अपडेट 20 रूही रेसिवेस अभी इन हेर रूम
अभी ने सोच लिया था के दो घंटा गुज़रेगा रूही के साथ, किआ किआ करेगा रूही के साथ उस्सकी बीएड पर वो सब सोच कर उत्तेजित हो रहा था, सोच रहा था आज रूही की ड्रेस के अंदर उस्सको देखेगा, उस्सकी जिस्म का एक्स्प्लोर करेगा, उस्सको बहोत प्यार करेगा, हद से आगे गुज़र जाएगा और रूही उस्सको रोकेगी नहीं क्यूंकि खुद रूही भी वही चाहेगी उस से….
अब आगे….
जब अभी उस घर के पीछे वाले दरवाज़े के पास खड़ा हुआ अंदर जाने के लिए तो उस्सको हिम्मत नहीं हो रहा था दरवाज़े के खोलने के लिए. लकड़ी का बना दरवाज़ा था, पूरा घर लकड़ी और तीन का था, बड़ा घर था, सामने वाला छोटा सा लाउन्ज के सामने से बहोत सारे शीशे थे, बिच में लकड़ी का दरवाज़ा जिस्मे आधा शिक्षा था और बाकी के निचे लकड़ी. सामने सफ़ेद रंग का था सब कुछ और किचन का दरवाज़ा भी लकड़ी का और हर्रा रंग का था और वो पीछे वाला दरवाज़ा भी हरे रंग का था. बेस्ट क्वालिटी के लकड़ी थे जिससे कारपेंटर्स ने स्पेशलय दरवाज़े के लिए hi सेलेक्ट किये थे. उन् दिनों बहोत सारे घर हुआ करते थे उस तरह के. और जिनके पास कंक्रीट ब्लॉक्स वाले घर होते थे वह लोग या तो ज़्यादा आमिर होते थे या स्पेशल सरकारी दफ्तर में काम करने वाले लोग. सभी मामूली लोगों के घर लकड़ी और तीन के hi हुआ करते थे, छत्त तीन का बना हुआ होता था मगर लुक बहोत दिलकश्त होते थे उन् घरों के और मज़बूत घर होते थे. एक पहचान होता था लोगों के घरों से. जीन लोगों के घर कंक्रीट के होते थे तो उन् लोगों के स्टैण्डर्ड थोड़ा हाई होता था, और लकड़ी के घर में रहने वालों को उन् के मुकाबले लोअर स्टैण्डर्ड का माना जाता था हालां के बहोत सारे लकड़ी के घर में रहने वाले लोग बेहतर और अचे लोग होते थे. मगर खुद लड़की के घर वाले लोग खुद से कंक्रीट के घर में रहने वालों को हायर स्टैण्डर्ड के समझते थे.
मेहबूब का घर कंक्रीट का था और रूही के चाचा का घर भी कंक्रीट का था, मतलब वह दोनों के स्टैण्डर्ड रूही के मुक़ाबले ऊंचे थे. और खुद रूही एंड फॅमिली जानते थे के वह लोग लोअर स्टैण्डर्ड के हैं और मेहबूब और रूही के चाचा को ऊंचे स्टैण्डर्ड के मानते थे. इसी लिए रूही के पिता सऊदी अरबिया गया था काम करने ताके थोड़ा ज्यादा पैसा कमा पाए और बाद में कंक्रीट का घर बना सके अपने फॅमिली के लिए तो उस्का भी स्टैण्डर्ड उन् लोगों के जितना हो जाए.
