Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani - Page 3 - SexBaba
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Vihaan Aur Ashita - Bhai Behen ki kahani

अपडेट 14 Ashita’s रुदेनेस्स

अशिता के दिल में उस वक़्त किआ चल रहा था? किआ वो खुश थी के उस्का भाई उस्सकी पिक्स ले रहे थे, किआ वैसे सेक्सी पिछ लेने से अशिता को ग़ुस्सा नहीं आया? किआ अशिता को चाह लगा? उस्सने क्यों कुछ नहीं कहा?

विहान उस्सको घुररते जा रहा था और कुछ मस्करी भी करते जा रहा था जैसे अशिता को चिढ़ाना, उसस्के बाल खींचना, उस्सको ऐसे वैसे बातें कहना जिस से अशिता रियेक्ट करे, मगर अशिता सिर्फ होंठ या नाक मोड़ कर रेस्पोंद कर रही थी मगर कुछ बोल नहीं रही थी…

जब चाय हो गया तो अशिता उठकर पहले बर्तनों को धोने गयी सिंक के पास और जल्दी से विहान मोबाइल के साथ वहां पहुंचा उस्सको शूट करने को, खड़ा होकर अशिता को शूट करते हुए उस्सने कहा,

“आरी एक मुस्कान तो लाओ अपने चेहरे पर, इतना सीरियस तुम कभी भी नहीं रहती हो और जब शूट कर रहा हूँ तो हिटलर बानी हुई हो, स्माइल प्लीज!!!”

अशिता की हंसी छूट गयी विहान को सुनकर, और जल्दी से विहान ने उस्सकी उस हंसी को शूट किया और कहा,

”यह हुई नाह बात, माय गर्लफ्रेंड है थे बेस्ट लाफ एंड स्माइल इन थे वर्ल्ड, मुउउउउउह!”

विहान के दिल को थोड़ी सी राहत मिली मगर यह सिर्फ एक पल के लिए था आगे जो होना था उस से विहान के दिल के टुकड़े होने वाले थे……

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विहान वेट कर रहा था के जब अशिता चेंज करने जाएगी तब उस्सकी तसवीरें लेगा, ब्रा और पंतय में उस्सको क्लिक करने का मैं तो पहले से hi था और यह बात वो पहले कह चूका था अशिता को, तो अशिता को इस बात का पता था.

अब तैयार होने के लिए तो अशिता को उस कमरे में hi जाना था क्यूंकि अलमारी और कपडे सब विहान के रूम में था.

तो जब वक़्त आया वहां जाने का तो अशिता अंदर गयी और मोबाइल हाथ में लिए विहान पीछे पड़ा उस्का. और जब अशिता ने अपनी अलमारी खोली तो पीछे खड़ा विहान ने एक दो पोज़ क्लिक किये और कहा,

“वेट स्वीटहार्ट, आहिस्ते आहिस्ते कपडे उतारना, तुमको धीरे धीरे शूट करूँगा, एक एक पल को कैप्चर करना है मुझे, तेरे जिस्म की एक एक हिस्से को हौले हौले शूट करूँगा, बड़ी खूबसूरत आएगी देखना….”

अशिता ने मुड़कर उसस्के चेहरे में देखते हुए कहा,

“भाई और तुम समझते हो के मैं वो सब होने दूंगी? हरगिज़ नहीं, खबरदार अगर तुमने मुझको वैसे शूट किया तो, अगर किया तो मम्मी को बता दूंगी!”

विहान शॉकेड हुआ अशिता की जवाब से और मोबाइल रखते हुए उसस्के करीब गया उस्सकी बाहों को पाकर कर ग़ुस्से में खिंचा और बीएड पर धकेल कर उसस्के ऊपर चढ़ कर अपने दोनों टांगों से उस्सको दबा कर, उस्सकी कमर पर चढ़ कर चिल्ला कर कहा,

“किआ नखरें कर रही है तू? कल रात से हुआ किआ है तुझे कौन सी नयी बात कर रहा हूँ मैं, यह सब तो हमारी आदत है और मुझे यह सब करना है, उतार अपनी निघ्त्य मुझे तेरे जिस्म का हर एक हिस्से को चूमना है, तुझे किश करना है, यहाँ रगड़ना है, मुझे ेजकुलाते करना है तेरी पंतय के ऊपर; या आज तो इस पंतय को भी उतारूंगा मैं, ठहर तू अभी बताता हूँ और तेरी नखरों को भगाता हूँ मैं!!”

अशिता फुल फाॅर्स से विहान को पुश कर रही थी और जैसे दोनों में बीएड पर एक जुंग हो रहा था, लड़ाई हो रही थी जैसे दोनों कुश्ती लड़ रहे थे, और अशिता रोने लगी सिसकते हुए यह कहने लगी,

“भाई चोर्रो मुझे, मैं कहती हूँ चोर्रो मुझे वार्ना मैं और ज़ोर से चिल्लाऊंगी और पड़ोस के लोग यहाँ आजाएंगे, मैं पुलिस में जाकर कहूँगी के तुम मेरा रपे करना चाहते थे, कॉलेज में प्रिंसिपल को बताउंगी, चोर्रो मुझे भाई!!!”

यह सब सुनकर विहान यकायक जैसे उस्सको ज़बरदस्त झटका लगा, उस्सने कभी भी नहीं सोचा थे के अशिता इतना विरोध करेगी और ऐसे बातें भी कहेगी उसस्के खिलाफ, उसस्के लिए यह बातें सपनों में भी सुन्ना इम्पॉसिबल था, अशिता ऐसा कभी नहीं कर सकती, कितना प्यार करती थी वो उस से, तो किआ जो कुछ अशिता ने कहा वो अशिता hi थी या कोई और? विहान यह सोचने पर मजबूर हुआ के वो उस्सकी प्यारी बेहेन अशिता नहीं बल्कि कोई और लड़की थी…..

अशिता को बिल्कुल चोरर दिया उस्सने और ग़ौर से उसस्के चेहरे में देखते हुए दर्द भरी आवाज़ में कहा,

“तुम मेरी आशु hi हो नाह? किसी ने कोई जादू टोना तो नहीं किया नाह तुझ पर? तुम मेरे खिलाफ बोल रही थी अभी? तू मुझको पुलिस में देगी? तू मेरे खिलाफ प्रिंसिपल को बोलेगी? किआ तू ऐसा कर सकती है? मेरे खिलाफ? मुझको तू जेल जाता हुआ देख सकेगी? मुझसे दूर रह सकेगी? किआ हो गया एक रात में आशु? हुआ किआ बता तो सही तब नाह मुझे पता चलेगा?... किआ मम्मी ने तुझको बुरा भला कहा कल रात को? बता किआ हुआ कल रात को किआ कहा मम्मी ने तेरे छाती के लोवेबिट्स के बारे में और दिखा मुझे, मुझे उस जगह को देखना, छूना कितना पसंद है, तू तो अपने आप सब करने देती थी मुझे आज किआ हो गया बेबी? मुझसे कोई ग़लती ह्युई किआ? मुझसे खफा है तू? मैं ने तुझको कोई दुःख पहुँचाया किआ मेरी जान? बता मुझे, मैं तुमसे प्यार करना चाहता हूँ यह हमारी रोज़ की आदत है नाह? वही तो कर रहा हूँ, आज कौन सी नयी बात हो रही है हमारे बीच भला? बोल कुछ तो बोल नाह आशु!”

अशिता ने बिना कोई जवाब दिए अपने कपडे लिए और अपनी मम्मी की कमरे में चली गयी चेंज करने को हालां के हर सुबह को विहान के सामने कपडे बदलती थी और विहान उस्सको हर रोज़ निहारता था, छूटा था, किश किया करता तह और दोनों एक दूसरे को पशनातेली किश करके तब रेडी होते थे और घर से निकलने से पहले हर सुबह दोनों लम्बी किश करते थे कोई 5 मिनट तक…. वो सब विहान को चाहिए थे, और अशिता इंकार कर रही थी…… तो विहान पागल होता जा रहा था!!

विहान अपने कमरे में बैठा रहा और एकांत बूंद ेंसू के टपकाये उस्सने, तब वो भी तैयार हुआ कॉलेज के लिए. तब तक अशिता तैयार होकर किचन में टिफिन बॉक्स तैयार कर रही थी, और उस्सने अपने भाई से कहा,

“भाई तुम्हारे टिफ़िन बॉक्स रख दिया मैं ने मेज़ पर, और अपनी टिफ़िन अपने पास है, तुम लेना मत भूलना मैं निकल रही हूँ bye!”

और एक बड़ा झटका लगा विहान को. हर रोज़ टिफ़िन उसस्के पास होता है, एक hi टिफ़िन बॉक्स में दोनों के खाना होता था इतने सालों से, अशिता कभी टिफ़िन नहीं कैर्री करती थी, सिर्फ विहान टिफिन लेजाता था और अशिता की शेयर उसी में होता था और लंच और ब्रेक में दोनों एक साथ खाते थे कॉलेज में, और आज पहली बार अशिता ने अपनी टिफ़िन खुद लिया और विहान का अलग से दिया!

बुसस एहि नहीं हर रोज़ दोनों एक साथ निकलते थे घर से और एक साथ कॉलेज जाते थे, बस में एक साथ बैठते थे मगर आज पहली बार अशिता अकेली निकली विहान से पहले. कैसे भला विहान को झटका नहीं लगता! और तो और एक किश भी नहीं दिया विहान को अशिता ने, गाल पर भी नहीं, मुंह में 5 मिनट तक किश करते थे दोनों हर रोज़, और आज कुछ नहीं और वो चली भी गयी विहान को चोरर कर….. विहान का दिल बड़े ज़ोरों से धड़कने लगा और तेज़ी से वो तैयार होकर निकला बिना टिफ़िन लिए अशिता के पीछे भागते हुए रास्ते में उस्सको कैच किया और उसस्के बगल में चलते हुए पूछा,

“यह बेरुखी क्यों आशु? किआ बिगड़ा है मैं ने तुम्हारा? आज पहली बार हमने किश नहीं किया, तुमको बाहों में नहीं लिया मैं ने, और तुम? तुमने भी तो मुझे बाहों में नहीं लिया? आज का दिन कैसे गुज़रेगा आशु? कैसे पढ़ पाउँगा मैं? और तू? किआ तू अपनी स्टडीज में कंसन्ट्रेट कर पाएगी आज? हम्म? किआ हो गया हमारे बीच? किस्की नज़र लग गयी हम दोनों को आशु? बोल तू किआ चाहती है मैं करने के लिए तैयार हूँ तू बता तो सही मैं किआ करूँ?!”

अशिता कुछ नाह बोली और सामने देखते हुए चलती गयी बस स्टॉप तक और बस आया तो जल्दी से पहली अंदर गयी और एक तवो सीटर पर जहाँ एक औरत बैठी थी वहां बैठ गयी….. और एक बदलाव… हर रोज़ एक साथ बैठते थे, प्यार करते हुए जाते थे कॉलेज तक, फुसुर फुसुर करते और किश करते भी जाते थे गर्लफ्रेंड बॉयफ्रेंड की तरह और आज जान बुझ कर अशिता पहले दाखिल हुई बस में और एक औरत के पास बैठ गयी ताके विहान उसस्के पास नाह बैठे……

इन् सब से विहान पर किआ बीत रहा था यह वही जानता था….

किआ अशिता को पता था के वो विहान को कितना तकलीफ पहुंचा रही थी? किआ वो उस इंसान को इतना दुःख दे सकती थी जो उस्सको इतना प्यार करता था? किआ एहि करने को कहा था उसस्के पापा ने? आज विहान का वक़्त कैसे गुज़रेगा कॉलेज में? लंच बॉक्स तो लिया hi नहीं था विहान ने, अशिता ने अपनी टिफ़िन ले लिया था मगर उस्सको पता hi नहीं था के विहान बिना खाना के घर से निकल गया….. किआ होता है कॉलेज में अगले अपडेट में देखेंगे…..

तो बे कॉन्टिनोएड…………. (3600 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
अपडेट 15 डिस्टेंस मैनटैनेड

किआ अशिता को पता था के वो विहान को कितना तकलीफ पहुंचा रही थी? किआ वो उस इंसान को इतना दुःख दे सकती थी जो उस्सको इतना प्यार करता था? किआ एहि करने को कहा था उसस्के पापा ने? आज विहान का वक़्त कैसे गुज़रेगा कॉलेज में? लंच बॉक्स तो लिया hi नहीं था विहान ने, अशिता ने अपनी टिफ़िन ले लिया था मगर उस्सको पता hi नहीं था के विहान बिना खाना के घर से निकल गया….. किआ होता है कॉलेज में अगले अपडेट में देखेंगे…..

