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- Dec 5, 2013
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Episode 40
एक छोटे सी इवेंट में राजीव और श्वेता की शादी हो गयी. जिस में सिर्फ कच क्लोज फ्रेंड्स और कच फॅमिली मेंबर्स थय.
श्वेता भाबी आगे में राजीव सी बर्री थी. लकिन दोनो की लव मैरिज थी और दोनो की मर्ज़ी थी इस लिए किसी को कोई ऐतराज़ भी नहीं था.
इवेंट क बढ़ हम सब राजीव और श्वेता क घर वापस आ गए.
रात को राजीव अपने कमरे में चला गया और हम भी अपने अपने कमरे में चले गए.
कच दिएर क बढ़ तनु मेरी कमरे में आ गयी.
तनु. मुझे अकेली नींद नहीं आ रही.
सनी. कोई बात नहीं मेरी पास आ जा.
तनु सनी क पास बीएड पैर आ गयी. सनी ने तनु को अपनी बाहुन में भर लिया और तनु सनी सी लिपट क्र सो गयी.
सुबह जब सनी की आंख खुली तो तनु उस की बाहुन में थी
सनी ने तनु को देखा तो वो अब भी सो रही थी.
सनी ने धीरे सी तनु क होंतुन को चूम लिया.
तनु की आंख खुल गयी.
तनु को पता चल गया था क सनी ने उस क होंतुन को चूमा है. लकिन तनु ने कोई रिएक्शन नहीं दिया और ऐसी दिखाया जैसी उसको कच भी पता नहीं चला.
सनी को भी यही लगा क तनु को कच भी पता नहीं चला.
हम सब उठी और नाश्ते की टेबल पैर चले गए.
राजीव और श्वेता भी हमारे साथ थय.
नाश्ते पे हम लोग बातें करने लगी
रेजेश. राजीव आज हम लोग वापस चले जाएं गए.
राजीव. भैया कच दिन और रुक जाती.
राजेश. नहीं यार. मुझे ऑफिस क भी भट काम हैं और सनी की यूनिवर्सिटी भी है.
राजीव. ठीक है भैया जैसी आपको ठीक लगी.
राजेश. ये बताओ तुम दोनो ंकितय कब आ रही हो.
श्वेता. भट जल्दी आएं गए भैया.
हम सब नाश्ता क्र क उठ गए.
राजीव. श्वेता ऑफिस सी कॉल आई थी एक ज़रूरी काम है.
श्वेता. हाँ तुम देख लो क्यों क आगे हम ने हनीमून क लिए भी जाना है.
राजीव. भैया में कच दिएर में वापस आता हूँ
राजेश. कोई बात नहीं. तुम अपना काम क्र क आओ हम शाम में जाएं गए.
भइया भाबी और तनु पैकिंग करने चले गए.
में और श्वेता भाबी हॉल में हे बैठी थय.
श्वेता. राजीव में मुझे बताया तुम्हरे डैड क बारी में. That's तू बाद.
सनी. यू अरे राइट. लकिन अब हमारा उस आदमी सी कोई रिलेशनशिप नहीं है.
श्वेता. राजीव ने बताया क तुम स्टडी क साथ साथ जॉब भी करते हो.
सनी. ग भाबी. डैड ने जब हमें छोरा था तो हम टीनू को अपने लिए सब कच खुद हे करना पर्रा.
श्वेता. तुम्हरी जॉब क्या है.
सनी. आप ने मर दानी का नाम तो सुना हे हो गए
श्वेता. मर दानी. होटल चेन्स हैं जिन की.
सनी. हाँ वोही. वो मेरी बॉस हैं. में उनकी कंपनी में काम करता हूँ. और साथ कच part टाइम जॉब्स भी करता हूँ.
श्वेता. That's गुड.
में और श्वेता भाबी भट दिएर बातें करते रही.
कच दिएर क बढ़ राजीव भाई भी वापस आ गया.
शाम को हम लोग ंकितय क लिए वापस निकले और रात को वापस पोहंच गए
हम ने पहले तनु को उस क घर ड्राप किया और पहर वापस आ गए.
हम रात को लेट वापस आय इस लिए हम घर आती हे सो गए.
अगली सुबह में यूनिवर्सिटी चला गया और भैया ऑफिस चले गए.
राजीव की शादी हो चुकी थी और कच दिन क बढ़ राजीव ने फोन किया क वो और श्वेता भाबी हनीमून क लिए आउट ऑफ़ कंट्री जा रही हैं.