अभी ने दरवाज़े को नहीं खोला बल्कि खटखटाया, और खड़ा रहा के रूही आकर खोलेगी. मगर कोई 3 मिनट तक वेट करने के बाद भी दरवाज़ा नहीं खुला तो अभी ने आहिस्ते से दरवाज़े को खोलने की कोशिश किया और वो खुल गया. अभी का दिल ज़ोरों से धड़कने लगा, वो डायरेक्ट रूही के कमरे के सामने था, वो दरवाज़ा रूही के कमरे से hi खुलता था…. अभी सोच रहा था के 12.08 हो गए थे तो क्यों रूही वहां नहीं थी…. अभी को थोड़ा डर भी लग रहा था क्यूंकि अगर उस वक़्त कोई और वहां आजाता तो लगता के अभी घर में छोर्री करने जा रहा है, या किसी बुरी नियत से आया हुआ है वहां क्यूंकि अभी के इलावा और कोई था hi नहीं वहां उस वक़्त.
अभी ने सिर्फ इतना सोचा के कहीं अगर रेज़ा या कोई भी उस कपडे धोने वाले पत्थर के नल से पानी भी भरने आगया तो देख पाएगा के अभी रूही के कमरे की देहलीज़ पर खड़ा है अकेले अंदर देखते हुए…. और अगर रेज़ा के दिमाग़ जैसा किसी ने भी उस्सको देखा तो तमाशा बन जाएगा. तो अभी ने सोचा दरवाज़ा वापस बांध कर लेगा तो सेफ रहेगा, और वही किया उस्सने. उस्सको रूही का नाम फुंकारने का मैं कर रहा था, मगर सोचा के दादा जी सुन लेंगे, इस लिए खामोश रहा और इंतज़ार करता रहा यह सोचते हुए के हो सकता है के रूही अभी तक नाहा रही हो….
और फिर किचन से स्पून और प्लेट की आवाज़ें सुनाई दे रहे थे, और बर्तनों का इस्तेमाल करना सुनाई देने लगा था अभी को तो वो समझ गया के रूही खाना पड़ोस रही होगी दादा जी को या यहाँ इस कमरे में लाने के लिए सर्वे कर रही होगी प्लेट्स में. अभी भावुक जैसे हो गया उस कमरे को ग़ौर से देखते हुए, याद करने लगा किश तरह बाहर से इतने दिनों तक रूही को इसी कमरे के अंदर देखता रहा और कितनी ख्वाहिशें पाल रखा था अभी ने के काश वो इस कमरे के अंदर रूही के पास हो सकता…. और आज उस्सको खुद यकीन नहीं हो रहा था के वो उस कमरे के अंदर खड़ा है… दो कदम चल कर उस्सने रूही के किताबों में से एक बुक लिया और पेजेज को पलटने लगा, रूही के बीएड को ग़ौर से देखते हुए. जिस तरफ तकिये रखे थे उस से समझ में अत था के रूही उस तरफ सर रखती होगी सोते हुए, तो अभी ने उस तकिये से नाक लगाया यह देखने के लिए किआ उस से रूही की खुशभू आती है या नहीं, और हाँ उस्सको अपनी रूही की महक आयी उस तकिये से. तकिया उसस्के हाथ में था के रूही दोनों हाथों में दो बाउल लिए दाखिल हुई तो अभी चहुँक गया और तकिया उसस्के हाथ से छूठ गिरा, तो रूही ने बाउल्स को टेबल पर रखते हुए अपनी मीठी आवाज़ में कहा,
“ी ऍम सॉरी थोड़ा सा लेट हो गया, यह सूप तैयार होने में थोड़ा टाइम लग गया और दादा जी को खाना पडोसना था नाह! मगर आप कर किआ रहे थे मेरे तकिये के साथ अभी?!”
अभी का बोलती बांध था वो बिना पालक झपके रूही को देखे जा रहा था खुले हुए मुंह से. रूही ने उसस्के आँखों के सामने हथेली फेर्रा, तो जैसे अभी होश में आते हुए कहा,
“थैंक यू वैरी मच रूही, थैंक यू सो वैरी वैरी मच के आज तुमने इस ड्रेस को पहना, सिर्फ मेरे लिए पहना नाह तुमने इससे? हम्म बोलो नाह!”
