इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड) - Page 8 - SexBaba
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इन्सेस्ट आखिर क्यों? फ्रॉम हैट्रेड तो लव (कम्प्लेटेड)

अपडेट - 49

अब तक...

अभी सब कुछ ठीक चल रहा था की इतने में *खत खत* दरवाज़े खत कक्खटाने की आवाज़ आ आयी बाहर से.

किसी ने राहुल के दरवाज़े पर दस्तक दे दी थी.

अब आगे...

दूर नॉक होते hi दोनों माँ बेटे जैसे होश में आए और अपनी स्थिति पर गौर किया. किस हाल में थे दोनों? राहुल का लिंग उसकी माँ की योनि के अंदर घुसा हुआ था! साथ hi बाहर दरवाज़े पर कोई खड़ा हुआ था.

"सहित!!! अब क्या होगा?" राहुल का जी घबरा रहा था.

"k..kon??", निशा ने बड़ी hi हिम्मत करते हुए अपनी सांसें काबू कर एक आवाज़ लगायी.

"बुआ?? बुआ में हु!!" बहार से एक आवाज़ आयी जो किसी और की नहीं तानिया की hi थी.

"सहित!!! तानिया? तानिया यहाँ क्या कर रही है? यहाँ क्यों आयी है?" राहुल की समझ में नहीं आ रहा था की रात में तानिया उसके रूम की तरफ क्यों आयी? क्या काम हो सकता है उससे? अंशु यदि आती तोह फिर भी समझ सकता था राहुल पर रात के 11 बज रहे है और तानिया यहाँ उसके कमरे में क्यों आना चाह रही थी? कही उससे पता तोह नहीं चल गया? कही उसकी और उसकी माँ की आवाज़ बहार तोह नहीं चली गयी? नहीं! ऐसा नहीं हो सकता! राहुल खुद को शांत करने की कोशिश करने लगा. इस वक़्त उसकी धड़कन बोहत तेज़्ज़ हो गयी थी

घबराहट!!! बस यही शब्द अभी उसकी कंडीशन को पूरी तरह बया कर सकता था.

निशा : ta..taniya?? तुम यहाँ?

तानिया : wo...bua..aap राहुल के कमरे में अंदर...!?

निशा : haa...haa वो... आज बेतु मेरा बोहत परेशान था न इसलिए... इसलिए में उससे समझा रही थी की सुबह जो हुआ उससे दिल पे न ले... इसलिए आज में बेतु के साथ सोने आयी हु.

सोने आयी हु? यदि तानिया इस वक़्त अंदर का नज़ारा देख लेती तोह उसके पेर्रो टेल ज़मीन खिसक जाती. सोने आयी हु?? पर यहाँ तोह निशा अपनी छूट में बेटे का लुंड लिए पड़ी हुई थी. ऐसे कोण सोता है भाई? पर शायद निशा की नज़रो में आज उसका सबसे ख़ुशी का दिन था. क्युकी आज उससे वो मिल गया जिसकी उससे उम्मीद भी नहीं थी.





तानिया : ओह्ह्ह

निशा : पर तुम यहाँ इतनी रात गए बेतु के कमरे में क्यों आयी बीटा?

इस बार निशा ने अपनी चाल चली जिस से तानिया टेंशन में आ गयी. अब क्या जवाब दे? क्यों आयी थी वो यहाँ? राहुल के साथ सोने? जी हां!! सुबह की हुई हरकत के कारण नेहा का मूड ऑफ था इसलिए अंशु ने उसके साथ सोने का डीडे किया. पर नेहा का बीएड राहुल के बीएड से थोड़ा छोटा था. 2 लोग तोह आराम से सो जाते थे पर 3 लोग में थोड़ी दिक्कत जाती थी. इसलिए आज तानिया ने सोचा की वो चपडगंजु यानी की राहुल के साथ सोयेगी.

पर बेचारी की हिम्मत hi नहीं हो रही थी राहुल से नज़रे मिलाने की, थोड़ी देरर पहले राहुल ने उससे पहली बार अपने गले से लगाया था, पहली बार किसी लड़के के वो गले लगी थी. और वो भी राहुल के. पहली बार उसको किसी लड़के ने उसके गालो पर किश किया था, वो भी राहुल ने. उसके तोह दिल की घंटी तब से hi बज्ज रही थी. जब उसने देखा की अंशु और नेहा सोने लगे है तोह बड़ी हिम्मत करके वो राहुल के रूम की और चल दी. पर यहाँ भी बाद लक!

अंदर रूम में तोह उसकी बुआ निशा थी राहुल के साथ. कही न कही उससे आज पहली बार बुआ पे गुस्सा आ रहा था.

"हम्फ! आज पहली बार में उसके साथ सोने आयी और ये बुआ है की... पर अब क्या बोलू बुआ को? सभी जानते है की मेरी और राहुल की पटरी नहीं खाती. अब यदि बोलूंगी की में उसके साथ सोने आयी हु तोह बुआ क्या सोचेंगी? बुआ तोह चोर्रो, वो चपडगंजु क्या सोचेगा? नहीं!! मुझे शर्म आ रही है" तानिया के मैं में उथल पुथल मची हुई थी.

"तानिया?? क्या हुआ? बोलो? कुछ काम है क्या?" निशा ने एक बार फिरसे पुकारा.

"N..nahi बुआ! वो.. नेहु के बीएड पे 3 लोग में दिक्कत जाती है न इसलिए आयी थी में. मेने सोचा आज राहुल के साथ में सो जाती हु, क्या है न... वो नेहु को अंशु कंसोल करने के लिए आज वही सोयेगी इसलिए..."

तानिया ने सोचा चलो अब बता hi दो सच. जो होगा देखा जायेगा.

"व्हाट थे?? तानिया मेरे साथ सोने आयी थी? लगता है थोड़ी देरर पहले की किश का असर है... ः" मैं में राहुल ने सोचा.

"पर बीटा आज तोह तुम्हे वही सोना होगा क्युकी बेतु से कुछ इम्पोर्टेन्ट बात कर रही हु में" निशा ने थोड़ी बुलंद आवाज़ ने कहा जैसे अपना हक़ जाता रही हो की राहुल आज की रात मेरा है.

"Jii...jii में कर लुंगी मैनेज बुआ. कोई बात नहीं" बुझे मैं से तानिया भी वह से लौट गयी, आज पता नहीं क्यों उससे बुआ पे बोहत गुस्सा आ रहा था.

तानिया के जाते hi राहुल ने फिरसे अपनी स्थिति पे गौर किया! डर के मारे उसका लुंड सिकुड़ कर निशा की छूट से बाहर आ चूका था.

निशा : तोह बेतु इम्पोर्टेन्ट बात कर ले?

राहुल : हँ!??

अगले hi पल निशा ने छूट के रास से सना हुआ राहुल का लुंड मुँह में लिया और उससे चूसने लगी.





राहुल : आअह्ह्ह्हह्ह्ह्हह माँ!!

निशा : उम्मम्मम्म mmmmmmmmmmm मुझे अपने hi पानी का स्वाद चखने मिल गया हिहि

थोड़ी hi देरर में लुंड वापस अपने विकराल रूप में था और दुबारा से निशा की गुफा में लुप्त हो गया. राहुल निशा के मुँह पर हाथ रख ताबड़तोड़ धक्के लगाए जा रहा था.





हर्र धक्का निशा की गोरी मुलायम चूचियों को हिला के रख देता. हर्र धक्के के साथ उसके छूछे हिचकोले खा रहे थे.





और *उम्मम्मम्म ममममम* की आवाज़ कमरे में हो रही थी.





जब राहुल क्लाइमेक्स के करीब पहुँच गया तोह उसने इशारे में पूछा की कहा गिराना है पानी? तोह बदले में निशा ने अपने दोनों परर उसकी कमर में जकड के उससे अपनी योनि से चिपका लिया. राहुल भी अपनी माँ का संकेत समझ गया था और उसने कुछ और तेज़्ज़ धक्को के साथ hi अपना पानी अंदर hi छूट में चोरर दिया.

*Ummmmmmmmmmmmmm aaaahhhhhhhhhhh*

निशा : हायईएएए ummmmmmmmmmmmmmmm गरम... गरम है... बेतु का पानी... मेरे गर्भ के अंदर... हाईये ससससस

राहुल भी निशा के ऊपर उसके दूध पर पसर गया. दोनों की गरम सासें एक दूसरे को महसूस हो रही थी. दोनों जानते थे दोनों के बीच क्या हुआ.

थोड़ी देरर बाद राहुल ने निशा की छूट से अपना लुंड निकाला और बगल में लेत गया.

निशा ने फौरन उठ के राहुल का लुंड एक बार फिरसे अपने मुँह में भर लिया.





राहुल : माँ??

राहुल को ये उम्मीद नहीं थी की उसकी माँ उसके पानी से सना हुआ लुंड मुँह में ले लेंगी.

निशा : it's सेक्स मैनर्स बेतु!!

राहुल : सेक्स मैनर्स??

निशा : हां! सेक्स के बाद एक दूसरे के गुप्तांग को चाट के साफ़ करना. ये सेक्स मैनर्स होते है. सब लोग नहीं करते क्युकी कुछ लोगो को घिन आती है. पर ये प्यार को दर्शाता है. की में अपने बेतु से कितना प्यार करती हु.

निशा कहते हुए मुस्कुरा देती है और राहुल का सुपाड़ा चूस के उसके अंदर से पूरा पानी निकालने लगती है.





राहुल : ओह्ह! पर माँ ये... ये बेकार नहीं लगता? इसका टास्ते?

निशा : बेकार? नहीं ये तोह बोहत अनमोल है! कड़वा ज़रूर होता है पर थूक के साथ जब मुँह में थोड़ा मिला लो और इससे पतला कर लो तोह गुटकने में आसानी होती है.

राहुल : आपको तोह बोहत एक्सपीरियंस है माँ.

निशा : ये तेरी माँ ने न जाने कितना ज्ञान इखट्टा किया था अपनी शादी के पहले. सोचा था अपने पति के साथ ये सब करुँगी. पर इनको तोह फिक्र hi नहीं है न मेरी. मेरी साड़ी इच्छाएं दबी की दबी रह गयी. अंत में इन्होने वही किया जो उन्हें करना था. आज तू न होता तोह में तोह इस शरीर की आग में जल के राख जाती.

