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- Dec 5, 2013
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अब तक...
अभी सब कुछ ठीक चल रहा था की इतने में *खत खत* दरवाज़े खत कक्खटाने की आवाज़ आ आयी बाहर से.
किसी ने राहुल के दरवाज़े पर दस्तक दे दी थी.
अब आगे...
दूर नॉक होते hi दोनों माँ बेटे जैसे होश में आए और अपनी स्थिति पर गौर किया. किस हाल में थे दोनों? राहुल का लिंग उसकी माँ की योनि के अंदर घुसा हुआ था! साथ hi बाहर दरवाज़े पर कोई खड़ा हुआ था.
"सहित!!! अब क्या होगा?" राहुल का जी घबरा रहा था.
"k..kon??", निशा ने बड़ी hi हिम्मत करते हुए अपनी सांसें काबू कर एक आवाज़ लगायी.
"बुआ?? बुआ में हु!!" बहार से एक आवाज़ आयी जो किसी और की नहीं तानिया की hi थी.
"सहित!!! तानिया? तानिया यहाँ क्या कर रही है? यहाँ क्यों आयी है?" राहुल की समझ में नहीं आ रहा था की रात में तानिया उसके रूम की तरफ क्यों आयी? क्या काम हो सकता है उससे? अंशु यदि आती तोह फिर भी समझ सकता था राहुल पर रात के 11 बज रहे है और तानिया यहाँ उसके कमरे में क्यों आना चाह रही थी? कही उससे पता तोह नहीं चल गया? कही उसकी और उसकी माँ की आवाज़ बहार तोह नहीं चली गयी? नहीं! ऐसा नहीं हो सकता! राहुल खुद को शांत करने की कोशिश करने लगा. इस वक़्त उसकी धड़कन बोहत तेज़्ज़ हो गयी थी
घबराहट!!! बस यही शब्द अभी उसकी कंडीशन को पूरी तरह बया कर सकता था.
निशा : ta..taniya?? तुम यहाँ?
तानिया : wo...bua..aap राहुल के कमरे में अंदर...!?
निशा : haa...haa वो... आज बेतु मेरा बोहत परेशान था न इसलिए... इसलिए में उससे समझा रही थी की सुबह जो हुआ उससे दिल पे न ले... इसलिए आज में बेतु के साथ सोने आयी हु.
सोने आयी हु? यदि तानिया इस वक़्त अंदर का नज़ारा देख लेती तोह उसके पेर्रो टेल ज़मीन खिसक जाती. सोने आयी हु?? पर यहाँ तोह निशा अपनी छूट में बेटे का लुंड लिए पड़ी हुई थी. ऐसे कोण सोता है भाई? पर शायद निशा की नज़रो में आज उसका सबसे ख़ुशी का दिन था. क्युकी आज उससे वो मिल गया जिसकी उससे उम्मीद भी नहीं थी.

तानिया : ओह्ह्ह
निशा : पर तुम यहाँ इतनी रात गए बेतु के कमरे में क्यों आयी बीटा?
इस बार निशा ने अपनी चाल चली जिस से तानिया टेंशन में आ गयी. अब क्या जवाब दे? क्यों आयी थी वो यहाँ? राहुल के साथ सोने? जी हां!! सुबह की हुई हरकत के कारण नेहा का मूड ऑफ था इसलिए अंशु ने उसके साथ सोने का डीडे किया. पर नेहा का बीएड राहुल के बीएड से थोड़ा छोटा था. 2 लोग तोह आराम से सो जाते थे पर 3 लोग में थोड़ी दिक्कत जाती थी. इसलिए आज तानिया ने सोचा की वो चपडगंजु यानी की राहुल के साथ सोयेगी.
पर बेचारी की हिम्मत hi नहीं हो रही थी राहुल से नज़रे मिलाने की, थोड़ी देरर पहले राहुल ने उससे पहली बार अपने गले से लगाया था, पहली बार किसी लड़के के वो गले लगी थी. और वो भी राहुल के. पहली बार उसको किसी लड़के ने उसके गालो पर किश किया था, वो भी राहुल ने. उसके तोह दिल की घंटी तब से hi बज्ज रही थी. जब उसने देखा की अंशु और नेहा सोने लगे है तोह बड़ी हिम्मत करके वो राहुल के रूम की और चल दी. पर यहाँ भी बाद लक!
अंदर रूम में तोह उसकी बुआ निशा थी राहुल के साथ. कही न कही उससे आज पहली बार बुआ पे गुस्सा आ रहा था.
"हम्फ! आज पहली बार में उसके साथ सोने आयी और ये बुआ है की... पर अब क्या बोलू बुआ को? सभी जानते है की मेरी और राहुल की पटरी नहीं खाती. अब यदि बोलूंगी की में उसके साथ सोने आयी हु तोह बुआ क्या सोचेंगी? बुआ तोह चोर्रो, वो चपडगंजु क्या सोचेगा? नहीं!! मुझे शर्म आ रही है" तानिया के मैं में उथल पुथल मची हुई थी.
"तानिया?? क्या हुआ? बोलो? कुछ काम है क्या?" निशा ने एक बार फिरसे पुकारा.
"N..nahi बुआ! वो.. नेहु के बीएड पे 3 लोग में दिक्कत जाती है न इसलिए आयी थी में. मेने सोचा आज राहुल के साथ में सो जाती हु, क्या है न... वो नेहु को अंशु कंसोल करने के लिए आज वही सोयेगी इसलिए..."
तानिया ने सोचा चलो अब बता hi दो सच. जो होगा देखा जायेगा.
"व्हाट थे?? तानिया मेरे साथ सोने आयी थी? लगता है थोड़ी देरर पहले की किश का असर है... ः" मैं में राहुल ने सोचा.
"पर बीटा आज तोह तुम्हे वही सोना होगा क्युकी बेतु से कुछ इम्पोर्टेन्ट बात कर रही हु में" निशा ने थोड़ी बुलंद आवाज़ ने कहा जैसे अपना हक़ जाता रही हो की राहुल आज की रात मेरा है.
"Jii...jii में कर लुंगी मैनेज बुआ. कोई बात नहीं" बुझे मैं से तानिया भी वह से लौट गयी, आज पता नहीं क्यों उससे बुआ पे बोहत गुस्सा आ रहा था.
तानिया के जाते hi राहुल ने फिरसे अपनी स्थिति पे गौर किया! डर के मारे उसका लुंड सिकुड़ कर निशा की छूट से बाहर आ चूका था.
निशा : तोह बेतु इम्पोर्टेन्ट बात कर ले?
राहुल : हँ!??
अगले hi पल निशा ने छूट के रास से सना हुआ राहुल का लुंड मुँह में लिया और उससे चूसने लगी.