राजीव ने कहा क वो और भाबी वापस आ क्र ंकितय आएं गए.
सनी अपने बाप क खिलाफ साडी इन्वेस्टीगेशन पूरी क्र चूका था और साथ हे सारी सबूत भी जमा क्र चूका था.
में रात को अपने कमरे में बैठा था तो मुझे डेविड की गर्लफ्रेंड दिशा का मैसेज आया.
दिशा. डेविड ने बताया क तुम शिफ्ट हो गए हो.
सनी. हाँ में भैया क साथ शिफ्ट हो गया हूँ.
दिशा. डेविड क फ्लैट पैर आ जाया करो. कभी कभी वहां तुम सी मुलाकात हो जाती थी.
सनी. में तो अक्सर डेविड क फ्लैट पैर हे होता हूँ.
दिशा. तुम्हें यद् है में ने एक बार तुम सी डेविड क बारी में पूछा था.
सनी. हाँ यद् है.
दिशा. मुझे लगता है डेविड मुझे चीट क्र रहा है.
सनी. में ने तुम्हें पहले भी कहा था क तुम्हें कोई गलत फेहमी हुई है.
दिशा. मुझे कोई गलत फेहमी नहीं हुई. में ने कल डेविड को एक लड़की क साथ देखा है.
सनी. वो डेविड की कोई रिलेटिव भी हो सकती है.
दिशा. में डेविड क सब रिलेटिव्स को जानती हूँ.
सनी. दिशा यार तुम फज़ूल में ऐसा सोच रही हो.
दिशा. मुझे तुम्हरी हेल्प चाहिए.
सनी. किसी हेल्प.
दिशा. में डेविड को रेंज हथुन पकड़ना चाहती हूँ.
सनी. उस में में तुम्हारी क्या हेल्प क्र सकता हु.
दिशा. में जानती हूँ तुम डेविड की साडी गिर्ल्फ्रेंड्स क बारी में जानती हो. तुम अपने दोस्त को बचने की कोशिश क्र रहु हो. तुम्हें मेरी हेल्प करनी हो गई.
सनी. में सच में कच नहीं जनता.
दिशा. ठीक है तुम मुझे डेविड क फ्लैट पैर मिलो हम वहां बात करें गए.
आज में यूनिवर्सिटी सी जल्दी फ्री हो गया तो सुनील चची क घर चला गया.
दिन में सुनील चची क घर सिर्फ सुनील चची और बचे होती हैं.
योगी चाचा ऑफिस थय.
सुनील चची ने दरवाज़ा खोला और किचन में चली गयी. में सुनील चची क पीछे किचन में चला गया.
सुनील. केसा है तू. इतने दिनु क बढ़ आया है.
सनी. ाचा हूँ. में आपकी कॉल का इंतज़ार करता रहा लकिन आप ने मुझे नहीं बुलाया.
सुनील. में ने कहा था न जब मौका मिले गए तो बुलाऊँ गई
सनी. यार चची वो मौका कब आय गए. अब में और ज़्यादा दूर नहीं रह सकता आप सी.
सुनील. जल्दी हे आय गए.
सनी. बचे कहाँ हैं.
सुनील. विराट और नीना आय थय. बचे उन क साथ घूमने चले गए.
सनी. और योगी चाचा ऑफिस हैं.
सुनील. हाँ.
सनी. मतलब अपनी सेक्सी चची को किश तो क्र सकता हूँ.
सुनील. तू मुझे किश करना चाहता है.
सनी. करना तो भट कच चाहता हूँ. लकिन जब तक आप नहीं कहो गई तब तक किश हे काफी है.
सुनील चची मेरी पास आई और अपने होंतुन को मेरी होंतुन क करीब ले.
सुनील. चल क्र ले किश अपनी सेक्सी चची को.
सुनील चची मेरी होंतुन को अपने होंतुन में लेना लगी और मेरी होंतुन को हल्का हल्का चूमने लगी.
मेरी होंतुन में भी हरकत आने लगी और में भी सुनील चची क होंतुन को चूमने लगा.
हम दोनो में किसिंग स्टार्ट हो गयी.
सुनील चची ने मेरा हाथ पाकर क्र अपनी कमर पैर रख दिया और मेरी सर को पाकर क्र मेरी होंतुन को चूमने लगी.
सुनील. केसा लगा.
सनी. चची भट मज़ा आया. और करें.
सुनील. और किश करना है.
सनी ने हाँ में सर हिलाया.