हाँ रूही उसी two-piece में थी, जिस में अभी उससे देखने को तरस रहा था, जिस में रूही कुछ ज़्यादा hi सेक्सी दिखती थी, जिस में उस्सकी टांगें ज़्यादा दीखते थे, जो घुटनों के कुछ संतीमेटर्स ऊपर था, काले रंग का था और वही सफ़ेद ब्लाउज फूलों वाले छोटे मोटिफ्स के साथ….. आज रूही ने अभी को इन्विते किया तो उसस्के फवौरीते ड्रेस में भी थी.
किआ रूही ने जान बुझ कर उस ड्रेस को पहना था? किआ वो अभी को रिझा रही थी? किआ उस्सको पता नहीं था के वो उस में कुछ ज़्यादा सेक्सी दिखती है? किआ इतने दिनों से अभी उस्सको बार बार नहीं कहते आया था के उस्सको उस ड्रेस में देखना चाहता है? और इतने दिन जब उस्सकी माँ यहाँ थी तब क्यों नहीं पहना रूही ने उस ड्रेस को? क्यों आज पहना जब उस्सकी माँ घर पर नहीं थी? अभी यह सब सोच रहा था रूही को निहारते हुए, तो रूही यह कहते हुए वापस किचन गयी,
“वेट वेट प्लीज और चीज़ें लानी है…..”
वो दो बार और आयी और गयी प्लेट्स, रोटिस, राइस, और करी लाने के लिए.
रूही ने जब सब कुछ सेट कर दिया टेबल पर (वो टेबल उस कमरे की नहीं थी, किसी और कमरे से लाया था रूही ने लंच करने के लिए) तो अभी को बैठने को कहा.
मगर अभी तो रूही को नज़रों से चोरर hi नहीं रहा था.
रूही के बालों से अब भी कुछ कतरे पानी के उस्सकी एन्ड से टपकते हुए दिख रहे थे, घने बाल भीगे हुए थे साफ़ नज़र ारः था, रूही एकदम फ्रेश दिख रही थी और पता नहीं कौन सी पेर्फुमेस लगाई थी उस्सने के अभी और दीवाना होते जा रहा था…. टेबल पर खाने से ज़्यादा अभी का इंटरेस्ट रूही में था. रूही बैठ गयी थी चेयर पर और अभी को वेट कर रही थी बैठने के लिए. जिस साइड में रूही की चेयर थी वो उस दरवाज़े के पास थी जहाँ से रूही किचन के तरफ जाती है, और जिस तरफ अभी का चेयर था वो रूही के बीएड के पास था. दोनों आमने सामने बैठने वाले थे बगल में नहीं, रूही ने जान बुझ कर वैसे अर्रंगे किया था ताके दोनों एक दूसरे को देख सके.
तो चेयर पर बैठने की बजाए अभी बीएड पैट बैठा और कहा,
“ऐसे तो स्टार्ट नहीं करना है लंच मुझे!”
रूही ने सोचा के किसी चीज़ की कमी है तो वो टेबल पर देखने लगी के किआ मिस किया है उस ने, फिर अभी को देखा और अपनी एएब्रोस उचकाते हुए पूछा,
“क्यों? किआ हुआ अभी?”
अभी ने मुस्कुराते हुए कहा,
“ी फर्स्ट नीड ा गुड हुग, ान एम्ब्रॉस ओनली थें वे विल स्टार्ट लंच!”
रूही मुस्कुरायी और उठ कर उसस्के पास गयी. क्यूंकि अभी बीएड पर बैठा हुआ था और रूही कड़ी थी तो हाइट डिफरेंस नहीं थे और रूही चली गयी अभी के बाहों में. एक टाइट हुग किया अभी ने रूही को, रूही ने भी अभी को ज़ोर से गले लगाया, मगर अभी ने रूही के गर्दन से सूंघते हुए, उसस्के भीगे बालों को सूंघते हुए कहा,
“है, किआ बात है स्वीटहार्ट दीवाना बना रहे हो मुझे, वैसे परफ्यूम किआ है यार…. और नहाने के बाद तुम्हारे बाल कितने अचे महक रहे हैं, उफ़ मैं पागल हो जाऊंगा रूही…. तड़पा रही हो मुझे तुम!”