राहुल : आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह माँ!!
निशा : उम्मम्मम्म mmmmmmmmmmm मुझे अपने hi पानी का स्वाद चखने मिल गया हिहि
थोड़ी hi देरर में लुंड वापस अपने विकराल रूप में था और दुबारा से निशा की गुफा में लुप्त हो गया. राहुल निशा के मुँह पर हाथ रख ताबड़तोड़ धक्के लगाए जा रहा था.

हर्र धक्का निशा की गोरी मुलायम चूचियों को हिला के रख देता. हर्र धक्के के साथ उसके छूछे हिचकोले खा रहे थे.

और *उम्मम्मम्म ममममम* की आवाज़ कमरे में हो रही थी.

जब राहुल क्लाइमेक्स के करीब पहुँच गया तोह उसने इशारे में पूछा की कहा गिराना है पानी? तोह बदले में निशा ने अपने दोनों परर उसकी कमर में जकड के उससे अपनी योनि से चिपका लिया. राहुल भी अपनी माँ का संकेत समझ गया था और उसने कुछ और तेज़्ज़ धक्को के साथ hi अपना पानी अंदर hi छूट में चोरर दिया.
*Ummmmmmmmmmmmmm aaaahhhhhhhhhhh*
निशा : हायईएएए ummmmmmmmmmmmmmmm गरम... गरम है... बेतु का पानी... मेरे गर्भ के अंदर... हाईये ससससस
राहुल भी निशा के ऊपर उसके दूध पर पसर गया. दोनों की गरम सासें एक दूसरे को महसूस हो रही थी. दोनों जानते थे दोनों के बीच क्या हुआ.
थोड़ी देरर बाद राहुल ने निशा की छूट से अपना लुंड निकाला और बगल में लेत गया.
निशा ने फौरन उठ के राहुल का लुंड एक बार फिरसे अपने मुँह में भर लिया.

राहुल : माँ??
राहुल को ये उम्मीद नहीं थी की उसकी माँ उसके पानी से सना हुआ लुंड मुँह में ले लेंगी.
निशा : it's सेक्स मैनर्स बेतु!!
राहुल : सेक्स मैनर्स??
निशा : हां! सेक्स के बाद एक दूसरे के गुप्तांग को चाट के साफ़ करना. ये सेक्स मैनर्स होते है. सब लोग नहीं करते क्युकी कुछ लोगो को घिन आती है. पर ये प्यार को दर्शाता है. की में अपने बेतु से कितना प्यार करती हु.
निशा कहते हुए मुस्कुरा देती है और राहुल का सुपाड़ा चूस के उसके अंदर से पूरा पानी निकालने लगती है.

राहुल : ओह्ह! पर माँ ये... ये बेकार नहीं लगता? इसका टास्ते?
निशा : बेकार? नहीं ये तोह बोहत अनमोल है! कड़वा ज़रूर होता है पर थूक के साथ जब मुँह में थोड़ा मिला लो और इससे पतला कर लो तोह गुटकने में आसानी होती है.
राहुल : आपको तोह बोहत एक्सपीरियंस है माँ.
निशा : ये तेरी माँ ने न जाने कितना ज्ञान इखट्टा किया था अपनी शादी के पहले. सोचा था अपने पति के साथ ये सब करुँगी. पर इनको तोह फिक्र hi नहीं है न मेरी. मेरी साड़ी इच्छाएं दबी की दबी रह गयी. अंत में इन्होने वही किया जो उन्हें करना था. आज तू न होता तोह में तोह इस शरीर की आग में जल के राख जाती.
राहुल : माँ! ऐसा क्यों बोलती हो आप. अब में आपकी हेल्प तोह कर रहा हु न!?
निशा : हम्म! इसलिए आज बोहत खुश हु में.
राहुल : अब मेरी बारी माँ...
इतना बोल राहुल निशा की छूट को चाट कर साफ़ करने लगता है.


