Zindagi : ek anjana safar - Page 5 - SexBaba
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Zindagi : ek anjana safar

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मीरा फॉर योर इमेजिनेशन
 
अपडेट 39

तरुण : अब मैं ये सिम तब तक नहीं डालूंगा जब तक की मेरा काम पूरा न हो जाये .... यहाँ का काम पूरा होने के बाद मैं रुचिका और प्रियांशी दीदी को साथ लेकर उस घर को हमेसा हमेसा के लिए छोड़ दूंगा ... पहले एक मंझले चाचा थे जिनसे मेरा कोई वास्ता भी था अब मेरा वह है hi कौन .... एक माधरचोद दादा है जो की खुद की बहु को छोड़ने में hi मस्त है .... माँ बाप का तो होना न होना एक बराबर है .... भाभी के प्रति सिम्पथी है पर क्या करू अब भैया का कोई इलाज भी तो नहीं है .. बचा मेरा बुआ का परिवार तो उन्हें भी मैं अपने पास hi बुला लूंगा वैसे भी वो लोग इतनी घटिया फॅमिली डेसेर्वे hi नहीं करते .... अपनी दोनों दीदियो की अचे घर में शादी कर दूंगा फिर उसके बाद में कोई अछि सी लड़की देख अपना भी घर बसा लूंगा ... काश ये सुहानी मान जाये तो लाइफ hi सेट हो जाये ....

एहि सब सोचते सोचते तरुण की आँख लग जाती है ...

आगे

अगले दिन में लंच के बाद मौका देख शौर्य सिंह मीरा के रूम में घुस जाता है उस वक्त वो सोई हुयी थी ...

शौर्य सिंह जल्दी से गेट लॉक करके बीएड पर सो रही मीरा के चूचियों को मसलने लगता है ... वो काफी जोश में ये सब कर रहा था जिससे उसकी नींद खुल जाती है ....

मीरा : ऊऊऊऊऊक्कछःह भैया क्या कर रहे हो दुःख रहा है ... अब आप हमेसा ऐसे भूखे हवसी दरिंदे के तरह क्यों बेहवे कर रहे हो ... पहले तो आप ऐसे न थे ...

शौर्य : यार क्या करू तू दिन बी दिन और भी कामुक लगने लगी है .... आज तो छोड़ छोड़ कर तेरी छूट फाड़ दूंगा ...

मीरा अभी कुछ बोलती उससे पहले hi उसका गेट नॉक होने लगता है ...

"बुआ .... बुआ दरवाजा खोलो न मुझे आपसे कुछ जरुरी बात करनी है ....."

मीरा (धीरे से हस्ती हुयी) : लो हो गयी चुदाई .... अब हटो भी यहाँ से आपकी बेटी आयी है ...

शौर्य सिंह (बुझे मन से) : साली मेरी किस्मत hi शायद गधे के लुंड से लिखी गयी है .... एक काम करो उसको बहार से hi भेज दो की नींद आ रही है ...

मीरा : हटो मेरे ऊपर से .... जाओ जाकर वाशरूम में छुप जाओ ....

शौर्य : अजीब जमाना आ गया है अब खुद के घर में चोरो के जैसे वाशरूम में छुपना पड़ेगा ....

पर उपाय क्या था शौर्य सिंह जाकर वाशरूम में छुप जाता है और मीरा बहार से वाशरूम का गेट लॉक कर देती है ... अब मीरा अपने कपडे सही करके रूम का गेट खोल देती है ....

करुणा : कितनी देर लगा दी ऐसा क्या कर रही थी आप ....

मीरा : अरे वो जरा सी आँख लग गयी थी .... चल आजा अंदर .... अब बता क्या बात है ....

करुणा : अरे बात क्या होगी ... नींद नहीं आ रही तो सोची आपके साथ टाइम पास कर लू ...

मीरा : सही सोचा और सुहानी सो गयी क्या ...

करुणा : हाँ वो तो सो गयी ... मेरे आने से कही आप डिस्टर्ब तो नहीं हो गयी न ....

मीरा (मन में) : मैं कहा डिस्टर्ब होउंगी ... तेरा बाप hi साला ठरकी कही का मेरे वाशरूम में परफ्यूम की खुसबू सूंघ रहा होगा ....


उसके बाद बात चित का सिलसिला सुरु हुआ तो बंद होने का नाम hi नहीं ले रहा था ...

उधर वाशरूम में खड़े खड़े अब शौर्य सिंह की टांगें भी जवाब देने लगी थी .... वो मन hi मन अपनी बेटी और बहन को गालिया दिए जा रहा था ....

बातें करते करते दोनों बुआ भतीजी को नींद भी आ गयी ....

उनकी नींद करीब 7:30 पं को खुली .... करुणा उठ कर वाशरूम जाने hi वाली थी की मीरा भाग कर उसको रोक देती है क्यूंकि वाशरूम में शौर्य सिंह था ...

करुणा : क्या हुआ बुआ अपने मुझे रोका क्यों ...

मीरा : यार समझा कर न की मुझे जोरो की पॉटी आयी हुयी है ... तू कोई और जा कर उसे कर ले न ...

करुणा : ok बुआ कोई नहीं जल्दी जाओ कही आपकी साड़ी न ख़राब हो जाये ...

और हस्ती हुयी करुणा वह से चली जाती है .... उसको जाता हुआ देख कर मीरा वाशरूम का गेट खोलती है तो पति है की शौर्य सिंह वाशरूम के फर्श पर लेता हुआ है ....

उसको ऐसे सोता देख मीरा के फेस पर स्माइल अस जाती है ...

मीरा (मन में) : 😂 बुढ़ापे में इश्क़ करने के साइड इफेक्ट्स 😂😂😂 ....

मीरा (उसको उठाते हुए) : ोये उठो भी भैया या यही सोये रहने का इरादा है ...

शौर्य सिंह : अरे ये मैं कहा आ गया ....

जल्दी hi शौर्य सिंह को सब यद् आ गया ....

शौर्य : अरे अब तो लगता है रात हो गयी .. बड़ी जल्दी उठा रही हो ... आज तुम्हारी वजह से मुझे वाशरूम में सोना पड़ा ... करुणा चली गयी क्या ...

मीरा : हाँ चली गयी ... मैंने तो नहीं कहा था आपको की ऐसे आप चोरो की तरह मेरे रूम में आओ ... बुरे काम का बुरा नतीजा .... 😜😜😜😜😜 अब जाओ भी मुझे वाशरूम उसे करना है ....

शौर्य : क्या करना है ऐसे hi कर लो वैसे भी मैंने तो तुम्हारा सब कुछ देखा हुआ hi है ...

मीरा : ो रोमांटिक हीरो बहार जाते हैं या फिर से वाशरूम बंद कर दू ....

शौर्य सिंह चुप चाप बहार चला जाता है ...

ऐसे hi अगला दिन भी निकल जाता है और अब वो दिन आ पहुंचा था जब भैरवी ससुराल से पहली बार मायके आ रही थी .... उसके आने की ख़ुशी में घर को फिर से किसी दुल्हन की तरह सजाया गया था ...

दोपहर तक भैरवी अपने पति के साथ मायके पहुँच गयी थी ... अपने घरवालों से मिल कर वो बहुत खुस हुयी ...

अपने ससुराल में दो ढाई घंटे रहने के बाद भैरवी का पति अपने घर चला जाता है ....

पति के जाते hi सबसे पहले भैरवी ने अपने भरी भरकम साड़ी को चेंज करके सूट पहन लिया और ग्राउंड फ्लोर पर आ गयी क्यूंकि उसकी दोनों बहने माँ और बुआ वही बैठे थे ...

करुणा : क्या बात है बन्नो मिया के जाते hi वापस अपने पुराने अवतार में आ गयी ...

भैरवी : हाँ नहीं तो और क्या दीदी इतनी गर्मी में इतने भरी भरकम साड़ी पहनी रहूंगी तो गर्मी के मरे मेरी जान hi निकल जाये ... अब सब कुछ खुला खुला कितना ाचा लग रहा ....

सुहानी : क्या दीदी आपको ससुराल में सब लोग जबरदस्ती साड़ी पहनवा कर रखते थे क्या ....

भैरवी : अब नयी नवेली दुल्हन थी और ऊपर घर की छोटी बहु ... हर कोई ससुर या जेठ hi तो थे घर में तो पहनना पड़ता था ....

सुहानी (धीरे से उसके कान में) : तो अब यहाँ क्या नंगी घूमोगी ...

भैरवी : कामिनी लगता है मेरे जाते hi तुझे पर निकल गए हैं रुक तुझे बताती हु ...

मीरा : क्या हुआ बीटा इसने कोई शैतानी की क्या ...

भैरवी : नहीं बुआ ऐसे hi हसी मजाक हो रहा ... ये तरुण नहीं दिख रहा ....

दिव्या : वो तेरे पापा को मार्किट से कोई काम था तो साथ ले गए ... वैसे भी घर में बैठा बोर होता रहता था ....

***************************

उधर दोपहर को सुमित्रा लंच के बाद अपने रूम में बैठी थी की उसकी मंझली जेठानी खुसबू उसके रूम आती है ...

खुसबू : अरे सुमित्रा मैं कुछ दिनों से नोटिस कर रही हु तू सबसे उखड़ी उखड़ी सो और उदास रहती है क्या बात है ...

कौशल्या (मन में) : देखो तो कामिनी को ... इसकी चिकनी चुपड़ी बातो से कोई कह सकता है की इसके दिल में कितना ज़हर भरा है ....

कौशल्या : नहीं तो दीदी मैं तो बिंदास हु ... मुझे क्या होगा ... इस घर में बीते कुछ महीनो से इतना कुछ बुरा हुआ है की हर वक्त एक दर सा लगा रहता है ... पहले राघव बीटा फॉर बड़े जेठ जी और फिर मंझले जेठ जी अब न जाने और क्या बुरा होने को है इस घर में ....

खुसबू : मैं तो पहले hi कहती थी उस मनहूस को मत लाओ घर में पर मेरी सुनता hi कौन है .... मेरे पति में उसके लिए कितना कुछ किया पर उनको भी क्या गया वो ...

सुमित्रा (मन में) : कितना ज़हर भरो है इस कामिनी के दिमाग में मेरे बेटे के प्रति ....

खुसबू : क्या हुआ तू कुछ बोल क्यों नहीं रही ... जन्म लेते hi हमारी देवी जैसी सास को निगल गया ... और इस बार तो .... मेरा बस चलता तो लैब का उसको इस घर से धक्के दे कर निकलवा फेंकती ....

सुमित्रा : छोडो न दीदी .... अब जो हो गया उसको बदला तो नहीं जा सकता ... वो तो ऐसे भी यहाँ नहीं है ....

खुसबू : अरे नहीं है तो क्या हुआ आएगा तो एहि न ...

खुसबू (मन में) : मैं तो चाहती हु जल्दी से जल्दी उसको इस घर से निकलवा दिया जाये ... अब तो राघव भी किसी काम का नहीं रहा तो इस घर की साडी सम्पति मेरे बेटे के नाम हो जाएगी और मैं इस घर की महारानी बनूँगी ...


सुमित्रा (मन में) : यहाँ मेरा बीटा इस घर पर हुए हर जुल्म का हिसाब किताब लेने के लिए न जाने कहा कहा दर दर की ठोकरे खा रहा होगा .... उसका एहसान मन्ना तो दूर ये लोग अब भी उसके खिलाफ ज़हर उगल रहे .... काश मैं पहले hi इस चुड़ैल का अंदाज़ा भांप लेती तो आज मेरा बीटा मुझसे दूर न होता ...

खुसबू : देवर जी रात को तेरी खुदाई करते हैं या नहीं ....

सुमित्रा : क्या दीदी आप भी न अब ये सब करने की उम्र hi कहा रही ... वैसे भी आप तो जानती hi हो की उस एक्सीडेंट के बाद घर के तीनो मर्दो के सेक्स करने की क्षमता hi ख़त्म हो गयी थी ऐसा डॉक्टर ने कहा था .. पहले हल्का फुल्का इरेक्शन भी होता था अब तो वो भी ख़त्म हो गया ... अब वो उसका उपयोग सिर्फ मूतने के लिए करते हैं ...

खुसबू : मैं तो पहले भी तुझे कहती थी कब तक अपना मन मार कर सूखा सूखा रहोगी ... इतने सालो से अपनी प्यास को दबती आ रही हो ... मेरे से तो इतना साबरा नहीं होता बाबा मैं तो अब भी मौके मिलते hi ससुर जी के साथ लिपट जाती हु ... एक बात तो है अब भी बड़ा डैम ख़म है उनमे ... पूरा सरीर तोड़ कर रख देते हैं .... तू अगर चाहती है तो बात करू क्या उनसे ... दो बहु को छोड़ hi चुके हैं तीसरी के लिए कौन सा मन करेंगे ....

सुमित्रा : नहीं दीदी मैं ऐसे hi ठीक हु ... अब इतने दिन साबरा कर लिया तो अब क्यों अपना पतिव्रता धर्म तोडू ....

खुसबू : यार मैं तो तेरी भलाई के लिए hi कह रही थी .... रात में बूढ़े ने अपना खूंटा ठोका था अब भी छूट में हल्का हल्का सा दर्द है ....

सुमित्रा : बस भी करो दीदी कोई सुन लेगा तो क्या कहेगा ...

खुसबू : सभी लोग फर्स्ट फ्लोर पर हैं तो कौन है यहाँ सुनने वाला ... ाचा छोड़ ये सब बात तुझे जब ये सब पसंद hi नहीं ....

सुमित्रा : क्या बड़ी दीदी अब भी जाती है वह ...

खुसबू : नहीं यार बड़े भैया के साथ जबसे वो वाला हादसा हुआ है तब से तो नहीं गयी ... मुझे तो श्रुति बिटिया की भी बड़ी परवाह हो रही बिचारि के शादी हुए कितने दिन hi हुए थे की राघव बीटा के साथ ये सब हो गया ... काम से काम एक बच्चा भी हुआ रहता तो उसकी जिंदगी का सहारा हो जाता .... मैंने एक बार उसको भी कहा था की राहुल को पता कर उसके साथ हमबिस्तर हो जाये काम से काम एक बच्चा होने तक तो .... अगर तू समझाएगी तो शायद मान जाये ...

सुमित्रा : क्या दीदी आप भी उस बिचारि के साथ इतना बड़ा हादसा हो गया और आपको अभी भी ये सब सूझ रहा है ...

खुसबू : अरे अब तो काफी दीन्हो गए अब कब तक तो झूटी आस लिए बैठी रहेगी ... राहुल के साथ करने से घर की बात घर में रह जाएगी ... अगर कही बहार अफेयर कर लिया तो घर की कितनी बदनामी होगी ...

सुमित्रा : अब ये उसकी लाइफ है हम किसी को फाॅर्स तो नहीं कर सकते न ...

खुसबू : ठीक है यार मैं सोने चलती हु ...

उसके जाने के बाद सुमित्रा गेट लॉक करके बीएड पर बैठ जाती है ...

सुमित्रा (मन में ) : कितना गोबर भरा है इस औरत के दिमाग में ... हो न हो इसकी नजर इस घर की प्रॉपर्टी पर है एयर ये अपने बेटे को इसका एकलौता हक़दार बनाना चाहती है ... राघव के साथ वो सब होने के बाद अब तो सिर्फ तरुण hi है जो इस घर की प्रॉपर्टी पर अपना दवा पेश कर सकता है .... ये उसको भी घर से भगा कर साडी सम्पति अपने बेटे के नाम करवाना चाहती है .... कितनी बड़ी चुड़ैल और डायन है ये पति के साथ रिश्ता ख़त्म होते hi साली में ससुर को अपने जाल में फसा लिया और धीरे धीरे बड़ी दीदी को भी अपने हवस के खेल में शामिल कर लिया .... ऐसी औरत को तो नरक में भी जगह नहीं मिलनी चाहिए ....

************************

रात में तरुण और पापा के आते hi भैरवी सबसे पहले अपने पापा से लिपट गयी ... उसके पापा ने उससे कसुआलय उसके ससुराल का हाल चल पूछा ...

भैरवी : hello तरुण भाई कैसा है तू ...

तरुण : आल फाइन दीदी ... वैसे ससुराल जाकर आप खूबसूरत हो गयी हो ...

भैरवी : ाचा बच्चू यानि तेरे कहने का मतलब है की मैं शादी से पहले खूबसूरत नहीं थी ....

सुहानी जो की वही पास में बैठी उनकी बात चित सुन रही थी ...

सुहानी : समझदारो के लिए इशारा hi काफी होता है ...

भैरवी : रुक कामिनी तुझे तो आज रात को बताती हु .... जब से आयी हु मेरी खिंचाई करने में लगी हुयी है ....

कुछ देर बाद सभी डिनर कर रहे थे ुशी वक्त ये डीडे हुआ की कल सुबह hi वो लोग वह से 3 - 4 घंटे के ड्राइविंग डिस्टेंस पर पड़ने वाले जंगल में बने फार्महाउस में hi स्टे करेंगे और वापस मंडे को लौट आएंगे ... सबको रात में hi अपनी पैकिंग कर लेने की हिदायत दी गयी थी ...
 
अपडेट 40

भैरवी : रुक कामिनी तुझे तो आज रात को बताती हु .... जब से आयी हु मेरी खिंचाई करने में लगी हुयी है ....

कुछ देर बाद सभी डिनर कर रहे थे ुशी वक्त ये डीडे हुआ की कल सुबह hi वो लोग वह से 3 - 4 घंटे के ड्राइविंग डिस्टेंस पर पड़ने वाले जंगल में बने फार्महाउस में hi दिन और रात स्टे करेंगे और वापस मंडे को लौट आएंगे ... सबको रात में hi अपनी पैकिंग कर लेने की हिदायत दी गयी थी ...

आगे

सुबह करीब 8 बजे वो लोग रेडी होकर अपने सफर पर निकल पड़े .... लगेज और खाने पिने के सामान दोनों गाड़ियों की बैक सीट पर रख दिए गए .... थोड़े hi देर में दोनों गाड़िया रवाना हो जाती हैं ... उनके साथ दो माइड भी जा रही थी .... वो लोग साल में एक दो बार पूरी फॅमिली के साथ वह जरूर जाया करते थे ...

ये फार्महाउस मीरा के पापा का बनाया हुआ था वो नेचर के बहुत करीब रहना चाहते थे इसलिए सहर के शोर शराबो से बहुत दूर उन्होंने जंगल के बीचो बिच ये फार्महाउस बनवाया था .... फार्महाउस जंगल के बीच होने की वजह से वह बिजली कनेक्शन तो नहीं थी पर छत पर लगे सोलर पैनल से उसकी कमी पूरी हो जाती थी .... वैसे भी वो लोग कभी कभार hi वह जाते थे .....

फार्महाउस की रखवाली के लिए उन्होंने एक गार्ड रखा हुआ था जो की वह अपनी फॅमिली के साथ वही फार्महाउस की बाउंड्री के अंदर बने क्वार्टर में रहता था ....

घर से निकलने से पहले hi उन्होंने उसको बता दिया था ....

करीब 11 बजे उनकी गाडी फार्महाउस के मैं गेट से अंदर आ चुकी थी .... फार्महाउस की बाउंड्री के अंदर भी काफी सारा खली स्पेस था जहा तरह तरह के फूल और फल लगे थे .... कहा जाये तो नेचर लवर्स के लिए ये जगह बिलकुल परफेक्ट थी ....

सभी बड़े लोग और करुणा तो अंदर चली गयी पर भैरवी तरुण और सुहानी को साथ लिए फार्महाउस की आउटर बाउंड्री के अंदर hi घूमने ले जाती है ...

भैरवी : तो बताओ तरुण कैसी लगी ये जगह तुम्हे ....

तरुण : वाओ जस्ट वाओ दीदी ... कितना खूबसूरत व्यू है .... यहाँ की हवा में कितनी फ्रेशनेस है ...