अब आगे…….

कॉलेज पहुँचने से पहले hi बस में कुछ और हुआ. वो लेडी जिस्सके पास अशिता बैठी थी, अगले बस स्टॉप पर उतर गयी, विहान को 5 सीट पीछे जगह मिली थी बैठने को और वहां से देख रहा था जब वो लेडी उतर रही थी. तो फर्स्ट थिंग करना यह था के उस्सको जल्दी से जा कर अशिता के पास बैठना था नाह?

मगर विहान नहीं गया. जान बुझ कर नहीं गया, थोड़ा ग़ुस्सा था उसस्के अंदर अशिता की बेरुखी से और देखना चाहता था के अशिता उस्सको वहां एक्सपेक्ट करेगी के नहीं, पीछे से अशिता पर hi अपने नज़रें गड़ाए हुए था. उस्का मैं तो बहोत hi कर रहा था उसस्के पास बैठ कर उस्सको जकरने को, उसस्के बालों से खेलने को, उस्सको चूमने को, उस से बातें करने को, उसस्के बेरुखी को तोड़ने को, मगर नहीं गया.

अब अशिता भी ऑफ़ कोर्स एहि एक्सपेक्ट कर रही थी के विहान जल्दी से उसस्के पास आएगा, मगर जब देखा के सीट खली रह गयी और बस चलने लगी क्यूंकि कोई और नहीं आया बस में उस बस स्टॉप पर, तो अशिता सोचने लगा के क्यों विहान नहीं आया…. उस्सको पता भी नहीं था के विहान किधर बैठा था बस में, अब मुड़कर देखना तो चाहती थी मगर उस्सको पता था के विहान पीछे से उस्सको देख रहा होगा और मुड़कर देखने में उस्सको अब अजीब लगने लगा.

और विहान इसी इंतज़ार में था के अशिता उस्सको मुड़कर ढूंढे बस में, इस लिए उस्का नज़र उसी पर टिका हुआ था. और जिस पोजीशन में अशिता बैठी थी, विहान को उस्सकी लेफ्ट साइड बहोत साफ़ दिख रहा था, उस्सकी प्रोफाइल को विहान ने अपने मोबाइल में कैद करना शुरू किया, कई पिक्स लिए उस्सने अशिता को वहां बैठे हुए और मोबाइल को वीडियो मोड में करके अशिता पर hi जमाये रखा विहान ने इस उम्मीद में के एक बार अशिता मूढ़ कर देखे के विहान उस्सको कमरे में रिकॉर्ड करे….

और अगला बस स्टॉप आया, बस रुका क्यूंकि अब कोई चढ़ रहा था बस में और सिर्फ अशिता के पास hi एक जगह था तो इस बार जब अशिता ने देखा के कोई ारः है उसस्के पास बैठने तो मुड़कर बस में पीछे देखा विहान को ढूंढ़ने के लिए यह सोचते के क्यों जगह खली होने पर भी वो नहीं आया उसस्के पास, और विहान ने ख़ुशी से अशिता को रिकॉर्ड किया, उस्सकी प्यारी नज़रें अपने भाई को ढूंढ़ते हुए बस में, उस्सकी होंठ, उस्सकी एक्सप्रेशन बहोत hi खूबसूरत आये वीडियो में, कोई 10 सेकण्ड्स तक तो अशिता की नज़रें पहले ढूंढ़ती रही और जब उस्सकी नज़र विहान पर पारी, तब उस्सने वापस आगे अपना चेहरा किया एक हलकी सी मुस्कराहट के साथ… उस हलकी सी मुस्कराहट को hi रिकॉर्डिंग में विहान बार बार रिवाइंड करके देख रहा था.

जब तक स्कूल नाह पहुंचे दोनों अलग hi बैठे रहे और उतरने के बाद फिर अशिता आगे चलती गयी बिना पीछे देखे और कॉलेज के अंदर दाखिल हो गए दोनों और अपने अपने क्लासेज में चले गए.

ब्रेक में अशिता आज विहान के पास नहीं आयी. वो अपने क्लास्स्मेटिस, प्रिय और दूसरे दोस्तों के बीच hi रही. मगर विहान को उस्सकी नज़रें ढूंढ रही थी. उस जगह पर जहाँ हमेशा दोनों बैठते थे उधर अशिता की नज़रें विहान को ढूंढ रही थी.

और विहान जान बुझ कर कहीं और खड़ा उस्सको निहार रहा था अपने दोस्तों के साथ. विहान के पास तो कुछ खाने पिने को था नहीं बुसस 10 मीन्स की ब्रेक में ऐसे hi अशिता को देखता रहा.

लंच ब्रेक में अशिता फिर प्रिय के साथ बैठी खाना खाने के लिए. और फिर उस जगह पर देखा जहाँ हर रोज़ वो और विहान बैठते थे. जब उस्सको विहान नहीं दिखा तो उस्सको कुछ अजीब लगा और सोचा के विहान उस से नाराज़ है इसी लिए वो उधर नहीं आया है आज.

विहान ने तो टिफ़िन लिया hi नहीं था, इस लिए बिना कुछ खाये hi रहा दिन भर. भूक तो बड़ी ज़ोर से लगी थी उससे भी और उस्का मैं कर रहा था के जा कर अशिता के लंच से कुछ मांग कर खाये, वो ज़रूर शेयर करती अपने भाई के साथ मगर जान बुझ कर विहान नहीं गया. ऐसे hi रहा. कुछ ख़रीदा भी नहीं कैंटीन में.

जब लंच टाइम एन्ड होने को आया तब अशिता चरों तरफ विहान को ढूंढ़ने लगी. और प्रिय से पूछा, “तुमने विहान को देखा किआ कहीं?”

प्रिय ने कहा, “नहीं तो, अरे हाँ आज तुम और वो एक साथ क्यों नहीं हो? झगड़ा किया है किआ अपने भाई के साथ तुमने? ब्रेक में भी तू मेरे साथ hi बैठी थी, हर रोज़ तो अपने भाई के सात खाना कहती हो नाह?!”

अशिता अपने टोएस पर खड़े होकर स्टूडेंट्स के भीड़ में चरों तरफ नज़र फरते हुए प्रिय को ऐसे hi जवाब दिया, “नहीं बुसस ऐसे hi आज टिफ़िन अलग अलग लाये हैं हम दोनों….”

और दिन गुज़रा फिर स्कूल एन्ड होने के बाद बस स्टॉप पर अशिता एक ग्रुप में कड़ी थी जहाँ बस में घुस्सने के लिए सभी स्टूडेंट्स के बीच धकाम ढाका हुआ करता है, लड़के और लड़कियां भी होते हैं साथ में और उस दौरान कुछ बदमाश लड़के लड़कियों के स्कर्ट उठाते हैं और हाथ फरते हैं….

विहान कुछ दूरी बनाये हुए था खुद अशिता से और देख रहा था के वो कैसे बस के अंदर जाती है. हर रोज़ होता यह था के अशिता को अपने सामने रखता था विहान और बाकी लोगों को पुश करते हुए अशिता को पहले बस में अंदर जाने देता उसस्के बाद वो अंदर ग़ुस्ता था मगर आज बुसस देख रहा था. हाँ उस्सको पता था के लड़के लड़कियों को छूटे हैं उस वक़्त और वो वही देख रहा था के कोई अशिता को कहीं छुए नाह…..

कुछ लड़के विहान से भी बड़े क्लासेज के थे, जो विहान से उम्र में और कद में भी बड़े थे, और हर तरह के लड़के थे, बदमाश, शरीफ, गुंडे टाइप के भी, दिल फेंक और रोमियो टाइप भी थे ऑफ़ कोर्स…. एक बुसस भर जाता तो दूसरे का वेट किया जाता था, या तीसरे का भी कभी कभी…. तो आज विहान ने सोच लिया था के अगर उस्सको फर्स्ट बस में जगह नहीं मिला तो अशिता को अकेली जाने देगा वो बाद में दूसरे बस में जाएगा…..

और जब पहला बस आया और बस के अंदर जाने के लिए जब धक्का शुरू हुआ तो विहान ने देखा एक लड़का अशिता के पीठ पर अपना हाथ फेरर रहा है और एक उस्सकी पिछवाड़े को दबा रहा है….. बड़े ग़ुस्से में, विहान दौड़ कर उधर गया और दोनों लड़के के कालर पाकर कर पूरा ज़ोर लगाके अपने तरफ खिंचा और दोनों को ज़मीन पर गिरा दिया, उन् में से एक लड़का विहान से बड़ा था और ऊंचा भी, तब तक बस भर गया और जाने लगा, अशिता को भी उस में जगह नहीं मिली और इधर लड़ाई शुरू हो गयी विहान और उन् दोनों लड़कों के बीच. जो लड़का विहान के उम्र का था उस्सने सॉरी कहा और एक तरफ हो गया मगर जो बड़ा था उस्सने विहान को उठकर एक घूंसा मारा सीधे उसस्के चेहरे पर, जिस से विहान दो कदम लड़खड़ाते हुए निचे गीध पड़ा और वो लड़का जा hi रहा था विहान को और मारने तब तक अशिता और प्रिय बीच में आकर उस लड़के को गालियां से नहलाने लगे. फिर बाकी के लड़कियां भी इन् दोनों का साथ देने लगे, तो वो बड़ा लड़का वहां से निकल गया चुप चाप. अशिता जल्दी से विहान के पास गयी और उस्सको उठने में मदद किया मगर विहान ने अशिता का हाथ झटकते हुए उस्सको अलग किया. बहोत ग़ुस्से में था वो अब. विहान के होंठ के कोने से थोड़ा सा खून निकल पड़ा था जिस्सको अशिता ने अपने रुमाल से पोंछना चाहा मगर फिर विहान ने उसस्के हाथ को हटाया. प्रिय ने सब देखा और धीरे से अशिता से कहा,

“हम्म ज़रूर तुम दोनों में लड़ाई हुई है, है नाह? इसी लिए वो तुझसे बात तक नहीं कर रहा, क्यों रे किआ हुआ तुम दोनों के बीच?!”

अशिता विहान के चेहरे में देखते हुए प्रिय को जवाब दिया, “कुछ भी तो नहीं!”

और विहान वहां से हट गया, एक तरफ चला गया, कुछ दूरी पर….

और प्रिय ने पूछा,

“विहान ने क्यों ज़मीन पर पटका था उन् दोनों को किआ उन् दोनों ने तेरे साथ कुछ किया था किआ?!”

तो अशिता ने कहा, “भीड़ में शायद किसी ने मुझे छुआ था, किसी ने मेरे स्कर्ट के निचे अपना हाथ डाला था, और विहान तो पीछे खड़ा था तो उस्सने ज़रूर देखा होगा तभी तो यह सब हुआ!!”

तब प्रिय ने कहा, “हम्म्म तेरा बॉडीगार्ड यहीं था और सब देख रहा था पीछे से हैं; वह रे वह तेरा भाई तो तुझे प्रोटेक्ट करता है रे, तुझे तो खुश होना चाहिए के ऐसा तेरा रक्षा करने वाला भाई है तेरे साथ, काश मेरा भी ऐसा भाई होता!”

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आखिर में दूसरे बस में दोनों को जगह मिले और शामे बस में दोनों वापस घर आये मगर अलग अलग सीट पर बैठ कर.

घर आते hi अशिता की नज़र विहान की टिफ़िन बॉक्स पर पड़ी, और जहलदी से बॉक्स उठाकर खोलते हुए देखा फिर मुड़कर विहान को ेंसू से भाड़े हुए ेंखों से देखते हुए कहा,

“भाई तुमने क्यों टिफ़िन बॉक्स नहीं लिया था? तुम आज दिन भर भूके रहे किआ? भाई क्यों ऐसा किया तुमने!”

और वो फूट फूट कर रोने लगी, रट हुए निचे ज़मीन पर बैठ गयी हाथ में उस टिफ़िन बॉक्स को लिए हुए.