जब दोनों के गुप्तांग क्लीन हो जाते है तोह दोनों नंगे hi एक दूसरे से लिपट कर लेत जाते है.
निशा : चल अब बता!
राहुल : क्या?
निशा (राहुल की चीन पकड़ते हुए) : में भूली नहीं हु. ये तेरा फर्स्ट टाइम नहीं था न? चल बोल! किस के साथ कर के आया है तू? ऋचा के साथ?
राहुल : na...nahi माँ
निशा (शॉकेड) : क्या?? ऋचा नहीं तोह कोण है? बोल जल्दी!!
राहुल : माँ... कलम डाउन! शांत... Mein...mein बताता हु
निशा : हां तोह बोल जल्दी!
राहुल : वो... वो... मेरा फर्स्ट टाइम तनीषा दीदी के साथ था.
निशा (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त?? वो तनीषा? तनीषा बेटी? जो तेरा ट्रीटमेंट करती है जब तुझे चोट लगती है तोह? वो सर्जन डॉक्टर?
राहुल (ऐम्बर्रेस्सेड) : j..jii माँ
निशा : हाईये दैयाआ!! तोह फिर ऋचा का क्या? नेहा क्या बोल रही थी सुबह? तुम और ऋचा क्लोज हो?
राहुल (ब्लश) : वो... वो ... she's माय गर्लफ्रेंड माँ!
निशा (शॉकेड) : हैं??????
*साइलेंस*
निशा थोड़ी देरर शांत रहने के बाद बोली,
निशा : तोह ऋचा तुम्हारी गफ है?
राहुल : यस माँ!
निशा : और तनीषा के साथ तुमने सेक्स किया है?
राहुल : हां माँ!
निशा : कितनी बार कर चुके हो उसके साथ?
राहुल (ब्लश) : एक hi बार
निशा : और बाकी बार?
राहुल : सेकंड टाइम अभी आपके साथ...
निशा (ब्लश) : हम्म्म!!
राहुल (ब्लश) : हम्म्म!!
निशा : तोह ऐसा क्यों है? मतलब ऋचा गफ है तोह तनीषा के साथ सेक्स कैसे?
राहुल : वो एक्चुअली! माँ तनीषा दीदी मुझसे बोहत प्यार करती थी. बूत उन्होंने अपनी फीलिंग्स को सामने नहीं आने दिया क्युकी वो मुझे अपना भाई कहती थी. पर एक दिन उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने ने अपने प्यार का इज़हार कर दिया. में भी उनसे बोहत प्यार करता हु, इसलिए फ्लो फ्लो में हमने...
निशा : हम्म!! तोह फिर जब तनीषा के साथ सेक्स कर लिया और उस से प्यार करते हो तोह ऋचा को गफ क्यों बनाया?
राहुल : माँ एक्चुअली!! ऋचा ने मुझे प्रोपोज़ किया था, और उस वक़्त मेने उससे कोई रिप्लाई नहीं दिया था बूत आपको याद है न में उस दिन उससे बचाने के लिए गया था... ऐसा इसलिए क्युकी मुझे उसकी बोहत फिक्र थी. डर था की कही उससे खो न दू. तब पता चला की में उस से प्यार करने लगा हु. इसलिए... मेने उससे एक्सेप्ट कर लिया.
निशा (गहरी सास लेते हुए) : तोह उससे एक्सेप्ट करते वक़्त तुमने ये नहीं सोचा की तनीषा का क्या होगा? और ऋचा को तनीषा के बारे में जान कर क्या होगा?
राहुल : ऋचा को आलरेडी पता है माँ!
निशा (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त?
राहुल (ऐम्बर्रेस्सेड) : हां माँ
निशा : और फिर भी वो तुम्हारे प्यार में पद गयी? हे bh@gw@@n!! क्या गेम खेल रहा है रे तू मेरे बेतु?
राहुल (ऐम्बर्रेस्सेड) : माँ! Don't तैसे में!! में वाक़ई दोनों से प्यार करता हु!
निशा : हम्म! तोह ऋचा के साथ कर चुके हो?
राहुल : अभी तक तोह नहीं माँ.
निशा : हम्म! मेने डीडे कर लिया है.
राहुल : क्या?
निशा : ऋचा का मुझे नहीं पता पर तनीषा तुम्हारी पत्नी बांके रहेगी!!
राहुल : हैं???
निशा : हैं क्या हैं? तुमने उसका उस से पहली बार ले लिया, इतनी कीमती चीज़ उसने तुम्हे देदी, तुमसे प्यार करती है, सुन्दर है, सुशील है, संस्कारी है, सर्जन है, भला क्या कमी है उसमे? देख राहुल! कान खोल के सुनले, खबरदार! जो तूने उससे धोका दिया और उसके साथ शादी से इंकार किया तोह. में उससे इस घर की बहु बना के रहूंगी! समझा!?
राहुल : j...jii
राहुल (मैं में) : लगता है मेरी नहीं चलने वाली. वैसे! अच्छी hi बात है! माँ तनीषा दीदी को सपोर्ट कर रही है तोह. में सब कुछ अब समय पर चोरर दूंगा. देखते है आगे क्या होता है.
राहुल निशा को अपने सीने में भींच लेता है और निशा की नंगी चूचिया राहुल की सुडोल छाती से बिध जाती है. दोनों नंगे जो थे बेडशीट के अंदर.
राहुल : कितनी सुर्प्रिसिंग बात है न माँ?
निशा : क्या?
राहुल : की मेरे और आपके बीच वो सब हुआ और उसके बाद भी में आपसे नोर्मल्ली बात कर पा रहा हु. बल्कि उल्टा मुझे ऐसा फील हो रहा है की मेरा और आपका रिलेशन और भी ज़्यादा मज़बूत हो गया है.
निशा : हम्म! ये बात तोह तूने एकदम सच कही बेतु. ऐसा इसलिए क्युकी मेने तुझे भटकने नहीं दिया. तुझे पूरी दिलासा देके मेने ये रिश्ता बनवाया. अब हमारे बीच कोई पर्दा नहीं है. आज तूने मुझे अपने बारे में कितनी बाते बता दी. क्या ये सब तू पहले बता पाटा? नहीं न!! पर अब तू be-jhijak सब कुछ मुझे बता सकता है मेरे लाडले के लिए मेरे से जो बन्न पड़ेगा सब करुँगी.
राहुल : हां माँ!
निशा : तू कही अब भी ये तोह नहीं सोच रहा न की ये सब नहीं होना चाहिए था?
राहुल : नहीं माँ! I'm वैरी हैप्पी!! आपको में ख़ुशी दे सकता हु ये जान के तोह में बोहत खुश हु. ी लव यू माँ!!
निशा : लव यू मेरा बच्चा!!
निशा आगे बढ़ राहुल के होंठ चुम लेती है. अब भला उनका रिलेशनशिप बोहत आगे बढ़ चूका था तोह भला छोटी मोती गाल की पप्पी से निशा का कहा पेट भरने वाला था?
अगली सुबह निशा जल्दी उठ गयी और अपने वस्त्र सही कर के वो राहुल को एक बार फिरसे चुम के उससे उठा के नीचे चली गयी.
ऐसे hi कुछ दिन बीत गए, पर एक चीज़ थी जो बदल गयी थी वो ये की अब निशा रोज़ राहुल के साथ hi सोती थी और तानिया का गुस्सा अंदर hi अंदर बढ़ता hi जा रहा था. उस दिन के बाद से उससे राहुल के साथ सही से बात करने का मौक़ा hi नहीं मिल पाटा था.
