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अपडेट 14 Ashita’s रुदेनेस्स
अशिता के दिल में उस वक़्त किआ चल रहा था? किआ वो खुश थी के उस्का भाई उस्सकी पिक्स ले रहे थे, किआ वैसे सेक्सी पिछ लेने से अशिता को ग़ुस्सा नहीं आया? किआ अशिता को चाह लगा? उस्सने क्यों कुछ नहीं कहा?
विहान उस्सको घुररते जा रहा था और कुछ मस्करी भी करते जा रहा था जैसे अशिता को चिढ़ाना, उसस्के बाल खींचना, उस्सको ऐसे वैसे बातें कहना जिस से अशिता रियेक्ट करे, मगर अशिता सिर्फ होंठ या नाक मोड़ कर रेस्पोंद कर रही थी मगर कुछ बोल नहीं रही थी…
जब चाय हो गया तो अशिता उठकर पहले बर्तनों को धोने गयी सिंक के पास और जल्दी से विहान मोबाइल के साथ वहां पहुंचा उस्सको शूट करने को, खड़ा होकर अशिता को शूट करते हुए उस्सने कहा,
“आरी एक मुस्कान तो लाओ अपने चेहरे पर, इतना सीरियस तुम कभी भी नहीं रहती हो और जब शूट कर रहा हूँ तो हिटलर बानी हुई हो, स्माइल प्लीज!!!”
अशिता की हंसी छूट गयी विहान को सुनकर, और जल्दी से विहान ने उस्सकी उस हंसी को शूट किया और कहा,
”यह हुई नाह बात, माय गर्लफ्रेंड है थे बेस्ट लाफ एंड स्माइल इन थे वर्ल्ड, मुउउउउउह!”
विहान के दिल को थोड़ी सी राहत मिली मगर यह सिर्फ एक पल के लिए था आगे जो होना था उस से विहान के दिल के टुकड़े होने वाले थे……
*************************************************************
विहान वेट कर रहा था के जब अशिता चेंज करने जाएगी तब उस्सकी तसवीरें लेगा, ब्रा और पंतय में उस्सको क्लिक करने का मैं तो पहले से hi था और यह बात वो पहले कह चूका था अशिता को, तो अशिता को इस बात का पता था.
अब तैयार होने के लिए तो अशिता को उस कमरे में hi जाना था क्यूंकि अलमारी और कपडे सब विहान के रूम में था.
तो जब वक़्त आया वहां जाने का तो अशिता अंदर गयी और मोबाइल हाथ में लिए विहान पीछे पड़ा उस्का. और जब अशिता ने अपनी अलमारी खोली तो पीछे खड़ा विहान ने एक दो पोज़ क्लिक किये और कहा,
“वेट स्वीटहार्ट, आहिस्ते आहिस्ते कपडे उतारना, तुमको धीरे धीरे शूट करूँगा, एक एक पल को कैप्चर करना है मुझे, तेरे जिस्म की एक एक हिस्से को हौले हौले शूट करूँगा, बड़ी खूबसूरत आएगी देखना….”
अशिता ने मुड़कर उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा,
“भाई और तुम समझते हो के मैं वो सब होने दूंगी? हरगिज़ नहीं, खबरदार अगर तुमने मुझको वैसे शूट किया तो, अगर किया तो मम्मी को बता दूंगी!”
विहान शॉकेड हुआ अशिता की जवाब से और मोबाइल रखते हुए उसस्के करीब गया उस्सकी बाहों को पाकर कर ग़ुस्से में खिंचा और बीएड पर धकेल कर उसस्के ऊपर चढ़ कर अपने दोनों टांगों से उस्सको दबा कर, उस्सकी कमर पर चढ़ कर चिल्ला कर कहा,
“किआ नखरें कर रही है तू? कल रात से हुआ किआ है तुझे कौन सी नयी बात कर रहा हूँ मैं, यह सब तो हमारी आदत है और मुझे यह सब करना है, उतार अपनी निघ्त्य मुझे तेरे जिस्म का हर एक हिस्से को चूमना है, तुझे किश करना है, यहाँ रगड़ना है, मुझे ेजकुलाते करना है तेरी पंतय के ऊपर; या आज तो इस पंतय को भी उतारूंगा मैं, ठहर तू अभी बताता हूँ और तेरी नखरों को भगाता हूँ मैं!!”
