊपर की तरफ ले जाने लगता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन का हाथ जैसे hi राखी देवी की चुकी के पास जाता है राखी देवी सिसकती हुई अर्जुन से थोड़ी पीछे हैट जाती है

Maaaaaaaaaaa


अर्जुन माँ पुकारता हुआ फिर से राखी देवी को पकड़ लेता है

वही राखी देवी भी अर्जुन के बाँहों मैं एक बार फिर से चली जाती है लेकिन इस बार राखी देवी आवर अर्जुन का चेहरा एक दूसरे के सामने होती है आवर दोनों माँ बेटे एक दूसरे की आँखों मैं देख रहे होते है

अपने बेटे की आँखों मैं देखती हुई राखी देवी शर्मा भी रही होती है आवर वह अपनी पलके निचे करने लगती है मगर राखी देवी की होंठ जो एक दूसरे से चिपकी हुई होती है वह खोल रही होती है जिसे अर्जुन देख कर अर्जुन का गाला सूखने लगता है

अर्जुन माँ की पतली गुलाब की तरह होंठ को देख कर खुद को आवर रोक नहीं पता है आवर अर्जुन धीरे धीरे अपना सर अपनी माँ की चेहरे की तरफ बढ़ने लगता है

अर्जुन के चेहरे को खुद की तरफ आते देख कर राखी देवी की सांसे तेज़ चलने लगती है राखी देवी अपनी हाथ से साड़ी को पकड़ लेती है आवर राखी देवी की गुलाबी होंठ भी खुल चुकी होती है

आगे क्या होने वाला है राखी देवी ये सोच कर आवर भी जयादा सरमने लगती है लेकिन राखी देवी वही कड़ी रहती है आवर अपनी चेहरा ऊपर करती हुई अपनी आँखें बंद कर लेती है

इस वक़्त किचेन मैं दोनों माँ बेटे एक दूसरे के बाँहों मैं किसी परमि जोड़े की तरह लिपटे हुए होते है आवर दोनों का चेहरा एक दूसरे के सामने होती है राखी देवी अर्जुन के चेहरा करीब आते देख कर अपनी आँखें बंद कर लेती है आवर अपनी गुलाबी होंठ खोल चुकी होती है


अर्जुन भी अपनी माँ की सर पकड़ कर अपना होंठ माँ की गुलाबी होंठ पर रखने लगता है

राखी बेटी राखी बेटी

ओह्ह अर्जुन बीटा आंटी आ रही है ......

राखी देवी बोलती हुई अर्जुन से अलग हो जाती है वही अर्जुन भी झट से अपनी माँ को छोड़ देता है आवर सामने खड़ा हो जाता है वही राखी देवी किचेन से निकल कर चली जाती है

अर्जुन किचेन मैं खड़ा सुन रह जाता है अर्जुन का दिल ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा होता है अर्जुन की आँखें लाल हो चुकी होती है अर्जुन अचानक पीछे दिवार से सात जाता है


जी आंटी क्या हुआ ... राखी देवी रूम मैं जाकर आँचल की माँ से पूछती है

राखी बेटी मैं मंदिर जा रही हुईं क्या तुम भी मेरे साथ चलोगी ..... आँचल की माँ पूछती है


आंटी मैं भी चलती पर अभी तक नास्ता नहीं बना है .... राखी देवी बोलती है आवर अपनी पल्लू से माथे पर आई हुई पसीने पोछने लगती है

राखी बेटी तुमेह इतनी पसीने क्यू हो रही है अभी तो ठंडा मौसम है .. मुझे तो ठण्ड जैसा लग रहा है

आँचल की माँ जब राखी देवी के माथे पे पसीने देखती है तो पूछती है

व वह आंटी रोटी बना रही थी न ...... राखी देवी पहले तो आँचल की माँ की सवाल से थोड़ी घबरा जाती है मगर जल्द hi खुद को संभल भी लेती है

अब आँचल की माँ को कौन बताये की राखी देवी की पसीने अपने hi बेटे के बाँहों मैं जाने से हो रही है आवर उनकी पसीने सिर्फ माथे पर hi नहीं राखी देवी की छूट मैं भी हो रही है जिसकी वजह से राखी देवी की पंतय भी गीली हो चुकी है

ओह ठीक है राखी बेटी मैं मंदिर से आती हुईं ...... आँचल की माँ बोलती है जो राखी देवी भी ठीक है बोल कर किचेन मैं आ जाती है

राखी देवी धड़कते हुए दिल के साथ किचेन मैं आकर जब देखती है तो अर्जुन किचेन मैं नहीं होता है तो राखी देवी थोड़ी रहत की साँस लेती है

राखी देवी किचेन मैं अर्जुन को न देख कर रहत की साँस तो लेती है मगर राखी देवी की दिल की धड़कन फिर से बढ़ जाती है ये सोच कर के अभी क्या होने वाला था राखी देवी की आँखें भी सरम से निचे हो जाती है आवर राखी देवी भी अर्जुन की तरह दिवार से सात जाती है आवर फिर मन hi मन मैं मुस्कुरा पड़ती है


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भाई टाइम क्या हो रहा है ...... ओह hello भाई टाइम क्या हो रहा है

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

ओह पूजा डीईई आप ...... ओह सॉरी डीई

अर्जुन एक पार्क मैं बैठा हुआ सिगरेट पि रहा होता है आवर अर्जुन ख्यालों मैं इतना खोया हुआ होता है के वह पूजा दीदी की आवाज़ पर ध्यान भी नहीं दे रहा होता है जो पूजा 2 बार अर्जुन से टाइम पूछ चुकी होती है मगर जब पूजा दीदी अर्जुन को हिलाते हुए ज़ोर से अर्जुन पुकारती है तब अर्जुन हड़बड़ाता हुआ ख्यालों से बहार आता है आवर सामने पूजा दीदी को देख कर चौंक भी जाता है

पूजा दीदी आप यह ..... अर्जुन अभी भी पूजा दीदी को सामने देख कर थोड़ा चौंकते हुआ बोलता है

क्या हुआ तू इतना घबरा क्यू रहा है .... आवर किन ख्यालों मैं खोया है ..... कोई बात हुई है क्या ..... बता मुझे

अर्जुन की घबराहट को देख कर पूजा दीदी अर्जुन के बातों पर जयादा ध्यान नहीं देती है के वह अर्जुन से इतने दिन के बाद मिली भी तो अर्जुन उसे देख कर खुश नहीं हो रहा है उल्टा वह उसे देख कर घबरा रहा है जो पूजा दीदी को बिलकुल भी अच्छा नहीं लगता है जो पूजा दीदी अर्जुन के साथ बैठ कर अर्जुन का हाथ पकड़ लेती है