अंशु भी चाहती थी की वो राहुल के साथ रात में सोये पर निशा तोह जैसे राहुल के रूम में रात में क़ब्ज़ा कर लेती थी.
पूछते तोह यही बताती थी की राहुल इमोशनली स्टेबल नहीं है अभी और उससे रात में अपनी माँ के साथ सोना अच्छा लगता है. पर असल बात तोह ये थी की राहुल और निशा चुदाई करते थे और भरपूर आनंद उठाते थे. निशा की आग भी शांत हो जाती थी और राहुल भी रिलैक्स फील करता था. साथ hi साथ निशा उससे सेक्स के बारे में ज्ञान भी दे देती थी.
कुछ 6-7 दिन ऐसे hi बीत गए और अब त्यौहार का समय आ गया था. जी हां! दीपावली!! हिन्दुओ का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्यौहार!!
जहा त्यौहार की तैयारी में पूरे घर के लोग जुट जाते है और कई दिनों पहले से hi तैयारियां शुरू हो जाती है. कुछ ऐसा hi हाल हमारे राहुल के घर में भी था.
सभी लोग किसी न किसी काम में व्यस्त थे, इधर राहुल और उसके डैड कार में सामान निकाल रहे थे जो अभी अभी वो मार्किट से लेकर आए थे, आज धनतेरस जो था, अंशु और नेहा स्टाफ रूम से सफाई चालू कर के निशा का हाथ बताने किचन की सफाई में लगी हुई थी, तानिया अपने घर पर फ़ोन करके अपने डैड (राहुल के मां) से बात कर रही थी की वो दिवाली राहुल के घर में hi मनाएगी और उसके एग्जाम के रिजल्ट के बाद hi घर लौटेगी!
कुल मिलाके घर का पूरा वातावरण व्यस्त था. अभी राहुल ने सामान रखा hi था की उतने में उसके डैड ने कहा,
राजेश : अरे बीटा! लगे हाथ झालर (लेद लाइट्स) भी लगा देते है.
राहुल : जी डैड!!
राहुल फिर राजेश के साथ मिलकर टेरेस पे जाके लाइट्स लगा देता है और फिर नीचे आके उससे एक नया काम दे दिया जाता है.
निशा : बीटा!! तू तानिया को ले जा और उससे उसकी पसंद के कपडे दिलवा ले आ और तू भी अपनी पसंद के ले आ. में, नेहा और अंशु कल hi ले आए थे, सिर्फ बेचारी मेरी बच्ची तानिया रह गयी थी. कल बेचारी सो रही थी, काम करके थक गयी थी इसलिए मेने इससे उठाया नहीं. तुझे भी लेने hi है ,तोह इससे भी ले जा.
राहुल : जी माँ सूरे! कपड़ो से याद आया मुझे पटाखे भी लेने hi है. तोह वही से वो भी लेता आऊंगा.
निशा की बात सुन्न आज तानिया को इतना दिनों बाद अच्छा लग रहा था. क्युकी रोज़ रात को तोह वो राहुल के कमरे में क़ब्ज़ा कर लेती थी इसलिए बेचारी तानिया राहुल के साथ सो नहीं पाती थी. पर आज निशा ने जब राहुल और उससे अकेले भेजने के लिए बोलै तोह कही न कही तानिया का गुस्सा बुआ के लिए काम हो गया
तानिया : चले?
राहुल : हां चलो न!
राहुल कार निकालने लगता है, तभी तानिया उससे आवाज़ देती है,
तानिया : बाइक से नहीं चल रहे?
राहुल : पागल हो क्या? तुम्हारे और मेरे कपडे और फिर पटाखे कोण पकड़ेगा? कार इस बेटर!!
तानिया : ओह्ह!!
तानिया आके फिर उसके बगल वाली सीट पर बैठ जाती है,
राहुल (मैं में) : ये शायद मेरी इस घर में लास्ट दिवाली हो...
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आज के लिए इतना hi गाइस!
धन्यवाद्!! जैसा की आप सभी ने देखा,
राहुल और निशा का रिलेशन कैसे बना और बढ़ा, अब एक नई अर्च स्टार्ट हो चूका है, "दिवाली अर्च" ये अर्च मैनली राहुल, तानिया, अंशु, निशा और नेहा पे फोकस्ड रहेगा!! होप यू एंजोयेड थिस अपडेट!!
अब तक...
अभी सब कुछ ठीक चल रहा था की इतने में *खत खत* दरवाज़े खत कक्खटाने की आवाज़ आ आयी बाहर से.
किसी ने राहुल के दरवाज़े पर दस्तक दे दी थी.
अब आगे...
दूर नॉक होते hi दोनों माँ बेटे जैसे होश में आए और अपनी स्थिति पर गौर किया. किस हाल में थे दोनों? राहुल का लिंग उसकी माँ की योनि के अंदर घुसा हुआ था! साथ hi बाहर दरवाज़े पर कोई खड़ा हुआ था.
"सहित!!! अब क्या होगा?" राहुल का जी घबरा रहा था.
"k..kon??", निशा ने बड़ी hi हिम्मत करते हुए अपनी सांसें काबू कर एक आवाज़ लगायी.
"बुआ?? बुआ में हु!!" बहार से एक आवाज़ आयी जो किसी और की नहीं तानिया की hi थी.
"सहित!!! तानिया? तानिया यहाँ क्या कर रही है? यहाँ क्यों आयी है?" राहुल की समझ में नहीं आ रहा था की रात में तानिया उसके रूम की तरफ क्यों आयी? क्या काम हो सकता है उससे? अंशु यदि आती तोह फिर भी समझ सकता था राहुल पर रात के 11 बज रहे है और तानिया यहाँ उसके कमरे में क्यों आना चाह रही थी? कही उससे पता तोह नहीं चल गया? कही उसकी और उसकी माँ की आवाज़ बहार तोह नहीं चली गयी? नहीं! ऐसा नहीं हो सकता! राहुल खुद को शांत करने की कोशिश करने लगा. इस वक़्त उसकी धड़कन बोहत तेज़्ज़ हो गयी थी
घबराहट!!! बस यही शब्द अभी उसकी कंडीशन को पूरी तरह बया कर सकता था.
निशा : ta..taniya?? तुम यहाँ?
तानिया : wo...bua..aap राहुल के कमरे में अंदर...!?
निशा : haa...haa वो... आज बेतु मेरा बोहत परेशान था न इसलिए... इसलिए में उससे समझा रही थी की सुबह जो हुआ उससे दिल पे न ले... इसलिए आज में बेतु के साथ सोने आयी हु.
सोने आयी हु? यदि तानिया इस वक़्त अंदर का नज़ारा देख लेती तोह उसके पेर्रो टेल ज़मीन खिसक जाती. सोने आयी हु?? पर यहाँ तोह निशा अपनी छूट में बेटे का लुंड लिए पड़ी हुई थी. ऐसे कोण सोता है भाई? पर शायद निशा की नज़रो में आज उसका सबसे ख़ुशी का दिन था. क्युकी आज उससे वो मिल गया जिसकी उससे उम्मीद भी नहीं थी.