अशिता फुल फाॅर्स से विहान को पुश कर रही थी और जैसे दोनों में बीएड पर एक जुंग हो रहा था, लड़ाई हो रही थी जैसे दोनों कुश्ती लड़ रहे थे, और अशिता रोने लगी सिसकते हुए यह कहने लगी,
“भाई चोर्रो मुझे, मैं कहती हूँ चोर्रो मुझे वार्ना मैं और ज़ोर से चिल्लाऊंगी और पड़ोस के लोग यहाँ आजाएंगे, मैं पुलिस में जाकर कहूँगी के तुम मेरा रपे करना चाहते थे, कॉलेज में प्रिंसिपल को बताउंगी, चोर्रो मुझे भाई!!!”
यह सब सुनकर विहान यकायक जैसे उस्सको ज़बरदस्त झटका लगा, उस्सने कभी भी नहीं सोचा थे के अशिता इतना विरोध करेगी और ऐसे बातें भी कहेगी उसस्के खिलाफ, उसस्के लिए यह बातें सपनों में भी सुन्ना इम्पॉसिबल था, अशिता ऐसा कभी नहीं कर सकती, कितना प्यार करती थी वो उस से, तो किआ जो कुछ अशिता ने कहा वो अशिता hi थी या कोई और? विहान यह सोचने पर मजबूर हुआ के वो उस्सकी प्यारी बेहेन अशिता नहीं बल्कि कोई और लड़की थी…..
अशिता को बिल्कुल चोरर दिया उस्सने और ग़ौर से उसस्के चेहरे में देखते हुए दर्द भरी आवाज़ में कहा,
“तुम मेरी आशु hi हो नाह? किसी ने कोई जादू टोना तो नहीं किया नाह तुझ पर? तुम मेरे खिलाफ बोल रही थी अभी? तू मुझको पुलिस में देगी? तू मेरे खिलाफ प्रिंसिपल को बोलेगी? किआ तू ऐसा कर सकती है? मेरे खिलाफ? मुझको तू जेल जाता हुआ देख सकेगी? मुझसे दूर रह सकेगी? किआ हो गया एक रात में आशु? हुआ किआ बता तो सही तब नाह मुझे पता चलेगा?... किआ मम्मी ने तुझको बुरा भला कहा कल रात को? बता किआ हुआ कल रात को किआ कहा मम्मी ने तेरे छाती के लोवेबिट्स के बारे में और दिखा मुझे, मुझे उस जगह को देखना, छूना कितना पसंद है, तू तो अपने आप सब करने देती थी मुझे आज किआ हो गया बेबी? मुझसे कोई ग़लती ह्युई किआ? मुझसे खफा है तू? मैं ने तुझको कोई दुःख पहुँचाया किआ मेरी जान? बता मुझे, मैं तुमसे प्यार करना चाहता हूँ यह हमारी रोज़ की आदत है नाह? वही तो कर रहा हूँ, आज कौन सी नयी बात हो रही है हमारे बीच भला? बोल कुछ तो बोल नाह आशु!”
अशिता ने बिना कोई जवाब दिए अपने कपडे लिए और अपनी मम्मी की कमरे में चली गयी चेंज करने को हालां के हर सुबह को विहान के सामने कपडे बदलती थी और विहान उस्सको हर रोज़ निहारता था, छूटा था, किश किया करता तह और दोनों एक दूसरे को पशनातेली किश करके तब रेडी होते थे और घर से निकलने से पहले हर सुबह दोनों लम्बी किश करते थे कोई 5 मिनट तक…. वो सब विहान को चाहिए थे, और अशिता इंकार कर रही थी…… तो विहान पागल होता जा रहा था!!
