अपडेट 71 रूही एंड थे डायरीज ी
रूही ने जवाब लिखा:
“अभी आज बता दूँ आप को के मैं ख़ास कर आप के लिए hi वहां ज़्यादा आया करती थी, आप मुझे अचे लगने लगे थे, आप से बात करने का मेरा बी मैं कर रहा था, हाँ मुझे पता चल गया था की आप सिर्फ मुझको देखते रहते हो, और मुझको ढूंढ़ते हो हर बार, और आप शायद हिचकिचाते थे मुझसे बात करने में तो मैं ने उस दिन खुद सोचा की आप से कुछ कहूं तो देखा आप सिगरेट पी रहे थे, तो उसी के बारे में कहा था आप से…. थैंक्स फॉर डेस्क्रिबिंग में ब्रूमिंग माय टेरेस अभी, लव्ड आईटी.”
अब आगे….
रूही ने डायरीज पढ़ना जारी रखा:
{ तो सईद भाई चला गया तुबेस के तरफ और अभी वापस रूही को देखा और कहा,
“सुनों प्लीज, एक बात पूछनी है!”
रूही दो कदम अभी के तरफ मुस्कुराती हुई आयी और पूछा,
“किआ? सिगरर्टे क्यों नहीं पीना यह पूछोगे आप?”
अभी ने हँस्ते हुए कहा,
“अरे नहीं पूछना यह है के आप को मैं ने कुछ देर पहले गुड मॉर्निंग कहा तो आप ने जवाब क्यों नहीं दिया?!”
रूही हैरानी से अभी के चेहरे में देखते हुए पूछा,
“व्हाट? आप ने कब मुझसे बात किये, बात तो मैं ने आप से किया अभी अभी?!”
अभी: “अरे यार, जब तुम गार्डन से रोजेज पिक कर रही थी और मैं ारः था तब तुमको गुड मॉर्निंग कहा था नाह?!”
रूही: “रियली? मैं ने तो कुछ नहीं सुना, सॉरी थें, वैरी गुड मॉर्निंग तो यू तू एंड दो हैवे ा नीस डे.”
अभी बहोत खुश हुआ और कहा,
“वाओ that’s ग्रेट थें, शामे तो यू माय डिअर!”}
रूही ने यह पढ़ कर हँस्ते हुए रिप्लाई लिखा:
“हम्म्म्म मैं ने झूट कहा था के मैं ने नहीं सुना था, कुछ देर पहले रीज़न दिया नाह के क्यों मैं ने रिप्लाई नहीं किया था, मगर आप ने इस कन्वर्सेशन को बहोत खूबसूरत तरीके से लिखा है, मैं मुस्कुराते हुए पढ़ती गयी…”
{रूही ने निचे देखते हुए धीरे से कहा,
“ी ऍम नॉट योर ‘डिअर’ और आप तो ाचा इंग्लिश बोल लेते हो तो ऐसा काम क्यों करते हो आप?!”
अभी: “व्हाई? इस काम में किआ बुराई है भला?”
रूही: “मेरी मम्मी कहती है यह काम सही नहीं है क्यूंकि इस में फ्यूचर नहीं है!”
अभी ने उस्सकी माँ के तरफ देखा और रूही को जवाब दिया,
“तुम्हारी मम्मी ग़लत कहती है, थिस जॉब इस ा परफेक्ट ओने.”}
रूही ने यहाँ रिप्लाई यह लिखा:
“अभी, आप ग़ौर कीजियेगा, यहाँ मैं ने कहा मम्मी कहती है यह काम सही नहीं, यह मेरा कहना नहीं था अभी….. और आप ने बिल्कुल सही जवाब दिया था के मेरी मम्मी ग़लत कहती है”
और रूही आगे बढ़ती गयी पढ़ते हुए:
{ अभी फिर काम पर लग गया. काम करते वक़्त ऑफ़ कोर्स बार बार रूही के घर के तरफ देख रहा था.