विहान वहीँ खड़ा उस्सको रट हुए देख रहा था और उसस्के ेंखें भी भर आये मगर एक शब्द नहीं कहा उस्सने. बुसस अशिता को देखता रहा, अपने प्यार को रोटा देख कर कितनी देर वैसे खड़ा रहता, अशिता ज़ोर से रो रही थी और विहान से अशिता को रट हुए नहीं देखा जाता, बचपन से hi जब भी अशिता रोटी तो वो झट से उस्सको गले से लगता था और उस्सको छुप करता था, और आज कैसे उस्सको और ज़्यादा रट हुए देख सकता था, उस से रहा नाह गया और उसस्के पास बैठ कर उस्सको गले से लगाना चाहा, मगर अशिता उठ कड़ी हुई और रट हुए hi, थोड़ा ग़ुस्से में कहा,

“मुझे पता है तुमने जान बुझ कर मुझको दुःख देने के लिए ऐसा किया, मैं ने सेपरेट टिफ़िन बॉक्स लिए इस लिए तुम ने ऐसा किया, मत छुओ मुझे जाओ चले जाओ, अपने कीबेरकफé चले जाओ अभी से hi, मुझे अकेला चोरर दो तुम!”

विहान वहीँ खड़ा उस्सको देख रहा था और फिर कहा,

“चला जॉन? सच में चला जाऊंगा बिना कुछ खाये पिए, जॉन किआ?!”

अशिता ने ज़्यादा रट हुए कहा,

“जो करना है करो मुझसे क्यों पूछ रहे हो?”

और विहान फिर उसस्के तरफ बढ़ा उस्सको बाहों में भरने के लिए मगर अशिता पीछे हट गयी और कहा,

“मैं ने कहा नाह मत छुओ मुझे, जाओ अपना खाना कहो, मैं चाय बनती हूँ पी कर तब जाना!”

विहान अपने मैं को मारते हुए बैठ गया खाने को क्यूंकि अस्सल में उस्सको बड़े ज़ोर की भूक लगी थी. उस्का मैं तो अशिता को बाहों में कस्सके जाकर कर उस्सको बहोत सारे चुम्मियाँ देने को कर रहा था, अशिता से बहोत प्यार करने का मैं कर रहा था मगर अपने अंदर अपने अरमानों को दबाते हुए वो खाने लगा अशिता को किचन में चाय बनाते हुए देखते.

कोई एक घंटे बाद विहान का जाने का टाइम हुआ. अब उस्सको हिमत नहीं थी अशिता के ज़्यादा करीब जाने को. दिल तो बहोत करता था उससे, के अशिता को बाहों में भरे, उस्सको किश करे, उसस्के साथ बीएड पर कुछ टाइम गुज़ारे, उस्सकी जिस्म की खुशभू को अपने अंदर बसाये, मगर जिस तरह से अशिता बेहवे करने लगी थी वो उस्सकी हिम्मत को तोड़ रहे थे, तो घर से निकलने से पहले सिर्फ इतना कहा अशिता से,

“मेरा वेट करेगी या अपने कमरे में चली जाएगी तू? अभी से hi बता दे तो मैं अपने ख्यालों में सपनों के महल को और ज़्यादा नहीं बढ़ने दूंगा….”

अशिता ने एक तरफ देखते हुए कहा,

“अगर होमवर्क्स कम्पलीट कर लिया तो चली जाउंगी, और तुम मुझे हर रात अपने रूम में एक्सपेक्ट करना अब बांध कर देना, और वापस आने के बाद सो जाना यह मत एक्सपेक्ट करना के वापस यहाँ आउंगी मैं, वैसे मैं ने पापा से मेरा अलग रूम बनाने को कह दिया है लाउन्ज को सेपरेट करके, तब मैं यहाँ बिल्कुल नहीं आउंगी, उसी रूम में होमवर्क्स करुँगी और सो जाउंगी….”

विहान ने कहा,

“मतलब सब सपने टूट गए मेरे? याने के हम एक दूसरे से बिल्कुल अलग हो गए एहि कहना चाहती हो नाह? और हमारे प्यार का किआ हुआ? प्यार करती हो मुझसे या वो भी ख़तम हो गया? मेरी गर्लफ्रेंड हो अब भी या नहीं यह जानना है मुझे!”

अशिता ने विहान से पीठ करते हुए कहा,

“वो होता है नाह ब्रेक उप? समझ लो के अपने गर्लफ्रेंड से तुम्हारा ब्रेक उप हो गया, और अब जाओ, तुमको लेट नहीं हो रहा?!”

विहान वहां से ज़ोर से रट हुए निकला और पागलों की तरह रास्ते पर दौड़ने लगा, तेज़ रफ़्तार से डॉटा गया जैसे किसी अनजाने मंज़िल के तरफ बढ़ रहा है…..

तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन नेक्स्ट पोस्ट
 
अपडेट 16 एंड सोमेटिमे लेटर इन लाइफ….

ऐसा कई दिनों तक चला, फिर हफ्ते गुज़रे और कई महीने बीते….

अशिता के लिए नया रूम बन गया, एक नयी अलमारी भी खरीद लिया गया और अशिता का विहान के रूम में जाना बिल्कुल बांध हो गया.

ऐसे बहोत मौके आये इन् दोनों के बीच जब तकरार हुए, ऊंचे आवाज़ में बातें हुए, रोना धोना हुआ, ग़ुस्से और प्यार के दरमियान में छुपे जज़्बातों के मिलावट में इमोशन के इज़हार हुए….

सेक्स को लेकर कई ऐसे सीटुएशन्स हुए जहाँ अशिता ने विहान को उससे झांकते या उस्सकी तस्वीर लेते हुए पाया, मगर कुछ नहीं कहा बुसस एक तिरछी नज़र काफी होता था….

एक बार तो जब अशिता नाहा रही थी विहान मोबाइल से उस्सको शूट करने की कोशिश में भी लगा मगर नाकामयाब हुआ…. कई बार जब अशिता अपना दरवाज़ा लॉक करने भूल गयी या लॉक करने से पहले नींद आगयी तो विहान छुप कर उसस्के कमरे में उस्सको निहारने जाता, उस्सकी वीडियोस बनता, उस्सकी निघती में उसस्के जाँघों के ऊपर निघ्त्य को उठाकर पिक्स लेता, उस्सकी बूब्स को रिकॉर्ड करता, फिर उन् वीडियोस को देख कर मुठ मारता अपने कमरे में…..

करीबन एक साल ऐसे hi गुज़रे दोनों के बीच. मगर अंदर hi अंदर विहान जैसे खोकला होता जा रहा था, उसस्के दिल के कई टुकड़े हो चुके थे, उस्सको अपने दिल का हाल बयां करना अत hi नहीं था, सब भूल गया था, अशिता के प्यार में इतना डूबा के अब उस्सको शराब की ज़रुरत पद गयी उस ग़म को भुलाने के लिए जो उस्सको खुद उस्सकी अशिता ने दिया था….

कॉलेज में उसस्के मार्क्स गिररते गए और अशिता के बढ़ते गए; विहान को क्लासेज रिपीट करना पड़ा तो दोनों एक hi क्लास में पाए गए.

तब विहान से बर्दाश्त नहीं हुआ जब दोनों एक hi क्लास में मिले क्यूंकि तब तक अशिता की बेरुखी जैसे विहान की दुश्मनी में तब्दील हो चुकी थी….. विहान से देखा नहीं जाता जब अशिता मेल क्लास्स्मेटिस के साथ होती, उंनसे दोस्ती करती, या उनके साथ लंच लेती या बातें करती….. विहान के लिए सब बर्दाष्त के बाहर होता जा रहा था, और उस्सने कॉलेज चौररने का फैसला किया, आगे स्टडीज को नहीं करना चाहता था, सब सिर्फ आशिता की वजह से हो रहा था और अशिता को जैसे कुछ मालूम hi नहीं था या मालूम था मगर अनजान बन रही थी….. इस के बारे में सोचकर विहान परेशान था के कैसे अशिता उस्सको फ़ैल होते देख सकती है, कैसे उसस्के समझ में नहीं अत के उसस्के वजह से विहान पढ़ नहीं पा रहा है….. क्यों अशिता पर कोई फरक नहीं पर रहा के विहान की स्टडीज इतना अफेक्टेड हुआ उसस्के लिए…….

अशिता के प्यार में जितना पाजिटिविटी आया था विहान के ज़िन्दगी में अब उस्सको लगने लगा के उस से ज़्यादा नेगेटिविटी आने लगे थे…..

एक रात विहान बारह बजे घर वापस आया तो नशे में धुत था…. और अनाप शनाप बक रहा था, शोर करने लगा था और अशिता की बेवफाई का ज़िक्र कर रहा था…..

अशिता ने सुना तो माँ बाप को पता नाह चले इस लिए धीरे से उठकर विहान को संभाला और उसस्के रूम में उस्सको सुलाने को लगाई, और विहान ने उस्सको जाकर लिया और कहा, “तू बेवफा निकली रे, मेरी गर्लफ्रेंड ने मुझसे बेवफाई की, मैं ने कितना प्यार किया तुझे और बदले में किआ मिला मुझे? खोकला कर दिया तेरे प्यार ने मुझे, क्यों प्यार कर बैठा मैं तुझसे ऋ, किआ है तुझ में जो मैं इस कदर निचे आगया तेरे प्यार में? हैं? तुहि बता नाह किआ कर दिया तू ने मुझे रे मेरी आशु?!”

अशिता ने कोई जवाब नहीं दिया, अब वो 18 से ऊपर की हो चुकी थी, बहोत hi हॉट और सेक्सी दिखने लगी थी, एक फ़्लीम्सय निघ्त्य में थी बिना ब्रा के, उस्सकी जिस्म एक औरत की जिस्म थी, जब वो विहान को बीएड पर लेता रही थी तो उस्सकी बूब्स विहान के सीने से सत् रहा था, और विहान ने सर उठा कर उसस्के बूब को चुम्मा, और अशिता ने जैसे इग्नोर किया, जैसे उस्सको पता नहीं चला के विहान ने उस्सको वहां किश किया, वो उस्सको कम्बल ओढ़ा रही थी उस वक़्त, और जाने से पहले अशिता ने विहान के गाल पर हलके से किश किया और निकल गयी उसस्के कमरे से…… विहान उस वक़्त नींद में था, उस्सको नहीं पता चला के अशिता ने उस्सको किश किया…..

अब एक रात कुछ ऐसा हुआ…. रात के 3 बज चुके थे और विहान घर वापस नहीं आया था….. अशिता दो बार उठ कर देखने गयी और विहान को अपने कमरे में नाह पाकर वो अपनी माँ को उठाने गयी.

सब लाउन्ज में मिले तो सब बहोत हैरान हुए के सुबह के 3 बजे तक विहान क्यों वापस नहीं आया था… बाप घर से बाहर निकला रास्ते पर देखने के लिए, मगर विहान का कोई पता नाह था…. अशिता बहोत फ़िक्र करने लगी और अपने पापा को उस्सने कीबेरसफ़े में जाकर देखने को कहा…..

ठीक तभी एक पुलिस का जीब रुका घर के सामने, इंस्पेक्टर ने पूछा किआ विहान यहीं रहता है तो बाप ने हाँ कहा तो पुलिस ने कहा के उस्का एक्सीडेंट हो गया वो इस वक़्त हॉस्पिटल में भर्ती हुआ है…..

यह सुनकर अशिता ज़ोर से चिलायी और बहोत ज़ोर से रट हुए और चिल्लाते हुए उसस्के मुंह से यह बातें निकले,

“किआ हो गया मेरे भाई को? मेरे विहान को किआ हो गया? नहीं ऐसा नहीं हो सकता; पापा मुझे अभी उस से मिलना है मुझे उस से बहोत कुछ कहना है, मम्मी अभी इसी वक़्त चलो मुझे भाई से बहोत कुछ कहना है, मुझे उस से माफ़ी मांगनी है, मैं ने उस पर बहोत ज़ुल्म किये hein,bahot सितम ढाये है मैं ने, मैं ने उस्सको बहोत दुःख दिए हैं पापा मुझे जल्दी हॉस्पिटल लेचलो मुझे अपने विहान से मिलना है अभी इसी वक़्त!!!!!!”

उस्सको उस तरह से रट देख कर दोनों माँ और बाप रोने लगे…..

तो बे कॉन्टिनोएड………………… (3309 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
बहोत बहोत शुक्रिया भाई. आप का इस थ्रेड पर स्वागत है.

मुझे बेहद ख़ुशी होती है जब कोई नई रीडर मेरे थ्रेड पर अत है और अप्प्रेसियते करता है.

आप को मेरा राइटिंग पसंद आया यह जान कर और भी ख़ुशी हुई भाई.

तारीफ़ के लिए तेहि दिल से शुक्रिया. बुसस जज़्बात को अपने कलम से कागज़ पर बयान करने की कोशिश किया करता हूँ, और आप लोगों के दिल तक पहुँच जाए तो खुद को खुश नसीब समझता हूँ.

बहोत शुक्रिया भाई.....

