Ufff......Ye Kaisi Pyaas...........(A Story Of Housewife) - Page 9 - SexBaba
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Ufff......Ye Kaisi Pyaas...........(A Story Of Housewife)

अपडेट-40 (बी) (महा Episode सुहागरात स्पेशल)

" तुम्हारा जैसा मुन्न kare..............jis तरह से मुन्न करे तुम अपना लुंड मेरे मुँह के अंदर डालना hari....................bhale hi मुझे कितनी भी तकलीफों का सामना क्यों न करना pade...............tum मेरी परवाह मुट्ठ karna..............tum वो सब चीज़ करना जिससे तुम्हें पूरा पूरा मज़ा mile................aaj तुम्हारी ये दुल्हन तुम्हारे सरे इम्तिहानों में पास होगी..............." और आसमा हरी का हौसला बढाती हुई धीरे से मुस्कुरा दी वहीँ हरी के चेहरे पर एक कमीनी सी मुस्कान तैर gayi....................wo वहीँ फ़ौरन खड़ा हुआ और अपना एक पवन बीएड पर रखता hua...............aasma के तरफ बड़े गौर से देखने लगा.................

आसमा का दिल ज़ोरों से धड़कने laga........................durr की एक लखीर उसके चेहरे पर भी साफ़ नज़र आने lagi........kehney को तो वो कह दी थी मगर वो इतना बड़ा लुंड कैसे पूरा अपने मुँह में लेगी ये उसने कभी सोचा नहीं tha...................magar वो हार मानने वालों में से नहीं thi...................hari उसे वहीँ फर्श पर बैठने का इशारा किया और आसमा फ़ौरन वहीँ हरी के टांगों के बीच आकर बैठ गयी .....................अब उसकी नज़रियों के सामने हरी का विशाल लुंड खड़ा था जो अब फन फैलाये खड़ा tha....................hari के लुंड की मोटाई और लम्बाई को देखकर आसमा के बुर में भी पसीने आने लगे they..................wo टकटकी लगाए हरी के लौड़े को बस देख रही थी............

हरी अगले hi पल अपने मुँह से गधा गधा थूक निकलता हुआ इस बार अपने थूक को सीधा अपने खड़े लुंड के टोपी पर गिरने लगा ................वहीँ उसका थूक बेहटा हुआ नीचे की तरफ जाने laga..............aasma ाचे से जानती थी की आगे उसे क्या करना hain......wo थोड़ा आगे की ओरे अपना चेहरा ले गयी और हरी के टोपी पर हौले से अपना जीभ फेरती हुई उसके थूक को फिर से चटनी lagi......wahin इस बार हरी की लजात और मज़े से आँखें बंद हो gayi..........ek तेज़्ज़ सिसकारी उसके मुँह से फुट पड़ी वहीँ आसमा अपना जीभ हौले हौले से उसके लुंड के चरों तरफ बस फेरती rahi........ek अजीब सा गंध उसके लुंड से निकल रहा tha............................jo आसमा को और भी बेचैन करता जा रहा था...............

आसमा हौले से अपना एक हाथ हरी के खड़े हुए लुंड पर रखकर उसे धीरे से पकड़ ली और अपना जीभ धीरे धीरे उसके टोपी पर चलने lagi...................wahin हरी की सांसें तेज़्ज़ होने लगी साथ hi साथ उसके मुँह से सिसकारी भी लगातार निकलती rahi..............kitne आरसे के बाद आज कोई लड़की उसका लुंड ऐसे चाट रही thi...............nahin तो दुर्र की वजह से कभी कोई लड़की उसका लुंड अपने मुँह में भी नहीं लेती thi...................aasma के इस तरह जीभ चलने से हरी की आहें तेज़्ज़ होने lagi................wo मज़े के समुन्दर में जूते लगाने laga................aasma हौले हौले से अपने जीभ हरी के लुंड के सभी हिस्सों पर चला रही thi...............usey धीरे धीरे से चाट रही thi............uske थूक से उसका लुंड धीरे धीरे अब गिला होता जा रहा था...............

हालाँकि हरी के लुंड पर बल थे मगर छोटे they.................dekhney से ऐसा लग रहा था जैसे उसने आज hi अपने झात के बल काटे hain.................na hi वो ज़्यादा बड़े थे और न hi ज़्यादा chote...................aasma धीरे से और नीचे की तरफ अपना सर ले गयी और हरी के दो ांडें जो इस वक़्त नीचे की तरफ लटक रहे थे उनपर भी अपना जीभ फेरने lagi..............wahin हरी की सिसकारी तेज़्ज़ होती चली gayi..............lajaat और मज़े से उसकी आँखें जैसे बंद हो gayi..........wo आसमा के बालों पर अपने हाथ धीरे धीरे फेरता हुआ मज़े से सिसक रहा tha................hari उसे और अंदर की तरफ धकेलता हुआ उसे अपने शरीर का सबसे गन्दा हिस्सा चटनी का इशारा करने laga...............aur ये बताने की बात नहीं थी की शरीर का सबसे गन्दा हिस्सा कौन सा होता हैं............

आसमा एक नज़र हरी की तरफ देखती हुई हौले से अपना जीभ और नीचे की तरफ ले gayi........hari के गांड के taraf...........ek बार तो उसे घिन्न सी aayi..............aisa लगा की अभी वो उलटी कर degi..............magar जैसे तैसे वो अपना मुन्न मरती हुई अपना जीभ धीरे से सरकती हुई हरी के गांड के उस काळा छेद पर ले गयी जो दिखने में बेहद गन्दा सा tha................aur कला bhi.......jispar थोड़े बल भी they..............jaise hi आसमा के जीभ ने उस हिस्से को चुवा हरी की तो मज़े से सिसकारी निकल पड़ी मगर वहीँ आसमा को ऐसा लगा की वो अभी उलटी कर degi.............ek अजीब सी घिन्न लगी उसे मगर वो उस बदबू को जैसे तैसे बर्दास्त करती हुई हौले हौले से हरी के काळा और गंदे से गांड को धीरे धीरे फिर चटनी lagi..................waise हरी समझ चूका था की आसमा उसके गांड को चटनी से झिझक रही hain................wo फ़ौरन उसके बालों को कसकर अपनी मुट्ठी में जकड़ता हुआ ज़ोरों से खींचने लगा वहीँ आसमा की एक बार फिर ज़ोरों से चीख निकल पड़ी...............

आसमा हरी के चेहे की तरफ देखे जा रही थी वहीँ हरी इस बार अपने मुँह से गधा गधा थूक निकलता हुआ उसके मुँह पर फिर से गिरने laga................wo ऐसा दो तीन बार किया जिससे आसमा का खूबसूरत सा चेहरा उसके गंदे थूक से भर गया...................

" लगता हैं तू मेरी गांड को ठीक से चाट नहीं पा रही hain................aaj मैं तुझे सिखाता हूँ की गांड कैसे छाती जाती हैं.............." और इतना कहकर हरी फ़ौरन आसमा का सर बीएड पर करता hua.............uska पूरा शरीर इस वक़्त फर्श पर tha.................sir का हिस्सा बस बीएड पर रखता हुआ वो फ़ौरन अपने गांड को आसमा के मुँह के ऊपर रखने लगा और धीरे धीरे उसके चेहरे पर अपने गंदे से गांड को रगड़ने laga....................aasma का दम घुटता सा लगा मगर अगले hi पल वो थोड़ी नार्मल हुई और हरी के गंदे गांड को अपने जीभ से धीरे धीरे फिर चटनी lagi.............wahin हरी मज़े से अपने गांड आगे पीछे करके आसमा से पूरे मज़े के साथ उससे अपनी गांड चटवा रहा tha...............hari के गांड पर जितनी भी गंडीगड़ी थी सब आसमा के जीभ के रास्ते सीधा उसके मुँह के अंदर जा रही thi..............shuru में तो आसमा को गुलिटी सा फील हुआ मगर धीरे धीरे उसे भी इस खेल में मज़ा आने लगा........

वो भी पूरे जी जान से हरी के गंदे गांड को चाट रही थी साथ hi उसके दोनों ांडों को भी चाट leti................kareeb 10 मिनट तक हरी इसी पोजीशन में आसमा से अपनी गांड उससे चतवता raha...............usey मुन्न hi मुन्न बहुत सुकून और ख़ुशी मिल रही thi.........ek ख़ूबसूरत सी जवान और इस घर की मालकिन एक गंदे बुड्ढे नौकर के साथ ऐसे गंदे खेल खेल रही थी ये उसके लिए बहुत बड़ी बात thi............aab आसमा के चेहरे पर न hi लिपस्टिक थी और न hi कोई फेसवाश क्रीम powder...............aur न hi bindiya............uski जगह अब हरी के थूक और लार ने ले ली thi...........uska खूबसूरत सा चेहरा थोड़ा अजीब सा लग रहा था..............

" वाह मेरी जान तुमने तो मुझे खुस कर diya..................mere शर्ट के जेब में एक बीड़ी की पैकेट राखी हुई hain..............aur साथ में माचिस bhi......jaa तू उसे लेकर आ....................." और हरी आसमा को जैसे हुकुम किया वहीँ आसमा नंगी चलती हुई थोड़ी दूर गयी तो हरी बड़े गौर से उसकी थिरकती हुई गांड को देख रहा tha....................aur ये सोचकर मुस्कुरा रहा था की अब उसे छोड़ने को एक छूट तो मिलेगी hi साथ में एक कुंवारी गांड भी milegi.................jisey वो जब चाहे जैसा चाहे छोड़ सकता था......................

आसमा हरी के शर्ट के जेब में से बीड़ी का बंडल निकलती हुई साथ में उस माचिस को भी लेकर उसके पास आयी तो हरी फिर से आसमा के नंगे जिस्म को देखने laga..........uski बुर तो उसे नज़र नहीं आयी उसकी जगह उसे एक छोटी सी लाइन दिखाई di...............jo अभी भी पूरी तरह से बंद thi.................saath में दो बड़े बड़े चूचियां थी जो अभी तक टैंकर कड़ी थी जो इस वक़्त हरी के मसलने से लाल हो गयी thi............aasma चलती हुई आयी और आकर हरी के गॉड में बैठ गयी वहीँ हरी जवाब में मुस्कुरा पड़ा............

" तुम्हें बुरा तो नहीं लग रहा न जान जो मैं तुम्हारे साथ कभी कभी ऐसे बर्ताव कर रहा हूँ to.................kya करूँ मुझे जब बर्दास्त नहीं होता तो मैं ऐसे hi जंगली बन जाता hoon...............aur खास कर तब जब मैं किसी औरत को जब छोड़ता हूँ तब.................." और हरी आसमा के कमर में अपना हाथ डालता हुआ उसे अपनी तरफ खींचने लगा वहीँ आसमा बड़े प्यार से हरी के सर पर अपने हाथों को फेरने लगी...........

" nahin.....mujhe कुछ भी बुरा नहीं लग raha.................sach तो ये हैं की मैं भी चाहती हूँ की तुम मुझे बिस्टेर पर खूब बुरी तरह से ragado..............sach तो ये हैं की मुझे वाइल्ड सेक्स बेहद पसंद hain...........magar अफ़सोस अब तक मैंने ऐसा सेक्स कभी किसी के साथ किया hi nahin...............aur मैंने देखा हैं जब तुम शांति की जब चुदाई कर रहे they...............mujhe भी वैसा hi सेक्स chahiye............ya फिर उससे भी कहीं ज़्यादा...................." और आसमा अपने दिल की बात खोलती हुई धीरे से मुस्कुरा दी वहीँ आसमा की ऐसी बाटिओं को सुनकर हरी का लौड़ा फिर से अकड़ने laga.................jaisa उसने आसमा के बारे में सोचा था उससे कहीं बढ़कर उसे पाया tha................aaj सच में उसे अपनी किस्मत पर नाज़ हो रहा था....................

" तू फ़िक्र मुट्ठ कर मेरी jaan....................tu चाहे जितना रोये गिड़गिड़ाए आज तुझे मुझसे कोई नहीं बचने wala..............teri बुर का भोसड़ा तो आज मैं बनाकर hi रखूँगा................" और हरी आसमा के हाथों से उस माचिस और बीड़ी का पैकेट लेता hua................usmein से एक बीड़ी निकलता हैं और उसे आसमा के सामने जलाने लगता hain............jaise hi बीड़ी जलती हैं उसके धुएं से आसमा इस बार ज़ोरों से खांस पड़ती हैं वहीँ हरी धीरे से मुस्कुरा देता हैं.............

वो उस बीड़ी को पूरा जलाता hua.................uska धुवां पूरा अपने मुँह के अंदर रखता हैं और आसमा के चेहरे के ठीक सामने अपना चेहरा एल्जाकर धीरे धीरे अपने मुँह से बीड़ी के उस धुवें को छोड़ने लगता hain................jaise hi धुवां आसमा के चेहरे पर पढता हैं आसमा वहीँ ज़ोरों से खांसने लगती हैं ये देखकर हरी दुबारा से मुस्कुरा देता हैं........

" तू नशा नहीं करती हैं न इस लिए तुझे खांसी आ रही hain.............ek दो बार तुझे खांसी आएगी फिर तुझे भी मज़ा आने लगेगा.............." और हरी फिर से बीड़ी की एक काश खींचता hua............apne मुँह के अंदर ढेर सारा धुवां रखता हैं और फिर से आसमा के मुँह पर उस धुएं को छोड़ने लगता hain.......jawab में आसमा अपना मुँह तो नहीं छुपाती मगर ख़ास ज़रूर देती hain.............................hari आसमा के साथ ऐसे दो तीन बार करता hain.............wahin आसमा धीरे धीरे उस बीड़ी की स्मेल को अब बर्दास्त करती जा रही थी........

हरी फिर से बीड़ी की एक काश लेता हैं और अपने मुँह के अंदर ढेर सारा धुवां रखता hua................is बार वो अपना एक हाथ आसमा के बालों पर ले जाता हैं और उसके बालों को कसकर पकड़ता hua...........uska चेहरा अपने सामने कर देता हैं और एक नज़र आसमा के चेहरे की तरफ देखता hua...........apna होंठ आसमा के होंठों पर रखकर उसे धीरे धीरे से चूसने लगता hain................hari के इस हरकत से उसके मुँह के अंदर रखा सारा धुवां उसके होंठ के रास्ते अब आसमा के मुँह के अंदर जा रहा tha............wahin हरी बड़े इतेमेनन के साथ उसके होंठों को बस चूसे जा रहा था और धीरे धीरे अपने मुँह के अंदर उस धुएं को आसमा के मुँह के अंदर छोड़ता जा रहा था............

थोड़ी बहुत आसमा को खशी आयी मगर अब वो पहले से बेहतर thi...............ye देखकर हरी मुस्कुरा पड़ा और फिर सारा धुवां आसमा के मुँह के अंदर छोड़ने लगा और साथ hi साथ उसके होंठों को भी चूसने laga...............wo फिर से बीड़ी की एक तेज़्ज़ काश अपने मुँह में भरता हुआ फिर से आसमा के होंठों को दुबारा से चूसने लगा और धीरे धीरे फिर से उसके मुँह के अंदर उस बीड़ी के धुवयें को छोड़ने laga............ek अजीब सा स्मेल आसमा के मुँह एक अंदर घुल रहा tha..............maza तो आ रहा था साथ hi साथ एक अजीब सा नशा भी उसपर चा रहा था.............

हरी फिरसे आसमा के साथ वही खेल खेलने laga.............is बार भी वो ढेर सारा धुवां अपने मुँह के अंदर रखकर फिर से आसमा के मुँह के अंदर छोड़ने लगा मगर इस बार जैसे hi आसमा के मुँह के अंदर वो धुवां gaya.....................wo उसके सर को नीचे की तरफ दबाते हुए सीधा अपने खड़े लुंड की तरफ ले गया और आसमा बिना देर किये हरी के लौड़े को पूरा अपने मुँह के अंदर लेकर धीरे धीरे चूसने lagi.............jaise जैसे वो अपना मुँह खोल रही थी वैसे वैसे उसके मुँह के अंदर से धुवां भी बहार निकल रहा tha...............ek अजीब सा मज़ा था इस खेल mein............aisa खेल आज तक उसने न कभी किसी पोर्न मूवी में देखा tha...........aur न कभी सुना tha...............shayad एहि वजह था की वो हरी को दिल ो जान से चाहती थी क्यों की हरी सबसे जुड़ा tha..............alag था............

थोड़े देर तक लुंड चूसने के बाद हरी आसमा का सर अपने चेहरे के पास ले गया और उसके होंठों को फिर से चूसने laga.......aasma के होंठों पर अभी भी उसके लुंड का रूस लगा हुआ था जो अब हरी के मुँह के अंदर जाने लगा tha.............hari उस बीड़ी को इस बार आसमा के होंठ के करीब ले गया और टकटकी लगाए उसके चेहरे की तरफ देखने laga..............wahin आसमा समझ गयी की हरी अब क्या चाहता hain........wo कुछ देर तक हरी को ऐसे hi देखती रही फिर वो हौले से अपना मुँह खोलती हुई उस बीड़ी को अपने मुँह के अंदर ली और जैसे hi वो एक काश ली इस बार ज़ोरों से खांसने lagi..........magar हरी उसे बार बार ऐसे hi करने को कहता raha......do तीन कोशिहों के बाद आखिर आसमा इसमें कामयाब हुई और जैसे hi उसके मुँह में बीड़ी का ढेर सारा धुवा गया हरी फिर से उसके सर को नीचे की तरफ ले गया और उसके मुँह में अपना लौड़ा डालकर उससे चूसवाने laga............aur तब तक ये खेल चलता रहा जब तक वो बीड़ी ख़तम नहीं हो गयी.........
 
अपडेट-40 (स) (महा Episode सुहागरात स्पेशल)

" मेरी jaan..........mera लौड़ा बहुत देर से खड़े खड़े दर्द कर रहा hain..............aur मैं चाहता हूँ की मैं अपने लुंड का पानी निकल doon.................kahan..............tu जहाँ कहेगी वहां nikalunga..............bol सबसे पहले मैं तेरे कौन से छेद में अपना पानी गिरवून................" और हरी आसमा की तरफ देखता हुआ धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा टकटकी लगाए हरी की ओरे देख रही thi..........kuch देर की ख़ामोशी के बाद आसमा धीरे से फिर बोल पड़ी.........