राहुल : माँ! ऐसा क्यों बोलती हो आप. अब में आपकी हेल्प तोह कर रहा हु न!?

निशा : हम्म! इसलिए आज बोहत खुश हु में.

राहुल : अब मेरी बारी माँ...

इतना बोल राहुल निशा की छूट को चाट कर साफ़ करने लगता है.









जब दोनों के गुप्तांग क्लीन हो जाते है तोह दोनों नंगे hi एक दूसरे से लिपट कर लेत जाते है.

निशा : चल अब बता!

राहुल : क्या?

निशा (राहुल की चीन पकड़ते हुए) : में भूली नहीं हु. ये तेरा फर्स्ट टाइम नहीं था न? चल बोल! किस के साथ कर के आया है तू? ऋचा के साथ?

राहुल : na...nahi माँ

निशा (शॉकेड) : क्या?? ऋचा नहीं तोह कोण है? बोल जल्दी!!

राहुल : माँ... कलम डाउन! शांत... Mein...mein बताता हु

निशा : हां तोह बोल जल्दी!

राहुल : वो... वो... मेरा फर्स्ट टाइम तनीषा दीदी के साथ था.

निशा (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त?? वो तनीषा? तनीषा बेटी? जो तेरा ट्रीटमेंट करती है जब तुझे चोट लगती है तोह? वो सर्जन डॉक्टर?

राहुल (ऐम्बर्रेस्सेड) : j..jii माँ

निशा : हाईये दैयाआ!! तोह फिर ऋचा का क्या? नेहा क्या बोल रही थी सुबह? तुम और ऋचा क्लोज हो?

राहुल (ब्लश) : वो... वो ... she's माय गर्लफ्रेंड माँ!

निशा (शॉकेड) : हैं??????

*साइलेंस*

निशा थोड़ी देरर शांत रहने के बाद बोली,

निशा : तोह ऋचा तुम्हारी गफ है?

राहुल : यस माँ!

निशा : और तनीषा के साथ तुमने सेक्स किया है?

राहुल : हां माँ!

निशा : कितनी बार कर चुके हो उसके साथ?

राहुल (ब्लश) : एक hi बार

निशा : और बाकी बार?

राहुल : सेकंड टाइम अभी आपके साथ...

निशा (ब्लश) : हम्म्म!!

राहुल (ब्लश) : हम्म्म!!

निशा : तोह ऐसा क्यों है? मतलब ऋचा गफ है तोह तनीषा के साथ सेक्स कैसे?

राहुल : वो एक्चुअली! माँ तनीषा दीदी मुझसे बोहत प्यार करती थी. बूत उन्होंने अपनी फीलिंग्स को सामने नहीं आने दिया क्युकी वो मुझे अपना भाई कहती थी. पर एक दिन उनसे रहा नहीं गया और उन्होंने ने अपने प्यार का इज़हार कर दिया. में भी उनसे बोहत प्यार करता हु, इसलिए फ्लो फ्लो में हमने...

निशा : हम्म!! तोह फिर जब तनीषा के साथ सेक्स कर लिया और उस से प्यार करते हो तोह ऋचा को गफ क्यों बनाया?

राहुल : माँ एक्चुअली!! ऋचा ने मुझे प्रोपोज़ किया था, और उस वक़्त मेने उससे कोई रिप्लाई नहीं दिया था बूत आपको याद है न में उस दिन उससे बचाने के लिए गया था... ऐसा इसलिए क्युकी मुझे उसकी बोहत फिक्र थी. डर था की कही उससे खो न दू. तब पता चला की में उस से प्यार करने लगा हु. इसलिए... मेने उससे एक्सेप्ट कर लिया.

निशा (गहरी सास लेते हुए) : तोह उससे एक्सेप्ट करते वक़्त तुमने ये नहीं सोचा की तनीषा का क्या होगा? और ऋचा को तनीषा के बारे में जान कर क्या होगा?

राहुल : ऋचा को आलरेडी पता है माँ!

निशा (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त?

राहुल (ऐम्बर्रेस्सेड) : हां माँ

निशा : और फिर भी वो तुम्हारे प्यार में पद गयी? हे bh@gw@@n!! क्या गेम खेल रहा है रे तू मेरे बेतु?

राहुल (ऐम्बर्रेस्सेड) : माँ! Don't तैसे में!! में वाक़ई दोनों से प्यार करता हु!

निशा : हम्म! तोह ऋचा के साथ कर चुके हो?

राहुल : अभी तक तोह नहीं माँ.

निशा : हम्म! मेने डीडे कर लिया है.

राहुल : क्या?

निशा : ऋचा का मुझे नहीं पता पर तनीषा तुम्हारी पत्नी बांके रहेगी!!

राहुल : हैं???

निशा : हैं क्या हैं? तुमने उसका उस से पहली बार ले लिया, इतनी कीमती चीज़ उसने तुम्हे देदी, तुमसे प्यार करती है, सुन्दर है, सुशील है, संस्कारी है, सर्जन है, भला क्या कमी है उसमे? देख राहुल! कान खोल के सुनले, खबरदार! जो तूने उससे धोका दिया और उसके साथ शादी से इंकार किया तोह. में उससे इस घर की बहु बना के रहूंगी! समझा!?

राहुल : j...jii

राहुल (मैं में) : लगता है मेरी नहीं चलने वाली. वैसे! अच्छी hi बात है! माँ तनीषा दीदी को सपोर्ट कर रही है तोह. में सब कुछ अब समय पर चोरर दूंगा. देखते है आगे क्या होता है.

राहुल निशा को अपने सीने में भींच लेता है और निशा की नंगी चूचिया राहुल की सुडोल छाती से बिध जाती है. दोनों नंगे जो थे बेडशीट के अंदर.

राहुल : कितनी सुर्प्रिसिंग बात है न माँ?

निशा : क्या?

राहुल : की मेरे और आपके बीच वो सब हुआ और उसके बाद भी में आपसे नोर्मल्ली बात कर पा रहा हु. बल्कि उल्टा मुझे ऐसा फील हो रहा है की मेरा और आपका रिलेशन और भी ज़्यादा मज़बूत हो गया है.

निशा : हम्म! ये बात तोह तूने एकदम सच कही बेतु. ऐसा इसलिए क्युकी मेने तुझे भटकने नहीं दिया. तुझे पूरी दिलासा देके मेने ये रिश्ता बनवाया. अब हमारे बीच कोई पर्दा नहीं है. आज तूने मुझे अपने बारे में कितनी बाते बता दी. क्या ये सब तू पहले बता पाटा? नहीं न!! पर अब तू be-jhijak सब कुछ मुझे बता सकता है मेरे लाडले के लिए मेरे से जो बन्न पड़ेगा सब करुँगी.

राहुल : हां माँ!

निशा : तू कही अब भी ये तोह नहीं सोच रहा न की ये सब नहीं होना चाहिए था?

राहुल : नहीं माँ! I'm वैरी हैप्पी!! आपको में ख़ुशी दे सकता हु ये जान के तोह में बोहत खुश हु. ी लव यू माँ!!

निशा : लव यू मेरा बच्चा!!

निशा आगे बढ़ राहुल के होंठ चुम लेती है. अब भला उनका रिलेशनशिप बोहत आगे बढ़ चूका था तोह भला छोटी मोती गाल की पप्पी से निशा का कहा पेट भरने वाला था?

अगली सुबह निशा जल्दी उठ गयी और अपने वस्त्र सही कर के वो राहुल को एक बार फिरसे चुम के उससे उठा के नीचे चली गयी.

ऐसे hi कुछ दिन बीत गए, पर एक चीज़ थी जो बदल गयी थी वो ये की अब निशा रोज़ राहुल के साथ hi सोती थी और तानिया का गुस्सा अंदर hi अंदर बढ़ता hi जा रहा था. उस दिन के बाद से उससे राहुल के साथ सही से बात करने का मौक़ा hi नहीं मिल पाटा था.

अंशु भी चाहती थी की वो राहुल के साथ रात में सोये पर निशा तोह जैसे राहुल के रूम में रात में क़ब्ज़ा कर लेती थी.

पूछते तोह यही बताती थी की राहुल इमोशनली स्टेबल नहीं है अभी और उससे रात में अपनी माँ के साथ सोना अच्छा लगता है. पर असल बात तोह ये थी की राहुल और निशा चुदाई करते थे और भरपूर आनंद उठाते थे. निशा की आग भी शांत हो जाती थी और राहुल भी रिलैक्स फील करता था. साथ hi साथ निशा उससे सेक्स के बारे में ज्ञान भी दे देती थी.

कुछ 6-7 दिन ऐसे hi बीत गए और अब त्यौहार का समय आ गया था. जी हां! दीपावली!! हिन्दुओ का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण त्यौहार!!

जहा त्यौहार की तैयारी में पूरे घर के लोग जुट जाते है और कई दिनों पहले से hi तैयारियां शुरू हो जाती है. कुछ ऐसा hi हाल हमारे राहुल के घर में भी था.

सभी लोग किसी न किसी काम में व्यस्त थे, इधर राहुल और उसके डैड कार में सामान निकाल रहे थे जो अभी अभी वो मार्किट से लेकर आए थे, आज धनतेरस जो था, अंशु और नेहा स्टाफ रूम से सफाई चालू कर के निशा का हाथ बताने किचन की सफाई में लगी हुई थी, तानिया अपने घर पर फ़ोन करके अपने डैड (राहुल के मां) से बात कर रही थी की वो दिवाली राहुल के घर में hi मनाएगी और उसके एग्जाम के रिजल्ट के बाद hi घर लौटेगी!

कुल मिलाके घर का पूरा वातावरण व्यस्त था. अभी राहुल ने सामान रखा hi था की उतने में उसके डैड ने कहा,

राजेश : अरे बीटा! लगे हाथ झालर (लेद लाइट्स) भी लगा देते है.

राहुल : जी डैड!!

राहुल फिर राजेश के साथ मिलकर टेरेस पे जाके लाइट्स लगा देता है और फिर नीचे आके उससे एक नया काम दे दिया जाता है.

