अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड) - Page 6 - SexBaba
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अडुल्टेरी भाभी माँ (कम्प्लेटेड)

अरे शुभम भाई इतनी जल्दी आप ये कैसे फैसला या अंदाजा लगा सकते है की आगे स्टोरी में क्या होगा .. और ऐसे बुड़बक लेखक के होते हुए तो ऐसा सोचना भी पाप है की रीडर्स को पहले से ही ये अंदाजा हो की अंत में क्या होगा .. ये तो आपने हमारे डिअर डॉ. साब की अस ा राइटर इंसल्ट कर दी .. हमारे बेचारे लेखक महोदय की एक यही तो ुस्प है की जो लोग सोचते है वही नहीं होता .. बूत इतना मुज़हे अंदाजा है की अंत में जो सब को अंदाजा है होने का, us-se पहले तो बीचे में बहुत कुछ होना है ...

अभी तो आप ये मान कर चलो की फ़िलहाल तो सिर्फ कौरवो और पांडवो का जन्म हुआ है .. अभी तो महाभारत की लड़ाई से पहले बहुत कुछ सड़यंत्रर रचे जाने है, किसी का cheer-haran होगा, तो कोई अपनी जंघा को thap-thapayega .. ेट्स ...

लेटस पटिएनटलय वेट .. अस थिस स्टोरी ुनफोल्ड्स ...
 
:थैंक्स: धन्यवाद शुभू भाई :)

उनके रिस्तो को लेकर आप निश्चिन्त रहे, यकीं मानिये आपको वो सीन्स बहुत पसंद आएंगे जो दोनों के बिच लिखे जायेंगे , क्योकि चाहे आपको लगे की स्पीड जयदा हो गई लेकिन फिर ब्रेक मरकर नयी शुरुवात हो जाएगी फिर थोड़ी स्पीड पकड़ेगी फिर ब्रेक पड़ेगा , सफर का पूरा मजा दिलाऊंगा ये वडा है , क्योकि मंजिल में जो होगा वो सहीद आप पड़ना पसंद नै करते इसलिए सफर का hi थोड़ा मजा ले लेना :)
 
बस कसी भाई अपने डॉ. साब में यही एक बिमारी है .. इनकी गाडी में ब्रेक लगने का सिस्टम नहीं है .. एक बार इनकी गाडी शुरू हो गयी फिर तो शताब्दी की तरह फर्राटे दर दौड़ती है .. चाहे किसी को पसंद आये .. या कोई अपने सुग्गेस्टिव दे .. मजाल है की ये किसी की मान जाए .. न जी न .. ये डॉ. साब है .. इनका तो एक ही फंदा है .. मेरी स्टोरी मेरे रूल्स ...
 
हाहाहा थोड़ा बहुत अंदाज़ा लगाया है भाई. हो सकता है की मेरा सोचना गलत हो. मगर मैं इसके अलावा और क्या कहना चाहता था ये डॉ साहब को समझ आ गया है. रही बात महाभारत की तो वो तो स्टोरी में होगी hi. बिना महाभारत रचाये स्टोरी में मज़ा कैसे आएगा. खैर chhodiye....dr साहब की इस खूबसूरत स्टोरी का आनंद लेते हैं.
 
भोत भोत भोत भोत प्यारा अपडेट सप्सली जो एंडिंग थी .....

कलवा की बीवी की मदद से भाबी को भी जॉब मिल गयी और कलवा ने सोनू को भी दिलवा दी ..

सोनू का ये काम करना भाभी को पसंद नहीं आया सायद उनके मन से अभी तक ये नहीं गया की उसको ये सब काम सिर्फ इसीलिए करना पद रहा है क्यों की वो उनके साथ aya....aur देखते है भाभी ने तो कसम से दे दी है सोनू क्या करता है और

भोत hi ाचा अपडेट डॉ भैया ऐसे hi लिखते रहिये ... भोत अछि चल रही है स्टोरी
 
अपडेट 6


अगले दिन जब मैं काम पर गया तो मुझे वह वो इंस्पेक्टर दिखा जो उस दिन बस स्टैंड में था ,मैं सामान से भरे हुए बोर उठा कर एक ट्रैक में दाल रहा था ,वो इंस्पेक्टर लाला के साथ कुछ बाटे कर रहा था ,मैंने उसे देखते हुए भी अनदेखा कर दिया लेकिन ना जाने कैसे उसकी नजर मुझपर पद hi गई ..





थोड़ी देर में hi वो मेरे पास पंहुचा साथ में लाला भी था ,





“तू वही है ना जो उस रात बस स्टैंड में मिला था “





वो थोड़ी दूर खड़े मुझे घर रहा था, मैंने बस हां में सर हिलाया ..





