Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya - Page 22 - SexBaba
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Usski Gali Mein Jaana Chorr Diya

अप्प्रेसिअशन के लिए तेहि दिल से धयवाद सुनील भावी

हाँ मुझे पता है आप के विचार के बारे में जो भी आप ने कहा था,

डिबेट का इशू तो हो hi सकता है और बहोत बड़ा वाला :डी
 
बहोत बहोत शुक्रिया कामदेव बबई अपने विचार देने के लिए

सिर्फ हवस नहीं है श्वेता के तरफ से भाई वो बचपन से hi अभी से प्यार करती थी दिल से और जब 18 साल बाद उस से मिली तो उस्सको वो मिल गयी जिस्का इंतज़ार था उस्सको, सच्चा प्यार और दिल से चाहती थी अभी को.... डॉक्टर से डाइवोर्स के बाद श्वेता ने कब्जी किसी और से कोई सम्बन्ध नहीं बनाये सिर्फ अभी की बन कर रही.... प्यार से :डी
 
अपडेट 65 अभी एंड नवीन

उस रात को अभी वहां से निकला घर जाने को. श्वेता ने डिनर करके वापस जाने के लिए कहा मगर अभी ने बताया के रूही के यहाँ डिनर रेफुसे किया, नवीन को लेने जाना था नहीं गया अब ात लीस्ट उसस्के साथ डिनर तो करना है उस्सको. फिर श्वेता ने पूछा के कैसे अचानक रूही के यहाँ जाने को डीडे किया, और अभी ने बता दिया के महेश मिला था तो उस्सने बताया के रूही ने सालों पहले से उस्सको बुलाया था मिलने के लिए.

ात होम.

जब अभी घर पहुंचा तो नवीन ने डिनर आलरेडी तैयार कर दिया था और अभी के कपडे जो नहाने के बाद पहँटा है सब रेडी रख दिए थे और उस्का वेट कर रही थी.

गेराज में कार रखने के बाद अभी घर में आया तो नवीन ने मुस्कुराते हुए उस्सको रिसीव किया उस्सको ुंडेरर्मः होल्ड करके लाउन्ज में वाक करते हुए, और कहा,

“माय स्वीट हस्बैंड को कौन सी इमरजेंसी आगये थे के अपनी वाइफ को आज लेने नहीं आ सके हम्म्म?”

अभी ने नवीन को ज़ोर से बाहों में भरके अपने सामने किया, ज़ोर से हुग करते हुए उसस्के दोनों गालों पर किश किया और उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा,

“डिनर करते वक़्त सब बताता हूँ okay?!”

नवीन: “Okay, एग्री, मैं ने आप के कपडे रख दिए हैं हेंगर पर, आप का वेट करुँगी तब तक डिनर सर्वे करती हूँ ठीक है…”

अभी बाथरूम के तरफ बढ़ने लगे थे के नवीन ने आवाज़ को थोड़ी ऊंची करते हुए कहा,

“श्वेता के पास नहीं गए थे आप? काफी दिनों से आप ने कुछ नहीं बताया उसस्के बारे में? कहीं उसी के यहाँ कोई इमरजेंसी तो नहीं थे नाह?!”

अभी को शॉक लगा नवीन के बातों को सुनकर और बड़बड़ाया,

“साला किसी को एक लेक्चरर से शादी नहीं करनी चाहिए, सुना आप लोगों ने? डिटेक्टिव से भी ज़्यादा बड़ा दिमाग़ होते हैं लेक्टरर्स के पास, लगता है कोई कैमरा चिपका हुआ है मेरे पिचू में जो सब रिकार्डेड है और वो देख लेती है मैं कब कहाँ जाता हूँ !!”

नहाने के बाद अभी और नवीन डिनर कर रहे थे. अभी टुकुर टुकुर देखे जा रहा था नवीन को जैसे कुछ गिलटी फील करते हुए, तो नवीन ने कहा,

“गिलटी फील करने की कोई ज़रुरत नहीं है हस्बैंड जी बता दो श्वेता के यहाँ किआ हुआ, मुझे पता है आप उसी के पास थे. पिछले 7 सालों से आप को जितना खुश देख रही हूँ कभी नहीं देखा पहले, श्वेता से मिलने के बाद आप का नूरानी चेहरा बहोत hi ज़्यादा चमकने लगे हैं, तो बताइये किआ होगया था आज श्वेता के यहाँ? कुछ बुरा तो नहीं हुआ नाह क्यूंकि जब आप आये तो चेहरे में थोड़ा फ़िक्र दिखा मुझे, सो नाउ तेल्ल में व्हाट हप्पेनेड!”

अभी ने एक रोटी तोड़ते हुए उसस्के चेहरे में देखा और करी उठाते हुए रोटी से और निवाला मुंह तक लाते हुए अभी ने कहा,

“कुछ भी तो नहीं एवरीथिंग इस फाइन, मगर तुमको कैसे पता के मैं श्वेता hi के यहाँ था? स्पाई कर रही हो किआ मुझे तुम?!”

श्वेता ने भी एक निवाला लेते हुए कहा,

“ाहः आप को स्पाई करने की ज़रुरत hi नहीं आप सब खुद बक देते हो, आज नहीं तो कल सब बता डोज और आप का चेहरा खुद एक कैमरा भी है और स्क्रीन भी, सब कह जाते हैं मुझे.”

अभी: “कमाल है यार तुमको सीबीआई में होना चाहिए था, अगर मेरे चेहरे से मैं इतना कुछ बता देता हूँ तो अगर मैं ने खून किया होता या डाका डाला होता तो कभी भी बच नहीं पाटा मैं तो!”

नवीन ने ज़ोर से हँस्ते हुए कहा,

“हाहाहाहाहा आप डाका डालेंगे hi क्यों एक रूही जैसी लड़की को नहीं भगा सके तो आप क्यों डाका डालने लगे हस्बैंड जी?”

