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- Dec 5, 2013
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अपडेट 26
प्रीवियस
ठकुराइन - क्या चल जल्दी से मेरे साथ
इससे पहले की ठाकुर साहब दरवाजे के अंदर पैर रख पते ठकुराइन सामने कड़ी हो गई
ठकुराइन - हूँ क्या जी क्या करने जा रहे थे अभी हूँ
ठाकुर - अरे भगवन अब अंदर आने देगी या नहीं और तू ये द्वारपाल बन कर क्यों कढ़ी हो गई है
ठकुराइन - क्या जी अप्प भूल गए क्या की अभी कितनी बीमारी फेल रही है ऊपर से अब सभी हॉस्पिटल से आये हो और बिना हाथ पीर साफ किये हवेली के अंदर आ रहे थे हूँ
ठाकुर - अरे अच्छा हुआ की तूने याद दिला दिया ठकुराइन ससुरा हम तो भूल hi गए थे ला पानी ला अभी धो लेते है
ठकुराइन - सब के लिए बगीचे (गार्डन) मैं पानी रखा हुआ है धो लीजिये फिर बात करते है चल ऋ कमला
और ठकुराइन कमला के साथ चली गयी अंदर
अब आगे चलते हैं
इधर तीनो ठाकुर भीमा और राजू चल दिए गार्डन मैं
ठाकुर - अरे भीमा तोडा सम्हाल कर जाना जब घर जाना तो
bhima-wo क्यों मालिक
ठाकुर - अरे देखा नहीं कैसे कमला आँख दिखा
कर गई तुझको
bhima-achha तो अप्प भी सहम कर रहना मालिक
ठाकुर - और वो क्यों भला रे भीमा
भीमा - मालकिन भी तो गुस्से
से गई अंदर की तरफ
भीमा - मालिक मुझको आपसे तो, इस बात की उम्मीद नहीं थी
ठाकुर - क्या किस उम्मीद की बात कर रहा है भीमा बोल
भीमा - यही की मालिक मुझे लगा था की सिर्फ मैं डरता हु अपनी बीवी से पर अप्प भी डरते है
ठाकुर (ठंडी साँस लेकर) - अरे भीमा अब का कहे रे हम हो या तुम इंसान हो या जानवर सब अपनी बीवी से डरते है रे पर है प्यार भी वैसे hi करते हैं अपनी बीवी से
भीमा - है मालिक ये बात तो अपने सही कही
ठाकुर - अच्छा बाकि बाते बाद जकड़ी से हाथ महू धो लो नहीं तो ातु होगी तेरी मालकिन की पंच कमला
राजू इस बात पर हंस पड़ा
bhima-ha वो तो है जैसे मैं आपकी पंच हु मालिक है है है
और तीनो जोर जोर से हसने लगे फिर तीनो चल दिए हवेली के अंदर
जहा सामने हॉल मैं ठकुराइन और सलोनी बैठी थी और काम्य और कमला रसोइए मैं थी अपने ससुर को आता देख सलोनी कड़ी हो गयी और उसको खड़ा होता देख ठाकुर साहब बोले
ठाकुर - अरे बड़ी बहु कड़ी क्यों हो गयी बैठो हमने तुमको कितनी बार कहा है की तुम मेरी बहु नहीं बेटी हो
ठकुराइन - तुम्हारे ससुर जी सही बोल रहे है सलोनी बेथ जाओ
राजू को देख कर
ठकुराइन - राजू बीटा आजा तू मेरे पास बेथ जरा
उस तरह ठाकुर राजू और सलोनी अपने ऍबे जगह बेथ गया और राजू ठकुराइन के पास बेथ गया
ठाकुर - देखो ठकुराइन मुजक्क पता है तू गुस्से मैं है और ये टिक भी है पर पहके मेरी पूरी बात सुन ले
raju(toda मस्ती के मुद मैं) - क्या बाबूजी जी अप्प भी मजी के रूठने से पहले hi उनको मानाने लगे इतना प्यार करते हो मजी से
तब तक कमाया और कमला भी चाय लेकर आ गई थी और राजू की इस बात पर पूरी हवेली हंसी से