वही अर्जुन थोड़ा घबराया हुआ तो होता है मगर पूजा दीदी की खुद के लिए परेशां होते देख कर अर्जुन अपने चेहरे पर फीका मुस्कान ला देता है

दीदी वह म म मैं नानी के बारे मैं सोच रहा था ..... अर्जुन को कुछ समझ नहीं आता है तो वह नानी का सहारा ले लेता है

क्या हुआ नानी को ....... पूजा दीदी पूछती है लेकिन पूजा दीदी अभी भी अर्जुन का हाथ नहीं छोड़ी हुई होती है जैसे पूजा दीदी को पता हो अर्जुन कुछ आवर बात से परेशां हो

दीदी वह नानी घर मैं गिर गयी थी ..... अर्जुन थोड़ा दुखी होकर बोलता

वह ठीक तो है न अर्जुन ..... चल घर चलते है मुझे भी नानी को देखना है ..... पूजा दीदी बोलती है

अर्जुन भी पूजा दीदी को मन नहीं कर पता है आवर घर जाने के लिए उठ जाता है

दीदी पारी कहा है ...... अर्जुन पूजा दीदी की बेटी को न देख कर पूछता है

अरे पारी पूजा दीदी को पारी के याद आते hi वह से भगति है जो थोड़ी hi दूर पारी पार्क मैं बैठी खेल रही होती है

अर्जुन भी पूजा दीदी के साथ भागता हुआ आता है तब तक पूजा दीदी पारी को गॉड मैं ले चुकी होती है ......

दीदी ये क्या बात हुई आप पारी को अकेली छोड़ कर कैसे आ गयी ..... अर्जुन थोड़ा गुस्सा होते हुए बोलता है आवर पारी को गॉड मैं ले लेता है वही पूजा दीदी बस मुस्कुरा पड़ती है

नमस्ते Chachiiiiiiiiiiii ओह सॉरी माँ ...... पूजा दीदी घर मैं आती हुई राखी देवी को चची बोलती है मगर फिर सॉरी बोलते हुई माँ पुकार देती है

वही राखी देवी हॉल मैं बैठी सोच मैं घूम होती है लेकिन पूजा की आवाज़ सुन कर राखी देवी की चेहरे पर मुस्कान आ जाती है

अरे पूजा बेटी तुम ..... राखी देवी सोफे से उठती हुई पूजा दीदी को गले लगा लेती है

वही पूजा दीदी भी राखी देवी के गले लग जाती है

कैसी है ससुराल मैं कोई कमी तो नहीं है न .... कोई परेशानी हो तो मुझे बताना ओह मेरी नन्ही गुड़िया भी है

राखी देवी पूजा दीदी से बोलती है आवर तभी अर्जुन पारी को लेकर घर मैं आ जाता है तो राखी देवी बोलती हुई पति को अर्जुन से ले लेती है वही अर्जुन अपने रूम मैं चला जाता है

अर्जुन को जाते हुआ राखी देवी एक नज़र देखती है फिर पूजा के साथ हॉल मैं बैठ जाती है

पूजा बेटी बताया नहीं ससुराल मैं कोई परेशानी तो नहीं होती तुझे .... राखी देवी फिर से पूछती है

वही पूजा दीदी बस मुस्कुरा कर राखी देवी को देखती रहती है

माँ मैं किस्मत वाली हुईं जो इतनी गरीब होने के बाद भी अर्जुन ने मुझे अपनी बहन बनाया आवर आप ने मुझे बेटी ..... पूजा दीदी राखी देवी का प्यार देख कर बोलती है आवर दुखी भी हो जाती है

वही राखी देवी बस मुस्कुरा देती है आवर पूजा दीदी को एक बार फिर से गले लगा लेती है

अरे पगली किस्मत वाली तो मैं हुईं जो मेरे बेटे को इतना प्यार देने वाली तेरी जैसी मुझे बेटी मिली ......

राखी देवी मुस्कुराती हुई बोलती है वही राखी देवी की बात सुन कर पूजा दीदी के भी चेहरे पर मुस्कान आ जाती है

वह माँ एक बात पूछनी थी ..... पूजा दीदी अर्जुन के रूम की तरफ देखती हुई बोलती है

हां पूजा बेटी पूछ .... राखी देवी बोलती है

माँ अर्जुन अब भी आप से नाराज़ है क्या ..... पूजा दीदी पूछ कर राखी देवी के चेहरे को देखने लगती है

नहीं पूजा अर्जुन अब मुझसे नाराज़ नहीं है ...... राखी देवी पहले तो पूजा दीदी की सवाल से घबरा जाती है लेकिन चेहरे पर मुस्कान अभी भी ले हुई होती है

फिर क्या बात है माँ अर्जुन मुझे पार्क मैं किसी ख्यालों मैं खोया हुआ दिखा जैसे उसको कोई बात परेशां कर रही है .... पूजा दीदी पार्क मैं अर्जुन का खोया हुआ चेहरा याद करती हुई बोलती है

मुझे नहीं पता पूजा बेटी ..... मैं अर्जुन से पता करुँगी वह किस बात से परेशां है .... राखी देवी बोलती है मगर अंदर से राखी देवी की हालत ख़राब हो चुकी होती है आवर राखी देवी की दिल भी बेचैन हो चुकी होती है

राखी देवी को ये बात अच्छे से पता होती है अर्जुन पार्क मैं किस बात से परेशां होगा लेकिन वह पूजा दीदी से बता नहीं पति है

भला राखी देवी ये बात बताये भी तो कैसे की वह अपने बेटे के साथ पहला किश करने वाली थी जो अधूरी रह गयी है आवर ये बात जान कर पूजा दीदी की क्या हालत होगी

ठीक है माँ आप पता कर के मुझे भी बताइयेगा ..... मैं अर्जुन से बात करुँगी ....... पूजा दीदी बोलती है

ठीक है बेटी .... ओह सॉरी देख मैं बातों मैं भूल गयी आवर तुझे कुछ दिया भी नहीं मैं अभी कॉफ़ी लेकर आती हुईं ...... राखी देवी बोलती हुई उठ जाती है

माँ मुझे लेट हो रहा है काफी वक़्त हो गया है ..... सासु माँ हॉस्पिटल मैं मेरा इंतज़ार कर रही होंगी उनेह मैंने बताया भी नहीं है ..... पूजा दीदी बोलती है

क्या हुआ तेरी सास को आवर मुझे पहले क्यू नहीं बताया वह ठीक है न ..... राखी देवी पूछती है

