- Joined
- Dec 5, 2013
- Messages
- 93,972
अपडेट 5 थे फर्स्ट डे ऑफ़ वर्क
रात को अभी ठीक से सो नहीं पाया. सिर्फ उस लड़की को सोचता रहा, सपने में उस्सको देखा भी जब भी ज़रा सी आँख लगी तो. उस्सको जल्दी था वहां वापस जाने की और वहां काम शुरू करने की. सोचता रहा काम करेगा या दिन भर उस लड़की को देखता रहेगा. किआ लड़की घर पर रहेगी हर रोज़? किआ वो कॉलेज जाती होगी? या कहीं कोई काम करती होगी? यह सब सोच रहा था अभी और खुद को तस्सल्ली देते हुए कहा के अगर कहीं भी जाती होगी सुबह और शाम को एक दूसरे को देख तो पाएंगे…. अभी सोचने लगा की वो उस से बात कर पाएगा? कैसे बात शुरू करेगा? किआ कहेगा उस से? और अगर लड़की ने बात नहीं किया तो? अगर उस्सने अभी को जवाब नहीं दिया तो? थोड़ा शर्मीली टाइप लगी थी उस वक़्त, तो किआ अभी के सामने आएगी भी? यह सब सोचता रहा अभी रात भर. अपनी डायरी में बहोत कुछ लिखा. डायरी ओने डे पेज था उस्सने 5 पेजेज लिख दिया, मतलब अगले 4 दिन के पेजेज भी भर दिए आज की इवेंट्स को लिख कर, तो सोचा एक नया थिक कवर का कॉपी बुक खरीदना होगा सिर्फ इन् दिनों को लिखने के लिए, जब तक वो वहां काम करेगा, उस कॉपी बुक में सिर्फ वहां के इवेंट्स को लिखेगा.
सुबह मामूल से बहोत पहले उठ गया अभी और तैयार होकर निकला काम पर जाने के लिए. बस से सफर करना था, घर से 40 कंस की दूरी पर थी वो जगह जहाँ मेहबूब का घर था. काम करने के लिए पुअरने कपडे एक बैग में लिया हुआ था, और एक दूसरे बैग में काम करने वाले कुछ औज़ार थे, और ऑफ़ कोर्स खाना भी था एक बैग में.
सुबह 6.30 को उस जगह को रीच हुआ अभी, सईद भाई और बाकी के 2 वर्कर्स भी आये ठीक उसस्के पीछे.
बस स्टॉप से उतर कर मरम्मत करने वाले बस तक पहुँचने में कोई 5 मिनट लगता था, और जब उस आँगन में दाखिल हुआ अभी तो उस्सकी नज़र सीधे उस किचन वाले स्टैर्स पर पहुंचे, बस पर नहीं. चलते वक़्त बस तक रीच होने के लिए अभी की नज़रें इधर उधर देखता गया, राइट में जो घर है मतलब जिस घर में वो लड़की रहती है, उस घर का सामने वाले हिस्से को ग़ौर से देखा अभी ने, जो पहला तप था वहां देखा फिर नज़रों को उस तरफ किया जहाँ तप नंबर 2 था और एक वाशिंग स्टोन भी था उस दूसरे नल के पास. और आखिर में उस जगह पहुंचा जहाँ वाशरूम था. और अब वो वाशरूम तो डायरेक्ट उस किचन के अपोजिट था जहाँ कल रूही नज़र आयी थी, उस वाशरूम से किचन के अंदर नज़र ारः था. अभी ने ग़ौर से अंदर देखा. कोई भी नहीं था. अभी ने सोचना शुरू किया के कल इसी किचन में वो लड़की पका रही थी जिस वक़्त उस्सकी माँ उस्सको आवाज़ दे रही थी……. अभी ने एक विज़न किया जो फ्लैशबैक की तरह उसस्के आँखों के सामने आये….
उस्सने देखा के उसी नीली ड्रेस में लड़की अपनी स्टोव के पास कढ़ाई में कुछ पका रही है और अभी उस्सको देख रही है फिर अभी उस से इशारे से बात कर रहा है…..