तानिया : ओह्ह्ह
निशा : पर तुम यहाँ इतनी रात गए बेतु के कमरे में क्यों आयी बीटा?
इस बार निशा ने अपनी चाल चली जिस से तानिया टेंशन में आ गयी. अब क्या जवाब दे? क्यों आयी थी वो यहाँ? राहुल के साथ सोने? जी हां!! सुबह की हुई हरकत के कारण नेहा का मूड ऑफ था इसलिए अंशु ने उसके साथ सोने का डीडे किया. पर नेहा का बीएड राहुल के बीएड से थोड़ा छोटा था. 2 लोग तोह आराम से सो जाते थे पर 3 लोग में थोड़ी दिक्कत जाती थी. इसलिए आज तानिया ने सोचा की वो चपडगंजु यानी की राहुल के साथ सोयेगी.
पर बेचारी की हिम्मत hi नहीं हो रही थी राहुल से नज़रे मिलाने की, थोड़ी देरर पहले राहुल ने उससे पहली बार अपने गले से लगाया था, पहली बार किसी लड़के के वो गले लगी थी. और वो भी राहुल के. पहली बार उसको किसी लड़के ने उसके गालो पर किश किया था, वो भी राहुल ने. उसके तोह दिल की घंटी तब से hi बज्ज रही थी. जब उसने देखा की अंशु और नेहा सोने लगे है तोह बड़ी हिम्मत करके वो राहुल के रूम की और चल दी. पर यहाँ भी बाद लक!
अंदर रूम में तोह उसकी बुआ निशा थी राहुल के साथ. कही न कही उससे आज पहली बार बुआ पे गुस्सा आ रहा था.
"हम्फ! आज पहली बार में उसके साथ सोने आयी और ये बुआ है की... पर अब क्या बोलू बुआ को? सभी जानते है की मेरी और राहुल की पटरी नहीं खाती. अब यदि बोलूंगी की में उसके साथ सोने आयी हु तोह बुआ क्या सोचेंगी? बुआ तोह चोर्रो, वो चपडगंजु क्या सोचेगा? नहीं!! मुझे शर्म आ रही है" तानिया के मैं में उथल पुथल मची हुई थी.
"तानिया?? क्या हुआ? बोलो? कुछ काम है क्या?" निशा ने एक बार फिरसे पुकारा.
"N..nahi बुआ! वो.. नेहु के बीएड पे 3 लोग में दिक्कत जाती है न इसलिए आयी थी में. मेने सोचा आज राहुल के साथ में सो जाती हु, क्या है न... वो नेहु को अंशु कंसोल करने के लिए आज वही सोयेगी इसलिए..."
तानिया ने सोचा चलो अब बता hi दो सच. जो होगा देखा जायेगा.
"व्हाट थे?? तानिया मेरे साथ सोने आयी थी? लगता है थोड़ी देरर पहले की किश का असर है... ः" मैं में राहुल ने सोचा.
"पर बीटा आज तोह तुम्हे वही सोना होगा क्युकी बेतु से कुछ इम्पोर्टेन्ट बात कर रही हु में" निशा ने थोड़ी बुलंद आवाज़ ने कहा जैसे अपना हक़ जाता रही हो की राहुल आज की रात मेरा है.
"Jii...jii में कर लुंगी मैनेज बुआ. कोई बात नहीं" बुझे मैं से तानिया भी वह से लौट गयी, आज पता नहीं क्यों उससे बुआ पे बोहत गुस्सा आ रहा था.
तानिया के जाते hi राहुल ने फिरसे अपनी स्थिति पे गौर किया! डर के मारे उसका लुंड सिकुड़ कर निशा की छूट से बाहर आ चूका था.
निशा : तोह बेतु इम्पोर्टेन्ट बात कर ले?
राहुल : हँ!??
अगले hi पल निशा ने छूट के रास से सना हुआ राहुल का लुंड मुँह में लिया और उससे चूसने लगी.

