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- Dec 5, 2013
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अपडेट-63
मेगा अपडेट
अब तक...
राहुल : में कुछ समझा नहीं मास्टर!?
मास्टर : अब कैसे कहु तुमसे राहुल... मुझसे कहा भी नहीं जा रहा है.
राहुल : इसमें इतने सोचने वाली क्या बात है मास्टर? कह दीजिये! आप अपनज hi गुरु दक्षिणा मांग रहे है, किसी और की नहीं.
मास्टर : हम्म!! राहुल... में चाहता हु की...
अब आगे...
राहुल : ????
मास्टर : में चाहता हु ki...ki तुम ख़ुशी के साथ 3 महीने tak...usko प्रोटेक्ट करो.
राहुल : ख़ुशी??
मास्टर : ख़ुशी! मेरी बेटी!
राहुल (शॉकेड) : पर? मेरी कुछ समझ में नहीं आया मास्टर. ख़ुशी? Mein...protect?
मास्टर : समझाता हु! *गहरी सास लेकर* देखो! राहुल! तुम जानते हो की अभी हाल hi में आये कोरोना जैसे खतरनाक वायरस से दुनिया उभर hi रही है. मेरी बेटी भी चीन में hi थी पर इस से पहले की कोरोना उस तक पोहचता वो इंडिया आ चुकी थी अपनी आगे की पढ़ाई के लिए. अभी वो मुंबई में है, वो डॉक्टर बन्न न चाहती है इसलिए आगे की पढ़ाई मुंबई में hi रहकर करेगी.
राहुल : हां! तोह ये तोह अच्छी बात है मास्टर. इसमें दिक्कत क्या है?
मास्टर : जितना सरल ये दीखता है राहुल उतना है नहीं. कोरोना के चलते पूरी दुनिया अस्त व्यस्त हो गयी. इसका असर उन् अमीर लोगो पर भी है जिनका बड़ा बिज़नेस है. आर्थिक स्थिति कमज़ोर होने से सभी परिणाम भुगत रहे है. और उसमे में भी शामिल हु.
राहुल : पर में अब भी नहीं समझ पाया मास्टर की इसमें मेरा ख़ुशी को प्रोटेक्ट करने से क्या लेना देना है?
मास्टर : लेना देना है राहुल. लेना देना है!!
बात सिर्फ इतनी सी नहीं है. अच्छा मेरे एक प्रश्न का उत्तर दो राहुल.
राहुल : जी पूछिए!
मास्टर : यदि शत्रु पे वार करना हो तोह कब करना चाहिए?
राहुल : जब उससे बिलकुल भी उम्मीद न हो वार की, या जब वो सबसे ज़्यादा कमज़ोर हो, या जब उसका ध्यान कही और केंद्रित हो.
मास्टर : एकदम सही जवाब!
राहुल : ????
मास्टर : वैसे hi मेरे अपने समय की दुश्मनी जो अब तक चली आ रही है, उनमे से मेरे कुछ दुश्मन है जो मेरी बेटी को हानि पोहचाना चाहते है. ये में पहले भी तुम्हे बता चूका हु.
राहुल : जी हां मास्टर! मुझे अच्छी तरह से याद है!
मास्टर : हां! तोह अभी मेरा भी ध्यान केंद्रित है, यानी की वायरस के कारण बिज़नेस उथल पुथल होने से यही सबसे सही मौका है उनके लिए मेरी बेटी को नुक्सान पहुचाने के लिए. पर में नहीं चाहता की ऐसा हो. में चाहता हु की में अपना बिज़नेस भी संभाल लू और अपनी बेटी को भी कुछ न होने दू.
राहुल : मास्टर! मेरे ख्याल से आपको पहले ख़ुशी के बारे में सोचना चाहिए. बिज़नेस तोह दुबारा भी खड़ा हो सकता है.
राहुल की बात सुन्न मास्टर मंद मंद मुस्कुराए और फिर कहे,
मास्टर : हम्म! तुमने सही कहा. पर में जानता हु की में दोनों काम एक साथ कर सकता हु. और इसलिए गुरु दक्षिणा में मेने तुमसे ये माँगा है राहुल.
राहुल : पर में अकेला एक 21 साल का लड़का भला उन् माफिया गुंडों से ख़ुशी को कैसे प्रोटेक्ट कर सकता है? और आप ने ये काम किसी सर्वश्रेष्ठ बॉडीगार्ड को क्यों नहीं दिया?
मास्टर : तुम्हे क्या लगता है राहुल? की में अपनी बेटी के लिए बॉडीगार्ड भी नहीं रख सकता? घबराओ नहीं राहुल! तुम्हारे अलावा वह और भी बोडीगार्ड्स होंगे जो ख़ुशी की रक्षा करेंगे. पर तुम्हे इसलिए चुना है क्युकी...
राहुल : ???
मास्टर : क्युकी ख़ुशी बोडीगार्ड्स से नफरत करती है. उससे ज़रा भी पसंद नहीं है की काले कपडे पहन के हट्टे काटते लोग उसके अगल बगल घूमे. वो कहती है की उसकी फ्रेंड्स डर जाती है.
राहुल : पर लाइफ तोह इम्पोर्टेन्ट है न मास्टर?
मास्टर : हां! क्या करू राहुल? थोड़ी ज़िद्दी है, यदि बॉडीगार्ड उससे दूर से प्रोटेक्ट करे तोह वो बुरा नहीं मानती. पर तुम तोह जानते हो न, दुश्मन ये सब नहीं सोचता. उससे तोह जब मौका मिलेगा वो कही पे भी कभी भी अपना वार कर सकता है. और इसलिए, में चाहता हु की तुम उसके साथ 3 महीने तक रहो. उसके कॉलेज जाओ, उसकी क्लास में रहो, आगे पीछे hi घूमना पड़ेगा तुम्हे.
राहुल : पर...??
मास्टर : मन मत करना राहुल. में जानता हु की ख़ुशी तुम्हे पक्का एक्सेप्ट कर लेगी. क्युकी तुम उसकी उम्र से ज़्यादा बड़े नहीं हो. वो तुमसे सिर्फ 3 साल hi छोटी है. वो पक्का तुम्हे मन नहीं करेगी. इनफैक्ट! में तोह चाहता हु की तुम दोनों अच्छे से घुल मिल जाओ.
राहुल : मतलब?