गूंज उठी और दोनों बहु महू छुपा कर हसने लगी और ठकुराइन शर्माने लगी
kamla-aaye ह्या मालकिन जरा देखो तू जरा हाय मालकिन ऐसे शर्मा रही हो जैसे नै नवेली दुल्हन जो hi hi hi hi

एक बार फिर से हवेली मैं हंसी गूंज उठी
ठकुराइन - चुप हो जा कामिनी और ये क्या हंस रही शर्म नहीं आती तुझको
kamla-lo कर लो बात अरे मालकिन हम सब के हिस्से का तो अप्प एकेके hi शर्मा रही हो और रही बात हंसी की टी बड़े बुजुर्ग खा गए है की खाने और हसने मैं कभी शर्म बही करणु चाइये
कमाया - अच्छा बाकि बाते बाद मैं होती रहेगी पहले चाय पि लीजिये सब नहीं तो ठंडी हो जाएगी काकी तोड़ी मदद करना तो मेरी
फिर कमाया और कमला ने मिलकर सब को चाय बात दी
ठकुराइन (चाय की चुस्की लेते हुए) आपको इतनी देर कैसे हुई ये बात बाद मैं करेंगे पहले हॉस्पिटल मैं क्या हुआ वो जरा बता दीजिये
ठाकुर - हूँ टिक है तो पहले हॉस्पिटल की बात सुन ले तो हुआ ये की जब हम हॉस्पिटल गए to(uske बाद जो कुछ हुआ उसको बता दिया) पर राजू का हाथ
ठकुराइन - क्या कोई परेशानी तो नहीं हाथो मैं कही कोई अंदरूनी चोट तो नहीं
ठाकुर - अरे ठकुराइन तू पूरी बात सुन तो ले पहले वो डॉक्टर ने बोलै की क्युकी इतने दिनों से राजू के हाथो मैं पलास्टर (प्लास्टर) लगा हुआ था तो हाथो मैं अभी कमजोरी है इसकिये उसको अभी किसी भी तरह कब वजन वाले सामान उठाने से मन किया है और साथ मैं भीमा को ये भी बोलै की दिन मैं -2 टाइम राजू के हाथो और पेरो की अच्छे से मालिश कर दे
ठकुराइन - हूँ डॉक्टर ने सही बोलै और सुन भीमा ये बात घंट बंद ले समझा भूल मत जाना इस बात को
bhima-app बिलकुल चिंता
मत कीजिए मालकिन मैं नहीं भूलूंगा ये बात
ठकुराइन राजू से- अच्छा राजू जा तोडा आराम करले बहुत ताख गया होगा भीमा जरा राजू की मदद करना तो
raju-are मजी अऊ क्यों काका को तकलफ़ दे रही हो मैं चला जाऊंगा आराम से अप्प चिंता मत करो
ठकुराइन - टिक है अकेले hi जा पर ध्यान से और आराम से जाना
एयर राजू चक दिया ऊपर की और
ठाकुर - और एक बाह्यत hi अज्जिब बात भी बोली डॉक्टर ने (यही की राजू को कुछ वर्ड्स याद आते है) तो उनका ये मानना है की हमे राजू को पढ़ना चाहिए
ठकुराइन और बाकि सब का तो दिमाग गम गया
पर क्युकी काम्य मेडिकल की स्टूडेंट थी उसलिए उसको बहुत हद तक ये बात समाःज मए आ गई थी
ठकुराइन - हूँ डॉक्टर भी टिक है बोल रहे है कुछ भी हो पर हमे राजू को सामान्य सिक्छा देनी चाहिए
ठाकुर - है तू टिक बोल रही है ठकुराइन इसलिए तुम सब अपनी होनी रे मुझे दो क्युकी अगर राजू को पढ़ना है तो किसी मास्टर (टीचर) की ज़रूरत तो पड़ेगी hi
saloni-par बाबूजी यही तो बड़ी परेशानी है
ठाकुर - क्या बड़ी परेशानी बड़ी बहु बोलो
saloni-babuji ाओल तो जानते हो की हमारे गावो मैं कोई इतना पढ़ा लिखी नक़्ही है और जो पढ़ा लिखा है वो दूसरी जगह काम (जॉब) कर रहे है और अगर हमने किसी को बहार से बुलया तो कही पहले (नर्स काण्ड) की तरह कुछ उल्टा न हो जाये