निशा : बीटा!! तू तानिया को ले जा और उससे उसकी पसंद के कपडे दिलवा ले आ और तू भी अपनी पसंद के ले आ. में, नेहा और अंशु कल hi ले आए थे, सिर्फ बेचारी मेरी बच्ची तानिया रह गयी थी. कल बेचारी सो रही थी, काम करके थक गयी थी इसलिए मेने इससे उठाया नहीं. तुझे भी लेने hi है ,तोह इससे भी ले जा.

राहुल : जी माँ सूरे! कपड़ो से याद आया मुझे पटाखे भी लेने hi है. तोह वही से वो भी लेता आऊंगा.

निशा की बात सुन्न आज तानिया को इतना दिनों बाद अच्छा लग रहा था. क्युकी रोज़ रात को तोह वो राहुल के कमरे में क़ब्ज़ा कर लेती थी इसलिए बेचारी तानिया राहुल के साथ सो नहीं पाती थी. पर आज निशा ने जब राहुल और उससे अकेले भेजने के लिए बोलै तोह कही न कही तानिया का गुस्सा बुआ के लिए काम हो गया

तानिया : चले?

राहुल : हां चलो न!

राहुल कार निकालने लगता है, तभी तानिया उससे आवाज़ देती है,

तानिया : बाइक से नहीं चल रहे?

राहुल : पागल हो क्या? तुम्हारे और मेरे कपडे और फिर पटाखे कोण पकड़ेगा? कार इस बेटर!!

तानिया : ओह्ह!!

तानिया आके फिर उसके बगल वाली सीट पर बैठ जाती है,

राहुल (मैं में) : ये शायद मेरी इस घर में लास्ट दिवाली हो...

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आज के लिए इतना hi गाइस!

धन्यवाद्!! जैसा की आप सभी ने देखा,

राहुल और निशा का रिलेशन कैसे बना और बढ़ा, अब एक नई अर्च स्टार्ट हो चूका है, "दिवाली अर्च" ये अर्च मैनली राहुल, तानिया, अंशु, निशा और नेहा पे फोकस्ड रहेगा!! होप यू एंजोयेड थिस अपडेट!! :-)
 
अपडेट है बीन पोस्टेड गाइस!!

नई अर्च है बेगुन!

इस अर्च में बोहत कुछ देखने को मिलेगा आप सभी लोगो को

और नेक्स्ट अर्च से कहानी को एक अलग दिशा मिलेगी

एन्जॉय! दो लीव योर लाइक्स एंड रेविएवस!

थैंक्स!!
 
बोहत बोहत शुक्रिया मित्रो

माफ़ी चाहता हु कल अपडेट नहीं दे पाया

में सफर पर था. ट्रैन में आपको पता hi है की नेटवर्क बीच बीच में गायब हो जाता है

पर आज रात 9 बजे अपडेट आ जाएगा किसी भी हालत में. थैंक्स फॉर वेटिंग!!
 
अपडेट - 50

अब तक...

राहुल कार निकालने लगता है, तभी तानिया उससे आवाज़ देती है,

तानिया : बाइक से नहीं चल रहे?

राहुल : पागल हो क्या? तुम्हारे और मेरे कपडे और फिर पटाखे कोण पकड़ेगा? कार इस बेटर!!

तानिया : ओह्ह!!

तानिया आके फिर उसके बगल वाली सीट पर बैठ जाती है,

राहुल (मैं में) : ये शायद मेरी इस घर में लास्ट दिवाली हो...

अब आगे...

तानिया राहुल की बगल वाली सीट पर विराजमान होक लगातार राहुल के चेहरे को परख रही थी. अब इससे परखना कहेंगे या फिर tak-taki लगाए देखना, ये तोह तानिया hi जानती थी की वो क्या कर रही है.

"बाइक का बोलै तोह चपडगंजु कार निकाल लिया. हम्फ! सामने से लड़की मौक़ा दे रही है पर ये है की... स्टुपिड कही का", मैं में तानिया ने सोचा.

लगातार अपने ऊपर किसी की नज़र का एहसास होने पर राहुल ने भी पलट कर देखा तोह पाया तानिया उससे कॉन्टिनुआसली देखे जा रही है, जो की उससे बोहत ावक्वार्ड लगा.

"हम्म? क्या हुआ?" राहुल ने बदले में पूछा

तानिया : कुछ नहीं.

ऐसे hi थोड़ी देरर में दोनों शॉपिंग मॉल पहुँच गए और तानिया और राहुल अपने लिए ड्रेसेस देखने लगे. दिवाली का समय था, तोह तरदीवाल ड्रेसेस तोह बनती hi है बॉस. जहा एक तरफ राहुल ने एक भगवा कलर का कुरता पसंद किया तोह वही तानिया ने रेड कलर का सलवार सूट. दोनों के ऊपर कपडे बोहत hi जांच रहे थे.

तानिया से छुप कर राहुल ने एक सलवार सूट और खरीद लिया जो की वो अपनी तनीषा दीदी के लिए अस ा गिफ्ट देने की सोच रहा था.

राहुल (मैं में) : ऋचा के लिए भी लू क्या? में उससे कैसे भूल सकता हु. पर मेरे पास ज़्यादा पैसे नहीं है. सहित!! आज लग रहा है की मुझे पैसे कमाना कितना ज़रूरी हो गया है. आखिर मेरी बीवियों के लिए मुझे कुछ तोह करना होगा न? माफ़ करना रीचु, मेरे पास लिमिटेड पैसे hi है. आज तनीषा दीदी के लिए ले लेता हु. वो अकेली रहती है. I'm सूरे उन्होंने कोई शॉपिंग नहीं की होगी. शाम को जाके उन्हें दे आऊंगा ये गिफ्ट.

शॉपिंग से फुर्सत होने के बाद दोनों पटाखा लेने बाजार की तरफ चल देते है. दिवाली की खरीद दारी में भीड़ इतनी थी की पूछो मत. ऐसा लग रहा था जैसे सारे शहर के लोग बाहर निकल आए है और रोड पे घूम रे है. राहुल ने साइड में कार पार्क की और दोनों भाई बहिन पटाखे खरीदने चल दिए. भीड़ ज़्यादा होने के कारण कार्स अंदर अल्लोवेद नहीं थी. इसलिए राहुल को कार बाहर hi पार्क करनी पड़ी.

तानिया : कितनी भीड़ है yaha...ouch!!

एक धक्का आया और तानिया राहुल से बिछड़ सी गयी. पर उसी वक़्त एक हाथ उसकी तरफ बढ़ा और उसके हाथो को पकड़ लिया. राहुल ने तानिया का हाथ थाम उससे साथ रहने के लिए इशारा किया जैसे मानो वो तोह छोटी बच्ची है जो कभी भी भीड़ में बिछड़ सकती है

तानिया अपना जिस्म राहुल से चिपका चिपका के चल रही थी. पता नहीं क्यों पर उससे यु राहुल के साथ फिजिकल कांटेक्ट करना बोहत भा रहा था.

तानिया (मैं में) : मेरा हाथ उसके हाथो में है, omg!! उसकी सासें मेरे कंधो पर पद रही hai...hum कितने क्लोज है.

तानिया मैं में इन्ही सब बातो को सोच मंद मंद मुस्कुराए जा रही थी. उसका ध्यान पटाखों पर तोह बिलकुल भी नहीं था. खर्र जाता भी कैसे? वो खुद hi एक पटाखा जो थी. हहै!!

अभी राहुल ने इधर पटाखे लिए hi थे की इतने में बगल वाली दूकान में शोरगुल सा मच गया. सभी लोग एक घेरा बना के खड़े हो गए.

तानिया : वह क्या हो रहा है?

राहुल : चल के देखना पड़ेगा.

वह जब दोनों पहुचे तोह देखा की एक बुज़ुर्ग सा व्यक्ति नीचे गिरा पड़ा है और उसके कपडे भी फत्ते हुए है. और एक छोटी क्यूट सी बच्ची करीब 10-11 साल की उस बुज़ुर्ग को उठाने की कोशिश कर रही थी और रोये जा रही थी.

तानिया : वो बच्ची रो क्यों रही है?

राहुल (चिल्ला के) : अरे भाईसाहब क्या हो गया?

तभी एक दुकानवाला राहुल को देख उससे जवाब देता है,

"अरे बीटा! ये भूडो यहाँ आके चोरी कर रहा था. पैसे नहीं है पटाखे खरीदने के और मुँह उठा के चले आए पैसे नहीं है तोह चोरी करोगे मतलब?"

राहुल इतना सुन्न आगे बढ़ उस बुज़ुर्ग को उठाता है,

"दादा जी! इन्होने जो कहा क्या वो सच है?"

बदले में वो बुज़ुर्ग कुछ नहीं कहता, उसकी नज़रे नीचे की और झुक जाती है

मतलब साफ़ था! उसने सच क़ुबूल कर लिया की वो चोरी कर रहा था.

राहुल : क्या आप बता सकते है की आपने चोरी क्यों की?

दुकानवाला : अरे बीटा इनके मुँह मत लगो, ये लातो के भूत बातो से नहीं मानते है. तुम जाओ, इन् जैसे लोगो को हम अच्छा सबक़ सिखाते है.

राहुल : अंकल प्लीज एक मिनट!

बुज़ुर्ग : बीटा! भौ सही कह रहो है!

हम hi चोरी किया!

राहुल : क्यों?

बुज़ुर्ग (बिलखते हुए) : पैसा नहीं है बीटा! कोई ठिकाना नहीं है! रोज़ इधर से उधर भटकता हु में इस बच्ची के साथ. मेरी पोती है ये. रोमा!! इसके माँ बाप हादसे में गुज़र गए बोहत पहले... सब कुछ लूट गया. में बर्बाद हो गया. कहा जाऊ इसको लेके? सोचा दिवाली है, बच्ची को एक पटाखा तोह दिला दू, पर पैसे नहीं थे, इसलिए...

अब जहा तक राहुल की समझ में आ चूका था की माजरा क्या है. मतलब बच्ची के माँ बाप हादसे में कई साल पहले गुज़र गए जो की घर के खर्च को चलाते थे. और उनके जाने के बाद इनको किराए के घर से बाहर निकाल दिया गया क्युकी बुज़ुर्ग आदमी से किराये की उम्मीद कर भी कैसे सकता हो आप? धीरे धीरे स्थिति ये आ गयी की सड़क पे आ गए ये दोनों दादा और उसकी पोती. और दिवाली में बच्ची की ख़ुशी के लिए दादा जी ने चोरी की क्युकी उनके पास और कोई चारा hi नहीं था. हालात आपको क्या क्या करने के लिए मजबूर कर देता है.