विज़न ख़तम होने के बाद अभी ने सोचा किआ ऐसा कभी होगा भी? किआ यह मुमकिन है? 4 से 6 महीनों तक यहीं काम करना है कुछ तो बात आगे बढ़ेगी ज़रूर….. एक अजीब सी फीलिंग हो रहा था अभी को, उस किचन के अंदर देखते हुए, सोच रहा था जैसे उस्सकी माँ पकाती है किचन में वैसे hi लड़की भी कल पका रही थी, उस्सको पकाना अत है, किआ कबि कुछ पका कर खिलाएगी अभी को? वो सोचने लगा अभी, उसस्के हाथ का पका हुआ कैसा लगेगा? स्वादिष्ट होगा? अभी उस्सको किचन स्टोव के पास देखना चाहता था, उस्सको पकाते हुए देखना चाहता था, उस्का दिल कर रहा था के वो लड़की वहां आये और अभी उसस्के पास जाकर उस्सको पीछे से जाकर और उस से प्यार करे…. ऐसे फीलिंग्स आ रहे थे अभी के दिल में कपडे चेंज करते वक़्त… ये सब सोचते हुए अभी ने अपने कपडे बदले, काम करने वाला पुराण कपडा पहना और बाकी के लोगों ने भी वही किया और सब बस के पास एकता हुए. सईद भाई ने अभी से पूछा,
“कैसे स्टार्ट करना है?!”
अभी ने कहा,
“सबसे पहले मेहबूब भाई से कहो, एक लम्बा होसे चाहिए बस को धोना है पहले तब तोडना है, सारे सादे हुए तीन, लोहा, शिक्षा, अंदर के टूटे हुए सीट्स सब निकालना है, बस को सिर्फ चेसिस में दिखना है अब….”
वही किया गया…. ऊंची आवाज़ में सब बात कर रहे थे, के यह करो, वहां पानी डालो, ऐसा करो, वैसा करो, यहाँ मत आओ, वहां जाओ ेट्स….
अभी बार बार उस घर के तरफ देखे जा रहा था काम करते हुए, सोच रहा था किआ वो अभी तक सो रही होगी? उस्सको देखने का बड़ा मैं था अभी को, मगर वो बिल्कुल नज़र नहीं आरही थी. किआ वो काम पर चली गयी होगी? किआ कॉलेज गयी होगी? या यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट होगी? उस्सकी माँ कई बार नज़र आयी. मेहबूब भी कई बार आये, सबसे बात किये, मेहबूब की बीवी, रहीम भी आयी, चाय देने आयी सबको फिर वापस चली भी गयी मगर वो लड़की नहीं दिखी थी अभी को दिन के बारह बजने को था. बस को नंगा कर दिया गया था, सिर्फ बस की चेसिस नज़र आरहे थे अपने 6 व्हील्स पर.
लंच टाइम आया तो अभी गया अपने बैग से खाना लेने के लिए वाशरूम के पास बैग तांगा हुआ था जिस में उसस्के खाने के चीज़ें थे; वहां जाते वक़्त भी अभी उस किचन में झाँका और लड़की की माँ नज़र आयी बर्तन मांजते हुए सिंक के पास, तो झट से अभी ने नज़र हत्ता लिया…. बस के अंदर बैठ कर सब खाने चले. खाते वक़्त भी अभी बार बार उस घर एक तरफ देख रहा था…. और अचानक उस्सने उस लड़की को मेहबूब के घर से निकल कर अपनी किचन के तरफ जाते हुए देखा, आज एक लाल ड्रेस में थी, बाल खुले हुए थे, एक नज़र उस्सने बस के तरफ देखा और अपनी किचन में चली गयी…. अभी ने खुद को कोसा के क्यों उस्सने लड़की को उस वक़्त नहीं देखा जिस वक़्त वो अपनी किचन से निकल कर मेहबूब के घर रहीम से मिलने गयी थी… पता नहीं कितने टाइम से वो मेहबूब की बीवी से बात कर रही थी और अभी को कुछ पता hi नहीं चला…..
खाने के बाद सब मैं रोड पर गए टहलते हुए सिगरेट खरीदने. 45 मीन्स का लंच ब्रेक लिए थे सबने. यह नार्मल था कहीं भी काम करते तो 45 मीन्स लेते थे सब.
जब सिगरेट पिटे हुए वापस दाखिल हुए उस आँगन में तो अभी ने लाल ड्रेस वाली लड़की को उसी किचन की स्टैर्स पर देखा जहाँ कल उस्सकी माँ कड़ी थी. मगर मैं रोड से जिस जगह पर वो कड़ी थी काफी दूर था तो अभी को वो दूर दिखी और अभी चाहता था के जब वो बस के पास आये तो वो वहीँ कड़ी रहे ताके उस्सको पास से देख सके, मगर जैसे जैसे वह लोग बस के करीब होते गए लड़की वापस अपने किचन में चली गयी. अभी शुरू में बहोत खुश हुआ उस्सको वहां कड़ी देख कर, वो बस को hi देख रही थी, और एक बार रास्ते पर देखा अभी के तरफ, मगर जब ा
अभी उस्सकी कजिन के घर के पास रीच हुआ तो रूही वापस घुस गयी. तब अभी उदास होगया और प्रे करता रहा के वो वापस स्टैर्स पर आये.
