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अपडेट 38
(कैट
फाइट स्टार्ट बिट विन माया काम्य )
प्रीवियस
राजू - अरे भाभी बात तो सुन लो पूरी जब माया भाभी ने पूछा की अप्प और उनमे कोण ज्यादा खूबसूरत है तो मेने अप्पके नाम लिया
काम्य - अच्छा टिल है पूछ लेती हु अगर मुझसे झूट बोलै तो
राजू- भाभी मैं किसी से भी झूट बोल सकता हूँ पर अप्प और से नहीं क्युकी अप्प मेरे लिए वो इंग्लिश मए क्या बोलते है है यद् आया क्युकी अप्प मेरे लिए स्पेशल हो
अब तो भैया काम्य के गाल और गुलाबी हो गया सुर अब वो राजू से नज़रे भी नहीं मिला सकती इतनी शर्म आ रही थी उसको अब जो है
काम्य और राजू दोनों एक साथ निचे आ रहे थे और दोनों ने लगभग एक hi कलर के कायदे पहने हुए थे इन दोनों की जोड़ी बहुत hi सुन्दर दिख रही थी जिसको देख कर माया मेडम जक रही थी
maya(man मए) - अच्छा तो इसकिये इस कामिनी (काम्य) ने कमला काकी को निचे भेज दिया ताकि राज के साथ हस्ते हुए आ सके और देखो तो सही दोनों के कपडे भी एक जैसे है हु
बेटी माया तुझको कुछ करना पड़ेगा वो भी बहुत जल्दी वर्ण ये काम्य जित बा जाये हूँ....
तो चलिए सुरु करते है आज का अपडेट
तो काम्य और राजू दोनों निचे आ गए ठकुराइन राजू के पास जाकर बोलने लगी
ठकुराइन - कर क्या रहा था तू इतनी देर से हु
राजू- क्या कर रहा था नाहा रहा था अम्मा और क्या क्यों
ठकुराइन - अरे क्युके मैं तेरा इंतजाए कर रही थी इतनी देर से पता है
राजू- क्यों इंतजार कर रही थी मेरा अप्प कुछ काम था क्या
ठकुराइन - अरे कोई काम नहीं था तू तो ऐसे बात कर रहा है जैसे तुझको कुछ पता hi नहीं जनता है न अज्ज बरसो बड्ड मेरा परिवार आया है तो तुजू सबसे और सबको तुजसे मिलवाना है इधर आ मेरे साथ और काम्य बहु
काम्य- जी मजी
ठकुराइन - मैं इसको सबसे मिलवाती हु तब तक तुम इसके लिए नास्ता निकल देना टिक है
काम्य- टिक है मजी अब्जी निकलती हु
ठकुराइन - सुनिए सभी लीग ये मेरे परिवार का एक और सदस्य राजू और राजू इसने मिलो ये मेरी
और ठकुराइन ने राजू को सबके नाम बता दिए और रिश्ते भी सिमा, और देवकी ने राजू को अशुरवाद दिया वही बाकि बहु ने नमस्ते और परिधि के साथ hello किया
सब से मिलने के बाद
राजू- अम्मा हो गया क्या मुझको बहुत जोर की भूक लगी है मैं पहले खा कर आता हु
और राजू चल दिया रसोई की और उसको जाते देख माया बोली
माया- मजी क्या मैं भी सलोनी भाभी की मदद करने जाऊ
ठकुराइन - अरे माया बहु ये भी कोई ोुचने की बात ये तो तुम्हारा hi घर है जाओ
और माया भी राजू की पीछे जाकर रसोई मए चली गई माया को रसोई मए आते देख काम्य सोचने लगी
kamya(man मए) - ये कामिनी यहाँ क्या कर रही है जहा तक मैं इसको जानती हु ये बिना वजह के कुछ नहीं करती है जरूर कुछ न कुछ कांड सोच कर आई होगी
तभी सलोनी माया को देख कर बोलने लगी