ऐसा नहीं था की राहुल जिस भी गरीब को देखता उसकी मदद कर देता. पर आज राहुल का दिल बोहत उदास हो गया. कारण थी वो बच्ची. इतनी सुन्दर और चंचल की पूछो मत. उसको देख राहुल का दिल पसीज गया और उसने फौरन रोटी हुई उस बच्ची के सर पर हाथ फेरा तोह बदले में बच्ची ने चंचल आँखों से राहुल के चेहरे को देखा.

राहुल (मैं में) : कितनी क्यूट है. बेचारी!! पर इसकी में थोड़ी मदद तोह कर hi सकता हु.

राहुल ने धीरे से हज़ार रूपए बुज़ुर्ग के कुर्ते के जेब में दाल दिए. राहुल जो ये सोच रहा था की उसने सबकी नज़रो से बच के ये काम कर दिया है तोह वो गलत था. दो आँखों ने सब कुछ देख लिया था की क्या हुआ.

राहुल : बीटा! आप जाओ अपने दादा जी को दूसरी दूकान लेके और वह से पटाखे लेना.

बच्ची : पर भैया दादू के पास पैसे नहीं है

राहुल : अरे तुम्हारे दादू झूट बोलते है. अभी दूसरी दूकान जाओ और वह अपने दादू से कहना अपनी जेब से पैसे निकाले. फिर देखना कैसे पैसे आ जाते है.

बुज़ुर्ग : बीटा तुम दोनों का बात करात हो?

राहुल : कुछ नहीं दादा जी! आपके पास ठिकाना नहीं है न? में आपको एक एड्रेस देता हु आप वह जाना और सिर्फ इतना कहना की आपको राहुल ने भेजा है और आपको रहने के लिए घर चाहिए.

बुज़ुर्ग : bh@gw@@n तुम्हारा भला करे बीटा! भला करे!

और वो बुज़ुर्ग और बच्ची भी फिर चले गए. राहुल ने एड्रेस किसी और का नहीं बल्कि मास्टर चेन का hi दिया था. उससे पता था वही है एक जो उसकी मदद कर सकते है. राहुल उनका शुक्र गुज़ार होता जा रहा था. राहुल लौट के जब तानिया के पास आया तोह देखा की वो कुछ अजीब निगाहो से उससे घर रही थी. आँखों में एक अजीब सी चमक थी. उसने देखा की तानिया के होंठ कुछ कहने के लिए खुले पर अचानक फिर बंद हो गए.

राहुल : चले?

तानिया : हम्म!

दोनों कार में बैठ सारा सामान खरीद वापस घर की और निकल पड़े.

बीचे रस्ते में तानिया ने आखिर उस बात का ज़िक्र कर hi दिया.

तानिया : मेने देखा!

राहुल : हँ?

तानिया : ी सॉ आईटी!

राहुल : सॉ व्हाट?

तानिया : तुमने उस बुज़ुर्ग के कुर्ते में पैसे डाले थे न? क्यों?

राहुल : ओह्ह्ह वो बात... हां! क्युकी... तुमने देखा नहीं उस बच्ची को? कितनी मासूम थी वह. यदि मेरे थोड़े पैसे देने से उससे ख़ुशी मिलती है तोह अच्छा hi है न?

तानिया : तुम्हे बच्चे पसंद है?

राहुल : बहुत!! क्यूट बच्चे ख़ास कर

तानिया (ब्लश) : तोह?

राहुल : क्या?

तानिया (ब्लश) : तुम क्या चाहोगे? एक लड़का या लड़की?

राहुल : व्हाट?

तानिया (ब्लश) : इडियट! शादी के बाद तुम्हारे भी तोह बच्चे होंगे न?

राहुल : में एक लड़का और एक लड़की चाहूंगा. पर पहले शादी तोह हो जाने दो मैडम.

शादी की बात सुन्न तानिया को एहसास होता है की राहुल की तोह शादी हो जाएगी और उसके बच्चे भी हो जाएंगे. पता नहीं क्यों पर उससे अपने दिल में दर्द सा महसूस हुआ, बिलकुल भी अच्छा नहीं लग रहा था उससे. पर आज राहुल को उस बुज़ुर्ग की हेल्प करते देख तानिया के मैं में एक बात तोह साफ़ हो गयी थी की राहुल और नेहा के बीच जो भी है उसमे राहुल पूरी तरह गलत नहीं है.

वर्ण जो भाई अपनी बहिन को मारना चाहता है वो भला एक बुज़ुर्ग व्यक्ति की मदद कैसे कर सकता है?

खर्र दोनों लोग घर पर पहुचे और सामान कार से निकाल अंदर लिविंग रूम में रखा. तानिया बाकी सभी के साथ बातो में व्यस्त हो गयी और राहुल भी अपने रूम में फ्रेश उप होक बाहर आ गया. उससे अब तनीषा के घर जाना था गिफ्ट देने.

निशा : कहा जा रहे हो बेतु?

राहुल : माँ! वो तनीषा दीदी के घर जा रहा हु, उन्होंने कोई शॉपिंग नहीं की होगी. इसलिए ये उनके लिए खरीद के लाया था.

निशा : हम्म! अपनी बीवी की इतनी फिक्र अभी से? क्या बात है!! और अपनी hi बीवी को दीदी कोण बोलता है भला?

राहुल (ब्लश) : माँ!! क्या आप भी... अभी मेरी वाइफ थोड़ी न है वो...

निशा : हां पर जल्द hi बन्न जाएगी. ाचा जा अब तू. और सुन्न! उस से कहना दिवाली हमारे साथ यहाँ घर पर मनाए. बेचारी अकेली रहती है. त्यौहार में साथ में रहेगी उससे अच्छा लगेगा. बस कुछ महीनो की बात है. फिर तोह तुम दोनों एक हो hi जाओगे.

राहुल : माँ... क्यों तंग कर रही हो आप मुझे? आपको पता है न? वो मुझसे 5 साल बड़ी है. उनकी आगे 26 है.

निशा : हां तोह? खबरदार जो तूने ये बहाना बना के उससे साइड में करने की कोशिश की तोह. आगे से कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता. कितनी सुन्दर है वो. और सिर्फ 5 साल का hi गैप है. कोई बड़ा गैप नहीं है.

राहुल : j...ji माँ.

निशा : हम्म! चल अब जा.

राहुल : j...jii

अभी राहुल जाने hi वाला था की इतने में निशा अपने चारो तरफ देखती है तोह लिविंग रूम में उन् दोनों के अलावा कोई नहीं था. तोह झटके से राहुल के होंठ आगे बढ़ के चुम लेती है.

इस हमले से राहुल सकपका जाता है.

निशा : अब जा.

और निशा अपनी बड़ी गांड मटकाते हुए राहुल को स्तबध चोरर किचन में चली जाती है.

बाहर निकल राहुल बाइक उठाता है और चल देता है तनीषा के घर की तरफ.

घर पॅहुचते hi राहुल दूर नॉक करता है और दूर खुलते hi तनीषा एक टॉप और शॉर्ट्स में दिखाई देती है. राहुल को यु अचानक देख वो एकदम से उसकी बाहो में कूद जाती है और किसी बिल्ली की तरह राहुल से कुड्लिंग करने लगती है.

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अगले hi पल वो राहुल को खींच के अंदर करती है और दूर लॉक करते hi पीछे मुड़के राहुल को जोरर से पकड़ के उसके होंठ चूमने लगती है.

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थोड़ी देरर की पैशनेट किसिंग ोे बाद...

तनीषा (बनावटी गुस्से में) : मेरी याद नहीं आती न अब?

राहुल : क्या बकवास कर रही हो आप. आप भी जानती हो में आपसे कितना प्यार करता हु.

तनीषा (मुस्कुरा कर) : हां वो तोह में जानती हु.

राहुल (गिफ्ट देते हुए) : वैसे! ये में आपके लिए लाया हु. माफ़ करना ज़्यादा महंगा नहीं है. देख के बताइये केसा है?

तनीषा राहुल के हाथ से पैकेट लेती है और खोल के देखती है तोह उसमे एक बहुत hi सुन्दर सा नेवी ब्लू कलर का सूट था. सलवार सूट देख तनीषा इतनी खुश हो जाती है की वो एकदम से राहुल को अपनी बाहो में भींच लेती है

तनीषा : तुमपर तोह गुस्सा भी नहीं हुआ जाता... ी लव यू सो मच!! मूवहः

राहुल : आपको पसंद आया?

तनीषा : बोहत ज़्यादा!!

राहुल : ज़्यादा महंगा नहीं है. मेरे पास अभी उतने पैसे थे नहीं. सॉरी फॉर तहत!

तनीषा (नाम आँखों से) : इडियट! तुम इतने प्यार से मेरे लिए लाए और मुझे पसंद न आए ऐसा कैसे हो सकता है? और रही बात प्राइस की तोह राहुल... हर्र महंगी चीज़ अच्छी नहीं होती. जो चीज़ दिल से दी जाई उसकी कीमत कही ज़्यादा होती है. मुझे ये बेहद पसंद आया, ी लव यू!!

राहुल : दी! ी लव यू तू!!

राहुल (मैं में) : कितनी प्यारी है मेरी तनीषा दी. कितनी भोली है. उन्हें पैसे से वाक़ई कोई मतलब नहीं. पर इसका मतलब ये नहीं की में इससे नज़र अंदाज़ करू. वंशु दी, अंशु, तनीषा दी, ऋचा, सभी मुझसे कितना प्यार करती है. पर क्या में उनके प्यार के लायक हु? मेरे पास खुदके पैसे तक नहीं है की में उन्हें दिवाली पर गिफ्ट दे सकू. कितना कमज़ोर हु में. आज मुझे अपनी औकात के बारे में पता चला. वाक़ई! पैसा बहुत ज़रूरी है. पर में हार नहीं मानूंगा दी, में इतना पैसा कमाऊंगा की आप सभी को हर्र ख़ुशी दे सकू.

राहुल : वेस दी!! माँ ने आपको दिवाली सेलिब्रेट करने के लिए घर पर बुलाया है.

