Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 24 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

थैंक्स वैरी वैरी मच यादव बीआरओ, यस यू मेंशनएड तहत रूही अब खून के आंसू रोएगी इन योर लास्ट कमेंट, ी रेमेम्बेर एंड तहत इस व्हाट विल एक्साक्ट्ली हैपन व्हेन रूही रेड्स आल ठोस डेज अभी स्पेंट एंड डेस्क्रिबेद इन हिज डायरी रिगार्डिंग हिज लव फॉर रूही एंड थे वे रूही बेहवेद एंड रेक्टेड तो हिज लव...

थैंक्स लोड्स बीआरओ
 
बहोत बहोत शुक्रिया कीर्ति डिअर.... मगर किआ कहूं आप से अब मैं....

शुरू से कहते आया हूँ आप रेगुलर नहीं थे थ्रेड पर तो आप को शायद पता नहीं.... और शायद आप ने मेरे रिलीज नहीं पढ़े जो मैं ने कई रीडर्स को किया के यह एक कहानी नहीं है, यह एक हकीकत है और जैसे गुज़रा है एक्साक्ट्ली वैसे hi लिखा है मैं ने इससे.... अगर यह एक काल्पनिक स्टोरी होती तो मैं ज़रूर वैसे लिखता जैसे आप ने कहा जैसे अपने बाकी के कहानियों में लिखता हूँ...

और एक बात है के यह कहानी अभी के तरफ से कही जा रही है.... जब अभी को कुछ भी नहीं पता था रूही और उसस्के तरफ बीते हुए लाइफ के बारे में तो कैसे हम सब को पता चलता जब तक अभी को नहीं पता चलता?

अभी 25 साल बाद रूही से मिला... इस से पहले वो श्वेता से मिल गया था 18 सा; बाद, तो श्वेता केस फर्स्ट इन हिज लाइफ आफ्टर 1986... सो अभी गोत हेर लव बिफोर गोइंग बैक तो रूही.... रूही के घर से ढके खा कर निकला गया था अभी तो कैसे उस घर के चौकठ पर वापस जाता....

सो जो आप ने कहा के रूही से होकर श्वेता के तरफ जाता अभी तहत वास् नॉट पॉसिबल ात आल

हाँ अगर मैं यह कहानी लिख रहा होता तब ज़रूर रूही की लाइफ को साथ साथ बताता चलता सबको....

#होप यू हॉट आईटी एंड अंडरस्टुड आईटी नाउ

थैंक्स वैरी मच फॉर थे कंसर्न अबाउट थे स्टोरी कीर्ति डिअर
 
थैंक्स ववर्य मच विक्रम भाई..... लव योर रेविएवस वैरी मच....

एक्साक्ट्ली भाई बिल्कुल सही कहा आप ने... श्वेता को नवीन की अच्छाई से डर है :डी

राइट यह अभी को भी पता है के उस्सको श्वेता से वो मिला और मिल भी रहा है जो उस्सको रूही से एक्सपेक्ट थी मगर उस्सको मिला नहीं था... और एक मर्द के लिए किसी बहुत ज़्यादा जवान औरत में वो पाना जो उस्सने 25 साल पहले फील किया था, वही फीलिंग, वही फ्रेग्रेन्स, वही बॉडी की टच.... एक फसयचोलोजिकल इंटेंस इफ़ेक्ट होता है जो सिर्फ वही इंसान बता सकता है जो उस से गुज़रा हो...... इस बारे में अभी कहानी की एन्ड में कुछ अपना पर्सनल फीलिंग बताएगा.... हो सकता है अभी के उस बात से ज़्यादा तर राईडर सहमत नहीं होंगे मगर सच तो सिर्फ वही फील करता है नाह? :डी

एक इंसान (मर्द) जब किसी औरत के साथ जीता है, लाइफ स्पेंड करता है, उस से प्यार हो hi जाता है, एक अलग सा लगाओ, एक इमोशनल अटैचमेंट, उस औरत की सैक्रिफाइस, डेडिकेशन, उस्सकी केयरिंग, उस्का प्यार और उस्सकी नेक दिली, उस्सकी आनेस्टी, उस्सकी हमदर्दी और उस्सकी अंडरस्टैंडिंग के साथ जीते हुए उस्सको प्रायोरिटी देना hi पड़ता है ख़ास कर जब वो इतनी अच्छी हो, इतना प्यार भरा हो उसस्के दिल में दूसरों के लिए... उस इंसान को कैसे प्रायोरिटी नहीं दिया जाए? एहि वो सब समथिंग हैं जो आप ने कहना चाहा भाई :डी

नहीं नवीन की अछइयां कभी नाह घटती है नाह कम्प्रोमिए हुई :डी

हाँ अब अगले कुछ उपदटेस में एहि देखना है भाई

थैंक्स लोड्स विक्रम भाई
 
अपडेट 70 रूही एंड थे डायरीज

रूही ने जब डायरीज पड़ना शुरू किया तो बहोत खुश हुई. उसस्के दिल में कुछ ऐसे एहसास जागे जो पिछले 25 सालों में जैसे रूही ने दफना दिए थे… उन् दिनों को याद तो करती थी मगर सब अब उस्सको धुंदला नज़र अत था, मगर अभी की दरिएस ने सारे धुंदलेपन को मिटा दिए, जैसे के बारिश में एक कार के विंडशील्ड पर पानी पढ़ने से साफ़ नहीं दिखाई देता, रूही के अंदर वो यादें उस तरह थे और अभी की डायरीज ने एक वाइपर का काम किया सब साफ़ कर दिया और सब कुछ साफ़ दिखने लगा दोबारा रूही को…..

पढ़ना शुरू किया तो कुछ ऐसे चीज़ें मालूम हुई रूही को जिस्का उस्सको तब पता भी नहीं था वो उस्सको आज पता चला…..

जैसे शुरू में अभी ने लिखा था के एक औरत (रूही की माँ) ने रूही का नाम फुँकारते हुए उस्सको बस देखने को बुलाया, और किश तरह से अभी बेचैन वेट करने लगा था के कब वो रूही नाम वाली लड़की किचन के चौकठ पर आये बस को देखने के लिए ताके अभी उस लड़की को देख सके….. यह तो फर्स्ट दिन को हुआ था जब अभी वहां पहली बार गया था और इस बात के बारे में रूही को बिल्कुल भी पता नहीं था यह उस्सको आज 25 साल बाद पता चला डायरीज में पढ़ने के बाद…. यह part पढ़ते हुए रूही को बहोत ाचा लगा के आते hi अभी ने उस्सको देखने के लिए इतना उतावला हो गया था, अभी को उस्का नाम सुते hi प्यार हो गया था, बिना उस्सको देखे, सिर्फ उस्सकी आवाज़ सुनके, किचन के अंदर से रूही जवाब दे रही थी और उस्सकी आवाज़ अभी के कानों तक जा रहा था और अभी उस आवाज़ की मालकिन को देखने के लिए वेट कर रहा था…. यह पढ़ कर रूही को इतना ाचा लगा के उस्का मैं किया के वो दिन दोबारा वापस आये और वो एक बार फिरसे, उसी तरफ किचन में पकाये और उस्सकी माँ उस्सको बुलाये मेहबूब का बस देखने के लिए और रूही वापस आये स्टैर्स पर देखने के लिए ताके अभी उस्सको देख सके….

सोचने की बात है के रूही को यह पढ़ते हुए कैसे फील हो रहा होगा…. उस्सको पता भी नहीं था के कोई उस्सको देखने के लिए इंतज़ार कर रहा था और वो किचन में पकाने में व्यस्त थी…

डेयरीज तो इंग्लिश में लिखा है अभी ने मगर यहाँ पाठकों के लिए हिंगलिश में सब होगा और वही होगा जो आप सब ने उपदटेस में पढ़े हैं पहले…… रविवे ठोस डेज.....

अब आप सब पाठकों को बुसस यूँ समझना है के जैसे रूही इस कहानी के अपडेट 1 से लेकर अपडेट 46 तक पढ़ रही है…. खुद उस्सने जो कुछ किया अभी के साथ, अभी ने जीतनेय पल भी गुज़ारे उस आँगन में सब रूही पढ़ रही है…. कितना वक़्त रूही ने अभी के साथ गुज़ारा, कितना अभी तड़पा, कितना रूही के तरफ से इकरार या इंकार दिखाई दिया…. यह सब रूही ने पढ़ा…

और अब क्यूंकि रूही ने कहा था के अभी को इस बार लिख कर रिप्लाई करेगी, तो यारो….. ऐसा समझो के रूही ने उन् तमान उपदटेस पर अपना रिव्यु लिखा… कुछ ऐसा hi समझना होगा क्यूंकि जो कुछ इस कहानी में अपडेट 1 से अपडेट 46 तक लिखा गया है वो सब अभी के उन् डायरीज में हैं जो रूही को अभी ने दिया!

बहोत सारे ऐसे इवेंट्स थे जिस्सको पढ़ते हुए रूही को बहोत अच्छा लग रहा था, मुस्कुरा रही थी, हस्ती जा रही थी, जैसे के अपडेट 5 में थे फर्स्ट डे ऑफ़ वर्क में यह part रूही ने पढ़ने के बाद रूही ने यह लिखा अस रिप्लाई तो अभी….

रिप्लाई करने के लिए रूही ने ा राइटिंग पद ख़रीदा… उसी में डायरीज के रिलीज लिखने लगी रूही… तो यह part पढ़ा रूही ने:

{बस स्टॉप से उतर कर मरम्मत करने वाले बस तक पहुँचने में कोई 5 मिनट लगता था, और जब उस आँगन में दाखिल हुआ अभी तो उस्सकी नज़र सीधे उस किचन वाले स्टैर्स पर पहुंचे, बस पर नहीं. चलते वक़्त बस तक रीच होने के लिए अभी की नज़रें इधर उधर देखता गया, राइट में जो घर है मतलब जिस घर में वो लड़की रहती है, उस घर का सामने वाले हिस्से को ग़ौर से देखा अभी ने, जो पहला तप था वहां देखा फिर नज़रों को उस तरफ किया जहाँ तप नंबर 2 था और एक वाशिंग स्टोन भी था उस दूसरे नल के पास. और आखिर में उस जगह पहुंचा जहाँ वाशरूम था. और अब वो वाशरूम तो डायरेक्ट उस किचन के अपोजिट था जहाँ कल रूही नज़र आयी थी, उस वाशरूम से किचन के अंदर नज़र ारः था. अभी ने ग़ौर से अंदर देखा. कोई भी नहीं था. अभी ने सोचना शुरू किया के कल इसी किचन में वो लड़की पका रही थी जिस वक़्त उस्सकी माँ उस्सको आवाज़ दे रही थी……. अभी ने एक विज़न किया जो फ्लैशबैक की तरह उसस्के आँखों के सामने आये….

उस्सने देखा के उसी नीली ड्रेस में लड़की अपनी स्टोव के पास कढ़ाई में कुछ पका रही है और अभी उस्सको देख रही है फिर अभी उस से इशारे से बात कर रहा है…..

विज़न ख़तम होने के बाद अभी ने सोचा किआ ऐसा कभी होगा भी? किआ यह मुमकिन है? 4 से 6 महीनों तक यहीं काम करना है कुछ तो बात आगे बढ़ेगी ज़रूर….. एक अजीब सी फीलिंग हो रहा था अभी को, उस किचन के अंदर देखते हुए, सोच रहा था जैसे उस्सकी माँ पकाती है किचन में वैसे hi लड़की भी कल पका रही थी, उस्सको पकाना अत है, किआ कबि कुछ पका कर खिलाएगी अभी को? वो सोचने लगा अभी, उसस्के हाथ का पका हुआ कैसा लगेगा? स्वादिष्ट होगा? अभी उस्सको किचन स्टोव के पास देखना चाहता था, उस्सको पकाते हुए देखना चाहता था, उस्का दिल कर रहा था के वो लड़की वहां आये और अभी उसस्के पास जाकर उस्सको पीछे से जाकर और उस से प्यार करे…. ऐसे फीलिंग्स आ रहे थे अभी के दिल में कपडे चेंज करते वक़्त… }

रूही ने यह पढ़ने के बाद लिखा:

“मुझे नहीं पता था आप पहले दिन से मुझ में इतना इंटरेस्ट ले रहे थे अभी. यह सब पढ़ कर बहोत hi ाचा लगा मुझे, वो पुराने दिन वापस आगये. कितना ाचा लिखते हो आप. आप ने मेरी आँगन को कितना चाह डेस्क्रिबे किया है, मेरे घर को, किचन को, वाशिंग स्टोन और टाप्स, सबको इतने डिटेल्स में लिखा है? मैं ने खुद कभी उन् जीज़ों को नहीं डेस्क्रिबे किया जैसे आप ने किये हैं. आज तो वो सब बाकी नहीं है अभी मगर आप ने सब लिख कर उन् चीज़ों को अब तक ज़िंदा रखा है, इतस वैरी वैरी ब्यूटीफुल, यू मेड में जो बैक तो ठोस डेज अभी….. रही बात आप को मुझे किचन में पकाते हुए देखना और यह सोचना के किआ कभी आप मेरे हाथ की पकाये हुए खा पाओगे, तो अभी वो विश तो पूरी हुई थी नाह आप की ात लीस्ट? मैं ने आप को लंच पर इन्विते किया था और खुद अपने हाथ से पकाया हुआ खिलाया था आप को…. है नाह अभी? देखा आप ने फर्स्ट डे ऑफ़ वर्क को जो विश किया था वो पूरी हुई थी अभी! और रही मुझे पकाते वक़्त पीछे से आकर जकरने की बात… अभी आप ने फर्स्ट डे को hi यह सब सोच लिया था? रियली? काश मैं वापस उन् दिनों में जा सकती तो आप को ज़रूर मौका देती मुझे आकर पीछे से किचन में जकरने के लिए….”

और धीरे धीरे ऐसे hi रूही पढ़ती गयी… और यह रीड किया तो रूही ने :

{अभी बार बार उस घर के तरफ देखे जा रहा था काम करते हुए, सोच रहा था किआ वो अभी तक सो रही होगी? उस्सको देखने का बड़ा मैं था अभी को, मगर वो बिल्कुल नज़र नहीं आरही थी. किआ वो काम पर चली गयी होगी? किआ कॉलेज गयी होगी? या यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट होगी? उस्सकी माँ कई बार नज़र आयी. मेहबूब भी कई बार आये, सबसे बात किये, मेहबूब की बीवी, रहीम भी आयी, चाय देने आयी सबको फिर वापस चली भी गयी मगर वो लड़की नहीं दिखी थी अभी को दिन के बारह बजने को था. बस को नंगा कर दिया गया था, सिर्फ बस की चेसिस नज़र आरहे थे अपने 6 व्हील्स पर. }

रूही ने जवाब में लिखा,

“आप पहले दिन से hi मुझको इतना ढूंढ रहे थे अभी, ी वास् नॉट अवेयर ात आल अभी, पता होता तो ज़रूर आप के सामने आती मैं… काश मुझे तब आप का प्यार का पता चला होता अभी…. मैं hi अंधी थी अभी….”