काम शुरू हुआ, अब सारे पुराने तीन को निकला जा रहा था बस से, सादे हुए लोहे को कटा जा रहा था, हतोड़े और बाकी औज़ार से. बहोत शोर हो रहे थे ठाक थोक, ठीक ठाक के आवाज़ें बहोत सुनाई दे रहे थे और ा
अभी ने सोचा किआ पता के लड़की थोड़ा सोने गयी होगी तो नहीं सो पाएगी उन् लोगों के शोर करने की वजह से…. दो पहर में बहोत सारे लोग थोड़ा सोते हैं खाने के बाद, जब ा
अभी घर पर रहता था तो यह उस्सकी आदत थी, तो उस्सने सोचा शायद वो लड़की और उस्सकी माँ के भी वैसे आदत हो….
करीब 3 बजे मोहल्ले के बहोत सारे लोग आये देखने अभी और टीम को काम करते हुए, ख़ास कर स्कूल के बचे लोग. उन् में से एक लड़का रुई का छोटा भाई था जो 10तह में था. वो तो अभी के बिल्कुल पास आके खड़ा हो गया और बात करने लगा. अभी ने पूछा के कौन है किधर रहता है किआ करता है वग़ैरा और जब लड़के ने कहा के वहीँ रहता है तो अभी को पता चला के उस लड़की का छोटा भाई है. उस्का नाम पूछा तब अभी को ख़ुशी हुई क्यूंकि उस्सको पता चला के यह रूही भी हिन्दू hi है क्यूंकि भाई का नाम महेश था. फिर अभी ने पूछा के मेहबूब को चाचा कहते हैं सब तो उस्सने सोचा के मेहबूब उसस्के पिता का भाई है तो महेश ने कहा,
“हम मेहबूब चाचा को ‘चाचा’ इस लिए बुलाते हैं क्यूंकि मम्मी ने कहा उस्सको वैसा बुलाने के लिए”
और एक बार रूही स्तैर पर आयी महेश को बुलाने के लिए और यूँ कहा बस के तरफ महेश को देखते हुए,
“हे महेश चाय नहीं पियेगा किआ? मैं ने सर्वे कर दिया आकर पिले मुझे सब साफ़ करना है जल्दी आह नाह!”
जिस वक़्त रूही वो सब कह रही थी अभी उस्सकी चेहरे में देख रहा था, और रूही ने महेश को देखते हुए वो सब कहा था मगर एक दो बार उस्सकी नज़रें अभी पर भी गयी…. अभी ने बहोत अछि तरह से उस्सकी नज़रों को फॉलो किया था.
अभी को बेहद पसंद आया उस्का उस तरह से उसस्के तरफ देखना. उस्सकी नज़रों में एक कोमलता दिखा अभी को, उस्सकी आवाज़ कितनी मीठी थी, उस्सकी मुस्कराहट जान लेवा लगा अभी को, उस्सकी आवाज़ और ज़्यादा सुनने को मैं किया अभी को तो उस्सने महेश से कहा,
“चाय पिने के बाद वापस आना थोड़ा बातें करेंगे.”
महेश ने कहा,
“हाँ वापस अत हूँ, मुझे देखना है तुम लोग कैसे इस्को बस बनाते हो!”
शाम को 4 बजे तो और कुछ लोग आगये आँगन में. लोग भाड़े हुए थे उस जगह. कभी किसी ने बस को बनते हुए नहीं देखा था, मगर अभी तो बस को उजारा जा रहा था, नंगा किया जा रहा था…. आस पास के लोग जो अपने अपने काम से वापस आगये थे चले आये थे मेहबूब के बस को देखने के लिए… और तब तक बस को ऑलमोस्ट नंगा किया जा चूका था…. जब बस आया था तो कुछ ऐसा दिख रहा था आँगन में कल
जंगल में था तो ऐसा था
और अब सब तोर फॉर के बाद शाम को 4 बजे बस सिर्फ चेसिस पर था और यह दिख रहा था
अब इस पर फ्रेम बनाया जाएगा दिन बा दिन काम होगा बस की फ्रेम वेल्ड करने के बाद अल्लिमिनियम शीट्स रिवेट्स से छिपाना होगा, शीट्स को मेज़रमेंट से काटना पड़ेगा ेट्स….