अभी रॉक साइलेंट हो गया यह सुनकर और नवीन को लगा के उस्सने ग़लत बात कह दिया, तो जीब को दांतों में दबाते हुए नवीन ने दोनों कान पकड़े और अभी के चेहरे में देखते हुए कहा,

“ोूपप्पस्सस्स सॉरी ी दीद नॉट मैं आईटी इन तहत वे कुछ और कहना चाहती थी, प्लीज फॉरगिव में अभी!”

अभी ने तब रोटी वापस खाते हुए कहा,

“कुछ भी ग़लत नहीं कहा तुमने वाइफ जी. सच है मेरा चेहरा सब दिखा देता है मगर सबको नहीं उनको जो मेरे करीब है….”

नवीन: “आप दिल के बहोत साफ़ हो अभी इसी लिए मुझे आप के चेहरे से बहोत कुछ पता चल जाता है, अगर आप ह्य्पोक्रिटे होते तब नहीं पता चलता मुझे….. आप ने लास्ट 7 इयर्स में श्वेता से मिलने के बाद जीतनेय बार घर लेट आये और जितनी बार बिच रात में घर से निकले गेराज जाने के बहाने मुझे सब पता होता था के आप श्वेता के पास hi जाते थे. है नाह अभी….. आप का अफेयर चल रहा है नाह उसस्के साथ? हम्म??!”

अभी को इतना बड़ा झटका लगा के उस्का निवाला ाटकक गया और खनस्सने लगा नवीन की बात सुन कर!! जल्दी से पानी का गिलास दिया उस्सको नवीन ने और उठ कर उस्का पीठ सहलाया. अभी सर उठा कर नवीन के चेहरे में देखता रहा….. नवीन वापस अपनी सीट पर बैठी और अभी को खाने का इशारा किया हँस्ते हुए.

अभी छुप रहा कुछ देर और नवीन ने कहा,

“आप जितना उंलख्य थे अपने ट्वेंटीज में उतना hi लकी होते गए जैसे जैसे आप का उम्र बढ़ता गया लकड़ियों के मामले में आप ने यह नोट किया है कभी किआ?”

अभी ने नवीन के चेहरे में देखते हुए भोला बनते हुए कहा,

“ोफो अब तुम यह किआ बात लेकर बैठ गयी यार डिनर तो कम्पलीट करो नाह!!”

नवीन: “Okay डिनर के बाद बात करती हूँ फिर ठीक है नाह?!”

अभी ने एक चौथे बचे की तरह पकड़े जाने के बाद नज़रें चुराते हुए हाँ में सर हिलाया!”

*************************************************************

रात करीब बारह बज रहे थे. अभी और नवीन दोनों सोफे पर बैठे थे लाउन्ज में, नवीन का सर अभी के चेस्ट पर था, वो अपनी निघ्त्य में थी, और अभी के गर्दन को चूमते हुए नवीन ने कहा,

“आप को क्यों लकी कहा मैं ने समझे आप?”

अभी इनोसेंट बनते हुए, नवीन के बालों में उँगलियाँ फरते हुए कहा,

“पता नहीं तुम कुछ भी कहती रहती हो!”

नवीन: “अभी ी ऍम नॉट ा स्टुपिड माय डिअर हस्बैंड, हाँ बात यह है के मैं आप को फुल लिबर्टी दे देती हूँ, क्यूंकि मुझे पता है के मैं आप के लिए वो नहीं हूँ जो आप को चाहिए था… मगर आप से वो इमोशनल अटैचमेंट हो गयी है आप के साथ रहते रहते के आप से दूर नहीं हो सकती, और मुझे अच्छी तरह से पता है के आप को भी मुझसे उतना hi इमोशनल अटैचमेंट है के आप भी मुझको कभी चोरर नहीं सकते और दूर भी नहीं हो सकते, आप मेरा इतना केयर करते हो एहि एनफ है प्रोवे करने के लिए…..”

अभी ने सिर्फ इतना कहा,

“सो? किआ मतलब?!”

नवीन: “अभी रात को बारह बजे घर से निकलना जब श्वेता से मिले, उसस्के बाद अक्सर रात को वैसे जाना और सुबह 4 बजे वापस आना, आप के बदन में श्वेता की खुभू का आना, किआ आप समझते हो मुझे नहीं पता के रात रात को आप उस्सकी बीएड पर सो कर वापस आते थे? मैं एक औरत हूँ, आप की बीएड पर सोती हूँ, आप की जिस्म की खुस्भू पहचानती हूँ अब उस खुशभू में एक फीमेल की खुशभू मिक्स होगी तो किआ मुझको खबर नहीं होगी अभी? 7 साल पहले से जानती हूँ अभी… मगर किआ स्टड हो आप, उसस्के बावजूद मुझसे भी सेक्सुअल रिलेशनशिप बराबर जारी रखा आप ने… दो दो को सेक्सुअली प्लीज कर देते हो, हम्म्म्म स्ट्रांग मन अभी डाटा देती हूँ एसससससस!”

अभी का चेहरा बिल्कुल लाल हो गया था और पसीने टपकने लगे थे उसस्के माथे से जिस्सको नवीन ने hi पोंछा, फिर कहा;

“आप को लकी इस लिए कहा के आप को जो माँ से नहीं मिली वो उस्सकी बेटी से मिल गया आप को, हाउ लकी मन!”

अभी से अब बर्दाश्त नहीं हुआ, वो खड़ा हो गया और सारे लाइट्स को ों किया लाउन्ज में और सीरियस होकर नवीन को गंभीरता से देखते हुए पूछा;

“तेल्ल में नाउ, सच बताओ, और किआ किआ जानती हो और कैसे? किस्को पाय कर रही हो मुझको स्पाई करने के लिए? कौन है जो साड़ी खबरें देता है तुमको? फोटोज भी लिए होंगे शो थम तो में फ़ास्ट, फ़ास्ट, मुझको ग़ुस्सा मत दिलाओ नवीन मैं कुछ बुरा भी कर सकता हूँ!!”