तनीषा (खुश होकर) : क्या?? सच??

राहुल : हां!! आप आओगी न?

तनीषा (राहुल को हुग करते हुए) : बिलकुल माय डार्लिंग!!

राहुल (ब्लश) : .....

तनीषा : वैसे मेने भी एक फैसला लिया है.

राहुल : क्या?

तनीषा : में पीएचडी नहीं करुँगी!

राहुल (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त?

तनीषा : तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मुझसे पलट कर ये पूछने की?

राहुल (शॉकेड) : हँ!???

तभी तनीषा राहुल को धक्का देके बीएड पर लिटा देती है और उसके ऊपर चढ़ जाती है और फिर उसकी आँखों में देखते हुए कहती है,

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तनीषा : पहले मुझे अपने प्यार में फसाया और फिर मेरे साथ सेक्स किया और फिर मुझे चोरर के इतने दिनों तक तुमने कॉल तक नहीं किया, तुम्हारी जरर हाज़िरी में मेरी क्या हालत हुई थी में hi जानती हु. और अब तुम मुझसे ये एक्सपेक्ट कर रहे हो की में पीएचडी करने 3 से 5 साल तुमसे दूर राहु?

राहुल (सुरपस्रिसद) : ेहः??

तनीषा (ब्लश) : तुम्हारा दिमाग तोह ठीक है न? पागल कर के रख दिया है तुमने मुझे. पहले जब तुम्हारे लिए मुझे प्यार वाली फीलिंग्स आयी थी तोह मेने डीडे किया था की तुमसे दूर रहूंगी पर पता नहीं तुम्हारे अंदर क्या जादू है की में खींची चली आयी और अपने प्यार का इज़हार तक कर दिया. और फिर तुम्हारे साथ वो रात!!! उफ़!! उसके बाद तोह मानो मुझे चेन्न hi नहीं है. तुम्हे पता है जिस दिन मेने तुम्हे कॉल लगाया था क्युकी तुम्हारा कोई कॉल नहीं आया था... उस दिन मेने 5 बार मस्टुर्बते किया था. पूरे 5 बार!! सिर्फ तुम्हे सोच कर. और अब तुम चाहते हो में तुमसे दूर राहु?

राहुल : d...diii? ये आप!??

तनीषा : शट उप!

और तनीषा राहुल की कल्लोर पकड़ उससे ज़ोरदार किश करने लगती है. जैसे मानो पिछले कई दिनों की भड़ास निकाल रही हो.





तनीषा को इतना एग्रेसिव देख राहुल के होश hi उड़द गए थे. क्या ये वही सीढ़ी साधी तनीषा दी है जो थोड़ी देरर पहले प्यार भरी बात कर रही थी और राहुल को गिफ्ट की अहमियत समझा रही थी?

वाक़ई! थोड़ी देरर पहले की तनीषा में और अभी की तनीषा में एकदम से ज़मीन आस्मां का अंतर आ गया था.

तनीषा : ी can't वेट एनीमोर माय डार्लिंग! Let's दो आईटी!

राहुल : wa...wait दी उम्फ!!

राहुल इस से पहले कुछ और कहता तनीषा ने उसके होंठ अपने होंठो के क़ब्ज़े में ले लिए थे. तनीषा कुछ ज़्यादा hi हॉर्नी लग रही थी. और फटाफट उसने अपना टॉप और शॉर्ट्स उतार लिए और अब वो केवल ब्लैक ब्रा और पंतय में थी.

उसने फिर फटाफट राहुल की शर्ट उतार के फेकि और उसका जीन्स नीचे सरकाया और उसपे कूद पड़ी. चुम्मा छाती की आवाज़ों से कमरा भर गया.

तनीषा : ओह! माय डार्लिंग! ी लव यू सोऊ मछःह!!

राहुल : आअह्ह्ह्ह डीई...

तनीषा राहुल के निप्पल को काट के चूसने लगती है. राहुल को आज पता चल गया था की लड़कियों के निप्पल्स को जब लड़के काट ते है तोह केसा फील होता है.





राहुल : आआह्ह दी... में अब आपको नहीं काटूंगा, प्लीज! मुझे मत काटो!

तनीषा : हिहि... अब पता चला न बच्चू! बूत ी लव आईटी! जब तुम मेरे निप्पल्स को काट ते ho...haayeee उफ्फ्फ

तनीषा अपना एक दूध हाथ में लेकर अपनी ऊँगली और अंगूठा मुँह में गिला कर अपने निप्पल मसलने लगती है और राहुल के निप्पल को चूस रही थी.

उसके बाद नीचे सरक कर तनीषा राहुल की अंडरवियर खींच के निकाल देती है. और एक झटके में लुंड के सुपाड़ी को अपने मुँह में भर लेती है.





मुँह में लुंड भरते ही उससे इतना आनंद मिला की वो सब कुछ भूल गयी. थोड़ी देरर यु hi मुँह में hi लुंड को राखी रही जैसे मानो उससे उसकी खोयी हुई कोई कीमती चीज़ मिल गयी हो. आँखों में अलग hi सुकून और चमक थी.

वाक़ई! एक हॉर्नी लड़की एक जंगली शेरनी के माफ़िक़ होती है मित्रो. यदि मर्दो को कोई सबसे ज़्यादा संतुष्ट कर सकता है तोह वो एक हॉर्नी लड़की hi होती है. क्युकी वो सब कुछ करने को तैयार रहती है और तोह और उनकी हर एक हरकत में इतना दम रहता है, इतना पैशन की आदमी जल्दी hi हल्का हो जाए.

इधर ऐसा लग रहा था मानो तनीषा राहुल को छोड़ रही हो. राहुल नीचे पड़ा हुआ अजीब सा मुँह बना रहा था. उसके चेहरे पर अलग अलग भाव आ रहे थे जो तनीषा अपनी नज़रे ऊपर कर के देख रही थी.

वो देख रही थी की कहा पर लुंड चूसने से राहुल को सबसे ज़्यादा आनंद आता है. वो ेरोगेनोस स्पॉट्स ढूंढ रही थी राहुल के शरीर में. उसने एक की खोज तोह कर hi ली थी पिछली बार, वो थी राहुल की बॉल्स उर्फ़ अंडकोष.

अब इस बार उसका मक़सद दूसरा स्पॉट ढूंढ़ना था. जो शायद उसने गेस कर लिया था की वो है राहुल के निप्पल्स.

और अब तीसरा ढूंढ़ना था. सेक्स का मतलब सिर्फ लुंड को छूट में डालना नहीं होता. असली सेक्स यही होता है की आप अपने पार्टनर को किस तरीके से ज़्यादा ज़्यादा खुश और संतुष्ट कर सकते हो.

ये बात अस ा डॉक्टर तनीषा अच्छी तरह समझती थी. उससे पता था उसकी शादी राहुल से नहीं होगी, पर वो किसी एक चीज़ में राहुल के लिए बेस्ट बन्न न चाहती है. ताकि राहुल कभी भी उससे भूले न. पर बेचारी तनीषा को क्या पता की उसकी शादी के लिए तोह राहुल की माँ आलरेडी तैयार हो चुकी है. क्या होगा जब उससे इस बात की खुशखबरी मिलेगी? क्या तनीषा एक्सेप्ट कर लेगी? या नहीं?

खर्र आते है दोनों राहुल और तनीषा पर तोह दोनों एक दूसरे के बदन चूमने चाटने में लगे हुए थे.

और ज़्यादा देररि न करते हुए राहुल ने लुंड अंदर छूट में पेल hi दिया.

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तनीषा : aaaahhhhhhhhhhh!! एस्सस! ओह्ह एस्सस!! इसी... आह्हः इसी दर्द का तोह इंतज़ार था मुझे.... माय डार्लिंग! Sssssssssss फ़क में हार्ड!!!! लव यू सोऊ मछःह!! आअह्ह्ह!! किश में....

और राहुल ताबड़तोड़ धक्के मारते हुए तनीषा को किश करने लगता है.

बीएड हिलने से *चररर चररर* आवाज़े आने लगी थी. चुदाई काफी ताबड़तोड़ थी.

राहुल : डीई.. aap...aah... आपकी कितनी टाइट है.

तनीषा : तुम्हे पसंद है न डार्लिंग? आअह्ह्ह!!! तुम्हारी hi है.... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ एस्सस! एस्सस! गिव में तहत डिक!! सससस

और ये चुदाई यु hi चली और कमरे की आवाज़ें थमने में काफी समय लग गया. दोनों नंगे चुदाई के बाद एक दूसरे की बाहो में डेल हुए थे की इतने में राहुल का फ़ोन बजने लगा...

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आज के लिए इतना hi गाइस!!
 
गाइस! सभी से एक बात केहनी थी!

आप सभी सोच रहे होंगे की 9 बजे का बोलके 10: 30 पे अपडेट दे रहा हु, तोह बात ये है की प्रॉब्लम है गिफ्स. जी हां! वैसे तोह नेट अच्छा भला चलता है पर जब गिफ्स की बारी आती है तोह पता नहीं नेट को क्या हो जाता है. पहले गिफ्स ढूंढो, फिर उन्हें लोड होने दो, उसके बाद डाउनलोड करो, फिर यहाँ पिष्बब पे अपलोड करो, उसके बाद वापस जाके उसके बबकड़े को कॉपी करो और वापस इधर आकर उससे पेस्ट करो. ऐसा हर्र एक gif के साथ करो. तब जाके ये काम होता है. में बताना चाहता हु की ये जितना सरल दीखता है उतना है नहीं. ये बोहत hi टाइम कोन्सुमिंग है. इसलिए अब जहा मुझे लगेगा की गिफ्स डालने चाहिए वही पर में गिफ्स अपलोड करूँगा. वैसे भी टाइटल में पिक्स लिखा है ना की गिफ्स. पर आपलोगो के लिए गिफ्स भी कर दिया करूँगा, लेकिन डिमांड में नहीं. जितना होगा मुझसे उतना hi. होप आपलोग समझ रहे होंगे!
 
बीआरओ मेरे हर्र अपडेट बड़ी लेंथ के hi रहते है, यदि आप कहानी के शुरू के उपदटेस देखोगे तोह आपको पता चलेगा की वो कितने छोटे है. यदि जब प्लाट ऐसा आएगा जहा पर मुझे एक hi अपडेट में सब कुछ दिखाना पड़े. तब में मेगा अपडेट दूंगा. जैसे की राहुल और नेहा के बीच का सच. उसमे मेगा अपडेट hi देना पड़ेगा.

