Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 2 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

अपडेट 5 थे फर्स्ट डे ऑफ़ वर्क

रात को अभी ठीक से सो नहीं पाया. सिर्फ उस लड़की को सोचता रहा, सपने में उस्सको देखा भी जब भी ज़रा सी आँख लगी तो. उस्सको जल्दी था वहां वापस जाने की और वहां काम शुरू करने की. सोचता रहा काम करेगा या दिन भर उस लड़की को देखता रहेगा. किआ लड़की घर पर रहेगी हर रोज़? किआ वो कॉलेज जाती होगी? या कहीं कोई काम करती होगी? यह सब सोच रहा था अभी और खुद को तस्सल्ली देते हुए कहा के अगर कहीं भी जाती होगी सुबह और शाम को एक दूसरे को देख तो पाएंगे…. अभी सोचने लगा की वो उस से बात कर पाएगा? कैसे बात शुरू करेगा? किआ कहेगा उस से? और अगर लड़की ने बात नहीं किया तो? अगर उस्सने अभी को जवाब नहीं दिया तो? थोड़ा शर्मीली टाइप लगी थी उस वक़्त, तो किआ अभी के सामने आएगी भी? यह सब सोचता रहा अभी रात भर. अपनी डायरी में बहोत कुछ लिखा. डायरी ओने डे पेज था उस्सने 5 पेजेज लिख दिया, मतलब अगले 4 दिन के पेजेज भी भर दिए आज की इवेंट्स को लिख कर, तो सोचा एक नया थिक कवर का कॉपी बुक खरीदना होगा सिर्फ इन् दिनों को लिखने के लिए, जब तक वो वहां काम करेगा, उस कॉपी बुक में सिर्फ वहां के इवेंट्स को लिखेगा.

सुबह मामूल से बहोत पहले उठ गया अभी और तैयार होकर निकला काम पर जाने के लिए. बस से सफर करना था, घर से 40 कंस की दूरी पर थी वो जगह जहाँ मेहबूब का घर था. काम करने के लिए पुअरने कपडे एक बैग में लिया हुआ था, और एक दूसरे बैग में काम करने वाले कुछ औज़ार थे, और ऑफ़ कोर्स खाना भी था एक बैग में.

सुबह 6.30 को उस जगह को रीच हुआ अभी, सईद भाई और बाकी के 2 वर्कर्स भी आये ठीक उसस्के पीछे.

बस स्टॉप से उतर कर मरम्मत करने वाले बस तक पहुँचने में कोई 5 मिनट लगता था, और जब उस आँगन में दाखिल हुआ अभी तो उस्सकी नज़र सीधे उस किचन वाले स्टैर्स पर पहुंचे, बस पर नहीं. चलते वक़्त बस तक रीच होने के लिए अभी की नज़रें इधर उधर देखता गया, राइट में जो घर है मतलब जिस घर में वो लड़की रहती है, उस घर का सामने वाले हिस्से को ग़ौर से देखा अभी ने, जो पहला तप था वहां देखा फिर नज़रों को उस तरफ किया जहाँ तप नंबर 2 था और एक वाशिंग स्टोन भी था उस दूसरे नल के पास. और आखिर में उस जगह पहुंचा जहाँ वाशरूम था. और अब वो वाशरूम तो डायरेक्ट उस किचन के अपोजिट था जहाँ कल रूही नज़र आयी थी, उस वाशरूम से किचन के अंदर नज़र ारः था. अभी ने ग़ौर से अंदर देखा. कोई भी नहीं था. अभी ने सोचना शुरू किया के कल इसी किचन में वो लड़की पका रही थी जिस वक़्त उस्सकी माँ उस्सको आवाज़ दे रही थी……. अभी ने एक विज़न किया जो फ्लैशबैक की तरह उसस्के आँखों के सामने आये….

उस्सने देखा के उसी नीली ड्रेस में लड़की अपनी स्टोव के पास कढ़ाई में कुछ पका रही है और अभी उस्सको देख रही है फिर अभी उस से इशारे से बात कर रहा है…..

विज़न ख़तम होने के बाद अभी ने सोचा किआ ऐसा कभी होगा भी? किआ यह मुमकिन है? 4 से 6 महीनों तक यहीं काम करना है कुछ तो बात आगे बढ़ेगी ज़रूर….. एक अजीब सी फीलिंग हो रहा था अभी को, उस किचन के अंदर देखते हुए, सोच रहा था जैसे उस्सकी माँ पकाती है किचन में वैसे hi लड़की भी कल पका रही थी, उस्सको पकाना अत है, किआ कबि कुछ पका कर खिलाएगी अभी को? वो सोचने लगा अभी, उसस्के हाथ का पका हुआ कैसा लगेगा? स्वादिष्ट होगा? अभी उस्सको किचन स्टोव के पास देखना चाहता था, उस्सको पकाते हुए देखना चाहता था, उस्का दिल कर रहा था के वो लड़की वहां आये और अभी उसस्के पास जाकर उस्सको पीछे से जाकर और उस से प्यार करे…. ऐसे फीलिंग्स आ रहे थे अभी के दिल में कपडे चेंज करते वक़्त… ये सब सोचते हुए अभी ने अपने कपडे बदले, काम करने वाला पुराण कपडा पहना और बाकी के लोगों ने भी वही किया और सब बस के पास एकता हुए. सईद भाई ने अभी से पूछा,

“कैसे स्टार्ट करना है?!”

अभी ने कहा,

“सबसे पहले मेहबूब भाई से कहो, एक लम्बा होसे चाहिए बस को धोना है पहले तब तोडना है, सारे सादे हुए तीन, लोहा, शिक्षा, अंदर के टूटे हुए सीट्स सब निकालना है, बस को सिर्फ चेसिस में दिखना है अब….”

वही किया गया…. ऊंची आवाज़ में सब बात कर रहे थे, के यह करो, वहां पानी डालो, ऐसा करो, वैसा करो, यहाँ मत आओ, वहां जाओ ेट्स….

अभी बार बार उस घर के तरफ देखे जा रहा था काम करते हुए, सोच रहा था किआ वो अभी तक सो रही होगी? उस्सको देखने का बड़ा मैं था अभी को, मगर वो बिल्कुल नज़र नहीं आरही थी. किआ वो काम पर चली गयी होगी? किआ कॉलेज गयी होगी? या यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट होगी? उस्सकी माँ कई बार नज़र आयी. मेहबूब भी कई बार आये, सबसे बात किये, मेहबूब की बीवी, रहीम भी आयी, चाय देने आयी सबको फिर वापस चली भी गयी मगर वो लड़की नहीं दिखी थी अभी को दिन के बारह बजने को था. बस को नंगा कर दिया गया था, सिर्फ बस की चेसिस नज़र आरहे थे अपने 6 व्हील्स पर.

लंच टाइम आया तो अभी गया अपने बैग से खाना लेने के लिए वाशरूम के पास बैग तांगा हुआ था जिस में उसस्के खाने के चीज़ें थे; वहां जाते वक़्त भी अभी उस किचन में झाँका और लड़की की माँ नज़र आयी बर्तन मांजते हुए सिंक के पास, तो झट से अभी ने नज़र हत्ता लिया…. बस के अंदर बैठ कर सब खाने चले. खाते वक़्त भी अभी बार बार उस घर एक तरफ देख रहा था…. और अचानक उस्सने उस लड़की को मेहबूब के घर से निकल कर अपनी किचन के तरफ जाते हुए देखा, आज एक लाल ड्रेस में थी, बाल खुले हुए थे, एक नज़र उस्सने बस के तरफ देखा और अपनी किचन में चली गयी…. अभी ने खुद को कोसा के क्यों उस्सने लड़की को उस वक़्त नहीं देखा जिस वक़्त वो अपनी किचन से निकल कर मेहबूब के घर रहीम से मिलने गयी थी… पता नहीं कितने टाइम से वो मेहबूब की बीवी से बात कर रही थी और अभी को कुछ पता hi नहीं चला…..

खाने के बाद सब मैं रोड पर गए टहलते हुए सिगरेट खरीदने. 45 मीन्स का लंच ब्रेक लिए थे सबने. यह नार्मल था कहीं भी काम करते तो 45 मीन्स लेते थे सब.

जब सिगरेट पिटे हुए वापस दाखिल हुए उस आँगन में तो अभी ने लाल ड्रेस वाली लड़की को उसी किचन की स्टैर्स पर देखा जहाँ कल उस्सकी माँ कड़ी थी. मगर मैं रोड से जिस जगह पर वो कड़ी थी काफी दूर था तो अभी को वो दूर दिखी और अभी चाहता था के जब वो बस के पास आये तो वो वहीँ कड़ी रहे ताके उस्सको पास से देख सके, मगर जैसे जैसे वह लोग बस के करीब होते गए लड़की वापस अपने किचन में चली गयी. अभी शुरू में बहोत खुश हुआ उस्सको वहां कड़ी देख कर, वो बस को hi देख रही थी, और एक बार रास्ते पर देखा अभी के तरफ, मगर जब ा

अभी उस्सकी कजिन के घर के पास रीच हुआ तो रूही वापस घुस गयी. तब अभी उदास होगया और प्रे करता रहा के वो वापस स्टैर्स पर आये.

काम शुरू हुआ, अब सारे पुराने तीन को निकला जा रहा था बस से, सादे हुए लोहे को कटा जा रहा था, हतोड़े और बाकी औज़ार से. बहोत शोर हो रहे थे ठाक थोक, ठीक ठाक के आवाज़ें बहोत सुनाई दे रहे थे और ा

अभी ने सोचा किआ पता के लड़की थोड़ा सोने गयी होगी तो नहीं सो पाएगी उन् लोगों के शोर करने की वजह से…. दो पहर में बहोत सारे लोग थोड़ा सोते हैं खाने के बाद, जब ा

अभी घर पर रहता था तो यह उस्सकी आदत थी, तो उस्सने सोचा शायद वो लड़की और उस्सकी माँ के भी वैसे आदत हो….

करीब 3 बजे मोहल्ले के बहोत सारे लोग आये देखने अभी और टीम को काम करते हुए, ख़ास कर स्कूल के बचे लोग. उन् में से एक लड़का रुई का छोटा भाई था जो 10तह में था. वो तो अभी के बिल्कुल पास आके खड़ा हो गया और बात करने लगा. अभी ने पूछा के कौन है किधर रहता है किआ करता है वग़ैरा और जब लड़के ने कहा के वहीँ रहता है तो अभी को पता चला के उस लड़की का छोटा भाई है. उस्का नाम पूछा तब अभी को ख़ुशी हुई क्यूंकि उस्सको पता चला के यह रूही भी हिन्दू hi है क्यूंकि भाई का नाम महेश था. फिर अभी ने पूछा के मेहबूब को चाचा कहते हैं सब तो उस्सने सोचा के मेहबूब उसस्के पिता का भाई है तो महेश ने कहा,

“हम मेहबूब चाचा को ‘चाचा’ इस लिए बुलाते हैं क्यूंकि मम्मी ने कहा उस्सको वैसा बुलाने के लिए”

और एक बार रूही स्तैर पर आयी महेश को बुलाने के लिए और यूँ कहा बस के तरफ महेश को देखते हुए,

“हे महेश चाय नहीं पियेगा किआ? मैं ने सर्वे कर दिया आकर पिले मुझे सब साफ़ करना है जल्दी आह नाह!”

जिस वक़्त रूही वो सब कह रही थी अभी उस्सकी चेहरे में देख रहा था, और रूही ने महेश को देखते हुए वो सब कहा था मगर एक दो बार उस्सकी नज़रें अभी पर भी गयी…. अभी ने बहोत अछि तरह से उस्सकी नज़रों को फॉलो किया था.

अभी को बेहद पसंद आया उस्का उस तरह से उसस्के तरफ देखना. उस्सकी नज़रों में एक कोमलता दिखा अभी को, उस्सकी आवाज़ कितनी मीठी थी, उस्सकी मुस्कराहट जान लेवा लगा अभी को, उस्सकी आवाज़ और ज़्यादा सुनने को मैं किया अभी को तो उस्सने महेश से कहा,

“चाय पिने के बाद वापस आना थोड़ा बातें करेंगे.”

महेश ने कहा,

“हाँ वापस अत हूँ, मुझे देखना है तुम लोग कैसे इस्को बस बनाते हो!”

शाम को 4 बजे तो और कुछ लोग आगये आँगन में. लोग भाड़े हुए थे उस जगह. कभी किसी ने बस को बनते हुए नहीं देखा था, मगर अभी तो बस को उजारा जा रहा था, नंगा किया जा रहा था…. आस पास के लोग जो अपने अपने काम से वापस आगये थे चले आये थे मेहबूब के बस को देखने के लिए… और तब तक बस को ऑलमोस्ट नंगा किया जा चूका था…. जब बस आया था तो कुछ ऐसा दिख रहा था आँगन में कल



जंगल में था तो ऐसा था

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और अब सब तोर फॉर के बाद शाम को 4 बजे बस सिर्फ चेसिस पर था और यह दिख रहा था

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अब इस पर फ्रेम बनाया जाएगा दिन बा दिन काम होगा बस की फ्रेम वेल्ड करने के बाद अल्लिमिनियम शीट्स रिवेट्स से छिपाना होगा, शीट्स को मेज़रमेंट से काटना पड़ेगा ेट्स….

शाम के करीब पांच बजे जब वाशरूम जाना था सबको तो एक बार और रूही की माँ स्टैर्स पर दिखी और उस्सकी आवाज़ यूँ आयी,

“रूही आ देख नाह बस कैसे बिल्कुल खली हो गयी है…”

अभी ने सोचा उस्सको अब जल्दी से वाशरूम जाना चाहिए और उधर से वो रूही को किचन में देख पाएगा. तो जल्दी से वो निकला….. उसस्के कपडे बिल्कुल मैले हो गए थे, चेहरे पर भी जगह जगह पर गंध लगे हुए थे, खुद को वाश करना था वो नहीं चाहता था के रूही उस्सको वैसा देखे…..

अभी वैसे हैंडसम लड़का था, गोरा रंग, 6.2 feet/1m85 ऊंचा, कई लोग उस्सको ‘लम्बू’ भी बुलाते थे; उस्का एक स्ट्रांग पर्सनालिटी था, जल्दी से लोग उसस्के दोस्त बन जाते थे और वो एक सेंटर ऑफ़ अट्रैक्शन था खुद में hi, लोग उसस्के तरफ नज़र करते hi थे किसी तरह से भी, उस्सकी ऊचाई की वजह से कुछ लोग उस्सको देखते थे तो कुछ लोग उस्सकी पर्सनालिटी की वजह से, तो बात यह हुई के रूही की माँ अभी को hi देख रही थी जब वो वाशरूम के तरफ जाने लगे तो और इस से पहले के वो वाशरूम पहुँचता खुद रूही की माँ ने अभी से कुछ कहा…. कुछ लोग जवान 22 साल के लड़के से बात करना पसंद करते हैं, कभी तंग खिंचाई करते हैं तो कभी उम्र वाले लोग जवान लोगों से बुसस बात इस लिए करते हैं के देखें वो जवान कितना काबिल है….. और कुछ लोग खुद को जवानों से दोस्ती करने के लिए बातें करते हैं, और कुछ लोग तो जवानों से आकर्षित होकर hi बात करते हैं….

अभी को रुकना पड़ा उस्सको जवाब देने के लिए और किचन के अंदर से रूही अभी के चेहरे में एक मुस्कान से देख रही थी के उस्सकी माँ उस से बात कर रही है….

अभी तो खुद को साफ़ सुथरा करके रूही के सामने पेश होना चाहता था मगर उस्सकी माँ ने अभी को उसी हालत में रोक लिया तो अभी को ाचा नहीं लगा मगर कैसे मन करता उस औरत ने बात किया तो जवाब तो देना था इस लिए मजबूरन उस्सको रुकना पड़ा और रूही की माँ ने मुस्कुराते हुए पूछा था,

“कितने दिनों में बस बन जाएगा?!”

अभी ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया मगर रूही को देखते हुए उस्सकी माँ को नहीं,

“बहोत बड़ा काम है यह, शुरुवात से सब कुछ करना पड़ेगा वो भी हाथ से, कोई भी गेराज वाला मशीन नहीं है तो ज़्यादा दिन लगेंगे!”

अंदर से रूही मुस्कुराते हुए अभी को देख रही थी, उस्सकी हाथ में एक प्लेट था जिस्सको वो किचन की टेबल पर रखने जा रही थी मगर अभी को रुक कर सुनने लगी थी, और अभी ने नोट किया के उस वक़्त रूही के बाल खुले हुए नहीं थे, बल्कि बंधे थे, कुछ इस तरह से के उस्सकी काँधे पर कोई देखे तो लगता था के उस्सकी बाल काँधे तक काटते हुए हैं, बेहद खूबसूरत दिख रही थी, शायद थोड़ा मेकअप किया हुआ था या क्रीम पाउडर लगाई थी उस वक़्त रूही ने….. अभी ने सोचा के खुद कितना गन्दा दिख रहा है, मैले कपडे, मैला चेहरा, बाल बिखरे हुए, और रूही एक प्रिंसेस दिख रही थी…. अभी को जल्दी था वाशरूम जाने की, तो उस्सने कहा,

“वेट मैं वाश करके वापस आता हूँ और आप को समझाऊंगा के कितने काम है.

और वो चला गया खुद को साफ़ करने मगर वहां सईद और बाकी के दो लोग उस से पहले वाश कर रहे थे तो अभी को वेट करना पड़ा तब तक वो किचन में देखता रहा, और रूही भी बार बार उसस्के तरफ देख रही थी अपने किचन के काम करते हुए…..

तो बे कॉन्टिनोएड….. (2600 वर्ड्स)
 
अपडेट 6 सेकंड डे ात वर्क

और वो चला गया खुद को साफ़ करने मगर वहां सईद और बाकी के दो लोग उस से पहले वाश कर रहे थे तो अभी को वेट करना पड़ा तब तक वो किचन में देखता रहा, और रूही भी बार बार उसस्के तरफ देख रही थी अपने किचन के काम करते हुए…..

अब आगे…

अभी ने आईने में अपने चेहरे को देखा और खुद को शर्म आया उससे, उसस्के दोनों तरफ गाल पर काले धब्बे लगे हुए थे, बाल बिखरे हुए थे, चेहरा धुप में झुलस गया था, गोर रंग पर जैसे एक ब्राउन कलर चिपक गया था; खुद को देखते हुए अभी ने थोड़ा ग़ुस्सा किया के क्यों वो रुका उस औरत से बात करने को और किसी ने भी उस्सको नहीं बताया के उसस्के चेहरे पर किआ लगा हुआ है, सोचने लगा के किआ इसी लिए रूही उस्सको देख कर मुस्कुरा रही थी? अभी ने खुद से कहा,

“किआ सोचेगी मेरे बारे में? एहि नाह के मैं गन्दा हूँ, ी ऍम ा डर्टी ब्रैट?! साला लोग एक लड़की को देखने जाते हैं तो स्मार्ट, हैंडसम बन कर, नाहा धोकर साफ़ सुथरा कपडे पेहेन कर, नए जूते, बेस्ट शर्ट, खुद को प्रेसेंटाब्ले करके लड़की के सामने जाते हैं और मैं इस तरह से गन्दा दिख रहा हूँ कौन पसंद करेगा मुझे इस हाल में धत!!”