मास्टर (मैं में) : मतलब ये की काश तुम दोनों अच्छे से घुल मिल जाओ. में ख़ुशी पर अपने फैसले नहीं थोप सकता. आखिर वो मेरी एकलौती बच्ची है. पर उपरवाले से दरखास्त है मेरी की काश वो तुम्हे पसंद कर ले. मेरा काम आसान हो जाएगा.
राहुल : मास्टर? आपने जवाब नहीं दिया मेरी बात का?
मास्टर चेन की तन्द्रा भांग होती है और वो राहुल को देखते है और फिर हलकी हस्सी हस्ते हुए कहते है,
मास्टर : अरे! ः!!... अरे असल में ख़ुशी ज़िद्दी है न, तोह isliye...isliye मेने ऐसा कहा. की तुम दोनों घुल मिल जाओ, झगड़ा न होए तुम्हारे बीचे. ः!!
राहुल : क्या वो ज़्यादा hi ज़िद्दी है?
मास्टर : उम्! हां है तोह. पर दिल की बड़ी hi अच्छी है. एक बार यदि तुमने उसके दिल में जगह बना ली न तोह वो अपना सब कुछ डाव पे लगा देगी तुम्हारे लिए देखना.
राहुल : हम्म?
मास्टर (मैं में) : अरे कुछ ज़्यादा बोल दिया लगता.
मास्टर : मेरा मतलब, उससे प्यार से ट्रीट करोगे तोह बदले में वो भी प्यार लौटाएगी.
राहुल : हम्म्म!!
मास्टर : क्या हुआ? कुछ चिंतित लग रहे हो?
राहुल : मास्टर! में ये शहर चोरर कर अपना बिज़नेस खड़ा करने की सोच रहा था पर अब आपकी गुरु दक्षिणा भी देनी है. मुझे 3 मोनथस और वेट करना पड़ेगा मतलब.
मास्टर : हम्म! तब क्या तुम दे पाओगे? जो मेने माँगा है.
राहुल : बिलकुल मास्टर! में ख़ुशी को 3 महीने प्रोटेक्ट करने के लिए रेडी हु. पर क्या में ये जान सकता हु की 3 महीने hi क्यों?
मास्टर : क्युकी मुझे अपना बिज़नेस और बाकी काम संभालने में 3 महीने लग जाएंगे.
राहुल : ok! तोह मेरी जान को भी खतरा है न?
मास्टर : *गहरी सास लेकर* हां राहुल! माफ़ करना! पर मुझे पता नहीं क्यों अंदर से एक अनुभूति हो रही है की तुम ये काम कर लोगे. डरो नहीं! तुम्हारी जान बोहग महत्वपूर्ण है. में बाकी बोडीगार्ड्स भी तुम्हारे हवाले कर दूंगा. उनको तुम hi इंस्ट्रक्शंस देना. बीच बीच में में मोनिका को भी भेज दिया करूँगा. वो तुंहारी हेल्प भी कर दिया करेगी और मुझे वह की रिपोर्ट भी दिया करेगी.
राहुल : जी! पर यदि मेरी जान चली गयी तोह?
मास्टर : में ऐसा हरगिज़ होने नहीं दूंगा. तुम बिलकुल फिक्र मत करो राहुल. और अब तक तुम्हे जो जो सिखाया है, समझ लो की उसका असली प्रयोग करने का समय आ गया है. इससे एक परीक्षा की तरह hi ट्रीट करो.
राहुल : जी!
मास्टर : तोह तुम्हे मुंबई जाना होगा!
राहुल : जी!! कब?
मास्टर : कल ही!
राहुल (सुरप्रीसेड) : कल hi?
मास्टर : हां! तुंहारी फ्लाइट बुक करवा दू न?
राहुल : मास्टर!! मेरे साथ एक फ्रेंड भी रहेगा. क्या आप उसका और मेरा रुकने का बंदोबस्त कर सकते है?
मास्टर : ये भी कोई कहने की बात है? तुम टेंशन मत लो. उसका रुकने का बंदोबस्त हो जाएगा. पर तुम्हे ख़ुशी के साथ hi रहना होगा 3 मोनथस तक. जहा जहा वो जाएगी तुम्हे उससे hi फॉलो करना है, हर्र वक़्त.
राहुल : j...ji! चलिए में चलता हु फिर.
मास्टर : हम्म!
राहुल फिर बाहर निकल अपनी बाइक उठा के घर की और जाने लगता है. एकदम से सब कुछ बदल चूका था. उससे एक नया टास्क मिल गया था. जिसके लिए शायद वो तैयार नहीं था.
राहुल (मैं में) : तोह इसलिए मास्टर ने मुझे इन् 6 महीनो में बॉडीगार्ड की ट्रेनिंग दी और वो जानलेवा मूव्स सिखाए ताकि में उनका उसे ख़ुशी को प्रोटेक्ट करने में कर सकू. मतलब मास्टर ने ये बोहत पहले hi सोच लिया था. हम्म!
पर में उन्हें मन कैसे कर सकता था? गुरु दक्षिणा तोह देनी hi होती है, ऊपर से उन्होंने मेरी कितनी मदद भी की है. बस प्रॉब्लम है तोह केवल 2 बातो की.
यदि मेरी जान चली गयी तोह? मेरे घरवालों का क्या होगा? और दूसरी बात मेरा बिज़नेस? अरे हां! में और सौरभ तोह वैसे भी मुंबई hi जाने वाले थे. एक बिज़नेस की शुरुआत मुंबई जैसे शहर से hi तोह होती है. और अब तोह हमारा रहने का ठिकाना भी सेट हो गया. ना hi हमारे पैसे रेंट पे खर्च होंगे और न hi कोई टेंशन. हम्म! में समझ गया मुझे क्या करना है. सौरभ से बात करता हु घर जाके.
इधर राहुल अपने घर की और प्रस्थान कर रहा था और इधर एक बंगला में एक व्यक्ति बैठे नेवसपपेर पढ़ रहा था और अचानक उसने नेवसपपेर गुस्से में मरोड़ते हुए फेक दिया.
आदमी : धत्त तेरी की... साला सब हिजड़े की औलाद है.
ये लकी का बाप था.
लकी : क्या हुआ डैड!?
Lucky's डैड : बीटा! हमारी एक दारु की दूकान ाहर बंद हो सकती है. साला इन् निकाम्बो नौकरो से कुछ संभाला नहीं जाता. दिमाग खराब कर के रखा है.
