इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 6 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट - 43

अब तक...

जैसे hi ऑडियो क्लिप एन्ड होती है, राहुल की आँखें फटी की फटी रह जाती है. ये आवाज़ तोह एक लड़की की थी, और दूसरी आवाज़... इसमें कोई शक नहीं था की दूसरी आवाज़ खुद राहुल की थी.

और राहुल को ये समझने में देरर न लगी की जो लड़की अभी रो रही है उसके घर में ये उसी की आवाज़ थी.

रपे केस? वो भी राहुल के हाथो?

अब आगे...

ऑडियो के ख़तम होते hi एक बार फिर सबकी नज़रे राहुल पर टिक जाती है.

ज़रा सोचिये! की आप अपनी गर्लफ्रेंड के साथ आज डेट पर जाने वाले हो और आप ने रूम वगैरह भी बुक कर लिया है और आप बहुत एक्ससिटेड हो. तभी आप घर आते हो, आपके परिवार के लोग आप को घर रहे है और आपकी बहिन एकदम से आपको ये ऑडियो क्लिप सुना देती है. क्या होगा तब? पेर्रो की नीचे से ज़मीन खिसक जाने वाली फीलिंग आएगी न? वैसा hi हाल अभी कुछ राहुल का था

पसीना उसके माथो पे झलकने लगा था जो साफ़ दर्शा रहा था की वह घबराया हुआ है. बात hi ऐसी थी. कोई भी अच्छा भला इंसान घबरा जाए. भले hi उसकी गलती न हो, पर लड़की का लफड़ा होता hi ऐसा है की अच्छे अच्छा के पसीने छूट जाते है.

सब उससे ऐसे देख रहे थे जैसे मानो उसके कुछ कहने का इंतज़ार कर रहे हो

उसकी कल्लोर अभी भी नेहा के हाथो में थी.

नेहा : बोल! देनी है कोई सफाई? बोल जल्दी!!

अंशु (रट हुए) : भाई ...

निशा भी रट हुए अंशु के हाथ थाम लेती है. अंदर hi अंदर पता नहीं क्यों उससे विश्वाश था उसका बेतु ऐसा कभी नहीं कर सकता ज़िन्दगी में.

चाँद सेकंड में राहुल अपने घबराए मैं को सबसे पहले नियंत्रण में लाया. ऐसी स्थिति में मैं का नियंत्रित रहना बेहद आवश्यक था.

अरे एक इलज़ाम लगाया गया है उसपर. और वह भी ऐसा वैसा नहीं एक लड़की के साथ ज़बरदस्ती करने का इलज़ाम. यदि इस स्थिति से उसको बाहर निकलना है तोह सबसे पहले तोह उससे शांत और मैं को नियंत्रित रखना होगा.

और दररने की वैसे भी क्या बात? जब उसने कोई ऐसा काम किया hi नहीं तोह भला डर किस बात का? पर डर तोह था जनाब. यदि ये ऑडियो अभी डायरेक्ट पुलिस को सुना दी जाए तोह इसमें कोई शक नहीं था की राहुल को फौरन hi लड़की के साथ ज़बरदस्ती करने के केस में अंदर कर दिया जाता. तोह डर तोह था उससे. पर उसका कूल माइंडेड होना भी ज़रूरी था.

राहुल ने फौरन अपने आप को शांत किया और कहा,

"ये लड़की कोण है?"

नेहा : ओह्ह हूँ! देखो तोह माँ!! इससे यही नहीं पता की ये लड़की कोण है!

राहुल : पता होता तोह क्या में पूछता!?

नेहा : अरे अरे! इतना झूठ भी मत बोल यार! तेरी हर एक बातो से मुझे घिन आती है. तेरे मैं में ख़याल भी कैसे आया की तू मेरी दोस्त के साथ ज़बरदस्ती करे?

राहुल : तुम्हारी दोस्त?

नेहा : हां! मेरी दोस्त काजल! और तू ऐसे क्यों चौंक रहा है? अरे अभी थोड़ी देरर पहले hi तोह तुम इसके साथ ज़बरदस्ती कर रहे थे

राहुल : काजल???

नेहा : अबे चल चल! अब फ़ालतू की एक्टिंग बंद कर और ये बता तूने ऐसे क्यों किया? और अब इसकी सजा तुझे कैसे दी जाए?

राहुल (काजल की तरफ देखते हुए) : यदि मेने इसके साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश की तोह ये यहाँ क्यों कड़ी है? इससे तोह अब तक पुलिस स्टेशन में होना चाहिए था न?

नेहा : हम्फ! वो इसलिए क्युकी जब मुझे ये पता चला की तूने इसके साथ ऐसा किया है तोह मेने hi उससे कुछ बताने से मन कर दिया. क्युकी में नहीं चाहती की घरवालों और आस पड़ोस में मेरे माँ बाप की कोई बदनामी हो. समझा? वर्ण तुझे क्या लगा की में तुझे बचाने के लिए ये सब कर रही हु?

राहुल : ओह्ह! और तुम्हे कैसे पता चला की मेने इसके साथ ज़बरदस्ती की?

नेहा : काजल ने मुझे खुद बताया!

राहुल : ओह्ह! क्या आप शुरू से पूरे अंत तक की घटना में प्रकाश डालेंगी?

नेहा : क्यों नहीं!?

राहुल : जी तोह बताइये!!

नेहा : जिस दिन तुम मेरी क्लास में आए थे और मार पीट किये उस दिन तुमने काजल को मेरी क्लास में देखा था. तुम्हे वह पसंद आ गयी. पर तुम तोह वैसे hi ऋचा दीदी के क्लोज थे. अब ऐसे में तुम काजल के करीब कैसे आते? तोह तुमने ये आईडिया निकला की तुम उसके साथ ज़बरदस्ती करोगे और उससे दर्रा धमका के उससे चुप करा डोज. और ये सब करने का तुमने आज डीडे किया...

निशा (मैं में) : बेतु और ऋचा एक दूसरे के क्लोज है? क्या दोनों...???

अंशु (मैं में) : भाई और ऋचा दीदी...!??

नेहा फिर इतना बोल थोड़ा रूकती है और एक गहरी सास लेती है...

राहुल : हम्म! आगे?

नेहा : आज तुम फौरन जल्दी निकल गए घर पर ये बोलके की कोई काम है पर तुम तोह काजल के घर जा रहे थे. और इत्तेफ़ाक़ की बात ये थी की आज में भी काजल के घर कॉलेज के काम से जा रही थी. जब में पहुची तोह मुझे तुम्हारी बाइक बाहर hi दिख गयी. पहले मुझे बोहत आश्चर्य हुआ की तू काजल के घर पर क्या कर रहा है. फिर में दबे पाँव थोड़ा अंदर आयी तोह पाया की तुम उसके साथ ज़बरदस्ती करने की कोशिश कर रहे थे.

राहुल : हम्म! आगे?

नेहा : अब रूम बंद था इसलिए में तुम दोनों को देख न सकीय पर आवाज़े मुझे स्पष्ट सुनाई दे रही थी. इसलिए प्रूफ के लिए मेने तुम दोनों की रिकॉर्डिंग कर ली. हमारे घरवालों को भी तोह पता चले की उनका लाडला बीटा उनका प्यारा भाई क्या काम कर रहा है. क्या है उसका असली चेहरा? उन्हें भी तोह पता चले की उनके आदर्श पुत्र के पीछे एक शैतान छुपा हुआ है जो किसी दरिंदे से काम नहीं.

राहुल : ओह्ह्ह!! और भला मुझे कैसे पता चला की आज काजल कॉलेज नहीं जाएगी और घर पर रहेगी और उसके घर में उसके माँ बाप भी नहीं होंगे?

नेहा : अबे चल चल! किस्से बेवक़ूफ़ बना रहा है? तुझे तोह पता hi है की काजल के माँ डैड दोनों जॉब करते है और उसका बड़ा भाई भी बाहर जॉब करता है. रही बात आज उसके कॉलेज न जाने की तोह ये भी तूने कही से पता कर ली होगी.

राहुल : हम्म! कहानी तोह बोहत इंटरेस्टिंग बनायीं है. इतनी अच्छी की में भी खुद सोचने लगा की यार कितना गन्दा इंसान हु में!?

नेहा : कहानी??? व्हाट दो यू मैं बी कहानी?? सीधे सीधे ये बताओ की क्या सजा दी जाए अब तुम्हे?

राहुल : हम्म!! ज़रा फ़ोन दिखाना मुझे

नेहा : क्यों? जिसमे तुम रिकॉर्डिंग डिलीट कर दो? No वे!!

राहुल : में ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा, वैसे भी सभी ने रिकॉर्डिंग को आलरेडी सुन्न लिया है.

नेहा : हम्म! ठीक है! देख लो! देख लो!

नेहा अपना फ़ोन राहुल को थमा देती है

राहुल रिकॉर्डिंग की डिटेल्स चेक करता है सबसे पहले टाइम देखता है की रिकॉर्डिंग कब बानी.

टाइम तोह वाक़ई सुबह का था जब राहुल घर से बहार था.

तभी राहुल अंशु से कहता है की वो उसके कमरे से उसके एअरफोन्स लेके आए. अंशु भी दौड़ के राहुल के कमरे से एअरफोन्स लाके उससे दे देती है.

और फिर राहुल एअरफोन्स लगा के वही रिकॉर्डिंग दुबारा प्ले करता है...

लड़की (रट हुए) : प्लीज! चोरर दो मुझे! मेने आपका क्या बिगाड़ा है? प्लीज चोरर दो ...

लड़का : नहीं

लड़की : देखो में... में सब को बता दूंगी आपकी ये हरकत...

लड़का : बता दे

लड़की : देखो ... देखो... पुलिस को बता दूंगी में, फिर अंजाम अच्छा नहीं होगा.

लड़का : हां हां देख लूंगा!

लड़की : dekho...please!! मुझे चोरर दो. में आपके परर पड़ती हु, क्या मिलेगा आपको ये सब कर के? मेरे कपडे क्यों उतार रहे हो?

लड़का : मुझे पसंद है.

लड़की (चीखते हुए) : नाहीइइइइइइ

राहुल ऐसे hi 3-4 बार रिकॉर्डिंग प्ले करता है और तभी उससे कुछ याद आता है. फिर राहुल केवल अपने शब्दों पे गौर करता है जो उसने रिकॉर्डिंग में कहे है. वो शब्द थे - "नहीं" , "बता दे", "हां हां देख लूंगा", "मुझे पसंद है"

तभी राहुल को कुछ याद आता है. ये साड़ी बातें जो राहुल ने रिकॉर्डिंग में कही, ये साड़ी बातें तोह उसने तानिया और अंशु से कल होटल में बात करते हुए कही थी.

'बता दे' ये वाक्य तोह राहुल ने कल hi तानिया से कहा था जब तानिया ने धमकी दी थी की वह निशा से उसकी शिकायत करेगी. और 'मुझे पसंद है', ये वाक्य तोह राहुल ने तब कहा था जब अंशु ने उस से पूछा था की उससे बटर पनीर पसंद है क्या?

राहुल को साड़ी बातें समझने में देरर न लगी की आखिर चक्कर क्या था. वाक़ई! नेहा आखिर थी तोह राहुल की hi बहिन. दिमाग तोह उसका भी तेज़्ज़ था. क्या सॉलिड प्लान तैयार किया था उसने. पर राहुल से ज़्यादा होशियार कहा थी? प्लान तोह बढ़िया था पर कई सारे एरर थे प्लान में जो राहुल की नज़रो से चूक न सके.

