Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 3 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

राहुल एक बात बता यारा.

तुमको इन्सेस्ट और सेक्स पढ़ना पसंद नहीं कहा था तुमने. मैं उग गया है सेक्स स्टोरीज पढ़के कहा था. Ok सही है.

लव स्टोरी की फरमाईश तुमने भी किया था. सो लिख रहा हूँ. मगर तुम्हारे अपडेट 9 की रिप्लाई और इस 10तह की रिप्लाई में मुझे दिख रहा है के तुमको इस कहानी की लव से मतलब बिल्कुल नहीं क्यूंकि तुमने दोनों उपदटेस पर लव को लेकर कुछ नहीं कहा जबकि ये प्यार की कहानी है. तुम्हारा मूड उखड गया क्यूंकि अभी को सईद को पैसा देना पड़ा लास्ट अपडेट में. इस अपडेट में तुमको दिख रहा है क अभी बस की फोटोज से किआ करेगा. रूही का प्यार जिस्सके लिए अभी दीवाना है वो कोई मैने नहीं रख रहा तेरे लिए?

जवाब ज़रूर देना.

थैंक्स.
 
अरे राहुल यार कहाँ से पहली रूही से धोका मिला था अभी को? रूही छोटी थी, लाटरी उस्सकी बाप की लगी, बाप ने देश चोर्रा और कनाडा चला गया बस्सने तो रूही ने कैसे धोका दिया अभी को जो अभी रूही नाम से नफरत करे??!! ग़लत समझे तुम उस रूही को. वो हालात के हाटों हुआ था उस रूही से जुदाई. उस रूही से इतना प्यार करता था के उस नाम ने अभी पर वो एस्सार किया के वो उस नाम के तरफ खींचा गया, उस नाम से प्यार था तो नफरत कैसे करता भला?

रही बात अभी की काम की तो हाँ इस्सके इम्पोर्टेन्ट रोले है hi रूही और अभी की लव स्टोरी में. ठीक है तो तुम इन् के प्यार को मत पढ़ो अभी क काम पर hi फोकस करते चलो.

थैंक्स.
 
बहोत बहोत शुक्रिया तमान रिलीज क लिए विक्रम भाई. आप उसी तरह से रेविएवस देते हो जिस तरह से डिटेल में मैं लिखता हूँ. और ये मुझे बेहद पसंद है भाई. थैंक्स वैरी वैरी फ्रॉम थे डेप्थ ऑफ़ माय हार्ट.

मैं आप की इस रिव्यु को पहले रिप्लाई करता हूँ, बाकी बाद में करूँगा.

भाई इस लिए रूही क बारे में ज्यादा डिटेल नहीं है क्यूंकि अभी क तरफ से ये कहानी है. जो कुछ अभी पर बीता वही बताया जा रहा है कहानी में. जो कुछ अभी को पता है, जो उसस्के साथ हुआ, जो उस पर बीता जो अभी को पता है सिर्फ वो बयान किया जा रहा है. ये कहानी मैं 1सत पर्सन में लिखने वाला था, मतलब खूब अभी सुनाता अपनी कहानी, मगर मैं थर्ड पर्सन में लिखना बहोत ज़्यादा पसंद करता हूँ.

अब आप सोचिये जब खुद अभी को नहीं पता रूही क बारे में तो अब तक जहाँ रीच हुए हैं कैसे पता चलेगा रुहिनक बारे में. जब जब और जैसे जैसे अभी को रूही क बारे में ज्यादा पता चलेगा सिर्फ तभी रूही क बारे में लिखा जायेगा. अभी जितना उसस्के करीब होगा उतना उसस्के बारे में जानेगा तभी लिखा जाएगा.... वैसे यह कहानी इसी क बारे में है क कोई कैसे प्यार पाने क लिए तड़पता है, प्यार हो जाता है, दूसरी तरफ से होप मिलती है, ेन्सॉरगेमेन्ट मिलने लगता है, प्यार हो जाता है मगर किश रीज़न से सक्सेस नहीं मिलता.....