सलोनी- अरे माया तुम यहाँ क्या कर रही हो
maya-kyu भाभी मैं यहाँ नहीं आ सकती क्या हु
सलोनी - अरे मेरा वो मतलब नहीं था मैं ये कह रही थी की अगर किसी चीज की जरुरत थी तो मुझे या काकी को बोल देती
माया- अरे भाभी मैं कोई मेहमान तोड़ी हु जो किसी चीज के लिए किसी को बोलना पड़े मैं तो बस आपकी मदद करने आई हु
सलोनी - अच्छा टिक है पर मुझको किसी मदद की जरुरत नहीं है तुम आराम करो
माया- क्या भाभी क्या अप्प मुझे काम्य जैसे प्यार नहीं करती क्या जो मुझे रोक रही हो
ये बात काम्य ने सुन ली जोकि राजू के लिए थाली सजा रही थी
काम्य- ये नौटंकी ये नाटक बंद कर मैं तुझको अछि तरह से जानती हु समझी बिना किसी वजह से तू कोई काम नहीं करती है बता क्या बात है
माया- देखो सलोनी भाभी ये मुझपर इंजाम लगा ताहि है अप्प कुछ बोलती क्यों नहीं हो इसको
सलोनी ने बोलने के लिए महू खोला hi था की काम्य फिर बोल पड़ी
काम्य - दीदी को क्यों बच मए लती है दीदी बहुत भोली है उनको सब लगी भले hi दीखते है समझी
तभी राजू भी रसोई मए आ गया जो इनकी बकबक सुन रहा था वो बोलै
Raju-are काम्य भाभी ये अप्प किस तरह की बक बक मए फास गई हो आपको पता है न की मुझसे भख बर्दास्त नहीं होती मैं कितनी देर से अप्प का इंतजार कर रहा था
काम्य- है है राज मुझको पता है इसलिए देखो थाली तैयार है कहा बैठो गए टेबल मए क्या
Raju-nahi व अकेला बैठना मुझको पसंद नहीं है अप्प यहाँ मुझको खाना दे दो
फिर एक चटाई ली और राजू वही बाथ गया अब खाने लगा
Raju-wa भाभी हमेसा की तरह अज्ज भी आपके हाथो का कोई जवाब नहीं है बहुत बढ़िया अप्प के जैसा कोई खाना नहीं बना सकता है
काम्य (खुश
होकर) - थैंक्स राज तुमको पसंद आया खाना इसलिए
राजू के महू से काम्य की तारीफ सुनकर माया को गुस्सा नहीं बल्कि जलन सी हुई तो वो भी बोली
माया- अच्छा तो मरस राजू अपने अभी तक मेरे हाथो का खाना नहीं खाया है इसलिए आपको ऐसा लगता है
राजू - क्या मतलब आपका भाभी
Saloni-are राजू तुमको नहीं पता की जितना सवाद काम्य के हाथो मैं है उतना hi सवाद माया के हाथो मैं भी है
राजू- अच्छा सच मए टिक अब मेने अभी तक माया भाभी के हाथो का खाना नहीं खाया हु तो मुझे नहीं पता वैसे अप्प सब ने कर लिया नास्ता
सलोनी- सब का हो hi गया है सिर्फ छोटी भुकी है उसने नहीं किया है अभी तक नास्ता
Kamya-kya दीदी अप्प भी तुम आराम से खा लो मैं लास्ट मए खा लुंगी
Raju-are ऐसे कैसे लास्ट मए खा लुंगी अप्प टीम देख रही हो कितनी देर हो गई वो ऐसे मए आपको ताब्यात ख़राब हो सकती है न अप्प मेरे साथ बाथ कर खा लीजिये
काम्य- अरे नहीं इसकी कोई जरुरत नहीं है
राजू - ऐसे कैसे नहीं है है जरुरत इधर आवो
और राजू उठा और काम्य का हाथ पकड़ कर अपने साथ hi बैठा लिया और काम्य किसी बच्ची की तरह बाथ भी है फिर राजू ने बड़े प्यार से काम्य को एक रोटी का निवाला लिया और