माँ वह ठीक है थोड़ा पेअर मैं दर्द था तो डॉ को दिखने आई थी आवर साथ मैं मुझे भी चलने को कहा पारी रोने लगी तो मैं इसे पार्क मैं घूमने ले थी जो अर्जुन मुझे मिल गया वह ... पूजा दीदी बोलती

ठीक है तू रुक मैं आती हुईं ..... राखी देवी बोलती है आवर घर से बहार निकल जाती है

दीदी आप घर फ़ोन कर दीजिये आज एहि पर रहेंगी ..... अर्जुन हॉल मैं आता हुआ बोलता है

अर्जुन वह ...... पूजा क्या कर रही है

अर्जुन की बात मान आवर अपनी सास को फ़ोन कर दे ऐसा मक्का तुझे नहीं मिलेगा ..... कई दिन से तो अर्जुन का इंतज़ार कर रही थी

पूजा दीदी मन करने वाली होती है के पूजा दीदी की दिमाग मैं ये बातें चलने लगती है जो पूजा दीदी कुछ बोल नहीं पति है आवर हाथ मैं फ़ोन लेकर देखने लगती है

दीदी कितनी प्यारी बच्ची है .... किसकी लड़की है ये

राखी देवी जब पारी लेकर दोकान मैं जाती है तो नीता पूछती है

ये मेरी नातिन है ..... गाओं की एक लड़की की लड़की है

इसके साइज के 5 - 6 कपडे निकल दो अच्छे वाला ज़रा ..... मैं आती हुईं

राखी देवी नीता से बोलती है आवर पारी को लेकर पास के एक दोकान मैं चली जाती है

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दोपहर के 2:30

आँचल रूम मैं नंगी लेती हुई होती है आवर ज़ोर ज़ोर से सिसकियाँ ले रही होती है आँचल की साड़ी रूम के गेट पर गिरी हुई होती है आवर आँचल की पेटीकोट बीएड के निचे गिरी हुई होती है

वही आँचल की छूट मैं मुंह डेल गीता आँचल की छूट चाट रही होती है

अह्ह्ह्हह्हह गीता बेटी Ahhhhhhhhhhhhh

Ahhhhhhhhhhhh आवर ज़ोर से गीता बेटी Ahhhhhhhhhhhhhhhhh आवर ज़ोर से बेटी अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आवर थोड़ा तेज़्ज़ बेटीईई Ahhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhhh

आवर आँचल बीएड पर गांड उठा उठा कर झड़ने लगती है


ममी माँ क्या हुआ आज आप की पानी इतने टाइम के बाद कैसे निकला ...... आप सोच क्या रही थी ....... गीता अपनी मुंह पोछती हुई बोलती है

गीता बेटी मैं ार


आँचल फ़ोन बजते देख कर चुप हो जाती है आवर आँचल जैसे hi फ़ोन देखती है हड़बड़ा जाती है आवर जल्दी से बीएड से उठ कर अपनी कपडे उठाने लगती है

ममी माँ क्या हुआ आप इतनी क्यू परेशां हो रही है बहार का गेट बंद है

Takkkkkkkkkkkkk Takkkkkkkkkkkkkk

है मुझे भी पता है जा जल्दी से खोल नहीं तो वह पागल लड़की गेट से अपनी सर काट लेगी

गीता बोलती है तभी गेट पीटने की आवाज़ सुनाई देती है

गीता भी जल्दी जल्दी अपनी कपडे पहनती है आवर बॉल ठीक करती हुई गेट खोलने चली जाती है

गुड़िया क्या हुआ गेट इतनी क्यू पिट Aaaaaaaaaaa

ओह सॉरी diiiiiiiiiiiiii

गीता के गेट खोलते hi अंजलि रूम मैं तेज़ी से घुसती है आवर गीता को बगल मैं हल्का धमकका देते हुए अंदर भाग जाती है

ये इतनी तेज़ी मैं क्यू है .... कही इसे
हमारे बारे मैं पता तो नहीं चल गया

खट्ट्ट्ट खट्ट्ट्ट खट्ट्ट्ट

आँचल झरने के निचे बैठी हुई नहाने के लिए जा hi रही होती है तभी उसके बाथरूम के गेट को अंजलि पीटने लगती है

कौन है मैं नाहा रही हुईं ...... माँ प्लीज गेट खोलिये न मुझे ज़ोर की लगी है

गुड़िया मैं नाहा रही हुईं अपने रूम के बाथरूम मैं चली जा ....... आँचल बोलती है

ये गुड़िया मेरे बाथरूम मैं क्यू आई है ..... कही गुड़िया को कुछ पता तो नहीं चल गया आँचल मन मैं सोचती हुई अपने सरे कपडे बाल्टी मैं दाल कर भिनगा देती है जो दूसरी तरफ राखी हुई होती है

Ohhhhhhhhhhhh खट्ट्ट्ट्ट खट्ट्ट्ट

माँ प्लीज गेट खोलिये न .... वर्ण मेरी सलवार गन्दी हो जाएगी ohhhhhhhhhh

अंजलि फिर से गेट पीटती हुई बोलती है .....

वही आँचल डर्टी हुई गेट खोलती है आवर झट से साड़ी को अपनी जिस्म पर दाल लेती है

Aeeeeeeeeeeeeeeeeeeeeee nahiiiiiiiiiiiiiii पागल ladkiiiiiiiiiiiiiiiiiiii

आँचल चीखती हुई बोल पड़ती है आवर अपनी आँखें बंद कर लेती है

वही अंजलि सामने बैठी हुई एक सुर मैं मुट्ठी जा रही होती है जो सिटी की तरह अंजलि की छूट से आवाज़ बाथरूम मैं गूंज रही होती है

वही अंजलि की गांड देख कर आँचल अपनी आँखें बंद कर ली होती है


ओह्ह्ह्हह्ह्ह्हह

माँ आप तो मेरी जान hi ले लेती मुझे कब से पिशाब लगी हुई थी ....... अंजलि अपनी पाजामे की नाडा बांधती हुई बोलती है

हे भगवन ये लड़की कब बड़ी होगी इसे तो मुझसे कोई सरम भी नहीं आती है

अंजलि को बाथरूम से जाती हुई देख कर आँचल मन मैं सोचती है


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राखी देवी अपने दोकान से थोड़ी दूर एक दोकान पर पारी के लिए कुछ सामान ले रही होती है

वही सामने खड़ा दोकान पर रह रहा लड़का राखी देवी की जिस्म को ऊपर से निचे तक घर रहा होता है तभी वह एक आवर लड़का आ जाता है