अभी को शर्म फील हो रहा था और किचन के तरफ देखना बांध कर दिया अपना टर्न वेट किया खुद को फ्रेश करने के लिए; मगर उस्का दिल नहीं मान रहा था के वो रूही को किचन में नाह देखे, उस्का मैं था के वो उस्सको देखे पकाते हुए, उस्सको अदमीरे करे, तो अभी ने अपने दोस्तों के पीठ पीछे छुप छुप कर रूही को देखना जारी रखा….. उस्सने एक बार देखा के रूही की माँ उस्सको कुछ कह रही थी और रूही ज़ोर से हंसी और उसस्के तरफ देखा, वो खिलखिला कर हंसी थी, अभी उस्सकी उस हंसी पर फ़िदा हो गया, उस्सको रूही को और वैसे हँस्ते हुए देखने को मैं कर रहा था…. हंससने के बाद रूही चूल्हे पर एक डिश में में एक लड़की वाले स्पून से कुछ चला रही थी, मतलब मिक्स कर रही थी, तरकारी पका रही होगी अभी ने सोचा.. और वैसे हंससने के बाद रूही के चेहरे पर एक मुस्कान बाकी था और उस्सने अपने निचे वाले होंठ को दांतों में दबाते हुए अपनी माँ के तरफ देखा और उस्सको कुछ कहा, फिर एक हाथ से रूही अपने चेहरे से एक लत्त को अपने सर के ऊपर किया तब वैसे hi एक होंठ को दांत में दबाये हुए hi अभी के टैररफ फिर से देखा और दोनों के नज़रें मिले…. अभी के चेहरे पर एक मुस्कान बन गया था अपने आप रूही को अदमीरे करते हुए.

अब क्यूंकि उस्सने देखा के रूही ने उसस्के चेहरे में देखा तो अब अभी ने सोचा के ‘रूही कहीं यह नाह समझे के मैं उस से मुस्कुरा रहा हूँ, मैं तो उस्सकी अदाओं पर मुस्कुरा रहा हूँ….’ और अभी ने नज़रों को एक तरफ कर लिया.

फिर अभी ने खुद को वाश किया और कपडे चेंज किये. अब वो अपने उन् कपड़ों में था जिस से सुबह बस में आया था. जिस कपडे से काम किया था उस्सको वापस घर लेजाने को पैक किया क्यूंकि वो मैले हो गए थे कुछ ज़्यादा hi. वैसे एक हफ्ते तक एक काम करने वाला कपडा पहनता है मगर आज की बात कुछ और थी क्यूंकि गंदे बस को साफ़ किया था तो खुद मैले हो गए थे इस लिए कपडे को वापस लेजाना पड़ा….

जितना टाइम अभी ने लिया खुद को धोने, साफ़ करने के लिए तब तक सईद तैयार हो गया था और अब रूही की माँ उस से बात कर रही थी. मतलब जो जवाब अभी को देना था वो जवाब सईद दे रहा था रूही की माँ को और अभी ने देखा के रूही अब स्टैर्स पर कड़ी सईद की बातों को सुन रही थी अपने माँ के साथ.

और जिस वक़्त अभी अपने बालों में कंघी कर रहा था खुद को आईने में देखते हुए उस्सने देखा के रूही की नज़रें उस पर थे. रूही अभी को बाल बनाते हुए देख रही थी थोड़ा मुस्कुराते हुए. और दोनों के बीच ज़्यादा फासला भी नहीं था, आमने सामने थे दोनों, यह पहली बार था के अभी रूही को इतने करीब से देख रहा था. बहोत hi ाचा फील हुआ अभी को. उस्का दिल मचलने लगा, बहोत खुश था वो. उस्सने एकांत बार रूही को देखा वैसे hi मुस्कुराते हुए, और इस बार रूही हंस पड़ी अभी को देखते हुए, पता नहीं क्यों उस्सको हंसी आयी. अभी ने दोबारा आईने में देखा रूही को हँस्ते हुए देख कर के कहीं उसस्के चेहरे में कुछ और तो नहीं लगा हुआ है, सब साफ़ था तो क्यों हंसी वो अभी ने सोचा!

एक ब्लू जीन और एक वाइट टीशर्ट में ड्रेस्ड था अभी और अब एक हैंडसम यंग मन दिख रहा था. उस्सने खुद को कई बार आईने में देखा, चेहरे पर हाथ फेर्रा कई बार और रूही की नज़रें उस पर टिक्के रहे मुस्कुराते हुए. रूही अब सईद को नहीं सिर्फ अभी को देख रही थी; और जब अभी तैयार हुआ वहां से निकलने के लिए तो मेहबूब निकला घर से और सईद के पास खड़े होकर बात करने लगा…. तब तक अभी चलते हुए सईद तक रीच हुआ अपने बैग को काँधे पर टाँगे हुए, और एक नज़र रूही पर किये हुए. रूही की नज़र अभी पर hi थी जब वो रुका, मेहबूब से हैंडशेक किया, और सईद से वापस चलने को कहा. बाकी के दो वर्कर्स चले गए थे तब तक. सईद के पास एक और लड़का कोई 27 या 28 साल का बात कर रहा था मगर उसस्के हाथ में एक कैमरा था जिस से वो बस की फोटोज ले रहा था, कल जब बस आया था तब भी उस्सने कुछ फोटोज लिए थे. अभी सोच रहा था के वो कौन होगा, शायद मेहबूब का कोई रिश्तेदार होगा उस्सने सोचा. और एक बूढ़ा आदमी भी था मेहबूब के पास लगभग 70 साल का बूढ़ा जिस्सको रूही ने दादा कहकर फुकरा और उस्सको कुछ देने लगी, तब अभी को पता चला के वो र

रूही की दादा जी है क्यूंकि कल अभी ने उस बूढ़े को रूही के घर के सामने बरामदे में देखा था. तो जाने से पहले अभी ने सबसे हैंडशेक किये, और उस बूढ़े से भी, और बूढ़े ने अभी से पूछा,

“किधर का बाशिंदा हो बीटा? दूर जाना है किआ?”

अभी ने उस्सको जवाब दिया के कोई 30 कंस तक जाना है और अपने मोहल्ले का नाम बताया दादा जी को. उस वक़्त रूही ध्यान से मुस्कुराते हुए अभी को देख रही थी उसस्के दादा जी से बात करते हुए. अभी को ाचा लगा के रूही कितनी देर से उस्सको वैसे देख रही थी.

और आखिर में अभी ने वापस जाने की कदम उठाये और एक नज़र रूही के तरफ देखा और उस्सको bye वेव किया, साथ साथ उस्सकी माँ से कहा, “bye आंटी, कल मिलते हैं!”

रूही ने हंस दिए अभी को वैसा कहते सुनकर और वो लड़का जो बस की चेसिस का फोटोज ले रहा था वो भी हंसा रूही और उस्सकी माँ के तरफ देखते हुए….. अभी ने तो रूही को वेव किया मगर रूही ने उस से वेव के बदले सिर्फ लाफ किये.

बस में वापस लौटते वक़्त अभी ने सईद से पूछा,

“वो लड़का कौन था जो फोटोज ले रहा था बस की?”

सईद ने जवाब में कहा,

“वो उस औरत का बड़ा बीटा है जिस्सको तू ताड़ रहा था कल!”

अभी हैरान हुआ और कहा,

“व्हाट? मैं कहाँ ताड़ रहा था उस औरत को? आज वो खुद मुझसे पूछ रही थी के कब तक बस का काम पूरा होगा!”

सईद ने तब कहा वो जोके कर रहा है,

अभी अब सोचने लगा के रूही का इतना बड़ा और एक भाई है मतलब रूही का बड़ा भाई! शायद इसी लिए वो भी हंसा था जब अभी ने उस्सकी माँ को bye कहा था, अभी ने सोचा….. और वो दिन भर नज़र नहीं आये क्यूंकि वो कहीं काम पर गया हुआ होगा दिन भर इस लिए सिर्फ शाम को नज़र आया.

घर पहुँचने से पहले अभी ने दूकान से एक मोटा सा थिक कवर वाला कॉपी बुक ख़रीदा 400 पेजेज वाला.

और घर जाते hi बैठ गया उस में लिखने. पहले उस्सकी कवर पर टाइटल लिखा – “थे डेज ी स्पेंट ात Ruhi’s प्लेस”

पेजेज को नंबर करना शुरू किया, फिर जो कल 5 पेजेज का लिखा था अपने डेरी में वहां से सब कॉपी किया उस नयी कॉपी बुक में, और आज की दिन भर का इवेंट लिखा अभी ने. सब कुछ लिखा. किश तरह से रूही उस्सको देख रही थी, किश तरह मुस्कुरा रही थी, किश तरह किचन में पक्का रही थी ेट्स . अपने फीलिंग्स को लिखा, उस्सको कितना ाचा लगता है वहां जाना, वहीँ रहने को मैं करता है यह सब कुछ लिखा अभी ने. और यह लाइन्स लिख कर आज का लिखना एन्ड किया;

“ी विश ी वोउल्ड बे लिविंग इन तहत विलेज ऑफ़ हेर्स. थुश, ी कुड जो तेरे अन्य टाइम एंड लुक ात हेर. व्हाट कुड शी बे दोंग ात थिस टाइम? हद शी आलरेडी हद डिनर? मस्ट शी बे वाचिंग टीवी विथ हेर फॅमिली? हाउ नीस आईटी वोउल्ड हैवे बीन िफ़ ी सडनली रीच तेरे ात थिस टाइम एंड शी गेट्स सुरप्रीसेड तो सी में! वोउल्ड हेर मदर आस्क में तो गेट इनसाइड एंड वाच टीवी विथ थम? वोउल्ड ी गेट ा सीट क्लोज तो रूही एंड वे बोथ होल्ड एच other’s हैंड्स एंड वाच टीवी?”

एक सपना लिख रहा था अभी, उस्सको इस सपने को सच करना था.

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अगले सुबह और भी ज़्यादा सवेरे उठ गया अभी. उसस्के दिलो दिमाग़ में सिर्फ रूही बसा हुआ था. टॉयलेट किया, ब्रश किया, और ब्रश करते वक़्त सोच रहा था किआ रूही उठ गयी होगी इस वक़्त? सुबह के 5 बजा था. या अभी नींद में होगी? और अगर नींद में होगी तो मुझको सपने में देख रही होगी क्यूंकि मैं उस्सको याद कर रहा हूँ…. अभी ने बाल में कंघी चलाते हुए याद किया किश तरह कल रूही उस्सको देख रही थी जब वो कंघी कर रहा था अपने बाल में शाम को, और सोचा के अब शायद हर रोज़ वैसा मौका मिलेगा उस्सको क्यूंकि उसी टाइम को हर रोज़ काम एन्ड करना और वाश करने जाना है और उसी वक़्त रूही किचन में कुक कर रही होती है, यह सोच कर अभी को ख़ुशी हुई, दिल को एक सुकून मिला.

अभी ने शेव भी किया, वैसे तो हर दो दिन बाद शेव करता था, मगर क्यूंकि अब रूही का सामना करना था उस्सने शेव किया और सोच लिया के जब तक मेहबूब की बस में काम करेगा हर रोज़ शेव करेगा…. वो चाहता था के वो रूही को हैंडसम दिखे. हैंडसम तो था hi अभी ज़्यादा hi हंसड़समे था, मगर उन् दिनों क्लीन शावें होना होता था, जिस ने तीन दिन से ज़्यादा शेव नहीं किया उस्सको गन्दा कहा जाता था…

अब काम के उसस्के सारे पुराने कपडे होते थे, मगर उस्सने यह भी डीडे किया के अब पुराने वाले कपडे नहीं पहनेगा वहां जब तक काम करेगा. एक डार्क जीन और एक डार्क ब्लू वाला शर्ट लिया काम करने के लिए. वैसे तो तक़रीबन साल भर एक सेट कपडा उसे करता था, और 4/5 साल पुराण कपडा उसे करता था काम करने के लिए, मगर रूही के लिए सब स्पेशल करना चाहता था. तो बेहतरीन कपडा लिया काम करने के लिए, वो लिबास जो अब तक ऑलमोस्ट नया था उस्सको एक साल तक पेहेन सकता था उस्सने उस्सको काम करने के लिए ले लिया.

और आज सुबह 6.30 को अभी रीच हो गया उस मोहल्ले में. शॉप से सिगरर्टे ख़रीदा और कष्ट मारते हुए उस आँगन में दाखिल हुआ, और रूही के घर के तरफ देखते हुए आगे बढ़ता गया के अचानक उस्सको गार्डन में कोई दिखा…. गार्डन राइट हैंड साइड में है, प्लान में देख लेना अपडेट 4 पर…. अभी ने बिल्कुल भी नहीं सोचा था के इतने सवेरे वो रूही का सामना करेगा….. रूही नाईट गाउन में थी और गार्डन से गुलाब के फूल पिक कर रही थी… उस्सकी हाथ में एक कैंची थी जिस से वो फूल काट रही थी, उस्सकी लेफ्ट हैंड में कोई 4 या 5 गुलाब आलरेडी थे और वो और काट रही थी, उस्सकी निघटजोन पीला ब्लू कलर की थी, लम्बी थी उस्सकी पूरा जिस्म ढाका हुआ था निचे तक, यहाँ तक के उस्सकी चप्पल पर उस ड्रेस की लास्ट एन्ड छह रहे थे…..

अब समझ में नहीं आया के रूही अभी को देख कर डर गयी, शर्मा गयी या बिल्कुल एक्सपेक्ट नहीं किया था के इतने सवेरे कोई ग़ैर उस्सकी आँगन में अचानक प्रकट हो जाएगा, और उस्का चेहरा बिल्कुल बदल गया, सिर्फ एक तिरछी नज़र से एक बार देखा अभी को एक पल के लिए और तुरंत चेहरा एक तरफ कर लिया रूही ने, जब तक अभी उसस्के लेवल रीच हुआ, तो अभी ने उसस्के तरफ देखते हुए कहा,

“Hello, गुड मॉर्निंग, हाउ अरे यू?!”

रूही ने एक शब्द भी नहीं कहा. वो गुलाब के फूलों को देखती रही, अभी रिप्लाई एक्सपेक्ट कर रहा था, मगर रुक तो नहीं सकता था उस्सको आगे बढ़ना था वाशरूम के तरफ चेंज करने के लिए, अगर रुक कर रूही से सवेरे सवेरे बात करता तो सही नहीं होता अभी ने सोचा, क्यूंकि अभी उस्सकी जान पहचान भी नहीं हुई है उस से, इस लिए अभी आगे बढ़ता गया मुड़कर रूही के तरर्फ देखते हुए, और धीरे धीरे कहता गया,

“बहोत खूबसूरत गुलाब हैं, शबनमी कतरें नज़र आरहे हैं गुलाबों के ऊपर, फोटोज लेंगे तो बेहद खूबसूरत लगेंगे….”

खुदा जाने के रूही ने अभी के उन् बातों को सुना भी या नहीं, अभी बढ़ता गया वाशरूम के तरफ वैसा कहते हुए…

अभी वाशरूम में अपने वर्किंग क्लोथ्स पेहेनते हुए सोचने लगा के कल शाम वाली रूही और आज की गार्डन वाली रूही में कितना अंतर है. कल शाम वाली रूही कितनी खिल कर देख रही थाई अभी को, उस्सको bye भी किया था अभी ने वेव करते हुए और वो हंसी थी, और आज बिल्कुल अलग थी वही रूही….. एक गुड मॉर्निंग का जवाब भी नहीं दिया सवेरे सवेरे….. अभी ने खुद से कहा,

“साला एक गुड मॉर्निंग का रिप्लाई करने में किआ जाता है? मेरा दिन बन जाता आज अगर उस्सने मुझे गुड मॉर्निंग कह दिया होता तो, दिन मज़ेदार गुज़रता आज मेरा… मगर अब तो मूड hi ख़राब हो गया सवेरे सवेरे यार, मैं क्यों आज इतनी सवेरे आगया यहाँ…. काश वो अब किचन में आजाये तो मैं दोबारा उस्सको गुड मॉर्निंग करूँगा और कहूंगा के गुड मॉर्निंग का जवाब देते हैं खामोश नहीं रहते….!”

वाशरूम से कपडे चेंज करने के बाद गार्डन के तरफ झाँका अभी ने और देखा के रूही ने फूल तोड़ लिए और घर वापस चली गयी थी सामने वाले दरवाज़े से घर के अंदर गयी, किचन के तरफ नहीं आयी… अब घर के अंदर से ज़रूर किचन में आएगी तो अभी वहीँ वेट करता रहा कुछ देर तक… किचन का दूर ओपन था मगर किचन में कोई भी नहीं दिख रहा था…. उस्सकी माँ भी नहीं थी….

अभी सोचने लगा – “किआ रूही ने hi चाय बनाये होंगे या उस्सकी माँ ने? किआ रूही सबसे पहले उठती है, और किचन में आती है? किचन साफ़ सुथरा दिख रहा था…..”

तब तक रहीम अपनी किचन से अभी को hello करती है पूछते हुए के इतने सवेरे चले आये….. रहीम एक 30 से 33 साल की बहोत खूबसूरत औरत थी. उस्सकी एक यूनिक बेटी थी फ़र्ज़िना नाम से जो प्राइमरी स्कूल जाती थी…. अभी ने एक दो बात किये उसस्के साथ रूही के किचन के तरफ देखते हुए….

अभी फिर सपनों की दुन्या में खो गया. उस्सने कुछ ऐसा सोचा के काश रूही किचन में आये और अभी से पूछे के उस्सने चाय पी लिया, और एक कप चाय सर्वे करे अभी को अपने हाथ से…

अभी ने इतना सोचा hi था के रूही ने तो नहीं मगर रहीम ने एक कप चाय दिया अभी को, गरमा गरम चाय जो अभी अभी बनाया था उस्सने.

चाय पीते हुए अभी रूही के किचन के तरफ देखता गया रूही को सोचते हुए, और उस्सकी बगीचे में बर्ताव को सोचते हुए…. अभी को कुछ ाचा नहीं लग रहा था, उस्का दिन आज बहोत बुरा गुज़रेगा उस्सको लगने लगा था….