राहुल : आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह माँ!!
निशा : उम्मम्मम्म mmmmmmmmmmm मुझे अपने hi पानी का स्वाद चखने मिल गया हिहि
थोड़ी hi देरर में लुंड वापस अपने विकराल रूप में था और दुबारा से निशा की गुफा में लुप्त हो गया. राहुल निशा के मुँह पर हाथ रख ताबड़तोड़ धक्के लगाए जा रहा था.

हर्र धक्का निशा की गोरी मुलायम चूचियों को हिला के रख देता. हर्र धक्के के साथ उसके छूछे हिचकोले खा रहे थे.

और *उम्मम्मम्म ममममम* की आवाज़ कमरे में हो रही थी.

जब राहुल क्लाइमेक्स के करीब पहुँच गया तोह उसने इशारे में पूछा की कहा गिराना है पानी? तोह बदले में निशा ने अपने दोनों परर उसकी कमर में जकड के उससे अपनी योनि से चिपका लिया. राहुल भी अपनी माँ का संकेत समझ गया था और उसने कुछ और तेज़्ज़ धक्को के साथ hi अपना पानी अंदर hi छूट में चोरर दिया.
*Ummmmmmmmmmmmmm aaaahhhhhhhhhhh*
निशा : हायईएएए ummmmmmmmmmmmmmmm गरम... गरम है... बेतु का पानी... मेरे गर्भ के अंदर... हाईये ससससस
राहुल भी निशा के ऊपर उसके दूध पर पसर गया. दोनों की गरम सासें एक दूसरे को महसूस हो रही थी. दोनों जानते थे दोनों के बीच क्या हुआ.
थोड़ी देरर बाद राहुल ने निशा की छूट से अपना लुंड निकाला और बगल में लेत गया.
निशा ने फौरन उठ के राहुल का लुंड एक बार फिरसे अपने मुँह में भर लिया.

राहुल : माँ??
राहुल को ये उम्मीद नहीं थी की उसकी माँ उसके पानी से सना हुआ लुंड मुँह में ले लेंगी.
निशा : it's सेक्स मैनर्स बेतु!!
राहुल : सेक्स मैनर्स??
निशा : हां! सेक्स के बाद एक दूसरे के गुप्तांग को चाट के साफ़ करना. ये सेक्स मैनर्स होते है. सब लोग नहीं करते क्युकी कुछ लोगो को घिन आती है. पर ये प्यार को दर्शाता है. की में अपने बेतु से कितना प्यार करती हु.
निशा कहते हुए मुस्कुरा देती है और राहुल का सुपाड़ा चूस के उसके अंदर से पूरा पानी निकालने लगती है.

राहुल : ओह्ह! पर माँ ये... ये बेकार नहीं लगता? इसका टास्ते?
निशा : बेकार? नहीं ये तोह बोहत अनमोल है! कड़वा ज़रूर होता है पर थूक के साथ जब मुँह में थोड़ा मिला लो और इससे पतला कर लो तोह गुटकने में आसानी होती है.
राहुल : आपको तोह बोहत एक्सपीरियंस है माँ.
निशा : ये तेरी माँ ने न जाने कितना ज्ञान इखट्टा किया था अपनी शादी के पहले. सोचा था अपने पति के साथ ये सब करुँगी. पर इनको तोह फिक्र hi नहीं है न मेरी. मेरी साड़ी इच्छाएं दबी की दबी रह गयी. अंत में इन्होने वही किया जो उन्हें करना था. आज तू न होता तोह में तोह इस शरीर की आग में जल के राख जाती.
राहुल : माँ! ऐसा क्यों बोलती हो आप. अब में आपकी हेल्प तोह कर रहा हु न!?
निशा : हम्म! इसलिए आज बोहत खुश हु में.
राहुल : अब मेरी बारी माँ...
इतना बोल राहुल निशा की छूट को चाट कर साफ़ करने लगता है.


