- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 94,094
अपडेट 56 अभी वेंट तो सी हेर अगेन
अभी को बिल्कुल नहीं लग रहा था के उस्सने श्वेता के जिस्म को अपने बाहों में भरा हुआ था 100% रूही को बाहों में लिया हुआ था ऐसा लग रहा था अभी को… 1% की भी डिफरेंस नहीं दिख रहा था अभी को… वो बहोत दूर तक चला गया ड्राइव करते हुए मगर तब भी श्वेता को अपने बाहों में महसूस कर रहा था….. उस्सने अचानक ब्रेक लगाया और ुतुरं लिया वापस श्वेता के घर जाने के लिए….
अब आगे….
अभी ने 20 मिनट्स तक गे ड्राइव कर लिया था फिर वहां से ुतुरं करके वापस श्वेता के घर के तरफ और 20 मिनट्स लगा रीच होने में मतलब 40 मीन्स के बाद जब श्वेता के घर के पास आया तो एक कार देखा उस्सकी गेट के अंदर और एक आदमी उतर रहा था कार से…..
तुरंत अभी ने मोबाइल निकला…. (अब लास्ट अपडेट में जब मैं ने लिखा था के श्वेता ने अभी का नंबर लिया था तो मैं ने सोचा था कोई रीडर ये सवाल करेगा के कैसे नंबर लिया जब उस वक़्त वो नुदे थी और नंगी अभी के गले में बाहें डाले हुए थी तो अभी का नंबर कैसे लिया था श्वेता ने…. मगर किसी ने सवाल नहीं किया) तो बता दूँ के उस वक़्त श्वेता ने अभी के जेब से उसी की मोबाइल लेकर अपनी मोबाइल पर कॉल किया था जिस से अभी का नंबर चला गया था उस्सकी मोबाइल पर…
तो इस वक़्त जब अभी ने एक कार देखा तो उस्सको डाउट हुआ के वो उसका पति होगा, इस लिए जल्दी से, इस से पहले के वो घर के अंदर दाखिल हो, अभी ने श्वेता को कॉल किया जिसस्ने तुरंत फ़ोन रिप्लाई किया,
“अभी यकीन नहीं था इतनी जल्दी फ़ोन करोगे आप मिस करने लगे मुझे आप अभी से hi हीहीहीही!”
अभी: “आरी पागल लड़की देख तेरे आँगन में कौन है किआ वो तेरा हस्बैंड है के नहीं?!”
श्वेता: “ोफो हाँ बाबा वही है उस्सने अभी संस किया था के आ रहा है….. मगर आप किधर हो नहीं गए अभी तक तबसे यही हो किआ रोड पे?”
अभी: “वो अंदर आ रहा है मैं वापस जा रहा हूँ, वे विल टॉक लेटर और प्लीज इतना ख्याल रहे के मेरा नंबर उसस्के हाथ नहीं लगे bye…”
श्वेता: “अभी उस को बताउंगी के हम मिले थे आज… हे मस्ट क्नोव यू सो तहत यू मई के ात माय प्लेस अन्य डे, अन्य टाइम…. ी विल सोमेदय इंट्रोडस यू तो हिम वाक्य?!”
अभी: “बिल्कुल भी नहीं, यह ग़लती मत करना श्वेता प्लीज…. बिल्कुल भी मत बताना के हम मिले थे, मेरे बारे में एक भी लव्ज़ मत कहना उससे तुमको मेरी कस्सम समझी?!”
श्वेता: “ोकिए अब कस्सम दिया है तो नहीं बताउंगी… ok bye bye bye वो अंदर आगया है सी यू लेटर मुउउउउआअह”
और श्वेता ने कॉल काट दिया….. अभी वहीँ कार में बैठा उसस्के घर के तरफ देखता रहा फिर खुद से कहा;
“कमाल है यह लड़की, अभी किआ से किआ हो जाता, किआ होता अगर मैं अंदर होता और यह उस्का हस्बैंड चला आता जैसे अभी आया है तो?! शुक्र है के मैं ने अपने आप वापस जाने को डीडे किया…. मगर श्वेता ने कहा के वो काम पर चला गया है तो यह इस वक़्त कैसे घर आया है?! पफ्फफ्फ्फ्फ़ ग्रेट एस्केप अभी!!”
और अभी वापस चला गया….. अपने गेराज गया, जहाँ उस्सको खबर मिली के सईद को लकवा मार गया उस्सको हॉस्पिटल लेजाया गया है कंपनी की ट्रांसपोर्ट से….
तो अभी वहां से जितना जल्दी हो सका हॉस्पिटल गया…. कुछ देर बाद उस्सको सईद से वार्ड में मिलने दिया गया…. सईद का मुंह टेढ़ा हो गया था बोल नहीं पा रहा था, दायां हाथ और पेड़ नम्ब थे काम नहीं कर रहे थे, चेहरा ऐंठा हुआ था ाईड ने अभी को बायां हैं से इशारे से बुलाया अपने पास…. उसस्के आँखों से ाँसों जारी थे, अभी उसस्के पास गया और अपने कान को सईद के मुहं के पास किया…. सईद के बोल समझने लायक नहीं था, कुछ इस तरह बोल रहा था,
“ाअब्ब …बह बब ही मईउएऊऊऊ नईउऊ झूठ बोलै थाआ..”
कई बार उस्सको रिपीट करने को बोलै अभी ने तब समझ में आया के सईद बोल रहा था के उस्सने झूट बोलै था…
आधा घंटा लगा अभी को सईद से सब बताने के लिए और किसी तरह से भी सईद ने कहा के उस्सने जो भी कहा था मेहबूब और रूही के बारे में सब झूट था, वो गेराज में अपना काम नहीं खोना चाहता था इस लिए उस्सने साड़ी बातें बनाये थे क्यूंकि उस्सको पता था के अभी कभी भी वहां नहीं जाएगा पूछने के लिए वो साड़ी बातें…. सईद ने रट हुए अभी से माफ़ी मांगे अपने उस झूट के लिए और उस्सने कहा के रूही और मेहबूब के बिच कुछ भी नहीं था, रूही बल्कि मेहबूब को एक पिता की तरह देखती थी और उस से दरर्ति थी क्यूंकि मेहबूब उसस्के साथ स्ट्रिक्ट था किसी वजह से!