कोई एक घंटे तक अभी को टाइम hi नहीं मिला रूही को देखने की मगर अभी को पता नहीं था के रूही अपने घर के अंदर से खिरकी के पास परदे के कोने से अभी को वो काम करते देख रही थी और उस्सकी माँ भी देख रही थी अभी को उस लोहे को फॉर्म देने के लिए किश तरह हतोड़ा मार रहा था. अब वो लोहा टोनी से संभाला नहीं जा रहा था क्यों के जब अभी उस पर हथोड़ा मार रहा था तो टोनी के हाथ में शॉक लग रहा था इस लिए कई बार लोहा उस के हाथ से चुत गिरा, और एक बार लोहा जब टोनी के हाथ से छूटा तो वो एन्ड वापस अभी के ठीक चेहरे के पास लौट कर रुका और झट से अभी ने कुछ कदम पीछे लिया वार्ना उस्सको गहरा चोट लग जाता. रूही ने वो सब देखा और उस्सकी आह निकली जिस वक़्त वो लोहा वापस अभी के चेहरे के पास गए तो….
क्यूंकि जब लोहा बाउंस होकर गिरा एक अजीब सा शोर हुआ और टोनी ज़ोर से अभी का नाम चिल्लाया उस्सको वारं करने के लिए तो सईद, विनय, मेहबूब, रूही का दादा, रूही की माँ सब तुरंत बाहर आये देखने को के किआ हुआ…..
हाथ में वो बड़ा सा हतोड़ा लिए जिस एक्शन से ऊपर छलांग लगा कर अभी कूड़ा था उस लोहे से बचने के लिए, फिर जिस जगह जा कर अभी लैंड हुआ था हाथ में हथोड़े समेत वो एक हीरोइक एक्शन था जिस्सको रूही ने अदमीरे किया. हीरो लग रहा था अभी उस एक्शन को करते हुए. और जहाँ लैंड हुआ था अभी उस छलांग के बाद वो रूही की टेरेस पर था, और ठीक उसी जगह से रूही अभी को झाँक रही थी. और उस्सने तुरंत खिरकी की परदे को हत्ता कर अभी से कहा,
“बहोत डेंजरस है यह काम, आप बहोत खतरनाक तरीके से अभी हर्ट हो सकते थे, मुझको बहोत डर लगा जब मैं ने उस लोहे को आप के सर के तरफ ुध कर आते हुए देखा तो, मुझे लगा के आप को लग गयी…. आप बहोत फ्लेक्सिबल बॉडी के मालिक हो जिमनास्टिक करते हो किआ आप? आप वहां से कैसे, जैसे उड़कर यहाँ पहुंचे?!”
अभी को बहोत hi ाचा लगा रूही को वो सब कहते हुए सुन कर और जवाब दिया के गेराज में एक सोफिस्टिकेटेड मशीन है जो लोहे को मोड़ता है, यहाँ कुछ नहीं है इस लिए हाथ से करना पद रहा है वार्ना काम बिल्कुल डेंजरस नहीं है…. फिर भी रूही की माँ ने भी ज्वाइन किया रूही को और कहा के डेंजरस है यह काम.
रूही ने अभी से कहा बाद में :
“बे वैरी केयरफुल प्लीज, ी ऍम फीलिंग सकारेद!” }
ये सब पढ़ने के बाद रूही ने लिखा:
“अभी उस दिन मैं सच में बहोत डर गयी थी, मुझे लगा था के आप के चेहरे पर वो लोहा ज़ोर से लग गयी थी, आप का हैंडसम चेहरा बिगड़ जाता अभी…. हाँ आप मुझे बहोत hi ज़्यादा हैंडसम लगने लगे थे अभी…. जीतनेय लोग काम कर रहे थे हमारे आँगन में यू वेरे थे मोस्ट हैंडसम, चारिस्मैटिक एंड वैरी अट्रैक्टिव यंग मन…. आप में कुछ था जो दूसरों को अपने तरफ अत्त्रक्ट करता था, आप की एक बहोत hi स्ट्रांग पर्सनालिटी है अभी, तब भी था अब भी है…. एक तो आप का ऊंचा कद, ऊपर से आप की बोलने और देखने का अंदाज़, आप की स्माइल, आप की सीरियसनेस, आप के चेहरे में ऐसा कुछ है जो आपकी पर्सनालिटी को बहोत hi स्ट्रांग बनता है…. हमारे आँगन में एक आप hi थे जिस से हर कोई प्रभावित होता था, घर