“क्यों रूही ने मुझको जवाब नहीं दिया? क्यों एक तरफ देखा उस्सने? कल तो सब ठीक था आज किआ हो गया? किआ आज दिन में मुझसे मुस्कुराएगी? मुझको देखेगी भी या नहीं? क्यों ऐसा बेहवे किया उस्सने मेरे साथ सवेरे सवेरे? मैं किआ समझूँ? किआ उस्सने मुझे सुना नहीं होगा? ऐसा कैसे हो सकता है, सब खामोश थे, फ़िज़ा ठंडी, एक आवाज़ भी नहीं कहीं, कैसे मेरी आवाज़ नहीं सुनी होगी इम्पॉसिबल….. अछि तरह से सुनी उस्सने मेरे वाज़ को मगर जान बुझ कर जवाब नहीं दिया उस्सने…. किआ मैं अजनबी हूँ? किआ कल हमने बात नहीं किये? उस्सकी माँ से, उसस्के भाई से, दादा जी से, सबसे बात तो कर लिए तो अजनबी कैसे हुआ मैं?!!”

अभी को कुछ भी ाचा नहीं फील हो रहा था… उस्का दिल जैसे बैठा जा रहा था, हिम्मत नहीं हो रही थी उससे आज काम करने की…. वीकनेस फील करने लगा सिर्फ रूही की बेरुखी की वजह से….

कुछ देर बाद वो बस के पास गया एक और सिगर्रेट जला कर, चेसिस के चरों तरफ घुमा और सोच रहा था कहाँ से शुरू करें फ्रेम बनाने को, तभी सईद और दो दूसरे मुलाज़िन हाज़िर हुए…..

अभी को पता था, बल्कि लगा आज का दिन लम्बा और भारी गुज़रेगा…. वेल्डिंग करना है आज दिन भर, बस की चेसिस पर फ्रेम वेल्ड करना है…. तभी किचन के स्तैर पर रूही और उस्सकी माँ नज़र आये. रूही अब निघटजोन में नहीं थी, उस्सने एक वाइट ब्लाउज और डार्क स्कर्ट पहनी हुई थी…. फिर तुरंत रूही अपने घर के सामने वाले हिसे पर आयी तप ओने के पास वहां झाड़ू लगाने आयी, कल भी वही किया था, एक छोटा सा बरामदे पर झाड़ू लगा रही थी और अभी के बस दो कदम की दूरी पर थी, झुक कर झाड़ू लगा रही थी और अभी की नज़रें उस से हट hi नहीं रहे थे…. रूही को पता था के अभी उसी को देखे जा रहा है, और उस्सने नज़रें उठा कर अभी को देखा एक हलकी सी मुस्कान के साथ. अभी सिगरेट पी रहा था, तो रूही ने अपनी मीठी आवाज़ में कहा,

“सिगरेट पीना अछि बात नहीं है जी!”

तो बे कॉन्टिनोएड…………. (3103 वर्ड्स)
 
अपडेट 7 एंड आईटी कॉन्टिनोएड….

रूही को पता था के अभी उसी को देखे जा रहा है, और उस्सने नज़रें उठा कर अभी को देखा एक हलकी सी मुस्कान के साथ. अभी सिगरेट पी रहा था, तो रूही ने अपनी मीठी आवाज़ में कहा,

“सिगरेट पीना अछि बात नहीं है जी!”

अब आगे….

अभी ने तो अभी अभी सोचा के दिन बुरा गुज़रेगा मगर सब उल्टा हो रहा था उस्सको कितनी ख़ुशी हुई रूही की उस बात को सुनकर वो बयान नहीं कर सकता….. अभी के समझ में नहीं आया के किआ जवाब दें रूही को, वो अभी की रिप्लाई का वेट कर रही थी, झाड़ू लगाना बांध कर दिया था कड़ी थी अभी का जवाब पाने के लिए एक मुस्कान बनाये हुए अपने होंठों पर…. अभी ने उस्सकी माँ के तरफ देखा और वो अभी को hi देख रही थी मुस्कुराते हुए क्यूंकि उस्सको पता था के रूही उस से बात कर रही है….

तब तक सईद जी अभी के पास आ गए और कहा,

“अभी वेल्डिंग मशीन को एक करंट पॉइंट में तो लगाओ, शुरू करो यार!”

तो रूही को लगा के वो अभी को काम करने के लिए डिस्टर्ब कर रही हेयर तो वापस झाड़ू लगाने लगी सईद को देख कर और अभी ने फील किया के सईद भाई ने उस्सको डिस्टर्ब किया और उस्सको जवाब दिया,

“सईद भाई वो भी मैं hi करूँ? टोनी से कहो नाह करंट पॉइंट में लगाने को, मुझे तो वेल्ड करना है, और तुबेस को मेज़रमेंट पर काटना है पहले, आप तुबेस की मेज़रमेंट तो लेलो भाई!”

तो सईद भाई चला गया तुबेस के तरफ और अभी वापस रूही को देखा और कहा,

“सुनों प्लीज, एक बात पूछनी है!”

रूही दो कदम अभी के तरफ मुस्कुराती हुई आयी और पूछा,

“किआ? सिगरर्टे क्यों नहीं पीना यह पूछोगे आप?”

अभी ने हँस्ते हुए कहा,

“अरे नहीं पूछना यह है के आप को मैं ने कुछ देर पहले गुड मॉर्निंग कहा तो आप ने जवाब क्यों नहीं दिया?!”

रूही हैरानी से अभी के चेहरे में देखते हुए पूछा,

“व्हाट? आप ने कब मुझसे बात किये, बात तो मैं ने आप से किया अभी अभी?!”

अभी: “अरे यार, जब तुम गार्डन से रोजेज पिक कर रही थी और मैं ारः था तब तुमको गुड मॉर्निंग कहा था नाह?!”

रूही: “रियली? मैं ने तो कुछ नहीं सुना, सॉरी थें, वैरी गुड मॉर्निंग तो यू तू एंड दो हैवे ा नीस डे.”

अभी बहोत खुश हुआ और कहा,

“वाओ that’s ग्रेट थें, शामे तो यू माय डिअर!”

रूही ने निचे देखते हुए धीरे से कहा,

“ी ऍम नॉट योर ‘डिअर’ और आप तो ाचा इंग्लिश बोल लेते हो तो ऐसा काम क्यों करते हो आप?!”

अभी: “व्हाई? इस काम में किआ बुराई है भला?”

रूही: “मेरी मम्मी कहती है यह काम सही नहीं है क्यूंकि इस में फ्यूचर नहीं है!”

अभी ने उस्सकी माँ के तरफ देखा और रूही को जवाब दिया,

“तुम्हारी मम्मी ग़लत कहती है, थिस जॉब इस ा परफेक्ट ओने.”

तब तक सईद वापस आगया और थोड़ा बोस्स्य होते हुए अभी से कहा,

“अभी यह बातें करने का टाइम नहीं काम करने का वक़्त है नाह?!”

सईद की बात को सुनकर वहां से रूही भाग चली!

अभी को ाचा नहीं लगा जिस टोन में सईद ने अभी को रूही के सामने वैसा कहा. मगर रूही से बातें करके अभी बहोत hi खुश था और अब खुद से कहा के उस्का दिन अब बहोत मजेदार गुज़रेगा आज तो.

अभी फिर काम पर लग गया. काम करते वक़्त ऑफ़ कोर्स बार बार रूही के घर के तरफ देख रहा था. अभी ने एक मेज़रमेंट टेप लेकर बस की फ्रंट साइड का मेज़रमेंट लिया, और उसस्के मुताबिक लोहे को काटा बस के फ्रंट साइड की फ्रेम वेल्ड करने के लिए. सईद ने वही काम बस की बैक साइड पर किया और जो हेल्पर टोनी था वो अभी का साथ रहा और एक दूसरा लड़का था विनय नाम से वो सईद का हेल्प कर रहा था.

अब फ्रंट साइड के लिए लोहे को चउरवे करना था वेल्ड करने से पहले. यह काम गेराज में एक बड़ा सा मशीन में होता था, बड़े बड़े लोहे को किसी भी फॉर्म में मोड़ा जाता था तब बस की चेसिस पर वेल्ड किया जाता था, अब यहाँ सब काम हाथों से करना था तो अभी ने मैसूर पर काटे हुए लोहे को एक बड़ा सा हथोड़े से एक दूसरे पुराने बस की इंजन पर रख कर एक तरफ टोनी से होल्ड करवाया और उस लोहे पर हतोड़ा मारता गया उस्सको चउरवे फॉर्म देने के लिए. उस से बहोत शोर हो रहा था. कोई एक घंटे तक अभी को टाइम hi नहीं मिला रूही को देखने की मगर अभी को पता नहीं था के रूही अपने घर के अंदर से खिरकी के पास परदे के कोने से अभी को वो काम करते देख रही थी और उस्सकी माँ भी देख रही थी अभी को उस लोहे को फॉर्म देने के लिए किश तरह हतोड़ा मार रहा था. अब वो लोहा टोनी से संभाला नहीं जा रहा था क्यों के जब अभी उस पर हथोड़ा मार रहा था तो टोनी के हाथ में शॉक लग रहा था इस लिए कई बार लोहा उस के हाथ से चुत गिरा, और एक बार लोहा जब टोनी के हाथ से छूटा तो वो एन्ड वापस अभी के ठीक चेहरे के पास लौट कर रुका और झट से अभी ने कुछ कदम पीछे लिया वार्ना उस्सको गहरा चोट लग जाता. रूही ने वो सब देखा और उस्सकी आह निकली जिस वक़्त वो लोहा वापस अभी के चेहरे के पास गए तो….

क्यूंकि जब लोहा बाउंस होकर गिरा एक अजीब सा शोर हुआ और टोनी ज़ोर से अभी का नाम चिल्लाया उस्सको वारं करने के लिए तो सईद, विनय, मेहबूब, रूही का दादा, रूही की माँ सब तुरंत बाहर आये देखने को के किआ हुआ…..

हाथ में वो बड़ा सा हतोड़ा लिए जिस एक्शन से ऊपर छलांग लगा कर अभी कूड़ा था उस लोहे से बचने के लिए, फिर जिस जगह जा कर अभी लैंड हुआ था हाथ में हथोड़े समेत वो एक हीरोइक एक्शन था जिस्सको रूही ने अदमीरे किया. हीरो लग रहा था अभी उस एक्शन को करते हुए. और जहाँ लैंड हुआ था अभी उस छलांग के बाद वो रूही की टेरेस पर था, और ठीक उसी जगह से रूही अभी को झाँक रही थी. और उस्सने तुरंत खिरकी की परदे को हत्ता कर अभी से कहा,

“बहोत डेंजरस है यह काम, आप बहोत खतरनाक तरीके से अभी हर्ट हो सकते थे, मुझको बहोत डर लगा जब मैं ने उस लोहे को आप के सर के तरफ ुध कर आते हुए देखा तो, मुझे लगा के आप को लग गयी…. आप बहोत फ्लेक्सिबल बॉडी के मालिक हो जिमनास्टिक करते हो किआ आप? आप वहां से कैसे, जैसे उड़कर यहाँ पहुंचे?!”

अभी को बहोत hi ाचा लगा रूही को वो सब कहते हुए सुन कर और जवाब दिया के गेराज में एक सोफिस्टिकेटेड मशीन है जो लोहे को मोड़ता है, यहाँ कुछ नहीं है इस लिए हाथ से करना पद रहा है वार्ना काम बिल्कुल डेंजरस नहीं है…. फिर भी रूही की माँ ने भी ज्वाइन किया रूही को और कहा के डेंजरस है यह काम. तब तक सईद और मेहबूब भी अभी के पास आगये तो सईद ने कहा के टोनी की ग़लती है उस्सको किसी भी कीमत पर लोहे को चोरर्ण नहीं चाहिए था. और सईद ने अभी से कहा के वो खुद टोनी के जगह अब लोहे को होल्ड करेगा ताके अभी उस पर हथोड़ा मार सके. जब दोबारा अभी जाने लगा हतोड़ा मारने तो अपनी मीठी आवाज़ में रूही ने डरते हुए अभी से कहा,

“बे वे केयरफुल प्लीज, ी ऍम फीलिंग सकारेद!”

अभी का दिल मचल गया रूही की उस केयरिंग वर्ड्स से. कितना ख्याल रख रही थी वो अभी का. अभी को इतना ाचा लगा के उस्का दिल अंदर जैसे झूमने लगा था.

काम जारी रखा गया…. और एक घंटा लगा अभी को बस की फ्रंट साइड के तमाम लोहों को चउरवे फॉर्म देने के लिए उसस्के बाद उस्सने वेल्डिंग करना शुरू किया चेसिस पर उन् काटे हुए और मोड हुए तमाम लोहों को. बार बार रूही के घर के अंदर झांक भी रहा था के कहीं रूही दिखेगी या नहीं….

रूही नज़र नहीं आयी मगर दूसरी नल के पास रूही की माँ नज़र आयी पत्थर पर कपडे धोते हुए, और पता चला के वो किसी से बात करते हुए कपडे धो रही थी तो अभी समझ गया के रूही वहीँ होगी घर के पीछे वाले हिस्से में जहाँ से अभी को वो नज़र नहीं आरही थी…..

अभी जो लोहे तुबेस वेल्ड किये जा रहे थे बस की चेसिस पर, वो बेस थे फ्रेम की. अब उस बेस से ऊपर और तुबेस जोड़े जायेंगे जो ऊपर तक बस का फॉर्म लेगा. वो सब करने में एक महीना लग जाएगा. अभी तो काम की शुरुवात थी.

देर घंटे बीत गए और एक दो बार अभी ने देखा के घर के पीछे से एक दो बार रूही ने उस्सको देखा वेल्ड करते हुए. बुसस झांक रही थी फिर घर के पीछे हो जाती थी, शामे टाइम अपनी माँ से बात कर रही थी….. अभी को प्यास लगा और देखा के नल है तो एक खली बोतल लेकर गया पानी भरने, उसी बहाने रूही से एक दो बात कर लेता, मगर उस्का प्लान फ़ैल हुआ क्यूंकि तप नंबर ओने था यहीं बस के पास, तो क्यों करीब के तप को चोरर कर पीछे वाले तप में पानी भरने जाता?! फिर भी पानी लेने से पहले रूही की माँ से परमिशन लिया के किआ उस नल से पानी ले सकता है…. जिस वक़्त रूही की माँ अभी को रिप्लाई कर रही थी, रूही सामने आयी अभी को देखने के उस्सकी माँ से किआ कह रहा था वो. मुस्कुरा रही थी और जब अभी पानी भरने लगा बोतल में तो रूही ने कहा,

“पानी मांगते नहीं हैं, बुसस ले लेते हैं, अगली बार पूछना नहीं बुसस नल खोलना और भर लेना okay?!”

अभी ने मुस्कुराते हुए थैंक्स कहा, ठीक तभी रूही की माँ ने रूही से कुछ कहा, और तुरंत रूही ने अभी से कहा,

“Hello? जूस पियोगे? थोड़ा सा जूस बना दूँ किआ?!”

एहि बात कह रही थी रूही से उस्सकी माँ के क्यों नाह थोड़ा सा जूस दे दिया जाए उन् लोगों को…

मगर अभी ने रूही से मुस्कुराते हुए कहा,

“सुनो डिअर, जूस सही है मगर एक प्रॉब्लम हो जाएगा!”

रूही हैरानी से अभी को देखते हुए पूछा,

“व्हाट? जूस से किआ प्रॉब्लम हो जाएगा भला?”

तो अभी ने कहा,

“जूस पियूँगा तो सिगर्रेट पिने का मैं करेगा क्यूंकि जूस स्वीट होगा नाह? तब तुम कहोगी के सिगरर्टे पीना ाचा नहीं!”

अभी की रिप्लाई सुनकर रूही की माँ ज़ोर से हंस पड़ी, और रूही ने मुंह बनाते हुए कहा,

“तो फिर ठीक नहीं नहीं बनाउंगी जूस मत पीना सिगर्रेट फिर!”

फिर भी रूही की माँ ने रूही को जूस सर्वे करने के लिए कहा उस्सको, मगर हाथ के इशारे से अभी ने मन किया.

जब अभी वापस काम करने लगा तो टोनी ने अभी से कहा,

“तुम ने कैसे पता लिया उस लड़की को यार? कितनी खूबसूरत है, प्यारी भी है, एक दिन मिले और तुमने लड़की पता लिए वह यार!”

अभी ने रूही के तरफ देखते हुए टोनी को जवाब दिया,

“अभी पटाया कहाँ है यार, अभी तो सिर्फ बात चीत चल रही है, नार्मल, कासुअल बातें हो रहे हैं, पटना तो अभी दूर की बात है ….”

टोनी ने कहा,

“अरे भाई साफ़ दिख रहा है के वो तुमको कितना पसंद करती है. पहाड़ पर चढ़ने की ज़रुरत नहीं यह पता करने के लिए के लड़की तुमको कितना पसंद करती है साथ में माँ भी हाहाहा, वाइफ और सास दोनों मिल गया तुझे तो!”

अभी ने खुश होते हुए टोनी से कहा,

“तेरे मुंह में घी शकर यार, काश यह सब सच हो जाए! वो मुझको बहोत पसंद है यार, ी ऍम रियली इन लव विथ हेर!”

टोनी ने कहा,

“यह भी साफ़ दिख रहा है के यू अरे इन लव विथ हेर, मगर तुमको शायद नहीं दिख रहा मगर मुझको दिख रहा के शी इस आल्सो इन लव विथ यू भाई!!”

अभी बहोत hi खुश हुआ टोनी के बातों को सुन कर…. और फिर और बी ज़्यादा रूही के तरफ देखने लगा अभी. मगर अभी को नहीं लगता था के रूही भी उस से प्यार करने लगी है. उस्सको लगता था के शायद थोड़ा आकर्षित हुई है अभी से, शायद हैंडसम है इस लिए मगर प्यार करने लगी यह नहीं दिख रहा था अभी को. अभी को करना यह था के उस्सको रूही को खुद से प्यार करवाना था, अभी चाहता था के रूही को भी अभी से वैसे hi प्यार हो जैसे अभी को उस से होने लगा है….

अभी ने सोचा फिर वो रूही को अपने दिल की बात बताएगा. अभी रूही के और पास जाना चाहता था. अभी तो केवल दो दिन हुए थे; और रूही अभी को जानता भी कहाँ है, दोनों एक दूसरे को अच्छी तरह से जान लेंगे तब अभी बात को चेररेगा ऐसा सोचा है अभी ने.

टोनी ने कहा,

“ज़्यादा देर मत करना भाई कहीं कोई और बाज़ी नाह मार ले!”