जब दोनों के गुप्तांग क्लीन हो जाते है तोह दोनों नंगे hi एक दूसरे से लिपट कर लेत जाते है.
निशा : चल अब बता!
राहुल : क्या?
निशा (राहुल की चीन पकड़ते हुए) : में भूली नहीं हु. ये तेरा फर्स्ट टाइम नहीं था न? चल बोल! किस के साथ कर के आया है तू? ऋचा के साथ?
राहुल : na...nahi माँ
निशा (शॉकेड) : क्या?? ऋचा नहीं तोह कोण है? बोल जल्दी!!
राहुल : माँ... कलम डाउन! शांत... Mein...mein बताता हु
निशा : हां तोह बोल जल्दी!
राहुल : वो... वो... मेरा फर्स्ट टाइम तनीषा दीदी के साथ था.
निशा (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त?? वो तनीषा? तनीषा बेटी? जो तेरा ट्रीटमेंट करती है जब तुझे चोट लगती है तोह? वो सर्जन डॉक्टर?
राहुल (ऐम्बर्रेस्सेड) : j..jii माँ
निशा : हाईये दैयाआ!! तोह फिर ऋचा का क्या? नेहा क्या बोल रही थी सुबह? तुम और ऋचा क्लोज हो?
राहुल (ब्लश) : वो... वो ... she's माय गर्लफ्रेंड माँ!
निशा (शॉकेड) : हैं??????
*साइलेंस*
निशा थोड़ी देरर शांत रहने के बाद बोली,
निशा : तोह ऋचा तुम्हारी गफ है?
राहुल : यस माँ!
निशा : और तनीषा के साथ तुमने सेक्स किया है?
राहुल : हां माँ!
निशा : कितनी बार कर चुके हो उसके साथ?
राहुल (ब्लश) : एक hi बार
निशा : और बाकी बार?
राहुल : सेकंड टाइम अभी आपके साथ...
निशा (ब्लश) : हम्म्म!!
राहुल (ब्लश) : हम्म्म!!
निशा : तोह ऐसा क्यों है? मतलब ऋचा गफ है तोह तनीषा के साथ सेक्स कैसे?
राहुल : वो एक्चुअली! माँ तनीषा दीदी मुझसे बोहत प्यार करती थी. बूत उन्होंने अपनी फीलिंग्स को सामने नहीं आने दिया क्युकी वो मुझे अपना भाई कहती थी. पर एक दिन उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने ने अपने प्यार का इज़हार कर दिया. में भी उनसे बोहत प्यार करता हु, इसलिए फ्लो फ्लो में हमने...
निशा : हम्म!! तोह फिर जब तनीषा के साथ सेक्स कर लिया और उस से प्यार करते हो तोह ऋचा को गफ क्यों बनाया?
राहुल : माँ एक्चुअली!! ऋचा ने मुझे प्रोपोज़ किया था, और उस वक़्त मेने उससे कोई रिप्लाई नहीं दिया था बूत आपको याद है न में उस दिन उससे बचाने के लिए गया था... ऐसा इसलिए क्युकी मुझे उसकी बोहत फिक्र थी. डर था की कही उससे खो न दू. तब पता चला की में उस से प्यार करने लगा हु. इसलिए... मेने उससे एक्सेप्ट कर लिया.
निशा (गहरी सास लेते हुए) : तोह उससे एक्सेप्ट करते वक़्त तुमने ये नहीं सोचा की तनीषा का क्या होगा? और ऋचा को तनीषा के बारे में जान कर क्या होगा?
राहुल : ऋचा को आलरेडी पता है माँ!
निशा (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त?
राहुल (ऐम्बर्रेस्सेड) : हां माँ
निशा : और फिर भी वो तुम्हारे प्यार में पद गयी? हे bh@gw@@n!! क्या गेम खेल रहा है रे तू मेरे बेतु?
राहुल (ऐम्बर्रेस्सेड) : माँ! Don't तैसे में!! में वाक़ई दोनों से प्यार करता हु!
निशा : हम्म! तोह ऋचा के साथ कर चुके हो?
राहुल : अभी तक तोह नहीं माँ.
निशा : हम्म! मेने डीडे कर लिया है.
राहुल : क्या?
निशा : ऋचा का मुझे नहीं पता पर तनीषा तुम्हारी पत्नी बांके रहेगी!!
राहुल : हैं???
निशा : हैं क्या हैं? तुमने उसका उस से पहली बार ले लिया, इतनी कीमती चीज़ उसने तुम्हे देदी, तुमसे प्यार करती है, सुन्दर है, सुशील है, संस्कारी है, सर्जन है, भला क्या कमी है उसमे? देख राहुल! कान खोल के सुनले, खबरदार! जो तूने उससे धोका दिया और उसके साथ शादी से इंकार किया तोह. में उससे इस घर की बहु बना के रहूंगी! समझा!?
राहुल : j...jii
राहुल (मैं में) : लगता है मेरी नहीं चलने वाली. वैसे! अच्छी hi बात है! माँ तनीषा दीदी को सपोर्ट कर रही है तोह. में सब कुछ अब समय पर चोरर दूंगा. देखते है आगे क्या होता है.
राहुल निशा को अपने सीने में भींच लेता है और निशा की नंगी चूचिया राहुल की सुडोल छाती से बिध जाती है. दोनों नंगे जो थे बेडशीट के अंदर.
राहुल : कितनी सुर्प्रिसिंग बात है न माँ?
निशा : क्या?
राहुल : की मेरे और आपके बीच वो सब हुआ और उसके बाद भी में आपसे नोर्मल्ली बात कर पा रहा हु. बल्कि उल्टा मुझे ऐसा फील हो रहा है की मेरा और आपका रिलेशन और भी ज़्यादा मज़बूत हो गया है.
