इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 4 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट-28

अब तक..

ब्रा न पहने होने के कारण नरम मुलायम दूध का एहसास राहुल को भी पागल कर देता है और वो बस अपना सर दूध की दरार में घुसाया रहता है और गरम गरम साँसे छोड़ता रहता है.

निशा भी उसकी सासो से पागल होक उसके माथे को चुम्बनों से भर देती है और पुचकारते हुए उससे प्यार करने लगती है.

शायद ये रात लम्बी होने वाली थी, ममता के अलावा शायद कोई और भी चीज़ थी जो निशा पर हावी हो रही थी...

क्या थी वो!?

अब आगे...

राहुल तोह बेचारा आज जो भी हुआ उसके कारण काफी साद और फ़्रस्ट्रेटेड था. शायद इसलिए वो अपनी माँ को प्यार जाता रहा था. पर निशा तोह पहले hi राहुल को नज़दीक पाकर मदहोश हो जाय करती थी.

और आज जब राहुल hi पहला हमला कर दिया तोह काउंटर अटैक भी तोह करना पड़ेगा न!? माँ की ममता पे कामेक्छा अब भारी होने लगी थी.

निशा ने अब सोचना समझना बंद कर दिया था और केवल फ्लो के हिसाब से चल रही थी.

हाथ को पीछे ले जाते हुए उसने राहुल के सर के बालो को थामा और दबाव बनाते हुए अपने छूछीयो पर राहुल का मुँह घुसाने लगी.

तभी राहुल ने एक किश और जड़ दी क्लीवेज पे. रात में ये दोनों माँ बेटे के बीच केसा खेल चल रहा था ये बताना मुश्किल था.

राहुल के किश करते hi निशा की आँखें बंद हो गयी और एक सिसकी निकल गयी. जो शायद राहुल ने गौर नहीं करि क्युकी वो तोह बस प्यार करने में लगा था.

राहुल का पप्पू भी खड़ा हो चूका था, पर उसका ध्यान पप्पू पे बिलकुल भी नहीं था. सिर्फ अपनी माँ के नरम छूछीयो में वह मुँह घुसाया हुआ था.

राहुल ने बिना कुछ सोचे समझे एक हमला और किया...

उसने अपनी गरम जीभ निकाल के सीधा निशा के क्लीवेज की दरार में घुसा दी.

"Ssssssssssssssssssss"

बेचारी निशा सिसकी लिए बिना रह नहीं पायी.

आखिर कितनो सालो के बाद किसी ने उसके उरोजों पे ऐसे दुबारा जुबां फिराई थी.

राजेश अब कोई भी फोरप्ले नहीं करते थे, बस 5 मिनट की चुदाई और काम ख़तम. पर निशा हमेशा तड़पती थी इस प्यास के लिए.

आखिर उसका भी तोह मैं करता था की कोई उसके दूध के साथ खेले, उन्हें छाते, चूसे, दबाये...

पर कई सालो से उसके स्तन पे मानो कर्फ्यू लगा हुआ था.

आज इतने साले बाद किसी ने उसके क्लीवेज को चूमा और छाता था.

और वो भी उसके बेटे ने जिसके नाम की निशा ने मुठ मारी थी.

उत्तेजित होते हुए निशा ने राहुल को और कस के अपने दूध पे दबा लिया. और उसका चेहरा पे हाथ फेरते हुए पुचकारने लगी...

"ाआरररीीे मेरा बेटू...

मेरा बच्छाए....

आजा अपनी मम्मी के पास...

आजा...

नई हुआ सिलेक्शन तोह क्या होता है?

अगली कंपनी में हो जाएगा...

हम्म्म!??"

राहुल भी हम्म कहते हुए क्लीवेज पे अपनी जीभ फिराता रहता है.

शायद अब उसपे खुमारी छाने लगी थी. और अब वो किसके साथ है और क्या कर रहा है ये भी भूलने लगा था.

वंशु के साथ तोह वो रोज़ ये सब करता hi था, वही सोच के आज भी राहुल उत्तेजित होते हुए निशा की गर्दन पे पहुँच गया और जुबां से चाटने लगा.

बस!!! ये निशा का वीक पॉइंट था.

जो अनजाने में राहुल ने खोज लिया.

निशा की मुँह से एक तेज़्ज़ आठ निकली और उसने फौरन राहुल की गर्दन पे चाटना शुरू कर दिया...

दोनों माँ बेटे एक दूसरे की गर्दन का स्वाद ले रहे थे.

हलकी हलकी आह की आवाज़े कमरे में हो रही थी.

की तभी राहुल एक स्टेप और आगे बढ़ गया और अपनी माँ के नरम दूध को जकड लिया.

"आअह्ह्ह" निशा ने फौरन राहुल के हाथ पे हाथ रख दबा दिया.

आज इतने सालो के बाद किसी ने उसके दूध पे अपने हाथ लगाया था.

शायद अब वो इलाका वीरान नहीं रहेगा.

"सष्ठ आअह्हह्ह्ह्हह

ाएलईए मेरा बाछूउ..

मम्मी का दुद्दू पसंद है बेतु!?

पीयेगा मम्मी का दुद्दू!?"

शायद निशा पूरी तरह अब मदहोश हो चुकी थी. नीचे से उसकी मुनिया तोह पहले hi पानी छोड़ चुकी थी.

राहुल का भी बुरा हाल था.

पेण्ट में टेंट जो बन गया था.

निशा उत्तेजना में अपने कंधो से निघ्त्य हटा देती है. ब्रा तोह वो पहनती नहीं थी.

उसने अपने दूध को आज़ाद किया और झटके से राहुल का चेहरा पकड़ जे अपने बाए दूध के भूरे निप्पल को राहुल के मुँह में ठूस दिया.




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"आह्ह्ह्हह्ह्ह्हह.............

Sssssssssssssssssssssssssssss.......

ले बेतुउउउउ.....

पी ले दुद्दू.....

अपनी मम्मी का दुद्दू..........

इनमे दूध नहीं है पर इनको चूस दाल बेतु....

जोरर जोरर से चूस मेरा बाछहा...

Aahhhh......ufffffff.....ssssssssssssss

आआआआह्ह्ह्हह्ह haaaaaaaaaaaaaassssss

ऐसे hi बेतु ....."

निशा राहुल को अपने दूध चुसवाते हुए उससे बिस्तर पे लिटा देती है और खुद भी उसकी तरफ करवट लेके लेत जाती है.


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दूध चूस चूस के राहुल ने निप्पल बड़े कर दिए थे. और दबा दबा के उसके दूध भी लाल हो गए थे. ऐसे hi चुसाई करते हुए दोनों कब नींद में चले जाते है दोनों को hi नहीं पता चलता.

सुबह निशा की आँख पहले खुलती है और जो वो देखती है उस से झेप सी जाती है.

वो बीएड पे अधनंगी और उसका एक छूछा राहुल के मुँह में था. हालत देख के उससे कल की बात याद आती है और फिर वही ग्लानि के भाव उत्त्पन्न होने लगते है.

"ये क्या कर दिया निशा तूने!? किसी माँ है तू!? अपने बेटे का फायदा उठा रही है?"

पर तभी उसकी नज़र राहुल के सोते हुए चेहरे पे चली जाती है जो बड़ा hi प्यारा लग रहा था सोते हुए और चुच्ची को मुँह में hi लिया हुआ था.

"क्या गलत किया मेने? मेरा बीटा है.

पहले भी तोह पीटा था न मेरा दूध?

तोह अब पी लिया तोह क्या गलती हो गयी?

वो जब चाहे पिए. इतना सब कुछ करता है हमारे लिए तोह क्या में इतना नहीं कर सकती? हां! उससे भी तोह पसंद आया न? तभी तोह देखो... कैसे मुँह में लिया है अभी तक. और मुझे भी अच्छा लगा. तोह बुराई क्या है इसमें? हां! राहुल का इनपे हक़ है. उससे अच्छा लगता है तोह मुझे किसी आपत्ति?"

निशा ऐसा सोचते हुए विरोधी मैं को शांत कर देती है पूरी तरह.

और राहुल को यु देख उससे उसपे बड़ा स्नेह आता है और झुक के उसके गालो को चुम्बनों से भर देती है. और दूध को भी उसके मुँह में hi रहने देती है.

"देखो तोह... छोड़ने का नाम hi नहीं ले रहा. एक इसके पिता है जो इन् दूध को हाथ तक नहीं लगाते और एक ये है की जबसे कल से मुँह में लिया है तोह अब तक नहीं छोड़ा... चूस ले बीटा चूस ले, पर अब दूध नहीं निकलेगा इनमे से.

ऐसे hi चूस..."

निशा मैं hi मैं खुद से बाते किये जा रही थी.

कल की राहुल की हरकत ने जो भी उसके मैं में राहुल के प्रति असमंजस वाले भाव थे वो हटा दिए थे. अब वो खुलके राहुल को अपनी और आकर्षित करना चाह रही थी. रीज़न ये भी था क्युकी राहुल ने मन नहीं किया. ये निशा ने उसका एक इशारा समझा और तभी वो आगे बढ़ी.

राहुल बेचारा सपने में कुछ भयंकर hi देख रहा था. एक कुत्ता उसके पीछे भाग रहा है और गांड में काट देता है. जिसके कारण राहुल मुँह में निशा की निप्पल को काट देता है.

"आआआआहहहहहहहससससससमममममममपफहह"

निशा की चींख तेज़्ज़ होते होते बच गयी जो उसने अपने होंठो से दबा ली.

"बदमाशह!! अब मुँह में आ गया तोह ऐसे काटेगा? " सोचते हुए निशा अपने दूध को राहुल के मुँह से आज़ाद करती है.

अब इसमें बेचारे राहुल की क्या गलती?

गलती तोह उसके सपने में आये कुत्ते की थी जिस से निशा अनजान थी.

निशा उठने को होती है की तभी उसकी नज़र राहुल की पेण्ट पे जाती है जहा सुबह का रोज़ की तरह तम्बू बना हुआ था.

"हे भगवान्!! ये क्या है? बिगड़ता जा रहा है मेरा बेतु!! पता नहीं क्या देख रहा होगा सपने में?"

निशा का दिल : देख क्या रही है निशा, हाथ में लेके देख...

दिमाग : पागल है क्या?

दिल : लेके देख तोह निशा, ज़रा लम्बाई तोह नाप, तुझे भी तोह पता चले की तेरे बेतु का औज़ार कितना बड़ा है?

दिमाग : इसकी मैट सुन्न निशा

दिल की सुन्न निशा अपना हाथ आगे बढ़ा के पेण्ट के अंदर करने लगती है...

दिमाग : निशा ये क्या कर रही है तू?

दिल : सही कर रही है. निशा पेण्ट उतार और हाथो में लेके देख...

निशा राहुल का लुंड जैसे hi पकड़ती hi उसको एक झटका सा लगता है.

इतना गरम था राहुल का लुंड, और इतना बड़ा...

निशा (मैं में) : बाप रे... ये क्या है? इतना बड़ा और मोटा? कितना साफ़ है, एक भी बाल नहीं है, इतना चिकना लुंड तोह मेने आजतक नहीं देखा. राहुल के पापा का तोह हमेशा बालो से भरा रहता है...

हाय भगवान्!! ये मेरी छूट में जाएगा तोह फट के चार हो जाएगी मेरी छूट तोह...

छी छी... ये में क्या सोचने लगी

दिल : देख क्या रही है निशा, मुँह में लेले...

दिमाग : निशा तू पागल हो गयी है क्या? सोचना भी मत...

दिल : तू एक बार चाट के तोह देख निशा, मज़ा न आए तोह कहना...

दिल की एक और बार सुन्न निशा लुंड की तरफ झुकती है...

दिमाग : नहीं निशा नहीं...

और जीभ निकाल के हल्का सा सुपाड़ी को चाट लेती है.

पर उससे स्वाद कुछ समझ नहीं आता इसलिए फिरसे झुक के एक बार लुंड को सूंघती है. और लुंड की महक मानो उससे पागल सा बना देती है.

इस बार निशा लुंड को जड़ से चाट ते हुए सुपाड़ी तक जुबां लाती है और फिरसे स्वाद के बारे में सोचने लगती है. इस बार उससे कुछ अच्छा लगा.

दिल : अब एक बार पूरा मुँह में लेले...

निशा फौरन लुंड को एक बार में पूरा ले लेती है पर थोड़ा लुंड बच गया.




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और चूसते हुए वापस सुपाड़ी पे आती है.

"Aaaahhhhhssssssmmmmmmmmmmmmm"

लुंड के नशे ने उससे पागल बना दिया था. मदहोशी में निशा लुंड को चूसने लगती है और हिला हिला के उसके सुपाड़ी को भी चाटने लगती है.

"हाय दिया!! ये क्या है? ऐसा लुंड तोह मेने आज तक नहीं चूसा...

आठ.... क्या खुशबू है इसकी...

Ummmmmmmmhhhhhhhh....hhaaaaaa

मैं करता है बस चूसती राहु...

Betuuu....aahhhhhh.... "

तभी राहुल का लुंड झटका मारता है और उसका प्रेकम निकल जाता है...

"ये क्या है? मुठ है क्या? शायद उत्तेजना में इसका जल्दी निकल गया. "

दिमाग : अब जाना नहीं है क्या? 7 बजने वाला है, राजेश उठने वाला है...

दिमाग की बात सुन्न निशा फौरन अपनी निघ्त्य सही करने लगती है...

दिल : अरे अरे... उसका मुठ गिर गया है. निशा साफ़ तोह कर दे, ज़रा पी के तोह देख...

दिमाग : हे भगवान् प्लीज निशा ऐसा नई कारण..

निशा इतने में लुंड को फिरसे मुँह में ले लेती है और चाट चाट के उससे साफ़ कर देती है

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और वापस उसका पेण्ट सही कर बाहर निकल जाती है.

लुंड के स्वाद से आजतक कोई लड़की बची है क्या? आज निशा ने राहुल के लुंड का स्वाद चख लिया था. अब वह कहा पीछे हटने वाली थी?

बेचारा राहुल, पहले ऋचा से जब पहली किश मिली थी तब भी सोया हुआ था. और अब जब पहला ब्लोजॉब मिला तब भी सोया हुआ था. कही पहला सेक्स भी सोते में hi न हो जाए इसका....

"हां अब मेने सोच लिया है, मुझे क्या करना है, ये आईडिया मुझे पहले क्यों नहीं आया? बेतु के लिए इतना तोह कर hi सकती हु ... वंशिका और अंशिका चली जाए फिर आईडिया को अपनाउंगी..."

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आज कजे लिए इतना hi फ्रेंड्स!

आज एक इरोटिक अपडेट आप लोगो के लिए!

एन्जॉय!!

 
अपडेट-29

मेगा अपडेट

अब तक...

"हां अब मेने सोच लिया है, मुझे क्या करना है, ये आईडिया मुझे पहले क्यों नहीं आया? बेतु के लिए इतना तोह कर hi सकती हु ... वंशिका और अंशिका चली जाए फिर आईडिया को अपनाउंगी..."

अब आगे...

निशा राहुल को प्यारी सी उसकी पहली ब्लोजॉब देके उसके रूम से बाहर निकलती है और राजेश के रूम में चली जाती है.

राजेश अपने रूम में उठ चूका था और वाशरूम से hi निकल रहा था, निशा को देख उस से पूछ बैठा...

"बड़ी लेट उठी आज"

"जी वो.. राहुल को रात को देरर तक समझाया की एक जॉब न लगने से उदास नहीं होते, तोह वही समझाते समझाते देरर हो गयी और लेट सोये..."

"ओह्ह!!"

इधर रूम में निशा के जाने के फौरन बाद राहुल हड़बड़ाते हुए उठता है और अपना सर हाथो में लेके बैठ जाता है...

"Omg!! Wtf!? ये क्या हुआ अभी अभी?? सहित!! Mom...mom ने मुझे... ब्लोजॉब दिया?? क्यों??? Ye...ye कैसे... "

राहुल को ये परिस्थिति समझना उसकी समझ से बाहर हो रहा था.

उससे बड़ा hi अटपटा लग रहा था, खुद से घिन भी आ रही थी.

मज़ा तोह उससे भी आया रहा इस ब्लोजॉब में पर निशा उसकी सगी माँ थी, और ये उसका पहला ब्लोजॉब था. लुंड तोह किसी को नहीं देखता जनाब, उसको तोह सिर्फ छूट से मतलब रहता है, अब जब गीले मुँह ने लुंड अंदर लिया, तोह उससे मज़ा तोह आना hi था न?

दरअसल राहुल की नींद तब hi खुल गयी थी जब निशा के झटके थोड़े तेज़्ज़ हो गए थे. राहुल होश में आ चूका था.

पर जब उससे एहसास हुआ की क्या चल रहा है, उसके मानो होश hi उड़द चुके थे. वो चाहता था की निशा को वही रोक दे पर तभी उससे ख़याल आया की ऐसे करने से बात बिगड़ जाएगी.

आखिर वो अपनी माँ से कैसे बात करेगा? सिचुएशन बड़ी hi ावक्वार्ड हो जाती यदि राहुल उठ जाता. उसकी माँ उस से क्या कहती? वो तोह पूरी तरह शर्मिंदा हो जाती न? और फिर दोनों के रिलेशन में बदलाव आने लगता...

न एक बीटा अपनी माँ को माँ की तरह देख पाटा न hi एक माँ अपने को बेटे को बेटे की तरह...

पर वजह क्या थी? राहुल को उसकी माँ ने जो ब्लोजॉब दी वो क्यों दी??

राहुल का दिमाग : देख भाई राहुल! अभी अभी जो हुआ, उस से तोह में भी हैरान हु, में सिर्फ इतना कहूंगा की ये सब जो भी हुआ वो बहुत गलत है, मेरी सलाह ये है की अपनी माँ से दूर रहो और बिलकुल नार्मल प्रिटेंड करो, उन्हें बिलकुल भी शक मत होने देना की तुम जाग चुके थे. रोज़ की तरह नार्मल बेहवे करना पर उनसे थोड़ा दूर रहना.

रात को तोह गलती से भी साथ में मत सो जाना...

दिल : कहना क्या चाहते हो? की राहुल अपनी hi माँ से दूर रहे? राहुल तुम जाके अपनी माँ से बात करो... I'm सूरे की उनके ऐसा करने जे पीछे कोई न कोई रीज़न होगा...

दिमाग : वाह लोडे!! एक माँ अपने hi बेटे को क्यों ब्लोजॉब देगी? ऐसा क्या रीज़न है?

दिल : बहुत से रेअसोंस हो सकते है पर मेरे हिसाब से माँ ने ऐसा इसलिए किया या तोह डैड उन्हें संतुष्ट नहीं रख पा रहे या फिर माँ राहुल से अत्त्रक्ट हो चुकी है बोहत ज़्यादा या फिर ये दोनों hi केस हो सकते है...

राहुल खुद से : में पागल हो जाऊंगा सच में...

अभी राहुल अपने दिल और दिमाग के बीच हो रही बहस में लगा हुआ था की उसके फ़ोन की घंटी बजने लगी...

राहुल फ़ोन देखता है तोह पाटा है कॉल ऋचा का था और पिक कर लेता है...

"Hello?"

"Hello राहुल!?"

"हां ऋचा, बोलो... इतनी सुबह सुबह कैसे याद किया?"

ऋचा (मैं में) : तुम्हे तोह हर पल याद करती हु में राहुल.

"तुम सो रे थे क्या राहुल!?"

"नहीं नहीं, बस अभी उठा, कहो..."

"वो एक्चुअली कल तुम बिना कुछ कहे इंटरव्यू से निकल गए और कुछ बताया भी नहीं, तुम्हारा फ़ोन भी स्वित्चेद ऑफ बता रहा था, क्या बात है राहुल?"

"मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ..."

"पर कैसे? ी मैं तुम्हारा तोह हो hi जाना चाहिए था"

"लम्बी बात है ऋचा, फ़ोन पे नहीं, जब मिलोगी तब बताऊंगा... बी थे वे तुम दोनों का क्या हुआ?"

"मेरा और सृष्टि का सिलेक्शन हो गया है राहुल. अभी पोस्टिंग नहीं बताई, पर जॉब मिल गयी है"

"ओह्ह! वेल दोने गर्ल्स! कोंग्रटुलतिओन्स! मेरा नाम ुचा kiya...haha..."

"राहुल!! बात को घुमाओ नहीं...

ी क्नोव तुम साद हो, तेनसेद हो बहुत, मेरे पास आओ, मैं हल्का हो जाएगा, और don't वोर्री तुम्हारी जॉब इस से भी अच्छी कंपनी में लगेगी."

"I'm नॉट वरीड ऋचा बस थोड़ा....

अच्छा ठीक है हम जब मिलेंगे तब बात करेंगे"

"तोह कब मिल रहे है हम?"

"परसो मिलते है"

"Ok फाइन! याद से हां राहुल?"

"हां! Bye, सी यू"

और कॉल एन्ड हो जाता है.

बुरा तोह राहुल को लग hi रहा था.

आखिर ऋचा और सृष्टि का सिलेक्शन हो गया और राहुल जो उनसे भी कई गुना होनहार था, उसके सिलेक्शन नहीं हुआ.

ये स्टेज सबसे पीड़ादायक होती है.

इसमें आपकी फीलिंग्स हर्ट होती है.

वही लड़किया जो राहुल के साथ क्लास में रोज़ घूमती, साथ पढ़ती, खेलती, मौज मस्ती करती आज उनकी नौकरी लग चुकी थी. और राहुल जो उनसे भी होशियार था वो खाली हाथ बस बैठा हुआ था.

तोह आखिर बुरा क्यों नहीं लगेगा? उससे इस बात का बुरा नहीं लगा था की ऋचा और सृष्टि की नौकरी लग गयी, दुःख तोह इस बात का था की उसकी नौकरी क्यों नहीं लगी? क्या वो डेसेर्विंग नहीं था?

अब आप hi बताइये ज़रा, यदि आप किसी काम में माहिर हो और आप उस काम में सफल न हो पर कोई दूसरा जो उस काम में आपसे काम माहिर है वो सफल हो जाए तोह आपका दुःख तोह होएगा hi न?

बस यही हाल राहुल का था. बेचारा फ्रेश होक रूम से बाहर निकल के सीढ़ियों पे hi खड़ा था और मैं में उथल पुथल सी मची हुई थी.

"सामने से हटो लोसर" एक तेज़्ज़ आवाज़ पीछे से आयी तोह राहुल ने पलट के देखा तोह और कोई नहीं उस से सबसे ज़्यादा नफरत करने वाली उसकी बहिन नेहा थी.

राहुल कुछ नहीं कहता है अपनी नज़रे झुका के साइड हो जाता है...

"आआह्ह्ह्हह्ह" एक आवाज़ राहुल के मुँह से निकलती है तुरंत...

दरअसल नेहा ने बगल से निकलते वक़्त राहुल के परर को कछार दिया था.

"ऊप्स, लगता है कुत्ते की पूछ पे परर रख दिया mene...my बाद!"

खिल खिलाती हुई नेहा राहुल को कम्प्लीटली इग्नोर करके नीचे चल देती है.

बेचारा राहुल! करने को तोह बहुत कुछ कर सकता था वह पर हमेशा शांत रहता था. क्यों? वही जानता था...

इधर राहुल अपने रोज़ की दिनचर्या में लग जाता है.