शाम के करीब पांच बजे जब वाशरूम जाना था सबको तो एक बार और रूही की माँ स्टैर्स पर दिखी और उस्सकी आवाज़ यूँ आयी,
“रूही आ देख नाह बस कैसे बिल्कुल खली हो गयी है…”
अभी ने सोचा उस्सको अब जल्दी से वाशरूम जाना चाहिए और उधर से वो रूही को किचन में देख पाएगा. तो जल्दी से वो निकला….. उसस्के कपडे बिल्कुल मैले हो गए थे, चेहरे पर भी जगह जगह पर गंध लगे हुए थे, खुद को वाश करना था वो नहीं चाहता था के रूही उस्सको वैसा देखे…..
अभी वैसे हैंडसम लड़का था, गोरा रंग, 6.2 feet/1m85 ऊंचा, कई लोग उस्सको ‘लम्बू’ भी बुलाते थे; उस्का एक स्ट्रांग पर्सनालिटी था, जल्दी से लोग उसस्के दोस्त बन जाते थे और वो एक सेंटर ऑफ़ अट्रैक्शन था खुद में hi, लोग उसस्के तरफ नज़र करते hi थे किसी तरह से भी, उस्सकी ऊचाई की वजह से कुछ लोग उस्सको देखते थे तो कुछ लोग उस्सकी पर्सनालिटी की वजह से, तो बात यह हुई के रूही की माँ अभी को hi देख रही थी जब वो वाशरूम के तरफ जाने लगे तो और इस से पहले के वो वाशरूम पहुँचता खुद रूही की माँ ने अभी से कुछ कहा…. कुछ लोग जवान 22 साल के लड़के से बात करना पसंद करते हैं, कभी तंग खिंचाई करते हैं तो कभी उम्र वाले लोग जवान लोगों से बुसस बात इस लिए करते हैं के देखें वो जवान कितना काबिल है….. और कुछ लोग खुद को जवानों से दोस्ती करने के लिए बातें करते हैं, और कुछ लोग तो जवानों से आकर्षित होकर hi बात करते हैं….
अभी को रुकना पड़ा उस्सको जवाब देने के लिए और किचन के अंदर से रूही अभी के चेहरे में एक मुस्कान से देख रही थी के उस्सकी माँ उस से बात कर रही है….
अभी तो खुद को साफ़ सुथरा करके रूही के सामने पेश होना चाहता था मगर उस्सकी माँ ने अभी को उसी हालत में रोक लिया तो अभी को ाचा नहीं लगा मगर कैसे मन करता उस औरत ने बात किया तो जवाब तो देना था इस लिए मजबूरन उस्सको रुकना पड़ा और रूही की माँ ने मुस्कुराते हुए पूछा था,
“कितने दिनों में बस बन जाएगा?!”
अभी ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया मगर रूही को देखते हुए उस्सकी माँ को नहीं,
“बहोत बड़ा काम है यह, शुरुवात से सब कुछ करना पड़ेगा वो भी हाथ से, कोई भी गेराज वाला मशीन नहीं है तो ज़्यादा दिन लगेंगे!”
अंदर से रूही मुस्कुराते हुए अभी को देख रही थी, उस्सकी हाथ में एक प्लेट था जिस्सको वो किचन की टेबल पर रखने जा रही थी मगर अभी को रुक कर सुनने लगी थी, और अभी ने नोट किया के उस वक़्त रूही के बाल खुले हुए नहीं थे, बल्कि बंधे थे, कुछ इस तरह से के उस्सकी काँधे पर कोई देखे तो लगता था के उस्सकी बाल काँधे तक काटते हुए हैं, बेहद खूबसूरत दिख रही थी, शायद थोड़ा मेकअप किया हुआ था या क्रीम पाउडर लगाई थी उस वक़्त रूही ने….. अभी ने सोचा के खुद कितना गन्दा दिख रहा है, मैले कपडे, मैला चेहरा, बाल बिखरे हुए, और रूही एक प्रिंसेस दिख रही थी…. अभी को जल्दी था वाशरूम जाने की, तो उस्सने कहा,
“वेट मैं वाश करके वापस आता हूँ और आप को समझाऊंगा के कितने काम है.
और वो चला गया खुद को साफ़ करने मगर वहां सईद और बाकी के दो लोग उस से पहले वाश कर रहे थे तो अभी को वेट करना पड़ा तब तक वो किचन में देखता रहा, और रूही भी बार बार उसस्के तरफ देख रही थी अपने किचन के काम करते हुए…..