अभी को ज़ोरों से सईद को गाली देने का मैं कर रहा था, उस्सको उसस्के टेढ़े मुहं पर एक घूंसा मारने को मैं कर रहा था, मगर अपना सय्यम रखते हुए धीरे से अभी ने उस से कहा,
“कर्मा किआ होता है पता चला सईद? देख किआ हालत हो गयी तेरी…. खुद को देख बात भी नहीं कर पा रहा है, तेरा जिस्म खुद तेरा साथ नहीं दे रहा क्यूंकि तेरी रूह साध चुकी है, जा भगवान् तेरा डीडे करेगा अब!”
************************************************************************
उस रात को अभी ने नवीन से पूछा,
“तुम्हारी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स में एक नुनहुक नाम की लड़की है?”
याद करते हुए नवीन ने कहा,
“हम्म्म नुनहुक? सुर्नामे है नाह?!”
अभी: “तुमको यह सुर्नामे नहीं पता? डायरीज में मेरे पढ़ी थी नाह?!”
नवीन: “ओह!! रूही का सुर्नामे है नाह? तो कौन स्टूडेंट होगा मेरे क्लास में नहीं याद मुझे! हो सकता है उस्सको उसस्के फर्स्ट नाम से जानती हूँ….. मगर क्यों? किआ हुआ?!”
अभी: “फर्स्ट नाम है श्वेता…. इस्को भी तुमने पढ़ा था नाह डायरीज में?!”
नवीन: “ओह हाँ श्वेता नुनहुक पेडगाय क्लास में बोलो नाह… इंग्लिश की क्लास में सोच रही थी मैं हाँ है वो मेरे पेडगाय की part टाइम कोर्स में क्यों?!”
अभी: “अरे व्हाट क्यों?? तुमको श्वेता नहीं याद डायरीज वाली? जो मुझको ाभीईई कहकर बुलाती थी!!”
नवीन की चेहरे में एक चमक दिखी और बड़े प्यार से पूछा,
“आरईईए वो आप को मिली किआ? कैसे पता आप को के वो मेरी स्टूडेंट में से हैं बताओ बताओ कैसे मिली और उस्सको कैसे पता के मैं आप की वाइफ हूँ? तेल्ल में तेल्ल में आल प्लीज….”
अभी के चेहरे में बहोत ख़ुशी छलक रहे थे, नवीन खुश थी अभी को इतना खुश देख कर और अभी ने कहा,
“मैं ने तो उस्सको पहचाना hi नहीं 18 साल बाद देखा उस्सको, मैं तो उस्सको वही छोटी से 6 साल की बची के रूप में सोचता हूँ और आज वो खुद एक माँ है…. आज मैं यूनिवर्सिटी गया हुआ था एल्युमीनियम विंडोज फ्रेम के सीसलसिलेय में और श्वेता ने मुझे देख कर पहचान लिया और मुझको फुकरा….. और हमारी बात हुई तो तुम्हारा नाम आया तो उस्सने कहा के वो तुम्हारी भी स्टूडेंट है….”
नवीन: “वाओ, 18 साल बाद भी उस्सने आप को पहचान लिया और बात करने आयी आप से. कैसे फील हुआ आप को?!”
अभी: “उस्सको हुग करके मैं रो पड़ा, वो भी रो पड़ी…. हम दोनों एक दूसरे के बहोत क्लोज थे……”
और अभी के दिमाग़ में श्वेता के साथ बीएड पर गुज़ारे लम्हात याद आये तो वो छुप हो गया और उठ कर अपने स्टडी रूम में चला गया……
देर रात तक बैठा रहा उस रूम में और श्वेता की मैसेज आयी उसस्के मोबाइल पर. लिखा था
“गुड नाईट, स्वीट ड्रीम्स माय वैरी लोविंग स्टड! विल टॉक तो यू टुमारो. दो नॉट रिप्लाई प्लीज हे इस हेरे. Bye मुउउउउआअह. लव यू.”
अभी ने तुरंत मैसेज को डिलीट किया. और अपने पेशानी को हाथ में थाम कर डेस्क पर अपना सर रख दिया….
*****************************************************************************
दूसरे दिन सुबह सुबह श्वेता की मैसेज आयी गुड मॉर्निंग वाली और साथ साथ यह लिखा था उस्सने;
“आज वो नाईट शिफ्ट करेगा प्लीज के तो माय हाउस, ी वांट तो स्पेंड थे नाईट इन योर कंपनी एंड यू विल बे अबले तो सी माय बेबी डॉल तू. Don’t रेफुसे प्लीज ी नीड यू.”
अभी ने रिप्लाई नहीं किया. फिर दिन के करीब बारह बजे एक और मैसेज आया श्वेता की तरफ से, इस बार अभी ने रिप्लाई किया;
“ी दो नॉट वांट तो टेक अन्य रिस्क एंड मेक यू गेट ट्रबल्स…. उस दिन को देखा नाह वो कैसे अचानक घर आगया था, किआ होता अगर मैं अंदर होता तेरे बीएड पर उस वक़्त? तो हम किआ करते? तुम किआ जवाब देती उस्सको?”
श्वेता ने अभी की मैसेज पढ़ने के बाद तुरंत उस्सको कॉल किया. अभी ने कॉल लिया, श्वेता ने कहा,
“ोफो आप दररते हो अभी? आप तो दररने वालों में से बिल्कुल भी नहीं थे, और सुनों मेरा हस्बैंड बिना मुझको संस या कॉल किये कभी भी घर नहीं अत पता है क्यों? इस लिए के उसस्के आने से पहले मुझको गेट जा कर खोलना पड़ता है उस्सको अंदर आने के लिए. सो, don’t वोर्री हे विल नेवर के इनसाइड थे हाउस टिल ी ऍम नॉट मेड अवेयर तहत हे इस किंग!”