यह सुनकर अभी को झटका लगा. परेशां हुआ वो, और रूही के चेहरे में देखने लगा….. ऐसा फिक्स देखा रूही के चेहरे को के खुद रूही हैरान हुई और इशारे से रूही ने hi पूछा, “किआ हुआ?!”

अभी के चेहरे में एक उदासी चाह गयी थी, जो शायद रूही ने नोट किया, अभी लगातार उस्सको देखे जा रहा था और रूही उनकंफर्टबले फील करने लगी…. रूही ने फिर अभी को देखा और हाथ के इशारे से पूछा किआ हुआ तो अभी ने नाह में सर हिलाया मतलब कुछ भी नहीं कहा….. फिर अभी ने देखा के रूही की माँ तार पर कपडे सूखने के लिए टांग रही थी तो जल्दी से अभी बिना कुछ सोचे समझे रूही के तरफ गया…

अभी को अपने तरफ आते देख कर रूही का चेहरा लाल हो गया जैसे उस्सको पता था अभी उस से किआ कहने ारः है, रूही कभी अपनी माँ को देखती तो कभी बस में दूसरे लोगों को काम करते देखती फिर अभी को देखती… वो कुछ घबरा सी गयी….

बस के अंदर से सईद भाई अभी को ग़ुस्से से देख रहा था. उस्सको नहीं पसंद था के काम के वक़्त अभी इधर उधर जाए…

अभी रूही के बिल्कुल करीब पहुंचा और धीमी आवाज़ में, आशिकाना अंदाज़ में पूछा,

“तुम्हारी लाइफ में कोई है? प्लीज सच बताना? अगर है तो बे झिझक बतादो प्लीज.”

रूही हंस पड़ी, चेहरा लाल तो हुआ hi था और अभी की बात सुन कर वो हंससने लगी फिर पूछा,

“इस सवाल का एक सवाल से जवाब दूँ?!”

अभी उस्सकी हंसी को अदमीरे करने लगा, कितनी खूबसूरत दिखती है रूही हँस्ते हुए. फिर अभी ने कहा,

“okay वही सही बोलो तो!”

रूही ने हँस्ते हुए hi पूछा,

“यह सवाल क्यों? जान सकती हूँ?!”

अभी ने बिल्कुल हैरान होते हुए कहा,

“ारीये?! कमाल है, यह कोई जवाब है? सवाल भी नहीं फिट बैठता अब…. मेरा सवाल तो सवाल hi रह गया नाह?!”

रूही की माँ दोनों को मुस्कुराते हुए देख रही थी कपडे तार पर टांगते हुए.

अभी ने फिर धीरे से कहा,

“प्लीज बताओ नाह मेरे लिए ये बहोत इम्पोर्टेन्ट है बोलो नाह प्लीज.”

रूही ने इंटेलीगेंटलय जवाब दिया,

“कैसे इम्पोर्टेन्ट हो सकता है भला? हम एक दूसरे को जानते भी नहीं, अभी दो दिन हुए एक दूसरे से बात किये हुए तो किआ इम्पोर्टेन्ट हो सकता है दो दिनों में? मुझे नहीं यकीन के कुछ भी इम्पोर्टेन्ट है अभी, ी don’t बिलीव यू!”

अभी ने सोचा वो भी सही था.

रूही अब ब्लश करने लगी और अपने जीब को अपने उप्पेर लिप के अंदर से होंठ को फुलाया, फिर मुस्कुरायी अभी के चेहरे में देखते हुए….. दोनों एक दूसरे के आँखों की गहराई में देख रहे थे… अभी ने नोट किया के रूही की नज़रें उसस्के चेहरे को चारो तरफ देख रहे थे, उस्सकी पेशानी को देखा उस्सकी नज़र ने, फिर उसस्के गाल को देखा, तब उसस्के चेहरे को देखा तब उसस्के आँखों में वापस देखा….. और अभी ने कहा,

“समझदार को इशारा काफी है, मुझे जो कहना था सो मैं ने कह दिया, आगे तुम्हारी मर्ज़ी मिस रूही”

यह कह कर अभी मुड़ने वाला था वापस बस के पास जाने के लिए मगर रूही ने उस्सको यह कहकर रोका,

“बिल्कुल नहीं, आप ने कुछ भी कहा नहीं, आप ने एक सवाल किया था मुझसे, कुछ कहने और सवाल करने में अंतर होते हैं मिस्टर अभी!”

अभी ने रूही के आँखों की गहराई में देखते हुए कहा,

“मेरा सवाल hi इशारा था मेरी बात का, उस सवाल से इशारा मिल गया होगा, समझदार तो हो तुम, तो इशारा काफी है तुमको हहहहए!”

और अभी जाने लगा वापस, तो रूही हंससने लगी और कहा,

“बहोत होशियार समझते हो आप अपने आप को नाह अभी?!”

तब तक अभी बस के पास रीच हो चूका था और मुड़कर रूही से कहा,

“समझता नहीं हूँ मिस रूही, मैं हूँ. होशियार हूँ मैं!”

रूही उस्सको देखती रही काफी देर तक हँस्ते हुए. अपनी जगह से बार बार अभी मुस्कुराते हुए रूही को देखे जा रहा था वेल्ड करते हुए, और रूही भी अब बड़े प्यार से अभी को देखती जा रही थी…….

कपडे तार पर सूखने के लिइने टांगने के बाद रूही की माँ ने रूही से हँस्ते हुए पूछा,

“किआ कह रहा था अभी?”

रूही थोड़ी शर्मायी और कहा,

“पूछ रहा था के किआ कोई मेरी लाइफ में है किआ? हाहाहाहा!”

रूही की माँ ने बस के तरफ अभी को देखते हुए रूही से कहा,

“काफी तेज़ है यह लड़का, यह पूछने आगया बस दो दिन की मुलाकात में? हम्म्म और तुमने किआ कहा उससे?”

रूही ने बलखाते हुए कहा,

“कुछ नहीं कहा मैं ने, मैं ने उसस्के सवाल पर सवाल से जवाब दिया के वो क्यों यह सवाल कर रहा है मुझसे हीहीहीही!”

माँ: “और फिर वो चला गया किआ?!”

रूही: “नहीं बहोत तेज़ है वो सच में, पढ़ा लिखा लगता है, इंग्लिश भी ाचा बोलता है माँ, उस्सने मुझे कहा के समझदार को इशारा काफी है, और कहा के मैं समझदार तो हूँ सो समझ जाउंगी के उस्सने ये सवाल क्यों किया मुझसे, सच में होशियार है खुद भी कहा उस्सने हहहहए!”

माँ ने रूही के चेहरे में देखते हुए पूछा,

“तो अब तू किआ करेगी? बता? किआ वो पसंद है तुझे?”

रूही ने एक गहरी सांस लेते हुए अभी के तरफ देखा, फिर अपनी माँ के चेहरे में एक अजीब सी सिकंजह चेहरे पर लाते हुए कहा,

“पता नहीं माँ, पता नहीं मुझे, कितना हैंडसम है, है नाह माँ? पढ़ा लिखा भी है और स्ट्रांग है, कितना लम्बा है माँ!! मैं किआ करूँ माँ?!”

माँ ने भी एक गहरी सांस लिए और कहा,

“मुझे किआ पता मुझसे क्यों पूछ रही है, तू बोल किआ करना है अब?!”

रूही ने फिर मुस्कुराते हुए अपनी माँ के तरफ देखा और कहा,

“अभी कुछ नहीं कहना मुझे, कुछ और दिन बीत जाने दो तब बताउंगी आप को और शायद उस्सको भी….”

तो बे कॉन्टिनोएड…. (3225 वर्ड्स)
 
अपडेट 8 थे नेक्स्ट अर्ली मॉर्निंग

रूही ने फिर मुस्कुराते हुए अपनी माँ के तरफ देखा और कहा,

“अभी कुछ नहीं कहना मुझे, कुछ और दिन बीत जाने दो तब बताउंगी आप को और शायद उस्सको भी….”

अब आगे….

वो दिन कुछ वैसे hi बीता, एक दूसरे को देखते, कभी किचन की स्टैर्स पर रूही आती तो कभी घर के पीछे वाले हिस्से पर वाशिंग स्टोन के पास. दोनों एक दूसरे को देखते, मुस्कुराते, आँखों आँखों से इशारे करते ेट्स.

शाम हुई, बहोत सारे लोग आ गए उस आँगन में देखने के बस कैसे बन रहे हैं…. रूही का बड़ा भाई भी आगया, उस्का नाम था मनोज. मतलब रूही के भाइयों के नाम थे मनोज और महेश, किसी फर्म में काम करता था बातों बातों में अभी को यह पता चला उसस्के बारे में.

रूही के दादा जी भी कई बार अभी से बात करने आया था उसस्के पास जब अभी वेल्ड कर रहा था. बूढ़े को वेल्डिंग के बारे में काफी पता था, उस बारे में बात कर रहा था अभी से. और जब जब अभी रूही के तरफ देख रहा था तो दादा जी अभी को ऑब्सेर्वे कर रहा था और अंदर अंदर मुस्कुरा रहा था.

अब शाम को घर वापस जाने के टाइम कुछ ज़्यादा लोग एकता हो जाते थे आँगन में तो रूही दूर रहती थी, सामने कम आती थी क्यूंकि सब लोग नोटिस कर लेते उन् दोनों को. और अभी यह चाहता था के उसस्के जाने के वक़्त रूही उसस्के सामने रहे, जाने से पहले वो रूही को देखते हुए वहां से निकलना चाहता था. और हुआ यह के जब अभी वाशरूम गया खुदको फ्रेश करने तो रूही किचन में भी नहीं दिखी.

मनोज आस पास था इस लिए शायद रूही दूरी बराक रही थी अभी ने सोचा, मगर कल शाम को तो मनोज के हाज़िरी में hi अभी ने रूही को गुडबाय वेव किया था तो आज क्यों रूही दूर थी, वो थी कहाँ? अभी को कुछ भी ाचा नहीं लग रहा था उस वक़्त. बेचैन हो रहा था और प्रे कर रहा था के जाने से पहले रूही उसस्के सामने आ जाए.

जब अभी तैयार हो गया, चेंज कर लिया, हेयर ब्रश कर लिया और किचन में देखा तो सिर्फ रूही की मम्मी थी वहां रूही नहीं थी, अभी उदास हो गया और सोचा के किचन के स्तैर पर जा कर उस से पूछे के रूही किधर है….

फिर अभी ने सोचा के किआ रूही कहीं घर के अंदर से उस्सको देख तो नहीं रही? किआ उस्सने जान बुझ कर वैसा किया ताके देख सके के अभी उस्सको ढूंढ़ता है या नहीं? तो अभी घर के अंदर देखने लगा, खिड़कियों के पास देखने लगा के कोई परदह हिल्ले, मगर कुछ नहीं दिखा और आखिर में उस्सको निकलना पड़ा वाशरूम से. सईद भाई उस्का वेट कर रहा था बस के पास.

जब अभी ने मुड़कर किचन के स्टैर्स पर देखा तो कोई नहीं था आज उस्सकी माँ भी नहीं थी वहां. अभी ने सोचा कल कितना हसीं शाम थी और आज कितना अलग है क्यूंकि रूही सामने नहीं है.

जब तप नंबर ओने के पास आया अभी तो उस्सने रूही के दादा जी को गुडबाय कहा और ऊंची आवाज़ में कहा,

“ाचा मैं अब चलता हूँ बड़े मियां कल मिलते हैं bye!”

अभी ने जान बुझ कर ऊंचे आवाज़ में बात किया ताके अंदर से रूही उस्सको सुनें और उस्सको पता चले के वो वापस घर जा रहा है.

मैं रोड पर निकलते निकलते अभी ने कई बार मुड़कर स्टैर्स पर देखा मगर रूही नहीं दिखी, अभी ने घर के पीछे वाले हिस्से पर भी देखा जहाँ कपडे धोते हैं वहां भी देखा मगर रूही कहीं भी नहीं दिखी और अभी बहोत उदास निकला वहां से इस शाम को.

वहां से घर जाते वक़्त बस में सिर्फ रूही के बारे में सोचता गया, उस्सको एक घुटन सी फील होने लगा था, एक भारीपन जैसा था उसस्के सीने पर, एक बोझ फील हो रहा था उससे, सिर्फ इस लिए के रूही नज़र नहीं आयी आज शाम को. रूही को दिल में बसाये, मैं में बिठाये सफर किया अभी ने घर तक.

और अपनी स्पेशल डायरी में सब लिखने लगा आज के दिन के बारे में. खुद मुस्कुराते हुए लिख रहा था के किश तरह से आज रूही से बातें हुई, किश तरह उस से पूछने गया था के किआ उस्सकी लाइफ में कोई है, और रूही का जवाब भी लिखा सब कुछ एक एक पल को लिखा अभी ने…….

सब कुछ लिखने के बाद बहोत देर तक सोचता रहा के क्यों आज शाम को रूही नज़र नहीं आयी, यह बात अभी को बहोत डिस्टर्ब करने लगा था.

रात देर तक नींद नहीं आरहे थे अभी को. उस्सको सिर्फ रूही नज़र आरही थी हर जगह. सोते, जागते, उठते, बैठते सिर्फ रूही बसा हुआ था अभी के ख्यालों में, बड़े मुश्किल से आँख लगी और उस्सको लगा के बुसस कुछ मिनटों में सुबह हो गयी.

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आँगन में चलते हुए दाखिल हो रहा था अभी रूही की यादों में डूबे, और गार्डन में देखा के कहीं वो फिर से दिख नाह जाए गुलाब पिक करते हुए. अभी आते वक़्त एहि सोच लिया था के काश आज भी वो गार्डन में दिखे तो अभी आज रुक कर उस से बात करेगा और पूछेगा के कहाँ थी कल शाम को, क्यों उस्सको जाते हुए नहीं देखा…. मगर रूही तो आज सुबह गार्डन में थी hi नहीं… और अभी ने खुद से कहा,

“साला ऐसा क्यों होता है हर बार? सब उल्टा क्यों होने लगता है, जब भी कुछ कहना चहुँ, तो मौका सामने अत hi नहीं…”

और वो वाशरूम रीच हुआ. रूही के किचन में देखा, खाली था किचन. कोई नहीं था वहां. सुबह के 6 बजे थे. काम तो 7 बजे स्टार्ट होता है और 6 बजे अभी वहां पहुँच गया था, सिर्फ और सिर्फ रूही के लिए. लोग सो रहे थे और अभी काम के साइट पर आ चूका था.

अब अभी को ख़ुशी होती के रूही उस्सको अपने अच्छे कपड़ों में देखती इस से पहले के वो काम करने वाला पुराण कपडा पहनता. अभी सुबह सुबह फ्रेश था, धुप में झुलसा हुआ नहीं था, उस्का स्किन फ्रेश था, शेव किया था आने से पहले, आफ़्टरशेव लगाया था, थोड़ा परफ्यूम भी लगाया था शर्ट पर; एक रैंगलर ब्लू जीन्स और एक सफ़ेद शर्ट पहना हुआ था. एक पेअर ऑफ़ खूबसूरत स्पोर्ट शूज में था… तो चाहता था के रूही के सामने वैसे पेश आये, ताके वो रूही को ाचा दिखे. अभी यह भी सोच कर अर्ली आया था के 6 से 7 बजे तक पूरा एक घंटा होगा उसस्के पास रूही से बात करने को अगर वो सामने आती तो…. मगर वो दिख hi नहीं रही थी. सब से पहला सवाल अभी को यह करना था रूही से के कल शाम को वो किधर थी, क्यों सामने नहीं आयी, और आज अभी रूही से यह रिक्वेस्ट करने वाला था के आज से हर शाम को जब उस्का वापस जाने का टाइम आये तो रूही उसस्के सामने रहे, किचन के स्टैर्स पर प्रेजेंट रहे ताके अभी उस्सको गुडबाय कह सके, उस्सको वेव कर सके. यह कहना था अभी को रूही से आज. मगर वो दिखे तब नाह?!

अभी सोचने लगा किआ रूही अभी तक सो रही होगी? किआ वो लेट उठती होगी? फिर अभी ने खुद से कहा के नहीं कल तो गार्डन में तक़रीबन इसी वक़्त वो गुलाब तोड़ रही थी, मतलब जाग जाती है वो सवेरे. किआ घर के अंदर से रूही अभी को देख रही होगी? किआ जान बुझ कर वो अभी को तारपा रही थी? यह सब सोच रहा था अभी.

अभी ने कपडे नहीं बदले, सोचा के 7 बजे जब सब लोग आजायेंगे तब चेंज करेगा. वैसे hi रहा. अपना बैग रखा, एक सिगर्रेट जलाया और आँगन में एक वाक करने लगा. बस के पीछे वाले हिस्से पर देखने गया के सईद ने किआ काम किया है… और उस जगह से कपडे धोने वाले हिस्से को देखा, तो उसस्के समझ में आया के कल जिस जगह पर रूही कड़ी अपनी माँ से बात कर रही थी उस जगह से रूही उस्सको दीखता अगर उस वक़्त अभी बस के पीछे वाले हिस्से पर काम कर रहा होता….. तो अभी अब चरों तरफ आँगन का मुआएना करने लगा…. देखने लगा के किश किश जगह से किधर बेहतर नज़ारा होता है रूही के घर, स्टैर्स, किचन, कपडे धोने वाला प्लेस सब किधर से बेस्ट दीखता है. वो सब चेक किया अभी ने…..

अभी ने याद किया के फर्स्ट दिन को रूही एक बार उस जगह से गुज़री थी जब अपनी कजिन के घर से निकल के अपने घर तक गयी थी, जिस दिन बस को टो करके जंगल से यहाँ लाया गया था. अब अभी को याद आया के उस दिन को उस्सने पहली बार रूही को देखा था. उस रोज़ रूही एक ग्रे चूड़ीदार में थी और हाथ में दो बुक्स लिया हुआ था उस्सने. तो अभी को यह भी याद आया के उस्सने रूही के हाथ में एक सिडनी शेल्डन वाला नावेल देखा था उस दिन को….. और अब अभी समझा के रूही रीड करती है… खुद अभी की तरह रूही को किताबें पढ़ना पसंद है, वो अपनी कजिन के यहाँ से किताबें लेने आयी थी, और उस रोज़ घर के सामने वाले दूर से अंदर गयी थी रूही हाथ में किताबों को लिए.