सेल क्या ितम है आंटी देख कर मेरा तो लैंड खड़ा हो रहा है ..... वह खड़ा लड़का आये हुए लड़के से बोलता है

अबे चुटिया जा यह से ..... तू अभी यह आया है इस लिए जनता नहीं है ये किसी माँ है सेल इसका बीटा इतना हरामी है के वह खुद पर आ जाते तो तेरी पूरी परिवार की माँ बहन छोड़ देगा ....... वह आया हुआ लड़का धीरे से उस लड़के के कान मैं बोलता है

वह लड़का कुछ बोलता तो नहीं है मगर राखी देवी को देखते हुए वह से चला जाता है

Ahhhhhhhhhhhh


साली पीछे से तो आवर भी जवान लग रही है दिल कर रहा है इसकी गांड जाकर दबा दूँ कितनी गोरी है आंटी पीछे से तो काम उम्र की लड़की को भी मात दे देगी

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वह लड़का दोकान के दूसरी तरफ जाता है आवर वह राखी देवी की पैली हुई पीछे की तरफ निकली हुई गांड आवर चिकनी पीठ देख कर आवर भी गर्म होकर मन मैं सोचता है

पीछे से आंटी आवर कुछ लेना है ये पैक करदूँ ..... वह लड़का पूछता है

नहीं हो गया पैक कार्डो .... राखी देवी बोलती है आवर सामान लेकर वह से घर की तरफ चल पड़ती है


Ahhhhhhhhhhhhhhhh

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आंटी तो आवर भी जवान होती जा रही है राखी देवी को जाते हुए देख कर ये दूसरा लड़का भी मन मैं सोचता है आवर अपना लैंड मसल देता है

राखी देवी पारी के साथ घर मैं 2 थैला लेकर आती है तो देखती है पूजा दीदी वह नहीं है तो वह अपनी माँ की रूम मैं जाती है तो देखती पूजा दीदी उनकी माँ से बात कर रही है तो राखी देवी भी वही जाकर बैठ जाती है पारी के साथ

माँ ये सब ..... पूजा दीदी थैले मैं सामान देख कर बोलती है जो पारी के साइज के कपडे जुटे आवर भी कई सरे खिलवाने होते है

ये सब मेरी पोती के लिए है ..... क्यू पारी तुमको चाहिए न बोलो ..... राखी देवी एक गुड्डा पारी को दिखती हुई बोलती है जो पारी गुड्डा ले लेती है जो राखी देवी के साथ पूजा दीदी आवर नानी भी मुस्कुरा पड़ती है

माँ मैं कॉफ़ी बना कर लती हुईं ..... पूजा दीदी उठती हुई बोलती है .....


पूजा तू बोल रही थी घर .... माँ अर्जुन ने फ़ोन कर के मेरी सास को मन कर दिया कल घर चली जाउंगी

अर्जुन अपने रूम से निकलता है आवर हॉल मैं आकर बैठ जाता है आवर फ़ोन चलने लगता है

अर्जुन कॉफ़ी .... पूजा दीदी अर्जुन को कॉफ़ी देती हुई वही बैठ जाती है

थैंक्स दीदी

अर्जुन भी कॉफ़ी लेकर पिने लगता है

ओह ओह ओह

पूजा देख लगता है इसे भूख लगी है दूध पीला इसको

राखी देवी पारी को लती हुई बोलती है जो पारी तो रही होती है पूजा दीदी पारी को ले लेती है आवर अपनी गॉड मैं लेकर घूम जाती आवर आवर पारी के मुंह मैं अपनी एक चुकी दे देती है

वही राखी देवी वह से चली जाती है राखी देवी के जाते hi पूजा दीदी घूम कर अर्जुन की तरफ मुस्कुरा कर देखती है जो अर्जुन पूजा दीदी को hi देख रहा होता है

क्या हुआ मेरे बाबू को भी पीना है .....

हां ना डीइइइइइइ

अर्जुन को समझ नहीं आता है वह क्या बोले लेकिन अर्जुन की नज़र अभी भी पूजा दीदी की चुकी पर होती है जो पूजा दीदी अब अर्जुन की तरफ घूम चुकी होती है

क्या बोल रहा है .... मतलब नहीं पीना है ठीक है सारा पारी hi फिर पि जाएगी तू बस देखता रह .... पूजा दीदी मुस्कुराती हुई बोलती है आवर फिर से घूमने लगती है तभी अर्जुन उठ कर पूजा दीदी के साथ बैठ जाता है आवर पारी को दूध पिटे हुए देखने लगता है

वही पूजा दीदी अर्जुन को देखती हुई अपनी दूसरी चुकी भी बहार निकल देती है आवर पल्लू भी निचे गिरा देती है जो पूजा दीदी की दूध से भरी चुकी अर्जुन को दिखने लगती है अर्जुन पूजा दीदी की चुकी की निप्पल को देखते हुए अपनी जीभ मुंह से बहार निकल कर होंठों पर फेरने लगता है

वही पूजा दीदी अर्जुन के चेहरे को देख कर मन hi मन मुस्कुरा रही होती है

वही अर्जुन अपनी माँ आवर नानी की रूम की तरफ देखता है आवर झटके मैं पूजा दीदी की चुकी को मुंह मैं ले लेता है

Ahhhhhhhhhhhhh आराम से babuuuuuuuuuu

पूजा दीदी सिसकियाँ लेती हुई बोलती है क्यू के अर्जुन झटके मैं पूजा दीदी की निप्पल पर दन्त गदा चूका होता है

वही अर्जुन अब पूजा दीदी की चुकी का दूध पिटे हुए अपना एक हाथ पूजा दीदी की जांघ पर रख देता है आवर साड़ी के ऊपर से सहलाने लगता है

अर्जुन के हरकत से पूजा दीदी की आँखें बंद होने लगती है आवर पूजा दीदी बैठी हुई कसमसाने लगती है

पूजा दीदी की छूट मैं भी हलचल सी होने लगती है जो पूजा दीदी एक हाथ अर्जुन के सर पर रख कर सहलाने लगती है

Ahhhhhhhhhhhh अर्जुन

ओह्ह्ह भाई Ahhhhhhhhhhhhh

नहीं Ahhhhhhhhhh रुक जाए

बहुउउउउउउउउ

Ahhhhhhhhhhhhhhh Maaaaaaaaaa

अर्जुन दूध पिटे हुए अब अपना एक हाथ इस वक़्त पूजा दीदी की पेंटी के अंदर छूट पर रख चूका होता है आवर पूजा दीदी की छूट मसल रहा होता है जो पूजा दीदी की हालत ख़राब होती हुई जा रही होती है लेकिन पूजा दीदी की आँखों मैं एक मस्ती सी छै हुई होती है जो पूजा दीदी अर्जुन को मन कर तो रही होती है मगर अर्जुन को दूर नहीं कर रही होती है