साड़ी बातें समझने के बाद राहुल के चेहरे पे अपने आप hi स्माइल आ गयी.

और उसने तानिया की तरफ मुँह करते हुए कहा,

"कल तुमने जब होटल में मुझसे कहा था की तुम मेरी शिकायत माँ से कर डौगी तब बदले में मेने क्या कहा था?"

तानिया : हम्म?? वह... तूने कहा थी की 'बता दे'

तभी राहुल ऑडियो को प्ले करता है जहा पर उसने 'बता दे' कहा था.

तानिया को समझने में देरर न लगी की राहुल क्या कहना चाह रहा है.

तानिया (शॉकेड) : iska...iska मतलब

राहुल : सही सोचा! ये रिकॉर्डिंग फेक है. ये साड़ी बातें मेरी तानिया और अंशु से हुई थी कल होटल में. और किसी ने इससे रिकॉर्ड कर लिया और मुझे पता है किसने रिकॉर्ड किया था, बाद में इससे ट्रिम किया और काजल की रिकॉर्डिंग के साथ मिक्स कर दिया और मुझे फसा दिया.

नेहा : हम्फ! ऐसा कहने से सच्चाई नहीं बदल जाएगी. प्रूफ है मेरे पास आलरेडी. और ये रिकॉर्डिंग मेने रिकॉर्ड की है. तुम्हारे पास कोई प्रूफ नहीं है. क्या प्रूफ है की तुम जो कह रहे हो वो सच है?

राहुल : किसने कहा मेरे पास प्रूफ नहीं है? मेरे पास प्रूफ भी है और गवाह भी है. तुमने पक्का कोई अप्प उसे किया है. I'm सूरे!

नेहा (मैं में) : हम्फ! तुमसे दो कदम आगे हु में. अप्प आलरेडी अनइंस्टाल कर दिया है मेने.

राहुल अप्प को ढूंढ रहा था पर उससे अप्प मिला hi नहीं. तभी राहुल के चेहरे पे फिर से मुस्कान आ गयी.

राहुल ने प्ले स्टोर ओपन किया और उसमे माय अप्प्स में जाके लाइब्रेरी में गया. जहा उसको सारे रीसेंट के अप्प्स दिखाई दे गए. और सबसे ऊपर hi उससे दिख गया ऑडियो मिक्सिंग नाम का अप्प.

राहुल ने फौरन सभी को मोबाइल की स्क्रीन दिखाई. इस बार नेहा की बारी थी चौंकने की. उससे नहीं पता था की रीसेंट अप्प्स भी कोई ऐसे देख सकता है. उससे तोह इस फंक्शन के बारे में पता भी नहीं था.

अंशु और तानिया भी स्मार्ट थी. उन्हें समझने में देरर न लगी की सारा किया धरा किसका है.

तानिया (ख़ुशी से) : इसका मतलब तू निर्दोष है??

राहुल (स्माइल) : कोई शक?

तभी तानिया उछाल के राहुल के जोरर से गले लग जाती है.

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तानिया (ख़ुशी में) : चपडगंजु!! तू निर्दोष है. I'm सो ग्लैड!!

अंशु और निशा भी तानिया की इस हरकत से चौंक जाते है क्युकी हर वक़्त तोह दोनों लड़ते रहते है फिर अचानक से ये...!??

जब तानिया को सिचुएशन का आभास होता है तोह वो हड़बड़ा के एकदम से राहुल से दूर हो जाती है और नज़रे फेरर के बोलती है,

"चल चल!! Ab...ab ज़्यादा खुश मत हो", कहते वक़्त उसके चेहरे पर लाली थी.

राहुल (मैं में) : अबे? अब इससे क्या हो गया एकदम से?

नेहा उधर दांत पीस के अपनी भड़ास निकाल रही थी. सिचुएशन राहुल के कण्ट्रोल में आ चुकी थी.

नेहा : इस सब से ये प्रूफ नहीं हो जाता की तुम निर्दोष हो समझे?

तभी राहुल की नज़र एक बार काजल पर पड़ती है और फिर उसके पेर्रो पर जा कर रुक जाती है. एक बार फिर राहुल के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है.

सच सामने आने के बाद नेहा को फ़र्क़ पड़ा हो या न पड़ा हो, पर काजल को ज़रूर पड़ा था. उसकी टाँगे hi बता रही थी की उसकी चोरी पकड़ी गयी है.

क्युकी इस वक़्त वह कप कप जो रही थी.

राहुल (मैं में) : इससे तोह में ऋचा वाला सबक सिखाऊंगा. लगता है आज फिरसे गन्दा बन्न न पड़ेगा.

राहुल धीरे धीरे काजल की तरफ बढ़ता है और उसके कान के पास झुक के धीरे से कहता है,

"क्या मेने तुम्हारे साथ ज़बरदस्ती की थी?"

काजल राहुल को करीब पा कर सिहर उठती है और बदले में धीरे से हां में सर हिला देती है, अभी भी उसके शरीर में कम्पन हो रहा था.

राहुल (धीरे से) : ओह्ह्ह!!! तोह तुम वर्जिन हो की नहीं?

काजल एक बार फिर दररते हुए हां में सर हिला देती है. मतलब ये था की वो वर्जिन ज़रूर है पर उसके साथ राहुल ने ज़बरदस्ती करने की कोशिश की है.

किसी को कुछ सुनाई नहीं दे रहा था की दोनों में क्या बात हो रही है. नेहा तभी राहुल को टोक देती है की वह काजल को डराए न.

राहुल : में उससे दर्रा नहीं रहा. Don't वोर्री!!

राहुल फिरसे काजल के कान में झुक के कहता है,

"देखो! तुमने मेरी इज़्ज़त का क्या हाल कर दिया सबके सामने. ये तुम्हे भी पता है की हम दोनों एक दूसरे से आज पहली बार मिल रहे है. और सब कुछ झूठ है. मुझे फ़साने की साज़िश है. पर अब जब मेरी इज़्ज़त बिना कुछ किये गिर hi गयी है तोह क्यों न में अभी कुछ कर दू? क्या फरक पड़ता hai?Hai न? इज़्ज़त तोह पहले hi गिर चुकी है. इस से अच्छा है की में काम से काम वो काम तोह करू जिसके कारण मेरी इज़्ज़त गिरी है"

राहुल इतना बोल धीरे से उसके नंगे कंधे पर रख देता है.

और डर के मारे काजल चिल्ला देती है

"I'm सॉरी!!! I'm सॉरी"

काजल घुटनो के बल नीचे गिर जाती है और बड़बड़ाने लगती है,

"I'm सॉरी!! मुझे माफ़ कार्डो!! में निर्दोष हु!! आप भी निर्दोष हो!! सब झूठ है!! आपने कोई ज़बरदस्ती नहीं की, मुझे... मुझे नेहा ने ये सब करने के लिए मजबूर किया था."

*साइलेंस*

पूरे रूम में शान्ति छ गयी. निशा, अंशु और तानिया तोह भौचक्की से कड़ी नेहा को देख रही थी. राहुल तोह पहले hi जान गया था की ये सब किया धरा किसका हो सकता है. इसलिए वो नार्मल hi था.

निशा (फटी आँखों से) : क्या?? बीटा क्या कहा तुमने? कड़ी हो जाओ... और पूरी बात बताओ

काजल (खड़े होते हुए) : आंटी! I'm सॉरी!! I'm रियली सॉरी!! में मजबूर थी! नेहा को मेरे कुछ सीक्रेट्स पता है जिसके कारण उसने मुझे ब्लैकमेल किया. यदि में उसका ये काम नहीं करती तोह वो घर में सबको मेरे सीक्रेट्स बता देती

इसलिए... इसलिए मेने...

निशा (शॉकेड) : कैसे सीक्रेट्स??

काजल : आंटी वो सीक्रेट है... में किसी से प्यार करती हु. ये बात नेहा को पता है. इसलिए वो...

निशा सब समझ गयी थी. उसने फिर न आव देखा न ताव और नेहा के पास जा कर एक तमाचा खींच के जड़ दिया.

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*Chataaaaaaaaaak*

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छाते की आवाज़ पूरे कमरे में गूँज गयी. काजल जो अभी दर्री हुई थी उसकी हालत और पतली हो गयी. राहुल ने उससे इशारे से कहा की तुम जाओ और कोई बात किसी से कहना मत. काजल भी सर हिलाते हुए जल्दी जल्दी दौड़ कर बाहर निकल गयी.

निशा (गुस्से में) : क्या करू में तेरा हां? बोल? अरे तुझमे दिमाग है की नहीं? अपने भाई पर तूने लड़की के साथ ज़बरदस्ती करने का इलज़ाम लगाया और वो भी झूठा? ज़रा सा भी ख़याल नहीं आया की तू घर की अंधरुनि बाते उस काजल को बता के क्या क्या करवा रही है उस से? बोल!!! चुप क्यों कड़ी है?

नेहा के ासु निकल के उसके गालो से गिरते हुए बह रहे थे. उससे ये उम्मीद नहीं थी की काजल इतनी जल्दी साड़ी सच्चाई पोक देगी. क्या कहा था राहुल ने उसके कान में ऐसा जो वो एकदम डर गयी.

नेहा (मैं में) : क्यों? क्यों हर बार में कुछ करने जाती हु और मुझे मार पड़ती है? पर में हार नहीं मानूंगी

माँ की जरर हाज़िरी में अब में वह किया करुँगी... अब तोह सब सामने आ चूका है. में अभी जुच नहीं कर सकती.

नेहा (धीरे से) : सॉरी!!

निशा (चिल्लाते हुए) : सॉरी?? तूने बेतु पे इतना भद्दा इलज़ाम लगाया और कह रही है सॉरी?? अरे तेरी अकाल घास चरने गयी है क्या? आज तोह में तुझे छोड़ूंगी नहीं ... ृक्क!!

निशा अभी आगे बढ़ के और कुछ करने वाली थी की इतने में राहुल ने उससे अपने गले से लगा लिया,

"शांत! माँ शांत!! It's okay! न hi में अपराधी हु और न hi कोई अपराध हुआ, अंशु... " राहुल अंशु को पुकारता है तोह वो समझ जाती है और नेहा को लेके अंदर चली जाती है.

निशा आह वाक़ई बुरी तरह मारने वाली थी नेहा को पर राहुल ने ऐसे उससे गले लगा के उससे कुछ हद्द तक शांत कर दिया.

तानिया : बुआ!! मुझे तोह यकीन नहीं हो रहा नेहा ने ये सब किया. पर उसने ऐसा क्यों किया बुआ?

तानिया को नेहा और राहुल की लड़ाई के बारे में कुछ नहीं पता है. बस वो इतना जानती है की 5 साल पहले नेहा के b'day में इन् दोनों की लड़ाई हुई थी. और उससे लगा सब कुछ नार्मल हो चूका होगा अब. पर आज की नेहा की हरकत ने उससे एक बोहत बड़ा झटका दे दिया था.

निशा : कुछ नहीं बीटा! तुम ये सब मत सोचो. यहाँ पे एन्जॉय करने आयी हो और देखो तोह... में कैसे पेश आ रही हु तुमलोगो के सामने.

तानिया : बुआ it's okay!! आपकी कोई गलती नहीं है. में तोह इस बात से हैरान हु की ये नेहा अपने hi भाई के साथ ऐसा कैसे कर सकती है. मेरी माँ होती तोह मेरी हड्डिया तोड़ देती मेरी इस हरकत पर. पर बुआ आप वाक़ई एक महान औरत हो.