" तुम्हारे लुंड का पानी तो मैं अपने सरे छेद में गिरवाना चाहती हूँ hari..................tum सबसे पहले कहाँ गिरना चाहते हो ये तो तुम्हें hi तय करना hain.................main उस छेद को तुम्हारे हवाले कर doongi..........."aur आसमा हौले से बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी मुस्कुरा pada...........usey आसमा से ऐसे hi जवाब की उम्मीद थी............

"सबसे पहले तो मैं अपना पानी तेरी मुँह के अंदर गिरानं चाहता hoon.....aur मैं चाहता हूँ की जितना भी मेरे लुंड का पानी गिरे सारा का सारा तू पी jaye..............ek भी बूँद जायज नहीं होनी चाहिए.............." और हरी अपने दिल की बात जुबान पर लता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा आदर्श नारी की तरह हाँ में अपना सर धीरे से हिला दी............

" अब जो मैं तेरे साथ करने जा रहा हूँ उससे तुझे तकलीफ तो बहुत होगी मगर तू मेरी ख़ुशी के लिए सब बर्दास्त कर lena...........shuru में तुझे तकलीफ तो होगी मगर आगे तुझे इस खेल में बड़ा मज़ा aayega..................chal तू इस बिस्टेर पर आकर पीठ के बल लेट jaa.........magar याद rahe..................teri गुर्दें और सर दोनों इस बीएड के नीचे की ओरे झुकी रेहनी chahiye............dono हाथ तेरे कमर के नीचे rahengey...............main अपना लुंड उस पोजीशन में धीरे धीरे तेरे मुँह के अंदर डालूंगा और तेरी हलक़ में ghusaunga...............tu बर्दास्त कर लेगी न मेरा ये लौड़ा................" और हरी आसमा की तरफ बड़े गौर से देखने लगा वहीँ जवाब में आसमा धीरे से मुस्कुरा दी............

"तुम्हें जैसा दिल करे वैसा karna........bus अपना मज़ा मुट्ठ ख़राब होने dena............aur मेरी तकलीफ की परवाह मुट्ठ karna..............aur हाँ जो भी करना जैसे भी करना आराम के साथ karna...............main आज कहीं भागने वाली नहीं hoon.............sara दिन साडी रात बस मैं तुम्हारे hi साथ rahungi...............aur एक बात aur...........aaj से पहले ऐसा मैंने कभी किसी के साथ नहीं किया हैं तो मैं इन सब चीज़ों के बारे में ज़्यादा नहीं जानती hoon.....ho सकता हैं मुझे गलती भी हो जाये मगर तुम सब नज़रअंदाज़ कर dena.............dheere धीरे मैं सब सीख जावूँगी..............." और आसमा भोलेपन से बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी उसके करीब आया और उसके बालों में अपना हाथ फेरता हुआ धीरे से उसके लबों को बड़े प्यार से चूम लिया.........

"तू फ़िक्र मुट्ठ कर मेरी jaan.................pyaar तुझे हैं तभी तो मुझे तेरी फ़िक्र लगी रहती hain..................ek बात जान ले की तू आज की रात कभी ज़िन्दगी भर नहीं भूल payegi...........main तुझे ऐसा मज़ा दूंगा..............." और हरी आसमा को बिस्टेर पर पीठ के बल सुलाता hua...................uski गुर्दें और चेहरे को नीचे की तरफ झुका देता हैं और उसके चेहरे के बीच अपने दोनों पवन रखकर अपने लुंड को उसके चेहरे पर रखकर उसकी झुकी हुई गुर्दें को अपने हाथों से थम लेता hain.............ek तरह से आसमा का चेहरा अब हरी की गिरफ्त में tha..........wo चाह कर भी अपने आपको उससे छुड़ा नहीं सकती thi...............hari एक नज़र आसमा के चेहरे की तरफ देखता हुआ धीरे धीरे अपने लुंड को आसमा के उस छोटे से मुँह के अंदर डालने लगा...................

जैसे hi उसका टोपा अंदर घुसा हरी के मुँह से लजात भरी aaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhh निकल padi...................wahin वो मज़े से अपने लुंड पर धीरे धीरे दबाव बनाने laga.................aur जैसे जैसे उसके लुंड पर दबाव बढ़ने लगा आसमा की तकलीफें होनी शुरू हो gayi.............pehle के दो इंच उसके मुँह में थे तो उसे कोई ख़ास दिक्कत नहीं हुई मगर जैसे जैसे हरी अपने लुंड पर दबाव बढ़ाने लगा आसमा धीरे धीरे अपना मुँह और खोलने लगी जिससे उसका जबड़ा दर्द करने लगा..............

मगर हरी की कोशिश ज़ारी rahi..........pehle 3 इंच ghusa............fir 4 inch...............aur जैसे जैसे लुंड आसमा के हलक़ में जाने लगा आसमा की आँखें बड़ी होने lagi......uski सांसें तेज़्ज़ तेज़्ज़ चलने lagi........uske मुँह के साइड से थूक और लार धीरे धीरे बहार की तरफ बहने laga..............aasma की तकलीफें साफ़ उसकी आँखों से मालूम चल रही thi............uski दोनों आँखें बड़ी होने के साथ साथ उसमें ाँसों भी नज़र आने लगे they...................hari कुछ देर तक वैसे hi अपने लुंड को वहीँ रोके रखा फिर वो अपना लुंड थोड़ा बहार की तरफ निकलता हुआ फिर से अपने लुंड पर दबाव डालने laga...............aur धीरे धीरे अपने लुंड को आगे पीछे करने laga.............hari के लुंड आगे पीछे करने से आसमा के मुँह से puuullllluuukkkkkkkkkkkkkk पपपपूवोक्सक्कछःहःहःहः pppppppoooooochhhhhhhhhhh जैसी आवाज़ें लगातार निकल रही थी जो उस माहोल को और भी क़ातिलाना बना रही थी.............

खेल चलता गया और हरी अपने लुंड पर दबाव बनता gaya.................jaise तैसे हरी अपना 6 इंच तक लुंड आसमा के हलक़ में घुसने में कामयाब हुवा वहीँ जैसे hi हरी का लुंड और अंदर जाने लगा इस बार आसमा दर्द से बुरी तरह तड़प uthi....................uske आँखों से आंसूं की धरा फुट पड़ी और उसके मुँह से ढेर सारा थूक और लार उसके होंठों के साइड से बेहटा हुआ नीचे की तरफ जाने laga...............jo उसके खूसूरत से चेहरे को गन्दा करता जा रहा tha...................hariek hi झटके में अपना लुंड बहार की तरफ निकलता हुआलुम्बी लुम्बी सांस लेने laga..............aasma की मुँह छोटी थी तो उसमें उसका लुंड बहुत मुश्किल से अनेर जा रहा था..............

जैसे तैसे आसमा हरी का लुंड आधा hi ले पायी thi.....jaise hi हरी का लुंड बहार आया आसमा वहीँ ज़ोरों से हांफती हुई लुम्बी लुम्बी सांसें लेने lagi...............uske मुँह से गधा गधा थू बेहटा हुआ बहार की तरफ गिरने लगा tha...............aur कुछ थूक हरी के लुंड पर भी लगे हुए they.....................hari फिर से अपना लुंड पूरा एक hi झटके में अंदर घुसने लगा और तेज़ी से दबाव बनता gaya.................hari के उस हरकत पे आसमा तेज़ी से goooooooooooo gggooooooooooooooo करती हुई हांफने लगी और उसके आँखों से फिर आंसूं निकल pade...............saath hi उसके मुँह से थूक और लार भी साइड से बहने laga.................hari की एहि कोशिश थी की वो कैसे भी करके अपना पूरा लौड़ा आसमा की हलक़ में उतर दें मगर ये न उसके लिए आसान tha...............aur न आसमा के लिए................

इस बार जैसे hi उसका लुंड 7 इंच तक गया आसमा तेज़ी से अपने दोनों हाथ अपने कमर पर से हटती hui..........apne दोनों हाथों को तेज़ी से बिस्टेर पर पटकने lagi..................jissey उसके हाथों को कुछ चूड़ियाँ टूटकर बिस्टेर पर गिर padi.............magar वो इसी तरह से अपने दोनों हाथों को पतकतकी rahi............bister पर तड़पती rahi..............chilla तो वो सकती नहीं थी बस उसके मुँह से gggggggoooooooooooooooooooooo ggggggggggggoooooooooooooo की लगातार आवाज़ें निकला रही टी जो उसकी बेचैनी को साफ़ ज़ाहिर कर रही thi.............uski सांस रुकने जैसे हो गयी thi.................aankhon से आंसूं निकलने का सिलसिला थम नहीं रहा tha....................hari अपने लुंड को आसमा के हलक़ में करीब 30 सेकण्ड्स तक ऐसे hi फंसाये रखा और ये 30 सेकण्ड्स आसमा के लिए बहुत भरी पढ़ गए.................

उसने कभी सोचा नहीं था की इतनी तकलीफ भी hogi.....................usey एक पल तो ऐसा लगने लगा था की अभी उसका दम गहने से उसकी मौत हो jayegi..............teen चार चूड़ियां तूने से उसकी हाथों में कई जगह उसके टुकड़े घुस गए थे मगर उस दर डी के आगे ये दर्द बिलकुल फीका tha................jaise hi 30 सेकण्ड्स गुज़ारे आसमा अपनी कमर बिस्टेर पर पटकती हुई पूरी तरह से बेचैन हो गयी और हरी अपने लुंड को और अंदर की तरफ घुसता raha....................natiza ये हुआ की आसमा के साबरा का बाँध टूट गया और अगले hi पल उसकी बुर से ढेर सारा मूट निकलता हुआ हवा में कुछ ऊपर तक गया और फिर उस बिस्टेर पर दुबारा से गिरने लगा और उसे भिगोने लगा.............

हरी का भी साबरा जवाब दे गया और आखिरकार जो लावा वो अपने लुंड के अंदर इतने देर तक रोक रखा था सारा लावा उसके लुंड से फूटता हुआ आसमा के मुँह के अंदर निकलने laga...............aadhey से ज़्यादा तो आसमा अपने हलक़ के अंदर ले ली और जो बचा हुआ वीर्य था वो आसमा के होंठ से साइड से बेहटा हुआ नीचे फर्श पर गिरने laga...........kuch देर तक हरी ऐसे hi मज़े से अपनी आँखें बंद करके सिसकता रहा फिर वो अपना लुंड एक hi झटके में बहार निकलता हुआ आया और वहीँ बिस्टेर पर जाकर लेट गया....................

लुंड बहार आने से आसमा लुम्बी लुम्बी सांसें लेने लगी मनो उसकी सांस बहुत देर से जो रुकी हुई हो .................इस वक़्त उसके मुँह में हरी का वीर्य लगा हुआ tha............jo उसके गलों से बेहटा हुआ उसके गुर्दें से होता हुआ नीचे की ओरे टपक रहा tha....................aasma बहुत देर तक लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही थी और आपने आपको नार्मल कर रही thi....magar दोनों उसके बस में नहीं they.................jab उसे होश आया और जब वो बिस्टेर पर उसकी नज़रें गयी एक बार फिर से चेहरे पर शर्म की लखीरें नज़र आने lagi..................magar आज की रात तो शर्म बहुत पीछे छूट चुकी thi................aab रह गयी थी तो sirf....................besharmi.....................

तो बे कॉन्टिनोएड.....................................................
 
अपडेट-41 (ा) (महा Episode सुहागरात स्पेशल)

लुंड बहार आने से आसमा लुम्बी लुम्बी सांसें लेने लगी मनो उसकी सांस बहुत देर से जो रुकी हुई हो .................इस वक़्त उसके मुँह में हरी का वीर्य लगा हुआ tha............jo उसके गलों से बेहटा हुआ उसके गुर्दें से होता हुआ नीचे की ओरे टपक रहा tha....................aasma बहुत देर तक लुम्बी लुम्बी सांसें ले रही थी और आपने आपको नार्मल कर रही thi....magar दोनों उसके बस में नहीं they.................jab उसे होश आया और जब वो बिस्टेर पर उसकी नज़रें गयी एक बार फिर से चेहरे पर शर्म की लखीरें नज़र आने lagi..................magar आज की रात तो शर्म बहुत पीछे छूट चुकी thi................aab रह गयी थी तो sirf....................besharmi.....................



अब आगे.......................................................................


कमरे में कुछ देर तक गहरी ख़ामोशी छायी rahi.....................bus दोनों की धड़कनों की आवाज़ उस ख़ामोशी को पल पल चीयर रही thi................hari जब अपने होश को संभाला तो वो फ़ौरन अपने बिस्टेर से उठकर बैठ गया और फर्श पर पड़ी आसमा की पंतय को अपने हाथों में उठता हुआ ..................नीचे जो अभी कुछ देर पहले आसमा के मुँह से जितना उसका वीर्य गिरा था सब उस पंतय से साफ़ करने laga................aachey से सारा वीर्य उस पंतय पर लपेटने के बाद वो उस पंतय को हवा में आसमा के सामने झूलने लगा वहीँ आसमा अजीब इस नज़रियों से उसे देख रही थी................

" चाल चाट कर ाचे से साफ़ कर अपनी इस पंतय को...................." इतना कहकर हरी उस पंतय को अपने मुँह में एक तरफ रखकर धीरे धीरे फिर उस पंतय को चूसने laga............chatney लगा............ वहीँ वो अपना चेहरा आसमा के चेहरे के ठीक सामने ले गया और आसमा बिना किसी सवाल जवाब के हरी के मुँह में राखी अपनी पंतय के दूसरे हिस्से को फिर चटनी lagi.............jaise जैसे वो पंतय आसमा के मुँह के अंदर घुल रहा था उसकी छूट की स्मेल और हरी का वीर्य दोनों का स्वाद उसके मुँह के अंदर जा रहा tha....................thode देर तक चूसने के बाद एक साइड से हरी के थूक और लार से वो पंतय पूरी तरह से गीली हो गयी वहीँ दूसरी तरफ आसमा के थूक और लार से उसकी पंतय का दूसरा सिरा भी गिला होने laga..............is तरह चूसने से पंतय का आधा हिस्सा अब आसमा के मुँह के अंदर tha............wahin उसका आधा हिस्सा हरी के मुँह के अंदर.............

मुँह के अंदर पंतय होने से हरी बड़े आराम से आसमा के होंठों को भी चूस रहा tha.............wahin आसमा भी उसके इस गंदे खेल में उसका पूरा पूरा साथ दे रही thi.............thode देर बाद हरी अपने मुँह के अंदर से उस पंतय को पूरा बहार निकलता hua.............aasma के मुँह के अंदर रखा उसका दूसरा हिस्सा भी बहार निकलने laga........fir वो उसे पलटता हुआ फिर से अपने मुँह में उस पंतय को डालकर धीरे धीरे चूसने laga.........kuch देर पहले जो हिस्सा आसमा के मुँह के अंदर था वहीँ हिस्सा अब हरी के मुँह के अंदर tha..............wahin उसका दूसरा हिस्सा अब आसमा अपने मुँह के अंदर रखकर उस पंतय को धीरे धीरे चूस रही thi..............aur तब तक चूसती रही जब तक उसकी पंतय पूरी तरह से भीगकर उसमें जितना वीर्य का रूस था सब उन दोनों के मुँह में नहीं चला gaya.............is गंदे खेल में भी एक अलग मज़ा tha..............sukoon था................

हरी फिर पास में रखा अपना मोबाइल हाथ में उठता हुआ आसमा के करीब आया और उसमें एक पोर्न वीडियो आसमा के सामने चलने laga...............wo उस वीडियो में कुछ ऐसा सन आसमा को दिखाना चाहता था और उसे ये बताना चाहता था की आसमा भी आगे उसके साथ ऐसा hi कुछ kare..................jaise जैसे वो वीडियो क्लिप्स आगे चल रही थी वैसे वैसे आसमा की सांसें भरी होती जा रही thi................aasma बड़े गौर से उन क्लिप्स के एक एक चीज़ को बड़े गौर से देख रही thi............jisey हरी दिखने की कोशिश कर रहा था..........

हरी अपना एक हाथ आसमा के चुकी पर रखता hua.............usey ज़ोरों से मसलने लगता हैं ................वहीँ वो अपनी दूसरी हाथ की एक ऊँगली उसकी छूट के अंदर पूरा घुसता hua......................bade आराम के साथ अपने हाथों को हरकत करने लगा ..............वहीँ आसमा के तन बदन में फिर से आग लग gayi.................wo इस वक़्त हुड्ड से ज़्यादा गरम थी और बेचैन bhi..............usey लुंड लेने की चाह बहुत हुड्ड तक बढ़ गयी थी मगर ये हरी अब तक उसकी छूट में अपना लुंड नहीं दाल रहा tha................uski छूट के अंदर रखा वो लॉलीपॉप कब का बहार निकल चूका था जब वो कसकर मूर्ति थी tab.................shayad उसके प्रेशर se...............bister का कुछ हिस्सा अभी तक गिला था...............

" ये देख रही हो मेरी jaan...........................main भी चाहता हूँ की तुम मेरा माल बिलकुल इसी तरह से खावो..............." और हरी उस वीडियो की ओरे आसमा को इशारा करता हुआ फिर धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा टकटकी लगाए उस वीडियो को देख रही thi....................uski सांसें पूरी तरह से बेकाबू हो चुकी thi..............wo जवाब में हाँ में अपना सर हिलती हुई हरी का पूरा समर्थन करती hui....................hari के हाथों से उसके मोबाइल को साइड में रखकर बड़े गौर से उसके चेहरे की तरफ देखने lagi.................wahin हरी आसमा के खूबसूरत से चेहरे को अब भी देख रहा था..............