में आप के नाम का ज़िक्र होता था जब सब लोग चले जाते थे…. कोई सईद की ग्रुप को नहीं सब अभी की ग्रुप का नाम लेते जब भी बस बनाने वाले के बात करते थे… इस आँगन में आप मैं सब्जेक्ट ऑफ़ टॉक होते थे अक्सर…. महबूब से लेकर रहीम, फ़र्ज़िना, मनोज, महेश सब आप का नाम लेते जब भी काम की बात होती थी….. और यह तो मैं ने आप से कहा hi था के हमारे आँगन में जितना अभी का नाम गूंजता था कभी किसी और का नाम नहीं सुनाई दिया मेरी लाइफ में इस आगाँ में गूंजते हुए अभी…. आप चले गए थे तो सनाटा छह गया था, मैं तरसती थी के कोई चमत्कार हो जाए और कोई ज़ोर से अभी का नाम एक बार तो फुंकार दे!!.... मेरे कान में यह आवाज़ आजाते के ‘अभी उधर देखो उस तीन को चिपकना है, अभी ज़रा उस लोहे को मोड़ कर लाडो, अभी किधर हो इधर मेरा हेल्प करने आओ, अभी एक सिगरेट दो मुझे…. अभी … अभी…. अभी….. इस नाम से hi मुझे प्यार हो गया था, इस नाम को सुनने के लिए मैं तरसती रह गयी आप के जाने के बाद, सपनों में सैकड़ों बार आप का नाम किसी को फुँकारते हुए सुनकर जाएगी हूँ पिछले 25 सालों में अभी….
आप को ाचा लगा था के मैं ने केयर किया था आप के लिए उस रोज़ यह जान कर ाचा लगा अभी, मगर उसी दिन से यह कन्फर्म भी हो गया था के जो काम आप करते हो वो बहोत डेंजरस है, यह मम्मी के तरफ से और भी ज़्यादा सीरियस हो गया था उधर नानी के घर वालों के तरफ से और भी आग में तेल डालने वाली बात हुआ करता था…. बाद में समझाउंगी….”
रूही ने आगे यह पढ़ा:
{ देर घंटे बीत गए और एक दो बार अभी ने देखा के घर के पीछे से एक दो बार रूही ने उस्सको देखा वेल्ड करते हुए. बुसस झांक रही थी फिर घर के पीछे हो जाती थी, शामे टाइम अपनी माँ से बात कर रही थी….. अभी को प्यास लगा और देखा के नल है तो एक खली बोतल लेकर गया पानी भरने, उसी बहाने रूही से एक दो बात कर लेता, मगर उस्का प्लान फ़ैल हुआ क्यूंकि तप नंबर ओने था यहीं बस के पास, तो क्यों करीब के तप को चोरर कर पीछे वाले तप में पानी भरने जाता?! फिर भी पानी लेने से पहले रूही की माँ से परमिशन लिया के किआ उस नल से पानी ले सकता है…. जिस वक़्त रूही की माँ अभी को रिप्लाई कर रही थी, रूही सामने आयी अभी को देखने के उस्सकी माँ से किआ कह रहा था वो. मुस्कुरा रही थी और जब अभी पानी भरने लगा बोतल में तो रूही ने कहा,
“पानी मांगते नहीं हैं, बुसस ले लेते हैं, अगली बार पूछना नहीं बुसस नल खोलना और भर लेना okay?!”
अभी ने मुस्कुराते हुए थैंक्स कहा, ठीक तभी रूही की माँ ने रूही से कुछ कहा, और तुरंत रूही ने अभी से कहा,
“Hello? जूस पियोगे? थोड़ा सा जूस बना दूँ किआ?!”
एहि बात कह रही थी रूही से उस्सकी माँ के क्यों नाह थोड़ा सा जूस दे दिया जाए उन् लोगों को…
मगर अभी ने रूही से मुस्कुराते हुए कहा,
“सुनो डिअर, जूस सही है मगर एक प्रॉब्लम हो जाएगा!”
रूही हैरानी से अभी को देखते हुए पूछा,
“व्हाट? जूस से किआ प्रॉब्लम हो जाएगा भला?”
तो अभी ने कहा,
“जूस पियूँगा तो सिगर्रेट पिने का मैं करेगा क्यूंकि जूस स्वीट होगा नाह? तब तुम कहोगी के सिगरर्टे पीना ाचा नहीं!”