तो यह सब याद करते हुए अभी उस जगह पर चल रहा था जहाँ से रूही गुज़री थी…. उस गार्डन में देख रहा था जहाँ कल रूही गुलाब तोड़ रही थी…., उस टेरेस को देख रहा था जहाँ रूही झाड़ू लगा रही थी, उस पत्थर को देख रहा था जहाँ उस्सकी माँ कपडे धो रही थी…. अभी को उस आँगन से प्यार हो गया जैसे. इस लिए के उस आँगन के हर कोने में रूही बस्सी हुई थी…

अभी उस आगाँ के चारों अवर देख रहा था, उस्सको वो आँगन सिर्फ रूही की याद दिला रहे थे, रूही बस्सी हुई थी वहां के फ़िज़ा में, वहां के हवा में, वहां के फूलों में. उस्सकी गलियों में भी सिर्फ रूही बस्सी हुई थी अभी के लिए. अभी चल कर मैं रोड पर गया. रोड से सीधा रूही का घर दिख रहा था, किचन की स्टैर्स दिख रहे थे, अभी ने सोचा के यहाँ से भी वो रूही को देख पाएगा अगर वो बुसस स्तैर पर एक बार कड़ी हो जाए.. उस गली में खड़ा होकर अभी रूही को सोच hi रहा था स्तैर पर देखते हुए के जैसे एक जादू हुआ और रूही नज़र आयी स्तैर पर सीधा मैं रोड पर देखते हुए!!

अभी का दिल ज़ोर से धड़का रूही को देख कर. वो कल वाली पीला ब्लू नाईट गाउन में थी, और उस्सने अभी को देख कर तुरंत वापस अंदर घुस गयी. तो अभी जल्दी जल्दी चल कर वाशरूम के तरफ बढ़ा इस उम्मीद से के किचन में रूही को देख पाएगा, वो वहीँ होगी क्यूंकि उस ने अभी अभी उस्सको रास्ते पर देखा….

जब तक चलते हुए अभी वाशरूम रीच हुआ और किचन के अंदर देखा तो कोई भी नहीं था. अभी को थोड़ा ग़ुस्सा आया. सोचने लगा के क्यों चली गयी जब उस्सको पता है के मैं आगया हूँ तो?.... फिर अभी सोचने लगा के किआ रूही सच में स्तैर पर निकली थी या यह उस्का वेहम था? किआ वो रूही को इतना सोच रहा था के वो उसस्के ख्यालों में आयी थी अस्सल में वो स्टैर्स पर थी hi नहीं? अभी ने सोचा के प्यार का ऐसा भी एस्सार हो सकता है के कोई यहाँ है hi नहीं फिर भी नज़र आरही है उस्सको? वो कहीं पागल तो नहीं होने लगा था? अपना दिमाग़ी संतुलन खोने तो नहीं लगा था अभी प्यार में डूब कर? एहि सब सोच रहा था अभी…. 6.20 हुए थे, अभी ने सोचा 45 मीन्स से कम है अब उसस्के पास, काश रूही किचन में आजाये, वो प्रे करने लगा के गॉड रूही को किचन में भेज दे जल्दी से…..

फिर अचानक अभी ने खुद से कहा,

“अरे अगर वो मेरी तरह बुक्स पढ़ती है तो वो ज़रूर बुक पढ़ रही होगी, मतलब कल शाम को भी नहीं दिखी थी क्यूंकि बुक पढ़ रही होगी….”

अभी खुद एक बुकवर्म था, उस्सको अछि तरह से पता था बुक पढ़ने वाले एक बार अगर पढ़ने बैठ जाए तो उठते नहीं है, वो नाह कुछ सुनते है, नाह किसी की आवाज़ नाह कोई शोर शराबा, उनके कंसंट्रेशन सिर्फ बुक पर होता है…. और फिर अभी ने सोचा कितना ाचा पेअर होगा दोनों का, दोनों के टास्ते शामे हैं पढ़ने की लत्त दोनों को हैं वो भी इंग्लिश बुक पढ़ने की लत्त……

6.30 हुआ और अभी हिम्मत हार चूका था. हर एक मिनट उस्सको एक घंटा लग रहा था, हर एक लम्हा एक घटा…… उस्सको यकीन हो गया के रूही रीड कर रही होगी तो जब तक वो बुक को ख़तम नहीं करेगी वो सामने आने वाली नहीं है. वो फिर भी दुआएं मांगता गया खुदा से के उस्सकी रूही को एक बार किचन में भेज दें….. और अभी की खुदा से सुनली….; दुः क़ुबूल हो गयी; रूही किचन में आयी, उस नाईट गाउन में नहीं बल्कि एक two-piece में, वाइट ब्लाउज और रेड स्कर्ट में….

उस्सको देख के अभी का दिल अचानक ज़ोर से धड़का, एक लम्बा सांस लिया अभी ने और देखा के रूही के हाथ में एक कप था जिस में वो चाय भर रही थी सर मेज़ पर झुकी हुई थी, बाल खुले थे और वैसे hi झुके हुए गर्दन के साथ रूही ने एक हलकी मुस्कान के साथ गर्दन को लेफ्ट की तरह मुड़कर अभी को देखा. अभी इसी इंतज़ार में था के वो उसस्के तरफ देखे ताके वो उस से बात कर सके. मगर दूरी 3 मीटर के थे तो कैसे बात करता, ऊंची आवाज़ में बात करना पड़ता इस लिए जिस वक़्त रूही ने उसस्के तरफ देखा तो हाथ के इशारे से बिना आवाज़ के जैसे साउंड म्यूट था वैसे अभी ने इशारे से गुड मॉर्निंग कहा रूही को. रूही मुस्कुरायी और वैसे hi होंठों को “गुड मॉर्निंग” वर्ड प्राणोँके करते हुए एक खूबसूरत मुस्कराहट से रूही ने भी विश किया अभी को, और रूही वहीँ मेज़ के पास किचन में बैठ गयी चाय सिप करते हुए. अभी को अच्छा लगा के अपने काम करने वाले कपडे में चेंज करने से पहले hi रूही ने उस्सको अचे कपड़ों में देखा. अभी को पता था के वो हैंडसम दिख रहा था और चाहता था के रूही पर एक इम्प्रैशन बनाये अपनी नार्मल ड्रेस में. रूही चाय पीते हुए अभी के तरफ hi देख रही थी.

सुबह सवेरे का मौसम था, ख़ामोशी छायी हुई थी, फ़िज़ा खूबसूरत था, कुछ परिंदे की आवाज़ें सुनाई दे रहे थे, एक चिडया रूही की किचन के ऊपर बैठा चुन चुन कर रहा था. ज़्यादा तर लोग अब तक सो रहे थे, बहोत कम लोग थे मैं रोड पर भी इस वक़्त. मेहबूब भी अभी तक उठा नहीं था और नाह hi रहीम दिख रही थी हालां के उस्सकी भी किचन का दरवाज़ा खुला हुआ था. तो अभी ने रूही के स्टैर्स पर जाने को सोचा. सोचा के एक दो बात फुसफुसाते हुए hi कर लेगा उसस्के साथ. सिर्फ 3 मेट्रेस का फासला तय करना था तो अभी ने कदम बढ़ाया रूही के किचन के तरफ उस्सको देखते हुए…..

जैसे रूही ने देखा के अभी उसस्के तरफ आ रहा है तो झट से उठ कढ़ी हुई और हाथ के इशारे से नाह में हिलाया अभी को… अभी ने कदम रोक लिया उस्सको देखते हुए…. रूही मुड़कर किचन में अपने पीछे देखा, फिर वापस अभी को देखा, तो अभी ने रूही के पीछे देखा यह सोच कर के कोई उसस्के पीछे से उस्सको देख रहा होगा, इस लिए वो जहाँ था वहीँ ठहर गया, मगर रूही को देखता रहा. रूही उस पल कड़ी हो चुकी थी और बार बार अपने पीछे देख रही थी जिस से ऐसा लग रहा था के या तो कोई उसस्के तरफ घर के अंदर से किचन में ारः था या तो कोई उस्सको देख रहा था….

अभी को बेचैनी होने लगा, उस्सको रूही से कहना था के आज शाम को वो इधर hi प्रेजेंट रहे जिस वक़्त वो वापस घर जाने लगे. और तभी रहीम अपनी किचन में आयी और अभी को hello कहकर उस्सको एक कप चाय दे दिया कल सुबह की तरह. रहीम अपनी निघ्त्य में थी. एक पिंक कलर की निघ्त्य पहनी हुई थी उस्सने. अभी को डिस्टर्ब फील हुआ उस्सको उस लिबास में देख कर और अपने नज़रों को झुका लिया उस ने. मगर रहीम सीधा अभी के चेहरे में देख रही थी मुस्कुराते हुए. रहीम की किचन का दरवाज़ा ठीक उस वाशरूम में hi खुलता था, अस्सल में वो एक सेपरेट गेराज की तरह था और कपडे धोने की एक पत्थर भी था उस वाशरूम में, वाशरूम नाम दिया मगर था वो कपडे धोने की जगह जहाँ सब वर्कर काम के बाद खुद को वाश करते थे… मतलब अभी ठीक एक कदम किचन के दरवाज़े के पास hi था, और रूही की किचन 3 मेट्रेस की दूरी पर था…. रहीम ने अभी से कहा,

“तुम बहोत सवेरे आजाते हो हर रोज़, कितने बजे घर से निकलते हो? और उठते कितने बजे हो हम्म?”

अभी को उस से बात hi नहीं करना था, वो तो रूही को देख रहा था; फिर भी जवाब तो देना था रहीम को, तो अभी ने बिना रहीम को देखे, बल्कि रूही के तरफ देखते हुए रहीम को जवाब दिया. कहा के उस्सको सुबह को सवेरे उठने की आदत है और यहाँ का काम बहोत बड़ा है इस लिए जल्दी चला आता है.

अब उधर से जब रूही ने अभी को बात करते देखा तो उस्सको पता चल गया के रहीम की किचन में इस वक़्त सिर्फ वही हो सकती है, तो रूही ने अभी के तरफ देखते हुए, अपने चाय को ख़तम करके कप को थोड़ा ज़ोर से मेज़ पर पटका और वहां से उठ कर अंदर चली गयी. अभी को साफ़ समझ में आगया के रूही नाराज़ हो गयी क्यूंकि वो रहीम से बात कर रहा था. अभी ने सोचा अरे किआ बात हो गयी, रहीम मालकिन है बस की, उसस्के यहाँ काम करता हूँ उस्सने मुझसे बात की तो मैं कैसे उस्सको रिप्लाई नाह करूँ?

अब अभी को ग़ुस्सा आने लगा रूही की नाराज़गी पर, और अभी ने अपने कपडे चेंज करने को सोचा अब. तब तक रूही वापस आयी, और ठीक जब वो किचन में आयी तो अभी रहीम को कप वापस कर रहा था और क्यूंकि रहीम निघ्त्य में थी उस्सक्कि नंगी बाज़ू दिखा रूही को अभी के हाथ से कप लेते हुए, उस्सको फिर ग़ुस्सा आया और वो मुंह बनाते हुए फिर वापस चली गयी. इस बार अभी ने रूही को मुंह बनाते हुए देखा और अब अभी को हंसी आयी उस्सकी नाराज़गी पर.

और अभी ने चेंज करना शुरू किया तब तक रहीम घर के अंदर चली गयी और रूही फिर किचन में आयी, अभी ने शर्ट उतार दिया था, और रूही को देखा तो वापस शर्ट को पहना और रूही के किचन के तरफ बढ़ा मगर फिर रूही ने हाथ के इशारे से उस्सको वापस जाने को कहा…. अभी फिर रुका और अब उस्सने इशारे से रूही को कुछ कहा जो रूही नहीं समझी तो रूही ने अपने होंठों को “किआ?” के फॉर्म बनाते हुए अभी से पूछा….

तब अभी ने रूही को स्टैर्स पर आने का इशारा किया. रूही ने मुंह फुला कर नाह में सर हिलाया. अभी ने ज़िद किया के या तो वो स्टैर्स पर आये या अभी उस्सकी किचन के स्टैर्स पर आएगा. रूही समझ गयी और अपने पीछे मुड़कर देखा और अभी को इशारे से अपने पीछे ऊँगली से इशारा करते हुए कुछ कहा जो इस बार अभी नहीं समझा. मगर इतना अभी समझा के इशारे से रूही शायद कहना चाहती है के कोई है वहां पर जो उस्सको देख रहा या रही है….

और तब तक टोनी आगया, 6.45 हो गए थे. सईद नहीं आया था तब तक. रूही ने टोनी को देखा, टोनी ने उस्सको hello कहा और रूही ने अपने सर को झुकाते हुए टोनी hello किया. फिर अभी ने वैसे hi इशारे से रूही को पीछे के नल के पास आने को कहा, और रूही के okay कहा. तो जल्दी से अभी गया रूही के घर के उस हिस्से पर जहाँ वाशिंग स्टोन था. वहां एक खिड़की भी था, जिस पर रूही आयी और खिड़की से अभी को देखते हुए पूछा,

“ोफो किआ कह रहे हो आप मैं कुछ नहीं समझ रही!”

अभी ने डायरेक्ट पूछा,

“तुम कल शाम को कहाँ थी जब मैं घर वापस जाने लगा था?”

रूही ने मुस्कुराते हुए पूछा,

“क्यों? मैं कहीं भी रहूं आप को क्यों बताऊँ?!”

अभी के समझ में नहीं आया के अब किआ कहें, उस्सने यह रिप्लाई तो नहीं एक्सपेक्ट किया था रूही से.

तो रूही ने खुद सवाल किया,

“आप अभी किश से बातें कर रहे थे?”

अभी समझ गया के रूही रहीम की बात कर रही थी. तो जवाब दिया,

“तुमको तो पता है किश से मैं बात कर रहा था तो क्यों पूछ रही हो? मुझे बताओ के तुम कल क्यों नहीं दिखी यार!”

रूही: “वो हर सुबह तुमको चाय देती है?”

अभी: “हम्म कल भी दिया था मैं सवेरे आजाता हूँ नाह?!”

रूही: “हम्म्म कल मतलब जब मैं गुलाब तोड़ रही थी और आप ने मुझे गुड मॉर्निंग कहा था तब?!”

अभी: “ओह यह बात है तो तुमने सुना था जब मैं ने तुमको गुड मॉर्निंग कहा था कल और मुझसे कहा के कुछ सुना hi नहीं था तुमने! बाद मैनर्स फॉर नॉट रेप्लयिन्ग ा ग्रीटिंग!”

रूही हंस पड़ी और कहा,

“वो मैं घबरा गयी थी नाह, आप अचानक सामने दिख गए थे सुबह सुबह तो मेरी समझ में नहीं आया के मैं किआ करूँ, मैं डर गयी थी आप को अचानक देख कर इसी लिए मेरी आवाज़ hi नहीं निकली थी आप को जवाब देने के लिए!”

अभी ने मुस्कुराया और पूछा,

“अब तो बता दो के कल तुम किधर थी शाम को!”

रूही: “कल? मेरी आँख लग गयी थी जब आप जा रहे थे.”

अभी: “शाम 5.30 को तुम सो रही थी? मैं नहीं मानता, तुम अंदर से मुझको ज़रूर देख रही होगी नाह? तुमने जान बुझ कर वैसा किया मुझको तड़पाने के लिए है नाह बोलो?!”

रूही ने अपनी केहुनी को विंडोज के कोने पर टिकाते हुए कहा,

“मैं वैसा क्यों करुँगी भला? मैं तो हर शाम को किचन में मम्मी की हेल्प करती हूँ…… वो किआ है के मैं किताब पढ़ रही थी और पढ़ते पढ़ते आँख लग गयी थी, ठीक आप लोगों के जाने के बाद मैं किचन में गयी, तब बाहर देखा तो कोई भी नहीं था आप लोग जा चुके थे!”

अभी ने कहा,

“ओह यह बात है तो एक काम करना आज के बाद मेरे लिए; करोगी?!”

रूही ने मुस्कुराते हुए पूछा,

“मैं क्यों आप के लिए कोई काम करुँगी?” और हंस पड़ी रूही.

अभी ने फिर भी कहा,

“प्लीज आज से हर शाम को मेरे जाने के वक़्त तुम प्लीज मेरे सामने रहना, या तो स्तैर पर प्रेजेंट रहना या यहाँ इस खिड़की पर रहना, मैं तुमको हर रोज़ जाते हुए देखना चाहता हूँ, तुमको bye वेव करना चाहता हूँ, तुम्हारी चेहरे को देखते हुए जाना चाहता हूँ, इतना करोगी मेरे लिए प्लीज?!”

तो बे कॉन्टिनोएड…. (3850 वर्ड्स)
 
अपडेट 9 अभी गोत वुंडेड

“प्लीज आज से हर शाम को मेरे जाने के वक़्त तुम प्लीज मेरे सामने रहना, या तो स्तैर पर प्रेजेंट रहना या यहाँ इस खिड़की पर रहना, मैं तुमको हर रोज़ जाते हुए देखना चाहता हूँ, तुमको bye वेव करना चाहता हूँ, तुम्हारी चेहरे को देखते हुए जाना चाहता हूँ, इतना करोगी मेरे लिए प्लीज?!”

अब आगे….

बुसस इतना कहा रूही को अभी ने के सईद जी आते हुए दिखाई दिए और रूही ने कहा,

“पीछे देखो, तुम्हारा बॉस तुमको देख रहा है, अब जाओ उस्सको पसंद नहीं जब तुम काम चोरर कर मुझसे बात करने आते हो!”

अभी ने मुड़कर देखा सईद चलते हुए वाशरूम के तरफ बढ़ रहा था, उस्सने अभी को एक बुरे नज़र से देखा जैसे सच में उस्सको नापसंद था के वो रूही से बात करे और अभी ने उस्सको “hi सईद भाई” कहा, तो सईद ने भी “Hello” कहते हुए आगे बढ़ गया, उस्का चेहरा देखने लायक था उस वक़्त. और रूही ने अभी से कहा,

“देखा आप ने वो नाखुश है उसस्के चेहरे से दिख रहा है!”

अभी ने जवाब में कहा,

“तुम उस्सकी फ़िक्र क्यों कर रही हो? तुम मेरा फ़िक्र करो नाह. उस्का कोई हक़ नहीं है मुझ पर, मुझे कुछ भी करने से मन नहीं कर सकता वो!”

रूही: “तुम्हारा बॉस है नाह, तुम उसस्के लिए काम करते हो तो हक़ बनता है उस्का.”

अभी: “तुमको किश ने बताया के मैं उसस्के लिए काम करता हूँ? मैं ने उस से सिर्फ काम सीखा है, अभी वो मेरा कोई बॉस वॉस नहीं है, गेराज में मेरा बॉस था यहाँ नहीं, समझी किआ?!”

रूही: “मुझे किआ पता मम्मी ने तो कहा के तुम उसस्के निचे काम करते हो!”

अभी: “ोफो, किआ है यार अब तुम्हारी मम्मी को कैसे यह सब बातें पता है? चोर्रो इन् बातों को तुम यह बताओ के तुमको मेरा नांम कैसे पता चला? तुमने जब कल मुझे “अभी” बुलाया था तभी मैं पूछने वाला था मगर भूल गया!”