रूही ने पढ़ा काम के दूसरे दिन की इवेंट्स को अभी ने कुछ ऐसा लिखा था:

{ अभी को शर्म फील हो रहा था और किचन के तरफ देखना बांध कर दिया अपना टर्न वेट किया खुद को फ्रेश करने के लिए; मगर उस्का दिल नहीं मान रहा था के वो रूही को किचन में नाह देखे, उस्का मैं था के वो उस्सको देखे पकाते हुए, उस्सको अदमीरे करे, तो अभी ने अपने दोस्तों के पीठ पीछे छुप छुप कर रूही को देखना जारी रखा….. उस्सने एक बार देखा के रूही की माँ उस्सको कुछ कह रही थी और रूही ज़ोर से हंसी और उसस्के तरफ देखा, वो खिलखिला कर हंसी थी, अभी उस्सकी उस हंसी पर फ़िदा हो गया, उस्सको रूही को और वैसे हँस्ते हुए देखने को मैं कर रहा था…. हंससने के बाद रूही चूल्हे पर एक डिश में में एक लड़की वाले स्पून से कुछ चला रही थी, मतलब मिक्स कर रही थी, तरकारी पका रही होगी अभी ने सोचा.. और वैसे हंससने के बाद रूही के चेहरे पर एक मुस्कान बाकी था और उस्सने अपने निचे वाले होंठ को दांतों में दबाते हुए अपनी माँ के तरफ देखा और उस्सको कुछ कहा, फिर एक हाथ से रूही अपने चेहरे से एक लत्त को अपने सर के ऊपर किया तब वैसे hi एक होंठ को दांत में दबाये हुए hi अभी के टैररफ फिर से देखा और दोनों के नज़रें मिले…. अभी के चेहरे पर एक मुस्कान बन गया था अपने आप रूही को अदमीरे करते हुए.}

रूही ने रिप्लाई लिखा:

हाँ अभी यह दिन मुझे बहोत अच्छी तरह से याद है. याद है मैं कितनी ज़ोर से हंसी थी क्यूंकि मैं ने तुरंत रीलीज़ किया था के कितने लोग हैं आज आँगन में और मैं ऐसे हंस रही हूँ…. अभी आप मुझे किचन में पकाते हुए भी डेस्क्रिबे किये ho!!kitna ाचा लिखा है आप ने सब कुछ अभी, यहाँ तक के मैं एक लकड़ी वाले स्पून उसे कर रही थी यह भी लिखा है आप ने अभी? आप वाशरूम से अपने दोस्तों के पीछे छुप छुप कर मुझको देख रहे थे इस्सके भी पता नहीं था मुझको अभी, मगर हाँ मैं ने भी आप को देखा था एकांत बार उधर यह सच है…. आप ने मेरे चेहरे को, मेरे सर के बाल को, मेरे होंठों को, मेरे मुस्कराहट को सब को इतनी अछि तरीके से कैसे डेस्क्रिबे किया है अभी? आप ने मुझको तभी क्यों नहीं दिया था यह सब पढ़ने के लिए अभी? अगर मैं यह सब उस वक़्त पढ़ती तो आप पर फ़िदा मैं हो जाती अभी… इतना अदमीरे करते थे आप मुझे अभी, ी रिग्रेट सो मच तहत ी वास् रियली ब्लाइंड नॉट तो सी आल तहत ात तहत टाइम अभी."

रूही ने आगे रीड किया:

{और जिस वक़्त अभी अपने बालों में कंघी कर रहा था खुद को आईने में देखते हुए उस्सने देखा के रूही की नज़रें उस पर थे. रूही अभी को बाल बनाते हुए देख रही थी थोड़ा मुस्कुराते हुए. और दोनों के बीच ज़्यादा फासला भी नहीं था, आमने सामने थे दोनों, यह पहली बार था के अभी रूही को इतने करीब से देख रहा था. बहोत hi ाचा फील हुआ अभी को. उस्का दिल मचलने लगा, बहोत खुश था वो. उस्सने एकांत बार रूही को देखा वैसे hi मुस्कुराते हुए, और इस बार रूही हंस पड़ी अभी को देखते हुए, पता नहीं क्यों उस्सको हंसी आयी. अभी ने दोबारा आईने में देखा रूही को हँस्ते हुए देख कर के कहीं उसस्के चेहरे में कुछ और तो नहीं लगा हुआ है, सब साफ़ था तो क्यों हंसी वो अभी ने सोचा!}

रूही ने रिप्लाई लिखा:

“हाँ अभी यह मुझे बिल्कुल याद है. आईटी वास् थे फर्स्ट टाइम ी लुक्ड वेल ात यू. वो आप का दूसरे दिन था वर्क का यस ी रेमेम्बेर. हाँ मैं हंसी थी पता है क्यों हंसी थी मैं, मैं काफी देर से आप को बाल बनाते हुए देख रही थी और सोच रही थी के लड़के भी आईने के सामने इतना टाइम लेते हैं, आप अपने लुक का केयर करते थे, अपने आप को आईने में देखे जा रहे थे और बाल बनाते जा रहे थे, और यहाँ अब मैं समझी के वो सब आप मेरे लिए कर रहे थे, मुझको इम्प्रेस करने के लिए या मेरे सामने ाचा दिखने के लिए आप इतना तैयार हो रहे थे, ावववव अभी….. लव यू सो मच, ी मिस ठोस डेज सो सो मच अभी…. वो पहली बार था के मैं भी आप को उतना करीब से देखा था और सच बताऊँ आप मुझे बहोत अच्छे लगे थे उस दिन, और ुस्ससी दिन के बाद मैं ने भी आप को देखना शुरू किया था क्यूंकि मेरी समझ में आगया था के आप मेरे तरफ कितना देख रहे हो….”

{एक ब्लू जीन और एक वाइट टीशर्ट में ड्रेस्ड था अभी और अब एक हैंडसम यंग मन दिख रहा था. उस्सने खुद को कई बार आईने में देखा, चेहरे पर हाथ फेर्रा कई बार और रूही की नज़रें उस पर टिक्के रहे मुस्कुराते हुए. रूही अब सईद को नहीं सिर्फ अभी को देख रही थी; और जब अभी तैयार हुआ वहां से निकलने के लिए तो मेहबूब निकला घर से और सईद के पास खड़े होकर बात करने लगा…. तब तक अभी चलते हुए सईद तक रीच हुआ अपने बैग को काँधे पर टाँगे हुए, और एक नज़र रूही पर किये हुए. रूही की नज़र अभी पर hi थी जब वो रुका}

रूही ने रिप्लाई लिखा:

“अभी सच है जब तक आप चल कर वहां से नहीं गए मेरी नज़र आप पर hi टिक्के रहे थे, यू अरे राइट… और हे अभी आप ने अपने आप को भी डेस्क्रिबे किया है…. आप को अक्सर उस ब्लू जीन और वाइट शर्ट में विज़ुअली करती हूँ अभी आज भी….”

जब रूही ने यह रीड किया:

{“ी विश ी वोउल्ड बे लिविंग इन तहत विलेज ऑफ़ हेर्स. थुश, ी कुड जो तेरे अन्य टाइम एंड लुक ात हेर. व्हाट कुड शी बे दोंग ात थिस टाइम? हद शी आलरेडी हद डिनर? मस्ट शी बे वाचिंग टीवी विथ हेर फॅमिली? हाउ नीस आईटी वोउल्ड हैवे बीन िफ़ ी सडनली रीच तेरे ात थिस टाइम एंड शी गेट्स सुरप्रीसेड तो सी में! वोउल्ड हेर मदर आस्क में तो गेट इनसाइड एंड वाच टीवी विथ थम? वोउल्ड ी गेट ा सीट क्लोज तो रूही एंड वे बोथ होल्ड एच other’s हैंड्स एंड वाच टीवी?”

एक सपना लिख रहा था अभी, उस्सको इस सपने को सच करना था.}

रूही ने लिखा:

“एक सपना hi लिख रहे थे आप अभी, वो सपना hi बन कर रह गया, अगर मैं ने साथ दिया होता तो आप का वो सपना ज़रूर पूरा होता अभी. ी ऍम वैरी सॉरी अभी फॉर नॉट मेकिंग योर ड्रीम के ट्रू. अभी ी वोउल्ड हैवे लव्ड तो रिसीव यू ात माय प्लेस एंड यू सीट बी माय साइड एंड वे वोउल्ड बे वाचिंग टीवी टुगेदर लिखे यू हैवे रिटेन…”

आगे रीड किया रूही ने:

{ और आज सुबह 6.30 को अभी रीच हो गया उस मोहल्ले में. शॉप से सिगरर्टे ख़रीदा और कष्ट मारते हुए उस आँगन में दाखिल हुआ, और रूही के घर के तरफ देखते हुए आगे बढ़ता गया के अचानक उस्सको गार्डन में कोई दिखा…. गार्डन राइट हैंड साइड में है, प्लान में देख लेना अपडेट 4 पर…. अभी ने बिल्कुल भी नहीं सोचा था के इतने सवेरे वो रूही का सामना करेगा….. रूही नाईट गाउन में थी और गार्डन से गुलाब के फूल पिक कर रही थी… उस्सकी हाथ में एक कैंची थी जिस से वो फूल काट रही थी, उस्सकी लेफ्ट हैंड में कोई 4 या 5 गुलाब आलरेडी थे और वो और काट रही थी, उस्सकी निघटजोन पीला ब्लू कलर की थी, लम्बी थी उस्सकी पूरा जिस्म ढाका हुआ था निचे तक, यहाँ तक के उस्सकी चप्पल पर उस ड्रेस की लास्ट एन्ड छह रहे थे…..}

रूही ने लिखा:

“अभी मैं इस दिन को अक्सर सोचती हूँ. यह मुझको बहोत अछि तरह से याद है जैसे यह कल hi हुआ था. आप ने उस दिन मुझको पहली बार गुड मॉर्निंग कहा था और मैं ने रिप्लाई नहीं किया था और आप ने इस्सके शिकायत भी किया था मुझसे…. बिल्कुल याद है सब मुझे…. अभी बात यह थी के यहाँ हम शहर में नहीं हैं नाह यहाँ किसी को भी वो आदत थी hi नहीं के कोई किसी को गुड मॉर्निंग करे या कोई उस्का रिप्लाई दे, आप तो शहर के पास से हो तो आप को गुड मॉर्निंग, गुड इवनिंग या आफ्टरनून करने की आदत थी, यहाँ पर कोई नहीं करता है इसी लिए मेरी समझ में नहीं आया था के आप को किआ जवाब दूँ इसी लिए मैं ने उस दिन आप को कोई जवाब नहीं दिया था और शर्मिंदा भी फील किया था मैं ने…. आप ने मेरे निघ्टड्रेस को भी डेस्क्रिबे किया है अभी…. मुझे खुद याद नहीं वो कौन सी वाला निघ्टड्रेस थी….”

{“साला एक गुड मॉर्निंग का रिप्लाई करने में किआ जाता है? मेरा दिन बन जाता आज अगर उस्सने मुझे गुड मॉर्निंग कह दिया होता तो, दिन मज़ेदार गुज़रता आज मेरा… मगर अब तो मूड hi ख़राब हो गया सवेरे सवेरे यार, मैं क्यों आज इतनी सवेरे आगया यहाँ…. काश वो अब किचन में आजाये तो मैं दोबारा उस्सको गुड मॉर्निंग करूँगा और कहूंगा के गुड मॉर्निंग का जवाब देते हैं खामोश नहीं रहते….!”}

यह पढ़ के रूही ने लिखा, ी ऍम सॉरी अभी.

और आगे रीड किया रूही ने:

{ फिर तुरंत रूही अपने घर के सामने वाले हिसे पर आयी तप ओने के पास वहां झाड़ू लगाने आयी, कल भी वही किया था, एक छोटा सा बरामदे पर झाड़ू लगा रही थी और अभी के बस दो कदम की दूरी पर थी, झुक कर झाड़ू लगा रही थी और अभी की नज़रें उस से हट hi नहीं रहे थे…. रूही को पता था के अभी उसी को देखे जा रहा है, और उस्सने नज़रें उठा कर अभी को देखा एक हलकी सी मुस्कान के साथ. अभी सिगरेट पी रहा था, तो रूही ने अपनी मीठी आवाज़ में कहा,

“सिगरेट पीना अछि बात नहीं है जी!”}

रूही ने जवाब लिखा:

“अभी आज बता दूँ आप को के मैं ख़ास कर आप के लिए hi वहां ज़्यादा आया करती थी, आप मुझे अचे लगने लगे थे, आप से बात करने का मेरा भी मैं कर रहा था, हाँ मुझे पता चल गया था के आप सिर्फ मुझको देखते रहते हो, और मुझको ढूंढ़ते हो हर बार, और आप शायद हिचकिचाते थे मुझसे बात करने में तो मैं ने उस दिन खुद सोचा के आप से कुछ कहूं तो देखा आप सिगरेट पी रहे थे, तो उसी के बारे में कहा था आप से…. थैंक्स फॉर डेस्क्रिबिंग में ब्रूमिंग माय टेरेस अभी, लव्ड आईटी.”

दोस्तों यह अपडेट लम्बा चलेगा.. मई बे

और उपदटेस में सब एन्ड होगा, तब अभी आएगा मिलने रूही से….

तो बे कॉन्टिनोएड….. (3303 वर्ड्स)
 
कहीं ऐसा नाह हो लग जाए दिल में आग पानी से

बदल ले रास्ता आपने घटाएं मेहेरबानी से

के यादों तीर बरसा के हमें सोने नहीं देतीं

सुहानी चांदनी रातें हमें सोने नहीं देतीं
 
अपडेट 71 रूही एंड थे डायरीज ी

रूही ने जवाब लिखा:

“अभी आज बता दूँ आप को के मैं ख़ास कर आप के लिए hi वहां ज़्यादा आया करती थी, आप मुझे अचे लगने लगे थे, आप से बात करने का मेरा बी मैं कर रहा था, हाँ मुझे पता चल गया था की आप सिर्फ मुझको देखते रहते हो, और मुझको ढूंढ़ते हो हर बार, और आप शायद हिचकिचाते थे मुझसे बात करने में तो मैं ने उस दिन खुद सोचा की आप से कुछ कहूं तो देखा आप सिगरेट पी रहे थे, तो उसी के बारे में कहा था आप से…. थैंक्स फॉर डेस्क्रिबिंग में ब्रूमिंग माय टेरेस अभी, लव्ड आईटी.”

अब आगे….

रूही ने डायरीज पढ़ना जारी रखा:

{ तो सईद भाई चला गया तुबेस के तरफ और अभी वापस रूही को देखा और कहा,

“सुनों प्लीज, एक बात पूछनी है!”

रूही दो कदम अभी के तरफ मुस्कुराती हुई आयी और पूछा,

“किआ? सिगरर्टे क्यों नहीं पीना यह पूछोगे आप?”

अभी ने हँस्ते हुए कहा,

“अरे नहीं पूछना यह है के आप को मैं ने कुछ देर पहले गुड मॉर्निंग कहा तो आप ने जवाब क्यों नहीं दिया?!”

रूही हैरानी से अभी के चेहरे में देखते हुए पूछा,

“व्हाट? आप ने कब मुझसे बात किये, बात तो मैं ने आप से किया अभी अभी?!”

अभी: “अरे यार, जब तुम गार्डन से रोजेज पिक कर रही थी और मैं ारः था तब तुमको गुड मॉर्निंग कहा था नाह?!”

रूही: “रियली? मैं ने तो कुछ नहीं सुना, सॉरी थें, वैरी गुड मॉर्निंग तो यू तू एंड दो हैवे ा नीस डे.”