“लाला जनता है उस रात ये और इसकी एक छमिया मुझे मिले थे सेल ने दो कांस्टेबल को मार दिया था वो तो कलवा वंहा आ गया वर्ण ,इसकी उस माल को नंगा करके नाचता “





उसकी बात सुनकर मेरा दिमाग खनकने लगा था मैंने उस इंस्पेक्टर को घुरा ..





“क्या घर रहा है बे मारेगा मुझे “





वो आगे आ hi रहा था की लाला ने उसे रोक दिया ..





“अरे पण्डे साहब जाने भी दीजिये नया लड़का थोड़ी गर्मी जयदा है इसमें “





“सेल की गर्मी तो मैं निकलूंगा, मेरे हथ्थे चढ़ा तो फिर देखना क्या हालत करता हु सेल की “





इतना बोलकर वो तो चला गया फिर लाला मुझे घूरने लगा, मैं अपना काम hi कर रहा था की उसने मुझे अपने पास बुलाया ..





“क्यों बे शहर में नया नया आया है और इतनी गर्मी दिखा रहा है ,जनता है की ये इंस्पेक्टर क्या कर सकता है “





“जनता हु साहब लेकिन ये साला नहीं जनता की मैं अपनी भाभी के लिए क्या कर सकता हु ..”





वो मुझे और भी अजीब निगाहो से घूरने लगा था





“क्या कर सकता है “





“जान से मार दूंगा सेल को अगर उनपर नजर भी डाली तो “





लाला कुछ समझने की कोशिस कर रहा था तभी कलवा की आवाज आयी ,





“बोलै था न इस लड़के को कोई दूसरा काम दो आग है सेल में “





कलवा वही थोड़ी दूर खड़े हुए हमारी बाटे सुन रहा था ..





“हम्म आग तो है ,चल टेस्ट भी कर लेते है ,ले जा इसे हामिद के पास ,वो देख लेगा “





कलवा ने सर हिलाया वही लाला ने किसी को फ़ोन लगाया और कलवा मुझे लेकर एक बाइक में बैठा कर कही ले गया ,मुझे दो तीन चीजे अभी भी समझ नहीं आ रही थी पहला की कलवा के पास ये बाइक कहा से आयी दूसरा की ये साला कलवा जब दूसरी जगह पर काम करता है तो फिर यंहा आया कैसे ..





और मैंने ये पूछ hi लिया





“अरे छोटे मैं तो लाला के पास आया था काम से और ये मेरे सेठ की बाइक है…”





“आपका सेठ कोण है “





“है एक कभी ले चलूँगा तुझे वंहा पर साला चुटिया आदमी है वो पुरे का पूरा, चल अभी हामिद से मिल ,तू उसको पसंद आ गया तो तुझे गैंग में शामिल कर लेगा “





“गैंग भाई ये कैसा धंधा है ..”





“सेल इस शहर में अगर किसी भी चीज में सबसे जदया पैसा है तो यनही है ,पैसे से नहायेगा तू “





“भाई मुझे पैसे उतने hi चाहिए जीयत्न में मैं अपनी और अपनी भाभी की जिनगी बेहतर कर सकू ,हम सुकून से जी ले यही बहुत है “





कलवा ने गाड़ी में अचानक से ब्रेक मार दिया ..





“सेल मतलब तुझे जीवन भर मजदूरी hi करना है “





“भाई मुझे कोई गलत काम नहीं करना है “





कलवा ने मुझे ध्यान से देखा





“चल ठीक है तुझे अगर यही करना है तो यही कर ,तुझे फिर से छोड़ देता हु लाला के पास, कभी अगर जरूरत पड़ी तुझे मेरी तो बताना मैं तुझे हामिद से मिलवा दूंगा “





“जी भाई “





मैं गरीब था मेरे पास पैसो की जरूरत भी थी लेकिन मैं किसी भी कारण से ऐसा काम नहीं कर सकता था जिससे मेरी भाभी को कोई परेशनी हो आखिर गलत काम करके मैं उनके सामने कैसे जाता..





शाम जब मैं घर पंहुचा तो फिर से शरीर का अंग दर्द दे रहा था और कल से ज्यादा दर्द दे रहा था ,पूरा शरीर hi टुटा हुआ लग रहा था, भाभी मुझे देखते hi समझ गई थी की मेरे शरीर में दर्द हो रहा है , उन्होंने मुझे बिस्टेर में लेटने के लिए कहा और अपनी शर्ट भी उतरने की हिदायत दे दी , उन्होंने सरसो का तेल गर्म करके मेरे शरीर पर मलना शुरू कर दिया ..