रूही उस्सने बाहों से निकलते हुए वापस चेयर पर गयी यह कहते,
“तड़पा वडपा मैं नहीं रही मैं लंच खिला रही हूँ आप को, इस से पहले के आप का लंच टाइम एन्ड हो जाए खा लीजिये!”
अभी रूही के चेयर के पास उसस्के पीछे खड़ा हुआ और झुक कर रूही के बालों को गर्डर से हटाते हुए उस्सकी गर्दन पर एक चुम्बन दिया जिस से रूही के रोवाण खड़े हो गए तो रूही ने अपने बाज़ुओं पर ज़ोरों से हाथ चलाते हुए कहा,
“उफ्फफ्फ्फ़ मुझको ठण्ड लग गयी आप का उस तरह से मुझे चूहने से…. बैठिये नाह प्लीज….”
मगर तब तक अभी ने उस्सको झुक कर चेयर के पीछे से hi किश किया और कहा,
“एक किश तो बनता hi बनता था रूही अब लंच का स्वाद अलग होगा….”
पहले रूही ने सूप सर्वे किया अभी को और खुद भी लिया, और बातें करते हुए सूप को एन्ड किया गया तो रूही ने बटर चिकन बनाया था, और उसस्के साथ रोटियां सर्वे किया रूही ने खुद को भी सर्वे करते हुए. मगर जब रोटी खाने का टाइम आया तो अभी ने कहा,
“मेरी एक तमन्ना थी रूही”
रूही ने एक टुकड़ा रोटी का ले लिया था बटर चिकन के साथ जिस्सको अपने मुंह में डालने hi वाली थी तो रुक, निवाले को हाथ में लिए हुए पूछा,
“तमन्ना? कौन सी?!”
अभी ने बड़े प्यार से रूही ने चेहरे में देखते हुए कहा,
“के तुम अपने हाथ से एक निवाला खिलाओ मुझे!”
रूही मुस्कुरायी और जो निवाला अपने लिए लिया था रूही ने उस्सको अभी के मुंह के तरफ कर दिया. अभी ने बड़े ख़ुशी से उसस्के तरफ अपना सर करते हुए उस निवाले को लिया और खाते हुए कहा,
“नाउ यू वेट, मैं तुमको खिलता हूँ नाह!”
और उस तरह दोनों ने एक दूसरे को रोटी खिलाये एन्ड तक.
और रोटियां के एन्ड होने के बाद रूही ने थोड़ा चावल सर्वे किया मगर अभी ने कहा उस्का हो गया वो और नहीं खा सकता. पर रूही ने ज़िद किया के उस्सको थोड़ा सा चावल खाना hi पड़ेगा, क्यूंकि उस्सने बासमत्ति राइस ख़ास उसस्के लिए बनायी थी वो भी फ्राइड राइस थे. और थोड़ा सा सर्वे किया एक प्लेट में अभी को जो उस्सने लिया और दोनों ने एन्ड किये.
लंच करते हुए 40 मीन्स हो गए थे. पानी और जूस लेने के बाद, जब रूही सब बर्तनों को वापस किचन में रखने गयी तो देखा के दादा जी के आँख लग गए हैं आर्मचेयर पर लेते हुए तो वो वापस आयी और अभी से हेल्प लिया उस टेबल को वापस दूसरे रूम में रखने के लिए. इस तरह अभी ने रूही के घर के कुछ और हिस्सों को देख लिया, सिर्फ किचन तक नहीं गया जो उस्सको बाहर से फुल दीखता hi था हमेशा.
जब दोनों वापस रूही के रूम में गए तो रूही ने अभी को देखते हुए कहा,
“आप का लंच टाइम एन्ड हो गया 12.45 हो गए अब आप को जाना पड़ेगा नाह?!”