" जब तुम्हारे बाँहों में ऐसी जवान कमसिन हसीं लड़की हैं तो फिर ऐसे अंग्रेजी लड़कियों की पोर्न वीडियो देखकर तुम अपना वक़्त क्यों जायर कर रहे ho..................tumhare दिल की आज जो भी हसरत हैं वो साडी की साडी मैं पूरा karungi..................uske लिए चाहे मुझे किसी भी हुड तक क्यों न गिरना pade....................mujhe तुम्हारी ख़ुशी के लिए आज सब मंज़ूर hain...............aab और बर्दास्त नहीं होता hari..............aawo न..........." और आसमा सिसकते हुए धीरे से बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी हौले से मुस्कुराने laga...............wo बहुत ाचे से जनता था की आसमा इस वक़्त कितनी ज़्यादा गरम और बेचैन हैं................

" मैं तुम्हें छोडूंगा मेरी jaan..............wo भी रगड़ रगड़ ke...................aab वो वक़्त आ गया हैं जब मेरा ये लौड़ा पूरा तेरी बुर के अंदर जब ghusega...................magar असली मज़ा तो तब आएगा जब मेरा लौड़ा सूखा हो और तेरी बुर भी सूखी हो tab..................aur लौड़ा अंदर घुसने पर भी न ghusey................aur ऊपर से तू चीखे और chillaye.aur मैं अपने लौड़े को अंदर पेलता rahun.......tumpar कोई रेहम न karun........bus तेरी बुर और गांड की धाजियां ुददा rahun..................sach कहूं तो मुझे ऐसी hi चुदाई बेहद पसंद हैं..........." और हरी इतना कहकर पास में रखा अपना शर्ट उठता हुआ पहले अपने लुंड को उस कपड़े से ाचे से साफ़ करने लगा फिर वो उस कपड़े को आसमा के बुर के अंदर डालता हुआ उसे भी ाचे से साफ़ काने laga..................jab सारा हिस्सा पूरी तरह से जब सूख गया तब हरी आसमा को बीएड पर सीधा लेटकर अपनी टांगें फैलाने का इशारा करने laga............wahin आसमा का दिल ज़ोरों से धड़क उठा..........

हालाँकि उसे इस पल का न जाने कब से इंतज़ार था मगर वो ये भी जानती थी की आने वाला पल उसे बहुत तकलीफ तो देगा hi................magar मज़े भी बहुत dega.................wo फ़ौरन बिस्टेर पर पीठ के बल सीधा लेट गयी और हौले से अपनी दोनों टांगें दोनों तरफ पूरा फैलाती हुई धीरे धीरे अपनी टांगों को हरी के सामने खोलने lagi.............wahin हरी बड़े गौर से आसमा के छूट को देख रहा tha................bus हल्की की लिप्स थोड़ी बहुत खुली सी नज़र आ रही थी और उसकी छेद अंदर से पूरी तरह बंद नज़र आ रही thi...............wo ये जनता था की अब आज के बाद आसमा की छूट पहले जैसी नहीं rahegi................wo उसकी इस छोटी सी छूट को अब छोड़ छोड़कर पूरा भोसड़ा बनाने वाला tha.................wo उसकी छेद को इतना बड़ा बनाने वाला था की आगे चलकर आसमा अपनी छूट के अंदर कुछ भी आसानी से ले सके.........

हरी अपने लुंड को पकड़ता हुआ जैसे hi आसमा के बुर के छेद पर rakha.........aasma की लजात और मज़े से एक बार aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh निकल gayi.....................wahin उसका दिल बहुत ज़ोरों से धड़कने laga..................ander hi अंदर उसके दिल में दुर्र भी होने लगा की क्या होगा जब हरी का लुंड उसकी छूट की गहराईयों में उतरेगा tab...................wo अंदर hi अंदर रोमांचित हो रही थी मगर साथ hi साथ उसका दिल भी दुर्र से धड़क रहा था...................

हरी का लौड़ा जब उसकी छोटी सी छूट के छेद को जब chuwa.....................aasma की लजात से उसका पूरा मुँह खुला रह gaya.................wo हौले से सिसकती हुई हरी के चेहरे की तरफ देखने lagi.................wo ये बात ाचे से जानती थी की हरी को वाइल्ड और रफ़ सेक्स पसंद हैं और वो भी तो एहि चाहती थी की कोई उसे बेरहमी से chodey..............aur आज उसे ऐसा मौका मिल गया tha.......hari के रूप mein....................bus दुर्र उसे इस बात का था की उसकी छूट अभी तक पूरी तरह से खुली नहीं हैं और हरी का इतना मोटा लुंड वो कैसे पूरा ले payegi................bus उसे इसी बात की थोड़ी चिंता थी मगर वो जानती थी की थोड़ी तकलीफ के बाद उसे भी मज़ा मिलेगा ..............वो सुख मिलेगा जिसकी उसे न जाने कब से चाह हैं................

हरी अपने लुंड को जैसे hi आसमा की बुर की छेद पर जब rakha.................aur जैसे hi वो ढाका मारा उसका लौड़ा फिसलता हुआ बहार चला gaya................wahin आसमा फिर से सिसक padi............hari दुबारा से अपना लुंड हाथ में लेता हुआ उसके टोपे को फिर से आसमा के बुर के छेद पर सेट करने लगा और हौले हौले अपने लुंड पर प्रेशर बनाने laga...................is तरह प्रेशर बनाने से उसका मोटा सूपड़ा आसमा की छोटी सी छेद में फंस तो गया मगर वो अंदर नहीं gaya.................hari अपने लुंड को फिर पीछे करता हुआ फिर से एक तेज़्ज़ झटका मारा जिससे उसका लुंड फिर से फिसलता हुआ बहार चला gaya..............ye देखकर उसका मूड ख़राब होने लगा............

" behanchod..........ye लुंड अंदर जा क्यों नहीं रहा.............." और हरी झल्लाता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा जवाब में सिसकती हुई हरी के चेहरे की तरफ अड़े गौर से देखने lagi..............uska भी कलेजा बहुत ज़ोरों से धड़क रहा था.......................

" थोड़ा सा तेल लगा लो hari............apne लुंड par..........fir तुम्हारा लुंड आसानी से मेरे अंदर चला जायेगा................" और आसमा हौले से बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी ना में अपना सर हिलता हुआ फिर से अपने लुंड को आसमा की बुर पर सेट करता हुआ फिर से प्रेशर बनाने लगा फिर से वहीँ hua................uska लुंड बहार की तरफ एक बार फिर से फिसल गया............

" चाहे कुछ हो जाये मेरा लुंड जायेगा तो ऐसे hi..............bina तेल और थूक ke..............aise में जो मज़ा आएगा वो पूछो मुट्ठ...................." और हरी फिर से अपने लौड़े को आसमा की बुर के छेद पर सेट करने लगा वहीँ इस बार आसमा उसे रोक दी..............

"रुक जाओ hari...............aise nahin.......................tum तेज़्ज़ झटके दे रहे हो इस वजह से तुम्हारा लुंड बहार फिसल जा रहा hain...............aur तुम जानते हो की मेरी बुर की छेद बहुत छोटी हैं और तुम्हारा लुंड बहुत मोटा और बड़ा hain.................itni आसनी से ये अंदर घुसेगी nahin............tum एक काम करो बस तुम अपने लुंड को धीरे से मेरी लुंड पर सेट करो और आहिस्ते आहिस्ते अपने लुंड पर दबाव बनाते रहो फिर देखना धीरे धीरे तुम्हारा लुंड मेरी बुर के अंदर घुस जायेगा..................." और आसमा मज़े से सिसकते हुए बोल पड़ी वहीँ हरी ठीक वैसा hi किया जैसा आसमा ने उससे कहा था.....................

हरी जैसे hi आसमा के बुर की छेद पर अपना लौड़ा rakha.................aasma ने जैसे उससे कहा था वो उसी अंदाज़ में अपना लौड़े को उसकी छोटी सी छेद पर रखकर उसपर धीरे धीरे दबाव बनाने laga.....................jaise जैसे वो अपने लुंड पर दबाव बना रहा था उसका मोटा सूपड़ा धीरे धीरे आसमा की छूट की छेद को फाड़ता हुआ धीरे धीरे अंदर की तरफ घुस रहा tha.................wahin आसमा की सांसें रुकने लगी और लजात दर्द से उसका मुँह पूरा खुल gaya................wo लुम्बी लुम्बी सासनें लेती हुई अपनी टांगें हरी के सामने और खोलने लगी वहीँ हरी अपने लुंड पर दबाव उसी तरह से बनाये rakha..............aab वो पहले की तरह झटके नहीं मार रहा tha..................magar उसके लुंड में भी एक तेज़्ज़ दर्द होनी शुरू हो गयी thi........lund की मोती चमड़ी ज़ोर लगाने से उसकी चमड़ी भी अंदर की तरफ खींच रही थी जिससे उसके लुंड में दर्द की एक तेज़्ज़ लहर दौड़ gayi........magar मज़े और जोश की वजह से हरी को ये दर्द सहना मंज़ूर tha...........udher आसमा का भी कुछ वैसा hi हाल था.........

जैसे तैसे उसका लुंड थोड़ा सा अंदर की तरफ sarkaa..............aasma की आँखें बड़ी होने लगी और उसका मुँह पूरा खुला रह gaya...............shayad लजात se................wo अपना मुँह खोले लुम्बी लुम्बी सासनें ले रही thi...............ek तो लुंड उसका पूरी तरह से सूखा था और बुर जो गीली थी वो भी इस वक़्त सूखी होने से लुंड अंदर घुसने में बहुत दिक्कत हो रही थी मगर हरी हार मानने वालों में से नहीं tha..................wo ऐसे hi अपने लुंड पर दबाव बनाये रखा और जब उसका सूपड़ा थोड़ा सा अंदर घुसा वो अपने कमर को थोड़ा सा पीछे की तरफ करता हुआ एक करारा झटका मारा जिससे उसका 3.5 इंच का सूपड़ा आसमा की बुर की उस छोटी सी छेद को चीरता हुआ अंदर घुस गया.................

जहाँ आसमा की चीख तो निकली hi................saath hi साथ उसका मुँह भी पूरा खुला रह gaya...........aur आंखें बड़ी हो gayi...........dard की एक तेज़्ज़ लहर उसके तन बदन में दौड़ gayi..............issey पहले वो संभालती हरी अपने लुंड को एक hi झटके में बहार निकलता हुआ इस बार पूरी ताक़त से अपना लुंड अंदर किया और नतीजा ये हुआ की हरी का लुंड आसमा की बुर को पूरी तरह से फाड़ता हुआ करीब एक hi झटके में पूरा 5 इंच तक अंदर घुस गया जहाँ आसमा एक पल तो ज़ोरों से cheekhi.....................magar अगले hi पल वो वहीँ बेहोश हो gayi.............haan उसकी आँखों से आंसूं ज़रूर चालक पड़े थे...................
 
अपडेट-41 (बी) (महा Episode सुहागरात स्पेशल)

उसके जिस्म में कहीं कोई हलचल नहीं thi............uski बुर हरी के लुंड अंदर घुसने की वजह से पूरी तरह से फ़ैल गयी थी जो काफी बड़ी नज़र आ रही thi.............hari एक पल के लिए तो घबरा गया मगर वो अपने लुंड को ऐसे hi अंदर रखे rakha...............wo पास में रखे पानी की कुछ बूँदें आसमा के चेहरे पर छिड़कने लगा और जैसे hi आसमा के चेहरे पर पानी की बूँदें पड़ी वो फ़ौरन होश में आ गयी और जैसे hi वो होश में आयी उसके मुँह से एक दर्द भरी चीख निकल पड़ी .................वहीँ हरी उसके दोनों चूचियों को कसकर मसलने laga.............uski आँखों से ाँसों के सैलाब उमड़ पड़े they.................is तरह लुंड अंदर घुसने से उसके दोनों पवन थार थार काँप रहे थे...............

" aaaaaaaaaaashhhhhhhhhhhhhhhhh....................hari.................please...............nikalo isey.............mujhe बहुत दर्द हो रहा hain................aisa लग रहा हैं जैसे मैं मुरर jawungi.................sach में तुम्हारा बहुत बड़ा और मोटा hain..........uuuuuuuuuffffffffffffffffffffff.......aaaammmmmmmiiiiiiiiiiiiii.............." और आसमा दर्द से दुबारा से चीखने चिल्लाने लगी वहीँ हरी उसके चूचियों को जी भरकर बस मसलता raha................choosta raha..............jissey उसका दर्द कुछ देर में कम होने laga...............kareeb 5 मिनट बाद आसमा कुछ रहत की सांस ली तो हरी धीरे धीरे अपने लुंड को आगे पीछे करने laga.................wahin उसके इस हरकत पे आसमा के मुँह से फिर से आहें निकलने लगी............

" बड़ा हैं तभी तो मज़ा आएगा मेरी jaan...............aabhi तो मेरा लुंड सिर्फ आधा hi घुसा hain..............aab मैं इसे पूरा धीरे धीरे अंदर ghusawunga.....................thodi तकलीफ और होगी तुम बर्दास्त कर लेना................." और हरी धीरे धीरे अपने कमर को हिलने लगा वहीँ आसमा के सर पर से चुदाई का नशा पूरी तरह से उतर gaya................dard उसके दोनों टांगों के बीच इतना हो रहा था जिसे वो बयां नहीं कर सकती थी मगर हरी को वो निराश भी नहीं कर सकती thi..............is लिए वो चुप चाप उस दर्द को बस सेहती rahi..............wo ये बात जानती थी की आगे चलकर उसे बहुत मज़ा मिलने वाला हैं...............

हरी बड़े आराम के साथ धीरे धीरे ढ़ाके लगा रहा tha..................aur थोड़े थोड़े देर में वो अपने लुंड को एक एक इंच अंदर भी करता जा रहा tha...............wahin आसमा दर्द से सिसक रही thi...................uski आहें उस बंद कमरे में गूँज रही thi...................aasma जब कुछ देर के बाद नार्मल हुई तो हरी ने फिर से अपना लुंड बहार किया और एक करारा झटका फिर से मारा जिससे करीब उसका लुंड 8 इंच तक अंदर चला गया वहीँ आसमा इस बार पूरी ताक़त से चीख padi................ek पल तो उसे ऐसा लगा जैसे उसके दोनों टांगों को किसी ने बीच से चीयर दिया ho.................ek बार फिर से उसकी आँखों से ाँसों चला पड़े.................

"aaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh.......haaarri...............ooooohhhhhhhhh aaaaammmmmmmmmmmmiiiiiiiiiii............bahut दर्द हो रहा hain...........zara आराम se............aisa लग रहा हैं जैसे मेरी फुट जाएगी............." और आसमा दर्द से तड़पती हुई बोल पड़ी वहीँ हरी उसकी बाटिओं को अनसुना करता हुआ अपने लुंड को आगे पीछे करता रहा और उसकी कमसिन छूट को छोड़ता raha.................aab वो पूरा अपने लौड़ा को उसकी छोटी सी छेद के अंदर दाल देना चाहता था और एहि सोचकर वो फिर से अपना लुंड बहार की ओरे करता hua.................fir से एक कसकर धक्का मारा और इस बार ढाका इतनी ज़ोर का था की आसमा की बुर पूरी तरह से खुलती हुई हरी के उस विशाल लुंड को पूरा अपने अंदर तक समां ले gayi..................jahan हरी मज़े और दर्द से सिसक पड़ा वहीँ आसमा की दर्द भरी चीख उस बंद कमरे में फिर से गूजन uthi..................is बार वो इतनी ज़ोर से चीखी थी की अगर कोई वहां आस पास अगर होता तो उसकी चीख बड़ी आसानी से सुन leta.................magar आज उस बंद कमरे में उसकी चीखें सुनने वाला हरी के अलावा और कोई नहीं था...................

हरी का पूरा लौड़ा अंदर घुसने से उसकी छोटी सी बुर अब पूरी तरह से फैलकर बड़ी नज़र आ रही thi................jo ऊपर से इस वक़्त फूली हुई thi.................hari का 10 इंच लुंड पूरा उसकी छोटी सी छूट के अंदर समां गयी thi............aasma के आँखों से आंसूं तो निकल hi पड़े वहीँ उसकी चीख एक बार फिर उस बंद कमरे में गूँज uthi.............itna तो वो उस रात नहीं चीखी होगी जिस दिन उसकी सुहागरात थी या सैम उसकी सील को तोड़ रहा था tab................hari को आसमा की बुर की गरमहात साफ़ महसूस हो रही थी और उसकी बुर की तिघटनेस से वो बहुत ज़्यादा खुस भी tha..............wo जैसा चाहता था आसमा उससे कहीं बढ़कर उसे मिली thi.................itni कासी हुई बुर में आज तक उसने कभी अपना लौड़ा नहीं पेला था.............

वो जनता था की इस वक़्त वो मज़े के किस ऊंचाई पे hain...................wo फ़ौरन अपने लुंड को एक hi झटके में बहार करता हुआ पूरा निकल लिया जिससे आसमा की बुर पूरी तरह से खुल तो गयी साथ hi साथ उसकी बुर के अंदर से चाँद खून की कुछ बूँदें भी बहार झलक padi...................hari उन सब की परवाह न करता हुआ फिर से अपने लुंड को आसमा की बुर के अंदर डालने लगा और इस बार एक hi झटके में पूरा अंदर कर diya.......jissey आसमा बुरी तरह से दर्द से फिर तड़प uthi...............uski आहें उन वादियों में गूँज रही थी जहाँ उसकी चीखों को सुनने वाला कोई नहीं tha..................wo बरी बरी से आसमा के निप्पल्स को चूस रहा tha........masal रहा tha................kaat रहा था वहीँ आसमा दर्द से तड़प रही थी.............

हरी जनता था की ये दर्द कुछ पल के हैं फिर तो मज़े hi मज़े हैं ये ख्याल आते hi वो अपने लुंड को तेज़ी से आगे पीछे करने लगा और आसमा की छूट की चुदाई करना शुरू कर diya...................wahin आसमा बुरी तरह से चीख चिल्ला रही और और कुछ देर के बाद उसकी चीखों की जगह आहें ने ले li.................jab आसमा थोड़ी नार्मल हुई तो हरी उसे बीएड पर दोनों टांगें फैलाकर बैठने का इशारा किया और खुद बीएड के सामने खड़ा होकर आसमा की बुर की चुदाई दुबारा से करने laga............wahin आसमा बुरी तरह से सिसक पड़ी............

"aaaaashhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh आखिर खा hi लिया न तुमने mujhe.....................kar hi लिया न तुमने अपने मुन्न ki.........................khawo hari..........aaj से जितना तुम्हें मुन्न करे मेरी इस जवानी को नूच नूच के khawo.................jaise चील मांस को नूच नूच के कहते hain..............waise तुम मेरे इस जिस्म को नोचकर खावो............." और आसमा सिसकते हुए बोल पड़ी वहीँ हरी ढ़ाके पे ढ़ाके लगता raha................wo अपने लुंड को एक hi झटके में पूरा बहार निकलता और पूरी गहरायी में अंदर तक घुसा deta.....................jissey आसमा ज़ोरों से चीख पड़ी..................

" कसम से .........तेरी बुर अंदर से कितनी गरम और टाइट हैं की मैं बता नहीं sakta..................mujhe इतना ज़्यादा मज़ा आ रहा हैं की पूछो mutt........................aisa लग रहा हैं जैसे मैं किसी कुंवारी लड़की की छूट छोड़ रहा hoon.........................fikar मुट्ठ कर मेरी जान मैं तेरी इस जवानी को ऐसे hi हमेशा नूच नूच के khawunga..............aur तेरी दोनों छेद को छोड़ छोड़कर भोंसड़ा बना दूंगा..................." और हरी अपने लुंड पर तेज़ी से झटके मरता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा बुरी तरह से सिसक रही thi..............cheekh रही thi...............us बंद कमरे में आसमा की दर्दनाक चुदाई का सिलसिला अब शुरू हो चूका tha............poorey कमरे में फ़फ़फ़फ़ास्छ्हः फाआछ्छः और आसमा की आआआससीईईई aaahhhhhhhhhhh ऊऊऊओ जैसी आवाज़ें लगातार गूँज रही थी................

" aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiiii तो छोड़ो न hari...........subeh शाम रात दिन तुम बस मुझे छोड़ते raho.....................aur मेरी इन दोनों छेदों को इतना बड़ा बना दो जितना तुम इसे बनाना चाहते ho..................aaj के बाद मेरे ये सरे छेद तुम्हारे लिए हर वक़्त खुले rahengey.................tum इनसे जे भरकर बस खेलते रहना...................." और आसमा की आँखें सुर्ख लाल होने लगी वहीँ उसपर खुमार धीरे धीरे चढ़ने lga.............dard की जगह अब मज़े ने ले ली thi..............kamrey में faaaaachhhhhhhhhhhh............faaaachhhhhh..........ki आवाज़ें लगातार गूँज रही thi..................jo बुर और लुंड कुछ देर पहले पूरी तरह से सूखा था वो अब पूरी तरह से गिला हो गया था..............

" aaaaaaaaassssssssssss मैं तेरे तीनों छेद के अंदर जी भरकर मूतना चाहता hoon........bol न मेरी ये ख्वाहिश तू पूरी करेगी ना.............." और हरी अपने लुंड पर तेज़्ज़ तेज़्ज़ झटके देता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा मज़े से सिसकती हुई उससे अपनी छूट चुदवाती rahi..................aaj न जाने कितने बरसों के बाद उसे ऐसी दमदार चुदाई हो रही thi............issey पहले उसकी चुदाई कभी ऐसी हुई भी नहीं thi.............aaj तो हरी उसे बिस्टेर पर पूरी रात रगड़ने वाला tha.................dekhna ये था की वो हरी को कितने देर तक संभल पति हैं................

" आज से मेरे सरे छेद तुम्हारे लिए हमेशा खुले hain....................tum जो चाहो जैसा चाहो सब कुछ मेरे साथ कर सकते ho............bina किसी झिझक और रोक टोक ke................magar जो भी करना बड़े प्यार से करना...................." और आसमा की आहें तेज़्ज़ होने लगी उसकी सांसें फिर से भरी होती चली gayi.................aur चाँद सेकण्ड्स hi गुज़ारे होंगे की उसकी इस बार ज़ोरों से चीख निकल पड़ी और वो हांफती हुई लुम्बी लुम्बी सांसें लेने lagi...............ek बार फिर से वो जहर चुकी thi.................magar हरी उसके बुर में ढ़ाके ऐसे hi लगाए जा रहा था............................

हरी फिर से अपनी पोजीशन बदलता हुआ इस बार उसे घोड़ी बने और खुद खड़ा होकर पीछे से आसमा की बुर को छोड़ने लगा .................साह hi साथ वो उसकी गांड के अंदर भी अपनी एक ऊँगली घुसा रहा था वहीँ आसमा दर्द और मज़े से फिर सिसक रही thi......................kareeb 1/2 घंटे बीत गए थे और आसमा का अब बुरा हाल होने लगा tha......uske पवन तक कर काँप रहे they..shayad तीन बार फिराग होने की वजह se................aisa लग रहा था जैसे उसके जिस्म में जान hi न बची ho.......................magar आज तो उसे पूरी रात हरी को झेलना tha...................jb तक हरी थक कर खुद न कह दे की अब bus..............tab तक उससे आज अपनी चुदाई करवानी thi......................aisa पहला मौका था जब वो किसी से चुड़ते हुए झरि thi.............usey इतना सुकून मिला था की पूछो mutt.............magar वहीँ उसके जिस्म में थकान और कमज़ोरी सी चने lagi...............shayad कई बार उसका माल गिरने की वजह से.......................

आज हरी आसमा को हर एक पोजीशन में छोड़ने वाला tha...................sulakar.......... letakar...........ghodi banakar.........god में baithkar............apne ऊपर कोडवानी वाला tha..................uski छूट को आज इतना रगड़ने वाला था की उसकी छूट सूझकर पूरी तरह से लाल न हो jaye...................aur जब वो मूतने जाये तो उसके बुर से मूट कम और उसकी दर्द भरी आवाज़ ज़्यादा nikley....................aasma की आहें फिर से गूँज uthi..................itne देर छोड़ने से आसमा की छूट अब पूरी तरह से खुल गयी thi............hari का मोटा लुंड अब आसामी से अंदर बहार जा रहा tha...................magar शायद गिला होने की वजह से.....................

" ऐसे मज़ा नहीं आ रहा..............." और हरी इतना कहता हुआ फिर से अपना शर्ट उठता हुआ अपने लुंड पर लगा आसमा के बुर का सारा पानी ाचे से साफ़ करने लगा और जैसे hi उसका लुंड साफ़ हुआ वो उस कपड़े को आसमा के बुर के छेद में घुसता हुआ फिर से उसे अंदर से साफ़ करने लगा जब तक आसमा की बुर पूरी तरह से सूख नहीं gayi........................fir वो अपने लुंड को आसमा की बुर पर दुबारा से सेट करता हुआ उसे अपने लुंड के ऊपर बैठने का इशारा करने लगा वहीँ आसमा घबराती hui..........sharmati हुई नीचे लेते हरी के ऊपर कड़ी हुई और अपनी दोनों टांगों को दोनों तरफ फैलाती हुई धीरे धीरे हरी के लुंड पर बैठने लगी................

हालाँकि आज से पहले वो कभी इस पोजीशन में सैम से भी नहीं चूड़ी थी मगर उसकी दिल की हसरत थी की सैम उसे ऐसे चोदे मगर वो जल्दी फिराग हो जाता था इस वजह से आसमा इस पोजीशन में उससे कभी सेक्स नहीं कर पायी thi...........jaise hi आसमा अपने बुर की छेद को हरी के मोठे से लुंड पर राखी एक बार फिर से उसके मुँह से लज्जत भरी aaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh निकल gayi...............bur सूखा होने की वजह से हरी का मोटा लुंड एक बार फिर से फंस गया tha....................lund का मोटा टोपा अंदर नहीं जा रहा था मगर आसमा हौले से हरी का लुंड अपनी बुर की छेद पर सेट करती हुई हौले हौले से बैठने lagi.................thodi दर्द बर्दास्त करने के बाद आखिर हरी का मोटा सूपड़ा उसकी बुर की गहराईयों में उतरता चला गया जिससे आसमा का मुँह लजात से पूरा खुल gaya..............wahin हरी भी दर्द और मज़े से सिसक पड़ा.................

" मेरा पूरा लौड़ा अंदर लो न ...................." और हरी सिसकते हुए मज़े से बोल पड़ा वहीँ आसमा हौले हौले से हरी के लुंड पर बैठती चली gayi............jaise जैसे वो बैठ रही थी वैसे वैसे हरी अपने लुंड पर नीचे से प्रेशर बना रहा tha..............jiska नतीजा ये हुआ की हरी का पूरा लुंड सरसराता हुआ आसमा की बुर की गहराईयों में पूरा उतरता चला gaya..............jahan आसमा क्र मुँह से एक दर्द भरी सिसकारी निकल पड़ी वहीँ हरी मज़े से सिसक पड़ा............

इस पोस्टिव में बैठने की वजह से हरी का 10 इंच मोटा लुंड पूरा उसकी बाछेदनी तक पहुँच रहा tha.................jo बार बार उसकी बाछेदनी को चोट कर रहा tha.........aasma बुरी तरह से मचल रही thi.............dard से सिसक रही थी ऐसा लग रहा था जैसे उसकी बुर पूरी तरह से फुट जाएगी मगर वो दर्द बर्दास्त करती हुई कुछ देर तक वैसे hi उसके लुंड पर बैठी रही और आखिरकार हरी उसकी पतली कमर को दोनों साइड से पकड़ता हुआ उसे धीरे धीरे अपने लुंड पर कुड़वाना शुरू कर diya...............uska नतीजा ये हुआ की आसमा का पूरा मुँह खुल गया वहीँ उसके चेहरे पर दर्द की लखीरें साफ़ नज़र आने लगी.................

वो फिर से ज़ोरों से चीखती हुई हरी के लुंड पर कूदने lagi...........jab भी वो थोड़ी ऊपर की तरफ अपनी कमर ले जाती हरी का लुंड उसकी बुर से बहार की तरफ आता .................साथ hi उसकी छूट जो पूरी तरह से बंद थी उसकी भी चमड़ी हरी के लुंड के बहार आने से खींची चली aati..............lund पर आसमा की छूट की पकड़ इतनी सख्त थी की उसे भी बहुत ज़ोर लगनी पढ़ रही thi..................do चार ढाकों में hi उसकी सांस तेज़ी से फूलने लगी ऐसा लगा जैसे उसके टांगों के बीच किसी ने मोती सी चोरी घुसा दी ho................jaise जैसे हरी के छोड़ने की रफ़्तार तेज़्ज़ होती गयी वैसे वैसे आसमा की आहें और सिसकरियाँ भी उस कमरे में गूँजनेय lagi................hari का हर एक ढाका उसकी बाछेदनी तक चोट कर रहा था वहीँ आसमा बुरी तरह से मचल रही thi...........hari के हर ढाकों से उसकी छूट की लिप्स अंदर की तरफ सरकती फिर उसके लुंड के साथ साथ बहार की तरफ खींची चली aati................wahin आसमा हरी को अपने से दूर कर रही थी मगर हरी की गिरफ्त काफी तेज़्ज़ थी जिस वजह से वो अपने शरीर को बिलकुल भी हिला दुला नहीं पा रही थी............

पहले तो हरी धीरे धीरे छोड़ता रहा मगर जैसे जैसे वक़्त बीता उसके ढाकों की रफ़्तार भी तेज़्ज़ होती चली gayi................aur एक वक़्त ऐसा भी आया जब उसके लुंड की स्पीड किसी बुलेट जितनी तेज़्ज़ हो gayi................wo पूरी रफ़्तार के साथ अपने लुंड को तेज़ी से अंदर बहार कर रहा था वहीँ आसमा के बुर से पानी बहना एक बार फिर शुरू हो गया tha................wo कुछ hi सेकण्ड्स में इतनी गीली हो गयी की उसकी बुर से फायआछ्छःछःह faaaaacchhhhhhhhhh और उसकी तेज़्ज़ आहें उन वादियों में फिर से गूँजनेय lagi............chudayi का ये दौर बस ऐसे hi चलता raha.............aaj हरी अपने दिल की साडी भड़ास आसमा पर निकलना चाहता था और वो निकला भी रहा था..............

" औरत कैसे छोड़ी जाती हैं ये तू देख le...................jaan le..................jab तेरा मरद आएगा न तब उसे बता देना..................." और हरी कसकर आसमा के दोनों चूचियों को बेरहमी से मसलता hua.....apne लौड़े को तेज़ी से अंदर बहार करता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा जवाब में बस सिसकती rahi............aahein भर्ती rahi.................itni देर चुदाई होने से ऊके बुर में जो अब तक तिघटनेस थी वो अब लूसे होनी शुरू हो गयी thi..............hari का 10 इंच मोटा लौड़ा बड़ी आसानी से अब आसमा की छोटी सी बुर के अंदर जा रहा tha.................aur वैसे भी अब उसकी बुर छोटी नहीं रह गयी थी............
 
अपडेट-41 (स) (महा Episode सुहागरात स्पेशल)

"aaaaaasssssssssssssssshhhhhhhh तो तुम भी तो मेरे मरद hi ho..............bus तुम मुझे ऐसे hi रगड़ते raho.....................aur अपने बदन की जितनी गर्मी हैं साडी की साडी मेरे अंदर निकल do........aaaaaaoooooooooooooooooofffffffffffff." और आसमा की बुर पूरी तरह से पनिया गयी thi.......poorey कमरे में फफ्फायआछ फाआछ की मधुर आवाज़ें लगातार गूँज रही thi...........khel चलता रहा और आसमा की चुदाई पूरे रफ़्तार से चलती रही........

अब उसे चुड़ते हुए पूरे 45 मिनट हो चुके थे वहीँ हरी ढ़ाके पे ढ़ाके मार रहा tha..............idher आसमा की बुर पूरी तरह से फटकार लाल हो गयी thi..............uski बुर इतनी चुदाई होने से अब दुखने लगी थी मगर वो उस मज़े के आगे उस दर्द को भूल गयी thi..............aaj hi तो उसे चुदाई का असली सुख मिला था.......................................................

हरी फिर पीठ के बल बिस्टेर पर लेट गया और आसमा को भी पीठ के बल उसके ऊपर सोने का इशारा करने laga..............aasma भी अपने पीठ के बल आकर हरी के ऊपर लेट गयी और उस पोजीशन में हरी नीचे से अपना लुंड आसमा की छूट में दुबारा से पेलने laga.............saath hi वो उसके होंठों और गुर्दें को भी चूमने और चटनी laga..............uske दोनों हाथ उसके दोनों चूचियों पर थे जिन्हें वो बेदर्दी के साथ मसल रहा tha...............hari करीब 10 मिनट तक उसी अंदाज़ में आसमा की चुदाई करता रहा मगर जब वो थक गया तो आसमा खुद उसके लुंड पर कूदने lagi..............apne कमर को उसके लुंड पर धीरे धीरे मरने लगी..........

" aaaaaasssssssssssssssss अगर मैं तुझे इतना छोडूंगा तो तेरी बुर का भोसड़ा बन jayega................fir तू अपने मरद को क्या जवाब देगी..............." और हरी आसमा के गलों और गुर्दें पर अपने जीभ से चाटता hua.............uske दोनों चूचियों को बेरहमी से मसलता हुआ बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा अपनी कमर को तेज़ी से हरी के लुंड पर मरती rahi.......................ek बार फिर वो अपने ओर्गास्म के बेहद करीब thi..............sansein उसकी ज़ोरों से चलने लगी वहीँ हरी के ढाकों में कोई कमी नहीं थी...........

हरी आज हर एक पोजीशन आसमा पर तरय कर रहा tha...............wo आसमा को वहीँ खड़ा करता हुआ उसके पास आया और उसके एक पवन को अपने कंधे पर रखकर उसके दूसरे पवन को जमीन पर रहने diya.................ye पोजीशन आसमा के लिए शायद आसान नहीं था मगर इतना मुश्किल भी नहीं tha................hari अपने लुंड को सेट करता हुआ आसमा के छूट पर रखकर एक करारा ढाका मारा जिससे आसमा की ज़ोरों से चीख निकल gayi.................wo बिना वक़्त गंवाए आसमा की छूट तेज़ी से छोड़ने laga............uska हर एक ढाका उसकी बुर की गहराईयों में उतर रहा था वहीँ आसमा का अब बुरा हाल tha...............wo हरी के हर एक शौक को पूरा कर रही थी जो हरी उससे चाहता था.............

करीब 5 मिनट तक हरी उसी पोजीशन में आसमा की छूट छोड़ता रहा और आखिरकार आसमा का साबरा जवाब दे gaya............uske पवन थार थार कांपने lage.........uske टांगों के बीच हरी का मोटा लुंड तेज़ी से अंदर बहार हो रहा था ऐसा लग रहा था मनो जान hi न ho...............do चार ढ़ाके और लगे और आसमा फिर से अपना साबरा खो di...............ek बार फिर से उसकी बुर ने ढेर सारा पानी छोड़ा tha.................jo अब बेहटा हुआ ुएक एक पवन से होता हुआ नीची की तरफ बह रहा tha......saath में उसके बुर से कुछ मूट की बूँदें भी थी जो इस चुदाई के दौरान निकल गयी थी.............

आसमा को फिराग होते देख हरी के चेहरे पर मुस्कान तैर gayi................wo भी अब अपने मज़िल के बेहद करीब tha...............wo फ़ौरन आसमा से अलग हुआ और वहीँ बीएड पर पिलो को रखता हुआ आसमा को पूरा उल्टा पोजीशन में आने को kaha................uske सर नीचे और उसके दोनों पवन ऊपर की ore................jaise hi आसमा उस पोजीशन में जैसे तैसे आपने आपको बैलेंस बनती हुई लेती हरी अपना लौड़ा उसके मुँह के पास ले गया और उसके मुँह में अपना लुंड धीरे धीरे फिर पेलने laga...........is पोजीशन में उसका लुंड आधा से भी कम जा रहा था मगर उसे भी बड़ा मज़ा आ रहा था..............