सुनील चची ने सनी का फेस पकड़ा और सनी क फेस को चूमते हुए एक बार पहर सनी क होंतुन को चूमने लगी.
इस बार सनी में सुनील चची को अपनी बाहुन में भर लिया और ज़ोर सी जकड लिया.
अब हम दोनो एक दूसरी क होंतुन को चूस रही थय.
अब दोनो एक दूसरी सी लिपटे हुए थय और एक दूसरी को किश क्र रही थय.
मेरा लुंड खरा हो चूका था और सुनील चची की छूट सी टकरा रहा था.
सनी. चची बैडरूम में चलें.
सुनील. नहीं तुम्हरे चाचा आने वाली हैं
सनी. चची सिर्फ किश करें गए. चाचा क आने का पता चलते हे बहार आ जाएं गए.
सुनील. ठीक है चलो.
में ने चची को उठा लिया और चची क होंतुन सी होंठ मिला क्र चची क बैडरूम की तरफ चलने लगा.
चची. बैडरूम में नहीं. गेस्ट रूम में.
में चची को गेस्ट रूम में ले क्र चला गया.
में ने चची को बीएड पैर लेता दिया और चची ऊपर आ गया.
मेरी और चची क होंठ एक बार पहर मिल गए और हम दोनो में किसिंग स्टार्ट हो गयी.
इस बार में चची क होंठ चूस रहा था और साथ हे चची क मम्मी दबा रहा था.
हम दोनो एक दूसरी में गम हो चुके थय और दोनो एक दूसरी क होंतुन को चूम रही थय.
कच दिएर क बढ़ योगी चाचा की कार क हॉर्न की आवाज़ आई तो हम दोनो एक दूसरी सी अलग हो गए और में तुरंत कमरे सी बहार निकल गया.
योगी चाचा अंदर आय तो में सामने बैठा था और सुनील चची किचन में थी.
योगी चाचा. सनी तू कब आया.
सनी. अभी कच दिएर पहले हे आया हूँ चाचा.
योगी. तेरी चची कहाँ है.
सनी. वो किचन में हैं.
योगी. चल ठीक है में चेंज क्र क आता हूँ पहर बात करते हैं.
सुनील चची किचन क दरवाज़ी से मुझे देख क्र मुस्कुराई और पहर किचन में चली गयी.
एक छोटे सी इवेंट में राजीव और श्वेता की शादी हो गयी. जिस में सिर्फ कच क्लोज फ्रेंड्स और कच फॅमिली मेंबर्स थय.
श्वेता भाबी आगे में राजीव सी बर्री थी. लकिन दोनो की लव मैरिज थी और दोनो की मर्ज़ी थी इस लिए किसी को कोई ऐतराज़ भी नहीं था.
इवेंट क बढ़ हम सब राजीव और श्वेता क घर वापस आ गए.
रात को राजीव अपने कमरे में चला गया और हम भी अपने अपने कमरे में चले गए.
कच दिएर क बढ़ तनु मेरी कमरे में आ गयी.
तनु. मुझे अकेली नींद नहीं आ रही.
सनी. कोई बात नहीं मेरी पास आ जा.
तनु सनी क पास बीएड पैर आ गयी. सनी ने तनु को अपनी बाहुन में भर लिया और तनु सनी सी लिपट क्र सो गयी.
सुबह जब सनी की आंख खुली तो तनु उस की बाहुन में थी
सनी ने तनु को देखा तो वो अब भी सो रही थी.
सनी ने धीरे सी तनु क होंतुन को चूम लिया.
तनु की आंख खुल गयी.
तनु को पता चल गया था क सनी ने उस क होंतुन को चूमा है. लकिन तनु ने कोई रिएक्शन नहीं दिया और ऐसी दिखाया जैसी उसको कच भी पता नहीं चला.
सनी को भी यही लगा क तनु को कच भी पता नहीं चला.
हम सब उठी और नाश्ते की टेबल पैर चले गए.
राजीव और श्वेता भी हमारे साथ थय.
नाश्ते पे हम लोग बातें करने लगी
रेजेश. राजीव आज हम लोग वापस चले जाएं गए.
राजीव. भैया कच दिन और रुक जाती.
राजेश. नहीं यार. मुझे ऑफिस क भी भट काम हैं और सनी की यूनिवर्सिटी भी है.
राजीव. ठीक है भैया जैसी आपको ठीक लगी.
राजेश. ये बताओ तुम दोनो ंकितय कब आ रही हो.
श्वेता. भट जल्दी आएं गए भैया.