अभी: “और कल किआ उस्सने आने से पहले तुमको बताया था?!”
श्वेता: “ऑफ़ कोर्स बताया था, आप के जाने के बाद मैं गेट बांध करके घर के अंदर चली आयी तब उस्का कॉल आया तो मैं फिर बाहर गयी गेट खोला और वापस घर में आयी तब उस्का कार अंदर आया था उसस्के बाद आप ने फ़ोन करके बात किया था मुझसे….”
अभी खामोश हो गया. श्वेता ने फिर कहा,
“आप मेरी बेबी से नहीं मिलना चाहते? प्लीज आना नाह रात को अभी!”
अभी: “और मैं नवीन से किआ कहूंगा के रात को कहाँ जा रहा हूँ? इस्सके बारे में सोचा है तुम ने?!”
श्वेता ने एक बची की तरह नटखटी आवाज़ में कहा,
“हम्म्म प्लीहासससीई आप कोई भी बहाना बना सकते हो नाह? घर जाना hi नहीं कह देना के किसी फ्रेंड के घर जा रहे हो, या गेराज में लोग ओवरटाइम कर रहे हैं या कुछ भी आप को बहाना बनाना नहीं अत किआ अभी?!”
अभी: “मैं झूट नहीं बोलता श्वेता तुमको पता है…. मुझे नहीं चाह लगेगा नवीन से झूट बोलते हुए….”
श्वेता: “और आप को अच्छा लगेगा मुझको तड़पाते, तरसाते हुए? हम्म अभी? मैं फिर भी आप का वेट करुँगी, टेक्स्ट करुँगी आप को रात भर….. ी विल कीप वेटिंग स्वीटहार्ट!”
अभी छुप हो गया और कॉल एन्ड किया दोनों ने. अभी गहरे सोच में पद गया श्वेता को सोचते हुए…. उस्सको एक किस्सम का डर लग रहा था, उस्सको सब ग़लत लग रहा था…. मगर फिर श्वेता की जिस्म की खुशभु अभी को पागल करता….. वो रूही की जिस्म को फिर सोचता….. कल जितना ाचा महसूस हुआ था उस्सको श्वेता के साथ उस्सकी जिस्म के हर एक अंग को तराशते हुए वो सब अभी के ज़हन में बार बार अत रहता और यह सब अभी को बहोत परेशान करता…..
रात हुई. अभी घर वापस चला गया. डिनर के बाद टीवी देख रहा था नवीन के साथ के उस्सकी मोबाइल पर मैसेज आया श्वेता की…. मोबाइल को अभी ने साइलेंट मोड पर कर रखा था… अभी टॉयलेट जाने के बहाने मेसज रीड किया; श्वेता ने लिखा था के वो वेट कर रही है, अभी को आना hi पड़ेगा, और लिखा थे के कार को उसस्के घर से थोड़ा दूर रास्ते पर hi पार्क करके गेट खोलके अंदर आना, आते हुए कॉल करें और श्वेता उस्सको रिसीव करेगी….
अभी ने रिप्लाई नहीं किया. वापस टीवी के सामने बैठ गया….. और नवीन ने कहा उस्सको नींद आरही है वो सोने जा रही है तो अभी ने उससे जाने को कहा.
गेराज में अस्सल में अक्सर रातों को एक टीम जो शिफ्ट में काम करते थे वह लोग आज काम कर रहे थे क्यूंकि कल एक बस की डिलीवरी करनी थी, फुल नई बस थी.
अभी ने सच में गेराज जाने का मैं बनाया और नवीन से कहा के कुछ देर बाद वो गेराज जाएगा और लेट वापस आएगा.
टीवी ों था, अभी देख तो नहीं रहा था मगर सोच रहा था, उस्का मैं कहीं और hi था…. अभी के दिमाग़ में श्वेता की जिस्म की खुशभू जैसे शोर मचा रहा था…. अभी को दोबारा उस्सकी जिस्म को सूंघने का मैं करने लगा, जिस तरह से उस्सको अपने बाहों में भरके उसस्के हर अंग को फील किया था वो फिरसे महसूस करने का मैं करने लगा….. रात की तन्हाई में जब ऐसे खयालात मैं में आते हैं तो एक रात hi होती है जो ऐसे ख्वाहिशों को हकीकत में बदलने की ताक़त रक्ति है… और यह रात hi होती है जो ऐसे अरमानों को और भी जगाते हैं मैं के अंदर….. अभी का मैं डाँवा दोल हो रहा था, हाँ या नाह, जॉन के नहीं जाऊं? और इतने में एक और मैसेज आया श्वेता की, लिखा था,
“Don’t मेक में सुफ्फेर प्लीज, आप को अछि तरह से पता है तड़पना किआ होता है, रूही ने आप को बहोत तड़पाया था नाह? तो आप सोचो आप इस वक़्त मुझको तड़पा रहे हो, मेरी किआ कुसूर अगर आप को चाहा मैं ने? मैं किश को अपने दिल के पीड़ा को बताऊँ अभी? एक आप hi हो जो मुझे समझ सकते हो क्यूंकि आप इस से गुज़र चुके हो…. तो मुझे उम्मीद है, आस लगाए बैठी हूँ के कुछ देर में आप मेरी बाहों में होंगे और मुझे इतनी ख़ुशी देंगे के मैं टर्र टर्र हो जाउंगी – वेटिंग फॉर यू माय लव.”