निशा : बेतु चोरर मुझे! मुझे वाशरूम जाना है.

तेज़्ज़ कदमो के साथ निशा वाशरूम की और चल देती है. शायद अपने आप को कण्ट्रोल करने जा रही थी. वाशरूम तोह एक बहाना था. अभी अभी हुई घटना से वो अभी तक उभरी नहीं थी. और फिर उससे राज से भी तोह बताना है की आज क्या क्या हुआ.

राहुल (तानिया की तरफ देखते हुए) : में भी आता हु बाहर से थोड़ी देरर में

और राहुल पलट के जाने लगता है की तभी तानिया उससे आवाज़ देती है,

तानिया : ोये सुन्न तोह ज़रा!!

राहुल (पीछे पलट के) : हम्म? क्या ??

तानिया : ये ऋचा कोण है??

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आज के लिए इतना hi गाइस!!
 
बीआरओ ी थिंक यू didn't रीड थे फर्स्ट पेज ऑफ़ माय थ्रेड. It's रिटेन तेरे तहत थे स्टोरी इस बेस्ड ों इन्सेस्ट एंड हरम. ी होप यू क्नोव व्हाट हरम मीन्स! :-)
 
गाइस में चाहु तोह अगले hi अपडेट में पूरी कहानी ख़तम कर दू

पर जैसा की मेने कहा पहले की वो राज़ hi कहानी की एंडिंग है. अब में अभी वह राज़ तोह नहीं खोल सकता पर आज के अपडेट में आप सभी को ये ज़रूर पता चल जाएगा की नेहा क्यों नफरत करती है राहुल से.
 
अपडेट - 44

अब तक...

राहुल (तानिया की तरफ देखते हुए) : में भी आता हु बाहर से थोड़ी देरर में

और राहुल पलट के जाने लगता है की तभी तानिया उससे आवाज़ देती है,

तानिया : ोये सुन्न तोह ज़रा!!

राहुल (पीछे पलट के) : हम्म? क्या ??

तानिया : ये ऋचा कोण है??

अब आगे...

राहुल : यहाँ मेरे साथ इतना बड़ा काण्ड हो गया और तुझे ऋचा की पड़ी है? तुम्हारे मैं में ये सवाल नहीं आया की नेहा ने ऐसा क्यों किया? या क्या चल रहा है हम दोनों के बीच?

तानिया : आया न! बिलकुल आया! मेरा दिमाग अभी धेरर सारे सवालों से घिरा पड़ा है. पर अभी जो मुझे जान न है वो यही है की ऋचा कोण है?

राहुल : में बताना ज़रूरी नहीं समझता

और राहुल पलट के दुबारा जाने लगता है तोह तानिया दौड़ के उसके सामने आ जाती है.

तानिया : 'में बताना ज़रूरी नहीं समझता से तेरा क्या मतलब है?' जब तक तू मुझे ये नहीं बता देता की ऋचा कोण है में तुझे यहाँ से जाने नहीं दूंगी.

राहुल : सामने से हटो तानिया! मेरा मूड बहुत खराब है अभी.

तानिया : हां तोह सीधे सीधे बता दे न कोण है ऋचा

राहुल : लड़की है एक ऋचा. मेरी क्लास में है. माँ की फ्रेंड की लड़की है. अब खुश? बता दिया... चल अब बाजू हट

तानिया : अबे इतना तोह मुझे भी पता है की वह एक लड़की है. पर तेरा उस से क्या सम्बन्ध है? ये बता मुझे!

वैसे तोह राहुल कहने को कह देता की ऋचा उसकी फ्रेंड है. पर ये उन् दोनों के रिलेशनशिप की तौहीन होती. राहुल रिलेशनशिप को छिपा सकता है. पर झूठ बोलके ये कहना की ऋचा उसकी दोस्त है, ये तोह उनके रिश्ते की सरासर बेइज़्ज़ती होगी. इसलिए राहुल ने सोचा रिलेशनशिप को छिपा के hi रखा जाए फिलहाल. पर शायद आज ये होना नहीं था.

राहुल : नहीं बताना मुझे. जल्दी बाजू हट जा, मेरा दिमाग बहुत खराब है अभी...

तानिया : नहीं हटूंगी. बता पहले.

राहुल गुस्से में आके उससे फाॅर्स के साथ हाथ पकड़ के साइड में धकेल देता है जिस से तानिया साइड होक लड़खड़ा जाती है और साथ hi साथ उसका पारा भी चढ़ जाता है.

तानिया (गुस्से में) : यू... बताता क्यों नहीं है की कोण है वो ऋचा? हां? क्यों छिपा रहा है? गर्लफ्रेंड है न तेरी? बोल न?

राहुल (गुस्से में) : हां है गर्लफ्रेंड!

राहुल के जोरर से कहने से तानिया सिहर उठती है और ये जान के भी की ऋचा राहुल की गफ है. बस सेहमी हुई वो राहुल को घूरती रहती है जब तक की राहुल उसकी आँखों के सामने से ओझल नहीं हो जाता.

आज तानिया को क्या हो गया? पहले राहुल को एकदम से गले लगा लिया. जो शायद आज तक उसने अपने जीवन में पहले कभी नहीं किआ था. पर आज तोह सभी के सामने उससे अपनी बाहो में जकड लिया था. और फिर राहुल से ज़िद्द करके ऋचा के बारे में पूछना. भला उसको इस बात से क्या फरक पड़ता की ऋचा राहुल की क्या लगती है.

पर फरक तोह पड़ा था. इसलिए तोह वह जान न चाह रही थी. पर सवाल था आखिर क्यों? क्यों तानिया राहुल की पर्सनल लाइफ के बारे में जान न चाह रही थी और यदि जान भी गयी तोह उससे इतनी तकलीफ क्यों हो रही थी अंदर से?

उससे बड़ा अजीब सा लग रहा था. दिल में पता नहीं क्यों पर एक दर्द था जिसे तानिया समझ नहीं पा रही थी.

तानिया (मैं में) : ये... ये मुझे हो क्या रहा है? इतना उनकंफर्टबले क्यों फील कर रही हु में? और... और मुझे क्या लेना देना उस चपडगंजु की गफ से? में कब से उसकी इतनी परवाह करने लगी? अरे... होगी कोई! मुझे क्या लेना देना? भाड़ में जाए दोनों... हम्फ!

तानिया चिढ़ती हुई सोफे पे आकर बैठ गयी और अभी अभी हुई घटना के बारे में सोचने लगी. आज नेहा ने इतना बड़ा काण्ड कर दिया अपने hi भाई के साथ. क्यों? आखिर क्या वजह हो सकती है उसकी इतनी भद्दी हरकत करने की? पता लगाना पड़ेगा! नेहा से hi डायरेक्ट पूछना पड़ेगा.

तानिया यही सब सोच के डीडे कर लेती है की वह आज नेहा से सब कुछ पूछ के रहेगी की आखिर चल क्या रहा है राहुल और उसके बीच? पर अभी भी उसके अंदर ऋचा और राहुल के रिलेशनशिप की बातें कही न कही घूम रही थी. और वह बोहत परेशान हो रही थी इन् बातो से.

इधर राहुल घर से बाहर आके सौरभ के घर जाता है और उस से आगे के प्लान के बारे में बातें कर रहा होता है...

सौरभ : यार! दिक्कत ये है की में घर में क्या कहूंगा की में क्या काम करने जा रहा हु?

राहुल : भाई! तू उसकी टेंशन मत ले. में तेरे घरवालों से बात कर लूंगा ठीक? उन्हें में समझा दूंगा. हमे ये लास्ट सेमेस्टर कम्पलीट कर के फौरन ये शहर चोरर्ण है. तभी हम आगे बढ़ पाएंगे. यहाँ रह के नहीं.

सौरभ : में समझ रहा हु. Ok! फाइन! यदि घरवाले मान जाते है तोह फिर कोई प्रॉब्लम नहीं है.

राहुल : हम्म! अब में तुझे कुछ चीज़े लिख के दूंगा. तुझे इन् 6 महीनो के अंदर ये साड़ी चीज़े सीखनी है. समझ गया?

सौरभ : हम्म! ठीक है!

फिर राहुल सौरभ के घर से सब कुछ प्लान कर उसके घर से बाहर आ जाता है. और लगभग 4 बज चूका था. राहुल ने ऋचा से आज डेट पे मिलने के लिए 5 बजे का टाइम सेट किया था. पर राहुल अभी सुबह के hi कपड़ो में था. और वो घर जाकर वापस घरवालों को अभी फेस नहीं करना चाहता था. खासकर की तानिया को.

पता नहीं क्या क्या सवाल फिरसे करने लगेगी. राहुल ने डीडे किया की वह अभी घर जाके कपडे नहीं बदलेगा. इस से बेहतर है की वह एक नयी शर्ट मॉल से खरीद ले और पहन ले.

राहुल ने मॉल में जाके अपने लिए एक शर्ट पसंद की और उससे पहन लिया और पुरानी शर्ट को कैर्री बैग में रख लिया. इन्ही सब में 1 घंटा कब निकल गया उससे पता भी नहीं चला.

अभी वो निकलने hi वाला था की तनीषा का कॉल आ गया उसके पास.

तनीषा : hello?

राहुल : कहिये दी!

तनीषा : कहिये? लगता है अब तुम्हारा ये दीदी से मैं भर गया है.

राहुल : नहीं दी! ी मिस यू सो मच. में आपके घर आने वाला था पर आज कुछ ऐसा हुआ जिसे मेने अपने सपने में भी नहीं सोचा था.

तनीषा (चिंतित) : ओह्ह! ऐसा क्या हो गया? तुम ठीक तोह हो न?

फिर राहुल ने आज जो कुछ भी हुआ वह सब बता दिया.

तनीषा : omg!! नेहा ऐसा कैसे कर सकती है? It's नॉट फेयर! ी मैं... ये तोह बहुत ज़्यादा था राहुल. I'm ग्लैड बात ज़्यादा नहीं बढ़ी आगे. और सब कुछ शांत हो गया.

राहुल : ी क्नोव दी! खर्र वो सब चोरडिये. आप किसी हो?

तनीषा : किसी हो? पागल कर के रख दिया है तुमने मुझे.

राहुल : क्या? ... मतलब?

तनीषा : उस रात तोह तुम इतनी जल्दी चले गए और उसके बाद मुझे कॉल तक नहीं किया. तुम्हे पता है मेरी क्या हालत थी तब? मुझसे चला भी नहीं जा रहा था. ऐसे में में घर पर कैसे जाती? इसलिए फिर में रात भर उसी रूम में रुकी और फिर अगले दिन घर आयी. फिर तुम्हारी याद सताने लगी थी. हर वक़्त वो रात के अनोखे पल मेरे सामने आने लगते थे. जैसे तैसे खुद को कण्ट्रोल किया, सोचा तुम कॉल करोगे और मैं बेहाल जाएगा मेरा. हल्का महसूस करुँगी. पर यहाँ मिस्टर ने एक कॉल तक नहीं किया. और पूछा तक नहीं की किसी हु में. और अब इतना दिनों बाद में कॉल कर रही हु तब पूछ रहे है मुझसे की किसी हु में? हम्फ!!

तनीषा की बात सुन्न के तोह कोई बच्चा भी बता देता की वो अभी नाराज़ है. और नाराज़गी की वजह भी राहुल hi है.

राहुल को भी एहसास हुआ की उसने कितना गलत किया तनीषा के साथ.