हम सब नाश्ता क्र क उठ गए.
राजीव. श्वेता ऑफिस सी कॉल आई थी एक ज़रूरी काम है.
श्वेता. हाँ तुम देख लो क्यों क आगे हम ने हनीमून क लिए भी जाना है.
राजीव. भैया में कच दिएर में वापस आता हूँ
राजेश. कोई बात नहीं. तुम अपना काम क्र क आओ हम शाम में जाएं गए.
भइया भाबी और तनु पैकिंग करने चले गए.
में और श्वेता भाबी हॉल में हे बैठी थय.
श्वेता. राजीव में मुझे बताया तुम्हरे डैड क बारी में. That's तू बाद.
सनी. यू अरे राइट. लकिन अब हमारा उस आदमी सी कोई रिलेशनशिप नहीं है.
श्वेता. राजीव ने बताया क तुम स्टडी क साथ साथ जॉब भी करते हो.
सनी. ग भाबी. डैड ने जब हमें छोरा था तो हम टीनू को अपने लिए सब कच खुद हे करना पर्रा.
श्वेता. तुम्हरी जॉब क्या है.
सनी. आप ने मर दानी का नाम तो सुना हे हो गए
श्वेता. मर दानी. होटल चेन्स हैं जिन की.
सनी. हाँ वोही. वो मेरी बॉस हैं. में उनकी कंपनी में काम करता हूँ. और साथ कच part टाइम जॉब्स भी करता हूँ.
श्वेता. That's गुड.
में और श्वेता भाबी भट दिएर बातें करते रही.
कच दिएर क बढ़ राजीव भाई भी वापस आ गया.
शाम को हम लोग ंकितय क लिए वापस निकले और रात को वापस पोहंच गए
हम ने पहले तनु को उस क घर ड्राप किया और पहर वापस आ गए.
हम रात को लेट वापस आय इस लिए हम घर आती हे सो गए.
अगली सुबह में यूनिवर्सिटी चला गया और भैया ऑफिस चले गए.
राजीव की शादी हो चुकी थी और कच दिन क बढ़ राजीव ने फोन किया क वो और श्वेता भाबी हनीमून क लिए आउट ऑफ़ कंट्री जा रही हैं.
राजीव ने कहा क वो और भाबी वापस आ क्र ंकितय आएं गए.
सनी अपने बाप क खिलाफ साडी इन्वेस्टीगेशन पूरी क्र चूका था और साथ हे सारी सबूत भी जमा क्र चूका था.
में रात को अपने कमरे में बैठा था तो मुझे डेविड की गर्लफ्रेंड दिशा का मैसेज आया.
दिशा. डेविड ने बताया क तुम शिफ्ट हो गए हो.
सनी. हाँ में भैया क साथ शिफ्ट हो गया हूँ.
दिशा. डेविड क फ्लैट पैर आ जाया करो. कभी कभी वहां तुम सी मुलाकात हो जाती थी.
सनी. में तो अक्सर डेविड क फ्लैट पैर हे होता हूँ.
दिशा. तुम्हें यद् है में ने एक बार तुम सी डेविड क बारी में पूछा था.
सनी. हाँ यद् है.
दिशा. मुझे लगता है डेविड मुझे चीट क्र रहा है.
सनी. में ने तुम्हें पहले भी कहा था क तुम्हें कोई गलत फेहमी हुई है.
दिशा. मुझे कोई गलत फेहमी नहीं हुई. में ने कल डेविड को एक लड़की क साथ देखा है.
सनी. वो डेविड की कोई रिलेटिव भी हो सकती है.
दिशा. में डेविड क सब रिलेटिव्स को जानती हूँ.
सनी. दिशा यार तुम फज़ूल में ऐसा सोच रही हो.
दिशा. मुझे तुम्हरी हेल्प चाहिए.
सनी. किसी हेल्प.
दिशा. में डेविड को रेंज हथुन पकड़ना चाहती हूँ.
सनी. उस में में तुम्हारी क्या हेल्प क्र सकता हु.
दिशा. में जानती हूँ तुम डेविड की साडी गिर्ल्फ्रेंड्स क बारी में जानती हो. तुम अपने दोस्त को बचने की कोशिश क्र रहु हो. तुम्हें मेरी हेल्प करनी हो गई.
सनी. में सच में कच नहीं जनता.
दिशा. ठीक है तुम मुझे डेविड क फ्लैट पैर मिलो हम वहां बात करें गए.