विहान अपने कमरे में बैठा रहा और एकांत बूंद ेंसू के टपकाये उस्सने, तब वो भी तैयार हुआ कॉलेज के लिए. तब तक अशिता तैयार होकर किचन में टिफिन बॉक्स तैयार कर रही थी, और उस्सने अपने भाई से कहा,
“भाई तुम्हारे टिफ़िन बॉक्स रख दिया मैं ने मेज़ पर, और अपनी टिफ़िन अपने पास है, तुम लेना मत भूलना मैं निकल रही हूँ bye!”
और एक बड़ा झटका लगा विहान को. हर रोज़ टिफ़िन उसस्के पास होता है, एक hi टिफ़िन बॉक्स में दोनों के खाना होता था इतने सालों से, अशिता कभी टिफ़िन नहीं कैर्री करती थी, सिर्फ विहान टिफिन लेजाता था और अशिता की शेयर उसी में होता था और लंच और ब्रेक में दोनों एक साथ खाते थे कॉलेज में, और आज पहली बार अशिता ने अपनी टिफ़िन खुद लिया और विहान का अलग से दिया!
बुसस एहि नहीं हर रोज़ दोनों एक साथ निकलते थे घर से और एक साथ कॉलेज जाते थे, बस में एक साथ बैठते थे मगर आज पहली बार अशिता अकेली निकली विहान से पहले. कैसे भला विहान को झटका नहीं लगता! और तो और एक किश भी नहीं दिया विहान को अशिता ने, गाल पर भी नहीं, मुंह में 5 मिनट तक किश करते थे दोनों हर रोज़, और आज कुछ नहीं और वो चली भी गयी विहान को चोरर कर….. विहान का दिल बड़े ज़ोरों से धड़कने लगा और तेज़ी से वो तैयार होकर निकला बिना टिफ़िन लिए अशिता के पीछे भागते हुए रास्ते में उस्सको कैच किया और उसस्के बगल में चलते हुए पूछा,
“यह बेरुखी क्यों आशु? किआ बिगड़ा है मैं ने तुम्हारा? आज पहली बार हमने किश नहीं किया, तुमको बाहों में नहीं लिया मैं ने, और तुम? तुमने भी तो मुझे बाहों में नहीं लिया? आज का दिन कैसे गुज़रेगा आशु? कैसे पढ़ पाउँगा मैं? और तू? किआ तू अपनी स्टडीज में कंसन्ट्रेट कर पाएगी आज? हम्म? किआ हो गया हमारे बीच? किस्की नज़र लग गयी हम दोनों को आशु? बोल तू किआ चाहती है मैं करने के लिए तैयार हूँ तू बता तो सही मैं किआ करूँ?!”
अशिता कुछ नाह बोली और सामने देखते हुए चलती गयी बस स्टॉप तक और बस आया तो जल्दी से पहली अंदर गयी और एक तवो सीटर पर जहाँ एक औरत बैठी थी वहां बैठ गयी….. और एक बदलाव… हर रोज़ एक साथ बैठते थे, प्यार करते हुए जाते थे कॉलेज तक, फुसुर फुसुर करते और किश करते भी जाते थे गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड की तरह और आज जान बुझ कर अशिता पहले दाखिल हुई बस में और एक औरत के पास बैठ गयी ताके विहान उसस्के पास नाह बैठे……
इन् सब से विहान पर किआ बीत रहा था यह वही जानता था….
किआ अशिता को पता था के वो विहान को कितना तकलीफ पहुंचा रही थी? किआ वो उस इंसान को इतना दुःख दे सकती थी जो उस्सको इतना प्यार करता था? किआ एहि करने को कहा था उसस्के पापा ने? आज विहान का वक़्त कैसे गुज़रेगा कॉलेज में? लंच बॉक्स तो लिया hi नहीं था विहान ने, अशिता ने अपनी टिफ़िन ले लिया था मगर उस्सको पता hi नहीं था के विहान बिना खाना के घर से निकल गया….. किआ होता है कॉलेज में अगले अपडेट में देखेंगे…..