पूजाआ ओह भाई माआ आ रही है

पूजा दीदी थोड़ी सहमी सी बोलती है माँ की नाम सुनते hi अर्जुन भी सीधा बैठ जाता है

पूजा दीदी पीछे की तरफ देखती हुई अपनी चुकी को अंदर दाल देती है आवर पल्लू भी साइन पर दाल देती है तब तक राखी देवी भी हॉल मैं आ जाती है

पूजा दीदी पल्लू ठीक करने के बाद अर्जुन को तरफ देखती है जो पूजा दीदी की आँखें बड़ी हो जाती है

Arjunnnnnnnnnnnnnnnn

पूजा दीदी अर्जुन को पुकारती हुई इसरा करती है जो अर्जुन समझ नहीं पता है

हे भगवन माँ की नज़र न पड़े अर्जुन पर


पूजा दीदी डर्टी हुई मन मैं सोचती है

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राखी देवी अर्जुन के ज़िद्द पूरी करती हुई

थैंक्स भाई लोग 2 म पूरा हुआ व्यू ..... आगे भी साथ बने रहो


:हुग:
 
अपडेट ..... 104

पूजा दीदी अर्जुन को पुकारती हुई इसरा करती है जो अर्जुन समझ नहीं पता है

हे भगवन माँ की नज़र न पड़े अर्जुन पर

पूजा दीदी डर्टी हुई मन मैं सोचती है

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पूजा दीदी का इसरा देखते hi अर्जुन झट से घूम जाता है आवर बिना पीछे देखे hi वह से चला जाता है जो राखी देवी देख भी नहीं पति है

अर्जुन को वह से जाते देख कर पूजा दीदी रहत की साँस लेती है

पूजा बेटी पारी सो गयी क्या ..... राखी देवी पास आकर पूछती है

हां माँ पारी सो गयी .... कोई काम है ..... पूजा दीदी पूछती है

वह गीता तुझसे बात करने को बोल रही थी बात करले ..... राखी देवी बोलती है आवर चली जाती है

रात के 10 :पं

रूम मैं अर्जुन पारी के साथ खेल रहा होता है तभी रूम मैं पूजा दीदी आ जाती है आवर अर्जुन को पारी के साथ खेलते हुए देख कर मुस्कुरा देती है

देख जब तेरे साथ रहती है तो रोटी भी नहीं है वर्ण घर पर रात होते hi रोने लगती है ..... पूजा दीदी मुस्कुराती हुई बोलती है

दीदी इसको अपने मां के साथ रहना अच्छा लगता है ...... अर्जुन हस्ते हुए बोलता है

हां ये बात तो है .... इसकी माँ को भी तो इसके मां के साथ रहना अच्छा लगता है

पूजा दीदी मुस्कुराती हुई बोलती है वही अर्जुन पूजा दीदी की बात सुन कर पूजा दीदी को देखने लगता है जो पूजा दीदी भी अर्जुन को देख रही होती है आवर अर्जुन की आँखों मैं देख कर पूजा दीदी सरमाती हुई अपनी पलकें निचे कर लेती है लेकिन फिर पूजा दीदी अपनी पलकें ऊपर कर के अर्जुन की आँखों मैं देखती हुई अपनी हाथ बालों पर रख देती है

अर्जुन पूजा दीदी की आँखों मैं जब देखता है तो देखता रह जाता है क्यू की पूजा दीदी की आँखों मैं एक अजीब से सरम आवर नज़र आ रही होती है मगर होंठों पर मुस्कान भी होती है


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अर्जुन पूजा दीदी की आँखों मैं देखते हुए बाद से उतर जाता है आवर पूजा दीदी के पास आकर पूजा दीदी की कमर पकड़ कर अपनी बाँहों मैं भर लेता है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh

पूजा दीदी अर्जुन के बाँहों मैं आती हुई सिसक पड़ती है

वही अर्जुन पूजा दीदी की गलों को चूमने लगता है आवर हांथों से कमर को मसलने लगता है

अह्ह्ह्हह अर्जुन अभी नहीं माँ आ जाएगी Ahhhhhhhhhhh

पूजा दीदी अर्जुन को दूर करती हुई बोलती है लेकिन अर्जुन पूजा दीदी की बात पर कोई धयान नहीं देता है आवर पूजा दीदी को चूमते हुआ अपनी बाँहों मैं भर कर उठा लेता है आवर पास मैं टेबल पर बैठा देता है आवर पूजा दीदी की पल्लू निचे गिरा कर पूजा दीदी की चुकी को बलाउज के ऊपर से निप्पल को मुंह मैं भर कर चूसने लगता है

Aahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

पूजा दीदी सिसकियाँ लेती हुई टेबल पर निचे की तरफ लेट जाती है लेकिन पूजा दीदी की हाथ अर्जुन के सर पर होती है

Ahhhhhhhhhhh भाई रुक जाआआआआ Ahhhhhhhhhhh

Arjunnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnnn

पूजा दीदी अर्जुन को रुकने के लिए बोल hi रही होती के अर्जुन पूजा दीदी की साड़ी को ऊपर की तरफ उठा कर झटके मैं पेंटी निचे कर देता है आवर उतने hi तेज़ी मैं अपना लैंड भी चैन खोल कर निकल लेता है

भाई रुक जा प्लीज

दीदी माँ अभी नहीं आएगी वह अभी नानी की मालिश कर रही होंगी

अर्जुन पूजा दीदी की होंठों पर ऊँगली रखते हुए बोलता है

अर्जुन को बात सुन कर पूजा दीदी आवर कुछ नहीं बोलती है आवर अर्जुन को देखती हुई अपनी पलकें निचे कर लेती है क्यू की पूजा दीदी भी तो कब से अर्जुन से छोड़ने के लिए बेचैन थी आवर रुकी भी इस लिए थी के वह अर्जुन के साथ अपनी छूट की आग मिटा सके

Ahhhhhhhhhhhhhhhhh

पूजा दीदी झट से उठ जाती है आवर अर्जुन के गले मैं हाथ दाल देती है जिससे पूजा दीदी की छूट अर्जुन के लैंड मैं टाच हो जाती है जो पूजा दीदी सिसकियाँ लेती हुई अर्जुन को बाँहों मैं पूरी तरह समां जाती है