राहुल : में बहुत बुरा हु दी! मुझे आपके साथ ऐसा नहीं करना चाहिए था. मुझे अभी भी बोहत कुछ सीखना है. आपने सही hi तोह कहा. मुझे उस वक़्त आपके साथ रहना चाहिए था. आप कितनी तकलीफ में थी उस वक़्त. और में आपको यु चोरर के आ गया. यहाँ तक की मेने रूम सिर्फ 1 दिन के लिए hi बुक किया था. मतलब अगले दिन का खर्चा पूरा आपने दिया. इतना तक नहीं सोचा मेने. में बोहत बुरा हु दी...

राहुल की बात सुन्न तनीषा का दिल भी तड़प उठा, उसने चिढ़ते हुए ज़रूर ये साड़ी बातें कही थी पर वो सिर्फ राहुल को चिढ़ा रही थी और आगे से ध्यान रखने के लिए कहना चाह रही थी. पर तनीषा की इंटेंसिव ये बिलकुल भी नहीं थी की राहुल इन् बातो को दिल पर ले और उदास हो जाए. जब राहुल ने ये सब कहा तोह ज़ाहिर सी बात थी तनीषा को अंदर से बोहत दर्द हुआ और वह ज़्यादा देरर तक राहुल की बातें सुन्न न पायी...

तनीषा : राहुल प्लीज ऐसा मत कहो. किसने कहा तुम बुरे हो? तुम दुनिया के सबसे अच्छे लड़के हो समझे? मेने तोह सिर्फ तुम्हे थोड़ा छेड़ने के लिए कहा था. मज़ाक में कहा था मेने...

राहुल : आपने भले hi मज़ाक में कहा हो दी, पर में मज़ाक नहीं कर रहा. आप बोहत सेहती हो दी. बोहत hi sehan-sheel हो आप. मुझे माफ़ कर दीजिये.

तनीषा (भावुक होकर) : it's okay डिअर!! तुम ऐसा क्यों कह रहे हो? मुझे पता है तुम्हारा घर जाना कितना ज़रूरी था. रात हो गयी थी और ऐसे में तुम घर नहीं जाते तोह न जाने क्या सोचते तुम्हारे घरवाले. और वैसे भी तुम पर भी तोह घर का कितना बोझ है. ज़िम्मेदारिया है तुमपर कितनी. टेंशन भी रहती होगी तुम्हे कितनी... सो, it's okay!

राहुल : वाक़ई! आप महान हो दी! I'm सॉरी अगेन!

तनीषा : राहुल! बार बार सॉरी कहके तुम मुझे उल्टा नाराज़ कर रहे हो.

राहुल : अच्छा सॉरी!! अब नहीं कहूंगा

तनीषा : राहुल!! तुमने फिरसे कहा अभी

राहुल : अच्छा बाबा अब नहीं कहूंगा. ठीक?

तनीषा : हम्म्म! वैसे...

राहुल : हम्म??

तनीषा (ब्लश) : तुम्हे कुछ दिखाना है.

राहुल : क्या??

तनीषा (ब्लश) : व्हाट्सप्प पर भेजती हु.

और फ़ोन कट हो जाता है.

राहुल व्हाट्सप्प खोलता है तोह तनीषा एक फोटो उससे भेजती है. जैसे hi डाउनलोड कर के राहुल उससे देखता है तोह फोटो एक वाइट बेडशीट की थी जो खून से सनी हुई थी.

उससे समझने में देरर न लगी की ये वही बेडशीट की पिछ थी जिसमे लेत के दोनों के बीच सम्भोग हुआ था होटल में.

राहुल फौरन तनीषा को कॉल लगा देता है.

तनीषा : हम्म्म

राहुल : आपने ये बेडशीट??... ये आपके पास?

तनीषा : हां! मेने मैनेजर से बात कर के रखवाली थी. और एक्स्ट्रा पाय किया था बेडशीट का. तुम्हे पता भी है मुझे कितनी शर्म आ रही थी उस वक़्त उस मैनेजर से ये सब बात करते हुए? वो तोह अच्छा हुआ वो समझदार था और ज़्यादा सवाल नहीं किआ, समझ गया था वह की में ऐसा क्यों कर रही हु. और उसने ले जाने देदी.

राहुल : में इतना भी नहीं कर सका... सच में...

तनीषा : अब सॉरी मत बोलना. It's okay

राहुल : हम्म! पर आपने ये क्यों रखवाई?

तनीषा : हमारे मिलान की निशानी है ये. कैसे चोरर देती इससे?

राहुल : कितना डीप सोचती हो न आप? और आपने ये अब तक धोयी नहीं?

तनीषा : अरे बुद्धू!! ये पिछ उसी रात की है, तुम्हारे जाने के बाद की. और बेडशीट तोह मेने घर आते hi धो दी थी. और कमाल की बात पता क्या है?

राहुल : क्या??

तनीषा : की में अभी उसी बेडशीट पर लेती हुई हु.

राहुल : omg! ये तोह...

तनीषा : पर इस से भी कमाल की बात पता क्या है?

राहुल : क्या?

तनीषा (ब्लश) : में अभी फुल नुदे हु.

तनीषा की मदहोश भरी आवाज़ सुन्न के राहुल का लुंड एक झटका मार देता है.

नुदे??? क्या अभी अभी नुदे कहा तनीषा ने? वो अभी अभी नंगी लेती हुई है उसी बेडशीट पे?

राहुल : इसका मतलब आप... आप हॉस्पिटल

नहीं गयी?

तनीषा : जी नहीं! तुम्हारी याद सत्ता रही है. इसलिए तोह कॉल किया. क्युकी तुमने तोह लगाया नहीं. अब फिरसे सॉरी मत कहना.

राहुल : जी! आगे से में हर एक बात का ध्यान रखूँगा.

तनीषा : गुड!! बस तुमसे अब जल्द से जल्द मिलना है. ी मिस यू सो मच!! ी लव यू जानू...

राहुल : मुझे भी दी! ी लव यू तू! क्या आप...?

तनीषा : हम्म?

राहुल : अपनी एक पिछ भेजो न! ऐसे hi नुदे में... ी वांट तो सी यू!

तनीषा (ब्लश) : धत्त!

राहुल : प्लीज दी! आपने जबसे ये कहा है की आप नुदे हो उसी बेडशीट पे तोह मेरा आपको देखने का बोहत मैं कर रहा है.

तनीषा : मुझे देखने का या मुझे नंगा देखने का?

राहुल : दोनों hi.

तनीषा (ब्लश) : ठीक है. पर सिर्फ एक hi पिछ.

राहुल : बिलकुल

फिर तनीषा कॉल कट कर देती है और एक नुदे पिछ अपनी लेकर राहुल को भेज देती है.





तनीषा को देख राहुल का उस्ताद तन तना जाता है. अब तोह पहले से भी क्या खूब दिखने लगी थी तनीषा. शायद सेक्स के बाद का निखार इससे hi कहते है. राहुल ने फौरन व्हाट्सप्प पे लार टपकाने वाले इमोजी भेजे तोह बदले में तनीषा ने शर्माने वाले एमोजिस भेज दिए और ऐसे hi दोनों के बीच फिर कन्वर्सेशन ख़तम हुआ.

राहुल ने देखा घडी में तोह वह अभी 15 मिनट आलरेडी लेट हो चूका था. फौरन बाहर निकल के ऋचा से उसकी मुलाक़ात हुई और उससे अपनी बाइक पे बैठा के दोनों चल दिए.

आज ऋचा ने वाइट टॉप और डेनिम जीन्स पहनी हुई थी. कमाल लग रही थी एकदम. बूब्स एकदम कैसे हुए वाइट टॉप में किसी खरबूजे से काम नहीं थे.

ऐसे hi साथ में मस्ती और रोमांटिक बातें करते हुए दोनों का समय गुज़रा और राहुल और ऋचा एन्ड में होटल के रूम में पहुँच गए. ऋचा का मैं घबराया हुआ था. थोड़ा शर्म थी तोह थोड़ी नर्वस्नेस. आखिर पहली बार जो था उसका.

जब रूम में दोनों आमने सामने बीएड पर बैठे थे तोह राहुल ने बिना कुछ छिपाए सबसे पहले आज की घटना के बारे में बताया जिससे सुन्न के ऋचा को बहुत दुःख हुआ.

और राहुल ऋचा की प्रजेंस में बिलकुल टूट सा गया था और उससे बाहो में लेके सारे भाव उजागर कर रहा था.

राहुल : ऋचा! आज मुझे बोहत रुलाई सी आ रही है.

कहते वक़्त उसके ासु निकल आते है जो ऋचा के कंधो पर गिर जाते है.

गरम गरम गीला एहसास पाके ऋचा समझ जाती है की राहुल रो रहा है.

और उसका चेहरा पकड़ उसकी आँखों में देखने लगती है.

ऋचा (चिंतित) : rahul...tum... तुम रो रहे हो? इसके पहले मेने आज तक कभी तुम्हे रोटा नहीं देखा. वो इंसान जो दुसरो को हर वक़्त खुश रखने की कोशिश में लगा रहता है वो आज रो रहा है. प्लीज! रौ मत राहुल! मेरा दिल तड़प उठता है तुम्हे दुखी देख कर. तुमको रोटा देख मुझे दर्द हो रहा है.

राहुल (रट हुए) : क्यों न रौ ऋचा? क्या मुझे हक़ नहीं है रोने का? हर वक़्त समाज में यही कहा जाता है की एक मर्द को दर्द नहीं होता, एक मर्द कभी नहीं रोटा, वगैरह वगैरह. पर क्यों? क्या एक मर्द के अंदर फीलिंग्स नहीं होती? क्या उससे कभी ठेस नहीं पहुचती? क्यों हर वक़्त समाज उससे मजबूर कर देता है की रोना धोना मर्दो का काम नहीं. क्यों?

ऋचा : तुम्हारी बात सही है राहुल. I'm सॉरी डिअर!! के हेरे... मेरे पास आओ. आज अपनी साड़ी फीलिंग्स बता दो. जितना रोना है रो लो.

राहुल भी ऋचा का सहारा लेके आज अपने अंदर के सारे इमोशंस बाहर निकाल देता है.

इधर नेहा के रूम में...

तानिया एंटर करती है और नेहा अपना सर झुकाए बिस्तर पर hi बैठी हुई थी.

तानिया : नेहा मुझे तुमसे कुछ इम्पोर्टेन्ट बात करनी है

नेहा : कहिये दी

तानिया : सीधे सीधे पूछ रही हु, ज़्यादा घुमाऊँगी नहीं बातो को. तुम्हारे और राहुल के बीच आखिर चल क्या रहा है?

नेहा : कुछ नहीं दी

तानिया : नेहा तुम मुझे बेवक़ूफ़ समझी हो क्या? तुमने आज सरे आम उसपर क्या इलज़ाम लगाया था पता है न?

नेहा (चिल्लाते हुए) : हे डेसेर्वेस थिस

तानिया : वही पूछ रही हु... क्यों??

नेहा : रहने दीजिये आप दी

तानिया : आज तोह तुम्हे बताना hi होगा

नेहा (चिढ चिढ़ाते हुए) : दी आप जाइये. ी don't वांनै टॉक तो एनीवन राइट नाउ

तानिया : नहीं जाउंगी. जल्दी बताओ क्या चल रहा है तुम दोनों के बीच.

नेहा (गुस्से में) : दी... आप जाइये वर्ण में आपको उल्टा सीधा न बोल दू कुछ...

तानिया : बोल दे. पर पहले सच्चाई बता

और तानिया उसके हाथो को पकड़ लेती है.