थोड़े देर लुंड चूसवाने के बाद हरी खड़ा हुआ और आसमा की बुर को अपने दोनों हाथों से पूरा फैलता हुआ पहले अपने जीभ से उसे चटनी लगा फिर उसकी गांड की छेद पर अपना जीभ रखकर उसे भी चटनी laga................wahin आसमा हरी के इस हरकत पे बुरी तरह से मचल uthi...............wo फिर अपने लौड़े को उसकी छेद पर रखता हुआ धीरे धीरे अपने लुंड को अंदर की तरफ घुसने laga..............jaise जैसे लुंड एक बार फिर से अंदर की तरफ जा रहा था वीएस वैसे आसमा की चीखें उस कमरे में गूँज रही thi............ek तो इतने देर से उसकी हो रही chudayi.................upar से उसकी बुर सूझकर पूरी लाल हो गयी thi...............aur उसकी छूट का पानी भी अब सूख चूका था जिससे हरी का लुंड अंदर घुसने से उसकी बुर और भी ज़्यादा फटती हुई नज़र आ रही thi.............magar हरी तो आज उसकी बुर और गांड फाड़ने के इरादे से hi वहां आया था और वो इसमें कोई कसार नहीं छोड़ रहा tha..............wo आज ाचे से आसमा की माँ छोड़ रहा था................

"aaaaaaaaaaaaaooooooooouuuuuuuuuuuuuuufffffffffffffffff......hari..............meri बुर में बहुत जलन हो रही hain...............please थोड़ा तेल लगाकर मारो ना..............." और आसमा दर्द से चिल्लाते हुए बोल पड़ी वहीँ हरी अपने लुंड को आसमा की बुर में पेल रहा tha.............jab उसका लुंड आसनी से नहीं गया तब वो आसमा की बुर में दो तीन बार अपने मुँह को पूरा सिकोड़ता हुआ अपने मुँह के अंदर ढेर सारा थूक इकठा करने लगा और उसे आसमा की बुर की छेद पर गिरने laga........dekhtey hi देखते आसमा की सूखी बुर हरी के थूक से पूरी गीली हो gayi......wo अपने लुंड को उसकी बुर पर फिर से रखता हुआ तेज़ी से ढ़ाके मरने लगा वहीँ आसमा के चखनी चिल्लाने का सिलसिला फिर से चलने laga...............wo अपने लुंड को पूरा अंदर करता और बहार निकलता और जैसे hi वो बहार निकलता आसमा की बुर पूरी तरह से खुल जाती और अंदर लाल रंग की चमड़ी उसे साफ़ दिखाई देती ...............

खेल चलता रहा और आसमा की चुदाई चलती rahi.......wo ऐसे hi चीखती चिल्लाती रही मगर हरी लगातार उसकी चुदाई करता raha.......................bina ruke,........bina thakey.................aasma बुरी तरह से पाश्त हो चुकी thi....aab उसके जिस्म में ताक़त थोड़ी भी नहीं बची thi......ghadi में इस वक़्त रात के 10 बजे they..................hari तेज़ी के साथ आसमा की बुर फिर से छोड़ने लगा और ये सिसलिए करीब 15 मिनट तक चलता raha........................udher आसमा का साबरा पूरी तरह से जवाब दे gaya......aakhir इतने देर तक इस खेल में ठीके रहने के बाद आखिर वो अपनी हथियार दाल di............aur इस बार पूरी ताक़त से चीख पड़ी.................

" bubbssssssssssssssssssssss करो hari..................aab और नहीं बर्दास्त हो raha......main मुरर jawungi................khuda के लिए अब रुक jawo...................................aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhh....." और आसमा के आँखों से आंसूं चालक पड़े वहीँ हरी कसकर ढ़ाके लगता रहा और आख़िरकार उसका भी साबरा जवाब दे gaya..............wo अपना सारा माल इस बार आसमा के बुर के अंदर गिरता हुआ ज़ोरों से चीख pada....................aur आसमा उल्टा लेती होने की वजह से उसका वजन नहीं संभल पायी और बिस्टेर पर पीठ के बल लेट gayi...................wahin हरी उसके ऊपर चढ़ा रहा और अपना सारा माल उसकी बुर की गेहरियों में उतरता चला gaya.............aur तब तक वो उसपर लेता रहा जब तक वो पूरी तरह से शांत नहीं हो गया..................

कमरे में दोनों पूरे नंगे लेते they..................aabhi हरी का लुंड आसमा की बुर के अंदर tha................kuch माल उसके बुर से थोड़ा थोड़ा बहार की तरफ बह रहा tha................bister ास्ट व्यस्त हो गया tha.........jo फूल लगे थे वो बिखरे हुए they...............jagah जगह आसमा के हाथों की चूड़ियां टूटी हुई thi................uske नंगे जिस्म पर गले में एक मंगलसूत्र था और पवन में बस payal.......................aaj आसमा की ये सुहागरात शायद अब पूरी हो गयी thi........................magar अभी तो पूरी रात बाकि थी........................

तो बे कॉन्टिनोएड..........................................................
 
Update-42(A) (महा Episode सुहागरात स्पेशल)

कमरे में दोनों पूरे नंगे लेते they..................aabhi हरी का लुंड आसमा की बुर के अंदर tha................kuch माल उसके बुर से थोड़ा थोड़ा बहार की तरफ बह रहा tha................bister ास्ट व्यस्त हो गया tha.........jo फूल लगे थे वो बिखरे हुए they...............jagah जगह आसमा के हाथों की चूड़ियां टूटी हुई thi................uske नंगे जिस्म पर गले में एक मंगलसूत्र था और पवन में बस payal.......................aaj आसमा की ये सुहागरात शायद अब पूरी हो गयी thi........................magar अभी तो पूरी रात बाकि थी........................



अब आगे........................................................................


कमरे में गहरी ख़ामोशी thi..................hari आसमा के ऊपर लेता हुआ अभी भी अपने बेकाबू हो रहे सांसों को दुरुस्त करने में लगा हुआ tha.....................uska लुंड इतने देर की चुदाई के दौरान दर्द होने लगा tha................magar मज़े की तो पूछों mutt.....................jitna उसे मज़ा और सुकून मिला था आज से पहले कभी उसे ऐसा सुख नहीं मिला tha.................magar ये तो शुरुवात thi...............wo आसमा के कमसिन जवानी का रूस और पीना चाहता tha...............wo उसकी इन 15 दिनों में इतनी चुदाई करना चाहता था की आसमा मूतना तो door.............theek से चलने के काबिल भी न रहे...............

आसमा की बुर के अंदर से अभी भी उसका वीर्य थोड़ा थोड़ा करके बहार की ओरे बह रहा tha.................aasma को भले hi दर्द मिली थी मगर जो सुकून और मज़ा उसे मिला था वो इस पल को शायद कभी भूल नहीं सकती thi......................aur न hi कभी भूला सकती thi..................thode देर बाद हरी उसके ऊपर से उठा और अपना लुंड आसमा के मुँह के सामने करता हुआ उससे फिर से अपना लुंड साफ़ करने का इशारा करने लगा वहीँ आसमा बिना किसी झिझक और सवाल जवाब के फ़ौरन अपना मुँह हौले से पूरा खोलती hui.............hari के मुरझाये लुंड को अपने मुँह के अंदर लेकर उसका बचा हुआ सारा वीर्य धीरे धीरे चूसने और चटनी lagi...................aur तब तक चाटती रही जब तक उसका लुंड पूरी तरह से साफ़ नहीं हो गया................

"चल उठ jaa...................kuch खा पी le...................bhookh तो तुझे भी लगी होगी ..........हैं naa.................dekh घडी में रात के 10 बज गए hain................shareer में ताकक रहेगी तभी तो मैं तुझे रात भर रगडूंगा....................." और हरी आसमा के हाथों को पकड़कर उठता हुआ उसके लबों को फिर से चूम लेता हैं वहीँ आसमा जवाब में हौले से मुस्कुरा देती hain...........jaise hi वो कड़ी होती हैं और जैसे hi वो एक कदम आगे रखती हैं उसके पवन अचानक से लड़खड़ा जाते हैं इससे पहले की वो गिरती ................हरी उसे फ़ौरन थम लेता हैं और उसे गॉड में उठता हुआ नंगी हालत में ले जाता हुआ............. उसे किचन की ओरे ले जाने लगता hain.......wahin आसमा अपनी बाहें हरी के गले में डालती हुई उसके होंठों को फिर से चूम लेती हैं..........

"देखो hari.........tumne मेरी कैसी हालत कर di...............mujhe तो ठीक से अब चला भी नहीं जा raha................aisa लग रहा जैसे मेरे पवन में जान hi नहीं हैं................." और आसमा हरी के चेहरे की तरफ देखती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी उसके चेहरे की तरफ देखता हुआ मुस्कुराने लगा..................

" अभी तो शुरुवात हैं मेरी jaan................subeh तक देखना मैं तेरी ऐसी हालत कर दूंगा की तू ठीक से मूट भी नहीं payegi...................tu जितना म्यूटेगी नहीं उससे ज़्यादा तेरे मुँह से चीखें निकलेगी................" और हरी आसमा के लबों को फिर से चूमता हुआ बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा हौले से मुस्कुरा पड़ी................

" saachi...................to कर दो न मेरी ऐसी halat.......................mujhe भी उस पल का बड़ी hi बेसब्री से इंतज़ार हैं................." और आसमा की आँखें सुर्ख लाल होने lagi.......nasha एक बार फिर से उसपर चढ़ने लगा मगर हरी के पेट में चूहे कूद रहे they.............filhaal उसे पेट की भूख पहले शांत करनी thi...............uske बाद तो पूरी रात अभी बाकि thi...................aasma की मरने के लिए.............

किचन में जैसे hi हरी पहुंचा वो उसे गॉड से उतरता हुआ किचन के स्लैप पर उसे बिठाता hua...................uske खुले बालों के साथ खेलने लगा वहीँ आसमा पास में राखी दो थाली निकलती हुई हरी और अपने लिए मटन परोसने lagi........ye देखकर हरी फिर से बोल पड़ा.............

" दो थाली किस liye.............aaj हम दोनों एक hi थाली में साथ साथ खाएंगे...................." और हरी पास में रखा एक थाली को ट्रे में रखता हुआ धीरे से बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा हौले से मुस्कुरा padi.................wo तो एहि चाहती थी मगर हरी को क्या पता कहीं ाचा न लगे इस वजह से वो ऐसा कुछ बोल नहीं पायी thi...................magar उसे बहुत ख़ुशी thi...............khana परोसकर जैसे hi आसमा थाली को अपने हाथों में ली हरी फिर से उसे गॉड में उठता हुआ सीधा डाइनिंग टेबल पर ले gaya..............aur खुद कुर्सी पर बैठकर आसमा को अपनी गॉड में बैठता हुआ बड़े गौर से उसके चेहरे को देखने laga................aasma के ऐसे बैठने से अब उसकी बुर में हरी का वीर्य धीरे धीरे उसके जांघों पर भी गिर रहा था जिसे हरी बहुत ाचे से अब महसूस कर रहा tha................aise अपने वीर्य को उसकी बुर से गिरता हुआ देखकर हरी धीरे से बोल पड़ा...........

" मैं अपना सारा माल तेरी बुर के अंदर गिराया hoon.............tujhe एक पल के लिए भी दुर्र नहीं laga...................kahin तेरे पेट में मेरा बाचा रुक गया तो......................." और हरी खाने का पहला कौर आसमा के मुँह में डालता हुआ फिर धीरे से बोल पड़ा वहीँ आसमा जवाब में धीरे से मुस्कुराने lagi................wo खाना कहती हुई हरी के चेहरे को बस निहार रही थी.............

" nahin......................kaisa durr...........aur किस बात का durr................sach तो ये हैं हरी की मैं तुम्हारे बाचे की माँ बनाना चाहती hoon......................bolo करोगे न मेरी ये ख्वाहिश पूरी..............." और आसमा थोड़ी इमोशनल होती हुई फिर धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी बस उसके खूबसूरत से चेहरे को देखता रह gaya.....................sach तो ये था की उसके पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं tha...............kuch देर तक हरी को चुप होता हुआ देखकर आसमा मुस्कुराती हुई फिर धीरे से बोल padi..................ye बात सच थी की जिससे जिस्मानी तालुकात कायम हो जाते हैं उस इंसान से लगाव भी बहुत ज़्यादा बढ़ जाता hain.................kuch ऐसा hi अब हरी के साथ भी हो रहा tha.................aab तक तो वो आसमा के साथ सिर्फ दिल्लगी करता आया था मगर उसकी ये दिल्लगी अब धीरे धीरे उसके दिल की लगी बनती जा रही thi...............ander hi अंदर वो आसमा के लिए हर वक़्त तड़पने लगा tha...................har पल उसके लिए अब बेचैन रहने लगा tha.............aur वो नहीं चाहता था की कोई उसे अब गन्दी नज़रियों से dekhey...............ya उसके बदन को chuyein...................yahan तक की उसका शौहर भी नहीं.................

" इतनी जल्दी किस बात की हैं hari..................pehle तुम मेरे साथ जी भरकर पूरे मज़े तो कर lo................jitni भी तुम्हारी ख्वाइशें हैं सब की सब तुम पूरी कर lo....................baachey की बाद में dekhengey....................jab सैम आएगा tab........................waise मैं िपिल्स की गोली ले लूंगी उसे लेने के बाद बाचे होने का खतरा नहीं rahega............tum जब जब चाहो मेरे अंदर अपना माल गिरा सकते ho..........mujhe कोई दिक्कत नहीं हैं............. " और आसमा हरी को समझती हुई बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी थोड़ा इमोशनल होता हुआ आसमा के लबों को फिर से चूम लिया और खाना खाने laga..................kareeb 1/2 घंटे तक दोनों ने पेट भरकर खाना khaya............aur थोड़ा आराम kiya.............magar आज आसमा को आराम कहा लिखा था.....................

उसकी चुदाई का दूसरा दौर फिर शुरू होने वाला tha..................hari फिर से उस मीठा पानी को आसमा के तरफ बढ़ता हुआ उसे पीने का इशारा करने लगा साथ में वो भी उस पानी को पीने laga............do तीन गिलास पानी आसमा को पिलाने के बाद वो खुद पानी पीने लगा और जुंग के लिए जैसे फिर खड़ा हो gaya.........................uska लुंड धीरे धीरे फिर से अकड़ने लगा tha...............wo आसमा को वहीँ बीएड के सामने अपनी दोनों टांगें खोलकर खड़ा करने का इशारा करने लगा वहीँ आसमा अपनी दोनों टांगें फैलाती हुई हरी के सामने कड़ी हो gayi....................bina किसी झिझक और शर्म ke.................hari उसके पास आया और उसके गांड को कसकर अपनी मुट्ठी में दबोचता हुआ उसे ज़ोरों से मसलने laga..............uske साथ खेलने laga...............apne हाथों से उसपर कसकर ragadta...................masalta ...................और कसकर थप्पड़ भी मरता जिससे आसमा की गांड थोड़ी लाल होने लगी थी.......................................

हरी के इस हरकत पे आसमा की सांसें फिर से तेज़्ज़ होने lagi.................wo सिसकती हुई हरी को पूरी मनमानी करने देने lagi................hari उसके गांड को पूरा फैला रहा tha.................masal रहा tha............hila रहा था और बेच बीच में उसपर कसकर चांटा भी मार रहा tha................wahin आसमा जवाब में हौले से सिसक रही thi..............uski बुर फिर से पनियाने लगी थी....................

" hari.............aaaaaaaaaaaaaaaasssssssshhhhhhhhhhhhh..............kya तुम्हें मेरी गांड ाची लगती हैं..................." और आसमा धीरे से सिसकती हुई बोल पड़ी वहीँ हरी आसमा के चेहरे की तरफ टकटकी लगाए बस देखता रहा.........................

" haan............bahut ज़्यादा.........................." और हरी आसमा के गांड पर अपने हाथों को फेरता हुआ धीरे से बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा हरी के तरफ देखती हुई मुस्कुराने लगी...................

" जब तुम्हें मेरी गांड इतनी hi पसंद हैं तो फिर तुम मार क्यों नहीं lete.................ghusa दो अपना ये मोटा लुंड पूरा का पूरा मेरी गांड mein..............aur कर लो अपनी ये इच्छा poori................meri तरफ से तुम्हें हर चीज़ की पूरी चूत हैं...................." और आसमा की आँखें फिर से सूर्ख लाल हो gayi.............wo फिर से गरम होने lagi..............wo फिर से छोड़ने को अब बेचैन thi...........halanki उसकी बुर में अभी दर्द था मगर जो मज़ा उसे अब तक मिला था वो उस मज़े को भूल नहीं पायी thi.................hari ख़ुशी से झूम उठा इस लिए नहीं की आसमा खुद उसे छोड़ने को अपना गांड ऑफर कर रही thi...............balki इस लिए की वो खुद अब उसके साथ खुलकर गन्दी बातें कर रही थी जो हर मर्द को पसंद हैं.............
 
Update-42(B) (महा Episode सुहागरात स्पेशल)

" मरूंगा मेरी jaan................teri गांड तो मैं बड़े इतेमेंआन के साथ marunga..................itni जल्दी भी क्या hain......................pehle आराम से तेरी बुर के पूरे मज़े तो ले loon...............waise तुझे मेरा शौक तो पता hi hoga.......................main कुछ न कुछ तेरे अंदर डालकर खाने का बड़ा hi शौक़ीन hoon.....................aab ये तुझपर निर्भर करता हैं की तू अपने दोनों छेद में क्या डलवाकर मुझे खिलाएगी......................" और हरी आसमा की तरफ देखता हुआ धीरे से बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा हौले से मुस्कुराने lagi.................wo हरी के पास आयी और अपनी दोनों बाहें उसके गले में डालती हुई उसके चेहरे की तरफ बड़े गौर से देखने lagi....................aasma के चेहरे पर एक शरारती मुस्कान थी.....................

"तुम मेरे दोनों छेद में क्या डालकर खाना पसंद karogey......................lolipop तो तुमने डालकर खा hi liya..............jo चीज़ तुम्हें खाने का दिल करे वो मेरे किसी भी छेद में तुम दाल लेना और बड़े आराम से khana................aur तब तक खाना जब तक तुम्हारा पेट पूरी तरह से न भर jaye...............aur इस बात से निश्चिंत रहना की मैं तुम्हें खिलाने से कभी पीछे hatungi...............jab तक तुम खाओगे मैं तुम्हें बस खिलाती rahungi...............maine तुमसे वादा जो किया हैं न की मैं तुम्हें कभी भूका नहीं रहने doongi.............to मैं अपना ये वादा हमेशा nibhayungi.................mere ये दोनों छेद तुम्हारे लिए हर वक़्त खुले हैं.................." और आसमा का गाला लजात और एक्ससिटेमेंट से फिर सूखने laga...................uski बुर फिर से पूरी तरह गीली होने लगी वहीँ हरी का भी लौड़ा पूरी तरह से अकड़ गया.........................