तो बे कॉन्टिनोएड….. (2600 वर्ड्स)
रात को अभी ठीक से सो नहीं पाया. सिर्फ उस लड़की को सोचता रहा, सपने में उस्सको देखा भी जब भी ज़रा सी आँख लगी तो. उस्सको जल्दी था वहां वापस जाने की और वहां काम शुरू करने की. सोचता रहा काम करेगा या दिन भर उस लड़की को देखता रहेगा. किआ लड़की घर पर रहेगी हर रोज़? किआ वो कॉलेज जाती होगी? या कहीं कोई काम करती होगी? यह सब सोच रहा था अभी और खुद को तस्सल्ली देते हुए कहा के अगर कहीं भी जाती होगी सुबह और शाम को एक दूसरे को देख तो पाएंगे…. अभी सोचने लगा की वो उस से बात कर पाएगा? कैसे बात शुरू करेगा? किआ कहेगा उस से? और अगर लड़की ने बात नहीं किया तो? अगर उस्सने अभी को जवाब नहीं दिया तो? थोड़ा शर्मीली टाइप लगी थी उस वक़्त, तो किआ अभी के सामने आएगी भी? यह सब सोचता रहा अभी रात भर. अपनी डायरी में बहोत कुछ लिखा. डायरी ओने डे पेज था उस्सने 5 पेजेज लिख दिया, मतलब अगले 4 दिन के पेजेज भी भर दिए आज की इवेंट्स को लिख कर, तो सोचा एक नया थिक कवर का कॉपी बुक खरीदना होगा सिर्फ इन् दिनों को लिखने के लिए, जब तक वो वहां काम करेगा, उस कॉपी बुक में सिर्फ वहां के इवेंट्स को लिखेगा.
सुबह मामूल से बहोत पहले उठ गया अभी और तैयार होकर निकला काम पर जाने के लिए. बस से सफर करना था, घर से 40 कंस की दूरी पर थी वो जगह जहाँ मेहबूब का घर था. काम करने के लिए पुअरने कपडे एक बैग में लिया हुआ था, और एक दूसरे बैग में काम करने वाले कुछ औज़ार थे, और ऑफ़ कोर्स खाना भी था एक बैग में.
सुबह 6.30 को उस जगह को रीच हुआ अभी, सईद भाई और बाकी के 2 वर्कर्स भी आये ठीक उसस्के पीछे.
बस स्टॉप से उतर कर मरम्मत करने वाले बस तक पहुँचने में कोई 5 मिनट लगता था, और जब उस आँगन में दाखिल हुआ अभी तो उस्सकी नज़र सीधे उस किचन वाले स्टैर्स पर पहुंचे, बस पर नहीं. चलते वक़्त बस तक रीच होने के लिए अभी की नज़रें इधर उधर देखता गया, राइट में जो घर है मतलब जिस घर में वो लड़की रहती है, उस घर का सामने वाले हिस्से को ग़ौर से देखा अभी ने, जो पहला तप था वहां देखा फिर नज़रों को उस तरफ किया जहाँ तप नंबर 2 था और एक वाशिंग स्टोन भी था उस दूसरे नल के पास. और आखिर में उस जगह पहुंचा जहाँ वाशरूम था. और अब वो वाशरूम तो डायरेक्ट उस किचन के अपोजिट था जहाँ कल रूही नज़र आयी थी, उस वाशरूम से किचन के अंदर नज़र ारः था. अभी ने ग़ौर से अंदर देखा. कोई भी नहीं था. अभी ने सोचना शुरू किया के कल इसी किचन में वो लड़की पका रही थी जिस वक़्त उस्सकी माँ उस्सको आवाज़ दे रही थी……. अभी ने एक विज़न किया जो फ्लैशबैक की तरह उसस्के आँखों के सामने आये….
उस्सने देखा के उसी नीली ड्रेस में लड़की अपनी स्टोव के पास कढ़ाई में कुछ पका रही है और अभी उस्सको देख रही है फिर अभी उस से इशारे से बात कर रहा है…..