अभी ने ख़ुशी से जवाब दिया,
“आज मेरा लंच 2 घंटों का है, मैं 1.45 को वापस जाऊंगा स्वीटहार्ट!”
रूही के चेहरे में एक चमक दिखाई दिए उस वक़्त और कहा,
“व्हाट? रियली? वो कैसे?!”
अभी ने रूही को जकरा और प्यार से कहा,
“जब मैं ने तुम्हारी मम्मी को सुबह को जाते देखा तभी मैं ने सोच लिया था के आज मैं तुम्हारे साथ दो घंटे बिताऊंगा, इस लिए तभी अपने टीम को बता दिया के आज मैं 1.45 को जॉब वापस रिज्यूमे करूँगा, क्यूंकि मैं खुद आज इस रूम में आने को सोच लिया था रूही, इसी लिए सुबह तुमसे पूछने आया था के तुम्हारी मम्मी कितने बजे वापस आएगी.”
रूही ने अपने मुंह पर हाथ रखते हुए हैरान टोन में कहा,
“रियली? इतना कुछ सोच लिया था आप ने? क्यों? और अगर मैं आप को अंदर नहीं आने देता तो?!”
रूही अभी के बाहों में hi रही अपने चेहरे को उसस्के सीने पर दबाये हुए और अभी ने उसस्के सर के बालों में उँगलियाँ फरते हुए कहा,
“अगर तुम अंदर नहीं आने देती तो मैं बहोत उदास तो होता hi मगर मैं तुमको गॉड में उठा कर अंदर लाने को सोच लिया था!”
रूही हंस पड़ी और पूछा,
“किआ आप मुझको गॉड में उठा सकोगे अभी?!”
अभी ने तुरंत रूही को अपने गॉड में उस तरह से उठाया जैसे कोई बेबी को लेते हैं, याने रूही अभी के बाज़ुओं में हॉरिजॉन्टल पोजीशन में हो गयी और अभी ने वैसा करते हुए कहा,
“यह लो, उठा लिया नाह तुमको अब बोलो मेरी जान!”
रूही के आँखें भर आये और अभी के छाती पर चहरे छुपाते हुए कहा,
“मुझे कभी किसी ने ऐसे नहीं उठाया है अभी, बहुत ाचा फील हो रहा है, थैंक यू.”
यही ने रूही को वैसे hi लिए हुए फनी टोन में पूछा,
“क्यों? तुम बेबी थी तो सब ने तुमको ऐसे hi गॉड लिए होंगे नाह?!”
तब शरारती अंदाज़ में रूही ने कहा,
“हम्म्म यू नॉटी मैं बड़ी होने के बाद की बात कर रही हूँ बेबी थी तब की नहीं!”
अभी स्टैंडिंग पोजीशन में था और तीन या चार राउंड किया रूही को वैसे लिए हुए जिस से रूही के सारे बाल लटक गए थे और उस्सकी स्कर्ट काफी ऊपर उठ गए थे तो अभी की नज़र उधर गए…. और रूही अभी के चेहरे में मुस्कुराते हुए देख रही थी उस दौरान.
उसस्के बाद रूही वैसे hi उसस्के बाहों में रहते हुए पूछा,
“और मुझको ऐसे उठाने के बाद आप किआ करते अभी?”
तो अभी ने रूही को बीएड पर लेटते हुए कहा,
“यह करता मैं, यहाँ तुमको ऐसे बीएड पर लेटता और तुमसे बहोत प्यार करता!”
रूही ने अपने चेहरे को अपने हाथों में छुपा लिया और उँगलियों के बीच से अभी को देखने लगी अपने बीएड पर लेते हुए.