निशा : हम्म! ये बात तोह तूने एकदम सच कही बेतु. ऐसा इसलिए क्युकी मेने तुझे भटकने नहीं दिया. तुझे पूरी दिलासा देके मेने ये रिश्ता बनवाया. अब हमारे बीच कोई पर्दा नहीं है. आज तूने मुझे अपने बारे में कितनी बाते बता दी. क्या ये सब तू पहले बता पाटा? नहीं न!! पर अब तू be-jhijak सब कुछ मुझे बता सकता है मेरे लाडले के लिए मेरे से जो बन्न पड़ेगा सब करुँगी.
राहुल : हां माँ!
निशा : तू कही अब भी ये तोह नहीं सोच रहा न की ये सब नहीं होना चाहिए था?
राहुल : नहीं माँ! I'm वैरी हैप्पी!! आपको में ख़ुशी दे सकता हु ये जान के तोह में बोहत खुश हु. ी लव यू माँ!!
निशा : लव यू मेरा बच्चा!!
निशा आगे बढ़ राहुल के होंठ चुम लेती है. अब भला उनका रिलेशनशिप बोहत आगे बढ़ चूका था तोह भला छोटी मोती गाल की पप्पी से निशा का कहा पेट भरने वाला था?
अगली सुबह निशा जल्दी उठ गयी और अपने वस्त्र सही कर के वो राहुल को एक बार फिरसे चुम के उससे उठा के नीचे चली गयी.
ऐसे hi कुछ दिन बीत गए, पर एक चीज़ थी जो बदल गयी थी वो ये की अब निशा रोज़ राहुल के साथ hi सोती थी और तानिया का गुस्सा अंदर hi अंदर बढ़ता hi जा रहा था. उस दिन के बाद से उससे राहुल के साथ सही से बात करने का मौक़ा hi नहीं मिल पाटा था.
अंशु भी चाहती थी की वो राहुल के साथ रात में सोये पर निशा तोह जैसे राहुल के रूम में रात में क़ब्ज़ा कर लेती थी.
पूछते तोह यही बताती थी की राहुल इमोशनली स्टेबल नहीं है अभी और उससे रात में अपनी माँ के साथ सोना अच्छा लगता है. पर असल बात तोह ये थी की राहुल और निशा चुदाई करते थे और भरपूर आनंद उठाते थे. निशा की आग भी शांत हो जाती थी और राहुल भी रिलैक्स फील करता था. साथ hi साथ निशा उससे सेक्स के बारे में ज्ञान भी दे देती थी.
कुछ 6-7 दिन ऐसे hi बीत गए और अब त्यौहार का समय आ गया था. जी हां! दीपावली!! हिन्दुओ का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्यौहार!!
जहा त्यौहार की तैयारी में पूरे घर के लोग जुट जाते है और कई दिनों पहले से hi तैयारियां शुरू हो जाती है. कुछ ऐसा hi हाल हमारे राहुल के घर में भी था.
सभी लोग किसी न किसी काम में व्यस्त थे, इधर राहुल और उसके डैड कार में सामान निकाल रहे थे जो अभी अभी वो मार्किट से लेकर आए थे, आज धनतेरस जो था, अंशु और नेहा स्टाफ रूम से सफाई चालू कर के निशा का हाथ बताने किचन की सफाई में लगी हुई थी, तानिया अपने घर पर फ़ोन करके अपने डैड (राहुल के मां) से बात कर रही थी की वो दिवाली राहुल के घर में hi मनाएगी और उसके एग्जाम के रिजल्ट के बाद hi घर लौटेगी!
कुल मिलाके घर का पूरा वातावरण व्यस्त था. अभी राहुल ने सामान रखा hi था की उतने में उसके डैड ने कहा,
राजेश : अरे बीटा! लगे हाथ झालर (लेद लाइट्स) भी लगा देते है.
राहुल : जी डैड!!
राहुल फिर राजेश के साथ मिलकर टेरेस पे जाके लाइट्स लगा देता है और फिर नीचे आके उससे एक नया काम दे दिया जाता है.
निशा : बीटा!! तू तानिया को ले जा और उससे उसकी पसंद के कपडे दिलवा ले आ और तू भी अपनी पसंद के ले आ. में, नेहा और अंशु कल hi ले आए थे, सिर्फ बेचारी मेरी बच्ची तानिया रह गयी थी. कल बेचारी सो रही थी, काम करके थक गयी थी इसलिए मेने इससे उठाया नहीं. तुझे भी लेने hi है ,तोह इससे भी ले जा.
राहुल : जी माँ सूरे! कपड़ो से याद आया मुझे पटाखे भी लेने hi है. तोह वही से वो भी लेता आऊंगा.
निशा की बात सुन्न आज तानिया को इतना दिनों बाद अच्छा लग रहा था. क्युकी रोज़ रात को तोह वो राहुल के कमरे में क़ब्ज़ा कर लेती थी इसलिए बेचारी तानिया राहुल के साथ सो नहीं पाती थी. पर आज निशा ने जब राहुल और उससे अकेले भेजने के लिए बोलै तोह कही न कही तानिया का गुस्सा बुआ के लिए काम हो गया
तानिया : चले?
राहुल : हां चलो न!
राहुल कार निकालने लगता है, तभी तानिया उससे आवाज़ देती है,
तानिया : बाइक से नहीं चल रहे?
राहुल : पागल हो क्या? तुम्हारे और मेरे कपडे और फिर पटाखे कोण पकड़ेगा? कार इस बेटर!!
तानिया : ओह्ह!!
तानिया आके फिर उसके बगल वाली सीट पर बैठ जाती है,
राहुल (मैं में) : ये शायद मेरी इस घर में लास्ट दिवाली हो...
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आज के लिए इतना hi गाइस!
धन्यवाद्!! जैसा की आप सभी ने देखा,
राहुल और निशा का रिलेशन कैसे बना और बढ़ा, अब एक नई अर्च स्टार्ट हो चूका है, "दिवाली अर्च" ये अर्च मैनली राहुल, तानिया, अंशु, निशा और नेहा पे फोकस्ड रहेगा!! होप यू एंजोयेड थिस अपडेट!!