( ꈍᴗꈍ)
 
अपडेट - 51

अब तक...

राहुल : डीई.. aap...aah... आपकी कितनी टाइट है.

तनीषा : तुम्हे पसंद है न डार्लिंग? आअह्ह्ह!!! तुम्हारी hi है.... उफ्फ्फ्फफ्फ्फ़ एस्सस! एस्सस! गिव में तहत डिक!! सससस

और ये चुदाई यु hi चली और कमरे की आवाज़ें थमने में काफी समय लग गया. दोनों नंगे चुदाई के बाद एक दूसरे की बाहो में डेल हुए थे की इतने में राहुल का फ़ोन बजने लगा...

अब आगे...

फ़ोन की रिंग सुनते ही दोनों एकदम से अपनी तन्द्रा से बाहर आए. दोनों अभी नग्न हालत में एक दूसरे से लिपटे हुए थे और अच्छी भली पिलो टॉक चल रही थी की इतने में एक फ़ोन ने सारा मूड डिस्टर्ब कर दिया.

तनीषा : डार्लिंग! ये क्या बात हुई. अपना फ़ोन साइलेंट में नहीं रख सकते थे?

तनीषा ने नाराज़गी जताते हुए कहा. तनीषा का यु राहुल को डार्लिंग बुलाना राहुल को उत्तेजित कर देता था हमेशा. धीरे धीरे अब राहुल को भी उसकी आदत लगने लगी थी. और उसने भी ठान लिया की वो अबसे तनीषा को दीदी कहकर नहीं पुकारेगा.

राहुल (स्माइल्स) : सॉरी माय डिअर तनीषा! आगे से ध्यान रखूँगा.

अपना नाम डायरेक्ट राहुल के मुँह से सुन्न तनीषा के गालो पर लाली छ गयी. ये पहली बार था की राहुल ने उसका नाम डायरेक्ट लिया था. मतलब साफ़ था की राहुल उसका और खुदका रिलेशनशिप सीरियस ले रहा है. जिस बात से तनीषा को बेहद ख़ुशी हुई और उसने शर्मा के अपना चेहरा राहुल की सुडोल छाती में छुपा दिया.

फ़ोन पर कॉलर नाम देखा तोह पाया राहुल की माँ निशा का कॉल था. राहुल ने कॉल उठाने से पहले एकबार तनीषा को शांत रहने का इशारा किया और बताया की माँ का फ़ोन है.

*पिक्स कॉल*

राहुल : हां माँ!

निशा : हां माँ के बच्चे! कबका बाहर गया है तू? गिफ्ट देने में इतना टाइम लगता है?

क्युकी राहुल तनीषा के साथ लिप्त हुआ था इसलिए आवाज़ तनीषा को भी सुनाई दे रही थी. निशा की आवाज़ सुन्न के वो दबी हुई हस्सी हस्सन लगी. राहुल की माँ को राहुल को डाट ते हुए सुन्न उससे बड़ा मज़ा आ रहा था.

राहुल : n...nahi माँ! बस निकल hi रहा हु.

निशा : निकल रहा हु? इतनी देरर से गिफ्ट दे रहा था? मुझे भी पता hi बेतु तू कोनसा गिफ्ट दे रहा है.

राहुल (ब्लश) : .....

निशा की बात सुन्न तनीषा के होश hi उड़द जाते है. वो स्तब्ध सी अपनी आँखें बड़ी किये राहुल को घूरने लगती है.

निशा : अब गिफ्ट दे दिया हो तोह जल्दी घर लौट आओ. घर में सभी डिनर करने वाले है. तुम्हारा वेट कर रहे है. 6 बजे का गया है पर बिलकुल होश hi नहीं है. इतना देरर क्या कर रहा है? मेरी बेटी की हालत hi पतली कर देगा क्या?

निशा को कोई आईडिया नहीं था की उसकी बात तनीषा भी सुन्न पा रही है, इसलिए वो राहुल की टांग खींचने के लिए ऐसे बात कर रही थी. पर इधर तोह तनीषा की सही में हालत hi पतली हो गयी थी, राहुल की वजह से नहीं बल्कि निशा की बात की वजह से.

राहुल : माँ माँ माँ... में... में आ रहा हु जस्ट, आप खाना लगाइये, में यु निकला और यु आया.

निशा : आराम से गाडी चलना, कोई ट्रैन नहीं छूती जा रही.

राहुल : j...jii माँ.

*कॉल एंड्स*

कॉल कट होते hi तनीषा प्रश्न भरी आँखों से राहुल को hi घूरे जा रही थी. चेहरे पे काफी टेंशन नज़र आ रही थी उसके.

तनीषा : y...ye सब क्या था राहुल?

राहुल : wo...wo...actually...She कनौस!

तनीषा : शी कनौस व्हाट?

राहुल (गहरी सांस लेकर) : उन्हें पता है की आप और में एक दूसरे के साथ सेक्स कर चुके है.

तनीषा (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त?

तनीषा एकदम से राहुल से थोड़ा दूर हो जाती है और उसकी आँखों में ासु आ जाते है, अपना चेहरा वो हाथो से छुपा के रोने लगती है

तनीषा (रट हुए) : ये... ये क्या हो गया? कैसे? क्या सोचेंगी आंटी मेरे बारे में? की में कितनी गिरी हुई लड़की हु. जिसको भाई माना उसी के साथ...

तभी राहुल ज़ोर ज़ोर से हस्सन लगता है, उसकी हस्सी सुन्न तनीषा और शॉकेड हो जाती है.

तनीषा : तुम हस्स रहे हो? तुम्हारी माँ को सब पता चल गया और तुम हस्स रहे हो राहुल?

राहुल आगे बढ़ के तनीषा के निप्पल को काट लेता है





तनीषा : aaaahhhhhhhhhhh

राहुल : मेरी प्यारी तनीषा! घबराने की कोई बात नहीं.

तनीषा : तुम्हारा दिमाग तोह ठीक है न राहुल? तुम्हे अब भी मस्ती सूझ रही है?

राहुल : हाहाहा!! आप कितनी क्यूट लग रही हो दी... I'm सॉरी! मेरा मतलब है 'तनीषा'

तनीषा : राहुल तुम्हारी तबियत तोह ठीक है न?

राहुल : I'm अब्सोलुतेल्य फाइन. और आप को घबराने की कोई ज़रुरत नहीं है. दरअसल माँ जानती है मेरे और आपके रिलेशनशिप के बारे में और उन्हें इस से कोई ऐतराज़ नहीं है.

तनीषा : व्हाआआअत्ततत्तत्त? ये तुम क्या कह रहे हो राहुल?

राहुल : आपने सुना नहीं अभी फ़ोन पे? उन्होंने आपको 'मेरी बेटी' कहके पुकारा

तनीषा (शॉकेड) : हँ???

राहुल : जी है! माँ को पता है आप मुझसे और में आपसे प्यार करता हु. और उन्हें इस बात से कोई आपत्ति नहीं है. असली सरप्राइज तो माँ आपको दिवाली वाले दिन dengi...hehe!

तनीषा : तुम... क्या तुम सच कह रहे हो राहुल? क्या आंटी सब कुछ जानती है? क्या आंटी गुस्सा नहीं है? वो... वो मुझसे नाराज़ नहीं है? वो ऐसे कैसे राज़ी हो गयी? Bolo...bolo न राहुल!

राहुल : मेरी प्यारी तनीषा! मेने कहा न... घबराने की कोई बात नहीं है. तुम सिर्फ मेरी हो.

और राहुल आगे बढ़ के तनीषा के गुलाबी होंठ अपने मुँह में भर लेता है और जम्म के चूसने लगता है.

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तनीषा : उनममममममममम.....

तनीषा : यदि ऐसी बात है तोह ठीक है. ी लव यू डार्लिंग!! में सिर्फ और सिर्फ तुम्हारी हु. तुम सोच भी नहीं सकते में तुमसे कितना प्यार करती हु. ी लव यू थे मोस्ट डार्लिंग.

राहुल का लुंड जो अभी भी तनीषा की छूट में था वो एकदम से तनीषा की बात सुन्न उत्तेजित हो जाता है और झटका मार देता है.





राहुल : ी लव यू तू माय डिअर. चलो! अब मुझे जाना होगा वर्ण माँ मेरी वात लगा देंगी.

तनीषा : मत जाओ न डार्लिंग! मुझे चोरर के मत जाओ. आज यही ृक्क जाओ न डार्लिंग.

राहुल : ः! मेरी तनीषा! जाना ज़रूरी है. और वैसे भी, तुम दिवाली वाले दिन तोह आओगी hi मेरे यहाँ. अपने घर पर खूब प्यार करूँगा तुम्हे.

बुझे मैं से तनीषा राहुल से फिर दूर हो जाती है पर लुंड बहार आते hi वो लुंड को अपने मुँह में भर लेती है और उससे साफ़ करने लगती है. राहुल भी प्यार से उसके सर पर हाथ फरने लगता है.

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बदले में वो भी तनीषा की छूट साफ़ करने के लिए झुकता है पर तनीषा उससे मन कर देती है. वो चाह रही थी की आज वो ऐसे hi राहुल का मुठ अपनी छूट में लगे हुए hi सोए.

राहुल फिर तनीषा को good-bye किश देकर घर की तरफ चल देता है. घर पॅहुचते hi उससे डाइनिंग टेबल पे सभी लोग बैठे हुए दीखते है.

निशा : आ गया? इतनी देरर कैसे हो गयी?

राहुल : वो माँ...

निशा : चल अच्छा अब आके बैठ, खाना खा ले.

राहुल : j...jii.

सभी लोग फिर खाना खाना शुरू करते है.

इधर एक अलग घर में एक कमरे में एक ख़ूबसूरत लड़की तकिये से चिपक कर कुछ कुछ सोच रही थी और रोये जा रही थी और अपने hi आप से बातें कर रही थी.