राजू- चलिए महू खोलिये ये लीजिये जकड़ी से
और काम्य ने भी बड़े ऐडा के साथ खा लिया जहा ये सीन देख कोई भी बोल सकता था की एक पति होनी पत्नी को खाना खिला रहा है इसकक देख कर माया की जलन और बढ़ गई तभी काम्य ने माया को देख कर एक कुटिल मुस्कान दी जैसे बोल रही हो देख राजू को मेरी कितनी फ़िक्र है और इसने कारन तो माया की जलन मए गहि का काम किया तब माया सलोनी से
माया- भाभी ये राजू
सलोनी- अरे तुम उन दोनों पर ध्यान मत दो ुमका ये सब चकता रहता है
माया - क्या मतलब भाभी मैं कुछ समझी नहीं
सलोनी - अब तू तो जानती hi है की काम्य कितनी चंचल है और राजू तो बहुत नटकट है तो वो कभी मजी को कभी छोटी को तो कभी कभी मुझको भी अपने साथ बैठा कर खाना खिला देता है या फिर हमरे साथ खा लेता है समझी
माया- अच्छा तो ये बात है हूँ
तो माया भी राजू के पास चमी गई और बोलने लगी
maya-kyu राजू क्या सिर्फ अपनी काम्य भाभी को hi खाना खिलते हो
Raju-nahi जिनको भी खाना होता है खिला देता हु (मासूम लड़का
)
माया- अच्छा तो चलो मुझे भी खिला दो अपने हाथो से खाना
kamya(aankein दिखती हुई) - ये तू क्या बोल रही है माया तूने तो अभी तो नास्ता किया न सबके साथ तो कैसे खा सकती है तू राजू उसको छोड़ो चलो हम लोग खाना ख़त्म करते है
माया( मासूम चहेरा बना कर) - राजू क्या तुम मुझे होनी भाभी नहीं मानते हूँ
जो मुझको नहीं खिलाओगे हु
kamya(man मए) - इस कामिनी को पता है की राजू कितना भोला है इसलिए देखो किसी भोली सूरत बना ली है राजू के सामने
राजू- अरे नहीं भाभी अप्प भी मेरी भाभी hi हो अप्प नाराज क्यों हो रही हो (एक निवाला बना कर माया की और करते हुए) ये लीजिये अप्प भी खा लीजिये
अब माया कहा ोीचे हटने वाली थी उस्सने भी बड़ी ऐडा से राजू के हाथ से खाना खा hi लिए फिर तीनो ने मिल कर खाना ख़त्म किया
राजू थाली उतने लगा तो माया बोल पड़ी
माया - अरे तुम रहने दो ये मैं कर लेती हूँ टिक है तुम जाओ हूँ
राजू- टिक है अच्छा चकता हु सलोनी भाभी काम्य भाभी और माया भाभी वैसे काम्य भाभी अज्ज मुनीम जी आने वाले है क्या
काम्य- आने वाले तो थे पर क्युकी अज्ज सभी लोग आ रहे है इसलिए मजी ने उनको अज्ज आने से मन कर दिया और उनकी ताब्यात भी तोड़ी टिक नहीं थी
राजू - क्या
मुनीम काका की ताब्यात ख़राब है और मुझे मैं अभी जाता हु उनके घर
काम्य- अरे राजू वह जाने से कोई फायदा नहीं होगा तुमको
राजू- क्यों भाभी
काम्य- क्युकी उनके बेटे मुनीम काका को अज्ज हॉस्पिटल ले जाने वाले थे या ले जा चुके होंगे तुम एक काम करना तुम कल चके जाना उनके पास टिक है
राजू- अच्छा हुआ भाभी अप्प ने बता दिया वर्ण फालतू मैं वह चका जाता मैं अहह मेरा सर
उधर से ठकुराइन और कमला भी आ रहे जिन्होंने राजू को अपने सर को पकड़ते देख लिया जिसको देख सभी को चिंता होने लगी