अभी बहोत खुश हुआ और कहा,

“वाओ that’s ग्रेट थें, शामे तो यू माय डिअर!”}

रूही ने यह पढ़ कर हँस्ते हुए रिप्लाई लिखा:

“हम्म्म्म मैं ने झूट कहा था के मैं ने नहीं सुना था, कुछ देर पहले रीज़न दिया नाह के क्यों मैं ने रिप्लाई नहीं किया था, मगर आप ने इस कन्वर्सेशन को बहोत खूबसूरत तरीके से लिखा है, मैं मुस्कुराते हुए पढ़ती गयी…”

{रूही ने निचे देखते हुए धीरे से कहा,

“ी ऍम नॉट योर ‘डिअर’ और आप तो ाचा इंग्लिश बोल लेते हो तो ऐसा काम क्यों करते हो आप?!”

अभी: “व्हाई? इस काम में किआ बुराई है भला?”

रूही: “मेरी मम्मी कहती है यह काम सही नहीं है क्यूंकि इस में फ्यूचर नहीं है!”

अभी ने उस्सकी माँ के तरफ देखा और रूही को जवाब दिया,

“तुम्हारी मम्मी ग़लत कहती है, थिस जॉब इस ा परफेक्ट ओने.”}

रूही ने यहाँ रिप्लाई यह लिखा:

“अभी, आप ग़ौर कीजियेगा, यहाँ मैं ने कहा मम्मी कहती है यह काम सही नहीं, यह मेरा कहना नहीं था अभी….. और आप ने बिल्कुल सही जवाब दिया था के मेरी मम्मी ग़लत कहती है”

और रूही आगे बढ़ती गयी पढ़ते हुए:

{ अभी फिर काम पर लग गया. काम करते वक़्त ऑफ़ कोर्स बार बार रूही के घर के तरफ देख रहा था.

कोई एक घंटे तक अभी को टाइम hi नहीं मिला रूही को देखने की मगर अभी को पता नहीं था के रूही अपने घर के अंदर से खिरकी के पास परदे के कोने से अभी को वो काम करते देख रही थी और उस्सकी माँ भी देख रही थी अभी को उस लोहे को फॉर्म देने के लिए किश तरह हतोड़ा मार रहा था. अब वो लोहा टोनी से संभाला नहीं जा रहा था क्यों के जब अभी उस पर हथोड़ा मार रहा था तो टोनी के हाथ में शॉक लग रहा था इस लिए कई बार लोहा उस के हाथ से चुत गिरा, और एक बार लोहा जब टोनी के हाथ से छूटा तो वो एन्ड वापस अभी के ठीक चेहरे के पास लौट कर रुका और झट से अभी ने कुछ कदम पीछे लिया वार्ना उस्सको गहरा चोट लग जाता. रूही ने वो सब देखा और उस्सकी आह निकली जिस वक़्त वो लोहा वापस अभी के चेहरे के पास गए तो….

क्यूंकि जब लोहा बाउंस होकर गिरा एक अजीब सा शोर हुआ और टोनी ज़ोर से अभी का नाम चिल्लाया उस्सको वारं करने के लिए तो सईद, विनय, मेहबूब, रूही का दादा, रूही की माँ सब तुरंत बाहर आये देखने को के किआ हुआ…..

हाथ में वो बड़ा सा हतोड़ा लिए जिस एक्शन से ऊपर छलांग लगा कर अभी कूड़ा था उस लोहे से बचने के लिए, फिर जिस जगह जा कर अभी लैंड हुआ था हाथ में हथोड़े समेत वो एक हीरोइक एक्शन था जिस्सको रूही ने अदमीरे किया. हीरो लग रहा था अभी उस एक्शन को करते हुए. और जहाँ लैंड हुआ था अभी उस छलांग के बाद वो रूही की टेरेस पर था, और ठीक उसी जगह से रूही अभी को झाँक रही थी. और उस्सने तुरंत खिरकी की परदे को हत्ता कर अभी से कहा,

“बहोत डेंजरस है यह काम, आप बहोत खतरनाक तरीके से अभी हर्ट हो सकते थे, मुझको बहोत डर लगा जब मैं ने उस लोहे को आप के सर के तरफ ुध कर आते हुए देखा तो, मुझे लगा के आप को लग गयी…. आप बहोत फ्लेक्सिबल बॉडी के मालिक हो जिमनास्टिक करते हो किआ आप? आप वहां से कैसे, जैसे उड़कर यहाँ पहुंचे?!”

अभी को बहोत hi ाचा लगा रूही को वो सब कहते हुए सुन कर और जवाब दिया के गेराज में एक सोफिस्टिकेटेड मशीन है जो लोहे को मोड़ता है, यहाँ कुछ नहीं है इस लिए हाथ से करना पद रहा है वार्ना काम बिल्कुल डेंजरस नहीं है…. फिर भी रूही की माँ ने भी ज्वाइन किया रूही को और कहा के डेंजरस है यह काम.

रूही ने अभी से कहा बाद में :

“बे वैरी केयरफुल प्लीज, ी ऍम फीलिंग सकारेद!” }

ये सब पढ़ने के बाद रूही ने लिखा:

“अभी उस दिन मैं सच में बहोत डर गयी थी, मुझे लगा था के आप के चेहरे पर वो लोहा ज़ोर से लग गयी थी, आप का हैंडसम चेहरा बिगड़ जाता अभी…. हाँ आप मुझे बहोत hi ज़्यादा हैंडसम लगने लगे थे अभी…. जीतनेय लोग काम कर रहे थे हमारे आँगन में यू वेरे थे मोस्ट हैंडसम, चारिस्मैटिक एंड वैरी अट्रैक्टिव यंग मन…. आप में कुछ था जो दूसरों को अपने तरफ अत्त्रक्ट करता था, आप की एक बहोत hi स्ट्रांग पर्सनालिटी है अभी, तब भी था अब भी है…. एक तो आप का ऊंचा कद, ऊपर से आप की बोलने और देखने का अंदाज़, आप की स्माइल, आप की सीरियसनेस, आप के चेहरे में ऐसा कुछ है जो आपकी पर्सनालिटी को बहोत hi स्ट्रांग बनता है…. हमारे आँगन में एक आप hi थे जिस से हर कोई प्रभावित होता था, घर में आप के नाम का ज़िक्र होता था जब सब लोग चले जाते थे…. कोई सईद की ग्रुप को नहीं सब अभी की ग्रुप का नाम लेते जब भी बस बनाने वाले के बात करते थे… इस आँगन में आप मैं सब्जेक्ट ऑफ़ टॉक होते थे अक्सर…. महबूब से लेकर रहीम, फ़र्ज़िना, मनोज, महेश सब आप का नाम लेते जब भी काम की बात होती थी….. और यह तो मैं ने आप से कहा hi था के हमारे आँगन में जितना अभी का नाम गूंजता था कभी किसी और का नाम नहीं सुनाई दिया मेरी लाइफ में इस आगाँ में गूंजते हुए अभी…. आप चले गए थे तो सनाटा छह गया था, मैं तरसती थी के कोई चमत्कार हो जाए और कोई ज़ोर से अभी का नाम एक बार तो फुंकार दे!!.... मेरे कान में यह आवाज़ आजाते के ‘अभी उधर देखो उस तीन को चिपकना है, अभी ज़रा उस लोहे को मोड़ कर लाडो, अभी किधर हो इधर मेरा हेल्प करने आओ, अभी एक सिगरेट दो मुझे…. अभी … अभी…. अभी….. इस नाम से hi मुझे प्यार हो गया था, इस नाम को सुनने के लिए मैं तरसती रह गयी आप के जाने के बाद, सपनों में सैकड़ों बार आप का नाम किसी को फुँकारते हुए सुनकर जाएगी हूँ पिछले 25 सालों में अभी….

आप को ाचा लगा था के मैं ने केयर किया था आप के लिए उस रोज़ यह जान कर ाचा लगा अभी, मगर उसी दिन से यह कन्फर्म भी हो गया था के जो काम आप करते हो वो बहोत डेंजरस है, यह मम्मी के तरफ से और भी ज़्यादा सीरियस हो गया था उधर नानी के घर वालों के तरफ से और भी आग में तेल डालने वाली बात हुआ करता था…. बाद में समझाउंगी….”

रूही ने आगे यह पढ़ा:

{ देर घंटे बीत गए और एक दो बार अभी ने देखा के घर के पीछे से एक दो बार रूही ने उस्सको देखा वेल्ड करते हुए. बुसस झांक रही थी फिर घर के पीछे हो जाती थी, शामे टाइम अपनी माँ से बात कर रही थी….. अभी को प्यास लगा और देखा के नल है तो एक खली बोतल लेकर गया पानी भरने, उसी बहाने रूही से एक दो बात कर लेता, मगर उस्का प्लान फ़ैल हुआ क्यूंकि तप नंबर ओने था यहीं बस के पास, तो क्यों करीब के तप को चोरर कर पीछे वाले तप में पानी भरने जाता?! फिर भी पानी लेने से पहले रूही की माँ से परमिशन लिया के किआ उस नल से पानी ले सकता है…. जिस वक़्त रूही की माँ अभी को रिप्लाई कर रही थी, रूही सामने आयी अभी को देखने के उस्सकी माँ से किआ कह रहा था वो. मुस्कुरा रही थी और जब अभी पानी भरने लगा बोतल में तो रूही ने कहा,

“पानी मांगते नहीं हैं, बुसस ले लेते हैं, अगली बार पूछना नहीं बुसस नल खोलना और भर लेना okay?!”

अभी ने मुस्कुराते हुए थैंक्स कहा, ठीक तभी रूही की माँ ने रूही से कुछ कहा, और तुरंत रूही ने अभी से कहा,

“Hello? जूस पियोगे? थोड़ा सा जूस बना दूँ किआ?!”

एहि बात कह रही थी रूही से उस्सकी माँ के क्यों नाह थोड़ा सा जूस दे दिया जाए उन् लोगों को…

मगर अभी ने रूही से मुस्कुराते हुए कहा,

“सुनो डिअर, जूस सही है मगर एक प्रॉब्लम हो जाएगा!”

रूही हैरानी से अभी को देखते हुए पूछा,

“व्हाट? जूस से किआ प्रॉब्लम हो जाएगा भला?”

तो अभी ने कहा,

“जूस पियूँगा तो सिगर्रेट पिने का मैं करेगा क्यूंकि जूस स्वीट होगा नाह? तब तुम कहोगी के सिगरर्टे पीना ाचा नहीं!”

अभी की रिप्लाई सुनकर रूही की माँ ज़ोर से हंस पड़ी, और रूही ने मुंह बनाते हुए कहा,

“तो फिर ठीक नहीं नहीं बनाउंगी जूस मत पीना सिगर्रेट फिर!”}

रूही ने रिप्लाई लिखा:

“हम्म्म आप को बहाना चाहिए था सिगरेट पिने के लिए… यह सब 100% याद है मुझे अभी क्यों के तीसरे या चौथे दिन के बाद मैं खुद आप से इम्प्रेस हो चुकी थी और आप को देखने लगी थी और जैसे आप मुझे देखते रहते थे मैं भी आप को देखती रहती थी, जैसे आप मुझे ढूढ़ते रहते थे मुझे पता होता था के आप को सिर्फ बस के तरफ के देखना होता है आप को देखने के लिए…. मुझे हंसी आयी यह रीड करके के आप मेरे पास आना चाहते थे मगर नल आप के पास hi था जबकि आप दूसरी नल के पास आना चाहते थे जहाना मैं थी हीहीहीहीही!..... वैसे एक बात कहूं अभी? कभी कभी मुझे आप को चेररने और तंग करने में मुझे ाचा लगता था…. आप क्यूट जो लगने लगे थे मुझे… आप से बहोत चेरर कहानी करने को मैं करता था मुझे….

और आगे पढ़ा रूही ने:

{ अभी के चेहरे में एक उदासी चाह गयी थी, जो शायद रूही ने नोट किया, अभी लगातार उस्सको देखे जा रहा था और रूही उनकंफर्टबले फील करने लगी…. रूही ने फिर अभी को देखा और हाथ के इशारे से पूछा किआ हुआ तो अभी ने नाह में सर हिलाया मतलब कुछ भी नहीं कहा….. फिर अभी ने देखा के रूही की माँ तार पर कपडे सूखने के लिए टांग रही थी तो जल्दी से अभी बिना कुछ सोचे समझे रूही के तरफ गया…

अभी को अपने तरफ आते देख कर रूही का चेहरा लाल हो गया जैसे उस्सको पता था अभी उस से किआ कहने ारः है, रूही कभी अपनी माँ को देखती तो कभी बस में दूसरे लोगों को काम करते देखती फिर अभी को देखती… वो कुछ घबरा सी गयी….

अभी रूही के बिल्कुल करीब पहुंचा और धीमी आवाज़ में, आशिकाना अंदाज़ में पूछा,

“तुम्हारी लाइफ में कोई है? प्लीज सच बताना? अगर है तो बे झिझक बतादो प्लीज.”

रूही हंस पड़ी, चेहरा लाल तो हुआ hi था और अभी की बात सुन कर वो हंससने लगी फिर पूछा,

“इस सवाल का एक सवाल से जवाब दूँ?!”

अभी उस्सकी हंसी को अदमीरे करने लगा, कितनी खूबसूरत दिखती है रूही हँस्ते हुए. फिर अभी ने कहा,

“okay वही सही बोलो तो!”

रूही ने हँस्ते हुए hi पूछा,

“यह सवाल क्यों? जान सकती हूँ?!”

अभी ने बिल्कुल हैरान होते हुए कहा,

“ारीये?! कमाल है, यह कोई जवाब है? सवाल भी नहीं फिट बैठता अब…. मेरा सवाल तो सवाल hi रह गया नाह?!”

रूही की माँ दोनों को मुस्कुराते हुए देख रही थी कपडे तार पर टांगते हुए.

अभी ने फिर धीरे से कहा,

“प्लीज बताओ नाह मेरे लिए ये बहोत इम्पोर्टेन्ट है बोलो नाह प्लीज.”

रूही ने इंटेलीगेंटलय जवाब दिया,

“कैसे इम्पोर्टेन्ट हो सकता है भला? हम एक दूसरे को जानते भी नहीं, अभी दो दिन हुए एक दूसरे से बात किये हुए तो किआ इम्पोर्टेन्ट हो सकता है दो दिनों में? मुझे नहीं यकीन के कुछ भी इम्पोर्टेन्ट है अभी, ी don’t बिलीव यू!”

अभी ने सोचा वो भी सही था.

रूही अब ब्लश करने लगी और अपने जीब को अपने उप्पेर लिप के अंदर से होंठ को फुलाया, फिर मुस्कुरायी अभी के चेहरे में देखते हुए….. दोनों एक दूसरे के आँखों की गहराई में देख रहे थे… अभी ने नोट किया के रूही की नज़रें उसस्के चेहरे को चारो तरफ देख रहे थे, उस्सकी पेशानी को देखा उस्सकी नज़र ने, फिर उसस्के गाल को देखा, तब उसस्के चेहरे को देखा तब उसस्के आँखों में वापस देखा….. और अभी ने कहा,

“समझदार को इशारा काफी है, मुझे जो कहना था सो मैं ने कह दिया, आगे तुम्हारी मर्ज़ी मिस रूही”

यह कह कर अभी मुड़ने वाला था वापस बस के पास जाने के लिए मगर रूही ने उस्सको यह कहकर रोका,

“बिल्कुल नहीं, आप ने कुछ भी कहा नहीं, आप ने एक सवाल किया था मुझसे, कुछ कहने और सवाल करने में अंतर होते हैं मिस्टर अभी!”

अभी ने रूही के आँखों की गहराई में देखते हुए कहा,

“मेरा सवाल hi इशारा था मेरी बात का, उस सवाल से इशारा मिल गया होगा, समझदार तो हो तुम, तो इशारा काफी है तुमको हहहहए!”