नेहा : दी चोरडिये मुझे...

तानिया : बता पहले

नेहा (गुस्से में) : डीइइइइइइइइ...

तानिया (जोरर से) : जल्दी...

नेहा (चिल्ला के) : डीईई.... चोरडिये मुझे...

तानिया (चिल्ला के) : तोह बता नाआ....

नेहा (जोरर से) : हे वांट्स में डेड!!!!

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आज के लिए इतना hi गाइस!!
 
गाइस! I'm सफ्रिंग फ्रॉम वायरल फीवर.

पिछले 3 दिनों से हाई फीवर है, इसलिए समय नहीं मिल पा रहा है लिखने का. सो सॉरी! बूत फ़ोन थोड़ी देरर उसे करते hi सर्र दर्द करने लगता है. I'm ट्राइंग तो गेट बेटर असप. नेक्स्ट अपडेट कल आ जाएगा यदि कल हालत में सुधार आया तोह. मेरी पूरी कोशिश रहेगी कल एक अपडेट दे सकू. वन्स अगेन :सॉरी:
 
थैंक्स ा लोट गाइस फॉर गिविंग में ब्लेस्सिंग्स तो रिकवर सून!!

I'm मच बेटर नाउ!

थे स्टोरी विल रिज्यूमे फ्रॉम टुमारो ोंवर्ड्स

कल एक मेगा अपडेट से वापस से कहानी को पेस में लाऊंगा.

थैंक्स फॉर अंडरस्टैंडिंग माय कंडीशन!

आल्सो, आप सभी भी हेअल्थी रहे और खुश रहे!!
 
सबसे पहले शुक्रिया सभी को इतना वेट करने के लिए. तबियत के खराब चलते आप सभी को मेने काफी वेट करवाया. पर अब हाज़िर हु वापस से. सो, एन्जॉय!!

मेगा अपडेट

अपडेट - 45

अब तक...

नेहा : दी चोरडिये मुझे...

तानिया : बता पहले

नेहा (गुस्से में) : डीइइइइइइइइ...

तानिया (जोरर से) : जल्दी...

नेहा (चिल्ला के) : डीईई.... चोरडिये मुझे...

तानिया (चिल्ला के) : तोह बता नाआ....

नेहा (जोरर से) : हे वांट्स में डेड!!!!

अब आगे...

डेड?? क्या अभी अभी तानिया ने सही सुना? या फिर उसके कान बज रहे थे?

"क्या? क्या कहा तूने? ज़रा फिरसे बोल!!" तानिया ने नेहा को उसके कंधे से झंझोर के पुछा.

इधर नेहा की पलकों में आसुओ की धाराए उत्पन्न होक उसके कोमल गोर गालो से बहती हुई उसकी जांघो पर टपक रही थी.

पहले तोह तानिया को विश्वाश hi नहीं हुआ नेहा की बातो पर. पर जब नेहा को रोटा देख और उसके कहे गए शब्दों पे जब फिरसे गौर किया तोह उसके पेर्रो टेल ज़मीन खिसक गयी.

डेड! राहुल उसको मृत चाहता है?

ये कोई मज़ाक नहीं था. ये एक बोहत hi सीरियस इशू था जिसका सलूशन जल्द से जल्द निकालना ज़रूरी था.

पर सवाल था कैसे?

अरे एक बहिन ये बोल रही है की उसका भाई उससे मृत चाहता है तोह ये कोई छोटी बात है क्या? हरगिज़ नहीं!!!

कोई तोह वजह होगी नेहा के ऐसे कहने पर? जो सिर्फ वही जानती है?

कमरे में सिर्फ और सिर्फ नेहा के सिसकने की आवाज़ें आ रही थी. जो इस बात का सबूत थी की उसने जो कहा वह सच था

इधर तानिया के मैं में तोह जैसे बवाल सा मच गया था. अभी उसके मैं में धेरर सारे सवाल उत्पन्न हो रहे थे. थोड़ी और हिम्मत करके आखिर उसने पूछ hi लिया,

"नेहा! क्या वजह है जिसके कारण तुम्हे लगता है की राहुल tumhe...dead चाहता है?"

बदले में उससे कोई जवाब न मिला. बस सुनाई दिया तोह केवल नेहा का रोना. अभी वो सवाल दोहराने hi वाली थी की कमरे का गेट खुला और अंशु अंदर आ गयी. नेहा को यु रोटा देख उसके परर दरवाज़े से अंदर आते hi जम्म गए.

"क्या हुआ?" आगे बढ़कर अंशु ने नेहा को थामते हुए पूछा.

"अंशिका! मुझे तुमसे कुछ बात करनी है, चलो मेरे साथ" तानिया ये कहते हुए अंशिका का हाथ पकड़ उससे बाहर ले आयी और राहुल के कमरे में ले गयी. और फिर दरवाज़ा भी अंदर से बंद कर दिया.

अंशु : दीदी! नेहा रो रही है, मुझे उससे संभालने जाना है. आपको जो भी कुछ पूछना है प्लीज जल्दी पूछिए.

तानिया (गहरी सांस लेकर) : okay! मुझे अभी अभी नेहा ने बताया की राहुल वांट्स हेर डेड! व्हाई? चल क्या रहा है ये सब? क्या ये सच है या झूठ?

*साइलेंस*

अंशु (सवाल से उभरते हुए) : तोह नेहा ने आपको बता hi दिया. पर उसने उस से ज़्यादा कुछ नहीं बताया होगा आपको है न?

तानिया ने हां में अपना सर हिलाया.

अंशु : दीदी दरअसल मुझे भी बस इतना hi पता है. पर आपके दूसरे सवाल का जवाब में दे सकती हु. मुझे नहीं पता ये सच है या झूठ पर मुझे यकीन है की ये एक मिसुन्दरस्टण्डींग है. ी बिलीव!

तानिया (आश्चर्य) : मिस... मिसुन्दरस्टण्डींग?

अंशु : जी हां! दीदी... आपको विश्वाश नहीं होगा पर पहले में नेहा की बात का यकीन मान कर भाई से एक शब्द नहीं बोलती थी. पर... अभी जब कुछ दिनों पहले यहाँ आयी तोह मेरे साथ ऐसी कुछ घटनाए हुई, मेने ऐसा कुछ देखा, समझा जिसके बाद मुझे भाई को देखने का नजरिया hi बदल गया.

तानिया : kya?...kya देखा?

अंशु : लम्बी कहानी है दीदी पर में आपसे सिर्फ इतना कहूँगी की नेहा जो कह रही है वो सच है. पर... पर असल सच्चाई कुछ और है जो सिर्फ चची चाचा और भाई जानते है. मुझे इतना कन्फर्म है. और हां दीदी... भाई निर्दोष है. मेरे हिसाब से toh...yahi है.

तानिया : तोह में किस बात को मानु? क्या राहुल निर्दोष है? या फिर नेहा सही है?

अंशु : दोनों hi... ी मैं मेरे हिसाब से तोह दोनों बातें सही है.

इतना बोल अंशु राहुल के कमरे से बाहर निकल तानिया को अकेला चोरर नेहा के कमरे में उससे बहलाने के लिए चली जाती है.

तानिया (मैं में) : omg!!! ये बुआ के घर में चल क्या रहा है? मेरी तोह कुछ समझ में hi नहीं आ रहा है. चपडगंजु से बात करू क्या? हां!! उस से hi बात करनी पड़ेगी. आज रात को करती हु उस से बात. वर्ण में तोह पागल हो जाउंगी इस घर में... पर वो तोह अपनी उस ऋचा के साथ गुल छर्रे उड़ा रहा होगा हम्फ!!

इधर होटल में...

राहुल और ऋचा एक दूसरे की बाहो में लिपटे हुए बिस्तर पर बैठे थे. राहुल रो कर अपनी फीलिंग्स पहली बार किसी से शेयर कर रहा था.

राहुल (मैं में) : ऋचा कितनी अच्छी है. में ऋचा और बाकी सब को ऐसे अँधेरे में नहीं रख सकता. हां! में सबको सच बता दूंगा. आगे जो होगा देखा जाएगा. हां! यही सही है.

राहुल : रीचु!! तुम्हे पता है... मेने सोचा था की सब कुछ में अकेले संभाल लूंगा. मुझे किसी की कोई ज़रुरत नहीं है. घरवाले मुझपर इतना भरोसा करने लगे थे जैसे में कोई मासियह हु. वो मुझ से बोहत ज़्यादा एक्सपेक्ट करने लगे थे. उन्हें लगने लगा था की यदि राहुल है तोह सब ठीक हो जाएगा. उन्हें लगने लगा था की में किसी भी परेशानी को दूर कर सकता हु. और यदि गलती से में उस परेशानी को दूर करने में नाकामयाब होता था तोह परिवार वाले यही सोचते थे की मेरे से ऐसी गलती कैसे हो गयी? वो सभी मुझ से बोहत ज़्यादा एक्सपेक्ट करने लगे थे रीचु... सिर्फ मेरे माँ डैड नहीं, में अपने पूरे परिवार की बात कर रहा हु. फिर वो मुझपर नाराज़ होते थे, की में नाकामयाब कैसे हो गया...

पर में भी तोह एक इंसान हु न रीचु? होती है मुझसे भी गलती. मुझ पे लोग इतना देपेंद क्यों होने लगे थे? इसलिए की में बेहतर था? और जब मुझसे कोई गलती हो गयी तोह मेरे ऊपर दोष डालने लगे??? ये कहा का इन्साफ है रीचु?

राहुल के ऐसा कहने पर ऋचा को अब एहसास हुआ की वाक़ई वह खुद राहुल पे कितना डिपेंडेंट थी. और इसमें कोई शक नहीं की ऋचा की तरह उसके परिवार वाले भी कितना डिपेंडेंट रहने लगे थे राहुल पे. मतलब यदि कोई भी मुसीबत आए तोह राहुल hi उससे सुलझाए. और यदि न कर पाए तोह उसको hi दोष दिया जाए. शायद हम सभी राहुल से कुछ ज़्यादा hi एक्सपेक्ट करने लगे थे. यदि बेहतर होना आपको पसंद है, तोह फिर बेहतर होने के साथ साथ आपको लोगो के ताने सुन्न न भी सहना आना चाहिए. वाक़ई! ये कहा का इन्साफ था?

राहुल : रीचु... मुझे भी फिर खुद लगने लगा की में सब कुछ कर सकता हु. क्युकी में अपने hi लोगो के कारण इस दलदल में फस्स्त जा रहा था. मेरे अपने लोग मेरी खूबियों को देख मुझसे और ज़्यादा उमीदें रखने लगे थे. और धीरे धीरे मुझे उनकी आदत सी हो गयी. में अपने आप hi हर काम को अपने ऊपर ले लेता था. मुझे आदत सी पद गयी थी. शायद तुम्हारा ईगो ख़तम करने के लिए भी मेने वो काम यु hi एक्सेप्ट कर लिया था. फिर चाहे मुझे hi क्यों न बुरा बन्न न पड़े. पर में गलत था... गलत था जो सोचने लगा था की में अकेले hi सब कुछ कर सकता हु. गलत था में richu...galat था.

राहुल के बोलने के बाद hi उसके ासु चालक जाते है. आज ऋचा को आभास हुआ था की राहुल कितने बड़े दलदल में फसा हुआ था. उससे ऐसा बना दिया गया था जिसमे वह खुद को हानि पोहचाने लगा था. उसकी बात सुन्न ऋचा को एक तेज़्ज़ झटका सा लगा और उसका पूरा शरीर अंदर से सिहर गया. न जाने कब से राहुल ये सब सेहत आ रहा होगा.