सुहानी : अभी बहुत कुछ और देखना बाकि है हीरो .... दो दिन हमें यही रहना है ....

तरुण : दो दिन क्या अगर मुझे पूरी जिंदगी एहि रहने को कहा जाये तो मुझे कोई आपत्ति नहीं होगी ....

भैरवी : मुझे भी ये जगह बहुत पसंद है पर पापा आने hi नहीं देते ...

तभी वह का गार्ड जो की 48 इयर्स का एक हत्ता कट्टा आदमी था वो वह आ जाता है ....

गार्ड : बिटिया रानी बड़े साहब अंदर बुला रहे हैं आप लोगो को .... बाद में इधर घूम लेना ....

भैरवी : जी ध्रुव सिंह जी हम अभी आते हैं .... झुमरी काकी कहा है ....

ध्रुव : वो भी अंदर है और ललिया भी एहि आयी हुयी है .... जब उसको पता चला की अप्प लोग आने वाले हो तो वो भागी चली आयी ... आप लोग आने वाले हैं ये खबर सुन कर बहुत खुस है वो ... आप लोगो के लिए सुबह में hi खाने पिने की चीजें तैयार करने में अपनी अम्मा की मदद कर रही थी ...

वो लोग अब फार्महाउस के अंदर आ जाते हैं ... जैसे hi भैरवी अंदर घुसती है एक लड़की बड़ी तेज़ी से आ कर उसके गले लग जाती है ...

कुछ देर बाद दोनों अलग होती है ....

भैरवी : कैसी है लाली ... मैं तुझसे नाराज हु तू मेरी शादी में क्यों नहीं आयी ...

ललिया : सॉरी न दीदी ... वो मेरी ममेरी बहन की भी ुशी फिन शादी थी इसलिए नहीं आ पायी ... (तरुण को देखते हुए) जीजू के साथ आयी हो ...

भैरवी : कहा तुझे तेरे जीजू दिख रहे ...

ललिया (तरुण की तरफ इशारा करके ) : वो तो रहे ... इतनी जल्दी hi अपने उनको भूल गयी आप ....

सुहानी का है है के बुरा हाल हो रहा था ....

भैरवी (सरमते हुए) : पागल वो मेरा भाई है ... तू भी न पागल कुछ भी बोलती रहती है ...

ललिया : सॉरी दीदी ...

सुहानी : दीदी के साथ चिपक गयी क्या अरे हम भी एहि हैं ...

ललिया सुहानी के भी गले लग जाती है ... ये लोग बचपन से hi काफी क्लोज थे .... ललिया एक 18 साल की गाँव में रहने वाली लड़की थी

उसका रंग तो सांवला था पर उसके मैं नक्शा काफी तीखे थे .... सीने का उभर उसके जवान होने प्रमाण दे रहे थे ....

घर से आयी दोनों माइड ने झुमरी के साथ मिल कर सभी के लिए डाइनिंग टेबल सजा दिया क्यूंकि सभी लोग घर से हल्का फुल्का hi खा कर आये थे ....

करुणा : एक बात तो है झुमरी काकी आपके हाथो के बने पकवान खाने को मैं तरस जाती हु ... शादी के बाद ये शायद पहली बार इन्हे खा रही हु ...

झुमरी : आप आती hi नहीं बिटिया .... ये नहीं की कभी अपनी इस काकी से भी मिलने आ जाया करो ....

मीरा : झुमरी अब तो ललिया भी जवान हो गयी है .... लैब हाथ पिले कर रही हो उसकी ...

झुमरी : अभी कहा मेमसाहब अभी तो वो 18 की हुयी है पिछले महीने ... अभी उसको ग्रेजुएशन करवा कर hi शादी वादी कके बारे में सोचूंगी ... एक hi तो बेटी है मेरी ...

दिव्या : सही बात कही झुमरी ... शिक्षा बहुत जरुरी है ... पढ़ी लिखी रहेगी तो काम से काम अपने पेअर पर खड़े होने लायक तो रहेगी ...

शौर्य सिंह : यार अब खाना तो हो गया ... मैं तो चला आराम करने ...

उसके बाद सभी लोग अपने अपने रूम्स में चले गए जो उन्हें दिया गया था ... फार्महाउस दो फ्लोर का बना हुआ था ... ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर पर 3 - 3 बीएड रूम्स थे ...

ग्राउंड फ्लोर पर एक रूम में शौर्य सिंह रह रहे थे तो दूसरे में दिव्या अपने पति के साथ रुकी थी तो तीसरे में दोनों मैड्स रहने वाली थी ...

फर्स्ट फ्लोर के एक रूम में मीरा और करुणा थी तो दूसरे में सुहानी और भैरवी और बाकि बचे एक रूम में तरुण अकेले रह रहा था ....

इवनिंग को ललिया, सुहानी और भैरवी के साथ जंगल घूमने के लिए निकल रही थी तो भैरवी ने तरुण को भी अपने साथ कर लिया क्यूंकि वैसे भी जंगल में लड़कियों का घूमना कही से भी सेफ नहीं था ....

ललिया इस जंगल से भली भांति परिचित थी इसलिए वो सभी को इस जंगल के हर खास हिस्से में अचे से घुमा फिर रही थी .... जंगल में पेड़ और घनी झाडिया हर जगह भरे पड़े थे ...

जंगल में काफी अंदर जाने पर एक छोटा सा झरना भी था .... पानी करीब 70 - 80 मीटर की ऊंचाई से गिरती थी ....

सुहानी : वाओ ... यार यहाँ खुले में नहाने में कितना मज़ा आता होगा ....

भैरवी : मैं, laliya,jhumri काकी और करुणा दीदी तो यहाँ बहुतो बार नाहा चुके हैं .... यहाँ का पानी बहुत ठंडा रहता है जो की काफी मज़ा देता है ....

सुहानी : अगर मैं एक्स्ट्रा कपडा लायी होती अभी hi नाहा लेती ....

ललिया : कोई न दीदी कल आ कर नाहा लेना आप ... हम लोग भी आएंगे ....

तरुण : ी थिंक अब हमें चलना चाहिए ... हम जंगल में काफी अंदर तक आ गए हैं लौटने में भी टाइम लगेगा ....

भैरवी : क्यों बच्चू दर लग रहा क्या ....

तरुण : मुझे खुद की नहीं आप लोगो की चिंता है ...

सुहानी : हाँ दीदी अब हमें चलना चाहिए ...

रात में सभी लोगो ने साथ में डिनर किया ...

मीरा : कहा कहा घुमा लायी ललिया बीटा इन्हे ...

ललिया : वो मालकिन बस जंगल की खूबसूरती को दिखलाया और झरने के पास तक ले गयी थी ....

सुहानी : माँ कल हम लोग वह जा कर शावर लेना चाहती हैं ....

दिव्या : अरे नहीं बीटा वह जाने की क्या जरुरत है हमारा स्विमिंग पूल है न उसमे hi नाहा लो ... यु खुले में जाना सगी नहीं है ...

भैरवी : क्या माँ आप भी हम भी तो होंगी वह और आप लोग चाहो तो आप भी चल लो वह बहुत मज़ा आता है .... स्विमिंग पूल तो अपना hi है उसमे तो जब चाहे नाहा सकते हैं ....

दिव्या : तुम लोगो में से किसी को स्विमिंग भी आती है या बस सब ऐसे hi हो ...

सब ने न में सर हिलाया ....

तरुण : मुझे स्विमिंग आती है ma'am ...

दिव्या : मैं बहुत दिनों से स्विमिंग का तरय की हु पर सीख नहीं पायी हु तो क्या तुम मुझे थोड़ी मोदी टिप्स दे सकते हो ...

तरुण : क्यों नहीं ये तो मेरी खुशनसीबी होगी की मैं आपके कुछ काम आ पाया ...

केतन : मैं भी तुम्हे सीखा सकता हु िफ़ यू don't मंद ...

दिव्या : आप तो रहने hi दो आपको खुद को स्विमिंग आती भी है बड़े आये ....

केतन : अरे बस हाथ पाओ hi मरना होता है इसमें कौन सा बड़ा राकेट साइंस है ....

मीरा : मेरी भी बड़े दिनों से ख्वाहिस थी की मैं भी स्विमिंग सीखू ... तरुण बीटा तुम्हारे पास दो दिन है हमें स्विमिंग का अबकड तो काम से काम सीखा hi सकते हो ....

तरुण : जी मैं कोसिस करूँगा ....

दिव्या : तो आज से hi सुरु करे क्या ...

मीरा : न बाबा न मुझे तो जोरो की नींद आ रही ... तुम लोग आज करो कल से मैं भी ज्वाइन कर लुंगी ....

तरुण : अस यू विश मैडम ....

शौर्य सिंह (मन में ) : काश मुझे भी स्विमिंग आती होती तो कितना मज़ा आता दोनों गदरायी घोडियो को सीखने में ... स्विमिंग सीखने के बहाने hi सही मुझे इनके चूतड़ों और चूचियों से भी खेलने का मौका मिल जाता ...

दिव्या : तरुण जाओ रेडी हो कर आओ हम जल्दी चलते हैं ... आज 1 घंटे सीखा देना बाकि का कल परसो ...

तरुण : ok मैडम मैं तुरंत आया ....

थोड़े देर बाद दिव्या तरुण को फार्महाउस के अंडरग्राउंड एरिया में बने स्विमिंग पूल में ले आती है ...

तरुण : वाओ ... ये तो बहुत ाचा है ...

दिव्या : मेरे ससुर जी ने hi बनवाया था .... ये थोड़ा गहरा है बीच में .... हमें तो तैरना आता hi नहीं तो हम सीढ़ियों पर hi नाहा लेते थे ....

तरुण फटाफट अपने कपडे खोल देता है .... अब उसके जिस्म पर सिर्फ एक शॉर्ट्स था जिसके अंदर उसने उसने अंडरवियर भी पहना था .... दिव्या ने अभी एक फुल निघती पहनी हुयी थी ...

तरुण : आप निघती में hi स्विमिंग सीखेगी क्या ...

दिव्या : अरे नहीं बाबा .... (तरुण के बॉडी को घूरते हुए) वैसे अछि खासी बॉडी सदी बना राखी है तुमने ...

तरुण (सरमते हुए) : वो तो बस ऐसे hi ....

दिव्या : अरे सरमाओ मत न तो मैं कोई लड़का हु न तुम कोई लड़की ... हेहेहे 😂

दिव्या अपने कंधे पर बंधे स्ट्रेप्स को खींचती है तो सर सरकार उसकी निघती उसके घुटनो में आ गिरती है .... तरुण की नजर जब दिव्या पर पड़ी तो वो उसको देखता hi रह गया .... अभी दिव्या ने एक स्पोर्ट्स ब्रा और एक व् शेप पंतय पहनी हुयी थी जो बड़ी मुश्किल से उसके ओवरसीज़ेड एसेट्स को सँभालने में असमर्थ थे ...

तरुण को खुद की तरफ देखता प् कर दिव्या के बहुत ख़ुशी हो रही थी की इस उम्र में भी उसका बदन एक जवान लौंडे को अपनी तरफ आकर्षित कर रहा था ....

दिव्या : अब देखना हो गया हो तो स्विमिंग पर कंसन्ट्रेट करे ....

तरुण : वो वो मैं सॉरी मैं तो मैं तो ....

दिव्या : कोई नहीं बच्चे ... मुझे बुरा नहीं लगा ... मैंने तो तुम्हारे शरीर की दिल खोल के तारीफ की ... पर शायद तुम घबरा रहे हो ....

तरुण : नहीं मैडम आप बहुत खूबसूरत हो ....

दिव्या : थैंक्स तरुण ... अब सुरु करते हैं ...

तरुण दिव्या का हाथ पकड़ कर उसको पानी में ले जाने लगा ... दिव्या बिलकुल तरुण से चिपक के चल रही थी जैसे उसको दर हो की कही तरुण ने उसका हाथ छोड़ दिया तो वो दुब न जाये .... जब छाती भर पानी में वो उतर गए तो तरुण ने आगे जाना बंद कर दिया ...

चूँकि ये दिव्या का पहला दिन था इसलिए तरुण ने उसको आज पानी में पाओ चलना, पीठ के बल फ्लोट करना और सांस लेने छोड़ने का तरीका सिखाया .....

इसी दौरान कुछ बार तरुण के हाथ दिव्या के बड़े बड़े चुचो और गदरायी गांड से टकराई .... दिव्या का बदन काफी सॉफ्ट था ...

तरुण : मैडम ी थिंक अब हमें चलना चाहिए ... हमने आज 1: 30 घंटे प्रैक्टिस किया अब बाकि का मॉर्निंग में करते हैं ..

तरुण दिव्या का हाथ पकड़ उसको पानी से बहार ले आता है .... पानी से गीला होने की वजह से दिव्या की ब्रा और पंतय उसके जिस्म पर बिलकुल चिपक सी गयी थी और उसके जिस्म के सबसे खास हिस्से का हर कटाव और उभर साफ़ साफ़ झलक रहा था ... यहाँ तक की दिव्या का निप्पल और उसके अरेओला का हिस्सा भी उसकी सेमि ट्रांसपेरेंट हो चुकी ब्रा से झलक रही थी ...

तरुण : अब भी आपको अपनी में जाने में दर लगता है ...

दिव्या : हाँ बूत अब दर पहले से काफी काम हो गया है ...

दिव्या : उफ़ सहित ... मैं तो टॉवल लाना तो भूल hi गयी ... अब मैं कैसे कपडे चेंज करुँगी ....

तरुण : वो तो मैं भी भूल गया ma'am पर मैं तो अपने टी -शर्ट को उसे करके चेंज कर लूंगा ... आप ऐसा करो की ऐसे hi अपने रूम में चली जाओ ...

दिव्या : नहीं ऐसे गीले कपड़ो में कैसे जाउंगी मैं ..... एक काम करो तुम उधर घूम जाओ तब तक मैं चेंज कर लेती हु .... और हाँ इधर मत देखना वर्ण ठीक नहीं होगा ...

तरुण : ok मैडम आप उस कोने में जा कर चेंज कर लो ....

दिव्या वैसे hi करती है .... कपडे बदल कर वो अपने अपने रूम में आ जाते हैं ... अभी दिव्या का पति जाग रहा था ....

केतन : क्या डार्लिंग हो गयी ट्रेनिंग ...

दिव्या : हाँ बहुत ाचा सीखता है वो आज hi काफी कुछ सीख गयी हु .... आप सोये नहीं अब तक ....

केतन : तुम्हारा hi इंतजार कर रहा था ....

दिव्या : ाचा जी ... आज बड़े रोमांटिक हो रहे हो क्या बात है .....

केतन : अब भैरवी तो ससुराल चली hi गयी अब हमें दूसरा बच्चा प्लान कर लेना चाहिए ...

दिव्या : आपसे कुछ होता जाता तो है नहीं और बड़े आये बच्चा प्लान करने वाले .... आपसे जवान तो आपके बड़े भैया लगते हैं जो अभी भी उस माइड कांटा की चीखें निकलवा देते हैं ....

केतन : इतना पसंद आ गए हैं तो उनसे hi जाकर चुद लो ... मेरे पास क्यों आयी हो ....

दिव्या : बिकॉज़ ी लव यू .... वो सब हो न हो पर आप मेरे पति थे हैं और रहेंगे ...

केतन : यार कभी कभी मुझे लगता है इतने सालो तेरे साथ रहने के बावजूद मैं तुझे समझ नहीं पाया ....

दिव्या : अब और कितना समझोगे ... चलो अब जल्दी से सो जाओ स्विमिंग करने से बड़ी थकन सी महसूस होती है ...

केतन : कैसा है वो लड़का ... क्या नाम है उसका तरुण ...

दिव्या : ाचा है थोड़ा शाय है पर दिल का बहुत ाचा है ... पता है आज मैं टॉवल ले जाना भूल गयी थी और मुझे गीले कपडे चेंज करने थे ... तो मैंने उसको दूसरे तरफ मुँह करके खड़े होने को कहा तो उसने एक बार भी घूम कर नहीं देखा उसके जगह कोई और होता तो पता नहीं क्या करता .....

केतन : देखो कहने को तो हम एक आइडियल कपल हैं जो हमेसा खुस रहता है पर ये मैं और तुम hi जानते हैं की लास्ट 5 सालो में हमने 8 से 9 बार hi इंटिमेट हुए होंगे ... ये सब मेरी शुगर की बीमारी की वजह से है ... मैं छह कर भी तुम्हारे साथ सम्बन्ध नहीं बना पता .... मैं खुद के फाल्ट के वजह से तुम्हारा सुख चैन क्यों छिनु ... मैं चाहता की तुम अपनी सेक्स लाइफ खुल के जियो ... मेरे तरफ से तुम्हे पूरी आज़ादी है ....

दिव्या : नहीं मैं आपको धोखा नहीं दे सकती ....

केतन : अरे धोखा तो उसको कहते हैं न की जो पीठ पीछे किया जाये पर इसमें तो मेरी खुद की रजामंदी है .... अब ये डीडे करना तुम्हारा काम है की किसे तुम अपना पार्टनर चुनती हो .... अगर तुम्हे भैया के साथ करना है तो कर सकती हो घर की बात घर hi रह जाएगी ... पर मेरी मनो तो तुम्हे तरुण के साथ तरय करना चाहिए वो हैंडसम भी है और जवान भी वो तुम्हारी अचे से ठुकाई कर सकता है ....

दिव्या : अरे यार पर अब ऐसी उम्र में ये सब ....

केतन : चलो तुम अब आराम करो .... तुम्हारा जो भी डिसिशन होगा मुझे मंजूर होगा .....

दिव्या : छोडो ये सब बात .... चलो गुड नाईट लव ु 😘

केतन : गुड नाईट मेरी जान ....

और फिर केतन दिव्या को जोर से खुद से जकड कर सो जाता है ....

क्या दिव्या केतन की बात मान तरुण पर तरय करेगी ???? या दिव्या अपने जेठ शौर्य सिंह को चांस देगी ????
 
अपडेट 41

दिव्या : छोडो ये सब बात .... चलो गुड नाईट लव ु 😘

केतन : गुड नाईट मेरी जान ....

और फिर केतन दिव्या को जोर से खुद से जकड कर सो जाता है ....

आगे

सुबह तड़के hi करुणा को निपटने के बाद वो स्विमिंग पूल की तरफ चला जाता है क्यूंकि दिव्या ने उसको 6 ऍम का टाइम दिया था रात को ...

तरुण को स्विमिंग पूल में गए 5-6 मिनट बीते होंगे की उसको स्विमिंग पूल का मैं एंट्रेंस लॉक होने की आवाज़ आती है ...

तरुण : गुड मॉर्निंग ma'am .... मीरा ma'am नहीं आयी ....

दिव्या : गुड मॉर्निंग ... वो इवनिंग को आएँगी ....

तरुण : ok तो सुरु करे ....

दोनों जल्दी जल्दी अपने कपडे उतर कर स्विमिंग के लिए रेडी हो जाते हैं .... तरुण ने ये नोटिस किया की आज दिव्या ने जो ब्रा पैंतीस पहनी थी वो कल के ममुक़ाबले थोड़ी लूसे थी ....

दिव्या तरुण से बिलकुल चिपक कर पानी में एंटर करती है .... इवनिंग वाले जगह पर दिव्या को पहुंचा कर तरुण रुक जाता है और दिव्या को पहले लास्ट टाइम दिखाई हुयी चीजें करने को कहता है ... दिव्या बस जोर जोर से बैक किक लगाए जा रही थी ....

अचानक से तरुण का ध्यम दिव्या की कमर के हिस्से पर चली जाती है तो वो वह का नजारा देख अपनी पलके वही पर जमाये रहता है .... वजह ये थी की ढीला होने की वजह से दिव्या की पंतय सरक कर नीचे हो चुकी थी जिससे दिव्या के बड़े बड़े अस्स का क्रैक तरुण की आँखों के सामने आ गया था ....