और अभी जाने लगा वापस, तो रूही हंससने लगी और कहा,

“बहोत होशियार समझते हो आप अपने आप को नाह अभी?!”

तब तक अभी बस के पास रीच हो चूका था और मुड़कर रूही से कहा,

“समझता नहीं हूँ मिस रूही, मैं हूँ. होशियार हूँ मैं!”

रूही उस्सको देखती रही काफी देर तक हँस्ते हुए. अपनी जगह से बार बार अभी मुस्कुराते हुए रूही को देखे जा रहा था वेल्ड करते हुए, और रूही भी अब बड़े प्यार से अभी को देखती जा रही थी…….}

यह सब रूही ने दो या तीन बार पढ़ा रिप्लाई लिखने से पहले… पढ़ते हुए कई बार मुस्कुरायी और आखिर में हंस पड़ी, फिर उदास हो गयी… फिर से मुस्काई और यह लिखा:

“अभी मैं हैरान हूँ यह पढ़ कर के आप मुझको किश तरह से पर्फेक्ट्ली डेस्क्रिबे करते हो, आईटी इस रियली अमेजिंग! ी ऍम शॉकेड अभी, आप सच में कोई राइटर हो किआ? कैसे इस तरह से मुझको, मेरी अदाओं को, मेरे चेहरे के हाव भाव को डेस्क्रिबे कर लेते हो अभी? यू अरे जस्ट इनक्रेडिबल! मैं ब्लश करने लगी थी, अपने जीब को अपने उप्पेर लिप को फुला कर फिर मैं मुस्कुरायी आप के चेहरे में देखते हुए….. उफ़ इतना मुझको ऑब्सेर्वे करते थे आप अभी? ओह माय गॉड!

अभी मैं हंस पड़ी थी तो आप मेरी हंसी को अदमीरे करने लगे थे, आप किआ किआ अदमीरे नहीं करते थे मुझ में अभी? और क्यों इतना अदमीरे करते थे आप मुझे अभी? मैं तो कुछ भी नहीं थी, मैं बहोत मामूली चीज़ थी अभी, दाग थी मुझ में जो आप को नहीं दिख रहा था, फिर भी आप मुझको अदमीरे करते थे…. एक जगह आप ने लिखा के आप ने नोट किया के मेरी नज़रें आप के चेहरे पर चारों तरफ देख रहे थे, आप के पेशानी से लेकर आप की आँखों को नाक को पुरे चेहरे को…. आप को बता दूँ अभी उसी दिन मैं ने आप के एएब्रोस को ग़ौर से देखा था, कितना खूबसूरत है, जैसे पील किये हुए हैं, जैसे लड़कियां पील ऑफ करते हैं आप के एएब्रोस नेचुरल में वैसे हैं…. आप के बाल देख रही थी कितने बाल थे आप के फुल काळा और थिक थे आप के बाल, मुझे बहोत पसंद थे, सिर्फ आप के होंठ सिगरेट पिने से थोड़ा ब्लैकीश हुए थे अगर आप सिगरेट नहीं पिटे तो पिंकिश होते आप के होंठ भी…. वही सब देख रही थी मैं आप के चेहरे में अभी उस दिन…

और अभी जो सवाल आप ने किया था उस्का जवाब मैं ने आप को तोड़ मोड़ कर दिया था उस्सकी वजह अब तो आप समझ चुके होंगे के क्यों मैं सही जवाब नहीं दे पायी थी आप को? कैसे आप को बताती के कोई नहीं मेरी लाइफ में अभी जब मैं एक बचे की माँ थी? मुझको मजबूरन जवाब को मोड़ना hi पारा था अभी, फॉरगिव में अगेन प्लीज. ------ और हाँ अभी यू वेरे राइट. आप सच में बहोत बहोत HI होशियार थे और हो यू अरे वैरी इंटेलीजेंट, मच मोरे थान ी ऍम!”

रूही ने आगे रीड किया:

{ माँ: “और फिर वो चला गया किआ?!”

रूही: “नहीं बहोत तेज़ है वो सच में, पढ़ा लिखा लगता है, इंग्लिश भी ाचा बोलता है माँ, उस्सने मुझे कहा के समझदार को इशारा काफी है, और कहा के मैं समझदार तो हूँ सो समझ जाउंगी के उस्सने ये सवाल क्यों किया मुझसे, सच में होशियार है खुद भी कहा उस्सने हहहहए!”

माँ ने रूही के चेहरे में देखते हुए पूछा,

“तो अब तू किआ करेगी? बता? किआ वो पसंद है तुझे?”

रूही ने एक गहरी सांस लेते हुए अभी के तरफ देखा, फिर अपनी माँ के चेहरे में एक अजीब सी सिकंजह चेहरे पर लाते हुए कहा,

“पता नहीं माँ, पता नहीं मुझे, कितना हैंडसम है, है नाह माँ? पढ़ा लिखा भी है और स्ट्रांग है, कितना लम्बा है माँ!! मैं किआ करूँ माँ?!”

माँ ने भी एक गहरी सांस लिए और कहा,

“मुझे किआ पता मुझसे क्यों पूछ रही है, तू बोल किआ करना है अब?!”

रूही ने फिर मुस्कुराते हुए अपनी माँ के तरफ देखा और कहा,

“अभी कुछ नहीं कहना मुझे, कुछ और दिन बीत जाने दो तब बताउंगी आप को और शायद उस्सको भी….”}

रूही ने रिप्लाई लिखा:

“अभी अब तो आप समझ गए होंगे नाह के किश बारे में माँ मुझसे बात कर रही थी? एहि के मैं किआ करुँगी? आप को नहीं पता था के मैं एक बची की माँ थी, आप मुझे एक कुंवारी लड़की समझ रहे थे, माँ को पता था के मुझे तो किसी से शादी करने का हक़ hi नहीं एहि कहती आयी थी वो मुझसे जिस दिन से मैं ने श्वेता को जनम दिया था. उम्र भर मुझे घर में बांध कर रखना चाहती थी. या कहा था के किसी आधेर आदमी hi मिलेगा मुझसे शादी करने वाला क्यूंकि मैं एक माँ हूँ, सिंगल मदर….. या तो फिर माँ ने एक hi रास्ता रखा था जो मेरे लिए सेफ थी वो था फ्रांस की अमित. माँ कहती के परदेस में तू होगी उसस्के साथ फॉरेन में रहने वाले विर्जिनिटी को कोई एहमियत नहीं देते उस्सने भी गोरी लड़कियों के साथ खूब गुलछर्रे उड़ाए होंगे तो तेरा वर्जिन नाह होना उसस्के लिए कोई इम्पोर्टेन्ट नहीं होगा….. मगर यहाँ के लड़के तो वैसा नहीं हैं यह माँ का सोचना था…. इसी लिए वो पूछ रही थी के अब मैं किआ करुँगी… आप को कैसे बताउंगी के मैं ग़लत हूँ, के मुझ में एक दाग है, एक धब्बा लग चूका है मुझ पर…. आप नए थे, जवान थे, हैंडसम थे मुझको एक कुंवारी लड़की समझते थे…. मेरे लिए कितना मुश्किल था वो सब फेस करना और आप को सब बताना ….. आईटी वास् नॉट इजी अभी….”

इतना लिखने के बाद रूही रोने लगी अपनी किस्मत पर…..

रूही ने आगे रीड किया:

{ जब अभी तैयार हो गया, चेंज कर लिया, हेयर ब्रश कर लिया और किचन में देखा तो सिर्फ रूही की मम्मी थी वहां रूही नहीं थी, अभी उदास हो गया और सोचा के किचन के स्तैर पर जा कर उस से पूछे के रूही किधर है….

फिर अभी ने सोचा के किआ रूही कहीं घर के अंदर से उस्सको देख तो नहीं रही? किआ उस्सने जान बुझ कर वैसा किया ताके देख सके के अभी उस्सको ढूंढ़ता है या नहीं? तो अभी घर के अंदर देखने लगा, खिड़कियों के पास देखने लगा के कोई परदह हिल्ले, मगर कुछ नहीं दिखा और आखिर में उस्सको निकलना पड़ा वाशरूम से. सईद भाई उस्का वेट कर रहा था बस के पास.}

रूही ने रिप्लाई लिखा:

“अभी आज मुझे बिल्कुल भी याद नहीं के मैं उस शाम को किआ कर रही थी, और क्यों आप के जाने के वक़्त वहां नहीं थी…. नहीं अभी मैं उस दिन अंदर से आप को नहीं देख रही थी… या तो मैं सो गयी होगी, या रीड कर रही होगी…. बिल्कुल याद नहीं…. पता है मैं कभी बैठे बैठे 10/15 मीन्स के लिए गहरी नींद में चली जाती हूँ…. मई बे आईटी वास् तहत ों तहत डे…..”

आगे रीड किया रूही ने:

{ वहां से घर जाते वक़्त बस में सिर्फ रूही के बारे में सोचता गया, उस्सको एक घुटन सी फील होने लगा था, एक भारीपन जैसा था उसस्के सीने पर, एक बोझ फील हो रहा था उससे, सिर्फ इस लिए के रूही नज़र नहीं आयी आज शाम को. रूही को दिल में बसाये, मैं में बिठाये सफर किया अभी ने घर तक.

और अपनी स्पेशल डायरी में सब लिखने लगा आज के दिन के बारे में. खुद मुस्कुराते हुए लिख रहा था के किश तरह से आज रूही से बातें हुई, किश तरह उस से पूछने गया था के किआ उस्सकी लाइफ में कोई है, और रूही का जवाब भी लिखा सब कुछ एक एक पल को लिखा अभी ने…….

सब कुछ लिखने के बाद बहोत देर तक सोचता रहा के क्यों आज शाम को रूही नज़र नहीं आयी, यह बात अभी को बहोत डिस्टर्ब करने लगा था.

रात देर तक नींद नहीं आरहे थे अभी को. उस्सको सिर्फ रूही नज़र आरही थी हर जगह. सोते, जागते, उठते, बैठते सिर्फ रूही बसा हुआ था अभी के ख्यालों में, बड़े मुश्किल से आँख लगी और उस्सको लगा के बुसस कुछ मिनटों में सुबह हो गयी.}

रिप्लाई:

“ी ऍम वैरी सॉरी के आप को उदास होकर वापस जाना पड़ा था अभी, एक दिन मैं भी सोच रही थी आप रात दिन मेरे बारे में सोचते होंगे, और जब आप ने बता दिया था के हर शाम को आप के सामने रहूं जाते वक़्त तबसे मैं समझ गयी थी के आप बस में जाते वक़्त रस्ते भर सिर्फ मुझको सोचते हुए जाते होंगे… मगर इस दिन के लिए फॉरगिव में अभी…

आप ने डायरी में जाकर सब लिखा और मैं आज 25 साल बाद वो सब पढ़ रही हूँ अभी! कमाल है नाह?!.....

आप रात को सो नहीं पाते थे अभी सिर्फ मेरे बारे में सोचते रहते थे ओह हाउ नीस ऑफ़ यू, बूत आप की हेल्थ खराब हो सकते थे अभी!!?”

आगे पढ़ा रूही ने:

{ और वो वाशरूम रीच हुआ. रूही के किचन में देखा, खाली था किचन. कोई नहीं था वहां. सुबह के 6 बजे थे. काम तो 7 बजे स्टार्ट होता है और 6 बजे अभी वहां पहुँच गया था, सिर्फ और सिर्फ रूही के लिए. लोग सो रहे थे और अभी काम के साइट पर आ चूका था.

अब अभी को ख़ुशी होती के रूही उस्सको अपने अच्छे कपड़ों में देखती इस से पहले के वो काम करने वाला पुराण कपडा पहनता. अभी सुबह सुबह फ्रेश था, धुप में झुलसा हुआ नहीं था, उस्का स्किन फ्रेश था, शेव किया था आने से पहले, आफ़्टरशेव लगाया था, थोड़ा परफ्यूम भी लगाया था शर्ट पर; एक रैंगलर ब्लू जीन्स और एक सफ़ेद शर्ट पहना हुआ था. एक पेअर ऑफ़ खूबसूरत स्पोर्ट शूज में था… तो चाहता था के रूही के सामने वैसे पेश आये, ताके वो रूही को ाचा दिखे. अभी यह भी सोच कर अर्ली आया था के 6 से 7 बजे तक पूरा एक घंटा होगा उसस्के पास रूही से बात करने को अगर वो सामने आती तो…. मगर वो दिख hi नहीं रही थी. सब से पहला सवाल अभी को यह करना था रूही से के कल शाम को वो किधर थी, क्यों सामने नहीं आयी, और आज अभी रूही से यह रिक्वेस्ट करने वाला था के आज से हर शाम को जब उस्का वापस जाने का टाइम आये तो रूही उसस्के सामने रहे, किचन के स्टैर्स पर प्रेजेंट रहे ताके अभी उस्सको गुडबाय कह सके, उस्सको वेव कर सके. यह कहना था अभी को रूही से आज. मगर वो दिखे तब नाह?!}

रिप्लाई:

“अभी आप इतने सवेरे आप काम पर आजाते थे, ठीक से सोते भी नहीं थे सिर्फ मेरे खातिर, नीस ऑफ़ यू बूत बाद फॉर योर हेल्थ…. यू वेरे तू मच इन लव अभी, बूत ात तहत टाइम ी वास् नॉट इन लव विथ यू….. यस, ी लिकेड यू ा लोट बूत वास् नॉट इन लव बिकॉज़ माय मंद एंड हार्ट वेरे एल्सव्हेरे थिंकिंग ऑफ़ लॉट्स ऑफ़ थिंग्स रिगार्डिंग श्वेता एंड माय सिचुएशन एंड पोजीशन, सो ी हद no टाइम तो फॉल इन लव लिखे यू दीद विथ में अभी!.....

अभी आप मेरे सामने अचे कपड़ों में रहना चाहते थे, आप चाहते थे के मैं आप को उन् कपड़ों में देखूं जिस से आप ट्रेवल करके आते हो हम्म्म, समझती हूँ…. बूत अभी, मेरे लिए वो कोई मैने नहीं रखता था… मुझे आप को उन् गंदे काम करने वाले कपड़ों में hi देखना पसंद था…. आप के कपड़ों से नहीं आप से लगाओ था मुझे, आप इम्प्रेस करना चाहते थे okay, बूत ी वास् आलरेडी इम्प्रेस्सेड बी थे वे यू वेरे!....

अभी यह आप के लिए….. यूँ समझिये के आप ने यह सब मुझसे कहा है……..

वक़्त करता जो वफ़ा आप हमारे होते

हम भी औरों की तरह आप को प्यारे होते

अपनी तक़दीर में पहले hi से कुछ तो ग़म है

अपनी तक़दीर में पहले hi से कुछ तो ग़म है

और कुछ आप की फितरत में वफ़ा भी कम है

वार्ना जीती हुई बाज़ी तो नाह हारे होते

वक़्त करता जो वफ़ा आप हमारे होते….

हम भी प्यासे हैं यह साकी को बता भी नाह सके

हम भी प्यासे हैं यह साकी को बता भी नाह सके

सामने जाम था और जैम उठा भी नाह सके

काश हम ग़ैरत -e-mehfil के नाह मारे होते

वक़्त करता जो वफ़ा….

दम घुटा जाता है सीने में, फिर भी ज़िंदा हैं

दम घुटा जाता है सीने में, फिर भी ज़िंदा हैं

तुमसे किआ हम तो ज़िन्दगी से भी शर्मिंदा हैं

मर्डर hi जाते नाह जो यादों के सहारे होते

वक़्त करता जो वफ़ा आप हमारे होते

हम भी औरों की तरह आप को प्यारे होते

वक़्त करता जो वफ़ा.