नवीन भी कड़ी हो गयी और कहा,

“अरे व्हाई शुड ी पाय समवन तो फॉलो यू? बात साफ़ है नाह? आप ने अपने डायरी में सब लिखा हुआ है? आप भूल जाते हो के अब आप अकेले नहीं रहते, आप की डायरीज मैं भी पढ़ती हूँ, अब नैना नहीं पढ़ती तो मैं पढ़ लेती हूँ नाह? इस में किआ है एक वाइफ अपनी हस्बैंड की डायरी तो पढ़ सकती है नाह अभी? जिस रात वापस आकर आप ने लिखा था के आप को श्वेता की बदन से वही खुशबू आया इतने सालों के बाद जो आप को रूही की जिस्म से आते थे तो मैं समझ गयी के वो पक्का रूही की बेटी है…. आप नहीं समझ रहे थे मगर मुझे पक्का यकीन था… ी बेट एक दिन आप को सच का पता ज़रूर चलेगा के श्वेता रूही की बेटी है, मगर मैं समझ नहीं पा रही हूँ के 7 सालों तक आप को क्यों श्वेता ने नहीं बताया के वो रूही की बेटी है?!! आप के उम्र में एक यंग, ब्यूटीफुल एंड हॉट औरत के साथ बीएड पर वक़्त बिताना कितना ाचा लगता होगा आप को मैं समझ सकती हूँ, आप लकी नहीं तो और किआ हो अभी? ग्रेट लकी मन!

मैं आप को उसी दिन बताना चाहती थी जिस दिन आप ने लिखा था के आप को श्वेता की जिस्म के कर्व्स भी बिल्कुल रूही की जिस्म जैसा फील होता है उस्सकी पसीने की खुभू रूही जैसी महेक्ति है, मैं तभी आप से कहने वाली थी के वो ज़रूर रूही की बेटी है आप को उस से पूछना चाहिए मगर मैं ने कुछ नहीं कहा क्यूंकि मैं आप को दुःख नहीं देना चाहता था, मैं आप को खुश देखना चाहती हूँ अभी…. मैं आप से लड़ाई नहीं कर रही, मैं आप को फ्रीडम देती हूँ किसी से भी सेक्सुअल रिलेशनशिप में रहने के लिए मैं ने पहले भी कहा था नाह? बूत माय प्लेस रिमेंस माय प्लेस इन थिस हाउस बुसस मुझे और कुछ नहीं चाहिए आप के दिल में और इस घर में मेरी जगह… मुझे आप से दूर नहीं होना आप चाहे तो और 10 लोगों से hi क्यों नाह सेक्स करो… आईटी डस नॉट बोथेर में ात आल! अंडरस्टुड हुब्बी जी??!!!”

सब सुनने के बाद अभी जैसे थक गया और सोफे पर लेट गया और कहा,

“प्लीज मेरा सर दबा दो नाह!”

नवीन ने जोरर से हँस्ते हुए उसस्के सर दबाना शुरू किया…

तो बे कॉन्टिनोएड…………
 
बहोत बहोत शुक्रिया अप्प्रेसिअतिवे रिव्यु के लिए कामदेव बाई

बिल्कुल सही कहा भाई 100% परफेक्ट

हाहाहाहा यह तो आप को पता hi है :लाफ:

एक्साक्ट्ली :डी
 
हाहाहाहा भाई अभी डायरी ओपन रखता है, इश्क सब भुला देता है उस्सको ख़याल hi नहीं रहा के नवीन डायरी पढ़ती है उस्सकी :डी

वो तो डिटेक्टिव को सोच रहा था :lol:
 
अपडेट 66 अभी गिवेस थे डायरीज तो रूही

अभी ने उस मौके का फायदा उठाते हुए नवीन से कहा के वो अरुचि को अडॉप्ट करना चाहता है लीगली. और अभी ने वो इमोशनल मोमेंट सुनाया नवीन को, के किश तरह से अरुचि ने उस्सको पापा बुलाया और कैसे वो अभी को अपना पापा समझती है.

इस बात से नवीन बहोत खुश हुई क्यूंकि बचा तो उस्सको भी चाहिए था और उस्सको पता था के अभी को एक बेबी गर्ल की कितनी चाहत थी.

मगर नवीन ने पूछा के अगर श्वेता की बची है तो अरुचि हमारे साथ कैसे रहेगी. अभी ने समझाया के अरुचि दोनों गर में रहेगी, हमारे साथ भी और अपनी माँ के साथ भी, वो इन् दोनों घरों में बैठत के रहेगी. उस्सको अभी, नवीन और श्वेता का प्यार भी मिलेगा और रूही, उस्सकी नानी की भी, बल्कि कभी वहां भी रहेगी अपनी नानी के साथ.

नवीन समझ गयी और अपनी रज़ामंदी दे दिया, क्यूंकि नवीन अभी की ख़ुशी चाहती थी. और फिर जिस औरत की औलाद नहीं वो क्यों खुश नहीं होगी एक बेटी पाकर.

नेक्स्ट डे अभी गया रूही के यहाँ अपनी डायरीज लेकर. वो डायरीज जो रहीम के घर चोर्रा था 25 साल पहले और जो मेहबूब ने उससे वापस किया था और वापस करते वक़्त महब्बोब ने उस से कहा था के अगर कुछ रूही को देना है तो रूही के घर जा कर देना उसस्के घर नहीं.

और आज जब अभी अपना मेरसेदेज़ रिवर्स में रूही के भाई महेश के घर के साइड में पार्क कर रहा था तभी मेहबूब पैदल अपने घर से निकल कर, मैं रोड के तरफ आ रहा था और कार को रिवर्स होते देख कर रुक गया था. मेहबूब की उम्र अब 70 साल का था और सारे बाल सफ़ेद थे, सफ़ेद दाढ़ी भी रखा हुआ था और उसस्के सर पर एक सफ़ेद टोपी था. अभी उसकसो नहीं पहचानता अगर उस्सको अपने घर से निकलते नहीं देखता.