वो आसमा के करीब आया और एक ऊँगली उसकी बुर की छेद में पूरा घुसता hua...................apni ऊँगली को धीरे धीरे हरकत करने लगा वहीँ आसमा जवाब में अपनी टांगें और पूरा खोलती हुई हरी के हाथों को जगह देने lagi.............pehle धीरे धीरे फिर हरी के हाथों की रफ़्तार तेज़्ज़ होने lagi.............jaise जैसे उसके हाथों की रफ़्तार बढ़ने लगी आसमा के मुँह से मादक सिसकियाँ फिर से निकलने lagi..................wo वहीँ ज़ोरों से सिसकते हुए हरी से अपनी बुर में ऊँगली डलवाती हुई अपने बेकाबू हो रहे सांसों को दुरुस्त करने lagi..............ye खेल कुछ hi देर चला और अचकन से हरी अपनी ऊँगली बहार निकलता हुआ उस ऊँगली को अपने मुँह के तरफ ले गया और उस ऊँगली को बड़े आराम से चटनी laga.............thoda सा चटनी के बाद वो उस ऊँगली को फिर आसमा के लबों पर रखता हुआ धीरे से मुस्कुराने लगा वहीँ जवाब में आसमा हौले से अपना मुँह खोलती हुई हरी के ऊँगली को फिर चटनी और चूसने लगी और तब तक चूसती रही जब तक उसकी ऊँगली पूरी तरह से साफ़ नहीं हो गयी............

हरी इस बार आसमा के ठीक पीछे चला गया और अपना वहीँ हाथ धीरे से नीचे की तरफ सरकता hua...............uski कमर से होता हुआ और उसके दोनों टांगों के बीच और नीचे की तरफ ले जाना laga......uski गांड के दरों के बीच से पीछे उसकी बुर में अपनी वहीँ ऊँगली धीरे धीरे घुसने laga.....magar इस बार हरी ने एक ऊँगली नहीं घुसाया था बल्कि दो घुसाया tha..................hari के इस हरकत पे आसमा ज़ोरों से चीख पड़ी थी ....................कुछ दर्द की वजह se.....................to कुछ लजात और मज़े se......................haule हौले हरी अपनी दोनों उँगलियों को आसमा की बुर के अंदर पूरा घुसता जा रहा tha.................jab उसकी दोनों उँगलियाँ अंदर चली आयी तब वो फिर से आसमा की बुर को धीरे धीरे रगड़ना शुरू kiya......................hari के इस हरकत पे आसमा एक हाथ से हरी के उस हाथ को धीरे से थमती hui.......................apne दूसरे हाथ से अपने बड़ी बड़ी चूचियों और निप्पल्स को बरी बरी से मसलने लगी ये देखकर हरी अपना दूसरा हाथ ऊपर की तरफ ले गया और आसमा के दोनों चूचियों को बरी बरी से मसलने लगा................

उसकी दोनों चूचियों पर एक हाथ आसमा के थे वहीँ एक हाथ उसका tha................har बार की तरह हरी आसमा के दोनों चूचियों को बेरहमी से मसल रहा tha.................uske निप्पल्स को खींच रहा tha.........marod रहा tha...................apne उँगलियों के बीच दबा रहा tha...................jaise जैसे उसके हाथों की रफ़्तार तेज़्ज़ होती जा रही थी वैसे वैसे आसमा की आहें भी तेज़्ज़ होती जा रही thi...................khel चलता रहा और आसमा की बुर से पानी बेहटा raha...................kuch hi वक़्त गुज़ारा था की आसमा फिर से अपने मंज़िल के बेहद करीब thi.................aab वो झड़ने hi वाली थी तभी बीच में हरी अपने हाथों को उसकी बुर से निकलता हुआ अपने उँगलियों को सीधा उसके मुँह के अंदर डालकर फिर से उससे अपनी उँगलियाँ चूसवाने laga.........wahin आसमा अंदर hi अंदर तड़प uthi......................wo सिसकती हुई हरी के हाथों को कसकर पकड़ ली............

" hari......................aaassssssssssshhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh oooooooooooooooo....................please...........meri पानी निकल दो naa...................mujhe ऐसे न तड़पाओ......................." और आसमा पूरी तरह से बेचैन होती हुई बोल पड़ी वहीँ हरी जवाब में फिर धीरे से मुस्कुरा pada................wo फ़ौरन आसमा को बीएड पर सुलाया और सीधा उसके ऊपर लेटकर फिर से अपने लुंड को उसकी बुर की छेद पर रखता hua..........ek कसकर ढाका मारा जिससे आसमा की चीख निकल padi.............wo कसकर दोनों मुट्ठी से बिस्टेर को मसलती हुई चीख padi.............magar हरी अबकी बार नहीं ruka...................wo ताबतोड़ ढ़ाके मरने लगा और आसमा की चुदाई फिर से शुरू हो gayi..................jahan उसके मुँह से लगातार सिसकारी निकल रही थी वहीँ उस कमरे में faaaaaaaaaaaacccchhhhhhhhhhhhhhh faaaaaaaaaaachhhhhhhhh की लगातार आवाज़ें भी निकल रही thi...................jo उस माहोल को और भी ज़्यादा रंगीन बना रही थी..............

वैसे भी हरी आज की रात कोई कसार नहीं छोड़ने वाला tha.......................jitna वो अब तक उसके लिए तड़पा था वो साडी की साडी कसार उसपर निकलना चाहता tha.......................fir से उस कमरे में आसमा की सिसकारियों की आवाज़ और थप थप की आवाज़ गूँजनेय lagi.............kareeb 15 मिनट उसी पोजीशन में आसमा की ताबड़तोड़ चुदाई के बाद आखिर आसमा के साबरा का बाँध टूट गया ुर वो फिर से झरती हुई वहीँ ज़ोरों से चीख padi.....................jissey उसकी छूट से बेहटा सारा पानी हरी के लुंड पर गिरने लगा जिससे उसका लुंड पूरी तरह से भीग gaya..........wo वहीँ ज़ोरों से हांफती हुई लुम्बी लुम्बी सांसें लेने lagi.................aur अपने आपको नार्मल करने की कोशिश में लगी rahi.................magar हरी ढ़ाके पे ढ़ाके लगता रहा...........

वो आसमा के दोनों पवन को फोल्ड करता hua........uske दोनों पवन को पीछे की तरफ सीधा करता हुआ उसके सर के पास ले गया और उसके दोनों पवन को सर के पीछे बिस्टेर पर सताता hua..............khud उस जगह से उठ गया और अपनी पोजीशन बनता हुआ अपने लुंड को धीरे धीरे मसलने laga..................is पोजीशन में आसमा की गांड और बुर खुलकर उसके सामने थी जिसे वो बड़े गौर से देख रहा tha.................hari के इतने देर की चुदाई के दौरान उसकी बुर की लिप्स पहले की तरह आपस में सटी हुई नहीं thi..................balki अब पूरी तरह से खुल गयी थी और अंदर गुलाबी रंग की चमड़ी साफ़ नज़र आ रही थी जो उसके रूस में गीली thi.................hari पास में रखा कपडा उठता हुआ पहले अपने लुंड को ाचे से साफ़ करने लगा फिर आसमा की बुर में उस कपड़े को डालकर ाचे से साफ़ करता हुआ बड़े गौर से उसकी बुर के फांकों को बड़े ध्यान से देखने laga.................jo इतनी चुदाई के बाद अब पूरी तरह सूजकर लाल नज़र आ रही थी............

आसमा का दिल अंदर hi अंदर घबरा utha...............kyon की वो जानती थी की अब हरी का लुंड इतनी आसनाई से उसके अंदर नहीं jayega......usey फिर से दर्द सहना पड़ेगा और वो इसके लिए खुद को तैयार कर रही thi....................hari अपने लौड़े को आसमा की बुर की छेद पर रखता हुआ धीरे धीरे दबाव बनाए लगा जिससे आसमा की एक बार फिर से चीख निकल गयी मगर हरी उसके चीखों की परवाह न करता हुआ अपने काम में बस लगा रहा ............................दर्द तो उसे भी हो रहा था लुंड इस तरह पूरी तरह सूखा होने से आसानी से अंदर नहीं जा रहा था मगर हरी को शायद ऐसे hi ाचा लगता था..................

"asssssssssssssssssssshhhhhhhhhhhhooooooooooooooooooooo..........hari..............aaram se..............dard हो raha..............aaj मेरी फाड़ने का इरादा हैं क्या................." और आसमा सिसकती हुई धीरे से बोल पड़ी वहीँ हरी जवाब में मुस्कुरा पड़ा.................

" औरत की दोनों छेद फाड़ने के लिए hi तो होती hain....................aur जब तक ाचे से ये फटेगी नहीं मज़ा कहाँ आने wala....................aur मैं तो तेरी इन दोनों छेदों को इतना बड़ा करना चाहता हूँ की इसमें तू आसानी से दो दो लुंड एक साथ अंदर ले सके............................" और हरी अपना लुंड और अंदर घुसता हुआ मज़े से सिसकता hua...........dheere से बोल पड़ा वहीँ आसमा की aaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh निकल gayi.................jaise hi हरी का पूरा लौड़ा घुसा वो ढ़ाके पर ढ़ाके मरना शुरू कर दिया जिससे आसमा बुरी तरह से चीखने और चिल्लाने lagi..................is पोजीशन में उसका लुंड पूरा उसकी बाछेदनी तक जा रहा tha..................jaise hi हरी का पूरा लौड़ा अंदर की तरह घुसता आसमा का मुँह पूरा खुल jata..................pehle तो हरी थोड़ा आराम से कर रहा था मगर अब वो जंगली बनता जा रहा tha..............uske चेहरे पर दरिंदगी साफ़ नज़र आ रही थी..................

" करीब 20 मिनट तक वो इसी पोजीशन में अस्मा की चुदाई करता रहा और आसमा के दोनों पवन बुरी तरह से दर्द करने lage..............wo फिर पीछे की तरफ घूमता हुआ अब अपने लुंड को आसमा की बुर के अंदर फिर से घुसने laga................wahin आसमा की चीखों का सिलसिला अब कहाँ रुकने वाला tha..................wo बिना रुके बिना थके आसमा की चुदाई किये जा रहा tha................khel चलता रहा और बिस्टेर पर हर पोजीशन में आसमा उससे चुदती रही...............

आसमा को हरी से चुड़ते हुए करीब एक घंटे का वक़्त हो गया tha.........................aab उसकी बुर फिर से सूखने लगी thi.................wahin हरी ताबतोड़ ढ़ाके पर ढ़ाके मरे जा रहा tha................itne देर से हो रही चुदाई से उसकी बुर सूझकर लाल हो गयी thi........jissey आसमा को दर्द हो रहा था मगर उस मज़े के आगे उसका ये दर्द फीका था.......................

हरी फिर से उसकी पोजीशन बदलता हुआ बिस्टेर पर उसके दोनों पवन फैलता hua............uski कमर को आगे की तरफ करता hua......................khud फर्श पर खड़ा होकर अपने लुंड उसकी बुर में पूरा पेलता हुआ फिर से ढ़ाके मरने लगा वहीँ वो बरी बरी से आसमा की दोनों चूचियों को भी बीच बीच में मसल रहा tha................ghadi में रात के 12.30 हो चुके थे आसमा पूरी तरह से पाश्त हो चुकी thi.......uska जिस्म बुरी तरह से थक चूका था मगर वो हरी को पल भर भी निराश नहीं करना चाहती thi...................is लिए वो उसकी ख़ुशी के लिए सिर्फ और सिर्फ चुद रही thi...........hari अपना पूरा भड़ास निकल रहा था..............15 मिनट इसी तरह छोड़ने के बाद वो बिस्टेर पर लेट गया और आसमा को ऊपर आने का इशारा करने लगा..........

आसमा अपनी दोनों टांगें पूरा फैलाती हुई हरी के लुंड पर आयी और अपनी बुर पर हरी का लुंड रखती हुई धीरे धीरे उसके लुंड पर बइठीती चली gayi.........ek बार फिर से उसके मुँह से दर्द भरी aaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhh निकल padi.....................is पोजीशन में फिर से उसका लुंड आसमा की बुर की गहरायी में उतर रहा था और उसकी बाछेदनी को रगड़ रहा था वहीँ आसमा पूरी तरह से मदहोश होती हुई हरी का पूरा पूरा साथ दे रही thi...........wo भी आज बरसों की आग जो उसने अपने अंदर दबायी हुई थी सब आज उस गर्मी को निकल लेना चाहती thi............apne छूट के रास्ते....................

करीब 5 मिनट गुज़ारे होंगे की आसमा इस बार ज़ोरों से चीख पड़ी और उसके कूदने की रफ़्तार तेज़्ज़ होती चली gayi...........................jo बुर इतनी देर से अब तक सूखा था वो अचानक से पनिया गया था और चाँद बूँदें उसकी बुर से बहार की ओरे टपकने लगी thi..................jo नीचे सोये हरी के पेट और कमर पर अब गिर रही thi..................hari को समझते देर नहीं लगी ये पानी क्या चीज़ hain...................aur ये देखकर उसके चेहरे पर एक मानिनी सी मुस्कान तैर gayi................aakhirkaar वो आसमा को छोड़ते छोड़ते मूतवा hi दिया tha.................jaise hi हरी को ये एहसास हुआ की आसमा मूट रही हैं वो ढाकों की रफ़्तार और तेज़्ज़ बढ़ाने लगा जिससे आसमा की रही सही साबरा भी जवाब दे गयी.....................

हरी अपना लुंड पूरा बहार की तरफ निकलता और एक hi बार में पूरा अंदर तक घुसा देता जिससे उसका लुंड सीधा बाछेदनी तक जाता और चाँद सेकण्ड्स वो उसी तरह अपने लुंड को अंदर रखे rehta...............aisa हरी ने करीब 5 या 7 बार किया उससे हुआ ये की आसमा के साबरा का बाँध पूरी तरह से टूट गया और वो एक बार फिर से ज़ोरों से झरती हुई वहीँ चीख पड़ी और उसकी बुर से इस बार ढेर सारा मूट बहार निकल पड़ा जो नीचे सोये हरी के पैट से होता हुआ कमर के रास्ते सीधा उस बिस्टेर पर गिरने laga..................aisa हसीं नज़ारा देखकर हरी का भी साबरा का बांध टूट गया और वो फिर से ढ़ाके मरता हुआ आसमा के बदन को पूरी तरह से कसकर जकड़ता hua......................wahin ज़ोरों से चिल्ला pada..................aur उसके लुंड से ढेर सारा लावा फूटता हुआ आसमा की बुर की गहराईयों में निकलता चला gaya.....................wahin आसमा हरी को कसकर अपनी बाँहों में दबोचती हुई उसके लबों को चूमने और चटनी लगी..............

हरी ज़ोरों से सांस लेता हुआ आसमा के एक चुकी को पूरी ताक़त से दबाया हुआ था और अपने दुरुस्त सांसों को नार्मल करने की कोशिश कर रहा tha.....................aasma उसे बाँहों में ली हुई खुद भी नार्मल होने की कोशिश में thi................kafi देर तक दोनों के बीच ऐसे hi ख़ामोशी छायी रही और हरी वहीँ आसमा के सीने से लिपटा हुआ उसके पकड़कर सू गया मगर आसमा आँख खोले बहुत कुछ सोच रही thi.....................ghadi में रात के 1.15 बज रहे they.......................uska सारा ध्यान घडी की तरफ tha.................na जाने क्यों आज उसकी आँखों से कुछ आंसूं बहते हुए उस बिस्टेर को भिगो रहे they..........................wo इस आंसूं की वजह शायद नहीं जान पायी थी मगर ये आंसूं बहुत कुछ बयां कर रहे they...................shayad सैम के साथ बेवफाई का .....................या फिर शायद हरी के प्रति उस अधूरे मोहबात ka.......................jisey ये दुनिया कभी स्वीकार नहीं करने वाली थी......................

तो बे कॉन्टिनोएड.......................................................
 
अपडेट-43 (ा) (मेघा अपडेट)

हरी ज़ोरों से सांस लेता हुआ आसमा के एक चुकी को पूरी ताक़त से दबाया हुआ था और अपने दुरुस्त सांसों को नार्मल करने की कोशिश कर रहा tha.....................aasma उसे बाँहों में ली हुई खुद भी नार्मल होने की कोशिश में thi................kafi देर तक दोनों के बीच ऐसे hi ख़ामोशी छायी रही और हरी वहीँ आसमा के सीने से लिपटा हुआ उसके पकड़कर सू गया मगर आसमा आँख खोले बहुत कुछ सोच रही thi.....................ghadi में रात के 1.15 बज रहे they.......................uska सारा ध्यान घडी की तरफ tha.................na जाने क्यों आज उसकी आँखों से कुछ आंसूं बहते हुए उस बिस्टेर को भिगो रहे they..........................wo इस आंसूं की वजह शायद नहीं जान पायी थी मगर ये आंसूं बहुत कुछ बयां कर रहे they...................shayad सैम के साथ बेवफाई का .....................या फिर शायद हरी के प्रति उस अधूरे मोहबात ka.......................jisey ये दुनिया कभी स्वीकार नहीं करने वाली थी......................

अब आगे.......................................................................

आसमा के बुर से हरी का गधा गधा वीर्य बह रहा था जो उस बिस्टेर को धीरे धीरे अब भिगो रहा tha...................kuch घंटे पहले जो कमरा फूलों और परफ्यूम से महक रहा था अब वहीँ कमरा मूट और ढेर सरे वीर्य से महक रहा tha...............jo बिस्टेर कुछ देर पहले फूलों से सजा हुआ था अब वहीँ बिस्टेर अस्त व्यस्त हो चूका tha..................mano जैसे उसपर कोई जुंग चिढ़ी हुई ho...............itne घंटों की चुदाई से उस कमरे की हालत देखने लायक thi.................aur उससे भी ज़्यादा तो देखने लायक आसमा की हालत thi..............jo पूरी तरह से ख़राब हो चुकी थी............