अब रोने लगी हूँ यह लिख कर…..”

तो बे कॉन्टिनोएड…(4512 वर्ड्स)
 
आप कहानी को कब से पाह रहे हो भाई?

आज पहला कमेंट मिला आप का.

स्वागत है थ्रेड पर भाई

फ़िक्र मत करो मैं इतना लम्बा खींचने वाला ह नहीं था... 47 अपडेट तक जाना तुम्हारे ख़याल से और 47 उपदटेस दोबारा लिखूंगा?

अरे नहीं यार यह बुसस एक नमूना था ... और 2 उपदटेस में रूही के सारे रिलीज आजाएंगे :डी
 
अपडेट 72 रिलीज ऑफ़ रूही

रूही ने अभी के डायरीज पढ़ते हुए रिलीज लिखना जारी रखा. और जिस दिन उस्सकी मम्मी उस्सको अकेली चोरर कर उसस्के नानी के यहाँ गयी थी रुई ने लिखा:

“उस दिन मम्मी ने मुझे जान बुझ कर अकेला चोर्रा था आप से मुझको बात करने के लिए. कुछ दिन उस से पहले मम्मी मुझसे पूछ रही थी के कब तक मैं आप को धोके में रखूंगी, मुझे आप को सब बता देना चाहिए इस से पहले के आप और आगे बढ़ो. और अस्सल में मम्मी ने यह कहा था के वो नानी के पास जा कर उस अमित का खबर लेकर आएगी क्यूंकि अमित ने मेरे नानी के घर पर hi मेरे लिए यह खबर भेजा था के वो वापस आएगा तो मेरा हाथ मांगेगा मेरे पेरेंट्स से. मेरे नानी से कहा था मुझको रोकने के लिए के मैं किसी और की प्रपोजल को एक्सेप्ट नहीं करूँ. मेरी मम्मी को वही एक रिश्ता मेरे लिए ठीक लगा था वार्ना मुझको किसी अधेड़ शादी शुदा आदमी के साथ शादी करना था क्यूंकि मैं एक बचे की माँ थी. किसी अधेड़ आदमी जिस्सकी पत्नी मर्डर गयी हो या डाइवोर्स हो गया हो ेट्स. यहाँ पर मेरे लिए वैसे hi रिश्ते आते वार्ना एक वही फ्रांस वाला रिश्ता मम्मी को सही लगा था.

तो जिस दिन मम्मी ने मुझसे कहा के नानी के यहाँ जा कर अमित के बारे में पूछेगा कब वो ारः है ेट्स तब मैं ने मुंह फुल्ल लिया था, इस लिए मम्मी ने पूछा मेरा किआ इरादा है तब मैं ने आप का नाम लिया था तो उस्सने कहा के कब आप से बात करुँगी, कब आप को बताउंगी अपने बारे में. तभी मुंय ने डीडे किया के वो नानी के यहाँ जाएगी और मैं आप को लंच पर इन्विते करूँ और बात करूँ आप से.

अभी उस दिन मैं ईटा खुश थी आप के सात के मुझे आप से वो बात कहकर मूड नहीं खराब करना था. आप इतने लोविंग थे, मुझसे इतना प्यार कर रहे थे, मुझ पर इतना प्यार निछावर कर रहे थे के मुझे लगा वो बात कहकर मैं सब खराब कर दूंगी इसी लिए मुझसे कुछ कहा नहीं गया जितना कहा था उस से ज़्यादा.

हाँ अभी मैं ने उस ब्लैक स्कर्ट और वाइट ब्लाउज को आप के लिए hi पहना था उस रोज़, आप कितने दिनों से मुझको उस में देखना चाहते थे नाह? आप ने मुझे उससे पहने को कई बार कहा था, जबसे आप ने हमारे आँगन में काम करने लगे थे एक hi बार आप ने मुझे उस में देखा था, मैं आप को हॉट लगी थी आप ने कहा था, और आप ने लिखा है के किआ मैं ने जान बुझ कर उस ड्रेस को पहना था आप के लिए, किआ मैं आप को रिझा रही थी…. थे आंसर इस यस अभी.

जैसे आप मुझको ाचा दिखना पसंद करते थे ऑब्वियस्ली मैं भी आप को ाचा दिखना पसंद करती थी अभी…. नोर्मल्ली लड़कियां तो ज़्यादा सजती संवारती है नाह अपने बॉयफ्रेंड या अपने लवर को खूबसूरत और ाचा दिखने के लिए? तो मैं ने आप को इन्विते किया था, मैं होस्ट थी सो ी शुड बे लुकिंग नीस नाह? और आप की चॉइस की ड्रेस पहनी थी मैं ने सिर्फ आप के लिए, आप को खुश करने के लिए….

हाँ यह भी पता था मुझे के उस में मैं सेक्सी दिखती हूँ, मैं खुद को आईने में देखती हूँ उस ड्रेस में तो खुद को पता चलता है के कैसी दिखती हूँ उस में…. इसी लिए उस्सको ज़्यादा नैन पहनती थी, मगर आप के लिए पहनी थी उस रोज़…. मगर इस इरादे से नहीं के कोई सेक्सुअल फीलिंग हो, नहीं बल्कि सिर्फ इस लिए के आप को ाचा दिखूं, आप मुझको पसंद करो.

हाँ मैं यह भी जानती थी के कुछ देर पहले मैं ने नहाया था और मेरे बाल भीगे हुए थे, पानी की बूँदें भी टपक रहे थे बालों से…. वो भी आप के लिए hi था…. मुझे यह भी पता था की आप को वो पसंद आएगा…. बहोत नावेल पढ़ती हूँ नाह? तो आइडियाज उधर से आते हैं (lol)…. और फिर आप मुझको इतना ऑब्सेर्वे करते थे मुझको इतना सर से पाऊँ तक देखते रहते थे के मुझको यकीन था आप को ज़रूर दिखेगा के मेरे बाल भीगे हुए हैं क्यूंकि मिलने से पहले आप से कह दिया था नाह के नहाने जाउंगी….

अब आप ने डेस्क्रिबे किया के मैं कैसी दिख रही थी आप को और आप के फीलिंग्स किआ हो रहे थे…. आप आकर्षित हो रहे थे सेक्सुअली यह मुझे पता नहीं था और मेरा इरादा भी वो नहीं था अभी….

उस रोमांटिक लंच को मैं कभी नहीं भूलूंगी अभी. जिस तरह से आप ने मेरे हाथ से एक निवाला खिलाने को कहा था, और मैं ने अपने निवाले को आप ने मुंह में डाला था… तहत वास् वैरी रोमांटिक फॉर में…. मैं ने लाइफ में किसी लड़के को अपना निवाला कभी नहीं खिलाया है यू वेरे थे ओनली ओने अभी! और आप ने वो सब एक्सक्ल्य वैसा hi लिखा और डेस्क्रिबे किया है के पढ़ते वक़्त मुझको लग रहा था मैं सब कुछ देख रही हूँ और फील कर रही हूँ… ी वास् समिलिंग रीडिंग आल तहत अभी.

आप ने कहा था अगर मैं उस दिन आप को अंदर नहीं आने देती तो आप मुझे गॉड में उठा के अंदर लाते, तो मैं ने पूछा था के किआ आप मुझको उठा सकते हो और जिस तरह आप ने मुझे गॉड में उठाया था Abhi…wo भी किसी आदमी ने मुझे कभी नहीं उठायठा आज तक आप के इलावा…. आप ने वो दोबारा किया कल मुझको व्हीलचेयर से उठा कर सोफे पर रखा था वैसे hi…. मगर उस दिन वास् थे फर्स्ट टाइम समवन लिफ्टेड में उप इन हिज आर्म्स तहत वे…. ी कैन नेवर फॉरगेट ठोस मोमेंट्स अभी. थैंक यू वैरी मच फॉर मेकिंग में फील स्पेशल ों तहत डे अभी. कल जब आप ने मुझे व्हील चेयर से उठा कर सोफे पर रखा तो मुझे नार्मल फील हुआ, ऐसा लगा वो आप का हक़ था मुझे उस तरह से उठाना और रखना…. जैसे के वो वैसा hi होना चाहिए था…..

उस दिन आप ने मुझको बीएड पर लेटाया था अभी और मेरे एंकल को किश किया था और मैं ने झट से तंग ऊपर उठाया था और आप के नाक में लग गयी थी….. एंड अभी लेट में तेल्ल यू ओने थिंग टुडे… अभी यू अरे ा वैरी गुड किसर. No ओने एवर किस्ड में तहत वे एवर इन माय लाइफ टिल डेट. वे वेरे लाइंग ओवर थे बीएड, यू मेड में पुल्ल थे कर्टेंस एंड ओवर थे कर्टेन क्लॉथ ी हद पूत तवो हैवी बुक्स सो तहत थे कर्टेन won’t मूव आउट विथ थे विंड एंड यू हद स्टार्टेड किसिंग में…… ी शिवरेद स्टिल लव्ड योर टॉचेस वैरी मच.

यह कहा था आप ने:

{ “रूही जिस दिन मैं ने तुमको इस स्कर्ट और ब्लाउज में देखा था उसी वक़्त अपने घुटनों के बल आकर तुम्हारे टांगों को बाहों में भरके चूमने का मैं किया था आज वही करने जा रहा हूँ….”}

मैं छुप हो गयी थी और आप के होंठों को फील करती गयी थी साथ साथ आप का हाथ मेरे स्कर्ट के निचे मेरे जाँघों के ऊपर चलता जा रहा था….. मैं उठ बैठी थी आप के हाथ को रोकते हुए और आप ने कहा था:

{“ी विश तो एक्स्प्लोर यू स्वीटहार्ट, वांट तो सी डीप इनसाइड यू, वांट तो फील यू, विश तो सी हाउ थे कलर ऑफ़ योर स्किन चंगेस अंडर योर स्कर्ट, प्लीज लेट में दो!”}

अभी, यू हद लइकेड माय निप्पल ों तहत डे…… दो यू क्नोव हाउ ी हद फेल्ट? हद यू थॉट व्हाट वास् गोइंग ों वीथिन में? मुझ पर किआ बीत रही थी कैसे समझों आप को मैं….. मैं खुद को अगर नहीं संभालती तो शायद उस दिन बेहतर होता…. मुझे आप को रोकना नहीं चाहिए था…. ी शुड हैवे लेट यू जो अहेड….. ी रिग्रेट हैविंग स्टोप्पड़ यू ों तहत डे अभी….. योर टॉचेस मेड में ट्रेम्बले, माय व्होले बॉडी वास् ों फायर, ी नीडेड आईटी अस मच अस यू, no ओने एवर अरूसेड में एवर तहत वे इन माय लाइफ. यू वेरे थे ओनली मन हु मेड में फील थे नीड ऑफ़ मेकिंग लव….. ी वांटेड आईटी बूत हद तो कण्ट्रोल माइसेल्फ अभी…… ी वास् अफ्रेड आल्सो बिकॉज़ ी हद ेर्रेड इन थे पास्ट इन माय टीनएज सो कुड नॉट लेट शामे मिस्टेक हैपन अगेन, तहत इस व्हाई ी हद तो स्टॉप यू. देस्पिते तहत यू केपट ों आस्किंग अगेन एंड अगेन तो लेट यू दो ी हद तो रेफुसे…. सॉरी अभी!

और उस दिन को आप से सिर्फ इतना कह पायी थी के किआ अगर मैं ने कोई ग़लती किया है तो किआ आप मुझको माफ़ करोगे…. इस से ज़्यादा नहीं कह पायी थी, रोने लगी थी और आप को मम्मी से पूछने को कहा था……

ी हद स्पोइलेंड थे लवली मोमेंट्स वे वेरे हैविंग बी आस्किंग यू तहत ों तहत डे. आईटी वास् नॉट थे एप्रोप्रियेट टाइम तो आस्क तहत. सॉरी अगेन अभी.

दूसरे दिन आप का पहला लव लेटर मिला था मुझे अभी जिस्सको मैं ने आज तक संभाल कर रखा हुआ है. आप ने उस में इकरार किया था की आप मुझसे बेहद प्यार करते हो और. सुंभा 3.30 को लिखा था आप ने उस खत को और सुबह 4 बजे सोने गए थे आप और कुछ देर बाद सवेरा हो गया था और यहाँ चले आये थे अर्ली इन थे मॉर्निंग हमेसाहा की तरह.

अभी उस दिन आप का खत पढ़ी मैं ने और बहुत रोई थी, क्यूंकि एक दिन पहले जब मम्मी नानी के घर से वापस आयी थी तो बहोत कुछ भुआ था जो आप को नहीं बताया गया था.

मेहबूब का बहोत बड़ा हाथ था मम्मी के साथ मिलकर मुझको झुकाने में. मैं मेहबूब से दरर्ति थी. क्यूंकि मैं ने पहले ग़लतियाँ किये थे और पापा देश में नहीं था और उस्सको हम सब का ख्याल रखने के लिए कह गया था तो मेहबूब मुझ पर नज़र रखता था मेरी उस एक घलटती के लिए और मम्मी से कहता रहता के मुझ पर कड़ी नज़र रखना चाहिए कहीं बाहर नहीं जाने देना चाहिए, किसी से मिलने नहीं देना चाहिए, वो नहींचाहता था के मैं कोई और वैसा कदम उठाऊं. वो समझता था के मैं गौरव से प्यार करती हूँ और उसस्के साथ कभी भाग जाउंगी, मुझको बहोत सुनाता था वो अक्सर… और मेरी आदत थी hi नहीं किसी बड़े को जवाब देना और वो पिता की तरह hi थे तो मैं खामोश रहती थी, मगर मुंय और वो मुझको ऐसे ट्रीट करते थे जैसे मैं एक बहोत बड़ा गुनेहगार हूँ.

और मैं खुद को गृहनगर समझने लगी थी, मैं खुद डाब कर रहना पसंद करने लगी थी, मैं समझती थी के मुझको जो गुनाह हुआ है उस्सकी वही सजा थी कैग हर वालों के बातों को मानूं और वही करूँ जो वो लोग कहे….

आप से मिलने से पहले मैं पिछले 6/7 सालों तक मम्मी और मेहबूब के सारे बातों को मानती आयी थी. मैं तीनगर से एडल्ट हो भी गयी तब भी उन् दोनों के बातों को मानती थी. वो सब करती थी जो वह लोग कहते थे…. जब मैं ने सिलाई सीखना चाहा तो मेहबूब नहीं राज़ी था के मैं जॉन उस शहर में सिलाई सीखने… उस्सने मम्मी से कहा था मैं फिर भटक जाउंगी, कुछ ग़लत करुँगी….

मगर मम्मी खुद मुझे लेकर गयी थी पहली बार उधर और उधर का सुपरमार्केट वाला चाचा के जान पहचान वाली थी सिलाई सीखने वाली और उस्सको मुझ पर नज़र रखने को कहा गया था…..

मेहबूब भी बस driver/owner था तो अक्सर उसी के बस से आती जाती थी और हिम्मत भी नहीं होती के किसी और के तरफ देखूं या किसी से बात करूँ…. मैं उन् लोगों के विश्वास जीतना चाहती थी कुछ ग़लत नाह करके इस लिए सीधा सिलाई सीखने जाती और सीधा घर वापस आती….

