अपडेट 66 अभी गिवेस थे डायरीज तो रूही
अभी ने उस मौके का फायदा उठाते हुए नवीन से कहा के वो अरुचि को अडॉप्ट करना चाहता है लीगली. और अभी ने वो इमोशनल मोमेंट सुनाया नवीन को, के किश तरह से अरुचि ने उस्सको पापा बुलाया और कैसे वो अभी को अपना पापा समझती है.
इस बात से नवीन बहोत खुश हुई क्यूंकि बचा तो उस्सको भी चाहिए था और उस्सको पता था के अभी को एक बेबी गर्ल की कितनी चाहत थी.
मगर नवीन ने पूछा के अगर श्वेता की बची है तो अरुचि हमारे साथ कैसे रहेगी. अभी ने समझाया के अरुचि दोनों गर में रहेगी, हमारे साथ भी और अपनी माँ के साथ भी, वो इन् दोनों घरों में बैठत के रहेगी. उस्सको अभी, नवीन और श्वेता का प्यार भी मिलेगा और रूही, उस्सकी नानी की भी, बल्कि कभी वहां भी रहेगी अपनी नानी के साथ.
नवीन समझ गयी और अपनी रज़ामंदी दे दिया, क्यूंकि नवीन अभी की ख़ुशी चाहती थी. और फिर जिस औरत की औलाद नहीं वो क्यों खुश नहीं होगी एक बेटी पाकर.
नेक्स्ट डे अभी गया रूही के यहाँ अपनी डायरीज लेकर. वो डायरीज जो रहीम के घर चोर्रा था 25 साल पहले और जो मेहबूब ने उससे वापस किया था और वापस करते वक़्त महब्बोब ने उस से कहा था के अगर कुछ रूही को देना है तो रूही के घर जा कर देना उसस्के घर नहीं.
और आज जब अभी अपना मेरसेदेज़ रिवर्स में रूही के भाई महेश के घर के साइड में पार्क कर रहा था तभी मेहबूब पैदल अपने घर से निकल कर, मैं रोड के तरफ आ रहा था और कार को रिवर्स होते देख कर रुक गया था. मेहबूब की उम्र अब 70 साल का था और सारे बाल सफ़ेद थे, सफ़ेद दाढ़ी भी रखा हुआ था और उसस्के सर पर एक सफ़ेद टोपी था. अभी उसकसो नहीं पहचानता अगर उस्सको अपने घर से निकलते नहीं देखता.
ठीक जब मेहबूब अभी के कार के पास रीच हुआ, चलते हुए तभी अभी अपनी मेरसेदेज़ से निकला, ठीक मेहबूब के सामने और कहा,
“अरे मेहबूब भाई अभी तक ज़िंदा हो आप? मैं तो सोचा आप टपक गए होंगे!”
मेहबूब ने बड़े आदर से थोड़ा झुक कर अभी से हाथ मिलाया क्यूंकि एक मेरसेदेज़ से कोई निकला तो उस्सको लगा कोई बड़ा हस्ती तो होगा इस लिए इज़त से झुक कर थोड़ा मुस्कुराते हुए कहा,
“किआ हम एक दूसरे को जानते हैं भाई?!”
अभी के हाथ में वही लिफाफा था, 25 साल पुराण, जान बुझ कर उसस्के लिफाफे को चेंज नहीं किया था, क्यूंकि वो चाहता था रूही उसी लिफाफे को हाथ में पकड़े, और उसी 25 साल पुराने डायरीज को पढ़े जिस्सके कुछ पैन अब अलग भी हो रहे थे…. तो अभी ने मेहबूब को वो लिफाफा दिखाते हुए कहा,
“इस्को भी देख कर कुछ याद नहीं आया मेहबूब? यह वही लिफाफा है जो 25 साल पहले तुमने मुझको वापस किया था इस में वही डायरीज हैं जो तुमने रूही से छीन कर मुझे वापस किया था और कहा था के मुझे रूही को अगर कुछ देना है तो मैं उस्सको दूँ तुम्हारे घर नहीं चोररुन…..! तो आज दे रहा हूँ उखाड़ लेना जो उखाड़ सकता है अब मादरचोद!”
मेहबूब ने अपनी ह्य्पोक्रिसी वाले मुस्कराहट से कहा,
“अरे अभी तुम हो!! तभी तो कहूं चेहरा जाना पहचाना सा लग रहा है, अरे भाई 25 साल पुअरने बातों पर किआ घुसा करना यार भूल जाओ उन् बातों को!”