तो बे कॉन्टिनोएड…………. (3600 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
अशिता के दिल में उस वक़्त किआ चल रहा था? किआ वो खुश थी के उस्का भाई उस्सकी पिक्स ले रहे थे, किआ वैसे सेक्सी पिछ लेने से अशिता को ग़ुस्सा नहीं आया? किआ अशिता को चाह लगा? उस्सने क्यों कुछ नहीं कहा?
विहान उस्सको घुररते जा रहा था और कुछ मस्करी भी करते जा रहा था जैसे अशिता को चिढ़ाना, उसस्के बाल खींचना, उस्सको ऐसे वैसे बातें कहना जिस से अशिता रियेक्ट करे, मगर अशिता सिर्फ होंठ या नाक मोड़ कर रेस्पोंद कर रही थी मगर कुछ बोल नहीं रही थी…
जब चाय हो गया तो अशिता उठकर पहले बर्तनों को धोने गयी सिंक के पास और जल्दी से विहान मोबाइल के साथ वहां पहुंचा उस्सको शूट करने को, खड़ा होकर अशिता को शूट करते हुए उस्सने कहा,
“आरी एक मुस्कान तो लाओ अपने चेहरे पर, इतना सीरियस तुम कभी भी नहीं रहती हो और जब शूट कर रहा हूँ तो हिटलर बानी हुई हो, स्माइल प्लीज!!!”
अशिता की हंसी छूट गयी विहान को सुनकर, और जल्दी से विहान ने उस्सकी उस हंसी को शूट किया और कहा,
”यह हुई नाह बात, माय गर्लफ्रेंड है थे बेस्ट लाफ एंड स्माइल इन थे वर्ल्ड, मुउउउउउह!”
विहान के दिल को थोड़ी सी राहत मिली मगर यह सिर्फ एक पल के लिए था आगे जो होना था उस से विहान के दिल के टुकड़े होने वाले थे……
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विहान वेट कर रहा था के जब अशिता चेंज करने जाएगी तब उस्सकी तसवीरें लेगा, ब्रा और पंतय में उस्सको क्लिक करने का मैं तो पहले से hi था और यह बात वो पहले कह चूका था अशिता को, तो अशिता को इस बात का पता था.
अब तैयार होने के लिए तो अशिता को उस कमरे में hi जाना था क्यूंकि अलमारी और कपडे सब विहान के रूम में था.
तो जब वक़्त आया वहां जाने का तो अशिता अंदर गयी और मोबाइल हाथ में लिए विहान पीछे पड़ा उस्का. और जब अशिता ने अपनी अलमारी खोली तो पीछे खड़ा विहान ने एक दो पोज़ क्लिक किये और कहा,
“वेट स्वीटहार्ट, आहिस्ते आहिस्ते कपडे उतारना, तुमको धीरे धीरे शूट करूँगा, एक एक पल को कैप्चर करना है मुझे, तेरे जिस्म की एक एक हिस्से को हौले हौले शूट करूँगा, बड़ी खूबसूरत आएगी देखना….”
अशिता ने मुड़कर उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा,
“भाई और तुम समझते हो के मैं वो सब होने दूंगी? हरगिज़ नहीं, खबरदार अगर तुमने मुझको वैसे शूट किया तो, अगर किया तो मम्मी को बता दूंगी!”
विहान शॉकेड हुआ अशिता की जवाब से और मोबाइल रखते हुए उसस्के करीब गया उस्सकी बाहों को पाकर कर ग़ुस्से में खिंचा और बीएड पर धकेल कर उसस्के ऊपर चढ़ कर अपने दोनों टांगों से उस्सको दबा कर, उस्सकी कमर पर चढ़ कर चिल्ला कर कहा,
“किआ नखरें कर रही है तू? कल रात से हुआ किआ है तुझे कौन सी नयी बात कर रहा हूँ मैं, यह सब तो हमारी आदत है और मुझे यह सब करना है, उतार अपनी निघ्त्य मुझे तेरे जिस्म का हर एक हिस्से को चूमना है, तुझे किश करना है, यहाँ रगड़ना है, मुझे ेजकुलाते करना है तेरी पंतय के ऊपर; या आज तो इस पंतय को भी उतारूंगा मैं, ठहर तू अभी बताता हूँ और तेरी नखरों को भगाता हूँ मैं!!”