लकी : डैड! वो सब सही हो जाएगा. आप मेरे बारे में तोह सोचिये कुछ. कब तक में इस घर में पड़े पड़े सड़ता रहूँगा. उस राहुल की गांड मारनी है मुझे. बस एक मौका मिल जाए.
लड़ : अभी तुझे बाहर नहीं निकला है इसलिए तू बचा हुआ है. साला कमिश्नर भी मिला हुआ है उस राहुल से. तू हवालात में होता यदि घर पर नहीं रखा होता तुझे समझा? थोड़े दिन और ृक्क जा, में कुछ करता हु.
इधर राहुल अपने घर पहुचा और सीधे अपने रूम में चला गया और सौरभ को कॉल किया,
सौरभ : बोल भाई!
राहुल: तैयारी करो कल हम मुंबई चल रहे है!
सौरभ (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त? अचानक? ऐसे? एकदम से?
राहुल : हां! बी फ्लाइट! तू बस तैयारी कर में सब कुछ समझा दूंगा बाद में.
सौरभ : अच्छा ठीक है यार!
*कॉल एंड्स*
राहुल अब सोच में था की निशा को कैसे बताये ये बात की कल वो जा रहा है. और ये बात कब बताई जाए?
तभी वो निर्णय लेता है की सभी को बता दे ताकि आज रात वो सभी से अच्छे से बात करने के बाद. कल इस शहर को अलविदा कह सके.
जब राहुल ने सबको बताया की वो कल ये शहर चोरर के चला जायेगा तोह सभी शॉकेड थे, उन्हें इस बात की उम्मीद नहीं थी की एकदम से राहुल उन सब को चोरर दूसरे शहर जाएगा और वो भी मुंबई जैसे बड़े शहर में. सबसे ज़्यादा चिंतित और कोई नहीं निशा hi थी, एक माँ जो थी. उसका बीटा कैसे रहेगा, क्या खाएगा, क्या पियेगा, कहा रहेगा ये साड़ी बाते उससे अंदर से खाए जा रही थी. वही दूसरी तरफ नेहा जो थी वो सबसे ज़्यादा खुश थी, उसकी ख़ुशी का तोह कोई ठिकाना hi नहीं था.
राहुल की जाने की बात अंशु और वंशु को भी पता चली तोह वो दोनों भी शाम के वक़्त hi राहुल के घर आ गयी ताकि उसके जाने से पहले कुछ पल बिता सके. तनीषा को भी जब पता चला तोह वो भी एकदम से उदास हो गयी और उससे बेचैनी से होने लगी. उसने कल फ्लाइट के समय आकर मिलने का वादा किया.
इधर नेहा दौड़ती हुई निकिता के घर पर पहुची और उसके रूम में घुस गयी सीधे.
नेहा : ोये कमीनी! उठ!
निकिता : क्या हुआ यार? दिन में भी सोने नहीं देता कोई
नेहा : एक चमाट लगाउंगी न... शाम के 6 बज रहे है. चल उठ! एक मस्त न्यूज़ है!
निकिता (उठते हुए) : क्या हुआ? बर्फ बना लिया क्या?
नेहा : चल हॉट! पहले ये मिठाई खा तू.
कहते हुए नेहा एक पीेछे मिठाई का निकिता के मुँह में hi ठूस देती है,
निकिता : aaawweeeee....tyaa तर रही hai...unmmmm
निकिता मिठाई खाने के बाद सास लेती है, पानी पीती है और फिर बोलना स्टार्ट करती है,
निकिता : पागल है क्या? ऐसे कोण मिठाई खिलाता है? और क्या मस्त न्यूज़ है? तेरे सपनो का रजखमार मिल गया क्या?
नेहा : अरे हट! उस से भी मस्त न्यूज़ है!
निकिता : उस से भी मस्त न्यूज़ क्या हो सकती है?
नेहा (ख़ुशी से झूमते हुए) : वह बास्टर्ड शहर चोरर के जा रहा है. Omg!! I'm सो हैप्पी!!!!
कहते हुए वो खुद hi एक पीेछे मिठाई का खा लेती है.
इधर निकिता की आँखें फटी की फटी रहती है, और थोड़ी देरर के सन्नाटे के बाद वो कहती है,
निकिता : क्या कहा तूने? राहुल भैया? शहर चोरर के?
नेहा : हां मेरी बेबी! वो बास्टर्ड जा रहा है! I'm फ्री नाउ! में आज़ाद हु! मुझे फाइनली छुटकारा मिला.
निकिता : par...par क्यों? कैसे?
नेहा : अबे तू क्या उदास हो रही? तू मेरे साइड है या उसके साइड? जा रहा होगा कही. सुना है मुंबई जा रहा है. हाहाहाहा! पैसा है नहीं, मुंबई में रहेगा? भीख मांगेगा वह. मुंबई क्या गांव है? ज़िन्दगी भर पड़ा रहे वही पे. में तोह आज़ाद हो गयी. हास्सः!! कल मेरी तरफ से पार्टी सभी डार्लिंग लड़कियों को. हाहाहा
निकिता यहाँ टेंशन में कुछ सोच विचार कर रही थी की तभी वो दौड़ के ऋचा के पास जाती है,
निकिता : दी! दी दरवाज़ा खोलिये!
ऋचा (दूर ओपन करते हुए) : क्या हुआ निक्की?
निकिता : दी! राहुल भैया शहर चोरर के मुंबई जा रहे है?
ऋचा (थोड़ी देरर चुप रहने के बाद) : हां! राहुल मुंबई जा रहा है.
निकिता : और आपने उन्हें रोका भी नहीं?
ऋचा : निक्की तू पागल हो गयी है क्या? उससे में क्यों रोकूंगी? क्या तुम नहीं चाहती वो भी एक बड़ा आदमी बने? आखिर उससे भी तोह अपना नाम कमाना है न?
निकिता : par...par वो यहाँ रह के भी तोह पैसे कमा सकते है न?
ऋचा : अभी तुम नहीं समझोगी. और यदि राहुल ने ऐसा किया है तोह कुछ सोच समझ कर hi किया होगा. ी बिलीव इन हिम.
नेहा : हम्फ!
निकिता : तोह? तोह हम कल चल रहे है न? उनसे मिलने?