“अरे भाभी इन सबकी क्या जरुरत है “





“देख तू काम करना चाहता है ,ठीक है मैं मन नहीं करुँगी लेकिन ,तुझे दर्द हो रहा है ये मैं नहीं देख सकती बस ,अब चुप चाप लेता रह और मुझे मालिश करने दे “





“अरे भाभी आप भी न बच्चो जैसे जिद्दी हो रही हो “





मेरी बात का उन्होंने कोई भी जवाब नहीं दिया वो बस चुप चाप मालिश करती रही ,उन्होंने मेरे पीठ पर तेल लगाया और साथ hi साथ मेरे हाथ और पैरो में भी अच्छे से मालिश कर दी ..





“अब थोड़ा ठीक लगा”





उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा





“पहले से भी अच्छे हो गया हु मैं ,लेकिन मालिश के कारण नहीं बल्कि आपके प्यार के कारण “





उन्होंने मेरे गलो जो जोरो से खिंचा





“बहुत मस्का मरना सिख गया है ,चल खाना बना दिया है खा ले “





मैं रोटियां खता रहा और भाभी मेरे लिए गर्म गर्म रोटियां देती रही ..





“आप क्यों नहीं खा रही हो ??”





“पहले तू तो खा ले “





“नहीं आपको भी मेरे साथ hi खाना होगा”





दो तीन रोटियां खाने के बाद मैंने कहा





“अरे बाबा रुक तो जा पहले तू खाना खा ले “





“चलो आप भी खाओ “





मैंने रोटी का एक टुकड़ा उनके मुँह के पास लाया और उन्होंने अपना मुँह खोल दिया, रोटी का टुकड़ा अंदर चला गया था वो उसे चबाने लगी थी. लेकिन उनके आँखों में पानी की कुछ बुँदे आ रही थी





“क्या हुआ भाभी ??”





“इतना प्यार आज तक मुझे किसी ने नहीं किया रे , तेरे भैया ने मेरा हुश्न देख कर मुझसे प्रेम कर लिया था लेकिन वो प्रेम बस उनका वहां hi निकला , वो प्रेम नहीं शायद जिस्म की भूख थी , या फिर महज जवानी में होने वाला एक आकर्षण , उन्होंने हमेशा मेरी ख़ुशी से पहले अपनी ख़ुशी को प्राथमिकता दी , उनके लिए शरीर की संतुष्टि के hi मायने थे , जब तक उनका शांत नहीं होता तब तक तो बहुत hi प्यार दिखते लेकिन जब हो जाता तो बस ऐसे दिखते जैसे उन्होंने मुझसे शादी करके मुझपर अहसान किया हो , मैं एक गरीब घर की लड़की थी लेकिन गैरत वाली थी अगर मुझे पता होता की वो शादी के बात अपनी दौलत का रॉब मुझपर दिखाएंगे तो मैं कभी उनसे शादी नहीं करती ..”





वो रोने hi लगी थी , मैंने उनके कंधे पर हाथ रखा ..





“मेरी वजह से तू भी दर दर की ठोकर खा रहा है , तेरे भैया को मुझपर गुस्सा था जो वो तुझपर भी निकाल रहे थे ,वर्ण तुझे कभी ऐसे नहीं जीना पड़ता और गांव वाले भी तेरे साथ खड़े होते “





मैं उनकी बात सुनकर थोड़ा सा हंसा , वो मुझे अजीब निगाहो से देखने लगी ..





“भाभी मुझे पता है की अगर आप नहीं होती तो मेरा क्या होता , वो तो चाहते थे की पूरी जायजाद खुद hi हड़प ले लेकिन आपके कारण नहीं कर पाए मैं जनता हु की आप मेरे लिए उनसे भी लड़ जाती थी “





वो मुझे देखने लगी





“ है भाभी मैं जनता हु , मैंने आप लोगो की बाटे भी सुनी थी जब माँ पिता जी का देहांत हुआ था ,जब वो आप से कह रहे थे की इसे कुछ भी करके रस्ते से हटाना है ताकि पूरी जायजाद पर कब्ज़ा कर लिया जाये , लेकिन आपने उन्हें मन कर दिया था यंहा तक की धमकी भी दे दी थी की अगर उन्होंने ऐसी कोई कोशिश भी की तो आप सबको उनके इरादों के बारे में बता देंगी ..”





“तूने वो सब सुना था “





भाभी आश्चर्य में थी और मैं मुस्कुरा रहा था





“है भाभी तभी से मुझे समझ आ गया था की आप कितनी अच्छी हो , अगर आप नहीं होती तो शायद मैं भी नहीं होता इसलिए अपने को ऐसा दोष मत दिया करो आप मेरे लिए क्या हो ये तो मैं बता भी नहीं सकता , ी लव यू भाभी ..”