जिस दिन आप ने पूछा था के किधर सिलाई सीखने जाती हूँ तो आप को बताते बताते रुक गयी थी उस्का रीज़न एहि था.. के अगर आप को बता दिया तो किसी दिन आप मुझसे मिलने आजाते और इधर सबको पता चलता तो मेहबूब और मम्मी कहते के देखो फिरसे वही तमाशा कर रही है रूही!! बुसस इसी लिए आप को नहीं बताया था के किधर जाती थी सिलाई सीखने अभी. अब आप बताओ अगर मैं बताती आप को तो आप मुझसे मिलने आते नाह है के नहीं? पक्का आते आप मुझे पता है!..... मगर आप के चले जाने के बाद 5तह जनुअरी के बाद मैं सोचने लगी काश मैं ने आप को बता दिया होता, तो आप उस डेट के बाद मुझसे मिलने तो आते…. क्यूंकि उस डेट के बाद सिर्फ और 3 सतुरदेस को गयी थी वहां फिर जाना चोरर दिया!!

हाँ तो जब मम्मी नानी के यहाँ से वापस आयी थी उस रोज़ वो सीधे मेहबूब से मिली और कहा के उधर अमित ने फ़ोन किया था नानी के घर और मेरे बारे में पूछा था, कहा था के 4 महीने बाद वापस ारः है और मुझसे शादी करके लेजायेगा मुझको अपने साथ!

मेहबूब और मम्मी ने मुझको बहोत सुनाया उस रात को…. दिन में आप से मिली और जितना खुश थी उतना hi रोई उस रात को मम्मी के आने के बाद. मेहबूब और मम्मी ने मिलकर मुझको समझाया के मुझको अब आप से दूर रहना चाहिए और अमित के साथ शादी करके चले जाना चाहिए….

तो बे कॉन्टिनोएड…. (2306 वर्ड्स)
 
डबल मेगा उपदटेस ऑफ़ ओवर 6 क वर्ड्स

अपडेट 73 रिलीज ऑफ़ रूही 2

मेहबूब और मम्मी ने मुझको बहोत सुनाया उस रात को…. दिन में आप से मिली और जितना खुश थी उतना hi रोई उस रात को मम्मी के आने के बाद. मेहबूब और मम्मी ने मिलकर मुझको समझाया के मुझको अब आप से दूर रहना चाहिए और अमित के साथ शादी करके चले जाना चाहिए….

अब आगे….

रूही ने लिखना जारी रखा….

“अभी मगर एक बात थी जो आप को उन् दिनों बिल्कुल समझ में नहीं आया था, वो यह के मेहबूब मुझको इस्तेमाल कर रहा था आप से अपने बस के काम निकलवाने के लिए.

याद है जिस दिन आप और सईद में लड़ाई हुई थी, तो मेहबूब ने hi मुझे आप को एक तरफ लेजाने को कहा था आप को शांत करने के लिए? तहत डे वास् आवर फर्स्ट किश डे. मैं आप को घर के पीछे वाले कोने में लगाई थी….. उसी दिन को जब आप घर वापस चले गए थे तो मेहबूब आया था हमारे यहाँ और माँ के सामने उस ने मुझे आप से मीठी मीठी बात करने को, आप को अपने प्यार में उलझाने को कहा था, माँ से भी उस्सने कहा मुझको आप के करीब जाने देने के लिए, माँ भी मिली हुई थी मेहबूब के साथ आप को बाँधने रखने के लिए मेरी मुहबत में, दोनों को पता चल चूका था के आप को मुझ से प्यार हो गया है, सईद ने शायद मेहबूब से कह दिया था के आप अक्सर एब्सेंट रहते हो, मोंडेस हो काम पर नहीं आते हो तो मेहबूब ने कहा था के उस्का काम डिले होगा अगर आप एब्सेंट रहे तो, क्यूंकि आप सबसे फ़ास्ट काम करते थे, सईद से भी ज़्यादा काम करते थे आप, तो मेहबूब को आप की ज़रुरत थी तो उस्सने मुझसे हेल्प माँगा था के मैं आप को लुभाऊँ, के आप से बात करूँ के मैं आप को रिझाऊं ताके आप हर रोज़ काम पर आये!......... मगर अभी मैं वैसा कुछ करना नहीं चाहती थी, बुसस आप से बातें करती थी, आप के करीब आती थी और जिस दिन पहली बार आप ने मुझसे कहा था के आप के जाने के वक़्त मैं किचन के चौकठ पर रहूं उस दिन को मैं ने मेहबूब से कह दिया था के आप ने वैसा कहा है, तो वो खुश हुआ था और उस ने भी मुझको वही करने को कहा, उस्सने कहा देखो वो जाते हुए तुमको मूढ़ कर देखेगा, आशिक है तो खुश कार्डो, यहाँ खड़े रहने से तुम्हारा किआ जाता है….

अभी आप को लुभाते लुभाते मैं खुद आप से प्यार कर बैठी थी, आप में कुछ था जो यहाँ किसी में नहीं था, मैं मेहबूब के लिए आप को नहीं रोकती थी, मैं आप को अपने खुद के लिए रोकने लगी थी, जिस रात को आप को रहने के लिए कहा था वो मेरी अपनी मर्ज़ी थी, वो मैं चाहती थी हालां के मेहबूब को पता था के आप हमारे घर रुके हुए हो और आप समझ रहे थे के उस्सको नहीं पता था, उस्सको और रहीम दोनों को पता था के आप उस रात को हमारे यहाँ रुके हो….

आप को यह भी नहीं पता के मनोज ग़ुस्सा हुआ था आप के रुकने से जब आप नहाने चले गए थे… और उसी वक़्त मेहबूब ने मनोज को समझाया था के आप को कुछ नाह कहें यह उस के कहने से मेरी माँ ने आप को रुकने को कहा…. अस्सल में मैं ने आप को रोका था उस रात को. दूसरे दिन मेहबूब और मनोज में बेहेज़ हुई थी इस बात को लेकर, मनोज मेहबूब से ऊंची आवाज़ में बात किया था और उस्सको कहा था के अगर आप को घर पर रोकना है तो वो आप को अपने घर में रोकें हमारे यहाँ नहीं.

अभी आप ने यह लिखा है अपने डायरी में

{“ी ऍम वेटिंग फॉर तहत डे व्हेन रूही विल बे हेरे ों थिस बीएड टुगेदर विथ में एंड ी विल मेक हेर रीड आल थिस. शी विल थें रीड एंड क्नोव व्हाट ी वास् गोइंग थ्रू थे डेज ी वोरकेड इन हेर यार्ड. ठोस वेरे थे मोस्ट ब्यूटीफुल डेज ऑफ़ माय लाइफ व्हिच ी विल नेवर फॉरगेट. ी मेट लव, ी मेट थे ओने ी वास् वेटिंग फॉर, ी मेट माय सोल मात इन तहत यार्ड. एंड ी ऍम ग्रेटफुल तो गॉड एंड माय जॉब. िफ़ ी वास् नॉट दोंग थिस जॉब ी वोउल्ड नेवर हैवे गॉन तेरे, वोउल्ड हैवे नेवर नोन हेर, वोउल्ड हैवे नेवर मेट हेर….”}

तो आंसर थिस अभी ी हैवे तो से तहत ी हैवे बीन थे मोस्ट उन्फोर्तुनाते पर्सन तो हैवे लॉस्ट यू एंड योर ट्रू लव. यू लव्ड में सो डार्ली विथ आल योर हार्ट, यू लोंगेद फॉर में, यू वांटेड में, बूत माय लव वास् फेक इन थे बिगनिंग, ी वास् प्लेइंग विथ यू फॉर थे सके ऑफ़ मेहबूब, ी वास् रेटाइनिंग यू, बूत व्हेन ी स्टार्टेड लिकिंग यू एंड वांटेड तो बे विथ यू आईटी सीमेड तो बे लेट, स्टिल ी दीद तरय बूत थे वेरे स्ट्रांगर थान में; माय मदर एंड मेहबूब, थे वेरे थे ओनेस पुल्लिंग थे स्ट्रिंग, ी वास् ा मेरे पपेट! …. यू मेट लव, यू मेट योर सोल मात यू हैवे रिटेन बूत ी दीद नॉट डेसेर्वे योर ट्रू लव अभी, बिकॉज़ योर लव वास् सिंकेरे एंड ट्रू व्हेरास माइन वास् फेक… तहत इस व्हाई थे गॉड व्होम यू थांकेड़, दीद नॉट अल्लोव तहत तो हैपन बिकॉज़ थे गॉड कनेव ी वास् फेक एंड दीद नॉट डेसेर्वे योर लव!

मेरे पापा:

आप ने पूछा था उस दिन जब पापा का फ़ोन आया था के वो कैसा इंसान है. मैं ने आप को बताया था के वो माखन है…. सच में वो वैसा hi है… उस घर में पापा पत्नी है और माँ पति है…..

मेरे पापा एक ऐसा इंसान है जो बचपन से झुका रहा है… बहुत खामोश, उस्सकी आवाज़ तक ठीक से सुनाई नहीं देते…. मेरी दादी ने बताया था मुझे के पापा तो इतना शर्मीला था के शादी भी नहीं करना चाहता था…. हे वास् तू शाय ा पैरों.

बाद में दादा दादी ने उस्सकी शादी करवा दिए तो माँ मिल गयी उस्सको और जल्द hi माँ को पता चल गया के वो कैसा इंसान है सो शी स्टार्टेड डोमिनेटिंग पापा एंड शी हद ऑलवेज बीन थे हेड ऑफ़ थे फॅमिली नॉट पापा… पापा वास् ऑलवेज तू कूल, साइलेंट, नेवर रैसेड हिज वौइस् एंड मम्मी टूक एडवांटेज ऑफ़ हिज साइलेंस तो डोमिनाते हिम….. पापा वास् ा पर्सन हु कुड नेवर टेक ा डिसिशन, सो हिज वाइफ ऑलवेज डीडेड एंड शी रुलेद ओवर हिम आल हेर लाइफ. हे इस ा वैरी नीस पर्सन इनडीड, बूत तू कूल एंड साइलेंट फॉर ा वुमन लिखे माय मदर. माय मदर शुड नेवर हैवे बीन हिज वाइफ.

अभी जब माँ नानी के यहाँ से वो न्यूज़ लेकर आयी के अमित 4 महीने बाद आने वाला है मुझ से शादी करके मुझे अपने साथ लेजाने के लिए, तो सच कहूं तो मुझे वो चका चॉंद, फॉरेन देश, फ्रांस, पेरिस, प्लेन से सफर करना, आमिर देश में रहना यह सब ऑफ़ कोर्स बहोत एस्सार किया था मुझ पर… आप के आने से पहले मैं उसी सपने में जीने लगी थी के मुझे फ्रांस जाना है, कोई अमित है जो मुझे शादी करके ले जाएगा अपने साथ. मुझे लगा था कुदरत ने मेरे लिए वही डीडे किया है, इसी लिए मुझसे वो ग़लती हुई थी टीनएज में क्यूंकि मुझे उस ग़लती को यहाँ चोरर कर चले जाना है….

श्वेता:

आप से एक बात कहूं….. जैसे जैसे श्वेता बड़ी होती गयी मुझे उस से नफरत होने लगी….. मैं उस से दूर रहने लगी थी, इस लिए के उस्सकी वजह से मेरे फ्यूचर में बाधा पड़ने लगे थे.. मुझे कोई प्रपोजल नहीं आते थे, मुझे किसी अधेड़ आदमी से शादी करनी पड़ती सिर्फ श्वेता की एक्सिस्टेंस की वजह से…. बेबी थी तब उस से लगाओ था, जब वो 2 साल की हुई तो मैं उस से बिल्कुल दूर होने लगी… श्वेता से मैं ने जान बुझ कर कट ऑफ कर लिया था, वो आती तो थी मगर ज़्यादा तर मेरी माँ और मनोज या महेश के साथ रहती थी, बहोत कम मेरे साथ क्यूंकि उस्सको पता चल चूका था मैं उस्सको पसंद नहीं करती….. श्वेता को मुझसे कोई स्नेह या प्यार नहीं मिला था क्यूंकि मैं उस से नफरत जो करने लगी थी और वो श्वेता को दिखने लगा था…. कभी कभी तो वो स्कूल वेकेशन में 2 हफ़्तों के लिए रहने आती थी और उन् दो हफ़्तों में एक दिन भी मैं ने उस्सको गले नहीं लगाया… दो हफ़्तों में एक या दो दिन उस से बात किये मैं ने…. सिर्फ जब आप यहाँ थे तब मैं उस के साथ थोड़ा खेलती थी ताके आप को कोई शक नाह हो!! वार्ना श्वेता से मई हमेशा दूर रही…… उस्सकी एक वजह और थी, के मैं देश चोरर कर दूर जाने वाली थी तो उस से बिछड़ने पर मुझे दुःख नाह हो इस लिए भी दूर रही थी उस से….. श्वेता को बचपन से पता था के मैं उस्सको पसंद नहीं करती थी…. यह वो जानती थी.

और जब श्वेता 18 की हुई और उस्सको पता चला के उस्सको जनम देने वाली माँ मैं हूँ तो उस्सने मुझे वो सब याद दिलाया के मैं किश तरह उस से दूर रहती और उस से नफरत करती थी… श्वेता एक अलग hi बची थी, उस्सको बचपन के सारे बात याद हैं आज भी… उस्सको आप भी याद हो बहोत अछि तरह, वो केवल उन् दिनों 6/7 की थी मगर उस्सको सब बिल्कुल साफ़ याद है… श्वेता की ब्रेन अजीब है उस्सकी इंटेलिजेंस फ़ास्ट काम करती है उस्सको सब कुछ याद रहता है…. वो 3 साल की थी तो किआ हुआ था उस्सको साफ़ याद है और बता देती है… मेरे शहर वाले चाहा हैरान था एक दिन उस्सने बताया था के श्वेता को वो किसी के घर लगाया था किसी काम से जब श्वेता 3 साल की थी, उस आदमी के घर में एक झूमर था और एक वाल क्लॉक जो बजता था… श्वेता जब 12 साल की थी तो एक दिन उस वाल क्लॉक और झूमर के बारे में पूछ रही थी मेरे चाचा से और उस आदमी का हुल्य बिल्कुल क्लियर डेस्क्रिबे किया था उस ने….. श्वेता को बचपन से एडल्ट वाले फीलिंग्स होते थे, उस्सको सब कुछ 100% पता चलता था के किआ हो रहा है……

पता है आप को? जिस दिन आप मेरे चची के घर मुझे ढूंढ़ते हुए आये थे तो श्वेता वहीँ थी नाह… आप के जाने के बाद श्वेता मुझसे नाराज़ हुई थी और मुझे गन्दी कहा था उस ने… एक बड़ी एडल्ट की तरह डांटा था मुझको श्वेता ने. मैं दांग रह गयी थी. मुझसे कहा था के आप कैसा इंसान हो, अभी आप से इतना प्यार करता है और आप यहाँ अंदर बैठी रही उस्सको यहाँ से चील्ला कर जवाब नहीं दे सकती थी? वो रो रहा था आप के लिए और आप को कुछ नहीं हुआ? आप के फीलिंग्स hi नहीं है, स्टोन हेअरटेड हो आप. काश अभी मुझसे से प्यार करता और मैं आप की जगह होता तो उस्सको कभी नहीं जाने देता उस से ज़रूर शादी करती मैं…… एक 6/7 साल की लड़की ऐसे बातें कह सकती है? मुझे झटका लगा था श्वेता की बात से उस रोज़…..