रूही: “अरे यह भी कोई पूछने की बात है किआ? सब लोग इतने ज़ोर ज़ोर से आपको बुलाते रहते हैं के अभी यह करो, अभी वो करो, अभी किधर हो, अभी यहाँ आओ, अभी इस्को उठाओ, Abhi;Abhi; अभी; इस आँगन में, हमारे आँगन में सिर्फ अभी का नाम hi सुनाई देता है आज कल; जैसे अभी का नाम लिए बिना किसी का काम hi नहीं होता उस बस में; तो कैसे मुझे पता नहीं चलेगा वो अभी आप हो?!”

अभी हंससने लगा रूही ने जिस अदा से वो सब कुछ कहा था.

आउट ठीक तभी सईद जी ने कहा,

“अभी ाजाओ शुरू करते हैं यार!”

वो सुनकर दोनों अभी और रूही हंस पड़े और रूही ने ज़ोर से हँस्ते हुए कहा,

“देखा मैं ने कहा नाह सिर्फ अभी का नाम सुनाई देता है इस आँगन में अब जाओ आप का बॉस बुला रहे हैं आप को!”

अभी की हंसी नहीं रुक रहे थे, रूही भी उस्सको वैसे हँस्ते देख कर हस्ती जा रही थी अभी के चेहरे में देखते हुए और अभी ने रूही से कहा,

“ी लव योर स्माइल एंड थे वे यू लाफ.”

और रूही ने कहा;

“एंड ी लव योर स्माइल एंड योर लौघ्स, कीप लाफिंग ऑलवेज!”

अभी का दिल गार्डन गार्डन हो गया रूही की बात सुनकर और कहा,

“Okay थें चलता हूँ शाम को नज़र आना ज़रूर okay?”

रूही ने हाँ में सर हिलाया और आज रूही ने अभी को वेव किया अपनी खूबसूरत कलाई को हिलाते हुए फिर कहा,

“विश यू ा वैरी नीस डे”

अभी जाने लगा था और मुड़कर कहा,

“विश यू थे शामे स्वीटहार्ट!”

स्वीटहार्ट वर्ड कहकर अभी वहाँ से तेज़ क़दमों के रफ़्तार से निकला, और रूही ने मुस्कुराते हुए सर खिड़की के बाहर निकल कर कहा,

“ी ऍम नॉट योर स्वीटहार्ट!” और रूही हंससने लगी जब देखा के अभी भाग गया…. रूही वहीँ कड़ी रही खिड़की के पास कुछ देर और उस्सकी आँखें भर आये, एकांत बूंद ांसो के उसस्के गाल पर टपके जिस्सको वो पांच hi रही थी के देखा उसस्के सामने अभी उस्सको देख रहा है!

अभी खड़ा सब देख रहा था, रूही के आँखों का भरना, आंसूओं का टपकना और गाल पर बहना सब देखा अभी ने…. रूही ने इस लिए नहीं देखा के अभी वापस आया था क्यूंकि उस पल को वो आसमान में देखते हुए कुछ सोच रही थी जिस वक़्त उसस्के आँखें भर आये थे…. अभी को देखते हुए रूही ने अपने गाल साफ़ किये और अभी ने एकदम सीरियस होकर पूछा,

“किआ हुआ? आरी हुआ किआ? तुम अभी तो हंस रही तो रोने क्यों लगी अहसानक? किआ हुआ किआ?

रूही ने बुसस नेगेटिव में सर्र हिलाते हुए कहा,

“It’s ok कुछ भी नहीं मैं ऐसी hi हूँ कभी भी रो पड़ती हूँ, बुसस समझलो के यह ख़ुशी के आंसू हैं!”

अभी ने हैरान होते हुए पूछा,

“किश बात पर रोई तुम? लास्ट वर्ड तो तुम ने ख़ुशी से मुझे कहा के तुम मेरी स्वीटहार्ट नहीं हो तब तुम्हारे आँखें भर्र आये मैं ने सब देखा…. किआ सोचने लगी थी तुम मुझे रिप्लाई करने के बाद? क्यों आसमान में देख रही थी? बताओ नाह किआ बात है!”

रूही ने अभी के चेहरे में देखते हुए कहा,

“मेरी बहोत बुरी किस्मत है, समझ लो के मैं मनहूस हूँ, मुझको खुशियां रास नहीं आती, इस लिए रोना आगया मुझे!”

अभी ने कहा,

“प्लीज ऐसे मत रोना मुझे दुःख हो रहा है तुमको रट देख कर, और यह किताबी बातें तो मत hi करो मुझसे के बुरी किस्मत है, मनहूस हो, खुशियां रास नहीं आती ेट्स… बहोत ज़्यादा नोवेल्स पढ़ती हो तुम उसी का एस्सार है ऐसी बातें !”

सईद जी की आवाज़ फिर आयी,

“अरे अभी आओ नाह यार काम नहीं करना किआ आज!!”

रूही फिर हंस पड़ी और कहा,

“हाहाहाहा, लो फिर तुम्हारा नाम फुकरा जा रहा है मेरी आँगन में अब जाओ तुम अभी साहब!!

अभी ने हँस्ते हुए कहा,

“हाँ ऐसे hi हँस्ते रहना देखो कितनी खूबसूरत दिख रही हो हँस्ते हुए, कीप लाफिंग स्वीटहार्ट, मुउआअह!”

तब तक इस बार सच में अभी जा चूका था और दोबारा रूही ने सर खिड़की के बाहर निकल कर कहा,

“ी ऍम नॉट योर स्वीटहार्ट अभी”

और रूही बड़बड़ायी,

“क्यों स्वीटहार्ट कह रहे हो मुझे तुम? मैं नहीं बन सकती तुम्हारी स्वीटहार्ट अभी. नहीं बन सकती मैं!”

अब ऐसा क्यों कहा रूही ने? बुसस जो भी मुंह में अत बोल देती है या कोई बात थी ऐसा कहने के लिए? अभी के सामने नहीं कहा उसस्के पीठ के पीछे कहा, अगर वैसी कोई बात है तो उस से साफ़ केहदो नाह?

***************************************************************************

उधर अभी और टीम ने काम स्टार्ट कर दिए थे. अभी वेल्ड कर रहा था. टोनी उस्सको हेल्प कर रहा था. अब वहां एक ऐसा मौका आया जबकि अभी को पुराने चेसिस से पहले वाले चिपके हुए लोहे को पिघला कर गिराना था ताके नए लोहे को उस जगह पर चिपकाए. एक घंटे तक वैसा करते जा रहा था. एकांत बार उस्सने रूही को चारों तरफ देखा मगर वो दिख नहीं रही थी. अब वेल्डिंग कर रहा था तो वेल्डिंग मास्क होता है नाह, वो चेहरे के सामने था और बहोत कंसंट्रेशन से काम कर रहा था के उस्सको दिखा भी नहीं के रूही उसस्के बगल से गुज़र गयी कहीं जाते हुए. उस्सकी माँ भी साथ थी, टोनी ने भी नहीं देखा उन् दोनों को जाते हुए मगर सईद ने देखा.

अभी खड़ा, था वेल्डिंग स्टिक से एक पुराने चिपके हुए लोहे को पिघला कर गिराने के लिए, वो पिघला हु लोहा निचे गिर्र रहे थे, और एक्सिडेंटली एक बार एक पिघले हुए लोहे का बॉल अभी के पैर पर गिर्रा, और उस्सको पता hi नहीं चला, और जब पिघला हुआ लोहे से अभी की पैर की चमड़ी में जलन फील हुआ तब वो जल्दी से अपने पैर पर देखा, तब तक वो लोहे का पिघला हुआ बॉल जो ऑलमोस्ट आग का गोला था अभी के जूते के अंदर पिघलते हुए घुस गया अभी ने दर्द के मारे हाथ से मास्क और वेल्डिंग स्टिक फेंका और चिल्ला उठा, और जल्दी से जूता निकालने को बैठा, जितना टाइम उस्सने लिया जूता उतारने में तब तक वो गरम पिघला हुआ लोहा जो आग का गोला था उसस्के पैर के चमड़ी में धंस्ते चला जार अहा था, अभी चिल्ला उठा और जब जूता निकाल लिया तो सॉक्स में एक होल हो चूका था धुआं निकल रहा था और वो पिघला लोहा अभी के पैर के गोश्त को पिघला रहा था, एक होल उसस्के पैर में हो चूका था तब तक टोनी ने बोतल का पानी डाला अभी के पेयर पर…. और अभी ने अपने तंग को एक झटका दिया तो वो गरम पिघला हुआ लोहा एक तरफ गिर्रा…..

अभी दर्द से तड़प रहा था, उस हालत में भी वो सिर्फ रूही को hi याद कर रहा था, उसस्के दिल की एक इच्छा थी के रूही उस वक़्त उसस्के पास आये और उस्सको दिलाशा दे…. मगर रूही तो थी hi नहीं वहां और अभी सोच रहा था वो घर के अंदर है. अभी के पैर पर एक चढ़ जैसा हो गया था और लाल मास्स का टुकड़ा दिखने लगा था….. सईद भाई ने तुरंत अभी को हॉस्पिटल जाने को कहा क्यूंकि इंजेक्शन लगवाना बहोत ज़रूरी था उस घाव के लिए, खून बह रहे थे और अभी को उस जगह पर बहोत जलन फील हो रही थी…. वो ठीक से चल भी नहीं पा रहा था….

तो मेहबूब की वाइफ, रहीम ने कहा,

“डिस्पेंसरी है यहीं कुछ दूर, मैं रोड पर वहां लेजाओ कोई अभी को, इंजेक्शन हो जाएगा.”

अभी, रूही के घर के अंदर देख रहा था के क्यों कोई नहीं ारः था उस्सको देखने, उस्सको अजीब लगा के ऐसा हादसा हो गया और उन् लोगों को कुछ भी सुनाई नहीं दिया अब तक?

वहां के लोगों में से जो लोग शाम को सब कुछ देखने आते हैं उन् में से एक आदमी आज काम पर नहीं गया था शुक्र है के वो उसी वक़्त आँगन के अंदर आ रहा था, और उस्सको जब सब पता चला तो कहा के वो अपने कार लेकर तुरंत अत है अभी को डिस्पेंसरी लेजाने के लिए.

और अभी को डिस्पेंसरी लेजाया गया. मरहम पट्टी किया गया उसस्के पैर में. एक इंजेक्शन लगाया गया कूल्हे में और 3 इंजेक्शन हर रोज़ आकर लगाना था.

अब पैर में पट्टी बांध गयी तो जूता पहनना नामुमकिन था तो आते आते अभी ने एक पेअर ऑफ़ चप्पल खरीद कर पहना. और वापस काम पर आया. सईद ने उस्सको घर वापस जाने को कहा रेस्ट करने को कहा. अगर कहीं और काम कर रहा होता अभी तो तुरंत घर चला जाता मगर यहाँ तो रूही थी तो वो हरगिज़ नहीं जाना चाहेगा नाह….

वापस आने के बाद रहीम ने उस्सको जूस दिया अउ एक सिगरेट जला कर अभी बैठा और रूही के घर के तरफ देखने लगा. सोचने लगा के क्यों कोई भी नज़र नहीं ारः था. और कुछ देर बाद दादा जी आया और अभी से पूछा के कैसे यह सब हुआ. अभी ने सोचा अगर दादा जी को पता चल गया तो रूही और उस्सकी माँ को तो पता ज़रूर चला होगा तो क्यों रूही उस्सको देखने को नहीं आया अभी यह सोचने लगा.

और काम स्टार्ट किया अभी ने बाकी के वेल्डिंग को कंटिन्यू करते हुए…. फिर लंच टाइम हुआ, और जब अभी खाना खाने जा रहा था तो मैं रोड से रूही और उस्सकी माँ को आते हुए देखा. रूही ने एक बहोत खूबसूरत ड्रेस पहनी हुई थी और पारी जैसी दिख रही थी. बेहद खूबसूरत नज़र आरही थी. अभी वहीँ खड़ा रह गया उस्सको देखते हुए, और अपने पैर के दर्द को भूल गया. सब लोग खाने चले गए मगर अभी वेट करता रहा के रूही उसस्के करीब आये तो वो उस्सको कुछ तो बोले…. रूही ने जब अभी को खड़ा देखा तो मुस्कुराने लगी और सर निचे झुका लिया. वो आगे चल रही थी और उस्सकी माँ पीछे थी. रूही के हाथ में एक बैग था और उस्सकी माँ के हाथ में एक उस से भी बड़ा बैग था. कुछ खरीदने गए थे शायद अभी ने सोचा. और जब रूही करीब आगयी तो अभी ने बुसस कहा,

“कमाल है तुम कब गयी के मुझे पता hi नहीं चला!”

रूही ने बुसस कहा,

“आप काम में बिजी थे जब मैं जा रही थी; यहीं से गुज़री थी, खांसी भी थी मैं आप को जगह करने के लिए मगर आप की वेल्डिंग मशीन शोर कर रही थी तो शायद आप ने सुना hi नहीं, तो मैं किआ करती?”

तब तक उस्सकी माँ ने उस्सको ज्वाइन करते हुए कहा,

“अब चल भी!”

तो रूही को जाना पारा…. अभी ने और कुछ नहीं कहा, उस्सने सोचा था के रूही उस्सको बिना जूता के देख कर हैरान होगी और उसस्के पैर में पट्टी देख कर सवाल करेगी मगर रूही ने कुछ नहीं पूछा तो अभी साद हुआ और खाने चला गया.

अभी को ख़ुशी होती के रूही उस्का केयर करता, और देखना चाहता था के रूही की एक्सप्रेशन कैसी होती यह जान कर के अभी को गहरा चोट लगा है और इंजेक्शन करने गया था….. खैर खाना खाते वक़्त अभी यह एक्सपेक्ट करने लगा के अब रूही के दादा से रूही और उस्सकी माँ को पता चल जाएगा तो बाद में जब बात करने का मौका मिलेगा तो रूही ज़रूर पूछेगी अभी से उस बारे में.

मगर उस दिन को रूही ने एक बार भी नहीं पूछा अभी से के उसस्के पैर में किआ हुआ, कई बार शाम तक रूही और अभी के नज़रें मिले, एक बार तो दोनों आप पास थे जब शाम को रूही अपनी तरसे पर अपनी कजिन सिस्टर से बात कर रही थी, अभी वहीँ था बस के पास बिल्कुल आमने सामने और रूही बात करते वक़्त बार बार अभी को देख रही थी , दोनों के नज़रें मिल रहे थे मगर एक बार भी रूही ने नहीं पूछा अभी से के क्यों पैर में पट्टी बंधी हुई है और चोट कैसे लगी. इस से अभी बहोत डिसअप्पोइंट हुआ.

और आया टाइम घर वापस जाने का तब रूही स्टैर्स पर आयी तो, उस्सकी माँ भी वहीँ थी, और जब अभी वापस जाने लाहा तो वेव तो किया रूही को, रूही मुस्कुरा रही थी अभी को देखते हुए और हालां के अभी चप्पल में घर वापस जा रहा था, शूज नहीं पहना था फिर भी रूही ने कुछ नहीं पूछा और नाह उस्सकी माँ ने पूछा के क्यों चप्पल में घर जा रहा है….

अभी निराश होकर वहां से घर वापस गया इस दिन को.

घर आकर अपने डिसअप्पोइन्त्मेन्त को लिखा डायरी में अभी ने. उदास था, फिर भी दिल में रूही के लिए बहोत सारा प्यार समाया हुआ था और अभी ने सोचा के हो सकता है के दादा जी ने बताया hi नहीं हो के अभी के पैर जल गए थे, मगर उसस्के पैर में पट्टी तो देखे होंगे रूही और उस्सकी माँ ने भी तो क्यों दोनों में से किसी ने भी नहीं पूछा के किआ हुआ उसस्के पैर में.

अभी ने फिर भी इग्नोर किया और रूही की एप्रोच और उस्सकी मुस्कान, और नज़रों को सोचा के कितनी प्यार से हर बार वो अभी को देख रही थी आज दिन भर… वो सब याद करते हुए अभी सोने गया; इस उम्मीद से के कल दिन बेहतर होगा. कल रूही उस से पूछेगी के उसस्के पैर में किआ हुआ, कल रूही उस्का ज़्यादा ख्याल करेगी, कल रूही को बहुत अफ़सोस होगा यह जान कर के अभी को चोट लगी है काम में, कल जब इंजेक्शन करवाने जाएगा तो रूही शायद उसस्के साथ जाएगी या उस्सको जाते वक़्त देखेगी, और अभी खुद रूही को अपने साथ चलने को कहेगा…. यह सब सोचते, रूही को दिल में बसा कर अभी को नींद आगयी, उस्सको अपने पैर का दर्द भी महसूस नहीं हुआ इतना खोया हुआ था रूही की याद में.

तो बे कॉन्टिनोएड…. (2652 वर्ड्स)
 
अपडेट 10 थे सैटरडे

कल रूही उस से पूछेगी के उसस्के पैर में किआ हुआ, कल रूही उस्का ज़्यादा ख्याल करेगी, कल रूही को बहुत अफ़सोस होगा यह जान कर के अभी को चोट लगी है काम में, कल जब इंजेक्शन करवाने जाएगा तो रूही शायद उसस्के साथ जाएगी या उस्सको जाते वक़्त देखेगी, और अभी खुद रूही को अपने साथ चलने को कहेगा…. यह सब सोचते, रूही को दिल में बसा कर अभी को नींद आगयी, उस्सको अपने पैर का दर्द भी महसूस नहीं हुआ इतना खोया हुआ था रूही की याद में.

अब आगे….

एक हफ्ता गुज़रा. सैटरडे का दिन आया और उस दिन को अभी टीम 2 बजे काम एन्ड करते थे.

सुबह को रूही नहीं दिखा उस रोज़ क्यूंकि अभी लेट आया था, 7.15 को रीच हुआ, तो जल्दी से ड्रेस चेंज करके काम पर लग गया.

हर सुबह अब अभी को पता चल गया था के रूही कितने बजे कहाँ दिखेगी और किआ किआ काम किश समाये को रूही करती है.

हर सुबह करीब 8 बजे घर के सामने वाले हिस्से को साफ़ करती है, झाड़ू लगाती है, और वो बस के बिल्कुल करीब है, जहाँ से रूही अभी को देखा करती है, मुस्कुराती है उस से, परदे को खींचती है ताके अभी भी उस्सको देख सके. फिर रूही टेरेस साफ़ करती है, झाड़ू लगाती है और पोछा करती है, वो घर के बाहर होती है और बिल्कुल अभी के नज़दीक रहती है उस वक़्त. फिर करीब 10 बजे हर रोज़ रूही कपडे धोने वाले पत्थर के पास दिखती है कुछ कपडे धोते हुए.