ज़्यादा नहीं बता सकता क्यूंकि एहि तो कहानी है नाह भाई.....

आप बुसस यूँ समझ लीजिये के आप अभी हो और वही सब हो रहा है आप के साथ जो कुछ अभी क साथ हुआ है अब तक. तो किआ आप को रूही के बारे में कुछ पता है. वो क्यों वैसे बेहवे करती है, क्यों कभी प्यार दिखती और क्यों कभी रूठी सी रहती है किआ अभी को पता है? नहीं नाह..... तो इसी पर्सपेक्टिव से लिखा जा रहा है.... अभी क पॉइंट ऑफ़ व्यू से है ये कहानी.... वही सब झेल रहा है, उसी पर सब बीत रहा, उसी को पता चलेगा बात किआ है तभी रीडर्स को भी पता चलेगा विक्रम भाई.....

अगर रूही क बारे में पहले से बता दिया गया तो अभी का रोले फीका हो जाएगा और रूही विल विन थे शो वेयर अस थे हीरो इस थे मैं करैक्टर ऑफ़ थे स्टोरी....

और भाई ये रूही वो वाला रूही नहीं जो रूही अभी की पहला प्यार था...... होप आप ने शुरू से ठीक से रीड किया है
 
बहोत शुक्रिया एक बार और विक्रम भाई...

कहानी 1986 की है... उसी ईयर में यह सब हुआ था

और कुछ सांग्स भी आने वाले हैं उन् डिओन के जो अभी के ज़हन में बास चुके हैं जिससे वो आज बजी सुनता है तो उसस्के ाँकेः नाम हो जाते हैं और जिस्म के रोवाण उठ जाते हैं

थैंक्स वैरी मच भाई फॉर थे डिटेल्ड रिव्यु, वैरी मच अप्प्रेसिएटेड बीआरओ :हुग:
 
इस लिए फ़ास्ट लगा यह अपडेट आप को के मैं ने सोचा के कहीं रीडर्स बोर नाह हो जाए इस अपडेट तक भी शामे अभी की इमोशंस और फीलिंग्स को पढ़ते हुए, इस लिए थोड़ा आगे बढ़ गया भाई, सोच लिया हूँ के ब्रेक करके बीच बीच में वापस आया करूँगा अभी के फीलिंग्स पर भी :डी

थैंक्स फ्रॉम थे डेप्थ ऑफ़ माय हार्ट विक्रम भाई
 
दिल की गहराई से ाप्प का शुक्रिया ऐडा करता हूँ विक्रम भाई... आप ने बहोत सारे चीज़ों को सही कहा hai...main ज़्यादा नहीं बोल सकता अभी :डी

पोस्सेसिवनेस रूही की प्रति आप को ओड लगे, मगर भाई कैसे कहूँ..... ऐसा हुआ था bhai!!:laugh:

कुछ लड़कियां ऐसे होते हैं के दिल से किसी को बेहद प्यार करते हैं मगर दिखाते नहीं और हमेशा यह दिखाते हैं के उस्सको प्यार से कोई मतलब नहीं.... बुसस किसी और लड़की से बात करलो थोड़ा सा तो उनके जलने लगते हैं, इतस रियलिटी ऑफ़ लाइफ भाई.... एहि हुआ था जब अभी रहीम से बात कर रही थी, और निघती ें थी, उस्सकी नंगी बाज़ू को देखा था रूही ने , और फिर एक और बात है रूही की जलन की वजा जो बाद के अपडेट में आप को पता चलेगा के क्यों रूही जाली थी जब उस्सने अभी को रहीम से क्लोज देखा था

था सक वैरी मच विक्रम भाई
 
अपडेट 12 श्वेता

उस दिन, दिन भर ाचा मौका नहीं मिला अभी को वापस ठीक से रूही के पास जाने या बात करने की. इस लिए के मेहबूब दिन भर वर्किंग टीम के साथ था. वो कभी सईद के साथ खड़ा रहता, तो कभी अभी के साथ. दोनों को काम करते हुए देखता और जैसे सुपरवाइज़ कर रहा था.