ठकुराइन (राजू के सर पर हाथ रखते हुए) - क्या हुआ बीटा क्या सर मए कोई तकलीफ हो रही है मैं डॉक्टर को बुलावा लू क्या
राजू- अरे नहीं अम्मा वैसे दर्द नहीं जैसा अप्प्प समझ रही हो वो क्या है न अज्ज मैं तोडा ज्यादा समय तक दूप मए बहार था फिर बहुत देर नाहा लिया इसलिए सायद दर्द हो रहा है
कमला- हँ लगता है मालकिन गर्मी चढ़ गई सर मए इसलिए दर्द हो रहा होगा इसको
सलोनी- मेने तुमको बोलै भी था न राजू की अज्ज गर्मी बहुत ज्यादा है जल्दी वापिस आ जाना पर तुमने मेरी बात सुनी नहीं अब देखो
ठकुराइन - अरे तुम सब अपनी बाते बाद मए करती रहना पहले इसके दर्द का कुछ करो
माया - दर्द की गोली खिला दो टिक हो जायेगा दर्द
काम्य- नहीं माया हर छोटी छोटी चीज के लिए गोली की आदत डालना सही नहीं है काकी आपको तो बहुत सी गरेलु नुस्के पता होते है न अप्प hi बता दो
कमला- अरे इसने कोण सी बड़ी बात है मालकिन तोडा सा सरसो का तेल को कुनकुना करके इसके सर की मालिश कर दो सारा दर्द भाग जायेगा
ठकुराइन - है ये टिक रहेगा बड़ी बहु तुम तेल गरम गारो और तू चल मेरे साथ अज्ज कल किसी की बात नहीं सुनता है
और ठकुराइन राजू को ले कर हॉल मए आ गई चल बाथ मेरे पास
राजू जो है ठकुराइन के पेरो के पास बाथ गया अपना सर ठकुराइन की गॉड मए रख कर जिसको देख सिमा बोलने लगी
सिमा ठाकुर - अरे सन्ति ये राजू निचे क्यों बाथ रहा है क्या हुआ
ठकुराइन - अब क्या बताऊ दीदी साहब्जाफे को दौड़ने का बहुत सोख है दौड़ने गए थे इतनी गर्मी मए और नाहा लिया 12 बजे चढ़ गई गर्मी सर मए इसलिए तेल गरम करा रही हु ताकि इसके सर की मालिश कर सकू
देवकी राणा - है ये सही किया तूने सन्ति गरम तेल से आराम मिलेगा जल्दी से
तभी काम्य माया सलोनी भी आ गई हॉल कमला भी तेल लेकर आ गई
कमला- ये लीजिये मालकिन तेल
ठकुराइन ने धीरे से तेल को छू कर देखा की तेल ज्यादा गरम तो नहीं है फिर धीरे से वो राजू के सर की मालिश करने लगी
राजू- आए हहहह अम्मा वो क्या जादू है आपकी हटो मैं मजा आ गया ऐसा लगता है हर दिन ाओसे मालिश करवाता राहु आ हहह
ठकुराइन - है है क्यों नहीं जैसे मैं हमेसा खली बैठे रहती हु न
राजू ( तोडा मस्ती मए) - और नहीं तो क्या अम्मा दो आज्ञा करि बहु एक समझदार कमला काकी है इतने सरे नुकर चाकर है बस तुमको बाथ कर सबको डाटना hi तो है
राजू की इस बात पर सभी लोग जोर से हसने लगे
ठकुराइन - बदमाश कही का मुझसे मजाक करता है
तभी ठाकुर साहब आ कर बोलने लगे
ठाकुर - अरे ठकुराइन ये तू राजू की मालिश क्या कर रही है अच्छा कर रही है तो कोई बात नहीं पर फिर भी अरे हमारा परिवार इतने डिमो बाद आया है तू एक काम कर तू सभी लोगो को हवेली घुमा ले
ठकुराइन - है टिक है पर इसकक मालिश
ठाकुर - अरे उसका क्या हमरी छोटी बहु है न वो कर देगी है न छोटी बहु
जी बाबूजी
अब ये बात दो महू से निकली एक तो काम्य दूसरी माया और दोनों एक दूसरे को तिरछी नज़रों