इस मैसेज को पढ़ कर अभी उठा और अपने गेराज से कार निकला और फ़ास्ट ड्राइव करते हुए बढ़ने लगा श्वेता के घर के तरफ…. श्वेता को सोचते हुए hi ड्राइव किये जा रहा था, अस्सल में वो उसस्के जज़्बातों का कदर करता था, समझता था श्वेता को, उस्सकी तकलीफ को, ख़ास कर जो शारीरिक सम्बन्ध कल कर चूका था….. अभी समझ रहा था के दो जिंसों के मिलान के बाद अलग रहने से कितना तकलीफ होती है, एक प्यास होती है जो बढ़ने लगती है उस्सको बुझाने के लिए मिलना सख्त ज़रूरी होता है वार्ना मैं का पीड़ा इतना बढ़ता है के, दिल, जिस्म, और जान, सब को दुःख होते हैं और वो सहना बड़ा मुश्किल होता है. अभी से ज़्यादा कौन समझ सकता था उस तकलीफ को.
जितना श्वेता का घर करीब ारः था अभी के दिल का धड़कन उतना बढ़ता चला जा रहा था और उसस्के साँसों में श्वेता और रूही के जिस्म के खुशभू ज़्यादा करीब होते हुए महसूस किये जा रहा था….. वो फीलिंग होता है नाह, किसी खूबसूरत लड़की के जिस्म को अपने बाहों में लेना, महसूस करना, ख़ास कर जब वो निवस्त्र हो….. यह वो अलग फीलिंग होती है जो एक बार वैसा फील कर लिया तो बार बार उस्सको फील करने की चाहत मन में ुनबार्ने लगता है. अभी के मैं में इस वक़्त वही वाला फील हो रहा था श्वेता को याद करते हुए और उस्सको पता था के श्वेता को 100 गुना ज़्यादा वैसा फील हो रहा होगा…. श्वेता के लिए अभी कभी अफ़सोस फील कर रहा था, तरस ारः था उस्सको श्वेता पर, और उस्सको सच में खुश देखना चाहता था अभी.
कार को श्वेता के घर के थोड़ा दूर रास्ते पर hi पार्क करके उस्सने श्वेता को कॉल किया. रात के 11.30 हुआ था. तुरंत श्वेता ने उठाया, और बात किये, श्वेता बालकनी से अभी को देख रही थी और फ़ोन पर hi कह रही थी कैसे गेट को खोला जाए…. वो हो गया, वापस गेट को बांध किया और अभी पहुंचा श्वेता के टर्रस पर जहाँ जल्दी से श्वेता भागी हुई आयी अभी को अपने बाहों में बहोत ज़ोर से भड़ने को…..
सुबह 3 बजे तक दोनों एक साथ रहे श्वेता के बीएड पर….. बहोत ख़ुशी दिए दोनों ने एक दूसरे ko….Abhi को सिर्फ रूही फील हुआ फिर से इश्क करते वक़्त, अभी फिर सवाल करने वाला था रूही से ेँ वक़्त पर श्वेता की बेबी जाग गयी और रोने लगी, तो श्वेता ने उस्सको पिलाया और सुला दिया…. अभी ने बेबी को गॉड में लिया कुछ देर बड़े प्यार से उस्सको देखते हुए और श्वेता और उस बेबी के चेहरे में डिफरेंस को देखते हुए….
3.30 हो गए थे और अभी ने श्वेता से फिर कहा के यह सब ठीक नहीं सब रोकना चाहिए दोनों को….. श्वेता ने कहा,
मैं किसी से बदला ले रही हूँ यह सब करके बाद में आप को समझाउंगी, अब बदला लेते हुए खुद आप से इतना लगाओ हो गया के आप के बिना अब रहा नहीं जाता…..”
अभी ने हैरानी से श्वेता को देखते हुए कहा,
“तुम अगर अपने डॉक्टर साहब से किसी बात का बादल ले रही हो तो इस में मैं शामिल हो रहा हूँ जो नहीं होना चाहिए, तुम इस तरह से मुझको इस्तेमाल कर रही हो…. हमको यह सब रोकना चाहिए, यह एक खतरनाक खेल है जिस्का एन्ड भयानक भी हो सकता है स्वीटहार्ट…..”
श्वेता कहने कुछ और जा रही थी मगर कह कुछ और बैठी,
“Okay अभी शुरुवात है इस लिए आप से मिलने का मैं किया, चलो एक टाइम टेबल बनाते हैं के किश किश दिन को मिलेंगे…. हफ्ते में 1 बार ठीक रहेगा व्हाट से?!”
अभी: “No, नॉट ात आल… बिल्कुल रोकना होगा हमेशा के लिए…. कभी सोचता हूँ 18 साल बाद क्यों हम मिले, हमको मिलना hi नहीं चाहिए था श्वेतु!”
श्वेता ने अपने बाहों को अभी के गले में लपेटते हुए एक बहोत सेडक्टिव मन्नेर में पूछा,
“आप रह पाओगे अब मेरे बग़ैर? मेरे जिस्म से आप को जिस्सकी फील आती है आप उसस्के बिना रह पाओगे अभी?!”
अभी के होंठ थरथरा गए श्वेता को जवाब देते हुए,
“हाँ रह लूंगा, जैसे इतने दिनों तक रहा था….”
श्वेता: “हम्म्म स्वीटहार्ट, इतने दिनों तक रहे थे क्यूंकि मैं मिली नहीं थी, अब मिल गयी हूँ और आप मुझे चख चुके हो तो रहना आसान नहीं होगा मेरे बिना…. लहू मुंह लग गया…. समझे किआ हुज़ूर?! हहहहए!!”
अभी ने मैं में सोचा के श्वेता सही कह रही थी, मगर फिलहाल उस्सको जल्दी था घर वापस जाने को वो नवीन को सोचने लगा था इस लिए जितना जल्दी हो सका वहां से निकला….. श्वेता ने अभी को एक लम्बा पैशनेट किश किया टेरेस पर निकलते वक़्त.