आप ने जो ब्लू में कविता लिखा या यूँ केहये के जो अपने दिल का हाल बयान किया वो मेरे दिल से कनेक्ट हुआ, मतलब मुझे बहोत hi पसंद आया.
 
अपडेट 17 ात थे हॉस्पिटल

“किआ हो गया मेरे भाई को? मेरे विहान को किआ हो गया? नहीं ऐसा नहीं हो सकता; पापा मुझे अभी उस से मिलना है मुझे उस से बहोत कुछ कहना है, मम्मी अभी इसी वक़्त चलो मुझे भाई से बहोत कुछ कहना है, मुझे उस से माफ़ी मांगनी है, मैं ने उस पर बहोत ज़ुल्म किये hein,bahot सितम ढाये है मैं ने, मैं ने उस्सको बहोत दुःख दिए हैं पापा मुझे जल्दी हॉस्पिटल लेचलो मुझे अपने विहान से मिलना है अभी इसी वक़्त!!!!!!”

उस्सको उस तरह से रट देख कर दोनों माँ और बा रोने लगे…..

अब आगे….

हॉस्पिटल जाते वक़्त टैक्सी में अशिता बेहाल थी, बहोत hi रोटी जा रही थी. अशिता के दिमाग़ में सब वो पल घूमने लगे जो उस्सने विहान के साथ गज़रे हैं, ख़ास कर वह पल एक मूवी की फ़्लैश बैक की तरह उसस्के दिमाग़ में घूम रहे जीन दिनों दोनों कितने प्यार में डूबे रहते थे, बीएड पर किश करते, एक दूसरे को बाहों में भरके सोते थे, और किश तरह विहान उसस्के जिस्म के हर कोने को चूमता चुस्ता था, किश तरह वो सब अशिता पसंद करती थी…. यह सब सोचते हुए अशिता और भी ज़्यादा रो रही थी.

फिर उसस्के ेंखों के सामने वह दृष्ट दिखने लगे के किश तरह से उस्सने विहान पर सितम ढाये हैं, किश तरह से विहान उस्सको बाहों में भरने के लिए तड़पता रहा, किश तरह से उसस्के साथ पिक्स लेने के लिए मिनतें करता रहा, किश तरह से उस्सकी बेरुखी ने विहान को परेशां और दुःख दिया… सब कुछ अशिता सोच रही थी और अब सोचने लगी के कहीं अगर विहान मर गया तो वो उस से माफ़ी भी नहीं मांग पाएगी, अगर विहान चला गया तो वो भी मर जाएगी यह सब कुछ सोचने लगी थी अशिता कार में हॉस्पिटल जाते वक़्त.

हॉस्पिटल पहुँच कर, जल्दी से वार्ड का नंबर लिया गया मगर उस वक़्त अंदर जाने की इजाज़त नहीं थी किसी को, मगर अशिता दौड़ते हुए उस वार्ड के तरफ जाने लगी और एक वार्डबॉय ने ज़ोर से कहा,

“ेय लड़की वो मर्द का वार्ड है अगर कोई नंगा सोया होगा तब गली हॉस्पिटल वालों को डोज तुम लोग; क्यों जा रही हो एक मेल वार्ड में इस वक़्त रात को तुम?!”

अशिता की माँ ने ऊंची आवाज़ में अशिता को रोका मगर, वो अपनी माँ की आवाज़ को अनसुनी करके बढ़ती गयी वार्ड के तरफ और वहां जा भी पहुंची.

अनिरुद ने कहा,

“जाने दो कम से कम उस से हमको पता तो चल जाएगा के विहान सीरियस है के नहीं, हम यहीं वेट करते हैं. सुबह के 4 बज चुके थे और कोई दिख hi नहीं रहा था, नाह नर्स नाह डॉक्टर नाह कोई और, अशिता अंदर दाखिल हुई तो देखा सेंकरों बीएड हैं, कुछ बीएड खली हैं मगर ज़्यादा तर बेड्स पर लोग सोये हुए हैं, कुछ लोगों की तड़पने की धीमी धीमी आवाज़ें सुनाई दे रहे थे, हॉस्पिटल वाले वह बादभु जो नाक के नसों को और ज़्यादा खोल देता है उस भू से अशिता नावाकिफ थी क्यूंकि उसस्के दिमाग़ में कुछ और चल रहा था….

अशिता एक एक करके सभी बीएड के पेशेंट्स को देखते हुए चल रही थी तेज़ दिल की धड़कन के साथ, थोड़ा हांफते हुए, अपने ेंसू पोंछते हुए, और एक पेशेंट को बीएड पर बैठे हुए पाया, जो एक बूढ़ा दिख रहा था उस से अशिता ने पूछा,

“अभी किस्को इस वार्ड में भर्ती किया गया कुछ देर पहले? वो किश बीएड पर है मुझे बताओ प्लीज वो मेरा भाई है”

तो उस बूढ़े ने ऊँगली से इशारा करते हुए दूर लास्ट बीएड को दिखाया अशिता को फिर वो तेज़ क़दमों से चलते हुए उधर गयी तो देखा विहान के सर पर पट्टी बंधे हुए हैं और वो जैसे नींद में है, उसस्के बाज़ू के नस में एक सुई धँसाया गया है जिस से सीरम उसस्के नस में कटरा कटरा करके जा रहा है….

अशिता लिपट गयी विहान से, उस्सको बाहों में भर्र लिया और उसस्के मुंह में किश करने लगी रट हुए…. कोई भी देख नहीं पा रहे थे क्यों के वो लास्ट बीएड था, एक कोने में था और अशिता ने सब से पीठ किया हुआ था, तो अगर कोई देखता भी तो सिर्फ अशिता की पीठ दिख रही थी और सिर्फ उस्सने पेशेंट को बाहों में भरा हुआ है ऐसा hi नज़र ारः था….

अशिता विहान के मुंह खोलने की कोशिश कर रही थी अपनी जीब से, अपनी जीब डालने की कोशिश कर रही थी विहान के मुंह के अंदर, मगर विहान जैसे बेहोश था और मुंह नहीं खोल रहा था, फिर अशिता ने उस्सको बहोत ज़ोर से अपने सीने से लगाया, अपने बूब्स पर विहान के सर को दबाया, और उस से बात करने लगी उस्सको जगाने के लिए,

“भाई, मेरे प्यारे भाई उठो नाह, देखो मैं आयी हूँ तुम्हें देखने, तुम्हारा गर्लफ्रेंड आयी है भाई, किआ हुआ मेरे बॉयफ्रेंड को? मेरा बॉयफ्रेंड क्यों अब मुझसे बात नहीं कर रहा, कुछ बोलो नाह भाई, मुझे तुम्हारी आवाज़ सुन्ना है भाई कुछ तो बोलो मुझसे प्लीज भाई, देखो तुम्हारा चेहरा मेरे बूब्स पर है, दबा हुआ है, मुझको स्मेल करना पसंद करते हो नाह, तो स्मेल करो नाह भाई, इस मौके का फायदा उठाओ भाई कोई हमें नहीं देख रहा, मुझको किश करो भाई, अपना मुंह खोलो नाह प्लीज भाई प्लीज भाई, उठो नाह भाई!! मुझको अपने बाहों में भर लो नाह भाई” और अशिता ज़ोरों से रोने लगी जब विहान ने कोई रिस्पांस नहीं दिया…

वार्ड के दूसरे कोने में जहाँ से अशिता अंदर दाखिल हुई थी, नर्सेज के एक ऑफिस होता है उसस्के अंदर एकांत मेल नर्स सोये हुए थे और अशिता की रोने की आवाज़ सुनकर एक नर्स उठा और अशिता को देख कर जल्दी से वो उसस्के तरफ बढ़ते हुए ऊंचे आवाज़ में कहा,

“कौन है? कौन है उधर? Hello तुम किआ कर रही हो इस वक़्त मेल वार्ड में? यह विजिटिंग हॉर्स नहीं है चलो निकलो यहाँ से सुबह 6.30 को आना, उस वक़्त आधे घंटे की विजिटिंग टाइम है और शाम को 4 से 5.30 तक विजिटिंग हॉर्स हैं अभी निकलो यहाँ से….”

तब तक नर्स अशिता के पास आ पहुंचा था तो अशिता ने उस से पूछा,

“इस्को किआ हुआ, यह क्यों कुछ नहीं बोल रहा है?”

उस मेल नर्स ने अशिता को निचे से ऊपर तक देखते हुए पूछा,

“कौन है यह? आप की पति है किआ? आप को देख कर लगता तो नहीं आप शादी शुदा हो? बॉयफ्रेंड है किआ यह?!”

अशिता ने दिल में कहा, “हाँ मेरा बॉयफ्रेंड है, और जवाब दिया, यह मेरा भाई है आप बताइये नाह किआ हुआ इस्को?”

नर्स: “घबराने की कोई बात नहीं, अभी सेडेटिव का इफ़ेक्ट है इस लिए समझ लीजिये उस्सको होश नहीं, और एकांत हड्डी टूटे हैं, और सर में चोट आयी है, कल पता चल जाएगा अगर कोई फर्क्टूरे हुई है तो, मगर आप प्लीज अभी बाहर जाइये देर घंटे बाद वापस अजना.”

अशिता ने बिनटी किये के उस्सको विहान के पास रहने दें विजिटिंग टाइम तक. मगर नर्स ने आराम से समझाया के मेल वार्ड है इस लिए वो उस्सको इजाज़त नहीं दे सकता, अगर फीमेल वार्ड होता तो रह सकती थी, एक लड़की होकर किसी मेल वार्ड में वो नहीं रह सकती थी क्यूंकि कोई भी किसी भी वक़्त कपडे बदल सकता था या किसी पेशेंट को कपडे पेहेनना hi मन था ऑपरेशन वग़ैरा की वजह से, उस हाल में कुछ भी दिख सकता है इस लिए अशिता को जबरन बाहर किया गया…

अपने मम्मी पापा के पास आकर अशिता फिर रोने लगी उन् दोनों को बताते हुए के विहान के हड्डियां टूटे हैं और शायद फ्रैक्चर हुआ है सर में बाद में इस्सके कन्फर्मेशन किया जाएगा…. और बता दिया के 6.30 को विजिट कर सकते हैं उस्सको.

माँ ने कहा के वो वापस घर जाकर कुछ पका के लाएगी विहान के लिए और बाप ने कहा पुलिस स्टेशन जाकर पता लगाएगा के किआ हुआ और कैसे हुआ. मगर अशिता ने कहा वो वहीँ रहेगी और 6.30 को अंदर जाएगी अपने भाई को देखने, उस से बात करने.

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अनिरुद को पुलिस स्टेशन में पता चला के किसी कार ने थोक दिया विहान को रास्ते में जब वो घर वापस जा रहा था किरबेरसफ़े से निकल कर, और शायद वो नशे में था और रास्ता पार कर रहा था.

सुमन घर पहुँच कर जल्दी से कुछ खाने के चीज़ों को तैयार किया और वापस हॉस्पिटल के लिए निकली.

उधर ठीक 6.30 को अशिता वार्ड में घुस गयी और विहान से दर्द भरी आवाज़ में बात किये जा रही थी रट हुए. विहान का हाथ चुम रही, उसस्के गाल चूमती जा रही थी बार बार, उसस्के गर्दन को चूमा, और हलके से चूसा, उसस्के होंठों को चूसा, और जीब उसस्के मुंह में डालने की लाख कोशिश करती रही मगर विहान मुंह नहीं खोल रहा था उस्का जबड़ा जैसे एक दूसरे से किसी चीज़ से जोड़ा गया था और खोलना नामुमकिन था….

अशिता ने चादर हत्ता कर देखा के विहान के घंटों पर खून लगे हुए और उसस्के कमर और छाती पर भी खून थे, वो घबराई हुई थी वो सब देख कर, और विहान के क़दमों को चूमने लगी, उसस्के क़दमों को अपने गाल से लगाया अशिता ने, उस्सको सहलाया, फिर विहान के गाल पर अपना हाथ फेर्रा, उस्सको चूमा, अपने सर को उसस्के छाती पर रख कर उसस्के दिल के धड़कनों को सुना और कहा,

“ेय मेरे भाई के दिल के धड़कनों मेरे भाई को बतादो, के मेरे दिल के धड़कनें उसस्के दिल के धड़कनों को चाहते हैं, मेरे भाई को बोलो ेंखें खोले और मुझसे बात करे, बोल्दो मैं उस से बेइंतेहा प्यार करती हूँ, केहदो के मैं उस के बिना अधूरी हूँ, बोल्दो के मैं उस से माफ़ी मांग रही हूँ, केहदो के मुझसे वो बात करें, बोल्दो के मैं उसस्के बिना मर्डर जाउंगी, ेय दिल के धड़कनों मेरा मैसेज पहुंचा दो मेरे भाई को प्लीज!”