और अभी बीएड पर उसस्के टांगों के पास बैठा और रूही की टखने पर हाथ रखा और आहिस्ते आहिस्ते अपने उँगलियों को उस्सकी टखने से फरते हुए ऊपर उस्सकी काफ तक किया….. रूही उस पल खुद में सिमट रही थी अपने एक तंग को ऊपर के तरफ करते हुए… उस्सकी ब्लैक स्कर्ट में उस्सकी तंग इतना खूबसूरत लग रहा था के अभी अप्प्रेसियते करता रहा…. अभी ने एक नज़र रूही को उठा कर देखा, रूही ने अपने दांतों में निचे वाला होंठ दबाया हुआ था अभी के चेहरे में देखते हुए, अभी के होंठों पर एक मुस्कान देखा रूही ने और धीमी आवाज़ में पूछा,
“किआ कर रहे हो अभी, मेरा खिड़की खुला है कोई यहाँ से गुज़रा तो देख लेगा और मैं मुसीबत में पर जाउंगी….”
अभी ने झुक कर अपने होंठों को रूही के टखने से लगाया और रूही की आह निकली और उस्सने उस तंग को ज़ोर से ऊपर खिंचा जिस से अभी के नाक पर लग गयी….
तो झट से रूही उठ बैठी जब देखा के अभी को उस्सकी पेयर से ज़ोर से लगा उस मूवमेंट में, और सॉरी कहते हुए वो अभी के चेहरे को चूमने लगी…. और उस्सको अपने बाहों में कसके भर लिया.
अभी ने कहा,
“खिड़की को बंद कर लेता हूँ”
रूही बोली,
“No, बाहर सब सोचेंगे के क्यों खिड़की बंद है जब हर रोज़ दिन भर खुला रहता है”
अभी: “तो किआ करें फिर?!”
रूही: “वेट मैं परदे को खींच देती हूँ”
अभी: “मगर वो हवा से हट जाएगा”
रूही: “मैं परदे के लास्ट एन्ड पर एक दो मोटा किताबें रख देती हूँ नहीं हटेगा “
और वो करने के बाद रूही बीएड पर बेटी और अभी के चेहरे में देखने लगी एक स्माइल के साथ.
अभी ने उस्सको फिर लेटते हुए रूही को किश करते गया… रूही अभी के किश को अच्छी तरह से रेस्पोंद करते हुए लेट गयी और अभी वापस उस्सकी टांगों के पास गया तो रूही ने कहा,
“उफ़, क्यों बार बार मेरे पेयर को छह रहे हो आप, इधर आओ नाह, मुझे वहां गुदगुदी हो रहे हैं!”
अभी ने आशिकाना अंदाज़ में कहा,
“रूही जिस दिन मैं ने तुमको इस स्कर्ट और ब्लाउज में देखा था उसी वक़्त अपने घुटनों के बल आकर तुम्हारे टांगों को बाहों में भरके चूमने का मैं किया था आज वही करने जा रहा हूँ….”
रूही छुप हो गयी एक गहरी सांस लेते हुए और अभी के होंठों को फील किया अपने तंग पर और अभी का हाथ रूही के स्कर्ट के निचे चलता गया ऊपर उस्सकी जाघों तक…..
रूही उठ बैठी अभी को देखते हुए और एक सिसकारी में रूही ने अपने हाथ को अभी उस हाथ पर रखा जो उस्सकी स्कर्ट के निचे था और नाह में सर हिलाया….
तो अभी ने प्लीज कहते हुए एक तड़पती आवाज़ में कहा,
“ी विश तो एक्स्प्लोर यू, स्वीटहार्ट, वांट तो सी डीप इनसाइड यू, वांट तो फील यू, विश तो सी हाउ थे कलर ऑफ़ योर स्किन चंगेस अंडर योर स्कर्ट, प्लीज लेट में दो!”
रूही के लगा के वो मिल्स एंड बून्स वाली किसी किताब का एक पन्ना पढ़ रही है…. बहोत से ऐसे सीटुएशन्स को वो पढ़ चुकी थी कई नोवेल्स में और खुद को उन् किताबों का एक करैक्टर फील कर रही थी उस वक़्त.
फिर भी रूही ने अभी के हाथ को आगे बढ़ने से रोके रखा मगर खुद अपने होंठ को अभी के होंठ से टकरा गयी और दोनों एक दूसरे को किश करते करते बीएड पर लेते हुए पाए गए.