तब तक आइये हम चलते है लकी के घर की तरफ...

लकी का घर...

दो शख्स लक्ज़री सोफे पे बैठे हुए थे और सामने टेबल पे महंगी महंगी बियर की बॉटल्स थी, दोनों hi मस्त गिलास में भर भर के बियर का लुत्फ़ उठा रहे थे.

"भाई लकी! मान न पड़ेगा य्र्र ये दुवेल क्या मस्त बियर है... "

ये और कोई नहीं रोहित hi था जो लकी के साथ मिलके राहुल का गेम बजाने की प्लानिंग कर रहा था.

लकी : ः!! अरे बहनचोद अभी तूने असली बियर पी hi कहा है? ये इंडिया की महंगी बियर होगी पर अभी तुझे विदेश से आयी बियर पिलाऊंगा कभी. उसका दाम इतना महंगा रहता है बहनचोद की में भी कभी कभी hi पी पाटा हु...

रोहित : हां भाई बिलकुल, तोह कब पीला रहे हो...

लकी : पहले राहुल का कुछ हो जाने दो, उसके बाद hi जश्न होएगा...

रोहित : ः बिलकुल बिलकुल! यार...

इतनी पी ली है अब नशा सा चढ़ रहा है, छूट मिल जाती तोह क्या बात थी ..

लकी : बस इतनी सी बात? ृक्क...

लकी इतने में फ़ोन पे कॉल लगाता है और अपने एक चमचे को कॉल पे कहता है..

"सुन्न! दो माल भेज मेरे अड्डे पे, दोनों माल होनी चाहिए , पैसे में भिह्वा दूंगा"

दोनों को हल्का नशा चढ़ चूका था और बस अब सेक्स करने के लिए छूट चाहिए थी जिसकी कमी लकी ने दो माल मंगवा के पूरी कर दी.

थोड़ी देरर में दो माल लड़किया आयी और फिर चारो को सेक्स गेम शुरू हो गया.

ये घमासान सेक्स तब तक चला जब तक की दोनों झाड़ नहीं गए...

दोनों लड़किया उनके ऊपर नंगी hi डाली हुई थी...

रोहित : एरर... बस ऋचा की छूट और मिल जाये तोह मेरी एक मुराद पूरी हो जाएगी, कसम से रगड़ के छोडूंगा साली को, पिछली बार वो गांडू राहुल के चक्कर में हाथ से निकल गयी थी...

लकी : मिल जाएगी... मिल जाएगी...

लकी अपने ऊपर लेती लड़की की छूट में ऊँगली पेल देता है, जिसके कारण लड़की की सिसकी निकल जाती है.

"चल बे रंडी, लुंड चूस मेरा "

लकी लड़की का मुँह पकड़ के उसके अंदर अपना लुंड ठूस देता है.

लड़की भी आज्ञा मानते हुए बखूबी लुंड चुसाई करने लगती है.

इनको तोह पैसे से मतलब था, और सेक्स करना तोह इनका धंधा.

लकी : वैसे मेरे पास एक आईडिया है...

रोहित : क्या आईडिया?

लकी : ऋचा को आज hi छोड़ने का...

रोहित जो अभी तक शांत लेता ह्या था उसका लुंड ऋचा को छोड़ने की बात सुनते hi झटका मार देता है और रोहित फौरन उठ के उसके ऊपर लेती नंगी लड़की की छूट में फिरसे लुंड पेल देता है जिस से लड़की सिसक जाती है...

रोहित : क्या बात कर रहा है भाई?

लकी : सही कह रहा हु...

रोहित : बोल जल्दी...

लकी : संजय सर से मेरी बात हुई थी कल, उन्होंने बताया की राहुल का सिलेक्शन नहीं हुआ है, और ऋचा का हो गया है...

रोहित : राहुल का नहीं हुआ ये जान के तोह ख़ुशी हुई पर ऋचा का हो गया तोह वो तोह अब बाहर चली जाएगी न...

तभी लकी रोहित को शांत रहना का कहता है और ऋचा के नंबर पे फ़ोन लगा देता है जो उसके पास पहले से सेव्ड था...

ये नंबर रोहित ने hi दिया था. रोहित ऋचा की hi क्लास का था इसलिए उसके पास नंबर सेव्ड था.

ऋचा फ़ोन उठाती है...

ऋचा : hello!?

लकी( आवाज़ बदल के) : umm..Is थिस मिस ऋचा स्पीकिंग ?

ऋचा : यस!

लकी : मिस ऋचा! तेरे अरे सम डाक्यूमेंट्स थे कंपनी गावे उस फॉर थे सिलेक्टेड स्टूडेंट्स. सो, यू विल हैवे तो के तो थे कॉलेज तो कलेक्ट आईटी नाउ.

ऋचा : बूत सर!! It's 5:30 पं आलरेडी...

अब तक तोह स्टाफ भी चला गया होगा. आप सूरे है की कॉलेज खुला हुआ है?

लकी : यस माय डिअर! I'm इन कॉलेज, सो प्लीज के okay?

ऋचा : सर में कल भी तोह ले सकती हु न?

लकी : no no बीटा... कंपनी ने आज hi ये स्टूडेंट्स को देने का कहा है. तुम आ जाओ, में वेट कर रहा हु...

ऋचा : okay सर! में आती हु ...

ऋचा फ़ोन रख के तैयार होने लगती है पर बेचारी को क्या पता था की अभी अभी उसके साथ क्या होने वाला है.

आने वाले हादसे से वो बिलकुल अनजान थी. भविष्य भी कभी किसी ने देखा है क्या?

"ये ले... तेरा माल आ रहा है, जम्म के रगड़ लेना अब" लकी ने फ़ोन रखते हुआ कहा...

रोहित : ोोू भाई!! तू तोह बड़ा स्मार्ट निकला याररर पर तूने उसके कॉलेज बुलाया है अब वह से यहाँ कैसे आएगी?

लकी : अबे बहनचोद! कॉलेज 5:30 तक बंद हो जाता है पूरी तरह से, तोह ये जब वह पहुचेगी और गेट बंद रहेगा तोह क्या करेगी? कड़ी होक कॉल करेगी मुझको... बस उस वक़्त हम होनी कार में रहेंगे, 2 3 लड़के ले चलूँगा में वो उसके मुँह पे हाथ रख के कार के अंदर घसीट laenge...haha

रोहित : ू भाई.... तू तोह एक नंबर काम किया यार. तेरा जवाब नहीं यार... कसम से आज वो मिल गयी न तोह मेरा फुल सपोर्ट रहेगा तुझको नेहा दिलाने में...

लकी : बिलकुल!! मुझे भी मेरा हिस्सा चाहिए पर में उससे बीवी बनाना चाहता हु... लकी के चुंगुल से आज तक कोई नहीं बचा है... ः... जब राहुल को पता चलेगा तब उसका मुँह देखने लायक रहेगा...

अब चल जल्दी, तैयारी कर, और निकलते है, और ये मास्क पहन लेना कार में ताकि वो देख न पहचान न पाए हमे...

फिर लकी और रोहित अपने षड़यंत्र पर काम करने ले लिए निकल जाते है.

इधर ऋचा तैयार हो रही थी की तभी उसको कॉल आता है..

कॉल राहुल का था...

जिसे ऋचा ने फौरन उठा लिया...

ऋचा : hello? हां राहुल?

राहुल : में सोच रहा था आज hi तुनसे मिल लू, तोह वही बताने के लिए कॉल किया था.

ऋचा : ओह्ह! एक्चुअली राहुल मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है बूत अभी में कॉलेज जा रही हु... तुम यदि थोड़ी देरर बाद आ जाओ तोह कोई प्रॉब्लम नहीं है...

राहुल : कॉलेज? इस वक़्त?

ऋचा : हां वो स्टाफ से फ़ोन आया था कह रहे थे की कंपनी ने कुछ सिलेक्टेड स्टूडेंट्स के लिए डाक्यूमेंट्स दिए है तोह वो कलेक्ट करने है.

राहुल : कैसे डाक्यूमेंट्स?

ऋचा : अब ये तोह नहीं बताया उन्होंने...

राहुल : हम्म्म? पर कॉलेज तोह 5 - 5:30 तक बंद हो जाता है...

ऋचा : ी क्नोव बूत उन्होंने कहा है की कॉलेज खुला है आज और वो वेट कर रहे है...

राहुल : ओह्ह! वेल!! ठीक है, यदि इम्पोर्टेन्ट है तोह चली जाओ में फिर कल आता हु...

ऋचा : प्लीज नाराज़ मत होना राहुल, एकदम से कॉल आ गया इसलिए जाना पद रहा है...

राहुल : अरे में क्यों नाराज़ होने लगा भला? तुम जाओ... में कल आता हु न.

ऋचा : हां! Bye! सी यू टुमारो!

राहुल : हां bye!!

कॉल कट हो जाता है...

राहुल इधर डाइनिंग टेबल पे बैठा स्नैक्स खा रहा था की उससे कुछ अजीब सी फीलिंग आती है, तभी उससे एक कॉल आता है और वो कॉल पे बात करके तुरंत बाहर चला जाता है...

"ये देखो! लोसर को कोई काम hi नहीं है..." नेहा तीखा व्यंग करती है उसपर...

"ज़बान संभाल के नेहा" बदले में निशा उससे शांत कर देती है.

आखिर राहुल के बारे में कैसे बुरा सुन्न सकती थी? सबसे प्यारा तोह उसका राहुल hi था!! और सुबह उसने राहुल को कितना प्यार दिया ये तोह हम सभी को पता है. राहुल को भी... और उसके लुंड को भी.

इधर ऋचा तैयार होक घर पर बात बता के निकल जाती है स्कूटी में कॉलेज की तरफ.

कॉलेज 8-10 कम दूर था, और वो थोड़ा काम ट्रैफिक वाला इलाका था ऊपर से कॉलेज अभी बंद भी था, साड़ी बातो से अनजान ऋचा बस गाडी में बैठे खयालो में दुबे चली जा रही थी.

कॉलेज के एंट्रेंस गेट्स पे आते hi ऋचा गाडी को रोकती है...

गेट्स बंद थे...

क्यों नहीं होंगे?

अभी लगभग 6:30 हो रहा था...

गार्ड्स भी इस वक़्त अंदर थे जो राउंड मारने गौए हुए थे.

ऋचा के पीछे एक कार ज़रूर कड़ी थी पर उसकी विंडो पर ब्लैक शीट लगी हुई थी... यानी की बाहर से अंदर का कुछ नहीं दिख रहा था...

स्कूटी को स्टैंड पर लगा कर ऋचा ने फौरन अपना फ़ोन निकाला और उसी नंबर पे कॉल लगाया जिस नंबर से उससे कॉल आया था पर दूसरी साइड से किसी ने कॉल रइवे नहीं किया...

"ये मेरे साथ कोई प्रैंक तोह नहीं किया न?" ऋचा ने मैं में सोचा...

"अरे हां! में भी कितनी बुद्धू हु, सृष्टि भी तोह सिलेक्टेड है, उसको कॉल करके पूछती हु, उससे भी कॉल आया होगा..."

ऋचा यही सोचते हुए अपना फ़ोन निकलती है सृष्टि को कॉल करने के लिए...

सृष्टि : hello?

ऋचा : हनन सृष्टि तू कहा है? कॉलेज नहीं आई क्या डाक्यूमेंट्स लेने?

सृष्टि : कैसे डाक्यूमेंट्स?

ऋचा : हम्म? अरे स्टाफ से कॉल आया था न? की डाक्यूमेंट्स लेने आना है अभी कॉलेज?

सृष्टि : ऋचा मुझे कोई कॉल नहीं आया...

ऋचा : क्या??

इस से पहले की दोनों की बात और हो पाती दो हाथ पीछे से आए और ऋचा का मुँह दबोच के उसको पीछे से खींच लिया...

दो और हाथ आए जिसने ऋचा के हाथो से फ़ोन ले लिया...

ऋचा (एकदम से हुए हमले से घबराती हुई...) : ुमंपहहहहहहह.....


सृष्टि : hello? Hello? ऋचा? अरे यू तेरे?? हे ...

और कॉल कट कर दिया जाता है.

ऋचा को कुछ समझ आता उससे पहले hi वो कार की तरफ खींच के आ चुकी थी.

और चाँद पालो में वो कार के अंदर थी. तभी किसी ने उसके मुँह में रुमाल लगा दिया जिसके कारण वो बेहोश हो गयी...

और गाड़ी सं सनअती हुई वह से निकल गयी...

पल भर में क्या से क्या हो गया

रह गयी तोह सिर्फ वह पर ऋचा की स्कूटी.

उससे तोह पता भी नहीं था की ऐसा कुछ होएगा उसके साथ.

सच कहता हु दोस्तों, आज की दुनिया में ऐसे hi ना जाने कितनी लड़किया गायब हो जाती है और फिर रपे का शिकार हो जाती है.

ऐसे hi हाल hi में हुई घटना जिसमे एक वेटरनरी डॉक्टर का रपे कर दिया गया और फिर उसके शरीर को भी जला दिया.

अरे थू है ऐसे लोगो पर, ये लोग नहीं दरिंदे है.

बेचारी उसको तोह सिर्फ जानवरो का इलाज करना आता था पर उन् आदमियों को क्या जो जानवरो में तब्दील हो चुके है ? उनका इलाज कैसे करती? थू है ऐसे लोगो पर, ऐसे दरिंदो को बुरी से बुरी मौत देनी चाहिए.

खर्र! यदि आपको नहीं पता में किसकी बात कर रहा हु तोह आप इंस्टा या न्यूज़ में देखना, अभी रीसेंट का केस है. और ज़्यादा से ज़्यादा उस बेचारी को जस्टिस दिलाने में समाज की मदद करे.

आज के लिए इतना hi दोस्तों, में थोड़ा लेट हु ी क्नोव पर में मजबूर था गाइस! केवल आप लोगो के लिए hi आज अपडेट दिया वर्ण ये कल आता.

कमेंट में ज़रूर बताइये केसा लाहा और अपने विचार एंटी रपे को लेके ज़रूर रखियेगा.
 
अपडेट -30

अब तक...

ऋचा को कुछ समझ आता उससे पहले hi वो कार की तरफ खींच के आ चुकी थी.

और चाँद पालो में वो कार के अंदर थी. तभी किसी ने उसके मुँह में रुमाल लगा दिया जिसके कारण वो बेहोश हो गयी...

और गाड़ी सं सनअती हुई वह से निकल गयी...

अब आगे...

गाडी तेज़्ज़ रफ़्तार से आगे बढ़ रही थी और ऋचा जिसको नशीला पदार्थ सुंघा के बेहोश कर दिया गया था वो अब दरिंदो के कब्ज़े में थी...

थोड़ी देरर में गाडी एक थोड़ी सुनसान सी जगह पर आकर रुकी जहा एक दूकान की शटर लगी हुई थी...

गाडी से निकल कर एक लड़के ने शटर का ताला खोला और शटर उठा दी, अंदर तोह कोई दूकान hi नहीं थी...

थोड़ा और अंदर जाने पर, एक बोहत बड़ी जगह थी, मानो लिविंग रूम का हॉल हो, लक्ज़री सोफे, टेबल, बार, सब कुछ था.

ऋचा को गाडी से उठा के अंदर लाया गया और एक सोफे पे पटक दिया.

रोहित : भाई आज फाइनली मिल गयी मेरी रानी आज तोह मस्त चुदाई होगी...

लकी : ः बिलकुल! में डिस्टर्ब नहीं करूँगा तू छोड़ ले आराम से... पर नेहा को पाने के लिए अब तुझे मेरी मदद करनी होगी.

रोहित : ः टेंशन मत लो भाई, मेरा पूरा सपोर्ट रहेगा.. पर एरर ऐसे बेहोशी में छोड़ने में मुझे मज़ा नहीं आएगा, एक काम करो इसके हाथ परर बाँध दो जब होश में आएगी तब छोडूंगा... मेने मास्क तोह पहना hi है, तोह पहचान नहीं पाएगी ः...

लकी : जैसा तुझे सही लगे...

ऋचा के हाथ परर बंधे हुए थे, उसके शरीर क्ष के शेप में चारो और फैला हुआ था...

थोड़ी देरर बाद जब ऋचा को होश आया तोह उसकी सिटी पित्ती गुल हो गयी.

ऋचा (चींखते हुए) : कोण हो tumlog?chorro मुझे... चोर्रो... क्यों लाए हो मुझे यहाँ...

रोहित (आवाज़ बदल के) : चोर्रो नहीं... अब बोलो छोड़ो मुझे हाहाहाहा....

ऋचा (हाथ झट्कारते हुए) : लीव में... हेल्प... बचाओ... कोई बचाओ...

प्लीज!!! Koi...bachaooooo...

तभी रोहित ऋचा का दुपट्टा हटा देता है...

इस हमले से ऋचा को आभास हो गया था की अभी उसके साथ क्या खेल होने वाला है, उसकी इज़्ज़त खतरे में थी.

हाथो को पूरी ताकत से मरोड़ के, परर झंझोर कर ऋचा जैसे रोहित को पास आने से दूर कर रही थी, हर हरकत में उसकी चींख निकल रही थी...

"Bachao...bachaooooo...."

बस यही स्वर गूंज रहा था उस चार दीवारों के अंदर, और साथ hi दरिंदो की हस्सी जो इस बात का सबूत थी की उन्होंने अपना मक़सद हासिल कर लिया..

"कोई बचा लो... " रट रट ऋचा का चेहरा आसुओ से भीग चूका था, उससे पता था यहाँ सुन्न ने वाला कोई भी नहीं है उसकी और अब जो होगा उसके साथ वो सोच के hi बेचारी का दिल देहल गया था.

किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं रहेगी अब वह, जब उसकी इज़्ज़त hi लूट जाएगी तोह कैसे मुँह दिखाएगी वो सबको? समाज क्या सोचेगा? ठु ठु हो जाएगी उसके परिवार की, ऋचा ने मैं hi मैं ठान लिया था की यदि आज वो यहाँ से सही सलामत नहीं बची और उसकी इज़्ज़त लूटी तोह वो आत्महत्या कर लेगी..

बस यही एक उपाए था साड़ी चीज़ो से मुक्त होने का...

"माँ... पापा... निक्की... माफ़ कर देना मुझे... में शायद न बच्चू अब...

आपकी बाद में समाज के सामने ठु ठु न हो इसलिए में... में इस... दुनिया से चली जाउंगी... हमेशा हमेशा के लिए... और राहुल... ी लव यू... ी लव यू सो मच... तुमने मुझे फिरसे जीना सिखाया, एक नयी उमंग दी, एक नया जोश, मेरा पहला प्यार... I'm सॉरी, तुमसे पहले शायद ये शरीर ये दरिंदे भोगने जा रहे है... कुत्ते की मौत मरेंगे ये... कुत्ते की... क्यों में यहाँ आयी? क्यों मेने सृष्टि को पहले फ़ोन नहीं किया? क्यों? शायद में शुरू से hi फेलियर thi...I'm सॉरी... गुडबाय राहुल..."

ऋचा अपनी बर्बादी के पहले के आखिरी शानो में उसके सभी चाहने वालो से माफ़ी मांग रही थी.

उससे भी पता था की अब शायद बचना मुश्किल है. क्युकी यहाँ कोण आता उससे बचाने? आँखों से ासु बहते हुए उसने अपनी आँखे बंद कर ली और जो होने वाला था उसके लिए प्रेपर थी और अंत में आत्महत्या के लिए भी...

रोहित ने दुपट्टा हटाया तोह ऋचा का मखमल सा बदन इतने करीब से देख के उसके होश hi उड़द गए...

लार बह रही थी उसके मुँह से...

मानो आज कच्चा चबा जाएगा ऋचा को.

2 4 मिनट तोह रोहित खाली उस सुडोल आकर्षक शरीर को निहारता रहा.

की क्या खूब बनाया है उपरवाले ने इस शरीर को...

पर शरीर तोह ठीक ऊपर से इतना सुन्दर चेहरा...

मानो पारी स्वर्ग से आयी हो...

अभी रोहित सोच में गम था की ऋचा ने हाथो में बंधी रस्सी को फिरसे झंझोरा और छूटने की कोशिश की...

जिस से रोहित अपनी सोच से बाहर आ गया...

रोहित (आवाज़ बदल के) : हाय मेरी जान... क्या माल है रे तू...

आज तोह पूरी कसार निकाल दूंगा.

रोहित इतना बोल ऋचा का कुरता ऊपर उठाने लगता है जिस से उसका गोरा चिकना पतला पेट दिखने लगता है...

"Uuuppmmhhhhhhhhhhhh"

अपने शरीर के साथ खिलवाड़ ना चाहते हुए ऋचा खुद को इधर उधर करने की कोशिश करती है पर बंधी हुई रस्सियों के कारण बेचारी कुछ नहीं कर पायी...

बस निकल रहे थे तोह केवल ासु...

जिनके कारण उसकी आँखें लाल हो चुकी थी.

रोहित अपनी जीभ निकालता है...

मतलब साफ़ था वो ऋचा का पेट चाटने जा रहा था.

ऋचा बस इधर उधर होक झटके मार रही थी और चिल्लाती जा रही थी.

अभी रोहित अपनी गन्दी जुबां निकाले हुए आगे बढ़ा hi था की एक बियर की बोतल उड़ते हुए आयी और सीधा उसके सर पर पड़ी और चारो तरफ कांच के टुकड़े बिखर गए और रोहित साइड में जोरर से गिर पड़ा...





अचानक हुए इस हमले से लकी और उसके दो पंटर चकित रह गए और ऋचा भी शॉकेड हो गयी...

की आखिर एकदम से हुआ क्या? ये बोतल कहा से उड़द के आ गयी?

कुछ कांच के टुकड़े ऋचा के पेट के ऊपर गिरे तोह उसने समझदारी दिखाते हुए हिलना डुलना बंद कर दिया ताकि कांच इधर उधर न हो जाए और वो चोटिल न हो जाए...

रोहित का सर तोह आलरेडी बोतल से फटकार खाने के बाद फूट चूका था और हल्का खून भी निकलने लगा था.

शायद अभी अब उसमे हिम्मत नहीं थी की वो वापस खड़े हो पाए और कुछ कर सके...

"थूकेगा तोह अब तू बीटा...."

पीछे से एक आवाज़ आयी जिससे सुन्न के सभी लोग उस डायरेक्शन में देखने लगे सिवाए रोहित के..

क्युकी उसकी हालत बोतल लगने से बहुत खराब थी..

एक तोह दिन में पहले hi रंडी को छोड़ के 2 बार झरर चूका था ऊपर से सर पर बोतल फुट गयी ...

इनका तोह बजा बज चूका था.

अँधेरे से बाहर आया तोह वो शख्स कोई और नहीं हमारा अपना राहुल hi था.

इधर राहुल का चेहरा देख ऋचा की आँखों में ासु आ गए थे जो खौफ के नहीं बल्कि ख़ुशी के थे और चेहरे पे एक रोने वाली स्माइल...

वही दूसरी तरफ सबसे ज़्यादा लकी की फट रही थी क्युकी वो रपे केस को अंजाम देने में शामिल था, लकी इस बात का अंदाजा नहीं होने देना चाहता था इसलिए वो अपने दो पंटरों को उससे मारने के लिए बोलता है...

और मौक़ा देख के वह से फरार हो जाता है पीछे वाले रस्ते से.