अशिता फुल फाॅर्स से विहान को पुश कर रही थी और जैसे दोनों में बीएड पर एक जुंग हो रहा था, लड़ाई हो रही थी जैसे दोनों कुश्ती लड़ रहे थे, और अशिता रोने लगी सिसकते हुए यह कहने लगी,
“भाई चोर्रो मुझे, मैं कहती हूँ चोर्रो मुझे वार्ना मैं और ज़ोर से चिल्लाऊंगी और पड़ोस के लोग यहाँ आजाएंगे, मैं पुलिस में जाकर कहूँगी के तुम मेरा रपे करना चाहते थे, कॉलेज में प्रिंसिपल को बताउंगी, चोर्रो मुझे भाई!!!”
यह सब सुनकर विहान यकायक जैसे उस्सको ज़बरदस्त झटका लगा, उस्सने कभी भी नहीं सोचा थे के अशिता इतना विरोध करेगी और ऐसे बातें भी कहेगी उसस्के खिलाफ, उसस्के लिए यह बातें सपनों में भी सुन्ना इम्पॉसिबल था, अशिता ऐसा कभी नहीं कर सकती, कितना प्यार करती थी वो उस से, तो किआ जो कुछ अशिता ने कहा वो अशिता hi थी या कोई और? विहान यह सोचने पर मजबूर हुआ के वो उस्सकी प्यारी बेहेन अशिता नहीं बल्कि कोई और लड़की थी…..
अशिता को बिल्कुल चोरर दिया उस्सने और ग़ौर से उसस्के चेहरे में देखते हुए दर्द भरी आवाज़ में कहा,
“तुम मेरी आशु hi हो नाह? किसी ने कोई जादू टोना तो नहीं किया नाह तुझ पर? तुम मेरे खिलाफ बोल रही थी अभी? तू मुझको पुलिस में देगी? तू मेरे खिलाफ प्रिंसिपल को बोलेगी? किआ तू ऐसा कर सकती है? मेरे खिलाफ? मुझको तू जेल जाता हुआ देख सकेगी? मुझसे दूर रह सकेगी? किआ हो गया एक रात में आशु? हुआ किआ बता तो सही तब नाह मुझे पता चलेगा?... किआ मम्मी ने तुझको बुरा भला कहा कल रात को? बता किआ हुआ कल रात को किआ कहा मम्मी ने तेरे छाती के लोवेबिट्स के बारे में और दिखा मुझे, मुझे उस जगह को देखना, छूना कितना पसंद है, तू तो अपने आप सब करने देती थी मुझे आज किआ हो गया बेबी? मुझसे कोई ग़लती ह्युई किआ? मुझसे खफा है तू? मैं ने तुझको कोई दुःख पहुँचाया किआ मेरी जान? बता मुझे, मैं तुमसे प्यार करना चाहता हूँ यह हमारी रोज़ की आदत है नाह? वही तो कर रहा हूँ, आज कौन सी नयी बात हो रही है हमारे बीच भला? बोल कुछ तो बोल नाह आशु!”
अशिता ने बिना कोई जवाब दिए अपने कपडे लिए और अपनी मम्मी की कमरे में चली गयी चेंज करने को हालां के हर सुबह को विहान के सामने कपडे बदलती थी और विहान उस्सको हर रोज़ निहारता था, छूटा था, किश किया करता तह और दोनों एक दूसरे को पशनातेली किश करके तब रेडी होते थे और घर से निकलने से पहले हर सुबह दोनों लम्बी किश करते थे कोई 5 मिनट तक…. वो सब विहान को चाहिए थे, और अशिता इंकार कर रही थी…… तो विहान पागल होता जा रहा था!!