आसमा बेसुध बिस्टेर पर लेती हुई अपने जिस्म को ठीक से हिला दुला भी नहीं पा रही thi..................uski दोनों चूचियां हरी के इस तरह मसाले जाने की वजह से जगह जगह लाल और काळा रंग के गहरे निशान छोड़ गए थे ..................जो पूरी तरह से सूजी हुए they..................nipples गुलाबी होने के बावजूद भी काळा नज़र आ रहे they...................kuch ऐसा hi हाल नीचे उसकी बुर का भी tha..........wo भी सूजकर पूरी तरह से लाल पढ़ गए they................kal तक आसमा की छोटी सी बुर आज पूरी तरह से खुलकर बड़ी हो गयी thi.............uski छेद के अंदर वो गुलाबी सी चमड़ी अब साफ़ नज़र आ रही थी जिसमें से हरी का रिश्ता हुआ वीर्य धीरे धीरे उस रास्ते से अब बहार निकल रहा था....................

हरी भी थक कर आसमा को पकड़कर सू गया tha......................wahin आसमा लेती लेती बहुत सी बातें सोच रही thi.................wo ाचे से जानती थी की आगे चलकर इसका क्या अंजाम होने वाला था मगर शायद उसे अब किसी बात की कोई परवाह नहीं thi................wo इस सुख में अब पूरी तरह से डूब जाना चाहती thi.................itni दमदार चुदाई के बाद आज सच में उसकी हालत पूरी तरह से बिगड़ चुकी थी मगर वो आज किसी भी परिस्थि में हरी को मन नहीं करने वाली thi..................agar हरी फिर से उसकी चुदाई करता तो भी वो हरी का खुलकर वैसे hi साथ देती जैसे वो पहले दे रही thi...............sirf और सिर्फ उसकी ख़ुशी के liye...................thode देर बाद उसकी भी आँख लग गयी और वो भी हरी के पास लेट gayi.........................sach तो ये था की उसे चुदाई का ऐसा सुख इससे पहले कभी नहीं मिला tha..................aaj वो हरी के मर्दानगी पर पूरी तरह से कायल हो चुकी थी...........

घडी में सुबह के जब 3 बजे तो आसमा के जिस्म पर कुछ हलचल hui....................wo हौले से अपनी आँखें खोलती हुई देखती तो हरी उसके पेट और गहरी नाभि को अपने जीभ से चाट रहा था साथ hi उसके दोनों चूचियों को अपने मुँह में भरकर बरी बरी से उसे चूस रहा tha.............dheere धीरे चाट रहा tha.................ye देखकर आसमा हौले से मुस्कुरा पड़ी और हरी के सर पर बड़े प्यार से अपने हाथों को फेरती हुई उसकी आँखों में एक तुक देखने lagi.............wahin हरी भी मुस्कुराता हुआ आसमा के खूसूरत से चेहरे को देखता रहा.............

" तुम्हारी भूख अभी तक नहीं मिटी क्या................" और आसमा हौले से बोल पड़ी वहीँ हरी जवाब में अपना सर ना में हिलता हुआ फिर धीरे से बोल pada........................wahin जवाब में आसमा धीरे से मुस्कुरा पड़ी...............

" तो मिटा लो अपनी bhookh......................khana तो तुम्हारे सामने परोसा hi हुआ hain................bus तुम्हें खाने की देर hain.....................jaisa तुम्हारा मुन्न करे तुम वैसा खा लो..................." और आसमा बिस्टेर पर लेते हुए हौले से बोल पड़ी............... वहीँ वो अपनी दोनों टांगें पूरा फैलाती हुई हरी के सामने अपनी दोनों टांगों को पूरा खोल दी जिसे देखकर हरी खुस हो गया.................

" मेरी भूख कहाँ इतनी जल्दी mitegi...................wo भी खाना जब सामने इतना लज़ीज़ हो to..................is खाने को देखकर तो भूख और भी बढ़ जाती hain...................mera बस चले तो मैं बस इसे खता hi रहूं................." और हरी आसमा के चूचियों को फिर से पूरा अपने मुँह में भरता हुआ बोल पड़ा वहीँ आसमा दर्द और मज़े से फिर सिसक पड़ी................

" तो खावो न hari...................waise मैं तुम्हें खिलते खिलते नहीं थकूँगी मगर तुम कहते कहते ज़रूर थक जाओगे....................." और आसमा सिसकते हुए फिर बोल पड़ी वहीँ इस बार हरी आसमा के ऊपर आया और अपने खड़े लुंड को सीधा आसमा के बुर में पूरा एक hi बार में घुसता हुआ उसकी फिर से बेरहमी से चुदाई करने laga....................is तरह से अचानक लुंड घुसने से आसमा के जिस्म में दर्द की एक तेज़्ज़ लहर दौड़ गयी मगर वो अपनी दर्द बर्दास्त करती हुई हरी के उस खेल में उसका पूरा पूरा साथ देने lagi.................chudasyi कास दौर एक बार फिर से शुरू हो चूका था............................

हरी एक hi बार में पूरा अपना लुंड अंदर घुसता और एक hi बार में पूरा बहार nikalta...............jissey आसमा का मुँह लजात और मज़े से पूरा खुल jata..............uski बुर पूरी तरह से पनिया गयी थी और इस तरह से झटके लगाने से आसमा का पूरा जिस्म बिस्टेर पर बुरी तरह से हिल रहा tha........................kareeb 5 मिनट तक हरी आसमा को उसी तरह से छोड़ता रहा और आसमा अपनी दोनों टांगें खोले हरी से बस चुदती रही...............

" अपने दोनों हाथों को अपने बुर के दोनों तरफ रखकर उसे पूरा फैलाओ na...................tab मैं अपना लुंड डालकर छोडूंगा तो उसका मज़ा और बढ़ जायेगा...................." और हरी अपने लुंड को बहार निकलता हुआ आसमा के मुँह में फिर से अपने थूक को इक्कठा करता हुआ उसके मुँह के अंदर दुबारा से थूकने लगा वहीँ आसमा अपना मुँह खोलती हुई हरी के उस गंदे थूक को अपने मुँह में पूरा लेती हुई उसे अपने गले के नीचे उतरती चली gayi..............hari के इस खेल मैं उसे भी पूरा पूरा मज़ा आ रहा था...............

अगले hi पल वो हौले से अपने दोनों हाथों को अपने बुर के दोनों साइड रखती हुई उसे धीरे धीरे से पूरा फैलाने लगी जिससे आसमा को एक तेज़्ज़ दर्द हुआ मगर असली दर्द तो उसे अब होना tha............jaise hi हरी अपना लुंड आसमा की बुर पर रखा वो धीरे धीरे अपने लुंड को अंदर की तरफ धकेलने लगा जिससे आसमा की चीखें निकल gayi.................jitna वो आसान समझ रही थी उसे अब समझ में आ गया तह की ये कितना मुश्किल hain..............jaise जैसे उसका लुंड अंदर घुसता जा रहा था वैसे वैसे आसमा की चीखें बढ़ती जा रही thi................wo भले hi चीखती रही मगर वो अपने हाथों से अपनी बुर को ऐसे hi फैलाई रही ताकि हरी को उसके साथ आये मज़े में कोई कमी न रह जाये.................

"aaaaaaaaaassssshhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhhh hari...........bahut दर्द हो raha.................aisa लग रहा जैसे मेरा पूरा फुट जायेगा................." और आसमा सिसकते हुए बोल पड़ी वहीँ हरी ढ़ाके पे ढ़ाके लगता raha...............................jab उसे तेज़्ज़ दर्द होता तो वो अपने हाथों की पकड़ थोड़ी ढील कर देती वहीँ हरी उसपर चिल्ला padta..................wahin आसमा फिर से अपनी पकड़ मज़बूत कर लेती और हरी उसी अंदाज़ में उसे छोड़ता raha....................khel चलता रहा और आसमा की हर एक पोजीशन में उसकी चुदाई होती rahi..................sulakar , baithkakar...................god mein.................ulta letakar..............dono टांगें हवा में ऊपर की तरफ karke.....................bister पर पीठ के बल लेटकर.................

हरी के अंदर वाष्पन अब धीरे धीरे बढ़ता जा रहा tha..............................wo अब आसमा को पूरी ब्राम्ही के साथ छोड़ रहा tha.........har पोजीशन mein.....................har तरीके se........................aaj की रात तो आसमा कभी इतना नहीं चूड़ी थी जितना की वो आज हरी से चढ़ रही thi........................suhaagraat में भी उसका शौहर उसे दो राउंड छोड़ा था वो भी पूरे 5 मिनट tak................magar यहाँ तो उसकी एक चुदाई दो घंटे से कम नहीं जा रही thi...................hari आसमा की जवानी का रूस पूरी तरह से निचोड़ रहा tha................wo उसकी कमसिन जवानी को इतना मसल रहा था और आगे भी इतना मसलने वाला था की वो काची काली जल्दी hi फूल बन jaye.....................wo फूल जिसपर सिर्फ उसका hi अधिकार हो............

करीब 1 घंटे तक हरी आसमा को हर पोजीशन में छोड़ता raha.....................thak तो वो भी गया था मगर उसका खुमार कम होने के बजाये बढ़ता hi जा रहा tha.....................usey यकीन तो नहीं हो रहा था की आसमा उसे इतनी देर तक झेल भी पायेगी मगर ये आसमा की हवस थी जो उसे न सिर्फ झेल रही थी बल्कि उसके इस खेल में उसका पूरा पूरा साथ भी दे रही thi..................wo ये बात साबित कर चुकी थी की वो भी हरी से कम तो बिलकुल भी नहीं हैं...........................

हरी अपना लुंड आसमा की बुर में घुसाया हुआ उसकी चुदाई कर रहा था तभी वो अपनी मोती सी ऊँगली आसमा के बुर के पास ले गया और उस मोती सी ऊँगली को भी साथ साथ आसमा के बुर के अंदर धीरे धीरे घुसने laga..................ye देखकर आसमा चौंकती हुई हरी के तरफ अजीब नज़रियों से देखने lagi.............wo जान चुकी थी की हरी उसकी बुर का पूरा भोसड़ा बनाना चाहता hain........magar वो भी एहि चाहती थी की हरी उसके जवानी का पूरा लुफ्त uthaye....................jis चीज़ में उसे ख़ुशी मिलती हैं वो उसके साथ kare...............chahe वो कोई भी काम क्यों न हो...................
 
अपडेट 43 (बी) (मेघा अपडेट)

वो अपनी टांगें और खोलती हुई हरी के हाथों को जगह दी वहीँ हरी खुस हो gaya......................wo अपनी मोती ऊँगली धीरे धीरे अंदर की ओरे घुसता रहा और साथ hi अपना लुंड भी अंदर बहार करता raha......................thode देर बाद हरी की एक ऊँगली आसमा की बुर के अंदर घुस गयी साथ hi साथ हरी का मोटा लुंड भी अंदर hi tha...............aasma की बुर काफी हुड्ड तक अब फ़ैल चुकी थी जो अब पूरी तरह से खुल भी गयी thi..................ab हरी उसमें जो भी डेल वो अपनी बुर के अंदर अब कुछ भी बड़ी आसानी से ले सकती थी...............

1 1/2 घंटे की लगातार चुदाई के बाद हरी बुरी तरह से हांफने लगा और वो बुरी तरह से थक गया ..............वो फोर्टन आसमा को बीएड पर लेटता हुआ उसका सर नीचे की ओरे झुकता hua......khud उसके सर के बीचों बीच अपने पवन को रखता हुआ धीरे धीरे अपने लौड़े को आसमा की मुँह के अंदर घुसने laga.....................pehle 5 इंच फिर 6 इंच जैसे जैसे हरी का लुंड अंदर घुसता जा रहा था वैसे वैसे आसमा की बेचैनी भी बढ़ती जा रही thi......................wo पूरी तरह से बेचैन होती हुई अपने दोनों हाथों को हरी के पवन पर मरने lagi..................magar हरी पर तो जैसे जूनून सा चाय हुआ था................

वो अपने लुंड को बहार करता हुआ एक hi झटके में पूरा बहार निकला और फिर उतनी hi तेज़ी से पूरा अंदर करता हुआ आसमा के हलक़ तक अपने लुंड को घुसने laga........................is बार उसका लुंड करीब 8 इंच तक अंदर गया वहीँ आसमा की जैसे सांसें रुकने को हो gayi...................uske मुँह से लगातार gggggggggggooooooooooooooooo gooooooooooooooooooooo की आवाज़ें निकल रही thi..................magar हरी पूरी तरह से पागल हो चूका tha...................usey अपने लुंड की आग के आगे कुछ भी नज़र नहीं आ रहा tha.................na hi आसमा की तड़प.............. और न hi उसकी तकलीफें.............

वो उसी तरह अपने लुंड को उसके गले के अंदर फंसाये रखा और तब तक फंसाये रखा जब तक की उसका सारा वीर्य निकल नहीं gaya........wo करीब 30 सेकण्ड्स तक अपने लुंड को आसमा की हलक़ में रखा रहा जिससे आसमा बुरी तरह से तड़प uthi.................wo कसकर हरी के दोनों पवन पर अपने हाथों को मरने लगी और हरी इस बार उसका सर पकड़ता हुआ सारा माल आसमा के हलक़ के नीचे गिरता चला गया और जब शांत हुआ तो वो फ़ौरन वहां से हैट जाया तो आसमा वहीँ ज़ोरों से खांसती हुई लुम्बी लुम्बी सांसें लेती lagi.........aisa लगा जैसे एक पल के लिए उसका दम निकल jayega................agar हरी उसे 10 सेकण्ड्स और नहीं छोड़ता तो यकीनन उसका दम घुट jata.....................hari का गधा वीर्य सब उसके हलक़ के रास्ते उसके मुँह में जा चूका tha................wahin आसमा अपने आँखों से बहते आंसूं को पूछती हुई लुम्बी लुम्बी सासनें ले रही थी...................

हरी आसमा के लबों को चूमता हुआ धीरे धीरे उसके निचली होंठों को चूसने laga.....................wahin आसमा अजीब नज़रियों से हरी की तरफ देखने lagi...................jab घडी में उसकी नज़र गयी तो सुबह के 4.30 बज रहे they...........itni देर तक की हुई चुदाई से उसका रोम रोम दुःख रहा tha..............aab जिस्म में इतनी भी हिम्मत नहीं बची थी की वो अपनी जगह से उठ भी pati..................wo वहीँ लेट गयी और हरी भी उसके करीब आया और उसे अपनी बाँहों में लेता हुआ खुद भी सू गया और आसमा को भी सुलाने laga....................aasma की बुर पूरी तरह से सूजकर फूल गयी thi..................aab उसमें इतना ज़्यादा दर्द था की वो उसपर हाथ भी नहीं लगा सकती थी.................

लुम्बी लुम्बी सांसें लेती हुई वो अपने बेकाबू हो रहे धड़कनों को संभालने लगी और उसके दिमाग में उसकी सहेली की कही हुई बात अचानक से याद आ गयी की कैसे वो एक नौकर के साथ मज़े करती thi.................aaj उसे भी एहसास हो रहा था की चुदाई से बड़ा सुख इस दुनिया में और कोई सुख nahin.................is सुख को पाने के लिए न जाने लोग क्या कर गुज़रते हैं आज उसे सब कुछ एहसास हो रहा tha................magar वो अब इस सुख में हर वक़्त खुद को डूबोना चाहती thi.....................wo चाहती थी की अब वो इन सब से कभी बहार hi न निकले...............

बहुत कुछ सोचते सोचते न जाने कब उसकी आँख लग गयी और वो नींद के आगोश में डूबती चली गयी................. आँख जब खुली तो सुबह के 10 बज रहे they.....................aur हरी उसकी बाहें हिलता हुआ उसे जगा रहा tha.......................wo बिस्टेर पर पूरी नंगी सोई हुई थी हरी को ऐसे अपने सामने खड़ा होता हुआ देखकर अचानक से उसके चेहरे पर शर्म की लखीरें साफ़ नज़र आने लगी वहीँ वो पास में रखा चादर अपने जिस्म पर डालती हुई हरी के तरफ शर्माकर देखने lagi.........................wahin जवाब में हरी उसकी तरफ देखकर धीरे से मुस्कुराने लगा.............

" अरे उठ भी जाओ memsaheb.....................subeh के 10 बज रहे hain.....................kab तक आप सोती rahengi...................mujhe ज़ोरों की भूख लगी hain..........mujhe अभी नाश्ता chahiye....................hain कुछ आज सुबह के नास्ते में........................." और हरी आसमा के बाँहों को पकड़ता हुआ धीरे से उसे उठाने लगा वहीँ आसमा के चेहरे पर एक शरारती मुस्कान तैर gayi..................waise उसका चेहरे पर आज एक अलग hi ग्लो नज़र आ रहा था जिससे उसका चेहरा और भी ज़्यादा खूबसूरत नज़र आ रहा tha..................saath hi साथ आसमा के मुँह से एक दर्द भरी aaaaaaahhhhhhhhhhhhh निकल gayi.........kyon की रात भर की ज़बरदस्त चुदाई से उसका सारा बदन बुरी तरह से दुःख रहा tha...................jaise hi वो हरी का सहारा लेती हुई बिस्टेर से कड़ी हुई उसके पवन अचानक से लड़खड़ा गए और वो फ़ौरन नीचे गिरने लगी तभी हरी कसकर उसे थमता हुआ उसे अपनी बाँहों में काकसर दबोच लिया...................

"ahhhhhhhhhhhhhhh.................dekha tumne..........tumne मेरी क्या हालत बना दी hain....................tumne मुझे रात भर इतना रगड़ा हैं की मैं ठीक से कड़ी भी नहीं हो प् rahi...............aisa लग रहा जैसे मेरी दोनों टांगों में जान hi नहीं बची हैं................" और आसमा शिकायत के लहज़े से हरी की तरफ देखती हुई फिर धीरे से बोल पड़ी वहीँ जवाब में हरी आसमा की तरफ देखता हुआ बस मुस्कुराता raha.......................wo कहता भी क्या आसमा झूठ थोड़ी न बोल रही thi.................hari ने सच में उसकी हालत ख़राब कर दी थी..................