तो बे कॉन्टिनोएड… (3052 वर्ड्स)
अभी को बिल्कुल नहीं लग रहा था के उस्सने श्वेता के जिस्म को अपने बाहों में भरा हुआ था 100% रूही को बाहों में लिया हुआ था ऐसा लग रहा था अभी को… 1% की भी डिफरेंस नहीं दिख रहा था अभी को… वो बहोत दूर तक चला गया ड्राइव करते हुए मगर तब भी श्वेता को अपने बाहों में महसूस कर रहा था….. उस्सने अचानक ब्रेक लगाया और ुतुरं लिया वापस श्वेता के घर जाने के लिए….
अब आगे….
अभी ने 20 मिनट्स तक गे ड्राइव कर लिया था फिर वहां से ुतुरं करके वापस श्वेता के घर के तरफ और 20 मिनट्स लगा रीच होने में मतलब 40 मीन्स के बाद जब श्वेता के घर के पास आया तो एक कार देखा उस्सकी गेट के अंदर और एक आदमी उतर रहा था कार से…..
तुरंत अभी ने मोबाइल निकला…. (अब लास्ट अपडेट में जब मैं ने लिखा था के श्वेता ने अभी का नंबर लिया था तो मैं ने सोचा था कोई रीडर ये सवाल करेगा के कैसे नंबर लिया जब उस वक़्त वो नुदे थी और नंगी अभी के गले में बाहें डाले हुए थी तो अभी का नंबर कैसे लिया था श्वेता ने…. मगर किसी ने सवाल नहीं किया) तो बता दूँ के उस वक़्त श्वेता ने अभी के जेब से उसी की मोबाइल लेकर अपनी मोबाइल पर कॉल किया था जिस से अभी का नंबर चला गया था उस्सकी मोबाइल पर…
तो इस वक़्त जब अभी ने एक कार देखा तो उस्सको डाउट हुआ के वो उसका पति होगा, इस लिए जल्दी से, इस से पहले के वो घर के अंदर दाखिल हो, अभी ने श्वेता को कॉल किया जिसस्ने तुरंत फ़ोन रिप्लाई किया,
“अभी यकीन नहीं था इतनी जल्दी फ़ोन करोगे आप मिस करने लगे मुझे आप अभी से hi हीहीहीही!”
अभी: “आरी पागल लड़की देख तेरे आँगन में कौन है किआ वो तेरा हस्बैंड है के नहीं?!”
श्वेता: “ोफो हाँ बाबा वही है उस्सने अभी संस किया था के आ रहा है….. मगर आप किधर हो नहीं गए अभी तक तबसे यही हो किआ रोड पे?”
अभी: “वो अंदर आ रहा है मैं वापस जा रहा हूँ, वे विल टॉक लेटर और प्लीज इतना ख्याल रहे के मेरा नंबर उसस्के हाथ नहीं लगे bye…”
श्वेता: “अभी उस को बताउंगी के हम मिले थे आज… हे मस्ट क्नोव यू सो तहत यू मई के ात माय प्लेस अन्य डे, अन्य टाइम…. ी विल सोमेदय इंट्रोडस यू तो हिम वाक्य?!”
अभी: “बिल्कुल भी नहीं, यह ग़लती मत करना श्वेता प्लीज…. बिल्कुल भी मत बताना के हम मिले थे, मेरे बारे में एक भी लव्ज़ मत कहना उससे तुमको मेरी कस्सम समझी?!”
श्वेता: “ोकिए अब कस्सम दिया है तो नहीं बताउंगी… ok bye bye bye वो अंदर आगया है सी यू लेटर मुउउउउआअह”
और श्वेता ने कॉल काट दिया….. अभी वहीँ कार में बैठा उसस्के घर के तरफ देखता रहा फिर खुद से कहा;
“कमाल है यह लड़की, अभी किआ से किआ हो जाता, किआ होता अगर मैं अंदर होता और यह उस्का हस्बैंड चला आता जैसे अभी आया है तो?! शुक्र है के मैं ने अपने आप वापस जाने को डीडे किया…. मगर श्वेता ने कहा के वो काम पर चला गया है तो यह इस वक़्त कैसे घर आया है?! पफ्फफ्फ्फ्फ़ ग्रेट एस्केप अभी!!”
और अभी वापस चला गया….. अपने गेराज गया, जहाँ उस्सको खबर मिली के सईद को लकवा मार गया उस्सको हॉस्पिटल लेजाया गया है कंपनी की ट्रांसपोर्ट से….
तो अभी वहां से जितना जल्दी हो सका हॉस्पिटल गया…. कुछ देर बाद उस्सको सईद से वार्ड में मिलने दिया गया…. सईद का मुंह टेढ़ा हो गया था बोल नहीं पा रहा था, दायां हाथ और पेड़ नम्ब थे काम नहीं कर रहे थे, चेहरा ऐंठा हुआ था ाईड ने अभी को बायां हैं से इशारे से बुलाया अपने पास…. उसस्के आँखों से ाँसों जारी थे, अभी उसस्के पास गया और अपने कान को सईद के मुहं के पास किया…. सईद के बोल समझने लायक नहीं था, कुछ इस तरह बोल रहा था,
“ाअब्ब …बह बब ही मईउएऊऊऊ नईउऊ झूठ बोलै थाआ..”
कई बार उस्सको रिपीट करने को बोलै अभी ने तब समझ में आया के सईद बोल रहा था के उस्सने झूट बोलै था…
आधा घंटा लगा अभी को सईद से सब बताने के लिए और किसी तरह से भी सईद ने कहा के उस्सने जो भी कहा था मेहबूब और रूही के बारे में सब झूट था, वो गेराज में अपना काम नहीं खोना चाहता था इस लिए उस्सने साड़ी बातें बनाये थे क्यूंकि उस्सको पता था के अभी कभी भी वहां नहीं जाएगा पूछने के लिए वो साड़ी बातें…. सईद ने रट हुए अभी से माफ़ी मांगे अपने उस झूट के लिए और उस्सने कहा के रूही और मेहबूब के बिच कुछ भी नहीं था, रूही बल्कि मेहबूब को एक पिता की तरह देखती थी और उस से दरर्ति थी क्यूंकि मेहबूब उसस्के साथ स्ट्रिक्ट था किसी वजह से!