और जब उस्सको पता चल गया के मैं उस्सकी माँ हूँ, मुझसे यहाँ झगड़ने आयी थी तब भी आप को मेंशन किया था उस ने…. कहा था के भगवान् ने मुझे इसी लिए सज़ा दिया क्यूंकि मैं ने आप का दिल दुखाया tha…..wo सब जो हुआ था उसस्के बचपन में सब याद था उस्सको 18 साल की हुई तब भी… आप को बहोत पसंद करती है उस्सकी बातों से लगा था मुझे तब भी कह गयी थी के आप उससे मिलो तो वो आप से शादी कर लेगी…. मैं ने उस्सको बताया के आप शादी शुदा हो आलरेडी तो वो मान नहीं रही थी कह रही थी के मैं झूट बोल रही हूँ… और मुझसे कहा के उसी दिन से वो आप से प्यार करने लगी थी जिस दिन आप को मेरे लिए रट देखा था उसस्के यहाँ.. आप से सच में बहोत प्यार करती है…. क्यों नाह हो आप हो hi प्यार के काबिल… उसको आप का प्यार दिख गया था अभी मुझे नहीं दिखा था कितनी अंधी थी मैं?! जनुअरी 1987 में जब वो आयी थी हमारे यहाँ नई ईयर के मौके पर तो आप को ढूंढ रही थी, जब उस्सक्को पता चला था के आप अब यहाँ कभी नहीं आओगे काम ख़तम हो गया तो बहोत रोई थी, मुझसे पूछने आयी थी के अब कैसे वो आप से मिल पाएगी? आप किधर रहते हो उस्सको आप के यहाँ लेजाने को कहा था मुझे!!! मुझे भी रुला दिया था उस्सने आप की याद दिला कर…. मैं उस से कहने वाली थी के आप 4/5 या 7तह को आने वाले थे, मगर शुक्र है के नहीं कहा क्यूंकि अगर वो होती और उसस्के सामने मनोज ने आप को वैसे निकला होता तो किआ गुज़रती उस पर?

मगर उस्सको बाद में सब पता चल hi गया आखिर…. कुछ महीने बाद वो मुझसे बहोत नाराज़ हुई थी के क्यों मैं ने आप को नहीं रोका था जब मनोज ने आप को घर से निकला था. पता है श्वेता ने किआ कहा था अभी? उस्सने कहा था के अगर वो रूही होती तो घर से तुरंत भाग कर आप के पीछे जाती और इस घर को चोरर कर हमेशा के लिए आप के साथ चली जाती…. उस उम्र में श्वेता का वो कहना था आप के लिए!!! वो बहोत hi इंटेलीजेंट थी. एक एडल्ट वाली ब्रेन थी उसस्के पास बचपन से hi. सच पूछो तो मेरे दिल में आप के लिए ज़्यादा प्यार श्वेता ने जगाई थी अभी…. एक बात कहूना आप से? जब 18 की होने के बाद श्वेता आप के लिए रो कर मुझसे कह रही थी के वो आप से शादी करेगी तो मेरे दिमाग़ में यह बात आयी था के अगर आप ने शादी नहीं किया होता तो मैं आप को श्वेता से शादी करने को कहती… आप सिर्फ 15 साल उस से बड़े हो, हैंडसम तो हो hi वो 18 की थी 20 की होती तब आप 35 के होते तो ज़्यादा फरक दीखता hi नहीं, क्यूंकि वो आप को इतना चाहती थी मैं ने आप का रिश्ता श्वेता से भी सोच लिया था….. मैं जो नहीं कर पायी थी, जो कमी मैं ने चोर्रा था आप की लाइफ में वो कमी अपनी बेटी से पूरी करवाती मैं आप के लिए….. आप भी उस्सको बहोत पसंद करते थे नाह अभी? हम्म्म? मुझे याद है, आप ने कहा था वो बिल्कुल मेरी तरह दिखती थी आप को, और एक बात कहूं? वो सच में मेरी तरह hi है…. मगर मुझसे हज़ार गुना ज़्यादा इंटेलीजेंट, होशियार है, डेरिंग है, आप की और उस्सकी खूब बनती… आप को उस से ज़रूर मिलना चाहिए, मुझे यकीन है के उस से मिलकर आप बहोत खुश होंगे और वो तो उछाल पड़ेगी…

मैं किआ कह रही थी और किआ कहने लगी….. श्वेता याद आगयी बिच में ….. हाँ तो उस दिन के बाद मम्मी और मेहबूब ने अब मुझे आप से दूरी रखने को कहा क्यूंकि अमित आने वाला था…. इसी लिए उस दिन के बाद मैं आप से डिस्टेंस बनाने लगी थी मगर उसी दिन आप को मुझे अपना लव लेटर भी देना था जिस ने मुझे पिघला दिया था और मैं कश्मकश में पद गयी थी के अब मैं किआ करूँ!!!

जिस दिन शाम को मैं महेश, फ़र्ज़िना और एक कजिन के साथ बैठ कर आप को सुना रही थी के आप किआ समझते हो के मैं आप से शादी करुँगी, वो सब आप को डिस्कुरागे करने के लिए था, आप को खुद से दूर करने के लिए था, आप के दिल में मेरे लिए नफरत पैदा करने के लिए था मगर आप का प्यार मज़बूत था और आप मुझसे फिर भी और भी ज़्यादा प्यार करते गए, आप का प्यार घटता नहीं बढ़ता गया मेरे लिए और मैं बेबस लाचार उलझती गयी के किआ करूँ….. आप और अमित में से मुझे एक को चुनना था मैं समझ नहीं पा रही थी के किआ करूँ…. मम्मी और मेहबूब का कहना था के आप मुझसे नफरत करोगे जब आप को पता चलेगा के मैं एक बची की माँ हूँ…. तभी मैं ने डीडे किया के आप को अब बताना होगा…. मगर सिर्फ इतना बता पायी के ी ऍम नॉट ा वर्जिन और आप ने तो कह hi दिया के चाहे मैं एक बच्ची की माँ हूँ तब भी आप मुझसे शादी करने के लिए तैयार हो….

वो कहने से पहले मैं ने माँ और मेहबूब से शर्त लगाई थी के आप मुझसे फिर भी नफरत नहीं करोगे, और उस रोज़ माँ के सामने जब खिड़की के पास आप रोने के करीब थे और मैं आप से ज़्यादा रोने लगी थी, और आप ने मम्मी से पीछे का दरवाज़ा खोलने को कहा था, तो मैं ने खोला था…. किआ आप को याद है उस रोज़ उस से पहले मेहबूब और रहीम ने आप से किआ कहा था?

रहीम ने कहा था के आप हमारे यहाँ रहने वाले हो और मेहबूब ने कहा था के अच्छी बात है सुबह को जल्दी काम शुरू कर डोज? याद है अभी? उसी दिन; दिन में मेरी शर्त लगी थी मम्मी और मेहबूब से के आप मुझसे नफरत नहीं करोगे सब जान्ने के बाद भी…. और इसी लिए मेहबूब को पता था के आप से मुझे वो सब कहना है शर्त के अनुसार मुझे पता लगाना है के अगर आप को मेरे बारे में पता चला तो आप किआ करोगे….

और उस रात को मैं ने आप को अपने घर रोका था यह जाने के बाद के आप फिर भी मुझसे शादी करोगे चाहे मैं एक बच्ची की माँ भी हुई…. मुझे वो कहने की ज़रुरत hi नहीं पड़ी, आप ने वो कह भी दिया फिर भी मैं ने आप से स्तूपिदलय पूछा था के व्हाट िफ़ ी ऍम नॉट ा वर्जिन…. मुझे एहि कहना था क्यूंकि मैं ने वही पूछने को प्लान किया था….. उस दिन आप ने मेरा दिल जीत लिया था और मैं शर्त भी जीत गयी थी…. मम्मी तभी डिसअप्पोइंट हो गयी थी इसी लिए आप को घर पर रहने दिया था…. जब आप नहाने गए थे तो मेरी उस से बात हुई थी मनोज से बात होने के बाद. मैं ने मम्मी से कहा था के मैं शर्त जीत गयी और अभी मुझसे फिर भी शादी करने के लिए तैयार है चाहहए मैं एक बच्ची की माँ भी हूँ तब भी सुना आप ने!..... उस रात को तो मम्मी ने कुछ नहीं कहा था उस रात वो आप के फवौर में थी मगर दूसरे दिन मेहबूब और उस्सने फिर बात किये थे और वह दोनों अमित के फवौर में थे.

अभी उस रात को मैं आप से हमबिस्तर होना चाहती थी…. पता है क्यों? इस लिए के आप उस दिन मुझसे वो करना चाहते थे जिस दिन लंच करने आये थे तब मैं ने आप को मन किया था इस लिए उस रात को आप को कम्पेनसाते करना चाहती थी….. जब आप ने मुझे बाहों में भरके किश किया था तो मेरी रूह कांप गयी थी….. मैं ने टीनएज में जो सेक्स किया था तब कुछ सेक्सुअल फीलिंग कुछ भी नहीं हुआ था, मगर उस रात आप के साथ रियल सेक्सुअल फीलिंग किआ होता है तब पता चला था, अरौसल किआ होता है, एनवी और डिजायर किआ होता है तब पता चला था, उस्सकी गहराई से एहसास हुई थी और उस्सकी ज़रुरत भी फील हुई थी… आप ने इतनी बड़ी बात कह दिए थे के आप को अपना तन, मैं सब देने का मैं कर रहा था मुझे, उस रात को रियल लव और सेक्सुअल प्लेअसुरे फील करने को मन कर रहा था मेरा, आप को चौररने को बिल्कुल मैं नहीं कर रहा था, मैं कर रहा था के रात भर आप मेरे साथ सोते. मेरे बाहों में रहते रात भर…. मगर उस रात को आप अजीब थे, उस रात को आप वो नहीं चाहते थे जो मैं चाहती थी….. अभी अगर उस रात को आप ने मेरे साथ सेक्स कर लिया होता तो मैं उसी रात को डीडे कर लिया था कभी भी अमित को एक्सेप्ट नहीं करती, मैं उस रात को तन और मैं से आप की हो जाती….

मगर दूसरे दिन को सब गड़बड़ होने लगा था अभी…. मैं तो आप के लिए रहना चाहती थी मगर मम्मी और मेहबूब बिल्कुल नहीं चाहते थे… वह दोनों मुझसे तब कहने लगे थे के आप के पेरेंट्स कभी नहीं एक्सेप्ट करेंगे के बची वाली लड़की के साथ अपने बेटे की शादी कराएं…. आप के पेरेंट्स कभी नहीं एक्सेप्ट करते ये सब कह कह कर उन् दोनों ने मेरे दिमाग़ चाट लिए थे के मैं भी तंग आगयी थी और अमित को प्रायोरिटी देने लगी और आप से दोबारा दूरी रखने लगी थी….

इसी लिए आप को मेरे रिस्पांस कंट्रोवर्सिअल लगे होंगे के मैं ने आप से एक बार कहा था के हाँ अमित है फिर कहा था के सब झूट है, मेरी विर्जिनिटी की वजह से मैं झूट बोल रही थी और फिर वापस कहा था के हाँ अमित है…..

और फिर मेरा जाना हुआ ता नानी के घर…. दर अस्सल, नानी, मासी और मां लोगों ने उस रोज़ मम्मी से कहा था मुझे लेकर वहां आने के लिए. और अभी जब मैं वहां गयी थी तो मेरा इतना ब्रेनवॉशिंग किया गया था के किआ बताऊँ… उफ़…. मुझे ऑलमोस्ट पागल बना दिया था सब ने वहां…. अमित की इतनी तारीफ़ करते थे सब के जैसे वो कोई राजा महाराजा है… उस्सकी सिस्टर और मदर को बुलाया गया था मुझसे मिलने के लिए, मुझको हौसला दिलाने के लिए के अमित मेरे लाइट परफेक्ट चॉइस है…. मुझको अमित की फोटिस दिखाए गए थे, फ्रांस में एफेल टावर के पास के उस्सकी तसवीरें और पेरिस में पता नहीं किश किश जगह में उस्सकी ली हुई पिक्स दिखाए गए थे…. मुझको जैसे फाॅर्स किया जा रहा था के मैं उसी को चोसे करूँ आप को नहीं…. वह सबको पता चल चूका था के आप मुझको चाहते हो और मैं दुविधा में हूँ के अमित को सेलेक्ट करूँ या आप को…..

और नानी और मां ने मुझसे और मम्मी से कई बार कहा के वहां पर जीतनेय भी लोग वो काम करते हैं जो आप करते हो मोस्ट ऑफ़ थे टाइम सब के सब बेकार रहते हैं, उन् के पास काम नहीं होता, तो सब कहते के आप भी वैसा hi रहोगे शादी के बाद और मेरा बुरा हाल होगा आप के साथ.. मेरे 3 मां हैं वहां और 2 मासी… सबके सब मुझे कन्विंस किये के आप को ड्राप करूँ, आप से प्यार नाह करूँ और अमित को सेलेक्ट करूँ….

अभी सब बड़े थे, मेरे अपने थे, मैं किआ करती? बड़ों को सुन्ना पड़ता है नाह…. मैं नहीं कहती के मैं ने आगे नहीं किया, बहोत आगे किया सबसे कहा के आप मुझसे तब भी शादी करने को तैयार हो हालां के मेरी एक बेटी है, आप मुझसे सच में प्यार करते हो मैं खुद गवाह हूँ यह सब कहा मैं ने उन् सबसे…. माँ ने भी कहा सब से के आप धित हो आप मुझको पागलों की तरह प्यार करते हो…. मम्मी कभी कभी आप का साइड ले रही थी कह रही थी के कैसे भी हो आप तो सामने हो, आप दिख रहे हो और साफ़ दीखता है के आप कितना प्यार करते हो मुझसे… मगर मां लोगों ने मम्मी को डांटा यह कहते हुए के अपनी खुद की बेटी को कुंवे में धकेलना चाहती हो?

मुझको वहां से कन्विंस करके भेजा गया था के मैं आप से दूर हो जॉन…. इसी लिए नानी के घर से वापस आने के बाद मैं आप से और भी दूर हो गयी थी….. मगर जिस दिन आयी थी उसी दिन आप को मैं ने पहली बार ी लव यू कहा tha….wo सिर्फ इस लिए के मुझे पता था अब वो आप को कभी नहीं कह पाऊँगी, क्यूंकि मुझको तो अमित के साथ जाना होगा इस लिए सोचा एक बार तो कह दूँ…..

फिर उसस्के बाद हर रोज़ आप से थोड़ा थोड़ा दूर होती गयी मई आप को घर के अंदर से छुप छुप कर देखती थी, बहोत दुःख होता था आप की हालत देख कर, मगर आप सीटी बजाते, मुझे बुलाते, मैं अंदर रोटी दिल पैट पत्थर रख कर रोटी, कभी आ भी जाती थी, मगर मम्मी डांटती, मेहबूब मुझको मोठे मोठे आँखों से देखती, वापस अंदर जाने को इशारा करता वो…. मैं घुट घुट के रहती थी घर के अंदर…..

तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन थे नेक्स्ट पोस्ट
 
अपडेट 74 रिलीज ऑफ़ रूही 3

और पापा आया… उसी रात को सब फिर नानी के घर गए थे याद है नाह? फिर वही बात… वहां इस लिए गए थे के पापा से वो लोग अब कहे के मुझे आप से दूर रखे आप की प्रपोजल को वो एक्सेप्ट नाह करे… पापा तो ठहरे यस मन वो किआ करता जो कुछ उस्सको बोलने को कहा गया वही कहा उस्सने….