ठकुराइन - तुम भी सही बोल रही हो बड़ी बहु पर कुछ तो सोचना पड़ेगा न
कमाया जो सरे बर्तन के कर चली गई थी रसोई मैं
kamla-malik अगर अप्प इजाजत दे तो मेरे पास इसका एक उपाय है
तो बे कॉन्टिनोएड
प्रीवियस
ठकुराइन - क्या चल जल्दी से मेरे साथ
इससे पहले की ठाकुर साहब दरवाजे के अंदर पैर रख पते ठकुराइन सामने कड़ी हो गई
ठकुराइन - हूँ क्या जी क्या करने जा रहे थे अभी हूँ
ठाकुर - अरे भगवन अब अंदर आने देगी या नहीं और तू ये द्वारपाल बन कर क्यों कढ़ी हो गई है
ठकुराइन - क्या जी अप्प भूल गए क्या की अभी कितनी बीमारी फेल रही है ऊपर से अब सभी हॉस्पिटल से आये हो और बिना हाथ पीर साफ किये हवेली के अंदर आ रहे थे हूँ
ठाकुर - अरे अच्छा हुआ की तूने याद दिला दिया ठकुराइन ससुरा हम तो भूल hi गए थे ला पानी ला अभी धो लेते है
ठकुराइन - सब के लिए बगीचे (गार्डन) मैं पानी रखा हुआ है धो लीजिये फिर बात करते है चल ऋ कमला
और ठकुराइन कमला के साथ चली गयी अंदर
अब आगे चलते हैं
इधर तीनो ठाकुर भीमा और राजू चल दिए गार्डन मैं
ठाकुर - अरे भीमा तोडा सम्हाल कर जाना जब घर जाना तो
bhima-wo क्यों मालिक
ठाकुर - अरे देखा नहीं कैसे कमला आँख दिखा
bhima-achha तो अप्प भी सहम कर रहना मालिक
ठाकुर - और वो क्यों भला रे भीमा
भीमा - मालकिन भी तो गुस्से
भीमा - मालिक मुझको आपसे तो, इस बात की उम्मीद नहीं थी
ठाकुर - क्या किस उम्मीद की बात कर रहा है भीमा बोल
भीमा - यही की मालिक मुझे लगा था की सिर्फ मैं डरता हु अपनी बीवी से पर अप्प भी डरते है
ठाकुर (ठंडी साँस लेकर) - अरे भीमा अब का कहे रे हम हो या तुम इंसान हो या जानवर सब अपनी बीवी से डरते है रे पर है प्यार भी वैसे hi करते हैं अपनी बीवी से
भीमा - है मालिक ये बात तो अपने सही कही
ठाकुर - अच्छा बाकि बाते बाद जकड़ी से हाथ महू धो लो नहीं तो ातु होगी तेरी मालकिन की पंच कमला
राजू इस बात पर हंस पड़ा
bhima-ha वो तो है जैसे मैं आपकी पंच हु मालिक है है है
और तीनो जोर जोर से हसने लगे फिर तीनो चल दिए हवेली के अंदर
जहा सामने हॉल मैं ठकुराइन और सलोनी बैठी थी और काम्य और कमला रसोइए मैं थी अपने ससुर को आता देख सलोनी कड़ी हो गयी और उसको खड़ा होता देख ठाकुर साहब बोले
ठाकुर - अरे बड़ी बहु कड़ी क्यों हो गयी बैठो हमने तुमको कितनी बार कहा है की तुम मेरी बहु नहीं बेटी हो
ठकुराइन - तुम्हारे ससुर जी सही बोल रहे है सलोनी बेथ जाओ
राजू को देख कर
ठकुराइन - राजू बीटा आजा तू मेरे पास बेथ जरा
उस तरह ठाकुर राजू और सलोनी अपने ऍबे जगह बेथ गया और राजू ठकुराइन के पास बेथ गया
ठाकुर - देखो ठकुराइन मुजक्क पता है तू गुस्से मैं है और ये टिक भी है पर पहके मेरी पूरी बात सुन ले
raju(toda मस्ती के मुद मैं) - क्या बाबूजी जी अप्प भी मजी के रूठने से पहले hi उनको मानाने लगे इतना प्यार करते हो मजी से
तब तक कमाया और कमला भी चाय लेकर आ गई थी और राजू की इस बात पर पूरी हवेली हंसी से