कुछ देर बाद दिव्या ने अपनी पैंटी एडजस्ट कर लिए .... आज दिव्या ने वाइट कलर की ब्रा पहनी थी जो भीग जाने की वजह से बिलकुल ट्रांसपेरेंट हो चूका था .... आज दिव्या के बड़े बड़े चूचिया और उनके ऊपर निप्पल साफ़ साफ़ नजर आ रहे थे .... इस नज़ारे को देख तरुण की हालत और भी ख़राब होने लगी ...

अब तरुण ने दिव्या को क्रॉलिंग करने के लिए सिखाया .... क्रॉलिंग करने के बाद जब दिव्या सीढ़ी कड़ी हुयी तो उसका दया वाला बूब्स ब्रा कप से पूरा बहार आ चूका था .... तरुण को तो ऐसा लगने लगा की आज दिव्या पुरे इरादे के साथ आयी है .... पहले अस्स क्रैक और अब एक पूरा नंगा बूब्स देख लेना ... ये आज तरुण की उम्मीद से ज्यादा उसको बिन मांगे मिलने लगी .....

हलाकि दिव्या ने तुरंत से अपने बूब्स को वापस ब्रा में कैद कर लिया था पर तरुण ने अब तक उसका अचे से दीदार कर लिया था ...

दिव्या : ी थिंक अब हमें थोड़ा सा ब्रेक ले लेना चाहिए .... It's सो ेक्सहॉस्टिंग ...

तरुण : अस यू विश मैडम ....

दिव्या : तरुण अभी तुम मेरे इंस्ट्रक्टर हो अस ा टीचर .. तो प्लीज मुझे बार बार मैडम न कहा करो .... यू मई कॉल में आंटी जैसा की तुम मीरा दीदी को कहते हो ...

तरुण : ok आंटी ....

वो दोनों अब पूल से बहार आ कर पास पड़े बेंच पर बैठ जाते हैं ...

तरुण : आप बहुत ाचा कर रही हो जल्द hi आप ये सब सीख जाओगी ....

दिव्या : थैंक्स ... इसमें तुम्हारा hi योगदान है वर्ण मैं तो पूल में घुसने में भी घबरा जाती थी ....

तरुण : यू अरे ा फ़ास्ट लर्नर ....

दिव्या : तुम्हारी कोई गफ वगैरह है या नहीं तरुण ...

तरुण : नहीं आंटी ...

दिव्या : क्यों इतने हैंडसम तो हो .... तुम्हारा बॉडी शेप भी काफी ाचा है .... अगर मैं तुम्हारी आगे की होती तो जरूर तुमपे चांस मरती ....

तरुण : आप भी बहुत खूबसूरत हो आंटी .... आप तो भैरवी दीदी की बड़ी बहन लगती हो ....

दिव्या : मजाक करना भी कोई तुमसे सीखे तरुण ... मैं तो अब बूढी हो गयी हु ... तुम्हे कहा से मैं खूबसूरत लगती हु ...

दिव्या अपने सीने को उभर के ये सब कहती है जिससे तरुण के ऊपर बिजलिया फॉर जाती है .... तरुण ने अब तक 2 लोगो के साथ सेक्स किया था जिनमे से एक उसकी चचेरी बड़ी बहन श्रेया थी तो दूसरी शहनाज़ थी .... पर दिव्या उन् दोनों से कही बढ़ कर थी ... कल से पहले कभी भी उसने दिव्या की क्लीवेज या नाभि या पेट का कोई हिस्सा तक नहीं देखा था पर दिव्या को अचानक से उसके सामने एक्सपोज़ करना उसकी क्यूरोसिटी को और बढ़ा रहा था वो छह रहा था की जल्द जल्द उसको दिव्या का नंगा बदन देखने को मिल जाये तो मज़ा hi आ जाये ....

तरुण : नहीं आंटी सच में आप बहुत खूबसूरत हो ....

दिव्या : ाचा बच्चू कही तुम मेरे ऊपर लाइन तो नहीं मार रहे ... याद रखना मैं एक बेटी की माँ हु और मेरा पति भी एहि मौजूद है ...

तरुण : आप गलत समझ रही हो आंटी मेरे ऐसे कहने का मतलब नहीं था ... सॉरी आंटी ...

दिव्या जोर जोर से हसने लगती है ...

दिव्या : तुम तो दर गए ... अरे बाबा मैं मजाक कर रही थी ... चलो अब फिर हाफ ान ऑवर तरय करते हैं उसके बाद बाकि इवनिंग को देखेंगे ... उस टाइम मीरा दीदी भी होंगी ....

तरुण (मन में) : अगर इस सेक्सी आइटम को चखना है तो कुछ तूफानी करना hi होगा वर्ण इवनिंग को तो कुछ हो न सकेगा और पता नहीं कब यहाँ से जाना पद जाये वैसे इसकी बात और अंदाज़ से लगता तो नहीं की ये मुझे मन करेगी ...

तरुण को क्या पता था दिव्या आज खुद hi उससे अपने जिस्म की दबी हुयी आग बुझवाना चाहती थी ... उसके लिए hi उसने आज सुपर एक्सपोसिंग अवतार धारण किया था ... वो चाहती थी की तरुण hi पहल करे तो ज्यादा ाचा है ...

तरुण : चलो अब एक बार ट्रायल करते हैं आपको पूल के एक छोर से दूसरे छोर तक तैर के hi जाना है ....

दिव्या : मुझे तो अभी भी बहुत घबराहट और दर सा लग रहा ... कोई नहीं मैं भी आज देखती हु की मैं अपने दर से पार पाऊँगी या नहीं ....

दिव्या ने एक एन्ड से तैरना सुरु किया ... वो आधे दुरी तक तो ठीक थक hi गयी पर बीच में पहुँचने पर न जाने उसको क्या हुआ की वो पानी में डूबने लगी .... तरुण जल्दी से जम्प मार कर पूल में तैरते हुए उसके पास पहुँचता है पर वो अब तक पानी के नीचे जा चुकी थी ... वो पानी के अंदर जाकर दिव्या को ढूंढ़ने लगता है ... जल्दी hi दिव्या उसको मिल जाती है जो की पूल के तलहटी में पहुँच चुकी थी ..... तरुण एक बार पानी के ऊपर आ कर भरपूर सांस अपने फेफड़े में भरता है और पानी के अंदर जा कर दिव्या को पकड़ कर तैरते हुए उसको किनारे पर लेकर उसको पानी के बहार निकल देता है ....

अभी दिव्या बेहोशी की हालत में थिस शायद उसने पानी पि लिया था .... तरुण उसकी छाती पर जोर जोर से प्रेस करने लगता है .... जिससे दिव्या के मुँह से पानी बहार आने लगता है पर वो अब भी होश में नाहीबाई थी ... तब तरुण उसको माउथ तो माउथ सांस देने के लिए उसके होंठो पर अपने होंठ रख कर एयर ब्लो करता है ... कुछ देर की म्हणत के बाद दिव्या होश में आ जाती है ...

होश में आते hi दिव्या खुद की हालत को देख शर्मा जाती है क्यूंकि जब दिव्या को तरुण ने पानी से बहार निकलता था तो उसकी ब्रा तो उसके सरीर पर मौजूद थी पर पंतय पानी में hi रह गयी थी .... तरुण ने भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया क्यूंकि वो तो दिव्या को होश में लेन में लगा हुआ था ....

तरुण का ध्यान जब उस तरफ गया तो उसने पाया की दिव्या की क्लीन शवेद छूट उसकी आँखों के सामने थी .... तरुण जल्दी से एक टॉवल लेकर दिव्या की छूट को धक् देता है ....

तरुण : अब आप ठीक हो न आंटी ... वो सॉरी मैंने ध्यान नहीं दिया था ....

दिव्या : हाँ मैं ठीक हु और तुम्हे घबराने की कोई जरुरत नहीं तुम्हारा सारा ध्यान मुझे बचने में लगा हुआ होगा .... थैंक्स तरुण मुझे बचने के लिए ....

तरुण : आप तो ठीक थक तैर रही थी बीच में जाते hi अचानक से डूबने कैसे लगी ....

दिव्या : पता नहीं कैसे जब मैं बीच में पहुंची तो बड़ी घबराहट होने लगी ... मुझे ऐसा लगने लगा की मैं सब कुछ भूल चुकी हु ...

तरुण : शायद आपके पानी का दर आपके ऊपर हावी हो गया होगा .... मैं आपके कपडे ला देता हु आप जल्दी से पहन लो ... ब्रेकफास्ट का टाइम होने वाला है ...

तरुण दिव्या को सहारा देकर उठता है तो दिव्या के ऊपर वाला टॉवल नीचे गिर जाता है और दिव्या एक बार फिर से बोटॉलेस हो जाती है ... तरुण टॉवल उठाने को झुकता है तो दिव्या मन कर देती है ...

दिव्या : रहने दो तरुण वैसे भी तुमने सब कुछ देख hi लिया है अब छुपाने को क्या रह गया ... चलो जल्दी से मुझे मेरे कपडे लेकर दे दो ....

तरुण जल्दी से दिव्या के कपडे लेकर उसके सामने खड़ा हो जाता है ... अब दिव्या तरुण की आँखों में देखते हुए अपने जिस्म पर बची एक मात्रा ब्रा को भी उतर देती है .... ब्रा के उतारते hi दिव्या के बड़े बड़े चुके बहार निकल आते हैं .... चूचियों पर विराजमान उसके किसमिस के आकर के निप्पल काफी हसीं लग रहे थे .... चूचियों के नीचे पेट पर हलकी चर्बी की परत चढ़ी हुयी थी जो की उसके हॉटनेस को और बढ़ा रहे थे ....

दिव्या : अगर पसंद आ गए हैं तो छू कर देख लो .... मैं बुरा नहीं मानूंगी ...

दिव्या के काफी फाॅर्स करने पर तरुण अपने हाथ बढ़ा कर दिव्या के चूचियों पर हाथ रख देता है ... वो बड़े धीमे धीमे उसको सहलाने लगता है ...

दिव्या : कैसे हैं ...

तरुण : बहुत अचे ... ी मैं इतनी प्यारी चीज मैंने कभी नहीं छुयी ...

दिव्या : तो घबरा क्यों रहे हो गुरुदक्षिणा समझ कर आज तुम मेरे साथ कुछ भी कर सकते हो .... मेरे तरफ से तुम्हे पूरी छूट है ...

तरुण अब दिव्या के जिस्म का अवलोकन करने लगता है .... गहरी नाभि के कुछ इंच नीचे दिव्या के जिस्म का सबसे संवेदनशील हिस्सा था ..... दिव्या के पति ने उसकी छूट की खुदाई करीब 2 साल पहले किया था .... तब से वो इस सुख से वंचित रही थी ..... तरुण का साथ पाकर वो बहकने लगी थी और तो और रात में उसके पति ने भी उसके लिए हरी झंडी दिखा दी थी इसलिए सुबह से hi वो तरुण को अपना जिस्म दिखा कर रिझाने में लगी हुयी थी ...

तरुण का हाल भी काम बुरा नहीं था उसके शॉर्ट्स में भी एक बड़ा सा टेंट न चूका था ....

दिव्या (तरुण की तरफ देख) : ये तो बड़ी नाइंसाफी है तरुण खुद तो बड़े मजे से मुझे नंगी देख रहे हो और खुद कपडे पहने हुए हो .... कपडे एहि रख दो ....

तरुण कपडे रख कर जैसे hi खड़ा होता है दिव्या तरुण के शॉर्ट्स के ऊपर से hi उसका लुंड पकड़ लेती है ...

दिव्या : हाय दिया कितना मोटा तगड़ा सांप पाल रखा है तुमने ....

तरुण : अगर आपको पसंद आया तो अचे से देख लो ये सांप कटेगा नहीं .....

दिव्या झटके के साथ तरुण का शॉर्ट्स नीचे सरका देती है .... तरुण के तगड़े हलब्बी लुंड को देख उसके चेहरे पर मुस्कान आ जाती है ...

दिव्या : वाओ तुम तो पुरे मर्द मालूम होते हो .... यार मेरी मुनिया ने तो पहले से hi लार टपकना सुरु कर दिया शायद इसको भी तुम्हारा सांप पसंद आ गया ...

तरुण : पर वो तो किसी और सांप का बिल है इसमें मेरे सांप के लिए तो no एंट्री का टैग लगा हुआ है ...

दिव्या : ये बिल की मालकिन पर देपेंद करता है की वो किस सांप को इसमें एंट्री देगी .... मुझे तो तुम्हारा सांप बहुत पसंद आया मैं इसको अपने बिल में जगह देना चाहती हु ...

दिव्या : देखो बातो में वक्त जाया करने से ाचा है हम जल्दी जल्दी कर लेते हैं .... मैं 2 सालो से प्यासी हु मेरी प्यास बुझा दो ....

तरुण : क्यों आपके पति आपके साथ ये सब नहीं करते क्या ...

दिव्या : 2 साल पहले उनका एक एक्सीडेंट हुआ था जिसके बाद से उनके लुंड ने काम करना बंद कर दिया तब से मेरी सेक्स लाइफ झंड हो गयी है .... अब प्लीज ऐसे बातो में टाइम बर्बाद न करो जल्दी से मेरी सुखी पड़ी बंजर भूमि की सिंचाई कर दो ....

तरुण : सच कहा अपने .... वैसे भी आप बहुत खूबसूरत हो आपके साथ सेक्स करना मेरा सौभाग्य होगा ....

तरुण वक्त की नजाकत को समझ कर जल्दी से दिव्या को फर्श पर लिटा देता है और अपने लुंड पर थूक दाल कर दिव्या की छूट पर निशाना सेट करके एक धक्का लगा देता है ... तरुण का आधा लुंड बड़ी आसानी से दिव्या की छूट में सरक जाता है ...

तरुण : अपने तो कहा था की 2 साल से आप नहीं चूड़ी हो तो मेरा लुंड इतनी आसानी से कैसे अंदर चला गया ...

दिव्या : अरे बाबा किसी इंसान से नहीं चूड़ी हु ... खीरा बैगन या मूली का रेगुलर उसे करती हु जिसके वजह से ये फैली हुयी है पर रियल लुंड की बात hi कुछ और होती है .... अब बस ऐसे hi मेरे राजा बस ऐसे hi मेरी छूट में अपना झंडा गाड़ दो ...

तरुण अगले दो धक्के में अपना पूरा लुंड दिव्या की छूट में थुश देता है .... अब दिव्या के होंठो पर अपने होंठ रख कर वो ताबड़तोड़ झटके मरने लगता है ..... तरुण के दमदार धक्को को अपनी छूट में महसूस करके दिव्या की छूट पानी से लबा लैब भर जाती है और हर झटके के साथ छूट के पानी की वजह से फच फच की मधुर आवाज़ आ रही थी ...

दिव्या के हॉट अवतार के सामने तरुण ज्यादा देर नहीं रुक पता और 10 - 12 मिनट में hi उसकी छूट में खली हो जाता है .... अब तक दिव्या की छूट ने 4 बार अपना पानी छोड़ा था ...

जल्दी से दोनों पूल में जाकर खुद को साफ़ करके कपडे पहन लेते हैं ...

दिव्या तरुण के होंठो पर अपने होंठ रख देती है ... कुछ देर बाद दोनों अलग होते हैं ...

दिव्या : वाओ यार it's अमेजिंग तूने क्विक सेक्स में hi मुझे मस्त कर दिया .... काश मैं पहले hi तुमसे चुद जाती ... कोई न रात को मैं तेरे रूम आती हु या फिर मैसेज करती हु फिर साडी रात मैं और तुम धमाल मचाते हैं ...

तरुण : जरूर मेरी प्यारी चची ...

उसके बाद दोनों बहार आ जाते हैं और अपने अपने रूम्स में चले जाते हैं ....

ब्रेकफास्ट निपटने के बाद तरुण अपने रूम आ जाता है और बीएड पर लेटने के साथ hi उसको नींद आ जाती है ... उसकी नींद करीब 11 बजे खुलती है ...

उसके फ्लोर पर कोई न था तो वो ग्राउंड फ्लोर पर आ जाता है .... एक माइड से पता चलता है की साडी लड़किया झुमरी के साथ झरने पर नहाने गयी हैं और दिव्या अपने पति के साथ अपने रूम में है ... तरुण ने शौर्य सिंह और मीरा के रूम में देखा तो वो भी वह नहीं थे ... स्विमिंग पूल भी खली hi था .... तरुण माइड को बोल कर फार्महाउस के बहार आ जाता है .... और ुशी रस्ते में चल पड़ता है जिधर ललिया ने झरना दिखाया था ....

वो कुछ hi दूर आगे गया था की आगे का रास्ता दो तरफ को जाता था ... तरुण कंफ्यूज हो जाता है की लास्ट टाइम ललिया उसको किधर ले गयी थी ... वो अंदाज़े से राइट साइड वाले रस्ते में घुस जाता है .... कुछ दूर जाने के बाद तरुण ने ये महसूस किया की जंगल का ये हिस्सा कुछ ज्यादा घाना है .... उसको लगने लगा था की वो गलत रस्ते पर जा रहा है पर फिर भी वो चला जा रहा था ... कुछ और आगे जाने के बाद वो फाइनली मुड़ने को हुआ की उसको कानो में किसी की सिसकिया सुनाई देती है .... वो कौतूहलवश आवाज़ की hi दिशा में काफी सावधानी से बिना कोई आहात किये बढ़ने लगा ...

कुछ दूर चलने पर hi उसको आवाज़ अचे से सुनाई देने लगी उसने ध्यान से आवाज़ की दिशा में देखा तो पाया की एक आदमी एक औरत को डोगग्य स्टाइल में ताबड़तोड़ चोदे जा रहा है .... चूँकि वो अभी भी उनसे काफी दूर था तो उसको उनका चेहरा सही से नजर नहीं आ रहा था .....

वो धीरे धीरे उनकी तरफ बढ़ने लगा .... वो अब उनसे करीब 10-15 मीटर के फैसले पर था .... उसने नजर उठा कर देखा तो वो आदमी और कोई नहीं शौर्य सिंह hi था और डोगग्य स्टाइल में छोड़ने वाली महिला और कोई नहीं मीरा hi थी ....

तभी उसको दूसरे साइड कुछ हलचल सो होती दिखी ... वो जब तक समझता तब तक दो जंगली आदमी झाड़ियों से बहार निकल आते थे .... उन्हें देख शौर्य सिंह और मीरा की तो सिटी पित्ती hi गुल हो गयी .... वो बिकुल कोयले की तरह काळा थे ...

शौर्य सिंह जल्दी से अपना लुंड मीरा की छूट से निकल कर पीछे हटने लगता है .... मीरा जल्दी से नीचे पड़े अपने कपड़ो से खुद को कवर करने लगती है ...

शौर्य सिंह : तुम लोग कौन हो जाओ यहाँ से ...

जंगली 1 : हमारे जंगल में आ कर हमसे hi ऊँची जुबान में बात करता है ... पहले तो इस जंगल में आ कर गन्दा काम कर रहा और हमें hi धमका रहा है ....

शौर्य सिंह : मैं धमका नहीं रहा ... बस कह रहा तुम लोग यहाँ से चले जाओ ..

जंगली 2 (अपना लुंड निकल कर सहलाते हुए ) : हमको तुम्हारा औरत बहुत पसंद आया .... इतनी गोरी औरत को हम कभी नंगा नहीं देखा .... हम इसको छोड़ना चाहता है ....

शौर्य सिंह : देखो ये गलत बात है ... मैं पुलिस में शिकायत करूँगा ... मीरा की तो जुबान hi अटक गयी थी वो बस डरे हुए अंदाज़ में उस जंगली आदमी के बड़े से लुंड को देख रही थी ....

जंगली 1 : ए आदमी हमें धमकी देता है ... अब देखो हम तुम्हारे औरत के साथ क्या करता है .... अब इसको हम अपने कबीले में ले जायेगा उसके बाद पूरा कबीला तुम्हारे औरत को छोड़ेगा ...