मैंने ये उनके आँखों में देखते हुए कहा था ..





वो बस मुझे भीगी हुई आँखों से देख रही थी , उन्होंने मेरे गलो पर अपने कोमल हाथ रख दिए ,और थोड़ा आगे आकर उन्होंने मेरे गलो पर एक चुम्मन दे दिया





“मैं भी तुझसे बहुत प्यार करती हु बीटा “





जब भी वो इमोशनल होती थी तब वो मुझे बीटा कहती थी ..





मैंने ऐसा गांव वालो से सुन रखा था की मेरी भाभी एक बाँझ है , मतलब उन्हें बच्चा नहीं हो सकता , इस बारे में मैंने कभी उनसे बात नहीं की थी लेकिन शायद वो मुझे hi अपना बीटा मानती थी .. ये सोचकर hi मेरे होठो में एक मुस्कान आ गई ..







 
बहुत अछि अपडेट भाई.

सोनू ईमानदारी की कमाई करना चाहता है. उसस्के कलवा को मन कर दिया गैंग में शामिल होने से. गुड बॉय.

भाबी बे करवा तेल से उस्सकी मालिश किये दर्द मिटाने क लिए, शुक्र है ग़लत जगह पर भाबी के हाथ नहीं फिसले मालिश करते हुए :लाफ:

दोनों क प्यार भरे वार तालाब इमोशनल थे.

चलो फिलहाल सब सही चल रहा है.

देखते हैं आगे किआ होता है.
 
अवेसमे अपडेट डॉ साहब,

बेहद hi शानदार, लाजवाब और अमेजिंग अपडेट है भाई,

सोनू ने गैंग के लिए काम करने से मन कर दिया है,

लेकिन इंस्पेक्टर ने जैसे उसे टारगेट किया हुआ है, उसे देख कर तो लगता है की जल्द hi उसे गैंग की जरूरत पर्ने वाली है,

भाभी के लिए तो उसका प्यार दिन प्रतिदिन और बढ़ता hi जा रहा है,

अब देखते हैं की आगे क्या होता है,

वेटिंग फॉर नेक्स्ट अपडेट
 
डॉक्टर साहब, थे बास्टर्ड पुलिसमैन है के अगेन, रेडके हिज स्त्रौत. िफ़ समवन लुक्स ात भाभी रोंगली, सोनू विल किल हिम, बिकॉज़ आवर सोनू लव्स हिज भाभी ा लोट. सोनू रइटली सेक्स तहत दोंग रॉंग इस नॉट ा गुड थिंग. भाभी इस साद एव्री मोमेंट थिंकिंग अबाउट हेर हस्बैंड, बूत सोनू इस ट्राइंग तो एअसे हेर पैन.

अस ऑलवेज थे अपडेट वास् ग्रेट, यू अरे राइटिंग वैरी वेल, नाउ let's सी व्हाट हप्पेंस नेक्स्ट, टिल थें वेटिंग फॉर थे नेक्स्ट part ऑफ़ थे स्टोरी. थैंक You...❤️❤️❤️
 
वाह! बहुत ही खूबसूरत अपडेट था डाॅक्टर साहब। नई जगह पर नई ज़िन्दगी की शुरुआत हुई है और इस नये सफ़र में कई तरह की मुश्किलें भी हैं। अब देखना ये है कि इन सारी मुश्किलों के बीच सच्चाई की राह पर चलते रहना देवर भाभी के लिए कितना सहज या दुष्कर होता है? सोनू ने तो कलवा से साफ कह दिया है कि वो कोई भी ग़लत काम नहीं करेगा, जिसकी वजह से वो अपनी जान से भी प्यारी भाभी माॅ के सामने न जा सके।

सोनू के चारो तरफ कई सारे चेहरे ऐसे हैं जिन पर सोनू के लिए बहुत कुछ बुरा कर देने के भाव गर्दिश करते साफ नज़र आ रहे हैं। सबसे ज़्यादा ख़तरा तो इस कानून के नुमाइंदे इन्स्पेक्टर से ही है। भाभी के हुश्न का पान करने के लिए ये किसी भी हद तक जा सकता है और इसके लिए किसी भी हद तक जाना आसान भी है। यद्यपि कलवा से ये उम्मीद की जा सकती है कि वो इस इंस्पेक्टर से इन दोनों की रक्षा करेगा किन्तु सवाल है कि.....कब तक.???

ख़ैर, देखते हैं कि आगे क्या होता है। डाॅक्टर साहब कहानी बहुत ही सही ढंग से चल रही है। इसके आगे क्या और कैसे होगा ये जानने की उत्सुकता है अब। :dost:
 
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