लगभग 10 बजे अभी ने एक खूबसूरत छोटी सी लड़की को देखा आँगन में रूही के किचन के पास. उस लड़की की सूरत रूही से काफी हद तक मिलती जुलती थी. अभी हैरान हुआ के अब वो कौन है, उस बची को रूही के किचन के अंदर जाते देखा फिर बाहर आते फिर मेहबूब के घर जाते देखा फिर आँगन में खेलते.

उस लड़की की शकल बहोत मिलती थी रूही से, बिल्कुल उस्सकी छोटी बेहेन लगती थी. अभी ने सोचा अगर छोटी बेहेन होती तो रूही उस्सको ज़रूर बताती नाह? हो भी सकता है के उसकी बेहेन hi हो मगर रूही ने जान बुझ कर नहीं बताया, कल संडे था तो कहीं गयी होगी नानी के यहाँ या अपनी बड़ी बेहेन के यहाँ घूमने इस लिए नहीं दिखी थी पिछले हफ्ते को. अभी ऐसा सोच रहा था के कुछ देर बाद रूही को भी उस लड़की के साथ खेलते हुए देखा आँगन में किचन के पास.

फिर कुछ देर बाद अभी ने रूही को बाइसिकल चढ़ते हुए देखा. अभी को पता भी नहीं था के रूही बाइसिकल भी चढ़ती और ाचा चलाती है. पहली बार वो देख रहा था रूही को बाइसिकल पर. एक खूबसूरत लेडी बाइसिकल थी जो ज़रूर रूही की hi थी.

और बाद में रूही उस छोटी लड़की को अपने बाइसिकल पर बिठा कर मैं रोड तक लगाई फिर एकांत बार आयी और गयी उस बची को अपने बाइसिकल पर लेकर. आते जाते हुए कई बार रूही ने मुस्कुराते हुए अभी के तरफ देखा मगर थोड़ा नज़रें चुराते हुए.

और काफी देर बाद अभी ने उस छोटी लड़की को ‘दीदी’ बुलाते हुए सुना रूही को. तो अभी को यकीन हुआ के वो उस्सकी छोटी बेहेन hi है. तो अभी सोचने लगा के सुबह जब रूही अपनी फॅमिली मेंबर्स के बारे में बता रही थी तो क्यों नहीं बोलै के उस्सकी एक छोटी बेहेन भी है…. यह छोटी लड़की जब रूही की उम्र की होगी तो रूही से भी ज़्यादा खूबसूरत दिखेगी पक्का यकीन था अभी को, वही नाक नक्शा, वही बाल, बल्कि थोड़ा सा ज़्यादा लम्बा hi था इस बच्ची की बाल, चेहरा जैसे पार्लर से मेक उप करके आयी हो, एक दाग या चढ़ नहीं चेहरे पर, बिल्कुल चिकना, गोरी, मीठी और खूबसूरत आवाज़.

अभी घंटों भर उस लड़की को देखता रहा काम करते हुए. और सोचता रहा के आखिर वो है कौन?!

और लंच टाइम से पहले वो लड़की अभी के पीछे कड़ी होकर छुप रही थी रूही से, ताके रूही उस्सको ढूंढे. तो अभी ने मुड़कर उस्सको देखा और धीरे से पूछा

“तुम्हारा नाम किआ है बेबी?”

“श्वेता” बची ने जवाब दिया, और वही क्यूट सी मुस्कराहट थी उस्सकी भी.

अभी ने पूछा,

“तुम किधर रहती हो?!”

लड़की ने धीरे से फुस्फुसाते हुए कहा,

“आप यूँही खड़े रहो नाह, वार्ना रूही मुझको देख लेगी”

अभी मुस्कुराया, और रूही के तरफ देखा जो स्टैर्स पर कड़ी श्वेता को देख रही थी अभी से बात करते हुए. रूही अभी से मुस्कुरायी और थोड़ी सी आवाज़ ऊंची करके कहा,

“श्वेतु मुझे पता है तुम किधर छुपी हो मैं ने तुमको देख लिया वूहू!”