आसमा फिर हरी का सहारा लेती हुई फिर धीरे धीरे अपनी जगह पर कड़ी होने लगी वहीँ हरी उसे सहारा देता raha.................jaise तैसे वो कड़ी हुई और फिर जैसे hi वो अपना एक कदम आगे राखी उसके पवन फिर से डगमगाने लगे वहीँ हरी फिर से उसकी बाँहों को थमता हुआ उसे सहारा देने laga......................ek दो बार ऐसा हुआ मगर आसमा धीरे धीरे पूरी तरह से नार्मल होने lagi..........kuch देर बाद वो अपने पैरों पर कड़ी होती हुई धीरे धीरे अपने कदम बाथरूम की तरफ बढ़ाने लगी वहीँ हरी पीछे खड़ा होकर आसमा के तरफ बड़े गौर से देखने लगा................

" ऐसी हालत तो मेरी सुहागरात में भी नहीं हुई थी सैम के साथ............... जो तुम्हारे साथ हुई hain................sach में तुमने मेरी पूरी फाड़ के रख दी hain.................bhala कोई ऐसे भी अपनी बीवी को रगड़ता हैं kya..........!!!!!!!!.............magar जो भी हैं जैसा भी हैं मुझे तुम्हारा ये जंगली अंदाज़ बहुत पसंद aaya...................aagey मैं एहि चाहती हूँ की तुम जब भी मेरी चुदाई करो मुझे बिस्टेर पर ऐसे hi हमेशा रगड़ते raho.............jab तक तुम्हारा जी न भर jaye.................main तुम्हारे लिए हर वक़्त तैयार हूँ................." और आसमा हौले से मुस्कुराती हुई बोल पड़ी वहीँ हरी के चेहरे पर खुशियां फिर से उमड़ padi..............wo अंदर hi अंदर एहि सोच रहा था की कहीं आसमा इतनी दमदार चुदाई के बाद कहीं उसे छोड़कर भाग न jaye.................ya फिर उससे दूर न हो jaye................magar यहाँ आसमा कितनी गरम थी ये उसकी बाटिओं से हरी को अंदाज़ा लग गया था........................

" अभी तो मेरी बहुत सी फंतासी बाकि hain................kuch hi पूरी हुई hain..........dheere धीरे मैं सब एक एक कर पूरी करुगा......................." और हरी आसमा के तरफ अजीब नज़रियों से देखने लगा वहीँ जवाब में आसमा हरी की तरफ देखती हुई पीछे की तरफ मुड़ी................. और उसके करीब आती हुई उसके ठीक सामने आकर कड़ी हो गयी और अपनी दोनों बाहें उसके गले में डालती हुई हरी की आँखों में बड़े गौर से देखने lagi.....................wahin हरी ख़ामोशी से आसमा के चेहरे की तरफ देख रहा था.................

" मैंने तुम्हें रोका hi कब हैं hari...................kar लो न सब कुछ जो तुम्हारे दिल में hain...................main तुम्हारे लिए हर वक़्त तैयार हूँ................." और आसमा के आँखों से हवस की खुमार अब तक उतरी नहीं thi.................wo फिर से धीरे धीरे गरम होने लगी thi.................uski आँखों में हवस के लाल डोरे साफ़ नज़र आ रहे they................wahin हरी कुछ देर तक खामोश रहा और धीरे से अपना मुँह आसमा के कान के पास ले गया और उसकी कान में कुछ धीरे धीरे बोलने लगा जिसे सुनने के बाद आसमा के चेहरे पर एक शरारती मुस्कान फिर से तैर gayi.....................jawab में वो हौले से मुस्कुराती हुई वो हरी के तरफ मुस्कुराते हुए देखने लगी...............

" इतना सब कुछ करने के बाद तुम्हें मुझसे शर्म नहीं आयी और ये बात बताने में तुम्हें अब मुझसे शर्म आ rahi................waise तुम मेरे पति हो तो मैं तुम्हारा हर चीज़ से अब ख्याल rakhungi.................aur तुम्हें शिकायत का कोई मौका नहीं doongi.................ye मेरा तुमसे वादा hain...................pehle तुम जाकर नाहा लो और फ्रेश हो jawo........main भी जाकर नाहा लेती हूँ उसके बाद मैं तुम्हे ाचे से नास्ता karwaungi...................waise भी मैं तुम्हें भूका रहता तो नहीं देख sakti.................hain naa..............tumhare इस भूख को मिटाने के लिए मुझे hi कोई न कोई इंतेज़ाम करना होगा.................." और आसमा हरी के जवाब का इंतज़ार किये बगैर hi वहां से बाथरूम की तरफ चल दी वहीँ हरी जवाब में मुस्कुराता रहा................

हरी अपने मुरझाये लुंड को बड़े गौर से निहारता raha...................raat भर की चुदाई के दौरान उसका लुंड पूरी तरह से सूज गया था और आगे का हिस्सा लाल हो गया tha...................magar आसमा की कातिल जवानी देखकर वो फिर से पागल हो रहा tha....................wo आसमा को इन 15 दिनों में इतना ज़्यादा रगड़ना चाहता था जितना आसमा पिछले 6 महीनों में सैम के साथ भी नहीं चूड़ी thi.............dekhna था की इस खेल में जीत किसकी होती hain............aur किसकी haar.....................ye तो आने वाला वक़्त hi बता सकता था..........................................

तो बे कॉन्टिनोएड....................................................................
 
अपडेट- 44(ा) (मेघा अपडेट)

हरी अपने मुरझाये लुंड को बड़े गौर से निहारता raha...................raat भर की चुदाई के दौरान उसका लुंड पूरी तरह से सूज गया था और आगे का हिस्सा लाल हो गया tha...................magar आसमा की कातिल जवानी देखकर वो फिर से पागल हो रहा tha....................wo आसमा को इन 15 दिनों में इतना ज़्यादा रगड़ना चाहता था जितना आसमा पिछले 6 महीनों में सैम के साथ भी नहीं चूड़ी thi.............dekhna था की इस खेल में जीत किसकी होती hain............aur किसकी haar.....................ye तो आने वाला वक़्त hi बता सकता था..........................................



अब आगे...........................................................................


आसमा सबसे पहले किचन में गयी और अपने लिए गरम पानी करने lagi.................taki वो नहाने के दौरान अपनी बुर और जिस्म के सभी हिस्सों को ाचे से सेकई कर sake..............wo जानती थी की सेकई के बाद उसे बहुत हुड्ड तक आराम मिल jayega......aur वो खुद भी हरी के लिए अब आपने आपको फिर से तैयार कर रही thi................taki वो हरी के हर ढाकों को बर्दास्त कर sake...............usey ाचे से पता था की इन 15 दिनों में हरी उसकी बुर और गांड की पूरी तरह से धाज्जियाँ उड़ाने वाला tha.................jiske लिए उसे आगे भी अब तैयार होना था................

वो एक कपड़े को गैस पर रखती हुई उसे धीरे धीरे से गरम करने लगी और जैसे hi वो कपडा थोड़ा गरम हुआ वो उसे अपने बुर पर ले गयी और उस गरम कपड़े से अपनी बुर की ाचे से सेकई करने lagi................aisa करने से उसे काफी आराम mila................fir वो पानी की बोतल लेती हुई और साथ में उस गरम पानी को टब में रखती हुई................. अपने जिस्म पर ढके उस चादर को निकल दी और आईने के सामने अपने नंगे जिस्म को बड़े गौर से देखने lagi.....................uska गोरा बदन हरी के रात भर नोचने की वजह से जगह जगह लाल और काळा रंग के कई जगह गहरे निशान छोड़ गए they.........jo इस बात के सबूत थे की पूरी रात उसकी कितनी चुदाई हुई hain.......................khas कर उसके चूचियों par.............aur गांड के उन हिस्सों पर जिसे वो साफ़ महसूस कर रही थी...............

वो पैकेट में से एक गोली निकलती हुई एक नज़र देखने लगी और फिर उस गोली को अपने मुँह में रखकर पानी लेकर उसे पीने lagi.................ye वहीँ ीपील्स की गोलियां थी जिससे बाचा होने का खतरन नहीं के बराबर tha.............dawa खाकर वो उस गरम पानी के टब में जाकर आराम से बैठ गयी और जैसे hi वो उसमें बैठी एक ज़ोरों की सिसकारी उसके मुँह से फिर निकल padi............wo उस गरमा पानी से अपने जिस्म के हर हिस्सों पर उसे गिरने लगी और ाचे से बाथ लेती rahi...............kareeb 15 मिनट बाद उसे बहुत सुकून सा मिला और वो पहले से कहीं बेहतर महसूस करने लगी...............

ाचे से बाथ और फ्रेश होने के बाद वो टॉवल अपने जिस्म पर लपेटकर आईने के सामने खुद को देखकर हरी के बारे में बहुत सी बातें सोचने lagi..................uska चेहरा वाकई में खिल उठा tha..............aaj आसमा बाला सी खूबसूरत लग रही thi..................uski बड़ी बड़ी चूचियां इस तरह मसले जाने की वजह से पूरी तरह से फूली हुई नज़र आ रही thi..............aur हवा में ऊपर की तरफ उठी हुई thi.................choot की सूराख और बड़ी हो गयी थी और वो भी फूली हुई सी नज़र आ रही thi.............magar न जाने क्यों उसकी ये प्यास और भी भड़क रही thi................jitna वो अपने अंदर की उस प्यास को बुझाना चाहती थी उतनी उसकी ये प्यास और भी बढ़ती जा रही thi................itni चुदाई होने के बावजूद वो हरी से फिर बेरहमी से और भी ज़्यादा छोड़ना चाहती थी..................

अचानक उसे हरी की बातें याद आ gayi...................usney उससे नास्ता का डिमांड जो किया tha......................khas कर जो बातें हरी ने उसके कान में कही थी उसे याद करके आसमा का रोम रोम फिर से सिहर उठा था............. उसने नास्ते की डिमांड hi कुछ इस तरह से राखी थी की आसमा पूरी तरह से अंदर hi अंदर मचल उठी thi...................uski बुर में गीलापन फिर से बढ़ गया था.....................

da-asal हरी आसमा की बुर के अंदर एक पूरा केला डलवाकर उसे बड़े आराम के साथ उस केले को खाना चाहता tha.............ya यु कहा जाये की वो आज उसी तरह से उस केले को खाकर नास्ता करना चाहता tha.....................aur आसमा अब कहाँ हरी के इस खेल में पीछे हटने वालों में से thi..............balki वो तो उसके हर एक खेल में उसका पूरा पूरा साथ दे रही thi.................aur तो हरी ने आज उसे वो ऊँची हिल वाली संदल भी पहनने को कहा था जो अक्सर पोर्न वीडियोस में विदेशी औरतें सेक्स के दुआरण पहनती hain.................bhale hi उनके जिस्म पर कपड़े का एक रेशा तक नहीं रहता मगर पैरों में वो ऊँची हिल वाली संदल ज़रूर पहनती hain..............kuch ऐसा hi हरी भी आसमा से डिमांड कर रहा था और आसमा बाकूहाबी उसके हर एक डिमांड को पूरा कर रही thi..............bina किसी झिझक के aur.................sharam के..................

करीब 1/2 घंटे बाद आसमा पूरी तरह से रेडी होकर हरी के सामने गयी जहाँ हरी सोफे पर बैठा हुआ चुप चाप से t.v देख रहा tha..................halanki उसके चेहरे पर थोड़ी नाराज़गी भी थी उसकी वजह थी की आसमा ........................आज उसने नहाने और फ्रेश होने में घंटों का वक़्त लगा दिया था और हरी को इंतज़ार करना पसंद नहीं tha................jaise hi उसकी नज़र आसमा के चेहरे पर पड़ी वो गुस्से से अपना मुँह दूसरी तरफ फेरता हुआ इधर उधर देखने लगा वहीँ आसमा हौले से हरी के तरफ देखती हुई मुस्कुराने लगी....................

वो उसके करीब आयी और उसके गलों पर बड़े प्यार से अपना एक हाथ फेरती हुई .......................उसके चेहरे को बड़े ध्यान से देखने लगी और उसके लबों को हौले से चूमती हुई वहीँ हरी के सामने आकर कड़ी हो गयी मगर हरी अब भी अपनी नज़रें इधर उधर घुमाकर आसमा को अनदेखा कर रहा tha...................wo फिर से उसके गलों पर हाथ रखती हुई फिर धीरे से बोल पड़ी.................

" क्या हुआ मेरे जणू ko...................mujhse narazrgi................sach में तुम्हें गुस्सा बहुत आता hain...................mera जानू भूखा हैं na....................main अपने जणू के लिए नास्ते का hi तो इंतेज़ाम कर रही थी इस वजह से थोड़ी देर हो gayi..............aab मैं आ गयी हूँ तो मैं अपनी जणू की भूख को कैसे भी करके शांत कर दूँगी.................." और आसमा एक बड़े से प्लेट में दो बड़े बड़े केले राखी हुई थी और उसमें अंगूर के कुछ गुच्छे भी they................jo वो खास तौर पर हरी के लिए hi लायी thi...............magar यहाँ हरी का गुस्सा सातवे आसमान पर tha.................wo अब भी आसमा को अनदेखा कर रहा tha..................wahin आसमा जानती थी की हरी का ये गुस्सा ज़्यादा देर तक नहीं रहने wala...............wo उसके गुस्से को पल भर में शांत कर देगी....................

" मुझे नहीं खाना ये naasta..............tumhein पता हैं मुझे इंतज़ार पसंद नहीं फिर भी तुमने आने में इतनी देर कर दी..................." और हरी गुस्से से आसमा के चेहरे की तरफ देखता हुआ बोल पड़ा वहीँ जवाब में आसमा उसके तरफ देखती बस मुस्कुराती रही................

" तुमने ऐसी hi हिल वाली संदल की मुझसे डिमांड की थी naa.......................dekho मैं खास तौर पर इसे तुम्हारे लिए आज पहन कर आयी hoon.................agar तुम्हें नास्ता करना हैं तो तुम मुझे अभी यहाँ से उठककर उस डाइनिंग टेबल पर ले चलो ....................तुम्हारा नास्ता पूरी तरह से रेडी हैं अब तुम उसे किस तरह se................aur कितनी देर तक खाओगे ये तुमपर देपेंद करता hain...................aur haan.................tumne तो बस केले की मुझसे डिमांड राखी थी na.........main तुम्हें केले के साथ साथ अंगूर भी khilaungi....................main भी देखती हूँ की आज तुम्हारी भूख कैसे नहीं मिटटी.................." और आसमा हौले से हरी के तरफ देखती हुई मुस्कुरा देती हैं वहीँ हरी का लुंड फिर से अकड़ने लगता हैं.................

उसे पता था की आसमा बहुत गरम hain.............hot हैं ............मगर वो इतनी ज़्यादा गरम होगी ये उसने कभी सोचा नहीं tha..................khair जो भी था उसे तो इस खेल में पूरा पूरा मज़ा आ रहा tha.................aasma की ऐसी बाटिओं को सुनकर हरी का सारा गुस्सा पल भर में गायब हो गया tha..................wo उसके लबों को चूमता हुआ आसमा को अपनी गॉड में फिर उठता हुआ उसे सामने की डाइनिंग टेबल की तरफ ले गया और उसके जिस्म पर लपेटा हुआ टॉवल जो उसके नंगे बदन को हरी की नज़रियों से अब तक छुपाये रखा था .......................हरी उस टॉवल को एक hi झटके में आसमा के बदन से अलग करता hua................usey दूसरी तरफ दूर फेंक diya................aasma का नंगा बदन फिर से हरी के सामने आ गया जिसे वो बड़े गौर से देखने लगा.............

" तुम मुझे ऐसे hi बस देखते रहोगे या फिर अपना नास्ता भी karogey........................tumhara नास्ता तो मेरे बुर के अंदर रखा हुआ hain................aawo और अपना नास्ता खुद hi कर lo............is नास्ते को खाने के लिए तुम्हें थोड़ी म्हणत तो करनी हो hogi...............tab तुम्हारा भूख शांता होगा....................." और आसमा उस डाइनिंग टेबल पर अपने दोनों पवन को हरी के सामने पूरा फैलाती हुई बड़े आराम से बैठ गयी और अपने दोनों हाथों को पीछे लेजाकर उसपर अपने जिस्म का वजह रखती hui................apne कमर को हवा में उछलती hui............usey थोड़ा और आगे की तरफ ले गयी वहीँ हरी सामने की कुर्सी पर जाकर बैठ गया जिससे उसके चेहरे के ठीक सामने आसमा की फैली हुई बुर नज़र आने lagi....................jiski लिप्स पूरी तरह से बंद थी मगर उसकी बुर काफी हुड्ड ताम फूली सी नज़र आ रही thi......shayad इतना बड़ा केला अंदर होने की वजह से..............

आसमा का कलेजा बहुत ज़ोरों से धड़क रहा tha....................uska रोम रोम एक्ससिटेमेंट की वजह से खड़ा था वो जानती थी की आने वाला पल उसे कितना सुख देने वाला tha.........................wo उस लम्हे को सोच सोचकर पूरी तरह से बेचैन होती जा रही थी.............

जब आसमा हर वक़्त हरी के लिए अपनी टांगें फैलाये कड़ी थी तो भला हरी को इसमें क्या दिक्कत हो सकती thi...................wo तो बस चाहता hi था की आसमा की हर तरफ से mare.............hari फ़ौरन अपनी जगह से खड़ा हो गया और अपने होंठों को आसमा के होंठों पर रखता hua..............uske निचली होंठों को चूंसनेय और चूसने laga..................beech बीच में वो उसके गलों को भी कसकर काट लेता जिससे आसमा दर्द और मज़े से सिसक padti...............magar वो हरी के किसी भी हरकतों को अब मन नहीं कर रही thi.................hari अपना मुँह जैसे hi आसमा के गुर्दें पर जब लाया वो उसके गुर्दें को अपने डेंटन से ऐसे दबोच लिया जैसे कोई भूखा शेर अपने शिकार को दबोच लेता हैं...............
 
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