लकी के दो पंटर जो शायद यही सोच रहे थे की उनका बॉस पीछे खड़ा है और अभी उन्हें शाबाशी देगा राहुल को मारने के लिए, चकित रह गए थे की उनका बॉस तोह फरार हो गया...

बदले में दोनों पंटरों की जम्म की पिटाई हुई. राहुल ने भी अपने हाथ साफ़ करने में कोई कसार नहीं छोड़ी...

राहुल के लिए 2 बन्दों से लड़ना बच्चो का खेल था, ऊपर से दोनों सिर्फ चेले hi थे. दोनों की जम्म के धुलाई करने के बाद राहुल रोहित के पास पहुचा और चेक किया की वो बेहोश है या नहीं...

रोहित सच में बेहोश हो गया था.

शायद बोतल का हमला उसके लिए पहला इतना खतरनाक हमला था की सेहन नहीं कर पाया...

राहुल ने फौरन ऋचा के हाथो और पेर्रो से रस्सी खोली और बड़ी hi सावधानी से उसके पेट से बियर की बोतल के टुकड़े हटाए और वापस से उसको दुपट्टा पहना के उससे आज़ाद किया...

आज़ाद होते hi ऋचा ने अपने दोनों बाहे फैला के राहुल को भींच लिया...



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और उसके आलिंगन में समां गयी...

वो सही थी.

वो एक फेलियर नहीं थी.

उसने राहुल को चूसे किया.

और राहुल ने आजतक उससे धोका नहीं दिया.

आज जब उसने राहुल को सच्चे मैं से याद किया तोह राहुल किसी एंजेल की तरह उसके सामने प्रकट हो गया और उससे खतरे से बचा लिया, उसकी इज़्ज़त लूटने से बचा लिया, उससे म्ररने से बचा लिया. अब ऐसे व्यक्ति के लिए प्यार कैसे नहीं उमड़ेगा?

सिसक सिसक के रट हुए ऋचा राहुल को कस कर भींचे हुए थी और रोटी जा रही थी.

जब वो थोड़ी शांत हुई तोह राहुल ने उससे अपने आप से आज़ाद किया और खोली हुई रस्सी को लेकर वो दो पंटरों के हाथ परर बाँध दिए जो पिटाई से बेहोशी की हालत में थे.

"सॉरी! रीचु... थोड़ी लेट एंट्री मारी पर क्या करू... ऐसा करना ज़रूरी था." राहुल ने वापस आते हुए स्माइल करते हुए ऋचा से कहा...

जिससे सुन्न ऋचा मानो सब कुछ भूल चुकी थी... क्यों? क्या राहुल की स्माइल इतनी प्यारी थी की ऋचा उसमे खो गयी ?

ये बात भी थी..

पर उस से भी बड़ी बात ये थी की राहुल ने उससे "रीचु" कह के पुकारा..

भोली, भीगी , लाल हुई आँखों से मानो ऋचा अपना संसार निहार रही थी. जो की उसके ठीक सामने था. राहुल.

ऋचा (ासु छलकाते हुए) : ी लव यू...

और फिरसे उसके आलिंगन में समां जाती है...

ऋचा : तुम्हे कैसे पता चला में यहाँ हु? तुम्हे तोह मेने ये बताया था की में कॉलेज जा रही हु...

राहुल : हम्म्म! दरअसल जब तुमने कॉल किया था तब सृष्टि भी मुझे कॉल कर रही थी पर तब मेरी बात तुमसे हो रही थी इसलिए फ़ोन बिजी बता रहा था. तुम्हारा कॉल कट होने के बाद तुरंत hi उसका कॉल आ गया, वो भी यही पूछने के लिए कॉल की थी की मेरे इंटरव्यू में क्या हुआ.... तोह बातो hi बातो में मेने उस से पूछा की कॉलेज वालो ने उससे भी डाक्यूमेंट्स लेने बुलाया है या नहीं तोह उसने कहा की किसी को नहीं बुलाया है... तभी मुझे कुछ अजीब सा लगा... बात इतनी बड़ी भी नहीं थी... पर पता नहीं क्यों मुझे एक अजीब सी टेंशन हो रही थी... इसलिए में बस घर से निकल गया सोचा देखु तोह क्या सन है...

वो तोह अच्छा हुआ की तुम लड़किया तैयार होने में समय इतना लगाती हो की में समय पे पहुँच गया...

जब में पहुचा था तब तुम कार के अंदर हो रही थी ...

इन् बेवकूफो को फॉलो किया और इधर तक आया... "

राहुल की पूरी बात सुन्न ऋचा फिरसे एक बार राहुल का चेहरा निहारती है और आगे बढ़ के उसका गाल चुम लेती है.



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उससे राहुल पे बहुत hi प्यार आ रहा था, उसने ठान लिया था की कुछ भी हो जाए वो अपनी ज़िन्दगी राहुल के साथ hi गुजारेगी.

ऋचा : तोह सॉरी किसलिए?

राहुल : सॉरी? ओह्ह्ह!!! हां...

एक्चुअली... जब वो तुम्हारा दुपट्टा हटा रहा था तब में यही पर था वीडियो बना रहा था सबूत के लिए... तभी तोह ये गांडू जेल जा पाएगा न?

पर में यदि ऐसे hi हमला करता तोह तुम मुश्किल में पद जाती, वो तुम्हे बंधी बना के मुझे मजबूर कर सकता था...

इसलिए बाहर राखी खाली बियर की बोतल से पहले इससे ठिकाने लगाया...

ः... फिर बाकी तोह सब इजी hi था.

वीडियो वाली बात सुन्न के ऋचा भी खुश हो गयी पर डर भी रही थी...

उसके पास सबूत भी था पर एक लड़की कितनी भी स्ट्रांग क्यों न हो उससे ऐसे समय थोड़ी घबराहट होती hi है...

राहुल : डर लग रहा है?

ऋचा : तुम साथ हो तोह केसा डर??

राहुल (मुस्कुराते हुए) : आये हाय डायलाग मारने लगी है ... Don't वोर्री! में साथ रहूँगा... दररने की कोई ज़रुरत नहीं है... अभी में तुम्हे एक जगह लेके जाऊंगा वह सब क्लियर हो जाएगा...

और घर पर बताने का क्या सोचा है? पुलिस में करनी है न कंप्लेंट की नहीं?

ऋचा (हां में सर हिलाते हुए) : बिलकुल! में आवाज़ नहीं उठाउंगी तोह बुज़दिल कहलाउंगी...

कंप्लेंट भी करुँगी और इन्हे सलाखों के पीछे भी भिजवाउंगी...

तुम साथ रहोगे न?

राहुल (ऋचा का माथा चूमते हुए) : बिलकुल!! वैसे मुझे भी तुमसे कुछ कहना है....

ऋचा : कहो न...

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

ी होप you'll एन्जॉय थिस अपडेट!

जो नारी ऐसे केसेस का शिकार होती है, उन्हें आवाज़ उठाने से कभी नहीं घबराना चाहिए...

थिंक बिफोर यू दो.

सुसाइड इस नॉट ान ऑप्शन.

यू गाइस अरे बेटर थान तहत.

थैंक्स फॉर रीडिंग!

कीप सपोर्टिंग!!.
 
अपडेट -31

अब तक...

राहुल (मुस्कुराते हुए) : आये हाय डायलाग मारने लगी है ... Don't वोर्री! में साथ रहूँगा... दररने की कोई ज़रुरत नहीं है... अभी में तुम्हे एक जगह लेके जाऊंगा वह सब क्लियर हो जाएगा...

और घर पर बताने का क्या सोचा है? पुलिस में करनी है न कंप्लेंट की नहीं?

ऋचा (हां में सर हिलाते हुए) : बिलकुल! में आवाज़ नहीं उठाउंगी तोह बुज़दिल कहलाउंगी...

कंप्लेंट भी करुँगी और इन्हे सलाखों के पीछे भी भिजवाउंगी...

तुम साथ रहोगे न?

राहुल (ऋचा का माथा चूमते हुए) : बिलकुल!! वैसे मुझे भी तुमसे कुछ कहना है....

ऋचा : कहो न...

अब आगे...

राहुल : दरअसल... कल जब इंटरव्यू में मेरा दिमाग खराब हुआ तोह में काफी फ़्रस्ट्रेटेड था, कही मैं hi नहीं लग रहा था, फिर तुमसे बात हुई तोह तुमने बताया की तुम कॉलेज जा रही हो वो भी इतने समय... तोह मुझे कुछ अजीब सा लगा, ऐसा लगा मानो कुछ बुरा होने वाला है, लगा जैसे तुम खतरे में हो... और जब सृष्टि ने मुझे बताया तब तोह मेने न आव देखा न ताव और सीधा चल दिया कॉलेज की तरफ...

फिर तुम्हारे साथ जो हुआ उससे देख कर मानो मेरा खून खौल गया... मेरे खुद के दिल में दर्द हुआ, आज मुझे पता चल गया है, की में तुम्हे कभी भी मुसीबत में नहीं देख सकता, सिर्फ इसलिए नहीं की तुम बहुत ख़ास हो और मेरी दोस्त हो...

इसलिए क्युकी ....

ी लव यू...

कुछ चाँद सेकण्ड्स तक मानो सन्नाटा सा छ गया था, अभी अभी राहुल ने जो कुछ भी कहा, खासकर की आखिरी लाइन में... उससे सुन्न्के ऋचा को एक झटका सा लगा, और ख़ुशी तोह मानो इतनी की वह शब्दों में बया नहीं हो सकती...

ख़ुशी के मारे उसकी आँखों से ासु झरने लगते है, और स्माइल करते हुए वो राहुल के गले लग जाती है.

आज उसके प्रपोजल का रिप्लाई जो उससे मिल गया था.

राहुल : हां ऋचा... ी रियली लव यू. माफ़ करना थोड़ा देरर से रिप्लाई दिया पर आज मुझे ये आभास हो गया है की तुम्हारे बिना मुझे अधूरा अधूरा सा महसूस होता है और यदि तुम किसी भी मुसीबत में रहती हो तोह मेरा जी घबराता है... कही कुछ बुरा न हो जाए तुम्हारे साथ...

राहुल का दिमाग : तेरे लोडे लगेंगे अब... साले एक बार भी सोचा है की वंशिका और तनीषा क्या हाल करेंगी तेरा? तेरी गांड मारनी पक्की है... तू लिख के लेले...

राहुल का दिल : तू इस्पे ध्यान मत दे राहुल. कॉंग्रट्स! ऋचा भी ऐड हो गयी... अब तोह 3-3 है. पर तीन टिकाडा काम बिगाड़ा... राहुल एक और पटना पड़ेगी.

दिमाग : भोसडीईईकेईएए....

दिल और दिमाग की बातें सुन्न राहुल को पसीना आने लगा था, एक डर भी था की आगे क्या होगा? कही बात बिगड़ ना जाए...

ऋचा : ी लव यू तू राहुल. एंड थैंक्स... आज मुझे बचाने के लिए, तुम नहीं होते तोह पता नहीं क्या होता मेरा आज... में अपनी जान दे देती...

राहुल : सस्शह्ह्ह्ह! ऐसी बातें नहीं करते ऋचा. कभी भी कुछ भी हो, अपनी जान देने के बारे में कभी भी मत सोचना...

ऋचा : हम्म... तुम्हे इतना पसीना क्यों आ रहा है राहुल? कुछ घबराए हुए लग रहे हो...

राहुल (मैं में ) : अब कैसे बताऊ ऋचा... घबराया तोह हु में. क्युकी वंशु दी किसी डेविल से कम् नहीं है... उन्हें पता लगा तोह मेरी खर्र नहीं...

राहुल : कुछ नहीं ऋचा... अब मैं काम करना बाकी है...

ऋचा : मतलब??

राहुल उठ के सीधा रोहित की तरफ जाता है जो अभी भी बेहोश पड़ा हुआ था और उसका मास्क निकाल देता है...

"रोहित?????"

दोनों के मुँह से आवाज़ निकलती है.

दोनों ऋचा और राहुल रोहित को बखूबी जानते थे. आखिर उनका क्लासमेट जो था रोहित...

सबसे ज़्यादा गुस्से में जो थी वो थी ऋचा. पहले भी रोहित ऋचा से ज़बरदस्ती बात किया करता था और ऋचा को नीचे लिटाने के चक्कर में था पर ऋचा ने ये भांप लिया था और तभी उसकी मुलाक़ात राहुल से हुई और रोहित को कम्प्लीटली इग्नोर करना स्टार्ट कर दिया था ऋचा ने.

"अब समझ आया... साले... तू... तेरी हिम्मत इतनी बढ़ गयी की तूने ऐसी हरकत की मेरे साथ? मुझे तोह पहले से hi शक था तेरे ऊपर. पर मेने ये अपने सपने में भी नई सोचा था की तू ऐसा कुछ करेगा... उपरवाले का लाख लाख शुक्र है जो में तुझसे सही समय पर दूर हो गयी और राहुल से मिली... वर्ण आज तोह मेरा बचना नामुमकिन था."

ऋचा ने गुस्से में रोहित को देखते हुए कहा जो बेहोश था.

राहुल ने फौरन फ़ोन निकाला और किसी को कॉल किया और साड़ी बातें बता दी जो भी हुआ...

ऋचा : किस से बात कर रहे थे?

ऋचा ने राहुल के करीब आते हुए उसका हाथ थामते हुए कहा...

राहुल की पहले कोई गफ नहीं थी, अचानक ऋचा का यु करीब आके उसका हाथ थामना... बेचारे राहुल का दिल धक् धक् करने लगा ...

राहुल : वह.. वह... ये मेरे मास्टर है. इन्ही की वजह से आज में यहाँ पर हु. इन्होने hi मुझे मार्टिकल आर्ट सिखाया और ऐसे मौको के लिए तैयार किया. यही है जो मेरी सबसे ज़्यादा मदद करते है...

ऋचा : ओह्ह्ह! तोह अब??

राहुल : सब पता चल जाएगा, पहले इन् सबको टाइट बाँधने में मेरी मदद करो...

राहुल और ऋचा फिर रोहित को टाइट बाँध देते है और बाकी के दो लड़को को भी टाइट बाँध दिया. थोड़ी देरर बाद एक स्कार्पियो आयी और बाहर आके ृक्क गयी, जिसमे से एक व्यक्ति जो की लगभग 50 साल की उम्र का होगा निकल कर आया...

राहुल (ख़ुशी से ) : अंकल भीमा...

भीमा : ः... राहुल बाबू...

ऋचा : क्या यही वो मास्टर है राहुल?

राहुल : नहीं ऋचा, ये मेरे मास्टर के राइट हैंड है. और मेरे मास्टर के सबसे क्लोज है... इनका नाम है भीमा... में इन्हे भीमा अंकल कहकर बुलाता हु. और भीमा अंकल ये है ऋचा... मेरी गर्लफ्रेंड.

राहुल के मुँह से गर्लफ्रेंड सुन्न ऋचा की ख़ुशी का कोई ठिकाना hi नहीं था. पर शर्म के मारे उसने अपना सर झुका लिया. राहुल ने उससे अब अपनी गर्लफ्रेंड का दर्जा दे दिया था. कैसे नहीं खुश होती? पर इतना बोल्ड होक बोल भी दिया इसलिए ऋचा शर्मा गयी थी.

भीमा ने एक नज़र ऋचा की तरफ घुमाई और ध्यान से देखा...

फिर हस्ते हुए कहा...

भीमा : ः... क्या बात है बीटा! इतनी सुन्दर बिटिया... मुझे तोह लगा hi था की ये आपकी गफ hi होगी. दोनों की जोड़ी बहुत अच्छी है. पर एक मिनट...

क्या अभी अभी जो हुआ वो ऋचा बिटिया के साथ हुआ?

राहुल ने धीरे से हां में सर हिला दिया...

भीमा (गुस्से से लाल होते हुए) : हिम्मत कैसे हुई इन् सब की राहुल बाबू की होने वाली बीवी के साथ ऐसा करने की. आज इनकी खाल उधेड़ दूंगा में...

ऋचा इधर 'बीवी' शब्द सुन्न के उसके चेहरे पे और भी लाली आ गयी.

फिर तीनो ने मिलके रोहित और दो पंटरों को गाडी में डाला. राहुल पीछे hi तीनो के साथ बैठ गया. ऋचा आगे वाली सीट पर और भीमा ने गाडी स्टार्ट कर दी ...

थोड़ी देरर बाद गाडी एक जगह आ कर रुकी जो सिटी से थोड़ा दूर था.

बाहर निकलने पर जब ऋचा ने नज़रे घुमाई तोह देखा की एक बोहत बड़ा बंगलो है सामने और गेट के पास 2 गार्ड्स खड़े है.

ऋचा के लिए ये सब नई था और वो बस चुप चाप देख रही थी. आश्चर्य चकित थी वो पूरी तरह.

राहुल और भीमा ने मिलके तीनो को अंदर ले आये. और अंदर पॅहुचते hi सामने पहले एक बड़ा सा हॉल था. हॉल एक्चुअली बास्केटबॉल कोर्ट जितना बड़ा था. ये घर का हॉल नहीं था.

यहाँ ट्रेनिंग दी जाती है.

ऋचा : ये इतनी बड़ी जगह??

भीमा : हां बिटिया... यहाँ पे मास्टर ट्रेनिंग देते है मार्टिकल आर्ट्स की. राहुल बाबू ने भी यही पे ट्रेनिंग ली थी. राहुल बाबू मास्टर के सबसे ख़ास विद्यार्थी है. और मास्टर के सबसे निजी भी है. यदि मास्टर सबसे ज़्यादा भरोसा करते है किसी पर तोह वो राहुल बाबू hi है.

राहुल : किसी बाते कर रहे हो अंकल? आप है जो उनके सबसे क्लोज हो...

भीमा : अब भाई मानो चाहे न मानो मेने तोह सच बात कह दी...

फिर तीनो लोग और अंदर जाते है तोह लिविंग रूम आता है एक बड़ा सा जहा साइड में स्टैर्स थी जो ऊपर के फ्लोर पर जाती थी. ये पूरा एक महल की तरह था. ऋचा की आँखें hi नहीं हट रही थी. चारो तरफ वो बिना पालक झपकाए बस घर की खूबसूरती को निहार रही थी.

राहुल धीरे से ऋचा के कानो में...

"इस से भी ख़ूबसूरत घर बनवाऊंगा एक दिन हमारे लिए..."

ऋचा ने सुन्नते hi शर्म के मारे नज़रे नीचे कर ली और राहुल का हाथ थाम लिया...

"डिनर रेडी कर दिया है..."

कहती हुई एक लड़की वाइट शर्ट और ब्लू डेनिम जीन्स में बाहर आयी..

खुले बाल, गोरा रंग, एक बेहद ख़ूबसूरत लड़की...

बाहर आते hi वो ठहर सी गयी...

सामने इतने लोगो को देख के...

"राहुल??" उसके मुँह से निकला..

राहुल : मिस मोनिका!!??

मोनिका उनके पास आते हुए...

"तुम यहाँ!?"

राहुल : हां वो एक्चुअली....

फिर राहुल साड़ी बात शार्ट में बताता है. जिससे सुनकर मोनिका भी आश्चर्य चकित रह जाती है.

मोनिका : तोह ये तुम्हारी गफ है!?

राहुल : जी हां...

मोनिका (एक नज़र ऋचा पे घुमाते हुए) : ओह्ह्ह...

ऋचा (मैं में) : ये ख़ूबसूरत लड़की कोण है? राहुल को कैसे जानती है? मुझे खतरे की घंटी क्यों सुनाई दे रही है?

राहुल : ऋचा इनसे मिलो... ये है मिस मोनिका, ये मास्टर की सेक्रेटरी है. सारा बिज़नेस का काम यही संभालती है, और कभी कभी खाना भी बना देती है हाहाहा... और मिस मोनिका ये है ऋचा... मेरी गफ.

राहुल ने दोनों को इंट्रोडस कराया.

अब थोड़ा आप सभी को इंट्रोडक्शन दे दू इन् नए चरक्टेर्स का...

भीमा (आगे - 50 यरस) :





ये राहुल के मास्टर का राइट हैंड है. शरीर से फिट, रंग सावला और खुश मिजाज़ व्यक्ति पर गुस्से इसका बहुत खतरनाक रहता है. हमेशा मास्टर के साथ रहता है और उनकी सेवा करता है. हर्र वो काम करता है जो मास्टर इससे कहते है. इससे भी मार्टिकल आर्ट्स आता है. राहुल को तबसे जानता है जबसे राहुल मास्टर से मिला था. और राहुल को प्यार से राहुल बाबू कहके बुलाता है. शादी की थी पर कोई संतान नहीं थी, गरीब परिवार से था... एक दिन कुछ मवालियो ने बीवी को बंधी बना लिया और इज़्ज़त लूटना चाह रहे थे क्युकी भीमा के ऊपर काफी क़र्ज़ था. गरीब होने के कारण उससे चूका न सका. बदले में मवालियो ने भीमा की बीवी को उठा लिया, पर तभी भीमा की मुलाक़ात मास्टर से हुई जिन्होंने भीमा को बचाया पर अफ़सोस भीमा की पत्नी को नहीं बचा पाए, वो कई लोग थे... जब उन्हें समझ आ गया की उसकी बीवी की इज़्ज़त नहीं लूट सकते तोह उन्होंने उससे मार डाला...

तबसे भीमा ने अपना सब कुछ मास्टर को सौप दिया. और मास्टर उससे अपने साथ घर ले आए.

मोनिका (आगे - 25 यरस) :





ये मास्टर की सेक्रेटरी है. और करीब पिछले 5 सालो से भीमा और मोनिका दोनों मास्टर के साथ hi रह रहे है. सारा बिज़नेस का काम मोनिका hi संभालती है. (अब आप लोग सोच रहे होंगे की मास्टर जब मार्टिकल आर्ट्स सिखाते है तोह इसमें बिज़नेस कहा से आ गया? तोह ये बात भी आगे पता चल जाएगी)

मोनिका से भी मार्टिकल आर्ट आता है. मोनिका एक बेहद खूबसूरत लड़की है. ज़्यादातर घर पर शर्ट और जीन्स में hi रहती है. बिज़नेस की मीटिंग्स में फॉर्मल में रहती है. वैसे तोह घर पर खाना बनाने के लिए माइड है पर कभी कभी मोनिका खाना बना दिया करती है जब फ्री रहती है. क्युकी मास्टर को मोनिका के हाथ का खाना बेहद पसंद है.

अभी बातें चल hi रही थी. की ऊपर से एक आवाज़ आयी...

"राहुल.......!!!"

सभी ने ऊपर देखा तोह एक व्यक्ति जो की शरीर से फिट और बुलंद पर्सनालिटी का सीढ़ियों से नीचे उतारते हुए आया और सीधे राहुल को गले से लगा लिया...

राहुल : मास्टर चेन!!!

राहुल ने गले मिलते हुए कहा...

मास्टर चेन (ऋचा को देखते हुए) : यही है वो लड़की? ऋचा?

राहुल : जी हां मास्टर...

मोनिका (मुँह बनाते हुए) : और गफ भी है...

मास्टर चेन : क्या??

राहुल : हां मास्टर...

मास्टर चेन : पर फ़ोन पर तोह तुमने दोस्त बताया था...

राहुल (शर्माते हुए) : जी वह.. अभी अभी बानी ह...

ऋचा तोह शर्म के मारे पूरी लाल टमाटर हो चुकी थी.