विज़न ख़तम होने के बाद अभी ने सोचा किआ ऐसा कभी होगा भी? किआ यह मुमकिन है? 4 से 6 महीनों तक यहीं काम करना है कुछ तो बात आगे बढ़ेगी ज़रूर….. एक अजीब सी फीलिंग हो रहा था अभी को, उस किचन के अंदर देखते हुए, सोच रहा था जैसे उस्सकी माँ पकाती है किचन में वैसे hi लड़की भी कल पका रही थी, उस्सको पकाना अत है, किआ कबि कुछ पका कर खिलाएगी अभी को? वो सोचने लगा अभी, उसस्के हाथ का पका हुआ कैसा लगेगा? स्वादिष्ट होगा? अभी उस्सको किचन स्टोव के पास देखना चाहता था, उस्सको पकाते हुए देखना चाहता था, उस्का दिल कर रहा था के वो लड़की वहां आये और अभी उसस्के पास जाकर उस्सको पीछे से जाकर और उस से प्यार करे…. ऐसे फीलिंग्स आ रहे थे अभी के दिल में कपडे चेंज करते वक़्त… ये सब सोचते हुए अभी ने अपने कपडे बदले, काम करने वाला पुराण कपडा पहना और बाकी के लोगों ने भी वही किया और सब बस के पास एकता हुए. सईद भाई ने अभी से पूछा,
“कैसे स्टार्ट करना है?!”
अभी ने कहा,
“सबसे पहले मेहबूब भाई से कहो, एक लम्बा होसे चाहिए बस को धोना है पहले तब तोडना है, सारे सादे हुए तीन, लोहा, शिक्षा, अंदर के टूटे हुए सीट्स सब निकालना है, बस को सिर्फ चेसिस में दिखना है अब….”
वही किया गया…. ऊंची आवाज़ में सब बात कर रहे थे, के यह करो, वहां पानी डालो, ऐसा करो, वैसा करो, यहाँ मत आओ, वहां जाओ ेट्स….
अभी बार बार उस घर के तरफ देखे जा रहा था काम करते हुए, सोच रहा था किआ वो अभी तक सो रही होगी? उस्सको देखने का बड़ा मैं था अभी को, मगर वो बिल्कुल नज़र नहीं आरही थी. किआ वो काम पर चली गयी होगी? किआ कॉलेज गयी होगी? या यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट होगी? उस्सकी माँ कई बार नज़र आयी. मेहबूब भी कई बार आये, सबसे बात किये, मेहबूब की बीवी, रहीम भी आयी, चाय देने आयी सबको फिर वापस चली भी गयी मगर वो लड़की नहीं दिखी थी अभी को दिन के बारह बजने को था. बस को नंगा कर दिया गया था, सिर्फ बस की चेसिस नज़र आरहे थे अपने 6 व्हील्स पर.
लंच टाइम आया तो अभी गया अपने बैग से खाना लेने के लिए वाशरूम के पास बैग तांगा हुआ था जिस में उसस्के खाने के चीज़ें थे; वहां जाते वक़्त भी अभी उस किचन में झाँका और लड़की की माँ नज़र आयी बर्तन मांजते हुए सिंक के पास, तो झट से अभी ने नज़र हत्ता लिया…. बस के अंदर बैठ कर सब खाने चले. खाते वक़्त भी अभी बार बार उस घर एक तरफ देख रहा था…. और अचानक उस्सने उस लड़की को मेहबूब के घर से निकल कर अपनी किचन के तरफ जाते हुए देखा, आज एक लाल ड्रेस में थी, बाल खुले हुए थे, एक नज़र उस्सने बस के तरफ देखा और अपनी किचन में चली गयी…. अभी ने खुद को कोसा के क्यों उस्सने लड़की को उस वक़्त नहीं देखा जिस वक़्त वो अपनी किचन से निकल कर मेहबूब के घर रहीम से मिलने गयी थी… पता नहीं कितने टाइम से वो मेहबूब की बीवी से बात कर रही थी और अभी को कुछ पता hi नहीं चला…..
खाने के बाद सब मैं रोड पर गए टहलते हुए सिगरेट खरीदने. 45 मीन्स का लंच ब्रेक लिए थे सबने. यह नार्मल था कहीं भी काम करते तो 45 मीन्स लेते थे सब.
जब सिगरेट पिटे हुए वापस दाखिल हुए उस आँगन में तो अभी ने लाल ड्रेस वाली लड़की को उसी किचन की स्टैर्स पर देखा जहाँ कल उस्सकी माँ कड़ी थी. मगर मैं रोड से जिस जगह पर वो कड़ी थी काफी दूर था तो अभी को वो दूर दिखी और अभी चाहता था के जब वो बस के पास आये तो वो वहीँ कड़ी रहे ताके उस्सको पास से देख सके, मगर जैसे जैसे वह लोग बस के करीब होते गए लड़की वापस अपने किचन में चली गयी. अभी शुरू में बहोत खुश हुआ उस्सको वहां कड़ी देख कर, वो बस को hi देख रही थी, और एक बार रास्ते पर देखा अभी के तरफ, मगर जब ा
अभी उस्सकी कजिन के घर के पास रीच हुआ तो रूही वापस घुस गयी. तब अभी उदास होगया और प्रे करता रहा के वो वापस स्टैर्स पर आये.