ठीक जब मेहबूब अभी के कार के पास रीच हुआ, चलते हुए तभी अभी अपनी मेरसेदेज़ से निकला, ठीक मेहबूब के सामने और कहा,

“अरे मेहबूब भाई अभी तक ज़िंदा हो आप? मैं तो सोचा आप टपक गए होंगे!”

मेहबूब ने बड़े आदर से थोड़ा झुक कर अभी से हाथ मिलाया क्यूंकि एक मेरसेदेज़ से कोई निकला तो उस्सको लगा कोई बड़ा हस्ती तो होगा इस लिए इज़त से झुक कर थोड़ा मुस्कुराते हुए कहा,

“किआ हम एक दूसरे को जानते हैं भाई?!”

अभी के हाथ में वही लिफाफा था, 25 साल पुराण, जान बुझ कर उसस्के लिफाफे को चेंज नहीं किया था, क्यूंकि वो चाहता था रूही उसी लिफाफे को हाथ में पकड़े, और उसी 25 साल पुराने डायरीज को पढ़े जिस्सके कुछ पैन अब अलग भी हो रहे थे…. तो अभी ने मेहबूब को वो लिफाफा दिखाते हुए कहा,

“इस्को भी देख कर कुछ याद नहीं आया मेहबूब? यह वही लिफाफा है जो 25 साल पहले तुमने मुझको वापस किया था इस में वही डायरीज हैं जो तुमने रूही से छीन कर मुझे वापस किया था और कहा था के मुझे रूही को अगर कुछ देना है तो मैं उस्सको दूँ तुम्हारे घर नहीं चोररुन…..! तो आज दे रहा हूँ उखाड़ लेना जो उखाड़ सकता है अब मादरचोद!”

मेहबूब ने अपनी ह्य्पोक्रिसी वाले मुस्कराहट से कहा,

“अरे अभी तुम हो!! तभी तो कहूं चेहरा जाना पहचाना सा लग रहा है, अरे भाई 25 साल पुअरने बातों पर किआ घुसा करना यार भूल जाओ उन् बातों को!”

अभी को इतना घुसा ारः था सब उन् दिनों के वाक़ियात को याद करते हुए के उस्का मन कर रहा था खिंच कर मेहबूब को एकांत घूंसा मारे, तो कहा,

“तेरे गांड में इतने लात मारने को मैं कर रहा है अभी के किआ बताऊँ….. साला बूढ़ा हो गया है, अगर मैं ने तेरे पे हाथ उठाया तो लोग कहेंगे के बूढ़े आदमी को मार रहा हूँ, चल जा बे चूतिये, मर्दों में एक रंडी है तू!!”

क्यूंकि अभी को ग़ुस्सा आया था तो आवाज़ ऊंचा करके बोल रहा था, और रूही को वहां आने से पहले मैसेज कर दिया था इस लिए रूही दरवाज़े के पास आ चुकी थी, दरवाज़ा खोल दिया था जिस वक़्त अभी रिवर्स कार पार्क कर रहा था, तो उस्सने सब देखा और सुना, और उधर से रूही की माँ और बाप ने भी सब देखा और सुना जिस वक़्त अभी मेहबूब से वो सब सुना रहा था….

जब मेहबूब आगे बढ़ गया तो अभी ने रूही के माँ की तरफ देखा और लिफाफा दिखाते हुए और भी बुलंद आवाज़ में कहा,

“देख लो, इस्को छिना था आप ने रूही के हाथ से 25 साल पहले नाह? उस्सको पढ़ने नहीं दिया था नाह? आज वापस दे रहा हूँ उससे एहि पढ़ने को दम है तो आकर इस बार छीना तब आप को भी दिखाऊंगा के मैं किआ बाला हूँ!!”

रूही की माँ ने कहा,

“अरे अभी बीटा क्यों पुराने बातों को याद कर रहे हो भूल जाओ नाह वो सब!”

अभी ने जवाब उसी बुलंद आवाज़ में दिया,

“अव्वल तो आप को मुझे बीटा कहना का कोई हक़ hi नहीं, फिर भूल जॉन? हरगिज़ नहीं, मेरे लिए सब अब भी वैसे hi हैं जैसे 25 साल पहले थे, सिर्फ यह आँगन और आप का घर बदला है, आप बदले हो आप के जोरू का ग़ुलाम पति बदला है अभी नहीं बदला, उस्का दिल नहीं बदला, रूही नहीं बदली, रूही का दिल नहीं बदला है बुढया, खबरदार अगर मेरे और रूही के बिच आने की भी कोशिश की तो, जला के राख कर दूंगा – और सुनों मैं जब भी इस आँगन में आऊं तो दूर रहियो, नज़र भी मत ाइयो वार्ना कुछ कर बैठूंगा, मेरा खून खौलता तुम जैसे कीड़ों मकोड़ों को देखता हूँ तो!”

तब तक व्हीलचेयर पर बैठी रूही ने ऊंची आवाज़ में कहा,

“अभी मत मुंह लगो ऐसे लोगों के, बहोत सुना चूका हूँ सब को पिछले 25 सालों में मैं, आओ नाह कबसे वेट कर रही हूँ मैं!”

“किंग स्वीटहार्ट” कहकर अभी ने रूही की माँ को टेढ़े नज़र से देखते हुए रूही के तरफ गया.

अंदर जाते hi अभी ने रूही को व्हीलचेयर से गॉड में उठाया, किश किया और सोफे पर लेटाया उसस्के हाथ में डायरीज वाले लिफाफा देते हुए.

डायरीज को लेकर रूही अपने सीने से लगाते हुए रो पड़ी, और जल्दी से डायरीज को निकला और जल्दी जल्दी पन्नों को घुमाते हुए अभी की हैंडराइटिंग देख कर और भी रोने लगी… रोने के बाद अपने आंक और नाक पोंछते हुए कहा,

“आप ने इस्को 25 सालों तक संभाल कर रखा है अभी? जलाया नहीं इस्को? सारे यादें समेत कर रखा हुआ है आप ने अभी?!”