से देखने लगी जैसे बोल रही हो मालिश तो मैं hi करुंगु
अब राजू एक भाभी 2 किसकी होगी जित उसको लिए कीजिये इंतजार
तो बे कॉन्टिनोएड 
(कैट
प्रीवियस
राजू - अरे भाभी बात तो सुन लो पूरी जब माया भाभी ने पूछा की अप्प और उनमे कोण ज्यादा खूबसूरत है तो मेने अप्पके नाम लिया
काम्य - अच्छा टिल है पूछ लेती हु अगर मुझसे झूट बोलै तो
राजू- भाभी मैं किसी से भी झूट बोल सकता हूँ पर अप्प और से नहीं क्युकी अप्प मेरे लिए वो इंग्लिश मए क्या बोलते है है यद् आया क्युकी अप्प मेरे लिए स्पेशल हो
अब तो भैया काम्य के गाल और गुलाबी हो गया सुर अब वो राजू से नज़रे भी नहीं मिला सकती इतनी शर्म आ रही थी उसको अब जो है
काम्य और राजू दोनों एक साथ निचे आ रहे थे और दोनों ने लगभग एक hi कलर के कायदे पहने हुए थे इन दोनों की जोड़ी बहुत hi सुन्दर दिख रही थी जिसको देख कर माया मेडम जक रही थी
maya(man मए) - अच्छा तो इसकिये इस कामिनी (काम्य) ने कमला काकी को निचे भेज दिया ताकि राज के साथ हस्ते हुए आ सके और देखो तो सही दोनों के कपडे भी एक जैसे है हु
बेटी माया तुझको कुछ करना पड़ेगा वो भी बहुत जल्दी वर्ण ये काम्य जित बा जाये हूँ....
तो चलिए सुरु करते है आज का अपडेट
तो काम्य और राजू दोनों निचे आ गए ठकुराइन राजू के पास जाकर बोलने लगी
ठकुराइन - कर क्या रहा था तू इतनी देर से हु
राजू- क्या कर रहा था नाहा रहा था अम्मा और क्या क्यों
ठकुराइन - अरे क्युके मैं तेरा इंतजाए कर रही थी इतनी देर से पता है
राजू- क्यों इंतजार कर रही थी मेरा अप्प कुछ काम था क्या
ठकुराइन - अरे कोई काम नहीं था तू तो ऐसे बात कर रहा है जैसे तुझको कुछ पता hi नहीं जनता है न अज्ज बरसो बड्ड मेरा परिवार आया है तो तुजू सबसे और सबको तुजसे मिलवाना है इधर आ मेरे साथ और काम्य बहु
काम्य- जी मजी
ठकुराइन - मैं इसको सबसे मिलवाती हु तब तक तुम इसके लिए नास्ता निकल देना टिक है
काम्य- टिक है मजी अब्जी निकलती हु
ठकुराइन - सुनिए सभी लीग ये मेरे परिवार का एक और सदस्य राजू और राजू इसने मिलो ये मेरी
और ठकुराइन ने राजू को सबके नाम बता दिए और रिश्ते भी सिमा, और देवकी ने राजू को अशुरवाद दिया वही बाकि बहु ने नमस्ते और परिधि के साथ hello किया
सब से मिलने के बाद
राजू- अम्मा हो गया क्या मुझको बहुत जोर की भूक लगी है मैं पहले खा कर आता हु
और राजू चल दिया रसोई की और उसको जाते देख माया बोली
माया- मजी क्या मैं भी सलोनी भाभी की मदद करने जाऊ
ठकुराइन - अरे माया बहु ये भी कोई ोुचने की बात ये तो तुम्हारा hi घर है जाओ
और माया भी राजू की पीछे जाकर रसोई मए चली गई माया को रसोई मए आते देख काम्य सोचने लगी
kamya(man मए) - ये कामिनी यहाँ क्या कर रही है जहा तक मैं इसको जानती हु ये बिना वजह के कुछ नहीं करती है जरूर कुछ न कुछ कांड सोच कर आई होगी