और अशिता वहीँ विहान के छाती पर सर रख कर रोटी गयी. और उसस्के पीठ पर उस्सकी माँ ने हाथ थपथपाते हुए उस्सको हटने को कहा, अब वो अपने बेटे से बात करना चाहती थी, और अनिरुद खड़ा अपने पत्नी और बेटी को रट हुए देख रहा था वहीँ बीएड के पास.

विजिटिंग टाइम ख़तम हुआ और कुछ समझ में नहीं आया किसी को. कई फॅमिली लोग अपने अपने घर के एडमिटेड मेंबर्स को देखने आये थे, वार्ड भरा हुआ था अचानक. तो वार्ड से निकलते वक़्त एक आदमी ने अनिरुद से पूछा के विहान को किआ हुआ, और उस आदमी से बात करने के बाद अनिरुद के समझ में आया के दिन के 10 बजे डॉक्टर्स वार्ड में आते हैं अपने अपने पेशेंट्स को देखने तो उस से पता चलेगा के एक्साक्ट्ली किआ हुआ है विहान को.

फाइनली, अनिरुद ने डीडे किया के वो बैंक में फ़ोन करके बता देगा के लेट आएगा क्यूंकि उस्सको हॉस्पिटल जाना है, डॉक्टर से मिलना है, यह सुनकर अशिता ने कहा के वो भी कॉलेज नहीं जाएगी, और वो भी अपने पापा के साथ डॉक्टर से मिलने जाएगी, उस्सको भी जानना था के आखिर हुआ किआ है विहान को. सब ने डीडे कर लिया के आज सब हॉस्पिटल जायेंगे डॉक्टर से मिलने.

घर पहुँच कर अशिता अपने कमरे में खुद को बांध करके और बहोत देर तक रोटी रही अपने सारे सितम को याद करते हुए जो उस्सने विहान पर किये इतने दिनों तक. और खुद को कॉस्ट हुए अपने आप को गलियां देने लगी थी. खुद बेहद प्यार करती थी विहान से मगर पता नहीं क्यों उस से दूर होने की कोशिश कर रही थी इतने दिनों से…..

मगर अब अशिता ने डीडे कर लिया के अब अपनी जान चिरकेगी अपने भाई पर और उस से बिल्कुल भी दूर नहीं होगी, और रात को उसस्के पास वापस सोने जाएगी पहले की तरह, बहोत मिस किया अशिता ने उन् रातों को जो दोनों एक साथ गुज़ारा करते थे, तक़रीबन दो साल दूर रही नहीं देर साल तक दूरी राखी उस्सने विहान से, और अब उसस्के पास वापस जाने का वक़्त आगया था….

अशिता ने खुद से कहा,

“पापा ने सेक्स करने को तब मन किया था, मगर अब तो मैं 18 के ऊपर की हो गयी हूँ, और अब तो विहान भी मुझसे बड़ा है तो उस्सको और मुझको भी पता है कण्ट्रोल कैसे करना चाहिए के मैं प्रेग्नेंट नाह हो जावून, मतलब अब विहान के साथ रह सकती हूँ, यह अब विहान को भी अन्नोउंस करना होगा….”

यह सब कहकर अशिता को एक सुकून हासिल हुआ, उसस्के दिल के अंदर आराम, फील हुआ और सोचा के विहान कितना खुश होगा यह जान कर के अब मैं वापस उसस्के साथ सोने आउंगी, अपने आप से खुश होते हुए अशिता अपने कमरे में ज़ोर से चिलायी “वूहू, याआययययय!!!” और थोड़ा सा कमर मटकाते हुए ख़ुशी से झूमने लगी…..

तो बे कॉन्टिनोएड इम्मेडिएटली इन थे नेक्स्ट पोस्ट….
 
अपडेट 18 अशिता रेस्टलेस

10 बजे सब के सब हॉस्पिटल में डॉक्टर का इंतज़ार करने लगे. एक जगह पर उन् सब को बैठने और इंतज़ार करने को कहा गया जहाँ एक ऑफिस था, कंसल्टेशन भी वहीँ था और डॉक्टर मरीज़ को वार्ड में देखने के बाद वहां उन् लोगों से मिलेंगे और पेशेंट के बारे में बातें हो सकते हैं. विहान के फॅमिली के इलावा कुछ और फॅमिली मेंबर्स थे वहां डॉक्टर्स से मिलने के लिए.

अशिता ने सोचा जब तक डॉक्टर नहीं आते वो क्यों नाह वार्ड के पास जा कर बाहर से hi विहान को वार्ड के अंदर देखे. और वो गयी भी. सिखरों किरकियाँ थे वार्ड में तक़रीबन हर एक बीएड के पास एक खिरकी था, मगर जहाँ विहान सोया हुआ था वहां की खिरकी बांध था क्यूंकि वो तो नींद में था या पता नहीं कुछ कोमा जैसा होगा शायद, अभी तक साफ़ कुछ पता नहीं चला था के उस्सको हुआ किआ था कुछ हड्डियां टूटने के इलावा…. अशिता अपोजिट के खिरकी से उस्सको देख रही थी, और एक मरीज़ से दरख्वास्त किये के वो जाकर विहान के पास वाला खिरकी खोल दें ताके वो वह जाकर करीब से विहान को देख सके और बात कर सके. वो मरीज़ आज डिस्चार्ज होने वाला था इस लिए घूम फिर रहा था तो उस्सने जाकर विहान के बीएड के पास वाला खिरकी को खोल दिया और अशिता को उस तरफ जाने को कहा.

अशिता के इलावा कई और खिरकी से कुछ लोग मरीज़ों से बातें कर रहे थे. जब विजिटिंग हॉर्स नहीं होते थे और जो लोग लेट आते थे तो उसी तरह से मिलते थे उस हॉस्पिटल में.

तो अशिता ने आवाज़ दिया विहान को, कई बार फुकरा उस्सने,

“भाई? Hello भाई? सुन रहे हो किआ? Hello बॉयफ्रेंड, लुक योर गर्लफ्रेंड इस हेरे, प्लीज टॉक तो हेर.

कोई भी रिस्पांस नहीं हुआ विहान के तरफ से. काफी देर तक अशिता वहीँ कड़ी रही और फ़िक्र करने लगी के आखिर विहान को हुआ किआ है क्यों वो नहीं जाग रहा? उस्सको डर लगने लगा के कहीं कोई खतरे वाली बात तो नहीं, और वापस जा कर अपने मुंय पापा को बताया.

अनिरुद ने अशिता को वापस वहीँ भेजा यह कहकर के डॉक्टर वहां जाएगा विहान को देखने तब खिड़की से hi अशिता उस डॉक्टर से बात करें और पूछे के क्यों विहान अभी तक जाएगा नहीं है. अशिता ने वही किया, और डॉक्टर अस्सल में आया विहान के पास, उसस्के रिपोर्ट्स देखे और नर्स से कुछ बातें किये डॉक्टर ने धीमी आवाज़ में. अशिता खौफ्फ़ भरे नज़रों से डॉक्टर के चेहरे में उस्सकी एक्सप्रेशन को पढ़ने की कोशिश में थी और जब डॉक्टर जाने वाला था तो अशिता बोली,

“डॉक्टर सर, प्लीज मुझे बताइये क्यों मेरा भाई अभी तक जाएगा नहीं है? वो कब ेंखें खोलेगा? प्लीज ी वांट तो टॉक तो हिम….”

डॉक्टर ने अशिता को ऊपर से निचे देखा और पूछा,

“तुम अकेली आयी हो किआ अपने भाई के लिए?”

अशिता: “no, सर मम्मी पापा भी हैं वो आप का वेट कर रहे हैं वहां आप के कंसल्टेशन के पास.”

Doctor:”okay तुम भी वहीँ मेरा वेट करो मैं बुसस 5 मिनट में वहां अत हूँ.”

अशिता वापस आगयी और अपने मम्मी पापा से कहा के डॉक्टर आने वाला है.

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डॉक्टर के ऑफिस के अंदर, सब बैठे और डॉक्टर ने विहान के फाइल को खोल कर अपने टेबल पर रख कर उस्सकी सराय को एक्सामिने किया और एक इकोग्राफी की फिल्म भी देखने लगा और रिपोर्ट पर नज़र दौड़ाते हुए कहा,

“कुछ भी ज़्यादा सीरियस नहीं है फिलहाल, उस्सकी छाती पर चोट लगी है और पेयर की एक हड्डी फ्रैक्चर हुए हैं, घुटनों पार हलकी चोट लगे हैं, मगर हाँ पुलिस के रिपोर्ट में लिखा है के उस्का सर, रोड के पेवमेंट से टकराया था जिस से उसस्के सर पर शायद ज़्यादा चोट लगने की वजह से वो एक कोमा जैसी गहरी नींद में है ऊपर से दर्द कम करने के लिए सेडेटिव पर है इसी लिए उस्सने अभी तक ेंख नहीं खोले हैं, वो सेडेटिव 8 घंटे काम करता है तो अभी तो सुबह के 4 बजे से सिर्फ 6 घंटे हुए हैं, अब बारह बजने के बाद वो जागेगा. और हाँ जागने पर अगर उसस्के सर में ज़्यादा दर्द होता है तो स्कैन करना पड़ेगा देखने के लिए के सर के अंदर ज़्यादा गहरी चोट तो नहीं लगे हैं उस्सको. सराय से तो फ्रैक्चर नहीं नज़र ारः है मगर खोपड़ी के अंदर सेंकरों नसें होते हैं, अगर उन् में कुछ बिगड़ा होगा तो वो सिर्फ स्कैन से पता चलेगा, इस लिए अभी उस्सको जागने का इंतज़ार करना पड़ेगा, और दिन के 2 या 3 बजे उस्सको स्कैन कराने को लेजाया जाएगा, तब रिजल्ट आने के बाद पता चलेगा के उस्सको किआ ट्रीटमेंट देना होगा.”

वो डॉक्टर जवान था और बार बार अशिता को देखे जा रहा था. फिर जब बातें हो गयी तो अशिता निकल रही थी तब डॉक्टर ने अनिरुद को अंदर रुकने के लिए कहा, अशिता मूढ़ कर पीछे उनको देखने लगा तो उस्सने कहा,

“आप के फादर से एक प्राइवेट बात करनी है सो प्लीज एक्सक्यूज़ उस.”

तो अशिता और उस्सकी माँ बाहर निकले और अशिता बहोत वरीड होकर अपनी मम्मी से कहा,

“माँ ज़रूर कोई बुरी खबर है इसी लिए डॉक्टर ने पापा को अकेले अंदर रोका, कुछ बाद न्यूज़ है मां!” यह कहकर अशिता रोने लगी.

तभी दरवाज़ा खुला और अनिरुद ने अशिता की माँ को भी अंदर बुलाया. अशिता और ज़्यादा घबरा गयी वो भी अंदर जाना चाहती थी मगर उस्सको रोका गया बाहर hi…. अशिता बेंच पर बैठ गयी रट हुए.

अंदर बात यह हुई के डॉक्टर ने अनिरुद से पूछा,

“किआ आप की बेटी की शादी हो गयी?”

अनिरुद: “नहीं वो अभी पढ़ रही है”

डॉक्टर: “किआ आप उस्सकी शादी मुझसे करोगे? मुझे वो बहोत पसंद आयी”

तभी अनिरुद ने सुमन को भी अंदर बुलाया. और अंदर डॉक्टर सुमन से भी एहि बातें कर रहा था.

सुमन को कोई ऐतराज़ नहीं था और उस्सने हाँ कहा. तो डॉक्टर ने कहा के विहान हो ठीक हो जाने दिया जाए तब वो ऑफिशियली इन्फॉर्म करेगा दोनों को.

सब वापस घर जाने लगे और अशिता सवाल पे सवाल किये जा रही थी के डॉक्टर ने किआ कहा, क्यों उन् दोनों को अकेले बुलाया किआ हुआ था विहान को वग़ैरा वग़ैरा. उस्सको कोई जवाब नहीं दिया गया.

बस में सुमन और अनिरुद एक साथ बैठे और सुमन ने कहा, “एक तरफ एक बुरी बात हो गयी हमारे विहान का एक्सीडेंट हो गया और एक तरफ इतना ाचा रिश्ता मिल गया अशिता के लिए, एक डॉक्टर, कितनी ख़ुशी की बात है नाह?”