किश करते हुए दोनों कभी एक दूसरे के ऊपर होते, कभी रूही अभी के निचे तो कभी रूही अभी के ऊपर मगर किश बरकरार रहा, और उसी मौके का फायदा उठाते हुए अभी ने रूही के ब्लाउज के तीन बटन्स खोल दिए जिस से रूही की ब्रा, ब्रा के स्ट्राप नज़र आने लगे और अभी का एक हैं उस्सकी ब्रा की स्ट्राप को काँधे के निचे किया थोड़ा सा और अभी के होंठ रूही के होंठों को चोरर कर उस्सकी काँधे तक गया….
रूही उस वक़्त झुक कर सिमट गयी, अभी को अपने पथ और छाती के बीच दबाये हुए, उस्सकी गर्दन ऊपर उठे हुए नज़रें छत्त टाक रहे थे जबकि अभी का जीब हौले हौले रूही के काँधे से होकर उस्सकी बूब को रीच होने लगे थे…
रूही कसमसाई और उस्सकी जिस्म कांप उठी फिर, एक गहरी सांस लेते हुए रूही ने अभी को ज़्यादा कसके अपने बाहों में जकरा तब तक अभी का जीब रूही की एक निप्पल पर चला गया था जिस से रूही की आह निकली और खुद को अभी से दूर करते हुए रूही ने अपनी ब्रा को ठीक किआ और ब्लाउज के बिट्टोस लगाने लगी अभी के आंखों की गहराई में कांपते होंठों से देखते हुए…..
अभी ने सोचा के रूही नाराज़ हो गयी, रुक गया, रूही की निगाहों को पढ़ने की कोशिश में था, और जब देखा के रूही ने हलकी सी मुस्कान में अपने बालों को संवारा तब अभी ने कहा,
“प्लीज करने दो नाह, प्लीज….”
रूही ने कहा,
“नाह!”
अभी ने उस्का हाथ थामा फिर बिंनती किया, रूही नहीं मानी और कहा,
“इतना काफी है आज के लिए, बुसस!”
अभी ने झट से उस्सको बाहों में लिया और दोबारा बीएड पर लेता कर किश करने लगा, रूही ने फिर रेस्पोंद किया मगर इस बार अभी के हाथ को थाम लिया ताके वो उस्सकी ब्लाउज के बटन्स को नहीं खोल सके….
मगर इस बार अभी का हाथ रूही के जाँघों पर गया और ऊपर पहुंचा तक़रीबन रूही की पंतय को छह लिया तब रूही ने उसस्के हाथ को रोका किश बरकरार रखते हुए…. अभी ने किश रोका और तड़पती आवाज़ में कहा,
“रूही ी हैवे नेवर दोने थिस इन माय लाइफ, ी वांट तो दो आईटी, लेट में नाह, प्लीज, ी विल नॉट पेनेत्रते यू, ऊपर hi करूँगा करने दो नाह प्लीज देखो कितना तन्ना हुआ है”
वो कहते हुए अभी ने रूही का हाथ अपने हाथ में लेकर अपने डिक पर किया, रूही ने उस्का इरेक्शन अपने हाथ में फील किया, मगर शर्मायी नहीं, जैसे उसस्के लिए वो नार्मल था, बल्कि रूही ने अपने हाथ को अभी की इरेक्शन पर रहने दिया कुछ लम्हों के लिए अभी के चेहरे में देखते हुए.
तब अभी ने रूही से कहा,
“थोड़ा सा सेहलाओ नाह इससे प्लीज.”
रूही ने अपने हाथ को वहीँ रहने दिया उसस्के पंत के ऊपर इरेक्शन पर मगर मुंह फुल्ल कर “नाह” कहा रूही ने.
यह सब करते हुए 1.30 हो गए थे और अभी ने घडी देखते हुए कहा,
“रूही सिर्फ 15 मिनट्स बचे हैं प्लीज एक बार यार….”