ऋचा : हां! एयरपोर्ट पे मिलने चलेंगे.
निकिता : o...ok!
............................
इधर रात में राहुल ने अंशु और वंशु के साथ रातें रंगीन की. दोनों बोहत ज़्यादा hi उदास थी की राहुल कल जा रहा है. बेचारी निशा को कोई मौका नहीं मिल पाया इस बार.
आखिर वो दिन आ hi गया. जिसका राहुल को तोह बेसब्री से इंतज़ार था साथ hi साथ नेहा को भी. राजेश को पता था की राहुल ने यदि ये डिसिशन लिया है तोह कुछ सोच समझ कर hi किया होगा. इसलिए राजेश ने ख़ुशी ख़ुशी राहुल का डिसों एक्सेप्ट किया पर उसके अकाउंट में पैसे भी दाल दिए. ये उनका फ़र्ज़ था उनके हिसाब से.
आज निशा ने खाने में राहुल की फवौरीते डिशेस बनायीं थी. उसकी उदासी सभी के सामने झलक रही थी. जैसे तैसे वो खुद को रोने से रोके हुए थी. नेहा सबसे ज़्यादा खुश थी, वो सोच रही थी कब शाम होए और राहुल ये घर से निकले और वो अपनी फ्रेंड्स को पार्टी दे.
शाम हुई, सभी लोग कार में बैठ के पहुचे एयरपोर्ट. निशा तोह फुट फुट कर रोने hi लगी. अंशु और वंशु भी उदास सी कड़ी हुई थी. सौरभ भी अपने घरवालों के साथ आ गया, उसके घरवालों को राहुल ने पहले hi मन लिया था उसके साथ जाने के लिए.
तभी ऋचा भी निकिता के साथ आ गयी, और उसके तुरंत बाद hi तनीषा भी आ गयी. सभी ने एक दूसरे से मिला और राहुल को गुडबाय कहने के लिए ृक्क गए.
सभी लोग मौजूद थे. ये पल सभी के लिए कष्टदायक था, सिवाए नेहा के. वो तोह बिलकुल hi उल्टा फील कर रही थी. सबसे ज़्यादा खुश तोह वही थी. राहुल ने सभी के गले लगे, नेहा सबसे दूर साइड में कड़ी हुई थी.
वो भी सोच रही थी की कब ये ड्रामा शामा ख़तम होये और वो घर जाके पार्टी की तैयारी करे.
अभी राहुल इस से आगे बढ़ता, तभी वह मोनिका आ गयी. और राहुल को कस के हुग कर दिया. मोनिका को केवल ऋचा जानती थी क्युकी उसने hi मास्टर और मोनिका को देखा हुआ था इस से पहले. पर बाकी सब के लिए ये नज़ारा नया था. अंशु वंशु तनीषा के लिए तोह चौकाने वाला था.
अंशु : अरे दीदी! ये हुस्न की पारी कोण है? देखो तोह! भाई के गले लगी है.
न चाहते हुए भी अंशु को मान न पड़ा की मोनिका उसकी टक्कर की थी खूबसूरती में.
वंशु : छोटी! मुझे नहीं पता! कोई नयी गफ तोह नहीं बना ली इस कुटी ने?
अंशु : नहीं दी! ऐसा होता तोह भाई हमें बताते.
तनीषा : मेरे ख़याल से वो डार्लिंग की ख़ास फ्रेंड में से एक है.
अंशु और वंशु साथ में : डार्लिंग??????
तनीषा बेचारी शर्म से लाल होकर अपना चेहरा छुपा लेती है.
अंशु : ओह हो! क्या बात है! डार्लिंग हां?? डार्लिंग???
तनीषा : बस बस! अब बोहत हुआ! उस पर ध्यान दो तुमलोग! हम तोह आलरेडी टीम में है. पर वो हमारी कॉम्पिटिटर बन सकती है.
वंशु : कुटी को में उसके चंगुल में नहीं जाने दूंगी
तनीषा : वंशिका! तुम भूल गयी क्या? हम सब राहुल के है.
वंशिका (साद होकर) : हां! राहुल सिर्फ मेरा नहीं है. में जानती हु ये...
मोनिका : मास्टर ने कहा है की वो बीच बीच में मुझे तुम्हारे पास भेजेंगे.
राहुल : हां! बताया था उन्होंने!
फ्लाइट आ चुकी थी, राहुल जाने hi वाला था की निशा ने उससे बुलाया और अगले hi पल उसने नेहा को पीछे से धीरे से धकेल के राहुल की तरफ आगे कर दिया,
नेहा सुरप्रीसेड सी कड़ी पलट के निशा को देखि जैसे पूछ रही हो की माँ ये आप क्या कर रही हो?
निशा (रुवासे स्वर में): जा के गले लगो अपने भाई से
नेहा (फटी आँखों से) : माँ????????
निशा (गुस्से में) : मेने कहा जाके गले मिलो उस से.
नेहा : पर? पर...?? डैड??
राजेश : माँ ने सही कहा. जाके गले मिलो अपने भाई से नेहा.
नेहा : नहीं! कभी नहीं! Mein...mein कैसे?
निशा : नेहाआआ!!! जाती हो या नहीं??
Neha(mann में) : माँ डैड को अचानक क्या हो गया है? वो मुझे फाॅर्स क्यों कर रहे है?
नेहा का मंद : अरे सोच क्या रही है? मिल ले गले एक आखिरी बार. ये क्यों नहीं सोचती की इसके बाद तू फ्री हो जाएगी. यदि एक बार गले मिल लेने से तुझे आज़ादी मिल रही है तोह जा न!
Neha(mann में) : हां! बात तोह सही है! ऐसे में माँ डैड भी नाराज़ नहीं होएंगे और में भी इस से हमेशा के लिए पीछा चुर्रा लुंगी.
तभी नेहा राहुल की तरफ आगे बढ़ती है और बिना मैं के अजीब सा मुँह बनाते हुए उससे गले लगाने के लिए आगे बढ़ने लगती है, तभी राहुल उसको कंधो से पकड़ता है, एक हाथ उसके गाल पर रखता है और आगे बढ़ के उसके कान में ऐसा कुछ कहता है, जिससे सुनकर नेहा की आँखें फटी की फटी रह जाती है और उसका शरीर सिहर उठता है.
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आज के लिए इतना hi दोस्तों!!
धन्यवाद्!!