शौर्य सिंह मौका देख वह से भाग लेता है .... वो जंगली उसको भागता देख जोर जोर से हसने लगते हैं ....

जंगली 2 : तेरा मरद तो गया ... अब हमें hi अपना मरद समझ कर अपना गोरा गोरा बदन चखा दे ....

मीरा (जोर से) : नंन्तआआह्ह्ह्हह्हहीइइइइइइ kkko9oooiiiiiiii बचाआंआऊऊऊ मुझेईईईई ....

अब तक दोनों जंगली आदमियों ने अपने अपने लुंड को अपने छोटे से कपडे के आवरण से आज़ाद कर दिया था .... दोनों जुंगलियो के बड़े बड़े काळा लुंड हवा में लहरा रहे थे और वो दोनों एक साथ पहले से hi नंगी पड़ी मीरा के ऊपर झपट पड़ते हैं और उसके हाथो से कपडा छीन लेते हैं .... उनमे से एक आदमी ने मीरा की एक चुकी को पकड़ लिया था और बड़े hi बेरहमी से मसल दिया.... मीरा दर्द से बिलबिला उठी ...

 
अपडेट 42

मीरा (जोर से) : नंन्तआआह्ह्ह्हह्हहीइइइइइइ kkko9oooiiiiiiii बचाआंआऊऊऊ मुझेईईईई ....

अब तक दोनों जंगली आदमियों ने अपने अपने लुंड को अपने छोटे से कपडे के आवरण से आज़ाद कर दिया था .... दोनों जुंगलियो के बड़े बड़े काळा लुंड हवा में लहरा रहे थे और वो दोनों एक साथ पहले से hi नंगी पड़ी मीरा के ऊपर झपट पड़ते हैं और उसके हाथो से कपडा छीन लेते हैं .... उनमे से एक आदमी ने मीरा की एक चुकी को पकड़ लिया था और बड़े hi बेरहमी से मसल दिया.... मीरा दर्द से बिलबिला उठी ...

आगे

दोनों जंगली आदमियों ने नंगी पड़ी हुयी मीरा को अपने कब्जे में ले लिया था ....

एक जंगली आदमी मीरा के दोनों हाथो को पकड़ कर उसको जमीन पर सताए हुए था तो दूसरे ने मीरा की छूट को मसलना सुरु कर दिया था ... वो मीरा की बिन बालो वाली गोरी सफाचट छूट देख कर अपना आप खोने लगा था ....

जंगली 2 : आज से तू मेरी पर्सनल रांड बनेगी .... मेरे साथ कबीले चलना वह हमारे जैसे ढेरो बड़े बड़े लुंड वाले लोग हैं ... हम सभी दिनों रात तुम्हारी मस्तानी छूट में लुंड घुसाए रखेंगे और तुम्हे अपनी रानी बनाएंगे ....

जंगली 1 : सच कहा तूने इतनी मलाईदार गोरी औरत हमने आज तक नहीं देखि .... तुम्हारा वो कायर मरद बेकार था हम तुम्हारी हिफाजत भी करेंगे और अपने दिल की रानी भी बनाएंगे ....

जंगली 2 अब अपने काळा और मोठे लुंड को मीरा की गीली छूट के मुहाने पर सेट कर देता है और वो अभी धक्का ममरने वाला hi था की धादाआकककक की एक जोर की आवाज़ हुयी और वो मीरा के बाये तरफ लुढ़का हुआ मिला .... उसका सर पहात चूका था और वो बेहोश हो चूका था ... दूसरा जंगली आदमी अभी कुछ रियेक्ट करता उससे पहले hi लकड़ी का कुंडा उसके मुँह पर पड़ा जिससे तुरंत hi उसके मुँह से खून की धरा बह निकली ..... एक और वॉर उसके सर पीठ पर हुआ और वो लड़खड़ाता हुआ झाड़ियों में घुस कर बेहोश हो गया ....

मीरा ने जब सामने देखा तो वो कोई और नहीं तरुण था उसका प्रोटेक्टर .... तरुण को देख मीरा की जान में जान आयी .... वो जल्दी से उठ कर तरुण के गले लग जाती है ...

चाँद लम्हो में hi जब उसको अपनी हालत का अंदाज़ा होता है तो वो झाड़ियों की तरफ जाकर छुपने लगती है ....

तरुण : आंटी आप क्या चाहती हो की इनके लोग वापस आये और आपके साथ बडसूकि करे ... जल्दी से अपने कपडे पहनो और यहाँ से चलो ....

मीरा : पर मैं ऐसे नंगी हालत में कैसे तुम्हारे सामने ....

तरुण : मेरे आने से पहले तो अपने बड़े भाई के साथ खुले आसमान के नीचे नंगी हालत में चुद रही थी उस समय शर्म न आयी ... जंगली लोगो ने आपके प्राइवेट पार्ट्स को टच किया तब तो शर्म न आयी अभी मुझसे बड़ा शर्म आ रहा ... Ok मैं दूसरी तरफ घूम जाता हु जल्दी से अपने कपडे पहनो ...

तरुण दूसरी तरफ मुँह कर लेता है और मीरा जल्दी जल्दी अपने कपडे पहन लेती है ...

तरुण : अपने यार के भी कपडे उठा लो ताकि हमारा कोई साबुत न बचे ....

मीरा शौर्य सिंह के भी कपडे ले लेती है ...

मीरा : तरुण तुम यहाँ कैसे आये ... तुम्हे कैसे पता था की हम यहाँ हैं ...

तरुण उसको सब कुछ बता देता है ...

मीरा : शायद मेरी किस्मत अछि थी की तुम रास्ता भटक गए वर्ण पता नहीं वो जंगली लोग मेरे साथ क्या करते .... पता नहीं मैं जिन्दा भी बचती या नहीं ... वैसे तुमने ये साबित कर दिया की हमारा तुम्हे बॉडीगार्ड बनाने का फैसला गलत नहीं था ...

तरुण : आपका वो भगोड़ा भाई क्या सुरु से hi ऐसा चक्का टाइप का है ... बहन को ऐसे हाल में छोड़ अपनी गांड बचा कर भाग गया ... ऐसे हरामी भाई होने से ाचा है की कोई भाई hi न हो ...

मीरा : देखो तरुण तुमने मेरी जान और इज्जत बचायी इसका ये मतलब नहीं की तुम मेरे बड़े भैया को कुछ भी कहो ....

तरुण : वह क्या प्यार है ... लगता है आपके भैया ने आपके टांगो के बीच कुछ ज्यादा hi मज़ा भर दिया है ... बड़ी जल्दी hi अपने मेरे उपकारों का फैसला सुना दिया ... आपके एहसानो के लिए सुक्रिया मेमसाहब ...

मीरा : देखो तरुण तुम हद्द से कुछ ज्यादा hi बोल रहे हो ... मैं सब कुछ सुन सकती हु अपने भैया की बुराई नहीं ....

तरुण : सॉरी मेमसाहब .... एंड थैंक्स मुझे ये रीलीज़ करने के लिए की मैं सिर्फ आपका एक नौकर hi हु ...

अब तक वो लोग फार्महाउस पर आ चुके थे. ... झुमरी के साथ बच्चे लोग भी अब तक नहीं लौटे थे .....

तरुण मीरा के साथ फार्महाउस के अंदर तक आता है और उसको वही हॉल में छोड़ अपने रूम में आ जाता है ....

माइड मीरा को देख उसके पास आती है ...

माइड : मेमसाहब कहा थी आप ... पता नहीं बड़े साहब को क्या हुआ वो नंगे hi भागते हुए आये और कपडे पहन कर गाडी से ये कहते हुए चले गए की वो कल सुबह को hi गाडी भिजवा देंगे .... मैंने उनसे आपके बारे में पूछा तो उन्होंने कहा की आप अपनी सहेली के साथ कही चली गयी हो .... और ये साहब के कपडे आपके पास कैसे ... मुझे तो कुछ समझ hi नहीं आ रहा ...

मीरा : अरे पागल वो सब छोड़ तूने खाना बनाया की नहीं .... उनको शायद कोई काम याद आ गया होगा जिसके वजह से वो चले गए .. . ये कपडे मुझे रस्ते में मिले तो मैं इन्हे लेती आयी .... और प्लीज ये बात किसी से न कहना ..... जुबान बंद रखेगी तो तेरा hi फायदा है ....

और वो जल्दी से अपने रूम जाती है और 500 के कुछ नोट लेकर उसको थमा देती है ...

माइड को भी समझ नहीं आता की मीरा ने ऐसा क्यों किया और शौर्य सिंह नंगे क्यों आये और क्यों चले गए .... खैर उसने अपनी सोच को विराम देते हुए पैसो को अपने पर्स में थुश लिया ....

अपने रूम में जाने के बाद मीरा की रीलीज़ हुआ की तरुण को ऐसे बिना किसी हक्ति के सुना कर उसने ाचा नहीं किया ... पर अब क्या hi किया जा सकता है ... जुबान से निकली हुयी वाणी वापस तो नहीं लायी जा सकती ....

15 - 20 मिनट्स गुजर जाने पर भी जब बचे लोग नहीं आये तो मीरा को घबराहट सी होने लगी ... वो तरुण के रूम आ जाती है ....

वो बीएड पर लेता हुआ था .... उसका चेहरे बहुत साद लग रहा था ....

मीरा : तरुण सुहानी और बाकि लोग अभी तक नहीं आये मुझे घबराहट सी हो रही है ... तुम जल्दी से जाकर उन्हें साथ लिए आओ ....

तरुण : मैं क्यों जॉन कहो न अपने यार से की उन्हें ले आये सही सलामत ....

मीरा : देखो तुम्हे सुहानी की हिफाज़त के लिए रखा गया है .... ये तुम्हारा फ़र्ज़ बनता है की तुम उसको सही सलामत घर ले आओ ...

सुहानी का ma'am सुनते hi तरुण बिना कुछ बोले फार्महाउस से झरने की तरफ निकल पड़ता है.0 ..... थोड़े hi देर में वो झरने पर था .... अभी सभी लोग झरने से गिरने वाले ठन्डे पानी से मज़ा कर रहे थे ... सुहानी और भैरवी टॉप एंड ट्रॉउज़र में थी, ललिया ने अभी एक सूट पहना हुआ था जबकि झुमरी और करुणा ने अपने पेटीकोट को अपने चूचियों के ऊपर बांध रखे थे जिससे उनके पेटीकोट का निचला हिस्सा उनके जांघ से कुछ नीचे आ रहे थे ...

तरुण : आप लोग का अभी नहीं हुआ क्या घर में सभी लोग आपकी रह देख रहे हैं ...

भैरवी : अरे वह हीरो तुम भी आ गए ... वो आने के वक्त तुम गहरी नींद में थे तो नहीं जगाया ..... आओ नाहा लो ठन्डे पानी से ....

सुहानी : हाँ तरुण बहुत मज़ा आ रहा है ...

तरुण : पर मैं कपडे खा लाया ....

ललिया : क्या भैया मर्द हो कर इतना शर्मा रहे ....

तरुण का भी बड़ा मन था खुले आसमान के नीचे नहाने का तो वो जल्दी से अपने ऊपर के सरे कपडे उतर कर सिर्फ शॉर्ट्स में नहाने के लिए जाने लगता है .... पानी वाकई में काफी ठंडा था .... तरुण को गर्मी के मौसम में इस पानी में नाहा कर बहुत मज़ा आता है ....

थोड़े देर में तरुण उन्हें साथ लेकर फार्महाउस के लिए रवाना हो जाता है ...

इधर तरुण के जाने के बाद मीरा अपने रूम आ जाती है ....

मीरा : वैसे तरुण ने गलत तो नहीं कहा था ... मेरे भैया ने क्या किया मेरे जिस्म से मज़ा लिया और जब बात मेरी हिफाज़त करने की हुयी तो न सिर्फ वह से भागे बल्कि फार्महाउस छोड़ कर hi भाग लिए ताकि अगर मेरे साथ कुछ अनहोनी हो जाये तो वो आसानी से बच सके .... तरुण ने आज भी अपनी जान पर खेल मुझे उन् हवशी जंगली आदमियों से छुड़ाया ... आज अगर वो वक्त पर वह न पहुंचा होता तो शायद मैं आज जिन्दा भी नहीं बचती ... और मैंने क्या किया उसका सुक्रिया ऐडा करने की जगह उसको hi खरी खोटी सुना डाली .... अभी भी सिर्फ मेरी बात मान कर वो उतनी दूर सबको साफल्य घर लेन को चला गया ....

इवनिंग को स्विमिंग पूल में अस एक्सपेक्टेड दिव्या और मीरा दोनों आये हुए थे ... तरुण अभी तक वह नहीं आया था ...

दिव्या : अरे अब तक तरुण नहीं आया ...

तभी तरुण स्विमिंग पूल के गेट से अंदर आ जाता है .,..

मीरा : देखो नाम लेते hi आ गया ...

दिव्या ने पहले जाकर पूल को अंदर से लॉक किया .... मीरा भी दिव्या को देखते हुए अपने ऊपर के कपडे उतर कर सिर्फ अंडर गारमेंट्स में hi आ जाती है .... तरुण भी अब तक शॉर्ट्स में आ चूका था और वो पूल में आकर उनका वेट करने लगता है ....

थोड़ी hi देर में दिव्या और मीरा भी पूल में एंटर करती है ... दिव्या के एसेट्स मीरा के मुकाबले थोड़े बड़े थे ... अभी दिव्या ने अछि सी ब्रा और पंतय पहनी थी जो इसके खास अंगो को सही से धक् रहे थे ....

तरुण उन्हें स्विमिंग के बारे में पहले तो थेओरेटिकल्ल्य बताता है .... उसके बाद दोनों को प्रैक्टिस करने को कहता है .... मीरा ने ये नोटिस किया की तरुण दिव्या को थोड़ा ज्यादा अचे से गाइड कर रहा है उसके मुकाबले ...

खैर अभी तो वो उन्होंने बस नार्मल स्विमिंग hi करि और फिर वापस अपने रूम को लौट गए ....

डिनर के बाद करीब 10 बजे तरुण का गेट नॉक होता है ... तरुण ने गेट खोलता तो बहार मीरा कड़ी थी ... उसने साइड हो कर उसको अंदर आने का रास्ता दिया ...

मीरा आकर बीएड पर बैठ जाती है ...

मीरा : नाराज हो मुझसे ....

तरुण : मैं कौन होता हु आपसे नाराज होने वाला .... मैं एक नौकर हु आप मेरी मालकिन तो इसमें नाराजगी की तो बात दूर दूर तक नहीं है ....

मीरा : देखो तरुण मुझे अपनी गलती का एहसास हो गया है मुझे तुम्हारे साथ ऐसे रूडली बेहवे नहीं करना चाहिए था ...

तरुण : ok मैडम गुड नाईट ... आप सो जाइये कल हमें यहाँ से निकलना भी है ....

मीरा : ok गुड नाईट ... एंड सॉरी फॉर माय बिहेवियर ....

करीब रात के 12 बजे तरुण के मोबाइल पर एक मैसेज टोन बजता है .... मैसेज दिव्या का hi था वो उसको ये बता रही थी की वो ग्राउंड फ्लोर पर hi आ जाये शौर्य सिंह के रूम में क्यूंकि इस फार्महाउस में एक वही रूम था जो की साउंडप्रूफ था ...

तरुण ग्राउंड फ्लोर पर आ जाता है और थोड़े hi देर में दिव्या उसको साथ लेकर शौर्य सिंह के रूम में एंटर कर जाती है ...

दिव्या तुरंत hi तरुण को गले लगा कर उसके होंठो का रसपान करने लगती है ... तरुण भी उसका बखूबी रिस्पांस कर रहा था ....

दिव्या : मेरे राजा अब मुझपर इतना बर्षो की मेरी प्यास हमेसा के लिए बुझ जाये .....

तुरंत hi दोनों के सरीर से कपडे गायब हो जाते हैं .... तरुण दिव्या को बीएड पर लिटा देता है और खुद उसके पाओ के बीच लेट कर अपना मुँह दिव्या की छूट के पास ले जाता है ...... दिव्या के क्लीन शवेद छूट को बड़े प्यार से अपने जीभ से चाटने लगता है .... ये चूसने चाटने का किस्सा तब ता चलता है जब तक दिव्या झाड़ नहीं जाती ....

तरुण : यू अरे तू टेस्टी डार्लिंग ....

दिव्या : अब मुझे भी मेरा खिलौना दो .. मैं भी इसको प्यार करना चाहती हु ....

अब दिव्या तरुण को बीएड पर लिटा कर उसे लुंड को मुँह में भर कर चूसना चालू कर देती है .... दिव्या के गरम मुँह में जाते hi तरुण का लुंड और भी कड़क हो जाता है ... 5 - 6 मिनट तक तरुण के लुंड पर प्यार लुटाने के बाद वो तरुण के लुंड पपर अपनी छूट की टिका कर बैठने लगती है ... थोड़े देर में hi उसकी छूट ने तरुण का पूरा लुंड निगल लिया था .... अब खुद अपने hi चूचियों को पकड़ कर ऊपर नीचे होने लगती है .... तरुण भी नीचे से झार्टके लगा रहा था .... करीब 10 मिनट इस पोजीशन में छोड़ने के बाद वो डोगग्य पोजीशन में आ जाती है और तरुण उसके पीछे जाकर उसके छूट में अपना खूंटा गाड़ देता है .... उसके बाद ताबड़तोड़ धक्के लगाने लगता है .... तरुण के हर धक्के से दिव्या की चूचिया किसी स्प्रिंग की तरह विबरते हो रही थी .... इसी पोजीशन में तरुण दिव्या की छूट में झाड़ जाता है ... इस दौरान दिव्या भी 3 बार झाड़ चुकी थी ....

कुछ देर रेस्ट करने के बाद दिव्या फिर से तरुण के लुंड को चूसने लगती है .... तरुण भी नेक्स्ट राउंड के लिए तैयार होने लगता है .....

तरुण : मुझे आपकी गांड मारनी है ....

दिव्या : जैसी आपकी आज्ञा मेरे जानू ....

दिव्या अपने पर्स से एक लुब्रीकेंट तुबे निकटि है और झुक कर अपने गांड को फैला देती है .... तरुण तुबे का सारा जेल को दिव्या की गांड में भर देता है और अपनी मिडिल फिंगर को अंदर घुसा कर चारो तरफ लगा कर स्लिपरी कर देता है ...

तरुण : लगता है आप पूरी तयारी में साथ आयी हैं ..

दिव्या : मुझे पता है जवान लड़के औरतो की बड़ी बड़ी गांड के बड़े दीवाने होते हैं .... तो मैं अपने बेबी को कैसे नाराज कर सकती हु ... पर जरा प्यार से मेरे आज के सैयां ..

तरुण भी बड़े प्यार से धीरे धीरे करते हुए अपना पूरा लुंड दिव्या की गांड में घुसा देता है और धीरे धीरे झटके लगाने लगता है .... ये धक्के की स्पीड धीरे धीरे तेज़ होने लगती है .... दिव्या खुद भी सेक्सी मोअन करके तरुण का हौसला बढ़ा रही थी ... टाइट गांड में तरुण ज्यादा देर नहीं टिक पता है और उसमे hi ढेर हो जाता है ....

कुछ देर रेस्ट करने के बाद दोनों ने जल्दी से अपने कपडे पहने और एक लिप किश के बाद अपने अपने रूम में आ जाते हैं ...

तरुण जब रूम आया तो 3:15 ऍम हो रहा था .... वो दिव्या के साथ हुए हसीं एनकाउंटर को याद करता हुआ सो जाता है ...

अगले दिन ब्रेकफास्ट करके सभी फार्महाउस से घर की तरफ निकल पड़े .... फार्महाउस में तरुण ने दिव्या के साथ जो मस्ती की थी वो उसके इस टूर का सबसे यादगार लम्हा बन चूका था ...