मास्टर चेन (थोड़ा दुखी होते हुए) : ओह्ह्ह्ह!! अच्छा....

राहुल (मास्टर का चिंतित चेहरा देखते हुए) : कुछ बात है क्या मास्टर? आप को पसंद नहीं आयी ऋचा?

मास्टर चेन : नहीं कुछ नहीं... वो सब चोर्रो और सबसे पहले मोनिका, उन् तीन लफंगो की ड्रेसिंग करो, फर्स्ट अिध करो, और बाकी का में संभाल लूंगा...

ऋचा : अब क्या होगा???

राहुल (मुस्कुराते हुए). : बस देखती जाओ...

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आज के लिए इतना hi गाइस!! ये नया अर्च चालु हो चूका है. और कहानी यहाँ से बहुत इंटरेस्टिंग होने वाली है.

उम्मीद है आपलोगो को पसंद आएगा.
 
अपडेट-32

अब तक...

मास्टर चेन (थोड़ा दुखी होते हुए) : ओह्ह्ह्ह!! अच्छा....

राहुल (मास्टर का चिंतित चेहरा देखते हुए) : कुछ बात है क्या मास्टर? आप को पसंद नहीं आयी ऋचा?

मास्टर चेन : नहीं कुछ नहीं... वो सब चोर्रो और सबसे पहले मोनिका, उन् तीन लफंगो की ड्रेसिंग करो, फर्स्ट अिध करो, और बाकी का में संभाल लूंगा...

ऋचा : अब क्या होगा???

राहुल (मुस्कुराते हुए). : बस देखती जाओ...

अब आगे...

मास्टर चेन ने फौरन अपना फ़ोन निकाला और कॉल किया...

मास्टर चेन (फ़ोन पर) : hello?

फ़ोन के दूसरी तरफ : hello...

मास्टर चेन : मास्टर चेन बोल रहा हु. मामला गंभीर है, अभी के अभी घर पर पहुँचिये कमिश्नर साहब..

कमिश्नर : Ma..mas..master चेन?? जी जी अभी आता हु.

और कॉल कट हो जाता है...

अब तक रोहित और बाकी 2 लफंगो को भी होश आ चूका था. रोहित दर्द के मारे कराहते हुए अपना सर इधर उधर करने लगा. शरीर से तोह वैसे hi दुबला पतला था. आज तक कभी ऐसी चोट नहीं लगी थी. रईस जो था. आज जब ऐसी चोट लगी तोह उससे समझ आया की केसा फील होता है.

रोहित (चीखते हुए) : चोर्रो मुझे... चोर्रो... मुझे जाने दो...

राहुल (उसके करीब आते हुए) : ऐसे hi ऋचा ने चीख चीख के कहा था जब तू उससे बाँध के रखा था. क्या तूने उससे चोर्रा था??

रोहित : rahul......you ब्लडी बास्टर्ड... सब कुछ तेरी वजह से हुआ है... तू जनता नहीं है में कौन हु, चोरर दे मुझे वर्ण पछताएगा बहुत.

मुझे चोरर दे और जाने दे, में वादा करता हु हमारे बीच जो कुछ भी हुआ वो सब में भूल जाऊंगा और आगे से हमारे बीच कुछ भी नहीं रहेगा...

राहुल (उससे एक छाता मारते हुए) : ः... कितनी फनी बात है यार... तुझे अभी ये पता भी है की तू अभी किस पोजीशन में है और फिर भी तू अपनी अकड़ बनाए हुए है. तुम अमीर बाप की बिगड़ी औलादो के साथ यही दिक्कत रहती है. तूने सोच भी कैसे लिया की तू मेरी गफ के साथ ये सब करने के बाद बच जाएगा!? अभी तोह तेरे लिए बहुत कुछ प्लान किया है मेने...

रोहित (गुस्से में दांत पीसते हुए) : ऋचा तुम्हारी गफ है ?

राहुल : हां...

ऋचा (चिल्लाते हुए) : रोहित... तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे साथ ऐसा करने की, आज तोह तुम्हे सलाखों के पीछे भिजवा के रहूंगी...

रोहित (हस्ते हुए) : हाहाहाहा... मुझे? और जेल? हाहाहाहा.... भिजवा दो भिजवा दो... में वह से 5 मिनट में बाहर आ जाऊंगा. हाहाहाहा.... कमिश्नर की पहचान मेरे डैड से है. डैड को खबर लगते hi वो मुझे तुरंत बाहर करवा देंगे...

तभी मोनिका आती है और पीछे से रोहित की गर्दन पकड़ के झुका देती है...

मोनिका : पता नहीं तुम अमीर लोगो में किस बात का घमंड रहता है? मेरे मास्टर भी अमीर है, पर उन्होंने कभी घमंड नहीं दिखाया... अब एक शब्द और बोलै न तोह एक बोतल में फोड़ूंगी अब तुम्हारे सर पे...

मोनिका ने आँख मारते हुए राहुल को स्माइल किया. जैसे बता रही हो की हम सब तुम्हारे सपोर्ट में है. बदले में राहुल ने भी स्माइल कर दिया.

रोहित चुप चाप अपनी गर्दन नीचे किये बैठा रहा. उससे पता था थोड़ी देरर का hi है बस ये सब. जहा कमिश्नर ने उसको देखा वो तुरंत उससे चोरर देगा और फिर रोहित इन् सब से बदला ले पाएगा. इसलिए रोहित ने समझदारी से काम लेते हुए अपनी जुबां पे लगाम लगायी और बैठ गया.

थोड़ी देरर में कमिश्नर भी आ गया...

कमिश्नर (अंदर आते हुए) : ma..master चेन...

मास्टर : आइए शुक्ल sahab...aaiye...

कमिश्नर : जी कहिये क्या हुआ? आपने अर्जेंट में मुझे बुलाया!?

मास्टर (तीनो की तरफ इशारा करते हुए) : आप जानते है इन् सभी को?

कमिश्नर तीनो बंधे हुए लोगो को देखता है और रोहित को वह पहचान लेता है. क्युकी रोहित के बाप का पूरे ग्वालियर में कपड़ो का बिज़नेस है. कमिश्नर से उनकी पहचान भी है.

रोहित (कमिश्नर को देखते हुए) : कमिश्नर अंकल... अंकल प्लीज मुझे बचा लीजिये... ये सब मुझे यहाँ उठा के ले आए है और बहुत मारा है मुझे... प्लीज... आप मुझे बचा लीजिये और इनको कड़ी से कड़ी सजा दीजिये...

कमिश्नर : रो... रोहित???

तभी मोनिका एक झापड़ जड़ देती है रोहित को...

मोनिका : तेरी हिमायत कैसे हुई, झूट बोलने की और ऊपर से हमारे ऊपर झूठा इलज़ाम लगाने की...

कमिश्नर को ये देख पसीना आने लगता है. वो जानता है मोनिका कोण ह... कोण है मोनिका? मोनिका मास्टर की सेक्रेटरी है. एक तेज़्ज़ लड़की जो फिजिकल फाइट में अच्छे अच्छा को पीछे चोरर दे. और उसने यदि रोहित को थप्पड़ मारा है. मतलब रोहित ने कोई बड़ा काण्ड किया है. अब इसमें कमिश्नर कुछ नहीं कर सकता क्युकी सामने जो है वो मास्टर चेन है. कोण है मास्टर chen!?...well...

मास्टर : ओह्ह्ह!! तोह आप इससे जानते है!? आपको पता है इसने क्या किया है!? राहुल साड़ी बाते बता दो... घबराने की कोई ज़रुरत नहीं है. सब कुछ सच सच बता दो...

फिर राहुल सब कुछ बताता है और वो वीडियो भी दिखा देता है. वीडियो देख के रोहित की खुद की गांड फट जाती है. और उस से भी ज़्यादा तब फट टी है जब वो देखता है की कमिश्नर उसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा है और उनकी तरफ बड़े hi आदर से पेश आ रहा है.

कमिश्नर साड़ी बात भली भाति जान गया था. और वीडियो देखने के बाद तोह उसकी हालत hi पतली हो गयी.

कमिश्नर : और कोई सबूत की ज़रुरत नहीं है अब. ये तीनो सलाखों के पीछे जाएंगे. ये वीडियो की कॉपी आप मुझे एक दे दे ताकि हमारे पास भी प्रूफ रहे ताकि इनके परिवार वाले यदि आये तोह उन्हें इनकी करतूतों के बारे में पता चल सके. घबराइए नहीं ये वीडियो लीक नहीं होएगी. मटर सोल्वे होने के बाद ये क्लिप डिलीट कर दी जाएगी. में सुग्गेस्ट करूँगा ये क्लिप आप अपने पास ज़रूर रखे. मटर सोल्वे होने के बाद भी...

कमिश्नर की बात सुन्न रोहित की गांड फट के चार हो जाती है. और गीध गिडाने लगता है...

रोहित (रट हुए) : अंकल... अंकल ये आप क्या कह रहे हो? आप तोह मुझे जानते हो अंकल... मेरे डैड को जानते हो... अंकल आप कुछ कीजिये प्लीज...

कमिश्नर : तुम कहना क्या चाहते हो? ये वीडियो काफी नहीं है? तुमने गुनाह किया है तोह तुम जेल जाओगे. मुझे कोई फरक नहीं पड़ता तुम्हारे डैड का बिज़नेस है या कुछ भी है. गुनाह किया मतलब सजा होएगी. अब और कोई फ़िज़ूल बाते नहीं. जो कुछ कहना है पुलिस स्टेशन में कहना. हवलदार अरेस्ट थम...

हवलदार आगे आते हुए तीनो को हथकड़ी पहनाने लगता है...

रोहित (रट हुए राहुल के पेर्रो की तरफ आता है) : राहुल... में निर्दोष हु.. में... में मानता हु की इसमें मेरा हाथ था.. पर में अकेला नहीं हु...

मुझे बचा लो... में तुम्हे और भी कुछ ख़ुफ़िया बाते बताऊंगा जिनसे तुम अनजान ho...please ... मुझे बचा lo...rahul...

और हवलदार उसको खींच के ले जाने लगता है..

राहुल (मैं में) : ः... क्या बताओगे? यही की लकी भी शामिल है? मुझे आलरेडी पता है... उसकी स्कार्पियो का नंबर पढ़ के hi पता चल गया था मुझे. और फिर वो मास्क पहना हुआ जो भागा था वो लकी hi था. यदि में अपने दुश्मनं को hi नहीं पहचान पाउँगा तोह मतलब क्या इतनी ट्रेनिंग का? हम्फ!!!

रोहित गीध गिड़ा रहा था पर राहुल चुप चाप उससे जाते हुए देख रहा था...

रोहित (चिल्लाते हुए) : राहुल... राहुल... मेरे साथ लकी भी शामिल है... उसी ने ये प्लान बनाया था... और... और ... तुम्हारी जॉब भी उसी ने रुकवाई थी...

राहुल को ये सुन्न एक झटका सा लगा...

तोह जॉब के पीछे लकी का हाथ था...

तभी में सोचु की इन्तेर्विएवेर इतना ज़िद्दी कैसे हो सकता है...

अब तक रोहित दरवाज़े तक पहुँच चूका था. हवलदार खींच खींच कर उससे बाहर ले जा रहा था पर रोहित अथक प्रयास कर बोलते जा रहा था. इस उम्मीद में की राहुल उससे शायद बचा ले...

रोहित (चिल्लाते हुए) : राहुल बचा लो.. मेरा उतना दोष नहीं है .. लकी मुझ से भी बड़ा खतरा है तुम्हारे लिए... वो नेहा के साथ भी यही करने वाला है आगे...

राहुल को एक और बड़ा झटका लगा...

इस खबर से तोह मानो वो हिल सा गया.

नेहा!? कोण थी नेहा? नेहा उसकी सगी बहिन जो हमेशा कोई भी मौक़ा नहीं छोड़ती थी उससे ज़लील करने के लिए. एक बहिन जो अपने भाई से सबसे ज़्यादा नफरत करती थी. एक ऐसी बहिन जिससे अपने भाई का चेहरा देखना तक पसंद नहीं था. वो जिए या मरे... उससे कोई फरक नहीं पड़ता था. बल्कि कहो वो चाहती भी हो की राहुल यदि मर्डर जाए तोह hi अच्छा है. काम से काम उससे राहुल का चेहरा तोह रोज़ नहीं देखना पड़ेगा.

राहुल (चिल्लाते हुए) : रुको...

सभी राहुल की बात सुन्न ृक्क जाते है. और हवलदार भी अपने कदम रोक देता है.

राहुल को देख रोहित को एक ख़ुशी होती है. उसकी उम्मीद जाग जाती है, उससे लगता है शायद राहुल उससे बचा ले... इसलिए वो फिरसे बोलना स्टार्ट करता है.

रोहित : राहुल... राहुल में सच कह रहा हु, आज hi लकी ने ये प्लान बनाया था ऋचा को फ़साने के लिए... वो कॉल जो ऋचा को आया था वो... वो लकी hi था... उसने आवाज़ बदल के बात की थी...

रोहित की बात सुन्न इस बार ऋचा शॉक में थी. खुद को बेवक़ूफ़ मान रही थी वह. जो एक फेक कॉल में फस्स गयी.

रोहित : हां राहुल... वो लकी hi था. कार भी उसी की थी... ये दोनों लड़के भी उसी के चेले है... और ... अब वह तुम्हारी बहिन नेहा के पीछे है राहुल... वो नेहा के साथ कुछ भी कर सकता है... तुम्हारी जॉब भी उसी ने रुकवाई है राहुल... संजय सर लकी से मिले हुए है... राहुल मुझे बचा लो... में वादा करता हु आगे से ऐसा कुछ नहीं करूँगा... मेने अपना सबक सीख लिया है ... प्लीज... राहुल... मेने तुम्हे सब कुछ सच बता दिया hai...mujhe बचा लो... ऋचा... प्लीज I'm सॉरी... मुझे बचा लो...

रोहित अपनी जी जान लगा के दोनों से मदद मांग रहा था इस उम्मीद में की शायद वो उससे बचा ले...

Rahul(rohit के करीब आते हुए) : तुमने आज जो कुछ किया ऋचा के साथ, उसकी सजा तोह तुम्हे मिलेगी hi... तुम सलाखों के पीछे तोह जाओगे hi... और रही बात इनफार्मेशन की जो तुमने दी... तोह तुम ने ये सब बता के कोई एहसान नहीं किया. में जानता था वो शख्स जो भागा वो लकी hi था...

राहुल (कमिश्नर की तरफ देखते हुए) : आपने सुना न इसने क्या कहा? लकी नाम का लड़का इसमें शामिल है. उम्मीद है आप इस केस की जड़ तक जाएंगे और पूरी इन्वेस्टीगेशन करेंगे

कमिश्नर : बिलकुल... आप सभी निश्चिन्त रहिये. पर आपको फिर के लिए चलना पड़ेगा साथ में...

मास्टर : कमिश्नर साहब , बच्ची इस हालात में अपने घर जाना चाहेगी, आप भी समझ hi रहे होंगे. फिर तोह हम में से कोई भी कर सकता है न? आखिर हम सभी बच्ची के साथ है. ऊपर से बची से आप फिर करवाएंगे तोह उसको जॉब में भी दिक्कत जाएगी... आप समझ hi रहे होंगे...

भीमा तुम चले जाओ... और कमिश्नर साहब के साथ co-operate करना...

भीमा : जी मास्टर...

कमिश्नर : हम्म... जी ठीक है.

और फिर कमिश्नर सभी को ले जाता है. रोहित राहुल को पुकारता रहता है पर कोई फायदा नहीं.

उसने जो काम किआ था वह माफ़ी के लायक बिलकुल भी नहीं था.

ऊपर से राहुल कौन होता है उससे माफ़ करने वाला? ऋचा थी जिसके साथ ये सब हुआ. ऋचा का हक़ था की वो मसफ करे या सजा दे. जब ऋचा ने कुछ नहीं बोलै तोह राहुल कौन होता है उससे माफ़ करने वाला? वैसे भी वो माफ़ी के लायक नहीं था.

लकी का नाम सुन्न कमिश्नर के पसीने छूटने लगते है. क्युकी रोहित के बाप की तरह वो लकी के बाप को भी जानता था. और दोनों के बेटे इस केस में शामिल थे. ऊपर से जिनके खिलाफ उन्होंने ये सब किया वो मास्टर के साथ था. कमिश्नर को पता था की कुछ भी हो जाए वो केस को ईमानदारी से सोल्वे करेगा और ऐसा करने से ये केस मास्टर के हिट में सोल्वे होएगा...

जो उसके लिए अच्छा है.

और फिर पुलिस गाडी का साईरन बजता है और गाडी रवाना हो जाती है.

राहुल (झुकते हुए) : शुक्रिया मास्टर...

मास्टर : किसी बात करते हो राहुल. में नहीं करूँगा तोह कौन करेगा...

राहुल : नहीं मास्टर! आपने मेरे लिए बहुत कुछ किया है. मेने भी आपको वादा किया है. जब में एक ुचे स्थान पर पहुँच जाऊंगा तब आपकी हर मुसीबत में साथ दूंगा... और गुरु दक्षणा भी तोह नहीं दी मेने अभी

बदले में मास्टर मुस्कुरा देते है.

मास्टर : वो में समय आने पर मांग लूंगा...

तभी मास्टर राहुल की तरफ ध्यान से देखते है और चौंक जाते है और उसकी तरफ बढ़ने लगते है...

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आज के लिए इतना hi गाइस!

आशा करता हु आप सभी को कहानी पसंद आ रही है!?
 
मेगा अपडेट

अपडेट-33

अब तक...

राहुल (झुकते हुए) : शुक्रिया मास्टर...

मास्टर : किसी बात करते हो राहुल. में नहीं करूँगा तोह कौन करेगा...

राहुल : नहीं मास्टर! आपने मेरे लिए बहुत कुछ किया है. मेने भी आपको वादा किया है. जब में एक ुचे स्थान पर पहुँच जाऊंगा तब आपकी हर मुसीबत में साथ दूंगा... और गुरु दक्षणा भी तोह नहीं दी मेने अभी

बदले में मास्टर मुस्कुरा देते है.

मास्टर : वो में समय आने पर मांग लूंगा...

तभी मास्टर राहुल की तरफ ध्यान से देखते है और चौंक जाते है और उसकी तरफ बढ़ने लगते है...

अब आगे...

मास्टर राहुल के करीब पहुँच जाते है, उनकी नज़र बतला रही थी जैसे किसी चीज़ को परख रहे थे...

राहुल मास्टर को करीब पाके पूछ लेता है,

"क्या हुआ मास्टर?"

तभी मास्टर राहुल का हाथ पकड़ के उसकी स्लीव ऊपर कर देते है.

और हाथ पे एक पट्टी बंधी साफ़ साफ़ सबकी आँखों के सामने नज़र आ जाती है जो ऑइंटमेंट की वजह से हलकी पीली हो चुकी थी.

एक मास्टर की नज़र से कुछ नहीं बचता.

उन्होंने पहले hi राहुल की स्लीव में सफ़ेद पट्टी को देख लिया था, जो शायद किसी और ने गौर नहीं किया था.

मास्टर : ये चोट!?

राहुल : वो... मास्टर... कुछ दिन पहले लड़ाई में...

मास्टर : कितने लोग थे!?

राहुल : थे तोह कई लोग पर एन्ड में एक hi था, उसी ने...

मास्टर : एक लड़का? यकीन नहीं होता की एक लड़के ने तुम्हे घायल किया...

क्या वो मार्टिकल आर्टिस्ट था?

राहुल : नहीं मास्टर...

मास्टर (चौंकते हुए) : फिर भी??? लगता है तुम्हे और ट्रेनिंग की ज़रुरत है...

राहुल : मास्टर वो दरअसल... अँधेरा बहुत था, रात का समय था...

मास्टर कुछ नहीं कहते और फिर ऋचा और राहुल को सही सलामत मोनिका के साथ कार में रवाना कर देते है...

राहुल पहले अपनी बाइक उठाता है जो लकी के अड्डे पे थी, और फिर ऋचा को लेके कॉलेज से उसकी स्कूटी उठाता जो कॉलेज के गार्ड्स ने अंदर रख ली थी.

ऋचा को उसके घर पर लेके जब पोहचता है. तोह ऋचा की माँ और उसकी बहिन निकिता जो बहुत टेंशन में थी, वो आके गले लग के रोने लगती है.

ऋचा साड़ी बात बैठ कर बताती है की क्या हुआ और कैसे राहुल ने उसकी जान बचायी. मास्टर वाली बात ऋचा नहीं बताती क्युकी राहुल ने मन किया था.

ऋचा बताती है की उसका फ़ोन स्वित्चेद ऑफ कर दिया गया था जिसकी वजह से घरवालों का कॉल नहीं लगा.

आरती (ऋचा और निकिता की माँ) : हे bha*waan इतना सब कुछ हो गया, मेने तोह इन्हे भी कॉल करके बताया की रिक्सः घर नहीं लौटी है, न जाने कितने फ़ोन लगाए होंगे मेने तुम्हे, और राहुल को, पर तुम्हारा फ़ोन स्वित्चेद ऑफ आ रहा था, और राहुल तोह पिक hi नहीं कर रहा था. उस हराम जाड़े रोहित की हिम्मत कैसे हुई मेरी बेटी के साथ ऐसा करने की... में उससे छोडूंगी नहीं...

राहुल : आंटी मेरा फ़ोन साइलेंट पर था. I'm सॉरी... और रोहित की टेंशन लेने की कोई ज़रुरत नहीं है आपको.

आरती (रट हुए ऋचा को गले लगा लेती है) : मेरी बच्ची!! कुछ हो जाता तुमको तोह में अपनी जान दे देती...

ऋचा (रट हुए) : माँ... मुझे कुछ नहीं हुआ, राहुल ने बचा लिया आज...

और आप ये जान देने की बात कभी मत करना...

निकिता जो अभी तक बस ासु बहा रही थी कुछ कह नहीं पा रही थी, सीधा राहुल की तरफ आती है और उसकी छाती से चिपक के ज़ोर से उससे भींच लेती है...

निकिता (रट हुए) : थैंक यू!! थैंक you...thank यू सो मच राहुल भैया!!

आज आप नहीं होते तोह dii...dii..

और निकिता ासु बहा के ज़ोर ज़ोर से रोने लगती है.

राहुल भी उससे रिलैक्स करते हुए उसकी पीठ थप तपता है,

"हे!!! It's okay! तुम्हारी दी को कुछ नहीं हुआ... मेरे रहते कैसे हो सकता है उससे कुछ?... हम्म??"

तभी अंदर से वेदांत ऋचा और निकिता का छोटा भाई आ जाता है जिसको अभी जान बुझ के सुला दिया गया था...

वेदांत : अरे दीदी आ गयी?

तभी आरती निकिता को इशारा करती है और निकिता उससे अंदर लेके चली जाती है.

राहुल : आंटी आप को घबराने की कोई ज़रुरत नहीं है. सब कुछ सेटल हो गया है. फिर भी हो गयी है. और अब रोहित को जेल होएगी. यदि पुलिस वाले किसी काम से ऋचा को लेने आये तोह बस आप एक कॉल कर देना. में ऋचा का रिकॉर्ड एकदम क्लीन रखूँगा, जॉब में कोई दिक्कत नहीं आएगी.