"मुझे माफ़ कर दे कुटी! पर छोटी को हमारा राज़ पता है. में चाह कर भी तेरे पास नहीं आ सकती. कितने दिनों से तुझसे बात तक नहीं हुई मेरी. तू मुझे फ़ोन करता रहता है पर मेरी हिम्मत नहीं होती उठाने की. क्युकी तुझसे बात करुँगी तोह तुझे देखने का दिल करेगा. और में अपनी बहिन से फिरसे सामना नहीं करना चाहती. पता नहीं मेरे बारे में क्या सोच रही होगी मेरी छोटी बहिन. की में किसी गिरी हुई लड़की हु जो अपने hi भाई के साथ... पर कुछ भी हो, में हमेशा तुझसे hi प्यार करुँगी कुटी. कभी शादी नहीं करुँगी किसी और से. I'm सॉरी! में दिवाली में तुझसे मिलने नहीं आउंगी. मुझे भूल जाना कुटी. यही तुम्हारे लिए अच्छा होगा."

इधर राहुल का डिनर होते hi वो अपने रूम में आ गया और थोड़ी देरर बाद निशा भी आ गयी और रूम का दूर लॉक कर दिया और राहुल के साथ बिस्तर में घुस गयी.

निशा : तोह जनाब क्या कर रहे थे इतनी देरर?

राहुल (ब्लश) : माँ...

निशा : बोल भी दो... अब मुझसे क्या शर्माना.

राहुल : क्या माँ आप bhi...chorriye उस बात को. आपको पता तोह है न!?

निशा : हां पर में तेरे मुँह से सुन्न न चाहती हु.

राहुल (ब्लश) : वही जो आप और में करते है

तभी निशा राहुल की छाती में अपना एक हाथ दाल देती है और सहलाने लगती है.

निशा (नशीली अव्वाज़ में) : क्या करते है?

Rahul's ईविल मंद : साले सोच क्या रहा है? एक औरत सडके कर रही है और तू शर्मा रहा है? टूट पद उसपे! रगड़ दाल साली को. पता चल जाएगा उससे शेर से उलझने का क्या अंजाम होता है.

निशा तभी अपने दूसरा हाथ राहुल के लुंड पर रख देती है और राहुल जो अपने आप को काबू में किये हुआ था वो एकदम से कण्ट्रोल खो देता है और निशा पे टूट पड़ता है. निशा के गुलाबी होंठो को बेरहमी से राहुल चूसने और काटने लगता है.

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राहुल का मैं वैसे भी तनीषा के साथ नहीं भर पाया था, वो तनीषा के साथ और क्वालिटी टाइम स्पेंड करना चाहता था पर निशा के कॉल ने सब चौपट कर दिया था और अब निशा उससे सडके कर रही थी जिसके कारण राहुल का पूरा फ़्रस्ट्रेशन अब निशा पे निकल रहा था.

एक झटके में राहुल ने निशा को नंगी कर दिया और उसके पूरे शरीर को चूसने और चाटने लगा. निशा के गोर दूध राहुल पागलो की तरह जोरर से जोरर से मसल रहा था और काट रहा था.

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निशा : aaaaaaaaaaaaaaaahhhhhhhhhhhhh बेतुउउउउउ ये क्या कर रहा है तू, दर्द हो रहा है




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पर राहुल पर तोह जैसे भूत सवार था उसने अगले hi पल जोरर से निशा की छूट चाटना शुरू कर दिया. इस हमले से निशा खुद को रोक नहीं पायी और उसकी हलकी चीख निकल hi गयी. राहुल को किसी भी बात का होश नहीं था वो तोह जैसे पोस्सेस्सेड हो चूका था.

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अगले hi पल राहुल बिस्तर पर hi खड़ा हो गया और एक झटके में उसने अपने कपडे उतार दिए और अपना विकराल लुंड निशा के मुँह में ठूस दिया और निशा का मुँह छोड़ने लगा.

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निशा को सास लेने में दिक्कत होने लगी थी और लुंड उसकी हलक तक पहुँच के ठोकर मार रहा था पर फिर भी निशा ने राहुल को रोका नहीं और उसकी मर्ज़ी से hi चलती रही.

राहुल ने थोड़ी देरर निशा के मुँह को छोड़ने के बाद फौरन उससे धक्का देके लिटा दिया और छूट को अपने अंगूठे और एक ऊँगली की मदद से खोल कर लुंड एक hi झटके में अंदर जड़ तक पेल दिया जिसके कारण निशा की चींख निकल गयी पर उसने सही टाइम पे अपनी निघ्त्य मुँह में ले ली थी वर्ण सारा घर जाग जाता.

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राहुल ने फिर अपने ताबड़तोड़ धक्के शुरू कर दिए, फट फैट की आवाज़ आने लगी थी. लुंड इतनी जोरर से छूट से टकरा रहा था की निशा को दर्द होने लगा था पर एक अलग मज़ा भी आ रहा था. बीएड जोर जोर से हिल रहा था और चररर चर्रर्र की आवाज़ें आ रही थी.

निशा ने निघ्त्य अपने मुँह में ठूसी हुई थी पर उसके बाद भी उसकी सिसकिया निकले जा रही थी.

निशा (मैं में) : उईईईईई माआआ.... मर्डर गयीईइ.... कैसे छोड़ रहा है मेरा बीटा मुझे..... Aaaayiiiiiiiiii

ऐसे भी कोई छोड़ता है क्याआ? हाई पर क्या मज़ाआ आए रहा है... में हमेशा से हार्डकोर सेक्स करना चाहती thi....oucchhhhhhh ममममममियययययय आज तोह मेरी छूट पहात के रहेगी.....

राहुल ने फौरन निशा को कुटिया बना दिया और ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा. पता नहीं इस वक़्त राहुल पे कोण सा भूत सवार था पर वो चुदाई बोहत hi खतरनाक कर रहा था इस वक़्त. इधर निशा अपनी छूट में लुंड पिलवा के दर्द और मज़े के असीम आनंद में खोयी हुई थी पर उधर कोई और भी था जो दरवाज़े के कीहोल से ये खतरनाक चुदाई देख रहा था.

चुदाई ख़तम होते hi राहुल हफ्ते हुए निशा के स्तनों के ऊपर ढेर हो जाता है. लुंड अभी भी छूट में था और छूट में से सफ़ेद सफ़ेद मुठ बह रहा था. ज़ाहिर सी बात थी राहुल अंदर छूट में जहर चूका था. थोड़ी देरर बाद जब राहुल को होश आया की उसने ये क्या किया तोह उससे बड़ा गिलटी फील होने लगा.

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राहुल (रट हुए) : माँ ये मेने क्या कर दिया? आपके साथ इतने गंदे तरीके से मेने

राहुल खुद को इसलिए दोष दे रहा था क्युकी आज उसने दरिंदो की तरह अपनी माँ के साथ ऐसा किया.

निशा भी जानती थी की राहुल गिलटी फील कर रहा है और उसने जानबूझ के ये सब नहीं किया.

निशा : बेतु! It's okay! कोई बात नहीं

राहुल (रट हुए) : नहीं माँ... में बोहत बुरा हु.

निशा (प्यार से राहुल के सर पर हाथ फरते हुए) : बेतु! इसमें तेरी कोई गलती नहीं. और सच कहु? तोह मुझे बड़ा मज़ा आया आज, हलाकि दर्द हुआ पर मज़ा भी बोहत आया.

राहुल (सुरप्रीसेड) : हँ!?

निशा (मैं में) : बेतु ये सोच रहा होगा की उसने ये सब ठीक नहीं किया और वो सारा दोष अपने ऊपर दाल लेगा. कही भावनाओ में बहके वो खुद को कुछ कर न ले. नहीं नहीं... ऐसा हुआ तोह में तोह जीते जी मर जाउंगी. में ऐसा कभी नहीं होने दूंगी.

निशा : बेतु! क्या तुम ये सोच रहे हो की तुम्हारे ऐसा करने से हमारा रिश्ता बदल जाएगा और हम एक माँ बेटे काम एक आदमी औरत ज़्यादा लगेंगे?

राहुल : *नॉड्स*

तभी निशा आगे बढ़ के राहुल होंठ चूम लेती है.

निशा : क्या तुम्हे लगता है की मेरे ऐसा करने से मेरी ममता तुम्हारे लिए ख़तम हो गयी है?

राहुल ना में सर हिला देता है.

निशा के चेहरे पर मुस्कान आ जाती है. निशा फिर से आगे बढ़ राहुल का हाथ थाम उससे अपने स्तन पर रखवा देती है जोरर से अपना एक स्तन दबवा देती है. और फिर से राहुल से पूछती है,

निशा : क्या तुम्हे अब भी लगता है की मेरे ऐसा करने से मेरी ममता तुम्हारे लिए ख़तम हो गयी है?

एक बार फिरसे राहुल ना में सर हिला देता है और निशा फिरसे मुस्कुरा देती है. निशा फिर उठ के राहुल का लुंड अपनी छूट से निकालती है और लुंड को मुँह में 3 -4 बार भर के चूस के निकालती है, और फिरसे राहुल से पूछती है.

निशा : क्या अब भी तुम्हे लगता है की मेरी ममता तुम्हारे लिए ख़तम हो गयी है?

राहुल अपनी माँ की आँखों में देखता है जिसमे उसको अपने प्रति असीम प्यार नज़र आ रहा था. और एक बार फिरसे उसकी गर्दन ना में हिल जाती है.

निशा : तोह अब समझ आया तुझे?

राहुल : हँ?

निशा : मेरे बच्चे तू कितना भी कुछ क्यों न कर ले. तू मुझसे कितना भी क्यों न रूठ जाये. तेरी ये माँ हमेशा तुझसे प्यार करेगी. और तेरी ये माँ की ममता अपने बच्चो के लिए कभी ख़तम नहीं होएगी. तू तोह हमेशा hi मेरा लाडला रहेगा मेरे मुन्ना.

राहुल (रट हुए) : माँ...

निशा : मुझे पता है आज तू थोड़ा बहक गया था. यदि कोई वर्जिन लड़की होती मेरी जगह तोह पक्का बेहोश हो गयी होती. तूने तोह मेरी छूट भी सुजा दी है.

राहुल की नज़र अपने आप माँ की छूट पर चली जाती है जो लाल हो चुकी थी राहुल धीरे से उसपे हाथ फेरर देता है जिसके कारण निशा की हलकी सी ाः निकल जाती है.

राहुल : m...mom...