विहान अपने कमरे में बैठा रहा और एकांत बूंद ेंसू के टपकाये उस्सने, तब वो भी तैयार हुआ कॉलेज के लिए. तब तक अशिता तैयार होकर किचन में टिफिन बॉक्स तैयार कर रही थी, और उस्सने अपने भाई से कहा,
“भाई तुम्हारे टिफ़िन बॉक्स रख दिया मैं ने मेज़ पर, और अपनी टिफ़िन अपने पास है, तुम लेना मत भूलना मैं निकल रही हूँ bye!”
और एक बड़ा झटका लगा विहान को. हर रोज़ टिफ़िन उसस्के पास होता है, एक hi टिफ़िन बॉक्स में दोनों के खाना होता था इतने सालों से, अशिता कभी टिफ़िन नहीं कैर्री करती थी, सिर्फ विहान टिफिन लेजाता था और अशिता की शेयर उसी में होता था और लंच और ब्रेक में दोनों एक साथ खाते थे कॉलेज में, और आज पहली बार अशिता ने अपनी टिफ़िन खुद लिया और विहान का अलग से दिया!
बुसस एहि नहीं हर रोज़ दोनों एक साथ निकलते थे घर से और एक साथ कॉलेज जाते थे, बस में एक साथ बैठते थे मगर आज पहली बार अशिता अकेली निकली विहान से पहले. कैसे भला विहान को झटका नहीं लगता! और तो और एक किश भी नहीं दिया विहान को अशिता ने, गाल पर भी नहीं, मुंह में 5 मिनट तक किश करते थे दोनों हर रोज़, और आज कुछ नहीं और वो चली भी गयी विहान को चोरर कर….. विहान का दिल बड़े ज़ोरों से धड़कने लगा और तेज़ी से वो तैयार होकर निकला बिना टिफ़िन लिए अशिता के पीछे भागते हुए रास्ते में उस्सको कैच किया और उसस्के बगल में चलते हुए पूछा,
“यह बेरुखी क्यों आशु? किआ बिगड़ा है मैं ने तुम्हारा? आज पहली बार हमने किश नहीं किया, तुमको बाहों में नहीं लिया मैं ने, और तुम? तुमने भी तो मुझे बाहों में नहीं लिया? आज का दिन कैसे गुज़रेगा आशु? कैसे पढ़ पाउँगा मैं? और तू? किआ तू अपनी स्टडीज में कंसन्ट्रेट कर पाएगी आज? हम्म? किआ हो गया हमारे बीच? किस्की नज़र लग गयी हम दोनों को आशु? बोल तू किआ चाहती है मैं करने के लिए तैयार हूँ तू बता तो सही मैं किआ करूँ?!”
अशिता कुछ नाह बोली और सामने देखते हुए चलती गयी बस स्टॉप तक और बस आया तो जल्दी से पहली अंदर गयी और एक तवो सीटर पर जहाँ एक औरत बैठी थी वहां बैठ गयी….. और एक बदलाव… हर रोज़ एक साथ बैठते थे, प्यार करते हुए जाते थे कॉलेज तक, फुसुर फुसुर करते और किश करते भी जाते थे गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड की तरह और आज जान बुझ कर अशिता पहले दाखिल हुई बस में और एक औरत के पास बैठ गयी ताके विहान उसस्के पास नाह बैठे……
इन् सब से विहान पर किआ बीत रहा था यह वही जानता था….
किआ अशिता को पता था के वो विहान को कितना तकलीफ पहुंचा रही थी? किआ वो उस इंसान को इतना दुःख दे सकती थी जो उस्सको इतना प्यार करता था? किआ एहि करने को कहा था उसस्के पापा ने? आज विहान का वक़्त कैसे गुज़रेगा कॉलेज में? लंच बॉक्स तो लिया hi नहीं था विहान ने, अशिता ने अपनी टिफ़िन ले लिया था मगर उस्सको पता hi नहीं था के विहान बिना खाना के घर से निकल गया….. किआ होता है कॉलेज में अगले अपडेट में देखेंगे…..
तो बे कॉन्टिनोएड…………. (3600 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)