श्वेता ने अभी के पंत को ज़ोर से पाकर के कहा,

“मैं किधर हूँ बताओ!”

रूही ने कहा,

“तुम अभी के पीछे छुपी हो!”

रूही ने जब वो कहा तो अभी को बहोत अच्छा लगा. अभी का नाम रूही ने ऐसे लिया जैसे वो घर का एक सदस्य था, जैसे अभी यहीं का एक मेंबर था, जैसे मामूली बात थी अभी का नाम लेना, और जैसे अभी यहीं का रहने वाला है और सब उस्सको जानते है. और रूही ने अभी का नाम जब लिया तो सब ने सुना, मेहबूब ने भी, सईद, टोनी, विनय ने भी यहाँ तक के रहीम और रूही की माँ ने भी सुना.

तब श्वेता ने धीरे से अभी से पूछा,

“आप अभी हो?”

अभी ने उस्सको प्यार से जवाब दिया,

“हाँ बेबी मैं hi अभी हूँ इस्सके मतलब है के रूही ने आप को देख लिया है.”

श्वेता: “आप रूही दीदी को जानते हो?”

अभी: “हाँ स्वीटहार्ट जानता हूँ अच्ची तरह से जानता हूँ उस्सको मगर रूही आप का किआ लगती है?!”

श्वेता: “वो मेरी बड़ी दीदी है!”

अभी ने सोचा के रूही ने उस से क्यों छुपाया के उस्सकी एक छोटी बेहेन है. फिर रूही की आवाज़ आयी,

“श्वेता, अब आजाओ या मैं आऊं तुमको वहां से लेने को?!”

श्वेता और भी ज़ोर से अभी के पंत को पकड़ा उसस्के पीछे होते हुए. तो अब अभी चाहता था के रूही वहां आकर श्वेता को लेजाए इस लिए अभी ने धीरे से श्वेता से कहा,

“बेबी आप यहीं छुपी रहो, और कहो रूही से के वो आकर आप को लेजाए!”

तब तक मेहबूब ने कहा,

“अरे श्वेता तुम जाओ नाह इधर से, लोग काम कर रहे हैं तुमको चोट वोट लग सकती है, इधर मत खेलो नाह बेबी!”

अभी को ग़ुस्सा आया मेहबूब की बात को सुनते हुए और मेहबूब से कहा,

“अरे रहने दो नाह मेहबूब भाई, बच्ची है खेलने दो कोई खतरा नहीं है इधर मैं देख रहा हूँ नाह!”

और जब रूही ने मेहबूब को वैसा कहते सुना तो आने लगी श्वेता को लेने के लिए. तब रूही को आते देख कर श्वेता ज़ोरों से हंससने और चिल्लाने लगी,

“नहीं, नाह, मैं नहीं आउंगी नाह!!”

रूही अब अभी के इतना क्लोज था, के अभी को उस्सको अपने बाहों में भरने का मैं किया. अभी ने मेहबूब के तरफ देखा तो वो उसी को देख रहा था, और जब मेहबूब ने देखा के अभी उस्सको देख रहा है तो उस्सने अपने चेहरे को एक तरफ किया और सईद को देखने लगा और उस से बात करने लगा तब तक रूही श्वेता की हाथ पाकर कर खिंच रही थी और श्वेता चिल्ला रही थी जाने से इंकार करते हुए, अभी ने फिर एक बार और मेहबूब को देखा, और देखा के वो सईद से बात कर रहे हैं तो अभी ने रूही का हाथ पकड़ा, यह पहली बार हुआ था…. पहली बार अभी ने रूही को छुआ था, रूही ने मन नहीं किया बल्कि तुरंत उस्सने भी मेहबूब के तरफ देखा और उस्सने भी देखा के मेहबूब सईद से बात कर रहे हैं तो अपने हाथ को अभी के हाथ में रहने दिया एक पल के लिए….

