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- Dec 5, 2013
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अपडेट 17
प्रीवियस
काम्य - प्रणाम दीदी
सलोनी भी कमाया को कंधे से पकड़ कर अपने साइन से लगा कर
सलोनी - छोटी मेने तुझको कितनी बार बोलै है की तुम मेरे देवरानी नहीं मेरी छोटी बहन हो और छोटी बहन हमेसा बड़ी बहन के दिल से लगती है
कमाया - जी दीदी अब अगली बार से इस बात का पूरी तरह से ध्यान रखूंगी
सलोनी - अच्छा वो सब छोड़ तू जानती है न की आज मजी और काकी दोनों तोड़ी देर से hi उठेंगे तो तब तक हम दोनों को hi सरे काम देखने होंगे टिक है
कमाया - टिक है मेडम बताइये क्या काम है
सलोनी (हस्ते हुए
) - छोटी तू न कभी नहीं सुदरेग़ी चल अब जल्दी से मेरा हाथ बता
क्युकी ठकुराइन और कमला दोनों hi सोने चले गए तो हवेली की ज़िम्मेदारी दोनों बहु पर आ गई
तो चलिए सुरु करते है आज का अपडेट
कमाया और सलोनी दोनों hi किचन मैं काम कर्म लगी दोनों आपने अपने कामो मैं बिजी थी और दोनों चुप
इस छुपी को काम्य ने तोड़ते हुए बोलो
कमाया -दीदी आप अगर बुरा न मने तो आपसे एक बाग़ पुछु अगर अपनी इजाजत हो तो
सलोनी- छोटी मैं भला तेरी बातो का क्यों बुरा मानाने लगी हूँ और तुझको मुझसे किसी भी बात पूछने के लिए मेरी इजाजत की जरुरत नहीं है पूछ क्या बात है
कमाया -दीदी क्या जेठ जी से आपकी कोई बात होती हैं
saloni-(kuch देर चुप
रही फिर बोली) - हूँ तू जानती है न छोटी जबसे मैं इस घर मए सधी कक्रके आई हु वो (सलोनी के पति) मेरे साथ सिर्फ कुछ दी रहे फिर अपने काम मैं चले गए सिर्फ साल मैं ठहरो के समय hi आते है वो अब तो मैं भी भूल चुकी हूँ की मेरी सधी भी हुई थी
ये बोलते हुए सलोनी की आँखों से अंशु के बून्द बहा गया कमाया से ये बात छुपी नहीं वो तुरंत hi सलोनी को अपने गाके से लगा कर बोलने लगी
कमाया - माफ़ करना दीदी मेरी बातो ने अपने दिल के ज़ाहकमो को फिर से हरा कर दिया मुझे माफ़ कर दीजिये दीदी
सलोनी भी अपने दिल के दर्द को छुपा कर बोली
saloni-isme सूर्य की कोई बात नहीं है छोटी अब मेरी किस्मत मैं यही लिखा है तो कोई और क्या कर सकता है अब तो लगता है की बाकि की ज़िन्दगी व्ही ऐसी hi बिट जाएगी अच्छा छोटी अब तू मेरी सवाल का जवाब दे
कमाया - है बोलिये बा दीदी क्या सवाल है
सलोनी - क्या तुझको कभी भी देवर जी की यद् नहीं नहीं आती
सलोनी की इस बात पर कमाया तुरंत hi अपनी नज़रे चुरा कर काम मैं लगते हुए बोलने लगी
कमाया - छोड़िये न दीदी क्या बात पकड़ कर बेथ गई अप्प चैलये हमे बहुत काम है बकते बाद मैं भी होती रहेंगी
सलोनी कमाया के पास जाकर उसके कंधे पर जेठ रखते हुए बोली
सलोनी- छोटी तू दुनिया को अपनी बताओ मैं गुमा सकती है पर अपनी बड़ी बहन को नहीं चल देख मेरी तरफ
सलोनी ने जबर दस्ती कमाया को अपनी तरफ गुमा लिया और जो उसने (सलोनी) ने सोचा था वही हुआ
काम्य की काली आँखों मैं कंशु के कुछ बून्द थे और उसने अपनी नज़रे निचे की हुई थी
सलोनी उसके गाल को अपने हाथो से पकड़ कर बोलू
सलोनी - छोटी अपनों से अपना दर्द नहीं छुपना चाहिए दर्द बाटने से घटता है क्या अपनी बड़ी बहन से भी अपना दर्द छुपाएगी हूँ
सलोनी की इस एक बात ने कमाया के दिल का बंद खोल दिया और साथ मैं उसकी आँखों के बंद को भी खोल दिया और वो सलोनी के गले से लगते हुए रट हुए बोलने लगी