अभी: “तुमको ज़िंदा रखा है मैं ने इन् डायरीज में रूही, उन् दिनों को कैद किया है मैं ने इन् पन्नों में, पढ़के देखो, तुम वापस चली जाओगी उन् दिनों में…. उन् लम्हों को फिर से दोबारा जियोगी, एक एक पल तुम्हारे सामने ऐसे आएंगे के तुमको लगेगा सब कल हुआ था, उस आँगन को देख पाओगी इस में जो यहाँ था 25 साल पहले, तुम्हारे उन् दोनों टाप्स को देख पाओगी, उस पेयर को देखोगी, तुम्हारे उस वाशिंग स्टोन को देखोगी, खुद को कपडे धोते हुए देखोगी, मुझको जीब से चिढ़ाते हुए देखोगी, हम दोनों को घर के पीछे किश करते हुए देखोगी, मुझको तुम्हारे उस लकड़ी के खिड़की के पास तुमसे बात करते हुए देख पाओगी, तुमको कैसे एक दिन उस खिड़की से बाहर निकाल दिया था मैं ने वो भी मिलेगा इस में, मेरा सीटी बजाना सुनोगी इस में, तुम्हारा ुन्स्सको सुनने पर आना देखोगी, श्वेता को भी देखोगी… बुसस को पल पल बनते हुए देखोगी, खुद को बगीचे में पाओगी गुलाब तोड़ते हुए, और सुबह 6 बजे मुझको आँगन में दाखिल होते हुए देखोगी, वाशरूम से तुमसे इशारे से बातें करते हुए देखोगी, रहीम को हम दोनों को ेँ वक़्त पर पाकर लेना देखोगी…. तुमने मुझ पर कितने सितम किये थे वो भी देखोगी, मैं कितना तड़पा था वो भी देखोगी, मेरा किआ हाल हुआ था जब यहाँ से निकला था 5तह जनुअरी को वो भी देखोगी……. यू विल लाइव ठोस मोमेंट्स एंड डेज अगेन……”

सब सुनते हुए रूही ज़ोरों से रोने लगी अभी को बाँहों में भरके… अभी बोलते जा रहा था, बोलते जा रहा था, छुप hi नहीं हो रहा था और रूही ने अपने मुंह को उसस्के मुंह से लगा कर उस्सको छुप कराया, किश करते हुए…..

अभी को किश करते वक़्त एक बार रूही ने आँखें खोला तो देखा अभी के बहते आंसू उसस्के आँखों से होकर उसस्के होंठों तक आ गए थे तब उस्सको पता चला के वो बोलते हुए खुद अभी भी रो रहा था, सारे दर्द को बाहर निकाल रहा था वो सब बोलते हुए…..

फिर अभी ने कहा,

“तुमने कभी भी मेरे खतों का जवाब नहीं दिया, कभी लिखा hi नहीं मुझको , आज मैं चाहता हूँ यह सब पढ़ने के बाद तुम कुछ लिखो, मुझे लिखे हुए कुछ चाहिए तुम्हारे तरफ से…..”

रूही ने कहा,

“ज़रूर लिखूंगी अभी, इस बार ज़रूर लिखूंगी, तुम जितना तो नहीं लिखूंगी मगर ज़रूर इस्सके जवाब दूंगी आप को इस बार, आईटी इस हाई टाइम ी रिप्लाई नाउ!”

अभी ने थैंक्स कहा और जाने की इजाज़त लिया. रूही हैरान हुई और कहा के वो एक्सपेक्ट कर रही थी के अभी उसस्के साथ सारा दिन गुज़ारेगा. मगर अभी ने कहा के नहीं उस्सको वो डायरीज बिल्कुल अकेले में पढ़नी चाहिए, और फिर जवाब भी लिखना है उस्सको तो दो दिन बाद आएगा. रूही को उस्सने दो दिन दिया सब पढ़कर जवाब लिखने के लिए. और अभी ने यह कहा;

“मैं दो या तीन दिन बाद जब आऊंगा तो एक बड़ा सरप्राइज लेकर आऊंगा तुम्हारे लिए, तुम बहोत खुश हो जाओगी उस सरप्राइज से….”

रूही ने हैरान होते हुए पूछा,

“अब किआ सरप्राइज डोज आप मुझे अभी? यह काफी है मेरे लिए!”

अभी ने कहा,

“दुन्या भरी हुई हैं सुरपरिसेस से, एक और सही… फ़िक्र रमत करो मुझे पता है तुम बहोत खुश हो जाओगी!”

और अभी वहां से निकला, और सीधे गया श्वेता से मिलने, वो काम पर थी अभी ने उस्सको लीव लेने को कहा इमरजेंसी बता कर और श्वेता के साथ जा कर अरुचि को भी लिया उसस्के स्कूल से और तीनों कहीं किसी इम्पोर्टेन्ट काम के लिए गए.

तो बे कॉन्टिनोएड….
 
विक्रम भाई आप का कैसे शुक्रिया ऐडा करूँ मेरी समझ में नहीं ारः :डी

चलो एक एक करके आप के रेविएवस ो मैं भी डिटेल करता हूँ आप का शुक्रिया ऐडा करते हुए

भाई यह आप ने कमाल का वर्णां किया ह्यूमन ब्रेन के बारे में... बहोत hi एक्सएक्ट एक्सप्लनेशन दिया है आप ने

अभी की उस परफ्यूम को लेकर ब्रेन में वो सारे यादें वापस लाने की... आप की एक्सप्लनेशन 100% फिट बैठत्ता है उस सन के लिए :तुम्बुप:

एक्साक्ट्ली सही पकड़ा आप ने भाई

एसससससस राइट बीआरओ

आप का सवाल का जवाब यह है भाई के चची नर्स थी और उस्सको जब पता चला के एक बेबी मिलेगी उस्सको तो उस्सने अपने घर लेजाने को ऑफर किया और उस बची को अडॉप्ट करने को डीडे किया इसी लिए उस्सने रूही को अपने घर में रखा उस बेबी को पाने के लिए क्यूंकि उस्सकी कोई औलाद नहीं थी.... एयर तब नानी के यहाँ किसी को बी कुछ पता नहीं था इस बारे में के रूही प्रेग्नेंट हैं, सब से इस बात को छुपाया गया था भाई

वहां पहले गड़बड़ नहीं हुई थी कभी, गड़बड़ रूही की बचे जनम देने के बाद शुरू हुई थी भाई :डी

बचा हो जाने के बाद ुंबन हुई थी रूही की चची और रूही की माँ के बिच वो भी श्वेता को लेकर उस्सको अपने यहाँ या चची के यहाँ रहने देने को लेकर, उसस्के बाद चची ने सुनना शुरू किया था के रूही बदचलन थी ेट्स ेट्स हर बार...... आयी बात समझ में विक्रम भाई? :डी

और एक रीज़न थी भाई जो अब रूही बात करते वक़्त अभी को बटेगा के क्यों वो अभी को तब एक्सेप्ट या अपने प्यार नहीं दिखा पायी थी..... अगले किसी अपडेट में रूही वो सब बताएगा अभी को

बिल्कुल सही भाई, परफेक्ट

दिल की गहराई से आप का धन्यवाद विक्रम भ इतनी अछि वर्णां के साथ रिव्यु देने के लिए., ी जस्ट लव आईटी :लव:
 
विक्रम भाई अभी सिर्फ रिप्लाई पोस्ट कर रहा हूँ, बाद में एडिट करके डिटेल में रिप्लाई करूँगा, अभी अपडेट पोस्ट करनी है इस लिए फिलहाल इतना hi.. थोड़ी देर में कुकब और लिखूंगा यहाँ

एक्साक्ट्ली भाई माँ बेटी की जैसे शामे तकदीर थे... दोनों सिंगल मोठेर्स निकले और दोनों के लाइफ में अभी hi आये ...कमाल की बात है नाह भाई? दोनों के तकदीर जुड़े तो अभी से hi

अभी ने कई बार कहा था खत में भी और पीछे किश करते वक़्त भी.... उस्सकी जिस्म पर चारों तरफ हतः माल्टा था अभी, बूब्स प्रेस करता था, उत्तेजित आता था.... मैं ने डिटेल्स इस लिए तब नहीं लिखा था क्यूंकि तब ऐसा लगता के अभी हवस का भूआ है कुछ और नज़र अत अगर अपडेट में वैसा लिखता तो.... :डी

विक्रम भाई रूही ने भी सामने आकर ऑफर नहीं किया tha...sirf उस रात को वो चाहती थी जिस रात को अभी उसस्के घर रुका था वार्ना रूही ने कभी अपने आप ऑफर नहीं किया, वो उल्टा हमेशा रोकती रही अभी को, अभी बहुत ज़्यादा उसस्के तरफ सेक्सुअली आगे बढ़ता था :डी

एक और बड़ी रीज़न थी जिसकी वजा से रूही अभी को आगे नहीं बढ़ने देती थी उस्सकी वजह को रूही खुद बताने वाली है अगली मुलाक़ात में ..... यह अभी को बिल्कुल पता नहीं था, अब 25 साल बाद पता चलेगा अभी को भी और आप रीडर्स को भी

रूही ने खुद कहा अभी से के नवीन बहोत अछि औरत है, के अभी को सही वाइफ मिला है, रूही को रेज़ा की बेहेन के ज़रिए पता चल गया था के नवीन कितनी अछि इंसान है .... रूही कभी भी नवीन की जगह नहीं लेना चाहेगी, बल्कि उस्सकी इज़त करेगी हमेशा, रूही को भी लगेगा के नवीन एक एंजेल hi है खुद कहेगी एक दिन :डी

भाई नेक्स्ट अपडेट पढ़ने के बाद आप अपना ओपिनियन चेंज कर लोगे :डी

यह भी रूही बताएगी जब अभी डायरीज वापस लेने जाएगा

हाँ , राइट अभी को बहोत ग़ुस्सा आया था जान कर के रूही की बेटी है श्वेता... मगर आप आगे की अपडेट पढोगे तब नाह पता चलेगा के जब अभी उसी ग़ुस्से में गया श्वेता को थपड लगाने तब किआ हुआ!!

विक्रम भाई अब आप एक वेक लेट रिप्लाई कर रहे हो तो मुझे खुद पता नहीं के इसी अपडेट में या बाद के अपडेट में कह दिया गया है, डिटेल दे दिया गया है के जब 4तह मंथ हो चुके थे तब रूही को पता चला के वो प्रेग्नेंट है और डॉक्टर ने कहा एबॉर्शन करने में खतरा है बचे को जनम देना hi होगा... यह नहीं पढ़ा आप ने?

किआ विक्रम भाई आप ने ठीक से अपडेट नहीं पढ़ा किआ यार? कहाँ से 9 महीनों तक रूही घर में थी? वो तो शहर में थी अपनी चची के पास!!

हाँ क्लियर हो सकते थे अगर मैं 3 से 5 उपदटेस एक साथ देता तब.... 7000 वर्ड्स लिखता तब....

एनीवे थैंक लोड्स विक्रम भाई इस डिटेल्ड रिव्यु और आप के विचार के लिए अब मैं ने भी डिटेल्ड काउंटर रिप्लाई दे दिए हैं पढ़ना ज़रूर :डी
 
अपडेट 67 अभी, श्वेता एंड अरुचि

अभी उन् दोनों के लेकर एक लॉयर से मिला, अरुचि को लीगली अडॉप्ट करने के लिए….. मजिस्ट्रेट से भी मिलना पड़ा चैम्बर में और आखिर में अपने पैसों के दम से अभी ने कुछ चक्कर चलाये जिस से काम जितनी जल्दी हो सके किया जाए. जवाब मिला के 10 या 15 दिनों में लीगल एडॉप्शन के पेपर बन जायेंगे फिलहाल एप्लीकेशन भर दिया गया….. उस में एक छोटा सा प्रॉब्लम यह था के अरुचि के असली पिता डॉक्टर साहब के सिग्नेचर भी चहियेगा क्यूंकि वो ालीमोनी देता था अभी तक अरुचि को, तो जब अभी का एडॉप्शन एक्सेप्ट हो जाएगा उस्का ालीमोनी देना बांध हो जाएगा कहा गया अभी को.