अर्जुन भी कई दिन से लैंड की गर्मी मैं जल रहा होता है पूजा दीदी की गर्म छूट को अहसास करते है अपना लैंड पूजा दीदी की छूट मैं दाल देता है आवर पूजा दीदी की कमर पकड़ कर धक्के मरने लगता है

दोनों भाई बहन ये भी भूल जाते है इस वक़्त गेट भी खुला हुआ है माँ या आँचल की माँ भी आ सकती है लेकिन इस दोनों भाई बहन को कुछ समझ नहीं आता है वह बस अपनी जिस्म की आग ठंडी करने मैं लगे हुए होता है

Ahhhhhhhhhhhhhh भईईईई Ahhhhhhhhhhhh Arjunnnnnnnnnnnn ohhhhhhhhhhhhh Ahhhhhhhhhhhhhhhh

Diiiiiiiiii आप कमल की हो

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन पूजा दीदी की सिसकियाँ सुन कर आवर ज़ोर ज़ोर से धक्का मरते hi जा रहा होता है

वही पूजा दीदी तो बस अर्जुन को बाँहों मैं पकड़ी सिसक रही होती है

पूजा दीदी की छूट अभी भी टाइट होती है जो अर्जुन का लैंड फास फास कर अंदर जा रहा होता है आवर से पूजा दीदी दर्द सहती हुई अर्जुन को आवर तेज़्ज़ धक्के मरने को बोल रही होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh फाड् दो मेरी छूट को बहुत Ahhhhhhhhhhhhhhh तंगगगगगगगगग करती है Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhh

पूजा दीदी बोलती हुई अर्जुन की बाँहों से अपनी हाथ हटती हुई फिर से टेबल पर लेट जाती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh तेज़्ज़ बाबूउ अह्ह्ह्हह्ह्ह्हह आवर तेज़्ज़ज़ babuuuuuuuuuu Ahhhhhhhhhhhhh मेरी chutttttttttttt

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

पूजा दीदी एक लम्बी अह्ह्ह्हह भरी हुई टेबल पर सुस्त पद जाती है

वही अर्जुन भी कुछ धक्के मरते हुए पूजा दीदी के ऊपर गिर पड़ता है

अर्जुन के जिस्म पर गिरते hi पूजा दीदी अर्जुन को बाँहों मैं भर लेती है पूजा दीदी को इस वक़्त बहुत सकूँ मिल रही होती है

माँ माँ माँ पारी के माँ माँ पुकरते हुए सुन पूजा दीदी जल्दी से अर्जुन को खुद के ऊपर से हटती है आवर पारी को गॉड मैं लेती है वही अर्जुन रूम से बहार निकल जाता है

पारी की आवाज़ सुन कर राखी देवी भी भगति हुई रूम मैं आ जाती अति है

पूजा क्या हुआ पारी रो क्यू रही है

ओह गुड़िया चुप होजा ....... ओह मेरी पारी को नानी के पास आना है .... आ जा मेरा बच्चा ..... राखी देवी पूजा दीदी के करीब आकर पारी की गाल को छूती हुई बोलती है तभी पारी राखी देवी की तरफ हाथ बढ़ा देती है जो राखी देवी पारी को अपनी गॉड मैं ले लेती है

अर्जुन इस वक़्त छत पर सिगरेट पि रहा होता है आवर सिगरेट पिने के बाद निचे आ जाता है

अर्जुन जब रूम मैं आता है तो देखता बीएड पर पूजा दीदी के साथ माँ भी लेती हुई है

अर्जुन बीटा आज तुम हॉल मैं सो जाओ ..... राखी देवी बोलती है वही अर्जुन बस हां मैं सर हिला कर हॉल मैं चला आता है

अर्जुन हॉल मैं आता है आवर सोफे पर लेट जाता है आवर आँखें बंद कर लेता है जो अर्जुन को जल्द hi नींद लग जाती है .... नींद लगे भी क्यू न अर्जुन को आज कितने दिन के बाद उसके लैंड की सन्ति मिली थी

वही रूम मैं पूजा दीदी भी पारी के साथ सो चुकी होती है मगर राखी देवी अभी भी जाग रही होती है आवर बीएड पर करवट बदल रही होती है

राखी देवी बीएड से उतर जाती है आवर अपनी साड़ी ठीक करती है जो करवट बदलने से खुल चुकी होती है

राखी देवी साड़ी ठीक करने के बाद रूम से निकल जाती है आवर हॉल मैं जाकर अर्जुन के पास बैठ जाती है तो देखती है अर्जुन चैन की नींद सो रहा होता है

राखी देवी अर्जुन के पास बैठ कर बस अर्जुन को देखती रहती है

अर्जुन को देखती हुई राखी देवी अपनी सुखी हुई होंठ पर जीभ फेर देती है आवर अपनी कनपटी हुई हाथ अर्जुन के होंठ की तरफ बढ़ने लगती है

राखी देवी की हाथ जैसे जैसे अर्जुन के होंठ के करीब बढ़ रही होती है राखी देवी की दिल धड़कन भी बढ़ रही होती है जो राखी देवी अपनी एक हाथ से अपनी पल्लू को पकड़ ली होती है

Ahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh

अर्जुन अचानक सिसक पड़ती है आवर अपनी मुंह पर हाथ रख देती है राखी देवी की दिल की धड़कन बहुत तेज़ी से चलने लगती है आवर तो आवर राखी देवी की माथे पर पसीने भी आने लगती है

दरसल राखी देवी अर्जुन की होंठ छूने की कोशिश hi कर रही होती है के अर्जुन का हाथ राखी देवी की छूट के ऊपर आ जाती है जो राखी देवी एक वक़्त के लिए दर जाती है कही अर्जुन जाग तो नहीं गया लेकिन अर्जुन सोते हुए अपना हाथ राखी देवी की छूट के ऊपर रख चूका होता है

राखी देवी इतनी दर जाती है के वह अर्जुन का हाथ धीरे से हटती है आवर हॉल से निकल भगति है

राखी देवी हॉल से किचेन मैं आती है आवर फ्रीज से बोतल निकल कर पूरी बोतल एक साँस मैं पि जाती है

बोतल की ठंडा पानी पूरी पिने के बाद राखी देवी दिवार से सात कर अपनी साँसों को काबू करने लगती है जो अभी भी तेज़ी से चल रही होती है

वही राखी देवी अपनी साँसों को काबू कर hi रही होती है तभी राखी देवी को अपनी छूट मैं ठंडा महसूस होती है जो राखी देवी की आँखें बड़ी हो जाती है

राखी देवी ये सोच कर हैरानी होती है की अर्जुन का बस हाथ रखने से उनकी छूट पानी छोड़ रही है

ये मैं क्या कर रही हुईं अर्जुन मेरा बीटा है मैं अर्जुन के बारे मैं ये सब क्यू सोच रही हुईं .... मेरी इन हरकत के वजह से मेरा अर्जुन फिर मुझसे दूर चला गया तो

नहीं नहीं मुझे खुद पर काबू करना होगा मैं अर्जुन को फिर से नहीं खो सकती ...