ऋचा : ra...rahul...

राहुल : अभी मेरी बात ख़तम नहीं हुई है रीचु. अब जो में बताने जा रहा हु, हो सकता है वो सब जान ने के बाद तुम मुझसे बेइंतहा नफरत करने लगो और मुझे चोरर के भी चली जाओ. पर में अब तुम्हे और बाकी सब को अँधेरे में नहीं रख सकता रीचु. इसलिए सुनो अब...

ऋचा (घबराहट में) : ऐसी... ऐसी क्या बात है राहुल? मुझे डराओ मैट प्लीज ऐसे.

राहुल : सबसे पहली बात. I'm नॉट ा वर्जिन एनीमोर. में इसके पहले किसी और लड़की के साथ फिजिकली रिलेशन बना चूका हु. और वो कोई और नहीं मेरी मुँह बोली दीदी... तनीषा दीदी है. हां! सही सुना तुमने, वही तनीषा दीदी जिनके बारे में में तुम्हे पहले थोड़ा बोहत बता चूका हु. जैसे तुम मुझ से प्यार करती हो वैसे hi वह मुझसे प्यार करती hi, और में भी उनसे प्यार करता हु. उनके बिना मेरा जीवन अधूरा है.

राहुल इतना बोल चुप्प हो गया. पता नहीं कहा से उसमे इतनी हिम्मत आ गयी और सब कुछ एक hi बार में कह दिया. शायद उसने ठान लिया था की ऋचा अब जैसा भी रियेक्ट करेगी उससे सब मंज़ूर है.

थोड़ी देरर तक ऋचा स्तब्ध सी राहुल के चेहरे को hi देखती रही. उसकी बोलती hi बंद हो गयी थी. ये क्या कह डाला राहुल ने? तनीषा? नॉट वर्जिन एनीमोर? फिजिकल रिलेशनशिप? ... यही अलग अलग शब्द उसके दिमाग में गूंजने से लगे...

ऋचा (शॉकेड) : ra...rahul... तुम ये सब क्या कह रहे हो? तबियत तोह ठीक है न?

राहुल (गहरी सांस लेकर) : में बिलकुल ठीक हो ऋचा. बल्कि पूरे होशो हवास में हु. और जो कुछ भी तुमने सुना सब कुछ सही सुना. तनीषा दीदी और में एक दूसरे से बेहद प्यार करते है बिलकुल वैसे hi जैसे तुम और में एक दूसरे से.

फिरसे राहुल की वही बात सुन्न न जाने क्यों ऋचा को फिरसे झटका लगता है. राहुल ने सोचा यही सही मौका है और उसने तानिया दीदी के बारे में सब कुछ बता दिया की कैसे उनसे मिला, कैसे उन्हें पढ़ाया, उन्हें घर दिया और कैसे वो एक दूसरे के क्लोज हो गए.

ऋचा : ओह...

राहुल : और एक बात और है ऋचा. मेरी वंशु दी भी मुझसे बोहत ज़्यादा प्यार करती है. हलाकि हमारे बीच अभी कोई वैसा कुछ नहीं हुआ, पर पता नहीं कब तक में उन्हें रोक पाउँगा... क्युकी में भी उनसे प्यार करता हु

एक और बड़ा झटका लगा ऋचा को. तनीषा काम थी क्या जो राहुल ने अब वंशु को भी ऐड कर दिया? और हर लड़की राहुल की बहिन क्यों है? मज़ाक चल रहा है क्या?

ऋचा का चेहरा देख राहुल को अब अपने ऊपर बोहत ज़्यादा शर्म भी आ रही थी. की वो अपनी दो बहनो के साथ क्या क्या कर रहा है, और ऋचा को सब अब ोाता चल गया है. क्या वो मुझे एक्सेप्ट भी करेगी?

राहुल : मेने साड़ी सच्चाई तुम्हे बता दी है ऋचा. और यही सच है. मुझे नहीं पता तुम क्या डिसिशन लोगी. पर मुझे तुम्हारा हर्र एक डिसिशन मंज़ूर है. तुम यदि चाहती हो की में अभी के अभी दफा हो जाऊ तुम्हारी नज़रो से तोह में वही करूँगा. तुम चाहोगी की में अपनी शकल न दिखाऊ तोह वो भी मुझे मंज़ूर है. पर में यही चाहता हु की तुम खुश रहो. प्लीज! मुझे अब अपना फैसला सुनाओ ऋचा...

करीब ऐसे hi 15 मिनट गुज़र गए. पर ऋचा सिर्फ अपने खयालो में खोयी हुई नज़रे नीचे कर के कुछ सोच रही थी. राहुल भी उससे वक़्त देकर बस उससे hi देख रहा था. उसके फैसले का इंतज़ार कर रहा था. धड़कने तोह राहुल की बेहद तेज़्ज़ गति से चल रही थी, क्युकी उससे बिलकुल नहीं पता था ऋचा क्या डिसिशन लेगी. वो ऋचा को बिलकुल भी नहीं खोना चाहता था.

उससे पता था की वो ऋचा से बेहद प्यार करने लगा है, और ऐसे में यदि ऋचा ने उससे चोरर दिया तोह न जाने उसके दिल पर क्या बीतेगी. पर वो तनीषा और वंशु से भी तोह प्यार करता है. उन्हें भी धोका नहीं दे सकता. आखिर ऐसा कैसे हो सकता है? एक आदमी को कई लड़कियों से कैसे प्यार हो सकता है? राहुल को ये बात कभी समझ में नहीं आती थी. पर अब उससे ये यकीन हो गया था की पुराने ज़माने में राजा महाराजाओ की एक से ज़्यादा बीविया क्यों होती थी... शायद राजाओ को भी एक से ज़्यादा बीइओ से प्यार हो जाता था और उनकी बीइओ को भी एक hi राजा से...

सुन्न ने में ये बड़ा अटपटा ज़रूर लगे, पर ये मुमकिन था. और आज उसके खुद के साथ ये सब हो रहा था. तोह भला कैसे वो इस बात को झुठलाता?

जब थोड़ी देरर हो गयी और राहुल भी किसी गहरी सोच में चला गया तब ऋचा ने नज़रे ऊपर की और कुछ ऐसा कहा जिससे सुन्न राहुल का शरीर सिहर उठा

ऋचा : मुझे मंज़ूर है...

यही वाकया था जो ऋचा ने कहा. मंज़ूर है? क्या मंज़ूर है? यही की राहुल अपना रिलेशनशिप वंशु और तनीषा दीदी के साथ रख सकता है? या फिर राहुल ने जो कुछ भी किया उससे ऋचा ने माफ़ कर दिया और अब सिर्फ राहुल को अपने पास रखना चाहती है?

राहुल : ky..kya मंज़ूर है?

ऋचा (मुस्कुराते हुए) : मुझे तुम मंज़ूर हो.

राहुल : क्या?? और... और वो कैसे?

ऋचा : मेने बोहत सोचा इस बारे में. पर अंत में एक hi आवाज़ आयी अंदर से... की में तुम्हारे बिना नहीं जी सकती. और ना hi कभी सपने में भी किसी और के साथ अपनी ज़िन्दगी को इमेजिन कर सकती हु...

राहुल : क्या सच कह रही हो रीचु?

ऋचा : हां राहुल! मुझे नहीं पता कुछ. में बस इतना जानती हु की मेरी तरह तुम्हारे लिए कोई और भी प्यार में पद सकता है. और वो तुम्हारी दीदी hi क्यों न हो, पर उनका भी तुम्हारे ऊपर हक़ है. वो बात अलग है की समाज में ये प्यार को गलत माना जाता है पर प्यार तोह प्यार है. और सबसे बड़ी बात ये की तुमने मुझे सब कुछ सच बताया और मुझे अँधेरे में नहीं रखा. हां! तुम ये बात शुरू से बता देती तोह मुझे ज़्यादा ख़ुशी होती पर कोई बात नहीं. शायद तुम दर्रे हुए थे. और एक बात और... वो ये की मुझे इस बात की ख़ुशी है की वो तुंहारी बहने है. कोई बाहर की लड़की नहीं. वर्ण मुझे वाक़ई नाराज़गी और जलन भी होती.

इसलिए... ी वांट यू. ी लव यू... ी can't लाइव विथाउट यू.

राहुल थोड़ी देरर ऋचा का चेहरा hi देखता रहता है उसके बाद अपने आप hi उसकी आँखों से ासु आने लगते है.

"ओह्ह ऋचा!! " कहते हुए राहुल ऋचा को अपनी बाहो में समेत लेता है.





"अब देररि न करो राहुल! में हर पल तुम्हारे साथ रहना चाहती हु. तुम्हारे हर्र मोड़ पे तुम्हारे साथ कड़ी रहूंगी. बस अब मुझे भी अपनी बना लो मेरे राहुल" ऋचा ने राहुल की बाहो में लिपटे हुए कहा.

उसका मतलब साफ़ था की जैसे तनीषा को अपना बनाया वैसे hi मुझे भी अपना बना लो. मतलब वो मोटा लुंड उसकी छूट में भी पेल दो और उद्धघाटन कर दो नए जीवन शुरू होने का.

राहुल ने फौरन ऋचा के गरमा गरम नरम होंठो को अपने होंठो में भर लिया और उसका रसपान करने लगा. गीले गीले गरम होंठ उससे मदहोश करने पे तुले थे.





यही है प्यार! ऋचा ने इतना सब होने के बावजूद उससे एक्सेप्ट कर लिया. क्यों? क्युकी वो राहुल को खोना नहीं चाहती थी, राहुल से वो बेहद प्रेम करती थी.

होंठो को थोड़ी देरर चूसने के बाद जैसे hi दोनों की सांसें तेज़्ज़ हुई दोनों एक दूसरे से अलग हुए. ऋचा के गाल लाल थे और उसकी आँखों में मदहोशी थी, एक नशा था.

ऋचा (मैं में) : अब तुम मेरे हो जानू. मेरे!! इतना प्यार दूंगी न तुमको... सब कुछ भूल जाओगे. वो तोह अच्छा है वंशु और तनीषा दीदी तुम्हारी बहने है, यदि कोई बाहर की लड़की होती न... तो तुम्हारी हालत पतली कर देती में. हम्फ!! पर जो भी हो, अब तुम मेरे हो. अब से मेरी हर चीज़ पे तुम्हारा हक़ है... लव यू जान!!

ऋचा : जानू... दो आईटी विथ में!

और राहुल ने उससे बिस्तर पे लिटा दिया और उसके ऊपर चढ़ गया. हौले हौले गर्दन पे चुम्बनों से शुरुआत करते हुए उसने ऋचा के गुलाबी गरम होंठो पे फिरसे अपना हमला किया.

"उम्मम्मम्म mmmmmmmmmmm" की आवाज़ से कमरा गूंजने लगा.

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ऋचा के गाल सुर्ख लाल थे. आज वो अपने प्यार के साथ थी और दोनों इस प्रेम रस में दुब रहे थे.

राहुल भी कुछ शान पहले बेहद उदास था पर जब ऋचा ने उससे स्वीकार किया और ये कहा की वो उसके साथ हर मोड़ पर उसका साथ देगी, राहुल को मानो बोहत ज़्यादा हिम्मत मिल गयी. और उसका प्यार ऋचा के प्रति और भी बढ़ गया.

दोनों एक दूसरे के होंठो का रस पी रहे थे और थूक के मेल मिलाप से कमरे में *स्लुर्प स्लुर्प* की आवाज़ें निकल रही थी जो घनघोर सन्नाटे को चीयर के रख रही थी.