मेगा अपडेट
अब तक...
राहुल : में कुछ समझा नहीं मास्टर!?
मास्टर : अब कैसे कहु तुमसे राहुल... मुझसे कहा भी नहीं जा रहा है.
राहुल : इसमें इतने सोचने वाली क्या बात है मास्टर? कह दीजिये! आप अपनज hi गुरु दक्षिणा मांग रहे है, किसी और की नहीं.
मास्टर : हम्म!! राहुल... में चाहता हु की...
अब आगे...
राहुल : ????
मास्टर : में चाहता हु ki...ki तुम ख़ुशी के साथ 3 महीने tak...usko प्रोटेक्ट करो.
राहुल : ख़ुशी??
मास्टर : ख़ुशी! मेरी बेटी!
राहुल (शॉकेड) : पर? मेरी कुछ समझ में नहीं आया मास्टर. ख़ुशी? Mein...protect?
मास्टर : समझाता हु! *गहरी सास लेकर* देखो! राहुल! तुम जानते हो की अभी हाल hi में आये कोरोना जैसे खतरनाक वायरस से दुनिया उभर hi रही है. मेरी बेटी भी चीन में hi थी पर इस से पहले की कोरोना उस तक पोहचता वो इंडिया आ चुकी थी अपनी आगे की पढ़ाई के लिए. अभी वो मुंबई में है, वो डॉक्टर बन्न न चाहती है इसलिए आगे की पढ़ाई मुंबई में hi रहकर करेगी.
राहुल : हां! तोह ये तोह अच्छी बात है मास्टर. इसमें दिक्कत क्या है?
मास्टर : जितना सरल ये दीखता है राहुल उतना है नहीं. कोरोना के चलते पूरी दुनिया अस्त व्यस्त हो गयी. इसका असर उन् अमीर लोगो पर भी है जिनका बड़ा बिज़नेस है. आर्थिक स्थिति कमज़ोर होने से सभी परिणाम भुगत रहे है. और उसमे में भी शामिल हु.
राहुल : पर में अब भी नहीं समझ पाया मास्टर की इसमें मेरा ख़ुशी को प्रोटेक्ट करने से क्या लेना देना है?
मास्टर : लेना देना है राहुल. लेना देना है!!
बात सिर्फ इतनी सी नहीं है. अच्छा मेरे एक प्रश्न का उत्तर दो राहुल.
राहुल : जी पूछिए!
मास्टर : यदि शत्रु पे वार करना हो तोह कब करना चाहिए?
राहुल : जब उससे बिलकुल भी उम्मीद न हो वार की, या जब वो सबसे ज़्यादा कमज़ोर हो, या जब उसका ध्यान कही और केंद्रित हो.
मास्टर : एकदम सही जवाब!
राहुल : ????
मास्टर : वैसे hi मेरे अपने समय की दुश्मनी जो अब तक चली आ रही है, उनमे से मेरे कुछ दुश्मन है जो मेरी बेटी को हानि पोहचाना चाहते है. ये में पहले भी तुम्हे बता चूका हु.
राहुल : जी हां मास्टर! मुझे अच्छी तरह से याद है!
मास्टर : हां! तोह अभी मेरा भी ध्यान केंद्रित है, यानी की वायरस के कारण बिज़नेस उथल पुथल होने से यही सबसे सही मौका है उनके लिए मेरी बेटी को नुक्सान पहुचाने के लिए. पर में नहीं चाहता की ऐसा हो. में चाहता हु की में अपना बिज़नेस भी संभाल लू और अपनी बेटी को भी कुछ न होने दू.
राहुल : मास्टर! मेरे ख्याल से आपको पहले ख़ुशी के बारे में सोचना चाहिए. बिज़नेस तोह दुबारा भी खड़ा हो सकता है.
राहुल की बात सुन्न मास्टर मंद मंद मुस्कुराए और फिर कहे,
मास्टर : हम्म! तुमने सही कहा. पर में जानता हु की में दोनों काम एक साथ कर सकता हु. और इसलिए गुरु दक्षिणा में मेने तुमसे ये माँगा है राहुल.
राहुल : पर में अकेला एक 21 साल का लड़का भला उन् माफिया गुंडों से ख़ुशी को कैसे प्रोटेक्ट कर सकता है? और आप ने ये काम किसी सर्वश्रेष्ठ बॉडीगार्ड को क्यों नहीं दिया?
मास्टर : तुम्हे क्या लगता है राहुल? की में अपनी बेटी के लिए बॉडीगार्ड भी नहीं रख सकता? घबराओ नहीं राहुल! तुम्हारे अलावा वह और भी बोडीगार्ड्स होंगे जो ख़ुशी की रक्षा करेंगे. पर तुम्हे इसलिए चुना है क्युकी...
राहुल : ???
मास्टर : क्युकी ख़ुशी बोडीगार्ड्स से नफरत करती है. उससे ज़रा भी पसंद नहीं है की काले कपडे पहन के हट्टे काटते लोग उसके अगल बगल घूमे. वो कहती है की उसकी फ्रेंड्स डर जाती है.
राहुल : पर लाइफ तोह इम्पोर्टेन्ट है न मास्टर?
मास्टर : हां! क्या करू राहुल? थोड़ी ज़िद्दी है, यदि बॉडीगार्ड उससे दूर से प्रोटेक्ट करे तोह वो बुरा नहीं मानती. पर तुम तोह जानते हो न, दुश्मन ये सब नहीं सोचता. उससे तोह जब मौका मिलेगा वो कही पे भी कभी भी अपना वार कर सकता है. और इसलिए, में चाहता हु की तुम उसके साथ 3 महीने तक रहो. उसके कॉलेज जाओ, उसकी क्लास में रहो, आगे पीछे hi घूमना पड़ेगा तुम्हे.
राहुल : पर...??
मास्टर : मन मत करना राहुल. में जानता हु की ख़ुशी तुम्हे पक्का एक्सेप्ट कर लेगी. क्युकी तुम उसकी उम्र से ज़्यादा बड़े नहीं हो. वो तुमसे सिर्फ 3 साल hi छोटी है. वो पक्का तुम्हे मन नहीं करेगी. इनफैक्ट! में तोह चाहता हु की तुम दोनों अच्छे से घुल मिल जाओ.
राहुल : मतलब?