अभी को ज़ोरों से सईद को गाली देने का मैं कर रहा था, उस्सको उसस्के टेढ़े मुहं पर एक घूंसा मारने को मैं कर रहा था, मगर अपना सय्यम रखते हुए धीरे से अभी ने उस से कहा,
“कर्मा किआ होता है पता चला सईद? देख किआ हालत हो गयी तेरी…. खुद को देख बात भी नहीं कर पा रहा है, तेरा जिस्म खुद तेरा साथ नहीं दे रहा क्यूंकि तेरी रूह साध चुकी है, जा भगवान् तेरा डीडे करेगा अब!”
************************************************************************
उस रात को अभी ने नवीन से पूछा,
“तुम्हारी यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स में एक नुनहुक नाम की लड़की है?”
याद करते हुए नवीन ने कहा,
“हम्म्म नुनहुक? सुर्नामे है नाह?!”
अभी: “तुमको यह सुर्नामे नहीं पता? डायरीज में मेरे पढ़ी थी नाह?!”
नवीन: “ओह!! रूही का सुर्नामे है नाह? तो कौन स्टूडेंट होगा मेरे क्लास में नहीं याद मुझे! हो सकता है उस्सको उसस्के फर्स्ट नाम से जानती हूँ….. मगर क्यों? किआ हुआ?!”
अभी: “फर्स्ट नाम है श्वेता…. इस्को भी तुमने पढ़ा था नाह डायरीज में?!”
नवीन: “ओह हाँ श्वेता नुनहुक पेडगाय क्लास में बोलो नाह… इंग्लिश की क्लास में सोच रही थी मैं हाँ है वो मेरे पेडगाय की part टाइम कोर्स में क्यों?!”
अभी: “अरे व्हाट क्यों?? तुमको श्वेता नहीं याद डायरीज वाली? जो मुझको ाभीईई कहकर बुलाती थी!!”
नवीन की चेहरे में एक चमक दिखी और बड़े प्यार से पूछा,
“आरईईए वो आप को मिली किआ? कैसे पता आप को के वो मेरी स्टूडेंट में से हैं बताओ बताओ कैसे मिली और उस्सको कैसे पता के मैं आप की वाइफ हूँ? तेल्ल में तेल्ल में आल प्लीज….”
अभी के चेहरे में बहोत ख़ुशी छलक रहे थे, नवीन खुश थी अभी को इतना खुश देख कर और अभी ने कहा,
“मैं ने तो उस्सको पहचाना hi नहीं 18 साल बाद देखा उस्सको, मैं तो उस्सको वही छोटी से 6 साल की बची के रूप में सोचता हूँ और आज वो खुद एक माँ है…. आज मैं यूनिवर्सिटी गया हुआ था एल्युमीनियम विंडोज फ्रेम के सीसलसिलेय में और श्वेता ने मुझे देख कर पहचान लिया और मुझको फुकरा….. और हमारी बात हुई तो तुम्हारा नाम आया तो उस्सने कहा के वो तुम्हारी भी स्टूडेंट है….”
नवीन: “वाओ, 18 साल बाद भी उस्सने आप को पहचान लिया और बात करने आयी आप से. कैसे फील हुआ आप को?!”
अभी: “उस्सको हुग करके मैं रो पड़ा, वो भी रो पड़ी…. हम दोनों एक दूसरे के बहोत क्लोज थे……”
और अभी के दिमाग़ में श्वेता के साथ बीएड पर गुज़ारे लम्हात याद आये तो वो छुप हो गया और उठ कर अपने स्टडी रूम में चला गया……
देर रात तक बैठा रहा उस रूम में और श्वेता की मैसेज आयी उसस्के मोबाइल पर. लिखा था
“गुड नाईट, स्वीट ड्रीम्स माय वैरी लोविंग स्टड! विल टॉक तो यू टुमारो. दो नॉट रिप्लाई प्लीज हे इस हेरे. Bye मुउउउउआअह. लव यू.”
अभी ने तुरंत मैसेज को डिलीट किया. और अपने पेशानी को हाथ में थाम कर डेस्क पर अपना सर रख दिया….
*****************************************************************************
दूसरे दिन सुबह सुबह श्वेता की मैसेज आयी गुड मॉर्निंग वाली और साथ साथ यह लिखा था उस्सने;
“आज वो नाईट शिफ्ट करेगा प्लीज के तो माय हाउस, ी वांट तो स्पेंड थे नाईट इन योर कंपनी एंड यू विल बे अबले तो सी माय बेबी डॉल तू. Don’t रेफुसे प्लीज ी नीड यू.”
अभी ने रिप्लाई नहीं किया. फिर दिन के करीब बारह बजे एक और मैसेज आया श्वेता की तरफ से, इस बार अभी ने रिप्लाई किया;
“ी दो नॉट वांट तो टेक अन्य रिस्क एंड मेक यू गेट ट्रबल्स…. उस दिन को देखा नाह वो कैसे अचानक घर आगया था, किआ होता अगर मैं अंदर होता तेरे बीएड पर उस वक़्त? तो हम किआ करते? तुम किआ जवाब देती उस्सको?”
श्वेता ने अभी की मैसेज पढ़ने के बाद तुरंत उस्सको कॉल किया. अभी ने कॉल लिया, श्वेता ने कहा,
“ोफो आप दररते हो अभी? आप तो दररने वालों में से बिल्कुल भी नहीं थे, और सुनों मेरा हस्बैंड बिना मुझको संस या कॉल किये कभी भी घर नहीं अत पता है क्यों? इस लिए के उसस्के आने से पहले मुझको गेट जा कर खोलना पड़ता है उस्सको अंदर आने के लिए. सो, don’t वोर्री हे विल नेवर के इनसाइड थे हाउस टिल ी ऍम नॉट मेड अवेयर तहत हे इस किंग!”