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ऋचा ने अपनी जीभ निकल के राहुल के मुँह के अंदर दाल दी, जिस से राहुल का जोश और भी बढ़ गया और उसके हाथ अपने आप hi ऋचा के वाइट टॉप पे आ गए उसके सख्त बड़े उरोजों को थाम मसलने लगे.

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*Ssssssssssssss आआआअह्हह्ह्ह्हह* की सिसकी लेते हुए ऋचा ने एक पल के लिए राहुल के होंठ चोर्रे और वापस से मस्ती में मगन होक उससे फिरसे चूमने चाटने लगी.

करीब 20-25 मिनट की इस चुम्मा छाती के बाद राहुल धीरे धीरे नीचे की और बढ़ा और ऋचा का टॉप ऊपर उठा के उसके कंधे तक सरका दिया. अब उसके सामने एकदम सफ़ेद सपाट नरम पेट था, जिसमे एक बेहद hi ख़ूबसूरत सा नैवेल उससे अपनी और खींच रहा था.

राहुल ने भी बिना टाइम गवाए उस नैवेल का आमंत्रण स्वीकार किया और अपनी गरम जीभ की नोक सीधे उस नाभि में दाल दी.

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"Uuuuuuuuuuffffffffffffffffffffff"

एक और सिसकी ऋचा की निकली जो बोहत hi कामुक थी. शायद ये वार बोहत hi तगड़ा था राहुल का.

धीरे धीरे राहुल ने ऋचा का टॉप हटाया और नीचे की जीन्स भी अलग कर दी. अब इस वक़्त ऋचा केवल वाइट ब्रा और पंतय में थी.

राहुल ने आगे बढ़ ब्रा भी हटा दी और उसके सामने आ गए 2 गोल सफ़ेद सख्त दूध जिनमे गुलाबी खड़े निप्पल्स उसकी सुंदरता में 4 चाँद लगा रहे थे.

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ये सन देख राहुल तोह मानो पागल सा हो गया और किसी भूके भेड़िये की तरह उनपे टूट पड़ा. दूध मुँह में भरते hi ऋचा की सिसकिया निकलना चालु हो गयी. और उसके हाथ बस राहुल का सर पकडे अपने दूध पे दबाव बनाने में hi लगे हुए थे.

"हां!! ऐसे hi... खा जाओ इन्हे राहुल. उफ्फ्फफ्फ्फ़! That's राइट!! चूसो इनको...

और दर्द दो मुझे... अह्ह्ह्हह.... और... जोरर से..... हम्मम्मम्मम्म sssssssssssssss

Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhh ी लव आईटी.."

ऋचा न जाने क्या क्या बड़बड़ाए जा रही थी.

राहुल ने दूध चूस चूस कर और उन्हें मसल मसल कर लाल कर दिया था. फिर उसने नीचे आते हुए ऋचा की पंतय भी अलग कर दी. और अब थी उसकी सामने ुनछुयी कोमल क्लीन शवेद गोरी छूट.

ये देख तोह राहुल को सँभालने में कुछ पल लग गए. फिर उसने अपनी जीभ का हमला बोल दिया और छूट को पागलो की तरह चूसना शुरू कर दिया. ऋचा बेचारी इस हमले से मचल सी उठी और अब बहकने लगी थी. सिसकियों की गूँज अब बढ़ चुकी थी.

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यहाँ राहुल ऋचा की छूट चाटने में लगा था तोह वही इस वक़्त राहुल के घर में कोई और भी था जो इस वक़्त अपनी छूट में उंगलिया डाले राहुल को याद कर मुट्ठ मारने में लगी थी.

कोण थी वह??

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आज के लिए इतना hi गाइस!!
 
बोहत बोहत धन्यवाद् बीआरओ इतना बड़ा और ऑनेस्ट रिव्यु देने के लिए.

कोई बात नहीं, आप अपनी कैट की प्रिपरेशन करे

रेविएवस बाद में भी दे सकते है!

मेरा आपको तहे दिल से धन्यवाद् एक बार फिरसे!! ( ꈍᴗꈍ)
 
अपडेट - 46

अब तक...

राहुल ने दूध चूस चूस कर और उन्हें मसल मसल कर लाल कर दिया था. फिर उसने नीचे आते हुए ऋचा की पंतय भी अलग कर दी. और अब थी उसकी सामने ुनछुयी कोमल क्लीन शवेद गोरी छूट.

ये देख तोह राहुल को सँभालने में कुछ पल लग गए. फिर उसने अपनी जीभ का हमला बोल दिया और छूट को पागलो की तरह चूसना शुरू कर दिया. ऋचा बेचारी इस हमले से मचल सी उठी और अब बहकने लगी थी. सिसकियों की गूँज अब बढ़ चुकी थी.

यहाँ राहुल ऋचा की छूट चाटने में लगा था तोह वही इस वक़्त राहुल के घर में कोई और भी था जो इस वक़्त अपनी छूट में उंगलिया डाले राहुल को याद कर मुट्ठ मारने में लगी थी.

कोण थी वह??

अब आगे...

राहुल ऋचा की छूट चूसने में मग्न था, और ऋचा ओर्गास्म के करीब थी.

सिसकिया लेते लेते ज़्यादा समय न गवा के वो फौरन hi जहर गयी. और हफ्ते हफ्ते उसके गोर दूध उसकी छाती पे ऊपर नीचे होने लगे. क्या अध्भुत दृश्य था.

उसका सपाट पेट पसीने की बूंदो से भीगा हुआ था, उसकी आँखें बंद, और सासें तेज़्ज़ थी. राहुल ने नीचे उसकी छूट से निकले पानी को चाट चाट के साफ़ कर दिया. और बाद में उसकी छूट भी अपनी जीभ से चाट चाट के साफ़ कर दी. उसने पहले भी तनीषा के साथ सेक्स किया था और उससे छूट चाटने में और उसका पानी चाटने में कोई दिक्कत नहीं हुई. अब उससे आदत सी पद गयी थी या यु कहे की उससे छूट का स्वाद बेहद अच्छा लगने लगा था.





ऋचा की आँखें खुलते hi उससे ऊपर सीलिंग में पंखा दिखाई दिया और फिर उससे अपनी छूट पे एक बड़ा hi कोमल सा एहसास हुआ. जब उसने अपनी कोहनी के बल थोड़ा उठ के देखा तोह पाया राहुल उसकी छूट पे धीरे धीरे बड़े hi प्यार से किश कर रहा था. जैसे मानो उसकी छूट किसी फूल की तरह हो. वैसे सही hi तोह था, उसकी छूट फूल की hi तरह तोह थी, जिसका खिलना अभी बाकी था.

राहुल को यु खुदकी छूट चूमते देख ऋचा को बोहत ज़्यादा शर्म आने लगती है. पहले कहा वो एक ऐसी लड़की थी जिसके साथ कोई बात करना तक पसंद नहीं करता था, फिर उसकी ज़िन्दगी में राहुल आया, जिसने उसका पूरा करैक्टर hi बदल के रख दिया. उसने एक नयी दुनिया दे दी जीने के लिए. और कैसे उससे राहुल से प्यार हो गया. कैसे राहुल ने उसका प्यार क़ुबूल किया, कल तक जिसके साथ बस थोड़ी बोहत किसिंग होती थी, आज वो उसकी छूट को चुम रहा था

इतनी प्रोग्रेस देख ऋचा खुद का झेल hi ना पायी. शर्म के मारे पूरे गाल लाल हो चुके थे. शायद एक दम से ऐसी प्रोग्रेस का उससे अंदाजा नहीं था.

पर आखिर सब कुछ तोह राहुल का था, वो खुद पूरी तरह राहुल की थी. अब राहुल जब चाहे उसके साथ ये सब करे, इसमें क्या प्रॉब्लम है? बस उससे शर्म आ रही थी, अपने प्यार को इतने करीब पाकर और उसकी योनि को चूमते हुए देख कर.

राहुल एक झलक ऊपर कर के देखता है तोह पाटा है की ऋचा का चेहरा एकदम लाल टमाटर सा हो गया है. एक अंतिम बार उसकी कोमल छूट को मुँह में भरकर उससे चूमता है और फिर मुँह अलग कर लेता है.

छूट को हाथ से सहलाते हुए राहुल ऋचा की और देख के कहता है,

"अब इससे भी तोह तैयार करना पड़ेगा न? है न रीचु??"

राहुल की बात सुन्न ऋचा और ज़्यादा शर्मा जाती है और अपना चेहरा अपने नाज़ुक हाथो से धक् लेती है.

"अरे अरे! मेरी प्रिये... तुम तोह शर्मा गयी... हहै" राहुल ने चढ़ते हुए कहा.

"धत्त्त! नटखट कही के..."

ऋचा ने धीमी सी आवाज़ में कहा.

अभी भी उसका चेहरा हाथो के पीछे छुपा हुआ था, न जाने क्या क्या भाव आ रहे थे इस वक़्त उसके चेहरे पे.

थोड़ी देरर की शान्ति के बाद राहुल ने कहा,

"चलो रीचु! अब घर चले, हमे बोहत टाइम हो गया है"

राहुल की बात सुन्न ऋचा थोड़ी घबरा गयी. वो इसलिए क्युकी आज तोह वो सोच के आयी थी की आज राहुल के साथ सम्भोग हो जाएगा. और वो एक औरत बन्न जाएगी. पर इतना सब कुछ करने के बाद राहुल ने उससे अब घर चलने कह दिया?

मतलब क्या था इसका? क्या राहुल उसके साथ सम्भोग करना नहीं चाहता? क्या राहुल उस से प्यार नहीं करता? क्या राहुल अब अपनी दीदियो का दीवाना हो गया है जो अब अपनी गफ से पीछा चढ़ा रहा है? क्या उसमे कोई कमी है? क्या वो सुन्दर नहीं?

अलग अलग सवाल एक पल में ऋचा के दिमाग में मंडराने लगे. वो असुरक्षित सा फील करने लगी. कही राहुल उससे छोड़ के तोह नहीं चला जाएगा? नहीं!! नहीं!! में ऐसा हरगिज़ नहीं होने दूंगी

"क्यों?? Ky..kya हुआ राहुल? तुम मुझे चोरर के क्यों जा रहे हो? कही मुझसे झूठ तोह नहीं बोल रहे न? क्या तुम मुझसे प्यार नहीं करते?"

ऋचा ने घबराहट में एक साथ धेरर सारे सवाल पूछ लिए.

उससे डर लग रहा था की कही राहुल उससे चोरर के तोह नहीं जा रहा?

राहुल उसकी बेचैनी देख समझ गया की क्या बात है. किस बात पे वो इतना इन्सेक्युरे फील करने लगी है. ऋचा इस वक़्त इन्सेक्युरे इसलिए नहीं फील कर रही थी की वो राहुल के साथ है, बल्कि इसलिए फील कर रही थी क्युकी उससे लगा अब वो राहुल के साथ नहीं रहेगी.

राहुल के साथ होने पर hi तोह वह सुरक्षित फील करती थी.

आगे बढ़कर राहुल ने ऋचा को अपने आलिंगन में लिया और कहा,

"अरे पगली!! तू कितनी बेवक़ूफ़ है.

तुझे लगता है की में तुझे चोरर के जाऊंगा? बिलकुल भी नहीं! तुझसे बोहत प्यार करता हु में, समझी? तूने मुझे नयी दुनिया दी है, मुझे एक्सेप्ट कर के. तुझे पता है मेने आगे बढ़ने से क्यों मन किया?"