मास्टर (मैं में) : मतलब ये की काश तुम दोनों अच्छे से घुल मिल जाओ. में ख़ुशी पर अपने फैसले नहीं थोप सकता. आखिर वो मेरी एकलौती बच्ची है. पर उपरवाले से दरखास्त है मेरी की काश वो तुम्हे पसंद कर ले. मेरा काम आसान हो जाएगा.
राहुल : मास्टर? आपने जवाब नहीं दिया मेरी बात का?
मास्टर चेन की तन्द्रा भांग होती है और वो राहुल को देखते है और फिर हलकी हस्सी हस्ते हुए कहते है,
मास्टर : अरे! ः!!... अरे असल में ख़ुशी ज़िद्दी है न, तोह isliye...isliye मेने ऐसा कहा. की तुम दोनों घुल मिल जाओ, झगड़ा न होए तुम्हारे बीचे. ः!!
राहुल : क्या वो ज़्यादा hi ज़िद्दी है?
मास्टर : उम्! हां है तोह. पर दिल की बड़ी hi अच्छी है. एक बार यदि तुमने उसके दिल में जगह बना ली न तोह वो अपना सब कुछ डाव पे लगा देगी तुम्हारे लिए देखना.
राहुल : हम्म?
मास्टर (मैं में) : अरे कुछ ज़्यादा बोल दिया लगता.
मास्टर : मेरा मतलब, उससे प्यार से ट्रीट करोगे तोह बदले में वो भी प्यार लौटाएगी.
राहुल : हम्म्म!!
मास्टर : क्या हुआ? कुछ चिंतित लग रहे हो?
राहुल : मास्टर! में ये शहर चोरर कर अपना बिज़नेस खड़ा करने की सोच रहा था पर अब आपकी गुरु दक्षिणा भी देनी है. मुझे 3 मोनथस और वेट करना पड़ेगा मतलब.
मास्टर : हम्म! तब क्या तुम दे पाओगे? जो मेने माँगा है.
राहुल : बिलकुल मास्टर! में ख़ुशी को 3 महीने प्रोटेक्ट करने के लिए रेडी हु. पर क्या में ये जान सकता हु की 3 महीने hi क्यों?
मास्टर : क्युकी मुझे अपना बिज़नेस और बाकी काम संभालने में 3 महीने लग जाएंगे.
राहुल : ok! तोह मेरी जान को भी खतरा है न?
मास्टर : *गहरी सास लेकर* हां राहुल! माफ़ करना! पर मुझे पता नहीं क्यों अंदर से एक अनुभूति हो रही है की तुम ये काम कर लोगे. डरो नहीं! तुम्हारी जान बोहग महत्वपूर्ण है. में बाकी बोडीगार्ड्स भी तुम्हारे हवाले कर दूंगा. उनको तुम hi इंस्ट्रक्शंस देना. बीच बीच में में मोनिका को भी भेज दिया करूँगा. वो तुंहारी हेल्प भी कर दिया करेगी और मुझे वह की रिपोर्ट भी दिया करेगी.
राहुल : जी! पर यदि मेरी जान चली गयी तोह?
मास्टर : में ऐसा हरगिज़ होने नहीं दूंगा. तुम बिलकुल फिक्र मत करो राहुल. और अब तक तुम्हे जो जो सिखाया है, समझ लो की उसका असली प्रयोग करने का समय आ गया है. इससे एक परीक्षा की तरह hi ट्रीट करो.
राहुल : जी!
मास्टर : तोह तुम्हे मुंबई जाना होगा!
राहुल : जी!! कब?
मास्टर : कल ही!
राहुल (सुरप्रीसेड) : कल hi?
मास्टर : हां! तुंहारी फ्लाइट बुक करवा दू न?
राहुल : मास्टर!! मेरे साथ एक फ्रेंड भी रहेगा. क्या आप उसका और मेरा रुकने का बंदोबस्त कर सकते है?
मास्टर : ये भी कोई कहने की बात है? तुम टेंशन मत लो. उसका रुकने का बंदोबस्त हो जाएगा. पर तुम्हे ख़ुशी के साथ hi रहना होगा 3 मोनथस तक. जहा जहा वो जाएगी तुम्हे उससे hi फॉलो करना है, हर्र वक़्त.
राहुल : j...ji! चलिए में चलता हु फिर.
मास्टर : हम्म!
राहुल फिर बाहर निकल अपनी बाइक उठा के घर की और जाने लगता है. एकदम से सब कुछ बदल चूका था. उससे एक नया टास्क मिल गया था. जिसके लिए शायद वो तैयार नहीं था.
राहुल (मैं में) : तोह इसलिए मास्टर ने मुझे इन् 6 महीनो में बॉडीगार्ड की ट्रेनिंग दी और वो जानलेवा मूव्स सिखाए ताकि में उनका उसे ख़ुशी को प्रोटेक्ट करने में कर सकू. मतलब मास्टर ने ये बोहत पहले hi सोच लिया था. हम्म!
पर में उन्हें मन कैसे कर सकता था? गुरु दक्षिणा तोह देनी hi होती है, ऊपर से उन्होंने मेरी कितनी मदद भी की है. बस प्रॉब्लम है तोह केवल 2 बातो की.
यदि मेरी जान चली गयी तोह? मेरे घरवालों का क्या होगा? और दूसरी बात मेरा बिज़नेस? अरे हां! में और सौरभ तोह वैसे भी मुंबई hi जाने वाले थे. एक बिज़नेस की शुरुआत मुंबई जैसे शहर से hi तोह होती है. और अब तोह हमारा रहने का ठिकाना भी सेट हो गया. ना hi हमारे पैसे रेंट पे खर्च होंगे और न hi कोई टेंशन. हम्म! में समझ गया मुझे क्या करना है. सौरभ से बात करता हु घर जाके.
इधर राहुल अपने घर की और प्रस्थान कर रहा था और इधर एक बंगला में एक व्यक्ति बैठे नेवसपपेर पढ़ रहा था और अचानक उसने नेवसपपेर गुस्से में मरोड़ते हुए फेक दिया.
आदमी : धत्त तेरी की... साला सब हिजड़े की औलाद है.
ये लकी का बाप था.
लकी : क्या हुआ डैड!?
Lucky's डैड : बीटा! हमारी एक दारु की दूकान ाहर बंद हो सकती है. साला इन् निकाम्बो नौकरो से कुछ संभाला नहीं जाता. दिमाग खराब कर के रखा है.