kamla-aaye ह्या मालकिन जरा देखो तू जरा हाय मालकिन ऐसे शर्मा रही हो जैसे नै नवेली दुल्हन जो hi hi hi hi
एक बार फिर से हवेली मैं हंसी गूंज उठी
ठकुराइन - चुप हो जा कामिनी और ये क्या हंस रही शर्म नहीं आती तुझको
kamla-lo कर लो बात अरे मालकिन हम सब के हिस्से का तो अप्प एकेके hi शर्मा रही हो और रही बात हंसी की टी बड़े बुजुर्ग खा गए है की खाने और हसने मैं कभी शर्म बही करणु चाइये
कमाया - अच्छा बाकि बाते बाद मैं होती रहेगी पहले चाय पि लीजिये सब नहीं तो ठंडी हो जाएगी काकी तोड़ी मदद करना तो मेरी
फिर कमाया और कमला ने मिलकर सब को चाय बात दी
ठकुराइन (चाय की चुस्की लेते हुए) आपको इतनी देर कैसे हुई ये बात बाद मैं करेंगे पहले हॉस्पिटल मैं क्या हुआ वो जरा बता दीजिये
ठाकुर - हूँ टिक है तो पहले हॉस्पिटल की बात सुन ले तो हुआ ये की जब हम हॉस्पिटल गए to(uske बाद जो कुछ हुआ उसको बता दिया) पर राजू का हाथ
ठकुराइन - क्या कोई परेशानी तो नहीं हाथो मैं कही कोई अंदरूनी चोट तो नहीं
ठाकुर - अरे ठकुराइन तू पूरी बात सुन तो ले पहले वो डॉक्टर ने बोलै की क्युकी इतने दिनों से राजू के हाथो मैं पलास्टर (प्लास्टर) लगा हुआ था तो हाथो मैं अभी कमजोरी है इसकिये उसको अभी किसी भी तरह कब वजन वाले सामान उठाने से मन किया है और साथ मैं भीमा को ये भी बोलै की दिन मैं -2 टाइम राजू के हाथो और पेरो की अच्छे से मालिश कर दे
ठकुराइन - हूँ डॉक्टर ने सही बोलै और सुन भीमा ये बात घंट बंद ले समझा भूल मत जाना इस बात को
bhima-app बिलकुल चिंता
मत कीजिए मालकिन मैं नहीं भूलूंगा ये बात
ठकुराइन राजू से- अच्छा राजू जा तोडा आराम करले बहुत ताख गया होगा भीमा जरा राजू की मदद करना तो
raju-are मजी अऊ क्यों काका को तकलफ़ दे रही हो मैं चला जाऊंगा आराम से अप्प चिंता मत करो
ठकुराइन - टिक है अकेले hi जा पर ध्यान से और आराम से जाना
एयर राजू चक दिया ऊपर की और
ठाकुर - और एक बाह्यत hi अज्जिब बात भी बोली डॉक्टर ने (यही की राजू को कुछ वर्ड्स याद आते है) तो उनका ये मानना है की हमे राजू को पढ़ना चाहिए
ठकुराइन और बाकि सब का तो दिमाग गम गया
ठकुराइन - हूँ डॉक्टर भी टिक है बोल रहे है कुछ भी हो पर हमे राजू को सामान्य सिक्छा देनी चाहिए
ठाकुर - है तू टिक बोल रही है ठकुराइन इसलिए तुम सब अपनी होनी रे मुझे दो क्युकी अगर राजू को पढ़ना है तो किसी मास्टर (टीचर) की ज़रूरत तो पड़ेगी hi
saloni-par बाबूजी यही तो बड़ी परेशानी है
ठाकुर - क्या बड़ी परेशानी बड़ी बहु बोलो
saloni-babuji ाओल तो जानते हो की हमारे गावो मैं कोई इतना पढ़ा लिखी नक़्ही है और जो पढ़ा लिखा है वो दूसरी जगह काम (जॉब) कर रहे है और अगर हमने किसी को बहार से बुलया तो कही पहले (नर्स काण्ड) की तरह कुछ उल्टा न हो जाये
ठकुराइन - तुम भी सही बोल रही हो बड़ी बहु पर कुछ तो सोचना पड़ेगा न
कमाया जो सरे बर्तन के कर चली गई थी रसोई मैं
kamla-malik अगर अप्प इजाजत दे तो मेरे पास इसका एक उपाय है