तभी सलोनी माया को देख कर बोलने लगी
सलोनी- अरे माया तुम यहाँ क्या कर रही हो
maya-kyu भाभी मैं यहाँ नहीं आ सकती क्या हु
सलोनी - अरे मेरा वो मतलब नहीं था मैं ये कह रही थी की अगर किसी चीज की जरुरत थी तो मुझे या काकी को बोल देती
माया- अरे भाभी मैं कोई मेहमान तोड़ी हु जो किसी चीज के लिए किसी को बोलना पड़े मैं तो बस आपकी मदद करने आई हु
सलोनी - अच्छा टिक है पर मुझको किसी मदद की जरुरत नहीं है तुम आराम करो
माया- क्या भाभी क्या अप्प मुझे काम्य जैसे प्यार नहीं करती क्या जो मुझे रोक रही हो
ये बात काम्य ने सुन ली जोकि राजू के लिए थाली सजा रही थी
काम्य- ये नौटंकी ये नाटक बंद कर मैं तुझको अछि तरह से जानती हु समझी बिना किसी वजह से तू कोई काम नहीं करती है बता क्या बात है
माया- देखो सलोनी भाभी ये मुझपर इंजाम लगा ताहि है अप्प कुछ बोलती क्यों नहीं हो इसको
सलोनी ने बोलने के लिए महू खोला hi था की काम्य फिर बोल पड़ी
काम्य - दीदी को क्यों बच मए लती है दीदी बहुत भोली है उनको सब लगी भले hi दीखते है समझी
तभी राजू भी रसोई मए आ गया जो इनकी बकबक सुन रहा था वो बोलै
Raju-are काम्य भाभी ये अप्प किस तरह की बक बक मए फास गई हो आपको पता है न की मुझसे भख बर्दास्त नहीं होती मैं कितनी देर से अप्प का इंतजार कर रहा था
काम्य- है है राज मुझको पता है इसलिए देखो थाली तैयार है कहा बैठो गए टेबल मए क्या
Raju-nahi व अकेला बैठना मुझको पसंद नहीं है अप्प यहाँ मुझको खाना दे दो
फिर एक चटाई ली और राजू वही बाथ गया अब खाने लगा
Raju-wa भाभी हमेसा की तरह अज्ज भी आपके हाथो का कोई जवाब नहीं है बहुत बढ़िया अप्प के जैसा कोई खाना नहीं बना सकता है
काम्य (खुश
राजू के महू से काम्य की तारीफ सुनकर माया को गुस्सा नहीं बल्कि जलन सी हुई तो वो भी बोली
माया- अच्छा तो मरस राजू अपने अभी तक मेरे हाथो का खाना नहीं खाया है इसलिए आपको ऐसा लगता है
राजू - क्या मतलब आपका भाभी
Saloni-are राजू तुमको नहीं पता की जितना सवाद काम्य के हाथो मैं है उतना hi सवाद माया के हाथो मैं भी है
राजू- अच्छा सच मए टिक अब मेने अभी तक माया भाभी के हाथो का खाना नहीं खाया हु तो मुझे नहीं पता वैसे अप्प सब ने कर लिया नास्ता
सलोनी- सब का हो hi गया है सिर्फ छोटी भुकी है उसने नहीं किया है अभी तक नास्ता
Kamya-kya दीदी अप्प भी तुम आराम से खा लो मैं लास्ट मए खा लुंगी
Raju-are ऐसे कैसे लास्ट मए खा लुंगी अप्प टीम देख रही हो कितनी देर हो गई वो ऐसे मए आपको ताब्यात ख़राब हो सकती है न अप्प मेरे साथ बाथ कर खा लीजिये
काम्य- अरे नहीं इसकी कोई जरुरत नहीं है
राजू - ऐसे कैसे नहीं है है जरुरत इधर आवो
और राजू उठा और काम्य का हाथ पकड़ कर अपने साथ hi बैठा लिया और काम्य किसी बच्ची की तरह बाथ भी है फिर राजू ने बड़े प्यार से काम्य को एक रोटी का निवाला लिया और