दोपहर तक सभी लोग घर पहुँच चुके थे ....

रूम में तरुण अपने बीएड पर लेता हुआ था की उसका मोबाइल रिंग होने लगता है .... कॉल शहनाज़ का था जब उसको पता चला की तरुण अगले दिन जाने वाला है तो वो उससे जाने से पहले आखिरी बार मिलने की जिद्द करने लगी .. तरुण उसकी पेशकश को ठुकरा न सका आफ्टर आल वो पहली शक्श थी जिसके साथ उसने अपनी ओपनिंग करि थी ...

थोड़े देर में hi तरुण मीरा को बता कर घर से निकल जाता है .... थोड़े hi दूर से उसको शहनाज़ पिक कर लेती है और अपने घर लिए जाती है .... आज भी लास्ट टाइम की तरह घर पर कोई न था .... मौका था और दस्तूर था तो दोनों दो जिस्म एक जान हो गए ... तरुण ने दो राउंड में शेहननाज़ के तीनो छेड़ की बड़े अचे से खिदमत की ....

वापसी में एक मॉल से उसने तरुण के लिए एक बढ़िया सो ड्रेस भी खरीद लिए और एक होटल में खाना खिला कर फाइनली उसको शौर्य सिंह के घर से कुछ दूर ड्राप कर दिया ...

तरुण भी शहनाज़ के साथ हुए मुलाकात के हसीं लम्हो को याद करता हुआ घर लौट जाता है ....

डिनर के बाद मौका देख शौर्य सिंह धड़कते हुए दिल के साथ मीरा का गेट नॉक करता है ... गेट खोलते hi जब मीरा की नजर उसके भाई पर पड़ती है तो उसका चेहरा गुस्से से तमतमा उठता है ....

मीरा (गुस्से से) : अब क्या लेने आये हो यहाँ ... वह जब मुझे आपके साथ और आपकी मर्दानगी की जरुरत थी तब तो नामर्द की तरह दम दबा कर भाग गए थे ... ये भी नहीं सोचा की मैं वह नंगी हालत में उन् अजनबी जुंगलियो के बीच फांसी हुयी हु वो मेरे साथ क्या क्या गलत कर सकते हैं ....

शौर्य : w...wo सॉरी मीरा मैं बहुत दर गया था ... मुझे लगा की वो लोग मुझे मरेंगे इसलिए अपनी जान बचाना ज्यादा जरुरी था ....

मीरा : आपकी बात मान कर आपकी ठरक पूरी करने गयी थी मैं वह जंगल में ये सब आपका hi आईडिया था ... अपनी हवस पूरी तो कर की अपने पर जब मुझे प्रोटेक्ट करने की बात आयी तो आप ऐसे गायब हुए की पता hi न चला .. और तो और फार्महाउस से भी भाग लिए ... कितने स्वार्थी हो आप मुझे तो आपको अपना भैया कहने में भी शर्म आ. रही है ...

शौर्य : अब माफ़ भी कर दे यार ... कल तो तू वैसे भी चली जाएगी आज लास्ट टाइम तेरे से प्यार करने. आया था पर तू तो पुराणी बात लेकर बैठ गयी ... चलो बीएड पर हम जल्दी जल्दी कर लेंगे ...

मीरा : बसड्क ... हरामी ये तो पूछने तू नहीं आया की मैं वह से कैसे बची या उन्होंने मेरे साथ क्या किया ... साले सीधे सीधे मेरे रूम से निकलता है की ये चाकू तेरे गांड में घुसा दू .... बड़ा आया है प्यार करने वाला .... भाग मक जल्दी से वर्ण तू सोच भी नहीं सकता की मैं क्या कर जाउंगी ...

शौर्य : अरे यार ये कैसे बात कर रही बड़ा भाई हु तुम्हारा ... तू ठीक थक hi तो है तो क्यों बेकार के गड़े मुर्दे उखाडू ... चल न यार अब सॉरी भी बोल रहा हु ... जल्दी से एक बार कर लेंगे ...

मीरा : अजीब ma*******chod इंसान है ... ला सेल तेरी नुन्नी hi काट दूंगी न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी ...

और मीरा चाकू लेकर उसके तरफ बढ़ने लगती है ... शौर्य सिंह की तो g@nd फैट के हाथ में आ जाती है वो जल्दी से अपना पिछवाड़ा बचा कर भाग लेता है ... उसके निकलते hi मीरा जल्दी से गेट लॉक कर लेती है ....

रात में दिव्या तरुण के रूम पहुँचती है ... तरुण उसको नीरस नहीं करना चाहता था इसलिए उसने दिव्या के तीनो छेड़ो पर भी अपना थोड़ा थोड़ा प्यार लुटाया .... वो मन hi मन तरुण को अपना सेकंड हस्बैंड बना चुकी थी ...

दिव्या (तरुण के होंठो को चूमते हुए) : तरुण भले hi तुम्हारा और मेरा कोई मेल नहीं ... न hi मैं तुम्हे सही से जानती हु पर मेरे दिल में तुम्हारे लिए एक बड़ी स्ट्रांग वाली फीलिंग है ... तुम यहाँ से जाने के बाद मुझे भूल तो नहीं जाओगे न .....

तरुण : आप कहो तो एहि रुक जाता हु ...

दिव्या : तो रुक जाओ न ....

तरुण : नहीं दिव्या जी मैं तो मजाक कर रहा था ... पहली बात तो मैं इतना एहसान फरामोश नहीं की इतनी जल्दी अपने करीबी लोगो को भूल जॉन .... वैसे भी यहाँ मैंने बहुत सरे रिश्ते बनाये हैं ... भैरवी दी के जैसी बहन तो आपके जैसी प्यारी दोस्त .. भले hi हमारी दोस्ती थोड़े लेट से हुयी पर हुयी तो ..... यहाँ से मैं ढेर साडी यादें लिए जा रहा हु ... एक बात पुछु सच सच बताना ...

दिव्या : हाँ पूछो ...

तरुण : अपने कहा था की आपके पति बिस्तर पर बिलकुल लुल्ल हो चुके हैं तो मेरे जाने के बाद आप कोई नया पार्टनर ढूँढोगी क्या ...

दिव्या : पागल हो क्या मैं तुम्हे इतनी बड़ी चुड़क्कड़ दिखती हु क्या ... तुम्हारे साथ तो अलग बात थी .... वैसे भी मैंने अब सेक्स वगैरह से नाता तोड़ दिया था ... तुम्हारे साथ हुए ये दो तीन सेक्स एनकाउंटर की यादो के सहारे hi साडी जिंदगी गुजर लुंगी ... Ok मेरी जान टेक केयर गुड नाईट एंड थैंक्स फॉर सटिस्फीइंग माय थ्रस्ट ... लव यू बेबी .... 😘😘😘

तरुण : गुड नाईट स्वीटहार्ट 😍😍😘😘😘

फाइनली एक वाइल्ड स्मूच के बाद दिव्या तरुण के रूम से लौट जाती है ....

अगले दिन एक गाडी में suhani,Meera और करुणा, तरुण के आने का वेट करते हैं .... जाने से पहले भैरवी तरुण को एक टाइट हुग देती है और उसके दोनों गालो पर चुम्मी चिपका देती है ...

तरुण : bye दीदी अपना और अपनी मुम्मा का ख्याल रखना ....

भैरवी : bye कुटी ... फ़ोन करते रहना ... Bye bye एवरीवन ...🙋🙋

थोड़े hi देर में उनकी गाडी सबकी नजरो से ओझल हो जाती है ....
 
अपडेट 43

तरुण : bye दीदी अपना और अपनी मुम्मा का ख्याल रखना ....

भैरवी : bye कुटी ... फ़ोन करते रहना ... Bye bye एवरीवन ...🙋🙋

थोड़े hi देर में उनकी गाडी सबकी नजरो से ओझल हो जाती है ....

आगे

रात तक सभी लोग घर पहुँच जाते हैं .... करुणा काफी दिनों के बाद यहाँ आयी थी तो काफी एक्ससिटेड थी वही सुहानी थोड़ी साद थी क्यूंकि यहाँ उसको सोने के पिंजरे में रहने वाली चिड़िया के जैसी फीलिंग आती थी ....

सुहानी ने करुणा का सामान फर्स्ट फ्लोर के hi एक रूम में शिफ्ट करवा दिया ... पहले भी bhairavi,vikash या करुणा आती थी तो वही रूकती थी ...

सुहानी के आने से उसकी दोनों माइड बहुत खुस होती हैं ... रौशनी को तो करुणा पहले से hi जानती थी तो वो नीलम को करुणा से मिलवाती है ...

करुणा के कहने पर सुहानी तरुण को शेर सिंह से परमिशन दिलवा देती है की वो बेफिक्र टाइम तो टाइम जाकर करुणा को एक्सरसाइज करवा दिया करे ...

कलुआ और रौशनी की प्रेम कहानी अब भी जारी थी ... कलुआ तो नीलम पर हाथ साफ़ करना चाहता था पर रौशनी टाइम तो टाइम उसकी हवस शांत करके किसी तरह नीलम को उसके टारगेट से हटाने में कामयाब रही थी ....

तरुण डेली मॉर्निंग और इवनिंग को जाकर करुणा की एक्सरसाइज करवा देता था .... हलाकि उस दिन के बाद उसको करुणा को नंगा देखने का मौका नहीं मिल पाया था क्यूंकि वो अब खुद से hi अपना मस्सगे कर लिया करती थी ..... ऐसे hi देखते देखते 18 - 20 दिन कब बीत जाते हैं पता hi नहीं चलता .... कड़ी म्हणत और रेगुलर मस्सगे की वजह से अब करुणा का सरीर पहले के मुकाबले काफी फिट हो गया था और वो अब काफी हॉट एंड सेक्सी लगने लगी थी ....

एक शाम को एक्सरसाइज राउंड के बाद वो वेइटिंग मशीन पर अपना वेट चेक करती है ....

करुणा (खुस होते हुए) : वाओ तरुण यू अरे जीनियस ... आज मेरा वजह पहले की तुलना में 12 - 13 किलो काम हो गया है ... अब मैं काफी फिट भी हो गयी हु ये सब तुम्हारे वजह से hi हुआ है ...

और करुणा अपनी ख़ुशी जाहिर करते हुए उसके गले लग जाती है और उसके गालो को चुम लेती है ...

करुणा : कल रात को काफी दिनों के बाद मैं अपने उनसे वीडियो कालिंग कर रही थी तो जानते हो उन्होंने क्या बोलै ...

तरुण : उन्होंने क्या. कहा दीदी ...

करुणा : उन्होंने कहा न की मैं बहुत खूबसूरत हो गयी हु ... शादी के बाद पहली बार उनके मुँह से मैंने खुद के लिए तारीफ सुनी है ... एहि नहीं कल वो यहाँ आ रहे हैं खुद hi मुझे अपने साथ ले जाने के लिए ... थैंक्स तरुण मेरी उजड़ा हुआ घर तूने फॉर से बसा दिया है ... इसके लिए मैं सदा ....

तरुण (करुणा के मुँह पर अपना हाथ रखते हुए ) : दीदी मैंने ये खुद के लिए किया है और इसमें सिर्फ मेरा hi योगदान थोड़े है ये सब आपकी अथक म्हणत और पैशन की वजह से हुआ. है मैंने तो सिर्फ रास्ता बताया इम्प्लीमेंट तो अपने खुद किया है .. मेरी वजह से मेरी बहन का घर फिर से बस जाये इससे बड़ी ख़ुशी की बात एक भाई के लिए और क्या हो सकती है .... आप बिंदास अपने ससुराल जाओ और अपने उनको इस कदर रिझाओ की वो आपके पल्लू में बांध कर रह जाये ...

करुणा : यू अरे माय रियल बरोथेर .... के एंड गिव ा टाइट हुग तो योर सिस्टर ...

करुणा तरुण को जोर से खुद से चिपका लेती है ... वही गेट पर कड़ी होकर सुहानी ये सब देखती जा रही थी ...

सुहानी (मुस्कुराती हुयी) : वाओ ... क्या प्यार है दोनों भाई बहनो ... हाय इनके प्यार को किसी की नजर न लगे ... वैसे तरुण मन्ना पड़ेगा तुमने मेरे घर वालो के दिल में अपने लिए एक खास जगह बना की है ... ी ऍम ग्लैड तो मेक यू ा part ऑफ़ थिस फॅमिली ...

अब सुहानी भी तरुण को एक टाइट हुग देती है ... सुहानी के गले लगते hi तरुण की ऐसा फील हुआ की जैसे वो जीते जागते स्वर्ग पहुँच गया हो ...

सुहानी एहि नहीं रूकती वो भी करुणा के जैसे hi उसके गाल को चुम लेती है ... तरुण को ऐसा लगा जैसे काश ये वक्त एहि थम जाये और वो इस खास पल को अचे से जी ले ....

अगले दिन करुणा का हस्बैंड आता है और करुणा को अपने साथ ससुराल चलने को कहता है ...

वो करुणा को दीवानो की तरह देखे जा रहा था .... सुहानी ने भी मजाक मजाक में कह दिया ....

"जीजू ये आपकी hi अमानत है ... यु ऐसे घर घर के क्यों देख रहे हो "

"साली साहिबा आज आपकी दीदी इतनी खूबसूरत लग रही की उनसे नजरे hi नहीं हैट रही "

"अब से दीदी का अचे से ख्याल रखियेगा "

"हाँ हाँ क्यों नहीं वो जान है मेरी ... अब तक तो मैं उनका पति था अब मुझे उन्हें अपनी पत्नी बनाना है "

उसके चेहरे से hi ऐसा लग रहा था जैसे वो पहली बार करुणा को देख रहा हो ... किसी नए लवर की तरह वो अपनी बीवी का ख्याल रख रहा था ... करुणा भी अपने हस्बैंड में आये इस चेंज से बहुत खुस होती है .... वो इसका सारा क्रेडिट तरुण को hi देती है ...

सबसे विदा लेने के बाद वो आखिर में तरुण के पास आती है ....

वो काफी इमोशनल थी तरुण के लिए ... आखिर हो भी क्यों न तरुण ने उसका टूटने वाला घर वापस बसा कर उसको जहाँ की सबसे बड़ी ख़ुशी जो दी थी ... तरुण से गले मिल कर जब वो अलग हो रही थी तो स्वतः hi उसकी आँखें भर आयी ...

तरुण : "दीदी रोवो मत आपके दुःख भरे दिन बीत गए अब आपके ख़ुशी के दिन आ गए हैं ... एन्जॉय थे मोमेंट्स व्हिच बेलोंगस ओनली तो यू ... Bye bye दीदी अपना ख्याल रखना ... "

करुणा : "पहले सोचती थी की क्या मैं कभी अपने घर को बचा पाऊँगी की नहीं ... आज जब मेरा घर फिर से बस गया है मुझे मेरा पति मिल गया है तो तुम्हे छोड़ के जाने का मन नहीं कर रहा ... एक बहन के दिल की दुआ है की तुम अपने हर मकसद में कामयाब रहो .... Bye मेरे बाबू 😘😘😘 तुम्हे मेरी भी उम्र लग जाये "

कुछ देर में hi वो दोनों अपनी गाडी में बैठ कर चले जाते हैं ....

********************

इधर तरुण का घर का भी हाल जान लेते हैं ... रानी को देखने जो लड़के वाले आये थे उन्होंने रानी को पसंद कर लिया था .... वो तो जल्दी से शादी करवाना चाहते थे पर रानी ने hi जान बुझ कर शादी की डेट 4 महीने बाद का रखवाया ....

उस दिन के बाद भी एक दो बार ख़ुशी ने अपनी देवरानी को अपने ससुर के नीचे लिटाने की पेशकश की पर हर बार की तरह सुमित्रा ने उसके प्रस्ताव को ठुकरा दिया ...

राहुल का रानी के साथ ओरल तो हफ्ते में एक अध् बार हो hi जाता था ... पर अब वो नए शिकार की तलाश में तहत .... बहार में कोई अछि लड़की तो उसको भाव देती भी नहीं थी घरवालों की आँखों का तारा होने का वो गलत फायदा उठाने में लगा हुआ था ...

अब उसने ऋचा और श्रुति पर भी अपना लक आजमाना सुरु कर दिया था .... ऋचा के ट्रस्ट का फायदा उठा कर वो उसको हुग या गालो पर किश तो कर लेता था पर उससे आगे बढ़ने का उसको मौका hi नहीं मिल रहा था ....

प्रियांशी और रुचिका तो उसको कुत्तो के जितना भी भाव नहीं देती थी अब तो उनसे वो दूर hi रहता था ...

तरुण के दादा अब भी बूढ़े शेर बने हुए थे वो अब भी अपनी मंझली बहु को भोगने में कोई कसार बाकि नहीं रखते थे और बड़े तबियत से उसकी ठुकाई भी किया करते थे ... वो बस छूट के hi रसिया थे ... न कोई फोरप्ले बस कपडे खोल कर छूट में लुंड घुसा कर ताबड़तोड़ ठुकाई कर देते थे ... तरुण को भी तगड़ा लुंड शायद अपने दादा से hi विरासत में मिली थी ...

*****************

तरुण भी घर वालो से दूर रहकर अब ऊबने सा लगा था .... वो जल्दी से जल्दी अपना काम ख़तम करके वापस अपनी दुनिया में लौटना चाहता था पर उसको समझ नहीं आ रहा था की वो कैसे और क्या करे ... तभी उसको ख्याल आता है की मीरा भी तो शेर सिंह से नफरत करती है और उसको अपना बदला लेना चाहती है .... पर वो ऐसे खुलेआम तो मीरा से नहीं कह सकता न ... क्यूंकि इससे उसकी पहचान डिस्क्लोसे होने का भी खतरा था ... वो अब भी मीरा पर 💯 परसेंट बिस्वास नहीं कर सकता था ...

वो एहि सब सोच hi रहा था की उसको रौशनी का ख्याल आता है ... वो इस घर में बहुत दिनों से रह रही थी तो इस घर के सरे राज़ उससे ज्यादा ाचा से कौन बता सकता था .... वैसे भी करुणा को एक्सरसाइज वगैरह सीखने के लिए वो लास्ट 18 - 20 दिनों से रेगुलरली जाता था तो सुहानी की दोनों माइड से उसकी अछि खासी बनने लगी थी ... उसने ये भी फील किया था की रौशनी नीलम की एक माँ के जैसी केयर भी किया करती थी ....

तरुण (मन में) : पर आखिर वो मेरी क्यों हेल्प करेगी .... अगर कही गलती से उसने शेर सिंह या कलुआ को बता दिया की मैं इस घर के किसी राज़ के बारे में पूछ रहा था तो फिर तो लग गयी लंका ... किसी अधेड़ औरत की कमजोरी या जरुरत क्या होती है sex,Paisa या कोई ऐसा जिसे वो दिलोजान से प्यार करती हो ... पैसे के लिए वो शेर सिंह के खिलाफ तो नहीं जाएगी क्यूंकि उसका कोई भी नहीं है इस दुनिया में ... प्यार तो वो उस हठी से तो कर नहीं सकती क्यूंकि वो हरामी प्यार के लिए बना hi नहीं .... वो क्या शायद उसकी सगी माँ भी उससे प्यार नहीं करती होगी ... सेल गेंदे से .... अब रही बात सेक्स की तो वो उसको उस कलुआ से मिल hi रहा है ... वैसे आज तो वो हठी शेर सिंह के साथ 2 दिनों के लिए कही बहार जाने वाला है ... आज कैसे भी करके मुझे उसको पटना hi होगा .... वैसे वो उतनी बुरी भी नहीं दिखती ... वैसे इतना तो मुझे खुद पर भरोषा जरूर है की अगर एक बार वो मेरे नीचे लेट गयी तो उससे सरे राज़ मैं उगलवा hi लूंगा .... वैसे भी उसके हाव् भाव से तो लगता नहीं की वो मेरा प्रपोजल रिजेक्ट करे ... ok तो अब लग जाता हु मिशन रौशनी पर ...