राखी तू कुछ गलत नहीं कर रही है आवर भूल मत अर्जुन भी सायद तेरे साथ एहि करना चाहता है तभी तो सुबह किचेन वह तेरे साथ वह हरकत कर रहा था

राखी कुछ मत सोच जो हो रहा है होने दे ...... तू भी तो कब से प्यासी है

राखी तुझे खुश होना चाहिए ये सोच कर के जो प्यार तूने अर्जुन को नहीं दिया है वह प्यार अब दे सकती है

तुझे लगता है तू ये सब कर के अर्जुन से दूर हो जाएगी तो तू कुछ मगर कर लेकिन अर्जुन कुछ करे तो उसे रोकना भी मत .... मुझे यकीन है अर्जुन तेरे साथ सेक्स करना चाहता है

नहीं नहीं मेरा अर्जुन ऐसा कभी सोच भी नहीं सकता ...... मुझे यकीन नहीं हो रही है ..... लेकिन अर्जुन के मन मेरे लिए कुछ फाइलिंग है तो मैं उसे नहीं रोकूंगी ....

राखी देवी मन मैं सोचती है आवर एक आवर बोतल पानी लेकर किचेन से निकल जाती है हॉल से जाती हुई राखी देवी अर्जुन को देखती हुई बोतल को गेट के बहार रख कर बाथरूम मैं चली जाती है आवर कुछ देर के बाद राखी देवी बाथरूम से निकलती है आवर इस बार भी राखी देवी की नज़र अर्जुन के तरफ hi होती है राखी देवी की आँखों मैं एक सरम सी छै हुई होती है राखी देवी बोतल लेती है आवर रूम मैं चली जाती है

राखी देवी रूम मैं आती है आवर बीएड पर लेट जाती है आवर अपनी आँखें बंद कर लेती है

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सुबह के 5 :पं

पारी के हसने की आवाज़ सुन कर पूजा दीदी की नींद खुल जाती है तो देखती है रूम का लाइट ों है आवर बीएड के निचे पारी बैठी है रही होती है

वही राखी देवी भी पास मैं बैठी हाथ मैं एक गुड्डा ली हुई मुस्कुरा रही होती है

माँ ये उठ गयी थी तो मुझे जगा देती आप अपनी नींद क्यू बर्बाद कर रही है ..... पूजा दीदी आँखें मल्टी हुई बोलती है आवर उठ कर बीएड से उतर जाती है

अरे पूजा बेटी पारी उठ कर रोटी तब न जगती पारी उठ कर तो खुद से बातें कर रही थी आवर खुद hi बीएड से उतरने लगी इस लिए मैंने इसे बीएड से उतर दिया ..... कही ये रूम से बहार न चले जाये इस लिए मैं भी इसके साथ खेलने लगी ..... राखी देवी पारी को मुस्कुराती हुई देख कर बोलती है

माँ आप भी न ....... लगता है आप काफी वक़्त से आप जग रही है आप की आँखें भी लाल हो गयी है .....

पूजा दीदी थोड़ी मुंह बना कर बोलती हुई रूम से निकल जाती है .... अब पूजा दीदी को कौन बताये की राखी देवी काफी वक़्त से नहीं पूरी रात जग रही है ये तो अच्छा हुआ पारी उठ गयी आवर राखी देवी कुछ देर के लिए सब कुछ भूल कर पारी के साथ मुस्कुरा रही होती है

पूजा दीदी बाथरूम मैं जाती है आवर फ्रेश होकर रूम मैं आती है पूजा दीदी के आने के बाद राखी देवी भी बाथरूम मैं चली जाती है

राखी देवी जब बाथरूम मैं जाती है तो उनकी नज़र एक जगह जाती है आवर वह कुछ न देख कर राखी देवी थोड़ी परेशां हो जाती है

हे भगवन मैंने रात मैं पंतय सरे कपडे के अंदर राखी थी मगर यह तो कोई कपडा नहीं है .... राखी देवी मन मैं सोचती है

तभी राखी देवी की नज़र बाल्टी पर पड़ती है जो बाल्टी मैं धोये हुए कपडे रखे हुए होते है राखी देवी जल्दी से बाल्टी मैं देखती है तो पंतय उसी मैं होती है तो राखी देवी समझ जाती है पूजा ने कपडे धो दिए है लेकिन राखी देवी के मन मैं ये ख्याल भी आता के क्या पूजा ने पेंटी मैं उनकी छूट की पानी देख लिया है

राखी देवी ये सोच कर थोड़ी शर्मा भी जाती है

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वही पूजा दीदी पारी को दूध पीला रही होती है आवर लेकिन पूजा दीदी किसी सोच मैं पड़ी हुई होती है

क्या वह पेंटी माँ की थी ..... पूजा दीदी की मन मैं ये ख्याल आता है

पूजा दीदी पारी को बीएड पर सोलटि है आवर फिर रूम से बहार निकल जाती है

पूजा दीदी किचेन मैं जाकर कॉफ़ी बनाने लगती है तभी किचेन मैं आँचल की माँ आ जाती है

पूजा बेटी क्या कर रही हो हाटों मैं कॉफ़ी बना देती हुईं ..... आँचल की माँ पूजा दीदी को बोलती है

क्या नानी आप ऐसे क्यू बोल रही है .... ये मेरा घर नहीं है क्या आवर अपने घर मैं लड़की काम नहीं करेगी ....... पूजा दीदी हस्ती हुई बोलती जो आँचल की माँ भी मुस्कुरा पड़ती है

पूजा बेटी ये तो हर लड़की करती है ... लेकिन जिस लड़की की शादी हो जाती है वह लड़की अपने घर कुछ दिन आराम करने आती है समझी ..... चालों हाटों मैं कॉफ़ी बना देती हुईं

नानी नानी

आँचल की माँ बोलती हुई पूजा दीदी को दूर करने को होती है तभी पूजा दीदी नानी नानी बोलती हुई आँचल की माँ को पकड़ लेती है