अनिरुद ने कहा,

“यह सब शायद भगवन की प्लानिंग थी. विहान का एक्सीडेंट होना hi था तब नाह डॉक्टर हमसे मिलते, तब नाह वो अशिता को देखता और उस्का हाथ मांगता”

सुमन ने कहा,

“हाँ उस्का खेल भी निराला है, हमारे बचे के हड्डी तोड़वा कर अशिता का रिश्ता भेजना था उस ऊपर वाले को!”

दोनों सिर्फ उस रिश्ते के बारे में बात करते गए घर तक. विहान को जैसे भूल hi गए, और अशिता सिर्फ और सिर्फ विहान के बारे में सोचती गयी, बहोत उदास थी बार बार उसस्के ेंखों से ेंसू बह रहे थे.

अनिरुद ने रिश्ते को लेकर यह भी कहा के अभी अशिता शादी के लिए नहीं मानेगी, अभी पढ़ रही है तेज़ है, और पढ़ना चाहेगी. तो सुमन ने कहा के डॉक्टर ने कह तो दिया के उस्सको पढ़ने देगी, एक रोका करेगा, फिर मांगनी और शादी 3 या 4 साल बाद करेगा, तब तक दोनों मिलते रहेंगे, रोमांस करेंगे, सब कहा नाह डॉक्टर ने? तो इस में किआ ग़लत है?

घर के अंदर आते hi अशिता अपने कमरे में नहीं बल्कि विहान के कमरे में उसस्के बीएड पर गयी और बीएड पर लेट कर विहान को स्मेल करने लगी…. वो जो विहान करता आया था इतने सालों से, आज अशिता कर रही थी. विहान की आदत थी अशिता को स्मेल करना, जब वो पास नहीं होती तो अशिता के कपड़ों को सूंघना, उसस्के निघ्त्य को सूंघना, अशिता बीएड पर जहाँ सोती है उस जगह को सूंघना, उस्सकी तकिये में उस्सकी बाल की खुशभू को सुंग्ना यह सब विहान किया करता था, आज अशिता की बारी थी….. और कुछ देर तक विहान को तस्सवुर में उसस्के साथ बीएड पर फील करने के बाद, अशिता उठ कर विहान के उन् कपड़ों को लिया जो कल पहना था और अभी तक धुला नहीं था, और उस्सको सूंघने लगी, उस में से विहान के खुशभू आरहे थे, उस्सकी डिओडोरेंट और पसीने की मिक्स खुशभू आरहे थे और अशिता उस्सको सूघँटे हुए उत्तेजित होती जा रही थी, उस्सको बहोत ज़्यादा मैं कर रहा था विहान के बाँहों में होने को, उस्सको फील करने को, उस्सको किश करने को, और उस से किश करवाने को….. अशिता धीरे धीरे अपने बूब्स को दबाती गयी और धीरे से अपने हाथ को अपने पथ पर फरते हुए अपने पथ के निचे तक उँगलियों को फेर्रा और हाथ को अपने पंतय तक किया तो खुद को गिला पाया अशिता ने, उस्सकी सांसें रफ़्तार पकड़ने लगी थी और उस्सकी दिल की धड़कनें और ज़्यादा तेज़ होने लगे थे विहान को मैं में बसाये हुए अशिता अपने भाई के अघोष में खो जाना चाहती थी…. उसस्के मुंह से यह वर्ड्स तड़पती आवाज़ में निकले,

“भाई, कब आओगे, ी लव यू भाई, मुझे तुमसे बहोत प्यार करना है, मिसिंग यू लिखे हेलल माय डिअर लोविंग बॉयफ्रेंड, तुमको छूने को मैं करता है, तुम्हारे टांगों में पहले की तरह अपने टांगों को जकरने का मैं कर रहा है, तुम्हारे कपडे उतारने का मैं कर रहा है, और खुद को नंगी करके तुम्हारे नंगे जिस्म पर चढ़ने का मैं कर रहा है, जल्दी वापस आओ भाई अब मुझसे और सहा नहीं जाएगा, उफ्फ्फ्फ़!”

तो बे कॉन्टिनोएड………. (3800 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
यार जेम्स भी 2010 से hi मेरा फैन और एक्सेप्शनल रीडर रहा है. वो मेरा एक भी स्टोरी मिस नहीं करता.

हे इस ओने ऑफ़ थे बेस्ट रीडर ी हैवे एवर हद दूरिंग पास्ट 15 इयर्स.

जेम्स इसी ईद से एक्सबी पर भी था

अगर तू मुझको तब से जानता है तो जेम्स को क्यों नहीं जानता?

जेम्स तब भी मेरे हर एक स्टोरीज पढता था और सबसे पहले रिप्लाई करता था. तू कौन है सही में मुझे खुद नहीं पता....

और यह नभ वाले लैंग्वेज स्टोरी थ्रेड पर नहीं उसे करते.

सही ढंग से रिप्लाई किया करो. यह चित चाट थ्रेड नहीं है मेरे भाई. जेम्स ने कुछ ग़लत नहीं कहा तुम्हें.
 
बहोत शुक्रिया भाई, मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं आप कैसा चाहे वैसे अपने ओपिनियन दे सकते हो भाई,

यू हैवे थे राइट तो वौइस् आउट योर पॉइंट ऑफ़ व्यू

मुझे ख़ुशी होती है जब कोई अपने सच्चे पोव बताता है

बुसस इतना कहूंगा के आप आने वाले अपडेट को भी सोचें, हो सकता है तब आप के समझ में आये के जो अभी आप को पसंद नहीं आया उस्का होना ज़रूरी था स्टोरी को आगे बढ़ने के लिए :डी

थैंक्स भाई एते रहना और अपने रेविएवस देते चलना भाई मुझे ख़ुशी होती है दोस्त.
 
अपडेट 19 अशिता वरीड एंड साद

शाम को 4 बजे विजिटिंग हॉर्स था तो सबको जाना था और डॉक्टर से रिपोर्ट भी जानना था के स्कैन की किआ रिपोर्ट आया है.

अनिरुद को काम पर जाना था, सुमन को भी मगर दोनों ने फ़ोन करके लीव्स ले लिए, और अशिता भी घर पर रह गयी, कॉलेज से ऑफ.

अब अनिरुद अशिता को बताना चाहता था उस डॉक्टर की प्रपोजल के बारे में, वैसे तो उस्सको पहले से पता था के डॉक्टर कामयाब नहीं होने वाला क्यूंकि अशिता साफ़ इंकार करेगी. मगर जिस वक़्त डॉक्टर ने उस से पूछा था तब तो उस्सको वैसा करना पड़ा सुमन को अंदर बुला कर डॉक्टर वाली बात बता कर, वार्ना अगर डॉक्टर अलग से सिर्फ सुमन से बात करती तब कुछ और भी हो सकता था. अनिरुद ने सुमन के सामने बात किया यह देखने के लिए के सुमन किआ कहेगी, उस्सने सोचा था के सुमन इंकार करेगी यह कहकर के अशिता अभी पढ़ रही है कोई 4 /5 सा के बाद वो उस्सकी शादी के बारे में सोचेगी… मगर सुमन ने जब हाँ कर दिया तो अनिरुद ने हाँ में हाँ मिलाया हालां के उस्सको पता था प्लान फ्लॉप होने वाला है.

तो वापस हॉस्पिटल जाने से पहले सुमन नहाने गयी तो जल्दी से अनिरुद अशिता की कमरे में गया और बात बतायी डॉक्टर वाला. अशिता अपने पापा से नाराज़ हुआ के क्यों उस्सने साफ़ इंकार नहीं किया. फिर भी अनिरुद ने कह दिया के “तुमको बुसस इंकार करना है बाकी मैं संभाल लूंगा, कोई इश्यूज नहीं होगी देख लेना”

अशिता उस डॉक्टर को याद करते हुए सोचने लगा किश तरह से वो उस्सको घुर्र रहा था अपने कंसल्टेशन में, फिर अशिता ने जैसे फ्लैशबैक में जाकर देखा के जिस वक़्त वो 10 बजे खिरकी के पास कड़ी विहान के बीएड पर उस्सको देख रही थी और डॉक्टर वह आया था तब अशिता ने उस से पूछा था के क्यों विहान ेंखें नहीं खोल रहे तो जिस तरह से डॉक्टर ने उस्सको देखा था, अब अशिता उस के नज़र पर ग़ौर कर रही थी के वो उस्सको बड़े प्यार से देख रहा था उस वक़्त से hi…. वो ासिख़ हो गया था उसी वक़्त अशिता का….

अशिता सोचने लगी के किआ देखा उस डॉक्टर ने उस में उस वक़्त, तो जिस ड्रेस में थी अभी उसी में थी, अशिता आईने के सामने जाकर खुद को देखने लगी और एक स्लीवलेस ड्रेस में थी जिस में उस्सकी गोरी बाज़ू दिख रहे थे और हलकी सी उस्सकी ब्रा की स्ट्राप नज़र आरहे थे, फिर अशिता ने खुद अपने बूब्स के फॉर्म देखे उस ड्रेस में, तो पाया के उसस्के बूब्स के फॉर्म बहोत साफ़ नज़र आरहे थे, और उस्सकी घुटनों के थोड़ा सा ऊपर तक ड्रेस था तो उस्सकी जाँघों की ऊपरी हिस्सा भी दिख रहे थे…. अशिता खुद को निहारने लगी आईने में देखते हुए और विहान को सोचा और खुद से कहा,

“भाई इस जिस्म का मालिक है, उस्सको मेरे जिस्म का हर एक हिस्सा पसंद है, अब सोच रही हूँ वो इतने दिनों कैसे बर्दाश्त करता रहा मुझको ऐसे अपने सामने देख कर, अगर डॉक्टर आशिक हुआ तो मेरा अपना आशिक जो इतने सालों से मेरा आशिक है उस पर किआ बीता होगा इतने दिनों तक उस्सको मैं ने अपने से दूर रखा, अपनी जिस्म से उस्सको महरूम रखा, कितना तड़पा होगा मेरा विहान मेरे लिए?!”

और तुरंत अशिता ने सोचा कितने सारे हॉट पिक्स लिए हैं विहान ने उसस्के अपने मोबाइल में तो झट से उसस्के दिमाग़ में बात आयी के मोबाइल कहाँ है? अशिता का मैं खननका, एक डर सी लगी उस्सको यह सोच कर के कहीं मोबाइल किसी और के हाथ तो नहीं लग गया? अशिता याद करने लगी के उस्सने विहान के जिस्म पर चरों तरफ हाथ फ्री थी, मगर उसस्के पास बीएड पर उस्का मोबाइल नहीं था….. अब अशिता बहोत परेशां हुई और अपने मम्मी पापा से कहकर वापस हॉस्पिटल के लिए निकली, ड्रेस चेंज करके, विहान के मोबाइल के तलाश में.

सोचते हुए जा रही थी के किश से पूछेगी? तो रास्ते में hi सोचा के पुलिस स्टेशन में पहले पूछना चाहिए शायद उन् लोगों को पता होगा क्यूंकि वही लोग उससे सड़क से उठा कर हॉस्पिटल ले गए थे.

तो अशिता पुलिस स्टेशन पहुंची. वहां के सारे ठरकी नज़रें अशिता को ऊपर से निचे घुर्र रहे थे. अशिता ने साड़ी बात बतायी तो वहां के सभी पुलिस वालों ने कहा के नाईट शिफ्ट वाले पुलिस वालों ने विहान को हॉस्पिटल पहुँचाया था तो वो उन् लोगों को पता होगा के मोबाइल किधर होगा.

अशिता, अपने भाई की एक्सीडेंट और तमाम हालात को फेस करते हुए थोड़ा चिड़चिड़ा सा आगया उस में और ग़ुस्सा आया उस्सको तो कुछ यूँ कहा उस पुलिस वाले से जो आराम से अपने कुर्सी पर बैठा हुआ था और जैसे उस्सको वहां से हिलने का मैं नहीं था, तो आवाज़ को थोड़ा ऊंचा करके अशिता ने उसस्के चेहरे में गंभीरता से देखते हुए कहा,

“रजिस्टर में सब कुछ लिखा नहीं होता है? अगर मोबाइल को नाईट शिफ्ट वालों ने रखा होगा तो किआ वो यहीं कहीं किसी ड्रावर में नहीं पारा होगा? किसी लोग बुक या रजिस्टर में नाईट शिफ्ट वालों ने नहीं लिखा होगा उसस्के बारे में और उस एक्सीडेंट और वुंडेड पर्सन हु वास् ट्रान्सपोर्टेड तो हॉस्पिटल? यह सब किआ मुझे आप लोगों को सीखना होगा? आप ज़रा उठ कर चेक करने की तकलीफ करेंगे और िफ़ यू अल्लोव दो ी वेरीफाई तहत माइसेल्फ?”