आरती ने पहले कभी भी किसी लड़के को ऋचा के लिए इतना समर्पित नहीं देखा था. यहाँ तक की ऋचा के भाई लोग भी इतना ढंग से पेश नहीं आते थे ऋचा के चिढ चिढ़ेपन के कारण और यहाँ तोह राहुल जो सिर्फ दोस्त था उसने इतना सब कर दिया ऋचा के लिए... अपनी जान की बाज़ी लगा दी उससे बचाने के लिए

आरती ने ठान लिया था और जान भी लिया था की ऋचा के लिए राहुल से बेहतर लड़का हो hi नई सकता. ऊपर से वो और राहुल की माँ निशा अच्छे दोस्त भी थे...

आरती आगे बढ़ के राहुल के चेहरे को पकड़ के उसके माथे पे बड़ा सा चुम्बन कर देती है...

उससे hi पता था की आज कितनी बेचैन थी वह, न जाने राहुल ने कैसे बचाया होगा ऋचा को... यही सब सोच के उसके मैं में राहुल के लिए इज़्ज़त और भी बढ़ गयी.

आरती : मेने तुम्हारे घर पर कॉल करके बताया था थी की ऋचा घर पर नहीं है और पूछा था की क्या तुम्हारे घर पर है? तोह पता चला तुम भी घर पर नहीं हो. तुम्हारे घर वाले भी परेशां होंगे... उन्हें कॉल कर के बता दो राहुल...

राहुल फिर अपना फ़ोन चेक करता है तोह उसकी गांड फट जाती है ...

11 मिस्ड कॉल्स - वंशु दी

8 मिस्ड कॉल्स - माँ

6 मिस्ड कॉल्स - अंशिका

3 मिस्ड कॉल्स - डैड

2 मिस्ड कॉल्स - तनीषा दी

राहुल के चेहरे पे फ़ोन की स्क्रीन देख के hi पसीने छूट जाते है.

दिमाग : क्या लगता है? गांड मारेगी?

दिल : हां... आज तोह में भी तुम्हारे साथ हु...

राहुल फटी के मारे तुरंत वंशु दी को कॉल लगाता है और फौरन घर आने का कह देता है...

राहुल : आंटी मुझे निकलना होगा... वर्ण ज़्यादा देरर यहाँ रुका तोह मेरी बंद बजना पक्का है आज...

आरती : ठीक है बीटा... तुम बिलकुल भी डरो मत कोई कुछ बोले तोह बस मुझ से बात करवा देना... तुम तोह मेरी बेटी के लिए एक फरिश्ता हो... इतने बड़े खतरे से उससे बाहर निकाला... न केवल आज, बल्कि इसके पहले भी... जब ये नादान लड़की डिप्रेशन में थी... न जाने कैसे ख़याल आते होंगे इससे... तुम hi तोह थे जिसने इन् सब से इससे बाहर निकाला... और आज भी... बिना अपनी परवाह किये... में तुम्हारी आभारी रहूंगी बीटा....

और आरती की आँखें नम्म हो जाती है...

राहुल : किसी बातें करती हो आंटी, में और ऋचा तोह आलरेडी....

ी मैं हम सच्चे दोस्त है तोह इसमें एहसान वाली कोई बात hi नहीं...

अच्छा आंटी अब चलता हु, घबराने की कोई ज़रुरत नहीं है. आप कभी भी कॉल करना में आ जाऊंगा, और हां इस बार फ़ोन साइलेंट में नहीं रहेगा,

ः!!

इतने में निकिता भी वापस आ जाती है...

तभी राहुल गेट की तरफ बढ़ने लगा तोह ऋचा फौरन उठ के दौड़ के उसके पास आयी और गले से लग गयी...

सब के सामने ऋचा ने कोई परवाह नहीं की और बस सीने से चिपक गयी.

निकिता को तोह पहले से hi पता था की उसकी ऋचा दी राहुल से प्यार करती है तोह वो शॉकेड नहीं थी.

पर हैरानी वाली बात ये थी की आरती भी शॉकेड नहीं थी. आरती को पता चल चूका था की उसकी बेटी राहुल से प्यार करती है. क्यों न करेगी? राहुल ने किया hi ऐसा काम है उसके लिए.

और आरती की नज़र में भी राहुल एक परफेक्ट लड़का था.

राहुल थोड़ा शॉकेड था क्युकी ऋचा ने सबके सामने उससे ऐसे हुग किया था.

राहुल (धीमी आवाज़ में) : ऋचा... सब देख रहे है...

ऋचा (धीमी आवाज़ में) : ी don't केयर...

ये लड़की दिन बा दिन बोल्ड होती जा रही है... ,राहुल ने सोचा.

सभी को अलविदा कह के राहुल घर पहुचा तोह गेट खुलते hi साथ वंशु ने ज़ोर से हुग कर लिया...

वंशु (नाम आँखों से) : किधर था? जल्दी बता!! वर्ण आज तुम्हारी खर्र नहीं...

राहुल : दी चिल!! अंदर तोह आने दीजिये...

राहुल अंदर आता और फिर साड़ी बातें बता देता है. जिस से घर के सभी लोग आश्चर्य चकित रह जाते है...

निशा अपने बेटे के करीब आती है और उसका सर पकड़ के अपने सीने से चिपका लेती है...

निशा : मेरा बेतु... I'm प्राउड ऑफ़ यू!! पर तुम्हे कुछ हो जाता तोह ? बोलो...

राहुल को तभी कल की बातें याद जाती है जो रात में हुई थी और सुबह वो ब्लोजॉब वाला सन उसके दिमाग में मंडराने लगता है... पर माँ उसकी इतना चिंता करती है. ये जान के राहुल को बहुत अक्कगा लगता है, और खुद की हरकतों पे गिल्ट फील करने लगता है और साद हो जाता है. फिर पुरानी बातो को भूल अपनी माँ को हुग कर लेता है...

अंशिका भी चिपक जाती है. पता नहीं शायद नेहा को कोई गलत फेहमी हुई है जो राहुल के इतने अच्छे व्यवहार से वंचित है वह... अंशिका मैं में सोच रही थी.

राजेश भी आके अपने बेटे को गले से लगा लेता है...

राजेश : वेल दोने सोन!!! I'm प्राउड ऑफ़ यू!! तुमने आज जो काम किया है, इससे करने की हिम्मत सब में नहीं होती. आज तुमने एक लड़की को दरिंदो के हाथो से बचाया है. यदि व्यक्ति तुम्हारी तरह हिम्मत दिखाए तोह ये रपे शब्द सिर्फ एक हिस्ट्री बन्न के रह जाएगा...

पर अब तुम्हे टेंशन लेने की कोई ज़रुरत नहीं है... आगे की कार्यवाही में और विनोद (ऋचा और निकिता के डैड) देख लेंगे... तुम कम्पनीज पे फोकस करो...

राहुल : जी डैड!!

एक तरफ सभी ने राहुल की तारीफों के पुल्ल बांधे तोह वही दूसरी तरफ राहुल की यु तारीफ होते देख नेहा जल भून रही थी...

नेहा (मैं में) : हम्फ!! इतना क्या ओवरड्रामा?? हँ?? शैतान है ये एक इंसान के भेष में... बास्टर्ड!!! फ़क हिम!!! इसका बस चले तोह न जाने क्या क्या करदे ... क्या पता ये hi ऋचा दी का रपे करवा रहा हो... क्यों? क्यों करते हो आप सब उस से इतना प्यार!? अरे हैवान है ये!!! हम्फ!! भोली सूरत बना के सब का दिल जीतने में तोह माहिर है... आस्तीन का सांप है ये!! मेरा बस चले तोह अभी घर से धक्के देके बाहर निकाल दू इससे. पता नहीं कब तक इसकी शकल देखनी पड़ेगी. इसकी जॉब लग जाए तोह काम से काम घर से तोह जाए ये...

माहौल घर का शांत हो चूका था. रात के 10 बज रहे थे. और सभी लोगो ने डिनर करना स्टार्ट कर दिया...

वंशु : बी थे वे!! नेहा तुम्हारा b'day आ रहा है न? परसो??

नेहा : है दी!!

वंशु : हहै!! फिर पार्टी किधर?

नेहा अपनी माँ की तरफ देखने लगती है...

और निशा राजेश की तरफ देखनी लगती है...

राजेश : नेहा जहा बोलेगी, वही पार्टी रख लेंगे... बताओ नेहा...

नेहा : अभी मेने कोई प्लान नहीं बनाया है डैड...

राजेश : कोई बात नहीं बीटा. कल प्लानिंग कर लेना, और फिर हम सभी को बुला लेंगे पार्टी में...

नेहा : जी डैड!!

अंशु : नेहु... तुझे क्या चाहिए गिफ्ट में?

नेहा एक नज़र राहुल की तरफ घुमाती है...

नेहा (मैं में) : कोई बस इससे हमेशा हमेशा के लिए मुझ से दूर कर दे... बस वो मेरे लिए सबसे अच्छा गिफ्ट होगा

अंशु : नेहा!? कहा खो गयी?

नेहा : haa...wo ...वो दी... आप को जो ठीक लगे... आप ाचा hi डौगी जो भी डौगी... (एक बार फिरसे राहुल की तरफ देखती है) सिवाय कुछ लोगो के...

निशा ने ये बात परख ली थी की नेहा क्या कहना चाह रही थी...

निशा : क्या मतलब? कुछ लोगो से तुम्हारा क्या मतलब है?

नेहा : कुछ नहीं...

निशा : देखो नेहा... रोज़ रोज़ की अपनी ये हरकते सुधार लो समझ गयी? वर्ण जिस दिन मेने अपना आप खोया, वो दिन तुम्हारे लिए अच्छा नहीं होगा...

नेहा (चिढ़ते हुए) : क्या गलत कहा मेने? और आप हमेशा मुझे क्यों दांत टी हो? हमेशा आपका बीटा hi क्यों दीखता है आपको? में भी तोह आपकी बेटी हु न? या फिर आपकी नज़रो में बीटा ज़्यादा प्यारा है और बेटी काम...??

निशा (गुस्से में) : ये क्या बकवास बातें कर रही हो? भूलो नहीं की में भी किसी की बेटी हु, जितना मुझे बेतु प्यारा है उतनी hi तुम भी नेहा...

नेहा : ओह्ह्ह्ह होओओओओ राहुल आपके लिए बेतु है... और में???? में सिर्फ नेहा????? दिख गया आपका प्यार...

रोज़ रोज़ मुझे नहीं, आपको अपनी हरकते सुधारनी चाहिए....

निशा (तेज़्ज़ स्वर में) : नेहाआआ....

राजेश : शांत हो जाओ दोनों... ये क्या बात को लेके झगड़ने लगे...?

अंशु और वंशु तोह बिलकुल तेनसेद थी और शांत भी. एक माँ और बेटी आपस में झगड़ रही थी, बीच में क्या बोले उन्हें कुछ समझ नहीं आया. और ना hi उनकी हिमायत हुई...

नेहा (चिलाते हुए) : डैड!! आप समझा लीजिये इनको.

इनका ये रोज़ का है. आखिर मुझे गुस्सा नहीं आता क्या? रोज़ रोज़ जब ये मुझे ताना मारती है. इतना hi प्यार है अपने बेतु से तोह उसी के साथ रहे न. मुझे घर से निकाल hi दो न. रखा hi क्यों है??? परवाह तोह है नहीं इन्हे मेरी. बस कुछ भी बोलूंगी और ये मुझे चिल्ला के चुप करवा देंगी , और ये कुछ बोलेगा तोह इसको बेतु बेतु कह के पुकारेंगी... और क्या हुआ? लगी इसकी जॉब? इंटरव्यू था न उस दिन इसका? लगी की नहीं? घंटा लगी होगी... दिनभर बाहर ऐरे जर्रे लफड़ो में पड़ना और मार पीट कर के आना... बस!!! इतनी hi तोह औकात है इसकी...

*Chataaaaaaaaaak*

अभी नेहा इस से पहले की और कुछ कहती निशा ने फौरन उठ के खींच के एक तमाचा जड़ दिया नेहा को.

आवाज़ इतनी तेज़्ज़ थी की यदि बाहर भी कोई खड़ा होता गेट पर तोह उससे भी सुनाई दे जाती.

छाते की आवाज़ से सभी दांग रह गए.

इतनी ज़ोर से जो पड़ा था. पांचो उंगलियों के निशाँ साफ़ साफ़ उन् गोर नाज़ुक गालो पर दिख रहे थे.

पूरा लाल हो चूका था नेहा का गाल.

*Tap...tap*

नेहा के चेहरे से आसुओ की बूंदे गालो से फिसल कर डाइनिंग टेबल पर गिर रही थी. आज पहली बार इतने सालो बाद किसी ने उससे थप्पड़ मारा था. और वो भी उसकी माँ ने...

वो कोई बच्ची नहीं थी अब...

18 साल की हो चुकी थी. और परसो hi उसका अगला जन्मदिन था.

19 की होने वाली थी नेहा. ये उम्र थप्पड़ खाने की तोह थी नहीं अब!?

पर आज नेहा शायद अपनी सीमा से कही अधिक बाहर आ चुकी थी जिसकी वजह से निशा से और रहा नहीं गया.

निशा अपनी बुराई सुन्न कर बर्दाश्त कर लेती पर जब राहुल की बुराई हुई तोह न जाने क्यों उससे इतना गुस्सा आ पड़ा की उसने फौरन उठ के नेहा को झापड़ जड़ दिया.

नेहा रोटी हुई अपनी खाने की थाली छोड़ सीधा दौड़ के अपने रूम में चली गयी...

उससे जाते देख अंशिका ने फौरन पुकारा,

"नेहुउउउउ"

पर न तोह नेहा ने कुछ सुना और न hi वो रुकी.

अंशु : में... में जा के देखती हु.

निशा : खबरदार अंशिका!! कोई ज़रुरत नहीं है उससे सर पर चढाने की. आजकल देख रही हु बहुत ज़्यादा जुबां चलने लगी है इसकी, जो मुँह में आता है बक्क देती है, और खाना छोड़ के भागी है न, मत खाने दो... खुद भूख लगेगी तोह खा लेगी.

निशा इतना बोल सभी को वापस खाना खाने के लिए कहती है.

पर अब माहौल पूरी तरह शांत था.

तनाव था.

सभी ने खाना ख़तम किया और सभी फिर अपने अपने रूम में आ गए...

राजेश : तुम्हे ऐसे मारना नहीं चाहिए था उसको निशा

निशा : तोह क्या करती? आपने सुना नहीं क्या कहा था उसने? एक न एक दोसे उससे देना ज़रूरी था, वर्ण हाथ से निकल जाएगी.

राजेश : हां पर कुछ ज़्यादा hi जोरर से मार दिया तुमने उससे. बेचारी रो रही थी... में देख के आता हु.

निशा : आप कही नहीं जाएंगे. अंशिका है उसके साथ. संभाल लेगी वह...

में जाती हु बेतु के पास. उससे भी बुरा लग रहा होगा, न जाने क्या क्या बोली है आज मेरे बेतु को... आप सो जाइये.

और फिर निशा राहुल के कमरे की और चल देती है.

पर क्या निशा राहुल को समझाने जा रही थी? या फिर उसके मैं में कुछ और चल रहा था???

आज के लिए इतना hi गाइस!!
 
अपडेट - 34

अब तक...

राजेश : तुम्हे ऐसे मारना नहीं चाहिए था उसको निशा

निशा : तोह क्या करती? आपने सुना नहीं क्या कहा था उसने? एक न एक डोज़ उससे देना ज़रूरी था, वर्ण हाथ से निकल जाएगी.

राजेश : हां पर कुछ ज़्यादा hi जोरर से मार दिया तुमने उससे. बेचारी रो रही थी... में देख के आता हु.

निशा : आप कही नहीं जाएंगे. अंशिका है उसके साथ. संभाल लेगी वह...

में जाती हु बेतु के पास उससे भी बुरा लग रहा होगा, न जाने क्या क्या बोली है आज मेरे बेतु को... और फिर निशा ऊपर राहुल के कमरे में चल देती है...

अब आगे...

राहुल अपने रूम में आकर बीएड पे बैठा सोच रहा था अभी अभी डिनर के वक़्त जो भी कुछ हुआ, कैसे नेहा आज भड़क गयी और माँ से तमाचा भी खा लिया, रोटी हुई भाग गयी, खाना भी नहीं खाया...

दिल : राहुल जाके अपनी बहिन को देखो, कुछ भी हो तुम्हारी बहिन है, जाके उससे खाना देदो...

दिमाग : चुप!! पता है न क्या होगा यदि ऐसा किया तोह? और वैसे भी अंशिका है उसके साथ... वो कभी नहीं सुधरेगी, राहुल तू उससे इग्नोर कर, और ज़्यादा मुँह चलाये तोह एक थप्पड़ तू भी रसीद देना.

दिल : नाहीइ!!! नेहा का b'day है परसो, राहुल गिफ्ट खरीद के देना उसको अच्छा सा...

"तुम दोनों... शट उप!!!"

राहुल ने खीजते हुए अपने दिल और दिमाग को शांत किया.

तभी उससे याद आता है की तनीषा दी से बात नहीं हुई है और 2 मिस्ड कॉल्स उनके भी थे फ़ोन पर, राहुल फौरन तनीषा को कॉल लगाता है.

राहुल : hello?

तनीषा : अब याद आयी मेरी?

राहुल : दी!! I'm रियली सॉरी, आज बहुत बिजी था.

तनीषा : हां हां... अब अपनी इस दी से मैं भर गया होगा

राहुल : डीई... ये किसी बातें करती हो

तनीषा (रूठ ते हुए) : क्या गलत कहा...

फिर राहुल आज जो भी हुआ सब कुछ बताता है पर मास्टर और ऋचा उसकी गफ है ये बात नहीं बताता...

तनीषा : ओह्ह्ह!! ये तोह अच्छा हुआ की तुम वह पहुँच गए राहुल... मुझे तुमपे नाज़ है. पर यदि तुम्हे कुछ हो जाता तोह??

राहुल : दी!! It's okay... आप बताइये आपने कॉल किया था...!?

तनीषा : हां वह, तुम नहीं आए न फिरसे ट्रीटमेंट के लिए तोह...

राहुल : दी में अब ठीक हु ऑलमोस्ट, थोड़े दिन और बस और फिर ये घाव ठीक हो जाएगा, में कल पक्का आपके पास आऊंगा प्रॉमिस!!

तनीषा : हम्म ठीक है...

राहुल : चलिए अब राखु?

तनीषा (धीमे से) : हम्म...

तनीषा : अच्छा सुनो...

राहुल : जी....

तनीषा (धीमे से) : लव you...mmmuuuaaahhhhh

और तनीषा शर्मा के कॉल कट कर देती है.

"ये दी भी ना...", राहुल मंद मंद मुस्कुराता हुआ मैं में अपनी तनीषा दी के भोलेपन के बारे में सोचने लगता है की तभी उसके रूम का दरवाज़ा खुलता है और निशा अंदर आके दूर को लॉक कर देती है...

दिमाग : ओह्ह्ह सहित!!! तू गया राहुल अब, माँ को कैसे फेस करेगा अब?

दिल : राहुल डरो मत, बस माँ से कुछ मत छिपाना और उन्हें प्यार करो बस

निशा बीएड के पास आके राहुल के बगल से बैठ जाती और उसके सर पर हाथ फेरती हुई कहती है...

निशा : बेटू सोये नहीं अभी तक??

राहुल : माँ बस सोने hi जा रहा था

निशा : अच्छा! वो... आज नेहा जिस तरह से पेश आयी, तुम दिल पे मत लेना बिलकुल भी उसकी बातें बेतु. ज़्यादा बोलेगी तोह में जुबां नोच लुंगी उसकी

राहुल : माँ... ये क्या... वो अनजान है साड़ी बातो से. और क्या कहा था मेने आप सबको उस दिन?? आप लोगो को उससे ढेर सारा प्यार देना है. वर्ण मेरे किये कराये पर पानी फिर जाएगा. आप लोग ऐसा करके सच उजागर कर देंगे. और सब बिगड़ जाएगा... समझ रही है न आप.

निशा : हां बेतु!! में आगे से ध्यान रखूंगी...

राहुल : जाइये आप उससे खाना खिलवा दीजिये...

निशा : मेने वंशु को बोल दिया है वो प्लेट लेके गयी है उससे खिलाने

तू बुरा तोह नहीं माना न?

राहुल : थोड़ा बुरा लगता है माँ दिल में बूत जब सोचता हु की ये सब किस लिए किया है और इसका परिणाम क्या होगा तोह खुद को शांत कर लेता हु.

निशा फौरन राहुल के माथे पर चुम्बन कर देती है ...

"ाआल्ले मेला बेतु..."

अभी निशा राहुल के चेहरे पर हाथ फेर के उसको निहार रही थी की उसके मुँह से अनायास hi निकल गया,

"आज भी पीना है मम्मी

का दुद्दू??"

"K...ky...kya??" , राहुल ने फौरन निशा की तरफ पलट के आश्चर्य होते हुए पूछा

राहुल के इस रिएक्शन से निशा थोड़ी झेप सी गयी, क्युकी पिछली बार राहुल तब हलकी नींद में था और निशा ने अपना स्तनपान करवाया था राहुल को.

पर आज राहुल पूरे होशो हवास में था और ऐसे अचानक रिएक्शन से निशा थोड़ी घबरा गयी की उसके मुँह से ये क्या निकल गया.

"Me...mera...mera मतलब है दूध पीना है क्या बेतु? तोह ले औ?" ,

निशा ने फौरन बात को संभालते हुए कहा.

राहुल भोंदू नहीं था. उससे सब समझ आ गया था की अभी अभी उसकी माँ क्या करने जा रही थी और किस दूध की बात कर रही थी. पर कही न कही राहुल के अंदर के मैं से एक आवाज़ ये ज़रूर कह रही थी की उससे निशा के

दूध का रास फिरसे पीना चाहिए.

ईविल मंद : सोच क्या रहा है राहुल? बोल दे की मुझे आपका दूध पीना है..

बोल de...bol...

राहुल बिना कीच सोचे समझे निशा को देख उसके मुँह से अचानक hi निकल जाता है,

"मुझे... मुझे आपका दूध पीना है"

8-10 सेक् के लिए मानो सन्नाटा सा छ गया था कमरे में, और दोनों बस एक दूसरे की आँखों में देख रहे थे.

राहुल (मैं में) : ओह्ह सहित!! अबे ये क्या बोल दिया मेने... क्यों? कैसे?

निशा भी स्तब्ध सी राहुल को देख रही थी की तभी उसकी सोच ने अपना हमला किया...

निशा (मैं में) : सोच क्या रही है निशा? यही सही मौका है, देख न...

तेरा बेतु आज पहली बार तुझसे खुद कह रहा है की उससे तेरा दूध पीना है, ये मौका मत गवाना. देख! अभी तोह होश में भी है वह... जा अपना दूध पीला दे अपने बेतु को... इस से बेहतर मौका कभी नहीं मिलेगा, जा...

और निशा उठ के राहुल के और समीप आ जाती है और हाथो से उसका चेहरा सहलाते हुए,

"बेतु को दूदू पीना है?? ठीक है अभी पिलाती है अपने बेतु को..."

"सहित सहित सहित!!! ये क्या कर दिया मेने? में बेवक़ूफ़ हु सही में बहुत बड़ा वाला... सहित!!" , राहुल मैं में बस खुद को कोसे जा रहा था.