काम शुरू हुआ, अब सारे पुराने तीन को निकला जा रहा था बस से, सादे हुए लोहे को कटा जा रहा था, हतोड़े और बाकी औज़ार से. बहोत शोर हो रहे थे ठाक थोक, ठीक ठाक के आवाज़ें बहोत सुनाई दे रहे थे और ा
अभी ने सोचा किआ पता के लड़की थोड़ा सोने गयी होगी तो नहीं सो पाएगी उन् लोगों के शोर करने की वजह से…. दो पहर में बहोत सारे लोग थोड़ा सोते हैं खाने के बाद, जब ा
अभी घर पर रहता था तो यह उस्सकी आदत थी, तो उस्सने सोचा शायद वो लड़की और उस्सकी माँ के भी वैसे आदत हो….
करीब 3 बजे मोहल्ले के बहोत सारे लोग आये देखने अभी और टीम को काम करते हुए, ख़ास कर स्कूल के बचे लोग. उन् में से एक लड़का रुई का छोटा भाई था जो 10तह में था. वो तो अभी के बिल्कुल पास आके खड़ा हो गया और बात करने लगा. अभी ने पूछा के कौन है किधर रहता है किआ करता है वग़ैरा और जब लड़के ने कहा के वहीँ रहता है तो अभी को पता चला के उस लड़की का छोटा भाई है. उस्का नाम पूछा तब अभी को ख़ुशी हुई क्यूंकि उस्सको पता चला के यह रूही भी हिन्दू hi है क्यूंकि भाई का नाम महेश था. फिर अभी ने पूछा के मेहबूब को चाचा कहते हैं सब तो उस्सने सोचा के मेहबूब उसस्के पिता का भाई है तो महेश ने कहा,
“हम मेहबूब चाचा को ‘चाचा’ इस लिए बुलाते हैं क्यूंकि मम्मी ने कहा उस्सको वैसा बुलाने के लिए”
और एक बार रूही स्तैर पर आयी महेश को बुलाने के लिए और यूँ कहा बस के तरफ महेश को देखते हुए,
“हे महेश चाय नहीं पियेगा किआ? मैं ने सर्वे कर दिया आकर पिले मुझे सब साफ़ करना है जल्दी आह नाह!”
जिस वक़्त रूही वो सब कह रही थी अभी उस्सकी चेहरे में देख रहा था, और रूही ने महेश को देखते हुए वो सब कहा था मगर एक दो बार उस्सकी नज़रें अभी पर भी गयी…. अभी ने बहोत अछि तरह से उस्सकी नज़रों को फॉलो किया था.
अभी को बेहद पसंद आया उस्का उस तरह से उसस्के तरफ देखना. उस्सकी नज़रों में एक कोमलता दिखा अभी को, उस्सकी आवाज़ कितनी मीठी थी, उस्सकी मुस्कराहट जान लेवा लगा अभी को, उस्सकी आवाज़ और ज़्यादा सुनने को मैं किया अभी को तो उस्सने महेश से कहा,
“चाय पिने के बाद वापस आना थोड़ा बातें करेंगे.”
महेश ने कहा,
“हाँ वापस अत हूँ, मुझे देखना है तुम लोग कैसे इस्को बस बनाते हो!”
शाम को 4 बजे तो और कुछ लोग आगये आँगन में. लोग भाड़े हुए थे उस जगह. कभी किसी ने बस को बनते हुए नहीं देखा था, मगर अभी तो बस को उजारा जा रहा था, नंगा किया जा रहा था…. आस पास के लोग जो अपने अपने काम से वापस आगये थे चले आये थे मेहबूब के बस को देखने के लिए… और तब तक बस को ऑलमोस्ट नंगा किया जा चूका था…. जब बस आया था तो कुछ ऐसा दिख रहा था आँगन में कल
जंगल में था तो ऐसा था
और अब सब तोर फॉर के बाद शाम को 4 बजे बस सिर्फ चेसिस पर था और यह दिख रहा था
अब इस पर फ्रेम बनाया जाएगा दिन बा दिन काम होगा बस की फ्रेम वेल्ड करने के बाद अल्लिमिनियम शीट्स रिवेट्स से छिपाना होगा, शीट्स को मेज़रमेंट से काटना पड़ेगा ेट्स….