वो सब कुछ टोनी के सामने हो रहा था तो अभी ने टोनी से कहा,

“यार ज़रा इस तरफ हो जाओ नाह ताके मेहबूब को इस तरफ दिखाई नहीं दे….”

टोनी समझ गया और वो बीच में आगया ताके मेहबूब को नहीं दिखे के अभी ने रूही का हाथ थामा हुआ था.

फिर रूही की एक हाथ ने श्वेता को थामा था और उस्सकी दूसरी हाथ को अभी ने थामा था और अभी ने धीरे से रूही से कहा,

“एक बात कहूं!”

रूही ने भी धीरे से कहा,

“जल्दी कहो, मैं जा रही हूँ, हाथ तो चोर्रो नाह!”

अभी ने बड़े प्यार से कहा,

“तुमको बाहों में भरने को मैं कर रहा है!”

यह सुनते hi रूही ने ज़ोर से अपने हाथ को झटकते हुए अभी के हाथ से छुड़ाया और मुस्कुराते हुए “शट उप” कहते हुए ज़ोर से हंसी और श्वेता को लेकर जाने लगी…. जाते हुए कई बार हँस्ते हुए मुड़कर अभी के तरफ देखा रूही ने.

उस पल को अभी ने इतना पसंद किया के उस्सको लगा रूही अब उस्सकी हो गयी!

अभी को ख़ुशी इस बात की थी के रूही ग़ुस्सा नहीं हुई, नाराज़ नहीं हुई, बल्कि हँस्ते हुए जवाब दिया और हँस्ते मुस्कुराते हुए उस्सको मुड़कर बार बार देखती गयी.

और जिस दौरान रूही वैसे मुस्कुराते और हँस्ते हुए अभी को देखती जा रही थी तो टोनी ने भी देखा और मेहबूब, सईद और विनय ने भी. यह अभी और रूही ने नहीं देखा. कहते हैं नाह जो प्यार में होता है उस्सको आस पास कुछ नहीं दीखता सिर्फ उस्का प्यार दीखता है…. मगर मुहबत के दुश्मन सब कुछ देखते हैं.

एक बात और हुई थी, वो यह के जिस वक़्त अभी ने रूही का हाथ पकड़ा था श्वेता ने भी देखा, और जितनी देर उस हाथ को अभी ने थामा था उतनी देर श्वेता ने सब देखा था, और बार बार रूही और अभी के चेहरे में भी देख रही थी बच्ची, और बच्ची सही मगर समझ गयी उसी वक़्त के रूही और अभी एक दूसरे को जानते पहचानते हैं पहले से. और इस लिए श्वेता के लिए अभी अब एक अपना जैसा हो गया था तो वो बार बार अभी के पास आती और बात करती थी उस दिन के बाद.

कुछ देर बाद टोनी ने अभी से कहा,

“यार मेहबूब और सईद तुम दोनों को देख रहे थे, ख़ास कर जब रूही तुमसे मुस्कुरा रही थी, सईद और मेहबूब के चेहरे देखने लायक थे उस वक़्त.”

यह सुनकर अभी को शॉक लगा और पूछा,

“किआ उन् लोगों ने मुझे रूही का हाथ थामे हुए देखा था?!”

टोनी: “नहीं तब नहीं, जब वो जा रही थी और वो किश तरह से तुमसे हस्ती हुई और मुस्कुराती हुई जा रही थी वो देख रहे थे दोनों और बिल्कुल खुश नहीं थे यार! उस लड़की को सुन्ना पड़ेगा देख लेना मेहबूब ज़रूर रूही की माँ को कुछ तो बोलेगा!”

अभी परेशां हुआ और टोनी से कहा आज सुबह को hi रूही ने उस से अकेले में बात करने से मन किया मेहबूब के सामने! तो टोनी ने कहा,

“तब तो गड़बड़ है भाई, बेचारी को दांत ज़रूर खाना पड़ेगा आज!”