अभी: “और कल किआ उस्सने आने से पहले तुमको बताया था?!”
श्वेता: “ऑफ़ कोर्स बताया था, आप के जाने के बाद मैं गेट बांध करके घर के अंदर चली आयी तब उस्का कॉल आया तो मैं फिर बाहर गयी गेट खोला और वापस घर में आयी तब उस्का कार अंदर आया था उसस्के बाद आप ने फ़ोन करके बात किया था मुझसे….”
अभी खामोश हो गया. श्वेता ने फिर कहा,
“आप मेरी बेबी से नहीं मिलना चाहते? प्लीज आना नाह रात को अभी!”
अभी: “और मैं नवीन से किआ कहूंगा के रात को कहाँ जा रहा हूँ? इस्सके बारे में सोचा है तुम ने?!”
श्वेता ने एक बची की तरह नटखटी आवाज़ में कहा,
“हम्म्म प्लीहासससीई आप कोई भी बहाना बना सकते हो नाह? घर जाना hi नहीं कह देना के किसी फ्रेंड के घर जा रहे हो, या गेराज में लोग ओवरटाइम कर रहे हैं या कुछ भी आप को बहाना बनाना नहीं अत किआ अभी?!”
अभी: “मैं झूट नहीं बोलता श्वेता तुमको पता है…. मुझे नहीं चाह लगेगा नवीन से झूट बोलते हुए….”
श्वेता: “और आप को अच्छा लगेगा मुझको तड़पाते, तरसाते हुए? हम्म अभी? मैं फिर भी आप का वेट करुँगी, टेक्स्ट करुँगी आप को रात भर….. ी विल कीप वेटिंग स्वीटहार्ट!”
अभी छुप हो गया और कॉल एन्ड किया दोनों ने. अभी गहरे सोच में पद गया श्वेता को सोचते हुए…. उस्सको एक किस्सम का डर लग रहा था, उस्सको सब ग़लत लग रहा था…. मगर फिर श्वेता की जिस्म की खुशभु अभी को पागल करता….. वो रूही की जिस्म को फिर सोचता….. कल जितना ाचा महसूस हुआ था उस्सको श्वेता के साथ उस्सकी जिस्म के हर एक अंग को तराशते हुए वो सब अभी के ज़हन में बार बार अत रहता और यह सब अभी को बहोत परेशान करता…..
रात हुई. अभी घर वापस चला गया. डिनर के बाद टीवी देख रहा था नवीन के साथ के उस्सकी मोबाइल पर मैसेज आया श्वेता की…. मोबाइल को अभी ने साइलेंट मोड पर कर रखा था… अभी टॉयलेट जाने के बहाने मेसज रीड किया; श्वेता ने लिखा था के वो वेट कर रही है, अभी को आना hi पड़ेगा, और लिखा थे के कार को उसस्के घर से थोड़ा दूर रास्ते पर hi पार्क करके गेट खोलके अंदर आना, आते हुए कॉल करें और श्वेता उस्सको रिसीव करेगी….
अभी ने रिप्लाई नहीं किया. वापस टीवी के सामने बैठ गया….. और नवीन ने कहा उस्सको नींद आरही है वो सोने जा रही है तो अभी ने उससे जाने को कहा.
गेराज में अस्सल में अक्सर रातों को एक टीम जो शिफ्ट में काम करते थे वह लोग आज काम कर रहे थे क्यूंकि कल एक बस की डिलीवरी करनी थी, फुल नई बस थी.
अभी ने सच में गेराज जाने का मैं बनाया और नवीन से कहा के कुछ देर बाद वो गेराज जाएगा और लेट वापस आएगा.
टीवी ों था, अभी देख तो नहीं रहा था मगर सोच रहा था, उस्का मैं कहीं और hi था…. अभी के दिमाग़ में श्वेता की जिस्म की खुशभू जैसे शोर मचा रहा था…. अभी को दोबारा उस्सकी जिस्म को सूंघने का मैं करने लगा, जिस तरह से उस्सको अपने बाहों में भरके उसस्के हर अंग को फील किया था वो फिरसे महसूस करने का मैं करने लगा….. रात की तन्हाई में जब ऐसे खयालात मैं में आते हैं तो एक रात hi होती है जो ऐसे ख्वाहिशों को हकीकत में बदलने की ताक़त रक्ति है… और यह रात hi होती है जो ऐसे अरमानों को और भी जगाते हैं मैं के अंदर….. अभी का मैं डाँवा दोल हो रहा था, हाँ या नाह, जॉन के नहीं जाऊं? और इतने में एक और मैसेज आया श्वेता की, लिखा था,
“Don’t मेक में सुफ्फेर प्लीज, आप को अछि तरह से पता है तड़पना किआ होता है, रूही ने आप को बहोत तड़पाया था नाह? तो आप सोचो आप इस वक़्त मुझको तड़पा रहे हो, मेरी किआ कुसूर अगर आप को चाहा मैं ने? मैं किश को अपने दिल के पीड़ा को बताऊँ अभी? एक आप hi हो जो मुझे समझ सकते हो क्यूंकि आप इस से गुज़र चुके हो…. तो मुझे उम्मीद है, आस लगाए बैठी हूँ के कुछ देर में आप मेरी बाहों में होंगे और मुझे इतनी ख़ुशी देंगे के मैं टर्र टर्र हो जाउंगी – वेटिंग फॉर यू माय लव.”