शाम के करीब पांच बजे जब वाशरूम जाना था सबको तो एक बार और रूही की माँ स्टैर्स पर दिखी और उस्सकी आवाज़ यूँ आयी,
“रूही आ देख नाह बस कैसे बिल्कुल खली हो गयी है…”
अभी ने सोचा उस्सको अब जल्दी से वाशरूम जाना चाहिए और उधर से वो रूही को किचन में देख पाएगा. तो जल्दी से वो निकला….. उसस्के कपडे बिल्कुल मैले हो गए थे, चेहरे पर भी जगह जगह पर गंध लगे हुए थे, खुद को वाश करना था वो नहीं चाहता था के रूही उस्सको वैसा देखे…..
अभी वैसे हैंडसम लड़का था, गोरा रंग, 6.2 feet/1m85 ऊंचा, कई लोग उस्सको ‘लम्बू’ भी बुलाते थे; उस्का एक स्ट्रांग पर्सनालिटी था, जल्दी से लोग उसस्के दोस्त बन जाते थे और वो एक सेंटर ऑफ़ अट्रैक्शन था खुद में hi, लोग उसस्के तरफ नज़र करते hi थे किसी तरह से भी, उस्सकी ऊचाई की वजह से कुछ लोग उस्सको देखते थे तो कुछ लोग उस्सकी पर्सनालिटी की वजह से, तो बात यह हुई के रूही की माँ अभी को hi देख रही थी जब वो वाशरूम के तरफ जाने लगे तो और इस से पहले के वो वाशरूम पहुँचता खुद रूही की माँ ने अभी से कुछ कहा…. कुछ लोग जवान 22 साल के लड़के से बात करना पसंद करते हैं, कभी तंग खिंचाई करते हैं तो कभी उम्र वाले लोग जवान लोगों से बुसस बात इस लिए करते हैं के देखें वो जवान कितना काबिल है….. और कुछ लोग खुद को जवानों से दोस्ती करने के लिए बातें करते हैं, और कुछ लोग तो जवानों से आकर्षित होकर hi बात करते हैं….
अभी को रुकना पड़ा उस्सको जवाब देने के लिए और किचन के अंदर से रूही अभी के चेहरे में एक मुस्कान से देख रही थी के उस्सकी माँ उस से बात कर रही है….
अभी तो खुद को साफ़ सुथरा करके रूही के सामने पेश होना चाहता था मगर उस्सकी माँ ने अभी को उसी हालत में रोक लिया तो अभी को ाचा नहीं लगा मगर कैसे मन करता उस औरत ने बात किया तो जवाब तो देना था इस लिए मजबूरन उस्सको रुकना पड़ा और रूही की माँ ने मुस्कुराते हुए पूछा था,
“कितने दिनों में बस बन जाएगा?!”
अभी ने भी मुस्कुराते हुए जवाब दिया मगर रूही को देखते हुए उस्सकी माँ को नहीं,
“बहोत बड़ा काम है यह, शुरुवात से सब कुछ करना पड़ेगा वो भी हाथ से, कोई भी गेराज वाला मशीन नहीं है तो ज़्यादा दिन लगेंगे!”
अंदर से रूही मुस्कुराते हुए अभी को देख रही थी, उस्सकी हाथ में एक प्लेट था जिस्सको वो किचन की टेबल पर रखने जा रही थी मगर अभी को रुक कर सुनने लगी थी, और अभी ने नोट किया के उस वक़्त रूही के बाल खुले हुए नहीं थे, बल्कि बंधे थे, कुछ इस तरह से के उस्सकी काँधे पर कोई देखे तो लगता था के उस्सकी बाल काँधे तक काटते हुए हैं, बेहद खूबसूरत दिख रही थी, शायद थोड़ा मेकअप किया हुआ था या क्रीम पाउडर लगाई थी उस वक़्त रूही ने….. अभी ने सोचा के खुद कितना गन्दा दिख रहा है, मैले कपडे, मैला चेहरा, बाल बिखरे हुए, और रूही एक प्रिंसेस दिख रही थी…. अभी को जल्दी था वाशरूम जाने की, तो उस्सने कहा,
“वेट मैं वाश करके वापस आता हूँ और आप को समझाऊंगा के कितने काम है.
और वो चला गया खुद को साफ़ करने मगर वहां सईद और बाकी के दो लोग उस से पहले वाश कर रहे थे तो अभी को वेट करना पड़ा तब तक वो किचन में देखता रहा, और रूही भी बार बार उसस्के तरफ देख रही थी अपने किचन के काम करते हुए…..
तो बे कॉन्टिनोएड….. (2600 वर्ड्स)