थोड़ा सा इंग्लिश झाररने से अशिता ने सोचा वो अलसी पुलिस वाला कुछ हिल दोल करेगा, और उस्सकी इंग्लिश काम कर गयी, वो लज़ी पुलिस वाले ने अशिता के चेहरे में देखते हुए झट से लोग बुक खोला और चेक करते हुए कहा,

“हाँ मैडम जी यह रहा लिखा है के एक घायल नौजवान को रोड से उठाकर हॉस्पिटल लेजाया गया 2.30 ऍम को. हे वास् ड्रंक लिखा हुआ है और नाम लिखा है विहान ??? और समझ में नहीं ारः सुर्नामे किआ है मैडम जी, हाँ और लिखा है के कोई पर्सनल आइटम नहीं रखा गया……” और…… पुलिस वाला लॉगबुक को अपने चेहरे के ज़्यादा नज़दीक करते हुए जैसे कुछ पढ़ने की कोशिश कर रहा था, फिर पढ़ा, …. “उसस्के पास मोबाइल था जिससे उस्सने खुद अपने पंत के जेब में डाला और उस्सने खुद अपना नाम बताया और एड्रेस भी, बेहोश होने से पहले. आईटी वास् ा हिट एंड रन केस मैडम जी. बुसस एहि लिखा है, और कुछ उसस्के तरफ से यहाँ रखा गया होता तो ज़रूर इस में लिखा होता.”

तो अशिता ने पूछा “तो उस्का मोबाइल कहाँ गया, उसस्के पास तो नहीं मिला मुझे?!”

तब तक एक दूसरा पुलिस वाला जो शायद पहले वाला से ज़्यादा बड़े पोस्ट पर था सभी बातों को सुनते हुए अशिता के पास आया और आराम से कहा,

“देखिये, आप जाकर हॉस्पिटल में सर्च कीजिये. वहां पर कसुअलटी डिपार्टमेंट में पूछ ताज कीजिये तो जीन लोगों ने उस वक़्त उस्का मुआएना किया होगा उस्सको ज़रूर पता होगा, जिस डॉक्टर ने आप के भाई को कंसल्ट किया, पट्टी वग़ैरा लगवाया उसी ने मोबाइल रखा होगा या किसी नर्स वग़ैरा ने रखा होगा, आप को हॉस्पिटल में ज़रूर पता चलेगा, आप खामखां ग़ुस्सा कर रहे हैं हम लोगों पर, हम भी इंसान हैं मैडम जी और हम भी तो काम hi कर रहे हैं नाह?!”

अशिता ने उस्सको एक मुस्कान से थैंक्स कहा और निकल गयी.

हॉस्पिटल के तरफ बढ़ते हुए अशिता को इस बात की फ़िक्र थी के किसी ने उस्सकी तस्वीरों को कहीं देखा तो नहीं होगा मोबाइल में, और ज़्यादा फिकरमंद होने लगी थी यह सोच कर के अगर किसी ने मोबाइल चुरा लिया होगा तो कभी भी उस्सको अपने खुद की पिक्स नहीं मिलेगी, और पता नहीं किसी ने उन् पिक्स को इंटरनेट पर किसी सेक्स फोरम पर अपलोड कर दिया तो गज़ब हो जाएगा. उस के इलावा अशिता को ज़्यादा अफ़सोस इस बात का हो रहा था के विहान ने बड़े प्यार से उस्सकी तस्वीरों को देर साल पहले से सेव करता आ रहा है और उस्सकी और भी टेंडर आगे की पिक्स को विहान ने सेव किया हुआ है और विहान को वह दिन बड़े प्यारे थे और हमेशा कहा करता था के वह दिन वापस नहीं आने वाले इस लिए उन् तस्वीरों को निशानी की तौर पर ज़िन्दगी भर रखेगा. तो बहोत इमोशनल वैल्यूज थे अशिता के लिए उन् तस्वीरों और वीडियोस की, और ख़ास कर विहान के लिए तो उसस्के प्यार की निशानियां थे सब. फिर खुद अशिता को अब अपने पिक्स को देखने का मन कर रहा था क्यूंकि जीन दिनों शुरू में विहान ने उसस्के पिक्स लेना शुरू किया था अशिता उस से दूरी रख रही थी मगर उस्सको पता है के चोरी चुपके विहान ने उस्सकी बहोत सारे तसवीरें लिए हैं.

हॉस्पिटल पहुंचतने तक अशिता ने याद करने की कोशिश की के किआ पासवर्ड होगा विहान का मोबाइल अनलॉक करने की? याद करती गयी के किआ कभी विहान ने उस मोबाइल के पासवर्ड के बारे में कुछ कहा थे या नहीं? अशिता विहान से दूरी रख रही थी इतने महीने, सालों से फिर भी उस्सकी हर एक छोटी सी छोटी बात को दिल से लगा कर रखती थी, तो उस्सको थोड़ा बहोत याद ारः था के जब नया नया मोबाइल लाया था तो उसस्के दूसरे सुबह को कॉलेज जाने से पहले उस्सकी तसवीरें लेते वक़्त उस्सने पासवर्ड या फिंगरप्रिंट्स और बॉयोमीट्रिक्स की कुछ बातें कहे थे…. और आखिर में अशिता को ठीक से याद आया के अशिता ने विहान से पूछा था,

“अगर किसी ने मेरी ऐसे पिक्स जो तुम ले रहे हो ड्रेस बदलते वक़्त; किसी तरह देख लिया इस मोबाइल में तो किआ होगा?!”

और उस वक़्त विहान ने बड़े फक्र से कहा था,

“अरे कोई नहीं देख सकता कभी भी क्यूंकि यह मेरे फिंगरप्रिंट्स से अनलॉक होता है, 15 सेकण्ड्स के बाद स्क्रीन लॉक हो जाता है और इस्को कोई भी उसे नहीं कर सकता मेरे सिवा, तुम भी नहीं, दुन्या में कोई भी नहीं देख पाएगा कुछ भी इस्सके अंदर हहहहए! और फिर मेरी गर्लफ्रेंड के पिक्स को मैं एक सिक्योर फोल्डर में सेव करता हूँ और वो फोल्डर भी मेरे फिंगरप्रिंट्स से hi खुलेगा हहहहए!”

तब अशिता की जान में जान आयी के चलो कोई मोबाइल को ओपन तो नहीं कर पाएगा……

और अशिता हॉस्पिटल में फिर दाखिल हुई……

तो बे कॉन्टिनोएड……..
 
अपडेट 20 - थे मोबाइल, अशिता एंड थे डॉक्टर

अशिता पहले कसुअलटी में गयी जहाँ सबसे पहले पेशेंट्स का मुआएना किया जाता है वहां पर पूछ ताज किया तो उधर भी शामे रिस्पांस मिली के कल रात के शिफ्ट वालों को पता होगा. बहोत भीड़ थे और ऑफिसर्स कम, तो अशिता ने बेहतर समझा के डॉक्टर से मिलकर पता लगाए विहान की मोबाइल की. और खुद से मुस्कुराते हुए अशिता ने कहा,

“उस रोमियो डॉक्टर को फिर फेस करना पड़ेगा धत, मैं उस्सको नहीं पता लगने दूंगी के मेरे घरवालों ने मुझे उसस्के प्रपोजल के बारे में बता दिया है…, पक्का वो मुझसे अब फ़्लर्ट करेगा, ी ऍम सूरे ऑफ़ तहत”

पूरा हॉस्पिटल का चक्कर काटना पड़ा अशिता को डॉक्टर को ढूंढ़ने के लिए, कोई कहता कंसल्टेशन में होगा, वहां नहीं मिले तो किसी ने कहा, किसी वार्ड में अपने पेशेंट्स को देखने गया होगा, तो कहीं पर कहा जाता के पता नहीं किधर है डॉक्टर साहब.

चक्कर लगाते वक़्त अशिता एक बार विहान के वार्ड के खिड़ी के पास रुका, तो पाया के विहान को किसी दूसरे बीएड पर लेजाया गया है. वो उस बीएड पर नहीं था जहाँ पहले थे, नर्स के केबिन के करीब वाले बीएड पर था अब. और उसी हाल में था. तो अशिता ने एक नर्स से सवाल किया के किआ उस्सकी स्कैन हो गयी तो जवाब हाँ में मिला, अशिता ने रिजल्ट पूछा तो कहा गया के रिजल्ट डॉक्टर के पास है. और सवाल किया के कब विहान की ेंखें खुलेगी तो नर्स ने कहा वो जाएगा हुआ था कुछ देर पहले पर इंजेक्शन देना पारा उस्सको सुलाने के लिए क्यूंकि दर्द से तड़प रहा था. सीरम अब भी लगा हुआ था. अब अशिता ने उस नर्स से मोबाइल के बारे में पूछा और विहान के पर्सनल बेलोंगिंग्स, पैसे, बटवा वग़ैरा के बारे में तो नर्स ने कहा वो चेक करके के बताता है.

नर्स अपने ऑफिस में देखने गया फिर वापस आया विहान की बटवे के साथ और कुछ छोटे छोटे कागज़ के टुकड़ों के साथ जो संभाल के रखा गया था, वो विहान के जेब से निकले गए थे. नर्स ने पूछा के उस्सको वापस रख दिया जाए या वो उन् चीज़ों को ले जाएगी. अशिता ने सब ले लिया और मोबाइल के बारे में पूछा तो नर्स ने कहा के बुसस इतना hi कुछ है विहान के नाम से उसस्के ऑफिस में. उस नर्स ने अशिता से एक फॉर्म पर सिग्न करवाया के उस ने वो चीज़ें वापस ले लिया है, और एक नोट लिखा के मोबाइल नहीं है उन् चीज़ों में. अशिता ने सिग्न किया और बटवा ले लिया उन् गग़ज़ों के टुकड़ों के साथ. फिर वापस डॉक्टर को धुनते हुए अशिता हॉस्पिटल के चक्कर काटने लगी.

और कई जगाओं पर पूछने के बाद अशिता को बताया गया के डॉक्टर किसी रेस्टोरेंट में खाना खाने को गए हुए थे मगर वापस आगये हैं तो यहीं कहीं होगा. और हो यह रहा था के जब अशिता उधर जाता डॉक्टर को ढूंढ़ने, तो वो इधर होता, और जब अशिता इधर अत ढूंढ़ने, तो डॉक्टर उधर होता.

इस चाकर में विजिटिंग टाइम करीब हो रहा था तो एक टेलीफोन बूथ से अशिता ने घर फ़ोन करके अपने पेरेंट्स से कहा के वो घर वापस नहीं आरही है, वहीँ हॉस्पिटल में hi उंनका वेट करेगी, क्यूंकि विजिटिंग टाइम क्लोज हो रहा था उस वक़्त. अशिता ने यह भी बता दिया पेरेंट्स को के विहान की स्कैन हो गयी है और रिजल्ट डॉक्टर के पास है मगर डॉक्टर कहीं दिख नहीं रहे और वो उसी की तलाश कर रही है. और यह भी बताया अशिता ने खुश होते हुए के विहान ने ेंखें खोले थे मगर दर्द हो रहा है इस लिए उस्सको इंजेक्शन दिया गया है और वो अभी सो रहा है और बीएड चेंज किया गया है उस्का.

अशिता ने अपने पापा से बात किया था फ़ोन पर और जब अनिरुद ने सब कुछ सुमन को बताया यह कहते हुए,

“देखा हमारी बेटी कितनी सयानी है, सब कुछ पता कर चुकी अपने आप, वो हॉस्पिटल में सब पता कर चुकी, अपने भाई को देख भी लिया और पता लगा लिया के स्कैन हुआ के नहीं, विहान का हाल भी बता दिया, स्कैन भी हो गया और वो अब डॉक्टर से मिलने जार यही है….”

यह सुनकर सुमन ने कहा,

“अरे वो डॉक्टर से मिलने जा रही है कहीं उस डॉक्टर ने उस से कह दिया के उस्सने हम से उस्का हाथ माँगा है शादी के लिए तो किआ होगा? अशिता तो साफ़ इंकार कर देगी, ोफो आप ने उस्सको रोका क्यों नहीं के डॉक्टर से नहीं मिले वो? कुछ नहीं अत आप को बड़े खुश हो रहे हैं के बेटी सायानी हो गयी, हाँ सायानी तो है मगर सब बिगाड़ के रख देगी अभी, इतना ाचा रिश्ता आया है उस्सको उस डॉक्टर से hi शादी करवा देना चाहिए अब!”