अभी की रिप्लाई सुनकर रूही की माँ ज़ोर से हंस पड़ी, और रूही ने मुंह बनाते हुए कहा,
“तो फिर ठीक नहीं नहीं बनाउंगी जूस मत पीना सिगर्रेट फिर!”}
रूही ने रिप्लाई लिखा:
“हम्म्म आप को बहाना चाहिए था सिगरेट पिने के लिए… यह सब 100% याद है मुझे अभी क्यों के तीसरे या चौथे दिन के बाद मैं खुद आप से इम्प्रेस हो चुकी थी और आप को देखने लगी थी और जैसे आप मुझे देखते रहते थे मैं भी आप को देखती रहती थी, जैसे आप मुझे ढूढ़ते रहते थे मुझे पता होता था के आप को सिर्फ बस के तरफ के देखना होता है आप को देखने के लिए…. मुझे हंसी आयी यह रीड करके के आप मेरे पास आना चाहते थे मगर नल आप के पास hi था जबकि आप दूसरी नल के पास आना चाहते थे जहाना मैं थी हीहीहीहीही!..... वैसे एक बात कहूं अभी? कभी कभी मुझे आप को चेररने और तंग करने में मुझे ाचा लगता था…. आप क्यूट जो लगने लगे थे मुझे… आप से बहोत चेरर कहानी करने को मैं करता था मुझे….
और आगे पढ़ा रूही ने:
{ अभी के चेहरे में एक उदासी चाह गयी थी, जो शायद रूही ने नोट किया, अभी लगातार उस्सको देखे जा रहा था और रूही उनकंफर्टबले फील करने लगी…. रूही ने फिर अभी को देखा और हाथ के इशारे से पूछा किआ हुआ तो अभी ने नाह में सर हिलाया मतलब कुछ भी नहीं कहा….. फिर अभी ने देखा के रूही की माँ तार पर कपडे सूखने के लिए टांग रही थी तो जल्दी से अभी बिना कुछ सोचे समझे रूही के तरफ गया…
अभी को अपने तरफ आते देख कर रूही का चेहरा लाल हो गया जैसे उस्सको पता था अभी उस से किआ कहने ारः है, रूही कभी अपनी माँ को देखती तो कभी बस में दूसरे लोगों को काम करते देखती फिर अभी को देखती… वो कुछ घबरा सी गयी….
अभी रूही के बिल्कुल करीब पहुंचा और धीमी आवाज़ में, आशिकाना अंदाज़ में पूछा,
“तुम्हारी लाइफ में कोई है? प्लीज सच बताना? अगर है तो बे झिझक बतादो प्लीज.”
रूही हंस पड़ी, चेहरा लाल तो हुआ hi था और अभी की बात सुन कर वो हंससने लगी फिर पूछा,
“इस सवाल का एक सवाल से जवाब दूँ?!”
अभी उस्सकी हंसी को अदमीरे करने लगा, कितनी खूबसूरत दिखती है रूही हँस्ते हुए. फिर अभी ने कहा,
“okay वही सही बोलो तो!”
रूही ने हँस्ते हुए hi पूछा,
“यह सवाल क्यों? जान सकती हूँ?!”
अभी ने बिल्कुल हैरान होते हुए कहा,
“ारीये?! कमाल है, यह कोई जवाब है? सवाल भी नहीं फिट बैठता अब…. मेरा सवाल तो सवाल hi रह गया नाह?!”
रूही की माँ दोनों को मुस्कुराते हुए देख रही थी कपडे तार पर टांगते हुए.
अभी ने फिर धीरे से कहा,
“प्लीज बताओ नाह मेरे लिए ये बहोत इम्पोर्टेन्ट है बोलो नाह प्लीज.”
रूही ने इंटेलीगेंटलय जवाब दिया,
“कैसे इम्पोर्टेन्ट हो सकता है भला? हम एक दूसरे को जानते भी नहीं, अभी दो दिन हुए एक दूसरे से बात किये हुए तो किआ इम्पोर्टेन्ट हो सकता है दो दिनों में? मुझे नहीं यकीन के कुछ भी इम्पोर्टेन्ट है अभी, ी don’t बिलीव यू!”
अभी ने सोचा वो भी सही था.