पर अब क्या? अब तोह बहुत देरर हो चुकी थी. वो कहते है न जुबां से निकले शब्द तीर की तरह होते है. एक बार निकल गए तोह वापस नहीं आते.

निशा राहुल को लिटा के खुद साइड से लेत के अपना पल्लू हटाती है.

इस वक़्त वो हलकी पिंक कलर की साड़ी में थी. अभी तक उसने चेंज नहीं किया था. और पल्लू हटा के निशा अपने ब्लाउज की बटन्स खोल देती है.

और ब्रा को नीचे कर के अपने गोर गोर मुलायम स्तनों को राहुल के सामने रख देती है.

राहुल तोह बेचारा बस हैरान हुए देखता जा रहा था. क्या दूध थे. पिछली बार ध्यान से देख नहीं पाया था.

और निशा फौरन राहुल का सर पकड़ के अपना दाया दूध उसके मुँह में घुसेड़ देती है और इसी के साथ उसकी एक हलकी सिसकी निकल जाती है,

"Ssssssssssssssssssss"

बड़े hi प्यार से पुचकारते हुए राहुल के बालो में हाथ फेरते हुए निशा कहती है,

"पी ले बेतु, इनमे दूध तोह नहीं है. पर स्वाद ज़रूर मिलेगा तुझे, अच्छे से चूसना हां? मेरा बेतु.... माँ तुमको बहुत प्यार करती है..."

निशा बेचारी जितना हो सकता था उतना प्यार उजागर कर रही थी. उसके लिए ये परम आनंद था. बस ऐसे hi वह अपने बेतु के साथ पल गुज़ारना चाहती थी.

मुलायम दूध और निप्पल को मुँह में ठूसे हुए राहुल शॉक में था कुछ समझ नहीं आ रहा था उसकी.

पर जब आपके मुँह में कोई ऐसे दूध दाल दे और आप अपना मुँह न चलाओ, ऐसा कभी हो सकता है क्या?

राहुल ने थोड़ी देरर बाद अपनी हरकत चालु की और धीरे धीरे दूध को चूसने लगा. आज उससे भी बड़ा आनंद मिल रहा था. और कभी कभी बीच में वो निप्पल को काट भी लेता.

"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhh

हाय मेरा बेतु... इतनी प्यास थी? ले पी ले, रोज़ पी लिया कर अपनी मम्मी का दूदू ठीक? मेरा बच्चा... "

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निशा झुक के राहुल के माथे को चूमने लगती है और लगातार उसके बालो में हाथ फेरर रही थी.

राहुल अब बस दूध पे फोकस कर रहा था. आज इतना मज़ा उससे कभी भी नहीं आया था. धीरे धीरे मदहोश होक उसका एक हाथ निशा की नंगी कमर पे चला गया तोह निशा ने उसका हाथ उठा के अपने दुसरे नंगे दूध पे रख दिया और दबाने लगी.

"Aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhhhhhhhh

ऐसे hi बेतु.... चूस ले मेरा बच्चा

Ssssssssssssssssssss haaaaaaaaaaaaaaa

मेरा बेताआआआ mmmuuuaaahhhhhhhhhh"

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अभी दोनों माँ बेटे मदहोशी में थे की अचानक दरवाज़ा खत खटाने की आवाज़ हुई और निशा हड़बड़ा के फौरन अपना ब्लाउज सही करने लगी.

आवाज़ से राहुल भी फौरन उठ के बैठ गया और थोड़ा घबरा गया. निशा ने कपडे सही कर के गेट खोला तोह बाहर वंशु कड़ी हुई थी...

निशा को राहुल के कमरे में देख के,

"Chachi...aap यहाँ?"

निशा : हां वो में बीटा राहुल को समझा रही थी की बुरा नहीं मान न नेहा की बातो का...

राहुल बेचारा शर्मा गया इस बात पर क्युकी वही जानता था उसकी माँ उससे कैसे समझा रही थी

वंशु : ओह्ह!! वो चची मेने और छोटी ने मिलके नेहा को खाना खिलवा दिया है.

निशा : अच्छा किया!! में... में अब चलती हु, तुमलोग भी सो जाओ.

वंशु : जी चची

और निशा वह से नीचे निकल जाती है. वंशु कमरे में एंटर कर गेट लॉक कर देती है अंदर से और सीधा आके राहुल के बगल से लेत जाती है.

वंशु : कुटी बुरा लगा आज नेहा की बातो से?

राहुल : it's okay दी!

वंशु : तुझे बुरा लगे तोह तू मेरे पास आया कर... मेरे पास उसका इलाज है.

राहुल : अच्छा ? और क्या है वह?

तभी वंशु उठ के राहुल के होठ चूमने लगती है,

"मम्मूउउउआअह्हह्ह्ह्ह ममममममममम उउउउम्मम्मम्म"

और ऐसे hi दोनों रात में हलकी फुलकी मस्ती करके सो जाते है.

अगली सुबह राहुल उठता है और फ्रेश होक चाय नाश्ता कर के सीधे कॉलेज निकल जाता है. आज कोई भी कंपनी नहीं आने वाली थी. पर राहुल का आज कॉलेज जाने के पीछे कोई और hi मक़सद था.

राहुल मास्टर चेन को कॉल लगाता है,

राहुल : hello? हां मास्टर...

मास्टर : कहो राहुल..

राहुल : मास्टर उस लकी के बारे में पुलिस वालो को कुछ पता चला क्या?

मास्टर : राहुल तुम्हारे वीडियो में लकी नहीं था और होता भी तोह मास्क पहना होता. रोहित के कहने पर पुलिस वाले लकी के घर पे गए थे उससे अरेस्ट करने पर उसके बाप ने ये कह के उन्हें भगा दिया की किसी और के कहने पे आप मेरे बेटे को अरेस्ट नहीं कर सकते. जब तक कोई प्रूफ न हो तब तक मेरे बेटे से कोई पूछ ताछ नहीं की जाएगी. और शायद उसने पहचान लगाके अभी के लिए लकी को बचा लिया है. पर तुम कहो तोह में अभी उससे सलाखों के पीछे भिजवा दू... उसके बाप से कही ज़्यादा पहचान मेरी है.

राहुल : आपके कनेक्शंस पे मुझे पूरा विश्वाश है मास्टर. आप निश्चिन्त रहिये. उससे तोह में खुद सजा दूंगा. छुप लेने दीजिये उससे. में उसके लिए स्पेशल प्लान तैयार करूँगा.

मास्टर : ठीक है! जैसा तुम्हे ठीक लगे, कोई भी मुसीबत हो मुझे फौरन बताना...

और फिर कॉल कट हो जाता है.

राहुल सीधा फिर लकी की क्लास में एंटर करता है. अभी पहले पीरियड स्टार्ट होने में थोड़ा टाइम था पर स्टूडेंट्स सभी लगभग आ चुके थे.

राहुल अपने जेब में हाथ डाले क्लास में एंटर करता है तोह सभी 1सत ईयर के स्टूडेंट्स उससे देखने लगते है.

राहुल : लकी कहा है?

सभी लोग शांत रहते है और एक दूसरे को देखने लगते है.

नेहा और निकिता भी बीच की रौ में बैठी हुई थी और राहुल को देख रही थी. और सोच रही थी की क्या बात हो सकती है. बाकी कुछ बच्चे राहुल को जानते थे की वो सीनियर है और नेहा का बड़ा भाई है पर बहुत से ऐसे बच्चे थे जो राहुल को नहीं जानते थे और उससे जूनियर hi समझ रहे थे.

कुछ 1सत ईयर की लड़किया राहुल को देखते hi अत्त्रक्ट हो रही थी. और अलग अलग कमैंट्स एक दूसरे को पास कर रही थी, "हाय कितना हॉट बाँदा है" "हां य्र्र कोण है ये? मेने इससे पहले कभी नहीं देखा" "अपने कॉलेज का है?" "अरे सीनियर है क्या? " "मस्त हैंडसम है य्र्र"

इधर आज लकी नहीं आया था. ज़ाहिर सी बात थी वो अभी अंडरग्राउंड हो गया था. सारे मटर से बचने के लिए उसके बाप ने उससे थोड़े दिन छुपे रहने की सलाह दी.

लकी के कुछ नए चेले वही आपस में बातें कर रहे थे और राहुल के ऐसे बर्ताव से गुस्से में आ गए. लकी उनका बॉस था. और एक अनजान लड़का उनके बॉस को कोई इज़्ज़त नहीं दे रहा था. तोह फौरन उनलोगो ने बहस शुरू कर दी,

लड़का 1 : कोण है बे तू? यहाँ क्या कर रहा है?

राहुल : मेने पूछा लकी कहा है?

लड़का 2 : इधर आ में बताता हु.

और वो लड़का अपनी बेल्ट उतार के हाथ में बाँध लेता है. और राहुल को ऊँगली से इशारा कर बुलाने लगता है.

राहुल भी बिना डरे जेब में हाथ डाले उसके पास जाने लगता है...

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आज के लिए इतना hi गाइस!

थैंक्स फॉर रीडिंग!

दो लीव योर लाइक्स एंड रेविएवस.
 
अपडेट - 35

अब तक...

लड़का 1 : कोण है बे तू? यहाँ क्या कर रहा है?

राहुल : मेने पूछा लकी कहा है?

लड़का 2 : इधर आ में बताता हु.

और वो लड़का अपनी बेल्ट उतार के हाथ में बाँध लेता है. और राहुल को ऊँगली से इशारा कर बुलाने लगता है.

राहुल भी बिना डरे जेब में हाथ डाले उसके पास जाने लगता है...

अब आगे...

राहुल बेफिकर होक उस लड़के के पास पोहचता है.

लड़का बेल्ट को हाथ में बांधते हुए,

"ज़्यादा अकड़ चढ़ी है तुझमे हां?"

लड़का अपनी गैंग के साथ में था और राहुल अकेला, इसलिए लड़के को किसी बात का डर नहीं था. यदि वह राहुल को आज मज़ा चखाता है तोह हो सकता है लकी खुश होक उससे कुछ गिफ्ट भी दे बाद में.

ये बात सोच के वो राहुल को मारने के लिए उतावला होने लगता है.

लड़का 2 (बेल्ट बाँध के) : क्या काम है तुझे लकी बॉस से?

राहुल : ओह्ह्ह्हह!! तोह तू लकी के चूज़ों में से एक है!??

लड़का ये सुन्न भड़क जाता है,

"साले तेरी ये मजाल!?"

और लड़का एक बेल्ट से बंधा हुआ मुक्का राहुल के फेस की तरफ फुल स्पीड में मारता है...

राहुल मुक्के को साइड हट के डॉज कर लेता है और अपना राइट परर उठा के एक लात उसके सीने में जोरर से मारता है.

*Pooooooooooowwwwwwwww*

एक लात खा के लड़का सीधे हवा में उड़द के पीछे थोड़ी दूर जाके गिर जाता है.

*सन्नाआआताआआ*

पूरी क्लास बस राहुल और नीचे पड़े लड़के को बारी बारी देख रही थी.

क्या हुआ अभी अभी? एक लात और लड़का ढेर? ऊपर से कमाल की बात ये की राहुल के हाथ अभी भी जेब में hi थे.

जैसे मानो वो लड़का किसी मच्चर की झात की तरह था राहुल के लिए. आखिर ये बाँदा कितना पावरफुल है? सब बस यही सोच रहे थे...

घनघोर बेइज़्ज़ती!!! वो भी साड़ी क्लास के सामने. जितना भी ऐटिटूड था उस लड़के में राहुल ने एक लात मार के पूरी धजिया उड़ा दी उसकी साड़ी क्लास के सामने.

राहुल : चूज़ों से बात करना मेरा काम नहीं है. ये बता तेरा बॉस कहा है? और उससे यहाँ लेके आ...

लड़का 2 बेचारा लात खाने के बाद उसके सीने में तेज़्ज़ दर्द उठ गया और वो उठ के साइड में बेंच पे अपना सीना पकड़ के बैठ गया.

लड़का 1 (दररते हुए) : aee..ae..dekho... तुम क्लास में आके ऐसे गुंडागर्दी नहीं कर सकते समझे?

राहुल (एक हाथ जेब में से निकाल के और लड़के 1 का गाला पकड़ते हुए) : देख! मुझे इस से फरक नहीं पड़ता तुमलोग कोण हो और क्या करते हो, सीधे सीधे ये बता तेरा बॉस लकी कहा है?

नेहा और निकिता भी शॉकेड होक बस सामने हो रहे एक्शन को देख रही थी.

तीसरा लड़का ये देख के राहुल की तरफ बढ़ता है अपने दोस्त को बचाने के लिए पर इस से पहले की वो अपना हमला कर पाटा उसकी आँखों के सामने धुन्धलेपन छा गया...

दरअसल जैसे hi वो आगे बढ़ा एक लात उसके सीने में पड़ी और वो हवा में उड़द के पीछे की दिवार से भीड़ गया जिसके कारण उसको सर पर चोट लग गयी और चकार सा आने लगे...

निकिता (धीरे से) : देख नेहा! ी थिंक पक्का कोई बात है, राहुल भैया आज बहुत गुस्से में लग रहे है, तू कुछ गड़बड़ मत करना, बस शांत रहना okay?

नेहा (ना में सर हिला के) : आज इसने कुछ किया तोह में इससे छोड़ूंगी नहीं, क्या सोचता है? जो ये चाहेगा वो hi होएगा? में बताउंगी इसको...

लड़का 1 का गाला राहुल के हाथो में था और राहुल धीरे धीरे अपनी गृप टाइट करता जा रहा था. बाकी लड़के फटी के मारे कुछ बोल hi नहीं पा रहे थे.

राहुल लड़के को गाला पकड़ के एक हाथ से ऊपर उठाने लगता है...

राहुल : में ज़्यादा देरर नहीं रुकूंगा..

लड़का 1 : मुझे नई ....ुघ्हहह... मुझे नहीं पता... ुघ्हहहह ाआररररह्ह्ह्ह चोरर दो mujhe...aarrrghhhh....

लड़का राहुल का हाथ चुराने का अथक प्रयास कर रहा था पर राहुल का हाथ तोह मानो किसी रोड की तरह मज़बूत और सख्त था.








राहुल का पूरा हाथ अब ऊपर था, और लड़का नीचे परर चलाते हुए छटपटाने लगा. बिलकुल वैसे hi जैसे एक मछली पानी से बाहर आकर छटपटाती है.

ये दृश्य देख के तोह मानो सबकी हालत hi खराब हो गयी. सबने मूवीज में तोह ज़रूर देखा था ऐसा पर आज जब असल में देखा की कैसे राहुल ने एक हाथ से लड़के का गाला पकड़ के हवा में उठा दिया तोह सबकी सांस hi अटक सी गयी मानो.

"Aarrrghhhh....ughhhhhhhhhh"

लड़के से अब सेहन नहीं हो रहा था

की इतने में एक तेज़्ज़ आवाज़ आयी,

"चोरर दो उससे......"

राहुल ने पलट के देखा तोह नेहा कड़ी होक बहुत गुस्से में देख रही थी.

और राहुल ने उस लड़के को चोरर दिया, लड़का धड़ाम से निचे गिरा और खासते हुए अपना गाला सहलाने लगा

झुकते हुए राहुल ने उसकी कल्लोर पकड़ के कहा,

"देख! में ज़्यादा बड़ा सन नहीं बनाना चाहता. नादान हो अभी. है न? पढ़ने आये हो तोह पढ़ो, लिखो, घर जाओ. ये फ़ालतू की दादागिरी जब दिखाते हो न तोह मेरा बड़ा दिमाग खराब होता है. इसलिए फिर तुम जेसो को सच्चाई का चेहरा दिखाना पड़ता है. अब देख लिया न सच्चाई का चेहरा? चल! अब प्यार से बता, किधर है लकी"

लड़का (खासते हुए) : mu...mujhe *कुघ* *कुघ* मुझे नहीं पता. हम कल से कॉल कर रहे है *कुघ* पर...

लकी भाई ने कॉल नहीं उठाया एक भी बार *कुघ* हम उनको इतना नहीं जानते, अभी अभी उनसे पहचान हुई hai...*cough* मुझे उनका घर भी नहीं पता....

और राहुल फिर उससे चोरर देता है और क्लास के बाहर आ जाता है. अंदर क्लास में सब हक्के बक्के रह गए थे की अभी अभी क्या क्या हो गया. कुछ घबराए हुए थे तोह कुछ लड़किया राहुल की तरफ उसकी फाइट देख के अत्त्रक्ट हो गयी थी.

इधर क्लास में...

निकिता (मैं में) : राहुल भैया!! कितने स्ट्रांग हो गए है, जब लास्ट बार उन्हें देखा था तोह.... अब समझ आया मुझे, की राहुल भैया ने ऋचा दी को कैसे बचाया होगा, हाय मेरी दीदी कितनी लकी होंगी यदि राहुल भैया ने उनको अपना लिया तोह... में फिर लाइफटाइम उनके टच में रहूंगी ...

और वो लड़का ज़मीन से उठ के खासते हुए नेहा को देखता है...

"तुम्हे... तुम्हारा भाई पागल है नेहा, जानवर एकदम"

उसकी बात सुन्न नेहा जो पहले से hi गुस्से में थी और भड़क जाती है,

"हां तोह है पागल! क्या करू में? जा के उसी के सामने कहो ये बात, मुझे फ़ालतू मत पकाओ"

राहुल के सामने जाके ये बोले की वो पागल है. उस लड़के के मैं में ख़याल आते hi गांड फटने लगती है. और वो जाके पीछे बैठ जाता है की इतने में टीचर भी आ जाता है और फर्स्ट पीरियड स्टार्ट हो जाता है.

इधर क्लास के बाहर...

राहुल (मैं में) : तोह ये लकी नहीं आया... वैसे देखा जाए तोह ज़ाहिर सी बात है अभी कुछ दिनों तक वो छुप के रहेगा. सोचा था इन् चलो को कुछ खबर होगी, पर शायद ये नए नवेले है अभी. कोई बात नहीं!! कब तक छुपेगा? बिल से घसीट के खोज निकलूंगा तुझे तोह लकी में... तूने मेरी गफ पे नज़र दाल के बहुत बड़ी गलती कर दी है, उस से भी बड़ी बात तूने एक नारी की इज़्ज़त लूटने का प्लान बनाया. तुझे तोह में देख लूंगा...

और राहुल अपनी बाइक पे सवार होक तनीषा के हॉस्पिटल चल देता है.

हॉस्पिटल पहुँच के राहुल सीधा केबिन में जाता है जहा तनीषा अभी कुछ काम में व्यस्त थी.

राहुल (गेट नॉक करते हुए) : एहम एहम क्या में अंदर आ सकता हु...

तनीषा (नज़र उठा के) : राहुल?? अच्छा बीटा... तुम कब से ऐसे परमिशन लेने लग गए??

राहुल : हहै!!! जस्ट किडिंग!

तनीषा : आइये बैठिये जनाब...

राहुल अंदर आके बैठ जाता है और पहले तनीषा बिना कुछ बोले राहुल का ज़ख्म चेक करती है जो की 85% हील हो चूका था.

सारा ट्रीटमेंट करने के बाद तनीषा उसका हाथ थामते हुए कहती है,

"राहुल! मुझे माफ़ करना में बात को बिना समझे कल तुम पर नाराज़ हो गयी, जबकि तुम तोह इतने बड़े हादसे को होने से बचा रहे थे... सो, I'm रियली सॉरी!"

राहुल (तनीषा का हाथ थामते हुए) : बस कर दिया न पराया सॉरी बोल के.. वो भी इतनी छोटी सी बात पे

बदले में तनीषा मुस्कुरा देती है.

दोनों बस एक दूसरे की आँखों में खोये हुए थे. की इतने में तनीषा उठ के राहुल की गॉड में आके बैठ जाती है.





और आंखें बंद करके उसके होंठो की तरफ बढ़ती है...

"Mmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmmm"





और दोनों मीठी किश में दुब जाते है

थोड़ी सी किश के बाद राहुल उससे दूर करता है,

"यहाँ पे कोई भी देख सकता है दी"

राहुल की बात सुन्न तनीषा दूर हो जाती है,

"मेने पीएचडी करने की सोची है राहुल, इसलिए यदि में शहर से बाहर जाऊ तोह मुझे उसके पहले अपना गिफ्ट चाहिए"

तनीषा की बात सुन्न राहुल भी शर्मा जाता है, उससे पता था तनीषा किस गिफ्ट की बात कर रही थी. पर राहुल उससे स्पेशल बनाना चाहता था.

राहुल (शर्माते हुए) : जी ज़रूर दी, में वो दिन स्पेशल बनाना चाहता हु, इसलिए प्लानिंग की है मेने उस दिन के लिए.

राहुल की बात सुन्न अब तनीषा भी शर्मा जाती है.

तनीषा (राहुल के सीने में सर रखते हुए) : में तुमसे कुछ कहना चाहती हु

राहुल : कहिये न

तनीषा : देखो मुझे पता है तुम्हारी आगे चल के शादी हो जाएगी किसी और लड़की से, पर में ये चाहती हु की तुम कभी भी मुझे न भूलो, और अपने इस दिल में मेरे लिए थोड़ी जगह बना के रखना

राहुल : ये आप किसी बातें करती हो दी. में आपको बहुत प्यार करता हु, ी क्नोव आप को किस बात की टेंशन हो रही है, पर आप मुझपे भरोसा रखिये, आप को कभी भी शिकायत का मौक़ा नहीं देगा ये राहुल...

तनीषा : ी क्नोव...

ऐसे hi थोड़ी देरर दोनों एक दूसरे से चिपके रहते है

थोड़ी देरर बाद...

राहुल : चलिए दी, चलता हु, कल नेहा का b'day है

तनीषा : ओह्ह्ह! हैप्पी बर्थडे तो हेर इन एडवांस!

राहुल : हम्म!! उसने आपको बुलाया नहीं होगा...

तनीषा : ऑब्वियस्ली! वो मुझ से उतना फेमिलिअर कहा है, तुम्हारे घर में सिर्फ तुम्हारी माँ hi जानती है मुझे अच्छे से. बाकी लोग इतना फेमिलिअर नहीं है.

राहुल : हनन!! ठीक है दी! में चलता हु... Bye!!

और राहुल फिर वह से निकल जाता है, रास्ते में अभी अपनी बाइक पे सवार राहुल चला जा रहा था की उससे ध्यान आया की कल b'day के लिए क्या गिफ्ट दे नेहा को? वैसे भी वो लेगी तोह है नहीं पर किसी और के हाथ से दे सकता है वह, जैसे की अंशिका अपनी तरफ से उसका गिफ्ट देदे, ऐसा करने से नेहा को पता नहीं चलेगा.

राहुल फौरन अपनी बाइक को उसी पुराणी वाली गिफ्ट शॉप में लगा देता है जहा से उसने तनीषा के लिए पांडा वाला सॉफ्ट तोय लिया था.

राहुल दूकान में आके,

राहुल : अंकल! मुझे अच्छा सा गिफ्ट दिखाइए एक 1सत ईयर की कॉलेज की लड़की के हिसाब से.

दुकानवाला : अरे बीटा!! आज फिरसे गफ के लिए गिफ्ट लेने आए हो क्या?