कमाया - मैं और मेरा दिल आपकी तरह नहीं है दीदी जो अपने दर्द को किसी से भी बात सकती है मैं तो बस अपने इस दर्द को भूलने की कोसिस कर रही हो दीदी देखो न मेरी सधी को अज्ज - 3 साल हो गए है पर इन तीन सालो मैं वो (काम्य का पति) मेरे साथ मुश्किल से 3 महीने भी नहीं रहे क्या किस्मत पाई है हम दोनों ने दीदी एक िजदार परिवार की बहु इतने प्यार करने वाले माँ - बाप की तरह सास और ससुर पर जिनसे प्यार की ुमीढ़ है वो तो हमसे दूर hi रहते है बतिये न दीदी क्या कमी है आपमें मुजमे की वो हम दोनों से दूर रहते हो
सलोनी- चुप हो जा छोटी लगता है हमारी किस्मत मैं यही लिखा हुआ है (पर तेरे साथ ऐसा नहीं होने दूंगी छोटी) लगता है हमें कभी भी पति का प्यार नहीं मिलेगा (तुझको तेरा प्यार जरुरु मिलेगा छोटी छाए कुछ भी हो जाये)
दोनों बहन कुछ देर अंशु बहते रही पर जब दोनों को ठाकुर साहब के गाला साफ करने की आहत मिली तो दोनों ने hi होने अंशु को पॉच लिया
.
और कमाया अपने ससुर (ठाकुर) जी के लिए गरम गर्म चाय लेकर चल दी उनके पास
हॉल मैं जहा ठाकुर साहब पेपर पद रहे थे काम्य ने चाय टेबल पर रखा और अपने ससुर के पावो छू लिए
ठाकुर- सदा सुहागन रहा बहु ईश्वर तुम्हारी हर मुराद पूरी करे
कमाया - ये लीजिये बाबूजी चाय
ठाकुर - लावो बहु
जब ठाकुर ने काम्य के चहरे (फेस) को देखा तो बोल पड़े
thakur-bahu क्या हुआ तुमको तुम्हारी आँखे इतनी लाल कैसे हो गई है कुछ परेशानी है क्या
कामयी- नहीं नहीं बाबूजी कोई परेशानी की बात नहीं है
thakur-to तुम्हारी आँखे इतनी लाल क्यों हो गई है
कमाया -वो बाबूजी मैं आज के सब्जी की तैयारी कर रही थी तो मिर्ची काट रही थी पर ध्यान नहीं रख इसलिए गलती से उसी हाथ से आँखों को छू लिया इसलिए पर अभी तोडा आराम है
ठाकुर- तोडा आराम से काम किया करो बहु और ध्यान रखा करो अपना
कमाया - जी बाबूजी अगली बार से ध्यान रखूंगी
ठाकुर - आज मेरी दोनों बहु रसकोई मैं काम कर रही है ये देख कर अच्छा लगा पर अज्ज कमला नहीं दिखी कहा है वो
कमाया - वो बाबूजी मजी और काकी आज सुबह को hi जगराते से हवेली वापिस आये है इसलिए दोनों अभी सो रहे है
ठाकुर- अच्छा मेरे दिमाग से निकल गयी गए बात अच्छा बहु तुमने राजू को उठा दिया क्या भीमा आता hi होगा
कमाया - नहीं बाबूजी राजू तो अभी सो hi रहा मेने जगाया नहीं अभी तक
thakur-are बहु तू भूल गई क्या
कमाया -क्या भूल गयी मैं बाबूजी
ठाकुर - अरे बहु तुमको कल hi तो बताता था की राजू को अज्ज हॉस्पिटल ले जाना है उसके प्लास्टर को निकलने
कमाया -माफ कीजिए बाबूजी पता नहीं कैसे मेरे दिमाग से ये बात निकल गई मैं अभी उसको जगा देती हूँ
ठाकुर- अरे बहु इसमें माफ़ी वाली कोई बात नहीं है सबसे भूल हो जाती है अब देखो न कैसे अभी मैं hi कल की बात भूल गया अब जाओ जगा दो उसको
कमाया - जी बाबूजी
और कमाया चल दी ऊपर राजू के रूम के और काम्य जा तो रही थी पर वो अपने सपने के बारे मैं सोच रही थी और अलग अलग तरह के एक्सपीरियंस दिख रहे थे उसके चेहरे (फेस) पर
और जब वो राजू के रूम के करीब पौची तब उसने दरवाजा खोल अंदर जाका तो पहले तो उसके दिल को बहुत सुकून मिला पर अगले hi पल उसकी आँखे बड़ी हो गई
ऐसा क्या देख लिटा कमाया ने उसके लिए आपको करना होगा इंतजार

तो बे कॉन्टिनोएड
प्रीवियस
काम्य - प्रणाम दीदी
सलोनी भी कमाया को कंधे से पकड़ कर अपने साइन से लगा कर
सलोनी - छोटी मेने तुझको कितनी बार बोलै है की तुम मेरे देवरानी नहीं मेरी छोटी बहन हो और छोटी बहन हमेसा बड़ी बहन के दिल से लगती है
कमाया - जी दीदी अब अगली बार से इस बात का पूरी तरह से ध्यान रखूंगी