रूही अब ब्लश करने लगी और अपने जीब को अपने उप्पेर लिप के अंदर से होंठ को फुलाया, फिर मुस्कुरायी अभी के चेहरे में देखते हुए….. दोनों एक दूसरे के आँखों की गहराई में देख रहे थे… अभी ने नोट किया के रूही की नज़रें उसस्के चेहरे को चारो तरफ देख रहे थे, उस्सकी पेशानी को देखा उस्सकी नज़र ने, फिर उसस्के गाल को देखा, तब उसस्के चेहरे को देखा तब उसस्के आँखों में वापस देखा….. और अभी ने कहा,
“समझदार को इशारा काफी है, मुझे जो कहना था सो मैं ने कह दिया, आगे तुम्हारी मर्ज़ी मिस रूही”
यह कह कर अभी मुड़ने वाला था वापस बस के पास जाने के लिए मगर रूही ने उस्सको यह कहकर रोका,
“बिल्कुल नहीं, आप ने कुछ भी कहा नहीं, आप ने एक सवाल किया था मुझसे, कुछ कहने और सवाल करने में अंतर होते हैं मिस्टर अभी!”
अभी ने रूही के आँखों की गहराई में देखते हुए कहा,
“मेरा सवाल hi इशारा था मेरी बात का, उस सवाल से इशारा मिल गया होगा, समझदार तो हो तुम, तो इशारा काफी है तुमको हहहहए!”
और अभी जाने लगा वापस, तो रूही हंससने लगी और कहा,
“बहोत होशियार समझते हो आप अपने आप को नाह अभी?!”
तब तक अभी बस के पास रीच हो चूका था और मुड़कर रूही से कहा,
“समझता नहीं हूँ मिस रूही, मैं हूँ. होशियार हूँ मैं!”
रूही उस्सको देखती रही काफी देर तक हँस्ते हुए. अपनी जगह से बार बार अभी मुस्कुराते हुए रूही को देखे जा रहा था वेल्ड करते हुए, और रूही भी अब बड़े प्यार से अभी को देखती जा रही थी…….}
यह सब रूही ने दो या तीन बार पढ़ा रिप्लाई लिखने से पहले… पढ़ते हुए कई बार मुस्कुरायी और आखिर में हंस पड़ी, फिर उदास हो गयी… फिर से मुस्काई और यह लिखा:
“अभी मैं हैरान हूँ यह पढ़ कर के आप मुझको किश तरह से पर्फेक्ट्ली डेस्क्रिबे करते हो, आईटी इस रियली अमेजिंग! ी ऍम शॉकेड अभी, आप सच में कोई राइटर हो किआ? कैसे इस तरह से मुझको, मेरी अदाओं को, मेरे चेहरे के हाव भाव को डेस्क्रिबे कर लेते हो अभी? यू अरे जस्ट इनक्रेडिबल! मैं ब्लश करने लगी थी, अपने जीब को अपने उप्पेर लिप को फुला कर फिर मैं मुस्कुरायी आप के चेहरे में देखते हुए….. उफ़ इतना मुझको ऑब्सेर्वे करते थे आप अभी? ओह माय गॉड!
अभी मैं हंस पड़ी थी तो आप मेरी हंसी को अदमीरे करने लगे थे, आप किआ किआ अदमीरे नहीं करते थे मुझ में अभी? और क्यों इतना अदमीरे करते थे आप मुझे अभी? मैं तो कुछ भी नहीं थी, मैं बहोत मामूली चीज़ थी अभी, दाग थी मुझ में जो आप को नहीं दिख रहा था, फिर भी आप मुझको अदमीरे करते थे…. एक जगह आप ने लिखा के आप ने नोट किया के मेरी नज़रें आप के चेहरे पर चारों तरफ देख रहे थे, आप के पेशानी से लेकर आप की आँखों को नाक को पुरे चेहरे को…. आप को बता दूँ अभी उसी दिन मैं ने आप के एएब्रोस को ग़ौर से देखा था, कितना खूबसूरत है, जैसे पील किये हुए हैं, जैसे लड़कियां पील ऑफ करते हैं आप के एएब्रोस नेचुरल में वैसे हैं…. आप के बाल देख रही थी कितने बाल थे आप के फुल काळा और थिक थे आप के बाल, मुझे बहोत पसंद थे, सिर्फ आप के होंठ सिगरेट पिने से थोड़ा ब्लैकीश हुए थे अगर आप सिगरेट नहीं पिटे तो पिंकिश होते आप के होंठ भी…. वही सब देख रही थी मैं आप के चेहरे में अभी उस दिन…
और अभी जो सवाल आप ने किया था उस्का जवाब मैं ने आप को तोड़ मोड़ कर दिया था उस्सकी वजह अब तो आप समझ चुके होंगे के क्यों मैं सही जवाब नहीं दे पायी थी आप को? कैसे आप को बताती के कोई नहीं मेरी लाइफ में अभी जब मैं एक बचे की माँ थी? मुझको मजबूरन जवाब को मोड़ना hi पारा था अभी, फॉरगिव में अगेन प्लीज. ------ और हाँ अभी यू वेरे राइट. आप सच में बहोत बहोत HI होशियार थे और हो यू अरे वैरी इंटेलीजेंट, मच मोरे थान ी ऍम!”