अनिरुद थोड़ा ांसाते हुए अपनी पत्नी के चेहरे में देखते हुए कहा,

“तुमको अपने बेटे की चिंता ज़्यादा है या अभी बेटी की शादी की पारी है? किआ ज़्यादा इम्पोर्टेन्ट है अभी? रिश्ता तो अशिता की कभी भी कहीं से भी ा सकता है, पढ़ कर डिग्री हासिल कर लेगी तो इस से भी बड़ा रिश्ता आ सकता है, तो कौन सी बड़ी बात होगी अगर इस डॉक्टर को मन भी कर दिया तो?”

सुमन ने थोड़ा ग़ुस्सा होते हुए जवाब दिया,

“मुझे पता था आप इस रिश्ते से खुश नहीं हो, मुझे मालूम था आप किसी तरह अशिता को नहीं करने डोज उस डॉक्टर से शादी; उस वक़्त डॉक्टर से बात करते वक़्त hi मुझे दिख गया था के आप उस्सको इंकार करना चाहते हो, मगर मैं बात को आगे ज़रूर बढ़ाउंगी देख लेना उसी के साथ अशिता की शादी करवाउंगी, हाँ कह देती हूँ जी!”

अनिरुद ने हँस्ते हुए उसस्के पीठ के पीछे भुनभुनाते हुए कहा,

“देख लूंगा, विहान के होते हुए कैसे उस्सकी शादी कहीं और करवाऊंगी तुम, यू विल बे डिसअप्पोइंटेड डिअर वाइफ!”

सुमन ने मुड़कर पूछा,

“किआ कहा आप ने?”

अनिरुद ने हलकी सी मुस्कराहट में कहा,

“कुछ भी तो नहीं मैं तो ग़ज़ल गुनगुना रहा हूँ!”

********************************************************

अशिता चलते हुए डॉक्टर के ऑफिस की तरफ दोबारा बढ़ रही थी और दूसरी तरफ से डॉक्टर ने अशिता को दूर से देख लिया था और मुस्कुराते हुए उसी के तरफ देखते आरहे थे.

दोनों मिले तो डॉक्टर एक हवस भरी नज़रों से अशिता को ऊपर से निचे तक देखते हुए कहा,

“hello ब्यूटीफुल यंग लेडी किआ आप अभी तक यहीं हो सुबह से?”

अशिता ने एक तवो पीेछे पहनी हुई थी और सच में बहोत हॉट दिख रही थी, ब्लाउज के ऊपर वाला बटन खुला हुआ था, जिस में उस्सकी क्लीवेज नज़र आरहे थे, और स्कर्ट घुटनों के ऊपर था जिस में उस्सकी जाँघों का ऊपरी हिस्सा जो उस्सकी सफ़ेद रंग को कुछ ज़्यादा निखार रहे थे और स्कर्ट की डार्क ब्लू कलर के कंट्रास्ट से और भी साफ़ दिखाई दे रहे थे. उस सेक्सी part को डॉक्टर साहब की नज़रें कुछ ज़्यादा hi देख रहे थे जो अशिता ने नोटिस किया उसस्के चेहरे में देखते हुए जब उस्सने बात किया तो.

अशिता कुछ बोलने hi जा रही थी के डॉक्टर ने कहा,

“के ों let’s मीट इन माय ऑफिस ी विल तेल्ल यू अबाउट थे स्कैन रिजल्ट्स.”

यह कहते हुए डॉक्टर ने अशिता के कांधों पर हाथ रखते हुए अपने ऑफिस के तरफ बढे जो कोई 3 मेट्रेस के फासले पर था.

कद में अशिता से ऊंचा होने के कारण डॉक्टर को उस वक़्त अशिता की क्लीवेज और भी ज़्यादा दिख रहे थे जिस्सको चलते वक़्त वो देखे जा रहा था.

अशिता उस्का हाथ अपने कांधों पर फील कर सकती थी और उस्सको समझ में आगया के डॉक्टर कुछ ठरकी टाइप का है या रोमियो टाइप वाला है. अशिता ने कुछ नहीं कहा और नार्मल चलती गयी उसस्के ऑफिस के तरफ मुस्कुराकर फोर्मल्ली बात करते हुए.

जब ऑफिस पहुँच गए तो दूर ओपन करते वक़्त उस डॉक्टर ने अशिता के काँधे से अपने हथेली को हलके से फरते हुए अशिता के बाज़ू पर हाथ चलते हुए अशिता के कलाई तक किया और उसस्के हाथ थाम के उस्सको ऑफिस के अंदर लाया. अशिता ने सब अछि तरह से महसूस किया. और इस लिए खामोश रही क्यूंकि उस्सने सोचा के इस वक़्त यह डॉक्टर उसस्के भाई का देख भाल कर रहा है कहीं अशिता ने कुछ ज़्यादा किया या कहा तो कुछ बिगड़ नाह जाए. तो अशिता ने इस्को कसुआलय लिया.

अब ऑफिस के अंदर आ गए तो डॉक्टर अपने चेयर पर नहीं बैठा बल्कि एक सोफे था, उसस्के डेस्क के सामने जिस पर अशिता को बैठने को कहा और खुद उसस्के पास बैठा जैसे के कोई किसी को अपने लाउन्ज या लिविंग में रिसीव करते वक़्त करता है. डॉक्टर ने जान बुझ कर अशिता को वहां बिठाया क्यूंकि उस्सको पता वहां बैठने से अशिता की स्कर्ट और भी थोड़ा ऊपर उठ जाएगी जिस में उस्सकी गोरी जांघें और भी नज़र आएगी उस्सको.

दोनों बैठे तो डॉक्टर की हिम्मत देखो के डायरेक्ट अपने हाथ को अशिता के जांघ पर रख कर पूछा,

“आप के मम्मी पापा ने कुछ नहीं बताया आप को?”

अशिता तुरंत समझ गया के डॉक्टर पक्का ठरकी है और उस्सको छह रहा है और सेक्सुअली ारोउसे हो रहा है उस से. पर नासमझ बनते हुए अशिता ने कहा,

“मम्मी पापा ने? किश बारे में?”

डॉक्टर ने अपने हथेली को थोड़ा सा फरते हुए अशिता के जाँघों के और ऊपर किया उस्सकी छाती को घुररते हुए.

तब अशिता को अपने हाथ को उसस्के हाथ के ऊपर रखना पड़ा उसस्के हाथ को आगे बढ़ने से रोकने के लिए और एक झूटी मुस्कराहट के साथ कहा,

“आप मुझे स्कैन के रिजल्ट्स दिखने वाले थे?”

डॉक्टर ने तब अशिता के हाथ को अपने हाथ में लेकर कहा,

“आप मुझे बहोत पसंद हो, पहली नज़र में hi आप को देखा तो दिल मचल गया और आप के पैरेंट से कुछ बात किया था मैं ने याद है आप के पापा को रुकने को कहा था मैं ने आज सुबह को?”

अशिता के मैं में एक छान सा हुआ उसस्के बातों को सुन कर और उसस्के चेहरे में देखते हुए अशिता ने कहा,

“मैं समझी नहीं आप किआ कहना चाहते हो? क्यों पापा को रुकने को कहा था आप ने और मम्मी भी गयी थी अंदर उसस्के बाद, मुझको कुछ नहीं बताया उन्हों ने आप बताओ प्लीज.”

जब डॉक्टर को पता चला के अशिता को उनके पेरेंट्स ने अभी कुछ नहीं बताया है तो सोचा के उस्सको भी उस बारे में अभी कुछ नहीं बताना चाहिए. बल्कि सोचा के उसस्के साथ फ़्लर्ट करना चाहिए थोड़ा सा.

अशिता उसस्के जवाब का इंतज़ार कर रही थी उसस्के चेहरे में देखते हुए तो डॉक्टर ने, फिर अशिता के बाज़ू पर अपना हाथ फेरते हुए कहा,

“आप कितनी खूबसूरत हो किसी ने कहा है आप को यह बात? “

अशिता थोड़ा ब्लश हुई और तब तक डॉक्टर ने अपने मोबाइल हाथ में लिया और अशिता की पिछ लेना चाहा तो जल्दी से अशिता ने अपने हथेली से अपने चेहरे को छुपाते हुए कहा,

“No, आप क्यों मेरी पिछ ले रहे हो, प्लीज don’t!”

इतना कहा अशिता ने तो विहान की मोबाइल याद आया उससे और तुरंत कहा,

“हाँ मैं इस लिए आप को ढूंढ रही थी के मुझे मेरे भाई की मोबाइल नहीं मिल रही है और सब कह रहे हैं के आप को पता होगा के वो कहाँ है? किआ आप के पास है विहान भाई का मोबाइल?”

तब तक दोनों के हाथ एक दूसरे के हाथ में जाकर हुए थे, अशिता की उँगलियों को डॉक्टर ने अपने उँगलियों में जकरा हुआ था और दोनों एक दूसरे के चेहरे में देख रहे थे, और अशिता उसस्के जवाब का इंतज़ार कर रही थी उसस्के चेहरे में सवाली नज़रों से देखते हुए.

ठीक तभी किसी ने ऑफिस के दरवाज़े पर नॉक किया.

डॉक्टर साहब को उठना पड़ा दरवाज़े की दस्तक देने वाले को रिप्लाई करने के लिए, और जब वो उठा तो अपने पंत में अपने लुंड को एडजस्ट करते हुए दूर ओपन करने गया, अशिता ने उसस्के उन् सब हरकतों को देखा देखा!! और याद किया विहान कई दफा वैसा कर चूका है उसस्के सामने!!

जिस ने दस्तक दिया था उस्सने धीरे से डॉक्टर से कुछ कहा और वापस चला गया तब डॉक्टर ने दरवाज़े को इस बार लॉक किया जो अशिता ने देखा और पूछा,

“आप ने लॉक क्यों किया दूर को? अभी विजिटिंग टाइम होने वाला है और मेरे पेरेंट्स मुझको ढूंढेंगे, भाई को देखने भी जाना है मुझे….”

डॉक् फिर उसस्के पास बैठा और आराम से मुस्कुराते हुए कहा,

“अरे यंग ब्यूटीफुल गर्ल, लॉक इस लिए किया ताके कोई डिस्टर्ब नाह करे हमको, थोड़ा सा प्राइवेसी तो चाहिए नाह एक सेक्सी लेडी के साथ थोड़ा सा वक़्त गुजरने के लिए क्यों ठीक कहा नाह स्वीटहार्ट?”

अशिता कड़ी हो गयी और कहा,

“ी हैवे तो जो प्लीज लेट में आउट.”

डॉक् ने अशिता के कांधों पर हाथ रखते हुए मुस्कुराकर कहा,

“व्हाई अरे यू इन ा हुर्री, मैं किआ तुम्हारा रपे करूँगा? फ़िक्र मत करो डार्लिंग हम सिर्फ बातें कर रहे हैं, तुम क्यों इतना सीरियस ले रही हो? दूर लॉक नहीं करूँगा तो बार बार कोई भी नॉक करके डिस्टर्ब करेगा, और जब देखेंगे के लॉक है तो अपने आप वापस चले जाएंगे”

अशिता उनकंफर्टबले फील करने लगी थी और उस्सको सब बहोत अजीब लगने लगा था फिर भी बैठ गयी.

तब डॉक्टर ने फिर अपने हाथ को उसस्के जांघ पर किया और कहा,

“कितनी सेक्सी हो तुम, कितनी ारोउसे करती हो लोगों को, यहाँ तक के खुद तुम्हारा भाई तुमसे ारोउसे होता है और तुम्हारा सेक्सी पिक्स लेता है और तुम लेने देती हो, बताओ और किआ किआ करती हो अपने भाई के साथ? बहोत लकी भाई है तुम्हारा हम्म?”

अशिता की पसीने चुत पड़े और तब तक डॉक्टर का एक हाथ अशिता के स्कर्ट के निचे उस्सकी जाघों के अंदर जा चूका था और दूसरा हाथ अशिता के ब्लाउज के अंदर उस्सकी बूब कुचल रहा था और उस्का मुंह अशिता के गर्दन पर फरने लगा था, डॉक्टर का जीब अशिता के छाती को चाटने लगा था और अशिता की सांसें बढ़ने लगी थी और वो कुछ नहीं कह पा रही थी जैसे एक शॉक में आ गयी थी उस वक़्त हमारी प्यारी अशिता……..

तो बे कॉन्टिनोएड… (4500 वर्ड्स फ्रॉम बोथ उपदटेस)
 
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