अभी ने सोचा साला इतना हस्सें लम्हा था उसस्के लिए, रूही भी शायद इतनी खुश थी उस वक़्त के उस्सने खुद ख्याल नहीं किया होगा के मेहबूब वहीँ है और अभी से मुस्कुराते हुए वापस गयी अब उस्सको दांत पड़ेगी अभी के खातिर.

ठीक 5 मिनट बाद मेहबूब अपने घर गया…. अभी को लगा वो अब किसी तरह रूही की माँ को कांटेक्ट करेगा और रूही को दांत पड़ेगी; फिर रूही खफा हो जाएगी और बिल्कुल बात नहीं करेगी अभी से उस्सको देखने भी नहीं आएगी….. अभी ने सोचा शुक्र है के मेहबूब ने अभी को रूही का हाथ थामे हुए नहीं देखा…

अभी ने अब सोचा के वो खुद मेहबूब से बात करेगा, उस्सको बताएगा के वो रूही को चाहता है, उस्सको रूही से बात करने दे, उस्सको उसस्के पास जाने से रोके नहीं….. अभी सोच रहा था किआ यह सही होगा मेहबूब से कहना? फिर सोचा नहीं अभी सही वक़्त नहीं आया है वो सब कहने के लिए, पहले रूही तो प्यार का इकरार करे तभी अभी आगे बढ़ सकता है….

मगर अभी यह भी तो सोच रहा था के रूही तो उस से प्यार करती है तभी उस से छुप छुप कर बात करती है, घर के पीछे छुप कर मिलती है, इशारों से बात करती है, उस्सको खुश करने के लिए शाम को उसस्के सामने रहती है, यह सब क्यों करती है क्यूंकि वो भी अभी से प्यार करती है नाह?

फिर भी अभी ने खुद से कहा अब टाइम आगया है के वो अपने प्यार का इज़हार करे रूही से, वो उस से अब कहे के वो उस से प्यार करता है और सीरियस है, और वो वापस रूही का प्यार पाने की तमन्ना करता है….

फिर अभी ने खुद से कहा के किआ यह सब जल्दी नहीं हो रहा है? किआ और थोड़ा वेट करना चाहिए? अभी ने सोचा करीबन 5 से 6 महीने तक वहां काम करने वाला है, अभी एक हफ्ता गुज़रा था तो बहोत टाइम है आगे बढ़ने के लिए….. कम से कम 3 महीनों तक देखना चाहिए के रूही की रवैया किआ होता है, किआ वो प्यार ज़्यादा दिखाती है या मुकर जाती है, किआ वो और करीब आती है या दूरी रखती है, तब अभी डीडे करेगा के वो उस से प्यार का इज़हार करे या नहीं…..

अभी एक कश्मकश में था, उस्का दिल ो दिमाग़ काम नहीं कर रहा था. दिल से सोचता तो उस्सको बुसस रूही चाहिए था , उस्सको रूही को अपनाना था किसी भी कीमत पर, वो रूही को खोना तो बिल्कुल नहीं चाहता था. अभी चाहता था के रूही हमेशा के लिए उस्का हो जाए. वो रूही को अपनी पत्नी के रूप में देखता था, चाहता था के एक दिन रूही को अपनी बीवी की तरह इसी आँगन में अपने घर से एक दामाद की तरह आँगन में आये….. उस्का सपना बड़ा था.

अभी रूही को अपनी बच्चों की माँ के रूप में देखता था अपने तस्सवुर में. वो इसी आँगन में एक दिन रूही के साथ अपने बच्चों को खेलता हुआ देखता था.

लंच टाइम हुआ, अभी वाशरूम गया, रूही नहीं दिखी, घर के अंदर थी. अभी ने सोचा के अब लंच टाइम में रूही के खिड़की के पास जा कर उस से बात करेगा और जान्ने की कोशिश करेगा के किआ मेहबूब ने उस्सकी माँ से कुछ कहा तो नहीं.