अभी ने सारा काम लॉयर के हाथ में चोरर दिया उस्सको तगड़ा पैसा दे कर, अब वही जाएगा उस डॉक्टर के सिग्नस लेने तब तक लॉयर और मजिस्ट्रेट दोनों ने कहा के अभी से hi अरुचि को समझ लिया जाये के वो अडॉप्ट कर चूका है…. पैसा बोलता है भाई!!

अभी बहोत खुश था और अब अरुचि को खुश करना चाहता था, अरुचि को शिकायत थी नाह के उस्का पापा उसस्के साथ नहीं रहता, कहीं दूर काम करता है घर कई दिनों बाद आता है, और आता भी है तो तुरंत चला जाता है…. तो अभी ने श्वेता और अरुचि को लेकर घूमने गया….

जाने से पहले अभी ने अरुचि को गॉड में लेकर पूछा,

“हम्म्म तो अब बता पापा के साथ आज कहीं घूमने चलेगी?!”

अरुचि ने अभी के गाल पर पप्पी देते हुए कहा,

“एसससस पापा, आज फर्स्ट टाइम आप के साथ घूमने जाउंगी, वार्ना सिर्फ मां लेजाती है मुझे!”

अभी ने अरुचि को चूमते हुए पूछा,

“तो बता कहाँ जाएगी पापा की गद्य!”

अरुचि: “सीसाइड!”

अभी: “सीसाइड? यह भी कोई घूमने की जगह है किआ?!”

अरुचि: “हाँ है नाह, मैं स्विम करुँगी, सैंड कैसल बनाउंगी, सैंड पर वाक करेंगे, बहुत मज़ा आएगा पापा, सनसेट भी देखेंगे….”

अभी ने सोचा था जिस तरफ रूही रहती है उस तरफ के सीसाइड जाएगा मगर जब अरुचि के कहा के सनसेट देखेगी तब समझा के वेस्ट के सीसाइड जाना होगा…..

जब तक अभी अरुचि को उस तरह से गॉड में लेकर खेलता बतियाता रहा, श्वेता बड़े प्यार से दोनों को देख रही थी और उस्सकी आँखें भर आयी….

अभी तब एक शॉप पर रुका और खुदके लिए श्वेता और अरुचि के लिए भी स्विमिंग कस्टम्स ख़रीदे और गए ड्राइव करते हुए वेस्ट की एक मशहूर सीसाइड पर.

कार के अंदर hi सब ने स्विमिंग कस्टम बदले और सीधे समुन्दर के नमकीन पानी में तीनों पाए गए.

श्वेता को स्विमिंग आती थी तो अभी अरुचि को स्विमिंग सिखाने लगा….. अरुचि डर रही थी, और अभी उस्सको अपने हाथों में फ्लैट सुलाकर हाथ पेयर चलना सिखाया जैसे स्विम करना सीखाते हैं…. घंटों भर पानी में रहे तीनों…. अरुचि बहोत खुश थी और बहोत hi एन्जॉय कर रही थी.

श्वेता अभी और अरुचि को प्यार भाड़े नज़रों से देखे जा रही रही थी. उस्सको बहोत ख़ुशी हो रही थी के अरुचि को एक पिता मिल गया और कितनी खुश थी अरुचि… बार बार चिल्ला रही रही “पापा यह पापा वो, पापा ऐसे, पापा मुझे स्विम कराओ…. पापा मुझे उठा कर फेंको पानी में…..”

जब ठण्ड लगने लगे, अरुचि थोड़ा कांपने लगी तब अभी ने पानी से निकलने को डीडे किया और उस्सने खुद अरुचि को पानी से निकला अपने गॉड में उठाकर और उस्सको टॉवल में लपेटा…. श्वेता को कुछ करने की ज़रूरत hi नहीं पड़ी, अभी ने hi अरुचि को चेंज किया दूसरा ड्रेस पहनाया, जबकि श्वेता अपनी कपडे चेंज कर रही थी….

उसस्के बाद अब अरुचि को सैंड कैसल बनाना था तो अभी hi लगाया उस्सको… और बाप बेटी मिलकर सैंड कैसल बनाने लगे…. श्वेता कड़ी देख रही थी….. श्वेता जान बुझ कर दोनों के बीच नहीं आरही थी… जितना अरुचि को बाप की कमी महसूस हुई थी पिछले 7 सालों में वो अभी एक दिन में पूरा कर रहा था और श्वेता को इतनी ख़ुशी हो रही थी अरुचि को उतना खुश देख कर के खुद अपनी बचपन याद करने लगी थी, के उस्सको इतना प्यार नहीं मिला था बिल्कुल बचपन में, जो उस्का बाप बना था उस्सको लगाओ hi नहीं था श्वेता से, माँ बिजी रहती थी काम में उस्सको नर्सरी चोरर दिया जाट था, दिन भर नर्सरी में रहती, होश संभाला तो किंडरगार्टन में रहती थी, शाम 5 बजे एक वन उस्सको या तो सुपरमार्केट में चोररटा जहाँ से बाप रात को उससे बंद करता तन श्वेता घर आती, माँ तो हॉस्पिटल में रहती या तो रात भर या दिन भर… श्वेता को नाह माँ की नाह बाप का प्यार मिला था….