ये सब तरुण ब्रेकफास्ट के बाद अपने रूम में लेते हुए सोच रहा था ....

अभी वो अपने सोच के दायरों से बहार निकला भी नहीं था की कलुआ की भरी भरकम आवाज़ उसको सुनाई देती है जो उसको hi पुकार रहा था ...

कलुआ : तरुण .... ो ... तरुण ... तुझे मालिक याद कर रहे हैं ....

तरुण बहार निकल कर शेर सिंह के पास पहुँचता है जो की मीटिंग वाले रूम में बैठा हुआ था ...

तरुण : जी सर अपने मुझे बुलाया था क्या ....

शेर सिंह : हाँ तरुण आओ अंदर आओ .... देखो हम आज मैं अपने किसी निजी काम से कही बहार जा रहा हु ... कलुआ भी मेरे साथ hi जायेगा तो मैं चाहता हु की हमारी गैरमौजूदगी में तुम तुम सुहानी और इस घर की अचे से देखभाल करो ... वैसे तो हमारे आदमी हमेसा तैनात रहेंगे पर फिर भी तुम सतर्क रहना ...

तरुण : जी सर आप बेफिक्र होकर जाइये यहाँ मेरे रहते कोई दिक्कत नहीं होगी ये मैं आपसे वादा करता हु ...

शेर सिंह : हमें तुमसे एहि उम्मीद थी .... ठीक है अब तुम जा सकते हो ...

तरुण वह से बहार आ जाता है .... तरुण अंदर आ कर देखता है की कलुआ एक चेयर पर बैठ बड़े गौर से किसी चीज को देख रहा था .,.. तरुण बिना कोई आहात किये उसके पास आ कर उसकी नजरो का पीछा करता है तो पता है की उसकी नजर कही और नहीं घर की मालकिन मीरा पर hi तिकी थी जो झुक कर शायद कोई काम कर रही थी जिसके वजह से उसका क्लीवेज हल्का हल्का दिख रहा था ... कलुआ वही टकटकी लगाए हुए देख रहा था ....

तरुण जान बुझ कर पास की चेयर से टकरा जाता है जिससे कलुआ अपनी नजरे मीरा से हटा कर आवाज़ की दिशा में देखने लगता है ... उसके चेहरे पर परेशानी के भाव उभर आये थे .... तरुण भी कलुआ के सामने hi एक चेयर पर बैठ जाता है ...

तरुण : क्या हुआ काका आपको तो एक में भी पसीना आ रहा है ... तबियत तो ठीक है न आपकी ...

कलुआ : ः बचवा मेरी तबियत को क्या होगा ... ठीक hi हु वो आज कल पसीना ज्यादा आने लगा है ...

तरुण : वैसे इतनी गरम चीज देखोगे तो पसीना तो आएगा hi न काका 😂😂😂😂 ...

कलुआ समझ जाता है की तरुण ने उसको मीरा की तरफ हवसी नजरो से देखते हुए पकड़ लिया है ...

कलुआ : मतलब कहना क्या चाहत हो बबुआ ...

तरुण : अब ऐसे खुले में कैसे बोल सकता हु ...

कलुआ (धीमे आवाज़ में ) : बिटवा ी बात को बहार न निकलना वर्ण हमरी तो सहमत आ जाएगी ...

तरुण : आप बेफिक्र रहो काका .... मैं समझ सकता हु काका इतनी उम्र में भी अकेले जिंदगी बिता रहे हो तो कभी कभी नजरे भटकेंगी hi न ...

कलुआ : बात तो तुम्हारी सच है बिटवा पर हम ठहरे बॉडीगार्ड आदमी ... हमरी जिंदगी का क्या भरोषा आज है तो कल नहीं .... शादी करके केहू की जिंदगी कहे खराब करे ... हम अकेले hi मस्त हैं .... ठीक है बिटवा अब हम जाट हैं मालिक के साथ हमका आज जाना है तो कुछ सामान वगैरह पैक कर लेते हैं ....

लंच के बाद शेर सिंह कलुआ के साथ निकल जाता है .... शेर सिंह और कलुआ के जाते hi तरुण पहली बार इस घर में खुली हवा में सांस ले रहा था ....

अभी उसको किसी का दर नहीं था इसलिए वो बेख़ौफ़ होकर इवनिंग को शेर सिंह के पुरे घर का मुआयना कर रहा था ....

उसको घर में ऐसे खुल कर घूमते देख मीरा ने आखिर उसको टोक hi दिया ...

मीरा : क्या बात है तरुण आज इधर उधर घूम रहे हो क्या बात है ... पहले तो हमेसा अपने रूम में पड़े रहते थे ....

तरुण : सॉरी मेमसाब अगर आपको हमारा ऐसे घूमना पसंद न आया हो तो हम अपने रूम में जाते हैं ...

मीरा : अरे नहीं बाबा ... मेरे कहने का वो मतलब नहीं था .... जैसे वह तुम कम्फर्टेबली सब के साथ घुल मिल कर रहते थे वैसे यहाँ भी रह सकते हो .. वैसे आज कोई खास बात है क्या ...

तरुण : आज सर ने हमें आपलोगो की और इस घर की अचे से देखभाल करने को कहा है ...

मीरा : वह यानि की आज तुम इस घर के बॉस हो .... 😂😂😂😂

तरुण : नहीं मेमसाब मेरे कहने का वो मतलब नहीं था ... ठीक है मेमसाब मुझे कुछ काम याद आ गया है बाद में आपसे बात करता हु ...

डिनर के बाद तरुण सीढ़ियों से होते हुए घर के छत पर आ जाता है .... आज पहली बार वो छत पर आया था ... छत के चारो तरफ 5 फ़ीट की दीवार दी गयी थी ... तरुण वही छत पर चलने वाली ठंडी ठंडी हवा का लुत्फ़ ले रहा था .... वह से शेर सिंह का पूरा गाँव नजर आता था .... शेर सिंह के घर के मैं एंट्रेंस पर 5 - 6 हथियारबंद हट्टे काटते लोग पहरा दे रहे थे .... घर के चारो तरफ इतनी ऊँची दीवार थी की चढ़ने को भी लैडर की जरुरत पड़ती .... दीवार के ऊपर कंटीले वायर लगे हुए थे जिसने हमेसा करंट फ्लो करता रहता था .... इवनिंग के बाद घर के अंदर uske,Sher सिंह और कलुआ के अलावा किसी मर्द को आने की इजाजत नहीं थी ...

तरुण अभी छत पर इधर उधर घूम hi रहा था की उसको छत पर किसी के आने की आहात सुनाई दी ...

 
अपडेट 44

घर के चारो तरफ इतनी ऊँची दीवार थी की चढ़ने को भी लैडर की जरुरत पड़ती .... दीवार के ऊपर कंटीले वायर लगे हुए थे जिसने हमेसा करंट फ्लो करता रहता था .... इवनिंग के बाद घर के अंदर uske,Sher सिंह और कलुआ के अलावा किसी मर्द को आने की इजाजत नहीं थी ...

तरुण अभी छत पर इधर उधर घूम hi रहा था की उसको छत पर किसी के आने की आहात सुनाई दी ...

आगे

वो पीछे मुद कर देखता है तो ये कोई और नहीं रौशनी hi थी ....

रौशनी : अरे तरुण आज तुम यहाँ क्या कर रहे हो ....

तरुण : कुछ नहीं काकी ... रूम में मन नहीं लग रहा था तो सोचा छत पर घूम आऊं .....

रौशनी : मुझे भी कभी कभार नींद नहीं आती तो एहि आ जाती हु ...

तरुण : आप यहाँ कब से काम कर रही हो काकी ...

रौशनी : पहले मेरी माँ यहाँ काम किया करती थी ... माँ के अलावा मेरा इस दुनिया में कोई सहारा न था .... मेरी माँ में पैसे जोड़ जोड़ कर बड़ी धूम धाम से मेरी शादी कराई ... शादी के 3 महीने बाद hi मेरा डाइवोर्स हो गया तो मैं फिर से मायके में hi रहने लगी ... अभी यहाँ रहते हुए कुछ साल hi बीते थे की मेरी माँ किसी बीमारी से चल बसी और उनके जाने के बाद मुझे इस बेरहम दुनिया में तनहा हो गयी .... एक दिन मीरा मेमसाब मेरे घर आयी थी ... उन्होंने hi मुझे यहाँ काम पर लगवा दिया तब से बस एहि मेरी दुनिया है ...

तरुण (साद टोन में) : बहुत दुःख भरी कहानी है आपकी काकी ... आपके पति ने आपको 3 महीने में hi डाइवोर्स क्यों दे दिया ...

रौशनी : उसको गोरी लड़की चाहिए थी पर मैं तो ठहरी सावली... घरवालों के दवाब में आकर उसने मुझसे शादी तो कर ली पर उसने मुझे टच तक नहीं किया ... 1 महीने वह रही उसके बाद उसने मुझे मेरे मायके भेज दिया ... फिर तीसरे महीने एक लॉयर को भेज कर मुझे अपनी दुनिया से हमेसा के लिए किनारा कर दिया ...

तरुण : ये तो आपके साथ बहुत गलत हुआ काकी ... यानि की आपका इस दुनिया में कोई नहीं ....

रौशनी : क्या करे अब जो है बस एहि है ... तुम बताओ तुम्हारे परिवार में कौन कौन है ...

तरुण ने रौशनी को वही कहानी सुना दी हो उसने शेर सिंह को सुनाई थी ...

रौशनी तरुण को ऐसे भावुक होता देख अपने गले से लगा लेती है ...

रौशनी : मेरी, तुम्हारी और नीलम हम तीनो की कहानी ऐसी hi है हम सब यहाँ अकेले hi हैं ... ये तो मीरा मेमसाब की मेहेरबानी है की हम तीन बेसहारा लोगो को उन्होंने न सिर्फ सहारा दिया बल्कि अपने hi घर में पनाह भी दी ... उन्होंने कभी हमें ऐसा महसूस नहीं होने दिया की हम इस घर के नौकर हैं . .... मतलबी लोगो की इस दुनिया में आज भी ऐसे भले लोग मौजूद हैं ...

तरुण : आप भी बहुत अछि हो काकी ...

रौशनी : चलो अब सोने चलते हैं ... काफी रात हो चुकी है ...

तरुण : काकी एक बात पुछु आपसे सच सच बताना ...

रौशनी : पूछो क्या पूछना चाहते हो ...

तरुण : आप कलुआ से प्यार करती हो क्या ...

रौशनी को तो जैसे सांप सूंघ गया ...

तरुण : क्या हुआ काकी आप चुप क्यों हो गयी ...

रौशनी : ये कैसी वाहियात बात कर रहे हो ... मैं कलुआ से प्यार क्यों ...

तरुण : घबराओ मत काकी मैंने सब कुछ देखा और सुना है ...

रौशनी : देखो मैं तुम्हारे आगे हाथ जोड़ती हु प्लीज ये बात किसी को मत बताना ...

तरुण : क्यों काकी क्या हुआ ...

तरुण : क्यों इसमें गलत क्या है आप जवान हो आप अपनी लाइफ की डिसिशन खुद ले सकती हो ...

रौशनी : बात दरअसल वो नहीं है .. मैं कलुआ से कोई प्यार व्यार नहीं करती ... जो तुमने देखा और सुना वो सिर्फ जिस्म की एक जरुरत थी ...

तरुण : अपने कहा था की आपके पति ने आपको छुवा तक नहीं था यानि की आपको लड़की से औरत कलुआ ने hi बनाया होगा न ...

रौशनी : नहीं वो कोई और था ... मेरे ससुर ने hi मुझे बहला फुसला कर मेरे साथ वो घिनौना काम किया था ... उसने मुझे एक बार hi नहीं बहुतो बार भोगा ... वो मुझे अपने बेटे के साथ रिश्ता सही करवाने के बहाने hi मेरा शारीरिक शोषण करता था और जब उसका मन भर गया तो भेज दिया मुझे मेरे मायके और मुझ पर बदचलन होने का झूठा आरोप लगा कर मुझे कुसूरवार ठहरा कर अपने बेटे से डाइवोर्स दिलवा दिया ... मैं नहीं चाहती की मेमसाब को ये सब पता चले की कलुआ का मेरे साथ क्या रिश्ता है ... मैं उनका ट्रस्ट तोडना नहीं चाहती ...

तरुण : काकी क्या तुम आज रात को मेरे कमरे में आ सकती हो ... मुझे तुमसे कुछ जरुरी बात करनी है ...

रौशनी : नहीं मैं नहीं आ सकती .. किसी को पता चल गया तो ...

तरुण : वैसे hi आ जाना जैसे कलुआ से मिलने आती थी ....

इतना कहने के बाद तरुण वह और नहीं रुकता है और ग्राउंड फ्लोर पर आ जाता है ...

तरुण जब ग्राउंड फ्लोर पर पहुँचता है तो देखता है की मीरा लाउन्ज में अकेली बैठी हुयी टीवी देख रही थी . .

मीरा : क्या हुआ हीरो कहा से आ रहे हो ...

तरुण : बस छत पर गया था .... आप अब तक सोई नहीं ...

मीरा : सोऊंगी hi वैसे भी और करना hi क्या है सोने के सिवा ...

तरुण : वैसे आज आप बहुत खूबसूरत लग रही हो ...

मीरा : अपनी मालकिन से hi फ़्लर्ट कर रहे हो .. सोच लो मैंने सुहानी के पापा को बोल दिया तो वो तुम्हारी खाल उधेड़ देंगे ....

तरुण (धीरे से) : कौन से पापा रियल वाले या नकली वाले ....

मीरा (आँखें दिखाए हुए) : लगता है जनाब को बहुत पंख निकल आये हैं कुछ घंटो में hi ...

तरुण : वैसे आज दोपहर को आप बड़ी हॉट लग रही थी आपका वफादार कलुआ भी आपके क्लीवेज को घर घर कर देख रहा था ...

मीरा : अब देखने वाली चीज को लोग देखेंगे hi कही तुम्हे उसकी किस्मत से जलन तो नहीं हो रही ...

तरुण : जलन वो भला क्यों वो जिस चीज को कपड़ो के ऊपर से देख आँखें सेक रहा था वो चीज तो मैंने बिना कपड़ो के देखि है और वही नहीं आपको पूरी की पूरी नंगी देखा है ...

मीरा : तो उससे क्या हुआ मैं कलुआ को तो वो सब भी देने की सोच रही जो तुम्हारे मालिक को देती हु .... तुम्हे देखने का बड़ा शौक है न तुम्हे भी बता दूंगी आ कर देख लेना . ... कैसी रहेगी हमारी जोड़ी मैं गोरी चिट्टी रिच एंड ब्यूटीफुल मिस्ट्रेस और वो कला पहलवान जैसा स्ट्रांग मन ... पुराने ज़माने में रनिया भी ऐसे hi अपने गुलामो से मजे किया करती थी ....

तरुण : तो कर लो न मुझे क्यों सुना रही हो ... आपकी लाइफ आपका जिस्म जिससे चाहे उससे अपनी आग ठंडी करवाओ ... वैसे उस दिन आपको बचा कर मैंने गलती कर दी थी वो जंगली लोग आपको शायद ज्यादा मज़ा देते ... या फिर वो आपका वो आशिक विकाश उससे भी बचा कर मैंने गलती कर दी ..... सॉरी मेमसाब मेरे वजह से आपकी फंतासी पूरी होते होते रह गयी ... Bye गुड नाईट ...

तरुण बिना मीरा की तरफ देखे hi अपना चेहरा दूसरी तरफ करके वह से अपने रूम में आ जाता ... उसके आँखों में आंशू छलक आये थे पता नहीं क्यों ... ये तो वो खुद भी नहीं समझ पाया था की ऐसे अचानक से उसकी आँखें क्यों बह चली ...

तरुण को ऐसे मायूस होकर जाता देख मीरा को भी ख़राब लगता है पर वो अभी तरुण से मजाक में ऐसे बोल रही थी वो उसको रोक कर सब कुछ बताना चाहती थी पर तब तक तरुण रूम में घुस कर गेट लगा चूका था ....

मीरा को भी अब टीवी देखने में मन नहीं लगता है और वो उठ कर अपने रूम को जाने लगती है रस्ते में hi तरुण का रूम पड़ता है वो छह कर भी उसका गेट नहीं नॉक कर पति है और अपने रूम में आ जाती है ...

मीरा (मन में) : मैंने ये सब ठीक नहीं किया मुझे उसको ऐसे नहीं कहना चाहिए था ... उसने इतने hi दिनों में न जाने कितनी बार मेरी हिफाज़त की मेरी बेटी और भैरवी की हिफाज़त की, करुणा का टर्न्ड वाला घर बसा दिया .... और मैंने क्या किया उसका hi दिल दुख दिया ... काफी इमोशनल लड़का है ... कोई नहीं मैं कल सुबह को उसको मन लुंगी ... वो मेरी बात जरूर मानेगा ....

और फिर मीणा अपने दिल को समझा कर सोने की कोसिस करने लगती है ...

रात में करीब 12 बजे के आस पास तरुण के दरवाजे पर दस्तक होती है ... तरुण तो अभी सोया hi नहीं था उसने जल्दी से गेट खोल दिया ..

तरुण : आ जाओ काकी ...

रौशनी अंदर आती है ...

तरुण : घबराओ मत काकी आपकी मर्जी के बिना मैं कोई गलत हरकत नहीं करूँगा ...

रौशनी : देखो तरुण प्लीज ये बात किसी को मत बताना ...

तरुण : ok काकी आप निश्चिंत रहो ... मैं आपसे कुछ जरुरी बात पूछना चाहता हु .... क्या मैं आपके ऊपर ट्रस्ट कर सकता हु ...

रौशनी : मेरा राज़ तुम्हारे सीने में दफ़न है मैं तुमसे झूट क्यों बोलूंगी ... तुम मेरे ऊपर बिलकुल ट्रस्ट कर सकते हो ...

तरुण : काकी आप मुझे कलुआ के बारे में साडी बात बताओ वो कैसा इंसान है उसके स्ट्रेंथ वीकनेस ेट्स ... वो क्या है न की इस घर के सभी लोगो के बारे में थोड़ी इनफार्मेशन लेना चाहता हु और कलुआ को आपके सिवा कौन अचे से जान सकता है ...

रौशनी (कुछ देर रुक कर बोलना सुरु करती है ) : कलुआ मालिक का राइट हैंड है .... वो मालिक के सरे काम काज देखता है और उनके काले धंधे में भी सरीक है ... मालिक भी उतने सरीफ नहीं हैं जितना वो दीखते हैं उनका घर के अंदर अलग रूप है और घर के अलग ... कमजोरी की बात है तो कलुआ की सबसे बड़ी कमजोरी लड़किया या औरते हैं .... वो मेरे साथ साथ यहाँ की और भी कुछ नौकरानियों के साथ ये सब कर चूका है .... नीलम के ऊपर भी उसकी बुरी नजर है ...

तरुण : नीलम कौन ...

रौशनी : अरे बाबा सुहानी ma'am की दूसरी माइड ... मैं नीलम को अपनी बेटी की तरह मानती हु .... वो ुनमर्रिएद है और मैं उसको कलुआ जैसे इंसान से बचा कर रखना चाहती हु और उसकी धूम धाम से शादी करना चाहती हु .... जब से मैंने तुम्हे देखा है तो सोचा तुमसे उसकी शादी के लिए बात करू पर कर न पायी ... वैसे वो बहुत नेकदिल लड़की है ... अगर तुम उसका हाथ थम लो तो तुम्हारे लिए वो परफेक्ट बीवी शाबित होगी ....

तरुण (मन में) : मैं कहा इससे कलुआ की कमजोरी पता कर रहा हु और ये आंटी मेरे को hi फ़साने में लगी है ... वैसे नीलम अछि लड़की है ... अरे ये मैं क्या सोचने लगा जस्ट फोकस ों कलुआ ...