मगर जब रूही से बात करने गया तो रूही ने नार्मल बात किये बल्कि श्वेता भी उसस्के साथ थी उसी कमरे में जब अभी रूही से बात कर रहा था. श्वेता भी अभी से बात कर रही थी,

अभी ने रूही से कहा,

“तुम झूट भी बोलती हो?!”

रूही: “नहीं तो मैं ने कब झूट बोलै?”

अभी; “एक इतनी प्यारी सी छोटी बेहेन है क्यों नहीं बताया था मुझे? सिर्फ एक बड़ी बेहेन है कहा था सुबह को?!”

रूही ज़ोर से हँस्ते हुए बोली,

“ओह यह श्वेता, हाँ मेरी बेहेन है, कजिन सिस्टर है, मेरे चाचा की बेटी है, वहीँ रहती है जिस शहर में सिलाई के लिए जाती हूँ!”

अभी चहुँक गया और कहा,

“अरे मैं ने सोचा तुम्हारी सगी बेहेन है, कितनी मिलती जुलती है तुमसे? बिल्कुल तुम्हारी तरह दिखती है, सो ब्यूटीफुल!”

रूही: “झूट! आप झूट बोल रहे हो, वो मेरी तरह नहीं दिखती!”

अभी: “अरे हाँ शी लुक्स वैरी वैरी मच लिखे यू, व्हेन शी ग्रोव्स उप, शी विल लुक एक्साक्ट्ली लिखे यू बिलीव में!”

रूही: “No ी don’t बिलीव यू, यू अरे सयिंग थिस ओनली तो हैवे ा परेटेक्सट ऑफ़ टॉकिंग तो में isn’t आईटी?!”

अभी: “व्हाई शुड ी दो सो रूही? दो ी नीड ा परेटेक्सट तो टॉक तो यू?!”

तब तक दोनों को सुनते हुए श्वेता ने पूछा,

“आप दोनों किश लैंग्वेज में बात कर रहे हो? इंग्लिश है नाह?!”

अभी ने अपने हाथ खिड़की के अंदर करके श्वेता की गाल को छूटे हुए कहा,

“यस स्वीटहार्ट, वे अरे टॉकिंग इन इंग्लिश!”

रूही तुरंत बोली:

“लो! इस्को भी स्वीटहार्ट कह दिया आप भी नाह!”

अभी ने तब हँस्ते हुए कहा,

“अरे बचे तो स्वीटहार्ट होते hi हैं और यह कितनी क्यूट है, है नाह?!”

रूही: “हम्म आप अभी इस्को जानते नहीं हो पक्का शैतान है यह!”

अभी ने तब रूही को बताया के जिस वक़्त वो श्वेता को लेकर जा रही थी उस्सको देखते हुए मेहबूब उस्सको देख रहा था, कहीं वो उस्सकी माँ से रिपोर्ट तो नहीं करेगा और उस्सको दांत तो नहीं पड़ेगी?!

रूही ने कहा के

“बिल्कुल नहीं क्यूंकि उस वक़्त मैं सब लोगों के सामने थी, हम दोनों अकेले नहीं थे जैसे इस वक़्त है, तो no प्रॉब्लम.”

अभी को चैन आया उस्सकी बात सुनकर और रूही को याद दिलाया के शाम को सामने रहे उसस्के जाते वक़्त. रूही ने हाँ कहा, और ये भी कहा के अब वो सोने जा रही है तो 3 बजे तक उस्सको नहीं ढूंढ़ने को.

अभी को बहोत ाचा लगा जब रूही वो बात कही तो.

काम करते वक़्त अभी सोचता रहा के रूही कितनी केयर करने लगी है उस्का, के खुद बता दिया के उस्सको नहीं ढूढें क्यूंकि वो 3 बजे तक नज़र नहीं आएगी. और अभी ने ख्याल किया के 3 बजे तक उस्सने आराम से काम किया, सुकून से काम किया बिना उसस्के घर के तरफ देखे क्यूंकि उस्सको पहले से पता था के वो सो रही है. वार्ना वो बार बार उस्सको ढूंढ़ता, उसस्के घर केक तरफ देखता, उस्सको देखने के लिए उतावला रहता…..