अभी को इतना घुसा ारः था सब उन् दिनों के वाक़ियात को याद करते हुए के उस्का मन कर रहा था खिंच कर मेहबूब को एकांत घूंसा मारे, तो कहा,
“तेरे गांड में इतने लात मारने को मैं कर रहा है अभी के किआ बताऊँ….. साला बूढ़ा हो गया है, अगर मैं ने तेरे पे हाथ उठाया तो लोग कहेंगे के बूढ़े आदमी को मार रहा हूँ, चल जा बे चूतिये, मर्दों में एक रंडी है तू!!”
क्यूंकि अभी को ग़ुस्सा आया था तो आवाज़ ऊंचा करके बोल रहा था, और रूही को वहां आने से पहले मैसेज कर दिया था इस लिए रूही दरवाज़े के पास आ चुकी थी, दरवाज़ा खोल दिया था जिस वक़्त अभी रिवर्स कार पार्क कर रहा था, तो उस्सने सब देखा और सुना, और उधर से रूही की माँ और बाप ने भी सब देखा और सुना जिस वक़्त अभी मेहबूब से वो सब सुना रहा था….
जब मेहबूब आगे बढ़ गया तो अभी ने रूही के माँ की तरफ देखा और लिफाफा दिखाते हुए और भी बुलंद आवाज़ में कहा,
“देख लो, इस्को छिना था आप ने रूही के हाथ से 25 साल पहले नाह? उस्सको पढ़ने नहीं दिया था नाह? आज वापस दे रहा हूँ उससे एहि पढ़ने को दम है तो आकर इस बार छीना तब आप को भी दिखाऊंगा के मैं किआ बाला हूँ!!”
रूही की माँ ने कहा,
“अरे अभी बीटा क्यों पुराने बातों को याद कर रहे हो भूल जाओ नाह वो सब!”
अभी ने जवाब उसी बुलंद आवाज़ में दिया,
“अव्वल तो आप को मुझे बीटा कहना का कोई हक़ hi नहीं, फिर भूल जॉन? हरगिज़ नहीं, मेरे लिए सब अब भी वैसे hi हैं जैसे 25 साल पहले थे, सिर्फ यह आँगन और आप का घर बदला है, आप बदले हो आप के जोरू का ग़ुलाम पति बदला है अभी नहीं बदला, उस्का दिल नहीं बदला, रूही नहीं बदली, रूही का दिल नहीं बदला है बुढया, खबरदार अगर मेरे और रूही के बिच आने की भी कोशिश की तो, जला के राख कर दूंगा – और सुनों मैं जब भी इस आँगन में आऊं तो दूर रहियो, नज़र भी मत ाइयो वार्ना कुछ कर बैठूंगा, मेरा खून खौलता तुम जैसे कीड़ों मकोड़ों को देखता हूँ तो!”
तब तक व्हीलचेयर पर बैठी रूही ने ऊंची आवाज़ में कहा,
“अभी मत मुंह लगो ऐसे लोगों के, बहोत सुना चूका हूँ सब को पिछले 25 सालों में मैं, आओ नाह कबसे वेट कर रही हूँ मैं!”
“किंग स्वीटहार्ट” कहकर अभी ने रूही की माँ को टेढ़े नज़र से देखते हुए रूही के तरफ गया.
अंदर जाते hi अभी ने रूही को व्हीलचेयर से गॉड में उठाया, किश किया और सोफे पर लेटाया उसस्के हाथ में डायरीज वाले लिफाफा देते हुए.
डायरीज को लेकर रूही अपने सीने से लगाते हुए रो पड़ी, और जल्दी से डायरीज को निकला और जल्दी जल्दी पन्नों को घुमाते हुए अभी की हैंडराइटिंग देख कर और भी रोने लगी… रोने के बाद अपने आंक और नाक पोंछते हुए कहा,
“आप ने इस्को 25 सालों तक संभाल कर रखा है अभी? जलाया नहीं इस्को? सारे यादें समेत कर रखा हुआ है आप ने अभी?!”