सलोनी - अच्छा वो सब छोड़ तू जानती है न की आज मजी और काकी दोनों तोड़ी देर से hi उठेंगे तो तब तक हम दोनों को hi सरे काम देखने होंगे टिक है
कमाया - टिक है मेडम बताइये क्या काम है
सलोनी (हस्ते हुए
क्युकी ठकुराइन और कमला दोनों hi सोने चले गए तो हवेली की ज़िम्मेदारी दोनों बहु पर आ गई
तो चलिए सुरु करते है आज का अपडेट
कमाया और सलोनी दोनों hi किचन मैं काम कर्म लगी दोनों आपने अपने कामो मैं बिजी थी और दोनों चुप
कमाया -दीदी आप अगर बुरा न मने तो आपसे एक बाग़ पुछु अगर अपनी इजाजत हो तो
सलोनी- छोटी मैं भला तेरी बातो का क्यों बुरा मानाने लगी हूँ और तुझको मुझसे किसी भी बात पूछने के लिए मेरी इजाजत की जरुरत नहीं है पूछ क्या बात है
कमाया -दीदी क्या जेठ जी से आपकी कोई बात होती हैं
saloni-(kuch देर चुप
ये बोलते हुए सलोनी की आँखों से अंशु के बून्द बहा गया कमाया से ये बात छुपी नहीं वो तुरंत hi सलोनी को अपने गाके से लगा कर बोलने लगी
कमाया - माफ़ करना दीदी मेरी बातो ने अपने दिल के ज़ाहकमो को फिर से हरा कर दिया मुझे माफ़ कर दीजिये दीदी
सलोनी भी अपने दिल के दर्द को छुपा कर बोली
saloni-isme सूर्य की कोई बात नहीं है छोटी अब मेरी किस्मत मैं यही लिखा है तो कोई और क्या कर सकता है अब तो लगता है की बाकि की ज़िन्दगी व्ही ऐसी hi बिट जाएगी अच्छा छोटी अब तू मेरी सवाल का जवाब दे
कमाया - है बोलिये बा दीदी क्या सवाल है
सलोनी - क्या तुझको कभी भी देवर जी की यद् नहीं नहीं आती
सलोनी की इस बात पर कमाया तुरंत hi अपनी नज़रे चुरा कर काम मैं लगते हुए बोलने लगी
कमाया - छोड़िये न दीदी क्या बात पकड़ कर बेथ गई अप्प चैलये हमे बहुत काम है बकते बाद मैं भी होती रहेंगी
सलोनी कमाया के पास जाकर उसके कंधे पर जेठ रखते हुए बोली
सलोनी- छोटी तू दुनिया को अपनी बताओ मैं गुमा सकती है पर अपनी बड़ी बहन को नहीं चल देख मेरी तरफ
सलोनी ने जबर दस्ती कमाया को अपनी तरफ गुमा लिया और जो उसने (सलोनी) ने सोचा था वही हुआ
काम्य की काली आँखों मैं कंशु के कुछ बून्द थे और उसने अपनी नज़रे निचे की हुई थी
सलोनी उसके गाल को अपने हाथो से पकड़ कर बोलू
सलोनी - छोटी अपनों से अपना दर्द नहीं छुपना चाहिए दर्द बाटने से घटता है क्या अपनी बड़ी बहन से भी अपना दर्द छुपाएगी हूँ
सलोनी की इस एक बात ने कमाया के दिल का बंद खोल दिया और साथ मैं उसकी आँखों के बंद को भी खोल दिया और वो सलोनी के गले से लगते हुए रट हुए बोलने लगी
कमाया - मैं और मेरा दिल आपकी तरह नहीं है दीदी जो अपने दर्द को किसी से भी बात सकती है मैं तो बस अपने इस दर्द को भूलने की कोसिस कर रही हो दीदी देखो न मेरी सधी को अज्ज - 3 साल हो गए है पर इन तीन सालो मैं वो (काम्य का पति) मेरे साथ मुश्किल से 3 महीने भी नहीं रहे क्या किस्मत पाई है हम दोनों ने दीदी एक िजदार परिवार की बहु इतने प्यार करने वाले माँ - बाप की तरह सास और ससुर पर जिनसे प्यार की ुमीढ़ है वो तो हमसे दूर hi रहते है बतिये न दीदी क्या कमी है आपमें मुजमे की वो हम दोनों से दूर रहते हो
सलोनी- चुप हो जा छोटी लगता है हमारी किस्मत मैं यही लिखा हुआ है (पर तेरे साथ ऐसा नहीं होने दूंगी छोटी) लगता है हमें कभी भी पति का प्यार नहीं मिलेगा (तुझको तेरा प्यार जरुरु मिलेगा छोटी छाए कुछ भी हो जाये)
दोनों बहन कुछ देर अंशु बहते रही पर जब दोनों को ठाकुर साहब के गाला साफ करने की आहत मिली तो दोनों ने hi होने अंशु को पॉच लिया
.