फिर शाम को रूही नज़र आयी किचन के चौकठ पर बार बार बस के तरफ अभी को देखते हुए, खिलती हुई दिख रही थी, खुश दिख रही थी, अभी से मुस्कुरा रही थी, आँखों से इशारे कर रही थी, मुंह बनाते हुए कभी कुछ कह रही थी तो कभी हाथ से इशारा करते हुए कुछ कह रही थी….. काम एन्ड करने तक रूही अभी से इशारों में बात करती रही…. ज़्यादा तर बातें अभी समझा hi नहीं मगर सर हिल्ला कर हाँ में हर बार जवाब देता रहा काम करते हुए…..

और अभी बहोत ख़ुशी से उस आँगन को चोर्रा काम एन्ड करने के बाद, महेश आगया था, उस से कुछ बातें भी हुई अभी की, और महेश, और उसस्के दादा से शेक हैंड करते हुए अभी ने रूही को वेव किया, और आज रूही ने थोड़ा सा वेव भी किया अभी को मुस्कुराते हुए, और श्वेता को भेजा रूही ने अभी को एक पप्पी देने के लिए.

श्वेता दौड़ती हुई किचन से आयी अभी के पास और कहा,

“बाबए अभी, निचे झुको तुमको किसी करती हूँ रूही ने कहा!”

मतलब श्वेता ने पोल खोल दिया तो रूही अपने चेहरे को हाथों में छुपाते हुए हंससने लगी…..

बस में घर लौटते वक़्त अभी ने सोचा के क्यों रूही ने अभी को पप्पी देने को भेजा? किआ वो खुद एक पप्पी तो नहीं चाहती थी अभी से उससे वेव करते समाये? या श्वेता के रूप में रूही ने खुद किश किया अभी के गाल पर? और ऐसा सोचते हुए अभी अपने सपनों की दुन्या में खो गया रूही को दिमाग़ में बसाये….

तो बे कॉन्टिनोएड…. (3001 वर्ड्स)
 
थैंक्स अमन भाई.

कहानी 1986 में चल रही है भाई. नहीं भाई मुझे दाम पता है. 86 में एक नए बस की कोच बिल्डिंग बड़े गेराज में 5 लाख में बस की बॉडी बिल्डिंग मतलब कोच बिल्डिंग होते थे और पुराने बस को रेनू करने को दो ढाई लाख तो लगता hi था मगर इस में अभी ने ब्रेन चला कर 3 लाख में दाम सेट किया और कामयाब हुआ था.
 
थैंक्स भाई हाँ मैं समझ गया.... रूही को जब पता था के वो अभी की नहीं हो सकती फिर भी उस्सने वैसा क्यों किया अभी को बढ़ावा क्यों दिया इस्सके जवाब कहानी में ज़रूर मिलेगी भाई, मगर वक़्त आने पर
 
थैंक्स भाई आप के रेविएवस का इंतज़ार रहेगा, ऐसे hi सच्ची रिव्यु देना जो सही नाह लगे बताते चलना, मुझसे ग़लती भी हो सकते हैं तो मैं सुधार p;aunga

(LEKIN....AK बात है...

ये लड़किया इतनी जेएलओसी लाती कहा से है....

और

ये जलन लड़कियों में आती कैसे है...

हम में तो नहीं होती....)

शायद ऊपर वाले ने लड़कियों के अंदर कुछ आग ज़्यादा डाला हैं इस लिए इतने जलते हैं

और मर्दों में आग की कम्मी होगी भाई :लाफ:

वैसे मैं जलने वाले मर्दों को भी जानता हूँ, आग लगा देते हैं जब वह जलते हैं तो :lol:
 
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