राजू- चलिए महू खोलिये ये लीजिये जकड़ी से
और काम्य ने भी बड़े ऐडा के साथ खा लिया जहा ये सीन देख कोई भी बोल सकता था की एक पति होनी पत्नी को खाना खिला रहा है इसकक देख कर माया की जलन और बढ़ गई तभी काम्य ने माया को देख कर एक कुटिल मुस्कान दी जैसे बोल रही हो देख राजू को मेरी कितनी फ़िक्र है और इसने कारन तो माया की जलन मए गहि का काम किया तब माया सलोनी से
माया- भाभी ये राजू
सलोनी- अरे तुम उन दोनों पर ध्यान मत दो ुमका ये सब चकता रहता है
माया - क्या मतलब भाभी मैं कुछ समझी नहीं
सलोनी - अब तू तो जानती hi है की काम्य कितनी चंचल है और राजू तो बहुत नटकट है तो वो कभी मजी को कभी छोटी को तो कभी कभी मुझको भी अपने साथ बैठा कर खाना खिला देता है या फिर हमरे साथ खा लेता है समझी
माया- अच्छा तो ये बात है हूँ
तो माया भी राजू के पास चमी गई और बोलने लगी
maya-kyu राजू क्या सिर्फ अपनी काम्य भाभी को hi खाना खिलते हो
Raju-nahi जिनको भी खाना होता है खिला देता हु (मासूम लड़का
माया- अच्छा तो चलो मुझे भी खिला दो अपने हाथो से खाना
kamya(aankein दिखती हुई) - ये तू क्या बोल रही है माया तूने तो अभी तो नास्ता किया न सबके साथ तो कैसे खा सकती है तू राजू उसको छोड़ो चलो हम लोग खाना ख़त्म करते है
माया( मासूम चहेरा बना कर) - राजू क्या तुम मुझे होनी भाभी नहीं मानते हूँ
kamya(man मए) - इस कामिनी को पता है की राजू कितना भोला है इसलिए देखो किसी भोली सूरत बना ली है राजू के सामने
राजू- अरे नहीं भाभी अप्प भी मेरी भाभी hi हो अप्प नाराज क्यों हो रही हो (एक निवाला बना कर माया की और करते हुए) ये लीजिये अप्प भी खा लीजिये
अब माया कहा ोीचे हटने वाली थी उस्सने भी बड़ी ऐडा से राजू के हाथ से खाना खा hi लिए फिर तीनो ने मिल कर खाना ख़त्म किया
राजू थाली उतने लगा तो माया बोल पड़ी
माया - अरे तुम रहने दो ये मैं कर लेती हूँ टिक है तुम जाओ हूँ
राजू- टिक है अच्छा चकता हु सलोनी भाभी काम्य भाभी और माया भाभी वैसे काम्य भाभी अज्ज मुनीम जी आने वाले है क्या
काम्य- आने वाले तो थे पर क्युकी अज्ज सभी लोग आ रहे है इसलिए मजी ने उनको अज्ज आने से मन कर दिया और उनकी ताब्यात भी तोड़ी टिक नहीं थी
राजू - क्या
काम्य- अरे राजू वह जाने से कोई फायदा नहीं होगा तुमको
राजू- क्यों भाभी
काम्य- क्युकी उनके बेटे मुनीम काका को अज्ज हॉस्पिटल ले जाने वाले थे या ले जा चुके होंगे तुम एक काम करना तुम कल चके जाना उनके पास टिक है
राजू- अच्छा हुआ भाभी अप्प ने बता दिया वर्ण फालतू मैं वह चका जाता मैं अहह मेरा सर
उधर से ठकुराइन और कमला भी आ रहे जिन्होंने राजू को अपने सर को पकड़ते देख लिया जिसको देख सभी को चिंता होने लगी
ठकुराइन (राजू के सर पर हाथ रखते हुए) - क्या हुआ बीटा क्या सर मए कोई तकलीफ हो रही है मैं डॉक्टर को बुलावा लू क्या