लकी : डैड! वो सब सही हो जाएगा. आप मेरे बारे में तोह सोचिये कुछ. कब तक में इस घर में पड़े पड़े सड़ता रहूँगा. उस राहुल की गांड मारनी है मुझे. बस एक मौका मिल जाए.
लड़ : अभी तुझे बाहर नहीं निकला है इसलिए तू बचा हुआ है. साला कमिश्नर भी मिला हुआ है उस राहुल से. तू हवालात में होता यदि घर पर नहीं रखा होता तुझे समझा? थोड़े दिन और ृक्क जा, में कुछ करता हु.
इधर राहुल अपने घर पहुचा और सीधे अपने रूम में चला गया और सौरभ को कॉल किया,
सौरभ : बोल भाई!
राहुल: तैयारी करो कल हम मुंबई चल रहे है!
सौरभ (शॉकेड) : व्हाआआअत्ततत्तत्त? अचानक? ऐसे? एकदम से?
राहुल : हां! बी फ्लाइट! तू बस तैयारी कर में सब कुछ समझा दूंगा बाद में.
सौरभ : अच्छा ठीक है यार!
*कॉल एंड्स*
राहुल अब सोच में था की निशा को कैसे बताये ये बात की कल वो जा रहा है. और ये बात कब बताई जाए?
तभी वो निर्णय लेता है की सभी को बता दे ताकि आज रात वो सभी से अच्छे से बात करने के बाद. कल इस शहर को अलविदा कह सके.
जब राहुल ने सबको बताया की वो कल ये शहर चोरर के चला जायेगा तोह सभी शॉकेड थे, उन्हें इस बात की उम्मीद नहीं थी की एकदम से राहुल उन सब को चोरर दूसरे शहर जाएगा और वो भी मुंबई जैसे बड़े शहर में. सबसे ज़्यादा चिंतित और कोई नहीं निशा hi थी, एक माँ जो थी. उसका बीटा कैसे रहेगा, क्या खाएगा, क्या पियेगा, कहा रहेगा ये साड़ी बाते उससे अंदर से खाए जा रही थी. वही दूसरी तरफ नेहा जो थी वो सबसे ज़्यादा खुश थी, उसकी ख़ुशी का तोह कोई ठिकाना hi नहीं था.
राहुल की जाने की बात अंशु और वंशु को भी पता चली तोह वो दोनों भी शाम के वक़्त hi राहुल के घर आ गयी ताकि उसके जाने से पहले कुछ पल बिता सके. तनीषा को भी जब पता चला तोह वो भी एकदम से उदास हो गयी और उससे बेचैनी से होने लगी. उसने कल फ्लाइट के समय आकर मिलने का वादा किया.
इधर नेहा दौड़ती हुई निकिता के घर पर पहुची और उसके रूम में घुस गयी सीधे.
नेहा : ोये कमीनी! उठ!
निकिता : क्या हुआ यार? दिन में भी सोने नहीं देता कोई
नेहा : एक चमाट लगाउंगी न... शाम के 6 बज रहे है. चल उठ! एक मस्त न्यूज़ है!
निकिता (उठते हुए) : क्या हुआ? बर्फ बना लिया क्या?
नेहा : चल हॉट! पहले ये मिठाई खा तू.
कहते हुए नेहा एक पीेछे मिठाई का निकिता के मुँह में hi ठूस देती है,
निकिता : aaawweeeee....tyaa तर रही hai...unmmmm
निकिता मिठाई खाने के बाद सास लेती है, पानी पीती है और फिर बोलना स्टार्ट करती है,
निकिता : पागल है क्या? ऐसे कोण मिठाई खिलाता है? और क्या मस्त न्यूज़ है? तेरे सपनो का रजखमार मिल गया क्या?
नेहा : अरे हट! उस से भी मस्त न्यूज़ है!
निकिता : उस से भी मस्त न्यूज़ क्या हो सकती है?
नेहा (ख़ुशी से झूमते हुए) : वह बास्टर्ड शहर चोरर के जा रहा है. Omg!! I'm सो हैप्पी!!!!
कहते हुए वो खुद hi एक पीेछे मिठाई का खा लेती है.
इधर निकिता की आँखें फटी की फटी रहती है, और थोड़ी देरर के सन्नाटे के बाद वो कहती है,
निकिता : क्या कहा तूने? राहुल भैया? शहर चोरर के?
नेहा : हां मेरी बेबी! वो बास्टर्ड जा रहा है! I'm फ्री नाउ! में आज़ाद हु! मुझे फाइनली छुटकारा मिला.
निकिता : par...par क्यों? कैसे?
नेहा : अबे तू क्या उदास हो रही? तू मेरे साइड है या उसके साइड? जा रहा होगा कही. सुना है मुंबई जा रहा है. हाहाहाहा! पैसा है नहीं, मुंबई में रहेगा? भीख मांगेगा वह. मुंबई क्या गांव है? ज़िन्दगी भर पड़ा रहे वही पे. में तोह आज़ाद हो गयी. हास्सः!! कल मेरी तरफ से पार्टी सभी डार्लिंग लड़कियों को. हाहाहा
निकिता यहाँ टेंशन में कुछ सोच विचार कर रही थी की तभी वो दौड़ के ऋचा के पास जाती है,
निकिता : दी! दी दरवाज़ा खोलिये!
ऋचा (दूर ओपन करते हुए) : क्या हुआ निक्की?
निकिता : दी! राहुल भैया शहर चोरर के मुंबई जा रहे है?
ऋचा (थोड़ी देरर चुप रहने के बाद) : हां! राहुल मुंबई जा रहा है.
निकिता : और आपने उन्हें रोका भी नहीं?
ऋचा : निक्की तू पागल हो गयी है क्या? उससे में क्यों रोकूंगी? क्या तुम नहीं चाहती वो भी एक बड़ा आदमी बने? आखिर उससे भी तोह अपना नाम कमाना है न?
निकिता : par...par वो यहाँ रह के भी तोह पैसे कमा सकते है न?
ऋचा : अभी तुम नहीं समझोगी. और यदि राहुल ने ऐसा किया है तोह कुछ सोच समझ कर hi किया होगा. ी बिलीव इन हिम.
नेहा : हम्फ!
निकिता : तोह? तोह हम कल चल रहे है न? उनसे मिलने?