रूही ने कहा,
“Okay अब 15 मीन्स तक बात करते हैं मुझे कुछ कहना है आप से, जो बहोत इम्पोर्टेन्ट है. इसी लिए मैं ने आप को लंच पर इन्विते किया आज!”
यह सुन कर अभी ढीला पर गया और बीएड पर बैठ गया रूही को सुनने के लिए.
दोनों कोई 3 मिनट्स तक खामोश रहे, रूही ने सर झुका लिया था और अभी उस्सको बुसस देख रहा था. ख़ामोशी तोड़ते हुए अभी ने hi रूही के थोड़ी को अपने उँगलियों से ऊपर उठाते हुए कहा,
“हे स्वीटहार्ट, किआ कहना है बोलो नाह!”
रूही के दोनों आँखें भर आये थे और आंसू बुसस छलकने hi वाले थे के अभी ने जल्दी से रूही को ज़ोर से बाहों में लेते हुए पूछा,
“आरी किआ हो गया बेबी? क्यों रोने लगी तुम, बताओ नाह बात किआ है माय लव?!”
रूही ने अपने आंसुओं को पोंछते हुए अभी के चेहरे में देखा और कहा,
“किआ अगर मैं ने लाइफ में कोई ग़लती किया हो तो आप मेरी उस ग़लती को माफ़ कर पाओगे?”
अभी ने रूही के चेहरे को चूमते हुए कहा,
“ऑफ़ कोर्स, माय लव 100% माफ़ करूँगा, व्हाई? किआ हुआ है?”
और रूही ज़ोरों से रोने लगी फुट फुट कर, उस्का शरीर कांपने लगा था उस्सकी आवाज़ बाहर जाने लगी थी, आवाज़ टूट रही थी, अभी ने उस्सको ज़ोर से जकरा हुआ था उस्सको तस्सली देते हुए उस्सको खामोश करने की कोशिश में लगा रहा और उस्का चेहरा सहलाता, तो कभी उसकी पीठ पर हाथ फरता…..
अभी के बाहों में सिमटी रूही बिलात बिलात कर खूब रोई, और नाक से बहते पानी को पोंछते हुए, अभी के चेहरे में देखा और कहा,
“मुझसे नहीं कहा जाएगा मेरी ग़लती, मेरी मम्मी से पूछ लेना, उस्सको पता है और उस्सको यह भी पता है के मैं आज आप को घर पर खाने को इन्विते करुँगी यह बात बताने के लिए मगर मुझसे नहीं बोलै जा रहा, प्लीज आप मम्मी से पूछना वो आप को आसानी से बता देगी, मुझसे से नहीं होगा!”
लास्ट मिनट तक अभी पूछता रहा मगर रूही हर बार रोने लगती और कुछ नहीं बोली, तो अभी परेशां, हैरान वहां से वापस काम पर गया. शाम तक सोचता रहा के किआ हुआ होगा रूही के लाइफ में? क्यों वो इतना रोने लगी. किआ ग़लती किया होगा उस्सने? अभी के समझ में नहीं ारः था के किआ सोचे और किआ समझे रूही को लेकर. वो बहोत hi परेशान था और ग़म में डूबा रहा.
उस रात को अभी सो नहीं पाया, अपनी डायरी में लिखता रहा सवाल पर सवाल करता रहा खुद से. रूही से किआ ग़लती हो सकती है? किआ किया होगा उस्सने ऐसा के वो बता नहीं पा रही थी और इतना रो रही थी. अभी को चैन नहीं था, नींद नहीं आरही थी, पागल होता जा रहा था, सुबह का इंतज़ार करता रहा. उस्सकी माँ वापस नहीं आयी थी शाम 6 बजे तक वेट किया अभी ने इस लिए बिना सवाल का जवाब जाने hi अभी को वापस आना पड़ा था, और अब रात भर सस्पेंस में रात कटी अभी की.
तो बे कॉन्टिनोएड…. (4101 वर्ड्स)