तरुण : सॉरी काकी अभी मेरा शादी का मूड नहीं है पर मैं आपको भरोषा दिलाता हु की नीलम की अचे घर में शादी करवाने की जिम्मेवारी मेरी है आप बस मुझे सपोर्ट करते रहना .... और काकी आप प्लीज ये बात कलुआ या मालिक को मत बताना ... काकी और कोई खास बात कलुआ की जो आप मुझसे शेयर करना चाहती हो ....

रौशनी : उसकी मैं कमजोरी औरत hi है ... उसको पैसो का कोई लालच नहीं और उसको अपने बाजुओ पर बहुत घमंड है और कोई खास नहीं ...

तरुण : ठीक है काकी अब आप अपने रूम जाओ ... नीलम अब आपकी hi नहीं मेरी भी जिम्मेदारी है याद रखना ... गुड नाईट

रौशनी : गुड नाईट ...

रौशनी के जाने के बाद बहुत देर रात तक तरुण कलुआ के बारे में सोचने लगता है क्यूंकि अगर कलुआ को लगा डाला तो लाइफ उह्ह्ह लायआ ...... लाआआ ... 😂😂

अगले दिन ब्रेकफास्ट के बाद मीरा तरुण को अपने रूम में बुलाती है ....

तरुण : मेमसाहब अपने मुझे बुलाया ...

मीरा : हाँ तरुण आज जरा हमें मार्किट जाना है तुम जल्दी से तैयार हो जाओ ....

तरुण : जी ok ... सुहानी मैडम भी जा रही क्या ...

मीरा : नहीं सिर्फ हम दोनों ....

थोड़े hi देर में रेडी होकर दोनों निकल पड़ते हैं guards,neelam और रौशनी को हिदायत देकर .,....

मीरा : तरुण गाडी @@@***** पार्क में ले चलो .,...

तरुण : क्यों ma'am किसी से मिलना है क्या वह ...

मीरा : नहीं तुमसे बात करना है ऐसी बातें घर में करना सेफ नहीं था इसलिए शॉपिंग के बहाने यहाँ आ गयी ...

थोड़े hi देर में वो पार्क में एक घने पेड़ की छांव में एक बेंच पर बैठे हुए थे ...

तरुण : हाँ अब बोलो आप ....

मीरा : सबसे पहले मेरे रात के बर्ताव के लिए सॉरी ... मैं तुम्हे वो सब मजाक में कह रही थी और तुम उसको सीरियस समझ कर दिल पर ले बैठे .... अरे बाबा हम फ्रेंड्स भी तो हैं भूल गए क्या तुम .... दोस्तों में ऐसी खिचाई होती रहती है .., मैं तो पहले से hi तुम्हारी शुक्रगुजार हु की तूने मेरी कितनी हिफाज़त की ....

तरुण : नहीं सॉरी की बात नहीं मैडम मुझे उस वक्त लगा की आपकी नजर में मेरी कोई वैल्यू नहीं है ... एंड छोटी सी बात पर वररेक्टेड करने के लिए सॉरी ...

मीरा तरुण के हाथ को अपने हाथो में ले लेती है .... और फिर उसको जोर से अपने सीने से लगा लेती है .... कुछ देर वो तरुण को ऐसे hi खुद से चिपकाये रखती है फिर दोनों ठीक से बैठ जाते हैं ....

मीरा : नाउ यू फीलिंग ऑलराइट न ... अरे बाबा यू अरे वैरी स्पेशल तो में .... एंड फॉर योर काइंड इनफार्मेशन मैंने भैया को यहाँ आने से पहले खूब खरी खोटी सुनाया ... तुम सच थे अब वो मुझे हवस की बस एक चीज hi समझते हैं .... वैसे तुम कल कलुआ के बारे में क्या कह रहे थे ...

तरुण : एहि की वो कल आपको बड़ी हवसी नजरो से देख रहा था ....

मीरा : ये बात मैंने पहले भी ऐसा नोटिस किया है पर कभी गौर नहीं किया .... क्या इस बात का हम कोई फायदा उठा सकते हैं मेरे पति के खिलाफ ...

तरुण धीरे धीरे मीरा को कुछ बताता है जिससे मीरा की आँखों में एक चमक आ जाती है ... थोड़े देर और टाइम स्पेंट करके दोनों मॉल पहुँचते हैं और कुछ शॉपिंग करके रेतुर्न तो होम ....
 
अपडेट 45

मीरा : ये बात मैंने पहले भी ऐसा नोटिस किया है पर कभी गौर नहीं किया .... क्या इस बात का हम कोई फायदा उठा सकते हैं मेरे पति के खिलाफ ...

तरुण धीरे धीरे मीरा को कुछ बताता है जिससे मीरा की आँखों में एक चमक आ जाती है ... थोड़े देर और टाइम स्पेंट करके दोनों मॉल पहुँचते हैं और कुछ शॉपिंग करके रेतुर्न तो होम ....

आगे

जब मीरा और तरुण घर में एंटर करते हैं तो सुहानी अंदर hi हॉल में बैठी हुयी थी और उसके पास hi नीलम भी बैठी हुयी थी ...

सुहानी : मुम्मा कहा से आ रही हो ...

मीरा : वो बीटा शॉपिंग करने गयी थी कुछ खास जरुरत की चीजें लेनी थी ...

सुहानी मीरा की खास की चीजें का मतलब समझ जाती है की वो अपने उन्देर्गर्मेन्ट्स लेने गयी होगी ...

उसके बाद मीरा और तरुण अपने अपने रूम्स में आ जाते हैं और सुहानी नीलम बातें करती हुयी टीवी देखने में लग जाती है ....

दिया मायके में कुछ दिन बिताने के बाद वापस अपने ससुराल आ गयी थी .... उसका पति बिज़नेस के सिलसिले में कुछ मोनथस के लिए किसी और सहर में चला गया था इसलिए उसने रहत की सांस ली की काम से काम कुछ दिनों के लिए तो वो चैन की सांस ले सकेगी .... उसका पति वैसे तो दिखने में सीधा साधा लगता था पर रात में बंद कमरे में न जाने वो इतना हवसी दरिंदा कैसे बन जाता था ....

दिया ने उसके बारे में अपने माँ बाप को बताने का सोचा था पर वो उन्हें कैसे बताती ये समझ नहीं आता उसको ... एक तरुण hi था जिससे वो दिल खोल कर बातें कर सकती थी पर उसका भी कॉल काफी दिनों से नहीं आया था ... वो भी इतने दिनों से तरुण से बात न होने की वजह से काफी टेंशन में थी ....

इवनिंग को ऋचा अपने रूम में बैठी किसी सोच में गम थी ... उसको पता hi नहीं चलता की कब राहुल उसके रूम में घुस गया .... ऋचा को ऐसे कही खोया देख वो उसके पीछे आ कर उसके आँख को बंद कर देता है ...

ऋचा : उम्मंहहहहह राहुल ये क्या बचपना है डेली डेली एक hi काम करते हुए तुम थकते नहीं हो क्या ....

राहुल (जबरदस्ती हस्ते हुए) : अरे दीदी आप हर बार मुझे पहचान कैसे जाती हो ...

ऋचा : तेरे सिवा अब है hi कौन यहाँ मेरे साथ ये सब करने वाला ....

राहुल : यानि की आप मुझे बहुत पसंद करने लगी हो ... वैसे आज आप बहुत खूबसूरत लग रही हो .... अगर आप मेरी दीदी न होती तो पक्का आपको अपनी गर्लफ्रेंड बना लेता ...

ऋचा : ये क्या बचपना है राहुल ... ये घिसा पिता हुआ डायलाग और कितनी बहनो पर तरय करोगे ....

राहुल : दीदी आप कहना क्या चाहती हो ....

ऋचा : ये वाहियात डायलॉग्स से रानी दीदी को hi बहलाना फुसलाना मेरे सामने ये सब नहीं चलेगा .... तुमने भाई मन कर मान सम्मान और प्यार देती हु इसका मतलब ये नहीं की तुम कुछ भी कर सकते हो या बोल सकते हो ... और पिछले कुछ दिनों से देख रही हु तुम भाभी से क्यों ऐसा भद्दा मजाक किया करते हो .... उनकी बिना मर्जी के यहाँ वह छूना ये कौन सा मन्नेर है ... तुम कोई बच्चे नहीं रहे अब मातुरे हो गए हो तो अब हरकते भी मातुरे लोगो के जैसी hi किया करो ...

राहुल : आज आपको क्या हो गया है पहले तो कभी आप मुझसे ऐसे बात नहीं किया करती थी ... लगता है उन् चुड़ैल ट्विन्स ने आपके कान भरे हैं मेरे खिलाफ ... उन् दोनों की तो मैं आज कहानी hi ख़त्म कर देता हु ... कामिनियों ने मेरा जीना हराम कर रखा है ...

अभी राहुल ने इतना कहा hi था की उसके गालो पर एक करारा थप्पड़ पद जाता है .... ये थप्पड़ ऋचा ने मरे थे ये पहली दफा था की उसने राहुल को थप्पड़ मारा होगा ... पर ऋचा एहि नहीं रूकती वो राहुल के दूसरे गाल पर भी अपने पंजे का नीसाण छोड़ देती है ...

राहुल अपने गाल पर हाथ रख कर गुस्से से ऋचा की तरफ देखता है ....

राहुल : तुमने मुझे मारा कैसे कामिनी देख आज मैं तेरा क्या हाल करता हु ... देखता हु तुझे मुझ से कौन बचता है ... मुझ पर हाथ उठती है ...

और फिर राहुल ऋचा के साथ जबरदस्ती करने लगता है .... ऋचा भी अपने बचाव के लिए छटपटा रही थी पर एक जवान लड़के के सामने एक लड़की कितने देर टिक सकती थी ... राहुल ऋचा को बीएड पर लिटा देता है और खुद उसके ऊपर आ कर उसके दोनों हाथो को अपने एक हाथ से पकड़ कर दूसरे हाथ से उसके बूब्स को दबाने लगता है .... वो ऋचा के होंठो पर अपने होंठ रखे हुए था जिसके वजह से वो चिल्ला भी नहीं सकती थी .... पर फिर भी हल्का आवाज़ तो जरूर हो रहा था अंदर .....

ऋचा अपना सर इधर उधर करके राहुल को किश करने से रोक रही थी उसने सपने में भी नहीं सोचा था की राहुल उसके साथ ऐसी गिरी हुयी हरकत कर सकता है .... राहुल अभी और न जाने किस हद्द तक जा सकता था की अचानक से उसके पीठ पर एक जोर का डंडा पड़ता है जिससे वो ऋचा के ऊपर से हैट कर साइड हो जाता है ... वो अभी मरने वाले को देखता इससे पहले hi उसके ऊपर एक दूसरा डंडा पड़ता है ... राहुल को मरने वाली और कोई नहीं रुचिका थी ....

वो क्या है की वो किसी काम से अपने रूम से निकली थी की उसको ऋचा के रूम में कुछ हलचल सुनाई देती है ... रूम तो पहले से hi खुला हुआ था सिर्फ सताया हुआ था .... अंदर का सन देख उसकी आँखों में खून उतर जाता है वो जल्दी से पास पड़ा डंडा उठा लेती है और घुस जाती है अंदर ....

ऋचा जल्दी से बीएड से उठ कर रुचिका के पीछे आ जाती है .... रुचिका बिना कोई दया के राहुल पर जैम कर डंडे बरसाए जा रही थी ... डंडे की मार इतनी जबरदस्त थी की राहुल अब बेहोश हो चूका था पर रुचिका अब भी नहीं रुक रही थी ....

ऋचा रुचिका को अपनी बांहो में भर लेती है ....

ऋचा : बाबू वो बेहोश हो चूका है ... छोड़ दो उसको ... उसको उसके किये की सजा मिल चुकी है ....

रुचिका : नहीं दीदी आज मैं इस हरामी को जान से मार दूंगी इसने अपने गंदे हाथो से आपको छुवा कैसे .... आज मैं इसका सर फोड़ दूंगी ....

ऋचा : नहीं बाबू अब छोड़ दो उसको वो मर जायेगा ... वो कैसा भी है आखिर हमारा भाई hi तो है ....

रुचिका : मैं नहीं मानती उसको अपना भाई वो हरामी कभी मेरा भाई हो hi नहीं सकता .... मैं पहले भी आप लोगो को उसके बारे में बताना चाहती थी पर आप तो उसके खिलाफ एक शब्द भी नहीं सुन्ना चाहती थी देख लिया एक सांप को दूध पिलाने का परिणाम .... अरे इसने जब खुद की सगी बहन को नहीं छोड़ा तो हम तो इसकी चचेरी बहने हैं हमें क्या hi छोड़ेगा ...

ऋचा : तूने क्या कहा सगी बहन यानि रानी दीदी ....

रुचिका : हाँ दीदी रानी दीदी को भी इसने इमोशनल ब्लैकमेल किया था और उनके साथ अब भी लगा पड़ा है ...

ऋचा : सॉरी बाबू मैंने हमेसा तुम्हे गलत समझा और तुम्हारे साथ तरुण की वजह से न जाने कितना बुरा बर्ताव किया है .... एंड थैंक यू बेतु अगर तू आज न होती तो पता नहीं मेरे साथ क्या अनर्थ हो जाता ...

ऋचा रुचिका को फिर से गले लगा कर उसके माथे को चुम लेती है ...

रुचिका : दीदी थैंक यू की जरुरत नहीं है ये तो मेरी फ़र्ज़ था .... दीदी अब इसका क्या करना है ... ये तो बेहोश हो गया है इसको ऐसी हालत में आपके रूम में नहीं छोड़ सकती ....

ऋचा : घर के सभी लोग कहा हैं ..

रुचिका : प्रियांशी और राघव भैया तो अपने रूम में होंगे और बाकि सभी ग्राउंड फ्लोर पर ....

ऋचा : तू प्रियांशी को बुला ला हम इसको इसके रूम में फेंक आएंगे ....

रुचिका : ok दीदी ...

**********************

रात में डिनर के बाद तरुण अपने रूम में लेता हुआ था की तभी उसका गेट नॉक होता है .... तरुण गेट खोलता है तो बहार मीरा कड़ी थी जिसने अभी एक निघ्त्य पहनी हुयी थी जो उसके घुटनो तक आती थी .... खास बात ये थी की निघ्त्य ट्रांसपेरेंट टाइप की थी जिसके वजह से उसके उन्देर्गर्मेन्ट्स क्लेअर्ल्य विज़िबल हो रहे थे .... इस ब्लैक निघ्त्य में मीरा का गोरा मखमली बदन और भी खिल रहा था ....

तरुण : मेमसाहब इतनी रात को आप यहाँ ....

मीरा : अब एहि खड़ा रखोगे या अंदर भी आने डोज ....

तरुण साइड हैट जाता है और मीरा के अंदर आते hi गेट को बंद कर देता है ....

तरुण : आपको यहाँ किसी ने इतने रात में मेरे रूम में देख लिया तो अगले दिन मैं कही जंगल में मारा हुआ पाया जाऊंगा ....

मीरा : वैसे तो बड़ा शेर बनते हो इतनी जल्दी हवा फ़स हो गयी क्या ....

तरुण : अरे डरता तो मैं किसी के बाप से भी नहीं .... पर अभी आपका काम भी तो करना बाकि है उसके बाद मुझे कुछ हो भी जाये तो कोई परवाह नहीं ...

मीरा : मेरे रहते कोई तुम्हारा बाल भी बांका नहीं कर सकता ....

तरुण : ओहो लगता है मैडम कोई रोमांटिक एक्शन मूवी देख कर आयी हैं ...

मीरा : ाचा वो सब छोड़ ये बताओ की इस निघ्त्य में मैं कैसी लग रही हु ....

तरुण : बिलकुल मस्त ...

मीरा (मुँह बना कर) : बस मस्त ...

तरुण : मस्त बोले तो कंटाप ....

मीरा : मुझे तो लगा था की मैं सेक्सी लग रही होउंगी ....

तरुण : नहीं आप सच में बहुत अछि लग रही हो कलुआ आपको ऐसे देख ले तो बिना कुछ किये hi उसका पानी निकल जाये ....

मीरा : और तुम्हारा क्या ख्याल है ...

तरुण : मेरा क्या ... हम तो दोस्त हैं न तो दोस्त को गलत नजर से क्यों देखु मैं ....

मीरा : तुम्हे क्या लगता है इतनी रात को मैं तुम्हारे रूम में ऐसे चुपके से क्यों आयी हु ...

तरुण : शायद कोई जरुरी काम होगा .... वैसे आप इतनी रात को मेरे रूम में क्यों आयी हो .... कही किसी ने आपको यहाँ देख लिया तो गजब हो जायेगा ....

मीरा : अरे बाबा मैं रूम के मैं गेट को अंदर से लॉक करके दूसरे गेट से आयी हु .... कोई अगर देखेगा भी तो उसको ऐसा लगेगा की मैं रूम में hi हु ....

तरुण : चलो ये तो ठीक है पर आप मेरे रूम क्यों आयी हो हम दिन में भी तो बात कर सकते थे .....

मीरा : दिन में इतनी प्राइवेसी तो नहीं होती ...

तरुण : ाचा बोलो क्या बात करनी थी आपको ...

मीरा : अरे तो बीएड पर बैठ जाओ ऐसे खड़े क्यों हो .... मैं तुम्हारा कोई रपे वपे थोड़े hi कर दूंगी ...

मीरा तरुण का हाथ पकड़ कर उसको बीएड पर अपने बगल में बिठा लेती है ....

मीरा : तुम इतना शर्मा क्यों रहे हो मुझसे ... मर्द तो हो न या अभी बच्चे hi हो .... (तरुण के ट्रॉउज़र को उसके उसे लुंड वाले हिस्से में टटोलते हुए) यहाँ से. तो पुरे मर्द मालूम होते हो .... 😂😂

मीरा से सात कर बैठने की वजह से तरुण को मीरा के मुँह से अल्कोहल की स्मेल आने लगती है तो वो समझ जाता है मीरा अभी अपने आप में नहीं है इसीलिए वो ऐसी बहकी बहकी बातें कर रही है ....

तरुण : देखिये मैडम अभी आप होश में नहीं हो .... आप अपने रूम जाओ हम कल बात करेंगे ....

मीरा : जी नहीं ये मेरा घर और मैं जहा मर्जी वह रह सकती हु ....

मीरा फिर से तरुण के ट्रॉउज़र के ऊपर से hi उसका लुंड सेहला देती है ... और तरुण का हाथ पकड़ कर अपने मदमस्त चूचियों पर रख देती है .... तरुण अपना हाथ वह से हटाना चाहता था पर मीरा उसके हाथो के ऊपर अपना हाथ रखते हुए थी और उसके हाथ को अपने चूचियों पर दबा रही थी ....

अभी वो कुछ आगे बढ़ते की तभी तरुण के गेट पर नॉक होता है जिससे दोनों घबरा जाते हैं ...

तरुण जल्दी से मीरा को अपने वाशरूम में घुसा देता है और खुद गेट खोलने चला जाता है ...
 
अपडेट 46

अभी वो कुछ आगे बढ़ते की तभी तरुण के गेट पर नॉक होता है जिससे दोनों घबरा जाते हैं ...




तरुण जल्दी से मीरा को अपने वाशरूम में घुसा देता है और खुद गेट खोलने चला जाता है ...

आगे

डिनर के वक्त सभी लोग दिंनिंग टेबल पर मौजूद थे सिवाए राहुल के ... राघव और उसके पापा का डिनर तो उनके रूम में hi होता था ....

म. चची : रानी बीटा राहुल नहीं आया कहा है वो .....

रानी : माँ वो इवनिंग को तो शायद बहार गया था वही से खा के आया होगा इसलिए नहीं आया होगा ....

म. चची : ठीक है तो आराम करने दो उसको ...