रूही ने आगे रीड किया:
{ माँ: “और फिर वो चला गया किआ?!”
रूही: “नहीं बहोत तेज़ है वो सच में, पढ़ा लिखा लगता है, इंग्लिश भी ाचा बोलता है माँ, उस्सने मुझे कहा के समझदार को इशारा काफी है, और कहा के मैं समझदार तो हूँ सो समझ जाउंगी के उस्सने ये सवाल क्यों किया मुझसे, सच में होशियार है खुद भी कहा उस्सने हहहहए!”
माँ ने रूही के चेहरे में देखते हुए पूछा,
“तो अब तू किआ करेगी? बता? किआ वो पसंद है तुझे?”
रूही ने एक गहरी सांस लेते हुए अभी के तरफ देखा, फिर अपनी माँ के चेहरे में एक अजीब सी सिकंजह चेहरे पर लाते हुए कहा,
“पता नहीं माँ, पता नहीं मुझे, कितना हैंडसम है, है नाह माँ? पढ़ा लिखा भी है और स्ट्रांग है, कितना लम्बा है माँ!! मैं किआ करूँ माँ?!”
माँ ने भी एक गहरी सांस लिए और कहा,
“मुझे किआ पता मुझसे क्यों पूछ रही है, तू बोल किआ करना है अब?!”
रूही ने फिर मुस्कुराते हुए अपनी माँ के तरफ देखा और कहा,
“अभी कुछ नहीं कहना मुझे, कुछ और दिन बीत जाने दो तब बताउंगी आप को और शायद उस्सको भी….”}
रूही ने रिप्लाई लिखा:
“अभी अब तो आप समझ गए होंगे नाह के किश बारे में माँ मुझसे बात कर रही थी? एहि के मैं किआ करुँगी? आप को नहीं पता था के मैं एक बची की माँ थी, आप मुझे एक कुंवारी लड़की समझ रहे थे, माँ को पता था के मुझे तो किसी से शादी करने का हक़ hi नहीं एहि कहती आयी थी वो मुझसे जिस दिन से मैं ने श्वेता को जनम दिया था. उम्र भर मुझे घर में बांध कर रखना चाहती थी. या कहा था के किसी आधेर आदमी hi मिलेगा मुझसे शादी करने वाला क्यूंकि मैं एक माँ हूँ, सिंगल मदर….. या तो फिर माँ ने एक hi रास्ता रखा था जो मेरे लिए सेफ थी वो था फ्रांस की अमित. माँ कहती के परदेस में तू होगी उसस्के साथ फॉरेन में रहने वाले विर्जिनिटी को कोई एहमियत नहीं देते उस्सने भी गोरी लड़कियों के साथ खूब गुलछर्रे उड़ाए होंगे तो तेरा वर्जिन नाह होना उसस्के लिए कोई इम्पोर्टेन्ट नहीं होगा….. मगर यहाँ के लड़के तो वैसा नहीं हैं यह माँ का सोचना था…. इसी लिए वो पूछ रही थी के अब मैं किआ करुँगी… आप को कैसे बताउंगी के मैं ग़लत हूँ, के मुझ में एक दाग है, एक धब्बा लग चूका है मुझ पर…. आप नए थे, जवान थे, हैंडसम थे मुझको एक कुंवारी लड़की समझते थे…. मेरे लिए कितना मुश्किल था वो सब फेस करना और आप को सब बताना ….. आईटी वास् नॉट इजी अभी….”
इतना लिखने के बाद रूही रोने लगी अपनी किस्मत पर…..