निशा : पर तुझे घबराने की कोई ज़रुरत नहीं है बेतु. जब भी तुझे लगे की तू आउट ऑफ़ कण्ट्रोल हो गया है, तेरी ये माँ हमेशा तेरी मदद करेगी. तू अब सब भूल जा okay? और मुझे भी आज अच्छा लगा. इसलिए तू दिल पे कुछ मत ले.

राहुल : हँ?

निशा (ब्लश) : मुझे तेरा ये हार्डकोर सेक्स पसंद आया. शायद मेरे आज कॉल करने से तुम्हारा मूड डिस्टर्ब हो गया था है न?

राहुल : *नॉड्स*

निशा : मुझे पता चल गया था. कोई बात नहीं मेरे बच्चे. तुझसे में कभी भी नाराज़ नहीं हो सकती. तुझसे प्यार जो करती हु इतना. आजा मेरे बाचे, अपनी माँ की बाहो में... आजा.

राहुल के ासु निकल पड़ते है और वो रट हुए अपनी माँ के गले लग जाता है.

राहुल : I'm सॉरी माँ... I'm सॉरी.

निशा : हमारे बीच no सॉरी एंड no थैंक्स.

दोनों माँ बेटे नंगे एक दूसरे की बाहो में लिपटे हुए सो जाते है.

अगली सुबह जब नाश्ता करने राहुल नीचे पोहचता है तोह तानिया उससे कुछ अजीब सी नज़रो से देख रही थी.

राहुल (मैं में) : ये ऐसे क्यों देख रही है मुझे?

तभी अंशु नेहा के रूम से बहार आके नीचे डाइनिंग टेबल पर राहुल के बगल से बैठ जाती है और राहुल को साइड से हुग कर लेती है.

अंशु : भईईई....

राहुल : अब तुझे क्या हुआ?

अंशु : कुछ भी नहीं. हहै!! वैसे नेहा कहा है चची?

अंशु उठ के निशा को भी हुग कर लेती है और उसके गाल पे पप्पी जड़ देती है

निशा : अरे मेरी प्यारी बेटी, आज तोह तू बड़ी खुश लग रही है क्या बात है?

अंशु : क्युकी कल दिवाली है न

निशा : हां हां! वैसे नेहा निकिता के घर गयी है. आती hi होगी.

इधर निकिता के घर में नेहा उसके रूम में थी और दोनों नाश्ता कर रही थी.

निकिता : आज इतने दिनों बाद याद आयी मैडम को मेरी?

नेहा : ओह्ह शट उप निक्की... तुझे भी पता है बीते दिन क्या हुआ. मेरे तोह हर्र दिन डाट खा खा कर गुज़रते है

निकिता : तोह तू हरकत भी तोह ऐसी करती है. अब इतना बड़ा इलज़ाम राहुल भैया पे लगाएगी तोह डाट तोह पड़ेगी hi न. वो तोह अच्छा हुआ तू सस्ते में निपट गयी.

नेहा : क्या मतलब?

निकिता : मतलब ये की तुझे सिर्फ थोड़ी डाट पड़ी, में होती तोह मुझे तोह घर से निकाल देते मेरे घरवाले. पर में तेरी तरह इतनी घटिया हरकत नहीं करती.

नेहा : ओह्ह्ह शट उप! तू भी कुछ काम नहीं है.

निकिता : अच्छा बोल! आज सुबह सुबह मेरे घर?

नेहा : हां! कल दिवाली है, तोह मेरे यहाँ आ जाना, साथ में सेलिब्रेट करेंगे.

निकिता : में आउंगी तोह दी भी आएंगी मेरे साथ.

नेहा : हां हां ले आना. वैसे भी ऋचा दीदी को देखते hi उस बास्टर्ड के मुँह से लार टपकने लगती है. अपनी गफ जो मानता है ऋचा दीदी को. मुझे तोह पता नहीं कैसे ऋचा दीदी ने उस बास्टर्ड को अपना बर्फ मान लिया?

निकिता : ऐसा मत बोल. दी बोहत खुश है राहुल भैया के साथ और में भी. मुझे राहुल भैया से कोई शिकायत नहीं है. वैसे!! तूने बर्फ के बारे में क्या सोचा है?

नेहा : तू जानती है मेरे स्टैंडर्ड्स कितने हाई है. यू क्नोव राइट?

निकिता : हां हां! और क्या थे तेरे वो स्टैंडर्ड्स??

नेहा : सबसे पहली बात लड़का हैंडसम और स्मार्ट होना चाहिए. डरपोक नहीं! अपनी गफ की रक्षा कर सके. चार्मिंग हो! और काफी स्ट्रांग हो. इतना स्ट्रांग की कोई दूसरा आदमी उसकी गफ के बारे में सोच भी न सके. लड़का इंटेलीजेंट हो काफी, मेरे से भी ज़्यादा. और मुलती टैलेंटेड हो. बड़ो का आदर सत्कार करे. छोटो को प्यार करे. पर्सनालिटी उसकी डैशिंग हो. केयरिंग हो. ऐसा लड़का चाहिए मुझे.

निकिता नेहा की बात सुन्न ज़ोर ज़ोर से हस्सन लगती है.

नेहा : व्हाट थे हेलल? हस्स क्यों रही है तू? कमीनी!!!

निकिता : हॉट! तू होगी कमीनी! तेरी बात पे हस्सू नहीं तोह क्या करू?

नेहा : क्या मतलब?

निकिता : ऐसा बर्फ तुझे मिलेगा कही? इतनी साड़ी खूबिया! बाप रे! तेरे स्टैंडर्ड्स आज के हिसाब से कुछ ज़्यादा hi हाई है.

नेहा : हां तोह? मुझे पाना इतना आसान थोड़ी है. में क्या कोई ऐसी वैसी लड़की हु जो किसी से भी पत् जाउंगी?

निकिता : वैसे एक लड़का है जिससे में जानती हु और उसमे ये साड़ी खुबिया है. पर अफ़सोस वो आलरेडी बूकेड हो चूका है हहै!

नेहा (सुरप्रीसेड) : हँ? कोण??

निकिता : तेरे बड़े भाई! राहुल भैया! और कोण? हहै!

*साइलेंस*

नेहा (चिल्लाते हुए) : व्हाट थे हेलल? वो बास्टर्ड!! तूने सोच भी कैसे लिया ऐसा?

निकिता : पर जो जो कंडीशंस तूने राखी राहुल भैया तोह उसमे सब में पास हो गए. वो हैंडसम और स्मार्ट है. ये बात सभी जानते है की वो कितने स्ट्रांग है, और कितने इंटेलीजेंट है, तुझसे भी ज़्यादा. रही बात मुलती टैलेंटेड की तोह वो तू भी जानती है की वो कितने टैलेंटेड है. वो बड़ो का आदर सत्कार करते है, छोटो से प्यार करते है. केयरिंग और डैशिंग दोनों hi है. तोह अब बोल? क्या वो तेरे क्राइटेरिया में फिट नहीं बैठ ते?

नेहा (चिल्ला कर) : वो... वो... No वे!! वो ऐसा नहीं है. वो छोटो से प्यार नहीं करता. क्या वो मुझे प्यार करता है? हरगिज़ नहीं!! वो तोह चाहता hi है की में मर्डर जाऊ. ब्लडी बास्टर्ड! उसके पास तोह पैसा तक नहीं है. वो... वो.. एक जाबलेस इंसान है. भिकारी!! बिना पैसे वाला.

निकिता : पर तूने अपने क्राइटेरिया में कही भी ये मेंशन नहीं किया की तेरा बर्फ पैसे वाला होना चाहिए. बोल? है न? मुझे पता है तुझे पैसे में कोई इंटरेस्ट नहीं है. वो लकी तेरे ऊपर न जाने कितने पैसे उड़ाया पर तूने कभी पैसो की लालच में आके कभी कुछ नहीं किया. तूने हमेशा से उससे इग्नोर hi मारा है. मतलब साफ़ है की तुझे पैसे से कोई मतलब नहीं है. बोल?

निकिता की बात सुन्न नेहा के मुँह पे ताला लग जाता है. ना चाहते हुए भी उसका ख़याल राहुल की तरफ चला जाता है और उसके दिमाग में उसकी छवि बन्न के दिखने लगती है.

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आज के लिए इतना hi गाइस!

नेक्स्ट अपडेट दिवाली वाली रात को पूरा दिखाएगा. में कोशिश करूँगा उस एक अपडेट में hi ये अर्च ख़तम कर दू, पर यदि नहीं हुआ तोह एक और अपडेट में तोह हो hi जाएगा.
 
इंडेक्स है बीन अपडेटेड गाइस!

यदि आप मोबाइल में साइट उसे कर रहे है और स्वाइप करते वक़्त अपडेट आधा गायब हो जाता है, या लोड लेने में टाइम लेता है तोह आप जिस भी ब्राउज़र को उसे कर रहे है उसके ऑप्शन(3 डॉट्स वाला ऑप्शन) में जाकर डेस्कटॉप साइट पे क्लिक कर के साइट को डेस्कटॉप व्यू में देखिये. अपडेट अपने आप एक बार में पूरा लोड हो जाएगा. धन्यवाद्!
 
भाया कई बार ऐसा होता है की में अपडेट लिख लेता हु पर फिर पढ़ने के बाद जब संतुष्टि नहीं मिलती तोह पूरा डिलीट कर देता हु ताकि और अच्छा लिख सकू और आपलोगो को और अच्छा लगे पढ़ने में, इसलिए कई बार देररि हो जाती है. फोरम के अलावा भी सभी वरिटेरस की पर्सनल लाइफ होती है जिसमे कभी कभी समय नहीं मिल पता. देररि से अपडेट देने के लिए माफ़ी चाहता हु. :फ्रौं:
 
बोहत बोहत शुक्रिया भाई इतना अच्छा रिव्यु देने के लिए.

राहुल की तै जी की बड़ी लड़की का नाम वंशिका है, अंशु की बड़ी बहिन.

उसका भी सन बनेगा बीआरओ. नेहा का मंद डाइवर्ट ज़रूर हुआ है पर वो नेहा है. इतनी आसानी से कहा maanegi...hehe!

आने वाले उपदटेस बोहत कुछ दर्शाएंगे!

सो कीप सपोर्टिंग!!
 
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