आज में यूनिवर्सिटी सी जल्दी फ्री हो गया तो सुनील चची क घर चला गया.
दिन में सुनील चची क घर सिर्फ सुनील चची और बचे होती हैं.
योगी चाचा ऑफिस थय.
सुनील चची ने दरवाज़ा खोला और किचन में चली गयी. में सुनील चची क पीछे किचन में चला गया.
सुनील. केसा है तू. इतने दिनु क बढ़ आया है.
सनी. ाचा हूँ. में आपकी कॉल का इंतज़ार करता रहा लकिन आप ने मुझे नहीं बुलाया.
सुनील. में ने कहा था न जब मौका मिले गए तो बुलाऊँ गई
सनी. यार चची वो मौका कब आय गए. अब में और ज़्यादा दूर नहीं रह सकता आप सी.
सुनील. जल्दी हे आय गए.
सनी. बचे कहाँ हैं.
सुनील. विराट और नीना आय थय. बचे उन क साथ घूमने चले गए.
सनी. और योगी चाचा ऑफिस हैं.
सुनील. हाँ.
सनी. मतलब अपनी सेक्सी चची को किश तो क्र सकता हूँ.
सुनील. तू मुझे किश करना चाहता है.
सनी. करना तो भट कच चाहता हूँ. लकिन जब तक आप नहीं कहो गई तब तक किश हे काफी है.
सुनील चची मेरी पास आई और अपने होंतुन को मेरी होंतुन क करीब ले.
सुनील. चल क्र ले किश अपनी सेक्सी चची को.
सुनील चची मेरी होंतुन को अपने होंतुन में लेना लगी और मेरी होंतुन को हल्का हल्का चूमने लगी.
मेरी होंतुन में भी हरकत आने लगी और में भी सुनील चची क होंतुन को चूमने लगा.
हम दोनो में किसिंग स्टार्ट हो गयी.
सुनील चची ने मेरा हाथ पाकर क्र अपनी कमर पैर रख दिया और मेरी सर को पाकर क्र मेरी होंतुन को चूमने लगी.
सुनील. केसा लगा.
सनी. चची भट मज़ा आया. और करें.
सुनील. और किश करना है.
सनी ने हाँ में सर हिलाया.
सुनील चची ने सनी का फेस पकड़ा और सनी क फेस को चूमते हुए एक बार पहर सनी क होंतुन को चूमने लगी.
इस बार सनी में सुनील चची को अपनी बाहुन में भर लिया और ज़ोर सी जकड लिया.
अब हम दोनो एक दूसरी क होंतुन को चूस रही थय.
अब दोनो एक दूसरी सी लिपटे हुए थय और एक दूसरी को किश क्र रही थय.
मेरा लुंड खरा हो चूका था और सुनील चची की छूट सी टकरा रहा था.
सनी. चची बैडरूम में चलें.
सुनील. नहीं तुम्हरे चाचा आने वाली हैं
सनी. चची सिर्फ किश करें गए. चाचा क आने का पता चलते हे बहार आ जाएं गए.
सुनील. ठीक है चलो.
में ने चची को उठा लिया और चची क होंतुन सी होंठ मिला क्र चची क बैडरूम की तरफ चलने लगा.
चची. बैडरूम में नहीं. गेस्ट रूम में.
में चची को गेस्ट रूम में ले क्र चला गया.
में ने चची को बीएड पैर लेता दिया और चची ऊपर आ गया.
मेरी और चची क होंठ एक बार पहर मिल गए और हम दोनो में किसिंग स्टार्ट हो गयी.
इस बार में चची क होंठ चूस रहा था और साथ हे चची क मम्मी दबा रहा था.
हम दोनो एक दूसरी में गम हो चुके थय और दोनो एक दूसरी क होंतुन को चूम रही थय.
कच दिएर क बढ़ योगी चाचा की कार क हॉर्न की आवाज़ आई तो हम दोनो एक दूसरी सी अलग हो गए और में तुरंत कमरे सी बहार निकल गया.
योगी चाचा अंदर आय तो में सामने बैठा था और सुनील चची किचन में थी.
योगी चाचा. सनी तू कब आया.
सनी. अभी कच दिएर पहले हे आया हूँ चाचा.
योगी. तेरी चची कहाँ है.
सनी. वो किचन में हैं.
योगी. चल ठीक है में चेंज क्र क आता हूँ पहर बात करते हैं.
सुनील चची किचन क दरवाज़ी से मुझे देख क्र मुस्कुराई और पहर किचन में चली गयी.