इस मैसेज को पढ़ कर अभी उठा और अपने गेराज से कार निकला और फ़ास्ट ड्राइव करते हुए बढ़ने लगा श्वेता के घर के तरफ…. श्वेता को सोचते हुए hi ड्राइव किये जा रहा था, अस्सल में वो उसस्के जज़्बातों का कदर करता था, समझता था श्वेता को, उस्सकी तकलीफ को, ख़ास कर जो शारीरिक सम्बन्ध कल कर चूका था….. अभी समझ रहा था के दो जिंसों के मिलान के बाद अलग रहने से कितना तकलीफ होती है, एक प्यास होती है जो बढ़ने लगती है उस्सको बुझाने के लिए मिलना सख्त ज़रूरी होता है वार्ना मैं का पीड़ा इतना बढ़ता है के, दिल, जिस्म, और जान, सब को दुःख होते हैं और वो सहना बड़ा मुश्किल होता है. अभी से ज़्यादा कौन समझ सकता था उस तकलीफ को.
जितना श्वेता का घर करीब ारः था अभी के दिल का धड़कन उतना बढ़ता चला जा रहा था और उसस्के साँसों में श्वेता और रूही के जिस्म के खुशभू ज़्यादा करीब होते हुए महसूस किये जा रहा था….. वो फीलिंग होता है नाह, किसी खूबसूरत लड़की के जिस्म को अपने बाहों में लेना, महसूस करना, ख़ास कर जब वो निवस्त्र हो….. यह वो अलग फीलिंग होती है जो एक बार वैसा फील कर लिया तो बार बार उस्सको फील करने की चाहत मन में ुनबार्ने लगता है. अभी के मैं में इस वक़्त वही वाला फील हो रहा था श्वेता को याद करते हुए और उस्सको पता था के श्वेता को 100 गुना ज़्यादा वैसा फील हो रहा होगा…. श्वेता के लिए अभी कभी अफ़सोस फील कर रहा था, तरस ारः था उस्सको श्वेता पर, और उस्सको सच में खुश देखना चाहता था अभी.
कार को श्वेता के घर के थोड़ा दूर रास्ते पर hi पार्क करके उस्सने श्वेता को कॉल किया. रात के 11.30 हुआ था. तुरंत श्वेता ने उठाया, और बात किये, श्वेता बालकनी से अभी को देख रही थी और फ़ोन पर hi कह रही थी कैसे गेट को खोला जाए…. वो हो गया, वापस गेट को बांध किया और अभी पहुंचा श्वेता के टर्रस पर जहाँ जल्दी से श्वेता भागी हुई आयी अभी को अपने बाहों में बहोत ज़ोर से भड़ने को…..
सुबह 3 बजे तक दोनों एक साथ रहे श्वेता के बीएड पर….. बहोत ख़ुशी दिए दोनों ने एक दूसरे ko….Abhi को सिर्फ रूही फील हुआ फिर से इश्क करते वक़्त, अभी फिर सवाल करने वाला था रूही से ेँ वक़्त पर श्वेता की बेबी जाग गयी और रोने लगी, तो श्वेता ने उस्सको पिलाया और सुला दिया…. अभी ने बेबी को गॉड में लिया कुछ देर बड़े प्यार से उस्सको देखते हुए और श्वेता और उस बेबी के चेहरे में डिफरेंस को देखते हुए….
3.30 हो गए थे और अभी ने श्वेता से फिर कहा के यह सब ठीक नहीं सब रोकना चाहिए दोनों को….. श्वेता ने कहा,
मैं किसी से बदला ले रही हूँ यह सब करके बाद में आप को समझाउंगी, अब बदला लेते हुए खुद आप से इतना लगाओ हो गया के आप के बिना अब रहा नहीं जाता…..”
अभी ने हैरानी से श्वेता को देखते हुए कहा,
“तुम अगर अपने डॉक्टर साहब से किसी बात का बादल ले रही हो तो इस में मैं शामिल हो रहा हूँ जो नहीं होना चाहिए, तुम इस तरह से मुझको इस्तेमाल कर रही हो…. हमको यह सब रोकना चाहिए, यह एक खतरनाक खेल है जिस्का एन्ड भयानक भी हो सकता है स्वीटहार्ट…..”
श्वेता कहने कुछ और जा रही थी मगर कह कुछ और बैठी,
“Okay अभी शुरुवात है इस लिए आप से मिलने का मैं किया, चलो एक टाइम टेबल बनाते हैं के किश किश दिन को मिलेंगे…. हफ्ते में 1 बार ठीक रहेगा व्हाट से?!”
अभी: “No, नॉट ात आल… बिल्कुल रोकना होगा हमेशा के लिए…. कभी सोचता हूँ 18 साल बाद क्यों हम मिले, हमको मिलना hi नहीं चाहिए था श्वेतु!”
श्वेता ने अपने बाहों को अभी के गले में लपेटते हुए एक बहोत सेडक्टिव मन्नेर में पूछा,
“आप रह पाओगे अब मेरे बग़ैर? मेरे जिस्म से आप को जिस्सकी फील आती है आप उसस्के बिना रह पाओगे अभी?!”
अभी के होंठ थरथरा गए श्वेता को जवाब देते हुए,
“हाँ रह लूंगा, जैसे इतने दिनों तक रहा था….”
श्वेता: “हम्म्म स्वीटहार्ट, इतने दिनों तक रहे थे क्यूंकि मैं मिली नहीं थी, अब मिल गयी हूँ और आप मुझे चख चुके हो तो रहना आसान नहीं होगा मेरे बिना…. लहू मुंह लग गया…. समझे किआ हुज़ूर?! हहहहए!!”
अभी ने मैं में सोचा के श्वेता सही कह रही थी, मगर फिलहाल उस्सको जल्दी था घर वापस जाने को वो नवीन को सोचने लगा था इस लिए जितना जल्दी हो सका वहां से निकला….. श्वेता ने अभी को एक लम्बा पैशनेट किश किया टेरेस पर निकलते वक़्त.
तो बे कॉन्टिनोएड… (3052 वर्ड्स)