कपडे धोने के बाद रूही हर रोज़ उसी पत्थर पर अपने पेयर उठाकर पत्थर पर रगड़ती है उस पर पानी डालते हुए. हर बार जब वो वैसा करती है तो अभी काम धाम रोक कर रूही को बड़े प्यार दे देखता है, उस्सको अदमीरे करता है. यह सब एक रूटीन के जैसा हो गया था अभी के लिए और रूही के लिए भी. सब कुछ जो रूही करती थी, हर बार मुड़कर देखती थी के अभी उस्सको देख रहा है या नहीं. और कभी अभी उस्सको नहीं देख रहा होता तो रूही वेट करती थी के अभी उस्सको देखे.

तो सैटरडे को क्यूंकि 2 बजे काम एन्ड करना था तो सईद टीम रश में रहते थे और सब कुछ जल्दी करते थे टाइम पर एन्ड करने के लिए. अब बाकी के दो वर्कर्स को पेमेंट करना था उनको वीकली बेसिस पर तनख्वा देना था, इस लिए सईद ने अभी से पूछा के कैसे उंनका पेमेंट करेंगे. उनको ट्रैवेलिंग के पैसे अलग से देने थे प्लस सैलरी. तो डीडे हुआ के जो एक लाख एडवांस मिला है उस में से hi पेमेंट करेंगे और अगर सईद और अभी को भी ज़रुरत पड़े तो उसी पैसे से लेने होंगे, मगर अभी ने कहा के साथ साथ अकाउंट मतलब हिसाब रखना होगा के अगले 5 या 6 महीनों में कितना एक्सपेंस हुए उस एक लाख में से.

सईद ने कहा क्यूंकि सब जानते है के डील उस्सकी है उस बस को बनाने में तो उस्सको पेमेंट करना चाहिए वर्कर्स को. मतलब सईद अपना हक़ चाहता था के वो बॉस है वो पेमेंट करेगा वर्कर्स को, सईद चाहता था के उस आँगन में सबको पता चले के वो तनख्वा देता है काम करने वालों को. तो सईद ने अभी से कहा के उस एक लाख में से 50,000 निकाल कर उस्सको दें और सईद उस में से हर हफ्ते को पेमेंट करेगा उन् दो वर्कर्स को. अभी मान गया और बैंक जाकर 50 क निकाल कर सईद भाई को दे दिया. अभी समझ गया के सईद अपना रॉब जमाना चाहता था, वहां पर सबके सामने टोनी को और दूसरे वर्कर को पेमेंट करेगा और खुदको बॉस दिखायेगा. अभी को उस से कोई प्रॉब्लम नहीं था उस्सने पैसा दे दिया सईद को. बाद में सईद ने अभी से कहा,

“तुमको भी पैसा चाहिए तो बोलो अभी मैं तुमको भी पेमेंट करता हूँ बाकी वर्कर्स की तरह!”

अभी ने यह सोचा था के बाकी के काम जैसे किये थे दोनों ने वैसे hi काम ख़तम करने पर एक परसेंटेज अभी को मिलेगा और बाकी सईद लेगा, इस लिए उस्सने सईद से कहा के नहीं काम ख़तम होने के बाद लास्ट डे को एडजस्टमेंट करेंगे.

अभी ने सोचा था 3 लाख का डील करवाया उस्सने तो 1 लाख उस्का होगा और 2 लाख सईद को लेने देगा और उन् दो लाख में से hi सईद वर्कर्स के पेमेंट करेंगे मगर यहाँ सईद ने उन् पैसों में से 50क ले लिया था, मगर फिर भी अभी ने कुछ नहीं कहा.

सुबह 9 बज चुके थे और रूही नहीं दिखा था अभी को के अचानक कपडे धोने वाले पत्थर पर रूही दिखी पैर धोते हुए. अभी ने सोचा आज कपडे तो नहीं धो रही है तो पैर क्यों धो रही है इस वक़्त. रूही अभी को मुड़कर देख रही थी और मुस्कुरा रही थी. अभी ने पूछना चाहा के कपडे नहीं है धोने को मगर दूर से ऊंची आवाज़ में तो नहीं पूछ सकता था और सैटरडे था काम को जल्दी पूरा करना था तो जाकर बात करना मुनासिब नहीं समझा अभी ने. अभी ने यह भी ग़ौर किया के आज घर के सामने वाले हिस्से के परदे भी नहीं हटाया था रूही ने और नाह hi टेरेस पर झाड़ू लगाया था और नाह पोंछा किया था रूही ने…..

अभी को डिस्पेंसरी इंजेक्शन के लिए जाना था तो चला गया कुछ देर बाद. जब वापस आया तो बस के उस तरफ काम करना था जिस तरफ एक बड़ा दरखत था, तो वहां लग गया काम में अभी फिर भी बार बार रूही के घर के तरफ देखे जा रहा था के कहीं रूही नाह दिख जाए.

और करीब 10 बजे अभी ने रूही को एक खूबसूरत सूट में अपने किचन से निकलते देखा, काँधे पर एक खूबसूरत हैंडबैग थी और हाथ में एक छोटा सा बैग, साझ धज के कहीं जा रही थी. क्यों के अभी बस के उस तरफ था, वहां नहीं जहाँ से रूही गुज़री, तो अभी को साहस नहीं हुआ के उस तरफ से इस तरफ आये रूही से बात करने के लिए, वो चहुँक गया क्यूंकि उस्सने बिल्कुल भी एक्सपेक्ट नहीं किया था के रूही कहीं बाहर जाएगी, क्यूंकि इस बारे में रूही ने उस्सको बोलै भी तो नहीं था. तो अभी वहीँ उस दरखत के पास खड़ा रहा रूही को देखते हुए, उस्सको अप्प्रेसियते करते हुए, उस्सकी खूबसूरती जो बहुत ज़्यादा निकर गयी थी उस सूट में और उस्सकी हलकी मेक उप में ज़्यादा hi खूबसूरत दिख रही थी… यहाँ तक के सईद और टोनी भी रूही को देखने लगे. बेहद खूबसूरत दिख रही थी. एक ब्यूटी क्वीन लग रही थी……. हुआ यह था नाह के हर रोज़ सब उस्सको घरेलु कपड़ों में देखते थे और आज कहीं जा रही थी सज धज कर तो सॉ गुनाह ज़्यादा खूबसूरत दिख रही थी तो सबके नज़रें उस पर पड़े.

टोनी ने अपनी केहुनी को अभी से टकराते हुए धीरे से “फीवववव” किया. अभी मुस्कुराया रूही के चेहरे में देखते हुए. काम रुक गया था रूही को अदमीरे करने के लिए…. अभी देखना चाहता था के रूही उसस्के तरफ देखेगी या नहीं. अभी काढ़ा रहा उसस्के चेहरे में देखते हुए, मगर रूही ने सर निचे झुका लिया था शायद इस लिए के उस्सको पता था के सारे मर्द उसी को देख रहे थे….. रूही आराम से चल रही थी सर झुकाये और जब वो बस के करीब आयी तो सर झुके हुए hi थे मगर उस ने हलके से नज़रों को तिरछी करके बस के उस हिस्से पर किया जहाँ अभी था, मतलब रूही को वैसा करने से सिर्फ अभी का हाथ और पेअर दिखे होंगे. फिर उस्सने अपने होंठों को दांतों में दबाया एक हलकी सी मुस्कान के साथ और आगे बढ़ गयी.

जब रूही ने बस को पार कर दिया, चलते हुए आगे चली गयी तब अभी बस के सामने गया, और रूही को पीछे से देखने लगा, वो कहीं जा रही थी, उस आँगन में चलते हुए जा रही थी मैं रोड के तरफ… अभी प्रे करने लगा के वो मूढ़ कर एक बार तो पीछे देखे…. और मैं रोड पर निकलने से पहले रूही मुड़ी, अभी को देखा उस्सको द्देखते हुए, मुस्कुरायी और चली गयी… अभी बहोत खुश हुआ जिस तरह से रूही ने उस्सको देखा और मुस्कुराया.

अभी वापस दरखत के पास गया तो टोनी ने उस से कहा,

“तुम उसस्के पीछे क्यों नहीं गए? जितना टाइम उस्सने ने लिया यहाँ से मैं रोड तक पहुँचने को तुम उस से कितने सारे बातें कर लेते, पूछ तो लेते के कहाँ जा रही है कब वापस आएगी… देखा नहीं वो कितनी धीरे धीरे आराम से चल रही थी? शायद तुमको मौका दे रही थी के तुम उस से बात करने आओ! बुद्धू हो तुम भी रे अभी!”

अभी ने सोचा के टोनी सही कह रहा था और कहा,

“अब भी तो जा सकता हूँ नाह? वो बस टॉप तक रीच हुई होगी नाह? तो वहीँ उस से पूछ सकता हूँ नाह के कहाँ जा रही है!”

टोनी ने कहा,

“तो जल्दी जा बुसस आगयी तो उस्सको बस के अंदर घुस के बात करेगा किआ तू?!”

तो अभी दौड़ना चाहा मगर नहीं दौड़ पाया क्यूंकि उसस्के पैर में ज़ख़्म जो था… फिर भी तेज़ चला और मैं रोड रीच हुआ तो देखा एक बस बस स्टॉप से अब जा रहा है और रूही उस में चढ़ गयी थी, रूही की एक झलक दिखी बुसस!!!

अभी निराश वापस आया और टोनी ने पूछा किआ हुआ तो बताया अभी ने के वो बस में बैठ चुकी थी और बस जाने लगा था!

सईद ने भी अभी जो जाते और वापस आते देखा तो हँस्ते हुए कहा,

“किआ हुआ अभी? चली गयी वो तुझे अकेला चोरर कर आज हाहाहाहा!”

अभी ने मुंह बनाते हुए अपना काम जारी रखा. फिर अभी ने टोनी से कहा,

“साला अगर मुझे पता होता के उस्सको कहीं जाना है तो इंजेक्शन करवाने नहीं जाता पहले … उसस्के साथ चल कर जाता डिस्पेंसरी, इसी बहाने उस्सको पता चल जाता के मुझे घाव लगा है धत!”

टोनी ने कहा,

“don’t वोर्री यार, बेहतर मौके आएंगे!”

और काम जारी रहा शाम 2 बजे तक. अभी की नज़र रास्ते पर था, उस आँगन में था हर बार देखते हुए के रूही वापस आये…. यहाँ तक के अभी ने टोनी से भी कह दिया के नज़र चौकन्ना रखे और जैसे रूही वापस आती दिखे तो उस्सको आगाह करे. मतलब टोनी और अभी दोनों ने नज़रों को बिठाये रखे थे…..

मगर रूही नहीं आयी और काम एन्ड हुआ, सब वाशरूम गए तब भी अभी ने टोनी से कहा के बारी बारी जायेंगे वाश करने, उस्सको वाच करने को कहा के रूही वापस आये तो उस्सको बताये, फिर टोनी वाश करने गया और अभी ने वाच किया मगर रूही नहीं दिखी और 2.30 हो गए…. सईद ने टोनी और दूसरे आदमी को सैलरी दिए और सब आँगन में चलते हुए जा रहे थे वापस…..

अभी का दिल रो रहा था क्यूंकि उस्सको रूही की कमी खाल रही थी… कल संडे है काम पर नहीं आना है और अब मंडे को रूही दिखेगी इस लिए अभी को घुटन सा फील हो रहा था बिना रूही से मिले वापस घर जाना. उस्सको जैसे सांस लेने में तकलीफ हो रहा था रूही को सोचते हुए.

कोई 3 मेट्रेस थे मैं रोड पर पहुँचने के लिए के अभी के सामने रूही नज़र आयी वापस आते हुए! टोनी सब से आगे था वो मैं रोड रीच हो रहा था, और रूही ने जैसे उस्सको पार किया टोनी ने मुड़कर अभी को हाथ से रूही को दिखाया हँस्ते हुए.

अभी का दिल मचल गया, चेहरा लाल हो गया ख़ुशी तो हुई मगर उसस्के समझ में नहीं आया के अब किआ करें, किआ कहे! वहीँ रुक गया जहाँ पहुंचा था और रूही के चेहरे में देखने लगा. उफ्फ्फ कितनी खूबसूरत दिख रही थी, हद से ज़्यादा खूबसूरत थी यह लड़की अभी ने मैं में सोचा. और रूही ने अभी को देखते hi पहले हंसी, फिर सर झुकाते हुए होंठों को दन्त में दबाया और धीरे धीरे चलते हुए अभी के लेवेल तक पहुंची तब नज़रों को उठाकर अभी को देखा और आगे मुस्कुराते हुए बढ़ने लगी. अभी ने एक लव्ज़ भी नहीं कहा बुसस देखता रहा. पीछे से रूही के खूबसूरत बालों को देखा अभी ने, कितने लम्बे बाल थे उसस्के बट तक रीच हो रहे थे रूही के बाल, और थिकनेस ज़बरदस्त थे, अभी को वैसे hi बाल बहोत पसंद थे, उस्सकी बचपन वाली रूही के बाल बिल्कुल वैसे hi थे; बालों के एन्ड बिट में थोड़े घुंगराले थे…. रूही बुसस मुस्कुराती गयी और जब अभी को पास कर दिया तो हंस पड़ी. अभी ने देखा और सोचने लगा के क्यों हंस रही है, उस्सको ख़ुशी हो रही है मुझको तड़पाने में शायद. मगर अभी का दिल अब बहोत खुश था. रूही कोई 4/5 कदम आगे जा चुकी थी तब अभी ने कहा,

“bye, दो हैवे ा नीस वीकेंड माय डिअर!”

रूही ने कोई जवाब नहीं दिया मगर मुड़कर अभी को हँस्ते हुए देखा और आगे बढ़ने लगी तब अभी ने आवाज़ को तोडा ऊंचा करते हुए कहा,

“बाद मैनर्स अगेन ा विश शुड बे रेप्लीएड नाह!”

रूही पलटी, हंसी और अपने होंठों पर ऊँगली को रख के ‘सष्ठ’ किया और आगे चली गयी…… जिस वक़्त रूही ने वैसा किया तो अभी ने उस्सको गुडबाय वेव किया.

अब अभी को सुकून मिला. बस स्टॉप पर टोनी को ज्वाइन किया और टोनी ने कहा,

“चल एक बियर ऑफर करता हूँ तुझे और तुम्हारे रूही के बारे में बात करते हैं.

अभी ने कहा,

“अरे नहीं उसस्के इलाके में बियर नहीं पीना मुझे साला किसी ने वहां बता दिया के मैं यहाँ बियर पी रहा हूँ तो बात बिगड़ जाएगी!”

टोनी ने कहा के फिर अपने शहर पहुँच कर बियर पिएंगे. अभी मान गया और दोनों अपने शहर जाकर एक बार में बैठे बियर पिटे हुए पाए गए! अभी खुश था और रूही के बारे में घंटों भर बात करता गया टोनी के साथ.

तो बे कॉन्टिनोएड…… (2305 वर्ड्स)
 
बहोत बहोत शुक्रिया कीर्ति अप्प्रेसिअशन के लिए डिअर

ककीर्ति उन् दिनों लड़के और लड़की में दोस्ती नजिन होते थे, लड़के और लड़की की दोस्ती को बुरे नज़र दसे देखा जाता था 1980'स में गुज़रा हुआ है यह कहानी
 
अभी में बिल्कुल ऐटिटूड नहीं है, आप को शायद याद नहीं के सईद ने इस काम के लिए सिर्फ 75 हज़ार माँगा था अभी ने उसकसो इस काम के लिए 3 लाख का डील करवाया है :डी
 
बहोत शुक्रिया राहुल... तो किआ तुमने अपडेट पूरा नहीं पढ़ा सईद के part पढ़ने के बाद?

और रही बात p;aison की तो वो 1 लाख रूपया सईद को hi मिलता अगर चेक नहीं होता तो, इस लिए के सईद का बैंक अकाउंट नहीं है इस लिए उस्सने अभी को अपने बैंक अक्स में रखने को कहा था, पोऐसा तो सईद का hi है भाई!
 
अपडेट 11 अभी वैरी हैप्पी

संडे को दिन भर अभी ने अपने डायरी में सब कुछ लिखा उसस्के और रूही के बारे में. अपने फीलिंग्स को लिखा, उस्सको किआ फील हो रहा है, कितना प्यार करता है रूही से, उसस्के बग़ैर जी नहीं पाएगा यह सब लिखा अभी ने.

उसस्के घर में वो अपनी छोटी बेहेन जो 18 साल की थी उस से बहुत क्लोज था. अभी उस्सको सब कुछ बताता था और अपने डायरी पढ़ने को देता था, मतलब उस्सकी उस बेहेन को सब कुछ पता था जो बीत रहा था अभी पर. उस्सकी बेहेन का नाम था नैना. और एक उस से भी छोटी बेहेन थी अभी का. बाकी और 3 भाई थे उसस्के. नैना बाकी सबको अभी के बारे में बता देती थी सिवाए उसस्के पिता के. मतलब घर में उसस्के पिता के इलावा सबको पता था के अभी प्यार में है रूही से.

अभी का दिन रूही की याद में गुज़रा हमेशा की तरह और अगले दिन सवेरे सवेरे पहुँच गया रूही की आँगन में और आज भी रूही गुलाब तोड़ रही थी उस दिन की तरह.

इस बार अभी रुक गया गार्डन के सामने रूही को देखते हुए और गुड मॉर्निंग कहा. रूही वैसे hi अपनी निघटजोन में hi थी. एक मुठी में कुछ गुलाब के फूल लिए हुए थे और दूसरे हाथ से और फूल तोड़ रही थी.

रूही ने कुछ शर्मीली अदा से गुड मॉर्निंग रिप्लाई किया अभी को मगर बहोत hi धीरे से. अभी खड़ा उस्सको देखता रहा और रूही कभी उस्सको देखती तो कभी मुड़कर अपने पीछे घर को देखती के कोई उस्सको देख तो नहीं रहा अंदर से.

अभी ने पूछा,

“सैटरडे को तुम कहाँ गयी थी? और मुझको जाने से पहले बताया क्यों नहीं था?”

रूही मुस्कुरायी, फिर हंस पड़ी और और अपनी धीमी, मीठी आवाज़ में कहा,

“बताना भूल गयी थी फ्राइडे को, उस शाम को आप चले गए तब मुझे याद आया के आप से कहना भूल गयी थी के सतुरदेस को मैं एक कोर्स फॉलो करने जाती हूँ सेविंग की.”

अभी ने हैरान होते हुए पूछा,

“सेविंग की कोर्स? क्यों? सिलाई करोगी आगे चल कर किआ?”