ठीक है नानी मैं बस कॉफ़ी बना लेती हुईं ...... तब तक आप कुछ आवर करलो

पूजा दीदी हस्ती हुई बोलती है

आँचल की माँ पूजा दीदी की बात मान कर सब्जी काटने बैठ जाती है

पूजा बेटी तुम कितनी अच्छी लड़की हो .... आँचल की माँ सब्जी कटती हुईं बोलती है

सुक्रिया नानी .... ये लीजिये कॉफ़ी मैं माँ आवर अर्जुन को कॉफ़ी दे देती हुईं ...... पूजा दीदी कॉफ़ी देती हुईं बोलती है आवर 2 कॉफ़ी लेकर किचेन से चली जाती है

पूजा दीदी पहले हॉल मैं जाती है आवर हॉल मैं बैठे हुए अर्जुन को कॉफ़ी देती आवर फिर रूम मैं चली जाती है राखी देवी को कॉफ़ी देने के लिए

पूजा दीदी जब रूम मैं जाती है तो देखती राखी देवी रूम मैं नहीं है तो पूजा दीदी रूम से निकल कर फिर से हॉल मैं आ जाती है

अर्जुन माँ दोकान पर गयी है क्या ...... पूजा दीदी अर्जुन से पूछती है

दीदी माँ ऊपर गयी है ..... अर्जुन बोलता है

माँ ऊपर है ये जान कर पूजा दीदी ऊपर चली जाती है पूजा दीदी जैसे hi छत पर जाती है पूजा दीदी की नज़र माँ की जिस्म पर पद जाती है आवर पूजा दीदी वही कड़ी हो जाती है आवर माँ की जिस्म को घूरने लगती है

वही राखी देवी इस वक़्त छत पर थोड़ी झुकी हुई मार्किट की तरफ देख रही होती है


राखी देवी की झुकने की वजह से उनकी गांड पीछे की तरफ निकली हुई होती है राखी देवी इस वक़्त पेटीकोट भी ऐसी पहनी हुई होती है की उनकी कसक गर्दै हुई गांड दो हिस्सों मैं बाटी हुई होती है है ऊपर से उनकी गांड की दरार पूजा दीदी साफ देख रही होती है

राखी देवी कितनी खूबसूरत है ये तो पूजा दीदी अपनी माँ से कई बार सुन चुकी थी आवर बड़ी होने के बाद वह राखी देवी की खूबसूरती देख चुकी थी मगर इस वक़्त राखी देवी को देख कर पूजा दीदी की हैरानी भी हो रही थी इतने उम्र होने के बाद भी माँ की खूबसूरती काम होने के बजाये आवर निखार रही है


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माँ सच मैं बहुत बहुत खूबसूरत है माँ की इस उम्र मैं भी अगर कोई जवान लड़के भी देखने आये तो वह शादी के लिए मन नहीं करेगा

माँ की जिस्म को देख कर तो मेरा hi मन कर रहा है जाकर माँ की गांडडडड चीई चींईईई क्या मैं सोचने लगी

पूजा दीदी होश मैं आती हुई खुद पर थोड़ी नाराज़ होती है आवर वह माँ के पास चली जाती है

माँ कॉफ़ी ..... पूजा दीदी बोलती है

ओह पूजा ऊपर क्यू लाइ मैं निचे बस आने hi वाली थी .... राखी देवी कॉफ़ी लेती हुई बोलती है

माँ आप अच्छी लग रही है इस साड़ी मैं ....... पूजा दीदी से रहा नहीं जाता है आवर वह राखी देवी की तारीफ कर hi देती है

थैंक यू पूजा बेटी .... लेकिन मैं इतनी भी खूबसूरत नहीं हुईं .... मैं तो अब बुद्धि हो रही हुईं ..... राखी देवी कॉफ़ी पीती हुई बोलती है

माँ आप बुद्धि नहीं आवर जवान होती जा रही है ..... मेरी बात पर यकीन न हो तो वह जो छोटा लड़का दिख रहा है उसको देख कर थोड़ा से मुस्कुरा दीजिये .... फिर देखिये वह कैसे आप के प्यार मैं पागल होकर एहि घूमता रहेगा

पूजा बेटी क्या बोल रही ..... रुक मैं तुझे hi

राखी देवी आगे कुछ बोल नहीं पति है क्यू के पूजा दीदी बोलने के साथ hi हस्ती हुई वह से भाग गयी होती है तो राखी देवी बस मुस्कुरा देती है

माँ इतना सारा सामान ..... पूजा दीदी जब 2 थैला राखी देवी की हाथ मैं देखती है तो बोलती है

ये सब मेरी पारी के लिए है .... राखी देवी बोलती है आवर थैले को अर्जुन को दे देती है

ठीक है घर जाने के बाद फ़ोन करना ..... राखी देवी पूजा दीदी से बोलती है

पूजा दीदी ठीक है बोल कर बाइक पर बैठ जाती है लेकिन फिर पूजा दीदी कुछ सोच कर उतर जाती है आवर राखी देवी के पास आ जाती है

माँ वह पे ........ माँ घर जाने से पहले मेरे घर भी आना आप .....

पूजा दीदी कुछ पूछने वाली होती है लेकिन पूछ नहीं पति है आवर बात बदल कर घर आने को बोल कर फिर से बाइक पर बैठ जाती है

वही राखी देवी तो समझ जाती है पूजा क्या पूछने वाली थी जो राखी देवी एक वक़्त के लिए अपनी सर भी निचे कर लेती है जो पूजा दीदी को लग जाता है वह पेंटी माँ की hi थी तो पूजा दीदी बाइक पर जाकर बैठ जाती है ताकि माँ को सर्मिंदगी महसूस न हो

वही अर्जुन बाइक स्टार्ट कर के वह से चल चूका होता है वही राखी देवी घर के अंदर आ जाती है

हे भगवन पूजा ने देख लिया है वह क्या सोच रही होगी मेरे बारे मैं ..... मैं इतनी पागल कैसे हो सकती हुईं मुझे पेंटी बाथरूम मैं रखने की क्या ज़रूरत थी .....

राखी देवी हॉल मैं बैठी सोच रही होती है आवर खुद पर hi गुस्सा हो रही होती है

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अह्ह्ह्ह अर्जुन आराम से भाई ...... अचानक बाइक डेग मांगने से पूजा दीदी डर्टी हुई बोलती है

सॉरी दीदी वह .....

#### मक .... दोबारा मिल तू मुझे ..... अर्जुन पूजा दीदी को सॉरी बोलते हुए पीछे की तरफ देखता है आवर नंबर याद करते हुए गुस्से से मन मैं सोचता है
 
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