और आप की काम की लास्ट डे आने वाला था.. तो नानी के यहाँ सबने मम्मी और पापा से कहा के मुझको वहां से हत्ता दिया जाए ताके लास्ट डे को मैं वहां रहूं hi नहीं और आप कुछ कह नाह सके किसी से…. मुझको तो पता था के आप पापा से मेरा हाथ मांगने वाले हो, मगर नानी के घर यह भी पता चल गया था के पापा आप को रेफुसे करेगा क्यूंकि नानी के घर से उस्सको एहि आर्डर मिला…..

तो उस दिन को मैं जाने वाली थी इसी लिए फ़र्ज़िना से खबर भेजा था आप के पास के मैं जाने वाली हूँ अपनी बेहेन के साथ…. मुझे पता था मेरे जाने से पहले आप ज़रूर बात करने आओगे मुझसे… और जब मैं कंघी कर रही थी तो आप को खिड़की से इसी लिए देख रही थी जाने के लिए के आप को पता चला भी के नहीं…. और आप आये थे खिड़की के पास जैसे मैं एक्सपेक्ट कर रही थी…..

उस रोज़ मैं बहोत अजीब थी नाह? एहि लिखा है आप ने अपनी डायरी में… पढ़ा मैं ने….. हाँ मैं थी बहोत स्ट्रेंज… अपने दिल पर यूँ समझ लीजिये के मैं ने एक पहाड़ रखा हुआ था आप से उस तरह से बेहवे करने के लिए…. घर पर मुझको माँ, पापा, दीदी, मेहबूब, मेरे बेहनाय सब मुझ पर चढ़ रहे थे के मैं बिल्कुल नाह रोवुँ और आप से बोल्ड पेश आऊं, यह दिखाऊं के आप से बिल्कुल प्यार नहीं करती…. मगर सबको, दीदी और बीआरओ इन लॉ को भी पता था के मैं आप से कितना प्यार करने लगी थी… मैं बहोत रोई थी उस दिन जाने से पहले… दीदी से पूछना…. मैं इतनी रोई थी के मेरे दम घुटने लगे थे, मैं सांस नहीं ले पा रही थी यहाँ तक के बरोथेर इन लॉ ने कहा था के मेरी और आप की शादी कर दिया जाए…

जब आप खिड़की से बात कर रहे थे, तो एक आदमी था जिसका दिल रो रहा था आप को देख कर वो मेरी दीदी का हस्बैंड था…. वो आप के प्यार को समझता था.. सब वहां मिलकर आप को डिस्कुरागे करने के लिए आये हुए थे…. जब आप ने पापा को बुलवाया तो उस्सने कहा के वो मुझे लेकर अपने साथ लेजाने वाले हैं मुझको पता था के आप को बिल्कुल भी यकीन नहीं था आप को पता था के वो झूट था, मुझे सब पता था, फिर भी मुझको वही बोलना पड़ा था क्यूंकि पापा वही कहने वाला था आप से.. और जब आप ने कहा था के आप मेरा इंतज़ार अक्रोगे और दीदी ने पूछा के कब तक वेट करोगे तो आप ने कहा था ज़िन्दगी भर मुझे इतना ज़ोर से रोने का मैं किया था उस वक़्त के समझ में नहीं आया था के किआ करूँ….. तब पापा ने आप से कहा था के अमित को जुबां दे चुके हैं मतलब आप को किसी कीमत पर यह कहना था के नहीं -NO. नहीं हो सकता आप की शादी रूही से….. एहि कहना और बताना था आप को…. आप का दिल तोडना था, आप के दिल पर एक खंजर चलाना था, आप के दिल से खून बहाना THA…AUR सारे इलज़ाम मुझको अपने ऊपर लेना था…. आप के दिल के टुकड़े मैं ने किये, आप को धोका मैं ने दिया, आप से दग़ा में ने KIYA…SAB मुझको अपने ऊपर लेकर वहां से जाना था और वापस तब आना था जब आप यहाँ होंगे HI NAHIN…..AAP से माफ़ी मांगने का भी अधिकार नहीं था मेरे पास…. समझलो के मेरे काँधे पर बन्दूक रख कर आप के दिल पर सेइनरों गोलियां चलाया गया था और मुझे सब देखते हुए हनस्सना था…. एहि किया गया था आप के साथ उस दिन अभी और हाँ मैं सब देखती रही उन् सब का साथ देती रही मैं भी……

इस सब का गहरा एहसास मुझे तब हुआ जिस दिन आप श्वेता के घर रो रहे थे मेरी चची से सब कहते हुए….. मैं ख़ामोशी से रो रही थी आप को सुनते हुए…. फिर भी मैं ने आप को नहीं रोका चची का ख्याल करते हुए के वो आप के सामने झूटी नाह कहलाये….

और हाँ उस रोज़ जब मैं जा रही थी और आप बस के पीछे के दरवाज़े से कूद कर मुझको बाहों में भर के किश करने आये थे उस एक पल को मैं भूल गयी थी के मैं मैं हूँ…. मैं रो रही थी आप की हालत देख कर बस में…. मुझे आप को चोरर कर जाने को बिल्कुल भी मैं नहीं था, मुझे पता था के उस दिन के बाद उस आँगन में आप फिर कभी नहीं दिखोगे… मुझे यकीन था के उस रात को आप ने किसी भी टाइम को काम एन्ड किया मुझसे ज़रूर मिलोगे, मुझे उस वक़्त का इंतज़ार था, मगर मैं खुद आप को चोरर कर जा रही थी…. तो जिस वक़्त आप ने मुझको बाहों में थामा मैं बिल्कुल पिघल गयी और सब कुछ भूल कर आप के किश को रेस्पोंद किया, गोली मार दिया था सबको मैं ने उस एक पल को अभी क्यूंकि एक लास्ट किश आप को करना बनता था…. आप को याद है माँ को मैं ने कैसे जवाब दिया था के हाँ शूटिंग चल रही है फिल्म की….. ी दीद नॉट केयर ात आल ात तहत मोमेंट… मुझ में एक अजीब सी शक्ति आयी थी जिस पल को आप ने मुझको बाहों में लिया था सबके सामने ओपन में…. आप की डेरिंग की डाट देरी हूँ अभी. यू अरे ा ट्रू मन!.... मगर जब मैं जाने लगी थी आप को टूट कर निचे बैठ कर रट हुए देख कर मेरा कलेजा फट रहा था अभी, मुझको तुरंत लौट कर वापस आने का मैं कर रहा था, दीदी ने मेरा हाथ पाकर कर खींचा था मुझे चलने के लिए….. और मैं चली गयी थी अभी आप को उसी हाल में चोरर कर…..

वहां से दीदी के घर जाने तक 22 कंस हैं मैं उन् 22 कंस तक रोटी गयी…. रोटी रही रात भर आप को याद करते हुए…. कब नन्द आयी पता hi नहीं चला…..

फिर आयी वो दिन जब आप मेरी चची के घर आये और मैं घर वापस आयी थी 29तह या 30तह को… आप का नई ईयर कार्ड मिला था जिस में आप ने कहा है के आप 3, 4 या 5तह को आओगे…. मुझे एक सुकून सा फील हुआ था….. आप को भूल नहीं पा रही थी.. मेरा आँगन सुना था, आप की सीटी सुनने को कान तरस रहे थे मैं बार बार किचन से उस जगह देख रही थी जहाँ बुसस हुआ करता था, जिस जिस जगह आप दिखाई देते थे मैं उन् जगहों पर देखती रहती इस उम्मीद से के आप एक बार दिख जाओ मुझे…. मेरे आँगन में जितना अभी का नाम गुंझते हुए सुनाई देता था अब उल्टा hi सन्नाटा हुआ करता था…. कुछ भी ाचा नहीं लगता था… मैं वाशिंग स्टोन पर कपडे धोती तो आप फील होते थे लगता था आप अचानक पीछे से ाजाओगे, आप की आहात का एहसास होता था, किताब पढ़ती खिड़की से तक लगाए तो आप नज़र आते थे बाहर… कभी कभी लगता मेरी आँखें मुझको द्खोंका दे रहे हैं, आप को ऐसा फील करती के आप के साँसों का भी एहसास होने लगता मुझे…. अभी तब मुझे एहसास हुआ के मैं आप से कितना प्यार करती हूँ और आप को कितना मिस कर रही हूँ…. आप ने जो खत लिखा था नई ईयर कार्ड के साथ उस में मुझे एक बहोत बड़ा उम्मीद दिखाई दिया… आप ने उस में लिखा था के आप मुझसे, मेरे पापा से फिर हाथ मांगे आओगे फिर उसके बाद अपने पेरेंट्स के साथ आओगे मुझे देखने तब मांगनी तय होगी….. पर मैं ने तब भी एक बहोत बड़ी ग़लती कर दिया था अभी…. मैं ने मम्मी को वो सब बता दिया था… मुझे मम्मी को नहीं बताना चाहिए था, तब वो मुझे नहीं रोकती मेरा मुंह नहीं दबाती, मैं अचानक उस दिन आप के सामने आजाती और पापा के सामने कहती के हाँ मुझे आप मंज़ूर हो तो पापा कभी इंकार नहीं करता…..

आप ने कई बार उस खत में कहा था मुझे के आप को मेरा साथ चाहिए, मुझे वहां मौजूद होना चाहिए, मुझको भी बात करना चहिते अपने पापा से, मुझे कहना चाहिए के हाँ मैं आप से प्यार करती हूँ…. अभी मैं ने वही नहीं किया अभी…..

बाकी मैं आप को बता चुकी हूँ के उस रोज़ किआ हुआ था मैं क्यों नहीं निकल पायी थी……

जब आप को निकला गया था घर से फिर किआ किया था मैं ने वो बता चुकी हूँ आप को…..

तब रीलीज़ हुआ के खो दिया मैं ने आप को, तब पता चला और एहसास हुआ आप का प्यार कितना कीमती था, तब समझ में आया किआ खोया है मैं ने और फैसला किया के सबको सबक देकर रहूंगी, और जो ताकत मुझ में तब नहीं थी जब आप यहाँ थे वो ताक़त तब आयी मुझ में इन् सब के सामना करने की.

मैं एक ज्वाला बन चुकी थी, मुझे रोकने को तब किसी में हिम्मत नहीं थी, नाह माँ नाह बाप नाह मेहबूब नाह मनोज. मैं ने मनोज को कई थपड मारा था यह नहीं बताया था आप को. तभी से उस से बात करना बांध किया था और 5 साल बाद उसस्के शादी के दिन उस से बाद करना दोबारा शुरू किया था वो भी कभी कभी.

आप की डेरी पढ़ कर पता चला उस रोज़, 5तह जनुअरी को उसी बस स्टॉप पर आप ने अपने टूटे हुए दिल से कहा था के कुत्ते की मौत नसीब नाह हो जाये उस्सको उसी जगह और एक्साक्ट्ली वही हुआ था उसस्के साथ उसी जगह मारा था वो.

माँ और मेहबूब को किआ सज़ा मिली थी वो आप को ज़ुबानी बताउंगी जब डायरी लेने आओगे तब.

एक मज़े की बात बता दूँ आप को के अमित आने वाला था मेरे नानी, मां और ममियों के साथ मुझे देखने अप्रैल में उसी साल जिस साल में आप को घर सेन िकाला गया था…. सिर्फ 3 महीने गुज़रे थे मेरे बवाल मचाने के बाद और सब डर रहे थे मुझको बताना के वो आने वाला है…. एक दिन पहले एक मां आया मुझको समझने के उस्सको रिसीव कर लिया जाए… मुझे आप का बदला लेना था घर वालों से तो मैं ने मां से कहा ठीक है आने दो अमित को.

वो आया भी तो किश दिन अभी? आप के बर्थडे के दिन आया वो मुझे देखने और हाथ मांगे उस से शादी के लिए. 12तह अप्रैल था, मैं आप की याद में डूबी थी जब नानी, मां, और दो ममियां ए हमारे घर, उसी जगह जहाँ से आप को निकला गया था. सब घर पर थे क्यूंकि वो आने वाला था. पापा वापस नहीं गए थे तब तक उसी के लिए.

अभी उस्सको मैं ने वो सुनाया, वो हाल किया, ऐसे ऐसे गलियां दिए उस्सको, बिल्कुल जो आप के साथ किया था मनोज ने, मनोज के सामने उसी तरह धित्कार कर निकला उन् सबको मैं ने घर से….. नानी और मां ममियां को भी सुनाया और कहा के खबरदार फिर कभी मेरे लिए किसी को भी इस द्वार पर लाया तो कुत्ते की तरह मार के निकलूंगी…… अमित ऐसा गया के आज तक उसस्के बारे में खबर नहीं mili,aur उस दिन के बाद मैं आज तक नानी के घर नहीं गयी, मर्डर भी गयी वो भी और उन् में से एक मां भी और एक ममी भी…..

हेरे यू जो अभी जो कहना था कह दिया आप को, अब समझ में नहीं अत किआ कहने को भूली हूँ…. जो मिस किया आप को बताने को वो आप पूछ लेना जब मिलोगे तो बता दूंगी….

मुझे पता है वो दिन वापस नहीं आने वाले, वह पल नहीं लौट कर आने वाले, बुसस आप दोबारा मिले इस्सके लिए अपनी तक़दीर का शुक्रिया ऐडा करती हूँ, यह सब कहना था आप से कह दिया दिल का एक बोझ हल्का हुआ, आप को जो कहना था, जो लिखा था आप ने उन् दिनों वो मुझ तक पहुँचाना था वो आप ने भी कर दिया आप का भी बोझ हल्का हुआ होगा.

अब आराम से मर सकुंगी मरने का टाइम आएगा तो, सारे शिकवे गीले दूर हुए उम्मीद है आप को और कोई शिकायत नहीं रहेगा ab.baaki जो भी किया आप के साथ उन् सब के लिए माफ़ी मांगती हूँ, आप के सच्चा प्यार को ठुकराया उस्सकी सज़ा भुगत चुकी हूँ और भुगत रही भी हूँ, अगर आप ने कहीं मुझको भी बाद दुः दिए हो तो वापस ले लेना प्लीज मुझ पर रेहम करना अभी बहोत सेह चुकी हों और नहीं सेह पाऊँगी.

थैंक यू वैरी मच फॉर किंग इन माय लाइफ एंड टीचिंग में व्हाट इस ट्रू लव. ी लीर्नेद तहत फ्रॉम यू ओनली अभी. एंड थैंक यू फॉर मेकिंग ठोस तवो एंड ा हाफ मोनथस यू वोरकेड हेरे तो बे मेमोरेबल फॉर में व्हिच ी विल चेरिश आल माय लाइफ. विल नेवर फॉरगेट ठोस डेज. ी स्टिल रेमेम्बेर एच एंड एव्री मोमेंट अस यू हैवे रिटेन इन योर डायरीज…. ी कपैड ऑलमोस्ट आल ठोस मोमेंट्स बैक इन ा नई कॉपीबुक फ्रॉम योर डायरी तो कीप फॉर माइसेल्फ. ी लव्ड यू लेट बूत दीद लव यू वैरी मच अभी. मच लेटर ी रेअलीसेड हाउ मच ी हद ऑलवेज लव्ड यू. ी क्नोव इतस तू लेट नाउ. यू लव्ड में फ्रॉम योर सोल, यू वन्स रोट आवर सोल्स वेरे कनेक्टेड, यू वेरे राइट बूत ी वास् रॉंग नॉट तो रेकग्निसे माय ओन सॉल्ट ात थे राइट टाइम.

साइंड:

रूही नुनहुक.

तो बे कॉन्टिनोएड…. (6505 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
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