अभी: “तुमको ज़िंदा रखा है मैं ने इन् डायरीज में रूही, उन् दिनों को कैद किया है मैं ने इन् पन्नों में, पढ़के देखो, तुम वापस चली जाओगी उन् दिनों में…. उन् लम्हों को फिर से दोबारा जियोगी, एक एक पल तुम्हारे सामने ऐसे आएंगे के तुमको लगेगा सब कल हुआ था, उस आँगन को देख पाओगी इस में जो यहाँ था 25 साल पहले, तुम्हारे उन् दोनों टाप्स को देख पाओगी, उस पेयर को देखोगी, तुम्हारे उस वाशिंग स्टोन को देखोगी, खुद को कपडे धोते हुए देखोगी, मुझको जीब से चिढ़ाते हुए देखोगी, हम दोनों को घर के पीछे किश करते हुए देखोगी, मुझको तुम्हारे उस लकड़ी के खिड़की के पास तुमसे बात करते हुए देख पाओगी, तुमको कैसे एक दिन उस खिड़की से बाहर निकाल दिया था मैं ने वो भी मिलेगा इस में, मेरा सीटी बजाना सुनोगी इस में, तुम्हारा ुन्स्सको सुनने पर आना देखोगी, श्वेता को भी देखोगी… बुसस को पल पल बनते हुए देखोगी, खुद को बगीचे में पाओगी गुलाब तोड़ते हुए, और सुबह 6 बजे मुझको आँगन में दाखिल होते हुए देखोगी, वाशरूम से तुमसे इशारे से बातें करते हुए देखोगी, रहीम को हम दोनों को ेँ वक़्त पर पाकर लेना देखोगी…. तुमने मुझ पर कितने सितम किये थे वो भी देखोगी, मैं कितना तड़पा था वो भी देखोगी, मेरा किआ हाल हुआ था जब यहाँ से निकला था 5तह जनुअरी को वो भी देखोगी……. यू विल लाइव ठोस मोमेंट्स एंड डेज अगेन……”
सब सुनते हुए रूही ज़ोरों से रोने लगी अभी को बाँहों में भरके… अभी बोलते जा रहा था, बोलते जा रहा था, छुप hi नहीं हो रहा था और रूही ने अपने मुंह को उसस्के मुंह से लगा कर उस्सको छुप कराया, किश करते हुए…..
अभी को किश करते वक़्त एक बार रूही ने आँखें खोला तो देखा अभी के बहते आंसू उसस्के आँखों से होकर उसस्के होंठों तक आ गए थे तब उस्सको पता चला के वो बोलते हुए खुद अभी भी रो रहा था, सारे दर्द को बाहर निकाल रहा था वो सब बोलते हुए…..
फिर अभी ने कहा,
“तुमने कभी भी मेरे खतों का जवाब नहीं दिया, कभी लिखा hi नहीं मुझको , आज मैं चाहता हूँ यह सब पढ़ने के बाद तुम कुछ लिखो, मुझे लिखे हुए कुछ चाहिए तुम्हारे तरफ से…..”
रूही ने कहा,
“ज़रूर लिखूंगी अभी, इस बार ज़रूर लिखूंगी, तुम जितना तो नहीं लिखूंगी मगर ज़रूर इस्सके जवाब दूंगी आप को इस बार, आईटी इस हाई टाइम ी रिप्लाई नाउ!”
अभी ने थैंक्स कहा और जाने की इजाज़त लिया. रूही हैरान हुई और कहा के वो एक्सपेक्ट कर रही थी के अभी उसस्के साथ सारा दिन गुज़ारेगा. मगर अभी ने कहा के नहीं उस्सको वो डायरीज बिल्कुल अकेले में पढ़नी चाहिए, और फिर जवाब भी लिखना है उस्सको तो दो दिन बाद आएगा. रूही को उस्सने दो दिन दिया सब पढ़कर जवाब लिखने के लिए. और अभी ने यह कहा;
“मैं दो या तीन दिन बाद जब आऊंगा तो एक बड़ा सरप्राइज लेकर आऊंगा तुम्हारे लिए, तुम बहोत खुश हो जाओगी उस सरप्राइज से….”
रूही ने हैरान होते हुए पूछा,
“अब किआ सरप्राइज डोज आप मुझे अभी? यह काफी है मेरे लिए!”
अभी ने कहा,
“दुन्या भरी हुई हैं सुरपरिसेस से, एक और सही… फ़िक्र रमत करो मुझे पता है तुम बहोत खुश हो जाओगी!”
और अभी वहां से निकला, और सीधे गया श्वेता से मिलने, वो काम पर थी अभी ने उस्सको लीव लेने को कहा इमरजेंसी बता कर और श्वेता के साथ जा कर अरुचि को भी लिया उसस्के स्कूल से और तीनों कहीं किसी इम्पोर्टेन्ट काम के लिए गए.
तो बे कॉन्टिनोएड….