राजू- अरे नहीं अम्मा वैसे दर्द नहीं जैसा अप्प्प समझ रही हो वो क्या है न अज्ज मैं तोडा ज्यादा समय तक दूप मए बहार था फिर बहुत देर नाहा लिया इसलिए सायद दर्द हो रहा है
कमला- हँ लगता है मालकिन गर्मी चढ़ गई सर मए इसलिए दर्द हो रहा होगा इसको
सलोनी- मेने तुमको बोलै भी था न राजू की अज्ज गर्मी बहुत ज्यादा है जल्दी वापिस आ जाना पर तुमने मेरी बात सुनी नहीं अब देखो
ठकुराइन - अरे तुम सब अपनी बाते बाद मए करती रहना पहले इसके दर्द का कुछ करो
माया - दर्द की गोली खिला दो टिक हो जायेगा दर्द
काम्य- नहीं माया हर छोटी छोटी चीज के लिए गोली की आदत डालना सही नहीं है काकी आपको तो बहुत सी गरेलु नुस्के पता होते है न अप्प hi बता दो
कमला- अरे इसने कोण सी बड़ी बात है मालकिन तोडा सा सरसो का तेल को कुनकुना करके इसके सर की मालिश कर दो सारा दर्द भाग जायेगा
ठकुराइन - है ये टिक रहेगा बड़ी बहु तुम तेल गरम गारो और तू चल मेरे साथ अज्ज कल किसी की बात नहीं सुनता है
और ठकुराइन राजू को ले कर हॉल मए आ गई चल बाथ मेरे पास
राजू जो है ठकुराइन के पेरो के पास बाथ गया अपना सर ठकुराइन की गॉड मए रख कर जिसको देख सिमा बोलने लगी
सिमा ठाकुर - अरे सन्ति ये राजू निचे क्यों बाथ रहा है क्या हुआ
ठकुराइन - अब क्या बताऊ दीदी साहब्जाफे को दौड़ने का बहुत सोख है दौड़ने गए थे इतनी गर्मी मए और नाहा लिया 12 बजे चढ़ गई गर्मी सर मए इसलिए तेल गरम करा रही हु ताकि इसके सर की मालिश कर सकू
देवकी राणा - है ये सही किया तूने सन्ति गरम तेल से आराम मिलेगा जल्दी से
तभी काम्य माया सलोनी भी आ गई हॉल कमला भी तेल लेकर आ गई
कमला- ये लीजिये मालकिन तेल
ठकुराइन ने धीरे से तेल को छू कर देखा की तेल ज्यादा गरम तो नहीं है फिर धीरे से वो राजू के सर की मालिश करने लगी
राजू- आए हहहह अम्मा वो क्या जादू है आपकी हटो मैं मजा आ गया ऐसा लगता है हर दिन ाओसे मालिश करवाता राहु आ हहह
ठकुराइन - है है क्यों नहीं जैसे मैं हमेसा खली बैठे रहती हु न
राजू ( तोडा मस्ती मए) - और नहीं तो क्या अम्मा दो आज्ञा करि बहु एक समझदार कमला काकी है इतने सरे नुकर चाकर है बस तुमको बाथ कर सबको डाटना hi तो है
राजू की इस बात पर सभी लोग जोर से हसने लगे
ठकुराइन - बदमाश कही का मुझसे मजाक करता है
तभी ठाकुर साहब आ कर बोलने लगे
ठाकुर - अरे ठकुराइन ये तू राजू की मालिश क्या कर रही है अच्छा कर रही है तो कोई बात नहीं पर फिर भी अरे हमारा परिवार इतने डिमो बाद आया है तू एक काम कर तू सभी लोगो को हवेली घुमा ले
ठकुराइन - है टिक है पर इसकक मालिश
ठाकुर - अरे उसका क्या हमरी छोटी बहु है न वो कर देगी है न छोटी बहु
जी बाबूजी
अब ये बात दो महू से निकली एक तो काम्य दूसरी माया और दोनों एक दूसरे को तिरछी नज़रों
अब राजू एक भाभी 2 किसकी होगी जित उसको लिए कीजिये इंतजार