राहुल की बात सुन्न ऋचा को बोहत अच्छा लगता है की राहुल उस से प्यार करता है और कही नहीं जाएगा उससे चोरर कर

पर फिर राहुल ने मन क्यों किया? उससे नहीं पता था. इसलिए वो अपनी गर्दन 'ना' में हिला देती है.

"अरे में आगे इसलिए नहीं बढ़ा क्युकी में चाहता हु की हमारी पहली रात बड़ी ही हसीं हो. इस शहर की एक होटल में छोटे से कमरे में नहीं. क्या अपना पहला टाइम तुम ऐसे बिताना चाहती हो? बिलकुल नहीं! वो स्पेशल होना चाहिए. इसलिए पहले में धेरर सारा पैसा कमाऊंगा, उसके बाद हमारी पहली रात के लिए स्पेशल ट्रिप रखूँगा. तभी तोह वो रात और भू यादगार बनेगी ... में नहीं चाहता की तुम्हे इस होटल में... में चाहता हु की हमारा मिलान स्पेशल हो डिअर"

राहुल ने ऋचा की चीन पकड़ते हुए कहा

राहुल की बातें ऋचा समझ चुकी थी उसकी बातें सुन्न ऋचा को बोहत अच्छा लगा. वो देख रही थी की राहुल इन् सभी बातो का कितना ध्यान रख रहा है. और उसकी रात स्पेशल बनाना चाहता है. पर अभी भी कही न कही उसके दिल के अंदर एक इन्सेक्युरित्य सी थी

"राहुल तुम प्लीज मेरे साथ अभी कर लो न. मेरे लिए तोह हर वो पल स्पेशल है जब में तुम्हारे साथ रहती हु. मुझे कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता की ये छोटे से रूम में हम वो सब करेंगे. तुम मुझे अपना बना लोगे तोह मुझे कोई टेंशन नहीं रहेगी. में बोहत सेफ फील करुँगी..."

ऋचा सोच रही थी की एक बार वो राहुल की हो गयी, फिर उससे उतना डर नहीं लगेगा. उससे डर था की कही कोई लड़की राहुल को उस से न चीन ले. या उसकी अहमियत राहुल के दिल में काम न हो जाए.

इसलिए वो जल्दबाज़ी करने को तैयार थी.

"रीचु! ी क्नोव तुम्हे ये डर सत्ता रहा है की में तुमसे दूर न चला जाऊ. पर प्लीज! ट्रस्ट में! ी लव यू! तुम्हारे अलावा में किसी भी बाहर की लड़की के साथ कभी भी कुछ भी नहीं करूँगा. ी प्रॉमिस! अब तोह मेरी बात मान लो.

करना तोह में भी चाहता हु तुम्हारे साथ, तुम नहीं जानती मेने कैसे खुद को कण्ट्रोल किया हुआ है. पर में तुम्हे इस से भी ज़्यादा ख़ुशी देना चाहता हु. थोड़ा वेट कर लो, में अपनी जी जान लगा दूंगा तुम्हारे लिए और बोहत जल्द सक्सेसफुल होक तुम्हे तुम्हारे घर से उठा ले जाऊंगा... ी... ी मैं... तुमसे शादी कर तुम्हे अपनी पत्नी बना के घर ले जाऊंगा. माफ़ करना फ्लो फ्लो में इधर उधर निकल जाता हु ...हहै"

राहुल की बात सुन्न ऋचा स्तब्ध सी राहुल को देखती रहती है. फिर उसकी तुरंत हस्सी छूट जाती है. और फिर हस्सी कण्ट्रोल कर वो राहुल को बड़े hi कामुक भरी नज़रो से देखती है,

"क्या कहा तुमने अभी? मुझसे शादी कर के अपनी पत्नी बना के घर ले जाओगे? क्या ये सच है?"

"हां!! बेशक!! क्यों??"

राहुल ने कहा.

राहुल का इतना बोलना hi था की ऋचा फौरन उसपे झपट पड़ी और उसके होंठो को बेरहमी से चूसने लगी.





और मुँह में उसकी hi छूट के पानी का स्वाद आने लगा जो राहुल के होंठो पर था. पर उसने बिलकुल विरोध नहीं किया. आज पहली बार वो अपने hi छूट का पानी चख रही थी और वो भी अपने प्यार के मुँह से.

"उम्मम्मम्मम्म mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm" की आवाज़ से एक बार फिर कमरा भर गया.

थोड़ी देरर बाद...

ऋचा : तुम्हे पता है तुमने अभी मुझे कितनी ख़ुशी दी ये कह के?

राहुल : क्या?

ऋचा : की तुम मुझसे शादी करोगे...

राहुल : हां तोह? ी लव यू, तुम मेरी हो और में तुमसे शादी कर तुम्हे अपनी बीवी बनूँगा...

ऋचा : wahaha...omg!!!!

कहते हुए ऋचा अपने चेहरे को हाथो से धक् लेती है और फिर एकदम से राहुल पे फिरसे झपट पड़ती है और उसके होंठ चूसने लगती है.

ऋचा : बुद्धू!! तुम्हे पता है तुमने ऐसा कहके मेरे दिल को हिला के रख दिया है. आज में इतनी खुश हु. Omg! ी लव यू जानू... प्रॉमिस में की तुम मुझसे शादी कर मुझे अपनी बीवी बनाओगे.

राहुल : ी प्रॉमिस! तुम सिर्फ मेरी हो!

ऋचा : omg!!! ी लव यू... ी लव यू... हां! में सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी हु जानू. अब मुझे मंज़ूर है. में तुम्हारे सक्सेसफुल होने का वेट करुँगी. में अब बोहत खुश हु...

ऋचा की ख़ुशी देख राहुल भी खुश हो जाता है. की तभी ऋचा उसकी तरफ बढ़ती है और उससे बिस्तर से खड़ा कर देती है.

ऋचा : अब मेरी बारी है

राहुल : हम्म??

ऋचा : तुमने मुझे सुख दिया, तोह अब मेरा भी तोह फ़र्ज़ बनता है न की में अपने प्यार को सुख दू.

राहुल : क्या?

राहुल इस से पहले और कुछ पूछता ऋचा नीचे झुक के उसकी जीन्स नीचे सरका देती है और एक hi झटके में अंडरवियर भी उतार देती है. अंडरवियर उतारते hi उसके होंठो पर एक टिप्पी पड़ती है.





लुंड बाहर निकलते hi उसके होंठो से जा लगा था. लुंड देख ऋचा स्तब्ध सी बस उससे hi घूरने लगती है. आज पहली बार उसने एक असली लुंड जो देखा था. पोर्न में तोह देखा था पर असल में पहली बार था.

ऋचा : omg!!! It's सोऊ बिग जानू...

राहुल (ेम्बरसेद) : उम्म्म येह!!

सबसे पहले ऋचा लुंड को कोमल हाथो से पकड़ उसका जायज़ा लेती है. जैसे मानो वो बोहत hi कीमती चीज़ को अभी अपने हाथो में ले रही हो फिर धीरे से उसके गुलाबी टोपे को एक प्यार भरी चुम्मी देती है. जिस से राहुल का शरीर झुँ झुना जाता है.





ऋचा अपनी गरम जीभ निकल राहुल के टोपे पर चलाती है तोह राहुल के शरीर में सिहरन सी दौड़ जाती है.





आज पहली बार ऋचा अपने मुँह में लुंड ले रही थी. लुंड को फाइनली अपने मुँह में भर कर वो आगे पीछे करने लगती है. उस से जितना बन्न रहा था वो कर रही थी. पूरी कोशिश कर रही थी की वो राहुल को ज़्यादा से ज़्यादा मज़ा दे सके. वो राहुल को खुश देखना चाहती थी.





एक बार फिर कमरा *स्लुर्प स्लुर्प की आवाज़ों से भर गया.

राहुल को असीम आनंद की प्राप्ति हो रही थी. और कुछ hi पालो में उसका वीर्य निकल गया जो ऋचा के मुँह में आ गया. ऋचा ने सारा वीर्य अपने मुँह में रखा और एक बार राहुल को दिखाया की उसका सारा वीर्य अभी उसके मुँह में है.





और फिर अगले hi पल ऋचा ने पूरा का पूरा वीर्य गुटक लिया. उससे थोड़ा अटपटा ज़रूर लगा स्वाद पर आखिर राहुल ने भी तोह उसका पानी पिया था. तोह उसका भी फ़र्ज़ बनता है राहुल का वीर्य वो भी पिए. उससे पता था उससे इसकी आदत पद hi जाएगी.

वही दूसरी और राहुल के घर में एक औरत अपने कमरे में राहुल का नाम बार बार पुकार कर अपनी छूट सहलाए जा रही थी. जी हां! ये निशा hi थी.





"बेचू!! हाय!! मेरा बेचू!! कब आएगा रे तू? मुझे पता है तू बोहत उदास है आज के हादसे की वजह से, तेरे दिल पर बोहत ठेस पहुची होगी. पर तू किधर चला गया है जबसे? अरे तेरी ये माँ है न बेचू... तुझे खूब प्यार करेगी... Aahhhhhhhhhhh

आजा न मेरे पास बेचू... देख कैसे दूध मेरे सूख गए है... इन्हे मुँह में लेके फिरसे भीगा दे... थूक लगा दे अपनी... ये तेरे मुँह में hi अच्छे लगते है... हाय.... आह्ह्ह्हह.... उम्मम्मम्म

मेरा बेचू... फ़ोन पे कहा था तूने की आते आते देरर हो जाएगी... अरे 8 बजने वाला है ... आह्हः... तेरे डैड के आने का टाइम हो गया है, और तू पता नहीं कहा है.... उम्म्म्म... उफ्फफ्फ्फ्फफ्फ्फ़

किसी निगोड़ी छूट है, बिलकुल शांत hi नहीं रहती है साली कुट्टी... स्स्स्सस्स्स्स

आजा बेचू जल्दी... देख तेरी माँ का कितना बुरा हाल हो गया है...."

बाद बढ़ाते हुए निशा अपनी छूट को मसले जा रही थी.

"आज बेतु को अपना दूदू पिलाऊंगी. और उसका सारा दर्द भुला दूंगी. आज बेतु का चूस भी लुंगी... पता नहीं बेचारा अपने हाथ से कितनी बार करता होगा. अब तोह शादी के लिए मुझे लड़की भी देख लेना चाहिए पहले से... पर यदि शादी हो गयी तोह बेतु फिर मेरे साथ..

नई नई... अभी नहीं. में बेतु की साड़ी मुरादे पूरी करुँगी. उससे किसी भी चीज़ की कमी नहीं होने dungi...haa"

निशा झरने के बाद अपने आप से कहती है.

इधर राहुल और ऋचा अपना फोरप्ले ख़तम कर एक दूसरे से थोड़ी देरर बात कर होटल से बाहर आ जाते है और राहुल ऋचा को ड्राप कर देता है घर पर और फिर राहुल अपने घर की और चल देता है.

घर पहुँच के वो दुर्बल बजाता है तोह तानिया दरवाज़ा खोलती है.

दरवाज़ा खुलते hi राहुल तानिया के बगल से अंदर जाने लगता है की तभी पीछे से तानिया उससे आवाज़ देती है

"ोईई!!!"

राहुल : हम्म! क्या???

तानिया (गंभीर भाव से) : ये लड़कियों के परफ्यूम की खुशबू क्यों आ रही है तुझसे??

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

थैंक्स!!
 
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