रुचिका तो नार्मल थी पर ऋचा की हालत ख़राब थी ... आनेवाले भविस्य को सोच उसकी सिटी पित्ती गम थी .... अपने बेटे की ऐसी दर्दनाक हालत देख उसकी मंझली चची कोई कसार नहीं छोड़ने वाली थी वो ये बात जानती थी ...

खैर सबका डिनर शांति से समाप्त हो गया और सभी अपने अपने रूम्स को चले गए .... ऋचा अपने बीएड पर सोई तो जरूर थी पर नींद उसकी आँखों से कोसो दूर थी .... जब उसके बर्दास्त के बहार हो गया तो वो रुचिका के रूम आ जाती है ....

प्रियांशी : क्या हुआ दीदी आप इतनी घबराई हुयी क्यों हो ....

ऋचा : बाबू अगर मंझली चची को पता चला की हमने राहुल को इतने बुरी तरह मारा है तो वो हमें कही का नहीं छोड़ेगी ...

रुचिका : क्या दीदी आप इसमें दर क्यों रही हो हमने कुछ गलत नहीं किया है .... गलती राहुल की थी ऐसे हैवान दरिंदे की तो इससे भी बदतर हालत होनी चाहिए थी .... अगर आज तरुण यहाँ होता तो शायद राहुल के हाथ पाओ सही सलामत न होते .....

प्रियांशी : हाँ रूचि तू सही कह रही है हमने लाख उस बिचारे के साथ बुरा किया है पर उसने एक अचे भाई और बेटे होने का फ़र्ज़ बखूबी निभाया है .... अभी भी वो हमारे वजह से hi न जाने किस परेशानी से गुजर रहा होगा ....

तभी रुचिका ने प्रियांशी के पिछवाड़े में चुटकी काट ली जो इस बात का संकेत थे की फ्लो फ्लो में वो कुछ ज्यादा बोल गयी ...

ऋचा : क्या कहा तूने प्रिय तरुण अभी हमारी वजह से कौन से परेशानी में है ....

रुचिका : कुछ नहीं दीदी उसके कहने का मतलब है की वो नए जॉब पर है न तो उसको वह परेशानी हो रही होगी ...

प्रियांशी : हाँ हाँ दीदी एहि बात है ...

ऋचा : नहीं तुम लोग मुझसे कोई बात छुपा रही हो तुम्हे मेरी कसम ही सच सच बता बात क्या है वर्ण मैं तुम लोगो से कभी बात नहीं करुँगी ...

काफी देर शांत रहने के बाद रुचिका और प्रियांशी ने ऋचा को सब बता दिया ... उन्हें अब इस बात का दर नहीं था की कही ऋचा ये बात लीक न कर दे क्यूंकि रुचिका ने ऋचा की आँखों में भी तरुण के लिए प्यार और इज्जत देख की थी ....

ऋचा : मैं कितना गलत थी ... मेरे बच्चे ने यहाँ इतना कुछ गलत सहा है पर फिर भी हमारी खातिर अपने जान की बजी लगा दी ..... मैंने भी कभी उसको रत्ती भर भी प्यार नहीं दिया हमेसा उसका बुरा चाहा और किया पर वो उस दिन सिर्फ मेरी इज्जत और सम्मान की खातिर उतने सरे आवारा लड़को से भीड़ गया था ... काश मेरे बाबू को मेरी भी उम्र लग जाये ....

प्रियांशी : दीदी अब सब कुछ ऊपर वाले के हाथ में है बस दुआ करो की वो सही सलामत विजयी हो कर लौटे ...

ऋचा : इतना तो कर hi सकती हु ... जिस इंसान को मैंने बचपन से मान सम्मान और प्यार दुलार दिया वो आज मेरे hi बिस्तर पर मुझे hi दागदार करना चाहता था .... कितनी गलत चॉइस है मेरी ... आज मेरा तरुण यहाँ होता तो हमारे हिस्से के सरे ग़म अपनी झोली में दाल कर हमारे हिस्से में खुसिया भर देता .... हे उपरवाले मेरे तरुण की रक्षा करना उसने बहुत बुरे दिन देखे हैं अब तो उसके दमन में खुसिया भर दो ...

ऋचा : पर तरुण मुझसे बेइंतेहा नफरत करता है ... इसमें उसकी कोई गलती नहीं साडी गलती मेरी hi है मैंने उस मासूम पर बहुत अत्याचार किये हैं ....

प्रियांशी : छोड़ी दीदी अभी ये सब सोचने का टाइम नहीं है ... मैं तो बस एक बात जानती हु मेरे तरुण का दिल बहुत बड़ा है ... आपको भी वो माफ़ कर hi देगा .... इस परिवार ने उसको कौन कौन से दुःख नहीं दिए पर उसने उफ़ तक न की और आज देखो इसी परिवार का बदला लेने के लिए दुश्मनो की फौज से अकेला भीड़ गया वो ...

ऋचा और बाकि दोनों बहनो की आँखों में अभी तरुण के लिए आंशू थे ....

रुचिका : दीदी ी थिंक हमें आज वाली साडी बात माँ को बता देनी चाहिए .... वो भले hi तरुण को कभी सपोर्ट नहीं करती पर हमारा सपोर्ट जरूर करेगी ...

ऋचा : हाँ रूचि तू सही है हमें ये बात माँ से जरूर शेयर करनी चाहिए ...

वो लोग भाग कर अपनी माँ सुमित्रा के रूम पहुँचती है ... उसकी माँ रूम में अकेली hi थी क्यूंकि उसके पापा आज काम के सिलसिले में दूसरे सहर गए हुए थे ....

पहले तो साडी बात सुन कर सुमित्रा काफी गुस्सा हुयी की उनको राहुल को ऐसे बेरहमी से नहीं मरना चाहिए था पर फिर कहने लगी की वो निश्चिंत रहे क्यूंकि उनकी माँ उनके साथ है और उन्होंने कोई गलत नहीं किया है ऐसे दुराचारी के साथ तो इससे भी बुरा होना चाहिए ... वो अपनी बेटियों को समझा बुझा कर भेज देती है .....

पर सुमित्रा काफी टेंशन में थी क्यूंकि जब ख़ुशी को अपने बेटे की हालत का पता चलेगा तो वो पूरा घर अपने सर पर उठा लेगी .... और शायद उसका इंदिरेक्ट हस्बैंड ी मैं तरुण का दादा भी उसका hi साथ दे क्यूंकि राहुल तो आखिर उसका hi बीज है ...

******************

तरुण ने गेट खोला तो बहार नीलम कड़ी थी ...

तरुण : अरे नीलम आप इतनी रात को कोई खास बात है क्या ...

नीलम : वो सुहानी मेमसाहब आपको बुला रही थी ....

तरुण : मुझे पर इतनी रात को ाचा ठीक है आप जाओ मैं अभी आता हु ....

नीलम के हेट hi तरुण ने मीरा को वाशरूम से निकला ....

तरुण : मेमसाब ी थिंक अब आपको अपने रूम जाना चाहिए .... चलिए मैं आपको आपके रूम में छोड़ आता हु ...

तरुण मीरा को पकड़ कर उसके रूम छोड़ आता है पर जैसे hi जाने को होता है मीरा उसको खिंच कर बीएड पर गिरा देती है और उसके ऊपर आ कर उसके होंठो पर अपने होंठ टिका कर जोर जोर वे वाइल्ड तरीके से चूसने लगती है ... होंठो को चूसने के अलावा वो तरुण के semi-erect लुंड पर अपनी छूट घिसे जा रही थी ... कुछ hi देर में ये खेल रुक जाता है क्यूंकि मीरा झटके ले ले कर झड़ने लगती है ... उसके झड़ने से इतना पानी निकलता है मनो उसने मूट दिया हो .....

पानी निकलने के बाद मीरा तरुण के ऊपर पड़ी हुयी शांत हो जाती है ..... वो अब तरुण का एक हाथ पकड़ कर अपनी पंतय के अंदर दाल देती है .... अब तरुण के हथेलिया मीरा की धधकती हुयी गीली छूट पर थी ... छूट के चारो तरफ छोटे छोटे त्रिम्मेद हेयर थे ... तरुण को तो ऐसा प्रतीत होता है की उसकी हथेली को किसी गरम भट्टी के पास रख दिया गया हो ....

तरुण : मेमसाब आपका हो गया है अब मैं मैं चलता हु ... अब आप आराम से सो जाओ ... गुड नाईट

मीरा को अभी एक असीम आनंद की प्राप्ति हुयी थी ... जबकि तरुण ने तो कुछ किया भी नहीं था ....

मीरा के रूम से निकल कर तरुण कपडे चेंज कर लेता है क्यूंकि मीरा की छूट से निकले पानी की वजह से उसके कपडे गीले हो चुके थे .....

तरुण फर्स्ट फ्लोर आता है .... नीलम सुहानी के रूम के बहार hi बैठी हुयी थी ....

नीलम : आइये जनाब बड़ी देर लगा दी आने में ...

तरुण : वो सॉरी ... कपडे चेंज करने में थोड़ा देर हो गया ... कहा हैं मेमसाब ....

नीलम : अपने रूम में hi आप जाओ अंदर ... कब से आपका वेट कर रही थी ...

तरुण सुहानी के रूम में एंटर करता है ...

तरुण : ma'am इतनी रात को अपने मुझे याद किया ... कोई खास बात है क्या ...

सुहानी : नहीं तरुण तुमसे बात किये हुए काफी दिन जो गए ... कैसे हो ...

तरुण : ी ऍम फाइन मैडम ... आप कैसी हो ...

सुहानी : ी ऍम फाइन तू ... ी वांट तो थैंक यू तुम्हारे hi वजह से करुणा दीदी आज अपने ससुराल में खुस हैं .... उनको आज वो सारा प्यार और सम्मान मिल रहा है जिसकी उन्हें तमन्ना थी ....

तरुण : it's माय प्लेअसुरे ma'am .... मेरी वजह से उनका घर बस गया इससे अछि बात मेरे लिए और क्या हो सकती है ....

सुहानी : तरुण मैं तुम्हे कैसी लगती हु ...

तरुण : क्या ma'am मैं समझा नहीं ....

सुहानी : मैं तुम्हे कैसी लगती हु तरुण ....

तरुण : आप बहुत अछि हो ma'am ....

सुहानी : वो क्या है की मेरी शादी पापा ने अपने एक दोस्त के बेटे के साथ फिक्स की है .... शादी 3 महीने बाद होनी है ...

तरुण : ये तो अछि बात है पर इसमें मैं क्या कर सकता हु ....

सुहानी : मैं चाहती हु की जैसे तुमने करुणा दीदी की हेल्प की थी वैसे hi मेरी भी कर दो ....

तरुण : पर आप तो पहले से hi फिट हो ...

सुहानी : मुझे नहीं पता .... मुझे बस और फिट होना है ... अगर तुम नहीं मने तो मुझे पापा से बात करनी होगी ...

तरुण : ठीक है कल सुबह से आप रेडी रहना .... मॉर्निंग और इवनिंग दोनों टाइम 1 - 1 घंटे it's ok .... अब तो खुस हो आप ...

सुहानी : हाँ अब ठीक है ....

तरुण : ठीक है मैडम अब चलता हु गुड नाईट ...

सुहानी : अरे बाबा इतनी भी जल्दी क्या है किसी गफ से बात करना है क्या ....

तरुण : नहीं मैडम ऐसी मेरी किस्मत कहा ....

सुहानी : नीलम भी सिंगल है और तुम्हारे टाइप की भी है अगर तुम कहो तो बात करू क्या मेरी बात वो नहीं टलेगी ....

तरुण : नहीं मैडम मुझे जरुरत नहीं है .... अपने नीलम को मेरी टाइप का बताया उसका मतलब क्या है ....

सुहानी : अरे तुम भी निरे बुद्धू hi हो मेरे कहने का मतलब है तुम भी मेरे नौकर और वो भी तो हुए न शामे टाइप ....

तरुण को आज पहली बार सुहानी की किसी बात पर दिल में चोट लगी थी ....

सुहानी : चलो ठीक है अब तुम जाओ मुझे ऋषि से बात करनी है ... उसको मुझसे बात किये बिना नींद नहीं आती .... वे अरे मेड फॉर एच इतर न .... ी लव हिम सो मच ❤️❤️ ...

तरुण : ठीक है मैडम मैं जाता हु ....

तरुण सुहानी के जवाब की प्रतीक्षा किये बिना hi वह से चला जाता है ...

तरुण अपने रूम में आ तो गया था पर उसको बड़ी बेचैनी सी महसूस hi रही थी और उसकी आँखों से नींद भी गायब थी ....

तरुण (मन में) : यार आज मुझे नींद क्यों नहीं आ रही .... क्या ये सुहानी जी के वजह से है या कोई और बात है .... कही मेरे घर में कुछ बुरा तो नहीं हुआ है ... आज मुझे किसी अपने की बड़ी याद आ रही है ... काश मैं अभी घर में होता तो रूचि दीदी की बांहो में आराम से सो जाता .... कितना प्यार करती है रूचि दीदी मुझसे .... मेरी जिंदगी में है hi क्या ... पहले श्रेया दीदी और बुआ का प्यार और सपोर्ट मिलता था फिर मंझले चाचा ने फॅमिली के अगेंस्ट जाकर मुझे इस काबिल बनाया की मैं अपने पाओ पर खड़ा हो सकू ... फिर मेरी जिंदगी में आयी दिया दीदी जिन्होंने बे सिर्फ मुझे ोयर और सपोर्ट दिया बल्कि एक ढल बन कर मेरी हिफाज़त की और मुझे दुनिया से अपने हक़ के लिए लड़ना शिखाया ... फिर रुचिका दीदी और प्रियांशी दीदी के प्यार ने मुझे भरोषा दिलाया की मैं इस दुनिया में अकेला नहीं हु मेरा भी इस दुनिया में कोई है ....

दिया दीदी और श्रेया दीदी तो अपने पतियों के साथ बिजी होंगी ... प्रियांशी दीदी को फ़ोन करता हु ...

तरुण प्रियांशी को कॉल करता है ... कॉल पहली रिंग में hi रिसीव हो जाता है ...

प्रियांशी : hello कैसा है मेरे जिगर के टुकड़े ....

तरुण : वाओ सो रोमांटिक दीदी मैं तरुण बोल रहा हु आप शायद अपने बर्फ सोच कर मुझसे बात कर रही हु ....

प्रियांशी : मैं तो तुम्हे hi ये सब बोल रही थी ... तू तो मेरे कलेजे का टुकड़ा hi है ...

तरुण : ाचा जी लगता है आज कल खूब रोमांटिक मूवीज देख रही हो ... कही रानी दीदी वाले ने आपको प्रोपोज़ तो नहीं कर दिया ... आखिर घर की सबसे सुन्दर लड़की तो आप hi हो ...

प्रियांशी : तो तू hi बना ले न मुझे अपनी गर्लफ्रेंड ... मैं तुझसे कोई खास डिमांड भी नहीं करुँगी ... तू जैसे कहेगा वैसे रहूंगी ... बोल बनाएगा मुझे अपनी गर्लफ्रेंड ...

तब तक रुचिका प्रियांशी के सर पर तपली मार के उससे मोबाइल छीन लेती है ....

रुचिका : कामिनी कुछ भी बोलती रहती है ...

रुचिका : hello बाबू कैसा है ...

तरुण : मैं ठीक हु दीदी आप लोग ठीक तो हो न ...

रुचिका : मैं तो ठीक हु बाबू पर यहाँ एक प्रॉब्लम हो गयी है ....

तरुण : क्या हुआ दीदी ....

प्रियांशी उसको इवनिंग वाली साडी बातें सुना देती है ...

तरुण (गुस्से से) : अगर मैं वह होता तो उस हरामी राहुल को जिन्दा गाड़ देता .... मेरी ऋचा दीदी को उसने अपने गंदे हाथो से छुवा कैसे ... मैं कल hi आ रहा हु ... अपने परिवार की रक्षा मैं बाहरी दुश्मनो से कैसे करू जबकि मेरे घर में hi दुःशाशन बैठा है .....

अपने लिए तरुण का ऐसा प्यार देख ऋचा की आँखों से आंशू की धरा बह निकली ....

रुचिका : शांत मेरे गदाधारी भीम शांत तू बेफिक्र होकर वह अपने काम को अंजाम दे तेरी ये बहन है यहाँ का सब देखने के लिए ... अरे किसकी मजाल है की मेरी बहनो और माँ पर ऊँगली भी उठा दे .... तू बस अपना ध्यान रखना ....

तरुण : ऋचा दीदी कैसी है अब ....

रुचिका : एहि मेरे रूम में hi हैं और तेरी बात सुन रही हैं बात करेगा उनसे क्या .....

तरुण : हाँ दीदी दो न ऐसे बुरे वक्त में उनका सपोर्ट करने को साथ नहीं हु तो काम से उनसे बात तो कर hi सकता हु वर्ण भाई किस काम का .... भले hi उन्होंने कभी मुझे अपना भाई न मन हो पर वो मेरे घर को रौशन करने वाली पहली किरण हैं न ....

ऋचा (रट हुए भर्राये गले से) : h....he.heello भाई ... कैसा है तू ....

तरुण : दीदी रोवो मत उस कमीने को मैं उसके किये की सजा जरूर दूंगा .... उसने मेरे घर की इज्जत पर हाथ डाला है उसकी मैं छोडूंगा नहीं .... मैं ठीक हु आप कैसी हो ...

ऋचा : मैं ठीक hi हु .... भाई मैं किस मुँह से तुझसे माफ़ी मांगू समझ नहीं आता ... काश कोई ऐसा मशीन होता जिससे पास्ट में जाकर तुमपर किये गए हर julm-o-sitam को सही कर पति ....

तरुण : दीदी पिछली बातो को भूल जाओ .... उन्हें याद करने से सिर्फ दुःख hi मिलेगा .... शायद मैंने पिछले जनम में कोई बहुत बड़ा पाप किया होगा जिसकी इस जनम में मुझे सजा मिली है .... अब मुझे जिंदगी से कोई अफ़सोस नहीं आज मैं दुनिया का सबसे आमिर और खुसनसीब इंसान हु आज मेरी तीनो प्यारी बहने मेरे पास हैं और मेरे साथ भी ... अब अगर मौत भी आ जाये तो मुझे कोई ग़म नहीं .....

ऋचा : चुप कर पगले ऐसी बात नहीं करते .... अभी तुमने सिर्फ हमारी नफरत देखि है ... प्यार देखना तो अभी बाकि है .... तू जल्दी से अपना काम ख़तम करके यहाँ आ जा तेरी तीनो बहने तेरा इंतजार कर रही हैं ... हम तुझे अपनी पलकों पर बिठा कर रखेंगे देख लेना .... अपना ख्याल रखना और यहाँ की चिंता न करना ... हम तीनो बहने अब फिर से एक हो गयी हैं अब हमें किसी का दर नहीं है क्यूंकि हमें हमारे भाई का सपोर्ट है ... टेक केयर भाई एंड लव यू ... गुड नाईट

तरुण : गुड नाईट दीदी ... टेक केयर ...

अपनी बहनो से बात करके तरुण को बहुत ाचा फील होता है वही उसकी आँखों में राहुल के लिए बेइंतेहा गुस्सा भी झलक रहा था .... अगर राहुल सच में उसके करीब होता तो वो उसको बीच से चिर डालता ....

 
थैंक्स भाई

ऋचा से तरुण का ऐसे बात करना बस सिचुएशन की डिमांड थी .... वो जब ऋचा की सुध लेने को वह मौजूद hi न हो तो क्यों बेवजह उसको डेमोरलीज़ेड करे ... उसके साथ एटेम्पट तो रपे हुआ है और ऐसे कंडीशन के बाद एक लड़की पर क्या गुजरती है ये वही जान सकता है जिसने ऐसे सिचुएशन को दिल से फील किया हो और तरुण ने तो बचपन से बहुत कुछ सहा है तो उसने बस ऋचा के साथ इसलिए सुप्पोर्टीवे बात की ...

रही बात मीरा की तो उसके और भी कुछ राज़ हैं
 
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