राहुल : नहीं अंकल! आज बहिन के लिए गिफ्ट लेने आया हु ः

दुकानवाला : अच्छा! केसा गिफ्ट चाहिए बताओ? वाच? फोटो फ्रेम? सॉफ्ट तोय? बरोथेर सिस्टर गिफ्ट्स? फोटो कुशीओंस? या फिर नया माल दिखाऊ?

राहुल अभी सोचने लगता है तभी उससे कुछ साल पहले की बात याद आ जाती है की नेहा ने एक बार ज़िद्द करि थी बहुत बड़े सॉफ्ट तोय के लिए, पर महंगे होने के कारण उस वक़्त घरवालों ने नहीं दिलाया था.

राहुल : अंकल सबसे बड़ा सॉफ्ट तोय कोनसा होगा आपके यहाँ?

दुकानवाला : एक मिनट बीटा...

और दुकानवाला अंदर चला जाता है और फिर एक बहुत बड़ा टेडी लेके बहार आता है जिससे देख के राहुल भी घबरा जाता है...

दुकानवाला : ये है बीटा!! ये है 150 कम का मेरी दूकान में अवेलेबल सबसे बड़ा टेडी. ये तुमको 10,000 में पड़ेगा. ये आर्चिज का क्वालिटी प्रोडक्ट है ः

राहुल : ये तोह बहुत बड़ा है अंकल और 10,000????...

दुकानवाला : हां तोह? देके देखो! न पसंद आए उससे तोह में वापस रख लूंगा और तुम्हारे पैसे भी रेतुर्न. बोलो क्या बोलते हो? ः.. में 100% सूरे हु उससे पसंद आएगा हाहाहाहा...

राहुल : जी ठीक है पर इससे पैक कैसे करेंगे आप? और में लेके कैसे जाऊंगा?

दुकानवाला : ऊपर से व्रैप कर दूंगा और तुम एड्रेस बता दो, में डिलीवर करवा दूंगा...

राहुल फिर एड्रेस लिखवा देता है और फिर और गिफ्ट्स देखने लगता है.

दुकानवाला : और कुछ चाहिए बीटा? बताओ?

राहुल : हां अंकल कुछ चॉकलेट्स देख रहा था...

दुकानवाला : एक बुके बना दू? चॉकलेट्स वाला?

राहुल : चॉकलेट्स का बुके?

दुकानवाला : हां!!

राहुल : ठीक है अंकल! पर अंदर चॉकलेट्स में फरेरो रोचेर डालना आप

दुकानवाला : ठीक है बीटा...

और फिर दुकानवाला एक अच्छा सा बुके बनाता है जिसमे कई साड़ी फरेरो रोचेर डाली हुई थी.

दुकानवाला : ये लो बीटा! ये तुम्हारा 1,500 का है... अब बताओ और क्या?

राहुल : बस अंकल! इतना बहुत है. आप ऑनलाइन पेमेंट ले लेंगे न?

दुकानवाला : हां हां बीटा ज़रूर!

फिर राहुल पाय कर देता है, अब उसके अकाउंट में सिर्फ 3,500 रुपये थे, ये सारे राहुल की सेविंग्स के पैसे थे, जिसमे से 11,500 उसने आज गिफ्ट के लिए खर्च कर दिए. टेडी वाक़ई बहुत महंगा था.

और राहुल अपनी बाइक उठा के चल देता है. घर आके वो बुके को अपने रूम में रख लेता है. और फिर अंशिका के पास जाता है, कल एक बड़ा दिन था. उसकी बहिन नेहा का b'day, और एक यादगार दिन जो राहुल अपनी ज़िन्दगी में कभी नहीं भूल सकता. इसलिए नहीं की नेहा का b'day था बल्कि इसलिए भी क्युकी 4 साल पहले इसी दिन से राहुल की ज़िन्दगी पूरी तरह से बदल गयी थी.

राहुल : क्या में अंदर आ सकता हु?

अंशिका : भाई आप? आइये न...

राहुल अंदर आके अंशिका के साथ बीएड पे बैठ जाता है,

राहुल : कल नेहा का b'day है, तुमने गिफ्ट ले लिया उससे देने के लिए?

अंशिका : अभी नहीं भाई, शाम को में और दी जाएंगे गिफ्ट्स लेने.

राहुल : हम्म! तुमसे एक काम है अंशु..

अंशिका : कहिये न भाई!!

राहुल : मेरा गिफ्ट भी तुम्ही देना. उस से कहना की ये तुम्हारी तरफ से है.

अंशिका : हम्म! ी क्नोव भाई, आप ऐसा क्यों कर रहे है, क्युकी वो आपके हाथो से गिफ्ट नहीं लेगी. में दे दूंगी उससे गिफ्ट...

राहुल (खुश होते हुए) : थैंक यू सो मच अंशु...

और राहुल उससे कस के हुग कर लेता है

बेचारी अंशु को जहा एक तरफ ख़ुशी थी राहुल के हुग करने से तोह वही दूसरी तरफ वो शर्मा भी रही थी, न जाने मैं में क्या सोच रही थी इस वक़्त?

कल एक ऐसा दिन था जिसमे क्या होने वाला है, कोई भी अनुमान नहीं लगा सकता था. कल का दिन शान्ति से गुज़रेगा या फिर कोई नया तूफ़ान लाएगा?

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आज के लिए इतना hi गाइस!!

ये अपडेट एक सपोर्टिंग अपडेट की तरह ह जो अगले अपडेट में हेल्प करेगा क्युकी अगले अपडेट में आपको बहुत कुछ देखने को मिलेगा

लाइक्स और रेविएवस करते रहिये

में और लगन के साथ उपदटेस देता रहूँगा!
 
अपडेट - 36

अब तक...

राहुल (खुश होते हुए) : थैंक यू सो मच अंशु...

और राहुल उससे कस के हुग कर लेता है

बेचारी अंशु को जहा एक तरफ ख़ुशी थी राहुल के हुग करने से तोह वही दूसरी तरफ वो शर्मा भी रही थी, न जाने मैं में क्या सोच रही थी इस वक़्त?


अब आगे...

तोह वह दिन आ hi गया. आज एक ख़ास दिन था. सुबह सुबह नेहा की नींद खुलती है तोह पाती है अंशिका उसके बगल से अभी भी बेसुध सी सो रही थी. कल रात में उसने नेहा को 12 बजते hi विश कर दिया था. और शायद रात में देरर तक जाग रहे थे दोनों. अभी घडी में 7 बजा हुआ था. पर आज नेहा अपना दिन यादगार बनाना चाहती थी इसलिए जल्दी उठ गयी ताकि ज़्यादा से ज़्यादा अपना दिन एन्जॉय कर सके.

नेहा फ्रेश उप होक सीधे नीचे की और चल देती है जहा उसकी माँ नाहा धो के निकली थी. निशा शुरू से hi सुबह जल्दी उठ के स्नान करती थी और पूजा कर के hi वो फिर नाश्ता तैयार करती थी. एक संस्कारी अर्धांगिनी जो थी. वो बात अलग है की अपने hi बेटे से मोहब्बतों के पैन खोलने में लगी हुई थी पर उसके अलावा वो ये सब नहीं भूली थी की वह एक शादी शुदा औरत है और उसका भी कोई कर्त्तव्य है जो उससे निभाना है

निशा नेहा को नीचे आते देख उससे गले लगा लेती है...

निशा : हैप्पी बर्थडे मेरी बच्ची !!

नेहा कुछ नहीं बोलती है.

तोह निशा उससे अपने से अलग कर,

"बेटा!! अब तक नाराज़ है मुझ से? यदि नाराज़ है तोह में माफ़ी मांगती हु, मुझे हाथ नहीं उठाना चाहिए था. मुझे माफ़ कर दे बीटा. पर आज के दिन नाराज़ मत रह. आज तेरा दिन है. में नहीं चाहती की तू उदास रहे"

नेहा का भी दिल पसीज जाता है, आखिर निशा उसकी माँ जो थी. निशा को गले लगाकर नेहा की भी आंखें नाम हो जाती है,

"माँ! It's okay! आप नहीं मारोगी तोह कोण मारेगा? माँ बाप का तोह हक़ है अपने बच्चो पर. और मेने भी आपको कितना बुरा कहा था. I'm सॉरी!! ी लव यू माँ!"

"मेरी बच्ची मममुआहहह", कहते हुए निशा नेहा का माथा प्यार से चूम लेती जय.





निशा : अच्छा सुन्न! तेरे पापा ने होटल क्सक्सक्सक्सक्सक्सक्सक्स में पार्टी राखी है. तू अपने फ्रेंड्स जिनको इन्विते करना है कर दे. फॅमिली वालो को में बोल दूंगी. टाइम 8 बजे का बोलना.

नेहा (ख़ुशी से) : व्हाट? ववववव!! ी लव यू माँ, ी लव डैड! ी लव बोथ ऑफ़ यू सूऊओ मच. थैंक यू! थैंक यू!!!

निशा : अरे अरे!! चल बस अब चोरर भी... मुझे नाश्ता बनाने जाने है बाबा.

और नेहा निशा को चोरर फिर बाहर मॉर्निंग वाक पे निकल जाती है. पर निशा जो की त्यों वही खड़े खड़े अभी अभी जो हुआ उसके बारे में सोच रही थी

कितनी खुश थी आज उसकी बेटी. बहुत दिनों बाद आज उससे ऐसे चेह चाहते हुए देखा तोह कितना अच्छा लगा. ी लव यू माँ और ी लव यू डैड तोह बोल दिया नेहा ने पर क्या ी लव यू भैया बोल पाती!? शायद कभी नहीं!? बेटी को खुश देख निशा की आँखों में पानी आ जाता है.

और निशा फौरन ऊपर जाके राहुल का दरवाज़ा नॉक करने लगती है तोह वंशु उठ के दरवाज़ा खोलती है जो अभी भी शायद हलकी नींद में थी.

वंशु (हलकी नींद में) : क्या.. क्या हुआ छाछीइ?? *यौन*

निशा : उठ जाओ बीटा, आज नेहा का b'day है और राहुल को भी उठा दो, फ्रेश होक आओ में नाश्ता बना देती हु तब तक.

वंशु : अरे हां!! में अभी उससे उठाती हु चची.

फिर दिन भर का टाइम ऐसे hi नोर्मल्ली बीता, नेहा ने अपने ख़ास फ्रेंड्स को इन्विते किया पार्टी में सम्मलित होने के लिए, वंशु और अंशु पार्टी में क्या पहने यही डीडे करती रही. निशा ने फॅमिली से लोगो को इन्विते कर दिया. राजेश भी आज जल्दी शाम को आ गए

अभी करीब 7 बजा था और सभी लोग तैयार होने में बिजी थे. तीनो लड़किया नेहा के रूम में सजने सवारने में लगी हुई थी. आज नेहा ने एक ओने पीेछे सिल्वर ड्रेस पहना हुआ था जो के लसलस था और उसके पूरे नंगे गोर गोर कंधे दिखाई दे रहे थे. और वो ड्रेस नीचे सिर्फ उसकी जांघ तक hi था.





वंशु ने एक रेड ड्रेस पहना हुआ था जो की लॉन्ग फ्रॉक की तरह था और पतली सी दो लास बस थी कंधो पर.





अंशिका ने एक क्रॉप टॉप और साथ में ट्राउज़र्स पहना हुआ था.

कुल मिलाके सभी बम लग रही थी.





वंशु : हाय मेरी बहिन!! कितनी सेक्सी लग रही है, आज तोह सब घायल हो जाएंगे तेरा ये रूप देख के

नेहा (शर्माते हुए) : क्या दी!! आप लोग ज़्यादा सुन्दर लग रहे हो... में कहा

अंशु : नहीं नेहु! दी सच कह रही है. आज तुम बहुत hi सेक्सी लग रही हो. आज लड़के तुमको hi तादेंगे हहै

इधर राहुल अपने कमरे में रेडी हो रहा था. अभी मैं में उथल पुथल मची हुई थी की क्या होने वाला है? क्या होएगा आगे? कही कुछ गड़बड़ तोह नहीं होएगी?

राहुल ने एक वाइट शर्ट पहना और साथ में एक ब्लेजर और उसकी मैचिंग का ट्रॉउज़र. आज बहुत hi हैंडसम लग रहा था अपना हीरो. बिलकुल सच मच का हीरो





अभी तीनो लड़किया नेहा के रूम से बाहर निकली hi थी की राहुल अपने कमरे से बाहर आया.

और सबकी नज़रे बस एक दूसरे को देखने में व्यस्त हो गयी. राहुल नेहा को इस रूप में देख के कुछ सेकंड तक जम्म सा गया तोह वही नेहा भी 2 -3 सेकंड तक राहुल को देखती रही. दोनों क्या सोच रहे थे इस वक़्त मैं में वो दोनों hi जानते थे और इस छोटे से पल में न जाने कितनी अनकही बातें रह गयी.

राहुल ने ावक्वार्डली दरवाज़ा बंद किया और नीचे चल दिया.

तीनो लड़किया भी बाद में उसके पीछे नीचे की और चल दी.

नीचे राजेश और निशा तैयार hi बैठे थे और राजेश तोह कॉल में व्यस्त था, होटल के मैनेजर से सारे अर्रंगेमेन्ट्स कन्फर्म कर रहा था.

निशा ने फिर इशारा किया और राजेश ने कॉल काटा और अपनी बेटी के पास आए

"मेरी बच्ची! विश यू ा वैरी वैरी हैप्पी बर्थडे"

नेहा थैंक यू बोल परर चुने के लिए आगे बढ़ी तोह राजेश ने फौरन उससे अपने गले से लगा लिया.

राजेश : और ये क्या? इतने छोटे कपडे?

नेहा (शर्माते हुए) : दाड़द्द!! आप और माँ ने hi तोह ये मुझे दिया है.

राजेश : हाहाहाहा!! में तोह मज़ाक कर रहा था मेरी बच्ची. फॅमिली फंक्शन्स में तुम ये सब पहन सकती हो, और मुझे पता है तुम लड़कियों को बड़ा पसंद है ऐसे कपडे पहन न, पर हां ये सब पहन के अकेले मत निकलना, खासकर की रात में. ये एक पिता की तरफ से अपनी बेटी के लिए रहे है. क्युकी तुम्हे भी पता है बीटा...

नेहा (राहुल की तरफ देखते हुए) : ी क्नोव डैड!! कुछ लोग दुनिया में बहुत खराब होते है.

निशा ने इस बार फिरसे गौर कर लिया था की नेहा ने क्या किया अभी अभी पर उसने इस बार कुछ नहीं बोलै. बस चिंतित नज़रो से राहुल को देख रही थी जो की शांत खड़ा हुआ था.

राजेश : करेक्ट!! मेरी तरफ से कोई मनाही नहीं है बच्ची. बस संभल कर पहना करो ये सब. और हां अभी तुम्हारा मैं सरप्राइज तोह बाकी है.

नेहा : क्या? अब और क्या सरप्राइज बाकी है?

तभी निशा पीछे से आती है और नेहा की आँखों पर अपनी हथेलिया रख देती है और उससे बाहर ले जाने लगती है.

बाकी सब भी साथ में चल देते है.

और फिर बाहर आके निशा उसकी आँखों से अपने हाथ हटा लेती है...

नेहा : व्हाआआअत्ततत्तत्त??? Omg!!!

ये... ये...

राजेश : तुम्हे पसंद आयी?

नेहा (गले लगते हुए) : बहुत!! ी लव यू mom...dad...

सामने एक बहुत hi प्यारी सी स्कूटी थी. नेहा के पास शुरू से hi स्कूटी नहीं थी. रोज़ रोज़ निकिता के साथ पीछे बैठ के कॉलेज जाय करती थी आज उससे खुद के लिए एक स्कूटी भी मिल गयी. आज वाक़ई नेहा बहुत खुश थी. ये उसका अब तक का बेस्ट b'day था शायद

फिर सभी लोग कार में बैठ गए. राजेश ड्राइवर सीट पर, निशा सामने राजेश के बगल वाली सीट पर और बाकी तीनो लड़किया पीछे की और बैठ गयी.

राहुल : डैड! आप सभी लोग पहुँचिये में बाइक से आता हु.

निशा : बेतु!! ये क्या बोल रहे हो, पीछे 4 लोग बन्न जाएंगे, तू अंदर आ, ऐसे अलग अलग नहीं जाएंगे हम

राजेश : हां बीटा! पीछे 4 लोग बन्न जाते है, तुम बैठो.

दरअसल गेट की तरफ नेहा बैठी हुई थी. और राहुल यदि बैठता तोह नेहा पक्का उठ जाती और दूसरी साइड जाके बैठ जाती. और फिर माहौल ावक्वार्ड हो जाता. पर राहुल भी दूसरी साइड नहीं बैठना चाहता था. राहुल ने भी आज कुछ सोच लिया था.

राहुल : डैड! प्लीज!!! आप जाइये! में आता हु न

निशा (चिंतित स्वर में) : पर बेतु...

राहुल : माँ प्लीज!!

राजेश : अच्छा ठीक है. हम चलते है तुम जल्दी पहुँचो बाइक से

राहुल (मुस्कुराते हुए) : आप बहुत समझदार है डैड!

राजेश भी समझ गया था की राहुल क्या कहना चाह रहा है. बदले में वो भी मुस्कुरा देता है पर एक दर्द ज़रूर छुपा था उस मुस्कराहट के पीछे.

और राजेश और बाकी सब कार में बैठ के निकल जाते है. और हुआ वही, महुअल ावक्वार्ड हो गया. वंशु और अंशु राहुल के बारे में सोच रही थी और निशा और राजेश भी. नेहा hi बस थी जिसको कोई फरक नहीं पद रहा था.

सभी लोग होटल पॅहुचते है और राहुल भी अपनी बाइक पर सवार बाद में होटल पहुँच जाता है.

अंदर एक बड़ा हॉल राजेश ने पहले hi बुक करवा लिया था, अभी कुछ लोग आ चुके थे और कुछ लोग आने बाकी थे. ऋचा की फॅमिली, और अंशु वंशु की फॅमिली, नेहा के कॉलेज फ्रेंड्स बस यही लोग आमंत्रित थे पार्टी में.

एक 3 लेवल वाला केक था, चॉकलेट फ्लावोरेड और सभी मेहमानो के आ जाने के बाद, नेहा ने केक काटा और धूम धाम से उसका b'day सेलिब्रेट किया गया.

एक बड़ी सी टेबल थी, और सारे लोग उसी के इर्द गिर्द अपनी अपनी चेयर्स पर बैठे हुए थे. वेटर्स खाना खुद hi प्लेट पर सर्वे कर रहे थे और डिशेस भी ला रहे थे. कुल मिलाके नवाबो वाली फीलिंग आ रही थी सबको. खाना इतना अच्छा की सब खाने पे ज़्यादा फोकस्ड थे.

खाने पीने में जब सब लोग लगे हुए थे और गप्पे लड़ा रहे थे. राहुल भी बैठा हुआ एक चेयर पे अपना खाना खा रहा था की उससे अपने परर पर कुछ फील हुआ. राहुल के सेंसेस बहुत hi शार्प थे, उसने तुरंत टेबल के नीचे झाँक के देखा तोह पाया की एक परर उसके पेर्रो को टटोल रहा था.

और नज़रे उठा के जब उसने सामने देखा तोह एक लड़की, नेवी ब्लू ड्रेस में, कंधे तक काले बाल, तीखे नैन, लाल होंठ और आँख मारते हुए राहुल को इशारा कर रही थी.





राहुल : *एहम*

लड़की बस स्पून को मुँह में लेकर अपनी जीभ निकाल के ऐसे चूस रही थी जैसे आइस क्रीम हो.





पर हां उसने बड़ी hi सही टाइमिंग से ये सब किया, जब उससे किसी ने देखा नहीं. और फौरन वो बाकी लड़कियों के साथ बातो में मगन हो गयी. पर बीच बीच में राहुल को टेढ़ी नज़र से ज़रूर देख रही थी.

राहुल (मैं में ) : अबे ये कोण है? पहले तोह कभी नहीं देखा!!? ये फॅमिली मेंबर तोह पक्का नहीं है. शायद नेहा की फ्रेंड होगी. पर ये क्या हरकते कर रही थी ये अभी अभी? सेडक्टिव?? देखना पड़ेगा इसको...

और सभी फिर खाना से फुर्सत होने के बाद थोड़ा बहुत बातो में मगन हो गए. आइस क्रीम और केक का लुत्फ़ लेते हुए सभी अपने अपने में बिजी थे और कुछ लोग डांस में लगे हुए थे, दज का भी प्रबंध किया गया था. सब लोगो को बिजी देख राहुल वाशरूम चला जाता है, वाशरूम से निकलते वक़्त उससे सामने hi वही लड़की दिख जाती है.

और दिवार से टिक के हाथ बांधे वो ऐसे कड़ी थे जैसे मानो राहुल का hi वेट कर रही हो.

राहुल बिना कुछ बोले उसके बगल से निकलने का प्रयास करता है पर...

पर ये क्या?

पीछे से लड़की उसका हाथ पकड़ लेती है.

राहुल (पलट कर) : हम्म??

लड़की : कहा जा रहे हो जनाब?

राहुल : दो ी क्नोव यू?

लड़की : न न न, आप हमे कैसे जान सकते हो?

राहुल (हाथ चढ़ाते हुए) : सीधे सीधे कहो क्या काम है?

लड़की (फिरसे हाथ पकड़ते हुए) : अरे अरे!! आप तोह गुस्सा हो गए.

*हाथ आगे बढ़ाते हुए*

मेरा नाम सिमरन है.

राहुल (हाथ मिलाते हुए) : I'm राहुल!! तोह बोलो क्या बात है?

सिमरन : अरे जब कोई बात होएगी तभी आपके पास कोई आएगा क्या? में तोह आपसे ru-ba-ru होने आयी हु.

राहुल : क्या मतलब?

सिमरन : अरे य्र्र! आपसे दोस्ती करने आयी हु जनाब. और आप है की कुछ सुन्न न hi नहीं चाहते.

राहुल : ओह्ह्ह्ह!! तोह वह स्पून को लीक करना भी इसी फ्रेंडशिप का हिस्सा था क्या?

सिमरन (शर्माते हुए धीरे से) : नहीं! वो toh...wo तोह किसी और चीज़ का हिस्सा था.

राहुल : हम्म??

सिमरन : kuch...kuch भी नहीं. दरअसल मेने आपको कल देखा था. पहली बार. हमारी क्लास में. क्या फाइट की थी आपने सच में यार, कसम से मज़ा आ गया था मुझे तोह देख के.

राहुल : ओह्ह्ह्हह

सिमरन : आपने उस मोहित को तोह गाला पकड़ के hi हवा में उठा दिया था. आपको पता है, साड़ी क्लास की सिटी पित्ती गुल हो गयी थी उस वक़्त. पहले कभी ऐसा नहीं देखा न... वो भी लाइव... हहै...

राहुल : ओह्ह!! तोह उस लड़के का नाम मोहित था.

सिमरन : हां जी! वो बहुत शाना बनता है क्लास में, अभी अभी उस गुंडे लकी का नौकर बना है न. तोह तबसे उड़ने लगा है.

राहुल : लकी?? लकी नहीं आया उस दिन?

सिमरन : नहीं. में तोह दूर hi रहती हु उन् सब से. नेहा के पीछे पड़ा रहता है वह. पर कुछ भी हो... आपकी फाइटिंग की तोह में फैन हो गयी.

राहुल : ओह्ह्ह्ह!!!