तो रूही ने कहा,

”और किआ ककरति? 12तह अचे से पास नहीं हुई, पढ़ने को आगे मैं नहीं किया, तो मम्मी ने कहा सिलाई सीख लून शायद आगे काम अजय!”

अभी ने कहा,

“okay अच्छा भी है, मगर किधर गयी थी कोर्स फॉलो करने को? कहीं दूर किआ?”

रूही ने कहा,

“वेस्ट में जो शहर है वहां!”

फिर रूही ने पीछे मुड़कर देखते हुए कहा,

“आप जाओ नाह अब, आप क्यों इतने सवेरे आजाते हो? रात को सोते नहीं हो किआ? अभी 6 बजे हैं काम तो 7 को स्टार्ट होता है नाह?!”

अभी ने जवाब दिया,

“नींद तो तुमने चुर्रा लिए हैं मेरे तो कैसे सो पाउँगा मैं? और एक बात बताओ किआ तुमको नहीं पसंद के मैं इतने सवेरे आजाता हूँ? कुमसे कम सबके आने से पहले तुमसे कुछ बातें करने का मौका तो मिल जाता है, जैसे अभी! और सच बताओ किआ तुम मुझको अभी एक्सपेक्ट नहीं कर रही थी? किआ तुम अभी अभी मुझि को नहीं सोच रही थी?”

रूही हंस पारी और कहा,

“आप मेरे ख्यालों के अंदर देख सकते हो किआ?

अभी: “हम्म इस्सके मतलब के हाँ मेरे बारे में hi सोच रही थी तुम है नाह? मैं तो 24 घंटे सिर्फ तुमको hi सोचता रहता हूँ, घर से बस में आते वक़्त तुम्ही रहती हो मेरे ख्यालों में तो तुमको भी वैसा hi सोचना चाहिए नाह!”

रूही: “बिल्कुल झूट मैं आप के बारे में बिल्कुल भी नहीं सोच रही थी”

और रूही हंस पड़ी यह कह कर, फिर कहा,

“आप जाओ नाह अब. मेरा बड़ा भाई यहीं है उसी के लिए फ्लावर्स ले रही हूँ वो फोटोज लेता है अपने कैमरा से….”

अभी ने तब कहा,

“और सैटरडे को जब तुम जा रही थी तो एक नज़र मुझको देखा भी नहीं नज़रें बिल्कुल निचे झुके हुए थे, मुझको एक नज़र देख तो सकती थी नाह?!”

रूही ने वैसे hi शर्मीली अंदाज़ में गुलाब के फूल को देखते हुए जवाब दिया,

“मैं कैसे नज़र उठा कर देखती उस वक़्त सब के नज़र मुझ पर थे मुझे मालूम था सब मुझि को देख रहे थे, ी फेल्ट वैरी शाय ात तहत मोमेंट ों तहत डे! मगर मैं ने आप को देखा था जाते हुए थोड़ा सा. मुझे पता था के आप भी मुझको hi देख रहे थे.”

अभी बहुत खुश हुआ उस्सकी आंसर से और बात बदलते हुए कहा,

“अरे हाँ मनोज बस की भी फोटोज ले रहा था, मैं ने देखा था उस दिन! वो प्रोफेशनल फोटोग्राफर है किआ? काम कहाँ करता है वो?”

रूही ने फिर मुड़कर घर के तरफ देखते हुए रिप्लाई किया,

“उसी शहर में काम करता है जहाँ मैं सिलाई के लिए जाती हूँ, और वो प्रोफेशनल फोटोग्राफर तो नहीं मगर उस्का शौक है फोटोज लेना, उस्सको एक इनाम मिला था एक बार किसी स्पेशल फोटो की एक फोटोग्राफी कांटेस्ट में!”

अभी: “ओह ी सी! किआ वो मुझे एक कॉपी बस की फोटोज का दे सकता है किआ?”

रूही: “उसी से मांग लेना, वो हर रोज़ बस की फोटोज लेता है, बस कैसा था और हर रोज़ कितना बस बनता जा रहा है, हर रोज़ कुछ पिक्स लेता है बस की!”

अभी: That’s ग्रेट, वो मेरा मदद कर रहा है एक तरह से, मैं ज़रूर उस से फोटोज मांगूगा लास्ट दिन को.”

रूही: “तो आप को उस्सको पाय करना पड़ेगा फोटोज के लिए!”

अभी: “ऑफ़ कोर्स पाय करूँगा. कितना लेता है पैर फोटो?”

रूही: “पता नहीं उसी से पूछ लेना….. अब जाओ नाह प्लीज, मैं नहीं चाहता हूँ के वो मुझसे सवाल करे के आप किआ कह रहे थे!”

अभी: “अरे तो अगर वो पूछे तो कह देना के मैं उस से बस की फोटोज खरीदना चाहता हूँ नाह!”

रूही ने फिर हँस्ते हुए कहा,

“बहोत होशियार हो आप, तुरंत आप को एक बहाना मिल जाता है!”

अभी: “मैं तो यहाँ सिर्फ तुम्हारे लिए अत हूँ; बाकी तो काम तो बहाना है स्वीटहार्ट”

रूही: “मैं आप की स्वीटहार्ट नहीं हूँ क्यों केहतो आप मुझको स्वीटहार्ट?!”

अभी मुस्कुराया और जाने लगा. तो रूही ने कहा,

“रुको प्लीज!”

अभी: “कभी जाने को कहती हो कभी रुकने को किआ यार!”

रूही ने तब हँस्ते हुए कहा,

“मुझे कहना था के दिन में काम करते वक़्त आप बार बार मुझसे बात करने मत आना ख़ास कर जब मेहबूब चाचा यहाँ होता है!”

अभी ने हैरान होते हुए पूछा,

“अरे वो क्यों? मेहबूब ने कुछ कहा किआ?!”

रूही: “हाँ बाद में बताउंगी आप अब जाओ!”

अभी ने जाते हुए कहा,

“सैटरडे को तुम क़यामत धा रही थी, ब्यूटी क्वीन लग रही थी, इतनी खूबसूरत हो सोचा नहीं था, तुम पर तो कई मिट्टी होंगे मेरे इलावा है नाह? जब उस शहर में जाती हो तो कितनों पर बिजली गिराती होगी तुम हम्म्म?!”

रूही ने मुस्कुराते हुए कहा,

“मुझे किआ पता? आप जैसे दीवाने और होंगे कहीं तो मैं किआ जानूं!”

अभी: “शुक्र है के मेरे इलावा किसी और का पता नहीं तुमको वार्ना मुझे तकलीफ होती!”

रूही तब थोड़ा ज़ोर से हंस पड़ी और खुद अपने मुहं पर हाथ रख कर पीछे घर के तरफ देखा और धीरे से फुस्फुसाते हुए अभी से कहा,

“अब जाओ प्लीज बाद में मिलती हूँ! जब मनोज चला जाए तब मिलना!”

अभी खुश हुआ और चला गया वाशरूम के तरफ.

वाशरूम के के कोने से अभी वाच करने लगा रूही को और देखा के वो टेरेस से होकर घर के सामने के दरवाज़े के अंदर गयी तभी मनोज की आवाज़ सुनाई दिया यह कहते हुए,

“अरे एक दो कटरा पानी डालो उस रोज पर नाह तब क्लिक करूँगा”

अभी समझ गया के अंदर मनोज उन् गुलाबों की तस्वीरीं ले रहा था.

बस 10 मीन्स बाद मनोज किचन के तरफ से अपने बैग काँधे पर टाँगे निकला और अभी से hello कहा और जाने लगा तो अभी ने उस्सको रोका, और मनोज ने मुस्कुराते हुए कहा,

“अरे बस मिस हो जाएगी शाम को वापस आऊंगा तो बात करेंगे”

मगर अभी ने कहा,

“तो चलते हुए बात करता हूँ नाह चलो तुमको बस स्टॉप तक चोरर के अत हूँ बात भी कर लेंगे.”

रूही किचन के स्टैर्स पर आ कड़ी हुई अभी को उसस्के भाई से बात करते हुए सुनकर. अभी ने उस्सको देखा और रूही अभी से मुस्कुरायी. रूही को पता था के अभी मनोज से बस की फोटोज के बारे में बात करना चाहता था.

और जब अभी और रूही ने एक दूसरे से मुस्कुराये तो मनोज ने दोनों को एक दूसरे से मुस्कुराते हुए देख कर हंसा.

फिर अभी मनोज के साथ चलते हुए बस स्टॉप तक गया और उस्सने मनोज से कहा के जीतनेय भी फोटोज वो बस का लेगा उन् सब पिक्स के एक कॉपी उस्सको दें और पूछा के पैर फोटो कितना लेगा. मनोज ने कहा 10 रूपए एक फोटो की. अभी ने कहा okay और तब मनोज ने कहा के,6 महीनों में 300 से ज़्यादा पिक्स हो जायेंगे किआ अभी उतना पाय कर पाएगा मनोज ने पूछा, तो अभी ने कहा के अगर 500 पिक्स भी हुए तब भी पाय करेगा. तो मनोज ने कहा okay डील. फिर तुरंत अभी ने जेब से 500 रूपए मनोज को एडवांस पेमेंट कर दिया तो मनोज ने कहा के इसी हफ्ते में पहला रोल को डेवेलोप करेगा तो जीतनेय बस की पिक्टुरेस हैं वो अभी को देगा.

अभी कुछ दूर का सोच रहा था इस स्लिये उस्सको वो बस की फोटोज चाहिए था और उस्सने मनोज से सईद को बताने से मन किया के अभी उस से फोटोज ले रहा है. यह भी कहा अभी ने के कभी वर्कर्स को नहीं लेना फोटोज में, सईद को तो बिल्कुल भी नहीं लेना, अगर अभी को फोटोज में लिया तो कोई बात नहीं…..

यह बाद में पता चलेगा के अभी को क्यों उस बस के फोटोज शुरू से एन्ड तक चाहिए था. अभी ने अभी से hi बड़े दूर का सोच रखा था. एक दिन फ्यूचर में सारे फोटोज उसस्के बड़े काम आने वाले थे.

अभी वापस आँगन में गया और रूही को ढूंढ़ने लगा. 6.30 हुआ थातो उसस्के पास 30 मीन्स था रूही से बात करने के लिए. वाशरूम से किचन में देखा तो कोई नहीं था, फिर बस के पीछे वाले हिस्से से वाशिंग स्टोन के तरफ देखा तो वहां के रूम का खिड़की खुली हुई देखा… उस्सको उम्मीद थी के रूही उस कमर्रे में होगी…. कुछ हिम्मत करके अभी चलते हुए वहां तक gaya…magar कमरे के अंदर देखने की हिम्मत नहीं हुई उस्सको. बहोत गन्दा लगता किसी के कमरे में देखते हुए उस्सने सोचा…

अब क्यूंकि अभी कद का ऊंचा था तो उस्सको सिर्फ कमरे में देखना था तो सब कुछ दिख जाता उस्सको, मगर उस्सने देखा नहीं इस नियत से गया वो उस तरफ के अगर रूही अंदर होगी तो कम से कम रूही तो उस्सको देख पाएगी. और वही हुआ, जैसे रूही ने अभी को उस खिड़की से गुज़रते देखा तो उस्सने गाला साफ़ किया अभी को जैसे एक इशारा किया के वो अंदर है…. बीएड पर बैठी, हाथ में एक किताब लिए रूही अभी को देख रही थी मुस्कुराते हुए.

अभी ने उस्सको देखा, उस कमरे ा मुआएना किया, और पूछा,

“इस थिस योर बैडरूम?!”

रूही ने मुस्कुराते हुए कहा,

“आईटी can’t बे कॉल्ड ा बैडरूम, तू स्माल, बूत यस ी स्लीप हेरे, थिस इस माय बीएड.”

अभी: “यू can’t अंडरस्टैंड हाउ लकी ी ऍम फीलिंग तो बे इंट्रोडूसेड तो थे बीएड एंड प्लेस यू स्लीप. It’s ान ऑनर फॉर में.!”

रूही: “यह रियली? व्हाई सो?!”

अभी: “एसससस माय डिअर…. व्हाट अरे यू रीडिंग?”

तो रूही ने किताब की कवर को टर्न करते हुए अभी को बुक की टाइटल दिखाई, बुक था एक मिल्स एंड बून वाला रोमांटिक टेल. कवर के पिछ पर एक औरत थी सेमि नुदे एक बिना शर्ट के हीरो से लिपटी हुई.

अभी ने पूछा,

“यू लव तो रीड रोमांटिक स्टोरीज ओनली और अन्य वैरायटी इन योर चॉइस?!”

रूही ने कहा,

“नाह मुझे सिर्फ रोमांटिक hi पढ़ना पसंद है, डिटेक्टिव्स, हॉरर या पुलिस बिल्कुल नहीं पसंद सिर्फ ज़्यादा तर मिल्स एंड बून या दूसरे ऑथर के बूत रोमांटिक hi पढ़ती हूँ.”

फिर रूही ने एक कलेक्शन दिखाया अभी को उस्सकी टेबल पर. करीब 25 या 30 बुक्स थे सब के सब मिल्स एंड बून्स कलेक्शन वाले. अभी ने देख कर मुस्कुराया और पूछा,

“अभी हम दोनों बातें कर रहे हैं तो घर के अंदर सब सुन नहीं रहे हैं के तुम मुझसे बात कर रही हो?!”

रूही ने काँधे को उचकते हुए कहा,

“तो किआ हुआ सुनने दो!”

अभी: “तुम्हारी मम्मी सो रही है या जाग गयी है? और तुम्हारे पापा को नहीं देखा आज तक मैं ने कहाँ होता है वो, देर रात को काम से वापस अत है किआ?!”

रूही ने कहा,

“मेरा पापा सऊदी अरबिया में ड्राइविंग की नौकरी करते हैं, वो वापस आने hi वाला है कुछ महीने बाद!”

अभी: “ओह ी सी! तो तुम, तुम्हारी मम्मी, मनोज और महेश रहते हो यहाँ!”

रूही ने ऐड किया,

“दादाजी भी!”

अभी: “अरे हाँ दादा जी को भूल गया मैं! और बुसस इतने hi मेंबर्स हैं तुम्हारे फॅमिली में?”

रूही: “no, मेरी एक बड़ी बेहेन हैं जिस्सकी शादी हो चुकी है वो यहाँ से 100 कंस की दूरी पर रहती है. कभी कभार आती है.”

अभी: “वाओ ग्रेट थें तो हैवे ान एल्डर सीस!”

रूही: “हम्म्म यस!”

अभी: “ाचा यह बताओ के क्यों तुमने मुझसे कहा के जब मेहबूब प्रेजेंट हो तो तुमसे बात नाह करूँ? किआ कहा उस्सने?!”

रूही ने कमरे में पीछे देखा तब आवाज़ धीमी करके कहा,

“मेरे पापा और मेहबूब भाई जैसे हैं. मेरे पापा ने उस्सको हम लोगों का ख्याल रखने के लिए कहा है, हालां के बस के पीछे वाला घर मेरे छोटे चाचा की है, मतलब मेरे पापा का छोटा भाई है, फिर भी मेहबूब मेरे चाचा से बढ़कर है. उस ने मेरी मम्मी से पूछा के मैं आप से क्यों बार बार बात करती हूँ! तो मम्मी ने वो बात मुझसे कहा, तो मैं समझ गयी के उनको नहीं अच्छा लगता जब हम दोनों बात करते हैं इसी लिए आप से कहा के उस्सकी हाज़िरी में मत बात करना मुझसे से”

अभी: “okay मैं समझ गया, उसस्के सामने तुमसे बात नहीं करूँगा.”

रूही: “अरे ऐसे नहीं, जैसे हम अभी कर रहे हैं ऐसे मत करना बूत वहां जब सब कोई एक साथ हैं अगर मम्मी, मेहबूब चाचा, रहीम चची, महेश सब साथ हैं तब यू कैन टॉक, बूत नॉट लिखे थिस अलोन में एंड यू, समझे आप?!”

अभी: “ठीक है समझ गया मैं, मगर एक दूसरे को देख तो सकते हैं नाह, तुम नज़र आती रहना प्लीज. मैं तुमको हर बार देखना पसंद करता हूँ. अगर एक घंटा हो गया और तुम नज़र नहीं आयी तो मुझे बेचैनी होने लगती है तो प्लीज सामने आया करना हैट बार okay?!”

रूही: “मुझे पता है. इसी लिए तो आती रहती हूँ नाह!”

अभी बहोत खुश हुआ और कहा,

“थैंक्स वैरी मच डार्लिंग, अब चलता हूँ वह लोग आने वाले हैं अब काम स्टार्ट करना होगा. और देखा नाह तुमने पूछा के मैं क्यों इतने सवेरा आजाता हूँ, तो अब समझी, हम दोनों को बातें करने के लिए कितना टाइम मिल गया है नाह?!”

रूही ने हाँ में मुस्कुराते हुए गर्दन हिल्लायी.

अभी जाने लगा, फिर वापस आया और पूछा,

“हाउ ओल्ड अरे यू रूही? ी ऍम 22 विल बे 23 थिस ईयर एंड यू?”

रूही ने हँस्ते हुए कहा,

“लड़कियों की उम्र नहीं पूछे जाते, बाद मैनर्स हीहीही”

अभी ने मुस्कुराते हुए कहा,

“ोफो पता है यार, पर मैं ने अपनी आगे बताया नाह तुमको सो प्लीज तेल्ल में, कहीं तुम मुझसे बड़ी निकली तो?!”

रूही ज़ोर से हंस पड़ी और कहा,

“हाँ मैं आप से बड़ी hi हूँ हीहीहीहीही!!”

अभी ने भी हँस्ते हुए कहा,

“कोई बात नहीं अगर बड़ी हो भी तो, उम्र से किआ लेना देना!”

रूही: “आप को कोई फरक नहीं पड़ेगा अगर मैं आप से उम्र में बड़ी हुई तो?

अभी: “बिल्कुल भी नहीं इस में कौन सी बड़ी बात है? चलता है यार!”

रूही: “ाचा और आप को लगता है के मैं आप से उम्र में बड़ी हूँ किआ?!”

अभी: “बिल्कुल hi नहीं, तुम 17, 18 की लगती हो!! अरे यार बता तो दो, 18 हो चुकी या अब भी माइनर हो हहहहए!”

रूही: “हो चुकी….. हम्म्म्म ी ऍम ओवर 19! विल बे 20 थिस ईयर!”

अभी: “ग्रेट that’s परफेक्ट थें, ok सी यू लेटर”

और अभी चला गया चेंज करने, तब तक बाकी के सब आगये.

तो बे कॉन्टिनोएड….. (2750 वर्ड्स)
 
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