और कमाया अपने ससुर (ठाकुर) जी के लिए गरम गर्म चाय लेकर चल दी उनके पास
हॉल मैं जहा ठाकुर साहब पेपर पद रहे थे काम्य ने चाय टेबल पर रखा और अपने ससुर के पावो छू लिए
ठाकुर- सदा सुहागन रहा बहु ईश्वर तुम्हारी हर मुराद पूरी करे
कमाया - ये लीजिये बाबूजी चाय
ठाकुर - लावो बहु
जब ठाकुर ने काम्य के चहरे (फेस) को देखा तो बोल पड़े
thakur-bahu क्या हुआ तुमको तुम्हारी आँखे इतनी लाल कैसे हो गई है कुछ परेशानी है क्या
कामयी- नहीं नहीं बाबूजी कोई परेशानी की बात नहीं है
thakur-to तुम्हारी आँखे इतनी लाल क्यों हो गई है
कमाया -वो बाबूजी मैं आज के सब्जी की तैयारी कर रही थी तो मिर्ची काट रही थी पर ध्यान नहीं रख इसलिए गलती से उसी हाथ से आँखों को छू लिया इसलिए पर अभी तोडा आराम है
ठाकुर- तोडा आराम से काम किया करो बहु और ध्यान रखा करो अपना
कमाया - जी बाबूजी अगली बार से ध्यान रखूंगी
ठाकुर - आज मेरी दोनों बहु रसकोई मैं काम कर रही है ये देख कर अच्छा लगा पर अज्ज कमला नहीं दिखी कहा है वो
कमाया - वो बाबूजी मजी और काकी आज सुबह को hi जगराते से हवेली वापिस आये है इसलिए दोनों अभी सो रहे है
ठाकुर- अच्छा मेरे दिमाग से निकल गयी गए बात अच्छा बहु तुमने राजू को उठा दिया क्या भीमा आता hi होगा
कमाया - नहीं बाबूजी राजू तो अभी सो hi रहा मेने जगाया नहीं अभी तक
thakur-are बहु तू भूल गई क्या
कमाया -क्या भूल गयी मैं बाबूजी
ठाकुर - अरे बहु तुमको कल hi तो बताता था की राजू को अज्ज हॉस्पिटल ले जाना है उसके प्लास्टर को निकलने
कमाया -माफ कीजिए बाबूजी पता नहीं कैसे मेरे दिमाग से ये बात निकल गई मैं अभी उसको जगा देती हूँ
ठाकुर- अरे बहु इसमें माफ़ी वाली कोई बात नहीं है सबसे भूल हो जाती है अब देखो न कैसे अभी मैं hi कल की बात भूल गया अब जाओ जगा दो उसको
कमाया - जी बाबूजी
और कमाया चल दी ऊपर राजू के रूम के और काम्य जा तो रही थी पर वो अपने सपने के बारे मैं सोच रही थी और अलग अलग तरह के एक्सपीरियंस दिख रहे थे उसके चेहरे (फेस) पर
और जब वो राजू के रूम के करीब पौची तब उसने दरवाजा खोल अंदर जाका तो पहले तो उसके दिल को बहुत सुकून मिला पर अगले hi पल उसकी आँखे बड़ी हो गई
ऐसा क्या देख लिटा कमाया ने उसके लिए आपको करना होगा इंतजार