इसी लिए श्वेता रूही से इतना नाराज़ थी और जब उस्सको पता चला के उस्सकी असली माँ रूही थी तो उस से इसी वजह से लड़ाई करके उस्सको चोरर आयी थी, के उस्सने उस्सको किसी और के घर क्यों चोर्रा था और उसकसो माँ बाप का प्यार नहीं नसीब हुआ.

उस्सको भी प्यार और स्नेह मिला तो अभी से hi, बचपन में भी और जवानी में भी उस्सको सिर्फ अभी से hi सच्चा प्यार मिला था, इस लिए श्वेता अभी को खोना नहीं चाहती थी, और अब श्वेता को पक्का यकीन हो गया था के अब अभी उस से कभी दूर हो hi नहीं सकता क्यूंकि अब अरुचि के ज़रिए अभी हमेशा के लिए उसस्के पास भी रहेगा. श्वेता भी बहोत खुश थी के अब उस्सकी बेटी के बदौलत उस्सको अभी मिल गया था हमेशा के लिए.

घंटों भर कैसल बनाते टूटते, फिर बनाने के बाद, अरुचि ने मोबाइल से फोटोज लिए उन् कॉस्ट्ल्स की और अभी से खुद के पिक्स निकलवाए कॉस्ट्ल्स के पास बैठ कर…. उसस्के बाद दोनों सैंड वाक के लिए निकले…. कई किलोमीटर्स तक वाक किये तीनों ने रथ पर नंगे पाऊँ…. और तब सनसेट देखने को बैठे….

कितना खूबसूरत होता है सूरज को समुन्दर में डूबकी लगाते हुए देखना इस्को डेस्क्रिबे करने की ज़रुरत तो नहीं सब ने देखा hi होगा…. बहोत सारे फोटोज लिए अभी ने उस ढलते सूरज की. आहिस्ते आहिस्ते सूरज का रंग लाल होता गया और जब आखरी हिस्सा रह गया तो उस्सकी खूबसूरती और भी बढ़ती गयी दूर से लगता था समुन्दर में दूर आग लगी हुई है….

अभी ने तब नवीन को फ़ोन किया, आज उस्सकी यूनिवर्सिटी का कोर्स नहीं था तो नवीन 3.30 को घर आजाती है उन् दिनों…. अभी ने नवीन से कहा के वो श्वेता और अरुचि को घर ला रहा है वहीँ डिनर करेंगे दोनों. नवीन भी खुश हुई क्यूंकि वो अरुचि से मिलना चाहती थी…. और बेशक श्वेता से भी.

अब श्वेता को अजीब लग रहा था वो नहीं जाना चाहती थी… मगर अभी ने उस्सको समझाया के जाना तो पड़ेगा और अब अक्सर ऐसा होता रहेगा, कभी अरुचि उसस्के साथ उसस्के घर पर रहेगा, नवीन को भी बचे का प्यार चाहिए….. तब श्वेता समझी और एग्री किया जाने के लिए अपनी लेक्चरर के पास.

अभी ने श्वेता को पता नहीं चलने दिया के नवीन को उसस्के और श्वेता के रिश्ते के बारे में पता है, और टेक्स्ट करके नवीन को भी बता दिया के उन् दोनों के सम्बन्ध के बारे में श्वेता से कोई भी बात नाह करें, बुसस ऐसे लग्न चाहिए के श्वेता को बिल्कुल नाह लगे के नवीन को श्वेता और अभी के सम्बन्ध के बारे में पता है….

नवीन ने रिप्लाई किया के वो समझ गयी वो ऐसा कुछ नहीं पता चलने देगी.

जब सब अभी के घर रीच हुए तो श्वेता अभी के घर और आँगन को देखती रह गयी….. अँधेरा हो चूका था फिर भी अभी के आँगन में इतने लाइट्स थे के दिन लग रहा था वहां…. श्वेता ने धीरे से अभी से कहा,

“आप का घर तो एक महल जैसा है…. हाउ ब्यूटीफुल, यह गार्डन कौन मेन्टेन करता है? कितनी खूबसूरत है, वाओ लुक ात ठोस रोजेज, कितने सारे फूल हैं आप की गारतदेन में वाओ!!”

और अरुचि ने पहला सवाल यह किया,

“पापा हम किस्सके यहाँ आये हैं? कौन रहता है इधर?!”

अभी ने अरुचि को गॉड में उठाते हुए कहा,

“बेबी इधर तुम्हारी बड़ी मम्मी रहती है!”

श्वेता अरुचि को देख रही थी और अरुचि श्वेता को, तो श्वेता ने अपना सर हाँ में हिलाते हुए अरुचि को इकरार करने का इशारा किया, मगर अरुचि ने फिर भी अभी से सवाल किया,

“बड़ी मम्मी? वो कौन होती है? इतने दिनों से क्यों नहीं मिली वो मुझे? और वो यहाँ क्यों रहती है? हमारे साथ क्यों नहीं रहती?!”

अभी के समझ में आगया के अब बहोत सरे सवालों का जवाब बना कर देना होगा अरुचि को और तीनों घर के दरवाज़े के तरफ बाहड़ने लगे जहाँ नवीन अपनी खूबसूरत स्माइल से सबको रिसीव करने को वेट कर रही थी.

तो बे कॉन्टिनोएड…..

विश आल माय फ्रेंड्स, रीडर्स, फंस, फोल्लोवेर्स, एडमिन्स, मोड्स, समोस ऑफ़ सफ ा वैरी हैप्पी होली
 
किआ विक्रम भाई, आप के दिमाग़ का सवाल hi ग़लत है. क्यूंकि जो डायरीज रूही को दिया वो 1986 के डायरीज हैं जीन दिनों अभी वहां काम करता था.... और जो डायरीज घर पर नवीन ने पढ़ा वो 2011 की प्रेजेंट डे डायरी है जिस में अभी अपना डेली इवेंट लिखता है. तो रूही को कैसे कुछ पता चलेगा श्वेता और अभी के बारे में? किआ भाई??!!! :लाफ:

और आप को यहाँ भी रिप्लाई किया हूँ

क्लिक हेरे
 
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