रूही ने आगे रीड किया:
{ जब अभी तैयार हो गया, चेंज कर लिया, हेयर ब्रश कर लिया और किचन में देखा तो सिर्फ रूही की मम्मी थी वहां रूही नहीं थी, अभी उदास हो गया और सोचा के किचन के स्तैर पर जा कर उस से पूछे के रूही किधर है….
फिर अभी ने सोचा के किआ रूही कहीं घर के अंदर से उस्सको देख तो नहीं रही? किआ उस्सने जान बुझ कर वैसा किया ताके देख सके के अभी उस्सको ढूंढ़ता है या नहीं? तो अभी घर के अंदर देखने लगा, खिड़कियों के पास देखने लगा के कोई परदह हिल्ले, मगर कुछ नहीं दिखा और आखिर में उस्सको निकलना पड़ा वाशरूम से. सईद भाई उस्का वेट कर रहा था बस के पास.}
रूही ने रिप्लाई लिखा:
“अभी आज मुझे बिल्कुल भी याद नहीं के मैं उस शाम को किआ कर रही थी, और क्यों आप के जाने के वक़्त वहां नहीं थी…. नहीं अभी मैं उस दिन अंदर से आप को नहीं देख रही थी… या तो मैं सो गयी होगी, या रीड कर रही होगी…. बिल्कुल याद नहीं…. पता है मैं कभी बैठे बैठे 10/15 मीन्स के लिए गहरी नींद में चली जाती हूँ…. मई बे आईटी वास् तहत ों तहत डे…..”
आगे रीड किया रूही ने:
{ वहां से घर जाते वक़्त बस में सिर्फ रूही के बारे में सोचता गया, उस्सको एक घुटन सी फील होने लगा था, एक भारीपन जैसा था उसस्के सीने पर, एक बोझ फील हो रहा था उससे, सिर्फ इस लिए के रूही नज़र नहीं आयी आज शाम को. रूही को दिल में बसाये, मैं में बिठाये सफर किया अभी ने घर तक.
और अपनी स्पेशल डायरी में सब लिखने लगा आज के दिन के बारे में. खुद मुस्कुराते हुए लिख रहा था के किश तरह से आज रूही से बातें हुई, किश तरह उस से पूछने गया था के किआ उस्सकी लाइफ में कोई है, और रूही का जवाब भी लिखा सब कुछ एक एक पल को लिखा अभी ने…….
सब कुछ लिखने के बाद बहोत देर तक सोचता रहा के क्यों आज शाम को रूही नज़र नहीं आयी, यह बात अभी को बहोत डिस्टर्ब करने लगा था.
रात देर तक नींद नहीं आरहे थे अभी को. उस्सको सिर्फ रूही नज़र आरही थी हर जगह. सोते, जागते, उठते, बैठते सिर्फ रूही बसा हुआ था अभी के ख्यालों में, बड़े मुश्किल से आँख लगी और उस्सको लगा के बुसस कुछ मिनटों में सुबह हो गयी.}
रिप्लाई:
“ी ऍम वैरी सॉरी के आप को उदास होकर वापस जाना पड़ा था अभी, एक दिन मैं भी सोच रही थी आप रात दिन मेरे बारे में सोचते होंगे, और जब आप ने बता दिया था के हर शाम को आप के सामने रहूं जाते वक़्त तबसे मैं समझ गयी थी के आप बस में जाते वक़्त रस्ते भर सिर्फ मुझको सोचते हुए जाते होंगे… मगर इस दिन के लिए फॉरगिव में अभी…
आप ने डायरी में जाकर सब लिखा और मैं आज 25 साल बाद वो सब पढ़ रही हूँ अभी! कमाल है नाह?!.....
आप रात को सो नहीं पाते थे अभी सिर्फ मेरे बारे में सोचते रहते थे ओह हाउ नीस ऑफ़ यू, बूत आप की हेल्थ खराब हो सकते थे अभी!!?”
आगे पढ़ा रूही ने:
{ और वो वाशरूम रीच हुआ. रूही के किचन में देखा, खाली था किचन. कोई नहीं था वहां. सुबह के 6 बजे थे. काम तो 7 बजे स्टार्ट होता है और 6 बजे अभी वहां पहुँच गया था, सिर्फ और सिर्फ रूही के लिए. लोग सो रहे थे और अभी काम के साइट पर आ चूका था.