सिमरन (बाहे फैलाते हुए) : अब एक झप्पी मिल सकती है?

राहुल : व्हाट?

सिमरन : अरे फ्रेंडशिप की ख़ुशी में एक फ्रेंडशिप वाली झप्पी तोह बनती है न? देखो अब ना मत कहना प्लीज.

राहुल एक बार उससे देखता है, वाक़ई सिमरन ख़ूबसूरत तोह थी. नेहा की दोस्त जो थी. नेहा की साड़ी फ्रेंड्स एक से बढ़ कर एक थी. और खुद नेहा भी किसी बम से काम नहीं थी. और इन् सबकी क्वीन थी वह.

राहुल फिर हार माँके अपने हाथ खोल देता है. पर तुरंत उससे इतनी तेज़्ज़ फाॅर्स लगा, सिमरन ने इतनी जोरर से हुग किआ था की राहुल बेचारा दांग रह गया.

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जोरर से जकड़े हुए सिमरन बस राहुल की शर्ट से आ रही खुशबु में hi खोयी हुई थी. और एक टांग ऊपर उठा के उसकी कमर पे लगा दी थी.

कुछ देरर बाद फिर दोनों बाहर आ जाते है, जहा सब अभी भी अपने में लगे हुए थे. और नेहा के कॉलेज के कुछ फ्रेंड्स कुछ गेम खेल रहे थे.

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आज के लिए इतना hi गाइस! आगे क्या होगा? क्या b'day बिना किसी प्रॉब्लम के गुज़र पाएगा? रेविएवस में ज़रूर बताइयेगा!!
 
मेगा अपडेट

अपडेट - 37

अब तक...

राहुल फिर हार माँके अपने हाथ खोल देता है. पर तुरंत उससे इतनी तेज़्ज़ फाॅर्स लगा, सिमरन ने इतनी जोरर से हुग किआ था की राहुल बेचारा दांग रह गया. जोरर से जकड़े हुए सिमरन बस राहुल की शर्ट से आ रही खुशबु में hi खोयी हुई थी. और एक टांग ऊपर उठा के उसकी कमर पे लगा दी थी.

कुछ देरर बाद फिर दोनों बाहर आ जाते है, जहा सब अभी भी अपने में लगे हुए थे. और नेहा के कॉलेज के कुछ फ्रेंड्स कुछ गेम खेल रहे थे.

अब आगे...

ऐसे hi समय बीत गया काफी और 10:30 बज चुके थे. तभी राजेश ने नेहा के लिए एक एन्ड सरप्राइज देने के लिए मैनेजर को इशारा किया.

और फिर बीच में एक राउंडेड स्टेज था जिसमे नेहा को खड़ा कर दिया गया.

और साड़ी लाइट्स बंद हो गयी.

बस एक स्पॉटलाइट थी, जो की नेहा के ऊपर बस थी. स्पॉटलाइट में नेहा किसी पारी की तरह लग रही थी, खिला खिला गोरा चेहरा, और धीरे धीरे वो स्टेज ऊपर की तरफ जाने लगा और सभी लोग गाने लगे,

हैप्पी बर्थडे तो यू,

हैप्पी बर्थडे तो यू,

हैप्पी बर्थडे तो डिअर नेहा,

हैप्पी बर्थडे तो यू...

और फिर पार्टी पोप्पेर्स फूटने लगे और नेहा सुरप्रीसेड सी बस अपने चारो तरफ देख रही थी, की आज से पहले उसका b'day इतना अच्छा कभी नहीं मनाया गया. आज बहुत खुश थी वह.

तभी ऊपर से एक रिबन गिरा जिसमे ढेर साड़ी फोटोज क्लीप्पेड़ थी. और साड़ी फोटोज नेहा की बचपन की उसके माँ डैड के साथ, फॅमिली वाली साड़ी फोटोज थी, जो एक रिबन में क्लिप की गयी थी.

भावुक होते हुए नेहा के ासु जहर पड़े.

और रिबन को सावधानी से हाथो में लेते हुए, फोटोज को किसी कीमती ख़ज़ाने की तरह देख रही थी, और हलके हलके हाथो से उन् फोटोज का आभास कर राहु थी.

तालियों की गूंज से सभी ऊपर स्टेज पर नेहा को खुश देख के खुश हो रहे थे. और निशा और राजेश भी नाम आँखों से बस अपनी बेटी की ख़ुशी देख रहे थे.

जहा सभी लोग स्पॉटलाइट की तरफ आगे बढ़ कर नेहा की तरफ आगे कदम बढ़ा रहे थे.

वही कोई और था, जो पीछे की और कदम बढ़ा रहा था.

एक कदम, दो कदम, तीन कदम...

जहा सभी लोग स्पॉटलाइट की रौशनी में आ रहे थे.

वही कोई और था, जो पीछे अँधेरे की गहराईयों में गायब होता जा रहा था.

पर किसी दो आँखों ने ये सब देख लिया था. और अंदर से उससे इतनी पीड़ा आज तक कभी नहीं हुई. कोण था ये शक़्स जो अँधेरे में गायब हो रहा था? और कोण था दूसरा शक़्स जो ऐसा होते सब कुछ देख चूका था.

होटल के बाहर...

एक शक़्स बाहर खड़े सामने बने पार्क को देख रहा था. तभी पीछे से एक आवाज़ आयी,

"क्यों आ गए बाहर?"

पीछे मुद के देखा तोह कोई और नहीं अंशिका थी,

"बोलो भाई..."

और जी हां बाहर आने वाला शक़्स कोई और नहीं राहुल था.

राहुल : कुछ नहीं अंशु

अंशु की आँखों से पानी बहने को आ गए थे, और दौड़ के वो राहुल को पीछे से बाहो में भींच लेती है,

"कब तक? कब तक आप अपने आप को दुःख देते रहोगे भाई? बोलिये??"

क्या बोलता राहुल? उसके पास इसका जवाब नहीं था. तभी अंशिका ने राहुल को पलटा दिया, और उसके गालो को चुम लिया

"क्यों आ गए बहार?"

राहुल : ताकि उससे बुरा न लगे

राहुल के जवाब से जो ासु अभी अंशु की आँखों में बाँध बन्न कर रुके हुए थे, वो किसी झरने की तरह बहने लगे.

और इस वक़्त भी राहुल अपने गम की परवाह न करते हुए, अंशु के ासु पोछने में लगा था.

फिर वो हुआ, जिसका उससे अंदाज़ा भी नहीं था. एक मीठा एहसास, एक परिचित खुशबू, और एक गीलापन...

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राहुल के होंठ अंशु के होंठो से सील पैक्ड हो चुके थे. एक झटके में अंशु ने राहुल के होंठो पे क़ब्ज़ा कर लिया. अंशु की आँखें बंद थी और वो अपनी पहली चुम्बन का एहसास कर रही थी तोह वही दूसरी और राहुल की आँखें और भी ज़्यादा खुल गयी थी और इस एहसास से स्तब्ध रह गया था.

5-6 सेकंड तोह राहुल को कुछ समझ नहीं आया, और जब आया तोह उसने अंशिका को फौरन खुद से अलग किया

राहुल : अंशु!! क्या कर रही हो ये?

पर अंशु ने न कुछ सुना और कहा और फिरसे अपने होंठ चिपका दिए

राहुल : अंशु!!!!! पागल हो गयी हो क्या?

अंशु : हां!!! हो गयी हु पागल. पागल हो गयी हु अपने भाई के प्यार में

राहुल : अंशु तू ये सब क्या...

अंशु (रट हुए) : क्यों खुद को तकलीफ देते रहते हो? हां??... बोलो?... क्यों??

बाहर तोह आ गए आप, ये सोचके की नेहा उन् फोटोज में आपकी तस्वीर देखेगी तोह फिर उसका मूड खराब हो जाएगा और उसका सामना न करना पड़े, इसलिए आप बाहर आ गए है न? पर कब तक चलता रहेगा ये? बोलिये???

राहुल : तू वो सब चोरर और ये अभी अभी क्या किया तूने??

अंशु : अपने भाई को किश किया! क्या गलत किया? नहीं कर सकती?

राहुल : नहीं कर सकती...

अंशु : क्यों नहीं कर सकती??

राहुल : होंठो पे नहीं कर सकती

अंशु (रट हुए चिल्ला के) : और जब वंशु दी के साथ कर रहे थे तब?

ये सुन्न राहुल को मानो एक तेज़्ज़ झटका लगा. ऐसा लगा की किसी ने उससे बिजली का शॉक दे दिया हो. बस आँखें फाड़े सामने रोटी हुई अंशु को देखता जा रहा था. जो की शायद बहुत गुस्से में थी.

राहुल ने आगे बढ़ के उससे अपने सीने से लगाया. और पुचकारते हुए चुप कराने लगा.

राहुल : तुझे पता है??

अंशु : हम्म

राहुल : कैसे?

अंशु : मेने देखा था.

राहुल : तोह अब बताओगी सबको?

अंशु : में पागल हु क्या?

राहुल : चल अंदर चलते है, घर पर बात करेंगे हम

अंशु : ....

और फिर दोनों अंदर आ चुके थे, जहा सभी लोग जाने की तैयारी कर रहे थे.

तभी निशा राहुल के पास आयी,

"बेतु तेरी तै जी कह रही है घर चलने को, तुझे तो पता hi है उनका घर यहाँ से पास में hi है, तोह कह रही है की यहाँ तक आए हो तोह उनके यहाँ भी बैठ के जाओ. तू चल रहा है?"

राहुल : नहीं माँ में घर जाऊंगा

अंशु : में भी चची

नेहा (निशा की तरफ आते हुए) : मम्मी में भी घर जाउंगी

निशा : अच्छा तोह ठीक है बीटा तुम इन् दोनों को अपने साथ घर ले जाना

राहुल : माँ! बाइक पे तीन जान नहीं बनेंगे. मेरी बाइक की सीट सिर्फ दो लोगो के लिए hi है.

ऋचा (राहुल की तरफ आते हुए) : कोई बात नहीं आंटी नेहा, अंशिका हमारे साथ कार में चली जाएंगी, हम चोरर देंगे घर तक.

अंशु : में... में भाई के साथ hi आ जाउंगी

निशा : अच्छा तोह ठीक है, चलो अब फटाफट

फिर सभी कोण किसके साथ जाएगा डीडे कर के होटल से निकल जाते है.

राजेश, निशा, और वंशु राहुल की तै जी याने की वंशु के घर निकल दिए.

नेहा कार में ऋचा और उसकी फॅमिली के साथ घर जा रही थी, और घर की के भी उसी के पास थी.

और राहुल, अंशु साथ में बाइक पर जा रहे थे.

ठण्ड के कारण राहुल ने अपना ब्लेजर निकाल के अंशु को दे दिया पहन ने के लिए.

अनजाने में hi सही पर उसकी इस हरकत से अंशु के मैं में राहुल के लिए प्यार और भी बढ़ गया. और चिपक के अंशु राहुल के साथ बाइक पे बैठे हुए अभी अभी कुछ देरर पहले हुई उसकी पहली चुम्बन के एहसास में डूबी हुई सोचने लगी.

घर पहले नेहा पहुची, और उसने लॉक खोला सारे गिफ्ट्स वगैरह अंदर रखे, और अपने रूम में चली गयी.

फिर राहुल और अंशिका भी आ गए और चेंज करने रूम में चले गए.

चेंज करने के बाद राहुल ने प्लान के मुताबिक़ हॉल में एंट्री की और 5-10 मिनट बाद अंशु भी आ गयी.

राहुल : तू रेडी है न? कुछ गड़बड़ मत करना बस!!

अंशु : हम्म भाई! पर मेरी एक शर्त है

राहुल : क्या?

अंशु : किश में!!

राहुल : व्हाआआअत्ततत्तत्त!!???

अंशु : हां! किश में!! ोथेरविसे ी won't गिव हेर योर गिफ्ट.

राहुल : तू पागल हो गयी है क्या?

अंशु (मुस्कुराते हुए) : हां... आपके प्यार में

राहुल : अंशु प्लीज! थिस इस नॉट ा जोके.

अंशु : तोह फिर वंशु दी के साथ...

राहुल : अच्छा अच्छा ठीक है, बूत तू प्रॉमिस कर की तू फिर मेरा गिफ्ट उससे देगी

अंशु : ी प्रॉमिस

और फिर राहुल उससे उसके गाल पे किश कर देता है

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अंशु : व्हाट थे...!?? ये क्या है?

राहुल : तूने ये नहीं बोलै था की तुझे कहा पे किश चाहिए. चल अब जल्दी जा

अंशु : व्हॉट?? No...no.. वे...

ी... ी... हेट यू भाई, बहुत गंदे हो आप, आपने चीटिंग की.

राहुल : प्लीज अब जल्दी जा अंशु

फिर अंशु अंदर जाके नेहा के रूम में उससे सबसे पहले अपना गिफ्ट देती है. राहुल वापस अपने रूम में जा चूका था

और फिर अंशिका नेहा के रूम के बाहर रखे बड़े से टेडी को उठा के अंदर लाती है जो की पूरी तरह से व्राप्पेड था, और फिर नेहा को चॉकलेट्स बुके भी दे देती है.

नेहा इतना बड़ा गिफ्ट देख के शॉकेड रह जाती है. और वो भी तीन तीन गिफ्ट्स.

सबसे पहले वह छोटा गिफ्ट खोलती है तोह उसमे एक प्यारी से ड्रेस थी. जो की उससे चाहिए था. और वो खुश होते हुए अंशु को गले लगा लेती है. उसके बाद वो चॉकलेट्स को बुके देखती है जो फरेरो रोचेर से भरा हुआ था और फिर से चौंक जाती है.

नेहा : दी आपको कैसे पता चला मुझे फरेरो रोचेर पसंद है?

अंशु : ाहः wo...wo तूने मुझे बहुत पहले बताया था न ः

इसमें कोई शक नहीं था की अंशु अभी बहुत नर्वस थी. नर्वस तोह राहुल भी अपने कमरे में था और दुआ कर रहा था की कही चोरी पकड़ी न जाए.

नेहा : ये मेरी फवौरीते चॉकलेट्स है दी! ी लव यू सोऊ मच!

अंशु : लव यू तू नेहु

नेहा : omg!!! ये इतना बड़ा क्या लेके आयी हो आप?

अंशु : खोल के क्यों नहीं देखती?

और नेहा फौरन टेडी को रैपिंग से आज़ाद करती है, और फिर टेडी देख के चौंक जाती है.

अपनी भावनाओ को कण्ट्रोल करते हुए, वो टेडी को जोरर से हुग कर लेती है और उसके ासु आखिर कार निकल hi जाते है





बेस्ट! बेशक नेहा का ये बेस्ट b'day था.

टेडी को अपनी बाहो में लिए आज के सुरपरिसेस के बारे में सोच नेहा खुसी से फूली नहीं समां रही थी. पर कहते है न, किस्मत में यदि बुरा होना लिखा हो तोह हो के hi रहता है.

अभी नेहा टेडी को गले लगायी हुई थी की अचानक उसकी नज़र टेडी के पीछे एक टैग पे पड़ी. और अनजाने में उसके हाथ अपने आप उस टैग पे पहुँच गए.

और जब उसने टैग पलटाया तोह जैसे उससे एक झटका सा लगा.

पीछे टैग में रस.10,000 रुपये लिखा हुआ था. नेहा ने फौरन टेडी को चोर्रा और अंशु की तरफ पलटी,

नेहा : कितने का है ये टेडी दी?

अब अंशु क्या बोलती ? राहुल ने तोह उससे प्राइस बताया hi नहीं था. टेंशन के मारे बेचारी को पसीना आने लगा था

अंशु : ाहः नेहु , ज़्यादा महंगा नहीं है, यही कोई 3- 4000??

अंशु को अंदाजा नहीं था की टेडी कितने का आया होगा तोह क्या करती? बेचारी ने अंदाज़े से बोल दिया.

नेहा : ओह्ह्ह!! पर आपको पता है ये टेडी मुझे बचपन से चाहिए था. पर तब इसका रेट बहुत महंगा था तोह घरवालों ने दिलाया नहीं. अब तोह इसका रेट ी थिंक 10-12000 है. आपके पास इतने पैसे कहा से आये दी?

अंशु (चौंकते हुए): 10...10 -12000?? Na..nahi नेहु ये 4- 5000 का hi है...

नेहा : नहीं दी I'm सूरे ये 10,000 का है. आपके पास इतने पैसे कहा से आये दी?

अंशु (नर्वस होते हुए) : मेरे पास थे नेहु...

अगले hi पल नेहा ने इतनी गुस्से वाली आवाज़ में पूछा की अंशु बेचारी सिहर उठी.

नेहा (अत्यंत गुस्से में) : ये उसने दिया है न?? बोलिये?? पीछे प्राइस टैग में 10,000 लिखा हुआ है और आप झूठ कह रही है? आपके पास इतने पैसे नहीं थे इतना तोह में भी जानती हु...

अंशु डर के मारे कुछ बोली hi नहीं पायी. अंशिका एक दो साल बड़ी ज़रूर थी नेहा से पर नेहा के गुस्से के सामने किसी की नहीं चल पाती थी. और वो खुद डर जाती थी.

अंशु की चुप्पी देख नेहा को कन्फर्म करने में टाइम नहीं लगा. और पता चलते hi उसका गुस्सा चरम सीमा पे था.

नेहा ( गुस्से में ) : हाउ डरे हे...??

और फौरन बाहर निकल नेहा राहुल के रूम के बाहर गेट नॉक करने लगती है.

अंशु बेचारी रोने लगती है, अब उसमे उसकी क्या गलती? उससे क्या पता था की पीछे टैग लगा होगा? टेडी तोह पैक होक आया था.

राहुल (मैं में) : लगता है अंशु ने गिफ्ट दे दिया और बताने आयी है.

और राहुल जैसे hi गेट खोलता है सामने नेहा का गुस्से से भरा लाल चेहरा पाटा है और अगले hi पल उसकी कल्लोर पकड़ के नेहा कमरे के अंदर आ जाती है...

नेहा (गुस्से में चिल्लाते हुए) : हाउ डरे यू!? यू बास्टर्ड!!! तूने गिफ्ट दिया न मुझे? तेरी हिम्मत कैसे हुई गिफ्ट देने की?? यू... यू...

और नेहा फौरन बहार निकल के अपने रूम से टेडी उठा के नीचे चली जाती है. अंशु दौड़ के राहुल के रूम में आती, पूरा चेहरा आसुओ से भीगा हुआ था. जैसे कहने की कोशिश कर रही हो की उसने कुछ नहीं किया.

और राहुल उससे अपने सीने से लगा के चुप कराने लगता है तभी उससे याद आता है की नेहा टेडी लेके नीचे गयी हुई है और वो फौरन अंशु का हाथ पकड़ के नीचे जाने लगता है.

हॉल के बाहर निकालके जब दोनों गेट के बाहर आते है तोह दोनों की आँखे चौड़ी हो जाती है. एक बड़ा झटका एयर लगता है.

बाहर नेहा माचिस की जलती हुई तीली लिए कड़ी थी और सामने टेडी पे आलरेडी कुछ गीला गीला डाला हुआ था.

शायद तेल था.

और अंशु ने चीखते हुए उससे रोकने की कोशिश की पर तब तक बहुत देरर हो चुकी थी.

माचिस की तीली जा गिरी उस टेडी पे जिससे राहुल ने प्यार से खरीदा था.

और आग ने अपनी लपटों में उस मासूम टेडी को दबोच लिया. नेहा बिना कुछ बोले सीधे ऊपर चली गयी...

और अंशु रोटी हुई सीधे टेडी के पास जाके उससे हाथो से आग भुजाने का प्रयत्न करने लगी.

ये देख के तोह मानो राहुल की सासे hi अटक गयी.

फौरन उसने अंशु को अपनी बाहो में पकडे पीछे दूर किया...

राहुल : अंशु... अंशु चोरर उससे, पागल है क्या? जल जाएंगे तेरे हाथ

अंशु (बिलखते हुए) : bhai...chorriye मुझे, चोरडिये... टेडी जल जाएगा...





अंशु की बात राहुल के दिल को छू गयी

उसको अभी भी टेडी की परवाह थी.

ना की अपने हाथो की.

कितना फ़र्क़ था दोनों बहनो में,

एक ने जहा टेडी को जला दिया बिना कुछ सोचे समझे,

तोह वही दूसरी बिना कुछ सोचे समझे अपने नंगे हाथो से उस आग को बुझाने चली थी.

राहुल : जा जल्दी पानी लेके आ

डूअड़ के अंशु पानी की आधी भरी बाल्टी लेके आयी, और राहुल ने फौरन उस जलते टेडी पे दाल दी, आग बहुत काम हो गयी थी, और फिर राहुल उससे ज़मीन पे रगड़ के पूरी तरह से आग को बुझाया.

टेडी किसी एंगल से टेडी नहीं लग रहा था, काला पद चूका था, आधा तोह वह जल hi चूका था.

अंशु ने रट हुए उस टेडी का हाल जब देखा तोह और रो पड़ी और राहुल के पेर्रो पर गिर पड़ी...

अंशु : I'm सॉरी भाई, I'm सॉरी... सब मेरी गलती है...

राहुल : अंशु... anshu...uth ऊपर... इधर आ...

Rahul(baaho में लेते हुए) : क्या हुआ मेरी गुड़िया??

अंशु : mujhe...mujhe इसका प्राइस नहीं पता था bhai...neha ने इसके पीछे का टैग देख लिया था. और फिर मुझसे कन्फर्म कर रही थी. पर कहा से बता पाती में? उससे समझते देरर न लगी... Bhai...ek गिफ्ट देना tha...woh भी नहीं हुआ मुझसे...

राहुल : sssshhhhhh...meri गुड़िया इसमें तेरी कोई गलती नहीं. गलती मेरी है, मेने तुझे प्राइस नहीं बताया, मुझे लगा पीछे ऐसा कोई टैग नहीं लगा होगा

अंशु (रट हुए) : भाई पर वो 10,000 का था...

आज वाक़ई राहुल के भी ासु निकल आए थे , 10,000 के गिफ्ट को ख़ाक बना के रख दिया था नेहा ने. दुःख इस बात का नहीं था, की 10,000 चले गए.

दुःख इस बात का था की 10,000 जो उसने इतने प्यार से खर्च कर के गिफ्ट में लगाए वो b'day के दिन तक नहीं टिक सका और फौरन hi ख़ाक हो गया.

आपके साथ ऐसा होए तोह आपका क्या हाल होएगा उस वक़्त ज़रा सोचिये?

ये सारे राहुल की सेविंग्स के पैसे थे.

राहुल ने न कुछ बोलै और कहा, टेडी और अंशु को लेके वो अपने रूम में चला गया. टेडी को उसने अपने बीएड के नीचे दाल दिया. अब उसका क्या मोल था? पर राहुल के लिए था, क्युकी उसने पहली बार इतना महंगा गिफ्ट खरीदा था.

और अंशु को चुप कराने के लिए उससे अपने साथ चिपका के लिटा लिया. यहाँ अंशु रोये जा रही थी और वह नेहा भी अपने कमरे में रोये जा रही थी.

पर वह गुस्से के कारण रो रही थी

और अंशु ग्लानि के कारण.

और ऐसे hi ये नेहा का इस साल का b'day गुज़र गया...

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आज के लिए इतना hi गाइस!!
 
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