ऋचा : हां! एयरपोर्ट पे मिलने चलेंगे.
निकिता : o...ok!
............................
इधर रात में राहुल ने अंशु और वंशु के साथ रातें रंगीन की. दोनों बोहत ज़्यादा hi उदास थी की राहुल कल जा रहा है. बेचारी निशा को कोई मौका नहीं मिल पाया इस बार.
आखिर वो दिन आ hi गया. जिसका राहुल को तोह बेसब्री से इंतज़ार था साथ hi साथ नेहा को भी. राजेश को पता था की राहुल ने यदि ये डिसिशन लिया है तोह कुछ सोच समझ कर hi किया होगा. इसलिए राजेश ने ख़ुशी ख़ुशी राहुल का डिसों एक्सेप्ट किया पर उसके अकाउंट में पैसे भी दाल दिए. ये उनका फ़र्ज़ था उनके हिसाब से.
आज निशा ने खाने में राहुल की फवौरीते डिशेस बनायीं थी. उसकी उदासी सभी के सामने झलक रही थी. जैसे तैसे वो खुद को रोने से रोके हुए थी. नेहा सबसे ज़्यादा खुश थी, वो सोच रही थी कब शाम होए और राहुल ये घर से निकले और वो अपनी फ्रेंड्स को पार्टी दे.
शाम हुई, सभी लोग कार में बैठ के पहुचे एयरपोर्ट. निशा तोह फुट फुट कर रोने hi लगी. अंशु और वंशु भी उदास सी कड़ी हुई थी. सौरभ भी अपने घरवालों के साथ आ गया, उसके घरवालों को राहुल ने पहले hi मन लिया था उसके साथ जाने के लिए.
तभी ऋचा भी निकिता के साथ आ गयी, और उसके तुरंत बाद hi तनीषा भी आ गयी. सभी ने एक दूसरे से मिला और राहुल को गुडबाय कहने के लिए ृक्क गए.
सभी लोग मौजूद थे. ये पल सभी के लिए कष्टदायक था, सिवाए नेहा के. वो तोह बिलकुल hi उल्टा फील कर रही थी. सबसे ज़्यादा खुश तोह वही थी. राहुल ने सभी के गले लगे, नेहा सबसे दूर साइड में कड़ी हुई थी.
वो भी सोच रही थी की कब ये ड्रामा शामा ख़तम होये और वो घर जाके पार्टी की तैयारी करे.
अभी राहुल इस से आगे बढ़ता, तभी वह मोनिका आ गयी. और राहुल को कस के हुग कर दिया. मोनिका को केवल ऋचा जानती थी क्युकी उसने hi मास्टर और मोनिका को देखा हुआ था इस से पहले. पर बाकी सब के लिए ये नज़ारा नया था. अंशु वंशु तनीषा के लिए तोह चौकाने वाला था.
अंशु : अरे दीदी! ये हुस्न की पारी कोण है? देखो तोह! भाई के गले लगी है.
न चाहते हुए भी अंशु को मान न पड़ा की मोनिका उसकी टक्कर की थी खूबसूरती में.
वंशु : छोटी! मुझे नहीं पता! कोई नयी गफ तोह नहीं बना ली इस कुटी ने?
अंशु : नहीं दी! ऐसा होता तोह भाई हमें बताते.
तनीषा : मेरे ख़याल से वो डार्लिंग की ख़ास फ्रेंड में से एक है.
अंशु और वंशु साथ में : डार्लिंग??????
तनीषा बेचारी शर्म से लाल होकर अपना चेहरा छुपा लेती है.
अंशु : ओह हो! क्या बात है! डार्लिंग हां?? डार्लिंग???
तनीषा : बस बस! अब बोहत हुआ! उस पर ध्यान दो तुमलोग! हम तोह आलरेडी टीम में है. पर वो हमारी कॉम्पिटिटर बन सकती है.
वंशु : कुटी को में उसके चंगुल में नहीं जाने दूंगी
तनीषा : वंशिका! तुम भूल गयी क्या? हम सब राहुल के है.
वंशिका (साद होकर) : हां! राहुल सिर्फ मेरा नहीं है. में जानती हु ये...
मोनिका : मास्टर ने कहा है की वो बीच बीच में मुझे तुम्हारे पास भेजेंगे.
राहुल : हां! बताया था उन्होंने!
फ्लाइट आ चुकी थी, राहुल जाने hi वाला था की निशा ने उससे बुलाया और अगले hi पल उसने नेहा को पीछे से धीरे से धकेल के राहुल की तरफ आगे कर दिया,
नेहा सुरप्रीसेड सी कड़ी पलट के निशा को देखि जैसे पूछ रही हो की माँ ये आप क्या कर रही हो?
निशा (रुवासे स्वर में): जा के गले लगो अपने भाई से
नेहा (फटी आँखों से) : माँ????????
निशा (गुस्से में) : मेने कहा जाके गले मिलो उस से.
नेहा : पर? पर...?? डैड??
राजेश : माँ ने सही कहा. जाके गले मिलो अपने भाई से नेहा.
नेहा : नहीं! कभी नहीं! Mein...mein कैसे?
निशा : नेहाआआ!!! जाती हो या नहीं??
Neha(mann में) : माँ डैड को अचानक क्या हो गया है? वो मुझे फाॅर्स क्यों कर रहे है?
नेहा का मंद : अरे सोच क्या रही है? मिल ले गले एक आखिरी बार. ये क्यों नहीं सोचती की इसके बाद तू फ्री हो जाएगी. यदि एक बार गले मिल लेने से तुझे आज़ादी मिल रही है तोह जा न!
Neha(mann में) : हां! बात तोह सही है! ऐसे में माँ डैड भी नाराज़ नहीं होएंगे और में भी इस से हमेशा के लिए पीछा चुर्रा लुंगी.
तभी नेहा राहुल की तरफ आगे बढ़ती है और बिना मैं के अजीब सा मुँह बनाते हुए उससे गले लगाने के लिए आगे बढ़ने लगती है, तभी राहुल उसको कंधो से पकड़ता है, एक हाथ उसके गाल पर रखता है और आगे बढ़ के उसके कान में ऐसा कुछ कहता है, जिससे सुनकर नेहा की आँखें फटी की फटी रह जाती है और उसका शरीर सिहर उठता है.
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आज के लिए इतना hi दोस्तों!!
धन्यवाद्!!