अब अभी को ख़ुशी होती के रूही उस्सको अपने अच्छे कपड़ों में देखती इस से पहले के वो काम करने वाला पुराण कपडा पहनता. अभी सुबह सुबह फ्रेश था, धुप में झुलसा हुआ नहीं था, उस्का स्किन फ्रेश था, शेव किया था आने से पहले, आफ़्टरशेव लगाया था, थोड़ा परफ्यूम भी लगाया था शर्ट पर; एक रैंगलर ब्लू जीन्स और एक सफ़ेद शर्ट पहना हुआ था. एक पेअर ऑफ़ खूबसूरत स्पोर्ट शूज में था… तो चाहता था के रूही के सामने वैसे पेश आये, ताके वो रूही को ाचा दिखे. अभी यह भी सोच कर अर्ली आया था के 6 से 7 बजे तक पूरा एक घंटा होगा उसस्के पास रूही से बात करने को अगर वो सामने आती तो…. मगर वो दिख hi नहीं रही थी. सब से पहला सवाल अभी को यह करना था रूही से के कल शाम को वो किधर थी, क्यों सामने नहीं आयी, और आज अभी रूही से यह रिक्वेस्ट करने वाला था के आज से हर शाम को जब उस्का वापस जाने का टाइम आये तो रूही उसस्के सामने रहे, किचन के स्टैर्स पर प्रेजेंट रहे ताके अभी उस्सको गुडबाय कह सके, उस्सको वेव कर सके. यह कहना था अभी को रूही से आज. मगर वो दिखे तब नाह?!}
रिप्लाई:
“अभी आप इतने सवेरे आप काम पर आजाते थे, ठीक से सोते भी नहीं थे सिर्फ मेरे खातिर, नीस ऑफ़ यू बूत बाद फॉर योर हेल्थ…. यू वेरे तू मच इन लव अभी, बूत ात तहत टाइम ी वास् नॉट इन लव विथ यू….. यस, ी लिकेड यू ा लोट बूत वास् नॉट इन लव बिकॉज़ माय मंद एंड हार्ट वेरे एल्सव्हेरे थिंकिंग ऑफ़ लॉट्स ऑफ़ थिंग्स रिगार्डिंग श्वेता एंड माय सिचुएशन एंड पोजीशन, सो ी हद no टाइम तो फॉल इन लव लिखे यू दीद विथ में अभी!.....
अभी आप मेरे सामने अचे कपड़ों में रहना चाहते थे, आप चाहते थे के मैं आप को उन् कपड़ों में देखूं जिस से आप ट्रेवल करके आते हो हम्म्म, समझती हूँ…. बूत अभी, मेरे लिए वो कोई मैने नहीं रखता था… मुझे आप को उन् गंदे काम करने वाले कपड़ों में hi देखना पसंद था…. आप के कपड़ों से नहीं आप से लगाओ था मुझे, आप इम्प्रेस करना चाहते थे okay, बूत ी वास् आलरेडी इम्प्रेस्सेड बी थे वे यू वेरे!....
अभी यह आप के लिए….. यूँ समझिये के आप ने यह सब मुझसे कहा है……..
वक़्त करता जो वफ़ा आप हमारे होते
हम भी औरों की तरह आप को प्यारे होते
अपनी तक़दीर में पहले hi से कुछ तो ग़म है
अपनी तक़दीर में पहले hi से कुछ तो ग़म है
और कुछ आप की फितरत में वफ़ा भी कम है
वार्ना जीती हुई बाज़ी तो नाह हारे होते
वक़्त करता जो वफ़ा आप हमारे होते….
हम भी प्यासे हैं यह साकी को बता भी नाह सके
हम भी प्यासे हैं यह साकी को बता भी नाह सके
सामने जाम था और जैम उठा भी नाह सके
काश हम ग़ैरत -e-mehfil के नाह मारे होते
वक़्त करता जो वफ़ा….
दम घुटा जाता है सीने में, फिर भी ज़िंदा हैं
दम घुटा जाता है सीने में, फिर भी ज़िंदा हैं
तुमसे किआ हम तो ज़िन्दगी से भी शर्मिंदा हैं
मर्डर hi जाते नाह जो यादों के सहारे होते
वक़्त करता जो वफ़ा आप हमारे होते
हम भी औरों की तरह आप को प्यारे होते
वक़्त करता जो वफ़ा.
अब रोने लगी हूँ यह लिख कर…..”
तो बे कॉन्टिनोएड…(4512 वर्ड्स)